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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- बेटी और बहनों की सुरक्षा एवं सम्मान, समाज के हर व्यक्ति की है जिम्मेदारी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए संचालित किए जा रहे विशेष जागरूकता अभियान “हम होंगे कामयाब” पखवाड़े को सफल बनाने की अपील की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जारी अपने संदेश में कहा है कि हमारी बेटियों और बहनों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना आवश्यक है। बेटियों और बहनों की सुरक्षा और सम्मान केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। इस दृष्टि से 25 नवम्बर से 19 दिसम्बर तक “हम होंगे कामयाब” पखवाड़ा मनाने जा रहे हैं। इसमें पुरूष वर्ग की भूमिका ज्यादा अहम है। पुरूष अपनी सोच और व्यवहार में बदलाव लाकर समाज में फैले नकारात्मक दृष्टिकोण को चुनौति दे सकते हैं, जो महिलाओं के प्रति हिंसा का मुख्य कारण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सब पुरूषों की जिम्मेदारी है कि हम अपने समाज और परिवार में अपनी माता-बहनों को सुरक्षित रखें और उनकी चिंता करें। हमें जन्म से ही घर में लड़कों को यह सिखाना होगा कि हर बेटी और महिला का सम्मान करें। बेटियों के साथ शारीरिक हिंसा या शोषण न हो, इसकी चिंता करें और उन्हें अपने बराबर का समझें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह आवश्यक है कि माता-पिता अपने बच्चों को जागरूक करें और महिलाओं पर होने वाली हिंसा का विरोध करें। साथ ही समाज और परिवार में सभी समानता का माहौल बनाएं। बेटे-बेटी और महिला- पुरूष का भेदभाव समाप्त होना चाहिए। महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए समाज, सरकार और कानून सभी का समान रूप से सहयोग आवश्यक है। तभी हम एक बेहतर समाज का निर्माण कर सकेंगे। जहां हर महिला और हर बहन सुरक्षित होगी और अपने सपनों को साकार कर सकेगी। चाइल्ड लाइन 1098 या महिला हेल्प लाइन 181 पर कर सकते हैं डायल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यदि किसी को मदद की जरूरत हो तो तुरंत चाइल्ड लाइन 1098 या महिला हेल्प लाइन 181 पर डायल कर सकते हैं। डायल 100 पर भी सम्पर्क कर मदद ली जा सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी की इज्जत करते हुए विशेष रूप से माता और बहनों के प्रति समाज के योगदान को कभी नहीं भूलेगी। सरकार महिलाओं के साथ सदैव खड़ी दिखाई देगी। आईए हम सब मिलकर “हम होंगे कामयाब” पखवाड़े को सफल बनाएं। पखवाड़ा अंतर्गत होंगी अनेक जागरूकता गतिविधियाँ “हम होंगे कामयाब” पखवाड़े में लगातार 15 दिन विभिन्न विभागों के समन्वय से जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जायेंगी। पखवाड़े के प्रथम दिन राज्य स्तरीय दो दिवसीय जेंडर संवेदीकरण कंसल्टेशन कार्यक्रम होगा, जिसमें सभी जिलों के संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी वर्चुअल शामिल होंगे। दूसरे दिन युवाओं के साथ “जेन्डर आधारित हिंसा” पर संवाद और ‘जेन्डर आधारित हिंसा का मनो-वैज्ञानिक प्रभाव’ विषय पर चर्चा होगी। साथ ही जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर जेंडर संवेदनशीलता और जेन्डर आधारित मुद्दों से निपटने पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, बाल देखभाल संस्थान के कर्मचारियों, वन स्टॉप सेंटर, शक्ति सदन, शौर्य दल और शक्ति निवास तथा ऊर्जा महिला डेस्क कर्मियों के लिये वेबिनार एवं कार्यशाला होगी। पखवाड़े के तीसरे दिन 27 नवम्बर को जिला, विकासखण्ड एवं ग्राम स्तर पर बाल विवाह निषेध अधिनियम और इन कानूनों के उल्लंघन के कानूनी परिणामों पर वेबिनार और सत्र का आयोजन और बाल विवाह मुक्त भारत की प्रतिज्ञा दिलाई जायेगी। इसी क्रम में महिलाओं के अधिकारों, हेल्पलाइन और SHE BOX पोर्टल के प्रति जागरुकता लाने, पास्को, घरेलु हिंसा और बाल विवाह निषेध जैसे प्रमुख कानूनों का प्रचार-प्रसार संचार के विभिन्न माध्यमों से किया जायेगा। जिला, विकासखण्ड और ग्राम स्तर पर घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम पर संवाद कार्यक्रम होंगे। घरेलू हिंसा की रिपोर्ट करने और उपलब्ध सहायता सेवाओं तक पहुंचने के महत्व पर केन्द्रित गतिविधियाँ होगी। इसके अतिरिक्त कानूनी जागरूकता संबंधी कार्यशाला के साथ सेमिनार, संवाद, काव्य प्रतियोगिता, पीसी और पीएनडीटी एक्ट के प्रति जागरूकता लाने रैली, चित्रकला प्रतियोगिता और सामुदायिक चर्चाएँ होगी। पखवाड़े अंतर्गत समुदाय जेंडर उन्मुखीकरण, संस्थागत संबंधों को मजबूत करना, सकारात्मक मर्दागनी पुरुषत्व विषय पर संवेदीकरण, आपातकालीन हेल्पलाइन एवं साइबर सुरक्षा पर जागरूकता, कार्यस्थल पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से सुरक्षा, साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल साक्षरता के प्रति जानकारी देकर जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जायेंगी। पखवाड़े के अंतिम दिन राज्य स्तरीय समापन कार्यक्रम होगा, जिसमें स्थानीय जन-प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। साथ ही सभी जिलों से अधिकारी वर्चुअल शामिल होंगे।  

ग्वालियर में मोहन सर्कार ने मंदिर की 100 करोड़ की जमीन को बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण मुक्त कराया

