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इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य में प्रगति, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताए मप्र के विकास के संकेत

अधोसंरचना विस्तार के साथ बेहतर स्वास्थ्य संकेतकों की ओर तेज गति से अग्रसर हो रहा है म.प्र. : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुदृढ़ हो रही हैं मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएँ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आम नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य के लिये मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर सशक्त किया जा रहा है। समन्वित प्रयासों से स्वास्थ्य अधोसंरचना का व्यापक विस्तार हुआ है और आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। मेडिकल शिक्षा, सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं, मातृ-शिशु स्वास्थ्य एवं जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों में उल्लेखनीय प्रगति के साथ मध्यप्रदेश स्वास्थ्य संकेतकों में निरंतर सुधार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मातृ-शिशु स्वास्थ्य में भी महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। प्रदेश में मातृ मृत्यु दर (MMR) 173 से घटकर 142 तथा शिशु मृत्यु दर (IMR) 41 से घटकर 37 हुई है। जननी सुरक्षा योजना एवं मुख्यमंत्री प्रसूति सहायता योजना के अंतर्गत लाखों लाभार्थियों को हजारों करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। नवजात एवं कुपोषण प्रबंधन में एसएनसीयू एवं एनआरसी की सफल डिस्चार्ज दरों में भी वृद्धि हुई है। जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष 5 प्रदर्शनकारी राज्यों में शामिल हुआ है। सिकल सेल मिशन के अंतर्गत व्यापक स्क्रीनिंग एवं उपचार सुविधाएँ विकसित की गई हैं। आयुष्मान भारत योजना में 4.43 करोड़ कार्ड तैयार कर प्रदेश के नागरिकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की गई है। योजनांतर्गत पात्र परिवारों को 5 लाख रूपये तक नि:शुल्क उपचार दिया जा रहा है। साथ ही गंभीर रोगियों को आपात स्थिति में त्वरित रूप से उच्च स्तरीय उपचार पीएम  एयर एम्बुलेंस सेवा से मुहैया कराया जा रहा है। अब तक 120 से अधिक नागरिकों को आपात स्थिति में सेवा का लाभ मिला है। मानवीय संवेदनाओं के दृष्टिगत निःशुल्क एवं सम्मानजनक शव-परिवहन सेवा भी प्रारंभ की गई है। राह-वीर योजना में आपात काल में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाकर जान बचाने वाले नागरिक को 25 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। साथ ही, मोबाइल मेडिकल यूनिटों के माध्यम से दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित की जा रही हैं। मेडिकल हब बनने की ओर अग्रसर है मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2003 तक प्रदेश में सिर्फ 6 मेडिकल कॉलेज थे। वर्तमान में प्रदेश में 33 मेडिकल कॉलेज है। विगत 2 वर्षों में शासकीय मेडिकल कॉलेजों की संख्या 14 से बढ़कर 19 तथा निजी मेडिकल कॉलेजों की संख्या 12 से बढ़कर 14 हो गई है। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज, इंदौर में 50 एमबीबीएस सीटों के साथ संचालन प्रारंभ किया गया है। आगामी 2 वर्षों में 6 शासकीय एवं पीपीपी मोड पर 13 मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किया जाना योजना में शामिल है। विगत 2 वर्षों में सरकारी एमबीबीएस सीटें 2275 से बढ़कर 2850 हुई हैं, जबकि सरकारी एवं निजी मिलाकर कुल एमबीबीएस सीटें 5550 हो गई हैं। पीजी (एमडी/एमएस) सीटों में भी वृद्धि करते हुए सरकारी पीजी सीटें 1262 से बढ़कर 1468 तथा कुल पीजी सीटें 2862 हो गई हैं। इसके अतिरिक्त 93 सुपर स्पेशियलिटी सीटें उपलब्ध कराई गई हैं। सशक्त स्वास्थ्य सेवाओं से मध्यप्रदेश मेडिकल हब बनने की ओर अग्रसर है। पीपीपी मॉडल पर कटनी, धार, पन्ना और बैतूल में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना प्रगति पर है। एम.जी.एम. मेडिकल कॉलेज, इंदौर में अस्पताल भवन, मिनी ऑडिटोरियम एवं नर्सिंग हॉस्टल जैसे अधोसंरचनात्मक कार्यों हेतु 773.07 करोड़ रूपये के कार्य प्रारंभ किए गए हैं। श्यामशाह मेडिकल कॉलेज, रीवा के लिए 321.94 करोड़ रूपये तथा सतना मेडिकल कॉलेज से जुड़े नए अस्पताल हेतु 383.22 करोड़ रूपये के कार्य प्रारंभ किए गए हैं। इसके साथ ही 13 नए नर्सिंग कॉलेजों के लिए 192.40 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए हैं। आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के अंतर्गत इंदौर, जबलपुर, रीवा और ग्वालियर में लिनियर एक्स-रेटर मशीनों की स्वीकृति दी गई है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा और सागर में सीटी स्कैन एवं एमआरआई मशीनें स्थापित की गई हैं। भोपाल एवं रीवा में कार्डियक कैथ लैब की स्थापना की गई है। इंदौर और जबलपुर में बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेवाएँ प्रारंभ हुई हैं, वहीं इंदौर में कार-टी सेल थेरेपी एवं ब्लड कैंसर उपचार हेतु अत्याधुनिक मशीन स्थापित की गई है। मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण के तहत मेडिकल कॉलेजों में 354 नए सीनियर रेजिडेंट पद सृजित किए गए हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की व्यापक भर्ती की गई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।  

एमपी में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा, 8 शहरों में 972 ई-बसें चलाने का आदेश

भोपाल  मध्यप्रदेश में अब पीएम ई-बस सेवा का संचालन नगरीय विकास विभाग की बजाय सुगम परिवहन सेवा के लिए गठित कंपनियां करेंगी। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए प्रदेश में एक राज्य स्तरीय कंपनी के साथ 7 सहायक कंपनियां गठित की गई हैं। केन्द्र से प्रदेश के आठ शहरों के मिली 972 ई-बसों का संचालन भी यही कंपनियां करेंगी। पहले यह काम नगरीय विकास विभाग द्वारा किया जा रहा था। लेकिन सरकार ने तय किया है कि प्रदेश में अंतरशहरी बस सेवा के साथ नगर वाहन सेवा का संचालन भी इन्हीं कंपनियों द्वारा किया जाएगा। 7 सहायक कंपनी बनाई गई प्रदेश में अगस्त 2025 में राज्य स्तरीय मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड कंपनी का पंजीयन हो गया है। मुख्यमंत्री इस राज्य स्तरीय कंपनी के अध्यक्ष हैं। परिवहन मंत्री एवं मुख्य सचिव उपाध्यक्ष हैं। राज्य स्तरीय कंपनी के अधीन 7 सहायक कंपनी बनाई गई हैं। वर्तमान में इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा और ग्वालियर में कार्य कर रही सिटी बस कंपनी के शेयर होल्डिंग में परिवर्तन करते हुए इन सातों शहरों की नवगठित कंपनियां बनाई गई हैं। कंपनियों ने ट्रैफिक सर्वे करते हुए नए सिरे से नए बस रूट निर्धारण और इन रूट्स पर बस फ्रिक्वेंसी के निर्धारण का काम शुरू कर दिया है। भोपाल में 195, इंदौर में चलेंगी 270 बसें केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रदेश के 8 नगर निगमों में 972 पीएम ई-बस चलाने की मंजूरी दी है। इसमें सबसे ज्यादा 270 ई-बसें इंदौर को मिली हैं, जबकि राजधानी भोपाल को केवल 195 बसें मिली हैं। जबलपुर में 200, ग्वालियर में 100, उज्जैन में 100, सागर में 32, देवास में 55 और सतना में 20 ई-बसें संचालित की जाएंगी।  इन शहरों में बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन से जुड़े अधोसंरचना के सभी काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन में चार्जिंग पाइंट अधोसंरचना निर्माण के लिए केन्द्र सरकार द्वारा 100 प्रतिशत राशि दी जा रही है। गौरतलब है कि इस परियोजना के अंतर्गत ग्वालियर, इंदौर में कुछ बसें भेजी भी जा चुकी हैं। ई-बसों के संचालन यात्री सुविधाओं के साथ ही पर्यावरण की दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।

MP बजट 2026 में पेट्रोल-डीजल रेट्स की अहम अपडेट, जनता की निगाहें सरकार पर

भोपाल  सोने-चांदी की कीमतों में उतार चढ़ाव से जूझ रही मध्य प्रदेश की जनता के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतें टेंशन दे सकती हैं। जी हां सीएम मोहन ने इशारों इशारों में पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़ने के संकेत दिए हैं। सीएम मोहन यादव ने कहा है कि सरकार इन कीमतों को लेकर गंभीरता से विचार कर रही है और धीरे-धीरे राहत देने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। भोपाल में केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान सीएम मोहन यादव ने स्वीकार किया कि पेट्रोल-डीजल वाकई एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने इशारों में कहा कि सरकार इस समस्या का समाधान निकालने की तैयारी कर रही है। सीएम ने यह भी जानकारी दी कि मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होगा और 18 फरवरी को MP Budget 2026 पेश किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बजट में जनता को कई क्षेत्रों में रियायत दी जाएगी। इसका सीधा मतलब ये निकाला जा सकता है फरवरी के बाद ही पेट्रोल डीजल की कीमतें में बदलाव आएगा। मध्यप्रदेश में पेट्रोल पर करीब 29 फीसदी और डीजल पर लगभग 19 फीसदी वैट पर राहत मिलने के सवाल पर सीएम ने जवाब कहा—इस पर उन्होंने कहा कि सरकार पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ ग्रीन एनर्जी पर भी काम कर रही है। ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि ईंधन पर निर्भरता कम हो सके। सीएम मोहन यादव ने पेट्रोल-डीजल का सीधे नाम लिए बिना कहा कि बजट के माध्यम से इस चुनौती के निराकरण का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि देश के सबसे अधिक आबादी वाले राज्यों में मध्यप्रदेश शामिल है, लेकिन साथ ही यह राज्य कम बेरोजगारी दर वाले राज्यों में भी अपनी जगह बना चुका है।

हाईकोर्ट ने कहा: याचिकाओं को आधार से जोड़ने का मसला अब प्रशासनिक कमेटी के समक्ष

जबलपुर  हाईकोर्ट में दायर होने वाली याचिकाओं को आधार कार्ड से लिंक करने की मांग करते हुए जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि इससे वर्षों से लंबित अनुपयोगी याचिकाओं का जल्द निराकरण होगा और लंबित प्रकरणों की संख्या में कमी आएगी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने याचिका पर आदेश सुनाते हुए कहा कि याचिकाकर्ता के सुझाव को अभ्यावेदन मानकर रजिस्ट्रार जनरल प्रशासनिक कमेटी के समक्ष रखा जाए। याचिका जबलपुर निवासी अधिवक्ता सुरेंद्र वर्मा की तरफ से दायर की गई थी। इसमें कहा गया कि सर्वोच्च न्यायालय ने देश के सभी हाईकोर्ट को डिजिटलीकरण के संबंध में आदेश जारी किए थे। याचिका में यह भी सुझाव दिया गया कि डिजिटलीकरण के दौरान नेशनल प्रिजन पोर्टल से हाईकोर्ट को भी जोड़ा जाए, ताकि जेल में सजा काट रहे कैदियों के रिकॉर्ड देखे जा सकें। याचिका में यह भी बताया गया कि कई मामलों में कैदियों की सजा पूरी होने के बावजूद उनके द्वारा दायर अपील हाईकोर्ट में लंबित रहती है। इसी तरह जिला न्यायालय में आपसी समझौता होने के बावजूद उच्च न्यायालय में दायर याचिका लंबित रहती है। सुझाव में यह भी कहा गया कि डिजिटलीकरण के दौरान याचिकाओं को आधार कार्ड से जोड़ा जाए। कई मामलों में याचिकाकर्ता की मृत्यु होने के बावजूद याचिका लंबित रहती है, जिससे न्यायालय का कीमती समय बर्बाद होता है। इसके अलावा फाइलिंग और आवेदन पेश करने के संबंध में भी कई सुझाव दिए गए थे। युगलपीठ ने याचिका में दिए गए सभी सुझावों को उचित मानते हुए आदेश जारी किया। याचिकाकर्ता ने सुनवाई के दौरान अपना पक्ष स्वयं रखा।

पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग की हुई समीक्षा

भोपाल. पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. ई. रमेश कुमार ने बुधवार को वल्लभ भवन में विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वर्ष 2025-26 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति 15 दिनों में शत-प्रतिशत वितरित करना सुनिश्चित किया जाए। प्रमुख सचिव डॉ. कुमार ने बैठक में अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित प्रकरण तत्काल निराकृत कर नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण करने के अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने विधानसभा के प्रश्नों और कैबिनेट संक्षेपिका को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अपर सचिव श्री अनुराग चौधरी, आयुक्‍त श्री सौरभ कुमार सुमन समेत वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।  

खराब हुई फसलों के किसानों की जल्द ही मिलेगी राहत

भोपाल. उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कित्तुखेड़ी, गोपालपुरा, लोहाखेड़ा, झारड़ा एवं अड़मालिया में ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का निरीक्षण किया और किसानों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार पूरी संवेदना के साथ किसानों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में फसल नुकसान का शीघ्र सर्वे कराकर राहत प्रदान की जाएगी। निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने किसानों से कहा कि सरकार सभी प्रभावित क्षेत्रों के हर खेत पर जाकर सर्वे किया जाएगा, इसके लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए। उन्होंने कहा कि अधिकारी खेतों तक पहुँच कर वास्तविक स्थिति का आंकलन कर रहे हैं अफीम खेती के संबंध में नारकोटिस विभाग भी मौके पर जाकर खेतों का निरीक्षण करेंगे। साथ ही केन्द्र सरकार से चर्चा कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। फसल बीमा के मामले में भी किसानों को फसल का पूरा लाभ प्रदान किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में सरकार किसानों की हर चिंता और दुख में इनके साथ है। निरीक्षण दौरान जिला योजना समिति के सदस्य श्री राजेश दीक्षित सहित अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।  

शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा: दो संस्थानों के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

भोपाल. भारतीय ज्ञान परंपरा (Indian Knowledge System – IKS) के संरक्षण, संवर्धन एवं शैक्षणिक अनुसंधान को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल तथा दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान, भोपाल के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) संपन्न हुआ। उक्त समझौता ज्ञापन पर दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के निदेशक श्री मुकेश कुमार मिश्रा तथा उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल के संचालक डॉ. प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल द्वारा विधिवत हस्ताक्षर किए गए। इस एमओयू के माध्यम से दोनों संस्थानों के मध्य भारतीय ज्ञान परंपरा से संबंधित अनुसंधान, अकादमिक गतिविधियों, संगोष्ठियों, कार्यशालाओं, व्याख्यानों एवं अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों के संचालन हेतु परस्पर सहयोग स्थापित किया जाएगा। समझौता ज्ञापन के अंतर्गत भारतीय दर्शन, संस्कृति, साहित्य, परंपरागत विज्ञान एवं ज्ञान-विरासत से जुड़े विषयों पर अनुसंधान को प्रोत्साहित किया जाएगा तथा विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को भारतीय ज्ञान प्रणाली के विविध आयामों से परिचित कराने हेतु संयुक्त प्रयास किए जाएंगे। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप भारतीय ज्ञान परंपरा को उच्च शिक्षा में समाहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल से प्रोफेसर एवं प्रशासनिक अधिकारी डॉ. महेंद्र सिंघई, भारतीय ज्ञान परंपरा (आईकेएस) प्रभारी एवं ग्रंथपाल डॉ. प्रज्ञा नायक, तथा सहायक प्राध्यापक अमर प्रकाश पांडेय उपस्थित रहे। वहीं दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान, भोपाल की सह सचिव डॉ. अल्पना त्रिवेदी एवं सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रभाकर पांडेय की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान सभी गणमान्य अतिथियों ने इस सहयोग को भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण एवं अकादमिक उन्नयन की दिशा में मील का पत्थर बताया तथा यह आशा व्यक्त की कि यह समझौता भविष्य में उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान प्रदान करेगा।  

लूट की तीन वारदातें सुलझीं, मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी सफलता

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अपराध नियंत्रण एवं नागरिक सुरक्षा के प्रति सतत् प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए प्रदेश के तीन अलग-अलग जिलों में घटित गंभीर लूट की घटनाओं का त्वरित एवं प्रभावी खुलासा किया गया है। इन कार्रवाइयों में न केवल आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई, बल्कि लूटी गई राशि भी बरामद की गई है। नरसिंहपुर — होटल में हुई लगभग 1 करोड़ रुपये की लूट का चंद घंटों मेंखुलासा 03 फरवरी की रात्रि लगभग 03:00 बजे नरसिंहपुर नगर स्थित होटलकुमुम वैलीमें 3-4 नकाबपोश व्यक्तियों द्वारा होटल में प्रवेश कर लगभग 1 करोड़ रुपये की नगद राशि की लूट का पुलिस ने खुलासा कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विवेचना के दौरान भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया। जांच में होटल के मैनेजरकी भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिससे पूछताछ करने पर उसनेअपने अन्‍य साथियों के साथ लूट की घटना करना स्वीकार किया। जांच में सामने आया कि मेनेजर को होटल में रखी नकदी की पूर्व जानकारी थी। लालच में उसने यह जानकारी अपने साथियोंको दी, जिन्होंने मिलकर लूट की योजना बनाकर घटना को अंजाम दिया। चारों आरोपियों से कुल 60 लाख नगद राशि जब्‍त‍की गई है। राजगढ़ — नेशनल हाईवे पर लूट करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश थाना कुरावर, जिला राजगढ़ अंतर्गत नेशनल हाईवे पर चार पहिया वाहन चालक को रोककर मिर्ची डालकर बंधक बनाने एवं बैंक खाते से 1 लाख 26 हजार 400 की राशि आहरित करने की घटना का पुलिस ने सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है। पुलिस की विशेष टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य एवं मोबाइल ट्रैकिंग के आधार पर राजस्थान राज्य के तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों से पुलिस ने 1लाख 26हजार 400रूपएनगद (शत-प्रतिशत बरामद), मोबाइल फोनतथा घटना में प्रयुक्त चोरी की मोटरसाइकिल जब्‍त की है। छिंदवाड़़ा-सराफा व्यवसायी से हुई लूट का सफल खुलासा थाना देहात क्षेत्र अंतर्गत गांगीवाड़ा के एक सराफा व्यवसायी से साप्ताहिक बाजार से लौटते समय लूट की गंभीर घटना घटित हुई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना देहात पुलिस द्वारा तत्काल अलग-अलग टीमें गठित कर तकनीकी सहायता एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच की गई। जांच के परिणामस्वरूप एक नाबालिग सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा आरोपियों के कब्जे से लगभग 2 किलो 300 ग्राम चांदी के जेवरात तथा घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें बरामद की गई। इस कार्रवाई में पुलिस ने लगभग 9 लाख रुपये मूल्य की सामग्री जब्त की है। इन कार्रवाइयों से यह स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस अपराधियों के विरुद्धत्वरित, तकनीकी एवं समन्वित कार्रवाई के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। नागरिकों की सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा सतत् एवं कठोर कदम उठाए जा रहे हैं। 

वन अपराध पर शिकंजा: अवैध खैर लकड़ी तस्करी में वन–पुलिस की बड़ी कार्रवाई

भोपाल. अवैध खैर की लकड़ी की तस्करी के विरुद्ध वन और पुलिस विभाग की बड़ी कार्रवाई मंदसौर जिले के गरोठ थाना अंतर्गत मुखबिर की सूचना पर 3 फरवरी को अवैध खैर की लकड़ी की तस्करी के विरूद्ध वन और पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त कार्रवाई की गई। अवैध खैर की लकड़ी ट्रक में भरकर दिल्ली की ओर ले जायी जा रही थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन संरक्षक उज्जैन श्री आलोक पाठक, वन मंडलाधिकारी श्री संजय रायखेरे के मार्गदर्शन में उप वनमंडलाधिकारी गरोठ और वन परिक्षेत्र अधिकारी भानपुरा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम और गरोठ पुलिस की टीम ने तत्काल संयुक्त मोर्चा संभाला। शामगढ़ नाका और फोरलेन-एटलेन चौकड़ी पर सघन घेराबंदी की गई। घेराबंदी देख ट्रक चालक ने वाहन को बर्डीया अमरा के रास्ते भगाने का प्रयास किया, लेकिन संयुक्त टीम ने सूझबूझ का परिचय देते हुए घेराबंदी कर ट्रक को रोक लिया। ट्रक की तलाशी लेने पर भारी मात्रा में बेशकीमती खैर (Acacia catechu) की अवैध लकड़ी बरामद हुई। वाहन चालक के पास लकड़ी के परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज नहीं पाए गए। टीम ने मौके से आरोपी चालक खालिद पिता अजीम पठान (निवासी नोह, हरियाणा) को हिरासत में ले लिया। अग्रिम वैधानिक कार्रवाई लकड़ी अवैध होने के कारण वन विभाग द्वारा वन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। वर्तमान में जब्त ट्रक वन विभाग की सुपुर्दगी में है। 

6 करोड़ 50 लाख रूपये से अधिक के 54 चार पहिया वाहन जब्त

भोपाल. मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रदेश के ग्वालियर एवं इंदौर जिलों में वाहन किराये पर लेकर उन्हें गिरवी रखकर धोखाधड़ी करने वाले संगठित गिरोहों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की है। इस में पुलिस ने विगत 10 दिनों में 06 करोड़ 50 लाख रूपए से अधिक के 54 वाहन जब्‍त किए हैं। ग्वालियर में 15 वाहन जब्‍त क्राईम ब्रांच पुलिस ने किराए पर ली गई 4 पहिया गाड़ियों को फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से अन्य व्यक्तियों के पास गिरवी रखकर धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी द्वारा स्वयं को एक निजी कंपनी का मैनेजर बताकर ट्रेवल्स संचालकों से बड़ी संख्या में वाहन किराए पर लेता था तथा वाहनों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अन्य व्यक्तियों के पास गिरवी रखकर अवैध रूप से आर्थिक लाभ प्राप्त करता था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने कुल 15 चार पहिया वाहन कीमती लगभग 01 करोड़ 50 लाख रुपये को विधिवत जब्त किया। इंदौर- 39 चार पहिया वाहन जब्‍त इंदौर जिले में भी थाना अन्नपूर्णा पुलिस ने किराए पर ली गई कारों को अन्य व्यक्तियों के पास गिरवी रखकर धोखाधड़ी करने वाले शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी वाहन मालिकों से 11 माह का लिखित एग्रीमेंट कर कारें किराए पर लेता था। प्रारंभ में 2–3 माह किराया देने के बाद वाहनों को अन्य व्यक्तियों के पास गिरवी रख देता था। आरोपी वाहनों में लगे जीपीएस सिस्टम हटाकर वाहन मालिकों को किराया देना बंद कर देता था। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना अन्नपूर्णा में प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान थाना अन्नपूर्णा पर करीब 40 से अधिक वाहन मालिकों द्वारा आरोपी के विरुद्ध आवेदन प्रस्तुत किए गए, जिससे आरोपी द्वारा संगठित एवं बड़े स्तर पर वाहन धोखाधड़ी करना उजागर हुआ।विवेचना के दौरान आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने 39 चार पहिया वाहन जप्त किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 5 करोड़ से अधिक है। मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा ग्वालियर एवं इंदौर जिलों में की गई इन संयुक्त कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप कुल 54 चार पहिया वाहन जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 6 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक है। मध्यप्रदेश पुलिस की समयबद्ध एवं प्रभावी कार्यवाही से न केवल संगठित धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है, बल्कि बड़ी संख्या में वाहन मालिकों को भी आर्थिक क्षति से राहत प्राप्त हुई है।  

स्टेट फॉरेस्ट कॉल सेंटर स्थापित – शिकायतों पर होगी त्वरित कार्यवाही

भोपाल . प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन एवं वन बल प्रमुख श्री बी.एन. अम्बाडे द्वारा 26 जनवरी 2026 को वन विभाग से संबंधित शिकायतों पर क्विक एक्शन और उनके त्वरित निराकरण के लिये स्टेट फॉरेस्ट कॉल सेंटर वन मुख्यालय, वन भवन तुलसीनगर भोपाल में स्थापित किया गया। कॉल सेंटर के दूरभाष नंबर 0755-2524000, 2524200 पर नागरिक वन विभाग से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री श्री वैष्णव से की सौजन्य भेंट

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से संसद भवन में बुधवार को सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मध्यप्रदेश में रेल से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में संचालित एवं प्रगतिरत रेलवे परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से मध्यप्रदेश के विकास, कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।  

राजा रघुवंशी केस अपडेट: गार्ड व बिल्डिंग मालिक निर्दोष, पुलिस की थ्योरी साबित नहीं हो पाई

इंदौर  इंदौर के बहुचर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इस केस में आरोपी बनाए गए गार्ड बलवीर सिंह अहिरवार और बिल्डिंग मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया है। सबूतों की कमी के कारण इन्हें रिहा करने का आदेश दिया गया है। पुलिस ने पहले इन्हें साक्ष्य मिटाने के आरोप में गिरफ्तार किया था, लेकिन मामले की गहन जांच में हत्याकांड से इनका कोई सीधा संबंध साबित नहीं हो पाया।  चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में कोर्ट ने गार्ड और बिल्डिंग मालिक को दोषमुक्त कर दिया है। शिलॉन्ग पुलिस द्वारा सबूत छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए बलवीर सिंह अहिरवार और लोकेंद्र सिंह तोमर को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर राहत दी गई है। कोर्ट के इस फैसले से जांच एजेंसियों की शुरुआती थ्योरी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बरी किए गए आरोपियों में लसूड़िया क्षेत्र की एक बिल्डिंग का गार्ड बलवीर सिंह अहिरवार और भवन मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर शामिल हैं। पुलिस का आरोप था कि दोनों ने कॉन्ट्रैक्टर शिलॉम के साथ मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या के बाद सोनम रघुवंशी का बैग और अन्य सबूत ठिकाने लगाने में मदद की। इसी आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों के शामिल होने को लेकर ठोस सबूत नहीं बिजली बिल और अन्य तकनीकी तथ्यों की जांच के बाद पुलिस को आरोपियों की संलिप्तता के ठोस सबूत नहीं मिले। शिलॉन्ग की ईस्ट खासी हिल्स के एसपी विवेक सिगम ने बताया कि शुरुआती परिस्थितियों और मिली जानकारियों के आधार पर गिरफ्तारी की गई थी। बाद में जांच और वेरिफिकेशन में उनकी भूमिका साबित नहीं हो सकी। इसी कारण दोनों को दोषमुक्त कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी और राज कुशवाह सहित अन्य आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। जांच में क्यों कमजोर पड़ी पुलिस की दलील? विस्तृत जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों की संलिप्तता से जुड़े ठोस सबूत नहीं मिले। बिजली बिल, किराया एग्रीमेंट और अन्य तकनीकी दस्तावेजों की जांच के बाद यह स्पष्ट नहीं हो सका कि गार्ड या बिल्डिंग मालिक ने जानबूझकर किसी साक्ष्य को नष्ट किया हो। शिलॉन्ग के ईस्ट खासी हिल्स के एसपी विवेक सिगम ने अदालत में बताया कि शुरुआती परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की गई थी, लेकिन बाद की जांच में आरोप प्रमाणित नहीं हो सके। शिलॉन्ग में खाई में मिला था राजा का शव इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की 11 मई को सोनम के साथ शादी हुई थी। 20 मई को राजा और सोनम हनीमून के लिए इंदौर से मेघालय रवाना हुए थे। 22 मई को दोनों सोहरा की यात्रा पर निकले थे। उन्होंने एक एक्टिवा भी किराए पर ली थी। पेड़ काटने वाले हथियार से की गई राजा की हत्या 24 जून को राजा-सोनम से परिवार का संपर्क टूट गया था। 27 मई से दोनों की सर्चिंग शुरू की गई। 29 मई को तेज बारिश के कारण सर्चिंग रोकनी पड़ी थी। इसके बाद 30 मई को दोबारा सर्चिंग शुरू की गई। 2 जून को खाई में राजा का शव मिला। 3 जून को राजा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला कि उसकी हत्या पेड़ काटने वाले हथियार से की गई थी। सोनम यूपी के गाजीपुर स्थित एक ढाबे पर मिली इसके बाद पुलिस सोनम की तलाश में जुट गई। 9 जून को सोनम यूपी के गाजीपुर स्थित एक ढाबे पर मिली थी। इसके बाद परत-दर-परत मामले में कई खुलासे हुए। इन खुलासों ने रघुवंशी परिवार सहित सभी को चौंका दिया था। इसमें मामले में पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से दो को कोर्ट ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। कहां रुके थे सोनम और विशाल? पुलिस जांच में सामने आया था कि राजा की हत्या के बाद सोनम रघुवंशी और विशाल चौहान कुछ समय के लिए इंदौर के लसूड़िया क्षेत्र स्थित एक बिल्डिंग में ठहरे थे। यह बिल्डिंग कॉन्ट्रैक्टर शिलॉम जेम्स के किराए की बताई गई थी, जिसे ब्रोकर के माध्यम से लिया गया था। कमरे का एग्रीमेंट विशाल चौहान के नाम पर हुआ था। इसी कड़ी में गार्ड और बिल्डिंग मालिक की भूमिका की जांच की गई, लेकिन उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले। इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की 11 मई को सोनम से शादी हुई थी। 20 मई को दोनों हनीमून के लिए मेघालय रवाना हुए। 22 मई को वे सोहरा (चेरापूंजी) क्षेत्र घूमने निकले, जहां 2 जून को राजा का शव एक खाई में मिला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि उसकी हत्या पेड़ काटने वाले धारदार हथियार से की गई थी। मामले में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी, राज कुशवाह और अन्य आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत का संदेश, केंद्रीय राज्यमंत्री ने रखा देश का दृष्टिकोण और विकास संकल्प

धार   संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित संयुक्त राष्ट्र सामाजिक विकास आयोग के 64वें सत्र को संबोधित करते हुए भारत की ओर से महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री एवं मध्य प्रदेश के धार जिले से सांसद सावित्री ठाकुर ने सामाजिक न्याय, समावेशन एवं सतत विकास से जुड़े वैश्विक विषयों पर भारत का सशक्त पक्ष अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखा। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि, भारत का विकास दृष्टिकोण ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना पर आधारित है, जिसमें समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास के लाभ पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सांसद सावित्री ठाकुर ने महिलाओं, बच्चों, वंचित वर्गों, दिव्यांगजनों और कमजोर तबकों के सशक्तिकरण के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, नीतिगत पहलों और नवाचारों को साझा किया। मंत्री ठाकुर ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ का संकल्प सिर्फ आर्थिक उन्नति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा, समान अवसर, लैंगिक समानता और मानवीय गरिमा के साथ हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। महिला सशक्तिकरण, पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है। भारत वैश्विक साझेदारी को नई दिशा देगा मंत्री ठाकुर ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भारतीय दर्शन को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत अपने समावेशी विकास के अनुभवों को विश्व समुदाय के साथ साझा कर वैश्विक सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत मानता है कि सतत और समावेशी विकास ही विश्व शांति, स्थिरता और समृद्धि का आधार है। अंत में मंत्री ठाकुर ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र के मंच पर सामाजिक विकास के वैश्विक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए निरंतर सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा और मानव कल्याण को केंद्र में रखकर वैश्विक साझेदारी को नई दिशा देगा।  

फार्मर आईडी और प्राकृतिक खेती पर दिया जाए विशेष ध्यान

फार्मर आईडी और प्राकृतिक खेती पर दिया जाए विशेष ध्यान कलेक्टर की अध्यक्षता में कृषि विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न बड़वानी  शासन द्वारा किसानों को समय पर एवं पारदर्शितापूर्वक उर्वरक उपलब्ध हो इस हेतु नवीन उर्वरक वितरण प्रणाली अंतर्गत ई-विकास प्रणाली (ई-टोकन) लागू की गयी है। आगामी खरीफ सीजन में कृषकों को ई-विकास पोर्टल के माध्यम से ई-टोकन द्वारा उर्वरक वितरण किया जाना, जिसके अनुरूप    कृषकों की फ़ॉर्मर आईडी अनिवार्य रूप से बनाई जाए । ताकि किसी भी कृषक को खाद प्राप्त करने में असुविधा न हो।      उक्त निर्देश कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह बुधवार कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषि विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं एवं कार्याे की विस्तृत समीक्षा बैठक के दौरान दिए।  बैठक में जिले के शत-प्रतिशत किसानों की फार्मर आईडी बनाने के कार्य में गति लाने के निर्देश दिए, साथ ही स्पष्ट किया कि आगामी बैठक में लक्ष्य अनुरूप कार्य न करने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी की जवाबदेहिता तय कर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।     प्राकृतिक कृषि को जन-आंदोलन बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कृषि अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे किसानों को रसायनों का उपयोग कम करने और जैविक खाद अपनाने हेतु प्रेरित करें। आत्मा योजना के अंतर्गत ब्लॉक लेवल पर पदस्थ बीटीएम साथ समन्वय कर नियमित रूप से फील्ड पर जाय एवं कार्य योजना को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए।पीएम कृषक सूर्य मित्र योजना के अंतर्गत किसानों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस योजना के तहत व्यापक प्रचार-प्रसार एव नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए। सोलर पंप के माध्यम से किसान न केवल सिंचाई की लागत कम कर सकेंगे, बल्कि ऊर्जा संरक्षण में भी योगदान देंगे।      बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्री रवि वर्मा उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विभाग श्री केसी वास्कले, एसएलआर श्रीमती शीतल सोलंकी सहित कृषि विभाग का समस्त मैदानी अमला उपस्थित रहा।

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