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इंदौर के बाद अब भोपाल मेट्रो पर लक्ष्य , एम्स, अलकापुरी और डीआरएम ऑफिस में एंट्री, एग्जिट समेत अधूरे काम तेजी से होंगे पूरे

भोपाल  इंदौर में मेट्रो के कॉमर्शियल रन को 12 दिन बीत चुके हैं। 31 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल लोकार्पण किया था। इंदौर के बाद अब भोपाल मेट्रो पर फोकस है। खासकर 3 स्टेशन- एम्स, अलकापुरी और डीआरएम ऑफिस में एंट्री, एग्जिट समेत अधूरे काम तेजी से होंगे पूरे।  इंदौर मेट्रो के लोकार्पण के दौरान प्रधानमंत्री ने भोपाल मेट्रो के काम को भी तेजी से चलने की बात कही थी। ऐसे में उम्मीद है कि जब भी भोपाल में मेट्रो का कॉमर्शियल रन होगा, पीएम ही हरी झंडी दिखाने आएंगे। इसलिए मेट्रो के अधूरे कामों को तेजी से निपटाया जा रहा है। वहीं, मेट्रो एमडी एस. कृष्ण चैतन्य भी लगातार दो दिन से मैराथन मीटिंग और निरीक्षण कर रहे हैं। इन कामों को जल्दी पूरा करने का टारगेट तीनों मेट्रो स्टेशन के एंट्री-एक्जिट, सिविल, सिस्टम, रोलिंग स्टॉक, ट्रैफिक, सिग्नल्लिंग, आंतरिक एवं बाहरी निर्माण कार्य पर फोकस है। इन्हें अगस्त तक हर हाल में पूरा करने का टारगेट रखा गया है। पहले आरडीएसओ टीम आएगी भोपाल मेट्रो के लिए रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) की टीम पहले आएगी। इसके लिए सभी डॉक्युमेंट्स सब्मिट किए जा चुके हैं। इसके बाद कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी टीम इंस्पेक्शन करेगी। टीम की ‘ओके’ रिपोर्ट मिलने के बाद लोग मेट्रो में सफर कर सकेंगे। इस पूरी प्रोसेस में 4 से 5 महीने लग सकते हैं। इसी बीच मेट्रो के बाकी बचे 3 स्टेशन- एम्स, डीआरएम तिराहा और अलकापुरी के काम भी पूरे कर लिए जाएंगे। साल 2018 में शुरू हुआ था काम भोपाल में मेट्रो का पहला रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से 6.22 किमी एम्स से सुभाष नगर के बीच का काम प्रायोरिटी कॉरिडोर के रूप में 2018 में शुरू हुआ था। सुभाषनगर से आरकेएमपी स्टेशन तक काम पूरा हो गया है। इसके आगे अलकापुरी, एम्स और डीआरएम मेट्रो स्टेशन तक ट्रैक का काम हो चुका है और मेट्रो यहां तक पहुंच चुकी है। वहीं, दोनों स्टील ब्रिज की लोड टेस्टिंग भी की जा चुकी है। भोपाल में पूर्व सीएम शिवराज ने किया था ट्रायल 3 अक्टूबर 2023 को भोपाल में पहली बार मेट्रो ट्रैक पर दौड़ी थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाषनगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया था। इसके बाद से ही लगातार टेस्टिंग की जा रही है। मेट्रो सबसे ज्यादा स्पीड 80Km प्रति घंटे से भी दौड़ चुकी है। इतनी ही स्पीड में कॉमर्शियल रन भी होगा। हालांकि, इससे पहले सुरक्षा के तमाम पैमाने जांचें जाएंगे। इसे सीएमआरएस टीम ही जांचेंगी। भोपाल में यह टीम अगले कुछ महीने में आ जाएगी। भोपाल में इसलिए देरी से कॉमर्शियल रन पिछले साल रेलवे ट्रैक और डीआरएम तिराहे पर दो स्टील ब्रिज भी लॉन्च कर दिए गए थे। वहीं, मार्च में दोनों ब्रिज की लोड टेस्टिंग भी कर ली गई। पहले सुभाषनगर से आरकेएमपी स्टेशनों के बीच ही मेट्रो को चलाने का प्लान था, लेकिन अब यह पूरे 6.22 किमी में दौड़ेगी। चूंकि, अभी स्टेशन में काम बाकी है। इसलिए इसे प्रायोरिटी में न लेते हुए इंदौर में पहले मेट्रो दौड़ाने का प्लान तैयार किया गया। पिछले 6-8 महीने से पूरा फोकस इंदौर पर रहा। छोटे-बड़े काम जल्दी निपटाए गए। इसलिए इंदौर में पहले मेट्रो चली। ये देखेगी सीएमआरएस टीम आरडीएसओ की टीम मेट्रो के संचालन से जुड़े काम देखेगी। इसके बाद मेट्रो रेल सेफ्टी की टीम दो बार पहुंचेंगी। मेट्रो कॉरपोरेशन के अफसरों का कहना है कि कॉमर्शियल रन से पहले सुरक्षा के लिहाज से कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी की टीम जांच करती है। जिसमें वह ट्रैक के नट-बोल्ट तक देखती है, क्योंकि यह मामला आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा होता है। इसलिए हर पैमाने पर जांच होती है।  सितंबर से शुरू होगी कमर्शियल सेवा, जानें क्या है खास? मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन 90 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से किया जाएगा। इस ट्रायल की निगरानी आरडीएसओ (रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन) द्वारा की जाएगी। यह संस्था हर स्पीड पर ट्रेन की ब्रेकिंग, स्थिरता और तकनीकी सुरक्षा का आकलन करेगी। आरडीएसओ की टीम के इसी माह के अंत तक आने की संभावना है। इसके बाद रेलवे सेफ्टी कमिश्नर मेट्रो के ट्रैक, सिविल वर्क, ट्रेन, सिग्नलिंग सिस्टम और सार्वजनिक सुविधाओं की व्यापक जांच करेगा। एक माह की प्रक्रिया के बाद ट्रेन का कमर्शियल रन शुरू किया जाएगा।  तीन कोच 900 यात्रियों को ले जाने में सक्षम  अब तक सात मेट्रो ट्रेनें भोपाल पहुंच चुकी हैं। कुल 27 ट्रेनों का संचालन प्रस्तावित है। प्रत्येक ट्रेन तीन कोच की होगी, जो लगभग 900 यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगी। इनमें 150 लोगों के बैठने की व्यवस्था भी होगी। ट्रेनों में दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सितंबर तक चल सकती है मेट्रो यदि सभी परीक्षण समय पर सफलतापूर्वक पूरे होते हैं, तो अगस्त-सितंबर तक भोपाल मेट्रो का संचालन शुरू हो सकता है। ट्रायल और सुरक्षा अनुमोदन के बाद राज्य सरकार अंतिम निर्णय लेगी। इंदौर मेट्रो का परीक्षण कार्य पहले ही पूर्ण हो चुका है, जिसका कमर्शियल रन जल्द शुरू होगा।  क्यूआर कोड आधारित टिकटिंग सिस्टम भोपाल मेट्रो में क्यूआर कोड आधारित टिकटिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिसमें पेयजल, स्वच्छता और दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं शामिल हैं। सुरक्षा के लिए  रिटायर्ड फौजियों और निजी सुरक्षा एजेंसियों की भी मदद ली जाएगी। सभी स्टेशनों पर एएफसी (ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन) गेट लगाए जा रहे हैं, जहां बारकोड टिकट से प्रवेश मिलेगा।  सबकुछ ठीक मिला तो ‘ओके’ रिपोर्ट देगी टीम निरीक्षण में यदि सबकुछ पैमाने और सुरक्षा के लिहाज से परफेक्ट मिलता है तो सीएमआरएस की टीम ‘ओके’ रिपोर्ट देगी। इसके बाद कॉमर्शियल रन की तारीख तय कर दी जाएगी। 6.22 Km लंबा है प्रायोरिटी कॉरिडोर भोपाल में मेट्रो का 6.22 किमी लंबा प्रायोरिटी कॉरिडोर है। अगले कुछ महीनों में कॉमर्शियल रन शुरू करने का प्लान है। इसके बाद जब आप मेट्रो ट्रेन में सफर करने के लिए स्टेशन में एंट्री करेंगे तो आपको ठीक वैसी तस्वीर नजर आएगी, जो किसी एयरपोर्ट के अंदर की होती है। अंदर फूड प्लाजा और कुछ शॉप भी रहेंगी। जहां से आप खाने-पीने और जरूरत का सामान भी खरीद सकेंगे। इसके लिए मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने तैयारी भी शुरू कर दी … Read more

मंत्री सारंग ने कहा- केन्‍द्र सरकार की गाइड-लाइन का तय समय-सीमा में हो प्रभावी क्रियान्वयन

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए निर्धारित “सहकार से समृद्धि’’ के विज़न के अंतर्गत दी गई गाइड-लाइन्स का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। मंत्री श्री सारंग ने आगामी 20 जून को भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित उच्च स्तरीय बैठक के लिए राज्य स्तर पर की जा रही तैयारियों की भी समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री सारंग शुक्रवार को मंत्रालय में सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभागीय समीक्षा कर रहे थे। अपर मुख्य सचिव श्री अशोक वर्णवाल भी बैठक में उपस्थित थे। मंत्री श्री सारंग ने अधिकारियों से कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प की सिद्धि के लिए पूरी तत्परता से कार्य करें। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की हर योजना को हर गाँव, हर पंचायत, हर किसान और हर सहकारी संस्था तक पूरी प्रतिबद्धता के साथ शत-प्रतिशत क्रियान्वयन तय समय-सीमा में प्राथमिकता के साथ हो। मंत्री श्री सारंग ने प्रदेश के पैक्स की वर्तमान स्थिति, पैक्स अंतर्गत की जा रही गतिविधियाँ, बी-पैक्स को एम-पैक्स के रूप में डेवलप करना, प्रदेश के सहकारी बैंकों की वर्तमान स्थिति एवं सुदृढ़ीकरण पर चर्चा, प्रदेश के पैक्स द्वारा माइक्रो एटीएम के संचालन एवं विस्तार, पैक्स सोसाइटी द्वारा खाद एवं बीज वितरण व्यवस्था की समीक्षा, पैक्स कंप्यूटरीकरण की जिलेवार समीक्षा, प्रत्येक पंचायत में पैक्स, प्राथमिक डेयरी एवं मत्स्य पालन सहकारी समितियों का गठन एवं संचालन, पैक्स के माध्यम से सीएससी सेवाएं, जन-औषधि केन्द्र का संचालन, भारतीय बीज सहकारी समिति, नई राष्ट्रीय सहकारी जैविक समिति, एफपीओ का गठन, अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष पर अभी तक किए गए कार्य एवं भविष्य की कार्य-योजना सहित सीपीपीपी द्वारा किये गये कार्य की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक श्री मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक विपणन संघ श्री अलोक कुमार सिंह, उप सचिव श्री मनोज सिन्हा, प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक श्री मनोज गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

