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आज भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत पूरे प्रदेश में मौसम बदला रहेगा, कहीं बारिश होगी तो कहीं बादल छाए रहेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश में इन दिनों झमाझम बारिश हो रही है. बीते मंगलवार को भी राजधानी भोपाल, विदिशा, धार, नर्मदापुरम, इंदौर, रायसेन, रतलाम, छिंदवाड़ा, दमोह, सिवनी, बालाघाट और डिंडोरी मूसलाधार बारिश हुई. इधर, बुधवार, 3 जुलाई को भी अशोकनगर, गुना समेत 7 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत पूरे प्रदेश में कहीं बारिश तो कहीं बादल छाए रहेंगे. दरअसल, प्रदेश से साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन गुजरने की वजह से मौसम के 2 सिस्टम एक्टिव हैं, जिसके चलते प्रदेश में आंधी और गरज-चमक के सात बारिश की स्थिति बनी हुई है. हालांकि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में ऐसा ही मौसम बना रहेगा. बारिश के चलते लुढ़का मध्य प्रदेश का पारा मंगलवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल, धार, नर्मदापुरम, इंदौर, रायसेन, रतलाम, विदिशा, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, दमोह, सिवनी, बालाघाट में बारिश हुई. रात में भी प्रदेश के कई इलाकों में मौसम बदला रहा. बारिश की वजह से दिन में पारा लुढ़क गया है. मध्य प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा लुढ़क कर 23.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है, जबकि सिवनी में तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. आज कैसा रहेगा मध्य प्रदेश में मौसम का हाल भोपाल, इंदौर, द्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत पूरे मध्य प्रदेश में आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश की स्थिति बनी रहेगी. इस दौरान कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है. इन जिलों में ऐसा रहा मौसम का हाल बीते दिन ग्वालियर में तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि खजुराहो का तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस रहा. इशके अलावा खरगोन में 33.8 डिग्री सेल्सियस, नौगांव में 33.4 डिग्री सेल्सियस, रीवा में 32.6 डिग्री सेल्सियस, गुना में 32.3 डिग्री सेल्सियस, सीधी में 32.2 डिग्री सेल्सियस, सतना में 32.1 डिग्री सेल्सियस, नरसिंहपुर में 31.0 डिग्री सेल्सियस, दमोह में 30.6 डिग्री सेल्सियस, उमरिया, उज्जैन और खंडवा में तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस रहा. इसके अलावा भोपाल में 29.1 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 28.2 डिग्री सेल्सियस, जबलपुर में 29 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया.

विजय इंग्लिश मीडियम स्कूल में मनाया गया डॉक्टर्स एवं सीए-डे

CM Mohan Yadav reached Sagar Regional Industry Conclave

विजय इंग्लिश मीडियम स्कूल में मनाया गया डॉक्टर्स एवं सीए-डे मनेन्द्रगढ़ जिला एम.सी.बी. नगर के प्रतिष्ठित विद्यालय में संयुक्त रूप से डॉक्टर्स एवं सी.ए. डे मनाया गया। विजय इंग्लिश मीडियम हायर सेकेण्डरी स्कूल में आज संयुक्त रूप से डॉक्टर्स एवं सी.ए. डे मनाया गया। इस अवसर पर अतिथि के रूप में डॉक्टर प्रकाश जायसवाल एवं सी.ए. नितीन अग्रवाल को आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम का आरम्भ संस्था के शिक्षक प्रमोद कुमार शुक्ला के स्वस्तिवाचन के मध्य माता सरस्वती के छायाचित्र में डॉक्टर प्रकाश जायसवाल, सी.ए.नितीन अग्रवाल एवं संस्था के शिक्षक-शिक्षिकाओं के द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। संस्था के सचिव संजय सेंगर के द्वारा कार्यक्रम में आये सभी अतिथियों एवं सदस्यों के लिए स्वागत उद्बोधन दिया गया। डॉक्टर प्रकाश जायसवाल का स्वागत संस्था के शिक्षक निशान्त मौर्य एवं सी.ए.नितीन अग्रवाल का स्वागत शिक्षक वी.एस.पाण्डेय के द्वारा स्मृति चिन्ह के साथ किया गया। कक्षा दसवीं की छात्रा संस्कृति विश्वकर्मा एवं साथियों के द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। संस्था के शिक्षक राकेश कुमार मिश्रा ने कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों को आज के दिन के महत्व को बताया। कक्षा 12वीं की छात्रा तन्वी ने भाषण एवं कक्षा दसवीं के छात्र आदित्य तिग्गा ने कविता प्रस्तुत किया।

मध्यप्रदेश में प्रति व्यक्ति आय चार गुना बढ़ी, खेती में प्रोडक्शन कम लेकिन ग्रोथ अच्छी, जानें सर्वेक्षण के आंकड़े

भोपाल मध्य प्रदेश की डॉक्टर मोहन यादव सरकार बुधवार को अपना पहला पूर्ण बजट विधानसभा में प्रस्तुत करने जा रही है। बजट उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा प्रस्तुत करेंगे। यह बजट 3 लाख 65 हजार करोड़ रुपये से अधिक का होना संभावित है। वित्त विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि बजट में नागरिकों पर कोई नया कर नहीं लगाया जाएगा। कयास हैं कि इस बजट में सभी वर्गों को साधने के लिए प्रावधान होंगे। दिसंबर में कार्यभार संभालने वाली मोहन सरकार ने लोकसभा चुनाव के कारण पूर्ण बजट प्रस्तुत नहीं किया था। तब सरकार ने एक लाख 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अंतरिम बजट प्रस्तुत किया था। एक अप्रैल से 31 जुलाई 2024 तक के लिए विभागों को राशि आवंटित की गई थी। लेकिन इस बजट के माध्यम से वर्षभर के लिए प्रावधान होंगे। विधानसभा चुनाव 2023 में जारी किए गए संकल्प पत्र के वादा को पूरा करने के लिए भी सरकार बड़े ऐलान कर सकती है। पूंजीगत निवेश बढ़ाने का सिलसिला जारी रखते हुए 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया जा सकता है। वहीं लाडली बहना योजना, छात्रवृत्ति, स्वरोजगार, फसल पर बोनस, मोटे अनाज और पशुपालकों को प्रोत्साहन देने के लिए पर्याप्त राशि विभागों को आवंटित करने को लेकर कई घोषणाएं संभव है। साथ ही साल 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ होना है। इसके लिए बजट में कोई विशेष ऐलान भी संभव है। इस बार खास बात यह है कि बजट डिजिटल के बजाए हार्ड कॉपी में होगा। सभी सदस्यों को बजट की प्रतियां मिलेंगी। बजट में क्या होगा खास प्रधानमंत्री शहरी और ग्रामीण आवास, आयुष्मान सहित स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, नल जल योजना, विशेष पिछड़ी जनजाति (बैगा, भारिया और सहरिया) के लिए जनमन योजना में राशि संबंधित विभागों को के लिए अच्छी खासी राशि दी जा सकती है। दूध उत्पादक किसानों को प्रति लीटर प्रोत्साहन, किसान और घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं के लिए लगभग 25 हजार करोड़ रुपये का अनुदान और महंगाई भत्ता व राहत के लिए 56 प्रतिशत की दर से प्रावधान रखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश में विकास का पहिया डबल इंजन की सरकार के तालमेल से दौड़ेगा। केंद्रीय कर और सहायता अनुदान में लगभग 15 हजार करोड़ रुपये प्रदेश को अधिक मिलने का अनुमान है। वहीं राज्य कर भी 96 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। एमपी सरकार का आर्थिक सर्वेक्षण मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को अपना आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत कर दिया है। उपमुख्यमंत्री और वित्त मामलों के मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा जारी आर्थिक सर्वेक्षण में पता चला है कि प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय चार गुना बढ़ गई है। प्रचलित भावों पर प्रति व्यक्ति आय वित्तीय वर्ष 2011-12 में 38,497 रुपये से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2023-24 में एक लाख 42 हजार 565 रुपये हो गई है। जो कि पिछले वर्ष की तुलना में प्रति व्यक्ति आय में इस वर्ष 10 हजार 55 रुपये ज्यादा है। वहीं, मुद्रास्फीति के समायोजन के बाद स्थिर भावों पर भी प्रति व्यक्ति शुद्ध आय 38 हजार 497 से बढ़कर 66 हजार 441 रुपये हो गई है। जीएसवीए में कृषि उत्पादकता में सकारात्मक रुझान, औद्योगिक स्थिरता और सेवा क्षेत्र में निरंतर बढ़त दर्ज हुई है। जीएसडीपी भी बढ़कर 13 लाख 63 हजार 327 करोड़ हो गया है। वहीं पिछले वित्तीय वर्ष की जीएसडीपी 12 लाख 46 हजार 471 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 9.37 प्रतिशत की वृद्धि कृषि, उद्योग और सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुई है। मंगलवार को जारी किए आंकड़े यह आंकड़े आर्थिक सर्वेक्षण के हैं, जो प्रदेश सरकार ने बजट प्रस्तुत करने से एक दिन पूर्व मंगलवार को जारी किए हैं। वर्ष 2023-24 के लिए स्थित भावों पर जीएसडीपी छह लाख 60 हजार 363 करोड़ रुपये थी, जो पिछले वर्ष से छह लाख 22 हजार 908 करोड़ रुपये से अधिक है। यानी इसमें लगभग 6.01 प्रतिशत वास्तविक वृद्धि दर्ज हुई है। सर्वेक्षण के अनुसार प्रदेश की अर्थव्यवस्था बढ़ रही है। साथ ही साथ उत्पादन और सेवाओं में वास्तविक लाभ भी सरकार प्राप्त कर रही है। कृषि में उन्नति, औद्योगिक विकास और विशेष रूप से आइटी व पर्यटन में बढ़ता हुआ सेवा क्षेत्र सामूहिक रूप से राज्य के आर्थिक विकास को आगे बढ़ा रहा है। कृषि-ग्रामीण क्षेत्र की स्थिति कृषि और ग्रामीण विकास जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में वर्ष 2011-12 में 33.85 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 45.53 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। स्थित भावों पर वर्ष 2011-12 में 33.85 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 35.82 प्रतिशत वृद्धि हुई है। वहीं प्रचलित भावों पर प्राथमिक क्षेत्र की हिस्सेदारी 45.17 प्रतिशत से बढ़कर 45.53 प्रतिशत हो गई। यह वृद्धि फसलों (32.29% से 32.32%) और पशुधन (7.51% से 7.84%) के स्थित योगदान से प्रेरित है जो कृषि उत्पादकता और पशुधन विकास को दर्शाती है। मत्स्य पालन और और जलीय कृषि में भी वृद्धि मत्स्य पालन और और जलीय कृषि में भी 0.50 प्रतिशत से 0.53 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी गई। खनन और उत्खनन में 2.59 प्रतिशत से 2.67 प्रतिशत तक सुधार हुआ है। वहीं स्थिर भावों में पशुधन का योगदान 6.02 प्रतिशत से 6.18 प्रतिशत हो गया और मत्स्य पालन व जलीय कृषि 0.50 प्रतिशत से बढ़कर 0.54 प्रतिशत हो गई है। खनन और उत्खनन में भी 2.8 से 2.27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उपमुख्यमंत्री वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण मध्य प्रदेश की उत्कृष्ट आर्थिक प्रगति को रेखांकित करता है। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश आर्थिक समृद्धि के नए सोपान तय करेगा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपेक्षा अनुसार देश की पांच ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने भरपूर सहयोग देगा।

शिक्षकों की लापरवाही आई सामने,रानीबुढार प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला में दिनभर लटकता रहा ताला

