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वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बड़े पैमाने पर अभियान, समितियों को प्रशिक्षण

वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन का अभियान 26 हज़ार गाँवो में वन अधिकार समितियों का प्रशिक्षण भोपाल  वन अधिकार अधिनियम 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश में विभिन्न स्तरों पर प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण-सत्रों की शुरुआत की गई है। प्रथम चरण में 21 जिला मुख्यालयों पर उपखण्ड स्तरीय वन अधिकार समिति के शासकीय एवं अशासकीय सदस्यों सहित जिला स्तर पर नामांकित मास्टर ट्रेनर्स के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेश में सामुदायिक वन संसाधन के अधिकार के लिए 26 हजार से अधिक ग्रामों को चिंहित किया गया है। इन अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पिछले वर्ष से अभियान शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में इसका संचालन किया जा रहा है। उपखंड स्तरीय समितियों को वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के साथ विशेष रूप से सामुदायिक वन संसाधन के अधिकारों के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जनजातीय कार्य विभाग ने विशेष पहल करते हुए, टास्क फोर्स के विशेषज्ञों की मदद से राज्य स्तर पर 35 ‘’राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स’’ की टीम तैयार की है। यह टीम अनुसूचित क्षेत्र के 20 जिलों की उपखंड स्तरीय समितियों के 828 सदस्यों का प्रशिक्षण पूरा करेगी। साथ ही जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का भी प्रशिक्षण हो रहा है। ये मास्टर ट्रेनर ग्राम स्तर की वन अधिकार समितियों को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्थान अभियान’ के अंतर्गत किए जा रहे हैं। जनजातीय कार्य विभाग की ओर से इन समितियों के शासकीय सदस्यों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), अनुविभागीय अधिकारी (वन) और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं समिति में नामांकित जनपद पंचायत सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। इन समितियों को सामुदायिक वन संसाधन दावों के तैयार कराने, इनका निराकरण तथा मान्यता प्रदान कराये जाने की प्रक्रिया पर प्रशिक्षण दिया गया। वन अधिकार अधिनियम 2006 में वन निवासियों के मान्य किए वन अधिकारों में सामुदायिक वन संसाधन अधिकारों का विशेष स्थान है। ये ग्राम सभाओं को अपने जंगलों के संरक्षण, प्रबंधन का अधिकार प्रदान करता है और अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासियों को वन प्रबंधन में प्रमुख स्थान देता हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शोधार्थी समागम (नेशनल रिसर्चर्स मीट) में की सहभागिता

शोध ऐसा हो, जो बदल दें सबकी सोच: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारतीय संस्कृति में एकल शोध नहीं, समग्र कल्याण आधारित है शोध की परंपरा दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के रिसर्च फेलोशिप के पोस्टर और वेबसाइट का हुआ विमोचन संस्थान द्वारा प्रकाशित 7 पुस्तकों का किया गया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शोधार्थी समागम (नेशनल रिसर्चर्स मीट) में की सहभागिता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शोध अकादमिक गतिविधि मात्र नहीं, यह समाज और राष्ट्र की दिशा बदलने वाली शक्ति है। कोई भी शोध इतना उच्च कोटि का होना चाहिए जो हम सबकी सोच को एक नई दृष्टि, नई दिशा भी दे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी शोधार्थियों से आह्वान किया कि वे देश के विकास के लिए अपनी जिज्ञासा और रुचि के अनुसंधान क्षेत्रों में निर्भीक होकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि जैसे आवश्यकता आविष्कार की जननी है, वैसे ही शोध विज्ञान और सभी वैज्ञानिक पद्धतियों का जनक है। मानवीय प्रज्ञा में जब वैज्ञानिक ज्ञान का समावेश हो जाता है, तब वह ‘प्रज्ञान’ का रूप ले लेती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् के विज्ञान भवन में  दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय शोधार्थी समागम (नेशनल रिसर्चर्स मीट) 2026 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विज्ञान के विकास में ही देश का समग्र विकास निहित है। मध्यप्रदेश को शोध और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शोध समाज के विकास का आधार है और इसे आधुनिक, परिष्कृत तथा परिमार्जित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोधार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे परंपरागत धारणाओं तक सीमित न रहें, बल्कि नवीन विचारों और वैज्ञानिक दृष्टि के साथ ऐसे शोध प्रस्तुत करें, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शोध सिर्फ़ एक शैक्षणिक आवश्यकता नहीं, सामाजिक परिवर्तन और विकास का सशक्त माध्यम भी है। दुनिया के ज्ञान पर पश्चिम का प्रभाव पड़ा है। भारतीय संस्कृति भी इससे प्रभावित हुई। हमारी संस्कृति में एकल शोध की परंपरा कभी नहीं रही। शोध समाज आधारित होना चाहिए, जिसमें राष्ट्र के कल्याण की बात कही जाए। दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान राष्ट्रीय शोधार्थी समागम के माध्यम से देश के शोधार्थियों को नई दिशा प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “Mahakal: The master of time” वेबसाइट का शुभारंभ, महाकाल ब्रोशर सहित मैपकास्ट द्वारा आयोजित होने वाले “41वें मध्यप्रदेश युवा वैज्ञानिक सम्मेलन एवं विज्ञान उत्सव” के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान द्वारा अनुसंधान परक लेखन पर आधारित सात पुस्तकों का भी विमोचन भी किया। राष्ट्रीय शोधार्थी समागम में देशभर से आए शोधार्थियों, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों की सहभागिता रही। आगामी 14 फरवरी तक चलने वाले इस समागम में शोध, विज्ञान और नवाचार के विविध आयामों पर विमर्श होगा। पूज्य आचार्य  मिथलेशनन्दिनीशरण महाराज ने कहा कि मध्यप्रदेश ने महाकाल की प्रतिष्ठा से विश्व को अवगत कराया है। हम दुनिया को सर्वस्व दे रहे हैं, क्योंकि हमारे पास महाकाल हैं। शोधार्थी एक प्रकार से बोधार्थी भी हैं, जो शोध हमें बोध तक न ले जाए, वो व्यर्थ है। मनुष्य का ज्ञान चिंतन आधारित है, न कि डाटा आधारित। डाटा का विश्लेषण करना तो मशीनों का काम है। हम पश्चिमी देशों से क्यों डरते हैं। पश्चिम की केवल आलोचना करने से कुछ नहीं होने वाला। हमें समग्र रूप से सभी दिशाओं में सोचते हुए शोध करना है। हमारे शोध को भारतीय संस्कृति और चरित्र मूलक होना चाहिए, प्रतिक्रिया पराणय न हो। कोई भी नया विचार नवाचार नहीं होता है। परंपराओं को अंगीकार करते हुए नया काम करना ही नवाचार है। वरिष्ठ लेखक एवं चिंतक  सुरेश सोनी ने बीज वक्तव्य में कहा कि भारत के भौगोलिक स्वरूप में वेद आधारित सांस्कृतिक परिदृश्य नजर आता है। भारत के पुनरोत्थान के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था कि इसमें विदेशी मूल्यों का प्रकटीकरण नहीं होना चाहिए। भारत में पिछले 150 से 200 सालों में यूरोप आधारित अकादमिक शिक्षा व्यवस्थाएं लागू की गईं। अब हमारे शोधार्थी कला, संस्कृति, न्याय, अर्थव्यवस्था जैसे अन्य विषयों पर भारतीय शिक्षा पद्धति आधारित शोध पर कार्य करें। इसमें भारतीय समग्रता को भी ध्यान में रखा जाए। अभी हमारी चिकित्सा पद्धति भौतिक है। आयुर्वेद शास्त्र में महर्षि चरक कहते हैं कि किसी पदार्थ के 5 स्तर- स्थूल, स्वरूप, सूक्ष्म, अवयव और अर्थत्व होते हैं। भारतीय दृष्टि के आधार पर हमें अध्ययन करना है और पूर्व की व्यवस्थाओं को वर्तमान मे कैसे नवाचारों के साथ उसे उपयोग करें। शोध करते समय इसी पर ध्यान देना है। भारतीय समाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष और भगवान बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. मधुकर एस पड़वी ने कहा कि भारत के पुनरोत्थान के लिए हमारी सभ्यता और ज्ञान की पुन: प्रतिष्ठा करने की आवश्यकता है। हम अपने शोध कार्यों में किसी दूसरे देश की दृष्टि का अनुसरण न करें और स्वदेशी दृष्टि को अपनाएंगे। अनुसंधान व्यक्तिगत न होकर सहयोगात्मक होना चाहिए। उच्च शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इंदर सिंह परमार ने कहा कि दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान ने इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय शोधार्थी समागम में देशभर के शोधार्थी शामिल हुए हैं। यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भारत केंद्रित परंपरा, संस्कृति और विरासत के शोध को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत @2047 का संकल्प लिया गया है। भारत केंद्रित शोध और शिक्षा के माध्यम से हम पुन: विश्व गुरू बनेंगे। स्वागत उद्बोधन राष्ट्रीय शोधार्थी समागम की संयोजिका डॉ. अल्पना त्रिवेदी ने दिया। विषय प्रवर्तन डा. मुकेश कुमार मिश्रा ने दिया। दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के अध्यक्ष  अशोक पाण्डेय ने समागम की विषय वस्तु पर प्रकाश डाला। शुभारंभ-सत्र के समापन पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विज्ञान भवन परिसर में पौध-रोपण भी किया। उद्घाटन सत्र में मैपकास्ट के अध्यक्ष डॉ. अनिल कोठारी, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु  विजय मनोहर तिवारी सहित शिक्षक एवं शोधार्थी-विद्यार्थी उपस्थित थे।  

