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3 सदस्‍यीय कमेटी में दो रिटायर्ड जज भी शामिल, छत्तीसगढ़-गृह विभाग के सलाहकार बोर्ड का पुनर्गठन

रायपुर। छत्‍तीसगढ़ शासन ने गृह विभाग के सलाहकार बोर्ड का पुनर्गठन किया है। हाई कोर्ट के सीटिंग जज नरेन्द्र कुमार व्‍यास की अध्‍यक्षता में गठित बोर्ड में दो रिटायर्ड जजों के नाम शामिल किए गए हैं। गृह विभाग की सलाहकार बोर्ड में सेवा निवृत्‍त जज नवल किशोर अग्रवाल और विमला सिंह कपूर सदस्य बनाए गए हैं। गृह विभाग के उप-सचिव डीपी कौशल ने अधिसूचना जारी की है। वहीं राज्य सरकार ने मूलवासी बचाओ मंच संगठन की गतिविधियों को राज्य में बैन कर दिया गया है। इस संगठन पर सुरक्षा बल के कैंपों का विरोध और लोगों को उकसाने के आरोप है। वहीं अब राज्‍य सरकार ने अधिसूचना जारी कर बैन कर दिया है।  राज्यपाल के उप-सचिव डी.पी. कौशल ने आदेश जारी किया है। विधि विरुद्ध गतिविधियों का आरोप केन्द्र और राज्य सरकारों के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास कामों के संचालन का किया जा रहा है। जिस पर मूलवासी बचाओ मंच संगठन सुरक्षा बल के कैंपों का लगातार विरोध करने और आम जनता को उसके विरुद्ध उकसाने का काम कर रहा है। न्याय प्रशासन में हस्तक्षेप और विधि द्वारा स्थापित संस्थाओं की अवज्ञा को बढ़ावा देते हुए लोक व्यवस्था, शांति में बाधा पैदा किया जा रहा है। जिसके कारण नागरिकों की सुरक्षा में खतरा है, जो कि राज्य की सुरक्षा के प्रतिकूल है। एक साल के लिए किया गया बैन राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, छत्तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा अधिनियम, 2005 (क. 14 सन् 2006) की धारा 3 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, द्वारा, मूलवासी बचाओ मंच को, इस अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से एक साल के लिए बैन किया है।

सीआरपीएफ जवानों जल्द मिलेंगे, छत्तीसगढ़-जगदलपुर में बस्तर आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में पहुंचे सीएम साय

जगदलपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में शामिल होने चित्रकोट पहुंचने पर बस्तरिया अंदाज में स्वागत हुआ। उनके स्वागत में जनजातीय लोक नर्तक दलों ने आकर्षक प्रस्तुति दी। जनप्रतिनिधियों ने पारंपरिक गौर सिंग मुकुट पहनाकर उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जल्द ही बस्तर के सीआरपीएफ कैंप में नक्सल विरोधी अभियान में तैनात सीआरपीएफ जवानों से भी मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर बस्तर हाट की थीम पर आधारित एक्सपीरियंस जोन एवं विभिन्न विभागीय स्टालों का अवलोकन किया। प्राधिकरण के  बैठक स्थल पर संभाग के सात जिलों बस्तर, कोण्डागांव, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर की विकास योजनाओं और उपलब्धियों को स्टॉल के जरिए साझा किया गया। इन स्टालों में विकास और नवाचार की विस्तृत झलक दिखी। ‘बस्तर कॉफी’ के सफर की दिखी झलक बस्तर जिले के स्टाल में ‘बस्तर कॉफी’  की प्रक्रिया और उसके प्रसार को रोचक ढंग से दिखाया गया है। प्रदर्शनी में कॉफी उत्पादन, ताजा चेरी उत्पादन से लेकर कॉफी की धुलाई, भुनाई, पिसाई और पाउडर पैकेजिंग तक की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया है। ‘बस्तर कैफे’ की पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया गया है। बस्तर कॉफी ब्रांड को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास भी जारी है। कला और नवाचार का संगम कोण्डागांव जिले ने स्टाल के माध्यम से अपनी पारंपरिक शिल्पकला और आधुनिक विकास परियोजनाओं को सामने रखा है। झिटकू मिटकी आर्टिसन प्रोड्यूसर ने बेल मेटल कला से अयोध्या के श्रीराम मंदिर के स्थापत्य को प्रदर्शित किया। इस