LATEST NEWS

अभिषेक बनर्जी ने आतंकवाद को कहा पागल कुत्ता, पाकिस्तान को बताया उसका हैंडलर

नई दिल्ली पाकिस्तान की पोल खोलने के लिए भारत का डेलीगेशन एक एक करके दुनियाभर के देशों में पहुंच रहा है। ऐसे में दुनियाभर में अब पाकिस्तान की पोल खुलने लगी है। इस बीच जापान में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा, “हम यहां संदेश और सच्चाई साझा करने के लिए आए हैं कि भारत झुकने से इनकार करता है। हम डर के आगे घुटने नहीं टेकेंगे। मैं एक राजनीतिक दल से संबंधित हूं जो विपक्ष में है। मैंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि पाकिस्तान को उसकी भाषा में सबक सिखाया जाना चाहिए। अगर आतंकवाद एक पागल कुत्ता है, तो पाकिस्तान एक जंगली हैंडलर है। हमें सबसे पहले इस जंगली हैंडलर से निपटने के लिए दुनिया को एक साथ लाने की जरूरत है। अन्यथा, यह जंगली हैंडलर और अधिक पागल कुत्तों को पालेगा और बड़ा करेगा। विदेशों में खुलने लगी पाकिस्तान की पोल इसके अलावा आज दो और डेलीगेशन को आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया गया है। कांग्रेस नेता शशि थरूर की अगुवाई में एक डेलिगेशन गुयाना के लिए रवाना हो गया, जो अमेरिका, पनामा, ब्राजील और कोलंबिया का दौरा करेगा। डेलिगेशन में शशि थरूर के साथ डॉ सरफराज अहमद, शांभवी, जीएम हरीश बालयोगी, शशांक मणि त्रिपाठी, भुवनेश्वर कलिता, तेजस्वी सूर्या और मिलिंद देवड़ा शामिल हैं। इसके अलावा भाजपा सांसद बैजयंत पांडा के नेतृत्व में भी सांसदों का एक डेलिगेशन बहरीन के लिए रवाना हो गया है। ये डेलिगेशन सऊदी अरब, कुवैत और अल्जीरिया जाएगा और ऑपरेशन सिंदूर पर भारत का पक्ष रखेगा। AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी बीजेपी सांसद बैजयंत पांडा के डेलिगेशन का हिस्सा हैं। ‘हम डर के आगे नहीं झुकेंगे’ टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को टोक्यो में भारतीय समुदाय के साथ संवाद किया. उन्होंने साफ कहा कि भारत झुकेगा नहीं. हम डर के आगे नहीं झुकेंगे. भारत अब आतंकवाद का जवाब उसी भाषा में देगा जो उसे (पाकिस्तान) समझ आती है. हम सटीक, नियंत्रित और गैर-उकसाऊ तरीकों से जवाब दे रहे हैं. लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे. हमारे सभी उत्तर और कदम सटीक, सोच-समझकर उठाए गए और गैर-उकसावे वाले हैं. ‘पाकिस्तान का असली चेहरा उजागर करेंगे’ बनर्जी ने कहा, हम कुछ विशेष तस्वीरें और फुटेज सामने लाएंगे, ताकि पाकिस्तान का असली चेहरा पूरी दुनिया के सामने उजागर हो सके. सब कुछ सार्वजनिक है. उन्होंने पाकिस्तान पर लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों को बचाने का आरोप लगाया और कहा कि एयर स्ट्राइक के बाद सार्वजनिक डोमेन में आई तस्वीरों में देखा गया कि मारे गए आतंकियों के जनाजों में पाकिस्तान की सेना के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे. ‘प्रवासी हैं भारत की असली ताकत’ अभिषेक ने भारतीय प्रवासियों को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया और कहा, भारतीय प्रवासी संस्कृति, खानपान, संगीत और परंपरा के जरिए अपार प्रभाव रखते हैं. आप भारत को जीते हैं. आप भारत को सांस में लेते हैं. मैं चाहता हूँ कि आप देश के प्रमुख प्रचारक बनें और वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ भारत के संदेश को फैलाएं. अभिषेक ने आगे कहा, आप भारत में नहीं हैं, लेकिन भारत आपमें है. आप हमारी सांस हैं, हमारी पहचान हैं. आप ही हैं जो दुनिया को भारत का सच बता सकते हैं. उन्होंने भारतीय प्रवासियों से अपील की कि वे अपने सोशल मीडिया, नेटवर्क और समुदायों के जरिए भारत का पक्ष रखें और आतंकवाद के खिलाफ जागरूकता फैलाएं. ‘TRF और पाकिस्तान का संबंध उजागर’ बनर्जी ने कहा, पहलगाम हमले के 24 घंटे के भीतर आतंकवादी संगठन TRF (द रेजिस्टेंस फ्रंट) ने अटैक की जिम्मेदारी ली. ये लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी संगठन है,जिसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है. हमें यह भी पता है कि कैसे पाकिस्तान ने लश्कर का नाम उस सूची से हटाने की कोशिश की. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादी समूहों से पाकिस्तान के संबंध को वैश्विक मंच पर उजागर करने की मांग की. ‘अगर आतंकवाद पागल कुत्ता है तो PAK उसका जहरीला पालक’ अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अगर दुनिया को आतंकवाद से बचाना है तो पहले उसके पोषक (पाकिस्तान) पर लगाम लगानी होगी. वरना ये पालक और भी पागल कुत्तों को जन्म देता रहेगा. उन्होंने कहा, मैं विपक्षी पार्टी से आता हूं और मैंने हमेशा कहा है- पाकिस्तान से उसी भाषा में बात की जानी चाहिए जो वह समझता है. अगर आतंकवाद एक पागल कुत्ता है तो पाकिस्तान उसका विषैला पालक है. पहले हमें इस जहरीले पालक को नियंत्रित करना होगा, वरना यह और पागल कुत्ते पैदा करता रहेगा. बनर्जी ने भारतीय समुदाय को ‘देश का सबसे जुनूनी प्रचारक’ बनने को कहा और भाषण का अंत करते हुए ‘जय हिंद’ का नारा लगाया. क्या बोले शशि थरूर गुयाना रवाना होने से पहले कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि पाकिस्तान स्पॉन्सर्ड आतंकवाद की पोल खोलने के लिए हम जा रहे हैं। हम लोगों को ये समझाने के लिए जा रहे हैं कि आखिर हमारा अनुभव क्या था। इसके अलावा बहरीन रवाना होने से पहले ओवैसी ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवादी शिविर चला रहा है, जिसे लेकर हम चारों देशों से इसके बारे में बात करेंगे। भाजपा सांसद बैजयंत पांडा ने इस दौरे को लेकर कहा, “आज हमारा डेलीगेशन पश्चिम एशिया की इस यात्रा पर निकल रहा है। सबसे बड़ा संदेश वह एकता है जो भारत ने दुनिया को दिखाई है और दिखाना जारी रखा है। हम इस संदेश को लेकर बहुत स्पष्ट हैं कि युद्ध के मैदान में जीत हासिल करने के बाद, दुनिया से आतंकवाद पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहना महत्वपूर्ण है। हम एक विशेष प्रकार के आतंकवाद से पीड़ित हैं जो राज्य द्वारा प्रायोजित है।” जेडीयू नेता ने कहा, सरकार ने तय किया कि अलग-अलग जाकर बताना जरूरी है कि वहां की सरकार और आर्मी ही इस सारे काम में शामिल है। हम और दुनिया न्युट्रल नहीं रह सकती। हमने तो संदेश दे दिया है कि हम पर आएगा तो घर में घुसकर मारेंगे। हम शांति से नहीं बैठेंगे। पाकिस्तान को यह बात समझ लेनी चाहिए कि भारत के बारे में भी कुछ कहा नहीं जा सकता। वह कुछ करेगा तो हम घुसकर मारेंगे। संजय कुमार झा ने कहा, हमने फोटोग्राफ दिखाए कि पाकिस्तान के सेना के अधिकारी आतंकियों के जनाजे में शामिल हो रहे हैं। पाकिस्तान का हाल तो … Read more

अगर कोई देश हमें कॉल करे, हमसे बात करे, हम उसे अपने कदमों के बारे में बताएं तो उसे मध्यस्थता नही कहा जाएगा- थरूर