ग्वालियर HC का सख्त रुख: NDPS केस में सैंपल बैग गायब, पांच अफसरों को लाइन अटैच किया गया

ग्वालियर ग्वालियर हाईकोर्ट की युगल पीठ ने बुधवार को शिवपुरी के एनडीपीएस मामले में पुलिस जांच की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के आदेश के बाद शिवपुरी एसपी अमन सिंह राठौड़ ने जिले के देहात थाना प्रभारी, एक निरीक्षक सहित तीन उप निरीक्षक को लाइन अटैच कर दिया है। डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि पुलिस की जांच सच्चाई सामने लाने के बजाय उसे छिपाने वाली प्रतीत होती है। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पुलिस अक्सर केवल ड्राइवर या कैरियर को पकड़कर जांच बंद कर देती है, जबकि असली सरगना तक पहुंचने की कोशिश नहीं की जाती। 1209 किलो पोस्त भूसी तस्करी का मामला मामला 1209 किलोग्राम पोस्त भूसी की तस्करी से जुड़ा है, जो इंदौर से चंडीगढ़ भेजी जा रही थी। कोर्ट ने पाया कि न तो माल भेजने वालों की जांच हुई और न ही प्राप्त करने वालों की। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि थाने से 62 सैंपल बैग गायब हो गए थे। न्यायालय ने यह भी पाया कि जब्त मादक पदार्थ ट्रायल कोर्ट में प्रस्तुत ही नहीं किया गया। पुलिस ने 17 जनवरी 2025 को सामग्री के निस्तारण की बात कही, जबकि सैंपल बैग गायब पाए गए। कोर्ट ने इसे लापरवाही और संदिग्ध जांच का स्पष्ट संकेत माना। विभागीय जांच के निर्देश हाईकोर्ट ने शिवपुरी एसपी को निर्देश दिए हैं कि उस समय पदस्थ थाना प्रभारी और जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाए और जांच पूरी होने तक उन्हें थाने का प्रभार न दिया जाए। कोर्ट ने तीन माह में शपथपत्र के साथ रिपोर्ट पेश करने को कहा है। साथ ही प्रमुख सचिव (गृह), डीजीपी भोपाल और एडीजी नारकोटिक्स इंदौर को निर्देश दिए गए हैं कि सभी जिलों में एनडीपीएस मामलों में अपराध के मुख्य सरगना (Apex Perpetrators) की जांच सुनिश्चित करने के लिए सख्त परिपत्र जारी किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च 2026 को होगी। दोषसिद्धि और सजा विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस एक्ट शिवपुरी ने 26 सितंबर 2025 को आरोपी जगशीर को धारा 8/15(सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए 15 वर्ष के कठोर कारावास और 1 लाख रुपए जुर्माना लगाया था। आरोपी की सजा स्थगन की अर्जी बाद में वापस ले ली गई। इन अधिकारियों पर कार्रवाई एसपी अमन सिंह राठौड़ ने देहात थाना प्रभारी जितेंद्र मावई, उप निरीक्षक राघवेंद्र यादव (गोवर्धन) और हरिशंकर शर्मा (जेएसआई कोतवाली) को लाइन अटैच किया है। इसके अलावा बालाघाट में पदस्थ उनि अंकित उपाध्याय और राजगढ़ में पदस्थ निरीक्षक मनीष शर्मा को भी लाइन अटैच किया गया है। दो अधिकारी एसएस जादौन और चंद्रभान सिंह भदौरिया सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सभी के खिलाफ अब विभागीय जांच चलेगी।

राज्यमंत्री कृष्णा गौर और केंद्रीय राज्यमंत्री कुरियन के बीच शिष्टाचार भेंट

केंद्रीय राज्यमंत्री कुरियन से राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने की भेंट “डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर” की स्थापना का सौंपा प्रस्ताव प्रदेश के पहले स्पेस सेंटर से युवाओं को मिलेगी अंतरिक्ष विज्ञान की ट्रेनिंग भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन से मुलाकात की। उन्होंने केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री कुरियन को प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत भोपाल में “डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर” की स्थापना का प्रस्ताव भी सौंपा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित पीएमजेवीके योजना अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में शिक्षा, कौशल विकास और आधारभूत संरचना को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं में विज्ञान, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से यह सेंटर स्थापित करने को लेकर प्रतिबद्ध है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि प्रस्तावित केंद्र के माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान, खगोल विज्ञान, उपग्रह तकनीक और आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान से परिचित कराया जाएगा। यह केंद्र युवाओं को भविष्य में अंतरिक्ष एवं तकनीकी क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा और विज्ञान शिक्षा को नई दिशा देगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने केंद्र सरकार से इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए आवश्यक तकनीकी सहयोग एवं वित्तीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया, ताकि योजना का शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में विज्ञान आधारित सशक्त युवा शक्ति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।  

CM डॉ. यादव का फैसला: MP में अनिवार्य होगा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का ससम्मान गायन

राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के ससम्मान गायन को मध्यप्रदेश में लागू करेगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वंदे मातरम् के छह छंदों का गायन लागू करना प्रधानमंत्री  मोदी की अभूतपूर्व पहल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगान जन- गण-मन से पहले सभी कार्यालयों और स्कूलों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के छह छंदों के गायन का निर्णय लिया है। यह अत्यंत सराहनीय एवं अभूतपूर्व पहल है। इसके जरिए पूरा देश अमर शहीदों के बलिदान को स्मरण करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में हमारे वीर सेनानियों ने वंदे मातरम् गाते हुए स्वयं को देश के लिए बलिदान कर दिया। मध्यप्रदेश सरकार, केंद्र सरकार के इस निर्णय के साथ खड़ी है और वंदे मातरम् गायन के निर्णय को त्वरित रूप से प्रदेश में लागू कर रही है। 

अदालत तक पहुंचा विवाद: जज को धमकाने वाला बीजेपी नेता अब जेल में

 देवास देवास में बीजेपी नेता पंकज घारू द्वारा न्यायाधीश के साथ अभद्रता करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. नाहर दरवाजा थाना पुलिस ने जज का रास्ता रोकने और धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर मुख्य आरोपी पंकज घारू और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं एक अन्य आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है. पुलिस के अनुसार घटना देवास के जय श्री नगर इलाके में हुई. चतुर्थ जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रसन्न सिंह बहरावत अपनी कार से कोर्ट जा रहे थे. इसी दौरान धन लक्ष्मी मैरिज गार्डन के पास आरोपियों ने अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी सड़क पर खड़ी कर रखी थी. जय श्री नगर में जज का रास्ता रोकने को लेकर हुआ विवाद जब न्यायाधीश ने वाहन हटाने को कहा तो आरोपियों ने अभद्रता की और धमकियां दीं. इस घटना के बाद जज साहब ने नाहर दरवाजा थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. साथ ही एसपी और डीजीपी को भी मोबाइल पर घटना की जानकारी दी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने पंकज घारू सहित दो अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. मामले के तूल पकड़ने के बाद बुधवार दोपहर जिला प्रशासन ने भी सख्त कदम उठाया. अभद्रता और धमकी देने पर भाजपा नेता पंकज घारू पर FIR दर्ज प्रशासनिक टीम ने आरोपी पंकज घारू के भोपाल रोड और बिलावली बामनखेड़ा क्षेत्र में शासकीय भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया. तहसीलदार सपना शर्मा ने बताया कि संबंधित शख्स ने कांकड़ की सरकारी जमीन पर पोल्ट्री फार्म सहित अन्य निर्माण कर रखे थे. मामला बढ़ने के बाद प्रशासन ने अवैध कब्जे पर चलाया बुलडोजर कई बार नोटिस देने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, इसलिए कार्रवाई की गई. पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और अवैध निर्माणों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी. वहीं जिला अभिभाषक संघ ने पत्र जारी कर कहा है कि संघ का कोई भी सदस्य आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा.

भोपाल समेत पूरे प्रदेश में तपिश तेज, अगले दिनों मौसम में बदलाव की संभावना

भोपाल  फरवरी का महीना मध्य प्रदेश में इस बार अपने अलग ही रंग दिखा रहा है। जैसे-जैसे महीना आगे बढ़ रहा है, मौसम अलग ही मिजाज दिखा रहा है। दिन के समय तेज धूप और गर्मी का एहसास होने लगा है, जबकि देर रात और सुबह ठंड का असर बरकरार है। राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और अन्य बड़े शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है। कई जिलों में 32 डिग्री के पार तापमान मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के कई शहरों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है. खरगोन 32.8 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया. वहीं मंडला और खंडवा में भी तापमान 32 डिग्री के आसपास पहुंच गया है. भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में अधिकतम तापमान 29 से 30 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया गया. रात में भी बढ़ी गर्माहट दिन ही नहीं, रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है. पहले जहां रात में ठंड का अहसास होता था, अब हल्की गर्माहट बनी हुई है. इससे साफ है कि मौसम अब पूरी तरह बदलने की ओर है. दिन में गर्मी… रात में ठंड मध्यप्रदेश में फरवरी के इस दूसरे हफ्ते में मौसम का दोहरा मिजाज साफ देखने को मिल रहा है। दिन के समय तेज धूप और बढ़ते तापमान से गर्मी का एहसास बढ़ गया है। वहीं रात और सुबह का मौसम ठंडा बना हुआ है। राजधानी भोपाल और इंदौर में दिन का अधिकतम तापमान लगभग 30.2°C और 30.3°C दर्ज किया गया, जबकि रात का न्यूनतम तापमान 13.4°C और 15.9°C के आसपास रहा। ग्वालियर में दिन का अधिकतम तापमान 29.4°C और न्यूनतम 13.6°C दर्ज हुआ। उज्जैन में अधिकतम तापमान 31°C और न्यूनतम 15.5°C रहा। इससे पता चलता है कि, दिन और रात के बीच तापमान का फर्क अब भी काफी है, जिससे मौसम का दोहरा स्वरूप बना हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ सिस्टम का असर मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय दो पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) और ट्रफ सिस्टम के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाए रह सकते हैं। फिलहाल बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन आने वाले दिनों में बादल बनाए रह सकते हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में सिस्टम के असर से कई शहरों में बादल बने हुए हैं। अगले 3-4 दिन तक ठंड का दौर जारी रहेगा। खासकर देर रात और सुबह ठंड अधिक महसूस होगी। दिन और रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी का ट्रेंड देखा जा सकता है, लेकिन सर्दी बहुत तेज नहीं होगी। क्यों बढ़ रहा तापमान? मौसम केंद्र का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं. किसी प्रभावी मौसम प्रणाली के सक्रिय न होने के कारण धूप तेज हो गई है. इसी वजह से तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है. हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आने वाले दिनों में हल्का उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है. आगे क्या रहेगा हाल? मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में गर्मी का असर और तेज हो सकता है. अगर यही स्थिति बनी रही तो मार्च की शुरुआत से पहले ही प्रदेश में तेज गर्मी दस्तक दे सकती है.

