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मध्य प्रदेश में सक्रिय लगभग 75 नक्सलियों में 40 प्रतिशत महिलाएं हैं, कुछ नक्सली प्रेमी-प्रेमिका की तरह रह रहे हैं: रिपोर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में सक्रिय लगभग 75 नक्सलियों में 40 प्रतिशत महिलाएं हैं। यह जानकारी पुलिस की खुफिया रिपोर्ट में सामने आई है। ये सभी अलग-अलग समूह में पुरुषों के साथ काम कर रही हैं। यह भी पता चला है कि कुछ नक्सली प्रेमी-प्रेमिका की तरह रह रहे हैं। गांव के लोगों के साथ संवाद करने, उनकी समस्याएं जानने, पर्चा बांटने, लोगों को बरगलाने या किसी तरह की सहायता मांगने के लिए नक्सली महिलाओं को ही आगे करते हैं। महिलाएं गांव के लोगों के बीच आसानी से घुल-मिल जाती हैं। इससे उन्हें गांव में प्रशासनिक गतिविधियों की जानकारी भी मिलती रहती है। पुरुषों की तरह महिलाएं भी छत्तीसगढ़ या महाराष्ट्र से ही हैं। अधिकतर महिलाओं की उम्र 25 से 40 वर्ष की है।   इस बार मुठभेड़ में नहीं फेंका पर्चा अभी तक ऐसा होता रहा कि नक्सली मुठभेड़ के दौरान अपने मांगों से जुड़ा पर्चा फेंक कर जाते थे। पिछले दिनों बालाघाट में हुई मुठभेड़ में उन्होंने ऐसा नहीं किया था। यह जरूर पता चला है कि इसके पहले कुछ गांवों में उन्होंने तेंदूपत्ता की राशि बढ़ाने, बांस कटाई की दर बढ़ाने और मजदूरी बढ़ाने के लिए पर्चे फेंके थे। गांव के लोगों का समर्थन पाने के लिए वह ऐसी मांग रखते हैं। नक्सलियों की मांग के अनुसार नहीं करते काम पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने कहा कि हम उनकी मांग के हिसाब से नहीं बल्कि अन्य विभाग और एजेंसियों से मिलकर विकास की गतिविधियों पर विशेष ध्यान देते रहे हैं। प्रभावित क्षेत्र में संचार सुविधाएं बढ़ाने के लिए मोबाइल टावर का निर्माण, सड़क निर्माण, सरकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के लिए विशेष शिविर लगाने का काम करते हैं। निजी कंपनियों से कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी (सीएसआर) से भी काम कराए जा रहे हैं।

अब तक 5 लाख 10 हजार से अधिक बिजली उपभोक्ताओं ने कराई ई-केवायसी

भोपाल राज्य शासन की लाभकारी योजनाओं का फायदा लेने के लिए बिजली उपभोक्ताओं को ई-केवायसी कराना अनिवार्य है। उपभोक्ताओं से कहा गया है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के “उपाय” ऐप के जरिए भी ईकेवायसी करा सकते हैं। गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध उपाय ऐप डाउनलोड कर बिजली उपभोक्ता समग्र केवायसी में अपना उपभोक्ता क्रमांक एवं समग्र क्रमांक दर्ज करके बाद लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी को दर्ज कर केवायसी प्रक्रिया को पूर्ण कर सकते हैं। अब तक 05 लाख 10 हजार 360 उपभोक्ताओं ने सफलतापूर्वक केवायसी करा ली है। कंपनी ने बताया है कि नर्मदापुरम ग्रामीण में 65 हजार 335, बैतूल ग्रामीण में 75 हजार 961, राजगढ़ ग्रामीण में 31 हजार 099, शहर वृत्त भोपाल में 38 हजार 747, भोपाल ग्रामीण में 34 हजार 181, गुना ग्रामीण में 29 हजार 602, विदिशा ग्रामीण में 37 हजार 157, सीहोर ग्रामीण में 19 हजार 752, ग्वालियर ग्रामीण में 19 हजार 513, शहर वृत्त ग्वालियर में 25 हजार 835, अशोकनगर ग्रामीण में 13 हजार 591, दतिया ग्रामीण में 18 हजार 574, रायसेन ग्रामीण में 36 हजार 384, शिवपुरी ग्रामीण में 18 हजार 477, हरदा ग्रामीण में 15 हजार 257, श्योपुर ग्रामीण में 08 हजार 313, मुरैना ग्रामीण में 14 हजार 889 एवं भिण्ड ग्रामीण में 07 हजार 693 बिजली उपभोक्ताओं की केवायसी की गई है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के जिलों के बिजली उपभोक्ताओं के बिजली संबंधी व्यक्तिगत विवरण को कंपनी के रिकार्ड में अपडेट करने के लिए नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया शुरू की है। कंपनी द्वारा नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया के तहत बिजली उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी जैसे समग्र आईडी, मोबाइल नंबर एवं बैंक खाता इत्यादि की जानकारी को अपडेट किया जा रहा है। नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया से बिजली उपभोक्ताओं को जहां राज्य शासन की योजनाओं का लाभ सीधे लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना के माध्यम से सुनिश्चित किया जा सकेगा वहीं दूसरी ओर प्रणाली में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। साथ ही केवायसी से वास्तविक उपभोक्ताओं के विद्युत संयोजन एवं उनके भार की स्थिति का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे कंपनी कार्यक्षेत्र में विद्युत संरचनाओं के भविष्य में विस्तार की योजना बनाने में आसानी होगी तथा कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं की सही पहचान और मोबाइल नंबर को सटीक रूप से टैग करने में मदद मिलेगी। इससे कंपनी की सेवाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।  

20 हजार से अधिक गैस पीड़ितों के बनाये गये आयुष्मान कार्ड

भोपाल राज्य सरकार द्वारा भोपाल गैस पीड़ितों और उनके बच्चों को आयुष्मान ‘निरामयम’ मध्यप्रदेश योजना का लाभ दिया जा रहा है। इसमें गैस पीड़ितों एवं उनके बच्चों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा रहे हैं। 28 नवम्बर तक 20 हजार 27 गैस पीड़ितों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं। गैस पीड़ित मरीजों एवं उनके बच्चों को भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अधीन संचालित 6 अस्पतालों एवं 9 औषधालयों में सभी प्रकार के उपचार एवं आवश्यकतानुसार सुविधाएँ निःशुल्क दी जा रही हैं। साथ ही आयुष्मान भारत ‘निरामयम’ मध्यप्रदेश योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी अनुबंधित अस्पतालों में भी गैस पीड़ितों को उपचार सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। विशेष प्रकरणों में इस योजना में निर्धारित पैकेज के अतिरिक्त इलाज पर खर्च होने पर संबंधित अस्पताल को उसकी प्रतिपूर्ति गैस राहत विभाग द्वारा की जाती है। गैस पीड़ित मरीज एवं उनके बच्चों को किडनी, लीवर ट्रॉन्सप्लांट एवं अन्य प्रकार की गंभीर बीमारियों के उपचार के लिये विशेष प्रकरण मानते हुए मरीजों को आवश्यकतानुसार इलाज की सुविधा भी दी जा रही है। भोपाल गैस पीड़ित मरीजों एवं उनके बच्चों को कैंसर के उपचार के लिये गैस राहत विभाग द्वारा 3 निजी अस्पतालों एवं एम्स भोपाल के साथ अनुबंध भी किया गया है। यहां पीड़ितों को कैंसर के उपचार की नि:शुल्क सुविधा दी जा रही है। गैस राहत विभाग के अधीन संचालित सभी अस्पतालों में गैस पीड़ित मरीजों एवं उनके बच्चों के उपचार के लिये अत्याधुनिक इमरजेंसी यूनिट सातों दिन 24 घंटे संचालित की जा रही हैं। गैस पीड़ित मरीजों एवं उनके बच्चों के किडनी रोग (सी.के.डी.- IV) व अतिगंभीर मरीजों के उपचार के लिये कमला नेहरू अस्पताल, भोपाल में डायलिसिस यूनिट की स्थापना भी की गई है। इसमें 13 डायलिसिस मशीनें लगाकर मरीजों का निःशुल्क उपचार किया जा रहा है। राज्य शासन की सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त गैस पीड़ित विधवाओं (कल्याणी) को पेंशन राशि के अलावा भोपाल गैस राहत विभाग द्वारा एक हजार रूपये प्रतिमाह अतिरिक्त पेंशन भी दी जा रही है। वर्तमान में करीब 4 हजार 406 गैस पीड़ित विधवाओं (कल्याणियों) को यह पेंशन दी जा रही है।  

प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय ने किया राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्था का किया निरीक्षण

भोपाल प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने सीहोर स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान, संकल्प वृद्धाश्रम एवं नशा मुक्ति केन्द्र का निरीक्षण किया। प्रमुख सचिव ने पुनर्वास संस्थान द्वारा दिव्यांगजन को दी जा रही सुविधाओं के विषय में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने एपिड योजनान्तर्गत शिविर आयोजित करने तथा कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। श्रीमती वायंगणकर ने नशामुक्ति केन्द्र में भर्ती नशा मरीजों से भी चर्चा की। इस अवसर पर उप संचालक सामाजिक न्याय श्री महेश कुमार यादव सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

मंत्री नागर सिंह चौहान ने अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ने विद्यालय का निरीक्षण कर विद्यार्थियों से संवाद भी किया

भोपाल अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि ज्ञानोदय विद्यालयों से हमें गरीब बच्चों को शिक्षित करने का अवसर मिल रहा है, यह हमारा सौभाग्य है। सभी को शिक्षित बनाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हम यह प्रयास करें कि विद्यार्थियों को पढ़ाई का माहौल मिले। पढ़ाई में कमजोर बच्चों की मार्किंग कर, उनकी कमियों का निराकरण करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के प्रवेश लेते ही बच्चों की नींव मजबूत करने का प्रयास करें, जिससे वे राष्ट्र के सशक्तिकरण के लिये तैयार हो सके। मंत्री श्री चौहान गुरुवार को ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय, कटारा हिल्स भोपाल में शासकीय ज्ञानोदय आवासीय विद्यालयों के संचालन की समीक्षा कर रहे थे। मंत्री श्री चौहान ने विद्यालय का निरीक्षण भी किया। मंत्री श्री चौहान ने निरीक्षण में छात्र-छात्राओं से शैक्षणिक, पाठ्येतर गतिविधियों, मिलने वाली सुविधाओं के बारे में चर्चा भी की। उन्होंने विद्यालय में स्थापित साइंस लैब, सोशल साइंस लैब, म्यूजिक रूम और क्लास रूम का निरीक्षण किया। विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए उपकरणों और प्रदर्शनी की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ दोपहर भोजन भी किया। मंत्री श्री चौहान ने ज्ञानोदय विद्यालयों के परीक्षा परिणाम की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में प्रदेश भर से मेरिट के आधार पर चयनित विद्यार्थी प्रवेश लेते हैं। सभी शिक्षकों की यह जिम्मेदारी है कि बच्चों के शैक्षणिक स्तर में वृद्धि करें। सभी विद्यालयों में परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत होना चाहिए। बोर्ड परीक्षाओं में सभी विद्यार्थी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हो। परीक्षा परिणाम में सुधार नहीं होने पर जिम्मेदार शिक्षकों एवं अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा शासन ने सर्व-सुविधायुक्त ज्ञानोदय आवासीय विद्यालयों की स्थापना की है, इन संस्थानों पर पालकों और विद्यार्थियों का भरोसा बना रहे, इसके लिये हमें टीम भावना से कार्य करना होगा। मंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के सभी ज्ञानोदय आवासीय विद्यालयों में रिक्त पदों की शीघ्र पदपूर्ति कर लें। सभी विद्यालयों में खेलकूद परिसर बनाएं जाएं, जिन संभाग में परिसर बनाने का कार्य भूमि अनुपलब्धता के कारण अप्रारंभ हैं, उन जिलों के कलेक्टर को भूमि आवंटन करने के लिए पत्र लिखें। उन्होंने ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय, रीवा के लिए शीघ्र भूमि आवंटन कार्यवाही कराने के निर्देश दिए। उन्होंने इन विद्यालयों के छात्रावासों के संचालन, रख-रखाव एवं सामग्री प्रदाय, विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं तथा उपलब्ध बजट उपयोग की भी समीक्षा की। प्रमुख सचिव, अनुसूचित जाति कल्याण डॉ. ई. रमेश कुमार ने कहा कि परीक्षा परिणाम बेहतर करने के लिए सभी प्राचार्यों को विद्यार्थियों की ग्रेडिंग करें। ग्रेडिंग के बाद कमजोर बच्चों की हैंड होल्डिंग कर उनकी शिक्षा के स्तर को सुधारा जाए। उन्होंने प्राचार्य विद्यार्थियों की विषयवार मैपिंग करने और बोर्ड परीक्षाओं के लिए मॉडल प्रश्न उत्तर तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय के छात्र-छात्राओं से भी चर्चा की। हाईस्कूल स्तर से विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के बारे में मार्गदर्शन देने और करियर काउंसलिंग करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर आयुक्त श्री संजय वार्ष्णेय, प्राचार्य ज्ञानोदय विद्यालय भोपाल श्री नीरज अब्राहम भी उपस्थित रहे। अनुसूचित जाति वर्ग के प्रतिभावान विद्यार्थियो के अध्ययन के लिए हर संभागीय मुख्यालय में ज्ञानोदय आवासीय विद्यालयों की स्थापना की गई है। इन विद्यालयों का मुख्य उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिये गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल उन्नयन, व्यक्तित्व/नेतृत्व विकास करना है। प्रदेश के सभी 10 संभागीय मुख्यालय में ज्ञानोदय विद्यालय संचालित हैं।

प्रदेश का तीसरा पूर्णतः स्मार्ट मीटरीकृत शहर बना थांदला

भोपाल मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, स्मार्ट मीटरीकरण का कार्य प्राथमिकता के साथ कर रही है। पश्चिम क्षेत्र कंपनी का थांदला शहर प्रदेश का तीसरा शत प्रतिशत स्मार्ट मीटरीकरण वाला शहर बन गया है। इसके पहले महू और खरगोन शहर इस श्रेणी के हैं। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इंदौर व झाबुआ के विद्युत कार्मिकों को इस उपलब्धि पर बधाई दी है। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की प्रबंध निदेशक सुश्री रजनी सिंह ने बताया कि कंपनी स्तर पर स्मार्ट मीटरीकरण कार्य अत्यंत प्राथमिकता व गुणवत्ता के साथ किया जा रहा है। प्रदेश के तीसरे पूर्ण स्मार्ट मीटरीकृत शहरों में झाबुआ जिले का थांदला शामिल हो गया है। थांदला नगरीय क्षेत्र में कुल 5631 अत्याधुनिक स्मार्ट मीटर लगाए हैं। इन स्मार्ट मीटरों में सिंगल फेज, थ्री फेज के अलावा ट्रांसफार्मर पर लगाए जाने वाले स्मार्ट मीटर भी शामिल हैं। प्रबंध निदेशक सुश्री रजनी सिंह ने बताया कि झाबुआ शहर आगामी एक सप्ताह में शत-प्रतिशत स्मार्ट मीटर वाला हो जाएगा। प्रबंध निदेशक ने बताया कि रतलाम समेत अन्य कई जिला मुख्यालयों पर 50 से 85 प्रतिशत स्मार्ट मीटरीकरण कार्य हो चुका है। सुश्री रजनी सिंह ने बताया कि कंपनी क्षेत्र में अब तक 8.50 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।

भारतीय टेक्नोलॉजी और जर्मन एक्सपर्ट्स के समन्वय से होगा औद्योगिक विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को जर्मनी दौरे पर बवेरिया राज्य के चांसलरी प्रमुख और संघीय एवं यूरोपीय मामलों के साथ मीडिया विभाग के मंत्री डॉ. फ्लोरियन हैरमेन से मुलाकात की। इस मुलाकात में राज्य स्तर पर सहयोग के विभिन्न अवसरों पर चर्चा की गई। चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं डॉ. हैरमेन ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और जर्मनी के बीच मजबूत होते रिश्तों को आगे बढ़ाने की दिशा में राज्य स्तर पर भी साझेदारी बढ़ाने पर रजामंदी दिखाई। दोनों नेताओं ने तकनीकी नवाचार, सुपरकंप्यूटिंग, ऑटोमोटिव सेक्टर, एरोनॉटिक्स और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में संभावित सहयोग के पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जर्मन प्रतिनिधिमंडल के टाइम मैनेजमेंट से बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने कहा, “जो समय को जीतता है, वह दुनिया को जीत सकता है।” उन्होंने जर्मनी की आर्थिक सुदृढ़ता और परिवर्तन को प्रेरणादायक बताते हुए इसे राष्ट्रीय विकास और रणनीतिक प्रगति का एक आदर्श मॉडल निरूपित किया। दोनों पक्षों ने इस मुलाकात को मध्यप्रदेश और बवेरिया के बीच दीर्घकालिक और आपसी लाभकारी संबंधों का शुभारंभ बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और बवेरिया के बीच जलवायु नीति से जुड़े संकटों का समाधान, तकनीकी नवाचारों, उच्च शिक्षा, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और मध्यप्रदेश के नागरिकों के लिए रोज़गार के अवसर सृजित करने की दिशा में मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के मंडीदीप और पीथमपुर में पहले से मौजूद जर्मन निवेशों के सुगम समन्वय के उद्देश्य से मध्यप्रदेश में एक विशेष राज्य सरकारी संपर्क कार्यालय स्थापित करने की योजना पर भी चर्चा की। उम्मीदों से बेहतर रही जर्मनी में हमारी औद्योगिक शुरूआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि जर्मनी और मध्यप्रदेश का आपसी सहयोग औद्योगिक क्रांति के नए द्वार खोलने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जर्मनी की बवेरिया स्टेट के चांसलर डॉ. हैरमेन के साथ विस्तार से बात हुई है। मध्यप्रदेश में जर्मन एक्सपर्ट्स आयेंगे, साथ ही टेक्नोलॉजी भी उपलब्ध करवायेंगे। दोनों देश आपसी समन्वय से मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के नए आयाम स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि जर्मनी का हमारे देश से पुराना संबंध रहा है। दुनिया में यह सभ्यता अलग ढंग से जानी जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं औद्योगिक प्रतिनिधि मंडल का जर्मनी के म्यूनिख पहुंचने पर भारत के कौंसलेट जनरल श्री शत्रुघ्न सिन्हा और भारतीय संघ के अध्यक्ष श्री राणा हरगोविंद सिंह एवं अन्य भारतवंशियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। जर्मन भाषा के लिए खोलेंगे “लैंग्वेंज इंस्टीट्यूट” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म्यूनिख स्थित बवेरिया स्टेट चांसलरी सरकार राजनैतिक नेतृत्व के साथ संवाद किया। जर्मनी और मध्यप्रदेश सरकार के समन्वय से रोजगार के नए आयाम स्थापित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 8.50 करोड़ की जनसंख्या वाला देश जर्मनी द्वितीय विश्व युद्ध के बाद तकनीकी दक्षता के साथ जिस रूप में दुनिया के सामने उभरा वह आदर्श है। उन्होंने कहा कि जर्मनी में काम के अनेक अवसर तो हैं, परंतु भाषाई चुनौती भी है। इसको दूर करने के लिए हम मध्यप्रदेश में “लैंग्वेंज इंस्टीट्यूट” खोलने की योजना बना रहे हैं, जिससे रोजगार के अवसरों के लिए भाषा चुनौती नहीं बनें और मध्यप्रदेश तथा जर्मनी के अधिकारियों के मध्य समन्वय के साथ भाषाई सहजता से काम हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी पांचवीं वैश्विक अर्थव्यवस्था के रूप में आज दुनिया के सामने है। यह अपने आप में प्रमाण है कि जर्मनी से सीखने के लिए बहुत कुछ है। हिन्दुस्तान के जर्मनी के साथ अतीत से मधुर संबंध है। मैक्समूलर ने हमारे वेदों का संस्कृत भाषा से अनुवाद करके जर्मनी के माध्यम से दुनिया के सामने हमारे प्राचीन ज्ञान को प्रकट किया था। अतीत के संबंध से इनकी अच्छाइयों और टेक्नोलॉजी को सीखते हुए मध्यप्रदेश और बवेरिया स्टेट समन्वयपूर्वक आगे बढ़ेंगे। औद्योगिक विकास के लिए जर्मन टेक्नोलॉजी का सहयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी के टेक्नीकल स्टाफ के माध्यम से इंजीनियरिंग, पॉलेटेक्निक, आईटीआई जैसे टेक्निकल क्षेत्र में हमारे उद्योगपति लाभ ले सकेंगे। खासकर ऑटोमोबाइल क्षेत्र में जर्मन टेक्नोलॉजी उन्नत स्तर की है। हम जानते हैं इसमें कई चुनौतियां भी सामने आयेंगी, एक दूसरे के तकनीकी अनुभवों को साझा करते हुए हम आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि इस विदेशी दौरे के बाद भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जाएगा। इसमें हमने जर्मनी के प्रतिनिधियों और उद्योगपतियों को भी आमंत्रित किया है। दोनों राज्यों में अधिकारियों को एक दूसरे राज्य में भेजने में प्रशासनिक लेवल पर जो कठिनाईयां आती हैं, उनको दूर किया जाएगा। इससे व्यापार और व्यवसाय की राह में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री यादव ने उम्मीद जताई कि इस वार्ता से सहयोगात्मक विकास, तकनीकी उन्नति और आर्थिक समृद्धि की दिशा में अंतर्राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर सहयोग का एक नया अध्याय प्रारंभ होगा।  

मुख्यमंत्री ने कहा- मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए नए थर्मल पॉवर स्टेशन की स्थापना की जाएगी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए नए थर्मल पॉवर स्टेशन की स्थापना की जाएगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कोल आधारित विद्युत उत्पादन के लिए कोल आवंटन के लिए स्वीकृतिप्रदान की है। इससे 4100 मेगावॉट विद्युत उत्पादन के लिए थर्मल पॉवर स्टेशन की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने सभी विभागों को प्रगति के अवसर दिये हैं। वे जानते हैं कि बिजली के बिनाविकास की कल्पना संभव नहीं है। यह एक बड़ा अवसर है, जिससे हम प्रदेश में ही स्वयं के पॉवर प्लांट लगा सकते हैं। कोल आवंटन करेगा संजीवनी का काम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में हम आज भी सरप्लस की स्थिति में हैं, परंतु औद्योगिक विकास के लिए नए उद्योगों की स्थापना के परिणामस्वरूप बिजली की खपत में भी निरंतर वृद्धि होती जा रही है। भविष्य की दृष्टि से भी हमें नए थर्मल पॉवर स्टेशन की आवश्यकता होगी। यह कोल आवंटन उसमें संजीवनी की तरह काम करेगा। हम थर्मल पॉवर के नए स्टेशन की स्थापना के लिए उद्यमियों को प्रेरित करेंगे। मुख्यमंत्री डा. यादव ने कहा कि साथ ही राज्य नवकरणीय ऊर्जा की ओर भी समान रूप से आगे बढ़ रहा है। 25 हजार करोड़ रूपये का प्राप्त होगा निवेश उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश की आगामी लंबी अवधि की विद्युत मांग के आंकलन के आधार पर 27 नवम्बर को भारत सरकार की उच्च स्तरीय अंतर्विभागीय समिति द्वारा प्रदेश के ऊर्जा विभाग के प्रस्तुतिकरण के आधार पर कुल 4100 मेगावॉट के नए थर्मल पॉवर प्लांट लगाने के लिये कोयला आवंटन स्वीकृत किया गया है। इस संबंध में संयंत्र लगाने के लिये प्रदेश के ऊर्जा विभाग द्वारा निविदा जारी की जायेगी। इससे लगभग 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त होगा। साथ ही हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे। प्रदेश उद्योग, घरेलू एवं कृषि सिंचाई के लिये सस्ती और गुणवत्तापूर्ण ऊर्जा प्रदाय करेगा और ऊर्जा उत्पादन में आत्म-निर्भर बना रहेगा।  

राज्यपाल ने इन्दौर में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री के साथ ईएजी प्लेनरी देशों की बैठक का किया शुभारम्भ

भोपाल ईएजी (यूरेशियन ग्रुप) देशों की बैठक मनी लॉन्ड्रिंग एवं आतंकवाद की फंडिंग रोकने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। सभी बड़े देशों को एकजुट होकर मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग को रोकने के लिए एकजुट होकर बड़े कदम उठाने की आवश्यकता है। विश्व में आतंकवाद पर नियंत्रण के लिए सभी ईएजी ग्रुप सदस्यों देशों का एकजुट होना बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। इन्दौर में गुरूवार को 41वीं ईएजी प्लेनरी देशों की बैठक के उद्घाटन सत्र में माननीय राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कही। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि भारत में डिमॉनिटाइजेशन, डिजिटलाइजेशन से पारदर्शी वित्तीय व्यवस्था के लिए विशेष प्रयास हुए। उन्होंने कहा आधुनिक तकनीक के उपयोग से अवैध वित्तीय गतिविधियों को रोकने के लिए और अधिक विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए ईएजी ग्रुप देश को मजबूत कूटनीतिक और सशक्त प्रयास करने की आवश्यकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति के लिए ईएजी ग्रुप देशों के प्रयास प्रभावी परिणामकारक सिद्ध होंगे। कार्यक्रम को केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने संबोधित करते हुए कहा वित्त शोधन और आतंकवाद को वित्त पोषण की रोकथाम के लिए यूरेशियन देशो का ग्रुप महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा भारत सरकार टेरर फंडिंग के खिलाफ पूरी मजबूती के साथ कार्य कर रही है। भारत में काला धन अधिनियम, आर्थिक अपराध को रोकने के लिए विशेष प्रयास  किए गए है और यह लगातार जारी हैं। भारत में साफ और पारदर्शी वित्तीय प्रणाली के लिए जीएसटी, डिजिटल इंडिया के तहत विशेष प्रयास किए गए हैं। यूपीआई डिजिटल लेनदेन को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा हैं। भारत में परिवर्तन निदेशालय लगातार सशक्त हो रहा है। भारत की सभी एजेंसियां द्वारा मिलकर आतंकवाद और उग्रवाद को धन पोषित करने वालों, मनी लांड्रिंग पर प्रभावी और कड़ी कार्रवाई हो रही हैं। भारत के इन प्रयासों को और सशक्त बनने में ईएजी ग्रुप की बैठक महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने सम्बोधित करते हुए कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की नगरी में ईएजी ग्रुप की बैठक गर्व का विषय हैं। उन्होंने कहा मनी लॉन्ड्रिंग सीधे तौर पर किसी देश की अर्थव्यवस्था के लिए खतरा है, लेकिन जब यह आतंकवाद को पोषित करती है, तब विश्व शांति और सद्भाव के समक्ष गंभीर चुनौतियों को जन्म देती है। आतंकवाद को मिलने वाली वित्तीय मदद समस्त विश्व के लिए चिंता का सबब बनी हुई है इससे निपटने के लिए विश्व के बड़े देशों को एकजुट होना होगा। यह आयोजन वैश्विक अखंडता और मानवता के हित की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा नक्सलवाद और ड्रग्स का व्यापार भी मनी लॉन्ड्रिंग से बढ़ रहा हैं। इससे निपटना हमारे लिए बड़ी चुनौती हैं। भारत के प्रयास सार्थक, प्रभावी और प्रशंसनीय ईएजी ग्रुप अध्यक्ष श्री यूरी चिकानचिन ने कहा ईएजी ग्रुपों में भारत के प्रयास सार्थक, प्रभावी और प्रशंसनीय हैं। ग्रुप देशों ने विभिन्न सत्रों में बैठक के दौरान टेरर फंडिंग रोकथाम प्रयासों, मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णयों पर चर्चा की गई हैं। उन्होंने कहा भविष्य की चुनौतियों और उनकी रोकथाम के लिए भी बैठक में चर्चा की गई है। यूरेशियन सहित अफ्रीकी देशों सहित विश्व के अन्य क्षेत्रों में आतंकवाद को फंडिंग एक गंभीर चुनौति है। ईएजी ग्रुप की बैठक में तकनीकी और प्रौद्योगिकी के बेहतर उपयोग के संबंध में चर्चा हुई हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत के प्रयास प्रशंसनीय हैं। भारत को ईएजी ग्रुप देशों की बैठक की मेजबानी मिलना गर्व की बात भारत सरकार के वित्त सचिव श्री संजय मल्होत्रा ने आतंकवाद को वित्त पोषण, मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम, पारदर्शी अर्थव्यवस्था के लिए उठाए गए कदमों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा यूरेशियन क्षेत्र में टेरर फंडिंग, मनी लांड्रिंग सहित नई चुनौतियों पर नियंत्रण के लिए ईएजी ग्रुप की महत्वपूर्ण भूमिका हैं। उन्होंने कहा यह हमारे लिए गर्व की बात है कि ईएजी ग्रुप के जो भी देश शामिल है उनमें से कोई भी ग्रे सूची में नहीं है। उन्होंने कहा ग्रुप देशों के बीच बेहतर समन्वय के लिए विशेष प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। भारत को ईएजी ग्रुप देश की बैठक की मेजबानी का अवसर मिला। यह भारत के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा आवश्यकता है कि वर्तमान समय में टेक्नोलॉजी और एआई का उपयोग सुरक्षा के बेहतर उपायों के लिए किया जाए। उन्होंने कहा मनी लांड्रिंग के साथ-साथ फाइनेंशियल फ्रॉड प्रभावित लोगों को असेट्स रिकवरी के लिए भी बेहतर कार्य करने की आवश्यकता है। भारत द्वारा इस क्षेत्र में भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में महापौर इन्दौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने ईएजी अध्यक्ष श्री यूरी चिकानचिन को इंदौर में मौजूद यूरेशियन गार्डन का प्रमाण पत्र भेंट किया। उद्घाटन सत्र का शुभारंभ राज्यपाल श्री पटेल, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। बैठक में केंद्रीय वित्त अतिरिक्त सचिव श्री विवेक अग्रवाल ने कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में ईएजी प्लेनरी देशों के डेलिगेट्स एवं प्रतिनिधि गण उपस्थित थे।  

किसी भी देश या प्रदेश की आर्थिक, सामाजिक, और सांस्कृतिक विकास की गति किसानों के उत्थान से ही संभव हो सकती है : नारायण सिंह कुशवाह

भोपाल नारायण सिंह कुशवाह देश और प्रदेश की उन्नति सर्वोपरि है। इसके लिए किसानों को आर्थिक दृष्टि से सशक्त करना आवश्यक है, जिससे किसान संपन्न हो सकें और देश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभा सकें। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि किसी भी देश या प्रदेश की  आर्थिक, सामाजिक, और सांस्कृतिक विकास की गति किसानों के उत्थान से ही संभव हो सकती है। इसके लिए प्रदेश के विकास में उद्यानिकी भी महत्वपूर्ण योगदान कर रहा है। इसके लिये नवाचार और तकनीकी सुधार किये जा रहे है। देश के 10% क्षेत्रफल वाले राज्य मध्यप्रदेश में देश की लगभग 7% आबादी निवास करती है। यहां 11 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभिन्न फसलों का उत्पादन किया जाता है। राज्य की कृषि उपज में विविधता मुख्यतः नर्मदा नदी और उसकी सहायक नदियों पर निर्भर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में वर्तमान सरकार परिणाम देने वाली नीतियों के माध्यम से उद्यानिकी और खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में नवाचार और प्रगति के नए अध्याय लिख रही है।  मध्यप्रदेश में उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है, उद्यानिकी फसलें किसानों की आय को आसानी से दोगुना करने में सहायक होती हैं। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा खाद्य प्र-संस्करण की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। किसानों को उद्यानिकी फसलों की खेती और खाद्य प्र-संस्करण के नए तरीकों से अवगत कराया जा रहा है। वर्तमान में  मध्यप्रदेश उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में देश में अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। प्रदेश संतरा, धनिया मसाले तथा औषधीय एवं सुगंधीय पौधे  उत्पादन में प्रथम स्थान पर है। इसके अतिरिक्त प्रदेश टमाटर, लहसुन, हरी मटर, अमरूद ,फूल गोभी, मिर्च एवं  प्याज  उत्पादन में  दूसरे तथा नीबू वर्गीय फल, लाल मिर्च, बंद गोभी एवं फूल उत्पादन में तीसरे स्थान पर है । राज्य में उद्यानिकी का रकबा बढ़कर लगभग 27 लाख हेक्टेयर हो गया है। राज्य सरकार  की नीतियों से प्रदेश में उद्यानिकी के प्रति किसानों का रुझान बढ़ा है। इस कारण रकबा 2019-20 में 21.75 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2023-24 में 26.51 लाख हेक्टेयर हो गया है। लगभग 23.72 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उत्पादन भी लगभग 27 फीसदी बढ़ा है। वर्ष 2019-20 में जो उत्पादन 317.36 लाख मी. टन था, जो बढ़कर अब 404.24 लाख मी. टन हो गया है। किसानों को उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग द्वारा फूड प्रोसेसिंग इकाईयाँ स्थापित करने के लिए अनुदान दिया जाता है। सरकार से अनुदान लेकर किसान फूड प्रोसेसिंग इकाईयाँ स्थापित कर सकते हैं। साथ ही अनुदान के आधार पर किसान छोटे, मध्यम और बड़े कोल्ड स्टोर भी स्थापित कर सकते हैं। खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अपने समृद्ध कृषि संसाधन और रणनीतिक भौगोलिक स्थिति का उपयोग कर, 8.3% की औसत /वार्षिक दर से बढ़ रहा है, जो देश की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है. उद्यानिकी उत्पादों के सुरक्षित भंडारण के लिए 21530.26 लाख रुपए की अनुदान सहायता से 183 कोल्ड स्टोरेज का निर्माण कर 8.05 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता विकसित की गई है। वहीं प्याज भंडारण के लिए 23667.71 लाख रुपए का अनुदान देकर 66500 मीट्रिक टन भंडारण क्षमता किसानों के खेतों पर निर्मित की गई है। प्रदेश में बागवानी को शिखर पर ले जाने के प्रयासों में राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना (पी.एम.एफ.एम.सी.) पर ड्रॉप मोर क्रॉप (पी.पी.एम.सी), एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एम.आई.डी.एच.) एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आर.के.वी.वाय.) के तहत वर्ष 2024-25 में 528 करोड़ 91 लाख रुपए की कार्ययोजना मंजूर की गई है। राज्य में उद्यानिकी उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए 16 विभिन्न बागवानी उत्पादों को जी.आई. टैग के लिए पंजीयन कराया गया है। सूक्ष्म सिंचाई द्वारा राज्य में 14 हजार 900 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर लगाए गए हैं, जिसमें लगभग 12 हजार 790 हितग्राहियों को 114 करोड़ 76 लाख रुपए का अनुदान दिया गया है। इजराइल तकनीक के समन्वय से प्रदेश में मुरैना में उच्च गुणवत्ता वाली सब्जी के लिए, छिंदवाड़ा में नींबूवर्गीय फसलों के लिए तथा हरदा में निर्यात करने लायक आम एवं सब्जी सेन्टर की स्थापना की जाएगी, जिसके लिए 14 करोड़ 74 लाख की योजना का अनुमोदन किया गया है। प्रदेश सरकार की नई पहल ई-नर्सरी पोर्टल से घर, गार्डन या खेतों में उत्तम गुणवत्ता के पौधे लगाने के लिये, अच्छे और स्वस्थ पौध के लिये अब नर्सरी के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। उद्यानिकी विभाग द्वारा ई-नर्सरी पोर्टल पर 300 से अधिक नर्सरियों की जानकारी ऑनलाईन उपलब्ध करवाई गई है। इससे पौधों का क्रय-विक्रय आसानी से किया जा सकता है। 24 बागवानी उत्पाद जिनकी खेती आमतौर पर राज्य भर में की जाती है, जिनमें कोदो-कुटकी, बाजरा, संतरा/नींबू, सीताफल, आम, टमाटर, अमरूद, केला, पान, आलू, प्याज, हरी मटर, मिर्च, लहसुन अदरक, धनिया, सरसों, गन्ना, आंवला और हल्दी शामिल हैं। छिंदवाड़ा, आगर-मालवा, शाजापुर, राजगढ़, मंदसौर, बैतूल और सीहोर जैसे जिले संतरे के उत्पादन के लिए जाने जाते हैं जो संतरे के प्र-संस्करण उद्योग स्थापित करने के लिए आदर्श हैं। इसी तरह बैतूल, कटनी, अनूपपुर, रीवा, सिंगरौली और रायसेन जिले जो आम की खेती के लिए प्रसिद्ध हैं, वहां कई आम आधारित खाद्य प्र-संस्करण उद्योग हैं जो स्थापित होने के विभिन्न चरणों में हैं। मध्यप्रदेश उद्यानिकी विभाग को उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार एवं प्रशंसा-पत्र भी प्राप्त हुए हैं। जुलाई 2024 को प्रगति मैदान नई दिल्ली में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय एग्री एवं हार्टी एक्सपो-2024 में उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग मध्यप्रदेश को सर्वोत्तम बागवानी पद्धतियों और सब्जियों एवं ताजे फलों को बढ़ावा देने के लिए प्रथम पुरस्कार मिला। एमपीएफएसटीएस पोर्टल के संचालन के लिए वर्ष 2023-24 में राष्ट्रीय स्तर पर सिल्वर स्कॉच पुरस्कार, अंतर्राष्ट्रीय कृषि तथा उद्यानिकी एक्सपो-2023 में ‘एक्सीलेंस अवॉर्ड, नेशनल ओडीओपी अवॉर्ड सेरेमनी-2023 में प्रदेश के बुरहानपुर जिले को केला उत्पादन तथा प्र-संस्करण में उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया। वहीं वर्ष 2022-23 में ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप योजना के तहत बेहतर क्रियान्वयन के लिए उद्यानिकी विभाग को स्कॉच अवार्ड प्राप्त हुआ। प्रदेश  में फसल क्षेत्र का विस्तार और उत्पादन में सुधार के लिए उच्च गुणवत्ता वाले पौधों और उन्नत बीजों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है। उत्पादन के पहले और बाद में प्रबंधन तकनीकों के जरिए फसल की गुणवत्ता और उत्पादन … Read more

