LATEST NEWS

महंगी सब्जी- प्याज टमाटर से लाल और आलू सब सब्जियों के दाम बढ़े, जेब काटते वेजिटेबल्स के लेटेस्ट रेट

दिल्ली देश में त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही आम आदमी को महंगाई का झटका लगने जा रहा है। एक तरफ जहां एलपीजी गैस सिलेंडर के कीमतों में इजाफा हुआ हैं। वहीं दूसरी तरफ मंडियों में हरी सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी देखी जा रही है। मंडियों में प्याज, टमाटर के साथ ही अब धनिया, शिमला मिर्च, पालक और लौकी जैसी सामान्य सब्जियों की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है। इन दिनों हरा धनिया 200 से 300 रुपए, लहसुन 300 से 400 रुपए, मेथी 200 से 250 रुपए, हरा मटर 200 से 240 रुपए प्रति किलो के भाव से फुटकर में बेचा जा रहा है। इसी तरह हरी मिर्च, गोभी, सेमी, पालक, परमल 60 से 80 रुपए प्रति किलो के दाम पर बिक रहे हैं। जबकि आलू, प्याज व टमाटर में भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है। वहीं बाजार में टमाटर के दाम अभी भी 50 से 60 रुपए प्रति किलों और प्याज के दाम 60 से 70 रुपए प्रति किलों बने हुए है। दरअसल, बरसात के मौसम में सब्जियों की कीमतें आमतौर पर बढ़ जाती हैं क्योंकि बारिश की वजह से कटाई, तुड़वाई और पैकेजिंग प्रभावित होती है। इसके अलावा, परिवहन में व्यवधान के कारण सब्जियों की बर्बादी बढ़ जाती है। इससे कीमतों पर और असर पड़ता है। इस साल भीषण गर्मी ने भी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। एशिया की सबसे बड़ी सब्जी और फल थोक मंडी आजादपुर मंडी के व्यापारियों का कहना है कि, पिछले एक महीने में सब्जियों की कीमतों में उछाल आया है, क्योंकि इसकी खेती होने वाले इलाकों में अत्यधिक बारिश ने फसलों और सड़कों को नुकसान पहुंचाया है। पिछले दो हफ्तों से मंडी में आवक कम हुई है, जिससे कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में भारी बारिश के मद्देनजर यह उछाल नजर आ रहा है। सब्जी विक्रेताओं के अनुसार बारिश की नई सब्जियां आने के बाद आवक बढ़ने पर भाव में गिरावट की संभावना की जा सकती है। हालांकि, व्यापारियों का कहना है कि, खरीफ टमाटर की बुआई आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में पिछले साल की तुलना में पिछड़ रही है। महाराष्ट्र में टमाटर में कीटों और बीमारियों की समस्या अधिक है, जिससे आपूर्ति में कमी आई है। चूंकि खुदरा और थोक बाजारों में टमाटर की कीमतें बढ़ने लगी है, इसलिए सरकार मोबाइल वैन के माध्यम से सब्जी बेचकर हस्तक्षेप कर सकती है, जैसा कि पिछले महीने किया गया था। हाल ही में उपभोक्ता मामलों के विभाग की सचिव निधि खरे ने भी कहा था कि हम कीमतों पर नजर रख रहे हैं। जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप करेंगे। सब्जियों की कीमतें एक नजर में सब्जी थोक (रुपये) खुदरा (रुपये) आलू 26—28 35—40 प्याज 48—50 60—70 टमाटर 40—50 50—60 हरा धनिया 150—200 200—300 हरी मिर्च 40—45 60—80 अदरक 40—50 90—150 लहसुन 250—300 300—400 फूल गोभी 35—40 60—80 लौकी 25—30 40—50

यूपीआई से सितंबर में हुए 20.64 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन, ट्रांजैक्शन की संख्या 15.04 अरब के पार

नई दिल्ली  यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए होने वाले लेनदेन का मूल्य सितंबर में सालाना आधार पर 31 प्रतिशत बढ़कर 20.64 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इस दौरान ट्रांजैक्शन की संख्या भी सालाना आधार पर 42 प्रतिशत बढ़कर 15.04 अरब हो गई है। यह जानकारी भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) की ओर से  जारी किए गए डेटा से मिली। बीते महीने यूपीआई पर प्रतिदिन 50.1 करोड़ लेनदेन हुए थे। अगस्त में यह आंकड़ा 48.3 करोड़ पर था। इस दौरान यूपीआई पर प्रतिदिन औसत 68,800 करोड़ रुपये के मूल्य के लेनदेन हुए। अगस्त में यह आंकड़ा 66,475 करोड़ रुपये पर था। यह लगातार पांचवां महीना है, जब मासिक यूपीआई लेनदेन की वैल्यू 20 लाख करोड़ रुपये रही है। सितंबर में आधार आधारित पेमेंट सिस्टम (एईपीएस) से 10 करोड़ के करीब लेनदेन हुए हैं और इनकी वैल्यू 24,143 करोड़ रुपये थी। इमीडिएट पेमेंट सर्विस (आईएमपीएस) के जरिए सितंबर में 5.65 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन हुए हैं। इसमें सालाना आधार पर 11 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है। बीते महीने प्रतिदिन औसत 1.4 करोड़ आईएमपीएस लेनदेन हुए हैं और इनकी प्रतिदिन की औसत वैल्यू 18,841 करोड़ रुपये रही थी। सितंबर में फास्टैग में 31.8 करोड़ लेनदेन हुए हैं। इसमें 7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस दौरान फास्टैग में 5,620 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ है और इसमें सालाना आधार पर 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सितंबर के यूपीआई के आंकड़े दिखाते हैं कि देश में डिजिटल लेनदेन में तेजी से वृद्धि हो रही है। वर्ल्डलाइन इंडिया में इनोवेशन, स्ट्रेटेजी और एनालिटिक्स के प्रमुख, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सुनील रोंगला का कहना है कि इन आंकड़ों की सबसे अच्छी बात यह है कि जुलाई से लेकर सितंबर तक यूपीआई लेनदेन की वैल्यू 20.64 लाख करोड़ रुपये के ऊपर बनी हुई है, लेकिन लेनदेन की संख्या 14.44 अरब से बढ़कर 15.04 अरब पर पहुंच गई है, जो दिखाता है कि छोटे लेनदेन के लिए लोग पहले के मुकाबले ज्यादा यूपीआई का इस्तेमाल कर रहे हैं।      

वेदांता एल्युमिनियम देश की आधी से भी अधिक एल्युमिनियम का प्रोडक्शन करती है, गुणवत्ता नियांत्रण प्रमाणन प्राप्त किया