संजय कुमार ने किया अचानक थाने का दौरा, टीटी नगर में पुलिस कार्यों की समीक्षा

भोपाल  पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने बीती रात टीटी नगर थाने का औचक निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने थाने में दर्ज और लंबित अपराधों की जानकारी ली, साथ ही आगतुंकों के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। आयुक्त ने मालखाना, बंदीगृह आदि का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने इलाके में पैदल भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान बाणगंगा चौकी के पास एकत्रित हुए जन समुदाय जिसमें बालक एवं बालिकाएं तथा महिलाओं को जन जागरूकता के संबंध में बताया। इसके साथ ही पुलिस आयुक्त ने लोगों को हेलमेट लगाये जाने की सलाह एवं शपथ दिलायी। उन्होंने सायबर फ्रॉड, डिजीटल अरेस्टिंग से होने वाले फ्रॉड से सावधान रहने की बात कही। ड्रग्स एवं मादक पदार्थ से दूर रहने की सलाह युवाओं को दी।पुलिस आयुक्त ने थाने के अन्तर्गत चलने वाले डिजीटल मालखाने और ट्रैफिक बाधित यातायात स्थान रंगमहल चौराहा व माता मंदिर चौराहे का निरीक्षण किया। उन्होंने इलाके में सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। इस मौके पर पुलिस उपायुक्त अखिल पटेल, एडीसीपी रश्मि दुबे अग्रवाल, एसीपी टीटी नगर अंकिता खातरकर, थाना प्रभारी कार्यवाहक निरीक्षक गौरव दोहरे समेत स्टाफ रहा मौजूद।

विभिन्न की मांगों को लेकर अजाक्स संघ आमला ने सौफा ज्ञापन ।

Ajax Sangh Amla submitted a memorandum regarding various demands. हरिप्रसाद गोहे  आमला। बुधवार को अजाक्स संगठन आमला ने भारत सरकार राज्य सरकार द्वारा संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रो पर कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं तथा स्कूलों में खाना बनाने वाली रसोइया, आशा कार्यकर्ताओं, उषा कार्यकर्ताओं और ग्राम कोटवारों को आज दिनांक तक किसी भी सरकार ने नियमित शासकीय कर्मचारी नहीं बनाया है अतःइन कर्मचारियों को शासकीय कर्मचारी बनाने की मांग को लेकर महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौपा साथ ही माननीय मुख्यमंत्री महोदय के नाम सौपे ज्ञापन में मध्य प्रदेश शासन के मंशा अनुरूप प्रदेश के समस्त शिक्षकों कर्मचारियों को माह की प्रथम तिथि को नियमित रूप से वेतन भुगतान किए जायें जिससे वह आर्थिक तनाव से मुक्त होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सके, परंतु अत्यंत खेद के साथ निवेदन करना पड़ रहा है कि आमला विकासखंड सहित बैतूल जिले के कई प्राथमिक शिक्षकों सहायक शिक्षकों को आज दिनांक तक भी वेतन का भुगतान नहीं किया गया है, इस प्रकार की स्थिति माननीय मुख्यमंत्री महोदय की स्पष्ट मंशा एवं शासन के निर्देशों के पूर्णत: विपरीत है, वेतन में हो रही देरी से शिक्षकों को मानसिक, पारिवारिक एवं आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे शैक्षणिक कार्य भी प्रभावित हो रहा है, अतः माननीय मुख्यमंत्री महोदय से विनम्र अनुरोध किया गया है कि संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करे ताकि समस्त शिक्षको कर्मचारियों को प्रत्येक माह की प्रथम तिथि को नियमित वेतन दिलाना सुनिश्चित हो सके।  ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से अजाक्स तहसील अध्यक्ष राजाराम नागले ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमती रेखा धुर्वे जिला उपाध्यक्ष रामानंद बेले ब्लॉक प्रभारी अशोक धुर्वे, देवानंद धुर्वे, तहसील एवं ब्लाक कार्यकारिणी से शिवप्रसाद गुजरे, श्रीमती रिंदों उइके, दिनेश सोनारे, बालाराम मर्सकोले, दवतसिंह धुर्वे, रेखा नागले, हरिदास बडौदे, जमुनाप्रसाद वाडिवा, संदीप बिसन्द्रे, ज्योति बिसंन्द्रे, नत्थू उईके, अजाबराव कासदेकर, राजेश मानकर, श्यामसिंह धुर्वे, कैलाश सलाम, दिलीप कुमार दवंडे, मंजा भारती, कोटवार सातनकर, चंद्रपाल उइके,सुनीता उइके, राज बचले, दीपक पवार  सहित भारी संख्या में संगठन सदस्य उपस्थित रहे।

मुरैना से दिल दहला देने वाली खबर: बहू भागी, ससुर ने उठाया अंतिम कदम

मुरैना  मध्य प्रदेश के मुरैना में एक नई नवेली दुल्हन शादी के अलगे दिन अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई। आरोप है कि, ससुराल वालों ने उसे तलाशने के लिए जब पुलिस के सामने गुहार लगाई तो यहां भी कार्रवाई के बजाए उन्हें बेइज्जती ही मिली। पुलिस के रवैय्ये से आहत होकर और सामाजिक शर्मिंदगी के चलते ससुर ने आत्महत्या करने के लिए जहरीला पदार्थ खा लिया। दरअसल, एक शख्स की हाल ही में शादी हुई थी। समारोह में सबकुछ ठीक था। धूमधाम से विवाद हुआ और एक सामान्य ढंग से एक परिवार अपे बहु की विदा कराकर घर ले आया। लेकिन, अगली सुबह दूल्हा समेत पूरे परिवार के पैरों तले उस समय जमीन खिसक गई, जब उन्हें पता चला कि, जिस लड़की को बीती रात राजी खुशी विदा कराकर घर लाए हैं, वो अपने प्रेमी संग फरार हो गई। दूल्हें के घर वालों का आरोप दूल्हें के घर वालों ने आरोप लगाया कि, उन्होंने इसकी शिकायत थाने में की, लेकिन पुलिस ने उनकी पीड़ा को गंभीरता से नहीं लिया। लड़की को ढूंढने के बजाए पुलिस द्वारा उनकी ही बेइज्जती की गई। लम ये है कि, बहू की तलाश के लिए वे बीते दो माह से थाने के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी बहु का पुलिस को कहीं पता नहीं चला। थाना प्रभारी पर आरोप ससुराल वालों ने ये भी आरोप लगाया कि, कड़ी मशक्कत के बाद जब उन्हीं लोगों ने बहू को ढूंढा तो उसने उनके साथ जाने से इंकार कर दिया। पोरसा थाना प्रभारी पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि थाने में न्याय मांगने जाने पर उन्हें बेइज्जत किया जाता था। ससुर गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती पुलिस के रवैय्ये और सामाजिक शर्म के चलते दूल्हा के पिता ने जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की है। फिलहाल, उन्हें गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करा दिया गया है। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

MP कर्मचारी भत्ते अपडेट: नई दरें लागू करने का निर्णय, राहत और बदलाव दोनों

भोपाल मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को लेकर एक बडी खबर आई है। जो प्रदेश के लाखो कर्मचारियो के लिए अहम हो सकता है। दरअसल निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों के भत्तों पर बड़ा फैसला आया है। यह फैसला यात्रा भत्ता की नई दरों को लेकर है। दरअसल मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम MPLUN ने यात्रा भत्ता की नई दरें लागू करने का निर्णय लिया है। निगम यात्रा भत्तों की नई दरों को किया गया लागू निगम की संचालक मंडल बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया है। दरअसल लघु उद्योग निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए संचालक मंडल की बैठक बड़ा कुछ लेकर आई है। बैठक में यात्रा भत्तों के संबंध में बहुत अहम निर्णय लिया गया है । संचालक मंडल ने निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों के यात्रा भत्तों की नई दरें लागू करने का निर्णय लिया। इसमें खास बात यह है कि अब कर्मचारियों और अधिकारियों को मध्यप्रदेश शासन के समान ही यात्रा भत्ता देय होगा। आपको बता दें कि  लघु उद्योग निगम के संचालक मंडल की यह 294 वीं बैठक थी। बैठक में एमएसएमई प्रमुख सचिव और निगम प्रबंध संचालक दिलीप कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद थे।इस दौरान आडिट रिपोर्ट की समीक्षा भी गई। वहीं संचालक मंडल की बैठक में ये भी फैसला लिया है कि निगम आय बढ़ाने के लिए आगामी वित्त वर्ष में बड़ी मात्रा में कार्य आदेश जारी करेगा। लिहाजा निगम कर्मचारियों के लिए यात्रा भत्ता की नई दरें लागू होने का फैसला काफी बड़ा है। ‍मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम MPLUN के संचालक मंडल की बैठक राज्य के एमएसएमई मंत्री व निगम के अध्यक्ष चैतन्य कुमार काश्यप की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर जहां चर्चा हुई वहीं विचार विमर्श भी किया गया।

400 जवानों के साथ बड़ा अभियान, भोपाल पुलिस ने ईरानी डेरा से अपराधियों को निकाला

भोपाल   कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भोपाल पुलिस ने ईरानी डेरे पर बड़ा प्रहार किया है। मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात पुलिस की बड़ी टीम ने ईरानी डेरे पर प्रहार किया है। इस दौरान सैकड़ों पेंडिंग वारंट तामील करवाए गए हैं। साथ ही दर्जनों संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है। भोपाल पुलिस ने पूरे ऑपरेशन को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया है। ईरानी डेरा अमन कॉलोनी के पास है। अलग-अलग राज्यों के अपराधी छुपे यहां भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के अनुसार यहां अलग-अलग जिलों और राज्यों के अपराधी छिपे हुए थे। ये उन जगहों के वांटेड क्रिमिनल थे। पुलिस ने इस ऑपरेशन के लिए डीसीपी जोन-4 मयूर खंडेलवाल के नेतृत्व में एक टीम बनाई थी। इसके बाद बेहद गोपनीय तरीके से पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया है। 400 जवान हुए शामिल वहीं, स्पेशल टीम में 9 असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर, 16 इंस्पेक्टर और 400 पुलिस बल के जवान थे। निशातपुरा थाना क्षेत्र के अमन कॉलोनी की घेराबंदी की गई। इसे ही ईरानी डेरा भी कहा जाता है। घेराबंदी के बाद कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान कुछ स्थानीय लोग और महिलाओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया। लेकिन पुलिस टीम ने सख्ती बरती और उन्हें रोक दिया गया। साथ ही कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। यूपी का मोस्टवांटेड शहादत भी गिरफ्तार इस कार्रवाई के दौरान भोपाल पुलिस ने 31 आदमी और 8 औरतों को गिरफ्तार किया है। इसमें शहादत भी शामिल है जो यूपी पुलिस का वांटेड क्रिमिनिल है। साथ ही उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपए से ज्यादा का इनाम है। गिरफ्तार आरोपियों कई लोग भोपाल ही नहीं, दूसरे राज्यों में भी वॉन्टेड थे। इनके पास से पुलिस ने चोरी के 17 टू-व्हीलर, 644 ग्राम सोना, 240 ग्राम चांदी, 39 मोबाइल फोन, 1.34 लाख रुपए कैश और 1.7 केजी गांजा बरामद किया है। गौरतलब है कि भोपाल पुलिस ने वारंटियों को गिरफ्तार करने के लिए पूरे शहर में अभियान चलाया था। पुलिस ने 238 परमानेंट वारंट, 125 अरेस्ट वारंट और 121 बेलेबल वारंट तामील करवाए हैं। इसके अलावे 21 दूसरे आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें फरार, गाड़ी चोर और जिले के बाहर के क्रिमिनल शामिल हैं। साथ ही गंभीर क्राइम के पेंडिंग केस में आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है।

