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हम अपने बारे ये कह सकते हैं कि हमने विशेषकर किसी को मध्यस्थता करने के लिए कहा नहीं: शशि थरूर

वाशिंगटन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से पीएम मोदी पर दिये गए ‘सरेंडर’ वाले बयान पर लगातार चर्चा जारी है. अब इस बयान पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर की एंट्री हो गई है. शशि थरूर ऑपरेशन सिंदूर पर भारत के आउटरिच मिशन का नेतृत्व कर रहे हैं. शशि थरूर की टीम अभी अमेरिका के वाशिंगटन डीसी में है. इस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में शशि थरूर ने राहुल गांधी के इस बयान पर प्रतिक्रिया दी. कांग्रेस सांसद शशि थरूर से एक पत्रकार ने पूछा कि भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया टकराव के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप की कथित मध्यस्थता की कोशिशों का मुद्दा लगातार उठ रहा है. इस महिला पत्रकार ने कहा कि ये एक ऐसा सवाल है जिस पर आपकी पार्टी लगातार प्रश्न पूछ रही है. कल ही आपकी पार्टी के नेता राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी ने ट्रंप के सामने सरेंडर कर दिया? इस सवाल के जवाब में शशि थरूर ने कहा कि हमारे मन में अमेरिका के राष्ट्रपति पद के प्रति अगाध आस्था है, हम अमेरिका के राष्ट्रपति का सम्मान करते हैं, हम अपने बारे ये कह सकते हैं कि हमने विशेषकर किसी को मध्यस्थता करने के लिए कहा नहीं. ‘किसी तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं है’ ऑपरेशन सिंदूर पर अमेरिका के गए भारत के आउटरिच मिशन की अगुआई कर रहे शशि थरूर ने इस मसले पर भारत के रूख को स्पष्ट करते हुए साफ-साफ कहा, “जैसा मैंने कहा जब तक पाकिस्तान आतंकवाद की भाषा का इस्तेमाल करता रहेगा, हमें पाकिस्तानियों के साथ वही भाषा बोलने में कोई परेशानी नहीं है. हम ताकत की भाषा का इस्तेमाल करेंगे, और इसके लिए किसी तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं है…” थरूर ने कहा कि, “वहीं अगर दूसरी ओर अगर वे आतंकवाद के ढांचे को नष्ट करना चाहते हैं, हम उनसे बात कर सकते हैं, अगर वे गंभीर कदम उठाते हैं और ऐसा दिखाते हैं कि पाकिस्तान भारत के साथ सामान्य रिश्ते रखना चाहता है तो हम निश्चित रूप से बात करने को तैयार हैं और इसके लिए हमें किसी मध्यस्थ की जरूरत नहीं होगी.” उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में भारत को रुकने के लिए मनाने की जरूरत नहीं थी. किसी को हमें रुकने के लिए कहने की जरूरत नहीं थी क्योंकि हम उन्हें बता रहे थे कि जैसे ही पाकिस्तान रुकेगा, हम रुकने के लिए तैयार हैं. इसलिए अगर उन्होंने बदले में पाकिस्तानियों से कहा, बेहतर होगा कि आप रुक जाएं क्योंकि भारतीय रुकने के लिए तैयार हैं और उन्होंने ऐसा ही किया. और यह उनकी ओर से एक बढ़िया इशारा है. लेकिन सिर्फ पाकिस्तान और वही बता सकते हैं कि आखिरकार हुआ क्या था. कांग्रेस सांसद ने कहा कि भारत ने जो भी बात की सकारात्मक सोच के साथ की. उन्होंने कहा कि हमारे मन में अमेरिका के लिए बहुत सम्मान है, हमारी अमेरिका के साथ कहीं ज्यादा अहम रणनीतिक साझेदारी है. इसे हम एक मसले को लेकर क्या बात हुई उस पर इस रिश्ते को संकट में डालना नहीं चाहेंगे. क्या था राहुल गांधी का बयान बता दें कि राहुल गांधी 3 जून को मध्य प्रदेश में थे. उन्होंने वहां पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि, ‘मैं बीजेपी और आरएसएस वालों को अच्छे से जान गया हूं. इनको थोड़ा सा दबाओ तो डर कर भाग जाते हैं.’ राहुल ने आगे कहा, “उधर से ट्रंप ने फोन किया और इशारा किया कि मोदी जी क्या कर रहे हो? नरेंदर, सरेंडर. और ‘जी हुजूर’ कर के मोदी जी ने ट्रंप के इशारे का पालन किया.” बीजेपी ने कहा ये सेना का अपमान भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी के इस बयान को देश और सेना का अपमान बताया है. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा भारतीय सेना के अप्रतिम शौर्य एवं पराक्रम को ‘सरेंडर’ कहकर संबोधित करना, न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि भारतीय सेना और राष्ट्र के साथ-साथ 140 करोड़ भारतवासियों का भी घोर अपमान है. नड्डा ने कहा कि अगर कोई पाकिस्तानी भी ऐसा कहता तो हम उस पर हंसते भी लेकिन जिस तरह से ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान में तबाही मचाई, उसके बाद पाकिस्तान की जनता से लेकर उसकी सेना और उसके प्रधानमंत्री ने भी ऐसा कहने की हिम्मत नहीं की लेकिन राहुल गांधी ऐसा बोल रहे हैं!  यह देशद्रोह से कम नहीं है. बता दें कि 7 मई को भारत द्वारा पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू हुआ सैन्य कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर 10 मार्च तक चला. जब पाकिस्तान के अनुरोध को मानते हुए भारत ने युद्धविराम की बात मान ली.  

दिल्लीवासियों को 200 नई इलेक्ट्रिक बसों का मिला तोहफा, पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी

नई दिल्ली दिल्लीवासियों को 200 नई इलेक्ट्रिक बसों का तोहफा मिला है. गुरुवार को पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन बसों का उद्घाटन किया. ये बसें न केवल दिल्ली के निवासियों को उनकी दैनिक यात्रा में सहायता करेंगी, बल्कि प्रदूषण से प्रभावित राजधानी को भी स्वच्छता प्रदान करेंगी. इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और दिल्ली के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा उपस्थित रहे. बेहद खास हैं ये छोटी बसें ये बसें साधारण परिवहन साधन नहीं हैं, बल्कि DEVI स्कीम (दिल्ली इलेक्ट्रिक वीकल इंटरकनेक्टर) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. ग्रीन रंग की ये 9 मीटर लंबी मिनी इलेक्ट्रिक बसें न केवल आकर्षक हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी अत्यंत अनुकूल हैं. ये जीरो-एमिशन वाली बसें पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त हैं. इनकी एक विशेषता यह है कि इनका आकार छोटा है, जिससे ये लास्ट मील कनेक्टिविटी प्रदान करने में सक्षम हैं. इसका मतलब है कि ये बसें उन क्षेत्रों में भी पहुंच सकती हैं जहां सड़कें संकरी हैं. कहां से कहां तक चलेंगी ? ये बसें दिल्ली के चार मुख्य डिपो, कुशक नाला, द्वारका, ईस्ट विनोद नगर और गाजीपुर से संचालित होंगी. ये बसें साउथ दिल्ली, ईस्ट दिल्ली, वेस्ट दिल्ली, साउथ-वेस्ट दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली के कई महत्वपूर्ण मार्गों पर तेज़ी से चलेंगी. ‘एक पेड़ मां के नाम’- PM का खास संदेश पीएम मोदी ने बसों को हरी झंडी दिखाते हुए पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया. उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत एक पेड़ भी लगाया और लोगों से पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की. इस अवसर पर दिल्ली के LG वीके सक्सेना, CM रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और दिल्ली के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा भी उपस्थित रहे.

बॉर्डर से BSF जवान को बांग्लादेश में खींच ले गए बांग्लादेशी नागरिक, बाद में किया रिहा

 मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक जवान को कथित तौर पर अगवा करने का मामला सामने आया है. आरोप है कि कुछ बांग्लादेशी नागरिक बीएसएफ के एक जवान को अगवा कर उसे बांग्लादेश की सीमा ले गए. हालांकि, कुछ ही घंटों बाद जवान को छोड़ दिया गया. लेकिन मामले की गंभीरता ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार सुबह लगभग आठ बजे बीएसएफ को पता चला कि बांग्लादेश के कुछ ग्रामीण बीएसएफ के एक जवान को जबरन खींचकर बांग्लादेश की सीमा में ले गए और वहां उसे बांध दिया. इस घटना की जानकारी मिलने पर बीएसएफ के बड़े अधिकारी माल्दा सीमा की ओर रवाना हुए. बीएसएफ सूत्रों का कहना है कि बांग्लादेश के कुछ आपराधिक तत्व जवान को खींचकर बांग्लादेश की सीमा में ले गए. बता दें कि यह घटना सुइटी थाना क्षेत्र के चांदनी चौक बॉर्डर आउटपोस्ट के पास हुई, जहां बीएसएफ की 71वीं बटालियन के जवान श्री गणेश सीमा पर संदिग्ध गतिविधियों की जांच कर रहे थे. शुरुआती रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि जवान संदिग्ध घुसपैठियों का पीछा करते हुए अनजाने में बांग्लादेशी सीमा में प्रवेश कर गया था. लेकिन बाद में पता चला कि जवान भारतीय सीमा में ही था, बांग्लादेशी उसे जबरन सीमा पार खींच ले गए.

ट्रंप प्रशासन ने 12 देशों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया

वॉशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नई घोषणा (प्रोक्लेमेशन) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत उन्होंने 12 देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. इसके साथ ही 7 अन्य देशों से आने वाले लोगों पर आंशिक पाबंदियां लगाई गई हैं. ट्रंप ने ये कदम अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए उठाया है. ये जानकारी CBS न्यूज ने प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले से दी. । ट्रंप ने ईरान, अफगानिस्तान समेत दुनिया के 12 देशों के नागरिकों की अमेरिका में एंट्री पर बैन लगा दिया है। उन्होंने बुधवार को इसकी घोषणा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल ही में इससे जुड़े एक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें यह कहा गया कि आतंकवादियों और अन्य खतरों से सुरक्षा के लिए यह कदम बेहद जरूरी था। ट्रंप ने जिन देशों के नागरिकों पर यह प्रतिबंध लगाया है उनमें अफगानिस्तान, म्यांमार, चाड, कांगो, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन का नाम शामिल है। ट्रंप ने कहा है कि इन देशों के अलावा सात अन्य देशों, बुरुंडी, क्यूबा, ​​लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला के लोगों के प्रवेश पर आंशिक रूप से प्रतिबंध लगाया जाएगा। 9 जून 2025 से लागू होगा आदेश जानकारी के मुताबिक ट्रंप का यह आदेश 9 जून 2025 को आधी रात से लागू हो जाएगा। आदेश में बताया गया है कि इस तारीख से पहले जारी किए गए वीजा रद्द नहीं किए जाएंगे। ट्रंप ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि इन देशों की सूची में और भी नाम जोड़े जा सकते हैं। ट्रंप ने कहा, “हम ऐसे लोगों को अपने देश में नहीं घुसने देंगे जो हमें नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।” कोलोराडो हमले का जिक्र ट्रंप ने कहा कि जिन देशों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं वे आतंकवादियों को पनाह देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह देश वीजा सुरक्षा पर सहयोग करने में और अपने देश के नागरिकों की पहचान सत्यापित करने में भी विफल रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि इन देशों के नागरिक आपराधिक इतिहास का रिकॉर्ड रखते हैं और वीजा की अवधि से अधिक समय तक अमेरिका में रहते हुए पाए गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल ही में कोलोराडो में हुए हमले का भी जिक्र किया। पहले कार्यकाल में भी लगाए थे प्रतिबंध बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी ऐसे कदम उठा चुके हैं। उन्होंने पहले कार्यकाल में सात मुस्लिम बहुल देशों के यात्रियों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। हालांकि ट्रंप के बाद राष्ट्रपति बने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 2021 में इन प्रतिबंधों को हटा दिया था। बाइडेन ने इस फैसले को अमेरिकी मूल्यों पर एक धब्बा भी बताया था।

देश में कोरोना के मामले तोड़ रहे रिकॉर्ड, कोविड मरीजों की संख्या 4000 पार; केंद्र ने राज्यों से तैयार रहने को कहा

नई दिल्ली भारत में पिछले 24 घंटों के दौरान कम से कम 276 कोविड-19 मामले सामने आए, जिससे कुल सक्रिय कोविड-19 मामलों की संख्या 4,302 हो गई, जिसमें केरल में सबसे अधिक 1,373 संक्रमण के मामले हैं। महाराष्ट्र में 510 मामले, गुजरात में 461 और पश्चिम बंगाल में 432 मामले सामने आए हैं। सबसे अधिक 14 मौतें महाराष्ट्र में हुई राष्ट्रीय राजधानी में कम से कम 457 कोविड-19 संक्रमण दर्ज किए गए हैं। देश में अब तक कुल 44 कोविड से संबंधित मौतें हुई हैं, जिनमें सबसे अधिक 14 मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं। पिछले 24 घंटों में कम से कम सात मौतें हुईं, जिनमें से चार महाराष्ट्र में हुईं। गुजरात और दिल्ली में भी इस दौरान कोविड से संबंधित एक-एक मौत हुई। DGHS नें कोविड को लेकर की समीक्षा बैठक भारत में तेजी से बढ़ते कोरोना के नए वेरिएंट के मामले को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भी अलर्ट मोड पर है. स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, DGHS डॉ सुनीता शर्मा ने 2 और 3 जून को कोरोना की वर्तमान स्थिति और तैयारी को लेकर समीक्षा बैठक की. इस बैठक में डिजास्टर मैनेजमेंट सेल, एमरजैंसी मैनेजमेंट रिस्पांस, नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC), भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विस लांस प्रोग्राम (IDSP), दिल्ली में मौजूद केंद्रीय अस्पतालों के वरिष्ठ अधिकारी और राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद थे. बैठक में बताया गया कि कोरोना के वर्तमान मरीजों में हल्के लक्षण हैं और ज्यादातर लोग घर पर ही ठीक हो जा रहे हैं. केंद्र ने राज्यों से तैयार रहने को कहा स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सभी राज्यों को आक्सीजन, आइसोलेशन बेड, वेंटिलेटर और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। सूत्रों ने बुधवार को बताया कि स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) डा. सुनीता शर्मा की अध्यक्षता में दो और तीन जून को तकनीकी समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। भारत में कोरोना के मरीज हुए चार हजार से अधिक मीडिया रिपोर्ट में छपी खबरों की माने तो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया है कि भारत में इस समय कोविड-19 के 4,300 से ज्यादा मरीज हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर के लक्षण हल्के हैं और उनका इलाज घर पर ही हो रहा है.  यह बयान दो दिन की समीक्षा बैठक के बाद आया, जिसमें देश की तैयारियों का जायजा लिया गया. सूत्रों ने बताया, 1 जनवरी 2025 से अब तक 44 लोगों से अधिक की कोविड-19 से मौत हुई है, लेकिन ये ज्यादातर वे लोग थे, जिन्हें पहले से ही दूसरी गंभीर बीमारियां थीं. आइए, पिछले एक हफ्ते के आंकड़ों से समझते हैं कि भारत में कोरोना के हालात क्या सच में इतने गंभीर है, क्या वाकई चौथी लहर का खतरा है. कोरोना केस बढ़ने की रफ्तार में कमी 30 मई को देश में 2710 एक्टिव केस थे, जो 31 मई को 25% बढ़कर 3395 हो गए. लेकिन 1 जून को यह बढ़ोतरी घटकर 11% और 4 जून को सिर्फ 7% रह गई. यानी, नए मामलों की रफ्तार धीमी पड़ रही है, जो राहत की बात है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता बरतना जरूरी है. केरल में सबसे ज्यादा मामले, केरल में कोरोना के सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं. 2 जून को यहां 1435 मामले थे, जो 4 जून को घटकर 1373 हो गए. 31 मई को केरल में केस 16% से ज्यादा बढ़े थे, लेकिन 1 जून को यह दर 5% से कम हो गई और 4 जून को निगेटिव ग्रोथ देखी गई. यानी नए मामले कम हो रहे हैं. लेकिन 24 घंटे में मामले बढ़े और संख्या 1487 पहुंच गई. महाराष्ट्र में भी स्थिति नियंत्रण में महाराष्ट्र में 526 एक्टिव केस हैं. 31 मई को यहां मामले 10% बढ़े थे, लेकिन 1 जून को यह दर 4% से कम और 4 जून को 3% रह गई. यह दिखाता है कि महाराष्ट्र में भी स्थिति धीरे-धीरे काबू में आ रही है. गुजरात में रफ्तार ज्यादा, फिर भी कमी गुजरात में 508 एक्टिव केस हैं. यहां 31 मई को मामले 19% और 1 जून को 21% बढ़े थे, लेकिन 4 जून को यह दर घटकर 16% हो गई. हालांकि, यह देश के औसत से ज्यादा है, फिर भी रफ्तार कम होना एक दिल्ली में उतार-चढ़ाव दिल्ली में 2 जून को 483 एक्टिव केस थे, जो 3 जून को घटकर 393 हुए, लेकिन 4 जून को फिर बढ़कर 457 हो गए. 31 मई को यहां मामले 27% बढ़े थे, लेकिन 4 जून को यह दर 16% रह गई. दिल्ली में स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है. लेकिन पिछले 24 घंटे में 105 केस बढ़े और 2 मरीजों की जान गई है. जिसमें एक 5 महीने बच्चे का बच्चा और 87 वर्षीय बुजुर्ग शामिल है. राज्यों को तैयारी पूरी करने का निर्देश DGHS डॉ सुनीता शर्मा ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कहा है कि वो अपने यहां ऑक्सीजन, आइसोलेशन बेड, वेंटिलेटर और जरूरी मेडिसिन की तैयारी पूरी रखें. बैठक में सभी को जानकारी दी गईं कि आईडीएसपी के तहत राज्य और जिला निगरानी इकाइयाँ इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (एसएआरआई) की बारीकी से निगरानी कर रही हैं. दिशानिर्देशों के अनुसार सभी भर्ती एसएआरआई मामलों और 5% आईएलआई मामलों के लिए परीक्षण की सिफारिश की गईं है. वहीं, पॉजिटिव एसएआरआई सैंपल को ICMR वीआरडीएल नेटवर्क के माध्यम से संपूर्ण जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजा जा रहा है. 4 और 5 जून को होगा मॉक ड्रिल सूत्रों के अनुसार, बैठक में बताया गया कि ऑक्सीजन आपूर्ति प्रणालियों (पीएसए प्लांट, एलएमओ टैंक, एमजीपीएस लाइन) का आकलन करने के लिए 2 जून को एक मॉक ड्रिल की गईं थीं. लेकिन दोबारा तैयारियों को देखने के लिए 4 और 5 जून को एक और मॉक ड्रिल किया जाएगा. कोरोना से बचाव को लेकर पब्लिक एडवाइजरी जारी इस बैठक में देश भर में कोरोना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के बाद पब्लिक एडवाइजरी भी जारी की गई ताकि लोग इस महामारी से बचाव कर सकें. पब्लिक एडवाइजरी में कहा गया है कि लोग हाथ साफ रखें, मास्क पहने और … Read more

हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, गंगा में डुबकी लगाई

देहरादून गंगा दशहरा पर्व पर धर्म नगरी में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। धर्मनगरी में उमड़ी भीड़ के चलते हरिद्वार-देहरादून हाईवे पर जाम लग गया। भारतीय सभ्यता और संस्कृति की पोषक मां गंगा अवतरण दिवस ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाया जाता है। कई दशकों बाद इस वर्ष गंगा दशहरा पर हस्त नक्षत्र, सिद्धि योग और व्यतिपात योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस दिव्य संयोग पर गंगा दशहरा पर्व पर गंगा में स्नान, दान व तप करने के कई गुना फल की प्राप्ति होती है। राजा भगीरथ अपने पुरखों को तारने के लिए मां गंगा को धरती पर लाए थे। युगों-युगों से मां गंगा प्राणी मात्र को जीवनदान के साथ ही मुक्ति भी देती आ रही है। स्वर्ग लोक से देवी गंगा ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष, बुधवार दशमी तिथि, हस्त नक्षत्र, व्यतिपात योग की साक्षी में पृथ्वी पर अवतरित हुई थी। ये है मान्यता मान्यतानुसार इस बार कई दशकों के बाद गंगा दशहरे पर पांच जून को कई दिव्य महायोग बन रहे हैंए जिन योगों में देवी गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थी। इस साल गंगा दशहरा पर हस्त नक्षत्र, सिद्धि योग और व्यतिपात योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इससे गंगा दशहरा पर्व की महत्ता और अधिक बढ़ गई है। इन दुर्लभ योगों के कारण गंगा दशहरा पर्व पर स्नान, दान, जप, तप, व्रत व उपवास का बहुत महत्व है। गंगा दशहरा स्नान एवं दान के साथ ही तन-मन को शुद्ध करने का पर्व है। ज्योतिषाचार्य उदय शंकर भट्ट का कहना है कि विशिष्ट योग की साक्षी में गंगा माता का पूजन विशेष फल देने वाला होगा। कल्याण करने वाली माता के रूप में मां गंगा भारतीय संस्कृति की रीढ़ है। गंगा दशहरा पर क्या न करें गंगा दशहरा के दिन गंगा तटों पर जाने-अनजाने हम पुण्य के बजाए कई पाप कर्म करते हैं। जिसमें गंगा स्नान के दौरान शरीर के मैल को गंगा में नहीं धोना चाहिए। कपड़ों को गंगा में भी नहीं धोना चाहिए। यथाशक्ति दान के साथ ही गंगा में मिट्टी के दीपक में शुद्ध घी दीपक जलाकर अर्पण करना चाहिए। प्लास्टिक और अन्य अजैविक पदार्थों को गंगा में नहीं फेंकना चाहिए।  

