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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा अध्यक्ष तोमर से की सौजन्य भेंट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर के प्रोफेसर कालोनी, भोपाल स्थित शासकीय निवास पहुंचकर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर ने भी पुष्पगुच्छ भेंटकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत-सम्मान किया।  

राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्व सिकल सेल दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को करेंगे सम्मानित

भोपाल  राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन-2047 के अंतर्गत विश्व सिकल सेल दिवस 19 जून को बड़वानी में ग्राम पंचायत तलून के खेल स्टेडियम में राज्य स्तरीय कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल सहित अन्य मंत्रीगण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस अवसर पर कई नवाचारों का शुभारंभ किया जाएगा जिनमें जेनेटिक काउंसलिंग जागरूकता वीडियो और प्रभावित गर्भवती महिलाओं के लिए व्यापक दिशा निर्देश और मॉड्यूल शामिल हैं। लक्षित आयु वर्ग की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग पूर्ण करने वाली पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के एनसीसी निदेशॉलय के सहयोग से “सिकल सेल मित्र” पहल की शुरुआत भी की जायेगी। सिकल सेल मित्र युवा आबादी में जागरूकता के लिए सेवा प्रदाताओं के बीच लिंक के रूप में कार्य करेंगे। सिकल सेल दिवस पर संपूर्ण प्रदेश में सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता लाने के लिए गतिविधियाँ आयोजित की जायेंगी। सिकल सेल प्रभावित 33 जिलों में विशेष परामर्श शिविर लगाए जाएंगे, जहाँ आनुवांशिक परामर्श, रोग प्रबंधन, भावी पीढ़ी के लिए संभावनाओं और आवश्यक चिकित्सकीय सेवाओं की जानकारी दी जाएगी। उप-केन्द्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष शिविर लगाकर रोगियों की पहचान, स्क्रीनिंग और परिवार के अन्य सदस्यों की भी जांच की जायेगी। सिकल सेल रोगियों और उनकी देखभाल कर्ताओं को पेन क्राइसिस जैसी तीव्र स्थितियों में प्रबंधन के तरीकों से अवगत कराया जाएगा। प्रभावित जिले में विशेष रूप से प्रभावित जनजातीय एवं ग्रामीण पंचायतों में स्क्रीनिंग और परामर्श के लिए अभियान चलाया जाएगा। राज्य स्तर पर विकसित जेनेटिक कॉउंसलिंग कार्ड का वितरण किया जाएगा, जिससे लोगों को आनुवांशिक जानकारी समझने में सुविधा होगी। दिव्यांग योजनाओं और वित्तीय सहायता से सिकल-सेल रोगियों को जोड़ने की प्रक्रिया सरल करने के लिए यूडीआईडी कार्ड निर्माण के लिए मेगा शिविर भी लगाए जाएंगे। नेशनल सिकल सेल पोर्टल के माध्यम से स्क्रीनिंग एवं उपचार की सतत मॉनीटरिंग की जा रही है। रोगियों को नि:शुल्क उपचार, जेनेटिक काउंसलिंग, औषधियां, वैक्सीनेशन एवं ब्लड ट्रांस्फ्यूजन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक 26 हजार 115 रोगियों को हाइड्रॉक्सीयूरिया दवा से उपचार मिला है। विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर जनजातीय स्कूलों, कॉलेजों एवं छात्रावासों में स्क्रीनिंग शिविर भी सतत आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेश में मिशन की शुरुआत 15 नवंबर 2021 को राज्य हिमोग्लोबिनोपैथी मिशन के रूप में अलीराजपुर और झाबुआ में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की थी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मिशन को 1 जुलाई 2023 को राष्ट्रीय स्तर पर शहडोल से लॉन्च किया था। वर्तमान में प्रदेश के 33 जिलों में स्क्रीनिंग जारी है, जिसमें 20 जिलों के 89 विकासखंड एवं 13 अतिरिक्त जिले (पीएम जनमन योजना) शामिल हैं। सिकल सेल उन्मूलन के लिए एम्स भोपाल में नवजात शिशुओं की 72 घंटे में जाँच के लिए विशेष लैब स्थापित है। सभी चिन्हित मरीजों को हाइड्रॉक्सीयूरिया, फॉलिक एसिड और निःशुल्क रक्तदान की सुविधा प्रदान की जा रही है। गंभीर मरीजों के लिए इंदौर मेडिकल कॉलेज में बोनमेरो ट्रांसप्लांट यूनिट स्थापित की गई है, जहाँ 100 से अधिक ट्रांसप्लांट हो चुके हैं। रीवा में सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है। मध्यप्रदेश में मिशन के तहत 2047 तक सिकल सेल को पूरी तरह समाप्त करने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में सतत और सशक्त प्रयास किये जा रहे है।  

वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में दुर्लभ प्रजाति के किंग कोबरा नागार्जुन की मौत, पोस्टमार्टम से खुलेगा राज

भोपाल वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में दुर्लभ प्रजाति के किंग कोबरा नागार्जुन की मौत हो गई है। यह किंग कोबरा पिलिकुला बायोलॉजिकल पार्क, मैंगलोर (कर्नाटक) से वन्यप्राणी आदान-प्रदान योजना के तहत 6 अप्रैल 2025 को भोपाल लाया गया था। उसके साथ ही एक अन्य किंग कोबरा नागराजन (आयु लगभग आठ वर्ष) को भी वन विहार में रखा गया था। वन विहार प्रबंधन के अनुसार, नागार्जुन (उम्र लगभग 5 साल) की गतिविधियों पर शुरुआत से ही विशेष निगरानी रखी जा रही थी। सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। वन विहार के वन्यप्राणी चिकित्सकों की टीम पिलिकुला बायोलाजिकल पार्क के विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों के संपर्क में थी। अधिकारियों के अनुसार 17 जून की शाम तक नागार्जुन पूरी तरह सामान्य व्यवहार कर रहा था। लेकिन 18 जून 2025 की सुबह जब सीसीटीवी में कोई गतिविधि नहीं दिखी तो वन विहार के कर्मचारियों ने एनक्लोजर में जाकर जांच की, जहां नागार्जुन को मृत अवस्था में पाया गया। सांप की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसे विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा किया जाएगा। वन विहार प्रबंधन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों पर स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा।

राजा रघुवंशी हत्याकांड में मेघालय पुलिस ने बरामद किया दूसरा हथियार, क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान खाई में मिला

इंदौर  राजा रघुवंशी हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। अब मेघालय पुलिस ने बताया है कि राजा को एक नहीं बल्कि दो हथियारों से मारा गया। यह भी बताया कि विशाल ने जब राजा पर पहली बार हमला किया तो खून बहने लगा था और वह दर्द से चिल्ला रहा था। इस दौरान सोनम वहां से चली गई। वह तभी वापस लौटी जब राजा की मौत हो चुकी थी। उसने लाश को ठिकाने लगाने में हमलावरों की मदद की। राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच कर रही मेघायल पुलिस की एसआईटी टीम आज फिर आरोपियों को घटनास्थल पर ले गई थी। यहां वेसा डांग इलाके में उन्होंने दूसरा हथियार फेकें जाने की बात बताई। पुलिस ने वहां जांच की तो दूसरा हथियार भी बरामद हो गया। अब हथियार की फॉरेंसिंक जांच की जाएगी।  रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बताया कि सोनम रघुवंशी उस समय भाग गई जब हमलावरों में से एक विशाल सिंह चौहान ने राजा रघुवंशी पर पहली बार कुल्हाड़ी से हमला किया। पुलिस ने बताया कि वह तभी वापस लौटी जब कई बार हमला करने के बाद राजा की मौत हो गई। यह बात तब सामने आई जब हत्या की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) सोनम सहित सभी आरोपियों को राजधानी शिलॉन्ग से लगभग 65 किलोमीटर दूर मेघालय के सोहरा ले गई। वहां घटनास्थल पर पुलिस ने क्राइम सीन रीक्रिएट किया। इंदौर के ट्रांसपोर्ट व्यवसायी की पिछले महीने मेघालय में हनीमून के दौरान सोनम, उसके प्रेमी राज कुशवाह और तीन लोगों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। अन्य हत्यारों की पहचान आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने कहा कि जांच और घटनास्थल पर सीन रिक्रिएट करने से पता चला है कि विशाल ने सबसे पहले राजा पर हमला किया था। नाम न बताने की शर्त पर एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि जब खून बहने लगा और राजा चिल्लाने लगा तो सोनम भाग गई। विशाल और दूसरे हमलावर विशाल ने राजा पर हमला करना जारी रखा। पुलिस एक ट्रैवलर का बयान भी दर्ज करने वाली है. दरअसल, हरियाणा के सोनीपत निवासी एक यूट्यूबर देवेंद्र सिंह ने 23 मई को नोंग्रयाट  के पास डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज के ट्रेक के दौरान एक वीडियो शूट किया था, जिसमें सोनम रघुवंशी, राजा रघुवंशी और तीनों आरोपी आकाश, आनंद और विशाल अनजाने में कैद हो गए. सुपर कॉरिडोर पर बने रेस्टोरेंट में मिलते थे आरोपी राजा हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे है। अब यह जानकारी सामने आई है कि राजा को मारने की प्लानिंग सोनम, राज और विशाल ने एक महीने पहले ही शुरू कर दी थी। ये सभी सुपर कॉरिडोर पर टीसीएस चौराहे के पास अवंती रेस्टोरेंट में मिलते थे। रेस्टोरेंट के मालिक नरेंन्द्र ने इस बात का खुलासा किया है। देवेंद्र ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ वीडियो शूट कर रहे थे, जब सुबह 9:25 बजे तीनों आरोपी और 9:45 बजे राजा व सोनम उनके कैमरे में रिकॉर्ड हुए. शिलांग के SP ने कहा कि यह वीडियो फुटेज केस को जोड़ने की अहम कड़ी साबित होगी. पुलिस देवेंद्र का बयान दर्ज करेगी और वीडियो को सबूत के तौर पर लेगी. हनीमून पर कितना कैश और सोना ले गई थी सोनम रघुवंशी राजा रघुवंशी की हत्या की आरोपी सोनम के भाई ने कहा है कि वह नार्को टेस्ट के लिए तैयार हैं। सोनम के भाई गोविंद ने कहा कि यदि राजा के परिवार को उन पर शक है तो जांच करवा सकते हैं और वह नार्को टेस्ट के लिए भी तैयार हैं। गोविंद इससे पहले राजा के घर जाकर दुख बांट चुके हैं। गोविंद ने यह भी खुलासा किया है कि हत्या वाले हनीमून पर जाते समय सोनम अपने साथ कितना सोना और कैश लेकर गई थी। गोविंद ने कहा, ‘जितनी भी सत्यता थी उतनी हमने बताई है मीडिया और उन लोगों को। फिर भी यदि उन्हें हमारे ऊपर शक है तो वो जांच करा सकते हैं। हम इसके लिए आगे आने को तैयार हैं। मैं उनके घर भी जा रहा हूं। मुझे पता है कि उनके घर में बहुत बड़ा हादसा हुआ है। इसलिए यदि उनकी मांग है नार्को टेस्ट की तो, की जाए।’ गोविंद ने कहा कि वह बिन बुलाए ही राजा की तेरहवीं पर उनके घर गए थे। उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा,’उन्होंने बुलाया नहीं था, मैं राजा की तेरहवीं पर खुद गया था। मैं राजा को दिल से मानता हूं। लेकिन यदि अब मुझे मना करते हैं तो यह उनका फैसला है। मुझे पता चला है कि मेघालय की पुलिस आई है। मुझे बयान के लिए शिलॉन्ग बुलाया है, लेकिन कोई कंफर्मेशन नहीं है। मैंने कहा है कि जब भी जरूरत पड़े मैं पहली फ्लाइट से आ सकता हूं।’ अपने साथ क्या-क्या ले गई थी सोनम यह पूछे जाने पर कि हनीमून पर जाते हुए सोनम अपने साथ क्या-क्या लेकर गई थी, गोविंद ने कहा, ‘कुछ जेवर लेकर गई थी। जैसै मंगलसूत्र जो पुलिस को मिला है। बाकी कुछ कान के नाक के लेकर गई थी,बाकी गहने हमारे पास ही हैं। कैश जरूर 10-20 हजार का ले गई होगी। मोबाइल 2 लेकर गई थी एक ऑफिस वाला और एक अपना पर्सनल। और कोई कीमती चीज नहीं लेकर गई है।’ राजा को चेन पहनकर आने को कहा था इससे पहले राजा की मां उमा रघुवंशी ने कहा था कि उनके बेटे को सोनम ने सोने की चेन पहनकर आने को कहा था। राजा की जब उन्होंने एयरपोर्ट वाली तस्वीर देखी तो गले में सोने की चेन देखकर उन्हें चिंता हुई थी।  पुलिस के अनुसार, सोनम ने अपने मोबाइल फोन नष्ट कर दिए हैं और अभी तक उन्हें बरामद नहीं किया जा सका है. हत्या का मकसद लव ट्राएंगल बताया जा रहा है, लेकिन एसपी ने कहा कि इसके अलावा कोई अन्य वजह भी हो सकती है, जिसकी जांच जारी है. अधिकारी ने कहा कि राजा की मौत हो जाने के बाद ही सोनम घटनास्थल पर वापस आई और शव को ठिकाने लगाने में मदद की। पुलिस ने बताया कि राजा की हत्या में इस्तेमाल किया गया दूसरा हथियार भी … Read more

वन विहार में किंग कोबरा की मृत्यु

भोपाल वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के संचालक ने बताया कि 18 जून बुधवार को प्रात: सी.सी.टी.व्ही. कैमरे में किंग कोबरा नागार्जुन उम्र लगभग 5 वर्ष में कोई हलचल नही पाये जाने पर सर्प बाडे में प्रवेश कर उसका परीक्षण किया गया। परीक्षण में वह मृत पाया गया। मृत किंग कोबरा सर्प का पोस्टमार्टम पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा किया जायेगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने पर मृत्यु का कारण स्पष्ट हो सकेगा। किंग कोबरा की गतिविधि के संबंध में वन विहार के वन्यप्राणी चिकित्सा अधिकारी, पिलिकुला बायोलॉजिकल पार्क मैंगलोर कर्नाटक के पशु चिकित्सा अधिकारी से सतत संपर्क में थे। कल शाम तक नागार्जुन किंग कोबरा की गतिविधि बायोलॉजिकल पार्क के पशु चिकित्सक के अनुसार समान्य पायी गई। उल्लेखनीय है कि वन्यप्राणी आदान-प्रदान योजना अंतर्गत पिलिकुला बायोलॉजिकल पार्क मैंगलोर, कर्नाटक से 6 अप्रैल 2025 को 2 नर किंग कोबरा-नागशयना उम्र 8 वर्ष तथा नागार्जुन उम्र 5 वर्ष वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल लाए गये थे। बायोलॉजिकल पार्क से लाने के उपरांत वन विहार में लगातार 24 घंटे इनकी निगरानी की जा रही थी।  

11वां अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को आयोजित करने के संबंध मे समस्त जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किये

