LATEST NEWS

‘शतक’ को बढ़ावा: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म पर नहीं लगेगा टैक्स, सीएम की घोषणा

भोपाल आरएसएस पर बनी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद इस फिल्म को टैक्स फ्री करने की घोषणा करते हुए अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर इसकी जानकारी दी है। सीएम मोहन ने लिखा कि, हिंदी फिल्‍म ‘शतक’ को सम्पूर्ण मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री किया है। ये फिल्म राष्ट्रसेवा और संस्कारों की उस परंपरा को सशक्त रूप में प्रस्तुत करती है, जिसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दशकों से जीवित रखा है। फिल्म ‘शतक’ संदेश देती है कि संगठित विचार, चरित्र और सेवा भाव से ही एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है। फिल्म 20 फरवरी 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई है, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (2155) के 100 साल की यात्रा दिखाई है। फिल्‍म की शुरुआत 1925 में नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार (डॉक्टरजी) द्वारा संघ की स्थापना से होती है। इसमें दिखाया है कि, कैसे एक छोटे से समूह से शुरू हुआ ये संगठन आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है।   -प्रमुख व्यक्तित्व फिल्म में संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार और उनके उत्तराधिकारी गुरुजी (माधव सदाशिव गोलवलकर) के जीवन और उनके संघर्षों को प्रमुखता से दिखाया है। फिल्म में भारत के स्वतंत्रता संग्राम में संघ के योगदान, विभाजन के समय की स्थिति, दादरा और नगर हवेली की मुक्ति, कश्मीर का मुद्दा और 1975 के आपातकाल के दौरान संगठन के संघर्षों का चित्रण किया गया है। -AI से बनाए गए ग्राफिक्स इस फिल्म की सबसे बड़ी विशेषता ये है कि, इसमें 1 (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और उन्नत ग्राफिक्स का इस्तेमाल कर वीर सावरकर, महात्मा गांधी, सरदार पटेल और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को पर्दे पर जीवंत किया गया है। फिल्म की कहानी को बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन ने अपनी आवाज़ दी है।

