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चेन पुलिंग समस्या को समाप्त करने RPF ने विशेष अभियान शुरू किया, रेलवे लेगा मोटा जुर्माना

 भोपाल बिना किसी वैध कारण के ट्रेन की चेन खींचना अब आपकी जेब पर भारी पड़ने वाला है. पश्चिम मध्य रेलवे ने चेन पुलिंग करने पर जुर्माने के साथ अब ट्रेन जितनी देर रुकेगी उसका खर्चा भी अवैध रूप से चेन पुलिंग करने वाले से वसूला जाएगा. पश्चिम मध्य रेलवे में भोपाल मंडल के रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी ने बताया, अक्सर देखा गया है कि कुछ यात्रियों द्वारा बिना उचित कारण अलार्म चेन पुलिंग करने से न केवल गाड़ियां देरी से चलती हैं, बल्कि रेलवे को भारी नुकसान का सामना भी करना पड़ता है. इस समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए 06 दिसंबर 2024 से रेल सुरक्षा बल (RPF) द्वारा एक विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है. इसमें अवैध अलार्म चेन पुलिंग पर जुर्माने के साथ ट्रेन रोकने का खर्च वसूला जाएगा. अब अगर किसी यात्री ने बिना उचित कारण के अलार्म चेन खींचीं तो उसे ₹1000 का जुर्माना ही नहीं बल्कि ट्रेन को रोकने (डिटेंशन) का खर्च भी चुकाना होगा. रेलवे ने यह लागत ₹8,000 प्रति मिनट निर्धारित की है. उदाहरण के तौर पर अगर ट्रेन 5 मिनट के लिए रुकी तो जुर्माना ₹8,000x 5=₹40,000 और इसमें चेन पुलिंग का ₹1000 जोड़ने पर कुल जुर्माना ₹41000 होगा. अगर ट्रेन 10 मिनट के लिए रुकी तो कुल जुर्माना ₹1000+₹8,000×10=₹81000. यह लागत और भी बढ़ सकती है, क्योंकि चेन पुलिंग से प्रभावित अन्य गाड़ियों का भी डिटेंशन चार्ज चेन पुलिंग करने वाले से वसूला जाएगा जो ₹1 लाख तक पहुंच सकता है. इन दो कारणों पर मान्य होगी अलार्म चेन पुलिंग भोपाल मंडल के मुताबिक, केवल दो विशेष परिस्थितियों में अलार्म चेन पुलिंग मान्य मानी जाएगी. पहला, अगर यात्री की जान को खतरा हो जैसे गिरने की स्थिति में दुर्घटना टालने के लिए. दूसरा मान्य कारण होगा, 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों या 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति का छूट जाना जैसे अगर वह चढ़ नहीं पाए और ट्रेन चल पड़ी. इनके अलावा हर अन्य कारण को अवैध माना जाएगा.  

प्रदेश में कानून व्यवस्था में कसावट लाने पुलिस मुख्यालय से लेकर ग्राउंड लेवल तक तबादलों की तैयारी

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार की तबादला एक्सप्रेस एक बार फिर शुरू होने की तैयारी की जा ही है. प्रदेश में कानून व्यवस्था में कसावट लाने के लिए पुलिस मुख्यालय से लेकर ग्राउंड लेवल तक तबादलों की तैयारी की जा रही है. हालांकि राज्य सरकार बीते 4 माह में 19 पुलिस अधीक्षकों, 4 जोन के आईजी, डीआईजी को बदल चुकी है. कई जिलों के अधिकारी अभी और बदले जा सकते हैं. उधर प्रदेश पुलिस के नए मुखिया बनने के बाद डीजीपी कैलाश मकवाना जिलावार रिव्यू करने जा रहे हैं. इसके बाद थाना स्तर तक बदलाव किए जाएंगे. पुलिस मुख्यालय में भी दिखाई देंगे बदलाव डीजीपी कैलाश मकवाना कार्यभार संभालने के बाद से ही काम में जुट गए हैं. जिलों के एसपी और आईजी स्तर के अधिकारियों के साथ डीजीपी ने बैठक की है. बताया जा रहा है कि जल्द ही डीजीपी जोन स्तर पर जिला बार कानून व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक करने जा रहे हैं. माना जा रहा है कि इसके बाद कानून व्यवस्था के आधार पर रैंकिंग के आधार पर अधिकारियों को बदला जाएगा. बदलाव जिलों में थाना स्तर तक दिखाई देगा. हालांकि डीजीपी कैलाश मकवाना का कहना है कि काम को लेकर किसी को भी समय दिया जाना चाहिए, लेकिन बेहतर रिजल्ट न आने पर बदलाव जरूरी होता है. जाहिर है कानून व्यवस्था न संभाल पाने वाले अधिकारियों पर तबादले की तलवार चलेगी. भ्रष्टाचार और अन्य गंभीर शिकायतों में मैदानी पुलिस अधिकारियों को हटाया जाएगा. पुलिस मुख्यालय में भी होंगे बदलाव डीजीपी कैलाश मकवाना ने जिलों और रेंज के अलावा अब पुलिस मुख्यालय की अलग-अलग ब्रांच की समीक्षा शुरू कर दी है. समीक्षा बैठकों के बाद पुलिस मुख्यालय में भी सीनियर आईपीएस अधिकारियों की नई पदस्थापनाएं होगी.     सरकारी कर्मचारियों का घर बैठे होगा ट्रांसफर, तबादले के लिए नहीं काटने होंगे भोपाल के चक्कर     एक्शन में नए DGP कैलाश मकवाना, SP-IG की बुलाई बैठक, बोले-अनुशासन में रहे पुलिस, न लगे कोई दाग पिछले चार माह में कौन-कौन बदला     18 नवंबर को राज्य सरकार ने शहडोल, सिंगरौली, छिंदवाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक और ग्वालियर, नर्मदापुरम के आईजी को बदल दिया.     22 अक्टूबर को राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री के ओएसडी सहित 7 आईपीएस अधिकारियों को बदला. इनमें बड़वानी, देवास, जबलपुर के एसपी को बदल दिया गया.     13 अक्टूबर को विदिशा, सीहोर और टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक को बदल दिया गया.     24 सितंबर को 15 आईपीएस अधिकारियों को नई पदस्थापना दी गई. इसमें लोकायुक्त डीजी को बदल दिया गया.     10 सितंबर को राज्य सरकार ने रतलाम, नरसिंहपुर और भोपाल रेल एसपी को बदल दिया.     3 सितंबर को राज्य सरकार ने लोकायुक्त कार्यालय के विशेष पुलिस स्थापना में करीब 6 अधिकारियों के तबादले किए.     10 अगस्त को 21 आईपीएस के तबादले किए गए. इनमें शहडोल आईजी के अलावा, जबलपुर, ग्वालियर, खरगौन के डीआईजी और मऊगंज, बालाघाट, मुरैना, रायसेन, पांढुर्णा, मंदसौर, अनूपपुर के पुलिस अधीक्षक को बदल दिया गया.

मध्यप्रदेश सरकार का एक वर्ष मनेगा जनकल्याण पर्व के रूप में, मंत्रियों की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समितियां बनाई गई

भोपाल  मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के नेतृत्व में सत्तासीन बीजेपी सरकार का प्रदेश में 1 साल पूरा हो गया है. प्रदेश सरकार के 1 साल पूरे होंने पर प्रदेश में 11 से 26 दिसंबर के बीच जन कल्याण पर्व के रूप में मनाया जाएगा. इस दौराने सभी जिलों में महिला, किसान, युवा व गरीब कल्याण समेत विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. मोहन सरकार के 1 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने 11 से 26 दिसंबर के बीच जन कल्याण पर्व के रूप में मनाने का निर्णय लिया है. एक पखवाड़े तक मनाए जाने वाले जन कल्याण पर्व के आयोजन के लिए मंत्रियों की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समितियां बनाई गई हैं. कैलाश विजयवर्गीय को बनाया गया युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष रिपोर्ट के मुताबिक मोहन सरकार के एक वर्ष पूरे होने के आयोजन के लिए किसानों के लिए गठित समिति का अध्यक्ष किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना को बनाया गया है, युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को नियुक्ति किया गया है. निर्मला भूरिया को बनाया गया महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष जन कल्याण पर्व के रूप में मनाने के लिए आयोजित होने वाले कार्यक्रम में गरीब कल्याण से जुड़ी समिति का अध्यक्ष पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया को बनाया गया है. मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में प्रचंड जीत के साथ सत्ता में लौटी बीजेपी ने मध्य प्रदेश में डा. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया था. बतौर सीएम मोहन यादव ने गत 13 दिसंबर, 2023 को मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली थी. 11 दिसंबर से प्रदेश के सभी जिलों में मनाया जाएगा जन कल्याण पर्व गौरतलब है मोहन सरकार एक वर्षीय उपलब्धि के रूप में मनाए जाने वाले जन कल्याण पर्व 11 दिसंबर से शुरू होगा. इस दौरान राजधानी भोपाल समेत सभी जिलों में गीता जयंती महोत्सव का आयोजन किया जाएगा. वहीं, ग्वालियर में 15 से 19 दिसंबर तक तानसेन समारोह आयोजित होगा.

इंदौर के 1037 सरकारी स्कूलों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस मशीन लगाई जायेगी, मशीन की शीट देखकर ही सैलरी बनेगी

इंदौर  सरकारी स्कूलों को धर्मशाला समझने और मनमर्जी से स्कूल आने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बुरी खबर है। कुछ माह पहले कलेक्टर आशीष सिंह ने कलेक्टर कार्यालय में बायोमेट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य कर दिया था। इसके साथ इंदौर जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में भी बायोमेट्रिक लगाने के निर्देश जारी किए थे। लेकिन शिक्षा विभाग में इसका पालन नहीं हुआ। दो दिन पहले जिला पंचायत कार्यालय में सरकारी स्कूलों में बायोमेट्रिक मशीन लगाने को लेकर बैठक हुई थी। जिसमें सीईओ सिद्धार्थ जैन ने सभी सरकारी स्कूलों में बायोमेट्रिक मशीन लगाने के लिए कहा है। बता दे कि जिले के 1037 स्कूलों में बायोमेट्रिक मशीनें लगाई जाना है। अधिकतर स्कूलों में रजिस्टर पर दर्ज होती है उपस्थिति अब तक अधिकांश सरकारी स्कूलों में रजिस्टर में ही शिक्षक उपस्थिति दर्ज करते हैं। कई शिक्षक अपनी मनमर्जी के हिसाब से ही स्कूल आते और चले जाते हैं। इसी तरह जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भी कर्मचारी अपनी मर्जी के अनुसार ही कार्यालय आ रहे हैं। इसी महीने में लग जाएगी बायोमेट्रिक मशीन इंदौर जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन ने बताया कि शिक्षा विभाग के कार्यालय और स्कूलों में अब बायोमेट्रिक मशीन से ही उपस्थिति दर्ज की जाना है। इसके लिए जिले के सभी सरकारी स्कूल परिसरस, पंचायत आदि में बायोमेट्रिक मशीन लगाई जाना है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तत्काल बायोमेट्रिक मशीन लगाने के लिए कहा गया है। इसी माह यह काम पूरा होना जाना चाहिए। 1037 स्कूलों में लगेगी मशीन जानकारी के अनुसार जिले में जो स्कूल पंचायत कार्यालय के करीब है, वहां पंचायत में बायोमेट्रिक मशीन लगाई जाना है। वहीं अन्य स्कूल परिसर में ही लगाई जाएगी। इंदौर शहरी क्षेत्र में 182, इंदौर ग्रामीण क्षेत्र में 230, महू में 186, सांवेर में 239 और देपालपुर में 200 परिसरों में बायोमेट्रिक मशीन लगना हैं। शहरी क्षेत्र में यह जिम्मेदारी नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत के पास रहेगी। अफसरों के अनुसार इसी बायोमेट्रिक मशीन शुरू होने के बाद महीने के अंत में मशीन की शीट के आधार पर ही कोषालय से वेतन जारी होगा।

वन मंत्री रामनिवास रावत का त्यागपत्र स्वीकार, वन विभाग मुख्यमंत्री के पास रहेगा,

भोपाल वन मंत्री रामनिवास रावत का त्यागपत्र राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने स्वीकार कर लिया है। विजयपुर विधानसभा के उपचुनाव में पराजित होने के बाद उन्होंने मतगणना के दिन 23 नवंबर की ही देर शाम मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव को त्यागपत्र भेज दिया था। विदेश प्रवास से लौटने पर मुख्यमंत्री ने इसे स्वीकार करने की अनुशंसा राज्यपाल से की थी। जब तक किसी मंत्री को इसका प्रभार नहीं दिया जाता है, तब तक विभाग मुख्यमंत्री के पास रहेगा।   छह बार कांग्रेस से विधायक रहे रामनिवास रावत ने लोकसभा चुनाव के समय भाजपा में शामिल हो गए थे। उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया और सचिवालय ने सीट रिक्त घोषित करके उपचुनाव कराने का प्रस्ताव भेज दिया। आठ नवंबर, 2024 को उन्हें मंत्रिमंडल में बतौर कैबिनेट मंत्री शामिल किया गया। विधानसभा उपचुनाव में उन्हें कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा ने पराजित किया। मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि जब तक मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं होता या फिर किसी मंत्री को वन विभाग का प्रभार सौंपने के आदेश नहीं होते तब तक विभाग मुख्यमंत्री के पास रहेगा। मुख्यमंत्री समेत मंत्रिमंडल में अब 31 मंत्री रामनिवास रावत के त्यागपत्र के बाद अब मोहन मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत मंत्रियों की संख्या 31 रह गई है। नियमानुसार 35 मंत्री बनाए जा सकते हैं। संभावना जताई जा रही है कि नए वर्ष में मोहन मंत्रिमंडल का विस्तार होगा, जिसमें क्षेत्रीय, जातीय और दलीय समीकरणों को देखते हुए नए चेहरों को मंत्रिमंडल में स्थान मिल सकता है।

मंत्री टेटवाल एवं मंत्री काश्यप की उपस्थिति में हुए एमओयू साइन

भोपाल कौशल विकास और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल और एमएसएमई मंत्री श्री चैतन्य काश्यप की उपस्थिति में संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क (जीएसपी) में चार एडवांस्ड ट्रेड प्रारंभ करने के लिये जीएसपी एवं आईआईटी दिल्ली और आईआईटी रोपड़ के मध्य एमओयू हुए। इस पहल के तहत साइबर एण्ड नेटवर्क सिक्यूरिटी, एनीमेशन-मोशन ग्राफिक्स, गेमिंग टेक्नोलॉजी और एआर एण्ड वीआर जैसे एडवांस्ड ट्रेड शीघ्र ही प्रारंभ किये जायेंगे, जो प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर की तकनीकी शिक्षा प्रदान करेंगे। साथ ही राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय साइबर एण्ड नेटवर्क सिक्यूरिटी के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता प्रदान करेगा। आईआईटी रोपड़ के साथ समझौते के अंतर्गत ड्रोन टेक्नोलॉजी से संबंधित अल्पकालिक पाठ्यक्रम चलाए जाएंगे। इनमें डीजीसीए सर्टिफाइड ड्रोन पायलट ट्रेनिंग, जीआईएस फॉर ड्रोन डाटा प्रोसेसिंग के लिए जीआईएस, ड्रोन्स इन एग्रीकल्चर, ड्रोन्स एण्ड डिजास्टर मैनेजमेंट, एरियल सिनेमेटोग्राफी, पाइथॉन फॉर जीआईएस और ड्रोन बिल्डिंग जैसे कोर्स शामिल होंगे। मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि यह विभाग का एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें युवाओं को वैश्विक स्तर की तकनीकी शिक्षा और कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बना रहे हैं। ग्लोबल स्किल्स पार्क में छात्रों को न केवल प्रशिक्षित किया जाएगा, बल्कि उन्हें रोजगार के बेहतरीन अवसर भी मिलेंगे। इस कदम से हमारे प्रदेश के युवाओं का भविष्य और उज्जवल होगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस पहल का उद्देश्य भारतीय युवाओं को विश्व के प्रतिस्पर्धात्मक माहौल के लिये तैयार करना है। यह प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा उत्कृष्ट संस्थानों में रोजगार प्राप्त कर पायेंगे। साथ ही स्व-रोजगार प्रारंभ कर अन्य युवाओं को भी रोजगार देने वाले बनेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह संस्थान उन युवाओं के लिये बहुत बड़ा सुअवसर है, जो बड़े-बड़े प्रायवेट संस्थानों में लाखों की फीस देकर पढ़ने में असमर्थ हैं। यहाँ गरीब से गरीब तबके का प्रतिभावान युवा अपने सपनों को साकार कर सकता है। इस संस्थान में डेढ़ लाख के विरुद्ध केवल 15 हजार रुपये फीस ली जाती है। मंत्री श्री टेटवाल विद्यार्थियों के साथ रूबरू भी हुए। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ काफी समय बिताया एवं उनके प्रशिक्षण के संबंध में अनुभव जाने। मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि यह एक नई शुरुआत है, जिसमें प्रदेश के युवाओं को एकजुट कर हम उन्हें बेहतर कौशल और प्रशिक्षण देने जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से हम उन्हें तकनीकी विशेषज्ञ बनाने के साथ-साथ उनके रोजगार के अवसरों को भी बढ़ा रहे हैं। हमारे लिए यह जरूरी है कि हम हर युवा को कौशल के साथ एक बेहतर भविष्य की दिशा प्रदान करें। ग्लोबल स्किल्स पार्क में इन पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए आईआईटी दिल्ली और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए हैं। मंत्री द्वय ने इस विशेष अवसर पर सिंगापुर प्रशिक्षण पर जा रही फैकल्टी टीम के वाहन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। यह टीम सिंगापुर के प्रतिष्ठित संस्थान आईटीईईएस में जाकर प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। सिंगापुर से प्रशिक्षण प्राप्त कर फैकल्टी मेंबर प्रदेश के युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मक माहौल के अनुसार विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर सकेंगे। साथ ही युवा संगम वाहन को भी हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। यह वाहन विभिन्न जिलों में पहुँचकर युवाओं को प्रदेश के आईटीआई एवं ग्लोबल स्किल पार्क में चल रहे विभिन्न ट्रेड की जानकारी देगा। अपर सचिव टीडीईएसडीई परियोजना निदेशक, एमपीएसडीपीसीओ श्री गिरीश शर्मा, जीएसपी के डायरेक्टर एवं प्रशिक्षक आईआईटी रोपड़ के डायरेक्टर प्रो. राजीव आहूजा, एसोसिएट डीन डॉ. अथर्व पौंड्रिक तथा आईआईटी दिल्ली के प्रो. गौरव शर्मा, सीईओ श्री आशुतोष दत्त शर्मा एवं एजुकेशन और ट्रेनिंग हेड श्री पीयूष प्रसाद उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में 1300 से अधिक युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण का लाभ

भोपाल मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना “मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना” के तहत पंजीयन कराकर मध्‍यप्रदेश के 1 हजार 305 युवाओं को ऑन द जॉब ट्रेनिंग दी जायेगी। इसके लिए कंपनी द्वारा “मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना” में लगभग एक हजार 305 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने के उदृदेश्‍य से विभिन्‍न विषयों के इच्‍छुक युवाओं से 16 दिसम्‍बर 2024 तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। कंपनी ने बताया है कि ‘’मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना’’ में आवेदन करने के लिए इच्‍छुक अभ्‍यर्थी प्रशिक्षण से संबंधित अर्हताओें, रिक्‍त स्‍थानों के विवरण तथा अन्‍य आवश्‍यक जानकारी कंपनी की बेवसाइट portal.mpcz.in पर देख सकते हैं। “मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना” में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा आईटीआई, डिप्लोमा, ग्रेजुएशन पास बेरोजगार युवाओं को इलेक्ट्रिशियन, कंप्यूटर ऑपरेटर, लाइनमैन, स्टेनोग्राफर (हिंदी/अंग्रेजी),इंजीनियरिंग (सिविल/ इलेक्ट्रिकल),एग्जीक्यूटिव (एच आर/अकाउंट) आदि पदों पर 01 हजार 305 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जायेगा। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने कहा है कि “मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना” के तहत व्यापक स्तर पर औपचारिक शिक्षा प्राप्त युवाओं को कंपनी में छात्र प्रशिक्षणार्थी के रूप में ऑन द जॉब ट्रैनिंग की सुविधा मिलेगी।  

जिले को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में फूड पार्क महत्वपूर्ण कदम- मंत्री पटेल

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम एवं भिण्ड जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल के मुख्य आतिथ्य में भिण्ड में पहली बार इन्वेस्टर्स मीट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम जिला पंचायत कार्यालय के सभागृह में आयोजित किया गया। इस अवसर पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला सहित विधायक, जनप्रतिनिधि, कलेक्टर, इन्वेस्टर्स, विभिन्न बैंकों के अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि अपार संभावनाएं भी खुलेंगी। इस क्षेत्र में निवेश जिले की कृषि उत्पादकता को बढ़ाएगा।किसानों की आय में वृद्धि होगी और मूल्य संवर्धन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त होगी। ऐसे प्रयास जिले को आर्थिक रूप से समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।निवेशकों की हर संभव मदद की जाएगी है। उन्होंने निवेशकों को आश्वस्त किया कि सरकार राज्य में विभिन्न उद्योगों में निवेश बढ़ाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है, मध्यप्रदेश को प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने कहा कि आज भिण्ड के ब्रांड को दुनिया में पहुंचाने की जरूरत है। जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के लगातार प्रयासों से एमएसएमई विभाग के अंतर्गत ग्राम नुन्हाटा में लगभग 300 हैक्टेयर भूमि पर फूड पार्क प्रस्तावित है। इन्वेस्टर्स मीट कार्यक्रम में बताया गया कि जिले के औद्योगिक विकास एवं रोजगार को सृजित करने के उद्देश्य से यह फूड पार्क विकसित किया जा रहा है, जिसका लाभ जिले के किसानों को मिलेगा एवं उन्हें प्रशिक्षण के माध्यम से प्राकृतिक खेती, सब्जियों की इंटरक्रापिंग, फलोद्यान विकास के लिये प्रोत्साहित किया जाएगा। कृषि उत्पाद आदि की बिक्री एवं अच्छे दाम दिलवाने की व्यवस्था फ़ूड पार्क में उद्योग स्थापित करने वाले उद्यमियों के साथ लिंक कर की जाएगी, जिससे कृषक क्राप डायवर्सिफिकेशन, वेजीटेबल इंटरक्रापिंग के प्रति भी आकर्षित होकर अपनी आमदनी को बढ़ा सकें। फूड पार्क कन्वर्जेंस मॉडल पर आधारित रहेगा, जिसके तहत फूड प्रोसेसिंग से संबंधित विभिन्न प्रकार के उद्योग स्थापित किए जाएंगे, जिससे लगभग 5 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। परियोजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए नाबार्ड से सब्सिडी, अनुदान आदि के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे बेहतर उपकरण, इंक्यूबेशन सेंटर, कॉमन फैसिलिटेशन सेंटर, खाद्य उत्पादों की सैंपलिंग, टैस्टिंग, पैकेजिंग आदि की बेहतर सुविधा फूड पार्क में ही उपलब्ध हो सके। समिट में एमएसएमई, एपीडा, डीजीएफटी आदि के विशेषज्ञ इन्वेस्टर्स को विभिन्न फूड प्रोसेसिंग से एवं इंडस्ट्री से संबंधित विभिन्न लाभकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी साझा की गई।  

जिले में मुक्तिधाम एवं मंदिरों पर कोई अतिक्रमण न हो – मंत्री पटेल

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम और भिण्ड जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला योजना समिति की बैठक जिला पंचायत सभागार भिण्ड में की गई। इस दौरान नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, विधायकगण, जनप्रतिनिधि, कलेक्टर एवं जिला अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री श्री पटेल ने महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में देखें कि अगर कोई इस योजना का पात्र हितग्राही है तो आप उसकी किस प्रकार से मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिले में कुल 12 ऐसे बच्चे हैं जिनके माता पिता की मृत्यु कोरोना काल के दौरान हो गई थी। कोरोना काल के अलावा 55 ऐसे बच्चे हैं, जिनके माता-पिता नहीं हैं, ऐसे बच्चों के लिए सभी जन-प्रतिनिधि हर 6 माह में जाकर मानवीय आधार पर देखें कि उन बच्चों को वास्तविकता में मदद मिल रही है या नहीं। मंत्री श्री पटेल ने प्रधानमंत्री सड़क योजना के चौथे चरण अंतर्गत जिले में वर्तमान में प्रगतिरत सड़कों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने जिले की कौन सी विधानसभा में कितने किलोमीटर की सड़कें बनी है, और कितने प्रतिशत कार्य पूर्ण किया गया है, इस संबंध में जानकारी ली। मंत्री श्री पटेल ने जल संसाधन विभाग की समीक्षा कर के दौरान किसानों से एग्रीमेंट, पानी पहुंचने की स्थिति, मेंटेनेंस कार्य, टेल एरिया में पानी कहां तक पहुंचा है, इस संबंध में जानकारी ली और निर्देश दिए। उन्होंने जिले में प्रगतिरत पांच परियोजनाओं के संबंध में जानकारी ली, परियोजनाओं के टेंडर, टाईम लाईन के संबंध में जानकारी ली, मां रतनगढ़ परियोजना में कितने हैक्टेयर वन भूमि के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने राजस्व महाअभियान में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, आधार सीडिंग, लक्ष्य के विरुद्ध प्रगति की भी जानकारी ली। मंत्री श्री पटेल ने जिले में मुक्तिधाम कितने हैं, कितने मुक्तिधाम पर अतिक्रमण है और भूमिहीन मुक्तिधाम के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किए कि जिन मुक्तिधाम और मंदिरों पर अतिक्रमण है उन्हें शीघ्र अतिक्रमण मुक्त कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने मैदानी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन संबंधित आवश्यक निर्देश दिए।  

मंत्री पटेल ने बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ पर हस्ताक्षर अभियान में सहभागिता की

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम और भिण्ड जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने गुरुवार को भिण्ड में “हम होंगे कामयाब” पखवाड़े के अन्तर्गत बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ पर हस्ताक्षर अभियान में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने घरेलू हिंसा से बचाव और जेंडर असमानता उन्मूलन पर तैयार सेल्फी पॉइंट पर सेल्फी भी ली। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में राजय सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि केवल पखवाड़े तक ही सीमित न रहे। हमारी मानसिकता में हमेशा महिलाओं के लिए बराबरी का दर्जा, सम्मान एवं महिला सशक्तिकरण की भावना होनी चाहिए। इस अवसर विधायक, जनप्रतिनिधि, कलेक्टर और जिलाधिकारी उपस्थित रहे।  

विच्छेदित कनेक्शन बिल भरते ही अपने आप जुड़ जाएगा : मंत्री श्री तोमर

भोपाल मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्मार्ट मीटर से संबंद्ध उपभोक्ताओं को गुरुवार से एक और सुविधा प्रदान की है। यदि किसी स्मार्ट मीटर से संबंधित उपभोक्ता का कनेक्शन बकाया बिल राशि तय समय तक जमा नहीं करने पर ऑटोमेटिक कटता है, तो ऑन लाइन बिल भरते ही उसका कनेक्शन कुछ मिनट में ही पुनः जुड़ जाएगा। उसे बिजली कार्यालय आने या किसी को फोन करने, जमा रसीद भेजने की आवश्यकता नहीं होगी। मप्र में सबसे पहले इंदौर से स्मार्ट मीटर कन्ज्यूमर ऑटोमेशन प्रक्रिया प्रारंभ होने और नई उपभोक्ता सुविधा प्रदान करने पर ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई ने कार्मिकों को बधाई दी। मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर की प्रबंध निदेशक सुश्री रजनी सिंह ने बताया कि सबसे पहले ऑटोमेशन की यह सुविधा 2020 से 2024 तक लगे स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को प्रदान की गई है। इसके लिए कंपनी की सूचना प्रौद्योगिकी शाखा, पेमेंट गेटवे सिस्टम और स्मार्ट मीटर परियोजना शाखा को एक दूसरे से रियल टाइम संबद्ध किया गया है। बिजली कंपनी उपभोक्ताओं को नियत तिथि तक बिल राशि जमा करने की सुविधा व राशि जमा करने का संदेश देती है, इसके बाद भी यदि स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं की बकाया राशि जमा नहीं होने पर बिजली ऑटोमेटिक रूप से कटती, तो बिल राशि एवं बिजली कनेक्शन काटने, जोड़ने की राशि सहित कुल बिल मोबाइल/कम्प्यूटर पर दिखेगा। कुल बिल राशि जमा करते ही कनेक्शन अपने आप जुड़ जाएगा। इस सुविधा के लिए पेमेंट गेटवे से सूचनाएं तुरंत ही बिजली कंपनी की सूचना प्रौद्योगिकी शाखा के पास आएगी, कुछ सेकंड में यह सूचना अपने आप स्मार्ट मीटर परियोजना के सर्वर तक पहुंच जाएगी उसके बाद कनेक्शन ऑटोमेटिक जुड़ जाएगा। पहले चरण में यह सुविधा 2020 से 2024 के बीच लगे 7.25 लाख स्मार्ट मीटर से संबद्ध उपभोक्ताओं को दी गई है। इस अवधि के पहले के स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को भी यह सुविधा प्रदान करने के लिए विभागीय तौर पर कार्य किया जा रहा है। समय पर बिल राशि भरने की अपील मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा कि शासन के आदेशानुसार कृषि क्षेत्र के लिए 10 घंटे एवं अन्य सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावी है। ऐसे में उपभोक्ता बकाया बिजली बिल समय पर जमा करें, कैशलेस बिजली बिल जमा करने पर नियामक आयोग के आदेशानुसार प्रति बिल छूट दी जाती है। वहीं राशि जमा नहीं करने पर अधिभार एवं कनेक्शन काटने, जोड़ने की राशि वसूल की जाती है।  

बिजली चोरी के मामले में 35 हजार 482 रूपये का जुर्माना लगाया

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यक्षेत्र के मुलताई में विशेष न्यायाधीश विद्युत अधिनियम जिला बैतूल ने बिजली चोरी के मामले में दोष सिद्ध होने पर आरोपी को 35 हजार 482 रुपये के अर्थदंड तथा अदायगी नहीं करने पर 4 माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। गौरतलब है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बैतूल वृत्त अंतर्गत ग्राम छिंदी तहसील मुलताई में चेकिंग के दौरान श्री लालजी आत्मज बातू पाठेकर द्वारा उनकी आटा चक्की में स्थापित कनेक्शन में डायरेक्ट कट लगाकर विद्युत चोरी पकड़ते हुए, माननीय न्यायायल के समक्ष परिवाद दायर किया गया था। इस पर विशेष न्यायाधीश विद्युत अधिनियम मुलताई श्री पंकज चतुर्वेदी ने दोष सिद्ध होने पर आरोपी श्री लालजी पाठेकर को सजा सुनाई है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने इस निर्णय के परिप्रेक्ष्य में सभी आम लोगों से आग्रह किया है कि वे वैध कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें। अनाधिकृत या अवैध रूप से बिजली चोरी दण्डनीय अपराध है तथा इसमें जुर्माना और कारावास का भी प्रावधान है।  

अवधपुरी के रहवासियों को जल्द मिलेगा नर्मदा जल: राज्य मंत्री श्रीमती गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि अवधपुरी के रहवासियों को जल्द ही नर्मदा जल मिलेगा। श्रीमती गौर ने गुरुवार को अवधपुरी के वार्ड-60 में विकास कार्यों का भूमि- पूजन के अवसर पर यह बात कही। उन्होंने भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि लंबे समय से न्यू फोर्ट एक्सटेंशन और जवाहर नगर के रहवासियों को सड़क के निर्माण की दरकार थी, जो आज पूरी होने जा रही है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुरूप क्षेत्र में सड़कों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही न्यू फोर्ट एक्सटेंशन में भी अन्य समस्याओं का निराकरण में शीघ्र किया जाएगा। अवधपुरी के वार्ड 60 में रीगल सिविक सेंटर से पत्रकार कॉलोनी तक लागत 37 लाख रुपए लागत के सड़क मरम्मत कार्य के विकास कार्य का भूमि-पूजन किया । राज्यमंत्री श्रीमती गौर अवधपुरी के वार्ड 60 में शिवशक्ति धाम मंदिर से जवाहर नगर तक सीसी रोड के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया, जिसकी लागत 20 लाख रुपए है। इस दौरान पार्षद वी शक्तिराव, मधु सबनानी, शिवलाल मकोरिया, संजय सबनानी, गणेश राव, आनंद पाठक और क्षेत्र के रहवासी एवं सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री नई दिल्ली में ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ सम्बन्धी त्रिपक्षीय बैठक में हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्षा जल को संग्रहित कर भूगर्भ में जल भंडारण क्षमता के विकास के लिए चलाई जा रही ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ योजना एक अभिनव पहल है। इस योजना में गुजरात में रहकर व्यापार करने वाले अन्य प्रदेशों के व्यापारियों द्वारा स्वयं के संसाधनों से अपने राज्यों में बोर लगवाने का काम किया जा रहा है। मध्यप्रदेश के सतना जिले में इस योजनान्तर्गत कार्य आरम्भ हो गया है। प्रसन्नता की बात है कि योजना में पूरे प्रदेश में 15 हजार बोर लगाने का लक्ष्य है। शासकीय संसाधनों के बिना गुजरात व्यापार करने वाले व्यापारियों की भागीदारी से चल रहा बूंद-बूंद जल बचाने का यह अभियान प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को श्रम शक्ति भवन नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल और राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के साथ ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर त्रिपक्षीय बैठक की। योजना के क्रियान्वयन के लिये बैठक में जिला कलेक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त करने, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से योजना को पूरा करने और इसके क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जलसंचय संकल्प को जन-आंदोलन बनाने के क्रम में ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ कार्यक्रम की परिकल्पना की गई है। इसमें गुजरात में रह रहे मध्यप्रदेश, राजस्थान और बिहार के व्यवसायी अपनी जन्म भूमि में जल संचय के उद्देश्य से बोर की व्यवस्था कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इसमें राजस्थान में एक लाख 60 हजार और मध्यप्रदेश में 15 हजार बोर बनवाए जाने है। बिहार राज्य के 10 जिलों में प्रत्येक गांव में 4 बोर बनवाए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने राज्यों के सहयोग से इस योजना के सफल क्रियान्वयन की आशा व्यक्त की। राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर सूरत के व्यापारियों द्वारा शुरू की गई यह योजना राजस्थान के सिरोही और जोधपुर जिलों में प्रारंभ हो चुकी हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राजस्थान राज्य में वाटर रिचार्ज में सहयोग के लिए यह योजना वरदान साबित होगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एडवेंचरस टूरिज्म अवार्ड के लिए प्रदेशवासियों को दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध भारत के हृदयप्रदेश मध्यप्रदेश को प्राप्त एडवेंचरस टूरिज्म अवार्ड के लिए प्रदेशवासियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश एडवेंचरस टूरिज्म का महत्वपूर्ण सेन्टर बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग में एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय सम्मेलन में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड को ‘बेस्ट एडवेंचरस टूरिज्म स्टेट’ अवॉर्ड से सम्मानित होने पर मध्यप्रदेश के पर्यटन विभाग सहित समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी है। मध्यप्रदेश को यह अवार्ड 4 दिसम्बर को मिला है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में स्काई डाइविंग, ट्रैकिंग, रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग और जंगल सफारी जैसी गतिविधियों के संचालन से एडवेंचरस टूरिज्म काफी बढ़ा है। इन एडवेंचरस एक्टिविटी गतिविधियों से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ रोजगार के अवसरों में भी अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।  

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