ग्वालियर रविवार को मध्य प्रदेश में जमकर बुलडजोर गरजा है। ग्वालियर के मध्य तारागंज कोटा लश्कर स्थित श्री रामजानकी मंदिर ट्रस्ट की लगभग पौने नौ बीघा सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की है। 100 करोड़ रुपए कीमत की इस जमीन पर बनी बाउंड्री वॉल और अन्य अतिक्रमण बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। जमीन को कब्जा करने के बाद प्लॉटिंग कर बेचने की तैयारी चल रही थी, जिसे प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर नेस्तनाबूत कर दिया। बीते 18 नवंबर को कलेक्टर रुचिका चौहान ने ट्रस्ट की जमीन का निरीक्षण किया था। इस मंदिर से जुड़ी माफी औकाफ की जमीन पर बाउंड्री वॉल पाए जाने पर उन्होंने बाउंड्रीवॉल बनाने वाले के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। एसडीएम लश्कर नरेंद्र बाबू यादव के नेतृत्व में श्री रामजानकी मंदिर ट्रस्ट की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। उन्होंने बताया इस जमीन पर मनोहरलाल भल्ला ने बाउंड्री वॉल बना ली थी।वह प्लाट बेचने की तैयारी में था। जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई कर न केवल बेशकीमती सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया है, बल्कि बहुत से भोले-भाले लोगों को प्लाट की जालसाजी में फंसने से भी बचाया है। क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक प्रदीप महाकाली और पटवारी इकबाल खान की रिपोर्ट पर नायब तहसीलदार डॉ. रमाशंकर सिंह के न्यायालय में मध्यप्रदेश भू-संहिता की धारा-248 के तहत प्रकरण दर्ज किया था। इस प्रकरण में विधिवत आदेश पारित कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है। इसमें 100 रुपए की कीमत की जमीन को कब्जा मुक्त करवाया गया है। अतिक्रमण हटाने के लिए गई टीम में तहसीलदार ग्वालियर, शिवदत्त कटारे और नायब तहसीलदार डॉ. रमाशंकर सिंह, नगर निगम के मदाखलत अधिकारी शकेशव सिंह चौहान के साथ थाना प्रभारी, विपेंद्र सिंह चौहान सहित क्षेत्रीय आरआई, पटवारी और नगर निगम के कर्मचारी शामिल थे।

इंदौर-दाहोद रेल लाइन ने पकड़ी रफ्तार, गुणावद से धार के बीच अर्थवर्क का काम चल रहा,आधे हिस्से में बिछाया गया ट्रैक

इंदौर इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ ली है। टिही से गुणावद तक अर्थवर्क पूरा हो चुका है। वहीं गुणावद से धार के बीच अर्थवर्क का काम चल रहा है। रतलाम मंडल द्वारा प्रोजेक्ट के इस हिस्से को मार्च-2025 तक पूरा किया जाना था, लेकिन इस सेक्शन में बन रहे आरओबी निर्माण में हो रही देरी से मई-2025 तक यह सेक्शन ट्रेन संचालन के लिहाज से तैयार हो पाएगा। उल्लेखनीय है कि साल 2008 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट का काम साल 2013 में शुरू हुआ था। वर्तमान में 205 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट में अलग-अलग हिस्सों में काम चल रहा है। इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन प्रोजेक्ट (205 किमी) को इंदौर-टिही (29 किमी), टिही-गुणावद (28 किमी), गुणावद-नौगाव (14 किमी), धार-अमझेरा (20 किमी), अमझेरा-सरदारपुर (20 किमी), सरदारपुर-झाबुआ (60 किमी) अलग-अगल सेक्शन में बांटकर काम किया जा रहा है। इंदौर-टिही और दाहोद-कतवारा सेक्शन का काम पूरा हो चुका है। फिलहाल रेलवे टिही-गुणावद-नौगांव (धार) सेक्शन पर तेजी से काम कर रहा है। इस सेक्शन में नौ आरओबी बनने हैं। वर्तमान में टिही के पास टनल का काम तकरीबन पूरा होने को है। टिही से गुणावद तक अर्थवर्क पूरा हो चुका है। करीब 60 फीसदी हिस्से में पटरी भी बिछाई जा चुकी है। मार्च 2025 तक ट्रेन चलाने का लक्ष्य गुणावद रेलवे स्टेशन, यार्ड आदि का काम भी शुरू हो चुका है। वहीं गुणावद से नौगांव के बीच अर्थवर्क का काम तकरीबन पूरा हो चुका है। रतलाम मंडल ने पूर्व में इंदौर-नौगांव के बीच मार्च-2025 तक ट्रेन संचालन का लक्ष्य रखा था, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते यह काम मई-2025 तक पूरा होगा। इधर दाहोद के पास कतवारा से झाबुआ के बीच भी पटरी बिछाने का काम हो रहा है। पूरी परियोजना को 2026 तक पूरा करना है इस परियोजना का एक बड़ा हिस्सा आदिवासी अंचल को रेल सेवाओं से जोड़ेगा। इस लिहाज से यह परियोजना रेलवे के साथ गुजरात और मप्र राज्य के लिए भी काफी अहम है। इसलिए इसे अलग-अलग हिस्सों में बांटकर काम किया जा रहा है। परियोजना में सागौर, गुणावद, नौगांव, झाबुआ, पिटोल में नए रेलवे स्टेशन भवन, प्लेटफार्म आदि का निर्माण शुरू कर दिया है। पूरी परियोजना को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

कन्या महाविद्यालय में एनसीसी दिवस पर प्रेरक और जीवंत कार्यक्रमों का आयोजन हुआ

विदिशा एनसीसी दिवस के अवसर पर आज राजमाता विजयाराजे सिंधिया शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय विदिशा में एक प्रेरक और जीवंत कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।कार्यक्रम में कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विकास गुप्ता सौर्य चक्र 14 एमपी बटालियन एनसीसी विदिशा के मार्गदर्शन में आयोजित उक्त कार्यक्रम में यह उत्सव, सीखने और सौहार्द का दिन है जिसमें सोच-समझकर नियोजित गतिविधियों की एक श्रृंखला थी। जिसने उपस्थित सभी लोगों पर एक स्थायी छाप छोड़ी।   कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत पारंपरिक सरस्वती पूजा के साथ हुई, जिसमें ज्ञान और शिक्षा की देवी का आशीर्वाद लिया गया जिसमें महाविद्यालय स्टाफ और कैडेटों ने पूर्ण तन्मयता से सहभागिता निभाई है। कार्यक्रम में  जीवंत सांस्कृतिक प्रदर्शनों का एक क्रम आयोजित किया गया, जिसमें कैडेटों की प्रतिभा का प्रदर्शन किया गया। कैडेट्स द्वारा लोक नृत्य, मधुर गीत की प्रस्तुति दी गई।महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. नीता पांडे ने कैडेट्स से कहा कि आत्मविश्वासी नागरिकों को आकार देने में एनसीसी के महत्व को नकारा नहीं जा सकता है। उन्होंने जीवन में समय का सब काम हो इसके लिए पाबंद किया है।      एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. विनीता प्रजापति ने कैडेट्स की उपलब्धियों को साझा किया। साथ ही प्रोफेसर रवि रंजन (राजनीति विज्ञान विभाग) द्वारा विशेष सशक्त भाषण के साथ सभा को उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। हवलदार गणेश घाडगे ने अपनी व्यावहारिक अंतर्दृष्टि और उपाख्यानों के साथ कैडेटों को अपने जीवन में अनुशासन और दृढ़ संकल्प को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।    कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स के साथ-साथ महाविद्यालय की छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिन्होंने अनुशासन और उत्साह का प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों के बीच एकता और नेतृत्व की भावना पैदा करने के लिए इंटरैक्टिव सत्र और टीम-निर्माण गतिविधियां आयोजित की गई। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

मालवा में पर्याप्त मात्रा में बरसात होने से किसानों ने गेहूं की बोवनी को प्राथमिकता दी, गेहूं के रेट में 150 रुपये की आई मंदी

उज्जैन इस वर्ष उज्जैन जिले में गेहूं को बोवनी का रकबा बढ़ गया है। करीब 4.50 लाख हेक्टेयर में बोवनी की गई है। 90 फीसद खेतों में बीज बो दिया गया है। बोवनी के बाद गेहूं में करीब 150 रुपये क्विंटल की मंदी आ गई। मालवा में पर्याप्त मात्रा में बरसात होने से किसानों ने गेहूं की बोवनी को प्राथमिकता दी है। चने को बोवनी मात्र 10 हजार हेक्टेयर में की गई है। गेहूं का रकबा 4.50 लाख हेक्टेयर हो गया है। बीते सप्ताह तक गेहूं-बीज की मांग जबरदस्त होने से भाव काफी तेज थे। चमक वाला गेहूं 3500 रुपया क्विंटल बिक रहा था, लेकिन बीज के गेहूं की मांग समाप्त होते ही भाव में करीब 150 रुपया की मंदी आ गई। क्योंकि देशावर में मांग कमजोर है। मिल क्वालिटी के भाव भी कम हो गए हैं। आटा मिल वालों के उत्पाद आटा, रवाई, मैदा में भी बिक्री कम हो गई है। इस वर्ष सीजन से अब तक गेहूं में 500 से 600 रुपये क्विंटल की तेजी रही। स्टाकिस्टों को गेहूं का स्टॉक फलीभूत हो गया। अधिक उत्पादन वाले गेहूं की बोवनी अधिक किसानों की माने तो इस बार अधिक उत्पादन वाली किस्म के गेहूं की बोवनी ज्यादा की गई। हालांकि यह गेहूं उत्पादन वाले गेहूं लोकवन, पूर्णा, शरबती किस्म से काफी कम भाव में बिकता है। किसानों के अनुसार अब हर क्षेत्र में पानी की उपलब्धता पर्याप्त होने से पोषक, मालवराज, तेजस, 513 किस्म की बोवनी काफी की गई है। बनिस्बत अन्य किस्म के। इस बार भी इस क्वालिटी के गेहूं बीज की मांग काफी रही। तेजी भी सीजन से ऑफ सीजन तक इस गेहूं में ही जबदस्त आई है। स्टॉक के डर ने मंदी ला दी बता दे केंद्र सरकार के पास गेहूं का कम स्टॉक है। ऐसे में बीते 6 माह ओपन सेल स्कीम के तहत इन लाइन गेहूं नहीं बेच पा रही है। गरीब उपभोक्ताओं को भी गेहूं की जगह चावल खिला रही है। ऐसे में बीते महीने तक गेहूं के भाव में काफी तेजी रही, लेकिन सरकार ने स्टाक सीमा लागू कर रखी है। इस डर से आटा प्लाट व बड़े स्टॉकिस्टों ने अपना स्टॉक बेचना शुरू कर दिया, जबकि लेवाली कमजोर है। नतीजतन इस सप्ताह मंदी आ गई।

मन की बात कार्यक्रम में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के लिए इन्दौर की हुई प्रशंसा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में मध्यप्रदेशवासियों द्वारा सामूहिक प्रयासों से पर्यावरण-संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की है। यह निश्चित रूप से सभी के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के “मन की बात” कार्यक्रम से सदैव कुछ नया करने की प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री श्री मोदी के “मन की बात” कार्यक्रम के 116 वां संस्करण सुनने के बाद यह विचार व्यक्त किए। इंदौर की रेवती हिल्स इलाके में हुए पौधरोपण का हुआ उल्लेख रविवार 24 नवंबर को प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान अंतर्गत इंदौर में पेड़ लगाने के बने रिकॉर्ड का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के इंदौर में अभियान अंतर्गत 24 घंटे में 12 लाख से ज्यादा पेड़ लगाए गए। अभियान में हुई जन-सहभागिता से इंदौर की रेवती हिल्स का बंजर इलाका अब ग्रीन जोन में बदल जाएगा। डिजिटल अरेस्ट नाम का सरकार में कोई भी प्रावधान नहीं प्रधानमंत्री श्री मोदी ने डिजिटल क्रांति में बुजुर्गों को भागीदार बनाने के लिए युवाओं द्वारा की जा रही पहल के अंतर्गत भोपाल के महेश का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपने मोहल्ले के कई बुजुर्गों को मोबाइल के माध्यम से पेमेंट करना सिखाया है। इन बुजुर्गों के पास स्मार्टफोन तो था, लेकिन उसका सही उपयोग बताने वाला कोई नहीं था। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आहवान किया कि बुजुर्गों को डिजिटल अरेस्ट के खतरे से बचाने के लिए भी युवा आगे आएं। उन्होंने यह भी कहा कि हमें बार-बार लोगों को समझना होगा कि डिजिटल अरेस्ट नाम का सरकार में कोई भी प्रावधान नहीं है। यह सरासर झूठ है, लोगों को फसाने का एक षड्यंत्र है। यह प्रसन्नता का विषय है कि देश के युवा जागरूकता के इस काम में पूरी संवेदनशीलता से हिस्सा ले रहे हैं और दूसरों को भी प्रेरित कर रहे हैं। 11-12 जनवरी को दिल्ली में होगा विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि ‘मन की बात’ देश के सामूहिक प्रयासों,  उपलब्धियों, जन-जन के सामर्थ्य,  युवा सपनों और देश के नागरिकों की आकांक्षाओं की बात है। उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में एनसीसी से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि यह किसी भी कैरियर के लिए व्यक्तित्व निर्माण में सहायक है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बताया कि 11-12 जनवरी को दिल्ली में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग का आय़ोजन हो रहा है। इसमें गांव, ब्लॉक, जिलों, राज्यों से लगभग दो हजार युवा भाग लेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि समाज को सशक्त बनाने में पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। युवाओं को भी किताबों से दोस्ती करने के लिए पहल करना चाहिए। उन्होंने ओरल हिस्ट्री प्रोजेक्ट के संबंध में भी चर्चा की। पर्यावरण-संरक्षण और स्वच्छता के प्रति संवेदनशीलता जरूरी प्रधानमंत्री श्री मोदी ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील होने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बायोडायवरसिटी बनाए रखने में गौरेया (स्पेरो) पक्षी का विशेष महत्व है। इस पक्षी की वापसी के लिए विभिन्न राज्यों में अनोखे प्रयास हो रहे हैं। अपने आसपास और सभी के ऐसे प्रयास करने से गौरेया फिर से हमारे जीवन का हिस्सा बन सकती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सरकारी दफ्तरों में पुरानी फाइलों और स्क्रेप को हटाने के लिए चलाए गए विशेष स्वच्छता अभियान का उल्लेख भी किया तथा प्लास्टिक वेस्ट और अनुपयोगी समझीं जाने वाली चीजों को री-साईकल कर कचरे से कंचन बनाने के विचार को अमल में लाने की अपील भी की।  

एमआर-11 पर उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने प्रेमचंद बकौलिया के घर से टकरा गई, होटल के डायरेक्टर की मौत

इंदौर होटल शेरेटन ग्रैंड पैलेस के डायरेक्टर (फूड एंड बेवरेजेस) मनीष तिवारी की देर रात सड़क हादसे में मौत हो गई। मनीष कार से घर लौट रहे थे तभी एमआर-11 पर उनकी तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर दो घरों की दीवार तोड़ते हुए बिजली के खंभों से टकराई और फिर एक घर की दीवार और पेड़ के बीच में जाकर अटक गई। सिर, सीने और चेहरे पर गंभीर चोट लगने के कारण मनीष की मौके पर ही मौत हो गई। लसूड़िया टीआइ तारेश सोनी के मुताबिक घटना शुक्रवार रात तीन बजे की है। होटल में इवेंट समाप्त होने के बाद मनीष कार केए 53एमजे 1297 से अपने घर प्लाजा रेसिडेंसी जा रहे थे। निपानिया कांकड़ क्षेत्र में एमआर-11 पर उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने प्रेमचंद बकौलिया के घर से टकरा गई। गाड़ी की रफ्तार इतनी अधिक थी कि सबसे पहले बिजली के खंभों से टकराई जिससे दोनों खंभे मुड़कर झुक गए। कार के एयरबैग भी फट गए थे इसके बाद भी कार नहीं रुकी और खंभों पर चढ़ते हुए बकौलिया के घर की दीवार तोड़ते हुए 90 डिग्री घूम गई। इसके बाद घर के बाहर लगे पेड़, दीवार और बिजली के खंभों में जाकर अटक गई। कार के सभी एयरबैग खुल गए लेकिन टक्कर के कारण एयरबैग भी फट गए और मनीष उसी में फंसे रह गए। प्रत्यक्षदर्शी अमर त्रिपाठी के मुताबिक पुलिस और लोगों की मदद से दरवाजे तोड़कर मनीष को बाहर निकाला और एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया। डॉक्टर ने उन्हें देखते ही मृत घोषित कर दिया। मूलत: मोनाबोली छपरा (बिहार) निवासी 36 वर्षीय मनीष पुत्र रवींद्रनाथ तिवारी ने छह महीने पूर्व ही होटल में नौकरी शुरू की थी। पौन घंटे बाद पहुंची एंबुलेंस, अटेंडर मृत बताकर जाने लगा प्रत्यक्षदर्शी अमर त्रिपाठी के मुताबिक कार में तेज आवाज में गाने बज रहे थे। चालक सीट बेल्ट लगाए हुए था। टकराने की तेज आवाज सुनकर बाहर निकले तो कार चालक फंसा हुआ था। बिजली के खंभे मुड़ने के कारण लाइट बंद हो गई थी। सुरक्षा के लिहाज से बकौलिया के बच्चों को घर से बाहर निकाला। रहवासियों ने तुरंत पुलिस को काल लगाया। बीट में भ्रमण कर रहे पुलिसकर्मी तत्काल मौके पर आ गए लेकिन एंबुलेंस-108 ने आने में देर लगा दी। करीब पौन घंटे बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची। ऑपरेटर ने पहले तो फोन होल्ड पर रखा। काफी देर बाद बात हुई तो ऑपरेटर खुद अपनी तबीयत खराब बताकर आने में आनाकानी करने लगा। पौन घंटे बाद एंबुलेंस मौके पर आई लेकिन अटेंडर ने कहा कार चालक की मौत हो गई है। शव ले जाने की अनुमति नहीं है। इतना कहकर वह जाने लगा तो उसे पुलिसवालों ने पकड़ा। 200 मीटर दूर लहराई, बैरिकेड से टकराई पुलिस के मुताबिक मनीष की कार बहुत तेज रफ्तार में थी। मनीष बायपास से होटल गोल्डन लिव्स के पास वाले रास्ते से एमआर-11 की ओर आए थे। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक करीब 200 मीटर दूर से कार असंतुलित हुई थी। उसने सबसे पहले सड़क किनारे रखे बैरिकेड को उड़ाया। मनीष ने कार संभाली और एक बिजली के खंभे से बचा ली लेकिन पुन: संतुलन बिगड़ा और अंकिता के घर की दीवार तोड़ते हुए प्रेमचंद के घर में घुस गई। बकोलिया के बेटे रवि और योगेश चंचल किराना के नाम से दुकान चलाते हैं। कार ने दुकान को चपेट में ले लिया था।

एमपी में रामनिवास रावत लड़े थे उपचुनाव, मिली हार, अब दिया मंत्री पद से इस्तीफा, कतार में BJP के ये नेता शामिल

भोपाल मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार के वन मंत्री रामनिवास रावत ने उपचुनाव हारते ही मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. अब एक बार फिर मंत्री पद की दौड़ में शामिल कई विधायक सक्रिय हो गए हैं. हालांकि, जब तक किसी और के पास वन मंत्री का प्रभार नहीं जाता है, तब तक यह जिम्मेदारी भी मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के पास रहेगी. कांग्रेस से छह बार विधायक रहे रामनिवास रावत भारतीय जनता पार्टी में आते ही वन मंत्री बना दिए गए थे. अब उन्होंने उपचुनाव लड़ा था, जिसमें उनकी हार हो गई. जैसे ही चुनावी परिणाम सामने आया, वैसे ही वन मंत्री रामनिवास रावत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. वन मंत्री के  को लेकर बीजेपी में उस समय भी घमासान मच गया था, जब रामनिवास रावत को जिम्मेदारी मिली थी. मोहन मंत्रिमंडल में 30 मंत्री डॉक्टर मोहन यादव मंत्रिमंडल में वर्तमान में 31 मंत्री थे जबकि अब एक इस्तीफे के बाद मंत्रियों की संख्या 30 रह गई है. वन मंत्री के इस्तीफा देने के बाद उनका प्रभार मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के पास पहुंच गया है. अब जब नए वन मंत्री बनाए जाएंगे तब जिम्मेदारी मुख्यमंत्री से अलग हो पाएगी. डॉ मोहन यादव सरकार में दो उपमुख्यमंत्री, 18 कैबिनेट मंत्री, छह राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और चार राज्य मंत्री बनाए गए थे. मध्य प्रदेश विधानसभा सदस्यों की संख्या के मुताबिक, बीजेपी सरकार में 34 मंत्री बनाए जा सकते हैं, जबकि वर्तमान में मंत्रियों की संख्या 31 थी. अब वन मंत्री के इस्तीफा देने के बाद मंत्रियों की संख्या 30 ही रह गई है. भारतीय जनता पार्टी के एक दर्जन से ज्यादा विधायक मंत्री पद की दौड़ में शामिल है. इनमें केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित सिंधिया गुट के विधायक भी शामिल है. इन पूर्व मंत्रियों के नाम पर चर्चा भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी में संगठन तय करता है की जिम्मेदारी किसे दी जानी है. अभी तक मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर कोई भी जानकारी नहीं है. वैसे तो भारतीय जनता पार्टी में कई सीनियर विधायक मंत्री पद की दौड़ में शामिल माने जा रहे हैं, लेकिन प्रमुख रूप से पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह, संजय पाठक के नाम की चर्चा है. हालांकि, नागर सिंह चौहान को भी वन मंत्री का प्रभार वापस दिया जा सकता है. नागर सिंह चौहान से ही वन मंत्री का पद लेकर रामनिवास रावत को दिया गया था जिसके बाद नागर सिंह चौहान ने नाराजगी भी जताई थी. इसके अलावा देवास सहित कई ऐसे जिले भी हैं जहां पर सिंधिया गुट के विधायक मंत्री पद की दौड़ में शामिल है.  

इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ी रफ्तार, आधे हिस्से में बिछाया गया ट्रैक

इंदौर. इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ ली है। टिही से गुणावद तक अर्थवर्क पूरा हो चुका है। वहीं गुणावद से धार के बीच अर्थवर्क का काम चल रहा है। रतलाम मंडल द्वारा प्रोजेक्ट के इस हिस्से को मार्च-2025 तक पूरा किया जाना था, लेकिन इस सेक्शन में बन रहे आरओबी निर्माण में हो रही देरी से मई-2025 तक यह सेक्शन ट्रेन संचालन के लिहाज से तैयार हो पाएगा। उल्लेखनीय है कि साल 2008 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट का काम साल 2013 में शुरू हुआ था। वर्तमान में 205 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट में अलग-अलग हिस्सों में काम चल रहा है। इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन प्रोजेक्ट (205 किमी) को इंदौर-टिही (29 किमी), टिही-गुणावद (28 किमी), गुणावद-नौगाव (14 किमी), धार-अमझेरा (20 किमी), अमझेरा-सरदारपुर (20 किमी), सरदारपुर-झाबुआ (60 किमी) अलग-अगल सेक्शन में बांटकर काम किया जा रहा है। करीब 60 फीसदी हिस्से में पटरी बिछाई गई इंदौर-टिही और दाहोद-कतवारा सेक्शन का काम पूरा हो चुका है। फिलहाल रेलवे टिही-गुणावद-नौगांव (धार) सेक्शन पर तेजी से काम कर रहा है। इस सेक्शन में नौ आरओबी बनने हैं। वर्तमान में टिही के पास टनल का काम तकरीबन पूरा होने को है। टिही से गुणावद तक अर्थवर्क पूरा हो चुका है। करीब 60 फीसदी हिस्से में पटरी भी बिछाई जा चुकी है। मार्च 2025 तक ट्रेन चलाने का लक्ष्य गुणावद रेलवे स्टेशन, यार्ड आदि का काम भी शुरू हो चुका है। वहीं गुणावद से नौगांव के बीच अर्थवर्क का काम तकरीबन पूरा हो चुका है। रतलाम मंडल ने पूर्व में इंदौर-नौगांव के बीच मार्च-2025 तक ट्रेन संचालन का लक्ष्य रखा था, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते यह काम मई-2025 तक पूरा होगा। इधर दाहोद के पास कतवारा से झाबुआ के बीच भी पटरी बिछाने का काम हो रहा है। पूरी परियोजना को 2026 तक पूरा करना है इस परियोजना का एक बड़ा हिस्सा आदिवासी अंचल को रेल सेवाओं से जोड़ेगा। इस लिहाज से यह परियोजना रेलवे के साथ गुजरात और मप्र राज्य के लिए भी काफी अहम है। इसलिए इसे अलग-अलग हिस्सों में बांटकर काम किया जा रहा है। परियोजना में सागौर, गुणावद, नौगांव, झाबुआ, पिटोल में नए रेलवे स्टेशन भवन, प्लेटफार्म आदि का निर्माण शुरू कर दिया है। पूरी परियोजना को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

निर्माण कार्यो का लोकापर्ण एवं भूमिपूजन जन प्रतिनिधियों से कराया जाना सुनिश्चित करे :कलेक्टर

सिंगरौली. कलेक्टर चन्द्रशेखर शुक्ला के अध्यक्षता में कलेक्टर के निधारित सीड्यूल के तहत कलेक्ट्रेट सभागार में निर्माण विभागो की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक के प्रारंभ में कलेक्टर द्वारा जिला में चल रहे निर्माण कार्यो की प्रगति की जानकारी विभावार लेने के पश्चात निर्देश दिये कि चल रहे निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण करायें। कलेक्टर ने कहा कि ऐसे संविदाकार जिनके द्वारा निर्माण कार्य में लापरवही की जा रही है उनके विरूद्ध कार्यवाही प्रस्तावित करे। तथा सभी निर्माण अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि कार्यो का लोकापर्ण एवं भूमि पूजन जन प्रतिनिधियों से कराया जायें। कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियो को इस आशय के निर्देश दियें कि नवीन निर्माण कार्यो के लिए जमीन आवंटन हेतु आवेदन की प्रक्रिया तत्काल करे। यदि किसी प्रकार का अवरोध या अतिक्रमण  है तो तत्काल संबंधित अधिकारी से सम्पर्क इसे हटायें जाने की कार्यवाही करे। कलेक्टर ने सीएम हेल्प लाईन में लंबित शिकायतो को समय सीमा के अंदर निराकरण करने के निर्देश दियें। उन्होने गोड़ परियोजना के कार्य में प्रगति लाने के निर्देश संबंधित अधिकारी को दियें। साथ ही ऐसे अधिकारी जो बैठक में अनुपस्थित है उनके विरूद्ध नोटिस जारी करने के निर्देश दिये ।बैठक के अंत में निर्देश दिया गया कि कार्य के गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी मिलने पर संबंधित एजेसी के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी। बैठक के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेन्द्र सिंह नागेश, कार्यपालन ंयत्री लोक निर्माण विभाग विनोद चौरसिया, कार्यपालन यंत्री पीआईयू प्रदीप चडार, अलोक मिश्रा, मनोज बाथम सहित संबंधित विभागो के सहायक एवं उपयंत्री उपस्थित रहे।

थाना सिविल लाइन पुलिस ने सागर रोड में हुई लूट का किया खुलासा

मातगुंवा. 19 नवंबर को फरियादी विकास नामदेव निवासी ग्राम बरद्वाहा थाना मातगुंवा की सागर रोड एटीएम से पैसे निकालने पश्चात तीन अज्ञात आरोपियों द्वारा मोटरसाइकिल रोक कर लूट करने संबंधी रिपोर्ट पर थाना सिविल लाइन में भारतीय न्याय संहिता के तहत लूट का अपराध पंजीबद्ध किया गया था। पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए गए, साथ ही छतरपुर नगर एवं आसपास के क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।   थाना सिविल लाइन पुलिस टीम ने एकत्रित साक्ष्य एवं जानकारी के आधार पर लूट मे शामिल तीनों आरोपियों उद्देश्य उर्फ शिवम ताम्रकार पिता चंद्रहास ताम्रकार नि. केशवगंज वार्ड थाना मोतीनगर सागर (म.प्र.), संजय सोनी पिता मुरारी लाल सोनी नि. बड़ा बाजार थाना मोतीनगर जिला सागर (म.प्र.), राज शुक्ला पिता रमाकांत शुक्ला नि. बडतूमा थाना मकरोनिया जिला सागर (म.प्र.) को गिरफ्तार कर अभिरक्षा में लिया गया। आरोपियों द्वारा लूट करना स्वीकारा गया। एवं आरोपियों से लूटी गई राशि 30 हजार 200 रूपये, मोबाईल फ़ोन, एवं घटना मे प्रयुक्त रॉयल एनफील्ड मोटरसाईकिल जिसे आरोपियों ने इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र से चोरी की थी, कुल संपत्ति कीमत करीब ढाई लाख रुपए बरामद की गई। आदतन अपराधी उद्देश्य उर्फ शिवम ताम्रकार के विरुद्ध जिला सागर, इंदौर के थानों में चोरी और लूट के एक दर्जन अपराध, राज शुक्ला के विरुद्ध लूट, चोरी जैसे 7 अपराध एवं संजय सोनी के विरुद्ध लूट, अवैध वसूली सहित 3 अपराध पूर्व से दर्ज हैं। विवेचना कार्यवाही जारी है। उक्त कार्यवाही में नगर पुलिस अधीक्षक अमन मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सिविल लाइन निरीक्षक वाल्मीकि चौबे, शैलेन्द्र चौरसिया , उनि. किशोर पटेल प्रभारी साइबर सेल, प्र.आर. वीरेन्द्र रोहित, प्र.आर. हरचरण राजपूत, आर. धर्मेन्द्र चतुर्वेदी , अरविंद सिंह,  हरेन्द्र  मुकेश चौहान, युवराज, मनीष, राजीव यादव, धर्मराज, विजय की भूमिका रही।

घूरा विद्यालय में विधायक अरविन्द्र पटैरिया ने छात्र छात्राओं को वितरण की साइकिल

बमीठा. राजनगर विधायक अरविन्द्र पटैरिया ने शा उ मा विद्यालय में छात्र छात्राओं को साइकिलें वितरित की। शा उ मा विद्यालय घूरा में साईकिल वितरण समारोह के मुख्यातिथि अरविन्द्र पटेरिया विधायक राजनगर, अध्यक्षता पुष्पेन्द्र अवस्थी उपा जनपद पंचायत राजनगर ने 243 साईकिलें छात्र छात्राओं को वितरित की इस मौके पर विधायक अरविन्द्र पटैरिया ने कहा घूरा स्कूल में विद्यार्थियों को कमरों की कमी नहीं पड़गी अतिरिक्त कक्ष का निर्माण जल्द से जल्द होगा आने वाले समय में घूरा बमीठा में सी एम राइस स्कुल खोला जायेगा भाजपा सरकार विद्यार्थियों को शिक्षित करने के लिए कई योजनाएं लाई है गरीब का बच्चा होसियार है तो उसकी पढ़ाई का खर्च सरकार उठाती है बच्चे देश का भविष्य हैं मन लगा कर पढ़ो और आगे बढ़ो कार्यक्रम में कु अकांक्षा रावत बी ई ओ राजनगर, प्रभारी प्राचार्य राजेन्द्र सिंह बुन्देला, सोनू नगरिया, मंजू जैन सरपंच प्रतिनिधि बमीठा , सुनील शिवहरे सरपंच घूरा, जनपद रिंकू महाराज, मौजूद रहे।

भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतर्गत महाविद्यालय स्तरीय अकादमिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का हुआ समापन कार्यक्रम

भोपाल शासकीय कन्या महाविद्यालय सिवनी मालवा में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ द्वारा प्राचार्य डॉ.उमेश कुमार धुर्वे के मार्गदर्शन में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ प्रभारी श्रीमती काजल रतन, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ.बाऊ पटेल के निर्देशन में महाविद्यालय स्तरीय 18 नवंबर से 23 तक आयोजित अकादमिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का हुआ समापन। श्री रजनीश जाटव द्वारा भारतीय लोक संस्कृति और आधुनिक शिक्षा में उसके महत्व के बारे में बताया।विभिन्न प्रतियोगिता में प्रथम,द्वितीय,तृतीय एवं सहभागिता करने वाली समस्त छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।मंच संचालन श्रीमती काजल रतन द्वारा एवं आभार डॉ.बाऊ पटेल द्वारा दिया गया।कार्यक्रम में श्री रजनीश जाटव,श्री मनोज कुमार प्रजापति,डॉ.नीरज विश्वकर्मा,श्री प्रवीण साहू,डॉ.वर्षा भृंगारकर,डॉ.दुर्गा मीना,डॉ.रीमा नागवंशी,डॉ.मनीष दीक्षित,श्रीमती संगीता कहार,महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं छात्राएं उपस्थित रही।

ईमानदार और साफ़ छवि है जिनकी पहचान, यह है MP पुलिस के नये कप्तान

भोपाल 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी कैलाश मकवाना को मध्यप्रदेश का नया डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) नियुक्त किया गया है। यह आदेश गृह विभाग ने शनिवार देर रात जारी किया। मकवाना 1 दिसंबर 2024 को पदभार ग्रहण करेंगे और वे 32वें डीजीपी के रूप में कार्यभार संभालेंगे। तेजतर्रार अफसरों में होती है मकवाना की गिनती कैलाश मकवाना वर्तमान में मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन हैं। शिवराज सरकार के दौरान मकवाना लोकायुक्त के डीजी भी रहे। इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ कई अहम कदम उठाए और लंबित जांचों को तेज किया।   एसीआर विवाद के बाद सरकार ने लिया निर्णय मकवाना ने लोकायुक्त डीजी रहते हुए अपनी एसीआर (गोपनीय चरित्रावली) खराब किए जाने की शिकायत की थी। उन्होंने सरकार से अपील की थी कि उनकी एसीआर को दुरुस्त किया जाए। वरिष्ठ सचिवों की कमेटी ने नियुक्ति प्रक्रिया से कुछ महीने पहले उनकी एसीआर सुधार दी।   2026 तक रहेंगे डीजीपी जानकारी के अनुसार, नए डीजीपी कैलाश मकवाना का रिटारमेंट 2025 में है, लेकिन डीजीपी बनने के बाद उन्हें 2 साल का कार्यकाल मिलेगा। ऐसे में वह 30 November 2026 तक डीजीपी रहेंगे। 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं सुधीर कुमार   बीते दिनों दिल्ली में यूपीएससी के चेयरमैन की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय के दो जॉइंट सेक्रेटरी के अलावा एमपी के मुख्य सचिव अनुराग जैन और मौजूदा डीजीपी सुधीर सक्सेना समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए थे। बैठक में भेजे गए 9 आईपीएस अधिकारियों में से तीन नामों के पैनल पर मोहर लगी थी। अब मुख्यमंत्री मोहन यादव इनमें से कैलाश मकवाना के नाम पर मोहर लगा दी है। आपको बता दें कि मौजूदा डीजीपी सुधीर सक्सेना 30 नवंबर 2024 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। सक्सेना को 4 मार्च 2020 को डीजीपी नियुक्त किया गया था। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद कैलाश मकवाना इस पद को संभालेंगे। ये तीन नाम किए गए थे तय नए DGP के पद के लिए यूपीएससी ने तीन नामों के पैनल पर मोहर लगाई थी। ये तीन नाम 1988 बैच के आईपीएस अफसर अरविंद कुमार (DG होमगार्ड), कैलाश मकवाना (पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन) और 1999 बैच के अजय शर्मा (DG EOW)  थे।   ऐसे हैं MP पुलिस के नए मुखिया मकवाना 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी कैलाश मकवाना को मध्यप्रदेश का नया डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विदेश यात्रा पर रवाना होने से पहले उनके नाम को मंजूरी दी। मकवाना अपने तेजतर्रार और बेदाग छवि के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। वह भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए भी जाने जाते हैं। उज्जैन के रहने वाले हैं मकवाना जानकारी के अनुसार, कैलाश मकवाना मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के रहने वाले हैं। मकवाना ने भोपाल स्थित मैनिट (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) से पढ़ाई की है। वे पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन के साथ-साथ लोकायुक्त संगठन में डीजी और स्पेशल डीजी (सीआईडी और इंटेलिजेंस) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।   ईमानदार और साफ छवि वाले अधिकारी मकवाना को उनकी ईमानदार और साफ छवि के लिए जाना जाता है। एक कर्मठ और निष्पक्ष अधिकारी के रूप में, उनकी नियुक्ति से राज्य की कानून व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है। कैलाश मकवाना ने पुलिस सेवा में अपने शुरुआती कार्यकाल में विभिन्न जिलों में एसपी और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। उनकी कड़ी मेहनत और ईमानदारी ने उन्हें तेजी से पहचान दिलाई।   लोकायुक्त में डीजी शिवराज सिंह चौहान सरकार के कार्यकाल में मकवाना को लोकायुक्त संगठन में पुलिस महानिदेशक (डीजी) नियुक्त किया गया। इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी अभियानों को तेज किया और कई लंबित मामलों की जांच फिर से शुरू की। हालांकि, वे इस पद पर केवल छह महीने तक रहे। लोकायुक्त के डीजी रहते हुए उन्होंने कई लंबित जांच फाइलों को फिर से खोला और उन पर तेजी से कार्रवाई शुरू की। एनके गुप्ता से विवाद आया था चर्चा में 2022 में कैलाश मकवाना को लोकायुक्त का डीजी बनाया गया था, लेकिन 6 माह के अंदर उन्हें पद से हटाकर मप्र पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन का चेयरमैन नियुक्त कर दिया गया। बताया जा रहा था कि मकवाना और लोकायुक्त जस्टिस रहे एनके गुप्ता के बीच कई विषयों को लेकर मतभेद थे, जिसके चलते यह निर्णय लिया गया था। एसीआर विवाद मकवाना ने लोकायुक्त डीजी रहते हुए अपनी एसीआर (गोपनीय चरित्रावली) खराब किए जाने की शिकायत की थी। उन्होंने सरकार से अपील की थी कि उनकी एसीआर को दुरुस्त किया जाए। वरिष्ठ सचिवों की कमेटी ने नियुक्ति प्रक्रिया से कुछ महीने पहले उनकी एसीआर सुधार दी। पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन वर्तमान में, मकवाना मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन के पद पर हैं। इस पद पर रहते हुए उन्होंने पुलिस आवासीय योजनाओं और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए काम किया।   साढ़े तीन साल में हुए सात बार तबादले कैलाश मकवाना का करियर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। साढ़े तीन साल के भीतर उनका सात बार तबादला हुआ। खासकर, कमलनाथ सरकार के दौरान तीन बार उनकी पोस्टिंग बदली गई।  उनके करियर में राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण साढ़े तीन वर्षों में सात बार स्थानांतरण हुआ। इसके बावजूद वे अपने कार्यों में प्रतिबद्ध रहे।

डीजीपी सुधीर सक्सेना के बाद पद की कमान संभालेंगे कैलाश मकवाना, बने मध्य प्रदेश के नए DGP

भोपाल मध्य प्रदेश डीजीपी के पद पर नए आईपीएस अफसर की नियुक्ति हुई है. सीनियर आईपीएस अधिकारी कैलाश मकवाना को डीजीपी नियुक्त किया गया है. मौजूदा डीजीपी सुधीर सक्सेना 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं, जिसके बाद पद की कमान कैलाश मकवाना संभालेंगे. बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के विदेश जाते ही गृह विभाग ने नए डीजीपी की नियुक्ति का आदेश जारी किया है. शनिवार की देर रात यह आदेश जारी किया गया है. आईपीएस कैलाश मकवाना 1 दिसंबर 2024 को प्रदेश के डीजीपी के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे. मकवाना की तेज तर्रार IPS में होती है गिनती 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी कैलाश मकवाना वर्तमान में मध्य प्रदेश हाउसिंग कारपोरेशन के अध्यक्ष के पद पर कार्यरत है. मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव एसएन शर्मा ने बताया कि 1 दिसंबर से मध्य प्रदेश के नए पुलिस मुखिया के रूप में आईपीएस अधिकारी कैलाश मकवाना पुलिस महानिदेशक के पद पर कार्यभार संभालेंगे. नए डीजीपी कैलाश मकवाना पूर्व में मुरैना, जबलपुर, मंदसौर, बैतूल आदि जिलों में सेवाएं दे चुके हैं. मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ अलग होने से पहले कैलाश मकवाना मंदसौर, बस्तर, बैतूल और दंतेवाड़ा जैसे जिलों के एसपी भी रह चुके हैं.उनकी नियुक्ति डीआईजी इंटेलिजेंस के पद पर भी हुई थी. वे सीआईडी इंटेलीजेंस में एडीजी के पद पर भी रह चुके है. उनकी गिनती मध्य प्रदेश के तेज तर्रार आईपीएस अधिकारियों में होती है. शिवराज सरकार में भी कैलाश मकवाना कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे चुके हैं. 2 आईपीएस थे डीजीपी की दौड़ में शामिल पुलिस महानिदेशक पद की दौड़ में दो और आईपीएस शामिल थे लेकिन आधी रात को जारी हुए आदेश स्पष्ट रूप से स्थिति साफ हो गई कि अब 1 दिसंबर 2024 से आईपीएस कैलाश मकवाना मध्य प्रदेश की कमान संभालेंगे. वे मध्य प्रदेश के 32 वें डीजीपी के रूप में कार्यभार संभालने वाले हैं.

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