नई दिल्ली  देश में एल्युमिनियम (Aluminium) बनाने वाली वैसे तो कई कंपनियां हैं। इनमें सरकारी और निजी क्षेत्र की कंपनियां शामिल हैं। लेकिन, देश में सबसे ज्यादा एल्युमिनियम बनाने का श्रेय वेदांता ग्रुप की वेतांदा एल्युमिनियम को है। इसने एक और कमाल किया है। इसने तय समय से पहले ही इन प्रोडक्ट्स के लिए ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टेंडर्ड (BIS) के स्टेंडर्ड को अपनाते हुए उसका प्रमाणपत्र हासिल कर लिया है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने भारत में बेचे जाने वाले सभी एल्युमिनियम वायर रॉड्स और रोल्ड प्रोडक्ट्स को भारतीय मानक ब्यूरों द्वारा सर्टिफिकेशन प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय का है आदेश केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत काम करने वाले उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने एल्युमिनियम प्रोडक्ट्स के बारे में एक विशेष आदेश जारी किया है। यह आदेश बीते 26 सितंबर से ही देश भर में लागू हो गया है। इसके मुताबिक भारत में बेचे जाने वाले सभी एल्युमीनियम वायर रॉड्स और रोल्ड प्रोडक्ट्स, जैसे- शीट्स, प्लेट्स और स्ट्रिप्स को भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा प्रमाणित किया जाना अनिवार्य है। वेदांता एल्युमिनियम अकेली ऐसी कंपनी वेदांता एल्युमीनियम का दावा है कि वह इन प्रोडक्ट्स के लिए बीआईएस प्रमाणन (BIS Certification) प्राप्त करने वाली भारत की पहली और एकमात्र कंपनी है। यह प्रमाणीकरण छत्तीसगढ़ में कंपनी के बाल्को (BALCO) प्लांट और ओडिशा स्थित कंपनी की झारसुगुड़ा यूनिट में बनाए जाने वाले प्रोडक्ट्स के लिए मिला है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय तथा खान मंत्रालय ने 31 अगस्त, 2023 को ही विशेष साझेदारी के तहत एल्युमीनियम और इसकी मिश्र धातुओं के लिए नए गुणवत्ता नियंत्रण नियम नोटिफाइ किया है। अनिवार्य रूप से बीआईएस प्रमाणीकरण के लिए सरकार द्वारा 26 सितंबर, 2024 तक की समय सीमा दी गई थी लेकिन, वेदांता एल्युमीनियम ने इसे पहले ही अपने प्रोडक्ट्स का प्रमाणीकरण करवा लिया। एल्यूमिनियम बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी वेदांता एल्यमुमिनियम भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी है। साल 2023-24 के दौरान कंपनी ने 23.7 लाख टन एल्युमिनियम धातु का उत्पादन किया जो कि यहां बने एल्युमिनियम का आधा से भी ज्यादा है। तभी तो इसकी गिनती दुनिया के टॉप 10 एल्युमिनियम प्रोड्यूसर कंपनियों में होती है। यह दुनिया के 60 देशों में एल्युमिनियम का निर्यात करती है। क्या है शेयर का दाम वेदांता एल्युमिनियम की सत्वाधिकारी कंपनी वेदांता लिमिटेड के शेयर का दाम आज बीएसई में दोपहर बाद सवा दो बजे 516.85 रुपये पर ट्रेड हो रहे थे। कल यह 512.55 रुपये पर बंद हुआ जो कि आज सुबह घट कर 510.40 रुपये पर खुला था। कारोबार के दौरान यह ऊंचे में 521.35 रुपये तक गया था जबकि नीचे में 506.20 रुपये तक गिरा था।

दिसंबर 2024 तक सेंसेक्स 1 लाख के आंकड़े को छू सकता है : मार्क मोबियस

मुंबई भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) के लिए साल 2024 शानदार रहा है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स हो या फिर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी, दोनों ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं. Sensex की बात करें, तो ये 86000 के बिल्कुल करीब पहुंच चुका है. इसकी रफ्तार को देखकर एक बार फिर से सवाल उठने लगे हैं कि क्या ये 1 लाख का स्तर पार कर लेगा? अब दिग्गज निवेशक मार्क मोबियस ने इसकी डेडलाइन बताई है और कहा है कि इस साल के अंत तक BSE Sensex एक लाख का जादुई आंकड़ा छू लेगा.   मार्क मोबियस को बाजार से ये उम्मीद दिग्गज निवेशक और मार्केट एक्सपर्ट मार्क मोबियस (Mark Mobius) ने अनुमान जाहिर करते हुए कहा है कि चाइनीज शेयरों में जारी तेजी के कारण इस साल के अंत तक सेंसेक्स 1,00,000 का स्तर छू सकता है. गौरतलब है कि मोबियस को उभरते बाजारों में निवेश के लिए इंडियाना जोन्स (Indiana Jones) भी कहा जाता है. बिजनेस टुडे के मुताबिक, उन्होंने कहा कि अगर मार्केट रेग्युलेटर सेबी (SEBI) डेरिवेटिव एक्टिविटीज को सीमित करने के लिए कड़े नियम बनाता है, तो इसका स्टॉक मार्केट पर बड़ा असर दिख सकता है. उभरते बाजार में इन्वेस्टमेंट की सलाह एक बिजनेस चैनल से बातचीत के दौरान मार्क मोबियस ने कहा कि वह उभरते बाजारों में आने वाले फंडों को ये सलाह देंगे कि वे अपना आधे से ज्यादा इन्वेस्टमेंट भारत में लगाएं. इसके साथ ही उन्होंने भारत की सेमीकंडक्टर सेक्टर में बढ़ती दिलचस्पी और इस दिशा में उठाए जा रहे कदमों को सराहनीय बताया है. इसके सात ही उन्होंने विदेशी फंडों को सलाह देते हुए कहा है कि भारत के अलावा 25 फीसदी चीन और ताइवान में, जबकि 25 फीसदी इन्वेस्टमेंट वियतनाम, तुर्की, ब्राजील, साउथ कोरिया और थाईलैंड में लगाने चाहिए. बीते Sensex ने तोड़े थे रिकॉर्ड बीता सप्ताह शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स के लिए जबर्दस्त साबित हुआ था और BSE Sensex 86000 के बिल्कुल करीब पहुंच गया था. बता दें कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स का ऑल टाइम हाई लेवल 85,978.25 है, जो पिछले हफ्ते ही छुआ गया था. वहीं पूरे हफ्ते की बात करें, तो बीएसई का सेंसेक्स (Sensex) इंडेक्स 1,027.54 अंक या 1.21 फीसदी की बढ़त में रहा था. सोमवार को देखी तगड़ी गिरावट हालांकि, सप्ताह के पहले दिन शेयर बाजार (Share Market) की खराब शुरुआत हुई और खुलने के बाद से सेंसेक्स-निफ्टी बुरी तरह टूट गए. मार्केट क्लोजिंग की अगर बात करें, तो सेंसेक्‍स (Sensex) 1272 अंक या 1.49 फीसदी तक टूट गया और 84,299 के लेवल पर क्लोज हुआ. इस दौरान बीएसई लार्जकैप कंपनियों में शामिल 30 में से 25 शेयर लाल निशान पर क्लोज हुआ. भारतीय शेयर बाजार 24 सितंबर को सेंसेक्स ने पहली बार 85,000 अंकों का रिकॉर्ड स्तर पार किया था। हालांकि, सोमवार को ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के बीच इंडेक्स ने यह स्तर खो दिया। आज भारतीय बेंचमार्क सूचकांकों में गिरावट आई, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों में एक-एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। सेंसेक्स 85,208.76 पर खुला और 1.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ दिन के निचले स्तर 84,257.14 पर आ गया। निफ्टी 50 26,000 अंक से नीचे आ गया। सूचकांक 26,061.30 पर खुला और इंट्रा-डे ट्रेड में 1.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,794.10 पर आ गया। आईपीओ बूम पर मोबियस ने कहा, “जब तक आप व्यवसाय के बारे में निश्चित न हों, तब तक आईपीओ में निवेश करना अच्छा विचार नहीं है।”

