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3-1 से सीरीज जीतने पर कमिंस ने कहा कि अपनी धरती पर यह जीत हासिल करना बहुत खास है, हमें इस उपलब्धि पर गर्व

सिडनी ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने 2024/25 सीजन में पहली बार बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीती। इससे पहले उन्होंने कभी यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी नहीं जीती थी। इस जीत से उन्होंने और उनकी टीम ने एक दशक बाद सीरीज अपने नाम की। सिडनी में भारत को छह विकेट से हराने के बाद 3-1 से सीरीज जीतने पर कमिंस ने कहा कि अपनी धरती पर यह जीत हासिल करना बहुत खास है। उन्होंने कहा, “यह अविश्वसनीय है। यह वो ट्रॉफी थी जो कुछ खिलाड़ियों के पास नहीं थी। सबकी नजर इस पर थी और इसने उम्मीदों पर खरा उतरा। हमने अपनी योजनाओं को साफ रखा। हमारा मकसद रन रोकना था। हमें पता था कि पिच चुनौतीपूर्ण होगी। बल्लेबाजों ने अच्छी रणनीति अपनाई और आखिर में सब सही रहा।” कमिंस ने अपनी टीम पर गर्व जताते हुए कहा, “हमने एक ग्रुप के रूप में बहुत समय बिताया। पर्थ का अनुभव उतना बुरा नहीं था जितना लगा। इस सफर में हमें मजा भी आया और सफलता भी मिली। जो हमने हासिल किया, उस पर हमें गर्व है। यह हमारे जीवन का सबसे खास समय है, और हमें खुशी है कि इसे एक साथ जी रहे हैं।” उन्होंने इस सीरीज को अपने टेस्ट करियर की सबसे पसंदीदा सीरीज बताया। खासकर तब जब पांच मैचों में कुल 8,37,879 दर्शकों ने मैच देखे। कमिंस ने कहा, “यह मेरी सबसे पसंदीदा सीरीज में से एक रहेगी। रोहित और जसप्रीत को धन्यवाद। फैंस ने इसे खास बना दिया। यह दिखाता है कि टेस्ट क्रिकेट सबसे बेहतरीन फॉर्मेट क्यों है। हर मैदान का माहौल शानदार था। एमसीजी बेहतरीन था, और सिडनी में तीन बार स्टेडियम खचाखच भरा। पिंक टेस्ट कैलेंडर में खास जगह रखता है। यह वो है, जिसके साथ मैं बड़ा हुआ हूं। हम एक महान उद्देश्य का जश्न मना रहे हैं।” कमिंस ने सीरीज में डेब्यू करने वाले नाथन मैकस्वीनी, सैम कोंस्टास और ब्यू वेबस्टर की तारीफ की। साथ ही ट्रेविस हेड और स्टीव स्मिथ जैसे अनुभवी बल्लेबाजों को भी सराहा। उन्होंने कहा, “इस सीरीज में तीन खिलाड़ियों ने डेब्यू किया और सभी ने शानदार योगदान दिया। आज ब्यू वेबस्टर ने बेहतरीन खेल दिखाया।” कमिंस ने अपनी परफॉरमेंस पर बात करते हुए कहा, “मैं सीरीज में अपने प्रदर्शन से खुश हूं। कुछ अहम मौकों पर हमारे मुख्य खिलाड़ी आगे आए और टीम के लिए बड़ी भूमिका निभाई। भारत जैसी मजबूत टीम को हराने के लिए यही जरूरी है।” इस मैच के हीरो स्कॉट बोलैंड, जिन्हें 10-76 के आंकड़े के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने इस जीत को खास बताया। उन्होंने कहा, “यह शानदार अनुभव है। पिछले कुछ महीनों का सफर बहुत मजेदार रहा। मुझे नहीं लगा था कि मैं इस सीरीज में ज्यादा भूमिका निभा पाऊंगा। लेकिन मैंने अपनी तैयारी की और सही समय पर योगदान दिया। 3-1 से भारत के खिलाफ जीतना एक बड़ा पल है। मैं खुश हूं कि टीम की सफलता में अपनी भूमिका निभा सका।”  

भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह मेरे क्रिकेट करियर के सबसे कठिन गेंदबाज हैं: उस्मान ख्वाजा

सिडनी ऑस्ट्रेलिया के ओपनर उस्मान ख्वाजा ने कहा कि भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह उनके क्रिकेट करियर के सबसे कठिन गेंदबाज हैं, जिनका सामना उन्होंने किया है। बुमराह ने इस सीरीज में 5 मैचों में 32 विकेट लिए, जिसमें उन्होंने 13.06 की औसत और 28.37 के स्ट्राइक रेट से गेंदबाजी की। उन्होंने ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का अवॉर्ड जीता, हालांकि भारत 3-1 से सीरीज हार गया। ख्वाजा ने एबीसी स्पोर्ट से कहा, “मुझे बस बुमराह का सामना करना पड़ रहा था। अफसोस है कि वह चोटिल हो गए, लेकिन हमारे लिए यह राहत की बात थी। आज के विकेट पर उनका सामना करना बुरा सपना होता। जब हमने देखा कि वह मैदान पर नहीं हैं, तो हमें लगा कि अब हमारे पास मौका है। वह सबसे कठिन गेंदबाज हैं जिनका मैंने सामना किया है।” उन्होंने युवा बल्लेबाज सैम कोंस्टास के साथ बल्लेबाजी का अनुभव भी साझा किया। उन्होंने कहा, “मैंने कभी किसी को इतना आत्मविश्वासी नहीं पाया। वह एक ऐसा इंसान है जो अपनी बात मुस्कान के साथ कहता है, और यह काफी आकर्षक लगता है।” बुमराह के पीठ की समस्या के कारण तीसरे दिन गेंदबाजी नहीं करने पर ऑस्ट्रेलिया को बड़ी राहत मिली। बाएं हाथ के बल्लेबाज ट्रेविस हेड ने प्रसारकों से बातचीत में कहा, “मुझे लगता है कि 15 लोग खुश थे कि बुमराह ने आज गेंदबाजी नहीं की। वह शानदार खिलाड़ी हैं और उनका प्रदर्शन अद्भुत था।” हेड ने अपनी 34 रनों की नाबाद पारी और उस्मान ख्वाजा के साथ चौथे विकेट के लिए 46 रनों की साझेदारी के बारे में कहा, “इस साझेदारी से मुझे भरोसा हो गया कि हम लक्ष्य तक आसानी से पहुंच जाएंगे।” उन्होंने आगे कहा, “मैं परिणामों की ज्यादा चिंता नहीं करता। बस अच्छा योगदान देना चाहता था। यह सीरीज काफी कठिन थी। पांच टेस्ट खेलना बड़ा मुश्किल भरा रहा। जो खिलाड़ी सभी पांच टेस्ट खेले, वे अब आराम का इंतजार कर रहे होंगे।” ऑलराउंडर ब्यू वेबस्टर, जिन्होंने अपने टेस्ट डेब्यू पर शानदार प्रदर्शन किया, ने कहा, “यह मैच अविस्मरणीय था। बेहतरीन भीड़ और शानदार माहौल। जब चार रन बाकी थे, तो मैं इसे खत्म करने का प्रयास करना चाहता था। पूरी सीरीज में जबरदस्त समर्थन मिला। यह एक शानदार अनुभव था।” वहीं, बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने एबीसी स्पोर्ट से कहा कि वह पीठ की चोट के कारण काफी थके हुए हैं और श्रीलंका दौरे की तैयारी के लिए छह दिन का ब्रेक लेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि वह 12 जनवरी से शुरू होने वाली महिला एशेज सीरीज में कमेंट्री करेंगे, जिसमें उनकी पत्नी एलिसा हीली ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी करेंगी। स्टार्क ने कहा, “टेस्ट क्रिकेट में यही होता है, हमें अपनी सीमा तक जाना पड़ता है। मैंने अपनी क्षमता से थोड़ा ज्यादा जोर लगा दिया।”  

गंभीर ने कहा, मैं किसी खिलाड़ी के भविष्य पर बात नहीं कर सकता, रोहित, कोहली जो भी फैसला करेंगे, वह हित में ही होगा

सिडनी बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 1-3 से हार के बाद कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली के टेस्ट करियर को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लेकिन भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर का कहना है कि उन्हें भरोसा है कि ये दोनों खिलाड़ी जो भी फैसला करेंगे, वह भारतीय क्रिकेट के हित में ही होगा। इस सीरीज में विराट कोहली ने 5 टेस्ट मैचों में सिर्फ 190 रन बनाए और 8 बार ऑफ-स्टंप के बाहर की गेंद पर आउट हुए। वहीं, रोहित शर्मा ने अपने दूसरे बच्चे के जन्म के कारण पर्थ टेस्ट नहीं खेला। इसके बाद उन्होंने 3 टेस्ट में सिर्फ 31 रन बनाए और खराब फॉर्म के कारण सिडनी टेस्ट से खुद को अलग कर लिया। सिडनी टेस्ट में भारत 6 विकेट से हारा और इसके साथ ही 2025 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की दौड़ से बाहर हो गया। गंभीर ने कहा, “मैं किसी खिलाड़ी के भविष्य पर बात नहीं कर सकता। ये उनका फैसला है। लेकिन मैं इतना जरूर कहूंगा कि उनके अंदर अभी भी खेल के प्रति जुनून और भूख है। मुझे भरोसा है कि वे भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाने के लिए काम करेंगे। और जो भी वे तय करेंगे, वह भारतीय क्रिकेट के लिए सही होगा।” गंभीर ने रोहित के सिडनी टेस्ट से हटने के फैसले की तारीफ की और इसे टीम के हित में बताया। रोहित ने खराब फॉर्म को देखते हुए खुद ही टीम के लिए यह फैसला लिया। गंभीर ने कहा, “ड्रेसिंग रूम में मतभेद की जो बातें की जा रही थीं, वे बेबुनियाद हैं। हमको इस तरह की चीजों में और समझदार होना होगा। अगर एक कप्तान या लीडर टीम के हित में खुद को पीछे हटाता है, तो इसमें कोई बुराई नहीं है। इसके बारे में बहुत कुछ कहा गया। टीम और देश से ऊपर कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है।” गंभीर ने आगे कहा, “हम सबको, चाहे वह मैं हूं या कोई और खिलाड़ी, टीम को हमेशा अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं से ऊपर रखना चाहिए और रोहित ने यह दिखाया है। जवाबदेही सबसे ऊपर होती है, और रोहित ने इसे सिडनी टेस्ट में दिखाया।” अब भारत का अगला अंतरराष्ट्रीय मैच इंग्लैंड के खिलाफ 22 जनवरी से कोलकाता में शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज है। वहीं, जो खिलाड़ी इस फॉर्मेट का हिस्सा नहीं हैं, उनके पास रणजी ट्रॉफी के अंतिम दो लीग मैचों में खेलने का मौका होगा। रोहित और कोहली ने 2024 टी20 विश्व कप जीत के बाद टी20 अंतर्राष्ट्रीय से संन्यास ले लिया, जबकि केएल राहुल जैसे खिलाड़ी दो साल से टीम का हिस्सा नहीं रहे हैं। गंभीर ने आगे कहा, “मैं हमेशा चाहता हूं कि हर कोई घरेलू क्रिकेट खेले। घरेलू क्रिकेट को कितना महत्व दिया जाना चाहिए, यह इस बात से पता चलता है, न कि केवल एक खेल से। अगर खिलाड़ी उपलब्ध हैं, और उनके पास रेड बॉल क्रिकेट खेलने की प्रतिबद्धता है, तो सभी को घरेलू क्रिकेट खेलना चाहिए। यदि आप घरेलू क्रिकेट को महत्व नहीं देते हैं, तो आपको कभी भी टेस्ट क्रिकेट में बढ़िया खिलाड़ी नहीं मिलेंगे।” ऑस्ट्रेलिया में सीरीज की हार से पहले भारत घर पर न्यूजीलैंड से भी 0-3 से हारा था। माना जा रहा है कि टीम में लंबे समय से प्रतीक्षित बदलाव अब जरूरी हो गया है। गंभीर ने इस मामले पर कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज अभी-अभी खत्म हुई है, इसलिए बदलाव के बारे में बात करना जल्दबाजी होगी। गंभीर ने कहा, “इसके बारे में बात करना जल्दबाजी होगी। सीरीज अभी-अभी खत्म हुई है। मुझे लगता है कि हमारे पास अभी भी पांच महीने का समय है कि हम योजना बना सकें कि हम कहां जाना चाहते हैं। लेकिन यह मेरे लिए इसके बारे में बात करने का सही समय नहीं है। पांच महीने के बाद हम कहां होंगे? खेल में बहुत कुछ बदल जाता है। फॉर्म, लोग और रवैया बदलता है; खेल में सब कुछ बदल जाता है। हम सभी जानते हैं कि पांच महीने लंबा समय है। तो इंग्लैंड सीरीज से पहले देखते हैं कि क्या होने वाला है। लेकिन जो भी होगा, वह भारतीय क्रिकेट के सर्वोत्तम हित में होगा।”  

पाकिस्तान 551 रनों से पीछे है और अपनी पहली पारी में 64/3 का स्कोर बना लिया, फॉलोऑन का खतरा मंडरा रहा

केपटाउन साउथ अफ्रीका ने न्यूलैंड्स में पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टेस्ट में अपना दबदबा बना लिया है। पहली पारी में 615 रनों का विशाल स्कोर बनाया और दूसरे दिन स्टंप तक मेहमान टीम के तीन विकेट झटक लिए हैं। पाकिस्तान 551 रनों से पीछे है और अपनी पहली पारी में 64/3 का स्कोर बना लिया है। मेहमान टीम पर फॉलोऑन का खतरा मंडरा रहा है। रयान रिकेल्टन दिन के स्टार रहे, जो न्यूलैंड्स में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर से चूक गए। रिकेल्टन ने 259 रन की शानदार पारी खेली। काइल वेरिन ने अपना चौथा टेस्ट शतक बनाया, लेकिन 105 रन बनाकर आउट हो गए। मार्को यानसन ने भी दमदार प्रदर्शन किया। उन्होंने सिर्फ 42 गेंद पर तूफानी अर्धशतक जड़ा। छह चौकों और तीन छक्कों की मदद से यानसन ने 62 रन बनाए। कगिसो रबाडा ने 35 गेंद पर चार चौके और दो छक्कों की मदद से 40 रन की पारी खेली। पाकिस्तान के गेंदबाजों ने कड़ी मेहनत की, लेकिन सपाट पिच और जमे हुए बल्लेबाजों ने उनके प्रयासों को बेकार कर दिया। मोहम्मद अब्बास ने एक बार फिर गेंद से कमाल दिखाया और तीन विकेट चटकाए और पाकिस्तान के लिए टेस्ट क्रिकेट में 100 विकेट पूरे किए। पाकिस्तान पर फॉलोऑन का खतरा मेहमान टीम की मुश्किलें बल्ले से भी जारी रहीं। सैम अयूब के चोटिल होने के कारण पहले से ही एक खिलाड़ी की कमी से जूझ रही शान मसूद की टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। यानसन ने अब्दुल्ला शफीक और मुहम्मद गुलाम को जल्दी-जल्दी आउट किया, जबकि कगिसो रबाडा ने सऊद शकील को शून्य पर आउट किया। शुरुआती तीन विकेट जल्दी गिरने से पाकिस्तान का स्कोर 20/3 हो गया। बाबर और रिजवान पर जिम्मेदारी टेस्ट क्रिकेट में पहली बार ओपनिंग कर रहे बाबर आजम ने स्टंप्स से पहले मोहम्मद रिजवान के साथ मिलकर टीम को संभालने की जिम्मेदारी उठाई है। बाबर आजम 31 और रिजवान 9 रन बनाकर नाबाद लौटे। हालांकि, साउथ अफ्रीका गेंदबाजों की लय में होने के कारण पाकिस्तान पर फॉलोऑन का खतरा मंडरा रहा है।  

न्यूजीलैंड ने श्रीलंका को हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली

वेलिंगटन मैट हेनरी (चार विकेट) की अगुवाई में गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद विल यंग (नाबाद 90) रनों की बेहतरीन पारी के दम पर न्यूजीलैंड ने रविवार को पहले एकदिवसीय मैच में श्रीलंका को 142 गेंदे शेष रहते नौ विकेट से हरा दिया। इसी के साथ न्यूजीलैंड ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है। 19 रन देकर चार विकेट झटकने वाले न्यूजीलैंड के मैट हेनरी को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ से नवाजा गया। श्रीलंका के 178 रनों के जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की विल यंग और रचिन रविंद्र की सलामी जोड़ी ने अच्छी शुरुआत करते हुए पहले विकेट के लिए 93 रन जोड़े। 13वें ओवर में चामिंदु विक्रमासिंघे ने रचिन रविंद्र को हसरंगा के हाथों कैच आउट कराकर इस साझेदारी को तोड़ा। रचिन रविंद्र ने 36 गेंदों में छह चौके और एक छक्का लगाते हुए (45) रनों की पारी खेली। इसके बाद बल्लेबाजी करने आये मार्क चैपमैन ने विल यंग के साथ शानदार बल्लेबाजी का मुजाहिरात हुए दूसरे विकेट लिए अविजित 87 जोड़कर अपनी टीम को महज 26.2 ओवरों में 180 रन बनाकर नौ विकेट से जीत दिला दी। विल यंग ने 86 गेंदों में (90) और मार्क चैपमैन 36 गेंदों में (29) रन बनाकर नाबाद रहे। श्रीलंका की ओर से एकमात्र विकेट चामिंदु विक्रमासिंघे को मिला। इससे पहले आज यहां न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही और उसने 23 के स्कोर पर अपने चार विकेट गवां दिये। पथुम निसंका (नौ), कुसल मेंडिस (दो) , कामिंडु मेंडिस (तीन) और कप्तान चरित असलंका (शून्य) पर आउट हुये। इसके बाद बल्लेबाजी करने आये जनित लियानगे ने अविष्का फर्नांडो के साथ पारी को संभाला। 26वें ओवर में मिचेल सैंटनर ने लियागने (36) को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद स्मिथ ने अविष्का फर्नांडो 63 गेंदों में 56 रन को आउटकर पवेलियन भेज दिया। चामिंदु विक्रमासिंघे (22), वानिंदु हसरंगा (35), एहसान मलिंगा (चार) और असिता फर्नांडो (दो) रन बनाकर आउट हुये। न्यूजीलैंड के गेंदबाजी आक्रमण के आगे श्रीलंका की पूरी टीम 42.4 ओवर में 178 के स्कोर पर सिमट गई। न्यूजीलैंड की ओर से मैट हेनरी ने चार विकेट लिये। जेकब डफी और नेथन स्मिथ को दो-दो विकेट मिले। मिचेल सैंटनर ने एक बल्लेबाज को आउट किया।  

बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में प्लेयर ऑफ द सीरीज बने बुमराह, अपनी चोट पर पहली बार बोले, कभी-कभी आपको अपने…

सिडनी  भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी का समापन हो गया. सिडनी में खेले गए अंतिम मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 6 विकेट से हरा दिया. इसी मैच में रोहित शर्मा की जगह टीम इंडिया की अगुवाई कर रहे जसप्रीत बुमराह चोटिल हो गए, जिसके बाद उन्हें मैदान से बाहर ले जाते हुए देखा गया. कई तरह की टिप्पणियां उनकी चोट पर की गईं. लेकिन अब बुमराह ने आज रविवार को अपनी पीठ की चोट पर चुप्पी तोड़ी और कहा कि वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम पारी में “स्पाइसी विकेट” पर गेंदबाजी नहीं कर पाए.  बुमराह की यह टिप्पणी पूरी सीरीज में 151.2 ओवर में 32 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार जीतने के बाद आई है. बुमराह ने पोस्ट मैच समारोह में पुरस्कार लेते हुए कहा, “कभी-कभी आपको अपने शरीर का सम्मान करना चाहिए, आप अपने शरीर से नहीं लड़ सकते. यह निराशाजनक है. मैं शायद सीरीज के सबसे स्पाइसी विकेट से चूक गया.” ऑस्ट्रेलिया को अंतिम दिन जीत के लिए 162 रन बनाने थे. लेकिन बुमराह चोटिल हो गए और पूरी सीरीज में अपनी जानदार बॉलिंग से कंगारू टीम पर कहर ढाने वाले स्पीड स्टार आखिरी मैच की पहली पारी में बाहर हो गए. 31 वर्षीय जब बुमराह से चोट की चिंता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “पहली पारी में दूसरे स्पैल के दौरान मुझे थोड़ी असहजता महसूस हुई.” पहले भी चोटिल हो चुके हैं बुमराह इसी सीरीज में बुमराह को दूसरी बार और टेस्ट करियर में तीसरी बार चोट लगी है.  भारतीय टीम की अगुआई करने वाले बुमराह को पांचवें टेस्ट के दूसरे दिन चोट लग गई थी और उन्हें तुरंत स्कैन के लिए एम्बुलेंस में अस्पताल ले जाया गया था. शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए उनके साथी प्रसिद्ध कृष्णा ने बताया कि तेज गेंदबाज की पीठ में ऐंठन हुई है. बुमराह को 2022 में पीठ के निचले हिस्से में चोट लगी थी, जिसके कारण वह 2023 तक लगभग एक साल तक क्रिकेट से बाहर रहे और मार्च 2023 में उनकी पीठ की सर्जरी हुई थी. सिडनी टेस्ट में कैसा रहा अंतिम दिन का हाल इससे पहले रविवार को चोटिल बुमराह ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर तीसरे दिन वार्म-अप नहीं किया. भारत के आठ विकेट गिरने के बाद वे बल्लेबाजी करने उतरे, लेकिन तीन गेंदों पर बिना कोई रन बनाए आउट हो गए. ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 157 रन पर आउट करने में केवल 45 मिनट में समेट दिया. भारतीय टीम ने कल के स्कोर 141 रन में केवल 16 रन पर ही चारों विकेट गंवा दिए. स्कॉट बोलैंड ने भारत की दूसरी पारी में 45 रन देकर 6 विकेट लिए जबकि मैच में कुल 10 विकेट चटकाए. ऑस्ट्रेलिया के 162 रनों के सफल पीछा के दौरान बुमराह मैदान पर नहीं उतरे. विराट कोहली की अगुवाई में भारत को एक उम्मीद दिखी, जब प्रसिद्ध कृष्णा ने 58 रन पर ही ऑस्ट्रेलिया के तीन विकेट निकाल दिए. लेकिन उस्मान ख्वाजा ने 41 रन की पारी खेली, जिसके बाद ट्रेविस हेड (नाबाद 34) और पदार्पण कर रहे ब्यू वेबस्टर (नाबाद 39) ने टीम को जीत दिला दी. द. अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच होगा WTC फाइनल का मुकाबला इस जीत के साथ भारत का लगातार तीसरी बार विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया. अब ऑस्ट्रेलिया जून में लॉर्ड्स में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल में अपने खिताब का बचाव करेगा, जो उसने 2023 में भारत को हराकर हासिल किया था.

BGT ट्रॉफी के लिए सिर्फ बॉर्डर को बुलाया और सुनील गावस्कर को नहीं बुलाकर सरेआम किया :ऑस्ट्रेलिया

नई दिल्ली इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच जो टेस्ट सीरीज खेली जाती है, उसे कुछ दशक पहले बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का नाम दिया गया था। ये ट्रॉफी ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज एलन बॉर्डर और भारत के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर के नाम पर पड़ी थी, लेकिन कहा जा रहा है कि ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय दिग्गज का अपमान 2024-25 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीतने पर किया। ऑस्ट्रेलिया ने भारत को सिडनी में हराकर जब 3-1 से बीजीटी को जीता तो उस ट्रॉफी को देने के लिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने सिर्फ एलन बॉर्डर को बुलाया, जबकि सुनील गावस्कर भी ग्राउंड में मौजूद थे। गावस्कर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के इस रवैये से नाराज हैं। महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने अपने और एलन बॉर्डर के नाम पर दी जाने वाली ट्रॉफी ऑस्ट्रेलियाई टीम को प्रदान करने के लिए बुलाये नहीं जाने पर नाराजगी जताई। ऑस्ट्रेलिया ने पांचवें और आखिरी टेस्ट में भारत को 6 विकेट से हराकर दस साल में पहली बार बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी जीती। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान एलन बॉर्डर ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को ट्रॉफी प्रदान की, जबकि उस समय मैदान पर मौजूद होने के बावजूद गावस्कर को इसके लिए बुलाया नहीं गया। हालांकि, ऐसा पहली बार नहीं था। 2018-19 में एलन बॉर्डर ने ही भारत को ट्रॉफी थमाई थी। 2020-21 में कोरोना के कारण ने अजिंक्य रहाणे ने अकेले ट्रॉफी उठाकर टीम को थमाई थी। 2022-23 में खुद सुनील गावस्कर ने रोहित शर्मा को बीजीटी ट्रॉफी थमाई थी। वहीं, गावस्कर ने इसके बाद में कोड स्पोटर्स से कहा, “मुझे पुरस्कार वितरण समारोह में जाकर खुशी होती। आखिरकार यह बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी है और ऑस्ट्रेलिया तथा भारत से जुड़ी है। मैं मैदान पर ही था। मुझे फर्क नहीं पड़ता कि ट्रॉफी ऑस्ट्रेलिया को दी जा रही थी। उन्होंने बेहतर क्रिकेट खेला और जीते। ठीक है। सिर्फ इसलिए कि मैं एक भारतीय हूं। अपने अच्छे दोस्त एलन बॉर्डर के साथ ट्रॉफी प्रदान करके मुझे खुशी होती।’’ बता दें कि भारत और ऑस्ट्रेलिया 1996-97 से बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के लिए खेल रहे हैं। चार बार भारत इसे जीत चुका है।

WTC Final में ऑस्ट्रेलिया ने फिर से बनाई जगह, नए साल पर इंडिया का सफर समाप्त

 सिडनी भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) 2024-25 का पांचवां एवं आखिरी आखिरी मुकाबला सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला गया. इस मुकाबले में भारतीय टीम को 6 विकेट से हार झेलनी पड़ी. ऑस्ट्रेलियाई टीम को जीत के लिए 162 रनों का टारगेट मिला था, जिसे उसने खेल के तीसरे दिन (5 जनवरी) के दूसरे सेशन में हासिल कर लिया. इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने पांच मैचों की टेस्ट सीरीज पर 3-1 से कब्जा कर लिया. भारत के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया ने 10 साल बाद टेस्ट सीरीज जीत हासिल की है. इस सीरीज जीत के साथ ही कंगारू टीम ने वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) फाइनल में भी एंट्री ले ली. अब WTC फाइनल में ऑस्ट्रेलिया का सामना साउथ अफ्रीका से होगा. WTC के मौजूदा चक्र का फाइनल इस साल 11-15 जून तक क्रिकेट के मक्का लॉर्ड्स में खेला जाना है. भारतीय टीम लगातार दो फाइनल खेली थी, जहां उसे पहले न्यूजीलैंड और फिर ऑस्ट्रेलिया से हार मिली थी. अब भारतीय टीम का तीसरी बार WTC फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया. सिडनी टेस्ट में भारतीय टीम की दूसरी पारी 157 रनों पर सिमट गई. बता दें कि इस मैच में भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 185 रन बनाए थे. जवाब में ऑस्ट्रेल‍िया की पहली पारी भी 181 रनों पर स‍िमट गई. यानी पहली पारी के आधार पर भारत को चार रनों की लीड मिली है. पर्थ में भारत ने पहला टेस्ट 295 रनों से मैच जीता. फ‍िर एड‍िलेड टेस्ट ऑस्ट्रेल‍िया ने 10 विकेट से जीता. इसके बाद ब्रिस्बेन टेस्ट ड्रॉ रहा. जबकि मेलबर्न टेस्ट को ऑस्ट्रेलिया ने 184 रनों से अपने नाम किया था. ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी की हाइलाइट्स, बुमराह के बिना बिखरी दिखी गेंदबाजी टारगेट का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी रही और उसने 3.4 ओवरों में ही 39 रन बना लिए थे. यहां से प्रसिद्ध कृष्णा ने भारतीय टीम की वापसी कराई. प्रसिद्ध ने पहले सैम कोंस्टास (22) को वॉशिंगटन सुंदर के हाथों कैच आउट कराया. फिर मार्नस लाबुशेन (6) और स्टीव स्मिथ (4) का भी उन्होंने शिकार किया. लाबुशेन और स्मिथ दोनों का ही कैच यशस्वी जायसवाल ने लपका. यहां से उस्मान ख्वाज और ट्रेविस हेड के बीच 5वें विकेट के लिए 46 रनों की पार्टनरशिप हुई. सिराज ने उस्मान ख्वाजा को विकेटकीपर ऋषभ पंत के हाथों कैच आउट कराकर इस पार्टनरशिप का अंत किया. यहां से ट्रेविस हेड और ब्यू वेबस्टर ने भारतीय टीम को कोई चांस नहीं दिया और ऑस्ट्रेलिया को जीत की मंजिल तक पहुंचाया. जसप्रीत बुमराह दूसरी पारी में गेंदबाजी के लिए नहीं उतरे. ऐसे में भारतीय टीम की गेंदबाजी बिखरी नजर आई. वैसे भी 162 रनों का टारगेट ऑस्ट्रेलिया के लिए उतना बड़ा नहीं था. नए साल 2025 की शुरुआत भारत के लिए अच्छी नहीं रही। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में खेले गए मैच का नतीजा तीसरे ही दिन निकल आया। रोहित शर्मा ने खराब फॉर्म के कारण खुद को कप्तानी और प्लेइंग इलेवन से दूर रखा। जसप्रीत बुमराह ने इस मैच में कप्तानी की, लेकिन वे पहली पारी में गेंदबाजी करते हुए चोटिल हो गए। ऐसे में विराट कोहली ने बाकी मैच में कप्तानी की। इंडिया ने पहली पारी में 185 रन बनाए थे। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 181 रन पर सभी विकेट खोए थे। भारत दूसरी पारी में 157 रन ही बना सका। इस तरह ऑस्ट्रेलिया को 162 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे ऑस्ट्रेलिया ने रो-धोकर हासिल कर लिया। टीम इंडिया ने इस डब्ल्यूटीसी साइकिल के अपने सभी मुकाबले खेल लिए हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया के अभी दो मैच बाकी हैं। अगर इंडिया की टीम इस मैच को जीत जाती तो निश्चित तौर पर फाइनल की रेस में होती, लेकिन अब कोई भी समीकरण किसी भी टीम के लिए बाकी नहीं है। इंडिया की जीत से ना सिर्फ इंडिया के, बल्कि श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के लिए भी फाइनल में पहुंचने के दरवाजे खुले रहते, जो अब श्रीलंका और भारत के लिए बंद हो चुके हैं, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल का टिकट हासिल कर लिया है। WTC कब और कहां खेला जाएगा? WTC 2025 Final अब साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जाएगा। साउथ अफ्रीका ने 66.67 प्रतिशत जीत के साथ फाइनल में प्रवेश किया था। ऑस्ट्रेलिया ने 63.73 प्रतिशत जीत के साथ खिताबी मुकाबले के लिए जगह बनाई। लगातार तीसरी बार इंग्लैंड में आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेला जाना है। आईसीसी ने इसके लिए इस बार लंदन के लॉर्ड्स को चुना है, जहां 11 जून से फाइनल खेला जाना है। ऑस्ट्रेलिया की टीम पहले इस खिताब को जीत चुकी है। साउथ अफ्रीका की टीम अपना पहला खिताब जीतने के लिए उतरेगी।

सौरव गांगुली की बेटी सना सड़क दुर्घटना में बाल-बाल बचीं, कोलकाता में एक बार फिर बस ड्राइवर की लापरवाही सामने आई

कोलकाता कोलकाता में एक बार फिर बस ड्राइवर की लापरवाही सामने आई। पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली की बेटी सना गांगुली एक सड़क दुर्घटना में बाल-बाल बच गईं। एक लग्जरी बस ने सना की कार को टक्कर मार दी। सूत्रों के मुताबिक, सौरव गांगुली की बेटी सना गांगुली ड्राइवर की सीट के बगल में बैठी थीं। उस समय डायमंड हार्बर रोड पर बेहाला चौराहे के पास दो बसें रेस लगा रही थीं और सना की कार से टकरा गईं। यह घटना बीती रात लगभग 10.30 बजे की है। सूत्रों के अनुसार, बस ने ड्राइवर की सीट के दरवाजे को टक्कर मारी। टक्कर की वजह से सना की कार असंतुलित हो गई, लेकिन ड्राइवर की सूझबूझ के कारण सना की कार बच गई। हालांकि, कार क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन सना को चोट नहीं आई। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बस अमता जा रही थी। परिवार ने बेहाला थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के बाद कोलकाता पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और आरोपी बस ड्राइवर को गिरफ्तार कर वाहन को भी जब्त कर लिया गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि बस ड्राइवर की लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ है। पुलिस बस चालक को गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।  

नए टी-20 कप्तान की तलाश कर रहे हैं, मेहदी हसन ने बांग्लादेश टी-20 टीम की कप्तानी के लिए पेश की दावेदारी

ढाका बांग्लादेश के हरफनमौला खिलाड़ी मेहदी हसन ने टी-20 कप्तानी के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। उन्होंने कहा कि अगर मौका मिलता है तो वह इसका लुत्फ उठाने के लिए तैयार हैं। यह घोषणा बीसीबी अध्यक्ष फारुक अहमद द्वारा आधिकारिक तौर पर घोषित किए जाने के कुछ घंटों बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे नए टी-20 कप्तान की तलाश कर रहे हैं, क्योंकि नजमुल हुसैन सबसे छोटे प्रारूप में टीम का नेतृत्व नहीं करना चाहते हैं। फारूक ने शेर-ए-बांग्ला नेशनल स्टेडियम में संवाददाताओं से कहा, चोट के कारण शांतो टीम से बाहर हो गए हैं और अगर वह वापस आते हैं तो वह कप्तान (टेस्ट और वनडे में) के रूप में वापसी करेंगे। उन्होंने हमें बताया कि वह टी-20 कप्तान के रूप में सहज नहीं हैं और हम इस पद के लिए किसी और के बारे में सोच रहे हैं। चूंकि हमें छह महीने बाद टी-20 खेलना है, इसलिए यह तत्काल मुद्दा नहीं है और हम इसके बारे में बाद में सोच सकते हैं, इसलिए हम इसके लिए इंतजार कर सकते हैं। उन्होंने कहा, मैं हमेशा सोचता हूं कि कप्तानी करने वाले क्रिकेट दिमाग और फॉर्म के बीच कोई संबंध नहीं है, लेकिन अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक फॉर्म में नहीं है तो यह चिंता का विषय है। हालांकि वह (लिटन) कप्तान के रूप में फॉर्म में नहीं आ सके, लेकिन उन्होंने वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया और यह एक कप्तान का सबसे बड़ा गुण है कि उनका व्यक्तिगत प्रदर्शन उनकी कप्तानी को प्रभावित नहीं कर रहा है। मुझे उम्मीद है कि वह जल्दी ही फॉर्म में लौट आएंगे और जब हम कप्तानी के बारे में बात करेंगे तो वह सबसे आगे होंगे। जब फारुक एसबीएनएस प्रेस बॉक्स में अचानक आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रेस को संबोधित कर रहे थे, तब मेहदी हसन, जिन्होंने वेस्टइंडीज में टेस्ट और वनडे में अंतरिम कप्तान की भूमिका निभाई थी, क्योंकि नजमुल चोट के कारण सीरीज से बाहर हो गए थे, ढाका कैपिटल्स के खिलाफ खुलना टाइगर्स की अगुआई कर रहे थे। उन्होंने अपने मैन-ऑफ-द-मैच प्रदर्शन के साथ अपनी टीम को 20 रन से जीत दिलाने में मदद की – अपने चार ओवरों में छह रन देकर तीन विकेट चटकाए। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह टी20 कप्तानी के लिए तैयार हैं, तो मेहदी इस संभावना से उत्साहित दिखे। मेहदी ने कहा, देखिए, जब अवसर आता है तो उसका आनंद लेना महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि मैंने वेस्टइंडीज में भी कप्तानी की है और यहां भी कर रहा हूं और यह (टीम का नेतृत्व करना) मेरे लिए नया नहीं है। कप्तानी करना एक आदत की तरह है और अगर आप लंबे समय तक अंतराल देते हैं तो आपको निर्णय लेने में थोड़ा अधिक सोचना पड़ सकता है, लेकिन अगर आप इसमें बने रहते हैं (कप्तानी करते हैं) तो आप कुछ अच्छे निर्णय ले सकते हैं जैसे कि आप सुधार कर सकते हैं, आप ऐसा कर सकते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि मैं हमेशा इसका (कप्तानी) आनंद लेने की कोशिश करता हूं। उन्होंने कहा, टी20 में आपको बहुत जल्दी निर्णय लेने होते हैं और आईसीसी के नए नियमों के अनुसार एक मिनट के भीतर ओवर बदलना और गेंदबाजी शुरू करना मुश्किल है, जैसे कि आपको फील्ड सेट करने में बहुत समय लगता है और ऐसा करना मुश्किल है और इसलिए जल्दी से निर्णय लेना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, देखिए टी20 कप्तानी पूरी तरह से बोर्ड का निर्णय है और एक बात यह है कि चूंकि मैं बीपीएल में कप्तानी कर रहा हूं और अगर बोर्ड को लगता है कि वे मुझे कप्तानी दे देंगे या उनके पास कोई बेहतर (विकल्प) है जैसे कि लिटन दास ने वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में कप्तानी में अच्छा प्रदर्शन किया और टीम ने अच्छा प्रदर्शन भी किया, इसलिए निर्णय पूरी तरह से बोर्ड पर निर्भर करता है, लेकिन हां, चूंकि मैं बीपीएल में कप्तानी कर रहा हूं, इसलिए यह एक आदत बन गई है और इससे मुझे भविष्य में मदद मिलेगी।  

जिम्बाब्वे फरवरी में आयरलैंड का करेगी दौरा, सभी प्रारूपों की श्रृंखला खेलेगी

बुलावायो जिम्बाब्वे फरवरी में आयरलैंड की मेजबानी करेगा, जिसमें सात मैचों का ऑल-फॉर्मेट दौरा शामिल है। यह दौरा 6 से 10 फरवरी तक बुलावायो में एकमात्र टेस्ट मैच के साथ शुरू होगा, उसके बाद हरारे में व्हाइट-बॉल लेग खेला जाएगा। टीमें 14, 16 और 18 फरवरी को तीन वनडे और 22, 23 और 25 फरवरी को इतने ही टी20 मैच खेलेंगी। मूल रूप से, इस श्रृंखला को आईसीसी पुरुष भविष्य के दौरा कार्यक्रम (एफटीपी) में छह व्हाइट-बॉल खेलों के साथ दो टेस्ट के लिए चुना गया था। जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड ने शुक्रवार को उक्त घोषणा की। जिम्बाब्वे वर्तमान में अफगानिस्तान के खिलाफ अपने बहु-प्रारूप घरेलू श्रृंखला के अंतिम चरण में है, जहां उन्होंने क्रमशः टी20आई और वनडे सीरीज 2-1 और 2-0 से गंवा दी और उच्च स्कोरिंग, बारिश से प्रभावित पहले टेस्ट में ड्रॉ हासिल किया। यह दौरा 6 जनवरी को चल रहे दूसरे टेस्ट के साथ समाप्त होगा। जिम्बाब्वे क्रिकेट के प्रबंध निदेशक गिवमोर मकोनी ने बैक-टू-बैक पूर्ण दौरों की मेजबानी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, हम आयरलैंड का स्वागत करते हुए बहुत खुश हैं, जो एक रोमांचक और प्रतिस्पर्धी दौरा होने का वादा करता है। जल्दी-जल्दी दो पूर्ण दौरों की मेजबानी करना हमारे खिलाड़ियों को नियमित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता और जिम्बाब्वे में खेल को बढ़ाने के हमारे प्रयासों का प्रमाण है। जिम्बाब्वे और आयरलैंड ने एक दूसरे के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच जुलाई 2024 में बेलफास्ट में खेला है। मेज़बान आयरलैंड ने मैच चार विकेट से जीता था। जिम्बाब्वे ने आखिरी बार 2023 के अंत में छह सफ़ेद गेंद वाले मुकाबलों के लिए आयरलैंड की मेज़बानी की थी। वे टी20 श्रृंखला 2-1 और वनडे 2-0 से हार गए थे।  

सीबीए प्लेयर्स ऑफ द मंथ चुने गए जू जी और केनेथ लॉफ्टन

बीजिंग ग्वांगडोंग सदर्न टाइगर्स के पॉइंट गार्ड जू जी और शंघाई शार्क्स के पावर फॉरवर्ड केनेथ लॉफ्टन को शुक्रवार को चीनी बास्केटबॉल एसोसिएशन (सीबीए) लीग का प्लेयर्स ऑफ द मंथ चुना गया है। ग्वांगडोंग टीम के लिए चोटों और अधूरे रोस्टर के बावजूद, जू ने दिसंबर 2024 में 14 मैचों में 39 मिनट प्रति गेम में औसतन 19.3 अंक, 4.0 रिबाउंड, 7.9 असिस्ट और 1.9 स्टील के साथ अपनी टीम की मदद की। उन्होंने इस दौरान औसतन 3-पॉइंट रेंज से 3.2 शॉट लगाए। लॉफ्टन ने प्रति गेम 31 मिनट में 23.7 अंक, 12.8 रिबाउंड, 7.1 असिस्ट, 1.6 स्टील और 1.3 ब्लॉक के प्रभावशाली आँकड़ों के साथ विदेशी खिलाड़ी श्रेणी के लिए सम्मान जीता। उन्होंने 12 मैचों में आठ डबल-डबल और दो ट्रिपल-डबल हासिल किए। लॉफ्टन के हरफनमौला प्रदर्शन से प्रेरित होकर, शंघाई, जो कभी अपने शुरुआती 11 मैचों में से 10 हारने के बाद 20-टीम सीबीए स्टैंडिंग में सबसे नीचे बैठा था, 24वें राउंड तक 11 गेम की जीत की लकीर पर सवार है, और दिसंबर में इसका 11-1 रिकॉर्ड लीग में सर्वश्रेष्ठ था। शुक्रवार को ही, झेजियांग लायंस के गार्ड सन मिंगहुई को सीबीए डिफेंसिव प्लेयर ऑफ द मंथ चुना गया। 11वें और 24वें राउंड के बीच के खेलों के लिए मासिक पुरस्कार के दूसरे संस्करण में, सन ने 4.7% की स्टील प्रतिशत के साथ लीग में सर्वश्रेष्ठ 2.6 स्टील का औसत हासिल किया, जो लीग में चौथे स्थान पर है। पिछले महीने सन द्वारा खेले गए 11 खेलों में से 10 में जीत दर्ज करते हुए, झेजियांग वर्तमान में 21-4 के रिकॉर्ड के साथ शीर्ष पर है।  

बार्सिलोना के कोच फ्लिक ने ओल्मो और पॉ विक्टर के टीम में शामिल नहीं होने से जताई नाराजगी

मैड्रिड एफसी बार्सिलोना के कोच हांसी फ्लिक ने स्वीकार किया कि वह उस स्थिति से खुश नहीं हैं, जिसके कारण क्लब सीजन के दूसरे भाग के लिए स्पेन के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी डेनी ओल्मो और फॉरवर्ड पॉ विक्टर को पहली टीम में शामिल नहीं कर पाया है। नए साल की पूर्वसंध्या से पहले वित्तीय निष्पक्ष खेल आवश्यकताओं को पूरा करने में बार्सिलोना की असमर्थता का मतलब था कि दोनों खिलाड़ियों को बार्का की पहली टीम के दल से हटा दिया गया था, नियमों के अनुसार एक खिलाड़ी को एक ही क्लब के साथ एक सत्र में दो बार पंजीकृत नहीं किया जा सकता है। इसका प्रभावी रूप से मतलब है कि ओल्मो एक मुफ्त हस्तांतरण पर क्लब से दूर जा सकते हैं, और हालांकि खिलाड़ी के एजेंट ने शुक्रवार को जोर देकर कहा कि उनका क्लब छोड़ने का कोई इरादा नहीं है, जब तक कि स्पेनिश फुटबॉल महासंघ के लिए अपील सफल नहीं होती है। शनिवार को कोपा डेल रे के तीसरे दौर के मुकाबले से पहले निचली लीग बारबास्ट्रो के खिलाफ़ होने वाले मैच से पहले कोच ने कहा, ईमानदारी से कहूँ तो मैं इस स्थिति से खुश नहीं हूँ, लेकिन हालात ऐसे ही हैं और हम पेशेवर हैं। मैं फ़ुटबॉल पर ध्यान केंद्रित करता हूँ, हमें कोच बनना है और खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करना है – सभी को अपना काम करना है। उन्होंने कहा कि वे क्लब के अध्यक्ष जोआन लापोर्टा के साथ लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, मैं आशावादी हूँ, लेकिन अक्सर आपको निर्णय होने तक इंतज़ार करना पड़ता है। मुझे पूरा भरोसा है कि क्लब अपना काम करेगा। फ्लिक ने प्रेस को बताया कि उन्होंने ओल्मो और विक्टर से भी बात की है, उन्होंने कहा, यह आसान स्थिति नहीं है, लेकिन वे दोनों बार्सा के लिए खेलना चाहते हैं और वे हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।  

जसप्रीत बुमराह को टीम के चिकित्सक और सुरक्षा अधिकारी के साथ मैदान के बाहर जाता देखा गया, चोट ने बढ़ाई चिंता

सिडनी सिडनी टेस्ट के दूसरे दिन लंच के बाद एक ओवर डालने के बाद ही भारतीय कप्तान जसप्रीत बुमराह मैदान के बाहर चले गए। उन्हें टीम के चिकित्सक और सुरक्षा अधिकारी के साथ मैदान के बाहर जाता देखा गया। मैदान से बाहर जाने के पहले बुमराह ने इस पारी में कुल 10 ओवर की गेंदबाज़ी करते हुए 33 रन देते हुए दो विकेट लिए थे। इस दौरे पर बुमराह के कार्य प्रबंधन को लेकर काफ़ी चिंता व्यक्त की गई है। उन्होंने इस सीरीज़ में अब तक 152.1 ओवर की गेंदबाज़ी की है और 13.06 की औसत से 32 विकेट लिए हैं। वह अब बिशन सिंह बेदी को पछाड़ते हुए ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज़ में सर्वाधिक विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज़ भी बन गए हैं। बुमराह ने दूसरे दिन पहले सत्र के अंतिम पांच ओवर में से तीन ओवर मैदान के बाहर बिताए थे और फिर अंतिम दो ओवर के लिए वह मैदान में वापस आए थे। लंच के बाद उन्होंने गेंदबाज़ी की और एलेक्स कैरी को परेशान भी किया लेकिन इसके तुरंत बाद ही वह मैदान के बाहर चले गए। मेलबर्न टेस्ट में बुमराह ने 52 ओवर की गेंदबाज़ी की थी जो कि उनके अब तक के टेस्ट करियर में एक मैच में डाले गए सर्वाधिक ओवर थे। हालांकि इस टेस्ट के बाद ख़ुद तत्कालीन भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने बुमराह के कार्य प्रबंधन को लेकर चिंता व्यक्त की थी। भारत के पास इस मैच में कोई उपकप्तान नहीं है क्योंकि ख़ुद बुमराह ही टीम के उपकप्तान थे और रोहित की अनुपस्थिति में वह टीम की अगुवाई कर रहे थे। ऐसा प्रतीत हुआ कि बुमराह की अनुपस्थिति में विराट कोहली टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। लंच ब्रेक के दौरान भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने कहा कि उन्होंने ख़ुद ही बाहर बैठने का फ़ैसला किया और इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ़ किया कि उनका फ़िलहाल संन्यास लेने का इरादा नहीं है।  

फरहान अख्तर ने की रोहित शर्मा की तारीफ, कहा-भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत कुछ किया

मुंबई भारत के टी20 विश्व कप विजेता कप्तान रोहित शर्मा को एक प्रशंसक मिल गया है, क्योंकि वह खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं। शनिवार को बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता फरहान अख्तर ने अपने इंस्टाग्राम पर शर्मा की निस्वार्थ भावना की तारीफ की, जिसमें उन्होंने अपनी फॉर्म वापस पाने के लिए टीम को प्राथमिकता दी। फरहान ने शर्मा की एक्शन में एक लो रेजोल्यूशन तस्वीर शेयर की, साथ ही उन्होंने तस्वीर के साथ एक लंबा नोट भी लिखा। उन्होंने कैप्शन में लिखा, “बस यह बात मेरे सीने से निकाल देनी है। इस लड़के ने भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत कुछ किया है और पिछले कई सालों में हमारी टीम की कप्तानी बहुत अच्छी और सफलतापूर्वक की है। बल्ले से उनका कौशल अपने आप में सब कुछ बयां करता है और ऐसी अनगिनत पारियां रही हैं, जिनमें उन्होंने हमें दिखाया है कि वह किस तरह का प्रदर्शन करते हैं।” फरहान ने कहा कि खेल ने महानतम बल्लेबाजों और गेंदबाजों को फॉर्म के लिए संघर्ष करते हुए देखा है और कई बार प्रशंसकों ने मन ही मन चाहा है कि वे ब्रेक लें, घरेलू क्रिकेट या नेट्स में अपना फॉर्म हासिल करें और फिर वापसी करें। उन्होंने आगे कहा, “हां, यह खेल क्रूर हो सकता है और आपको किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में सोचना मुश्किल होगा, खासकर कप्तान के बारे में, जिसने स्वेच्छा से ऐसा किया हो। अब यहां एक ऐसा व्यक्ति है जो अपनी टीम की जीत की संभावनाओं को खुद के फॉर्म में आने से पहले रखता है और उसकी निस्वार्थता की सराहना करने के बजाय, बहुमत उसे नीचा दिखा रहा है। खुद से पूछें, ‘अगर दुनिया इस तरह से प्रतिक्रिया करती है तो कोई ऐसा दोबारा क्यों करेगा, जब दुनिया अपने गौरव से बड़े उद्देश्य के बारे में सोचने वाले व्यक्ति पर प्रतिक्रिया देती है?’ फरहान ने कहा, ”रोहित आप एक सुपरस्टार हैं। आप जानते हैं कि आप क्या कर रहे हैं और मुझे पता है कि आप नकारात्मकता को खुद पर हावी नहीं होने देंगे, लेकिन मैं दुनिया को यह दिखाने के लिए धन्यवाद कहना चाहता हूं कि आप टीम को व्यक्ति से पहले रखते हैं। यह करना मुश्किल काम है और केवल सबसे मजबूत दिमाग और दिल ही इसे कर सकता है। यही एक महान लीडर बनाता है। जल्द ही मैदान पर फिर मिलेंगे।” मौजूदा बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान शर्मा की कप्तानी की काफी आलोचना की गई है, खास तौर पर बल्ले से टीम को समर्थन न देने के लिए। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम ने अब तक सीरीज के बेहतर हिस्से में टीम इंडिया पर दबदबा बनाया है। जसप्रीत बुमराह की कप्तानी में टीम इंडिया ने मौजूदा बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का पहला मैच जीता। हालांकि, रोहित शर्मा को कप्तानी सौंपे जाने के बाद टीम इसके बाद के मैचों में अच्छा प्रदर्शन करने में विफल रही। शर्मा, जिन्होंने टी20 विश्व कप जीत के बाद जून 2024 में विश्व कप ट्रॉफी जीतने के टीम इंडिया के सपने को साकार किया था, मौजूदा टेस्ट सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करने में विफल रहे हैं और असंगत बल्लेबाजी क्रम के सामने बेबस नजर आए, जो ऑस्ट्रेलियाई टीम के भारी दबाव में आसानी से ढह जाता है। सीरीज के आखिरी टेस्ट के लिए शर्मा को आराम दिया गया है और कप्तान की जगह बुमराह को दी गई है। पहली पारी में बल्लेबाजी में भारत के निराशाजनक प्रदर्शन ने आईसीटी के प्रशंसकों को निराश कर दिया क्योंकि टीम केवल 185 रन ही बना सकी। हालांकि, टीम ने गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 181 रन पर रोक दिया। दूसरी पारी में 145 रनों की बढ़त के साथ भारत ने 6 विकेट पर 141 रन बनाए हैं और प्रमुख बल्लेबाज अपनी पारी समाप्त कर चुके हैं। ऋषभ पंत 61 रन के साथ दूसरी पारी में भारत के शीर्ष स्कोरर रहे। आखिरी टेस्ट के साथ, भारत को आगामी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिए खिड़की खुली रखने के लिए मैच जीतकर श्रृंखला को बराबर करना होगा। टीम इंडिया को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करने के लिए, ऑस्ट्रेलिया से मौजूदा टेस्ट सीरीज में बराबरी करने के बाद भी आगामी टेस्ट सीरीज में ऑस्ट्रेलिया को श्रीलंका से हारना होगा।  

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