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रायपुर : बिलासपुर जिले में अवैध उत्खनन पर कसा शिकंजा, एक चैन माउंटेन मशीन एवं एक हाइवा जब्त

रायपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार बिलासपुर जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन के विरुद्ध सतत निगरानी एवं कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग द्वारा आज गनियारी, कोटा, करही कछार, छतौना, सोढाखुर्द, रतनपुर, कछार एवं अन्य क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान करही कछार क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन में लगी एक चैन माउंटेन मशीन को ज़ब्त कर सील कर दिया गया है। ग्राम सोढाखुर्द क्षेत्र में बिना किसी वैध दस्तावेज, अनुमति या सहमति पत्र के लगभग 150 ट्रिप हाइवा रेत का अवैध भंडारण पाया गया, जिसे हरी ओम शर्मा, निवासी बिलासपुर के कब्जे से ज़ब्त किया गया। उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत छतौना के सरपंच, उप सरपंच एवं सरपंच प्रतिनिधि द्वारा ज़ब्त रेत को सुपुर्दगी में लेने तथा मौका पंचनामा में हस्ताक्षर करने से इंकार किया गया। ऐसी स्थिति में नियमानुसार ज़ब्त रेत को भूमि स्वामी मनोहर सिंह राज, निवासी सोढाखुर्द को सुपुर्द किया गया। इसके अतिरिक्त ग्राम कछार में मुरुम का अवैध परिवहन करते हुए एक हाइवा वाहन पकड़ा गया, जिसे थाना कोनी के सुपुदर्गी में रखा गया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घायल जवानों से की भेंट: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया आभार

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने करेगुट्टा नक्सल विरोधी अभियान में घायल सुरक्षाबल के जवानों से दिल्ली स्थित एम्स ट्रॉमा सेंटर में भेंट करने और उनका मनोबल बढ़ाने हेतु केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में हमारा देश नक्सल-मुक्त बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। करेगुट्टा में हमारे सुरक्षाबलों द्वारा दिखाई गई वीरता इस संकल्प की सिद्धि की दिशा में एक निर्णायक कदम है। हम मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल उन्मूलन में सफलता प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति और समावेशी विकास के लिए पूर्ण संकल्पित है।

20 मई से शुरू होंगे 10वीं और 12वीं की द्वितीय मुख्य परीक्षा 2025 के लिए आवेदन

रायपुर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की द्वितीय मुख्य परीक्षा 2025 के लिए आवेदन तिथियों की घोषणा कर दी है। जिन विद्यार्थियों ने मुख्य परीक्षा दी थी और वे श्रेणी सुधार, पूरक या अनुत्तीर्ण (फेल) हैं, वे इस द्वितीय परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत वर्ष में दो बार परीक्षा कराने की व्यवस्था का हिस्सा है। आवेदन की समय-सीमा इस प्रकार है सामान्य शुल्क के साथ: 20 मई से 10 जून 2025 तक विलंब शुल्क के साथ: 11 जून से 20 जून 2025 तक विशेष विलंब शुल्क के साथ: 21 जून से 30 जून 2025 तक परीक्षा फॉर्म केवल ऑनलाइन माध्यम से भरे जाएंगे। मंडल ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई छात्र श्रेणी सुधार के लिए परीक्षा देता है और उसके अंक नहीं बढ़ते हैं, तो पहली परीक्षा की मार्कशीट ही मान्य होगी। यह दूसरी बार है जब छत्तीसगढ़ बोर्ड वर्ष में दो बार मुख्य परीक्षा का आयोजन कर रहा है, जिससे छात्रों को सुधार का एक और अवसर मिलता है। इससे पहले 7 मई को घोषित हुआ था परीक्षा परिणाम बता दें कि CGBSE ने 7 मई को कक्षा 10वीं और 12वीं के नतीजे जारी किए थे। इस साल 5.6 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। इस साल भी लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों से बेहतर रहा है। 10वीं परीक्षा: 3,23,094 छात्र शामिल हुए, पास प्रतिशत 76.53% लड़कियाँ: 80.70% लड़के: 71.39% टॉपर: इशिका बाला और नमन कुमार (99.17%) 12वीं परीक्षा: 2,38,626 छात्र शामिल हुए, पास प्रतिशत 81.87% लड़कियाँ: 84.67% लड़के: 78.07% टॉपर: अखिल सेन (98.20%)

भारतमाला प्रोजेक्ट को लेकर विरोध शुरू, किसान कर रहे उचित मुआवजे की मांग

दुर्ग जिले में भारतमाला प्रोजेक्ट को लेकर विरोध शुरू हो गया है। आज हनोदा सहित 5 गांवों के 200 से अधिक किसानों ने भारतमाला प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य को रुकवाकर प्रदर्शन किया और भूमि का उचिव मुआवजा देने की मांग की। साथ ही अधिकारियों पर मुआवजा वितरण में भ्रष्ट्राचार के आरोप भी लगाए. लगभग 3 घंटे के प्रदर्शन के बाद विरोध कर रहे 17 किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दरअसल भारतमाला परियोजना के अंतर्गत अधिकृत किए गए भूमि के किसानों की मांग है कि उनकी भूमि का उचित मुआवजा उन्हें दिया जाए। उनका कहना है कि बड़ी जमीनों को हेक्टेयर और छोटी जमीनों को एकड़ के अनुसार मुआवजा दिया गया है. छोटी भूमि को वर्गफीट के अनुसार मुआवजा दिया गया है, जिनसे उन्हें कई गुना नुकसान हो रहा है। किसानों का कहना है कि जब उन्होंने भूमि खरीदी तब उसका बाजार मूल्य कुछ और था, लेकिन आज उन्हें उनकी भूमि का 10 प्रतिशत मुआवजा ही मिल पा रहा है। एक भू-स्वामी ने बताया कि उन्होंने 15 साल पहले जो भूमि खरीदी थी उसका आधा पैसा भी मुआवजे में उन्हें नहीं मिल पा रहा है। भारतमाला परियोजना में किसानों को दिए जा रहे मुआवजे को लेकर कई किसानों ने कोर्ट में याचिका दायर की है. किसानों ने मांग की है कि उन्हें उनका उचित मुआवजा दिया जाए। मुआवजा वितरण को लेकर अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप भी किसानों ने लगाए हैं. बता दें कि भारतमाला प्रोजेक्ट में दुर्ग जिले के दुर्ग और पाटन ब्लाक के किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई है। भारतमाला परियोजना में मुआवजा वितरण का निर्धारण करने का अधिकार एसडीएम को था। उस दौरान मुकेश रावटे दुर्ग एसडीएम थे, जिनके यहां भी एसीबी की टीम ने छापा मारकर छानबीन की थी।

शराब भट्टी का सुपरवाइजर नाबालिगों से करवा रहा था तस्करी, पुलिस ने किया गिरफ्तार

भाटापारा भाटापारा शहर पुलिस ने सिद्ध बाबा शराब भट्टी के सुपरवाइजर गुलाब कोसले (27) को गिरफ्तार किया है, सर्कस मैदान, भाटापारा का रहने वाला है। आरोप है कि वह नाबालिग बच्चों से अवैध रूप से शराब की तस्करी करवा रहा था। भाटापारा शहर पुलिस द्वारा शहर में पेट्रोलिंग के दौरान सिद्ध बाबा रेलवे फाटक के पास दो नाबालिग बालकों को संदिग्ध स्थिति में पकड़ा गया। पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि दोनों बच्चों से शराब की तस्करी गुलाब कोसले द्वारा कराया जा रहा था। बताया गया कि आरोपी ने नाबालिग होने की जानकारी होते हुए भी उन्हें डरा-धमकाकर एवं आर्थिक प्रलोभन देकर इस अवैध कार्य में लगाया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ में गुलाब कोसले ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसने जानबूझकर नाबालिगों से शराब की ढुलाई करवाई। पुलिस ने उसके कब्जे से 5000 रुपये कीमत की 50 नग देसी मसाला शराब जब्त की है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया।

बलरामपुर जिले में हुआ हादसा, बरातियों की बस 50 फीट नीचे गिरी, तीन की मौत, पांच दर्जन घायल, अंबिकापुर किया रेफर

अंबिकापुर बलरामपुर जिले के कुसमी-चांदो मार्ग के कंठी घाट पर गुरुवार दोपहर बरातियों से भरी बस लगभग 50 फीट ऊंचाई से नीचे गिर गई। दुर्घटना में तीन बरातियों की मौत हो गई, जबकि महिला-बच्चे समेत लगभग पांच दर्जन बराती घायल है। गंभीर रूप से घायल 10 बरातियों को जिला अस्पताल बलरामपुर में प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल काॅलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर कर दिया गया है। घटना से विवाह की खुशियां मातम में बदल गई है। बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बेलकोना निवासी गुंजन राम के बेटे सुनील की शादी गुरुवार को झारखंड के बरगढ़ में होनी थी। घर में खुशी का माहौल था। रिश्तेदारों के अलावा गांववाले और परिचितों को मिलाकर 70 से 80 लोग बतौर बराती हंसी खुशी बस में सवार होकर भंडरिया बरात जाने के लिए निकले थे। इसी दौरान कुसमी – चांदो मार्ग पर निर्माणाधीन कंठी घाट के घुमावदार सड़क पर बस पर से चालक का नियंत्रण हट गया। बस लगभग 50 फीट ऊपर से लुढ़कते हुए खाई से नीचे दूसरे सड़क पर गिर गई। इस दौरान तीन-चार पेड़ भी उखड़ गए। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर कोहराम मच गया। घटनास्थल का नजारा अत्यंत दुखदायी था।छोटे बच्चों के साथ महिलाएं और बुजर्ग तड़प रहे थे।सभी को तत्काल एंबुलेंस और अलग-अलग वाहनों से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चांदो ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल मरीजों को तत्काल जिला अस्पताल बलरामपुर में शिफ्ट किया गया। इधर बस में सवार महिला महंती कुजूर पति हेमंत (27) और मांदुर पिता सीताराम (18) की मौके पर मौत हो गई थी। दोनों बस के अंदर ही दब गए थे। पुलिस ने एक्सीवेटर की मदद से बस को उठाकर मृतकों के शवों को बाहर निकाला। स्थानीय लोगों की मदद से बलरामपुर जिला अस्पताल पहुंचने के बाद ममेश बड़ा (12) की मौत हो गई। यह बालक राजपुर क्षेत्र के गोपालपुर से शादी में आया था। बलरामपुर जिला अस्पताल में सीएमएचओ डा बसंत सिंह के साथ चिकित्सकों का दल मुस्तैद रहा। 10 बरातियों की हालत गंभीर,मेडिकल कॉलेज अस्पताल शिफ्ट बस दुर्घटना में 10 बरातियों को गंभीर चोट आई है। उन्हें जिला अस्पताल बलरामपुर से मेडिकल कालेज अस्पताल अंबिकापुर शिफ्ट कर दिया गया है। शेष घायलों का उपचार बलरामपुर जिला अस्पताल में चल रहा है। इस भीषण बस हादसे की खबर मिलते ही बलरामपुर कलेक्टर राजेंद्र कटारा समेत प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। कलेक्टर ने घायलों की समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित कराई। सीएमएचओ बसंत सिंह, सिविल सर्जन डाक्टर शशांक गुप्ता के साथ अस्पताल में पदस्थ चिकित्सकों ने घायलों का उपचार किया। दुर्घटना की खबर मिलते ही जिला अस्पताल को अलर्ट कर दिया गया था। वर्षों से चल रहा कंठी घाट पर सड़क निर्माण बलरामपुर जिले के कंठी घाट पर सड़क निर्माण कई वर्षों से चल रहा है लेकिन यह पूरा नहीं हुआ है। यहां सड़क घुमावदार और पहाड़ी पर है। कुसमी-सामरी क्षेत्र के लोगों के लिए जिला मुख्यालय पहुंचने का यह कम दूरी का रास्ता है। कंठी घाट पर सड़क खतरनाक है। पहाड़ी पर घुमावदार सड़क के ऊपरी हिस्से से ही बस नीचे गिरी। इस दौरान कई पेड़ भी धराशायी होते चले गए। बस पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है।  

अस्पताल में लगी आग, चीख-पुकार मचाते हुए अस्पताल से बाहर निकले लोग

कोरबा कोरबा के मध्य कोतवाली के पास रानी धनराज कुंवर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अस्तपाल में तड़के सुबह अचानक शॉर्ट सर्किट से आगजनी की घटना सामने आई। इस घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते मरीज और उसके परिजन चीख-पुकार मचाते हुए अस्पताल से बाहर निकले। कई मरीज अपने नवजात शिशु को हाथ में लेकर दौड़ते हुए बाहर निकले। वहीं, कई मरीज अपने परिजन को साथ में पकड़ कर बाहर निकले। स्टाफ नर्स सभी सभी को बारी-बारी से बाहर निकालने लगे। आगजनी के बाद मरीज और अस्पताल में मौजूद स्टाफ नर्स में हड़कंप मच गया। प्रसूता समेत नवजात शिशु को लेकर अस्पताल के बाहर चौराहे पर बैठे रहे। बताया जा रहा है कि अस्पताल के तीसरी मंजिले में स्टोर रूम में शॉर्ट सर्किट से आगजनी की घटना सामने आई है। घगटना की सूचना मिलते ही ही स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी और कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंचे। जिला प्रशासन की दमकल वाहन की मदद से भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।

सुशासन तिहार : मुख्यमंत्री साय पहुंचे बस्तर संभाग के अतिदूरस्थ और आदिवासी बहुल ग्राम मुलेर

 रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर संभाग के अतिदूरस्थ और आदिवासी बहुल ग्राम मुलेर का दौरा किया। यह गांव दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर स्थित अंतिम गांवों में से एक है, जहाँ अब नियद नेल्लानार योजना के तहत समावेशी विकास कार्य तेज़ी से हो रहे हैं।  मुख्यमंत्री साय का ग्रामीणों ने महुआ, आमपत्ती से बने पारंपरिक हार और गौर मुकुट पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम का भी छिंद पत्तों से बने पारंपरिक गुलदस्तों से अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री साय ने इमली के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामवासियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की ज़मीनी समस्याएं सुनीं और विकास की प्राथमिकताओं पर चर्चा की। उन्होंने राशन दुकान का निरीक्षण किया, जहां हितग्राहियों से बातचीत कर राशन वितरण की नियमितता, गुणवत्ता, और उपयोग की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने खाद्यान्न का वजन भी मौके पर करवाया और एक हितग्राही का राशन कार्ड देखा। मुख्यमंत्री साय ने आंगनबाड़ी में बच्चों से आत्मीय वार्तालाप कर उनके अक्षर ज्ञान, रंग-पहचान आदि की जानकारी ली और बच्चों को चॉकलेट वितरण किया।  मुख्यमंत्री साय ने मौके पर ही कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं, जिनमें अंदल कोसम माता मंदिर निर्माण के लिए 4 लाख रूपए की स्वीकृति, ग्राम में उप स्वास्थ्य केन्द्र स्थापना, नाहाड़ी तक संपर्क सड़क का निर्माण तथा गांव के सभी पारा को जोड़ने हेतु पुलिया और सीसी सड़क निर्माण के लिए 5 लाख रूपए की स्वीकृति शामिल है। उन्होंने आगे कहा कि जल्द ही शिविर लगाकर वनाधिकार मान्यता पत्र, आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनाने की कार्यवाही की जाएगी।  मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर प्रदेश की 10वीं बोर्ड परीक्षा में 9वां स्थान प्राप्त करने वाली दंतेवाड़ा की छात्रा रमशिला नाग से भेंट की, उसे पुष्पगुच्छ भेंटकर और मिठाई खिलाकर सम्मानित किया, और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।  ग्राम मुलेर में मुख्यमंत्री साय का यह दौरा न केवल सुशासन की संवेदनशीलता का प्रतीक रहा, बल्कि यह भी साबित करता है कि राज्य सरकार प्रदेश के हर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के लिए कटिबद्ध है। दंतेवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत मुलेर: योजनाओं के क्रियान्वयन से हो रहा सर्वांगीण विकास  उल्लखेनीय है कि छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की दूरस्थ ग्राम पंचायत मुलेर विकास की नई इबारत लिख रही है। सीमित संसाधनों के बावजूद विभिन्न सरकारी योजनाओं के कुशल क्रियान्वयन ने इस गांव को सशक्तिकरण, स्वावलंबन और सेवा की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान किया है।  बड़े बचेली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मुलेर जिला मुख्यालय से लगभग 90 किमी दूर स्थित है। कुल 112 परिवारों में 474 लोग निवासरत हैं, जिनमें 100 प्रतिशत माड़िया जनजाति के लोग हैं। गांव में दो आंगनबाड़ी केन्द्र (बाल्केपारा व पटेलपारा) संचालित हैं। गांव में 6 महिला स्व-सहायता समूह कार्यरत हैं, जिनमें लक्ष्मी समूह को डीएमएफ मद से ट्रैक्टर प्रदाय किया गया है। इसका उपयोग खेती के साथ-साथ किराए पर भी किया जा रहा है। बीपीएल कार्डधारी परिवारों को राशन की नियमित आपूर्ति की जा रही है। गांव में सौर ऊर्जा से होम लाइटिंग की व्यवस्था है। महतारी वंदन योजना अंतर्गत ग्राम मुलेर में महिलाएँ महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हो रही हैं, जिससे उन्हें आर्थिक सहयोग के साथ आत्मसम्मान का अनुभव हो रहा है। मुलेर ग्राम पंचायत सुदूर आदिवासी क्षेत्र में सरकारी योजनाओं की जमीनी पहुँच और सुचारू क्रियान्वयन का एक अनुकरणीय उदाहरण है। यहां जनभागीदारी और प्रशासनिक तत्परता से विकास की दिशा में सतत और ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय का बस्तर दौरा, बदलता बस्तर हेजटैग के साथ सोशलमीडया पर दिन भर टॉप ट्रेंड किया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आज का बस्तर दौरा सोशल मीडिया प्लेटफार्म ’एक्स’ पर #BadaltaBastar के साथ दिन भर टॉप पर ट्रेंड करता रहा। मुख्यमंत्री साय आज सवेरे दंतेवाड़ा जिले के मुलेर पंहुचने के साथ ही सोशल मीडिया एक्स  में टेªंड करना शुरू हो गया और लगातार दिन भर टॉप 6 हजार से अधिक पोस्ट के साथ टॉप पर बना रहा।  उल्लेेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर के कर्रेगुट्टा पहाड़ियों पर जवानों के सबसे लम्बे सफल आपरेशन के बाद जवानों के बीच पंहुचने …

दिल्ली एम्स पहुंचे डिप्टी सीएम शर्मा, नक्सल हमले में घायल जवानों से की मुलाकात, बढ़ाया हौसला

रायपुर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती घायल सीआरपीएफ जवानों से मुलाकात की। उपमुख्यमंत्री ने जवानों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनका हौंसला बढ़ाया। बता दें कि ये जवान हाल ही में छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर कर्रेगुट्टा पहाड़ (KGH) में नक्सल विरोधी ऑपरेशन के दौरान घायल हुए थे। इस ऑपरेशन में कोबरा बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट सागर गणेश बोराडे, हेड कांस्टेबल मुनेश चंद शर्मा, कांस्टेबल कृष्ण कुमार गुर्जर और कांस्टेबल धनु राम भी शामिल थे। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि हमारे वीर जवानों के चेहरे पर मुस्कान देखकर गर्व होता है। आपकी भुजाओं की ताकत और साहस को पूरा देश देख रहा है। मैं आपके साहस और समर्पण को प्रणाम करता हूं। उन्होंने जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

बारातियों से भरी अनियंत्रित बस गहरी खाई गिरी, तीन की मौत, कई घायल

बलरामपुर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है. कंठी घाट चांदो में बारातियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है, जिसमें एक बच्ची, युवक और एक महिला शामिल है. वहीं बस में सवार लगभग 25 लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से 7 की हालत गंभीर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि बस शंकरगढ़ से झारखंड बारात लेकर जा रही थी, इसी दौरान कंठी घाट के पास बस की स्थिति बिगड़ गई और वह गहरी खाई में पलट गई। हादसे की सूचना मिलते ही चांदो पुलिस और 108 एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया। हादसे में घायल लोगों को तत्काल चांदो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल 7 लोगों को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। अन्य घायलों का इलाज जिला अस्पताल बलरामपुर में जारी है। वहीं घटना की जानकारी मिलते ही बलरामपुर कलेक्टर राजेंद्र कटारा अस्पताल पहुंचे और घायलों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। ज्ञात हो कि कंठी घाट रोड निर्माण कार्य एवं घाट कटिंग का कार्य बीते कई वर्षों से चल रहा है, जो कछुए की चाल से भी धीमा है। वहीं जानकारी के अनुसार, जिस बस से बारात लेकर जा रहे थे, उस बस की स्थिति भी काफी खराब थी, फिटनेस भी सही नहीं था। शायद यही कारण है कि इतनी बड़ी घटना घटित हुई।

रायगढ़ जिले में हाथी का कहर, बुजुर्ग पर हमला, हुई मौत, ग्रामीणों में दहशत

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथी का कहर देखने को मिला है। हाथी ने एक बुजुर्ग पर हमला कर दिया, जिससे बुजुर्ग की मौत हो गई। घटना की जानकारी के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है। मिली जानकारी के मुताबिक, घरघोड़ा रेंज के अंतर्गत आने वाले ग्राम पानीखेत निवासी महेत्तर पिता डोकरी उम्र 40 वर्ष कल शाम 6 बजे खाजाखार में अपनी बाड़ी को देखने गया था, इसी बीच एक जगली हाथी से अचानक उसका सामना हो गया। जिसके बाद हाथी ने उस पर हमला करते हुए गंभीर रूप से घायल कर दिया था। हाथी के हमले से गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को गांव के ग्रामीण घरघोड़ा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां बुजुर्ग के पैर और जाँघ टूटने के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट आने की वजह से अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इस घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम गांव पहुंच कर मृतक के परिजनों से मिलकर आगे की कार्रवाई में जुट गई है। ग्रामीणों ने बताया कि  उनके गांव के आसपास कुछ दिनों से 43 हाथियों का दल विचरण कर रहा था। जिससे गांव में दहशत का माहौल है।

अवैध खनिज एवं रेत के खिलाफ फिर हुई कार्रवाई

  1 चैन माउंटेन मशीन और एक हाइवा जब्त   अवैध रूप से भंडारित 150 ट्रिप हायवा रेत बरामद बिलासपुर, कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार जिला बिलासपुर में खनिज विभाग द्वारा खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन पर लगातार कार्यवाही की जा रही है।  खनिज अमला बिलासपुर द्वारा। आज।  गनियारी, कोटा, करही कचार, छतौना, सोढाखुर्द रतनपुर कछार एंव अन्य क्षेत्रों में खनिज परिवहन कर रहे वाहनों की लगातार जांच की गई। करही कछार क्षेत्र से खनिज रेत का अवैध खनन  करते 01 चैन माउंटेन मशीन को जप्त कर सील बंद किया गया  तथा ग्राम सोढाखुर्द क्षेत्र मे बिना वैध दस्तावेज ,अनुमति पत्र,सहमति पत्र,प्रस्ताव के लगभग 150 ट्रिप हाइवा खनिज रेत का भण्डारण किया जाना पाये जाने  पर भण्डारित रेत को हरी ओम शर्मा निवासी बिलासपुर से जप्त किया गया। ग्राम पंचायत छतौना सरपंच, उप सरपंच एंव सरपंच प्रतिनिधि द्वारा जप्त खनिज रेत को सुपुर्द मे लेने एंव मौका पंचनामा में हस्ताक्षर करने से इंकार किया गया। जिसके पश्चात जप्त खनिज रेत को भूमि स्वामी मनोहर सिंह राज निवासी सोढाखुर्द को सुपुर्द किया गया। ग्राम कछार अंतर्गत खनिज मुरुम का अवैध परिवहन करते पाये पर 01 हाइवा वाहन को जप्त कर थाना कोनी को सुरक्षार्थ किया गया।  खनिजों के अवैध उत्खनन,परिवहन,भण्डारण पर खनिज विभाग द्वारा कार्रवाई जारी है।

मकान में चल रहा था गंदा खेल, पुलिस ने दबिश देकर चार लोगों को किया गिरफ्तार

दुर्ग दुर्ग जिले में नंदिनी थाना क्षेत्र के अहेरी गांव के एक मकान में देह व्यापार का भंडाफोड़ हुआ है। देह-व्यापार के रैकेट के बारे में जब वहां को लोगों को जानकारी हुई तो हंगामा शुरू हो गया। जिसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया और मकान पर दबिश देकर देह-व्यापार के रैकेट में संलिप्त चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जिला प्रवक्ता एएसपी पद्मश्री तंवर ने बताया, ग्रामीणों को सूचना मिली कि अहेरी के कल्याण कॉलेज के पास एक मकान में देह व्यापार का संचालन किया जा रहा है। जिसे लेकर ग्रामीणों ने पहले हंगामा किया। बाद में इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पुलिस पहुंचकर ग्रामीणों को समझाइश देकर शांत कराया गया। इसके बाद मकान में दबिश दिया गया जहां से दो पुरुष और दो महिलाओं को गिरफ्तार किया। उन्हें पकड़कर थाना ले जाकर पूछताछ की गई। उन्होंने देह-व्यापार की अवैध गतिविधियों का संचालन करना स्वीकार किया है। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ धारा विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर सभी को न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।

मुख्यमंत्री साय ने किया राज्य के पहले ट्राइबल म्यूजियम का लोकार्पण: आदिवासी परम्परा के अनुरूप प्रकृति शक्ति की पूजा कर किया म्यूजियम का शुभारंभ

रायपुर : छत्तीसगढ़ में ट्राइबल म्यूजियम बनेगा पर्यटन और शोध का बड़ा केन्द्र : विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ में ट्राइबल म्यूजियम बनेगा पर्यटन और शोध का बड़ा केन्द्र : विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय ने किया राज्य के पहले ट्राइबल म्यूजियम का लोकार्पण: आदिवासी परम्परा के अनुरूप प्रकृति शक्ति की पूजा कर किया म्यूजियम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने 300 नवचयनित छात्रावास अधीक्षकों को नियुक्ति सह पदस्थापना पत्र सौंपा रायपुर छत्तीसगढ़ में ट्राइबल म्यूजियम बनेगा पर्यटन और शोध का बड़ा केन्द्र : विष्णु देव सायछत्तीसगढ़ में ट्राइबल म्यूजियम बनेगा पर्यटन और शोध का बड़ा केन्द्र : विष्णु देव सायछत्तीसगढ़ में ट्राइबल म्यूजियम बनेगा पर्यटन और शोध का बड़ा केन्द्र : विष्णु देव साय आदिवासी बाहुल्य राज्य छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने ट्राइबल म्यूजियम बनाकर आदिवासी संस्कृति, सभ्यता और उनकी जीवनशैली को आमजन तक पहुँचाने के लिए अभिनव पहल की है। इसके लिए नवा रायपुर अटल नगर में करीब 10 एकड़ क्षेत्र में भव्य एवं आकर्षक आदिवासी संग्रहालय (ट्राइबल म्यूजियम) बनाया गया है। राज्य के पहले ट्राइबल म्यूजियम का लोकार्पण आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया। मुख्यमंत्री साय ने लोकार्पण कार्यक्रम में सबसे पहले आदिवासी परम्परा अनुरूप मुख्य द्वार पर द्वार पूजा व श्रीफल तोड़कर नवनिर्मित ट्राइबल म्यूजियम में प्रवेश किया। वहीं प्रवेश गैलेरी में पंचतत्व के साथ प्रकृति शक्ति की पूजा करते हुए मंगलकामना की। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम  उपस्थित थे।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने उद्बोधन में छत्तीसगढ़ के निर्माता तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी जी को धन्यवाद देते हुए कहा कि, अटल जी ने आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ को पृथक राज्य बनाया। अटल जी के कार्यकाल में ही जनजाति विकास के लिए केन्द्र सरकार में आदिम जनजाति कल्याण मंत्रालय का गठन हुआ। वहीं यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने आदिवासियों के सर्वांगीण विकास के लिए धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान और विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के लिए पीएम जनमन योजना लागू किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत में आज आदिवासी समुदाय की श्रीमती द्रौपदी मूर्मु राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद को सुशोभित कर रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ राज्य की विशेष पहचान हमारी सुंदर जनजातीय संस्कृति से है।  छत्तीसगढ़ में जनजातीय संस्कृति में विविधता है और हर जनजातीय समुदाय की अपनी विशिष्ट पहचान है। प्रदेश 43 जनजातीय समुदाय हैं और इनकी अनेकों उपजातियाँ हैं। इसके साथ ही हमारे राज्य में विशेष पिछड़ी जनजातियाँ भी हैं।  जनजातीय समुदाय का सुंदर संसार, इनका खानपान, पहनावा, संगीत, लोककला, वाद्ययंत्र, नृत्य इन सबकी झलक म्यूजियम में दिखेगी। इसमें 14 गैलरी हैं और हर गैलरी एक विशेष थीम पर बनाई गई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह संग्रहालय न केवल आदिवासी समाज की परंपराओं, कला और संस्कृति को संरक्षित करेगा, बल्कि युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाएगा। संग्रहालय में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जनजातीय समुदायों की जीवनशैली, वेशभूषा, लोककला, रीति-रिवाज और धार्मिक मान्यताओं को दृश्य और डिजिटल माध्यमों से दर्शाया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस म्यूजियम में हमारे जनजातीय क्षेत्रों की बहुरंगी संस्कृति की झलक दिखाई गई है। यह झलक दर्शकों को इस बात के लिए प्रेरित करेगी कि वे बस्तर और सरगुजा घूमने जाएं और जिन चीजों को उन्होंने इस म्यूजियम में महसूस किया है उसे वहां प्रत्यक्ष रूप में देख सकें।   ट्राइबल म्यूजियम के लोकार्पण कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने ट्राइबल म्यूजियम के शुभारंभ  को गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि आदिवासी बाहुल्य प्रदेश में आदिवासी संस्कृति को और उनकी जीवन पद्धति को सबके सामने रखने के लिए ट्राइबल म्यूजियम का निर्माण हुआ है। आदिवासी विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि अब ट्राइबल म्यूजियम में एक स्थान पर ही छत्तीसगढ़ में निवास करने वाले हर आदिवासी समुदाय के बारे में संपूर्ण जानकारी लोगों को मिल जाएगी।    14 गैलरियों में दिखेगी जनजातीय संस्कृति : गौरतलब है कि जनजातीय संग्रहालय में कुल 14 गैलरियां हैं, जिनमें जनजातीय जीवनशैली के सभी पहलुओं का बहुत ही खूबसूरत ढ़ंग से जीवंत प्रदर्शन किया गया है। इनमें जनजातियों के भौगोलिक विवरण, तीज-त्यौहार, पर्व-महोत्सव तथा विशिष्ट संस्कृति, आवास एवं घरेलू उपकरण, शिकार उपकरण, वस्त्र (परिधान) एवं आभूषण, कृषि तकनीक एवं उपकरणों, जनजातीय नृत्य, जनजातीय वाद्ययंत्रों, आग जलाने, लौह निर्माण, रस्सी निर्माण, फसल मिंजाई (पौधों से बीज अलग करना), कत्था निर्माण, चिवड़ा-लाई निर्माण, मंद आसवन, अन्न कुटाई व पिसाई, तेल प्रसंस्करण हेतु उपयोग में लाने जाने वाले उपकरणो व परंपरागत तकनीकों, को दर्शाया गया हैं। वहीं  सांस्कृतिक विरासत के अंतर्गत अबुझमाड़िया में गोटुल, भुंजिया जनजाति में लाल बंगला इत्यादि, जनजातीय में परम्परागत कला कौशल जैसे बांसकला, काष्ठकला, चित्रकारी, गोदनाकला, शिल्पकला आदि का एवं अंतिम गैलरी में विषेष रूप से कमजोर जनजाति समूह यथा अबूझमाड़िया, बैगा, कमार, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर एवं राज्य शासन द्वारा मान्य भुंजिया एवं पण्डो के विशेषीकृत पहलुओं का प्रदर्शन किया गया है। संग्रहालय में डिजिटल एवं एआई तकनीक के माध्यम से जनजातीय संस्कृति का भी प्रदर्शन किया गया है। क्यूआर कोड स्कैन करते ही सम्बंधित झांकी की सम्पूर्ण जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध हो जाएगी। कथानक समिति के सदस्यों का सम्मान : ट्राइबल म्यूजियम बनाने में सहायक रहे विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों एवं समाज के पदाधिकारियों का सम्मान भी मुख्यमंत्री साय के हाथों मंच से किया गया। ट्राइबल म्यूजियम में कथानक समिति में पंडित रविशंकर शुक्ल विवि. में मानव विज्ञान अध्ययनशाला के प्रो. (डॉ.) अशोक प्रधान, शासकीय गुंडाधूर महाविद्यालय की डॉ. किरण नुरुटी, कंवर समाज के प्रतिनिधि गंगाराम पैंकरा, बैगा समाज के प्रदेश अध्यक्ष ईतवारी राम मछिया बैगा, बिंझवार समाज के प्रदेश अध्यक्ष बेदराम बरिहा, हल्बा समाज के अध्यक्ष लतेल राम नाईक, मुरिया समाज के जिला अध्यक्ष धनीराम सोरी एवं राजगोंड समाज के जिला अध्यक्ष तुलाराम ठाकुर को सम्मानित किया गया।   ‘प्रयास’ के होनहारों को प्रशस्ति पत्र देकर किया प्रोत्साहित  : इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालय के 112 विद्यार्थियों से भी मुलाक़ात की, जिन्होंने जेईई(JEE) की मुख्य परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयास आवासीय विद्यालय के बच्चे न सिर्फ़ खुद के लिए, बल्कि पूरे आदिवासी समाज और राज्य के … Read more

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