शेयर बाजार के लिए मंगलवार का दिन मंगलमय साबित हो रहा, आया 300 अंकों का उछला

मुंबई शेयर बाजार (Stock Market) के लिए मंगलवार का दिन मंगलमय साबित हो रहा है. बीते कारोबारी दिन सोमवार को मार्केट में बड़ा भूचाल आया था और सेंसेक्स-निफ्टी (Sensex-Nifty) ताश के पत्तों की तरह बिखर गए थे. वहीं इस गिरावट पर आज ब्रेक लगा और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स करीब 300 अंक, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 77 पॉइंट चढ़कर खुला. शुरुआती कारोबार के दौरान Tech Mahindra, Wipro, NTPC, Reliance और Infosys जैसे शेयर तेज रफ्तार से भागते हुए नजर आए. जोरदार तेजी के साथ भागे सेंसेक्स-निफ्टी सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को शेयर बाजार (Share Market) की शुरुआत बढ़त के साथ हरे निशान पर हुई. मार्केट ओपन होते समय दोनों इंडेक्स फ्लैट खुले, लेकिन कुछ ही देर में बीएसई का सेंसेक्स (BSE Sensex) अपने पिछले बंद की तुलना में 279.73 अंक या 0.33 फीसदी की बढ़त के साथ 84,579.51  पर पहुंच गया. तो वहीं NSE Nifty ने 77.70 अंक या 0.30 फीसदी की तेजी के साथ 25,888.50 पर पहुंच गया. खबर लिखे जाने तक ये 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 84,648.40 के लेवल पर कारोबार कर रहा था, तो वहीं एनएसई का निफ्टी-50 इंडेक्स 25,907 के लेवल पर ट्रेड कर रहा था. बाजार खुलने पर अज करीब 1564 कंपनियों के शेयरों में तेजी दर्ज की गई, तो वहीं 708 शेयरों ने गिरावट के साथ लाल निशान पर कारोबार शुरू किया. इसके अलावा 154 शेयरों की स्थिति में किसी भी तरह का कोई बदलाव नजर नहीं आया. कल शेयर बाजार में आई थी बड़ी गिरावट बीते कारोबारी दिन सोमवार को शेयर बाजार ने बड़ी गिरावट देखी थी. मार्केट क्लोज होने पर सेंसेक्‍स (Sensex) 1272 अंक या 1.49 फीसदी तक टूट गया और 84,299 लेवल पर बंद हुआ. जबकि 50 शेयरों वाला निफ्टी (Nifty) 356 अंक से ज्‍यादा या 1.36% गिरकर 25,822.25 अंक पर क्लोज हुआ था. दोनों इंडेक्‍स के अलावा बैंक निफ्टी 849 अंक टूटकर 52984 पर क्‍लोज हुआ था. स्‍मॉल कैप से लेकर लार्ज कैप के शेयरों में हैवी गिरावट देखी गई. 3 लाख करोड़ रुपये का हुआ था घाटा   सोमवार की गिरावट में शेयर बाजार में निवेश करने वाले इन्वेस्टर्स को तगड़ा घाटा हुआ था. इस बीच बीएसई का मार्केट कैप (BSE Market Cap) 3.60 लाख रुपये कम होकर 4,74,32,594 करोड़ पर आ गया था. वहीं एक दिन पहले सेंसेक्‍स का मार्केट कैप 4,77,93,022.68 करोड़ रुपये था. सोमवार को मार्केट बंद होने के दौरान Nifty के 108 शेयरों में लोअर सर्किट लगा था. आज इन 10 शेयरों ने लगाई दौड़ सोमवार की गिरावट के बाद मंगलवार को आई इस जोरदार तेजी के बीच जिन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी आई. उनमें लार्जकैप कंपनियों में Tech Mahindra Share 3.31% की उछाल के साथ 1628.20 रुपये पर कारोबार कर रहा था, तो वहीं Infy Share 1.50% उछलकर 1903.80 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा L&T Share, M&M Share, Bjaja Finance Share और SBI Share में भी 1 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई. मिडकैप कंपनियों की अगर बात करें, तो Crompton Share 4.19% की उछाल के साथ 433.70 रुपये पर, जबकि Dixon Share 2.22% चढ़कर 14,173.15 रुपये पर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा स्मालकैप कंपनियों में शामिल  Hercules Share 15.97% की तेजी लेकर 599.90 रुपये पर, VMart Share 10.59% की बढ़त लेकर 4453.85 रुपये पर और BASF Share 8.72 फीसदी की उछाल के साथ 8028.55 रुपये पर पहुंच गया था.

फूड डिलीवरी, ऐप बेस्ड कंपनियों के वर्कर्स के लिए झारखंड में कानून का ड्राफ्ट तैयार

रांची  फूड डिलीवरी करने वालों से लेकर ऐप बेस्ड कंपनियों के लिए गाड़ियां चलाने वाले और इस नेचर के काम से जुड़े वर्कर्स के लिए झारखंड में कानून का ड्राफ्ट तैयार हो रहा है। ऐसे वर्कर्स को गिग वर्कर्स के रूप में जाना जाता है। इस कानून का प्रस्ताव जुलाई महीने में ही कैबिनेट में लाने और उसके बाद राज्य विधानसभा के मानसून सेशन में पारित कराए जाने की तैयारी है। राज्य के श्रम एवं नियोजन मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने यह जानकारी दी। प्रस्तावित कानून का नाम ‘झारखंड प्लेटफार्म बेस्ड गिग वर्कर रजिस्ट्रेशन एंड वेलफेयर एक्ट 2024’ रखा गया है। इसका लक्ष्य इंटरनेट और मोबाइल बेस्ड ऐप के जरिए संचालित कंपनियों के लिए काम करने वाले वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं और न्यूनतम मजदूरी से जुड़े प्रावधानों के दायरे में लाना है। इसके जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वर्कप्लेस और ड्यूटी के दौरान कर्मियों को आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। कानून का जो ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है, उसके अनुसार राज्य के सभी गिग वर्कर्स का सर्वे कराया जाएगा और इसके बाद उनका रजिस्ट्रेशन कराते हुए उन्हें यूनिक आईडी दी जाएगी। इस कानून के लागू होने के बाद इंप्लायर या वर्कर्स से काम लेने वाली थर्ड पार्टी एवं गिग वर्कर्स के बीच होने वाले कॉन्ट्रैक्ट के नियमों में पारदर्शिता होगी। गिग वर्कर्स को यह अधिकार होगा कि वे कभी भी कॉन्ट्रैक्ट को अपनी ओर से खत्म कर सके। कानून का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए अपीलीय प्राधिकरण और वेलफेयर का भी गठन होगा। यह भी प्रावधान किया जा रहा है कि सरकार इन वर्कर्स के लिए वेलफेयर कोष गठित करेगी। गिग वर्कर्स के लिए वेलफेयर बोर्ड के चेयरमैन श्रम नियोजन विभाग के मंत्री होंगे। श्रम सचिव, आईटी सचिव, कल्याण सचिव, परिवहन सचिव, वित्त सचिव अन्य प्रमुख विभागों के पदाधिकारी सदस्य सचिव होंगे। बोर्ड के मेंबर का कार्यकाल तीन साल का होगा। बोर्ड समय-समय पर बैठक कर गिग वर्करों की समस्याओं व उसके निदान पर विचार करेगा। मॉनिटरिंग सिस्टम डेवलप किया जाएगा और कैंटीन, स्वास्थ्य सुविधा, कल्याणकारी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। राज्य में गिग वर्कर्स की अनुमानित संख्या लगभग एक लाख होने का अनुमान है। गिग वर्कर्स के कल्याणार्थ दुनिया भर में किये जा रहे कार्यों की जानकारी लेने के लिए इसी वर्ष मार्च में राज्य के श्रम विभाग के अफसरों की एक टीम ने तुरिन शहर का दौरा किया था। उन्होंने वहां गिग वर्कर्स की सामाजिक सुरक्षा पर आईएलओ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया था।    

