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आईबीडी कॉलोनी के रोड का होगा चौड़ीकरण : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने आईबीडी कॉलोनी की सड़क के चौड़ीकारण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निवास कार्यालय पर हुई बैठक के दौरान कहा कि रायसेन रोड पटेल नगर इस्कॉन मंदिर से खजूरीकलां तक जाने वाली सड़क है। यह सड़क आईबीडी कॉलोनी को रायसेन रोड पटेल नगर से जोड़ती है। इस सड़क पर कॉलोनी की ढाई हजार से अधिक आबादी को आवागमन में समस्या हो रही है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने समस्या के निराकरण के लिए सड़क से अतिक्रमण को हटाकर सड़क चौड़ीकरण के आदेश दिए हैं। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने एसडीएम को सड़क का सीमांकन कर अतिक्रमण हटाने के लिए कहा। उन्होंने संबंधित सभी पक्षों और अधिकारियों के साथ मीटिंग में चर्चा कर रहवासियों की समस्याओं का निराकरण किया। उन्होंने कहा कि ओरिएंटल कॉलेज के द्वारा अपनी बसों को सड़क पर पार्क करने से आवागमन बाधित करना गंभीर बात है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि रायसेन रोड से प्रारंभ होकर आईबीडी कॉलोनी होते हुए खजूरीकलां को जोड़ने वाले रोड की चौड़ाई जितना संभव होगा बढ़ाई जाएगी। यह सड़क मास्टर प्लान की सड़क है। सड़क पर किसी को भी अतिक्रमण नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क पर कॉलेज के स्वीमिंग पूल का पानी सड़क पर आता है, इससे सड़क जल्दी उखड़ जाती है। इस समस्या को भी पाइप-लाइन डालकर दुरुस्त किया जाएगा। बैठक में एसडीएम श्री के.एल. खरे, सुनीता सिंह, नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौजूद रहे।  

सोशल मीडिया जानकारी का सबसे प्रभावी माध्यम, सत्यता की पुष्टि के बाद ही खबर प्रसारित करें: संचालक जनसम्पर्क श्री गुप्ता

भोपाल समय में सोशल मीडिया जानकारी का सबसे प्रभावी माध्यम बन गया है। लेकिन इसके साथ हमारी जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। खबर की सत्यता की पुष्टि के बाद ही सोशल मीडिया पर खबर प्रसारित करें। पोस्ट बनाते समय डीपीडीटी अधिनियम का पालन करना, पाठकों की रुचि और समझ का ध्यान रखना और सामग्री को सरल और प्रभावी बनाना आवश्यक है। संचालक, जनसम्पर्क श्री अंशुल गुप्ता ने कहा कि यह ध्यान रखना चाहिए कि सोशल मीडिया पर साझा की गई सामग्री सकारात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी हो। जनता हमारे लिखे और बोले पर भरोसा करती है, इसलिए फैक्ट अवश्य चैक करें। खबर तथ्यपरक और सही होने से जनता में हमारा भरोसा बढ़ता है। संचालक श्री गुप्ता आज संभागीय जनसम्पर्क कार्यालय, भोपाल द्वारा आयोजित “सोशल मीडिया एवं न्यू एज मीडिया” विषय पर संभागीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में डिजिटल मार्केटिंग, वीडियो एडिटिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग और स्क्रिप्ट राइटिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई। कार्यशाला में इन्फ्लुएंसर्स को आधुनिक डिजिटल टूल्स और नवीनतम तकनीकों से परिचित कराया गया। साथ ही उन्हें प्रशासनिक और सामुदायिक कार्यक्रमों में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। वर्कशॉप में डिजिटल मीडिया के प्रभाव, ब्रांड प्रमोशन की रणनीतियों और प्रभावी संवाद कौशल पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञ वक्ताओं ने डिजिटल मार्केटिंग के नवीनतम ट्रेंड्स, प्रभावी कहानी, कहने की कला और रचनात्मक कौशल विकसित करने के तरीकों को सरल और व्यावहारिक तरीके से समझाया। प्रतिभागियों ने सत्रों के दौरान तकनीकी और रचनात्मक पक्ष से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं को सीखा, जिसमें वीडियो शूटिंग के दौरान रोशनी और फ्रेमिंग की तकनीकें, ग्राफिक डिजाइनिंग के मूल सिद्धांत और कहानी को प्रभावी ढंग से लिखने की विधियां शामिल थीं। प्रतिभागियों ने आधुनिक तकनीक और कौशल के साथ डिजिटल युग में अपनी जिम्मेदारियों को और प्रभावी तरीके से निभाने की प्रेरणा ली। अपर संचालक जनसंपर्क श्री संजय जैन, श्री जी. एस. वाधवा भी उपस्थित थे। कार्यशाला का संचालन संयुक्त संचालक जनसम्पर्क श्री पंकज मित्तल ने एवं आभार प्रदर्शन उप संचालक श्री अरूण शर्मा ने किया। कार्यशाला में सोशल मीडिया विशेषज्ञ श्री आर्यन चतुर्वेदी, श्री सर्वेश पंचोली, श्री इरशाद अहमद जैदी, श्री सतीश कुशवाह ने जानकारी दी। कार्यशाला में भोपाल संभाग के सभी जिलों के जनसंपर्क अधिकारी, सोशल मीडिया हैण्डलर एवं सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसरों ने भाग लिया।  

ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने किया साबरमती आश्रम अहमदाबाद का भ्रमण

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मंगलवार को अपने तीन दिवसीय दौरे के अंतिम दिन अहमदाबाद में साबरमती आश्रम का भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि यहाँ के शांतिपूर्ण और ऐतिहासिक वातावरण ने मन को गहराई तक छू लिया। यह स्थान महात्मा गांधी के सिद्धांतों और उनके संघर्षों की गवाही देता है। आश्रम की सादगी और सौंदर्य ने हर किसी को प्रेरित किया। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि साबरमती आश्रम भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का एक प्रमुख केंद्र रहा है और आज भी यह अहिंसा व सत्य के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य कर रहा है। इस दौरे से न केवल ऐतिहासिक जानकारी मिली, बल्कि एक अद्वितीय मानसिक शांति का अनुभव भी हुआ। उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि साबरमती आश्रम हमेशा से अतुलनीय ऊर्जा का जीवंत केंद्र रहा है और हम अपने आप में बापू की प्रेरणा को महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि साबरमती आश्रम देश की ही नहीं, बल्कि मानव जाति की ऐतिहासिक धरोहर है। यहां आकर मन को शांति मिलती है। उन्होंने साबरमती आश्रम आकर गांधी जी के जीवन और सिद्धांतों के सम्बन्ध में जानकारी हासिल की। इसके बाद आश्रम में मगन निवास, उपासना मंदिर, हृदयकुंज, विनोबा-मीरा कुटीर, नंदिनी, उद्योग मंदिर, सोमनाथ छात्रालय का भ्रमण किया। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने आश्रम में विजिटर्स बुक में अपने विचार लिखे तथा बापू का चरखा भी चलाया। उन्होंने खादी से बना कुर्ता और कुछ महत्वपूर्ण किताबें खरीदते हुए कहा कि यह न केवल महात्मा गांधी जी के विचारों को नमन है, बल्कि स्वदेशी और आत्म निर्भर भारत की दिशा में एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण कदम भी है। खादी हमारे स्वाभिमान और आत्म निर्भरता का प्रतीक है। आइए स्वदेशी अपनाएं और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें। उन्होंने आश्रम में आए युवा पर्यटकों से भी बातचीत कर अनुभव साझा किए।

दृष्टिकोण और लक्ष्यों को एकीकृत करने हुई विज़न एमपी@2047 कार्यशाला

भोपाल  “शिक्षा और कौशल विकास” पर केंद्रित एक उच्च स्तरीय कार्यशाला मंगलवार को भोपाल के वल्लभ भवन में विज़न एमपी@2047 पहल के तहत किया गया। उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव श्री अनुपम राजन की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और विभिन्न हितधारकों ने मध्यप्रदेश में शिक्षा और कौशल विकास के ढांचे को सशक्त बनाने के लिए बदलावकारी रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया। महिला एवं बाल विकास के प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी, सचिव तकनीकी शिक्षा, श्री रघुराम राजेंद्रन, सचिव स्कूल शिक्षा, श्री संजय गोयल, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री निशांत वरवड़े और आयुक्त आदिवासी विकास श्री श्रीमन शुक्ला सहित राज्य नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री ऋषि गर्ग, राज्य नीति आयोग और BCG के अधिकारी उपस्थित थे। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षा और कौशल विकास के लिए विज़न एमपी@2047 के तहत दृष्टिकोण और लक्ष्यों को एकीकृत करना है। चर्चा की थीम विभिन्न शैक्षणिक स्तरों पर सकल नामांकन अनुपात (GER) में मौजूदा महत्वपूर्ण अंतर को पाटने और जनजातीय एवं ग्रामीण आबादी थी। प्रतिभागियों ने स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों में कौशल-आधारित शिक्षा को एकीकृत करने और मिशन अंकुर और सीएम राइज़ स्कूल जैसी पहलों के माध्यम से बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता को बढ़ावा देने के लिए रणनीतियों पर भी चर्चा की। विज़न एमपी@2047 के तहत मध्य प्रदेश को नवाचार और समृद्धि के केंद्र में बदलने पर जोर दिया जाना है। इसका लक्ष्य स्कूलों में सर्वोच्च सकल नामांकन अनुपात (GER) हासिल करना, विश्वस्तरीय अनुसंधान और नवाचार सुविधाएं विकसित करना, और समाज के सभी वर्गों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करना है। प्रदेश में प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर शिक्षा की डिलीवरी को डिजिटाइज़ करने, और व्यक्तिगत एवं सुलभ शिक्षण अनुभव प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। विजन एमपी@2047 में विभागों को 2 दिसंबर 2024 तक अपनी प्राथमिकताएं और सुझाव साझा करने के लिए आमंत्रित किया गया है। अगली कार्यशाला में हस्तक्षेपों को प्राथमिकता देने और इन लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए कार्यान्वयन की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा।  

संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने पर भोपाल में निकली संविधान दिवस पदयात्रा

भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि हमारे देश का संविधान ही धर्मग्रन्थ है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का साधुवाद करते हुए कहा कि सम्पूर्ण देश में आज संविधान दिवस पर पद यात्रा का आयोजन कर हम सबको प्रेरणा दी है कि लोकतंत्र में आज हम आजाद हिन्दुस्तानी के नाते जी रहे है। मंत्री श्री सारंग शौर्य स्मारक में संविधान दिवस पद यात्रा के शुभारंभ अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। शक्तिशाली हिन्दुस्तान बनाने का संकल्प मंत्री श्री सारंग ने कहा कि वर्षों की गुलामी के बाद हजारों क्रांतिकारियों की कुर्बानी के बाद से हमें आजादी मिली है। आजादी के बाद किस व्यवस्था के तहत कार्य होगा। हमारा संविधान, नियम, कायदें क्या होंगे इसको लेकर गहन चिंतन हुआ और बाबा साहेब के नेतृत्व में संविधान सभा में संविधान बनाया गया। मंत्री श्री सारंग ने बाबा साहेब के प्रति कृतज्ञता और नमन करते हुए कहा कि उन्होंने सबसे बड़े लोकतंत्र का संविधान बनाया। आज के ही दिन वर्ष 1949 में यह संविधान बनकर तैयार हुआ और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। आज हम सब संविधान भावनाओं को संकल्प के रूम में ग्रहण करके आजाद हिन्दुस्तान को शक्तिशाली हिन्दुस्तान बनाने के संकल्प के साथ पद यात्रा में शामिल हो रहे है। यह शौर्य स्मारक शूरवीर की शाहदत का प्रतीक है। बाबा साहेब के विचारों को करें आत्मसात मंत्री श्री सारंग ने बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करने को कहा। उन्होंने क्रांतिकारियों को नमन किया, जिन्होंने देश की आजादी के लिये अपना सर्वस्व निछावर किया। मंत्री श्री सारंग ने युवाओं का आहवान किया कि भारत माता के लिये पूरी सिद्दत के साथ उन्हीं के लिये जीएंगे और जरूरत पड़ने पर तैयार रहेंगे। यह हिन्दुस्तान एक बार फिर विश्वगुरू के रूप में स्थापित हो। यहीं हमारा कर्त्तव्य ओर संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का रिकार्डेड संदेश भी सुनवाया गया। साथ ही संविधान की प्रस्तावना का वाचन और राष्ट्रगान भी हुआ। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा और भगवानदास सबनानी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरूआत में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर, भारत माता एवं सरदार वल्लभ भाई पटेल के चित्र पर पुष्पाजंलि अर्पित की। संविधान की प्रतिकृति को नमन कर संविधान दिवस पदयात्रा की शुरूआत की गई। संविधान दिवस पदयात्रा शौर्य स्मारक से आरंभ होकर बोर्ड ऑफिस चौराहे पर अंबेडकर जी की प्रतिमा की परिक्रमा और नमन के साथ माल्यार्पण कर पुन: शौर्य स्मारक पर आगमन के साथ समाप्त हुई। यह रहे आकर्षण का केन्द्र देश के संविधान की प्रतिकृति वाहन में पद यात्रा के दौरान साथ रहीं। पुलिस बैंड की धुन पर पदयात्रा अग्रसर होती रही। पारम्परिक वेशभूषा में संस्कृति की झलक दिखलाते हुए स्कूली बच्चें भी पद यात्रा में शामिल हुए। इस भव्य आयोजन में खिलाड़ी कपिल परमार, ऐश्वर्य प्रताप सिंह, आर्शी चौकसे, साक्षी भारद्वाज, पर्वतारोही भगवान सिंह, ज्योति रात्रे भी शामिल हुई। पदयात्रा शुरू होने के दौरान पदयात्रा रोककर एम्बुलेंस को प्राथमिकता देकर निकलवाया गया। पद यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा की गई। पद यात्रा वन्दे मातरम्, हमारा संविधान-हमारी शान, भारत माता के जयकारों के साथ पूर्ण अनुशासन में निकाली गई। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव खेल एवं युवा कल्याण श्री मनु श्रीवास्तव, खेल संचालक श्री रवि कुमार गुप्ता, संयुक्त संचालक श्री बीएल यादव, ओलम्पिक खिलाड़ी सहित पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ी और 15 हजार से अधिक युवा शामिल हुए। खेल और युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान में यह पदयात्रा विभिन्न विभागों के सहयोग से की निकाली गई। इसमें खेल, स्कूल, उच्च, तनकीनी शिक्षा, आदिम जाति कल्याण विभाग राष्ट्रीय सेवा योजना और नेहरू युवा केंद्र जैसे संगठनों ने भी भागीदारी की। अंत में संयुक्त संचालक खेल श्री बीएल यादव ने आभार माना।  

संस्कृति, परंपराओं और शौर्य की भावना को आत्मसात करने के लिए प्रेरित करेगा गौर संग्रहालय : उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि गौर संग्रहालय कला, संस्कृति और शौर्य का अद्वितीय समन्वय है। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय न केवल डॉ. हरीसिंह गौर के जीवन, उनके विचारों और उनके द्वारा किए गए योगदान को प्रदर्शित करता है, बल्कि बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश की समृद्ध विरासत को को संजोए हुए है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर में शौर्य, संस्कृति एवं कला संग्रहालय का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री ने इसे क्षेत्र के लिए गर्व का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह संग्रहालय नई पीढ़ी को न केवल अतीत से परिचित कराएगा, बल्कि उन्हें अपनी संस्कृति, परंपराओं और शौर्य की भावना को आत्मसात करने के लिए प्रेरित करेगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सभी को गौर संग्रहालय का भ्रमण करने और इसे व्यापक स्तर पर प्रचारित करने का आह्वान किया। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, विधायक सागर श्री शैलेन्द्र जैन, कुलाधिपति श्री कन्हैया लाल बेरवाल, और कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता भी उपस्थित रहे। संग्रहालय की विशेषताएं डॉ. गौर से संबंधित सामग्री: संग्रहालय में डॉ. हरीसिंह गौर से संबंधित साहित्य, उनके जीवन से जुड़ी दुर्लभ जानकारियां और सामग्री प्रदर्शित की गई है। जनजातीय संस्कृति: जनजातीय समाज की अनूठी संस्कृति, उनकी परंपराओं और उनके संघर्षों से संबंधित सामग्री प्रदर्शित है। शौर्य गाथाएं: बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश के वीर सेनानियों के पोर्ट्रेट और उनकी वीरगाथाएं संग्रहालय का हिस्सा हैं। जैव विविधता और भूगर्भशास्त्र: मध्यप्रदेश की जैव विविधता और भूगर्भशास्त्रीय जानकारियां भी संग्रहालय में प्रदर्शित हैं। एनसीसी प्रदर्शनियां: राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) से संबंधित सामग्री और जानकारी भी संग्रहालय में प्रदर्शित की गई है। लोक कला और परंपराएं: बुंदेलखंड की लोक कला, पारंपरिक वाद्य यंत्र, और देशज परंपराओं को संग्रहालय में प्रमुखता से स्थान दिया गया है। आजादी के नायक: भारत की आजादी में बुंदेलखंड के योगदान को रेखांकित करते हुए स्थानीय जननायकों की कहानियां और गाथाएं भी संग्रहालय में प्रदर्शित की गई हैं।  

आईटी के क्षेत्र में आत्म-निर्भर हो रहा है मध्यप्रदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश आईटी क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है। राज्य सरकार ने आईटी क्षेत्र में विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिये प्रमुख शहरों- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में आईटी पार्क की स्थापना की है। इन पार्कों में अत्याधनिक सुविधाओं और कंपनियों को प्रोत्साहन देकर रोजगार के नये अवसर पैदा किये जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में 5 आईटी स्पेशल इकॉनॉमिक जोन स्थापित हैं और 15 से ज्यादा आईटी पार्क बनाये गये हैं। इससे 1.5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। आईटी पार्क, भोपाल भोपाल के ग्राम बड़वई में 204 एकड़ भूमि पर आईटी पार्क स्थापित है जिसमें 78 कंपनियों को 109 भूखंड आवंटित किए गए हैं। इनमें से 12 इकाइयों ने उत्पादन शुरू कर दिया है और 48 कंपनियों ने निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया है। अब तक लगभग 1200 रोजगार सृजित हुए हैं। आईटी पार्क, परदेशीपुरा (इंदौर) इंदौर के परदेशीपुरा में 5 एकड़ भूमि पर निर्मित 2 भवनों में 16 कंपनियां कार्यरत हैं, जिससे 600 नागरिकों को रोजगार मिला है। यहां इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा 48 करोड़ रुपये की लागत से आईटी भवन का विस्तार किया गया, जिससे 2500 नागरिकों को रोजगार मिला है। इससे भविष्य में 1000 और रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। आईटी पार्क, सिंहासा (इंदौर) सिंहासा, इंदौर में 112 एकड़ भूमि पर विकसित आईटी पार्क में 32 कंपनियों को भूमि आवंटित की गई है। यहां 5 एकड़ भूखंड पर निर्मित 80 हजार वर्गफीट भवन से 2000 रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। आईटी पार्क, ग्वालियर ग्वालियर के मालनपुर में 20.76 एकड़ भूमि पर विकसित आईटी पार्क में 73 हजार वर्गफीट भवन बनाया गया है, जिसमें 250 लोगों को रोजगार मिला है। साथ ही, 75 एकड़ भूमि पर एक नए आईटी पार्क के विकास का प्रस्ताव है। आईटी पार्क, जबलपुर जबलपुर के ग्राम पुरवा में 63 एकड़ भूमि पर विकसित आईटी पार्क में 87 कंपनियों को 101 भूखंड आवंटित किए गए हैं। यहां 22 इकाइयों ने उत्पादन शुरू कर दिया है, जिससे लगभग 1700 नागरिकों को रोजगार मिला है। इन आईटी पार्कों के जरिए मध्यप्रदेश तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने के साथ ही रोजगार सृजन और निवेश को प्रोत्साहन देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।  

रेलवे लाईन के विस्तार से प्रदेश के नागरिकों को सुविधा और पर्यटन को मिलेगा प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा रेल मंत्रालय की 7 हजार 927 करोड़ रुपये लागत की 3 मल्टी ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान करने पर प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्रीय कैबिनेट का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में रेलवे के बढ़ते नेटवर्क से प्रदेश विकास पथ पर तीव्र गति से अग्रसर है, प्रदेशवासियों के लिए आवागमन भी तीव्र गति से सुगम हुआ है। प्रदेश को मिल रही नित नई सौगातों के लिए प्रदेशवासी प्रधानमंत्री श्री मोदी और रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि रेल लाइन के विस्तार से धार्मिक, सांस्कृतिक एवं इको पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा। इस पहल से प्रदेश में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग (खंडवा), खजुराहो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, असीरगढ़ किला और रीवा किला जैसे विभिन्न आकर्षणों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। मध्यप्रदेश सहित महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश के 7 जिलें होंगे कवर उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री-मंडल ने रेल मंत्रालय की 3 परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनकी लागत 7 हजार 927 करोड़ रुपये है। इनमें जलगांव-मनमाड चौथी लाइन (160 किमी), भुसावल-खंडवा तीसरी और चौथी लाइन (131 किमी) तथा प्रयागराज (इरादतगंज) मानिकपुर तीसरी लाइन (84 किमी) शामिल हैं। ये परियोजनाएँ 3 राज्यों अर्थात महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के 7 जिलों को कवर करेंगी। इससे भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 639 किलोमीटर की वृद्धि होगी। निर्माण अवधि के दौरान लगभग एक लाख मानव-दिनों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होंगे। इससे कोयला परिवहन और यात्री ट्रेनों के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी और मालगाड़ी के यात्रा समय में कमी करने में भी मदद मिलेगी। तीर्थ यात्रियों, प्रकृति प्रेमियों को मिलेगा लाभ स्वीकृत परियोजना खंडवा और चित्रकूट जैसे 2 आकांक्षी जिलों में कनेक्टिविटी बढ़ाएगी, जिससे लगभग एक हजार 319 गांवों और लगभग 38 लाख आबादी को सेवा मिलेगी। मुंबई-प्रयागराज-वाराणसी रूट पर अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन को सक्षम करके कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा। नासिक (त्र्यंबकेश्वर) और वाराणसी (काशी विश्वनाथ) के ज्योतिर्लिंग के साथ प्रयागराज, चित्रकूट, गया और शिरडी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को लाभ होगा। अजंता और एलोरा गुफाएँ यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, देवगिरी किला, यावल वन्यजीव अभयारण्य, केवटी फॉल्स और पुरवा फॉल्स आदि जैसे विभिन्न आकर्षणों तक बेहतर पहुँच के माध्यम से प्रकृति प्रेमियों और इतिहास में रूचि रखने वाले पर्यटकों को भी सुविधा होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

भारत की एकजुटता को बनाए रखने में बाबा साहेब अंबेडकर का योगदान महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संविधान दिवस पर लंदन स्थित डॉ. बी.आर. अंबेडकर हाउस में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यहाँ भारतीय संविधान की प्रति लेकर पहुंचे और उनके साथ प्रवास पर गए दल के सदस्यों के साथ संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विजिटर्स बुक में अपने विचार अंकित किए तथा संग्रहालय का अवलोकन भी किया। उल्लेखनीय है कि डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने अध्ययन के लिए लंदन आने पर इस भवन में वर्ष 1921-1922 में निवास किया था। डॉ. अंबेडकर, अपनी क्षमता और योग्यता के बल पर आगे बढ़ने के श्रेष्ठतम उदाहरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत यदि आज एकजुट है, तो इसमें बड़ा योगदान श्रद्धेय बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का है, जिन्होंने समय रहते उस बीमारी को पहचाना, जिसके कारण समाज में फूट या अलगाव उत्पन्न होने की संभावना थी। विभिन्न कठिनाइयों के बावजूद, व्यक्ति अपनी क्षमता और योग्यता के बल पर कैसे आगे बढ़ सकता है, डॉ. अंबेडकर इसके सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं। उन्होंने जातिगत भिन्नता और विषमता से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों को भांपकर देश की एकजुटता बनाए रखने के प्रयास किए। 26 नवंबर को होती है संविधान सभा के सदस्य डॉ. गौर की जयंती मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के संदर्भ में 26 नवंबर संविधान दिवस का विशेष महत्व इस कारण भी है, क्योंकि सागर विश्वविद्यालय के संस्थापक और संविधान सभा के सदस्य डॉ. हरिसिंह गौर की आज ही जयंती भी है। डॉ. गौर ने अपनी संपूर्ण सम्पत्ति सागर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए दान दी थी। सागर विश्वविद्यालय ने बुंदेलखंड क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाकर क्षेत्रवासियों की प्रगति का पथ प्रशस्त किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अंबेडकर के जीवन से जुड़े स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा साहेब अंबेडकर के जीवन से जुड़े स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा‍कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की इस पहल से जनसामान्य को बाबा साहेब अंबेडकर के जीवन और विचारों को जानने-समझने और देखने का अवसर प्राप्त हुआ है। संविधान में बताए मार्ग पर चलने से ही संविधान की आत्मा के साथ होगा न्याय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि संविधान की मूल भावना से प्रदेशवासियों को अवगत कराने के उद्देश्य से वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम किए जाएंगे। जन-सामान्य को संविधान के संबंध में जानकारी प्राप्त करने का अवसर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर उपलब्ध हो रहा है। संविधान की आत्मा के साथ न्याय तब होगा जब हम देश भक्ति से सराबोर होकर संविधान में बताए मार्ग पर चलेंगे। “हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान” की थीम पर वर्षभर प्रदेश में कार्यक्रम होंगे। गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने देशवासियों से संविधान दिवस पर संविधान की शपथ लेने और संपूर्ण वर्ष इससे संबंधित उत्सव मनाने का आहवान किया है। संविधान की महिमा को उत्सव के रूप में मनाया जाएगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संविधान से संबंधित कार्यक्रम चार स्तंभों पर आयोजित किए जाएंगे। संविधान की प्रस्तावना को समझने के लिए लोग सक्षम बनें, अपने संविधान को लोग जाने, संविधान का‍निर्माण होने में जो परिश्रम, विचार-विमर्श हुआ, जो कठिनाई आयी, यह भी सभी के सामने आना चाहिए। हमारा संविधान केवल भाषा या विचार ही नहीं है, इसमें चित्रों का संग्रह भी है। यह संविधान की महिमा को उत्सव के रूप में मनाने का प्रयास है। संविधान दिवस पर लंदन के अंबेडकर हाउस आना सुखद संयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में फरवरी माह में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में निवेशकों और उद्योग समूहों को आमंत्रित करने के उद्देश्य से लंदन यात्रा के दौरान यह सुखद संयोग निर्मित हुआ कि संविधान दिवस पर उस भवन में आने का अवसर प्राप्त हुआ, जहां बाबा साहेब अंबेडकर लंदन प्रवास के दौरान रहे थे।  

मोदी सरकार ने दी सौगात, MP रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी मजबूती, तीसरी और चौथी रेल लाइन को मंजूरी मिली

नई दिल्ली  नरेंद्र मोदी सरकार ने रेलवे के 3 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी. इन प्रोजेक्ट्स की अनुमानित लागत 7927 करोड़ रुपये है. यह परियोजनाएं महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लिए मंजूर की गई हैं. यह 3 प्रोजेक्ट्स रेल मंत्रालय के अंतर्गत आएंगे और इनसे रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में 639 किलोमीटर का इजाफा होने की उम्मीद है. जिन 3 प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दिखाई गई है वह इस प्रकार हैं- जलगांव-मनमाड चौथी लाइन, बुसावल-खंडवा तीसरी और चौथी लाइन, प्रयागराज-माणिकपुर तीसरी लाइन. इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य कनेक्टिविटी को बेहतर और यात्रा को सुगम बनाने के साथ-साथ लॉजिस्टिक कॉस्ट को घटाना है. श्रद्धालुओं के लिए तोहफा केंद्र सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है, “इन प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स के तहत मुंबई-प्रयागराज-वाराणसी रूट पर अतिरिक्त ट्रेनों को चलाकर कनेक्टिविटी को बढ़ाया जाएगा. इससे नासिक में ज्योतिर्लिंग, खंडवा में ओमकारेश्वर और वाराणसी में काशी विश्वनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी. इसके अलावा प्रयागराज, चित्रकूट, गया और शिरडी जाने वाले तीर्थ यात्रियों का सफर भी सुगम होगा.” सरकार का मानना है कि यह प्रोजेक्ट्स खजुराहो, अजंता एलोरा की गुफाएं, देवगिरी फोर्ट, असिरगढ़ फोर्ट, रेवा फोर्ट, यवल वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी, क्योटी और पूर्वा फॉल्स जैसे टूरिस्ट अट्रेक्शन पर भी पर्यटन को बढ़ावा देंगे. व्यापार को बढ़ावा इन रूट्स पर कृषि उत्पाद, फर्टिलाइजर, कोयला, स्टील, सीमेंट और कंटेनर्स को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा जाएगा. सरकार ने कहा है कि यात्रा व ट्रांसपोर्ट के लिए रेलवे एक एनवायरमेंट फ्रेंडली साधन है जिससे लॉजिस्टिक कॉस्ट तो घटेगी ही पर्यावरण लक्ष्यों को पाने में मदद मिलेगी. कृषि प्रोजेक्ट को भी मंजूरी इस बीच, सरकार ने अगले दो वर्षों में ₹2,481 करोड़ के खर्च के साथ 7.5 लाख हेक्टेयर भूमि पर एक करोड़ किसानों के बीच प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय मिशन की घोषणा की है. ये परियोजनाएं हैं जलगांव-मनमाड चौथी लाइन (160 किमी) भुसावल-खंडवा तीसरी और चौथी लाइन (131 किमी) प्रयागराज (इरादतगंज)-मानिकपुर तीसरी लाइन (84 किमी) प्रस्तावित मल्टी-ट्रैक परियोजनाओं से परिचालन आसान होगा और भीड़भाड़ कम होगी, जिससे मुंबई और प्रयागराज के बीच सबसे व्यस्ततम खंडों पर आवश्यक अवसंरचना का विकास होगा. तीर्थयात्रियों को मिलेगा लाभ प्रस्तावित परियोजनाएं अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन को सक्षम करके मुंबई-प्रयागराज-वाराणसी मार्ग पर परिवहन सुविधा बढ़ाएंगी, जिससे नासिक (त्र्यंबकेश्वर), खंडवा (ओंकारेश्वर) और वाराणसी (काशी विश्वनाथ) स्थित ज्योतिर्लिंगों के साथ-साथ प्रयागराज, चित्रकूट, गया और शिरडी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को लाभ होगा. पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा इसके अतिरिक्त, परियोजनाएं खजुराहो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, अजंता और एलोरा गुफाएं यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, देवगिरी किला, असीरगढ़ किला, रीवा किला, यावल वन्यजीव अभयारण्य, केओटी जलप्रपात और पुरवा जलप्रपात जैसे विभिन्न आकर्षणों तक बेहतर पहुंच के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा देंगी. हो सकेगी अतिरिक्त माल ढुलाई ये कृषि उत्पादों, उर्वरक, कोयला, इस्पात, सीमेंट, कंटेनर जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक मार्ग हैं. क्षमता वृद्धि कार्यों के परिणामस्वरूप 51 एमटीपीए (मिलियन टन प्रति वर्ष) की अतिरिक्त माल ढुलाई होगी. रेलवे पर्यावरण-अनुकूल और ऊर्जा-कुशल परिवहन का साधन है, जिससे जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने, देश की लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने, तथा कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन (271 करोड़ किलोग्राम) को कम करने में मदद मिलेगी, जो 11 करोड़ पेड़ लगाने से पर्यावरण को होने वाले लाभ के बराबर है.

रेल मंत्रालय की 7,927 करोड़ रुपये लागत की 3 मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी

रेलवे लाईन के विस्तार से प्रदेश के नागरिकों को सुविधा और पर्यटन को मिलेगा प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने रेलवे की तीन मल्टी ट्रैकिंग परियोजना को मिली मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय कैबिनेट का माना आभार रेल मंत्रालय की 7,927 करोड़ रुपये लागत की 3 मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा रेल मंत्रालय की 7 हजार 927 करोड़ रुपये लागत की 3 मल्टी ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान करने पर प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय कैबिनेट का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में रेलवे के बढ़ते नेटवर्क से प्रदेश विकास पथ पर तीव्र गति से अग्रसर है, प्रदेशवासियों के लिए आवागमन भी तीव्र गति से सुगम हुआ है। प्रदेश को मिल रही नित नई सौगातों के लिए प्रदेशवासी प्रधानमंत्री मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि रेल लाइन के विस्तार से धार्मिक, सांस्कृतिक एवं इको पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा। इस पहल से प्रदेश में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग (खंडवा), खजुराहो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, असीरगढ़ किला और रीवा किला जैसे विभिन्न आकर्षणों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। मध्यप्रदेश सहित महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश के 7 जिलें होंगे कवर उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री-मंडल ने रेल मंत्रालय की 3 परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनकी लागत 7 हजार 927 करोड़ रुपये है। इनमें जलगांव-मनमाड चौथी लाइन (160 किमी), भुसावल-खंडवा तीसरी और चौथी लाइन (131 किमी) तथा प्रयागराज (इरादतगंज) मानिकपुर तीसरी लाइन (84 किमी) शामिल हैं। ये परियोजनाएँ 3 राज्यों अर्थात महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के 7 जिलों को कवर करेंगी। इससे भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 639 किलोमीटर की वृद्धि होगी। निर्माण अवधि के दौरान लगभग एक लाख मानव-दिनों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होंगे। इससे कोयला परिवहन और यात्री ट्रेनों के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी और मालगाड़ी के यात्रा समय में कमी करने में भी मदद मिलेगी। तीर्थ यात्रियों, प्रकृति प्रेमियों को मिलेगा लाभ स्वीकृत परियोजना खंडवा और चित्रकूट जैसे 2 आकांक्षी जिलों में कनेक्टिविटी बढ़ाएगी, जिससे लगभग एक हजार 319 गांवों और लगभग 38 लाख आबादी को सेवा मिलेगी। मुंबई-प्रयागराज-वाराणसी रूट पर अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन को सक्षम करके कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा। नासिक (त्र्यंबकेश्वर) और वाराणसी (काशी विश्वनाथ) के ज्योतिर्लिंग के साथ प्रयागराज, चित्रकूट, गया और शिरडी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को लाभ होगा। अजंता और एलोरा गुफाएँ यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, देवगिरी किला, यावल वन्यजीव अभयारण्य, केवटी फॉल्स और पुरवा फॉल्स आदि जैसे विभिन्न आकर्षणों तक बेहतर पहुँच के माध्यम से प्रकृति प्रेमियों और इतिहास में रूचि रखने वाले पर्यटकों को भी सुविधा होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

संभल पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा अभी तो ये 20% हैं तो पत्थरबाजी, 50 हुए तो उठा ले जाएंगे बेटियां

छतरपुर मध्य प्रदेश में इन दिनों ‘हिंदू एकता यात्रा’ पर निकले बाबा बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने उत्तर प्रदेश के संभल में हुई घटना को लेकर मुसलमानों पर विवादित बयान दिया है। बाबा बागेश्वर ने कहा कि अभी वे 20 फीसदी हैं तो पत्थरबाजी कर रहे हैं, 50 पर्सेंट हो गए तो बेटियों को उठा ले जाएंगे। उन्होंने हिंदुओं से एकजुट होने की अपील की। यात्रा के दौरान   बाबा बागेश्वर से जब संभल की घटना को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘अभी तो हमारी एकता पर फोकस है। यदि तो हम हिंदुओं को बताना चाहते हैं कि 20 पर्सेंट में वो पत्थरबाजी कर रहे हैं 50 हो जाएंगे तो तुम्हारे घरों की बेटियों को उठा ले जाएंगे।’ उन्होंने कहा कि संभल के उपद्रवियों को जेलर के हाथ सौंपने की आवश्यकता है। बाबा ने यह भी कहा कि देश में 100 करोड़ हिंदू हैं, एक करोड़ को सड़क पर आना चाहिए नहीं तो आने वाले समय में वे घरों में कब्जा कर लेंगे। जाति का भेदभाव मिटाने के उद्देश्य से निकाली जा रही यात्रा के दौरान सोमवार को उन्होंने कहा कि भारत को बांग्लादेश नहीं बनाना चाहते तो तो जात-पात से ऊपर उठ जाओ। बॉलिवुड अभिनेता संजय दत्त भी उनकी यात्रा में शामिल हुए। बाबा बागेश्वर की यह यात्रा 29 नवंबर को पूरी होगी। छतरपुर के अपने आश्रम से वह ओरछा के राम राजा दरबार तक यह यात्रा निकाल रहे हैं। बागेश्वर बाबा की यात्रा में भारी भीड़ उमड़ रही है। क्या हुआ संभल में? एक स्थानीय अदालत के आदेश पर पिछले मंगलवार को जामा मस्जिद का सर्वेक्षण किया गया था जिसके बाद से संभल में पिछले कुछ दिनों से तनाव व्याप्त था। रविवार को दोबारा टीम सर्वेक्षण के लिए पहुंची तो हिंसा भड़क उठी। पत्थराव और गोलीबारी में 4 लोगों की मौत हो गई तो कई लोग जख्मी हो गए। हिंदू पक्ष का दावा है कि यह मस्जिद पूर्व में हरिहर मंदिर था।

मध्यप्रदेश के 21 जिलों में पीवीटीजी परिवारों के लिये बनेंगे पक्के आवास

भोपाल केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) में 33 हजार 138 आवास मंजूर किये गये हैं। पीएम जन-मन के तहत ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा विशेष रूप से कमजोर एवं पिछड़े जनजातीय समूह (पीवीटीजी) परिवारों के ‘पक्के घर’ बनाये जा रहे हैं। मंत्रालय द्वारा प्रदेश के 21 जिलों में रहने वाले पीवीटीजी परिवारों को पक्के घर की सौगात देते हुए यह विशेष मंजूरी दी गई है। जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने मध्यप्रदेश को बड़ी संख्या में पीएम आवास मंजूर करने के लिये केन्द्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया है। मध्यप्रदेश को इन पीएम आवासों की 25 नवम्बर को मंजूरी दी गई है। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा श्योपुर जिले को 7561, शिवपुरी को 5154, उमरिया को 4092, शहडोल 2591, अशोकनगर 2294, गुना 2084, सिंगरौली 1895, डिंडोरी 1532, अनूपपुर 1522, सीधी 1042, मंडला 903, मुरैना 695, विदिशा 448, बालाघाट 401, ग्वालियर 266, छिंदवाड़ा 202, नरसिंहपुर 158, सिवनी 117, दतिया 110, जबलपुर 42 एवं रायसेन जिले को 29 पीएम आवास मंजूर किये गये हैं। मध्यप्रदेश को 1 लाख 44 हजार 200 पीएम आवासों की स्वीकृति पहले ही दी जा चुकी है। इस प्रकार मध्यप्रदेश को अब तक 1 लाख 77 हजार 338 पीएम आवास स्वीकृत हो चुके हैं। केन्द्र सरकार द्वारा पीएम जन-मन के तहत प्रदेश के 24 जिलों में रहने वाले पीवीटीजी परिवारों के समग्र विकास के लिये विभिन्न प्रकार के विकास एवं हितग्राहीमूलक कार्य किये जा रहे हैं। पीएम जन-मन में ‘सबको पक्का घर’ के तहत सभी पीवीटीजी परिवारों के पक्के घर बनाकर इन घरों में विद्युतिकरण भी कराया जा रहा है।

संविधान दिवस के अवसर पर वन परिक्षेत्र जतारा में रन फॉर कांस्टीट्यूशन का किया गया आयोजन

जतारा संविधान दिवस के अवसर पर वन परिक्षेत्र जतारा अन्तर्गत विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसके तहत् सर्वप्रथम समस्त स्टॉफ को वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार के द्वारा संविधान की प्रस्तावना का वाचन कराते हुए संविधान की शपथ दिलाई गई। संविधान की शपथ दिलाने के उपरांत रन फॉर कांस्टीट्यूशन रैली का आयोजन किया गया जो वन परिक्षेत्र कार्यालय जतारा से शुरू होकर बस स्टैंड जतारा, हॉस्पिटल जतारा होते हुए नगरपालिका जतारा से नायक जी के चौराहा से वापिस रेंज ऑफिस में रन फॉर कांस्टीट्यूशन रैली का समापन किया गया। रन फॉर कांस्टीट्यूशन रैली के दौरान वन अमले के द्वारा संवैधानिक/मानवीय मूल्यों (समता स्वंतत्रता न्याय समाजिक सौहार्द एवं पर्यावरण मित्रता)  का संदेश आम जनमानुष को देते हुए संविधान और पर्यावरण को अक्षुण बनाए रखने की अपील की गई।

उप मुख्यमंत्री “हम होंगे कामयाब” अभियान अंतर्गत राज्य स्तरीय “महिला सुरक्षा संवाद” में हुए शामिल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमंते तत्र देवता” के आदर्श वाक्य को साकार करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। “लाड़ली लक्ष्मी योजना,” “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ,” और “वन स्टॉप सेंटर” जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह एक पवित्र मिशन है। केवल शासकीय प्रयास ही पर्याप्त नहीं हैं, इसे एक जन आंदोलन बनाना होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल में कुशाभाऊ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में “हम होंगे कामयाब” अभियान अंतर्गत राज्य स्तरीय “महिला सुरक्षा संवाद” कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गौरवशाली नेतृत्व में देश तेज गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ आने वाली चुनौतियों के प्रति हमें सतर्क रहना होगा। विकास को सार्थक बनाने के लिए एकजुट होकर महिलाओं को सशक्त और समाज को सुरक्षित बनाना ज़रूरी है। समाज को नशा-मुक्त बनाकर युवाओं की ऊर्जा को सही राह में लगाकर देश को विश्व गुरु बनाना है तो हम सबको मिलकर इस मिशन को सफल बनाना होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि महिलाओं का सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तीकरण आवश्यक है। यह हमारी गौरवशाली परंपरा रही है, विकृतियों को दूर करने के लिए सभी को प्रयास करने होंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने डॉ. रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध कविता का उल्लेख करते हुए कहा कि “समर शेष है, नहीं पाप का भागी केवल व्याध, जो तटस्थ हैं, समय लिखेगा उनके भी अपराध।” उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण और सामाजिक परिवर्तन के इस संग्राम में किसी को भी तटस्थ रहने का अधिकार नहीं है। यह लड़ाई हर व्यक्ति की है, और इसमें सबकी भागीदारी जरूरी है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नशे के दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए कहा कि जेंडर आधारित हिंसा का एक बड़ा कारण नशा भी है। नशे के कारोबार में लिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। नशा मुक्ति केंद्रों के माध्यम से समाज को इस बुराई से मुक्त करने के प्रयास तेज किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रयास समाज में जेंडर समानता और महिलाओं के प्रति सम्मान को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कार्यक्रम सह आयोजक “स्काई सोशल” के प्रयास की सराहना की। 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक “हम होंगे कामयाब” अभियान से प्रदेशवासियों को किया जाएगा जागरूक “हम होंगे कामयाब” पखवाड़ा 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य न केवल बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पर केंद्रित है, बल्कि पुरुषों की मानसिकता में बदलाव लाकर एक नए समाज की नींव रखना भी है। पखवाड़े के दौरान विभिन्न जिलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें विभिन्न विभागों के समन्वय से गतिविधियां निर्धारित की गई हैं। आयुक्त महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती सूफिया फारूकी वली, “स्काई सोशल” की फाउंडर सुसृष्टि प्रगट सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

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