राज्य में पहली बार वैज्ञानिक पद्धति से हुआ जल संरचनाओं के निर्माण स्थलों का चयन

भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल से महाराष्ट्र सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के छह सदस्यीय दल ने शुक्रवार को उनके शासकीय निवास पर मुलाकात की। इस अवसर पर वर्षा जल के संचयन और भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए किए जा सकने वाले प्रयासों पर विस्तृत चर्चा हुई। महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों ने इस दौरान मध्यप्रदेश में वर्षा जल और भूजल प्रबंधन को लेकर किए जा रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की। खासतौर पर दल ने जल गंगा संवर्धन अभियान और सिपरी सॉफ्टवेयर की प्रशंसा की। इस अवसर पर मनरेगा आयुक्त-संचालक वाटरशेड मिशन श्री अवि प्रसाद, महाराष्ट्र सरकार के वाटरशेड विभाग के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कमलाकर रणदिवे, अवर सचिव मृदा एवं संरक्षण विभाग श्री देवेन्द्र भामरे, श्री प्रकाश पाटिल, क्षेत्रीय जल संरक्षण अधिकारी श्री दिलीप निपाने, जीआईएस विशेषज्ञ श्री अमोल विधाते और असिस्टेंट इंजीनियर श्री अविनाश देवपारे शामिल रहे। महाराष्ट्र के दल ने को सिपरी सॉफ्टवेयर की सराहना जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत मध्यप्रदेश मनरेगा परिषद द्वारा किए गए नवाचारों का अध्ययन करने के लिए महाराष्ट्र सरकार का यह छह सदस्यीय दल 12 जून को दो दिवसीय दौरे पर भोपाल आया। दल के सदस्यों ने फील्ड में जाकर सिपरी सॉफ्टवेयर के माध्यम से चिन्हित किए गए खेत तालाब और अमृत सरोवरों के निर्माण स्थलों का अवलोकन किया। उन्होंने सिपरी सॉफ्टवेयर के कार्य को गहराई से देखा और उसकी तकनीकी कार्यप्रणाली की सराहना की। यह पहला अवसर है जब मध्यप्रदेश में सॉफ्टवेयर की मदद से वैज्ञानिक पद्धति से खेत तालाब और अमृत सरोवरों के निर्माण स्थलों का चयन किया गया। दल ने किया फील्ड भ्रमण भोपाल आगमन के पश्चात दल ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी और मनरेगा आयुक्त-संचालक वाटरशेड मिशन श्री अवि प्रसाद से पृथक से भेंट कर विस्तृत चर्चा की। पहले दिन 12 जून को अधिकारियों ने भोपाल जिले की जनपद पंचायत बैरसिया की ग्राम पंचायत गुनगा एवं जैतपुर का भ्रमण किया, जहां उन्होंने सिपरी सॉफ्टवेयर से चिन्हित खेत तालाब और अमृत सरोवरों के निर्माण स्थल देखे। इस दौरान उन्होंने हितग्रहियों से चर्चा भी की। शुक्रवार को दल ने रायसेन जिले के सांची विकासखंड का भ्रमण किया और वहां भी सिपरी सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली को देखा व आवश्यक जानकारियां प्राप्त कीं। एमपीएसईडीसी ने दी सॉफ्टवेयर की तकनीकी जानकारी विकास भवन में एमपीएसईडीसी और इसके नॉलेज पार्टनर संस्थाओं के विषय विशेषज्ञों ने प्रजेंटेशन के माध्यम से महाराष्ट्र से आए अधिकारियों को सिपरी सॉफ्टवेयर की तकनीकी जानकारी दी।साथ ही मनरेगा परिषद के अधिकारियों ने प्लानर सॉफ्टवेयर और एरिया ऑफिसर ऐप के बारे में भी दल को अवगत कराया। यह जानकारी इस बात पर केंद्रित थी कि ये तकनीकी उपकरण किस प्रकार कार्य को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाते हैं। क्या है सिपरी सॉफ्टवेयर और प्लानर ऐप सिपरी (Software for Identification and Planning of Rural Infrastructure) एक उन्नत तकनीकी सॉफ्टवेयर है, जिसे महात्मा गांधी नरेगा, मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद, भोपाल द्वारा एमपीएसईडीसी और इसरो के सहयोग से विकसित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण हेतु उपयुक्त स्थलों की सटीक पहचान कर गुणवत्तापूर्ण संरचनाओं का निर्माण सुनिश्चित करना है। यह भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) आधारित वैज्ञानिक पद्धतियों से कार्य करता है। वहीं प्लानर ऐप मनरेगा परिषद द्वारा विकसित एक डिजिटल उपकरण है जिसका उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर पर मनरेगा कार्यों की वार्षिक कार्ययोजना को सरलता से तैयार करना है। यह ऐप मनरेगा के उद्देश्यों और प्रावधानों के अनुपालन को भी सुनिश्चित करता है। इस तरह की पहल करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत राज्य में हो रहे हैं कार्य प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत बारिश की हर बूंद का संचयन सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसका समापन 30 जून को होगा। अभियान के अंतर्गत सिपरी सॉफ्टवेयर की मदद से प्रदेशभर में 79,815 खेत तालाब, 1,254 अमृत सरोवर और 1,03,900 कूप रिचार्ज पिट चिन्हित किए गए हैं, जिन पर निर्माण कार्य प्रगति पर है।अब तक 2 लाख 30 हजार से अधिक जलदूतों ने स्वयं को पंजीकृत किया है, जो इस अभियान को धरातल पर सफल बनाने में जुटे हुए हैं।   

जल संरक्षण के क्षेत्र में प्रदेश को बड़ी सफलता, जलदूत पंजीयन का लक्ष्य 1,62,400 और बने 2,30,749

भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में जल गंगा संवर्धन अभियान मध्यप्रदेश में जल संरक्षण के संकल्प के लिये जन-सहभागिता जुटाने में एक ऐतिहासिक पहल सिद्ध हुआ है। यह अभियान 30 मार्च से 30 जून, 2025 तक संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य नदियों, जल स्रोतों और वेटलैंड्स का संरक्षण तथा पुनर्जीवन सुनिश्चित करना है। मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद द्वारा जारी नवीनतम राज्य स्तरीय प्रदर्शन डैशबोर्ड के आकलन के अनुसार खंडवा मध्यप्रदेश में पहले स्थान पर है। इससे पूर्व केन्द्रीय एजेंसी ने जल संरक्षण कार्यों के लिए खंडवा को देश का शीर्ष जिला घोषित किया है। इस सूची में मध्यप्रदेश को चौथे स्थान मिला है। खेत-तालाब निर्माण का लक्ष्य 77,940 तय किया गया था, लेकिन प्रदेश में 79,815 खेत-तालाबों का निर्माण हो रहा है, जो शत प्रतिशत से भी अधिक है। अभियान की अवधि में प्रतिदिन औसतन 1,078 खेत-तालाबों के निर्माण का प्रारंभ किया जा रहा है। डगवेल रिचार्ज संरचनाओं के लिये 1,03,900 के लक्ष्य में से 1,00,321 संरचनाओं का निर्माण जारी है, जो लक्ष्य का 96.56% है। प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,355 डगवेल निर्माण शुरू किया जा रहा है। अमृत सरोवर लक्ष्य 992 के मुकाबले 1,254 निर्मित किये जा रहे हैं। मायभारत पोर्टल पर जलदूत पंजीयन का लक्ष्य 1,62,400 तय किया गया था, जबकि 2,30,749 स्वयंसेवकों का पंजीकरण किया जा चुका है जो लक्ष्य काफी अधिक है। राज्य सरकार ने पाँच प्रमुख क्षेत्रों — पुराने एनआरएम कार्य, खेत-तालाब, डगवेल, अमृत सरोवर और मायभारत पंजीयन — पर आधारित 100 अंकों की रैंकिंग प्रणाली लागू की है। इस आधार पर खंडवा जिला 71.09 अंकों के साथ शीर्ष पर रहा। खेत-तालाब निर्माण, डगवेल रिचार्ज और अमृत सरोवर की शुरुआत में खंडवा का प्रदर्शन सर्वोत्तम रहा। रायसेन (60.85 अंक), बालाघाट (59.52 अंक) और बुरहानपुर (55.85 अंक) क्रमशः दूसरे, तीसरे व चौथे स्थान पर रहे। प्रदेश के अधिकांश जिलों ने अमृत सरोवर और मायभारत श्रेणियों में पूर्ण अंक प्राप्त किए, हैं।  

उर्दू पाण्डुलिपियाँ 9 जुलाई तक आमंत्रित

भोपाल  मध्यप्रदेश उर्दू साहित्यकारों एवं शायरों से वर्ष 2025-26 के लिए उनकी पाण्डुलिपियों के प्रकाशन के लिये आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए पाण्डुलिपियां सहित आवेदन 9 जुलाई तक आमंत्रित किये गये है। पाण्डुलिपियां म.प्र. उर्दू अकादमी, मुल्ला समूजी भवन भोपाल में कार्यालीन समय में प्राप्त की जा सकेंगी। आवेदकों के पाण्डुलिपि के साथ मध्यप्रदेश का मूल निवासी प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य है। ऐसे आवेदनों पर नहीं विचार किया जाएगा जिन्होंने विगत दस वर्षों में आर्थिक सहायता प्राप्त न की हो। पुस्तक प्रकाशन के लिये आर्थिक सहायता देने हेतु बनाई गई कमेटी का निर्णय ही अंतिम होगा।  

स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री सिंह ने श्रमिकों की मृत्यु पर किया शोक व्यक्त

भोपाल  स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदयप्रताप सिंह ने शुक्रवार को नरसिंहपुर जिले के गाडरवाड़ा में मैरिज गार्डन में बिजली के करेंट लगने से 3 श्रमिकों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। मंत्री श्री सिंह ने संबंधित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है और दिवंगत आत्म की शांति के लिये ईश्वर से प्रार्थना की है। उन्होंने घटना के संबंध में स्थानीय प्रशासन को आवश्यक जाँच करने और घायलों के उपचार के संबंध में निर्देश दिये हैं।  

गर्मी की छुट्टियों के बाद अब फिर से स्कूल खुलने का समय नजदीक, किताबों पर 10% डिस्काउंट, यूनिफार्म पर 15%

ग्वालियर गर्मी की छुट्टियों के बाद अब फिर से स्कूल खुलने का समय नजदीक आ गया है। ऐसे में बच्चों की कापी-किताबों और यूनिफार्म की खरीदारी फिर से जोर पकड़ने लगी है। इस बार अच्छी खबर ये है कि माता-पिता को जेब ढीली करने से पहले थोड़ा राहत जरूर मिलेगी, क्योंकि दुकानों पर अब भी पुस्तक मेले जैसा डिस्काउंट दिया जा रहा है। इसका फायदा खासतौर पर नए एडमिशन लेने वाले बच्चों के परिवारों को मिलेगा   किताबों पर मिलेगी पुस्तक मेला वाली छूट ग्वालियर सहित अंचल में स्टेशनरी, किताबों और स्कूल यूनिफार्म की दुकानों पर अभी भी वही छूट दी जा रही है जो पुस्तक मेले के दौरान मिलती थी। दुकानदारों के अनुसार किताबों पर 10 प्रतिशत तक, जबकि कापी, स्टेशनरी और यूनिफॉर्म पर 15 प्रतिशत तक का डिस्काउंट मिलेगा। इससे स्कूल शुरू होने से पहले की तैयारी अब कम खर्च में पूरी हो सकेगी। स्कूल खुलने की तारीखें सरकारी स्कूल: 16 जून से केंद्रीय विद्यालय: 20 जून के आसपास एमपी बोर्ड व सीबीएसई स्कूल: 1 जुलाई से इन तारीखों के अनुसार अब स्कूलों में पढ़ाई शुरू होने से पहले बच्चों को फिर से कापी-किताबें, स्टेशनरी और यूनिफॉर्म की जरूरत होगी। नए एडमिशन वालों को होगा ज्यादा फायदा मार्च में लगे पुस्तक मेले के बाद अप्रैल में नया शिक्षण सत्र शुरू हुआ था, लेकिन अधिकतर छात्र अप्रैल के पहले सप्ताह में ही जरूरी चीजें खरीद चुके थे। अब जून-जुलाई में जो छात्र नए स्कूलों में एडमिशन ले रहे हैं, उन्हें एक बार फिर से ये सारी चीजें खरीदनी होंगी। ऐसे में ये डिस्काउंट उनके लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। शहर की प्रमुख स्टेशनरी और यूनिफार्म दुकानों पर स्टॉक सज चुका है। दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने पुस्तक मेले के दौरान जो छूट दी थी, वही साल भर जारी रखने का निर्णय लिया गया था। इसका लाभ अब भी सभी को मिलेगा, जिससे किसी को भी महंगे दामों पर सामान नहीं खरीदना पड़ेगा। एसोसिएशन अध्यक्ष ने क्या कहा? एसोसिएशन अध्यक्ष धनराज सेवानी का कहना है, “हमने पुस्तक मेले में ही निर्णय लिया था कि पूरे शिक्षण सत्र में किताबों, स्टेशनरी और यूनिफॉर्म पर डिस्काउंट जारी रहेगा। यह निर्णय छात्रों और अभिभावकों के हित में है।”

नौ नगरीय निकायों में एक-एक पार्षद के उप निर्वाचन का कार्यक्रम घोषित, मतदान 7 जुलाई को