नई दिल्ली पाकिस्तान की पोल खोलने के लिए टीम इंडिया ग्लोबल मिशन पर है. शनिवार सुबह कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल विदेश रवाना हो गया है. ये प्रतिनिधिमंडल अमेरिका, पनामा, गुयाना, ब्राजील और कोलंबिया में पाकिस्तान के काले कारनामों से रूबरू कराएगा. इससे पहले थरूर ने  बातचीत में भारत की भूमिका, विदेश नीति और वैश्विक कूटनीतिक को लेकर रुख स्पष्ट किया. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता वाले बयान पर भी टिप्पणी की है. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने स्पष्ट किया है कि भारत की विदेश नीति में पारदर्शिता और संवाद की परंपरा रही है, लेकिन इसे ‘मध्यस्थता’ कहना गलत होगा. थरूर ने कहा, आप हमारी सरकार का रुख बहुत अच्छे से जानते हैं. किसी भी संकट के दौरान उन देशों के साथ हमेशा संपर्क होता है, जो फोन करते हैं और मदद मांगते हैं. लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि कोई औपचारिक मध्यस्थता की प्रक्रिया हुई है. ना ऐसा कोई अनुरोध आया, ना ही भारत ने ऐसी कोई पहल की है. थरूर ने उदाहरण देकर समझाया थरूर ने उदाहरण देते हुए कहा, अगर कोई देश हमें कॉल करे, हमसे बात करे, और हम उसे अपने कदमों के बारे में बताएं तो क्या उसे मध्यस्थता कहा जाएगा? मुझे नहीं लगता है. उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा, हमारे विदेश मंत्री हमेशा यह बात सार्वजनिक तौर पर साझा करते हैं कि किसने उनसे संपर्क किया. जब भी किसी अन्य विदेश मंत्री ने उन्हें कॉल किया, उन्होंने उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए स्पष्ट किया है. थरूर उन सात संसदीय समूहों में से एक का नेतृत्व कर रहे हैं, जिन्हें विभिन्न देशों में भारत की ओर से प्रतिनिधित्व करने के लिए भेजा जा रहा है. ‘भारत का रुख साफ है…’ थरूर ने कहा है कि जब वे विदेश यात्रा पर जा रहे हैं तो वहां वो भारत का स्पष्ट और एकजुट रुख पेश करेंगे. उन्होंने कहा, यह बेहद अहम है, जब दुनिया भारत को देख रही है, हम सब एक ही पेज पर हों. थरूर ने बताया कि सरकार की ओर से जो ब्रीफिंग दी गई, उसका मकसद भी यही था कि सभी सांसद एक साझा रुख को लेकर आगे बढ़ें. उन्होंने कहा, हम सब इस भावना के साथ जा रहे हैं कि हम देश की ओर से बोल रहे हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या कांग्रेस के आंतरिक मतभेद उनके विदेश दौरे को प्रभावित करेंगे तो थरूर ने स्पष्ट किया कि हम जब अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होते हैं तब हम देश का प्रतिनिधित्व करते हैं, पार्टी का नहीं. घरेलू राजनीति की चर्चा का स्थान संसद या देश के मंच हैं. न कि अंतरराष्ट्रीय सभाएं. किन देशों के दौरे पर हैं थरूर? शशि थरूर ग्रुप 5 की अगुवाई कर रहे हैं. ये ग्रुप अमेरिका, पनामा, गयाना, ब्राजील और कोलंबिया की यात्रा करेगा. इस प्रतिनिधिमंडल में LJP, JMM, TDP, BJP और शिवसेना के सांसद भी शामिल हैं.  डोनाल्ड ट्रंप लगातार क्या बयान दे रहे हैं? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान युद्ध में मध्यस्थता का दावा किया है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम में मदद की है और यह व्यापार वार्ताओं के जरिए संभव हुआ. उन्होंने कहा, मैं नहीं कहना चाहता कि मैंने किया, लेकिन मैंने मदद की. हालांकि, भारत ने ट्रंप के इन दावों को खारिज किया है और स्पष्ट किया है कि संघर्षविराम दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधे संवाद का परिणाम था.  

गाजा में भूख से हर घंटे हो रही मौत, फलस्तीनी आबादी मदद से वंचित; खतरे में हजारों बच्चे

गाजा गाजा में हालात इतने खराब हो गए हैं कि इजरायली हमलों से ज्यादा लोग भुखमरी से मरने लगे हैं। संयुक्त राष्ट्र के अध्यक्ष एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि गाजा इस समय सबसे खराब समय का सामना कर रहा है। इजरायल ने लंबे समय की पाबंदी के बाद जब गाजा वालों के लिए राहत सामग्री वाले ट्रकों को जाने की इजाजत दी तो दर्जनों ट्रक रास्ते में ही लूट लिए गए। भूख और अभाव से त्रस्त लोगों ने राहत सामग्री वाले ट्रकों को लूट लिया। बता दें कि इजरायल ने एक बार फिर गाजा में आक्रामक तरीके से हमला शुरूर कर दिया है। गाजा सिविल डिफेंस एजेंसी के अधिकारी मोहम्मद अल मुगायीर ने बताया कि शुक्रवार को इजरायल के हवाई हमलों में कम से कम 71 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हो गए। इसके अलावा अब भी कई लोग लापता हैं। यूएन चीफ ने कहा कि इजरायल को कम से कम राहत सामग्री पर रोक नहीं लगानी चाहिए। यह क्रूरता की हद है जिसका सामना गाजा के लोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में इजरायल ने 400ट्रकों को अनुमति दी थी। हालांकि इनमें से 115 ही गाजा में पहुंचे। उन्होंने कहा कि इजरायल ने गाजा में नरसंहार तेज कर दिया है और जोरदार तबाही मचाने लगा है। वर्ल्ड फूड प्रोग्राम ने  कहा कि बीती रात दक्षिणी गाजा में करीब 15 ट्रंक लूट लिए गए। लोगों में भुखमरी है। ऐसे में लोगों को भरोसा नहीं है कि राहत सामग्री के और ट्रक आएंगे या नहीं। 2 मार्च के बाद सोमवार को गाजा में ट्रकों की आवाजाही शुरू हुई थी। गाजा में लोग पानी को भी तरस रहे हैं। एक फिलिस्तीनी ने कहा, मेरी बेटी सुबह से ही ब्रेड मांग रही है। लेकिन मेरे पास कुछ भी नहीं है। इजरायली वायुसेना ने गाजा पट्टी में आतंकवादियों के 75 से भी अधिक ठिकानों पर हमला किया है। इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने  यहां जारी बयान में कहा कि उसकी वायुसेना ने आतंकवादियों के 75 से भी ज्यादा ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है। बयान के मुताबिक हमलों में आतंकवादियों , रॉकेट लांचरों, सैन्य परिसरो, हथियार भंडारण सुविधाओं और अन्य सैन्य बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया गया है। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय का बयान गाजा की स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस्राइली हमलों में इस सप्ताह अब तक 82 लोगों की मौत हो चुकी है। दूसरी ओर, भुखमरी की स्थिति भी गंभीर होती जा रही है। राहत समूहों के पास हफ्तों से भोजन खत्म हो चुका है और करीब 23 लाख की आबादी में से अधिकांश अब सामुदायिक रसोइयों पर निर्भर हैं, जिनके पास भी अब लगभग कुछ नहीं बचा। रसोई में पड़ोसी जा रही पतली और पानी जैसी दाल मीडिया रिपोर्ट की माने तो गाजा सिटी में एक रसोई में केवल पतली और पानी जैसी दाल परोसी जा रही है। वहां की निवासी सोमाया अबू अमशा ने बताया कि हमने पिछले 10 दिनों से रोटी नहीं देखी। ये खाना कुत्ते भी नहीं खाएं, हमारे बच्चे कैसे खाएं? इस भीषण संघर्ष को देखते हुए उन्होंने युद्ध खत्म करने की अपील की। वेस्ट बैंक में डिप्लोमैट्स पर गोलीबारी इसी बीच वेस्ट बैंक के जेनिन में इस्राइली सेना ने चेतावनी स्वरूप फायरिंग की जब अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों का एक समूह इलाके का दौरा कर रहा था। मामले में इस्राइली सेना का कहना है कि यह दौरा अनुमति प्राप्त था, लेकिन डेलीगेशन निर्धारित रास्ते से भटक गया, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। साथ ही वीडियो फुटेज में देखा गया कि डिप्लोमैट्स मीडिया को बयान दे रहे थे, तभी गोलियों की आवाजें आईं और सभी ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई। हालांकि कोई घायल नहीं हुआ। सेना ने घटना पर जताया खेद हालांकि सेना ने इस घटना पर खेद जताते हुए कहा कि संबंधित देशों से संपर्क किया जाएगा। गौरतलब है कि जेनिन में इस्राइली सेना अकसर छापेमारी करती रही है, खासकर 7 अक्तूबर 2023 को हमास के हमले के बाद से वेस्ट बैंक में कई इलाकों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई जारी है, जिससे हजारों फलस्तीनी बेघर हो चुके हैं। टॉम फ्लेचर का दावा- 14 हजार बच्चों की हो सकती है मौत गाजा में संकट कितना गंभीर है, इसका अंदाजा उन मीडिया रिपोर्ट्स से लगाया जा सकता है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख टॉम फ्लेचर के हवाले से कहा गया है कि अगर मानवीय सहायता गाजा के प्रभावित लोगों तक नहीं पहुंची तो 48 घंटे के भीतर लगभग 14 हजार बच्चों की मौत हो सकती है। हालांकि, फ्लेचर के इस दावे पर मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (UNOCHA) के प्रवक्ता- जेन्स लार्के ने कहा है कि हजारों बच्चे ऐसे हैं, जो कुपोषण के शिकार हैं, और उन्हें तत्काल जीवन रक्षा मदद की जरूरत है।