Reliance Jio का IPO अगले साल, कंपनी का वैल्यूएशन 9.35 लाख करोड़ रुपये से अधिक

मुंबई देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज को लेकर बड़ी खबर आई है. विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज (Jefferies) ने गुरुवार 11 जुलाई को एक रिपोर्ट में मुकेश अंबानी के जियो को लेकर प्लान का खुलासा किया है. जेफरीज के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम (Reliance Jio IPO) का आईपीओ अगले साल आ सकता है. ये एक मेगा IPO होगा. इसमें कंपनी की वैल्यूएशन 9.35 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है. ये आंकलन आज के डॉलर भाव (एक डॉलर- 83.49 रुपये) के आधार पर निकाला गया है. कब आएगा रिलायंस जियो का IPO? रिपोर्ट के मुताबिक साल 2025 में रिलायंस जियो 112 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर सूचीबद्ध हो सकता है और इससे RIL के शेयर में 7 से 15 फीसदी तक उछाल आ सकता है. इसके अलावा, जेफरीज ने कहा कि पूरा रिलायंस जियो का पूरा आईपीओ ऑफर-फॉर-सेल (OFS) हो सकता है, जिसके जरिए माइनॉरिटी शेयरधारक कंपनी के शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बेच सकते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक जियो के आईपीओ की धमाकेदार लिस्टिंग हो सकती है. इस बीच कंपनी ने मोबाइल टैरिफ में बढ़ोतरी के साथ ही अपने 5G कारोबार को भुनाने की दिशा में आगे बढ़ी है. जानकारों के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज की अगले महीने संभावित AGM में जियो की आईपीओ के बारे में तस्वीर साफ हो सकती है. ये हो सकता है कंपनी का प्लान लिस्टिंग के बाद जियो टेलीकॉम में रिलायंस की हिस्सेदारी घटकर 33.3% रह जाएगी. जबकि जियो फाइनेंशियल के मामले में रिलायंस की हिस्सेदारी लिस्टिंग पर 45.8% थी. जियो में 33.7% माइनोरिटी स्टेक के साथ रिलायंस इसमें 10% को लिस्ट करके आईपीओ की जरूरत को भी पूरा कर सकता है. RIL के शेयरों में तेजी की संभावना इस बीच ब्रोकरेज ने रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयरों पर ‘Buy’ की रेटिंग बरकरार रखी है और इसका टारगेट प्राइस 3,580 रुपये प्रति शेयर तय किया है. यह बुधवार के बंद भाव से करीब 13 प्रतिशत ज्यादा है, वहीं इस साल अब तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में करीब 22 फीसदी की तेजी आ चुकी है. ब्रोकरेज ने कहा कि इस बात की संभावना है कि रिलायंस पहले स्पिन-ऑफ प्रक्रिया के जरिए जियो को अलग करे और फिर प्राइस डिस्कवरी सिस्टम के जरिए इसे शेयर बाजार में लिस्ट कराए. घरेलू और विदेशी दोनों निवेशक स्पिन-ऑफ के जरिए ही जियो की लिस्टिंग के पक्ष में हैं. इससे पहले अगस्त 2023 में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी फाइनेंशियल सर्विस यूनिट, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज को इसी तरह स्पिन-ऑफ करके प्राइस डिस्कवरी सिस्टम के जरिए शेयर बाजार में लिस्ट कराया था.

यस बैंक में पांच घरेलू बैंकों की 33.74% हिस्सेदारी, दुनिया के कई बड़े बैंक हिस्सेदारी खरीदने की होड़ में

नई दिल्ली यस बैंक (Yes Bank) में हिस्सेदारी खरीदने के लिए दुनिया के कई बैंकों और कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बैंक में 51% हिस्सेदारी के लिए पश्चिम एशिया और जापान के कई बैंकों ने दिलचस्पी दिखाई है। साथ ही कई पीई कंपनियों की भी इस पर नजर है। जानकारों का कहना है कि यह डील 8 से 9.5 अरब डॉलर की हो सकती है। हालांकि बैंक का कहना है कि उसे 51% हिस्सेदारी बेचने के लिए आरबीआई की तरफ से कोई सैद्धांतिक मंजूरी नहीं मिली है। यस बैंक में एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और एक्सिस बैंक की 33.74 फीसदी हिस्सेदारी है। बैंक में एसबीआई की सबसे ज्यादा 23.99 फीसदी हिस्सेदारी है। सूत्रों के मुताबिक यस बैंक में 51.69 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की होड़ में फर्स्ट अबु धाबी बैंक पीजेएससी, मित्सुबिशी यूएफजे फाइनेंशियल ग्रुप और सुमितोमो मित्सुई फाइनेंशियल ग्रुप सबसे आगे हैं। साथ ही कुछ पीई कंपनियों ने भी इसमें दिलचस्पी दिखाई है। बैंक में एफडीआई की 17.95 फीसदी और एफपीआई की 10.28 फीसदी हिस्सेदारी है। घरेलू बैंक यस बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचना चाहते हैं। 5 मार्च, 2020 को आरबीआई ने यस बैंक के बोर्ड को भंग कर दिया था। इसके बाद भारतीय बैंकों ने इसे बचाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये झोंके थे। इसमें एसबीआई की हिस्सेदारी 6,050 करोड़ रुपये थी। शेयरों में तेजी एसबीआई को यस बैंक में 48.2 फीसदी हिस्सेदारी मिली थी। लेकिन पिछले चार साल में उसने धीरे-धीरे बैंक में अपनी हिस्सेदारी कम की है। इस बीच ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने यस बैंक के आउटलुक को स्टेबल से पॉजिटिव कर दिया है। इससे बैंक के शेयरों में आज काफी तेजी देखी जा रही है। सुबह 10 बजे बीएसई पर यह 6.45% तेजी के साथ 26.58 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। कारोबार के दौरान यह सात फीसदी से अधिक तेजी के साथ 27.08 रुपये पर पहुंचा। बैंक के शेयरों में इस साल 16 फीसदी तेजी आई है जिससे इसकी वैल्यूएशन 9.4 अरब डॉलर पहुंच गई है। इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 32.81 रुपये है। नौ फरवरी को बैंक का शेयर इस स्तर पर पहुंचा था।

भारत के छोटे शहरों में 65 प्रतिशत लेन-देन अब डिजिटल, शहरों में यूपीआई भुगतान में 30% का उछाल

नई दिल्ली भारत के छोटे शहरों में अब 65 प्रतिशत लेनदेन डिजिटल से किया जा रहा है। किर्नी इंडिया और अमेजन पे  इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल भुगतान क्रांति का नेतृत्व भारत के सहस्राब्दी (25-43 वर्ष की आयु) और जेन एक्स (44-59 वर्ष की आयु) द्वारा किया जा रहा है। बूमर्स (60 वर्ष और उससे अधिक) के पास युवा समूहों की तुलना में अधिक कार्ड और ई-वॉलेट का उपयोग किया जाता है। भारत के छोटे शहरों में डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़ रहा है। इसको लेकर अमेजन पे ने एक रिपोर्ट पेश की है जिससे  पता चला कि भारत के छोटे शहरों में उपभोक्ताओं द्वारा लगभग 65 प्रतिशत लेनदेन अब डिजिटल हो रहा है, जबकि बड़े शहरों में यह अनुपात लगभग 75 प्रतिशत है। किर्नी इंडिया और अमेजन पे इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल भुगतान में क्रांती आई है, जिसका नेतृत्व भारत के सहस्राब्दी (25-43 वर्ष की आयु) और जेन एक्स (44-59 वर्ष की आयु) द्वारा किया जा रहा है। पार्टनर, फाइनेंशियल सर्विसेस लीड, किर्नी इंडिया की शाश्वत शर्मा, ने कहा, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों लेनदेन में युवा डिजिटल भुगतान को व्यापक रूप से अपनाने से लेकर बीएनपीएल (अभी खरीदें, बाद में भुगतान करें) जैसी उभरती भुगतान ट्रेंड को लेकर भारत में भुगतान का परिदृश्य बदल रहा है। लेन-देन हुआ आसान उन्होंने बताया कि यह रिपोर्ट 120 शहरों, 6,000 से अधिक उपभोक्ताओं और 1,000 व्यापारियों के सर्वेक्षण पर आधारित है। रिपोर्ट के अनुसार, नकद लेनदेन कम होने के कारण यूपीआई, डिजिटल वॉलेट और कार्ड का व्यापक आकर्षण बढ़ रहा है, जिसमें 69 प्रतिशत व्यापारिक लेनदेन डिजिटल मोड से हो रहे हैं। अमेजॉन पे इंडिया के सीईओ विकास बंसल ने कहा, भारत की डिजिटल भुगतान क्रांति क्षेत्रों में हो रही है, जो उपभोक्ताओं और व्यापारियों द्वारा समान रूप से प्रेरित है। सड़क विक्रेताओं और छोटे शहरों में भी डिजिटल लेनदेन के प्रवेश के साथ, हम अब एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं। अमेजन पे इस बदलाव में सबसे आगे रहने और सभी क्षेत्रों में भारतीयों को यह सुविधा देना चाहता है। यूपीआई भुगतान में 30% का उछाल भारत में डिजिटल पेमेंट (Digital Payment) का दायरा बढ़ता जा रहा है. छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े-बड़े शोरूम में भी यूपीआई (UPI) के माध्यम से भुगतान बढ़ता जा रहा है. भारत सरकार (Indian Government) भी डिजिटल भुगतान (Digital Payment) को बढ़ावा देने के कई प्रयास कर रही है. शहरी और ग्रामीण इलाकों में यूपीआई (UPI Payment) के माध्यम से होने वाली संख्या में वृद्धि हो रही है. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने हाल ही में सर्वे के आंकड़े जारी किये हैं. जिसमें बताया कि ग्रामीण इलाकों में ऑनलाइन पेमेंट (Online Payment) करने या भुगतान करने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल 2022-23 के बीच 13.5 प्रतिशत बढ़ गया. पहले यह 7.7 प्रतिशत था. शहरी इलाकों में ऑनलाइन भुगतान का प्रतिशत पहले 21.6 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 30.2 प्रतिशत हो गया है. शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में यूपीआई पेमेंट संयुक्त रूप से 7.2 प्रतिशत बढ़ा. लोगों की पसंद बनता जा रहा डिजिटल भुगतान देश में डिजिटल पेमेंट (Digital Payment) के लिए कई प्लेटफार्म का इस्तेमाल किया जा रहा है. असंगठित क्षेत्र में डिजिटल भुगतान तेजी से बढ़ रहा है. सर्वे में यह भी बताया गया है कि ग्रॉस वैल्यू एडिशन में 9.83 प्रतिशत, कर्मचारियों की संख्या में 7.84 प्रतिशत, असंगठित क्षेत्र में अनुमानित प्रतिष्ठानों की संख्या में 5.88 प्रतिशत की वृद्धि हुई. आई के उपयोग में भी इजाफा हुआ है. पूंजीगत निवेश में भी वृद्धि हुई है. साल 2022-23 में बकाया लोन बढ़कर 50,138 रुपये हो गया. जो 2021-22 में 37,408 रुपये प्रति इकाई था. जमीनी स्तर पर महिला केन्द्रित योजनाओं की संख्या में इजाफा हो रहा है. इसके अलावा लगभग 54 फीसदी असंगठित क्षेत्र की इकाइयों का स्वामित्व महिला उद्यमियों के पास है. गैर-कृषि असंगठित क्षेत्र की इकाइयों की औसत फिक्स्ड एसेट्स वैल्यू पहले 2.81 लाख रुपये थी. जो साल 2022-23 में 3.18 लाख रुपये तक पहुंच गई. जिसे देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इस सेक्टर में पूंजीगत निवेश में वृद्धि हुई है.  

PLI योजना के लागू किए जाने के तीन साल के अंदर तीन हजार करोड़ रुपये का निवेश भी हुआ

नई दिल्‍ली  देश में उत्‍पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) के तहत दूरसंचार उपकरणों की विनिर्माण संबंधी बिक्री 50 हजार करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है। इस योजना के लागू किए जाने के तीन साल के अंदर तीन हजार करोड़ रुपये का निवेश भी हुआ है। दूरसंचार विभाग (डॉट) ने एक बयान में बताया कि पीएलआई के तहत दूरसंचार उपकरणों की निर्माण संबंधी बिक्री 50 हजार करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है। इस योजना के लागू किए जाने के तीन साल के अंदर 3,400 करोड़ रुपये का निवेश भी हुआ है। इसके तहत करीब 10,500 करोड़ का निर्यात हुआ है, जिससे 17,800 से अधिक प्रत्यक्ष और कई अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं। डॉट ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स के बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना मोबाइल फोन और उसके घटकों के विनिर्माण करती है। इसके परिणामस्वरूप भारत से मोबाइल फोन के उत्पादन और निर्यात दोनों में काफी तेजी आई है। भारत कई वर्षों से दूरसंचार उपकरणों का आयात करता रहा है, लेकिन मेक-इन-इंडिया और पीएलआई योजना के कारण संतुलन बदल गया है, जिसके कारण देश में 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के उपकरणों का उत्पादन हो रहा है। विभाग के मुताबिक वित्‍त वर्ष 2014-15 में भारत मोबाइल फोन का एक बड़ा आयातक था, जब देश में सिर्फ 5.8 करोड़ यूनिट का उत्पादन होता था, जबकि 21 करोड़ यूनिट का आयात होता था लेकिन वित्‍त वर्ष 2023-24 में भारत में 33 करोड़ यूनिट का उत्पादन हुआ है। इस दौरान केवल 0.3 करोड़ यूनिट का आयात हुआ और करीब 5 करोड़ यूनिट का निर्यात हुआ। मोबाइल फोन के निर्यात का मूल्य वित्‍त वर्ष 2014-15 में 1,556 करोड़ रुपये और वित्‍त वर्ष 2017-18 में 1,367 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्‍त वर्ष 2023-24 में 1,28,982 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2014-15 में मोबाइल फोन का आयात 48,609 करोड़ रुपये का था, जो वित्‍त वर्ष 2023-24 में घटकर मात्र 7,665 करोड़ रुपये रह गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भारत को ‘आत्मनिर्भर’ बनाने के दृष्टिकोण के अनुरूप दूरसंचार और नेटवर्किंग उत्पादों तथा इलेक्ट्रॉनिक्स के बड़े पैमाने पर विनिर्माण के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना से देश में उत्पादन, रोजगार सृजन, आर्थिक विकास और निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।    

देश के कई राज्यों में टमाटर की कीमतें 90 रुपये के आसपास, बिगड़ा किचन का बजट

नईदिल्ली बारिश का मौसम शुरू होते ही सब्जियों के दाम में रिकॉर्ड उछाल आई है. खासकर टमाटर के दाम ने किचन का बजट बिगाड़ दिया है. दिल्‍ली एनसीआर (Delhi NCR) में टमाटर के दाम (Tomato Price) 100 रुपये किलो पहुंच चुके हैं, जबकि ज्‍यादातर शहरों में इसकी कीमत 90 रुपये के आसापास है. आने वाले समय में इसमें और उछाल आने की संभावना जताई जा रही है. क्‍यों बढ़ टमाटर के दाम? इंडिया टुडे में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, टमाटर की कीमत दिल्ली-एनसीआर और मुंबई जैसे महानगरों सहित कई शहरों में 100 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है. इसके बढ़ने के कई कारण हैं. सबसे बड़ा कारण बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में भीषण गर्मी की वजह से टमाटर की आपूर्ति और उत्पादन में रुकावट आई है. सप्‍लाई में भारी कमी CRISIL की रिपोर्ट के मुताबिक, हाई टेम्‍परेचर के कारण कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में टमाटर के आवक में 35 प्रतिशत की कमी आई है. इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण रोड डैमेज हुए हैं, जिससे सप्‍लाई बाधित हुई है. 1 महीने में इतना बढ़ा दाम उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, 7 जुलाई तक टमाटर का औसत खुदरा मूल्य 59.87 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो एक महीने पहले 35 रुपये था यानी 70% से ज्‍यादा की उछाल आई है. अमेजन फ्रेश, स्विगी और जेप्टो जैसी लोकप्रिय डिजिटल सेवाओं पर, देश के कई हिस्सों में टमाटर की कीमतें 80-90 रुपये के आसपास हैं. सेंटर फॉर इकनोमिक डेटा एंड एनालिसिस (CEDA) के अनुसार, 5 जुलाई तक पूरे भारत में टमाटर की औसत कीमतें 59.88 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थीं. उत्तर भारत में टमाटर 50 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बिक ​​रहा है, जबकि उत्तर पूर्व, पश्चिम और दक्षिण में कीमतें 71 रुपये तक है. पिछले साल 350 रुपये तक पहुंच गया था दाम मानसून के दौरान अक्‍सर सब्जियों की कीमतें बढ़ जाती हैं, क्‍योंकि बारिश की वजह से कटाई, पैकेजिंग और सप्‍लाई पर असर पड़ता है. पिछले साल भारी बारिश के कारण आलम ऐसा रहा कि टमाटर के दाम 350 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए. क्रिसिल की एक रिपोर्ट के अनुसार, टमाटर, प्याज और आलू की कीमतों में तेज वृद्धि के कारण जून में शाकाहारी थाली की कीमत में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.  

Amazon ने भोपाल में लॉन्च की Fire TV Stick 4K

​नई Fire TV Stick 4K भारतमें Amazon की सबसे पावरफुट स्ट्रीमिंग स्टिक है, जो मात्र रु 5999 में सुगम नेविगेशन और तुरंत ऐप लॉन्च का अनुभव प्रदान करती है ​Fire TV Stick 4K ऐपस्टोर के ज़रिए एंटरटेनमेन्ट, न्यूज़, स्पोर्ट्स आदि में 12000 से अधिक ऐप्स पेश करती है ​ALEXA के माध्यम से सिंपल वॉइस कमांड के ज़रिए Fire TV Stick पर कंटेंट सर्च और प्ले करें तथा अपने स्मार्ट होम डिवाइसेज़ को मैनेज करें   भोपाल http://amazon.in/smarthomeAmazon ने भोपाल में रु 5999 की कीमत पर अपनी नई Fire TV Stick 4K का लॉन्च किया है। फायर टीवी फैमिली में यह नया एडीशन भारत में Amazon की सबसे पावरफुल स्ट्रीमिंग स्टिक है। Fire TV Stick 4K, वाइब्रेन्ट अल्ट्रा एचडी पिक्चर क्वालिटी, डोल्बी विज़न, एचडीआर 10प्लस और डोल्बी एटमोस ऑडियो के साथ सिनेमेटिक 4के कंटेंट के लिए फास्ट-स्ट्रीमिंग पेश कर होम एंटरटेनमेन्ट के अनुभव को कई गुना बेहतर बना देती है। उपभोक्ता इस डिवाइस को सीधे अपने मौजूदा टीवी के एचडीएमआई पोर्ट में कनेक्ट कर सकते हैं और अपने पसंदीदा कंटेंट की स्ट्रीमिंग का लुत्फ़ उठा सकते हैं।   उपभोक्ता फायर टीवी डिवाइसेज़ की रेंज जैसे Fire TV Stick, Fire TV Stick 4K Max और Fire TV Cube पर लोकप्रिय ओटीटी प्रदाताओं, यूट्यूब और अन्य वीडियो ऐप्स के वीडियो एंटरटेनमेन्ट कंटेंट का आनंद उठा सकते हैं। आज देश भर में 99 फीसदी पिनकोड्स के उपभोक्ता Fire TV डिवाइसेज़ खरीदते हैं। 2023 में महानगरों एवं गैर-महानगरों में Fire TV पर सबसे ज़्यादा देखे जाने वाले Amazon प्राइम वीडियो टाइटल्स थे- पठान, जेलर, फरज़ी, दृश्यम 2 तथा रॉकी और रानी। ALEXA के माध्यम से वॉइस के लिए सबसे ज़्यादा सर्च किए जाने वाले टाइटल्स थे- तारक मेहता का उल्टा चश्मा, बिग बॉस, अनुपमा, रामायण और सीआईडी।   ‘नई Fire TV Stick 4K को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यह उपभोक्ताओं को स्ट्रीमिंग का आधुनिक अनुभव प्रदान करती है। 1.7 GHz क्वैड कोर प्रोसेसर से पावर्ड फास्ट परफोर्मेन्स के अलावा नई Fire TV Stick 4K विभिन्न श्रेणियों में 12000 से अधिक ऐप्स का एक्सेस देती है, जहां उपभोक्ता वॉइस सर्च, ALEXA के ज़रिए कमांड के माध्यम से शानदार पिक्चर एवं ऑडियो क्वालिटी, गेम्स के लिए बेहतरीन ग्राफिक्स का अनुभव पा सकते हैं।’ अनीश उन्नीकृष्णन, जनरल मैनेजर, Amazon डिवाइसेज़ इंडिया ने कहा। ‘‘भारत में टीवी के दर्शक अपनी पसंदीदा फिल्में, टीवी शोज़, क्रिकेट मैच देखना, गेम्स खेलना और म्युज़िक सुनना खूब पसंद करते हैं। वे Fire Stick के माध्यम से रोज़ाना औसतन 4 घण्टे इस तरह के कंटेंट का आनंद उठाते हैं।’   4के एवं नॉन-4 के कंटेंट का आधुनिक एवं फास्ट स्ट्रीमिंग अनुभव पाएं 1.7 GHz क्वैड-कोर प्रोसेसर से पावर्ड नई Fire TV Stick 4K, 4K और नॉन 4-K कंटेंट के लिए फास्ट-स्ट्रीमिंग देती है। इसे वाय-फाय 6 कम्पेटिबल राउटर्स और 5 GHz एवं 2.4GHz बैण्ड्स के लिए सपोर्ट प्राप्त है, जिससे उपभोक्ता विभिन्न इंटरनेट फ्रिक्वेंसी पर कंटेंट स्ट्रीम कर सकते हैं।   ALEXA को सिंपल वॉइस कमांड देकर कंटेंट तलाशें, लॉन्च और कंट्रोल करें इसमें शामिल ALEXA वॉइस रिमोट, Fire TV Stick 4K और कम्पेटिबल टीवी’ के विशेष फंक्शन्स जैसे पावर और वॉल्युम को कंट्रोल कर सकता है। उपभोक्ता ALEXA को सिर्फ वॉइस कमांड देकर तुरंत कंटेंट फाइंड, लॉन्च और कंट्रोल कर सकते हैं। उपभोक्ता अपने Echo स्मार्ट स्पीकर को ALEXA ऐप के ज़रिए Fire TV Stick 4K के साथ वायरलैस तरीके से कनेक्ट करअपना ‘ALEXA होम थिएटर’ बना सकते हैं।     12000 से अधिक ऐप्स पर लाखों फिल्मों, शोज़, गेम्स के साथ अपने होम एंटरटेनमेन्ट को करें अपग्रेड नई फायर टीवी 4K स्टिक ऐप्स्टोर के ज़रिए 12000 से अधिक ऐप्स के माध्यम से लाखों फिल्मों और टीवी शो एपिसोड्स का एक्सेस देती है, इसमें लोकप्रिय सर्विसेज़ जैसे प्राइम वीडियो, नेटफ्लिक्स, डिज़नी प्लस हॉटस्टार, ज़ी5 और जियो सिनेमा शामिल हैं। उपभोक्ता डिज़नी प्लस हॉटस्टार, नेटफ्लिक्स और Amazon ओरिजिनल्स सहित प्राइम वीडियो के कंटेंट जैसे मिर्ज़ापुर, पंचायत, एस्पीरेन्ट्स, फैमिली मैन और मेड इन हैवन का आनंद उठा सकते हैं। वे मिनी टीवी, यूट्यूब और एमएक्स प्लेयर जैसे पलेटफॉर्म्स से फ्री/ ऐड सपोर्टेड कंटेंट का अनुभव भी पा सकते हैं। वे होम स्क्रीन पर अपने डीटीएच सैट-टॉप-बॉक्स से लाईव टीवी चैनलों जैसे कलर्स, ज़ी, सोनी, स्टार, डिस्कवरी, न्यूज़ 18, डीडी नेशनल का एक्सेस भी पा सकते हैं।   कम पावर मोड के साथ बिजली बचाएं Amazon ने स्थायी सामग्री और उर्जा की खपत कम करने वाले डिज़ाइन के साथ साल दर साल Fire TV Stick के कार्बन फुटप्रिन्ट को कम किया है। नई Fire TV Stick 4K लो पावर मोड के साथ आती है। इससे डिवाइस इनएक्टिव होने पर स्लीप या स्टैण्डबाय मोड में चली जाती है और उर्जा की बचत होती है।   उपलब्धता भोपाल में नई Fire TV Stick 4K Amazon.in चुनिंदा ऑफलाईन एवं ऑनलाईन कन्ज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक स्टोर्स पर उपलब्ध है।   Amazon इंडिया 20 और 21 जुलाई 2024 को बहु-प्रतीक्षित प्राइम डे ला रहा है। प्राइम मेंबर्स प्रमुख ब्राण्ड्स और छोटे एवं मध्यम कारोबारों की ओर से बड़ी बचत, शानदार डील्स, नए लॉन्च, ब्लॉकबस्टर एंटरटेनमेन्ट का लुत्फ़ उठाने के लिए तैयार हो जाएं। आगामी प्राइम डे शॉपिंग इवेंट के दौरान उपभोक्ता Echo स्मार्ट स्पीकर और Fire TV Stick पर 55% तक छूट का लाभ उठा सकते हैं। यह ALEXA से युक्त Echo Show स्मार्ट डिस्प्ले और इको स्मार्ट स्पीकर खरीदने का सुनहरा मौका है, अभूतपूर्व कीमतों पर खरीदें और होम एंटरटेनमेन्ट के अनुभव के बेहतर बनाएं।   उपभोक्ता amazon.in/smarthome पर विज़िट कर ALEXA के साथ काम करने वाले स्मार्ट होम प्रोडक्ट्स भी ढूँढ सकते हैं।

मुकेश अंबानी और गौतम अडानी के बीच पहली बार प्रत्यक्ष रूप से कोई डील हुई

नई दिल्ली देश के दो सबसे बड़े रईसों मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) और गौतम अडानी (Gautam Adani) के बीच पहली बार प्रत्यक्ष रूप से कोई डील हुई है। अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) ने अडानी पावर (Adani Power) की सहयोगी कंपनी महान एनर्जन (Mahan Energen) में पांच करोड़ शेयर खरीदे हैं। रिलायंस में एक एक्सचेंज फाइलिंग में यह जानकारी दी। यह डील 50 करोड़ रुपये में हुई है। रिलायंस ने मार्च में इस डील की घोषणा करते हुए महान एनर्जन में 26 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की बात कही थी। अंबानी की कंपनी का कहना है कि उसने यह डील पूरी कर ली है। साल 2005 में स्थापित महान एनर्जन का मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में थर्मल प्लांट है। अभी इसकी कैपेसिटी 1200 मेगावाट है। पहले इसका मालिकाना हक एस्सार पावर के पास था। अडानी पावर ने मार्च 2022 में इसे 4,250 रुपये में खरीदा था। महान एनर्जन की वित्तीय वर्ष 2023 में कमाई 2,730.68 करोड़ रुपये रही। इससे पहले 2022 में कंपनी ने 1393.59 करोड़ रुपये और 2021 में 692 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया था। अडानी ग्रुप इस महान एनर्जन की पावर जेनरेशन कैपेसिटी को 4,400 मेगावाट पहुंचाने के लिए करीब 30,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस प्लांट से 500 मेगावाट बिजली के कैप्टिव यूज के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। अंबानी और अडानी की नेटवर्थ ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के मुताबिक अंबानी 120 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस हैं। इस साल उनकी नेटवर्थ में 23.8 अरब डॉलर की तेजी आई है और वह दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 12वें नंबर पर हैं। दूसरी ओर अडानी की नेटवर्थ 104 अरब डॉलर है। वह भारत और एशिया में अंबानी के बाद दूसरे नंबर पर हैं। इस साल उनकी नेटवर्थ में 19.7 अरब डॉलर की तेजी आई है और वह दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 14वें नंबर पर हैं। रिलांयस देश का दूसरा सबसे बड़ा औद्योगिक घराना है जबकि अडानी ग्रुप तीसरे नंबर पर है। दोनों ग्रुप ग्रीन एनर्जी सेक्टर में बड़ा दांव खेल रहे हैं।  