शिक्षकों की लापरवाही आई सामने,रानीबुढार प्राथमिक शाला  एवं माध्यमिक शाला में दिनभर लटकता रहा ताला नहीं जिम्मेदार अधिकारियों का इस पर ध्यान, कैसे हो उन नौनिहालों  का सपना साकार डिंडौरी डिंडौरी जिले में शिक्षा की लचर व्यवस्था से देश का भविष्य कहलाने वाले नई पीढ़ी के छात्र छात्राओं की शिक्षा अंधकार मय है।कहने को तो विद्यालय जून माह से ही प्रारंभ कर दी गई है।किंतु यह केवल और केवल कागज के पन्नो पर ही ग्रामीण अंचलों में तो शिक्षको के मौज ही मौज है न कोई देखने बाला न कोई सुनने बाला जो मन में आए बही करे क्योंकि शासन से हर महीने मोटी रकम तो मिलना ही है। ऐसे में देश का भविष्य कहलाने वाले नई पीढ़ी क्या देश का भविष्य होगा यह एक चिंतनीय विषय है जो हर नागरिक को इस पर पहल करनी होगी हर पालक को ध्यान देना होगा की जिस स्कूल में बच्चे पढ़ने जा रहे है क्या वहा नियमित पढ़ाई चल रही है या नही अगर नही तो उनकी शिकायत उच्च अधिकारियों से करे तब कही बच्चो का भविष्य उज्ज्वल हो सकेगा विकासखंड डिंडौरी अंतर्गत प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला रानी बुढार का मामला जबकि प्रदेश  के मुखिया डॉ मोहन यादव ने बड़े ही गर्मजोशी के साथ समूचे मध्यप्रदेश में 18 जून से स्कूल चलें हम अभियान का शुभारंभ किया था लेकिन इस आदिवासी बाहुल्य जिले के ग्रामीण अंचलों में सरकार की इस मुहिम पर ही शिक्षक प्रश्न चिन्ह लगाने पर आमादा हैं जिसकी बानगी  वनांचल के बैगा जनजाति बाहुल्य ग्राम रानी बुढ़ार का सामने आया है जहां मासाब आए दिन स्कूल से गायब रहने के आदि हो चुके है गौरतलब हो कि दिन सोमवार को ग्राम रानी बुढ़ार के प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला परिसर में पूरे दिन ताला लटका रहा, यूं तो बच्चे तय  समय पर स्कूल तो गए, मगर यहां पदस्थ शिक्षक ही स्कूल नहीं आए, कक्षा 7 वीं में अध्यनरत बच्चे से जब पूछा गया तो उसने बताया कि वे स्कूल गए थे मगर इन्हें पढ़ाने वाले मासाब ही स्कूल नहीं आए ,स्कूल में ताला लटके रहने पर बच्चे अपने अपने घर वापस लौट आए बच्चों के अभिभावकों की माने तो उक्त शाला में पदस्थ तीनों शिक्षक अपडाउन करते है और जब मर्जी होती है तब आते और जब मर्जी हुई शाला बंद कर निकल जाते है ग्रामीणों ने मध्यान्ह भोजन में भी शिक्षकों द्वारा गड़बड़ी करने के आरोप लगाए हैं यहां अव्वल सवाल यह है कि राज्य शासन दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में शिक्षा व्यवस्था सुधारने युद्ध स्तर पर प्रयास कर रहा है जिसकी शुरुआत स्वयं प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 18 जून को स्कूल चलें हम अभियान के तहत किया था पर इस आदिवासी बाहुल्य जिले में शासन की मंशा पर जिम्मेदार सहित शाला में पदस्थ मासाब ग्रहण लगाने का काम कर रहे है उल्लेखनीय है की स्कूलों की सतत निगरानी करने के लिए जन शिक्षक सहित बी ,आर ,सी ,होते है पर वे भी अपने कर्तव्यों से विमुख होकर निगरानी रखने के एवज में महज खानापूर्ति करते नजर आते है। शिक्षकों की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे नौनिहाल छात्र विकास खंड डिंडौरी के प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला में अध्यनरत छात्र एवं पालकों के वक्तव्य एवं मौके में देखने के‌ बाद सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि शिक्षकों की लापरवाही का खामियाजा देश के भविष्य कहे जाने वाले नौनिहाल कैसे भुगतान रहे हैं जब 7वीं कक्षा के छात्र को अपने विद्यालय का नाम पता न हो की वो अध्यन‌ कहां करता है ऐसे में उन नौनिहालों का भविष्य उज्जवल कैसे होगा,ये समझ से परे है। आखिर क्यों नहीं जिम्मेदार अधिकारियों का इन पर ध्यान अधिकांशत देखने में यह आ रहा है कि जिलेभर में शिक्षक की व्यवस्था बहुत ही खराब है जिसकी पुष्टि अगर करना चाहे तो, अध्यनरत सभी विद्यालयों के विद्यार्थियों से उन्हीं के पाठ्यक्रम के विषय पर कुछ जानकारी लिया जाए तो स्पष्ट तौर पर श्वत:  ही समझ में आ जाएगा बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा इस ओर कोई पहल नहीं की जाती है और ना ही समय-समय पर विद्यालयों में जाकर  इस संबंध में कोई जानकारी ली जाती है क्षेत्रीय जनप्रतिनिधिओं का भी इस ओर नहीं ध्यान क्षेत्रीय जनपद निधियां के द्वारा भी और इस और कोई पहल नहीं की जाती है और ऐसा हो भी क्यों ना क्योंकि जनप्रतिनिधि हों या फिर राजनेता उनके बालक तो  अच्छे-अच्छे प्राइवेट स्कूलों में अध्यनरत हैं तो उनको क्या पड़ी है शासकीय विद्यालय में  अध्यनरत छात्र-छात्राओं की फिर चाहे उनका भविष्य अंधकार में ही क्यों ना हो । पालकों ने शासन एवं प्रशासन से माध्यमिक शाला एवं प्राथमिक शाला की शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग रानी बुढ़ार में संचालित प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला में अध्यनरत छात्रों के पालकों ने शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त कराए जाने की मांग की है ताकि उनके बालक बालिकाओं की भविष्य उज्जवल हो सके । अपना वक्तव्य देते देते बालकों का दर्द छलका और उन्होंने स्पष्ट तौर पर यह कह दिया कि रानीबुढार में अध्यापन कार्य कर रहे अध्यापक सिर्फ अपनी पेमेंट बनाने की ओर ध्यान देते हैं कि उनकी बस रोजी-रोटी चलती रहे फिर चाहे यहां अध्ययन रत छात्र -छात्राओं का भविष्य अंधकार में ही क्यों ना हो, तभी तो उनके द्वारा अध्यापन कार्य में रुचि नहीं दिखाई जाती है, अध्यापक कितना समय विद्यालय संचालित करें या कितने समय बंद कर दें, या विद्यालय में आए ही ना इसकी कोई गारंटी नहीं होती है इससे स्पष्ट तौर पर समझा जा सकता है कि यहां अध्यापन कार्य करा रहे अध्यापकों की इन छात्रों के भविष्य को लेकर कितनी चिंता है मध्यान भोजन एवं छात्रवृत्ति में भी बर्ती जा रही  लापरवाही रानीबुढार विद्यालय में अध्यनरत छात्रों के पलकों का कहना है कि यहां के छात्रों को मध्यान भोजन भी सही तरीके से नहीं दिया जाता है और ना ही यहां अध्यनरत छात्रों को शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति योजना का लाभ मिल पा रहा है इनका कहना है हमारे यहां का शिक्षा व्यवस्था बहुत ही खराब स्थिति में है यहां के शिक्षक कभी भी स्कूल बंद कर देते हैं उनकी कोई टाइमिंग भी नहीं है हम चाहते हैं कि हमारे यहां शिक्षा व्यवस्था अच्छी हो और हमारे यहां मध्यान … Read more

ककुड़ा ट्रेलर रिलीज: हॉरर-कॉमेडी 12 जुलाई 2024 को Zee5 पर देखें

MP NEWS: Mohan Yadav government's big plan regarding Shipra river, 6 dams will be built

‘स्त्री’ के मेकर्स की हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘मुंज्या’ को दर्शकों ने खूब प्यार दिया और अब इस फिल्म के निर्देशक आदित्य रॉय कपूर ‘ककूड़ा’ लेकर आ रहे हैं। ओटी पर रिलीज हो रही इस फिल्म का मजेदार और शानदार ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है, जिसे देख आपको डर भी लगेगा और हंसी भी छूट जाएगी। सोनाक्षी सिन्हा, रितेश देशमुख और साकिब सलीम स्टारर ‘ककूड़ा’ के ट्रेलर देखने के बाद फैंस काफी उत्साहित हैं और खूब प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। काकुड़ा के ट्रेलर में दिखाया गया है कि एक शापित गांव दौड़ी, जहां हर घर में दो दरवाजे हैं। एक बड़ा और दूसरा छोटा। छोटा दरवाज़ा ककूड़ा का है, जो हर मंगलवार को रात सवा सात बजे आता है और जिसने भी उसके लिए अपना दरवाज़ा नहीं खोला, उसका 13वें दिन किस्सा खत्म एकनायिका ने लिखा, ‘सुपरहिट है भाई।’ दूसरे ने कहा कि इस फिल्म की रिलीज का इंतजार नहीं किया जा सकता। कुछ लोग बोल रहे हैं कि ट्रेलर बहुत ही मजेदार है। ‘ककूड़ा’ कब और कहां देखें? इस फिल्म को आप घर बैठे ही देख सकते हैं। ये ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज होगी। मेकर्स ने रिलीज डेट की अनाउंसमेंट पहले ही कर दी थी। फिल्म 9 दिन बाद 12 जुलाई को डूब जाएगी। राधिका का खुलेगा राज, क्या है ककूड़ा का शाप? मेकर्स ने ट्रेलर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, ‘खुलेगा राधिका का राज और क्या है ककूड़ा का श्राप! अब हर मंगलवार, शाम सवा सात बजे, दरवाजा खोलकर रखना, क्योंकि ककूड़ा आ रहा है।’

कलेक्टर ने ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान का जिले में पौधारोपण कर किया शुभारंभ

कलेक्टर ने ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान का जिले में पौधारोपण कर किया शुभारंभ जिलेवासियों से ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत पौधरोपण करने कलेक्टर ने की अपील अनूपपुर  कलेक्टर श्री आशीष वशिष्ठ ने आज जिले के जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के ग्राम पंचायत कोहका पूर्व में मियां बाकी तकनीक के माध्यम से पीपल का पौधारोपण कर ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान का अनूपपुर जिले में शुभारंभ किया।   गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेश भर में वर्षा ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए पौधारोपण का कार्य प्रारंभ किया गया है, जिसके परिपेक्ष्य में अनूपपुर जिले में कलेक्टर श्री आशीष वशिष्ठ व जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 वाटरशेड विकास परियोजना द्वारा चार प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं जिसके तहत 12 हजार पौधों का रोपण किया जाएगा यह पौधारोपण मियां बांकी तकनीक से किया जा रहा है। इसी के तहत पुष्पराजगढ़ के ग्राम पंचायत कोहकापूर्व में एक एकड़ क्षेत्र में मियाबाकी पद्धति से 4 हजार पौधों का रोपण का कार्य प्रारंभ किया गया है। इस अवसर पर विंध्य विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष श्री रामदास पुरी, जिला पंचायत सदस्य श्री नर्मदा सिंह, श्रीमती भुवनेश्‍वरी देवी, श्री हीरा सिंह श्याम, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पाण्डेय, उद्यान विभाग के सहायक संचालक श्री सुभाष श्रीवास्तव, वॉटरशेड परियोजना अधिकारी श्री कुसरिया, ग्राम पंचायत कोहकापूर्व के सरपंच श्री अर्जुन सिंह श्याम, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, विद्यार्थी, नागरिक तथा उद्यान, वॉटरशेड तथा जनपद पंचायत के अधिकारियों ने पौधरोपण अभियान ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ के तहत पौधरोपण किया।   इस अवसर पर कलेक्टर श्री आशीष वशिष्ठ ने अनूपपुर जिले के सभी नागरिकों से कम से कम एक पौधा अपनी मां के नाम लगाकर और उसे मेरी लाइफ ऐप के माध्यम से जियो टैग कर ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान को सफल बनाने की अपील की है। कलेक्टर ने किया उद्यानिकी नर्सरी पुष्पराजगढ़ का निरीक्षण कलेक्टर श्री आशीष वशिष्ठ एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा ने आज जिले के जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के उद्यानिकी नर्सरी पुष्पराजगढ़ का निरीक्षण किया तथा नर्सरी में अमरूद, नींबू, नाशपाती, आम इत्यादि के वृक्षों का जायजा कर लिया। कलेक्टर ने नर्सरी में अलग-अलग किस्म के फलदार पौधों का रोपण करने के भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। मनरेगा के अंतर्गत बनाए गए किरगी नर्सरी का किया निरीक्षण कलेक्टर श्री आशीष वशिष्ठ एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा ने जिले के जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के ग्राम पंचायत किरगी में मनरेगा के अंतर्गत बनाए गए नर्सरी का निरीक्षण किया। कलेक्टर को अवगत कराया गया की नर्सरी का क्षेत्र दो एकड़ का है। जिस पर कलेक्टर ने नर्सरी के विकास के लिए फलदार तथा अन्य किस्म के पौधों की नर्सरी तैयार करने के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए। कलेक्टर एवं जिपं. सीईओ ने कोदो प्रसंस्करण ईकाई की नमकीन यूनिट का किया निरीक्षण अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कोहका पूर्व में आजीविका मिशन के माध्यम से स्व सहायता समूह द्वारा संचालित अमरकंटक कोदो प्रसंस्करण ईकाई की नमकीन प्रसंस्करण यूनिट का कलेक्टर श्री आशीष वशिष्ठ एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नमकीन प्रसंस्करण यूनिट की प्रक्रिया का अवलोकन किया तथा प्रंसस्करण कार्य में लगी मशीनों का अवलोकन किया। इस दौरान नमकीन प्रसंस्करण ईकाई को संचालित करने वाली स्व सहायता समूह की सदस्यों से चर्चा की। चर्चा के दौरान स्व सहायता समूह की सदस्यों ने कलेक्टर एवं जिपं. सीईओ को अवगत कराया कि कोदो प्रसंस्करण ईकाई के साथ ही नमकीन प्रसंस्करण यूनिट का संचालन प्रारंभ किया गया है। निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों ने भी जिला प्रशासन द्वारा स्व सहायता समूह की महिलाओं के आजीविका संवर्धन के लिए स्थापित की गई यूनिट का भ्रमण करते हुए कार्य की सराहना की गई तथा सो सहायता समूह की महिलाओं को प्रोत्साहित किया गया।

जिला चिकित्सालय मेटरनिटी वार्ड मे अब चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगे डाक्टर, कलेक्टर की अध्यक्षता में रोगी कल्याण समिति की बैठक मे हुआ महत्वपूर्ण निर्णय

कटनी जिला चिकित्सालय में अब आकस्मिक चिकित्सा सेवा की तरह मेटरनिटी वार्ड में भी अब 24 घंटे चिकित्सकों की उपलब्धता रहेगी। यह व्यवस्था सोमवार 8 जुलाई से जिला चिकित्सालय मे प्रभावी हो जायेगी। यह निर्णय मंगलवार को कलेक्टर अवि प्रसाद की अध्यक्षता मे जिला चिकित्सालय में आयोजित जिला रोगी कल्याण समिति की बैठक मे लिया गया। बैठक में नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर की प्रोफेसर डॉ प्रियदर्शनी तिवारी, सीएमएचओ डॉ आठ्या, सिविल सर्जन डॉ यशवंत वर्मा, रोगी कल्याण समिति के सदस्य अरविंद गुगालिया एवं पवन बजाज, डॉ मनीष मिश्रा, डॉ डीजे मोहंती, डॉ हर्षिता गुप्ता, डॉ सीमा शिवहरे, डॉ सुनीता वर्मा और डॉ सुनीता सिंह सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे। जिले मे मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए कलेक्टर श्री प्रसाद द्वारा मातृ सुरक्षा सेवाओं की सूक्ष्म समीक्षा की गई। इस दौरान जिला चिकित्सालय में दोपहर 2 बजे के बाद मेटरनिटी वार्ड में महिला चिकित्सक न होने के कारण प्रसूताओं को होने वाली असुविधा के मद्देनजर कलेक्टर श्री प्रसाद द्वारा निर्णय लिया गया कि अब जिला चिकित्सालय में स्त्री रोग विशेषज्ञ और महिला चिकित्सकों के समूह से न्यूनतम एक एम.बी.बी.एस डॉक्टर हर समय महिला रोगियों की परिचर्या मे रहेगी। कलेक्टर श्री प्रसाद के निर्देश पर यह डयूटी रोस्टर सोमवार 8 जुलाई से प्रभावी हो जायेगा। इसके तहत सभी चिकित्सक अपनी डियूटी के दौरन ऑपरेशन, ओपीडी व आकस्मिक सेवाओं का संचालन करेंगे। नौ डॉक्टरों के पूल से लगेगी डियूटी बैठक मे सिविल सर्जन डॉ यशवंत वर्मा ने बताया कि चौबीसों घंटे मेटरनिटी वार्ड मंे महिला डॉक्टर की मौजूदगी के लिए नौ डाक्टरों का समूह बनाया गया है। जिसमे डॉ हर्षिता गुप्ता, डॉ सीमा शिवहरे, डॉ सुनीता वर्मा, डॉ सुनीता सिंह, डॉ आरती सौंधिया, डॉ श्रद्धा द्विवेदी, डॉ दिव्या भार्गव, डॉ नेहा कदम, डॉ उमा भावना सहित इन नौ डॉक्टरों मे से सुबह चार स्पेशलिस्ट चिकित्सक और दोपहर में एक एम.बी.बी.एस डॉक्टर मेटरनिटी वार्ड मे मौजूद रहेगा। इन डॉक्टरों में से पालीवार प्रातः 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक एवं दोपहर 2 बजे से रात्रि 8 बजे तक और रात्रिकालीन डयूटी के तहत रात्रि 8 बजे से सुबह 8 बजे तक डॉक्टर मौजूद रहेंगे। कलेक्टर श्री प्रसाद ने जिला चिकित्सालय के रेफरल प्रकरण, मातृ मृत्यु दर तथा एनीमिया प्रबंधन के बारे में जानकारी लेते हुए उन्हे प्रतिदिन निर्धारित प्रपत्र में जानकारी उपलब्ध करानें की हिदायत दी। रोगी कल्याण समिति द्वारा मरीजों के पंजीयन हेतु एक डाटा एंट्री आपरेटर रखे जाने का अनुमोदन दिया गया। निजी रेडियोलाजिस्टों की सराहना रेडियोलाजिस्ट की कमी से जूझ रहे जिला चिकित्सालय मे जरूरतमंद मरीजों की वर्तमान मे सीएमएचओ डॉ आठ्या और शहर के तीन निजी रेडियोलाजिस्ट डॉ अनिल वाटवे, डॉ अखिलेश गुप्ता एवं डॉ पारूल गुप्ता द्वारा किये जाने के कार्य की बैठक में मुक्त कंठ से सराहना की गई। जिला रोगी कल्याण समिति में सर्वसम्मति से गहन चिकित्सा ईकाई, लांड्री, दंत विभाग, एक्स-रे विभाग, उपकरण व शौचालयों के उन्नयन कार्यो की स्वीकृति भी दी गई।

आमजनता से प्राप्त आवेदन पत्रों के त्वरित निराकरण के लिए जनसुनवाई आयोजित

आमजनता से प्राप्त आवेदन पत्रों के त्वरित निराकरण के लिए जनसुनवाई आयोजित जनसुनवाई में 92 आवेदनों पर हुई सुनवाई टीकमगढ़  शासन के निर्देशानुसार जिला मुख्यालय पर संयुक्त कार्यालय परिसर में जनसुनवाई आयोजित की गई। संयुक्त कार्यालय परिसर स्थित जनसुनवाई कक्ष में अपर कलेक्टर पीएस चौहान तथा डिप्टी कलेक्टर  एसके तोमर ने संबंधित अधिकारियों के साथ आमजन से प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं को सुना तथा निराकरण हेतु संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिया। उन्होंने प्राप्त आवेदनों पर संबंधित विभाग के अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही करते हुए निराकरण करने के निर्देश दिए। इस दौरान विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। जनसुनवाई में 92 आवेदनों पर हुई सुनवाई        जनसुनवाई में आज आमजन से प्राप्त 92 आवेदनों पर सुनवाई की गई। आवेदन पत्रों को 10 दिवस में निराकृत कर उसका प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये। जनसुनवाई में आमजनता से प्राप्त पेंशन, उपचार सहायता, खाद्यान्न पर्ची प्राप्त नहीं होने, गरीबी रेखा में नाम शामिल करने, सीमांकन, विधवा तथा दिव्यांग पेंशन, राहत राशि के वितरण तथा जाति प्रमाण पत्र सहित विभिन्न आवेदन पत्रों पर सुनवाई की गई।

मण्डला नगर में ऐतिहासिक पुलो की स्तिथिति जर्जर मरम्मत की सख्त जरूरत

मण्डला नगर में ऐतिहासिक पुलो की स्तिथिति  जर्जर  मरम्मत की सख्त जरूरत मण्डला मण्डला शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए समय-समय पर छोटे-बड़े पुलों का निर्माण कराया गया है जिससे लोग बारिश के दिनों में भी आसानी से ने आवागमन कर सके। शहरी क्षेत्र में बने अधिकांश पुल सालों पुराने होने से ये अब जीर्ण-शीर्ण हालत  में पहुंच गए हैं लेकिन इनका सुधार या मरम्मतीकरण नहीं कराया जा रहा है जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो  सकता है। शहर के सभी पुलों की हालत काफी खराब है। बुधवारी पुल जब से बना नही हुई कोई मैंटेनेस बुधवारी बाजार को किले एवम महाराजपुर पुरवा को  जोड़ने के लिए पुल का निर्माण कराया गया था, इस पुल के निचली सतह में लगाई गई मोटी सरिया का अधिकांश हिस्सा बाहर निकल आया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि किले को जोड़ने वाला यह पुल एतिहासिक स्थल गोंड राजाओं द्वारा बनाए गए बुर्ज, महल, मंदिर तक पहुंचने का मार्ग सुगम बनाता है। तेज बाढ़ के समय यहां पुल के नीचे से नर्मदा नदी का बाढ़ का पानी बहता है, पुल की उंचाई पर्याप्त रहने से नदी का स्तर अधिक होने के बाद भी यातायात पुल से सुरक्षित बना रहता है, इतने महत्वपूर्ण पुल होने के बाद भी इसका मेंटनेंस पिछले कई सालों से नहीं किया गया है। भले ऊपरी सतह में पुल मजबूत नजर आ रहा हो लेकिन इसका निचला भाग लगातार जर्जर हालत में पहुंच रहा है। सब्जी बाजारः पुल की रेलिंग गायब सब्जी बाजार के पास निर्मित पुल भी जीर्ण-शीर्ण हालत में पहुंच गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस पुल का निर्माण आज से करीब 30-35 साल पहले कराया गया था। स्थानीय लोगों ने बताया कि मरम्मतीकरण नहीं होने से रैलिंग जर्जर होकर टूट गई है। यही नहीं पुल का उपरी हिस्सा इस तरह जर्जर हो गया है कि यहां पर मुर्रम भरकर वाहनों के आने-जाने लायक बनाया गया है। ऐतिहासिक है उदय चौक का पुल शहर के बीच स्थित उदय चौक के पास बड़ी खाई में बना पुल दिखने में तो आज भी पूरी मजबूती से खड़ा दिखाई देता है जबकि इसके बाद बने पुलों में मरम्मत की दरकार है, खाई में बने पुल को लगातार नुकसान यहां फेंकी जाने वाली तरह-तरह की गंदगी, कचरा से हो रहा है। स्थानीय व्यापारियों द्वारा पुल के आसपास रोजाना कई क्विंटल कचरा फेंका जा रहा है। यहीं नहीं आए दिन इस कचरे में आग लगा दी जाती है यह आग लगातार पुल को नुकसान पहुंचा रहा है। जानकारी अनुसार शहर में बाढ़ का पानी जमा न हो, इसके लिए उदय चौक के पास बड़ी खाई का निर्माण आज से वर्षों पहले कराया गया था, बताया यह भी जाता है कि यहां एक समय नदी का पानी होने से नाव भी चला करती थी। शहर के दो हिस्सों को जोड़ने पुल की अहम भूमिका है। सहकारी बैंक के पास का पुल हो चुका है उम्र दराज रानी अवंती बाई स्कूल के पास बने पुल को तो संबंधित लोक निर्माण विभाग द्वारा स्वयं जर्जर घोषित किया जा चुका है। यहां विभाग द्वारा एक बोर्ड भी लगाया गया था जिसमें इस पुल से भारी वाहनों के गुजरने पर प्रतिबंधित किया गया था लेकिन बोर्ड लगाने के बाद अधिकारियों ने पलटकर नहीं देखा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल से समय-समय में लोडेड ट्रक आदि भारी वाहन गुजरते हैं, विभाग द्वारा भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक के लिए जो बोर्ड लगाया गया था वह बोर्ड तो है लेकिन उसमें लिखी सूचना अब दिखाई नहीं देती। पुल अपनी उम्र जी चुका है उसे अब नया बनाने की आवश्यकता है। बनाये जाए सभी नए पुल नगर के चारो पुल अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे है। बढ़ती जनसंख्या एवम वाहनों के बढते दबाव को झेलने में यह पुल अक्षम साबित हो रहे है। कमानिया पुल में तो हर दिन जाम की स्थिति बनती है।इस पुल को वर्तमान समय के हिसाब से बनाया जाना चाहिए।यहाँ बढ़ते आवागमन के हिसाब से इसकी चोड़ाई बढ़ाना अब अनिवार्य हो गया है।पुल नया बने एवम चोड़ा भी बनाया जाना चाहिए।

