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महासमुंद : आर.बी.सी. 6-4 के तहत 12 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत

महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत प्राकृतिक आपदा से मृत्यु होने पर 03 मृतकों के निकटतम वारिसानों के लिए चार-चार लाख रुपए के मान से कुल 12 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। इनमें पानी में डूबने से मृत्यु होने पर बागबाहरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम बोकरामुड़ा खुर्द के मृतक श्री जुगल साय गोड़ तथा सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत सर्पदंश से मृत्यु होने पर ग्राम पैकिन के मृतक श्री तिलकराम भोई एवं बिच्छू के डंक मारने से मृत्यु होने पर ग्राम केन्दुढार की मृतिका तुजला निषाद के निकटतम वारिसानों के लिए चार-चार लाख रुपए आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।

हेयर ड्रेसिंग सैलून से आत्मनिर्भर बना पदमलोचन

  हर माह कमा रहे हैं 30 से 35 हजार रूपए    रायपुर छत्तीसगढ़ में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है, इससे युवा आत्मनिर्भर हो रहे हैं। महासमुंद जिले में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से मदद लेकर सरायपाली के पदमलोचन बारिक हेयर ड्रेसिंग सेलून शुरू किया जो चल निकला है। वे न केवल आत्मनिर्भर हुए हैं बल्कि अन्य युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं।     सरायपाली के पदमलोचन बारिक ने बताया कि वे स्नातकोत्तर तक शिक्षित हैं उन्होंने स्वरोजगार के लिए छत्तीसगढ़ खादी और ग्रामोद्योग विभाग से संपर्क किया। उन्हें वहां प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की जानकारी मिली। इस योजना का लाभ लेकर उन्होंने हेयर ड्रेसिंग एवं सैलून व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया।  भारतीय स्टेट बैंक, सरायपाली शाखा से पदमलोचन बारिक को 3,68,400 रुपए की राशि मंजूर की गई, जिसमें से 25 प्रतिशत अनुदान के रूप में प्राप्त हुआ। इस राशि से उन्होंने आवश्यक उपकरण और सामग्रियां खरीदा और अपना हेयर ड्रेसर सैलून का व्यवसाय शुरू किया। इस योजना के माध्यम से न केवल उन्हें स्वरोजगार मिला, बल्कि अब वे हर महीने नियमित रूप से 30 से 35 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं और अपनी किश्तें भी समय पर चुका रहे हैं।  गौरतलब है कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय के तहत संचालित एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 35 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है, जिससे लोग अपने व्यवसाय की शुरुआत कर सकें।

ड़क सुरक्षा संबंधी मानकों के परिपालन के संबंध में ट्रक-माजदा वाहन संचालकों की बैठक 7 अप्रैल को

गौरेला पेंड्रा मरवाही, जिले में सुगम आवागमन के लिए जिला प्रशासन द्वारा सड़क सुरक्षा संबंधी मानक तैयार किया गया है। सुरक्षा संबंधी मानकों के परिपालन, सुझाव तथा आवश्यक चर्चा के लिए जिले के सभी ट्रक-माजदा वाहन संचालकों की बैठक आयोजित की गई है। यह बैठक जिला परिवहन अधिकारी द्वारा 7 अप्रैल सोमवार को सुबह 11 बजे गौरेला थाना के बाजू में पुलिस कंट्रोल रूम में रखा गया है। जिले के सभी ट्रक-माजदा व्यावसायिक वाहन संचालकों को परिपत्र जारी कर बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने कहा गया है।

सक्ती : न्योता भोज कार्यक्रम में शामिल हुए कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ

 सक्ती कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के तहत जिले के विभिन्न स्कूलों में न्योता भोज कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा हैं। इसी क्रम में विगत दिवस जिला शिक्षा अधिकारी श्री एन के चंद्रा द्वारा अपने गृह ग्राम सोनादुला के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय में न्योता भोज का आयोजन किया गया। शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय सोनादुला में आयोजित न्योता भोज कार्यक्रम में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री अमृत विकास तोपनो और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री वासु जैन भी शामिल हुए।     इस अवसर पर जिला कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो ने जिला शिक्षा अधिकारी के इस न्योता भोज पहल की सराहना करते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोग इस न्योता भोज कार्यक्रम से जुड़े एवं शासन के मंशानुरूप इस योजना को सफल बनाने में अपना योगदान देवे। उन्होंने कहा कि न्योता भोज, विद्यालयों में उपलब्ध संशाधन के आधार पर आयोजित करावें। अनावश्यक विशेष प्रकार की साज सज्जा से बचे जिससे मितव्ययता से इस आयोजन को सफल बनाया जा सके। जिला पंचायत सक्ती के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री वासु जैन ने संबोधित करते हुए कहा कि सभी बच्चे शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़कर सभी गतिविधियों में शामिल होवे एवं विद्या अध्ययन के साथ साथ अन्य कार्यक्रमों में भी भाग ले तथा अच्छे से पढ़ाई कर अच्छे अच्छे पदों को सुशोभित करें । जिला शिक्षा अधिकारी श्री एन के चंद्रा ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के तहत संचालित मध्यान्ह भोजन योजना के तहत आयोजित न्योता भोज के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए उपस्थित सभी अभिभावकों व जनसामान्य से आग्रह करते हुए कहा कि आपके घरों में आयोजित उत्सव के अवसर जैसे जन्मदिन, विवाह, सालगिरह या किसी अन्य खुशी के  अवसर पर  स्थानीय विद्यालय के बच्चों के लिए न्योता भोज का आयोजन करें। शासन का लक्ष्य प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के तहत मिलने वाले भोजन की पौष्टिकता में वृद्धि करना तथा रुचिकर बनाना है। इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मालखरौदा श्री रूपेंद्र पटेल, तहसीलदार मालखरौदा श्री मनमोहन प्रताप सिंह, विकासखंड शिक्षा अधिकारी मालखरौदा श्री एम एल प्रधान, सांख्यिकी अन्वेषक श्री राकेश अग्रवाल, विकासखंड मालखरौदा के सीएसी, शाला विकास प्रबंधन समिति के सदस्य, गणमान्य नागरिक, शिक्षक, शिक्षिका तथा बड़ी संख्या में बच्चे  व उनके अभिभावक उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भारत की प्राचीन विधा योग को विश्वपटल पर किया स्थापित – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 योग आयोग के नवनिर्वाचित अध्यक्ष के शपथ ग्रहण में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय योग आयोग के नवनिर्वाचित अध्यक्ष के शपथ ग्रहण में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  ने भारत की प्राचीन विधा योग को विश्वपटल पर किया स्थापित – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय स्वस्थ तन-मन के लिए योग को करें अपनी दिनचर्या में शामिल – मुख्यमंत्री रायपुर योग आत्मा, मन और शरीर को संतुलित करने का सबसे बड़ा माध्यम है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने योग को विश्वपटल पर स्थापित किया और आज पूरी दुनिया भारत की इस प्राचीन विधा को अपनाकर आरोग्य की प्राप्ति कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा के शपथ ग्रहण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित गरिमामयी समारोह में अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा ने आज शपथ ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने संतों का अभिवादन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने योग आयोग के नव-नियुक्त अध्यक्ष श्री सिन्हा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री सिन्हा को छत्तीसगढ़ को जोड़ने और स्वस्थ रखने की बड़ी जिम्मेदारी मिली है। जनसेवा को समर्पित उनका सामाजिक जीवन और सांगठनिक दायित्वों के लंबे अनुभव का लाभ योग आयोग के साथ ही प्रदेशवासियों को भी मिलेगा। 2017 में स्थापित योग आयोग की अब तक की यात्रा शानदार रही है और श्री सिन्हा के नेतृत्व में यह नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री  श्री साय ने कहा कि भारत में योग ऋषि-मुनियों की देन है और वे इस सुंदर परंपरा के संवाहक भी हैं। योग शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास है और इसका अर्थ है जुड़ना या एकजुट होना, जो शरीर और चेतना के मिलन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से ही योग रूपी इस चेतना का विश्वभर में विस्तार हुआ और संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने को मान्यता दी। श्री साय ने कहा कि योग विश्वभर में विभिन्न रूपों में प्रचलित है और इसकी लोकप्रियता निरंतर बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी से अपील करते हुए कहा कि हमें स्वस्थ तन-मन के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए और भावी पीढ़ी को योग से जोड़कर इसका महत्व समझाना चाहिए। योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि योग सभी के लिए है और सभी को जोड़ने का काम करता है। संगठन में काम करते हुए सदैव मैंने लोगों को जोड़ने का कार्य किया है और आज मुझे योग आयोग के माध्यम से सभी को जोड़ने की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। श्री सिन्हा ने कहा कि प्रकृति में अनेक महत्वपूर्ण संपदाएं उपलब्ध हैं, परंतु इनमें सर्वश्रेष्ठ मानव संपदा है। मुख्यमंत्री जी ने मुझे मानव संपदा को स्वस्थ रखने का जिम्मा सौंपा है और इसे पूरा करने के लिए योग को जन-जन तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य है।हमारे प्रधानमंत्री जी नियमित योग करते हैं। उनकी ऊर्जा और कार्यक्षमता से आज सारी दुनिया वाकिफ है। श्री सिन्हा ने योग की विश्वव्यापी लोकप्रियता और प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री संपत अग्रवाल, विधायक श्री अनुज शर्मा, डॉ. रामप्रताप सिंह, श्री संजय श्रीवास्तव, महामंडलेश्वर श्री हरिहरानंद महाराज, पूज्य संत उदयनाथ जी महाराज, श्री वासु देवानंद जी महाराज, समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव, संचालक समाज कल्याण श्रीमती रोक्तिमा यादव सहित पूजनीय संत समाज, योग आचार्य और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

