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घरेलू विवाद के कारण इस घटना को अंजाम दिया, नए साल का जश्न मनाया फिर मां और बहनों को मार डाला, गिरफ्तार

लखनऊ लखनऊ में मां और बहनों को मारने वाले को युवक को पुलिस गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि नए साल का जश्न मनाया फिर दिल दहलाने वाली वारदात कर डाली। उसने घरेलू विवाद के कारण इस घटना को अंजाम दिया। लखनऊ में बुधवार की सुबह नए साल के पहले दिन एक होटल में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की हत्या कर दी गई। युवक आरोपी व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। लोगों ने बताया कि आगरा से आए परिवार ने नया साल मनाया। शाम को घूमने टहलने गए थे। इसके बाद युवक ने दिल दहलाने वाली वारदात कर डाली। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ से पता चला कि उसने घरेलू विवाद के कारण इस घटना को अंजाम दिया। अरशद ने कबूला पिता ने भी की मदद लोगों की मानें तो परिवार 30 दिसंबर को आया था। पड़ोसियों की मानें तो अरशद फेरी का काम करता था। अरशद काफी गुस्सा करने वाला है। उसका अक्सर किसी न किसी झगड़ा हो जाता था। अरशद ने पुलिस की पूछताछ में हत्या की बात कबूल की है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी अरशद ने अपनी चार बहनों और माता की हत्या करने की घटना को कबूल करते हुए बताया कि मोहल्ले वाले इनके परिवार को परेशान कर रहे थे। इसको डर था कि अगर इसे कुछ हो गया तो इनकी मां और बहन का क्या होगा, इसलिए इसने उनको मार देने का फैसला किया। अरशद परिवार को पहले अजमेर लेकर गया फ़िर लखनऊ लाकर सभी को होटल में रुकवाया, रात्रि में नशीला पदार्थ दिया और कुछ के मुंह में कपड़ा डालकर दुपट्टे से गला दबा दिया और कुछ की कलाई ब्लेड से काट दी। इस काम में पिता ने मदद की। इसके बाद पिता को रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया और स्वयं थाने पहुंचकर घटना की सूचना दी। अभियुक्त की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त आला कत्ल ब्लेड व दुपट्टा बरामद कर लिया गया है। आरोपी से घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है। प्रत्येक तथ्य के संबंध में साक्ष्य संकलन कर सत्यापित किया जा रहा है। मामले की विस्तृत जांच शुरू पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) (मध्य लखनऊ) रवीना त्यागी ने कहा कि घटना नाका क्षेत्र में स्थित होटल शरनजीत में हुई। त्यागी ने बताया आरोपी की पहचान अरशद (24) के रूप में हुई जिसने अपने ही परिवार के पांच सदस्यों की कथित तौर पर हत्या कर दी। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को घटनास्थल से ही पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान आलिया (नौ), अलशिया (19), अक्सा (16), रहमीन (18), सभी अरशद की बहनें और अस्मा (आरोपी युवक की मां) के रूप में हुई है। त्यागी ने बताया कि 24 वर्षीय अरशद आगरा का रहने वाला है और प्रारंभिक पूछताछ से पता चला कि उसने घरेलू विवाद के कारण इस घटना को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक टीम को साक्ष्य एकत्रित करने के लिए घटनास्थल पर भेजा गया है और इस मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई है।

लखनऊ में 4 बहनों और मां की हत्‍या, पुलिस ने बेटे को किया अरेस्‍ट, पिता भी शक के घेरे में

लखनऊ  नए साल के पहले दिन लखनऊ के होटल में 5 लोगों का मर्डर कर दिया गया। मरने वालों में 4 लड़कियां और उनकी मां शामिल है। पुलिस ने इस मामले में बेटे को अरेस्‍ट किया है। आरोपी का नाम अरशद बताया जा रहा है। उसकी उम्र लगभग 24 साल है। पारिवारिक विवाद में मर्डर की बात सामने आई। लखनऊ सामूहिक हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस के मुताबिक, मृतकों के गले और कलाई पर चोट के निशान हैं. शुरुआती जांच में पता चला है कि सभी पांच लोगों को खाने में नशीला पदार्थ दिया गया, फिर उनके हाथ की नसों को काट कर मौत के घाट उतार दिया गया. पारिवारिक कलह में बेटे द्वारा वारदात को अंजाम दिए जाने की आशंका जताई जा रही है. फिलहाल, पुलिस ज्यादा कुछ कहने से बच रही है. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद ही सारी चीजें साफ होंगी. फिलहाल, हत्यारोपी बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.   प्राप्त जानकारी के मुताबिक, परिवार आगरा से आया था और लखनऊ के होटल शरणजीत के रूम नंबर- 109 में 30 दिसंबर से ठहरा हुआ था. कुल सात लोग रुके हुए थे, जिनमें मां और 4 बेटियों की हत्या हुई है. आरोप बेटे पर है, जिसका नाम अरशद है. पुलिस पूछताछ में अरशद सिर्फ इतना ही कह रहा है कि ये हमारा पारिवारिक मसला है. वह बार-बार बस एक लाइन दोहरा रहा है कि ‘मुझे पता है यह लोग क्या करती हैं…’ लखनऊ पुलिस का कहना है कि होटल से एक महिला और 4 लड़कियों की डेड बॉडी बरामद हुई है. उनके गले और कलाई पर निशान मिले हैं. हत्या कैसे हुई ये पोस्टमार्टम से क्लियर होगा. हालांकि, ये साफ है कई गोली मारकर मर्डर नहीं हुआ है. वहीं, पुलिस सूत्रों ने बताया कि कलाई और गर्दन पर पतले धारदार हथियार के निशान मिले हैं. आपको बता दें कि मृतक 4 बेटियों में से दो नाबालिग हैं. जबकि, दो की उम्र भी 18 और 19 साल ही है. लखनऊ के होटल के अंदर हुई इन 5 हत्याओं से पूरे शहर में सनसनी फैल गई है. आरोप है कि बेटे अरशद ने अपनी मां और 4 बहनों को मौत के घाट उतार दिया है. शक पिता बदर पर भी है. वह अभी फरार है. अरशद से पूछताछ की जा रही है. वारदात लखनऊ के नाका थाना क्षेत्र में बीती रात हुई है, जहां आगरा का रहने वाला परिवार होटल शरणजीत में रुका हुआ था. शुरुआती पड़ताल में पारिवारिक कलह की बात सामने आई है. फिलहाल, पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मृतकों के नाम 1. आलिया (उम्र 9 वर्ष, बहन) 2. अल्शिया (उम्र 19 वर्ष, बहन) 3. अक्सा (उम्र 16 वर्ष, बहन) 4. रहमीन (उम्र 18 वर्ष, बहन) 5. अस्मा (मां) 5. आरोपी का नाम- अरशद (24)   पुलिस के अनुसार अरशद ने धारदार ब्‍लेड से पांचों की हत्‍या की है। पुलिस ने जब पूछताछ की तो अरशद बार-बार अपने बयान बदलने लगा। जब सख्‍ती दिखाई तो उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। यह भी पता चला कि परिवार 30 दिसंबर को लखनऊ घूमने आया था। अरशद का कहना है कि ये हत्‍याएं पिता ने की हैं, वह (अरशद) किसी तरह बच गया। इसके बाद पिता मौके से भाग गए। अरशद ने आशंका जताई कि उसके पिता भी खुदकुशी कर सकते हैं। ये लोग नाका इलाके के होटल शरणजीत में ठहरे थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। मरने वालों के नाम आलिया (9), अल्शिया (19), अक्‍सा (16), रहमीन (18) और अस्‍मा बताए जा रहे हैं। अस्‍मा इन बच्‍चों की मां थी। पुलिस ने इस मामले में बताया कि पारिवारिक कलह की वजह से आरोपी अरशद ने यह हत्‍याएं की हैं। मामले की जांच जारी है। शवों को पोस्‍टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। आरोपी का नाम अरशद है। पिता का नाम बदर है। वह इस्लाम नगर, टेढ़ी बगिया, कुबेरपुर, आगरा का रहने वाला बताया जा रहा है। यह जानकारी डीसीपी मध्य रवीना त्यागी ने दी।

उत्तर प्रदेश में 52 IPS का हुआ प्रमोशन, 9 बनाए गए आईजी, 2010-2011 बैच के 26 आईपीएस बने डीआईजी

लखनऊ. उत्तर प्रदेश संवर्ग के 52 IPS अफसरों को योगी सरकार ने प्रमोशन दे दिया है. अफसरों को लेकर कहा जा रहा है कि सीएम योगी ने नए साल का गिफ्ट दे दिया है. इसमें 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी दीपेश जुनेजा डीजी पद पर प्रमोट हुए हैं तो वर्ष-2000 बैच के 3 अधिकारी लक्ष्मी सिंह, प्रशान्त कुमार द्वितीय और नीलाब्जा चौधरी को एडीजी के पद पर प्रमोशन मिला है. इस आदेश सूची में वर्ष 2007 बैच के 9 आईपीएस अधिकारियों का डीआईजी से आईजी के पद पर प्रमोशन हुआ है. नोएडा की कमिश्नर लक्ष्मी सिंह समेत तीन अफसरों को एडीजी पर नियुक्त किया है. विभागीय प्रमोशन कमेटी (DPC) की बैठक में 2000, 2007, 2011, 2012 और 2021 बैच के IPS अफसरों के प्रमोशन को स्‍वीकृति दी गई थी. इस बैठक में मुख्‍य सचिव मनोज कुमार सिंह, डीजीपी प्रशांत कुमार, एसीएस गृह दीपक कुमार और प्रमुख सचिव नियुक्ति एम. देवराज शामिल थे. 2007 बैच के 9 अफसर अमित पाठक, जोगिंदर कुमार, रवि शंकर छवि, विनोद कुमार सिंह ,भारती सिंह, विपिन कुमार मिश्रा, राकेश प्रकाश सिंह, योगेश सिंह, गीता सिंह आईजी पद पर प्रमोट हुए हैं. 2011 बैच के 25 आईपीएस अफसर शैलेश कुमार पांडे, अजय कुमार,अभिषेक सिंह ,देव रंजन वर्मा, राजेश एस ,हेमंत कुटियाल, शालिनी ,स्वप्निल ममगाई, डी प्रदीप कुमार,अरुण कुमार श्रीवास्तव, सूर्यकांत त्रिपाठी ,विकास कुमार वैद्य, राजेश कुमार सक्सेना, डॉक्टर अरविंद चतुर्वेदी ,आलोक प्रियदर्शी ,सुनीता सिंह, राजेश कुमार सिंह, सुधा सिंह ,दिनेश सिंह ,कमला प्रसाद यादव, रामबदन सिंह, अरविंद कुमार मौर्य ,तेज स्वरूप सिंह, सुभाष चंद्र शाक्य , हृदयेश कुमार डीआईजी बने हैं.

मुख्य स्नान पर्व पर कोई प्रोटोकॉल लागू नहीं होगा और इस अवसर पर पूज्य संतों और श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की जाएगी: योगी

प्रयागराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुंभ मेला में मुख्य स्नान पर्व पर कोई प्रोटोकॉल लागू नहीं होगा और इस अवसर पर पूज्य संतों और श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की जाएगी. प्रयागराज में महाकुंभ के दृष्टिगत समीक्षा बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मेला लगभग आकार ले चुका है और 7,000 से अधिक संस्थाएं यहां आ चुकी हैं. डेढ़ लाख से अधिक टेंट की व्यवस्था मेला प्राधिकरण की ओर से की गई है. देश-दुनिया से लोग प्रयागराज महाकुंभ में आने के लिए उत्सुक हैं. 144 वर्ष के बाद महाकुंभ का यह मुहूर्त आ रहा है और इसके लिए हर प्रकार की व्यवस्थाएं भाजपा सरकार द्वारा यहां युद्धस्तर पर की जा रही हैं. मुख्यमंत्री ने प्रयागवासियों से आतिथ्य सेवा के साथ ही महाकुंभ के दौरान स्वच्छता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करने की अपील करते हुए कहा कि स्वच्छता और आतिथ्य सेवा का जो उदाहरण उन्होंने 2019 के कुंभ में प्रस्तुत किया, उससे अच्छा अवसर इस बार उनके सामने आ रहा है. योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ में प्रत्येक तीर्थयात्री और पर्यटक की सुरक्षा और सुविधा को शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए कहा, “महाकुंभ में कोई भारतीय हो या विदेशी, प्रवासी भारतीय हो या प्रयागराजवासी, बिना भेदभाव सबकी सुरक्षा-सबकी सुविधा सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है.” मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ के दौरान आपदा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, अग्निशमन, घाट सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा तंत्र को और पुख्ता किया जाना आवश्यक है. सुरक्षा से जुड़ी सभी एजेंसियों को चौबीस घंटे और सातों दिन सक्रिय रहना होगा. महाकुंभ की तैयारियों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी विभागों से उनके कार्यों की प्रगति का विवरण लिया. उन्होंने सभी रेहड़ी-पटरी वालों, ऑटो रिक्शा चालकों और ई-रिक्शा चालकों के पुलिस सत्यापन तेजी से पूरा करने के निर्देश भी दिये. फर्जी खबरों पर कड़ाई से लगाम लगाने के निर्देश उन्होंने सोशल मीडिया, डिजिटल मीडिया पर फर्जी खबरों पर कड़ाई से लगाम लगाने के भी निर्देश दिए. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा से चिढ़ने वाले लोग महाकुंभ को लेकर दुष्प्रचार कर रहे हैं जिन्हें यथोचित जवाब दिया जाना चाहिए. मेलाधिकारी विजय किरण आनंद ने मुख्यमंत्री को बताया कि सभी अखाड़ों, महामंडलेश्वर, खालसा, दंडीबाड़ा, खाकचौक और अन्य संस्थाओं के लिए भूमि आवंटन का कार्य पूर्ण हो गया है, जबकि अन्य नई संस्थाओं को आवंटन का कार्य जारी है. मुख्यमंत्री ने अगले तीन दिनों में अरैल क्षेत्र में नया स्नान घाट तैयार करने के निर्देश दिए और महाकुंभ के लिए चलाई जाने वाली करीब 550 शटल बसों को पांच जनवरी से चलाने का भी निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने प्रयागराज दौरे पर मां गंगा का अभिषेक और पूजन किया. उन्होंने बड़े हनुमान जी का भी दर्शन-पूजन किया. इससे पूर्व उन्होंने नैनी के अरैल में बायो सीएनजी संयंत्र का उद्घाटन किया.  

उत्तर प्रदेश में अटल आवासीय में मुफ्त पढ़ाई करेंगे कामगारों के बच्चे

वाराणसी  उत्तर प्रदेश के श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूरों के बच्चों को सीबीएससी बोर्ड की पढ़ाई कराने के लिए अटल आवासीय विद्यालय में मुफ्त प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए शैक्षिक सत्र 2025-26 में कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश के लिए पंजीकृत निर्माण मजदूरों से आवेदन मांगे गए हैं। पात्र और इच्छुक पंजीकृत निर्माण श्रमिक अपने बच्चों के प्रवेश के लिए 25 जनवरी तक आफलाइन आवेदन कर सकते हैं। श्रम प्रवर्तन अधिकारी कुंवर रणंजय पांडेय ने बताया कि उत्तर प्रदेश भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बालक और बालिकाओं के प्रवेश अटल आवासीय विद्यालय समिति की ओर से संचालित अटल आवासीय विद्यालय में कराया जाएगा। यहां पर कक्षा 6 और 9 में 140-140 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा। इसमें 70-70 बालक और 70-70 बालिकाएं होगी। यह सीट गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी और चंदौली जिले के लिए है। प्रवेश के लिए आवेदन पत्र 20 जनवरी तक शहर के शास्त्रीनगर स्थित श्रमायुक्त कार्यालय से मुफ्त प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके बाद पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ 25 जनवरी तक यहीं पर जमा किए जा सकता है।श्रमिक जिनका पंजीयन 30 नवंबर तक कम से कम तीन वर्ष पूरा कर चुका हो। इन श्रमिकों के अधिकतम दो बच्चों को प्रवेश मिलेगा। कक्षा छह में प्रवेश के लिए जन्मतिथि एक मई 2013 से पहले और 31 जुलाई 2015 के बाद नहीं होना चाहिए। कक्षा नौ में प्रवेश पाने के इच्छुक उम्मीदवार की जन्मतिथि एक मई 2010 से पहले और 31 जुलाई 2012 के बाद नहीं होना चाहिए। आवेदन के लिए कहां मिलेगा फॉर्म वे छात्र जो इन स्कूलों में आवेदन करना चाहते हैं, वे अटल आवासीय स्कूलों में नए सेशन में दाखिला लेने के लिए हाथरस, अलीगढ़, एटा व कासगंज के योग्यता पूरी करने वाले स्टूडेंट्स जिला प्रोबेशन अधिकारी, बीईओ, बीएसए, बीडीओ और श्रम विभाग ऑफिस से आवेदन फॉर्म प्राप्त कर भरकर जमा करें। आवेदन के लिए जरूरी योग्यता अटल आवासीय विद्यालयों में एडमिशन लेने के लिए बच्चों का मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, कोरोना काल में बेसहारा बच्चे, पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चे इसके लिए पात्र होंगे। साथ ही अगर छात्र कक्षा-6 में दाखिला ले रहा है, तो उसका जन्म 01 मई, 2013 से 31 जुलाई, 2015 के बीच होना चाहिए। कक्षा-9 में एडमिशन लेने वाले बच्चे का जन्म 01 मई, 2010 से 31 जुलाई, 2012 में होना चाहिए। एक परिवार से अधिकतम 02 बच्चे ही इन स्कूलों में एडमिशन पा सकते हैं। वहीं श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन 30 नवंबर, 2024 तक कम से कम 03 साल की सदस्यता पूरी कर चुके हो। कब आयोजित कराई जाएगी परीक्षा साल 2025-26 सेशन कक्षा-6 और कक्षा-9 में दाखिले के लिए 25 दिसंबर से ऑफलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं इसकी अंतिम तिथि 31 जनवरी, 2025 है। बता दें, इसके तहत कोविड के दौरान बेसहारा बच्चों को जिला प्रोबेशन अधिकारी ऑफिस में आवेदन कर सकेंगे। आवेदन पूरे होने के बाद 02 मार्च को श्रम विभाग द्वारा प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी। वहीं वर्तमान में गभाना के टमकौली के स्कूल में कक्षा-6, 7 और 9 का पढ़ाई सत्र चल रहा है, जिसमें लगभग 360 स्टूडेंट्स शामिल हैं। इसमें से 140 छात्र 2025-26 में होने वाले बोर्ड एग्जाम में बैंठेगे। एडमिशन ले चुके छात्रों को मिलेंगी ये सुविधाएं अटल आवासीय स्कूलों में दाखिला लेने वाले बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रहना-खाना बिल्कुल फ्री होगा। साथ ही सीबीएसई पाठ्यक्रमों का पालन करते हुए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा दी जाएगी। मॉर्डन क्लासरूम के साथ कंप्यूटर साइंस लैब आदि सुविधाएं दी जाएगी।

याेगी आदित्यनाथ ने यूपी इनोवेशन फंड को लेकर अधिकारियों के साथ की बैठक, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाएं

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ ने यूपी इनोवेशन फंड (यूपीआईएफ) को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश की तीनों टेक्निकल यूनिवर्सिटी को इनोवेशन से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी तीनों टेक्निकल यूनिवर्सिटी में इनोवेशन सेंटर बनाए जाएं, जहां पर बच्चों को स्टार्टअप से संबंधित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके अलावा उन्होंने ग्लोबल और लोकल मार्केट की मैपिंग कराने के निर्देश दिए ताकि वर्तमान की आवश्यकता के अनुसार छात्र इनोवेशन को विकसित कर सकें। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्तमान में तेजी के साथ टेक्नोलॉजी बदल रही है। ऐसे में बदलती हुई टेक्नोलॉजी और ग्लोबल मार्केट के अनुसार इनोवेशन को विकसित किया जाए। इसके लिए जरूरी है कि नए इनोवेशन के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाए। साथ ही सभी तीनों टेक्निकल यूनिवर्सिटी में इनोवेशन की आवश्यकता के अनुसार सेंटर की स्थापना की जाए। इसके लिए सरकार द्वारा उन्हें फंड उपलब्ध कराया जाए। सीएम योगी ने कहा कि सरकार के पास फंड की कमी नहीं है। वहीं, युवाओं के पास इनोवेशन तो हैं, लेकिन फंड की कमी है। ऐसे में यूनिवर्सिटी के माध्यम से छात्रों को फंड उपलब्ध कराया जाए। इससे आने वाले समय में नए-नए इनोवेशन सामने आएंगे। इससे जहां प्रदेश का युवा ग्रोथ करेगा, वहीं प्रदेश का भी नाम रौशन होगा। इसके लिए सीएम ने अधिकारियों को एक प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्लोबल मैपिंग के बाद उसकी आवश्यकता के अनुसार ट्रेड तैयार करने को कहा। उन्होंने वर्तमान आवश्यकता के अनुसार पुरानी ट्रेडों को आधुनिकीकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप को इकोसिस्टम से जोड़ना होगा। इसके लिए टेक्निकल यूनिवर्सिटी में मॉडर्न टेक्नोलॉजी के साथ ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) के लिए भी स्पेस दिया जाए। उन्होंने आवश्यकता के अनुसार ट्रेड चुन करके छात्रों को इनोवेशन के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए यूनिवर्सिटी को भी प्रेरित करने के निर्देश दिए। इसके लिए यूनिवर्सिटी को पूरी तरह से फ्रीडम दी जाए, तभी नए इनोवेशन सामने आएंगे। उन्होंने इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए यूनिवर्सिटी को आईआईटी से जोड़ने के निर्देश दिए।  

किसान आंदोलन के दौरान मुरादाबाद से गुजरने वाली 22 ट्रेनों का संचालन बाधित हुआ, 100 ट्रेन प्रभावित

मुरादाबाद पंजाब में जारी किसान आंदोलन का असर मुरादाबाद में भी देखने को मिल रहा है। आंदोलन के कारण यहां से गुजरने वाली 22 ट्रेनों का संचालन बाधित हुआ है। रेलवे के सीनियर डीसीएम मुरादाबाद मंडल के आदित्य गुप्ता ने बताया कि पंजाब में जो किसान आंदोलन हो रहा है, फिरोजपुर और अम्बाला मंडल में चलने वाली कई गाड़ियां में परिवर्तन किया गया है। वर्तमान में मुरादाबाद मंडल की 22 गाड़ियां है जो आंदोलन के चलते प्रभावित हुई हैं। वहीं पांच ऐसी गाड़ियां है जिनकी ट्रिप को रद्द किया गया है। तीन से चार गाड़ियां ऐसी हैं जिन्हें रोक-रोक कर चलाया जा रहा है। वहीं, अलग-अलग दस गाड़ियां हैं जिन्हें अमृतसर और लुधियाना में शॉर्ट टर्मिनेट किया जा रहा है। कुल 22 गाड़ियां है जो प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि किसान आंदोलन पर हर घंटे और हर समय मुख्यालय द्वारा निगरानी की जा रही है। कल की स्थिति का ध्यान रखते हुए यह डाइवर्जन आज के लिए हैं। लगातार जो निगरानी हो रही है उसके आधार पर तय किया जाएगा। इसके लिए राउंड द क्लॉक और जो कमर्शियल मुख्यालय हैं और पांचों मंडलों में अधिकारी की तैनाती की गई है। लगातार सूचनाओं का आदान प्रदान किया जा रहा है। ताकि जो यात्री ट्रेन में सफर कर रहें हैं उनकी यात्रा को सुरक्षित रखा जा सके। उनको स्टेशनों में पर्याप्त सुविधा मुहैया करवाई जा सके। आदित्य ने बताया कि मुरादाबाद मंडल में 22 ट्रेन जबकि पूरे नॉर्दन रेलवे के हिसाब से 100 ट्रेन प्रभावित हो रही हैं। ज्ञात हो कि पंजाब में किसान आंदोलन का असर सोमवार को भी ट्रेन यातायात पर नजर आया। ट्रेन यातायात प्रभावित होने के चलते रेलवे स्टेशन के पूछताछ काउंटर पर यात्रियों की भीड़ लगी रही। यात्री अपने गंतव्य को जाने के लिए ट्रेनों का घंटों इंतजार करते दिखाई दिए। सबसे ज्यादा परेशानी पंजाब की ओर जाने वाले यात्रियों को उठानी पड़ी।  

महाकुंभ 2025 में योगी सरकार का विशेष इंतजाम, मिलेगा 5 रुपये में आटा और 6 रुपये में चावल

महाकुंभनगर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू हो रहे महाकुंभ मेला को लेकर तैयारियों को पूरा कराया जा रहा है। महाकुंभ में योगी सरकार ने अखाड़ों, संस्थाओं और कल्पवासियों के लिए बड़े पैमाने पर अन्न भंडार की व्यवस्था की है। ऐसा पहली बार है, जब महाकुंभ में इतने बड़े पैमाने पर अखाड़ों, संस्थाओं और कल्पवासियों को नाम मात्र की कीमत पर राशन की सुविधा प्रदान की जा रही है। सीएम योगी के निर्देश पर अखाड़ों-संस्थाओं और कल्पवासियों को मात्र 5 रुपए में आटा और 6 रुपए में चावल उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था है। इसके लिए मेला क्षेत्र में 138 उचित मूल्य की दुकानों पर राशन उपलब्ध कराया गया है। 18 रुपए प्रति किलो की दर पर चीनी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस बार महाकुंभ को दिव्य, भव्य के साथ साथ नव्य रूप देने में लगे हैं। इसके लिए उन्होंने अफसरों को सभी जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। खासकर श्रद्धालुओं के भोजन के लिए इस बार विशेष इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने महाकुंभ में आने वालों के लिए अन्न भंडार खोल दिया है। यहां मेला क्षेत्र में उचित मूल्य की 138 दुकानें खोली गई हैं, जहां पर कल्पवासियों के लिए एक लाख बीस हजार सफेद राशन कार्ड बनाने की व्यवस्था की गई है। इस बार कल्पवासियों, अखाड़ों और संस्थाओं को राशन के लिहाज से बेहद कम कीमत पर राशन उपलब्ध कराया जा रहा हैं। महाकुंभ में अखाड़ों-कल्पवासियों को 5 रुपए प्रति किलो की दर से आटा और 6 रुपए प्रति किलो के हिसाब से चावल उपलब्ध कराया जाना है। इसके अलावा कल्पवासियों को 18 रुपए प्रति किलो की दर से चीनी भी उपलब्ध कराई जाएगी। अखाड़ों और संस्थाओं को 800 परमिट की व्यवस्था है। गैस कनेक्शन की भी सुविधा राशन देने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी ने भोजन पकाने के लिए भी सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इस काम के लिए सभी 25 सेक्टर्स में एजेंसियां निर्धारित की गई हैं। ये एजेंसियां कल्पवासियों, अखाड़ों और संस्थाओं को नया गैस कनेक्शन प्रदान कर रही हैं। इसके साथ ही उन्हें रिफिल करने का भी पूरा इंतजाम है। इसके अलावा जिन कल्पवासियों के पास अपना खुद का खाली गैस सिलेंडर है, उन्हें भी यहां पर रीफिल करा सकते हैं। तीन विशेष प्रकार के सिलेंडर भरने की व्यवस्था महाकुंभ में की गई है। इनमें 5 किलो, 14.2 किलो और 19 किलो के सिलेंडर भरे जा सकेंगे। अन्न भंडार के पांच गोदाम स्थापित महाकुंभ में अखाड़ों-कल्पवासियों और संस्थाओं को भोजन के लिए किसी प्रकार की समस्या न आने पाए, इस लिहाज से मेला क्षेत्र में 138 दुकानों पर विशेष इंतजाम किया गया है। साथ ही अन्न भंडार के पांच गोदाम भी तैयार किए गए हैं। इन गोदामों पर 6000 मीट्रिक टन आटा और 4000 मीट्रिक टन चावल और 2000 मीट्रिक टन चीनी भी रहेगी। इन सामग्रियों की रहेगी व्यवस्था मेला क्षेत्र में दी जा रही इस विशेष सुविधा के अंतर्गत हर कल्पवासी को 3 किलो आटा, 2 किलो चावल और एक किलो चीनी उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था है। जनवरी से फरवरी अंत तक राशन की यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही वन नेशन वन कार्ड की सुविधा भी प्राप्त होगी। 100 कुंतल सामान हर दुकान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

डॉक्टर की लापरवाही के चलते महिला को चढ़ाया ‘गलत ब्लड ग्रुप’ का खून, मासूम की गई जान, परिजनों ने की कार्रवाई की मांग

आजमगढ़ यूपी के आजमगढ़ जिले में गलत ब्लड चढ़ाने से महिला मरीज की मौत का मामला सामने आया है। महिला मरीज को हीमोग्लोबिन की कमी की शिकायत पर जिले के सरोज हॉस्पिटल में 9 दिसंबर को भर्ती किया गया था। जहां डॉक्टर पंकज जयसवाल महिला मरीज की देखरेख कर रहे थे। रुटीन चेकअप के दौरान जब महिला के ब्लड का सैंपल लिया गया तो महिला को AB पॉजिटिव ब्लड की कमी बताई गई। चार दिनों के भीतर चार यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया। 5 दिन बाद अस्पताल प्रबंधन ने महिला को डिस्चार्ज कर दिया। घर ले जाने पर महिला की बिगड़ी हालत घर ले जाने पर महिला की हालत बिगड़ने लगी इसके बाद परिजन महिला को लेकर सीधे वाराणसी ले गये। वाराणसी में जब डॉक्टरों ने ब्लड का सैंपल लिया। तो वहां पर महिला का ब्लड ग्रुप A पॉजिटिव पाया गया। वाराणसी के अस्पताल प्रबंधन ने जब इस मामले की जानकारी परिजनों को दी तो परिजन इस बात को लेकर विरोध जताने वालों की आजमगढ़ के जिस अस्पताल में महिला का इलाज चल रहा था। वहां के डॉक्टरों ने महिला का ब्लड ग्रुप AB पॉजिटिव बताया था। ऐसे में वाराणसी में महिला को A पॉजिटिव ब्लड चढ़वा दिया गया। जिसके कारण इंफेक्शन हो गया। महिला की आज यानी मंगलवार को मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। अस्पताल के खिलाफ परिजनों में आक्रोश आजमगढ़ जिले के जीयनपुर थाना क्षेत्र के पुनपर बड़ा गांव की रहने वाली तृप्ति मिश्रा की 9 दिसंबर को तबीयत खराब हुई थी। जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला मरीज की मौत के बाद जब जांच में इस बात का पता चला कि महिला को दो अलग-अलग ग्रुप का ब्लड चढ़ाया गया है। ऐसे में परिजनों ने इस मामले में सिधारी थाने में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की शिकायत की है। जिले के सीएमओ को भेजा गया पत्र एसपी सिटी ने बताया कि इस बारे में जिले के सीएमओ को पत्र लिख दिया गया है। महिला की डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही सामने आती है। तो अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

डॉक्टर्स की भूमिका में नजर आएगी UP पुलिस, जवान सीपीआर चोकिंग एवं अन्य जीवन रक्षक जानकारियां ले रहे हैं

प्रयागराज संगम तट पर लगने वाले देश के सबसे बड़े आध्यात्मिक मेले महाकुंभ को लेकर हर विभाग तैयारी को अंतिम रूप दे रहा है। करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने महाकुंभ नगर पहुंचेंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रयागराज रेलवे स्टेशन में तैनात पुलिस के जवान खास ट्रेनिंग में लगे हुए हैं। पुलिस के जवान ले रहे सीपीआर देने की ट्रेनिंग आपको बता दें कि बीते कुंभ 2013 में रेलवे स्टेशन में भगदड़ मची थी, जिसमें 35 से ज्यादा श्रद्धालुओं की मौत हुई थी इसी को ध्यान में रखते हुए कोई आपात स्थिति न पैदा हो, इसके लिए पुलिस के जवान सीपीआर चोकिंग एवं अन्य जीवन रक्षक जानकारियां ले रहे हैं, ताकि महाकुंभ मेला में आए श्रद्धालुओं को होने वाली किसी प्रकार की आपदा या हृदयाघात आने से मौके पर ड्यूटी रत स्टाफ प्राथमिक उपचार देकर किसी की जान बचा सके। हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज जैसी समस्या से निपटने को दी जा रही ट्रेनिंग आरपीएफ प्रभारी शिव कुमार सिंह ने बताया कि तकरीबन 1000 जवानों को यह ट्रेनिंग दी जा रही है क्योंकि कड़ाके की ठंड के दौरान बुजुर्गों को काफी दिक्कतें आती हैं। साथ ही किसी तरह की आपदा, हार्ट अटैक,  ब्रेन हेमरेज जैसी समस्या भी आ सकती है। ऐसी स्थिति में जब तक डॉक्टर आएं, तब तक मरीज की हालत और खराब हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए फरहान आलम और उनकी टीम की मदद से यह ट्रेनिंग जवानों को दी जा रही है। ‘मानवता सबसे बड़ा धर्म है’ फरहान आलम बताते हैं कि आरपीएफ और जीआरपी के जवानों के साथ-साथ अन्य पुलिस के जवानों को भी ट्रेनिंग दी गई है। ट्रेनिंग ले रहे पुलिस के जवान काफी खुश हैं और उनका कहना है कि मानवता सबसे बड़ा धर्म है। पुलिसिंग के साथ-साथ अगर प्रथम उपचार की जरूरत पड़ेगी तो वह भी कर सकेंगे।

कोर्ट ने कहा- जीजा और साली का रिश्ता अनैतिक है, अगर महिला वयस्क है तो इस रिश्ते को बलात्कार नहीं माना जा सकता

इलाहाबाद पत्नी की बहन यानी साली के साथ बलात्कार के एक मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी पति को राहत दी है। अदालत का कहना है कि भले ही जीजा और साली के बीच रिश्ता अनैतिक है, लेकिन अगर महिला वयस्क है तो इस रिश्ते को बलात्कार नहीं माना जा सकता है। आरोपी को जुलाई 2024 में गिरफ्तार किया गया था और अब अदालत ने जमानत दे दी है। जस्टिस समीर जैन की बेंच मामले की सुनवाई कर रही थी। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, आवेदक के वकील ने अदालत को बताया कि इस मामले में मुवक्किल के खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने बेंच को जानकारी दी है कि जीजा और साली के बीच अवैध संबंध बने थे और जब इसकी जानकारी सूचनादाता को लगी, तब उन्होंने FIR दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट को बताया गया था कि कथित पीड़िता बालिग है और उसने CrPC की धारा 161 के तहत दिए बयान में आरोपों से इनकार किया था। बाद में CrPC की धारा 164 के तहत बयान बदला था और अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन किया था। इधर, जमानत का विरोध कर रहे AGA इस तथ्य से इनकार नहीं कर सके कि कथित पीड़िता बालिग है और रिकॉर्ड से यह पता नहीं चलता है कि उसने सहमति नहीं दी थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी के खिलाफ लगे आरोप, दोनों पक्षों की दलीलें और इस तथ्य को भी विचार में लिया कि कथित पीड़िता ने पहले आरोपों से इनकार किया था और बाद में बयान बदला था। साथ ही कहा था कि उसने आवेदक और शादीशुदा शख्स के साथ संबंध बनाए थे। ऐसे में कोर्ट का कहना है कि रिश्ता अनैतिक है, लेकिन कथित पीड़िता के बालिग होने के चलते इसे बलात्कार नहीं माना जा सकता है। कोर्ट ने इस बात पर भी विचार किया कि आवेदक और पीड़िता के बीच अवैध संबंध बने थे। आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा और उसे जुलाई 2024 में गिरफ्तार किया गया था। इन तथ्यों को ध्यान में रखकर कोर्ट ने आरोपी को जमानत दे दी।

महाकुंभ 2025: साइबर अटैक और श्रद्धालुओं को ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने, जमीन की निगहबानी का काम ड्रोन के जरिए किया जाएगा

लखनऊ प्रयागराज महाकुंभ को साइबर अटैक और श्रद्धालुओं को ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने के लिए प्रदेश पुलिस ने पुख्ता बंदोबस्त किए हैं। साइबर स्पेस पर केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की मदद से पैनी नजर रखी जा रही है तो जमीन की निगहबानी का काम ड्रोन के जरिए किया जाएगा। इसके अलावा महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। बता दें कि महाकुंभ में साइबर सिक्योरिटी के लिए साइबर थाना बनाया गया है, जिसमें तकनीकी रूप से दक्ष लोगों को तैनात किया गया है। आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस, डार्क वेब और सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने वालों पर इसके जरिए नजर रखी जाएगी। श्रद्धालुओं को ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने को चुनिंदा अफसरों की एक स्पेशल टीम बनाई गई है। साथ ही तमाम साइबर एक्सपर्ट्स भी साइबर सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं। संदिग्ध वेबसाइट्स पर नजर अधिकारियों के मुताबिक डार्क वेब के जरिए महाकुंभ में खलल डालने का प्रयास करने वालों का सामना करने और उनकी साजिशों को नाकाम करने की तैयारी हो चुकी है। पूरे आयोजन के दौरान एआई, एक्स, फेसबुक और गूगल का दुरुपयोग करना आसान नहीं होगा। ठगी के लिए साइबर अपराधियों द्वारा वायरल किए जाने वाले लिंक को निष्क्रिय कर दिया जाएगा। साइबर एक्सपर्ट की टीम 40 से अधिक संदिग्ध् वेबसाइट पर भी नजर बनाए हुए हैं। सोशल मीडिया पर पैसे मांगने वालों पर भी नजर जो साइबर अपराधी एआई, फेसबुक, एक्स या इंस्टाग्राम के माध्यम से लोगों से पैसे मांगते हैं, उन पर भी साइबर एक्सपर्ट नजर रख रहे हैं। कोई भी शिकायत मिलने पर उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के साथ लोगों की रकम को भी वापस कराया जाएगा। इसके लिए मोबाइल साइबर टीम भी बनाई गई है।  

बहराइच की हल्दी का आयुर्वेदिक दवाओं में होगा इस्तेमाल, विश्वपटल पर मिलेगी पहचान

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडेक्ट (ओडीओपी) योजना का असर लगातार दिख रहा है. अन्नदाता किसानों के लिए सीएम योगी के प्रयासों का ही नतीजा है कि योगगुरु स्वामी रामदेव बहराइच की हल्दी खरीदने के लिए आगे आए हैं. इसका इस्तेमाल वे आयुर्वेदिक दवाओं को बनाने में करेंगे. बता दें कि बहराइच की हल्दी की गुणवत्ता काफी अच्छी होती है, इस कारण इसकी डिमांड भी काफी रहती है. यही वजह है कि योगगुरु की कंपनी और बहराइच के तीन एफपीओ के बीच एमओयू साइन किया गया है. बहराइच की जिलाधिकारी मोनिका रानी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरुप जिले के उत्पादों को विश्वस्तर पर पहचान दिलाने और अन्नदाता किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रयास किये जा रहे हैं. इसके तहत बहराइच में 86 कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) गठित किये गये हैं. जिलाधिकारी ने बताया कि सीएम योगी के निर्देश पर हल्दी और अन्नदाताओं को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए योगगुरु स्वामी रामदेव की कंपनी के साथ बहराइच की तीन एफपीओ के बीच एमओयू साइन किया गया है. यह एमओयू बहराइच की 3 एफपीओ प्रत्युष बायोएनर्जी फॉर्मर प्रोड्‌यूसर कंपनी लिमिटेड, वीरांगना लक्ष्मीबाई महिला किसान निर्माता कंपनी लिमिटेड और सीएससी राज किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड ने साइन किया है. हरिद्वार में हुए एमओयू में योगगुरु स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, बहराइच जिलाधिकारी मोनिका रानी, उप कृषि निदेशक टीपी शाही, सीएससी राज किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड मिहिंपुरवा के निदेशक अखिलेश सिंह आदि मौजूद रहे. हर साल 50 हजार टन हल्दी खरीदेंगे स्वामी रामदेव जिलाधिकारी मोनिका रानी ने बताया कि बहराइच का मिहिंपुरवा क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों, उपजाऊ भूमि और अनुकूल जलवायु होने के कारण कृषि के लिए काफी उपयुक्त है. यही वजह है कि यहां हल्दी, जिमीकन्द और हरी सब्जियों की काफी अधिक मात्रा में खेती की जाती है. इसे कई राज्यों के साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी भेजा जाता है. इसके बावजूद अन्नदाताओं को उनके उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था. इसे देखते हुए अन्नदाताओं की आय बढ़ाने के लिए प्रति वर्ष 20 से 25 टन प्रति हेक्टेयर के हिसाब से लगभग 2000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 45-50 हजार टन हल्दी के विक्रय/विपणन स्वामी रामदेव की कंपनी से कराया गया है. उप कृषि निदेशक टीपी शाही ने बताया कि एफपीओ के 1,880 पुरुष किसान तथा 975 महिला किसान हल्दी उत्पादन से जुड़े हैं. इसी तरह यहां 150 हेक्टेयर में जिमीकन्द की खेती की जा रही है, जिसमें 30-35 टन प्रति हेक्टेयर में कुल 5,250 टन जिमीकन्द का उत्पादन हो रहा है. स्थानीय और राष्ट्रीय बाजारों में इसकी मांग ज्यादा है. इसी प्रकार लगभग 600 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में हरी सब्जियों की भी यहां खेती हो रही है.

उत्तर प्रदेश के नगर निगमों के कार्यों के आधार पर रैंकिंग, दस करोड़ का मिलेगा पुरस्कार

उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश के नगर निगमों के कार्यों के आधार पर उनकी रैंकिंग की जाएगी। प्रदेश सरकार ने म्यूनिसिपल परफॉरमेंस रैंकिंग व्यवस्था शुरू की है। जिसमें पहला स्थान प्राप्त करने पर दस करोड़ रुपये पुरस्कार के रूप में दिए जाएंगे। पहली बार प्रदेश में नगर निगमों के बीच रैंकिंग हो रही है। शासन ने छह विषयों के आधार पर 30 मानक निर्धारित किए हैं और सभी के अलग-अलग अंक निर्धारित हैं। रैंकिंग का एक अहम आधार बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के साथ शहरवासियों के जीवन स्तर में सुधार भी है। शासन स्तर पर जो फ्रेमवर्क तैयार किया गया है। उसमें स्वच्छता, जीवन की गुणवत्ता, आत्मनिर्भरता, सतत पर्यावरण, सुशासन और नागरिक सुरक्षा शामिल हैं। स्वच्छता पर 24 प्रतिशत, आत्मनिर्भरता पर 25, जीवन की गुणवत्ता पर 18, सतत पर्यावरण और सुशासन पर 12, नागरिक सु्रक्षा पर 9 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं। इन मानकों पर रैंकिंग शुरू हो गई है और जुलाई-अगस्त 2025 में परिणाम घोषित किए जाएंगे। नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के क्रम में नगर निकायों को जवाबदेह बनाने में रैंकिंग कारगर साबित होगी। इन मानकों के आधार पर मिलेंगे अंक घरों में पेयजल कनेक्शन, पार्कों और शहर में हरियाली, नाइट शेल्टर, सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को रोकने और जब्तीकरण अभियान, घर-घर कूड़ा उठान, नियमित सफाई व्यवस्था, आर्गेनिक कचरे का निस्तारण, कचरा निस्तारण प्लांट पर कूड़े के ढेर न होना, स्ट्रीट लाइटों के अभाव में डार्क स्पॉट न होना, जनसंख्या की तुलना में सफाईकर्मियों की संख्या, सीवर कनेक्शन की स्थिति आदि। मई-जून में डाटा का सत्यापन विभिन्न नगर निगमों की ओर से शासन को जो डाटा भेजा जाएगा। उसका सत्यापन मई-जून 2025 में किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के आधार पर तैयार डाटा रैंकिंग में शामिल किया जाएगा।

प्रयागराज महाकुंभ में आने वाले पर्यटक के लिए ऐतिहासिक भवन का दीदार होंगा रोमाँचक

 प्रयागराज महाकुंभ भारत की सनातनी परंपरा का धार्मिक और सांस्कृतिक महापर्व है। जनवरी 2025 में प्रयागराज में आयोजित होने जा रहे इस महापर्व को दिव्य और भव्य स्वरूप देने में जुटी प्रदेश की योगी सरकार इसकी परंपराओं का संरक्षण करते हुए कुंभ नगरी की सांस्कृतिक धरोहरों का भी संरक्षण कर रही है। प्रयागराज शहर की एक धार्मिक पहचान होने के साथ ही कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के साथ भी इसका नाम जुड़ा है। इसी के अंतर्गत आता है नगर निगम परिसर स्थित भवन, जिसके जीर्णोद्धार का कार्य प्रयागराज नगर निगम द्वारा करवाया जा रहा है। ब्रिटिश काल में सन् 1865 के करीब संगम नगरी में बने सबसे पुराने ‘ग्रेट नॉर्दर्न’ होटल और बाद में नगर निगम कार्यालय में तब्दील इस 150 वर्ष से अधिक पुराने भवन का 9 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। कायाकल्प के बाद प्रयागराज वासियों समेत महाकुंभ में आने वाले पर्यटक भी यह ऐतिहासिक भवन देख सकेंगे। नगर आयुक्त चंद्र मोहन गर्ग का कहना हैं कि यह भवन प्रयागराज की धरोहर है, इसे संरक्षित रखने की पहल नगर निगम ने की है। महाकुंभ से पहले इस भवन के जीर्णोद्धार का काम पूरा हो जाएगा। अपने नए रंग रूप में यह भवन पर्यटकों को आकर्षित करेगा। इस ऐतिहासिक इमारत में आजादी के पूर्व देश की आजादी में हिस्सा लेने वाले बुद्धिजीवी समाज की बैठकें होती थीं। 1930 के दशक में ब्रिटिश सरकार ने इस भवन को प्रशासनिक भवन में तब्दील कर दिया था। प्रयागराज नगर निगम के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के सलाहकार सूरज वीएस ने बताया कि दिसंबर 2020 में नगर निगम के भवन में एक कमरे की छत गिर गई थी, इसके बाद इस पूरे भवन को गिराकर नया भवन बनाने पर विचार किया गया था। डेढ़ सौ साल से अधिक पुराने भवन को गिराने से पहले पुरातत्व विभाग से राय ली गई। एएसआई, एमएनआईटी प्रयागराज और आईआईटी मुम्बई से इस भवन के विषय में परामर्श लिया गया। 2020-21 में एएसआई की रिपोर्ट आने के बाद नगर निगम की इस बिल्डिंग को धरोहर बताते हुए इसका संरक्षण करने की सलाह दी गई। 150 वर्ष पहले इस भवन का निर्माण ईको फ्रेंडली चीजों से करवाया गया था, इसलिए अब इसका कायाकल्प इन्हीं चीजों से करवाया जा रहा है। इस भवन में पहले मरम्मत के दौरान जो भी नई चीजें लगाई गई थीं, जैसे सीमेंट का प्लास्टर, फर्श की टाइलें, खिड़कियां-दरवाजे, उन्हें अब हटाया जा रहा है, ताकि भवन को असली स्वरूप में वापस लाया जा सके। इससे भवन का तापमान प्राकृतिक रूप से ठंडा रहेगा और गर्मी में भी एयर कंडीशनर का कम इस्तेमाल किया जाएगा। यह तरीका पर्यावरण के अनुकूल भी है, क्योंकि इसमें प्राकृतिक सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। मुंबई की सवानी हेरिटेज जीर्णोद्धार का काम कर रही है, जो दिसंबर के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद इस भवन में ‘फसॉड लाइटिंग’ भी लगवाई जाएंगी। महाकुंभ में आने वाले पर्यटक इस ऐतिहासिक भवन को एक नए कलेवर में देखेंगे । सवानी हेरिटेज के जितेश पटेल ने बताया कि नगर निगम के इस पुराने भवन का जीर्णोद्धार, पुराने जमाने में निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली सामग्री से किया जा रहा है। निर्माण सामग्री के लिए लाइम मध्य प्रदेश के कटनी से और बाकी चीजें अलग-अलग राज्यों और लोकल मार्केट से मंगवाई जा रही हैं। सीमेंट बालू की जगह चूना, सुरखी, बालू, बेल गिरि, गुड़, उड़द की दाल, गुगुल और मेथी के मिश्रण से निर्माण सामग्री तैयार की जा रही है। इस बिल्डिंग के विषय में रोचक बात यह भी है कि एक समय में इसी बिल्डिंग में प्रयागराज म्यूजियम हुआ करता था। म्यूजियम से जुड़े साक्ष्य अब भी इस बिल्डिंग में मौजूद है।

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