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अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस 10 दिसम्बर को

भोपाल अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस 10 दिसम्बर को आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और विशेष अतिथि उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल रहेंगे। अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस के कार्यक्रम का केन्द्रीय विषय “भारत में वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और सुरक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी, कानूनी सुरक्षा और मानव अधिकार’’ पर आधारित होगा। मानव अधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष श्री मनोहर ममतानी ने मानव अधिकार आयोग में विषय से संबंधित विभागों के अधिकारियों की आयोजन की तैयारियों के संबंध में बैठक ली। बैठक में वृद्धजन कल्याण से संबंधित योजनाओं एवं अन्य सुसंगत जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। बैठक में सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य, पुलिस, नगर निगम, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के अधिकारी और मानव अधिकार आयोग के सदस्य श्री राजीव कुमार टंडन भी उपस्थित रहे।  

मानवता के कल्याण के लिए शिक्षा अहम: उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मानवता के कल्याण के लिए शिक्षा अहम है। उपयुक्त, संस्कारयुक्त शिक्षा और समुचित उपचार की सुविधा, विकास को सार्थक बनाती है। विश्व के कल्याण के लिए सभी को एकजुट होकर सशक्त प्रयास करने होंगे। इस प्रयास में शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के गौरवशाली नेतृत्व में भारत “वसुधैव कुटुंबकम्” की अवधारणा से कार्य कर रहा है। सभी सुखी हों, सभी निरोगी हों, सभी का कल्याण हो इसी मूलमंत्र से प्रयास ज़ारी हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल एसोसिएशन ऑफ़ यूनिवर्सिटीज एशिया एंड पैसिफिक (AUAP) के 17 वें सामान्य सभा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने रोजगारपरक शिक्षा पर ज़ोर दिया है। शैक्षणिक सामग्री और विभिन्न पाठ्यक्रम में वैश्विक आवश्यकतानुसार योग्यताओं को शामिल करने पर कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत आज सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था है, वर्ष 2047 तक भारत शीर्ष में होगा। इस कार्य के लिए सभी का प्रयास ज़रूरी है, सही शिक्षा, सही कुशलता ज़रूरी है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि चिकित्सा सेवाओं को सशक्त करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा 75 हज़ार एमबीबीएस सीटों की वृद्धि की जाने की घोषणा की गयी है। मध्यप्रदेश में वर्तमान में शासकीय एवं निजी चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में 5 हज़ार एमबीबीएस सीट और 2250 पीजी सीट हैं। इन्हें आगामी 5 वर्षों में 8 हज़ार एमबीबीएस सीट और 5000 पीजी सीट तक ले जाने का लक्ष्य है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने एसोसिएशन ऑफ़ यूनिवर्सिटीज एशिया एंड पैसिफिक (AUAP) के सफल आयोजन के लिए वाईस प्रेसिडेंट AUAP श्री हरिमोहन गुप्त और आयोजकों को शुभकामनाएँ दीं। उल्लेखनीय है कि एयूएपी का पहली बार सम्मेलन भारत में आयोजित हुआ है। सम्मेलन में 35 देशों के विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

परिवहन विभाग जारी कर रहा है ऑनलाइन प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र, पिछले 6 महीनों में एक लाख से अधिक वाहनों की हुई जांच

भोपाल प्रदेश में वाहनों से उत्सर्जित होने वाली हानिकारक गैसों पर नियंत्रण के लिये परिवहन विभाग ने वाहन प्रदूषण जांच केन्द्रों की व्यवस्था की है। विभाग ने प्रदेश में संचालित 288 जांच केन्द्रों को एनआईसी के पीयूसीसी पोर्टल के साथ इंटीग्रेट किया है। इस व्यवस्था से पारदर्शी तरीके से वाहनों के उत्सर्जन मानकों की जांच की जाकर वाहन मालिकों को ऑनलाइन प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र जारी किये जा रहे हैं। परिवहन विभाग की इस व्यवस्था से ऑनलाइन पीयूसीसी जारी होने से डाटा, वाहन पोर्टल पर सीधे प्रदर्शित होने लगा है। इस व्यवस्था से वाहन मालिकों को सुविधा मिली है। चेकिंग अधिकारी द्वारा प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र की मांग किये जाने पर वाहन मालिकों द्वारा प्रमाण-पत्र ऑनलाइन दिखाए जा रहे हैं। इस वर्ष एक मई 2024 से 31 अक्टूबर 2024 तक 6 महीनों में एक लाख 8 हजार से अधिक वाहनों की जांच की गई है। इसमें 3 हजार 789 वाहन प्रदूषण के मामले में दोषी पाये गये हैं। मोटरयान अधिनियम में शासकीय एवं व्यवसायिक वाहन सहित प्रत्येक वाहन को प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र प्राप्त करना आवश्यक है। प्रदेश में परिवहन एवं यातायात पुलिस के सक्षम अधिकारियों द्वारा इसकी नियमित रूप से जांच की जा रही है। रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रेपिंग फेसिलिटी परिवहन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से समस्त सरकारी वाहनों को 15 वर्ष के बाद रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रेपिंग फेसिलिटी (आरव्हीएसएफ) के माध्यम से स्क्रेप कराया जाना अनिवार्य किया है। परिवहन विभाग द्वारा आरव्हीएसएफ के माध्यम से नागरिकों द्वारा अपने निजी वाहन स्क्रेप किये जाने पर और उसके बाद नवीन वाहन क्रय करने पर 15 प्रतिशत और गैर परिवहन वाहन के लिये 25 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। प्रदेश में भोपाल जिले में 3, इंदौर और ग्वालियर जिले में 1-1 कुल 5 रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रेपिंग फेसिलिटी केन्द्र काम कर रहे हैं।  

सहायक प्रोग्रामरों का कम्प्यूटर प्रशिक्षण शुरू, 22 नवम्बर तक चलेगा प्रशिक्षण

भोपाल विभागीय प्रोग्रामर एवं सहायक प्रोग्रा मरों का बेसिक कंप्यूटर आपरेशन्स के अंतर्गत एम. एस. ऑफिस 2021 प्रोफेशनल’ विषय पर क्रिस्प संस्था श्यामला हिल्स भोपाल में प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। यह 18 नवम्बर को प्रारंभ हो गया है। आयुक्त आर्थिक एवं सांख्यिकी ने बताया है कि विभाग के सभी स्तर के अधिकारी एवं कर्मचारियों को क्रिस्प सस्थान में संवर्ग अनुसार अलग अलग बैचों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण आगामी 22 नवम्बर तक चलेगा। विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों के लिये यह प्रशिक्षण अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।  

दूध का अधिक संग्रहण करें और किसानों को अधिक लाभ दें: मंत्री श्री पटेल

भोपाल पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने कहा है कि सांची दुग्ध संघ दुग्ध उत्पादक किसानों से अधिक से अधिक मात्रा में दूध का संग्रहण करें और उन्हें अधिक से अधिक लाभ दे। सांची के उत्पादों का विक्रय राज्य से बाहर भी किया जाए। सांची के सभी उत्पाद सभी दुग्ध संघों में उपलब्ध रहें और आवश्यकता अनुसार एक दूसरे संघ को विक्रय के लिए भिजवाए जाएं। मंत्री श्री पटेल ने आज मंत्रालय में सांची दुग्ध संघ के कार्यों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में प्रमुख सचिव पशुपालन श्री उमाकांत उमराव, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, बुंदेलखंड, जबलपुर और ग्वालियर दुग्ध संघ के अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि सांची के उत्पाद अच्छी गुणवत्ता और वाजिब दामों पर ग्राहकों को उपलब्ध होते हैं। इनकी मार्केटिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए। सभी जिलों में कलेक्टर कार्यालय और अस्पतालों में सांची पार्लर बनाए जाए। महिला स्व-सहायता समूह को भी सांची के उत्पाद विक्रय से जोड़ा जाए। लाभ की राशि सीधे किसानों के खातों में अंतरित की जाए। प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव ने बताया कि सभी जिला मुख्यालय पर सांची एक्सक्लूसिव आउटलेट बनाए जा रहे हैं, जिन पर सांची के सभी उत्पाद उपलब्ध रहेंगे। दुग्ध संघ के गेट पार्लर को भी सांची एक्सक्लूसिव पार्लर के रूप में विकसित किया जा रहा है। सांची दुग्ध संघ अब अन्य उत्पादों के साथ कुकीज, आइसक्रीम, सांची नीर, साबूदाना खीर, नमकीन और फ्रोजन मटर भी उपलब्ध कराएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि सांची उत्पादों की बिक्री के लिए अभियान चलाकर कार्य किया जाए। ऑफेंसिव मार्केटिंग तकनीक का उपयोग किया जाए। विभाग आगामी 1 वर्ष के लिए कार्य-योजना बनाकर तदनुसार कार्रवाई करे। सांची नीर की बिक्री पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। भोपाल दुग्ध संघ के सीईओ श्री आर.पी. तिवारी ने बताया कि भोपाल दुग्ध संघ द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए सांची नारियल पानी का भी अच्छा विक्रय हो रहा है। दुग्ध संघ द्वारा ब्रेड, चिप्स नमकीन, इत्यादि निर्मित करवाने हेतु निविदा जारी की गई है। जबलपुर दुग्ध संघ फ्रोजन मटर बाजार में लाने की तैयारी कर रहा है। कोदो-कुटकी के बिस्किट भी तैयार किए जा रहे हैं। इंदौर दुग्ध संघ के कुकीज की अच्छी बिक्री है। टेट्रा पैक में दुग्ध प्रदाय के लिए निजी भागीदारी से संयंत्र स्थापना के संबंध में भी कार्रवाई की जा रही है। बैठक में बताया गया कि चालू वित्त वर्ष में अक्टूबर माह तक सभी दुग्ध संघ द्वारा 10 लाख 54 हजार 460 किलोग्राम प्रतिदिन दुग्ध संकलन के लक्ष्य के विरुद्ध 08 लाख 21 हजार 126 किलोग्राम प्रतिदिन दुग्ध का संकलन किया गया। दीपावली त्यौहार के अवसर पर दुग्ध संघ द्वारा 1 लाख 14 हजार किलो सांची मिठाइयों का विक्रय किया गया। इंदौर, उज्जैन, बुंदेलखंड और जबलपुर दुग्ध संघ द्वारा इस वर्ष अभी तक 96 हजार 179 लीटर प्रति दिन औसत बल्क दूध का विक्रय किया गया।  

पीएम सूर्य घर योजना में मिलेगी मुफ्त बिजली : ऊर्जा मंत्री श्री तोमर

भोपाल   ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि केंद्र सरकार द्वारा लोगों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम सूर्य घर योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना में एक किलोवाट का सोलर संयंत्र लगाने पर 30 हजार रूपये, दो किलोवाट का सोलर संयंत्र लगाने पर 60 हजार रुपए तथा तीन किलोवाट या उससे ऊपर 10 किलोवॉट तक के सोलर संयंत्र स्थापना पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही है। इसके लिए देशभर के उपभोक्ताओं को इस योजना में शामिल करके पीएम सूर्य घर योजना से जोड़ने का लक्ष्य केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया गया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अपने क्षेत्रान्तर्गत पीएम सूर्य घर योजना के शुभारंभ दिवस 13 फरवरी 2024 से अब तक 6 हजार 377 से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ा गया है। आवेदन के लिए पीएम सूर्य घर योजना की वेबसाइट https://www.pmsuryaghar.gov.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए कंपनी की वेबसाइट www.portal.mpcz.in अथवा उपाय एप, वॉट्सएप चेटबॉट व टोल फ्री नं, 1912 पर भी संपर्क किया जा सकता है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में ऑनलाइन आवेदन करने का तरीका पोर्टल pmsuryaghar.gov.in पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन /पंजीयन करें। राज्‍य का चुनाव करके विद्युत वितरण कंपनी चुनें। फिर उपभोक्ता क्रमांक दर्ज करें। इसके बाद अपना मोबाइल नंबर और मेल आईडी डालें। उपभोक्ता नंबर और मोबाइल नंबर से लॉगिन कर रूफटाप सोलर के लिए आवेदन करें। अनुमोदन अर्थात अप्रूवल के लिए थोड़ा इंतजार करें। बिजली वितरण कंपनी में पंजीकृत वेंडर से ही सौर संयंत्र लगवाएं। एक बार इंस्टॉलेशन पूरा हो जाने पर प्लांट का विवरण जमा करें। नेट मीटर की स्थापना और डिस्काम द्वारा निरीक्षण के बाद पोर्टल से प्रमाण पत्र दिया जाएगा। कमीशनिंग रिपोर्ट प्राप्त कर आप अपना बैंक खाता विवरण तथा एक निरस्‍त चेक पोर्टल के माध्यम से जमा करें। तत्पश्चात 45 दिनों में आपको केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सब्सिडी प्राप्त हो जाएगी।  

वन विहार में पक्षी अवलोकन एवं नेचर कैम्प शुरू

भोपाल मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड के सहयोग से वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में पक्षी अवलोकन एवं नेचर कैम्प का आयोजन किया गया। नेचर कैम्प में छात्र-छात्राओं में वन, वन्य-प्राणियों एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता तथा प्रकृति संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने की दृष्टि से भोपाल शहर एवं उसके आसपास के ग्रामों के शासकीय विद्यालयों के लिये कैम्प आयोजित किया गया। कैम्प में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक, स्टेशन भोपाल के 41 छात्रों एवं 3 शिक्षकों ने भाग लिया। कैम्प में सम्मिलित प्रतिभागी छात्रों के साथ वन्य-प्राणी संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं वनों की रक्षा के संबंध में विचार साझा कर जागरूकता की समझाईश दी गयी। कैम्प में विषय-विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को पक्षी दर्शन, तितली, वन्य-प्राणी और विद्यमान वानिकी गतिविधियों की जानकारी दी गयी। साथ ही वन, वन्य-प्राणी और पर्यावरण से संबंधित रोचक गतिविधियाँ करायी गयीं और उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया गया। इसके अलावा बाघ, तेंदुआ, भालू, मगर, घड़ियाल, चीतल, सांभर, नीलगाय वन्य-प्राणियों का अवलोकन भी कराया गया। कॉर्पोरेट, जकाना, कूट, ओपन बिल, स्टॉर्क, वुलीनेक स्टॉर्क, किंगफिशर जैसे पक्षी एवं नीडम क्षेत्र में कृत्रिम घोंसले और पक्षियों के पुतले भी दिखाये गये। मिशन लाइफ अंतर्गत पर्यावरण को बचाने के लिये प्रतिभागियों द्वारा शपथ भी ली गयी। प्रतिभागी छात्रों को विहार वीथिका स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में वन्य-प्राणियों से संबंधित एनिमेशन फिल्म भी दिखायी गयी। कार्यक्रम में स्रोत व्यक्ति के रूप में डॉ. एस.आर. वाघमारे, सेवानिवृत्त उप वन संरक्षक, श्री विजय नंदवंशी, सहायक संचालक वन विहार श्री एस.के. सिन्हा और इकाई प्रभारी पर्यटन श्री रविकांत जैन उपस्थित रहे।  

सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने नरेला प्रस्तावित सिविल अस्पताल के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को नरेला प्रस्तावित सिविल अस्पताल के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ नगर निगम, पीडब्लूडी, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ निर्माण स्थल का निरीक्षण कर तय समयावधि में गुणवत्तापूर्ण निर्माण करने हेतु निर्देशित किया। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि सुभाष नगर में प्रस्तावित अस्पताल के निर्माण के लिए प्लान तैयार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह 30 बिस्तरीय सिविल अस्पताल अत्याधुनिक जांच सुविधाओं से युक्त होगा। इससे नरेला क्षेत्र के करीब 5 लाख नागरिकों को लाभ मिलेगा। प्रथम चरण में 20 हजार वर्गफीट में बनेगा 30 बिस्तरीय अस्पताल मंत्री श्री सारंग ने कहा कि सुभाष नगर में 20 हजार वर्ग फीट में अस्पताल भवन का निर्माण किया जायेगा। इसमें ओ.पी.डी. , सोनोग्राफी, एक्स-रे, ड्रेसिंग रूम, प्लास्टर रूम, ओ.टी. रूम, लेबर रूम, नर्स रूम, स्टोर रूम, टेक्निशियन रूम, पैथोलॉजी लैब, एन.बी.एस.आई रूम सहित 30 बिस्तर वार्ड की सुविधाएं प्रदान की जायेगी। उन्होंने कहा कि यह सिविल अस्पताल लगभग 1 वर्ष में जनता के लिये बनकर तैयार हो जायेगा। साथ ही अगले 3 वर्षों में अस्पताल की क्षमता को बढ़ाकर 100 बिस्तरीय करने के प्लान पर भी काम किया जायेगा। 5 लाख लोग होंगे लाभान्वित मंत्री श्री सारंग ने कहा कि नरेला विधानसभा में नागरिकों के स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर विशेष कार्य किया गया है। इसके तहत क्षेत्र के सभी 17 वार्डों में संजीवनी क्लीनिक का निर्माण किया गया है। वहीं अब क्षेत्रवासियों की आवश्यता को दृष्टिगत रखते हुए सुभाष नगर में 30 बिस्तरीय सिविल अस्पताल की सौगात रहवासियों को मिलेगी। जहां सभी प्रकार की जांचें व इलाज नागरिकों को निःशुल्क उपलब्ध होगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक संसाधनों और संपदा से संपन्न राज्य है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक संसाधनों और संपदा से संपन्न राज्य है। प्रदेश की हर काल और युग में विशेष सांस्कृतिक पहचान रही है। आधुनिक काल में औद्योगिक समृद्धि के आधार पर देश का नंबर वन राज्य बनाने के संकल्प के साथ प्रदेश में रोजगारपरक उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश की समृद्ध प्राचीन संस्कृति और कलात्मक धरोहर को संजोए रखते हुए जन-कल्याणकारी नीतियों के माध्यम से उद्योग अनुकूल वातावरण तैयार कर प्रदेश में व्यापार, उद्योग और सेवा क्षेत्रों का वृहद विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को दिल्ली स्थित भारत मंडपम में चल रहे 43वें भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में मध्यप्रदेश दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में दो ज्योतिर्लिंग स्थित है। यह नदियों का मायका है, जहां पावन नर्मदा और शिप्रा नदियां बहती हैं। प्रदेश वन्य-जीव से संपन्न एकमात्र टाइगर स्टेट, तेंदुआ स्टेट और चीता स्टेट राज्य है। प्रदेश में खनिज संपदा भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है और यह एकमात्र हीरा उत्पादक राज्य है। इसके अलावा प्रदेश की सदियों से कला, संस्कृति और सभ्यता की विशेष पहचान रही है। इसका 5 हजार साल पुराना समृद्ध इतिहास रहा है और यह भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम की कर्मभूमि और तपोभूमि रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐतिहासिक काल से ही प्रदेश की व्यापार और व्यावसायिक समृद्धि की भी विशेष पहचान रही है। इसी क्रम में वर्तमान में मध्यप्रदेश सरकार संभागीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और औद्योगिक केंद्रों में रोड-शो कर प्रदेश में उद्योगपतियों को निवेश के लिए आमंत्रित कर रहा है। प्रदेश में ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूह को भी प्रोत्साहित किया जा रही है। प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के साथ भारी उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश को सबसे तेज गति से बढ़ने वाला राज्य बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। मध्यप्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद को अगले 5 साल में दोगुना करने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि विकसित भारत की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तत्परता के परिणामस्वरुप मध्यप्रदेश औद्योगीकीकरण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की परिकल्पना से रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के आयोजन के माध्यम से हर जिले में युवा उद्यमी आगे बढ़ रहे है। प्रमुख उद्योगपतियों को आमंत्रित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. यादव विदेश यात्रा पर भी जाने वाले हैं। विकसित मध्यप्रदेश बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेले में मध्यप्रदेश मंडप का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। उन्होंने मध्यप्रदेश मंडप में लगे विभिन्न स्टॉल का अवलोकन भी किया और शिल्पकारों का मनोबल बढ़ाया। मंडप को ‘विकसित भारत@2047’ की थीम पर विकसित किया गया है, जिसमें प्रदेश की धरोहर के साथ स्टार्ट-अप्स और उद्यमों का कलात्मक प्रदर्शन किया गया है। मंडप में युवा, गरीब, नारी और किसान कल्याण के मिशन को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार भी वितरित किए। मध्यप्रदेश मंडप में बेस्ट स्टॉल डिस्प्ले के लिए पर्यटन विभाग और हस्तकला के लिए मध्यप्रदेश माटीकला बोर्ड को पुरस्कृत किया गया। मंडप में सर्वश्रेष्ठ सजीव कला प्रदर्शन के लिए श्री मोहम्मद यूसुफ खत्री को सम्मानित किया गया। साथ ही मध्यप्रदेश मंडप के अन्य प्रतिभागियों को भी श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। मध्यप्रदेश दिवस समारोह में प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक कार्यक्रम की झलक देखने को मिली। डॉ. शिप्रा सुल्लेरे के संगीत निर्देशन और श्री दविंदर सिंह ग्रोवर के संयोजन में जबलपुर के श्री जानकी बैंड की प्रस्तुति दी गई। सुश्री पूजा श्रीवास्तव के निर्देशन में बुंदेलखंड के अखाड़ा लोक नृत्य की भी मनमोहक प्रस्तुति हुई। कार्यक्रम में केंद्रीय महिला बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी और मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम के प्रबंध संचालक श्री दिलीप कुमार भी उपस्थित थे।  

मंत्री श्री पटेल ने बरमान में नर्मदा नदी तट पर स्वच्छता के लिए किया श्रमदान

भोपाल विश्व शौचालय दिवस पर नरसिंहपुर जिले की ग्राम पंचायत बरमानकलां में पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने स्वच्छता के लिए श्रमदान किया। साथ ही स्वच्छता मित्र/ स्वच्छता कर्मियों का संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि माँ नर्मदा हमारे प्रदेश की जीवनरेखा है। हम सब उसे माँ का दर्जा देते हैं। हमारा भी फ़र्ज़ है कि हम उनके पुत्र/ पुत्री बनकर उनके साथ अच्छा बर्ताव करें। श्रद्धालु नर्मदा नदी में दूषित सामग्री या पूजन सामग्री को प्रवाहित न करें,ना ही नर्मदा नदी के तटों में कूड़ा करकट और अनुपयोगी सामग्री डालें। नर्मदा नदी के तटों को हमेशा साफ व स्वच्छ रखें। आज हमने यहाँ लगभग दो घंटे स्वच्छता के लिए श्रमदान किया है। माँ नर्मदा के तट से यह संकल्प लेकर जाये कि जिस प्रकार हम अपने घरों को साफ़- स्वच्छ और सुंदर रखते है। ठीक उसी तरह नदी तटों, तालाबों, अन्य जल स्त्रोतों को साफ- सुथरा व स्वच्छ बनाये रखेंगे। व्यक्तिगत शौचालयों एवं सामुदायिक शौचालयों में स्वच्छता के लिए जल व मल की निकासी होना बहुत ज़रूरी है। अपने भीतर के सामर्थ्य को पहचानें और बग़ैर फल की चिंता किए बिना समाज के प्रति अपनी नैतिक ज़िम्मेदारी को निभायें। हमारे आसपास स्वच्छता के लिए नये सिरे से सोचने की आवश्यकता है। स्वच्छता ही अच्छे स्वास्थ्य का आधार है। इसे अपनी आदत बनाकर अपने स्वभाव में निरंतरता प्रदान करनी होगी। केवल कचरे की साफ- सफाई ही नहीं उसका प्रबंधन करना भी नितांत आवश्यक है। सामुदायिक स्वच्छता परिसर, सार्वजनिक सुलभ कॉम्प्लेक्स का इस्तेमाल हो, यह न केवल स्वच्छता का जरिया है, बल्कि किसी व्यक्ति को रोजगार देने का काम भी करते हैं। मंत्री श्री पटेल ने कहा की बरमान घाट स्वच्छता समिति यह सुनिश्चित करें कि यहाँ गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना लगाया जाए। जुर्माने की कुछ राशि यहाँ सफाई कार्य में लगे स्वच्छता वॉलंटियर्स को दी जाये। 15 दिन के भीतर यह व्यवस्था बनाई जाए। ज़िले में प्रवाहित होने वाली नर्मदा नदी की स्वच्छता की ज़िम्मेदारी हमें लेनी होगी। मुझे पूरा यक़ीन है कि घाटों पर खारी विसर्जन करने आये लोग भी अगर थोड़ा वक़्त यहाँ श्रमदान में दें तो इसकी तस्वीर बदल जाएगी। स्वच्छता में सभी का सहयोग ज़रूरी है। जन आंदोलन के बिना यह संभव नहीं है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के जीवन से जुड़ा क़िस्सा बताते हुए मंत्री श्री पटेल ने कहा कि उनका प्रातः साफ़- सफ़ाई का समय निर्धारित था। एक व्यक्ति उनसे मिलने आया तो महात्मा गांधी ने अपने काम को रोके बिना उस व्यक्ति से बातचीत की। जब एक यह हमें सीख देता है कि हमें अपने काम में नि:स्वार्थ भाव से लगे रहना चाहिये। स्वच्छता मित्र और स्वच्छताकर्मियों का किया सम्मान मंत्री श्री पटेल ने मां नर्मदा के तटों पर साफ- सफाई का बीड़ा उठाकर उसको प्रदूषण मुक्त करने का संकल्प लेने वाले स्वच्छता मित्रों और स्वच्छताकर्मियों को सम्मानित किया। विदित है कि नर्मदा तटों पर लगातार श्रद्धालुओं की संख्या अमावस्या, पूर्णिमा, बसंत पंचमी सहित अन्य धार्मिक पर्वों पर बढ़ जाती है। स्वच्छता मित्र यहां नर्मदा तट से कचरा, पॉलीथिन, अगरबत्तियों आदि को एकत्रित करते हैं। साथ ही वे श्रद्धालुओं को माँ नर्मदा को प्रदूषण से बचाने के लिए प्रेरित करते हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योति नीलेश काकोड़िया, कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी- कर्मचारी और नागरिक मौजूद थे।  

मंत्री श्री पटेल ने कहा-कठोर परिश्रम के बिना जीवन में सफलता नहीं मिलती

भोपाल   साईकिल वितरण योजना के अंतर्गत नरसिंहपुर जिले के करेली विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उमरिया में नि:शुल्क साईकिल वितरण कार्यक्रम पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल की मौजूदगी में हुआ। उन्होंने 29 छात्र एवं 31 छात्राओं को नि:शुल्क साईकिल प्रदान की। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि जब वे विद्यार्थी थे, तो उस समय दो पहिया वाहन तो दूर की बात है, साईकिल तक की सुविधा शिक्षा पाने के लिए नहीं हुआ करती थी लेकिन अब समय बदल चुका है। सरकार अब विद्यार्थियों को पढ़ाई के अवसर उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएं चला रही है, ताकि बच्चें पढ़ाई कर अपना भविष्य गढ़ सके। आपको यह साईकिलें बड़ी ही सहजता से प्राप्त हो चुकी है। आप सभी को नई साईकिलों के लिए बधाई। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉट-कर्ट नहीं होता। आप लोग परिश्रम करने से हिचकिचाएं नहीं। कठोर परिश्रम के बिना जीवन में सफलता नहीं मिलती है। मंत्री श्री पटेल ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए अपने जीवन से जुड़ा एक प्रसंग भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उनके मित्र ने उन्हें वर्ष 1981 में एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि आने वाला समाज भौतिकतावादी होगा। इसका प्रभाव हमारी पीढ़ियों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। आज के जीवन में मोबाइल फोन जरूरत बन गये हैं, जिसने शिक्षा के तरीके को भी बदल दिया है। स्मार्ट फोन, इंटरनेट, सोशल मीडिया की दुनिया बढ़ गई है। छात्र जीवन में इसका एक अच्छा और एक बुरा पक्ष है। छात्र जीवन में मोबाइल फोन के प्रभाव की सीमा को समझने की जरूरत है। यह आपका विवेक ही तय कर सकता है कि आपके जीवन के लिए क्या अच्छा और क्या बुरा है। अपनी शिक्षा- दीक्षा से अपना भविष्य बेहतर बनायें। दीक्षा संस्कार से मिलती है, जो हमारी पीढ़ियों की पुरातन परम्पराओं को भावी पीढ़ी में लेकर जायेगी। इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत नरसिंहपुर श्रीमती ज्योति नीलेश काकोड़िया, पूर्व राज्यमंत्री श्री जालम सिंह पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी- कर्मचारी, शिक्षक, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक मौजूद थे।  

मुख्यमंत्री ने किया एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक के 17वें सम्मेलन का शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत का अतीत गौरवशाली रहा है और भारत प्राचीनकाल से ही वैश्विक स्तर पर उच्च शिक्षा का मुख्य केन्द्र रहा। कई देशों के विद्यार्थियों, राजकुमारों ने तक्षशिला, नालंदा जैसे भारत के विश्वविद्यालयों में शिक्षा ग्रहण की। लेकिन ऐतिहासकि रूप से हमें ऐसा कोई उल्लेख प्राप्त नहीं होता, जिसमें भारत में शिक्षा ग्रहण किए किसी व्यक्ति अथवा सत्ताधीश ने अन्य राज्य पर आक्रमण किया हो। यह तथ्य प्राचीन काल से चली आ रही हमारी शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ जीवन मूल्यों और नैतिक मूल्यों को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को होटल ताज में एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक के 17वें सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतीत से वर्तमान की कई घटनाएं जीवन मूल्यों के प्रति दृष्टिकोण की भिन्नता के कारण हुई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “उच्च शिक्षा का बदलता स्वरूप और हमारे जीवन मूल्य” विषय पर आयोजित यह सम्मेलन सम-सामयिक महत्व का है। अतीत से लेकर वर्तमान तक की कई घटनाएं जीवन मूल्यों के प्रति दृष्टिकोण की भिन्नता के परिणाम स्वरूप ही घटित हुईं। रामायण काल में रावण हो या महाभारत काल में कौरव, योग्यता और क्षमता में कोई भी कम नहीं था, लेकिन उनके जीवन मूल्य और नैतिक मूल्य उचित नहीं थे, इसी कारण उन्हें कभी सम्मान नहीं मिला और वे समाज में तथा इतिहास में सदैव नकारे गए। कर्ण की योग्यता अद्भुत थी, लेकिन उनकी दृष्टि, प्रतिशोध, जिद और नकारात्मक भाव ने उन्हें पतन की ओर अग्रसर किया। इसी प्रकार के उदाहरण हमें सोने की लंका बनाने वाले रावण के भी प्राप्त होते हैं। सभी प्रकार के वैभव और सामर्थ्य होने के बाद भी वे कभी स्वीकारे नहीं गए और नैतिक मूल्यों के आधार पर ही वनवासी श्रीराम ने उन्हें परास्त किया। अर्थात् यह नैतिक मूल्यों और जीवन मूल्यों की ही विजय थी। नई शिक्षा नीति के माध्यम से लागू किए जा रहे हैं कई नवाचार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रूस-यूक्रेन युद्ध और इजराइल के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे आदर्शों और जीवन मूल्यों का ही परिणाम है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी इन संघर्षों में भी शांति के लिए प्रयास करते दिखाई देते हैं। यह भारतीय जीवन मूल्यों के सामर्थ्य को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2020 से लागू नई शिक्षा नीति के माध्यम से पढ़ने और सीखने की प्रक्रिया को अधिक लचीला, सरल और रूचिपूर्ण बनाते हुए विद्यिार्थियों को विभिन्न संकायों के विषयों के अध्ययन की सुविधा प्रदान की गई है। अध्ययन प्रक्रिया को आयु के बंधन से मुक्त करते हुए क्रेडिट प्रदान करने जैसे नवाचार भी प्रदेश में किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक को मध्यप्रदेश में अपनी गतिविधियों के विस्तार के लिए आमंत्रित किया। वैश्विक स्तर की शिक्षा देश में ही उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध जागरण लेक सिटी यूनिवर्सिटी के चांसलर श्री हरिमोहन गुप्ता ने बताया कि 35 देशों में फैले एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक का सम्मेलन भारत में पहली बार हो रहा है। एसोसिएशन मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा और कौशल विकास पर केन्द्रित वैश्विक संस्थाओं की स्थापना कर विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा देश में ही उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, शिक्षाविद श्री अनूप स्वरूप और विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि तथा विषय-विशेषज्ञ उपस्थित थे।  

इंडियन आइडल की मयूरी साहा ने ए.आर.रहमान को प्रभावित किया

मुंबई,  इंडियन आइडल 16 के मंच पर प्रतिभागी मयूरी साहा ने दिग्गज संतीकार ए.आर. रहमान को प्रभावित कर दिया। सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न पर ‘इंडियन आइडल 16’ के टॉप 15 प्रतियोगियों ने अपने शानदार ‘प्लेफ्रंट’ परफ़ॉर्मेंस से जजों – बादशाह, श्रेया घोषाल और विशाल ददलानी का दिल जीत लिया है। इनमें कोलकाता के टॉलीगंज की ‘आइडल की क्लासिकल क्वीन’ मयूरी साहा भी शामिल हैं, जिन्होंने हाल ही में प्रसिद्ध संगीतकार ए. आर. रहमान का ध्यान अपनी ओर खींचा, और उनके एक कम्पोज़िशन की प्रस्तुति को पोस्ट करने के बाद उन्हें इंस्टाग्राम पर एक खास फॉलोअर मिला है। इस सम्मान से उत्साहित, मयूरी साहा ने बताया, “मैं बचपन से ही ए. आर. रहमान सर को अपना आदर्श मानती हूं, और मैं कभी अपने सपने में देखे गए सपने में भी नहीं सोच सकती थी कि वो कभी सोशल मीडिया पर मुझे फॉलो करेंगे। यह किसी सपने के सच होने जैसा है और मेरी कड़ी मेहनत का प्रमाण है।”ऑडिशन के बाद से ही सबसे खास परफ़ॉर्म कर रही, मयूरी को श्रेया घोषाल का प्लैटिनम माइक मिला था और उन्होंने अमी जे तोमार 3.0 के क्लासिकल-बीटबॉक्स फ्यूज़न से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया था। उनका सफर देश भर के संगीत प्रेमियों को प्रेरित करता है।

युवाओं को रोज़गार देने के लिए संकल्पबद्ध सरकार, भर्ती की प्रक्रिया शीघ्र – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल राज्य शासन अगले 5 वर्षों में 2 लाख 50 हजार सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराने प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के सीधी भर्ती के रिक्त पदों की पूर्ति करने के आदेश जारी कर दिए हैं। रिक्त पदों पर भर्ती के लिए हर साल सरकारी परीक्षा कैलेंडर जारी किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार ने संकल्प पत्र-2024 के बिन्दु “रोजगार के अवसर” में युवाओं को सरकारी नौकरियों में सेवा का अवसर देने संकल्प दोहराया है। इस संकल्प को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए सरकारी नौकरियों में भर्ती की सभी औपरिकताएं पूरी की जा रही हैं और जल्दी ही भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू की जायेगी। उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने सभी विभागों को भर्ती की प्रक्रिया संबंधी औपचाकिताएं पूरी करने के निर्देश दिये हैं, जिससे वर्षवार भर्ती की प्रक्रिया बिना रूकावट पूरी की जा सके। राज्य शासन के इस निर्णय से सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा पहले जारी निर्देश एवं आदेश निष्प्रभावी होंगे लेकिन पहले जारी आदेशों, परिपत्रों के आधार पर ऐसे रिक्त पदों पर, जिन पर विभागों द्वारा दिनांक 30 अक्टूबर, 2024 तक भर्ती की कार्यवाही कर दी गई है, वह निरस्त नहीं मानी जायेगी। इनमें सीधी भर्ती के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए कार्यवाही कर्मचारी चयन मण्डल, म.प्र. लोक सेवा आयोग/ अन्य संस्था को प्रेषित किये गये हैं। इसके अलावा नियुक्ति की जा चुकी है परंतु कार्यभार ग्रहण किया जाना शेष है या परीक्षा परिणाम के आधार पर नियुक्ति पत्र जारी किया जाना शेष है। मुख्य रूप से संवर्ग में स्वीकृत पदों के आधार पर 5% पदों की ही सीधी भर्ती से पदपूर्ति करने के लिए प्रशासकीय विभाग को अधिकृत किया गया है। यह परिपत्र वर्ष 2028-29 तक के लिये स्थगित किया जाता है। राज्य शासन द्वारा प्रथम श्रेणी, द्वितीय श्रेणी एवं तृतीय श्रेणी के सीधी भर्ती के रिक्त पदों की पूर्ति गणना के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया है। इसके अनुसार सर्वप्रथम प्रत्येक संवर्ग में 1 अप्रैल 2024 की स्थिति में सीधी भर्ती के रिक्त पदों की गणना की जायेगी। इनमें ऐसे पद जिनके संबंध में कार्यवाही कर्मचारी चयन मंडल/ एमपीपीएससी या अन्य संस्थाओं में प्रचलन में है, रिक्त पदों की गणना में शामिल नहीं किए जायेंगे। ऐसे 13% पद जो पिछड़ा वर्ग के लिए अंतिम परीक्षा परिणाम के बाद रोके गए हैं, इनको भी रिक्त पदों की गणना में नहीं लिया जायेगा। ऐसे संवर्ग जिनमें रिक्त पदों की संख्या 1 से 50 तक है, की पद पूर्ति दो चरणों में की जायेगी (अर्थात 50% पद वित्तीय वर्ष 2024-25 में एवं शेष 50% पद वित्तीय वर्ष 2025-26 में भरे जायेंगे)। ऐसे संवर्ग जिनमें रिक्त पदों की संख्या 51 से 200 तक है, उनमें पद पूर्ति तीन चरणो में आधार पर की जायेगी। यदि 33% से कम है, तो एक बार में रिक्त पदों की पूर्ति, यदि 33% अथवा अधिक है पर 66% से कम है तो वर्षवार पदपूर्ति होगी। प्रथम वर्ष 2024-25 में 8% द्वितीय वर्ष 2025-26 में 46% और तृतीय वर्ष 2026-27 में 46% की पदपूर्ति होगी। यदि रिक्त पदों की संख्या यदि 66% अथवा अधिक है तो वर्षवार पदपूर्ति में, प्रथम वर्ष 2024-25 में 8%, द्वितीय वर्ष 2025-26 में 31%, तृतीय वर्ष 2026-27 में 31%, चतुर्थ वर्ष 2027-28 में 30% भर्ती होगी। ऐसे संवर्ग जिनमें रिक्त पदों की संख्या 200 से अधिक है वहां पदपूर्ति के संबंध में निम्न सिद्धांत अपनाए जायेंगे। सीधी भर्ती के रिक्त पदों की संख्या यदि 25% से कम है, तो एक बार में रिक्त पदों की पूर्ति होगी। यदि 25% अथवा अधिक है, पर 50% से सीधी भर्ती के रिक्त पद कम है तो वर्षवार पदपूर्ति होगी। इसमें प्रथम वर्ष 2024-25 में 8%, दूसरे साल 2025-26 में 46% और तीसरे साल 2026-27 में 46% पदों की पूर्ति होगी। रिक्त पद यदि 50% या उससे अधिक या 75% से कम है, तो प्रथम वर्ष 2024-25 में 8%, दूसरे साल 2025-26 में 31%, तीसरे साल 2026-27 में 31% और चौथे साल 2027-28 में 30% पदों की पूर्ति होगी। इसी प्रकार यदि रिक्त पर 75% या उससे ज्यादा है, तो प्रथम वर्ष 2024-25 में 8%, सीधी भर्ती के कुल पद द्वितीय वर्ष 2025-26 में 23% तृतीय वर्ष 2026-27 में 23%, चतुर्थ वर्ष 2027-28 में 23%, और वर्ष 2028-29 में 23% पदों पर भर्ती होगी। डाईंग संवर्गों में भर्ती नहीं राज्य शासन द्वारा डाईंग संवर्ग घोषित किये जा चुके संवर्गों में किसी भी प्रकार से कोई भर्ती नहीं की जायेगी। अनुबंधित वाहन के लिए वाहन चालको के पद पर सीधी भर्ती आवश्यक नहीं है। जिन विभागों के पास स्वयं के वाहन है, वे भी वाहन चालक के कार्य हेतु सेवायें आउटसोर्स के माध्यम से प्राप्त करने पर विचार करें। विशिष्ट विभाग जहाँ वाहन चालकों के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती अतिआवश्यक है, वे वित्त विभाग को तथ्यों सहित प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुये स्वीकृति प्राप्त करें। राज्य शासन के विभिन्‍न कार्यालयों में चतुर्थ श्रेणी के पदों के विरूद्ध कार्य करने के लिये व्यक्तियों की पूर्ति आउटसोर्स पर करने के लिए चतुर्थ श्रेणी के कार्मिकों की सेवायें प्राप्त करने संबंधी नीति-निर्देश के अनुसार कार्यवाही की जायेगी। विशिष्ट विभाग जहाँ चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती अतिआवश्यक है, वे वित्त विभाग को तथ्यों सहित प्रस्ताव प्रेषित करते हुये स्वीकृति प्राप्त करेंगे। इस बात का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिये गये हैं कि रिक्त पदों की पूर्ति के समय कैडर मैनेजमेंट प्रभावित न हो।  

नाबार्ड ग्रामीण विकास उत्सव भोपाल हाट

भोपाल हिमाचल प्रदेश से गृहिणी स्वयं स्वरोजगार संघ  स्टाल नम्बर 11 में हिमाचल में SHG /JLG नाबार्ड व राष्ट्रीय  ग्रामीण आजीविका मिशन से गृहिणियां ब स्वरोजोगारी युवा जुड़कर चप्पल निर्माण के गृह उद्योग शुभारम्भ जिला कांगड़ा के इंटेसिव विकास खण्ड इंदौरा के भिब्बन गाम्बो में किए गए है नाबार्ड  व गृहिणी स्वयं स्वरोजगार  संघ संस्था द्वारा स्वयं सहायता समूहों की मातृ शक्ति को MEDP प्रशिक्षण देकर क्वाल्टी मेन्टेन कर इंटरनेशनल ट्रेड मार्क हिमस्टेप फुटवेअर  मार्केट मे चप्पल निर्माण कर कई घरों में इन्कम जनरेटिक प्रोजेक्ट साबित हुआ है नाबार्ड द्वारा आयोजित ग्रामीण विकास उत्सव में  देवभूमि हिमाचल की मातृ शक्ति व स्वरोजगारियों द्वारा संयुक्त निर्माण चप्पलें लोग पसन्द कर रहे जो बढ़िया क्वालटी से लेकर खरीदने वाले की जेब को भी राहत देकर  हरीभरी कर रही हैं  फॅमिली पैक में 1000 रुपए की चप्पलें खरीदने पर नावार्ड द्वारा प्रोत्साहन के लिए लक्की ड्रा कूपन भी दिया जा रहा ,भोपाल निवासियों को ग्रामीण विकास उत्सव में आकर यहां लगे स्टालों से जरूरत योग्य उत्पाद खरीदकर सभी स्वरोजगारियों का हौसला बढ़ाकर विकसित भारत को धरातल पर सफलता में सहयोग करना चाहिए भारत के दूर दराज राज्यो से आये स्वरोजगारीयो के मनोबल बढ़ाने चाहिए

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