कर्नाटक हाईकोर्ट पहुंचा चिन्नास्वामी स्टेडियम भगदड़ मामला, आज होगी सुनवाई; 11 लोगों की गई थी जान

बेंगलुरु  चिन्नास्वामी स्टेडियम बेंगलुरु में भगदड़ ने पूरे देश को हिला दिया है। इस घटना में अब तक 11 लोगों की दुखद मौत हुई है। मामले में सियासत गरमाई गई है। कर्नाटक सरकार सवालों के घेरे में है। आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। इसी बीच घटना पर कर्नाटक हाई कोर्ट ने खुद ही एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है। हाई कोर्ट ने कांग्रेस सरकार से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव की बेंच ने इस घटना पर चिंता जताई है। मामले की सुनवाई दोपहर 2.30 बजे होगी। इधर पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। वकील ने हाई कोर्ट में क्या कहा कोर्ट में मौजूद सीनियर वकील हेमंत राज और जीआर मोहन ने घटना की जानकारी दी। उन्होंने सुरक्षा में हुई चूक के बारे में भी बताया। वकीलों ने कोर्ट को बताया कि आरसीबी (RCB) के खिलाड़ियों के सम्मान समारोह को देखने के लिए बहुत भीड़ जमा हो गई थी। लोग विधान सौधा के सामने स्थित हाई कोर्ट की बिल्डिंग पर भी चढ़ गए थे। इस बीच, कर्नाटक पुलिस ने 11 लोगों की मौत के मामले में अप्राकृतिक मृत्यु का मामला (UDR) दर्ज किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कब्बन पार्क पुलिस ने 11 UDR मामले दर्ज किए हैं। अभी तक इस मामले में कोई FIR दर्ज नहीं हुई है। लोगों में बेंगलुरु पुलिस के खिलाफ नाराजगी पुलिस के इस कदम से लोग नाराज हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर सकती थी। सूत्रों ने बताया कि अभी तक किसी ने भी इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है। सूत्रों के अनुसार, UDR मामले वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर दर्ज किए गए हैं। डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के खिलाफ शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा ने गुरुवार को कब्बन पार्क पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, KSCA के पदाधिकारियों और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। कृष्णा ने अपनी शिकायत में मांग की है कि पुलिस BNS अधिनियम की धारा 106 के तहत मामला दर्ज करे। शिकायत की एक कॉपी कर्नाटक हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की बेंच को भी भेजी गई है। याचिका में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि यह एक गंभीर मामला है। याचिका डीजी और आईजीपी, और बेंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त को भी भेजी गई है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि यह गंभीर चिंता का विषय है और इसमें मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और अन्य शक्तिशाली लोगों की भूमिका शामिल है। शिकायत की एक कॉपी मुख्य न्यायाधीश और अन्य को भेजी गई थी। रात भर हुए पोस्टमॉर्टम इस बीच, अधिकारियों ने विक्टोरिया और बोवरिंग अस्पतालों में 11 मृतकों का पोस्टमॉर्टम पूरा कर लिया है। शवों को उनके परिवारों को सौंप दिया गया है। परिवारों को शव जल्दी सौंपने के लिए पोस्टमॉर्टम रात भर किया गया। कर्नाटक सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए 10 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया है। सरकार ने मजिस्ट्रियल जांच के भी आदेश दिए हैं।

रेलवे दलालों पर लगाएगा लगाम, अब घर बैठे बुक कर पाएंगे तत्काल टिकट; रेलवे ने बदले कई नियम

नई दिल्ली भारतीय रेलवे से तत्काल टिकट बुक करना आम यात्रियों के लिए किसी सपने से कम नहीं रहा है। हर दिन लाखों यात्री IRCTC की वेबसाइट (irctc.co.in) पर कोशिश करते हैं, लेकिन वेबसाइट हैंग होने, धीमी स्पीड और बॉट्स की वजह से कई बार टिकट वेटिंग में ही रह जाती है। ऐसे में यात्रियों को भारी निराशा का सामना करना पड़ता है। अब इस परेशानी को खत्म करने के लिए रेलवे मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि भारतीय रेलवे जल्द ही तत्काल टिकट बुकिंग के लिए ई-आधार ऑथेंटिकेशन सिस्टम शुरू करेगा। इसका मकसद फर्जी यात्रियों और दलालों को रोकना और असली यात्रियों को प्राथमिकता देना है। रेल मंत्री ने कहा, “भारतीय रेलवे जल्द ही तत्काल टिकट बुकिंग के लिए ई-आधार ऑथेंटिकेशन की शुरुआत करेगा। इससे जरूरतमंद और असली यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिल सकेगा।” क्या बदलेगा नए नियमों से?     सिर्फ आधार वेरिफाइड अकाउंट्स को तत्काल टिकट की इजाज़त मिलेगी।     बुकिंग के पहले 10 मिनट सिर्फ वेरिफाइड यूजर्स को प्राथमिकता मिलेगी।     IRCTC एजेंट्स को भी पहले 10 मिनट में टिकट बुक करने की इजाजत नहीं होगी।     काउंटर से टिकट लेने पर भी आधार सत्यापन अनिवार्य किया जा सकता है। क्यों जरूरी था यह कदम? वर्तमान में IRCTC के 13 करोड़ से ज्यादा यूजर्स में से केवल 1.2 करोड़ ही आधार वेरिफाइड हैं। रेलवे ने तय किया है कि जो अकाउंट आधार से लिंक नहीं होंगे, उन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। यदि किसी खाते में संदिग्ध गतिविधि पाई जाती है, तो उसे बंद कर दिया जाएगा। यह बदलाव आम यात्रियों को तत्काल टिकट के लिए उचित मौका देने की दिशा में अहम है। तत्काल टिकट बुकिंग में दिखा दिलचस्प पैटर्न रेलवे द्वारा 24 मई से 2 जून तक के बुकिंग डाटा के विश्लेषण से कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए: एसी कैटेगरी:     पहले मिनट में औसतन सिर्फ 5,615 टिकट ही बुक हुए।     दूसरे मिनट में 22,827 टिकट बुक हुए।     कुल मिलाकर पहले 10 मिनट में 67,159 एसी टिकट बिके – जो कुल ऑनलाइन बुकिंग का 62.5% है। गैर-एसी कैटेगरी:     पहले ही मिनट में 4% टिकट (4,724) बुक हो गए।     पहले 10 मिनट में लगभग 66.4% टिकट बिके।     8 से 10 घंटे बाद भी लगभग 12% तत्काल टिकट बुक किए गए। यह डाटा साफ दिखाता है कि कैसे पहले कुछ मिनटों में ही अधिकतर टिकट हाथ से निकल जाते हैं – और यही वो समय है जब ऑटोमेटेड टूल्स का दुरुपयोग सबसे ज्यादा होता है। रेलवे अब इस पर रोक लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और निगरानी तंत्र का उपयोग कर रहा है। अब तक क्या कार्रवाई हुई? रेलवे ने बीते 6 महीनों में 2.4 करोड़ फर्जी या संदिग्ध IRCTC अकाउंट्स को ब्लॉक किया है। यह देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणाली को सही दिशा में ले जाने की एक ऐतिहासिक पहल है। कैसे करेगा काम आधार ऑथेंटिकेशन सिस्टम? यात्री को आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त होगा। OTP को IRCTC वेबसाइट पर डालकर वेरिफिकेशन पूरा करना होगा। वेरिफाइड यूजर्स को तुरंत टिकट बुकिंग की सुविधा मिलेगी। IRCTC ने बताया कि जो यूजर्स आधार से वेरिफाई नहीं हैं, वे IRCTC पर रजिस्ट्रेशन के 3 दिन बाद ही तत्काल, प्रीमियम तत्काल या ARP टिकट बुक कर सकेंगे। जबकि आधार वेरिफाइड यूजर्स को ऐसी कोई रोक नहीं होगी। रेलवे ने यह भी बताया कि उसने AI तकनीक की मदद से 2.5 करोड़ से ज्यादा फर्जी और संदिग्ध IRCTC यूजर आईडी को पहचान कर निष्क्रिय कर दिया है। IRCTC के मुताबिक, तत्काल टिकट बुकिंग के पहले 5 मिनट में 50% लॉगिन प्रयास बॉट्स से होते हैं, जिससे असली यात्री टिकट नहीं बुक कर पाते। अब रेलवे ने एंटी-बॉट सिस्टम लागू किया है। एक बड़ी कॉन्टेंट डिलीवरी नेटवर्क (CDN) सेवा के साथ साझेदारी की है। सर्वर को भी पहले से बेहतर किया है। नई व्यवस्था कब से लागू होगी? रेलवे मंत्रालय ने कहा है कि यह नियम बहुत जल्द लागू किए जाएंगे। फिलहाल तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। यात्रियों को इससे पहले कुछ काम करने होंगे। अपना IRCTC अकाउंट आधार से लिंक करें। सुनिश्चित करें कि आपका मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा हुआ हो। अगर आप नए यूजर हैं, तो जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन कराएं ताकि 3 दिन की वेटिंग से बच सकें।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भारत से बाचतीत के लिए राष्ट्रपति ट्रंप से मदद की गुहार लगाई

इस्लामाबाद  आतंकवाद के मुद्दे पर दुनिया में अलग-थलग पड़ रहा पाकिस्तान अब भारत से बाचतीत के लिए छटपटा रहा है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मदद की गुहार लगाई है। इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शहबाज शरीफ ने भारत के साथ तनाव कम करने में ट्रंप की कथित भूमिका के लिए खूब तारीफ की। इस दौरान शहबाज ने वॉशिंगटन से दोनों देश के बीच व्यापक बातचीत की सुविधा शुरू करने में मदद का आग्रह किया। शहबाज ने ट्रंप को दिया क्रेडिट अमेरिका की आजादी की 249वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति की तारीफ की और युद्ध विराम सुनिश्चित करने में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को श्रेय दिया। शहबाज ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने बिना किसी संदेह के यह दिखा दिया है कि ‘वे शांति और लाभकारी व्यापारिक सौदों के पक्षधर हैं।’ भारत ने साफ कहा है कि युद्धविराम में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो के सुर में सुर मिला रहे थे, जिन्होंने दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष रोकने में मदद के लिए ट्रंप को क्रेडिट दिया था। वॉशिंगटन में पाकिस्तानी पत्रकारों से बात करते हुए बिलावल ने कहा कि ’10 अलग-अलग मौकों पर उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम की सुविधा प्रदान करने का श्रेय लिया है – और यह सही भी है। वह इस श्रेय के हकदार हैं, क्योंकि उनके प्रयासों से ही युद्ध विराम संभव हो पाया।’ भुट्टो ने आगे कहा ‘अगर अमेरिका इस युद्ध विराम को बनाए रखने में पाकिस्तान की मदद करने को तैयार है, तो यह उम्मीद करना उचित है कि व्यापक वार्ता की व्यवस्था करने में अमेरिकी भूमिका हमारे लिए भी फायदेमंद होगी।’ शहबाज शरीफ ने भारत पर उकसावे के तहत हमला करने का आरोप लगाया और कहा कि पाकिस्तान ने भारतीय आक्रमण का संयम और धैर्य के साथ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत को ‘ठोस सबूतों के साथ सामने आना चाहिए था और दुनिया को घटना के बारे में आश्वस्त करना चाहिए था।’

13 साल की बच्ची ने लगाए अपनी मां और उनके दोस्तों ने मेरे साथ गंदा काम करने के आरोप, केस दर्ज

हरिद्वार कहते हैं कि मां और बेटी का रिश्ता सबसे प्यारा और गहरा होता है। लेकिन अगर मां के ऊपर अपनी ही बेटी के यौन शोषण के आरोप लगें तो ये रिश्ता कलंकित हो जाता है। ताजा मामला हरिद्वार से सामने आया है। यहां एक महिला पर अपनी 13 साल की बेटी का यौन शोषण करने का आरोप लगा है। क्या है पूरा मामला? हरिद्वार से मां-बेटी के रिश्ते को कलंकित कर देने वाला मामला सामने आया। यहां एक महिला पर अपनी 13 साल की बेटी का यौन शोषण कराने का आरोप लगा है। पति से विवाद के बाद अलग रह रही महिला अपनी बेटी को अपने बॉयफ्रेंड और उसके दोस्त के सामने परोस रही थी। पीड़ित किशोरी और उसके पिता की शिकायत पर पुलिस ने महिला के खिलाफ पॉक्सो और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। महिला और उसके एक दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस का बयान भी सामने आया है। SSP ने कही ये बात इस मामले में हरिद्वार के SSP प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने कहा, ‘थाना रानीपुर में एक मामला हमारे संज्ञान में आया था, जिसमें एक नाबालिक बच्ची के द्वारा अपनी मां के ऊपर आरोप लगाए गए थे। पुलिस ने तत्काल मामले को संज्ञान में लिया और अभियोग पंजीकृत करके पीड़िता का 164 का बयान और उसका मेडिकल कराया गया। मेडिकल में कही गई बातों की पुष्टि हुई है। प्रथम दृष्टया आरोपों को सही मानते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। पॉक्सो और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। एक आरोपी अभी फरार चल रहा है। जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा। पीड़िता द्वारा अपनी मां और उसके दोस्तों के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं। सभी लोगों से पूछताछ की गई है। इसमें 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें उसकी मां भी शामिल है। एक फरार चल रहा है।’ हाल ही में 4 साल की बच्ची का शव मिला था मई में बच्चों से जुड़ी इसी तरह की खबर सामने आई थी। हरिद्वार में हर की पैड़ी के पास अगवा हुई चार साल की बच्ची का शव मिला था। इस शव के मिलने से हड़कंप मच गया था। पुलिस ने बताया था कि बच्ची का शव देखने से लग रहा है कि गला घोंटकर हत्या की गई और मारने से पहले उसका रेप किया गया।

रॉयल चैंलेंजर्स बेंगलुरु की जीत के जश्न में भगदड़, 11 मौतें, CM सिद्धारमैया बोले- कुंभ में भी 50-60 की जान गई थी

बेंगलुरु बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में क्रिकेट टीम की जीत के जश्न कार्यक्रम में भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए. हादसे के शिकार हुए क्रिकेट के शौकीन इन लोगों ने कभी सोचा नहीं होगा कि भीड़ के बीच उनका दम घुट जाएगा. अस्पतालों के बाहर रोते-बिलखते रिश्तेदारों की कतारें हैं. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस दर्दनाक हादसे को लेकर कहा कि अधिकतर मृतक युवा हैं, जिनमें कई छात्र-छात्राएं भी शामिल हैं. इस पूरी घटना की जांच हो रही है. बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में मची भगदड़ के बीच मरने वालों में सबसे कम उम्र की दिवांसी थी, जिसकी उम्र महज 13 साल थी. वहीं, सबसे अधिक उम्र के मृतक 33 वर्षीय मनोज थे. हादसे में मारे गए लोगों में कई छात्र-छात्राएं, युवा कामकाजी लोग और स्थानीय निवासी शामिल हैं. 29 साल की लड़की आंध्र प्रदेश से आरसीबी टीम का जश्न देखने आई थी, तो वहीं 17 साल का शिवलिंग कर्नाटक के कन्नूर से था. कुछ की पहचान अब तक नहीं हो सकी है. अधिकतर मौतें वायदेही और बोरिंग अस्पतालों में दर्ज हुईं. इस हादसे में 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 14 वायदेही, 18 बोरिंग, 5 स्पर्श और 3 मणिपाल अस्पताल में भर्ती हैं. CM सिद्धारमैया ने कहा कि ‘मैं इस घटना का बचाव नहीं कर रहा, लेकिन देश में पहले भी कई बड़े हादसे हुए हैं, जैसे कुंभ मेले में 50-60 लोगों की जान गई। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि हम जिम्मेदारी से बचें।’ वहीं, भाजपा ने उनके इस्तीफे की मांग की है। बेंगलुरु भगदड़ में जान गंवाने वालों में कोलार की रहने वाली 24 वर्षीय साहना भी शामिल है. उसकी मौत ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है. साहना ने हाल ही में एक प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी हासिल की थी और परिवार उसकी कामयाबी पर गर्व कर रहा था. पड़ोसी बताते हैं कि साहना के माता-पिता सुरेश बाबू और मंजुला उनके करीबी मित्र हैं और यह दुख उनकी झुकी कमर और डबडबाई आंखों से साफ झलक रहा है. एक पड़ोसी ने कहा, ये हादसा दिल तोड़ देने वाला है. 11 मासूम जानें चली गईं, सब युवा थे… सरकार को अब तो सबक लेना चाहिए. साहना का पार्थिव शरीर जब घर पहुंचा, तो मातम की चीखों से मोहल्ला गूंज उठा. चार पॉइंट्स में समझें… इतना बड़ा हादसा क्यों और कैसे हुआ?     स्टेडियम में फ्री पास से एंट्री। पास आरसीबी की वेबसाइट से लेने थे। बुधवार को यह घोषणा होने के बाद बड़ी संख्या में लोग वेबसाइट विजिट करने लगे तो साइट क्रैश हो गई। पास पाने वालों के साथ ही बिना पास के लोग भी स्टेडियम पहुंचे। इससे भीड़ का अंदाजा ही नहीं हो सका।     प्रारंभिक जांच के मुताबिक भीड़ ने स्टेडियम में घुसने के लिए गेट नंबर 12, 13 और 10 तोड़ने की कोशिश की। पुलिस ने लाठीचार्ज किया। नाले पर रखा स्लैब ढह गया। हल्की बारिश के बीच भगदड़ मच गई।     दोपहर लगभग 3:30 बजे भीड़ और बढ़ी तो सभी गेट बंद कर दिए गए। इससे पास वाले भी अंदर नहीं घुस पाए। हंगामा शुरू हो गया। गेट नंबर 10 पर स्थिति ज्यादा बिगड़ी। पुलिस ने महिलाओं-बच्चों को पीछे धकेला, कुछ महिलाएं बेहोश होकर गिर गईं।     सरकार ने कहा, 5 हजार सुरक्षाकर्मी थे, लेकिन भीड़ बहुत थी। इसलिए विक्ट्री परेड नहीं हो सकी। सूत्रों के मुताबिक इनमें से ज्यादातर पुलिसकर्मी 36 घंटे से ड्यूटी पर थे। एजेंसी के अनुसार, पुलिस का कहना है कि यह हादसा उस वक्त हुआ, जब बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी बिना टिकट के स्टेडियम में घुसने की कोशिश करने लगे. जिनके पास वैध टिकट थे, वे पहले से ही स्टेडियम की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन तभी फ्री पास की जानकारी और सोशल मीडिया पर ‘विक्ट्री परेड’ की घोषणा ने भ्रम वाली स्थिति पैदा कर दी. RCB (रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर) टीम प्रबंधन ने दोपहर 3:14 बजे ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए घोषणा की थी कि शाम 5 बजे एक विजयी जुलूस (Victory Parade) निकाला जाएगा और इसके बाद चिन्नास्वामी स्टेडियम में सेलिब्रेशन होगा. पोस्ट में यह भी बताया गया कि फ्री पास सीमित संख्या में उपलब्ध हैं. इससे पहले बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने सुबह 11:56 बजे यह साफ कर दिया था कि कोई परेड नहीं होगी और केवल स्टेडियम में ही एक सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, लेकिन RCB की पोस्ट के बाद हजारों की संख्या में फैंस परेड देखने और स्टेडियम में प्रवेश के लिए उमड़ पड़े. कैसे मची भगदड़? मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के मुताबिक, स्टेडियम की क्षमता लगभग 35,000 लोगों की है, लेकिन 2 से 3 लाख लोग आसपास पहुंच गए थे. लोग छोटे-छोटे गेटों से जबरन घुसने की कोशिश करने लगे. कई जगहों पर भीड़ ने गेट्स तोड़ दिए. इसी दौरान कुछ लोग नीचे गिर गए और उनके ऊपर भीड़ चढ़ गई, जिससे कई लोगों की मौत हो गई. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि करीब 1 किलोमीटर की परिधि में 50,000 से अधिक लोग जमा हो गए थे और संख्या लगातार बढ़ती जा रही थी. फ्री पास और टिकट के भ्रम में कई लोगों ने जबरन प्रवेश की कोशिश की, जिससे धक्का-मुक्की और अंततः भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. कुछ वीडियो फुटेज में पुलिसकर्मी भीड़ को कंट्रोल करने के लिए लाठियां चलाते नजर आए. इसके बाद बेंगलुरु मेट्रो ने भीड़ को देखते हुए क्यूबन पार्क और डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्टेशनों पर ट्रेनों को नहीं रोकने का निर्णय लिया. पूरी घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या कहा? भगदड़ की घटना को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि किसी ने इस तरह की भीड़ की कल्पना नहीं की थी, न ही सरकार ने और न ही क्रिकेट संघ ने. उन्होंने कहा कि विदान सौधा के सामने भी एक लाख से अधिक लोग थे, लेकिन वहां कोई हादसा नहीं हुआ. चिन्नास्वामी स्टेडियम में अचानक आई इस भीड़ को संभालना मुश्किल हो गया. मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं. उन्होंने कहा कि प्राथमिक दृष्टि से यह एक अव्यवस्था का मामला है, … Read more

मिनटों में चल जाएगा आधार कार्ड में कब- कब हुआ अपडेट, ऐसे करें पता

नई दिल्ली आधार कार्ड में लोग जरूरत पड़ने पर अपना नाम, मोबाइल नंबर, अड्रेस आदि बदलवाते हैं। इसे जारी करने वाली संस्‍था यूनिक आइडेंटिफ‍िकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी UIDAI लोगों को यह सुविधा देती है कि वो अतीत में बदली गईं डिटेल्‍स के बारे में जान पाएं। अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आपके आधार कार्ड में कब-कब अपडेट किया गया है तो यूआईडीएआई की वेबसाइट या एमआधार ऐप की मदद से यह पता लगवा सकते हैं। यह फीचर बेहद काम का है। अगर कोई ऐसा अपडेट आपके आधार कार्ड में हुआ है, जो आपसे संबंधित नहीं है, तो उसका पता आसानी से चल जाएगा और आप सही अपडेट करवा सकेंगे। आधार अपडेट हिस्‍ट्री से क्‍या पता चलता है आमतौर पर आधार अपडेट हिस्‍ट्री से कोई व्‍यक्ति जान सकता है कि उसने कितनी बार अपना नाम बदलवाया है। कितनी बार अड्रेस में चेंज कराया है। कितनी बार मोबाइल नंबर और कब फोटो अपडेट कराई है। इसके अलावा डेट ऑफ बर्थ में बदलाव का पता भी हिस्‍ट्री से चल जाता है। आधार अपडेट हिस्‍ट्री को ऐसे करें ऑनलाइन चेक     स्‍टेप 1 : यूआईडीएआई वेबसाइट या एमआधार पर लॉगइन करने के बाद ‘माईआधार’ में क्लिक करें और ‘अपडेट योर आधार’ सेक्‍शन के अंदर ‘आधार अपडेट हिस्‍ट्री’ ऑप्‍शन में जाएं।     स्‍टेप 2 : अगले स्‍टेप में आपको अपनी आधार डिटेल्‍स या वर्चुअल आईडी डालनी होगी।     स्‍टेप 3 : आधार डिटेल्‍स सबमिट करने के बाद ‘सेंड ओटीपी’ का विकल्‍प आएगा। उसके लिए आपको अपना रजिस्‍टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। ओटीपी आते ही उसे एमआधार ऐप पर डालें।     स्‍टेप 4 : ओटीपी एंटर करने के बाद क्‍लिक बटन दबाएं। इसके बाद आपको आधार अपडेट्स दिखाई देने लगेंगे। आधार कार्ड हिस्‍ट्री पीडीएफ को कैसे डाउनलोड करें आपके आधार कार्ड में जब भी बदलाव किया गया है, उससे जुड़ी हिस्‍ट्री को पीडीएफ फॉर्मेट में ऑनलाइन डाउनलोड किया जा सकता है।     सबसे पहले यूआईडीएआई की वेबसाइट में जाकर माई आधार पर क्लिक करें।     आधार अपडेट हिस्‍ट्री पर क्लिक करें। वहां आपको सभी अपडेट्स दिखाई देने लगेंगे।     आधार अपडेट हिस्‍ट्री पेज पर एकदम दायें कोने में आपको तीन डॉट नजर आएंगे, उन पर क्‍ल‍िक करें।     प्रिंट ऑप्‍शन को सिलेक्‍ट करें और उसे पीडीएफ फॉर्मेट में अपने कंप्‍यूटर या मोबाइल पर सेव कर लें। आप चाहें तो स्‍क्रीनशॉट भी ले सकते हैं। आधार अपडेट हिस्‍ट्री के फायदे आधार अपडेट हिस्‍ट्री से आपको यह जानने में मदद मिलती है कि आपने इस अहम डॉक्‍युमेंट में कब-कब बदलाव करवाया। अगर कोई बदलाव आपने नहीं कराया या किसी चेंज में कुछ गलती है तो आप डॉक्‍युमेंट को दोबारा अपडेट करा सकते हैं।

देश में जनगणना 1 मार्च, 2027 से होगी शुरू, हर घर पहुंचकर जाति भी पूछी जाएगी

नई दिल्ली देश में जनगणना 1 मार्च, 2027 से शुरू होगी। इस बार जनगणना में जाति का कॉलम भी होगा। हर घर पहुंचकर जनगणना में जुटे कर्मचारी सभी की जाति भी पूछेंगे। हालांकि, बर्फबारी वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जनगणना अगले साल अक्टूबर में ही शुरू हो जाएगी। इनमें लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड शामिल है। बाकी राज्यों में एक मार्च, 2027 से इसकी शुरुआत होगी। ‘एनडीटीवी’ ने सूत्रों के हवाले से बताया कि सरकार इस बार दो चरणों में जनगणना करवा रही है। इसमें सवालों की लंबी लिस्ट शामिल होगी, जिसमें जाति और उप-जातियों पर भी सवाल शामिल होंगे। 30 अप्रैल को मोदी सरकार ने कैबिनेट बैठक में जाति जनगणना करवाने का फैसला लिया था। सरकार ने बताया था कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि हमारा सामाजिक ताना-बाना राजनीतिक दबाव में न आए, यह निर्णय लिया गया है कि जाति गणना को एक अलग सर्वेक्षण के रूप में आयोजित करने के बजाय मुख्य जनगणना में शामिल किया जाना चाहिए। देश में आमतौर पर हर दस साल में जनगणना होती रही है। आखिरी बार साल 2011 में जनगणना करवाई गई थी। इसके बाद 2021 में कोरोना महामारी की वजह से जनगणना को टाल दिया गया था। विपक्ष लगातार जाति जनगणना करवाने की मांग करता रहा है। कैबिनेट में मुहर लगने के बाद विपक्षी दलों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया था। साल 1872 में पहली बार जनगणना की देश में शुरुआत हुई थी। इसका मकसद सामाजिक तानेबाने को समझना था। हालांकि, शुरुआत में तो जाति से जुड़े सवाल जनगणना में शामिल थे, लेकिन बाद में इसमें बदलाव किया गया। पिछली बार 2011 में हुई जनगणना में 29 सवाल पूछे गए थे, जिसमें रोजगार, मातृभाषा के साथ-साथ अन्य सामान्य सवाल शामिल थे। 16 साल बाद हो रही जनगणना में इस बार जाति का फिर से सवाल पूछा जाएगा।  

मोदी सरकार CGHS के बदले लाएगी नई हेल्थकेयर योजना, अब निगाहें 8वें वेतन आयोग पर टिकी

नई दिल्ली  8वें वेतन आयोग की घोषणा के बाद एक बार फिर केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं. इस साल जनवरी में सरकार ने आधिकारिक तौर पर 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी. इस आयोग का उद्देश्य मौजूदा आर्थिक हालातों को देखते हुए केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन और पेंशन में जरूरी बदलावों की सिफारिश करना है. 8वें वेतन आयोग की घोषणा के बाद से केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें एक बार फिर से बढ़ गई हैं। इस साल जनवरी में सरकार ने आधिकारिक रूप से 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी। इस आयोग का का मकसद मौजूदा आर्थिक हालातों को देखते हुए केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन और पेंशन में जरूरी बदलावों की सिफारिश करना है। आमतौर पर लोग मानते हैं कि वेतन आयोग केवल वेतन बढ़ोतरी के फार्मूले तय करता है, लेकिन इसकी जिम्मेदारियां इससे कहीं ज्यादा होती हैं। वेतन आयोग भत्तों, सुविधाओं और खासतौर पर हेल्थ इंश्योरेंस योजनाओं की समीक्षा भी करता है। ऐसे ही एक सुधार की सालों से चर्चा हो रही है, जो है – केंद्रीय सरकार हेल्थ योजना (CGHS)। यह योजना केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके आश्रितों को किफायती दरों पर हेल्थ सर्विस उपलब्ध कराती है। क्या है CGHS? CGHS भारत सरकार की एक हेल्थ योजना है, जो कर्मचारियों और उनके परिवारों को डॉक्टर की सलाह, इलाज, जांच और दवाएं जैसी सर्विस कम लागत पर देती है। यह योजना मुख्य रूप से शहरी एरिया में केंद्रित है, जिससे इसकी पहुंच सीमित हो जाती है। CGHS को बदलने की सिफारिश पहले भी हुई है 6वें और 7वें वेतन आयोग ने भी CGHS की लिमिट को देखते हुए एक नई हेल्थ इंश्योरेंस योजना लाने की सिफारिश की थी। 6वें वेतन आयोग ने सुझाव दिया था कि एक वैकल्पिक योजना लाई जाए, जिसमें कर्मचारी अपनी इच्छा से योगदान देकर शामिल हो सकें। यह योजना भविष्य में नियुक्त होने वाले नए कर्मचारियों के लिए अनिवार्य होनी चाहिए। 7वें वेतन आयोग ने तो और आगे बढ़ते हुए कहा था कि हेल्थ इंश्योरेंस सभी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए दीर्घकालिक और बेहतर समाधान हो सकता है। उन्होंने CGHS के बाहर रहने वाले पेंशनरों के लिए यह भी सुझाव दिया था कि CGHS निकटवर्ती अस्पतालों को CS(MA) और ECHS जैसी योजनाओं के तहत सूचीबद्ध करे ताकि उन्हें भी कैशलेस इलाज मिल सके। क्या अब CGHS की जगह नई योजना आएगी? जनवरी 2025 में खबरें सामने आईं कि हेल्थ मंत्रालय CGHS को हटाकर एक इंश्योरेंस आधारित योजना लाने पर विचार कर रहा है। इसका नाम Central Government Employees and Pensioners Health Insurance Scheme (CGEPHIS) हो सकता है। यह योजना IRDAI से रजिस्टर इंश्योरेंस कंपनियों के माध्यम से लागू की जा सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। CGHS स्कीम हो सकता है बदलाव! केंद्र सरकार ने 2025 के शुरुआत में 8वां वेतन आयोग बनाने का ऐलान किया है। वेतन आयोग सिर्फ वेतन और पेंशन बढ़ाने वाली समिति नहीं बल्कि इसका दायरा बहुत बड़ा है। यह भत्तों, सुविधाओं और स्वास्थ्य बीमा जैसी विषयों की समीक्षा भी करता है। सालों से चली आ रही CGHS स्कीम में कुछ बदलाव होने वाला है। क्या होगा नई हेल्थकेयर स्कीम का नया नाम बीते कुछ महीने से मीडिया में खबरे चल रही है कि स्वास्थ्य मंत्रालय CGHS को एक नई इंश्योरेंस आधारित योजना में बदल सकता है। इसका नाम CGEPHIS (Central Government Employees and Pensioners Health Insurance Scheme) हो सकता है। बताया जा रहा है कि इसको IRDAI द्वारा रजिस्टर्ड इंश्योरेंस कंपनियों के माध्यम से लागू किया जाएगा। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। 8वें वेतन आयोग पर टिकी है सभी की नजरें इस प्रकार से सभी की नजर 8वां वेतन आयोग पर टिकी हुई है। सभी के मन में एक ही सवाल है क्या यह आयोग की सालों पुरानी CGHS बदल जाएगी। क्या CGEPHIS जैसे हेल्थ इंश्योरेंस मॉडल को लागू किया जाएगा। आने वाले समय में इस पर फैसला लिया जा सकता है। माना जा रहा है कि ये बदलाव 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का हिस्सा हो सकते हैं। अब निगाहें 8वें वेतन आयोग पर टिकी हैं अब जबकि 8वें वेतन आयोग का गठन हो चुका है और जल्द ही यह अपना काम शुरू करेगा, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह आयोग CGHS से जुड़ी सालों पुरानी समस्या का समाधान कर पाता है या नहीं।

पाकिस्तान में 18 साल से कम आयु की लड़कियों की शादी अवैध मानी जाएगी, बिल पास

इस्लामाबाद पाकिस्तान में बाल विवाह को रोकने वाला बिल पास हुआ है। संसद के दोनों सदनों से बिल को मंजूरी मिलने के बाद राष्ट्रपति के भी साइन हो गए हैं। इस कानून के तहत 18 साल से कम आयु की लड़कियों की शादी अवैध मानी जाएगी। लेकिन इसे लेकर पाकिस्तान में विवाद हो गया है और इस्लाम के नाम पर इसका जमकर विरोध हो रहा है। यही नहीं इस्लामाबाद की शरिया अदालत में इसे चुनौती दी गई है और इस्लाम के खिलाफ बताया गया है। पाकिस्तान में इस्लामिक कट्टरपंथियों का कहना है कि ऐसा नियम गलत है। पाकिस्तान की काउंसिल ऑफ इस्लामिक आइडियोलॉजी का कहना है कि 18 साल से कम उम्र की शादी को रेप मानना इस्लाम के खिलाफ है। काउंसिल ऑफ इस्लामिक आइडियोलॉजी के पास पाकिस्तान में कानूनी मसलों पर सलाह देने का अधिकार है। इस कानून के खिलाफ एक अर्जी भी दाखिल हुई है, जिसमें कहा गया है कि यह कानून इस्लामिक शरिया के खिलाफ है। इसलिए इस कानून को असंवैधानिक, गैर-इस्लामिक घोषित करते हुए रद्द किया जाए। नए कानून के अनुसार बाल विवाह की स्थिति में शादी करने वाले पुरुष पर ऐक्शन होगा, यदि वह बालिग हुआ और लड़की की उम्र 18 साल से कम हुई। इसके अलावा यदि दोनों की आयु कम हुई तो फिर पैरेंट्स के खिलाफ ऐक्शन लिया जाएगा। याची का कहना है कि बाल विवाह वाला कानून पवित्र कुरान और हदीस की मान्यताओं के भी खिलाफ है। याची ने कहा कि इस्लाम में निकाह की जब बात कही गई है तो उम्र का कोई जिक्र नहीं है। इसकी बजाय यौवन की बात है और जब भी यौवन आ जाए तो वह युवती निकाह के काबिल मानी जाएगी। यही नहीं कुरान का भी उद्धरण देते हुए याची का कहना है कि यह तो मूल अधिकार से वंचित करने जैसा कानून है। किसी का भी अधिकार है कि वह शादी करे और उम्र की बात शरिया में नहीं कही गई है। याचिका में कहा गया है कि इस्लाम कहता है कि शादी करने वाले राजी हों और वे परिपक्व हों। शादी के लिए आयु जैसी कोई बात नहीं है।  

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