दौरान जिले में हो रहे पर्यटन विकास, रोजगार के अवसर बढ़ाने गारमेंट फैक्ट्री, एनीमिया मुक्त कोण्डागांव अभियान स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने, ‘मावा कोण्डानार’ मोबाइल ऐप: पारदर्शी प्रशासन और नागरिक सुविधाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जानकारी दी। शिक्षा और बाल विकास में नवाचार दंतेवाड़ा जिले ने शिक्षा और बाल कल्याण के क्षेत्र में किए गए नवाचारों को साझा किया। बाल मित्र कार्यक्रम के माध्यम से स्कूल से बाहर और अप्रवेशी बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए पहल शुरू की गई है। बाल मित्र पुस्तकालय एवं पंचायत के जरिए बच्चों को नेतृत्व और निर्णय लेने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह कार्यक्रम शिक्षा के साथ-साथ समग्र विकास के लिए भी अहम साबित हो रहा है। लघु वनोपज से बढ़ती आजीविका कांकेर जिले में लघुवनोपज आधारित परियोजनाओं और उद्यानिकी विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। फ्रेश सीताफल परियोजना स्थानीय किसानों सहित स्वसहायता समूह की दीदियों के लिए आय का प्रमुख स्रोत बनी है। पोषण और रोजगार, लघु धान के मछली पालन, कड़कनाथ मुर्गी पालन में रोजगार के नए अवसर और आजीविका संवर्धन की जानकारी दी गई है। महिला सशक्तिकरण का उदाहरण नारायणपुर जिले में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रयास किए गए हैं। स्वसहायता समूहों की दीदियों ने हर्बल गुलाल, मशरूम उत्पादन, कड़कनाथ पालन और बटेर पालन जैसी गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई है। इन गतिविधियों से महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता मिली है।पोषण आहार और एकीकृत कृषि, कृषि में नवीन तकनीकों के समावेश का प्रदर्शन किया गया है। यातायात और आवासीय योजनाओं की प्रगति सुकमा जिले के स्टाल में आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास पर जोर दिया गया है। हक्कुम मेल अंतर्गत यातायात सुविधा को बेहतर बनाने की दिशा में हो रहे कार्य, प्रधानमंत्री आवास योजना,आवासीय परियोजनाओं से सकारात्मक बदलाव, लखपति दीदी योजना मरईगुड़ा (वन) पंचायत, महिला स्वसहायता समूहों को आर्थिक सशक्तिकरण में हो रहे सकारात्मक परिणामों को प्रदर्शित किया गया। ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के सकारात्मक परिणाम बीजापुर जिले में प्रदेश सरकार द्वारा माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में संचालित ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसमें ग्रामीणों के लिए बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के लिए तकनीकी और स्थानीय संसाधनों का उपयोग, जिले के प्राकृतिक सौंदर्य को पर्यटन के माध्यम से दुनिया के पटल पर रखने के प्रयासों की जानकारी दी गई है। सुशील मौर्य ने कहा, ‘मुख्यमंत्री की सुरक्षा का हवाला देकर चित्रकोट में पेड़ों की कटाई की गई है। यह भी निंदनीय है, इसलिए हमने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कार्यक्रम का पुरजोर तरीके से विरोध किया है। विरोध प्रदर्शन करने अनेक कांग्रेसी काले कपड़े पहनकर पहुंचे थे। चौक पर जमा होकर सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर रहे कांग्रेस नेता सुशील मौर्य और अन्य नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सभी कांग्रेसियों को बस में बिठाकर बोधघाट थाने ले जाया गया है। हिरासत में लिए गए कांग्रेसियों में हनुमान द्विवेदी, रविशंकर तिवारी, एम बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में भाग लेने आए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का विरोध कर रहे कांग्रेस के दर्जनों नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य भी भी पुलिस हिरासत में हैं।’