सुप्रीम कोर्ट ने मातृत्व अवकाश को महिलाओं का संवैधानिक अधिकार बताया, अब तीसरे बच्चे के जन्म पर भी पूरा मातृत्व अवकाश मिलेगा

नई दिल्ली देशभर की कामकाजी महिलाओं के लिए सुप्रीम कोर्ट ने राहत भरा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने  साफ किया कि मातृत्व अवकाश (मैटरनिटी लीव) केवल सामाजिक न्याय या सद्भावना का विषय नहीं, बल्कि महिलाओं का संवैधानिक अधिकार है. अदालत ने मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें एक सरकारी शिक्षिका को तीसरे बच्चे के जन्म पर मातृत्व अवकाश (मैटरनिटी लीव) देने से इनकार कर दिया गया था. जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने कहा कि मातृत्व अवकाश का मकसद महिला कर्मचारियों को सामाजिक न्याय दिलाना है ताकि वे बच्चे को जन्म देने के बाद न केवल जीवित रह सकें, बल्कि अपनी ऊर्जा दोबारा प्राप्त कर सकें, शिशु का पालन-पोषण कर सकें और अपने कार्यकौशल को बनाए रख सकें. तमिलनाडु की एक महिला सरकारी कर्मचारी के उमादेवी की अर्जी पर जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने यह आदेश पारित किया है. महिला ने पुनर्विवाह के बाद बच्चे को जन्म दिया था. लेकिन उसके महकमे के आला अधिकारियों ने उसे मातृत्व अवकाश से वंचित रखने का आदेश दिया, जिसके बाद महिला ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. कोर्ट ने तमिलनाडु की एक सरकारी महिला कर्मचारी की याचिका पर यह फैसला सुनाया. महिला का अपनी दूसरी शादी से एक बच्चा था. महिला को यह कहकर मैटरनिटी लीव नहीं दी गई थी कि उसके अपनी पहली शादी से पहले से ही दो बच्चे थे. तमिलनाडु राज्य में नियम है कि मातृत्व लाभ केवल पहले दो बच्चों के लिए ही होगा. याचिका में महिला ने कहा था कि पहली शादी से पैदा हुए बच्चों को लेकर भी उन्हें मैटरनिटी लीव का लाभ नहीं मिला था. उनके वकील केव मुथुकुमार ने कहा कि उन्होंने दूसरी शादी के बाद ही सरकारी स्कूल में पढ़ाना शुरू किया था. बता दें कि मातृत्व अवकाश से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में मातृत्व लाभ अधिनियम में संशोधन कर 12 सप्ताह की छुट्टी को बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दिया था. सभी महिला कर्मचारियों कोपहले और दूसरे बच्चे के लिए मैटरनिटी लीव दी जाती है. बच्चा गोद लेने वाली माताएं भी 12 सप्ताह के मातृत्व अवकाश की हकदार हैं. यह बच्चे को सौंपे जाने की तारीख से शुरू होता है. सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में मातृत्व अवकाश के अधिकार पर जोर दिया है. एक मामले में यह कहा गया है कि मातृत्व अवकाश सभी महिला कर्मचारियों का अधिकार है, चाहे उनकी नौकरी कैसी भी हो.

देश के कई हिस्सों में कोविड-19 के मामलों में एक बार फिर तेज़ी देखी जा रही, अब तक 312 मामले

नई दिल्ली देश के कई इलाकों में कोविड-19 के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसको लेकर सरकारों ने चिंता जताई है और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है. इसी बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सरकार ने एक एडवाइजरी जारी कर सभी अस्पतालों को सतर्क रहने और कोविड से निपटने की पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं. ये पहली बार है जब दिल्ली में लगभग तीन वर्षों के बाद COVID-19 मामले सामने आए हैं. वहीं,  गुजरात, हरियाणा, केरल और कर्नाटक समेत कई राज्यों में कोविड-19 के नए मामले सामने आए हैं. दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में सभी अस्पतालों को बेड, ऑक्सीजन, दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता के लिए तैयार रहने को कहा गया है. शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने कहा कि गुरुवार तक कोविड-19 के 23 मामले सामने आए हैं और सरकार इस बात की पुष्टि कर रही है कि मरीज दिल्ली के निवासी हैं या उन्होंने शहर से बाहर की यात्रा की है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ये पॉजिटिव मामले निजी लैब द्वारा रिपोर्ट किए गए हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि इस वेरिएंट में सामान्य इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण हैं. क्या बोले दिल्ली स्वास्थ्य मंत्री दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने आजतक से बातचीत में कहा कि आज दिल्ली के तमाम अस्पतालों के मेडिकल सुपरिटेंडेंट के साथ हमने बैठक की है, जिसमें अस्पतालों को निर्देश दिया गया है की कोविड से लड़ने के लिए तमाम तैयारियां की जाए चाहे वह ऑक्सीजन बेड की हो ऑक्सीजन कंसंट्रेट की हो. उन्होंने बातचीत में ये भी बताया की पैनिक होने की जरूरत नहीं है, अभी दिल्ली में कोरोना के जो केस आए हैं. उनकी संख्या में 23 है, सरकार मॉनिटरिंग कर रही है कि यह जो केस दिल्ली में दर्ज किए गए हैं. वह बेशक प्राइवेट लैब के जरिए आए हो, लेकिन क्या वह दिल्ली के हैं या फिर वह बाहर से आए हैं. इन सब की मॉनिटरिंग सरकार कर रही है और जनता को वक्त-वक्त पर अपडेट दिया जाता रहेगा. दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य संस्थानों से कोविड-19 के सभी पॉजिटिव सैंपल्स को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लोक नायक अस्पताल भेजने का निर्देश दिया है. साथ ही दिल्ली स्टेट हेल्थ डेटा मैनेजमेंट पोर्टल पर सभी मापदंडों की दैनिक रिपोर्टिंग अनिवार्य कर दी गई है. सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी में साफ कहा गया है, ‘अस्पतालों को बेड, ऑक्सीजन, एंटीबायोटिक्स, अन्य दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी. सभी उपकरण जैसे वेंटिलेटर, बीआई-पीएपी, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और पीएसए (प्रोस्टेट-स्पेसिफिक एंटीजन) चालू स्थिति में होने चाहिए.’ एडवाइजरी के अनुसार, समर्पित कर्मचारियों को रिफ्रेशर प्रशिक्षण दिया जा सकता है और सभी स्वास्थ्य सुविधाओं (ओपीडी/आईपीडी) में इन्फ्लूएंजा जैसी रोग (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (एसएआरआई) के मामलों की दैनिक रिपोर्टिंग इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (आईएचआईपी) पोर्टल पर सुनिश्चित की जानी चाहिए. पुष्टि किए गए इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 मामलों को भी आईएचआईपी पर एल फॉर्म के तहत दर्ज किया जाना चाहिए. एडवाइजरी में ये भी कहा गया है कि अस्पताल कैंपस और स्वास्थ्य सुविधाओं पर मास्क पहनने समेत श्वसन संबंधी शिष्टाचार का पालन किया जाना चाहिए. सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टर अविरल माथुर ने कहा, “जेएन.1 वेरिएंट और इसके सब-वेरिएंट से जुड़े कोविड-19 मामलों में हालिया उछाल के साथ, हमें सावधानी के साथ काम करना चाहिए. यह स्ट्रेन अत्यधिक संक्रामक है. हालांकि, लक्षण ज्यादातर हल्के ही रहते हैं. फिर भी,रोकथाम जरूरी है. दिल्ली में 23 नए केस, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइज़री में सभी अस्पतालों को बेड, ऑक्सीजन, दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है . स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने शुक्रवार को बताया कि गुरुवार तक कोविड-19 के 23 मामले सामने आए हैं . सरकार यह पुष्टि कर रही है कि मरीज दिल्ली के निवासी हैं या उन्होंने शहर से बाहर की यात्रा की है . स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि ये पॉजिटिव मामले निजी लैब द्वारा रिपोर्ट किए गए हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है . उन्होंने कहा कि इस वेरिएंट में सामान्य इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण हैं . दिल्ली सरकार ने सभी अस्पतालों के मेडिकल सुपरिटेंडेंट के साथ बैठक की है, जिसमें अस्पतालों को ऑक्सीजन बेड और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जैसी सभी तैयारियां करने का निर्देश दिया गया है . सरकार निगरानी कर रही है और जनता को समय-समय पर अपडेट दिया जाएगा . सभी कोविड-19 पॉजिटिव सैंपल्स को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लोक नायक अस्पताल भेजने और सभी स्वास्थ्य डेटा की दैनिक रिपोर्टिंग ‘दिल्ली स्टेट हेल्थ डेटा मैनेजमेंट पोर्टल’ पर अनिवार्य कर दी गई है . एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि अस्पताल परिसर और स्वास्थ्य सुविधाओं पर मास्क पहनने सहित श्वसन संबंधी शिष्टाचार का पालन किया जाना चाहिए . गुरुग्राम और अन्य राज्यों में भी दस्तक दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम में भी कोरोना की दस्तक हुई है, जहां दो मरीज मिले हैं . दोनों को फिलहाल आइसोलेशन में रखा गया है, जिनमें से एक मुंबई से गुरुग्राम आई थी . गुरुग्राम के सीएमओ ने बताया कि लक्षण हल्के हैं और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है . गुरुवार को गुजरात में कोरोना वायरस के 15 नए मामले सामने आए . अहमदाबाद में 4 नए केस दर्ज हुए, जिनमें 84 साल के एक मरीज प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हैं, बाकी होम आइसोलेशन में हैं . पूरे मई महीने में अहमदाबाद में 38 कोरोना केस दर्ज हुए हैं, जिनमें 31 एक्टिव केस हैं . बुधवार को केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि राज्य में मई में कोविड-19 के 182 मामले सामने आए . कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने 21 मई को पुष्टि की कि राज्य में कोविड-19 के 16 सक्रिय मामले हैं . बेंगलुरु में नौ महीने के एक बच्चे में भी कोविड-19 की पुष्टि हुई है . JN.1 वेरिएंट: तेजी से फैलने वाला, पर कम खतरनाक इस नई लहर के लिए ओमिक्रॉन का JN.1 वेरिएंट और इसके सब-वैरिएंट्स .F.7 और NB.1.8 जिम्मेदार हैं . विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने JN.1 को दिसंबर 2023 में ‘वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ घोषित किया था . विशेषज्ञ बताते … Read more

मासूम नागरिकों की हत्या, धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने के बाद उपदेश देना पाखंड… भारत ने UN में PAK को सुनाईं खरी-खोटी

नई दिल्ली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के मंच पर भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर फिर पाकिस्तान को बेनकाब किया है। आतंक के पनाहगार को दो टूक शब्दों में जवाब देते हुए कहा कि एक ऐसा देश जो आतंकवादियों और नागरिकों में अंतर नहीं करता, उसको नागरिक सुरक्षा पर ज्ञान देने का अधिकार नहीं है। भारत की ओर से पाकिस्तान को फिर एक बार साफ किया कि सिंधु जल समझौता तब तक स्थगित रहेगा जबतक वो आतंकवाद का साथ नहीं छोड़ता। ‘ऐसे देश का चर्चा में भाग लेना अपमान’ संयुक्त राष्ट्र में अरिया फॉर्मूला मीटिंग के दौरान भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथानेनी हरीश ने पाकिस्तान को आईना दिखाया। उन्होंने कहा कि दशकों से भारत पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को झेलता आया है। इस दौरान उन्होंने मुंबई 26/11 अटैक से लेकर पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र किया और कहा कि इन्होंने इनके निशाने पर हमेशा हमारे आम नागरिक रहे हैं। ऐसे देश के लिए नागरिकों की सुरक्षा पर चर्चा में भाग लेना भी अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का अपमान है। ‘PAK को नागरिक सुरक्षा पर बोलने का अधिकार नहीं’ उन्होंने कहा, ‘ऐसे देश का नागरिकों की सुरक्षा पर चर्चा में भाग लेना भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय का अपमान है जो देश आतंकवादियों और नागरिकों के बीच कोई अंतर नहीं करता, उसे नागरिकों की सुरक्षा के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है.’ पुरी ने हाल की एक घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तानी सेना ने जानबूझकर भारतीय सीमावर्ती गांवों को निशाना बनाया. उन्होंने कहा, ‘हमलों में 20 से अधिक नागरिक मारे गए और 80 से अधिक घायल हुए. गुरुद्वारों, मंदिरों और कॉन्वेंटों समेत पूजा स्थलों के साथ-साथ स्वास्थ्य केंद्र, अस्पतालों को भी जानबूझकर निशाना बनाया गया. इस तरह के काम करने के बाद इस मंच पर उपदेश देना घोर पाखंड है.’ ‘भारत ने झेला PAK प्रायोजित हमलों का दर्द’ कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए हरीश ने कहा कि भारत ने दशकों से अपनी सीमाओं पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी हमलों को झेला है. उन्होंने कहा, ‘इसमें मुंबई शहर पर हुए 26/11 के भयानक हमले से लेकर अप्रैल 2025 में पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों की बर्बर सामूहिक हत्या तक शामिल है. पाकिस्तानी आतंकवाद के शिकार मुख्य रूप से नागरिक रहे हैं, क्योंकि इसका उद्देश्य हमारी समृद्धि, प्रगति और मनोबल पर हमला करना रहा है. ऐसे देश के लिए नागरिकों की सुरक्षा पर चर्चा में भाग लेना भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय का अपमान है.’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने बार-बार आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए नागरिकों को आड़ (कवर) के रूप में इस्तेमाल किया है. उन्होंने कहा, ‘हमने हाल ही में वरिष्ठ सरकारी, पुलिस और सैन्य अधिकारियों को ऑपरेशन सिंदूर के तहत मारे गए आतंकवादियों के अंतिम संस्कार में श्रद्धांजलि देते देखा है. पाकिस्तान एक ऐसा देश है जो आतंकवादियों और नागरिकों के बीच कोई फर्क नहीं करता, उसे नागरिकों की सुरक्षा के बारे में बोलने की कोई अधिकार नहीं है.’  

iPhone को 25% टैरिफ की धमकी देने के बाद ट्रंप ने Samsung को निशाने पर लिया, दे दी यह चेतावनी