किसानों की सम्बृद्धि के लिए हो रहे हैं चौतरफा प्रयास

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे अन्नदाता ही मध्यप्रदेश के भाग्य विधाता हैं। हम सब प्रदेश के कृषि परिदृश्य में आये ऐतिहासिक परिवर्तन के साक्षी हैं। भारत की आत्मा गांवों में बसती है और गांवों की आत्मा किसानों में। जिस प्रदेश का किसान सशक्त होता है, वही प्रदेश समृद्धि के शिखर को छूता है। मध्यप्रदेश आज इसी सर्वकालिक सत्य का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है। किसी दौर में सिंचाई, बिजली और संसाधनों के अभावों से जूझने वाला मध्यप्रदेश आज कृषि क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में खड़ा है। इस परिवर्तन के मूल केंद्र में राज्य सरकार किसानों का संबल बनी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2026 किसान कल्याण वर्ष के साथ रोजगार आधारित कृषि उद्योगों के विकास वर्ष के रूप में भी मनाया जा रहा है। इसका एकमात्र लक्ष्य है हर संभव तरीके से किसानों की आय बढ़ाकर उनके जीवन में समृद्धि लाना। राज्य सरकार किसानों को परम्परागत खेती-किसानी के बजाय अब वैज्ञानिक, उन्नत और परिष्कृत कृषि पद्धति अपनाने के लिये प्रेरित कर रही है। किसानों की वर्षा जल के संरक्षण, खेती की मिट्टी की सेहत और सीरत पर विशेष ध्यान, उन्नत बीज और जैविक-प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही अधिकाधिक पशुपालन से दुग्धोत्पादन, उद्यानिकी फसलों का क्रमिक विस्तार कर फूड प्रोसेसिंग में आगे आयें और क्राप वैल्यू एडिशन भी अपनाएं। कृषि : प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मध्यप्रदेश की राज्य जीडीपी में कृषि का हमेशा ही उल्लेखनीय योगदान रहा है। किसानों की अथक मेहनत और राज्य सरकार की कृषि विकास नीति की सफलता की कहानी अब पूरे देश की जुबान पर है। प्रमुख उपलब्धियों में खाद्यान्न उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है, श्रीअन्न (मिलेट्स) उत्पादन में भी दूसररे स्थान के साथ लगातार 7 बार कृषि कर्मण पुरस्कार प्राप्त करने वाला राज्य भी मध्यप्रदेश ही है। दलहन, तिलहन, फल-सब्जी उत्पादन में अव्वल मध्यप्रदेश अव्बल है और प्लांट बेस्ड प्रोटीन जनरेशन फील्ड में भी मध्यप्रदेश मजबूत स्थिति में है। न्यू फूड बास्केट ऑफ इंडिया मध्यप्रदेश को अब “देश का न्यू फूड बास्केट” कहा जाने लगा है, क्योंकि विविध कृषिगत उत्पादों में मध्यप्रदेश देश में शीर्ष स्थानों पर है। ग्लोबल फूड मार्केट में भी मध्यप्रदेश के कृषि एवं इससे जुड़े उत्पादों की बड़ी धूम है। संतरा, मसाले, लहसुन, अदरक और धनिया उत्पादन में देश में नंबर वन, मटर, प्याज, मिर्च और अमरूद उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर और फूल, औषधीय एवं सुगंधित पौधों के उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। यह राष्ट्रीय उपलब्धियां केवल आंकड़ों की नहीं, मध्यप्रदेश के किसानों की प्रगतिशीलता, परिश्रम, नवाचार और निरंतर प्रयासों की जीत है। बीज से बाजार तक : किसानों के साथ सरकार प्रदेश के किसानों के समग्र कल्याण के लिए राज्य सरकार ने कृषक कल्याण मिशन की शुरुआत की है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती के हर हिस्से में हम्बली संबल देना है, जिसमें सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी, बिजली की निर्बाध आपूर्ति, शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर फसल ऋण, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फ़सल खरीदी, फसल बीमा राशि का समय पर भुगतान और सोयाबीन एवं सरसों उत्पादक किसानों के लिये भावान्तर योजना काफी हितकारी बनी है। इन सभी प्रयासों से किसानों में नया उत्साह और आत्मविश्वास भी पैदा हुआ है। बदल रही है खेती की तस्वीर करीब 20 साल पहले तक मध्यप्रदेश का किसान सिंचाई और कमाई, दोनों के लिए संघर्ष करते थे। लेकिन अब समय बदल गया है। सरकार ने ‘हर खेत तक पानी’ पहुंचाने का बीड़ा उठाया। सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार हुआ, बिजली गांव-गांव तक पहुंची और किसानों को सरकार से संसाधनों का संबल मिला। किसानों ने भी परिश्रम और आत्मविश्वास के साथ नई शुरुआत की। परिणाम सामने है। आज मध्यप्रदेश कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों में नई पहचान बना चुका है। सिंचाई क्रांति : हर बूंद से समृद्धि प्रदेश में कभी सिंचाई का रकबा 7 हैक्टेयर हुआ करता था, जो आज बढ़कर करीब 65 लाख हैक्टेयर हो गया है। इसे वित्त वर्ष 2028-29 के अंत तक 100 लाख हैक्टेयर तक विकास बढ़ाने के लक्ष्य के साथ राज्य सरकार कार्य कर हरी है। केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना पर काम जारी है। ताप्ती बेसिन ग्राउंड वाटर रिचार्ज मेगा प्रोजेक्ट भी प्रारंभ होने जा रहा है। ये तीनों मल्टीपर्पज इरीगेशन प्रोजेक्ट्स प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की नई कहानी रचेंगे। कृषक कल्याण वर्ष में पहली कृषि कैबिनेट वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया गया हैं। इसके अंतर्गत कृषि संबंधी विभिन्न गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। हाल ही में जनजातीय बहुल जिला बड़वानी में प्रदेश की पहली कृषि कैबिनेट आयोजित कर किसानों के हित में 27 हजार 746 करोड़ के कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके पहले हुई मंत्रि-परिषद की बैठक भी किसानों के नाम सर्पित रही। इस बैठक में किसानों से संबंधित विभिन्न योजनाओं को आगामी 5 साल तक निरंतर बनाये रखने का निर्णय लिया गया। किसानों के हित में ठोस कदम राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए अनेक निर्णय लिए हैं। गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बोनस वितरण, वर्ष 2024 में धान उपार्जन करने वाले 6.69 लाख किसानों को 337.12 करोड़ रुपये का बोनस वितरण, प्राकृतिक आपदा प्रभावित 24 लाख से अधिक किसानों को 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदाय, सहकारी बैंकों के जरिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर फसल ऋण की योजना को निरंतर रखने का निर्णय भी किसानों के लिए एक बड़ी राहत है। श्रीअन्न और दाल मिशन : पोषण और समृद्धि की दिशा में भी हितकारी कदम उठाए गए हैं। राज्य सरकार द्वारा संचालित रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत खरीफ सीजन 2025 में 15,000 मीट्रिक टन से अधिक कोदो-कुटकी का उपार्जन किया गया। कुटकी : 3500 रुपये प्रति क्विंटल और कोदो : 2500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी गई। वहीं, दाल मिशन (2025-26 से 2030-31) के तहत दाल का उत्पादन 350 लाख टन से अधिक तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बहुत बड़ा कदम है। ऊर्जा क्रांति: सस्ती और स्वच्छ बिजली प्रदेश के किसानों को मात्र 5 रुपये में स्थायी बिजली कनेक्शन दिया जा रहा है। … Read more

बरसात से पहले तैयारी के आदेश: सरकारी भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग लागू करने का फरमान

इंदौर जिले में नए और पुराने तालाबों से आजीविका गतिविधियां जोड़ने के लिए यूजर ग्रुप बनाए जाएंगे, जिनमें महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर रोजगार के अवसर विकसित किए जाएंगे। सभी शासकीय भवनों और प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बनने वाले घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य होगी। श्मशान घाटों के जीर्णोद्धार कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। जल संरक्षण और संवर्धन की व्यापक रणनीति जिले में जल संरक्षण और संवर्धन को लेकर प्रशासन ने व्यापक रणनीति बनाई है। कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान सहित विभिन्न जल संरचनाओं के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन तथा वन मंडलाधिकारी लाल सुधाकर सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अमृत सरोवर और जल संरचनाओं की प्रगति बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025-26 के दौरान जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। अमृत सरोवर अभियान के तहत 101 तालाबों का निर्माण पूर्ण किया गया, जबकि इस वर्ष 12 नए तालाबों के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है। इसके अलावा विभिन्न अभियानों के माध्यम से सैकड़ों सोख पिट, रिचार्ज पिट, वर्षा जल संचयन संरचनाएं, खेत तालाब तथा पारंपरिक जल स्रोतों का नवीनीकरण कराया गया है। बरसात से पहले कार्य पूर्ण करने के निर्देश बैठक के दौरान बताया गया कि इस वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों में करीब 800 नए कार्य प्रस्तावित हैं, जिनमें चेक डैम, पुलिया, कूप, डगवेल रिचार्ज और अन्य जल संरचनाएं शामिल हैं। कलेक्टर ने सभी कार्य बरसात से पहले हर हाल में पूरे करने के निर्देश दिए हैं।

