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मध्यप्रदेश को आर्थिक रूप से देश का सबसे सशक्त राज्य बनाया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को आर्थिक रूप से देश का सबसे सशक्त राज्य बनाने के लिये प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए लगातार कार्य जारी है। प्रदेश में संभाग स्तर पर उद्योग समूहों को आमंत्रित कर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए जा रहे है, साथ ही तमिलनाडु, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में रोड-शो कर निवेशकों और उद्योग समूहों को प्रदेश में अपनी गतिविधियां संचालित करने और उनका विस्तार करने के लिए आमंत्रित किया गया। इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। अब भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वैश्विक स्तर से निवेशकों और उद्योग समूहों को प्रदेश में आमंत्रित करने के लिए उनकी इंग्लैंड और जर्मनी की यात्रा प्रस्तावित है, साथ ही अन्य देशों की यात्रा की भी योजना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा में यह बात कही।  

रोजगार के लिए शासकीय भर्ती के साथ ही निजी क्षेत्र में भी अवसर होंगे उपलब्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में एक लाख से अधिक शासकीय पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराने की बात कही थी। इस क्रम में भर्ती प्रक्रिया के विज्ञापन जारी कर लोक सेवा आयोग तथा कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से खाली पदों को भरने की प्रक्रिया आरंभ की जा रही है। निवेशकों से आए प्रस्तावों के अनुरूप निजी क्षेत्र में लगभग ढाई लाख से अधिक पदों पर रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। युवाओं को अपनी क्षमता के अनुसार प्रदेश में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध हों, इस उद्देश्य से आई.टी. सेक्टर के साथ ही तकनीकी रूप से दक्षता वाले पाठ्यक्रम भी राज्य सरकार द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।  

आरजीपीवी में दो दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव “प्रवाह 2024 का आयोजन 29 एवं 30 नवंबर को संपन्न होगा

भोपाल राजीव गांधी प्रौ‌द्योगिकी विश्ववि‌द्यालय, भोपाल, के परिसर में छात्रों को सांस्कृतिक प्रस्तुति, क्रिएटिव प्रतियोगिताएं तथा खेल और रचनात्मक प्रतिभा से अपनी प्रतिभा और कौशल प्रदर्शित करने का अवसर दो दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव ‘प्रवाह २०२४ के माध्यम से प्रदान किया जा रहा है। विश्ववि‌द्यालय परिसर में आगामी 29 और 30 नवंबर 2024 को संपन्न होने वाले सांस्कृतिक महोत्सव में खेल और रचनात्मक प्रतियोगिताएं ट्रेजर हंट, रंगोली, पेंटिंग, और बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट, सांस्कृतिक प्रस्तुतिया सोलो डांस, ग्रुप डांस, सोलो सॉन्ग, ग्रुप सॉन्ग, क्रिएटिव प्रतियोगिताएं फैशन शो, रील मेकिंग, और ओपन माइक जैसी प्रतियोगिताएं संपन्न होगी! इस प्रतियोगिता में यूआईटी एवं यूटीडी आरजीपीवी, तथा पॉलिटेक्निक, आरजीपीवी के वि‌द्यार्थी शामिल होंगे। आज विश्ववि‌द्यालय के प्रशासनिक भवन में दो दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव ‘प्रवाह” के लोगो का अनावरण राजीव गाँधी प्रौ‌द्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. राजीव त्रिपाठी, कुलसचिव डॉ. मोहन सेन, आयोजन के संयोजक डॉ रवींद्र पटेल द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. महेश पवार एवं डॉ. शिखा अग्रवाल सहित विश्ववि‌द्यालय के छात्र छात्राएं उपस्थित थे। डॉ. रविन्द्र पटेल ने बताया कि दो दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव का उ‌द्घाटन कार्यक्रम दिनांक २९ नवम्बर को प्रातः १० बजे विश्ववि‌द्यालय परिसर में आयोजित किया गया है। महोत्सव के अंतर्गत संपन्न होने वाली प्रतियोगिताएं प्रात १० बजे से सांय ४:०० बजे तक संपन्न होंगी। महोत्सव का समापन कार्यकम ३० नवम्बर को सांय ४:३० बजे विश्वविद्यालय परिसर में संपन्न होगा, जिसमे विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किये जाएँगे । इस आयोजन का उ‌द्देश्य छात्रों को उनकी रचनात्मकता, सांस्कृतिक समझ और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देना है। यह महोत्सव विश्ववि‌द्यालय के विभिन्न विभागों के छात्रों को एक मंच पर लाएगा, जहां वे अपनी कला और संस्कृति के प्रति उत्साह दिखा सकेंगे। महोत्सव का नाम “प्रवाह” रखा गया है, जो जीवन और सांस्कृतिक गतिविधियों में निरंतरता और प्रवाह को दर्शाता है। इस नाम के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि सांस्कृतिक गतिविधियां हमारे व्यक्तित्व और जीवन के विभिन्न पहलुओं में निरंतरता और समृद्धि लाती हैं। “प्रवाह” का अर्थ है “बहाव” या “गति।” लोगों में लहराती आकृति निरंतरता और ऊर्जा का प्रतीक है, जबकि कीबोर्ड की आकृति संगीत और कला का प्रतिनिधित्व करती है। रंग संयोजन नई शुरुआत और उत्साह को दर्शाता है, जो रचनात्मकला और सतत विकास का संकेत है

