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फर्जी उपार्जन केंद्रों पर बड़ी कार्यवाही, फूड कंट्रोलर सस्पेंड, सीएम मोहन यादव ने लिया संज्ञान.

Major crackdown on fake purchasing centers, Food Controller suspended; CM Mohan Yadav takes cognizance. Special Correspondent, Sahara Samachaar, Jabalpur. जबलपुर । नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा मंगलवार की शाम जबलपुर के फूड कंट्रोलर कमलेश टांडेकर को सस्पेंड कर दिया गया है। उन्हें उपार्जन केंद्रों की स्थापना में हुई देरी और अनियमियता का दोषी पाया गया है। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है। इसके अलावा जो 20 सदस्य जांच दल जबलपुर आया हुआ था उसने भी अपनी रिपोर्ट मेल के माध्यम से मुख्यालय में भेज दी है जिसके बाद मंगलवार देर रात या बुधवार को और भी बड़ी कार्यवाहियां हो सकती हैं। जिसमें कुछ गोदाम को ब्लैकलिस्टेड करने की बात सामने आ रही है। इस पूरे मामले की गंभीरता को इस बात से भी समझा जा सकता है कि वल्लभ भवन से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव द्वारा इस पूरे मामले की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों से मांगी गई है जबकि जबलपुर आई टीम के द्वारा अपनी रिपोर्ट दे दी गई है। ऐसे में सीएम को वास्तुस्थिति से अवगत कराया जाएगा।

क्रिसमस डे, का धीरेंद्र कृष्‍ण शास्त्री ने किया विरोध

Dhirendra Krishna Shastri opposed Christmas Day सांता क्लाज बनाने की जगह बच्चों को राम मंदिर लेकर जाओ, धीरेंद्र कृष्‍ण शास्त्री ने कहा उन्होंने ईसाई पूजा पद्धति पर टिप्पणी करते कहा कि जब दो प्रतिशत लोग हमारी रामनवमी नहीं मनाते तो हम 98 प्रतिशत लोग उनका त्योहार क्यों मनाएं। कटनी ! बागेश्वर धाम के कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सोमवार को यहां पुरैनी में बागेश्वर धाम आश्रम का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा में उन्होंने ईसाई पूजा पद्धति पर टिप्पणी करते कहा कि जब दो प्रतिशत लोग हमारी रामनवमी नहीं मनाते तो हम 98 प्रतिशत लोग उनका त्योहार क्यों मनाएं। सांता क्लाज को सांता क्रूज़ में भेज दिया जाए। क्रिसमस पर सांता क्लाज बनाने की जगह बच्चों को राम मंदिर लेकर जाओ, तिलक लगाओ, बच्चों को वहां गिफ्ट दो।इससे तुम्हारी पीढ़ी व पूर्वज प्रसन्न होंगे, बालक संस्कारी बनेगा। उन्होंने कहा कि हम किसी मजहब के विरोधी नहीं हैं। हकीकत है कि हम अपने धर्म के कट्टर हैं। 22 जनवरी को भगवान श्रीराम अयोध्या में विराजित हो रहे हैं, यह हमारे लिए गर्व की बात है।

सहकारी समिति प्रबंधक को रिश्वत लेते लोकायुक्त ने दबोचा

Lokayukta caught cooperative society manager taking bribe धान तुलाई के नाम पर किसान से रिश्वत ले रहे सहकारी समिति के प्रबंधक को लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने बुधवार को एक होटल से दबोचा। जबलपुर‌‌। लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि डुमारी लाल यादव पिताश्री रतिराम यादव उम्र 54 वर्ष निवासी ग्राम छत्तरपुर ने लिखित शिकायत दी थी कि वह एवम् उनके पुत्र कृष्ण यादव की लगभग 300 क्विंटल धान सेवा सहकारी संस्था छतरपुर में तौल के लिए रखी गई। धान तुलाई मजदूरी शासन द्वारा देय होती है। उक्त धान की तौल की प्रति क्विंटल ₹35 के हिसाब से सेंटर एवं स्वयं के लिए 5 से ₹10 प्रति क्विंटल की दर से ₹15000 की रिश्वत समिति प्रबंधक पनागर नवल किशोर खंपरिया द्वारा मांग की जा रही है।जिसके शिकायत का सत्यापन कराया गया। मोल भाव पर ₹9000 लेना तय हुआ। जिसके बाद आज बुधवार को वेदांत होटल जबलपुर -कटनी राष्ट्रीय राजमार्ग पर समिति प्रबंधक पनागर नवल किशोर खंपरिया को ₹9000 रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।ट्रैप दल में उप पुलिस अधीक्षक सुरेखा परमार , निरीक्षक भूपेंद्र कुमार दीवान, निरीक्षक कमल सिंह उईके एवं 5 सदस्यीय दल शामिल था।

शून्य दुघर्टना सर्वोच्च लक्ष्य एम पी ट्रांसकों की समीक्षा बैठक में – एम.डी. श्री सुनील तिवारी

Zero accident is the highest goal, in the review meeting of MP Trans, MD Shri Sunil Tiwari Special Correspondent, Sahara Samachaar, Jabalpurजबलपुर ! एम पी ट्रांसकों के प्रबंध संचालक इंजी. सुनील तिवारी ने मैदानी अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली एवं उन्हें यह सख्त निर्देश दिये कि कंपनी के सभी कार्यों में पूर्ण सावधानी रखी जावे एवं शून्य दुघर्टना ही हमारा सर्वोच्च लक्ष्य होना चाहिए। इस हेतु आवश्यक सभी कदम उठाये जावें । इंजीनियर सुनील तिवारी ने विगत विधानसभा चुनावों के दौरान संपूर्ण मध्यप्रदेश में व्यवधान रहित विद्युत आपूर्ति के लिये कंपनी के सभी कार्मिकों को बधाई देते हुए कहा कि इसी प्रकार आगामी रबी सीजन में भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जावे । उन्होंने कहा कि जिस प्रकार आप विधानसभा चुनावों के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति की परीक्षा में खरे उतरे उसी प्रकार आगामी लोकसभा चुनावों के दौरान भी व्यवधान रहित विद्युत आपूर्ति हेतु आवश्यक संधारण कार्य पूर्ण किये जावें ताकि कंपनी पुनः अपने लक्ष्य में खरी उतर सके । इस समीक्षा बैठक में एम पी ट्रांसको के संपूर्ण मध्यप्रदेश के अधिकारी तथा मुख्यालय में पदस्थ अधिकारी उपस्थित थे।

तेंदुआ की खाल सहित दो तस्कर मंडला पुलिस ने किया गिरफ्तार.

Mandla police arrested two smugglers with leopard skin. मंडला ! थाना बिछिया पुलिस को सूचना मिली थी की बालाघाट निवासी दो व्यक्ति तेन्दुआ की खाल लेकर आटो रिक्शा स्टेण्ड ग्राम सिझौरा में जबलपुर जाने के लिये बस का इंतजार कर रहे हैं। उक्त सूचना पर पुलिस अनुविभाग अधिकारी बिछिया के निर्देशन में थाना प्रभारी बिछिया धर्मेन्द्र धुर्वे के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए रेड कार्यवाही बताये गये स्थान ग्राम सिझौरा हाई वे स़्थित बस स्टैंड पर जबलपुर जाने के लिये बस का इंतेजार कर रहे दो व्यक्ति बताये गये हुलिया के मिले उनके पास बैग के अंदर वन्य जीव तेंदु‌आ का खाल मिला। जिनसे पूछताछ के दौरान एक व्यक्ति ने अपना नाम आकाश धुर्वे पिता रामलाल धुर्वे उम्र 22 साल निवासी डोडियाटोला थाना मलाजखण्ड जिला बालाघाट तथा उसके साथ दूसरा व्यक्ति काले रंग की बेकेट पहना हुआ था उसने अपना नाम रंजन धुर्वे पिता शंकर सिंह धुर्वे उम्र 31 वर्ष निवासी बाकीगुड़ा थाना मलाजखण्ड जिला बालाघाट का रहने वाला बताये। जिनसे उक्त तेंदुआ के खाल के रखने के संबंध में दस्तावेज के बारे में पूछा गया जो कोई दस्तावेज नहीं होना बताये हैं। उक्त आरोपियों पर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए आरोपी से तेंदुआ की खाल जप्त किया जाकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आरोपियों का कृत्य धारा- 2,9.39.49 (B),50 51 वन्य प्राणी संरक्षण धिनियम 1972 के तहत अपराध का पाये जाने से थाना बिछिया में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। गिरफ्तार सुदा आरोपियों को आज दिनाँक को माननीय न्यायालय बिछिया पेश किया गया। जिन्हे न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा गया।उक्त संपूर्ण कार्यवाही थाना प्रभारी बिछिया के नेतृत्व में उनकी टीम जिसमें उप निरीक्षक जगदीश पंद्रे स.उ.नि. धनपाल बिसेन, आर, सुनीराम मरावी चा. आर. धनेश मरावी से महावीर झारिया एवं थाना बिछिया में आये वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो से सराहनीय योगदान रहा।

अपर सचिव वन के खिलाफ लोकायुक्त में मामला दर्ज.

A case has been filed against the Deputy Secretary of Forests in the Lokayukta. लोकायुक्त संगठन तत्कालीन छतरपुर डीएफओ एवं वर्तमान अवर सचिव वन अनुराग कुमार के खिलाफ वायरबेड और चैनलिंक खरीदी में अनियमित किए जाने पर प्रकरण पंजी बात कर लिया है। जांच की जिम्मेदारी एसपी सागर लोकायुक्त को दी गई है। लोकायुक्त संगठन ने वन विभाग को पत्र लिखकर खरीदी से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने के बार-बार निर्देश दिए जा रहे है किन्तु विभाग दस्तावेज उपलब्ध कराने में टालमटोल कर रहा है। उज्जैन एसपी लोकायुक्त ने 3 साल पहले एपीसीसी सत्यानंद के खिलाफ प्रकरण पंजीबद किया था। इसके बाद से सत्यानंद से संबंधित जांच आगे नहीं बढ़ पाई। इसके अलावा खरगोन डीएफओ प्रशांत कुमार, इको टूरिज्म बोर्ड में पदस्थ साहिल गर्ग सहित आधा दर्जन आईएफएस अधिकारियों के खिलाफ जांच लंबित है किंतु फैसला अभी तक नहीं लिया जा सका है। मैं इस मामले को दिखवाता हूं। कमल अरोरा सीसीएफ जबलपुर

एचडीएफसी बैंक जबलपुर शाखा द्वारा 46 केंद्रों में रक्तदान अभियान के माध्यम से 4661 यूनिट ब्लड का कलेक्शन किया.

HDFC Bank’s Jabalpur branch collected 4661 units of blood across 46 centers through a blood donation campaign. भोपाल! भारत का अग्रणी निजी क्षेत्र का एचडीएफसी बैंक ने शुक्रवार 8 दिसंबर, 2023 से शुरू होने वाले अपने राष्ट्रव्यापी रक्तदान अभियान के 15वें संस्करण का आयोजन जबलपुर के विजय नगर शाखा में किया। अपने प्रमुख सीएसआर कार्यक्रम परिवर्तन के तहत भारत के 1200 शहरों में 6,000 केंद्रों पर रक्तदान शिविर का संचालन किया गया। रक्तदान शिविर का उद्घाटन निर्मला देवी ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के संस्थापक श्री मुनेंद्र मिश्रा जी के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। श्री मिश्रा ने एचडीएफसी बैंक द्वारा किए जा रहे रक्तदान शिविर की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह बैंक व्यवसायिक दायित्वों के निर्वाह के साथ साथ सामाजिक दायित्व के निर्वहन में भी देश का नंबर वन बैंक बन चुका है। एचडीएफसी बैंक के सर्किल हेड श्री अनूप शर्मा ने रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि इस दान से बड़ा और कोई दान नहीं हो सकता। श्री शर्मा ने शहर के सभी युवाओं को स्वेच्छा से रक्तदान करने का आग्रह किया। गत माह में एचडीएफसी बैंक के जबलपुर सर्किल के द्वारा 45 विभन्न कैंपों के माध्यम से 4661 यूनिट ब्लड का कलेक्शन किया गया। एचडीएफसी बैंक अपने कर्मचारियों, ग्राहकों, कॉरपोरेट्स, रक्षा बलों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों सहित विभिन्न प्रकार के रक्त दानदाताओं को जुटाने के लिए तैयार है। इस साल एक अनोखे दृष्टिकोण में एचडीएफसी बैंक ने लोगों को रक्तदान करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए ‘फीलिंग ऑफ सेविंग समवन नामक एक फिल्म लॉन्च की है। फिल्म व्यक्तियों को इस जीवन रक्षक कार्य में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करती है और रक्तदान की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर जोर देती है। यह फिल्म बैंक के सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज की जाएगी, यह जनता के बीच उनके योगदान के प्रभाव के बारे में जागरूकता पैदा करेगा और अभियान में बड़े पैमाने पर रक्तदान के लिए प्रेरित करेगा। एचडीएफसी बैंक के कार्यकारी निदेशक, श्री भावेश ज़वेरी ने कहा, “एचडीएफसी बैंक में हम लोगों को इस प्रयास में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने में बहुत गर्व महसूस करते हैं, क्योंकि दान किए गए रक्त की हर बूंद एक संभावित जीवन रक्षक है। अपने 15वें अखिल भारतीय रक्तदान अभियान के साथ हम नागरिकों को इस नेक काम में भाग लेने और अपना योगदान देने के लिए एक मंच देना चाहते हैं।” यह पहल 2007 में केवल 88 केंद्रों और 4000 दानदाताओं के साथ शुरू की गई थी जो केवल बैंक कर्मचारियों के बीच ही चलाई गई थी। पिछले कुछ वर्षों में इस अभियान का दायरा बढ़ा दिया गया और इसमें कॉलेज के छात्रों, कॉरपोरेट्स और सेना और सेवा कर्मियों को शामिल किया गया। इसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्डसा” से सबसे बड़े (सिंगल डे, मल्टीपुल वेन्यू) रक्तदान अभियान के रूप में मान्यता और प्रमाणन प्राप्त हुआ। 2022 में बैंक ने 25 लाख यूनिट से अधिक रक्त एकत्र किया। कुछ महत्वपूर्ण दानकर्ता 1500- कॉलेजों, 550 कॉरपोरेट्स और 105- रक्षा और सेवा कर्मियों से आए जिन्होंने रक्तदान अभियान में भाग लिया। एचडीएफसी बैंक के रक्तदान अभियान के बड़े पैमाने और व्यापक आधार ने देश के समग्र रक्त संग्रह को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।रक्तदान शिविर का संचालन जबलपुर शाखा के ऑपरेशन प्रबंधक श्री लीजू जोसेफ ने किया एवं समस्त स्टाफ ने स्वेच्छा से रक्तदान करने आए बैंक के ग्राहकों एवं युवा वर्ग का आभार व्यक्त किया।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का अहम आदेश, रिश्तेदार होने के कारण गवाह का प्रभाव नहीं होता कम.

