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LPG संकट से मध्य प्रदेश में मुश्किलें, गैस न मिलने से रसोई ठंडी, होटल-ढाबे बंद होने के कगार पर, 3 दीनदयाल रसोई बंद

भोपाल  मध्य प्रदेश में एलपीजी गैस का गंभीर संकट सामने आ गया है। घरेलू रसोई से लेकर होटल-ढाबों तक चूल्हे ठंडे पड़ने लगे हैं। एक ओर घरेलू गैस सिलेंडर के लिए आम लोग घंटों लाइन में खड़े हैं, तो दूसरी ओर कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई लगभग बंद होने से होटल-रेस्टोरेंट और ढाबे बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इस संकट की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय हालात को माना जा रहा है। Strait of Hormuz में तनाव और समुद्री मार्ग प्रभावित होने से भारत के एलपीजी आयात पर असर पड़ा है। भारत अपनी एलपीजी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ गया है। प्रदेश के कई शहरों-भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन-से गैस की किल्लत और आम लोगों की परेशानी की खबरें सामने आ रही हैं। राजधानी भोपाल में सबसे ज्यादा परेशानी राजधानी भोपाल में गैस संकट ने लोगों की रसोई पर सीधा असर डाला है। जहांगीराबाद, बोगदा पुल, कोहेफिजा, टीटी नगर और शिवाजी नगर जैसे इलाकों में सिलेंडर की डिलीवरी में देरी हो रही है। जहांगीराबाद की निवासी शीबा खान बताती हैं कि 13 मार्च को मोबाइल पर गैस डिलीवरी का मैसेज आया था, लेकिन तीन दिन बाद भी सिलेंडर नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि मजबूरी में रिश्तेदारों के यहां खाना बनाना पड़ रहा है और बच्चों को भी परेशानी हो रही है। इसी तरह बोगदा पुल निवासी मोहम्मद रियाज ने गैस नहीं मिलने पर इंडक्शन चूल्हा खरीद लिया। उनका कहना है कि तीन दिन तक घर में गैस नहीं थी, इसलिए बिजली से खाना बनाना पड़ रहा है। शहर में इंडक्शन चूल्हों की मांग अचानक बढ़ गई है और दुकानदारों के अनुसार बिक्री में लगभग 70-80 प्रतिशत तक उछाल आया है। एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लोगों की लंबी लाइनें लग रही हैं। कई जगह ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम भी दबाव के कारण धीमा या क्रैश हो रहा है। लोगों का कहना है कि पहले जहां सिलेंडर 2-3 दिन में मिल जाता था, अब 5-7 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसके अलावा नए नियम के अनुसार अब सिलेंडर की अगली बुकिंग 25 दिन बाद ही संभव है, जिससे परेशानी और बढ़ गई है। कमर्शियल सिलेंडर संकट से होटल-ढाबे संकट में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई लगभग ठप होने से होटल और ढाबों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। प्रदेश में 19 किलो वाले सिलेंडर की सप्लाई पिछले कई दिनों से प्रभावित बताई जा रही है। ऑयल कंपनियों-Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum-के अनुसार उपलब्ध सीमित स्टॉक को प्राथमिकता के आधार पर अस्पताल, रेलवे, सेना और अन्य आपात सेवाओं के लिए सुरक्षित रखा गया है। भोपाल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली का कहना है कि राजधानी में करीब 1500 से अधिक होटल और रेस्टोरेंट हैं, जहां रोजाना हजारों कमर्शियल सिलेंडर की जरूरत होती है। जिनके पास थोड़ा स्टॉक है, वे कुछ दिन काम चला रहे हैं, लेकिन अगर सप्लाई जल्द शुरू नहीं हुई तो कई होटल बंद हो सकते हैं। ग्वालियर में गैस सिलेंडर की किल्लत के कारण चार में से तीन दीनदयाल रसोई बंद हो गई हैं। इससे जरूरतमंदों को मिलने वाले भोजन की थालियों की संख्या में भारी गिरावट आई है। पहले जहां औसतन 3700 थालियां वितरित होती थीं, वहीं अब यह संख्या घटकर मात्र 1300 रह गई है। वर्तमान में केवल अंतरराज्यीय बस स्टैंड पर स्थित दीनदयाल रसोई ही चालू है। यहीं से सीमित मात्रा में भोजन तैयार कर इंटक मैदान भेजा जा रहा है। झांसी रोड बस स्टैंड की रसोई भी पूरी तरह बंद हो चुकी है। यदि सिलेंडर की आपूर्ति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो अंतरराज्यीय बस स्टैंड की रसोई भी बंद हो सकती है। कई छोटे ढाबों और चाय-नाश्ते की दुकानों ने लकड़ी या कोयले के चूल्हे का सहारा लेना शुरू कर दिया है, लेकिन यह तरीका महंगा और असुविधाजनक है। अन्य शहरों में भी बढ़ी परेशानी सिर्फ भोपाल ही नहीं, बल्कि इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में भी कमर्शियल गैस की किल्लत की शिकायतें सामने आ रही हैं। व्यापारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सप्लाई बहाल नहीं हुई तो हजारों लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है। सरकार का दावा: घरेलू गैस की कमी नहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में घरेलू एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उनके अनुसार पैनिक बुकिंग और अफवाहों के कारण वितरण प्रणाली पर दबाव बढ़ गया है। सरकार ने कालाबाजारी रोकने के लिए सख्ती बढ़ा दी है। हाल ही में भोपाल में एक बंद गोदाम से सैकड़ों सिलेंडर जब्त किए गए। जिला कलेक्टरों को भी स्टॉक की निगरानी और अवैध बिक्री पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। आम आदमी और छोटे कारोबार पर असर एलपीजी संकट का असर सबसे ज्यादा आम लोगों और छोटे कारोबारियों पर दिखाई दे रहा है।     कई घरों में खाना पकाने में मुश्किल     महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित     चाय-नाश्ता और छोटे ढाबों की कमाई ठप     ब्लैक मार्केट में सिलेंडर की कीमत कई गुना तक बढ़ी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन जल्द सामान्य नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। संकट सिर्फ गैस का नहीं, रोजी-रोटी का एलपीजी की यह किल्लत अब सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं रही। यह लाखों परिवारों की रोजी-रोटी और छोटे कारोबार की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने लगी है। लोग अब इंडक्शन और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन यह अस्थायी समाधान ही है। अगर वैश्विक हालात जल्द नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में गैस संकट और गहरा सकता है।