शेयर बाजार में हाहाकार, 800 अंक फिसला सेंसेक्स… ताश के पत्तों की तरह बिखरे ये 5 शेयर

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार (Stock Market Crash) में जहां बीते कारोबारी दिन मंगलवार को जोरदार तेजी देखने को मिली थी और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 80,000 के स्तर के पार क्लोज हुआ था, तो वहीं बुधवार को ये तेजी जारी नहीं रह सकी और शेयर बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों बाद धराशायी हो गया. हालांकि, BSE Sensex ने  जैसे ही कारोबार शुरू किया अपना नया ऑल टाइम रिकॉर्ड लेवल छू लिया और अगले ही पर बिखरने लगा. सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा फिसलकर कारोबार कर रहा था, जबकि NSE Nifty 240 अंक से ज्यादा गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था. रिकॉर्ड बनाकर धराशायी हुआ सेंसेक्स सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को शेयर बाजार (Share Market) में हाहाकार मचा हुआ नजर आ रहा है. Sensex इंडेक्स ने अपने पिछले बंद 80,351 से बढ़त लेते हुए 80,451.36 के नए ऑल टाइम हाई लेवल पर कारोबार तो शुरू किया, लेकिन ये तेजी कायम नहीं रख सका. खबर लिखे जाने तक सुबह 10.40 बजे पर सेंसेक्स 858.37 की गिरावट के साथ 79,505 के लेवल पर कारोबार कर रहा था. बीते कारोबारी दिन ये 80,000 के पार क्लोज हुआ था. Nifty ने भी लगा दिया गोता सेंसेक्स की तरह ही Nifty-50 भी बुरी तरह टूटा. एनएसई इंडेक्स ने अपने पिछले बंद 24,433 की तुलना में तेजी के साथ 24,459.85 के लेवल पर कारोबार शुरू किया था और कुछ ही मिनटों में ये सेंसेक्स के कदम से कदम मिलते हुए धड़ाम हो गया. खबर लिखे जाने तक NIFTY 252.95 या 1.04 फीसदी फिसलकर 24,180.25 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था. बैंकिंग शेयर गिरावट को नेतृत्व कर रहे हैं। निफ्टी बैंक 318 अंक या 0.61 प्रतिशत गिरकर 52,249 पर बना हुआ है। छोटे-मझोले शेयरों में सपाट कारोबार हो रहा है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 28 अंक या 0.05 प्रतिशत बढ़कर 57,109 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 5 अंक की मामूली बढ़त के साथ 18,961 पर है। सेंसेक्स पैक में मारुति सुजुकी, इन्फोसिस, टाइटन, एनटीपीसी, नेस्ले, टाटा मोटर्स, एचयूएल और नेस्ले टॉप गेनर्स हैं। एमएंडएम, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा, जेएसडब्ल्यू स्टील, इंडसइंड बैंक और आईसीआईसीआई बैंक टॉप गेनर्स हैं। सेक्टर के हिसाब से देखें तो आईटी, फार्मा, एफएमसीजी, रियल्टी और एनर्जी इंडेक्स हरे निशान में हैं, जबकि, ऑटो, पीएसयू, फिन सर्विस, मेटल और मीडिया इंडेक्स में लाल निशान में हैं। चॉइस ब्रोकिंग में रिसर्च एनालिस्ट, देवेन मेहता का कहना है कि निफ्टी 24,400 ऊपर निकलकर एक मजबूत ब्रेकआउट दे चुका है। निफ्टी के लिए अब 24,250 और 24,400 एक मजबूत सपोर्ट लेवल है। हालांकि, अभी 24,500 एक रुकावट के स्तर को रूप में कार्य करेगा। ट्रेडर्स को अपनी लॉन्ग पोजिशन को 24,250 के स्टॉपलॉस के साथ हर गिरावट पर खरीदारी करनी चाहिए।  

रेट्रो नोकिया लूमिया डिज़ाइन फोन को लेकर लीक रिपोर्ट में भी जानकारी मिली

नई  दिल्ली  स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी एचएमडी ग्लोबल ने नए फोन एचएमडी विव का ऐलान कर दिया है। अब आने वाले मिड-रेंज एचएमडी विव फोन को लेकर लीक रिपोर्ट में भी जानकारी मिली है। लीक में रेट्रो नोकिया लूमिया डिज़ाइन और दमदार 108-मेगापिक्सेल कैमरे के साथ हाई-एंड एचएमडी स्काईलाइन की झलक पहले ही पेश की जा चुकी है। एचएमडी विव के डिजाइन के बारे में बात करें तो उम्मीद की जा रही है कि फोन थोड़ा राउंड डिज़ाइन वाले मेटल फ्रेम के साथ आएगा। इसका फिंगरप्रिंट सेंसर इसके पावर बटन में दिया जाएगा।इसमें दो लेंस और एक एलईडी फ्लैश के साथ एक रेक्टैंगुलर कैमरा मॉड्यूल होगा। बताया गया है कि ये फोन तीन कलर ऑप्शन मेट्योर ब्लैक, आइस और वेलवेट में आ सकता है। कहा जा रहा है कि ये एक मिड-रेंज फोन होगा, और इसमें 1080 पी प्लस रेज़ोलूशन वाला ओलेड डिस्प्ले होने की बात सामने आई है।ये नया 6एनएम एआरएम प्रोसेसर 2.3 जीएचझेड तक चलने वाले दो हाई-परफॉर्मेंस वाले  एआरएम कारटेक्स-ए78 कोर और 2.0 जीएचझेड पर चलने वाले छह कारटेक्स-ए55 कोर के साथ आता है। ऐसा कहा जा रहा है कि एचएमडी व्यू को कम से कम एक वेरिएंट 8 जीबी रैम के साथ पेश किया जाएगा। फोन की कीमत के बारे में कोई खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन लीक में एक कॉम्पैक्ट डिज़ाइन, एक ओलेड डिस्प्ले, एक 50-मेगापिक्सल कैमरा और एक लंबे समय तक चलने वाली बैटरी होने की बात कंफर्म की गई है। ऐसा कहा जाता है कि कैमरा सेटअप के तौर पर फोन में 50-मेगापिक्सल के प्राइमरी सेंसर के साथ एक सेकेंडरी लेंस मिलता है। पावर के लिए फोन में 4700 एमएएच की बैटरी होने की उम्मीद की जा रही है। एचएमडी विव को क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 6एस जेन 3 चिपसेट पर चलने के लिए तैयार किया गया है।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet