LATEST NEWS

बिजली उपभोक्ताओं को अब सस्ते में मिलेगा बिजली कनेक्शन! लोड आधारित कनेक्शन शुल्क तय

भोपाल बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब नए कनेक्शन पर बिजली कंपनी उपभोक्ताओं को अफोर्डेबल चार्ज का नया विकल्प देगी। उपभोक्ता चाहे तो घर के बिजली पॉइंट की जांच करवाकर कनेक्शन शुल्क जमा कर सकता है या नए एसएसी से तय औसत शुल्क से राशि जमाकर कनेक्शन ले सकता है, साथ ही तुरंत कनेक्शन भी मिल जाएगा। मप्र विद्युत नियामक आयोग इस पर 27 नवंबर को सुनवाई करेगा। आम उपभोक्ताओं को ज्यादा लाभ इस नए विकल्प का सबसे ज्यादा लाभ आम उपभोक्ता को मिलेगा। 0 से 3 किलोवॉट भार के कनेक्शन सामान्य घरों में होते हैं। इनके लिए मौजूदा से करीब 50 फीसदी राशि औसत दर में घट रही है। इंफ्रा चार्ज से भी ये मुक्त रहेंगे। 112 किलोवॉट भार के लिए एसएसी तय की है। 50 किलोवॉट तक भार के कनेक्शन को शुल्क से मुक्त रखा गया है। सप्लाई अफोर्डेबल चार्ज को लेकर 27 नवंबर को सुनवाई होगी। संबंधित लोगों से मामले में सुझाव आमंत्रित कराए थे। इसके बाद इसे लागू किया जाएगा। -उमाकांत पांडा, सचिव एमपीइआरसी सप्लाई अफोर्डेबल चार्ज के विकल्प में शुल्क गणना ● 0 से 03 किलोवॉट भार के लिए- 340 रुपए प्रति किलोवॉट ● 03 से 10 किलोवॉट भार के लिए- 1000 रुपए प्रति किलोवॉट ● 10 किलोवॉट से 25 किलोवॉट के लिए- 8080 रुपए व बाद में 2520 रुपए प्रति किलोवॉट ● 25 किलोवॉट से 50 किलोवॉट के लिए 46 हजार रुपए व बाद में प्रति किलोवॉट 4200 रुपए ● 50 किलोवॉट से 112 किलोवॉट के लिए 10 हजार रुपए प्रति किलोवॉट के लिए नोट- ये मल्टी यूजर कॉम्प्लेक्स व आवासीय कॉलोनी उपभोक्ता के लिए हैं। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, सर्विस लाइन व सुपरविजन चार्ज है। इस तरह तीन श्रेणियों में चार्ज तय किया है। नियामक आयोग से इसका ड्राफ्ट लिया जा सकता है।

बिहार के पंचायती राज विभाग द्वारा राज्य में भरे जाएंगे 15610 पद

  बिहार पंचायती राज विभाग जिला परिषदों में 15610 पदों पर स्थायी व संविदा के आधार पर नियुक्ति की जानी है. इसमें 4351 स्थायी पद हैं, जबकि 11259 संविदा वाले पद शामिल हैं. स्थायी पदों पर नियुक्ति बिहार लोक सेवा आयोग और बिहार कर्मचारी सेवा आयोग द्वारा की जानी है. इसके अलावा लेखापाल, तकनीकी सहायक, कार्यपालक सहायक-डाटा इंट्री ऑपरेटर, ग्राम कचहरी सचिव और ग्राम कचहरी न्यायमित्र की नियुक्ति जिलाधिकारी द्वारा गठित चयन समिति द्वारा की जानी है. अभी तक राज्य के 10 जिलों द्वारा संविदा वाले पदों पर नियुक्ति की गयी. शेष 28 जिलों को इन पदों पर शीघ्र नियुक्ति का निर्देश दिया गया है. डीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर जिला परिषद में होगी संविदा पर बहाली की जायेगी. 4351 पद है स्थायी व 11259 संविदा वाले पंचायती राज मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने बताया कि जिला परिषदों द्वारा संविदा वाले जिन पदों पर नियुक्ति की जानी है उसमें लेखापाल सह आइटी सहायक के 7070 पद, तकनीकी सहायक के 556 पद, कार्यपालक सहायक के तीन पद, ग्राम कचहरी सचिव के 1400 पद और ग्राम कचहरी न्याय मित्र के 2230 पद शामिल हैं. उन्होंने बताया कि अभी तक अररिया, कैमूर, किशनगंज, मुंगेर, नालंदा, शिवहर, सुपौल, नवादा, बांका और वैशाली जिलों द्वारा संविदा वाले पदों पर नियुक्ति कर ली गयी है. उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा 4351 स्थायी पदों पर नियुक्ति की अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग और बिहार कर्मचारी चयन आयोग को भेज दी गयी है. उन्होंने बताया कि सभी पदों पर तेजी से नियुक्ति का निर्देश दिया गया है.  

मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर ज्वार, बाजरा की खरीदी आज से, 15 हजार से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन, आधार नंबर से लिंक बैंक खाते में आएगा पैसा

भोपाल मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के किसानों के लिए अच्छी और बड़ी खुशखबरी सामने आई है. पूरे प्रदेश में ज्वार और बाजरा की समर्थन मूल्य (Jwar and Bajra MSP) पर खरीदी शुरू हो गई है. 22 नवंबर से शुरू हुई खरीदी 20 दिसंबर तक की जाएगी. इसके लिए प्रदेश सरकार ने खास तैयारियां की हैं. तय रेट के अनुसार, ज्वार मालदण्डी को 3421 रुपये, ज्वार हाईब्रिड को 3371 रुपये और बाजरा को 2625 रुपये समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा. बता दें कि पूरे प्रदेश से  बाजरा के लिये 9 हजार 854 और ज्वार के लिये 5 हजार 933 किसानों ने पंजीयन कराया है. ज्वार और बाजरा के MSP पर खरीदी के लिए राज्य स्तर पर एक कंट्रोल-रूम भी स्थापित किया गया है. इसका टेलीफोन नंबर 0755-2551471 है. किसान अपनी किसी भी तरह की परेशानी के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. भुगतान व्यवस्था समर्थन मूल्य पर ज्वार और बाजरा की खरीदी के बाद भुगतान, कृषक पंजीयन के दौरान आधार नंबर से लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। ज्वार और बाजरा उपार्जन अवधि के दौरान पड़ोसी राज्यों से उपार्जन केंद्र पर लाई जाने वाली उपज की अवैध बिक्री को रोकने के लिए पूरी कार्रवाई के निर्देश कलेक्टरों को दिये गए हैं। इस दाम पर होगा ज्वार-बाजरा की खरीदी मध्य प्रदेश में ज्वार और बाजरा की एमएसपी पर खरीदी शुरू हो गई है. सरकार की तय रेट के अनुसार, प्रदेश के किसानों से ज्वार मालदण्डी को 3421 रुपये, ज्वार हाईब्रिड को 3371 रुपये और बाजरा को 2625 रुपये पर खरीदा जाएगा. इसके अलावा, किसानों से एफएक्यू गुणवत्ता की उपज भी इन्हीं दरों पर खरीदी जायेगी. खरीदी हर हफ्ते सोमवार से शुक्रवार तक चलेगी. इस दौरान किसान अपना फसल बेंच सकेंगे. बता दें कि पूरे प्रदेश से ज्वार और बाजरा के लिए कुल 15 हजार से ज्यादा किसानों ने रजिस्ट्री कराई है. ऐसे किया जाएगा खरीदी का भुगतान   समर्थन मूल्य पर ज्वार एवं बाजरा की खरीदी के बाद इसके लिए भुगतान ऑनलाइन किया जाएगा. किसानों के कृषक पंजीयन के दौरान आधार नम्बर से लिंक बैंक खाते में ये पैसे भेजे जाएंगे. ज्वार एवं बाजरा उपार्जन अवधि के दौरान पड़ोसी राज्यों से उपार्जन केन्द्र पर लायी जाने वाली उपज की अवैध बिक्री को रोकने के लिये समुचित कार्रवाई के निर्देश कलेक्टर्स को दिये गये हैं. जिला स्तरीय समिति उपार्जन संबंधी सभी विवादों का अंतिम निराकरण और उपार्जित खाद्यान्न की गुणवत्ता की निगरानी करेगी.  

पी एम श्री नवोदय विद्यालय डिंडौरी में परमाणु ज्योति के अंतर्गत हुआ कार्यक्रमों का सफल आयोजन

डिंडौरी जिले का अग्रणी पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय में परमाणु ज्योति फेस 4 के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। परमाणु ज्योति कार्यक्रम, नवोदय विद्यालय समिति एवं भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र का संयुक्त आयोजन है। भारत सरकार के अधीन परमाणु ऊर्जा विभाग के भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, मुंबई के तत्वाधान में वैज्ञानिक डॉ. आर. सी. दास, एवं डॉ. पूजा नेगी ने विद्यालय में संगोष्ठी एवं प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया। प्रश्नोत्तरी के दौरान परमाणु मित्रों ने विद्यार्थियों को आकर्षक उपहार देकर उनका उत्साह वर्धन किया। उनके द्वारा विद्यालय में विद्यार्थियों के अंदर परमाणु विज्ञान से जुड़े रोचक तथ्यों को प्रदर्शित किया गया एवं विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में हो रहे अनुसंधानों के बारे में जानकारी दी। परमाणु मित्रों ने विद्यार्थियों की कक्षाओं में जाकर उनसे परिचर्चा की एवं परमाणु ऊर्जा, परमाणु संसाधनों के बारे में उन्हें अवगत कराया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य  एन. के. आर्य ने विद्यार्थियों को परमाणु विज्ञान में हो रहे अनुसंधान एवं नवीन परिवर्तनों से अवगत कराया एवं परमाणु मित्रों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का आयोजन विज्ञान विभाग के शिक्षक श्रीमती अल्का विश्वकर्मा, मधुवंत राव धुर्वे, श्री आयुष लहरिया,   केशव सिंह धुर्वे, सुश्री ज्योत्सना गुप्ता,  नरेंद्र दुबे के सहयोग से हुआ। कार्यक्रम का मंच संचालन धर्मेंद्र कुमार सोनकर के द्वारा किया गया। विद्यालय के अध्यापकगण श्रीमती संचिता बनर्जी, श्रीमती सुनीता गुप्ता, कोदू लाल महोबिया, श्रीमती कविता देवी,  रामानंद, श्री राहुल कुमार,  रमेश विश्नोई, सुश्री शालिनी, अजय कुमार, अजीत कुमार, श्रीमती अनुपमा सुंदरम, सुश्री दीक्षा तिवारी, सुश्री पुष्पा पटेल, नूरुल हसन, इंजमाम उल हक, श्रीमती उमा मिश्रा,  पुनीत द्विवेदी, राकेश केवट आदि स्टाफ ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान प्रदान किया।

‘द साबरमती रिपोर्ट’ का छठे दिन का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