लेबर कानून विरोध प्रदर्शन: जबलपुर-इटारसी में मिली-जुली प्रतिक्रिया, सरकारी ऑफिस में हल्की हड़ताल

भोपाल  केंद्र सरकार की ‘ नो वर्क नो पे’ (No Work No Pay) सहित अन्य जनविरोधी और कॉर्पोरेट परस्त आर्थिक नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी गुरुवार को देशव्यापी आम हड़ताल का बिगुल फूंका गया है। ग्वालियर में भी इसका व्यापक असर देखने को मिलेगा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को छोड़कर सभी राष्ट्रीयकृत बैंक इस हड़ताल में शामिल होने जा रहे हैं। नए लेबर लॉ समेत कई मुद्दों के विरोध में केंद्रीय श्रमिक संगठन आज हड़ताल कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में इसका मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है।जबलपुर और इटारसी में डिफेंस फैक्टरियों के सामने कर्मचारियों ने प्रदर्शन ​​किया। इटारसी में एक घंटा विरोध करने के बाद कर्मचारी काम पर लौट गए। हालांकि, इन जगह स्कूल, कॉलेज और बाजार खुले हुए हैं। हड़ताल में ट्रेड यूनियन के संयुक्त मोर्चा- आईएनटीयूसी, एआईटीयूसी, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, सेवा, बैंक, बीमा, केंद्रीय कर्मचारी, बीएसएनएल के संगठन शामिल हैं।मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के को-ऑर्डिनेटर वीके शर्मा ने बताया, हड़ताल में सरकारी के साथ प्राइवेट बैंक भी शामिल होंगे। भारतीय स्टेट बैंक यूनियन ने हड़ताल का समर्थन किया है, लेकिन वह सीधे तौर पर हड़ताल में शामिल नहीं रहेगा। हड़ताल का असर बीमा सेक्टर पर भी पड़ेगा। भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल रहेंगे। वहीं, बीएसएनएल-डाक विभाग में भी हड़ताल का असर दिखाई देगा। बीओआइएसयूइयू के एजीएस सौरभ सिकरवार ने बताया कि ग्वालियर में राष्ट्रीयकृत 11 बैंकों की 70 शाखाओं के 900 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी इस हड़ताल में ‘नो वर्क-नो पे’ के आधार पर शामिल होंगे। हड़ताल के चलते कल सुबह 9 से 11 बजे तक फूलबाग स्थित बैंक ऑफ इंडिया के सामने जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान बैंक, बीमा, बीएसएनएल, डाक, आयकर और आंगनबाड़ी जैसे विभागों में भी काम पूरी तरह ठप रहेगा।  हड़ताल में ये भी शामिल ट्रेड यूनियनों का संयुक्त मोर्चा मध्य प्रदेश के प्रवक्ता वीके शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार की जन एवं श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ देशभर के दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों एवं सौ से अधिक स्वतंत्र ट्रेड यूनियंस के आह्वान पर देशभर के 25 अधिकारी- इस राष्ट्रव्यापी आम हड़‌ताल में भाग लेंगे। इस हड़ताल में बैंक, बीमा, केंद्र, बीएसएनएल, पोस्टल, आयकर, आंगनबाड़ी, आशाकर्मी, मध्यान्ह भोजन कर्मी, खेतिहर मजदूर, किसान संघ, पेंशनर्स, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव, हम्माल मजदूर सभा आदि से संबंधित यूनियंस के साथ-साथ इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआइयूटीयूसी, सेवा समेत दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों एवं अन्य संस्थानों में कार्यरत ट्रेड यूनियंस के सदस्य भाग ले रहे हैं। संगठनों की प्रमुख मांगें     चारों श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) और उनसे जुड़े नियमों को रद्द करने की मांग।     ड्राफ्ट सीड बिल को वापस लेने की मांग।     बिजली संशोधन विधेयक को निरस्त करने की मांग।     SHANTI Act (न्यूक्लियर एनर्जी से संबंधित कानून) को वापस लेने की मांग।     मनरेगा की बहाली की मांग।     विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 को रद्द करने की मांग।

