LATEST NEWS

डोनाल्ड ट्रंप ने एक और भारतवंशी जय भट्टाचार्य को दी बड़ी जिम्मेदारी, NIH में मिला अहम रोल

नई दिल्ली  अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति का भारतीय मूल के लोगों पर भरोसा लगातार बढ़ता जा रहा है।डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से एक भारतवंशी पर विश्वास जताया है। उन्होंने जय भट्टाचार्य को राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (NIH) के डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त किया है। दरअसल, जय भट्टाचार्य का जन्म कोलकाता में हुआ था। वह एक बड़े अर्थशास्त्री हैं। उन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से मेडिकल शिक्षा प्राप्त की है। अपनी जिम्मेदारी के दौरान वह करीब 47.3 अरब डॉलर के बजट की निगरानी करेंगे। अमेरिका ने इस बजट को मेडिकल रिसर्च पर खर्च करने के लिए रखा है। क्या बोले जय भट्टाचार्य? नेशनल इस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के डायरेक्टर के रूप में नॉमिनेट होने पर जय भट्टाचार्य ने खुशी जाहिर की है। इस दौरान उन्होंने कहा, “अगले NIH के डायरेक्टर के तौर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मुझे नामांकित किए जाने से मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं। हम अमेरिकी वैज्ञानिक संस्थानों में सुधार करेंगे, जिससे लोग फिर एक बार उन पर भरोसा कर सकें। अमेरिका को फिर से स्वस्थ बनाने के लिए बेहतरीन विज्ञान के रिजल्ट के रूप में तैनात करेंगे।” डोनाल्ड ट्रंप ने कही ये बात नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जय भट्टाचार्य के नॉमिनशन का एलान करते हुए कहा कि मैं NIH के डायरेक्टर के रूप में सेवा करने के लिए जय भट्टाचार्य, एमडी, पीएचडी को नॉमिनेट कर रोमांचित हूं। वह देश के चिकित्सा अनुसंधान को निर्देशित करने और महत्वपूर्ण रिसर्च के लिए रॉबर्ट एफ. कैंनेडी जूनियर के साथ मिलकर काम करेंगे। जिससे हेल्थ सेक्टर में सुधार होगा और लोगों की सुरक्षा होगी। कोविड के दौरान चर्चा में थे भट्टाचार्य COVID-19 महामारी के दौरान जय भट्टाचार्य ने अमेरिका के स्वास्थ्य नीतियो की आलोचना की थी। इस कारण वह सुर्खियों में रहे। वहीं, भट्टाचार्य ने अक्तूबर 2020 में दो स्कॉलरों के साथ मिलकर ‘ग्रेट बैरिंगटन डिक्लेरेशन’ प्रकाशित किया था। इस रिसर्च में उन्होंने कहा था कि कोरोना वायरस जो लोग प्रभावित नहीं हैं उनको सामान्य जीवन की ओर लौटने दिया जाना चाहिए और संवेदनशील लोगों की रक्षा की जानी चाहिए। जानिए जय भट्टाचार्य के बारे में     जय भट्टाचार्य का जन्म साल 1968 में कोलकाता में हुआ था।     वर्ष 1997 में उन्होंने स्टैनफोर्ड से चिकित्सा में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की थी। इसके बाद उन्होंने उसी विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की।     वर्तमान में जय भट्टाचार्य नेशनल ब्यूरो ऑफ़ इकोनॉमिक्स रिसर्च में शोध सहयोगी हैं।     जय भट्टाचार्य को अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने NIH के डायरेक्टर के रूप में नॉमिनेट किया है।     जय भट्टाचार्य ने COVID-19 महामारी के दौरान जय भट्टाचार्य ने अमेरिका के स्वास्थ्य नीतियो की आलोचना की थी।  

बेंगलुरु में गर्लफ्रेंड की छाती पर चाकू घोंपकर हत्या, कई घंटे शव के साथ कमरे में रहा बॉयफ्रेंड, फिर हो गया फरार

बेंगलुरु कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में सनसनीखेज वारदात सामने आई है। इंदिरा नगर में माया गोगोई नाम की युवती की हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, असम की रहने वाली माया गोगोई की उसके प्रेमी आरव अनय ने बेरहमी से हत्या की है। केरल का रहने वाला आरव इस घटना के बाद फरार हो गया। पुलिस हत्या के मकसद की जांच कर सबूत जुटा रही है। आरोपी को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। असम की रहने वाली थी लड़की पुलिस ने बताया कि इंदिरा नगर इलाके में एक सर्विस अपार्टमेंट में लड़की की बेरहमी से हत्या की गई है। पीड़िता एक निजी कंपनी में काम करती थी। लड़की हत्या उसके प्रेमी आरव अनय ने चाकू घोंपकर कर की है। माया असम की रहने वाली थी। वह एक व्लॉगर थी। सुबह तक शव के साथ कमरे में रहा हत्यारा रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता और आरव नाम का एक व्यक्ति 23 नवंबर को सर्विस अपार्टमेंट में आए थे। पुलिस को संदेह है कि आरव ने 24 नवंबर को माया की छाती पर कई बार चाकू घोंपकर हत्या की है। पुलिस का यह भी मानना ​​है कि वह सुबह तक शव के साथ कमरे में रहा। उसके बाद वह मौके से भाग गया। तीन दिन पहले केरल से बेंगलुरु आया था आरव पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हत्यारे की तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, माया कोरमंगला में एक प्राइवेट कंपनी में काम करती थी। शुरुआती पूछताछ में पता चला कि दोनों एक-दूसरे को जानते थे। 3 दिन पहले जब आरोपी आरव केरल से बेंगलुरु आया था तब से लेकर हत्या किए जाने तक माया उसके साथ ही रह रही थी। हत्या की वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस स्पेशल टीम बनाकर हत्यारे की तालाश में जुटी हुई है। ताते चलें कि सितंबर में बेंगलुरु में एक महिला की हत्या की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी. यहां के व्यालीकवल इलाके में एक घर के कमरे में 165 लीटर मॉडल का सिंगल डोर फ्रिज में 29 साल की महालक्ष्मी की लाश के 30 से 40 टुकड़ो में मिली थी. कई टुकड़े फर्श तक पर बिखरे पड़े थे.  वारदात के करीब 19 दिन बाद कमरे का दरवाज़ा 21 सितंबर को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे खुला था. उस बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर पांच महीने पहले ही महालक्ष्मी किरायेदार के तौर पर रहने आई थी. नेपाल की रहने वाली महालक्ष्मी वहां अकेली रहती थी. पड़ोसी भी उसे नहीं जानते थे.  वजह ये थी कि हर रोज़ वो सुबह 9.30 बजे घर से निकलती और रात 10.30 के बाद ही घर लौटती. उसकी मां और बहन बेंगलुरु में रहते हैं. दो सितंबर के बाद अचानक महालक्ष्मी का फोन बंद हो गया. उसकी मां और बहन लगातार फोन करते रहे, पर बात नहीं हो रही थी. इसी बीच पड़ोसियों को घर से बदबू आई. 20 सितंबर को मकान मालिक ने महालक्ष्मी की मां को फोन किया. उन्हें महालक्ष्मी के घर से आ रही बदबू के बारे में जानकारी दी. मकान मालिक की बात सुन कर वो घबरा गई. महालक्ष्मी के घर की एक चाबी मां के पास रहती थी. वो फौरन चाबी लेकर अपनी दूसरी बेटी के साथ महालक्ष्मी के साथ घर पहुंची.  मकान मालिक और पड़ोसियों की मौजूदगी में घर का दरवाजा खोला गया. लेकिन दरवाज़ा खुलते ही अंदर से इतनी तेज़ बदबू आई कि सभी पीछे हट गए. कुछ देर बाद हिम्मत कर फिर से वो अंदर गए. फर्श पर हर तरफ खून के निशान थे. मांस के छोटे-छोटे लोथड़े यहां वहां पड़े थे. इस तरह इस वारदात का खुलासा हुआ था.

