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कामदा एकादशी पर क्या खाएं और क्या नहीं

हिंदू धर्म में कामदा एकादशी व्रत का बहुत महत्व होता है. इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है और इस दिन उपवास के दौरान विशेष नियमों का पालन किया जाता है. इससे लोगों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है और जीवन भर भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है. मान्यता है कि कामदा एकादशी का व्रत करने से ब्रह्महत्या और अनजाने में किए गए सभी पापों से मुक्ति मिलती है. यह व्रत पिशाचत्व आदि दोषों का भी नाश करने वाला माना गया है. पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 07 अप्रैल को रात 08 बजे शुरू होगी और 08 अप्रैल को रात 09 बजकर 12 मिनट पर समाप्त होगी. उदया तिथि के अनुसार, 08 अप्रैल को कामदा एकादशी मनाई जाएगी. कामदा एकादशी का पारण 09 अप्रैल को किया जाएगा. व्रती लोग 09 अप्रैल को सुबह 06 बजकर 02 मिनट से लेकर सुबह 08 बजकर 34 मिनट के मध्य पारण कर सकते हैं. कामदा एकादशी व्रत पूजा विधि कामदा एकादशी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान कर लें. इसके बाद साफ-सुथरे वस्त्र पहन लें और भगवान विष्णु का मनन करते हुए व्रत का संकल्प लें. इसके बाद एक तांबे के लोटे में जल, फूल, अक्षत और सिंदूर डालकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें. फिर चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित करें. भगवान विष्णु की मूर्ति को ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मन्त्र का उच्चारण करें. पंचामृत से स्नान आदि कराकर वस्त्र, चन्दन, जनेऊ, गंध, अक्षत, पुष्प, तिल, धूप-दीप, नैवेद्य, ऋतुफल, पान, नारियल, आदि अर्पित करें. इसके बाद कामदा एकादशी की कथा का श्रवण या वाचन करें और एकादशी व्रत पूजा के आखिरी में आरती करें. कामदा एकादशी व्रत में क्या खाएं     कामदा एकादशी व्रत में सभी प्रकार के फल खाए जा सकते हैं, जैसे कि सेब, केला, अंगूर, पपीता, अनार आदि.     आलू, कद्दू, लौकी, खीरा, टमाटर, पालक, गाजर और शकरकंद जैसी सब्जियां खा सकते हैं.     दूध, दही, पनीर और मक्खन जैसे डेयरी उत्पाद खा सकते हैं.     बादाम, काजू, किशमिश और अखरोट जैसे सूखे मेवे खा सकते हैं.     कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, साबूदाना, और समा के चावल जैसे अनाज खा सकते हैं.     मूंगफली का तेल, घी, या सूरजमुखी का तेल जैसे तेल खा सकते हैं.     सेंधा नमक और चीनी खा सकते हैं। कामदा एकादशी व्रत में क्या न खाएं     अनाज: गेहूं, चावल और दाल जैसे अनाज नहीं खाएं.     सब्जियां: प्याज और लहसुन जैसी सब्जियां नहीं खाएं.     मांस, मछली, और अंडे: मांस, मछली और अंडे का सेवन नहीं करें.     शराब और धूम्रपान: शराब और धूम्रपान का सेवन नहीं करें.     मसाले: गर्म मसाले, धनिया पाउडर और हल्दी पाउडर जैसे मसाले नहीं खाएं.     तेल: तिल का तेल और सरसों का तेल जैसे तेल नहीं खाएं.     नमक: साधारण नमक का सेवन नहीं करें. कामदा एकादशी व्रत के नियम एकादशी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान कर लें. इसके बाद साफ-सुथरे वस्त्र पहन लें और भगवान विष्णु का मनन करते हुए व्रत का संकल्प लें. इसके बाद एक तांबे के लोटे में जल, फूल, अक्षत और सिंदूर डालकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें. फिर चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित करें. भगवान विष्णु की मूर्ति को ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मन्त्र का उच्चारण करते हुए पंचामृत से स्नान आदि कराकर वस्त्र, चन्दन, जनेऊ, गंध, अक्षत, पुष्प, तिल, धूप-दीप, नैवेद्य, 1 ऋतुफल, पान, नारियल, आदि अर्पित करें.  

भगवान शिव प्रसन्न करने के लिए करें प्रदोष व्रत

हिंदू धर्म में देवों के देव महादेव की पूजा की जाती है. हिंदू धर्म में कई त्योहार मनाए जाते हैं जिनमें उपवास भी रखा जाता है. सनातन धर्म में प्रदोष व्रत को विशेष महत्व दिया गया है. प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा और उपवास किया जाता है. प्रदोष व्रत प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी और शुक्ल पक्ष की तिथि को मनाया जाता है. प्रदोष व्रत हर माह मनाया जाता है. प्रदोष व्रत आपके जीवन में परेशानियों को दूर करने और महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करने के लिए लाभकारी माना जाता है. प्रदोष व्रत के दिन उपवास रखने से भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है. प्रदोष व्रत के दिन व्रत और पूजा के साथ-साथ कुछ उपाय भी किए जाते हैं. इस दिन शास्त्रों में महिलाओं के लिए कुछ विशेष उपाय बताए गए हैं. अगर महिलाएं इन उपायों का पालन करेंगी तो उन्हें जीवन में किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 9 अप्रैल को रात 10 बजकर 55 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 11 अप्रैल को रात 10 बजे खत्म होगी. त्रयोदशी तिथि के दिन पूजन प्रदोष काल में किया जाता है. ऐसे में पहला प्रदोष व्रत 10 अप्रैल को रखा जाएगा. प्रदोष व्रत के दिन महिलाएं करें ये उपाय     प्रदोष व्रत के दिन महिलाओं को प्रदोष काल में या दिन में किसी भी समय पीले चावल के सात दाने ग्रहण करने चाहिए.     फिर अपना नाम और गोत्र बताकर उसे शिवलिंग पर समर्पित कर दें.     यह उपाय पीपल या बेलपत्र के पेड़ पर भी किया जा सकता है.     ध्यान रहे कि शिवलिंग या इन पेड़ों पर चावल चढ़ाने से पहले जल अवश्य चढ़ाएं. इसके बाद धूपबत्ती भी जलाएं.     इस दिन महिलाओं को मिट्टी या आटे का दीपक बनाकर उसमें शिव और शक्ति के नाम से दो बाती रखनी चाहिए.     फिर दीपक जलाकर उसे हथेली में लेकर भगवान शिव के मंदिर में या बेलपत्र के पेड़ के नीचे रख देना चाहिए.     प्रदोष व्रत के दिन विवाहित महिलाओं को हरी चूड़ियां दान करनी चाहिए.     देवी पार्वती को सिंदूर, बिंदी और मेहंदी लगानी चाहिए. प्रदोष व्रत का महत्व प्रदोष व्रत के दिन पूजा हमेशा प्रदोष काल में ही की जाती है. इस दिन अपने विचार सकारात्मक रखें. प्रदोष व्रत के दिन आपके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. हिंदू धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो भी व्यक्ति प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव का व्रत और विधि-विधान से पूजन करता है, उसके जीवन के सभी दुख-दर्द दूर हो जाते हैं और चिंताएं समाप्त हो जाती हैं. प्रदोष व्रत के दिन व्रत और पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है.

आज सोमवार 07 अप्रैल 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- कार्यस्थल पर तरक्की के कई मौके मिलेंगे। शैक्षिक कार्यों के अच्छे परिणाम मिलेंगे। अपनों का साथ मिलेगा। करियर में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। व्यापार में विस्तार होगा। रिलेशनशिप में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। वृषभ राशि- आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव आएंगे। धन का प्रबंधन होशियारी से करें। कानूनी विवादों से बचें। यात्रा के योग बनेंगे। आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। धर्म-कर्म के कार्यों से मन को शांति मिलेगी। मिथुन राशि- आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। घर में सुख-शांति बनाए रखने के लिए विवाद से बचें। आपको रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए ज्यादा प्रयास करना चाहिए। प्रोफेशनल लाइफ में चुनौतियां बढ़ेंगी। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। कर्क राशि- आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आप घर मरम्मत कराने के लिए पैसे खर्च कर सकते हैं। विद्यार्थियों को अपने पढ़ाई पर फोकस करना चाहिए और समय बर्बाद करने से बचना चाहिए। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। फिजिकली फिट रहने के लिए थोड़ा अधिक प्रयास करें। लव लाइफ बढ़िया रहेगी। सिंह राशि- आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के नए मौकों की तलाश करें। जीवन में नए बदलावों के संकेत हैं। प्रोफेशनल लाइफ में अपार सफलता मिलेगी। आपके सभी सपने साकार होंगे। पारिवारिक जीवन में तनाव की स्थिति बनी रहेगी। रिश्तों में खटास आ सकता है। कन्या राशि- रियल एस्टेट में निवेश करना लाभकारी साबित होगा, लेकिन बिना सोचे-समझे निवेश न करें। बिजनेसमेन को व्यापार में बढ़ोत्तरी के नए मौके मिलेंगे। कर्ज से मुक्ति मिलेगी। क्रोध से बचें। पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को शांत दिमाग से सुलझाएं। तुला राशि- निवेश से जुड़े डिसीजन होशियारी से लें। आपको विरासत में पैतृक संपत्ति मिल सकती है। कुछ जातक अच्छे पैकेज के साथ नई जॉब शुरू कर सकते हैं। स्वास्थ्य को लेकर मन में चिंताएं बढ़ेंगी। प्रॉपर्टी में निवेश करना उचित रहेगा। वृश्चिक राशि- अपने करियर गोल्स को लेकर महत्वकांक्षी नजर आएंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। विदेश याात्रा के योग बनेंगे। प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों को सुलझाने की आवश्यकता होगी। प्रोफेशनल लाइफ में नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिल सकती है। धनु राशि- आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। जीवन में नए सरप्राइज मिलेंगे। बच्चों के बढ़ते डिमांड से काफी चैलेंजिंग दिन रहेगा। पुराने दोस्तों से मुलाकात करें। इससे आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा। करियर में सफलता की सीढ़ियां चढ़ेंगे। मकर राशि- आर्थिक मामलों में किसी अनुभवी की सलाह मांगे। शांत रहें और चुनौतियों को डिप्लोमेटिक तरीके से सुलझाने की कोशिश करें। परिजनों के साथ सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। बच्चों की उपलब्धियों से पेरेंट्स गर्व महसूस करेंगे। कुंभ राशि- नई प्रॉपर्टी खरीदने या विरासत में संपत्ति मिलने की संभावनाएं हैं। व्यापार में तरक्की करेंगे। स्टूडेंट्स को प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलेगी। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। हेल्दी डाइट लें। इससे आप स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहेंगे। मीन राशि- परिजनों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। लाइफस्टाइल में बदलाव लाकर स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है। मौसम में परिवर्तन के कारण स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। लव लाइफ में रोमांटिक मोड़ आएंगे। जीवनसाथी का सपोर्ट मिलेगा।

पूर्वजों का आशीर्वाद चाहिए तो चैत्र पूर्णिमा के दिन करें पिंडदान

हिंदू धर्म में पूर्णिमा की तिथि बहुत पावन मानी गई है. हर माह में एक पूर्णिमा पड़ती है. अभी चैत्र का महीना चल रहा है. इस महीने की समाप्ति पूर्णिमा के दिन होगी. फिर अगले दिन से वैशाख का महीना शुरू हो जाएगा. चैत्र पूर्णिमा के दिन स्नान दान किया किया जाता है. चैत्र पूर्णिमा के दिन श्रद्धालु गंगा समेत पावन नदियों में स्नान करते हैं. साथ ही दान-पुण्य करते हैं. चैत्र पूर्णिमा के दिन जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी का पूजन होता है. इस दिन पूजा के समय भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को श्रीफल और चावल की खीर चढ़ानी चाहिए. चैत्र पूर्णिमा की तिथि पूजा-पाठ के साथ-साथ पितरों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है. इस दिन पितरों का तर्पण और पिंंडदान करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और उनको मोक्ष की प्राप्ति होती है. पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि चैत्र पूर्णिमा के दिन किस विधि से पिंडदान करना चाहिए. कब है चैत्र पूर्णिमा ? हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 12 अप्रैल को देर रात 3 बजकर 21 मिनट पर हो जाएगी. वहीं इस तिथि की समाप्ति 13 अप्रैल को सुबह सुबह 5 बजकर 51 मिनट पर हो जाएगी. हिंदू धर्म में उदया तिथि मानी जाती है. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, 13 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा मनाई जाएगी. पिंडदान की विधि चैत्र अमावस्या के दिन सर्व प्रथम स्नान करके साफ वस्त्र धारण करें. फिर एक वेदी बनाएं और उस पर पूर्वजों की तस्वीर रखें. फिर वेदी पर काले तिल, जौ, चावल और कुश रखें. इसके बाद गाय के गोबर, आटे, तिल और जौ से एक पिंड बना लें. फिर उस पिंड को पितरों को अर्पित को अर्पित करें. पितरों के मंत्रों का जाप करें. उनको जल अर्पित करें. ध्यान रखें कि पूर्वजों का पिंडदान हमेशा जानकार पुरोहित की उपस्थिति में ही करें. पिंडदान के बाद ब्राह्मणों को भोजन अवश्य कराएं और उनको दान भी दें. पिंडदान के नियम पूर्वजों का पिंडदान गंगा या किसी अन्य पवित्र नदी के तट पर जाकर करें. पिंडदान हमेशा दोपहर के समय करें. पूर्वजों के पिंडदान के लिए दोपहर का समय सबसे अच्छा माना जाता है. पिंडदान करते समय, पितरों का ध्यान करें. उनसे आशीर्वाद देने की प्रार्थना करें.

आज रविवार 06 अप्रैल 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- मेष राशि वालों की नौकरी में तरक्की के योग बन रहे हैं। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा, परंतु परिवार से दूर किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों की नौकरी में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। उच्च पद की प्राप्ति हो सकती है, परंतु परिवार से दूर किसी दूसरे स्थान भी पर जाना पड़ सकता है। पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। रहन-सहन अव्यवस्थित रहेगा। मिथुन राशि– मिथुन राशि वालों को कारोबार में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। कुछ आरम्भिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। मित्रों का सहयोग मिलेगा। परिवार के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कर्क राशि- कर्क राशि वालों को कारोबार में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। संयत रहें। व्यर्थ के क्रोध व वाद-विवाद से बचें। शत्रुओं से सतर्क रहें। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा, पर कार्यक्षेत्र में कठिनाइयां आ सकती हैं। सिंह राशि- सिंह राशि वालों को नौकरी में परिवर्तन के साथ पदोन्नति के योग बन रहे हैं। जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। आय में वृद्धि होगी। कन्या राशि- कन्या राशि वालों का कला या संगीत में रुझान बढ़ सकता है। घर-परिवार में धार्मिक कार्यों पर खर्च बढ़ सकते हैं। कारोबार में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। किसी मित्र से कारोबार का प्रस्ताव मिल सकता है। आय में वृद्धि होगी। तुला राशि- तुला राशि वालों को लिए दिन शुभ है। दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी। लेखन आदि बौद्धिक कार्यों से आय के साधन बनेंगे। कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। भाई-बहनों से आर्थिक मदद मिल सकती है। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। वृश्चिक राशि– वृश्चिक राशि वालों को नौकरी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में बदलाव के योग बन रहे हैं। शैक्षिक कार्यों के प्रति सचेत रहें, व्यवधान आ सकते हैं। कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। धनु राशि– धनु राशि वालों के कारोबार में सुधार होगा। लाभ के मौके मिलेंगे, पर भागदौड़ भी अधिक रहेगी। नौकरी में कार्यक्षेत्र में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। कुछ कठिनाइयां भी आ सकती हैं। यात्रा पर भी जा सकते हैं। मकर राशि– मकर राशि वालों के लिए सामान्य दिन। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में वृद्धि हो सकती है। परिवार का साथ रहेगा। आय में वृद्धि होगी। शैक्षिक कार्यों के लिए किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों को नौकरी में विदेश यात्रा के अवसर मिल सकते हैं। अफसरों का सहयोग मिलेगा। वस्त्रों व वाहन के रखरखाव पर खर्च बढ़ सकते हैं। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी। मीन राशि- मीन राशि वालों का परिवार संग किसी धार्मिक स्थान पर जाने का कार्यक्रम बन सकता है। सेहत का ध्यान रखें। खर्च अधिक रहेंगे। शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आ सकते हैं। कारोबार में लाभ के अवसर मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी।

कन्या पूजन के बाद नवरात्रि का व्रत होता है पूरा, ऐसे करें महानवमी कन्या पूजन

कल चैत्र नवरात्रि का नौवां दिन है. नवमी तिथि को मां दुर्गा के नौवें स्वरूप में सिद्धिदात्रि की पूजा का विधान हैं. साथ ही इस दिन व्रत करने वाले कन्या पूजन करते हैं. कहते हैं कन्या पूजन करने से मां भगवती प्रसन्न होती हैं और भक्तों आशीर्वाद प्रदान करती हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, शुभ मुहूर्त और पूरे विधि-विधान से कन्या पूजन करना शुभ होता है. ऐसा करने से मां आदिशक्ति की कृपा से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है. साथ ही तमाम कष्टों से मुक्ति मिलती है. महानवमी कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, महानवमी तिथि का शुरुआत हो जाएगी जो कि 6 अप्रैल को शाम 7 बजकर 22 मिनट पर समाप्त हो जाएगी. ऐसे में महानवमी 6 अप्रैल को है. वहीं कन्या पूजन के लिए शुभ अभिजित मुहूर्त सुबह11बजकर 58 से लेकर दोपहर 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा. इस दौरान कन्या पूजन कर सकते हैं. कन्या पूजन की सामग्री कन्याओं का पैर धोने के लिए साफ जल, और कपड़ा, बैठना के लिए आसन, गाय के गोबर से बने उपले, पूजा की थाली, घी का दीपक, रोली, महावर, कलावा ,चावल, फूल, चुन्नी, फल, मिठाई, हलवा-पूरी और चना, भेंट और उपहार. कन्या पूजन मंत्र स्तोत्र मंत्र: या देवी सर्वभूतेषु कन्या रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ ऊं श्री दुं दुर्गायै नम: ।। कन्या पूजन विधि महा नवमी के दिन कन्या पूजन करने के लिए सुबह जल्दी उठकर घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई करें. फिर स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद भगवान गणेश और मां सिद्धिदात्रि की पूजा करें. कन्या पूजन के लिए 1 से 10 साल तक की नौ कन्याओं को और एक बालक को आमंत्रित करें. माता के जयकारे के साथ कन्याओं का स्वगत करें. उसके बाद सभी कन्याओं का पैर खुद अपने हाथों से धुलें और पोछें. इसके बाद उनके माथे पर कुमकुम और अक्षत का टीका लगाएं. फिर उनके हाथ में मौली या कलावा बाधें. एक थाली में घी का दीपक जलाकर सभी कन्याओं की आरती उतारें. आरती के बाद सभी कन्याओं हलवा-पूरी, चना का भोग लगाएं. भोजन के बात अपनी सामर्थ अनुसार कन्याओं को कुछ न कुछ भेंट जरूर दें. आखिरी में कन्याओं का पैर छूकर उनका आशीर्वाद जरूर प्राप्त करें.

राम नवमी पर करें ये उपाय, विवाह में आ रहा बाधाएं होगी दूर

पंचांग के अनुसार, चैत्र माह शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान राम का जन्मोत्सव मनाया जाता है. इस दिन मंदिरों में भव्य कार्यक्रम के साथ रामचरितमानस का पाठ किया जाता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन अयोध्या के राजा दशरथ और माता कौशल्या के घर भगवान राम का जन्म हुआ था. मान्यता है कि इस दिन राम दरबार की पूजा और रामचरित मानस का पाठ करने से जीवन के विभिन्न परेशानियों से मुक्ति मिलती है. वहीं राम नवमी पर कुछ खास उपाय करने विवाह में आ रहा बाधाएं भी दूर होती हैं. राम नवमी कब हैं? हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि की शुरुआत 5 अप्रैल को शाम 7 बजकर 26 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन अगले दिन 6 अप्रैल को शाम 7 बजकर 22 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार, राम नवमी 6 अप्रैल को मनाई जाएगी. राम नवमी शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, राम नवमी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 8 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 39 मिनट तक रहेगा. ऐसे में भक्तों को पूजा के लिए कुल 2 घंटे 31 मिनट का समय मिलेगा. राम नवमी के उपाय     यदि किसी व्यक्ति को विवाह में बार-बार रुकावट आ रही हैं, तो राम नवमी के दिन शाम के समय भगवान राम और माता सीता को हल्दी, चंदन तथा कुमकुम अर्पित करें. मान्यता है कि ऐसा करने से से विवाह में आ रही सभी बाधाएं दूर होती हैं. इसके अलावा मनपसंद जीवनसाथी की प्राप्ति भी हो सकती है.     घर में सुख-समृद्धि और धन लाभ के लिए राम नवमी के दिन राम दरबार की पूजा करें और घर के मुख्य द्वार पर 11 दीपक जलाएं.     बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए राम नवमी के दिन हनुमान जी की पूजा करें. इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें. मान्यता है कि ऐसा करने पुरानी तथा गंभीर बीमारियों से मुक्ति मिलती है.     संतान प्राप्ति के लिए राम नवमी के दिन एक लाल रंग का कपड़ा लें. उसमें एक नारियल लपेटकर माता सीता के चरणों में अर्पित करें. उसके बाद ॐ नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जाप करें. मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को जल्द संतान सुख की प्राप्ति होती है.  

शनिवार 05 अप्रैल 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए अच्छा दिन है। पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। धन बचत करें और बेकार की चीजों पर पैसे खर्च करने से बचें। अच्छे भविष्य के लिए प्लान बनाएं। निवेश के नए मौकों पर नजर रखें। धन से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। करियर में तरक्की के नए मौकों का भरपूर लाभ उठाएं। वृषभ राशि- जीवन में महत्वपूर्ण बदलावों के संकेत हैं। नौकरी-कारोबार में वातावरण अनुकूल रहेगा। सुखद यात्रा के योग बनेंगे। जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। फैमिली और करीबी दोस्तों के साथ टाइम स्पेंड करेंगे। अपने डेली रूटीन से थोड़ा ब्रेक लें और लाइफ में नई चीजों को एक्सप्लोर करने के लिए तैयार रहें। भावुकता से बचें और इमोशनल होकर कोई डिसीजन न लें। मिथुन राशि– मिथुन राशि वालों की पुराने दोस्तों और रिश्तेदारों से मुलाकात होगी। जिससे मन प्रसन्न रहेगा। आज आपकी लंबे समय के बाद करीबी दोस्तों से मिलने का मौका मिल सकता है। ऑफिस में सहकर्मियों का सपोर्ट करें। जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगी। घर धार्मिक कार्यों का आयोजन संभव है। कर्क राशि– कर्क राशि के जातकों को आज कोई भी फैसला बहुत सोच-समझकर लेना चाहिए। रिश्तों में नजदीकियां आएंगी। प्रेम-संबंधों में प्यार और मिठास बढ़ेगा। आकर्षण के केंद्र बने रहेंगे। करियर में नई उपलब्धियां हासिल होंगी। सकारात्मक रहें और दूसरों की मदद करने और उन्हें मोटिवेट करने के लिए हमेशा तैयार रहें। सिंह राशि– ऑफिस में कार्यों का दबाव बढ़ेगा। नए जिम्मेदारियों को सावधानी से संभालें। किसी भी कार्य को लेकर ज्यादा तनाव न लें। अपने सभी काम को व्यवस्थित ढंग से पूरा करें। आराम करना न भूलें। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के बीच संतुलन बनाए रखें। कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ अपने सेहत पर भी ध्यान दें और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। कन्या राशि– कन्या राशि वालों को आज करियर में तरक्की के कई मौके मिलेंगे। ऊर्जा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिलेगी। ऑफिस में कार्यों की प्रशंसा होगी। टीम मीटिंग में अपने आइडियाज को शेयर करने के लिए तैयार रहें। कार्यस्थल पर आपके द्वारा किए गए प्रयासों से सफलता की राह आसान होगी। तुला राशि- तुला राशि के जातकों को जीवन में संतुलन बनाने पर फोकस करना होगा। ऑफिस में काफी बिजी शेड्यूल रहेगा। नए प्रोजेक्ट पर काम करने का मौका मिलेगा। कुछ कार्यों को पूरा करने के लिए ऑफिस में ज्यादा समय बिताना पड़ सकता है। आपमें आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। मन प्रसन्न रहेगा। जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। वृश्चिक राशि- लव लाइफ पर ध्यान दें। जीवनसाथी से अनबन के संकेत हैं। रिश्तों में बिना कारण तनाव बढ़ सकता है, लेकिन क्रोध से बचें। वाणी पर संयम रखें। साथी का ख्याल रखें। रिलेशनशिप की दिक्कतों को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश करें। प्रोफेशनल लाइफ में नई जिम्मेदारी के लिए तैयार रहें। धनु राशि– व्यापार में विस्तार होगा। आज पार्टनरशिप या नए बिजनेस की शुरुआत करने के कई मौके मिलेंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। धन लाभ के नए अवसरों पर नजर रखें। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी, लेकिन सेहत पर ध्यान दें। हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करें। मकर राशि– निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। लॉन्ग टर्म गोल्स पर फोकस करें। करियर में तरक्की के नए मौके पर नजर रखें। नौकरी-कारोबार में वातावरण अनुकूल रहेगा। प्रोफेशनल लाइफ में नए कार्यों की जिम्मेदारी लेने में संकोच न करें। आज आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। धन लाभ के नए स्त्रोत बनेंगे। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। कुंभ राशि– नए कार्यों की शुरुआत के लिए उत्तम दिन है। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।सफलता प्राप्त करने के लिए किए गए प्रयास सार्थक साबित होंगे। मानसिक शांति मिलेगी। लॉन्ग टर्म करियर गोल्स पर फोकस करें। नए आइडियाज के साथ कार्यों की चुनौतियों को हैंडल करें। इससे आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में मदद मिलेगा। फैसले लेते समय अपने अंतर्मन की सुनें। मीन राशि– मीन राशि वालों के प्रोफेशनल लाइफ में नए बदलाव होंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। धन आगमन के नए मार्ग प्रशस्त होंगे। नए कार्यों की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार रहें। प्रेम-संबंधों मधुरता आएगी। पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा।

नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की करें पूजा और कन्या पूजन

हिंदू धर्म नवरात्रि को बहुत ही पवित्र माना जाता है. कहते हैं कि इस दौरान मां अपने भक्तों का उद्धार करने धरती पर आती हैं. नवरात्रि के दौरान सभी लोग मां भगवती के नौ रूपों आराधना तथा व्रत का पालन करते हैं. नवरात्रि के आठवे दिन मां महागौरी की अराधना की जाती है. मान्यता है कि मां महागौरी की विधि-विधान से पूजा करने वाले भक्तों के सारे बिगड़े काम बन जाते हैं साथ ही सभी प्रकार के रोगों से भी मुक्ति मिलती है. कहते हैं कन्या पूजन के बाद ही नवरात्रि का व्रत पूरा होता है. कुछ लोग नवरात्रि के आठवे दिन यानी अष्टमी तिथि को भी कन्या पूजन करते हैं. वहीं अगर कन्या पूजन शुभ मुहूर्त और सही विधि से किया जाए. तो व्यक्ति को माता रानी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है. अष्टमी और नवमी की तिथि कब है? वैदिक पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि के शुरुआत 4 अप्रैल को रात 8 बजकर 12 मिनट पर होगी. वहीं तिथि के समापन 5 अप्रैल को शाम 7 बजकर 26 मिनट पर होगी, जिसके बाद महानवमी तिथि का शुरुआत हो जाएगी जो कि 6 अप्रैल को शाम 7 बजकर 22 मिनट पर समाप्त हो जाएगी. ऐसे में अष्टमी तिथि का कन्या पूजन 5 अप्रैल और महानवमी 6 अप्रैल को होगी. मां महागौरी की पूजा विधि मां दुर्गा के आठवें रूप मां महागौरी की पूजा करने के लिए सुबह स्नान कर सफेद रंग के वस्त्र धारण करें. उसके बाद पूजा स्थल की साफ सफाई कर मां महागौरी की मूर्ति या तस्वीर को गंगाजल से साफ कर लें. मां महागौरी को सफेद रंग अतिप्रिय है और इसलिए पूजा में सफेद रंग के पुष्प भी अर्पित करना बहुत शुभ माना गया है. इसके बाद मां को रोली व कुमकुम का तिलक लगाएं, फिर मिष्ठान, पंच मेवा और फल अर्पित करें. अष्टमी के दिन मां महागौरी की पूजा करते समय उन्हें काले चने का भोग लगाना चाहिए. अष्टमी तिथि के दिन कन्या पूजन भी शुभ माना जाता है. इसके बाद आरती व मंत्रों का जाप करें. महाअष्टमी कन्या पूजन शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, महाअष्टमी के दिन कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 59 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 49 मिनट तक रह सकता है. इस दौरान कन्या पूजन कर मां आदिशक्ति का आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है. कन्या पूजन की सामग्री कन्याओं का पैर धोने के लिए साफ जल, और कपड़ा, बैठना के लिए आसन, गाय के गोबर से बने उपले, पूजा की थाली, घी का दीपक, रोली, महावर, कलावा ,चावल, फूल, चुन्नी, फल, मिठाई, हलवा-पूरी और चना, भेंट और उपहार. कन्या पूजन विधि कंजक पूजन के लिए अष्टमी या नवमी के दिन सुबह जल्दी उठकर घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई करें. फिर स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद भगवान गणेश और महागौरी की पूजा करें. कन्या पूजन के लिए कन्याओं को और एक बालक को आमंत्रित करें. जब कन्याएं घर में आए तो माता का जयकारा लगाएं. उसके बाद सभी कन्याओं का पैर खुद अपने हाथों से धुलें और पोछें. इसके बाद उनके माथे पर कुमकुम और अक्षत का टीका लगाएं. फिर उनके हाथ में मौली या कलावा बाधें. एक थाली में घी का दीपक जलाकर सभी कन्याओं की आरती उतारें. आरती के बाद सभी कन्याओं हलवा-पूरी, चना का भोग लगाएं. भोजन के बात अपनी सामर्थ अनुसार कन्याओं को कुछ न कुछ भेंट जरूर दें. आखिरी में कन्याओं का पैर छूकर उनका आशीर्वाद जरूर प्राप्त करें.

कामदा एकादशी पर करें दान, पूरे होंगे रुके काम

एकादशी का व्रत हर माह शुक्ल और कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर रखा जाता है. वहीं चैत्र माह शुक्ल पक्ष की एकादशी को कामदा एकादशी का व्रत रखा जाता है. कहते हैं इस दिन जगत के पालन हार भगवान विष्णु की सच्चे मन से अराधना करने से व्यक्ति को सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है. साथ ही इस व्रत के प्रभाव से जाने-अनजाने में किए गए पापों से भी मुक्ति मिलती है. इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने के साथ राशि के अनुसार दान करने से व्यक्ति को बिगड़े तथा रुके हुए काम बन जाते हैं. कामदा एकादशी कब है हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी की तिथि की शुरुआत 7 अप्रैल को रात्रि 8 बजे होगी. वहीं तिथि का समापन अगले दिन रात्रि 9 बजकर 12 पर होगी. उदया तिथि के अनुसार, कामदा एकादशी का व्रत मंगलवार 8 अप्रैल को रखा जाएगा. कामदा एकादशी पर राशि के अनुसार करें इन चीजों का दान मेष राशि- कामदा एकादशी के दिन लाल रंग की मिठाई और लाल रंग के मौसमी फलों मसूर दाल का दान करें. वृषभ राशि- चावल, गेहूं, चीनी, दूध आदि चीजों का दान करें. मिथुन राशि- गाय को चारा खिलाएं और सेवा करें. साथ ही जरूरतमंद लोगों को हरी सब्जियों का दान करें. कर्क राशि- माखन, मिश्री, लस्सी, छाछ आदि चीजों का दान करें. सिंह राशि- कामदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने के बाद राह चलते लोगों में लाल रंग के फल और शरबत बाटें. कन्या राशि- विवाहित महिलाओं को हरे रंग की चूड़ियां दान में दें. तुला राशि- भगवान विष्णु की पूजा करने के बाद जरूरतमंदों के मध्य सफेद वस्त्रों का दान करें. वृश्चिक राशि- मसूर दाल, लाल मिर्च, लाल रंग के फल आदि चीजों का दान करें. धनु राशि- केसर मिश्रित दूध राहगीरों में बाटें. साथ ही पीले रंग के फल और खाने पीने की अन्य चीजों का भी दान कर सकते हैं. मकर राशि- भगवान विष्णु की पूजा करने के साथ गरीबों के मध्य धन का दान करें. कुंभ राशि- कामदा एकादशी पर चमड़े के जूते-चप्पल, छतरी और काले वस्त्र का दान करें. मीन राशि- केला, चने की दाल, बेसन, पीले रंग के वस्त्र का दान करें.

दुर्गा महाअष्टमी और नवमी कब है? जान लें कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त

चैत्र नवरात्र में अष्टमी और नवमी तिथि का बहुत महत्व है. अष्टमी तिथि को महागौरी की पूजा का विधान है तो महानवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है. अष्टमी और नवमी तिथि को लोग कन्या पूजन करते हैं. इस दिन छोटी-छोटी कन्याओं को न्योता देकर घर बुलाया जाता है और उन्हें हलवा, चने और पूरी का प्रसाद खिलाया जाता है. इसके बाद देवी स्वरूप कन्याओं का आशीर्वाद लेकर उन्हें सामार्थ्य के अनुसार कोई उपहार या पैसे दिए जाते हैं. आइए जानते हैं कि इस बार अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त क्या रहने वाला है. महाष्टमी और नवमी तिथि और मुहूर्त हिंदू पंचांग के अुनसार, अष्टमी तिथि 4 अप्रैल को रात 8:12 मिनट से शुरू होकर 5 अप्रैल 7:26 मिनट पर समाप्त होगी. उदिया तिथि के अुनसार, अष्टमी तिथि 5 अप्रैल 2025 को मनाई जाएगी. इसके बाद ही नवमी तिथि शुरू हो जाएगी. इस बार 6 अप्रैल को नवरात्र के नवमी तिथि के साथ रामनवमी भी है. कन्या पूजन करने वाले लोग इस दिन भी कन्या पूजन के साथ पारण भी कर सकते है. कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त महाअष्टमी पर कन्या पूजन का मुहूर्त: 5 अप्रैल सुबह 11:59 से लेकर 12:29 तक कर सकते हैं. महानवमी पर कन्या पूजन का मुहूर्त: 6 अप्रैल को सुबह 11:59 से दोपहर 12:50 तक कन्या पूजन कर सकते हैं. अष्टमी और नवमी पूजन विधि कन्या पूजन में ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान करें. स्वच्छ कपड़े पहनें. अपने घर की मंदिर को साफ करें. थोड़ा गंगाजल का छिड़काव करें. फिर मां दुर्गा का चित्र या मूर्ति का गंगाजल से अभिषेक करें. मां को लाल फूल, फल, अक्षत, सिंदूर, धूप, दीप, नैवेद्म आदि चढ़ाएं. फिर देवी को उनका प्रिय भोग लगाएं. अष्टमी को मां महागौरी की पूजा होती है और नवमी को मां सिद्धदात्री की पूजा होती हैं. इस दिन मां को खीर-पूरी और चने की सब्जी को भोग लगता है. फिर दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें. आखिर में मां की आरती करें. आप अष्टमी और नवमी दोनों दिन हवन और कन्या पूजन कर सकते है. कन्या पूजन विधि कन्या पूजन के बिना नवरात्र अधूरे हैं. मान्यता है कि नवरात्र में कन्या पूजन करने से मां की विशेष कृपा होती है और मां को प्रसन्न करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. कन्या पूजन करना इसलिए आवश्यक है, क्योंकि कहा जाता ये छोटी कन्याएं मां दुर्गा की स्वरूप होती हैं. इनका पूजन करना, सम्मान करना मां दुर्गा की पूजा के समान होता है. अष्टमी या महानवमी पर कन्या पूजन से एक दिन पहले ही कन्याओं का घर आने का निमंत्रण दे आएं. जब कन्याएं पूजन के दिन आएं तो पहले सम्मान के साथ घर में उनका स्वागत करें. फिर उनके पैर धुलाएं. फिर साफ आसन पर बैठाएं. उनकी आरती करें. चंदन का टीका लगाएं और  हाथ में रक्षासूत्र बांधें. फिर उन्हें भोजन कराएं. ध्यान रखें उनके खाने में लहसून-प्याज न हो. खाने में खीर-पूरी, चने की सब्जी आदि खिलाएं. फिर भोजन होने के बाद उनके हाथ धुलाएं. उसके बाद दान दक्षिण और उपहार देकर उनके पैर छूकर प्रणाम करें. मां के जयकारे लगाकर उन्हें सम्मानपूवर्क विदा करें.  

आज शुक्रवार 04 अप्रैल 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- आज मेष राशि वालों के लिए एनर्जी से भरपूर दिन इंतजार कर रहा है, जो रचनात्मकता से भरपूर है। पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों तरह के रिश्तों पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें कम्युनिकेशन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वृषभ राशि- आज का आपका दिन हैप्पी-हैप्पी रहने वाला है। मैरिड कपल्स अपने पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेन्ड करेंगे। स्टूडेंट्स को कोई गुड न्यूज मिल सकती है, हो सकता है आपने टॉप किया हो या आपको आपके फेवरेट कॉलेज में एडमिशन मिल गया हो। मिथुन राशि- आज का दिन हलचल भरा रहने वाला है। आज मुश्किलों पर काबू पाना आपके दिन को उजागर करता है, जो चुनौतियां और अवसर दोनों लेकर आ सकता है। पैसों के मामले में आप भाग्यशाली रहेंगे। कर्क राशि- आज तनाव कम लें। खुद पर भरोसा करें। दिन पर्सनल ग्रोथ और प्रोफेशनल अवसरों को आमंत्रित करता है। आपका इंट्यूशन ही आपका मार्गदर्शन करेगा। लव के मामले में साथी की बात सुनना आज बेहतर रहेगा। सिंह राशि- आज अपना विश्वास बनाए रखें और लगातार काम करते रहें। प्रॉफिट को अनलॉक करें। कॉन्फिडेंस के साथ आज ही चुनौतियों से निपटें। आज का आपका दिन पॉजिटिव रहने वाला है। परिवर्तन को अपनाएं। कन्या राशि- आज के ग्रहों की स्थिति विकास को बढ़ावा देती है, जो पर्सनल और प्रोफेशनल क्षेत्रों में काम के साथ इच्छाओं को बैलेंस करने की चुनौती देता है। आज सकारात्मक ऊर्जा आपके चारों ओर है, जो विकास को बढ़ावा देती है। तुला राशि- आज किसी भी तरह की बहस से दूरी बनाएं। जितना पॉजिटिव रहेंगे उतना बेहतर है। आज अपना फेवरेट फूड ट्राई करें। आज का आपका दिन प्रोडक्टिव रहने वाला है। परीक्षा से भरा दिन, लेकिन उतने ही लाभदायक परिणाम भी मिलेंगे। वृश्चिक राशि- आज नए अवसर खुद ही आपके सामने आएंगे, जिससे महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। परिवर्तन को स्वीकार करें। आज का दिन विकास के अवसरों की ओर इशारा कर रहा है। इमोशनल और प्रोफेशनल चुनौतियों से निपटने के लिए अलर्ट रहना आवश्यक है। धनु राशि- आज लव के मामले में सितारे आपके साथ हैं। आज का दिन धनु जातकों के लिए थोड़ा स्ट्रेसफुल साबित हो सकता है। काम के सिलसिले में भागदौड़ बढ़ सकती है। कुछ लोगों को अपने बॉस की फटकार भी झेलनी पड़ेगी। मकर राशि- आज का दिन आपके लिए सेल्फ-लव पर फोकस करने वाला दिन है। काम का बहुत ज्यादा प्रेशर न लें। मुश्किलें आती-जाती रहती हैं। पैसों का आगमन तो होगा ही लेकिन आपके खर्च भी बढ़ने वाले हैं। कुंभ राशि- आज अवसरों को खुले दिल से अपनाना जरूरी है। आज का दिन रिलेशन में बैलेंस खोजने पर फोकस करता है। गलतफहमी के चलते अन-बन हो सकती है। अपने विचारों और इरादों को क्लियर करें। मीन राशि- आज का दिन आपके लिए क्रिएटिव रहेगा। आज नई चुनौतियों को खुली बांहों के साथ स्वीकार करें। पर्सनल और प्रोफेशनल ग्रोथ को बढ़ावा देने वाला क्रिएटिव दिन आपका इंतजार कर रहा है।

नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि को ऐसे करें प्रसन्न

नवरात्रि का सातवां दिन मां कालरात्रि को समर्पित है. इस दिन मां दुर्गा के कालरात्रि स्वरुप की पूजा-आर्चना की जाती है. मां दुर्गा के इस स्वरूप को बहुत ही विकराल बताया गया है. मां कालरात्रि का वर्ण काला है, तीन नेत्र हैं, खुल हुए केश, गले में मुंड माला धारण किए हुए गंधर्भ की सवारी करती हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां कलरात्रि की पूजा करने से व्यक्ति के मन से भय का नाश होती है. सभी प्रकार के बाधाएं दूर होती हैं. इसके अलावा मोक्ष की प्राप्ति भी होती है. ऐसे करें मां कालरात्रि को प्रसन्न? चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्र को प्रसन्न करने के लिए सुबह उठकर स्नान कर साफ सुथरे वस्त्र धारण करें. सबसे पहले मां कालरात्रि के सामने दीपक जलाकर अक्षत, रोली, फूल, फल आदि मंत्रोउच्चार करते हुए अर्पित करें. मां कालरात्रि को लाल रंग के पुष्प अति प्रिय हैं, इसलिए पूजा में गुड़हल या गुलाब के फूल अर्पित करें. इसके बाद दीपक और कपूर जलाकर मां कालरात्रि की आरती करने के बाद लाल चंदन या रुद्राक्ष की माला से मंत्र जाप करें. आखिर में मां कालरात्रि को गुड़ का भोग लगाए साथ ही गुड़ का दान भी करें. ऐसा करने शुभ फलदायी माना जाता है. मां कालरात्रि का प्रिय भोग कालरात्रि का प्रिय भोग गुड़ हैं. मान्यता है कि नवरात्रि के सातवें दिन की पूजा में मां को गुड़ या उससे बनी मिठाईयों का भोग लगाने से वह प्रसन्न होती है. मां कालरात्रि के मंत्र मां कालरात्रि का प्रार्थना मंत्र एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता। लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्त शरीरिणी॥ वामपादोल्लसल्लोह लताकण्टकभूषणा। वर्धन मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥ मां कालरात्रि की स्तुति मंत्र या देवी सर्वभूतेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥   मां कालरात्रि का ध्यान मंत्र करालवन्दना घोरां मुक्तकेशी चतुर्भुजाम्। कालरात्रिम् करालिंका दिव्याम् विद्युतमाला विभूषिताम्॥ दिव्यम् लौहवज्र खड्ग वामोघोर्ध्व कराम्बुजाम्। अभयम् वरदाम् चैव दक्षिणोध्वाघः पार्णिकाम् मम्॥ महामेघ प्रभाम् श्यामाम् तक्षा चैव गर्दभारूढ़ा। घोरदंश कारालास्यां पीनोन्नत पयोधराम्॥ सुख पप्रसन्न वदना स्मेरान्न सरोरूहाम्। एवम् सचियन्तयेत् कालरात्रिम् सर्वकाम् समृध्दिदाम्॥ मां कालरात्रि की आरती जय जय अम्बे जय कालरात्रि। कालरात्रि जय-जय-महाकाली । काल के मुह से बचाने वाली ॥ दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा । महाचंडी तेरा अवतार ॥ पृथ्वी और आकाश पे सारा । महाकाली है तेरा पसारा ॥ खडग खप्पर रखने वाली । दुष्टों का लहू चखने वाली ॥ कलकत्ता स्थान तुम्हारा । सब जगह देखूं तेरा नजारा ॥ सभी देवता सब नर-नारी । गावें स्तुति सभी तुम्हारी ॥ रक्तदंता और अन्नपूर्णा । कृपा करे तो कोई भी दुःख ना ॥ ना कोई चिंता रहे बीमारी । ना कोई गम ना संकट भारी ॥ उस पर कभी कष्ट ना आवें । महाकाली मां जिसे बचाबे ॥ तू भी भक्त प्रेम से कह । कालरात्रि मां तेरी जय ॥ जय जय अम्बे जय कालरात्रि।

रामनवमी पर घर बैठे होंगे रामलला के दर्शन, जियो हॉटस्टार पर आएगा LIVE

अयोध्‍या रामनवमी पर अगर घर बैठे अयोध्‍या में विराजमान रामलला के दर्शन हो जाएं तो कैसा रहेगा! करोड़ों भारतीयों की यह मुराद OTT पर पूरी होने वाली है। जी हां, 6 अप्रैल 2025 को सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक अयोध्‍या राम मंदिर से रामनवमी के उत्‍सव का LIVE टेलीकास्‍ट होने वाला है। यानी आप घर बैठे, परिवार के साथ बिना अयोध्‍या गए, रामलला के दर्शन कर सकते हैं। देश के दिग्‍गज ओटीटी प्‍लेटफॉर्म ‘जियो हॉटस्टार’ इस LIVE स्ट्रीमिंग के अनुभव को खास बनाने की तैयारी में है। इससे पहले महाशिवरात्रि के मौके पर भी 12 ज्‍योतिर्लिंगों से आरती को लाइव स्‍ट्रीम किया गया था। जबकि अहमदाबाद में कोल्डप्ले के ‘म्यूज‍िक ऑफ द स्फीयर्स’ की भी लाइवस्ट्रीम हुई थी। 6 अप्रैल को सुबह 8 बजे से होगा LIVE प्रसारण JioHotstar ने घोषणा की है कि 6 अप्रैल को सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक अयोध्या से एक स्‍पेशल लाइव स्ट्रीम के जरिए दर्शकों के लिए राम नवमी का उत्सव मनाया जाएगा। खास बात यह कि इस समारोह में LIVE स्‍ट्रीमिंग के साथ महानायक अमिताभ बच्चन राम कथा की प्रेरक कहानियां भी सुनाएंगे। अमिताभ बच्‍चन सुनाएंगे भगवान राम की कहानियां रामनवमी पर अमिताभ बच्चन भगवान राम के मूल्यों पर कालातीत ज्ञान और विचार शेयर करेंगे। ओटीटी प्‍लेटफॉर्म का कहना है कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है। इसमें भगवान राम के जन्म, उनकी जीवन यात्रा, रामायण के सात कांडों को दर्शाया जाएगा, और यह सब राम जन्मभूमि से लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान होगा। पूजा, भद्राचलम, पंचवटी, चित्रकूट और आरती भी इतना ही नहीं, अमिताभ बच्चन इस दौरान बच्चों के साथ एक इंटरैक्टिव सत्र की मेजबानी भी करेंगे, जिसमें कांडों की चुनिंदा कहानियों और दोहों को वह अपने अंदाज में बताएंगे। लाइव स्‍ट्रीमिंग में अयोध्या में की जाने वाली विशेष पूजा से लेकर, मंदिरों में पवित्र अनुष्ठान, भद्राचलम, पंचवटी, चित्रकूट और आरती की स्‍ट्रीमिंग होगी। इसके अलावा कैलाश खेर और मालिनी अवस्थी जैसे प्रतिष्ठित कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दिखाई जाएंगी। JioHotstar ने अपने बयान में कहा, ‘रामनवमी हमारे देश में एक बहुत ही पूजनीय अवसर है। देश के हर कोने में लाखों लोगों तक इसके पवित्र उत्सव को लाने के लिए हम सम्मानित महसूस कर रहे हैं। महानायक अमिताभ बच्चन द्वारा भगवान राम की यात्रा का वर्णन इस अनुभव को यादगार बना देगा। अमिताभ बच्‍चन बोले- यह जीवनभर का सम्मान है दूसरी ओर, अमिताभ बच्चन ने कहा, ‘ऐसे पवित्र अवसर का हिस्सा बनना जीवनभर का सम्मान है। रामनवमी एक त्योहार से कहीं अधिक है। यह गहन चिंतन का क्षण है, धर्म, भक्ति और धार्मिकता के आदर्शों को अपनाने का समय है।’

आज गुरुवार 03 अप्रैल 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि: आज अनुशासन ही आपकी ताकत है। सेहत के मामले में सावधानी बरतने की जरूरत है। मामूली मुद्दों के बावजूद आपका लव कनेक्शन मजबूत रहेगा। कार्यालय में उत्पादक होने के दौरान आपको वर्क और पर्सनल लाइफ में बैलेंस मेन्टेन करना चाहिए। वृषभ राशि: आज आपको अपनी हेल्थ पर ध्यान देना चाहिए। आपकी लव लाइफ पॉजिटिव रहेगी, जहां आप एक साथ ज्यादा से ज्यादा टाइम स्पेन्ड करेंगे। अच्छे स्वास्थ्य के साथ पेशेवर सफलता दिन को आनंद से भर देगी। कोई भी प्रॉब्लम आपके लिए बड़ी नहीं है। मिथुन राशि: आज प्यार में पड़ने के लिए तैयार रहें। व्यावसायिक जीवन में उथल-पुथल की स्थिति बनी रहेगी। आर्थिक खुशहाली से भी खुशी मिलेगी। पैसों के मामले में आंख बंद करके किसी पर भरोसा न करें। आज अपने स्वास्थ्य पर नजर रखें। कर्क राशि: जीवन में सकारात्मक बदलाव हो रहे हैं। चुनौतियों को स्वीकार करें, जो आपको व्यक्तिगत विकास और नए अवसरों की ओर ले जा सकती है। हेल्दी फूड का सेवन करें। आज का दिन आपके लिए थोड़ा-बहुत उतार-चढ़ाव वाला रहेगा। सिंह राशि: आज के दिन अपने लक्ष्य पर दृढ़ रहें। सही देखभाल के साथ अपने पैसों को संभालें। मामूली स्वास्थ्य मुद्दे मौजूद रहेंगे। आज के दिन आपको पॉजिटिव सोच पर फोकस करना चाहिए। नई शुरुआत को अपनाना जरूरी है। कन्या राशि: आज नई जिम्मेदारियां आपकी क्रिएटिव स्किल्स को निखारेंगी। सामाजिक तौर पर और करियर में ग्रोथ की काफी संभावना है। आज अपने पैसों को स्मार्ट तरीके और सावधानी के साथ हैन्डल करें। प्रेशर लेने से बचें। अच्छा स्वास्थ्य भी देखेंगे। तुला राशि: आपका स्वास्थ्य भी आज ठीक रहेगा। आज का आपका दिन प्रोडक्टिव रहने वाला है। अपने प्रेम जीवन में ईमानदार रहें। आज सौंपे गए हर एक पेशेवर कार्य को पूरा करने के लिए भी ठोस कदम उठाएं। हाइड्रेटेड़ रहें। वृश्चिक राशि: आज का आपका दिन दिलचस्प रहने वाला है। अपनी बुद्धि से हर मौके को अनलॉक करें। आज इंट्यूशन को खुद का मार्गदर्शन करने दें, खासकर मुश्किल डिसीजन में। याद रखें, इंतजार करने वालों को अच्छी चीजें मिल सकती हैं। धनु राशि: आज का आपका दिन बदलावों से भरपूर रहने वाला है। सभी संभावनाओं और मौकों के लिए खुले रहें। मुस्कान के साथ चुनौतियां का सामना करें। प्यार की फीलिंग्स को जाहिर करें, जो आपको मजबूत बनाएगी। मकर राशि: आज मिला-जुला दिन रहेगा। लव लाइफ में रोमांस पर ध्यान दें, जिससे रिश्ते में खुशहाली आएगी। हर चुनौती को मुस्कुराहट के साथ स्वीकार करना जरूरी है। कार्यालय की राजनीति से बचें और आगे बढ़ने के लिए हर पेशेवर अवसर का भी उपयोग करें। कुंभ राशि: आज का दिन थोड़ा रिस्की साबित हो सकता है। नए अवसरों को हाथ से जाने न दें। करियर और प्यार में नए रास्ते सामने आ सकते हैं, सावधानी से हर एक कदम उठाएं। सफलतापूर्वक सिचूऐशन को पार करने के लिए अपने इंट्यूशन पर भरोसा रखें। मीन राशि: आपको व्यावसायिक और व्यक्तिगत जीवन में अवसर मिल सकते हैं। आपके सामान्य रवैये में थोड़े से बदलाव की आवश्यकता हो सकती है। दिन का अधिकतम लाभ उठाने के लिए धैर्य और डिप्लोमेटिक बने रहें।

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