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सुरक्षा कैंप लगने से बदलने लगी गांव की तस्वीर, बना पहला पक्का आवास

बीजापुर नक्सलवाद का  काला धुँध साफ होने  के  साथ  नक्सल प्रभावित  गाँवों में  विकास  की  रोशनी पहुंचने  लगी है। इसका सबसे  बड़ा  उदाहरण है  बीजापुर   जिले  ग्राम पंचायत धरमारम, जहां आजादी  के बाद  पहला  पक्का  आवास  बना  है।  प्रधानमंत्री  आवास योजना के  अंतर्गत 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला गुंडी बुचमा का  पक्का  आवास  बनकर  तैयार है।   पति की मृत्यु के बाद भी गुंडी बुचमा ने हिम्मत नहीं हारी आतंक और भय के माहौल में उसने अपने बेटे को शिक्षा से जोड़े रखा। वर्तमान में केन्द्र सरकार की महत्वकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना में गुंडी बुचमा का आवास बनकर तैयार है। क्षेत्र में गुंडी बुचमा का आवास आजादी के 77 वर्ष बाद सच्ची आजादी का एहसास करा रही है। गुंडी बुचमा के आवास की कहानी इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है चूंकि ग्राम पंचायत धरमारम माओवाद से प्रभावित गांव होने के कारण शासकीय योजनाओं का संचालन कठिन था। आजादी केे 77 वर्ष बाद भी आंतक और भय में ग्रामीण जीने को मजबूर थे। नक्सल प्रभाव के कारण ग्राम पंचायत में पानी, बिजली, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं भी ग्रामीणों को नहीं मिल पा रही थी। गुंडी बुचमा एक अकेली महिला जो अपने बच्चे को खेती-बाड़ी कर पालन-पोषण कर रही थी। अपने बच्चे को दूसरे पंचायत में भेज कर 12वीं तक पढ़ाया, जो की उनके लिए एक उपलब्धि है। गांव में सुरक्षा कैंम्प लगने के साथ माओवाद का अंधियारा भी छटने लगा। वित्तीय वर्ष 24-25 में ग्राम पंचायत के द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिली। शुरूआत में ग्रामीण डर की वजह से आवास निर्माण करने में डर रहे थे। समय के साथ गुंडी बुचमा ने आवास का निर्माण प्रारंभ किया। वर्तमान में उनका पक्का  छत वाला आवास बनकर तैयार हो गया है। गुंडी बुचमा के पुत्र का कहना है कि माओवाद के डर से किसी तरह झोपड़ी में बिना बिजली, सड़क, पानी के जीवन कट रहा था। अब हमारा पक्का  आवास  बन  गया है। सुरक्षा कैम्प लगने के साथ धीरे-धीरे परिस्थितियां बदल रही हैं। मैं शासन प्रशासन का धन्यवाद करता हूं।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजनांतर्गत लाभान्वित करने हेतु दिशा-निर्देश जारी

  ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों, विधवा एवं परित्यक्त महिलाओं सहित दिव्यांगजनों को मिलेगा तीर्थ यात्रा का अवसर जगदलपुर राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के क्रियान्वयन हेतु जारी दिशा-निर्देश के अनुसार योजनांतर्गत वरिष्ठ नागरिकों तथा दिव्यांगजनों के अलावा विधवा तथा परित्यक्त महिलाओं को भी योजना में शामिल किया गया है। जिन्हें निर्धारित 19 तीर्थ स्थानों में से चयनित तीर्थ स्थान की यात्रा कराई जायेगी। वरिष्ठ नागरिकों, विधवा एवं परित्यक्त महिलाओं की यात्राएं एक साथ संचालित की जाएगी। दिव्यांगजनों हेतु पृथक से विशेष यात्राएं संचालित की जाएगी। बस्तर जिले हेतु मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत क्रमशः 394 एवं 28 व्यक्तियों को यात्रा पर भेजे जाने का लक्ष्य प्रदान किया गया है। उक्त लक्ष्य में चयनित हितग्राही, सहायकों सहित शासकीय अनुरक्षक एवं सुरक्षा कर्मी आदि सम्मिलित होंगे। इसे दृष्टिगत रखते हुए 394 के लक्ष्य अनुसार तीर्थदर्शन यात्रा के लिए जिले के नगरीय निकाय एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शासन के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा हेतु 75 प्रतिशत हितग्राही ग्रामीण क्षेत्र से तथा 25 प्रतिशत हितग्राही नगरीय क्षेत्र से चयनित किया जाएगा। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा हेतु हितग्राहियों के चयन में 80 प्रतिशत हितग्राही बीपीएल अन्त्योदय एवं मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के कार्डधारी और 20 प्रतिशत हितग्राही एपीएल परिवारों के नागरिक होंगे जो आयकर दाता न हो। शासन द्वारा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजनांतर्गत 19 तीर्थ स्थलों में से चिन्हांकित यात्रा का कार्यक्रम प्राप्त होने पर पात्रतानुसार चयनित व्यक्तियों को तीर्थयात्रा पर भेजा जा सकेगा। वरिष्ठ नागरिकों, विधवा, परित्यक्त महिलाओं और दिव्यांगजन के चयन यथा आवेदन पत्र प्राप्ति के समय यह ध्यान में रखा जाए कि वरिष्ठ नागरिक की आयु न्यूनतम 60 वर्ष से कम न हो, विधवा एवं परित्यक्त महिलाओं की आयु 60 वर्ष से कम हो एवं दिव्यांगजनों की आयु 18 वर्ष से कम न हो। वर्तमान में शासकीय सेवा में सेवारत अथवा सेवानिवृत्त कर्मचारी न हो एवं आयकर दाता न हों। आवेदक का मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा पर जाने हेतु शारीरिक एवं मानसिक रूप से सक्षम होने के संबंध में चिकित्सकीय प्रमाण पत्र पर चिकित्सक के हस्ताक्षर होना अनिवार्य है। ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकाय में होगी आवेदन की प्रक्रिया        मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजनांतर्गत लाभान्वित होने के लिए सम्बन्धित ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय में आवेदन पत्र जमा किए जा सकेंगे। सम्बन्धित नगर निगम या नगर पंचायत क्षेत्र के आवेदन पत्र के साथ संबंधित वार्ड के पार्षद द्वारा आवेदक की आयु तथा प्रथम बार मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन यात्रा पर जाने के संबंध में प्रमाण पत्र की प्रति, आवेदक का रक्त समूह संबंधी प्रमाण पत्र आवेदन पत्र के साथ संलग्न किया जाए। स्वास्थ्य परीक्षण में अनफिट पाये जाने पर अनफिट यात्रियों को तीर्थयात्रा पर नहीं भेजा जाएगा। इस हेतु प्रत्येक नगरीय निकाय तथा जनपद पंचायत द्वारा प्रदत्त लक्ष्य अनुसार 25 प्रतिशत अतिरिक्त पात्र व्यक्तियों की आवेदन यथा सूची तैयार कर रखी जाएगी, जिन्हें प्रतीक्षा सूची में रखा जाएगा, चयनित हितग्राही के यात्रा पर नहीं जाने की स्थिति में प्रतीक्षा सूची से पात्र हितग्राहियों को तीर्थयात्रा पर भेजा जा सकेगा। ग्रामीण क्षेत्र के आवेदक के आवेदन पत्र के साथ संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच द्वारा आवेदक की आयु तथा प्रथम बार मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत् यात्रा पर जाने के संबंध में प्रमाण पत्र की प्रति अनिवार्यतः संलग्न होना आवश्यक है। आवेदक के आवेदन पत्र के साथ स्वयं का पासपोर्ट फोटो तथा राशन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र या उम्र के सत्यापन हेतु अन्य प्रमाण पत्र जिसमें आवेदक की जन्म तिथि अंकित हो की प्रति संलग्न होना चाहिए। साथ ही संपर्क हेतु दूरभाष नम्बर या मोबाइल नंबर भी उल्लेखित हो एवं आवेदन में वांछित जानकारियों पूर्णतः अंकित की गई हो आदि का भली-भांति परीक्षण कर लिया जाए। 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक के साथ 21 से 50 वर्ष का व्यक्ति जो आवेदक द्वारा सहायक के रूप में नामित किया हो, वे जाने हेतु पात्र होंगे। इसी प्रकार से दिव्यांगजन तीर्थयात्री के साथ तीर्थ दर्शन यात्रा पर साथ जाने हेतु 21 से 50 वर्ष का व्यक्ति जो सम्बन्धित द्वारा नामांकित हो, वे सहायक के रूप में अनिवार्यतः भेजे जाएंगे। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा के लिए केवल श्रवण बाधित, मूक-बधिर, दृष्टि बाधित एवं अस्थि बाधित दिव्यांगजन का ही चयन किया जाए। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के क्रियान्वयन हेतु दिशा-निर्देश सभी जनपद पंचायतों एवं संबंधित नगरीय निकायों को प्रेषित कर आवश्यक प्रक्रिया शुरू किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

बुर्के में आया चोर 30 लाख की चोरी कर छत से रस्सी के सहारे हुआ फरार

रायपुर  राजधानी रायपुर के पंडरी इलाके में स्थित कपड़ा शोरूम श्री शिवम् में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात एक शातिर चोर ने फिल्मी अंदाज में 30 लाख की बड़ी चोरी को अंजाम देकर फरार हो गया। इस दौरान शो रूम के गार्ड को भनक तक नहीं लगी, अगले दिन सुबह जब स्टाफ शोरूम पहुंचा तब चोरी का पता चला। शोरूम मैनेजमेंट की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। कैसे दिया चोरी को अंजाम? जानकारी के मुताबिक, यह चोर दुकान बंद होने से आधा घंटा पहले करीब रात 10:30 बजे बुर्का पहनकर शोरूम में घुसा, फिर कपड़े देखने के बहाने शो-रूम में घूमते हुए चौथी मंजिल के वॉशरूम में छिप गया। दुकान बंद होने के बाद रात करीब 1 बजे वह बाहर निकला, सीधे कैश काउंटर पहुंचा और गल्ले का लॉक तोड़कर 30 लाख कैश निकाल लिया और फिर शोरूम की छत से रस्सी के सहारे नीचे उतरकर भाग निकला। बैंक बंद होने का उठाया फायदा गौरतलब है कि इस चोरी की वारदात को तीन दिन की बैंक बंदी का फायदा उठाकर अंजाम दिया गया। शनिवार, रविवार और सोमवार को बैंकों की छुट्टी थी, इसलिए गल्ले में भारी मात्रा में कैश जमा था। स्टाफ की मिलीभगत का शक! सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि चोर ने ईयरफोन लगाए रखे, जिससे पुलिस को शक है कि वह ऐसे किसी शख्स से लगातार निर्देश ले रहा था जिसे शोरूम की व्यवस्था की पूरी जानकारी थी। उसे पता था कि कब स्टाफ काम समेटता है, कब लाइट बंद होती है और कब गार्ड तैनात होता है। इसके अलावा रस्सी के सहारे चार मंजिला इमारत से उतरना आसान नहीं, जिससे पुलिस को लगता है कि चोर या तो पेशेवर था या उसने पहले से इसकी प्रैक्टिस कर रखी थी। बहरहाल, पुलिस ने शक के आधार पर एक कर्मचारी को हिरासत में लिया गया है जिससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह पूर्व कर्मचारी तो नहीं था, जिसे शोरूम की पूरी जानकारी थी।

17 चेक के जरिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के बैंक खाते से 31 लाख की ठगी, जांच में जुटी पुलिस

रायपुर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के बैंक खाते से 31 लाख 11 हजार 300 रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह रकम 17 चेक के जरिए चंदन कुमार दास और अमित महतो के खातों में ट्रांसफर की गई, जबकि इनका कंपनी से कोई लेन-देन नहीं था। प्रबंधक की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला सरस्वती नगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, बैंक ऑफ इंडिया की राजबंधा मैदान स्थित शाखा में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी का खाता है, जहां से चेक बुक जारी की गई थी। हालांकि, जिन 17 चेक के जरिए पैसे ट्रांसफर किए गए, उनकी मूल प्रतियां अब भी कंपनी के पास सुरक्षित हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि जिन चेक से राशि ट्रांसफर हुई, उन पर “छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड” लिखा हुआ था, जबकि असली खाता “छत्तीसगढ़ स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड” के नाम पर है। यानी, धोखाधड़ी के लिए नकली चेक तैयार किए गए। प्रबंधक ने दर्ज कराई FIR कंपनी के प्रबंधक ने इस मामले की शिकायत विद्युत मंडल सेवा भवन से दर्ज कराई, जिसके बाद सरस्वती नगर थाने में अज्ञात ठगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस अब इस घोटाले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इतनी बड़ी रकम कैसे ट्रांसफर हुई। बैंक अधिकारियों को दी गई जानकारी घोटाले की भनक लगते ही कंपनी के अधिकारियों ने बैंक पहुंचकर बैंकिंग ट्रांजेक्शन पर रोक लगाने की मांग की। इससे आगे किसी भी फर्जीवाड़े को रोका जा सकेगा। ऐसे हुआ मामले का खुलासा जब कंपनी ने बैंक स्टेटमेंट की जांच की तो पाया कि कई संदिग्ध ट्रांजेक्शन हुए हैं। इसके बाद अधिकारियों ने उन चेकों की पड़ताल की, जिनके जरिए पैसे ट्रांसफर हुए थे। जांच में पता चला कि वे चेक असली नहीं थे, बल्कि उनमें कंपनी का नाम तक गलत लिखा गया था। बहरहाल, पुलिस और बैंक अधिकारी इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं। अब यह देखना होगा कि आखिर यह घोटाला सिर्फ दो लोगों तक सीमित था या फिर इसके पीछे कोई बड़ा रैकेट काम कर रहा है।

शहर की सफाई व्यवस्था को और भी बेहतर करने निगम आयुक्त का नगर भ्रमण

शहर की सफाई व्यवस्था को और भी बेहतर करने निगम आयुक्त का नगर भ्रमण   घरों से शत-प्रतिशत सुखा-गीला कचरा अलग-अलग करने पर विशेष ध्यान देवें…आयुक्त एमसीबी/चिरमिरी  छत्तीसगढ़ सरकार के नगरीय प्रशासन मंत्री अरूण साव के निर्देशानुसार, नगर निगम चिरमिरी के महापौर रामनरेश राय के मार्गदर्शन में नगर निगम के आयुक्त रामप्रसाद आचला के द्वारा मंगलवार को शहर में डोर टू डोर सफाई कार्य, सुलभ शौचालय की साफ-सफाई व्यवस्था के साथ निर्माण कार्य के स्थल का निरीक्षण किया गया। आयुक्त ने निगम के सहायक अभियंता विजय बधावन व स्वच्छता निरीक्षक रामगोपाल मलिक के साथ नगर के भरकुंडी निर्माण कार्य, शहीद राजेश पटेल के चौक निर्माण कार्य, आकांक्षी शौचालय छोटा बाजार, एस.एल.आर.एम. सेन्टर एवं बरतुंगा सती मंदिर निर्माण कार्य के साथ-साथ नगर की सफाई व्यवस्था के कार्यों का जायजा लिया।       आयुक्त ने शहर में हो रहे निर्माण कार्याे को गुणवत्ता के साथ करके समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार को दिये, वहीं स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 को ध्यान में रखते हुए शहर की साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर करने के निर्देश दिए, उन्होंने स्वच्छता विभाग को कहा की लोगों के घरों से शत-प्रतिशत सूखा-गिला कचरा अलग-अलग करने पर विशेष ध्यान देवें। इससे शहर की सफाई व्यवस्था और दुरुस्त होगी।

पर्यावरण के अनुकूल पत्तल में खाने के फायदे, पत्तल और कुल्हड़ का इस्तेमाल करने की सलाह प्राचीन ग्रंथों में भी है जिक्र

पर्यावरण के अनुकूल पत्तल में खाने के फायदे, पत्तल और कुल्हड़ का इस्तेमाल करने की सलाह प्राचीन ग्रंथों में भी है जिक्र मनेन्द्रगढ़ शादी का सीजन शुरू हो चुका है। इस दौरान प्लास्टिक के डिस्पोजल बर्तनों के बजाय पत्तल और मिट्टी के कुल्हड़ का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है। यह प्रकृति के अनुकूल भी है और स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। भारत में 2000 से ज्यादा वनस्पतियों की पत्तियों से पत्तल बनाए जाते हैं। इनके चिकित्सकीय फायदे भी हैं। हालांकि, वर्तमान में सिर्फ 5 तरह की वनस्पतियों का इस्तेमाल हो रहा है। प्राचीन ग्रंथों में केले के पत्तों में खाने का जिक्र केले के पत्तों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है। प्राचीन ग्रंथों के मुताबिक, केले के पत्तों पर खाना खाने से सेहत को फायदा होता है। आजकल बड़े होटल और रिसॉर्ट भी केले के पत्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं। विभिन्न पत्तों के अलग-अलग फायदे हैं। पलाश के पत्तल में खाना खाने को स्वर्ण पात्र में भोजन के बराबर माना जाता है। यह पाचन संबंधी समस्याओं में फायदेमंद है। सफेद फूल वाले पलाश से बने पत्तल बवासीर के मरीजों के लिए लाभदायक हैं। करंज की पत्तियों से बने पत्तल जोड़ों के दर्द में राहत देते हैं। इसमें पुरानी पत्तियां नई पत्तियों से ज्यादा फायदेमंद मानी जाती हैं। लकवा के मरीजों के लिए अमलतास की पत्तियों से बने पत्तल फायदेमंद माने जाते हैं। पत्तल में खाना खाने के लाभ 1. सबसे पहले तो उसे धोना नहीं पड़ेगा, इसको हम सीधा मिटटी में दबा सकते है। 2. न पानी नष्ट होगा। 3. न ही कामवाली रखनी पड़ेगी, मासिक खर्च भी बचेगा। 4. न केमिकल उपयोग करने पड़ेंगे। 5. न केमिकल द्वारा शरीर को आंतरिक हानि पहुंचेगी। 6. अधिक से अधिक पेड़ उगाए जायेंगे, जिससे कि अधिक ऑक्सीजन भी मिलेगी। 7. प्रदूषण भी घटेगा। 8. सबसे महत्वपूर्ण : झूठे पत्तलों को एक जगह गाड़ने पर, खाद का निर्माण किया जा सकता है एवं मिटटी की उपजाऊ क्षमता को भी बढ़ाया जा सकता है। 9. पत्तल बनाने वालों को भी रोजगार प्राप्त होगा। 10. सबसे मुख्य लाभ-नदियों को दूषित होने से बहुत बड़े स्तर पर बचा सकते हैं, जैसे कि आप जानते ही हैं कि जो पानी आप बर्तन धोने में उपयोग कर रहे हो, वो केमिकल वाला पानी, पहले नाले में जायेगा।

विष्णु सरकार की नक्सल हिंसा पीड़ित लोगों के लिए नई पॉलिसी, होगा फायदा, सहायता राशि बढ़ाई गई

रायपुर छतीसगड़ शासन की आत्म समर्पण पुनर्वास नीति में किया गया बड़ा बदलाव. नक्सल संगठन कोई भी लीडर आत्म समर्पण करता हैं तो उसकी सहायता राशि की जाएगी दुगनी. ग्राम पंचायत या कोई ब्लाक नक्सल मुक्त होता है तो उसके विकास कार्यों के लिए स्वीकृति किये जायेंगे 1 करोड़ रुपए. बस्तर आई जी ने एक बार फीर नक्सल संगठन से की अपील. आगे आये और करे आत्म समर्पण.. क्षेत्र के विकास में बने भागीदारी. वरना भुगते अंजाम.  छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सलवादी, आत्मसमर्पण, पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025 लागू हो गई है। इस नीति के तहत नक्सलवाद से पीड़ित व्यक्तियों और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास के लिए मदद दी जाएगी। समर्पण करने वाले नक्सलियों को नकद राशि 50 हजार रुपए के साथ जमीन, मकान, और जो नक्सली जमीन, मकान, और जो नक्सली हथियार, गोला-बारूद के साथ समर्पण करेंगे, उन्हें मुआवजा राशि भी मिलेगी। यह नीति अगले दो साल तक लागू रहेगी। वहीं कुछ प्रावधान आम जनता के उन व्यक्तियों के लिए भी लागू होंगे, जिन्होंने नक्सलियों के विरुद्ध अभियान में पुलिस को विशेष सहयोग किया  हो अथवा स्वयमेव आम जनता की रक्षा व शासकीय, अशासकीय संपत्ति की सुरक्षा के दौरान नक्सलियों से मुकाबला किया हो। नक्सल पीड़ितों को मिलेगी ये मदद नक्सली हिंसा में  किसी आम नागरिक के मृत शारीरिक रूप से अर्पण होने या गंभीर रूप से पागल होने, किसी व्यक्ति की संपत्ति की आंशिक रूप से या पूर्ण रूप से क्षति होने पर उन्हें 5 लाख रुपए, पुलिस के ‘विशेष सहयोगी की नक्सली घटनाओं में मृत्यु पर कुल राशि 5 लाख रुपए के स्थान पर कुल राशि 10 लाख रुपए दी जाएगी। केंद्रीय योजना के तहत दी जाने वाली राशि इसके अतिरिक्त होगी। घायल को स्थायी असमर्थ होने पर पांच लाख, गंभीर रूप से घायल होने पर दो लाख रुपए। पुलिस के ‘विशेष सहयोगी’ के स्वयं परिवार के सदस्यों के प्रकरणों में यह राशि क्रमशः ४ लाख एवं 4 लाख होगी, इसी तरह चल संपत्ति (अनाज, कपड़े, घरेलू सामान) के नुकसान पर रुपए 40 हजार, स्थायी संपत्ति (मकान, दुकान आदि) कच्चे मकान, पक्के मकान के 60 हजार और रुपए 1.50 लाख दिए जाएंगे। जीविकोपार्जन के साधन की क्षति जैसे बैलगाड़ी, नाव, ट्रैक्टर ट्रॉली, ट्रैक्टर, जीप, ट्रक, रोड रोलर, जेसीबी, पोकलेन एवं सड़क निर्माण में शामिल अन्य उपकरण पर 60 हजार रुपए से लेकर 8 लाख रुपए दिए जाने का प्रावधान किया गया है। जमीन और मकान या बदले में रकम भी हत्या, गंभीर चोट या स्थाई अपंगता के प्रकरणों में सुरक्षा तथा अन्य कारणों को ध्यान में रखते हुए यदि शहरी या ग्रामीण क्षेत्र में पुनर्वास करना आवश्यक हो, ग्रामीण क्षेत्र में 1.5 हेक्टेयर कृषि भूमि अथवा शहरी क्षेत्रों में 4 डिसमिल (1742 वर्गफुट) आवासीय भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। यदि भूखण्ड उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो पीड़ित परिवार को ग्रामीण क्षेत्र में 4 लाख रुपए एवं शहरी क्षेत्र में 8 लाख रुपए सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इस नीति में भूखण्ड का आकार एवं उसके बदले में मुआवजा राशि मात्र समावेश किया गया है। व्यावहारिक रूप से भूमि की सीमित उपलब्धता के कारण अधिकांश प्रकरणों में मुआवजा राशि ही देय होगी। ऐसे पीड़ित परिवार द्वारा 3 वर्ष के भीतर कृषि होगी। ऐसे पीड़ित परिवार द्वारा 3 वर्ष के भीतर कृषि भूमि क्रय करने पर अधिकतम 2 एकड़ की भूमि पर स्टाम्प ड्यूटी एवं पंजीयन शुल्क से पूर्ण छूट दी जाएगी। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली कौन नक्सल नीति में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को इस प्रकार परिभाषित किया गया है। भारत शासन, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विधि विरुद्ध क्रियाकलाप अधिनियम के अंतर्गत कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया माओवादी एवं उसके अग्र संगठन दंडकारण्य आदिवासी किसान मजदूर संघ, क्रांतिकारी आदिवासी बालक संघ, क्रांतिकारी किसान कमेटी, महिला मुक्ति मंच, आरपीसी या जनताना सरकार, चेतना नाट्य मंच, पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया, तृतीय प्रस्तुति कमेटी, झारखंड जनमुक्ति परिषद, जनहित क्रांति पार्टी, मूलनिवासी बचाओ मंच का सदस्य, चाहे वह किसी भी पद पर हो एवं शासन द्वारा समय-समय पर घोषित विधि विरुद्ध नक्सली संगठन का सदस्य हो, या रहा हो। ईनामी नक्सलियों को मिलेगा बड़ा इनाम राज्य में सक्रिय रुपए 5 लाख या उससे अधिक के ईनामी नक्सली द्वारा आत्मसमर्पण के बाद शहरी क्षेत्र में अधिकतम 4 डिसमिल (1742 वर्गफुट) जमीन आवास के लिए अथवा ग्रामीण क्षेत्र में अधिकतम 1 हेक्टेयर कृषि भूमि दी जाएगी। जमीन नहीं दिए जाने की स्थिति में अचल संपत्ति अथवा जमीन क्रय करने के लिए रुपए 2 लाख अनुदान राशि दी जाएगी। इस नीति में भूखण्ड का आकार एवं उसके बदले में  मुआवजा राशि मात्र का समावेश  किया गया है। व्यावहारिक रूप से भूमि की सीमित उपलब्धता के कारण अधिकांश प्रकरणों में मुआवजा राशि ही देय होगी। शादी के लिए 1 लाख नीति के मुताबिक आत्मसमर्पण के बाद प्रति व्यक्ति को 50 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि प्रदान दी जाएगी। अविवाहित अथवा जीवित पति, पत्नी न होने की स्थिति में आत्मसमर्पण करने के 3 वर्ष के भीतर आत्मसमर्पणकर्ता यदि विवाह करने यदि विवाह करने का इच्छुक है तो उसको 1 लाख रुपए अनुदान राशि विवाह के समय दी जाएगी। विवाह की स्थिति में पति, पत्नी दोनों आत्मसमर्पित नक्सली होने की स्थिति में, दोनों को एक इकाई मानकर लाभ दिया जाएगा।

सुपेला से सेक्टर की ओर जा रहा ट्रक अंडरब्रिज में पलटा, चालक घायल

दुर्ग दुर्ग के सुपेला स्थित अंडर ब्रिज में देर रात एक ऑयल से भरा ट्रक पलट गया। ट्रक में हजारों लीटर ऑयल भरा हुआ था। इसकी सूचना मिलने पर सुपेला पुलिस मौके पर पहुंची और दमकल विभाग को सूचना दी गई। पुलिस ने अंडरब्रिज का आवजाही को बंद कराया गया। मौके पर पहुंची दमकल कर्मियों ने ट्रक पर फोम का छिड़काव कर आग लगाने से बचाया गया। सुपेला के नवनिर्मित रेलवे अंडरब्रिज में 1 अप्रैल की देर रात सुपेला से सेक्टर की ओर जा रहा ट्रक अचानक अंडरब्रिज में जाकर पलटा गया। इस ट्रक में हजारों लीटर ऑयल भरा हुआ था। घटना की सूचना पर पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। ऑयल का अंडरब्रिज में फैल चुका था। दमकल कर्मियों ने ट्रक पर फोम का छिड़काव किया गया। जिससे आग लगने से बचाया गया। नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना में ट्रक ड्राइवर को चोट आई है। जिससे अस्पताल ले जाया गया है। मौके पर यातायात पुलिस भी पहुंची और अंडरब्रिज से आवाजाही करने वाले का रूट परिवर्तन किया गया है।

महादेव सट्टा एप मामले में CBI ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी बनाया आरोपी, FIR में दर्ज हुआ पूर्व सीएम का नाम

रायपुर केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने महादेव बेटिंग एप केस में छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल को भी आरोपी के रूप नामजद किया है. 18 दिसंबर 2024 को सीबीआई द्वारा दर्ज की गई FIR में अब भूपेश बघेल के नाम का भी जिक्र है. इस मामले में  सीबीआई ने भूपेश बघेल समेत कुल 21 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है. पूर्व सीएम भूपेश बघेल समेत 21 के खिलाफ सीबीआई ने दर्ज किया है FIR रिपोर्ट के मुताबिक सीबीआई ने एफआईआऱ में FIR में महादेव सट्टा एप के संचालक प्रमोटर रवि उप्पल सौरभ चंद्राकर शुभम सोनी और पिंटू चंद्रभूषण वर्मा असीम दास सतीश चंद्राकर नीतीश दीवान अनिल अग्रवाल विकास क्रिया रोहित गुलाटी विशाल आहूजा धीरज अहूजा अनिल अंबानी सुनील दमानी सिपाही भीम सिंह यादव, हरिशंकर ट्रिब्लेवाल, सुरेंद्र बागड़ी सूरज चोखानी पुलिस अधिकारी पूर्व सीएम के OSD और निजी व्यक्ति शामिल हैं. महादेव ऐप से जुड़े धनशोधन मामले की जांच कर रहा है प्रवर्तन निदेशालय गौरतलब है प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) महादेव ऐप से जुड़े धनशोधन मामले की जांच कर रहा है, जिसका खुलासा राज्य में पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान हुआ था. ईडी ने पहले भी राज्य में इस मामले में कई छापे मारे थे और अवैध सट्टेबाजी व गेमिंग एप के दो मुख्य प्रवर्तकों सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ अभियोजन शिकायतें (आरोप पत्र) दायर की थीं. क्या है ये एप? महादेव बेटिंग एप ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए बनाया गया था. इस पर यूजर्स पोकर जैसे कार्ड गेम्स और अन्य गेम खेल सकते थे. इस एप के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटन, टेनिस, जैसे खेलों में सट्टेबाजी भी की जाती थी. इसकी शुरुआत 2019 को  छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले सौरभ चंद्राकर ने की थी. अब तक क्या हुआ? हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय ने कथित शराब घोटाले के मामले में बघेल के आवास पर छापेमारी की थी. राज्य सरकार ने पिछले साल सीबीआई को कथित महादेव घोटाले से संबंधित विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज 70 मामले और राज्य में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) में दर्ज एक मामला सौंप दिया था. 455 करोड़ तक पहुंच गया था महादेव ऐप का मंथली टर्नओवर महादेव बुक ऐप मल्टी-लेवल मार्केटिंग मॉडल की तरह काम करता था. इसमें क्लाइंट्स को ‘पैनल ओनर्स’ के जरिए जोड़ा जाता था. जो यूजर आईडी बनाकर सट्टेबाजी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते थे. ये पैनल सिस्टम एक तरह की फ्रेंचाइजी की तरह काम करता था. जहां प्रमोटर्स अपने पैनल ओनर्स को 70-80% तक का मुनाफा देते थे. ऐप से जुड़े पैनल ओनर्स व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों से संपर्क करते थे और उन्हें सट्टेबाजी के लिए यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराते थे. इस ऐप का मासिक टर्नओवर 455 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था. अब तक की जांच में क्या सामने आया? जांच में सामने आया है कि इस अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रमोटर्स ने कई सरकारी अधिकारियों को ‘प्रोटेक्शन मनी’ के रूप में भारी रकम दी थी. सीबीआई ने छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण डिजिटल और दस्तावेजी सबूत जब्त किए है. जिनमें वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड शामिल है. इस मामले की जांच ED के पास भी है. ED के मुताबिक 3 नवंबर 2023 को इसी मामले में एक कोरियर आसिम दास को गिरफ्तार किया गया था और उसके पास से 5.39 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई थी. पूछताछ में उसने बताया था कि ये रकम भूपेश बघेल के लिए थी. जांच में ये भी सामने आया था कि महादेव बुक के प्रमोटरों ने कई सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं को रिश्वत देकर अपने नेटवर्क को सुरक्षित रखा. सीबीआई अभी भी इस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही और बड़े खुलासे हो सकते है.

भगवान श्रीराम के आदर्श गुणों को आत्मसात करना ही मन की अयोध्या को सजाना है – सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर

रायपुर : स्वदेश पत्र समूह ने समाज में भारतीयता की भावना को पुष्ट किया – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय ‘स्वदेश’ द्वारा आयोजित ‘विमर्श’ कार्यक्रम में हुए शामिल भगवान श्रीराम के आदर्श गुणों को आत्मसात करना ही मन की अयोध्या को सजाना है – सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर “समय है अब मन की अयोध्या को सजाने का” विषय पर हुआ विशेष व्याख्यान “राम काजु कीन्हें बिनु” एवं छत्तीसगढ़ की लोक कला संस्कृति पुस्तक का विमोचन रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय विचार पत्रिका “स्वदेश” द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम “विमर्श” में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। “समय है अब मन की अयोध्या को सजाने का” विषय पर आयोजित इस विमर्श व्याख्यान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे। सह सरकार्यवाह चक्रधर ने अपने व्याख्यान में कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों एवं गुणों को मन में आत्मसात करना ही “मन की अयोध्या” को सजाना है। उन्होंने कहा कि केवल मन ही नहीं, बल्कि अपने परिवार, समाज, गांव और राष्ट्र को भी राममय बनाना है। उन्होंने श्रीराम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन वचन-पालन, धैर्य, करुणा भाव, परामर्श, श्रेय, न्याय, अहंकार का त्याग, मित्रता और दूसरों के प्रति सम्मान एवं समभाव जैसे गुणों से परिपूर्ण था। इन गुणों को अपनाकर हम अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं। चक्रधर ने आगे श्रीराम के जीवन से जुड़ी घटनाओं के छोटे-छोटे उदाहरणों के माध्यम से उनके आदर्श गुणों को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि श्रीराम वचन के प्रति दृढ़ प्रतिज्ञ थे—राजतिलक की घोषणा के अगले ही दिन उन्होंने पिता दशरथ द्वारा दिए गए वचन के सम्मान में सहर्ष वनवास स्वीकार किया। इसी प्रकार उन्होंने हर सुख-दुख की परिस्थिति में धैर्य बनाए रखा, कभी भी अहंकार को अपने पास नहीं आने दिया और सभी के साथ समभाव रखते हुए सम्मान का आदर्श प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि इन गुणों को आत्मसात कर हम अपने मन, परिवार, समाज और राष्ट्र को सशक्त बना सकते हैं और 2047 के विकसित भारत की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं। इस अवसर पर अयोध्या आंदोलन पर केंद्रित ग्रंथ “राम काजु कीन्हें बिनु” एवं छत्तीसगढ़ की लोक कला-संस्कृति पर आधारित पुस्तक का विमोचन मंच से किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्य क्षेत्र के संघचालक डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना ने की। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, स्वदेश पत्रिका समूह के संपादक अतुल तारे एवं प्रबंध संपादक यशवर्धन जैन मंच पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि स्वदेश पत्र समूह ने अपनी सात दशकों की अविरल यात्रा में समाज में भारतीयता की भावना को पुष्ट करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि स्वदेश समाचार पत्र आज भले ही नए कलेवर में है, लेकिन इसका इतिहास अत्यंत समृद्ध है। देश की आजादी के तुरंत बाद 1948 में अंत्योदय और एकात्म मानवतावाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की परिकल्पना से इस पत्र का प्रकाशन आरंभ हुआ। हमारे देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी भी इसके संपादक रहे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 1975 में जब देश में आपातकाल लागू हुआ, तब स्वदेश समाचार पत्र समूह के अधिकांश लोगों को जेल में डाल दिया गया। इसके बावजूद यह पत्र भारतीयता की भावना को लोगों तक पहुँचाता रहा और अडिग रहा। आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की हत्या की गई और लाखों लोगों को जेल में डाल दिया गया। अनेक परिवार उजड़ गए। ऐसे मीसाबंदियों को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की सरकार ने सम्मान निधि देना प्रारंभ किया था, जो पिछले 5 वर्षों से बंद थी, जिसे हमारी सरकार ने पुनः प्रारंभ किया है। साथ ही विधानसभा में विधेयक लाकर यह सुनिश्चित किया गया है कि मीसाबंदियों को यह सम्मान राशि निरंतर मिलती रहे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का व्याख्यान विषय – “समय है अब मन की अयोध्या को सजाने का” – अत्यंत प्रासंगिक है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की भूमि है और भगवान श्रीराम को यहां भांजा कहा जाता है। उन्होंने कहा कि रामराज्य का अर्थ है—जनता की सेवा। हमारी सरकार सभी वर्गों को साथ लेकर जनसेवा का कार्य कर रही है। भ्रष्टाचार के प्रति हमारी नीति जीरो टॉलरेंस की है। हम श्रीराम के आदर्शों के अनुरूप रामराज्य की कल्पना को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कार्यक्रम को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं मध्य क्षेत्र के संघचालक डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की प्रस्तावना समूह संपादक अतुल तारे ने रखी। आभार प्रदर्शन योगेश मिश्रा (स्थानीय संपादक) ने किया तथा संचालन शशांक शर्मा ने किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के छत्तीसगढ़ प्रांत प्रचारक अभयराम, प्रांत संघचालक डॉ. टॉपलाल वर्मा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, विधायक किरण देव, पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, खुशवंत साहेब, पवन साय सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

उत्तर बस्तर कांकेर : तारमिस्त्री परीक्षा हेतु 30 अप्रैल तक आवेदन आमंत्रित

उत्तर बस्तर कांकेर छत्तीसगढ़ शासन ऊर्जा विभाग के अंतर्गत कार्यालय कार्यपालन अभियंता (विद्युत सुरक्षा) एवं संभागीय विद्युत निरीक्षक संभाग-जगदलपुर के कार्य क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बस्तर, कोण्डागांव, कांकेर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, धमतरी एवं महासमुंद जिले के समस्त इच्छुक आवेदनकर्ता को सूचित किया जाता है कि तारमिस्त्री परीक्षा का आयोजन माह जुलाई-2025 में किया जायेगा। उक्त परीक्षा हेतु इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन पत्र 30 अप्रैल तक आमंत्रित किया गया है। आवेदन पत्र कार्यालय कार्यपालन अभियंता (विद्युत सुरक्षा) एवं संभागीय विद्युत निरीक्षक संभाग-जगदलपुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय वार्ड क्रमांक-19 आजाद चौक, जगदलपुर (छत्तीसगढ़) पिन-494001 में कार्यालयीन समय में उपस्थित होकर निःशुल्क प्राप्त या जमा कर सकते हैं।

जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण करने कलेक्टर ने दिए निर्देश

गौरेला पेंड्रा मरवाही अरपा सभा कक्ष में आयोजित कलेक्टर जनदर्शन में आज 22 आवेदन प्राप्त हुए हैं। कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने जनदर्शन में आए लोगों को बारी-बारी से सुनीं और उनके आवेदनों का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को जांच एवं परीक्षण कर त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों में आंधी तूफान से हुए क्षतिग्रस्त मकानों का मुआवजा दिलाने, आवास दिलाने, आवास मित्र की नियुक्ति, महिला स्वसहायता समूह की अध्यक्ष द्वारा सीआईएफ राशि समूह को वितरण करने राशि की मांग, राशन कार्ड, पेंशन, आरडी खाता गुम हो जाने के कारण द्वितीय प्रति प्रदान करने, सामूहिक भवन, निर्माणाधीन पीएम आवास को पूर्ण कराने एवं राजस्व से संबंधित फौती नामांतरण, सीमांकन, नक्शा बटांकन आदि के आवेदन शामिल हैं।

मोहला : 30 अप्रैल तक बनवाएं आयुष्मान वय वंदन कार्ड, 70 साल से अधिक उम्र वालों को मिलेगा 5 लाख तक का मुफ्त इलाज

मोहला देशभर में प्रधानमंत्री जन अरोग्य योजना के अंतर्गत आयुष्मान वय वंदन कार्ड बनाया जा रहा है जिसके जरिए 70 या उससे अधिक के उम्र वाले लोगों का 5 लाख रुपए तक का इलाज आयुष्मान में रजिस्टर किसी भी निजी और सरकारी अस्पताल में करा सकते है। इसका लाभ हर वर्ग व आय के वरिष्ठ जन कोई भी बीपीएल, एपीएल  राशनकार्ड धारी को 5 लाख तक अतिरिक्त कवर मिलेगा। जिला मोहला-मानपुर-अं चौकी में 19 मार्च से 30 अप्रैल तक संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सम्बन्धित सीएचओ, एएनएम क्षेत्र की मितानिन दीदी, और कियोस्क ऑपरेटर और सीएसी ऑपरेटर से संपर्क कर बनवा सकते है। हितग्राही के आधार कार्ड में दर्ज जन्म तिथि के आधार पर आयुष्मान वय वंदन कार्ड बनाया जायेगा। उल्लेखनीय है कि आयुष्मान वय वंदन कार्ड घर बैठे ऑनलाइन भी बनाया जा सकता है। इसके लिए आयुष्मान ऐप डाउनलोड कर या www.benificiary.nha.gov.in पर जा कर उसमें आरोग्य योजना फॉर सीनियर सिटीजन विकल्प को चुने।

अपार आईडी बनाने के लिए आधार कार्ड है जरूरी:कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति

          मोहला अपार आईडी विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसमें विद्यार्थी की पूरी शैक्षिक रिकॉर्ड दर्ज होगा। यह विद्यार्थियों के लिए बनाया जाना अति आवश्यक है, क्योंकि अपार आईडी विद्यार्थियों के सम्पूर्ण शैक्षणिक जीवन के लिए महत्वाकांक्षी दस्तावेज होगा। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिले के सभी अभिभावकों और पालकों को अपने स्कूली बच्चों का अपार आईडी बनाने की अपील की है। उन्होंने अपील करते हुए कहा है कि ऐसे बच्चें जिनका अपार आईडी अब तक नहीं बना है, पालकगण अपने बच्चों का अपार आईडी अवश्य बनाएं। कलेक्टर ने इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर जिले के तीनों विकास खंड के अंतर्गत अब तक अपार आईडी बनाने से छूटे हुए विद्यार्थियों की जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि जन्मतिथि अथवा नाम में त्रुटि के चलते कई विद्यार्थियों का अपार आईडी नहीं बन रहा है। कलेक्टर ने इसके लिए शिक्षक और पालकों को आगे आकर आवश्यक संशोधन कर अपार आईडी बनाने निर्देशित की है। कलेक्टर ने वर्तमान में अपार आईडी बनाने में कमी पर जिला शिक्षा अधिकारी और सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों पर गहरी नाराजगी जाहिर की है। माह अप्रैल तक निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं करने पर कार्यवाही करने कहा गया है।       अपार आईडी बनाने के लिए आधार कार्ड एक आवश्यक दस्तावेज है। आधार कार्ड में त्रुटि के कारण बहुत से विद्यार्थियों का अपार आईडी नही बन पा रहा है। इसके लिए कलेक्टर ने आधार कार्ड में संशोधन, सुधार व अन्य अपडेट करने के लिए पालकों से अपील की है।

प्रधानमंत्री आवास योजना कार्यान्वयन हेतु रिक्त पदों पर संविदा नियुक्ति के लिए 09 अप्रैल को होगी दस्तावेजों की जांच

जगदलपुर जिला पंचायत बस्तर द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत प्रशिक्षण आवास समन्वयक, विकासखण्ड समन्वयक, तकनीकी सहायक एवं डाटा एन्ट्री ऑपरेटर के रिक्त पदों पर संविदा नियुक्ति किये जाने हेतु अभ्यर्थियों को उनके मूल प्रमाण-पत्रों की जाचं एवं मिलान हेतु 09 अप्रैल 2025 को प्रातः 09.30 बजे लाला जगदलपुरी जिला ग्रंथालय जगदलपुर में उपस्थित होने हेतु अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत लिफाफा में अंकित पता पर पंजीकृत डाक के माध्यम से बुलावा पत्र यथा सूचना-पत्र भेजा गया है। उक्त बुलावा पत्र प्रेषित किये जाने वाले अभ्यर्थियों की सूची का अवलोकन जिला पंचायत के सूचना पटल पर एवं बस्तर जिले की अधिकृत वेबसाईट https://bastar.gov.in/ पर भी किया जा सकता है।

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