ट्रंप के मुताबिक उनके पहले आदेशों में इन तीन देशों से आने वाले उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाएंगे

न्यूयॉर्क अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सत्ता संभालने के तुरंत बाद चीन, मेक्सिको और कनाडा के खिलाफ कड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। ट्रंप के मुताबिक, उनके पहले आदेशों में इन तीन देशों से आने वाले उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क (टैरिफ) लगाए जाएंगे, जिससे इन देशों की नीतियों पर दबाव डाला जाएगा। ट्रंप का कहना है कि इन देशों से अमेरिका में अवैध प्रवासियों की आवक, ड्रग्स की सप्लाई और अन्य गंभीर मुद्दों को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। ट्रंप का निर्णय और उद्देश्य ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनके पहले आदेशों में कनाडा और मेक्सिको से अमेरिका आने वाले सभी उत्पादों पर 25 फीसदी का टैरिफ लगाया जाएगा। इसके अलावा, चीन से आने वाले उत्पादों पर 10 फीसदी अतिरिक्त टैक्स लगाया जाएगा। यह फैसला विशेष रूप से तब लिया गया है जब अमेरिका में ड्रग्स की समस्या बढ़ रही है, जिनमें फेंटानिल जैसी दवाएं प्रमुख हैं, जो मुख्य रूप से मेक्सिको के रास्ते अमेरिका पहुंचती हैं। ट्रंप का मानना है कि इन देशों के साथ व्यापार संबंधों में सुधार लाने के लिए यह एक जरूरी कदम है। मेक्सिको और कनाडा से जुड़ी समस्याएं ट्रंप ने कहा कि कनाडा और मेक्सिको से अमेरिका में बड़ी संख्या में अवैध प्रवासी प्रवेश कर रहे हैं। इन देशों से अवैध प्रवासी अमेरिका में प्रवेश करते हैं, जो न केवल देश की सुरक्षा को खतरे में डालते हैं बल्कि अमेरिका के सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को भी प्रभावित करते हैं। इसके अलावा, इन देशों से ड्रग्स की आपूर्ति भी अमेरिका में हो रही है, जिससे देश में अपराध का स्तर बढ़ रहा है। ट्रंप के अनुसार, इस स्थिति को सुधारने के लिए जरूरी है कि इन देशों से आने वाले उत्पादों पर कड़ा शुल्क लगाया जाए। चीन पर खास निशाना चीन के प्रति ट्रंप का गुस्सा विशेष रूप से इन ड्रग्स की आपूर्ति के कारण और अधिक बढ़ा है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि उन्होंने चीन के साथ कई बार ड्रग्स की आपूर्ति को रोकने को लेकर बातचीत की थी, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। ट्रंप के मुताबिक, चीन ने यह वादा किया था कि वह ड्रग्स डीलर्स को सजा देगा, लेकिन इस वादे पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते चीन से लगातार फेंटानिल जैसे ड्रग्स की खेप अमेरिका में आ रही है, जो मुख्यत: मेक्सिको के माध्यम से अमेरिका पहुंचती है। इस कारण ट्रंप ने चीन से आने वाले उत्पादों पर 10 फीसदी का अतिरिक्त शुल्क लगाने का निर्णय लिया। व्यापार और आपूर्ति चेन पर असर ट्रंप के इस फैसले से उत्तरी अमेरिका (कनाडा, मेक्सिको और अमेरिका) की आपूर्ति चेन पर असर पड़ सकता है। इन देशों के बीच व्यापार और आर्थिक संबंधों पर इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा। 25 फीसदी टैरिफ के कारण कनाडा और मेक्सिको से आने वाले उत्पादों की कीमतों में वृद्धि हो सकती है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। इसी प्रकार, चीन के साथ व्यापार में भी अतिरिक्त शुल्क लगने से अमेरिका और चीन के व्यापार संबंधों में और तनाव उत्पन्न हो सकता है। चीन की प्रतिक्रिया और भविष्य की रणनीति चीन ने पहले भी ट्रंप की व्यापार नीतियों को लेकर विरोध जताया था, और यह उम्मीद जताई जा रही है कि ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद चीन के साथ व्यापारिक तनाव और बढ़ सकता है। चीन के पॉलिसी एडवाइजर झेंग योंगनियान ने हाल ही में एक बयान में कहा था कि ट्रंप की नई टीम से चीन को बड़ा खतरा हो सकता है। झेंग ने कहा कि ट्रंप की टीम में एलन मस्क और भारतीय मूल के बिजनेसमैन विवेक रामस्वामी जैसे लोग शामिल हैं, जो चीन के लिए अमेरिकी नीति को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना सकते हैं। झेंग का कहना था कि अगर ट्रंप अपनी सरकार में सुधार करने में सफल रहते हैं, तो अमेरिका एक नया और प्रतिस्पर्धी सिस्टम तैयार कर सकता है, जो चीन के लिए और भी मुश्किलें खड़ी करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप के व्यापार शुल्कों का सबसे बड़ा असर चीन के द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ेगा, जो दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में खटास ला सकता है। ताइवान और दक्षिण चीन सागर यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि ट्रंप अपने पहले कार्यकाल के दौरान चीन के खिलाफ कड़े कदम उठा चुके थे, और अब एक बार फिर वह ताइवान और दक्षिण चीन सागर जैसे वैश्विक मुद्दों पर चीन के खिलाफ सख्त उपायों को लागू करेंगे। चीन ताइवान को अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है, जबकि अमेरिका ताइवान को स्वतंत्र राज्य के रूप में मानता है। दक्षिण चीन सागर में चीन का कई देशों के समुद्री क्षेत्रों पर दावा है, जिसे अमेरिका और अन्य देशों ने चुनौती दी है। इस प्रकार, ट्रंप का यह कदम केवल अमेरिका के आंतरिक व्यापार नीति को बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य भी तैयार कर सकता है, जो वैश्विक व्यापार और कूटनीति में नई दिशा तय करेगा। कुल मिलाकर, डोनाल्ड ट्रंप का यह कदम अमेरिका के प्रमुख व्यापार साझेदारों, विशेषकर चीन, मेक्सिको और कनाडा के साथ संबंधों को प्रभावित करेगा और एक नई कूटनीतिक चुनौती खड़ी करेगा। आने वाले दिनों में इस फैसले का वैश्विक स्तर पर भी प्रभाव देखा जाएगा, जो उत्तरी अमेरिका के व्यापार और राजनीतिक समीकरणों को बदलने की दिशा में एक अहम मोड़ साबित हो सकता है।

हिजबुल्लाह के बीच 14 महीने से चल रहे संघर्ष पर झुका इजरायल, जाते-जाते एक मोर्चा बंद कराएंगे बाइडेन

इजरायल इजरायल और लेबनान के संगठन हिजबुल्लाह के बीच 14 महीने से चल रहे संघर्ष पर आखिरकार विराम लगने की उम्मीद बढ़ गई है। ऐसा बताया जा रहा है कि इजरायल की सुरक्षा कैबिनेट ने अमेरिका द्वारा प्रस्तावित युद्धविराम योजना पर चर्चा की, जिसमें ईरान के प्रॉक्सी संगठन हिज्बुल्लाह के साथ संघर्ष को समाप्त करने की रूपरेखा तय की गई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की और इसे मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के नेतृत्व में इस युद्धविराम के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज किए गए हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, योजना के तहत इजरायली सैनिकों को दक्षिणी लेबनान से हटना होगा और वहां लेबनान की सेना को तैनात किया जाएगा। इसके साथ ही हिज्बुल्लाह को लितानी नदी के दक्षिण में अपनी सशस्त्र उपस्थिति समाप्त करनी होगी। इस पर इजरायल ने कड़ी शर्तें रखते हुए कहा है कि युद्धविराम लागू होने के बाद भी वह किसी भी उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगा। वहीं लेबनान के उप संसद अध्यक्ष एलियास बू साब ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में कोई गंभीर बाधा तब तक नहीं आएगी जब तक कि नेतन्याहू अंतिम समय में अपना रुख न बदल दें। हालांकि, इस कूटनीतिक प्रगति के बीच भी दोनों पक्षों ने सैन्य गतिविधियां जारी रखीं। इजरायली हवाई हमलों ने बेरूत के हिज्बुल्लाह-नियंत्रित इलाकों को निशाना बनाया, जबकि हिज्बुल्लाह ने भी इजरायल पर भारी रॉकेट हमले किए। इस युद्ध ने लेबनान में 3,750 से अधिक लोगों की जान ली है और 10 लाख से अधिक लोगों को बेघर कर दिया है। वहीं, इजरायल में 45 नागरिक और 73 सैनिकों की मौत हुई है। वहीं अमेरिका के मध्य-पूर्व दूत ब्रेट मैकगर्क मंगलवार को सऊदी अरब में इस युद्धविराम का उपयोग गाजा संघर्ष को समाप्त करने की योजना पर चर्चा करेंगे। अगले साल जनवरी में अमेरिका की सत्ता छोड़ने वाले राष्ट्रपति जो बाइडेन इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए कूटनीति को अपना अंतिम बड़ा प्रयास मान रहे हैं।

जासूसी के आरोप में रूस ने ब्रिटेन के राजदूत को देश से निकाल दिया, एक बड़ा कदम उठाया

मॉस्को यूक्रेन से जंग के बीच रूस ने एक बड़ा कदम उठाया गया है। रूस ने ब्रिटेन के राजदूत को देश से निकाल दिया गया है। बताया जाता है कि यह कदम जासूसी के आरोप में उठाया गया है। यह जानकारी रूस की एफबीबी सुरक्षा सेवा के हवाले से दी गई है। तास समाचार एजेंसी के मुताबिक रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखरोवा ने बताया कि ब्रिटिश राजदूत को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। सरकारी समाचार एजेंसियों के अनुसार एफएसबी सुरक्षा सेवा ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि राजनयिक ने खुफिया और विस्फोटक गतिविधियों को अंजाम दिया है। इसके मुताबिक रूस में प्रवेश की अनुमति हासिल करते समय उन्होंने जानबूझकर गलत जानकारी मुहैया कराई। यह रूसी कानून का उल्लंघन है। हालांकि इस मामले में ब्रिटिश विदेश मंत्रालय या मॉस्को स्थित ब्रिटिश दूतावास से अभी कोई टिप्पणी सामने नहीं आई है। गौरतलब है कि साल 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद से ही ब्रिटेन और रूस के संबंध खराब चल रहे हैं। पिछले हफ्ते ही ब्रिटेन ने यूक्रेन से प्रतिबंध हटाया है। इसके बाद यूक्रेन रूस पर ब्रिटेन से मिली स्टॉर्म शैडो वाली मिसाइलों का इस्तेमाल कर सकता है। वहीं, यू्क्रेन-रूस युद्ध के बाद से ही राजनयिकों को हटाने का सिलसिला आम हो गया है। इस साल की शुरुआत में, ब्रिटिश राजनयिक कैप्टन एड्रियन कोगहिल को रूस छोड़ने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था। वहीं रूसी अफसर को अघोषित सैन्य खुफिया अधिकारी के रूप में कथित जासूसी के लिए लंदन से निष्कासित कर दिया गया था।

बांग्लादेश में हिंदू प्रदर्शनकारियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लाठीचार्ज की और साउंड ग्रेनेड भी दागे

चटगांव बांग्लादेश में इस्कॉन के महंत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के बाद माहौल काफी गर्माया है। दरअसल चटगांव की एक अदालत ने मंगलवार को चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी की जमानत याचिका खारिज कर उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया। जमानत खारिज किए जाने के बाद दास के समर्थनों ने इसका विरोध किया है और बांग्लादेश सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध के प्रदर्शनकारियों ने अदालत परिसर में प्रिजन वैन को घेर लिया और करीब ढाई घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान हिंदू प्रदर्शनकारियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लाठीचार्ज की और साउंड ग्रेनेड भी दागे। पुलिस वैन को समर्थकों ने घेरा चिन्मय कृष्ण को सुबह करीब साढ़े दस बजे अदालत में पेश किया गया था। सुनवाई के बाद दोपहर 12:20 बजे उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई। राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने के आरोप में सोमवार को उन्हें ढाका से गिरफ्तार किया गया था। जब पुलिस उन्हें प्रिजन वैन में लेकर जा रही थी, तो उनके सैकड़ों समर्थकों ने वैन को घेर लिया और सड़क पर लेटकर प्रदर्शन करने लगे। पुलिस के बार-बार अनुरोध के बावजूद समर्थक टस से मस नहीं हुए और चिन्मय कृष्ण की रिहाई की मांग करते हुए नारेबाजी करते रहे। पुलिस ने लाठीचार्ज, साउंड ग्रेनेड भी दागे स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और बॉर्डर गार्ड्स ने दोपहर करीब 2:50 बजे लाठीचार्ज किया और साउंड ग्रेनेड फेंककर भीड़ को तितर-बितर किया। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने प्रिजन वैन के टायर की हवा निकाल दी, जिसके बाद पुलिस ने चिन्मय कृष्ण को अपनी गाड़ी में बैठाकर चटगांव जेल भेजा। चटगांव पुलिस के अतिरिक्त उपायुक्त (प्रॉसिक्यूशन) मोफिजुर रहमान ने बताया कि अदालत के आदेश के बाद चिन्मय कृष्ण को जेल भेजा जा रहा था, लेकिन उनके समर्थकों ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की। स्थिति संभालने के लिए पुलिस को मजबूरन बल का इस्तेमाल करना पड़ा। पुलिस की इस कार्रवाई में कई लोगों के घायल होने की खबर है। क्या है पूरा मामला? 31 अक्टूबर को चटगांव के कोतवाली थाने में चिन्मय कृष्ण दास और 18 अन्य के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। यह मामला चांदगांव मोहल्ला वार्ड के बीएनपी नेता फिरोज खान ने दायर किया था। हालांकि, बाद में फिरोज खान को बीएनपी से बर्खास्त कर दिया गया। चिन्मय कृष्ण के वकील स्वरूप कांति नाथ ने बताया कि उनकी जमानत के लिए महानगर सत्र न्यायालय में अपील की गई है, जिसकी सुनवाई बुधवार को होगी।

आरोपियों ने महिला को लगभग एक महीने तक डिजिटल अरेस्ट कर रखा, की 3.8 करोड़ रुपये की ठगी

मुंबई मायानगर मुंबई में एक 77 वर्षीय बुजुर्ग महिला से 3.8 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। महिला अपने पति के साथ दक्षिण मुंबई इलाके में रहती है। आरोपियों ने महिला को लगभग एक महीने तक डिजिटल अरेस्ट कर रखा। माना जा रहा है कि यह सबसे लंबी अवधि तक डिजिटल अरेस्ट रखने का पहला मामला है। ठगों ने महिला को अपनी पहचान आईपीएस अधिकारियों के तौर पर बताई। करोड़ों रुपये की ठगी के बाद जब महिला को रकम वापस नहीं मिली तो उसने मामले की जानकारी अपनी बेटी को दी। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पार्सल के नाम पर की ठगी बुजुर्ग महिला के मुताबिक सबसे पहले उसके पास एक व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले शख्स ने कहा कि ताइवान भेजा गया आपका पार्सल रोक लिया गया है। जालसाज ने कहा कि उसमें आपत्तिजनक सामान मिला है। इसके बाद उसने फर्जी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार करने की धमकी दी। महिला के पूछने पर शख्स ने कहा कि पार्सल में बैंक कार्ड, पांच पासपोर्ट, चार किलो कपड़े और एमडीएमए ड्रग्स मिला है। बुजुर्ग महिला ने कहा कि उसने कोई पार्सल ताइवान नहीं भेजा है। इसके बाद जालसाज ने नया दांव चला। उसने कहा कि आपके आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल किया गया है। आपको मुंबई पुलिस के अधिकारी से संपर्क करना होगा। क्राइम ब्रांच का फर्जी नोटिस भी भेजा खबर के मुताबिक जालसाज ने महिला की कॉल को एक फर्जी पुलिस अधिकारी के पास ट्रांसफर किया। उसने बताया कि आपका आधार कार्ड मनी लॉन्ड्रिंग के मामले से जुडा है। शातिरों ने महिला को एक नोटिस भी भेजा। इसमें क्राइम ब्रांच की फर्जी मुहर लगी थी। यहीं से बुजुर्ग महिला को आरोपियों पर यकीन होने लगा। मगर उसे क्या पता था कि वह एक जाल में फंस रही है। स्काइप एप डाउनलोड कराया जालसाजों ने महिला को स्काइप एप डाउनलोड कराया। वीडियो कॉल पर एक शख्स ने अपनी पहचान आईपीएस अधिकारी आनंद राणा के तौर पर बताई। फर्जी आईपीएस ने महिला से बैंक खाते की डिटेल्स मांगी। कुछ ही देर में एक और फर्जी आईपीएस वीडियो कॉल में प्रकट हुआ। उसने अपना नाम वित्त विभाग से आईपीएस जॉर्ज मैथ्यू बताया। आरोपियों ने महिला से कहा कि आपको पैसे ट्रांसफर करने होंगे। अगर जांच में आप बेकसूर मिली तो आपकी रकम को लौटा दी जाएगी। ठगों के छह खाते सीज आरोपियों ने बुजुर्ग महिला को 24 घंटे वीडियो कॉल की निगरानी में रखा। कॉल कटने पर प्रताड़ित किया। बार-बार उसे वीडियो कॉल पर बने रहने को कहा जाता था। यह सिलसिला लगभग एक महीने तक चलता रहा। इस दौरान आरोपियों ने महिला से 3.8 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया। महिला के दो बच्चे विदेश में रहते हैं। वह अपने सेवानिवृत्त पति के साथ घर में रहती है। बेटी की सलाह पर महिला ने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर मामले की जानकारी दी। इसके बाद आरोपियों के छह खातों को सीज कर दिया गया है।

संवैधानिक मूल्यों और कानून के शासन का क्षरण बेहद चिंताजनक है: पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को संविधान की 75वीं वर्षगांठ पर उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में लिखा, “आज जब हम संविधान दिवस मना रहे हैं, ऐसे में यह देखना निराशाजनक है कि हमारे देश में सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय को अभूतपूर्व खतरों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी गरिमा, जीवन, आजीविका और पूजा स्थलों पर हमला किया जा रहा है, जो संविधान द्वारा हर नागरिक के लिए समान अधिकारों और सम्मान की गारंटी का उल्लंघन है, चाहे उनकी पृष्ठभूमि कुछ भी हो।” उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा,”उत्तर प्रदेश के संभल में हाल ही में हुई हिंसा, जिसमें चार निर्दोष लोगों की जान चली गई, इस कड़वी सच्चाई की दर्दनाक याद दिलाती है। मस्जिदों के नीचे मंदिर खोजने का यह चलन सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद जारी है कि सभी धार्मिक स्थलों पर 1947 जैसी ही स्थिति बनी रहनी चाहिए।” पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने यह भी कहा कि संवैधानिक मूल्यों और कानून के शासन का क्षरण बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा, “जब तक हम जो भारत के विचार में विश्वास करते हैं, इन मूल्यों की रक्षा के लिए नहीं उठ खड़े होते, तब तक हमारे राष्ट्र के सामने अपनी विशिष्ट पहचान खोने और अपने पड़ोसियों से अलग न रह जाने का खतरा बना रहेगा।” वहीं, जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने संविधान दिवस पर संविधान निर्माताओं के योगदान को याद किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “संविधान दिवस की शुभकामनाएं। हमारे संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मैं सभी से संविधान की पवित्रता को बनाए रखने और सामाजिक न्याय, समानता के सिद्धांतों को और मजबूत करने और समाज की शांति प्रगति के लिए खुद को समर्पित करने की अपील करता हूं।” ज्ञात हो कि संविधान के 75 वीं वर्षगांठ के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और पीएम मोदी ने संविधान की ऐतिहासिक यात्रा और गौरवशाली विरासत का सम्मान करने के लिए एक विशेष डाक टिकट भी जारी किया है।

भारतीयों को त्वरित न्याय मिले, इसके लिए नई न्याय संहिता लागू की गई है: पीएम मोदी

नई दिल्ली 75वें संविधान दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुप्रीम कोर्ट के एक कार्यक्रम में पहुंचे. इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीयों को त्वरित न्याय मिले, इसके लिए नई न्याय संहिता लागू की गई है. दंड आधारित व्यवस्था अब न्याय आधारित व्यवस्था में बदल चुकी है. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में पहली बार संविधान दिवस मनाया गया. पीएम मोदी ने कहा, “हमारा संविधान देश की हर अपेक्षा और जरूरत पर खरा उतरा है. संविधान की ताकत के कारण ही आज बाबा साहब का संविधान जम्मू-कश्मीर में पूरी तरह लागू हो पाया है. पहली बार जम्मू-कश्मीर में संविधान दिवस मनाया गया. आज भारत परिवर्तन के एक बड़े दौर से गुजर रहा है और भारत का संविधान हमें रास्ता दिखा रहा है. यह हमारे लिए एक मार्गदर्शक बन गया है.” संविधान निर्माताओं की तारीफ कर क्या बोले पीएम मोदी सुप्रीम कोर्ट के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारे संविधान निर्माता ये जानते थे कि भारत की आकांक्षाएं, भारत के सपने समय के साथ नई ऊंचाई पर पहुंचेंगे. वो जानते थे कि आजाद भारत की और भारत के नागरिकों की जरूरतें बदलेंगी, चुनौतियां बदलेंगी. इसलिए उन्होंने हमारे संविधान को महज कानून की एक किताब बनाकर नहीं छोड़ा. बल्कि इसको एक जीवंत, निरंतर प्रवाहमान धारा बनाया.” 26/11 हमले को भी किया याद 26 नवंबर को मुंबई में हुए आतंकी हमले को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण पर्व का जब हम स्मरण कर रहे हैं, तब ये भी नहीं भूल सकते कि आज के ही दिन मुंबई में हुए आतंकी हमले की भी बरसी है. इस हमले में जिन व्यक्तियों का निधन हुआ, उन्हें मैं श्रद्धांजलि देता हूं. मैं देश का यह संकल्प भी दोहराता हूं कि भारत की सुरक्षा को चुनौती देने वाले हर आतंकी संगठन को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा.”

इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर किया जा प्रदर्शन हुआ हिंसक, 6 सुरक्षाकर्मी की मौत, 100 से ज्यादा लोग घायल

इस्लामाबाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थकों द्वारा आयोजित प्रदर्शन हिंसक हो गया है जिसके परिणामस्वरूप 6 सुरक्षाकर्मी मारे गए और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए। यह प्रदर्शन इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर किया जा रहा था और यह इस्लामाबाद के डी-चौक इलाके में बढ़ता जा रहा है।   अर्धसैनिक बल और पुलिस पर हमला ‘रेडियो पाकिस्तान’ के मुताबिक सोमवार रात इस्लामाबाद के श्रीनगर राजमार्ग पर एक वाहन द्वारा टक्कर मारे जाने से पाकिस्तान रेंजर्स के चार अधिकारी मारे गए। इसके अलावा पांच रेंजर्स और कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हमले के बाद प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों पर पत्थरबाजी के साथ ही गोलीबारी भी की। इसके बाद रावलपिंडी के चुंगी नंबर 26 पर सुरक्षाकर्मियों पर अंधाधुंध गोलीबारी की गई जिससे पुलिस के दो कर्मी मारे गए। इस हिंसक हमले में कई अन्य सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पीटीआई समर्थकों का विरोध और झड़पें इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समर्थक इस्लामाबाद के डी-चौक में स्थित सरकारी दफ्तरों की ओर बढ़ रहे थे। उन्हें रोकने के लिए सुरक्षाबलों ने अवरोधक लगाए थे लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इन अवरोधों को तोड़ दिया और हिंसा की। इस दौरान हकला इंटरचेंज पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस हिंसा की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस हिंसा में शामिल हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों पर हमले को गलत और अस्वीकार्य बताया और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को पहचान कर कार्रवाई करने का आदेश दिया। सेना तैनात और गोली मारने के आदेश हिंसा के बढ़ते हुए हालात को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद में सेना तैनात करने का फैसला लिया है। इसके अलावा सुरक्षा बलों को गोली मारने के आदेश दिए गए हैं ताकि उपद्रव को काबू किया जा सके। यह घटना पाकिस्तान में चल रहे राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकती है और देश की सुरक्षा स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।

आयकर विभाग की पैन 2.0 परियोजना को मंजूरी मिली, परियोजना के लिए 1,435 करोड़ रुपये का खर्च तय किया गया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने आयकर विभाग की पैन 2.0 परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के लिए 1,435 करोड़ रुपये का खर्च तय किया गया है। पैन 2.0 परियोजना का उद्देश्य टैक्सपेयर रजिस्ट्रेशन सर्विस में टेक्नोलॉजी बेस्ड बदलाव लाना है और इसके कई महत्वपूर्ण लाभ हैं। परियोजना के साथ बेहतर गुणवत्ता के साथ आसान पहुंच और सर्विस की तेज डिलिवरी सुनिश्चित होगी। इसके अलावा, यह डेटा और सत्यापन का सिंगल सोर्स होगा। यह परियोजना पैन कार्ड के इको-फ्रेंडली प्रॉसेस और कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन के साथ सिक्योरिटी को लेकर महत्वपूर्ण है। कैबिनेट विज्ञप्ति के अनुसार, “यह टैक्सपेयर रजिस्ट्रेशन सर्विस के बिजनेस प्रॉसेस को दोबारा से तैयार करने के लिए एक ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट है, जो कि पैन और टैन सर्विस के टेक्नोलॉजी-ड्रिवन ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़ा है। इसका उद्देश्य टैक्सपेयर के डिजिटल एक्सपीरियंस को बेहतर बनाना है। यह मौजूदा पैन/टैन 1.0 इकोसिस्टम का अपग्रेड होगा, जो कि मुख्य और गैर-मुख्य पैन/टैन एक्टिविटीज के साथ-साथ पैन वेरिफिकेशन सर्विस से जुड़ा होगा।” सीसीईए ने आगे कहा कि पैन 2.0 परियोजना सरकारी एजेंसियों के सभी डिजिटल सिस्टम के लिए एक सामान्य पहचानकर्ता के रूप में पैन के इस्तेमाल को आसान बनाना है, जो कि सरकार के डिजिटल इंडिया विजन को लेकर महत्वपूर्ण है। इस बीच, आयकर विभाग को चालू वित्त वर्ष के लिए केंद्रीय बजट में निर्धारित 22.07 लाख करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष कर संग्रह लक्ष्य को पार करने की उम्मीद है। सीबीडीटी के लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, “चालू वित्त वर्ष के दौरान 1 अप्रैल से 10 नवंबर तक भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह, जिसमें कॉरपोरेट कर और व्यक्तिगत आयकर शामिल हैं, 15.4 प्रतिशत बढ़कर 12.1 लाख करोड़ रुपये हो गया।” चालू वित्त वर्ष के दौरान सरकार ने 22.07 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें 10.20 लाख करोड़ रुपये कॉरपोरेट कर से और 11.87 लाख करोड़ रुपये व्यक्तिगत आयकर, गैर-कॉरपोरेट कर और अन्य करों से जुटाए जाएंगे।

आगामी संसद सत्र में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन के लिए नया बिल पेश किया जाएगा, विवादों का बढ़ता सिलसिला

नई दिल्ली वर्तमान समय में वक्फ संपत्तियां देशभर में विवादों का कारण बनी हुई हैं। इनमें से कुछ विवाद बेहद जटिल हो गए हैं, जहां वक्फ बोर्ड ने कई संपत्तियों पर दावा किया है, जिन पर पहले से ही दूसरे संस्थाओं का कब्जा था। इन संपत्तियों को लेकर कानूनी लड़ाइयाँ जारी हैं, और इस स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने वक्फ प्रबंधन कानून में संशोधन करने का निर्णय लिया है। आगामी संसद सत्र में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन के लिए नया बिल पेश किया जाएगा, जो मौजूदा कानून की खामियों को दूर करने का दावा करता है। वक्फ की संपत्तियां और विवाद वक्फ बोर्ड द्वारा संचालित संपत्तियां इस्लाम के नाम पर दान की जाती हैं और इनका कोई वारिस नहीं होता। यह संपत्तियां समाज के लाभ के लिए होती हैं, लेकिन इन्हीं संपत्तियों को लेकर देशभर में कई विवाद सामने आए हैं। सुप्रीम कोर्ट के 1998 के फैसले के अनुसार, एक बार जो संपत्ति वक्फ के रूप में घोषित हो जाती है, वह हमेशा के लिए वक्फ बनी रहती है। हालांकि, वक्फ की संपत्तियां अक्सर विवादों का शिकार हो जाती हैं, क्योंकि इन पर कोई स्पष्ट मालिकाना हक नहीं होता। हाल ही में एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ था कि दिल्ली में 200 से अधिक संपत्तियों को वक्फ की संपत्ति घोषित किया गया है, जबकि ये संपत्तियां पहले से ही विभिन्न सरकारी संस्थाओं के नियंत्रण में थीं। इनमें से 108 संपत्तियां दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के पास और 138 संपत्तियां दिल्ली के लैंड एंड डेवेलपमेंट ऑफिस (L&DO) के पास थीं।  इसके अलावा, केरल, कर्नाटक, और गुजरात जैसे राज्यों में भी वक्फ की संपत्तियों को लेकर विवाद गहराते जा रहे हैं। इन विवादों के कारण लोग कानूनी लड़ाइयाँ लड़ रहे हैं और वक्फ बोर्ड के खिलाफ मुकदमे दायर कर रहे हैं। वक्फ संपत्तियों पर बड़े विवाद वक्फ संपत्तियों से संबंधित 5 प्रमुख विवादों ने हाल ही में काफी ध्यान आकर्षित किया है: 1. तिरुचेंतुरई गांव, तमिलनाडु    तमिलनाडु के तिरुचेंतुरई गांव की पूरी भूमि को वक्फ संपत्ति घोषित किया गया है। यह दावा 1956 में नवाब अनवरदीन खान द्वारा दान की गई जमीन पर किया गया था। वक्फ बोर्ड ने इस जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने के लिए इसे “जीरो वैल्यू” के रूप में रजिस्टर करने की मांग की थी, जिससे जमीन का कोई भी अवैध लेन-देन रोका जा सके। 2. ईदगाह ग्राउंड, बेंगलुरु      बेंगलुरु के ईदगाह ग्राउंड पर वक्फ बोर्ड का दावा है कि यह भूमि 1850 से वक्फ की संपत्ति है, जबकि सरकार का कहना है कि यह भूमि कभी भी वक्फ को नहीं दी गई थी। इस मामले में दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया है। 3. सूरत नगर निगम की बिल्डिंग, गुजरात    गुजरात वक्फ बोर्ड ने सूरत नगर निगम की बिल्डिंग पर दावा किया है। बोर्ड का कहना है कि मुग़ल काल में यह एक सराय हुआ करता था, जिसका उपयोग हज यात्रा के दौरान होता था। ब्रिटिश शासन के दौरान यह संपत्ति अंग्रेजों के पास चली गई थी, लेकिन स्वतंत्रता के बाद इसे भारत सरकार के अधीन कर दिया गया। 4. बेट द्वारका के द्वीप, गुजरात      गुजरात वक्फ बोर्ड ने द्वारका के बेट द्वारका के दो द्वीपों पर दावा किया था, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वक्फ बोर्ड कृष्ण नगरी द्वारका की जमीन पर दावा नहीं कर सकता। 5. शिव सोसायटी, सूरत    सूरत की एक हाउसिंग सोसाइटी में एक व्यक्ति ने अपनी संपत्ति को वक्फ बोर्ड को दे दिया, जिसके बाद यहां नमाज पढ़ी जाने लगी। इस प्रकार की घटनाओं से सोसायटी में तनाव बढ़ गया है, क्योंकि कोई व्यक्ति अपनी मंजूरी के बिना किसी स्थान को वक्फ बोर्ड को दान कर सकता है और उस पर मस्जिद बनाई जा सकती है। वक्फ संपत्तियां और विवादित क्षेत्र भारत में वक्फ संपत्तियों की कुल संख्या 8.72 लाख से अधिक है, जिनमें मस्जिदें, कब्रिस्तान, कृषि भूमि, और अन्य धार्मिक स्थल शामिल हैं। इनमें से लगभग 73,000 संपत्तियां ऐसी हैं, जिन पर विवाद है। जिन संपत्तियों पर मुकदमे चल रहे हैं या जो अतिक्रमण की स्थिति में हैं, उन्हें विवादित संपत्ति माना जाता है। वक्फ संपत्तियों के विवाद सबसे ज्यादा पंजाब, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश में हैं। पंजाब में वक्फ की लगभग 56% संपत्तियां विवादित हैं। सरकार का वक्फ कानून में बदलाव का प्रस्ताव वर्तमान वक्फ कानून, जिसे 1954 में पेश किया गया था, में कई बार संशोधन हुए हैं। अब सरकार ने एक नया बिल लाने का प्रस्ताव किया है, जो वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार करेगा। प्रस्तावित बिल के अनुसार, अब वक्फ संपत्तियों का सर्वे जिला कलेक्टर या डिप्टी कमिश्नर करेंगे। इसके अलावा, वक्फ बोर्ड के सभी सदस्य सरकारी द्वारा नामित किए जाएंगे, जिसमें दो सदस्य गैर-मुस्लिम होंगे। वक्फ ट्रिब्यूनल में भी बदलाव होगा, और अब यह तीन के बजाय दो सदस्यीय होगा, और फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जा सकेगी। इसके अतिरिक्त, यदि वक्फ बोर्ड ने किसी संपत्ति पर कब्जा किया है तो वह संपत्ति उसके वास्तविक मालिक को वापस की जाएगी। इस बदलाव का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। वक्फ संपत्ति: एक कानूनी और धार्मिक दृष्टिकोण वक्फ वह संपत्ति होती है, जो किसी व्यक्ति द्वारा इस्लामिक धर्म के प्रचार और जरूरतमंदों की मदद के लिए अल्लाह के नाम पर दान की जाती है। इसे न तो खरीदा जा सकता है और न ही बेचा जा सकता है। 

PM की अध्यक्षता में कैबिनेट: किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस योजना पर कुल 2481 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की एक अहम बैठक में देश के किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए कई बड़े फैसले लिए गए। इस बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत एक महत्वपूर्ण योजना को मंजूरी दी गई जिसका नाम राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन है। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस योजना पर कुल 2481 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे जिनमें 1584 करोड़ रुपये केंद्र सरकार खर्च करेगी और बारी के 897 करोड़ रुपये राज्य सरकारें खर्च करेंगी। इस मिशन का उद्देश्य देशभर में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है जिससे किसानों को बेहतर लाभ हो सके। कुल 2481 करोड़ रुपये खर्च होंगे इस योजना पर कुल 2481 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें से 1584 करोड़ रुपये केंद्र सरकार खर्च करेगी जबकि 897 करोड़ रुपये राज्य सरकारों द्वारा खर्च किए जाएंगे। इस मिशन के तहत सरकार किसानों को प्राकृतिक खेती के तरीके से लाभ पहुंचाने के लिए पूरे देश में विशेष कदम उठाएगी। सरकार देशभर में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए इस योजना को मिशन मोड में चलाने जा रही है। कृषि मंत्रालय के अनुसार इस मिशन के तहत पूरे देश में 15,000 क्लस्टरों में इसे लागू किया जाएगा। योजना के जरिए 1 करोड़ किसानों को शामिल किया जाएगा और 7.5 लाख हेक्टेयर जमीन क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। विशेष ध्यान उन क्षेत्रों पर होगा जहां पहले से प्राकृतिक खेती की जाती है जैसे एसआरएलएम/पीएसीएस/एफपीओ आदि के प्रचलित क्षेत्रों में। 10,000 जैव-इनपुट संसाधन केंद्र स्थापित होंगे इस मिशन के तहत, किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए 10,000 जैव-इनपुट संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा करीब 2000 कृषि विज्ञान केंद्र, कृषि विश्वविद्यालय और किसानों के खेतों में नेचुरल फार्मिंग मॉडल प्रदर्शन फार्म बनाए जाएंगे ताकि किसान प्राकृतिक खेती के लाभ और तरीकों को सही तरीके से समझ सकें। किसानों के उत्पादों को बाजार में लाना भी होगा आसान मिशन के तहत किसानों को उनके प्राकृतिक कृषि उत्पादों के लिए आसान प्रमाणन प्रणाली और समर्पित सामान्य ब्रांडिंग प्रदान की जाएगी ताकि किसानों के उत्पाद को बाजार में अच्छी पहचान मिल सके और उन्हें बेहतर मूल्य मिल सके। इस मिशन के जरिए सरकार का उद्देश्य प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाना और कृषि क्षेत्र को अधिक पर्यावरण मित्र बनाना है।

अब सफाई कर्मचारियों की मासिक सैलरी 16 हजार से बढ़कर 26 हजार हुई, दुर्घटना बीमा भी दिया जाएगा

हरियाणा हरियाणा सरकार ने सफाई कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत भरी घोषणा की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में सफाई कर्मचारियों के वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि की घोषणा की। अब सफाई कर्मचारियों की मासिक सैलरी 16,000-17,000 रुपये से बढ़ाकर 26,000-27,000 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। इस वेतन वृद्धि के साथ ही सफाई कर्मचारियों को अतिरिक्त लाभ के रूप में दुर्घटना बीमा भी दिया जाएगा। यह फैसला सरकार के उन प्रयासों का हिस्सा है, जिसमें सफाई कर्मचारियों के योगदान को मान्यता देने और उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। राजस्थान: बड़ी भर्तियों की तैयारी राजस्थान में सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया ने ध्यान आकर्षित किया है। राज्य के 185 नगरीय निकायों में 23,820 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए। यहां कर्मचारियों को शुरुआती वेतन 18,900 रुपये मिलेगा, जो स्थायी नियुक्ति के बाद 56,800 रुपये तक जा सकता है। चयन प्रक्रिया लॉटरी सिस्टम के माध्यम से पूरी की जाएगी। इस पहल को राज्य की स्वच्छता सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। मध्य प्रदेश: अस्थायी से स्थायी सफाई कर्मचारी मध्य प्रदेश सरकार ने भी सफाई कर्मचारियों के लिए सुधारात्मक कदम उठाए हैं। 2007 से 2016 तक काम करने वाले अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने की योजना बनाई गई है। वर्तमान में सफाई कर्मचारियों को 8,000 रुपये प्रति माह वेतन मिलता है, जो स्थायी होने पर 18,000 रुपये तक बढ़ जाएगा। इसके अलावा, गंभीर बीमारियों या नौकरी के दौरान मृत्यु की स्थिति में परिवार को अनुकंपा के आधार पर नौकरी का प्रावधान भी किया गया है।   बिहार: नई भर्तियों की संभावना बिहार में सफाई कर्मचारियों का वेतन 12,000 रुपये से 23,700 रुपये प्रति माह के बीच है। राज्य सरकार जल्द ही नगर निगमों में बड़े पैमाने पर भर्तियां करने की योजना बना रही है। यह कदम बिहार की सफाई सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश: वेतन वृद्धि की मांग और प्रदर्शन उत्तर प्रदेश में संविदा पर काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को वर्तमान में 14,000 रुपये प्रति माह वेतन मिलता है। हाल ही में कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने और न्यूनतम दैनिक मजदूरी लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है।   हर राज्य सफाई कर्मचारियों के मुद्दों को अपनी प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने की कोशिश कर रहा है। हरियाणा और राजस्थान में सुधारात्मक कदमों ने अन्य राज्यों के लिए उदाहरण पेश किया है। वहीं, उत्तर प्रदेश और बिहार में कर्मचारी अब भी अपनी समस्याओं के समाधान का इंतजार कर रहे हैं। यह स्पष्ट है कि सफाई कर्मचारियों की भूमिका को समझते हुए सरकारों को उनकी सुविधाओं और वेतन में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

नए शाल से माता वैष्णोदेवी दर्शन होगा हाईटेक, मिलेंगी डिजिटल सुविधाएं, भक्तों की हुई मौज

नई दिल्ली नए साल से माता वैष्णो देवी जाने वाले भक्तों के लिए कई नई और लग्जरी सुविधाएँ शुरू की जा रही हैं। खासकर भैरव घाटी में नव विकास का एक विस्तृत प्लान तैयार किया गया है, जिसमें भैरव मंदिर में लंगर सेवा भी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, दर्शन में समय कम करने के लिए भीड़ प्रबंधन पर काम चल रहा है। जैसे ही रोपवे शुरू होगा, इस क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जिसके लिए रास्ते को चौड़ा करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए सीमा सड़क संगठन का सहयोग लिया जाएगा। डिजिटल युग में डिजिटल सुविधाएं कटरा यात्रा के दौरान श्रद्धालु अब ऑनलाइन पंजीकरण, पूजा, आवास, चॉपर, बैटरी कार और रोपवे जैसी सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं। इसके अलावा, अब भक्तों को डिजिटल लॉकर की सुविधा भी मिल रही है, जिसमें वे अपनी ज़रूरी वस्तुएं रख सकते हैं। भवन पर स्थित तृप्ति भोजनालय में भी अब डिजिटल ऑर्डरिंग की सुविधा शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही, सभी प्रसाद दुकानों को इंटरनल नेटवर्किंग से जोड़ा जा रहा है ताकि समय और ऊर्जा की बचत हो सके और इसे अन्य परियोजनाओं में लगाया जा सके। वेबसाइट के माध्यम से श्रद्धालु किसी भी सुविधा का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं। भक्तों के लिए हेल्थ एटीएम और स्वास्थ्य सुविधाएं यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने विशेष प्रबंध किए हैं। पूरे मार्ग पर 8 औषधालय स्थापित किए गए हैं, जहाँ दिन-रात 30 लोग ड्यूटी पर रहते हैं। गंभीर मामलों के लिए, आधे घंटे के अंदर एम्बुलेंस द्वारा श्रद्धालु को भवन से कटरा पहुँचाने का प्रावधान है। इसके अलावा, कटरा और जम्मू के बीच मल्टीस्पेशल अस्पताल से अनुबंध किया गया है और ऑनलाइन परामर्श की सुविधा भी दी जा रही है। सबसे खास बात यह है कि इलाज के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता है और पंजीकरण के दौरान पांच लाख का बीमा कवर भी दिया जाता है, जो गंभीर इलाज के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। श्रद्धालुओं के लिए विशेष हेल्थ एटीएम की भी व्यवस्था की गई है, जहाँ 15 प्रकार के टेस्ट किए जा सकते हैं और यदि समस्या गंभीर हो, तो विशेषज्ञ डॉक्टर से ऑनलाइन परामर्श भी लिया जा सकता है। एलजी मनोज सिन्हा की तीखी नज़र श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के चेयरमैन और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा बोर्ड के कार्यों पर लगातार नजर रखते हैं। वे हर महीने एक बार श्री वैष्णो देवी दर्शन के लिए आते हैं और वहां चल रही परियोजनाओं का रिव्यू करते हैं। इस दौरान, वे श्रद्धालुओं से सीधे बात करते हैं और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी लेते हैं। इसके बाद, अगले महीने के एजेंडे का निर्धारण कर बोर्ड प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हैं। उन्होंने पुजारियों के मंत्रोच्चारण पर विशेष ध्यान दिया है। अटका आरती में मंत्रोच्चारण को शामिल करने का विचार भी उनका ही था। श्राइन बोर्ड ने एक गुरुकुल भी स्थापित किया है, जहां छात्रों को संस्कृत और वेदों की शिक्षा दी जाती है। इस गुरुकुल पर सालाना 6 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। अब इस गुरुकुल के छात्र पुजारियों के रूप में तैनात किए जा रहे हैं, ताकि मंत्रोच्चारण की पद्धति में किसी प्रकार का समझौता न हो।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet