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कुपोषण से मुक्ति की दिशा में कदम: C-MAM मॉडल और समुदाय सहभागिता के माध्यम से बाल पोषण जागरूकता कार्यक्रम

Step towards freedom from malnutrition

Step towards freedom from malnutrition: Child nutrition awareness programme through C-MAM model and community participation जितेन्द्र श्रीवास्तवजबलपुर ! एकीकृत बाल विकास परियोजना शहरी क्र.-04, सेक्टर-02 खेरमाई वार्ड के समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में “C-MAM(समुदाय आधारित पोषण प्रबंधन मॉड्यूल)के माध्यम से कुपोषण का प्रबंधन तथा जीवन के प्रथम 1000 दिवस के महत्व” थीम पर आधारित विविध गतिविधियों का आयोजन आंगनबाड़ी केंद्र स्तर पर किया गया। समस्त आंगनबाड़ी केंद्र में आज तृतीय मंगल दिवस पर “अन्नप्राशन दिवस” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें 6 माह की आयु पूर्ण करने वाले बच्चों का सामूहिक अन्नप्राशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों की माता, पिता,अभिभावकों से बच्चों के आहार की बारंबारता, उसकी प्रकृति के विषय में चर्चा की गई। उन्हें जानकारी दी गई की 6 माह के बाद बच्चों के वृद्धि तथा विकास तेजी से होता है।जिसके लिए मां का दूध ही केवल पर्याप्त नहीं होता है। यही वह समय है जबकि बच्चों को ऊपरी आहार की शुरूआत करने की आवश्यकता होती है। बच्चों का भोजन सादा होना चाहिए। इसमें मिर्च मसाले का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए तथा बच्चों के भोजन की प्रकृति अर्द्धठोस होनी चाहिए। बच्चों के आहार की मात्रा, बारंबारता, भोजन में खाद्य विविधता एवं स्वच्छता विषय पर परामर्श सत्र का आयोजन किया गया। आंगनबाड़ी केन्द्रों में शारीरिक माप दिवस का आयोजन किया गया।जिसमें निर्धारित बच्चों का वजन ऊंचाई लेकर उनका पोषण स्तर ज्ञात किया गया तथा बच्चों के पोषण स्तर के संबंध में माता-पिता से चर्चा की गई बच्चों के पोषण स्तर के आधार पर माता-पिता तथा देखभालकर्ता को आवश्यक समझाइश/परामर्श भी दिया गया। केंन्द्र क्रमांक-30 में ‘वीएचएसएनडी दिवस’ का आयोजन किया गया। जहां एएनएम की उपस्थिति में वार्ड अंतर्गत समस्त चिन्हांकित सेम बच्चों की भूख की जांच की गई तथा भूख की जांच में फेल बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र(NRC) रेफर किया गया। साथ ही नवीन चिन्हांकित सेम,मेंम बच्चों को एएनएम की उपस्थिति में दवाओं का वितरण किया गया एवं पूर्व में C-MAM कार्यक्रम में पंजीकृत बच्चो को प्रदाय दवाओ के अनुपूरन का फॉलो अप एवं निर्धारित साप्ताहिक फॉलो अप भी किया गया। वीएचएसएनडी दिवस पर चिन्हांकित 0 से 6 वर्ष तक के सभी सेम, मैंम तथा गंभीर कम वजन के बच्चों,के माता पिता तथा अभिभावको को कुपोषण के संकेतो,लक्षणों,दुष्प्रभाव तथा उससे बचाव के उपायो तथा उपचार के संबंध में आवश्यक परामर्श दिए गए।

हनुमान जयंती बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ बनाई 

Hanuman Jayanti is celebrated with great joy  जितेन्द्र श्रीवास्तव  जबलपुर। देश भर में आज हनुमान जयंती के अवसर पर मंदिरों में पूजा अर्चना एवं भंडारे आयोजित किए जा रहे हैं जबलपुर में हनुमान जयंती बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ बनाई गई,वहीं शहर में भी अनेकों स्थानों पर भंडारे एवं प्रसाद वितरण किए गए,उसी कड़ी शहर स्थित कालादेही बरगी में हनुमान मंदिर,पर भी पूजा अर्चना एवं भंडारे का आयोजन किया गया यहां सुबह से ही दर्शन के लिए भक्तों की कतारें लगी रही,मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं के द्वारा भजन की प्रस्तुति दी गई,वहीं कालादेही बरगी हनुमान मंदिर संस्थान के अध्यक्ष राम भजन चौकसे व  राम गणेश चौकसे,भोगी राम चौकसे,शिव गोपाल चौकसे, शिबू चौकसे,राम भूषण चौकसे,सुशील चौकसे,राम शिरोमणि चौकसे,संतोष कुमार चौकसे परमानन्द दुबे एवं समस्त युवा मंडल  ने हमें बताया कि, विगत कई वर्षों से हनुमान जयंती पर ऐसे आयोजन करते आ रहे हैं,मुख्य रूप से भंडारे का आयोजन किया गया,भंडारा 12 बजे से प्रारंभ हुआ जो देर रात तक चला,जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु ने प्रसाद ग्रहण किया

पोषण पखवाड़ा में दिगंबर जैन सोशल ग्रुप द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र को गोद लेकर बच्चों को शिक्षण सामग्री भेंट

During the Nutrition Fortnight

During the Nutrition Fortnight, Digambar Jain Social Group adopted Anganwadi Centre and presented educational material to the children जीतेन्द्र श्रीवास्तवजबलपुर ! एकीकृत बाल विकास परियोजना शहरी क्रमांक-04, सेक्टर-02 में परियोजना अधिकारी रीतेश दुबे के मार्गदर्शन में “पोषण पखवाडा” कार्यक्रम के अवसर पर “दिगंबर जैन सोशल ग्रुप, संस्कारधानी” महाकौशल विंध्य रीजन के अध्यक्ष अवकाश जैन,तथा सदस्य सतीश वर्धमान,अमित पारस, प्रदीप जैन,अरविंद नावेल्टी,लष्मी , संदीप जैन,राजेन्द्र के सौजन्य से “अडॉप्ट एन आंगनवाड़ी कार्यक्रम” के तहत आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-32,लाल स्कूल साठिया कुआँ, हनुमानताल वार्ड में आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को खेलने हेतु आवश्यक खिलौने तथा शिक्षण सामग्री प्रदान की गई। ताकि खेल-खेल के माध्यम से बच्चो को अनौपचारिक शिक्षा प्रदान की जा सके।जिससे बच्चो का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सकेगा। “सप्तम पोषण पखवाड़ा” कार्यक्रम अंतर्गत हनुमानताल वार्ड पार्षद श्रीमती कविता रैकवार जी की उपस्थिति में उपस्थित महिलाओं,किशोरी बालिकाओं तथा बच्चों से “पोषण संवाद” किया गया। जिसमें महिलाओं को सही पोषण आहार,आहार में विविधता रखने, संतुलित थाली, स्वस्थ जीवन शैली अपनाने हेतु प्रेरित किया गया। जीवन के प्रथम 1000 दिवस के महत्व पर विशेष चर्चा का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जन समुदाय से 10 दिवसीय शारीरिक माप दिवस के आयोजन के संबंध में भी चर्चा की गई।कार्यक्रम के अवसर पर पार्षद महोदया द्वारा उपस्थित जन समुदाय को “पोषण शपथ” दिलाई गई। तथा अति गंभीर कुपोषित बच्चों को NRC में भर्ती कराने हेतु माता-पिता को समझाइश दी गई।पार्षद महोदया द्वारा बच्चो को “पोषण मटका” कार्यक्रम के तहत बिस्किट के पैकेट प्रदान किये गए।कार्यक्रम में पर्यवेक्षक श्रीमती आरती पांडेय,वार्ड अंतर्गत समस्त कार्यकर्ताएं एवं सहायिकाएं उपस्थित रही।

“जूनियर प्रोफेसर को कैसे बना दिया प्रभारी प्राचार्य’, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने लगाया स्टे

“How was a junior professor made the acting principal?”, Madhya Pradesh High Court imposed a stay जबलपुर ! जबलपुर के मोहनलाल हरगोविंद दास होम साइंस स्वायत्तशासी कॉलेज में प्रभारी प्राचार्य को लेकर मामला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंच गया है. कोर्ट ने सुनवाई करते हुए जूनियर को प्रभारी प्राचार्य बनाने के आदेश पर रोक लगा दी. गौरतलब है कि राज्य सरकार के आदेश को दरकिनार करते हुए इस कॉलेज में 6 साल जूनियर प्रोफेसर को प्रभारी प्राचार्य बना दिया गया. इस आदेश को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई. प्रभारी प्राचार्य बनाने वालों को नोटिस जारी हाई कोर्ट जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने जूनियर को प्रभारी प्राचार्य पद का दायित्व दिये जाने पर रोक लगाते हुए संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. याचिका पर अगली सुनवाई 4 सप्ताह बाद निर्धारित की गयी है. मामले के अनुसार जबलपुर निवासी डॉ.गिरीश वर्मा की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया “मोहनलाल हरगोविंद दास होम साइंस स्वायत्तशासी कॉलेज में वह साल 2012 से प्रोफेसर के पद पर पदस्थ हैं. वह कॉलेज के सबसे वरिष्ठ प्रोफेसर हैं.” राज्य सरकार के आदेश का पालन नहीं किया याचिका में कहा गया “प्रोफेसर समीर कुमार शुक्ला साल 2018 में प्रोफेसर के पद पर पदस्थ हुए और वह उनसे 6 साल जूनियर हैं. वरिष्ठ होने के बावजूद उनके जूनियर को प्रभारी प्राचार्य का दायित्व सौंपा गया है. याचिका में राज्य सरकार द्वारा 15 फरवरी 2022 को जारी परिपत्र के हवाला देते हुए कहा गया है प्रभारी प्राचार्य का दायित्व वरिष्ठ प्रोफेसर को दिया जाना आवश्यक है. इस मामले में राज्य सरकार के आदेश का पालन नहीं किया गया.” वहीं, प्रभारी प्राचार्य की तरफ से केबियेट दायर की गयी. इसके बाद एकलपीठ ने सुनवाई के बाद जूनियर को प्रभारी प्राचार्य बनाये जाने के आदेश पर रोक लगाते हुए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता अंकित अग्रवाल ने पैरवी की.

