पीड़ितों के घर पहुंचे राहुल गांधी, गले लगाकर दी सांत्वना, बोले- दिल खोलकर मुआवजा दे सरकार
Rahul Gandhi reached the house of the victims, hugged and consoled
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इटावा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ने हाथरस की घटना को लेकर कहा कि उनकी नजर में हाथरस की घटना एक हादसा है, हादसे होते रहते हैं। उम्मीद से ज्यादा आस्थावान लोग वहां पर आ गए थे। रामगोपाल ने कहा कि जब बाबा वहां से निकले तो लोगों में भगदड़ मच गई, जिससे लोग कुचल कर मर गए। इसमें साजिश जैसी कोई बात नजर नहीं आती है। वे सैफई में अपने आवास पर गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। रामगोपाल ने कहा कि हादसे में जिन लोगों की मौत हुई है और जो लोग घायल हैं उनके प्रति मेरी सहानुभूति है। सरकार को चाहिए कि उनको मुआवजा भी सही से दे और इलाज भी सही से कराए। आगे कोई ऐसी घटना न हो इसको लेकर कानून बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो भी आयोजन ऐसे होते हैं सारी व्यवस्थाएं डॉक्टर, बैरिकेडिंग, फायर ब्रिगेड आदि होनी चाहिए। अब सरकार जांच कर रही है। उसके बाद सब कुछ साफ हो जाएगा। बाबा के खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका कोई औचित्य नहीं है।
लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को नगर विकास विभाग के अफसरों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है। अफसरों संग हुई समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने अनेक भावी योजनाओं के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीएम योगी ने कहा, नगरों में वाहनों की पार्किंग एक चुनौती बनती जा रही है। इसके समुचित समाधान के लिए शासन, प्रशासन और जनता को मिलकर काम करना पड़ेगा। इसे सुनिश्चित करना ही होगा कि वाहन तय पार्किंग स्थल पर ही खड़े हों, सड़क किनारे नहीं। आवश्यकता पड़े तो इंफोर्समेंट की कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने कहा, पार्किंग के लिए मल्टीलेवल पार्किंग प्रणाली उपयोगी सिद्ध हो रही है। मल्टीलेवल पार्किंग में कॉमर्शियल स्पेस जरूर रखें। नए पार्किंग स्थल के लिए स्थानीय आवश्यकताओं के अध्ययन करने के उपरांत ही कार्ययोजना तैयार करें। भविष्य के दृष्टिगत बेहतर पार्किंग सुविधा के लिए ‘पार्किंग स्थल नियम’ तैयार किए जाएं। सीएम ने आगे कहा, यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी सड़क किनारे बाइक, कार, टैक्सी की पार्किंग न हो। स्ट्रीट वेंडरों को एक जगह नियोजित करें। अवैध टैक्सी स्टैंडों पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। नगरीय परिवहन में इलेक्ट्रिक बसों के उपयोग को प्रोत्साहित करें। मलिन बस्तियों को लेकर भी सीएम योगी ने जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा, प्रत्येक नगर निगम में एक-एक मलिन बस्ती को चिन्हित कर वहां बहुमंजिला आवासीय परिसर के विकास की योजना तैयार करें। इस आवासीय परिसर के समीप स्कूल, मार्केट, पार्क, आदि बुनियादी सुविधाएं होनी चाहिए। यहां जो बाजार विकसित करें, उसमें इसी मलिन बस्ती के परिवार को आवंटित करें। जो पार्क बनाएं, उसके संचालन की जिम्मेदारी भी इन्हें ही दी जाए। इस प्रकार चरणबद्ध रूप से पूरे प्रदेश में मलिन बस्तियों का पुनरोद्धार हो सकेगा। यहां के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में यह प्रयास अत्यंत उपयोगी होगा। नाला-नालियों से अतिक्रमण को हटवाएं बारिश के मौसम में पानी भर जाने को लेकर सीएम योगी ने कहा, जलजमाव का सबसे बड़ा कारण है नालों/नालियों पर किया गया अतिक्रमण। नालियों और नालों पर जहां कहीं अतिक्रमण है, जनता के साथ संवाद बनाकर समाधान निकालें। कार्रवाई के समय इसका ध्यान जरूर रखें कि संबंधित परिवार को मकान के भीतर आने-जाने में अनावश्यक असुविधा न हो। सीएम योगी ने कहा, नगरीय क्षेत्रों में बेतरतीब लगे विज्ञापन होर्डिंग न केवल नगर की सुंदरता खराब करते हैं बल्कि आए दिन दुर्घटना का कारक बन रहे हैं। इसे व्यवस्थित किए जाने की आवश्यकता है। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी नगरीय क्षेत्र में किसी भवन के ऊपर होर्डिंग नहीं लगाई जानी चाहिए। वर्तमान में प्रचलित होर्डिंग के स्थान पड़ एलईडी डिस्प्ले को स्थान दें। तकनीक आधारित इस व्यवस्था से विज्ञापन एजेंसियों, विज्ञापन दाताओं, स्थानीय प्रशासन और जनता सभी को सहूलियत होगी। तय स्थान के अतिरिक्त और कहीं भी किसी प्रकार का विज्ञापन होर्डिंग नहीं लगाई जानी चाहिए।