रायपुर : पी.ई.टी. एवं पी.पी.एच.टी. प्रवेश परीक्षा 2025 के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ

रायपुर छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025 के लिए पी.ई.टी. एवं पी.पी.एच.टी. की प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परीक्षा से संबंधित विस्तृत जानकारी और आवेदन पत्र व्यापम की आधिकारिक वेबसाइट https://vyapamcg.cgstate.gov.in/ पर उपलब्ध है। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 17 अप्रैल 2025 सायं 5 बजे तक है। प्रवेश परीक्षा की संभावित तिथि 08 मई 2025 दिन गुरूवार को राज्य के 33 जिला मुख्यालयों में आयोजित की जाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर उन्हें किया नमन

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुप्रसिद्ध कवि, लेखक एवं पत्रकार पद्मभूषण पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती (04 अप्रैल) पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री साय ने पंडित माखन लाल चतुर्वेदी को स्मरण करते हुए कहा कि उनकी रचनाओं में प्रकृति प्रेम, त्याग, बलिदान और देशभक्ति का अनुपम संगम दिखाई देता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित माखनलाल चतुर्वेदी ने अपनी प्रभावशाली लेखनी के माध्यम से जनमानस में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत की और उन्हें स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान बिलासपुर के सेंट्रल जेल में लिखी गई उनकी प्रसिद्ध कविता ‘पुष्प की अभिलाषा’ आज भी लोगों के हृदय में देशभक्ति की भावना का संचार करती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि चतुर्वेदी जी की उत्कृष्ट रचनाएं, उनमें निहित राष्ट्रप्रेम और संवेदना भावी पीढ़ियों के मन में सदैव देशभक्ति की भावना का संचार करती रहेंगी।

पी.ई.टी. एवं पी.पी.एच.टी. प्रवेश परीक्षा 2025 के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ

रायपुर, छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025 के लिए पी.ई.टी. एवं पी.पी.एच.टी. की प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परीक्षा से संबंधित विस्तृत जानकारी और आवेदन पत्र व्यापम की आधिकारिक वेबसाइट https://vyapamcg.cgstate.gov.in/ पर उपलब्ध है। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 17 अप्रैल 2025 सायं 5 बजे तक है। प्रवेश परीक्षा की संभावित तिथि 08 मई 2025 दिन गुरूवार को राज्य के 33 जिला मुख्यालयों में आयोजित की जाएगी।