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि देश के बाहर बने सभी स्मार्टफोन्स पर जल्द ही 25 फीसदी टैरिफ लगाया जा सकता है। इन स्मार्टफोन्स में एपल का आईफोन समेत सैमसंग और दूसरी कंपनियों के डिवाइसेज भी शामिल हैं। ट्रंप ने कहा कि अगर ये स्मार्टफोन अमेरिका में ही बनते हैं तो कोई टैरिफ नहीं लगेगा। वहीं, अगर ये बाहर से बनकर अमेरिका में बेचे जाते हैं, तो टैरिफ देना होगा। ट्रंप ने कहा, ‘इस पॉलिसी से सिर्फ एपल ही प्रभावित नहीं होगा, बल्कि यह इससे काफी ज्यादा व्यापक होगी। सैमसंग और दूसरी कंपनियां भी इस टैरिफ के दायरे में आएंगी। अन्यथा, यह उचित नहीं होगा। जब वे यहां अपना प्लांट लगाते हैं, तो कोई टैरिफ नहीं होगा।’ ट्रंप ने की थी टिम कुक से बात ट्रंप ने शुक्रवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने एपल के सीईओ टिम कुक को पहले ही अपनी अपेक्षाओं के बारे में सूचित कर दिया था। ट्रंप ने कहा, “मैंने बहुत पहले एपल के टिम कुक को सूचित कर दिया था कि मुझे उम्मीद है कि उनके आईफोन जो अमेरिका में बेचे जाएंगे, वे अमेरिका में निर्मित और बनाए जाएंगे, भारत या कहीं और नहीं। अगर ऐसा नहीं होता है, तो एपल को अमेरिका को कम से कम 25% का टैरिफ देना होगा।” ट्रंप ने Apple को चेतावनी भी दी कि उसे आईफोन का उत्पादन घरेलू स्तर पर ही करना होगा. वरना उसे नए टैरिफ का सामना करना पड़ेगा. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने Apple के सीईओ टिम कुक को बहुत पहले बता दिया था कि उत्पादन अमेरिका में ही होना चाहिए. उन्होंने कहा कि वो भारत में प्लांट बनाने के लिए जा रहे हैं. मैंने कहा कि भारत जाना ठीक है, लेकिन आप टैरिफ के बिना इसे यहां नहीं बेचेंगे. अगर वो आईफोन को अमेरिका बेचने जा रहे हैं तो मैं चाहता हूं कि इसे अमेरिका में ही बनाया जाए. वर्तमान में Apple चीनी टैरिफ से बचने के लिए अपने iPhone असेंबली का अधिकांश हिस्सा भारत में ट्रांसफर कर रहा है, लेकिन विनिर्माण को अमेरिका में ट्रांसफर करने की कोई सार्वजनिक योजना नहीं है. विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका में iPhone बनाने से कीमतों में सैकड़ों से हजारों डॉलर की बढ़ोतरी होगी. बाद में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि स्मार्टफोन टैरिफ मोटे तौर पर एप्पल, सैमसंग और किसी भी विदेशी फोन पर लगाए जाएंगे जो जून के अंत तक लगाए जा सकते हैं. पिछले साल यूरोपीय संघ ने अमेरिका को 500 बिलियन डॉलर का सामान निर्यात किया, जिसमें जर्मनी, आयरलैंड और इटली सबसे आगे रहे. 50 प्रतिशत टैरिफ से कार, फार्मास्यूटिकल्स और विमान जैसे उत्पाद बुरी तरह प्रभावित होंगे, जिससे अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए लागत बढ़ने की संभावना है. यूरोपीय संघ के व्यापार प्रमुख मारोस सेफकोविक ने शांति की अपील की और आपसी सम्मान का आह्वान किया, जबकि डच प्रधानमंत्री डिक स्कोफ ने कहा कि टैरिफ की धमकियां पहले भी अमेरिकी वार्ता रणनीति का हिस्सा रही हैं. वैश्विक बाजार में उथल-पुथल ट्रंप के बयान के बाद बाजार में उथल-पुथल मच गई है. अमेरिकी और यूरोपीय शेयरों में गिरावट देखी गई है. ट्रेजरी प्रतिफल में गिरावट आई तथा निवेशकों की चिंता के बीच सोने की कीमतों में वृद्धि हुई है. साथ ही Apple के शेयरों में 3 प्रतिशत की गिरावट आई है. एपल भारत में करता रहेगा निवेश यह धमकी ट्रंप और कुक के बीच हाल ही में हुई बैठक के बाद आई है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, ट्रंप एपल की चीन से भारत में अधिक आईफोन प्रोडक्शन ट्रांसफर करने की योजनाओं से नाखुश थे। ट्रंप ने कहा, “मुझे टिम के साथ यह समझ थी कि वह ऐसा नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वह प्लांट बनाने के लिए भारत जा रहे हैं। मैंने कहा, ‘भारत जाना ठीक है, लेकिन आप टैरिफ के बिना यहां बिक्री नहीं करेंगे।'” ट्रंप के इन बयानों के बाद हाल ही में एपल ने कहा है कि उसकी भारत की निवेश योजनाओं में कोई बदलाव नहीं आया है। अमेरिका में बढ़ेगी महंगाई ये नई टिप्पणियां ट्रंप की स्थिति में बदलाव को दर्शाती हैं। जबकि उन्होंने पहले कहा था कि अन्य देश टैरिफ का बोझ उठाएंगे। इस बार उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि कंपनियों को खुद- जैसे एपल को भुगतान करना होगा। इसका मतलब उपभोक्ताओं के लिए महंगाई बढ़ सकती है, क्योंकि आयात कर टैरिफ लगा तो अमेरिकी लोगों को आईफोन खरीदने के लिए ज्यादा डॉलर खर्चने होंगे।

अगर एप्पल आईफोन को अमेरिका के अलावा किसी और देश में बनाता है तो लगेगा 25% टैक्स: डोनाल्ड ट्रंप

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्पल को धमकी दी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर एप्पल आईफोन को अमेरिका के अलावा किसी और देश में बनाता है तो उसको 25 प्रतिशत का आयात शुल्क देना होगा। इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने Apple Inc. के टिम कुक से भारत में प्लांट्स बनाने को बंद करने को कहा है। यूएस प्रेसिडेंट ने क्या कहा? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मैंने बहुत पहले ही एप्पल के टिम कुक को सूचित कर दिया था कि मुझे उम्मीद है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में बेचे जाने वाले उनके आईफोन का निर्माण संयुक्त राज्य अमेरिका में होगा। किसी और देश में वह आईफोन का निर्माण ना करें। आगे अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि अगर एप्पल ऐसा नहीं करता है कि एप्पल को अमेरिका को कम से कम 25% टैरिफ का भुगतान करना होगा। ट्रंप के फैसले का हो सकता है गहरा असर डोनाल्ड ट्रंप अगर ये फैसला लेते हैं तो अमेरिका में आईफोन की कीमतों में इजाफा देखने को मिल सकता है। इसके अलावा एप्पल के मुनाफे पर भी इस फैसले का गहरा असर पड़ सकती है। एप्पल भी अब उन कंपनियों में शामिल हो गई, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निशाने पर है।

स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर का गांव जल्द ही पर्यटन के राष्ट्रीय मैप का हिस्सा बनेगा

मुंबई/नाशिक  अगर सबकुछ ठीक रहा है तो जल्द ही वीर सावरकर का पैतृक गांव जल्द की पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र में शामिल हो जाएगा।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमृत भारत स्कीम के तहत देश के 103 स्टेशनों का उद्घाटन किया। इसमें वीर सावरकर के गांव के सबसे नजदीक पड़ने वाले देवलाली रेलवे स्टेशन भी शामिल है। इसका विकास सेंट्रल रेलवे की तरफ से किया गया है। सेंट्रल रेलवे ने इस स्टेशन के पहले और अब की तस्वीरें भी साझा की हैं। इस रेलवे स्टेशन से सावरकर का भगूर गांव सिर्फ तीन किलोमीटर की दूरी पर है। इस स्टेशन के पुनर्निर्माण के बाद चर्चा शुरू हो गई है कि आने वाले दिनों में वीर सावरकर का गांव पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर आ सकता है। महाराष्ट्र में कांग्रेस को छोड़कर सभी दलों वीर सावरकर के पक्ष में खड़े होते रहे हैं। पिछले दिनों मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस वर्धा में वीर सावरकर से जुड़े एक कार्यक्रम में पहुंचे थे तब उन्होंने वहां एक पुस्तिका का विमाेचन किया था। बीजेपी के लिए सबसे बड़े नायक बीजेपी स्वातंत्र्य वीर सावरकर को सबसे बड़ा नायक मानती है। इतना ही नहीं वह भाजपा के लिए हिंदू केंद्रित राजनीति के भी प्रतीक हैं। बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) वीर सावरकर को भारत का पहला आजादी पुरुष भी कहती आई है। देवलाली स्टेशन महाराष्ट्र के नासिक जिले में आता है। ऐसे माना जा रहा है कि वीर सावरकर के गांव भगूर को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए ही सबसे नजदीक के स्टेशन का कायाकल्प किया गया है ताकि वीर सावरकर के गांव तक लोग आसानी से पहुंच सकें। महाराष्ट्र में बीजेप के सहयोगी शिंदे की सेना वीर सावरकर के मुद्दे पर साथ है। इस मुद्दे पर उद्धव ठाकरे के भी विरोध कर पाने की गुंजाइश नहीं है। अगर वीर सावरकर का गांव पर्यटक के मैप पर चमकता है तो इससे बीजेपी को फायदा होगा। बीजेपी कई बार वीर सावरकर के मुद्दे पर कड़ा और आक्रामक स्टैंड भी ले चुकी है। अब आगे क्या है तैयारी? सेंट्रल रेलवे के अधिकारियों की मानें तो इस स्टेशन पर कुछ और रेलगाड़ियों के ठहराव की योजना पर विचार कर रहा है। जिससे नाशिक आने वाले पर्यटक और अन्य लोग नाशिक से एक स्टेशन पहले देवलाली रेलवे स्टेशन पर ही उतरकर वीर सावरकर का गांव भी देख पाएं। इसके लिए केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र सरकार को रेलवे स्टेशन से भगूर तक आने-जाने की व्यवस्था को बेहतर करने की सलाह भी दी है। केंद्र और राज्य में एनडीए की सरकार होने के कारण बीजेपी को लगता है कि अगले कुछ सालों में भगूर गांव को पर्यटन में आगे किया जा सकता है। भगूर गांव नासिक से 22 किलोमीटर की दूरी पर है।

Donald Trump का ये विधेयक अमेरिका के लिए मुसीबत, जाएंगी 8.30 लाख से ज्‍यादा नौकरियां

वाशिंगटन डोनाल्‍ड ट्रंप (Donald Trump) ने अमेरिका में एक नया प्रस्‍ताव पेश किया है, जो ‘One Big, Beautiful Bill Act’ है. यह एक ऐसा बिल है, जिसकी चर्चा सिर्फ अमेरिका में ही नहीं, बल्कि दुनिया में भी हो रही है. यह बिल अमेरिका के 2017 के टैक्‍स कट को स्‍थायी बनाने का प्रयास है. यह एक व्‍यापक विधेयक है, जिसमें सीमा सुरक्षा, खर्च और टैक्‍स शामिल किए गए हैं. यह बिल कई चीजों को लेकर राहत भी देता है, लेकिन कुछ चीजों पर विवाद भी पैदा कर रहा है. सबसे ज्‍यादा विवाद का विषय अमेरिका में रह रहे दूसरे देश के लोगों द्वारा घर पैसा भेजने पर 5 प्रतिशत का टैक्‍स लगाने पर है. इसके अलावा, रिन्‍यूवेबल एनर्जी जैसी चीजों के लिए सब्सिडी खत्‍म करना. वहीं इस बिल को लेकर कुछ रिपोर्ट का दावा है कि इससे अमेरिका पर भारी कर्ज बढ़ेगा, करीब 36 ट्र‍िलियन डॉलर तक कर्ज में इजाफा हो सकता है. इकोनॉमी पर भी गहरा असर होगा और 8.30 लाख से ज्‍यादा नौकरियां चली जाएंगी. वहीं अमेरिका में रहने वाले लोगों के घरों का बिल भी बढ़ जाएगा. बाइडेन के फैसले को बदलता है ये बिल ट्रंप का यह विधेयक बाइडेन युग के उस आदेश को समाप्त कर देगा, जिसके अनुसार 2032 तक नई कार की बिक्री में दो-तिहाई इलेक्ट्रिक वाहन होंगे. विधेयक में तेल, गैस और कोयला निकालने के लिए कंपनियों द्वारा भुगतान की जाने वाली रॉयल्टी रेट्स में कटौती का प्रस्ताव है. बाइडेन ने रिन्‍यूवेबल एनर्जी जैसी चीजों को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी लेकर आए थे, लेकिन अब इस विधेयक से सबकुछ समाप्‍त होने वाला है. खासकर रिन्‍यूवेबल एनर्जी सेक्‍टर्स पर इसका गहरा असर होगा.  830,000 से ज्‍यादा नौकरियां खतरे में द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि क्‍लीन एनर्जी प्रोत्साहन को खत्म करने के लिए रिपब्लिकन द्वारा किया गया प्रयास अमेरिका को बड़े पैमाने पर प्रभावित करेगा, क्योंकि इससे 830,000 से अधिक नौकरियां खत्म हो जाएंगी, अमेरिकी घरों के लिए ऊर्जा बिल बढ़ जाएंगे और लाखों टन अधिक प्रदूषण फैलने का खतरा होगा, जो जलवायु संकट का कारण बन रहा है. रिन्‍यूवेबल एनर्जी के लिए सब्सिडी हो जाएगी खत्‍म ट्रंप का यह विधेयक बाइडेन द्वारा हस्ताक्षरित जलवायु कानून के प्रमुख तत्वों को खत्म करता है, जिसने पूरे अमेरिका में रिन्‍यूवेबल एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहनों में निवेश को बढ़ावा दिया था. ‘बिग, ब्यूटीफुल’ बिल इस साल इलेक्ट्रि कारों के लिए टैक्‍स क्रेडिट समाप्त कर सकता है. विंड, सोलर एनर्जी और यहां तक ​​कि परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए प्रोत्साहन धीरे-धीरे कम हो जाएंगे और 2032 तक पूरी तरह से समाप्त हो जाएंगे. अमेरिका के लिए नुकसानदायक बिल द गार्जियन की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह रिपोर्ट आपके सोच से भी बदतर है. इससे डेली के खर्च सैकड़ों डॉलर तक बढ़ सकता है और जलवायु परिवर्तन पर किसी भी तरह की कार्रवाई को कम करता है. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि आप नहीं बता सकते हैं कि US की स्थिति कमजोर करने में यह कितना खास होगा. महंगाई, टैरिफ और बिजली के बढ़ते उपयोग के साथ यह प्रस्‍ताव आना नहीं चाहिए था. यह अमेरिका के लिए नुकसानदायक बिल है. अमेरिकी इकोनॉमी के लिए भी खतरा इकोनॉमिक्‍स टाइम्‍स की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन बदलावों से 10 सालों मे अमेरिका की GDP में 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्‍यादा की कमी आएगी. रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रस्तावित बिल से ऊर्जा बिलों में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. 2035 तक, औसत परिवार को ऊर्जा बिलों में 230 डॉलर से अधिक की वृद्धि का सामना करना पड़ने का अनुमान है.  

देश की अंतरिम सरकार के मुखिया हैं, मुहम्मद यूनुस के इस्तीफे की अटकलों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी

ढाका   बांग्लादेश एक बार फिर राजनीतिक उथल-पुथल के मुहाने पर खड़ा है। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और सूक्ष्म वित्त के प्रणेता प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस, जो वर्तमान में देश की अंतरिम सरकार के मुखिया हैं, के इस्तीफे की अटकलों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। गुरुवार की आधी रात को, बीबीसी बांग्ला सेवा से बातचीत में छात्र नेतृत्व वाली नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख निद इस्लाम ने संकेत दिया कि यूनुस, जो अंतरिम मुख्य सलाहकार की भूमिका में हैं, पद छोड़ने पर विचार कर रहे हैं। इसका प्रमुख कारण यह बताया गया कि राजनीतिक दलों में किसी भी प्रकार की आम सहमति नहीं बन पा रही है, जिससे उनके लिए प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाना मुश्किल हो गया है।   असहमति की दीवारें और टूटता संतुलन निद इस्लाम ने कहा कि उन्होंने यूनुस से आग्रह किया कि वे डटे रहें और राजनीतिक दलों को एकजुट करने की कोशिश करें, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए, अंतरिम सरकार और बांग्लादेश की सेना के बीच तनातनी ने एक टूटने के बिंदु तक माहौल को पहुँचा दिया है। बांग्लादेश के एकीकृत सैन्य बल, जिन्होंने पिछले वर्ष छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह को नियंत्रण में लाने में अहम भूमिका निभाई थी, अब यूनुस सरकार पर सीधे दबाव बना रहे हैं कि वर्ष के अंत तक आम चुनाव कराए जाएं। सेना का तर्क है कि 2026 की शुरुआत तक एक निर्वाचित सरकार की स्थापना जरूरी है। सेना की टिप्पणी लीक, बढ़ा तनाव स्थिति उस समय और जटिल हो गई जब ढाका छावनी में आयोजित एक गोपनीय सेना सम्मेलन से जनरल वाकर-उज़-ज़मान की टिप्पणियाँ मीडिया में लीक हो गईं। इन टिप्पणियों में कहा गया: “बांग्लादेश को एक स्थिर राजनीतिक माहौल की आवश्यकता है। केवल एक निर्वाचित सरकार ही इसे पूरा कर सकती है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सेना का कार्य देश की रक्षा है, न कि राजनीति में हस्तक्षेप। जनरल ने दो टूक कहा, “चुनाव के बाद हमें बैरकों में लौटना चाहिए।” अर्थव्यवस्था और तकनीक पर भी सवाल जनरल ने अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने विशेष रूप से एलन मस्क की स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं को लेकर चिंता व्यक्त की, जिसे बांग्लादेश में बिना निर्वाचित सरकार की अनुमति के लाया जा रहा है। उनके अनुसार, यह देश को उच्च जोखिम वाले विकल्पों की ओर धकेल सकता है। हालांकि, सेना के करीबी सूत्रों के अनुसार, सेना कोर अब भी यूनुस के प्रति सहानुभूति रखता है, लेकिन देश में किसी भी प्रकार की अराजकता या भीड़ हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। क्या इस्तीफा देंगे यूनुस? प्रोफेसर यूनुस का इस्तीफा बांग्लादेश के लिए राजनीतिक और प्रशासनिक संकट को और गहरा कर सकता है। उनकी छवि एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और संतुलित नेतृत्वकर्ता के रूप में रही है, लेकिन राजनीतिक असहमति और सेना का दबाव उनके मिशन को चुनौती दे रहा है।

भारतीय सेना द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना के अधिकारी अपनी पोस्ट व दफ्तर छोड़कर भाग खड़े हुए थे

नई दिल्ली भारतीय सेना द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के तहत किए गए प्रहार से पाकिस्तानी सेना में भगदड़ की स्थिति बन गई थी। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना की बातचीत के कई महत्वपूर्ण अंश अब सामने आए हैं। इंटरसेप्ट की गई बातचीत में पता लगा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना के अधिकारी अपनी पोस्ट व दफ्तर छोड़कर भाग खड़े हुए थे। ऐसे ही एक इंटरसेप्ट में सुना जा सकता है कि पाकिस्तानी सेना के कमांडर अपने दफ्तर में आने को राजी नहीं हैं। पाक अधिकृत कश्मीर स्थित अपनी पोस्ट पर आने से इनकार करते पाकिस्तान के एक सैन्य कमांडर को अपने जूनियर्स से कहते हुए सुना जा सकता है, “ऑफिस तो बाद में भी खुल जाएगा, पहले अपनी जान बचाओ।” जम्मू कश्मीर में भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा से कुछ किलोमीटर की दूरी पर पाकिस्तानी सेना की 75 इन्फैंट्री ब्रिगेड है। यह यूनिट पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी पीओके में भी तैनात है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत पीओके के मुजफ्फराबाद के समीप आतंकवादियों के कैंप पर हमले हुए थे। भारतीय सेना के वरिष्ठ सैन्य कमांडर के मुताबिक यहां पाकिस्तानी 75 इन्फैंट्री ब्रिगेड के कमांडर खुद तो भाग गए, साथ ही अपने सैनिकों से भी अपनी जान बचाने को कहते सुने गए। पाकिस्तानी सेना के कमांडर जब अपने दफ्तर नहीं पहुंचे तो उनके मातहत अधिकारियों ने उनसे फोन पर संपर्क किया और ऑफिस खोलने के बारे में जानकारी मांगी। इसके जवाब में कमांडर ने कहा, “ऑफिस बाद में खुल जाएगा, पहले अपनी जान बचाओ।” आईएएनएस को मिली जानकारी में पाकिस्तानी सेना के जूनियर अधिकारियों की बातचीत भी सामने आई है। पाकिस्तानी सेना के ये अधिकारी कह रहे हैं, “अपने कमांडर साहब बड़ी मुश्किल से बचे हैं। वह किसी मस्जिद में नमाज पढ़वा रहे हैं। कमांडर साहब ने बंदों को इधर भेजा है। अमन होगा, उसके बाद आएंगे। फिलहाल ऑफिस बंद ही है।” यही नहीं, पाकिस्तानी सेना को हुए भारी नुकसान की जानकारी भी इन इंटरसेप्ट से मिली है। ऐसे ही एक इंटरसेप्ट से जानकारी मिली है कि पाकिस्तानी सेना की 16वीं बलूच रेजिमेंट के कैप्टन हसनैन शाह फायरिंग में मारे गए। वह हाजी पीर सेक्टर में हुई फायरिंग के दौरान मारे गए। पाकिस्तानी सैनिक बातचीत में कह रहे थे, “कैप्टन हसनैन शाह बीती रात फायरिंग में मारे गए। उनकी डेड बॉडी पाकिस्तान के अबोटाबाद में 6 पाकिस्तानी ब्रिगेड द्वारा पहुंचाई गई है।” भारतीय सेना के मुताबिक अकेले जम्मू कश्मीर स्थित नियंत्रण रेखा और बॉर्डर से की गई भारतीय सैन्य कार्रवाई में पाकिस्तान के 64 सैन्य अधिकारी व जवान मारे गए हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय हमलों में 96 से अधिक पाकिस्तानी जवान जख्मी हुए हैं। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि सीमापार सवाई नाला इलाके में 5-6 मोस्ट वांटेड आतंकवादियों का खात्मा किया गया, जबकि मुजफ्फराबाद में सैयदना बिलाल कैंप में 8-9 खूंखार आतंकवादियों को मार गिराया गया। यहां दो टेरर लॉन्च पैड पूरी तरह से नष्ट कर दिए गए। 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में 9 अलग-अलग आतंकवादी कैंपों को नष्ट कर 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया था। वहीं, आतंकवादियों के समर्थन में उतरी पाकिस्तानी सेना ने भारत में सैन्य और नागरिक क्षेत्रों पर हमले किए। पाकिस्तान की इस हरकत के जवाब में भारतीय सेना ने पाकिस्तान की कई चौकियों को ध्वस्त कर दिया।

भारत से सिंधु जल संधि पर रोक हटाने के लिए गिड़गिड़ा रहा पाकिस्तान, वॉटर बम है, हम तो भूखे मर जाएंगे

इस्लामाबाद पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए। इसी में एक कदम सिंधु जल संधि को स्थगित करना भी है। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी यह साफ कर दिया है कि यह जल संधि अभी आगे भी स्थगित रहने वाली है। ऐसे में इस नदी के पानी पर निर्भर पाकिस्तान ‘पानी-पानी’ करने लगा है। उसके सांसद भरी संसद में इस समझौते के रुकने को वॉटर बम बता रहे हैं और कह रहे कि इसे डिफ्यूज करना ही होगा। पाकिस्तानी सांसद सैयद अली जफर ने संसद में कहा है कि पाकिस्तान के डैम, पावर प्रोजेक्ट्स सब इसी नदी पर बने हुए हैं। ऐसे में अगर इस दिक्कत का हल नहीं निकाला गया तो पाकिस्तानी भूखे मर जाएंगे। जफर ने कहा, ”हम अगर पानी का क्राइसेस नहीं सॉल्व करेंगे तो हम भूखे मर सकते हैं, क्योंकि सिंधु बेसिन ही हमारी लाइफस्टाइल है। 3/4 पानी बाहर से आता है। हमारे 10 में से 9 लोग सिंधु जल संधि के जरिए ही अपनी जिंदगी गुजर बसर करते हैं। 90 फीसदी फसलें इस पानी पर निर्भर हैं। हमारे जितने पावर प्रोजेक्ट्स हैं, डैम हैं, सभी इसी पानी पर बने हुए हैं। यह हमारे लिए एक ‘वॉटर बम’ है, जिसे हमें डिफ्यूज करना है।” भारत से रोक हटाने के लिए गिड़गिड़ा रहा पाक सिंधु जल संधि पर लगी रोक हटाने के लिए पाकिस्तान लगातार भारत के सामने गिड़गिड़ा रहा है। लेकिन भारत ने दो टूक कह दिया है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन करना बंद नहीं करेगा, तब तक यह रोक जारी रहने वाली है। चार दिनों तक चले भारत-पाक में तनाव के बाद जब सीजफायर लागू किया गया, उसके बाद भी पाकिस्तान ने भारत को पत्र लिखकर जल संधि से रोक हटाने की गुहार लगाई थी। यह अपील पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय के सचिव सैयद अली मुर्तजा द्वारा भारत के जल शक्ति मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी को लिखे गए पत्र में की गई थी। सिंधु जल संधि पर क्या बोला भारतीय विदेश मंत्रालय भारत ने गुरुवार को एक बार फिर जोर देकर कहा कि पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक इस्लामाबाद सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं कर देता। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के साथ कोई भी द्विपक्षीय वार्ता तभी होगी जब वह अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र पर से कब्जा छोड़ देगा। जायसवाल ने कहा, ”मैं आपको याद दिलाना चाहूंगा कि संवाद और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते।” सिंधु जल संधि के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक कि इस्लामाबाद सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं कर देता।  

Corona का खतरा फिर लौट आया: देश में फिलहाल 254 एक्टिव केस दर्ज किए गए, तेजी से बढ़े नए केस, सतर्क रहने की अपील

नई दिल्ली कुछ वक्त की राहत के बाद एक बार फिर कोरोना वायरस का डर लौट आया है। खासतौर पर एशियाई देशों में कोविड के मामलों में तेजी देखी जा रही है और अब इसका असर भारत में भी दिखने लगा है। हाल ही में सामने आई हेल्थ रिपोर्ट्स के अनुसार, देश में फिलहाल 254 एक्टिव केस दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में बढ़ोत्तरी ने स्वास्थ्य विभाग को एक बार फिर अलर्ट मोड पर ला दिया है। दिल्ली-गुरुग्राम और फरीदाबाद में मिले नए संक्रमित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी दिल्ली-NCR में भी कोरोना की आहट सुनाई देने लगी है। 22 मई को गुरुग्राम में तीन एक्टिव केस पाए गए हैं, जिनमें से एक 31 वर्षीय महिला हाल ही में मुंबई से लौटी थी। बाकी दो संक्रमितों में एक बुजुर्ग और एक 28 वर्षीय युवक फरीदाबाद से है। फरीदाबाद का युवक एक प्राइवेट कंपनी में सुरक्षा गार्ड के तौर पर कार्यरत है और उसकी कोई यात्रा की जानकारी नहीं मिली है। सभी संक्रमितों को आइसोलेट कर दिया गया है।   फरीदाबाद में मिले मरीज में कोरोना का नई वेरिएंट JN.1 पाया गया है। इस युवक को लक्षण महसूस होने पर पास के क्लीनिक में दिखाया गया और फिर जांच के लिए सफदरजंग अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई।  स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई सतर्कता स्वास्थ्य विभाग ने सभी नए मामलों की ट्रैवल और मेडिकल हिस्ट्री खंगालनी शुरू कर दी है। इसके साथ ही उन लोगों पर भी नजर रखी जा रही है जो हाल ही में उन जगहों से लौटे हैं जहां कोविड फिर से सक्रिय हो चुका है। हालात अभी नियंत्रण में हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग किसी भी ढिलाई के मूड में नहीं है।  लक्षणों को हल्के में न लें डॉक्टरों और हेल्थ डिपार्टमेंट की सख्त हिदायत है कि अगर किसी को सर्दी, खांसी, बुखार, बदन दर्द या सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत जांच करवाएं और खुद को आइसोलेट करें। ऐसे मामलों में देरी और लापरवाही दूसरों के लिए खतरा बन सकती है।  क्या रखें सावधानियां?     भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहें     मास्क का इस्तेमाल करें, खासकर सार्वजनिक स्थानों पर     हाथों की सफाई का ध्यान रखें     स्वस्थ खानपान अपनाएं     हल्के लक्षण दिखें तो टेस्ट जरूर कराएं  

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने ट्रंप प्रशासन विदेशी छात्रों के एडमिशन पर रोक के मामले में दर्ज कराया मुकदमा

वाशिंगटन हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने ट्रंप प्रशासन के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें आइवी लीग स्कूल पर विदेशी छात्रों के नामांकन पर रोक लगाई गई है। विश्वविद्यालय ने इसे व्हाइट हाउस की राजनीतिक मांगों की अवहेलना करने के लिए असंवैधानिक कार्रवाई बताया। बोस्टन में संघीय अदालत में शुक्रवार को दायर मुकदमे में हार्वर्ड ने कहा कि सरकार का ऐक्शन पहले संशोधन का उल्लंघन करती है। इसका हार्वर्ड और 7000 से अधिक वीजा धारकों पर तत्काल और विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा। हार्वर्ड ने मुकदमे में कहा, ‘सरकार ने एक कलम चलाकर हार्वर्ड के उस एक चौथाई छात्र-समूह को मिटाने की कोशिश की है, जो अंतरराष्ट्रीय छात्र हैं और जो विश्वविद्यालय व इसके मिशन में अहम योगदान देते हैं।’ स्कूल ने कहा कि वह गृह विभाग को यह कदम उठाने से रोकने के लिए अस्थायी निरोधक आदेश दायर करने की योजना बना रहा है। हार्वर्ड कैम्ब्रिज मैसाचुसेट्स में अपने परिसर में लगभग 6,800 विदेशी विद्यार्थियों को दाखिला देता है। इनमें से ज्यादातर ग्रेजुएट छात्र हैं और वे 100 से अधिक देशों से आते हैं। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पर क्या आरोप गृह विभाग ने गुरुवार को कार्रवाई की घोषणा की, जिसमें हार्वर्ड पर अमेरिका विरोधी, आतंकवाद समर्थक आंदोलनकारियों को परिसर में यहूदी छात्रों पर हमला करने की अनुमति देकर असुरक्षित परिसर का माहौल बनाने का आरोप लगाया गया। इसने हार्वर्ड पर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ समन्वय करने का भी आरोप लगाया। साथ ही, दलील दी गई कि स्कूल ने 2024 में एक चीनी अर्धसैनिक समूह के सदस्यों की मेजबानी की थी और उन्हें ट्रेनिंग दी थी। यूनिवर्सिटी का क्या है तर्क हार्वर्ड के अध्यक्ष एलन गार्बर ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि विश्वविद्यालय ने पिछले डेढ़ साल में अपने प्रशासन में बदलाव किए हैं, जिसमें यहूदी-विरोधी भावना से निपटने के लिए व्यापक रणनीति भी शामिल है। उन्होंने कहा कि हार्वर्ड बदले की कार्रवाई की आशंकाओं के कारण अपने मूल कानूनी रूप से संरक्षित सिद्धांतों से पीछे नहीं हटेगा। हार्वर्ड ने कहा कि वह चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ समन्वय के बारे में हाउस रिपब्लिकन की ओर से पहली बार उठाए गए आरोपों पर बाद में जवाब देगा। यह मुकदमा विश्वविद्यालय की ओर से पहले दायर मुकदमे से अलग है, जिसमें रिपब्लिकन प्रशासन द्वारा संघीय कटौती के तहत 2 अरब डॉलर से अधिक की राशि को चुनौती दी गई थी।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet