LATEST NEWS

MP में डॉक्टरों की हड़ताल का ऐलान: आज से नहीं होंगे ऑपरेशन, अस्पतालों में बढ़ सकती है परेशानी

भोपाल OPD- मध्यप्रदेश में मरीजों और उनके परिजनों की ​मुसीबतें बढ़ गई हैं। लंबित स्टाइपेंड संशोधन लागू नहीं किए जाने पर प्रदेशभर के जूनियर डॉक्टर्स विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जूनियर डॉक्टरों ने रविवार को ‘जस्टिस मार्च’ निकाला। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) के तत्वावधान में प्रदेशभर के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के जूनियर डॉक्टर्स ने सोमवार को हड़ताल करने की चेतावनी दी है। इससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल के कारण जहां ओपीडी बंद रहेगी वहीं ऑपरेशन भी नहीं हो सकेंगे। सिर्फ आपातकालीन सेवाएं ही जारी रहेंगी। हालांकि वरिष्ठ अधिकारी, प्रस्तावित हड़ताल को हर हाल में रोकने की कोशिश में जुटे हुए हैं। आज से OPD सेवाएं नहीं मध्यप्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में करीब 8 हजार रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न हैं जोकि पिछले तीन दिनों से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। रविवार को प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ‘जस्टिस मार्च’ निकाला गया। इसके बाद सभी डॉक्टर्स ने स्पष्ट चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानने पर सोमवार से वे OPD सेवाएं नहीं देंगे। ऑपरेशन भी केवल ऐसे मरीजों का किया जाएगा जोकि बेहद गंभीर हैं।   जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) के पदाधिकारियों का कहना है कि स्पष्ट आदेश के बावजूद राज्य सरकार ने स्टाइपेंड संशोधन लागू नहीं किया जोकि 1 अप्रैल 2025 से लागू होना था। अप्रैल 2025 से देय एरियर का भुगतान भी नहीं किया गया है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन का साफ कहना है कि जारी आदेश का क्रियान्वयन और लंबित एरियर का भुगतान का तुरंत निर्णय लिया जाए। केवल आपातकालीन सेवाएं जूनियर डॉक्टर्स ने चेताया कि समाधान नहीं निकलने पर सोमवार से प्रदेशभर में इलेक्टिव सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा। केवल आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी।

विवाह का शुभ समय 14 तक ही, 15 से खरमास शुरू होते ही थम जाएंगी शहनाइयां

ग्वालियर आठ दिनों तक चले होलाष्टक के समापन के बाद सहालग सीजन की शुरुआत के साथ ही शहनाइयों की गूंज सुनाई देने लगी है। हालांकि यह शुभ समय अधिक दिनों तक नहीं रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 6 से 14 मार्च तक ही लगातार विवाह के मुहूर्त हैं। इसके बाद 15 मार्च से खरमास शुरू हो जाएगा। यह 14 अप्रेल तक चलेगा। इस कारण मार्च में अब पांच दिन ही विवाह समारोह होंगे। इस छोटे से सहालग सीजन में करीब 200 शादियां होने का अनुमान है। विवाह मुहूर्त शुरू होते ही शहर के सराफा, कपड़ा और किराना बाजार फिर से गुलजार हो चले हैं। शहर के महाराज बाड़ा और उससे सटे बाजारों में खरीदारों की भीड़ दिखने लगी है। कैटङ्क्षरग कारोबारी खुशी जैन ने बताया कि कम मुहूर्त होने के बाद भी शादियों के लिए बुङ्क्षकग है। मार्च में 5 और अप्रेल माह में विवाह के 8 मुहूर्त मार्च माह में 8, 9, 10, 11 और 12 मार्च को विवाह के मुहूर्त हैं। वहीं, अप्रेल में आठ दिन (15, 20, 21, 25, 26, 27, 27 और 29 अप्रेल) को विवाह के शुभ मुहूर्त रहेंगे। सराफा बाजार में शादियों के लिए हल्के जेवरों की पूछ-परख सराफा बाजार में सोना-चांदी के भाव ऊंचाई पर होने के बावजूद विवाह से जुड़ी खरीदारी पर खास असर नहीं पड़ा है। सोना-चांदी व्यवसायी संघ लश्कर के अध्यक्ष पुरुषोत्तम जैन के अनुसार सहालग सीजन शुरू होते ही सोने के हार, मंगलसूत्र, चांदी की पायल और बिछिया की मांग बढ़ गई है। हालांकि भारी जेवरों की जगह अब हल्के डिजाइन वाले आकर्षक आइटम खरीदे जा रहे हैं। ग्राहक उपयोगी और फैशनेबल ज्वेलरी को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं।

MP के इस शहर में आएगा 1000 करोड़ का निवेश, उद्योगों के साथ हजारों नौकरियां होंगी पैदा

उज्जैन प्रदेश के औद्योगिक मानचित्र पर उज्जैन को नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। एमपीआइडीसी के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा विकसित किए जा रहे विक्रम् उद्योगपुरी फेज-2 का श्रीगणेश हो गया हैं। लगभग 488 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने जा रहे सबसे पहले एल्केम लेबोरेट्रीज लिमिटेड (Alkem Laboratories Limited) को 30 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कंपनी यहां टैबलेट, कैप्सूल और इंजेक्शन जैसे फार्मास्यूटिकल उत्पादों के निर्माण के लिए अत्याधुनिक इकाई स्थापित करेगी। यह उज्जैन को औषधि निर्माण के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। इस इकाई के शुरू होने से लगभग 2000 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि परिवहन, पैकेजिंग, सप्लाई चेन और अन्य सहायक गतिविधियों के माध्यम से बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार भी सृजित होंगे। 382 हेक्टेयर भूमि निर्धारित विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में औद्योगिक इकाइयों के लिए 382 हेक्टेयर भूमि निर्धारित की गई है, जहां सैकड़ों औद्योगिक भूखंड विकसित किए जाएंगे। इस औद्योगिक क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के विकास पर करीब 455 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। डीएमआईसी विक्रम उद्योगपुरी लिमिटेड के बोर्ड से इन विकास कार्यों को मंजूरी मिल चुकी है। परियोजना के तहत यहां सड़क नेटवर्क, स्ट्रीट लाइट, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज, पेयजल आपूर्ति नेटवर्क, एलिवेटेड सर्विस रिजरवॉयर, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, 33 केवी और 11 केवी विद्युत लाइन, सबस्टेशन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट तथा आईसीटी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।   उल्लेखनीय है कि विक्रम उद्योगपुरी फेज-1 को करीब 773 एकड़ में विकसित किया गया था, जिसका उद्घाटन अक्टूबर 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। यह औधोगिक टाउनशिप देश की महत्वाकांक्षी विल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना का हिस्सा है। फेज-1 में सभी भूखंड आवंटित हो चुके हैं, जहां पेप्सिको, अमूल, वोल्वो-आयशर, फेना, सुधाकर पाइप्स और इस्कॉन बालाजी जैसी प्रतिष्ठित कंपनियां आ चुकी हैं। फार्मा हब की नई पहचान मिलेगी विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 उज्जैन जिले के औधोगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा। यह परियोजना न केवल बड़े निवेश को आकर्षित करेगी बल्कि आने वाले समय में उज्जैन को प्रवेश के प्रमुख औधोगिक और फार्मा हब के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।- राजेश राठौड़, कार्यकारी संचालक, एमपीआइडीसी

एयर ट्रैवल अपडेट: 29 मार्च से राजा भोज एयरपोर्ट से मुंबई की सीधी फ्लाइट नहीं मिलेगी

भोपाल राजा भोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 29 मार्च से शुरू हो रहे समर शेड्यूल में इस बार फ्लाइट बढ़ाने की बजाए कम होने जा रही हैं। एयर इंडिया एवं इंडिगो एयरलाइंस ने मुंबई के लिए एक उड़ान बंद करने की घोषणा की है। इसके अलावा इंडिगो एयरलाइंस ने गोवा और अहमदाबाद के डायरेक्ट फ्लाइट की जल्द समीक्षा कर इसे भी बंद करने के संकेत दिए हैं। इंडिगो एयरलाइंस एकमात्र नई उड़ान नवी मुंबई के लिए शुरू करने जा रही है। गर्मियों की छुट्टी में जब लोग टूरिस्ट डेस्टिनेशन जाने के लिए अपना प्रोग्राम बना रहे हैं, उसी वक्त विमानन कंपनियों द्वारा भोपाल से फ्लाइट कनेक्टिविटी कम किए जाने से निराशा का माहौल है। एयरपोर्ट प्रबंधन के मुताबिक युद्ध की आशंका के चलते और कमजोर यात्री संख्या के कारण फिलहाल विमानन कंपनियां किसी भी फ्लाइट एक्सटेंशन पर विचार नहीं कर रही हैं। इंडिगो ने नवी मुंबई के लिए स्लॉट, किराया 5 हजार इंडिगो ने नवी मुंबई के लिए स्लॉट भी ले लिया है और फ्लाइट का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। यात्रियों के लिए इस उड़ान की बुकिंग भी शुरू कर दी गई है। इस नई उड़ान का शुरुआती किराया लगभग चार से पांच हजार रुपए के बीच रखा गया है। नवीं मुंबई के लिए नई उड़ान शुरू करने के साथ ही इंडिगो ने भोपाल से मुंबई जाने वाली अपनी एक उड़ान बंद करने का निर्णय लिया है। इसके बाद 29 मार्च से भोपाल और मुंबई के बीच इंडिगो की केवल एक ही उड़ान संचालित होगी।   पर्याप्त यात्रियों के बावजूद कटौती भोपाल से गोवा और अहमदाबाद की उड़ानों को बंद करने का प्रस्ताव भी सामने आया है। गोवा की उड़ान करीब छह महीने पहले ही शुरू की गई थी, इसलिए इसे बंद किए जाने के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। ट्रेवल एजेंटों के अनुसार गोवा की इस उड़ान को लगभग 80 प्रतिशत यात्रियों का लोड मिल रहा था।

पहचान बचानी है तो अभी उठाओ आवाज़” — आदिवासियों से उमंग सिंघार की बड़ी अपील

“If you want to save your identity, raise your voice now” – Umang Singhar’s big appeal to the tribals भोपाल। आदिवासी धर्म कोड की मांग को लेकर मध्यप्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आदिवासी समाज को संबोधित करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि सभी आदिवासी एकजुट होकर अपनी पहचान की लड़ाई लड़ें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अभी मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश के अन्य राज्यों के आदिवासी समाज ने अलग धर्म कोड की मांग के लिए बड़ी संख्या में आवेदन नहीं भेजे, तो आने वाले समय में आदिवासियों की पहचान किसी दूसरे धर्म की श्रेणी में दर्ज कर दी जाएगी। सिंघार ने कहा कि यह सिर्फ एक मांग नहीं बल्कि आदिवासी अस्मिता, संस्कृति और परंपरा को बचाने का सवाल है। उन्होंने आदिवासी भाई-बहनों से अपील करते हुए कहा कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में फॉर्म भरकर राष्ट्रपति महोदया तक अपनी आवाज़ पहुँचाएँ, ताकि देश में आदिवासी समाज को उसका अलग धार्मिक और सांस्कृतिक दर्जा मिल सके। उन्होंने कहा कि अगर आज समाज एकजुट होकर अपनी आवाज़ नहीं उठाएगा तो आने वाली पीढ़ियों को अपनी पहचान बचाने के लिए और बड़ी लड़ाई लड़नी पड़ेगी। इसलिए हर आदिवासी परिवार को आगे आकर इस मुहिम का हिस्सा बनना होगा।

पन्ना में बना संरक्षण का मंच, MP के पहले वन्यजीव-केंद्रित CSR कॉन्क्लेव में उद्योग और वन विभाग की साझेदारी

पन्ना मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में राज्य का पहला वन्यजीव-केंद्रित कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) कॉन्क्लेव आयोजित किया गया। मध्य प्रदेश वन विभाग और मध्य प्रदेश टाइगर फाउंडेशन सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में 6 और 7 मार्च को आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर आगे बढ़ने पर जोर दिया गया। प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर पन्ना टाइगर रिजर्व में आयोजित इस कॉन्क्लेव में देश की कई प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य कॉर्पोरेट क्षेत्र को वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा में सहभागी बनाना था। नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों ने साझा किए विचार कॉन्क्लेव में मध्य प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव (वन) संदीप यादव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख तथा मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक शुभ रंजन सेन, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एल. कृष्णमूर्ति, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (भूमि प्रबंधन) एच. एस. मोहंता और अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं चीता परियोजना के क्षेत्र संचालक उत्तम शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा राज्य के सभी टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक, वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, मुकुंदपुर चिड़ियाघर और गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। इस मंच पर वन्यजीव संरक्षण से जुड़े मुद्दों, नीतियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की गई। जमीनी स्तर पर संरक्षण कार्यों का कराया अवलोकन कॉन्क्लेव के दौरान कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों को सफारी के माध्यम से पन्ना टाइगर रिजर्व का भ्रमण कराया गया। इस दौरान उन्होंने वन सुरक्षा, शिकार विरोधी शिविरों की कार्यप्रणाली और वन कर्मचारियों द्वारा की जा रही चौबीसों घंटे निगरानी व्यवस्था को करीब से देखा। प्रतिनिधियों को घास के मैदानों के पुनरुद्धार, सौर ऊर्जा से संचालित बोरवेल के जरिए जल स्रोतों के प्रबंधन तथा लैंटाना और वन तुलसी जैसी आक्रामक खरपतवार प्रजातियों को हटाकर प्राकृतिक वनस्पतियों को पुनर्जीवित करने के प्रयासों की जानकारी भी दी गई। सीएसआर दान पोर्टल का हुआ शुभारंभ कॉन्क्लेव के दौरान सीएसआर दान पोर्टल की भी शुरुआत की गई, जिससे कॉर्पोरेट संस्थाएं पारदर्शी और डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण कार्यों में सहयोग कर सकेंगी। कार्यक्रम के समापन पर आर्थिक विकास और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया गया।

27% OBC आरक्षण पर अगली सुनवाई से पहले सरकार की तैयारी, प्रभारी अधिकारी नियुक्त

भोपाल प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को सरकारी नौकरियों में 27 प्रतिशत आरक्षण देने से संबंधित सभी याचिकाओं की सुनवाई अब हाई कोर्ट जबलपुर में होगी। सरकार इसकी तैयारी में जुट गई है, कोई चूक न हो इसके लिए विशेष अधिकारी की नियुक्ति कर उनके दायित्व निर्धारित किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग समन्वय की भूमिका निभाएगा। विशेष अधिकारी की नियुक्ति और प्रमुख जिम्मेदारियां जबलपुर में पदस्थ संयुक्त आयुक्त कविता बाटला को प्रभारी अधिकारी बनाया गया है। वह याचिका में उठाए गए बिंदुओं के जवाब अतिरिक्त जानकारी के साथ देते हुए रिपोर्ट तैयार करेंगी। इसमें विधि विभाग की राय, फाइल, दस्तावेज, नियम, अधिसूचनाएं तथा आदेश एकत्र कर सरकारी वकील की सहायता से उत्तर तैयार करवाएंगी।  

रंग पंचमी पर CM मोहन यादव का बड़ा पिटारा, अशोकनगर के लिए 115.35 करोड़ के विकास कार्य

भोपाल/अशोकनगर  रंग पंचमी के मौके पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अशोकनगर जिले के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया। उन्होंने 8 मार्च को यहां 115 करोड़ 35 लाख रुपये की लागत के 50 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। उन्होंने करीला माता धाम में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता भी की। सीएम डॉ. यादव ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ दिए। इससे पहले उन्होंने वनोपज, कृषि आधारित उत्पादों और स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मद्देनजर उन्होंने विभिन्‍न क्षेत्रों में उत्‍कृष्‍ट कार्य करने वाली जिले की सात महिलाओं को सम्‍मानित भी किया। महिलाओं के कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए अनेको योजनाएं संचालित कर रही है। साथ ही, आगामी लोकसभा-विधानसभा निर्वाचन में भी 33 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों को प्रदेश सरकार हर महीने 1500 रुपये दे रही है। महिलाओं को विभिन्न विभागों में आरक्षण देकर उच्च पदों पर नियुक्ति दी गईं हैं। किसान कल्याण वर्ष का आयोजन प्रदेश में किया जा रहा है। किसानों के उत्थान के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार 6-6 हजार रुपये की राशि किसान सम्मन निधि के रूप में दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की बड़ी घोषणा इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने ग्राम दीपनाखेड़ा से करीला धाम तक 10 किलोमीटर की सड़क की स्वीकृत किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दिए कि करीला धाम तीर्थ के लिए कार्य योजना बनाई जाए। बता दें, इससे पहले उन्होंने करीला धाम पहुंचकर माता जानकी के दर्शन किए। यहां उन्होंने प्रदेश वासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा-पाठ के बाद उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ खेली फूलों की होली भी खेली। इस दौरान उन्होंने कहा कि करीला धाम में आस्था के साथ पूर्ण श्रद्धा भाव से श्रद्धालु माता जानकी के दर्शन करने आते हैं। माता जानकी श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण करती हैं। उन्होंने कहा कि आज का दिन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर माता जानकी के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया है। माता सीता शक्ति पराक्रम की देवी है, माता सीता का प्रताप गौरवशाली संस्कृति है। इस पवित्र स्थान से महर्षि वाल्मीकि, सीता माता एवं लव कुश की कहानी जुड़ती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक काल में अलग-अलग देवताओं का महत्व रहा है। हमारी भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति को प्रथम स्थान दिया गया है। इतनी लागत के होंगे निर्माण कार्य अशोकनगर में सांदीपनी शासकीय उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय महिदपुर (लागत 29.45 करोड़), मोहन पुर लिधोरा मार्ग से किर्राया सड़क (लागत 1.26 करोड़), मुंगावली चंदेरी मार्ग से डुंगासरा तक सड़क निमार्ण (लागत 25 लाख रुपये), नदी पर उच्‍च स्‍तरीय पुल निमार्ण (लागत 7.06 करोड़ रुपये), 30 बिस्‍तरीय सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र भवन राजपुर (लागत 10.94 करोड़ रुपये), आंगनवाड़ी भवन निर्माण ग्राम खैरोना (लागत 95 लाख रुपये), पंचायत भवन निमार्ण कजराई (लागत 2 लाख 25 हजार रुपये), शासकीय गणेश शंकर विद्यार्थी महाविद्यालय (लागत 5.42 करोड़ रुपये), 100 बिस्‍तरीय बालिका छात्रावास मल्‍हारगढ़ (लागत 1.78 करोड़ रुपये), प्राथमिक शाला भवन अथाई घाट (लागत 43 लाख रुपये) का लोकार्पण हुआ। इसके अलावा मां जानकी करीला धाम परिसर में वीआईपी दर्शन एप्रोच मार्ग (लागत 6.50 लाख रुपये), सीता रसोई के पास हट निर्माण (लागत 5 लाख रुपये), टीनशेड निर्माण (लागत 2.5 लाख रुपये), हेलीपेड-रोड निर्माण (लागत 15 लाख रुपये), वीआईपी पार्किंग के लिए रैंप निर्माण (लागत 5 लाख रुपये), पानी टंकी निर्माण (लागत 40 लाख रुपये), पेयजल के लिए नए 5 हैंडपंप (लागत 89 लाख रुपये) का लोकार्पण भी हुआ।  

उज्जैन की प्रसिद्ध गेर में हादसा टला: पटाखा विस्फोट से अफरातफरी, 5 लोग जख्मी

उज्जैन रंग पंचमी के अवसर पर उज्जैन में आयोजित गेर के दौरान रंगीन पटाखा फटने से 5 लोग घायल हो गए। हादसे के वक्त कुछ महिलाएं जमीन पर गिर गईं, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी, लेकिन समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया गया। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। धमाके से मची अफरा-तफरी में कुछ लोग नीचे गिर गए, जिससे पांच लोग घायल हो गए। घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।  

कांग्रेस का होली सेलिब्रेशन: जीतू पटवारी ने दिग्विजय सिंह को रंगा, नेताओं ने की मस्ती

भोपाल देशभर की तरह एमपी में भी रंगपंचमी पारंपरिक हर्षोल्लास से मनाई जा रही है। इंदौर की विश्व विख्यात गैर में हजारों लोग शामिल हुए। रंगपंचमी पर राजधानी भोपाल में भी श्री हिंदू उत्सव समिति के तत्वावधान में पंरपरागत चल समारोह निकाला गया जिसमें हुरियारों ने खूब रंग-गुलाल उड़ाया। ढोल-ताशे, डीजे और बैंड की थाप पर लोग नाचते थिरकते आगे बढ़े। इधर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी Jitu Patwari ने अपने निवास पर होली मिलन समारोह आयोजित किया। यहां कांग्रेसी मस्ती मूड में नजर आए, एक दूसरे को खूब रंग, गुलाल लगाया। रविवार को सुबह से ही रंगपंचमी का उत्साह नजर आने लगा था। श्री हिंदू उत्सव समिति के चल समारोह में पूरा रास्ता रंगों से रंग गया। इसमें कई झांकियां भी शामिल हुईं। एक झांकी में टी 20 क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत की जीत की कामना करते हुए ट्रॉफी लेने का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया। चल समारोह सुभाष चौक कोतवाली से प्रारंभ हुआ। जुमेराती गेट, पुराना पोस्ट आफिस, सिंधी मार्केट, भवानी चौक सोमवारिया, लखेरापुरा, पीपल चौक, चिंतामन चौराहा, इतवारा, जैन मंदिर रोड, गणेश चौक मंगलवारा, घोड़ा नक्कास, छोटे भैया चौराहा, हनुमान मंदिर, गल्ला बाजार होते हुए हनुमानगंज थाना पर इसका समापन हुआ।   दिग्विजय सिंह भी शामिल हुए रंगपंचमी के मौके पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी Jitu Patwari ने अपने भोपाल स्थित निवास पर होली मिलन समारोह आयोजित किया। इसके लिए एक्स पर पोस्ट कर कांग्रेसियों व आमलोगों को बाकायदा आमंत्रित किया गया था। रंगों के इस पर्व को मनाने डी-13, 74 बंगला पर रविवार सुबह से ही बड़ी संख्या में कांग्रेसी आ जुटे थे। उत्साह और उल्लास के साथ एक दूसरे को रंग-गुलाल लगाया। प्रदेश के पूर्व सीएम वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह भी होली मिलन समारोह में शामिल हुए। जीतू पटवारी ने उन्हें भी रंगों से रंग दिया। होरी खेलत रघुवीरा की धुन पर लोग खूब नाचे। कांतिलाल भूरिया, अशोक सिंह सहित अनेक वरिष्ठ नेताओं ने भी होली खेली।

मिट्टी से मेहनत तक की कहानी: पूजा माहौरे ने प्राकृतिक खेती से बनाई नई पहचान

भोपाल  कहते हैं मेहनत और सही दिशा में उठाया गया कदम जिंदगी की तस्वीर बदल देता है। छिंदवाड़ा जिले के ग्राम रोहनाकला की महिला किसान पूजा माहौरे की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। कभी बढ़ती लागत और घटती पैदावार से चिंतित रहने वाली पूजा आज प्राकृतिक खेती और पशुपालन के माध्यम से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और हर महीने लगभग 40 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। पति तरुण माहौरे के साथ मिलकर उन्होंने खेती को नया स्वरूप दिया और आज वे अपने क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। जब खेती बनी चिंता का कारण पूजा माहौरे के पास लगभग 10 एकड़ कृषि भूमि है। पहले वे पारंपरिक तरीके से रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग कर खेती करती थीं। लेकिन समय के साथ खेती की लागत बढ़ने लगी और मिट्टी की उर्वरता भी कम होने लगी। इससे खेती का लाभ घटता गया और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ने लगी। प्रशिक्षण ने बदली सोच इसी बीच कृषि विभाग की आत्मा परियोजना के अंतर्गत उन्हें कृषि सखी के रूप में कार्य करने का अवसर मिला। यहां उन्हें नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने बीजामृत, जीवामृत, पंचगव्य, निर्मास्त्र और ब्रह्मास्त्र जैसे जैविक घोल तैयार करना और उनका उपयोग करना सीखा। प्रशिक्षण से मिली जानकारी को उन्होंने अपने खेतों में लागू किया और धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ा दिए। प्राकृतिक खेती से बढ़ी आमदनी आज पूजा माहौरे अपने खेत के लगभग एक एकड़ क्षेत्र में रसायन मुक्त सब्जियों की खेती कर रही हैं। उनकी सब्जियां पूरी तरह प्राकृतिक होने के कारण बाजार में उनकी मांग अधिक है। वे अपने उत्पाद प्राकृतिक जैविक हाट बाजार में बेचती हैं, जहां उन्हें अच्छा मूल्य मिलता है। सब्जियों की बिक्री से उन्हें लगभग 10 हजार रुपये प्रतिमाह शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है। पशुपालन बना आय का मजबूत आधार प्राकृतिक खेती के साथ-साथ पूजा माहौरे ने देसी गिर और साहीवाल नस्ल की 10 गायों का पालन भी शुरू किया। इन गायों के दूध की बिक्री से उन्हें लगभग 30 हजार रुपये प्रतिमाह शुद्ध आय प्राप्त हो रही है। इस तरह खेती और पशुपालन के समन्वय से उनकी कुल अतिरिक्त आय लगभग 40 हजार रुपये प्रतिमाह हो गई है। मेहनत को मिला सम्मान कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय मिलेट मेले में पूजा माहौरे ने प्राकृतिक और जैविक सब्जियों की दुकान लगाई, जिसे लोगों ने खूब सराहा। उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें संयुक्त संचालक कृषि और उपसंचालक कृषि द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। महिलाओं के लिए प्रेरणा आज पूजा माहौरे अपने अनुभव साझा करते हुए आसपास के किसानों और महिलाओं को भी प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि यदि किसान कम लागत वाली प्राकृतिक खेती और पशुपालन को अपनाएं तो खेती को लाभकारी बनाया जा सकता है।  

सख्ती के बाद भी नहीं थमी नकल: MP बोर्ड परीक्षा में मुरैना बना ‘चीटिंग हॉटस्पॉट’, भोपाल दूसरे नंबर पर

भोपाल माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिम) की ओर से आयोजित कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा (MP Board Exam) शनिवार को प्रदेशभर में शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गई। इस परीक्षा में मध्यप्रदेश के करीब सात लाख विद्यार्थियों ने भाग लिया। परीक्षा समाप्त होने के बाद अब विद्यार्थियों की निगाहें परिणाम घोषणा पर टिक गई हैं। अंतिम दिन हिंदी पेपर में नौ नकल प्रकरण परीक्षा के अंतिम दिन हिंदी विषय का पेपर आयोजित किया गया। इस दौरान प्रदेशभर में कुल नौ नकल प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें छिंदवाड़ा जिले में सबसे अधिक चार मामले सामने आए। इसके अलावा भोपाल और मुरैना में दो-दो तथा इंदौर में एक छात्र नकल करते हुए पकड़ा गया।   उड़नदस्तों की निगरानी में हुई कार्रवाई परीक्षा केंद्रों पर तैनात उड़नदस्तों और केंद्राध्यक्षों ने लगातार निगरानी रखी। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए कई स्थानों पर कार्रवाई भी की गई। मंडल ने इस वर्ष नकल रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी, सीसीटीवी कैमरे और उड़नदस्तों की नियमित जांच के कारण नकल के मामलों पर काफी हद तक नियंत्रण रहा। पूरे परीक्षा सत्र के दौरान प्रदेशभर में कुल 71 नकल प्रकरण दर्ज किए गए। विद्यार्थियों ने बताया हिंदी पेपर आसान परीक्षा देकर बाहर निकले विद्यार्थियों ने बताया कि हिंदी का प्रश्नपत्र अपेक्षाकृत सरल था। अधिकांश प्रश्न पाठ्यक्रम से ही पूछे गए थे। छात्रों के अनुसार अच्छी तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए पेपर काफी आसान रहा। मुरैना में दो नकलची और पकड़े गए, 831 अनुपस्थित मुरैना जिले में बोर्ड परीक्षाओं के दौरान नकल के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ग्वालियर-चंबल संभाग में 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में सबसे अधिक नकल प्रकरण मुरैना में दर्ज किए गए हैं। शनिवार को आयोजित हिंदी पेपर में भी दो नकलची पकड़े गए। जिला शिक्षा अधिकारी बीएस इंदौलिया के अनुसार जिले के 54 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित हुई। इसमें 23,844 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 23,013 उपस्थित रहे, जबकि 831 परीक्षार्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचे। अंबाह के प्राइवेट स्कूल टीसी जैन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में दो छात्र नकल करते पाए गए, जिनके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ कमलेश कुमार भार्गव ने चार परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण भी किया।

रेलवे भर्ती 2026: 5349 पदों पर निकली बंपर वैकेंसी, 10वीं और ITI पास के लिए मौका

भोपाल रेलवे में करियर के अच्छे अवसर की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए एक अच्छी खबर है। रेलवे रिक्रूटमेंट सेल ने पश्चिमी रेलवे में बिना किसी रिटर्न एग्जाम पांच हजार से ज्यादा अप्रेंटिस के पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 23 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट https://www.rrc-wr.com पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। यह ट्रेनिंग सिर्फ एक साल के लिए दी जाएगी। भर्ती से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारी     भर्ती बोर्ड- रेलवे रिक्रूटमेंट सेल (आरआरसी)     पद का नाम- अप्रेंटिसशिप     पदों की संख्या- 5349     आफिशियल वेबसाइट- www.rrc-wr.com     आवेदन शुरू होने की तारीख- 21 फरवरी 2026 सुबह 11 बजे से     आवेदन करने की आखिरी तारीख- 23 मार्च 2026 शाम 5 बजे तक     आयु सीमा- 15 वर्ष की उम्र पूरी कर ली हो, लेकिन 24 वर्ष का न हुआ हो।     रिजर्व कैटेगिरी के उम्मीदवारों को नियमानुसार छूट।     स्टाइपेंड- नियमानुसार     ट्रेनिंग की अवधि- एक वर्ष     चयन प्रक्रिया- मेरिट बेस पर शार्ट लिस्टिंग, डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन     भर्ती का नोटिफिकेशन- RRC WR Apprentice Recruitment 2026 Notification PDF     आवेदन करने का लिंक- RRC WR Apprentice Vacancy 2026 Apply Online     आवेदन शुल्क-100 रुपये, एससी/एसटीपीडब्ल्यूबीडी/महिला आवेदक निशुल्क अप्लाई कर सकते हैं। भर्ती के लिए जरूरी योग्यता आवेदकों ने मैट्रिकुलेशन (10वीं) कक्षा 10+2 परीक्षा स्कीम के जरिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ पास की हो। साथ में संबंधित ट्रेड फिटर/ वेल्डर/ टर्नर/ मैकेनिस्ट/ वायरमैन/ पाइप फिटर/ प्लंबर/ स्टेनोग्राफर आदि में एनसीवीटी से मान्यता प्राप्त संस्थान से आइटीआइ सर्टिफिकेट प्राप्त किया हो। जो अभ्यर्थी एसएससी या आइटीआइ रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं, वो आवेदन के योग्य नहीं माने जाएंगे। इंजीनियरिंग ग्रेजुएट और डिप्लोमा होल्डर्स भी आवेदन के योग्य नहीं हैं। एजुकेशनल और टेक्निकल क्वालिफिकेशन के साथ उम्मीदवारों ने कम से कम 15 वर्ष की उम्र पूरी कर ली हो, लेकिन 24 वर्ष का न हुआ हो। ऊपरी उम्र में एससी/एसटी को 5 वर्ष, ओबीसी को 3 वर्ष, पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों (दिव्यांगजन) को 10 वर्ष की नियमानुसार छूट मिलेगी। ऐसे करें आवेदन ऑफिशियल वेबसाइट www.rrc-wr.com पर जाएं। होमपेज पर अप्लाई ऑनलाइन के लिंक पर क्लिक करें। न्यू रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करके मांगी गई डिटेल्स दर्ज करें। रजिस्ट्रेशन होने के बाद लाग इन करें। फीस (यदि लागू हो) जमा करें। फॉर्म का प्रिंटआउट निकालकर रख लें। एक्सपर्ट व्यू   तैयारी के लिए जरूरी टिप्सकरियर काउंसलर अभिषेक खरे बताते हैं कि इस अप्रेंटिस के लिए उम्मीदवारों को किसी भी तरह की परीक्षा नहीं देनी है, लेकिन कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, जो नीचे दी गई हैं। इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा नहीं होती, लेकिन चयन 10वीं आइटीआइ अंकों के औसत (मैरिट लिस्ट) के आधार पर होता है। इसलिए तैयारी का फोकस “पढ़ाई” से ज्यादा “अंक और दस्तावेज” पर होना चाहिए। 10वीं और आइटीआइ के अंक चैक करें। मेरिट इन्हीं अंकों के औसत से बनेगी, जितने ज्यादा अंक, उतनी ज्यादा चयन की संभावना रहती है। 10वीं % आइटीआइ %) ÷ 2 = फाइनल मेरिट प्रतिशत। गलत गणना से भ्रम न रखें। सभी जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें। जैसे-10वीं मार्कशीट, आइटीआइ प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, जाति प्रमाणपत्र (यदि लागू) और पासपोर्ट साइज फोटो आदि। आवेदन फार्म ध्यान से भरें। नाम, जन्मतिथि, अंक बिल्कुल प्रमाणपत्र के अनुसार भरें। कोई भी गलत जानकारी न दें। डाक्यूमेंट वैरिफिकेशन में छोटी गलती भी रिजेक्शन करा सकती है। सही ट्रेड का चयन करें। जहां सीटें अधिक हों, वहां चयन की संभावना बढ़ सकती है। अंतिम चयन में मेडिकल फिटनेस होता है, इसलिए सामान्य स्वास्थ्य, आंखों की रोशनी आदि ठीक रखें। अंतिम तिथि से पहले आवेदन करें। आखिरी दिन वेबसाइट स्लो हो सकती है। मोबाइल और ईमेल एक्टिव रखें। मेरिट और डीवी की सूचना वहीं आएगी। साफ फोटो और सिग्नेचर अपलोड करें। ब्लर फोटो से आवेदन रिजेक्ट हो सकता है। ओरिजिनल डाक्यूमेंट साथ रखें। वेरिफिकेशन के समय मूल प्रमाणपत्र जरूरी हैं। किसी एजेंट के झांसे में न आएं। चयन पूरी तरह मेरिट आधारित है।

भोपाल में प्रदर्शन से पहले लेनी होगी पुलिस की इजाजत, रैली-धरना पर दो महीने तक रहेगा नियम लागू

भोपाल भोपाल में अब धरना-प्रदर्शन, जुलूस, रैली और आमसभा आयोजित करने से पहले पुलिस की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित करने पर आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत यह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। यह आदेश अगले दो माह तक प्रभावी रहेगा। अनुमति के बिना आयोजन पर होगी कार्रवाई जारी आदेश के अनुसार किसी भी संगठन, राजनीतिक दल या समूह को धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रैली, पदयात्रा, वाहन रैली, पुतला दहन या शासकीय कार्यालय अथवा निवास के घेराव जैसे कार्यक्रम आयोजित करने से पहले पुलिस उपायुक्त (आसूचना एवं सुरक्षा) से अनुमति लेना आवश्यक होगा। बिना अनुमति आयोजित कार्यक्रम के दौरान यदि अव्यवस्था फैलती है या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान होता है, तो उसकी जिम्मेदारी आयोजकों की मानी जाएगी।   हथियार, विस्फोटक और मशाल जुलूस पर रोक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी रैली या कार्यक्रम में हथियार या विस्फोटक सामग्री लाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा मशाल जुलूस निकालने पर भी रोक लगाई गई है। साथ ही किसी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले भाषण या प्रकाशन पर भी सख्त प्रतिबंध रहेगा। राजधानी में अक्सर होते हैं प्रदर्शन भोपाल राजधानी होने के कारण यहां कर्मचारी संगठनों, छात्र संगठनों, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों द्वारा अक्सर विरोध प्रदर्शन किए जाते हैं। सामान्य दिनों में शहर में औसतन प्रतिदिन 3 से 5 छोटे-बड़े धरना-प्रदर्शन होते हैं। इनमें ज्ञापन सौंपना, प्रतीकात्मक प्रदर्शन या धरना शामिल रहता है। बड़े मुद्दों पर बढ़ जाती है संख्या विधानसभा या लोकसभा चुनाव, भर्ती घोटालों या कर्मचारी आंदोलनों जैसे बड़े मुद्दों के दौरान विरोध प्रदर्शनों की संख्या अचानक बढ़ जाती है। ऐसे समय में एक ही दिन में 10 से 15 तक धरना-प्रदर्शन और रैलियां आयोजित होने लगती हैं।

मध्यप्रदेश का अनोखा जायका: भोपाल की नवाबी रसोई और ‘रसाल’ की मिठास की कहानी

इंदौर पिछली कड़ी में हमने इंदौर के सर्राफा और होलकर विरासत के चटपटे सफर का आनंद लिया था। इस वीकेंड, हम अपनी यात्रा को मध्य प्रदेश के उस हिस्से की ओर मोड़ते हैं जहां हवाओं में नवाबी तहजीब और शाही दस्तरखानों की महक घुली है। यहां पेश है आपके वीकेंड के लिए एक और विशेष स्टोरी। मध्य प्रदेश के खान-पान की जब भी बात होती है, तो भोपाल और उसके आस-पास के शाही घरानों का जिक्र अनिवार्य हो जाता है। यहाँ का जायका सिर्फ पेट नहीं भरता, बल्कि एक बीते हुए दौर की गवाही देता है।   जहानुमा घराना: अफगानी जड़ें और भोपाली पसंदे भोपाल का ‘जहानुमा घराना’ अपनी नवाबी मेहमान-नवाजी के लिए मशहूर है। इनकी रसोइयों का सबसे बड़ा तोहफा है- ‘भोपाली पसंदे’। वैसे तो पसंदे एक मुगलिया डिश है, लेकिन भोपाल में इसे बनाने का अंदाज बिल्कुल जुदा है। उत्तर भारत के विपरीत, यहां के पसंदे बिना करी (ग्रेवी) के बनाए जाते हैं। अंडर-कट मीट को तली हुई प्याज, भुने चने, खोपरा और बादाम के पेस्ट में रात भर मैरिनेट किया जाता है और फिर धीमी आंच पर पकाया जाता है। दाल-गोश्त: जब मजबूरी बनी लजीज परंपरा भोपाल की एक और मशहूर डिश है ‘दाल-गोश्त’। इसके पीछे की कहानी बेहद दिलचस्प है। कहा जाता है कि दिल्ली सल्तनत और मुगलों के दौर में जब गोश्त महंगा होता था और परिवार बड़ा, तब पेट भरने के लिए गोश्त में दाल मिलाई जाती थी। समय के साथ यह ‘जुगाड़’ एक शाही डिश बन गया। मांश या मसूर की दाल के साथ कोयले की आंच पर पका यह गोश्त आज भी भोपाल की रसोइयों की जान है। जमींदार घराना: शाकाहारी विरासत और ‘रसाल’ का जादू इंदौर के करीब ‘जमींदार घराना’ अपने आप में अनोखा है। जहां देश के अधिकतर राजघरानों में मांसाहार का बोलबाला रहा, इस घराने ने 1704 से अपनी शुद्ध शाकाहारी परंपरा को निभाया है। इनकी रसोइयों की सबसे दुर्लभ डिश है ‘रसाल’। ठंड के मौसम में जब गन्ने का ताजा रस निकलता है, तब इसे बड़े कढ़ा में उबाला जाता है। इसमें गलाए हुए चावल डालकर 3-4 घंटे तक इतनी धीमी आंच पर पकाया जाता है कि रस और चावल एक-दूसरे में पूरी तरह समा जाएं। बादाम और पिस्ते से सजी यह डिश मालवा की मिठास का प्रतीक है। रीवा की विरासत: बघेली चिकन और इंदिराहार विंध्य क्षेत्र की ओर बढ़ें तो रीवा रियासत का ‘बघेली चिकन’ अपनी अलग पहचान रखता है। शिकार के शौकीन बघेल राजाओं ने इसे देसी घी और भुने हुए खड़े मसालों के साथ विकसित किया। वहीं, शाकाहारी व्यंजनों में ‘इंदिराहार’ (पांच दालों का मिश्रण) गुजरात और राजस्थान की याद दिलाता है, जिसे फर्मेंट करके बड़ी कुशलता से तैयार किया जाता है।   स्वाद जो कहता है इतिहास चाहे वो भोपाल का यखनी पुलाव हो या जमींदार घराने का रसाल, मध्य प्रदेश का हर निवाला एक कहानी कहता है। यह खाना सिर्फ मसालों का मेल नहीं, बल्कि उन राजाओं, नवाबों और किसानों की विरासत है जिन्होंने इस राज्य को ‘स्वाद का केंद्र’ बनाया।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet