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कलेक्टर ने जनदर्शन में आए 12 आवेदन पर विभागों को त्वरित निराकरण करने के दिए निर्देश

एमसीबी एमसीबी जिले के कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनदर्शन के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं को सुना। जिले के ग्रामीण जन और नागरिकों ने जनदर्शन में अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं को सीधे कलेक्टर के समक्ष रखा। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्रता से समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। आज की जनदर्शन में कुल 12 आवेदन प्राप्त हुए।          इस जनदर्शन में आवेदक सोनकुंवर निवासी बिछियाटोला रेत धार की रॉयल्टी के संबंध में, सीताशरण निवासी उजियारपुर मटेरियल पेमेंट और लेबर भुगतान के संबंध में, जय सिंह निवासी उजियारपुर भूमि के संबंध में, सरपंच भलौर सोलर पंप की मरम्मत के संबंध में, सरपंच भलौर नलकूप खनन के संबंध में, अरविन्द कुमार निवासी मनेन्द्रगढ़ भूमि के संबंध में, अरविन्द कुमार निवासी मनेन्द्रगढ़ खाद अधिकारी द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं करने के संबंध में, माधव प्रजापति निवासी खोंगापानी सीसी रोड सही ना बनाने के संबंध में, रामचरन सिंह निवासी चनवारीडांड भूमि के संबंध में, समस्त ग्रामवासी निवासी कोटाडोल तेंदूपत्ता पड़ मुंशी को हटाने के संबंध में, विमला निवासी नागपुर प्रधानमंत्री आवास योजना के संबंध में और हफ्सा बानो निवासी मनेन्द्रगढ़ भूमि के संबंध में अपनी शिकायत लेकर उपस्थित हुए थे। कलेक्टर ने प्राप्त सभी आवेदनों को पूरी गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को उचित कार्यवाही करते हुए त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।

छत्तीसगढ़ में अब अवैध धर्मांतरण रोकने सख्त कानून बनाया जाएगा

रायपुर छत्तीसगढ़ में अब गैरकानूनी रूप से धर्म परिवर्तन करना गुनाह है। प्रदेश के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने साफ कहा है कि इसे रोकने के लिए सख्त कानून बनाया जाएगा। विजय शर्मा डिप्टी सीएम होने के साथ छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री भी हैं। आज विधानसभा में भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने धार्मिक धर्मांतरण का मुद्दा उठाया था। चंद्राकर ने कहा कि ‘चंगाई सभा’ (उपचार बैठक) के बहाने निर्दोष,असहाय,गरीब लोगों को प्रलोभन के माध्यम से धर्मांतरित किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि स्वास्थ्य,शिक्षा और सामाजिक कार्य क्षेत्रों में काम करने के उद्देश्य से बने एनजीओ विदेशी देशों से धन प्राप्त कर रहे हैं,जिसका कथित रूप से धर्मांतरण गतिविधियों के लिए उपयोग किया जा रहा है। राज्य में ऐसे कई एनजीओ हैं,जो धार्मिक आधार पर पंजीकृत हैं और विदेशों से धन भी प्राप्त कर रहे हैं। अजय चंद्राकर ने आरोप लगाया कि बस्तर जिले में 19 पंजीकृत संगठनों में से 9 और जशपुर जिले में 18 संस्थानों में से 15 ईसाई मिशनरियों की ओर से चलाए जा रहे हैं। इन संगठनों पर नियंत्रण की कमी के कारण धर्मांतरण गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर संगठन जशपुर जिले (मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का गृह जिला) में काम कर रहे हैं,जहां धर्मांतरण के ज्यादातर मामले सामने आते हैं। भाजपा विधायक ने इस साल की शुरुआत में बिलासपुर और रायपुर जिलों में पुलिस में दर्ज धार्मिक धर्मांतरण के कुछ मामलों का भी हवाला दिया। धर्मांतरण में विदेशी फंडिंग के उपयोग से इनकार नहीं किया जा सकता। चंद्राकर ने दावा किया कि हालांकि सरकार ऐसे फंडों पर प्रतिबंध लगाने का दावा करती है,लेकिन ये संस्थान ऑडिट रिपोर्ट न देकर अपना रास्ता निकाल लेते हैं। अपने जवाब में उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि एनजीओ पर स्थानीय प्रशासन के नियंत्रण की कमी के कारण धर्मांतरण की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस उचित जांच करती है और जब ऐसी चंगाई सभाओं में लोगों को धर्मांतरित करने के लिए लुभाने की शिकायतें मिलती हैं तो तुरंत कानूनी कार्रवाई करती है।शर्मा ने कहा कि 2020 में एक मामला दर्ज किया गया,2021 में सात, 2022 में तीन,2023 में शून्य,2024 में कुल 12 और 2025 में अब तक चार मामले दर्ज किए गए हैं। इसके बाद चंद्राकर ने कहा कि यह मुद्दा बहुत गंभीर है और मुख्यमंत्री साय ने हाल ही में इसके बारे में बात की है। राज्य में विदेशी धन प्राप्त करने वाले एनजीओ का निरीक्षण यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऐसी सहायता का उपयोग धार्मिक धर्मांतरण सहित अवैध गतिविधियों में नहीं किया जा रहा है। चंद्राकर ने राज्य में विदेशी धन प्राप्त करने वाले एनजीओ का विवरण और क्या ऐसे संस्थानों के खिलाफ कोई शिकायत मिली है। शर्मा ने कहा कि विदेशी धन प्राप्त करने वाले एनजीओ विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकृत हैं और केंद्रीय गृह मंत्रालय ऐसे विदेशी धन की प्राप्ति की निगरानी करता है। शर्मा ने कहा कि पहले राज्य में 364 एनजीओ थे जो विदेशी धन प्राप्त कर रहे थे। इसके बाद,चंद्राकर ने पूछा कि क्या सरकार अवैध धार्मिक धर्मांतरण को रोकने के लिए नए प्रावधान या कानून लाएगी। जवाब में डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बहुत गंभीर है। हालांकि छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम लागू है,सरकार सोच रही है कि नए कानूनी प्रावधान लागू होने चाहिए। उचित समय पर नए प्रावधान पेश किए जाएंगे। विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि पुलिस प्रशासन अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। वर्तमान में, पुराने प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। सरकार नए प्रावधानों की आवश्यकता पर विचार कर रही है। हम जल्द ही नया कानून लाएंगे। अवैध धार्मिक धर्मांतरण को रोकने के लिए जल्द ही एक सख्त कानून बनाया जाएगा।

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने खारिज की युवती की अपील, युवती बालिग और उसने सहमति से बनाए थे संबंध

बिलासपुर फेसबुक पर हुई दोस्ती से शुरू हुआ प्रेम संबंध शादी तक नहीं पहुंच सका। शादी का झांसा देकर युवक द्वारा यौन शोषण करने के आरोपों के तहत निचली अदालत ने उसे संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ पीड़िता ने हाई कोर्ट में अपील दायर की, जिसे खारिज कर दिया गया। हाई कोर्ट ने कहा कि युवती बालिग थी और उसने अपनी सहमति से संबंध बनाए थे। इसलिए आरोपित पर दुष्कर्म का आरोप साबित नहीं होता। पीड़िता ने उसकी पहचान आरोपित से 2018-19 में फेसबुक के माध्यम से हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी और धीरे-धीरे यह प्रेम संबंध में बदल गई। वर्ष 2021 में आरोपित ने रात 11:30 बजे फोन कर उसे बुलाया और अपनी बाइक पर बैठाकर एक दोस्त के घर ले गया, जहां शादी का वादा कर उससे शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता का आरोप है कि युवक ने कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, जिससे वह दो बार गर्भवती हुई। मगर, आरोपित ने कहा कि शादी से पहले गर्भधारण करने पर उसके माता-पिता स्वीकार नहीं करेंगे।   हाई कोर्ट की टिप्पणी कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि- पीड़िता बालिग थी और उसने सहमति से संबंध बनाए। आरोपित के साथ रहने और जाने के दौरान उसने कोई विरोध नहीं किया। मेडिकल जांच में गर्भावस्था को लेकर कोई स्पष्ट राय नहीं दी गई। दुष्कर्म के मामलों में पीड़िता की गवाही महत्वपूर्ण होती है, लेकिन इस मामले में उसके बयान पूरी तरह भरोसेमंद नहीं लगे। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए, हाई कोर्ट ने आरोपी की दोषमुक्ति को बरकरार रखते हुए पीड़िता की अपील खारिज कर दी। एफटीसी अदालत से आरोपित को दोषमुक्ति मामले की शिकायत 26 अप्रैल 2023 को पुलिस अधीक्षक बेमेतरा को दी गई। इसके आधार पर आरोपित के खिलाफ अपराध दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया गया। मामले की सुनवाई बेमेतरा की फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई, जहां आरोपित को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया।पीड़िता ने निचली अदालत के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने माना आरोपित के बीच प्रेम संबंध था और वह सहमति से शारीरिक संबंध बना रही थी। कोर्ट ने यह भी माना कि घटना के दो साल बाद एफआईआर दर्ज कराई गई, जिससे आरोपों की पुष्टि में संदेह उत्पन्न होता है। शासन ने बताया 27 करोड़ जारी, हाई कोर्ट ने मांगी पूरी रिपोर्ट प्रदेश में अनाचार पीड़ित नाबालिगों और महिलाओं को मुआवजा दिए जाने को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सत्यभामा अवस्थी द्वारा दायर जनहित याचिका पर सोमवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। शासन ने इस दौरान लिखित जवाब पेश कर बताया कि मुआवजा प्रक्रिया किस स्तर पर चल रही है। कोर्ट ने शासन के सबमिशन के बाद अगली सुनवाई 16 अप्रैल को निर्धारित की है। इससे पहले हुई सुनवाई में महाधिवक्ता ने बताया था कि राज्य शासन ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 27 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था, जो पूरी तरह जारी कर दिया गया है। इसी तरह, वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी पीड़ित प्रतिकर योजना, 2018 के तहत 27 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है और अनुपूरक बजट में अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया गया है। अब तक 26.74 करोड़ जारी, शेष राशि प्रक्रियाधीन शासन ने हाई कोर्ट को जानकारी दी है कि चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 के तहत 26 करोड़ 74 लाख 32 हजार 700 रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है। शेष बजट राशि संबंधित विभाग से प्रस्ताव प्राप्त होने पर जारी कर दी जाएगी। सोमवार को हुई सुनवाई में शासन की ओर से प्रस्तुत जवाब के बाद हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 अप्रैल 2025 की तारीख तय कर दी है।

बीजापुर पुलिस ने पत्रकार मुकेश चंद्रकार हत्याकांड की चार्जशीट मंगलवार को कोर्ट में पेश की

बीजापुर  छत्तीसगढ़ की बीजापुर पुलिस ने पत्रकार मुकेश चंद्रकार की हत्या के मामले में मंगलवार को कोर्ट में 1200 पेजों की चार्जशीट दाखिल की। पुलिस ने इस हत्याकंड में चार लोगों को आरोपी बनाया है। फिलहाल चारों आरोपी जगदलपुर जेल में हैं। आरोपियों के खिलाफ इस चार्जशीट में 70 से ज्यादा गवाह के बयान दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, मुकेश की हत्या मुख्य आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर ने करवाई थी। मुकेश ने ठेकेदार के खिलाफ घटिया सड़क निर्माण के काम को उजागर किया था। हत्या मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी का नेतृत्व करने वाले अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर ने बताया- “जांच के दौरान, डिजिटल और फिजिकल सबूतों को बारीकी से निगरानी की गई। इस चार्जशीट में उन सभी बातों का उल्लेख किया गया है।” उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं कि सभी चार आरोपियों को अदालत से कड़ी सजा मिले। 20 लाख रुपये का लगा था जुर्माना उन्होंने हत्या के पीछे की वजह का खुलासा करते हुए कहा- “आरोपी सुरेश इस बात से नाराज था कि मुकेश ने खराब सड़क निर्माण कार्य को उजागर क्यों किया। मामला उजागर होने के बाद उसके खिलाफ जांच हुई थी और ठिकानों पर जीएसटी छापे भी पड़े थे। उस पर लगभग 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। हत्या से पहले सुरेश ने मुकेश को कई बार फोन किया था। वह चिंतित था कि उसका साम्राज्य टूट जाएगा। अधिकारी ने बताया कि हत्या से कुछ दिन पहले, सुरेश ने मुकेश से मुलाकात की थी और उसे धमकी दी थी। 1 जनवरी को हुई थी हत्या मुकेश की हत्या 1 जनवरी की रात को हुई थी। 1 जनवरी से वह लापता था जिसके बाद उसके भाई ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके बाद पुलिस ने खोज शुरू की थी। 3 जनवरी को मुकेश का शव छतनपारा में सुरेश की एक प्रॉपर्टी में बने सेप्टिक टैंक के पास बरामद हुआ था। पुलिस के अनुसार, सुरेश के भाई रितेश और एक कर्मचारी महेंद्र रामटेके ने हत्या को अंजाम दिया था। पुलिस का कहना है कि मुकेश को लोहे की रॉड से कई बार मारा गया और फिर उसके शव को टैंक में फेंक दिया गया, जिसे बाद में कंक्रीट से ढक दिया गया था। सुरेश चंद्राकर के भाई रितेश, दिनेश और सुपरवाइजर महेंद्र रामटेके को गिरफ्त में लेने के बाद तीन दिन बाद हैदराबाद से सुरेश को गिरफ्तार किया गया था। 100 करोड़ की लागत से बनी थी सड़क पूरा मामला बीजापुर जिले के गंगालूर से मिरतुर में 100 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क का है। मुकेश ने इस सड़क के निर्माण में हुए घोटाले का खुलासा किया था। मुकेश चंद्राकर के खुलासे के बाद सुरेश ने हत्या की साजिश रची थी।

सरकार की सख्त नीतियों और सुरक्षा बलों की प्रभावी रणनीति के चलते नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति लौट रही है- CM विष्णुदेव साय

रायपुर छ्त्तीसगढ़ सीएम विष्णुदेव साय ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इस दौरान मुख्य तौर पर राज्य में नक्सलवाद को लेकर चर्चा हुई. मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री साय ने बताया बस्तर में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है. सरकार की सख्त नीतियों और सुरक्षा बलों की प्रभावी रणनीति के चलते नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति लौट रही है. इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके निवास पर मुलाकात की. इस बैठक में नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने, बस्तर के विकास को तेज करने और पर्यटन व आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विस्तार से चर्चा हुई. मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह को अवगत कराया कि नक्सलवाद अब अपने आखिरी पड़ाव पर है और सरकार इसे पूरी तरह खत्म करने के लिए निर्णायक कदम उठा रही है. राज्य और केंद्र के संयुक्त प्रयासों से नक्सली संगठनों की पकड़ कमजोर हो चुकी है. अब अंतिम चरण की रणनीति तैयार कर बस्तर को स्थायी शांति की ओर ले जाने पर जोर दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025 का असर दिखने लगा है. हाल ही में बीजापुर जिले में 9 ईनामी नक्सलियों समेत कुल 19 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार द्वारा आर्थिक सहायता और पुनर्वास योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, ताकि वे समाज में सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें. बैठक में बस्तर में विकास कार्यों को तेज करने पर विशेष ध्यान दिया गया. सरकार की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025 का असर दिखने लगा है। हाल ही में बीजापुर जिले में 9 ईनामी नक्सलियों समेत कुल 19 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार द्वारा आर्थिक सहायता और पुनर्वास योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, ताकि वे समाज में सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें। बैठक में बस्तर में विकास कार्यों को तेज करने पर विशेष ध्यान दिया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और जल जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत कर रही है। इसके साथ ही, बस्तर के समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए पर्यटन को बढ़ावा देने की योजनाओं पर भी विचार किया गया। बस्तर के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार और नए रोजगार के अवसर तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर सिर्फ संघर्ष की भूमि न रहकर शांति, विकास और संभावनाओं का नया केंद्र बने।

बिलासपुर कोर्ट ने कहा कि प्राइवेट बस वाले किस टैरिफ पर चला रहे , बसों में किराया भी डिस्प्ले करने को कहा

बिलासपुर प्रदेश में संचालित इंटर सिटी बसों और सिटी बसों के मामले में  हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। शासन ने बताया कि सभी रूट्स पर किराया राउंड फिगर में कर दिया गया है। डीबी ने शासन को सिटी बसों की वर्तमान स्थिति की जानकारी देने के भी निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि बिलासपुर में सिटी बसों की जर्जर स्थिति और प्रदेश में चल रही अंतर नगरीय बस सेवा की खराब हालत पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था। इसके बाद से जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू कर दी गई थी। काफी पहले हुई सुनवाई में कोर्ट ने पूछा था कि खटारा होती जा रही बसों को लेकर शासन क्या कर रहा है? शासन की ओर से कहा गया था कि केंद्र से ई-बसें बहुत बड़ी संख्या में आ रहीं हैं, इससे खस्ताहाल बसों की समस्या नहीं रह जाएगी। कोर्ट ने इस बात की पूरी जानकारी देने को कहा था कि प्राइवेट बस वाले किस टैरिफ पर चला रहे हैं। बसों में किराया भी डिस्प्ले करने को कहा गया था। सोमवार को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा, जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में हुई सुनवाई में अतिरिक्त महाधिवक्ता ने बताया कि पूर्व में न्यायालय ने राउंड फिगर में जाने का निर्देश दिया था। शासन ने उस पर अमल करते हुए सभी बसों का किराया राउंड फिगर में कर दिया है। इससे अब किसी भी रूट पर किराया दशमलव में नहीं होगा और यात्रियों को भी परेशानी नहीं होगी। डिवीजन बेंच ने शासन से कहा कि अभी सिटी बसों की स्थिति क्या है, इसमें कितनी सही और कितनी जर्जर हैं, इसकी जानकारी अगली सुनवाई में दें।

मॉर्निंग परेड के दौरान ASI देवेंद्र सिंह दहिया के डांटने से गुस्से में आकर आरक्षक सरोज कुमार ने फायरिंग की

रायपुर रायपुर के मुड़ीपार स्थित ITBP 38वीं बटालियन (भारत तिब्बत सीमा सुरक्षा बल) कैंप में एक कॉन्स्टेबल ने इंसास राइफल से ASI की गोली मारकर हत्या कर दी। कॉन्स्टेबल ने ASI के माथे पर पहली गोली और सीने पर 15 गोलियां उतारी, जबकि 2 गोलियां इधर-उधर चलाईं। वारदात  सुबह 9 बजे की है। मॉर्निंग परेड के दौरान ASI देवेंद्र सिंह दहिया के डांटने से गुस्से में आकर आरक्षक सरोज कुमार ने फायरिंग की। इससे पहले आरोपी घर गया और बिना खाना खाए गुस्से में राइफल लेकर निकला था। दोनों ITBP बटालियन में ही रहते थे आरोपी कॉन्स्टेबल सरोज कुमार (32) बिहार के बक्सर जिले का रहने वाला है। वहीं मृतक ASI देवेंद्र सिंह दहिया (56) हरियाणा के रोहतक के रहने वाले थे। दोनों रायपुर के ITBP 38वीं बटालियन के कॉलोनी में ही रहते थे। आरोपी आरक्षक सरोज कुमार के 5 और 3 साल के दो बेटे हैं। आरोपी परिवार के साथ ही रहता था। 3 दिन पहले भी हुआ था विवाद नाम न बताने की शर्त पर ITBP में मौजूद जवानों ने बताया कि 3 दिन पहले भी कॉन्स्टेबल सरोज कुमार को ASI देवेंद्र सिंह दहिया ने उनके टर्न आउट (वर्दी) को लेकर डांटा था। सोमवार सुबह भी देवेंद्र सिंह ने कॉन्स्टेबल को इसी बात पर डांटा तो वह न सिर्फ गुस्से में था, बल्कि डरा हुआ भी था। परेड के बाद वह बटालियन के अंदर अपने घर पहुंचा। घर पर अपनी पत्नी से भी बात नहीं की। घर से कुछ दूरी पर कॉन्स्टेबल सरोज कुमार ने ASI दहिया को देखा। एएसआई को लगा कि कॉन्स्टेबल सुबह की अपनी गलती की माफी मांगने उनके पास आया है। दोबारा गाली देने पर भड़का कॉन्स्टेबल इस दौरान यह देखकर ASI दहिया ने दोबारा उसे गाली दी। ASI दहिया की गालियां सुनकर कॉन्स्टेबल ने पहली गोली माथे पर मारी। गोली लगते ही ASI दहिया ढेर हो गया। उसके बाद नाराज कॉन्स्टेबल ने सीने और पीठ की तरफ 17 राउंड फायरिंग की। जानकारी देने से बचते रहे ITBP के अफसर कैंप के अंदर वारदात के बाद अफसरों ने मेन गेट को सील कर दिया था। कैंप के अंदर ITBP के अफसरों के अलावा केवल पुलिस को ही एंट्री दी गई। ITBP के अफसर वारदात की जानकारी देने से बचते दिखे। सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक पुलिस ने जांच की। उसके बाद कॉन्स्टेबल सरोज कुमार को कस्टडी में लिया। पुलिस और ITBP के अफसरों के बीच कहासुनी कैंप परिसर से जवान को कस्टडी में लेने के दौरान पुलिस अधिकारियों और ITBP के अफसरों के बीच दस्तावेज को लेकर कहासुनी भी हुई। पुलिस अधिकारियों ने मामले में हस्तक्षेप किया। उसके बाद जवान को कस्टडी में लेकर खरोरा पुलिस के अफसर रवाना हुए। साथ ही ASI की डेडबॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां से पोस्टमॉर्टम के बाद माना ITBP की 38वीं बटालियन कैंप भेजा गया है। वहां से आज फ्लाइट से ASI की डेडबॉडी को हरियाणा भेजा जाएगा। उनके गृहग्राम में अंतिम संस्कार होगा।  

राज्य में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए NDT उपकरणों का उपयोग किया जाता

रायपुर राज्य में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नॉन-डिस्टैªक्टिव टेस्ट (NDT) उपकरणों का उपयोग किया जाता है, जिससे संरचनाओं की मजबूती और विश्वसनीयता की जांच बिना किसी नुकसान के की जा सकती है। इन्हीं अत्याधुनिक तकनीकों की जानकारी और उपकरणों के संचालन में दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से संगठन के अधिकारियों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 17 मार्च से नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन के प्रथम तल पर स्थित मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) में दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 19 मार्च तक चलेगा। मुख्य तकनीकी परीक्षक आर. पुराम ने बताया कि संगठन द्वारा लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सहित अन्य निर्माण कार्यों से जुड़े कार्यों की गुणवत्ता एवं भौतिक प्रगति की जांच कर सामान्य प्रशासन विभाग को प्रतिवेदन प्रेषित किया जाता है। प्रशिक्षण में एनडीटी विशेषज्ञों द्वारा अत्याधुनिक जांच उपकरणों के संचालन की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि नॉन-डिस्टैªक्टिव टेस्टिंग (NDT) ऐसी तकनीक है, जिसके माध्यम से किसी भी निर्माण सामग्री या संरचना की मजबूती, गुणवत्ता और स्थायित्व की जांच की जाती है, बिना उसे कोई नुकसान पहुंचाए। इस तकनीक का उपयोग विशेष रूप से सड़क, पुल, भवन और अन्य संरचनाओं की जांच के लिए किया जाता है। प्रशिक्षण में अल्ट्रासोनिक पल्स वेलासिटी, ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (GPR), डिजिटल रीबाउंड हैमर टेस्ट, प्रोफोमीटर टेस्ट, टोमोग्राफी जैसे प्रमुख उपकरणों के संचालन की तकनीक सिखाई जा रही है। इन उपकरणों की मदद से कंक्रीट की मजबूती, अंदरूनी दरारें, नमी की मात्रा, सरंचना में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता और संभावित कमजोरियों की पहचान की जाती है। इस प्रशिक्षण से संगठन के अधिकारियों को आधुनिक जांच तकनीकों की समझ विकसित होगी, जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी रूप से परखा जा सकेगा। इससे संगठन को भविष्य में तेजी, सटीकता और विश्वसनीयता के साथ निरीक्षण करने में सहायता मिलेगी।

चौथी लाइन और विद्युतीकरण का कार्य के चलते, छत्तीसगढ़ से होकर चलने वाली 36 ट्रेनों को रद्द

रायपुर  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर-झारसुगुड़ा तीसरी/ चौथी लाइन और विद्युतीकरण का कार्य के चलते 11 से 24 अप्रैल 2025 के बीच 36 यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। 4 ट्रेनों के मार्ग परिवर्तित और 3 ट्रेनों को बीच रास्ते में ही समाप्त कर दिया गया है। यह काम रायगढ़-झारसुगुड़ा सेक्शन के कोतरलिया स्टेशन पर किया जाएगा. इसका सबसे ज्यादा असर छत्तीसगढ़ से हावड़ा रूट पर जाने वाली ट्रेनों पर पड़ेगा. ये ट्रेनें इस तारीख तक रहेंगी रद्द 68737/68738 रायगढ़-बिलासपुर मेमू (11 से 24 अप्रैल) 68736/68735 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू (10 से23 अप्रैल) 18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस (10 से23 अप्रैल) 18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस (11 से 24 अप्रैल) 18109/18110 टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस (11 से 24 अप्रैल) 20828 संतरागाछी-जबलपुर एक्सप्रेस (16, 23 अप्रैल) 20827 जबलपुर-संतरागाछी एक्सप्रेस (17, 24 अप्रैल) 17008 दरभंगा-सिकंदराबाद एक्स. (11, 15, 18, 22, 25 अप्रैल) 17007 सिकंदराबाद-दरभंगा एक्स. (08, 12, 15, 19, 22 अप्रैल) 20822 संतरागाछी-पुणे एक्सप्रेस (12, 19 अप्रैल) 20821 पुणे-संतरागाछी एक्सप्रेस (14, 21 अप्रैल) 12880 भुवनेश्वर-कुर्ला एक्सप्रेस (10, 14, 17, 21 अप्रैल) 12879 कुर्ला-भुवनेश्वर एक्सप्रेस (12, 16, 19, 23 अप्रैल) 22843 बिलासपुर-पटना एक्सप्रेस (11, 18 अप्रैल) 22844 पटना-बिलासपुर एक्सप्रेस (13, 20 अप्रैल) 12870 हावड़ा-मुंबई एक्सप्रेस (11, 18 अप्रैल) 12869 मुंबई-हावड़ा एक्सप्रेस (13, 20 अप्रैल) 12151 एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस (09, 10, 16, 17 अप्रैल) 12152 शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस (11, 12, 18, 19 अप्रैल) 22894 हावड़ा-साईंनगर शिरडी एक्सप्रेस (10, 17 अप्रैल) 22893 साईंनगर शिरडी-हावड़ा एक्सप्रेस (12, 19 अप्रैल) 12812 हटिया-एलटीटी एक्सप्रेस (11, 12, 18, 19 अप्रैल) 12811 एलटीटी-हटिया एक्सप्रेस (13, 14, 20, 21 अप्रैल) 12129/12130 पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस (11, 24 अप्रैल) 12859/12860 मुंबई-हावड़ा गीतांजलि एक्सप्रेस (11, 24 अप्रैल) 12222 हावड़ा-पुणे दुरंतो एक्सप्रेस (10, 12, 17, 19 अप्रैल) 12221 पुणे-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस (12, 14, 19, 21 अप्रैल) 12905 पोरबंदर-शालीमार एक्सप्रेस (09, 10, 16, 17 अप्रैल) 12906 शालीमार-पोरबंदर एक्सप्रेस (11, 12, 18, 19 अप्रैल) 12101 एलटीटी-शालीमार ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस (11, 12, 14, 15, 18, 19, 21, 22 अप्रैल) 12102 शालीमार-एलटीटी ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस (13, 14, 16, 17, 20, 21, 23, 24 अप्रैल) Train Cancelled: परिवर्तित मार्ग से चलने वाली ट्रेनें 12810 हावड़ा-मुंबई मेल एक्सप्रेस (11 से 24 अप्रैल) परिवर्तित मार्ग: झारसुगुड़ा-टिटलागढ़-रायपुर 12809 मुंबई-हावड़ा मेल एक्सप्रेस (11 से 24 अप्रैल) परिवर्तित मार्ग: रायपुर-टिटलागढ़-झारसुगुड़ा 12262 हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस (11, 14, 15, 16, 18, 21, 22, 23 अप्रैल) परिवर्तित मार्ग: झारसुगुड़ा-टिटलागढ़-रायपुर 12261 मुंबई-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस (13, 15, 16, 17, 20, 22, 23, 24 अप्रैल) परिवर्तित मार्ग: रायपुर-टिटलागढ़-झारसुगुड़ा बीच में समाप्त होने वाली गाड़ियां 68861/68862 गोंदिया-झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर स्पेशल बिलासपुर एवं झारसुगुड़ा के बीच (11 अप्रैल से 5 मई) 12410 निज़ामुद्दीन-रायगढ़ गोंडवाना एक्सप्रेस बिलासपुर एवं रायगढ़ के बीच (09, 10, 12, 14, 15, 16, 17, 19, 21, 22 अप्रैल) 12409 रायगढ़-निज़ामुद्दीन गोंडवाना एक्सप्रेस रायगढ़ एवं बिलासपुर के बीच (11, 12, 14, 16, 17, 18, 19, 21, 23, 24 अप्रैल)

अवैध नशे पर Police का बड़ा एक्शन, पुलिस ने कंटेनर से 500 किलो गांजा किया जब्त

 कोरबा छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पुलिस ने गांजा तस्करी के रैकेट का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने करीब एक करोड़ रुपये मूल्य का गांजा जब्त करते हुए कंटेनर ट्रक चालक को गिरफ्तार किया है. फिलहाल पुलिस चालक से पूछताछ कर रही है. दावा किया जा रहा है कि पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं. इस बात की जानकारी एक अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी. अधिकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक कंटेनर ट्रक से करीब एक करोड़ रुपये मूल्य का गांजा जब्त किया है और उसके चालक को गिरफ्तार किया है. चालक प्रतिबंधित पदार्थ की अंतरराज्यीय तस्करी में शामिल था. कोरबा के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए ट्रक को सोमवार रात कटघोरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बिलासपुर-अंबिकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुतार्रा-रापाखर्रा पुल के पास रोका गया. ट्रक ओडिशा से उत्तर प्रदेश जा रहा था. ट्रक की जांच के दौरान अंदर पैकेट में रखा 500 किलोग्राम गांजा (भांग) मिला, जिसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये है. अधिकारी ने बताया कि चालक की पहचान दिल्ली के रहने वाले राहुल गुप्ता के रूप में हुई है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच की जा रही है. आपको बता दें कि इससे पहले भी छत्तसीगढ़ पुलिस ने राज्य के एक जिले से गांजा की जब्ती की थी. ओडिशा से उत्तर प्रदेश जा रही थी खेप, पुलिस ने की घेराबंदी कटघोरा पुलिस को सूचना मिली कि एक माजदा वाहन में भारी मात्रा में गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस अलर्ट हो गई और सुतर्रा रापाखर्रा पुल के पास घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोका। ओडिशा से उत्तर प्रदेश गांजे की तस्करी की जा रही थी। चेकिंग में भूरे रंग के टेप में लिपटे कई बड़े पैकेट मिले वाहन की तलाशी के दौरान पुलिस को कंटेनर के अंदर भूरे रंग के टेप में लिपटे कई बड़े पैकेट मिले। जब इन पैकेटों को खोला गया तो उनमें से गांजा बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, पूरे 500 किलो गांजे की तस्करी की जा रही थी। इसकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ रुपए आंकी गई है। अंतरराज्यीय गिरोह के तार जुड़े होने की आशंका पुलिस ने इस मामले में वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह एक बड़े अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह का हिस्सा है, जो ओडिशा से उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में गांजा सप्लाई करता है। ड्राइवर ने अभी तक किसी का नाम बताया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों का भी खुलासा हो सकता है। पुलिस जल्द करेगी बड़ा खुलासा फिलहाल, पुलिस ने जब्त गांजे की सही मात्रा और उसकी कीमत का आकलन करने के लिए जांच जारी रखी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगले 24 घंटे में इस मामले में बड़ा खुलासा किया जा सकता है।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पीएम मोदी को सौंपा बस्तर के विकास का रोडमैप, विकास कार्यों और नक्सल उन्मूलन पर हुई चर्चा

रायपुर   छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात कर राज्य के विकास संबंधी विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बस्तर विकास के मास्टर प्लान का खाका प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने बस्तर विकास का मास्टर प्लान प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसमें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को बुनियादी सुविधाओं, उद्योगों और पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की रूपरेखा शामिल थी। प्रधानमंत्री ने इस योजना पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। सीएम ने कहा, छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में पहुंचा मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सुरक्षा बलों की संगठित रणनीति व जनभागीदारी के चलते नक्सल प्रभावित इलाकों में तेजी से बदलाव आ रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस और केंद्रीय बलों के संयुक्त प्रयासों से कई नक्सल गढ़ों में विकास की किरण पहुंची है, जिससे जनता का विश्वास सरकार की योजनाओं में और मजबूत हुआ है। सरकार का अब पूरा ध्यान बस्तर को नए औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर है, जिससे युवाओं को रोजगार और आदिवासी समुदायों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री साय ने राज्य की नई औद्योगिक नीति और निवेशकों की बढ़ती रुचि पर भी विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि निवेश को आसान बनाने के लिए सरकार ने सिंगल विंडो क्लीयरेंस, टैक्स छूट और अनुकूल नीतियों को लागू किया है, जिससे बड़ी कंपनियां छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आकर्षित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने इस मुलाकात में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूत किया जा रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। मुख्यमंत्री ने बैठक में बस्तर की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्रधानमंत्री को दी। उन्होंने बताया कि बस्तर के महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से हजारों महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। लघु वनोपज, जैविक कृषि, हथकरघा, बांस उद्योग और हस्तशिल्प को प्रोत्साहित कर महिलाओं को न केवल आजीविका के साधन मिल रहे हैं, बल्कि वे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रही हैं। इसके अलावा, स्टार्टअप्स और छोटे उद्योगों के माध्यम से बस्तर की महिलाओं को उत्पादन और विपणन से जोड़ने की पहल की जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर राज्य की आर्थिक प्रगति में योगदान दे सकें। नक्सल मुद्दों पर हुई अहम चर्चा मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि, छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सुरक्षा बलों की संगठित रणनीति एवं जनभागीदारी के चलते नक्सल प्रभावित इलाकों में तेजी से बदलाव आ रहा है। पुलिस और केंद्रीय बलों के संयुक्त प्रयासों से कई नक्सल गढ़ों में विकास की किरण पहुंची है, जिससे जनता का विश्वास सरकार की योजनाओं में और मजबूत हुआ है। आगे सीएम साय ने कहा- सरकार का अब पूरा ध्यान बस्तर को नए औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर है, जिससे युवाओं को रोजगार और आदिवासी समुदायों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके। नई औद्योगिक नीति पर हुई विस्तृत चर्चा मुख्यमंत्री साय ने राज्य की नई औद्योगिक नीति और निवेशकों की बढ़ती रुचि पर भी विस्तृत चर्चा की। सीएम ने बताया कि, निवेश को आसान बनाने के लिए सरकार ने सिंगल विंडो क्लीयरेंस, टैक्स छूट और अनुकूल नीतियों को लागू किया है, जिससे बड़ी कंपनियां छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आकर्षित हो रही हैं। वहीं महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि, स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूत किया जा रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। महिलाओं को बनाया जा रहा सशक्त- सीएम साय सीएम साय ने पीएम मोदी को बताया कि, बस्तर के महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से हजारों महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। लघु वनोपज, जैविक कृषि, हथकरघा, बांस उद्योग और हस्तशिल्प को प्रोत्साहित कर महिलाओं को न केवल आजीविका के साधन मिल रहे हैं, बल्कि वे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रही हैं। इसके अलावा, स्टार्टअप्स और छोटे उद्योगों के माध्यम से बस्तर की महिलाओं को उत्पादन और विपणन से जोड़ने की पहल की जा रही है। 30 मार्च को छत्तीसगढ़ आयेंगे पीएम मोदी बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 30 मार्च को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे की रूपरेखा साझा की। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री ने इस दौरे को लेकर की जा रही तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की और प्रधानमंत्री को छत्तीसगढ़ में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। प्रधानमंत्री का छत्तीसगढ़ दौरा, बड़े विकास कार्यों का होगा शुभारंभ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 30 मार्च को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे की रूपरेखा साझा की। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री ने इस दौरे को लेकर की जा रही तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की और प्रधानमंत्री को छत्तीसगढ़ में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। छत्तीसगढ़ में भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर मिली बधाई इस दौरान प्रधानमंत्री ने उन्हें नगर निकाय चुनावों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह जीत भाजपा की नीतियों, सुशासन और जनता के भरोसे का प्रमाण है। उन्होंने इस जीत को स्थानीय विकास, बेहतर प्रशासन और स्थायी शांति की दिशा में बढ़ते जनविश्वास का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को भाजपा की इस ऐतिहासिक जीत की रणनीति और सरकार के प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनता के बीच जाकर विश्वास अर्जित … Read more

बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया

बीजापुर  छत्तीसगढ़ के बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. मंगलवार को इस मामले में एसआईटी कोर्ट में चार्जशीट पेश करेगी. पत्रकार मुकेश की हत्याकांड की जांच एसआईटी कौ सौंपी गई थी. जांच में सामने आया था कि इस केस के मुख्य आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर ने वारदात से करीब 3-5 दिन पहले ही मर्डर की पूरी प्लानिंग कर ली थी. दरअसल, मुकेश ने सड़क निर्माण में हुए कथित भ्रष्टाचार को लेकर कुछ खबरें की थी. इसी बात से आरोपी सुरेश काफी नाराज था. फिर उसने अपने कुछ साथियों के साथ मिलने इस वारदात को अंजाम दिया. पत्रकार मुकेश चंद्राकर 1 जनवरी को लापता हो गए थे. उनकी बॉडी 3 जनवरी को बीजापुर के चट्टानपारा इलाके में सुरेश चंद्राकर की प्रॉपर्टी में बने सेप्टिक टैंक में मिला था. मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस ने भी एक्शन तेज कर दिया था. फिर 5 जनवरी को आरोपी सुरेश चंद्राकर को गिरफ्तार किया गया था. उससे पहले उनके भाई रितेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर और सुपरवाइजर महेंद्र रामटेके को गिरफ्तार किया गया था. जानें कब-कब क्या हुआ     1 जनवरी 2025 की रात पूरी प्लानिंग के बाद बीजापुर के युवा पत्रकार मुकेश की हत्या कर शव को सेप्टिक टैंक में चुनवा दिया गया था     2 जनवरी को मुकेश के भाई युकेश ने कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी     3 जनवरी की देर शाम मोबाइल (गूगल) लोकेशन के आधार पर मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर के चट्टान पारा स्थित बाड़ा से मुकेश की बॉडी पुलिस ने बरामद की थी      इसके बाद इस मामले में सरकार ने एसआईटी जांच के आदेश दे दिए थे     सुरेश के भाई रितेश, दिनेश और कर्मचारी महेंद्र रामटेके को गिरफ्त में लेने ने 3 दिन बाद हैदराबाद से मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर को गिरफ्तार किया गया था.     मामला गंगालूर से मिरतुर 100 करोड़ की लागत वाली सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार को लेकर की गई रिपोर्टिंग से जुड़ा हुआ था     रिपोर्टिंग से खफा सुरेश चंद्राकर ने मुकेश चंद्राकर की हत्या की साजिश रची थी     अभी जेल में बंद हैं सभी आरोपी     जिस जगह से मुकेश का शव बरामद हुआ था, एसआईटी ने उसे सील कर रखा है     हत्या के बाद से सुरेश की प्रापर्टी कुर्की की लगातार मांग उठ रही है     मामले में भ्रष्टाचार के संलिप्तत को लेकर पीडब्ल्यूडी के पूर्व ईई, एसडीओ समेत 4 लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है     इन्हें कोर्ट से मिली है जमानत  

44 खनिज ब्लॉकों की सफलतापूर्वक ई-नीलामी: देश में पहली बार खनिज लिथियम ब्लॉक की सफलतापूर्वक नीलामी

रायपुर : खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता और नवाचार का नया अध्याय: खनिज प्रबंधन में डिजिटल युग की नई शुरुआत 2024-25 में अप्रैल से फरवरी तक 11,581 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व अर्जित 44 खनिज ब्लॉकों की  सफलतापूर्वक ई-नीलामी: देश में पहली बार खनिज लिथियम ब्लॉक की सफलतापूर्वक नीलामी बैलाडीला क्षेत्र में तीन नए लौह अयस्क ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया जारी जिला खनिज संस्थान न्यास के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 1,673 करोड़ रुपये की निधि प्राप्त: 9,362 विकास कार्यों को दी गई मंजूरी राज्य खनिज अन्वेषण ट्रस्ट की स्थापना की योजना  रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पारदर्शी खनन नीति, ई-नीलामी, डिजिटल निगरानी और पर्यावरण-संवेदनशील खनन रणनीतियों को अपनाकर प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास को नए आयाम दिए हैं।खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित उत्खनन के चलते बीते वर्षों में छत्तीसगढ़ के खनिज राजस्व में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य के गठन के समय की तुलना में खनिज राजस्व में 30 गुना वृद्धि हुई है, जो 2023-24 में 13,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया और 2024-25 में अप्रैल से फरवरी तक ही 11,581 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया जा चुका है। यह पारदर्शी खनन नीति और प्रभावी प्रशासन का परिणाम है। अब तक 44 खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी सफलतापूर्वक की जा चुकी है, जिसमें अब तक चूना पत्थर के 14, लौह अयस्क के 9, बॉक्साइट के 11, स्वर्ण के 3, निकल, क्रोमियम के 2, ग्रेफाइट के 2, ग्लूकोनाइट के 2 और लिथियम के 1 खनिज ब्लाक की निलामी की गई है। प्रदेश में अब तक 10 क्रिटिकल एवं डीप सीटेड मिनरल्स ब्लॉक्स की सफलतापूर्वक नीलामी भारत सरकार द्वारा देश के आर्थिक एवं सामरिक विकास को ध्यान में रखते हुए क्रिटिकल एवं सामरिक महत्व के खनिजों के लिए राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन की घोषणा जनवरी, 2025 में की गई है। इस के अनुरूप प्रदेश में विभाग द्वारा वर्ष 2024-25 से ही क्रिटिकल एवं सामरिक महत्व के खनिजों के अन्वेषण / खोज पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसके तहत 56 अन्वेषण परियोजनाओं में से 31 परियोजनाओं अंतर्गत क्रिटिकल एवं डीप सीटेड मिनरल्स पर कार्य किये जा रहे है। प्रदेश में अब तक 10 क्रिटिकल एवं डीप सीटेड मिनरल्स ब्लॉक्स जिसमें लिथियम का 1, स्वर्ण का 3, निकल, क्रोमियम का 2, ग्रेफाइट का 2 ग्लूकोनाइट के 2 मिनरल ब्लॉक की नीलामी की गई है। देश में पहली बार खनिज लिथियम ब्लॉक की सफलतापूर्वक नीलामी की कार्यवाही भारत सरकार द्वारा की गई है जिसके तहत् जिला कोरबा के कटघोरा लिथियम ब्लॉक को मेसर्स साउथ मायकी मायनिंग कंपनी को 76 प्रतिशत प्रीमियम राशि पर आबंटित किया गया है। राज्य के सुकमा एवं कोरबा जिले में भी लिथियम अन्वेषण कार्य किया जा रहा है जिसमें लिथियम के भण्डार पाये जाने की पूर्ण संभावना है। बैलाडीला लौह अयस्क: भारत के खनन क्षेत्र का मजबूत स्तंभ  बैलाडीला क्षेत्र भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क भंडारों में से एक है। यहां तीन नए लौह अयस्क ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया जारी है, जिसे मार्च 2025 तक पूरा किया जाएगा। इसके अलावा कांकेर जिले के हाहालद्दी लौह अयस्क खनिज ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। पर्यावरण संतुलन और पारदर्शी निगरानी प्रणाली पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए खनन क्षेत्र को अधिक पारदर्शी और वैज्ञानिक रूप से संचालित करने के लिए सरकार ने कई नई पहल की हैं। सेटेलाइट इमेजरी और माइनिंग सर्विलियेंस सिस्टम के माध्यम से अवैध खनन की निगरानी की जा रही है। गौण खनिज खानों में सुव्यवस्थित और वैज्ञानिक पद्धति से खनन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। राज्य सरकार बेहतर कार्य करने वाले पट्टेधारियों को ‘स्टार रेटिंग’ प्रणाली के तहत प्रोत्साहित कर रही है। खनिज राजस्व से सामाजिक विकास और बुनियादी सुविधाओं में निवेश खनिज राजस्व का एक बड़ा हिस्सा प्रदेश के सामाजिक विकास में निवेश किया जा रहा है। जिला खनिज संस्थान न्यास के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 1,673 करोड़ रुपये की निधि प्राप्त हुई है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और कौशल विकास सहित 9,362 विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। इससे खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में महत्वपूर्ण सुधार हो रहा है। खनिज अन्वेषण कार्यों का विस्तार और नई परियोजनाएँ राज्य सरकार ने चूना पत्थर, बॉक्साइट, लौह अयस्क और ग्रेफाइट सहित कुल 13 खनिज परियोजनाओं में अन्वेषण कार्य शुरू किया है। प्रारंभिक सर्वेक्षणों में चूना पत्थर के 283 मिलियन टन, लौह अयस्क के 67 मिलियन टन और बॉक्साइट के 3 लाख टन भंडार का अनुमान लगाया गया है। स्वर्ण, ग्रेफाइट और ग्लूकोनाइट जैसे खनिजों की खोज भी की जा रही है, जिससे राज्य के खनन क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, सूरजपुर जिले के जाजावल क्षेत्र में यूरेनियम ब्लॉक के लिए परमाणु ऊर्जा विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। कोल बेड मीथेन पूर्ववर्ती कोरिया जिले में वेदांता लिमि. एवं ऑईलमैक्स को पेट्रोलियम अन्वेषण लायसेंस स्वीकृत किया गया है। मैंगनीज ओर इंडिया लि. (मोईल) द्वारा सीएमडीसी के साथ प्रदेश में प्रथम बार बलरामपुर क्षेत्र में खनिज मैगनीज का भंडार चिन्हित किया गया है। मुख्य खनिजों के लिए अन्वेषण हेतु केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्रस्ट की स्थापना की गई है। इसी तर्ज पर खनिज विभाग द्वारा राज्य के गौण खनिजों के व्यवस्थित विकास एवं अन्वेषण के लिए राज्य खनिज अन्वेषण ट्रस्ट की स्थापना की योजना पर कार्य किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से छत्तीसगढ़ देश के समृद्ध राज्यों में से एक है। कोयला, लौह अयस्क, चूना पत्थर, बॉक्साइट, स्वर्ण, निकल, क्रोमियम और प्लेटिनम समूह के तत्व सहित कुल 28 प्रकार के खनिजों की प्रचुरता ने इस राज्य को देश के खनन क्षेत्र में एक अग्रणी भूमिका में ला खड़ा किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियों, सतत विकास की रणनीतियों और कुशल प्रशासनिक प्रयासों के चलते छत्तीसगढ़ भारत के अग्रणी औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। खनिज संपदा के माध्यम से प्रदेश न केवल आर्थिक मजबूती प्राप्त कर रहा है, बल्कि हरित और सतत विकास की दिशा में भी अग्रसर हो रहा है। आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध खनिज संपदा और रणनीतिक पहल के साथ भारत के माइनिंग हब के … Read more

छत्तीसगढ़ जून से प्रीपेड मीटर की सुविधा, मोबाइल की तरह हर माह होगा रिचार्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ के 11 लाख उपभाेक्ताओं काे बिजली के लिए जून माह से रिचार्ज कराना होगा. घर में लगे प्रीपेड स्मार्ट मीटर काे रिचार्ज कराने पर ही बिजली मिलेगी. जिनके घरों में स्मार्ट मीटर नहीं लगा है उनके यहां भी इस साल के अंत तक लग जाएगा. केंद्र सरकार के रिवेम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत ये मीटर लगाए जा रहे हैं. स्मार्ट मीटर लगाने के मामले में छत्तीसगढ़ देश में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है. केंद्र की इस योजना के तहत कृषि उपभोक्ताओं को छोड़कर सभी उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे. जानकारी के मुताबिक, इस मीटर की मैनुअल रीडिंग की आवश्यकता नहीं हाेगी. कर्मचारी स्टेशन से ही प्रत्येक घर की बिजली की खपत की गणना कर सकते हैं. राजधानी रायपुर स्मार्ट मीटर लगाने के मामले में रायपुर दो लाख 59 हजार मीटर के साथ पहले नंबर पर है. वहीं बिलासपुर में एक लाख नौ हजार स्मार्ट मीटर लग चुके हैं. इसी तरह धमतरी में 98 हजार, बलौदाबाजार में 78 हजार, महासमुंद में 82 हजार, राजनांदगांव में 67 हजार, जांजगीर चांपा में 29 हजार और कोरबा में 42 हजार स्मार्ट मीटर समेत पूरे 11 लाख प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं. रिचार्ज खत्म होते ही कट जाएगी बिजली छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के मुताबिक प्रदेश में वर्तमान में 59 लाख बिजली उपभोक्ता हैं. इनमें से लगभग 5 लाख 50 हजार उपभोक्ता कृषि कनेक्शन वाले हैं. इन कृषि उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की योजना से बाहर रखा गया है. उपभोक्ता को एडवांस में रिचार्ज कराना होगा. इस मीटर के सक्रिय हो जाने के बाद उपभोक्ता रिचार्ज खत्म होते ही बिजली अपने आप कट जाएगी. रिचार्ज खत्म होने से पहले ही उपभोक्ताओं के फोन पर बैलेंस रिचार्ज का मैसेज आ जाएगा.

खैरागढ़ जिले की 9 बस्तियां आज भी घोर अंधकार में

खैरागढ़ आजादी के 77 साल बाद भी खैरागढ़ जिले की PVTG (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह) बस्तियां बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं. PM-JANMAN योजना के तहत इन इलाकों को बिजली से जोड़ने का वादा किया गया था, लेकिन आज भी 9 बस्तियां घोर अंधकार में हैं. सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत जरूरतों से कोसों दूर ये गांव विकास की दौड़ में पीछे छूट चुके हैं. जिस तरह का जीवन यहां के रहवासी जी रहे हैं, उसे देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे.. जानिए क्या है पीएम जनमन योजना: पीएम जनमन योजना का उद्देश्य सभी को सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण तक बेहतर पहुंच के साथ-साथ बेहतर सड़क और दूरसंचार संपर्क और पीवीटीजी घरों और आवासों में स्थायी आजीविका के अवसर जैसी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करना है. छत्तीसगढ़ राज्य पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के मुताबिक, झिलमिली, सिंगबोरा, ग्वालकुंडी, आमाटोला, निजामडीह , संजारी, कोहकझोरी , लवातरा और टिंगीपुर जैसी PVTG बस्तियों में अब तक बिजली कनेक्शन नहीं पहुंच सका है. यहां न सड़कें हैं, न स्वास्थ्य केंद्र और न ही रोशनी का नामो-निशान. बारिश के दिनों में ये गांव पूरी तरह कट जाते हैं, और रात होते ही यहां घना अंधेरा छा जाता है. बिजली विभाग ने इन गांवों को रोशन करने का दावा तो किया, लेकिन हकीकत कुछ और ही है. PM-JANMAN योजना के तहत इन इलाकों में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन बिजली वनबाधा के चलते नदारद है. हाल ही में बिजली कंपनी ने सहायक अभियंता को पत्र जारी कर जल्द से जल्द इन गांवों को बिजली से जोड़ने के निर्देश दिए हैं. लेकिन ये निर्देश सिर्फ कागजों तक सीमित रहेंगे या इन बस्तियों में सच में रोशनी पहुंचेगी? यह बड़ा सवाल है. सरकार भले ही आदिवासियों के विकास के लिए तमाम योजनाएं चला रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत यही है कि PVTG समुदाय आज भी बुनियादी जरूरतों के लिए तरस रहा है. सरकार के दावों और हकीकत के बीच की इस खाई को पाटने के लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने होंगे, वरना ये आदिवासी परिवार हमेशा की तरह वादों के जाल में उलझे रहेंगे. वहीं पूरे मामले पर विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता अशोक कुमार द्विवेदी ने बताया कि जिले में कुल 47 बसाहटे थीं, जिसमें बिजली नहीं थी. लेकिन अब कई बस्तियों में बिजली पहुंच गई है. हालांकि 9 बसाहटें ऐसी हैं, जिनमें वन बाधा और घरों के बीच अत्याधिक दूरी होने के कारण बिजली नहीं पहुंच पाई है. इन्हें सोलर ऑफ ग्रिड से बिजली दिया जाना प्रस्तावित है. हमने राजनांदगांव क्रेडा को पत्र लिखा है कि इन 9 बस्तियों में जल्दी ही सोलर बिजली पहुंचाई जाए.

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