सोनम रघुवंशी की फेरों वाली साड़ी होली में जलाकर, परिवार ने लिया राजा रघुवंशी हत्याकांड पर बड़ा फैसला

इंदौर  मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में अब होलिका दहन के मौके पर एक भावुक और प्रतीकात्मक फैसला सामने आया है। राजा रघुवंशी के परिवार ने सोनम द्वारा शादी में फेरों के समय पहनी गई साड़ी को होलिका दहन के दौरान आग के हवाले कर दिया। राजा के परिवार का कहना है कि यह कदम बुराई, धोखे और दर्दनाक यादों के अंत का प्रतीक है। राजा की मां उमा रघुवंशी ने सोमवार को मीडिया को बताया था कि होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है। सोनम फिलहाल जेल में है और कानून उसे सजा देगा, लेकिन उससे जुड़ी बुरी यादों को आज खत्म कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस साड़ी को सोनम ने शादी के समय पहना था, उसे को होलिका की अग्नि में जलाया जाएगा, ताकि उस धोखे और पीड़ा की यादों का अंत हो सके। परिवार का मानना है कि यह प्रतीकात्मक कदम उनके बेटे के साथ हुए विश्वासघात और दर्द को खत्म करने की एक कोशिश की है। पिछले साल साथ खेली थी होली, अब सिर्फ यादें इस दौरान राजा की मां बेटे की पुरानी होली की वीडियो देखकर भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि पिछले साल सोनम ने खुद राजा को रंग लगाने के लिए बुलाया था। दोनों ने साथ में गुलाल से होली खेली थी और परिवार के साथ त्योहार मनाया था। उमा रघुवंशी ने भावुक होकर कहा कि उस समय किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह राजा की आखिरी होली होगी। अब वही यादें परिवार को बार-बार झकझोर रही हैं। मां बोलीं- हमारे लिए होली अब पहले जैसी नहीं रही राजा की मां ने कहा कि हमारे लिए होली अब पहले जैसी नहीं रही, लेकिन हमें विश्वास है कि सच जरूर सामने आएगा और हमारे बेटे को न्याय मिलेगा। उन्होंने बताया कि परिवार के सदस्य होलिका दहन के दिन राजा रघुवंशी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करेंगे और साथ ही न्याय की मांग को लेकर अपनी आवाज भी उठाएंगे। हनीमून के बहाने ले जाकर की गई थी हत्या यह मामला मई 2025 का है। आरोप है कि सोनम रघुवंशी अपने पति राजा रघुवंशी को हनीमून के बहाने धोखे से शिलॉन्ग लेकर गई थी। वहीं उसने अपने प्रेमी राज कुशवाहा और उसके साथियों के साथ मिलकर साजिश रची और राजा की हत्या करवा दी थी। इस मामले में सोनम और उसके प्रेमी राज फिलहाल जेल में बंद है। हाल ही में इसी प्रकरण में दो आरोपियों को कोर्ट ने बरी भी किया है। वहीं, कई अन्य आरोपियों की इंदौर से शिलॉन्ग की अदालत में ऑनलाइन पेशी करवाई जा रही है। राजा रघुवंशी हत्याकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया था और अब होलिका दहन के मौके पर परिवार का यह कदम एक बार फिर उस दर्दनाक घटना की यादें ताजा कर रहा है।

एक अप्रैल से लागू होगा प्रतिबंध, जबलपुर के स्कूली वाहनों में एलपीजी किट का इस्तेमाल नहीं होगा

जबलपुर  शहर की सड़कों पर स्कूली बच्चों को एलपीजी (LPG) किट लगे असुरक्षित वाहनों में ढोना अब स्कूल प्रबंधकों और वाहन स्वामियों को भारी पड़ेगा। जिला प्रशासन ने छात्र सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है। कलेक्टर कार्यालय सभागार में आयोजित इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गेहलोत, आरटीओ संतोष पॉल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) अंजना तिवारी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी व स्कूलों के प्राचार्य मौजूद रहे। एलपीजी वाहनों से छात्रों का परिवहन पूर्णतः प्रतिबंधित कलेक्टर राघवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक में यह तय किया गया है कि एक अप्रैल से जिले के किसी भी शासकीय या अशासकीय विद्यालय में एलपीजी संचालित वाहनों से विद्यार्थियों का परिवहन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। गैस किट वाले वाहन बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बैठक में स्कूली परिवहन की सुरक्षा समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि गैस किट वाले वाहन बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। सड़कों पर होगा औचक निरीक्षण: आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस अधीक्षक और यातायात पुलिस को स्कूल समय के दौरान औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी को जिले के समस्त सीबीएसई, आइसीएसई और माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध स्कूलों को इस आदेश से अवगत कराने और उनसे अनुपालन प्रतिवेदन लेने को कहा गया है। डेडलाइन तय एक अप्रैल के बाद यदि कोई स्कूल एलपीजी वाहन का उपयोग करता पाया गया, तो उसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित संस्था व वाहन स्वामी पर दंडात्मक कार्रवाई होगी। वैकल्पिक व्यवस्था स्कूल प्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि वे समय रहते इन वाहनों के स्थान पर वैधानिक रूप से अनुमन्य और फिटनेस प्रमाणित (पेट्रोल/डीजल/सीएनजी) वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करें। सत्यापन अभियान आरटीओ को जिम्मेदारी दी गई है कि वे स्कूली वाहनों का भौतिक सत्यापन कर गैस किट वाले वाहनों की पहचान करें।     विद्यार्थियों का सुरक्षित परिवहन हमारी प्राथमिकता है। एक अप्रैल के बाद अवैध गैस किट वाले वाहन सड़कों पर नहीं दिखने चाहिए। उल्लंघन करने वाले स्कूलों और वाहन मालिकों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।     – राघवेंद्र सिंह, कलेक्टर  

उज्जैन के राघौ पिपलिया में बड़ा हादसा, तालाब में डूबे दो नाबालिग; इलाके में शोक की लहर

उज्जैन नाखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम राघौ पिपलिया में सोमवार को हादसा हो गया। तालाब में नहाने गए दो किशोरों की डूबने से मौत हो गई। थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि रितेश पुत्र पवन राजोरिया उम्र 14 वर्ष तथा रोहित पुत्र गोवर्धन डोरिया उम्र 15 वर्ष दोनों निवासी ग्राम राघौ पिपलिया सोमवार को गांव में स्थित तालाब में नहाने गए थे। गहरे पानी में जाने से दोनों किशोर की डूबने से मौत हो गई। तालाब के बाहर खड़े एक अन्य किशोर ने दोनों को डूबते हुए देखा था। उसने ग्रामीणों को किशोरों के डूबने की सूचना दी। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों नाबालिग को बाहर निकाला और अस्पताल ले गए थे। यहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम किया है।  

सेंट्रल यूनिवर्सिटी के 2 रिसर्चर्स को MPCST अवॉर्ड, विकसित की डायबिटीज और स्तन कैंसर की दवा प्रणाली

सागर  डॉ हरीसिंह गौर यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. मध्य प्रदेश काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी की 41वीं एमपी यंग साइंटिस्ट कांग्रेस में फार्मास्युटिकल साइंसेज श्रेणी में सागर यूनिवर्सिटी के फार्मेसी डिपार्टमेंट के 2 शोध छात्रों को यह अवॉर्ड मिला है. प्रियांशु नेमा और हर्षिता सिंघई को एमपीसीएसटी यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद ने यह सम्मान उनके शोध कार्यों के लिए प्रदान किया है| डायबिटीज के इलाज के लिए मिला अवॉर्ड प्रियांशु नेमा को शोध विषय मधुमेह-रोधी चिकित्सीय विकास के लिए एकीकृत ट्रांसक्रिप्टोमिक्स और कम्प्यूटेशनल ड्रग डिस्कवरी के लिए एमपीसीएसटी यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है. जिसमें डायबिटीज के इलाज के लिए आधुनिक ट्रांसक्रिप्टोमिक्स और कम्प्यूटेशनल तकनीकों के समन्वय से नई औषधीय संभावनाओं का विकास किया जा रहा है |  स्तन कैंसर की दवा प्रणाली विकसित करने पर मिला अवॉर्ड हर्षिता सिंघई को उनकी रिसर्च स्तन कैंसर के उपचार के लिए उत्तेजना-प्रतिक्रियाशील सह-युक्त लिपोसोमल दवा वितरण प्रणाली के लिए अवॉर्ड प्रदान किया गया. शोध में स्तन कैंसर के उपचार के लिए उन्नत लिपोसोमल ड्रग डिलीवरी सिस्टम विकसित करने पर कार्य किया जा रहा है, जो लक्षित (टारगेटेड) और प्रभावी इलाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है |  रिसर्च वर्क के लिए नई दिशा एमपीसीएसटी द्वारा आयोजित सम्मेलन का उद्देश्य नवीन और उपयोगी शोध को प्रोत्साहित करना और युवा वैज्ञानिकों को रिसर्च वर्क के लिए मंच प्रदान करना है. इस उपलब्धि पर शोधार्थियों के मार्गदर्शक डॉ. उमेश के. पाटिल, डॉ. सुशील काशव और डॉ. अश्मिता गजभिये ने विभाग और विश्ववि‌द्यालय के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया|   एमपीसीएसटी द्वारा युवा वैज्ञानिकों को उनकी रिसर्च के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है. इसी के तहत प्रियांशु नेमा फिलहाल आईएलएस, भुवनेश्वर में डॉ. अंशुमान दीक्षित के मार्गदर्शन में रिसर्च को आगे बढ़ा रहे हैं. यह प्रदेश में वैज्ञानिक शोध को नई दिशा देने का कार्य करेगी |   

होली से पहले एमपी का पारा 35 डिग्री तक, मार्च में 40 डिग्री तक बढ़ने की संभावना

भोपाल मध्यप्रदेश में गर्मी ने मार्च की शुरुआत के साथ ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मौसम आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। मौसम फिलहाल पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है। पूर्वी मध्यप्रदेश के नौगांव में 35.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया। पश्चिमी क्षेत्र के खरगोन में 35.0 डिग्री, धार में 34.9 डिग्री और खंडवा में 34.5 डिग्री तापमान रहा। राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री और न्यूनतम 15.0 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में पारा 33.6 डिग्री, ग्वालियर में 33.8 डिग्री और जबलपुर में 33.3 डिग्री सेल्सियस रहा।  रात में अभी हल्की ठंडक  रात के समय अभी हल्की ठंडक बनी हुई है। पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर में न्यूनतम 13.4 डिग्री और उमरिया में 13.9 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। सुबह के समय कई शहरों में आर्द्रता 70 से 90 प्रतिशत तक रही, जो शाम तक घटकर 20 से 40 प्रतिशत के बीच पहुंच गई। होली पर रहेगा साफ मौसम सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्र ने बताया कि आने वाले सात दिनों तक प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। होली के दौरान बारिश या बादल की कोई संभावना नहीं है। हालांकि तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने कहा कि मार्च के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है। अप्रैल-मई में लू के आसार डॉ. सुरेंद्र के मुताबिक अप्रैल और मई में लू चलने की पूरी संभावना है। विशेष रूप से पूर्वी मध्यप्रदेश में इस बार ज्यादा तेज और लंबे समय तक लू चलने के संकेत हैं। उन्होंने लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।कुल मिलाकर प्रदेश में अब सर्दी की विदाई और गर्मी की दस्तक साफ तौर पर महसूस की जा रही है, और आने वाले दिनों में तापमान में और तेजी आने के संकेत हैं। 