पर्वतारोही मुस्कान को मिलेगी 4 लाख की प्रोत्साहन राशि, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की साहसी बिटिया को दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अशोक नगर जिले की निवासी पर्वतारोही सुश्री मुस्कान रघुवंशी को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई देते हुए 4 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने के निर्देश दिए हैं। सुश्री मुस्कान अशोक नगर जिले के ग्राम महाना के निवासी श्री रामकृष्ण रघुवंशी की बेटी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आस्ट्रेलिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट कोंजिअस्को को कम उम्र में फतह कर विश्व रिकार्ड बनाने वाली मुस्कान के साहसिक कार्य के लिए बधाई देते हुए आगामी पर्वतारोहण कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की यह बेटी नई सफलताएं प्राप्त करेगी। उल्लेखनीय है कि 23 वर्ष आयु की मुस्कान भोपाल के रविन्द्र नाथ टैगोर विश्वविद्यालय से बीपीएड का पाठ्यक्रम कर रही हैं। उन्होंने जब आस्ट्रेलिया के पर्वत की चोटी को छुआ था तो अपने आयु वर्ग में सबसे कम उम्र की पर्वातारोही थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 24 अगस्त 2024 को चंदेरी प्रवास के दौरान मुस्कान को उनके द्वारा बनाए गए रिकार्ड के लिए बधाई दी थी। मुस्कान शीघ्र ही दक्षिण अफ्रीका के तंजानिया में माउंट क्लीमंजारो की चोटी पर पहुंचने के लिए रवाना होने वाली हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसरो और स्पेस-एक्स की टीम को दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत में संचार सेवाओं को अधिक बेहतर बनाने एवं दूरदराज क्षेत्रों तक बेहतर ब्रॉडबैंड कवरेज सुनिश्चित करने के लिए इसरो द्वारा स्पेस-एक्स के सहयोग से अपना जीएसएटी-एन2 कम्युनिकेशन सैटेलाइट के सफलतापूर्वक परीक्षण के लिए इसरो और स्पेस-एक्स की टीम को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत का यह एक और महत्वपूर्ण सफल कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत ने गत 10 वर्ष में अंतरिक्ष जगत में अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित किए हैं। ये सभी कीर्तिमान नए और आत्म-निर्भर भारत के संकल्पों को दर्शाने वाले उदाहरण हैं।  

ऋत्विक और श्रेया ने बंदिश बैंडिट्स सीजन 2 द्वारा उनके लाइफ और करियर बदलने पर बात की

मुंबई,  ऋत्विक भौमिक और श्रेया चौधरी ने बंदिश बैंडिट्स सीजन 2 द्वारा उनके लाइफ और करियर बदलने पर बात की है। म्यूज़िकल ड्रामा सीरीज़, बंदिश बैंडिट्स अपने मच अवेटेड दूसरे सीज़न के साथ वापसी कर रहा है।बंदिश बैंडिट्स में राधे के रूप में दर्शकों का दिल जीतने वाले ऋत्विक भौमिक ने सीजन दो के लिए अपनी तैयारी के बारे में बात की है। उन्होंने कहा,सीज़न 1 के खत्म होने के बाद भी, मैं अपने कोच अक्षत के साथ सीज़न 2 तक हर दिन म्यूजिक की ट्रेनिंग करता रहा। फिल्मांकन शुरू होने से लगभग 3-4 महीने पहले, हमने ट्रेनिंग प्रोग्राम को एडजस्ट किया, भले ही हमें नए सीज़न या एल्बम के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं थी। अक्षत और मैंने स्क्रिप्ट देखने या सेट पर जाने से पहले ही अभ्यास करना शुरू कर दिया था। मैं पिछले पाँच सालों से उनके साथ बैंडिश बैंडिट्स के लिए ट्रेनिंग ले रहा हूँ। शास्त्रीय संगीत सीखने से न सिर्फ मुझे भूमिका निभाने में मदद मिली है, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में भी मैं बदल गया हूँ। इसने मेरे जीवन में बहुत बड़ा बदलाव किया है, मुझे शांत रहने और साफ तौर से सोचने में मदद की है, यहाँ तक कि मेरे दैनिक जीवन में भी।जब मैंने दूसरे सीज़न के लिए राधे की भूमिका पढ़ी, तो मैं राइटिंग से बहुत प्रभावित हुआ। लोग समय और अनुभवों के साथ बड़े होते हैं और बदलते हैं, चाहे वह कुछ महीनों या सालों के बाद हो। राधे का किरदार भी उसी तरह विकसित हुआ है। श्रेया चौधरी ने कहा, मुझे याद है कि जब आनंद ने मुझे सीजन 2 के बारे में बताया था, तो उन्होंने बस इतना कहा था, ‘चलो म्यूजिक लेसंस शुरू करते हैं’ और तभी मुझे पता चला कि कुछ खास होने वाला है। वर्कशॉप्स, वेस्टर्न म्यूजिक और कीबोर्ड सेशन कमाल थे, लेकिन सबसे अच्छी बात स्क्रिप्ट पढ़ना और यह देखना था कि हर एक किरदार की अनोखी यात्रा के साथ कहानी कैसे सामने आती है।इस सीजन में तमन्ना की यात्रा उसके और मेरे लिए एक बड़ा बदलाव है। वह पहले से ज़्यादा निडर है, लेकिन साथ ही कमज़ोर, दृढ़ निश्चयी और नए सिरे से शुरुआत करने वाली भी है। सीजन 2 में तमन्ना का किरदार निभाना एक रोमांचक और यादगार अनुभव रहा है। अमृतपाल सिंह बिंद्रा द्वारा निर्मित और आनंद तिवारी द्वारा निर्देशित, लियो मीडिया कलेक्टिव प्राइवेट लिमिटेड प्रोडक्शन में ऋत्विक भौमिक, श्रेया चौधरी, शीबा चड्ढा, अतुल कुलकर्णी, राजेश तैलंग और कुणाल रॉय कपूर जैसे बहुमुखी कलाकारों की वापसी होगी, साथ ही नए कलाकारों में दिव्या दत्ता, रोहन गुरबक्शानी, यशस्विनी दयामा, आलिया कुरैशी और सौरभ नैयर प्रमुख भूमिकाओं में होंगे। बंदिश बैंडिट्स सीजन 2 का प्रीमियर 13 दिसंबर को भारत में प्राइम वीडियो पर और दुनिया भर के 240 से अधिक देशों और क्षेत्रों में होगा।  

राज्यपाल ने विभिन्न राज्यों के स्टॉल्स का अवलोकन और कारीगरों से किया संवाद

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि ग्रामीण विकास उत्सव, देश भर के कारीगरों और प्रसिद्ध उत्पादों के प्रोत्साहन का प्रभावी मंच है। ऐसे आयोजन ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। राज्यपाल पटेल नाबार्ड द्वारा भोपाल हॉट बाजार में आयोजित ग्रामीण विकास उत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 19 से 27 नवम्बर तक आयोजित हो रहे ग्रामीण विकास उत्सव का फीता काटकर शुभारंभ किया। राज्यपाल पटेल ने विगत 6 वर्षों से देशभर के कारीगरों के प्रोत्साहन के लिए उत्सव का आयोजन करने पर नाबार्ड को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नाबार्ड ऐसे आयोजनों का व्यापक और सघन स्तर पर प्रचार-प्रसार करें। राज्यपाल पटेल ने स्थानीय मीडिया से भी अपील की कि देश के कारीगरों के उत्पादों के प्रचार-प्रसार में भरपूर सहयोग करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि नाबार्ड, सूक्ष्म उद्यमिता विकास कार्यक्रम, आजीविका एवं उद्यमिता विकास कार्यक्रम और गैर कृषि उत्पादक संगठन बनवाने जैसे विकास के महत्वपूर्ण प्रयास कर रहा है। कृषि, कुटीर, ग्रामीण एवं लघु उद्योगों हस्तशिल्प के विकास परक कार्यों के द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और समृद्धि में प्रभावी योगदान दे रहा है। नाबार्ड द्वारा स्व-सहायता समूह की महिलाओं, हस्तशिल्पियों और कृषक उत्पादक संघों के सदस्यों के लिए कौशल विकास की कई योजनाएं भी चलाई जा रही है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि हमारे देश की आत्मा गांवों में बसती है। जब आत्मा मजबूत होगी तभी पूरा शरीर यानि हमारा देश मजबूत, सक्षम और आत्म-निर्भर होगा। उन्होंने नाबार्ड के ग्रामीण युवाओं के कौशल उन्नयन के द्वारा सम्मानजनक आजीविका पाने के प्रयास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती की दिशा में सार्थक कदम बताया। राज्यपाल पटेल ने योजनाओं में प्रशिक्षित ग्रामीण किसानों, महिलाओं के समूहों और कृषक उत्पादक संघो के उत्पादों की बिक्री के लिए रूरल मार्ट, रूरल हाट और रूरल मार्ट ऑन व्हील्स जैसी पहल के लिए नाबार्ड की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि डिजिटलाइजेशन के दौर में ग्रामीण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्व-सहायता समूहों की भूमिका को विस्तारित किया जाना चाहिए। राज्यपाल पटेल ने ग्रामीण विकास उत्सव के शुभारम्भ अवसर पर देश के प्रसिद्ध उत्पादों का अवलोकन किया। उन्होंने अलग-अलग राज्यों के कारीगरों से संवाद करते हुए उनके उत्पादों के संबंध में जानकारी ली। राज्यपाल पटेल ने कारीगरों का उत्साह वर्धन कर शुभकामनाएं और बधाई भी दी। राज्यपाल पटेल का नाबार्ड के महाप्रबंधक कमर जावेद ने पुष्प-गुच्छ से स्वागत कर स्मृति-चिन्ह भेंट किया। स्वागत उद्बोधन नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक सुनील कुमार ने दिया। कार्यक्रम को आर.बी.आई. की क्षेत्रीय निदेशक सुरेखा चंदना बेदी, एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक सीएस शर्मा और एसएलबीसी के संयोजक नरसीम सिंह जीरा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष आर.सी. बेहरा और मध्यान्चल ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष प्रवीण अवस्थी उपस्थित थे।      