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 9 नगरीय निकायों में एक-एक पार्षद के उप निर्वाचन का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। उप निर्वाचन के लिये मतदान 7 जुलाई 2025 को होगा। सचिव राज्य निर्वाचन आयोग श्री अभिषेक सिंह ने जानकारी दी है कि निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन और नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने का कार्य 16 जून से शुरू होगा। नाम निर्देशन पत्र 23 जून, 2025 तक लिये जायेंगे। नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा 24 जून को होगी। अभ्यर्थिता से नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 26 जून है। इसी दिन अभ्यर्थियों को निर्वाचन प्रतीकों का आवंटन भी किया जायेगा। मतदान 7 जुलाई को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। मतगणना और निर्वाचन परिणामों की घोषणा 10 जुलाई को सुबह 9 बजे से होगी। नगर पालिका परिषद बैरसिया के वार्ड 7, नगरपालिका परिषद सिवनी के वार्ड 11, नगर परिषद सांवेर के वार्ड 7, गौतमपुरा के वार्ड 15, ककरहटी के वार्ड 13, बिछिया के वार्ड 13, खांड के वार्ड 8, न्यूटन चिखली के वार्ड 4 और नगरपरिषद भीकनगाँव के वार्ड 5 में पार्षद पद के लिये उप निर्वाचन होगा।  

सोनम के भाई ने राजा की मोक्ष की कामना को लेकर तर्पण किया और पूरे समय परिवार के साथ ही दिखाई दिया

उज्जैन राजा के मोक्ष के लिए बड़े भाई विपिन रघुवंशी और भतीजे विधान ने सिद्धवट पर नारायण बलि का पूजन अर्चन कर पिंड बनाकर उनका पूजन किया। इस दौरान सोनम का भाई भी साथ-साथ रहा। उसने राजा की मोक्ष की कामना को लेकर तर्पण किया और पूरे समय परिवार के साथ ही दिखाई दिया। इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद शिलांग पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है। वहीं राजा रघुवंशी के परिजन अपने बेटे के मोक्ष की कामना को लेकर धार्मिक नगरी उज्जैन में पहुंचे। यहां उन्होंने सिद्धवट पर नारायण बलि का पूजन अर्चन कर पिंड बनाएं उनका पूजन किया और फिर इन्हें मां शिप्रा प्रवाहित किया।  श्री क्षेत्र पंडा समिति के अध्यक्ष पंडित राजेश त्रिवेदी आम वाला पंडा ने बताया कि राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी और उनका भतीजा विधान आज शुक्रवार को राजा रघुवंशी के मोक्ष की कामना को लेकर सिद्धनाथ आए। उन्होंने पहले दिन से लेकर दसवें दिन तक का पूजन अर्चन किया। पंडित राजेश त्रिवेदी ने बताया कि राजा के मोक्ष की प्राप्ति के लिए यह संस्कार आवश्यक होता है। इसीलिए परिवार के लोग उज्जैन आए थे, जिन्होंने पिंडदान के साथ ही तर्पण किया और सिद्धनाथ के दर्शन करने के बाद दान पुण्य भी किया।   इंदौर की बहुचर्चित राजा और सोनम मामले में सोनम पर ही चार अन्य लोगों के साथ मिलकर राजा की हत्या करने का आरोप है। पुलिस ने इस पूरे मामले को सुलझा दिया है, लेकिन इन सबके बावजूद सोनम का भाई गोविंद आज सिद्धवट पर हुए पूजन अर्चन के दौरान राजा के परिवार के साथ शामिल रहा। उसने राजा की मोक्ष की कामना को लेकर तर्पण किया और पूरे समय परिवार के साथ ही दिखाई दिया।    सोनम ने गलत किया है तो मिले फांसी की सजा राजा के मोक्ष की कामना को लेकर सिद्धवट पर हुए पूजन अर्चन के दौरान शामिल हुए सोनम के भाई गोविंद ने मीडिया को बताया कि सोनम ने पूरे प्रदेश ही नहीं देशभर में हमारा नाम बदनाम कर दिया। वह शुरुआत से ही जिद्दी और गुस्से वाली थी। गोविंद ने बताया कि अगर मुझे राज कुशवाह और सोनम के अफेयर की जानकारी होती तो या तो मैं उन्हें भगा देता या फिर उनकी शादी करवा देता। परिवार की ओर से सोनम पर शादी का कोई दबाव नहीं था। वह ऐसी भी नहीं थी कि किसी दबाव में आकर शादी कर लेती। उसने जो किया वह माफी के लायक नहीं है। अगर वह दोषी है तो उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए। हम तो शुरू से ही राजा की फैमिली के साथ थे और अब भी उनके साथ ही रहेंगे। 

मध्यप्रदेश का दूसरा सोन घड़ियाल अभयारण्य, जहाँ हो रहा है प्राकृतिक पर्यावास में घड़ियालों का प्रजनन

भोपाल  मध्यप्रदेश में चंबल अभयारण्य के बाद दूसरे सोन घड़ियाल अभयारण्य में प्राकृतिक पर्यावास में घड़ियाल का प्रजनन हो रहा है। अभयारण्य घड़ियाल, स्कीमर सहित अन्य दुर्लभ जलीय जीव-जंतुओं के लिये प्रजनन के महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में विकसित हो रहा है। अभयारण्य पर मंडरा रहे अस्तित्व के संकट के बीच अभयारण्य में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों की इच्छा-शक्ति और अथक प्रयासों से सोन नदी के तटों पर निवासरत समुदायों के सहयोग एवं सहभागिता से जलीय जीव-जंतुओं का संरक्षण करने में सफलता प्राप्त की है। अभयारण्य में 21-22 मई, 2025 को घड़ियालों द्वारा दिये गये अण्डों से लगभग 80 बच्चे निकले है। शेष अण्डों से बच्चे निकालने का क्रम जारी है। अभयारण्य में नर घड़ियाल नहीं होने से प्रजनन अवरुद्ध हो गया था। चंबल अभयारण्य से 14 जनवरी, 2025 को एक नर घड़ियाल लाने के बाद 8 मादा घड़ियालों द्वारा माह मार्च-2025 में अण्डे दिये गये थे। सोन घड़ियाल अभयारण्य, सीधी का गठन घड़ियाल एवं अन्य जलीय जीवों के संरक्षण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन के नोटिफिकेशन 23 सितम्बर, 1981 को किया गया था। इसके अंतर्गत सोन, गोपद एवं बनास नदियों में 209.21 किलोमीटर लम्बाई और चौड़ाई 200 मीटर है। अभयारण्य में वर्ष 2025 में की गयी जलीय जीव-जंतुओं एवं पक्षियों की गणना में 38 घड़ियाल, 74 मगरमच्छ, 41 स्मीकर, 49 प्रकार के कुल 4015 पक्षी तथा कछुए एवं मछलियों की अनेक प्रजातियाँ, जलीय सर्प इत्यादि जीव पाये गये।  

मोटर साइकिल चालक ने चार वर्षीय बच्चे को मारी टक्कर, घर लाते समय हुई बच्चे की मौत

बालाघाट जिले के खैरलांजी में खेरी रोड पर मोटरसाइकिल की टक्कर से एक चार वर्षीय बालिक की मौत हो गई है। मृतक बालक प्रांशुल पिता दीपक रनगड़े खैरलांजी निवासी है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बालक के शव को बरामद कर पंचनामा कार्रवाई को पूर्ण किया है, पुलिस मामला दर्जकर पुलिस जांच में जुटी।   मोटरसाइकिल चालक ने मारी टक्कर जानकारी के अनुसार दीपक रनगढे खैरलांजी निवासी जिला न्यायालय डिंडोरी में सहायक ग्रेड के पद पर पदस्थ है। जिनकी पत्नी अनीता रनगढे बच्चों के साथ खैरलांजी में रहती है। 11 जून की शाम करीब पांच बजे वह अपने घर के सामने आंगन में खड़ी थी। छोटा बेटा प्रांशुल घर के सामने रोड पर खड़ा था तभी घर के सामने रोड से तेज रफ्तार से आ रही मोटरसाइकिल के चालक बालक को टक्कर मार दी। जिससे वह घायल हो गया उसके चिल्लाने पर मां आई और मोटर साइकिल से ही बालक को उपचार के लिए खैरलांजी अस्पताल लेकर पहुंचे। घर लाते समय हुई बच्चे की मौत बच्चे के प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है, जिसपर परिजन बालक को गोंदिया के निजी अस्पताल लेकर गए। 12 जून को बालक के स्वास्थ्य में कुछ सुधार होने पर उसे परिजन घर लेकर आने के लिए छुट्टी करवारकर आ रहे थे लेकिन रास्ते में ही बालक की तबियत बिगड़ गई जिससे उसे खैरलांजी अस्पताल ले जाया गया, यहां पर उसकी मौत हो गई।

सुरवाया थाना क्षेत्र के फोरलेन हाईवे पर एक कार में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई, कार को आग की लपटों ने घेर लिया

शिवपुरी सुरवाया थाना क्षेत्र के फोरलेन हाईवे पर शुक्रवार की दोपहर एक कार में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। देखते ही देखते पूरी कार को आग की लपटों ने घेर लिया। कार में सवार परिवार आग फैलने के पहले ही सुरक्षित बाहर निकल आया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई है। पुलिस ने आगजनी कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।   ससुराल घूमने जा रहा था परिवार जानकारी के अनुसार कानपुर निवासी सय्यैद शहनबाज अपनी इग्निस कार से परिवार के साथ वीक एंड की छुट्टियां मनाने के लिए गुना स्थित ससुराल जा रहे थे। कार में तीन पुरूष, दो महिला व एक बच्चा सवार था। शुक्रवार की सुबह कानपुर से चलकर दोपहर के समय वह अमाेला व सुरवाया के बीच में पहुंचे। भीषण गर्मी के कारण कार गर्म होने से इंजन में शॉर्ट सर्किट हुआ। कार ने आग पकड़ ली। कार चला रहे सय्यैद शाहनबाज के भांजे मेहमूद को लगा की चलती कार के इंजन में आग लग गई। इस पर उन्होंने कार को सड़क किनारे खड़ा कर पूरे परिवार को बाहर निकाला। आग से जली पूरी कार उसके आग को बुझाने की कोशिश से पहले ही आग ने भीषण हो गई। पूरी कार आग की चपेट में आकर जल गई। कार में सवार लोगों को कुछ मिनट तक पता नहीं चलता कि कार में आग लग गई है, तो शायद यह हादसा और भी गंभीर हो सकता था।

सोनम रघुवंशी और राज का नार्को टेस्ट से सामने आएगा, राजा रघुवंशी मर्डर केस का ‘पूरा सच’आएगा सामने?

इंदौर मेघालय में हनीमून के दौरान मार डाले गए इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी  राजा रघुवंशी मर्डर केस का पूरा सच सामने लाने के लिए अब आरोपियों का नार्को टेस्ट कराने की मांग उठने लगी है। राजा रघुवंशी के बड़े भाई ने मांग की है कि राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम (25) और राज कुशवाह का नार्को टेस्ट कराया जाना चाहिए। इस मामले में सोनम और उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा (20) समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।  मेघालय पुलिस की कस्टडी में हैं आरोपी राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम पर आरोप है कि उसने कुशवाहा के साथ मिलकर उसके तीन दोस्तों की मदद से अपने पति की हत्या कराई ताकि उसे रास्ते से हटाया जा सके। इस मर्डर केस के के पांचों आरोपी फिलहाल मेघालय पुलिस की हिरासत में हैं। इन आरोपियों से पूछताछ करके इस वारदात की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। राजा रघुवंशी के बड़े भाई सचिन रघुवंशी ने इंदौर में कहा,”हम चाहते हैं कि मेघालय पुलिस सोनम और कुशवाह का नार्को टेस्ट कराए ताकि मेरे भाई की हत्या का पूरा सच बाहर आ सके।”  नार्को टेस्ट से पूरा सच आएगा सामने सचिन ने कहा, “सोनम और राज कुशवाहा से मेघालय पुलिस की पूछताछ को लेकर सामने आ रही खबरों से हमें लग रहा है कि दोनों मिलीभगत के तहत एक-दूसरे को इस वारदात का मास्टरमाइंड बताकर जांचकर्ताओं को गुमराह कर रहे हैं।” उन्होंने दावा किया कि सोनम और कुशवाहा अपने दम पर उनके भाई राजा रघुवंशी की हत्या नहीं कर सकते थे। सचिन ने कहा,”मुझे लगता है कि हत्याकांड में और लोग भी शामिल हैं जो अब तक मेघालय पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। सोनम और कुशवाह के नार्को टेस्ट से इन लोगों के नाम भी पता चल सकते हैं।”  ‘राज-सोनम के नार्को टेस्ट से सामने आएगा सच’ राजा रघुवंशी के बड़े भाई सचिन रघुवंशी ने राजा हत्याकांड में शामिल सोनम रघुवंशी और उसके प्रेमी राज कुशवाह के नार्को टेस्ट की मांग की है। सचिन रघुवंशी का कहना है कि सोनम और राज दोनों ही पुलिस की पूछताछ में एक-दूसरे को मास्टरमाइंड बताकर पुलिस को गुमराह कर रहे हैं इसलिए दोनों का नार्को टेस्ट होना चाहिए जिससे कि सच का पता चल सके। इसके साथ ही उन्होंने राजा की हत्या की साजिश में और लोगों के शामिल होने की आशंका भी जताई है। भाई-भतीजे ने किया राजा का पिंडदान इधर राजा रघुवंशी का उनके परिजन ने उज्जैन में पिंडदान किया। राजा के दशाकर्म के लिए भाई विपिन रघुवंशी, भतीजा विधान (विपिन का बेटा), भाई सुजित रघुवंशी व उज्जैन में रहने वाले रिश्तेदार सिद्धवट घाट पहुंचे थे। सोनम का भाई गोविंद भी पूजन करने इनके साथ आया था। राजा का पिंडदान भतीजे विधान ने किया। पूजन पंडित राजेश त्रिवेदी ने कराया। पिंडदान में पहुंचे सोनम के भाई गोविंद ने एक बार फिर साफ साफ कहा है कि सोनम उनके लिए मर चुकी है और अब उससे हमारा कोई रिश्ता नहीं है। सोनम और राज के रिश्ते के बारे में परिवार को मालूम था? राजा रघुवंशी के भाई ने इस मर्डर केस की विस्तृत जांच की मांग की और यह संदेह भी जताया कि सोनम और कुशवाहा के कथित करीबी रिश्ते के बारे में इस महिला के परिवार, खासकर उसकी मां को पहले से पता था, लेकिन इसके बावजूद सोनम पर पारिवारिक दबाव डालकर राजा के साथ उसकी शादी कराई गई। उन्होंने यह मांग भी की कि राजा रघुवंशी हत्याकांड का मुकदमा फास्ट ट्रैक अदालत में चलाया जाए और इसमें दोषी पाए जाने वाले लोगों को ‘दोहरे आजीवन कारावास’ की सजा दी जाए।  राज कुशवाहा है इस केस का मस्टरमाइंड मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले के एसपी विवेक सायम ने बृहस्पतिवार को  बताया था कि राजा की हत्या की साजिश 11 मई को सोनम के साथ उनकी शादी से ठीक पहले इंदौर में रची गई थी। इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि राज कुशवाहा है। सोनम ने इस साजिश के लिए अपनी रजामंदी दी थी। राजा रघुवंशी हत्याकांड में गिरफ्तार तीन अन्य आरोपियों-विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी पर शुरुआत में ‘भाड़े के हत्यारे’ होने का संदेह जताया गया था, लेकिन मेघालय पुलिस अब इन्हें कुशवाह के दोस्त बता रही है।  अन्य आरोपी सुपारी किलर नहीं, राज के दोस्त एसपी ने कहा, “हत्याकांड में शामिल तीनों युवक कुशवाह के दोस्त हैं जिनमें से एक आरोपी उसका चचेरा भाई है। यह हत्या की सुपारी देने का कोई आम मामला नहीं है, लेकिन साजिश हत्या की ही थी और तीनों युवकों ने अपने दोस्त कुशवाह की मदद के लिए इसे अंजाम दिया था।’’ सायम ने बताया कि कुशवाह ने तीनों युवकों को खर्च के लिए 50 हजार रुपये दिए थे। उन्होंने बताया कि राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रचे जाने का सिलसिला फरवरी में इंदौर में शुरू हुआ था और आरोपियों ने इस वारदात के बाद सोनम के फरार होने के तरीके सोचे थे। 

बुर्का पहन मेघालय से भागी सोनम, फरवरी में ही बना लिया था राजा रघुवंशी की हत्या का प्लान,पुलिस का खुलासा

इंदौर जा रघुवंशी की हत्या के मामले में मेघालय पुलिस ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। हत्या के बाद सोनम बुर्का पहनकर मेघालय से भाग गई थी। वह टैक्सी, बस और ट्रेन से मध्यप्रदेश के इंदौर पहुंची। हत्या की योजना फरवरी में ही बननी शुरू हो गई थी। साजिश को अंतिम रूप इंदौर में शादी से ठीक पहले दिया गया, जिसमें सोनम भी शामिल थी। पुलिस ने राज कुशवाहा के तीन दोस्तों विशाल, आकाश और आनंद को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार सोनम 26 मई से आठ जून तक इंदौर में रही है। सुपारी किलर नहीं थे ये पुलिस के अनुसार, ये सुपारी किलर नहीं थे, बल्कि राज के दोस्त थे और दोस्ती के लिए हत्या करने को तैयार हो गए थे। राजा को मारने के बाद, आरोपियों ने एक और महिला की हत्या करके उसे सोनम के रूप में पेश करने की योजना बनाई थी। हालांकि, पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गहराई से कर रही जांच मेघालय पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। ईस्ट खासी हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने इस मामले में कई अहम जानकारियां दी हैं। उन्होंने बताया कि हत्या की साजिश कैसे रची गई और कैसे आरोपियों ने इसे अंजाम दिया। पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने बताया कि राजा की हत्या की योजना बहुत पहले से बन रही थी। आरोपियों ने 19 मई को असम में राजा को मारने की कोशिश की थी, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। इसके बाद सोनम ने शिलॉन्ग और सोहरा जाने का सुझाव दिया। सभी आरोपी नोंग्रियात में मिले। वहां से वाई वेसाडोंग फॉल्स के लिए निकले। पूर्वी खासी हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक सायम ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि राजा की हत्या की साजिश 11 मई को सोनम के साथ उसकी शादी से ठीक पहले इंदौर में रची गई थी तथा इसका मास्टरमाइंड राज कुशवाह है, जबकि सोनम ने इस साजिश के लिए सहमति जताई थी. पुलिस अधीक्षक विवेक सायम ने कहा, “तीनों युवक दोस्त थे और उनमें से एक राज का चचेरा भाई है. यह हत्या की सुपारी देने का कोई मामला नहीं है. हां, योजना हत्या की थी और उन्होंने अपने दोस्त राज की मदद करने के लिए ऐसा किया.” पुलिस अधिकारी ने बताया कि राज ने उन्हें खर्च के लिए 50,000 रुपये दिए थे. उन्होंने बताया कि वारदात की योजना फरवरी में इंदौर में शुरू हुई थी और उन्होंने राजा की हत्या के बाद सोनम के वहां से फरार होने के तरीके सोचे थे. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “आरोपियों की एक योजना यह थी कि लोगों को विश्वास दिलाया जाए कि वह झरने में बह गई होगी. दूसरी योजना यह थी कि किसी अनजान महिला की हत्या कर दी जाए, उसके शव को दोपहिया वाहन पर लाद दिया जाए, शव को जला दिया जाए और दावा किया जाए कि यह सोनम का शव है. हालांकि, कोई भी योजना सफल नहीं हुई.” 18 मिनट में कर दी हत्या विवेक सिएम के अनुसार, दोपहर 2:00 बजे से 2:18 बजे के बीच तीनों ने राजा पर माचेते (चाकू जैसे हथियार) से हमला कर दिया। सोनम के सामने ही राजा की हत्या कर दी गई। फिर लाश को खाई में फेंक दिया गया। हत्या के बाद सोनम ने अपना रेनकोट आकाश को दिया, क्योंकि उसकी शर्ट पर खून के धब्बे थे। बाद में उस रेनकोट और टू-व्हीलर को घटनास्थल से कुछ दूरी पर छोड़ दिया गया। पुलिस ने सोनम के ‘लापता’ होने के दौरान इसे बरामद किया था। बुर्का पहनकर भागी थी सोनम सोनम की फरारी की कहानी भी काफी दिलचस्प है। राज ने अपने दोस्त विशाल को एक बुर्का दिया, जिसे सोनम ने पहना। वह पुलिस बाजार से टैक्सी लेकर गुवाहाटी गई। फिर बस से सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल), फिर पटना और आरा, फिर ट्रेन से लखनऊ और वहां से बस से इंदौर पहुंची। गाइड की बात से खुलासा हुआ पूरा मामला तब खुला जब मेघालय मीडिया ने एक गाइड से बात की। उस गाइड ने राजा और सोनम को तीन अन्य लोगों के साथ देखा था। राज ने सोनम से कहा था कि वह सिलीगुड़ी जाकर खुद को अगवा बताकर पेश करे। लेकिन 8 जून को सोनम जब इंदौर से निकली, तभी मेघालय पुलिस की दो टीमें यूपी और मध्यप्रदेश पहुंच चुकी थीं। जब पहली गिरफ्तारी (आकाश) हुई, तब राज घबरा गया। उसने सोनम से कहा कि वह अपने परिवार को फोन कर दे और कहे कि वह किसी गैंग से बचकर निकली है। यहीं से यह पूरा मामला उजागर हुआ और सोनम गाज़ीपुर में पुलिस के सामने आई। सोनम और राज को लगा था कि राजा की लाश जल्दी नहीं मिलेगी क्योंकि जगह बहुत दुर्गम थी और जांच में महीने भर का वक्त लग सकता था। इसी वजह से सोनम खुद को अगवा दिखाकर सहानुभूति पाना चाहती थी। 90 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल कर देंगे एसपी सिएम ने कहा कि आरोपियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि 90 दिनों की समयसीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। सभी पांच आरोपियों को बुधवार को 8 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।

विधवा बहू ने दोबारा शादी करने से किया इनकार तो पूर्व सैनिक ससुर ने मार दी गोली

मुरैना  मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में एक पूर्व सैनिक ने अपनी विधवा बहू को गोली मार दी है। उसने इस बात को लेकर गोली मारकर हत्या कर दी कि उसने दोबारा शादी करने से इनकार कर दिया। महिला के परिजनों और पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पूर्व सैनिक फरार सिविल लाइंस थाना प्रभारी दर्शन लाल शुक्ला ने बताया कि आरोपी ज्ञान सिंह गुर्जर (65) रात करीब 10 बजे देसी कट्टे से अपनी बहू प्रियंका (38) की गोली मारकर हत्या करने के बाद फरार हो गए। महिला ने एक साल पहले अपने पति को खो दिया था। उन्होंने बताया कि यह घटना मुरैना जिला मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में सिकरौदा नहर के पास हुई और महिला की मौके पर ही मौत हो गई। चार दिन पहले आई थी ससुराल शुक्ला ने कहा कि ज्ञान सिंह के खिलाफ हत्या के आरोप में मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है। पति की मौत के बाद महिला अपने तीन बच्चों के साथ मायके में रह रही थी। हालांकि, वह चार दिन पहले अपने ससुराल लौट आई थी। बड़े भाई के बेटे से शादी का दबाव पीड़िता के भाई मुकेश के अनुसार प्रियंका के ससुर गुर्जर उस पर अपने बड़े भाई के बेटे ध्रुव से शादी करने का दबाव बना रहे थे, जो उनकी बहन को मंजूर नहीं था। मुकेश ने आरोप लगाया कि मेरी बहन ने इनकार कर दिया क्योंकि उसके पहले से ही तीन बच्चे हैं। इस वजह से उनके बीच अक्सर झगड़े होते थे। पुलिस अधिकारी शुक्ला ने बताया कि आरोपों की जांच की जा रही है। 18 महीने में दो बेटों की मौत आरोपी पूर्व सैनिक ने पिछले 18 माह में अपने दोनों बेटों को खो दिया। पुलिस के अनुसार, प्रियंका के पति अजय गुर्जर की पिछले साल नौ जून को मौत हो गई थी और उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें एक सात साल की बेटी और पांच और तीन साल के दो बेटे हैं।

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