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जम्मू-कश्मीर में कुत्ते सीमा पार से घुसपैठ की कोशिश होने पर सीमा पर तैनात सुरक्षाबलों को सतर्क कर देते हैं

जम्मू जम्मू-कश्मीर में बॉर्डर से घुसपैठ की कोशिश कर रहे दहशतगर्दों पर सुरक्षाबलों के साथ-साथ आवारा कुत्ते भी भारी पड़ रहे हैं। दरअसल ये कुत्ते सीमा पार से घुसपैठ की कोशिश होने पर सीमा पर तैनात सुरक्षाबलों को सतर्क कर देते हैं। इन कुत्तों को कोई खास ट्रेनिंग नहीं दिया गया है, न ही ये किसी खास नस्ल के हैं। फिर भी ये आवारा कुत्ते जवानों के लिए बहुत मददगार साबित हो रहे हैं। पहलगाम हमले के बाद सुरक्षाबल सतर्क जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से ही सुरक्षाबल सतर्क हैं। सीमा पार से होने वाले किसी भी तरह के घुसपैठ की कोशिश करने पर आतंकियों को करारा जवाब दिया जा रहा है। वहीं मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों ने जंगल में कई आतंकियों को घेर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार इस एनकाउंटर में तीन आतंकी मारे गए हैं। इन आतंकियों का संबंध लश्कर-ए-तैयबा से था। ऑपरेशन सिंदूर से आतंकी ठिकाने तबाह पहलगाम आतंकी हमले का बदला सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन सिंदूर से लिया। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और गुलाम जम्मू-कश्मीर के 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल से हमला कर उन्हें नष्ट कर दिया गया। ऑपरेशन सिंदूर में 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया।

एयरपोर्ट पर फोन करके बताया- आपके विमान में बम है’, मच गई अफरा-तफरी, एयरपोर्ट पर तुरंत हाई अलर्ट जारी

कोलकाता भारत-पाक तनाव के बीच कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर मंगलवार दोपहर को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब मुंबई जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट के रवाना होने से ठीक पहले एक अज्ञात व्यक्ति ने एयरपोर्ट पर फोन करके दावा किया कि विमान में बम है। इसके बाद विमान प्रबंधन ने एयरपोर्ट पर तुरंत हाई अलर्ट जारी कर दिया और कोलकाता-मुंबई इंडिगो फ्लाइट नंबर 6ए5227 की उड़ान रोक दी गई। विमान में सवार सभी यात्रियों को उतारकर सुरक्षित जगह पर ले जाया गया। वहीं, विमान को एयरपोर्ट के आइसोलेशन बे में ले जाया गया, जहां बम निरोधक दस्ते ने उसकी पूरी तलाशी ली। एयरपोर्ट के एक अधिकारी ने बताया कि जांच में विमान में कोई बम नहीं होने की पुष्टि हुई है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से सभी प्रोटोकाल अपनाए गए। विमान के सभी सामान को उतार दिया अधिकारी ने बताया कि यह फोन काल यात्रियों के चेक-इन करने के बाद आई थी। फ्लाइट को दोपहर 1.30 बजे उड़ान भरनी थी और शाम 4.20 बजे मुंबई में उतरना था। सभी 195 यात्रियों को आपातकालीन प्रोटोकाल के अनुसार विमान से उतरने के लिए कहा गया और विमान को आइसोलेशन बे में ले जाया गया। विमान से सभी सामान उतार दिया गया। अधिकारी ने बताया कि हाई अलर्ट के बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) के जवानों ने पूरे एयरपोर्ट पर सुरक्षा कड़ी कर दी है। बम के अफवाह की यह दूसरी घटना बताते चलें कि इस महीने की शुरुआत में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पलहगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर आपरेशन सिंदूर के तहत कार्रवाई किए जाने के बाद से हवाई अड्डे पर बम की अफवाह की यह दूसरी घटना है। इससे पहले छह मई को, मुंबई हवाई अड्डे पर एक काल आया था जिसमें दावा किया गया कि चंडीगढ़ से आने वाली इंडिगो की फ्लाइट में बम है। बाद में, यह एक अफवाह निकली।

पूर्वोत्तर राज्यों पर पका रहे एक नया ख्याली पुलाव, भारत के खिलाफ फिर षडयंत्र रच रहे मोहम्मद यूनुस

नई दिल्ली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने एक बार फिर पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर अपने जहरीले और खतरनाक मंसूबों को उजागर किया है। उन्होंने इस बार सुझाव दिया है कि भारत के पूर्वोत्तर के सात राज्य स्वतंत्र देश जैसे है, जिनके साथ क्षेत्रीय और एकीकृत आर्थिक विकास की रणनीति बनाई जा सकती है।  यूनुस ने नेपाली संसद के प्रतिनिधि सभा की उपाध्यक्ष इंदिरा राणा के साथ एक बैठक की थी। इस बैठक के बारे में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उनकी तरफ से कहा गया है कि बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और भारत के सात पूर्वोत्तर राज्यों के बीच एक एकीकृत आर्थिक रणनीति बनाई जानी चाहिए। बता दें कि कुछ महीने पहले ही मोहम्मद यूनुस ने पूर्वोत्तर के इस क्षेत्र को “भूमि से घिरा हुआ” (Landlocked) कहा था और बांग्लादेश को इस क्षेत्र का अभिभावक कहा था। इस बार मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और भारत के सात राज्यों के लिए एक एकीकृत आर्थिक योजना का आह्वान किया है और कहा कि इन देशों और भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को अलग रहने की अपेक्षा एक साथ रहने पर अधिक लाभ होगा। एक्स पर किए गए एक पोस्ट में मोहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार ने नेपाल संसद के प्रतिनिधि सभा की उपाध्यक्ष इंदिरा राणा के साथ यूनुस की बैठक के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा, “यूनुस ने बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और भारत के सात पूर्वोत्तर राज्यों के बीच एक एकीकृत आर्थिक रणनीति का आह्वान किया है, जिसमें जलविद्युत, स्वास्थ्य सेवा और सड़क संपर्क में सीमा पार सहयोग की संभावना पर जोर दिया गया है।” पिछले महीने बीजिंग में उगला था जहर पिछले महीने,बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मीटिंग के दौरान मोहम्मद यूनुस ने पूर्वोत्तर क्षेत्र को ‘भूमि से घिरा हुआ’ कहकर विवाद खड़ा कर दिया था। तब उन्होंने कहा था कि सात राज्यों के लिए समुद्र तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है। यूनुस ने कहा था, “भारत के सात राज्य, भारत का पूर्वी भाग, जिन्हें सात बहनें कहा जाता है… वे भूमि से घिरे हुए देश हैं, भारत का भूमि से घिरा हुआ क्षेत्र है। उनके पास समुद्र तक पहुँचने का कोई रास्ता नहीं है।” बांग्लादेश सरकार के मुखिया ने यह भी कहा था कि हम इस पूरे क्षेत्र के लिए महासागर के एकमात्र संरक्षक हैं। इसलिए यह एक बड़ी संभावना को खोलता है। इसलिए यहां चीनी अर्थव्यवस्था का विस्तार हो सकता है। जलविद्युत, स्वास्थ्य सेवा और सड़क पर अब नया ख्याली पुलाव अब नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और भारत के सात राज्यों को लेकर मोहम्मद यूनुस ने नया ख्याली पुलाव बनाना शुरू किया है, जिसमें जलविद्युत, स्वास्थ्य सेवा और सड़क संपर्क में सीमा पार सहयोग की संभावना पर जोर दिया गया है। उन्होंने सोमवार को नेपाल की संघीय संसद के प्रतिनिधि सभा की उपाध्यक्ष इंदिरा राणा से शिष्टाचार भेंट के दौरान ये टिप्पणियां कीं। इंदिरा राणा ढाका में नेपाल के दूतावास द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए बांग्लादेश पहुंची थीं। उन्होंने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों का जिक्र करते हुए कहा, “बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और सात बहनों के लिए एक एकीकृत आर्थिक योजना होनी चाहिए। हमें अलग होने की तुलना में एक साथ मिलकर अधिक लाभ प्राप्त करना है।”

