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चंडोक को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीबीआई ने लिया हिरासत

नई दिल्ली केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 2014 में दर्ज बैंक धोखाधड़ी मामले में वांछित रेड नोटिस विषय और घोषित अपराधी अंगद सिंह चंडोक को अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत वापस लाया है। 23 मई 2025 को चंडोक को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीबीआई ने हिरासत में लिया और अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह बैंक धोखाधड़ी मामला 24 जुलाई 2014 को दर्ज हुआ था, जिसमें अंगद सिंह चंडोक और उनके परिवार के सदस्यों ने मिलकर बैंक अधिकारियों समेत चार अन्य आरोपियों के साथ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी की थी, जिससे बैंक को बड़ा नुकसान हुआ था। वर्ष 2016 में कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए चंडोक देश छोड़कर भाग गया था और उसके खिलाफ ओपन-एंडेड गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे। सीबीआई ने 22 मार्च 2017 को इंटरपोल से रेड नोटिस जारी करवाया था, जिसके आधार पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी तलाश की गई। अंततः अमेरिकी अधिकारियों के सहयोग से आरोपी को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया।सीबीआई ने बताया कि इस मामले में अन्य वांछित आरोपियों के परिवार के सदस्यों को वापस लाने के प्रयास जारी हैं, जिससे मुकदमे की कार्यवाही में सहायता मिलेगी। सीबीआई राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के रूप में इंटरपोल के साथ मिलकर 2021 से अब तक 100 से अधिक वांछित अपराधियों को विदेशों से भारत वापस लाने में सफल रही है।

भारत कभी भी परमाणु धमकियों के आगे नहीं झुकेगा, एस. जयशंकर ने जर्मनी की यात्रा के दौरान एक कड़ा दिया संदेश

नई दिल्‍ली कांग्रेस ने शनिवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर का पूरा समर्थन किया, जिन्होंने जर्मनी की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान एक कड़ा संदेश देते हुए कहा कि ‘भारत कभी भी परमाणु धमकियों के आगे नहीं झुकेगा’ और ‘पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय आधार पर मुद्दों को सुलझाएगा।’ जयशंकर के ‘दृढ़ कूटनीतिक लहजे’ की पार्टी लाइन से ऊपर उठकर कांग्रेस के नेता संदीप दीक्षित ने तारीफ की है। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने बातचीत में बयान का स्वागत करते हुए कहा, “बिल्कुल सही। हम हमेशा से यह अधिकार रखते आए हैं, और मैं यह भी उम्मीद करता हूं कि जब हम जर्मनी जैसे देशों के साथ बातचीत कर रहे हैं, तो हम पाकिस्तान के खिलाफ भी उनका समर्थन मांगें। पाकिस्तान क्या करता है, उसकी अर्थव्यवस्था कैसी है, यह उनकी चिंता है। हमने हमेशा कहा है कि हम अपने सभी पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं।” उन्होंने कहा कि पिछले 30-35 सालों से पाकिस्तान ने जिस तरह से आतंकवाद को बढ़ावा दिया है, वह पूरी तरह से आपराधिक कृत्य है, मानवता के खिलाफ अपराध है। उन्होंने कहा, “इन देशों को भी पाकिस्तान को एक ‘धूर्त राष्ट्र’ के रूप में पहचानना चाहिए और उसके अनुसार काम करना चाहिए।” इंडिगो विमान की आपातकालीन लैंडिंग की इजाजत न दिए जाने की भी कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने निंदा की। उन्होंने कहा, “अगर देश को ऐसी जरूरत थी तो कोई भी देश हो, उसको सामने आना चाहिए। लड़ाइयां सरकारों से होती हैं। मानवता को आगे रखना चाहिए। कई बार ऐसा हुआ है कि इमरजेंसी लैंडिंग हुई है, कई बार ऐसे देशों में लैंडिंग हुई है जिनसे कोई संबंध नहीं हैं। लड़ाई आपकी देश और फौज से होती है, सरकार से होती है। अगर पाकिस्तान ने ऐसा किया है तो वह निंदनीय है।” बता दें, 21 मई को मौसम खराब के कारण दिल्ली से श्रीनगर जा रहे विमान ने इमरजेंसी लैंडिंग के लिए पाकिस्तान के एटीएस से बात की थी लेकिन उन्होंने हवाई जहाज को अपने क्षेत्र में उतरने की इजाजत नहीं दी। दीक्षित ने तिरंगा यात्रा के सवाल पर कहा कि भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम के लिए तिरंगा यात्राओं को निकाला जाना बहुत अच्छी बात है। इसमें लोगों में एक अच्छा संदेश जाता है। वहीं, नीति आयोग की बैठक के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कोई न कोई थीम देते रहते हैं, इसमें मुझे कोई बहुत बड़ी चीज दिखती नहीं है, उस थीम का होता क्या है यह पता नहीं चलता। आत्मनिर्भर भारत दिया, हमारे एक्सपोर्ट के घाटे बढ़ते जा रहे हैं। आपने स्किल इंडिया की बात की, नौकरी किसी को मिल नहीं रही है, आपने ऐसे तमाम 50 चीज की इन स्लोगन का क्या मतलब होता है जो आगे हम यह कहानी कितने दिन तक सुनते रहेंगे।

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी घुसपैठिया बीएसएफ जवानों ने नाकाम कर दिया और संदिग्ध को मार गिराया

