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‘भय बिनु होय न प्रीति…’, एयर मार्शल एके भारती ने ‘रामचरित मानस’ से दिया PAK को जवाब

नई दिल्ली पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर निशाना बनाते हुए भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था. सोमवार को इंडियन आर्मी के तीनों सेना प्रमुखों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और भारत पाकिस्तान के बीच बनी मौजूदा स्थिति पर जानकारी देने के लिए प्रेस ब्रीफिंग की. इस दौरान उन्होंने भारतीय सेना की कार्रवाई का पूरा ब्यौरा दिया और कई खास बातें शेयर कीं. इसी दौरान भारतीय सेना ने स्पष्ट तौर पर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया कि ‘भय बिन होई न प्रीति. यानी बिना डर के प्रेम नहीं हो सकता है. पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था. भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया. पड़ोसी मुल्क ने भी जवाबी हवाई हमले किए, जिसे भारत ने नाकाम कर दिया. दोनों देशों में बढ़ते तनाव के बीच शनिवार शाम सीजफायर पर फैसला हुआ. जिसके बाद अब हालात सामान्य हैं. प्रेस ब्रीफिंग के दौरान सेना ने यह भी कहा कि वह हर हमले के लिए तैयार है. एयर मार्शल ए.के. भारती ने कहा कि हमारे सभी मिलिट्री बेस, इक्विपमेंट्स और सिस्टम चालू हैं और किसी भी तरह की जरूरत पड़ने पर मिशन के लिए तैयार हैं. उन्होंने अपनी बात की शुरुआत रामचरित मानस के एक दोहे से की. उन्होंने कहा, ‘बिनय न मानत जलधि जड़, गए तीन दिन बीत  बोले राम सकोप तब, भय बिनु होय न प्रीत. ‘ संत तुलसी दास ने ये दोहा उस प्रसंग पर लिखा, जहां श्रीराम समुद्र से लंका जाने के लिए राह मांग रहे हैं. हनुमान जी लंका जाकर सीता का पता लगा आते हैं. अब श्रीराम के साथ पूरी वानर सेना समुद्र तट पर पहुंच जाती है. सवाल यह उठता है कि इतनी बड़ी सेना सागर पार करके कैसे लंका तक जाएगी. तब श्रीराम सागर तट पर साधना में बैठ जाते हैं और सागर से विनती करने लगते हैं कि वह उनकी सेना को रास्ता दे और लंका तक पहुंचने में मदद करे. श्रीराम तीन दिन तक सागर तट पर यूं ही साधना में बैठे हुए विनय करते रहते हैं, लेकिन समुद्र में कोई भी हलचल नहीं होती है. तब तीन दिन बाद श्रीराम क्रोधित होकर साधना से उठते हैं और कहते हैं लक्ष्मण! ज्ञानी जनों ने सही ही कहा है, कभी-कभी बिना भय के प्रीत भी नहीं होती है. फिर वह लक्ष्मण जी से अपना धनुष बाण लाने को कहते हैं और समुद्र को सुखा डालने की घोषणा करते हैं. विद्वानों ने सही कहा है कि मूर्ख से विनती करने, कुटिल से प्रीति करने और कंजूस से नीति की अपेक्षा रखना मूर्खता ही है. लछिमन बान सरासन आनू। सोषौं बारिधि बिसिख कृसानु॥ सठ सन बिनय कुटिल सन प्रीति। सहज कृपन सन सुंदर नीति॥ रामचरित मानस के सुंदर कांड में ये दोहा और चौपाई शामिल है, जिसे एयर मार्शल ए.के. भारती ने अपने संबोधन में शामिल किया. इससे पहले एक वीडियो सामने आया. इस वीडियो में ये दिखाया गया कि कैसे सेना ने पाकिस्तान के हमलों का न सिर्फ करारा जवाब दिया, साथ ही पड़ोसी मुल्क के कई नापाक इरादों को ध्वस्त भी कर दिया. इस वीडियो की जो सबसे खास बात थी, वह रही इसमें प्रयोग की गई, कविवर रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की प्रसिद्ध कविता की पंक्ति,  ‘जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है’ इस कविता के साथ इंडियन आर्मी के ऑपरेशन सिंदूर का वीडियो बहुत प्रभावी और मारक लग रहा था. यह कविता वीर रस में लिखी गई है और दिनकर की खंडकाव्य कृति ‘रश्मिरथी’ में तब सामने आती है, जब श्रीकृष्ण शांति दूत बनकर हस्तिनापुर पहुंचे होते हैं और यह समझाने का प्रयास कर रहे होते हैं कि ‘युद्ध किसी समस्या का हल नहीं है और शांति सर्वोपरि है.’ हर नुकसान के लिए पाक सेना जिम्मेदार प्रेस कॉन्फ्रेन्स के दौरान वायु सेना के डीजी ऑपरेशंस एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने बताया कि एयर फोर्स ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीनी मिसााइलों को मार गिराया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना हमारा डिफेंस सिस्टम भेद भी नहीं पाई। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के दौरान हमने आतंकियों पर सटीक हमले किए और हमले के दौरान पाक में हुए नुकसान के लिए पाक सेना ही जिम्मेदार है। भय बिनु होय ना प्रीति जब प्रेस कॉन्फ्रेन्स खत्म हुई तो पत्रकारों के सवाल-जवाब के दौरान एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि ब्रीफिंग शुरू होने से पहले जो वीडियो दिखाया गया, उसमें रामधारी सिंह दिनकर की पंक्ति थी, उसके क्या मायने माने जाएं। इस पर एयर मार्शल भारती ने तुलसीदास के रामचरित मानस की एक चौपाई सुनाते हुए कहा, “विनय ना मानत जलध जड़ गए तीन दिन बीति। बोले राम सकोप तब भय बिनु होय ना प्रीति।” हमारे सभी इक्विपमेंट्स अभी भी ऑपरेशनल एयर मार्शल भारती के इतना कहते ही वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजानी शुरू कर दी। इसके आगे उन्होंने कहा कि आपलोग खुद समझदार हैं और इशारा ही काफी है। सेना दो टूक लहजे में कहा कि जरूरत पड़ने पर अगले मिशन के लिए हम तैयार हैं और अगर जरूरत पड़ी तो अगली बार नए तरीके से दुश्मन पर वार करेंगे। एयर मार्शल भारती ने स्पष्ट तरीके से कहा कि हमारे सभी इक्विपमेंट्स अभी भी ऑपरेशनल हैं और जरूरत पड़ने पर हम फिर से उसका जोरदार तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं।  

पीएम मोदी का रात आठ बजे देश के नाम संबोधन, क्या पाकिस्तान तनाव पर बोलेंगे?

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8 बजे देश को संबोधित करने वाले हैं। ऐसे में मानाज रहा है कि वह भारत-पाकिस्तान तनाव पर बोल सकते हैं। पाकिस्तान के साथ शुरू हुए तनाव के बीच पीएम मोदी काफी दिनों से खुद पाकिस्तान की हरकत पर नजर रख रहे थे। पाकिस्तान के साथ जारी संघर्ष के दौरान भी पीएम तीनों सेनाओं के प्रमुख, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, मंत्रियों और विदेश मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों से लगातार बैठकें कर रहे थे। दरअसल, पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद 7 मई की रात भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च कर पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। इन ठिकानों में रहने वाले कई आतंकी भी मारे गए थे। भारत के एक्शन के बाद पाकिस्तान ने पलटवार करने की कोशिश की थी, जिसमें उसने ड्रोन हमले के साथ-साथ सीमावर्ती इलाकों में भारी फायरिंग की थी। पाकिस्तान ने भारत के आम नागरिकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया था। नूर खान सहित कई एयरबेस को बनाया निशाना पाकिस्तान की कायरतापूर्ण हरकत के बाद भारत ने भी पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया था। भारत ने पाकिस्तान के नूर खान, सहित कई एयरबेस पर हमला किया था। भारत के जवाब के बाद कई वीडियो और तस्वीरें भी सामने आईं थीं, जिसमें पाकिस्तान के एयरबेस पर मिसाइल हमले के बाद आग की लपटें जलती हुई नजर आ रही थीं। दोनों देशों ने अचानक की संघर्ष विराम की घोषणा दोनों देशों के बीच संघर्ष के दौरान कल (10 मई) की शाम 5 बजे अचानक दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम की घोषणा कर दी गई। इस ऐलान के दौरान बकायद भारत और पाकिस्तान दोनों की तरफ से प्रेस कांफ्रेंस की गई थी। इसमें बताया गया था कि भारत और पाकिस्तान दोनों ही संघर्ष विराम के लिए फिलहाल तैयार हो गए हैं। संघर्ष विराम के ऐलान के बाद लोग पीएम मोदी के संबोधन का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। इस बीच आज यह जानकारी सामने आई है कि पीएम मोदी रात 8 बजे देश को संबोधित करेंगे।

ऑपरेशन सिंदूर: दुश्मन के जहाज को पास आने का मौका नहीं दिया- DG एयर ऑपरेशन

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर पर सोमवार को तीनों सेनाओं के डीजी ऑपरेशंस की प्रेस ब्रीफिंग हुई. इस दौरान भारतीय सेना में डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि हमारा एयर डिफेंस  सिस्टम तैयार था. पाकिस्तान हमारे एयर डिफेंस ग्रिड सिस्टम को भेद नहीं पाया. उन्होंने कहा कि आतंकी घटनाओं के तौर-तरीकों में बदलाव आ रहा है. हमारी मिलिट्री के साथ-साथ हमारे मासूम नागरिक जो अपना बचाव करने में असफल थे, उन पर भी हमले हो रहे थे. 2024 में जम्मू में शिवखोरी मंदिर जाते हुए तीर्थयात्रियों पर हमले और इस साल अप्रैल में पहलगाम में मासूम पर्यटकों पर हमला इस खतरनाक ट्रेंड के विशेष उदाहरण हैं. पहलगाम तक पाप का ये घड़ा भर चुका था, उसके बाद जो हुआ, उसके बारे में हम विस्तार से बात कर चुके हैं. हमने स्ट्राइक की. हमें पूरा अंदेशा था कि पाकिस्तान का वार भी होगा इसलिए हमने अपने एयर डिफेंस की पूरी तैयारी कर ली थी. राजीव घई ने कहा कि हम तैयार थे. हमारा एयर डिफेंस सिस्टम भी तैयार था. हमारा एयर डिफेंस सिस्टम दीवार की तरह खड़ा था. हमने हमले से निपटने की तैयारी की थी. जब हौंसले बुलंद हो तो मंजिले भी कदम चूमती है. इस दौरान एयर ऑपरेशन के डीजी एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि हमारी लड़ाई आतंकवाद और आतंकवादियों के खिलाफ थी. इसलिए हमने सात मई को आतंकवादियों के ठिकानों पर हमला किया लेकिन अफसोस इस बात का है कि पाकिस्तानी सेना ने आतंकवादियों का साथ देना उचित समझ और इस लड़ाई को अपनी लड़ाई बना ली.इस परिस्थिति में हमारी जवाबी कार्रवाई अत्यंत आवश्यक थी, इसमें जो भी नुकसान हुआ. इसके लिए वे खुद जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि हमने सरहद पार किए बिना हमले किए. हमने पाकिस्तान की मिसाइलों को मार गिराया. वे हमारे एयर डिफेंस ग्रिड को भेद नहीं पाए. हमने आतंकियों पर सटीक हमले किए. लेफ्टिनेंट घई ने कहा कि पाकिस्तान एयरफोर्स ने हमारी एयर टीम और लॉजिस्टिक प्रतिष्ठान पर 9-10 मई की रात को हमला किया गया.  ‘हम अगले मिशन के लिए तैयार’, बोले DG एयर ऑपरेशन एके भारती भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद आज फिर सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की।  ऑपरेशन सिंदूर पर तीनों सेनाओं के डीजी सामने आए और उन्होंने कई नए खुलासे किए। इससे पहले वायुसेना ने ये भी बताया कि उन्होंने कराची सैन्य अड्डे को भी निशाना बनाया था। चीन की मिसाइल मार गिराई भारतीय सेना ने कहा कि उसने चीन की मिसाइल को भी मार गिराया। सेना ने कहा कि उसने संभावित पीएल-15 एयर-टू-एयर मिसाइल का मलबा दिखाया है, जो चीन निर्मित है और जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान ने भारत पर हमले के दौरान किया था। पाक सेना ने आतंकियों का साथ दिया     एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि हमने इस बार फिर से देखा कि कैसे पाकिस्तान की सेना ने आतंकियों का साथ दिया। उन्होंने कहा कि पाक ने आतंकवादियों के लिए भारत पर हमला करना चुना, जिसके कारण हमें जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।     हमारी लड़ाई आतंकवादियों और उनके सहायक ढांचे से है, न कि पाकिस्तानी सेना से।     हमारे हथियार समय पर खरे उतरे। हमारी स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली ‘आकाश’ अच्छा काम कर रही है।    डीजीएमओ लेफ्टिनेंट राजीव घई ने कहा कि पिछले कुछ सालों में आतंकवादी गतिविधियों का चरित्र बदल गया है। निर्दोष नागरिकों पर हमले हो रहे थे।   पाक के पाप का घड़ा भर चुका था डीजीएमओ लेफ्टिनेंट राजीव घई ने कहा कि पिछले कुछ सालों में आतंकवादी गतिविधियों का चरित्र बदल गया है। निर्दोष नागरिकों पर हमले हो रहे थे। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हमले के बाद पाकिस्तान के पाप का घड़ा भर चुका था। उन्होंने कहा कि यही कारण था कि हमने आतंकियों के अड्डे को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि ये कार्रवाई बेहद जरूरी थी, जिसके लिए हमने पूरी तैयारी कर ली थी। हमारे एयरफील्ड हर प्रकार से ऑपरेशनल हैं…पाकिस्तान की नापाक हरकतों का विनाश किया गया- DG MO DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि जो दुर्दशा आपने पहले और कल पाकिस्तान एयरफील्ड की देखी और एयर मार्शल की प्रस्तुति आज देखी। हमारे एयरफील्ड हर प्रकार से ऑपरेशनल है। पाकिस्तान के ड्रोन हमारे ग्रिड के कारण नष्ट हुई। मैं यहां पर अपने बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स की सराहना करता हूं। जिसके कारण पाकिस्तान की नापाक हरकतों का विनाश किया गया। आतंकियों पर हमारे सटीक हमले LOC और IB को पार किए बना किए गए थे- डीजीएमओ DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की एयर डिफेंस कार्रवाई को हमें एक संदर्भ में समझने की जरूरत है। पिछले कुछ सालों में आतंकी गतिविधियों के कैरेक्टर में बदलाव आ रहा था, अब हमारी सेना के साथ-साथ निर्दोष लोगों पर भी हमला हो रहा था। 2024 में शिवखोड़ी मंदिर की ओर जाने वाले तीर्थयात्री और इस साल अप्रैल में पहलगाम में मासूम पर्यटक। पहलगाम तक उनका पाप का घड़ा भर चुका था… क्योंकि आतंकियों पर हमारे सटीक हमले LOC और IB को पार किए बना किए गए थे, हमें पूरा अंदेशा था कि पाकिस्तान का हमला भी सीमा पार से ही होगा, इसलिए हमने एयर डिफेंस की तैयारी की थी। जब 9-10 मई को पाकिस्तान की वायुसेना ने हमारे एयर फील्ड और लॉजिस्टिक इंस्टॉलेशन पर हमला किया, तो वे इस मजबूत एयर डिफेंस ग्रिड के सामने विफल हुए। कोई भी संदिग्ध और दुश्मन के हवाई जहाज को हमने अपने कैरियर बैटल ग्रुप के कई किलोमीटर दूर भी आने का मौका नहीं दिया- DG NO DG NO वाइस एडमिरल ए एन प्रसाद ने कहा कि भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान के किसी भी खतरे से निपटने के लिए कई लेयर की तैयारी कर ली थी। हमने लड़ाकू और टोही विमान को काम पर लगा दिया था। हमने अत्याधुनिक रेडार का इस्तेमाल करते हुए हमारे पायलट दिन और रात दोनों ही वक्त तैयार थे। हमने सैकड़ों किलोमीटर कि निगरानी की। कोई भी संदिग्ध और दुश्मन के हवाई जहाज को कई सौ किलोमीटर तक पास आने का मौका नहीं दिया। जब हौसले बुलंद हों तो मंजिलें भी कदम चूमती हैं- डीजीएमओ DG MO ने कहा कि जब हौसले बुलंद हों तो मंजिलें भी कदम चूमती हैं। हमने अपने एयर … Read more

Indo-PAK Ceasefire के बाद भारत की ओर से अपना एयरस्पेस कॉमर्शियल फ्लाइट्स के खोल दिया

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम होने और सीजफायर (India-Pakistan Ceasefire) होने के साथ ही भारत ने अपने एयरस्पेस को पूरी तरह खोल दिया है, इसके बाद अब बेरोकटोक आसमान में विमानों की आवाजाही शुरू हो जाएगी. भारत ही नहीं पाकिस्तान की ओर से भी अपने एयरस्पेस खोल दिया गया है. बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद भारत की ओर से 23 मई तक के लिए एयरस्पेस को बंद किया गया था. 32 एयरपोर्ट्स से हटाया NOTAM भारतीय एयर फोर्स (Indian Air Force) के निर्देशों के तहत अब कॉमर्शियल फ्लाइट्स के इंडियन एयरस्पेस को पूरी तरह से खोल दिया गया है. इसके साथ ही भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के दौरान जिन एयरपोर्ट्स को बंद किया गया है, उन्हें खोले जाने के आदेश भी दिए गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, 32 एयरपोर्ट्स (Airports) के लिए जारी किया गया NOTAMs (नोटिस टू एयरमैन) कैंसिल कर दिया गया है. भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद यह फैसला पहले से प्रतिबंधित सभी क्षेत्रों में सामान्य विमानन गतिविधि की बहाली को दर्शाता है. इस कदम से हवाई यातायात की भीड़ कम होने और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय दोनों एयरलाइंस को लाभ होने की उम्मीद है, जो तनाव के दौरान एयरस्पेस क्लोज होने से भारी नुकसान उठा रही थीं.   एयरलाइंस ने यात्रियों को जानकारी भारतीय एयरस्पेस (Indian Airspace) और एयरपोर्ट्स को खोलने के निर्णय के संबंध में विभिन्न एयरलाइंस ने भी आनन-फानन में अपने यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है. इंडिगो एयरलाइंस (IndiGo Airlines) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर एक पोस्ट में लिखा है, ‘भारत सरकार के नए निर्देशों के तहत एयरपोर्ट्स ऑपरेशंस के लिए खोल दिए गए हैं और हम पहले से बंद अपने रूट्स पर धीरे-धीरे परिचालन शुरू करेंगे.’ इसके साथ ही चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Chandigarh International Airport) की ओर से भी एक्स पोस्ट में कहा गया है कि एयरपोर्ट अब अपनी सर्विसेज और फ्लाइट्स तत्काल प्रभाव से शुरू करने को तैयार है. पाकिस्तान ने भी खोला है अपना एयरस्पेस भारत-पाकिस्तान के बीच बीते कुछ दिनों में हुए ताबड़तोड़ हवाई हमलों और मिलिट्री एक्शन के बाद अमेरिका के हस्तक्षेप के बाद तत्काल प्रभाव से युद्ध विराम लागू किया गया है. इसके बाद भारत ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान ने भी अपने एयरस्पेस को खोल (Pakistan Airspace) दिया है. सीजफायर के बाद पाकिस्तान के एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ने बयान जारी कर कहा कि अब देश के सभी हवाई अड्डे पूरी तरह से संचालित हैं और नियमित उड़ानों के लिए उपलब्ध हैं.  

BLA ने भारत से पाकिस्तान के परमाणु खतरों को रोकने के कोशिशों का समर्थन करने की गुजारिश की

नई दिल्ली बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने क्षेत्रीय बदलाव की चेतावनी देते हुए कहा है कि साउथ एशिया में ‘एक नई व्यवस्था जरूरी हो गई है.’ इसने विदेशी प्रॉक्सी होने के दावों को खारिज कर दिया है. ग्रुप ने खुद को आने वाले वक्त में इलाके की एक गतिशील और निर्णायक पार्टी करार दिया है. इसके अलावा, बीएलए ने दावा किया कि उसने पाकिस्तानी सैन्य और खुफिया साइट्स को निशाना बनाते हुए कब्जे वाले बलूचिस्तान में 51 से ज्यादा जगहों पर 71 हमले किए. बीएलए ने कहा, “हम इस बात को मजबूती के साथ खारिज करते हैं कि बलूच राष्ट्रीय प्रतिरोध किसी राज्य या शक्ति का प्रतिनिधि है. बीएलए न तो मोहरा है और न ही मूक दर्शक. इलाके के मौजूदा और भविष्य के सैन्य, राजनीतिक और रणनीतिक गठन में हमारी अपनी सही जगह है और हम अपनी भूमिका के बारे में पूरी तरह से सचेत हैं.” बीएलए ने पाकिस्तान पर तीखा हमला करते हुए आतंकवाद को बढ़ावा देते हुए भ्रामक शांति बयानबाजी का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. भारत को सीधे संबोधित करते हुए बीएलए ने कहा, “पाकिस्तान की तरफ से शांति, युद्ध विराम और भाईचारे की हर बात महज एक धोखा, जंग की रणनीति और एक अस्थायी चाल है.” इसमें कहा गया है, “यह एक ऐसा राज्य है, जिसके हाथ खून से रंगे हैं और जिसका हर वादा खून से लथपथ है.” 51 से ज़्यादा जगहों पर हमला बीएलए ने एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए दावा किया कि उसने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों के खिलाफ़ बड़े पैमाने पर हमला किया है. बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलूच के मुताबिक, “इस हफ्ते की शुरुआत में भारत-पाकिस्तान सैन्य तनाव के चरम पर रहा. बलूच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तानी सेना के लिए एक और मोर्चा खोल दिया, क्योंकि इसने कब्जे वाले बलूचिस्तान में 51 से ज़्यादा जगहों पर 71 हमले किए, जो कई घंटों तक चले.” टारगेट्स में सैन्य काफिले, खुफिया केंद्र और खनिज परिवहन वाहन शामिल थे. बलूच ने कहा, “इन हमलों का मकसद केवल दुश्मन को खत्म करना नहीं था, बल्कि आने वाले वक्त में मजबूत जंग के लिए तैयारी को ठोस करने के लिए सेना की तैयारी, जमीनी कंट्रोल और डिफेंस स्थिति को जांचना था.” बीएलए ने पाकिस्तान की सेना और खुफिया संस्था आईएसआई पर भी आरोप लगाया और इसे आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली जगह बताया. बयान में कहा गया, “पाकिस्तान न सिर्फ ग्लोबल आतंकवादियों को बढ़ावा देने की जगह है, बल्कि लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और आईएसआईएस जैसे घातक आतंकवादी समूहों के राज्य प्रायोजित विकास का केंद्र भी रहा है. आईएसआई इस आतंकवाद के पीछे का नेटवर्क है. पाकिस्तान हिंसक विचारधारा वाला परमाणु राज्य बन गया है.”  

पाकिस्तान के साथ बातचीत केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की वापसी और आतंकवादियों को सौंपने के मुद्दे पर होगी: भारत

नई दिल्ली  भारत ने अमेरिका को स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान के साथ बातचीत केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की वापसी और आतंकवादियों को सौंपने के मुद्दे पर होगी. सरकारी सूत्रों ने कहा कि कश्मीर पर हमारी स्थिति बहुत स्पष्ट है, अब केवल एक ही मुद्दा बचा है- पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) की वापसी. इसके अलावा बात करने के लिए कुछ नहीं है. सूत्रों ने कहा कि अगर वे आतंकवादियों को सौंपने की बात करते हैं, तो हम बात कर सकते हैं. हमारा किसी अन्य विषय पर कोई इरादा नहीं है. हम नहीं चाहते कि कोई मध्यस्थता करे. हमें किसी की मध्यस्थता की जरूरत नहीं है.” पीएम मोदी के स्पष्ट निर्देश सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि अगर पाकिस्तान से गोली चले तो भारत से गोला चलाया जाए. उन्होंने कहा कि एयरबेस पर हमले निर्णायक मोड़ थे. सूत्र ने कहा कि बहावलपुर (पाकिस्तान) में जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचा. यह भारत का एक महत्वपूर्ण संदेश था. सूत्रों के मुताबिक भारत और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और विदेश मंत्रियों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई. दोनों देशों के सैन्य संचालन महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच ही बातचीत हुई. सूत्र के अनुसार हर दौर में पाकिस्तान के लिए स्थिति खराब होती गई. वे लड़ाई के हर दौर में भारत से हार गए. पाकिस्तान के हवाई ठिकानों पर हमारे हमलों के बाद पाकिस्तान को एहसास हो गया है कि वे इस लीग में नहीं हैं. भारत की ओर से साफ संदेश दिया गया कि कोई भी सुरक्षित नहीं है. सूत्रों ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर भारत ने तीनों उद्देश्य हासिल किए. 1. सैन्य उद्देश्य- पीएम मोदी ने कहा ‘मिट्टी में मिला देंगे, बहावलपुर, मुरीदके और मुजफ्फराबाद कैंप को मिट्टी में मिला दिया.’ 2. राजनीतिक उद्देश्य- सिंधु जल संधि सीमा पार आतंकवाद से जुड़ी है. जब तक सीमा पार से आतंकवाद बंद नहीं हो जाता, तब तक यह स्थगित रहेगी. 3. मनोवैज्ञानिक उद्देश्य- ‘घुस के मारेंगे’, हमने उनके दिल में गहरी चोट पहुंचाई. हम बहुत सफल रहे. पाकिस्तान ने 26 ठिकानों पर हमला किया न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से साफ कहा कि अगर पाकिस्तान कुछ करता है तो उसका जवाब और भी विनाशकारी और कड़ा होगा. उसी रात पाकिस्तान ने 26 ठिकानों पर हमला किया और भारत ने भी इसका जोरदार जवाब दिया. उनके ठिकानों पर हमले किए गए. भारत ने कड़ा संदेश दिया सूत्रों ने बताया कि आईएसआई से करीबी संबंध रखने वाले मुरीदके, बहावलपुर के आतंकी शिविरों पर हमला करके भारत ने कड़ा संदेश दिया है कि हम अंधे नहीं है और हम आपको मुख्यालय पर ही निशाना बनाएंगे. हम छोटे शिविरों पर हमला नहीं करेंगें. सूत्रों ने कहा कि तकनीकी और सैन्य उपयोग को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच बहुत बड़ा अंतर था, पाकिस्तान को एहसास हुआ कि वे उस कैटेगरी में नहीं हैं. भारत ने अपनी मर्जी से हमला किया और पाकिस्तान के ज़्यादातर हमलों को नाकाम कर दिया गया. पाकिस्तान को कोई संदेह नहीं होना चाहिए.

दुनिया पर निर्भर नहीं, भारत के पास गोला बारूद का खजाना-रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

नई दिल्ली  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने  सर्वदलीय बैठक में बताया कि भारत के पास पर्याप्त गोला-बारूद है। रक्षा मंत्री ने कहा कि देश के पास पर्याप्त गोला-बारूद है। सरकारी कंपनियों ने गोला बारूद का उत्पादन बढ़ा दिया है और वे इसे और भी बढ़ा सकती हैं। सूत्रों ने बताया कि राजनाथ सिंह ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर भी इसमें बड़ा योगदान दे रहा है। भारत का रक्षा क्षेत्र अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार ने पिछले साल ही 1.45 लाख करोड़ रुपये की बड़ी सैन्य खरीद परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। इसका मकसद देश में ही रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना है। इस वजह से, कई सरकारी रक्षा कंपनियां (PSU) गोला बारूद का उत्पादन कर रही हैं। बोफोर्स के गोले बहुत महंगे खरीदे गए थे आज देश में ही गोला-बारूद बनाया जा रहा है, लेकिन करगिल युद्ध के दौरान जब गोला-बारूद कम पड़ने लगे तो उस समय की सरकार को कई दूसरे देशों से महंगे गोला-बारूद खरीदने पड़े थे। यह भी कहा जाता है कि उस दौरान कुछ मित्र देशों ने भी गोला-बारूद देने के लिए भारत सरकार तय कीमत से कहीं ज्यादा पैसे लिए थे। तैयारी बहुत पहले से ही थी सरकार देश में ही उत्पादन को बढ़ावा दे रही है और रक्षा क्षेत्र को आधुनिक बना रही है। इससे उम्मीद है कि ये PSU कंपनियां आने वाले समय में अच्छा मुनाफा कमाएंगी, साथ ही सुरक्षा के मोर्चे पर देश को मजबूत भी बनाएंगी। आसान लहजा में कहें तो सरकार रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई कदम उठा रही है। इससे HAL, BEL, BDL, MDL और GRSE जैसी कंपनियों को फायदा होगा। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक एंटिक स्टॉक ब्रोकिंग ने पांच ऐसी कंपनियों को चुना है जिनमें विकास की अच्छी संभावना है। ये कंपनियां हैं: हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL), मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL), और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE)। ये पांचों कंपनियां भारत के लिए पांच तरह के हथियार बना रही हैं बिल्कुल वैसे ही जैसे महर्षि दधीचि की हड्डियों का उपयोग देवराज इंद्र के वज्र, पिनाक धनुष, सारंग धनुष, और गांडीव धनुष बनाने में किया गया था। इन धनुषों और वज्र का इस्तेमाल देवताओं ने असुरों के खिलाफ युद्ध में किया था। 1. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) भारत की एक बड़ी एयरोस्पेस कंपनी है। HAL के पास FY24 तक 94,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर हैं। मतलब अगले 3.2 सालों तक कंपनी अच्छी कमाई करती रहेगी। HAL को Su-30 MKI विमान के लिए 240 एयरो इंजन का 26,000 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिलने वाला था। इससे HAL का ऑर्डर बढ़कर 1.2 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। HAL को ALH (25), LUH (12), Su-30 (12), और RD-33 इंजन (80) के भी ऑर्डर मिलने वाले थे। 2. मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड रिपोर्ट के मुताबिक मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) के पास तीनों शिपयार्ड में सबसे ज्यादा ऑर्डर हैं। 14 अगस्त 2024 तक MDL के पास 40,400 करोड़ रुपये के ऑर्डर थे। इसमें P17A स्टील्थ फ्रिगेट और P15B डिस्ट्रॉयर के बड़े ऑर्डर शामिल हैं। अगले दो सालों में MDL सात जहाजों की डिलीवरी करने वाला है। सरकार नौसेना को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है, जिससे MDL को फायदा होगा। नए खरीद प्रस्तावों से MDL के ऑर्डर और बढ़ सकते हैं। 3. गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) के पास अभी 25,230 करोड़ रुपये के ऑर्डर हैं। जून तिमाही में कंपनी को 3,610 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले। GRSE अभी अपने मौजूदा ऑर्डर को पूरा करने पर ध्यान दे रही है। इसमें अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती जहाजों के ऑर्डर शामिल हैं। GRSE का काम समय पर चल रहा है। उम्मीद है कि FY26 और FY27 तक कंपनी को अपने ऑर्डर बुक का एक बड़ा हिस्सा मिल जाएगा। इससे GRSE का विकास जारी रहेगा। 4. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) को भी फायदा होगा। सरकार ने हाल ही में एयर डिफेंस फायर कंट्रोल रडार खरीदने की मंजूरी दी है। BEL ऐसे रडार बनाने में माहिर है। BEL इलेक्ट्रॉनिक्स और रडार सिस्टम के क्षेत्र में एक बड़ी कंपनी है। यह भारत के रक्षा क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। BEL के पास अच्छे ऑर्डर हैं और यह रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। इसलिए, BEL का विकास जारी रहेगा। 5. भारत डायनेमिक्स लिमिटेड भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) गोला-बारूद और मिसाइल सिस्टम बनाने वाली एक बड़ी कंपनी है। BDL को फ्यूचर रेडी कॉम्बैट व्हीकल्स (FRCV) प्रोजेक्ट से फायदा होगा। BDL के पास अच्छे ऑर्डर हैं और यह अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। इससे BDL आधुनिक रक्षा सिस्टम की बढ़ती मांग को पूरा कर पाएगी।

अबतक पाकिस्तान की हरकतों की वजह से भारत ने 11 बार उसे खुलकर मुंहतोड़ जवाब दिया

नई दिल्ली पाकिस्तान के साथ भारत का तनाव उसकी पैदाइश के साथ से ही चल रहा है। अबतक पाकिस्तान की हरकतों की वजह से भारत ने इस दौरान कम से कम 11 बार उसे खुलकर मुंहतोड़ जवाब दिया है। अभी ऑपरेशन सिंदूर की वजह से पाकिस्तान की दुनिया भर में भद पिट रही है। हर मिलिट्री ऑपरेशनों ने भारत की सैन्य ताकत का लोहा मनवाया है और पाकिस्तान को नाक रगड़ने को मजबूर होना पड़ा है, लेकिन उसकी आदतें नहीं बदली हैं। बार-बार मुंह की खाने के बाद भी पाकिस्तान और उसकी फौज कुछ न कुछ ऐसा कर देता है, जिसकी वजह भारत को कार्रवाई करनी पड़ती है। 1. ऑपरेशन रिडल (1965) सबसे पहले बात करते हैं ‘ऑपरेशन रिडल’ की। पहला मिलिट्री ऑपरेशन 1965 में किया गया। पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करने की कोशिश की। उन्होंने ‘ऑपरेशन जिब्राल्टर’ और ‘ग्रैंड स्लैम’ नाम से हमले किए। इसके जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन रिडल’ शुरू किया। 6 सितंबर,1965 को भारतीय सेना ने लाहौर और कसूर पर हमला बोल दिया। भारत की इस कार्रवाई से पाकिस्तानी सेना हिल गई। 2. ऑपरेशन एब्लेज (1965) इसके बाद ‘ऑपरेशन एब्लेज’ हुआ। यह भी 1965 में ही हुआ था। यह एक तरह की सैन्य तैयारी थी। भारतीय सेना ने पश्चिमी सीमा पर अपनी सेना की मौजूदगी बढ़ा दी। हालांकि, इसमें सीधा युद्ध नहीं हुआ, लेकिन यह युद्ध की तैयारी का एक अहम हिस्सा था। नतीजा: इन दोनों ऑपरेशनों के बाद सोवियत संघ (USSR) ने बीच में आकर ताशकंद समझौता कराया। 3. ऑपरेशन कैक्टस लिली (1971) 1971 में बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान ‘ऑपरेशन कैक्टस लिली’ चलाया गया। भारतीय सेना और वायुसेना ने मिलकर मेघना नदी पार की। उन्होंने पाकिस्तानी ठिकानों को पीछे छोड़ते हुए ढाका की ओर बढ़ना शुरू कर दिया। 4. ऑपरेशन ट्राइडेंट (1971) ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ में भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान के कराची बंदरगाह पर दो बार हमला किया। पहला हमला 4-5 दिसंबर को हुआ। भारतीय सेना पूर्वी और पश्चिमी दोनों मोर्चों पर पाकिस्तानी फौज के नाक में दम कर रही थी। 5.ऑपरेशन पाइथन (1971) ऑपरेशन ट्राइडेंट के बाद ‘ऑपरेशन पाइथन’ हुआ। एक के बाद इन तीनों हमलों से पाकिस्तान बिखर गया और उसके नौसैनिक ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा। ऑपरेशन पाइथन में पहली बार एंटी-शिप मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। नतीजा: इन तीन ऑपरेशनों का नतीजा यह हुआ कि पाकिस्तान हार गया और बांग्लादेश नाम का एक नया देश बना। 6. ऑपरेशन मेघदूत (1984) सियाचिन में पाकिस्तान की हरकतों को रोकने के लिए भारत ने अप्रैल 1984 में ‘ऑपरेशन मेघदूत’ शुरू किया। भारतीय वायुसेना की मदद से सैनिकों को दुनिया की सबसे ऊंची युद्ध भूमि पर पहुंचाया गया। उन्होंने महत्वपूर्ण चोटियों पर कब्जा कर लिया। नतीजा: ऑपरेशन मेघदूत से भारत को सामरिक बढ़त मिली और भारत आज भी वहां लाभ की स्थिति में है। 7. ऑपरेशन विजय (1999) मई 1999 में पाकिस्तानी घुसपैठियों ने कारगिल की चोटियों चोरी-चोरी पर कब्जा कर लिया। भारत ने ‘ऑपरेशन विजय’ चलाकर इन इलाकों को वापस अपने कब्जे में ले लिया। यह ऑपरेशन भारतीय सेना की ताकत और बलिदान का प्रतीक है। 8. ऑपरेशन सफेद सागर (1999) ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ भी कारगिल युद्ध के दौरान ही हुआ। यह भारतीय वायुसेना का ऑपरेशन था। इसमें कारगिल की पहाड़ियों में पाकिस्तान की चौकियों और ठिकानों पर हवाई हमले किए गए। 1971 के बाद यह पहली बार था, जब इतने बड़े पैमाने पर वायुसेना का इस्तेमाल किया गया। नतीजा: इन दोनों मिलिट्री ऑपरेशन में पाकिस्तानी फौज को भारतीय सेना और वायुसेना ने बुरी तरह से पीटा और वे पीछे हटने को मजबूर हुए। 9. सर्जिकल स्ट्राइक (2016) उरी हमले के बाद भारत ने 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक की। भारत की स्पेशल फोर्सेज ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर (PoJK) में आतंकी ठिकानों पर हमला किया। यह पहली बार था, जब भारत ने खुलकर पाकिस्तानी कब्जे वाले इलाके में अपनी सैन्य कार्रवाई की घोषणा की। नतीजा: पाकिस्तान समेत पूरी दुनिया में संदेश गया कि आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत अब भारत दुश्मन के घर में घुसकर मारने लगा है। 10. ऑपरेशन बंदर (2019) पुलवामा हमले के बाद भारत ने 26 फरवरी, 2019 को ‘ऑपरेशन बंदर’ को अंजाम दिया। इसके तहत पाकिस्तान के करीब 80 किलोमीटर भीतर घुसकर बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंपों पर एयर स्ट्राइक किया गया। 1971 के बाद यह पहली बार था, जब भारत ने नियंत्रण रेखा (LoC) के पार अपनी वायुसेना का इस्तेमाल किया। नतीजा: भारत ने पूरी दुनिया को संकेत दे दिया कि ‘नया भारत’ अब अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर तरह के मिलिट्री ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए तैयार है। 11. ऑपरेशन सिंदूर (2025) भारत ने 6 और 7 अप्रैल, 2025 की दरमियानी रात पाकिस्तान और इसके कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (PoJK) के 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया। इसे ऑपरेशन सिंदूर का नाम दिया गया। इसमें भारत ने अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) या नियंत्रण रेखा (LoC) का उल्लंघन नहीं किया और मिसाइल, ड्रोन और अन्य बमों का इस्तेमाल करके दहशतगर्दी कैंपों में तबाही मचा दी। नतीजा: पहली बार पाकिस्तान खुद मान रहा है कि भारत ने किस तरह से मिलिट्री ऑपरेशन को अंजाम दिया है। इसमें अंतरराष्ट्रीय सीमा से 100 किलोमीटर दूर बहावलपुर तक में आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर ध्वस्त हुए हैं और जैश-ए-मोहम्मद का सरगना अजहर मसूद खुद मान रहा है कि उसके परिवार के 10 लोगों समेत कुल 14 लोग मारे गए हैं।

एस-400 मिसाइल सिस्टम को भारतीय वायुसेना के बेड़े में सबसे ताकतवर हथियार

नई दिल्ली भारत लगातार अपनी वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत कर रहा है ताकि पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों से उत्पन्न होने वाले हवाई खतरों का प्रभावी ढंग से मुकाबला कर सके. भारतीय वायु रक्षा प्रणाली में उन्नत मिसाइल सिस्टम, रडार और कमांड सेंटर शामिल हैं, जो दुश्मन के विमानों, ड्रोन और मिसाइलों को नष्ट करने में सक्षम हैं. भारत के दो तरफ उसके दुश्मन हैं. दोनों के पास खतरनाक मिसाइलों का जखीरा है. ड्रोन्स हैं. अटैक हेलिकॉप्टर्स हैं. फाइटर जेट्स हैं. भारत की सुरक्षा का लेवल बहुत जटिल है. सीमाओं और जरूरी स्थानों की सुरक्षा के लिए सटीक एयर डिफेंस सिस्टम की जरूरत है, ताकि चीन या PAK के हवाई हमले को करारा जवाब दिया जा सके. इजरायल के आयरन डोम जैसी हथियार प्रणाली की जरूरत है. क्या भारत में ऐसी प्रणाली है. या नहीं. दोनों तरफ दुश्मन, दोनों के पास खतरनाक हथियार पाकिस्तान और चीन के पास के पास कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें हैं. लंबी दूरी के रॉकेट्स हैं. कुछ तो 300 किलोमीटर की रेंज से भी ज्यादा के हैं. ये भारतीय सीमा के पास के शहरों, कस्बों और गांवों के लिए खतरा है. इजरायल का आयरन डोम कम दूरी के रॉकेट्स, आर्टिलरी गोले और बैलिस्टिक मिसाइलों को आसमान में ही खत्म कर देता है. इसलिए भारत को भी ऐसे ही रक्षाकवच की जरूरत है. भारत की जो भौगोलिक स्थिति है. जिस तरह से उसके दुश्मन दो अलग-अलग लोकेशन पर मौजूद हैं, उसके हिसाब से भारत को बहुत बड़े पैमाने पर खतरों का सामना करना है. इन खतरों में बैलिस्टिक, क्रूज और हाइपरसोनिक मिसाइलों और हथियारों का खतरा है. इसलिए भारत को ज्यादा सटीक बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) सिस्टम चाहिए. जिसमें कई तरह के लेयर हों. कम दूरी से लेकर अंतरिक्ष तक हमला करने लायक मिसाइलें. कैसे-कैसे एयर डिफेंस सिस्टम हैं भारत के पास? भारत को अपने एयर डिफेंस सिस्टम को विदेशी डिफेंस सिस्टम के साथ मिलाकर तैनात करने होंगे. भारत के एयर डिफेंस सिस्टम को मल्टी लेयर बनाना होगा. जैसे- पृथ्वी एयर डिफेंस (PAD), एडवांस्ड एयर डिफेंस (AAD) और तीसरा लॉन्ग रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (LRSAM). रूस से लिए गए S-400 एयर डिफेंस सिस्टम से खाली काम नहीं चलेगा. इसके अलावा भारत को अपने छोटे से लेकर बड़े एयर डिफेंस सिस्टम को आपस में जोड़कर रखना होगा. ताकि वो बेहतर तरीके और सामंजस्य के साथ काम कर सके. एक्स-राड और स्वाति रडार डीआरडीओ द्वारा विकसित उन्नत रडार सिस्टम. 300 किमी तक लक्ष्य का पता लगाना, स्टील्थ विमानों को ट्रैक करने की क्षमता. ये रडार पाकिस्तानी विमानों और मिसाइलों की गतिविधियों को शुरुआती चेतावनी के साथ ट्रैक कर सकते हैं, जिससे जवाबी कार्रवाई तुरंत हो सकती है. आइए जानते हैं कि भारत के पास कौन-कौन से एयर डिफेंस सिस्टम हैं… इंडियन बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस प्रोग्राम इस प्रोग्राम के तहत कई रेंज की बैलिस्टिक मिसाइलों से बचाव के लिए डिफेंस सिस्टम बनाया गया है. इसके लिए दो लेयर वाली इंटरसेप्टर मिसाइलें बनाई गईं. ये हैं- पृथ्वी एयर डिफेंस (PAD), जिसकी मिसाइलें बेहद अधिक ऊंचाई पर जाकर दुश्मन टारगेट को बर्बाद कर सकती हैं. दूसरा है एडवांस्ड एयर डिफेंस (AAD), इसकी मिसाइलें कम ऊंचाई वाले टारगेट्स को मार गिराने के लिए बनाई गई हैं. ये मिसाइल सिस्टम 5 हजार किलोमीटर या उससे ज्यादा दूरी से आने वाली हवाई खतरों को हवा में ही खत्म कर देती हैं. क्योंकि भारत को हमेशा से पाकिस्तान और चीन की बैलिस्टिक मिसाइलों को खतरा बना हुआ है. PAD सिस्टम की मिसाइलों की रेंज 300 से 2000 किलोमीटर है. ये जमीन से 80 किलोमीटर ऊपर दुश्मन टारगेट को नष्ट कर सकते हैं. ये मिसाइलें 6174 km/hr की स्पीड से दुश्मन की तरफ बढ़ती हैं. इसमें पृथ्वी सीरीज की सभी मिसाइलें शामिल हैं. अगर एडवांस्ड एयर डिफेंस यानी AAD की बात करें तो इसकी मिसाइलें वायुमंडल के नीचे अधिकतम 30 किलोमीटर की ऊंचाई तक टारगेट को ध्वस्त कर सकती हैं. इनकी ऑपरेशनल रेंज 150 से 200 किलोमीटर है. ये मिसाइलें 5556 km/hr की स्पीड से दुश्मन की तरफ बढ़ती हैं. इंटरमीडिएट इंटरसेप्शन यानी S-400 एयर डिफेंस सिस्टम S-400 एक बार में एक साथ 72 मिसाइल छोड़ सकती है. इस एयर डिफेंस सिस्टम को कहीं मूव करना बहुत आसान है क्योंकि इसे 8X8 के ट्रक पर माउंट किया जा सकता है. माइनस 50 डिग्री से लेकर माइनस 70 डिग्री तक तापमान में काम करने में सक्षम इस मिसाइल को नष्ट कर पाना दुश्मन के लिए बहुत मुश्किल है. क्योंकि इसकी कोई फिक्स पोजिशन नहीं होती. इसलिए इसे आसानी से डिटेक्ट नहीं कर सकते.   S-400 मिसाइल सिस्टम में चार तरह की मिसाइलें होती हैं जिनकी रेंज 40, 100, 200, और 400 km तक होती है. यह सिस्टम 100 से लेकर 40 हजार फीट तक उड़ने वाले हर टारगेट को पहचान कर नष्ट कर सकता है.  एस-400 मिसाइल सिस्टम का राडार बहुत अत्याधुनिक और ताकतवर है. इसका रडार 600 km तक की रेंज में करीब 300 टारगेट ट्रैक कर सकता है. यह सिस्टम मिसाइल, एयरक्राफ्ट या फिर ड्रोन से हुए किसी भी तरह के हवाई हमले से निपटने में सक्षम है. शॉर्ट रेंज इंटरसेप्शन… आकाश, पिछोरा जैसी मिसाइलें पेचोरा मिसाइल सिस्टम सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल है पेचोरा (Pechora). भारत के पास इसके 30 स्क्वॉड्रन्स हैं. जो अलग-अलग सीमाओं पर सुरक्षा के लिए तैनात हैं. इसके 12 वैरिएंट्स हैं, जिनका इस्तेमाल दुनियाभर के 31 देश कर रहे हैं. इसमें लगी मिसाइल 953 kg वजनी होती है. इसकी नाक पर 60 kg का फ्रैगमेंटेड हाई एक्सप्लोसिव हथियार लगाते हैं. इसके ऑपरेशनल रेंज 3.5 से 35 km है. अधिकतम 59 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकती है. इसकी स्पीड 3704 से 4322 km/hr की गति से उड़ती है. पेचोरा मिसाइल की सबसे खास बात है कम ऊंचाई पर उड़ते हुए टारगेट को खत्म करने की ताकत. इसका राडार 32 से 250 किलोमीटर तक की रेंज में दुश्मन पर नजर रखता है. मिसाइल थोड़ा पुराने टेक्नीक पर काम करती है, यानी रेडियो कमांड गाइडेंस सिस्टम पर. कोई भी अत्याधुनिक विमान सबकुछ बंद कर सकता है लेकिन वह अपना रेडियो बंद नहीं कर सकता. अगर दुश्मन का विमान, हेलिकॉप्टर रेडियो बंद नहीं कर पाएगा तो यह मिसाइल उसे ध्वस्त कर देगी. यहां तक कि छोटे-मोटे ड्रोन्स का भी … Read more

अंतरराष्ट्रीय समेत 37 उड़ानों में विलंब रहा और 28 उड़ानों को रद किया

नई दिल्ली युद्ध विराम के बाद इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आइजीआइ) एयरपोर्ट पर रविवार को उड़ानों के संचालन में बीते दिनों के मुकाबले थोड़ा कम व्यवधान देखा गया। रविवार को कुल अंतरराष्ट्रीय समेत 37 उड़ानों में विलंब रहा और 28 उड़ानों का रद किया गया। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की बात करें तो 16 उड़ानों के प्रस्थान में देरी हुई और सात उड़ानों के आगमन में विलंब हुआ। हालांकि रविवार को कोई उड़ान रद नहीं हुई। वहीं घरेलू उड़ानों की बात करें तो 14 उड़ानें यहां से देरी से उड़ी और 27 उड़ानें रद हुईं। आगमन में कोई विलंब नहीं हुआ, लेकिन एक उड़ान रद हुई। आईजीआई एयरपोर्ट से दस शहरों की उड़ानों को रद किया आपरेशन सिंदूर के शुरू होने के बाद से आईजीआई एयरपोर्ट से दस शहरों की उड़ानों को रद किया गया है। इसके अलावा उड़ोनों में रोज विलंब भी हो रहा था। शनिवार को युद्धविराम की घोषणा के बाद रविवार को आईजीआई एयरपोर्ट पर विलंब की संख्या में कमी देखी गई।   यह युद्धविराम के बाद एयरस्पेस में आंशिक स्थिरता का संकेत हो सकती है। फिलहाल एयरपोर्ट पर संचालन सामान्य है, लेकिन यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी उड़ान की स्थिति की जांच करें और सुरक्षा जांच के लिए अतिरिक्त समय लेकर आएं। डायल ने बताया- एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन सामान्य वहीं दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) ने बताया कि सुरक्षा जांच और एयरस्पेस की बदलती परिस्थितियों के कारण कुछ उड़ानें प्रभावित हुईं, लेकिन स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन सामान्य है।

आर्मी को जवाबी कार्रवाई की छूट, सीजफायर के उल्लंघन के बाद सेना प्रमुख ने की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा

नई दिल्ली पाकिस्तान की ओर से सीजफायर के कुछ ही घंटों बाद इसका उल्लंघन किया गया। इसे लेकर भारतीय सेना ने स्थिति की समीक्षा की। भारतीय सेना ने बताया कि शनिवार की रात को संघर्ष विराम और वायु क्षेत्र उल्लंघन की घटनाओं के बाद भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पश्चिमी सीमाओं पर तैनात सेना कमांडरों के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। थलसेना प्रमुख ने 10 मई को हुई डीजीएमओ वार्ता के तहत बनी सहमति के उल्लंघन होने की स्थिति में ‘काइनेटिक डोमेन’ यानी जवाबी कार्रवाई के लिए सेना के कमांडरों को पूरी छूट दे दी है। सेना की ओर से जारी बयान के अनुसार, पश्चिमी सीमा पर किसी भी तरह के उल्लंघन पर सेना तुरंत और प्रभावी जवाब देगी। इससे पहले विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा था कि पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया है, जिसका सेना जवाब दे रही है। इसके साथ ही सेना को जवाबी कार्रवाई करने की खुली छूट दे दी गई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से यह कार्रवाई ‘अत्यंत निंदनीय है और इसकी पूरी जिम्मेदारी पाकिस्तान पर है।’ उल्लेखनीय है कि तीन दिनों तक चले संघर्ष के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम हुआ था। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया था कि शनिवार शाम पांच बजे से सीजफायर लागू हो गया, लेकिन महज चार घंटे के अंदर ही पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया और सीमा पार से गोलीबारी शुरू की। साथ ही कई शहरों को ड्रोन के जरिए निशाना बनाया। इससे पहले भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ जारी लड़ाई को लेकर बड़ा फैसला लिया था। सरकार ने सख्त संदेश देते हुए कहा था कि भविष्य में कोई भी आतंकी घटना भारत के खिलाफ युद्ध की कार्रवाई मानी जाएगी। केंद्र सरकार के शीर्ष सूत्रों ने कहा था कि भारत ने निर्णय लिया है कि भविष्य में किसी भी आतंकी कार्रवाई को भारत के खिलाफ युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा और उसी के अंदाज में जवाब भी दिया जाएगा।

पीएम मोदी ने कहा- देश के वैज्ञानिकों के प्रति गर्व और आभार व्यक्त किया, 1998 के पोखरण परीक्षणों को याद किया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘नेशनल टेक्नोलॉजी डे’ (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस) के अवसर पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश के वैज्ञानिकों के प्रति गर्व और आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही 1998 के पोखरण परीक्षणों को याद किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “नेशनल टेक्नोलॉजी डे पर शुभकामनाएं। यह हमारे वैज्ञानिकों के प्रति गर्व और आभार व्यक्त करने तथा 1998 के पोखरण परीक्षणों को याद करने का दिन है। सभी हमारे राष्ट्र के विकास पथ में विशेष रूप से आत्मनिर्भरता की दिशा में हमारी खोज में एक ऐतिहासिक घटना थे।” उन्होंने आगे लिखा, “हमारे लोगों द्वारा संचालित भारत प्रौद्योगिकी के विभिन्न पहलुओं में एक वैश्विक लीडर के रूप में उभर रहा है, चाहे वह अंतरिक्ष हो, एआई हो, डिजिटल नवाचार हो, हरित प्रौद्योगिकी हो या और भी बहुत कुछ। हम विज्ञान और अनुसंधान के माध्यम से भावी पीढ़ियों को सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। प्रौद्योगिकी मानवता का उत्थान करे, हमारे राष्ट्र को सुरक्षित करे और भविष्य के विकास को गति दे।” इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नेशनल टेक्नोलॉजी डे पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “नेशनल टेक्नोलॉजी डे पर भारत उन वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीशियनों को सलाम करता है, जो हमारे जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए नई तकनीक विकसित करके योगदान देते हैं। हम अपने वैज्ञानिकों के असाधारण प्रयासों को गर्व से याद करते हैं, जिसके कारण 1998 में पोखरण में सफल परीक्षण हुए। यह भारत के इतिहास में एक निर्णायक क्षण था।” बता दें कि राजस्थान के पोखरण में हुए परमाणु परीक्षणों की याद में भारत हर साल 11 मई को ‘नेशनल टेक्नोलॉजी डे’ मनाता है। इसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रगति करने में मदद करने वाले वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, इंजीनियरों और अन्य लोगों को सलाम करना है। पहली बार ‘नेशनल टेक्नोलॉजी डे’ 11 मई 1999 को मनाया गया था।

पीएम मोदी ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने हासिल किए तीन लक्ष्य, मिट्टी में मिला देंगे और फिर….

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने पाकिस्तान की कमर तोड़ दी। कई आतंकी ठिकानों पर हमले करके 100 से ज्यादा आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया। इस पूरे ऑपरेशन से भारत ने तीन बड़े लक्ष्य हासिल किए हैं, जिसमें सैन्य, राजनैतिक और मनोवैज्ञानिक उद्देश्य शामिल हैं। सैन्य उद्देश्य में पीएम मोदी ने कहा कि मिट्टी में मिला देंगे और फिर बहावलपुर, मुरीदके और मुजफ्फराबाद में जैश और लश्कर के आतंकी कैंपों को मिट्टी में मिला दिया गया। इसी तरह ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने जो दूसरा लक्ष्य हासिल किया है, वह राजनैतिक है। इसके तहत, बताया गया कि सिंधु जल संधि सीमा पार आतंकवाद से जुड़ी है। जब तक सीमा पार से आतंकवाद बंद नहीं हो जाता, तब तक यह स्थगित रहेगी। वहीं, तीसरा लक्ष्य मनोवैज्ञानिक है, जोकि घुस के मारेंगे है और इसके तहत भारत ने पाकिस्तान के दिल में गहरी चोट पहुंचाई है। भारतीय सेना का ऑपरेशन पूरी तरह से सफल रहा है।  

ऑपरेशन सिंदूर पर राजनाथ- सेना की धमक रावलपिंडी तक पहुंची, भारत ने पाक में घुसकर मारा

नई दिल्ली रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के लिए भारतीय सेना की तारीफ करते हुए कहा कि भारत ने पाकिस्तान में घुसकर हमला किया है। उन्होंने कहा, ‘जिन भारत विरोधी और आतंकी संगठनों ने भारत माता के मस्तक पर हमला करके कई परिवारों के सिंदूर मिटाए थे, उन्हें भारतीय सेना ने ‘आपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से इंसाफ दिलाने का काम किया है। इसके लिए आज सारा देश भारतीय सेनाओं का अभिनंदन कर रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई भर नहीं है, बल्कि भारत की राजनीतिक, सामाजिक और सामरिक इच्छाशक्ति का प्रतीक है। यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ इच्छा शक्ति का और सैन्य शक्ति की क्षमता और संकल्प शक्ति का भी प्रदर्शन है। हमने दिखाया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जब भी कोई कार्रवाई करेगा तो आतंकवादियों और उनके आकाओं के लिए सरहद पार की जमीन भी सुरक्षित नहीं रहेगी।” रक्षा मंत्री ने कहा, ”भारतीय सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर को पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ढांचा ढहाने के उद्देश्य से लॉन्च किया था। हमने उनके आम नागरिकों को कभी निशाना नहीं बनाया था। मगर पाकिस्तान ने न केवल भारत के नागरिक इलाकों को निशाना बनाया बल्कि मंदिर, गुरुद्वारा और गिरिजाघर पर भी हमले करने का प्रयास किया। भारतीय सेना ने शौर्य और पराक्रम के साथ-साथ संयम का भी परिचय देते हुए पाकिस्तान के अनेक सैन्य ठिकानों पर प्रहार करके करारा जवाब दिया है। हमने केवल सीमा से सटे सैन्य ठिकानों पर ही नहीं कार्रवाई की बल्कि भारत की सेनाओं की धमक उस रावलपिंडी तक सुनी गई जहां पाकिस्तानी फौज का हेडक्वार्टर मौजूद है।” उन्होंने कहा, ”भारत में आतंकवादी घटनाएं करने और कराने का क्या अंजाम होता है, यह पूरे विश्व ने उरी की घटना के बाद देखा जब हमारी सेना ने पाकिस्तान में घुस कर सर्जिकल स्ट्राइक की, पुलवामा के बाद देखा जब बालाकोट पर एयर स्ट्राइक की गईं और अब पहलगाम की घटना के बाद दुनिया देख रही है जब भारत ने पाकिस्तान के भीतर घुस कर मल्टीपल स्ट्राइक्स की हैं।” उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि यह नया भारत है जो आतंकवाद के खिलाफ सरहद के इस पार और उस पार दोनों तरफ प्रभावी कार्रवाई करेगा।  

मैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान पीएम शरीफ की तत्काल प्रभाव से युद्ध विराम पर सहमत: बांग्लादेश

ढाका भारत और पाकिस्तान के बीच कई दिनों से चल रहे तनाव में कमी आ गई है। दोनों देश युद्धविराम के लिए सहमत हो गए हैं, लेकिन इसके बाद भी पाकिस्तान ने शनिवार रात भारत के कई शहरों पर ड्रोन हमले किए, जिसे एयर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया। हालांकि, इसके बाद से एलओसी और बॉर्डर राज्यों में शांति है। भारत-पाक में सीजफायर का बांग्लादेश ने स्वागत किया है। इसके साथ ही, उन्होंने भारत और पाकिस्तान के नेतृत्व और कथित मध्यस्थता के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ की है। यूनुस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “मैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की तत्काल प्रभाव से युद्ध विराम पर सहमत होने और बातचीत में शामिल होने के लिए ईमानदारी से सराहना करता हूं। मैं राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री रुबियो की प्रभावी मध्यस्थता के लिए भी उनकी गहरी सराहना व्यक्त करना चाहूंगा। बांग्लादेश कूटनीति के माध्यम से मतभेदों को सुलझाने के लिए हमारे दोनों पड़ोसियों का समर्थन करना जारी रखेगा।” युद्धविराम की घोषणा सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा था, “अमेरिका की मध्यस्थता में एक लंबी रात की बातचीत के बाद, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। दोनों देशों को कॉमन सेंस और बेहतरीन बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल करने के लिए बधाई।” ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि युद्धविराम को सुरक्षित करने में अमेरिकी मध्यस्थता महत्वपूर्ण थी। वहीं, भारत में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संघर्ष विराम की पुष्टि करते हुए कहा, “भारत और पाकिस्तान ने गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनाई है। भारत ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के खिलाफ लगातार दृढ़ और अडिग रुख बनाए रखा है। वह ऐसा करना जारी रखेगा।” पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने भी संघर्ष विराम की पुष्टि करते हुए कहा, “पाकिस्तान और भारत तत्काल प्रभाव से संघर्ष विराम पर सहमत हो गए हैं। पाकिस्तान ने हमेशा अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से समझौता किए बिना क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए प्रयास किया है।”  

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