Important directive from the Madhya Pradesh High Court: The relationship with the witness does not diminish the impact. जबलपुर। रिश्तेदार के गवाही के आधार पर सजा से दंडित किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। हाईकोर्ट जस्टिस हृदयेश ने अपील को खारिज करते हुए अपने आदेश में कहा कि न्यायालय ने कानूनी बिंदू तथा तथ्यों के आधार पर सजा से दंडित किया है। गवाहों के रिश्तेदार होने के कारण उनका प्रभाव कम नहीं होता है। बता दें कि अपीलकर्ता सुकलू की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि सोमती बाई (40) पर कुल्हाड़ी से प्राणघातक हमला करने के आरोप में न्यायालय ने उसे पांच साल के कारावास की सजा से दंडित किया है। न्यायालय ने सजा सुनाने में स्वतंत्र गवाह के बयान को नजर अंदाज किया है। घटना का चश्मदीद गवाह नहीं होने के बावजूद रिश्तेदारों के गवाह के आधार पर सजा से दंडित किया गया। अपीलकर्ता की तरफ से तर्क दिया गया कि रिश्तेदारों ने अभियोजन की कहानी के अनुसार अपने बयान दिए हैं। एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि गवाहों ने घटना नहीं देखी है, परंतु पीड़िता के शरीर में कुल्हाड़ी से आई चोटों के निशान अवश्य देखे हैं। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि आरोपी ने पर कुल्हाड़ी से हमला किया है। रिश्तेदार होने के कारण गवाह का प्रभाव कम नहीं होता है। एकलपीठ ने अपील को खारिज करते हुए कहा कि न्यायालय ने कानूनी बिंदू के अनुसार उचित दंड से अपीलकर्ता को दंडित किया है।

थाने के अंदर दलित महिला के कपड़े उतार कर पिटाई.

Stripping and beating of a Dalit woman inside the police station. पुलिस अधीक्षक की 2 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज बंशकार समाज ने पुलिस थाने के सामने जमकर किया विरोध प्रदर्शन  जबलपुर । मध्य प्रदेश की जबलपुर पुलिस का एक बार फिर अमानवीय चेहरा सामने आया है. एक प्राइवेट होटल में हुई जेवरात की चोरी के शक में पुलिस ने बिना एफआईआर दर्ज किए, महिला के कपड़े उतरवाए और बर्बरता से जमकर मारपीट की। दलित महिला के साथ की गई मारपीट के बाद बंशकार समाज ने पुलिस थाने के सामने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक ने दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच करते हुए पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके बाद मामला शांत हुआ। महिला का जबलपुर के नेताजी सुभाषचन्द्र बोस मेडिकल अस्पताल में इलाज चल रहा है। दरअसल, यह पूरा मामला ओमती थाना क्षेत्र के एक प्राइवेट होटल में ब्रेसलेट चोरी से जुड़ा हुआ है। होटल के कमरा नंबर 103 में रुके यात्री ने ओमती थाने पहुंच कर पुलिस को सूचना दी कि वह होटल में रुकने के लिए पहुंचा था। उसी दौरान होटल से उसकी ब्रेसलेट चोरी हो गई। यात्री के साथ पुलिस होटल पहुंची और शक के आधार पर होटल में काम करने वाली महिला मंजू वंशकार और एक अन्य युवक को लेकर पुलिस थाने आई। पुलिस ने पार की सारी मर्यादाएं जहां पूछताछ के दौरान पुलिस ने सारी मर्यादाएं पार कर दी। महिला पुलिसकर्मी ने बेहरहमी से मारपीट करते हुए महिला के कपड़े उतरवाए। हद तो तब हो गई जब मारपीट के दौरान महिला बेहोश हो गई तो और पुलिसकर्मियों ने इलाज कराने की बजाए महिला को पुलिस थाने के बाहर छोड़ दिया। बंशकर समाज के लोगों ने थाने का किया घेराव महिला के साथ की गई बर्बरता से मारपीट के विरोध में बंशकार समाज के लोग महिला को घायल अवस्था में लेकर पुलिस थाने पहुंचे और महिला को थाने की दहलीज पर ही लिटा दिया। पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही की मांग करने लगे। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप था कि जब महिला को थाने लाया गया था तो बिना एफआईआर दर्ज किए इतनी बेरहमी से मारपीट क्यों कि गई। दो पुलिसकर्मी हुए लाइन अटैच हंगामें की जानकारी लगते ही जबलपुर पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह खुद ओमती थाने पंहुचे। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद यह पूरा मामला शांत हुआ। इस मामले में विभागीय जांच पूरी होने तक पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने दो पुलिसकर्मी को लाइन अटैच कर दिया है। पूरे मामले की जांच नगर पुलिस अधीक्षक पंकज मिश्रा को दी गई है, जो पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।

डी.आर.डी.ई. में किया गया स्वच्छता पखवाड़े का आयोजन

ग्वालियर ! डीआरडीओ मुख्यालय से प्राप्त दिशा निर्देशों के अनुसार रक्षा अनुसंधान तथा विकास स्थापना ग्वालियर में 1 से 15 दिसंबर 2023 के दौरान स्वच्छता पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत स्थापना में पूरे पखवाड़े के दौरान अनेक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। सर्वप्रथम 1 दिसंबर 2023 को ‘स्वच्छता शपथ’ का आयोजन किया गया जिसमें डी.आर.डी.ई. निदेशक डॉ. एम. एम. परीडा ने समस्त वैज्ञानिकों अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। स्थापना के कर्मचारियों में स्वच्छता जागरूकता को प्रोत्साहित करने के लिए 4 दिसंबर 2023 को ‘जागरूकता दिवस’ के अतंर्गत व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें डॉ. ए. के. गोयल, वैज्ञानिक ‘जी’ ने व्याख्यान दिया। इस अवसर पर डी.आर.डी.ई. ग्वालियर में विभिन्न स्थानों एवं भवनों में जागरूकता प्रसार करने वाले पोस्टर आदि प्रदर्शित किये गए। 5 दिसंबर 2023 को ‘अभिलेख प्रबंधन दिवस’ के अंतर्गत पुराने रिकॉर्ड को छटाई कर व्यवस्थित करने का कार्य किया गया। 6 दिसंबर 2023 को ‘स्क्रैप / कचरा निस्तारण दिवस’ के अंतर्गत स्थापना में एकत्र कचरे एवं सूखी वनस्पतियों का निस्तारण किया गया। पुरानी और सूखी पत्तियों से खाद बनाने के लिए कम्पोस्ट पिट भी तैयार की गयी है। इसके अलावा डीआरडीई के पुराने अभिलेखों को छांट कर सुव्यवस्थित किया गया एवं पुरानी एवं निष्प्रयोज्य सामग्रियों को निस्तारित किया गया। 7 दिसंबर 2023 को ‘गो ग्रीन ड्राइव’ के अंतर्गत स्थापना के झांसी मार्ग स्थित परिसर के बाहर झांसी मार्ग पर बृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें स्थापना के निदेशक डॉ. मनमोहन परीडा एवं वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने अपने करकमलों से बृहद पैमाने पर वृक्षारोपण किया। स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत अगले पूरे सप्ताह भी विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन प्रस्तावित है, जिनमें दि. 08 दिसंबर 2023 को ‘कम्युनिटी आउटरीच’ के अंतर्गत गांवों में जागरूकता हेतु संपर्क, व्याख्यान आयोजन, सार्वजनिक स्थलों पर लगी प्रतिमाओं की सफाई आदि गतिविधियां शामिल हैं। 12 दिसंबर 2023 को ‘सोशल बज डे’ के अंतर्गत स्वच्छता रैली का आयोजन, एवं 13 दिसंबर 2023 को ‘प्रतियोगिता दिवस’ के अंतर्गत डीआरडीई के कर्मचारियों के लिए चित्रकला, निबंध, वाद-विवाद एवं स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा। दि. 14 दिसंबर 2023 को ‘परस्पर संवाद’ के अंतर्गत डीआरडीई के कर्मचारियों के लिए आपसी विचार विमर्श एवं संवाद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सफाई और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए अभिनव विचारों को साझा किया जएगा। 15 दिसंबर 2023 को ‘पुरस्कार वितरण दिवस’ के अंतर्गत निदेशक महोदय के करकमलों से विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता अधिकारियों/कर्मचारियों को पुरस्कार प्रदान किए जायेंगे एवं पूरे पखवाड़े के विस्तृत रिपोर्ट डीआरडीओ मुख्यालय को प्रेषित की जाएगी।

मोदी-शाह के समीकरण में फिट बैठते हैं ये नेता, CM के लिए प्रहलाद सिंह पटेल की चर्चा तेज़.

Leaders align well with the Modi-Shah equation; discussions about Prahlad Singh Patel for the Chief Minister position are gaining momentum. उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद अब मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि यहां भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर ही चुनाव लड़ा. अगले सीएम फेस के रूप में शिवराज सिंह चौहान पीछे ही रहे. बहरहाल अगले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ही होंगे या नहीं होंगे इस बात की चर्चा सियासी गलियारों मे तेज़ हो गयी है, क्योंकि यहां भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर ही चुनाव लड़ा. अगले सीएम फेस के रूप में शिवराज सिंह चौहान पीछे ही रहे. बहरहाल अगले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ही होंगे या नहीं होंगे, यह तो आने वाले एक दो दिनों में पता चल जाएगा, लेकिन इससे पहले सियासी गलियारों में नए चेहरों पर काफी चर्चा हो रही है. आगामी मुख्यमंत्री के रूप में जिन नामों पर चर्चा हो रही है, उनमें एक नाम प्रहलाद सिंह पटेल का भी है. पटेल को मध्य प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री का प्रबल दावेदार माना जा रहा है. उनके नाम की चर्चा उस वक्त ही शुरू हो गई थी, जब उन्हें भाजपा ने नरसिंहपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया था. अब प्रहलाद सिंह पटेल चुनाव जीत गए हैं. उन्होंने कांग्रेस के लखन सिंह पटेल को 31310 वोटों से हराया है प्रहलाद पटेल की गिनती मध्य प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं में होती है. वे केंद्रीय नेतृत्व के खास माने जाते हैं. इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि जब से दिल्ली में नरेंद्र मोदी की सरकार आई है प्रहलाद पटेल के पास कोई ना कोई मंत्रालय रहा है. साथ ही साथ अगर जातिगत समीकरण की बात करें तो वह ओबीसी वर्ग से आते हैं. ओबीसी में भी लोधी जाति से आते हैं,  पटेल की गिनती मध्य प्रदेश भाजपा के सीनियर नेताओं में होती है. पटेल ने पहले लोकसभा चुनाव 1989 में जीता था. उसके बाद 1996, 1999, 2014 और 2019 को मिलाकर कुल 5 लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं. मजे की बात यह है कि पटेल 2023 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीते है. पटेल के पास सियासत का लंबा अनुभव है और उनकी साफ सुथरी छवि, संगठन मे मजबूत पकड़ तथा उमा भारती के बाद प्रदेश के सबसे बड़े लोधी नेता और केंद्रीय नेतृत्व मे मजबूत पकड़ उनको अग्रिम पंक्ति मे खड़ा करती है सूत्रों की माने तो ओ बी सी मे शिवराज सिंह के बाद पटेल एकमात्र सर्वमान्य नेता है, अपने समाज के अतिरिक्त पटेल की आदिवासियों और पिछडो मे मजबूत पकड़ मानी जाती है आगामी 2024 के लिए पटेल की ताजपोसी मध्य प्रदेश के साथ साथ पडोसी राज्यों मे भी भा ज पा को मजबूती दे सकती है

आरजीपीवी पॉलिटेक्निक का पेपर कांड: शिकायत को दो माह बीते, कागजों में अटकी जांच, एफआईआर भी नहीं हुई.

The Paper scandal at RGPV Polytechnic: Two months have passed since the complaint; investigation stuck in paperwork, no FIR filed yet. – विवि की आंतरिक कमेटी ने अपनी रिपोर्ट प्रबंधन को सौंपी भोपाल। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) के पॉलिटेक्निक कॉलेज में सेमेस्टर परीक्षा के पेपर बेचे जाने के कथित मामले में जांच कागजों में अटक गई है। शिकायत के दो माह बाद भी अब तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है। मामले में पुलिस को विश्वविद्यालय की ओर से सही और स्पष्ट जांच प्रतिवेदन का इंतजार है, वहीं विवि प्रबंधन का कहना है कि वह एक विस्तृत आवेदन भेज चुका है, जिसके साथ प्राप्त वीडियो भी संलग्न किया गया था। विवि की कमेटी ने प्रबंधन को सौंपी रिपोर्ट मामले की शिकायत मिलने पर जांच के लिए विवि ने कमेटी का गठन किया था। जिसने शिकायत और प्राप्त वीडियो के आधार पर रिर्पोट तैयार कर प्रबंधन को सौंप दी है। इस रिर्पोट में लिखा है कि यह गंभीर प्रकृति का आपराधिक प्रकरण है। इसलिए समिति के द्वारा जांच किया जाना व्यवहारिक नहीं है, इसलिए पुलिस जांच होना जरूरी है। यह है पूरा मामला: दरअसल, कुछ माह पूर्व आरजीपीवी के पॉलिटेक्निक में कॉन्ट्रेक्ट फैकल्टी द्वारा इंजीनियरिंग डिप्लोमा के स्टूडेंट्स को पांच हजार रुपए प्रति पेपर बेंचने का कथित मामला सामने आया था। इसका एक कथित वीडियो भी सामने आया है। इस विडियो में कॉन्ट्रैक्ट फैकल्टी छात्र से कैश लेता नजर आ रहा है। इस विडियो को बतौर प्रूफ रखते हुए पॉलिटेक्निक प्रबंधन के पास लिखित शिकायत पहुंची थी।शिकायत पर पॉलिटेक्निक के प्राचार्य ने जांच के लिए आतंरिक कमेटी बनाई। जांच के आधार पर सिविल ब्रांच के कॉन्ट्रेक्ट फैकल्टी गौरव जैन, हिमांशु राय और सुरभि श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया। एक अन्य फैकल्टी सतीश अहिरवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। पुलिस में भी आवेदन किया गया था, लेकिन अब तक एफआईआर नहीं हुई है।

एमपी पुलिस में 7 साल बाद दूर होगी कैडर की समस्या.

After 7 years, the cadre-related issues will be resolved in the Madhya Pradesh Police. नए साल में 13 अफसर होंगे प्रमोट, 26 आईजी में से 3 अफसरों का रिटायरमेंट प्रदेश में एडीजी रेंक के अफसरों की संख्या 33, रेंज और जोन में भेज जाएंगे आईजी, एडीजी फिर पीएचक्यू लौटेंगे उदित नारायण  भोपाल। प्रदेश में लगभग 7 साल बाद आईजी के पद की कमी दूर होने जा रही है। प्रदेश में एक साथ 13 आईपीएस अफसर आईजी के पद को एक जनवरी को मिलने जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश में आईजी रैंक के अफसरों की संख्या दो दर्जन पार हो जाएगी। इससे पहले करीब 2016 तक इतने पद भरे हुए थे। इसके बाद धीरे-धीरे इन पदों पर अफसरों की संख्या कम होती गई। एक जनवरी को वर्ष 2006 बैच के आईपीएस अफसर डीआईजी से पदोन्नत होकर आईजी के पद पदोन्नत होने जा रहे हैं। इन अफसरों की संख्या 13 होगी। प्रदेश में अभी 15 अफसर आईजी के पद पर पदस्थ हैं। इनमें से दो अफसर अब एडीजी के पद पर पदोन्नत होने जा रहे हैं।  वर्ष 2000 से 2005 बैच के 13 अफसर जहां आईजी के पद पर पदस्थ रहेंगे। वहीं वर्ष 2006 बैच के अफसर आईजी के पद पर पदोन्नत होने जा रहे हैं। इनकी भी संख्या 13 होगी। ऐसे में प्रदेश में लंबे अरसे बाद इस पद पर 26 अफसर पदस्थ होंगे। आईजी के पद पर 26 अफसरों की संख्या सिर्फ जनवरी के महीने में ही रहेगी। इंदौर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मनीष कपूरिया 31 जनवरी को रिटायर हो जाएंगे तो यह संख्या घटकर एक कम हो जाएगी। कपूरिया के बाद जून 2024 में आरआरएस परिहार रिटायर होंगे और इसी साल के अक्टूबर में राजेश हिंगणकर भी रिटायर हो जाएंगे। यानि यह संख्या नवम्बर में घटकर 23 पर पहुंच जाएगी। हालांकि इसके बाद भी इनती संख्या में आईजी के पद प्रदेश पुलिस में अरसे बाद पदस्थ रहेंगे।  कम संख्या के कारण एडीजी को दिया था रेंज का प्रभार प्रदेश में जब आईजी रेंक के अफसरों की संख्या कम होना शुरू हुई तो उनकी जगह का काम एडीजी रेंक के अफसरों से करवाने का क्रम शुरू हुआ। इसके चलते एडीजी रेंक के अफसरों को रेंज में पदस्थ किया गया। हालात यह बने ही भोपाल और इंदौर में पुलिस कमिश्नर का पद कॉडर में आईजी रेंक का मिला, लेकिन यहां भी एडीजी रेंक के अफसर ही पदस्थ हुए। भोपाल के पहले पुलिस कमिश्नर एडीजी मकरंद देउस्कर बने थे। अब देउस्कर इंदौर पुलिस कमिश्नर हैं। 90 बैच तक के अफसर एडीजी आईजी के पद पर अफसरों की कमी होने के चलते एडीजी के पद पर अफसरों की संख्या बढ़ गई थी। प्रदेश में अभी वर्ष 1990 से वर्ष 1999 तक के 34 अफसर एडीजी के पद पर पदस्थ हैं। हालांकि इसमें से अब वर्ष 1999 बैच के दो अफसर एडीजी हो जाएंगे। प्रदेश में एडीजी रेंक के अफसरों की संख्या 33 है। अस्थाई तौर पर डीजी के बढ़े थे दो पद- एडीजी रेंक पर अफसरों की संख्या ज्यादा होने के चलते डीजी के दो पद अस्थाई तौर से राज्य शासन को बढ़ाने पड़े थे। प्रदेश में तत्कालीन डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला थे, उस वक्त दो साल के लिए डीजी के दो अस्थाई पद बढाए गए थे। बाद में फिर से दो पद बढ़ाए गए। प्रदेश में डीजी के पांच पद कॉडर के हैं, जबकि पांच पद एक्स कॉडर के हैं। इनके अलावा दो अस्थाई पद हैं। इस तरह से प्रदेश में डीजी रेंक के 12 अफसर पदस्थ हैं।

बीटीआर में टिकट की कालाबाजारी से अधिकारियों की दिवाली

The corruption in the purchase of tickets in the BTR is a celebration for the officials more than Diwali. उदित नारायण बांधवगढ़:- टाइगर रिजर्व में स्थानीय स्तर पर रोजगार के लाले पड़े हैं, और यहां अधिकारियों की जमकर कमाई का आरोप लगा है। स्थानीय जनों में पर्यटकों के टिकट के कालाबाजारी का चर्चा जोरों पर है। विभाग के कर्मचारियों के ऊपर चहेतों और पूंजीपतियों के दबाव में टिकट का बड़ा खेल किया जा रहा है, लेकिन कार्यवाही के नाम पर मामले में वरिष्ठ अधिकारियों ने भी चुप्पी साध रखी है। लिहाजा स्थानीय जनों की माने तो उनके अनुसार टिकट के कालाबाजारी के इस खेल में नीचे से ऊपर तक कि कड़ी के संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है, जिसका खामियाजा दूर से आने वाले सैलानियों को उठाना पड़ता है और बांधवगढ़ की सफारी का सपना बुनकर आने वाले पर्यटक बगैर सैर के ही वापस लौट जाते हैं। वीआईपी टिकट के नाम पर किये जाने वाले इस कारनामे ने बीटीआर की समूची व्यवस्था ही चौपट कर दी है। कारनामे का कौन है जिम्मेदार – बांधवगढ़ में कई पूंजीपतियों के रिसोर्ट हैं, साथ ही कई बड़े  पहुंच का दम भरने वाले वे लोग भी जो टिकट बुकिंग का काम करते हैं। दिवाली की इस भीड़ में जहां लोगों को सफारी के लिए मसक्कत करनी पड़ रही थी, तो वहीं उक्त लोग टिकट का जुगाड़ बीटीआर के कर्मचारियों के सह पर बना रहे थे। बांधवगढ़ में इससे पूर्व भी टिकट के कालाबाजारी के कारनामे से पर्दा उठ चुका है, लेकिन टिकट का खेल ज्यों का त्यों अभी भी जारी है। सूत्रों के मुताबिक़ वीआईपी के नाम पर टिकट की बुकिंग कर गाढ़ी कमाई की जा रही है, इसमें बीटीआर के कई अधिकारियों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। यही नहीं हर विभाग के जिम्मेदार मिलकर राजस्व को चुना लगाने में जुटे हैं, वहीं सैलानियों को भी सफारी के लिए कई कठिनाईयों से गुजरना पड़ता है। अफसर ही लूट के कटघरे में – पूंजीपति रिसोर्ट सञ्चालक अपने रसूख के बल पर टिकट तो बुक कर लेते हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर सक्रीय कुछ दलाल बड़े अधिकारी और वीआईपी के नाम पर टिकट लेकर महंगे दामों में पर्यटकों को सफारी करा रहे हैं। यही नहीं कई वर्षों से एक ही स्थान पर जमें स्थानीय शासकीय विभागों के कर्मीयों पर भी टिकट कालाबाजारी के आरोप लग रहे हैं, इन कर्मियों द्वारा शासकीय प्रोटोकॉल वाहनों को भी पर्यटक सफरी के लिए उपयोग कर कमाई का जरिया बना लिया गया है। जिस तरह से व्यापक पैमाने पर अधिकारियों और अन्य वीआईपी के कोटे की टिकटों के नाम पर खेला किया जा रहा है उससे समूची व्यवस्था चौपट हो रही है साथ ही पर्यटन से मिलने वाले राजस्व की हानि भी हो रही है। स्थानीय लोगों की मांग है कि वीआईपी के नाम पर जितनी भी टिकट बुकिंग हुई है उनकी जांच कर दी जाए तो मामले में शामिल अधिकारियों और व्यक्तियों के नामों का खुलासा हो जाएगा।

जबलपुर में मतदान के अंतिम चरण में हिंसक वारदातें, भाजपा कांग्रेस प्रत्याशी समर्थक आपस में भिड़े।

Violent incidents in the last phase of voting in Jabalpur, supporters of BJP and Congress candidates clashed with each other. जमकर हुआ पथराव,चले गोली और बम। बमबाजी में पुलिस का एएसआई घायल। विशेष संवाददाता जबलपुर। विधानसभा चुनाव में मतदान के दौरान जिले के घमापुर क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी अंचल सोनकर तथा कांग्रेस प्रत्याशी लखन घनघोरिया के गुटों में टकराव हो गया। इस दौरान फायरिंग की घटना में एएसआई गोपाल सिंह को चोट आई है और उसके कान में छर्रे लगे हैं। जबलपुर में मतदान के अंतिम 15 मिनट में कई स्थानों पर हिंसक वारदात घटित हुई। पूर्व विधानसभा क्षेत्र के घमापुर में फायरिंग की घटना में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। इस विधानसभा क्षेत्र के भान तलैया क्षेत्र में पथराव की घटना भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह के अनुसार मतदान के अंतिम 15 मिनट में कई स्थानों में हिसंक घटना घटित हुई हैं। पूर्व विधानसभा के अंतर्गत घमापुर क्षेत्र में कांग्रेस भाजपा प्रत्याशी अंचल सोनकर तथा कांग्रेस प्रत्याशी लखन घनघोरिया के गुटों में टकराव हो गया। इस दौरान फायरिंग की घटना में एएसआई गोपाल सिंह को चोट आई है और उसके कान में छर्रे लगे हैं। हिंसा के मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, टकराव के कारण व आरोपियों के संबंध में जांच जारी है। उन्होंने बताया कि पूर्व विधानसभा के अंतर्गत भान तलैया क्षेत्र में पथराव की घटना हुई है। केंट विधानसभा अंतर्गत गोराबाजार तथा रांझी क्षेत्र में कांग्रेस व भाजपा प्रत्याशी के समर्थक आमने-सामने आ गए थे। मध्य-उत्तर विधानसभा अंतर्गत मिलौनीगंज तथा हनुमानताल क्षेत्र में भी टकराव की स्थिति निर्मित हुई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार कांग्रेस प्रत्याशी समर्थक तथा पूर्व पार्षद कल्लन गुप्ता के कार्यालय के सामने हुई हिंसक वारदात के दौरान फायरिंग के साथ जमकर बम व पत्थर चले। इस हिंसक वारदात में कई व्यक्तियों को चोटें आई हैं। इसके बाद सांसद राकेश सिंह, भाजपा प्रत्याशी अंचल सोनकर सहित कई भाजपा नेता थाने पहुंच गए थे। यह हिंसक घटना पुलिस बल की मौजूदगी में हुई। पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल में पहुंचकर मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रित करने पुलिस को हलके बल का प्रयोग भी करना था। घटना के बाद क्षेत्र में पूरी तरह से सन्नाटा पसर गया था।

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