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सीएम यादव संबल योजना अंतर्गत, अनुग्रह सहायता के 6821 प्रकरणों में 150 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव संबल योजना अंतर्गत, अनुग्रह सहायता के 6821 प्रकरणों में 150 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। शुक्रवार को जबलपुर के बरगी में होने वाले इस कार्यक्रम में श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, मंत्रीगण, सांसद, विधायक एवं प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। प्रदेश में संबल योजना, असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। योजना अन्तर्गत प्रारंभ से अब तक 1 करोड़ 76 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। पंजीयन प्रक्रिया निरंतर जारी है। योजना में अनुग्रह सहायता अंतर्गत दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये प्रदान किये जाते हैं। स्थायी अपंगता पर 2 लाख रुपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 1 लाख रुपये तथा अंत्येष्टि सहायता के लिए 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं। संबल योजना में जहाँ एक ओर महिला श्रमिक को प्रसूति सहायता के लिये 16 हजार रुपये दिये जाते हैं, तो वहीं दूसरी ओर श्रमिकों के बच्चों को महाविद्यालय शिक्षा प्रोत्साहन योजना में उच्च शिक्षा के लिये सम्पूर्ण शिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। भारत सरकार के नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबल योजना में सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है। इन्हें भी संबल योजना के अंतर्गत समस्त लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है, जिससे वे केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं। संबल योजना प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है, जिसमें श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता दी जा रही है। वास्तविक अर्थों में यह श्रमिकों का संबल है, जिसे लागू करने का श्रेय प्रदेश की सरकार को है। मध्यप्रदेश की यह योजना देश के सभी राज्यों के लिए अनुकरणीय है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के लाखों निर्माण श्रमिकों के लिये भी निर्माण मंडल के माध्यम से कई योजनायें संचालित की जाती हैं, इनमें निर्माण श्रमिकों की मृत्यु होने पर अनुग्रह सहायता तथा स्थायी एवं आंशिक अपंगता पर सहायता भी सम्मिलित है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामय योजना अंतर्गत पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है, उन्हें 5 लाख रुपये वार्षिक निःशुल्क चिकित्सा का लाभ मिल रहा हैं।  

खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए तकनीक को खेतों तक पहुंचाना जरूरी – मंत्री टेटवाल

भोपाल राजगढ़ ज़िले के सारंगपुर विकासखंड के ग्राम बाबड़लया में विकसित कृषि संकल्प अभियान यात्रा में कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने कहा है कि यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि एक ऐसा संकल्प है जिसके माध्यम से हम हर खेत तक तकनीक, प्रशिक्षण और समर्थन पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक किसान सशक्त नहीं होगा, तब तक देश की प्रगति अधूरी है। सरकार की यह प्राथमिकता है कि आधुनिक तकनीक और योजनाओं की जानकारी सीधे गांव और खेत तक पहुंचे। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और गांवों की आत्मा किसान हैं। खेती को लाभकारी बनाने के लिए नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकनीकी हस्तक्षेप समय की मांग है। उन्होंने कहा कि यह अभियान न केवल खेती को आधुनिक बनाएगा, बल्कि इसे व्यवसाय का रूप देने में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे वैज्ञानिक तरीकों को अपनाएं और पारंपरिक अनुभव के साथ नए प्रयोगों को जोड़कर अपनी उपज और आमदनी दोनों बढ़ाएं। कार्यक्रम में ड्रोन तकनीक का प्रदर्शन किसानों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि ड्रोन से कीटनाशकों का छिड़काव तेज़, सटीक और कम लागत वाला होता है। इससे समय की बचत के साथ-साथ कीटनाशकों की खपत भी घटती है। किसानों ने इस तकनीक को लेकर उत्साह दिखाया और कहा कि वे अपने खेतों में इसे ज़रूर आज़माना चाहेंगे। मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण भी इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। वैज्ञानिकों ने बताया कि मिट्टी की जांच के बिना उर्वरकों का सही उपयोग संभव नहीं है। स्वाइल कार्ड के माध्यम से किसान अपनी भूमि की पोषण क्षमता को समझ कर उपयुक्त फसल और उर्वरक का चयन कर सकते हैं। कार्यक्रम में शामिल कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने फसल चक्र, जल संरक्षण, जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट और प्राकृतिक कीटनाशकों जैसे विषयों पर भी किसानों को प्रशिक्षण दिया। किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्राकृतिक खेती योजना और कृषि यंत्र अनुदान योजना की भी जानकारी दी गई। किसानों को बताया गया कि इन योजनाओं से न केवल आर्थिक मजबूती मिलती है, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से भी सुरक्षा मिलती है। किसानों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह उनके लिए प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक रहा। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएम मोदी का माना आभार, भारत के सामाजिक सुरक्षा कवरेज को अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन ने दी मान्यता

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत के सामाजिक सुरक्षा कवरेज विस्तार को अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन द्वारा मान्यता देने पर नागरिकों को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि सामाजिक सुरक्षा कवरेज में भारत की उल्लेखनीय वृद्धि केवल एक आंकड़ा नहीं है, यह प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की सार्वजनिक सेवा और समावेशी विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का शानदार उदाहरण है। सामाजिक सुरक्षा कवरेज अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचने और हर नागरिक को सम्मान के साथ मुख्य धारा में शामिल करने के हमारे संकल्प को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समाज के हर वर्ग के कल्याण और सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी दूरदर्शी सोच के साथ कार्य कर रहे हैं। केंद्रीय श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री मोदी सरकार द्वारा शुरू किए गए निर्धन-केंद्रित और श्रमिक कल्याण योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “सबका साथ- सबका विकास” के विजन से प्रेरित होकर भारत ने समाजिक सुरक्षा कवरेज के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। जो वैश्विक स्तर पर सबसे महत्वपूर्ण विस्तारों में से एक है। अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के आईएलओ स्टेट डेटाबेस के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार भारत का सामाजिक सुरक्षा करवरेज 2015 में 19 प्रतिशत था, जो 2025 में बढ़कर 64.3 प्रतिशत हो गया है। लाभार्थियों की संख्या के मामले में भारत अब विश्व में दूसरे स्थान पर है, जो 94 करोड़ से अधिक नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज प्रदान कर रहा है।

मप्र का पहला रिज़वाँयर फिशरीज़ प्रोडक्शन एंड प्रोसेसिंग क्लस्टर हलाली में : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पीएम मत्स्य संपदा योजना में भोपाल के पास हलाली में बनने वाला मध्यप्रदेश का पहला रिज़वाँयर फिशरीज़ प्रोडक्शन एंड प्रोसेसिंग क्लस्टर का उ‌द्घाटन 13 जून को इंदौर से होगा। केन्द्रीय मछुआ पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह राष्ट्रीय इनलैंड फिशरीज़ एवं एक्वाकल्चर बैठक में इसका उ‌द्घाटन करेंगे। देश में पीएम मत्स्य संपदा योजना में इस तरह के 17 क्लस्टरों की पहचान केन्द्र सरकार ने की है जो उन क्षेत्रों की मत्स्य पालन की विशेषताओं के आधार पर विकसित किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इनलैंड स्टेट में फिशरीज़ से जुड़ी इस तरह की बैठक देश में पहली बार इंदौर में हो रही है। बैठक का उ‌द्देश्य उन इनलैंड राज्यों में मत्स्य उत्पादन बढ़ाना है, जिनकी सीमाएं समुद्र से नहीं जुड़ती हैं। इस बैठक में सिर्फ उन राज्यों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं जो समुद्र से मत्स्य उत्पादन गतिविधियाँ नही करते हैं। देश के 20 राज्यों के मत्स्य पालन मंत्री होंगे शामिल इंदौर में होने वाली इनलैंड फिशरीज़ एण्ड एक्वाकल्चर मीट में देश के 20 राज्यों के मत्स्य पालन मंत्री भाग ले रहे हैं। राष्ट्रीय बैठक में मध्यप्रदेश के मछुआ पालन मंत्री श्री नारायण सिंह पंवार, उत्तर प्रदेश के मछुआ पालन मंत्री श्री संजय कुमार निषाद, बिहार की मछुआ पालन और पशुपालन मंत्री सुश्री रेणु देवी, हरियाणा के पशुपालन, डेरी और मत्स्य पालन मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, राजस्थान के पशुपालन और मछुआ पालन राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेधम के अलावा अन्य राज्यों के मंत्री भी भाग ले रहे हैं। बैठक में विशेष रूप से केन्द्र सरकार के मत्स्य पालन सचिव डॉ. अभिलाक्ष लिखी और संयुक्त सचिव श्री सागर मेहरा भी उपस्थित रहेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के निर्देशानुसार देश में मत्स्य उत्पादन में निर्यात को बढ़ावा देने के लिये इंदौर की इस राष्ट्रीय बैठक में भारत के अलग-अलग राज्यों में हो रहे प्रयोगों पर तकनीकी-सत्र भी आयोजित होंगे। इनमें राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं ICAR-CIFRI, (CAR-CIFA, NFDB की तरफ से मत्स्य उत्पादन की दिशा में विश्व में अपनाई जा रही नई तकनीकों पर प्रेजेन्टेशन दिये जायेंगे। तकनीकी-सत्रों में जलाशय पट्टा नीति, नदी और तालाबों में आधुनिक तरीके से मत्स्य पालन और ठंडे पानी में मछली पालन की संभावनाओं जैसे विषय भी शामिल होंगे। केन्द्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह द्वारा लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किये जायेंगे, जिनमें मत्स्य सहकारी समितियों, मछुआरा उत्पादक संगठन, मत्स्य पालन स्टार्ट अप्स एवं परंपरागत मछुआरे भी शामिल हैं। मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड और जलीय कृषि बीमा भी उपलब्ध कराया जायेगा। इसका उद्देश्य मछुआरों को बीमा और डिजिटल एक्सेस देना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य में मछुआरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिये जल क्षेत्र के कुशल प्रबंधन पर लगातार कार्य किया जा रहा है। इसके चलते इनलैंड फिशरीज़ एण्ड एक्वाकल्चर मीट के अवसर पर इंदौर के ब्रिलियेंट कन्वेंशन सेंटर में एक प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है, जिसमें प्रदेश का खूबसूरत एक्वा पार्क एवं मछली पालन की नई तकनीकी-केज कल्चर और आरएएस को प्रदर्शित करते स्टॉल लगाये जायेंगे। प्रदेश सरकार के प्रयासों से राज्य में मछुआरों की आय में वृ‌द्धि हो रही है। साथ ही विज़न 2047 के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिये मध्यप्रदेश में मछुआ पालन से जुड़ी सभी गतिविधियों पर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। विशेष तौर पर इनपुट सप्लाई के क्षेत्र में, पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट, प्रोसेसिंग एवं उत्पादों के निर्यात के लिये भी प्रयास जारी हैं। प्रदेश का सिवनी ज़िला बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट का पुरस्कार पहले भी प्राप्त कर चुका है। साथ ही बालाघाट ज़िले की प्राथमिक मछुआ सहकारी समिति को मछुआरों के सशक्तीकरण की दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल चुकी है।  

विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय के सर्वेक्षण पर कार्यशाला हुई

सर्वेक्षण गुणात्मक एवं प्रमाणिकता के साथ करें : उप मुख्यमंत्री देवड़ा सर्वेक्षण 3 माह की तय समय में पूरा करें : राज्यमंत्री श्रीमती गौर विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय के सर्वेक्षण पर कार्यशाला हुई भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार विमुक्‍त, घुमन्‍तु एवं अर्द्धघुमन्‍तु जातियों के सामाजिक आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इन जातियों के कल्याण की गतिविधियों को पावन कार्य बताते हुए कहा कि यह गर्व करने योग्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिये इन समुदायों का सर्वेक्षण के माध्यम से डाटा इक्कठा किया जायेगा। इस डाटा के आधार पर कार्यक्रम बनाये जायेगें और राज्य एवं केन्द्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से इन समुदायों को लाभांवित किया जायेगा। राज्य पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान में उप मुख्यमंत्री देवड़ा विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय के सर्वेक्षण-2025 पर बुधवार को हुई राज्य स्तरीय कार्यशाला के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि जन अभियान परिषद और विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु कल्याण विभाग के बीच सर्वेक्षण के लिये एमओयू हुआ है। सर्वेक्षण प्रमाणिकता के साथ होगा। उन्होंने कहा कि सर्वे कार्य में लगे कार्य समन्वयक पूरी ईमानदारी एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य करेंगे। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि घुमन्तु समाज के उत्थान का यह पुण्य एवं पवित्र कार्य है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु कल्याण विभाग के कार्य की सराहना भी की। पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदायों के परिवारों के समेकित विकास के दृष्टिगत सर्वेक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में प्रदेश के 12 जिलों में सर्वेक्षण का कार्य होगा और यह कार्य तय समय सीमा 3 माह में पूरा किया जायेगा। सितम्बर में सर्वेक्षण का प्रथम चरण पूरा होने के बाद दूसरे चरण में प्रदेश के शेष जिले में सर्वेक्षण होगा। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण से इन समुदायों की जानकारी एकत्र की जायेगी और जानकारी के आधार पर इन समुदायों के विकास के लिये कार्यक्रम बनाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण दल यह सुनिश्चित करें कि सर्वेक्षण से एक भी परिवार नहीं छूटे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सर्वेक्षण के लिये दिये गये प्रस्ताव पर तुरंत सहमति दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। कार्यशाला में क्षेत्रीय प्रमुख घुमन्तु कार्य गौरेलाल ने सर्वेक्षण कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि वह विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदायों के बीच में पिछले कई वर्षों से कार्य कर रहे है। उन्होंने कार्य के दौरान हुए अनुभवों पर आधारित इन समुदायों की समास्याओं से जुड़े अनेक संस्मरण सुनाये और कहा कि इन समुदायों के विकास के लिये व्यवस्थित कार्य योजना जरूरी है और सर्वेक्षण का डाटा महत्वपूर्ण होगा। कार्यशाला को मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, अध्यक्ष विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय विकास अभिकरण बाबूलाल बंजारा ने भी संबोधित किया। प्रारंभ में प्रमुख सचिव विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय विकास विभाग ई. रमेश कुमार और कार्य पालक निदेशक जन अभियान परिषद डॉ. बकुल लाड ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर जानकारी दी। कार्यशाला में जनअभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड और संचालक विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तुसमुदाय विकास विभाग नीरज वशिष्ठ ने एमओयू का दस्तावेज एक दूसरे को सौंपा। इस अवसर पर विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय विभाग द्वारा तैयार किये गये पोस्टर का विमोचन भी किया गया।  

विद्यालयों में भाड़े के शिक्षक रखने वाले पांच शिक्षकों को कलेक्टर संदीप जीआर द्वारा कड़ी कार्रवाई करते हुए बर्खास्त किया गया

सागर  शासकीय विद्यालयों में भाड़े के शिक्षक रखने वाले पांच शिक्षकों को कलेक्टर संदीप जीआर द्वारा कड़ी कार्रवाई करते हुए बर्खास्त किया गया है। कलेक्टर के आदेश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने यह कार्रवाई की है। कलेक्टर ने बताया कि गत महीनों में  प्रशासन को विभिन्न समाचार माध्यमों से सूचना मिली थी कि जिले के अलग-अलग विद्यालयों में पांच शासकीय शिक्षक अपने स्थान पर भाड़े के शिक्षक रखकर शैक्षणिक कार्य करा रहे हैं। और इन समाचारों को आधार बना कर ऐसे शिक्षकों की जब जांच कराई गई तो यह आरोप सही पाए गए जिसके आधार पर सभी पांच शिक्षकों को बर्खास्त करने की कार्रवाई की गई है।  इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन ने बताया कि कलेक्टर संदीप जीआर के अनुमोदन के पश्चात् यह कार्रवाई की गई जिसमें सभी शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की जाकर उन्हें बर्खास्त किया गया है। इन शिक्षकों को किया गया बर्खास्त मामले में अनिल मिश्रा प्राथमिक शिक्षक शा.प्रा. शा. रहली विकास खण्ड जैसीनगर जिला सागर, जानकी तिवारी प्राथमिक शिक्षक शास.एकी. माध्यमिक शाला बंजरिया विकास खण्ड जैसीनगर, अवतार सिंह ठाकुर प्राथमिक शिक्षक शा.प्रा.शा. कजरई विकास खण्ड खुरई, रूपसिंह चढ़ार प्राथमिक शिक्षक शास. एकी. माध्य. शाला भेलैया विकास खण्ड मालथौन और इन्द्र विक्रम सिंह परमार प्राथमिक शिक्षक शा.प्रा.शा.मंझेरा विकास खण्ड मालथौन पर कार्रवाई की गई है।   इनसे करवाते थे शिक्षण कार्य  जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी सेवा समाप्ति आदेश के अनुसार  शिक्षकों की जांच हेतु जांच दल गठित किया गया। जांच दल द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन का परीक्षण करने पर पाया गया कि शास. प्राथमिक शाला रहली विकास खण्ड जैसीनगर में पदस्थ अनिल मिश्रा प्राथमिक शिक्षक संस्था से अनुपस्थित पाए गए तथा संस्था के छात्रों द्वारा बताया गया कि अनिल मिश्रा सप्ताह में एक बार उपस्थित होते हैं एवं अपने स्थान पर भगवान दास सकवार को शैक्षणिक कार्य हेतु भाड़े पर रखा गया है। इसी प्रकार शास.एकी. माध्यमिक शाला बंजरिया विकास खण्ड जैसीनगर में पदस्थ जानकी तिवारी ने  गोकल प्रसाद प्रजापति को, शासकीय प्राथमिक शाला कजरई विकास खण्ड खुरई में पदस्थ अवतार सिंह ठाकुर ने  राहुल पंडित को, शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला भेलैया विकास खण्ड मालथौन में पदस्थ रूपसिंह चढ़ार ने  विक्रम सिंह लोधी को एवं शासकीय प्राथमिक शाला मंझेरा विकास खण्ड मालथौन में पदस्थ  इन्द्र विक्रम सिंह परमार ने ममता अहिरवार को अपने स्थान पर विद्यालय में शैक्षणिक कार्य हेतु भाड़े पर रखा हुआ था। जांच प्रतिवेदन निष्कर्ष अनुसार शासकीय गवाहों, प्रस्तुत अभिलेखों एवं तर्कों के आधार पर यह पाया गया है कि उक्त पांचों शिक्षक अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह हैं तथा संस्था में सप्ताह में एक दिन उपस्थित होते हैं एवं अपने स्थान शैक्षणिक कार्य हेतु भाड़े पर शिक्षकों को रखा है। उक्त शिक्षकों की विभागीय जांच के दौरान भी शासकीय साक्षियों द्वारा अभिलेख सहित पुष्टि की गई। जांचकर्ता अधिकारी के अभिमत अनुसार  उक्त शिक्षकों का यह कृत्य गंभीर कदाचरण, स्वैच्छाचारिता, शासकीय लोक सेवक के प्रतिकूल एवं आपराधिक श्रेणी का है, जो मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) 1965 के प्रावधानों के विपरीत होकर मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियत्रंण तथा अपील) नियम 1966 के तहत दण्डनीय भी है। 

सोनम रघुवंशी ने SIT के सामने कबूल किया अपना जुर्म, सोनम और राज कुशवाह के साथ वाली फोटो आई सामने

इंदौर सोनम रघुवंशी ने आखिरकार यह कबूल कर लिया कि उसने ही अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या करवाई थी। शिलॉन्ग में पुलिस पूछताछ के दौरान सोनम टूट गई और उसने रोते-रोते यहब कबूल कर लिया है कि हां उसने ही अपने पति की जान ली है।सोनम रघुवंशी ने आखिरकार यह कबूल कर लिया कि उसने ही अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या करवाई थी। शिलॉन्ग में पुलिस पूछताछ के दौरान सोनम टूट गई और उसने रोते-रोते यह कबूल कर लिया है कि हां उसने ही अपने पति की जान ली है। इस बीच खास बात यह है कि सोनम का राज कुशवाहा से भी आमना-सामना कराया गया है। मेघालय के राजा रघुवंशी हत्याकांड में मेघालय पुलिस ने सोनम रघुवंशी और उसके प्रेमी राज कुशवाह का आमना-सामना करवाया, जिसके बाद सोनम टूट गई और उसने अपने पति राजा की हत्या की साजिश में शामिल होने की बात कबूल कर ली. पुलिस ने पुख्ता सबूतों के साथ दोनों को आमने-सामने बिठाया, जिसके बाद सोनम के पास छिपाने को कुछ नहीं बचा. मेघालय पुलिस के ‘ऑपरेशन हनीमून’ के तहत 23 मई को शिलांग के सोहरा में हुई राजा रघुवंशी की हत्या की जांच में बड़ा खुलासा हुआ. पुलिस ने सोनम और राज कुशवाहा को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की. 42 सीसीटीवी फुटेज, खून से सनी जैकेट, सोनम का रेनकोट, और अन्य सबूतों को सामने रखा गया. सबूतों के दबाव में सोनम टूट गई और उसने कबूल किया कि उसने राज कुशवाह और तीन सुपारी किलर्स आकाश राजपूत, विशाल उर्फ विक्की ठाकुर, और आनंद कुर्मी के साथ मिलकर राजा की हत्या की साजिश रची.   पुलिस जांच में पता चला कि सोनम ने हनीमून के बहाने राजा को सोहरा के सुनसान इलाके में ले जाकर हत्यारों को उसकी लोकेशन भेजी. उसने अपनी सास को झूठ बोला कि वह अपरा एकादशी का व्रत रख रही है, जबकि होटल रिकॉर्ड से पता चला कि उसने खाना खाया था. हत्या के बाद सोनम ने राजा के सोशल मीडिया अकाउंट से ‘सात जन्मों का साथ है’ पोस्ट कर जांच को भटकाने की कोशिश की. पुलिस को गुवाहाटी रेलवे स्टेशन के पास से हत्या में इस्तेमाल हथियार भी मिला.   मेघालय पुलिस ने सोनम, राज कुशवाह और तीनों हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया है. सोनम ने 9 जून को गाजीपुर (UP) में सरेंडर किया था. पुलिस के मुताबिक, सोनम का मकसद राजा को रास्ते से हटाकर राज कुशवाह के साथ नई जिंदगी शुरू करना था.    राजा के भाई सचिन और पिता अशोक रघुवंशी ने सोनम के लिए फांसी की सजा और उसके परिवार के सामाजिक बहिष्कार की मांग की है. सोनम के भाई गोविंद ने भी हत्यारों के लिए फांसी की मांग की, लेकिन दावा किया कि उसे साजिश की जानकारी नहीं थी.   मुझे अपने बेटे के लिए न्याय चाहिए- राजा रघुवंशी की मां राजा रघुवंशी की मां उमा ने कहा, ‘मुझे अपने बेटे के लिए न्याय चाहिए. दोषियों को सजा मिलनी चाहिए. मेरे बेटे ने क्या किया था? उसकी क्या गलती थी? उसे क्यों मारा गया?’ कामाख्या मंदिर क्यों गई सोनम, क्या नरबलि की थी इच्छा…’ राजा की मां का सोनम पर आरोप राज उससे प्यार नहीं कर सकता- सोनम की बॉयफ्रेड की मां राज कुशवाह की मां ने भी बातचीत में कहा कि राज उससे प्यार नहीं कर सकता. सोनम क्यों राज को पसंद करेगी? मेरा  बेटा सोनम से कभी बात नहीं करता था. हमारा एक कमरा है, ऊपर राज सोता है और नीचे हम.अगर वो किसी से बात करता तो हमें तो सुनाई देता. किसी को तो पता चलता. वहां गोविंद भी काम करता था. ऐसा नहीं सकता है कि किसी को इस बारे में कुछ पता चले. मैंने तो सोनम को आजतक देखा नहीं, ना ही मैंने उनके घरवालों को देखा. मेरे बच्चे को मारा उनकी इतनी हिम्मत कैसे हुई- राजा की मां राजा रघुवंशी की मां ने कहा कि राजा की मौत के बाद हमारे यहां जब राज आया तो मेरे मन में यही ख्याल आया कि जिन्होंने मेरे बच्चे को मारा उनकी हिम्मत कैसे हुई मेरे यहां आने की. हनीमून पर गोल्ड पहनकर आने के लिए सोनम ने राजा से कहा था राजा रघुवंशी की मां ने कहा कि राजा ने कामख्या जाने के बाद कोई फोटो नहीं डाली. मुझे एक फोटो में राजा की चैन दिखी तो मैंने बोला तुमने चैन क्यों पहनी? जिस पर राजा ने कहा कि सोनम ने पहनने के लिए बोला है. हमें अपने बेटे के लिए इंसाफ चाहिए.   बेटे की हत्या में जो भी लोग शामिल हैं उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए- राजा रघुवंशी की मां बातचीत में राजा रघुवंशी की मां ने कहा कि वो चाहती हैं कि उनके बेटे की हत्या में जो भी लोग शामिल हैं उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए. उन्होंने कहा कि सोनम पर हमारा ध्यान कभी ज्यादा नहीं गया. सोनम शादी के बाद चली गई थी तब उसके घरवालों ने बोला कि अमावस्या के बाद आना. सोनम के शिलांग पहुंचने से पहले ही सुलझ गई राजा रघुवंशी हत्याकांड की गुत्थी  मध्य प्रदेश के राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी गुवाहाटी पहुंच चुकी हैं। रात करीब दो बजे तक सोनम रघुवंशी के शिलांग पहुंच जाने की संभावना है। मंगलवार को मेघालय पुलिस पटना से लेकर कोलकाता और फिर कोलकाता से लेकर गुवाहाटी पहुंची। गुवाहाटी से सोनम रघुवंशी को सड़क मार्ग से शिलांग के लिए निकाला गया। उधर, राजा रघुवंशी की हत्या में गिरफ्तार सोनम के प्रेमी राज कुशवाहा समेत तीन अन्य आरोपियों को भी मेघालय पुलिस इंदौर से लेकर शिलांग के लिए रवाना हो गई है। इंदौर एयरपोर्ट एक आरोपी की एक व्यक्ति ने गुस्से में थप्पड़ भी मारा। गुवाहाटी से शिलांग की कुल दूरी 100 किलोमीटर की है। सोमवार की देर रात को मेघालय पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले की कोर्ट ट्रांजिट रिमांड हासिल की थी। इंदौर में कबूले सुपारी किलर्स मेघालय पुलिस के दबाव के बाद गाजीपुर में इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम के सरेंडर किया था। इतना ही नहीं इंदौर पुलिस के साथ ज्वाइंट ऑपरेशन में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तार किया गया था। मेघालय पुलिस ने इस केस को सुलझाने … Read more

राजा की मां से गले मिलकर रोया सोनम का भाई बोला -मैं हर पल आपके साथ हूं… मेरी बहन गुनहगार है

इंदौर  मैं हर पल आपके साथ हूं… मेरी बहन गुनहगार है… मैं सोनम के खिलाफ खुद केस लडूंगा… पति की हत्या में गिरफ्तार सोनम के भाई गोविंद, राजा के घर पहुंचे तो माहौल भावुक हो गया. गोविंद राजा की मां उमा रघुवंशी से लिपट गए और फूट-फूटकर रोने लगे. उन्होंने उनके पैर पकड़ लिए. इंदौर के राजा हत्याकांड में बुधवार को यह भावुक लम्हा आया. सोनम के भाई गोविंद ने राजा की मां से कहा कि इस मामले में वह उनके परिवार का पूरा साथ देंगे. उन्होंने सोनम के खिलाफ खुद केस लड़ने की की बात भी कही. पुलिस सूत्रों के मुताबिक शिलॉन्ग ले जाई गई सोनम ने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया है. पुलिस इस मामले में गिरफ्तार किए गए बाकी चार आरोपियों को भी शिलॉन्ग ले जा चुकी है. उनसे राजा हत्याकांड का हर राज उगलवाया जा रहा है. पुलिस के हाथ कुछ अहम सबूत भी लगे हैं. इसमें खून से सना रेनकोट और टी-शर्ट भी शामिल है. इसके साथ ही वह खुखरी भी बरामद कर ली गई है जिससे शिलॉन्ग की पहाड़ी पर राजा की हत्या की गई थी.    शिलॉन्ग में जहां पुलिस राजा की हत्या का हर पन्ना खोलने में जुटी हुई है, वहीं इंदौर में सोनम और राजा के परिवार सदमे में है. राजा रघुवंशी की मां अपनी बहू की करतूत से सदमे में है. बुधवार दोपहर सोनम के भाई  गोविंद सीधे राजा की मां से मिलने चले गए. इस दौरान माहौल में नमी घुल गई. रोती-बिलखती राजा की मां ने गोविंद को गले से लगा लिया. गोविंद भी बिलख-बिलखक रोने लगे. उन्होंने राजा की मां के पैर पकड़े लिए. मीडिया से बातचीत में गोविंद ने कहा कि उनके परिवार को राज कुशवाहा और सोनम के रिश्ते के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. सोनम को राज ‘दीदी’ कहकर बुलाता था. पिछले तीन सालों से सोनम राज कुशवाहा को राखी बांध रही थी.  सोनम के भाई गोविंद ने राजा के परिवार के साथ मीडिया के कई सवालों के जवाब दिए. सोनम के भाई ने कहा कि राजा मेरा बहुत प्रिय था. सोनम ने जो भी प्लानिंग की, मुझे मीडिया से पता चला. गोविंद ने कहा कि मैंने राजा की मां से माफी मांगी है. अगर सोनम है गुनहगार है तो उसे सजा मिलनी चाहिए. सोनम ने खुद को दोषी नहीं माना है. उससे कोई संपर्क नहीं हुआ है. हमने उससे सभी संबंध तोड़ लिए हैं…हम राजा (रघुवंशी) की ओर से लड़ेंगे. हम राजा के परिवार के लिए वकील से बात करेंगे. राजा रघुवंशी की मां ने क्या बताया?  राजा रघुवंशी की मां ने कहा कि गोविंद ने कहा कि सोनम को फांसी पर लटका देना चाहिए. उसे राजा के लिए दुख है, सोनम के लिए नहीं. गोविंद की कोई गलती नहीं है. मैंने गोविंद से पूछा कि क्या वह सोनम से मिला था. उसने कहा कि वह उससे तीन मिनट के लिए मिला था. मैंने उससे पूछा कि उसने उसे क्यों नहीं मारा? उसने कहा कि उसे मौका नहीं मिला क्योंकि वहां मीडिया और पुलिस थी.” सोनम ने ही राज कुशवाहा के साथ मिलकर रची थी! इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी 29 साल के राजा रघुवंशी ने 11 मई 2025 को धूमधाम से सोनम से शादी की थी. शादी के तुरंत बाद ही उसे मौत के घाट उतारने का प्लान तैयार हो चुका था. उसकी नई नवेली पत्नी सोनम ने ही राज कुशवाहा के साथ मिलकर रची थी. साजिश के तहत यह कपल शिलॉन्ग पहुंचा था. 21 मई को शिलॉन्ग पहुंचने के बाद इस कपल ने 22 मई को चेरापूंजी में जाकर एक होमस्टे लिया. कपल के साथ ही हत्याकांड में संलिप्त अन्य आरोपियों ने भी वहां पर होमस्टे लिया. लेकिन, इस बात की बिल्कुल भी भनक राजा रघुवंशी को नहीं थी. ‘ऑपरेशन हनीमून’ के जरिए जांच जारी मेघालय पुलिस ने राजा रघुवंशी हत्याकांड के आरोपियों को पकड़ने के लिए एक विशेष ऑपरेशन चलाया, जिसका नाम ‘ऑपरेशन हनीमून’ रखा गया. पुलिस ने बताया कि यह मामला काफी जटिल था, इसलिए इसे एक ऑपरेशन के रूप में लिया गया. इस ऑपरेशन के तहत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनसे पूछताछ जारी है. 

उज्जैन में प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई , जब आंख खुली तो बुलडोजर अपनी कार्रवाई में लग चुका था

उज्जैन  श्री महाकालेश्वर मंदिर से सटे इलााके में बुधवार को फिर बुलडोजर गरजा. थाना महाकाल क्षेत्र अंतर्गत आने वाली बेगमबाग कॉलोनी में अवैध निर्माण को हटाया गया. यहां पर 23 मई को भी बुलडोजर की कार्रवाई हुई थी. इस दौरान 3 प्रॉपर्टी ध्वस्त करने के बाद 4 और अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए. इस दौरान शांति बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात रहा. प्रशासन ने कुल 28 प्रॉपर्टी चिह्नित की गौरतलब है कि बेगमबाग कॉलोनी श्री महाकाल मंदिर से 500 मीटर के दायरे में आती है. महाकालेश्वर मंदिर जाने के लिए यहीं से मुख्य रास्ता भी है. यहां ब्रिज का निर्माण, सड़क चौड़ीकरण व अन्य कार्य किए जाने हैं. इस क्षेत्र में उज्जैन विकास प्राधिकरण ने कुल 28 मकान-दुकान चिह्नित किए हैं. इन प्रॉपर्टी के मालिकों ने नियम-शर्तों का उल्लंघन किया है, जिन्हें ध्वस्त किया जाना है. सभी 28 प्रॉपर्टी संचालकों ने न्यायालय से स्टे लिया है, जिसकी समय सीमा खत्म होती जा रही. अब तक कुल 7 प्रॉपर्टी ध्वस्त की जा चुकी हैं. प्रशासन का कहना है कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. महाकाल क्षेत्र में सुबह से गरजा बुलडोजर  उज्जैन विकास प्राधिकरण सीईओ संदीप सोनी ने बताया “श्री महाकाल मंदिर क्षेत्र में बेगमबाग मोहल्ला है, जहां 1998 में विकास प्राधिकरण ने जमीन दुकानें लीज पर दी थीं. सर्वे में पाया गया कि लीज रिन्यू नहीं करवाई गई. दुकानों के साथ ही इस एरिया को रहवासी भी बना लिया. नोटिस दिए पर जवाब नहीं मिला तो अब ध्वस्तीकरण के लिए 7 दिन में खाली करने के नोटिस जारी किए गए थे. अब कार्रवाई की जा रही है.” IPS राहुल देशमुख ने बताया “शांति बनाए रखने के लिए 250 से अधिक पुलिस बल तैनात है. कार्रवाई शांतिपूर्वक जारी है.” 

जीसीएफ में बनी लाइट फील्ड गन की गूंज फिर सीमा पर सुनाई पड़ेगी, 19 किमी की दूरी तक गोला दागने की क्षमता

जबलपुर  आयुध क्षेत्र की प्रमुख फैक्ट्रियों में शुमार गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएफ) में बनी लाइट फील्ड गन (एलएफजी) की गूंज फिर सीमा पर सुनाई पड़ेगी। गन का तय समय पर उत्पादन के बाद परीक्षण लांग प्रूफ रेंज में होगा। भारतीय सेना ने करीब एक दशक बाद एलएफजी को लेकर अपनी रुचि दिखाई है। जिसके बाद 18 गन का उत्पादन जीसीएफ करने जा रहा है। महत्वपूर्ण है कि पूर्व में जीसीएफ में बनने वाली लाइट फील्ड गन का उत्पादन नया आर्डर नहीं मिलने के कारण लगभग बंद कर दिया गया था। आखिरी लाइट फील्ड गन फैक्ट्री ने 2014-15 में बनाई थी। 17 से 19 किमी की दूरी तक गोला दागने वाली यह गन कभी फैक्ट्री का मुख्य उत्पादों में शामिल है। एलएफजी के साथ ही साथ निर्माणी ने सारंग और धनुष तोप पर भी फोकस किया है। लेकिन भार में हल्की एलएफजी को सेना की हरी झंडी मिली तो जीसीएफ के पास तीन अलग तरह के गन बनाने पर तेजी से कार्य शुरू हुआ और इस वित्त वर्ष के शेष माहों में लक्ष्य तक पहुंचने दक्ष टीम जुट गई। यह गन 17 से 19 किमी की दूरी तक गोला दागने में सक्षम प्रति मिनट चार राउंड फायर किए जा सकते हैं इस बैरल फायरिंग पोर्ट पर 360 डिग्री घूम सकता है इसकी क्षमता 100 राउंड की है करगिल युद्ध में भी इस गन का इस्तेमाल एडवांस वैपन एंड इक्विपमेंट कंपनी की एक इकाई जीसीएफ की 105 एमएम की इस गन की अहमियत इसलिए भी है, क्योंकि यह हल्के वजन की होती है। इसे हेलीकाप्टर के माध्यम से सुदूर सीमाई क्षेत्र, दुर्गम स्थानों में आसानी से पहुंचाया जा सकता है। करगिल युद्ध में भी इस गन का इस्तेमाल हुआ था। सामान्य तौर पर वह सालाना 50 गन का उत्पादन करती रही है। वजन घटाकर बनाया गया लाइट फील्ड गन पहले यह गन मार्क-1 व मार्क-2 नाम से विकसित हुई, बाद में इसे एलएफजी नाम दिया गया। वजन में कम होने की वजह से इसका परिवहन आसान होता रहा है। इसकी मारक क्षमता 17 से 19 किलोमीटर तक है। पहले इसे इंडियन फील्ड गन भी कहा जाता था। लेकिन इसका वजन अधिक होने के कारण इस्तेमाल करना थोड़ा कठिन था। इसे घटाने पर शोध हुआ। इसकी टेल यानी पीछे के हिस्से को मॉडिफाई किया गया। इसी पर गन मूव करती थी। उसमें लोहे के वजनदार टुकड़ों की जगह पाइप लगाया गया। ऐसे में यह हल्की हो गई और इस तरह बाद में इसका नाम लाइट फील्ड गन हो गया। एक साल में 72 गन बनाने का रिकार्ड माना जा रहा है कि रक्षा उत्पादन समय पर पूरा हुआ तो बढ़कर टारगेट मिलने की संभावना प्रबल होगी। अत: निर्माण का पूरा फोकस एलएफजी को आकार देने पर है। बता दें कि जीसीएफ के नाम एक साल में 72 गन बनाने का रिकार्ड है। इस संबंध में जीसीएफ के कार्यकारी निदेशक राजीव गुप्ता ने बताया कि अपनी खूबियों के कारण लाइट फील्ड गन की उपयोगिता महत्वपूर्ण है। अभी हम 18 गन पर कार्य कर रहे हैं और दक्ष टीम की मदद से मांग को ध्यान में तय समय पर उत्पादन पूरा हो सकेगा।

ढाई लाख में की शादी दुल्हन टॉयलेट के बहाने भागी, कैलासर से आए दूल्हे को दलालों ने फंसाया

रोहतास/ कैलासर  सोनम रघुवंशी और राजा रघुवंशी का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ है कि बिहार के सासाराम में एक भगोड़ी दुल्हन की खबर सामने आई है। जहां मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के कैलासर का रहने वाला मोनू राज शिवहरे दलाल के जरिए ढाई लाख रुपये देकर रोहतास जिले के तिलौथू की काजल कुमारी से शादी रचाने पहुंचा। सासाराम के धर्मशाला मोड़ पर स्थित एक धर्मशाला में फर्जी पंडित ने मोनू राज की धर्मशाला के कमरे में ही शादी कर दी। शादी के बाद टॉयलेट के बहाने भागी दुल्हन शादी के बाद टॉयलेट जाने के बहाने नई नवेली दुल्हन फरार हो गई। बाद में कथित रूप से पता चला कि लड़की के फर्जी चाचा, फर्जी बहन, फर्जी मामा भी ढाई लाख रुपये लेकर फरार हो गए। इसके बाद रोता-गाता हुआ दूल्हा सासाराम के नगर थाना फरियाद लेकर पहुंचा। धर्मशाला के कमरे में नकली पंडित ने कराई शादी इस पूरे प्रकरण में सासाराम के तकिया मोहल्ले में किराए के मकान में रह रही पिंकी देवी की भूमिका महत्वपूर्ण है। उसने ही धर्मशाला के एक कमरे में शादी कराने के लिए ढाई लाख रुपये कैश लिए थे। आरोप है कि फर्जी शादी कराकर दुल्हन सहित सभी फर्जी बहन, फर्जी चाचा, फर्जी मामी फरार हो गए। फिलहाल पुलिस ने एक नकली चाची को पूछताछ के लिए अपने पास बिठाया है। राजो देवी नामक एक महिला जो करगहर की रहने वाली है, जो दुल्हन की चाची बनी थी। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। लड़की की कमी के चलते MP से बिहार पहुंचा था शादी करने पीड़ित दूल्हा और उसके भाई ने बताया कि मध्य प्रदेश के ग्वालियर के पास वे लोग रहते हैं। वहां लड़कियों की कमी है। कई लड़के कुंवारे ही जीवन बिता रहे हैं। ऐसे में दलाल के माध्यम से संपर्क हुआ कि बिहार में ढाई लाख रुपये में शादी के लिए लड़की मिल रही है। चूंकि इस पूरे प्रकरण में पिंकी देवी नामक महिला ही मास्टरमाइंड है। दूल्हा पक्ष ने पैसे के लेनदेन का वीडियो भी बना लिया है। जो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है, जिसकी हम पुष्टि नहीं करते। बताया जाता है कि लड़की अपने साथ आभूषण और कई उपहार भी लेकर भाग गई। दूसरे राज्यों में बेची जाती रही हैं रोहतास की लड़कियां रोहतास जिले के पर्वतीय इलाकों की गरीब लड़कियों को पहले भी दलाल टारगेट करते रहे हैं। उन्हें हरियाणा, मध्य प्रदेश जैसे इलाके में पैसे लेकर बेचने का धंधा चलता रहा है। इस बार मामला उलटा पड़ा है। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के कैलारस से शादी करने आया दूल्हा ही यहां लूट गया है। कल रात से ही दूल्हा, उसका भाई संजय शिवहरे सासाराम के नगर थाने में ही अपनी गुहार लेकर बैठा है। उधर, पुलिस पूरे मामले की तहकीकात कर रही है। पूरे प्रकरण के पीछे एक बड़ा गैंग कम कर रहा है। पूरे मामले पर सासाराम अनुमंडल पुलिस अधिकारी दिलीप कुमार ने बताया कि मामले का जांच के बाद ही कुछ कहा जाएगा। इसके बाद रोता बिलखता दूल्हा नगर थाने में शिकायत करने पहुंचा। पीड़ित युवक की पहचान मुरैना जिले के कैलासर निवासी संजय शिवहरे (40) के रूप में हुई है। 5 दिन पहले मुरैना से सासाराम आया था दूल्हा दूल्हा संजय शिवहरे ने बताया, ‘मेरे गांव में लड़कियों की कमी है। एक महीने पहले गांव में एक दलाल से मेरी मुलाकात हुई। उसने मेरी शादी करवाने का वादा किया।’ ‘इसके लिए उसने लड़की वालों को ढाई लाख रुपए देने की शर्त रखी। उसकी बातों में आकर मैं तैयार हो गया। 5 दिन पहले मैं अपने बड़े भाई के साथ सासाराम आया।’ ‘बिक्रमगंज के होटल में बिहार की दलाल पिंकी देवी ने लड़की को दिखलाया। लड़की पसंद आने पर शादी की बात तय हो गई। ‘मंगलवार की रात सासाराम की धर्मशाला के कमरे में फर्जी पंडित ने साड़ी, फुल, मिठाई और 551 रुपए दिलवाए। इसके बाद कमरे में ही हमारी शादी हुई।’ सब भाग गए फर्जी चाची पकड़ी गई पुलिस को दिए आवेदन में दूल्हे ने बताया ‘इस पूरे मामले में सासाराम के तकिया मोहल्ले में किराए पर रहने वाली पिंकी देवी मुख्य आरोपी है। उसने ही धर्मशाला में शादी कराने के लिए पैसे लिए।’ जिसका हमने वीडियो बना लिया।’ ‘शादी के थोड़े देर बाद लड़की टॉयलेट जाने के बहाने कमरे से निकली और भाग गई। धीरे-धीरे करके फर्जी बहन, फर्जी चाचा, फर्जी मामी सब फरार हो गए। लेकिन आखिर में हमने नकली चाची राजो देवी को पकड़ लिया। जिसे हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।’ बहन के मना करने पर भी कराई शादी दूल्हे के बड़े भाई मोनू राज शिवहरे ने बताया कि ‘छोटे भाई की शादी करने एमपी से सासाराम आए थे। यहां आने के बाद हमें लड़की दिखाई गई। लड़की पसंद आने के बाद मैंने अपनी बहन को फोन किया। उसे जब बताया कि लड़की हमें पसंद आई है और शादी के लिए ढाई लाख की डिमांड की है।’ ‘इतने में दीदी ने शादी के लिए मना करते हुए बोला कि दलाल के चक्कर में मत पड़ो। वापस आ जाओ, यहीं शादी करवा देंगे। लेकिन हमने उनकी बात नहीं मानी और पैसे देकर धर्मशाला में शादी करवा दी।’ पुलिस हिरासत में फर्जी चाची करगहर निवासी राजो देवी ने बताया कि ‘पिंकी देवी से बाजार में खरीदारी के दौरान दोस्ती हुई थी। उसके बोलने पर वो शादी में शामिल होने आई थी। उन्हें भगोड़ी दुल्हन और फर्जी शादी के बारे में जानकारी नहीं थी।’ हालांकि, पीड़ित युवक का कहना है कि ये दुल्हन की चाची बनकर मुझसे मिली थी। शादी होने के बाद मुझे पकड़कर फूट-फूटकर रो रही थी। सासाराम अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दिलीप कुमार ने बताया कि ‘पैसे लेकर दुल्हन के भागने का मामला आया है। पीड़ित के आवेदन पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।’

अंतिम संस्कार कर वापस लौट रहे भाजपा नेता की सड़क हादसे में मौत

मैहर  मैहर के भाजपा नेता की सड़क हादसे में मौत हो गई। परिवार के पांच सदस्य घायल भी हुए हैं। सभी लोग अपने परिवार की महिला का प्रयागराज में अंतिम संस्कार कर वापस आ रहे थे।  मैहर के भाजपा नेता और पूर्व पार्षद पुरुषोत्तम चौरसिया(55) की चाची और लवकुश चौरसिया की मां का मंगलवार को निधन हो गया था। चाची की इच्छा के अनुसार परिवार के 6 सदस्य उनका अंतिम संस्कार करने प्रयागराज गए थे। वापस लौटते समय हादसा हो गया। हादसे के बाद एंबुलेंस चालक मौके से फरार हो गया। एंबुलेंस में सवार पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में पोलो चौरसिया (28), दिवाकर चौरसिया (60), लखन चौरसिया (46), रामलाल चौरसिया (55) और प्रमोद चौरसिया (45) शामिल हैं। सभी घायलों को सतना के बिड़ला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अमरपाटन थाना प्रभारी केपी. त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। घायलों को तत्काल बचाव दल की मदद से एंबुलेंस से निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया। फरार चालक की तलाश जारी है।

बिजली खपत कम करेंगे तो बिल भी कम ही आएगा, रीडिंग में भी कोई गड़बड़ी नहीं हो रही

बिजली खपत कम करेंगे तो बिल भी कम ही आएगा, रीडिंग में भी कोई गड़बड़ी नहीं हो रही घरेलू स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं ने बताए फायदे  भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की पहल पर भोपाल सहित पूरे कंपनी कार्यक्षेत्र के 16 जिलों में घरेलू स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। भोपाल शहर वृत्त में लगभग तीन माह पहले लगाए जा चुके स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से जब बातचीत की तो अनेक सकारात्मक पहलू सामने आए। अधिकतर स्मार्टमीटर उपभोक्ताओं ने फायदा होने की बात कही है। मकान नंबर 23, देवीनगर कॉलोनी करोंद भोपाल के उपभोक्ता महेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि उनके यहां तीन महीने पहले स्मार्ट मीटर लगा था। शुरू में उन्हें डर था की कहीं स्मार्ट मीटर से बिल तो अधिक नहीं आएगा, लेकिन जैसे ही अगले महीने बिल आया तो देखा कि कोई ऐसी गड़बड़ी नहीं आई। बल्कि अब तो ऐप के माध्मय से अपने घर के बिजली उपयोग को भी नियंत्रित करना सीख गए हैं, क्योंकि जो उपकरण हम अधिक समय चलाते थे, उन पर नियंत्रण करने से बिल में अब कमी आई है। इसी तरह करोंद के ही देवकी नगर की उपभोक्ता श्रीमती देव कुमारी ने बताया कि स्मार्ट मीटर से रीडिंग लेने में कोई गड़बड़ी नहीं है, बल्कि अब तो अपने आप रीडिंग हो रही है और सटीक रीडिंग हो रही है। अब तो न कोई रीडिंग लेने आता है, बल्कि अपने आप दूरसंचार प्रणाली से रीडिंग हो रही है और निर्धारित तिथि को सही रीडिंग का बिल मोबाइल पर दिया जा रहा है। एक अन्य स्मार्ट मीटर उपभोक्ता मकान नंबर 87, गांधीनगर निवासी शेरू रजक ने बताया कि अब हमें बिजली की खपत की हर पंद्रह मिनट में जानकारी मिल रही है। इससे अंदाजा लगाना आसान हो गया कि हम किस समय कितनी बिजली की खपत करते हैं। इससे एक तो बिजली की बचत करने में आसानी हो रही है, दूसरी बात यह कि बिल में पूरी पारदर्शिता आ गई है, क्योंकि रीडिंग में गलती होने की अब जरा सी भी गुंजाइश नहीं है। मकान नंबर 53, एकतापुरी निवासी अमित सेमल ने बताया कि वे जिस किराए के मकान में रहते हैं, वहां स्मार्ट मीटर लगा है। हमें डर था कि कहीं बिल अधिक आया तो कैसे भरेंगे। लेकिन नया मीटर लगने के बाद पहले ही महीने में हमने देखा कि सब्सिडी घटाकर बिल तो 82 रूपये ही आया है। इसके बाद लगातार तीन माह हो गए 100 रुपये से कम ही बिल आ रहा है, क्योंकि हमारी बिजली खपत कम है। इसलिए हमारे लिए तो यह मीटर फायदेमंद है। घरेलू स्मार्ट मीटर के फायदे              ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद करता है।              बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती।              एप के जरिए मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित कर सकते हैं।              ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है, ताकि ऊर्जा की खपत को बेहतर बना सकते हैं।              ऊर्जा की खपत को ऑनलाइन ट्रैक करने और नियंत्रित करने की सुविधा मिलती है।              ऊर्जा की खपत को कम करने से पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव कम होता है।              ऊर्जा की खपत को नियंत्रित करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद कर सकता है।  

सिपरी साफ्टवेयर की बारीकियां सीखने गुरूवार को भोपाल आया महाराष्ट्र का 9 सदस्यीय दल

जल गंगा संवर्धन अभियान भोपाल  जल गंगा संवर्धन अभियान में मनरेगा परिषद द्वारा किए गए नवाचार का अध्ययन करने महाराष्ट्र सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का 9 सदस्यीय दल दो दिवसीय दौरे पर मध्यप्रदेश आएगा। यह दल 12 जून को भोपाल आएगा। साथ ही फील्ड में जाकर सिपरी साफ्टवेयर खेत तालाब और अमृत सरोवरों के निर्माण स्थल चयन में किस तरह से काम करता है, दल के सदस्य इसकी बारीकियां सीखेंगे। इसके साथ ही मनरेगा परिषद द्वारा कार्ययोजना को लेकर तैयार किए गए प्लानर ऐप के बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। इस दौरान दल के सदस्य 12 जून को भोपाल एवं 13 जून को रायसेन जिले के सांची विकासखंड का भ्रमण करेंगे। जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत बारिश के पानी को बचाने के लिए बनाए जा रहे खेत तालाब, अमृत सरोवर और कूप रिचार्ज पिट का कार्य देखेंगे। केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय भूमि संसाधन विभाग द्वारा बीते दिनों राष्ट्रीय समीक्षा कार्यक्रम आयोजित किया गया था। समीक्षा कार्यक्रम में मनरेगा आयुक्त-संचालक वाटरशेड मिशन अवि प्रसाद ने मध्य प्रदेश में “जल संरक्षण व संवर्धन और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के कार्यों के चयन तथा मॉनिटरिंग के लिए किए गए नवाचार सिपरी SIPRI सॉफ्टवेयर (A Decision Support System) का प्रस्तुतीकरण किया था, जिसकी भारत सरकार द्वारा प्रशंसा की गई थी। साथ ही भारत सरकार ने मध्य प्रदेश के इस नवाचार को समीक्षा कार्यवाही विवरण में रेखांकित किया। राष्ट्रीय समीक्षा में आए हुए अन्य राज्यों के प्रमुख सचिवों और मुख्य कार्यपालन अधिकारियों ने भी सिपरी (SIPRI) की उपयोगिता की सराहना की और अपने राज्यों में भी इसके उपयोग की रुचि दिखाई थी। अन्य राज्यों से भी सिपरी (SIPRI) के अध्ययन के संबंध में प्रस्ताव प्राप्त हो रहे है। इसी के अंतर्गत महाराष्ट्र सरकार के वाटरशेड विभाग के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलाकर रानादेवी के नेतृत्व में 9 सदस्यों का दल 12 और 13 जून को मध्य प्रदेश प्रवास पर आ रहा है। वे यहां आकर SIPRI सॉफ्टवेयर के संबंध में जानकारी प्राप्त करेंगे। साथ ही इसे कैसे बनाया गया है, इसमें किस-किस तरह के डेटाबेस का उपयोग किया जा रहा है इसका गहन अध्ययन करेंगे। साथ ही यह भी जानेंगे कि इसका उपयोग वे किस तरीके से महाराष्ट्र में प्राकृतिक संसाधन संरक्षण के कार्यों के लिए कर सकते हैं। इस दल में महाराष्ट्र शासन के मंत्रालय, जिला और विकास खंड स्तर के अधिकारी शामिल है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया संत कबीर को नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महान समाज सुधारक, कवि और संत कबीरदास जी की जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सामाजिक कुरीतियों, आडंबर एवं अंधविश्वास के विरुद्ध संत कबीर की जागृति अनंत काल तक समाज को लोक कल्याण की दिशा प्रदान करती रहेगी। 

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