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एक्ट्रेस अथिया शेट्टी ने हाल ही में फैंस को दी गुड न्यूज, दिखीं प्रेग्नेंट

मुंबई एक्ट्रेस अथिया शेट्टी ने हाल ही में फैंस को गुड न्यूज दी थी। बताया था कि वह 2025 में मां बनने वाली है। क्रिकेटर केएल राहुल पापा तो एक्टर सुनील शेट्टी नाना बनने वाले हैं। उस खुशखबरी के बाद एक्ट्रेस को दो बार एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया था। एक पहले और एक आज 19 नवंबर को। जहां वह सलवार-कमीज में नजर आईं और दुपट्टे से खुद को बेबी बंप को कवर करती दिखीं। अथिया शेट्टी ने 2023 में केएल राहुल से सादगी भरे अंदाज में शादी की थी। और अब इसके डेढ़ साल बाद उन्होंने सबको प्यारी खबर देकर खुश कर दिया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर बताया था कि उनका बेबी 2025 में आने वाला है। इसमें उन्होंने नन्हें कदमों की भी फोटो पोस्ट की थी। इससे उन्होंने दुनिया को बता दिया था कि वह प्रेग्नेंट हैं। अथिया शेट्टी एयरपोर्ट की लाइन में लगीं अब इसके बाद अथिया शेट्टी को एयरपोर्ट पर अकेले देखा गया है। खुले बाल और हल्के रंग के सलवार-सूट में वह लाइन में लगी दिखाई दीं। पैप्स से बचने के लिए उन्होंने अपना चेहरा फेर लिया। खुद को छिपा लिया। बेबी बंप को दुपट्टे से कवर कर लिया। एयरपोर्ट पर उन्हें यूं देख फैंस की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लोगों ने कयास लगाया कि वह पति केएल राहुल से मिलने के लिए जा रही हैं। अथिया शेट्टी की हुई तारीफ अथिया को लाइन में देख एक यूजर ने लिखा, ‘अरे वाह, ये आम इंसानों की तरह लाइन में इंतजार कर रही।’ एक ने लिखा, ‘कितने अच्छे से ये घूमी कि जिससे पैप्स इसके बेबी बंप की फोटो न ले सकें।’ साथ ही प्रेग्नेंसी में ऐसे लाइन में खड़ी होने के लिए भी लोगों ने तारीफ की। और कुछ फैंस ने रेड हार्ट और फायर इमोजी के जरिए अपनी फीलिंग्स बयां की।

पटेल नगर और रोहित नगर के रहवासियों की समास्याओं के निराकरण को लेकर मंत्री श्रीमती गौर ने अधिकारियों के साथ की बैठक

बिल्डर के बंधक भू-खण्ड की नीलामी से होगा पटेल नगर कॉलोनी का विकास: मंत्री श्रीमती गौर रोहित नगर के रहवासियों को मिलेगा नर्मदा जल, सीवेज, सड़क, बिजली और पार्क आदि की व्यवस्था: मंत्री श्रीमती गौर पटेल नगर और रोहित नगर के रहवासियों की समास्याओं के निराकरण को लेकर मंत्री श्रीमती गौर ने अधिकारियों के साथ की बैठक राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने दिये अधिकारियों को निर्देश भोपाल रायसेन रोड पटेल नगर में बिल्डर के बंधक भू-खण्ड को नगर निगम नीलाम करेगा। नीलामी से प्राप्त राशि से पटेल नगर कॉलोनी में पेयजल, सीवेज, सड़क, बिजली और पार्क आदि की व्यवस्था की जायेगी। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर के पटेल नगर के रहवासियों की मांग पर दिये निर्देशों के अनुक्रम में आयुक्त नगर निगम हरेन्द्र नारायण ने उक्त बात कही। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने मंगलवार को निवास कार्यालय पर पटेल नगर और रोहित नगर के रहवासियों की समास्याओं के निराकरण को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि पटेल नगर के रहवासियों को बिल्डर द्वारा मुलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। बार बार अवश्वासन देने के बाद भी बिल्डर कॉलोनी का अपेक्षित विकास नहीं कर रहा है। पटेल नगर की यह समस्या दशकों पुरानी है। उन्होंने कहा कि बिल्डर द्वारा विकास नहीं करने पर बिल्डर के बंधक भू-खण्ड को नगर निगम नीलामी से प्राप्त राशि विकास कार्य करने के प्रावधान है। इस प्रावधान के तहत आयुक्त नगर निगम ने कहा कि बिल्डर के बंधक भू-खण्ड की नीलामी से कॉलोनी के विकास के लिये अनुमानित आवश्यक राशि 20 से 25 करोड़ रूपये प्राप्त किये जायेंगे। इससे कॉलोनी के विकास कार्यों को नगर निगम द्वारा किया जायेगा। इस निर्णय से पटेल नगर के 750 आवासों के 5 हजार से अधिक रहवासी लाभान्वित होंगे। रोहित नगर में रहवासियों को पेजजल के लिये नर्मदा जल की सप्लाई दिये जाने के ‍लिये कार्य योजना बनाई जायेगी। कॉलोनी में सिंगल कनेक्शन देने के लिये प्राक्लन तैयार किया जायेगा। यह निर्देश नगर निगम आयुक्त द्वारा दिये गये है। बैठक में एसडीएम एल.के. खरे सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

सीधी में बड़ा सड़क हादसा, ट्रक और ऑटो की भिड़ंत में चार लोगों की मौत

 सीधी मध्य प्रदेश के सीधी से सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर है. चार लोगों की मौत हो गई है. वहीं, कई लोग घायल हैं. बता दें. तेज रफ्तार हाईवा ने एक यात्री सवार ऑटो पर जोरदार टक्कर मारी है. घटना सीधी रीवा हाइवे के बीच बढ़ौरा के समीप घटित हुई है. घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में कराया भर्ती गया.चुरहट थाना अंतर्गत सेमरिया चौकी की घटना बताई जा रही है.

ग्वालियर पहुंची दिल्ली की खतरनाक हवा, AQI लेवल 382 पार

ग्वालियर  दिल्ली से होते हुए कश्मीर के साथ आई सर्द हवा अपने साथ दिल्ली का प्रदूषण भी ले आई है, इससे ग्वालियर में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 382 पर पहुंच गया है, जबकि ग्वालियर में प्रदूषण पहले से ही 200 पर था, बीते 12 घंटे के अंदर ही ग्वालियर में प्रदूषण का स्तर 200 से बढकऱ सीधा 382 तक पहुंच गया है, जो कि शहरवासियों के लिए किसी भी लिहाज से सही नहीं है।  यदि बात मध्यप्रदेश की कि जाए तो प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के समीर एप पर ग्वालियर 382 एक्यूआई के साथ प्रदेशभर में टॉप पर है, जबकि सिंगरोली 224 के साथ दूसरे और भोपाल 200 एक्यूआई के साथ तीसरे स्थान पर है। इसी तरह कटनी 186, उज्जैन 176, इंदौर व सागर 139, जबलपुर 127 एक्यूआई पर है। वहीं तेजी से बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों ने भी शहरवासियों से अपील की है कि वह आसपास कचरा न जलाने दें, मास्क लगाकर रखें और जरूरत होने पर ही मास्क लगाकर घर से बाहर निकलें। क्या होता है एक्यूआई वातावरण में वायु प्रदूषण की मात्रा को मापने के लिए एक्यूआई यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स का इस्तेमाल किया जाता है। एक्यूआई की वैल्यू जितनी अधिक होती है वायु प्रदूषण का स्तर उतना ही ज्यादा होता है। कई मशीन के माध्यम से हवा का सैंपल लिया जाता है और उसमे से ओजोन, पीएम 10 व 2.5, कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फरडाइ ऑक्साइड, नाइट्रोजन डाई ऑक्साइडल व अमोनिया की मात्रा को निकालकर एक फॉर्मूले में रखा जाता है। उससे जो वैल्यू आती है उसे एक्यूआई कहा जाता है। शहर की हवा एकदम से बदल गई है। ग्वालियर में एक्यूआई काफी बढ़ गया है जो कि चिंताजनक है। शहरवासी इस समय अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और मास्क पहनकर ही निकले, आसपास कचरा न जलाने दें और अधिक जरूरत होने पर ही घर से बाहर निकलें। आरआर सेंगर, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड कई बीमारियों का खतरा प्रदूषण का बढ़ना चिंता का विषय है। क्योंकि प्रदूषण अधिक होने से आमजन को हवा में सांस लेने से प्रदूषित हवा से श्वास संबंधी रोग, ब्रोंकाइटिस, गले का दर्द, निमोनिया, फेफड़ों का कैंसर, हदय रोग व मधुमेह सहित अन्य बीमारियों का खतरा बना रहता है। प्रदूषण बढ़ने के कारण दिल्ली में प्रदूषण काफी खराब होने से हवा अपने साथ दूषित हवा भी ले आई है। शहर की जर्जर सडक़ें। भवन सहित अन्य निर्माण कार्य। पराली व कचरे का लगातार जलाए जाना। सड़कों पर पानी का छिडक़ाव कम होना। लैंडफिल साइट व बरा में लगातार आग का लगना। बचाव के उपाय अधिक से अधिक पौधे लगाए जाए। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और जलविद्युत ऊर्जा का उपयोग किया जाए। सार्वजनिक परिवहन का उपयोग अधिक करें और वाहनों का उपयोग कम। धूम्रपान कम से कम किया जाए। उद्योगों से निकलने वाले धुएं को नियंत्रित किया जाए। शहर में निर्माण कार्य कम हो या ढंककर ही करें। शहरवासी मास्क पहनकर ही निकलें। एक्यूआई का पैमाना 0 से 50 होने पर गुड श्रेणी 51 से 100 पर संतोषजनक 101 से 200 तक मॉडरेट 201 से 300 में पुअर श्रेणी 301 से 400 पर सीवर श्रेणी 400 से 500 पर काफी खतरनाक  

फिल्म द साबरमती रिपोर्ट मध्यप्रदेश में टैक्स फ्री होगी – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि फिल्म ‘द साबरमती रिपोर्ट’ मध्यप्रदेश में टैक्स फ्री होगी। उन्होंने कहा कि अतीत की घटनाओं को तथ्यपरक रूप से फिल्म में प्रस्तुत किया गया है। अधिक से अधिक लोग यह फिल्म देख सकें, इस उद्देश्य से फिल्म को टैक्स फ्री किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा में यह जानकारी दी।  

इंदौर ने आठवीं बार स्वच्छता में सरताज बनने के लिए फिर से कमर कस ली

इंदौर देश के सबसे साफ शहर इंदौर ने आठवीं बार स्वच्छता में सरताज बनने के लिए फिर से कमर कस ली है। विश्व शौचालय दिवस पर शहर के पब्लिक टाॅयलेट को सजाया गया और शहर के जनप्रतिनिधियों व शहरवासियों ने सेल्फी ली। उद्देश्य यह था कि शहरवासी पब्लिक टायलेट को भी साफ रखे।   विजय नगर के पब्लिक टाॅयलेट के बाहर मुख्य आयोजन रखा गया था। यहां लगे स्टेज पर युवतियों ने जुंबा डांस किया। रंगमंच से जुड़े कलाकारों ने स्वच्छता का संदेश देने वाले नुक्कड नाटक भी खेला। सुबह आठ बजे मेयर पुष्य मित्र भार्गव व विधायक रमेश मेंदोला पहुंचे। उन्होंने पब्लिक टाॅयलेट के साथ सेल्फी ली। यहां के केयरटेकर का हार पहनाकर सम्मान भी किया गया। शहर के अन्य पब्लिक टाॅयलेटों पर भी आयोजन हुए। स्वच्छता रैंकिंग सर्वेक्षण को देखते हुए शहर के 300 से ज्यादा पब्लिक टाॅयलेटों को नगर निगम ने साफ किया है और बिजली, पानी की सुविधा सुनिश्चित की है। इंदौर को जब पहली बार स्वच्छता रैंकिंग का पुरस्कार मिला था, तब इन पब्लिक टाॅयलेटों के कारण भी इंदौर के नंबर बढ़े थे। इंदौर में पब्लिक टाॅयलेटों पर विकलांगों के लिए रैम्प भी बनाए गए है। सुबह 9 बजे तक 30 हजार सेल्फी विश्व शौचालय दिवस पर एक लाख सेल्फी का लक्ष्य नगर निगम ने रखा है। सुबह 9 बजे तक 30 हजार से ज्यादा सेल्फी ली जा चुकी थी।

पुलिस फोर्स के जवान को हमेशा खोपड़ी के अंदर फंसी गोली के साथ रहना होगा

भोपाल मध्य प्रदेश में बालाघाट जिले के कुंडुल वन क्षेत्र में माओवादी तलाशी अभियान के दौरान हॉक फोर्स का एक जवान घायल हो गया था। जवान की खोपड़ी में गोली लगी थी। अब उसको हमेशा खोपड़ी के अंदर फंसी गोली के साथ रहना होगा। सर्जरी से जा सकती है जान दरअसल, जब हॉक फोर्स और ज्वॉइंट पुलिस फोर्स पर माओवादियों की भारी गोलीबारी हुई तो एक गोली शिवकुमार शर्मा के लग गई। उन्हें तुरंत उस क्षेत्र से निकाला गया और महाराष्ट्र के गोंदिया में एक अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टर जवान की खोपड़ी की सूजन को कम करने के लिए काम कर रहे हैं। उनकी हालत स्थिर है और डॉक्टरों ने गोली न निकालने की सलाह दी है क्योंकि किसी भी सर्जिकल ट्रीटमेंट से उनकी जान को खतरा हो सकता है। बेहोश पहुंचे थे अस्पताल डॉक्टरों ने कहा, जब शर्मा अस्पताल पहुंचे तो वह बेहोश थे। हॉक फोर्स के कमांडेंट सियाज केएम ने हमारे सहयोगी अखबार टीओआई को बताया, ‘गोली गंभीर क्षेत्र में लगी है और इसे निकालने का प्रयास करने से गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं। हम उनकी स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं।’ सीएम मोहन यादव भी रख रहे नजर बालाघाट के एसपी नागेंद्र सिंह ने कहा कि उनकी हालत स्थिर है, लेकिन उन्हें ठीक होने में कुछ महीने लगेंगे। सीएम मोहन यादव ने शर्मा की स्थिति के बारे में अपडेट प्राप्त करने के लिए डॉक्टरों से बात की और जवान और उनके परिवार को सभी आवश्यक सहायता देने का वादा किया। उन्होंने कहा कि राज्य जवान के चिकित्सा खर्च को वहन करेगा। खुफिया रिपोर्ट के आधार पर हुई थी कार्रवाई खुफिया रिपोर्टों के बाद बीएनएस डिवीजन में माओवादियों की मौजूदगी का संकेत मिलने के बाद हुई मुठभेड़ में शर्मा घायल हो गए थे। हॉक फोर्स की टीम ने सोनगुड्डा चौकी के पास तलाशी अभियान चलाया। जैसे ही टीम आगे बढ़ी, उनका 12 से 15 हथियारबंद माओवादियों से आमना-सामना हो गया, जिन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी। इससे सुरक्षा बलों को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। हमले के बाद, इसमें शामिल माओवादियों का पता लगाने के लिए क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।

महिला टीआई को सरेआम जड़ा थप्पड़, 20 आरोपियों के खिलाफ मारपीट मामला दर्ज

 टीकमगढ़ टीकमगढ़ जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीताराम ने मंगलवार की सुबह जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार की दोपहर टीकमगढ़ जिले के पुलिस थाना बड़ा गांव की प्रभारी अनुमेहा गुप्ता के साथ जाम के दौरान मारपीट कर दी गई थी और उनके साथ छेड़छाड़ हुई थी। इस मामले में अनुमेहा गुप्ता के आवेदन पर मुन्नीलाल लोधी सहित 7 नामजद और 20 अन्य के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा मारपीट और महिला थाना प्रभारी से छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया है। क्यों हुआ था विवाद दरअसल, दरगुवा गांव के रहने वाले एक व्यक्ति की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद परिजन बड़ा गांव पुलिस थाने पहुंचे थे और बड़ा गांव पुलिस ने परिजनों को यह कहकर भगा दिया था कि घटनास्थल उनके क्षेत्र में नहीं आता है। वह 3 घंटे तक परेशान होते रहे, इसके बाद ग्रामीणों ने बड़ा गांव खरगापुर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया था। सूचना मिलने पर चक्काजाम खुलवाने के लिए बड़ा गांव पुलिस थाने की प्रभारी अनुमेहा गुप्ता मौके पर पहुंची थी और उन्होंने ग्रामीणों से चक्का जाम खोलने का अनुरोध किया, तभी ग्रामीणों से उनकी बहस हो गई। इसके बाद थाना प्रभारी ने वहां पर खड़े एक लड़के को तमाचा मार दिया था। जवाब में ग्रामीणों ने थाना प्रभारी को थप्पड़ जड़ दिए थे और मैडम वहां से रफू चक्कर हो गई थी। जैसे ही सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हुआ तो बीती रात्रि पुलिस ने  मामला दर्ज कर लिया है। जांच के लिए एसआईटी का गठन टीकमगढ़ जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीताराम ने बताया कि इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने एक एसआईटी टीम का गठन किया है जो पूरे मामले की जांच करेगी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में स्पष्ट तौर पर देख सकते हैं कि चक्काजाम के दौरान महिला थाना प्रभारी द्वारा वहां पर उपस्थित एक लड़के को सबसे पहले तमाचा मारा गया था, इसके जवाब में महिला पुलिस थाना प्रभारी पर ग्रामीणों ने थप्पड़ मारे थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का कहना है कि दोनों पक्षों की जांच की जाएगी। विवादों से रहा है थाना प्रभारी का नाता इसके पहले लिधौरा पुलिस थाने की प्रभारी थी, जहां पर उनका विवादों से नाता रहा था। भारतीय जनता पार्टी के एक नेता पर झूठी 307 के मामले को लेकर बवाल मचा था। इसके साथ ही वहां पर उन्होंने गेहूं खरीदी में भी इनके ऊपर घोटाले के आरोप लगे थे।

मंत्री लखन पटेल का अनोखा अंदाज, छात्राओं से पूछा- साइकिल मिली? तो मिला मजेदार जवाब

 दमोह  पैदल स्कूल जा रहीं छात्राओं को देखकर पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने अपना काफिला रोककर पूछा कि पैदल क्यों जा रही हो। छात्राओं ने जवाब दिया कि साइकिलें नहीं मिलीं। यह जवाब सुनकर मंत्री पटेल ने छात्राओं को साइकिल देने की बात कही और अन्य समस्यायों भी जानी। इस बातचीत का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। एक छात्रा दीपा लोधी ने बताया कि जब वह कक्षा 9वीं में पढ़ती थी। उस दौरान लॉकडाउन लग गया, तभी से साइकिल नहीं मिलीं। छात्रा ने बताया कि गांव में सड़क नहीं है, खेत से होकर जाना पड़ता है। मंत्री पटेल ने पूछा कि कितनी सहेलियों को जरूरत है। दीपा ने कहा 20 से 25 छात्राओं को चाहिए। मंत्री ने छात्रा दीपा से पांच छात्राओं के नाम लिखकर देने को कहा और वहां से चले गए। बता दें शासन द्वारा उपलब्ध कराईं साइकिलें स्कूल परिसरों में पड़ी-पड़ी धूल खा रही हैं। वितरण न होने से साइकिलों पर अब जंग लगने लगी है। पथरिया ब्लॉक की बात करें तो यहां 1200 से अधिक साइकिलें  किंद्रहो स्कूल परिसर में रखी हैं। वितरण में देरी होने के कारण इनमें जंग लगती जा रही है। कई छात्र-छात्राएं पैदल स्कूल जाने को मजबूर हैं। इसकी हकीकत स्थानीय विधायक व मंत्री लखन पटेल ने खुद महसूस की। दरअसल मंत्री पटेल पथरिया विधानसभा अंतर्गत खजरी गांव के दौरे पर थे। कई जगह रुक कर उन्होंने लोगों से जानकारी भी ली। 5 महीने पहले आ चुकी है साइकिल पथरिया ब्लॉक के 48 स्कूलों के लिए 5 महीने पहले साइकिल आ चुकी हैं। कक्षा 8 वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को यह दी जाना है, लेकिन अब जंग लगने से खराब होने लगी हैं। इस संबंध में पथरिया विधायक और पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने कहा साइकिलों का वितरण क्यों नहीं हुआ है, यह मालूम कराता हूं, लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।  

रिहायशी इलाके में अवैध तरीके से गिट्टी, भस्सी व रेत का भण्डारण

रिहायशी इलाके में अवैध तरीके से गिट्टी, भस्सी व रेत का भण्डारण बलियरी पहाड़ी टोला के रहवासियो को होती है परेशानी, वाहनों से होती है दुर्घटनाए, पुलिस की चेतावनी भी बेअसर सिंगरौली प्रतिबंध के बावजूद वार्ड क्रमांक 41 के पहाड़ी टोला में शासकीय स्कूल के चंद कदम की दूरी पर घनी बस्ती के बीच दबंग लक्ष्मण शाह द्वारा अवैध तरीके से रेत, गिट्टी व भस्सी का भण्डारण किया गया है। लगातार वाहनों से घनी बस्ती के बीच निर्माण सामग्री का परिवहन होता है जिससे आये दिन दुर्घटनाएं देखने को मिलती हैं। स्थानीय लोगों ने इस संबंध में कई बार शिकायतें की परन्तु ना तो जिम्मेदारों को इससे फर्क पड़ा और ना ही लक्ष्मण सिंह ने ही अपना ठिकाना कहीं हटाया। कुछ महीने पूर्व लक्ष्मण सिंह के ट्रेक्टर से दबकर एक ११ माह की बच्ची की मौत हो गयी थी। उस समय हरकत में आयी पुलिस के तात्कालीन कोतवाली प्रभारी सुधेश तिवारी ने चेतावनी दी थी कि एक महीने के अंदर रिहासयी बस्ती को छोड़कर कहीं अन्यत्र भण्डारण किया जाये परन्तु दबंग लक्ष्मण शाह की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ा और उसके द्वारा बेखौफ निर्माण सामग्री का परिवहन घनी बस्ती के बीच से किया जा रहा है। शिकायत करने पर मिलती है धमकी आस-पास के रहवासियों ने बताया कि इस संबंध में जब लक्ष्मण शाह को बोला जाता है तो उसके द्वारा धमकी दी जाती है कि जो करना हो कर लो, हम तो इसी तरह ब्यापार करेंगे। निर्माण सामग्री के भण्डारण स्थल से कुछ ही मीटर की दूरी पर शासकीय विद्यालय है जहां छोटे-छोटे बच्चे पढ़ने के लिए जाते हैं। लगातार टै्रक्टरों की धमाचौकड़ी से बच्चों को चोट लग जाती है। जिस तरह से निर्माण सामग्री का परिवहन घनी आबादी के बीच से हो रहा है उससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। स्‍थानीय रहवासियोंं ने जिम्‍मेदार प्रशासन से मांग किया है कि घनी बस्‍ती के बीच संचालित निर्माण सामगी के भण्‍डारण को कहीं अन्‍यत्र स्‍थानांतरित किया जाये जिससे लोगों को वायु प्रदूषण, ध्‍वनि प्रदूषण व आये दिन हो रही दुर्घटनाओं से निजात मिल सके।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है उज्जैन में प्रदेश की पहली मेडिसिटी बनने जा रही

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन में प्रदेश की पहली मेडिसिटी बनने जा रही है। राज्य सरकार चिकित्सा सेवा और चिकित्सा शिक्षा के लिए गंभीर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में चिकित्सा सेवा और आयुष के माध्यम से स्वास्थ्य और चिकित्सा को समग्रता में देखते हुए नई अवधारणा पर कार्य हो रहा है। इसके चलते उज्जैन में बनने वाली मेडिसिटी में न केवल मेडिकल कॉलेज रहेगा अपितु नर्सिंग, पैरामेडिकल, अनुसंधान सुविधा, चिकित्सक-विशेषज्ञ और स्टॉफ के आवास सहित संपूर्ण व्यवस्था होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं इस कैंपस का भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समत्व भवन में मीडिया से चर्चा में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले 20 साल में मध्यप्रदेश सरकार ने चिकित्सा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाएं हैं। वर्ष 2004-05 में प्रदेश में मात्र 5 मेडिकल कॉलेज थे, वर्तमान में प्रदेश में 17 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं और 8 निर्माणाधीन हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ अवधि में लगभग 15 करोड़ की आबादी उज्जैन में होगी। सामान्य समय में भी लगभग 5 से 7 करोड़ यात्री प्रतिवर्ष उज्जैन पधार रहे हैं। अतः यहां मेडिसिटी का बनना उपयोगी और महत्वपूर्ण है। उज्जैन में आकार ले रही मेडिसिटी के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।  

पहाड़ों में बर्फबारी से प्रदेश में बढ़ी सर्दी, भोपाल का तापमान सामान्य से 2.4 डिग्री कम

भोपाल मध्य प्रदेश में शीतलहर का दौर शुरू हो गया है। इसकी वजह सर्द हवाएं हैं। हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल का तापमान सामान्य से 2.4 डिग्री कम है। मौसम विभाग के मुताबिक, पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण अगले कुछ दिनों में एमपी में ठंड और बढ़ने की उम्मीद है। मंगलवार सुबह ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में कोहरा छाया रहा। आईएमडी के अनुसार, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया में घना कोहरा छाया रहा, जबकि निवाड़ी-टीकमगढ़ में मध्यम कोहरा छाया रहा। इससे विजिबिलिटी भी कम रही। बर्फबारी हुई शुरू     दरअसल, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में बर्फबारी शुरू हो गई है। इसके साथ ही जेट स्ट्रीम हवाएं भी चल रही हैं। ऐसे में मध्य प्रदेश में भी उत्तरी हवाएं आएंगी, जो ठंड बढ़ाएंगी। आने वाले दिनों में पारा और गिर सकता है। अभी दिन के तापमान में औसतन 2 डिग्री की गिरावट आई है। वहीं, 15 से ज्यादा शहरों में रात का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया जा रहा है। गौरतलब है कि प्रदेश में बढ़ती ठंड के चलते स्कूलों के समय में भी बदलाव किया गया है। भोपाल में कई स्कूलों का समय 30 मिनट तक बढ़ाया गया है। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी स्कूलों का समय बदला जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले तीन-चार दिनों में कई शहरों में रात के टेम्प्रेचर में 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। उत्तरी हिस्से यानी ग्वालियर-चंबल संभाग में ठंड का असर ज्यादा बढ़ा रहेगा। बता दें कि रविवार-सोमवार की रात पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिसंबर में कड़ाके की Cold/कोहरा/ Coldwave एमपी मौसम विभाग की मानें तो दिसंबर-जनवरी में कड़ाके की ठंड और कोहरे के साथ कोल्ड वेव की स्थिति रहने का अनुमान है।दिसंबर की शुरुआत में पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान में 11 से 12 डिग्री तक गिरने की संभावना है।दिसंबर में सागर संभाग के जिले निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना, रीवा संभाग के मउगंज सीधी और सिंगरौली, जबलपुर संभाग के मंडला और डिंडोरी, इंदौर संभाग के झाबुआ, इंदौर और धार के उत्तरी हिस्से और पूरे ग्वालियर-चंबल संभाग में जबरदस्त ठंड पड़ेगी।निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मंडला, डिंडोरी, झाबुआ, धार, उज्जैन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़ और ग्वालियर चंबल में ठिठुरन बढ़ेगी। पिछले 24 घंटे का मौसम का हाल     प्रदेश के पचमढ़ी शहर में सोमवार को रात का तापमान 9 डिग्री से कम दर्ज किया गया, जो कि 8.2 डिग्री सेल्सियस रहा।     मंडला में 10.2 डिग्री, मजालखंड में 11.4 डिग्री और उमरिया में 11.6 डिग्री दर्ज हुआ।     सोमवार को ग्वालियर में दिन का अधिकतम तापमान 26.3 डिग्री दर्ज किया गया।     इंदौर में 28.5 डिग्री, जबलपुर में 29.6 डिग्री, भोपाल में 30 और उज्जैन में 30.2 डिग्री दर्ज हुआ।     सोमवार को भोपाल का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 1.9 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।     भोपाल में न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस कम रहा। प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान     पचमढ़ी: 8.6°C     मंडला: 10.8°C     बालाघाट: 12°C     उमरिया: 12.6°C     सिवनी: 15°C     नौगांव: 12.5°C     जबलपुर: 14.5°C     भोपाल: 13.4°C प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान     भोपाल: 30.5°C     ग्वालियर: 32°C     इंदौर: 29.9°C     उज्जैन: 30.7°C

एसएनसीयू खरगोन के समर्पित प्रयास से नवजात का जीवन हुआ संरक्षित

एसएनसीयू खरगोन के समर्पित प्रयास से नवजात का जीवन हुआ संरक्षित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को संरक्षित करने के समेकित प्रयास राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे भोपाल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को संरक्षित करने के समेकित प्रयास राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे हैं। हाई रिस्क प्रेगनेंसी का चिन्हांकन कर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के साथ गंभीर नवजात शिशुओं को स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में विशेष देखभाल कर उनका जीवन सुरक्षित किया जा रहा है। खरगोन ज़िले के बड़गांव की निवासी श्रीमती अंजलि पति नीरज ने 13 अक्टूबर को 28वें सप्ताह में समय से पहले नवजात शिशु को जन्म दिया। शिशु का वजन मात्र 990 ग्राम था और उसे गंभीर श्वांस संबंधी समस्याएं थीं, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शिशु को तुरंत एसएनसीयू खरगोन में भर्ती किया गया। डॉक्टरों, नर्सिंग अधिकारियों और सपोर्ट स्टॉफ की समर्पित टीम ने 36 दिनों तक शिशु का उपचार किया। कंगारू मदर केयर तकनीक और बिना किसी एंटीबायोटिक्स के सफल देखभाल के बाद 18 नवंबर को शिशु का वजन बढ़कर 1.470 किलोग्राम हो गया है। अब शिशु को पूर्णतः स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर दिया गया है। साथ ही शिशु के माता-पिता को घर पर देखभाल और वजन बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक सलाह दी गई है। माता-पिता ने एसएनसीयू टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दिया।  

भोपाल: भूमाफियाओं की धोखाधड़ी पर पुलिस शिकंजा, तहसीलदार और राजस्व अधिकारियों पर भी लगे गंभीर आरोप

भोपाल भोपाल के थाना रातीबड़ क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां भूमाफिया और सहकारी संस्था के कुछ अधिकारियों ने कृषि भूमि का बार-बार विक्रय करके करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की। इस मामले में अनिल अग्रवाल ने थाना रातीबड़ पुलिस को विस्तृत शिकायत दी है, जिसमें भूमि की फर्जी रजिस्ट्री, संपत्ति को अलग-अलग व्यक्तियों को बार-बार बेचने, और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत का दावा किया गया है। इस प्रकरण को लेकर भोपाल के सांसद श्री आलोक शर्मा ने भी गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस प्रशासन को पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।  क्या है मामला? अनिल अग्रवाल के अनुसार, उन्होंने पंचसेवा गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित भोपाल के अध्यक्ष अशोक गोयल से कृषि भूमि खरीदी थी। लेकिन इस भूमि को गोयल, यावर अली, रजिया खान और उनके सहयोगियों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से धोखाधड़ी के साथ कई अन्य लोगों को भी बेचा गया। जमीन की रजिस्ट्री बार-बार करवाकर भोपाल के नवजोत सिंह ढिल्लन सहित अन्य लोगों के नाम पर फिर से इस भूमि को रजिस्टर्ड किया गया। यह आरोप भी है कि भूमि के विक्रय में नियमों की अनदेखी करते हुए एक ही संपत्ति को बार-बार बेचकर लोगों से मोटी रकम ऐंठी गई। नवजोत सिंह ढिल्लन ने रजिस्ट्री के दौरान अग्रिम चेक दिए, लेकिन उन्हें नकद नहीं कराया गया। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि यह पूरी धोखाधड़ी तहसील और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से हुई है।  सांसद आलोक शर्मा का हस्तक्षेप इस गंभीर प्रकरण को देखते हुए भोपाल के सांसद श्री आलोक शर्मा ने पुलिस प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पत्र में कहा कि इस प्रकार के मामलों में आम नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है, जो न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि समाज के लिए भी बड़ा खतरा है। सांसद ने पुलिस से जांच में तेजी लाने और सभी दोषियों को कानून के दायरे में लाने की अपील की है।  बार-बार विक्रय और प्रशासनिक मिलीभगत शिकायत में बताया गया है कि यावर अली और रजिया खान ने पहले इसी संपत्ति को विनोद शर्मा को बेचा, फिर पंचसेवा गृह निर्माण सहकारी संस्था और अंततः नवजोत सिंह ढिल्लन को विक्रय कर दिया। यह आरोप लगाया गया है कि राजस्व विभाग के अधिकारियों ने भूमाफियाओं को पूरा सहयोग दिया, जिसके चलते यह फर्जीवाड़ा संभव हो पाया। शिकायतकर्ता का दावा है कि 2001 से इस भूमि पर सहकारी संस्था के सदस्यों का कब्जा है, लेकिन हाल ही में भूमाफियाओं ने गुंडों की मदद से जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की।  भूमाफियाओं की गिरोहबंदी यह मामला एक संगठित षड्यंत्र की ओर इशारा करता है, जिसमें भूमाफिया एक ही संपत्ति को कई बार विक्रय कर निर्दोष नागरिकों को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचा रहे हैं। शिकायतकर्ता और अन्य पीड़ितों ने इस प्रकरण में धोखाधड़ी, जालसाजी, और आपराधिक षड्यंत्र जैसी गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने दिया जांच का आश्वासन थाना रातीबड़ पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की बारीकी से जांच की जाएगी और दोषियों को कानून के दायरे में लाकर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। सांसद आलोक शर्मा के हस्तक्षेप के बाद उम्मीद है कि प्रशासन इस प्रकरण को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाएगा और पीड़ितों को न्याय मिलेगा। अनिल अग्रवाल और अन्य पीड़ितों ने उम्मीद जताई है कि पुलिस प्रशासन जल्द कार्रवाई करेगा और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।

मोहन सरकार के प्लान से झूम उठेंगे बेरोजगार युवा, पांच साल में मिलेंगी ढाई लाख नौकरियां,कैडर वार भरे जाएंगे पद

भोपाल  मध्य प्रदेश की मोहन सरकार युवाओं को सौगात देने जा रही है। नौकरी के इंतजार में बैठे युवाओं के लिए सरकारी खुशखबरी है। अगले पांच सालों में सरकार ने सभी विभागों में रिक्त पड़े ढाई लाख पदों पर भर्ती का फैसला किया है। ये भर्तियां सरकार सीधी भर्ती प्रक्रिया से करेगी। अपने संकल्प को दोहराते हुए मोहन सरकार ने यह घोषणा की है। इसके लिए सरकार हर साल भर्ती कैलेंडर जारी करेगी, जिसमें अलग-अलग पदों पर भर्ती की समय-सीमा तय होगी। बेरोजगारी की समस्या से निपटने में मदद मिली वहीं, सरकार के इस फैसले से उन युवाओं को फायदा होगा जो सरकारी नौकरी की तलाश में हैं। इससे बेरोजगारी की समस्या से निपटने में भी मदद मिलेगी। यह फैसला 22 नवंबर 2022 को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किए गए उस आदेश को वित्त विभाग द्वारा 31 अक्टूबर 2024 से रद्द करने के बाद लिया गया है, जिसमें विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। चल रहीं नियुक्तियां प्रभावित नहीं हालांकि, वित्त विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि जिन पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है या नियुक्तियां हो चुकी हैं, वे इस आदेश से प्रभावित नहीं होंगी। जहां भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है उन पदों की भर्ती को निरस्त नहीं किया गया है। वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 16 और 22 नवंबर 2022 को जारी किए गए सर्कुलर में जिन पदों पर 30 अक्टूबर 2024 तक नियुक्तियां हो चुकी हैं, उन्हें भी रद्द नहीं माना जाएगा। आने वाले सालों में होने वाली भर्ती को लेकर वित्त विभाग ने सामान्य प्रशासन विभाग के 22 नवंबर 2022 को जारी आदेश में 31 अक्टूबर 2024 से प्रभाव शून्य घोषित कर दिया है। जिसमें पदों की भर्ती के लिए आदेश जारी किए गए थे। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जहां भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है उन पदों की भर्ती को निरस्त नहीं किया गया है। ये भर्तियां नहीं होंगी निरस्त वित्त विभाग ने सर्कुलर में स्पष्ट किया है कि, 16 नवंबर 2022 और 22 नवंबर 2022 को जारी किए गए सर्कुलर में निकाली गई भर्तियों में से ऐसे रिक्त पदों पर जिन विभागों ने 30 अक्टूबर 2024 तक नियुक्तियां कर दी हैं, वह निरस्त नहीं मानी जाएंगी। इसके साथ ही सीधी भर्ती के जिन रिक्त पदों पर भर्ती के लिए कार्यवाही संबंधी पत्र कर्मचारी चयन मंडल और एमपी पीएससी या अन्य भर्ती संस्था को भेजे गए हैं या नियुक्ति की जा चुकी है पर कार्यभार ग्रहण करना शेष है तथा परीक्षा परिणाम के आधार पर नियुक्ति पत्र जारी किया जाना शेष है। ऐसी भर्ती भी निरस्त नहीं मानी जाएगी। 5 प्रतिशत पद ही सीधी भर्ती से भरने का आदेश स्थगित वित्त विभाग के निर्देशों में कहा है कि 3 जनवरी 2013 और 13 अगस्त 2021 को जारी निर्देशों में संवर्ग में स्वीकृत पदों के आधार पर 5 प्रतिशत पदों को ही सीधी भर्ती से भरने के लिए निर्णय लिया है। 18 नवंबर को जारी सर्कुलर में पूर्व में तय लिमिट की प्रभावशीलता को वर्ष 2028-29 तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। MPPSC के भर्ती के लिए भेजे पत्र इसके अलावा, जिन पदों पर कर्मचारी चयन मंडल या MPPSC को भर्ती के लिए पत्र भेजे जा चुके हैं या नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं, पर उम्मीदवारों ने अभी तक जॉइन नहीं किया है, उन पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया जारी रहेगी। ’50 पद रिक्त तो यह फॉर्मूला लागू होगा’ वहीं, जिन संवर्गों में 51 से 200 पद रिक्त हैं, वहां रिक्त पदों की संख्या के आधार पर भर्ती की जाएगी। अगर 33% से कम पद रिक्त हैं, तो उन्हें एक ही बार में भरा जाएगा। अगर 33% से ज्यादा लेकिन 66% से कम पद रिक्त हैं, तो 8% पदों को 2024-25 में, 46% पदों को 2025-26 में और 46% पदों को 2026-27 में भरा जाएगा। ऐसे भरे जाएंगे पद ऐसे संवर्ग जिनमें रिक्त पदों की संख्या 51 से 200 तक है, उनमें पदों की पूर्ति तीन चरणों में की जाएगी। यानी सीधी भर्ती के यदि कुल पदों में से रिक्त पद 33 प्रतिशत से कम है तो एक बार में भरे जाएंगे। यदि 33 प्रतिशत से अधिक अथवा 66 प्रतिशत से कम हैं तो वर्षवार प्रथम वर्ष 2024-25 में 8 प्रतिशत, द्वितीय वर्ष 2025-26 में 46 प्रतिशत और तृतीय वर्ष 2026-27 में 46 प्रतिशत भरे जाएंगे। 66 प्रतिशत से अधिक रिक्त पद रिक्त पद 66 प्रतिशत से अधिक हैं तो वर्षवार चार वर्ष में प्रथम वर्ष आठ प्रतिशत, द्वितीय वर्ष 31 प्रतिशत, तृतीय वर्ष 31 प्रतिशत और चतुर्थ वर्ष 30 प्रतिशत भरे जाएंगे। ऐसे संवर्ग जिनमें रिक्त पदों की संख्या 200 से अधिक है, वहां गणना के अनुसार रिक्त पद 25 प्रतिशत से कम होने पर एक बार में भरे जाएंगे। 25 प्रतिशत से अधिक व 50 प्रतिशत से कम है तो वर्षवार प्रथम वर्ष 2024-25 में 8 प्रतिशत, द्वितीय वर्ष 2025-26 में 46 प्रतिशत और तृतीय वर्ष 2026-27 में 46 प्रतिशत भरे जाएंगे। 50 प्रतिशत से अधिक व 75 प्रतिशत से कम होने पर प्रथम वर्ष 2024-25 में 8 प्रतिशत, द्वितीय वर्ष 2025-26 में 31 प्रतिशत, तृतीय वर्ष 2026-27 में 31 प्रतिशत और चतुर्थ वर्ष 2027-28 में 30 प्रतिशत पद भरे जाएंगे। 75 प्रतिशत से अधिक रिक्त पद होने पर वर्षवार पांच वर्ष में 2024-25 में 8 प्रतिशत, 2025-26 में 23 प्रतिशत, 2026-27 में 23 प्रतिशत, 2027-28 में 23 प्रतिशत और पांचवें वर्ष 2028-29 में 23 प्रतिशत पद भरे जाएंगे। – वाहन चालकों की नहीं होगी सीधी भर्ती, आउटसोर्स पर रखे जाएंगे मप्र में वाहनों चालकों की सीधी भर्ती नहीं की जाएगी। इसकी जगह वाहन चालक आउटसोर्स पर रखे जाएंगे। विशिष्ट विभाग जहां वाहन चालकों के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती अति आवश्यक है, वे वित्त विभाग को तथ्यों के साथ प्रस्ताव प्रस्तुत कर भर्ती की स्वीकृति ले सकेंगे। इसी तरह चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर भी सीधी भर्ती नहीं की जाएगी। इनकी जगह आउटसोर्स पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रखें जाएंगे।

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