पॉवर कंपनी के डायरेक्टर गिरफ्तार, छत्तीसगढ़-पीएससी घोटाले में CBI ने कैसा शिकंजा

रायपुर. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) भर्ती अनियमितता 2021 मामले में अब तक की बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने सीजीपीएससी के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा बहू-बेटे को डिप्टी कलेक्टर बनाने के एवज में 45 लाख रुपये रिश्वत देने के आरोप में रायपुर के एक निजी स्टील एंड पॉवर लिमिटेड के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को भी गिरफ्तार किया गया है। मामले में अब तक की ये पहली गिरफ्तारी है। चर्चा है कि अन्य पर भी सीबीआई जल्द शिकंजा कसेगी। इस घोटाले मामले में श्रवण कुमार गोयल ने अपने बहु और बेटे को डिप्टी कलेक्टर के रूप में चयन कराने के लिये सीजीपीएससी के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को कथित रूप से 45 लाख रुपये रिश्वत के रूप में दिये थे। आरोप है कि उन्होंने ग्रामीण विकास समिति के माध्यम से दो किश्तों में 20 लाख और 25 लाख रुपये कथित रूप से रिश्वत राशि का भुगतान किया था। ये रिश्वत गोयल के बेटे शशांक गोयल और बहु भूमिका कटारिया का छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में उप जिलाधिकारी के रूप में चयन करने के लिये दी गई थी। 48 शिकायतों के बाद हुई थी कार्रवाई पिछली सरकार (कांग्रेस कार्यकाल) में सीजीपीएससी भर्ती घोटाले में 48 मामलों की शिकायत राज्यपाल, सीएम और मुख्य सचिव से की गई थी। आयोग ने सीजीपीएससी 2021 के लिए 171 पदों पर प्रारंभिक भर्ती परीक्षा 13 फरवरी 2022 को ली थी। इसमें 2565 लोग उत्तीर्ण हुए थे। 26 से 29 मई 2022 को हुई मुख्य परीक्षा में कुल 509 उम्मीदवार उत्तीर्ण हुए थे। इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की सूची जारी हुई थी। इस भर्ती में अनियमितता और भाई भतीजावाद के आरोप में सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, सचिव जीवनकिशोर ध्रुव, परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक समेत अन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज हुई थी। पूर्व मंत्री की शिकायत को बनाया आधार इस भर्ती घोटाले को लेकर रमन सरकार में पूर्व मंत्री रहे और बीजेपी के सीनियर नेता ननकीराम कंवर ने पीएससी परीक्षा 2021-22 में अनियमित की शिकायत राज्यपाल से लिखित में की थी। इसके बाद महानिदेशक ईओडब्ल्यू/एसीबी रायपुर को अपराध पंजीबद्ध करने के लिए राज्य शासन की ओर से 2 फरवरी 2024 को पत्र मिला था। शिकायत में राज्य की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष सोनावानी, सचिव, राजनेता और अन्य ने मिलीभगत कर अपने बेटे-बेटियों, रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर समेत अन्य पदों पर फर्जी तरीके से भर्ती किए जाने पर केंद्रीय एजेंसी से जांच कराकर क्रमांक 1 से 71 की चयन सूची को निरस्त कर मामले में संलिप्त लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज करते हुए कार्रवाई करने के लिये राज्यपाल से अनुरोध किया था। भाई-भतीजावाद का खेल! आरोप है कि तत्कालीन अध्यक्ष सोनवानी के बेटे नितेश सोनवानी का चयन कथिततौर पर डिप्टी कलेक्टर, उनके बड़े भाई के बेटे साहिल सोनवानी का चयन डीएसपी और उनकी बहन की बेटी सुनीता जोशी का चयन श्रम पदाधिकारी, बेटे नितेश सोनवानी की पत्नी निशा कोसले का चयन डिप्टी कलेक्टर और भाई की बहू दीपा आदिल का चयन जिला आबकारी अधिकारी के रूप में हुआ था। इतना ही नहीं आरोप ये भी है कि सीजीपीएससी के तत्कालीन सचिव किशोर ने अपने बेटे सुमित ध्रुव का चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर कराया। इसके साथ ही आरोप ये भी है कि उस दौरान कांग्रेस सरकार के तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारियों के बेटा-बेटियों, रिश्तेदारों, नेताओं और पदाधिकारी को डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी आदि पद के रूप में चयनित किया गया । विधानसभा चुनाव 2023 में उठा था ये मामला विधानसभा चुनाव 2023 में सीजीपीएससी भर्ती घोटाला मामला काफी गरमाया हुआ था। इस मामले को लेकर प्रदेश के युवा आक्रोशित होकर सड़क पर उतर गये थे। विधानसभा चुनाव दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत बीजेपी के कई राष्ट्रीय नेताओं ने इस मामले की सीबीआई से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की गारंटी दी थी। पांच साल की भूपेश सरकार के सत्ता से बाहर होने और राज्य में चौथी बार बीजेपी की सरकार बनने पर सीएम विष्णुदेव साय की कैबिनेट ने 3 जनवरी 2024 को मामले की सीबीआई से जांच कराने का निर्णय लिया था। राज्य सरकार की समिति के बाद केंद्र से जांच के लिए अधिसूचना जारी किया गया और मामला सीबीआई को सुपुर्द कर दिया गया। इन धाराओं में केस दर्ज सीजीपीएससी घोटाला मामले में सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव समेत कई अधिकारियों, राजनेताओं के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 120 बी, 420 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1998 तथा संशोधित 2018 की धारा 7,7 (क) व 12 के तहत अपराध दर्ज किया गया। इसके बाद सीबीआई ने केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।

225 बोरा अवैध धान की जब्त, छत्तीसगढ़-रायगढ़ में कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी

रायगढ़. छत्तीसगढ़ में 14 नवंबर से धान खरीदी की शुरुआत होने के साथ ही रायगढ़ जिले मे एक के बाद एक अवैध धान के मामले सामने आने लगे हैं। ताज़ा घटना क्रम उड़नदस्ता की टीम ने दो कोचियों के गोदाम में अवैध रूप से भंडारण कर रखे गए 225 बोरा अवैध धान को जब्त किया है। उक्त मामला खरसिया विधानसभा क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक, रायगढ़ जिले में धान खरीदी की शुरुआत होते ही विभागीय टीम धान मंडियो तक अवैध धान न पहुंच सके। इसके लिए निगरानी बनाते हुए जिले में अवैध धान का कारोबार करने वाले लोगों पर नजरें जमाए हुए है। जिसके परिणाम स्वरुप उड़नदस्ता की टीम कोचिंयो पर एक के बाद एक कार्रवाई कर रही है। इसी बीच राजस्व व खाद्य विभाग की संयुक्त उड़नदस्ता निगरानी को सूचना मिली थी कि रायगढ़ जिले के खरसिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम देहजरी व डोमनारा में दो कोचियों के द्वारा गोदाम में अवैध रूप से धान भंडारण कर रखा गया है। इस सूचना के आधार पर पहले विभागीय टीम ने देहजरी के रहने वाले रमेश कुमार गर्ग के गोदाम में छापा मारा। जहां उन्हें जांच के दौरान 25 बोरा में 10 क्विंटल अवैध धान मिला। इसके बाद टीम ने खरसिया क्षेत्र के ही डोमनारा में रहने वाले भविक्षण साव के गोदाम में भी छापा मार कार्रवाई की। इस दौरान टीम को यहां 200 बोरी में 80 क्विंटल अवैध धान मिला। धान के सम्बन्ध में पूछताछ के दौरान भविक्षण साव के द्वारा जवाब नहीं दे पाने के कारण उक्त धान को जब्त कर लिया गया।

CG लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष 45 लाख की रिश्वत लेने में गिरफ्तार, जानें क्या मामला

रायपुर छत्तीसगढ़ के रायपुर शहर सीबीआई ने सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पॉवर एंड इस्पात के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को गिरफ्तार किया है। पीएससी घोटाले में यह पहली गिरफ्तारी की गई है। गिरफ्तारी बजरंग इस्पात के डायरेक्टर पर अपने रिश्तेदार को नौकरी लगवाने के नाम पर 45 लाख रुपए रिश्वत देने के मामले में हुई है। सीबीआई का ताबड़तोड़ एक्शन  बताया जाता है कि राज्य सेवा परीक्षा के जरिए नौकरी लगाने के नाम पर लेनदेन हुई थी। जांच के दौरान इसकी पुष्टि होने पर बजरंग इस्पात के डायरेक्टर को गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि विधानसभा चुनाव के दौरान आयोजित रैलियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए पीएससी में हुए घोटाले पर कार्रवाई की गारंटी दी थी। जिसके बाद विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री बनते ही मामले की जांच सीबीआई से कराने के आदेश दिए। सीबीआई सोमवार को प्रदेश में एक्शन मोड में दिखी। सीबीआई ने सीजीपीएससी के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर एंड इस्पात के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को पीएससी घोटाले में गिरफ्तार कर लिया। दूसरी ओर शराब घोटाले में आबकारी विभाग के विशेष सचिव एपी त्रिपाठी से सीबीाई की पूछताछ का रास्ता साफ हो गया है। वहीं कोरबा में सीबीआई की टीम ने श्रमिक नेता के घर आर्थिक गड़बड़ी के मामले में छापा मारा।  ईओडब्ल्यू ने सीबीआई को सौंपी थी फाइल पीएससी घोटाले में एफआईआर दर्ज करने के बाद ईओडब्ल्यू वर्ष 2019 से 2022 में आयोजित सीजीपीएस परीक्षा में अफसर, नेताओं तथा प्रभावशाली लोगों के 18 रिश्तेदार, परिजन तथा करीबियों से रिश्वत लेकर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी सहित अन्य पदों पर चयन करने के आरोप के बाद एफआईआर की थी। इसके अलावा सीजीपीएसी के एक प्रतिभागी ने बालोद, अर्जुंदा थाने में फरवरी में एफआईआर दर्ज कराई थी। मिली अनुमति: एपी त्रिपाठी से होगी पूछताछ रायपुर में सीबीआई 2000 करोड़ रुपए से ज्यादा के शराब घोटाले में आबकारी विभाग के विशेष सचिव एपी त्रिपाठी से पूछताछ करेगी। राज्य सरकार की अनुमति मिलने के बाद जल्दी ईडी और ईओडब्ल्यू के बाद सीबीआई भी एफआईआर दर्ज कर सकती है। साथी इस प्रकरण में बनाए गए अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ करने रिमांड पर लिया जा सकता है। बता दे कि आबकारी विभाग के विशेष सचिव रहे एपी त्रिपाठी के खिलाफ झारखंड में शराब घोटाला करने के अपराध दर्ज है। इस समय एपी त्रिपाठी को रायपुर से जगदलपुर जेल शिफ्ट किया गया है। कोरबा: श्रमिक नेता के घर सीबीआई की रेड सीबीआई की टीम ने कोरबा के हरदीबाजार और दीपका क्षेत्र में छापेमारी की। इंटक के जिलाध्यक्ष श्यामू (खुशाल जायसवाल) के निवास व दीपका के एक व्यवसायी राजेश जायसवाल के घर व दुकान में दबिश दी। उनके संपत्ति सहित आय के अन्य स्रोतों की जांच की। सीबीआई की यह कार्यवाही सुबह 6 बजे से शुरू हुई जो दोपहर बाद तक जारी रही। लेकिन सीबीआई ने इस मामले को लेकर दोनों ही स्थानों पर कई घंटे तक तलाशी ली और परिवार की आय और संपत्ति के स्रोत का पता लगाया। मुआवजा वितरण में गड़बड़ी का मामला बताया जाता है कि यह पूरा मामला एसईसीएल की दीपका खदान के लिए अधिग्रहित गांव सुआभोड़ी और मलगांव की जमीन अधिग्रहण के बाद मुआवजा वितरण से जुड़ा है। कई पात्र लोगों को अफसरों ने अलग-अलग कारणों का हवाला देकर अपात्र कर दिया है तो कई अपात्र लोगों को ज्यादा मुआवजा मिला है। ये है विवाद CGPSC 2019 से 2022 तक की भर्ती में कुछ अभ्यर्थियों के चयन को लेकर विवाद है। EOW और अर्जुंदा पुलिस ने भ्रष्टाचार-अनियमितता के आरोप में केस दर्ज किया है। PSC ने 2020 में 175 पदों पर और 2021 में 171 पदों पर परीक्षा ली थी। इन्हीं भर्तियों को लेकर ज्यादा विवाद है। आरोप है कि तत्कालीन चेयरमैन सोनवानी ने अपने रिश्तेदारों समेत कांग्रेसी नेता और ब्यूरोक्रेट्स के बच्चों की नौकरी लगवाई है। 171 पदों के लिए हुई थी भर्ती परीक्षा CGPSC परीक्षा 2021 में 171 पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। प्री-एग्जाम 13 फरवरी 2022 को कराया गया। इसमें 2 हजार 565 पास हुए थे। इसके बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को हुई मेंस परीक्षा में 509 अभ्यर्थी पास हुए। इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की सिलेक्शन लिस्ट जारी हुई।

बिहान योजना से निर्मला मौर्य बनी आत्मनिर्भर, लखपति दीदी बनने संघर्ष की कहानी, निर्मला मौर्य की जुबानी

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी बिहान योजना ने छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने में एक अहम भूमिका निभाई है। इस योजना ने न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का मार्ग भी प्रशस्त किया है। इसी क्रम में जिले के मनेन्द्रगढ़ विकासखंड के चनवारीडांड निवासी श्रीमती निर्मला मौर्य की प्रेरणादायक कहानी एक मिसाल बनकर उभरी है। उनकी दृढ़ता और मेहनत ने उन्हें एक सफल उद्यमी के रूप में स्थापित किया है, और आज निर्मला मौर्य “लखपति दीदी“ के नाम से जानी जाती हैं। निर्मला मौर्य का प्रेरणादायक संघर्ष- श्रीमती निर्मला मौर्य का जीवन पहले आर्थिक तंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संघर्ष में बीत रहा था। उनके परिवार की आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं था, और परिस्थितियां बेहद कठिन था। इसी बीच उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने इस योजना से जुड़ने का निर्णय लिया, जो उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। बिहान योजना से मिली नई दिशा- बिहान योजना के अंतर्गत निर्मला मौर्य ने अपने कच्चे मकान में एक छोटी सी किराने की दुकान शुरू की। कठिन परिश्रम और अदम्य इच्छाशक्ति के कारण उनकी दुकान चल निकला और उनका आत्मविश्वास बढ़ा। लगातार बैंक से लेन-देन के कारण उनका क्रेडिट स्कोर भी बेहतर हुआ। इससे उन्होंने बैंक से लोन लेकर अपने व्यवसाय को और अधिक विस्तार किया। निर्मला मौर्य के प्रयास और बिहान योजना की सहायता से उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। आज श्रीमती निर्मला मौर्य की सालाना बचत एक लाख रुपए तक पहुंच गई है। उनका जीवन न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि हुई है। उनकी इस सफलता ने क्षेत्र की अन्य महिलाओं को प्रेरणा दी है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का किया आभार व्यक्त श्रीमती निर्मला मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि सरकारी योजनाएं केवल योजनाएं नहीं होती, बल्कि वे समाज में बदलाव लाने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान करती हैं। हम सब को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं लाभ अधिक-अधिक उठाना चाहिए। जिससे हम अपने जीवन स्तर को बेहतर बना सकें। अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत निर्मला मौर्य की सफलता की कहानी अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। बिहान योजना से जुड़कर वे न केवल अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकती हैं, बल्कि अपने बच्चों का भविष्य भी उज्ज्वल बना सकती हैं। इस योजना से महिलाओं को वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान करती है और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाती है, जिससे वे समाज में अपनी एक नई पहचान बना सकें। बिहान योजना वास्तव में महिलाओं के जीवन को संवारने और उनके सपनों को साकार करने का एक सशक्त माध्यम है। श्रीमती निर्मला मौर्य की सफलता इस बात का प्रमाण है कि इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन के बल पर किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। उनकी यह यात्रा उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणादायक साबित हो सकती है जो महिलाएं बेहतर भविष्य का सपना देखती है।

छड़ चोरी के आरोपी भेजे गए जेल

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी थाना मनेन्द्रगढ अप०क्र0 339/24 जिला-एम.सी.बी. (छ०ग०) धारा 331 (4), 305 (ए), 317 (2), 3(5) बी.एन.एस. नाम आरोपीगण-बिरजू खैरवार उर्फ झुर्री पिता नानसाय खैरवार उम्र 20 वर्ष सा. वार्ड नं. 02 भल्लौर झरियापारा थाना मनेन्द्रगढ, जिला- एमसीबी (छ.ग.) अर्जुन सिंह पिता धनपति सिंह उम्र 22 वर्ष सा. डोमनापारा (चारपारा) थाना मनेन्द्रगढ, जिला-एमसीबी (छ.ग.) अजय पिता रामदास उम्र 26 वर्ष सा. डोमनापारा थाना मनेन्द्रगढ, जिला-एमसीबी (छ.ग.) सुरेन्द्र कुमार उर्फ प्यारे पिता रामकृपाल उम्र 32 वर्ष सा. भल्लौर झरियापारा थाना मनेन्द्रगढ, जिला एमसीबी (छ.ग.) को  गिरफ्तारी कर न्यायालय में पेश किया गया। प्रार्थी सूरजदीन तिवारी पिता स्व. रामप्रताप तिवारी उम्र 70 वर्ष निवासी भल्लौर वार्ड नं. 02 थाना मनेन्द्रगढ़ के रिपोर्ट पर कि अपने निर्माणाधीन मकान के गलियारा पर 06 बडल छड रखा हुआ था, सामने रोड की तरफ का दरवाजा बंद था, पीछे दरवाजा नही लगे होने से खुला था वहा रखे 06 बडल छड में से 02 बंडल छड़ जो एक बंडल 08 एमएम, एक बंडल 10 एमएम कुल वजनी करीब 02 क्विटल कीमती 13000/- रूपये का दिनांक 06.11.24 के रात 10:00 बजे से 07.11.24 के सुबह 05:00 बजे के मध्य अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर लिया गया है। चोरी की शंका अपने घर से 100 मीटर दूर पड़ोसी सुरेन्द्र कुमार उर्फ प्यारे साहू द्वारा अपने घर निर्माण में लगाने चोरी करवाना जाहिर किया कि रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना कार्यवाही दौरान मुखबीर से प्राप्त सूचना पर आरोपी बिरजू खैरवार को तलब कर पूछताछ किये जाने पर अपने साथी अर्जुन सिंह एवं अजय तीनों मिलकर 02 बंडल छड चोरी करना व सुरेन्द्र कुमार उर्फ प्यारे साहू को 5000/- रूपये में बिक्री कर देना बताया गया जिसका वीडियोग्राफी किया गया एव 02 बडल छड बिरजू खैरवार के मेमोरण्डम कथन अनुसार गवाह शारदा पाण्डेय, सुमित उपाध्याय के समक्ष जप्ती पत्रक मुताबिक जप्त किया गया। आरोपी सुरेन्द्र कुमार उर्फ प्यारे द्वारा चोरी का छड़ होना जानते इसे भी खरीदना पाये जाने पर ग़रफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक  चंद्र मोहन सिंह के नेतृत्व में टीम बनाकर काम किया गया इनमें थाना प्रभारी कोतवाली सुनील तिवारी प्रधान आरक्षक हितेश्वर राजवाड़े प्रधान आरक्षक राकेश शर्मा आरक्षक ज्ञानेश्वर राजवाड़े,सहदेव सिंह एवं पुलिस के मुखवीरों का की भूमिका रही।

विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 दिसंबर से शुरू

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 दिसंबर से शुरू हो जा रहा, जो 20 दिसंबर तक चलेगा. इस सत्र में कुल 4 बैठकें होगी. इसकी अधिसूचना छत्तीसगढ़ विधानसभा के सचिव दिनेश शर्मा ने जारी कर दिया है. यह सत्र छत्तीसगढ़ की षष्ठम विधानसभा का चतुर्थ सत्र है. इस सत्र में वित्तीय कार्य के साथ अन्य शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे.

सरकार की औद्योगिक नीति में सरेंडर कर चुके नक्सलियों के लिए खास सहूलियतों का ऐलान

रायपुर छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या के समाधान के लिए सरकार हर मोर्चे पर काम कर रही है. एक ओर जहां सुरक्षा बल के जवान लगातार एंटी नक्सल ऑपरेशन चला रहे हैं. वहीं दूसरी ओर नक्सल संगठन (Naxal organization) में शामिल लोगों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए सरकार अलग-अलग नीतियों पर काम कर रही है. नक्सल हिंसा से प्रभावितों के लिए भी सरकार योजनाएं ला रही है. छत्तीसगढ़ में 1 नवंबर से लागू नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 (New Industrial Development Policy 2024-30) में भी नक्सल समस्या के समाधान को लेकर विशेष प्रावधान किया गया है. इसके तहत सरेंडर नक्सलियों व नक्सल प्रभावितों को उद्योग संचालन में विशेष मदद करने की योजना है. औद्योगिक विकास नीति 2024-30 की रणनीति के प्रस्तावना के रणनीति पैराग्राफ  में इस बात का साफ-साफ जिक्र है कि सरेंडर कर चुके नक्सली व नक्सल प्रभावितों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए अधिक प्रोत्साहन दिया जाएगा. ताकि इनका आर्थिक उत्थान भी हो सके. नई औद्योगिक नीति के प्रस्तावना के औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन हेतु प्रावधान के बिंदु क्रमांक-12.4 में उल्लेख है कि नक्सलवाद से प्रभावित, व्यक्ति व उनके परिवारजनों को सामान्य सेक्टर के उद्यमों को उपलब्ध कराए जा रहे मान्य अनुदान से 10 प्रतिशत अधिक अनुदान दिया जाएगा. इसकी अधिकतम सीमा भी 10 प्रतिशत अधिक रहेगी. यानि कि यदि किसी उद्योग को स्थापित करने के लिए सरकार सामान्यत: 25 प्रतिशत का अनुदान दे रही है तो नक्सलवाद से प्रभावितों के लिए यह अनुदान 35 प्रतिशत का होगा. जानकारों की मानें तो सरेंडर कर चुके नक्सलियों, नक्सलवाद से प्रभावितों के साथ ही सरकार एक तरह से नक्सल संगठन से जुड़ें लोगों को भी यह संकेत दे रही है कि आप नक्सल संगठन को छोड़ मुख्यधारा में जुड़िये. सरकार योजना के तहत तमाम सुविधाओं के साथ ही अब उन्हें उद्योगपति बनने में भी मदद करेगी. साल 2000 में नक्सल संगठन को छोड़ मुख्यधारा में जुड़ने वाले रमेश पोरियाम ऊर्फ बदरन्ना कहते हैं कि सरकार अब हर तरह से नक्सल समस्या को खत्म करना चाह रही है. इसलिए हर मोर्चे पर कोशिश की जा रही है. हालांकि नक्सल संगठन में हिड़मा जैसे टॉप लीडर को भर्ती करने वाले बदरन्ना कहते हैं कि यदि इस तरह की कोशिश शुरुआती समय से की जाती तो समस्या इतनी विकराल रूप नहीं लेती. नक्सल संगठन भी हर स्तर पर आम जनता की सहभागित स्थापित करने के उद्देश्य से काम करने की बात कहता है. ऐसे में यदि आम जनता को इस तरह के मौके मिले तो अच्छी बात है. इनको भी मिलेगी छूट नई औद्योगिक विकास नीति के तहत नक्सलवाद से प्रभावितों, सरेंडर नक्सलियों के अलावा सेवानिवृत्त सैनिक, सेवानिवृत्त अग्निवीरों, तृतीय लिंग वर्ग, नि:शक्तजनों के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है. सामान्य की तुलना में इन्हें भी 10 प्रतिशत अधिक का अनुदान सरकार द्वारा दिया जाएगा. ताकि इन वर्गों का भी आर्थिक विकास तेजी से हो सके.

2,829 वर्ग किलोमीटर में फैला गुरु घासीदास-तमोर पिंगला उद्यान बना देश का 56वां टाइगर रिजर्व

रायपुर साय सरकार ने एक और ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए गुरु घासीदास-तमोर पिंगला क्षेत्र को देश के 56वें बाघ अभयारण्य (टाइगर रिजर्व) के रूप में अधिसूचना जारी किया है. यह कदम वन्यजीव संरक्षण और बाघों के संरक्षण के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा. बता दें कि यह नया बाघ अभयारण्य 2,829 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है. वन मंत्री केदार कश्यप ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है. मंत्री कश्यप ने एक्स पर लिखा है – दहाड़ें और तेज होगी। जैसे-जैसे भारत बाघ संरक्षण में नए मील का पत्थर छू रहा है, हमने छत्तीसगढ़ में गुरु घासीदास-तमोर पिंगला को 56वें बाघ अभयारण्य के रूप में अधिसूचित किया है. गुरु घासीदास-तमोर पिंगला बाघ अभयारण्य 2,829 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है. भारत एक ऐसे हरित भविष्य की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है, जहां मनुष्य और जानवर सद्भावनापूर्वक सहवास कर सकें. प्रदेशवासियों को बधाई.

सीजीपीएससी के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को सीबीआई ने किया गिरफ्तार

रायपुर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में बड़ा अपडेट सामने आया है. सोमवार को मामले में आरोपित सीजीपीएससी के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि CBI ने कुछ महीने पहले ही तामन सिंह सोनवानी के घर पर छापा मारा था, जिसके बाद अब उनकी गिरफ्तारी की गई है। सोनवानी पर चयन के एवज में अभ्यर्थियों से 45 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। इसके अलावा, रायपुर की एक बड़ी कंपनी के डायरेक्टर को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। CBI ने इनके खिलाफ दर्ज की FIR गौरतलब है कि CBI ने सीजीपीएससी में गड़बड़ी मामले में जिन पर एफआईआर दर्ज किया है, उसमें तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, सचिव जेके ध्रुव और अन्य के खिलाफ कथित भाई-भतीजावाद और अपने अयोग्य बेटों, बेटी, रिश्तेदारों और परिचितों को जिला कलेक्टर, डिप्टी एसपी के बड़े पदों पर भर्ती सुनिश्चित करने के लिए मेरिट सूची में डालने का आरोप है।

184 नगरीय निकायों के कर्मचारी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर करेंगे प्रदर्शन

रायपुर छत्तीसगढ़ के 184 नगरीय निकायों के कर्मचारी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर 11 दिसंबर 2024 से नवयुक्त अधिकारी-कर्मचारी कल्याण संघ के बैनर तले अनिश्चितकालीन हड़ताल करने जा रहे हैं. कर्मचारियों की मुख्य मांगों में निकाय के कर्मचारियों को ट्रेजरी के माध्यम से वेतन भुगतान करने, ओल्ड पेंशन योजना लागू करने, अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने, कर्मचारियों को  पदोन्नति करने, छठवें व सातवें वेतनमान की एरियर राशि प्रदान करने, ठेका पद्धति समाप्त करने संबंधी मांगे शामिल है. संघ के अध्यक्ष ने बताया है कि 12 नवंबर 2024 से 14 नवंबर 2024 तक बिलासपुर में 6 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल किया जा चुका है, लेकिन शासन द्वारा इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा हैं नवयुक्त अधिकारी कर्मचारी कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश सोनी ने बताया, कि 6 सूत्रीय मांगों पर शासन कोई सार्थक पहल नहीं कर रही है. अब तक सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है. नगरी निकाय के कर्मचारी आगामी नगरी निकाय चुनाव में कर्मचारी वा परिवार के सदस्य मतदान में भाग नहीं लेंगे. इस संबंध में कर्मचारियों से निकाय चुनाव मतदान में भाग नहीं लेने संबंधी प्रपत्र भरवाकर जिला कलेक्टर बिलासपुर व विभागीय मंत्री नगरी प्रशासन को पत्र भेजा गया है. प्रांतीय अध्यक्ष ने बताया है कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ के कई नगरी निकायों में 01 से 03 माह का वेतन भुगतान लंबित है. इसी संबंध में विभागीय मंत्री अरुण साव ने नगरी निकाय के अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए हैं, कि नगरी निकायों के कर्मचारियों को 1 तारीख को वेतन भुगतान किया जाना अनिवार्य है. राज्य शासन द्वारा इस संबंध में 1 तारीख को वेतन भुगतान करने के लिए आदेश भी जारी किया गया है. लेकिन निकायों के अधिकारी आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं. इसलिए अब सरकार की तरफ से मांगे पूरी नहीं किए जाने के कारण 184 नगरी निकाय कर्मचारी 11 दिसंबर 2024 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे. इन मांगो को लेकर करेंगे अनिश्चित कालीन हड़ताल:     लंबित वेतन भुगतान सहित 1 तारीख को ट्रेजरी के माध्यम से वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए.     ⁠नगरीय निकायों में प्लेसमेंट ठेका पद्धति को समाप्त किया जाए.     नगरीय निकायों में ओल्ड पेंशन योजना शीघ्र ही लागू किया जाए.     नगरीय निकायों में मृतक कर्मचारी के परिवारों के सदस्यों को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए.     नगरीय निकायों में 12 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले कर्मचारियों को शीघ्र ही पदोन्नति का लाभ दिया जाए.     छठवें एवं सातवें वेतनमान की एरियर राशि का भुगतान शीघ्र किया जाए.  

सरगुजा के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्पर्धा में जीते मैडल, मुख्यमंत्री ने उज्ज्वल भविष्य के लिए दी शुभकामनाएं

रायपुर सरगुजा के चार खिलाडियों ने कर्नाटक के कुर्ग में 10 से 14 नवंबर तक आयोजित प्रोफेशनल नेशनल किक बॉक्सिंग लीग में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए 2 स्वर्ण और एक -एक रजत और कांस्य पदक हासिल इस राष्ट्रीय स्पर्धा में छत्तीसगढ़ का परचम लहराया। पदक विजेता इन खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें अपनी उपलब्धियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने इस खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।   वाको इंडिया किक बॉक्सिंग फेडरेशन द्वारा आयोजित इस स्पर्धा में सरगुजा की स्वाति राजवाड़े ने 60 किलो से कम वजन वर्ग में गोल्ड, सरवर एक्का ने 50 किलो से कम वजन वर्ग में गोल्ड मैडल, सत्यम साहू ने 70 किलो से कम वजन वर्ग में रजत और संजना मिंज ने 50 किलो से कम वजन वर्ग में कांस्य पदक जीता है। इस अवसर पर किक बॉक्सिंग एसोशिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री छगन लाल मूंदड़ा, कार्यकारी अध्यक्ष श्री तारकेश मिश्रा, सचिव श्री आकाश गुरु दीवान और टीम के कोच श्री खिलावन दास उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने जनजातीय परंपरा के संरक्षक बैगा, गुनिया और सिरहा को किया सम्मानित

जगदलपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में जनजातीय परंपरा के संरक्षक बैगा, गुनिया और सिरहा को शाल और श्रीफल देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बैगा, गुनिया और सिरहा जैसे परंपरागत जनजातीय समुदायों को अब प्रत्येक वर्ष 5-5 हजार रुपये की सम्मान निधि दी जाएगी। यह पहल जनजातीय समाज की सांस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहन देने के साथ उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार जनजातीय समाज की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह के फैसले छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके गौरव को बढ़ाने में सहायक साबित होंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने जनजातीय समुदाय की परंपराओं को संजोने और उन्हें समाज के विकास में भागीदार बनाने के महत्व पर जोर दिया। इस अवसर पर वनमंत्री केदार कश्यप, विधायक जगदलपुर किरण देव, पूर्व विधायक महेश गागड़ा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

शादी समारोह में खाना खाने के बाद लोगों उल्टी और दस्त, अस्पताल में भर्ती

बालोद छत्‍तीसगढ़ के बालोद जिले के गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम खुटेरी में एक शादी समारोह में भोजन करना मेहमानों को भारी पड़ गया। शादी समारोह में खाना खाने के बाद मेहमान फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। गांव के 110 से अधिक लोग उल्टी और दस्त की समस्या से पीड़ित हो गए और वे सभी अपना अस्‍पताल में इलाज करा रहे हैं। इतनी बड़ी संख्‍या में लोगों की तबीयत बिगड़ने से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्थिति को देखते हुए गांव के पंचायत भवन और सामुदायिक भवन में अस्थाई मेडिकल कैंप लगाया है, जहां मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा, कुछ गंभीर मरीजों को गुंडरदेही सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत में सुधार देखा जा रहा है। खाना खाने के बाद बिगड़ी लोगों की तबीयत जानकारी के अनुसार, बीते शनिवार को गांव में एक शादी समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भोजन किया था। इसी के बाद से लोगों में उल्टी और दस्त की शिकायतें शुरू हो गईं। मामले की जांच में जुटे सीएमएचओ का कहना है कि सभी बीमार ग्रामीणों की स्थिति अब बेहतर है और सभी का इलाज किया जा रहा है। शादी समारोह में परोसे गए खाने के सैंपल की जांच स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर पूरे गांव में जागरूकता फैलाने और संभावित कारणों का पता लगाने के लिए टीम को सक्रिय कर दिया है। फिलहाल, शादी समारोह में परोसे गए खाने के सैंपल की जांच की जा रही है ताकि फूड प्वाइजनिंग की असल वजह का पता लगाया जा सके।

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