मां गंगा मैया मंदिर में नवरात्रि के पर्व की धूम, निकाली भव्य चुनरी यात्रा

बालोद बालोद जिले के ग्राम झलमला के विख्यात मां गंगा मैया मंदिर में नवरात्रि के पर्व की धूम देखने को मिल रही है। ऐसे में यहां ग्राम झलमला के निवासियों ने भव्य चुनरी यात्रा निकाली। इस चुनरी यात्रा में डीजे और धूमल की धुनों पर भक्त झूमते हुए नजर आए। पूरे गांव का भ्रमण करने के बाद यहां पर चुनरी मां गंगा मैया को समर्पित की गई। हजारों की संख्या में भक्त मौजूद रहे और इस चुनरी शोभा यात्रा को लेकर भक्तों में उत्साह देखने को मिला। जिला पंचायत सदस्य पूजा साहू ने बताया कि आस्था के इस महापर्व में खुशनसीब हूं कि इस चुनरी यात्रा में शामिल होने का मौका मिला। आयोजक समिति सदस्य आदित्य दुबे ने बताया कि प्रत्येक वर्ष यह आयोजन होता है। पहले युवाओं ने इसकी शुरुआत की थी फिर हर वर्ग का समर्थन मिला और आज पूरा गांव ने मिलकर चुनरी यात्रा निकाली। माता को समर्पित की चुनरी पूरे गांव का भ्रमण करने के बाद यह चुनरी मां गंगा मैया को समर्पित की गई। यात्रा में शामिल हुई जिला पंचायत सदस्य पूजा साहू ने बताया कि इस गौरव शाली क्षण में भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है। मां गंगा मैया बालोद जिले की आस्था की देवी हैं। हर व्यक्ति की आस्था माता के साथ जुड़ी हुई है और इस चुनरी यात्रा में आस्था का सैलाब देखने को मिल रहा है। जानिए मां गंगा मैया मंदिर और उसकी कहानी मां गंगा मैया की कहानी अंग्रेज शासनकाल से जुड़ी हुई है। आज से तकरीबन 110 साल पहले जिले की जीवनदायिनी तांदुला नदी की नहर का निर्माण चल रहा था। इस दौरान झलमला गांव की आबादी महज 100 थी। सोमवार के दिन ही यहां बाजार लगता था। जहां दूरस्थ अंचलों से पशुओं के विशाल समूह के साथ सैकड़ों लोग आया करते थे। पशुओं की अधिकता से पानी की कमी महसूस की जाती थी। पानी की कमी को पूरा करने के लिए तालाब बनाने डबरी की खुदाई की गई। जिसे बांधा तालाब नाम दिया गया। मां गंगा मैया के प्रादुर्भाव की कहानी इसी तालाब से शुरू होती है। जिस जगह पर वर्तमान में देवी की प्रतिमा स्थापित है, वहां पहले तालाब था, जहां पानी भरा रहता था। किवंदती अनुसार एक दिन ग्राम सिवनी का एक केवट मछली पकड़ने के लिए बांधा तालाब में गया। तब जाल में मछली की जगह पत्थर की प्रतिमा फंस गई। केवट ने अज्ञानतावश उसे साधारण पत्थर समझ फिर से तालाब में फेंक दिया। मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा गांव के गोंड़ जाति के बैगा को स्वपन में आकर कहा कि मैं जल के अंदर पड़ी हूं। मुझे जल से निकालकर प्राण प्रतिष्ठा कराओ। स्वप्न आने की जानकारी बैगा ने मालगुजार व गांव के अन्य लोगों को जानकारी दी। जाल फेंके जाने पर वही प्रतिमा फंसी। समझा साधारण पत्थर देवी मां की प्रतिमा को लेकर कई किवदंतिया प्रचलित है। केवट के जाल में बार-बार फंसने के बाद मूर्ति को साधारण पत्थर समझकर फेंकने की घटना को वर्तमान में भी यहां के निवासरत लोग अपनी पूर्वजों से मिली जानकारी अनुसार सही मानते हैं। सभी ने मिलकर प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा कराई। जल से प्रतिमा निकली, इस वजह से गंगा मैया के नाम से पहचान बनी।

छत्तीसगढ़ राज्य ने जीएसटी संग्रह में हासिल किया ऐतिहासिक मुकाम, 16,390 करोड़ का किया जीएसटी संग्रह

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य ने कुल ₹16,390 करोड़ का जीएसटी राजस्व संग्रह कर देशभर में सबसे अधिक 18 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को जीएसटी राजस्व वृद्धि के मामले में पूरे देश में पहले स्थान पर स्थापित करती है। इस क्रम में महाराष्ट्र 16% और तमिलनाडु 15% की वृद्धि दर के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। मार्च 2025 में पहली बार ₹2000 करोड़ से अधिक का मासिक संग्रह मार्च 2025 में  छत्तीसगढ़ को SGST मद में ₹1,301.09 करोड़ की प्राप्ति हुई, जो कि मार्च 2024 की तुलना में 72 प्रतिशत अधिक है। यह पहली बार है जब राज्य ने SGST संग्रह में ₹1000 करोड़ का आंकड़ा पार किया है। मार्च 2025 में ही IGST मद में ₹756.73 करोड़ प्राप्त हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है। इस प्रकार मार्च 2025 में कुल जीएसटी संग्रह ₹2,057.82 करोड़ रहा, जो मार्च 2024 के ₹1,443.66 करोड़ की तुलना में 43 प्रतिशत की प्रभावशाली मासिक वृद्धि दर्शाता है। जीएसटी आने के बाद छत्तीसगढ़ ने पहली बार एक माह में कुल जीएसटी राजस्व में 2000 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार किया है। बेहतर प्रशासन, तकनीक का समावेश और सतत निगरानी से मिली ऐतिहासिक सफलता यह उल्लेखनीय प्रगति राज्य में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी के दिशानिर्देश पर वाणिज्यिक कर विभाग में किए गए व्यापक सुधार, नवाचार और नई कार्यसंस्कृति का प्रत्यक्ष परिणाम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वाणिज्यिक कर मंत्री ओ. पी. चौधरी के मार्गदर्शन में विभाग ने जीएसटी प्रशासन को अधिक सक्रिय, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने हेतु निर्णायक कदम उठाए हैं। नॉन-फाइलर्स पर नियंत्रण रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले व्यापारियों की निरंतर निगरानी एवं संवाद के माध्यम से अनुपालना दर में बड़ा सुधार हुआ है। नॉन-फाइलर्स की संख्या 15 प्रतिशत से घटकर मात्र 6 प्रतिशत रह गई है। फर्जी पंजीकरण की जांच 28,000 से अधिक व्यवसायों का भौतिक सत्यापन किया गया, जिनमें से 4, 252 फर्मों, जो कुल फर्मों का लगभग 15% है, को फर्जी पाया गया। इससे कर अपवंचन पर प्रभावी अंकुश लगा और कर अनुपालना में वृद्धि हुई। डेटा एनालिटिक्स आधारित कार्रवाई वर्षभर में डेटा  एनालिटिक्स के आधार पर 313 मामलों में लेखा पुस्तकों की जांच कर ₹45.13 करोड़ की वसूली की गई। वहीं, 77 प्रतिष्ठानों की तलाशी/निरीक्षण से ₹47.35 करोड़ की अतिरिक्त राशि प्राप्त हुई। सेक्टर विश्लेषण और इंटर-डिपार्टमेंटल समन्वय जीएसटी विभाग द्वारा सेक्टर आधारित विश्लेषण और इंटर डिपार्टमेंटल डेटा का उपयोग करते हुए 49 संभावित कर अपवंचन क्षेत्रों की पहचान की गई जिससे  ₹101 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया गया। सरकारी विभागों से बेहतर अनुपालन मार्च 2025 में किए गए विशेष प्रयासों के तहत शासकीय विभागों द्वारा जीएसटीआर-7 रिटर्न दाखिल करवाकर इनके सप्लायर्स से ₹37 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व एकत्रित किया गया। व्यापक व्यापारी संपर्क अभियान राज्य भर में ऐसे 36,847 व्यापारियों से संपर्क किया गया, जिन्होंने या तो शून्य रिटर्न दाखिल किया था या व्यवसाय में नकारात्मक वृद्धि दर्शाई थी, जिससे कर अनुपालन में बढ़ोतरी  सुनिश्चित हुई। इन सभी ठोस और तकनीक आधारित उपायों का प्रत्यक्ष परिणाम है कि छत्तीसगढ़ आज देश में जीएसटी वृद्धि में शीर्ष स्थान पर है। भविष्य के लिए डिजिटल और एआई-आधारित रणनीति तैयार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी के मार्गदर्शन में जीएसटी विभाग अब डिजिटल ट्रैकिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी प्रणाली और उन्नत अनुपालन तंत्र को लागू कर, आने वाले वर्षों में भी छत्तीसगढ़ को देश में अग्रणी स्थिति में बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। “छत्तीसगढ़ की यह ऐतिहासिक उपलब्धि केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि ईमानदारी, पारदर्शिता और जनभागीदारी पर आधारित सुशासन की पहचान है। हमारी सरकार ने टैक्स प्रशासन को जनकेंद्रित और टेक्नोलॉजी-संचालित बनाकर यह सिद्ध किया है कि अगर इच्छाशक्ति हो तो राजस्व भी बढ़ता है और विश्वास भी। हम इसी गति को बनाए रखते हुए छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और समावेशी विकास का मॉडल बनाएंगे।” – विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