नई दिल्ली भारत-पाकिस्तान सीमा पर ऑपरेशन सिंदूर के बाद तनाव घटा है, लेकिन बीएसएफ और भारतीय सेना सतर्क हैं. गुजरात के नडाबेट-सुईगाम सीमा क्षेत्र में पाकिस्तानी संदिग्ध ने घुसपैठ की कोशिश की, जिसे बीएसएफ जवानों ने नाकाम कर दिया और संदिग्ध को मार गिराया. मृतक के पास कोई पहचान पत्र नहीं मिला. ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान सरहद पर तनाव कम होते दिखा था पर भारतीय सेना अभी भी मुस्तैद है और पूरी सरहद पर सुरक्षित और शांत माने जाने वाले गुजरात-पाकिस्तान सीमा पर घुसपैठ की कोशिश को बीएसएफ ने नाकाम बनाया है. बीती रात पाकिस्तानी सीमा से भारत में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे पाकिस्तानी को बीएसएफ के जवानों ने मार गिराया. नडाबेट-सुईगाम सीमा के पास रात का फायदा उठाकर घुसपैठ कि कोशिश हो रही थी पर हमारे सतर्क जवानों ने जैसे ही इस संदिग्ध को देखा, पहले उसे रुक जाने के लिए चेतावनी दी गई. चेतावनी देने के बावजूद जब उसने घुसपैठ की कोशिश की तब बीएसएफ के जवानों ने उसे मार गिराया. घुसपैठिए की शव को पोस्टमार्टम के लिए वाव रेफरल हॉस्पिटल को लाया गया , स्थानीय पुलिस बीएसएफ के साथ वाव रेफरल अस्पताल पहुंची. मृतक घुसपैठिए के पास से किसी भी प्रकार का कोई दस्तावेज बरामद नहीं मिला है. बीएसएफ की ओर से इस मामले में जांच की जा रही है क्योंकि काफी लंबे समय बाद भारत-पाकिस्तान की इस सीमा पर घुसपैठ कि कोशिश की गई. आम तौर पर इस सरहद पर एसी कोई घटना नहीं होती हैं. गुजरात में सामान्य तौर पर सरक्रिक इलाके से घुसपैठ होती है और वहां उसको नाकाम बनाने का बड़ा चैलेंज रहता है. महत्वपूर्ण है कि भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के वक्त इस इलाके में भी पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए थे. 8-9 मई को इस इलाके में भी ब्लैक आउट कर दिया गया था और संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए थे. कच्छ सीमा से जासूस गिरफ्तार गुजरात के कच्छ सीमा से एटीएस ने एक जासूस को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि ये जासूस पाकिस्तानी एजेंसी ISI के संपर्क में था और भारत की सूचनाएं मुहैया करा रहा था.  

सिंध में नहर परियोजना का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने असीफा भुट्टो जरदारी के काफिले पर किया हमला

कराची पाकिस्तान में कराची से सिंध के नवाबशाह जा रहीं नेशनल असेंबली की मेंबर और पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की बेटी असीफा भुट्टो जरदारी के काफिले को प्रदर्शनकारियों ने बीच सड़क पर घेर लिया. वे जमशोरो टोल प्लाजा से गुजर रही थीं, जब नहर परियोजना का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने कुछ समय के लिए उन्हें रोक लिया, और लाठी-डंडों से काफिले पर हमले करने की भी कोशिश की. इससे हाईवे पर तनावपूर्ण माहौल पैदा हो गया. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे विवादित नहर परियोजना और कॉर्पोरेट फार्मिंग के खिलाफ विरोध जता रहे थे. उन्होंने इस परियोजना को किसानों और आम जनता के हितों के खिलाफ बताया. पुलिस के मुताबिक, इस घटना के दौरान सुरक्षा बल और फोर्स ने तुरंत कार्रवाई करते हुए असीफा जरदारी का वाहन सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और काफिले को सुरक्षित निकाला.   एक मिनट से भी कम समय के लिए रोका गया काफिला! लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिंध स्थित जमशोरो के SSP जफर सिद्दीक ने बताया कि काफिला सिर्फ एक मिनट से भी कम समय के लिए रोका गया और किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ. उन्होंने कहा, “कहीं भी कानून व्यवस्था भंग होती है, तो पुलिस उचित कार्रवाई करती है.” कुछ संदिग्ध लोगों को किया गया गिरफ्तार! एसएसपी ने यह भी जानकारी दी कि इस मामले में FIR दर्ज कर ली गई है और कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने चेतावनी दी कि जो कोई भी सार्वजनिक शांति भंग करने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सुरक्षा बल मामलों को गंभीरता से लेते हैं और सामाजिक शांति बनाए रखने के लिए तत्पर रहते हैं.  

अगर केंद्र और सभी राज्य एक साथ मिलकर टीम इंडिया की तरह काम करें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि भारत को भविष्य के लिए तैयार शहरों के विकास की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने केंद्र और सभी राज्यों से एक साथ मिलकर विकास की गति बढ़ाने का आग्रह किया। पीएम मोदी ने कार्यक्रम में कहा, “भारत में तेजी से शहरीकरण हो रहा है। हमें भविष्य के लिए तैयार शहरों की दिशा में काम करना चाहिए। विकास, नवाचार और स्थिरता हमारे शहरों के विकास का इंजन होना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “हमें विकास की गति बढ़ानी होगी। अगर केंद्र और सभी राज्य एक साथ मिलकर टीम इंडिया की तरह काम करें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं हो सकता है।” उन्होंने राज्यों से देश में पर्यटन को बढ़ावा देने में योगदान देने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा, “राज्यों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तथा सभी सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करवाते हुए प्रत्येक राज्य में कम से कम एक पर्यटन स्थल विकसित करना चाहिए। ‘एक राज्य, एक वैश्विक गंतव्य’ बनाया जाना चाहिए। इससे पड़ोसी शहरों का भी पर्यटन स्थल के रूप में विकास होगा।” पीएम मोदी ने 140 करोड़ नागरिकों की आकांक्षा को ‘विकसित होना’ बताया और कहा, “विकसित भारत हर भारतीय का लक्ष्य है। जब हर राज्य विकसित होगा तभी भारत भी विकसित होगा। यह 140 करोड़ नागरिकों की आकांक्षा है।” इसके अलावा, उन्होंने देश के वर्कफोर्स में महिलाओं की संख्या बढ़ाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा, “हमें अपने वर्कफोर्स में महिलाओं को शामिल करने की दिशा में काम करना चाहिए। हमें ऐसे कानून और नीतियां बनानी चाहिए, जिससे महिलाओं को वर्कफोर्स में सम्मानपूर्वक शामिल किया जा सके।” भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होने वाली इस गवर्निंग काउंसिल की बैठक का विषय ‘विकसित भारत : 2047 के लिए विकसित राज्य’ है। यह बैठक केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ‘विकसित भारत : 2047’ के विजन को आगे बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श करने और इस बात पर आम सहमति बनाने के लिए एक मंच प्रदान करती है कि कैसे राज्य भारत को एक ‘विकसित राष्ट्र’ बनाने के लिए आधारशिला बन सकते हैं। इसके अलावा, बैठक में उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल बढ़ाने और देश भर में स्थायी रोजगार के अवसर पैदा करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

स्टीव राय पिछले 30 वर्षों से पुलिस सेवा में सक्रिय हैं, अब पुलिस विभाग के प्रमुख हुए नियुक्त

कनाडा पंजाबी समुदाय के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण सामने आया है। स्टीव राय को वैंकूवर पुलिस विभाग का प्रमुख नियुक्त किया गया है, जिससे वह इस पद पर पहुँचने वाले पहले पंजाबी मूल के अधिकारी बन गए हैं। इस ऐतिहासिक नियुक्ति ने न केवल कनाडा में बसे दक्षिण एशियाई समुदाय को गौरवान्वित किया है, बल्कि बहुसांस्कृतिक प्रतिनिधित्व की दिशा में एक बड़ा कदम भी साबित हुआ है। स्टीव राय की यह उपलब्धि इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है, जिसमें पंजाबी मूल का एक व्यक्ति दुनिया के अग्रणी शहरों में से एक की पुलिस फ़ोर्स का नेतृत्व करेगा। यह न केवल एक व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि विविधता और समावेशिता आज के समय में कितनी ज़रूरी और असरदार हैं।   स्टीव राय पिछले 30 वर्षों से पुलिस सेवा में सक्रिय हैं। हाल के वर्षों में वे वैंकूवर पुलिस विभाग में उप प्रमुख (Deputy Chief) के रूप में कार्य कर रहे थे। अपनी ईमानदारी, नेतृत्व क्षमता और सभी समुदायों के प्रति सम्मान एवं सेवा भावना के चलते उन्हें यह सर्वोच्च पद सौंपा गया।  नियुक्ति के बाद अपने पहले सार्वजनिक संदेश में स्टीव राय ने कहा कि “मैं वैंकूवर शहर को एक सुरक्षित, न्यायपूर्ण और विश्वासपूर्ण माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध हूँ। मेरे लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता लोगों के भरोसे पर खरा उतरना है।” उन्होंने यह भी कहा कि वह सभी समुदायों के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि सामाजिक एकता को मज़बूती मिल सके। उनकी नियुक्ति की खबर मिलते ही सिख और दक्षिण एशियाई समुदायों में ख़ुशी की लहर दौड़ गई। कनाडा में बसे कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इस फ़ैसले की सराहना करते हुए कहा कि यह वैंकूवर की बहुसांस्कृतिक पहचान और समान अवसर नीति का प्रतीक है। समाजसेवी जसपाल सिंह ने कहा कि “यह नियुक्ति उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो कनाडा जैसे देशों में कड़ी मेहनत और ईमानदारी से कुछ बड़ा करना चाहते हैं।”वैंकूवर को इस समय कई सामाजिक और आपराधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर में गैंग युद्ध, नशे की लत, और भाईचारे में बढ़ती दूरियाँ बड़ी समस्याएं बनी हुई हैं। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि स्टीव राय अपने अनुभव और सांस्कृतिक समझ के बल पर इन समस्याओं से निपटने में सफल रहेंगे।

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव ने बताया ट्रंप के 25% टैरिफ के बावजूद भारत में बने आईफोन अमेरिका में होंगे सस्ते

 नई दिल्ली भले ही अमेरिका भारत में बने आईफोन पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए, फिर भी इसकी कुल उत्पादन लागत अमेरिका में इसे बनाने की तुलना में बहुत कम होगी। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) ने अपनी एक रिपोर्ट में यह दावा किया है। जीटीआरआई की ओर से यह जानकारी ऐसे समय पर दी गई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एक बयान के कारण खासा चर्चा में है। अपने बयान में ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर एपल भारत में आईफोन बनाने का फैसला करता है तो वे इसपर पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगा देंगे। हालांकि, जीटीआरआई का मानना है कि इस तरह के शुल्कों के बावजूद भारत में आईफोन का निर्माण लागत की दृष्टि से अधिक प्रभावी है। रिपोर्ट में 1,000 अमेरिकी डॉलर के आईफोन की पूरी मौजूदा मूल्य शृंखला के बारे में विस्तार से बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, आईफोन के निर्माण में एक दर्जन से अधिक देशों का योगदान है। एपल अपने ब्रांड, सॉफ्टवेयर और डिजाइन जरिए मूल्य का सबसे बड़ा हिस्सा, लगभग 450 डॉलर प्रति डिवाइस अपने पास रखता है। क्वालकॉम और ब्रॉडकॉम जैसे अमेरिकी घटक निर्माताओं के हिस्से में करीब 80 जाते हैं। जबकि ताइवान चिप बनाकर 150 अमेरिकी डॉलर हासिल करता है। दक्षिण कोरिया ओएलईडी स्क्रीन और मेमोरी चिप्स बनाकर 90 डॉलर हासिल करता है। जापान मुख्य रूप से कैमरा सिस्टम तैयार कर 85 डॉलर के पार्ट्स की आपूर्ति करता है। जर्मनी, वियतनाम और मलेशिया छोटे आईफोन के कई अन्य छोटे-छोटे हिस्से बनाकर 45 डॉलर का योगदान देते हैं। जीटीआरआई ने कहा कि चीन और भारत जैसे देश आईफोन असेंबली के मामले में प्रमुख खिलाड़ी होने के बावजूद, प्रति डिवाइस केवल लगभग 30 डालर ही कमाते हैं। यह एक आईफोन के कुल खुदरा मूल्य का 3 प्रतिशत से भी कम है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 25 प्रतिशत टैरिफ लागू होने के बाद भी भारत में आईफोन का निर्माण आर्थिक रूप से तर्कसंगत है। ऐसा मुख्य रूप से भारत और अमेरिका में पारिश्रमिक लागत में भारी अंतर के कारण है। भारत में, आईफोन असेंबल करने वाले श्रमिक हर महीने लगभग 230 डॉलर कमा पाते हैं। वहीं कंपनी यदि अमेरिका के कैलिफोर्निया जैसे राजय में आईफोन बनाने का फैसला लेती है तो उसे काफी महंगा पड़ेगा। न्यूनतम मजदूरी से जुड़े कानूनों के कारण अमेरिका में फोन बनाने पर आईफोन की श्रम लागत लगभग 2,900 अमरीकी डॉलर तक पहुंच जाएगी, जो इसकी वर्तमान श्रम लागत से 13 गुना अधिक है। भारत में एक आईफोन को असेंबल करने में लगभग 30 डॉलर का खर्च आता है, जबकि अमेरिका में इसी प्रक्रिया पर लगभग 390 डॉलर का खर्च आएगा। अगर एपल अपना उत्पादन अमेरिका ले जाता है, तो हर आईफोन उसका मुनाफा वर्तमान के 450 अमेरिकी डॉलर से घटकर मात्र 60 अमेरिकी डॉलर रह जाएगा। ऐसे में, बिना खुदरा कीमतों में इजाफा किए वह इससे अधिक लाभ नहीं हासिल कर पाएगा। जीटीआरआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कैसे वैश्विक मूल्य शृंखलाएं और श्रम लागत का अंतर भारत को विनिर्माण के लिए एक प्रतिस्पर्धी विकल्प बनाते हैं। जीटीआरआई के अनुसार भारत में आईफोन की असेंबलिंग अमेरिका के संभावित व्यापार प्रतिबंधों के बावजूद कारगर बने रहने की उम्मीद है।

ऑपरेशन सिंदूर ने US को दिखाई असलियत, भारत से सबक ले वर्ना…अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञ की चेतावनी

वाशिंगटन भारत द्वारा हाल ही में अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर ने पूरी दुनिया को भविष्य की लड़ाई का नया चेहरा दिखा दिया है। अमेरिका के प्रसिद्ध रक्षा विशेषज्ञ और वॉर इंस्टीट्यूट  में प्रोफेसर जॉन स्पेंसर ने कहा है कि यह सिर्फ भारत के लिए नहीं, बल्कि अमेरिका के लिए भी एक  नींद से जगाने वाली चेतावनी  है। उन्होंने लिखा, “ऑपरेशन सिंदूर के ज़रिए भारत ने यह साफ कर दिया है कि भविष्य के युद्ध कैसे होंगे-तेज़, तकनीकी, और घातक। अब अमेरिका को भी अपनी सुस्त और महंगी डिफेंस मशीनरी पर गंभीरता से काम करना होगा।” अमेरिका का रक्षा ढांचा खतरे में जॉन स्पेंसर के मुताबिक अमेरिका की सैन्य तैयारियां खस्ताहाल हो चुकी हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर अचानक चीन से युद्ध छिड़ जाए, तो अमेरिका उसकी आक्रामक ताकत के सामने कमज़ोर साबित  हो सकता है। कुछ प्रमुख समस्याएं जो उन्होंने गिनाईं: अमेरिका हर साल केवल 24 से 48 PAC-3 मिसाइलें बना सकता है। यूक्रेन को भेजे गए स्टिंगर और जैवलिन मिसाइलों की भरपाई में   से 4 साल लग जाएंगे। 155 मिमी तोपों के गोले भी लगभग खाली स्टॉक में पहुंच चुके हैं।   अमेरिकी हथियार महंगे, सुस्त, और कम मात्रा में स्पेंसर ने अमेरिका की डिफेंस इंडस्ट्री पर सवाल उठाते हुए कहा  कि एक  Tomahawk मिसाइल की कीमत लगभग 2 मिलियन डॉलर है। HIMARS लॉन्चर की कीमत 5 मिलियन डॉलर से अधिक है। इसके मुकाबले ईरानी ड्रोन मात्र 40,000 डॉलर में उपलब्ध हैं और काम में ज़्यादा कारगर साबित हो रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने भी अमेरिका की ड्रोन नीति पर निशाना साधते हुए कहा, “हम लाखों डॉलर के ड्रोन बनाते हैं, जबकि हमारे दुश्मन कुछ हजार डॉलर में घातक ड्रोन तैयार कर लेते हैं।” ड्रोन बन चुके  युद्ध के नए सिपाही ऑपरेशन सिंदूर में ड्रोन का जिस तरह से इस्तेमाल हुआ, उसने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब लड़ाई के मैदान में पारंपरिक हथियारों की जगह  सस्ते और प्रभावशाली ड्रोन सिस्टम ले रहे हैं। स्पेंसर के शब्दों में “ड्रोन अब नए तोप के गोले हैं। युद्ध जीतने के लिए हमें   निगरानी करने वाले, हमला करने वाले और तेज़ उड़ान भरने वाले हजारों नहीं, लाखों ड्रोन  चाहिए।”  

आतंकवाद पर अब चुप्पी नहीं, PM मोदी का साफ संदेश- धैर्य की सीमा होती- पहलगाम हमले के बाद UAE का सख्त बयान

दुबई संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भारत के राजदूत ने कहा है कि 2008 के मुंबई हमलों के बाद से आतंकवाद पर खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) देशों के रुख में अब उल्लेखनीय बदलाव आया है क्योंकि उन्हें व्यापक रूप से यह अहसास हो गया है कि आतंकवाद सभी का साझा दुश्मन है और इस खतरे से निपटने के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता है। UAE में भारत के राजदूत संजय सुधीर ने इस मुद्दे पर भारत के रुख को सामने लाने के लिए श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की देश की यात्रा की भी सराहना की। उन्होंने इस यात्रा को बहुत सफल बताया। राजदूत ने  कहा, ‘‘हमारे विमर्श, हमारे दृष्टिकोण, सभी को बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली। यह एक स्पष्ट प्रतिक्रिया थी, यह इस तथ्य का स्पष्ट दोहराव था कि UAE हमारा एक सच्चा रणनीतिक साझेदार, एक मित्र है, जिस पर हम भरोसा कर सकते हैं।” सुधीर ने GCC देशों बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद की प्रतिक्रिया और मुंबई हमले के बाद की प्रतिक्रिया में आए बदलाव पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘2008 में मुंबई आतंकवादी हमले के बाद स्थिति काफी अलग थी। जीसीसी देशों की प्रतिक्रिया काफी अलग थी। इस बार यह काफी अलग थी। हमारा नेतृत्व यूएई, सऊदी अरब, कुवैत और कतर के साथ बहुत सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ था। यह वही जीसीसी है लेकिन कुछ चीजें बदल गई हैं क्योंकि व्यापक रूप से यह अहसास हो गया है कि आतंकवाद मानवता का साझा दुश्मन है और हमें इसका मुकाबला करने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है।” राजदूत ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात संभवतः पहला देश था जिसने स्पष्ट बयान जारी कर इस हमले की निंदा की और इसे आतंकवादी कृत्य बताया तथा सभी प्रकार के आतंकवाद को समाप्त करने का आह्वान किया। शिंदे के नेतृत्व वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान यूएई के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण चर्चा की। इसने सहिष्णुता एवं सह-अस्तित्व मामलों के मंत्री शेख नाहयान बिन मुबारक अल नाहयान और विदेश मामलों, रक्षा एवं आंतरिक मामलों पर संघीय राष्ट्रीय परिषद समिति के अध्यक्ष अली राशिद अल नूमी समेत कई नेताओं से मुलाकात की। सुधीर ने कहा, ‘‘जिस तरह से प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया गया और हमारे दृष्टिकोण को प्रतिक्रिया मिली वह हमारी साझेदारी की मजबूती को दर्शाता है।” उन्होंने कहा कि यूएई की प्रतिक्रिया ने मानवता के साझा दुश्मन आतंकवाद का मुकाबला करने की उसकी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। सुधीर ने जिक्र किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आतंकवाद को प्रायोजित करने पर पाकिस्तान को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि धैर्य की भी एक सीमा होती है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को भारत के अग्रसक्रिय रुख का प्रमाण बताते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि धैर्य की भी एक सीमा होती है। हम महात्मा गांधी और गौतम बुद्ध की धरती से आते हैं लेकिन हमें कोई भी हल्के में नहीं ले सकता।” सुधीर ने भारत एवं यूएई के द्विपक्षीय संबंधों पर का जिक्र करते हुए विशेष रूप से व्यापार में मजबूत वृद्धि पर प्रकाश डाला जो वित्त वर्ष 2024-25 में 100 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर गया।    

मोबाइल पर म्यूजिक बजाने को लेकर पति ने पत्नी के बीच हुआ झगड़ा, फिर पति ने पत्नी पर फेंका टॉइलट क्लीनर

नई दिल्ली मोबाइल पर म्यूजिक बजाने को लेकर झगड़ने के बाद एक पति ने पत्नी पर टॉइलट क्लीनर एसिड फेंक दिया। पुलिस ने बताया कि पीड़िता को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पीड़िता ब्यूटिशियन है। तेजाब की वजह से वह सिर और चेहरे पर काफी जल गई है। घटना 19 मई की है। उत्तर बेंगलुरु के सिदेदाहल्ली में रहने वाले दंपती में अकसर झगड़ा हुआ करता था। पति शराब का आदी था। उस दिन भी वह पत्नी से शराब के लिए पैसे मांग रहा था। आम तौर पर पत्नी जब शराब के लिए पैसे देने से इनकार करती थी तो वह मारपीट करता था। घटना वाले दिन वह पीकर घर पर आया और तेज आवाज में मोबाइल पर म्यूजिक बजाना शुरू किया। पत्नी ने ऐसा करने से रोका लेकिन उसने एक ना सुनी। इसके बाद दोनों में झगड़ा होने लगा। आरोपी दौड़कर टॉइलट से तेजाब की बोतल उठा लाया और पीड़िता पर डाल दिया। आरोपी तुरंत वहां से फरार हो गया। पड़ोसियों ने चीखने की आवाज सुनी तो दौड़कर आए और पीड़िता को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस अब भी आरोपी पति की तलाश कर रही है। पीछा करने वाले ने ऐडवोके पर फेंका तेजाब लखनऊ में एक स्टॉकर ने महिला ऐडवोकेट पर तेजाब फेंक दिया। पीड़िता ने दावा किया है कि आरोपी पहले भी उसे जान से मारने और रेप की धमकी देता रहता था। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसके नाम पर सोशल मीडिया अकाउंट बनाया था। इसके अलावा वह ऐडवोकेट को अलग-अलग नंबरों से फोन करके परेशान करता था। पीड़िता ने बताया कि आरोपी एसिड की बोतल लेकर घर के सामने खड़ा रहा था। जब मैंने फोन का जवाब देना बंद कर दिया तो उसने मेरी दोस्त को फोन करना शुरू कर दिया। उसके डर से मैंने कोर्ट जाना भी बंद कर दिया था।  

बीएसएफ और भारतीय वायुसेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान भेजने के आरोप में सहदेव सिंह को किया अरेस्ट

कच्छ देश से गद्दारी करने वालों की लिस्ट में अब गुजरात के सहदेव सिंह गोहिल का नाम भी शामिल हो गया है। उस पर बीएसएफ और भारतीय वायुसेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान भेजने का आरोप है। गुजरात एटीएस एसपी के सिद्धार्थ ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि गुजरात एटीएस ने कच्छ के एक मल्टीपर्पस स्वास्थ्य कार्यकर्ता सहदेव सिंह गोहिल को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा, हमें सूचना मिली थी कि वह बीएसएफ और आईएएफ से जुड़ी जानकारी एक पाकिस्तानी एजेंट के साथ शेयर कर रहा है। सहदेव सिंह गोहिल कच्छ के एक मल्टीपर्पस हेल्थ वर्कर है। एटीएस के अनुसार, गोहिल को 1 मई को प्रारंभिक जांच के लिए बुलाया गया था, जहां पता चला कि वह जून-जुलाई 2023 में व्हाट्सएप पर अदिति भारद्वाज नाम की महिला के संपर्क में आया था। उससे बातचीत के बाद उसे पता चला कि वह एक पाकिस्तानी एजेंट है। उसने बीएसएफ और आईएएफ की निर्माणाधीन या नई बनी जगहों की तस्वीरें और वीडियो मांगे। जिसके बाद उसने व्हाट्सएप के जरिए तस्वीरें और वीडियो शेयर करना शुरू कर दिया। 40 हजार रुपए के लिए की जासूसी? के सिद्धार्थ ने कहा, साल 2025 की शुरुआत में गोहिल ने अपने आधारकार्ड का इस्तेमाल कर एक सिम कार्ड खरीदा था और अदिति भारद्वाज के इस्तेमाल के लिए उस नंबर पर व्हाट्सएप अकाउंट भी खोला। इसके बाद इस नंबर से बीएसएफ और आईएएफ के बुनियादी ढांचे से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए गए, जिसका इस्तेमाल पाकिस्तानी एजेंट कर रहे थे। एटीएस ने यह भी पुष्टि की कि गोहिल को एक अज्ञात शख्स ने 40,000 रुपये दिए थे। माना जा रहा है ये शख्स भी जासूसी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। सिद्धार्थ ने आगे कहा, गोहिल का फोन एफएसएल को भेजा गया था। अदिति भारद्वाज के नाम से व्हाट्सएप नंबर पाकिस्तान से संचालित किए जा रहे थे। गोहिल और पाकिस्तानी एजेंट के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61 और 148 के तहत मामला दर्ज किया गया है।  

केरल में मानसून का आगमन पिछले 16 वर्षों में सबसे जल्दी, मानसून 25 मई तक केरल में, भारी बारिश की संभावना

तिरुवनन्तपुरम केरल में मानसून अगले 24 घंटों में दस्तक देने वाला है। यह अपने तय समय से करीब एक सप्ताह पहले चल रहा है। इस साल केरल में मानसून का आगमन पिछले 16 वर्षों में सबसे जल्दी होने वाला है। राज्य में मानसून के आगमन के लिए सभी अनुकूल परिस्थितियां तैयार हो गई हैं। पिछले दो दिनों में केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है। यह कम दबाव वाले क्षेत्र और आगे बढ़ते मानसून सिस्टम के संयोजन के कारण हुई है। पिछली बार राज्य में मानसून इतनी जल्दी 2009 और 2001 में पहुंचा था। तब यह 23 मई को राज्य में पहुंचा था। आमतौर पर मानसून केरल में 1 जून को दस्तक देता है। हालांकि, सबसे पहले 1918 में 11 मई को मानसून ने केरल में दस्तक दे दी थी। देरी से मानसून के आने का रिकॉर्ड 1972 में था, जब मानसूनी बारिश 18 जून से शुरू हुई थी। पिछले 25 वर्षों में सबसे देरी से मानसून का आगमन 2016 में हुआ था, जब मानसून ने 9 जून को केरल में प्रवेश किया था। अगले 24 घंटे में करेल में दस्तक दे सकता है मानसून आईएमडी ने एक बयान में कहा, ‘अगले 2-3 दिनों में केरल में मानसून के आगमन के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है.’ इस वर्ष मानसून के आने का पूर्वानुमान आईएमडी के 27 मई के डेडलाइन के भीतर है, जिसमें चार दिनों का मॉडल एरर मार्जिन चलता है. पिछले साल मानसून ने केरल में 30 मई को दस्तक दी थी. मानसून का समय पर आगमन भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कारक है, जहां वार्षिक वर्षा का लगभग 70% जून-सितंबर की अवधि के दौरान होता है. मानसून की बारिश फसलों की सिंचाई और भूजल एवं जलाशयों को पुनः भरने के लिए महत्वपूर्ण है, तथा इसका सीधा प्रभाव देश के कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ता है. आईएमडी ने 2025 के लिए औसत से अधिक मानसून की बारिश का अनुमान लगाया है, जिससे खरीफ सीजन की फसलों का रिकॉर्ड उत्पादन होने की उम्मीद बढ़ गई है. उत्पादन बढ़ने से ग्रामीण आय में वृद्धि होगी, खाद्य सुरक्षा बढ़ेगी और देश के समग्र आर्थिक विकास में कृषि क्षेत्र का योगदान बढ़ेगा. शुरुआती बारिश से धान, मक्का, कपास, सोयाबीन और तिलहन की बुवाई को बढ़ावा मिलने तथा रबी सीजन से पहले जलाशयों का जलस्तर बढ़ने की उम्मीद है. पूर्वी मध्य अरब सागर के ऊपर बना लो प्रेशर सिस्टम केरल के अलावा, आईएमडी ने दक्षिण-पश्चिम मानसून के दक्षिण और मध्य अरब सागर, मालदीव और कोमोरिन क्षेत्र, लक्षद्वीप के कुछ हिस्सों, कर्नाटक, तमिलनाडु, दक्षिण और मध्य बंगाल की खाड़ी, उत्तरी बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में इसी अवधि के दौरान आगे बढ़ने का अनुमान लगाया है. इसके समानांतर, दक्षिण कोंकण-गोवा तट से दूर, पूर्वी मध्य अरब सागर के ऊपर एक लो प्रेशर वेदर सिस्टम बनने की खबर है. अगले 36 घंटों में उत्तर की ओर बढ़ते हुए यह लो प्रेशर वेदर सिस्टम और भी मजबूत हो सकता है और स्थानीय वेदर पैटर्न को प्रभावित कर सकता है, जिससे पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों में बारिश और हवा में बदलाव हो सकता है. देश के कुछ हिस्सों में चल रही गर्मी की स्थिति से राहत मिलने की व्यापक उम्मीद के बीच मानसून की प्रगति पर कड़ी नजर रखी जा रही है. अभी तक, मानसून की राह में कोई बड़ी देरी या विचलन नहीं देखा गया है. यह भारत भर में कृषि के लिए बारिश पर निर्भर क्षेत्रों के लिए सकारात्मक खबर है. जहां तक उत्तर भारतीय राज्यों की बात है, तो इस क्षेत्र में 25 से 30 जून के बीच मानसून के आगमन की संभावना आईएमडी ने जताई है. यह क्षेत्र देश के दक्षिणी और मध्य भागों की तुलना में मौसमी बदलाव को थोड़ा देर से दर्शाता है. पश्चिमी भारत में 15 से 20 जून के बीच मानसून की बारिश होने का अनुमान है. दक्षिणी राज्यों में भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को केरल, तटीय-दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, कोंकण और गोवा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से भारी वर्षा की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने कहा कि 29 मई तक केरल और तटीय कर्नाटक में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी अगले पांच दिनों में छिटपुट बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। पूर्व-मध्य अरब सागर पर एक दबाव बना दक्षिण कोंकण तट के पास पूर्व-मध्य अरब सागर पर एक दबाव बना है। यह 24 मई की सुबह रत्नागिरी से लगभग 40 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित था। इसके पूर्व की ओर बढ़ने और आज सुबह रत्नागिरी और दापोली के बीच तट को पार करने की उम्मीद है। बीते साल 30 मई को मानसून ने दी थी दस्तक पिछले साल 30 मई को दक्षिणी राज्य में मानसून ने दस्तक दी थी। 2023 में मानसून 8 जून को, 2022 में 29 मई को, 2021 में 3 जून को, 2020 में 1 जून को, 2019 में 8 जून को और 2018 में 29 मई को केरल पहुंच था। आईएमडी ने अप्रैल में 2025 के मानसून सीजन में सामान्य से अधिक वर्षा का अनुमान लगाया था। इसमें अल नीनो की स्थिति की संभावना को खारिज कर दिया गया था। अल नीनो भारतीय उपमहाद्वीप में सामान्य से कम वर्षा से के लिए जिम्मेदार होता है। ऐसी रहती है देश में मानसून की गति आम तौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जून तक केरल में दस्तक देता है। इसके बाद 8 जुलाई तक यह पूरे देश को कवर कर लेता है। यह 17 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत से पीछे हटना शुरू करता है और 15 अक्तूबर तक पूरी तरह से वापस चला जाता है। आपके राज्य के लिए पूर्वानुमान     महाराष्ट्र: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार दोपहर को महाराष्ट्र के तटीय जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया। रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई में गरज के साथ बिजली चमकने, हल्की से मध्यम बारिश और अलग-अलग इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है।     गोवा: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने … Read more

EPFO के 7 करोड़ सब्सक्राइबर्स के लिए Good news, 8.25% ब्याज दर को सरकार ने किया मंजूर, अब खातों में आएगा पैसा

 नयी दिल्ली  सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दर को मंजूरी दी है। इससे ईपीएफओ अपने सात करोड़ से अधिक अंशधारकों के भविष्य निधि पर वार्षिक ब्याज जमा कर सकेगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने 28 फरवरी को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) जमा पर 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर को बरकरार रखने का फैसला किया था। यह इससे पिछले वित्त वर्ष में दिये गये ब्याज दर के बराबर है।  बता दें, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने 28 फरवरी को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) जमा पर 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर को बरकरार रखने का फैसला किया था। यह इससे पिछले वित्त वर्ष में दिये गये ब्याज दर के बराबर है। तय किए ब्याज दर को वित्त मंत्रालय की मंजूरी के लिए भेजा गया था। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने मंजूरी दी EPFO ने 28 फरवरी को ईपीएफ के इंटरेस्ट रेट को 8.25 फीसदी बनाए रखने का फैसला किया था। इसे मंजूरी के लिए फाइनेंस मिनिस्ट्री को भेजा गया था। बताया जाता है कि फाइनेंस मिनिस्ट्री ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। लेबर मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने बताया, “फाइनेंस मिनिस्ट्री ने पिछले वित्त वर्ष के लिए 8.25 फीसदी इंटरेस्ट रेट के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। यह फिस्कल ईयर 2024-25 के लिए होगा। इस फैसले के बारे में लेबर मिनिस्ट्री ने ईपीएफओ को 22 मई को सूचित कर दिया।” ईपीएफओ के 7 करोड़ सब्सक्राइबर्स को फायदा सरकार के इस फैसले के बाद ईपीएफ के 7 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर्स के ईपीएफ अकाउंट में इंटरेस्ट का पैसा आने का रास्ता साफ हो गया है। 28 फरवरी को ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी (CBT) की बैठक हुई थी। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया के नेतृत्व में हुई इस बैठक में FY25 के लिए इंटरेस्ट रेट को 8.25 फीसदी बनाए रखने के प्रस्ताव पर फैसला हुआ था। फरवरी 2024 में इंटरेस्ट बढ़ाने का फैसला ईपीएफओ ने फरवरी 2024 में ईपीएफ के डिपॉजिट पर इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का फैसला किया था। उसने इसे 8.15 फीसदी से बढ़ाकर 8.25 फीसदी कर दिया था। यह वृद्धि फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के डिपॉजिट के लिए की गई थी। फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में इंटरेस्ट रेट 8.15 फीसदी था। मार्च 2022 में ईपीएफओ ने इंटरेस्ट रेट को 8.5 फीसदी से घटाकर 8.1 फीसदी कर दिया था। यह 4 दशक से ज्यादा समय में सबसे कम इंटरेस्ट रेट था। ईपीएफ अकाउंट का मतलब प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले लोग ईपीएफओ की स्कीम के तहत आते हैं। इसमें हर महीने एंप्लॉयी की सैलरी का 12 फीसदी (बेसिक प्लस डीए) उसके ईपीएफ अकाउंट में जमा होता है। उतना ही पैसा एंप्लॉयर एंप्लॉयी के ईपीएफ अकाउंट में हर महीने डिपॉजिट करता है। ईपीएफ अकाउंट के दो हिस्से होते हैं-ईपीएफ और ईपीएस। एंप्लॉयर के कंट्रिब्यूशन का 8.33 फीसदी हर महीने ईपीएस में जमा होता है। एंप्लॉयी के रिटायर होने पर ईपीएफ अकाउंट में जमा पूरा पैसा उसे एकमुश्त मिल जाता है। ईपीएफ में जमा पैसे पर उसे हर महीने पेंशन मिलती है। 7 करोड़ खातों में आएगा ब्याज का पैसा लेबर मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने पीटीआई से कहा, “वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए ईपीएफ पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दर देने पर सहमति दे दी है और श्रम मंत्रालय ने गुरुवार को ईपीएफओ को इस संबंध में सूचना दे दी है।” अब वित्त वर्ष 2024-25 के लिए स्वीकृत दर के अनुसार ब्याज ईपीएफओ के सात करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर्स के खातों में जमा किया जाएगा। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में 28 फरवरी को नयी दिल्ली में ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड की 237वीं बैठक में ब्याज दर पर निर्णय लिया गया था। बीते कुछ सालों में ब्याज दरों में हुई है कटौती ईपीएफओ ने फरवरी 2024 में 2023-24 के लिए ब्याज दर को मामूली बढ़ाकर 8.25 प्रतिशत किया था जो 2022-23-में 8.15 प्रतिशत था। वहीं, मार्च 2022 में 2021-22 के लिए ईपीएफ पर ब्याज को घटाकर चार दशक से अधिक के निचले स्तर 8.1 प्रतिशत कर दिया गया था। यह 2020-21 में 8.5 प्रतिशत था।

पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की अहम बैठक, ममता, सिद्धारमैया और केरल सीएम ने बनाई दूरी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज दिल्ली के भारत मंडपम में नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक हुई। बैठक की थीम “विकसित राज्य से विकसित भारत @2047” रखी गई है। हालांकि इस अहम बैठक से कुछ बड़े राज्यों के मुख्यमंत्री नदारद रहे। बंगाल सीएम ममता बनर्जी, कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया और केरल के मुख्यमंत्री विजयन ने बैठक से दूरी बनाकर रखी। 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य एएनआई के मुताबिक, बैठक में राज्यों को अपने-अपने संसाधनों और भूगोल के अनुसार दीर्घकालिक और समावेशी विकास की योजनाएं तैयार करने के लिए कहा गया है, ताकि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाया जा सके। इसमें मानव विकास, आर्थिक वृद्धि, सतत आजीविका, तकनीक और सुशासन जैसे क्षेत्रों पर फोकस की बात की गई। केंद्र ने यह भी कहा है कि राज्यों को डेटा-आधारित कार्यप्रणाली, प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट्स और ICT-सक्षम इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिये परिणाम आधारित बदलाव लाने होंगे। ममता, सिद्धारमैया और केरल सीएम ने बनाई दूरी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बैठक से दूरी बनाई। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने न तो दिल्ली का रुख किया और न ही कोई प्रतिनिधि भेजा। यह पहला मौका नहीं है जब ममता बनर्जी ने नीति आयोग की बैठक में भाग नहीं लिया हो। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी इस बैठक में शरीक नहीं हुए। हालांकि उनके करीबी सूत्रों ने स्पष्ट किया कि यह कोई बहिष्कार नहीं था बल्कि मुख्यमंत्री की पहले से तय मैसूरु यात्रा के चलते वे बैठक में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने अपना वक्तव्य दिल्ली भिजवाया है, लेकिन यह साफ नहीं है कि बैठक में उनकी तरफ से कौन आएगा। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी बैठक में शिरकत नहीं की। उन्होंने वित्त मंत्री के. एन. बालगोपाल को नामित किया, लेकिन सूत्रों के अनुसार चूंकि यह मुख्यमंत्रियों की बैठक है, इसलिए बालगोपाल की भागीदारी को लेकर असमंजस बना हुआ है। इन राज्यों के सीएम पहुंचे बैठक में पहुंचे मुख्यमंत्रियों में उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, गुजरात के भूपेंद्र पटेल, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी, छत्तीसगढ़ के विष्णुदेव साय, मध्य प्रदेश के मोहन यादव, आंध्र प्रदेश के एन. चंद्रबाबू नायडू, तमिलनाडु के एम.के. स्टालिन, ओडिशा के मोहन चरण माझी, पंजाब के भगवंत मान, जम्मू-कश्मीर के उमर अब्दुल्ला, तेलंगाना के रेवंत रेड्डी, त्रिपुरा के माणिक साहा और हिमाचल प्रदेश के सुखविंदर सिंह सुक्खू शामिल हैं। हिमाचल के सीएम सुखविंदर सुक्खू ने बैठक से पहले मीडिया से कहा, “नीति आयोग राज्यों से जुड़े मसलों को देखता है। मेरा प्रमुख मुद्दा यह होगा कि हिमाचल प्रदेश में एनएचपीसी और एनटीपीसी की जो पावर परियोजनाएं कर्ज मुक्त हो चुकी हैं, उनसे उपभोक्ताओं से पास-थ्रू के जरिए जो 12% फ्री रॉयल्टी ली जाती है, उसे बढ़ाया जाए और परियोजनाएं लोगों को लौटाई जाएं। इसके लिए एक समय-सीमा भी तय की जानी चाहिए।”  

केरल में मानसून का आगमन, पिछले 16 वर्षों में सबसे जल्दी दी दस्तक

 नई दिल्ली केरल में मानसून ने दस्तक दे दी है। यह अपने तय समय से करीब एक सप्ताह पहले चल रहा है। इस साल केरल में मानसून का आगमन पिछले 16 वर्षों में सबसे जल्दी हुआ है। राज्य में मानसून के आगमन के लिए सभी अनुकूल परिस्थितियां तैयार हो गई थीं। पिछले दो दिनों में केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। यह कम दबाव वाले क्षेत्र और आगे बढ़ते मानसून सिस्टम के संयोजन के कारण हो रहा है। पिछली बार राज्य में मानसून इतनी जल्दी 2009 और 2001 में पहुंचा था। तब यह 23 मई को राज्य में पहुंचा था। आमतौर पर मानसून केरल में 1 जून को दस्तक देता है। हालांकि, सबसे पहले 1918 में 11 मई को मानसून ने केरल में दस्तक दे दी थी। देरी से मानसून के आने का रिकॉर्ड 1972 में था, जब मानसूनी बारिश 18 जून से शुरू हुई थी। पिछले 25 वर्षों में सबसे देरी से मानसून का आगमन 2016 में हुआ था, जब मानसून ने 9 जून को केरल में प्रवेश किया था। दक्षिणी राज्यों में भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को केरल, तटीय-दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, कोंकण और गोवा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से भारी वर्षा की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने कहा कि 29 मई तक केरल और तटीय कर्नाटक में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी अगले पांच दिनों में छिटपुट बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। पूर्व-मध्य अरब सागर पर एक दबाव बना दक्षिण कोंकण तट के पास पूर्व-मध्य अरब सागर पर एक दबाव बना है। यह 24 मई की सुबह रत्नागिरी से लगभग 40 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित था। इसके पूर्व की ओर बढ़ने और आज सुबह रत्नागिरी और दापोली के बीच तट को पार करने की उम्मीद है। बीते साल 30 मई को मानसून ने दी थी दस्तक पिछले साल 30 मई को दक्षिणी राज्य में मानसून ने दस्तक दी थी। 2023 में मानसून 8 जून को, 2022 में 29 मई को, 2021 में 3 जून को, 2020 में 1 जून को, 2019 में 8 जून को और 2018 में 29 मई को केरल पहुंच था। आईएमडी ने अप्रैल में 2025 के मानसून सीजन में सामान्य से अधिक वर्षा का अनुमान लगाया था। इसमें अल नीनो की स्थिति की संभावना को खारिज कर दिया गया था। अल नीनो भारतीय उपमहाद्वीप में सामान्य से कम वर्षा से के लिए जिम्मेदार होता है। ऐसी रहती है देश में मानसून की गति आम तौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जून तक केरल में दस्तक देता है। इसके बाद 8 जुलाई तक यह पूरे देश को कवर कर लेता है। यह 17 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत से पीछे हटना शुरू करता है और 15 अक्तूबर तक पूरी तरह से वापस चला जाता है। क्या पूरे देश में जल्दी पहुंचेगा मानसून? मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, मानसून की शुरुआत की तारीख और पूरे देश में मौसम के दौरान होने वाली कुल बारिश के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है। केरल में जल्दी या देर से आने वाले मानसून का मतलब यह नहीं है कि यह देश के अन्य हिस्सों को भी उसी हिसाब से कवर करेगा।

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