रणवीर ने निकुंज बियानी के साथ मिलकर प्रोटीन फूड और सप्लीमेंट ब्रांड ‘सुपरयू’ की शुरुआत की

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह ने निकुंज बियानी के साथ मिलकर अपने प्रोटीन फूड और सप्लीमेंट ब्रांड ‘सुपरयू’ की शुरुआत की है। हाल ही में, एनर्जी पावरहाउस रणवीर सिंह ने निकुंज बियानी के साथ मिलकर अपने प्रोटीन फूड और सप्लीमेंट ब्रांड ‘सुपरयू’ की शुरुआत की है।रणवीर सिंह ने लॉन्च प्रमोशन के लिए एक कैंपेन की शुरुआत की है। इस कैंपेन में उनकी एनर्जी झलकती है और यह सभी उम्र के लिए हेल्दी प्रोटीन ऑप्शन्स की अहमियत पर जोर देता नजर आ रहा है। रणवीर सिंह ने एक अनोखे वीडियो में अपनी एनर्जी के राज से पर्दा उठाया है, जिसमें वह अपनी जबरदस्त एनर्जी और सिग्नेचर चार्म को पेश करते दिखाई दे रहे है। यहअनोखा वीडियो वायरल हो गया है, और दीपिका ने इसपर सबसे पहले कॉमेंट करते हुए लिखा है, ‘ब्रिलियंट’ रणवीर सिंह को सिंघम अगेन में सिम्बा की भूमिका के लिए खूब तारीफ मिल रही है और उनके पास कुछ रोमांचक प्रोजेक्ट भी हैं। वह जल्द ही डॉन 3 में आइकॉनिक किरदार निभाते नजर आने वाले हैं। इसके अलावा उन्होंने निर्देशक आदित्य धर के साथ एक एक्शन से भरपूर फिल्म के लिए भी हाथ मिलाया है।  

ऑल्ट एनवायर्नमेंटल फिल्म फेस्टिवल के ब्रांड एंबेसडर बनें जैकी श्रॉफ

मुंबई, बॉलीवुड के माचो हीरो जैकी श्रॉफ को ऑल लिविंग थिंग्स एनवायर्नमेंटल फिल्म फेस्टिवल (एएलटी ईएफएफ) का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया है। जैकी श्रॉफ हमेशा से ही पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए लोगों को जागरूक करते आये है और अब उन्हें 22 नवंबर से 08 दिसंबर, 2024 तक आयोजित होने वाले ऑल लिविंग थिंग्स एनवायर्नमेंटल फिल्म फेस्टिवल (एएलटी ईएफएफ) का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया है।ऑल्ट इएफएफ का लक्ष्य सिनेमा की इमोटीव पावर के माध्यम से उन्हें क्लाइमेटअवेयरनेस बढ़ावा देना है, और बेहतर कल प्राप्त करने की दिशा में जैकी श्रॉफ का योगदान फिल्म महोत्सव के मुख्य उद्देश्य के साथ सही बैठता है, जो उन्हें ब्रांड एंबेसडर के लिए एकदम उपयुक्त बनाता है। जैकी श्रॉफ ने कहा,मुझे बेहद ख़ुशी है कि एएलटीईएफएफ के ब्रांड एंबेसडर के रूप में मुझे चुना गया है, खासकर ट्रांस्फॉर्मटिवे क्लाइमेट एक्शन पर काम करने के लिए बेहद उत्साहित हूँ। मेरा मानना है कि फिल्में लोगों को एक साथ लाने वाले दमदार तरीकों में से एक है , और अगली पीढ़ी के बेहतर कल के लिए प्रेरित करने के लिए हमारी अपनी फिल्मों से बेहतर क्या हो सकता है, एएलटी ईएफएफ एक फिल्म महोत्सव से कहीं अधिक है, यह हम सभी का एक बड़ा सहयोग है जिसके लिए हम काम कर रहे हैं एक हरा-भरा कल, और मैं उत्साह और एकता देखने के लिए बहुत उत्सुक हूँ! जैकी श्रॉफ को फिल्म ‘सिंघम अगेन’ में अपने नेगेटिव किरदार उमर हफ़ीज़ को जबरदस्त प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। इस बीच, वह अपनी आगामी रिलीज ‘बेबी जॉन’ के लिए तैयारी कर रहे हैं, जिसमें वह बब्बर शेर की भूमिका निभाते नजर आएंगे। इस फिल्म में जैकी, वरुण धवन, कीर्ति सुरेश और वामिका गब्बी सहित अन्य लोगों के साथ स्क्रीन स्पेस साझा करते हुए दिखाई देंगे। ‘बेबी जॉन’ 25 दिसंबर 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

जिला मुख्यालय से 110 किलोमीटर दूर सिलवानी थाना क्षेत्र में ट्रैक्टर पलटने से दो लोगों की मौत

रायसेन (मध्यप्रदेश) मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में ट्रैक्टर पलटने से एक नाबालिग लड़के और एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना जिला मुख्यालय से 110 किलोमीटर दूर सिलवानी थाना क्षेत्र के पडरिया गांव में सोमवार रात को हुई। पुलिस उपमंडल अधिकारी अनिल मौर्य ने बताया कि वाहन में ईंधन खत्म हो जाने के बाद चालक ने ट्रैक्टर को खेत में खड़ा कर दिया। बाद में, 19 वर्षीय एक मजदूर ट्रैक्टर मालिक के घर से डीजल लेकर आया और वाहन चलाने लगा, लेकिन वाहन नियंत्रण से बाहर हो गया। उन्होंने बताया कि थोड़ी दूर जाने के बाद ट्रैक्टर खेत के पास एक नाले में पलट गया, जिससे दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान नितेश (19) और अंतराम (15) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।  

भोपाल में प्रदेश का पहला पुलिस अस्पताल बनकर तैयार, जानिए क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रदेश का पहला राज्य स्तरीय पुलिस अस्पताल बनकर तैयार हो गया है। इससे एमपी पुलिस और उनके परिजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। 50 बेड का ये अस्पताल(Police Hospital) लगभग 12 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ है। जल्द ही सीएम मोहन इसका उद्घाटन कर सकते है। भोपाल के भदभदा चौराहे पर बने पुलिस अस्पताल(Police Hospital) में पीडियाट्रिक, गायनिक, डेंटल, आई जैसे कई विभाग होंगे। फिलहाल ओपीडी के साथ इस हॉस्पिटल की शुरुआत की जाएगी। जानकारी के मुताबिक, अस्पताल बनने से पहले तक यहां पर पुलिस बटालियन में पुलिस डिस्पेंसरी हुआ करती थी। ऐसी सुविधाएं मिलेंगी बता दें कि, फर्स्ट फ्लोर पर 50 बेड के इस अस्पताल में दो मेल और एक फीमेल वार्ड बनाया गया है। इसके साथ ही बच्चों के इलाज के लिए भी एक वार्ड बनाया गया है, जिसमे 5 बेड की व्यवस्था की गई है। इसके आलावा महिला वार्ड, ओटी, हाई डिपेंडेंसी यूनिट और रिकवरी रूम की भी व्यवस्था की गयी है। इस अस्पताल का हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है, जो 8068700128 है। मरीजों के लिए 2 मेल और एक फीमेल वार्ड 50 बेड के इस अस्पताल में 2 मेल (5-5 बेड) व 1 फीमेल वॉर्ड (5 बेड) का बनाया है। इसके अलावा बच्चा वार्ड में भी पांच बेड रखे गए हैं। वहीं, अन्य बेड महिला वार्ड, ओटी, हाई डिपेंडेंसी यूनिट और रिकवरी रूम में लगाए गए हैं। अस्पताल अधिकारियों की माने तो पुलिस और उनके परिवार के अलावा आम लोग यहां इलाज करवा सकेंगे या नहीं, यह जल्द ही फाइनल होगा। अस्पताल का संचालन 25वीं बटालियन करेगी। 2022 से पहले यहां एसटीएफ का कार्यालय हुआ करता था, जिसके बाद इसे अस्पताल बताया गया। इसका निर्माण पुलिस हाउसिंग द्वारा किया गया है। कई चरणों में होगी शुरुआत जानकारी के अनुसार, पुलिस अस्पताल(Police Hospital) में पहले चरण में ओपीडी, फार्मा, पैथालॉजी और एक्स-रे जैसी सुविधाएं मुहैया कराइ जाएगी। वहीँ दूसरे चरण में सोनोग्राफी और लेवर क्लिनिक जैसी कई अन्य सुविधाओं की शुरुआत होगी। बता दें कि, स्वास्थ्य विभाग की मदद से डॉक्टर और स्टाफ को लाया गया है। डॉ. रूही चंद्रा को अस्पताल का अधीक्षक नियुक्त किया गया है। पहले चरण की शुरुआत ओपीडी के साथ स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर यहां पर डॉक्टर्स एवं अन्य स्टाफ को लाया गया है। पहले चरण की बात की जाए तो ओपीडी, फार्मा, पैथालॉजी और एक्स-रे जैसी सुविधाएं दी जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में सोनोग्राफी ओर लेबर क्लिनिक के अलावा अन्य सुविधाएं शुरू की जाएगी। अस्पताल के लिए कुल 12 पद सेंशन हुए हैं, जिसमें से दो डॉक्टर मेडिकल ऑफिसर एसके गुप्ता और डेंटल सर्जन डॉक्टर सुरैश माहौर शामिल हैं। अस्पताल की अधीक्षक डॉ. रूही चंद्रा रहेंगी। 12.51 करोड़ की लागत से तैयार हुआ अस्पताल यह अस्पताल कुल 12.51 करोड़ की लागत से तैयार हुआ है। इसमें भवन निर्माण और फर्नीचर की लागत 10.41 करोड़ रही, वहीं मेडिकल उपकरण 2.1 करोड़ के खरीदे गए हैं। इस तरह से अस्पताल की कुल लागत 12.51 करोड़ है। यह भी देखें     अस्पताल में भर्ती के लिए दो मेल वॉर्ड में कुल 10 बेड लगाए गए हैं।     महिला और बच्चा वार्ड में कुल 10 बेड हैं।     हाई डिपेंडेंसी यूनिट और रिकवरी रूम में 5-5 बेड लगाए गए हैं।     ग्राउंड फ्लोर पर ओपीडी और ओटी और लेबर वार्ड बनाया गया है।     फर्स्ट फ्लोर पर मेल फीमेल और बच्चा वार्ड बनाया गया है।     अस्पताल का हेल्पलाइन नंबर 8068700128 है।

दिग्गज अभिनेता सिद्दीकी को पासपोर्ट जमा कराना होगा और जांच अधिकारी के साथ सहयोग करना होगा: उच्चतम न्यायालय

नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने बलात्कार के एक मामले में आरोपी एवं मलयालम अभिनेता सिद्दीकी की अग्रिम जमानत याचिका मंगलवार को मंजूर कर ली। न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने कहा कि दिग्गज अभिनेता को अपना पासपोर्ट जमा कराना होगा और जांच अधिकारी के साथ सहयोग करना होगा। शीर्ष अदालत ने इस तथ्य पर भी गौर किया कि 2016 में हुई कथित घटना के आठ साल बाद अगस्त में इस मामले में शिकायत दर्ज की गई। न्यायालय ने सिद्दीकी को 30 सितंबर को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था। केरल पुलिस ने जांच में सिद्दीकी द्वारा सहयोग नहीं किए जाने का आरोप लगाया है। केरल पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी स्थिति रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि अभिनेता जांच में बाधा डाल रहे हैं और उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने अकाउंट डिलीट करने के अलावा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी नष्ट कर दिया है। केरल उच्च न्यायालय ने 24 सितंबर को सिद्दीकी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने कहा था कि सिद्दीकी पर लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अपराध की उचित जांच के लिए उनसे हिरासत में पूछताछ अपरिहार्य है।  

पीएचडी के बाद आपके पास क्या है करियर ऑप्शन्स

आमतौर पर यह एक गलत धारणा है कि यूनिवर्सिटी प्रोफेसर बनने के लिए पीएचडी एक ट्रेनिंग आधारित स्टडी मोड्यूल है. हां! यह कुछ हद तक सही विचार है लेकिन, पीएचडी का क्षेत्र एकेडमिक क्षेत्र से कहीं आगे तक व्याप्त है. जो लोग पीएचडी की डिग्री प्राप्त करते हैं, उनकी तुलना में कम लोग एकेडमिक क्षेत्र ज्वाइन करते हैं. भारत सहित अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अन्य देशों में रोज़गार का परिदृश्य बड़ी तेज़ी से बदल रहा है. इस वजह से पीएचडी स्टूडेंट्स भी एकेडमिक क्षेत्र ज्वाइन करने के अपने उद्देश्य के बारे में अच्छी तरह सोचने पर मजबूर हो गये हैं. आजकल, पीएचडी ग्रेजुएट्स राइटिंग, रिसर्च, इंवेस्टमेंट बैंकिंग, लॉ और अन्य कई संबद्ध क्षेत्रों में विभिन्न विकल्पों की तलाश कर रहे हैं. अपनी डिग्री पर केवल “डॉक्टर” की रबड़ लगी होने पर गर्व महसूस करने से आपको कोई बढ़िया जॉब नहीं मिलेगी. यह बहुत अच्छी बात है कि आप एक पीएचडी ग्रेजुएट हैं. हालांकि, पीएचडी सिर्फ डिग्री की तुलना में कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें ट्रेनिंग और नॉलेज पर आधारित रिसर्च एक्टिविटीज को ज्यादा महत्व दिया जाता है. पीएचडी में रिसर्च इश्यूज की बेहतरीन समझ के साथ ही गहन रिसर्च कार्य और अति विशेष एनालिटिकल और ऑब्जरवेशनल स्किल्स के साथ महत्वपूर्ण समस्याओं को सॉल्व करने की काबिलियत शामिल है. किसी पीएचडी ग्रेजुएट को कई घंटे लगातार काम करना, जटिल समस्याओं को एनालाइज और सॉल्व करना और शांति से हरेक परिस्थिति को हैंडल करना जरुर सीखना चाहिए. ये गुण न केवल किसी एकेडेमिक एक्सपर्ट के लिए बहुत जरुरी हैं बल्कि, रिसर्च, फाइनेंस और पब्लिक सर्विस जैसे अन्य कार्यक्षेत्रों के लिए भी अनिवार्य हैं. आमतौर पर, पीएचडी करने के बाद सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली जॉब्स हैं-यूनिवर्सिटी प्रोफेसर, इंडस्ट्रियल आर एंड डी लैब प्रोफेशनल्स और स्टार्ट-अप्स मेंटर्स. इंडस्ट्रियल रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन्स में समर्पित पीएचडी ग्रुप्स होते हैं जो रिसर्च एक्टिविटीज और नये प्रोडक्ट्स की डिजाइनिंग का कार्य करने के साथ ही महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठकों में शामिल होते हैं. डेवलपमेंट सेंटर्स की तुलना में, इंडस्ट्रियल आर एंड डी लेब्स की एवरेज सैलरीज काफी अच्छी होती हैं. इससे साफ पता चलता है कि 5 वर्ष के अनुभव सहित एक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट को इंडस्ट्रियल आर एंड डी लेब्स में अभी जॉब ज्वाइन करने वाले किसी फ्रेश पीएचडी ग्रेजुएट की तुलना में कम सैलरी मिलती है. कुछ मामलों में, डेवलपमेंट सेंटर्स विभिन्न कार्यों के लिए पीएचडी ग्रेजुएट्स को हायर करते हैं लेकिन, उनकी सैलरी विशेष आर एंड डी की तुलना में समान या कुछ अधिक होती है. किसी रिसर्च लैब या डेवलपमेंट सेंटर ज्वाइन करने वाले पीएचडी ग्रेजुएट का सैलरी स्ट्रक्चर और डेजिग्नेशन हमेशा किसी अन्य ग्रेजुएट से ज्यादा हाई होते हैं फिर भले ही अन्य ग्रेजुएट्स के पास काफी अच्छा कार्य अनुभव हो. स्टार्ट-अप्स की शुरुआत ने पूरे पीएचडी परिवेश को बदल दिया है. कुछ समय पहले तक, पीएचडी का कार्यक्षेत्र सिर्फ एकेडमिक क्षेत्र तक ही सीमित था. यद्यपि आजकल, एकेडमिक क्षेत्र और स्टार्ट-अप्स के मिश्रण से पीएचडी ग्रेजुएट्स को कई नये ऑप्शन्स मिल गये हैं. अब, क्योंकि स्टार्ट-अप्स इनोवेशन और इम्प्रोवाइजेशन का स्टोरहाउस बन चुके हैं तो पीएचडी ग्रेजुएट्स किसी नये और उभरते हुए संगठन में काम करना चाहते हैं ताकि अपनी एक्सेप्शनल रिसर्च एंड डेवलपमेंट क्षमताओं के माध्यम से नये प्रोडक्ट्स को डिज़ाइन करने के लिए वे अपने नॉलेज बेस्ड स्किल्स का उपयोग कर सकें. आजकल, पीएचडी ग्रेजुएट्स स्टार-अप परिवेश में काम तलाश रहे हैं ताकि उन्हें अच्छा कार्य-अनुभव प्राप्त हो जाए और फिर, वे एकेडमिक क्षेत्र ज्वाइन कर लें, जहां पर वे अपने स्किल्स और विशेषज्ञता का प्रोडक्टिव तरीके से उपयोग कर सकें. एकेडमिक क्षेत्र पीएचडी ग्रेजुएट्स की पहली पसंद बन चूका हैं क्योंकि यहां उन्हें काम करने की पूरी आजादी के साथ बहुत बढ़िया सैलरी पैकेज मिलते हैं. अधिकांश मामलों में, एकेडमिक क्षेत्र की जॉब्स के तहत कई अन्य लाभ जैसे फ्री एकोमोडेशन भी शामिल होते हैं. पीएचडी ग्रेजुएट्स के लिए इस बात का भी चांस होता है कि वे किसी अन्य देश में काम करें. कुल मिलाकर, पीएचडी कैंडिडेट्स को हायर करते समय अधिकांश संगठन अक्सर अपने भावी कैंडिडेट्स के सुपीरियर एनालिटिकल स्किल्स और जटिल समस्याओं को तुरंत सॉल्व करने की काबिलियत देखते हैं.  

रोजगार के लिए शासकीय भर्ती के साथ ही निजी क्षेत्र में भी अवसर होंगे उपलब्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

रोजगार के लिए शासकीय भर्ती के साथ ही निजी क्षेत्र में भी अवसर होंगे उपलब्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव एक लाख शासकीय पदों के लिये भर्ती प्रक्रिया जारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में एक लाख से अधिक शासकीय पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराने की बात कही थी। इस क्रम में भर्ती प्रक्रिया के विज्ञापन जारी कर लोक सेवा आयोग तथा कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से खाली पदों को भरने की प्रक्रिया आरंभ की जा रही है। निवेशकों से आए प्रस्तावों के अनुरूप निजी क्षेत्र में लगभग ढाई लाख से अधिक पदों पर रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। युवाओं को अपनी क्षमता के अनुसार प्रदेश में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध हों, इस उद्देश्य से आई.टी. सेक्टर के साथ ही तकनीकी रूप से दक्षता वाले पाठ्यक्रम भी राज्य सरकार द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।  

उच्च शिक्षा का बदलता स्वरूप और हमारे जीवन मूल्य विषय पर चर्चा और विचार-विमर्श सम-सामयिक दृष्टि से महत्वपूर्ण:मुख्यमंत्री

भगवान श्रीराम और पांडवों की जीत का आधार उनके जीवन मूल्य ही थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारतीय जीवन मूल्यों के सामर्थ्य ने ही प्रधानमंत्री मोदी को वर्तमान वैश्विक संघर्षों में शांतिदूत के रूप में स्थापित किया: मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा का बदलता स्वरूप और हमारे जीवन मूल्य विषय पर चर्चा और विचार-विमर्श सम-सामयिक दृष्टि से महत्वपूर्ण:मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने किया एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक के 17वें सम्मेलन का शुभारंभ भगवान श्रीराम और पांडवों की जीत का आधार उनके जीवन मूल्य ही थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारतीय जीवन मूल्यों के सामर्थ्य ने ही प्रधानमंत्री मोदी को वर्तमान वैश्विक संघर्षों में शांतिदूत के रूप में स्थापित किया: मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा का बदलता स्वरूप और हमारे जीवन मूल्य विषय पर चर्चा और विचार-विमर्श सम-सामयिक दृष्टि से महत्वपूर्ण:मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने किया एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक के 17वें सम्मेलन का शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत का अतीत गौरवशाली रहा है और भारत प्राचीनकाल से ही वैश्विक स्तर पर उच्च शिक्षा का मुख्य केन्द्र रहा। कई देशों के विद्यार्थियों, राजकुमारों ने तक्षशिला, नालंदा जैसे भारत के विश्वविद्यालयों में शिक्षा ग्रहण की। लेकिन ऐतिहासकि रूप से हमें ऐसा कोई उल्लेख प्राप्त नहीं होता, जिसमें भारत में शिक्षा ग्रहण किए किसी व्यक्ति अथवा सत्ताधीश ने अन्य राज्य पर आक्रमण किया हो। यह तथ्य प्राचीन काल से चली आ रही हमारी शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ जीवन मूल्यों और नैतिक मूल्यों को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को होटल ताज में एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक के 17वें सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतीत से वर्तमान की कई घटनाएं जीवन मूल्यों के प्रति दृष्टिकोण की भिन्नता के कारण हुई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “उच्च शिक्षा का बदलता स्वरूप और हमारे जीवन मूल्य” विषय पर आयोजित यह सम्मेलन सम-सामयिक महत्व का है। अतीत से लेकर वर्तमान तक की कई घटनाएं जीवन मूल्यों के प्रति दृष्टिकोण की भिन्नता के परिणाम स्वरूप ही घटित हुईं। रामायण काल में रावण हो या महाभारत काल में कौरव, योग्यता और क्षमता में कोई भी कम नहीं था, लेकिन उनके जीवन मूल्य और नैतिक मूल्य उचित नहीं थे, इसी कारण उन्हें कभी सम्मान नहीं मिला और वे समाज में तथा इतिहास में सदैव नकारे गए। कर्ण की योग्यता अद्भुत थी, लेकिन उनकी दृष्टि, प्रतिशोध, जिद और नकारात्मक भाव ने उन्हें पतन की ओर अग्रसर किया। इसी प्रकार के उदाहरण हमें सोने की लंका बनाने वाले रावण के भी प्राप्त होते हैं। सभी प्रकार के वैभव और सामर्थ्य होने के बाद भी वे कभी स्वीकारे नहीं गए और नैतिक मूल्यों के आधार पर ही वनवासी श्रीराम ने उन्हें परास्त किया। अर्थात् यह नैतिक मूल्यों और जीवन मूल्यों की ही विजय थी। नई शिक्षा नीति के माध्यम से लागू किए जा रहे हैं कई नवाचार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रूस-यूक्रेन युद्ध और इजराइल के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे आदर्शों और जीवन मूल्यों का ही परिणाम है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इन संघर्षों में भी शांति के लिए प्रयास करते दिखाई देते हैं। यह भारतीय जीवन मूल्यों के सामर्थ्य को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2020 से लागू नई शिक्षा नीति के माध्यम से पढ़ने और सीखने की प्रक्रिया को अधिक लचीला, सरल और रूचिपूर्ण बनाते हुए विद्यिार्थियों को विभिन्न संकायों के विषयों के अध्ययन की सुविधा प्रदान की गई है। अध्ययन प्रक्रिया को आयु के बंधन से मुक्त करते हुए क्रेडिट प्रदान करने जैसे नवाचार भी प्रदेश में किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक को मध्यप्रदेश में अपनी गतिविधियों के विस्तार के लिए आमंत्रित किया। वैश्विक स्तर की शिक्षा देश में ही उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध जागरण लेक सिटी यूनिवर्सिटी के चांसलर हरिमोहन गुप्ता ने बताया कि 35 देशों में फैले एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक का सम्मेलन भारत में पहली बार हो रहा है। एसोसिएशन मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा और कौशल विकास पर केन्द्रित वैश्विक संस्थाओं की स्थापना कर विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा देश में ही उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, शिक्षाविद अनूप स्वरूप और विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि तथा विषय-विशेषज्ञ उपस्थित थे।  

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