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MP में 37°C पार, इंदौर-उज्जैन संभाग में गर्मी का कहर; होली के दिन भोपाल और ग्वालियर-जबलपुर में भी बढ़ा तापमान

भोपाल  मार्च का पहला सप्ताह खत्म होते-होते ही मध्यप्रदेश में गर्मी ने रफ्तार पकड़ ली है। होली के मौके पर अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 3 डिग्री ज्यादा है। दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी बढ़ने लगा है, जिससे मौसम में गर्मी का अहसास तेज हो गया है। सबसे ज्यादा असर इंदौर और उज्जैन संभाग में देखने को मिला। वहीं भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में भी होली के दिन तेज धूप ने लोगों को झुलसाया। प्रदेशभर में आसमान साफ रहा और बारिश या बादलों की कोई स्थिति नहीं बनी, जिससे तापमान तेजी से ऊपर चढ़ा।  मौसम विभाग के अनुसार इंदौर और उज्जैन संभाग में सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज की गई। वहीं भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर भी गर्म रहे। अगले चार दिनों में और बढ़ेगा तापमान भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार प्रदेश में अगले चार दिनों तक मौसम का मिजाज लगभग ऐसा ही बना रहेगा। दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। 6 मार्च से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम में हल्का बदलाव आ सकता है और बादल छाने के साथ हल्की बारिश भी हो सकती है। 40 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले चार दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 4 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में संभावना है कि मार्च के पहले ही पखवाड़े में प्रदेश का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। होली पर तेज धूप से बढ़ी गर्मी होली के दिन पूरे प्रदेश में तेज धूप रही और कहीं भी बारिश या बादल नहीं दिखाई दिए। इस कारण गर्मी का असर अधिक महसूस किया गया। नर्मदापुरम में इस सीजन में पहली बार अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री दर्ज किया गया। धार, रतलाम और सागर में भी तापमान 36 डिग्री या उससे अधिक रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा गुना, दमोह, खंडवा, टीकमगढ़, खजुराहो, खरगोन, श्योपुर और मंडला में तापमान 35 डिग्री से ज्यादा रहा। प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में ही तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा। रात का तापमान भी बढ़ा प्रदेश में दिन के साथ रातें भी गर्म हो गई हैं। मंगलवार-बुधवार की रात बैतूल, गुना, नर्मदापुरम, खंडवा, रतलाम, श्योपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया। सबसे अधिक न्यूनतम तापमान धार में 19 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। अप्रैल-मई में चल सकती है लू मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मार्च में लू चलने की संभावना कम है, लेकिन अप्रैल और मई में गर्मी का असर ज्यादा रहेगा। इन महीनों में करीब 15 से 20 दिन तक लू चलने का अनुमान है। मार्च में तीनों मौसम का असर पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में मार्च के दौरान दिन गर्म और रातें ठंडी रहती हैं, जबकि कभी-कभी बारिश भी होती है। अनुमान है कि भोपाल, इंदौर और उज्जैन में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से अधिक पहुंच सकता है, जबकि रात का तापमान 10 से 17 डिग्री के बीच रह सकता है। फरवरी में चार बार बदला मौसम इस साल फरवरी में प्रदेश में चार बार मौसम बदला। महीने की शुरुआत में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर चला, जिससे फसलों को नुकसान हुआ। इसके बाद 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश में बारिश हुई और 19, 20 और 21 फरवरी को भी इसका असर रहा। वहीं 23 और 24 फरवरी को चौथी बार ओले और बारिश दर्ज की गई।

इंदौर में बाघों की वापसी, वाइल्डलाइफ कॉरिडोर के निर्माण की शुरुआत

 इंदौर  वर्ल्ड वाइल्डलाइफ डे के मौके पर इंदौर वनमंडल से एक सकारात्मक संकेत सामने आया है। यहां के जंगल इन दिनों बाघों और तेंदुओं के लिए तेजी से अनुकूल बनते जा रहे हैं। घने वन, पर्याप्त जल स्रोत और शिकार की उपलब्धता ने चोरल-महू-मानपुर क्षेत्र को फिर से बड़े वन्यजीवों का ठिकाना बना दिया है। जनवरी से फरवरी के बीच चोरल क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। कई स्थानों पर बाघ के पंजों के निशान और विष्ठा पाई गई है, जबकि तेंदुओं की गतिविधियां लगातार देखी जा रही हैं। उदयनगर से बड़वाह तक नया टेरीटरी विकसित कर रहे दिसंबर में हुई बाघ गणना के दौरान भी इंदौर वनमंडल के नाहरझाबुआ-भड़किया, उमठ-वेका और मलेंडी-मांगलिया क्षेत्रों में बाघ की हलचल दर्ज की गई। वन अधिकारियों के अनुसार बाघ अब उदयनगर से बड़वाह तक नया टेरीटरी विकसित कर रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि खिवनी अभयारण्य से लेकर उदयनगर-बड़वाह तक का क्षेत्र एक संभावित वाइल्डलाइफ कारिडोर के रूप में उभर रहा है। देहरादून स्थित वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया भी इस क्षेत्र को महत्वपूर्ण कॉरिडोर मानता है। हालांकि, विकास परियोजनाओं के कारण जंगलों का दायरा प्रभावित हुआ है। नए सुरक्षित क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे हैं इंदौर-खंडवा मार्ग, महू-सनावद रेल लाइन और अन्य परियोजनाओं से वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास बाधित हुआ, जिससे वे नए सुरक्षित क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि 2022 से 2024 के बीच कई बार बाघ इन इलाकों में नजर आए हैं। चोरल, महू और इंदौर के कई क्षेत्रों में कैमरा ट्रैप लगाए वन विभाग ने बाघ और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए चोरल, महू और इंदौर के कई क्षेत्रों में कैमरा ट्रैप लगाए हैं। इनसे मिली तस्वीरों का अध्ययन देहरादून स्थित संस्थान में किया जा रहा है, ताकि बाघों की संख्या और मूवमेंट का सटीक आकलन हो सके। इसलिए बढ़ रही है गतिविधि विशेषज्ञों के अनुसार क्षेत्र में सांभर, चीतल, हिरण और नीलगाय जैसे शाकाहारी वन्यजीवों की संख्या बढ़ने से बाघों को पर्याप्त शिकार मिल रहा है। वहीं जंगलों में बढ़ती मानव गतिविधियों और निर्माण कार्यों के कारण वन्यजीव नए सुरक्षित आवास की तलाश में हैं। मांचल और मोरोद जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक और अन्य प्रस्तावित गतिविधियों से भी वनक्षेत्र पर दबाव बढ़ा है। सुरक्षा बनी बड़ी चुनौती विशेषज्ञ अभय जैन का कहना है कि यदि इस उभरते कारिडोर को संरक्षित किया जाए तो बाघों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सकती है। इसके लिए विकास और संरक्षण के बीच संतुलन जरूरी है।     सूचना तंत्र मजबूत किया जा रहा है और गर्मियों में आग, अतिक्रमण व अवैध कटाई को रोकने के लिए विशेष रणनीति बनाई जा रही है। इंदौर-चोरल-महू क्षेत्र में बाघों की बढ़ती मौजूदगी एक ओर जहां संरक्षण प्रयासों की सफलता का संकेत है, वहीं यह जिम्मेदारी भी बढ़ाती है कि इन जंगलों और वन्यजीवों को सुरक्षित रखा जाए।     -लाल सुधाकर सिंह, डीएफओ, इंदौर वनमंडल  

जन्मदिन पर विशेष: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा आएंगे, कोचिंग सेंटर खोलेंगे और छात्रों को देंगे इनाम

भोपाल केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान पांच मार्च को यानी आज अपने जन्मदिन पर पांच बड़े संकल्प लेने जा रहे हैं। वे पर्यावरण, सेवा, सहायता, शिक्षा और प्रतिभा प्रोत्साहन को लेकर पंच पर प्रण लेंगे। उनका जन्मदिन उनके संसदीय क्षेत्र विदिशा में प्रेम-सेवा संकल्प दिवस के रूप में मनाया जाएगा। शिवराज आज अपने जन्मदिन पर विदिशा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आज 67वां जन्मदिन है। शिवराज सिंह चौहान ने अपना जन्मदिन ‘प्रेम-सेवा संकल्प दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला किया है। इसके साथ ही वह मध्य प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर कोचिंग कक्षाओं और मोबाइल अस्पतालों की शुरुआत करेंगे। यह जानकारी उनके कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में दी गई। शिवराज सिंह चौहान को मध्य प्रदेश में ‘मामा’ के नाम से जाना जाता है। उनके जन्मदिन पर शुरू की जाने वाली कोचिंग कक्षाओं तथा अस्पतालों के नाम में भी ‘मामा’ शब्द जोड़ा जाएगा। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चौहान पर्यावरण, सेवा, सहयोग, शिक्षा और प्रतिभा संवर्धन से जुड़े पांच संकल्प भी लेंगे। उपहार नहीं लेंगे शिवराज सिंह चौहान पूर्व सीएम और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे उनके जन्मदिन पर माला, गुलदस्ता, शॉल या कोई भी उपहार लेकर नहीं आएं। उन्होंने शुभचिंतकों से एक पौधा लगाने और उसकी तस्वीर क्यूआर कोड के माध्यम से एक पोर्टल पर अपलोड करने की अपील की है, जिससे वे शिव वृक्ष मित्र बन सकेंगे। ईनाम देने की घोषणा शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि उन्होंने अपने माता-पिता की स्मृति में ‘प्रेम-सुंदर प्रतिभा सम्मान’ पुरस्कार शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत विदिशा लोकसभा क्षेत्र के आठों विधानसभा क्षेत्रों में 10वीं कक्षा और 12वीं कक्षा में अव्वल स्थान पाने वाले छात्रों को क्रमश 51,000 रुपये, 31,000 रुपये और 21,000 रुपये की नकद राशि दी जाएगी। लोकसभा क्षेत्र स्तर पर शीर्ष तीन स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विशेष सम्मान भी दिया जाएगा। मामा चलित अस्पताल का शुभारंभ करेंगे शिवराज सिंह चौहान ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए आठों विधानसभा क्षेत्रों में ‘मामा चलित अस्पताल’ की भी शुरुआत करेंगे। इन वाहनों में आधुनिक जांच सुविधाएं और चिकित्सक उपलब्ध रहेंगे, जो गांवों और बस्तियों में लोगों को फ्री इलाज और परामर्श देंगे। यह पहल सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि और जनसहयोग से संचालित की जाएगी। फ्री कोचिंग क्लासेस की शुरुआत विदिशा शहर, रायसेन और भैरुंदा में ‘मामा कोचिंग क्लासेस’ भी शुरू की जाएंगी। इन केंद्रों पर बैंकिंग, एसएससी, एमपीपीएससी, डीआरडीओ और वन सेवा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी फ्री कराई जाएगी। स्वागत में माला, गुलदस्ते और गिफ्ट नहीं शिवराज सिंह चौहान ने अपने दोनों मंत्रालयों कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय में यह परंपरा शुरू करा दी है कि विभागीय कार्यक्रमों में गुलदस्ते, शाल, और मोमेंटो के बजाय पौधे भेंट करके स्वागत करें। पर्यावरण संरक्षण की इस पहल पर उनका कहना है उपहार न दें, उपकार करें। पौधे लगाने वाले लोग एक क्यूआर कोड के जरिए अपनी फोटो पोर्टल पर अपलोड करके शिव वृक्ष मित्र बन सकेंगे। उन्होंने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा है कि, इस बार उनके जन्मदिन पर कोई भी होर्डिंग, शाल या बुके न लाए। धरती माता को बचाने के इस पुण्य अभियान में मेरा साथ दें, आने वाली पीढ़ी के लिए जीवन सुरक्षित करना ही मेरा सबसे बड़ा उपहार होगा। माता पिता की स्मृति में प्रेम-सुंदर प्रतिभा सम्मान शिवराज सिंह चौहान ने अपने माता-पिता की स्मृति में ”प्रेम-सुंदर प्रतिभा सम्मान” शुरू करने का निर्णय लिया है। विदिशा लोकसभा की आठों विधानसभाओं में 10वीं और 12वीं के टॉपर्स को 51,000, 31,000 और 21,000 की सम्मान राशि दी जाएगी। लोकसभा स्तर पर प्रथम तीन स्थान पाने वालों को विशेष बड़े पुरस्कारों से नवाजा जाएगा। मामा चलित अस्पताल विदिशा संसदीय क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए सभी आठों विधानसभाओं में मामा चलित अस्पताल शुरू किए जाएंगे। इन वाहनों में आधुनिक जांच सुविधाएं और योग्य डॉक्टरों की टीम होगी, जो गांव-गांव और मजरे-टोलों में जाकर निश्शुल्क इलाज और परामर्श देगी। मामा चलित अस्पताल का संचालन पूर्ण रूप से सांसद निधि और जनसहयोग से किया जाएगा। दिव्यांगों को गिफ्ट करेंगे मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा में दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक विशेष पहल तेज कर दी है। इस अभियान के तहत क्षेत्र में दिव्यांगजनों की पहचान कर उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल भेंट की जा रही है, ताकि उनकी दैनिक आवाजाही सुगम हो सके और वे बिना किसी पर निर्भर हुए अपने कार्य कर सकें।  

प्राथमिक वा माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों को नही है बात करने की तजुर्बा मुंह से निकालते आग

प्राथमिक वा माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों को नही है बात करने की तजुर्बा मुंह से निकालते आग  राजेंद्रग्राम  कार्यालय विकासखंड पुष्पराजगढ़ अंतर्गत आने वाली एकीकृत माध्यमिक विद्यालय नगमला वा शासकीय प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के द्वारा किसी संस्था से आए हुए अधिकारी कर्मचारी वा पत्रकारो के आने से सिक्षको में खलबली मच जाती है।और सभी शिक्षक एक जगह आए हुए अधिकारी कर्मचारी वा पत्रकार बंधुओ को घेर कर उसका इंटरव्यू लेने के कगार में होते है।कहा जाता है की आप लोगों से हमारा कोई लगाओ नही है क्यू आए और किस लिए आए हो शिक्षकों का इंटरव्यू पत्रकारों को लेने की बजाय पत्रकारों का इंटरव्यू शिक्षकों के द्वारा लिया जाता है।और कहा तो जितना प्रधाना ध्यापक का अधिकार नही होता है उससे कई ज्यादा अधिकार दो दिनों का मेहमान अतिथि शिक्षको को बोलने का अधिकार दिया जाता है।और अतिथि शिक्षको के पास इतना भी तजुर्बा नही होता की को कोई परिचय पूछते है तो उनका नाम पूछने से नाम वा परिचय नही बताया जाता है क्या शिक्षा विभाग के द्वारा यही संस्कार विद्यार्थियों को दिलाए जाने की सलाह अपने शिक्षा कर्मियों  को सिखाया जाता है और अगर ऐसे शिक्षको को आने वाले टाइम में भर्ती करेगी सरकार तो विद्यार्थियों का उज्वल भविष्य क्या कभी साकार हो सकेगी। अतिथि शिक्षक के द्वारा बनाया गया वीडियो रिकॉर्डिंग एकीकृत माध्यमिक विद्यालय नगमला के अतिथि शिक्षक को नाम पूछने पर नाम नही बताया गया और अपने मोबाइल का कैमरा चालू कर वीडियो बनाने में लग जाते है अगर बच्चो से कोई उनके ही किताब से कोई प्रश्न पूंछ लिया जाता है तो बच्चे उस प्रश्न का जवाब नही दे पाते है अगर वीडियो बनाने की जगह विद्यार्थियों को पढ़ाया लिखाया जाता तो सही तरीके से विद्यार्थियों अपना शिक्षा ग्रहण कर पाते और कभी कोई भी प्रश्न पूछने पर सही सही जवाब जरूर दे पाते ना की सिर नीचे कर लिया करते और सभी विभागों से अच्छा शिक्षा विभाग को माना गया है,जहां शिक्षा मिलती है ,लेकिन ऐसे शिक्षको के द्वारा शिक्षा विभाग वा अच्छा शिक्षा  कर्मचारियों को बदनाम करने के लिए तुले बैठे हैं।और सासन प्रशासन को भी बदनाम किया जाता है। समय से नही खुलता है, विद्यालय नही आते शिक्षक जानकारी के अनुसार बताया गया की शिक्षक अपने मनमानी से विद्यालय खोलते है और मनमानी से बंद किया जाता है और समय से विद्यालय में उपस्थित ही नही होते है और सौचालय मेंशिक्षको के द्वारा ताला लगाकर विद्यार्थियों को सौच के लिए नदी तालाब में भेजने के लिए मजबूर किया जाता है ,और बच्चों को डांट फटकार व प्रताड़ित भी किया जाता है।ग्रामीणों का कहना है की उचित व्यवस्था कराकर विद्यार्थियों की उज्ज्वल भविष्य की कामना करते है।

अमरकंटक माउंटेन ट्रैक का दूसरा दिन: जोहिला की वादियों और सघन वनों के बीच रोमांच का अद्भुत अनुभव

अमरकंटक माउंटेन ट्रैक का दूसरा दिन जोहिला की वादियों और सघन वनों के बीच रोमांच का अद्भुत अनुभव अनूपपुर अनूपपुर जिला प्रशासन और इंडियाहाइक्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय ‘अमरकंटक वॉटरफॉल माउंटेन ट्रैक’ के दूसरे दिन ट्रैकर्स ने प्रकृति के अनछुए और रोमांचकारी स्वरूप का सजीव अनुभव किया। यात्रा का दूसरा पड़ाव जोहिला डैम और उसके आसपास के सघन वन क्षेत्रों में केंद्रित रहा। प्राकृतिक सौंदर्य और साहसिक अनुभव सुबह ट्रैकर दल ने जोहिला के जलभराव क्षेत्र और विंध्य पर्वतमाला के घने वनों के बीच ट्रैकिंग की। जल और हरियाली के संगम ने प्रतिभागियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।   उन्होने इस रूट को अंतरराष्ट्रीय स्तर के ट्रैकिंग अनुभव के समकक्ष बताया। ट्रैकर्स  ने बताया कि अमरकंटक क्षेत्र की जैव-विविधता, शांत वातावरण और प्राकृतिक संरचना इसे एक आदर्श इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाती है। ‘ग्रीन ट्रेल्स’ और ज़ीरो वेस्ट का अनुकरणीय पालन  कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली की मंशा के अनुरूप ‘जीरो वेस्ट’ नीति का दूसरे दिन भी सख्ती से पालन किया गया। इंडियाहाइक्स के दल प्रमुख अंकित कुमार के नेतृत्व में ट्रैकर्स ने न केवल अपना कचरा वापस लाया, बल्कि मार्ग में मिले अन्य अजैविक कचरे को भी एकत्रित कर ‘ग्रीन टराइलस’ अभियान को सशक्त किया। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिभागियों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। स्थानीय गाइड और रोजगार के नए अवसर ट्रैकिंग के दौरान स्थानीय गाइडों ने प्रतिभागियों को क्षेत्र की वनोषधियों, भौगोलिक विशेषताओं और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की जानकारी दी। प्रशासन की इस पहल से स्थानीय स्तर पर सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ है, क्योंकि ऐसे आयोजनों से होम-स्टे, गाइड सेवा और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। अगला पड़ाव पडौना वॉटरफॉल ट्रैक का अगला चरण पडौना वॉटरफॉल की ओर होगा, जहाँ प्रतिभागी भव्य जलप्रपात के मध्य प्रकृति की अनुपम छटा का आनंद लेंगे। 3 मार्च को संपन्न होने वाली यह यात्रा अनूपपुर जिले को एडवेंचर टूरिज्म के मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

सीएम डॉ. यादव बोले—विपरीत परिस्थितियों में भी प्रधानमंत्री मोदी ने देश को दिखाई सही राह

प्रधानमंत्री  मोदी ने विपरीत परिस्थितियों में समाधान की राह निकाली है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्य पूर्व एशिया में युद्ध की स्थिति में मध्यप्रदेश के निवासियों की सहायता के लिए विशेष व्यवस्थाएं भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्य पूर्व एशिया खाड़ी युद्ध की स्थिति पर मध्य प्रदेश के नागरिकों की सहायता के लिए महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं की गई हैं। इसके लिए विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। मध्यप्रदेश शासन इस बारे में संवेदनशील है। गृह विभाग, मध्यप्रदेश शासन और नई दिल्ली में आवासीय आयुक्त कार्यालय मध्य प्रदेश भवन की टीम तैनात है। सीएम हेल्पलाइन 181 नंबर पर परिजन से प्राप्त हो रही सूचनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। सभी का पंजीयन और रिकॉर्ड भी रखा जा रहा है। भारत शासन के विदेश मंत्रालय से समन्वय स्थापित कर नागरिकों को सुरक्षित वापस स्वदेश बुलवाने की व्यवस्था की गई है। इस अवधि में नागरिकों के लिए भोजन और अन्य व्यवस्थाओं की चिंता की जा रही है। परिजनों से भी संवाद स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नई दिल्ली में स्थापित कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर 011-26772005, व्हाट्सऐप नम्बर – 9818963273 और ईमेल आईडी – mphelpdeskgulf@gmail.com है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में भारत सरकार ने पूर्व में भी ऐसी विपरीत परिस्थितियों में समाधान की राह निकाली है। केन्द्रीय गृह मंत्री  अमित शाह भी संपूर्ण स्थिति पर नजर रखते हुए समीक्षा कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय सहित सभी संबंधित मंत्रालय भी गतिशील हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार मध्य पूर्व एशिया में युद्ध की परिस्थितियों के संबंध में पूर्ण सजग और संवेदनशील है। मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों के अच्छे परिणाम भी आ रहे हैं। लगभग 50 परिवारों द्वारा पंजीयन करवाया गया है। मेरा यही अनुरोध है कि सीएम हेल्पलाइन एवं नई दिल्ली स्थित कंट्रोल रूम पर नागरिक संपर्क कर सकते हैं। यह चुनौती अवश्य है लेकिन कठिन कार्य नहीं है। इस चुनौती का हम समुचित ढंग से सामना कर हल निकल रहे हैं। कृपया इस व्यवस्था पर विश्वास बनाए रखें और अपनी कठिनाइयों के लिए हेल्पलाइन पर अवगत करवाने का कष्ट करें और अपना जीवन सुरक्षित करें। सेफ रहें और एक रहें।  

ग्राम झांपी से 19 वर्षीय युवक हुआ लापता

ग्राम झांपी से 19 वर्षीय युवक हुआ लापता उमरिया उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत ग्राम झांपी से जमुना कोल पिता पंजू कोल उम्र लगभग 19 वर्ष 2मार्च से लापता है। जिसकी कोई भी सुराग नहीं मिल रही है। वही लड़के के पिता ने जानकारी देते ही बताएं कि 2 मार्च की रात लगभग 8:00 बजे ग्राम बड़खेरा से दो लड़के बाइक से आए थे। और उसे बिरसिंहपुर से अखड़ार की ओर रास्ते से लेकर गए हैं। उसी दिन से मेरे लड़के का कुछ भी पता नहीं चल रहा है। और बताया कि मेरे द्वारा पुलिस चौकी बिलासपुर में भी जानकारी दी गई है।लेकिन अभी तक कुछ भी पता नहीं चल रहा है। लड़के के न मिलने से परिजनों का रो-रो करके बुरा हाल है।तीन दिनों से लड़का लापता है।

सीएम डॉ. यादव बोले—होली का उत्सव समाज में सुख, शांति और समृद्धि का संदेश देता है

हर आंगन में सुख, शांति और समृद्धि के नए रंग बिखेरता है होली का उत्सव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संतों , समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, कार्यकर्ताओं और मीडिया के साथियों के साथ खेली होली मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में सभी को दीं मंगलकामनाएं सभी ने हर्षोल्लास और आत्मीयता के साथ एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर दीं बधाई ब्रज, बरसाने और होली गीतों के साथ मयूर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति से सराबोर हुआ वातावरण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में प्रदेशवासियों को उत्साह, उमंग और समरसता के पावन पर्व होली की बधाई और मंगलकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह उत्सव हर आंगन में सुख, शांति और समृद्धि के नए रंग बिखेरे और समाज में सद्भाव-सकारात्मकता और एकता का रंग सदा चटक रहे यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से आत्मीयता और सौहार्द के साथ त्यौहार मनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होली पर मुख्यमंत्री निवास पहुंचे नागरिकों के साथ होली की मंगलकामनाओं का आदान-प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पधारे संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया। वरिष्ठ और गणमान्य नागरिकों का अभिवादन किया तथा सभी आगंतुकों पर पुष्प वर्षा एवं गुलाल उड़ाकर मेजबान के रूप में सबका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को गुलाल लगाया और पारम्परिक वाद्य यंत्रों के साथ उनके सुर में सुर भी मिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मुख्यमंत्री निवास पधारे राज्य मंत्री  नरेंद्र शिवाजी पटेल, वरिष्ठ सांसद  विष्णु दत्त शर्मा, विधायक  रामेश्वर शर्मा, नगर निगम अध्यक्ष  किशन सूर्यवंशी, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई,  मनु वास्तव,  शिवशेखर शुक्ला , प्रमुख सचिव  उमाकांत उमराव , सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसंपर्क  मनीष सिंह, खाटू श्याम मंदिर भोपाल के प्रमुख प्रचारक पूज्य अनिल आनंद महाराज सहित कई जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, पत्रकार गण और वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगल कामनाएं दीं। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में उड़ते रंग गुलाल और पुष्प वर्षा के बीच, ब्रज-बरसाने के होली गीतों, पारंपरिक संगीत और मयूर नृत्य के साथ उल्लास और उमंग से सराबोर वातावरण में सभी ने शालीनता के साथ पर्व का आनंद लिया। मंच पर प्रस्तुति दे रहे कलाकारों ने रंग बरसे, होली के दिन दिल खिल जाते हैं, होली खेलें रघुवीरा, आज ब्रज में होली रे रसिया जैसे होली गीतों का सस्वर गायन कर सभी के उल्लास को दोगुना कर दिया। मुख्यमंत्री निवास में होली पर्व पर आयोजित मिलन समारोह में सभी को गुजिया, बालूशाही, ठंडाई सहित कई परंपरागत व्यंजन परोसे गए। 

मध्यप्रदेश की खिलाड़ी की घर वापसी के लिए सक्रिय हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव, सुरक्षा को लेकर किए प्रयास

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की खिलाड़ी बिटिया की सुरक्षित स्वदेश वापसी के लिए किए प्रयास परिवार ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का माना आभार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अल्बानिया के तिराना शहर में आयोजित वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप रैंकिंग सीरीज़ में हिस्सा लेने गई मध्यप्रदेश की बेटी सु प्रियांशी प्रजापत की सुरक्षित स्वदेशी वापसी के लिए उच्च स्तरीय प्रयास किए जिसके फलस्वरूप खिलाड़ी बेटी वापस भारत पहुंच गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सु प्रियांशी को उत्कृष्ट प्रदर्शन, रजत पदक जीतने के लिए बधाई भी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रियांशी के उज्जैन निवासी परिजन से भी आज वीडियो कॉल से आज चर्चा की। प्रियांशी के पिता  प्रजापत ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने द्वारा दिए गए सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया। गत 24 फरवरी से 28 फरवरी तक अल्बानिया में हुई वर्ल्ड रेसलिंग प्रतियोगिता में प्रियांशी ने 26 फरवरी को यह मुकाबला जीता था। प्रियांशी ने कज़ाकिस्तान, अमेरिका और अल्बानिया की पहलवानों को हराकर शानदार प्रदर्शन किया। पिछले वर्ष एशियन सीरीज़ में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया था। उल्लेखनीय है कि हाल ही में मध्य-पूर्व एशिया में बढ़ते युद्ध तनाव के कारण प्रियांशी और उनके साथ गए सभी खिलाड़ी वहाँ फँस गए थे। इस कठिन समय में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लगातार खिलाड़ी बिटिया की सुरक्षित वापसी के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध करवाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमेशा उन्हें अपनी बेटी के समान स्नेह और समर्थन दिया है। जब वे मध्यप्रदेश कुश्ती क्षेत्र के अध्यक्ष थे, तब भी उन्होंने 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की थी।

MP कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला, ट्रेनिंग अनिवार्य; नियम तोड़ने पर देना होगा ₹5000 जुर्माना

भोपाल एमपी में कर्मचारियों के लिए तीन माह के ट्रेनिंग कार्यक्रम की घोषणा की गई है। प्रदेश के लिपिक वर्गीय कर्मचारियों के लिए यह ट्रेनिंग होगी। लेखा प्रशिक्षण-सत्र 1 अप्रैल से प्रारंभ होगा और 30 जून तक चलेगा। स्थानीय निकायों और अर्धशासकीय संस्थाओं के जिन लिपिक वर्गीय कर्मचारियाों की परिवीक्षा अवधि पूर्ण हो चुकी है वे भी लेखा प्रशिक्षण के लिए पात्र होंगे। वित्त विभाग के निर्देशानुसार ऐसे कर्मचारियों को ट्रेनिंग के लिए 5 हजार रुपए का चालान भरना होगा। यह ट्रेनिंग लेने के इच्छुक लिपिक वर्गीय कर्मचारियों को अपने आवेदन-पत्र 16 मार्च तक जमा कराने को कहा गया है। नियमित लेखा प्रशिक्षण सत्र लेखा प्रशिक्षण शाला भोपाल में संचालित होगा। भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के अंतर्गत सभी जिलों के लिपिकवर्गीय कर्मचारियों को आवेदन कार्यालय प्रमुख से अभिप्रमाणित कराकर ही जमा कराने के लिए निर्देशित किया गया है। आवेदन लेखा प्रशिक्षण शाला में तीन मूल प्रतियों में जमा कराने होंगे। वित्त विभाग के अनुसार वही लिपिकवर्गीय शासकीय कर्मचारी प्रशिक्षण के पात्र होंगे जिनकी परिवीक्षा अवधि पूर्ण हो चुकी है तथा जिन्होंने सीपीसीटी परीक्षा पास की हो या फिर उन्हें नियमानुसार छूट प्राप्त हो। लेखा प्रशिक्षण शाला के प्राचार्य ने बताया कि आवेदन-पत्र के साथ शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्र की कापी अनिवार्य रूप से देना होगी। आवेदन-पत्र पर कर्मचारी को पासपोर्ट साइज फोटो लगाना होगा। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के कर्मचारियों को जाति प्रमाण-पत्र भी संलग्न करना होगा। वित्त विभाग के निर्देशानुसार ये प्रमाणपत्र कार्यालय प्रमुख से सत्यापित कराने होंगे। 5 हजार रूपए का चालान जमा कराना होगा प्रदेश के स्थानीय निकाय और अर्धशासकीय संस्थाओं के ऐसे लिपिकवर्गीय कर्मचारी भी ट्रेनिंग ले सकेंगे जिनकी परिवीक्षा अवधि पूर्ण हो चुकी है। ऐसे कर्मचारियों को प्रशिक्षण शुल्क के रूप में 5 हजार रूपए का चालान जमा कराना होगा। सत्र में प्रवेश के समय यह चालाना देना होगा।

ग्वालियर-भिंड-इटावा NH-719 फोर लेन होगा, 117 किमी की यात्रा आसान, NHAI की DPR अब अंतिम चरण में

भिंड/इटावा/ग्वालियर,    मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण NH-719 (ग्वालियर-भिण्ड-इटावा) अब जल्द ही फोर लेन हाईवे में तब्दील होगा. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम लगभग पूरा कर लिया है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से जिम्मेदारी मिलने के बाद NHAI अब अगले कुछ महीनों में निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी में है. इस प्रोजेक्ट की कुल लंबाई लगभग 117 किलोमीटर रहेगी. मौजूदा हालत में इस 2 लेन रोड पर अत्यधिक यातायात दबाव रहता है. इसके चलते इसे फोर लेन बनाया जाएगा. इसमें बायपास निर्माण और ब्लैक स्पॉट्स का खात्मा हो जाएगा. वर्तमान में हर दिन तकरीबन 20 हजार वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं. परियोजना के चरण: कब क्या होगा?     भविष्य के ट्रैफिक और सड़क सुरक्षा पहलुओं का अध्ययन पूरा होने वाला है.      DPR के बाद आवश्यक स्वीकृतियां मिलते ही भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) की प्रक्रिया शुरू होगी.     सभी वैधानिक औपचारिकताएं पूरी होते ही आगामी कुछ महीनों में टेंडर अवार्ड कर काम शुरू कर दिया जाएगा. फोर लेन बनने के 5 बड़े फायदे     शहरों में प्रस्तावित बायपास के कारण भारी वाहनों को शहर के अंदर नहीं घुसना पड़ेगा, जिससे स्थानीय नागरिकों को जाम और प्रदूषण से राहत मिलेगी.     मार्ग पर मौजूद ‘ब्लैक स्पॉट्स’ (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) को समाप्त किया जाएगा. क्रैश बैरियर और आधुनिक रोड मार्किंग से यात्रा सुरक्षित होगी.     फोर लेन होने से वाहनों की गति बढ़ेगी, जिससे ग्वालियर से इटावा के बीच यात्रा समय में भारी गिरावट आएगी.     बेहतर कनेक्टिविटी से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, कृषि परिवहन और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा.     एमपी और यूपी के बीच व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे और परिवहन लागत में कमी आएगी. कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई NHAI के क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार, यह परियोजना ग्वालियर-चंबल संभाग के समग्र विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी. जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया जा चुका है ताकि परियोजना के क्रियान्वयन में कोई देरी न हो.

8वें वेतनमान की मांग तेज, भोपाल बैठक के बाद 17 मार्च को दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन तय

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के न्यू मार्केट के एक रेस्टोरेंट में शुक्रवार को ‘अखिल भारतीय राज्य चतुर्थ श्रेणी सरकारी कर्मचारी महासंघ’ की राष्ट्रीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में देश के लगभग सभी राज्यों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और कर्मचारियों की उपेक्षा के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का शंखनाद किया। 1.44 करोड़ रिक्त पदों पर भर्ती और 8वें वेतनमान की मांग महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री एवं लघु वेतन कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र शर्मा ने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती लंबे समय से बंद है, जिसके कारण लगभग 1 करोड़ 44 लाख पद रिक्त पड़े हैं। बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि इन पदों पर नियमित भर्ती शुरू की जाए। साथ ही, केंद्र के समान राज्यों में भी आठवां वेतनमान लागू करने और पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग की गई। आउटसोर्सिंग बंद हो, आयोग का हो गठन कर्मचारी नेताओं ने आउटसोर्सिंग प्रथा पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे पूरी तरह बंद करने की मांग की। प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि जो कर्मचारी वर्तमान में आउटसोर्स पर कार्यरत हैं, उनके लिए ‘आउटसोर्स आयोग’ का गठन किया जाए और उन्हें नियमित करने के नियम बनाए जाएं। इसके अतिरिक्त, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, कोटवार, और आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं को कम से कम 30,000 रुपये का मासिक वेतन देने की मांग भी उठाई गई। 17 मार्च को दिल्ली में महासंग्राम बैठक में निर्णय लिया गया कि अपनी मांगों को लेकर 17 मार्च को देशभर के ‘डी ग्रुप’ कर्मचारी दिल्ली के रामलीला मैदान में एकत्रित होंगे। यहां एक विशाल रैली और आमसभा आयोजित की जाएगी, जिसके पश्चात केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ज्ञापन सौंपा जाएगा। देशभर से जुटे प्रतिनिधि बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के गणेशन. रामनारायण मीणा, बीके मधुराम, बीएम नटराजन, रामचंद्र गुप्ता, अरुण बावरिया, सुजान बिंदु, रणजीत सिंह राणा, ऋतिक बारी, वेंकट और गोविंद सिंह नेगी उपस्थित रहे। कई राज्यों के प्रतिनिधि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भीजुड़े। स्थानीय स्तर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अजय दुबे, राष्ट्रीय सहायक महासचिव सुधीर भार्गव और जिला अध्यक्ष राम कुंडल सेन विचार रखे।

स्टूडेंट्स के लिए जरूरी सूचना: 5 मार्च से मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू, इस दिन घोषित होगा रिजल्ट

भोपाल प्रदेश के निजी एवं सरकारी स्कूलों में आयोजित पांचवीं और आठवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं 28 फरवरी को संपन्न हो गई हैं। अब राज्य शिक्षा केंद्र की ओर से पांच मार्च से उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य की शुरुआत की जाएगी। यह प्रक्रिया 14 मार्च तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, 25 मार्च को परीक्षा परिणाम घोषित किए जाने की संभावना है, ताकि एक अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र की कक्षाएं नियमित रूप से प्रारंभ की जा सकें। निष्पक्षता के लिए ब्लॉक स्तर पर बनेंगे केंद्र इस वर्ष मूल्यांकन कार्य को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए उत्तरपुस्तिकाओं की जांच ब्लॉक स्तर पर बनाए गए समन्वयक केंद्रों पर की जाएगी। मूल्यांकन केंद्रों का आवंटन परीक्षा पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। प्रदेश में करीब एक लाख शिक्षकों को इस कार्य में लगाया गया है, जिनमें निजी स्कूलों के 20 हजार शिक्षक और अतिथि शिक्षक भी शामिल रहेंगे। निर्देश दिए गए हैं कि जिस जनशिक्षा केंद्र में शिक्षक पदस्थ हैं, उन्हें उसी जनशिक्षा केंद्र के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों की उत्तरपुस्तिकाएं जांचने के लिए आवंटित नहीं की जाएंगी। इससे निष्पक्षता सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। राज्य शिक्षा केंद्र ने इस संबंध में निर्देशित किया है कि अनुभवी और वरिष्ठ शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाए। मूल्यांकन केंद्र पर मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित मूल्यांकन कार्य की गोपनीयता बनाए रखने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मूल्यांकनकर्ता केंद्र के भीतर मोबाइल फोन लेकर नहीं जाएंगे। हालांकि, विद्यार्थियों के अंकों की ऑनलाइन प्रविष्टि मोबाइल के माध्यम से ही की जाएगी। विषयवार और कक्षावार यदि 15 मूल्यांकनकर्ता नियुक्त किए जाते हैं, तो उनके पर्यवेक्षण के लिए एक उपमुख्य परीक्षक की नियुक्ति अनिवार्य होगी। अल्पभाषाओं के विशेषज्ञों की होगी नियुक्ति राज्य शिक्षा केंद्र ने यह भी निर्देशित किया है कि मराठी, उर्दू, संगीत, पंजाबी, उड़िया, गुजराती और संस्कृत जैसी अल्पभाषाओं की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए विषय विशेषज्ञों की व्यवस्था की जाए। आवश्यकता पड़ने पर निजी स्कूलों के शिक्षकों को भी शामिल किया जाएगा। तीन स्तर पर होगा विशेष उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन जिन विद्यार्थियों को शून्य अंक या 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त होंगे, उनकी उत्तरपुस्तिकाओं का मुख्य परीक्षक और उपमुख्य परीक्षक द्वारा पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक मूल्यांकनकर्ता द्वारा जांची गई पांच प्रतिशत प्रतियों का रैंडम आधार पर पुनर्मूल्यांकन अनिवार्य किया गया है। एवरेज मार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। ‘पांच मार्च से मूल्यांकन कार्य शुरू कर दिया जाएगा। तेजी से मूल्यांकन कार्य किया जाना है, ताकि मार्च के अंतिम सप्ताह में रिजल्ट घोषित किया जा सके।’ – डॉ. अरुण सिंह, अपर संचालक, राज्य शिक्षा केंद्र  

नई पहचान की ओर MP सरकार: सतपुड़ा-विंध्याचल भवन की जगह अरेरा हिल्स पर बनेगा स्मार्ट एडमिनिस्ट्रेटिव हब

भोपाल भोपाल के अरेरा हिल्स पर वल्लभ भवन के सामने 40 साल से ज्यादा पुराने सतपुड़ा और विंध्याचल भवन को तोड़ने  की प्लानिंग पूरी हो गई है। पुराने भवन को तोड़कर यहां कोर्टयार्ड एनेक्सी बिल्डिंग तैयार की जाएगी जो आपस में ट्विन टावर की तर्ज पर कनेक्ट होंगी। इस भवन में मल्टी लेवल पार्किंग और मल्टी लेवल फ्लोर एक साथ निर्मित किए जाएंगे। शुरुआत के चार से पांच फ्लोर तक आप अपने दो पहिया और चार पहिया वाहन में बैठकर ही संबंधित कार्यालय पहुंच सकेंगे। मल्टी लेवल पार्किंग मॉडल में अधिक चौड़ाई वाले घुमावदार रास्तों को इस प्रकार तैयार किया जाएगा जो संबंधित कार्यालय के फ्लोर पर जाकर लैंड होंगे। शहर में यह व्यवस्था फिलहाल प्राइवेट मॉल में मौजूद है। सरकारी खर्च कम से कम सरकार सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाते हुए जीरो फाइनेंस मॉडल लागू करने का प्रयास भी कर रही है। कंस्ट्रक्शन पर बगैर सरकारी खर्च के यह निर्माण हाउसिंग बोर्ड नोडल एजेंसी की निगरानी में ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में काम करने वाली बड़ी इंटरनेशनल कंपनियों के माध्यम से करवाया जा सकता है। मंत्रालय में अपर मुख्य सचिव संजय दुबे की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन सभी मुद्दों पर जिला प्रशासन, हाउसिंग बोर्ड, नगर निगम के अधिकारियों के साथ चर्चा में ये बातें तय हुई हैं।   शहर का ब्यू पाइंट बनेगा अरेरा हिल्स पहाड़ी पर बनने वाने मिनी सेंट्रल विस्टा को दिल्ली के नए संसद भवन की तर्ज पर आकार दिया जाएगा। नागरिक यहां अपने परिजनों के साथ आकर व्यू पाइंट की सैर कर सकेंगे। सरकारी भवन की थीम की बजाए इसे व्यू पाइंट बनाया जाएगा।     तीन चरण में बनेगा प्रोजेक्ट     सतपुड़ा और विंध्याचल भवन को एक साथ नहीं तोड़ा जाएगा     सतपुड़ा भवन का एक हिस्सा टूटेगा। उतना फिर से बनाया जाएगा। उसके बाद बचा हुआ हिस्सा तोड़कर बनाएंगे     इसी तरह विंध्याचल भवन का भी निर्माण होगा।     दोनों के बीच ग्रीन पॉकेट कोर्टयाट के तर्ज पर विकसित होगा।     भवनों की डिजाइन इस तरह रखी जाएगी कि दीवारों से बंद हो और खुले आसमान के नीचे भी हो।     यहां इस तरह एक दूसरे को जोड़ा जाएगा कि गाड़ी के साथ ही लोग संबंधित भवन के संबंधित फ्लोर तक पहुंच जाएं।     दोनों भवनों के साथ ही कोर्टयार्ड से पूरी कनेक्टिविटी होगी। लिफ्ट की जरूरत नहीं होगी।

कॉलेज छात्रों के लिए झटका: जरूरी दस्तावेजों की फीस 3 गुना बढ़ी, बढ़ी परेशानी

सागर सागर के डॉ. हरिसिंह गौर यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक सत्र-2025-26 के लिए डिग्री, टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र), माइग्रेशन सर्टिफिकेट समेत अन्य सुविधाओं के शुल्क में इजाफा किया गया है। बीते माह जारी हुए आदेश में उक्त तीनों प्रमुख प्रमाण पत्रों के शुल्क में तीन गुना तक का इजाफा किया गया है। अचानक फीस बढ़ने से विद्यार्थी परेशान है। एक साथ 50 से तीन गुना तक फीस बढ़ने से विद्यार्थियों पर अतिरिक्त खर्च बढ़ गया है। तीन गुना बढ़े दाम, छात्रों की बढ़ी परेशानी अब तक विश्वविद्यालय में डिग्री के लिए 250 रुपए ही शुल्क लिया जाता है, लेकिन अब वही डिग्री 500 रुपए में दी जा रही है। इसके साथ स्थानांतरण प्रमाण पत्र में 100 रुपए खर्च आता है, जो अब बढ़ाकर 300 रुपए कर दिया है। इसके अलावा डुप्लीकेट उपाधि, प्रमाण पत्र, डुप्लीकेट अंकसूची और नाम सुधार (अंकसूची एवं टीआर में सुधार) आदि में भी फीस वृद्धि की गई। इन सभी करीब 50 प्रतिशत ज्यादा फीस बढ़ाने से विद्यार्थियों की आर्थिक परेशानी बढ़ गई है।   विवि प्रशासन की ओर से दलील दी गई है कि पिछले 12 वर्षों से विद्यार्थियों से जुड़ी सेवाओं में किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं बढ़ाया गया था। विवि प्रशासन ने इसके लिए एक समिति का गठन किया था, जिसने देश के अन्य विश्वविद्यालयों की फीस स्ट्रक्बर का अध्ययन किया और फिर उसी आधार पर समिति ने अनुशंसा की थी। नहीं मिल रहीं सुविधाएं विद्यार्थियों का कहना है कि मार्कशीट, टीसी और अन्य दस्तावेजों में विभिन्न प्रकार की गलतियां मिलती हैं। परीक्षा समय पर आयोजित नहीं होती है। विश्वविद्यालय के हॉस्टल, लाइब्रेरी सहित विभिन्न विभागों में हमें सुविधाएं नहीं मिल रहीं हैं। लाइब्रेरी के कंप्यूटर बंद हैं। डिग्री और अंकसूची निकलवाने के लिए कई बार विभाग के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसे में विवि प्रशासन की ओर से फीस वृद्धि करने का निर्णय गलत है।   समिति की अनुशंसा पर निर्णय हुआ है में बढ़ोतरी के लिए समय-समय पर हर तरह के शुल्क आदि में उचित वृद्धि 12 वर्षों बाद इस तरह के शुल्क को रिवाइज करते हुए वृद्धि की गई है। केंद्र सरकार से लगातार दिशा-निर्देश प्राप्त होते हैं कि आंतरिक राजस्व की जानी चाहिए। इसी क्रम में सक्षम प्राधिकारी द्वारा गठित समिति ने देश के विभिन्न केंद्रीय विश्वविद्यालयों में लगने वाले इस तरह के शुल्क को दृष्टिगत रखते हुए अनुशंसा की, जिसके आधार पर सक्षम प्राधिकारी ने स्वीकृति के बाद शुल्क में वृद्धि की गई है। विवेक जायसवाल, मीडिया प्रभारी इनका भी बढ़ा शुल्क     डुप्लीकेट उपाधि (डिग्री) -1000 रुपए     डुप्लीकेट प्रवजन प्रमाण पत्र (माइग्रेशन सर्टिफिकेट)- 500 रुपए     डुप्लीकेट अंकसूची (मार्कशीट)- 500 रुपए     नाम सुधार (मार्कशीट एवं टीआर में)- 200 रुपए     प्रावधिक उपाधि प्रमाण पत्र (प्रोविशनल डिग्री सर्टिफिकेट)- 300 रुपए     नाम/सरनेम परिवर्तन शुल्क -750 रुपए     परीक्षा केंद्र परिवर्तन शुल्क – 1000 रुपए     नामांकन विलंब शुल्क- 150 रुपए

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