कनाडा में उज्जैन के युवक की हत्या, पहले पिटाई फिर कार से कुचला, सीएम ने शोक व्यक्त किया

 उज्जैन   उज्जैन शहर के बेकरी कारोबारी के बेटे की कनाडा में बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना 14 मार्च को कनाडा के फोर्ट सेंट जॉन शहर में हुई, जहाँ कॉलेज के छात्रों ने पहले गुरकीरत सिंह मनीचा (24) की पिटाई की और फिर उस पर कार चढ़ा दी। गंभीर घायल गुरकीरत की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। गुरकीरत देवास रोड स्थित पार्श्वनाथ सिटी के निवासी थे। वह कनाडा के नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज बिजनेस मैनेजमेंट के पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा प्राग्राम की पढ़ाई कर रहे थे। वह पढ़ाई के साथ वॉलमार्ट में काम भी करते थे। घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई है। गुरकीरत के बड़े भाई प्रबकोरत सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी कनाडा में रह रहे गुरकीरत के दोस्त ने शनिवार-रविवार की दरमियानी रात फोन कर दी। बताया गया कि ड्यूटी खत्म होने के बाद नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज के कुछ छात्र गुरकीरत को अपने साथ ले गए। वहीं पहले से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। इसी दौरान 10-12 युवकों ने उसके साथ मारपीट की और बाद में उस पर गाड़ी चढ़ा दी। परिवार के मुताबिक स्थानीय पुलिस ने शुरुआती जांच में 7-8 संदिग्धों को हिरासत में लिया था। हालांकि बाद में उनके वकील के पहुंचने पर छोड़ दिया गया। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। पिता को अफसोस, वह आखिरी बातचीत हो गई परिजनों के मुताबिक घटना से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को गुरकीरत सिंह मनोचा की पिता गुरजीत सिंह मनीचा से फोन पर बात हुई थी। उस समय गुरजीत सिंह दिल्ली में आयोजित फूड एग्जीबिशन से उज्जैन लौट रहे थे। दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई। परिवार वालों का कहना है कि उसके पिता को अफसोस है। वह बार बार कह रहे है कि क्या पता था कि बेटे से आखिरी बातचीत हो रही है। परिवारजन ने बताया कि गुरकीरत ने कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल से पढ़ाई करने के बाद विक्रम यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया था। करीब सवा साल पहले उच्च शिक्षा के लिए कनाडा गया था। वहीं नॉदर्न लाइट्स कॉलेज से बिजनेस मैनेजमेंट का पोस्ट डिग्री डिप्लीमा कर रहे थे। पढ़ाई के साथ गुरकीरत कनाडा में वॉलमार्ट स्टोर में मैनेजर के रूप में काम कर रहा था क्योंकि कनाडा का नियम है कि अगर कोई छात्र वहां रह रहा है, ती तीन दिन काम करना जरूरी है। कनाडा जाने से पहले गुरकीरत अपने पिता के फूड सप्लाई और बेकरी कारोबार में हाथ चंटाता था। भविष्य में विदेश में ही अपना करियर बनाने का सपना देख रहा था। परिवार ने विदेश मंत्री से लगाई गुहार गुरकीरत का शव भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसमें करीब तीन सप्ताह लगने की संभावना है। परिवार ने केंद्र और राज्य सरकार से शब जल्द भारत लाने में मदद की मांग की है। गुरकीरत के परिवार वालों ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राज्य सरकार से अपील की है कि औपचारिकताएं जल्द पूरी कर गुरकीरत का पार्थिव शरीर शीघ्र उज्जैन पहुंचाने में मदद करें ताकि परिवार अंतिम दर्शन कर सके। इसके साथ ही उसकी हत्या करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही और सजा करवाने के अपील की।

प्रधानमंत्री मोदी से नई दिल्ली में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की भेंट, चर्चा का अहम मुद्दा

प्रधानमंत्री  मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में की भेंट किसान कल्याण वर्ष की गतिविधियों से कराया अवगत प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर लिया मार्गदर्शन भोपाल  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को नई दिल्ली में पुष्प-गुच्छ भेंटकर स्वागत कर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री  मोदी के साथ प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री  मोदी को प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी दी। साथ ही राज्य में किसानों के हित में किए जा रहे प्रयासों तथा प्रदेश की प्रगति से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के तहत कृषि विकास, किसानों की आय वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रदेश में कई पहलें की जा रही हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए मार्गदर्शन प्रदान किया।  

संस्कारवान पीढ़ी की ओर गायत्री शक्तिपीठ भोपाल में अनोखी पहल, सामूहिक पुंसवन संस्कार में दिखी मातृशक्ति की ताकत

संस्कारवान पीढ़ी की दिशा में अनूठी पहल : गायत्री शक्तिपीठ भोपाल में सामूहिक पुंसवन संस्कार में उमड़ी मातृशक्ति भोपाल  अखिल विश्व गायत्री परिवार के आध्यात्मिक केंद्र शांतिकुंज के तत्वावधान तथा गायत्री शक्तिपीठ भोपाल के मार्गदर्शन में संस्कारवान पीढ़ी के निर्माण के उद्देश्य से 15 मार्च को भव्य सामूहिक पुंसवन संस्कार का आयोजन किया गया।इस आयोजन में भोपाल के विभिन्न क्षेत्रों—कोलार,अन्ना नगर, श्यामला हिल्स, एमपी नगर, मीनाल, अयोध्या नगर, बैरागढ़ और मंडीदीप सहित अन्य स्थानों से बड़ी संख्या में मातृशक्तियों की सहभागिता रही। कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन महिला प्रकोष्ठ द्वारा किया गया। लगभग 200 मातृशक्तियों की सहभागिता का लक्ष्य रखा गया था, जो उत्साहपूर्वक पूर्ण हुआ और कार्यक्रम अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी रहा। कार्यक्रम के दौरान गर्भ संस्कार एवं भावी पीढ़ी को संस्कारित बनाने के महत्व पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया। मुख्य अतिथियों में वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. कविता सिंह डीन गांधी मेडिकल कालेज, डॉ. वरुणा पाठक, तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी श्री चतुर्वेदी जी उपस्थित रहे। डाक्टर अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि गर्भकाल के दौरान माता के विचार, भावनाएं और जीवनशैली का सीधा प्रभाव आने वाली पीढ़ी के व्यक्तित्व और संस्कारों पर पड़ता है, इसलिए सकारात्मक वातावरण और श्रेष्ठ संस्कारों का संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। अतिथि ओ पी चतुर्वेदी जी  ने शासन की योजना के अंतर्गत जो सुविधा गर्भवती महिला को दी जाती है उसकी संपूर्ण जानकारी दी और उनका लाभ उठाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में वैदिक विधि-विधान के साथ पुंसवन संस्कार AGSP जोन समन्वयक मधु श्रीवास्तव तथा रमा देशमुख दीदी के द्वारा संपन्न कराया गया तथा मातृशक्तियों को गर्भावस्था के दौरान मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही स्वस्थ, जागरूक और संस्कारित समाज निर्माण के लिए परिवारों को सजग रहने का संदेश भी दिया गया। इसी दौरान शक्तिपीठ के ऊपरी सभागार में युवा प्रकोष्ठ द्वारा युवा व्यक्तित्व परिष्कार सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं ने जीवन की चुनौतियों और उनके समाधान पर सार्थक संवाद किया। अनुभव आधारित इस सत्र में युवाओं ने दैनिक जीवन में सकारात्मक सोच, अनुशासन और ऊर्जा संतुलन को अपनाने का संकल्प लिया। युवा प्रकोष्ठ टीम के समन्वय तथा महिला प्रकोष्ठ समन्वयक मधु श्रीवास्तव दीदी के मार्गदर्शन में सम्पन्न यह आयोजन संस्कारवान पीढ़ी के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति और युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

मोनालिसा की शादी पर CM मोहन यादव से शिकायत का ऐलान, परिवार बोला- फरमान तो बहन ही कहता था

खरगोन  मध्यप्रदेश के महेश्वर की निवासी मोनालिसा के विवाह प्रकरण के मामले में फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने मोनालिसा भोंसले के परिवार से मुलाकात की और उसकी शादी को ‘सुनियोजित लव जिहाद’ का हिस्सा बताते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कल इस मामले में कहा कि वे जल्द ही मोनालिसा के परिवार के साथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने का समय लेंगे और कार्रवाई के लिये पूरे मामले को उनके सामने रखेंगे। परिवार के लोगों का कहना है कि मोनालिसा नाबालिग है और कुछ दिन पहले तक फरमान उसे बहन कहकर संबोधित करता था। परिवार से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में मिश्रा ने कहा कि मध्यप्रदेश में राष्ट्रवादी सोच वाली सरकार है और उन्हें उम्मीद है कि राज्य का नेतृत्व इस मामले को गंभीरता से लेगा। उन्होंने बताया कि वे मुख्यमंत्री से मिलने के लिए समय लेने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि मोनालिसा के परिवार के साथ जाकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे सकें। उन्होंने कहा कि अब परिवार को भी स्पष्ट हो गया है कि यह पूरी घटना एक सुनियोजित तरीके से युवती को फंसाने का मामला है। धर्म परिवर्तन पर फिल्म इसलिए बनाया गया निशाना: सनोज मिश्रा मिश्रा ने आरोप लगाया कि कुछ संगठन बेरोजगार युवकों को फंडिंग कर हिंदू लड़कियों को निशाना बनाते हैं, ताकि ‘सनातन’ को बदनाम किया जा सके। उन्होंने बताया कि मोनालिसा को उनकी आगामी फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ में मुख्य भूमिका के लिए चुना गया था। इस फिल्म का विषय धर्म परिवर्तन से जुड़ा है। मिश्रा का कहना है कि इसी कारण उन्हें और उनकी सनातनी विचारधारा को निशाना बनाया गया और मोनालिसा का ब्रेनवॉश कर उसे फंसा लिया गया, जिससे उसके पिता के सपने भी टूट गए। उन्होंने आरोप लगाया कि मोनालिसा से जुड़ा पूरा घटनाक्रम मानो किसी स्क्रिप्ट की तरह लिखा और क्रियान्वित किया गया हो। लड़की मुस्लिम होती तो क्या किया जाता इस तरह प्रचारित: डायरेक्टर फिल्म निर्देशक ने यह भी सवाल उठाया कि शादी वामपंथी शासित राज्य केरल में ही करवाई गई, कोई अन्य राज्य नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इस रिश्ते को मोनालिसा और उसके पति फरहान के बीच सांप्रदायिक सौहार्द का उदाहरण बताकर पेश किया जा रहा है। मिश्रा ने सवाल किया कि अगर लड़का हिंदू और लड़की मुस्लिम होती तो क्या उसी तरह इस रिश्ते को प्रचारित किया जाता। मुलाकात के दौरान मोनालिसा का परिवार भावुक नजर आया। उसकी दादी, बुआ, छोटी बहन और अन्य रिश्तेदारों ने इस पूरे विवाद को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। परिवार का कहना है कि इस घटना के कारण उन्हें समाज में काफी अपमान का सामना करना पड़ रहा है। चाचा ने कहा- नाबालिग है मोनालिसा, परिवार ने कहा- फरमान कहता था बहन मोनालिसा के चाचा विजय भोंसले ने दावा किया कि मोनालिसा का जन्म वर्ष 2009 में हुआ था और वह अभी नाबालिग है। उनका आरोप है कि पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया के दौरान उसके दस्तावेजों में उम्र बढ़ाकर दर्ज कर दी गई, जिससे बाद में शादी को कानूनी बताया जा सका। परिवार के एक सदस्य ने यह भी आरोप लगाया कि फरमान पहले मोनालिसा को बहन कहकर संबोधित करता था और हिंदू प्रतीकों का उपयोग भी करता था।

सॉफ्टवेयर से बने फर्जी बिलों पर करोड़ों का भुगतान, लोकायुक्त ने बरामद की हार्ड डिस्क, भोपाल निगम के डाटा एनालिसिस से खुलेंगे नए नाम

भोपाल  भोपाल नगर निगम में बिना काम कराए फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपए निकालने के मामले में लोकायुक्त की टीम ने की गई छापेमारी के दौरान सर्वर रूम से हार्ड डिस्क जब्त की है। इसका परीक्षण कराया जाएगा, जिससे यह साफ होगा कि फर्जी बिलिंग कर करोड़ों रुपए हड़पने के खेल में अपर आयुक्त वित्त गुणवंत सेवतकर के साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे और पूरा फर्जीवाड़ा किस तरह किया जाता था। डाटा एनालिसिस के आधार पर अन्य आरोपियों के नाम सामने आने की उम्मीद है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी की गिरफ्तारी की जाएगी। शिकायतकर्ता ने गुणवंत सेवतकर के खिलाफ नामजद शिकायत की थी, इसलिए प्राथमिकी में उन्हें आरोपी बनाया गया है। उनसे अभी पूछताछ नहीं हो सकी है। जल्द ही नोटिस जारी कर उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा। शुरुआती जांच में सेंट्रल वर्कशॉप द्वारा भी बड़े पैमाने पर फर्जी बिलिंग पास कराने के साक्ष्य लोकायुक्त के हाथ लगे हैं। इसके बाद रविवार सुबह माता मंदिर के पास स्थित सेंट्रल वर्कशॉप कार्यालय में नगर निगम की टीम ने छापा मारा और यहां से अहम दस्तावेज जब्त किए गए। यहां के जिम्मेदार अधिकारियों को भी लोकायुक्त टीम नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाएगी। दस साल का रिकॉर्ड जब्त कर चुकी है लोकायुक्त लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। टीम ने नगर निगम के डाटा सेंटर समेत कई शाखाओं में छापेमारी कर पिछले करीब 10 साल के दस्तावेज और सर्वर डाटा जब्त कर लिया। निगम में फर्जी भुगतान की शिकायत नवंबर 2025 में लोकायुक्त को मिली थी। प्रारंभिक जांच में तथ्य सही पाए जाने पर 9 मार्च को आयुक्त गुणवंत सेवतकर के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी की धाराओं में FIR दर्ज की गई। इसके बाद कोर्ट से सर्च वारंट लेकर छापेमारी की गई। सॉफ्टवेयर से फर्जी बिल तैयार कराए लोकायुक्त एसपी दुर्गेश राठौर के अनुसार, शिकायत में आरोप है कि सॉफ्टवेयर की मदद से फर्जी बिल तैयार कराए गए और बिना काम कराए ही परिचितों व रिश्तेदारों की फर्मों के नाम पर करोड़ों रुपए का भुगतान कराया गया।

MP में 2 दिन की झुलसाने वाली गर्मी, 18-19 को बारिश, ग्रीन नेट से बचाव, ग्वालियर और जबलपुर में सड़कों पर खामोशी

भोपाल  मध्यप्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक तरफ कई जिलों में गर्मी का असर बढ़ता जा रहा है, तो दूसरी ओर कुछ शहरों में तापमान में हल्की गिरावट भी दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में अगले दो दिन तेज गर्मी महसूस होगी, जबकि 18 और 19 मार्च को कई इलाकों में बारिश की संभावना बन सकती है।  इससे पहले रविवार को ग्वालियर-चंबल में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का असर देखा गया। यहां बादल छाए रहे। इससे तापमान में 1.7 डिग्री तक की गिरावट हुई। मौसम विभाग की माने तो यह सिस्टम अब कमजोर पड़ गया है। इस वजह से 16 और 17 मार्च को कहीं भी बारिश या बादल का अलर्ट नहीं है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया, 17 मार्च की रात से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इसका एमपी में 18-19 मार्च को असर दिखाई देगा। पश्चिमी विक्षोभ का असर हुआ कमजोर रविवार को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिला था। कई जगह बादल छाए रहे, जिसके कारण तापमान में करीब 1.7 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिस्टम अब कमजोर पड़ चुका है, इसलिए 16 और 17 मार्च को प्रदेश में कहीं भी बारिश या बादल का विशेष असर नहीं रहेगा। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक 17 मार्च की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसका प्रभाव मध्यप्रदेश में 18 और 19 मार्च के दौरान बारिश के रूप में देखने को मिल सकता है। कुछ शहरों में राहत, कुछ जगह गर्मी बरकरार रविवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री, दतिया में 32.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 36 डिग्री, सिवनी में 35.6 डिग्री, मंडला में 37.2 डिग्री और बालाघाट में 35 डिग्री दर्ज किया गया। कई स्थानों पर शाम तक बादल छाए रहने से तापमान में थोड़ी कमी महसूस हुई। पिछले कुछ दिनों से तेज गर्मी झेल रहे नर्मदापुरम में भी तापमान घटकर 38.9 डिग्री पर आ गया, जिससे लोगों को आंशिक राहत मिली। वहीं प्रमुख शहरों में भोपाल में 36.4 डिग्री, इंदौर में 35.5 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में 35.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मार्च में ही बदला गर्मी का ट्रेंड आमतौर पर प्रदेश में तेज गर्मी मार्च के दूसरे पखवाड़े के बाद बढ़ती है, लेकिन इस बार शुरुआत से ही तापमान तेजी से ऊपर चढ़ने लगा है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार मार्च में ही गर्मी का ट्रेंड बदलता दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अप्रैल और मई में प्रदेश में गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री के पार जाने की संभावना जताई गई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी पड़ने का अनुमान है।   गर्मी से राहत…नर्मदापुरम में पारा लुढ़का, लू का असर नहीं मौसम विभाग के अनुसार, ग्वालियर में रविवार को अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री, दतिया में 32.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 36 डिग्री, सिवनी में 35.6 डिग्री, मंडला में 37.2 डिग्री, बालाघाट में 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने इन जिलों में मौसम में बदलाव होने की बात कही थी। शाम तक बारिश तो दर्ज नहीं की गई, लेकिन बादल जरूर छाए रहे। इस वजह से पारे में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, पिछले 3 दिन से तीव्र लू के प्रभाव वाले नर्मदापुरम में पारा लुढ़ककर 38.9 डिग्री पर आ गया। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 36.4 डिग्री, इंदौर में 35.5 डिग्री, ग्वालियर में 32.6 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 35.7 डिग्री दर्ज किया गया।

आत्मसमर्पित नक्सलियों को सिलाई और ड्राइविंग की ट्रेनिंग, बालाघाट पुलिस की पहल से 14 परिवारों को मिली सरकारी नौकरी

बालाघाट  बालाघाट पुलिस ने नक्सलियों को समाज की मुख्य धारा में वापस लाने और नक्सली हिंसा के पीड़ितों की मदद के लिए एक खास मुहिम शुरू की है। इसके तहत आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व नक्सली अब हथियार छोड़कर सिलाई और ड्राइविंग जैसे काम सीख रहे हैं. पुलिस लाइन में फिलहाल 10 आत्मसमर्पित नक्सली (5 पुरुष और 5 महिला) सिलाई और ड्राइविंग का प्रशिक्षण ले रहे हैं। पिछले डेढ़ महीने से चल रही इस ट्रेनिंग में ये लोग शर्ट-पेंट सिलना और जेसीबी चलाना सीख रहे हैं ताकि वे खुद का रोजगार शुरू कर सकें। इनमें सुनीता ओयाम, सुरेंद्र, राकेश और सलीता जैसे कई पूर्व नक्सली शामिल हैं। पीड़ित परिवारों को मिला सहारा पुलिस ने उन 14 परिवारों की भी मदद की है जिनके सदस्यों को नक्सलियों ने ‘मुखबिरी’ के शक में मार दिया था। इन परिवारों के सदस्यों को आरक्षक (कॉन्स्टेबल) के पद पर नौकरी दी गई है। सुमित उईके के पिता की हत्या 2002 में हुई थी। सुमित बताते हैं कि उन्हें पहले पुलिस की नौकरी से डर लगता था, लेकिन अब वे खुश हैं। संजय कुमार पुसाम सिर्फ 8वीं तक पढ़े हैं, इन्होंने कभी सोचा नहीं था कि पिता की मौत के बाद उन्हें पुलिस विभाग में काम करने का मौका मिलेगा। पुलिस अधीक्षक की पहल एसपी आदित्य मिश्रा के नेतृत्व में चल रही इस पहल का मकसद हिंसा से प्रभावित लोगों का पुनर्वास करना और उन्हें आर्थिक सुरक्षा देना है। नौकरी पाने वालों में तेजाबसिंह, अनिल मेरावी, निशा राउत और डिलेश्वरी जैसे 14 लोग शामिल हैं, जो अब पुलिस बल का हिस्सा बनकर समाज की सेवा कर रहे हैं।

भोपाल में कृषि वर्ष पर मंत्रियों और विधायकों का महामंथन, सीएम के साथ प्रेजेंटेशन, खेती को लाभकारी बनाने पर चर्चा

भोपाल  सीएम डॉ मोहन यादव आज अभिमुखीकरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। कृषि कल्याण वर्ष के तहत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर में जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्धजनों का अभिमुखीकरण कार्यक्रम होगा। जिसमें किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग सहित उद्यानिकी, मत्स्य पालन, सहकारिता एवं पशुपालन विभाग अंतर्गत क्रियान्वित योजनाओं के बारे में बताया जाएगा। किसान कल्याण की विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी जनप्रतिनिधियों एवं प्रबुद्धजनों से साझा की जाएगी। खेती को लाभ का धंधा बनाने पर फोकस इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य “कृषि वर्ष” के दौरान जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। दिनभर चलने वाले इस मंथन में इस बात पर विशेष जोर दिया जाएगा कि सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारकर खेती को वास्तविक रूप में ‘फायदे का धंधा’ कैसे बनाया जाए। भोजन अवकाश के बाद दोपहर में कृषि और उससे संबद्ध विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री के सामने अपनी कार्ययोजना का प्रजेंटेशन देंगे। विभागवार होंगे प्रजेंटेशन     कृषि विभाग: उन्नत बीज, खाद और नई तकनीकों पर आधारित योजनाएं।     उद्यानिकी एवं मत्स्य पालन: नकदी फसलों और मछली पालन के जरिए आय दोगुनी करने का रोडमैप।     सहकारिता एवं पशुपालन: डेयरी और सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण पर चर्चा। आज के कार्यक्रम की प्रमुख रूपरेखा     विशेष तकनीकी सत्र (सुबह 11:00 – 12:30): कृषि, उद्यानिकी और मत्स्य विभाग के विशेषज्ञों द्वारा जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन।     सवालों का निराकरण (दोपहर 03:10): विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों की समस्याओं और खेती से जुड़े सुझाव सीधे विभाग के बड़े अधिकारियों के सामने रखेंगे।     मंत्रीगणों का संबोधन (दोपहर 03:20): संबंधित विभागों के मंत्री अपनी प्राथमिकताओं को साझा करेंगे।     मुख्यमंत्री का मुख्य संबोधन (दोपहर 03:30): डॉ. मोहन यादव प्रदेश के किसानों के हित में सरकार के विजन और आगामी रणनीतियों पर अपनी बात रखेंगे। सक्रिय सहभागिता को लेकर मंथन किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा आयोजित इस ‘अभिमुखीकरण’ कार्यक्रम के जरिए सरकार चाहती है कि हर जिले का जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के किसानों को सीधे योजनाओं से जोड़ने में मदद करे, ताकि कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाया जा सके।

काटजू अस्पताल में शुरू हुआ हाईटेक प्रिवेंटिव गायनेकोलॉजी सेंटर, मेनोपॉज और इन्फर्टिलिटी का इलाज एक ही जगह

भोपाल भोपाल के शासकीय कैलाश नाथ काटजू अस्पताल में महिलाओं के लिए एक बड़ी और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा शुरू होने जा रही है। यहां “स्टेट ऑफ द आर्ट सेंटर फॉर प्रिवेंटिव गायनेकोलॉजी एंड इन्फर्टिलिटी” स्थापित किया जा रहा है।  करीब तीन करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक और हाईटेक मशीनें अस्पताल में पहुंच चुकी हैं और उनके इंस्टालेशन का काम लगभग पूरा हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस सेंटर को नवरात्र के दौरान शुरू किए जाने की तैयारी है। इस सेंटर के शुरू होने से मेनोपॉज, निसंतानता, पीसीओएस, मोटापा, अनियमित मासिक धर्म और सर्वाइकल कैंसर जैसी महिलाओं से जुड़ी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा। अभी तक इन बीमारियों के इलाज के लिए महिलाओं को अलग-अलग अस्पतालों और विशेषज्ञों के पास जाना पड़ता था, लेकिन अब जांच से लेकर उपचार तक की सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी। किशोरियों से महिलाओं तक 100 से अधिक रोगों का इलाज इस नए सेंटर में किशोरियों से लेकर वयस्क महिलाओं तक की स्वास्थ्य समस्याओं के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। यहां महिलाओं से जुड़े 100 से अधिक रोगों की जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, सेंटर के लिए ग्राउंड फ्लोर और ऊपरी मंजिलों में स्थान तय कर दिया गया है। यहां प्रजनन स्वास्थ्य से लेकर गर्भाशय कैंसर तक की बीमारियों के इलाज की व्यवस्था होगी। मेनोपॉज और हार्मोनल समस्याओं के लिए विशेष सुविधा काटजू अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ और सेंटर की स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे के अनुसार महिलाओं में आमतौर पर 45 से 50 वर्ष की उम्र के बीच मेनोपॉज की स्थिति शुरू होती है। इस दौरान शरीर में एस्ट्रोजेन हार्मोन का स्तर कम होने लगता है, जिससे हड्डियों से जुड़ी समस्याएं, हार्मोनल असंतुलन और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं सामने आती हैं। नए सेंटर में इन सभी समस्याओं के लिए विशेष परामर्श, जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इन्फर्टिलिटी और गर्भधारण से जुड़ी समस्याओं का इलाज इस सेंटर में बांझपन यानी इन्फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याओं के इलाज पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। यहां पीसीओएस, फाइब्रॉइड, हार्मोनल असंतुलन और अन्य स्त्री रोगों की जांच आधुनिक तकनीकों के माध्यम से की जाएगी। गर्भधारण में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए आईयूआई जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा। सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती पहचान महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की समय पर पहचान बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस सेंटर में वीआईए तकनीक के माध्यम से कैंसर की शुरुआती जांच की जाएगी। इस तकनीक की मदद से गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का प्रारंभिक चरण में ही पता लगाया जा सकेगा, जिससे समय रहते इलाज संभव हो सकेगा और महिलाओं की जान बचाई जा सकेगी। आधुनिक मशीनों से होगा इलाज केगेल चेयर- पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों को मजबूत करने वाली मशीन है। जिन महिलाओं को बच्चेदानी या पेल्विक मांसपेशियों के ढीले होने की समस्या होती है, उनमें बिना सर्जरी के उपचार संभव हो सकेगा। कोलपोस्कोप- मशीन के जरिए गर्भाशय ग्रीवा, योनि और संबंधित अंगों की गहन जांच की जाएगी। लेजर मशीन- इसके माध्यम से सिस्ट, मेनोपॉज से जुड़ी समस्याएं और यूरीन लीक जैसी बीमारियों का इलाज आसान हो जाएगा। रोगों की रोकथाम पर रहेगा विशेष फोकस विशेषज्ञों के अनुसार, यह सेंटर केवल इलाज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महिलाओं में रोगों की रोकथाम और शुरुआती पहचान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। खराब जीवनशैली और बदलती जीवनशैली के कारण महिलाओं में कई स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसकी शुरुआत अक्सर पीसीओएस जैसी बीमारी से होती है। किशोरियों में बढ़ रही पीसीओएस की समस्या विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान समय में हर चार में से एक किशोरी में पीसीओएस के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। वहीं अस्पतालों में आने वाली महिलाओं में भी लगभग आधी महिलाएं इसी समस्या से प्रभावित होती हैं। ऐसे में इस सेंटर के माध्यम से समय पर जांच और उपचार की सुविधा मिलने से महिलाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। शिक्षा कार्यक्रम भी चलेंगे सेंटर की इंचार्ज डॉ. रचना दुबे के अनुसार इस सेंटर की तैयारी पिछले कई महीनों से की जा रही है और उम्मीद है कि यह क्लीनिक जल्द ही शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां केवल जांच और इलाज ही नहीं होगा, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और शिक्षा कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।  

मैहर पालिका क्षेत्र में मांस, मछली और अंडे पर प्रतिबंध, प्रशासन ने शुरू की सख्ती

मैहर  चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व और मां शारदा के दरबार में उमड़ने वाली भारी श्रद्धालु भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। मैहर की धार्मिक गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए संपूर्ण नगर पालिका क्षेत्र में 9 दिनों तक मांस, मछली और अंडे के क्रय-विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया।  एसडीएम दिव्या पटेल द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध 19 मार्च 2026 से 27 मार्च 2026 की मध्य रात्रि तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान मैहर नगर पालिका क्षेत्र में किसी भी दुकान, होटल, ढाबे, रेहड़ी या अन्य स्थान पर मांसाहार की बिक्री, भंडारण या सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने साफ किया है कि आदेश का कड़ाई से पालन कराया जाएगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए निर्णय मैहर मां शारदा मंदिर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां चैत्र नवरात्रि के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मेले के दौरान शहर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। ऐसे में शहर की धार्मिक शुचिता, स्वच्छता और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने यह कदम उठाया है। प्रशासन का मानना है कि नवरात्रि के दौरान शहर में धार्मिक माहौल बना रहे और किसी भी प्रकार की असुविधा या विवाद की स्थिति न उत्पन्न हो, इसके लिए यह प्रतिबंध आवश्यक है। कानून के तहत होगी कार्रवाई प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है। यदि कोई भी व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की जाएगी प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार नगर पालिका क्षेत्र में संबंधित विभागों और पुलिस की टीमें लगातार निगरानी रखेंगी, ताकि प्रतिबंध का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा सके। मैहर धार्मिक नगरी घोषित आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि मैहर को मध्यप्रदेश शासन के पर्यटन विभाग द्वारा धार्मिक नगरी घोषित किया गया है। नवरात्रि के दौरान यहां विशाल मेला लगता है और लाखों की संख्या में श्रद्धालु मां शारदा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में शहर की धार्मिक गरिमा बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। प्रशासन ने नगर के सभी व्यापारियों और नागरिकों से अपील की है कि वे आदेश का पालन करें और नवरात्रि पर्व के दौरान शहर में धार्मिक वातावरण बनाए रखने में सहयोग करें।  

भोजशाला के पत्थरों ने खोला ऐतिहासिक राज, 16 मार्च की सुनवाई पर सभी की निगाहें

धार ऐतिहासिक भोजशाला की धरती से आखिरकार वह साक्ष्य सामने आया है, जिसका वर्षों से इंतजार था। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) के उत्खनन में पत्थर का दुर्लभ शिल्पखंड मिला है, जिस पर देव आकृतियां उकेरी हुई हैं। यह संभवतः पहली बार है जब भोजशाला के मंदिर स्वरूप का इतना सुस्पष्ट प्रमाण तस्वीर के साथ सामने आया है।यह साक्ष्य ऐसे समय सार्वजनिक हो रहा है जब 16 मार्च (सोमवार) को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर सुनवाई होनी है। अलग-अलग संरचनात्मक परतें सामने आईं वर्ष 2024 में एएसआइ द्वारा किए गए उत्खनन में कई अन्य महत्वपूर्ण संकेत भी सामने आए हैं। खोदाई के दौरान एक स्थान पर मिट्टी की एक मीटर मोटी परत के नीचे प्राचीन संरचना दिखी, जबकि एक अन्य स्थान पर पांच मीटर गहराई तक अलग-अलग संरचनात्मक परतें सामने आईं। इससे स्पष्ट होता है कि इस परिसर में प्राचीन काल से निर्माण गतिविधियां होती रही हैं। पत्थरों से बनी दीवार जैसी संरचना भी मिली परिसर के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में पत्थरों से बनी दीवार जैसी संरचना भी मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन अवशेषों से भोजशाला के ऐतिहासिक स्वरूप को समझने में बड़ी मदद मिलेगी। नींव में पत्थर-ईंट की परतें, सिक्के व स्थापत्य अवशेष मिले हैं। खोदाई में पत्थर व ईंटों की दीवारें, मंच, फर्श की परतें और कई स्थापत्य अवशेष सामने आए हैं। इनसे परिसर में अलग-अलग कालखंडों में निर्माण व पुनर्निर्माण के प्रमाण मिलते हैं। कुछ अवशेष राजा भोज के काल के कुछ अवशेष राजा भोज के काल यानी 11वीं शताब्दी से जुड़े होने के संकेत देते हैं। साल 2024 में सर्वे के दौरान सात ट्रेंच और कुछ परीक्षण गड्ढों में खोदाई की गई थी। मलबा हटाने पर मूर्तियों के टुकड़े और घरेलू वस्तुएं मिलीं मलबा हटाने के दौरान मूर्तिकला के खंड, स्थापत्य अवयव, सिक्के और अंगूठियां मिलीं। साथ ही अनाज पीसने के पाट, ओखली-मूसल जैसी घरेलू वस्तुएं भी सामने आईं। परमार काल की धरोहर के बारे में भी जानकारी दी गई उत्तर दिशा में चूने से पलस्तर किया हुआ बड़ा फर्श और तीन सीढ़ियों वाली संरचना भी मिली है। इंदौर के एडवोकेट और विशेषज्ञ विनय जोशी ने बताया कि रिपोर्ट में एक स्थान पर परमार काल की धरोहर के बारे में भी जानकारी दी गई है। उत्खनन के लिए जो ट्रेंच खोदी गई थीं, उनसे प्राप्त धरोहर अपने आप में यह प्रमाण देती हैं कि यह धरोहर भोजकालीन है। मस्जिद पक्ष करेगा विरोध मस्जिद पक्ष पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह सर्वे रिपोर्ट की बातों का विरोध करेगा। ऐसे में यह सुनवाई निर्णायक साबित हो सकती है। कोर्ट के आदेश पर सभी पक्षों को एएसआइ की सर्वे रिपोर्ट सौंप दी गई है।

फ्लाई 91 और स्टार एयर शुरू करेंगी इंदौर से जलगांव, हैदराबाद, गोवा, बेलगाम-कोल्हापुर के लिए फ्लाइट्स

इंदौर  इंदौर से जलगांव और हैदराबाद के लिए उड़ान सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर रही एयरलाइन फ्लाई 91 मई से इंदौर-गोवा के बीच भी सीधी फ्लाइट शुरू करने की योजना बना रही है। इसके लिए एयरलाइन ने डीजीसीए में आवेदन भी कर दिया है। वहीं दूसरी ओर स्टार एयर इंदौर को बेलगाम और कोल्हापुर से जोड़ने की तैयारी पूरी कर चुकी है। इन उड़ानों का संचालन 30 मार्च से शुरू होगा। दोनों उड़ानें मुंबई के रास्ते संचालित होंगी और यात्री बिना विमान बदले अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि स्टार एयर पहले भी इंदौर से बेलगाम के लिए फ्लाइट संचालित कर चुकी है। हाल ही में इंदौर में फ्लाई 91 की मैनेजमेंट टीम और ट्रैवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टाफी) मध्यप्रदेश चैप्टर के पदाधिकारियों के साथ एक कॉफी मीट आयोजित की गई। इसमें इंदौर से प्रस्तावित उड़ानों, संभावित रूट और भविष्य में नेटवर्क विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। टाफी के प्रदेश अध्यक्ष अमोल कटारिया ने बताया कि नई एयरलाइन के संचालन से यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे और शहर का अन्य प्रमुख शहरों से हवाई संपर्क भी मजबूत होगा। खासतौर पर गोवा जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल के लिए सीधी उड़ान शुरू होने से यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। बैठक में फ्लाई 91 की टीम ने कंपनी की विस्तार योजनाओं की जानकारी भी साझा की। एयरलाइन के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज चाको ने संदेश में बताया कि फ्लाई 91 फिलहाल गोवा, नांदेड़, सोलापुर, जलगांव, सिंधुदुर्ग, पुणे, अगत्ती, हैदराबाद और कोच्चि सहित नौ शहरों के लिए उड़ान सेवाएं संचालित कर रही है। इंदौर सहित छह नए शहरों को जोड़ने की तैयारी कटारिया ने बताया कि कंपनी मौजूदा तिमाही में चरणबद्ध विस्तार करते हुए इंदौर सहित छह नए शहरों को अपने नेटवर्क से जोड़ने की योजना बना रही है। इसके बाद एयरलाइन का नेटवर्क बढ़कर करीब 15 स्टेशनों तक पहुंच जाएगा, जिससे क्षेत्रीय हवाई संपर्क को और मजबूती मिलेगी। सप्ताह में तीन दिन होंगी बेलगाम-कोल्हापुर उड़ानें स्टार एयर पहले इंदौर से गोंदिया और हैदराबाद के लिए उड़ानें संचालित करती थी। 15 जनवरी से कंपनी ने इसमें बदलाव करते हुए गोंदिया और मुंबई के लिए उड़ानों की शुरुआत की है। अब समर शेड्यूल में कंपनी अपनी सेवाओं का विस्तार कर रही है। एयरपोर्ट के जनसंपर्क अधिकारी रामस्वरूप यादव ने बताया कि 30 मार्च से इंदौर-मुंबई फ्लाइट को आगे बढ़ाते हुए जाते समय बेलगाम और लौटते समय कोल्हापुर को जोड़ा जाएगा। इन उड़ानों का संचालन सप्ताह में तीन दिन—सोमवार, बुधवार और शनिवार को होगा। पहले भी बेलगाम के लिए उड़ान चला चुकी है स्टार एयर स्टार एयर ने 2019 में इंदौर से बेलगाम और राजस्थान के किशनगढ़ के लिए सीधी उड़ान शुरू की थी, लेकिन लॉकडाउन के दौरान उड़ानें बंद होने के बाद इन्हें दोबारा शुरू नहीं किया गया। करीब एक वर्ष पहले कंपनी ने इंदौर से गोंदिया और अहमदाबाद के लिए उड़ानें शुरू की थीं। बाद में अहमदाबाद की जगह पहले हैदराबाद और फिर मुंबई फ्लाइट संचालित की जाने लगी। अब मुंबई फ्लाइट के माध्यम से बेलगाम और कोल्हापुर का कनेक्शन मिलने से यात्रियों को सुविधा होगी। यह रहेगा उड़ानों का शेड्यूल     इंदौर-मुंबई-बेलगाम (एस5-462/112) : फ्लाइट शाम 5:50 बजे इंदौर से रवाना होकर 7:05 बजे मुंबई पहुंचेगी। मुंबई से 7:45 बजे उड़ान भरकर रात 8:50 बजे बेलगाम पहुंचेगी।     कोल्हापुर-मुंबई-इंदौर (एस5-163/461) : फ्लाइट सुबह 10:40 बजे कोल्हापुर से रवाना होकर 11:45 बजे मुंबई पहुंचेगी। मुंबई से दोपहर 12:25 बजे उड़ान भरकर 1:40 बजे इंदौर पहुंचेगी।

मध्य प्रदेश के 40 लाख आवारा पशुओं को मिलेगा विशेष 12 अंकों का कोड, केसरिया टैग से पहचान होगी

भोपाल  मध्य प्रदेश की सड़कों और खेतों में घूम रहे करीब 40 लाख आवारा पशुओं की पहचान अब दूर से ही हो सकेगी। केंद्र सरकार ने राज्य के उस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, जिसके तहत आवारा मवेशियों के कान पर 12 अंकों वाला केसरिया या लाल रंग का पहचान टैग लगाया जाएगा। अब तक सभी पशुओं को पीले रंग के टैग लगाए जाते थे, जिससे पालतू और लावारिस पशुओं के बीच फर्क करना मुश्किल होता था। पहचान का नया डिजिटल फॉर्मूला अपर मुख्य सचिव (पशुपालन) उमाकांत उमराव के मुताबिक, अधिकारियों को फील्ड में मवेशियों के प्रबंधन में काफी दिक्कतें आ रही थीं। नए रंगों के कोड से नगर निगम और मवेशी पकड़ने वाले दस्ते बिना स्कैन किए यह समझ पाएंगे कि कौन सा पशु आवारा है और कौन सा किसी डेयरी या घर का है। यह पूरी कवायद भारत पशुधन परियोजना का हिस्सा है, जिसमें हर मवेशी का अपना एक डिजिटल डेटाबेस होगा। हादसों और मुआवजे का गणित राज्य विधानसभा में पेश आंकड़े बताते हैं कि आवारा मवेशी अब जानलेवा साबित हो रहे हैं। पिछले दो साल में पशुओं की वजह से हुए 237 सड़क हादसों में 94 लोगों की मौत हो चुकी है। यानी हर तीसरे दिन सड़क पर एक व्यक्ति अपनी जान गंवा रहा है। किसानों की दोहरी मार एक तरफ सड़कों पर हादसे बढ़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ खरीफ सीजन में किसान पूरी रात खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल आवारा पशुओं द्वारा फसल बर्बादी पर मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं है। पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने सदन में बताया कि विभाग के पास नुकसान का सटीक आंकड़ा फिलहाल मौजूद नहीं है। कानून क्या कहता है? मध्य प्रदेश में मवेशियों को लावारिस छोड़ना गौ-वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 के तहत अपराध है। इसके अलावा नगर निगम कानून के तहत मालिक पर पहली बार 200 रुपये और तीसरी बार पकड़े जाने पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वर्तमान में मुख्यमंत्री गौ-सेवा योजना के तहत एनजीओ के माध्यम से लाखों पशुओं को आश्रय दिया जा रहा है, लेकिन सड़कों पर संख्या अब भी चुनौती बनी हुई है।

16 मार्च को दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे CM यादव, मंत्रिमंडल विस्तार और प्रशासनिक बदलाव पर फैसला

भोपाल मध्य प्रदेश की राजनीति में आगामी 16 मार्च का दिन बेहद अहम होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। इस हाई-प्रोफाइल बैठक को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है, क्योंकि माना जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद प्रदेश सरकार में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। मंत्रिमंडल विस्तार: नए चेहरों को मिल सकती है जगह, इस दौरे का सबसे बड़ा एजेंडा मंत्रिमंडल विस्तार है। वर्तमान में कैबिनेट में चार पद रिक्त हैं। चर्चा है कि 2028 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए सरकार 4 से 5 नए मंत्रियों को शपथ दिला सकती है। अमित शाह के साथ हुई पिछली ‘सीक्रेट मीटिंग’ के बाद अब पीएम मोदी के साथ इस पर अंतिम सहमति बनने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि चैत्र नवरात्रि तक प्रदेश को नए मंत्री मिल सकते हैं। बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी: मुलाकात के दौरान केवल राजनीतिक ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक सर्जरी पर भी चर्चा होगी। प्रदेश में आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादलों की एक बड़ी सूची तैयार है। खबर है कि आईएएस रवि सिहाग मध्य प्रदेश छोड़कर केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर जा सकते हैं। इसके साथ ही प्रदेश के दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के भी केंद्र में इम्पैनलमेंट की चर्चा है। विकास योजनाओं के लिए केंद्र से बूस्टर डोज: मुख्यमंत्री मोहन यादव प्रधानमंत्री को प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की प्रगति से अवगत कराएंगे, केन-बेतवा लिंक परियोजना और लाड़ली बहना योजना के सकारात्मक फीडबैक पर चर्चा होगी। प्रदेश में पिछले डेढ़ साल में हुए 30 लाख करोड़ रुपये के MOU और औद्योगिक गलियारों के लिए केंद्र से अतिरिक्त फंड की मांग की जा सकती है। बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (Infrastructure Projects) के लिए विशेष बजट की मंजूरी मिलने की भी प्रबल संभावना है। 2028 का ‘रोडमैप’ और बड़े नेताओं की विदाई: बिहार चुनाव में भाजपा की जीत के बाद केंद्रीय नेतृत्व का मुख्यमंत्री मोहन यादव पर भरोसा बढ़ा है। चर्चा है कि इस बार विस्तार में मुख्यमंत्री को ‘फ्री हैंड’ मिल सकता है। ऐसे में कुछ कद्दावर मंत्रियों की छुट्टी कर उन्हें संगठन में भेजा जा सकता है, ताकि 2028 के चुनाव के लिए एक नई और ऊर्जावान टीम तैयार की जा सके। मुख्य बिंदु: तारीख: 16 मार्च (सोमवार) स्थान: दिल्ली। एजेंडा: मंत्रिमंडल विस्तार, प्रशासनिक तबादले और विकास परियोजनाएं। संकेत: चैत्र नवरात्रि तक हो सकता है बड़ा राजनीतिक बदलाव।  

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