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पर्यटकों की संतुष्टि हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता-राज्य मंत्री श्री लोधी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप 2047 का विज़न डॉक्यूमेंट तैयार करें। विज़न डॉक्यूमेंट में पर्यटन गतिविधियों की विस्तार और निर्माण की योजना बनाएं, जिससे प्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ साथ सभी पर्यटकों को उच्च श्रेणी का पर्यटन अनुभव भी मिले। यह निर्देश पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री ( स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने पर्यटन राज्य विकास निगम में समीक्षा बैठक  के दौरान दिए। राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि पर्यटकों की संतुष्टि हमारी सर्वोच्च प्राथमिका है। पर्यटकों के द्वारा दिए जा रहे रिव्यू का विशेष ध्यान दे। होटल में सुझाव के लिए बॉक्स रखें। अतिथियों की रिव्यू की मॉनिटरिंग के लिए स्टेट लेवल डैशबोर्ड बनाएं। पॉजिटिव रिव्यू को वेबसाइट पर प्रदर्शित करें । नेगेटिव रिव्यू को गंभीरता के लेकर होटल की सुविधाओं में सुधार करें। राज्य मंत्री श्री लोधी ने निर्देश दिए कि  होटल में स्थानीय व्यंजनों को परोसा जाए।  क्षेत्रीय और स्थानीय व्यंजनों को मेनू में प्रमुखता से शामिल करे और प्रचारित करें।  नर्मदापुरम में होने वाली रीजनल इन्वेस्टर समिट में  अतिथियों को स्थानीय और मिलेट व्यंजन परोसे।  प्रदेश में पर्यटकों की  बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए होटलों की संख्या और कमरों में वृद्धि करें। पुराने होटलों का मूल्यांकन कर उन्हें रेनोवेट करने की योजना बनाए। कम ऑक्युपेंसी वाले होटलों और संपत्तियों के उचित निराकरण की योजना बनाए। सैर-सपाटा के आवंटन की प्रक्रिया को एक माह में पूर्ण करें।   राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि हनुवंतिया प्रदेश का प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां अधिक संख्या में होटल और रिजॉर्ट निर्माण की योजना बनाएं। इसके साथ अधिक से अधिक पर्यटन गतिविधियों का संचालन करें ताकि वर्षभर पर्यटक हनुवंतिया आ सकें। धार्मिक लोक के निर्माण और पर्यटन सुविधाओं के विकास कार्यों को प्रमुखता से समय सीमा में पूरा करे। राज्य मंत्री श्री लोधी ने निर्देश दिए कि पर्यटन निगम के अधिकारी और कर्मचारियों की मृत्यु होने पर दी जाने वाली अनुग्रह सहायता राशि 50 हजार से दुगनी कर एक लाख रुपए की जाएं। राज्य मंत्री श्री लोधी को प्रेजेंटेशन के माध्यम से  पर्यटन निगम की संपत्तियों, गतिविधियों, उपलब्धियों, नवाचारों के साथ अधिकारियों और कर्मचारियों की स्थिति से अवगत कराया गया। इस अवसर पर प्रबंध संचालक राज्य पर्यटन विकास निगम श्री इलैया राजा टी. सहित पर्यटन निगम के अधिकारी उपस्थित रहें।  

गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये, गत वर्ष से 150 रूपये अधिक

भोपाल भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के लिये गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2425 रूपये घोषित किया गया है। यह गत वर्ष से 150 रूपये अधिक है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने किसान भाईयों से आग्रह किया है कि अधिकाधिक क्षेत्र में गेहूं की बुवाई करें और बढ़ी हुई एमएसपी से अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करें। रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिये अब किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिये विभाग द्वारा तैयारी प्रारम्भ कर दी गई है। इसके अंतर्गत गेहूं उपार्जन के लिए बारदाना, भंडारण, परिवहन की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही भारत सरकार द्वारा निर्धारित एफएक्यू् मापदण्ड के गेहूं उपार्जन के लिए केन्द्रों पर मैकेनाइज्ड क्लीनिंग व्यवस्था की जाएगी। गेहूं की गुणवत्ता के परीक्षण के लिये सर्वेयर को सघन प्रशिक्षण दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में विगत वर्ष 6 लाख 16 हजार किसानों द्वारा 48 लाख 38 हजार मीट्रिक टन गेहूं का विक्रय समर्थन मूल्य पर किया गया। गेहूं उपार्जन के लिये किसानों की सुविधानुसार कुल 3694 उपार्जन केन्द्र स्थापित किए गए। उपार्जित गेहूं के परिवहन, हैण्डलिंग एवं किसानों के शीघ्र भुगतान के लिये 2199 उपार्जन केन्द्र गोदाम स्तर पर स्थापित किए गए। शेष 1495 उपार्जन केन्द्र समिति स्तर पर स्थापित किए गए। किसानों के आधार लिंक बैंक खाते में समर्थन मूल्य राशि के सीधे भुगतान की व्यवस्था की गई थी।  

स्कूल शिक्षा की पहुँच प्रदेश के हर बच्चे तक हो, राज्य सरकार रखेगी ध्यान: स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह

भोपाल स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार का प्रयास है कि स्कूल शिक्षा की पहुँच प्रदेश के प्रत्येक बच्चे तक हो। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को विकसित भारत @2047 के ड्राफ्ट पर प्रभावी क्रियान्वयन करना होगा। मंत्री श्री सिंह ने बुधवार को मंत्रालय में हुई बैठक में अधिकारियों से ड्रॉफ्ट पर चर्चा की। बैठक में सचिव, स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, आयुक्त, लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता भी मौजूद थीं। स्कूली शिक्षा में डिजिटल टेक्नॉलॉजी बैठक में बताया गया कि विजन-2047 के ड्राफ्ट में यह बिन्दु प्रमुख रूप से डाला गया है कि सभी बच्चो को बगैर भेदभाव के सामान रूप से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाये। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि दुनिया में शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल टेक्नोलॉजी का बेहतर उपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि विजन-@2047 ड्राफ्ट में हमें इस बात पर विशेष ध्यान देना होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेन्स की चर्चा करते स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि बच्चों की जिज्ञासाओं का समाधान करने के लिये आर्टिफिशियल इंटेलिजेन्स का उपयोग किया जा सकता है। इसके लिये स्कूलों में नवीन टेक्नॉलॉजी के संसाधन उपलब्ध कराने होंगे। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 में बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है। इसके लिये जरूरी है कि बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा व्यवहरिक तरीके से दिये जाने की व्यवस्था हों। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि सरकारी क्षेत्र से जुड़े शिक्षकों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी। आगामी आवश्यकता को देखते हुए शिक्षकों के पाठ्यक्रम तैयार किये जायें। सीएम राईज स्कूल परियोजना बैठक में सीएम राईज स्कूल परियोजना के पहले चरण में निर्माणाधीन 275 स्कूलों की प्रगति की समीक्षा की गई। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि सीएम राईज स्कूल में उपलब्ध कराये गये संसाधनों का शत्-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सीएम राईज स्कूल परियोजना विश्वस्तरीय स्कूल व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। बैठक में सचिव, स्कूल शिक्षा डॉ. गोयल ने बताया कि मार्च 2025 तक 122 सीएम राईज स्कूल प्रारंभ हो जायेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सीएम राईज स्कूल परियोजना की आगामी आवश्यकता को देखते हुए लगातार समीक्षा की जा रही है। उन्होंने बताया कि सीएम राईज स्कूल परिधि में आने वाले बच्चों को प्राथमिकता से प्रवेश दिये जाने की व्यवस्था की गई है। आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने बताया कि अक्टूबर 2024 में 2 सीएम राईज स्कूलों का उदघाटन किया गया है। उन्होंने बताया कि वित्तीय सीमाओं को देखते हुए सीएम राईज स्कूल परियोजना में बदलाव भी किये जा रहे है। इसका मकसद स्कूल की संख्या बढ़ाकर अधिक से अधिक बच्चों को गुणात्मक शिक्षा दिये जाने की व्यवस्था करना है। पाठ्य पुस्तकों का प्रकाशन बैठक में पाठ्य पुस्तक निगम के एमडी श्री विनय निगम ने बताया कि वर्ष 2025-26 शैक्षणिक सत्र में स्कूलों के सत्र के प्रारंभ में ही पाठ्य पुस्तके पहुँचायें जाने का कार्यक्रम तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि पाठ्य-पुस्तक निगम स्कूल शिक्षा विभाग की योजनाओं में अधिक से अधिक भागीदारी निभा सकें।  

संतुलित औद्योगिक विकास पर केन्द्रित होगी नर्मदापुरम् में आरआईसी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के संतुलित विकास के लिये निरंतर सभी अंचलों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन कर रहे हैं। अगली आरआईसी आगामी 7 दिसम्बर को नर्मदापुरम में हो रही है। नर्मदापुरम् क्षेत्र में मुख्य रूप से कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्र-संस्करण इकाइयां और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग बहुतायत में हैं। नर्मदापुरम्, हरदा, और होशंगाबाद में पहले से स्थापित उद्योगों के साथ-साथ कृषि प्र-संस्करण, सोयाबीन तेल, मसाला उत्पादन और दुग्ध प्र-संस्करण जैसे उद्योग यहाँ की आर्थिक गतिविधियों का मुख्य आधार हैं। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र की खनिज संपदा का उपयोग कर निर्माण और अन्य उद्योगों से भी स्थानीय विकास को गति देने के प्रयास किए जा रहे हैं। छठवीं आरआईसी का आयोजन 7 दिसंबर 2024 को नर्मदापुरम् के डिवीजनल आईटीआई में किया जाएगा। पिछली पांच रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के अनुभवों से प्रेरित होकर, इस कॉन्क्लेव का नर्मदापुरम् क्षेत्र में आयोजन उद्योगों की वृद्धि, निवेश की संभावनाओं और रोजगार सृजन के अवसरों को बढ़ाने के लिये किया जा रहा है। नर्मदापुरम आरआईसी में कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, खनिज, MSME और पर्यटन क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से प्रदेश में एक उद्योग-हितैषी वातावरण बना है, जिससे प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में प्रगति हो रही है। नर्मदापुरम् और इसके आसपास के क्षेत्र जैसे होशंगाबाद, हरदा में एमएसएमई, कृषि आधारित उद्योग, और पर्यटन के क्षेत्र में कई संभावनाएं हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगे। कॉन्क्लेव का उद्देश्य सभी क्षेत्रों का संतुलित और समन्वित आर्थिक विकास करना है। इस कॉन्क्लेव से नर्मदापुरम् और इसके आस-पास के क्षेत्रों में निवेश के नए रास्ते खुलेंगे जिससे रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। यह आरआईसी नर्मदापुरम् और आसपास के क्षेत्रों के लिए खास महत्व रखता है, क्योंकि यहाँ की प्राकृतिक खूबसूरती और सांस्कृतिक धरोहर को उद्योगों के साथ जोड़ा जाएगा। पचमढ़ी, जो न केवल एक प्रमुख पर्यटन स्थल है बल्कि यहाँ की अनूठी जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधन, अब निवेशकों के लिये नया आकर्षण बनेंगा। साथ ही नर्मदा नदी तट पर औद्योगिक और पर्यटन दोनों क्षेत्रों में विकास की अपार संभावनाएँ हैं। इस कॉन्क्लेव में कृषि, MSME, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन और खनिज जैसे क्षेत्रों में निवेश के नए रास्ते खुलेंगे, जिससे रोजगार और आर्थिक विकास के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। नर्मदापुरम् और पचमढ़ी, जो पहले से ही प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन के लिए प्रसिद्ध हैं, अब औद्योगिक दृष्टिकोण से भी नई ऊँचाइयों को छुएंगे। इस कॉन्क्लेव से औद्योगिक, पर्यटन और सामाजिक विकास के बीच एक सामंजस्यपूर्ण संतुलन स्थापित होगा।  