समृद्ध वन-खुशहाल जनता की थीम पर उज्जैन में पहली बार महाकाल वन मेला लगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनजातीय समुदाय की समृद्धि का आधार बन रहे हैं वन मेले : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वन मेले हर दौर की जरूरत, वनौषधियों से असंभव बीमारी का भी इलाज संभव “समृद्ध वन-खुशहाल जन की थीम पर उज्जैन में पहली बार लगा ‘ महाकाल वन मेला’ महाकाल स्मृति उपहार किट और महाकाल वन प्रसादम् का किया शुभारंभ  वनौषधियों के जानकार वनरक्षक  जगदीश प्रसाद अहिरवार प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित मुख्यमंत्री ने वन मेले का किया शुभारंभ, 16 फरवरी तक चलेगा वन मेला उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वन हमारी वसुंधरा का वैभव हैं, धरती की धरोहर और धरा का अलंकरण हैं। वन हमारी राष्ट्रीय पूंजी हैं। इनका संरक्षण एवं संवर्धन करना हम सबकी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन मेले प्रदेश की समृद्ध जैविक और वानस्पतिक विविधताओं को प्रदर्शित करने का सशक्त माध्यम हैं। इनके जरिए हमारे जनजातीय भाई-बहनों को अपने वनोत्पाद और काष्ठ शिल्प विक्रय करने का सुनहरा मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि ‘ महाकाल वन मेले’ की आज से शुरूआत हो गई है। ये मेला शीघ्र ही अपनी एक विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। मेले में प्रदर्शित जड़ी-बूटियां तथा विभिन्न प्रकार के शुद्ध एवं सुरक्षित अकाष्ठीय लघु वनोत्पाद आयुर्वेदिक और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों से रोगोपचार में बेहद उपयोगी होते हैं। वनौषधियां हर रोग के इलाज में कारगर साबित हो रही हैं। इनसे असंभव रोग का इलाज भी संभव हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्रीय बजट-2026 में एम्स की तर्ज पर देश में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोलने की घोषणा की गई है। इनमें से एक अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान भगवान धनवंतरी की कर्मभूमि और सिंहस्थ भूमि उज्जैन में स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को धार्मिक नगरी उज्जैन में पहली बार आयोजित ‘ महाकाल वन मेला-2026’ का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस वन मेले में नागरिकों को प्राकृतिक रंग-गुलाल मिलेंगे। इसमें नाड़ी वैद्य और आयुर्वेदिक चिकित्सक भी अपनी सेवाएं देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन मेले में प्रदर्शित काष्ठ और बांस से निर्मित एथनिक क्रॉफ्ट आइटम्स न केवल पारम्परिक शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण हैं, बल्कि सबके घरों की शोभा भी बढ़ाते हैं। उन्होंने उज्जैन के नागरिकों से अपील की कि वे इस वन मेले का भरपूर लाभ उठाएं और प्रदेश की वन संपदा तथा जनजातीय उत्पादों का उपयोग कर सबको प्रोत्साहित भी करें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा ‘महाकाल वन मेले’ के जरिए स्थानीय वन उत्पादों और शिल्पकारों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। पर्यावरण जागरूकता, आयुर्वेदिक उत्पादों के प्रचार-प्रसार और आत्मनिर्भरता की दिशा में यह एक सार्थक कदम है। उज्जैन के दशहरा मैदान में यह वन मेला 16 फरवरी तक चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार तेजी से प्रदेश में मेडिकल और आयुर्वेदिक कॉलेजों की संख्या में वृद्धि कर रही है। पिछले साल हमने विभिन्न जिलों में 8 नए आयुर्वेदिक कॉलेज शुरू किए हैं। इस साल हम और भी तेजी से इस दिशा में आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विंध्य हर्बल के प्राकृतिक रंग-गुलाल, महाकाल स्मृति उपहार किट एवं ‘महाकाल वन प्रसादम्’ का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पन्ना जिले के वन औषधियों से उपचार पद्धति के विशेष जानकार वनरक्षक  जगदीश प्रसाद अहिरवार को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। प्रधानमंत्री  मोदी ने 25 जनवरी को ‘मन की बात’ में वनरक्षक  अहिरवार द्वारा वनौषधियों के देशज ज्ञान के संरक्षण की दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना की थी।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश के जनजातीय और वनांचल को समृद्धि देने के लिए भोपाल और उज्जैन जैसे वन मेले प्रदेश भर में लगाए जाने की आवश्यकता है। उज्जैन में महाशिवरात्रि और विक्रमोत्सव के अवसर पर आयोजित वन मेला प्रदेशवासियों के लिए अद्भुत है। वन विभाग ने प्राकृतिक रूप से महाकाल वन प्रसादम् तैयार किया है। इसमें काष्ठ से बने गमले में एक पौधा लगाया गया है। यह गमला महाकाल को भेंट स्वरूप दिया जाएगा। वापस मिलने पर इसे किसी भी जगह पर सीधे रोपित कर दिया जाएगा। काष्ठ गलकर खाद बन जाएगा और पौधा बिना गमला निकालते ही निर्बाध रूप से पल्लवित होता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के  महाकाल वन मेले में महुआ के लड्डू, अन्नों से बनी मिष्ठान्न सहित अनेक वनोपज उत्पाद भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन के वन मेले में आए वैद्य और चिकित्सक अनेक असाध्य रोगों के उपचार के लिए नागरिकों को नि:शुल्क सेवाएं देंगे। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री  दिलीप अहिरवार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में जनजातीय समुदायों की आय बढ़ाने के लिए वन विभाग लगातार काम कर रहा है। उज्जैन की धरती पर आयोजित यह वन मेला निश्चित रूप से भोपाल वन मेले की तरह सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। यहां विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक औषधियां एवं बांस से बने उत्पाद उपलब्ध हैं। नागरिक इसका भरपूर लाभ उठाएं। अपर मुख्य सचिव वन एवं सहकारिता  अशोक बर्णवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के शहर-शहर में वन मेला लगाने की शुरुआत की है। भोपाल के बाहर यह पहला वन मेला उज्जैन में लगाया गया है। वन मेलों के दो उद्देश्य होते हैं। इनसे जनजातीय समुदायों को तो आमदनी होती ही है, शहरी लोगों को प्राकृतिक उत्पाद खरीदने और नेचर के साथ चलने-संवरने का अवसर भी मिल जाता है। उन्होंने बताया कि म.प्र. लघु वनोपज संघ के जरिए प्रदेश के 30 लाख जनजातीय संग्राहकों को सीधा लाभ मिल रहा है। भोपाल में डेढ़ माह पहले हुए वन मेले में 3 करोड़ रुपए से अधिक की बिक्री हुई थी।  महाकाल वन मेला में प्रदेशभर के विभिन्न उत्पादों के 250 स्टॉल लगाए गए हैं। इसके अलावा यहां 150 से अधिक वैद्य एवं आयुर्वेदिक चिकित्सक लोगों को परामर्श प्रदान करेंगे। वन मेले के शुभारंभ अवसर पर विधायक  अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक  सतीश मालवीय, विधायक  जितेंद्र पंड्या, जिला पंचायत अध्यक्ष उज्जैन मती कमला कुंवर सहित डॉ. प्रभुराम जाटवा,  उमेश सेंगर,  राजेश पांचाल,  बहादुर सिंह,  ओम जैन, वन बल प्रमुख  वीएन अंबाड़े, प्रबंध संचालक, मप्र लघु वनोपज संघ डॉ. समिता राजौरा, सीएफ उज्जैन  आलोक पाठक, अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी सहित बड़ी संख्या में … Read more

उज्जैन मेट्रो शहर के रूप में स्थापित हो रहा है, सभी कार्य हो उसी अनुरुप : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गुणवत्ताके साथ समय पर हो सिंहस्थ के सभी विकास कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंहस्थ 2028 के लिए अनुभवी लोगों से चर्चा कर कार्ययोजना बनाने में लें मदद उज्जैन मेट्रो शहर के रूप में स्थापित हो रहा है, सभी कार्य हो उसी अनुरुप संवेदनशीलता के साथ जनता की कठिनाई को कम करने में बने सहभागी अधिकारी अपने कार्य संपूर्ण जिम्मेदारी के साथ युद्ध स्तर पर कराए पूर्ण अब मुख्यमंत्री निवास से भी होगी सिंहस्थ कार्यों की मॉनीटरिंग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में की सिंहस्थ-2028 के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा  उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को उज्जैन में सिंहस्थ 2028 अंतर्गत मंत्री मंडलीय समिति से अनुशंसित अधोसरंचना के प्रगतिरत विकास कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व का आयोजन विश्व के लिए अद्वितीय है। सिंहस्थ महापर्व के दौरान करोड़ों श्रद्धालु मोक्षदायिनी शिप्रा में आस्था की डुबकी लगाएंगे। इस महापर्व के आयोजन पर विश्व की निगाह रहेगी। सिंहस्थ-2028 मध्यप्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए कि प्रत्येक श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के पवित्र अनुष्ठानों में शामिल हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अलग-अलग विभागों के माध्यम से सिंहस्थ-2028 के लिए किए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी लेकर समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैनवासियों से सेवाभाव की तरह कार्य करने का आहवान किया है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराएं। मुख्यमंत्री ने की किसानों की फसल की चिंता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ 2028 के प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा के दौरान गेहूं की फसल की सिंचाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिप्रा नदी पर घाट निर्माण के दौरान किसानों को पानी की उपलब्धता बनी रहनी चाहिए। इसके लिए नर्मदा जल की आपूर्ति की जाए। वतर्मान में गेहूं की फसल को सिंचाई के लिए एक पानी की और जरुरत होगी। इसके लिए शिप्रा नदी में जल प्रवाह सुनिश्चित बनाए रखे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि सभी अधिकारी गंभीरता के साथ काम करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा,  संजय दुबे को निर्देश दिए है कि उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के काम में किसी भी तरह की रुकावट न आए। इसके लिए मुख्यमंत्री निवास पर भी सिंहस्थ सेल गठित कर मॉनीटरिंग सुनिश्चित की जाये और जिन विभागों में अधिकारियों की कमी है, वहाँ पदस्थापना तत्काल की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि अनुभवी अधिकारियों के लिए यदि सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारिेयों को रखना है तो उसके लिए भी नियमानुसार कार्यवाही कर तत्काल रुप से उन्हें रखा जाए। सिंहस्थ-2028 के लिए अब रिवर्स कैलेंडर बनाकर निर्माण कार्य तीव्र गति से पूर्ण करें। वर्तमान समय से लेकर सिंहस्थ-2028 तक दो वर्षाकाल का समय आने वाला है। इसलिए समय-सीमा में काम गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाना अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न निर्माण एजेसिंयों द्वारा किए जा रहे कार्यो की समीक्षा की, साथ ही निर्देश दिए कि जो निर्माण एजेंसियां काम कर रही है उनके संसाधनों की भी लगातार मॉनीटरिंग हो। वर्तमान समय माइक्रों मैनेजमेंट से नैनो मैनेजमेंट की ओर जाने का है। युद्ध स्तर की तैयारियां शुरु करना है। सभी अधिकारी 24 घंटे-07 दिन सक्रिय रहें। सिंहस्थ 2028 को बेहतर प्रबंधन के साथ करने के लिए उज्जैन जिले के सभी नागरिकों को जिम्मेदारी के भाव के साथ काम करने के लिए प्रेरित करें, उनको यह लगना चाहिए कि यह हमारा व्यक्तिगत काम है। इसके लिए सभी नागरिकों में जिम्मेदारी के साथ समर्पण का भाव भी पैदा करने के लिए समन्वय बनाकर कार्य करें।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के अंतर्गत प्रचलित निर्माण कार्यों की समय-समय पर मॉनीटरिंग हो। उन्होंने सिंहस्थ के संदर्भ में विभागों को समन्वयपूर्वक कार्य करने और आवश्यक सुविधाओं के विकास के लिए समय-सीमा में कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अधिकारियों को निर्देश         1. सिंहस्थ-2028 के लिए होम स्टे, धर्मशाला, स्कूल, कॉलेज आदि में व्यवस्थाओं केलिए आधारभूत संरचना तैयार करने के लिए कार्य योजना बनाई जाए।         2. उज्जैन शहर से जोड़ने वाले आसपास के गांव में होम स्टे की व्यवस्था के लिए लोगों को प्रशिक्षण भी दिया जाए। सिंहस्थ-2028 मेला क्षेत्र में आंतरिक और बाहरी व्यवस्थाओं की अलग-अलग रूपरेखा बनाएं। सिंहस्थ मेले की बाहर की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाने के लिए जरूरी है कि उसकी समस्त जगहों की  मैपिंग की जाए।         3. उज्जैन सिंहस्थ-2028 की तैयारी में बेहतर प्रबंधन के लिए उज्जैन में  महाशिवरात्रि, श्रावण, नागपंचमी एवं अन्य त्योहारों पर व्यवस्थाओं को प्रायोगिक रूप से बनाए और उसके अनुभवों का लाभ लेते हुए सिंहस्थ के भीड प्रबंधन कार्य योजना बने।         4. उज्जैन शहर से जुड़ने वाले दूसरे जिलों के वैकल्पिक मार्गों का चयन कर लें और इन मार्गों को गुगल मैपिंग के साथ उन्नयन भी कराया जाए, जिससे भीड़ प्रबंधन में इन मार्गों का उपयोग हो सके। साथ ही उज्जैन शहर के महाकाल मंदिर पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का भी चयन करें, जिससे भीड़ प्रबंधन आसानी से हो सके।         5.  मंगलनाथ,  भूखीमाता रामघाट के आसपास घाटों को जोड़ने वाले मार्गों को चिन्हित कर उन्नयन करें। सिंहस्थ मेला क्षेत्र के बाहर सामाजिक सामुदायिक भवन, स्कूल, कॉलेज धर्मशाला बनाने वाली संस्थाओं को प्रोत्साहित करें।         6. सिंहस्थ 2028 के लिए काम कर रही निर्माण एजेंसी जो समय पर काम पूरा करें उनको प्रोत्साहन स्वरूप व्यवस्था भी बना कर दें। समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री उज्जैन  गौतम टेटवाल, महापौर  मुकेश टटवाल, विधायक  अनिल जैन कालूहेडा,  सतीश मालवीय,  जितेन्द्र पंड्या, नगर निगम अध्यक्ष मती कलावती यादव, सिंहस्थ मेला अधिकारी सह संभागायुक्त  आशीष सिंह, एडीजी  राकेश गुप्ता, कलेक्टर  रौशन कुमार सिंह एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।   

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