विक्रांत मैसी की ‘द साबरमती रिपोर्ट’ बॉक्स ऑफिस पर कमाल कर रही है। बहुत आशाजनक नहीं होगा यदि यह ज़ीरल ’12वीं फ़ेल’ की तरह के टिकट खड़की पर मित्रलीपर हिट साबित हो। साल 2002 के गोधरा कांड पर बनी इस अनमोल फिल्म की जहां राजनीतिक गलियारों में चर्चा है, वहीं हरियाणा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजनायिक में इसे तैयार कर लिया गया है। रिलीज के छठे दिन से लेकर आज तक की सबसे बड़ी फिल्म। दूसरी ओर, सूर्या और बॉबी देव की ‘कंगुवा’ दिन-ब-दिन बीतती जा रही है। रविवार को आय में फिर गिरावट आई है। धीरज सरना के निर्देशन में बनी ‘साबरमती रिपोर्ट’ का बजट 50 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। छह दिनों में देश में 10 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई हो गई है। जबकि आगे सप्ताहांत में आय वृद्धि के आसार हैं। अगले महीने 5 दिसंबर को ‘पुष्पनाम 2’ रिलीज होगी। जबकि उनसे पहले अगले 14 दिन तक अगर यह जानवर ऐसे ही टिकी रहते हैं तो लाइफटाइम इनकम बजट से आगे निकल जाएगा। ‘द साबरमती रिपोर्ट’ बॉस्केट ऑफिस कलेब्रेशन डे 6 सैकनिल्क के मुताबिक, ‘साबरमती रिपोर्ट’ में रविवार को 1.55 करोड़ रुपये कमाए गए हैं। बिग बॉस डे पर 1.15 करोड़ का कारोबार हुआ था। जबकि एक दिन पहले 1.30 करोड़ रुपए कमाए थे। दिन छठवें ना की खास कमाई 19.23% बढ़ी है, 1999 के दशक में 1999 के दशक में 1999 के दशक में 1999 में 11.17 लाख करोड़ रुपये की कमाई हुई थी। छह दिनों में छह दिनों तक भारतीय बॉस्केटबॉल ऑफिस पर 10.35 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया गया है। दूसरी ओर, श्वाइकवा के डायरे फ़्रांक्शन में बनी ‘कंगुवा’ डिज़ा डॉक्यूमेंटर साबित हो गया है। करीब 300 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म का हाल ये है कि मूल भाषा तमिल में भी इसके शो को 13% पर ही दर्शक देख रहे हैं। जबकि हिंदी संस्करण में इस एल्बम में 50 लाख रुपये की ही कमाई हुई है। ‘कंगुवा’ बॉस्केटबॉल ऑफिस कलेब्र्शन डे 7 ‘कंगुवा’ ने रविवार को रिलीज के 7वें दिन तमिल, तेलुगू, हिंदी, मलयालम और कव्वाली की कुल कमाई महज 2.40 करोड़ रुपये बताई। ये हश्र तब हुआ, जब मास्टर्स के क्रेज़ की लाजवाब कृतियों में से एक थी 24.00 करोड़ रुपये कमाए। कंपनी ने सात दिनों में 62.40 करोड़ रुपये की नेट कमाई की है। जबकि वर्जन वीडियो भी करीब 97.00 करोड़ रुपए की ग्रॉस इनकम ही हो सकती है।

पुलिस महानिरीक्षक शहडोल एवं पुलिस अधीक्षक अनूपपुर द्वारा रामकथा आयोजन स्थल का सुरक्षा निरीक्षण किया गया

 अनूपपुर      अनूपपुर नगर में श्री राम सेवा समिति द्वारा दिनांक 19 नवंबर से 27 नवंबर 2024 तक श्री राम कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में पूज्य श्री प्रेम भूषण जी महाराज प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक कथा का वाचन कर रहे हैं। कथा सुनने के लिए हजारों श्रद्धालु, जिनमें महिलाएं और पुरुष शामिल हैं, अमरकंटक रोड, चंदास नदी के पास स्थित कथा स्थल पर पहुंच रहे हैं। गुरुवार की दोपहर को पुलिस महानिरीक्षक शहडोल जोन श्री अनुराग शर्मा (आईपीएस) एवं पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री मोती उर रहमान (आईपीएस) ने श्री राम कथा आयोजक मंडल के प्रमुख श्री प्रदीप मिश्रा एवं गौरव सिंह के साथ, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री इसरार मंसूरी, टीआई कोतवाली श्री अरविंद जैन, और यातायात थाना प्रभारी श्रीमती ज्योति दुबे की उपस्थिति में कथा स्थल पर सुरक्षा प्रबंधों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर निर्देश दिए गए: 1. यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था: श्रद्धालुओं के आगमन और प्रस्थान के दौरान सुगम यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश। 2. सुरक्षा व्यवस्था: मंच, महिला एवं पुरुष सेक्टर, तथा प्रसाद वितरण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश। 3. आपातकालीन सेवाएं: फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस, और पंडाल के अंदर अग्निशमन यंत्र की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश। 4. सीसीटीवी निगरानी: कथा स्थल की गतिविधियों पर सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश। श्री राम कथा आयोजक मंडल ने अनूपपुर पुलिस की बेहतरीन सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए आभार व्यक्त किया। यह निरीक्षण पुलिस की सुरक्षा एवं जनसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाता है।

भारत में किसी स्मारक के वर्चुअल टूर के लिए पहली बार उपयोग हो रही एआरवीआर टेक्नॉलाजी

भोपाल। अगले कुछ सालों में आप घर बैठे मंदिरों का ऐसा वर्चुअल टूर कर सकेंगे जिसमें आपको ऐसा महसूस होगा जैसे आप मंदिर में ही हैं। इसकी शुरुआत विदिशा जिले के ग्यारसपुर में गुप्तोत्तर वास्तुकला के मालादेवी मंदिर से हो सकती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद और एआरवीआर टेक्नालॉजी से इस मंदिर के वर्चुअल टूर कराने के प्रोजेक्ट पर जल्द ही काम शुरू होगा। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने  साइंस एंड हैरिटेज रिसर्च इनिशिएटिव (SHREE, श्री) प्रोजेक्ट के तहत वीआईटी भोपाल की डीन आर्किटेक्चर डॉ. शीतल शर्मा, डीएवीवी के डॉ. शिशिर कुमार शांडिल्य और आईआईटी इंदौर के डॉ. सूर्यप्रकाश के मालादेवी मंदिर वर्चुअल टूर प्रोजेक्ट को मंजूर कर लिया है। इस पर विभाग अगले दो साल में 43.28 लाख रुपए का अनुदान देगा। मप्र में श्री के तहत किसी भी यूनिवर्सिटी को यह अब तक का सबसे अधिक अनुदान है।मेटावर्स टेक्नालॉजी का उपयोग इस प्रोजेक्ट में मेटावर्स टेक्नालॉजी का उपयोग होगा। मेटावर्स ब्लॉकचेन पर बना हुआ एक ऐसा कम्प्यूटिंग प्लेटफार्म है जो आभासी दुनिया के विकल्प के रूप में काम करता है। यह भी बताएंगे कि ऐसे मंदिर और कहां इस प्रोजेक्ट में यह भी बताया जाएगा कि मालादेवी मंदिर जैसे मंदिर और दूसरे स्मारक दुनिया में और कहां- कहां हैं? और आप इस मंदिर के निर्माण की पूरी प्रक्रिया को भी देख सकेंगे। मालादेवी मंदिर की खासियत 9 वीं शताब्दी का यह मंदिर पहाड़ी ढलान पर बना हुआ है। मालादेवी मंदिर को पूरी तरह से नहीं देखा जा सकता है क्योंकि आप सड़क मार्ग से पहाड़ी पर चढ़ते हैं। हालाँकि, जब आप पैदल नीचे उतरना शुरू करते हैं, तो मंदिर चट्टानों के पीछे से उभरता है और पीछे की ओर फैले विशाल परिदृश्य में मीलों-मील तक फैले हरे-भरे खेत, पेड़ों के झुरमुट और पहाड़ियाँ नज़र आती हैं। शुरुआती पुरातात्विक उत्खनन से पता चला कि यह एक बौद्ध मंदिर था। करीब से देखने पर, मंदिर के भीतर आलों में बैठी कुछ मूर्तियाँ जैन तीर्थंकरों कीपाई गईं। तब यह माना गया कि यह मंदिर आदिनाथ को समर्पित था क्योंकि मंदिर के गर्भगृह में पद्मासन में जैन तीर्थंकरों की चार बड़ी मूर्तियाँ पाई गईं। हालांकि, मंदिर का सबसे सटीक प्रतीक लालाता बिंबा पर गरुड़ पर बैठी वैष्णव देवी की नक्काशी है, जो बिना किसी संदेह के यह स्थापित करती है कि मूल संरचना एक देवी मंदिर थी।एआर वीआर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके किसी भी युग के लोगों, स्मारकों, संस्कृति, आजीविका, पर्यावरण के मेटावर्स संस्करण के साथ वास्तविक विश्व विरासत की तरह डिजिटल प्रतिकृति का अनुभव करें।

भोपाल में अब पराली जलाने वालों की खैर नहीं, प्रशासन ने उठाया ये बड़ा कदम; तुरंत होगी कार्रवाई

 भोपाल मध्य प्रदेश में पराली जलाने के की घटनाएं पिछले साल की तुलना में इस बार ज्यादा देखने को मिल रही है. राजधानी भोपाल के आस-पास के इलाकों लगातार जलाए जा रहे पराली से हवा प्रदुषित हो गई है. राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह सख्त हो गए हैं. उन्होंने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है. जिसके तहत पराली जलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी. यह आदेश कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निदेश पर अपर कलेक्टर भूपेंद्र गोयल ने गुरुवार को जारी किए हैं। इस आदेश के मुताबिक पराली जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। कानून का शिकंजा प्रशासन द्वारा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों का पालन करते हुए जिले की सभी राजस्व सीमा में फसल की कटाई के बाद किसानों द्वारा पराली जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। यदि अब किसी किसान द्वारा पराली में आग लगाई जाती है, तो उसके खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज की जाएगी। उसके खिलाफ अन्य कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। यह आदेश 21 नवंबर से प्रभावी हो गया है, जो आगामी दो महीने के लिए लागू रहेगा। सभी एसडीएम, तहसीलदार और थानों के कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर इसे लगाएंगे। संबंधित क्षेत्र के कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं पुलिस थाना प्रभारी अपने -अपने क्षेत्रों का भ्रमण कर उक्त व्यवस्था सुनिश्चित करवाएंगे। आदेश में यह     खेत की आग के अनियंत्रित होने पर जनसंपत्ति एवं प्राकृतिक वनस्पति, जीव-जन्तु नष्ट हो जाते हैं। जिससे नुकसान होता है।     खेत की मिट्‌टी की उर्वरा शक्ति खत्म हो जाती है। जिससे उत्पादन प्रभावित होता है।     खेत में पड़ा कचरा, भूसा, डंठल सड़ने के बाद भूमि को प्राकृतिक रूप से उपजाऊ बनाते हैं। इन्हें जलाकर नष्ट करना ऊर्जा को नष्ट करना है। आग लगाने से हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है। जिससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।     जिले में कई किसान रोटावेटर एवं अन्य साधनों से डंठल खेत से हटा रहे हैं। यह सुविधा जिले में उपलब्ध हो गई है। पराली जलाने के नुकसान     खेत में पड़ा कचरा, भूसा, डंठल सड़ने के बाद भूमि को प्राकृतिक रूप से उपजाऊ बनाते हैं, इन्हें जलाकर नष्ट करना ऊर्जा को नष्ट करता है। आग लगाने से हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है। जिससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।     खेत की आग के अनियंत्रित होने पर जनसंपत्ति व प्राकृतिक वनस्पति, जीवजंतु आदि नष्ट हो जाते है। जिससे व्यापक नुकसान होता है।     खेत की मिट्टी में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले लाभकारी सूक्ष्म जीवाणु इससे नष्ट होते है।जिससे खेत की उर्वरा शक्ति कम हो जाती है और उत्पादन प्रभावित हो रहा है।

पं. प्रदीप मिश्रा की कथा के दौरान दो दिनों के में 200 चोरी घटनाओं को अंजाम दिया

वाराणसी.  मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा इन दिनों वाराणसी के डोमरी में कथा कर रहे हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि उनकी कथा में जुट रही भीड़ का चोरों ने जमकर फायदा उठाया है. यहां चोरों ने दो दिनों के अंदर 200 घटनाओं को अंजाम दिया है. इन चोरों ने खासकर महिलाओं के गहनों और मंगलसूत्र को निशाना बनाया है. चोरियों के मामले में पुलिस ने 15 शातिर महिलाओं को भी गिरफ्तार किया है. दूसरी ओर, इन चोरियों ने कथा के आयोजकों की नींद उड़ा दी. आयोजकों ने इन चोरियों को लेकर पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है. गौरतलब है कि, आयोजकों की शिकायत मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर खुद भी मौके पर पहुंचे. इसके बाद पुलिस की टीम ने पूरे पंडाल में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला. इनमें कुछ महिलाएं कथा के बीच में बार-बार जगह बदलती दिखाई दीं. पुलिस ने जब उनकी तहकीकात की तो पता चला कि ये महिलाएं चोरी की घटना को अंजाम दे रही हैं. इस दौरान पुलिस उस वक्त चौंक गई जब पूरी की पूरी महिला चोर गैंग पंडाल में वारदात करती मिली. ये महिला चोर इतनी शातिर हैं कि इन पर शक करना मुश्किल है. ये महिलाएं पलक झपकते ही गहने और रुपये गायब कर देती हैं. बेहद शातिर हैं महिलाएं बताया जाता है कि, पकड़ी गई महिलाओं को पुलिस का जरा भी खौफ नहीं है. भास्कर डॉट कॉम के मुताबिक, पुलिस ने जब महिलाओं से पूछताछ करनी शुरू की तो महिलाओं ने जांच टीम को गुमराह किया. इन महिलाओं ने नाम से लेकर मोबाइल नंबर तक गलत बताया. जब पुलिस ने इनकी जानकारी को प्रमाणित करने की कोशिश की तो सब कुछ गलत निकला. पुलिस अब और गहराई से इन महिलाओं की पड़ताल कर रही है. पुलिस का कहना है कि ये महिलाओं दूसरे जिले की हैं. उनके आपराधिक रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है.

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह हमेशा हिंदुओं को लज्जित करने का काम करते हैं: सीएम मोहन यादव

उज्जैन अमेरिका में गौतम अदाणी पर रिश्वत के आरोप लगने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है. जिसपर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को देश के लोग मजाक में लेते हैं. उन्हें गंभीरता से नहीं लिया जाता है. इसके अलावा उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर भी तीखा हमला बोला है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  उज्जैन में मेडिसिटी और मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ 550 बेड के अस्पताल का भूमि पूजन करने के लिए पहुंचे थे. उन्होंने भूमि पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद  खास बातचीत की. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को लोग गंभीरता से नहीं लेते. उन्होंने राहुल गांधी की ओर से अदाणी की गिरफ्तारी को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार किया है. हिंदुओं को लज्जित करने का काम करते हैं- मोहन यादव वहीं फिल्म द साबरमती रिपोर्ट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कांग्रेस के अन्य नेताओं की ओर से दिए गए बयान पर पलटवार किया है. दरअसल, कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि मध्य प्रदेश में किसान त्रस्त है और सरकार फिल्म देखने में मस्त है. इसपर उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह हमेशा हिंदुओं को लज्जित करने का काम करते हैं. ‘स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने में महत्वपूर्ण कदम’ मोहन यादव ने कहा की जनसंघ के जमाने से उज्जैन में मेडिकल कॉलेज की मांग उठ रही थी जो अब जाकर पूरी हुई है. उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज उज्जैन के स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि मेरा जन्म भी जब नहीं हुआ था, तब भी लोग मेडिकल कॉलेज की मांग उठा रहे थे, लेकिन कांग्रेस की सरकार की वजह से इतने लंबे अंतराल तक मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में मेडिकल कॉलेज की नींव नहीं रखी जा सकी.

प्रदेश में अगले 24 घंटे में और बढ़ेगी ठंड, छा सकते है बादल, आज भोपाल में शीतलहर की संभावना, पढ़े मौसम विभाग का नया अपडेट

भोपाल पहाड़ों पर बर्फबारी और उत्तरी हवाओं के चलते मध्यप्रदेश में ठंड बढ़ने लगी है,गुरुवार को राज्यभर में दिन और रात के तापमान में गिरावट देखने को मिली। आने वाले दिनों में रात के समय में तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी, जिससे शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है।आज राजधानी भोपाल में शीतलहर चल सकती है, वही न्यूनतम तापमान नवंबर अंत तक 14 डिग्री तक पहुंचने के आसार है। शुक्रवार और शनिवार को दिन रात के तापमान में और तेजी से गिरावट आने का अनुमान है। आने वाले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट होगी।इधर, लगातार पड़ रही ठंड के चलते भोपाल के कई निजी स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है, जल्द ही अन्य सरकारी स्कूलों के समय में भी बदलाव देखने मिल सकता है। कई शहरों में दस डिग्री से कम है तापमान   पचमढ़ी में सबसे कम तापमान 7.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जबकि अन्य शहरों जैसे शाजापुर, शहडोल, और मंडला में पारा 9 डिग्री के करीब रहा। बड़े शहरों में भोपाल और ग्वालियर में तापमान क्रमशः 10.2 डिग्री और 11.1 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि इंदौर और उज्जैन में यह 13.9 डिग्री और 11.5 डिग्री तक पहुंचा। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिम-उत्तर भारत में चल रही जेट स्ट्रीम हवाओं और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के सक्रिय होने से प्रदेश में सर्द हवाओं का असर बढ़ गया है। 2 दिन बाद Madhya Pradesh में छा सकते है बादल गुरुवार को बंगाल की खाड़ी में तमिलनाडु के तट के पास हवा के ऊपरी भाग में बने एक चक्रवात के आगे बढ़कर कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने की संभावना है। इससे हवाओं का रुख बदल सकता है और दो दिन बाद प्रदेश में कहीं-कहीं बादल भी छा सकते हैं।इधर, राजस्थान पर बने प्रति-चक्रवात के असर से लगातार सर्द हवाएं मध्य प्रदेश की तरफ आ रही हैं, ऐसे में रात के तापमान में गिरावट नजर आ रही है। हवाओं के साथ कुछ नमी आने से ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में कोहरा बना हुआ है, शेष भागों में सुबह के समय धुंध छाई हुई है। एक सप्ताह में गिरा तापमान   पिछले एक सप्ताह से रात के साथ दिन के तापमान में भी 2-3 डिग्री की गिरावट देखी गई है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसा ही मौसम अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा, जिसके बाद दिसंबर में ठंड और तेज हो जाएगी। इस प्रकार, मध्यप्रदेश में सर्दी ने नवंबर के महीने को कड़ाके की ठंड के साथ यादगार बना दिया है। जानिए MP के 5 बड़े शहरों का एक्यूआई लेवल मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश की राजधानी भोपाल की हवा सबसे खराब रही है। यहां एक्यूआई लेवल 253 दर्ज हुआ। जबलपुर में 243, उज्जैन में 233, ग्वालियर में 218 और इंदौर (विजय नगर इलाके में एयर क्वालिटी इंडेक्स में )में 52 एक्यूआई लेवल दर्ज हुआ।आज शुक्रवार सुबह की बात करें तो भोपाल का एक्यूआई लेवल 258,जबलपुर में 161, उज्जैन में 243, ग्वालियर में 166 और इंदौर में 241 एक्यूआई लेवल दर्ज हुआ। इन इलाकों में दर्ज हुआ अधिकतम तापमान मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान खंडवा में दर्ज हुआ। यहां का तापमान पचमढ़ी से चार गुना ज्यादा है। यहां 30.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है। इसके अलावा सबसे ज्यादा तापमान रिकॉर्ड करने वाले चार अन्य इलाके भी हैं, जहां 29 डिग्री के आस-पास तापमान दर्ज किया गया है। इन इलाकों के नाम हैं; खरगौन में 30 , तालुन में 29.2, नमर्दापुरम में 29.1 और रतलाम में 28.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए गए हैं। राजधानी भोपाल के मौस का पूर्वानुमान राजधानी भोपाल में कल आकाश के साफ रहने का अनुमान लगाया गया है। इसके साथ ही मौसम के संभावित पूर्वानुमान की बात करें तो सुबह के समय धुंध के छाए रहने का अनुमान है। यहां का तापमान अधिकतम 26 डिग्री और न्यूनतम 10 डिग्री तक जाने की संभावना है। बाकी रात में पारा गिरने से लोगों में ठंड का एहसास होने लगा है। हालांकि दिन में मौसम में गर्माहट देखने को मिल रही है।  पिछले 24 घंटे के मौसम का हाल     हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।     राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह तापमान सामान्य से 4.2 डिग्री कम है।     भोपाल में न्यूनतम 10.2 अधिकतम 26.6, ग्वालियर में न्यूनतम 11.1 अधिकतम 26.9 और इंदौर में न्यूनतम 13. अधिकतम 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।     उज्जैन में न्यूनतम 11.5 अधिकतम 27.5, जबलपुर में न्यूनतम 11 अधिकतम 26.3 ,बालाघाट में न्यूनतम 10.8 अधिकतम 23.6 और मंडला में न्यूनतम 9.1 अधिकतम 27.02 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।     भोपाल सहित सीहोर, रायसेन, विदिशा, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी और टीकमगढ़ में घना कोहरा छाया रहा, विजिबिलिटी भी कम रही।

भस्म आरती के दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर में अयोध्या की हनुमानगढ़ी से संत मंत्र बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे

उज्जैन  कालों के काल बाबा महाकाल के दरबार में अगहन कृष्ण पक्ष की सप्तमी पर भस्म आरती के दौरान एक ऐसे संत बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे, जिन्हें देखकर हर कोई अचंभित रह गया। संत की कद-काठी काफी कम थी, लेकिन इन्होंने अपने मस्तक पर त्रिपुंड और रुद्राक्ष की माला पहन रखी थी। भस्म आरती के बाद उन्होंने चांदी द्वार पर पहुंचकर भगवान का पूजन-अर्चन किया और फिर बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह भस्म आरती के दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर में अयोध्या की हनुमानगढ़ी से संत मंत्र बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे थे। देखने में यह संत एकदम साधारण नजर आ रहे थे, लेकिन उनकी कद-काठी के कारण हर कोई इन्हें देखता रह गया। संत की लंबाई करीब 2 फीट थी, जिन्होंने चांदी द्वार से बाबा महाकाल के दर्शन किए। संत के साथ कुछ अन्य लोग भी थे जो पूजन-अर्चन के दौरान उनका सहयोग करते नजर आ रहे थे। संत करीब 2 घंटे नंदी हॉल में बैठकर साधना में लीन रहे और बाबा महाकाल के निराकार से साकार स्वरूप के दर्शन किए।   महानिर्वाणी अखाड़े पहुंचे हनुमानगढ़ी अयोध्या से आए संत मंत्र बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद महानिर्वाणी अखाड़े के गादीपति महंत विनीत गिरी महाराज से मिलने अखाड़े पर पहुंचे थे। महंत विनीत गिरी ने उनका स्वागत किया।  

जबलपुर रेलवे विभाग दिव्यांगों को आनलाइन जारी करेगा रेल यात्रा पास

 जबलपुर जबलपुर रेल मंडल में दिव्यांगों के रियायती रेल यात्रा पास जल्द ही घर में बैठे-बैठे बन जाएंगे। उन्हें रेल यात्रा रेल यात्रा कार्ड प्राप्त करने के लिए पास के प्रमुख रेलवे स्टेशन या मंडल कार्यालय तक आने की आवश्यकता नहीं होगी। रेल यात्रा पास को वह ऑनलाइन अपलोड भी कर सकेंगे दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए उनके रेल यात्रा पास बनाने की व्यवस्था को डिजिटल किया जा रहा है। आवेदन से लेकर सत्यापन की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। रेल यात्रा पास को वह ऑनलाइन अपलोड भी कर सकेंगे। पार्सल काउंटर को भी डिजिटल भुगतान के नए फीचर से जोड़ा रेल उपभोक्ता सेवाओं का विस्तार करते हुए पार्सल काउंटर को भी डिजिटल भुगतान के नए फीचर से जोड़ने की तैयारी की गई है। जहां, पर पेमेंट वालेट से भुगतान के लिए क्यूआर (बार) कोड स्कैनर लगाए जाएंगे। पार्सल बुकिंग के लिए आने वाले लोगों को डिजिटल भुगतान का सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध होगा। आईआरसीटीसी की वेबसाइट से मिलेगी लिंक     रियायती रेल यात्रा प्रमाण पत्र बनाने के लिए पोर्टल तैयार रहा है।     इस पोर्टल की लिंक आईआरसीटीसी की वेबसाइट में रहेगी।     लिंक पर क्लिक करके दिव्यांगजन आवेदन की प्रक्रिया करेंगे।     आवेदन के साथ पात्रता संबंधी समस्त आवश्यक अभिलेखों देंगे।     दिव्यांगजनों को सेल्फ अटेस्टेड प्रति को अपलोड करना होगा। मंडल कार्यालय सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण कर रेल पास जारी करेगा ऑनलाइन आवेदन पर मंडल कार्यालय सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण कर रेल पास जारी करेगा, जिसकी प्रति पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। उसे डाउनलोड कर आवेदक रेल यात्रा में उपयोग कर सकेंगे। किराया एवं सीट संबंधी सुविधा का लाभ प्राप्त करने के पात्र होंगे। पोर्टल पर नए रेल यात्रा पास के साथ ही कार्ड रिनुअल के लिए भी ऑनलाइन आवेदन होंगे। रेल यात्री में दिव्यांगों को रियायत …     दृष्टिबाधित, मानसिक एवं पूर्ण रुप से दिव्यांग को यात्री किराया में 75 प्रतिशत तक छूट प्राप्त होती है।     यह रियायत अनारक्षित टिकट के साथ ही स्लीपर एवं तृतीय वातानुकूलित श्रेणी के लिए पात्र है।     ट्रेन के प्रथम एवं द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी में यात्रा पर दिव्यांग को 50 प्रतिशत किराया कम लगता है।     शताब्दी जैसी ट्रेनों में वातानुकूलित तृतीय श्रेणी में यात्रा पर किराए में 25 प्रतिशत की छूट मिलती है।     रेल यात्रा के दौरान दिव्यांग यात्री के साथ यात्रा करने वाले अटेंडर को भी रियायत का लाभ मिलता है। हर काउंटर पर होगा स्कैनर पेमेंट का विकल्प जबलपुर मंडल की पार्सल विभाग में क्यूआर कोड आधारित भुगतान व्यवस्था के बाद रेल उपभोक्ता संबंधी समस्त काउंटर पर डिजिटल पेमेंट संभव होगा। रेल मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर अभी रेल टिकट काउंटर में क्यूआर कोड से ऑनलाइन भुगतान की सुविधा है। पार्सल बुकिंग पर आनलाइन भुगतान के लिए एटीएम कार्ड स्वैप स्टेशन में फूड स्टाल में भी क्यूआर कोड से डिजिटल भुगतान हो रहा है। पार्सल बुकिंग पर अभी नकद के साथ ही ऑनलाइन भुगतान के लिए एटीएम कार्ड स्वैप करने की व्यवस्था है। उपभोक्ता को मोबाइल एप से सीधे भुगतान की सुविधा अब क्यूआर कोड से स्कैन कर भुगतान की सुविधा से उपभोक्ता को मोबाइल एप से सीधे भुगतान की सुविधा मिल जाएगी। अभी जबलपुर जंक्शन, मदनमहल, कटनी, रीवा, सतना, पिपरिया, सागर सहित प्रमुख स्टेशनों पर पार्सल बुकिंग में डिजिटल भुगतान का नया फीचर जोड़ा जा रहा है।

मध्य प्रदेश में बंद हो गई बेस्ट ऑफ़ फाईव योजना

 भोपाल  मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने इस साल से दसवीं में बेस्ट ऑफ फाइव योजना को समाप्त कर दिया है। इस कारण स्कूल शिक्षा विभाग को इस बार 10वीं का परिणाम खराब होने का डर भी सता रहा है। हाल ही में अभी नौवीं से 12वीं कक्षा तक की तिमाही परीक्षा का परिणाम जारी किया गया, जिसमें सबसे खराब परिणाम 10वीं का 55 फीसद से कम रहा। ऐसे में स्कूल शिक्षा विभाग ने बेहतर रिजल्ट के लिए कवायद शुरू कर दी है। अलग से कक्षाएं लगाने के निर्देश सभी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को निर्देश देकर 10वीं व 12वीं कक्षा के कमजोर विद्यार्थियों के लिए अलग से विशेष कक्षाएं लगाने के लिए कहा गया है। इस पर सभी जिले के डीईओ ने प्राचार्यों की समीक्षा बैठक बुलाकर कमजोर बच्चों को चिह्नित करने और रेमेडियल क्लास लगाने के निर्देश दिए हैं। पिछले साल 60 प्रतिशत रहा था 10वीं का रिजल्ट इसमें पिछले दो-तीन वर्षों में मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिका से तैयारी कराई जा रही है। बता दें कि 10वीं में बेस्ट ऑफ फाइव योजना के बावजूद 2022 में 59.54 प्रतिशत, 2023 में 63.29 प्रतिशत और 2024 में 58.1 प्रतिशत परिणाम रहा था। इस योजना के लागू होने के बाद भी पिछले साल 10वीं का परिणाम 60 प्रतिशत से कम रहा था। छमाही परीक्षा तक पूरा करना है 60 प्रतिशत पाठ्यक्रम बैठक में निर्देशित किया गया है कि छमाही परीक्षा नौ दिसंबर से शुरू होगी, तब तक 60 प्रतिशत पाठ्यक्रम पूरा करना होगा। इसके बाद परीक्षा के बाद भी कक्षाएं लगाई जाएंगी। यह निर्देश भी दिए गए हैं कि विद्यार्थियों को छमाही परीक्षा की कापी भी दिखाई जाएं, ताकि उन्हें पता चल सके कि उन्होंने कहां गलती की हैं। प्री-बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत पाठ्यक्रम को पूरा किया जाए। रेमेडियल कक्षाएं लगाएंगे प्राचार्यों को भी निर्देश दिए गए हैं कि 10वीं व 12वीं में पाठ्यक्रम को पूरा करवाने के लिए रेमेडियल कक्षाओं के साथ ही अतिरिक्त कक्षाओं की व्यवस्था भी की जाए। जो विद्यार्थी जिस विषय में कमजोर हैं, उनके सेक्शन मिलाकर एक कक्षा लगवाई जाए, ताकि विद्यार्थियों के कमजोर पक्ष को पहचान कर उसे दूर किया जाए।

अब प्रदेश के कर्मी टैबलेट ई-साक्ष्य अधिनियम के अंतर्गत वीडियो बनाने और संग्रहित रखने में मदद करेंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश में अपराधों की विवेचना में लगे लगभग 25 हजार पुलिसकर्मियों के लिए पुलिस मुख्यालय जल्दी टैबलेट उपलब्ध कराएगा। टैबलेट खरीदी के लिए बजट दे दिया गया है। एक जुलाई से नए स्वरूप में तीन कानून प्रभावी होने के साथ ही टैबलेट खरीदने का प्रस्ताव था, लेकिन बजट की कमी के चलते खरीदी नहीं हो पा रही थी। दरअसल, नए कानूनों में ‘भारतीय साक्ष्य अधिनियम’ के अंतर्गत ई-साक्ष्य को अनिवार्य किया गया है। इसमें विवेचना अधिकारियों को घटनास्थल से लेकर सभी साक्ष्य की वीडियो रिकॉर्डिंग करनी है। अभी पुलिसकर्मी अपने मोबाइल में रिकार्डिंग कर रहे हैं। अधिकारी बदलते हैं तो वहीं टैबलेट दूसरे को दिया जाएगा टैबलेट पर्याप्त मैमोरी क्षमता वाले खरीदे जाएंगे। बैटरी क्षमता भी अच्छी होगी। टैबलेट में साक्ष्य संग्रहित होने का लाभ यह भी होगा कि विवेचना अधिकारी बदलते हैं तो वही टैबलेट दूसरे को दे दिया जाएगा। अपने पासवर्ड से विवेचना अधिकारी टैबलेट में ‘ई-साक्ष्य’ में लॉग इन करेंगे। सीसीटीएनएस से जोड़ेंगे इसे इसे सीधा क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) से जोड़ा जाएगा। टैबलेट की वीडियो रिकॉर्डिंग सीसीटीएनएस में पहुंच जाएगी। इसे साक्ष्य के रूप में कोर्ट को भेजा जा सकेगा। अभी सभी विवेचना अधिकारियों का लॉग इन-पासवर्ड नहीं बन पाने और विवेचना अधिकारियों के दक्ष नहीं होने के कारण सभी जिलों में ई-साक्ष्य व्यवस्था लागू नहीं हो पाई है। सभी जिलों में एक-दो महीने में लागू होगा पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि जनवरी, 2025 तक सभी विवेचना अधिकारियों को टैबलेट उपलब्ध कराने का प्रयास है। साथ ही इसे सभी जिलों में एक-दो माह में पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet