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मोदी सरकार के 11 साल पूरे होने पर आज इंदौर में जुटेगा बुद्धिजीवी वर्ग! प्रोफेशनल्स के बीच पहुंचेगी भाजपा

इंदौर  मोदी सरकार के 11 साल पूरे होने पर इंदौर में आज बीजेपी द्वारा प्रोफेशनल्स मीट का आयोजन किया जा रहा है। इस मीट में शहर के डॉक्टर्स, इंजीनियर, वकील, एनजीओ संगठन सहित कई लोग शामिल होंगे। इंदौर बीजेपी के सह मीडिया प्रभारी नितिन द्विवेदी ने बताया कि मोदी सरकार के 11 वर्ष के सुशासन पर ‘संकल्प से सिद्धी अभियान’ के तहत आयोजित प्रोफेशनल्स मीट में राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम और प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा शामिल होंगे। यह आयोजन आज शाम 5 बजे ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया जाएगा। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने बताया कि देश की तरक्की में योगदान के लिए प्रोफेशनल मीट कार्यक्रम के अंतर्गत शहर के प्रमुख डॉक्टर ,इंजीनियर, प्रोफेशनल, चार्टर्ड अकाउंटेंट, आदि तीन सत्र में विकसित भारत के विषय पर विस्तार से चर्चा करेंगे। इसके साथ ही 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले 15 से 20 जून तक मंडलों में योग प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाए। वहीं 23 जून डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी बलिदान दिवस और 6 जुलाई को उनकी जयंती तक कार्यक्रमों की श्रृंखला मनाई जाएगी। 25 जून को कांग्रेस द्वारा लगाए गए आपातकाल के काले अध्याय के 50 वर्ष होने पर सेमिनार और लोकतंत्र सेनानी के सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। कांग्रेस आज मनाएगी फेकू दिवस इधर, कांग्रेस आज मोदी सरकार के 11 साल पूरे होने पर फेकू दिवस का आयोजन करने जा रही है। शहर कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव ने बताया कि कांग्रेस 11 जून को सुबह 9 बजे गांधी भवन कांग्रेस कार्यालय के नीचे यशवंत रोड पर ‘फेकू दिवस’ मनाएगी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुखौटा लगाकर प्रतीकात्मक रूप से ‘फेकू मिठाई’ का वितरण किया जाएगा। देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि हाल ही में प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई टिप्पणी और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर सरकार ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। कांग्रेस इन्हीं मुद्दों के साथ केंद्र की जनविरोधी नीतियों, बेरोजगारी और महंगाई को लेकर जनता का ध्यान आकर्षित करेगी।

योग दिवस 21 जून को प्रदेश स्तरीय होंगे कार्यक्रम, सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को दिशा-निर्देश जारी किये

भोपाल  प्रदेश में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेश स्तरीय सामूहिक योग कार्यक्रम होंगे। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को दिशा-निर्देश जारी किये हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा योग को वैश्विक पहचान देते हुए वर्ष 2015 में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया है। वर्ष 2015 से सारी दुनिया में योग के प्रति उत्साही भागीदारी देखी गई है। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का एक दशक पूर्ण हो रहा है। इस अवसर पर वृहद रूप से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन के साथ-साथ काउंट डाउन एवं अन्य कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। इस संबंध में सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। प्रदेश में जिला, विकासखंड एवं पंचायत स्तर पर सामूहिक योग कार्यक्रम होंगे। इसमें विद्यालयों, महाविद्यालयों, चिकित्सा एवं तकनीकी शिक्षा संस्थान, आयुष, नर्सिंग, पशु चिकित्सा, कृषि, शिक्षा, पॉलीटेक्निक, आईटीआई के साथ निजी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों की भागीदारी रहेगी। प्रदेश के समस्त संस्थानों में योग दिवस में भाग लेने के लिये आयुष मंत्रालय भारत सरकार की लिंक http://yoga.ayush.vog.in/yoga.sangam में आयोजक के रूप में पंजीयन कराया जाना है। जिससे भारत सरकार स्तर पर प्रदेश में आयोजन की संख्या निर्धारित हो सके। भारत सरकार द्वारा इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की निर्धारित थीम “एक पृथ्वी-एक स्वास्थ्य के लिये योग” रखी गई है। प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर भी सामूहिक योग के लिये विशेष व्यवस्था की जा रही है। सामूहिक योग कार्यक्रम की शुरूआत 21 जून को प्रात: 6 बजे से होगी। सामूहिक योग की प्रक्रिया प्रात: 7.45 पर संपन्न हो जायेगी।  

‘अमृत हरित अभियान’ पर एक दिवसीय कार्यशाला 13 जून को

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 13 जून, शुक्रवार को प्रातः 8:30 बजे भोपाल के रवीन्द्र भवन में ‘अमृत हरित अभियान’ पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। कार्यशाला का सीधा प्रसारण किया जाएगा जिसे समस्त नगरीय निकायों में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सजीव देखा जा सकेगा। कार्यक्रम में सांसद, विधायक, महापौर, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।  

मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना में दो चरणों में बीस हजार से अधिक बसाहटों को सड़क बनाकर जोड़ा जाएगा

भोपाल छह हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले ऐसे क्षेत्रों को अब मुख्य मार्ग से जोड़ा जाएगा जहां 20 आवास और 100 से अधिक लोग रहते हैं पर बारहमासी सड़क से 50 मीटर दूर हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना में दो चरणों में बीस हजार से अधिक बसाहटों को 30 हजार 900 किलोमीटर सड़क बनाकर जोड़ा जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 21 हजार 630 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। यह राशि सरकार अपने बजट से लगाएगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कैबिनेट बैठक में यह योजना प्रस्तुत की। इसमें बताया गया कि वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक पहला और वर्ष 2030-31 से 2034-35 तक दूसरे चरण में निर्माण कार्य किया जाएगा।   आयातित तुअर पर मंडी शुल्क नहीं प्रदेश में तुअर दाल उद्योगों की आवश्यकता को देखते हुए बाहर से आयातित तुअर पर मंडी शुल्क से पूरी तरह छूट देने का निर्णय लिया गया। अभी सौ रुपये पर एक रुपये मंडी शुल्क लेने का प्रविधान है। सरकार लगातार इसमें छूट दे रही है। वर्ष 2024-25 में मंडी समितियों को मंडी शुल्क से 1,329 करोड़ रुपये की आय हुई। छूट देने से लगभग 20 करोड़ रुपये की आय प्रभावित होगी। प्रदेश में 134 तुअर दाल प्रसंस्करण इकाइयां हैं, जिनकी क्षमता छह लाख टन है। झाबुआ, सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम में बनेंगे कामकाजी महिलाओं के छात्रावास बैठक में झाबुआ, सिंगरौली, देवास और नर्मदापुरम में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाने का निर्णय लिया गया। ये 350 सीट की क्षमता वाले होंगे। योजना निजी सार्वजनिक भागीदार माडल पर संचालित होगी और इस पर 40 करोड़ 59 लाख रुपये व्यय होंगे। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बनेगी जिला विकास सलाहकार समिति प्रत्येक जिले की विकास योजना का रोडमेप तैयार करने और जिले की दीर्घकालीन विकास योजनाएं बनाने के लिए सभी जिलों में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में जिला विकास सलाहकार समिति बनाई जाएगी। इसके उपाध्यक्ष जिले के प्रभारी मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। सांसद, जिले के समस्त विधायक, जिला मुख्यालय के महापौर या नगरपालिका अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिले के सभी जनपद अध्यक्ष के साथ उद्योग, व्यापार, प्रगतिशील किसान, समाजसेवी, चिकित्सा, विधि आदि क्षेत्रों के 20 प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। कलेक्टर समिति के सदस्य सचिव होंगे। समिति जनता, जनप्रतिनिधियों व अन्य हितधारकों की जरूरतों और सुझावों के अनुसार दीर्घकालीन विकास की योजनाएं बनाएगी। वोकल फार लोकल के सिद्धांत के दृष्टिगत जिले की समृद्धि का रोडमैप तैयार करेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कृषि उपज मंडियों में पारदर्शी व्यवस्था बनाकर मूंग खरीदी की जाएगी

मंडियों में किसानों को मूंग विक्रय का मिले उचित दाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भारतीय किसान संघ मध्यप्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने की भेंट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कृषि उपज मंडियों में पारदर्शी व्यवस्था बनाकर मूंग खरीदी की जाएगी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कृषि उपज मंडियों में पारदर्शी व्यवस्था बनाकर मूंग खरीदी की जाएगी। प्रदेश के बाहर से व्यापारियों को भी मूंग खरीदी के लिए सुविधाएं प्रदान की जाएंगी और प्रोत्साहित किया जाएगा। मंडियों में किसानों को मूंग विक्रय का उचित दाम मिल सके इसके लिए व्यापारियों को बोली लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में उनसे भेंट करने आए भारतीय किसान संघ मध्यप्रदेश के प्रतिनिधिमंडल से यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मूंग पर मंडी शुल्क में राहत दी जा सकती है या नहीं इसकी जांच की जायेगी। किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) और आईटीसी को मूंग नीलामी में शामिल करने के लिये प्रेरित किया जायेगा। हमारा प्रयास यह है कि मंडियों में मूंग की मॉडल दरे बढ़कर लगभग 7500 रूपये प्रति क्विंटल हो जाये। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से बाहर से आने वाले व्यापारियों को नये मंडी लायसेंस भी दिये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है। खेती और किसानी राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। प्रदेश में कृषि आधारित उद्योग लगाने के लिए कोई कसर छोड़ी नहीं जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कपास उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। गौ-शाला संचालित करने के लिए 20 रुपए से बढ़ाकर प्रति गाय 40 रुपए अनुदान राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि किसान, फसल चक्र अपना कर उत्पादन में वृद्धि कर सकते हैं। प्रतिनिधिमंडल में भारतीय किसान संघ, मध्यप्रदेश के अध्यक्ष कमल सिंह आंजना, चंद्रकात गौर और अन्य पदाधिकारी शामिल थे। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा उपस्थित थे।  