कृषि उपज मंडी प्रांगण उज्जैन में एम.पी. फार्म गेट एप के प्रचार प्रसार हेतु कार्यशाला आयोजित की गई

उज्जैन. गुरूवार को कृषि उपज मंडी समिति उज्जैन के अनाज मंडी प्रांगण में म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल द्वारा कृषकों एवं व्यापारियों के मध्य कय विकय हेतु विकसित मोबाईल एप एम.पी.फार्म गेट एप के प्रचार प्रसार तथा इसके माध्यम से होने वाले व्यापार में वृद्धि हेतु कार्यशाला आयोजित की गई । कार्यशाला के प्रारम्भ में भगवान बलराम जी की तस्वीर पर माल्यार्पण किया गया।तत्पश्चात् उपसंचालक/ मंडी सचिव प्रवीण वर्मा द्वारा अतिथियों का पुष्पहार से स्वागत किया गया। कार्यशाला में कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जयति सिंह तथा संयुक्त संचालक म०प्र० राज्य कृषि विपणन बोर्ड आंचलिक कार्यालय उज्जैन चंद्रशेखर वशिष्ठ उपस्थित हुए ।कार्यशाला में अनाज तिलहन व्यवसायी संघ के अध्यक्ष जितेन्द्र अग्रवाल, सचिव हजारीलाल मालवीय ,कोषाध्यक्ष अशोक तल्लेरा, भारतीय किसान संघ के संभागीय अध्यक्ष दशरथ पंड्या,  कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 200 से अधिक कृषकगण एवं काफी संख्या में व्यापारीगण उपस्थित रहें । कार्यशाला को संयुक्त संचालक मंडी बोर्ड वशिष्ठ ने संबोधित करते हुए एम.पी. फार्मगेट एप के निर्माण एवं उद्देश्यों तथा आगामी समय में अधिकाधिक उपयोग करने के संबंध में जानकारी तथा सुझाव दिये गये । कार्यशाला में कलेक्टर सिंह द्वारा संबोधित करते हुए उपस्थित कृषकों एवं व्यापारियों को फार्मगेट एप के अधिकाधिक उपयोग किये जाने हेतु प्रोत्साहित किया गया । कार्यशाला में स्वागत भाषण उपसंचालक मंडी बोर्ड / सचिव मंडी उज्जैन प्रवीण वर्मा द्वारा दिया गया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ व्यापारी राजेन्द्र राठौर द्वारा किया गया तथा आभार महेन्द्र जैन द्वारा व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में मंडी समिति के अधिकारी/कर्मचारी दीपक श्रीवास्तव, कमल बर्मन, जितेन्द्र तिवारी, प्रदीप कुमार साहू  आदि उपस्थित रहें।

दमोह में आंगनवाड़ी केंद्रों पर जल्द ही सैकड़ों आंगनवाड़ी सहायिकाओं के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने वाली

दमोह दमोह जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों पर जल्द ही सैकड़ों आंगनवाड़ी सहायिकाओं के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। दरअसल, लंबे समय से कम वेतन पर कार्यरत मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अब अपग्रेड किया गया है। इन्हें महिला बाल विकास विभाग ने मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मुख्य आंगनवाड़ी कार्यकर्ता में तब्दील कर दिया है। सरकार के इस फैसले से दमोह की 254 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ जाएगा। उन्हें अब 6,700 रुपये से बढ़कर 13,100 रुपये मिलने लगेंगे। मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की जगह अब इन्हें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में माना जाएगा। सहायिकाओं की भर्ती प्रक्रिया दिसंबर के पहले सप्ताह से प्रारंभ होगी। खास बात यह है कि इस बार स्थानीय स्तर पर भर्ती नहीं होगी। शासन को इसकी सूचना भेजी जाएगी और वहां से पोर्टल के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया अपनाई जाएगी। दिसंबर के पहले सप्ताह में कार्यप्रणाली तैयार होगी महिला बाल विकास विभाग के सहायक संचालक संजीव मिश्रा ने बताया कि अब भोपाल से पोर्टल के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया होगी। यहां से केवल खाली पद की जानकारी मांगी जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले से जानकारी भेजी जा चुकी है। जो पुरानी मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता थीं, उन्हें अब प्रमोट करके आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बना दिया गया है। संभवतः दिसंबर के पहले सप्ताह में इसकी कार्यप्रणाली तैयार हो जाएगी और पोर्टल के माध्यम से भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले मिनी आंगनवाड़ी केंद्र पर केवल कार्यकर्ता होते थे, लेकिन अपग्रेड होने के बाद वहां सहायिका की नियुक्ति की जाएगी।  

राज्यपाल ने इन्दौर में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री के साथ ईएजी प्लेनरी देशों की बैठक का किया शुभारम्भ

इन्दौर ईएजी (यूरेशियन ग्रुप) देशों की बैठक मनी लॉन्ड्रिंग एवं आतंकवाद की फंडिंग रोकने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। सभी बड़े देशों को एकजुट होकर मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग को रोकने के लिए एकजुट होकर बड़े कदम उठाने की आवश्यकता है। विश्व में आतंकवाद पर नियंत्रण के लिए सभी ईएजी ग्रुप सदस्यों देशों का एकजुट होना बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। इन्दौर में गुरूवार को 41वीं ईएजी प्लेनरी देशों की बैठक के उद्घाटन सत्र में माननीय राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कही। राज्यपाल पटेल ने कहा कि भारत में डिमॉनिटाइजेशन, डिजिटलाइजेशन से पारदर्शी वित्तीय व्यवस्था के लिए विशेष प्रयास हुए। उन्होंने कहा आधुनिक तकनीक के उपयोग से अवैध वित्तीय गतिविधियों को रोकने के लिए और अधिक विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए ईएजी ग्रुप देश को मजबूत कूटनीतिक और सशक्त प्रयास करने की आवश्यकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति के लिए ईएजी ग्रुप देशों के प्रयास प्रभावी परिणामकारक सिद्ध होंगे। कार्यक्रम को केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संबोधित करते हुए कहा वित्त शोधन और आतंकवाद को वित्त पोषण की रोकथाम के लिए यूरेशियन देशो का ग्रुप महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा भारत सरकार टेरर फंडिंग के खिलाफ पूरी मजबूती के साथ कार्य कर रही है। भारत में काला धन अधिनियम, आर्थिक अपराध को रोकने के लिए विशेष प्रयास  किए गए है और यह लगातार जारी हैं। भारत में साफ और पारदर्शी वित्तीय प्रणाली के लिए जीएसटी, डिजिटल इंडिया के तहत विशेष प्रयास किए गए हैं। यूपीआई डिजिटल लेनदेन को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा हैं। भारत में परिवर्तन निदेशालय लगातार सशक्त हो रहा है। भारत की सभी एजेंसियां द्वारा मिलकर आतंकवाद और उग्रवाद को धन पोषित करने वालों, मनी लांड्रिंग पर प्रभावी और कड़ी कार्रवाई हो रही हैं। भारत के इन प्रयासों को और सशक्त बनने में ईएजी ग्रुप की बैठक महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने सम्बोधित करते हुए कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की नगरी में ईएजी ग्रुप की बैठक गर्व का विषय हैं। उन्होंने कहा मनी लॉन्ड्रिंग सीधे तौर पर किसी देश की अर्थव्यवस्था के लिए खतरा है, लेकिन जब यह आतंकवाद को पोषित करती है, तब विश्व शांति और सद्भाव के समक्ष गंभीर चुनौतियों को जन्म देती है। आतंकवाद को मिलने वाली वित्तीय मदद समस्त विश्व के लिए चिंता का सबब बनी हुई है इससे निपटने के लिए विश्व के बड़े देशों को एकजुट होना होगा। यह आयोजन वैश्विक अखंडता और मानवता के हित की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा नक्सलवाद और ड्रग्स का व्यापार भी मनी लॉन्ड्रिंग से बढ़ रहा हैं। इससे निपटना हमारे लिए बड़ी चुनौती हैं। भारत के प्रयास सार्थक, प्रभावी और प्रशंसनीय ईएजी ग्रुप अध्यक्ष यूरी चिकानचिन ने कहा ईएजी ग्रुपों में भारत के प्रयास सार्थक, प्रभावी और प्रशंसनीय हैं। ग्रुप देशों ने विभिन्न सत्रों में बैठक के दौरान टेरर फंडिंग रोकथाम प्रयासों, मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णयों पर चर्चा की गई हैं। उन्होंने कहा भविष्य की चुनौतियों और उनकी रोकथाम के लिए भी बैठक में चर्चा की गई है। यूरेशियन सहित अफ्रीकी देशों सहित विश्व के अन्य क्षेत्रों में आतंकवाद को फंडिंग एक गंभीर चुनौति है। ईएजी ग्रुप की बैठक में तकनीकी और प्रौद्योगिकी के बेहतर उपयोग के संबंध में चर्चा हुई हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत के प्रयास प्रशंसनीय हैं। भारत को ईएजी ग्रुप देशों की बैठक की मेजबानी मिलना गर्व की बात भारत सरकार के वित्त सचिव संजय मल्होत्रा ने आतंकवाद को वित्त पोषण, मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम, पारदर्शी अर्थव्यवस्था के लिए उठाए गए कदमों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा यूरेशियन क्षेत्र में टेरर फंडिंग, मनी लांड्रिंग सहित नई चुनौतियों पर नियंत्रण के लिए ईएजी ग्रुप की महत्वपूर्ण भूमिका हैं। उन्होंने कहा यह हमारे लिए गर्व की बात है कि ईएजी ग्रुप के जो भी देश शामिल है उनमें से कोई भी ग्रे सूची में नहीं है। उन्होंने कहा ग्रुप देशों के बीच बेहतर समन्वय के लिए विशेष प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। भारत को ईएजी ग्रुप देश की बैठक की मेजबानी का अवसर मिला। यह भारत के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा आवश्यकता है कि वर्तमान समय में टेक्नोलॉजी और एआई का उपयोग सुरक्षा के बेहतर उपायों के लिए किया जाए। उन्होंने कहा मनी लांड्रिंग के साथ-साथ फाइनेंशियल फ्रॉड प्रभावित लोगों को असेट्स रिकवरी के लिए भी बेहतर कार्य करने की आवश्यकता है। भारत द्वारा इस क्षेत्र में भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में महापौर इन्दौर पुष्यमित्र भार्गव ने ईएजी अध्यक्ष यूरी चिकानचिन को इंदौर में मौजूद यूरेशियन गार्डन का प्रमाण पत्र भेंट किया। उद्घाटन सत्र का शुभारंभ राज्यपाल पटेल, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। बैठक में केंद्रीय वित्त अतिरिक्त सचिव विवेक अग्रवाल ने कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में ईएजी प्लेनरी देशों के डेलिगेट्स एवं प्रतिनिधि गण उपस्थित थे।  

ईटखेड़ी में 29 नवंबर से दो दिसंबर इज्तिमा का आयोजन, ट्रैफिक व्यवस्था न बिगड़े इसके लिए भोपाल में ट्रैफिक प्लान बनाया

भोपाल राजधानी भोपाल के ईटखेड़ी के घासीपुरा में 29 नवंबर से दो दिसंबर इज्तिमा का आयोजन होने जा रहा है. इज्तिमा में शामिल होने के लिए देश सहित विदेशों से भी बड़ी संख्या में लोग आएंगे. इस दौरान भोपाल की सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग होंगे, ऐसे में सड़कों पर ट्रैफिक पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा. ट्रैफिक व्यवस्था न बिगड़े इसके लिए भोपाल में ट्रैफिक प्लान बनाया गया है. स्टेशन-एयरपोर्ट के लिए जानें रूट भोपाल शहर के मुख्य रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले वाहन रोशनपुरा, लिंक रोड 2, बोर्ड ऑफिस, चेतक ब्रिज से प्रभात चौराहा, 80 फीट रोड होकर प्लेटफार्म-1 की ओर आ सकेंगे. वहीं एयरपोर्ट की ओर से जाने वाले वाहन भदभदा चौराहा, नीलबड़, रातीबड़, संगरिया रोड से खजूरी बाईपास, मुबारकपुर बाईपास होकर एयरपोर्ट जा सकेंगे. यात्री बसों का यह रूट सागर, छतरपुर, दमोह, रायसेन, होशंगाबाद, जबलपुर, छिंदवाड़ा और बैतूल की तरफ से आने वाली बसें 11 मील, मिसरोद, आरएसएस तिराहा, हबीबगंज नाका, सांची दुग्ध संघ होते हुए आईएसबीटी की ओर आवाजाही करेंगी. आईएसबीटी से आगे यात्री बसों का नादरा बस स्टैंड की ओर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा. वहीं इंदौर से भोपाल आने वाली बसें हलालपुर बस स्टैंड का उपयोग करें. इंदौर और उज्जैन की ओर से आने वाली बसें खजूरी बाईपास, बैरागढ़ से हलालपुर बस स्टैंड पर अपनी यात्रा समाप्त करेंगी. हलालपुर बस स्टैंड से आगे लालघाटी की ओर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा. इसके साथ ही गुना, राजगढ़ और ब्यावरा की तरफ से आने वाली बसें श्यामपुर, परवलिया होते हुए मुबारकपुर बाईपास से खजूरी रोड, बैरागढ़ होकर हलालपुर बस स्टैंड की ओर जा सकेगी. विदिशा की ओर से आने वाली बसें सूखी सेवनिया, चोपड़ा बाईपास से भानपुर रोटरी पर समाप्त होंगी. बैरसिया की तरफ से आने वाली बसें गोलखेड़ी से तारा सेवनिया, परवलिया रोड, मुबारकपुर बाईपास, खजूरी बाईपास से बैरागढ़ हलालपुर बस स्टैंड पर समाप्त होंगी. एक दिसंबर को भारी वाहनों की व्यवस्था एक दिसंबर रात 10 बजे से भोपाल के सीमावर्ती जिलों से शहर में सभी प्रकार के भारी मालवाहक वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से बंद रहेगा. इंदौर और सीहोर की तरफ से आने वाली भारी मालवाहक वाहन भोपाल में प्रवेश नहीं कर सकेंगे. इन्हें सीहोर जिले की सीमा पर रोका जाएगा या डायवर्ट कर दिया जाएगा. गुना और राजगढ़ की ओर से आने वाले वाहनों को ब्यावर पर रोककर श्यामपुर और सीहोर के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा. रायसेन, सलामतपुर और मंडीदीप से आने वाले भारी वाहनों को मंडीदीप और रायसेन सीमा पर रोका जाएगा. इंदौर की ओर से आने वाले हल्के वाहन, जो होशंगाबाद जाना चाहते हैं, वे सीहोर से झागरिया, भदभदा, डिपो चौराहा, माता मंदिर, लिंक रोड नंबर 2, बीजेपी कार्यालय और मानसरोवर होते हुए मिसरोद रोड की ओर जा सकेंगे. बैरसिया से भोपाल की तरफ आने वाले आम यात्री वाहन गुलखेड़ी, राताताल, तारा सेवनिया और परवलिया होते हुए भोपाल में प्रवेश कर सकेंगे. इज्तिमा में पार्किंग व्यवस्था     सीहोर, राजगढ़ की ओर से आने वाले वाहन मुबारकपुर चौराहा से मीना चौराहा बाईपास होकर निर्धारित इज्तिमा पार्किंग में अपना वाहन पार्क कर सकेंगे.     भोपाल शहर की ओर से आने वाले वाहन लाम्बाखेड़ा बाईपास चौराहा होकर निर्धारित इज्तिमा पार्किंग में अपना वाहन पार्क कर सकेंगे.     बैरसिया की ओर से आने वाले वाहन गोल खेड़ी जोड़ होकर निर्धारित इज्तिमा पार्किंग में अपना वाहन पार्क कर सकेंगे.  

स्वीकृत योजना में सीवरेज, जलप्रदाय, वाटर बॉडी, ग्रीन स्पेस निर्माण कार्यों के लिए मुख्य रूप से मंजूरी दी गई

अमृत 2.0 में 1146 प्रोजेक्टस् पर कार्य भोपाल नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय की राज्य स्तरीय तकनीकी समिति की 49वीं बैठक में अमृत 2.0 योजना में 558 करोड़ 17 लाख रूपये के डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) का अनुशंसा के बाद तकनीकी अनुमोदन कर दिया है। यह बैठक बुधवार को आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास, भरत यादव की अध्यक्षता में हुई। बैठक में तकनीकी समिति की अनुशंसा के बाद अनुमोदन दिया गया। स्वीकृत योजना में सीवरेज, जलप्रदाय, वाटर बॉडी, ग्रीन स्पेस निर्माण कार्यों के लिए मुख्य रूप से मंजूरी दी गई। समिति ने सांवेर शहर की सीवरेज परियोजना की दर स्वीकृति पर भी विचार किया। प्रदेश में 418 नगरीय निकायों में अमृत 2.0 के तहत 11,778 करोड़ रूपये लागत के 1146 प्रोजेक्ट्स पर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये सीवरेज और उनके प्रबंधन का कवरेज बढ़ाने पर लगातार कार्य किया जा रहा है। शहरों में उपलब्ध जल स्वच्छ रहे इसके लिये स्वच्छ जल को सुरक्षित करने के प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इस बात पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि जल स्त्रोतों में गंदा पानी न मिले। नदियों और तालाबों के पानी में गंदे नालों का पानी न मिले, इसके लिये शहरी क्षेत्रों में सीवरेज की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश में अमृत 2.0 में जल प्रदाय की 417 परियोजनाओं में से 210 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। इन परियोजनाओं में से 199 का कार्य प्रगति पर है। चयनित शहरों में स्वच्छ पर्यावरण के लिये 390 पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इनमें से 54 पार्क, जिनकी कुल लागत 12 करोड़ 81 लाख रूपये है, उनका निर्माण पूरा किया जा चुका है। प्रदेश में सीवरेज की स्वीकृत 36 परियोजनाओं में से एक परियोजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। साथ ही 16 करोड़ रुपये लागत की 25 वॉटर बॉडी परियोजनाओं का कार्य पूरा किया जा चुका है। प्रदेश मे 272 वॉटर बॉडी प्रोजेक्ट का कार्य प्रगति पर है।  

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