आदमपुर एयरबेस पर हमले का झूठा दावा, PM मोदी के आदमपुर जाने पर ओवैसी ने लिए शरीफ-मुनीर के मजे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार की सुबह पंजाब में आदमपुर वायु सेना केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने वायु सेना के जवानों से बातचीत की और उनका हौसला बढ़ाया। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इसे लेकर अब पाकिस्तान के मजे लिए हैं। ओवैसी ने एक्स पर पोस्ट करके कहा कि क्या पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर ऐसा कर सकते हैं। उन्होंने लिखा, ‘क्या एस शरीफ और ए मुनीर लीज पर लिए अपने चीनी विमान को रहीम यार खान एयरबेस पर उतार पाएंगे?’ दरअसल, 10 मई को पाकिस्तान के रहीम यार खान एयरबेस पर भारत ने हवाई हमले किए थे जिससे वह बुरी तरह तबाह हो गया। यह हमला 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। भारतीय वायुसेना ने इस ऑपरेशन में ब्रह्मोस-ए सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का इस्तेमाल किया, जिसने एयरबेस के मुख्य रनवे को पूरी तरह नष्ट कर दिया। रहीम यार खान एयरबेस को शेख जायद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी कहा जाता है, जो कि पाकिस्तान वायुसेना का अहम सैन्य अड्डा रहा है। इस हमले को रात के समय सटीकता से अंजाम दिया गया ताकि नागरिक हताहतों से बचा जा सके। हमले में कई सैन्य सुविधाओं, इमारतों और उपकरणों को नुकसान पहुंचा। साथ ही स्क्वाड्रन लीडर उस्मान यूसुफ सहित कुछ सैन्यकर्मियों की मौत भी हो गई। आदमपुर एयरबेस पर हमले का झूठा दावा इस बीच, पाकिस्तान यह झूठा दावा करता रहा कि उसने भारत के पंजाब स्थित आदमपुर एयरबेस पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिसमें एयरबेस के रनवे, मिग-29 जेट, एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम और रडार को नष्ट कर दिया। उसने यह भी दावा किया कि हमले में 60 भारतीय सैनिक मारे गए और एयरबेस को भारी नुकसान पहुंचा। हालांकि, ये दावे पूरी तरह झूठे साबित हुए। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने इन्हें खारिज करते हुए कहा कि आदमपुर एयरबेस पूरी तरह सुरक्षित है। वहीं, पीएम मोदी ने आज आदमपुर एयरबेस का दौरा कर जवानों से मुलाकात की, जिसकी तस्वीरों और वीडियो ने पाकिस्तान के प्रचार की पोल खोल दी। सैटेलाइट तस्वीरों और विशेषज्ञों ने भी पुष्टि की कि एयरबेस को कोई नुकसान नहीं हुआ। भारत के एस-400 सिस्टम ने पाकिस्तानी ड्रोनों को नाकाम कर दिया। इस दौरे और तस्वीरों ने पाकिस्तान के झूठे नैरेटिव को बेनकाब कर दिया।

भारत ने साफ किया, संघर्षविराम को लेकर हुई चर्चाओं में व्यापार या दबाव जैसी कोई बात नहीं हुई, ट्रंप का दावा किया खारिज

वाशिंगटन अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सीजफायर की कहानी में  व्यापार धमकी का मसाला डालते हुए दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम (Ceasefire) कराने के लिए अमेरिका ने दोनों देशों को व्यापार रोकने की धमकी  दी थी। ट्रंप के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। हालांकि भारत सरकार ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज  कर दिया है।भारत ने साफ किया है कि संघर्षविराम को लेकर हुई चर्चाओं में व्यापार या दबाव जैसी कोई बात नहीं हुई थी। भारत के अनुसार, यह निर्णय दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधी बातचीत  का नतीजा था। क्या कहा था डोनाल्ड ट्रंप ने? व्हाइट हाउस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा कि  “हमने भारत और पाकिस्तान से कहा कि अगर उन्होंने लड़ाई नहीं रोकी, तो अमेरिका उनके साथ व्यापार नहीं करेगा। जैसे ही यह बात कही, दोनों देश रुक गए।” उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका की इस ‘सख्त चेतावनी’ ने  परमाणु युद्ध  को टाल दिया।“यह एक परमाणु युद्ध में बदल सकता था, जिससे लाखों लोग मारे जाते। हमने इसे रोक दिया।” भारत का जवाब   सरकारी सूत्रों ने ट्रंप के बयान को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति  जे. डी. वेंस  ने 9 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की थी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 8 और 10 मई को विदेश मंत्री  एस. जयशंकर और 10 मई को एनएसए अजीत डोभाल से बात की।सूत्रों के अनुसार, इन सभी बातचीतों में कहीं भी व्यापार रोकने या दबाव बनाने की कोई चर्चा नहीं हुई ।  कैसे हुआ सीजफायर का फैसला? भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम की जानकारी सबसे पहले ट्रंप ने सार्वजनिक की थी। इसके बाद पाकिस्तान के डिप्टी पीएम इशाक डार ने भी पुष्टि की।इसके बाद भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री  ने कहा कि यह फैसला दोनों देशों के DGMO स्तर की बातचीत के बाद हुआ। पाकिस्तान की ओर से पहल की गई थी, जिसके बाद आपसी सहमति से संघर्षविराम लागू किया गया। प्रधानमंत्री मोदी का बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देश को संबोधित करते हुए बताया कि भारत ने आतंकवाद और पाकिस्तान के कायराना हमलों का पूरी ताकत से जवाब दिया। इसके बाद पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर  तनाव कम करने की अपील  की।मोदी ने बताया कि 10 मई को पाकिस्तान ने भारत के DGMO से संपर्क कर संघर्षविराम पर चर्चा शुरू की।  ट्रंप के बयान भले ही चर्चा में हों, लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि  सीजफायर किसी बाहरी दबाव का नहीं, बल्कि क्षेत्रीय स्थिति और सुरक्षा कारणों से लिया गया निर्णय था।

सऊदी पहुंचे ट्रंप का भव्य स्वागत, प्रिंस सलमान के साथ बंद दरवाजों के पीछे कूटनीति शुरू, कतर और UAE का भी दौरा करेंगे ट्रंप