नक्सलियों ने प्रेस नोट जारी कर संघर्ष विराम की मांग की, वार्ता के लिए सरकार तैयार पर कोई शर्त मंजूर नहीं: गृहमंत्री शर्मा

 रायपुर छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों की लगातार एनकाउंटर कार्रवाई के बाद नक्सलियों ने प्रेस नोट जारी कर संघर्ष विराम की मांग की है। नक्सलियों ने कहा कि अगर केंद्र और राज्य सरकार नक्सल ऑपरेशन बंद करने का ऐलान करती है तो वो हथियार छोड़कर शांतिवार्ता के लिये तैयार हैं। अब इस मामले में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा का बयान आया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल समस्या के समाधान को लेकर पूरी तरह से गंभीर है। सरकार किसी भी प्रकार की सार्थक वार्ता के लिए तैयार है पर इसके लिए कोई शर्त स्वीकार नहीं है।  उन्होंने कहा कि यदि नक्सली वास्तव में मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं और बातचीत के लिए इच्छुक हैं, तो उन्हें अपने प्रतिनिधि और वार्ता की शर्तों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना होगा। वार्ता का स्वरूप किसी कट्टरपंथी विचारधारा की तर्ज पर नहीं हो सकता। यदि कोई चर्चा करना चाहता है, तो उसे भारतीय संविधान की मान्यता स्वीकार करनी होगी। उन्होंने कहा किअगर संविधान को नकारते हैं और समानांतर व्यवस्था थोपने की कोशिश करते हैं,तो वार्ता का कोई औचित्य नहीं रहता। सरकार की नीति स्पष्ट  है आत्मसमर्पण करें और पुनर्वास पाएं उपमुख्यमंत्री ने दोहराते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने अब तक की सबसे बेहतर पुनर्वास नीति लागू की है। जो भी नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें इस नीति के तहत सुरक्षा, पुनर्वास और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। सरकार चाहती है कि जो लोग भटके हुए हैं, वे समाज में वापस आएं और एक व्यवस्थित जीवन जीएं। संविधान का हर गांव में क्रियान्वयन डिप्टी सीएम ने बताया कि यदि नक्सली वार्ता को लेकर गंभीर हैं, तो उन्हें अपनी ओर से वार्ता के लिए समिति बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले भी 10 से अधिक बार वार्ता के लिए पहल की, लेकिन नक्सली ही पीछे हटते रहे। अब यदि वे बातचीत करना चाहते हैं, तो उन्हें स्पष्ट प्रस्ताव के साथ आगे आना होगा। सरकार का रुख साफ है।  बातचीत के दरवाजे खुले हैं, लेकिन हिंसा और खूनखराबे पर कोई समझौता नहीं होगा। नक्सलियों को हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण करना होगा, तभी कोई सार्थक समाधान संभव है। उन्होंने कहा कि बीते एक से डेढ़ वर्षों में 40 गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया है, जहां पहले तक नक्सली कानून थोपने की कोशिश करते थे। अब राज्य के सभी गांवों में तिरंगा लहराना और भारतीय संविधान का पालन करना अनिवार्य है।

प्रधान पाठक के चेक पर फर्जी हस्ताक्षर कर निकाले दो लाख , जांच में जुटी पुलिस

 रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में प्राथमिक शाला में पदस्थ प्रधान पाठक के बैग से अज्ञात शख्स ने चेक की चोरी करते हुए फर्जी हस्ताक्षर कर दो लाख रुपये निकाल लिये। पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जानकारी के मुताबिक, उदयराम श्रीवास उम्र 50 साल निवासी  बाझीआमा ने धरमजयगढ थाने में रिपोर्ट लिखाते हुए बताया कि वह प्राथमिक शाला सजवारी में प्रधान पाठक के रूप में पदस्थ है। उन्होंने बताया कि उनका बैंक खाता भारतीय स्टेट बैंक की शाखा धरमजयगढ में हैं, जहां से उसे चेक बुक दिया गया है। 25 मार्च की दोपहर 1:19 बजे उसके मोबाइल में मैसेज आया कि चेक लगाकर उनके खाते से 2 लाख रूपये का निकाले गए हैं। पीड़ित प्रधान पाठक ने बताया कि उसके द्वारा बैंक में किसी प्रकार से कोई चेक से  नहीं लगाया गया था। इस दौरान उसने जब अपने बैग को देखा तो उसमें रखे चेकबुक के आखरी चेक का पन्ना नहीं था। पीड़ित प्रधान पाठक ने बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसके बैग से चेकबुक के आखरी चेक को चोरी कर फर्जी तरीके से उसका हस्ताक्षर करते हुए उसके बचत खाते से दो लाख रूपये निकाले हैं। पीड़ित की शिकायत के बाद धरमजयगढ पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

लाभान्वित हितग्राहियों से सीधे मुलाकात कर उनकी वास्तविक स्थिति की पड़ताल करने वाले पहले राज्यपाल हैं

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका बालोद जिले में अपने दो दिवसीय प्रवास के अंतिम दिन गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम सिकोसा पहुँचकर प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत नवनिर्मित आवासों का अवलोकन किया। उन्होंने ग्राम सिकोसा के प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभान्वित हितग्राही कमलेश साहू एवं बोधीराम तथा उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल भी पुछा। डेका ने इन दोनों हितग्राहियों से प्रधानमंत्री आवास योजना के अलावा शासन के अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से उन्हें मिल रहे लाभ के संबंध में जानकारी ली। राज्यपाल डेका ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को उपहार भेंटकर उन्हें नए आवास के सौगात मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी। आज ग्राम सिकोसा में राज्यपाल रमेन डेका के आगमन को लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के साथ-साथ ग्रामीणांे में भी बड़ी उत्सुकता देखने को मिला। राज्यपाल के अपने गांव में आगमन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि राज्य के सर्वाेच्च संवैधानिक पद पर विराजमान व्यक्ति का अपने गांव में उपस्थित होना हम सभी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण क्षण है। ग्रामीणों ने कहा कि लाभान्वित हितग्राहियों से सीधे मुलाकात कर उनकी वास्तविक स्थिति की पड़ताल करने वाले पहले राज्यपाल हैं राज्यपाल डेका अपने प्रवास के दौरान समाज के जरूरतमंद एवं अंतिम पंक्ति के लोगों से मुलाकात कर धरातल पर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति की जानकारी ले रहे है। यह अभिनव प्रयास है। इस अवसर पर राज्यपाल डेका के प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभान्वित हितग्राहियों एवं ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात एवं उनके सहजता एवं सहृदयता के ग्रामीण एवं लाभान्वित हितग्राही बहुत ही अभिभूत नजर आ रहे थे। इस दौरान राज्यपाल रमेन डेका ने मौके पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं स्व सहायता समूह की महिलाओं से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।

‘पूना पर्रियान’ के तहत क्षेत्र के युवाओं को कराया जा रहा शारीरिक रूप से दक्ष

उत्तर बस्तर कांकेर कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन की पहल “पूना पर्रियान“ (नई उड़ान) के तहत क्षेत्र के ऐसे युवा छात्र जो सेना अग्निवीर, जल, थल, वायु सेना भर्ती, पुलिस एसआई भर्ती, पुलिस आरक्षक भर्ती, वनरक्षक भर्ती या अन्य परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए विकासखंड भानुप्रतापपुर मुख्यालय से 2 किमी की दूरी पर ग्राम चौगेल (मुल्ला) में पूर्व से संचालित कैम्प में शारीरिक दक्षता हेतु फिजिकल गतिविधियां कराई जा रही हैं।            जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मंडावी ने बताया कि चौगेल (मुल्ला) के पुराना कैम्प में क्षेत्र के युवाओं के लिए शारीरिक दक्षता के साथ-साथ प्रतिभागियों की मेंटल एबिलिटी की तैयारी भी कराई जा रही है। सभी छात्रों के लिए प्रातः 06 बजे से 09 बजे तक विभिन्न प्रकार की प्रैक्टिस कराने के बाद 10 बजे से मेंटल एबिलिटी की कक्षाएं संचालित की जाती हैं। छात्र भविष्य में सेना, अग्निवीर, एसआई भर्ती, पुलिस, आबकारी, वनरक्षक या अन्य ऐसे रोजगार जहां फिजिकल टेस्ट आवश्यकता हो, उन क्षेत्रों की तैयारी कराई जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा भी इस पूना पर्रियान (नई उड़ान) की सतत मानिटरिंग एवं सुपरविजन किया जा रहा है। उन्होंने सभी इच्छुक युवाओं से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इसका लाभ अवश्य उठाएं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्रपति शिवाजी महाराज की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्रपति शिवाजी महाराज की पुण्यतिथि (03 अप्रैल) पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि शिवाजी महाराज केवल इतिहास के पन्नों में दर्ज एक नाम नहीं, बल्कि भारतमाता की आत्मा में रचा-बसा वह स्वाभिमान हैं, जिन्होंने स्वराज्य का स्वप्न देखा और उसे यथार्थ में परिणत किया। वे साहस, संकल्प और राष्ट्रभक्ति की सजीव प्रतिमूर्ति थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिवाजी महाराज भारतीय संस्कृति, नीति और नेतृत्व के अमिट प्रतीक हैं। उन्होंने न केवल धार्मिक सहिष्णुता, जनकल्याण और न्यायप्रिय शासन की अद्वितीय मिसाल प्रस्तुत की, बल्कि यह भी सिद्ध किया कि एक सच्चा शासक केवल तलवार से नहीं, नीति, मूल्य और जनसेवा से पहचाना जाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज जब देश नए भारत के निर्माण की दिशा में बढ़ रहा है, तब शिवाजी महाराज की सोच, उनका साहस और स्वराज्य का दर्शन हमारे लिए प्रेरणापुंज बन सकता है। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज के जीवन से हमे यह प्रेरणा मिलती है कि जब संकल्प अडिग हो और ध्येय राष्ट्रहित, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं को प्रेरित किया कि शिवाजी महाराज के राष्ट्रप्रेम के आदर्श का अनुसरण करते हुए राष्ट्र की उन्नति में अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और समय को समर्पित कर सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहभागी बनें।

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