मध्य प्रदेश में ‘शतक’ को टैक्स फ्री किया गया, सीएम ने कहा- फिल्म राष्ट्रसेवा का संदेश फैलाती है

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘शतक’ फिल्म को राज्य में टैक्स फ्री कर दिया है। सीएम ने कहा कि ‘शतक’ फिल्म आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की बात करती है। इस फिल्म में संगठित विचार, चरित्र और सेवा भाव का संदेश छिपा हुआ है। उन्होंने कहा कि शतक फिल्म राष्ट्रसेवा और संस्कार की परंपरा की बात करती है। इस परंपरा को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने वर्षों से जीवित रखा है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘हिंदी फिल्म ‘शतक’ को सम्पूर्ण मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री किया गया है। यह फिल्म राष्ट्रसेवा और संस्कारों की उस परंपरा को सशक्त रूप में प्रस्तुत करती है, जिसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दशकों से जीवित रखा है। फिल्म ‘शतक’ संदेश देती है कि संगठित विचार, चरित्र और सेवा भाव से ही एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है।’ सीएम डॉ. यादव के इस निर्णय की आम जनता ने जमकर तारीफ की है।   आरएसएस की कहानी कहती है फिल्म बता दें, ‘शतक: संघ के 100 साल’ फिल्म का निर्माण वीर कपूर ने किया है। इसके निर्देशक आशीष मल्ल हैं। यह फिल्म इस साल 20 फरवरी को रिलीज़ हुई थी। यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्षों के इतिहास और विचारधारा पर आधारित है। इस फिल्म में वर्ष 1925 में संघ की स्थापना के साथ-साथ इसके संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और एमएस गोलवलकर के योगदान को दर्शाया गया है। 

CM मोहन ने सरकारी कर्मचारियों के एरियर्स भुगतान की घोषणा की, मिलेंगे इतने सालों के बकाए

भोपाल मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान करते हुए सरकारी कर्मचारियों के एरियर्स के भुगतान पर भी बड़ा फैसला लिया है।  सीएम मोहन यादव ने बताया है कि, जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर्स के भुगतान की शुरुआत मई महीने से शुरू हो जाएगी और कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। मोहन यादव ने कहा है कि  कर्मचारियों के एरियर्स का भुगतान छह किस्तों में किया जाएगा। वहीं इससे पहले आज ही सीएम मोहन यादव ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को बढ़ाने का भी ऐलान किया है। सीएम मोहन ने कहा है कि आज होली के शुभ अवसर पर राज्य के शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि कर 58% करने का निर्णय किया है। सभी शासकीय सेवकों को भारत सरकार के समान अप्रैल (पेड इन मई) 2026 के वेतन में 58% महंगाई भत्ता मिलेगा। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ होकर 6 समान किस्तों में दी जाएगी। पेंशनर्स को भी जनवरी से फरवरी 2026 की पेंशन में 58% का महंगाई भत्ता दिया जाएगा। हमारी सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है।  मध्य प्रदेश के 12 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों की होली मोहन यादव सरकार ने दोगुनी रंगीन कर दी है। कर्मचारियों को वो  बड़ी सौगात मिली है जिससे उनके चेहरे खिलने तय है। दरअसल  सीएम मोहन यादव ने राज्य के कर्मचारियों का 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा कर दी है। ये प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए किसी राहत से कम नहीं है। होली के शुभ अवसर पर राज्य के शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि कर 58% करने का निर्णय किया है। सभी शासकीय सेवकों को भारत सरकार के समान अप्रैल (पेड इन मई) 2026 के वेतन में 58% महंगाई भत्ता मिलेगा। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ होकर 6 समान किस्तों में दी जाएगी। पेंशनर्स को भी जनवरी से फरवरी 2026 की पेंशन में 58% का महंगाई भत्ता दिया जाएगा। हमारी सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है। आज दिन में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत बड़वानी में कैबिनेट की, कई महत्वपूर्ण निर्णय किए। शाम को सभी कर्मचारी बंधुओं और पेंशनर्स के कल्याण के लिए निर्णय लिया है। पेंशनर्स को जनवरी से फरवरी की पेंशन का डीए मिलेगा सीएम ने बताया कि पेंशनर्स को भी जनवरी से फरवरी 2026 की पेंशन में 58% का महंगाई भत्ता दिया जाएगा। अभी मिल रहा 55 प्रतिशत डीए मध्य  प्रदेश के 12 लाख से अधिक कर्मचारियों को अभी 55 प्रतिशत डीए मिल रहा था। वहीं, केंद्र सरकार के द्वारा 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। कर्मचारी लगातार केंद्र समान महंगाई भत्ता देने की मांग कर रहे थे लेकिन  आज मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद कर्मचारियों में खुशी की लहर है। जाहिर है कर्मचारियों की होली डबल रंगीन हो गई है। आज दिन में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत बड़वानी में कैबिनेट की, कई महत्वपूर्ण निर्णय किए। शाम को सभी कर्मचारी बंधुओं और पेंशनर्स के कल्याण के लिए निर्णय लिया है। सभी को होली की बधाई। 3% फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ने के साथ  ही मध्य प्रदेश के 12 लाख से अधिक कर्मचारियों का भत्ता अब केंद्र के बराबर 58 फीसदी हो गया है।  लिहाजा एरियर्स को लेकर सीएम मोहन यादव ने साफ कर दिया है कि कर्मचारियों के एरियर्स का भुगतान छह किस्तों में किया जाएगा। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ होकर 6 समान किस्तों में दी जाएगी।”

टीईटी 2018 के अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, नियुक्ति की याचिका 7 साल बाद खारिज

जबलपुर  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2018 उत्तीर्ण दो महिला अभ्यर्थियों की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि याचिकाकर्ताओं ने सात वर्षों से अधिक समय तक कोई सक्रिय प्रयास नहीं किया।  कटनी निवासी सरस्वती पाटीदार और नरसिंहपुर की रेणुका यादव ने याचिका दायर कर बताया था कि उन्होंने वर्ष 2018 में टीईटी उत्तीर्ण की थी। उनका कहना था कि प्रदेश में मिडिल स्कूल शिक्षकों के पद रिक्त हैं और वर्ष 2024 में नई नियुक्तियों के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। ऐसे में उन्हें वर्ष 2018 के नियमों के तहत नियुक्ति देने के निर्देश राज्य सरकार को दिए जाएं। सरकारी अधिवक्ता ने रखा सरकार का पक्ष मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने की। शासन की ओर से अधिवक्ता अनुभव जैन ने तर्क दिया कि वर्ष 2022 में जारी आम सूचना में सभी इच्छुक अभ्यर्थियों को प्रचलित नियमों के अनुसार आवेदन करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन याचिकाकर्ताओं ने आवेदन नहीं किया। अब नई चयन प्रक्रिया लागू हो चुकी है और नियमों में संशोधन हो चुका है, इसलिए पुराने नियमों के आधार पर नियुक्ति की मांग विधिसम्मत नहीं है। कोर्ट बोला-अधिकार का दावा स्वीकार नहीं कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ताओं ने 7 वर्षों तक नौकरी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। 29 सितंबर 2022 की सार्वजनिक सूचना के समय भी उन्होंने आवेदन नहीं किया। नियमों में संशोधन के बाद नई चयन प्रक्रिया प्रभावी हो चुकी है। ऐसे में विलंब के बाद अधिकार का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता। डिवीजन बेंच ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में समय सीमा और सक्रियता अत्यंत महत्वपूर्ण है। लंबी चुप्पी के बाद नियुक्ति का दावा न्यायोचित नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर दोनों याचिकाएं खारिज कर दी गईं।  

पं. प्रदीप मिश्रा ने कुबेरेश्वर धाम में किया होलिका दहन, शहर में जलीं 100 से ज्यादा होलिकाएं

सीहोर  उत्साह, उमंग और आस्था के रंगों से सराबोर सीहोर में होलिका दहन का पर्व भक्ति और परंपरा के संग मनाया गया। कुबेरेश्वर धाम में पंडित प्रदीप मिश्रा ने मंत्रोच्चार के बीच होलिका दहन कर समस्त श्रद्धालुओं के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।  सीहोर में होली की पूर्व संध्या पर आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। नगर के चौक-चौराहों से लेकर मोहल्लों तक सौ से अधिक स्थानों पर रंगबिरंगी रोशनी और सजावट के बीच होलिकाएं सजाई गईं। देर शाम से लेकर रात्रि तक विधि-विधान से होलिका दहन का क्रम चलता रहा। हर तरफ “हर-हर महादेव” और “होली है” के जयघोष गूंजते रहे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर चेहरे पर उत्साह साफ झलक रहा था। असत्य पर सत्य की विजय का यह पर्व मानो पूरे शहर को एक सूत्र में बांधता नजर आया। कुबेरेश्वर धाम में भक्ति की अलौकिक छटा सीहोर में होली की पूर्व संध्या पर आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। नगर के चौक-चौराहों से लेकर मोहल्लों तक सौ से अधिक स्थानों पर रंगीन रोशनी और सजावट के बीच होलिकाएं सजाई गईं। देर शाम से रात्रि तक विधि-विधान से होलिका दहन का क्रम चलता रहा। हर-हर महादेव और होली है के जयघोष से पूरा शहर गूंज उठा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर चेहरे पर उत्साह झलक रहा था। असत्य पर सत्य की विजय का यह पर्व पूरे शहर को एक सूत्र में बांधता नजर आया। शहर के प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम में होलिका दहन का दृश्य विशेष रूप से आकर्षक रहा। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ होलिका दहन संपन्न कराया। लकड़ियों और कंडों से सजे मंच पर भक्त प्रहलाद की प्रतिमा स्थापित कर अग्नि प्रज्ज्वलित की गई। अग्नि की लपटें उठते ही श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। पंडित मिश्रा ने महादेव से प्रार्थना की कि यह पर्व सभी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आनंद लेकर आए। होलिका दहन के अवसर पर कुबेरेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में, बच्चे रंग-बिरंगी पिचकारियों के साथ और बुजुर्ग श्रद्धा से भरे चेहरों के साथ उपस्थित रहे। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद लिया और एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं। देर रात तक धाम परिसर में भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा। शहर के साथ-साथ पूरे जिले में एक हजार से अधिक स्थानों पर होलिका दहन हुआ। गांव-गांव में परंपरागत रूप से लकड़ियां एकत्र कर शुभ मुहूर्त में अग्नि प्रज्ज्वलित की गई। लोगों ने बुराई के अंत और अच्छाई की विजय का संदेश दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह पर्व सामाजिक सौहार्द और भाईचारे के प्रतीक के रूप में मनाया गया। होलिका दहन से पहले शहर के प्रमुख बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिली। रंग-गुलाल, पिचकारियां, मावा-मिठाइयों और अन्य सामग्री की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ उमड़ी। शाम तक मुख्य बाजार क्षेत्र में जाम जैसे हालात बन गए। मिठाई दुकानों पर गुजिया, मावा और नमकीन की बिक्री में तेजी रही। 