अवैध खनिज परिवहन पर नियंत्रण के लिये 41 ई-चेकगेट की होगी स्थापना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में अवैध परिवहन रोकने के लिये एआई आधारित 41 ई-चेकगेट की स्थापना की जा रही है। इन ई-चेकगेटों पर वेरीफोकल कैमरा, आरएफआईडी लीडर, ऑटोमेटिक नम्बर प्लेट रीडर की सहायता से खनिज परिवहन में संलग्न वाहनों की जाँच की जायेगी। परियोजना में पॉयलेट प्रोजेक्ट के रूप में खनिज परिवहन के लिये महत्वपूर्ण मार्ग के 4 स्थानों पर ई-चेकगेट स्थापित कर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। अवैध परिवहन की निगरानी के लिये राज्य स्तर पर भोपाल में कमॉण्ड एवं कंट्रोल सेंटर और जिला भोपाल एवं रायसेन में जिला कमॉण्ड सेंटर स्थापित किये गये हैं। माह दिसम्बर 2024 तक सभी 41 ई-चेकगेट की स्थापना किये जाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में अवैध खनन की रोकथाम के लिये उपग्रह और ड्रोन आधारित परियोजना भी प्रारंभ की गयी है। इसके द्वारा प्रदेश की सभी 7 हजार खदानों की जियो टैग कर खदान क्षेत्र का सीमांकन किया गया है। यह परियोजना पूर्ण रूप से लागू होने पर अवैध खनन को चिन्हित कर प्रभावी रोकथाम की जा सकेगी। परियोजना के लागू होने पर स्वीकृत खदान के अंदर थ्री-डी इमेजिंग एवं वॉल्यूमेट्रिक एनालिसिस कर उत्खनित खनिज की मात्रा का सटीक आंकलन किया जा सकेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोटा में विद्यार्थियों के साथ साझा किए अपने अनुभव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विद्यार्थियों को अपना जुनून हमेशा कायम रखना चाहिए। इच्छाशक्ति जितनी दृढ़ होगी, लक्ष्य उतना ही आसान होगा। उन्होंने कहा कि जीवन में किसी भी पद पर पहुंचे, मित्रता का प्रेमभाव हमेशा बनाए रखना। इसका सबसे अच्छा उदाहरण श्रीकृष्ण और सुदामा की दोस्ती का है। उनकी दोस्ती 11 वर्ष की उम्र में हुई थी और जब वे द्वारका के राजा बने तब भी उनकी दोस्ती ने दुनिया के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजस्थान के कोटा जिले में एलन शिक्षण संस्थान के समउन्नत भवन में विद्यार्थियों से चर्चा कर रहे थे। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विद्यार्थियों ने गजहार पहनाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति का इससे अच्छा उदाहरण दूसरा नहीं हो सकता कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी गुजरात में पहली बार विधायक बनने के साथ ही मुख्यमंत्री बने और लगातार तीन बार मुख्यमंत्री रहे। मुख्यमंत्री के बाद वे पहली बार सांसद बनें और पहली बार में ही देश के प्रधानमंत्री बनें। इसके बाद लगातार सांसद बने और प्रधानमंत्री भी। उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में हैट्रिक भी बनाई। आर्थिक दृष्टि से गुजरात देश के अन्य राज्यों की तुलना में अग्रणी है। समाज सेवा के लिए छोड़ी डॉक्टरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैंने अपने शैक्षणिक काल से ही अपना लक्ष्य समाज सेवा के रूप में निर्धारित किया था। वर्ष 1982 में मेरा चयन मेडिकल कॉलेज के लिए हो गया था, परंतु समाज सेवा के अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मैंने मेडिकल में प्रवेश न लेते हुए, बीएससी की उपाधि प्राप्त की। मैं यूनिवर्सिटी प्रेसिडेंट रहते हुए राजनीति में सक्रिय रह सका। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के तीन मूल मंत्र हैं, जिन्हें विद्यार्थियों को आत्मसात करना चाहिए। पर्याप्त नींद लें, नियमित रूप से व्यायाम करें और प्राणायाम को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने बताया‍कि अपने लक्ष्य पर शुरू से ही ध्यान केन्द्रित रखना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण 11 वर्ष की आयु में मथुरा से राजस्थान होते हुए मध्यप्रदेश के उज्जैन पधारे थे। भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी यात्रा के दौरान प्रदेश में जहां-जहां विश्राम किया या ठहरे उन स्थानों को मध्यप्रदेश सरकार द्वारा धार्मिक महत्व के तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने शिक्षा काल में जिन ग्रंथों का अध्ययन किया, उन ग्रंथों का सार गीता में समाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थी निराशा को अपने आप पर हावी न होने दें। जब निराश हो जाए तो राजनेताओं की तरफ देखें, वे बार-बार चुनाव लड़ते हैं और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रयासरत रहते हैं। कई बार विद्यार्थी लक्ष्य प्राप्ति की दौड़ में पीछे रह जाते हैं तो उन्हें निराश नहीं होना चाहिए, जबकि दोगनी ऊर्जा के साथ फिर प्रयास करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एलन शिक्षण संस्थान मध्यप्रदेश के उज्जैन में अपने संस्थान प्रारंभ करें, जिससे मध्यप्रदेश के छात्रों को भी स्थानीय स्तर पर लाभ प्राप्त हो सकेगा।  

भगवान बिरसा मुंडा की 149वीं जयंती : एक ऐतिहासिक प्रेरणा: डॉ. कुंवर विजय शाह

भोपाल भारत के समृद्ध इतिहास में भगवान बिरसा मुंडा का नाम एक ऐसे वीर योद्धा और समाज-सुधारक के रूप में अंकित है, जिन्होंने अपने जीवन को जनजातीय समाज की उन्नति और उनके अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया। देश में हर साल 15 नवम्बर को उनकी जयंती पर भारत में राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाता है। यह दिन न केवल उनकी शहादत और योगदान को याद करने का है, बल्कि यह जनजातीय समुदाय की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, अनवरत संघर्ष और स्वाभिमान का उत्सव भी है। भगवान बिरसा मुंडा का जीवन और उनका संघर्ष बिरसा मुंडा जी का जन्म 15 नवम्बर 1875 को झारखंड के उलीहातू गांव में एक साधारण मुंडा परिवार में हुआ था। उनका जीवन बेहद कठिनाइयों से भरा था और उन्हें बाल्यावस्था से ही आर्थिक संघर्षों का सामना करना पड़ा। सामाजिक असमानता, अत्याचार और विदेशी शासकों द्वारा जनजातियों पर निरंतर हो रहे शोषण ने बिरसा मुंडा के अंतर्मन को विद्रोह की भावना से भर दिया। उन्होंने अंग्रेजों द्वारा लागू जमींदारी प्रथा, धर्मांतरण और जनजातियों के पारम्परिक जीवन पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ संघर्ष किया। उलगुलान आंदोलन का नेतृत्व बिरसा मुंडा जी ने “उलगुलान” नामक जनजातीय विद्रोह का नेतृत्व किया, जो अंग्रेजी शासन और उनके द्वारा किए जा रहे अत्याचार के खिलाफ था। “उलगुलान” का अर्थ है ‘महान विद्रोह’। इस आंदोलन का उद्देश्य अंग्रेजों द्वारा लागू की गई भूमि नीतियों, जबरन धर्मांतरण और जनजातियों की पारम्परिक जीवनशैली में दखल देने वाले कानूनों के खिलाफ आवाज उठाना था। भगवान बिरसा मुंडा के नेतृत्व में इस आंदोलन ने पूरे क्षेत्र में जनक्रांति की लहर पैदा कर दी और उन्हें “धरती आबा” या “धरती पिता” या धरा पितृ के रूप में सम्मानित किया जाने लगा। भगवान बिरसा मुंडा का समाज सुधारक के रूप में योगदान भगवान बिरसा मुंडा केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि एक महान समाज सुधारक भी थे। उन्होंने तत्कालीन जनजातीय समाज में व्याप्त कुरीतियों जैसे अंध-विश्वास, जाति-भेद, नशाखोरी, जातीय संघर्ष और अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता फैलाई। उन्होंने अपने अनुयायियों को शिक्षा का महत्व समझाया और उन्हें एकता में रहने का संदेश दिया। बिरसा मुंडा ने “बिरसाइत” नामक एक धार्मिक आंदोलन भी चलाया, जिसमें उन्होंने अपने अनुयायियों को आचार-विचार की शुचिता, सादगी और सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस की स्थापना वर्ष 2021 में केन्द्र सरकार ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के रूप में घोषित किया। इसका उद्देश्य भगवान बिरसा मुंडा और अन्य जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान का सम्मान करना है। इस दिन देशभर में जनजातीय समाज की सांस्कृतिक धरोहर, उनकी परंपराओं और उनके गौरवशाली इतिहास को समझने और सम्मानित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यह दिवस जनजातीय समाज के संघर्षों और उनके योगदान को याद करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। बिरसा मुंडा का भारतीय स्वातंत्र्य आंदोलन में योगदान भारतीय स्वातंत्र्य आंदोलन में भगवान बिरसा मुंडा का योगदान अतुलनीय है। वे न केवल अपने क्षेत्र की जनजातियों के नेता थे, बल्कि उनके संघर्ष और बलिदान ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को भी एक नई दिशा दी। उनके “उलगुलान” आंदोलन ने अन्य जनजातीय समुदायों को भी संगठित किया और स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदारी करने की प्रेरणा दी। भगवान बिरसा मुंडा मात्र 24 साल 7 महीने की अल्पायु में 9 जून 1900 को वीरगति को प्राप्त हुए। उनकी विरासत आज भी जनजातीय समाज के दिलों में जीवित है और उन्हें एक महान क्रांतिकारी जननायक के रूप में याद किया जाता है। राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस का महत्व राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस का महत्व केवल बिरसा मुंडा जी के योगदान को याद करने तक सीमित नहीं है। यह जनजातीय समाज की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का जश्न मनाने का भी दिन है। जनजातीय समाज ने भारत के इतिहास में अहम भूमिका निभाई है। यह गौरव दिवस उनकी सांस्कृतिक धरोहर, संघर्षों और उपलब्धियों का सम्मान करता है। यह अवसर सभी भारतीयों को यह याद दिलाने का भी है कि जनजातीय समाज भारत की संस्कृति का एक महत्वपूर्ण व अभिन्न हिस्सा है और उनके योगदान को हमें सदैव संजोकर रखना चाहिए। भगवान बिरसा मुंडा का जीवन प्रेरणा का स्रोत है, जो हमें साहस, संघर्ष और सामाजिक न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का संदेश देता है। राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस हमें उनकी शिक्षाओं, राष्ट्रप्रेम और उनके संघर्ष को याद करने और जनजातीय समाज के अधिकारों और सम्मान के प्रति संवेदनशील बने रहने के लिए प्रेरित करता है। जनजातीय समाज के स्वाभिमान और उनके अधिकारों की रक्षा में भगवान बिरसा मुंडा का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस उनके प्रति हमारी कृतज्ञता, आदर और श्रृद्धांजलि का प्रतीक है।  

दो प्रथक प्रथक जुंवे के फड़ में छापामारी कार्यवाही कर 8 जुवारियो को किया गिरफ्तार

  छतरपुर छतरपुर पुलिस द्वारा जुआ एवं सट्टा के विरुद्ध निरंतर कार्यवाही की जा रही है। रात्रि भ्रमण के दौरान थाना लवकुशनगर पुलिस को ग्राम भवानीपुर में कुछ लोगों के हार जीत का दांव लगाकर जुआ खेलने की सूचना प्राप्त हुई, पुलिस टीम त्वरित कार्यवाही करते हुए मौके पर पहुंची। पृथक पृथक स्थान ग्राम भवानीपुर में चबूतरे व खेत की मेड़ में हार जीत का दांव लगाकर जुआ खेल रहे 8 आरोपियों को पुलिस टीम द्वारा पकड़ा गया। ग्राम भवानीपुर के दो प्रथक प्रथक स्थान में संचालित जुआ के फड़ एवं आरोपियों के पास से 10410 रुपये नगद व ताश की गड्डियां मिली, जप्त किया गया। जुंवा खेल रहे 8 आरोपी 1. सुरेन्द्र यादव पिता पचू यादव निवासी ग्राम भवानीपुर 2. रमेश अहिरवार पिता श्रीरामदार अहिरवार निवासी ग्राम भवानीपुर 3. लक्ष्मी अहिरवार पिता चन्ना अहिरवार निवासी ग्राम भवानीपुर 4. नन्द अहिरवार  पिता कल्लू अहिरवार निवासी ग्राम भवानीपुर 5. बाबूलाल पिता दिव्या अहिरवार निवासी भवानीपुर 6. गणेश जी पिता बूरा अहिरवार 7. उमाशंकर पिता बेटवा अहिरवार   भवानीपुर                        8. राम श्री पिता सुंदर अहिरवार निवासी भवानीपुर को अभिरक्षा में लेकर थाना लवकुशनगर में जुआ अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत कार्यवाही की गई। उक्त कार्यवाही में एसडीओपी लवकुशनगर श्री नवीन दुबे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी लवकुशनगर निरीक्षक परसराम डाबर, उप निरीक्षक सुरेन्द्र कुमार मरकाम, सउनि जे पी बागरी, आर. रमाकांत तिवारी, आर. उमेश वर्मा आर.हैर्देश नायक, आर.देव सिंह, आर. उदय सिंह, आर. अभिषेक, आर अवधेश, आर. विकास .आर. मंगल एवं पुलिस टीम की भूमिका रही।

22 नवंबर को प्राइम वीडियो पर रिलीज होगी वैक गर्ल्स

मुंबई, प्राइम वीडियो की ड्रामा सीरीज़, वैक गर्ल्स 22 नवंबर को रिलीज होगी। पद्मश्री पुरस्कार विजेता सूनी तारापोरेवाला ने सीरीज़ वैक गर्ल्स का निर्माण एवं निर्देशन किया है जिसे सूनी, इयाना बातिवाला और रॉनी सेन ने साथ मिलकर लिखा है। इस सीरीज़ को मैटर एंटरटेनमेंट, चॉकबोर्ड एंटरटेनमेंट और जिगरी दोस्त प्रोडक्शंस के बैनर तले केलब फ्रैंकलिन, विकेश भूटानी और सूनी तारापोरवाला ने प्रोड्यूस किया है। कॉमेडी, ड्रामा, डांस और म्यूजिक से भरपूर इस सीरीज़ में मेखोला बोस, अनसुआ चौधरी, रिताशा राठौर, क्रिसन परेरा, प्रियम साहा, रूबी साह, अचिंत्य बोस जैसे बेहद होनहार और उभरते कलाकारों के साथ-साथ बरुन चंदा, लिलेट दुबे और स्वर्गीय नितेश पांडे जैसे दिग्गज कलाकारों ने अहम किरदार निभाए हैं। नौ एपिसोड वाली ड्रामा सीरीज़ वैक गर्ल्स भारत के साथ-साथ दुनिया भर के 240 से अधिक देशों एवं क्षेत्रों में 22 नवंबर को सिर्फ प्राइम वीडियो पर हिंदी में प्रीमियर के लिए तैयार है, जिसे तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ में भी डब किया गया है। कोलकाता की पृष्ठभूमि पर आधारित इस सीरीज में बेबाक अंदाज़ वाली 6 युवतियों की कहानी दिखाई गई है, जो ऐसे शहर और देश में अपना एक डांस ग्रुप बनाती हैं, जहाँ उनकी पसंद के इस डांस स्टाइल, यानी वैकिंग के बारे में लोग बहुत कम जानते हैं। ये लड़कियाँ साथ मिलकर ‘वैक गर्ल्स’ नाम से एक डांस ग्रुप बनाती हैं और सुर्खियों में छा जाती हैं।

प्रियंका चोपड़ा ने चैटजीपीटी के साथ की रोमांटिक बात

मुंबई, भारतीय अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा जोनास को चैटजीपीटी से बहुत प्यार है और उन्होंने इसका इजहार खुलेआम कर दिया है। इंस्टाग्राम पर एक ‘रोमांटिक बातचीत’ साझा की है। प्रियंका ने इंस्टाग्राम पर अपनी स्टोरीज सेक्शन में कई मीम्स शेयर किए। लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान चैटजीपीटी पर गया। यह मीम 1989 में आई सलमान खान की फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ के गाने ‘मेरे रंग में रंगने वाली’ से लिया गया था। क्लिप में सुपरस्टार अपनी अभिनेत्री भाग्यश्री को प्यार से पकड़े हुए हैं और ‘मेरे सवालों का… जवाब दो’ लाइन गा रहे हैं। मीम के ऊपर ‘आजकल मैं’ लिखा था। वहीं सलमान पर ‘मैं’ टैग था और भाग्यश्री पर ‘चैटजीपीटी’। प्रियंका ने इसे साझा करते हुए लिखा एकदम मेरे जैसा, गुड नाइट। ग्लोबल स्टार अक्सर जिंदगी के खूबसूरत और जज्बाती लम्हों को शेयर करती हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर पेट डॉग ‘डायना’ का एक प्यारा सा वीडियो शेयर किया, जिसमें वह डायना के साथ खेलती नजर आ रही है। प्रियंका ने लिखा, “जब मैं काम से घर आती हूंं” अभिनेत्री अक्सर अपने डॉग की मनमोहक तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करती रहती हैं। उन्होंने वीडियो में एरिक कारमेन का गाना “हंग्री आइज” भी जोड़ा। बता दें कि प्रियंका और उनके पति निक जोनास के पास तीन पेट डॉग्स हैं, जिनके नाम डायना, पांडा और जीनो है। एक इंटरव्यू में, ‘बेवॉच’ अभिनेत्री ने डायना के साथ अपने खास रिश्ते  के बारे में बात की थी। हालांकि वह अपने तीनों पालतू जानवरों से बेहद प्या र करती है, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि डायना उनके दिल में एक अलग जगह रखती हैं। अपने रिश्ते के बारे में बताते हुए, प्रियंका ने बताया कि डायना पहली पप्पी थी जिसकी उन्होंने पूरी तरह से देखभाल की। उन्होंने यह भी बताया कि डायना उनके जीवन में उस दौर में आई जब वो अमेरिका आई थीं और अपने पिता के निधन का शोक मना रही थीं। डायना न्यूयॉर्क में नॉर्थ शोर रेस्क्यू से हैं। प्रियंका के करियर पर एक नजर डाले तो वह अपकमिंग कॉमेडी फिल्म “हेड्स ऑफ़ स्टेट” में इदरीस एल्बा और जॉन सीना के साथ दिखाई देंगी। वह कार्ल अर्बन संग “द ब्लफ” में एक समुद्री डाकू की भूमिका में दिखेंगी।

शिवपुरी में रात के अंधेरे में फौजी संग हैवानियत, गुटखा खरीदते वक्त हुई बहस… दो युवकों ने घसीटकर चप्पल से पीटा

शिवपुरी  जिले के अमोला थानांतर्गत ग्राम सिरसौद में एक युवक को तीन लोगों द्वारा जूतों से मारपीट करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि जिस व्यक्ति से मारपीट की जा रही है वह आईटीबीपी का जवान है और वर्तमान में असम में पदस्थ है। दिवाली की छुट्टी पर आया था गांव बताया जाता है कि फौजी दीपावली पर छुट्टियों के दौरान अपने गांव आया था। इसी दौरान उसकी निर्मम मारपीट की गई। वीडियो 3 नवंबर का बताया जा रहा है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सरेराह चप्पलों से मारपीट कर दी छुट्टी लेकर गांव आए एक फौजी की दो युवकों ने सरेराह चप्पलों से मारपीट कर दी। फौजी को घसीटकर रोड पर ले आए। घटना सिरसौद कस्बे की 3 नवंबर की है। यह वीडियो अब सामने आया है। वायरल वीडियो के मामले में अमोला थाना पुलिस का कहना है कि फौजी द्वारा किसी तरह का केस दर्ज नहीं कराया गया। फौजी असम गुवाहटी में पदस्थ है। छुट्टी लेकर गांव आया था। 3 नवंबर को करैरा से गांव लौट रहा था। सिरसौद बस स्टैंड पर रुककर दुकान से गुटखा पाउच लेने लगा। इसी दौरान दुकान पर खड़े दो युवकों से विवाद हो गया। दोनों युवकों ने चप्पलों से फौजी की मारपीट शुरू कर दी। मारपीट का वीडियो वायरल, पुलिस बोली-शिकायत नहीं आई मारपीट के दौरान दोनों युवक फौजी को घसीटकर सड़क पर ले आए। इस दौरान किसी ने वीडियो बना लिया। लेकिन अब यह वीडियो एकाएक सामने आया है। अमोला थाना प्रभारी राजकुमार चाहर का कहना है घटना के बाद फौजी थाने आया था, वह शराब बहुत अधिक मात्रा में पीये थे। उनका कहना था कि वह गुवाहटी में पदस्थ है। उसने यह भी कहा कि मैं कोई कार्रवाई नही चाहता हूं। यदि शिकायत आती है तो हम केस दर्ज कर लेंगे।

महिला एवं बाल विकास ने 18 वर्षीय युवक से 16 साल की लड़की का बाल विवाह रुकवाया

इंदौर  देवउठनी एकादशी के बाद शादियों का सीजन शुरू हो जाता है। जिले में प्रशासन ने 16 साल की लड़की की 18 साल के लड़के से होने वाली शादी रुकवा दी। महिला एवं बाल विकास विभाग की उड़नदस्ता टीम ने यह कार्रवाई की। एक अधिकारी ने बताया कि यह विवाह न हो उसके लिए पूरे प्रशासन सजग रहा। दरअसल, देवउठनी एकादशी के मौके पर इंदौर में एक नाबालिग लड़की की शादी रुकवा दी गई। प्रशासन को सूचना मिली थी कि 16 साल की लड़की की शादी 18 साल के लड़के से होने वाली है। यह शादी निरंजनपुर इलाके में होने वाली थी, जहां से दूल्हा बारात लेकर देवास जाने वाला था। बारात रवाना होने वाली थी महिला और बाल विकास विभाग में उड़नदस्ता टीम के प्रभारी महेंद्र पाठक ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि निरंजनपुर में एक नाबालिग लड़की की शादी होने वाली है। सूचना मिलते ही टीम लड़के के घर पहुंची, जहां शादी की तैयारी चल रही थी और बारात जाने वाली थी। पाठक ने बताया कि हमें अपने कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी। जब हम लड़के के घर पहुंचे तो उसकी बारात रवाना होने की तैयारी कर रही थी। परिजनों को बताया गया कानून देवास जिला प्रशासन को भी इस बारे में सूचित किया गया और दोनों पक्षों के परिवारों को बाल विवाह कानून के बारे में बताया गया। बता दें कि भारत में 21 साल से कम उम्र के लड़के और 18 साल से कम उम्र की लड़की की शादी बाल विवाह माना जाता है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत दोषी को दो साल तक की कैद और एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकता है।

बंदिश बैंडिट्स के दूसरे सीजन का प्रीमियर प्राइम वीडियो पर 13 दिसंबर को होगा

मुंबई, प्राइम वीडियो, ने आज अपनी बहुप्रतीक्षित ओरिजिनल सीरीज़ बंदिश बैंडिट्स के दूसरे सीजन को 13 दिसंबर को प्रीमियर करने की घोषणा की। लोकप्रिय म्यूज़िकल ड्रामा बंदिश बैंडट्स का नया सीजन भारतीय शास्त्रीय संगीत के राग, ताल और बंदिशों को आधुनिक रॉक और पॉप के बोल्ड और जोशीले बीट्स के साथ खूबसूरती से मिश्रित किया गया है। इसके मुख्य किरदार राधे और तमन्ना अब स्वीकृति और महिमा की खोज में एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हैं। कहानी परिवार की विरासत में गहराई से उतरती है, जहां व्यक्तिगत पहचान, सशक्तिकरण और पुराने और नए के बीच संतुलन जैसे विषयों को उजागर किया गया है, क्योंकि प्रत्येक पात्र अपने असली रूप को खोजता और अपनाता है। अमृतपाल सिंह बिंद्रा द्वारा निर्मित और आनंद तिवारी द्वारा निर्देशित, लियो मीडिया कलेक्टिव प्राइवेट लिमिटेड प्रोडक्शन में ऋत्विक भौमिक, श्रेया चौधरी, शीबा चड्ढा, अतुल कुलकर्णी, राजेश तैलंग और कुणाल रॉय कपूर जैसे बहुमुखी कलाकारों की इस शो में वापसी होगी, साथ ही नए कलाकार दिव्या दत्ता, रोहन गुरबक्सानी, यशस्विनी दयामा, आलिया कुरैशी और सौरभ नैयर प्रमुख भूमिकाओं में होंगे। बंदिश बैंडिट्स का दूसरा सीजन विशेष रूप से प्राइम वीडियो पर भारत और 240 से अधिक देशों और क्षेत्रों में प्रीमियर होगा।

देश के सभी जनजातीय बहुल गांवों के समग्र विकास के लिये केन्द्र एवं राज्य सरकार प्रतिबद्ध प्रयास कर रही : मंत्री शाह

भोपाल जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा है कि देश के सभी जनजातीय बहुल गांवों के समग्र विकास के लिये केन्द्र एवं राज्य सरकार प्रतिबद्ध प्रयास कर रही है। जनजातियों के विकास के लिये केन्द्र सरकार द्वारा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 5 वर्ष की अवधि के लिये है, जो वित्त वर्ष 2024-25 से वित्त वर्ष 2028-29 तक क्रियान्वित होगा। इसमें केन्द्र सरकार के 18 मंत्रालयों/विभागों की 25 प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाओं/सेवाओं/सुविधाओं का चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वयन कर जनजातियों को सहज लाभ दिलाया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान में प्रदेश के 51 जिलों के 267 विकासखंडों में स्थित 11 हजार 377 जनजातीय बहुल गांवों का सर्वांगीण विकास किया जायेगा। इस अभियान से इन 51 जिलों में 43 जनजातीय समुदायों के 18 लाख 58 हजार 795 परिवार निवास करते हैं, जिनकी कुल 93 लाख 23 हजार 125 लोग सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि अभियान में केन्द्र सरकार द्वारा जनजातीय क्षेत्रों में स्थापित शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थाओं जैसे छात्रावास, आश्रम शालाएं एवं आदर्श विद्यालय, जेएसएस आदि के उन्नयन, विस्तार के साथ इन संस्थानों छत पर सोलर सिस्टम और रेन वॉटर रूफिंग आदि की स्थापना के लिये प्रस्ताव मांगे गये हैं। देशभर की कई संस्थाओं में इस प्रकार के विकास कार्य किये जाने हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने इस दिशा में तेजी से कार्यवाही कर केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय के सचिव को वित्त वर्ष 2024-25 में प्रदेश के 22 जिलों में इस प्रकार के कार्यों के लिये अधिकृत प्रस्ताव भेज दिया है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में राज्य सरकार की ओर से केन्द्र सरकार को बालाघाट, छिंदवाड़ा, सतना, सीधी, हरदा, उज्जैन, धार, रायसेन, नर्मदापुरम, शहडोल, दतिया, इंदौर, सिवनी, रतलाम, उमरिया, बड़वानी, राजगढ़, मंडला, खरगौन, बैतूल, पन्ना एवं गुना जिले में स्थित कुल 200 छात्रावासों एवं स्कूलों की मरम्मत तथा इनमें रेन वॉटर रूफिंग की स्थापना के लिये 388 करोड़ 56 लाख रूपये के विकास कार्य प्रस्ताव भेज दिये गये हैं। प्रस्ताव अनुसार बालाघाट जिले की 12 शिक्षण संस्थाओं, छिंदवाड़ा में 21, सतना में 2, सीधी में 3, हरदा में 4, उज्जैन में 2, धार में 21, रायसेन में 3, नर्मदापुरम में 4, शहडोल में 9, दतिया में 1, इंदौर में 5, सिवनी में 14, रतलाम 12, उमरिया में 8, बड़वानी में 15, राजगढ़ में 1, मंडला में 23, खरगौन में 12, बैतूल में 23 एवं पन्ना और गुना में 1-1 छात्रावास में यह विकास कार्य कराये जायेंगे। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि इसके अलावा छात्रावास अधीक्षको के आवासों में भी सभी सिविल, प्लंबिंग, इलेक्ट्रिक एवं मल-जल निस्तार व्यवस्था संबंधी जरूरी कार्य कराये जायेंगे।  

ITBP में नौकरी पाने का बेहतरीन अवसर

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) में सरकारी नौकरी की चाहत रखने वाले युवाओं के लिए बढ़िया अवसर है. अगर आप भी 12वीं पास हैं और नौकरी की तलाश में भटक रहे हैं, तो आपके लिए बेहतरीन अवसर है. इसके लिए आईटीबीपी ने ग्रुप ‘सी’ (गैर-राजपत्रित और गैर-मंत्रालयी) कैटेगरी में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल के पदों के लिए वैकेंसी निकाली है. इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है. उम्मीदवार जो कोई भी इन पदों के लिए आवेदन करने की सोच रहे हैं, वे आईटीबीपी की आधिकारिक वेबसाइट itbpolice.nic.in के जरिए अप्लाई कर सकते हैं. आईटीबीपी के इस भर्ती के लिए जो कोई भी आवेदन करने की सोच रहे हैं, वे 26 नवंबर तक या उससे पहले अप्लाई कर सकते हैं. इस भर्ती के माध्यम से कुल 20 पदों पर बहाली की जाएगी. अगर आप भी यहां नौकरी करने की सोच रहे हैं, तो नीचे दिए गए बातों को ध्यान से पढ़ें. आईटीबीपी में भरे जाने वाले पद असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (प्रयोगशाला तकनीशियन) – 7 पद असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (रेडियोग्राफर) – 3 पद असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ओटी तकनीशियन) – 1 पद असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (फिजियोथेरेपिस्ट) – 1 पद हेड कांस्टेबल (सीएसआर असिस्टेंट) – 1 पद कांस्टेबल (चपरासी) – 1 पद कांस्टेबल (टेलीफोन ऑपरेटर सह रिसेप्शनिस्ट) – 2 पद कांस्टेबल (ड्रेसर) – 3 पद कांस्टेबल (लिनन कीपर) – 1 पद कुल पदों की संख्या – 20 आईटीबीपी में नौकरी पाने की क्या है आयु सीमा इन पदों के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों की आयु 18 से 28 वर्ष के बीच होनी चाहिए. अलग-अलग पदों के लिए अधिकतम और न्यूनतम आयु सीमा के बारे में नीचे विस्तार से पढ़ सकते हैं. सहायक उप निरीक्षक (प्रयोगशाला तकनीशियन)- 20 वर्ष से 28 वर्ष सहायक उप निरीक्षक (रेडियोग्राफर)- 20 वर्ष से 28 वर्ष सहायक उप निरीक्षक (ओटी तकनीशियन) 18 वर्ष से 25 वर्ष सहायक उप निरीक्षक (फिजियोथेरेपिस्ट) 18 वर्ष से 25 वर्ष हेड कांस्टेबल (सीएसआर असिस्टेंट) 18 वर्ष से 25 वर्ष कांस्टेबल (चपरासी) 18 वर्ष से 25 वर्ष कांस्टेबल (टेलीफोन ऑपरेटर सह रिसेप्शनिस्ट) 18 वर्ष से 25 वर्ष कांस्टेबल (ड्रेसर) 18 वर्ष से 25 वर्ष कांस्टेबल (लिनन कीपर) 18 वर्ष से 25 वर्ष आईटीबीपी में फॉर्म भरने के लिए देना होगा शुल्क सामान्य, ओबीसी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क: 100 रुपये अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला एवं भूतपूर्व सैनिकों को आवेदन शुल्क से छूट है. आईटीबीपी में चयन होने पर मिलेगी सैलरी चयनित उम्मीदवारों को 7वें वेतन आयोग के अनुसार वेतन मैट्रिक्स लेवल 3, 4 और 5 पर नियुक्त किया जाएगा. इसके अंतर्गत वेतनमान इस प्रकार है: वेतन लेवल 5: 29,200 रुपये से 92,300 रुपये वेतन लेवल 4: 25,500 रुपये से 81,100 रुपये वेतन लेवल 3: 21,700 रुपये से 69,100 रुपये यहां देखें नोटिफिकेशन और आवेदन लिंक ITBP Recruitment 2024 नोटिफिकेशन ITBP Recruitment 2024 के लिए आवेदन करने का लिंक आईटीबीपी में ऐसे होगा चयन फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST) लिखित परीक्षा मूल डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन डिटेल मेडिकल टेस्ट (DME)/रिव्यू मेडिकल टेस्ट (RME)

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