केन्द्रीय जेल जबलपुर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक अवस्थी का निरीक्षण, बंदियों से संवाद

District and Sessions Judge Alok Awasthi’s inspection of Central Jail Jabalpur, interaction with prisoners जितेन्द्र श्रीवास्तव जबलपुर। आज दिनांक को केन्द्रीय जेल जबलपुर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक अवस्थी जी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती शक्ति वर्मा जी एवं जिला विधिक सेवा अधिकारी, बी. ड़ी दीक्षित जी द्वारा भ्रमण किया गया, एवं दण्डित एवं विचाराधीन बंदियों से संवाद किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय के करकमलों द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष द्वीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जेल आर्केस्ट्रा द्वारा सुमधुर गीतों की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा दण्ड़ित एवं विचाराधीन बंदियों के साथ संवाद किया गया। आगे न्यायाधीश द्वारा जेल का भ्रमण किया गया एवं पाठशाला का निरीक्षण किया गया। जेल प्रशासन की ओर मदन कमलेश, उप जेल अधीक्षक (प्रशासन), श्रीमती रूपाली शर्मा उप जेल अधीक्षक, हिमांशु तिवारी, सहायक जेल अधीक्षक, राहुल चौरसिया लेखापाल एवं सुभाष यादव द्वारा सभी गणमान्य अतिथियों को जेल का भ्रमण एवं निरीक्षण कराया गया।

जबलपुर केंद्रीय जेल में होली समारोह का भव्य आयोजन

Holi celebration organized in a grand manner at Jabalpur Central Jail जितेन्द्र श्रीवास्तव  जबलपुर। जबलपुर स्थित केंद्रीय जेल नेता सुभाष चंद्र बोस में होली का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर जेल उप जेल अधीक्षक मदन कमलेश एवं जेल स्टाफ एवं समस्त बंदी पुरुषों एवं महिलाओं के द्वारा होली का रंगा रंग कार्यक्रम का सफल आयोजन सम्पन्न हुआ , अन्य जेल अधिकारी, कर्मचारी और बंदियों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर त्योहार की खुशियाँ साझा कीं।   समारोह की मुख्य झलकियाँ सुधारात्मक प्रयासों का हिस्सा जेल प्रशासन द्वारा इस प्रकार के आयोजनों को सुधारात्मक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे बंदियों में सकारात्मक सोच विकसित होती है और उनके पुनर्वास में मदद मिलती है।   इस तरह के आयोजनों से जेल के भीतर एक सकारात्मक माहौल बनता है और आपसी सौहार्द को बढ़ावा मिलता है।

अनियंत्रित होकर खाई में गिरा वाहन, 3 की मौत 27 घायल, पिकअप में सवार होकर सगाई में जा रहा था परिवार

Jabalpur Accident जबलपुर ! मध्य प्रदेश के जबलपुर में आज गुरुवार को दर्दनाक हादसा हो गया. सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि घटना में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए हैं. मृतकों में महिला समेत तीन बच्चे शामिल हैं. वहीं घायलों में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं समेत 27 लोगों के घायल होने की खबर है. सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पूरी घटना, बरेला थाना क्षेत्र के महगवां इलाके की है. जहां एक पिकअप में सवार होकर सभी लोग सगाई करने मंडला जा रहे थे. इस दौरान वाहन अनियंत्रित होकर 4 फीट नीचे गड्ढे में गिर गया. जिसमें महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि घटना में 27 लोग घायल हैं. हादसे में घायल सभी लोग एक ही परिवार के हैं. पूरा परिवार तिलवारा थाना क्षेत्र के ऐंठाखेड़ा का रहने वाला है. घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई. सभी घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज जबलपुर में भर्ती कराया गया है. जबकि मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पुलिस अग्रिम विधिक कार्रवाई कर रही है. घायलों के परिजन राजकुमार नरेती ने बताया कि ऐंठाखेड़ा से सभी लोग बरेला के चुरईखानी गांव सगाई में जा रहे थे. इसी दौरान गाड़ी की स्टेयरिंग फेल हो गई. वाहन में बच्चे समेत 30 लोग सवार थे. तीन की मौत हो गई है. जिसमें मेरसिंह कुलस्ते, हिरोंदाबाई, धूमकेती रामेश्वर मुरारी की मौत हो गई.

अब भगोड़े बिल्डर मंच्छानी के खिलाफ चलेगा हाईकोर्ट की अवमानना का मामला

Now a case of contempt of High Court will be filed against fugitive builder Manchhani जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाता  जबलपुर। मंगलवार दिनांक 04/01/2025 को हाईकोर्ट जबलपुर की युगल पीठ के न्यायाधीश विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला द्वारा अधिवक्ता मुकेश जैन द्वारा दायर विविध सिविल याचिका पर सुनवाई के दौरान रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि इस एम.सी.सी. को अवमानना मामले के रूप में पंजीकृत किया जाए और अवमानना मामले का पंजीकरण होने के बाद अवमानना याचिका को अगले सप्ताह उपयुक्त पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए। यह भी निर्देश दिया गया कि अवमानना मामले के पंजीकरण किए जाने के साथ ही इस एम.सी.सी. का निपटारा भी हो जाएगा। दरअसल 24 जून 2024 को हाईकोर्ट ने 80 फुट चौड़े सार्वजनिक रोड पर बिल्डर शंकर मंच्छानी द्वारा मुस्कान पार्क प्रोजक्ट में दुकानों का अवैध निर्माण करने की शिकायत का निराकरण करने के आयुक्त नगर निगम को निर्देश दिए थे। यह निराकरण 4 माह की अवधि में किया जाना था। उक्त शिकायत में आरोप लगाया गया था कि हाईकोर्ट चौराहे से दूसरे पुल के बीच निर्माणाधीन मुस्कान पार्क के सामने 80 फुट रोड के हिस्से में अवैध रूप से दुकान, फ्रंट एमओएस, पार्किंग व गार्डन पेरापेट का निर्माण कर सार्वजनिक रोड को संकरा करने और जन सामान्य के आवागमन में बाधा डाली जा रही है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अमिताभ गुप्ता ने न्यायालय को बताया कि हाईकोर्ट से सेकेण्ड ब्रिज वाले मार्ग पर स्वामी दयानंद सरस्वती वार्ड, नेपियर टाउन जबलपुर स्थित नजूल भूमि पर मुस्कान पार्क का निमाण शंकरलाल मंच्छानी द्वारा किया जा रहा है। नगर तथा ग्राम निवेश विभाग और आयुक्त नगर पालिका निगम जबलपुर द्वारा उक्त भूमि पर दी गई विकास अनुज्ञा और भवन अनुज्ञा के नक्शे में भवन के सामने स्थित रोड को 80 फुट चौढ़ा दिखाया गया है। उक्त व्यस्ततम सड़क के मध्य से 40 फुट रोड के क्षेत्र में से मुस्कान पार्क की दिशा की ओर स्थित करीब 25 वे फुट से बिल्डर शंकर मंच्छानी के द्वारा अवैध रूप से फर्श (फ्लोर) का निर्माण षुरू किया जो कि 50 वे फुट रोड क्षेत्र तक हुआ है। इस प्रकार बिल्डर द्वारा रोड के उक्त हिस्से पर कब्जा कर उसे बिना अनुमति के अपने भवन के फ्रन्ट एमओएस हिस्से के रूप में प्रदर्शित किया गया है और फ्रन्ट एमओएस के लिए विहित 40 फुट लंबाई वाली वास्तविक जगह में से आधी से अधिक लंबाई पर (जो कि करीब 20 फुट के आसपास बैठता है), उसे खाली छोड़ने के स्थान पर उस पर दुकानों का अवैध निर्माण कर उसे उन्हें नगर निगम की अनुमति के बिना चालू भी कर दिया गया है। उक्त अवैध निर्माण के कारण सार्वजनिक रोड के मध्य से भवन की दूरी 80 फुट से करीब 30 फुट घटकर 50 फुट ही रह गई है। इसके फलस्वरूप मार्ग आंशिक रूप से सकरा होने से पहले की तुलना में आवागमन अपेक्षाकृत कठिन हो गया गया है। रोड के सकरा होने से और मुस्कान पार्क में कामर्शियल दुकानों के अवैध निर्माण के कारण आगे चलकर जब वाहनों की संख्या में वृद्धि होगी तो आवागमन में बाधा और ज्यादा बढ़ेगी। साथ ही पार्किंग की समस्या भी पैदा होगी। इसलिए इन अवैध निर्मित दुकानों और व्यावसायिक आफिसों को ध्वस्त कर वहां फ्रंट ओपन स्पेश का निर्माण किया जाना आवश्यक है।  गौरतलव है कि याचिकाकर्ता मुकेश जैन के द्वारा इस संबंध में नगर निगम को प्रस्तुत शिकायत प्रस्तुत पर कोई कार्यवाही न होने के चलते उक्त याचिका दायर की गई थी। जिसमें पारित आदेश का पालन न होने के कारण विविध सिविल याचिका दायर की थी किन्तु आदेश की अवमानना किए जाने के दृष्टिगत न्यायालय के द्वारा प्रकरण की विविध सिविल प्रकृति को बदलकर अवमानना की श्रेणी में रखते हुए उक्त आदेश जारी किया। प्रकरण में शासकीय अधिवक्ता ऋत्विक पाराशर के द्वारा शासन की ओर से पक्ष रखा।

किस कानून में लिखा है कि सीएम के कार्यक्रम में निगमायुक्त डीजल भरवाए? मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का सवाल

HIGHCOURT ON NO DIESEL PAYMENT जबलपुर ! मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री का सम्मान कार्यक्रम जबलपुर में रखा गया था, जिसमें बसों के डीजल का मामला कोर्ट पहुंच गया है. दरअसल, सीएम के सम्मान कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित की गई बसों में भरे गए डीजल का अबतक भुगतान नहीं किया गया है, जिसके बाद एक पेट्रोल पंप संचालक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. सीएम के कार्यक्रम के लिए 6 लाख का डीजल दरअसल, जबलपुर के आईएसबीटी बस स्टैंड के पास स्थित पेट्रोल पंप के संचालक सुगम चंद्र जैन ने ये याचिका दायर की है. याचिका में कहा गया था कि 3 जनवरी 2024 को मुख्यमंत्री के सम्मान कार्यक्रम का आयोजन जबलपुर में किया गया था. कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित बसों में डीजल भरने के लिए नगर निगम के खाद्य अधिकारी ने व्यक्तिगत रूप से आकर निर्देश दिए थे. उन्होंने कहा था कि निगमायुक्त ने उक्त निर्देश दिए थे. कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित बसों में लगभग 6 लाख रु का डीजल उनके पेट्रोल पंप से भरा गया था. बिल भुगतान कराने के लिए की कई बार की मांग अगस्त 2024 में याचिकाकर्ता ने बिल भुगतान के लिए संयुक्त कलेक्टर व जिला आपूर्ति अधिकारी व निगमायुक्त से संपर्क किया. इसके अलावा कलेक्टर कार्यालय से निगमायुक्त को राशि भुगतान के संबंध में आदेश जारी किए गए थे, पर भुगतान नहीं हुआ. एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता से पूछा कि अधिग्रहित बस में डीजल भरने के लिए प्रशासन की ओर से पीओएल जारी किया गया था या नहीं? याचिकाकर्ता ने इसपर जवाब दिया कि सिर्फ मौखिक आदेश जारी किए गए थे. बिना पीओल कैसे भर दिया बसों में डीजल? एकलपीठ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने आदेश में कहा है कि बिना किसी प्राधिकरण के याचिकाकर्ता ने बसों में कैसे डीजल भरा? इसके साथ ही कोर्ट ने संयुक्त कलेक्टर, जिला आपूर्ति अधिकारी व निगमायुक्त से एसोसिएशन व उसके सदस्य को पीओएल की प्रतिपूर्ति करवाने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने कलेक्टर से मांगा जवाब कोर्ट ने इसके अलावा कलेक्टर से जवाब मांगा है कि किस कानून में यह लिखा है कि निगमायुक्त का दायित्व है कि वह मुख्यमंत्री की रैली में लगी बसों में डीजल भरवाए? एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि प्रथम दृष्टया यह सार्वजनिक धन के बड़े पैमाने पर गोलमाल का मामला प्रतीत हो रहा है. इस संबंध में एकलपीठ ने जिला कलेक्टर को हलफनामे में जवाब पेश करने के आदेश जारी किए हैं. एकलपीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि याचिकाकर्ता अब याचिका वापस लेने का हकदार नहीं होगा. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आशीष रावत ने पैरवी की,,,

नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल, जबलपुर में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

Special health camp organized in Netaji Subhash Chandra Bose Central Jail, Jabalpur जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता)  जबलपुर । नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल में कैदियों के स्वास्थ्य लाभ हेतु एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के माध्यम से दृष्टि, हड्डी रोग, मानसिक रोग, दंत रोग तथा अन्य आवश्यक चिकित्सीय जांच एवं परीक्षण की सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं।   इस शिविर में विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञों की उपस्थिति रही, जिनमें शामिल थे:   हड्डी रोग विशेषज्ञ : डॉ. सुनील पटेल   नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ: डॉ. रूमिता आचार्य   नेत्र रोग विशेषज्ञ: डॉ. शलभ अग्रवाल   मानसिक रोग विशेषज्ञ: डॉ. विद्या रतन बरकडें   दंत रोग विशेषज्ञ: डॉ. परमजीत छावड़ा   विशेषज्ञों की इस टीम ने कैदियों की स्वास्थ्य जांच की और आवश्यक परामर्श दिया। इस पहल का उद्देश्य जेल में बंद कैदियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान करना था ताकि वे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकें।   स्वास्थ्य शिविर के सफल आयोजन से कैदियों को राहत मिली और उन्होंने चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त किया। जेल प्रशासन द्वारा इस प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएँ समय-समय पर आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई गई।

नेता सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल, जबलपुर में विशेष कार्यक्रम

Special program at Neta Subhash Chandra Bose Central Jail, Jabalpur जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाताजबलपुर। 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में जबलपुर स्थित केंद्रीय जेल में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में साहित्यिक, सांस्कृतिक, और खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें जेल के बंदियों और अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस अवसर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन और उनके संघर्षों को याद करते हुए कविताएं, भाषण प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की गईं। बंदियों ने अपने रचनात्मक कौशल का प्रदर्शन करते हुए सुभाष चंद्र बोस के आदर्शों और उनकी देशभक्ति को शब्दों और कलाओं के माध्यम से व्यक्त किया। खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन कार्यक्रम में खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिसमें बंदियों ने सक्रियता और ऊर्जा के साथ भाग लिया। इन खेलों ने न केवल उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा दिया, बल्कि टीम भावना और अनुशासन का भी संदेश दिया। पुष्पांजलि और संग्रहालय का अवलोकन नेताजी सुभाष चंद्र बोस की शायिका पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की गई। इसके पश्चात सुभाष संग्रहालय का अवलोकन किया गया, जहां नेताजी के जीवन से जुड़ी तस्वीरें, दस्तावेज़, और उनकी प्रेरणादायक गाथाओं का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य यह कार्यक्रम सुभाष चंद्र बोस के विचारों और उनके अद्वितीय पराक्रम को बंदियों और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का एक प्रयास था। नेताजी के जीवन के माध्यम से सभी को देशभक्ति, साहस, और आत्मबलिदान की प्रेरणा दी गई। पराक्रम दिवस पर आयोजित यह विशेष कार्यक्रम सुभाष चंद्र बोस के विचारों और उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग को आत्मसात करने का अवसर था। इस प्रकार के आयोजन से न केवल बंदियों में सकारात्मकता का संचार होता है, बल्कि समाज में भी प्रेरणा का संदेश जाता है।

DJ पर गाइडलाइन बनी,अमल कौन कराएगा” MP हाईकोर्ट ने मांगा सरकार से जवाब

jabalpur high court notice to state government implement guidelines on dj जबलपुर ! मध्यप्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर में डीजे को लेकर गाइडलाइन बनाने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई. याचिका में कहा गया “डीजे की तेज आवाज से लोगों को शारीरिक नुकसान होता है. इसके अलावा सामुदायिक दंगे भड़काने में डीजे भी माध्यम बनता है.” याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत तथा जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने सरकार को निर्देशित किया है “इस मुद्दे पर जवाब पेश करें.” याचिका पर अगली सुनवाई 17 फरवरी को निर्धारित की गयी है. डीजे की आवाज को लेकर कार्रवाई नहीं होती अधिवक्ता अमिताभ गुप्ता की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया “दिन के समय डीजे की अधिकतम आवाज 55 डिसमिल तथा रात के समय 45 डिसमिल होना चाहिए. इससे अधिक आवाज से ध्वनि प्रदूषण फैलता है और लोगों के स्वास्थ पर विपरीत प्रभाव पडता है. वर्तमान में सिर्फ कोलाहल एक्ट के तहत कार्रवाई का प्रावधान है. ट्रकों में 20 फीट तक सउंड बांधकर डीजे बजाये जाते हैं, जिससे लोगों के कान खराब हो रहे हैं. इसके अलावा डीजे बजाने के कारण कई स्थानों पर सांप्रदायिक दंगे भी भड़के हैं. इसका मुख्य कारण डीजे में बजाए जाने वाले गाने हैं.” हाई कोर्ट ने सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से बताया गया “मुख्यमंत्री ने डीजे बजाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये हैं.” इस पर युगलपीठ ने कहा “सिर्फ निर्देश जारी पर्याप्त नहीं है, उनका पालन भी आवश्यक है.” युगलपीठ ने सुनवाई के बाद आदेश जारी करते हुए सरकार से कहा है “इस मामले में सारे बिंदुओं पर विस्तृत जवाब पेश करें.” बता दें कि मुख्यमंत्री का पद संभालने के कुछ दिनों बाद डॉ. मोहन यादव ने डीजे और लाउड स्पीकर को लेकर सख्ती की थी. लेकिन ये मुहिम एक हफ्ते ही चली. इसके बाद फिर वही ढर्रा शुरू हो गया.

जबलपुर के धान खरीदी केंद्रों की जांच शुरू: कलेक्टर ने दिए वीडियोग्राफी के निर्देश

Investigation of Jabalpur’s paddy procurement centers started: Collector gave instructions for videography जबलपुर। जबलपुर के पाटन और शाहपुरा के 6 उपार्जन केन्द्रों में मिली गड़बड़ी के बाद कलेक्टर ने जांच के निर्देश दिए हैं। लिहाजा जांच के लिए गठित पांच टीमें इन उपार्जन केंद्रों की पड़ताल कर रही है। कलेक्टर दीपक सक्सेना ने उपार्जन केंद्रों में की जा रही जांच की वीडियो ग्राफी भी करने के निर्देश दिए थे। औसत से ज्यादा की जा रही थी धान खरीदी खाद्य विभाग की सहायक आपूर्ति नियंत्रक संजय खरे ने बताया कि, विगत दिनों कलेक्टर दीपक सक्सेना धन उपार्जन केंद्रों के निरीक्षण पर निकले थे। उन्होंने शाहपुरा तहसील की सेवा सहकारी संस्था पिपरिया कला की बलराज विहार हाउस का निरीक्षण किया था। वहां करीब 5000 क्विंटल धान का ढेर लगा था। धान किसकी अनुमति से रखी गई थी इसकी कोई जानकारी तहसीलदार और एसडीएम के साथ ही फूड कंट्रोलर को नहीं दी गई। लिहाजा कलेक्टर ने इसके जांच के निर्देश दिए थे। इसके अलावा अनमोल संकुल स्तरीय संगठन पाटन, सेवा सहकारी संस्था सरौंद क्रमांक-2, सेवा सहकारी संस्था सहसन, सेवा सहकारी संस्था मुर्रई, सेवा सहकारी संस्था की रिपोर्ट भी जल्द कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। गड़बड़ी करने वालों पर होगी कार्रवाई खाद्य विभाग के सहायक आपूर्ति नियंत्रक संजय खरे ने बताया कि, जांच में अनियमितता जाने पर कार्यवाही भी की जाएगी। कलेक्टर दीपक सक्सेना ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि धान उपार्जन में गड़बड़ी और लापरवाही बरतने वालों पर कार्यवाही की जाएगी।

वाटर फॉल, नर्मदा नदी और प्राचीन मंदिर…जबलपुर के भेड़ाघाट में मनाइए नए साल का जश्न

new year celebration in bhedaghatspectacular amidst marble valleys and sparkling waterfalls भेड़ाघाट ! जबलपुर के पास स्थित एक शांत और ऐतिहासिक स्थल है, जो संगमरमर की वादियों, धुआंधार जलप्रपात, और पवित्र नर्मदा नदी के लिए प्रसिद्ध है. यहां के प्राचीन मंदिरों और प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव करना हर पर्यटक के लिए अविस्मरणीय होता है. यह स्थल विशेष रूप से नए साल के जश्न या किसी भी खास अवसर पर शांति और सुकून का आनंद लेने के लिए सही है. भारत में प्रकृति की अपार धरोहरें हर कोने में फैली हुई हैं, और मध्य प्रदेश का जबलपुर शहर इन धरोहरों का प्रमुख केंद्र है. अगर आप नए साल का जश्न प्रकृति के करीब और शांत वातावरण में मनाना चाहते हैं, तो जबलपुर का भेड़ाघाट और इसके आसपास के स्थल आपके लिए आदर्श स्थान हो सकते हैं. read more: https://youtu.be/V5wcMkX490o?si=TF8QyG53-KavifTw जबलपुर को ‘संस्कारधानी’ के नाम से भी जाना जाता है, और यह शहर नर्मदा नदी के किनारे स्थित है. इस शहर के प्रमुख स्थल भेड़ाघाट, बरगी डेम, धुआंधार जलप्रपात, 64 योगिनी मंदिर, त्रिपुर सुंदरी मंदिर और अन्य ऐतिहासिक स्थल न केवल प्रकृति की मनमोहक सुंदरता का अनुभव कराते हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति, इतिहास और पौराणिक कथाओं के महत्व को भी जीवित रखते हैं. संगमरमर वादियों में नाव की सैर, रोपवे से धुआंधार का नज़ारा, और नर्मदा की लहरों का संगीत इस अनुभव को यादगार बना देंगे. इसके साथ बरगी डेम में क्रूज पर भी यात्रा कर सकते है. धुआंधार जलप्रपातभेड़ाघाट का प्रमुख आकर्षण धुआंधार जलप्रपात है, जहां नर्मदा नदी लगभग 30 मीटर की ऊंचाई से गिरती है. गिरते हुए पानी से उठता झाग धुएं जैसा प्रतीत होता है, इसलिए इसे ‘धुआंधार’ नाम दिया गया. इसकी तुलना अक्सर नियाग्रा फॉल्स से की जाती है. रोपवे के जरिए इस जलप्रपात का दृश्य और भी रोमांचक बनता है. संगमरमर की वादियांभेड़ाघाट में संगमरमर के पहाड़ नर्मदा नदी के साथ दो किलोमीटर तक फैले हुए हैं. इन संगमरमर की चट्टानों में सफेद, गुलाबी, हरी, और काली रंगों की छटा देखने को मिलती है. सूर्योदय और सूर्यास्त के समय इन वादियों का दृश्य और भी मनोरम होता है. बंदर कूदनीसंगमरमर की इन चट्टानों के बीच ‘बंदर कूदनी’ नामक स्थान है, जहां चट्टानों की निकटता के कारण ऐसा प्रतीत होता है कि एक बंदर कूदकर इसे पार कर सकता है. यह स्थल कई पौराणिक कथाओं और किंवदंतियों से जुड़ा हुआ है. चौंसठ योगिनी मंदिरयह 9वीं शताब्दी का प्राचीन मंदिर भेड़ाघाट के पहाड़ पर स्थित है. यह मंदिर शक्ति.पासना का केंद्र था और इसे तांत्रिकों की विश्वविद्यालय माना जाता है. मंदिर में चौसठ योगिनियों की मूर्तियां हैं, जो हरियाली लिए पीले बलुआ पत्थरों से बनी हैं. इस मंदिर का निर्माण कल्चुरी राजाओं द्वारा किया गया था. त्रिपुर सुंदरी मंदिरभेड़ाघाट से कुछ दूरी पर स्थित त्रिपुर सुंदरी मंदिर कल्चुरी काल की उत्कृष्ट कृति है. यहां देवी के तीन रूप महाकाली, महालक्ष्मी, और महासरस्वती की पूजा होती है. यह स्थान तीन शहरों की सुंदर देवियों के वास का प्रतीक है. कुंभेश्वर महादेव मंदिरलम्हेटा घाट पर स्थित यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान राम ने यहां लक्ष्मण के साथ शिव की आराधना की थी. इंद्र गयाइंद्र गया वह स्थान है जहां इंद्रदेव ने अपने पिता की अस्थियों का विसर्जन किया था. यह स्थान आज भी धार्मिक कर्मकांडों के लिए प्रसिद्ध है. लम्हेटा घाटयह स्थान नर्मदा किनारे डायनासोर के अंडों के अवशेषों के लिए जाना जाता है. यहां डायनासोर के जीवाश्म मिलने के प्रमाण भी मिले हैं, जो इसे वैज्ञानिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनाते हैं. भेड़ाघाट की फिल्मी पहचानभेड़ाघाट के संगमरमर वादियों में कई फिल्मों की शूटिंग हुई है. यह स्थान भारतीय फिल्म उद्योग के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहा है. भेड़ाघाट में नाव यात्रा पर्यटकों के लिए विशेष अनुभव है. नाविक की रोचक कमेंट्री, जिसमें ऐतिहासिक और पौराणिक कथाओं का जिक्र होता है, सैर को और भी यादगार बनाती है. नए साल का जश्ननए साल के जश्न या किसी भी अन्य अवसर पर भेड़ाघाट एक अद्भुत पर्यटन स्थल है. यहां के प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थान परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए उपयुक्त हैं. भेड़ाघाट न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे भारत के लिए एक अनमोल धरोहर है. इसकी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक महत्व और पौराणिक कहानियां इसे विशेष बनाती हैं. यह स्थान न केवल देखने और महसूस करने का है बल्कि आत्मा को शांति और सुकून देने वाला है. यहां की यात्रा हर किसी को जीवन में एक बार अवश्य करनी चाहिए.

शिव शक्ति इंटरनेशनल स्कूल में वार्षिक उत्सव की धूम

Celebration of annual festival at Shiv Shakti International School जितेंद्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाताजबलपुर। शिव शक्ति इंटरनेशनल स्कूल में वार्षिक उत्सव समारोह बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस खास मौके पर स्कूल परिसर में मुख्य अतिथि के रूप में नीरज कुचिया, एस.ई., एम.पी.ई.बी., और मोहम्मद सहजीब, ए.जी.एम., बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई, जिसके बाद विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। गीत गायन, एकल नृत्य, और सामूहिक लोक नृत्य जैसे विभिन्न कार्यक्रमों ने उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों का मन मोह लिया। बच्चों की कला और उत्साह ने समारोह में चार चांद लगा दिए। समारोह के दौरान मुख्य अतिथियों ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों द्वारा किए गए प्रयासों की भी प्रशंसा की गई। कार्यक्रम के अंत में स्कूल प्रबंधक सचिन यादव ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने समारोह को सफल बनाने के लिए सभी का धन्यवाद किया और उपस्थित मेहमानों, शिक्षकों, और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। शिव शक्ति इंटरनेशनल स्कूल का यह वार्षिक उत्सव, बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने का भी माध्यम बना।

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