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मंत्री विजयवर्गीय बोले- मध्य प्रदेश में सभी 29 सीट जीतेंगे

Minister Vijayvargiya said- Will win all 29 seats in Madhya Pradesh जबलपुर। मध्यप्रदेश की सभी 29 सीट जीतने के साथ ही एनडीए देश में चार सौ से ज्यादा सीटें जीतेगा। यह कहना है प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का। वे मंडला जाते समय अल्पप्रवास पर जबलपुर में रुके, जहां उन्होंने मीडिया से चर्चा की। विजयवर्गीय का यह भी कहना रहा कि प्रदेश की सभी 29 सीटों पर अबकी लोकसभा चुनाव में भाजपा जीत हासिल करने वाली हैं। नकुल नाथ को उम्मीदवार बनाए जाने पर कटाक्षकेबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने छिंदवाड़ा से नकुल नाथ की उम्मीदवारी को लेकर कहा कि नकुल लड़ें या कमल नाथ, भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ता। कांग्रेस ऐसे ही लोगों को टिकट दे रही है, जो करोड़पति हैं। भाजपा ने 400 सीटों का संकल्प लिया है और वो इसी लक्ष्य को लेकर प्रयास में जुट गई है। उन्होंने देश में हाल में लागू सिटीजन अमेंडमेंट बिल यानि, सीएए लागू किए जाने को प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का साहसिक निर्णय बताया।

जबलपुर कलेक्टर के आदेश की एसडीएम व तहसीलदार ने उड़ाई धज्जियां, दोनों सस्पेंड

Jabalpur Collector’s order flouted by SDM and Tehsildar जबलपुर में कलेक्टर के आदेश पर सील हुई पटाखा दुकानों को एसडीएम और तहसीलदार ने खुलवाया. उनकी अभी जांच भी पूरी नहीं हो पाई थी. लापरवाही बरतने पर एसडीएम और तहसीलदार को निलंबित किया गया. मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में एसडीएम को निलंबित करने का मामला सामने आया है. एसडीएम पुष्पेंद्र अहाके पर पटाखा व्यापारियों को अनिश्चित लाभ पहुंचाने का आरोप है. एसडीएम पर आरोप है कि उन्होंने कलेक्टर दीपक सक्सेना के आदेश के विपरीत जाकर पटाखा व्यापारियों की सील की गई दुकानों को खोल दिया. जिसकी वजह से पटाखा व्यापारियों को अपने स्टॉक को इधर-उधर करने में मदद मिल गई. मामले को लेकर तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे को भी निलंबित किया गया है. संभागीय कमिश्नर अभय वर्मा के मुताबिक, अनुविभागीय राजस्व अधिकारी (एसडीएम) अधारताल पुष्पेन्द्र अहाके एवं तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे को शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरतने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. संभागायुक्त ने यह कार्रवाई कलेक्टर दीपक सक्सेना से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर की है. बता दें कि पिछले दिनों हरदा की घटना के बाद जबलपुर शहर के कठौंदा स्थित बारहमासी पटाखा संग्रहण एवं विक्रय दुकानों के स्टॉक रजिस्टर का संधारण नहीं होने पर कलेक्टर दीपक सक्सेना द्वारा उन्हें सील करने के निर्देश दिए गए थे. जांच पूरी हुए बिना ही खुलवा दीं दुकानेंलेकिन अनुविभागीय राजस्व अधिकारी अधारताल ने स्टॉक का सत्यापन किए बगैर तथा सक्षम स्वीकृति प्राप्त किए बिना सील की गई दुकानें खुलवा दी थीं. हरदा हादसे के बाद जिला प्रशासन ने थोक पटाखा बाजार की दुकानें सील की थी. बिना पूरी जांच किए एसडीएम और तहसीलदार ने पटाखा बाजार की दुकानों की सील को खोल दिया. जबकि इन दुकानों के स्टॉक में भी कमी मिली थी. इन दुकानों की सील पूरी जांच और स्टॉक रजिस्टर से मिलान के बाद खोली जानी थी. एसडीएम पुष्पेंद्र अहाके और तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे के निलंबन आदेश में कहा गया है कि यह शासन एवं वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का उल्लंघन व शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही है. इसमें अभी माना गया है कि दोनों अधिकारियों ने पटाखा व्यापारियों को अपने अवैध स्टॉक को इधर-उधर करने में मदद की है. शासन के नियमों एवं निर्देशों के विपरीत कार्रवाई की गई. जिसकी वजह से दोनों का निलंबन किया गया है.

1100 फीट लंबी चुनरी की जाएगी अर्पित, लोक निर्माण मंत्री होंगे शामिल

1100 feet long chunri will be offered Public Works Minister will be involved जबलपुर। पुण्य सलिला मां नर्मदा जी के प्राकट्योत्सव के पावन अवसर पर आज जबलपुर में कई भव्य कार्यक्रम होंगे। जगह-जगह मां नर्मदा की प्रतिमा रखी गई है। कई स्थानों पर भंडारे भी होंगे। मां नर्मदा जयंती पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह स्वामी गिरीशानंद सरस्वती जी के साथ चुनरी यात्रा में शामिल होंगे। इस दौरान मां नर्मदा को 1100 फीट लंबी चुनरी भी अर्पित की जाएगी।  राकेश सिंह सुबह 11.30 बजे नर्मदा पूजन करेंगे, इसके उपरांत दोपहर 12 बजे उमाघाट में 1100 फीट लंबी चुनरी मां नर्मदा को अर्पित करेंगे। बताया जा रहा है कि नर्मदा जयंती के अवसर पर नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी दर्शन करने के लिए गौरीघाट पहुंच सकते हैं। जाने मां नर्मदा का इतिहास सबिंदु सिन्धु सुस्खल तरंग भंग रंजितम… द्विषत्सु पाप जात जात कारि वारि संयुतम… कृतान्त दूत काल भुत भीति हारि वर्मदे… त्वदीय पाद पंकजम नमामि देवी नर्मदे। नर्मदा मां मात्र नदी ही नहीं हैं, बल्कि कंकर-कंकर में शंकर को प्रकट करने वाली हैं, अपने पावन तट पर आद्य जगतगुरु शंकराचार्य जी को सनातन संस्कृति को दिशा देने वाली रचनाओं की प्रेरणा प्रदान करने वाली हैं, साथ ही अन्नदाताओं को समृद्धि प्रदान करने वाली हैं। पवित्र नदियों में स्नान से पुण्य फल प्राप्ति की मान्यता है, जबकि मां नर्मदा के दर्शन से ही कहीं ज्यादा पुण्य मिल जाता है। कल-कल, छल-छल प्रवाहित अविरल धारा हमें जीवन, समृद्धि और खुशहाली देती है, साथ ही सतत आगे बढ़ाने की प्रेरणा भी मिलती है। सहायक नदियों को समाहित करती मां नर्मदा आगे बढ़ती हैं और मानों संदेश देती हैं कि हम सभी को साथ लेकर चलें। मां नर्मदा की प्रेरणा से जब हम सृजन के लिए आगे बढ़ते हैं तो समाज का हर वर्ग साथ देने आता है। मध्यप्रदेश के अमरकंटक उद्गम कुंड से मां नर्मदा प्रवाहमान होती हैं, और विन्ध्य व सतपुड़ा के पहाड़ों, जंगलों को पार करते हुए ओंकारेश्वर से आगे बढ़कर गुजरात में प्रवेश करके खम्भात की खाड़ी तक जाती हैं। लगभग 1,312 किलोमीटर की यह यात्रा लोक कल्याण, सतत परिश्रम और समर्पण का संदेश देती है। यह यात्रा कब शुरू हुई, इसका अंदाजा भी लगाना संभव नहीं है। नर्मदा नदी ने प्रकृति को, मानव सभ्यता को और मध्य प्रदेश को इतना कुछ दिया है कि उसकी न गणना की जा सकती है, न कल्पना। यह संकल्प जरूर लिया जा सकता है कि हम भी मां नर्मदा की सेवा से अपना जीवन धन्य करें। नर्मदा घाटी में मानव सभ्यता का न केवल विकास हुआ है, बल्कि हमारे वैभवशाली इतिहास को समेटे नगरों ने भी आकार लेते हुए समृद्धि के प्रतिमान स्थापित किए हैं। महिष्मती (महेश्वर), नेमावर, हतोदक, त्रिपुरी, नंदीनगर, भीमबैठका आदि ऐसे कई प्राचीन नगर हैं, जहां उत्खनन में 2200 वर्ष पुराने प्रमाण मिले हैं। मां नर्मदा की सेवा के लिए कुछ बातों का ध्यान रखा जाए और अनुशासनात्मक जीवन शैली अपना लें, तो काफी बदलाव संभव है। नदी के जल को प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए हम दूषित पदार्थों को नदी तक पहुंचने ही न दें, धार्मिक आस्था के नाम पर कोई भी अनुपयोगी वस्तु नदी में प्रवाहित न करें। यह नदी पहाड़ों और जंगलों में विशाल वृक्षों के जड़ों में संचित जल के माध्यम से पल्लवित हैं, ऐसे में हम अधिक से अधिक पौधारोपण करें, यह सेवा ही मां नर्मदा के प्रति कृतज्ञ होने के लिए पर्याप्त है। मां नर्मदा वर्ष पर्यंत हमें जीवन देने के लिए ही प्रवाहमय रहती हैं। मां नर्मदा के रौद्र रूप में भी सृजन की अद्भुत संभावना है। आद्य जगद्गुरु शंकराचार्य जी द्वारा नर्मदाष्टक की रचना इसका प्रमाण है। कम उम्र में वेदांत और उपनिषद देने वाले आद्य जगद्गुरु शंकराचार्य जी जन्म स्थान केरल से चलकर अमरकंटक के रास्ते पवित्र धरा मध्य प्रदेश पहुंचे थे। उन्होंने 16 साल की उम्र में वेदांत दर्शन की व्याख्या कर सहस्त्राधिक रचनाएं दीं। देश के चारों कोनों पर चार पीठों की स्थापना कर देश को सांस्कृतिक एकता के सूत्र में पिरोया। वैदिक काल से लेकर वर्तमान तक देखें, तो मां नर्मदा के विस्तृत तट पर अनेक ऋषि, मुनि गणों ने विश्व कल्याण की कामना के साथ घोर तपस्या की और अपने तब को फलीभूत भी किया है। मां नर्मदा के पावन तट का एक-एक कण पुण्य प्रताप से ओजस्वी है। नर्मदा पुराण के अनुसार माँ नर्मदा को 13 नामों से जाना जाता है। जिनमे शोण, महानदी, मंदाकनी, महापुण्य प्रदा त्रिकुटा, चित्रोपला, विपाशा, बालवाहिनी, महार्णव विपाषा, रेवा, करभा, रुद्रभावा और एक जो हम सभी जानते है नर्मदा । अनेको पौराणिक ग्रंथो के अनुसार कई बार प्रलय से संसार का अंत हुआ और कई बार भगवान शिव ने संसार को पुनः स्थापित किया लेकिन माँ नर्मदा कभी क्षीण नहीं हुई। हर बार वह संसार की उत्पत्ति में भोलेनाथ के साथ रही और तब श्रृष्टि की पुनः रचना के बाद भोले नाथ ने उन्हें वरदान देते हुए कहा की तुम्हारे दर्शन से पाप रुपी रोगो से मनुष्यो को मुक्ति मिलेगी। सभी पापो को नष्ट करने वाली महानदी नर्मदा दक्षिण दिशा की और निकल गई। घोर महार्णव में दिखाई देने के कारण माँ महार्णव कहलाई।

युवा क्रांति की मांग- डॉ धारणा के विरुद्ध कार्यवाही हो 

2 साल में भी कमेटी की जांच नहीं हुई पूरी; शासकीय भूमि पर किया था। कब्जा  Demand for youth revolution – action should be taken against Dr. Dharana. The investigation of the committee was not completed even in 2 years; done on government land. Retraction  जबलपुर। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ प्रदीप कुमार बिसेन ने अपनी बहु डॉ धारणा बिसेन को नियम विरुद्ध नियुक्त किया था। जिस पर लोकायुक्त जबलपुर ने संज्ञान लेते हुए डॉ बिसेन के खिलाफ अपराध दर्ज किया था। अब डॉ धारणा बिसेन के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। यह बात युवा क्रांति संगठन के संयोजक अनुराग तिवारी ने प्रेसवार्ता के दौरान कहीं। उन्होंने कहां लोकायुक्त में इस अपराध की विवेचना जारी है। इस अपराध में पूर्व कुलपति डॉ पीके बिसेन के साथ पूर्व रजिस्ट्रार अशोक कुमार इंगले को भी अपराधी बनाया गया है। अब उनकी बहू धारणा बिसेन के खिलाफ भी कार्यवाही की जाए। संगठन का आरोप हैं कि उनकी नियुक्ति भी नियम विरुद्ध तरीके से की गई है। जिसको लेकर युवा क्रांति लोकायुक्त को शिकायत कर चुकी हैं। 2 साल बीते यूनिवर्सिटी ने नहीं की जांच क्रांति संगठन के प्रदेश सचिव देवा झारिया का कहना है की यूनिवर्सिटी में पदस्थ प्रोफेसर ने शासकीय 57 एकड़ भूमि पर कब्जा किया था। जिसे तत्कालीन कलेक्टर इलैया राजा टी ने अतिक्रमण मुक्त कराया था। जिसको लेकर लोकायुक्त ने विश्वविद्यालय को पत्र लिख जांच करने की अनुमति मांगी थी। लेकिन विश्वविद्यालय के कुलपति और कुलसचिव ने अनुमति नहीं दी। हालांकि 2 साल पहले 15 मार्च 2022 को कमेटी बनाई और 15 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने कहां था। कुलसचिव के आदेशों की भी उड़ाई गई धज्जियां बावजूद इसके 2 साल बीत जाने के बाद भी कुलसचिव के आदेश की धज्जियां उड़ाई गई और अभी तक रिपोर्ट नहीं सौंपी गई। ऐसे में यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ एम ए खान और डॉ परवेज राजन खान के ऊपर भी कार्यवाही की जानी चाहिए। जिन्होंने शहपुरा भिटौनी के ग्राम खैरी में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा किया था। प्रेसवार्ता के दौरान पुष्पराज पांडे, वैभव पांडे, विवेक ठाकुर, रूपेश सिंह, अंकित पटेल, संतोष तिवारी, अंबुज स्वामी सुजीत पटेल सहित अन्य मौजूद रहे।

स्मार्ट शहर के साथ स्मार्ट विलेज के निर्माण से बनेगा आत्मनिर्भर भारत: केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी

Construction of smart village along with smart city will make India self-reliant: Union Minister Shri Gadkari जबलपुर ! केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कहा है कि स्मार्ट शहर के साथ स्मार्ट विलेज के निर्माण से आत्म निर्भर भारत का निर्माण हो सकेगा। जबलपुर मध्यप्रदेश का ग्रोथ इंजन है। यह पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में जबलपुर का नाम पूरे देश में जाना जाता है। जबलपुर में सड़कों-पुलों के निर्माण और सामाजिक, सांस्कृतिक तथा आर्थिक विकास के लिये सरकार कार्य कर रही है। श्री गडकरी जबलपुर में वेटनरी कॉलेज ग्राउंड में विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि सड़कों के निर्माण से उद्योगों का विकास होता है। पर्यटन में वृद्धि होती है। कृषि एक्सपोर्ट बढ़ता है और इस तरह सड़क प्रदेश के विकास की धुरी बन जाती है। केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत का विजन, दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और 5 ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने का ध्येय गांव और किसानों के विकास से सीधा जुड़ा है। केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग और रिंग रोड निर्माण के दौरान जमीन से खोदी गई मिट्टी और मुरूम की जगह पर पानी का स्टोरेज टैंक और तालाब बनाया जा सकता है। इससे वाटर कंजर्वेशन तो होगा साथ ही किसानों को सिंचाई के लिए पानी भी उपलब्ध होगा। हर गांव की 75% जमीन सिंचित होगी तो किसान और गांव समृद्ध होंगे और कृषकों की आमदनी बढ़ेगी। किसान आगे बढ़कर बने ऊर्जा दाता केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि मध्यप्रदेश का किसान, ग्रीन हाइड्रोजन, बायो एविएशन फ्यूल, बायो सीएनजी और बायो एलएनजी निर्माण की दिशा में कार्य करके अन्नदाता से आगे बढ़कर ऊर्जा दाता बन सकता है। कृषि से उपजे बायोमास को एनर्जी क्रॉप्स में परिवर्तित करें। पानीपत में इंडियन ऑयल के बिटुमिन प्लांट का उदाहरण देते हुए केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने बताया कि प्रदेश में पराली से 1 लाख लीटर एथेनॉल, 1.5 टन बिटुमिन और 75 हजार टन हवाई ईंधन तैयार किया जाता है। यह उत्पाद हवाई जहाज के ईंधन के रूप में उपयोग किए जा सकते है। इसे सस्टेनेबल एवियशन फ्यूल कहा गया है। दो साल पहले 26 जनवरी के कार्यक्रम में फाइटर जेट और हेलीकॉप्टर में बायो फ्यूल का उपयोग किया गया था। प्रदेश में विकास की धारा निर्बाध गति से आगे बढ़ रही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिस तरह पुरातन काल में सम्राट विक्रमादित्य का काल सुशासन का काल माना जाता था। उसी तरह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में सुशासन की स्थापना की जा रही है। जैसे हिमालय से गंगा अविरल बहती है वैसे ही प्रदेश में विकास की धारा निर्बाध गति से आगे बढ़ रही है। इस अवसर पर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार, केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, लोक निर्माण विभाग मंत्री श्री राकेश सिंह, पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, सांसद श्री वी.डी. शर्मा ने अपने संबोधन में प्रदेश के जिलों को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ने से जिलों के विकास के द्वार खुलेंगे और विकसित भारत का संकल्प पूरा करने में यह अहम प्रयास साबित होगा।

प्रदेश को 10,405 करोड़ की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की मिलेगी सौगात

State will get gift of National Highway projects worth Rs 10,405 crore जबलपुर ! केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल और जबलपुर में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह भी उपस्थित रहेंगे। प्रदेश में 10 हजार 405 करोड़ रुपये की लागत से 724 किलोमीटर लंबी 24 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का विकास होगा। भोपाल में 8 हजार 38 करोड़ रुपये की लागत से 498 किलोमीटर लंबी 15 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास कार्यक्रम लाल परेड मैदान एवं जबलपुर में 2 हजार 367 करोड़ रुपये की लागत से 226 किलोमीटर लंबी 9 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास कार्यक्रम वेटनरी कॉलेज ग्राउंड पर आयोजित किया जाएगा। भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में एनएच-46 के अयोध्या बायपास खंड का 6-लेन चौड़ीकरण, एनएच-146बी के शाहगंज से बाड़ी खंड का चार-लेन चौड़ीकरण, एनएच-552 (विस्तारित) के मध्य प्रदेश/राजस्थान सीमा से श्योपुर-गोरस का दो-लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क निर्माण, एनएच-752सी पर सुजालपुर बायपास का दो-लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क निर्माण, एनएच-552 (विस्तारित) पर अटेर एवं भिण्ड बायपास का दो-लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क निर्माण, एनएच-552 (विस्तारित) के गोरस से श्यामपुर मार्ग का दो-लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क निर्माण, एनएच-56 के दाहोद (गुजरात सीमा) से अम्बुआ खंड का दो-लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क निर्माण, एनएच-347ए मुलताई से मध्यप्रदेश/महाराष्ट्र सीमा तक का दो-लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया जाएगा। जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम से एनएच-539 के टीकमगढ़-झांसी सड़क पर स्थित जामनी नदी पर पुल का निर्माण, चदिया घाटी से कटनी बायपास तक (पेव्ड शोल्डर के साथ) 2 लेन सड़क उन्नयन कार्य, एनएच-339 के बमीठा से खजुराहो हिस्से का चार-लेन चौड़ीकरण कार्यों का लोकार्पण एवं गुलगंज बायपास से बरना नदी तक दो लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क उन्नयन कार्य, बरना नदी से केन नदी तक दो लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क निर्माण, शहडोल से सगर टोला तक दो लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क उन्नयन कार्य, एनएच-44 (म.प्र.) के अंतर्गत ललितपुर-सागर-लखनादौन खण्ड में कुल 23 पुल सर्विस रोड का निर्माण, एनएच-44 के सुकतारा, खुरई और खवासा में कुल 3 फुट ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य, बंजारी घाटी (एनएच-44) पर 2 ब्लैक स्पॉट का सुधार कार्य का शिलान्यास किया जाएगा। इन परियोजनाओं से महाकौशल क्षेत्र के गेहूं और धान कृषि व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों तक कनेक्टिविटी आसान होगी, कटनी के कोयला खदान उद्योग को लाभ मिलेगा। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो, ओरछा, राष्ट्रीय पेंच टाइगर कॉरिडोर तक कनेक्टिविटी आसान होगी, बुधनी टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज और वुड क्रॉफ्ट व्यापार को लाभ मिलेगा साथ ही मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली राज्यों के बीच व्यावसायिक एवं नागरिक यातायात सुगम होगा।

लापरवाह अफसर बचे उपार्जन प्रकरण में

जबलपुर । जिला उपार्जन समिति के सदस्यों का सामूहिक उत्तरदायित्व है उपार्जन। धान उपार्जन की कार्यवाही में उपायुक्त सहकारिता अखिलेश निगम का नंबर कब आएगा? इसके पहले पूर्व कलेक्टर सौरभ सुमन ने उपायुक्त सहकारिता को निलंबित करने की बात कही थी क्योंकि उपार्जन जैसा महत्वपूर्ण दायित्व छोड़कर ये भोपाल चले गए थे। गौर तलब है कि जिला स्तर के अधिकारी होने के बावजूद अखिलेश निगम एक भी बार फील्ड पर नही गए किसी सहकारी समिति का दौरा नही किया। जबकि संभागीय आयुक्त सिद्धार्थ लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर रहे है।इसके पूर्व दिनांक दो जनवरी को आयुक्त सहकारिता की जबलपुर बैठक में भी उपस्थित नही थे। यदि समय पर उपायुक्त द्वारा केंद्र बनाए गए होते तो किसानों को धान रखने विवश न होना पड़ता। उपार्जन का सर्वाधिक विवादित विकास खंड पाटन और मझौली रहा है। हैरानी की बात यह है बीते दो माह से पाटन में उपायुक्त सहकारिता ने किसी को सहकारिता विस्तार अधिकारी का दायित्व ही नही दिया। मूल पद स्थापना भोपाल होने से जबलपुर कहकर निकल आते है। जबलपुर में भोपाल का बहाना बनाया जाता है।सवाल यह है कि किसानों के केंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव उपायुक्त सहकारिता ने समय पर क्यों नही दिया? इसके पूर्व पदस्थापना जिले सिवनी में भी अखिलेश निगम उपार्जन अनियमितता के चलते केवलारी विधायक की शिकायत पर मुख्य मंत्री जी द्वारा मंच से स्थानांतरित किए गए थे ।

धोखाधड़ी के केस में भाजपा विधायक पर कार्रवाई करे जबलपुर पुलिस – “हाईकोर्ट”

हाईकोर्ट ने कहा- धोखाधड़ी के केस में भाजपा विधायक पर कार्रवाई करे जबलपुर पुलिस जबलपुर ! हाईकोर्ट की एकलपीठ ने पनागर से भाजपा विधायक सुशील तिवारी इंदु व किशोर रावत के विरुद्ध शिकायत से जुड़े एक मामले में जबलपुर पुलिस को जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि जांच के बाद यदि पाया जाता है कि विधायक ने संज्ञेय अपराध किया है तो पुलिस कानून के मुताबिक कार्रवाई करे। याचिका जबलपुर निवासी रीतेश तिवारी ने दायर की थी। जिसके मुताबिक विधायक और फरियादी ने इसकी शिकायत गोहलपुर थाने में की, लेकिन पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं की। याचिकाकर्ता के मुताबिक इस मामले में आईपीसी की धारा 420, 406, 467, 468, 471 के तहत कार्रवाई की जानी थी। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया है कि वह शिकायत की प्रारंभिक जांच करे। उनके साथी किशोर रावत ने चेक की राशि धोखाधड़ी से अपने खाते में ट्रांसफर कर ली थी।

कलेक्ट्रेट में पटवारियों ने किया प्रदर्शन:

Patwaris demonstrated in the Collectorate: जबलपुर ! पंजीयन के सत्यापन में बरती गई लापरवाही को लेकर जबलपुर कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने गुरुवार को तत्कालीन एसडीएम और मझौली के प्रभारी तहसीलदार सहित दो पटवारियों को निलंबित कर दिया। कलेक्टर की इस कार्रवाई को लेकर सैकड़ों पटवारियों ने आज कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और कलेक्टर से मिलकर पटवारियों पर हुई कार्रवाई को गलत बताया। करीब आधे घंटे तक कलेक्टर ने पटवारियों की बात सुनी और आश्वासन दिया कि इसकी जांच करवा ली जाएगी।धान फर्जीवाड़े को लेकर जबलपुर कलेक्टर ने तत्कालीन एसडीएम धीरेंद्र सिंह एवं मझौली के प्रभारी तहसीलदार आदित्य जंघेला को आरोप पत्र दिया है, साथ ही दो पटवारी राहुल पटेल और अभिषेक विश्वकर्मा को निलंबित कर दिया। कलेक्टर की कार्रवाई को लेकर पटवारियों का कहना है कि धान खरीदी मैं राजस्व विभाग के कर्मचारियों का सीधा कहीं कोई दखल नहीं होता किसान अपनी उपज का रजिस्ट्रेशन सहकारी समितियां में करवाता है, इन सहकारी समितियां के कंप्यूटर ऑपरेटर और पंजीयन किसान की फसल का रजिस्ट्रेशन करते हैं, और यहीं पर किसान जमीनों के सिकमी नामे को जमा करता है l किसानों के जो भी रजिस्ट्रेशन किए जाते हैं, उनके माध्यम से वेरीफाई कर दिया जाता है। इसमें केवल 10% केस ही भौतिक रूप से सत्यापन के लिए आते हैं, जिन्हें पटवारी को सत्यापित करना होता है lजबलपुर में धान खरीदी में जो घोटाला हुआ उसमें कुछ स्थानों पर 35% जमीन सिकमी नाम के माध्यम से रजिस्ट्रेशन में दर्शाई गई है, मतलब इस जमीन पर जमीन का मालिक खेती नहीं कर रहा है, बल्कि उसने किसी को किराए से दी है और इसी किराए की जमीन की उपज लेकर किसान खरीदी केंद्र में गया। लगभग 50 हजार क्विंटल धान उन खरीदी केंद्रों पर पहुंची है, जिन खरीदी केंद्र को सरकार ने खरीदी करने की अनुमति नहीं दी थी। यही धान अब खरीदी केंद्र के बाहर लावारिस ढंग से पड़ी हुई है इसमें कई किसान भी फंस गए हैंपटवारी संघ के अध्यक्ष जागेश्वर पीपरे का कहना है कि कलेक्टर से मुलाकात कर उन्होंने कहा कि ये गलती पटवारियों की नहीं बल्कि व्यवस्था की लापरवाही है। उन्होंने बताया कि जब तक सिकमीनामे की हार्ड कापी नहीं मिलेगी तब तक हम कैसे मालूम होगा। तहसील कार्यालय में सिकमी नामे की एक कॉपी होना चाहिए था, पर जब से सिकमी नामा अधिनियम बना है तब से लेकर आज तक एक कॉपी भी नहीं है। पटवारियों का कहना है कि विधानसभा चुनाव में हम लगे हुए थे, इसके बाद भी हमने कार्रवाई गलत नहीं है। कलेक्टर ने मामले पर कहा जबलपुर कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने मामले पर कहा कि पटवारियों ने मुझसे मुलाकात कर बताया कि चुनाव ड्यूटी के कारण कुछ काम छूट गया था, वहीं यह भी देखा गया है कि पटवारियों को जानकारी देने में भी कुछ गलती हुई है। पटवारियों ने अपनी कुछ मजबूरियां भी बताई है, जिसको देखा जा रहा है। निलंबन को लेकर कलेक्टर ने कहा कि पटवारियों की लापरवाही ये है कि उन्हें जिस सिकमी नामे का वेरिफिकेशन नहीं करना था, उसका भी करके पास कर दिया गया है।

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को मिले तीन नए न्यायाधीश, नियुक्त की अनुशंसा

Madhya Pradesh High Court gets three new judges, recommendation for appointment मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जज की नियुक्ति के लिए न्यायिक अधिकारी रामकुमार चौबे, एडवोकेट दीपक खोत और एडवोकेट पवन कुमार द्विवेदी के नामों की अनुशंसा। जबलपुर। भारत के प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कालेजियम ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए न्यायिक अधिकारी रामकुमार चौबे के नाम की अनुशंसा केंद्र सरकार से की है। मप्र हाई कोर्ट में 40 न्यायाधीश नियुक्तवर्तमान में मप्र हाई कोर्ट में 40 न्यायाधीश नियुक्त हैं। जबकि कुल स्वीकृत पद 53 हैं। लिहाजा, तीन जज बढ़ने से कुल जज 43 हो जाएंगे। बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट कालेजियम की अनुशंसा पर राष्ट्रपति की मुहर की प्रतीक्षा है।

हिट एंड रन कानून के विरोध में ड्राइवरों द्वारा चक्का जाम हड़ताल

Chakka jam strike by drivers in protest against hit and run law केंद्र सरकार के तीन कृषि काले कानून के बाद हिट एंड रन कानून के विरोध में ड्राइवरों द्वारा चक्का जाम हड़ताल दिनेश राज शर्मा जबलपुर ! केंद्र सरकार ने तीन कृषि काले कानून के बाद हिट एंड रन कानून के विरोध में गाड़ी चलाको, ड्राइवरों ने चक्का जाम कर हड़ताल पर बाघ्य हुए सरकार ने बिना सोचे समझे मोटर कानून में बदलाव करके चालक से एक्सीडेंट होने पर 10 साल की सजा और 5 लाख का जुर्माना का प्रावधान किया जाना पूर्णतःगलत है कोई भी ड्राइवर या गाड़ी चालक जानबूझकर एक्सीडेंट नहीं करता जब गाड़ी का मालिक गाड़ी का इंश्योरेंस कराकर हर साल 25 से ₹30000 इसलिए चुकता है, कि रिस्क कवर हो गाड़ी का इंश्योरेंस है तो ड्राइवर से 5 लाख का जुर्माना लेने का प्रावधान क्यों किया गया?कांग्रेस पूर्व प्रदेश प्रवक्ता टीकाराम कोष्टा ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार ने जो इंश्योरेंस कंपनियों का प्राइवेटीकरण किया है उसको फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से एक तरफा कानून में बदलाव कर गाड़ी मालिक और ड्राइवर का गाड़ी का चक्का जाम के लिए मजबूर किया।कांग्रेस नेता टीकाराम कोष्टा ने कहा कि सोशल मीडिया पर ट्रक ड्राइवर एवं बस चालक सोशल मीडिया पर हड़ताल पर जाने की विगत कई दिनों से चेतावनी दे रहे थे उसके बावजूद शासन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। और आम जनता को पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस की कमी से जूझने के लिए मजबूर कर दिया। अभी तो शुरुआत है शासन प्रशासन से मांग है कि ड्राइवर की मांगों पर तत्काल ध्यान दें । और आम जनता को राहत पहुचाने आवश्यक कदम शीघ्र उठाये।

जबलपुर धान खरीदी घोटाला जिम्मेदार कौन

Who is responsible for Jabalpur paddy purchase scam धान खरीदी में फर्जीवाड़े से नाराज किसानों ने घंटों लगाया जाम उदित नारायणभोपाल ! आज जबलपुर में सैकड़ो किसान धान खरीदी के भुगतान के लिए सड़क पर चक्का जाम कर रहे हैं. जिला प्रशासन की नाक के नीचे हुए धन उपार्जन घोटाले के लिए जबलपुर से लेकर भोपाल तक हड़कंप मचा हुआ है. इस पूरी प्रक्रिया में जिला प्रशासन की लापरवाही सर्वाधिक है, परंतु जिला कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ जयंती सिंह ने सारा ठीकरा जिला फूड कंट्रोलर कमलेश ताडेकर, जिला विष्णन अधिकारी रोहित सिंह बघेल, एमपी वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन डी के हवलदार, सिहोरा ब्रांच मैनेजर बीके पाठक, पाटन ब्रांच मैनेजर आनंद पांडे, शाहपुर ब्रांच मैनेजर ऋतिक सिनाटिया, रिछाई ब्रांच मैनेजर एम.के उपाध्याय को निलंबित किया गया है. कल जिला प्रशासन द्वारा आनन फानन में 36 वेयरहाउस संचालकों को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया. वही प्रदेश शासन ने वेयरहाउसिंग के सहकारिता प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव को ट्रांसफर कर दिया है. हजारों किसानों की फसल की बंदरवाट करने के लिए दोषियों को जिस प्रकार संरक्षण दिया जा रहा है उससे यह स्पष्ट है कि इस पूरे घोटाले को सत्ता पक्ष का संरक्षण प्राप्त है. जमीनी हकीकत यह है कि जिले में धान के उपार्जन के लिए कमेटी के अध्यक्ष जिला कलेक्टर होते हैं. जिला प्रशासन द्वारा उपार्जन केन्द्रो की सूची खरीद के निर्धारित व घोषित तिथि 3 दिसंबर के पूर्व जारी क्यों नहीं की, धान खरीदी के लिए प्रभारी अधिकारी जिला पंचायत सीईओ उपार्जन तिथि से शिकायत की तिथि तक क्या कर रही थी, 36 केन्द्रो व तीन तहसीलों के क्षेत्र में जब उपार्जन का व्योरा तक अपलोड नहीं किया, तो प्रदेश शासन के जिम्मेदार अधिकारी की नींद क्यों नहीं खुली जिला कलेक्टर के द्वारा धान खरीदी जैसे कृषक हित के कार्यों में घनघोर लापरवाही किसके दबाव में की इन सभी सवालों के बीच किसान अपनी फसल के भुगतान के लिए सड़कों पर है. जिला कलेक्टर सारे घोटाले पर पर्दा डालने में सक्रिय है. वेयरहाउसिंग संचालकों को ब्लैक लिस्ट करने के जगह उनके विरुद्ध एफ.आई.आर की कार्यवाही कब तक की जाएगी. हजारों किसानों का यही सवाल है लगभग जबलपुर जिले की 75% उपज पर डाका डालने की साजिश पर खुद को किसान हितैषी बताने वाली भाजपा सरकार के लिए कठिन कार्य साबित होता जा रहा है. “अब देखना यह है कि जन हितैषी भाजपा सरकार दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करतीं हैं या फिर कर्मचारियों की ग़लती मानकर सारे मामले को रफा-दफा करतीं हैं ! साथ ही हितग्राही किसानों को भुगतान कैसे किया जाऐगा ?

जिसका सीएम ने मंच से तबादला किया उसके हाथ जबलपुर का उपार्जन.

The one whose transfer was announced by the Chief Minister, has been assigned to Jabalpur. विशेष संवाददाता, सहारा समाचार, जबलपुर.  जबलपुर धान उपार्जन में मुख्यमंत्री के निर्देश पर फूड कंट्रोलर कमलेश टांडेकर की बर्खास्त्गी के बाद निलंबन का क्रम जारी है।इस सनसनीखेज मामले में लगातार भोपाल स्तर पर कठोर कार्यवाही से हड़कंप मचा हुआ है।इस बीच यह चर्चा भी गर्म है कि उपार्जन समिति के सदस्य होते है उपायुक्त सहकारिता। जब नियमानुसार सहकारी समितियों को केंद्र बनाया जाना था या एक समिति को दो केंद्र दिए जाने थे तो देरी सहकारिता विभाग से हुई है।उपार्जन और कमीशन से सहकारी समितियों के आर्थिक हित जुड़े होते है।अब फूड कंट्रोलर के सस्पेंड होने के बाद दो केंद्र बनाने की कार्यवाही हो रही जबकि सहकारिता विभाग को शुरू से ही सहकारी संस्थाओं को आगे बढ़ाना था।सहकारी संस्थाओं को केंद्र बनाने के प्रस्ताव तो सहकारिता विभाग की होती है। सूत्रों के अनुसार वर्तमान उपायुक्त सहकारिता निगम उपार्जन में गड़बड़ी के चलते केवलारी विधायक के तत्कालीन मुखमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मंच से सिवनी से भोपाल ट्रांसफर किए गए थे।जबलपुर का घोटाला सहकारिता विभाग की शिथिलता का मामला है।ऐसी नव निर्मित संस्थाओं को उपार्जन दिया गया है जिनके कार्यालय और निर्वाचन की जानकारी भी नही मिलती।अखिलेश निगम की भूमिका की जांच होनी चाहिए।इस संबंध में कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ के शिव चौबे ने जिला कलेक्टर को संबोधित एक ज्ञापन बुधवार को संयुक्त आयुक्त सहकारिता को सौंपा।उन्होंने आयुक्त सहकारिता और प्रमुख सचिव से उचित कार्यवाही की मांग की है।

ग्वालियर, जबलपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने की तैयारी

Preparation to implement police commissioner system in Gwalior, Jabalpur, decision may be taken in January भोपाल ! प्रदेश में भोपाल और इंदौर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने के बाद राज्य सरकार जल्द ही जबलपुर और ग्वालियर में भी पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करेगी। गृह विभाग ने इसके संकेत दिए हैं कि इस मामले में जनवरी में ही सरकार निर्णय ले सकती है। उधर दोनों ही जिलों के पुलिस अधीक्षक को भी मैसेज किया गया है कि सरकार इसको लेकर जल्द फैसला करेगी। साथ ही आवश्यक जानकारी लेने का काम भी जिलों से शुरू किया गया है। बीजेपी के संकल्प पत्र 2023 में ग्वालियर और जबलपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने की बात कही गई है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों के साथ हुई पहली बैठक में साफ कहा है कि संकल्प पत्र का हर वादा पूरा करना है और इसके लिए सभी विभागों से सात दिन में आवश्यक कार्ययोजना तैयार कर सीएम सचिवालय में देने के लिए कहा गया था। सूत्रों का कहना है कि वैसे तो संकल्प पत्र में पुलिस कमिश्नर प्रणाली सरकार बनने के बाद दो साल में लागू करने के लिए कहा गया है लेकिन इसके लिए किसी तरह के अतिरिक्त बजट की जरूरत नहीं है। इसलिए संकल्प पत्र को लेकर सीएम यादव द्वारा दिए गए निर्देश के बाद माना जा रहा था कि इस पर शीघ्र फैसला होगा। अब गृह विभाग ने इसको लेकर सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर ट्वीट भी किया है। इसमें कहा गया है कि मोदी की गारंटी यानी गारंटी पूरी होने की गारंटी, हर नागरिक की सुरक्षा का संकल्प है। जल्द ही ग्वालियर और जबलपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होगी। इस ट्वीट के बाद यह माना जा रहा है कि मोहन यादव सरकार लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के पहले इन दोनों ही जिलों में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू कर सकती है।

धान उपार्जन में लापरवाही एक और अफसर पर पड़ी भारी: जबलपुर के प्रभारी फूड कंट्रोलर के बाद अब प्रबंधक व जिला विपणन अधिकारी भी सस्पेंड

Negligence in paddy procurement fell heavily on another officer: After the food controller in-charge of Jabalpur, now the manager and district marketing officer are also suspended. सहाकारिता उपायुक्त डॉ. अखिलेश निगम पिक्चर से ही गायब हैं जबकि उपार्जन समिति में वे जिम्मेदार पद पर हैं। उदित नारायण भोपाल ! राज्य शासन ने जिला विपणन अधिकारी और मंडल प्रबंधक जबलपुर रोहित सिंह बघेल को भी सस्पेंड कर दिया है। यह कार्यवाही मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक आलोक कुमार सिंह ने की है। प्रबंध संचालक द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए जारी नीति के अनुसार धान उपार्जन का कार्य नहीं कराया गया है। अधिकारी की लापरवाही के चलते शासन के समक्ष संघ की छवि धूमिल हुई है। इसलिए बघेल को जिम्मेदार मानते हुए उन्हें सस्पेंड किया गया है। निलंबन अवधि में बघेल का मुख्यालय विपणन संघ भोपाल तय किया गया है। मंगलवार को प्रभारी फूड कंट्रोलर हुए थे सस्पेंड इससे पहले मंगलवार को खाद्य, नागरिक और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने जबलपुर में पदस्थ प्रभारी जिला आपूर्ति नियंत्रक कमलेश टांडेकर को धान उपार्जन केंद्रों के मामले में गंभीर लापरवाही पर सस्पेंड किया था। निलंबन अवधि में टांडेकर का मुख्यालय खाद्य विभाग संचालनालय भोपाल तय किया है। आदेश में कहा था कि जबलपुर जिले में कुल 121 केंद्रों के विरुद्ध 85 उपार्जन केंद्र स्थापित किए हैं। बाकी 36 उपार्जन केंद्र महिला स्व सहायता समूहों को देने का प्रस्ताव 21 दिसंबर को भेजा गया जो काफी देरी से भेजा गया। इन उपार्जन केंद्रों के तय न होने से किसानों भेजा गया। इन उपार्जन केंद्रों के तय न होने से किसानों को उपज बेचने में परेशानी हुई है। साथ ही महिला स्व सहायता समूह उपार्जन केंद्र के लिए तय गोदामों का सत्यापन प्रक्रिया का पालन किए बगैर किया गया। सहकारी सेवा समितियों को दो-दो उपार्जन केंद्रों की जिम्मेदारी दिए जाने के विपरीत उपार्जन नीति का पालन नहीं करते हुए 27 सहकारी समितियों को केवल एक-एक उपार्जन केंद्र का जिम्मा सौंपा है। इसलिए जिले में आवश्यक उपार्जन केंद्र स्थापित नहीं किए जा सके। इसे व्यापक लापरवाही मानते हुए विभाग ने टांडेकर को सस्पेंड कर दिया है। राज्य शासन ने जबलपुर के फूड कंट्रोलर को सस्पेंड कर दिया है। मोहन यादव कैबिनेट के गठन के बाद शासकीय काम में लापरवाही के मामले में की गई यह पहली कार्रवाई है। खाद्य, नागरिक और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने जबलपुर में पदस्थ प्रभारी जिला आपूर्ति नियंत्रक कमलेश टांडेकर को धान उपार्जन केंद्रों के मामले में गंभीर लापरवाही पर सस्पेंड किया है। निलंबन अवधि में टांडेकर का मुख्यालय खाद्य विभाग संचालनालय भोपाल तय किया है।विभाग के अनुसार खरीफ सीजन में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने के लिए जारी की गई नीति के मुताबिक ई-उपार्जन पोर्टल पर रजिस्टर्ड किसानों से एक दिसंबर 2023 तक उपार्जन कार्य कराया जाना था। इसके लिए सहकारी समितियों के साथ एनआरएलएम में रजिस्टर्ड महिला स्व सहायता समूहों को भी उपार्जन केंद्र के संचालन का काम देने के निर्देश 29 नवंबर को जारी किए गए थे। इसमें जिला उपार्जन समिति के माध्यम से महिला स्व सहायता समूहों को उपार्जन केंद्र की अनुमति का प्रस्ताव खाद्य संचालनालय को भेजा जाना था। जबलपुर जिले में कुल 121 केंद्रों के विरुद्ध 85 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। बाकी 36 उपार्जन केंद्र महिला स्व सहायता समूहों को देने का प्रस्ताव 21 दिसंबर को भेजा गया जो काफी देरी से भेजा गया। इन उपार्जन केंद्रों के तय न होने से किसानों को उपज बेचने में परेशानी हुई है। साथ ही महिला स्व सहायता समूह उपार्जन केंद्र के लिए तय गोदामों का सत्यापन प्रक्रिया का पालन किए बगैर किया गया। इस संबंध में न तो प्रभारी फूड कंट्रोलर द्वारा संचालनालय को जानकारी दी गई और न ही स्थानीय स्तर पर जनहित का काम किया गया। सहकारी सेवा समितियों को दो-दो उपार्जन केंद्रों की जिम्मेदारी दिए जाने के विपरीत उपार्जन नीति का पालन नहीं करते हुए 27 सहकारी समितियों को केवल एक-एक उपार्जन केंद्र का जिम्मा सौंपा है। इसलिए जिले में आवश्यक उपार्जन केंद्र स्थापित नहीं किए जा सके। इसे व्यापक लापरवाही मानते हुए विभाग ने टांडेकर को सस्पेंड कर दिया है। आजीविका समिति की जाँच कराने की माँग कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शित्रकुमार चौबे ने जिले में कुछ आजीविका समितियों का फर्जी तरह से कार्य करने का आरोप लगाया है। इनका कहना है कि पंजीयन के 6 माह के अंदर समितियों के निर्वाचन के प्रस्ताव चले जाने चाहिए मगर पिछले 2 साल से किसी भी एक समिति का चुनाव प्रस्ताव कार्यालय उपायुक्त सहकारिता से नहीं गया है। नियम तो यह भी है कि यदि निर्वाचन नहीं होता है तो तत्काल विभाग को किसी शासकीय कर्मचारी को प्रशासक बना देना चाहिए, मगर कार्यालय के स्तर पर इस तरह की भी कार्रवाई नहीं हो रही है। इन्हें क्यों छोड़ा गया धान खरीदी की जाँच का जिम्मा तमाम एसडीएम को दिया गया था, खाद्य विभाग के अधिकारी भी इसमें शामिल थे, वहीं वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन और मार्कफेड के अधिकारियों का कहीं जिक्र तक नहीं किया जा रहा है। डिप्टी कलेक्टर, अपर कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत भी खरीदी केन्द्र की जाँच के लिए जिम्मेदार हैं लेकिन 1 दिसम्बर से अभी तक केवल लोकायुक्त ने ईमानदारी से कार्य किया और रिश्वत लेते कम्प्यूटर ऑपरेटर को पकड़ा, बाकी किसी ने भी किसी केन्द्र में कोई जाँच नहीं की। सहाकारिता उपायुक्त डॉ. अखिलेश निगम पिक्चर से ही गायब हैं जबकि उपार्जन समिति में वे जिम्मेदार पद पर हैं। रातों-रात गायब हुई धान जानकारों का कहना है कि जैसे ही वेयरहाउस संचालकों को यह पता चला कि जाँच दल आ रहा है तत्काल ही बिना अनुमति खरीदी करने वाले वेयरहाउसों से धान को गायब करवाया गया। यहाँ तक की कई वेयरहाउसों में जाँच दल पहुँच भी गया था लेकिन एप्रोच लगाकर जाँच दल को रोका गया और उनकी मौजूदगी में ही धान गायब करवाई गई। सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि सरकारी बारदानों यानी बोरों में बिना अनुमति खरीदी हुई, यह कैसे हुआ कोई बताने तैयार नहीं। रातभर बाहर किया धान, फिर भी अंदर रखा मिला 30 हजार क्विंटल प्रमुख सचिव … Read more

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