प्रदेश के मॉडल स्कूल में 50 हजार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग वर्तमान में 145 शासकीय मॉडल स्कूल का संचालन कर रहा है। इनमें से 143 मॉडल स्कूल के स्वयं के भवन निर्मित हो चुके हैं। इन मॉडल स्कूल में करीब 50 हजार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है। मॉडल स्कूल शैक्षणिक रूप से प्रदेश के पिछड़े विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों में शिक्षा से जुड़ी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जिला मुख्यालय पर शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय स्कूल शिक्षा विभाग माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश के 43 जिला मुख्यालय एवं 96 विकासखंड मुख्यालय पर उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन विद्यालयों में बच्चों के कॅरियर काउंसलिंग की भी व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था से बच्चों को भविष्य में किस क्षेत्र में अध्ययन करना है, उसकी समझाइश विशेषज्ञों के माध्यम से मिलती है।  

भारत में स्वदेशी रक्षा उत्पादन 174 प्रतिशत बढ़कर एक लाख 27 हजार 434 करोड़ रुपए हुआ

सैन्य प्रौद्योगिकी से मिली नई वैश्विक पहचान, भारत अब अमेरिका, फ्रांस और 80 देशों को बेच रहा रक्षा सामान प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत बना दुनिया का 5वां सबसे बड़ा रक्षा निर्यातक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारत में स्वदेशी रक्षा उत्पादन 174 प्रतिशत बढ़कर एक लाख 27 हजार 434 करोड़ रुपए हुआ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में देश का रक्षा क्षेत्र सुदृढ़ हुआ है। वर्ष 2014 के मुकाबले भारत में स्वदेशी रक्षा उत्पादन 174 प्रतिशत बढ़कर 1 लाख 27 हजार 434 करोड़ रुपए से अधिक पहुंच गया है, वहां भारत अब दुनिया का 5वां सबसे बड़ा रक्षा निर्यातक (डिफेंस एक्सपोर्टर) बन गया है। यह निर्यात 100 से अधिक देशों तक फैला हुआ है, जो 2014 में लगभग शून्य था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प से रक्षा से जुड़े प्रत्येक क्षेत्र में भारत ने श्रेष्ठता सिद्ध की है और देश को सैन्य प्रौद्योगिकी के मामले में नई वैश्विक पहचान मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रक्षा गलियारों में 50 हजार 83 करोड़ रुपए के निवेश के साथ भारत अपनी निर्माण क्षमताओं को बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुनिया के समक्ष अपना पराक्रम दिखाया है। प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी नीतियों से जम्मू-कश्मीर में 2023 से पत्थरबाजी की एक भी घटना सामने नहीं आई है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की शुरुआत कई दशक पहले हो गई थी, लेकिन पिछले 11 सालों में इसने अभूतपूर्व गति पकड़ी है. आज भारत दुनिया में अपनी रक्षा क्षमताओं के मामले में कई एलीट ग्रुप्स का सदस्य बन गया है. भारत न केवल अपनी सेना को स्वदेशी सैन्य उपकरणों से मजबूत कर रहा है. बल्कि इन्हें दुनिया भर के देशों को बेच भी रहा है. भारत की रफ्तार इतनी तेज हो गई है कि सभी पुराने रिकॉर्ड टूट गए हैं. रक्षा निर्यात की वृद्धि     निर्यात का आंकड़ा: 2024-25 में भारत का रक्षा निर्यात 23,622 करोड़ रुपये पहुंच गया है.     वृद्धि: पिछले साल 2023-24 में यह 21,083 करोड़ रुपये था, जो 12.04 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है. इसमें 2,539 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई.     लक्ष्य: 2029 तक रक्षा निर्यात को 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है.     पहले का आंकड़ा: 2004-2014 में रक्षा निर्यात सिर्फ 4,312 करोड़ रुपये था, जो 2014-2024 में 88,319 करोड़ रुपये हो गया. स्वदेशी उत्पादन भारत अब अपनी जरूरतें स्वदेशी हथियारों से पूरी कर रहा है. रक्षा मंत्रालय ने पॉजिटिव इंडिजिनाइजेशन लिस्ट के तहत सैकड़ों तरह के हथियार, उपकरण और स्पेयर पार्ट्स के आयात पर रोक लगा दी है. आज भारत हथियारों को विदेश से खरीदने की जगह, उन्हें दुनिया को बेच रहा है. डीपीएसयू और प्राइवेट कंपनियां 2024-25 में निर्यात: कुल निर्यात में से डीपीएसयू (डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग) ने 8,389 करोड़ रुपये का निर्यात किया, जबकि प्राइवेट कंपनियों ने 15,233 करोड़ रुपये कमाए. पिछले साल की तुलना में: 2023-24 में डीपीएसयू का निर्यात 5,874 करोड़ रुपये और प्राइवेट कंपनियों का 15,209 करोड़ रुपये था. डीपीएसयू का निर्यात 42.85 प्रतिशत बढ़ा है. उत्पादन वृद्धि: पिछले 10 सालों में रक्षा उत्पादन 174 प्रतिशत बढ़ा है. 2014-15 में यह 46,429 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में 1,27,265 करोड़ रुपये हो गया. 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है. वैश्विक बाजार     शीर्ष खरीदार: 2023-24 में अमेरिका, फ्रांस और आर्मेनिया शीर्ष खरीदार देश रहे. आज भारत 80 देशों को सैन्य उपकरण बेच रहा है.     अमेरिका और फ्रांस: दुनिया के सबसे बड़े हथियार निर्माता और निर्यातक देश, अब भारत से रक्षा उत्पाद खरीद रहे हैं.     दुनिया का रुझान: दुनिया के सभी हथियार बनाने वाले देश भारत से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं. 11 साल की आत्मनिर्भरता की यात्रा में भारत ने रक्षा क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है. अब भारत न केवल अपनी सेना को मजबूत कर रहा है, बल्कि दुनिया को हथियार बेचकर अपनी वैश्विक उपस्थिति भी बढ़ा रहा है. 2029 तक 50,000 करोड़ रुपये के निर्यात और 3 लाख करोड़ रुपये के उत्पादन का लक्ष्य भारत को शक्ति बनाएगा.  

मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है, जहाँ प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों को एक सिंगल पोर्टल पर लाया गया है

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को कम्प्यूटरीकृत करने के लिये केन्द्रीकृत वेब आधारित ई-नगरपालिका 2.0 योजना प्रारंभ की है। यह योजना डिजिटल इण्डिया के उद्देश्य को बढ़ावा देने तथा पारदर्शी और त्वरित नागरिक सेवा देने के उद्देश्य से लागू की गयी है। यह योजना ई-गवर्नेंस का अनूठा उदाहरण है। ई-नगरपालिका 1.0 द्वारा नगरीय निकायों द्वारा प्रदत्त समस्त नागरिक सेवाओं, जन-शिकायत सुविधा, निकायों की आंतरिक कार्य-प्रणाली, समस्त भुगतान और बजट प्रक्रिया को एकीकृत कर ऑनलाइन सुविधा प्रदाय की जा रही है। मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है, जहाँ प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों को एक सिंगल पोर्टल पर लाया गया है। ई-नगरपालिका 2.0 का विभिन्न विभागों जैसे उद्योग, राजस्व, पंजीयन विभाग आदि एवं भारत सरकार के महत्वपूर्ण मोबाइल ऐप जैसे उमंग से भी एकीकृत किया गया है। प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों में नागरिक सेवाओं को प्रदाय करने के लिये एकीकृत एकल एसएपी, ईआरपी प्लेटफार्म आधारित ई-नगरपालिका 1.0 लागू की गयी थी। इसके बाद ई-नगरपालिका 2.0 नगरीय निकायों में लागू कर दी गयी है। इसके अंतर्गत 16 मॉड्यूल तथा 24 नागरिक सेवाएँ शामिल हैं। भौतिक अवसंरचना को क्लाउड सेवाओं द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है। ई-नगरपालिका 2.0 में जीआईएस एकीकरण और ऑर्टीफिशियल इंटेलीजेंस का भी उपयोग किया जा रहा है। कॉमन सर्विस सेंटर, एमपी ऑनलाइन कियोस्क सेंटर और भुगतान गेटवे के साथ ई-नगरपालिका 2.0 का एकीकरण किया जा रहा है। ई-नगरपालिका 2.0 ओपन सोर्स प्लेटफार्म टेक्नोलॉजी पर आधारित है। ई-नगरपालिका 2.0 पोर्टल का विकास 2 वर्ष तथा 5 वर्ष के ऑपरेशन और मेंटेनेंस का कार्य वेंडर द्वारा किया जायेगा। विभाग द्वारा अपनी वेबसाइट भी प्रारंभ की गयी है, जिसका यूआरएएल www.mpurban.gov.in है। वेबसाइट पर विभाग द्वारा नगरीय निकायों से संबंधित आवश्यक जानकारी स्टेटिक और डॉयनेमिक रूप में उपलब्ध करायी गयी है।  

प्रदेश में 15 जून से एक्टिव होगा मानसून, एमपी में 16 जून से प्रीमानसून की हलचल

भोपाल मानसून 2025, 14 दिन से महाराष्ट्र में ठहरा हुआ है। इसके आगे नहीं बढऩे से मानसून सीजन में हीटवेव ने घुसपैठ कर दी है। सोमवार 9 जून से राजस्थान से चली गर्म हवा की वजह से मध्य प्रदेश में लोग भीषण गर्मी से बेहाल हैं। यहां कई शहरों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। मानसून 2025, 14 दिन से महाराष्ट्र में ठहरा हुआ है। इसके आगे नहीं बढऩे से मानसून सीजन में हीटवेव ने घुसपैठ कर दी है। 9 जून से राजस्थान से चली गर्म हवा की वजह से मध्य प्रदेश में लोग भीषण गर्मी से बेहाल हैं। यहां कई शहरों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन समेत एमपी के कई शहरों में आसमान से आग बरसी। गर्मी ने जैसे शहरों में कर्फ्यू लगा दिया है। दोपहर का आलम ये है कि व्यस्ततम सड़कें खाली नजर आ रही हैं। नौतपा जैसी गर्मी का दौर अब चल रहा है। ग्वालियर में 24 दिन में दूसरी बार सबसे ज्यादा गर्मी इस सीजन में ग्वालियर में 24 दिन बाद दूसरी बार अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। इससे पहले 16 मई को तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा था। 20 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से हीटवेव भी चलीं। मौसम विभाग ने पूरे हफ्ते भीषण गर्मी का अलर्ट जारी किया गया है। आज 11 जून को तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज हो सकता है। गर्म हवाओं से आसमान साफ, चलीं हीट वेव्ज दरअसल जम्मू कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं है। इस कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी नहीं आ रही है। राजस्थान की गर्म हवा 20 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चल रही है। इस हवा की वजह से आसमान साफ हो गया है। दोपहर में हीटवेव चलने से गर्मी बढ़ गई। छह घंटे तक तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। शहर भीषण गर्मी से तप गया। सूर्य अस्त के बाद भी गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों को बेहाल कर दिया। 15 जून से एक्टिव होगा मानसून, एमपी में 16 जून से प्री-मानसून बंगाल की खाड़ी में 13 जून को कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो रहा है। इसकी वजह से सुस्त अवस्था में पड़ा मानसून एक बार फिर एक्टिव हो जाएगा। पूरे महाराष्ट्र में सक्रिय होने के बाद मध्य प्रदेश में मानसून प्रवेश करेगा। 16 जून से शहर में प्री मानसून की हलचल शुरू हो जाएगी। आंधी और बारिश का दौर शुरू होगा। तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन उमस भरी गर्मी तब भी झेलनी पड़ेगी। 14 साल का रिकॉर्ड टूटा! इस बार नहीं पड़ी नौतपे की मार मध्य प्रदेश में इस बार मौसम (MP Weather) ने पिछले 14 सालों का रिकॉर्ड तोड़ा है. 14 वर्षों के मुकाबले इस बार का नौतपा (Nautapa) सबसे ज़्यादा ठंडा रहा है. नौतपे के दौरान अत्यधिक तापमान 37 डिग्री दर्ज किया गया है, जो बीते सालों के मुकाबले सबसे कम है. कब से कब तक था नौतपा? भोपाल में इस साल का नौतपा बीते सोमवार को समाप्त हो गया. 25 मई से 2 जून तक चलने वाले नौतपा ने इस बार तापमान के लिहाज से नया रिकॉर्ड बना दिया. बीते 14 साल में यह सबसे ‘ठंडा’ नौतपा रहा. इन 9 दिनों में दिन का औसत अधिकतम तापमान महज 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. नौतपा में सिर्फ एक दिन ही पारा 40 डिग्री के पार पहुंच सका. इसकी विदाई भी आंधी और हल्की बौछारों के साथ हुई. इसने गर्मी और उमस को गायब कर दिया. जहां नौतपे के दौरान आम तौर पर भीषण गर्मी और हीट वेव के अलर्ट जारी होते थे तो वहीं, इस बार लगभर हर दिन 30 से 35 जिलों में बारिश के अलर्ट जारी रहे. गर्म हवाओं से आसमान साफ, चलीं हीट वेव्ज दरअसल जम्मू कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं है। इस कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी नहीं आ रही है। राजस्थान की गर्म हवा 20 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चल रही है। इस हवा की वजह से आसमान साफ हो गया है। दोपहर में हीटवेव चलने से गर्मी बढ़ गई। छह घंटे तक तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। शहर भीषण गर्मी से तप गया। सूर्य अस्त के बाद भी गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों को बेहाल कर दिया। पहला सप्ताह बीता राहत का, दूसरे में झुलसे लोग वैसे जून का पहला सप्ताह ज्यादा तपता है, लेकिन इस बार पहले सप्ताह में काफी राहत रही। तापमान सामान्य से ऊपर नहीं आ सका था, लेकिन दूसरे सप्ताह में भीषण गर्मी रही। जबकि दूसरे सप्ताह में प्री मानसून की हलचल शुरू हो जाती है। जून के तीसरे सप्ताह में आंधी व बारिश का दौर चलेगा। चौथे सप्ताह में मानसून की बारिश शुरू हो सकती है। इस बार ग्वालियर में बारिश औसत से पीछे चल रही है। पारे की चाल समय – तापमान 0530 – 31.0 0830 – 36.8 1130 – 42.4 1430 – 44.2 1730 – 43.4 जून में अगले छह दिन में दर्ज होने वाला अधिकतम तापमान तारीख- पारा 10 – 45 11 – 46 12 – 45 13 – 45 14 – 42 15 – 43 15 जून से एक्टिव होगा मानसून, एमपी में 16 जून से प्रीमानसून बंगाल की खाड़ी में 13 जून को कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो रहा है। इसकी वजह से सुस्त अवस्था में पड़ा मानसून एक बार फिर एक्टिव हो जाएगा। पूरे महाराष्ट्र में सक्रिय होने के बाद मध्य प्रदेश में मानसून प्रवेश करेगा। 16 जून से शहर में प्री मानसून की हलचल शुरू हो जाएगी। आंधी और बारिश का दौर शुरू होगा। तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन उमस भरी गर्मी तब भी झेलनी पड़ेगी। एमपी में 19-25 जून के बीच मानसून देगा दस्तक 19 से 25 जून के बीच मानसून की ग्वालियर चंबल संभाग में दस्तक हो सकता है, क्योंकि बंगाल की खाड़ी के सिस्टम के असर से तेज बारिश की संभावना है। मानसून की पूर्वी शाखा से अंचल में मानसून आता है। हीटवेव का अलर्ट, इस दिन होगी मानसून की एंट्री ग्वालियर चंबल, बुंदेलखंड क्षेत्र में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया गया है। यह क्षेत्र सबसे ज्यादा गर्म रहे है। … Read more

जनसुनवाई में 126 आवेदन प्राप्त हुए, कलेक्टर ने सुनी आवेदकों की समस्याएं

भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने मंगलवार को जिले से जनसुनवाई में आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान अनेक समस्याओं का निराकरण मौके पर ही किया गया। जनसुनवाई में आए नागरिकों से 126 आवेदन प्राप्त हुए एवं कुछ प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया गया। इस मौके पर एडीएम श्री भूपेन्द्र गोयल, श्री अंकुर मेश्राम, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती इला तिवारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।   कलेक्टर श्री सिंह ने जनसुनवाई में आए हर एक आवेदक से धैर्यपूर्वक उनकी समस्याओं पर चर्चा की और उन्हें उनके शीघ्र निराकरण का आश्वासन भी दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को नागरिकों से प्राप्त आवेदनों पर संवेदनशील रूख अपनाते हुए निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवेदकों की समस्याओं पर संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

सोनम रघुवंशी ने ही पति राजा की हत्या की साजिश रची थी और सुपारी किलर्स हायर किए थे: पुलिस

इंदौर  इंदौर से हनीमून मानने मेघायल गए राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी मामले में दिनों दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सोनम रघुवंशी ने ही पति राजा की हत्या की साजिश रची थी और सुपारी किलर्स हायर किए थे। इसके बाद उसका प्लान छुपते-छिपाते नेपाल भागने का था। हालांकि उससे पहले ही गाजीपुर में एक ढाबे से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर राजा की हत्या की साजिश रची थी। उसका प्लान था कि लूटपाट के बहाने राजा की हत्या करवाने के बाद वह अपनी ही कंपनी में काम करने वाला राज कुशावाहा से शादी कर लेगी। कैसे तय हुई थी राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी की शादी रघुवंशी परिवार में एक परंपरा चली आ रही है। इस परंपरा के तहत राम नवमी के मौके पर परिवार आपस में मिलते हैं और एक कागज के टुकड़े पर अपने शादी योग्य बेटे-बेटियों का बायोडेटा शेयर करते हैं। इसके बाद जिसे भी लगता है कि मैच शादी लायक है वह आपस में संपर्क करता है। इसी तरह सोनम और राजा की भी शादी फिक्स हुई थी। यह भी दावा किया गया है कि उनका परिवार ऐप के जरिए मिला था। हालांकि यह तो साफ है कि यह अरेंज मैरेज थी। 11 मई को राजा और सोनम की धूमधाम से शादी हुई थी। राजा के परिवार का ट्रांसपोर्ट का बिजनस है जिसका सालाना टर्नओवर करीब 8 से 10 करोड़ है। कहां मिले थे सोनम और राज कुशवाहा सोनम के पिता देवी सिंह रघुवंशी प्लाइवुड का बिजनस करते हैं। उनका सालाना टर्नओवर करीब 12 से 15 करोड़ का है। उनके लकवाग्रस्त होने के बाद यह बिजनस सोनम के भाई गोविंद देखते हैं। इसी कंपनी में राज कुशवाहा बिलिंग डिपार्टमेंट में सुपरवाइजर के तौर पर 20 हजार के वेतन पर काम करता था। वहीं 2023 में सोनम ने कंपनी में एचआर के तौर पर जॉइन किया। यहीं से दोनों की जान पहचान हुई और दोनों करीब आने लगे। कुशवाहा सोनम से पांच साल छोटा था और वह लोगों के सामने सोनम को दीदी कहता था। वे दोनों चाहते थे कि उनके अफेयर के बारे में किसी को शक ना हो। कुशवाहा सोनम के परिवार के पास ही रहता था। हालांकि कुछ समय पहले वह नंदबाग इलाके में शिफ्ट हो गया था। इस मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपी इसी इलाके में रहते थे। शादी के बाद ही राजा ने कहा था कि सोनम का उसमें इंटरेस्ट नहीं है। इसके बाद ही दोनों ने हनीमून का प्लान बनाया था। वहीं इंडिया टुडे की रिपोर्ट की मानें तो शादी के तीन दिन बाद ही सोनम ने राजा को मारने का प्लान बना लिया था। उसने चैट में राज से कहा था कि वह अपने पति को पसंद नहीं करती है। उसने राज को बताया था कि शादी से पहले ही दोनों ने दूरी बनाकर रखी थी। 16 मई को यानी शादी के चार दिन बाद ही सोनम ने छह घंटे तक राज कुशवाहा से फोन पर बात की। 17 मई को राज कुशवाहा नंदबाग में ही एक कैफे में अपने बचपन के दोस्त आकाश राजपूत, विशाल सिंह चौहान और आनंद कुर्मी से मिला। पुलिस को शक है कि यहीं हत्या का प्लान तैयार किया गया। शादी के बाद यह कपल कश्मीर जाना चाहता था। हालांकि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के चलते प्लान बदल गया। सोनम ने ही मेघालय का सुझाव दिया। राजा और उसके परिवार ने इनकार किया लेकिन सोनम ने कहा कि उसने 20 मई का टिकट करवा लिया है। 23 मई के बाद ही राजा रघुवंशी और सोनम दोनों लापता हुए। 2 जून को राजा का शव एक खाई में पाया गया। पुलिस को पास से एक धारदार हथइयार , महिला की सफेद शर्ट, टेबलेट्स, फोन की स्क्रीन और स्मार्टवॉच मिली। 9 जून को सोनम को गाजीपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावा तीन अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। बाद में राज कुशवाहा को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।  

नगरीय क्षेत्र में जर्जर भवन मालिकों के विरूद्ध करें कार्रवाई, आयुक्त नगरीय प्रशासन ने दिये निर्देश

भोपाल  नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे अपने क्षेत्रों में जर्जर भवनों की सूची तैयार करें और मानसून आने के पहले जिला प्रशासन के सहयोग से जर्जर भवनों को गिराने की कार्रवाई करें। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित नागरिकों के उचित विस्थापन किये जाने के भी निर्देश दिये हैं। आयुक्त ने यह कार्यवाही नगर निगम अधिनियम और नगर पालिका अधिनियम के अंतर्गत सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने नगरीय निकायों के अधिकारियों को आगाह किया है कि सतर्कता के साथ की गई कार्यवाही से जनधन हानि से बचा जा सकता है। आयुक्त ने जर्जर भवनों की सूची तत्काल संबंधित जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को उपलब्ध कराने के लिये कहा है। नाले-नालियों की सफाई पर ध्यान देने के निर्देश आयुक्त नगरीय प्रशासन ने नगरीय निकायों के अधिकारियों को अपने शहरी क्षेत्र के नाले-नालियों की साफ-सफाई प्राथमिकता से करवाने के लिये कहा है। उन्होंने कहा कि नाले-नालियों की उचित साफ-सफाई न होने की वजह से जल भराव की स्थिति निर्मित होती है। इस वजह से नागरिकों को तकलीफ का सामना करना पड़ता है। आयुक्त श्री भोंडवे ने नगरीय निकायों को सफाई कार्य की अपने स्तर पर सतत समीक्षा करने के लिये भी कहा है।

प्रदेश में 145 मॉडल स्कूलों का सफलता-पूर्वक संचालन

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग वर्तमान में 145 शासकीय मॉडल स्कूल का संचालन कर रहा है। इनमें से 143 मॉडल स्कूल के स्वयं के भवन निर्मित हो चुके हैं। इन मॉडल स्कूल में करीब 50 हजार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है। मॉडल स्कूल शैक्षणिक रूप से प्रदेश के पिछड़े विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों में शिक्षा से जुड़ी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जिला मुख्यालय पर शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय स्कूल शिक्षा विभाग माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश के 43 जिला मुख्यालय एवं 96 विकासखंड मुख्यालय पर उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन विद्यालयों में बच्चों के कॅरियर काउंसलिंग की भी व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था से बच्चों को भविष्य में किस क्षेत्र में अध्ययन करना है, उसकी समझाइश विशेषज्ञों के माध्यम से मिलती है।

मध्यप्रदेश के 20 उत्पादों के जीआई टैगिंग प्रक्रिया के लिये एमओयू हुआ

भोपाल सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के अंतर्गत राज्य नोडल एजेंसी, मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम द्वारा विश्व बैंक समर्थित आरएएमपी योजना के अंतर्गत जीआई टैगिंग के लिए राज्य स्तरीय परामर्श बैठक मंगलवार को लघु उद्योग निगम के कान्फ्रेंस हॉल में सम्पन्न हुई। कार्यशाला में मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम और ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन वाराणसी के बीच जीआई टैगिंग प्रक्रिया संबंधी एमओयू किया गया। कार्यशाला में राज्य के पारंपरिक, भौगोलिक और सांस्कृतिक रूप से विशिष्ट उत्पादों की पहचान कर उन्हें जीआई टैग दिलवाने हेतु आवश्यक विभागीय समन्वय स्थापित करने पर चर्चा हुई। इन उत्पादों को कानूनी संरक्षण, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक पहुंच और ब्रांडिंग के ज़रिये व्यापक पहचान दिलवाने पर भी विमर्श हुआ। आयुक्त एमएसएमई श्री दिलीप कुमार ने विभागों से योजना के तहत बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया तथा देश को होने वाले फायदों पर प्रकाश डाला। कार्यशाला में कृषि, हस्तशिल्प, वनोपज, वस्त्र एवं खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में पारंपरिक उत्पादों की जीआई टैगिंग के लिए पहचान करना, जीआई पंजीकरण प्रक्रिया संबंधी आवश्यक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दस्तावेजों का संकलन और विभागीय समन्वय के माध्यम से एक साझा कार्य योजना बनाने के साथ आगामी वर्ष में 20 उत्पादों की जीआई फाइलिंग करने पर चर्चा हुई। जीआई उत्पादों को एक जिला-एक उत्पाद नीति से जोड़ते हुए बाज़ार और ब्रांडिंग के अवसरों को बढ़ावा देने पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत में जीआई टैगिंग विशेषज्ञ एवं ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन, वाराणसी के कार्यकारी निदेशक डॉ. रजनीकांत ने जीआई टैगिंग की प्रक्रिया, कानूनी ढांचा, और देशभर में हुए सफल जीआई पंजीकरणों की जानकारी साझा की। बनारसी साड़ी, चंदेरी वस्त्र और मधुबनी पेंटिंग जैसे उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने बताया कि जीआई टैगिंग से कैसे न केवल उत्पादों को सुरक्षा मिलती है बल्कि कारीगरों और किसानों की आजीविका भी सशक्त होती है। कार्यशाला में राज्य के विभिन्न विभागों और संस्थानों से वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिनमें वन विभाग, सिडबी, मत्स्य विभाग, किसान कल्याण एवं कृषि विभाग, हस्तशिल्प एवं हथकरघा संचालनालय, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर, अनुसूचित जाति विकास, मध्यप्रदेश लघु वनोपज संघ, पशुपालन, रेशम संचालनालय आदि ने सहभागिता की। अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के विशिष्ट उत्पादों की सूची साझा की, जो जीआई पंजीकरण के योग्य है। एमओयू राज्य के लगभग 20 पारंपरिक उत्पादों के जीआई टैगिंग के लिये तकनीकी सहयोग, दस्तावेज़ीकरण, आवेदन प्रक्रिया, प्रशिक्षण एवं प्रचार-प्रसार में सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है। रैंप नोडल अधिकारी श्री अनिल थागले ने सभी विभागों से अनुरोध किया कि वे ऐसे विशिष्ट उत्पादों के नाम बताये जिन्हें जीआई टैगिंग प्रक्रिया में आगे बढाया जा सकता हो।  

बावड़ियों में पूर्वजों की जल के साथ जल संरक्षण के प्रति विवेकपूर्ण सोच, प्रति वर्ष ‘बावड़ी-उत्सव’ मनाने का जन संकल्प

भोपाल  बावड़ियां प्राचीन काल के श्रेष्ठ जल संरक्षण और प्रबंधन का सजीव उदाहरण हैं। पूर्वजों की इस अमूल्य धरोहर को आने वाली पीड़ी को सौंपना हम सभी की जिम्मेदारी है। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद ने जल गंगा संवर्धन अभियान में बावड़ी महोत्सव मनाकर पूर्वजों की बुद्धिमत्ता और उनके प्रकृति से घनिष्ट संबंधों की स्मृतियों को जीवंत कर दिया। जल गंगा अभियान का संचालन 30 मार्च से 30 जून तक किया जा रहा है। अभियान में श्रमदान से जल स्रोतों की सफाई, गहरीकरण, नई संरचनाओं का निर्माण और प्राचीन जल स्रोतों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इसी श्रृंखला में बावड़ी उत्सव का आयोजन एक अभिनव प्रयास सराहनीय हैI प्रति वर्ष ‘बावड़ी-उत्सव’ मनाने का जन संकल्प जल गंगा संवर्धन अभियान जन अभियान परिषद की झाबुआ इकाई ने जल स्त्रोतों को सहेजने के प्रयासों को उत्सव का रूप देते हुए थांदला के अष्ट भंजन हनुमान मंदिर में 300 वर्ष प्राचीन बावड़ी में ‘बावड़ी-उत्सव’ का आयोजन किया गया। “एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के अंतर्गत बावड़ी के समीप पौधरोपण भी किया गया। ‘बावड़ी-उत्सव’ में भजन कीर्तन और संगोष्टी और आरती का आयोजन किया गया। ‘बावड़ी-उत्सव’ में सहभागिता कर रहे स्थानीय नागरिकों ने गंगा दशहरा पर्व पर प्रति वर्ष ‘बावड़ी-उत्सव’ मनाने का संकल्प लिया। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की जबलपुर इकाई ने बावड़ी, तालाब और कुओं जैसे जल स्त्रोतों के सरंक्षण में शासन-प्रशासन के साथ जन प्रतिनिधियों एवं नागरिकों का भी सहयोग लिया गया। जन-सहभागिता से बावड़ी महोत्सव मना कर जल संरक्षण का संकल्प लिया गया। प्राचीन बावड़ी को सहेजने एकजुट हुए मंडला के महाराजपुर संगम घाट स्थित बावड़ी में “बावड़ी उत्सव” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुल के आचार्य संत श्री भीमदेव और मां नर्मदा गौशाला जिलहरी घाट, गाजीपुर से प्रवास कर रहीं साध्वी मनीषा दीदी और स्थानीय श्रद्धालु शामिल हुए। उत्सव में मां नर्मदा के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया गया। बावड़ी को रंग-रोगन, रंगोली, दीपों एवं लाइट से सजाया गय। बावड़ी पूजन के बाद मां नर्मदा की आरती कर प्रसाद वितरण किया गया। बावडी का निर्माण वर्ष 1890 में हुआ था। इस बावड़ी की संरचना इस तरह से की गई है कि इसमें नर्मदा जलधारा हमेशा बनी रहती है। प्लास्टिक कचरे से होने वाले प्रदूषण के प्रति जागरुकता मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद की छिंदवाड़ा इकाई ने तामिया विकासखंड में प्लास्टिक पॉल्यूशन होने वाले हानिकारक परिणामों को बताकर जागरूक किया। पर्यावरण को प्रभावित करने वाले कारक जैसे जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिये समुदाय की भागीदारी के बारे में बताया गया। जल संरक्षण, स्वच्छता, पौधारोपण करने के लिये ग्रामीणों को प्रेरित किया गया। तामिया के शनि मंदिर प्रांगण में पौधारोपण किया गया और प्लास्टिक, बॉटल व कचरे की सफाई की गई। 

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