आगरा शादी के बाद प्रेम-प्रसंग की खबरें अक्सर सुनने को मिल जा रही हैँ। फिर वह महिला के प्रेम-प्रसंग का मामला हो या फिर युवक के। इसी तरह का एक मामला यूपी के आगरा से सामने आया है। यहां एक महिला ने पति से जो डिमांड कर दी है उसे सुनकर सभी के होश उड़ गए। महिला का कहना है कि पति के न रहने पर उसका बॉयफ्रेंड बन गया है अब वह उसी के साथ रहेगी, लेकिन पूरा खर्चा पति से ही लेगी। पत्नी की डिमांड सुनकर पति भी अपनी जिद पर अड़ा है और उसने खर्चा देने से सीधे मना कर दिया है। उसका कहना है कि जब पत्नी अपने बॉयफ्रेंड के साथ रहेगी तो खर्चा भी वही उठाए। मीडियो रिपोर्ट्स के अनुसार आगरा के परिवार परामर्श केंद्र में एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है। हालांकि ये केस चार-पांच दिन पुराना बताया जा रहा है। हाथरस की रहने वाली महिला की शादी आगरा के युवक से 10 साल पहले हुई थी। इस दौरान दोनों से दो बेटियां पैदा हुईं। पति की गैर मौजूदगी के दौरान महिला का अब किसी और प्रेम-प्रसंग हो गया है उसी के साथ महिला अब रहना चाहती है और खर्च अपने पति से मांग रही है। महिला का कहना था कि पति अक्सर काम के सिलसिले में बाहर रहता है वो मुझे वक्त नहीं दे पाता था। वह काफी अकेलापन महसूस कर रही थी। इसी दौरान एक युवक उसकी जिंदगी में आ गया वह भी शादीशुदा है। उसके भी बच्चे हैं। वो पहले से ही अपने परिवार का खर्च उठा रहा है। वह मेरा खर्च नहीं उठा सकता। महिला ने कहा मैं अपने बॉयफ्रेंड के साथ ही रहना चाहती हूं, लेकिन दोनों बेटियां पति से हुई हैं इसलिए उन दोनों के खर्च की जिम्मेदारी पति की है। पति मेरा और दोनों बेटियों का सारा खर्च दें। इस पर पति ने कहा कि वो जब उसके साथ रहती ही नहीं है तो ऐसे में उसे खर्च भी क्यों दे?
लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में बसपा के पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। उनके साथ बड़ी संख्या में बसपा कार्यकर्ताओं ने भी सपा की सदस्यता ली। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सभी को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री अपना पॉलिटिकल स्वास्थ्य सही करने में लगे हुए हैं तो विभाग कैसे सही होगा। इस सरकार में इमरजेंसी में कभी कोई इलाज नहीं मिल पाया है। स्वास्थ्य मंत्री पॉलिटिकल स्वास्थ्य बेहतर करना चाहते हैं, यह सरकार पता नहीं कौन सी पॉलिटिकल विटामिन चाहती है। सपा सरकार में जो मेडिकल कॉलेज चल भी रहे थे, उनको भाजपा ने खत्म कर दिया है। उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था खराब कर दी है। हाथरस में 121 मौतों पर अखिलेश यादव ने कहा कि बड़े पैमाने पर लोगों की जान गई है। इस तरह के कार्यक्रम समय-समय पर उत्तर प्रदेश में होते रहते हैं। पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की है। इस तरह के आयोजन में ज्यादा लोग आते ही हैं। हादसे में सबसे ज्यादा जान महिलाओं की गई है। प्रशासन की कमी की वजह से इतना बड़ा हादसा हुआ है। इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। हाथरस कोई पहला हादसा नहीं है, इससे पहले भी हुए हादसों में स्वास्थ्य सेवाएं फेल थी। उन्होंने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा से गठबंधन था। सबसे पहले वोट मांगने सहारनपुर गए थे। इनकी जीत हुई। हालांकि, दूसरे दल ने दूरी बना ली, लेकिन सांसदों से दूरी कभी नहीं रही।
आगरा प्रेम की निशानी ताजमहल को देखने के लिए हर साल देश-विदेश से हजारों लोग आगरा पहुंचते हैं। इसके आकर्षण से कोई नहीं बच पाता चाहें वो विश्व सुंदरियां ही क्यों न हों! वैसे तो ताज को देखने वाले पर्यटकों के लिए यह हमेशा बेहद खास होता है, लेकिन आज ताजमहल का नजारा कुछ अलग था। वो इसलिए क्योंकि विश्व प्रसिद्ध खूबसूरत ताज का दीदार करने विश्व सुंदरियां पहुंची थी। 30 देशों की 110 सुंदरियों ने ताज को करीब से निहारा और इससे खासी आकर्षित दिखीं। सुंदरियां बेहद खुश और उत्साहित नजर आईं। इनकी सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। सुरक्षा कर्मियों के घेरे में सभी विश्व सुंदरियों ने ताजमहल का दीदार किया। ताज की सुंदरता को देखने के बाद विश्व सुंदरियों के चेहरे पर एक अलग ही चमक दिखी। ताज कीअद्भुत वास्तुकला देख विश्व सुंदरियां अवाक रह गईं। यही वजह है कि मीडिया से रूबरू हुईं तो मुंह से ‘वाह ताज’ निकला। विश्व सुंदरियों ने ताजमहल के इतिहास को जानने में भी खास रुचि दिखाई। उन्होंने टूरिस्ट गाइड से शाहजहां मुमताज की दास्तां सुनाते मकबरे का इतिहास जाना। साथ ही इस पर की गई अद्भुत वास्तुकला की बारीकियों के बारे में भी जानकारी ली। भारत में इस साल मिस टीन इंटरनेशनल-2024 का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें 30 देशों की सुंदरी भाग ले रही हैं। इस प्रतियोगिता में भारत के अलावा साउथ अफ्रीका, स्पेन, श्रीलंका, थाईलैंड, युगांडा, यूएसए, वेनेजुएला, वियातनाम, जिम्बाब्वे, बांग्लादेश, बोस्टवाना, ब्राजील, कंबोडिया, क्यूबा, डोमिनियन रिपब्लिक, इंग्लैंड, फिजी, जर्मनी, इंडोनेशिया, जापान, लिथुआनिया, मैक्सिको, मंगोलिया, नमीबिया, नेपाल, नीदरलैंड और फिलीपींस की सुंदरी शामिल हैं। इनके साथ पिछले साल की विनर मिस टीन इंटरनेशनल बारबरा पराग्गा भी भारत पहुंची हैं, जो 7 जुलाई को अपने उत्तराधिकारी को ताज पहनाएंगी। मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज की याद में ताजमहल बनवाया था। इस खूबसूरत ताज का निर्माण 17वीं सदी में हुआ था, जिसे बनाने में करीब 22 साल लगे थे। 1983 में यूनेस्को ने ताज को विश्व धरोहर स्थल की सूची में शामिल किया था।
लखनऊ लखनऊ के चौक में लोहिया पार्क के पास बुधवार सुबह सरेराह एक शोहदे ने छात्रा पर एसिड फेंक दिया। छात्रा को बचाने में उसका मौसेरा भाई भी चपेट में आ गया। दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। वारदात के बाद हमलावर पैदल भाग निकला। दोनों को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्लास्टिक सर्जरी वार्ड में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई है। पुलिस एफआईआर दर्ज कर शोहदे की तलाश कर रही है। चौक निवासी एक प्रॉपर्टी डीलर की 20 वर्षीय बेटी बुधवार सुबह साढ़े सात बजे लोहिया पार्क के पास अपने मौसेरे भाई से मिलने गई थी। लखीमपुर निवासी मौसेरा भाई एमबीबीएस का छात्र है। वह ई रिक्शा से पार्क तक पहुंची थी। जैसे ही वह ई रिक्शा से उतरकर भाई के आने का इंतजार करने लगी, वैसे ही एक शोहदा आया और उस पर कमेंट करने लगा। छात्रा को शोहदा परेशान कर ही रहा था तभी उसका भाई भी आ गया। उसने शोहदे को फटकारा, तो वह वहां से जाने लगा। कुछ दूर जाने के बाद वह तेजी से वापस आया और एसिड उड़ेल दिया। इससे दोनों झुलस गए। डीसीपी पश्चिम दुर्गेश कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। हमलावर की तलाश में तीन टीमें लगाई गई हैं। चौक में लोहिया पार्क के पास एसिड से हमले की वारदात में छात्रा के मौसेरे भाई ने दिलेरी दिखाई। फटकार पड़ने के बाद जब हमलावर लौटा तो उनकी नजर उस पर पड़ी। चंद सेकंड में हमलावर ने एसिड से भरी बोतल निकाली। यह देखकर छात्रा के मौसेरे भाई ने मामला भांप लिया। तत्काल वह बहन को घेरकर खड़ा हो गया। हालांकि, थोड़ा एसिड छात्रा के चेहरे पर गिर गया, जबकि उसके भाई की पूरी पीठ, हाथ, कंधा और छाती तक एसिड गिरा। मुझे लगा बोतल मारने वाला है… छात्रा के मौसेरे भाई ने परिजनों को बताया कि जब वह वहां पहुंचा तो देखा कि बहन से कोई जबरन बातचीत करने की कोशिश कर रहा है। इसलिए वह तेजी से वहां पहुंचा। शोहदे को फटकारा। जब शोहदा लौटकर आया तो उसके हाथ में बोतल दिखी। छात्रा के भाई को लगा कि वह बोतल मारने जा रहा है। इसलिए तुरंत बहन के सामने आ गया, ताकि उसे बोतल न लगे। उसे अंदाजा नहीं था कि बोतल में एसिड है। डरी-सहमी छात्रा बोली, आखिर ये क्या हो गया वारदात से छात्रा बहुत डर गई है। दहशत की वजह से काफी देर तक वह कुछ भी बोल नहीं पाई थी। इलाज से जब थोड़ा आराम मिला तो माता-पिता से बातचीत की और रोती भी रही। छात्रा ने कहा कि आखिर ये क्या हो गया। अब हम कैसे ठीक होंगे। मेरी क्या गलती थी जो उसने ऐसा किया। वारदात से छात्रा और उसका भाई सहम गया। दहशत इतनी कि कई घंटे तक दोनों कुछ बोल नहीं पाए। छात्रा के पिता के मुताबिक जब बातचीत करने की स्थिति में आई तो उसने अपना चेहरा देखा। चेहरा देख वह डर गई। दहाड़ मार-मार कर रोने लगी। वह बोली, मेरा सबकुछ खत्म हो गया, मुझे गोली मार दो…। अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस कदर घटना ने उसको झकझोर दिया है। तीन-चार दिन से अंजान नंबरों से कॉल करता था, परिजनों को भी नहीं बताया वारदात के बाद छात्रा ने परिजनों को बताया कि अंजान नंबरों से कॉल करने वाला एक शख्स उसको चार-पांच दिन से परेशान कर रहा था। मैसेज भी भेजता था। पर, इस बारे में उसने परिजनों को नहीं बताया। न ही पुलिस से शिकायत की थी। घटना के बाद उसने पूरी बात परिजनों और पुलिस को बताई। खामोश न रहें…ताकि शोहदों पर कस सके नकेल इस मामले में अगर पहले शिकायत की गई होती, तो शोहदे पर पुलिस कार्रवाई करती। जिससे वह वारदात को अंजाम न दे पाता। इसलिए कभी अगर कोई परेशान करे, छेड़छाड़ करे, तो तुरंत पुलिस थाने, वीमेन पावरलाइन 1090 में शिकायत दर्ज कराएं। परिजन बोले, आरोपी को फांसी हो वारदात से परिजन एक तरफ जहां बहुत दुखी हैं तो दूसरी तरफ उनके भीतर आक्रोश भी है। वह बोले कि पुलिस, प्रशासन और सरकार से मांग है कि जल्द से जल्द आरोपी पकड़ा जाए। वह चाहते हैं कि उसे फांसी हो। क्योंकि जो पीड़ा उसने उनकी बेटी, भतीजे और पूरे परिवार को दी है, वह जिंदगी में कभी खत्म नहीं हो पाएगी। पांच फीसदी जला है चेहरा, समय के साथ पता चलेगी गंभीरता केजीएमयू के प्लास्टिक एंड रीकंस्ट्रक्टिव सर्जरी विभाग के प्रमुख प्रो. विजय कुमार ने बताया कि युवती का चेहरा पांच फीसदी जला है। समय के साथ इसकी गंभीरता पता चलेगी। फिलहाल सिर्फ जले हुए भाग का क्षेत्रफल देखा जा सकता है। प्रो. विजय के मुताबिक समय बीतने के साथ ही यह पता चलेगा कि यह घाव त्वचा में कितने भीतर तक है। इसके आधार पर तय किया जाएगा कि इसे रीकंस्ट्रक्ट किया जा सकता है अथवा नहीं, या फिर इसके लिए कौन सी तकनीक अपनाई जाएगी। वहीं घटना में घायल युवक एमबीबीएस का छात्र है, उसके कंधे का करीब 10 फीसदी हिस्सा जला है। जबकि उसकी बहन ने हाल ही में स्नातक कंप्लीट किया है। झुलसे भाई-बहन को निगरानी में रखा गया है। दोनों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर हैं।
गोरखपुर दरअसल, सीबीआई की एसीबी टीम ने ये कार्रवाई की है। कुशीनगर के एक धनंजय राय ने सीबीआई के दिए शिकायत में आरोप लगाया था कि एनएचआईए के मैनेजर वृजेंद्र सिंह ने उनसे रिश्वत की मांग की थी। कुशीनगर के तमकुहीराज में उनके आईओसीएल का पेट्रोल पंप स्वीकृत हुआ था। 3 जुलाई 2023 को इसकी कंपनी की तरफ से इसका स्वीकृति मिली थी। एनएचएआई किनारे मेरी जमीन पर स्वीकृति मिलने के बाद मेरी तरफ से विभाग से एनओसी के लिए दिसंबर में आवेदन किया गया था। गोरखपुर एनएचएआई के वृजेंद्र सिंह के पास मेरी फाइल गई थी और उनके द्वारा इसकी स्वीकृति दिए जाने में विलंब किया जा रहा था। इसके बाद संपर्क करने पर उनकी तरफ से एनओसी दिए जाने पर डेढ़ लाख रुपये घूस की मांग की गई थी। 1 जुलाई 2024 को धनंजय राय की तरफ से इसकी शिकायत सीबीआई के एसीबी को की गई थी। संज्ञान लेकर सीबीआई की एसआईबी टीम ने बृहस्पतिवार को पीसी एक्ट 1988 के तहत केस दर्ज किया है। बृहस्पतिवार को गोरखपुर एनएचएआई दफ्तर लखनऊ सीबीआई की एसीबी टीम आई। अपने साथ दो कर्मचारियों को ले जाने की सूचना है।
नई दिल्ली अपने भक्तों के बीच भोले बाबा नाम से मशहूर हाथरस में सत्संग करने वाले स्वयंभू बाबा सूरजपाल के वकील ने बुधवार को दावा किया था कि भगदड़ मचने से पहले ही बाबा भोले सत्संग स्थल छोड़कर जा चुके थे लेकिन 47 सेकंड के एक वीडियो क्लिप ने बाबा के झूठ पर से पर्दा हटा दिया है। वीडियो क्लिप में दिख रहा है कि बाबा अपने सुरक्षा बलों के भारी भरकम काफिले के साथ तेजी से फरार हो रहा है। बाबा सफेद रंग की कार में बैठा है और उसके आगे पीछे बाइक पर सवार ब्लैक कमांडो उसे एस्कॉर्ट कर रहे हैं। मीडिया ने उस वीडियो क्लिप को साझा किया है। उसकी रिपोर्ट में कहा गया है कि सड़क के किनारे ब्लैक कमाडों को हरकत में आते हुए देखा जा सकता है। उसके बाद बाबा भोले सफेद कार में वहां से काफिले के साथ फरार हो रहा है। बाबा के सत्संग स्थल छोड़ने की जो टाइम सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है, वह प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा घटना के बारे में बताए गए समय से मेल खाती है। इससे पहले बुधवार को सूरजपाल उर्फ नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा के वकील एपी सिंह ने दावा किया था कि बाबा के अनुयायी कभी भी उनके पैर नहीं छूते हैं। इसलिए उनके पैर छूने की वजह से भगदड़ नहीं मच सकती है। उन्होंने हाथरस में मंगलवार को आयोजित सत्संग में मची भगदड़ और 121 लोगों के मारे जाने के पीछे कुछ असामाजिक तत्वों का हाथ होने का संदेह जताया है। सिंह ने कल दावा किया था, “कुछ असामाजिक तत्वों ने साजिश रची। जब नारायण साकार हरि कार्यक्रम स्थल से चले गए, उनके वाहन भी चले गए, तो हमारे स्वयंसेवक और अनुयायी साजिश के कारण यह समझने में विफल रहे कि क्या हो रहा है। यह एक योजना के तहत किया गया था और इसकी जांच होनी चाहिए।’’ बहरहाल उत्तर प्रदेश पुलिस ने सत्संग समारोह के आयोजकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। उन पर साक्ष्य छिपाने के भी आरोप हैं। इसके अलावा अनुमानित संख्या से ज्यादा लोगों को सभा स्थल पर इकट्ठा कराने और अधिकारियों के साथ जांच में सहयोग नहीं करने के भी आरोप हैं। FIR में कहा गया है कि आयोजकों ने 80,000 लोगों के जमा होने देने की इजाजत मांगी थी लेकिन इससे कहीं ज्यादा करीब ढाई लाख लोग जमा हो गए थे। इससे सभा स्थल पर भीड़ बहुत ज्यादा बढ़ गई। भीषण गर्मी और उमस के बावजूद कार्यक्रम स्थल पर छोटे गेट बनाए गए थे, जिससे निकलने के दौरान भगदड़ मची और बगल के नाले में एक पर एक लोग गिरते चले गए।
आगरा बसपा सरकार में लाल बत्ती के काफिले में चलने वाले साकार हरि बाबा उर्फ सूरजपाल की नजदीकी समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी रही है। अखिलेश यादव साकार हरि के सत्संग में शामिल भी हुए हैं। बीते साल जनवरी में अखिलेश यादव ने एक्स प्लेटफार्म पर सत्संग में शामिल होने का पोस्ट शेयर किया था और उनकी जय-जयकार की थी। हाथरस में हुए हादसे के बाद सपा मुखिया अखिलेश यादव का सोशल मीडिया पर 3 जनवरी 2023 का पोस्ट वायरल हुआ है। इसमें उन्होंने साकार हरि के लिए लिखा था कि नारायण साकार हरि की संपूर्ण ब्रह्मांड में सदा-सदा के लिए जय-जयकार हो। साकार हरि के नाम से चर्चित बाबा का असली नाम सूरजपाल है। वह पुलिस में नौकरी के दौरान 28 साल पहले इटावा में भी तैनात रहे हैं। बताया जाता है कि नारायण साकार हरि यानी भोले बाबा का बसपा सरकार में डंका बजता था। इस सरकार में भोले बाबा लाल बत्ती की गाड़ी में सत्संग स्थल तक पहुंचते थे। उनकी कार के आगे आगे पुलिस एस्कॉर्ट करते हुए चलती थी। बसपा सरकार में तत्कालीन जनप्रतिनिधि उनके सत्संग में शामिल होने पहुंचते रहे। सत्संग स्थल पर पुलिस की जगह उनके स्वयंसेवक ही कमान संभालते हैं। सत्संग में सेवा के लिए पुलिसकर्मी भी छुट्टी लेकर पहुंचते हैं। सत्संग में पूरी व्यवस्थाएं स्वयंसेवकों के हाथ में ही होती हैं। इनमें कई पुलिसकर्मी हैं, जो बाबा की सुरक्षा में तैनात रहने के साथ सत्संग स्थल पर व्यवसथाएं संभालते हैं। स्वयंसेवक गुलाबी रंग की यूनिफॉर्म में सत्संग स्थल से लेकर शहर की सड़कों पर तैनात रहते हैं। आगरा में कोठी मीना बाजार मैदान, सेवला के पास शक्ति नगर मैदान, आवास विकास कॉलोनी, दयालबाग, बाह और शास्त्रीपुरम के पास सुनारी में नारायण साकार हरि का सत्संग हो चुका है।सूरजपाल सिंह उर्फ साकार हरि बाबा उर्फ भोले बाबा कासगंज जिले के पटयाली का रहने वाला है। 17 साल पहले पुलिस कांस्टेबल की नौकरी छोड़ सूरजपाल सत्संग करने लगा। वह आम साधु-संतों की तरह गेरुआ वस्त्र नहीं पहनता। अधिकतर वह महंगे चश्मे, सफेद पैंट-शर्ट पहनता है। सपा अध्यक्ष संग बाबा की तस्वीरें ले गए योगी सपा अध्यक्ष संग बाबा की तस्वीरें ले गए योगी हाथरस। हादसे के बाद दौरे पर आए मुख्यमंत्री की पुलिस लाइन में अफसरों संग बैठक बेहद गरमा-गरम रही। बैठक की शुरुआत मुख्यमंत्री के इसी सवाल के साथ हुई कि आखिर ढाई लाख की भीड़ किन वाहनों और संसाधनों से आ गई। इन सवालों का अफसरों पर कोई जवाब न था। इसी बीच सीएम को आयोजन की तैयारियों व हादसे के कुछ फुटेज दिखाए। इसी बीच बाबा व सपा अध्यक्ष अखिलेश की कुछ तस्वीरें भी दिखाई गईं। बस यह तस्वीर दिखाते ही अफसर बचते नजर आए और पूरे मामले में सियासी एंट्री के साथ साजिश का दखल भी हो गया। इसके बाद मुख्यमंत्री यह तस्वीरें अपने साथ ले गए। बैठक का माहौल कितना गरम रहा होगा। इसका अंदाजा बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस में आए मुख्यमंत्री के चेहरे को देखकर ही लगाया जा सकता है। बेहद सख्त लहजा था, मुख्यमंत्री का। माथे पर तनाव की लकीरें साफ दिख रही थीं। तनिक भी मुस्कुराहट के भाव नहीं थे। साफ झलक रहा था कि बैठक गरम माहौल में हुई है। इसे लेकर जब सूत्रों से बात हुई तो सीएम योगी आदित्यनाथ ने सत्संग की तैयारियों से लेकर हादसे के दौरान की सभी तस्वीरों व वीडियो को देखा। सीएम के सवालों ने यहां अफसरों को निरुत्तर कर दिया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने अफसरों से पूछा कि आखिर कैसे, किन वाहनों से इतनी भीड़ यहां एकत्रित हुई। अगर प्रशासनिक आंकड़े ढाई लाख बता रहे हैं तो ढाई लाख की भीड़ किन किन वाहनों से आई।
हाथरस दो जुलाई को हाथरस में सत्संग के दौरान हुई भगदड़ में 121 लोगों की हुई मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस ने सत्संग आयोजक समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि मुख्य आरोपी सेवादार पर एक लाख का इनाम घोषित किया गया है। गुरुवार को पुलिस ने प्रेस कान्फ्रेंस करके ये जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि बाबा और बाकी लोगों की भी तलाश की जा रही है। अलीगढ़ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक शलभ माथुर ने यहां प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि पिछले मंगलवार को हाथरस के सिकंदराराऊ क्षेत्र स्थित फुलरई गांव में आयोजित हरिनारायण साकार विश्वहरि भोले बाबा के सत्संग में मची भगदड़ में 121 लोगों की मौत के मामले में अब तक दो महिला सेवादारों समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि मामले के प्रमुख आरोपी मुख्य सेवादार देव प्रकाश मधुकर पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। उसके खिलाफ जल्द ही गैर जमानती वारंट भी जारी किया जाएगा। भोले बाबा से पूछताछ या उसकी गिरफ्तारी की सम्भावना के बारे में पूछने पर माथुर ने कहा, आगे किसी की गिरफ्तारी होगी या नहीं, यह विवेचना पर निर्भर करेगा। जांच में आगे किसी की भूमिका निकलकर आयेगी तो कार्रवाई होगी। जरूरत पड़ेगी तो जरूर पूछताछ की जाएगी। हाथरस जिले के फुलरई गांव में भोले बाबा द्वारा आयोजित सत्संग में मंगलवार को मची भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई थी तथा 31 अन्य घायल हो गये थे। ये है पूरा मामला सत्संग खत्म होने के बाद बाबा की ‘चरण धूलि’ लेने के लिये बड़ी संख्या में लोगों के आगे बढ़ने के दौरान मची भगदड़ में 121 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। घटना में 31 अन्य घायल हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में मुख्य सेवादार और उसके अन्य सहयोगियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और सभी की तलाश में दबिश शुरू कर दी। इस मामले में भोले बाबा की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे। हालांकि भोले बाबा की लोकेशन की भी तलाश की जा रही है। घटना के बाद से भी भोले बाबा फरार चल रहा है। हाथरस पहुंचकर सीएम योगी ने घायलों का जाना था हाल हाथरस हादसे के अगले दिन सीएम योगी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और घटनास्थल का जायजा भी लिया। संवाददाताओं ने उनसे पूछा कि मुकदमे में भोले बाबा को अभियुक्त क्यों नहीं बनाया गया? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘जिन लोगों ने कार्यक्रम के लिए अनुमति का आवेदन दिया था, प्रथम दृष्ट्या पहले मुकदमा उनके खिलाफ होता है। उसके बाद फिर उसका दायरा बढ़ता है जो भी लोग इसके लिए जिम्मेदार होंगे, वे इसके दायरे में आएंगे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस मामले की न्यायिक जांच के लिये बुधवार को तीन सदस्यीय आयोग गठित किया गया है जो दो महीने में जांच पूरी करके रिपोर्ट देगा। इस आयोग की अध्यक्षता इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव करेंगे। आयोग के दो अन्य सदस्यों में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हेमंत राव और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी भावेश कुमार सिंह शामिल हैं।
अयोध्या अयोध्या के राम मंदिर की व्यवस्था में बदलाव हुआ है. अब मंदिर के पुजारियों की ड्रेस बदल गई है. पुजारियों की ड्रेस अब भगवा से पीली हो गई है. इसके अलावा मंदिर में मोबाइल ले जाने पर भी बैन लगा दिया गया है. इसके अलावा और भी कई नियम बदले गए हैं. आइए जानते हैं विस्तार से… राम मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों के अनुसार, रामलला के मंदिर के पुजारियों की पोशाक में बदलाव हुआ है और उनके मंदिर में मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. अभी तक गर्भगृह में पुजारी भगवा वस्त्र में दिखते थे. वे भगवा पगड़ी, भगवा कुर्ता और धोती पहनते थे. लेकिन अब पुजारियों ने उसी रंग के कुर्ते और पगड़ी के साथ पीली (पीतांबरी) धोती पहनना शुरू कर दिया है. मंदिर अधिकारियों के मुताबिक, नया ड्रेस कोड 1 जुलाई से लागू हो गया है. नए पुजारियों को पीली पगड़ी बांधने का प्रशिक्षण दिया गया है. ‘चौबंदी’ कुर्ते में बटन नहीं होते और इसे बांधने के लिए धागे का इस्तेमाल किया जाता है. पीले रंग की ‘धोती’, सूती कपड़े का एक टुकड़ा, कमर के चारों ओर बांधा जाता है जो टखनों तक पैरों को ढकता है. मालूम हो कि राम मंदिर में एक मुख्य पुजारी के साथ चार सहायक पुजारी हैं. प्रत्येक सहायक पुजारी के साथ पांच प्रशिक्षु पुजारी भी रखे गए हैं. इन पुजारियों की प्रत्येक टीम सुबह 3.30 बजे से रात 11 बजे के बीच पांच घंटे की शिफ्ट में अपनी सेवाएं देती है. पुजारियों के भी मंदिर में मोबाइल फोन ले जाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है. गौरतलब हो कि भारतीय धर्म में पीले रंग का विशेष महत्व है. शुभ कामों में पीला और भगवा रंग का ही इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में अब राम मंदिर के पुजारी भी पीले वस्त्रों में नजर आएंगे. इस नए ड्रेस कोड के लिए पुजारियों को विशेष ट्रेनिंग भी दी गई है. राम मंदिर में पीएम मोदी बता दें कि 5 अगस्त को जब राम मंदिर का भूमिपूजन/शिलान्यास किया गया था, तब पीएम मोदी ने भी पीले रंग का ही कुर्ता पहना था. हालांकि, वहां मौजूद पुजारी भगवे रंग के वस्त्र में मौजूद थे.
रामपुर/ मुरादाबाद दिल्ली-लखनऊ राजमार्ग स्थित मूंढापांडे में बृहस्पतिवार की सुबह रोडवेज बस ने हज करके लौट रहे लोगों की कार को रौंद दिया। इसमें एक परिवार के पिता और तीन पुत्रों समेत कार चालक की मौत हो गई। मृतकों में हाजी अशरफ (65) उनके तीन बेट नक्शे अली (42), आरिफ अली(24) और इंतेखाब अली(20) कार चालक अहसान (32) शामिल हैं। हादसे में हज्जन जैतून और उनका बेटा आसिफ अली घायल हुए हैं। यह सभी स्वार कोतवाली के मुकरमपुर गांव के हैं। रामपुर जिले के स्वार कोतवाली क्षेत्र के मुकरमपुर गांव निवासी अशरफ अली और उनकी पत्नी जैतून हज करने के लिए सऊदी अरब गए थे। हज के बाद दंपती बुधवार की शाम दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरे थे। उन्हें दिल्ली से रिसीव कर घर लाने के लिए बुधवार को तीन बेटे नक्शे अली, आरिफ अली, आसिफ अली और इंतेखाब अली एयरपोर्ट पहुंचे। कार गांव के ही अहसान की थी और वह ही चला रहे थे। सभी करीब देर रात गांव मुकरमपुर के लिए रवाना हुए। बताते हैं कि बृहस्पतिवार की सुबह करीब छह बजे कार मूंढापांडे पहुंची ही थी कि सामने से आ रही रोडवेज बस चालक ने उसमें टक्कर मार दी। हादसा इतना जबरदस्त था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इससे उसमें सवार अशरफ, उनके बेटे नक्शे अली व आरिफ तथा चालक अहसान की मौके पर ही मौत हो गई। तीसरे बेटे इंतेखाब ने अस्पताल में दम तोड़ा। हादस के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। दुर्घटना में घायल हाजी अशरफ की पत्नी और बेटे आसिफ का मुरादाबाद के अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे की सूचना मिलने पर गांव मुकरमपुर में मातम पसरा हुआ है। आसपास के गांवों से भी रिश्तेदार और लोगों का तांता लगा हुआ है।
हाथरस हाथरस जनपद के सिकंदराराऊ अंतर्गत फुलरई, मुगलगढ़ी पर 2 जुलाई को साकार हरि बाबा के सत्संग के बाद हुए हादसे से पहले का वीडियो सामने आया है। वीडियो से दो बातें निकल कर आ रही हैं कि एक तो अनुयायी-सेवादारों की इतनी भीड़ थी कि वहां पर भगदड़ होने पर बड़ा हादसा होना लाजमी था, दूसरी प्रमुख बात यह कि साकार हरि बाबा का कार्यक्रम जिस खेत में हुआ, वह पहले से ही गीला था, वह भी इतने बड़े हादसे का सबब बना है। हाथरस हादसे के पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जो 1 मिनट 13 सेकंड का है। वीडियो चलती हुई बस में से कोई यात्री रिकोर्ड कर कर रहा था। इतनी अधिक भीड़ देखकर वीडियो बनाने वाला भी आश्चर्य चकित था। वीडियो उसी जगह का है, जहां पर साकार हरि बाबा का सत्संग रखा गया। वीडियो में शुरू से लेकर अंत तक जितनी भीड़ दिख रही है, उससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वहां बड़े हादसे को अंजाम देने का पूरा इंतजाम था। पहले से गीले खेत में रखा गया कार्यक्रम वीडियो में एक जगह पर वीडियो बनाने वाला अपने किसी साथी से बात करते हुए कह रहा है कि गीले खेत में लगा रखा है … । इन शब्दों से साफ हो रहा है 2 जुलाई को साकार हरि बाबा के सत्संग वाला खेत पहले से गीला था। उसके बाबजूद वहां पर अनुयायियों को इतनी तादात में इकट्ठा किया गया। वहां पर गीले खेत में फिसलन की स्थिति रही होगी। आयोजकों ने गीले खेत में ही बाबा का सत्संग करा दिया। यह सवाल उठ रहा है कि आयोजकों ने साकार हरि बाबा को कार्यक्रम स्थल गीले होने की सूचना दी या नहीं, दी गई तो फिर क्यों सत्संग आयोजित किया गया ? इस बिन्दु को भी जांच में शामिल किया जाना चाहिए।
हाथरस निर्भया केस में आरोपियों के वकील एपी सिंह अब सूरजपाल जाटव उर्फ भोले बाबा का केस लड़ेंगे। हाथरस में बाबा के सत्संग के दौरान मची भगदड़ में 121 लोगों की जान चली गई। इस पर भोले बाबा के वकील ने दावा किया कि भगदड़ मचने से पहले ही भोले बाबा कार्यक्रम स्थल से चले गए थे। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद हमारे स्वयंसेवक और अनुयायी यह समझाने में असफल रहे कि घटना का कारण क्या था। वकील एपी सिंह ने कहा, सत्संग में भगदड़ के पीछे असामाजिक तत्व थे। यह सब एक योजना के तहत किया गया है और इसकी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, भोले बाबा मंगलवार की भगदड़ की जांच में प्रशासन और पुलिस को सहयोग करने के लिए भी तैयार हैं व उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग की है। एफआईआर में किए गए दावों और प्रारंभिक रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर शीर्ष अदालत के वकील ने कहा, नारायण साकार हरि कभी भी अनुयायियों को अपने पैर नहीं छूने देते। ‘चरण रज का उल्लेख झूठ है। ऐसी हरकत का कोई वीडियो या तस्वीर नहीं है। एपी सिंह ने कहा कि वह बाबा भोले का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और सिकंदर राऊ पुलिस थाना क्षेत्र के फुलराई गांव में आयोजित सत्संग के मुख्य आयोजक थे। भगदड़ के संबंध में दर्ज प्राथमिकी में नारायण साकार हरि का आरोपी के रूप में उल्लेख नहीं किया गया है।