भोपाल  राज्य शासन द्वारा 11वां अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2025 को आयोजित करने के संबंध मे समस्त जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किये गये है। जारी आदेश में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए जिले की समस्त संस्थाओं को प्रेरित किया जायेगा, सभी कार्यक्रम आयोजकों को अपना पंजीयन कराना होगा। इसका पंजीयन लिंक https//yoga.ayush.gov.in/yoga-sangam पर होगा। अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस का कार्यक्रम जिले के पंचायत मुख्यालयों तथा पंचायत के अन्य ग्रामों एवं सभी नगरीय निकायों मुख्यालय एवं समस्त वार्डो में जनप्रतिनिधियों के सहयोग से कराया जायेगा। योग दिवस के कार्यक्रम के लिए भारत सरकार द्वारा योग निर्धारित प्रोटोकॉल अनुसार आयोजन होगा। इस कार्यक्रम के लिए जिले में पंतजलि योग संस्थान, श्रीरामचंद्र मिशन हार्टफुलनेस संस्थान, जन अभियान परिषद, म.प्र. योग आयोग एवं अन्य सहयोगी संस्थाओं से संबद्ध योग इन्स्ट्रक्टर/योगा वालेंटियर उपलब्ध है जिनकी सूची पृथक से आयुष विभाग द्वारा प्रदाय की जायेगी। प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव का 21 जून के योग दिवस कार्यक्रम में उद्धबोधन का सीधा प्रसारण प्रदेश के समस्त ग्रामों एवं वार्डो में कराया जायेगा। कार्यक्रम सुबह 6 बजे से 7.45 बजे तक आयोजित किया जाएगा। जिसका प्रसारण लिंक म.प्र. जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रदाय किया जायेगा। सभी जिलों में उपलब्ध योग प्रशिक्षक एवं वालेंटियर्स को ट्रेंनिग कराने के लिए आयुष विभाग द्वारा ट्रेनिंग मॉडयूल तैयार किया गया है जिसके माध्यम से दिनांक 19 एवं 20 जून को ऑनलाइन ट्रेनिंग की व्यवस्था की जाएगी, जिसकी लिंक आयुष विभाग द्वारा प्रेषित की जायेगी। योग दिवस कार्यक्रम के लिए जिले में योग आयोजन कराने वाली संस्थाओं का अधिकाधिक पंजीयन कराया जाना है। इस हेतु जिले में एक नोडल अधिकारी को नियुक्त किया जाये, नोडल अधिकारी योग दिवस कार्यक्रम उपरांत जानकारी एवं फोटो भारत सरकार के पोर्टल पर भेजने के लिए उत्तरदायी होगा। जिले के समस्त शासकीय सेवको को योग दिवस के नजदीकी कार्यक्रम में सहभागिता के लिए प्रेरित किया जाये। 

सोनम के बॉयफ्रेंड राज की दादी का हुआ निधन

 इंदौर/फतेहपुर  इंदौर के राजा रघुवंशी मर्डर केस से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। सोनम रघुवंशी ने अपने जिस प्रेमी राज के साथ मिलकर पति राजा की हत्‍या करवाई, उसकी दादी की सदमे से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दादी को हार्ट अटैक आ गया। इसके बाद घर में कोहराम मच गया। राजा का पैतृक गांव यूपी के फतेहपुर में है। उसकी दादी यहीं रहती थीं। राज की गिरफ्तारी पर उन्‍होंने कहा था कि पोता बेकसूर है। उसको फंसाया गया है। आपको बता दें कि राज कछवाहा मूलरूप से फतेहपुर जिले के रामपुर गांव का रहने वाला है। पुलिस ने उसे राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में गिरफ्तार किया है। 15 साल पहल राज का परिवार इंदौर में बस गया था। गांव में दादी और परिवार के अन्‍य लोग रहते हैं। राज कछवाहा के पिता तीन भाई थे। दो भाई रामपुर सुकेति गांव में अभी भी रहते हैं। 15 साल पहले राज कछवाहा के पिता स्थिति अच्छी नहीं थी। वह इंदौर चले गए थे। वहां फल की दुकान लगाने लगे। परिवार की हालत सुधरने पर करीब 10 साल पहले परिवार को बुला लिया, जिसमें राज की मां, दो बहनें और राज कछवाहा इंदौर चला गया। राज परिवार के साथ रहने लगा। गांव में दादी के साथ रहती थी राज की बड़ी बहन बड़ी बहन दादी के साथ गांव में रहती थी। कोरोना काल में पिता परिवार के साथ गांव आ गए। कोरोना काल में राज के पिता की मौत हो गई। इसके बाद राज कछवाहा परिवार के साथ फिर इंदौर चला गया। वहां राज कछवाह प्लाईवुड का काम करने लगा। सोनम के यहां पर राज प्लाईवुड का काम करता था। काम के दौरान उसकी सोनम से मुलाकात हुई।

गौ-शाला सम्मेलन :मुख्यमंत्री डॉ. यादव और पशु पालन राज्य मंत्री पटेल होंगे शामिल

प्रदेश स्तरीय गौ-शाला सम्मेलन 20 जून को प्रदेश स्तरीय गौ-शाला सम्मेलन का आयोजन 20 जून को दोपहर 12 बजे से मुख्यमंत्री निवास प्रांगण में किया जायेगा  गौ-शाला सम्मेलन :मुख्यमंत्री डॉ. यादव और पशु पालन राज्य मंत्री पटेल होंगे शामिल भोपाल  प्रदेश स्तरीय गौ-शाला सम्मेलन का आयोजन 20 जून शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से मुख्यमंत्री निवास प्रांगण भोपाल में किया जायेगा। सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार लखन पटेल शामिल होंगे। सम्मेलन में प्रदेश के समस्त जिलों से शासकीय एवं अशासकीय गौ-शाला संचालकों एवं प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी उमाकांत उमराव ने बताया कि सम्मेलन में गौ-शालाओं में गौवंश के व्यवस्थापन के लिए लगभग 50 करोड़ रूपये की राशि अंतरित की जाएगी। आचार्य विद्यासागर जीव दया गौ-सेवा सम्मान योजना के अंतर्गत चयनित गौ-शालाओं एवं संस्थाओं को गौ-सेवा पुरूस्कार प्रदान किए जायेंगे। कार्यक्रम में डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया जाएगा। सम्मेलन में नवीन गौ-शालाओं को पंजीयन प्रमाण पत्र तथा म.प्र.गौ-संवर्धन बोर्ड एवं दयोदय महासंघ के सहयोग से हितग्राहियों को ट्रेक्टर ट्राली वितरण भी किया जाएगा। “पशुपालन के क्षेत्र में प्रदेश के बढ़ते कदम” विषय पर एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी होगा।  

पुलिस महानिदेशक मकवाना ने विभागीय जांच वाले अधिकारी-कर्मचारी थानों, क्राइम ब्रांच और दफ्तरों में नहीं होंगे तैनात

भोपाल  मध्य प्रदेश के DGP कैलाश मकवाना ने आपराधिक प्रकरण और विभागीय जाँच में संलिप्त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के विषय में बड़ा आदेश दिया है, पुलिस महानिदेशक ने आदेश दिया है कि ऐसे कोई भी अधिकारी कर्मचारी ना थानों में पदस्थ होंगे, ना क्राइम ब्रांच में और ना ही ये किसी अधिकारी के कार्यालय में पदस्थ किये जायेंगे, पुलिस मुख्यालय में ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी भेजने के निर्देश दिए हैं। मध्य प्रदेश के जिलों में पुलिस थानों पर लंबे समय से जमे आरक्षक, प्रधान आरक्षक, सहायक उप निरीक्षक और उप निरीक्षकों को हटाने के आदेश के बाद डीजीपी ने आईजी, डीआईजी, एसपी के कार्यालयों में लंबे समय से जमे कर्मचारियों को हटाने के निर्देश पिछले दिनों दिए थे और पिछले आदेशों का पालन नहीं करने पर नाराजगी जताई थी। अब डीजीपी ने आपराधिक प्रकरण और विभागीय जांच में संलिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के विषय में आदेश जारी किये है, विशेष महानिदेशक (प्रशासन) पुलिस मुख्यालय भोपाल आदर्श कटिमार ने डीजीपी के आदेश पर पुलिस आयुक्त (इन्दौर/भोपाल) और प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षकों (रेल सहित) के लिए आदेश जारी किया है। आदेश का पालन नहीं होने पर नाराजगी  ADGP आदर्श कटियार ने पत्र में लिखा कि 15 अक्टूबर 2014 को पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश में आपराधिक प्रकरण एवं विभागीय जांच में संलिप्त पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों की थानों में पदस्थापना के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गये थे किन्तु देखने में यह आया है कि इन दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। थानों, क्राइम ब्रांच और अधिकारियों के ऑफिस में तैनाती प्रतिबंधित   अतः पुनः निर्देशित किया जाता है कि जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण विवेचना अथवा अभियोजन में लंबित है (दुर्घटना प्रकरण को छोड़कर) तथा जिन पुलिस कर्मियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार, नैतिक अधोपतन, शारीरिक हिंसा एवं अवैध निरोध संबंधी आरोपों पर विभागीय जांच लंबित है उन्हें पुलिस थानों, काईम ब्रांच अथवा किसी अधिकारी के कार्यालय में तैनात नहीं किया जायेगा। अधिकारियों, कर्मचारियों की जानकारी मुख्यालय ने मांगी  एडीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए उनके अधीनस्थ इकाइयों में इस तरह के जो भी पुलिस अधिकारी, कर्मचारी हैं उनके बारे में आवश्यक कार्यवाही कर पालन प्रतिवेदन सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कार्मिक) को ई-मेल aig admin2@mppolice.gov.in पर भेजें तथा भविष्य में भी इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।

भोपाल के ऐशबाग का विवादित 90 डिग्री मोड़ वाले फ्लाईओवर को रिडिजाइन किया जाएगा

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बना ऐशबाग रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) अपने उद्घाटन से पहले ही विवादों में घिर गया था, लेकिन अब ‘आजतक’ की खबर का असर दिखाई दे रहा है. इस ब्रिज के 90 डिग्री वाले खतरनाक मोड़ को लेकर उठे सवालों के बाद रेलवे ने डिजाइन में बदलाव के लिए अतिरिक्त जमीन देने की सहमति दे दी है.  इस ब्रिज की डिजाइन के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद PWD सूत्रों ने बताया कि रेलवे की ओर से जमीन उपलब्ध कराने पर ब्रिज की रेलिंग को तोड़कर 90 डिग्री वाले मोड़ को और घुमावदार बनाया जाएगा. इससे पुल की चौड़ाई तीन फीट तक बढ़ जाएगी, जिससे वाहनों को मोड़ने के लिए अतिरिक्त जगह मिलेगी. इंजीनियरों की टीम मशीनों के साथ बुधवार को ब्रिज के सेंटर पॉइंट का मेजरमेंट करने भी पहुंची.  18 करोड़ रुपये की लागत से बना यह 648 मीटर लंबा ब्रिज घनी आबादी और बेतरतीब ट्रैफिक वाले ऐशबाग क्षेत्र में बनाया गया है. इसकी डिजाइन में 90 डिग्री का तीखा मोड़ होने से हादसों की आशंका जताई जा रही थी.  तीन जांच टीमों ने दिए अहम सुझाव सरकार ने इस फ्लाईओवर की सुरक्षा जांच के लिए तीन अलग-अलग टीमें गठित की थीं, जिनकी रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं:     एनएचएआई अधिकारी आरओ एस.के. सिंह ने सुझाव दिया कि ब्रिज पर 30 किमी/घंटा से अधिक रफ्तार की अनुमति न हो, ब्रिज की दीवार ऊंची की जाए, सटीक संकेत और पर्याप्त लाइटिंग व्यवस्था हो, और फुटपाथ को तोड़कर ब्रिज में शामिल किया जाए।     एमपीआरडीसी इंजीनियर ने सुझाव दिए कि बड़े वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया जाए, जब तक चौड़ीकरण नहीं हो जाता, ब्रिज पर यातायात सीमित रखा जाए, तेज गति को रोकने के लिए रोड डिजाइन में परिवर्तन किया जाए, और जहां सड़कों का मिलन बिंदु है, वहां दीवार मोटी और ऊंची हो।     इसके अलावा, इस बात पर भी विचार चल रहा है कि इस ब्रिज से केवल दोपहिया वाहनों को ही गुजरने की अनुमति दी जाए। निर्माण में आईं तकनीकी चुनौतियाँ इस ब्रिज के निर्माण में कई तकनीकी चुनौतियाँ थीं। एक ओर मेट्रो लाइन, दूसरी तरफ रेलवे लाइन और तीसरी तरफ स्टेडियम स्थित है। यह ब्रिज लगभग 5 लाख की आबादी की आवाजाही का मुख्य जरिया है। वर्ष 2022 में रेलवे ने राज्य सरकार से परामर्श किए बिना फाटक बंद कर दिया था, जिससे आवागमन बुरी तरह बाधित हुआ। इस आपातकालीन परिस्थिति में ब्रिज निर्माण का निर्णय लेना आवश्यक हो गया था। अफसर ने कहा… सरकार को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में कहा है कि 90 डिग्री मोड़ वाले फ्लाईओवर का निर्णय सामूहिक था, इसलिए किसी एक अभियंता की गलती नहीं मानी जा सकती। रेलवे ने भी निर्माण की विधिवत अनुमति दी थी। नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव लोनिवि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर यूजर मनीष चौधरी ने लिखा, “ये भोपाल का ऐशबाग रेल ओवर ब्रिज, जिसे PWD ने पूरे 10 साल में तैयार किया है, मानो कोई ‘इंजीनियरिंग चमत्कार’ हो. ऐसी संरचनाएं जनता की ज़रूरत नहीं, अधिकारियों की जेबें भरने के लिए बनाई जाती हैं. यह पुल न सिर्फ ट्रैफिक जाम का नया केंद्र बनेगा, बल्कि 90 डिग्री का ये मोड़ बड़े हादसे को न्योता देगा.”   “मौत 90 डिग्री का कोण बना कर आएगी. डेवलपमेंट का यह एंगल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में निकल कर आया है. 18 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं.” जब इस मुद्दे पर PWD मंत्री राकेश सिंह से पत्रकारों ने सवाल किया, तो उन्होंने कहा, “पुल बनने के बाद अचानक कुछ विशेषज्ञ आते हैं और इस तरह की बात करते हैं, जबकि कोई भी पुल बनाते समय कई तकनीकी पहलुओं को देखा जाता है. अगर ये कोई आरोप है, तो इसकी जांच कराई जाएगी.” अब रेलवे और पीडब्ल्यूडी के इस कदम से ब्रिज की सुरक्षा और ट्रैफिक सुगमता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है.  

पंडित प्रदीप मिश्रा को फिर से मांगनी पड़ी माफी! सामने आई ये बड़ी वजह

 सीहोर        कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. महाराष्ट्र में कथा के दौरान भगवान चित्रगुप्त पर की गई उनकी टिप्पणी को लेकर कायस्थ समाज ने तीखा विरोध जताया, जिसके बाद उन्हें माफी मांगनी पड़ी. पंडित प्रदीप मिश्रा ने माफी मांगते हुए कहा, “मेरे किसी कथन से यदि किसी समाज या व्यक्ति को ठेस पहुंची हो या उनका मन दुखा हो, तो मैं क्षमा मांगता हूं.” जानकारी के अनुसार, मिश्रा ने कथा के दौरान भगवान चित्रगुप्त के बारे में कथित तौर पर ‘अभद्र भाषा’ का उपयोग किया था, जिसके बाद कई शहरों में विरोध शुरू हो गया. कई साधु-संतों और कथावाचकों ने भी उनके बयान की निंदा की थी. बयान को लेकर माफी मांगनी पड़ी प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा को फिर अपने बयान को लेकर माफी मांगनी पड़ी है। उन्होंने महाराष्ट्र में 14 जून को प्रवचन के दौरान भगवान चित्रगुप्त को ‘मुछंदर’ कहकर अभद्र टिप्पणी की थी। उस पर पूरे देश में कायस्थ समाज भड़का हुआ था। पंडित प्रदीप मिश्रा ने पत्रकारों से कही ये बात मंगलवार को सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में पत्रकारों से बातचीत में पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि महापुराण की कथा महाराष्ट्र में चल रही थी, उसमें यमराज, चित्रगुप्त महाराज और भगवान शिव की भक्ति का प्रसंग चल रहा था। उसी में वह बात निकली थी। राधा रानी मामले में भी पंडित प्रदीप मिश्रा का काफी विरोध हुआ था प्रदीप मिश्रा ने आगे कहा कि किसी के हृदय को ठेस पहुंचाना कभी शिव महापुराण नहीं जानती। फिर भी यदि किसी व्यक्ति को या समाज को मेरी वाणी से ठेस पहुंची हो तो मैं क्षमा मांगता हूं। बता दें कि इसके पहले राधा रानी मामले में भी पंडित प्रदीप मिश्रा का काफी विरोध हुआ था और तब भी माफी मांगने को मजबूर होना पड़ा था। मंगलवार को सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में पत्रकारों से बातचीत में पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि महापुराण की कथा महाराष्ट्र में चल रही थी, उसमें यमराज, चित्रगुप्त महाराज और भगवान शिव की भक्ति का प्रसंग चल रहा था। उसी में वह बात निकली थी। राधा रानी मामले में भी पंडित प्रदीप मिश्रा का काफी विरोध हुआ था प्रदीप मिश्रा ने आगे कहा कि किसी के हृदय को ठेस पहुंचाना कभी शिव महापुराण नहीं जानती। फिर भी यदि किसी व्यक्ति को या समाज को मेरी वाणी से ठेस पहुंची हो तो मैं क्षमा मांगता हूं। बता दें कि इसके पहले राधा रानी मामले में भी पंडित प्रदीप मिश्रा का काफी विरोध हुआ था और तब भी माफी मांगने को मजबूर होना पड़ा था।

चम्बल के जंगल का जायजा लेने पहुंचे चीते, मादा चीता माधवी ने ताबड़तोड़ शिकार किए

मुरैना  कूनो नेशनल पार्क की बाउंड्री लांघकर चम्बल के बीहड़ में घुसी मादा चीता माधवी ने ताबड़तोड़ शिकार किए हैं. मुरैना क्षेत्र में एकसाथ 5 बकरियों को अपना निवाला बनाने के बाद चीता माधवी अपने कुनबे के साथ कूनो वापस लौट गई है. चीता माधवी के कुनबे ने यहां कई दिनों तक आतंक मचाया. चीतों के कूनो पार्क में वापस लौटने से ग्रामीण भयमुक्त हो गए है. वहीं, फॉरेस्ट विभाग द्वारा पीड़ित किसानों को बकरियों का मुआवजा देने की कार्रवाई की जा रही है. कुनबे संग मादा चीता ने लांघी कूनों की सरहद दरअसल, मादा चीता माधवी अपने 4 शावकों के साथ कूनो नेशनल पार्क की सीमा लांघकर चम्बल के बीहड़ में घुस गई थी. वह सबलगढ़ के जंगल से होते हुए रविवार सुबह पगारा डैम के आसपास दिखाई दी. ग्रामीणों ने मादा चीता को कुनबे के साथ आराम से सड़क पर विचरण करते देखा तो दहशत में आ गए. इसके बाद मादा चीता और उसके कुनबे की लोकेशन पगारा कोठी, नरहेगा और खोह का पुरा के आसपास देखी गई. कूनो राष्ट्रीय उद्यान से लगभग 50 किलोमीटर दूर खुले में चीतों के झुंड को देखकर ग्रामीण घबराए हुए थे. वहीं वन विभाग ने लोगों से अलर्ट रहने के अपील की थी. 5 बकरियों का चीता ने किया शिकार यहां पर मादा चीता ने खोह का पुरा गांव निवासी विशाल बघेल की 3 बकरियों को अपना शिकार बनाया. इसके बाद मंगलवार को अपने शावकों के साथ देवगढ़ गांव के पास बीहड़ में नजर आई. यहां पर भी चीतों ने रामअवतार गुर्जर और पूरन गुर्जर की 2 बकरियों का शिकार किया. इस मामले में एसडीओ फारेस्ट माधो सिंह ने कहा, “एक सप्ताह पहले मादा चीता माधवी अपने 4 शावकों के साथ चंबल के बीहड़ में आ गई थी. उसने पिछले 2 दिन में 5 बकरियों का शिकार किया है. आज वह अपने कुनबे के साथ कूनो की ओर पलायन कर गई है. पीड़ित किसानों को बकरियों का हर्जाना दिया जाएगा.” 

ग्वालियर में पुलिस विभाग में फिर बड़ा तबादला.. 829 पुलिसकर्मियों के बदल गये थाने, PHQ ने जारी किया आदेश

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर में बेहतर पुलिसिंग और ट्रांसपेरेंसी बनाने के लिए एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने बड़ी सर्जरी की है. जिले के अलग-अलग पुलिस थानों और सर्किल में लंबे समय से तैनात 829 कर्मचारियों का तबादला किया गया है. इनमें कई पुलिसकर्मी ऐसे थे, जो 4 साल से ज्यादा समय से एक हो थाने में पदाथ थे. कुछ तो ऐसे भी मिले जो पिछले 10 वर्षों से एक ही जगह पर जमे बैठे थे. आरक्षक से एसआई तक 829 ट्रांसफर ग्वालियर एसएसपी के आदेश से जारी हुई तबादला सूची में कुल 829 पुलिसकर्मियों के नाम हैं, जो जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पदस्थ हैं. इस सूची में 13 एसआई (सब इंस्पेक्टर), 43 एएसआई (असिटेंट सब इंस्पेक्टर), 209 प्रधान आरक्षक और 563 आरक्षकों के नाम हैं. बेहतर पुलिसिंग के लिए जरूरी थे तबादले इतने पुलिसकर्मियों का एक साथ किसी जिले में तबादला चौंकाने वाला है. हालांकि, इस पर ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने कहा,” यह तबादला प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत की गई है. इसका मुख्य उद्देश्य पुलिसिंग में सुधार लाना है. लंबे समय तक एक ही स्थान पर जमे रहने से न केवल कर्मियों की निष्पक्षता पर प्रश्न उठते हैं, बल्कि जनता के साथ पुलिस के व्यवहार और अपराध नियंत्रण में भी गिरावट आती है.” उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी और जो भी पुलिसकर्मी नियमों के विरुद्ध एक ही स्थान पर लंबे समय तक तैनात पाए जाएंगे. उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी. डीजीपी के निर्देश का किया गया पालन एसएसपी के मुताबिक “प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना ने सभी जिलों को निर्देश जारी किए थे कि पुलिस विभाग में निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं. ग्वालियर जिले में इस आदेश का कड़ाई से पालन करते हुए तबादले किए गए हैं.” इतने बड़े पैमाने पर तबादलों से पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई है, जिन पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर हुआ है. उन्हें भी जल्द नई पोस्टिंग पर रिपोर्ट करने के आदेश दिए गए हैं. 

निर्वाचन आयोग ने नगर निगम चुनाव में 14 प्रत्याशियों को चुनाव खर्च का सही विवरण न देने पर अयोग्य घोषित किया

भोपाल  मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने जून 2022 में हुए भोपाल नगर निगम चुनाव में 14 प्रत्याशियों को चुनाव खर्च का सही विवरण न देने पर अयोग्य घोषित कर दिया है। इनमें से 12 प्रत्याशियों पर दो वर्ष का प्रतिबंध, जबकि 2 पर पांच वर्ष का प्रतिबंध लगाया गया है। मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम की धारा 14 क के तहत, पार्षद चुनाव में भाग लेने वाले प्रत्येक प्रत्याशी को नामांकन की तारीख से चुनाव परिणाम की घोषणा तक के सभी खर्चों का विवरण 30 दिनों के भीतर दाखिल करना अनिवार्य है। आयोग ने पाया कि इन प्रत्याशियों ने कई अवसर दिए जाने के बावजूद चुनाव खर्च का ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराया। भोपाल के उप जिला निर्वाचन अधिकारी मध्यप्रदेश दीपक पांडेय ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। (   वार्ड संख्या प्रत्याशी का नाम प्रतिबंध     राधिका धीरेन्द्र सिंह 2 वर्ष (वार्ड नं- 1)     महेंद्र वानखेड़े 2 वर्ष (वार्ड नं- 1)     वैशाली गोस्वामी 2 वर्ष (वार्ड नं- 3)     माधु चांदवानी 2 वर्ष (वार्ड नं- 4)     किशोर साधवानी 2 वर्ष(वार्ड नं- 4)     अब्दुल हलीम 2 वर्ष (वार्ड नं- 22)     शराफत उल्ला खां 2 वर्ष (वार्ड नं- 22)     शजर उल्ला 5 वर्ष (वार्ड नं- 24)     सतीश विश्वकर्मा 2 वर्ष (वार्ड नं- 36)     अशरफ खान 5 वर्ष (वार्ड नं- 39)     ज्योति खर 2 वर्ष (वार्ड नं- 45)     मंजू विश्वकर्मा 2 वर्ष (वार्ड नं- 80)     लता अहिरवार 2 वर्ष (वार्ड नं- 81)     सुभाष काटे 2 वर्ष (वार्ड नं- 83)

सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणी करने वाली महिला प्रोफेसर को हाईकोर्ट ने दी जमानत …

जबलपुर  एमपी हाईकोर्ट ने एक मुस्लिम महिला प्रोफेसर को जमानत दे दी है। प्रोफेसर पर सोशल मीडिया में धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली टिप्पणी करने का आरोप है। जस्टिस ए के सिंह की एकलपीठ ने कहा कि आरोपी को अनिश्चितकाल तक जेल में नहीं रखा जा सकता। कोर्ट ने महिला प्रोफेसर को कुछ शर्तों के साथ जमानत दी है। प्रोफेसर ने व्हाट्सअप ग्रुप में एक विवादित वीडियो और मैसेज पोस्ट किया था। माता सीता को लेकर की थी टिप्पणी डिंडौरी में अतिथि प्रोफेसर के तौर पर काम करने वाली डॉ. नसीम बानो ने यह पोस्ट किया था। उन्होंने सीता माता के अपहरण का एक कार्टून वीडियो व्हाट्सअप ग्रुप में डाला था। इसके साथ ही, उन्होंने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र भी किया था। उन्होंने लिखा था कि आतंकवादियों द्वारा धर्म पूछकर गोली मारना और जय श्री राम के नारे लगाकर मारना, दोनों में कोई अंतर नहीं है। इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा डिंडौरी कोतवाली पुलिस ने डॉ. नसीम बानो के खिलाफ B.N.S., 2023 की धारा 196, 299 और 353(2) के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने उन पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगाया था। 28 अप्रैल से जेल में थी प्रोफेसर हाईकोर्ट में जस्टिस ए के सिंह की एकलपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने पाया कि महिला प्रोफेसर 28 अप्रैल 2025 से जेल में हैं। ट्रायल कोर्ट ने 30 अप्रैल 2025 को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट को यह भी पता चला कि उनके खिलाफ कोई और आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। कोर्ट ने कहा कि एक शिक्षित व्यक्ति और कॉलेज में प्रोफेसर होने के नाते, डॉ. बानो को व्हाट्सअप पर मैसेज भेजने में ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए थी। हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि सिर्फ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले मैसेज या वीडियो भेजने के आधार पर किसी को अनिश्चितकाल तक जेल में नहीं रखा जा सकता। कोर्ट ने दी सशर्त जमानत कोर्ट ने डॉ. नसीम बानो को सशर्त जमानत दी है। इसका मतलब है कि उन्हें कुछ शर्तों का पालन करना होगा। अगर वे इन शर्तों का पालन नहीं करती हैं, तो उनकी जमानत रद्द भी हो सकती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले की जांच जारी रहेगी और ट्रायल कोर्ट अपना काम करेगी।

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