‘कियारा से जान का खतरा, सिड को बचा लो…’ सिद्धार्थ मल्होत्रा की फैन से ठगे गए 50 लाख

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मुंबई बॉलीवुड एक्टर्स को स्टार बनाने में उनके सोशल मीडिया फैन क्लब्स का भी बहुत सपोर्ट रहता है. लेकिन इन फैन क्लब्स के भी अपने पंगे-पचड़े चलते रहते हैं. अब ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें बॉलीवुड स्टार सिद्धार्थ मल्होत्रा की एक फैन ने, एक्टर के ही एक फैन पेज पर 50 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी का आरोप लगाया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर, मीनू वसुदेव नाम के एक हैंडल ने दावा किया कि अलीजा और हुस्ना परवीन नाम के दो व्यक्तियों ने उन्हें यकीन दिलवाया कि सिद्धार्थ मल्होत्रा की जान खतरे में है. ‘कियारा की वजह से खतरे में है सिद्धार्थ की जान’ इस मामले में दिलचस्प पहलू ये है कि मीनू को यकीन दिलाया गया कि सिद्धार्थ को, अपनी पत्नी कियारा आडवाणी से खतरा है. मीनू ने बताया कि वो अमेरिका में रहती हैं और उनके साथ ये घटना अक्टूबर से दिसंबर, 2023 के बीच हुई. मीनू ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से, सिद्धार्थ मल्होत्रा के एक फैन पेज- Sidharth Malhotra News FC (@SidMalhotraNews) पर बड़े गंभीर आरोप लगाए हैं. मीनू ने, अलीजा नाम के व्यक्ति के साथ चैट के स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए बताया है कि उन्हें कैसे फंसाया गया. मीनू ने बताया कि अलीजा ने उन्हें झूठी कहानियां बताईं और कहा कि सिड (सिद्धार्थ मल्होत्रा) की लाइफ को कियारा की वजह से खतरा है. उन्हें ये बताया गया कि कियारा ने सिद्धार्थ के परिवार को जान से मारने की धमकी देकर, उनसे जबरदस्ती शादी की है. इतना ही नहीं मीनू को ये भी बताया गया कि करण जौहर, शशांक खेतान और मनीष मल्होत्रा जैसे सेलेब्रिटीज ने इस काम में कियारा की मदद की है. अलीजा ने, नीनू को यकीन दिलाया कि कियारा ने सिद्धार्थ के साथ चीटिंग की है, उनपर काला जादू किया है और उनके बैंक अकाउंट का पूरा कंट्रोल अपने हाथ में ले रखा है. इस तरह की कहानियां सुनाकर मीनू को कहा गया कि ‘सिड को बचा लो.’ जब मीनू राजी हुईं अलीजा ने उन्हें सिद्धार्थ मल्होत्रा के फेक पीआर टीम मेंबर बनकर आए दीपक दुबे नाम के व्यक्ति से मिलवाया. मीनू को राधिका नाम की एक महिला से मिलवाया गया, जिसे कियारा की टीम का इन्फॉर्मर बताया गया. सिद्धार्थ मल्होत्रा की जान बचाने के नाम पर वसूले जाते रहे पैसे अलीजा इनसाइड जानकारी के लिए और सिद्धार्थ से बात करने के नाम पर पैसे देती रहीं. उनकी किसी फेक सिद्धार्थ से बात करवा दी गई. मीनू ने सिद्धार्थ को एक हैम्पर देने के लिए भी पैसे दिए और उन्हें बाद में पता चला कि वो बस एक फोटोशॉप था. मीनू से सिद्धार्थ के बारे में ‘इनसाइड जानकारी’ देने और ‘मौत या टॉर्चर से बचाने’ के नाम पर भी पैसे वसूले जाते रहे. मीनू ने बताया कि अलीजा ने उन्हें दिल्ली में सिद्धार्थ मल्होत्रा के परिवार की करीबी पड़ोसी होने का यकीन दिला दिया था. (नोट: आजतक मीनू के दावों की पुष्टि नहीं करता है.) इस घटना के सामने आने के बाद सिद्धार्थ मल्होत्रा के कई फैन्स गुस्से में नजर आ रहे हैं. ये लोग लगातार मदद मिलने की आस में मीनू की पोस्ट्स को शेयर कर रहे हैं और एक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा को सोशल मीडिया पोस्ट्स में टैग कर रहे हैं, ताकि उन्हें भी अपने नाम पर चल रही इस ठगी का पता चले. सिद्धार्थ मल्होत्रा की बात करें तो वो आखिरी बार मार्च में रिलीज हुई फिल्म ‘योद्धा’ में नजर आए थे. उनकी ये फिल्म थिएटर्स में कोई खास कमाल नहीं कर पाई थी. सिद्धार्थ ने अभी तक अपना अगला प्रोजेक्ट अनाउंस नहीं किया है.  

हाथरस हादसे के बाद बागेश्वर ने भक्तों से की बड़ी अपील, जहां हैं वहीं से जन्मदिन मनाने का दिया सुझाव

छतरपुर उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुए हादसे के बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वीडियो जारी किया है। 4 जुलाई को पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जन्मदिन है, और इस अवसर पर धाम की तरफ से सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया गया है। उन्होंने श्रद्दालुओं से अपने कार्यक्रम को लेकर एक अपील की है। वीडियो में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, ‘4 जुलाई को मेरे जीवन की आयु का एक वर्ष कम हो जाएगा। बहुत व्यापक तरीके से अद्भुत आनंद उत्सव की तैयारियां चल रही हैं। लेकिन इस वीडियो के माध्यम से हम एक निवेदन और प्रार्थना करना चाह रहे हैं। 4 जुलाई के उत्सव के लिए दूर-दूर से आ रहे बागेश्वर धाम से जुड़े लोग हमारे प्रियजन हैं। हमारी एक प्रार्थना है कि आप लोग हमारी अपील मानें तो हमें अपार प्रशंसा होगी।’ शास्त्री ने बताया कि 1 तारीख से ही जन समुदाय और बागेश्वर धाम के भक्तों की भीड़ बहुत ज्यादा हो गई है। उन्होंने सुरक्षा के दृष्टिकोण से अपील की कि लोग अपने घर से ही उत्सव मनाएं। उन्होंने सुझाव दिया कि हनुमान चालीसा और वृक्षारोपण करके उत्सव मनाएं। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी गुरु पूर्णिमा जो 21 जुलाई को है, उसमें योजनाबद्ध तरीके से और व्यापक मैदान रखा जाएगा। उस अवसर पर सभी भक्तों का स्वागत किया जाएगा। शास्त्री ने कहा कि अत्यधिक भीड़ होने की वजह से 4 जुलाई को आने वाले सभी प्रियजन अपने घर से उत्सव मनाएं। बागेश्वर धाम की व्यवस्थाएं डबल की गई थीं, लेकिन स्थिति बदल गई है। उनका उद्देश्य है कि बुजुर्गों को परेशानी न हो, कोई बीमार न पड़े और सभी सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा कि वे गुरु पूर्णिमा के मौके पर भक्तों का इंतजार करेंगे।

कलेक्टर ने भेजा प्रस्ताव- पन्ना में बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात की खूबसूरती निहारने के लिए ग्लास ब्रिज का निर्माण किया जाएगा

पन्ना जिले के बृजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात की खूबसूरती निहारने के लिए ग्लास ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। गौरतलब है कि पन्ना के पूर्व कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने अपने कार्यकाल में बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात और आसपास के क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के उद्देश्य से प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति विभाग शिव शेखर शुक्ला को प्रस्ताव भेजा था। उस प्रस्ताव के संबंध में लोकेशन का अध्ययन करने प्रमुख सचिव पर्यटन व संस्कृति विभाग शिव शेखर शुक्ला की ओर से मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम के वास्तुविद सतीश कालान्तरे (जबलपुर), कार्यपालन यंत्री क चौरसिया (सागर) और विवेक चौबे, उपयंत्री (खजुराहो) की टीम को पन्ना भेजा। पन्ना के सर्किट हाउस में पूर्व कलेक्टर संजय कुमार मिश्र द्वारा मध्य प्रदेश पर्यटन निगम की उक्त टीम के साथ बैठक लेकर बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात और आसपास के क्षेत्र का पर्यटन बढ़ाने के उद्देश्य से बनाये प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा कर अपने सुझाव दिए गए। इस बैठक में आबकारी उपनिरीक्षक मुकेश पाण्डेय जिला पुरातत्व,पर्यटन और संस्कृति परिषद पन्ना के सदस्य के रूप में शामिल हुए।  मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम की तकनीकी टीम द्वारा बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात पहुंच कर वास्तविक स्थिति और लोकेशन का अध्ययन और सर्वे किया गया। फिलहाल कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं वास्तुविद सतीश कालान्तरे ने बताया कि बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात के आसपास फिलहाल सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना हमेशा बनी रहती है, इसलिए बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात के चारों तरफ सुरक्षा हेतु रेलिंग लगाई जाएगी। रेलिंग भी इस तरीके से लगाई जाएगी कि स्थान की खूबसूरती भी बनी रहे और सुरक्षा भी। बृहस्पति कुण्ड आश्रम की तरफ एक मजबूत ग्लास ब्रिज बनाया जाएगा, जिस पर चढ़कर पर्यटक जलप्रपात के ठीक सामने खड़े होकर जलप्रपात की खूबसूरती को निहार सकेंगे। यह देश का दूसरा और मध्यप्रदेश का पहला ग्लास ब्रिज होगा । पैगोडा डिजाइन के विश्राम स्थल बनेंगे कार्यपालन यंत्री चौरासिया ने बताया कि जलप्रपात के आसपास लोगों को धूप-बारिश से बचने के लिए पैगोडा डिजाइन के विश्राम स्थल भी बनाए जाएंगे । दिनों-दिन पर्यटकों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए समुचित संख्या में प्रसाधन गृह और एक बड़ी पार्किंग की भी व्यवस्था होगी। जलप्रपात के पास खाली पड़े चट्टानी मैदान में खूबसूरत लैंडस्केप और उद्यान विकसित किया जाएगा। इस क्षेत्र के महत्व और जानकारी को दर्शाते हुए कई सूचना पट्ट लगाए जाएंगे। पहले चरण में जलप्रपात के चारों तरफ सुरक्षा रेलिंग, ग्लास ब्रिज, विश्राम स्थल, पार्किंग, प्रसाधन गृह, कैफेटेरिया आदि का निर्माण होगा। दूसरे चरण में जलप्रपात के नीचे की तरफ स्टॉप डैम बनाकर नौकायन और एडवेंचर गतिविधियों की व्यवस्था की जाएगी । बृहस्पति कुण्ड की खासियत बृहस्पति कुण्ड अपने आप में एक अद्भुत स्थल है। प्राकृतिक रूप से तो सुंदर होने के साथ श्री राम वनपथ गमन मार्ग का एक महत्वपूर्ण स्थल है। बृहस्पति कुंड में चंदेलकालीन शिव मंदिर है। हजारों साल पुराने आदिमानव के समय के अद्भुत शैलचित्र है।

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