सऊदी अरब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चार दिवसीय पश्चिम एशिया दौरे के तहत सऊदी अरब की राजधानी रियाद पहुंचे। रियाद एयरपोर्ट पर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने उनका औपचारिक स्वागत किया। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब सऊदी अरब और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को फिर से गति देने की कोशिशें हो रही हैं।   आर्थिक सहयोग की उम्मीद डोनाल्ड ट्रंप की यह यात्रा व्यापार और निवेश साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है। ट्रंप के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल में अमेरिका और सऊदी अरब के बीच रक्षा, तेल और तकनीक के क्षेत्र में अरबों डॉलर के समझौते हुए थे। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे में दोनों पक्ष कई निवेश योजनाओं पर भी विचार कर सकते हैं।  ईरान, गाज़ा और तेल जैसे मुद्दे हालांकि औपचारिक कार्यक्रमों के इतर, बंद दरवाजों के पीछे गाज़ा में चल रहे युद्ध, ईरान के परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और तेल की वैश्विक कीमतों पर भी चर्चा होने की संभावना है। अमेरिका इन मुद्दों पर खाड़ी देशों के साथ अधिक सहयोग की उम्मीद कर रहा है। कतर और UAE का भी दौरा करेंगे ट्रंप सऊदी अरब के बाद ट्रंप कतर और संयुक्त अरब अमीरात का भी दौरा करेंगे। यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका इन खाड़ी देशों के साथ भविष्य में ऊर्जा, सुरक्षा और निवेश को लेकर बड़ी साझेदारियों की उम्मीद कर रहा है। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति रहते हुए अमेरिका और सऊदी अरब के संबंध काफी नजदीकी रहे थे। उन्होंने 2017 में राष्ट्रपति बनने के बाद अपना पहला अंतरराष्ट्रीय दौरा भी रियाद से शुरू किया था। उस समय दोनों देशों के बीच करीब 110 अरब डॉलर की रक्षा डील हुई थी।  ट्रंप का यह दौरा इस बात का संकेत है कि पश्चिम एशिया की राजनीति में अमेरिका अभी भी एक प्रमुख खिलाड़ी बना रहना चाहता है। साथ ही, यह दौरा आगामी अमेरिकी चुनावों से पहले ट्रंप की अंतरराष्ट्रीय छवि को भी मज़बूती देने का प्रयास माना जा रहा है।

भाजपा सरकार पर भी पूर्ववर्ती आप पार्टी की सरकार की तर्ज पर सरकारी धन की बर्बादी का आरोप लगाया: देवेंद्र यादव

नई दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने दिल्ली की भाजपा सरकार पर भी पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी की सरकार की तर्ज पर सरकारी धन की बर्बादी का आरोप लगाया है। दिल्ली कांग्रेस के आरटीआई सेल की ओर से लगाई गई आरटीआई पर विधानसभा सचिवालय से मिली जानकारी के आधार पर देवेंद्र यादव ने कहा कि सत्ता में आने के एक माह बाद ही होली मिलन समारोह के आयोजन में भाजपा ने फिजूल खर्ची के रिकार्ड तोड़ दिए। आरोप लगाया,  8,42,787 रुपये खर्च कर डाले बकौल यादव, होली मिलन समारोह में भाजपा ने अपनी वाहवाही के लिए सरकारी खजाने से 8,42,787 रुपये की राशि खर्च कर डाली। यादव ने बताया कि 2022 में आप सरकार के होली मिलन समारोह में 91,313 और 2023 में 1,16,842 रुपये खर्च हुए थे। जबकि भाजपा सरकार द्वारा होली मिलन समारोह में 8,42,787 रुपये की राशि खर्च की गई। आरटीआई के मुताबिक फूलों की व्यवस्था लोक कल्याण विभाग के उद्यान विभाग द्वारा की गई। रंग और गुलाल की व्यवस्था करने के लिए 7,500 रुपये अदा किए गए। चार लाख रुपये के खर्च का हिसाब ही नहीं जलपान की व्यवस्था दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम द्वारा की गई, जिसके लिए उसे 4,22,500 रुपये की अदायगी की गई। चार लाख से अधिक राशि के खर्च की जानकारी देने में असमर्थता जताई गई है। यादव के मुताबिक जनता के पैसे का दुरुपयोग हर हाल में रोका जाना चाहिए।

वैष्णो देवी के यात्रियों के लिए खुशखबरी, कई महत्वपूर्ण सुविधाओं के लिए नहीं देना होगा कोई चार्ज

नई दिल्ली भारत में जब भी माता के दर्शन की बात होती है, तो सबसे पहले नाम आता है मां वैष्णो देवी का। जम्मू-कश्मीर के त्रिकुटा पर्वत पर स्थित ये धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। सालभर देश के कोने-कोने से भक्त यहां मां के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। हालांकि, बहुत से श्रद्धालु यात्रा के खर्च को लेकर असमंजस में रहते हैं — खासकर वे जो सीमित बजट में होते हैं। कई बार लोग ये मान लेते हैं कि इस यात्रा पर जाने में बहुत ज्यादा खर्चा आएगा, इसलिए वो रुक जाते हैं। लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। अगर आप भी वैष्णो देवी की यात्रा पर जाने की सोच रहे हैं, तो ये जानकर आपको खुशी होगी कि इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण सुविधाएं श्रद्धालुओं को बिल्कुल मुफ्त मिलती हैं। श्राइन बोर्ड और समाजसेवी संगठनों के सहयोग से ऐसी व्यवस्थाएं की गई हैं जिससे हर भक्त श्रद्धा और सम्मान के साथ अपनी यात्रा पूरी कर सके — वो भी बिना किसी भारी खर्च के। 1. रजिस्ट्रेशन बिल्कुल मुफ्त कई लोग यह सोचते हैं कि वैष्णो देवी यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क लिया जाता होगा। लेकिन ऐसा नहीं है। श्रद्धालुओं का रजिस्ट्रेशन कटरा में किया जाता है, और इसके लिए किसी प्रकार की कोई फीस नहीं देनी पड़ती। रजिस्ट्रेशन के बाद एक यात्रा कार्ड मिलता है, जिसे पहनकर श्रद्धालु यात्रा करते हैं। यह कार्ड न केवल पहचान का प्रमाण है, बल्कि श्रद्धालु की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी एक जरिया है। 2. फ्री में मिलता है भोजन देशभर से आने वाले भक्तों को यहां भोजन की चिंता नहीं करनी पड़ती। यात्रा मार्ग पर सेवा समितियों, धार्मिक संस्थाओं और श्राइन बोर्ड द्वारा कई स्थानों पर फ्री लंगर का आयोजन होता है। यहां भक्तों को गरम, ताजा और शुद्ध भोजन एकदम मुफ्त परोसा जाता है। सुबह-शाम भोजन की ये सेवा विशेष रूप से उन लोगों के लिए राहतभरी होती है जो सीमित संसाधनों के साथ यात्रा पर आते हैं।   3. रात के विश्राम के लिए भवनों की व्यवस्था यात्रा रात में भी जारी रहती है, और कई श्रद्धालु रात के समय थकान महसूस करते हैं — खासकर बुजुर्ग यात्री। ऐसे में उन्हें विश्राम की जरूरत होती है। कटरा से भवन तक, यात्रा मार्ग में कई स्थानों पर विश्राम भवन बनाए गए हैं। ये स्थान पूरी तरह से मुफ्त होते हैं, जहां तीर्थयात्री रात में ठहर सकते हैं या दिन में कुछ समय आराम कर सकते हैं। इसके अलावा, जगह-जगह सिटिंग चेयर्स भी उपलब्ध हैं। 4. मुफ्त मेडिकल सुविधाएं यात्रा के दौरान अगर किसी तीर्थयात्री की तबीयत बिगड़ जाए, तो चिंता की कोई बात नहीं। माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। यात्रा मार्ग में मेडिकल सहायता केंद्र बने हुए हैं, जहां छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज तुरंत किया जाता है। यह सुविधा विशेष रूप से बुजुर्ग और बच्चों के लिए बेहद सहायक है। 5. स्नान और साफ-सफाई की व्यवस्था भी मुफ्त श्रद्धालु यह सोचते हैं कि भवन या कटरा में स्नान आदि के लिए शुल्क देना होगा, लेकिन ऐसा नहीं है। श्राइन बोर्ड द्वारा स्थापित स्नानगृहों में यात्री पूरी तरह से फ्री में स्नान कर सकते हैं और खुद को ताजगी के साथ यात्रा के लिए तैयार कर सकते हैं। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो लंबी यात्रा के बाद भवन तक पहुंचते हैं।

गोवा के पर्यटन उद्योग में इस साल की पहली तिमाही में पर्यटकों की संख्या में प्रभावशाली वृद्धि दर्ज

गोवा गोवा के पर्यटन उद्योग के लिए साल 2025 की शुरुआत बेहद शानदार रही है। राज्य के पर्यटन विभाग ने इस साल की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च) में पर्यटकों की संख्या में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 10.5% की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की है। इस साल पहली तिमाही में 28,51,554 पर्यटक गोवा घूमने आए, जबकि 2024 की पहली तिमाही में यह आंकड़ा 25,80,155 था। यह लगातार बढ़ती संख्या दर्शाती है कि गोवा अब सिर्फ एक पारंपरिक बीच डेस्टिनेशन नहीं रह गया है बल्कि एक वैश्विक, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और साल भर चलने वाला पर्यटन केंद्र बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस सफलता के पीछे गोवा सरकार के पर्यटन विभाग की तीन-स्तरीय रणनीति का अहम योगदान रहा है। इस रणनीति में प्रमुख और उभरते बाजारों में प्रचार को मजबूत करना, अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क को बढ़ाना और पर्यटन उत्पादों में विविधता लाना शामिल है। हवाई संपर्क का विस्तार, नए बाजारों तक पहुंच गोवा सरकार ने रणनीतिक विमानन साझेदारियों पर विशेष ध्यान दिया है जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस जो पहले से ही दुबई से सीधी उड़ानें संचालित कर रही थी अब गोवा को सीधे कुवैत और अबू धाबी से भी जोड़ रही है। यह विस्तार खाड़ी देशों के विमानन भागीदारों के साथ लगातार बातचीत और मध्य-पूर्व के ट्रांजिट बाजारों को लक्षित करने के प्रयासों का ही नतीजा है। राज्य सरकार इस दिशा में केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। वैश्विक स्तर पर प्रचार और व्यापारिक साझेदारी गोवा पर्यटन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। इसने डब्ल्यूटीएम लंदन, आईटीबी एशिया (सिंगापुर), ताशकंद अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मेला और हाल ही में दुबई में आयोजित अरेबियन ट्रैवल मार्केट (ATM) 2025 जैसे प्रमुख वैश्विक आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लिया है। डब्ल्यूटीएम लंदन में गोवा ने भारत सरकार की ‘चलो इंडिया ग्लोबल डायस्पोरा इनिशिएटिव’ में हिस्सा लिया जिसका उद्देश्य प्रवासी भारतीयों को अपने विदेशी मित्रों को भारत आने के लिए प्रेरित करना है। यह पहल गोवा की उस रणनीति के अनुरूप है जिसके तहत वैश्विक स्तर पर उच्च-मूल्य और सांस्कृतिक रूप से जुड़े यात्रियों को आकर्षित किया जा रहा है। अरेबियन ट्रैवल मार्केट दुबई में भारत के महावाणिज्यदूत और क्षेत्रीय पर्यटन हितधारकों के साथ उच्च-स्तरीय बैठकों ने यूएई और भारत के बीच एक दीर्घकालिक पर्यटन पुल की नींव रखी है। इन बैठकों में गोवा को न केवल अवकाश यात्रा बल्कि सांस्कृतिक, वेलनेस और पारिवारिक पर्यटन के लिए भी एक प्रीमियम प्रवेश द्वार के रूप में प्रस्तुत किया गया।   समुद्र तटों से आगे साल भर के अनुभव गोवा अब खुद को एक ऐसे केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है जो पर्यटकों को विविध प्रकार के अनुभव प्रदान करता है। इसमें ‘एकादश तीर्थ’ आध्यात्मिक सर्किट, वेलनेस और आयुर्वेद रिट्रीट, ग्रामीण पर्यटन और मानसून पैकेज जैसी पहलें शामिल हैं। ये विशेष रूप से पर्यावरण के प्रति जागरूक यात्रियों, डिजिटल घुमंतुओं और ऑफ-सीजन में घरेलू पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। खासकर मध्य-पूर्वी बाजारों में मानसून यात्रा को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। दीप पर्व, रापणकाराचो सी फूड फेस्टिवल, चिखल कालो, साओ जोआओ, फेस्टाविस्टा और ‘स्पिरिट ऑफ गोवा’ व ‘हेरिटेज फेस्टिवल’ जैसे सांस्कृतिक आयोजनों ने स्थानीय समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा दिया है और समुद्र तटों से परे अनुभवात्मक पर्यटन को मजबूती दी है। मौसम की अनिश्चितताओं के बीच उद्योग संवाद आमतौर पर अप्रैल में ईस्टर के बाद पर्यटकों की संख्या में कमी आती है लेकिन मई में स्कूलों की छुट्टियों और घरेलू अवकाश यात्रा के कारण सुधार देखा जाता है। हालांकि वर्तमान क्षेत्रीय अनिश्चितताओं के कारण भविष्य की मांग पर कुछ असर पड़ सकता है। इसके जवाब में पर्यटन विभाग ने होटल, परिवहन, यात्रा सेवा और वैकल्पिक आवास क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें की हैं ताकि मई-जुलाई की बुकिंग के रुझानों की समीक्षा की जा सके और किसी भी संभावित मंदी से निपटने के उपाय तलाशे जा सकें। इन चर्चाओं का उद्देश्य लचीलापन बढ़ाना, संयुक्त प्रचार को बढ़ावा देना और आगामी सीजन के लिए उद्योग का तालमेल सुनिश्चित करना है।  

PoK खाली करे पाकिस्तान, तभी होगी द्विपक्षीय वार्ता; तीसरा कोई दखल ना दे; भारत की खरी-खरी

नई दिल्ली विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पाकिस्तान को पीओके को खाली करना होगा. जम्मू-कश्मीर मामले में कोई तीसरा पक्ष दखल न दे. विदेश मंत्रालय रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘सभी मामले द्विपक्षीय तरीके से हल होंगे. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘हमारा लंबे समय से राष्ट्रीय रुख रहा है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर से संबंधित किसी भी मुद्दे को भारत और पाकिस्तान को द्विपक्षीय रूप से हल करना होगा। इस नीति में कोई बदलाव नहीं आया है। लंबित मामला पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र को खाली करना है।’ भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद सीमावर्ती इलाकों में जनजीवन अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है. इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेना प्रमुख के साथ बैठक करके पाकिस्तान के साथ सीजफायर के बाद से हालात पर चर्चा की. उधर विदेश मंत्री जयशंकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पीएम आवास पहुंचे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही साफ कर दिया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है और ये तब तक चलता रहेगा जब तक आतंकियों का खात्मा नहीं हो जाता. प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार रात राष्ट्र के नाम संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में बसे आतंकियों पर हुए हमलों के लिए सेना की तारीफ की. उन्होंने साफ कर दिया कि सीजफायर अस्थाई है, यानी ऑपरेशन सिंदूर को सिर्फ रोका गया है, ये ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है. पीएम मोदी ने इसके साथ ही कहा कि ये सीजफायर तब तक ही टिक सकता है जब तक पाकिस्तान अपनी हद में रहे. प्रधानमंत्री ने साफ किया कि पाकिस्तान में बने आतंकियों के ठिकाने और उसकी फ़ौज के ठिकाने भारत की मिसाइलों के निशाने पर हमेशा रहेंगे. अगर उसने दोबारा आतंकी संगठनों की मदद से या सेना के जरिये भारत पर किसी भी तरह के हमले की कोशिश की, तो फिर सेना इसका माकूल जवाब देगी. इस बीच बीजेपी आज से देशभर में तिरंगा यात्रा निकालने वाली है. यह यात्रा 10 दिन यानी 23 मई तक चलेगी, जिसका नेता वरिष्ठ नेता और मंत्री करेंगे. इस यात्रा का मकसद सभी लोगों को ऑपरेशन सिंदूर की उपलब्धियों के बारे में बताना है. उधर एयर इंडिया और इंडिगो ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर ताजा हलचल को देखते हुए आज जम्मू, अमृतसर, चंडीगढ़, लेह, श्रीनगर और राजकोट से आने-जाने वाली उड़ानें रद्द कर दी हैं. भारतीय हथियारों की ताकत ने पाक को गोलीबारी रोकने के लिए मजबूर किया, विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग में बोले प्रवक्‍ता रणधीर जायसवाल विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग में प्रवक्‍ता रणधीर जायसवाल नेकार्रवाई रोकने और मध्यस्थता के दावों पर कहा कि दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच 10 मई 2025 को 15:35 बजे शुरू होने वाली फोन कॉल पर समझौते की विशिष्ट तारीख, समय और शब्दावली पर काम किया गया. इस कॉल के लिए विदेश मंत्रालय को पाकिस्तानी उच्चायोग से 12:37 बजे अनुरोध प्राप्त हुआ. तकनीकी कारणों से पाकिस्तानी पक्ष को भारतीय पक्ष से हॉटलाइन कनेक्ट करने में शुरुआती कठिनाइयाँ हुईं. उसके बाद 15:35 बजे भारतीय डीजीएमओ की उपलब्धता के आधार पर समय तय किया गया. आप निश्चित रूप से इस बात की सराहना करेंगे कि 10 तारीख की सुबह, हमने प्रमुख पाकिस्तानी वायु सेना ठिकानों पर एक अत्यंत प्रभावी हमला किया था. यही कारण था कि वे अब गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए तैयार थे. मैं स्पष्ट कर दूँ. यह भारतीय हथियारों की ताकत थी जिसने पाकिस्तान को अपनी गोलीबारी रोकने के लिए मजबूर किया. कश्‍मीर पर किसी का दखल मंजूर नहीं, ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय ने किया साफ विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमारा लम्बे अरसे से यही राष्ट्रीय पक्ष रहा है कि भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर से संबंधित किसी भी मुद्दे को भारत और पाकिस्तान को द्विपक्षीय तरीके से ही हल करना है. इस नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है. जैसा कि आप जानते हैं, लंबित मामला केवल पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्ज़ा किए गए भारतीय क्षेत्र को खाली करना है. कश्‍मीर के मसले पर किसी तीसरे पक्ष का दखल मंजूर नहीं. ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर डीआईए के डीजी ने 70 देशों की डिफेंस इंटेलीजेंस एजेंसी को दी जानकारी लेफ्टिनेंट जनरल डी.एस. राणा, महानिदेशक डिफेंस इंटेलीजेंस एजेंसी (DG DIA) ने 70 देशों के विदेशी सेवा अधिकारियों को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह अभियान भारत-पाक संबंधों में नए मानदंड स्थापित करता है और भारत की सैन्य श्रेष्ठता व राष्ट्रीय संकल्प को दर्शाता है. ऑपरेशन की योजना लक्ष्यों की पुष्टि के बाद बनाई गई थी, जिसमें मल्‍टी डायमेंशनल कार्रवाई की गई. स्वदेशी ताकत और तकनीकी क्षमता, जैसे स्पेस, साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध में भारत की बढ़त को दर्शाया गया. साथ ही दुश्मन की दुष्प्रचार मुहिम और भारत की समग्र राष्ट्रीय रणनीति भी साझा की गई. ऑपरेशन सिंदूर से दुनिया ने माना भारत का लोहा, डिफेंस एक्‍सपोर्ट 34 गुना बढ़ा भारत के डिफेंस एक्‍सपोर्ट में शानदार बढ़ोतरी हुई है. साल 2013-14 में ₹686 करोड़ से बढ़कर यह साल 2024-25 में ₹23,622 करोड़ पहुंच गया है. इसमें कुल 34 गुना उछाल आया है. इस वर्ष निजी क्षेत्र का योगदान ₹15,233 करोड़ और DPSUs का ₹8,389 करोड़ रहा. DPSU का एक्‍सपोर्ट 42.85% बढ़ा है. बताया गया कि एक्‍सपोर्ट अप्रूवल में 16.92% और एक्‍सपोर्ट की संख्या में 17.4% बढ़ोतरी हुई है. भारत अब 100 से अधिक देशों, जैसे अमेरिका, फ्रांस, और आर्मेनिया को रक्षा उत्पाद एक्‍सपोर्ट करता है. सरकार का लक्ष्य 2029 तक ₹50,000 करोड़ डिफेंस एक्‍सपोर्ट करना है, जो भारत की वैश्विक रक्षा उत्पादन में मजबूत स्थिति को दर्शाता है. ट्रंप, कश्‍मीर, पाकिस्‍तान… ऑपरेशन सिंदूर पर शशि थरूर ने सीएनएन न्‍यूज18 से की बात, क्‍या बोले? कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने CNN News18 से ऑपरेशन सिंदूर पर बातचीत में कहा कि भारत कभी भी पाकिस्तान के साथ मध्यस्थता नहीं चाहता और यह भारत की नीति के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि भारत-पाक के बीच कोई समानता नहीं हो सकती. भारत आतंकवाद का शिकार है जबकि पाकिस्तान उसका जनक है। उन्होंने ट्रंप की भाषा पर आपत्ति जताई, जिसमें मध्यस्थता की बात और दोनों देशों को समान स्तर पर रखने की कोशिश की गई. थरूर … Read more

CJI खन्ना ने कहा- मैं सेवानिवृत्ति के बाद कोई पद स्वीकार नहीं करूंगा, लेकिन शायद कानून के क्षेत्र में कुछ करूंगा

नई दिल्ली देश के मौजूदा मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस संजीव खन्ना आज (मंगलवार, 13 मई को) रिटायर हो रहे हैं। जज के रूप में आज उनका अंतिम कार्यदिवस है। इस मौके पर उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि रिटायर होने के बाद वह कोई भी आधिकारिक पद नहीं लेंगे। आज जब वह सुप्रीम कोर्ट में मीडियाकर्मियों से मिल रहे थे, तब उन्होंने एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा,”मैं सेवानिवृत्ति के बाद कोई पद स्वीकार नहीं करूंगा.. लेकिन शायद कानून के क्षेत्र में कुछ करूंगा।” जस्टिस खन्ना के इस बयान से स्पष्ट हो गया है कि वो किसी आयोग का अध्यक्ष पद या कोई अन्य संवैधानिक पद तो स्वीकार नहीं करेंगे लेकिन कानून के क्षेत्र में वह काम करते रहेंगे। हालांकि, इस क्षेत्र में उनकी अगली भूमिका क्या होगी और कैसे होगी, इस पर उन्होंने कुछ स्पष्ट नहीं किया। उन्होंने फिलहाल इतना संकेत दिया कि वह न तो घर बैठेंगे और न ही सरकारी पद पर बैठेंगे बल्कि अपनी लंबी कानूनी यात्रा में कानून के क्षेत्र में ही नई भूमिका तय करेंगे। हम प्लस और माइनस देखते हैं: जस्टिस खन्ना बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली हाई कोर्ट के तत्कालीन जज जस्टिस यशवंत वर्मा के घर पर मिले करोड़ों के कैश और कथित भ्रष्टाचार के आरोपों से कैसे निपटा गया, इस पर उन्होंने कहा,”न्यायिक सोच निर्णायक और निर्णयात्मक होनी चाहिए। हम प्लस और माइनस देखते हैं और फिर तर्कसंगत तरीके से मुद्दे पर निर्णय लेते हैं। जब हम ऐसा करते हैं, तो हम निर्णय लेते हैं। फिर भविष्य आपको बताता है कि आपने जो किया वह सही था या नहीं।” कानूनी विरासत वाले परिवार से नाता 14 मई, 1960 को जन्मे जस्टिस खन्ना एक समृद्ध और कानूनी विरासत वाले परिवार से आते हैं। उनके पिता देव राज खन्ना दिल्ली हाई कोर्ट के जज रह चुके हैं, जबकि उनकी मां सरोज खन्ना लेडी श्री राम कॉलेज में लेक्चरर थीं। वह सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज एचआर खन्ना के भतीजे हैं, जिन्होंने केशवानंद भारती (1973) में मूल संरचना सिद्धांत का प्रतिपादन किया था और आपातकाल के दौरान एडीएम जबलपुर बंदी प्रत्यक्षीकरण मामले (1976) में एकमात्र असहमति व्यक्त की थी। इस न्यायिक स्वतंत्रता के बदले जस्टिस एचआर खन्ना को जनवरी 1977 में भारी कीमत चुकानी पड़ी थी, उन्हें तब CJI नहीं बनने दिया गया था। 2019 में सुप्रीम कोर्ट जज के तौर पर पाई थी प्रोन्नति CJI खन्ना के दादा, सरव दयाल, एक प्रमुख वकील थे, जिन्होंने 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड की जांच करने वाली भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस समिति में काम किया था। जस्टिस खन्ना के पास जज और वकील के तौर पर तीन दशकों से अधिक का लंबा अनुभव है। वह दिल्ली हाई कोर्ट में भी अह भूमिकाएँ निभा चुके हैं और आयकर विभाग के वरिष्ठ स्थायी वकील के रूप में भी काम कर चुके हैं। जून 2005 में, जस्टिस खन्ना को दिल्ली हाई कोर्ट के एजिशनल जज के रूप में पदोन्नत किया गया था और फरवरी 2006 में उन्हें स्थायी न्यायाधीश बनाया गया था। इसके 13 साल बाद जनवरी 2019 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत किया गया था। पिछले साल ही जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के बाद नवंबर 2024 में उन्हें 51वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई गई थी।

पिछले दो दिनों से निकोबार द्वीपों में हल्की से भारी बारिश हो रही, समय से पहले मानसून ने दी दस्तक

नई दिल्ली भारतीय मौसम विभान ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मंगलवार को अंडमान-निकोबार द्वीप, दक्षिण बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में समय से पहले दस्तक दी है। जहां पिछले दो दिनों से निकोबार द्वीपों में हल्की से भारी बारिश हो रही है। साथ ही इलाके में तेज पश्चिमी हवाएं चल रही हैं और घने बादल भी बने हुए रहे हैं, जिसके बाद इन सब संकेतों से मौसम विभाग ने इसे मानसून की शुरुआत घोषित की है।   खाड़ी में हवाओं की रफ्तार बढ़ी मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में पश्चिमी हवाओं की ताकत और गहराई बढ़ गई है। 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर हवाओं की रफ्तार 20 नॉट्स (लगभग 37 किमी/घंटा) से ज्यादा रही और कुछ क्षेत्रों में यह 4.5 किमी तक फैली रही। अब इन जगहों पर पहुंच सकता है मानसून स्थिति को देखते हुए अब मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले 3-4 दिनों में मानसून दक्षिण अरब सागर, मालदीव, कोमोरिन क्षेत्र, बाकी अंडमान-निकोबार द्वीप, अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी के और हिस्सों में पहुंच सकता है। यानि अब देश में धीरे-धीरे मानसून की दस्तक शुरू हो गई है और जल्द ही दक्षिण भारत में बारिश बढ़ सकती है। मानसून की शुरुआत, किसानों के लिए राहत कैसे? मौसम विभाग के अनुसार मानसून की शुरुआत हो चुकी है, जिसके बाद अब धीरे-धीरे यह देश के बाकी हिस्सों की तरफ बढ़ेगी। इससे दक्षिण भारत और उसके बाद पूर्वी और मध्य भारत में बारिश का मौसम शुरू हो जाएगा। देखा जाए तो यह किसानों, खासकर खरीफ फसल की बुआई की तैयारी कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। मामले में मौसम विभाग ने बताया कि हम लगातार इसकी निगरानी कर रहे हैं और समय-समय पर आगे की जानकारी देते रहेंगे।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान सेना का कबूलनामा, बताया क्या- क्या हुआ नुकसान!

नई दिल्ली अपने देश में जश्न मनाने के बाद अब पाकिस्तान ने कुबूल कर लिया है कि भारत की जवाबी कार्रवाई में उसके 11 सैनिक मारे गए है और 78 कर्मी घायल हो गए. इसके अलावा गोलाबारी में 40 नागरिक भी घायल हुए हैं. साथ ही पाकिस्तान ने ये भी स्वीकार किया है कि भारतीय मिसाइल हमलों में पाकिस्तानी एयरफोर्स को भी भारी नुकसान हुआ है. वहीं, भारतीय सेना ने अपनी जवाबी कार्रवाई के बाद दी जानकारी में स्पष्ट कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में 100 आतंकी और उसके बाद जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना के 40 जवान और अधिकारी मारे गए हैं. पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार को भारत के साथ हाल ही में हुए टकराव के दौरान हुए सैन्य और नागरिक हताहतों का आधिकारिक ब्यौरा जारी किया है. इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के अनुसार, 6 और 7 मई को भारतीय कार्रवाई के जवाब में ‘ऑपरेशन बुनयान-उन-मार्सस’ के दौरान देश की रक्षा करते हुए 11 सैनिक मारे गए तथा 78 कर्मी घायल हो गए. मारे गए 6 सैन्यकर्मी और एयरफोर्स के 5 अधिकारी ISPR ने बताया कि भारतीय हमलों में मरने वाले छह सैन्यकर्मी नायक अब्दुल रहमान, नायक वकार खालिद, लांस नायक दिलावर खान, इकरामुल्लाह, सिपाही अदील अकबर और सिपाही निसार शामिल हैं. ISPR ने ये भी स्वीकार किया है कि भारतीय हमलों में पाकिस्तानी वायुसेना को भी भारी नुकसान हुआ है, जिसमें एयरफोर्स के पांच अधिकारी मारे गए हैं. स्क्वाड्रन लीडर उस्मान यूसुफ, मुख्य तकनीशियन औरंगजेब, वरिष्ठ तकनीशियन नजीब, वरिष्ठ तकनीशियन मुबाशिर और कॉर्पोरल तकनीशियन फारूक शामिल हैं. पाकिस्तानी आर्मी के अनुसार, सैन्य हताहतों के अलावा LoC के पार भारतीय सेना की अकारण गोलाबारी में भारी नागरिक हताहत हुए. आईएसपीआर के बयान के अनुसार, सात महिलाओं और 15 बच्चों सहित 40 नागरिकों की जान चली गई, जबकि 121 अन्य – जिनमें 27 बच्चे और 10 महिलाएं शामिल हैं – घायल हो गए. भारत द्वारा हाल ही में अंजाम दिए गए सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने पाकिस्तान की नींव हिला दी है। इस हमले में भारत ने कई रणनीतिक पाकिस्तानी एयरबेस को तबाह कर दिया। सबसे खास बात यह रही कि पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री इशाक डार ने खुद सार्वजनिक रूप से भारत के हमले और उससे हुए भारी नुकसान को स्वीकार कर लिया है। भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव ने नया मोड़ तब लिया जब भारत ने सीमापार आतंकवाद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया। इस सैन्य अभियान ने पाकिस्तान के भीतर आतंक के अड्डों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। पाकिस्तान जहां पहले मीडिया प्रोपेगेंडा के ज़रिए सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रहा था, वहीं अब खुद पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री इशाक डार ने सामने आकर भारत के हमले में हुए गंभीर नुकसान को स्वीकार कर लिया है। भारत की इस निर्णायक कार्रवाई ने न केवल पाकिस्तान की सैन्य संरचना को झकझोर दिया, बल्कि यह एक बड़ा कूटनीतिक और सामरिक संदेश भी बनकर उभरा है। इस अभियान का उद्देश्य सीमा पार मौजूद आतंकी ठिकानों और भारत विरोधी गतिविधियों के केंद्रों को नष्ट करना था। भारत ने स्पष्ट किया कि यह कार्यवाही आत्मरक्षा के अधिकार के तहत की गई।भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत कई पाकिस्तानी एयरबेस पर निशाना साधा, जिनमें प्रमुख थे:     रावलपिंडी का नूरखान एयरबेस      शोरकोट एयरबेस     सुक्कुर और मुजफ्फरगढ़ के ठिकाने इशाक डार ने कबूल की तबाही पाकिस्तान के डिप्टी पीएम इशाक डार  ने प्रेस वार्ता में स्वीकार किया कि भारत ने नूरखान एयरबेस पर हमला किया। उन्होंने शोरकोट, सुक्कुर और मुजफ्फरगढ़ जैसे ठिकानों पर हमला किया। यह बड़ी सैन्य कार्रवाई थी जिसमें पाकिस्तान का नुकसान हुआ।भारत का कोई भी पायलट उनके कब्जे में नहीं । इस बयान से पाकिस्तान की अंदरूनी स्थिति और भारत की सैन्य ताकत की पुष्टि होती है। पाकिस्तानी सेना ने भी मानी हार पाकिस्तानी सेना ने भी यह स्वीकार किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसका कम से कम एक लड़ाकू विमान क्षतिग्रस्त हुआ है। हालांकि उन्होंने यह बताने से परहेज किया कि यह कौन सा विमान था। साथ ही उन्होंने दावा किया कि भारत का कोई भी पायलट उनके कब्जे में नहीं है इससे यह साबित होता है कि भारत की कार्रवाई पूरी तरह एकतरफा और सफल रही। भारत की सख्त चेतावनी: अब सीजफायर हुआ तो… भारत के  DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि पाकिस्तान ने खुद सीजफायर की पहल की थी, लेकिन फिर उसे तोड़ते हुए आतंकी घुसपैठ कराई। अब अगर सीजफायर का उल्लंघन किया गया, तो भारत और बड़ा जवाब देगा। DGMO ने यह भी जानकारी दी कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत 100 से अधिक आतंकवादियों को मारा गया। इसके अलावा, सीमा पर हुई जवाबी गोलीबारी में पाकिस्तानी सेना के  35-40 सैनिकों के मारे जाने की भी पुष्टि की गई है।  मारे गए आंतकियों में  शामिल हैं:      यूसुफ अजहर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा आतंकी और मसूद अजहर का रिश्तेदार      अब्दुल मलिक रऊफ  पाकिस्तान में सक्रिय ISI समर्थित आतंकी      मुदस्सिर अहमद जम्मू-कश्मीर में कई हमलों का मास्टरमाइंड  क्यों अहम ‘ऑपरेशन सिंदूर’?      यह कार्रवाई सीमापार आतंकवाद और आतंकी ढांचे को ध्वस्त करने की एक स्पष्ट नीति का हिस्सा है।      भारत ने कूटनीतिक स्तर पर यह संदेश दिया कि अब हर हमले का ठोस जवाब दिया जाएगा।      यह ऑपरेशन 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक के समान ही प्रभावशाली माना जा रहा है।  ऑपरेशन सिंदूर का  असर      पाकिस्तान के कम से कम 4 एयरबेस पूरी तरह ध्वस्त      आतंकवादियों के प्रमुख शिविर नष्ट       भारतीय सैन्य शक्ति का सफल प्रदर्शन       पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किरकिरी       पाकिस्तान के नेताओं द्वारा खुलकर सच स्वीकारना  

‘ घर में घुसकर मारेंगे हम, बचने का मौका भी नहीं देंगे…’, आदमपुर में जवानों से बोले PM मोदी

आदमपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब मंगलवार सुबह अचानक पंजाब के आदमपुर एयरबेस पहुंचे, तो एक तस्वीर सबसे अलग दिखी, जिसने पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा को एक झटके में ध्वस्त कर दिया. इस तस्वीर में प्रधानमंत्री मोदी भारतीय वायुसेना के जवानों की ओर हाथ हिलाते हुए दिख रहे थे, जबकि उनके पीछे मिग-29 जेट और एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम बिल्कुल सही सलामत खड़े थे. इस तस्वीर का संदेश दोतरफा था- इसने न केवल पाकिस्तान के इस दावे को खारिज किया कि उसके जेएफ-17 लड़ाकू विमान से दागी गई मिसाइलों ने आदमपुर में एस-400 वायु रक्षा प्रणाली को नष्ट कर दिया, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रधानमंत्री मोदी की अटूट प्रतिबद्धता का भी संकेत दिया. हम घर में घुसकर मारेंगे पीएम मोदी ने कहा कि आपने पाकिस्तानी फौज को भी बता दिया कि पाकिस्तान में ऐसा कोई ठिकाना नहीं है जहां बैठकर आतंकवादी चैन की सांस ले सकेंगे। हम घर में घुसकर मारेंगे और बचने का एक मौका तक नहीं देंगे। और हमारे ड्रोन्स हमारी मिसाइलें उनके बारे में तो सोचकर पाकिस्तान को कई दिन तक नींद नहीं आएगी। कौशल दिखलाया चालों में उड़ गया भयानक भावों में निर्विक गया ढालों में सपरट दौड़ा करवालों में ये पंक्तियां महाराणा प्रताप के प्रसिद्ध घोड़े चेतक पर लिखी गई थी, लेकिन ये पंक्तियां आज के आधुनिक भारतीय हथियारों पर भी फिट बैठती है साथियों ऑपरेशन सिंदूर से आपने देश का आत्मबल बढ़ाया है। सेना ने जो किया, अभूतपूर्व है, अकल्पनीय है और अद्भुत है प्रधानमंत्री ने जवानों से कहा कि देश को एकता के सूत्र में बांधा है और आपने भारत की सीमाओं की रक्षा की है, भारत के स्वाभिमान को नई ऊंचाई दी है। आपने वो किया है अभूतपूर्व है अकल्पनीय है और अद्भुत है, हमारी एयरफोर्स ने पाकिस्तान में इतना डीप आतंक को अड्डों को टारगेट किया सिर्फ 20-25 मिनट के भीतर सीमा पार लक्ष्यों को भेदना बिल्कुल पिन प्वाइंट टारगेट को हिट करना ये सिर्फ एक मॉडर्न टेक्नॉलजी से लैस प्रोफेशनल फोर्स ही कर सकती है। सावधानी के साथ पाकिस्तान को जवाब दिया पीएम मोदी ने कहा कि दुश्मन को पता ही नहीं चला कि कब उसका सीना छलनी हो गया, हमारा लक्ष्य पाकिस्तान के अंदर टेटर हेडक्वॉर्टर को हिट करने का था आतंकियों को हिट करने का था लेकिन पाकिस्तान ने अपने यात्री विमानों को सामने करके जो साजिश रची मैं कल्पना कर सकता हूं कि वो पल कितना कठिन होगा जब नागरिक एयरक्रॉफ्ट दिख रहा है। मुझे गर्व है कि आपने बहुत सावधानी से बहुत सर्तकता से नागरिक एयरक्रॉफ्ट को नुकसान किए बिना कमाल करके दिखाया उसका जवाब दे दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि आप सभी अपने लक्ष्यों पर बिल्कुल खरे उतरे हैं। पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों और उनके एयरबेस ही तबाह नहीं हुए बल्कि उनके नापाक इरादे और उनका दुस्साहस दोनों की हार हुई। आपको ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए दुश्मन ने इस एयरबेस के साथ साथ हमारे अनेक एयरबेस पर हमला करने की कई बार कोशिश की बार बार हमें टारगेट किया, लेकिन पाक के नापाक इरादे हर बार नाकाम हो गए। पीएम ने भारतीय सेना की तारीफ पाकिस्तान के ड्रोन्स पाकिस्तान के एयरक्रॉफ्ट और उसकी मिसाइलें हमारे सशक्त एयर डिफेंस के सामने सबके सब ढेर हो गए। मैं देश के सभी एयरबेस के लीडरशिप की भारतीय वायुसेना के हर एयर वॉरियर की हृदय से सराहना करता हूं आपने वाकई बहुत शानदार काम किया। आतंक के विरूद्ध भारत की लक्ष्मण रेखा अब एकदम साफ है। अब फिर कोई टेरर अटैक हुआ तो भारत जवाब देगा, पक्का जवाब देगा। उन्होंने कहा कि भारत ने न केवल आतंकवादियों को बल्कि उन्हें समर्थन देने वाली पाकिस्तानी सेना को भी कड़ा जवाब देकर अपनी ताकत दिखाई है. पंजाब के आदमपुर एयरबेस में इंडियन एयर फोर्स के वायु योद्धाओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘जिस पाकिस्तानी सेना के भरोसे ये आतंकवादी बैठे थे, भारतीय सेना, भारत की वायु सेना और भारतीयों ने उस पाकिस्तानी सेना को भी धूल चटा दी है. भारत की सेनाओं ने पाकिस्तानी सेना को यह भी दिखा दिया है कि पाकिस्तान में अब कोई जगह नहीं बची है जहां आतंकवादी बैठकर चैन की सांस ले सकें. हम घर में घुसकर मारेंगे और बचने का एक मौका तक नहीं देंगे.’ उन्होंने भारत की आधुनिक सैन्य क्षमता की तारीफ की और पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा, ‘हमारे ड्रोन, हमारी मिसाइलें- इनके बारे में सोचने मात्र से ही पाकिस्तान की कई दिनों तक नींद उड़ जाएगी.’ नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब भारत के सैनिक मां भारती की जय बोलते हैं, तो दुश्मन के कलेजे कांप जाते हैं। जब हमारे ड्रोन दुश्मन के किले की दीवारों को ढहा देते हैं, जब हमारी मिसाइलें सनसनाती हुई निशाने पर पहुंचती हैं, तो दुश्मन को सुनाई देता है – भारत माता की जय…। उन्होंने कहा कि जब हमारी फौजें न्यूक्लियर ब्लैकमेल की धमकी की हवा निकाल देती हैं, तो आकाश से पाताल तक एक ही बात गूंजती है – भारत माता की जय…। उन्होंने जवानों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि आप सभी ने वाकई कोटि-कोटि भारतीयों का सीना चौड़ा कर दिया है। हर भारतीय का माथा गर्व से ऊंचा कर दिया है। आपने इतिहास रच दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से घबराकर दुश्मन ने इस एयरबेस और हमारे कई अन्य एयरबेसों पर कई बार हमला करने की कोशिश की। उन्होंने हमें बार-बार निशाना बनाया, लेकिन पाकिस्तान के नापाक मंसूबे हर बार नाकाम हो गए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के ड्रोन, उनके यूएवी, विमान और मिसाइलें – ये सभी हमारी सक्षम वायु रक्षा के सामने विफल हो गए। मैं देश के सभी एयर बेस के नेतृत्व और भारतीय वायुसेना के हर वायु योद्धा की दिल से सराहना करता हूं। आपने वाकई शानदार काम किया है। मोदी ने कहा कि जब वीरों के पैर धरती पर पड़ते हैं, तो धरती धन्य हो जाती है। जब वीरों के दर्शन का अवसर मिलता है, तो जीवन धन्य हो जाता है। इसलिए मैं आज सुबह-सुबह ही आपके दर्शन करने के लिए यहां पहुंचा हूं। उन्होंने कहा कि आज से अनेक दशक बाद भी जब भारत के इस पराक्रम की चर्चा होगी, तो … Read more

पाक विदेश मंत्री ने कहा- यदि सिंधु जल समझौते का मसला हल नहीं हुआ तो फिर सीजफायर नहीं चल पाएगा

इस्लामाबाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार का कहना है कि हमने भारत के खिलाफ परमाणु हथियार तैनात करने के बारे में विचार नहीं किया था। इशाक डार ने मीडिया से बातचीत में डींगे हांकते हुए कहा कि हम भारत से जमीन और आसमान दोनों ही जगहों पर मुकाबला करने में सक्षम हैं, जबकि पाकिस्तानी सेना ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद बने जंग जैसे हालात में बुरी तरह मार खाई है। उन्होंने कहा कि हमने कभी भी भारत के खिलाफ परमाणु हथियारों की तैनाती पर विचार नहीं किया। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसे गंभीर हालात बनते हैं कि आपको कुछ फैसले लेने पड़ते हैं, लेकिन हम बिना परमाणु हथियारों को तैनात किए ही तनाव से निपटने में सक्षम हैं। यही नहीं इशाक डार ने एक और गीदड़भभकी देते हुए कहा कि यदि सिंधु जल समझौते का मसला हल नहीं हुआ तो फिर भारत और पाकिस्तान के बीच लागू हुआ सीजफायर खतरे में पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाली अगली मीटिंग में इस पर बात होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जल समझौते का मसला हल नहीं हुआ तो फिर यह जंग वाली हरकत मानी जाएगी। यही नहीं पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का मुद्दा क्षेत्रीय शांति के लिए महत्वपूर्ण है। डार ने कहा कि यदि कश्मीर के मसले का हल नहीं होगा तो फिर स्थायी शांति भी मुश्किल होगी। पाकिस्तानी मंत्री के बयान से साफ है कि सिंधु जल समझौते को रोका जाना उसे बहुत अखर रहा है। दरअसल पाकिस्तान में पंजाब से लेकर सिंध तक सिंधु नदी का जल खेतों की सिंचाई से लेकर पेयजल तक के लिए महत्वपूर्ण है। फिलहाल भारत ने सिंधु जल समझौते को रोकने का ही ऐलान किया है और इसका कोई असर जमीन पर नहीं है। लेकिन भारत सरकार ने जिस तरह से पनबिजली परियोजनाओं पर डैम के निर्माण में तेजी लाने के प्रयास शुरू किए हैं, उससे पाक में आशंकाओं का दौर है। पाकिस्तानियों को लगता है कि भारत यदि सिंधु का जल मोड़ने में सफल रहा तो उन्हें पीने के पानी से लेकर फसलों तक का संकट झेलना होगा। यही वजह है कि पहले से ही पाकिस्तानी धमकियां देने पर उतारू हो गए हैं।  

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