मुख्य सचिव और खाद्य मंत्रालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव को जबलपुर हाईकोर्ट ने किया तलब, मामला समझें

जबलपुर  हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने सोमवार को राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में चार और जिला उपभोक्ता आयोगों में 35 रिक्त सदस्यों के पदों को भरने से संबंधित अपील पर सुनवाई की। अगली सुनवाई 24 मार्च को होगी, कोर्ट ने इस दौरान मुख्य सचिव और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। दरअसल, एकलपीठ के आदेश के विरुद्ध राज्य सरकार ने अपील दायर की है। राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के पांच सदस्यों के पदों में से चार पद और जिला आयोगों के 102 सदस्यों के पदों में से 35 पद रिक्त हैं। उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने नियुक्ति में देरी को लेकर बताया कि केंद्र सरकार को आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की योग्यता अधिसूचित करनी है। प्रतिवादी की ओर से बताया गया कि 51 जिला मंचों में से केवल 19 ही कार्यरत हैं। राज्य सरकार ने 16 जनवरी के एकल पीठ के आदेश के विरुद्ध अपील दायर की, जिसमें निर्देश दिया गया था कि सदस्यों और अध्यक्षों को सेवानिवृत्ति या कार्यकाल पूरा होने के बाद भी नए नियम अधिसूचित होने और तदनुसार नियुक्तियां होने तक अपने पदों पर बने रहने की अनुमति दी जाएगी।

बगलामुखी मंदिर में चप्पल चोरी, नायब तहसीलदार पर आरोप; एसपी और थाना प्रभारी को शिकायत भेजी

आगर मालवा  जिले के नलखेड़ा से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। विश्व प्रसिद्ध बगलामुखी माता मंदिर में दर्शन करने पहुंचे एक शासकीय अधिकारी की चप्पल चोरी हो गई। खास बात यह है कि पूरे घटनाक्रम का खुलासा मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों से हुआ है। मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी को लिखित शिकायत भी की गई है। जानकारी के मुताबिक, सोमवार 2 मार्च को दोपहर में नायब तहसीलदार अरुण चंद्रवंशी दर्शन के लिए नलखेड़ा स्थित माँ बगलामुखी मंदिर पहुंचे थे। उन्होंने अपनी चप्पल रसीद काउंटर के पास निर्धारित स्थान पर उतारी थी। करीब दस मिनट बाद जब वे वापस लौटे तो उनकी चप्पल वहां नहीं मिली। इसके बाद मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में एक व्यक्ति चप्पल ले जाते हुए दिखाई दिया। मंदिर प्रबंधन की मदद से संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की गई और उससे पूछताछ भी की गई, जिसमें उसने चप्पल ले जाने की बात स्वीकार कर ली। घटना के बाद मंदिर परिसर में कुछ देर के लिए भीड़ भी एकत्रित हो गई, जिससे अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि मंदिर में पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था प्रभावित होती है। नायब तहसीलदार ने पुलिस से भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। नायब तहसीलदार ने बताया कि मंदिर जैसे आस्था के केंद्र में इस तरह की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और मंदिर प्रबंधन सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाता है।  

उड़ा अबीर-गुलाल महाकाल की नगरी में, पंडे-पुजारियों ने शिव-पार्वती के संग मनाया उत्सव

उज्जैन  धार्मिक नगरी उज्जैन में विराजमान बाबा महाकाल के दरबार में हर त्योहार विशेष श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है. होलिका दहन से पहले ही शहर रंगों और भक्ति के रंग में सराबोर हो गया. महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के सान्निध्य में शयन आरती परिवार पिछले 26 वर्ष से अनोखी होली की परंपरा निभा रहा है, जिसे देखने और इसमें शामिल होने के लिए दूर-दराज़ से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। भगवान महाकाल की नगरी में इस बार होली का पर्व बेहद खास अंदाज में मनाया गया. शिप्रा नदी के किनारे नृसिंह घाट स्थित कुमार धर्मशाला में भक्त भक्ति में लीन होकर झूमते-गाते नजर आए. पूर्णिमा तिथि पर महाकालेश्वर मंदिर, माता हरसिद्धि मंदिर और महाकाल वन में विशेष होली उत्सव का आयोजन किया गया। शिव-पार्वती की प्रतीकात्मक उपस्थिति इस भव्य आयोजन का दृश्य उस समय और भी खास हो गया, जब शिव और माता पार्वती प्रतीकात्मक रूप में मंच पर प्रकट हुईं. ऐसा लग रहा था मानो स्वयं भोलेनाथ अपनी अर्धांगिनी के साथ भक्तों के बीच पधार गए हों. जैसे ही शिव-पार्वती ने नृत्य आरंभ किया, वातावरण भक्ति और उल्लास से भर गया. ढोल-नगाड़ों की गूंज और भजनों की मधुर धुन पर भक्त अपने भावों को रोक नहीं सके. हर चेहरा खिल उठा। गर्भगृह और नंदी हॉल रंगों से सराबोर सोमवार को संध्या आरती के दौरान मंदिर का गर्भगृह और नंदी हॉल रंगों से सराबोर नजर आया। पंडे-पुजारियों ने बाबा महाकाल को गुलाल अर्पित कर उनके साथ होली खेली। जैसे ही पुजारी ने बाबा पर केसरिया और हर्बल गुलाल छिड़का, पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल के उद्घोष से गूंज उठा। यहां मौजूद हर कोई शिव भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। संध्या आरती के बाद मंदिर परिसर में स्थित ओंकारेश्वर मंदिर के सामने होलिका दहन किया गया। महाकाल करते हैं सभी त्योहारों की शुरुआत पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, बाबा महाकाल ही समस्त त्योहारों की शुरुआत करते हैं, इसलिए यहां सबसे पहले होलिका प्रज्वलित की जाती है। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बने। सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार भक्तों की भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंध समिति ने विशेष इंतजाम किए थे। गर्भगृह में केवल प्राकृतिक और हर्बल गुलाल के उपयोग की ही अनुमति दी गई, ताकि मंदिर की मर्यादा और गर्भगृह की सुरक्षा बनी रहे। शिवगणों के साथ भक्तों की टोलियां भगवान महाकाल के साथ होली खेलने के लिए शिवगण, भूत-पिशाच और नंदी विशेष वेशभूषा में नजर आए. पूरा दृश्य ऐसा प्रतीत हो रहा था, जैसे साक्षात शिव की सेना धरती पर उतर आई हो, ढोल-नगाड़ों और भजनों की गूंज के बीच भक्तों की टोलियां नाचते-गाते जुलूस के रूप में आयोजन स्थल तक पहुंचीं. हर ओर रंग, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम दिखाई दिया, जिसने पूरे माहौल को शिवमय कर दिया। ग्रहण के चलते केवल शकर का भोग अर्पित धुलेंडी पर्व पर चंद्र ग्रहण होने के कारण महाकाल मंदिर में भस्मारती से लेकर शाम को ग्रहण समाप्त होने तक पट बंद नहीं किए जाएंगे। इस दौरान श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। हालांकि, सुबह भगवान को नियमित भोग नहीं लगाया जाएगा। ग्रहण समाप्ति के बाद मंदिर का शुद्धिकरण किया जाएगा। इसके बाद ही भगवान को भोग अर्पित किया जाएगा। शासकीय पुजारी पं. घनश्याम शर्मा ने बताया कि शाम 6:32 से 6:46 बजे तक रहने वाले 14 मिनट के इस ग्रहण का वेध काल सूर्योदय से ही प्रारंभ हो जाएगा। वेध काल के कारण सुबह की दद्योदक और भोग आरती में भगवान को केवल शकर का भोग अर्पित किया जाएगा। ऐसे होगा महाकाल का पूजन     3 मार्च को शाम 6:32 से 6:46 बजे तक चंद्र ग्रहण रहेगा। उसका वेध काल सुबह सूर्योदय से शुरू हो जाएगा।     वेध काल के चलते सुबह की दद्योदक एवं भोग आरती में केवल शकर का भोग अर्पित किया जाएगा।     ग्रहण समाप्ति के बाद मंदिर में शुद्धिकरण, भगवान का स्नान एवं पूजन किया जाएगा। इसके बाद भोग अर्पित कर संध्या आरती होगी। कल से ठंडे जल से होगा स्नान महाकाल मंदिर में साल में दो बार भगवान की दिनचर्या में परिवर्तन होता है। कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से ठंड के अनुसार आरती का समय तय होता है, जबकि चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से गर्मी के अनुसार समय तय किया जाता है। इस साल 4 मार्च से चैत्र कृष्ण प्रतिपदा शुरू हो रही है, जिससे भगवान महाकाल की दिनचर्या में भी परिवर्तन होगा। इस दिन से गर्मी की शुरुआत मानी जाती है। भगवान महाकाल को ठंडे जल से स्नान कराया जाएगा। यह क्रम शरद पूर्णिमा तक चलेगा। इस अवधि में प्रतिदिन होने वाली 5 आरतियों में से 3 के समय में परिवर्तन किया जाएगा। इसलिए ग्रहण का असर नहीं महाकाल मंदिर पर ग्रहण का प्रभाव क्यों नहीं होता, इस पर मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने बताया कि भगवान महाकाल कालों के काल कहलाते हैं। दक्षिण दिशा काल की मानी जाती है और महाकाल का मुख दक्षिण की ओर है, इसलिए वे काल पर नियंत्रण रखते हैं। इस कारण कोई भी ग्रह, नक्षत्र या ग्रहण महाकाल को प्रभावित नहीं कर सकता। ग्रहण के दिन मंदिर की व्यवस्थाएं सामान्य दिनों की तरह रहेंगी, लेकिन ग्रहण के चलते न पुजारी और न ही श्रद्धालु भगवान को स्पर्श करेंगे। इस दौरान गर्भगृह में पुजारी मंत्रोच्चार करेंगे। ग्रहण समाप्त होने के बाद पुजारी स्नान कर मंदिर का शुद्धिकरण करेंगे, फिर भगवान का जलाभिषेक किया जाएगा। शाम को भोग अर्पित किया जाएगा। भजन-कीर्तन और अबीर-गुलाल इस दौरान महिला भक्तों ने शिव-पार्वती के साथ बैठकर भजन गाए और एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाया. यह आयोजन महाकाल मंदिर शयन आरती भक्ति मंडल द्वारा आयोजित किया जाता है, जिसमें मंदिर के पुजारी, भक्त और आम श्रद्धालु शामिल होते हैं. आयोजन के दौरान कुछ भक्त चौसर खेलते नजर आए, तो वहीं दूसरी ओर भांग भी तैयार की जा रही थी. यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और हर साल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet