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शिवाजी महाराज एक नाम नहीं, बल्कि भारतमाता की आत्मा में रचा-बसा स्वाभिमान हैं : मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्रपति शिवाजी महाराज की पुण्यतिथि (03 अप्रैल) पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि शिवाजी महाराज केवल इतिहास के पन्नों में दर्ज एक नाम नहीं, बल्कि भारतमाता की आत्मा में रचा-बसा वह स्वाभिमान हैं, जिन्होंने स्वराज्य का स्वप्न देखा और उसे यथार्थ में परिणत किया। वे साहस, संकल्प और राष्ट्रभक्ति की सजीव प्रतिमूर्ति थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिवाजी महाराज भारतीय संस्कृति, नीति और नेतृत्व के अमिट प्रतीक हैं। उन्होंने न केवल धार्मिक सहिष्णुता, जनकल्याण और न्यायप्रिय शासन की अद्वितीय मिसाल प्रस्तुत की, बल्कि यह भी सिद्ध किया कि एक सच्चा शासक केवल तलवार से नहीं, नीति, मूल्य और जनसेवा से पहचाना जाता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज जब देश नए भारत के निर्माण की दिशा में बढ़ रहा है, तब शिवाजी महाराज की सोच, उनका साहस और स्वराज्य का दर्शन हमारे लिए प्रेरणापुंज बन सकता है। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज के जीवन से हमे यह प्रेरणा मिलती है कि जब संकल्प अडिग हो और ध्येय राष्ट्रहित, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। मुख्यमंत्री साय ने युवाओं को प्रेरित किया कि शिवाजी महाराज के राष्ट्रप्रेम के आदर्श का अनुसरण करते हुए राष्ट्र की उन्नति में अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और समय को समर्पित कर सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहभागी बनें।

राज्यपाल रमेन डेका ने सर्किट हाउस बालोद में जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से की मुलाकात

रायपुर, राज्यपाल  रमेन डेका ने बालोद जिले के प्रवास के दौरान आज सुबह जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों एवं अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। इस अवसर पर जिले के जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल रमेन डेका के बालोद जिले के आगमन पर उनका स्वागत एवं अभिनंदन भी किया।

राज्यपालरमेन डेका ने माँ गंगा मैय्या की पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख, समृद्धि की कामना की

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने आज बालोद जिले प्रवास के दौरान जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम झलमला स्थित माँ गंगा मैय्या मंदिर में पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ राज्य की सुख, समृद्धि की कामना की। इस दौरान श्री डेका ने गंगा मैय्या मंदिर के संचालन समिति के प्रतिनिधियों एवं पूजारियों से बातचीत कर मंदिर के संचालन व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली।

महंत घासीदास संग्रहालय में वृहद कला प्रदर्शनी का आयोजन, 45 कलाकार करेंगे चित्र और शिल्प कला का प्रदर्शन

रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 12 से 14 अप्रैल तक महंत घासीदास संग्रहालय में छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) द्वारा वृहद कला प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय इस कला आयोजन में प्रदेश के 45 कलाकार चित्र और शिल्प कलाओं का प्रदर्शन करेंगे। यह प्रदर्शनी सिर्फ एक कला आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के कला संसार में एक दस्तक है. समकालीन कलाकारों की बेचैनी का आगाज है. जो कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने के ढाई दशक बाद भी राज्य में कोई कला अकादमी नहीं है. प्रदर्शनी में शामिल 45 कलाकार राज्य के विभिन्न अंचलों और सांस्कृतिक परिवेश का प्रतिनिधित्व करेंगे. इस कला शिविर के माध्यम से कलाकार अपनी विशिष्ट कला शैली और सृजनशीलता को प्रस्तुत करेंगे. प्रदर्शनी के क्यूरेटर डॉ. ध्रुव तिवारी और CGPAG के संयोजक जितेन साहू का कहना है कि राज्य में इस तरह की कला प्रदर्शनियों और शिविरों का आयोजन लगातार होते रहना चाहिए. इससे छत्तीसगढ़ अपनी कला संस्कृति में एक विशिष्ट पहचान बना सकेगा और स्थानीय कलाकारों को उचित मंच मिल सकेगा.  

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की एक और उपलब्धि: छत्तीसगढ़ बना देश में जीएसटी राजस्व वृद्धि दर में अग्रणी राज्य

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य ने कुल ₹16,390 करोड़ का जीएसटी राजस्व संग्रह कर देशभर में सबसे अधिक 18 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को जीएसटी राजस्व वृद्धि के मामले में पूरे देश में पहले स्थान पर स्थापित करती है। इस क्रम में महाराष्ट्र 16% और तमिलनाडु 15% की वृद्धि दर के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। मार्च 2025 में पहली बार 2000 रुपए करोड़ से अधिक का मासिक संग्रह मार्च 2025 में  छत्तीसगढ़ को SGST मद में 1,301.09 रुपए  करोड़ की प्राप्ति हुई, जो कि मार्च 2024 की तुलना में 72 प्रतिशत अधिक है। यह पहली बार है जब राज्य ने SGST संग्रह में 1000 रुपए  करोड़ का आंकड़ा पार किया है। मार्च 2025 में ही IGST मद में 756.73 रुपए करोड़ प्राप्त हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है। इस प्रकार मार्च 2025 में कुल जीएसटी संग्रह 2,057.82 रुपए करोड़ रहा, जो मार्च 2024 के 1,443.66 रुपए करोड़ की तुलना में 43 प्रतिशत की प्रभावशाली मासिक वृद्धि दर्शाता है। जीएसटी आने के बाद छत्तीसगढ़ ने पहली बार एक माह में कुल जीएसटी राजस्व में 2000 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार किया है। बेहतर प्रशासन, तकनीक का समावेश और सतत निगरानी से मिली ऐतिहासिक सफलता यह उल्लेखनीय प्रगति राज्य में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी के दिशानिर्देश पर वाणिज्यिक कर विभाग में किए गए व्यापक सुधार, नवाचार और नई कार्यसंस्कृति का प्रत्यक्ष परिणाम है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और वाणिज्यिक कर मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी के मार्गदर्शन में विभाग ने जीएसटी प्रशासन को अधिक सक्रिय, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने हेतु निर्णायक कदम उठाए हैं। नॉन-फाइलर्स पर नियंत्रण रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले व्यापारियों की निरंतर निगरानी एवं संवाद के माध्यम से अनुपालना दर में बड़ा सुधार हुआ है। नॉन-फाइलर्स की संख्या 15 प्रतिशत से घटकर मात्र 6 प्रतिशत रह गई है। फर्जी पंजीकरण की जांच 28,000 से अधिक व्यवसायों का भौतिक सत्यापन किया गया, जिनमें से 4, 252 फर्मों, जो कुल फर्मों का लगभग 15% है, को फर्जी पाया गया। इससे कर अपवंचन पर प्रभावी अंकुश लगा और कर अनुपालना में वृद्धि हुई। डेटा एनालिटिक्स आधारित कार्रवाई वर्षभर में डेटा  एनालिटिक्स के आधार पर 313 मामलों में लेखा पुस्तकों की जांच कर 45.13 रुपए करोड़ की वसूली की गई। वहीं, 77 प्रतिष्ठानों की तलाशी/निरीक्षण से 47.35 रुपए करोड़ की अतिरिक्त राशि प्राप्त हुई। सेक्टर विश्लेषण और इंटर-डिपार्टमेंटल समन्वय जीएसटी विभाग द्वारा सेक्टर आधारित विश्लेषण और इंटर डिपार्टमेंटल डेटा का उपयोग करते हुए 49 संभावित कर अपवंचन क्षेत्रों की पहचान की गई जिससे 101 रुपए करोड़ का राजस्व प्राप्त किया गया। सरकारी विभागों से बेहतर अनुपालन मार्च 2025 में किए गए विशेष प्रयासों के तहत शासकीय विभागों द्वारा जीएसटीआर-7 रिटर्न दाखिल करवाकर इनके सप्लायर्स से 37 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व एकत्रित किया गया। व्यापक व्यापारी संपर्क अभियान राज्य भर में ऐसे 36,847 व्यापारियों से संपर्क किया गया, जिन्होंने या तो शून्य रिटर्न दाखिल किया था या व्यवसाय में नकारात्मक वृद्धि दर्शाई थी, जिससे कर अनुपालन में बढ़ोतरी  सुनिश्चित हुई। इन सभी ठोस और तकनीक आधारित उपायों का प्रत्यक्ष परिणाम है कि छत्तीसगढ़ आज देश में जीएसटी वृद्धि में शीर्ष स्थान पर है। भविष्य के लिए डिजिटल और एआई-आधारित रणनीति तैयार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी के मार्गदर्शन में जीएसटी विभाग अब डिजिटल ट्रैकिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी प्रणाली और उन्नत अनुपालन तंत्र को लागू कर, आने वाले वर्षों में भी छत्तीसगढ़ को देश में अग्रणी स्थिति में बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। “छत्तीसगढ़ की यह ऐतिहासिक उपलब्धि केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि ईमानदारी, पारदर्शिता और जनभागीदारी पर आधारित सुशासन की पहचान है। हमारी सरकार ने टैक्स प्रशासन को जनकेंद्रित और टेक्नोलॉजी-संचालित बनाकर यह सिद्ध किया है कि अगर इच्छाशक्ति हो तो राजस्व भी बढ़ता है और विश्वास भी। हम इसी गति को बनाए रखते हुए छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और समावेशी विकास का मॉडल बनाएंगे।” – विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

1 अप्रैल 2025 से महात्मा गांधी नरेगा योजना से के मजदूरों को मिलेंगे 261 रुपए

जांजगीर-चांपा केंद्र सरकार ने 2025-26 के लिए महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत रोजगार करने वाले ग्रामीण मजदूरी की राशि का निर्धारण किया है। 1 अप्रैल 2025 से महात्मा गांधी नरेगा योजना से के मजदूरों को 261 रुपए मिलेंगे जो खाते में आएगी। अर्थात् मजदूरी की राशि सीधे आधार लिंक के माध्यम से बैंक खाते में आएगी जिसे प्राप्त करने श्रमिकों को आसानी होगी।       मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गोकुल रावटे ने बताया कि श्रमिकों  को वित्तीय वर्ष 2025- 26 में 243 की बजाय अब 261 रुपये मिलेंगे यह राशि वह ग्राहक सेवा केंद्र, बैंक में जाकर तत्काल प्राप्त कर सकते है। इसके साथ ही बैंक सखी के माध्यम से गांव में लगाए जाने वाले शिविर के माध्यम से भी ले सकेंगे।  मनरेगा श्रमिकों की प्रतिदिवस बड़ी हुए मजदूरी दर के संबंध में सभी कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि श्रमिकों को सूचना पटल, ग्राम सभा, मुनादी, रोजगार दिवस के माध्यम से इसकी जानकारी दी जाए। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा महात्मा गांधी मनरेगा की मजदूरी वित्तीय वर्ष 2025- 26 के लिए 261 रुपए  राजपत्र में प्रकाशित की गई है। यह राशि श्रमिकों के बैंक खाते में आएगी। उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व मनरेगा श्रमिकों को 243 रुपए मजदूरी मजदूरी मिलती थी।

चैत्र नवरात्रि के अवसर पर 15 परिवारों ने किया गृह प्रवेश, खुशियों से झूम उठी बस्ती

रायपुर, महासमुंद जनपद पंचायत का एक गाँव धनसुली है जहां कमार जनजाति की बहुलता है। प्रधानमंत्री जनमन योजना इस जनजाति के जीवन में एक नई रोशनी लेकर आई है। धीरे-धीरे बदलाव की यह लहर उनके जीवन के हर पहलू को छू रही है, जिससे न केवल उनका जीवन स्तर ऊँचा उठ रहा है, बल्कि वे आत्मनिर्भरता की ओर भी कदम बढ़ा रहे हैं। ग्राम धनसुली के कमार बस्ती में निवासरत कमार जनजाति के परिवारों को पीएम जनमन योजना का एकमुश्त लाभ मिला है। इस बस्ती में निवासरत 15 से अधिक परिवारों के पक्के घर पीएम आवास योजना से बने हैं। एक तरह से यह बस्ती पीएम जनमन योजना की सफलता की प्रतीक बन चुकी है। लगभग सभी घर पूर्णतः बनकर तैयार हो चुके हैं, बस कुछ एक घर बच गए हैं जिनमें रंग रोगन का कार्य शेष है। कमार जनजाति के लोग मुख्यतः बांस की टोकरी, सूपा एवं अन्य सामान बनाकर अपनी आजीविका चलाते हैं लेकिन यह जनजाति अब शासन की योजनाओं का लाभ लेने में पीछे नहीं है। कमार जनजाति के लोग घुमंतू और खानाबदोश होते हैं लेकिन यहां के कमार जन जो प्रायः घास फूस, खादर और मिट्टी से बने अस्थायी घरों में रहते थे, उन्हें अब पक्का मकान मिलने से उनके जीवन में स्थायित्व आ गया है। योजना की लाभार्थी 52 वर्षीय लीला बाई कमार ने बताया कि पहले उनका घर घास-फूस का था। जीविका चलाने के लिए वे मुख्यतः बांस के सामान बनाकर थोड़ी-बहुत आमदनी करती थीं। इसके अलावा घर के पुरुष ईंट भट्टी में काम करने जाते थे, लेकिन यह आय बेहद सीमित थी, जो परिवार की जरूरतों को पूरा करने में नाकाफी थी। सीमित आय होने की वजह से एक पक्का और सुरक्षित घर बनाना उनके लिए एक सपना था। लेकिन पीएम-जनमन योजना के उन्हें एक पक्का और सुरक्षित आवास मिला है। 35 वर्षीय सावित्री बाई कमार, 31 वर्षीय मीना बाई कमार, 55 वर्षीय चैती बाई कमार को भी आवास योजना का लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार को भी शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा है और इस प्रकार कमार जनजाति का जुड़ाव धीरे धीरे विकास की मुख्यधारा से हो रहा है। गौरतलब है कि विगत दिनों चैत्र नवरात्रि एवं नववर्ष के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बिलासपुर प्रवास के दौरान 3 लाख परिवारों को गृह प्रवेश का सौभाग्य मिला। जिले में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक द्वारा 15 कमार परिवारों को विधिवत चाबी सौंपी गई एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों से गृह प्रवेश कराया गया था। योजना से मिले लाभ और आवास हेतु हितग्राहियों ने जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का धन्यवाद ज्ञापित किया है।

बालोद में परेतिन दाई माता का मंदिर, भरती है सूनी गोद, नवरात्रि में लगता है श्रद्धालुओं का हुजूम

बालोद वैसे तो लोग प्रेत, प्रेतात्मा या फिर डायन नाम से ही डर जाते हैं क्योंकि इसको बुरी शक्ति माना जाता है। मगर झिंका गांव के लोगों की आस्था ऐसी है कि ये डायन (परेतिन माता) को माता मानते हैं और इसकी पूजा करते हैं। इसका एक छोटा सा मंदिर भी है सिकोसा से अर्जुन्दा जाने वाले रास्ते पर स्थित मंदिर को परेतिन दाई माता मंदिर के नाम से जाना जाता है। झिंका सहित पूरे बालोद जिले के लोग परेतिन दाई के नाम से जानते हैं। नवरात्रि में यहां विशेष अनुष्ठान की शुरुआत हो चुकी है और इस मंदिर में ज्योत भी जलाई गई है, आइए जानते हैं इस मंदिर की कहानी… झींका गांव की सरहद में बने परेतिन दाई मंदिर का प्रमाण उसकी मान्यता आस्था का वो प्रतीक है। जिससे आज इस मंदिर को पूरे प्रदेश में जाना जाता है। बालोद जिले का यह मंदिर पहले एक पेड़ से जुड़ा हुआ था। माता का प्रमाण आज भी उस पेड़ पर है और उसके सामने शीश झुकाकर ही कोई आगे बढ़ता है। और यहां पर जो कोई भी मनोकामना मांगते हैं, वो पूरी जरूर होती है। विशेष रूप से परेतिन दाई सूनी गोद भरती है। नारायण सोनकर ने बताया कि वो सब्जी व्यापारी हैं लेकिन जब भी वो यहां से गुजरते हैं सब्जियां माता को अर्पित कर गुजरते हैं इससे मां का आशीर्वाद बना रहता है। नारायण सिंह ने बताया कि गांव के यदुवंशी (यादव और ठेठवार) मंदिर में बिना दूध चढ़ाए निकल जाते हैं तो दूध फट जाता है। ऐसा कई बार हो चुका है। ग्रमीण ने बताया कि यह मंदिर काफी पुराना और बड़ी मान्यता है। गांव में भी बहुत से ठेठवार हैं, जो रोज दूध बेचने आसपास के इलाकों में जाते हैं। यहां दूध चढ़ाना ही पड़ता है। जान बूझकर दूध नहीं चढ़ाया तो दूध खराब (फट) हो जाता है। इसलिए लोग यहां दूध चढ़ाते हैं। दशकों से इस मंदिर की मान्यता है कि इस रास्ते से कोई भी मालवाहक वाहन या लोग गुजरते हैं और किसी तरह का समान लेकर जाते हैं तो उसका कुछ हिस्सा मंदिर के पास छोड़ना पड़ता है। चाहे खाने-पीने के लिए बेचने वाले सामान या फिर घर बनाने के लिए उपयोग में लाए जाने वाले सामान। आप वाहन में जो भी कुछ सामान ले जा रहे होते हैं उसमें से कुछ हिस्सा यहां चढ़ाना जरूरी है। ऐसा लोगों का मानना है कि कोई व्यक्ति अगर ऐसा नहीं करता है तो उसके साथ कुछ न कुछ अनहोनी होती है। चैत्र और क्वार नवरात्रि में परेतिन माता के दरबार में विशेष आयोजन किए जाते हैं। जहां पर ज्योति कलश की स्थापना की जाती है और नवरात्रि के 9 दिन बड़ी संख्या में भक्तों का तांता लगा रहता है। भले ही मान्यता अनूठी हो लेकिन सैकड़ों वर्षों से चली आ रही परंपरा और मान्यता आज भी इस गांव में कायम है वर्तमान में 100 ज्योति कलश यहां पर प्रज्वलित किए गए हैं।  

आयुष्मान योजना से हृदय की बीमारी का हुआ मुफ्त इलाज

 रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत आमजन को लाभ मिल रहा है। शासन की जनकल्याणकारी आयुष्मान भारत योजना के तहत कोण्डागांव जिले के एक गरीब परिवार के मासूम बच्चे के गंभीर रोग का निशुल्क उपचार संभव हो सका, जिससे बच्चे को नई जिंदगी के साथ परिवार को बड़ी राहत मिली है। इस योजना से न केवल बच्चे का उपचार हुआ, बल्कि इससे पूरे परिवार के सदस्यों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई। कोण्डागांव विकासखण्ड के ग्राम मड़ानार निवासी श्रीमती सुगन्तीन नाग और श्री खेलसिंह नाग के आठ वर्षीय पुत्र मनराज नाग को बचपन से ही लगातार सर्दी-खांसी की समस्या बनी रहती थी। बच्चे की इस बीमारी का स्थानीय अस्पतालों में कई बार उपचार कराने के बावजूद उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही थी और आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा था। स्थानीय स्तर पर कोई राहत नहीं मिलने पर बेहतर चिकित्सा की तलाश में उनके परिवार ने आंध्र प्रदेश के एक निजी अस्पताल में पहुंचे, जहांँ डॉक्टरों ने आवश्यक परीक्षण के बाद बताया कि मनराज के हृदय में छेद है और सर्जरी ही इसका एकमात्र समाधान है। लेकिन सर्जरी का खर्च वहन कर पाना परिवार के लिए संभव नहीं था, जिसके कारण वे निराश होकर पुनः अपने गाँव लौट आए। अपने बच्चे को हो रही परेशानी को देखेते हुए आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद परिवार ने हिम्मत नहीं हारी। गांव के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से संपर्क करने पर उन्हें आयुष्मान भारत योजना की जानकारी मिली। यह योजना उनकी आशा की किरण बनी। जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में मनराज को रायपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां नवंबर 2024 में उनकी कार्डियोथोरेसिक और वेस्कुलर सर्जरी सफलतापूर्वक की गई, जिसके लिए आयुष्मान योजना से 01 लाख 59 हजार रूपए की आर्थिक सहायता मिली।  हृदय की सर्जरी के बाद आज मनराज पूरी तरह स्वस्थ है और एक नया जीवन जी रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप सरकार राज्य के नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति बेहद संवेदनशील है। जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से दूरस्थ अंचलों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है और इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। शासन के आयुष्मान भारत योजना के बेहतर क्रियान्वयन का परिणाम है कि इस योजना ने न केवल एक मासूम बच्चे को जीवनदान दिया, बल्कि उसके परिवार को भी एक नई आशा और विश्वास से भर दिया।

शिक्षा सत्र 2024-25 में ऑनलाइन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति 15 अप्रैल तक कर सकते हैं पंजीयन

अम्बिकापुर आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि सरगुजा जिले में संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक आदि में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों जो विभाग द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति की पात्रता रखते हैं तथा इन संस्थाओं के प्राचार्य या संस्था प्रमुखों एवं छात्रवृत्ति प्रभारियों को सूचित किया है कि शिक्षा सत्र 2024-25 हेतु ऑनलाईन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति (कक्षा 12वीं से उच्चतर) के पंजीयन,  स्वीकृत एवं वितरण की कार्यवाही https://postmatric-scholarship.cg.nic.in/ वेबसाइट पर ऑनलाइन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा ऑनलाइन आवेदन, प्रस्ताव एवं स्वीकृति वर्ष 2024-25 हेतु तिथि निर्धारित की गई है। विद्यार्थी द्वारा ऑनलाइन आवेदन नवीन एवं नवीनीकरण  03 अप्रैल 2025 से 15 अप्रैल 2025 किया जा सकता है। इसी तरह ड्राफ्ट प्रपोजल लॉक करने हेतु 03 अप्रैल 2025 से 21 अप्रैल 2025 तक, सैंक्शन आर्डर लॉक करने हेतु 03 अप्रैल 2025 से 21 अप्रैल 2025 तक तिथि निर्धारित है। निर्धारित तिथि के पश्चात शिक्षा सत्र 2024-25 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति ऑनलाइन आवेदन हेतु पोर्टल बन्द कर दिया जावेगा। ड्राफ्ट प्रपोजल लॉक एवं सैंक्शन आर्डर लॉक करने का अवसर भी प्रदान नहीं किया जायेगा।

मनरेगा रामलाल जैसे अनेको कृषकों के चेहरे पर खुशी लाने का पर्याय

रायपुर, किसान रामलाल बताते हैं कि खरीब फसल के पकने के बाद अच्छे उत्पादन की गारण्टी तो मिली ही, अब वे सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता होने से धनिया, आलू, प्याज, टमाटर जैसे साग-सब्जी लगाकर रोज की सब्जी-भाजी के खर्च को बचा भी रहा है। आज रामलाल आत्मविश्वास से भरा है और कूप के बन जाने से परिवार के चेहरे में मुस्कान है। खेती में सिंचाई की उपलब्धता तथा उचित कृषकीय प्रबंध से रामलाल अब उन्नत कृषक बनने की ओर अग्रसर हैं। जिले में मनरेगा रामलाल जैसे अनेको कृषकों के चेहरे पर खुशी लाने का पर्याय बन चुका है। बलरामपुर जिले के विकासखंड राजपुर के ग्राम पंचायत करमडीहा निवासी श्री रामलाल अपने मनरेगा से बने कुंए के जरिए दो एकड़ खेतों में पर्याप्त सिंचाई कर रहें हैं, वही समय पर धान की खेती के लिए रोपा भी तैयार कर रहे हैं। इसके अलावा वे कुछ हिस्सों में साग-सब्जी की खेती कर इससे अतिरिक्त आमदनी भी कमा रहे हैं। गौरतलब है कि किसान रामलाल पहले सिंचाई के साधन नहीं होने से बरसात के दिनों में भी केवल धान के ही फसल ले पाते थे, वे भी वर्षा के जल पर ही निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन मनरेगा से बने कुए ने उसके जीवन में खुशी ला दी है और वे साल में दो सफल ले रहे हैं। वहीं उन्होंने बताया कि स्वयं के लिए कुंए निर्माण से उन्हें 10 हजार रूपए का मजदूरी भी मिला। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन के मार्गदर्शन एवं कुशल प्रबंधन से मनरेगा अपने वास्तविक उद्देश्यों को पूरा कर रही है, वहीं श्रमिक व कृषक वर्ग को इसका सीधा लाभ मिल रहा है।     मनरेगा के अधिकारियों ने बताया कि रोजगार सृजन और स्थाई परिसंपत्तियों का निर्माण कर मनरेगा एक सफल योजना के रूप में जिले में स्थापित हो चुकी है। रामलाल जनपद पंचायत राजपुर के ग्राम पंचायत करमडीहा के निवासी हैं तथा अनेकों अन्य हितग्राहियों की तरह रामलाल के खेत में मनरेगा के तहत कूप निर्माण की स्वीकृति मिली थी। कूप निर्माण के लिए रामलाल के खेत का चयन किया गया तथा निर्धारित समय पर कूप तैयार भी हो गया। कूप के माध्यम से रामलाल के 02 एकड़ खेत की सिंचाई है तथा वे बरसात के साथ-साथ गर्मियों में भी फसल लेने के लिए उत्साहित हैं। धान की खेती के साथ ही भविष्य में पानी की आवश्यकता वाले अन्य फसलों की खेती का विचार कर रहे हैं, जो पहले संभव नहीं था।

बलौदाबाजार-भाटापारा में नाबालिग की लाश, इलाके में सनसनी,, जांच में जुटी पुलिस

बलौदाबाजार-भाटापारा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के लवन थाना क्षेत्र में एक नाबालिग की लाश मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन कुछ दिन पहले दर्ज की गई गुमशुदगी की रिपोर्ट से मामला जुड़ा हो सकता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम डोंगरीडीह स्थित महानदी पुल के पास ग्रामीणों को रेत में दफन एक लाश दिखाई दी। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची लवन थाने की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। आशंका है कि यह लाश उसी नाबालिग की हो सकती है, जिसकी कुछ दिन पहले गुमशुदगी की रिपोर्ट स्थानीय थाने में दर्ज कराई गई थी। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि यह शव उसी नाबालिग का है या कोई और मामला है। लवन थाना पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाकर आगे की जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है, जिससे मौत के कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करने की संभावना है। पुलिस ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है और आसपास के इलाकों की छानबीन कर रही है।  

भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती हेतु ऑनलाईन आवेदन 10 अप्रैल तक आमंत्रित

उत्तर बस्तर कांकेर, भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती 2025 हेतु वेबसाईट www.joinindionarmy.nic.in पर ऑनलाईन आवेदन 10 अप्रैल तक आमंत्रित किया गया है। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि अग्निवीर की भर्ती जनरल तकनीकी क्लर्क, ट्रेड्समैन आठवीं, दसवीं पास, महिला सैन्य पुलिस और रेगुलर कैडर भर्ती धर्मगुरू नर्सिंग सहयोगी और सिपाही फार्मा के पदों के लिए जारी किया गया है। अभ्यर्थी इस बार अग्निवीर के दो पदों के लिए अपनी योग्यता अनुसार आवेदन कर सकते हैं। अग्निवीर क्लर्क के अभ्यर्थियों को ऑनलाइन परीक्षा (सीईई) के समय टायपिंग टेस्ट भी देना होगा तथा परीक्षा आगामी जून में होने की संभावना है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के टेलीफोन नंबर 0771-2965212, 0771-2965214 पर संपर्क किया जा सकता है।

जिले में 4.60 किमी सड़क निर्माण कार्य के लिए राज्य शासन से 7 करोड़ रुपए की मिली प्रशासकीय स्वीकृति

कोरिया मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार सुदूर अंचलों में अधोसंरचना विकास हेतु कार्यों की स्वीकृति और बजट आवंटन जारी है। इसी कड़ी में प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और मनेंद्रगढ़ विधानसभा के विधायक श्याम बिहारी जायसवाल तथा बैकुंठपुर विधानसभा के विधायक श्री भईया लाल राजवाड़े के प्रयासों से कोरिया जिले को एक और महत्वपूर्ण सड़क निर्माण के लिए बजट स्वीकृति प्राप्त हुई है। छत्तीसगढ़ शासन के लोक निर्माण विभाग ने कोरिया जिले के अमरपुर-चिरमिरी मुख्य जिला मार्ग से लावापारा झलरापारा होते हुए बाबा पहरी मुख्य मार्ग तक 4.60 किमी. सड़क निर्माण कार्य के लिए 7 करोड़ 26 लाख 90 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। यह कार्य 2024-25 के बजट में शामिल किया गया है और इस मार्ग के निर्माण से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क नेटवर्क को सुधारने में मदद मिलेगी। लोक निर्माण विभाग ने इस कार्य की स्वीकृति के साथ कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी तय की हैं।कार्य की तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने के बाद ही निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पुल और पुलिया के डिज़ाइन और ड्राइंग की स्वीकृति सक्षम अधिकारी से प्राप्त करने के बाद ही कार्य प्रारंभ होगा। यह कार्य शासकीय भूमि पर ही किया जाएगा, क्योंकि भू-अर्जन का कोई प्रस्ताव नहीं है। कार्य की निविदा प्रक्रिया प्रमुख अभियंता कार्यालय के निविदा प्रकोष्ठ से की जाएगी। कोरिया कलेक्टर चन्दन त्रिपाठी ने कहा है कि यह कार्य जिले के यातायात व्यवस्था को सुधारने और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा साथ ही जिला के विकास को गति मिलेगी और स्थानीय निवासियों को बेहतर यातायात सुविधा प्राप्त होगी।

क्षेत्र के युवाओं को ‘पूना पर्रियान’ के तहत कराया जा रहा शारीरिक रूप से दक्ष

उत्तर बस्तर कांकेर, कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन की पहल “पूना पर्रियान“ (नई उड़ान) के तहत क्षेत्र के ऐसे युवा छात्र जो सेना अग्निवीर, जल, थल, वायु सेना भर्ती, पुलिस एसआई भर्ती, पुलिस आरक्षक भर्ती, वनरक्षक भर्ती या अन्य परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए विकासखंड भानुप्रतापपुर मुख्यालय से 2 किमी की दूरी पर ग्राम चौगेल (मुल्ला) में पूर्व से संचालित कैम्प में शारीरिक दक्षता हेतु फिजिकल गतिविधियां कराई जा रही हैं।            जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी ने बताया कि चौगेल (मुल्ला) के पुराना कैम्प में क्षेत्र के युवाओं के लिए शारीरिक दक्षता के साथ-साथ प्रतिभागियों की मेंटल एबिलिटी की तैयारी भी कराई जा रही है। सभी छात्रों के लिए प्रातः 06 बजे से 09 बजे तक विभिन्न प्रकार की प्रैक्टिस कराने के बाद 10 बजे से मेंटल एबिलिटी की कक्षाएं संचालित की जाती हैं। छात्र भविष्य में सेना, अग्निवीर, एसआई भर्ती, पुलिस, आबकारी, वनरक्षक या अन्य ऐसे रोजगार जहां फिजिकल टेस्ट आवश्यकता हो, उन क्षेत्रों की तैयारी कराई जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा भी इस पूना पर्रियान (नई उड़ान) की सतत मानिटरिंग एवं सुपरविजन किया जा रहा है। उन्होंने सभी इच्छुक युवाओं से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इसका लाभ अवश्य उठाएं।

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