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टी20 वर्ल्ड कप वार्म-अप: भारत ने साउथ अफ्रीका को धो डाला, ईशान किशन की तूफानी पारी ने दिलाई जीत

नवी मुंबई आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारतीय टीम 4 फरवरी (बुधवार) को साउथ अफ्रीका के खिलाफ वार्म-अप मुकाबला खेलने उतरी. इस मुकाबले में भारतीय टीम ने 30 रनों से जबरदस्त जीत हासिल की. मुकाबले में भारत ने साउथ अफ्रीका को जीत के लिए 241 रनों का टारगेट दिया था. टारगेट का पीछा करते हुए साउथ अफ्रीकी टीम सात विकेट पर 210 रन ही बना सकी. भारतीय टीम की जीत में ईशान किशन और अभिषेक शर्मा की अहम भूमिका रही. ईशान ने तूफानी अर्धशतक लगाया. वहीं अभिषेक ने गेंद और बल्ले से शानदार खेल दिखाया. भारतीय टीम अब टी20 वर्ल्ड कप में उतरेगी, जहां उसका पहला मुकाबला 7 फरवरी को संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) से होना है. रनचेज में साउथ अफ्रीका के लिए सबसे ज्यादा 45* रन ट्रिस्टन स्टब्स ने बनाए. स्टब्स ने 21 गेंदों का सामना किया और चार चौके के अलावा एक सिक्स लगाया. विकेटकीपर बल्लेबाज रयान रिकेल्टन ने 4 चौके और तीन छक्के की मदद से 21 बॉल पर 44 रन बनाए. वहीं कप्तान एडेन मार्करम ने रिटायर्ड आउट होने से पहले 19 गेंदों पर 38 रनों की पारी खेली, जिसमें 2 चौके और चार छक्के शामिल रहे. जेसन स्मिथ ने 4 चौके और एक छक्के की सहायता से 23 गेंदों का सामना करते हुए 35 रन बनाए. जबकि मार्को जानसेन ने 31 रनों का योगदान दिया. भारत के लिए अभिषेक शर्मा ने सबसे ज्यादा दो विकेट झटके. अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, शिवम दुबे और अर्शदीप सिंह को एक-एक विकेट मिला. भारतीय बल्लेबाजों का धांसू प्रदर्शन टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए भारतीय टीम ने 6 विकेट पर 240 रन बनाए. ओपनिंग करने उतरे ईशान किशन ने 7 छक्के और दो चौके की मदद से सिर्फ 20 गेंदों पर 53 रनों का योददान दिया. वहीं चोट से उबरकर टीम में वापसी करने वाले तिलक वर्मा ने 19 गेंदों पर 41 रनों की इनिंग्स खेली. तिलक ने अपनी इनिंग्स में तीन चौके और तीन छक्के लगाए. वहीं अक्षर पटेल 23 बॉल पर 35 रन बनाकर नॉटआउट रहे, जिसमें 2 छक्के और दो चौके शामिल थे. कप्तान सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पंड्या ने भी तूफानी बैटिंग करते हुए 30-30 रनों का योगदान दिया. साउथ अफ्रीका की ओर से एनिरक नॉर्किया, कॉर्बिन बॉश, मार्को जानसेन और क्वेना मफाका ने एक-एक सफलता हासिल की. टी20 विश्व कप के लिए भारत का फुल स्क्वॉड: अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर, हर्षित राणा और कुलदीप यादव. टी20 विश्व कप के लिए साउथ अफ्रीका का फुल स्क्वॉड: एडेन मार्करम (कप्तान), क्विंटन डिकॉक, रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), डेवाल्ड ब्रेविस, ट्रिस्टन स्टब्स, जेसन स्मिथ, डेविड मिलर, मार्को जानसेन, जॉर्ज लिंडे, कॉर्बिन बॉश, केशव महाराज, क्वेना मफाका, लुंगी एनगिडी, एनरिक नॉर्किया और कगिसो रबाडा.  

क्रिकेट समझते हैं, पर कॉमेंट्री नहीं! धोनी ने गिनाईं वो चुनौतियाँ जो रोकती हैं उन्हें

नई दिल्ली भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कॉमेंट्री करने की संभावना को लगभग खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह आंकड़ों के मामले कच्चे हैं और इसलिए इस भूमिका में नहीं उतरते हैं जो संन्यास लेने के बाद खिलाड़ियों का सबसे प्रिय काम रहा है।  भारत ने इस 44 वर्षीय खिलाड़ी की अगुआई में आईसीसी की तीन ट्रॉफी जीती हैं लेकिन 2020 में संन्यास लेने के बाद से उन्होंने खेल से जुड़े मुद्दों पर शायद ही कभी अपने विचार व्यक्त किए हैं। क्रिकेट से उनका जुड़ाव अब केवल चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आईपीएल में खेलने तक ही सीमित है। धोनी ने यूट्यूब पर स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर जतिन सप्रू के साथ बातचीत के दौरान कहा, ‘कॉमेंट्री करना बहुत मुश्किल है। मुझे लगता है कि खेल का आंखों देखा हाल सुनाने और उस प्रक्रिया में खिलाड़ियों की आलोचना करने के बीच बहुत मामूली अंतर होता है। यह अंतर बहुत ही नाजुक होता है।’ उन्होंने कहा, ‘अक्सर, आपको इस बात का अहसास भी नहीं होता कि आप जो कर रहे हैं वह शायद थोड़ा गलत है। आप हमेशा उस स्थिति में रहना चाहेंगे जहां आप खेल का वर्णन कर रहे हों। अगर आपको लगता है कि कुछ गलत है तो आप उसे खुलकर बोल देते हैं।’ धोनी ने कहा, ‘लेकिन इसे पेश करना भी एक कला है। अपनी बात शालीनता से कैसे कही जाए ताकि किसी को बुरा न लगे। अगर टीम हार रही है तो उसके कुछ कारण होंगे और आपको उन कारणों को इस तरह से बताने का कौशल होना चाहिए कि किसी को बुरा न लगे। यही कॉमेंट्री की कला है।’ इस काम की नाजुक प्रकृति के अलावा धोनी को लगता है कि वह आंकड़ों को याद नहीं कर पाते हैं जिस कारण वह इस काम के लिए खुद को फिट नहीं मानते हैं। यहां तक कि उन्हें अपने आंकड़े भी याद नहीं रहते हैं। धोनी ने कहा, ‘मैं आंकड़ों के मामले में अच्छा नहीं हूं। लेकिन ऐसे बहुत से लोग हैं जो आंकड़ों के मामले में बहुत अच्छे हैं। वे आंकड़े जानते हैं। अगर आप मुझसे मेरे आंकड़ों के बारे में पूछेंगे, तो मैं ‘हम्म’ जैसा जवाब दूंगा। कुछ ऐसे लोग भी हैं जो भारतीय क्रिकेट टीम या भारतीय खिलाड़ियों के ही नहीं बल्कि प्रत्येक युग के सभी खिलाड़ियों के आंकड़ों के बारे में जानते हैं।’ अपने खेल के दिनों में कई बार कड़े फैसले लेने वाले धोनी से यह भी पूछा गया कि क्या उन्हें कभी क्रिकेट और जीवन के बारे में सलाह लेने की जरूरत पड़ी है। उन्होंने कहा, ‘मैं एक अच्छा श्रोता हूं। मैं उन लोगों से बात करता हूं जिनके साथ मैं सहज महसूस करता हूं। लेकिन मैं बोलने से ज्यादा सुनने वाला व्यक्ति हूं। अगर मुझे किसी विषय के बारे में जानकारी नहीं है तो मैं ज्यादा नहीं बोलता क्योंकि सुनने से मुझे ज्यादा सीखने को मिलता है।’ धोनी ने मुस्कराते हुए स्वीकार किया कि फोन पर जवाब देने में वह अब भी खुद को कच्चा मानते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं उस तरह से संवाद करने में अच्छा नहीं हूं। मुझे आमने-सामने बैठकर लोगों से बात करना पसंद है। मैं फोन पर बात करने में खुद को सहज नहीं पाता हूं क्योंकि मैं किसी का चेहरा नहीं देख सकता। इसलिए फोन पर बात करने के मामले में मैं बहुत असहज महसूस करता हूं।’ धोनी ने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘यह एक ऐसी चीज है जिसे मैं सुधारना चाहता हूं, लेकिन मुझे खुशी है कि मैंने इसमें सुधार नहीं किया है।’

टीम इंडिया के सितारे चमके — सूर्या टॉप-5 के करीब, ईशान की लंबी उड़ान, ऑलराउंडर ताज पाकिस्तान के नाम

नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने बुधवार को पुरुष खिलाड़ियों की ताजा टी20 रैंकिंग जारी की है। भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव टॉप 5 की दहलीज पर पहुंच गए हैं। वह एक स्थान चढ़कर छठे पर आ गए। उनके खाते में फिलहाल 728 रेटिंग अंक हैं। सूर्या ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांचवे टी20 में 63 रनों की शानदारी पारी खेली। उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले खेली गई भारत की आखिरी सीरीज में सर्वाधिक 242 रन बनाए। सूर्या को प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड से नावाज गया था। भारत ने न्यूजीलैंड से 4-1 से सीरीज जीती और आगामी टूर्नामेंट की पुख्ता तैयार की।   ईशान किशन ने लगाई तगड़ी छलांग ईशान किशन ने तगड़ी छलांग लगाई है। वह 32 पायदान चढ़कर 32वें नंबर पर पहुंच गए हैं। उनके खाते में 584 अंक हैं। उन्होंने पांचवे मैच में 42 गेंदों में 103 रनों की पारी खेली। यह ईशान का टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में पहला शतक था। दो साल से अधिक समय भारतीय टीम के लिए खेले ईशान ने सीरीज में कुल 242 रन बनाए। अभिषेक शर्मा की बादशाहत बरकरार है। वह 917 अंकों के साथ शीर्ष पर हैं। अभिषेक ने न्यूजीलैंड सीरीज में 182 रन बटोरे। टॉप 10 बल्लेबाजों की सूची में चार भारतीय हैं। तिलक वर्मा (766) चौथे स्थान पर हैं। वह चोटिल होने के कारण सीरीज में नहीं खेले थे। सईम अयूब बने नंबर-1 ऑलराउंडर पाकिस्तान के सईम अयूब फिर से T20I के नंबर-1 ऑलराउंडर बन गए हैं। उन्होंने जिम्बाब्वे के सिंकदार रजा (289) से नंबर-1 का ताज छीना। अयूब के 290 अंक हैं। अयूब बैटिंग लिस्ट में आठ स्थान चढ़कर 27वें पर चल गए। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में 119 रन बनाने के अलावा तीन विकेट चटकाए। पाकिस्तान के मोहम्मद नवाज ऑलराउंडर्स की लिस्ट में एक स्थान ऊपर चौथे नंबर पर आ गए हैं पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया का पहली घर पर सबसे छोटे फॉर्मेट की सीरीज में सूपड़ा साफ किया। भारत के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या (247) तीसरे स्थान पर हैं। शिमव दुबे नौवें पायदान पर हैं उनके 186 अंक हैं। वरुण चक्रवर्ती से इतना दूर पाकिस्तानी पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद (748) दो पायदान ऊपर गेंदबाजों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर आ गए हैं। दाएं हाथ के गेंदबाज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों में छह विकेट लिए हैं। वह T20I में नंबर-1 गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती से सिर्फ 28 रेटिंग अंक पीछे हैं। नवाज को भी गेंदबाजों की रैंकिंग में फायदा हुआ है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी मैच में पांच विकेट लेने के बाद नवाज आठ स्थान ऊपर सातवें नंबर पर पहुंच गया। ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन (16 पायदान ऊपर 14वें पर), इंग्लैंड के आदिल राशिद (दो स्थान चढ़कर चौथे पर) और न्यूजीलैंड के मिचेल सेंटनर (आठ पायदान ऊपर 23वें पर) को भी लाभ मिला है।

ट्रिगर दबेगा, तिरंगा लहराएगा! एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड के लिए तैयार भारतीय पिस्टल शूटर

नई दिल्ली पिस्टल शूटर दिल्ली में डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में निशाना लगाएंगे, क्योंकि एशियन चैंपियनशिप राइफल/पिस्टल में कल पहले दिन 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में मेडल्स का फैसला होगा। वर्ल्ड चैंपियन सम्राट राणा, वर्ल्ड कप फाइनल चैंपियन सुरुचि सिंह, ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर और ईशा सिंह के नेतृत्व में भारतीय निशानेबाज इस कॉन्टिनेंटल इवेंट में मेजबान टीम को एक मजबूत शुरुआत देने की कोशिश करेंगे। बुधवार को चार फाइनल होंगे, जिसमें सीनियर पुरुष और महिला के साथ-साथ जूनियर और यूथ पुरुष के फाइनल भी शामिल हैं। सुरुचि सिंह और सम्राट राणा, मनु भाकर और ईशा सिंह के साथ महिला इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने के पसंदीदा खिलाड़ियों में से एक होंगे। हॉन्ग कॉन्ग की वर्ल्ड नंबर चार और वर्ल्ड सिल्वर मेडलिस्ट हो चिंग शिंग महिला 10 मीटर एयर पिस्टल के लिए पसंदीदा खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्होंने चार बार कॉन्टिनेंटल फाइनल में जगह बनाई है, जिसमें 2019 में सिल्वर मेडल जीता था। मेडल के लिए एक डार्क हॉर्स चीनी ताइपे की चेंग येन-चिंग हो सकती हैं, जो दुनिया में 16वें स्थान पर हैं। 19 साल की इस खिलाड़ी ने अपने पहले वर्ल्ड चैंपियनशिप में 25वां स्थान हासिल किया था और म्यूनिख में अपने आईएसएसएफ वर्ल्ड कप डेब्यू में पांचवें स्थान पर रही थीं। वियतनाम की थू विन्ह ट्रिन्ह, जो दो बार की एशियाई कांस्य पदक विजेता और दो बार की ओलंपिक फाइनलिस्ट हैं, भी इसमें हिस्सा लेंगी। मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन सम्राट राणा भारतीय पुरुष टीम का नेतृत्व करेंगे, साथ ही वर्ल्ड नंबर दो और वर्ल्ड कांस्य पदक विजेता वरुण तोमर और श्रवण कुमार भी होंगे, जो वर्ल्ड चैंपियनशिप में 12वें स्थान पर रहे थे। कजाकिस्तान के वैलेरी रखिमझान, जो वर्ल्ड नंबर आठ और म्यूनिख से आईएसएसएफ वर्ल्ड कप सिल्वर मेडलिस्ट हैं, जो पिछले साल शिमकेंट में चौथे स्थान पर रहे थे, चीनी ताइपे के हसिह हसिआंग-चेन और उज्बेकिस्तान के वर्ल्ड नंबर 25 मुखम्मद कमालव, जो 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप में नौवें स्थान पर रहे थे, भारतीय निशानेबाजों के मुख्य प्रतिद्वंद्वी होंगे। जूनियर और यूथ एथलीट भी कल एक्शन में होंगे, जिसमें जोनाथन गेविन एंटनी, मुकेश नेलावल्ली, डेफलिंपिक्स मेडलिस्ट अभिनव देशवाल, हिमांशु राणा और प्रियांशु यादव जूनियर कैटेगरी में मैदान में उतरेंगे और डैरेन के. डॉन, गिरीश गुप्ता, अभय धामा, मनदीप चौहान, धैर्य प्रशर और हार्दिक बंसल यूथ कैटेगरी में एक्शन में होंगे। मेजबान टीम ने 118 एथलीटों की सबसे बड़ी टीम उतारी है, जबकि कजाकिस्तान ने 35 एथलीटों की दूसरी सबसे बड़ी टीम उतारी है। क्षेत्रीय पावरहाउस कोरिया और जापान ने भी मजबूत टीमें उतारी हैं, और चीनी ताइपे, वियतनाम और हांगकांग के निशानेबाजों से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।  

खिलाड़ियों का करियर दांव पर क्यों? बहिष्कार मुद्दे पर कपिल देव ने पाकिस्तान को दिखाया आईना

नई दिल्ली भारत के पूर्व वर्ल्ड कप विजेता कप्तान कपिल देव ने आने वाले टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच का बॉयकॉट करने के पाकिस्तान के फैसले की आलोचना की है। इससे पहले, शहबाज शरीफ सरकार ने टीम को टूर्नामेंट में तो हिस्सा लेने को कहा लेकिन भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलने का ऐलान किया था! कपिल देव ने कहा कि अगर यह फैसला खिलाड़ियों की तरफ से आता, तो इस पर विचार किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि इससे खिलाड़ियों की पीढ़ी खत्म हो जाएगी और लोग उनसे आगे बढ़ जाएंगे। कपिल देव ने कहा, ‘अगर फैसला खिलाड़ियों ने लिया है, तो वे सामने आकर कह सकते हैं। लेकिन, अगर बोर्ड कहता है कि आप नहीं खेलेंगे, तो देश की रेप्युटेशन कम होती है। पाकिस्तान के लिए यह अच्छा नहीं लग रहा है। आप पीढ़ी को खत्म कर रहे हैं। पाकिस्तान ने हमें इतने सालों में शानदार टैलेंट दिया है। लेकिन अगर आप इन लड़कों को वर्ल्ड कप में खेलने नहीं देंगे, तो आप पीढ़ी को खत्म कर रहे हैं और खेल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। आप अपने ही खिलाड़ियों के साथ नाइंसाफी कर रहे हैं।’ कपिल देव ने कहा कि अगर वे भारत के खिलाफ मैचों का बॉयकॉट करते हैं, तो वे फैंस खो देंगे, और लोग उनसे आगे बढ़ जाएंगे। उन्होंने आगे कहा, “भावनाओं और दर्शकों पर असर पड़ेगा। लेकिन, लंबे समय में, कोई भी उन्हें मिस नहीं करेगा। लोग इसके बारे में लंबे समय तक नहीं सोचेंगे, और वे आखिरकार आगे बढ़ जाएंगे।” दूसरी ओर, आईसीसी ने चेतावनी दी है कि इस तरह के फैसले का पाकिस्तान के क्रिकेट भविष्य पर असर पड़ेगा। आईसीसी की एक प्रेस रिलीज में लिखा है, “आईसीसी को उम्मीद है कि पीसीबी अपने देश में क्रिकेट पर इसके बड़े और लंबे समय तक चलने वाले असर पर विचार करेगा, क्योंकि इससे ग्लोबल क्रिकेट इकोसिस्टम पर असर पड़ने की संभावना है, जिसका वह खुद सदस्य और फ़ायदा उठाने वाला है।” रविवार को एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा गया था, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान की सरकार ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम को आईसीसी वर्ल्ड टी20 2026 में हिस्सा लेने की मंज़ूरी दे दी है; हालांकि पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फरवरी को भारत के ख़िलाफ होने वाले मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी।” इसके बाद आईसीसी के एक बयान में कहा, “चुनिंदा हिस्सा लेने की यह बात एक ग्लोबल स्पोर्टिंग इवेंट के बुनियादी आधार के साथ मेल नहीं खाती, जहां सभी क्वालिफ़ाइड टीमों से इवेंट शेड्यूल के अनुसार बराबर शर्तों पर मुकाबला करने की उम्मीद की जाती है।”

सांसें थाम देने वाला अंत, हैवर्ट्ज के लेट गोल से आर्सेनल काराबाओ कप फाइनल में

लंदन लंदन के एमिरेट्स स्टेडियम में खेले गए रोमांचक मुकाबले में आर्सेनल ने चेल्सी को 4-2 से हराकर काराबाओ कप के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। मैच के हीरो काई हैवर्ट्ज बने, जिन्होंने आखिरी पलों में निर्णायक गोल करके टीम को जीत दिलाई। पहले चरण में आर्सेनल ने विक्टर ग्योकेरेस, बेन व्हाइट और मार्टिन जुबीमेंदी के गोल की बदौलत 3-2 की बढ़त बना ली थी। इसी बढ़त के साथ गनर्स ने दूसरे चरण की शुरुआत की और एमिरेट्स स्टेडियम में आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरी। उन्होंने शुरुआती मिनटों में खेल पर पकड़ बनाए रखी और गेंद पर ज्यादा नियंत्रण रखा। चेल्सी ने मजबूत रक्षात्मक रणनीति अपनाते हुए पांच खिलाड़ियों की बैकलाइन बनाई, जिससे मैच के पहले एक घंटे तक दोनों टीमों को ज्यादा साफ मौके नहीं मिले। चेल्सी के कोच लियाम रोसेनियर ने बढ़त बनाने के इरादे से एस्तेवाओ और कोल पामर को मैदान में उतारा, लेकिन आर्सेनल की डिफेंस मजबूत बनी रही। जैसे-जैसे मैच अपने अंतिम मिनटों की ओर बढ़ा, चेल्सी गोल की तलाश में आगे बढ़ने लगी। इसी दौरान आर्सेनल को जवाबी हमला करने का मौका मिला। चोट से हाल ही में लौटे सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी काई हैवर्ट्ज ने शानदार संयम दिखाते हुए गोलकीपर रॉबर्ट सांचेज को चकमा दिया और गेंद को जाल में डाल दिया। इस गोल के साथ ही आर्सेनल की फाइनल की टिकट पक्की हो गई। आर्सेनल आठ साल बाद काराबाओ कप के फाइनल में पहुंचा है। अब उसका सामना मैनचेस्टर सिटी या न्यूकैसल यूनाइटेड से होगा, जिनके बीच सेमीफाइनल का दूसरा चरण बुधवार शाम खेला जाएगा। कप की इस बड़ी जीत के बाद आर्सेनल अब प्रीमियर लीग में वापसी करेगा। वे अपने घरेलू मैदान एन5 में सदरलैंड से भिड़ेंगे। इसके बाद 12 फरवरी को टीम वेस्ट लंदन में ब्रेंटफोर्ड के खिलाफ जीटेक कम्युनिटी स्टेडियम में मुकाबला खेलेगी।  

टीमवर्क और परफॉर्मेंस पर जोर: डेविस कप में जीत का फॉर्मूला बताकर बोले कप्तान रोहित राजपाल

बेंगलुरु भारत 7-8 फरवरी को नीदरलैंड्स के खिलाफ डेविस कप क्वालिफायर राउंड 1 मैच की तैयारी कर रहा है, जिसके लिए नेशनल टीम कप्तान रोहित राजपाल की देखरेख में बेंगलुरु के एस.एम. कृष्णा टेनिस स्टेडियम में कड़ी ट्रेनिंग कर रही है। करण सिंह और रित्विक बोल्लीपल्ली ने गुरुवार शाम को अपना ट्रेनिंग सेशन शुरू किया, जबकि सुमित नागल, दक्षिणेश्वर सुरेश और यूकी भांबरी आज बेंगलुरु में टीम के साथ जुड़ेंगे, क्योंकि महत्वपूर्ण घरेलू मैच के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। भारत डेविस कप देशों की रैंकिंग में नंबर 33 पर है, और उसका मुकाबला एक मजबूत डच टीम से है जो फिलहाल दुनिया में नंबर 6 पर है और 2024 डेविस कप फाइनल में रनर-अप रही थी। फिर भी, भारतीय टीम अपने इतिहास से प्रेरणा ले सकती है, जिसने फरवरी 1996 में जयपुर में नीदरलैंड्स को हराकर एक बड़ा उलटफेर किया था। उस मौके पर, लिएंडर पेस और महेश भूपति ने 1-2 से पीछे होने के बाद शानदार वापसी करते हुए भारत को जीत दिलाई थी। राजपाल, जो 2019 से भारत के डेविस कप कप्तान हैं, डच टीम के खिलाफ इस सफलता को दोहराना चाहते हैं, जैसा कि उन्होंने कहा, “अगर हम वैसे ही खेलते हैं जैसे हमने स्विट्जरलैंड में खेला था, जहां सभी खिलाड़ी सही समय पर अपने चरम पर थे, तो मेरा मानना है कि हम यह टाई जीत सकते हैं। जब से मैं कप्तान बना हूं, हम जल्दी आकर टीम को तैयार करना शुरू कर देते हैं। हमारा मकसद धीरे-धीरे लोड कम करना है, हम हर दिन दो भारी सेशन से शुरू करते हैं और धीरे-धीरे लोड कम करते हैं ताकि हर कोई सही समय पर अपने चरम पर हो और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सके।” भारतीय टेनिस आइकन महेश भूपति ने भी भारतीय टीम का समर्थन करते हुए कहा, “मैं डेविस कप टाई से पहले टीम को शुभकामनाएं देना चाहता हूं। डच टीम के खिलाफ खेलने की मेरी बहुत अच्छी यादें हैं, खासकर जब हमने 1996 में जयपुर में उन्हें हराया था। यह दिखाता है कि डेविस कप में कुछ भी संभव है। टीम को अपना हौसला बनाए रखना होगा और कड़ी मेहनत करनी होगी।”  

ईशान का धमाकेदार उछाल, ICC रैंकिंग में 32 स्थान की बढ़त; नंबर-1 ऑलराउंडर बना पाक खिलाड़ी

 नई दिल्ली पाकिस्तान के ओपनर सैम अयूब ने शानदार हालिया प्रदर्शन का पूरा फायदा उठाते हुए ICC मेंस T20I ऑलराउंडर रैंकिंग में टॉप पोजीशन हास‍िल कर ली है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सरज़मीं पर खेली गई तीन मैचों की T20I सीरीज़ में 3-0 से मिली जीत के बाद सैम अयूब नंबर-1 बन गए हैं और उन्होंने ज‍िम्बाब्वे के अनुभवी खिलाड़ी सिकंदर रजा को पीछे छोड़ दिया है. 23 वर्षीय सैम अयूब ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में 119 रन बनाए और तीन विकेट भी हासिल किए थे . ICC मेंस T20 वर्ल्ड कप के आगाज से ठीक पहले आई यह रैंकिंग पाकिस्तान के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है, क्योंकि टीम 2009 के बाद अपने दूसरे T20 वर्ल्ड कप खिताब की तलाश में उतरने जा रही है. पाकिस्तान के लिए खुशखबरी यहीं खत्म नहीं होती. स्पिनर अबरार अहमद ने T20I गेंदबाजों की रैंकिंग में दो स्थान की छलांग लगाकर दूसरा स्थान हासिल किया है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों में छह विकेट लेने वाले अबरार अब भारत के वरुण चक्रवर्ती से सिर्फ 28 रेटिंग अंक पीछे हैं. इसके अलावा मोहम्मद नवाज ने भी शानदार प्रदर्शन किया है. आखिरी मुकाबले में पांच विकेट लेने के बाद नवाज गेंदबाज़ों की रैंकिंग में आठ स्थान ऊपर चढ़कर सातवें नंबर पर पहुंच गए हैं. ऑलराउंडर्स की सूची में भी नवाज एक पायदान ऊपर चढ़कर चौथे स्थान पर आ गए हैं. बल्लेबाजों की रैंकिंग में पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने 12 स्थान की छलांग लगाकर 29वां स्थान हासिल किया, जबकि सैम अयूब आठ स्थान ऊपर चढ़कर 27वें नंबर पर पहुंचे. टॉप-10 बल्लेबाजों में अभिषेक शर्मा अपनी बढ़त बनाए हुए हैं. वहीं जोस बटलर, पथुम निसंका, सूर्यकुमार यादव और टिम सिफर्ट को एक-एक स्थान का फायदा मिला है. ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन, साउथ अफ्रीका के क्विंटन डी कॉक, भारत के ईशान किशन और रायन रिकेलटन ने भी बल्लेबाजों की रैंकिंग में बड़ा सुधार किया है. गेंदबाजरें में इंग्लैंड के आदिल राशिद और न्यूज़ीलैंड के मिचेल सैंटनर की रैंकिंग में भी बढ़त देखने को मिली है. ईशान किशन ने 32 पायदान की लगाई छलांग  बुधवार को आई टी20 रैंकिंग ईशान किशन ने 32 पायदान की छलांग लगाकर 32वें नंबर के टी20 बल्लेबाज बन गए हैं . अभ‍िषेक शर्मा 917 रेटिंग पॉइंट के साथ नंबर 1 बल्लेबाज बने हुए हैं. त‍िलक वर्मा 1 पायदान की ग‍िरावट के साथ नंबर 4 पर काब‍िज हैं. सूर्युकुमार यादव की 1 पायदान का फायदा हुआ है, और वो 728 रेट‍िंग पॉइंट के साथ छठे नंबर के टी20 बल्लेबाज हैं. 

RCB के लिए बड़ी घोषणा: बिक्री प्रक्रिया शुरू, डियाजियो की ओर से वैल्यूएशन और दस्तावेज़ प्रस्तुत

बेंगलुरु रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की बिक्री से जुड़ी चर्चाएं अब अटकलों से आगे बढ़कर अमल के चरण में पहुंच चुकी हैं। टीम के मालिक डायजियो ने आधिकारिक तौर पर RCB को बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और संभावित खरीदारों को सूचना दस्तावेज भेजे जा चुके हैं। यह अब तक का सबसे स्पष्ट संकेत है कि IPL की सबसे कीमती फ्रेंचाइज़ियों में से एक बाजार में उपलब्ध है। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी स्पोर्टिको ने दी है, जो खेल कारोबार से जुड़ा प्रतिष्ठित जर्नल है। प्रक्रिया से जुड़े एक सूत्र के अनुसार, डायजियो ने अपनी भारतीय इकाई यूनाइटेड स्पिरिट्स के जरिए RCB से संबंधित दस्तावेज संभावित निवेशकों को भेजे हैं। भले ही बाध्यकारी बोली की समयसीमा तय होने में अभी वक्त लगे, लेकिन यह साफ हो गया है कि पिछले साल के अंत में शुरू की गई समीक्षा अब सक्रिय बिक्री प्रक्रिया में बदल चुकी है। यहां यह समझना जरूरी है कि जिन दस्तावेजों को भेजा गया है, उन्हें कंफिडेंशियल इंफॉर्मेशन मेमोरेंडम कहा जाता है। यह किसी भी कंपनी या संपत्ति को बेचने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला मुख्य दस्तावेज होता है, जिसमें 30 से 150 पन्नों तक की विस्तृत जानकारी शामिल रहती है, ताकि खरीदार व्यवसाय का सही मूल्यांकन कर सकें और शुरुआती प्रस्ताव दे सकें। रिपोर्ट्स के मुताबिक, IPL 2025 का खिताब जीतने और जबरदस्त व्यावसायिक मजबूती के बाद RCB की वैल्यूएशन करीब दो अरब डॉलर आंकी जा रही है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 18 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा बैठती है। RCB के साथ विराट कोहली जुड़े हैं, जिन्हें भारत का सबसे बड़ा और सबसे प्रभावशाली क्रिकेट ब्रांड माना जाता है। यूनाइटेड स्पिरिट्स ने इस सौदे के लिए सिटीग्रुप को अपना सलाहकार नियुक्त किया है। इस डील में प्राइवेट इक्विटी फर्मों, बड़े निवेशकों और हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स की रुचि दिखने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि पूरी प्रक्रिया मार्च के अंत तक पूरी हो सकती है। IPL 2026 का सीजन 26 मार्च से शुरू होना है और डायजियो की कोशिश है कि उससे पहले भारत में अपनी सबसे बड़ी संपत्ति की बिक्री पूरी कर ली जाए। RCB की बिक्री में सेलिब्रिटी और बड़े निवेशकों की दिलचस्पी RCB की संभावित बिक्री ने देश के कई बड़े नामों का ध्यान खींचा है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा था कि वह फ्रेंचाइज़ी के लिए एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बोली लगाएंगे। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं है कि उन्होंने औपचारिक प्रस्ताव दिया है या नहीं। इसके अलावा बॉलीवुड अभिनेता अनुष्का शर्मा और रणबीर कपूर के नाम भी निवेशकों के समूह से जुड़ी चर्चाओं में सामने आए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अनुष्का शर्मा करीब तीन प्रतिशत हिस्सेदारी में रुचि दिखा रही हैं, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 400 करोड़ रुपये बताई जा रही है। वहीं रणबीर कपूर की दिलचस्पी करीब दो प्रतिशत हिस्सेदारी को लेकर है। यह दोनों निवेश ब्रांड से जुड़ाव की रणनीति के अनुरूप माने जा रहे हैं। रणबीर कपूर पहले ही ISL क्लब मुंबई सिटी एफसी में निवेशक रह चुके हैं। हालांकि, यहां हितों के टकराव का सवाल भी उठता है। वर्ष 2007 में बीसीसीआई ने खिलाड़ियों को किसी भी IPL टीम में हिस्सेदारी खरीदने से रोक दिया था। विराट कोहली RCB की पहचान माने जाते हैं, ऐसे में उनके लिए सीधे तौर पर मालिकाना हक लेना संभव नहीं हो सकता। लेकिन इस स्थिति में उनकी पत्नी के जरिए निवेश का रास्ता खुल सकता है। अगर ये रिपोर्ट्स सही साबित होती हैं, तो कोहली परिवार के लिए कुछ कानूनी और तकनीकी प्रक्रियाएं अपनाई जा सकती हैं। डायजियो RCB क्यों बेच रहा है और खरीदार क्या सोच रहे हैं अब सवाल उठता है कि डायजियो आखिर RCB को क्यों बेच रहा है। इसकी वजह व्यावसायिक प्राथमिकताएं बताई जा रही हैं। यूनाइटेड स्पिरिट्स ने नवंबर में सेबी को जानकारी दी थी कि RCB को एक नॉन-कोर एसेट के रूप में देखा जा रहा है, जो कंपनी के अल्कोहल और बेवरेज कारोबार से अलग है। इसके अलावा, पिछले साल बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में RCB की खिताबी जीत के जश्न के दौरान मची भगदड़ ने भी कंपनी को चिंता में डाल दिया था। इस घटना में कई लोगों की मौत हुई थी, जिससे डायजियो को अपनी छवि को नुकसान पहुंचने और संभावित कानूनी परेशानियों का अंदेशा हुआ। इन्हीं कारणों को देखते हुए कंपनी अब RCB से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रही है।

U-19 विश्व कप: फाइनल का टिकट दांव पर, अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की ताकत बन सकते हैं वैभव सूर्यवंशी

नई दिल्ली अब तक खेल के हर विभाग में अच्छा प्रदर्शन करने के कारण आत्मविश्वास से भरी भारतीय टीम बुधवार को हरारे में आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ जीत के प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेगी। रिकॉर्ड छठी बार खिताब जीतने की ओर भारत इस प्रतियोगिता के इतिहास में भारत सबसे सफल टीम है। उसने पांच बार (2000, 2008, 2012, 2018, 2022) खिताब जीते हैं। उसके बाद ऑस्ट्रेलिया का नंबर आता है जिसने चार बार ट्रॉफी जीती है। इस तरह से भारत रिकॉर्ड छठी बार खिताब जीतने की दिशा में बुधवार को एक कदम और आगे बढ़ाने की कोशिश करेगा। इस विश्व कप में अब तक अजेय रहा है भारत भारत ने अब तक टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है। उसने अपने सभी पांच मैच आसानी से जीते हैं, जिसमें सुपर सिक्स चरण में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान पर 58 रन की जीत भी शामिल है। भारतीय टीम हालांकि अफगानिस्तान को कम करके आंकने की गलती नहीं करेगी। अफगानिस्तान का भी टूर्नामेंट में प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। उसने अपने पांच मैचों में से चार जीते हैं। उसे एकमात्र हार श्रीलंका से मिली थी। लेकिन खिलाड़ियों की फॉर्म और खेल के हर क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करने के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ भारत का पलड़ा भारी नजर आता है। सूर्यवंशी, कुंडू, मल्होत्रा से बैटिंग में उम्मीदें विकेटकीपर बल्लेबाज अभिज्ञान कुंडू ने बल्लेबाजी में शानदार प्रदर्शन किया है। इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने अब तक पांच मैचों में दो अर्धशतकों की मदद से 199 रन बनाए हैं। बड़े-बड़े शॉट खेलने में माहिर सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (पांच मैचों में दो अर्धशतकों सहित 196 रन) भी अच्छी फॉर्म में हैं, लेकिन टीम प्रबंधन चाहेगा कि वह अपने अर्धशतकों को शतकों में तब्दील करें। ऑलराउंडर विहान मल्होत्रा ​​(पांच मैचों में 172 रन) एक और भारतीय बल्लेबाज हैं जिन पर सभी की नजर रहेगी। उन्होंने ग्रुप चरण में जिम्बाब्वे के खिलाफ शतक (109 नाबाद) लगाया था। कप्तान आयुष म्हात्रे और आरोन जॉर्ज को फॉर्म का इंतजार कप्तान आयुष म्हात्रे ने गेंदबाज़ी में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने पांच मैचों में अपनी ऑफ-ब्रेक गेंदबाजी से छह विकेट लिए हैं, लेकिन उनकी बल्लेबाजी में सुधार की गुंजाइश है। उन्होंने पांच मैचों में सिर्फ 99 रन बनाए हैं जिसमें उनका उच्चतम स्कोर 53 रन है। सलामी बल्लेबाज आरोन जॉर्ज की फॉर्म भी भारत के लिए चिंता का विषय है क्योंकि दाएं हाथ का यह बल्लेबाज तीन पारियों में केवल 46 रन ही बना सका है। भारतीय गेंदबाजी की कमान दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हेनिल पटेल और आरएस अंबरीश के हाथ में है। इन दोनों तेज गेंदबाजों को स्पिनर खिलन पटेल का भी अच्छा सहयोग मिला है, जिन्होंने पांच मैचों में आठ विकेट लिए हैं। म्हात्रे और मल्होत्रा गेंदबाजी में भी अपनी भूमिका निभाएंगे। मल्होत्रा ने अभी तक टूर्नामेंट में अपनी ऑफ-ब्रेक गेंदबाजी से पांच विकेट लेने के अलावा भारत की तरफ से एकमात्र शतक भी लगाया है। टीम इस प्रकार हैं: भारत अंडर-19: आरोन जॉर्ज, अभिज्ञान कुंडू, हरवंश पंगालिया, वैभव सूर्यवंशी, वेदांत त्रिवेदी, आयुष म्हात्रे (कप्तान), विहान मल्होत्रा, आरएस अंबरीश, कनिष्क चौहान, खिलन पटेल, दीपेश देवेंद्रन, हेनिल पटेल, मोहम्मद एनान, उधव मोहन, किशन सिंह। अफगानिस्तान अंडर-19: महबूब खान (कप्तान), अजीजुल्लाह मियाखिल, फैसल शिनोजादा, खालिद अहमदजई, उस्मान सादात, उजैरुल्लाह नियाजई, अब्दुल अजीज, अकील खान, खातिर स्टानिकजई, नाजीफुल्लाह अमीरी, नूरिस्तानी उमरजई, रूहुल्लाह अरब, सलाम खान, वहीदुल्लाह जादरान, जैतुल्लाह शाहीन। समय: मैच दोपहर 1:00 बजे भारतीय समयानुसार शुरू होगा।  

क्रिकेट फैंस के लिए बड़ी खबर, नियमों में व्यापक संशोधन से बढ़ेगा टेस्ट मैच का रोमांच

 नई दिल्ली     मेरिलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने क्रिकेट के नियमों में ऐतिहासिक बदलावों की घोषणा की है. सबसे बड़ा बदलाव टेस्ट क्रिकेट को लेकर किया गया है. अब टेस्ट मैच मैच के दौरान दिन के आखिरी ओवर के दौरान यदि विकेट गिरता है, तो खेल वहीं खत्म नहीं होगा. नए नियमों के अनुसार, आखिरी ओवर हर हाल में पूरा किया जाएगा और आउट होने पर नया बल्लेबाज तुरंत मैदान में आएगा. यह बदलाव एमसीसी की ओर घोषित नए नियमों का हिस्सा हैं, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे. एमसीसी ने लॉ 12.5.2 में बदलाव करते हुए साफ किया है कि दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर खेल नहीं रुकेगा और नया बल्लेबाज तुरंत क्रीज पर आएगा.बचे हुए गेंद अगले दिन के लिए नहीं छोड़े जाएंगे. एमसीसी की नियम उप-कमेटी का मानना था कि पुराना नियम बल्लेबाजी टीम के पक्ष में झुका हुआ था और इससे मैच का रोमांच भी खत्म हो जाता था. एमसीसी ने कहा, ‘अगर फील्डिंग टीम आखिरी ओवर में विकेट लेती है और बल्लेबाजी टीम को नया खिलाड़ी भेजने की जरूरत नहीं पड़ती, तो यह नाइंसाफी है. यह वक्त अक्सर गेंदबाजों के लिए सबसे अनुकूल होता है और ऐसे में खेल का रोमांच खत्म हो जाता है.’ एमसीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह बदलाव समय बचाने के लिए नहीं है क्योंकि बची हुई गेंदें अगले दिन फिर भी पूरी करनी पड़ती थी. एमसीसी ने बताया कि इस बार क्रिकेट नियमों कुल 73 महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, साथ ही कुछ भाषाई सुधार भी किए गए हैं. यह तीसरी बार है जब 2017 के कोड के बाद नियमों में संशोधन हुआ है. पहले 2019 और फिर 2022 में बदलाव हुए थे. इन बदलावों पर अब इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (IPL) की क्रिकेट कमेटी अगली बैठक में चर्चा करेगी, ताकि इन्हें प्लेइंग कंडीशन्स में शामिल किया जा सके. हालांकि, घरेलू क्रिकेट में इन बदलावों को लागू किया जाएगा या नहीं, यह राष्ट्रीय क्रिकेट बोर्ड्स पर छोड़ा गया है. लैमिनेटेड बैट का इस्तेमाल जायज! एमसीसी ने वयस्क रिक्रिएशनल क्रिकेट में लैमिनेटेड बैट्स के इस्तेमाल को भी मंजूरी दे दी है. लैमिनेटेड बैट अलग-अलग किस्म की लकड़ियों से बनता है. आम बैट की तुलना में यह काफी सस्ता होता है और अधिकतम तीन लकड़ी के टुकड़ों से बनाया जा सकता है. एमसीसी ने बताया कि इंग्लिश विलो को तैयार होने में 15 साल से ज्यादा समय लगता है और वैश्विक मांग तेजी से बढ़ रही है. इसी वजह से बैट महंगे होते जा रहे हैं. 2017 में ये बैट पहले ही जूनियर क्रिकेट में मंजूर किए जा चुके थे. अब लॉर्ड्स में हुई बैठक और वैश्विक बैट निर्माताओं से बातचीत के बाद एमसीसी ने इन्हें एडल्ट क्लब क्रिकेट के लिए भी हरी झंडी दी है.  हिटविकेट नियम में बदलाव लॉ 35.1.1 और 35.2 के तहत अब हिटविकेट को लेकर स्थिति साफ कर दी गई है. अगर बल्लेबाज शॉट खेलने के बाद संतुलन खो देता है और कुछ कदम इधर-उधर लेने के बाद स्टम्प्स पर गिर जाता है तो उसे हिट विकेट आउट माना जाएगा, भले ही गेंद काफी पहले खेली जा चुकी हो. हालांकि अगर बल्लेबाज किसी फील्डर से टकराकर स्टम्प्स पर गिरता है, तो वह हिटविकेट आउट नहीं होगा. अगर बल्ला हाथ से छूटकर सीधे विकेट से टकराता है, तो बल्लेबाज आउट होगा, लेकिन अगर बल्ला पहले विकेटकीपर या किसी खिलाड़ी से टकराए और फिर विकेट गिरे, तो नॉट आउट रहेगा. ओवरथ्रो की नई परिभाषा (लॉ 19.8) MCC ने लॉ 19.8 की अस्पष्ट भाषा हटाते हुए साफ परिभाषा दी है- ओवरथ्रो: जब जानबूझकर गेंद को स्टम्प्स की ओर फेंका जाए ताकि रन रोके जा सकें या रन आउट किया जा सके मिसफील्ड: गेंद को रोकने या पास करने का प्रयास हो तो इसे ओवरथ्रो नहीं माना जाएगा. डेड बॉल नियम में बड़ा बदलाव (लॉ 20.1.1.1) अब गेंद को डेड घोषित करने के लिए उसका गेंदबाज या विकेटकीपर के हाथ में होना जरूरी नहीं है. नए नियम के अनुसार गेंद किसी भी फील्डर के हाथ में हो सकती है या जमीन पर स्थिर हो सकती है. अंपायर को यह तय करने की पूरी छूट होगी कि गेंद आखिकार डेड हुई है या नहीं. यह बदलाव खासतौर पर क्लोज मैच के आखिरी गेंदों में बेहद अहम माना जा रहा है.

करारी हार से नहीं टूटी ऑस्ट्रेलिया की हिम्मत, मार्श ने कहा– वर्ल्ड कप जीतना ही मिशन

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया के कप्तान मिचेल मार्श को पाकिस्तान के भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप मैच का बहिष्कार करने और बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किए जाने के बारे में सवालों का सामना करना पड़ा। हालांकि उन्होंने इन दोनों मसलों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि उनका पूरा ध्यान इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने पर है। मार्श सोमवार रात को लाहौर में मेजबान टीम के हाथों टी20 श्रृंखला में 0-3 से मिली हार के बाद पाकिस्तान के मीडिया से रूबरू थे। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान से टीम के प्रदर्शन के अलावा मैदान से बाहर चल रही गतिविधियों के बारे में भी सवाल पूछे गए जिनके कारण भारत और श्रीलंका में सात फरवरी से शुरू होने वाले टी20 विश्व कप को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। मार्श से जब 15 फरवरी को कोलंबो में भारत के खिलाफ होने वाले मैच का पाकिस्तान द्वारा बहिष्कार करने के संबंध में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘इस समय मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। हम विश्व कप में सिर्फ अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करने जा रहे हैं। बाकी चीजें अपने आप सुलझ जाएंगी।’ पत्रकारों ने उनसे बांग्लादेश को ‘सुरक्षा चिंताओं’ के कारण भारत आने से इनकार करने पर प्रतियोगिता से बाहर किए जाने के बारे में भी सवाल पूछा गया जिस पर उनकी प्रतिक्रिया पहले जैसी ही थी। उन्होंने कहा, ‘मेरी पिछली प्रतिक्रिया भी यही थी। हम विश्व कप जीतने की कोशिश करने जा रहे हैं और हमारा पूरा ध्यान इसी पर केंद्रित है। ऑस्ट्रेलियाई टीम के रूप में हमें वहां के लोगों पर भरोसा है कि वे हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। मैं बस इतना ही कहूंगा।’ ऑस्ट्रेलिया विश्व कप के शुरुआती चरण के दौरान श्रीलंका में रहेगा। वह इस दौरान श्रीलंका, आयरलैंड, जिम्बाब्वे और ओमान का सामना करेगा। मार्श ने पाकिस्तान के खिलाफ मिली हार और स्पिनरों के सामने हुई परेशानी को बहुत अधिक तवज्जो नहीं दी। ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज मोहम्मद नवाज, शादाब खान और अबरार अहमद की स्पिन तिकड़ी के सामने बगलें झांकते हुए नजर आए, जिन्होंने मिलकर 17 विकेट लिए। मार्श ने कहा, ‘इसमें कोई संदेह नहीं कि इस श्रृंखला में हमने संघर्ष किया, लेकिन पिछले 18 महीनों में हम दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक रहे हैं और हमने स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया है। हम यहां मिले अनुभव का विश्व कप में फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। हम जानते हैं कि इस तरह की परिस्थितियों में हमारी टीम अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम है और इसलिए हम विश्व कप को लेकर बेहद उत्साहित हैं।’

अनजान से अंडरडॉग तक का सफर: कैसे इटली बना T20 वर्ल्ड कप का नया खतरा?

बेंगलुरु फुटबॉल के दीवाने इटली में क्रिकेट की शुरुआत 18वीं शताब्दी में हो गई थी लेकिन यह खेल हमेशा वहां हाशिये पर ही रहा लेकिन दो सदियों के बाद अब लगता है कि इस देश में क्रिकेट गुमनामी से बाहर निकल आएगा। वेन मैडसन की अगुवाई वाली इटली की टीम आगामी टी20 वर्ल्ड कप में छाप छोड़ने के लिए तैयार है और यह सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं है। पिछले महीने आयरलैंड के खिलाफ द्विपक्षीय टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज में चार विकेट से मिली जीत टेस्ट खेलने वाले देश के खिलाफ इटली की पहली जीत थी। इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि इस ऐतिहासिक जीत के सूत्रधारों में से एक सहायक कोच केविन ओब्रायन थे जो आयरलैंड के मशहूर पूर्व ऑलराउंडर हैं। इटली ने ओब्रायन के अलावा कनाडा के पूर्व बल्लेबाज जॉन डेविसन को मुख्य कोच के रूप में अपने सहयोगी स्टाफ में शामिल किया है।   ‘जानते हैं कि विश्व कप में खेलने के लिए क्या जरूरी’ इंग्लैंड के लिए 25 वनडे और दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच तथा वारविकशर के लिए 209 प्रथम श्रेणी के मैच खेलने वाले डौगी ब्राउन टीम के दूसरे सहायक कोच हैं। इटली क्रिकेट महासंघ (आईसीएफ) की अध्यक्ष लोरिया हाज पाज ने पीटीआई से कहा, ”हमारे सहयोगी स्टाफ के पास अंतरराष्ट्रीय अनुभव है और वे जानते हैं कि विश्व कप में खेलने के लिए क्या जरूरी होता है। यह हमारे लिए वास्तव में बेहद महत्वपूर्ण है। हमारे युवा खिलाड़ी उनसे इस तरह की बड़ी प्रतियोगिताओं में दबाव झेलने के लिए काफी कुछ सीख सकते हैं। उम्मीद है कि हमारी टीम टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करेगी।” पिछले साल 11 जुलाई को आईसीसी के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करना इटली क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक क्षण था। लेकिन वह इस सफलता पर संतुष्ट होकर बैठने को तैयार नहीं था। ‘श्रीलंका में शिविर से टीम को काफी फायदा हुआ’ आईसीएफ ने पिछले साल नवंबर से खिलाड़ियों के कौशल को निखारने के लिए दुबई और श्रीलंका में शिविरों का आयोजन किया। डेविसन ने कहा, ”सबसे अहम बात यह स्वीकार करना था कि काम अभी पूरा नहीं हुआ है। इन शिविर से टीम को काफी फायदा हुआ क्योंकि यहां की परिस्थितियां भारतीय परिस्थितियों से काफी हद तक मिलती-जुलती थीं। इससे खिलाड़ियों को यह पता चला कि विश्व कप में उनसे क्या उम्मीद की जा रही है। इससे उन्हें विश्व कप जैसी बड़ी प्रतियोगिता के लिए मानसिक रूप से तैयार होने में भी मदद मिली।” इटली की टीम को उम्मीद है कि वह ग्रुप सी के अपने पहले दो मैचों में स्कॉटलैंड (जिसने बांग्लादेश की जगह ली है) और नेपाल के खिलाफ दमदार प्रदर्शन करेगी। इसके बाद उसे पूर्व चैंपियन इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। नेतृत्व को लेकर खींचतान के बाद बर्न्स हुए बाहर पिछले साल यूरोपीय क्षेत्रीय प्रतियोगिता में इटली ने स्कॉटलैंड को हराया था और वे इस बार भी वैसा ही प्रदर्शन दोहराने की कोशिश करेंगे। नेतृत्व को लेकर चली खींचतान के कारण पूर्व कप्तान और अनुभवी बल्लेबाज जो बर्न्स को टीम से बाहर किए जाने के बावजूद इटली अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध है। इटली की टीम में दक्षिण अफ्रीका के पूर्व ऑलराउंडर जेजे स्मट्स आक्रामक बल्लेबाज के रूप में मध्य क्रम को मजबूत बनाते हैं। उनकी बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी भारतीय पिचों पर काफी उपयोगी साबित हो सकती है। कप्तान मैडसन 42 वर्ष के हैं और उनके पास दुनिया भर की टी20 लीगों में खेलने का अनुभव है। इसी तरह का अनुभव मैनेंटी बंधुओं बेन और हैरी के पास भी है, जो बिग बैश लीग (बीबीएल) में खेलते रहे हैं। इटली ने सोमवार को चेन्नई में खेले गए अभ्यास मैच में कनाडा को 10 विकेट से हराया था जिसमें स्मट्स और हैरी मैनेंटी ने अहम भूमिका निभाई। इटली की टीम: वेन मैडसन (कप्तान), मार्कस कैंपोपियानो, जियान पिएरो मीडे, ज़ैन अली, अली हसन, क्रिस्चन जॉर्ज, हैरी मैनेंटी, एंथोनी मोस्का, जस्टिन मोस्का, सैयद नकवी, बेंजामिन मैनेंटी, जसप्रीत सिंह, जे जे स्मट्स, ग्रांट स्टीवर्ट, थॉमस ड्रेका। इटली का टी20 विश्व कप कार्यक्रम 9 फरवरी: स्कॉटलैंड के खिलाफ कोलकाता में 12 फरवरी: नेपाल के खिलाफ मुंबई में 16 फरवरी: इंग्लैंड के खिलाफ कोलकाता में 19 फरवरी: वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता में।  

देश के लिए खेलना सर्वोपरि: पद्म श्री सम्मान पर रोहित शर्मा की प्रतिक्रिया

नई दिल्ली  पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने ‘पद्म श्री’ से सम्मानित होने पर आभार जताते हुए इसे अपने और परिवार के लिए एक खास पल बताया है। रोहित का कहना है कि वह भारत के लिए मैच जीतना जारी रखेंगे। ‘पद्म श्री’ से सम्मानित होने को रोहित शर्मा ने खास पल बताते हुए उन सभी लोगों को धन्यवाद दिया है, जिन्होंने क्रिकेट करियर में उनका साथ दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दूरदर्शन स्पोर्ट्स की ओर से शेयर किए गए वीडियो में रोहित ने कहा, “पद्म श्री मिलना मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत खास पल है। मैं इस सम्मान के लिए भारत सरकार का धन्यवाद करता हूं। मैं उन सभी लोगों का भी आभारी हूं, जिन्होंने मेरे करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अपने देश के लिए मैच और ट्रॉफियां जीतने की मेरी कोशिश हमेशा जारी रहेगी। धन्यवाद। जय हिंद।” रोहित शर्मा ने साल 2007 में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। पिछले 19 वर्षों में वह तीनों फॉर्मेट में भारत के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक रहे। उन्होंने बतौर बल्लेबाज और कप्तान, भारतीय क्रिकेट में एक महत्वपूर्ण छाप छोड़ी है। रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 की ट्रॉफी जीतकर सबसे छोटे फॉर्मेट में आईसीसी खिताब का लंबा इंतजार खत्म किया। अगले ही साल भारत को चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब भी जिताया। रोहित शर्मा ने अपने टेस्ट करियर में 67 मैच खेले, जिसकी 116 पारियों में 40.57 की औसत के साथ 4,301 रन बनाए। इस दौरान 12 शतक और 18 अर्धशतक लगाए। इसके अलावा, उन्होंने 282 वनडे मुकाबलों में 48.84 की औसत से 11,577 रन बनाए। इस दौरान 33 शतक और 61 अर्धशतक लगाए। रोहित शर्मा भारत की तरफ से 159 टी20 मैच खेल चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 5 शतक और 32 अर्धशतकों के साथ 4,321 रन जुटाए, जिससे वह इस फॉर्मेट के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक बन गए हैं। भले ही रोहित शर्मा टेस्ट और टी20 फॉर्मेट से रिटायरमेंट ले चुके हैं, लेकिन वह अभी भी वनडे में टीम के लिए शानदार रन बना रहे हैं। फैंस चाहते हैं कि रोहित वनडे वर्ल्ड कप 2027 खेलें।

डिफेंडिंग चैंपियन अल्कराज रॉटरडैम ओपन से हटे

मेड्रिड मौजूदा चैंपियन कार्लोस अल्कराज इस साल एबीएन एमरो (रॉटरडैम) ओपन में अपने खिताब का बचाव नहीं करेंगे। टूर्नामेंट आयोजकों ने सोमवार को पुष्टि की कि विश्व नंबर एक अल्कराज एटीपी 500 स्तर के इस टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेंगे। स्पेन के स्टार खिलाड़ी ने ऑस्ट्रेलियन ओपन में कड़े अभियान के बाद कुछ समय के लिए ब्रेक लेने का फैसला किया है, जहां उन्होंने मेलबर्न में ऐतिहासिक खिताबी जीत दर्ज की थी। अल्कराज के इस फैसले के साथ ही रॉटरडैम आहोय में उनकी दोबारा मौजूदगी की संभावना समाप्त हो गई है। उन्होंने 2025 में इसी टूर्नामेंट में एलेक्स डी मिनौर को तीन सेटों में हराकर खिताब जीता था, जो उनके करियर का पहला इंडोर एटीपी खिताब भी था। एबीएन एमरो ओपन के आयोजकों ने एक आधिकारिक बयान में कहा,“कार्लोस अल्कराज रॉटरडैम में अपने खिताब का बचाव नहीं करेंगे। ऑस्ट्रेलियन ओपन के दौरान पिछले दो हफ्तों में काफी मेहनत के बाद उन्होंने महसूस किया कि उन्हें दोबारा खेलने से पहले और समय की जरूरत है। हम कार्लोस के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।” अल्कराज का यह फैसला ऑस्ट्रेलियन ओपन में उनकी ऐतिहासिक सफलता के तुरंत बाद आया है, जहां उन्होंने फाइनल में नोवाक जोकोविच को 2–6, 6–2, 6–3, 7–5 से हराकर पहली बार खिताब जीता था। इस जीत के साथ ही 22 वर्षीय अल्कराज ओपन एरा में सबसे कम उम्र में करियर ग्रैंड स्लैम पूरा करने वाले पुरुष खिलाड़ी भी बन गए।  

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