LATEST NEWS

वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए वह बयानबाजी करते हैं, डिंपल यादव ने सीएम योगी के बयान पर साधा निशाना

नई दिल्ली संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की कार्यवाही के दौरान सांसदों ने अलग-अलग मुद्दों को उठाया। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए वह बयानबाजी करते हैं। सांसद डिंपल यादव ने कहा, “पूरा उत्तर प्रदेश शासन केवल मूकदर्शक बना हुआ है, कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, कोई योजना नहीं बना रहा है या मौजूदा स्थिति को सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है। कहीं न कहीं, यह भारतीय जनता पार्टी के लिए पुराने मुद्दों को उठाने और वास्तविक मामलों से ध्यान हटाने की एक रणनीति बन गई है। अगर आप पिछले 8 सालों में उत्तर प्रदेश में हुए विकास कार्यों को देखेंगे तो आपको मौजूदा हालात का अंदाजा हो जाएगा। पुरानी कब्र खोदना भाजपा की नीति बन गई है। वे (बीजेपी नेता) महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा सुविधाओं और अन्य वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के बयान देते हैं।” सपा सांसद आनंद भदौरिया ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछले आठ सालों में रोजगार के बारे में कोई जवाब नहीं दिया है। किसानों की समस्या, प्रदेश की सड़कों समेत कई मुद्दों पर उन्होंने कोई बयान नहीं दिया है। वह (सीएम योगी) कोई नई योजना लेकर नहीं आए हैं, और केंद्र की योजनाओं का ही वे ढिंढोरा पीटते रहते हैं। उनका प्रिय विषय हिंदू-मुसलमान है, इसलिए वे उसकी माला जपते रहते हैं।” छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल के आवास पर सीबीआई की छापेमारी को लेकर बीजेपी के राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, “अगर वे लोकप्रिय होते तो चुनाव क्यों हारते? मैं बता देता हूं कि भ्रष्टाचार करने वालों के यहां छापेमारी होती है।” समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन ने सीएम योगी के बयान पर कहा, “मैं किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहता। हालांकि, अगर वे (सीएम योगी) अतीत के ऐतिहासिक मुद्दों को उठाते रहेंगे, तो विपक्ष भी जवाब देने के लिए मजबूर हो जाएगा। हम प्रेम और सद्भाव में विश्वास रखने वाले लोग हैं। हमारा इरादा कभी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था।”

राहुल गांधी आरोप लगते हुए कहा- मैं जब भी लोकसभा में अपनी बात रखने के लिए खड़ा होता हूं, तो मुझे बोलने नहीं दिया जाता

नई दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने स्पीकर पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैं जब भी लोकसभा में अपनी बात रखने के लिए खड़ा होता हूं, तो मुझे बोलने नहीं दिया जाता। मैं नहीं जानता कि सदन किस प्रकार चल रहा है। दरअसल, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि सदन के आचरण और मर्यादा का पालन करें, कुछ घटनाएं सदन के लिहाज से ठीक नहीं थीं। जिसके बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, “एक कन्वेंशन है कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने दिया जाता है। मैं जब भी खड़ा होता हूं तो मुझे बोलने नहीं दिया जाता। मैं नहीं जानता कि सदन किस प्रकार चल रहा है। यहां हम जो कहना चाहते हैं, हमें कहने नहीं दिया जाता है। मैंने कुछ नहीं किया है, मैं बिल्कुल शांति से बैठा था। मैं एक शब्द नहीं बोला। पिछले 7-8 दिन से बोलने नहीं दिया गया।” उन्होंने कहा, ”लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष की जगह होती है, लेकिन यहां विपक्ष की कोई जगह नहीं है। यहां केवल सरकार की जगह है। उस दिन प्रधानमंत्री मोदी ने महाकुंभ मेले के बारे में बोला, जिसमें मैं अपनी बात जोड़ना चाहता था। मैं कहना चाहता था कि बहुत अच्छा है, महाकुंभ मेला हुआ। मैं बेरोजगारी के बारे में कुछ कहना चाहता था। लेकिन, मुझे नहीं बोलने दिया गया। पता नहीं स्पीकर की क्या सोच और अप्रोच है। सच्चाई ये है कि हमें बोलने नहीं दिया जा रहा है।” इससे पहले भी कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के महाकुंभ पर दिए गए वक्तव्य पर कहा था कि मैं प्रधानमंत्री मोदी की बात का समर्थन करना चाहता था। कुंभ हमारी परंपरा है, संस्कृति है, इतिहास है। एक शिकायत थी कि प्रधानमंत्री ने, जिनकी मृत्यु हुई, उन्हें श्रद्धांजलि नहीं दी। जो युवा महाकुंभ में गए, उन्हें प्रधानमंत्री से रोजगार चाहिए और प्रधानमंत्री को उस पर भी बोलना चाहिए था। लोकतांत्रिक व्यवस्था में नेता प्रतिपक्ष को तो बोलने का मौका दिया जाना चाहिए था। लेकिन, बोलने नहीं देते हैं, यह न्यू इंडिया है।

पहले तो उनके नेता ने संविधान बदलने की बात की और अब वे अपने नेता का बचाव कर रहे हैं : तरुण चुघ

नई दिल्ली भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने जेपी नड्डा और किरेन रिजिजू के खिलाफ कांग्रेस द्वारा दिए गए विशेषाधिकार हनन नोटिस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले तो उनके नेता ने संविधान बदलने की बात की और अब वे अपने नेता का बचाव कर रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने मिडिया से बात करते हुए कहा, “एक तो चोरी ऊपर से सीना जोरी, कांग्रेस पार्टी में गांधी परिवार की परिक्रमा ही पार्टी है। पहले डीके शिवकुमार ने गांधी परिवार को खुश करने के लिए संविधान बदलने की बात कही, ताकि एक समुदाय को आरक्षण का लाभ मिल सके, यह तुष्टीकरण की पराकाष्ठा है। जयराम रमेश ने गांधी परिवार को खुश करने के लिए उनका (डीके शिवकुमार) बचाव शुरू कर दिया है। इससे स्पष्ट होता है कि संविधान बदलने की कवायद के षड्यंत्र के पीछे गांधी-नेहरू परिवार का हाथ है। कांग्रेस ने राहुल गांधी के नेतृत्व में अपना एजेंडा और झंडा दोनों मुस्लिम लीग के कार्यालय में सरेंडर कर दिया है।” उन्होंने आगे कहा, “संविधान और संवैधानिक मूल्य गांधी परिवार के सामने कोई मायने नहीं रखता है। कांग्रेस जब केंद्र में थी, तब संविधान को ताक पर रखकर निर्णय लिए जाते थे। कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों की जहां सरकारें हैं, वहां संविधान की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जाती हैं। वे सिर्फ विशेष वोट बैंक को खुश करने के लिए भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान को बदलना चाहते हैं। एससी-एसटी और ओबीसी के अधिकारों को छीनकर विशेष धर्म के लोगों को देना चाहती हैं। यह गैर संवैधानिक है और गैरकानूनी है। धार्मिक आधार पर आरक्षण देना एक पाप है। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर और सरदार वल्लभभाई पटेल ने संविधान सभा में इसका विरोध किया था।” पश्चिम बंगाल में हिंदुओं के वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने पर तरुण चुघ ने कहा, “ममता बनर्जी का व्यवहार एक मॉडर्न जिन्ना की तरह है। बंगाल में सरकार नहीं बल्कि मुस्लिम लीग का राष्ट्र विरोधी एजेंडा चल रहा है। ‘बांटों और राज करो’ का एजेंडा चलाया जा रहा है। बंगाल सरकार और वहां के अधिकारी जानबूझकर ममता बनर्जी के इशारों पर हिंदुओं के वोटों को काटकर रोहिंग्या और बांग्लादेशियों के वोट बनवा रहे हैं। बांग्लादेश के सीमावर्ती क्षेत्र में हिंदुओं के वोट जबरन काटे जा रहे हैं और बांग्लादेशी घुसपैठियों के वोट बनाने का काम चल रहा है।” 24 मार्च को विभिन्न छात्र संगठनों ने जंतर मंतर पर मार्च निकाली थी। इसमें पहुंचे राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि तमाम केंद्रीय विश्वविद्यालयों पर आरएसएस की सहमति से कुलपति नामित किए गए हैं। राहुल गांधी के बयान पर भी चुघ ने पलटवार किया। कहा, “राहुल गांधी एक मंदबुद्धि बालक हैं, जो बेवजह बयानबाजी करके विदेशी टूल के हाथों का खिलौना बनाकर आर्टिफिशियल भ्रम पैदा कर रहे हैं। आरएसएस राष्ट्रवादी संगठन है, जो निरंतर 100 वर्षों से राष्ट्र की तपस्या कर रहा है। देश में वाइस चांसलर एक तय कानून और नियमों के अनुसार होते हैं। राहुल गांधी का यह घटिया बयान वाइस चांसलर और शिक्षाविदों की चयन प्रक्रिया का अपमान है।”

हमें कुणाल कामरा जहां भी मिलेगा, हम उसकी धुलाई करेंगे: निलेश राणे

मुंबई महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर जोक का मामला तूल पकड़ रहा है। कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। साथ ही शिवसेना नेताओं ने कामरा को खुली धमकी दे दी है। वहीं, कमरा अब संविधान के जरिए आगे बढ़ने की बात कर रहे हैं। उन्होंने एक तस्वीर भी शेयर की है। शिंदे पर की गई टिप्पणी के बाद शिवसेना नेताओं ने आयोजन स्थल पर तोड़फोड़ कर दी थी। कामरा के खिलाफ मुंबई के MIDC पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज हुई है। शिवसेना विधायक मुरजी पटेल की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें वह FIR की प्रति दिखाते नजर आ रहे हैं। कामरा ने सोमवार को एक्स पर एक फोटो पोस्ट की है। इसमें वह भारत के संविधान की प्रति लिए नजर आ रहे हैं। साथ ही उन्होंने लिखा है, ‘आगे बढ़ने का सिर्फ एक यही तरीका है।’ शिंदे को लेकर उनकी तरफ से की गई टिप्पणी को शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) नेता संजय राउत ने भी शेयर किया था और कहा था, ‘कुणाल का कमाल।’ शिवसेना ने दी धमकी शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने कामरा को चेतावनी दी कि पूरे देश में शिवसेना कार्यकर्ता उनका पीछा करेंगे। उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘आपको भारत से भागने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।’ समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘कुणाल कामरा एक किराए के कॉमेडियन हैं, और वह कुछ पैसों के लिए हमारे नेता पर टिप्पणी कर रहा हैं। महाराष्ट्र की बात तो दूर, कुणाल कामरा पूरे भारत में कहीं भी स्वतंत्र रूप से नहीं जा सकते, शिवसैनिक उन्हें उनकी जगह दिखा देंगे।’ उन्होंने कहा, ‘हमें संजय राउत और शिवसेना (यूबीटी) के लिए दुख है कि उनके पास हमारे नेता पर टिप्पणी करने के लिए कोई पार्टी कार्यकर्ता या नेता नहीं बचा है, यही वजह है कि वे इस काम के लिए उनके (कुणाल कामरा) जैसे लोगों को काम पर रख रहे हैं… हम बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा का पालन करते हैं, और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि कुणाल कामरा न तो महाराष्ट्र में और न ही देश में कहीं भी स्वतंत्र रूप से घूम सके। कुणाल कामरा को करारा जवाब मिलेगा, और वह आकर अपनी गलती के लिए माफी मांगेंगे।’ भाजपा भी भड़की वहीं, भारतीय जनता पार्टी विधायक राम कदम ने कहा, ‘कुणाल कामरा ने सस्ती लोकप्रियता के लिए बार-बार देश के बड़े राजनेताओं और पत्रकारों के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया है। ऐसा क्यों? अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर क्या वह किसी को भी कुछ भी कह सकते हैं? एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री हैं। वह पूर्व CM हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘किसे कॉन्ट्रैक्ट पर वह काम कर रहे हैं? ठाकरे गुट के? टाइमिंग देखिए। दिशा सालियान केस में ठाकरे परिवार के नाम आया तो ध्यान भटकाने के लिए क्या कुणाल कामरा ने जानबूझकर इस समय उनका नाम लिया? वो भी ठाकरे गुट के कहने पर? क्या वजह है? समय आ गया है कि वह जहां भी नजर आएं, उनका चेहरा काला कर दिया जाए। महाराष्ट्र सरकार कुणाल कामरा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। हम उन्हें चेतावनी देते हैं कि वह सस्ती लोकप्रियता के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकते।’ केस दर्ज शिवसेना युवा सेना (शिंदे गुट) के महासचिव राहुल कनाल और 19 अन्य के खिलाफ कल हैबिटेट स्टैंडअप कॉमेडी सेट पर तोड़फोड़ करने के आरोप में FIR दर्ज की गई। विभाग प्रमुख श्रीकांत सरमालकर ने हिन्दुस्तान टाइम्स से बातचीत में सरमालकर ने कहा, ‘हमें पुलिस स्टेशन लाया गया है और हमें देखना है कि गिरफ्तार किया गया है या नोटिस देने के बाद छोड़ दिया जाएगा’। 20 नाम अज्ञात में हैं।

मध्य प्रदेश कांग्रेस में होगा बड़ा बदलाव, कांग्रेस लांच करेगी नया प्रोजेक्ट, राहुल गांधी करेंगे मॉनिटरिंग

भोपाल  मध्य प्रदेश में कांग्रेस बड़े परिवर्तन की तरफ आगे बढ़ रही है. आला कमान ने देशभर में 2 राज्यों में एक बड़ा पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है. इनमें में से एक राज्य मध्य प्रदेश भी है. अब पार्टी ग्रामीण स्तर पर पंचायत कांग्रेस कमेटी और शहरी क्षेत्र में मोहल्ला और कॉलोनी कमेटियों का गठन करने जा रही है ताकि हर घर में कांग्रेस की पहुंच हो. कांग्रेस को यह बड़ा फैसला इसलिए लेना पड़ा क्योंकि लंबे अरसे से मध्य प्रदेश में पार्टी सत्ता से दूर है और लोकसभा के चुनाव में भी भाजपा ने यहां 29 सीटों पर क्लीन स्वीप किया. इस प्रोजेक्ट के लिए दूसरे राज्य के तौर पर गुजरात को चुना गया है. वहां पर भी परिस्थितियों कुछ इसी तरीके की हैं. मध्य प्रदेश में कांग्रेस अब संगठनात्मक पदों को ताकतवर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है. प्रदेश में अब ब्लॉक और जिला अध्यक्ष को संगठनात्मक ढांचे में विधायक से बड़ा माना जाएगा. प्रदेश में कई जिलों में बड़े परिवर्तन भी होंगे. कई जिला और ब्लॉक अध्यक्षों को बदला जाएगा कांग्रेस ने इसके लिए प्रक्रिया को पूरा कर लिया है. भोपाल ,उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर जैसे बड़े शहरों के साथ पार्टी में ग्रामीण स्तर तक परिवर्तन देखने मिलेंगे. पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि इस प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग खुद प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रभारी हरीश चौधरी और पार्टी महासचिव मुकुल वासनिक करेंगे. अधिवेशन में घोषित होंगी कमेटी मध्य प्रदेश में कांग्रेस जल्द एक बड़ा अधिवेशन करने की तैयारी में है जिसमें पंचायत और मोहल्ला- कॉलोनी कांग्रेस कमेटीयों की घोषणा की जाएगी. इसके लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. कांग्रेस में फ्रेंचाइजी सिस्टम वहीं जमीन से प्रदेश संगठन को खड़ा करने में जुटी कांग्रेस की तैयारी पर तंज कसते हुए भाजपा के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि कांग्रेस एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है. जहां पर फ्रेंचाइजी पॉलिसी चलती है. अभी मध्य प्रदेश की फ्रेंचाइजी जीतू पटवारी के पास है तो वह जैसा चाह रहे हैं वैसा हो रहा है. इससे धरातल पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला, कांग्रेस अपना भरोसा खो चुकी है. आलाकमान के साथ कई दौर की बैठक मध्य प्रदेश में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए पीसीसी ने स्ट्रक्चर बनाकर एआईसीसी को भेजा था जिस पर पार्टी आला कमान की मोहर लग चुकी है. इसके बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की कई दौर की मुलाकात शीर्ष पदाधिकारीयों, पार्टी प्रभारी हरीश चौधरी और अन्य नेताओं से हो चुकी है. कांग्रेस की माने तो जल्द ही इस प्रोजेक्ट के नतीजे दिखने लगेंगे, एक नई कांग्रेस मध्यप्रदेश में खड़ी होगी.

बेंगलुरु बैठक में भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर मुहर लगने की उम्मीद

भोपाल आरएसएस के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में बड़ी बैठक करने जा रही है। बेंगलुरु में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 18 से 20 अप्रैल 2025 के बीच होने की संभावना है। जानकार सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम का अनुमोदन किया जाएगा। हालांकि, सूत्रों का यह भी कहना है कि बेंगलुरु में बैठक आयोजित कर भाजपा राजनीतिक दृष्टि से देश में परिसीमन और भाषा को लेकर उत्तर-दक्षिण के नैरेटिव को तोड़ने की कोशिश करेगी। साथ ही, दक्षिण भारत में यह संदेश देने का प्रयास होगा कि भाजपा उत्तर भारत की तरह इस क्षेत्र को भी समान महत्व देती है।  तमिलनाडु में सत्ताधारी डीएमके परिसीमन के बहाने उत्तर बनाम दक्षिण का नैरेटिव खड़ा कर रही है। डीएमके का आरोप है कि जनसंख्या आधारित परिसीमन से दक्षिण भारत की लोकसभा सीटें कम होंगी, जबकि उत्तर भारत में सीटें बढ़ेंगी। इसके जवाब में भाजपा लगातार कहती रही है कि परिसीमन से दक्षिण भारत को कोई नुकसान नहीं होगा। डीएमके हिंदी और हिंदुत्व के मुद्दे पर भी भाजपा पर हमलावर रही है। हालांकि, भाजपा ने अभी आधिकारिक तौर पर बेंगलुरु बैठक की घोषणा नहीं की है, लेकिन 18 से 20 अप्रैल को इस आयोजन को लगभग तय माना जा रहा है। नए हिंदू नववर्ष में नए अध्यक्ष की घोषणा बेंगलुरु बैठक में भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर मुहर लगने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि इससे पहले 30 मार्च 2025 से शुरू होने वाले नए हिंदू नववर्ष में पार्टी कभी भी नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा कर सकती है। तब तक आधे से अधिक राज्यों में संगठनात्मक चुनाव पूरे हो जाएंगे, जिससे निर्वाचक मंडल का कोरम भी पूरा हो जाएगा। चूंकि 6 अप्रैल को भाजपा का स्थापना दिवस है, इसलिए सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या पार्टी को नया अध्यक्ष स्थापना दिवस के मौके पर मिलेगा या इसके बाद। भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए कई नामों की चर्चा जोरों पर है। इनमें से कुछ प्रमुख संभावित उम्मीदवार इस प्रकार हैं: दग्गुबाती पुरंदेश्वरी (Daggubati Purandeswari) – दक्षिण भारत से एक मजबूत महिला चेहरा, जो भाजपा की आंध्र प्रदेश इकाई की अध्यक्ष हैं। उनकी उम्मीदवारी से दक्षिण में पार्टी की पैठ मजबूत करने की रणनीति को बल मिल सकता है। शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) – मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता, जिनके पास संगठन और शासन का व्यापक अनुभव है। मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) – हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री, जो आरएसएस के करीबी माने जाते हैं और संगठनात्मक कौशल के लिए जाने जाते हैं। भूपेंद्र यादव (Bhupender Yadav) – केंद्रीय मंत्री और राजस्थान से आने वाले नेता, जिन्हें संगठन और सरकार में समन्वय का अच्छा अनुभव है। धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) – केंद्रीय मंत्री और ओडिशा से प्रमुख चेहरा, जो पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में पार्टी को मजबूत कर सकते हैं। वनाथि श्रीनिवासन (Vanathi Srinivasan) – तमिलनाडु से एक और महिला नेता, जो दक्षिण भारत में भाजपा की उपस्थिति बढ़ाने में मददगार हो सकती हैं। इन नामों के अलावा कुछ अन्य नेताओं की भी चर्चा है, लेकिन अंतिम फैसला भाजपा नेतृत्व और आरएसएस के बीच सहमति पर निर्भर करेगा। बेंगलुरु बैठक इस दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकती है।

आरएसएस एक आतंकवादी संगठन है, उसकी शाखाओं में गलत बातें सिखाई जाती :हुसैन दलवई

मुंबई  महाराष्ट्र के संभाजी नगर स्थित औरंगजेब की कब्र को लेकर सियासत गरमाई है। दक्षिणपंथी दल कब्र को हटाने की लगातार मांग कर रहे हैं। नागपुर में इसे लेकर हिंसा तक हुई। राजनीतिक बयानबाजी जारी है। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद हुसैन दलवाई का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि हिम्मत है तो सरकार औरंगजेब की कब्र को हटाकर दिखाए। हुसैन दलवई ने तुषार गांधी, असदुद्दीन ओवैसी और संजय राउत के हालिया बयानों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने औरंगजेब की तारीफ करने वाले सपा नेता अबू आजमी को पर भी टिप्पणी की है। आरएसएस को बताया आतंकवादी संगठन हुसैन दलवई ने तुषार गांधी के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने आरएसएस को ‘कैंसर’ कहा था। दलवाई ने कहा कि तुषार गांधी ने जो कहा, वह सही कहा है। मैं पहले भी कह चुका हूं और आज भी कहता हूं कि आरएसएस एक आतंकवादी संगठन है। उसकी शाखाओं में गलत बातें सिखाई जाती हैं। तुषार गांधी के लिए मांगी सुरक्षा दलवई ने कहा कि तुषार गांधी ने कोई गलत नहीं बोला है। उन्होंने आगे कहा कि तुषार गांधी की जान को खतरा है और सरकार को उन्हें सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए। यह सरकार का कर्तव्य है कि वह तुषार गांधी के परिवार की रक्षा करे, क्योंकि गांधी जी के खिलाफ हिंसा की कोशिशें जारी हैं। वक्फ संशोधन बिल का विरोध वक्फ संशोधन बिल पर असदुदीन औवासी के बयान का हुसैन दलवाई ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह बिल इसलिए लाया जा रहा है ताकि मुसलमानों से उनकी मस्जिदें और संपत्ति छीन ली जाए। इस बिल के माध्यम से सरकार मुसलमानों की भूमि और संपत्ति हड़पना चाहती है। कई विरोधी पार्टियों ने इस बिल का विरोध किया है। इंडिया गठबंधन भी इसके खिलाफ है। हम इस बिल का विरोध करते हैं। ‘RSS शिवाजी को मानती थी पेशेवर’ वहीं, वीर सावरकर को लेकर दलवाई ने कहा कि यह सही है कि वीर सावरकर ने छत्रपति संभाजी महाराज के बारे में कई गलत बातें लिखी थीं और उनके बारे में गलत टिप्पणियां की थीं। इसके अलावा, उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में भी नकारात्मक बातें कहीं थीं। जब नेहरू जी को इस बारे में पता चला, तो उन्होंने सावरकर की किताबों को हटवा दिया। लेकिन अब देवेंद्र फडणवीस क्यों नहीं वही काम कर रहे हैं? आरएसएस के लोग छत्रपति शिवाजी महाराज को राजा नहीं मानते थे, बल्कि पेशेवर मानते थे। यह अत्यंत शर्मनाक है। संजय राउत के बयान का समर्थन संजय राउत के औरंगजेब से संबंधित बयान पर हुसैन दलवाई ने भी अपनी सहमति दी। राउत ने बीजेपी सरकार की तुलना औरंगजेब से करते हुए कहा था कि मौजूदा शासन उससे भी बदतर है। इस पर हुसैन दलवाई ने कहा कि औरंगजेब का शासन क्रूर था, लेकिन बीजेपी का शासन उससे भी खराब है। बीजेपी मनमानी करती है और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन करती है। औरंगजेब की तारीफ करने के लिए उन्होंने सपा नेता अबू आजमी की कड़ी आलोचना की। उन्होंने अबू आजमी को औरंगजेब की तारीफ न करने की सलाह देते हुए कहा कि औरंगजेब एक क्रूर शासक था और हमें उसकी तारीफ नहीं करनी चाहिए। अबू आजमी को इतिहास पढ़ने की जरूरत है।

मुझे किसी के कुछ खाने से दिक्कत नहीं, लेकिन कांग्रेस पार्टी में मटन राज्यसभा की योग्यता नहीं हो सकता है : गौरव वल्लभ

नई दिल्ली एक पूर्व कांग्रेसी और वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने अपनी पुरानी पार्टी के वर्किंग कल्चर को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी में चाटुकारिता हावी हो चुकी है। एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कई दावे किए। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर यहां तक कहा है कि कांग्रेस पार्टी में एक नेता को दो बार राज्यसभा जाने का मौका इसलिए मिला क्योंकि उन्हें पता है कि मल्लिकार्जुन खरगे को मीट खाना बहुत पसंद और दिल्ली में किस दुकान का मटन उन्हें सबसे अच्छा लगता है। पत्रकार आदेश रावल के साथ एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान गौरव वल्लभ ने कांग्रेस पार्टी के पतन और अपने इस्तीफे को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने कांग्रेस में ‘पीए कल्चर’ हावी होने की बात भी कही है। साथ ही उन्होंने परिवारवाद और भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए हैं। गौरव वल्लभ ने कहा, ‘कांग्रेस में मैं एक ऐसे आदमी को जानता हूं जो खरगे साहब के काफी करीबी हैं। उस व्यक्ति की एक ही योग्यता है कि उसे पता है कि दिल्ली में मटन कहां अच्छा मिलता है। खरगे साहब मटन के शौकीन है। मैं तो शुद्ध शाकाहारी आदमी हूं। मैं दाल भी किसी के लिए नहीं लेकर जाऊंगा। उस व्यक्ति को यह पता है कि पुरानी दिल्ली की कौन सी दुकान पर मटन अच्छा मिलता है। वह मटन लाते-लाते दूसरी बार राज्यसभा में पहुंच गया। ना वह अक्ल से समझदार, ना ज्ञान से समझदार। योग्यता इतनी ही कि मटन कहां अच्छा मिलता है। मुझे किसी के कुछ खाने से दिक्कत नहीं, लेकिन कांग्रेस पार्टी में मटन राज्यसभा की योग्यता नहीं हो सकता है।’ उन्होंने इस दौरान किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन आदेश रावल के द्वारा जम्मू-कश्मीर के प्रभारी नासिर हुसैन का नाम लेने पर उन्होंने कहा कि मैं किसी का नाम नहीं लूंगा, लेकिन कांग्रेस पार्टी के हर कार्यकर्ता को यह पाता है कि कांग्रेस पार्टी में मटन लाने की योग्यता किसमें हैं।

700 जिला अध्यक्षों को कांग्रेस ने बुलाया दिल्ली, गुजरात पर बढ़ा फोकस

नई दिल्ली एक के बाद एक कई चुनावों में हार झेलने वाली कांग्रेस पार्टी अब अपने संगठन को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने अपनी जिला कांग्रेस कमेटियों (DCC) को संगठन का “केंद्र बिंदु” बनाने की दिशा में कदम उठाया है। इसके तहत AICC देश भर के लगभग 700 जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों की एक तीन दिवसीय बैठक का आयोजन कर रही है। यह बैठक 27-28 मार्च और 3 अप्रैल को नई दिल्ली में तीन बैचों में होगी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य एक नई संगठनात्मक रूपरेखा को लागू करना है, जिससे जमीनी स्तर पर पार्टी की मशीनरी को मजबूत किया जा सके। पायलट प्रोजेक्ट गुजरात में लागू किया जाएगा यह बैठक 16 साल बाद होने जा रही है, जो कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस पहल का पायलट प्रोजेक्ट गुजरात में लागू किया जाएगा, जहां 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। बैठक में DCC अध्यक्षों को उम्मीदवारों के चयन में अहम भूमिका देने और संगठन को सशक्त बनाने पर जोर दिया जाएगा। AICC के महासचिवों और प्रभारियों की एक बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी शामिल थे। इस बैठक में प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कुछ नेताओं के एक अनौपचारिक समूह द्वारा तैयार की गई संगठनात्मक मजबूती की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा, “यह बैठक हमारी जिला इकाइयों को सशक्त बनाने और संगठन को नई दिशा देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। हमारा लक्ष्य जमीनी स्तर पर पार्टी की ताकत को बढ़ाना है।” अन्य राज्यों में भी लागू करने की योजना पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस बैठक के जरिए कांग्रेस अपनी रणनीति को और प्रभावी बनाना चाहती है, खासकर उन राज्यों में जहां जल्द ही विधानसभा चुनाव होने हैं। गुजरात में इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के आधार पर इसे अन्य राज्यों में भी लागू करने की योजना है। यह कदम कांग्रेस के लिए संगठनात्मक ढांचे में बदलाव और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच नई ऊर्जा भरने का प्रयास माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस बैठक के नतीजे पार्टी की भविष्य की रणनीति पर गहरा असर डाल सकते हैं। गुजरात पर ही कांग्रेस का फोकस क्यों है? गुजरात पिछले तीन दशकों से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का मजबूत गढ़ रहा है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य भी है। अगर कांग्रेस गुजरात में सफलता हासिल कर लेती है, तो यह बीजेपी की अजेय छवि को चुनौती दे सकता है और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस की स्थिति को मजबूत कर सकता है। इसके अलावा, गुजरात महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की जन्मभूमि है। इन नेताओं ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई और कांग्रेस की नींव को मजबूत किया। गुजरात में वापसी करना पार्टी के लिए अपनी जड़ों से जुड़ने और ऐतिहासिक गौरव को पुनर्जनन का प्रतीक है। गुजरात में कांग्रेस का पारंपरिक वोट बैंक, खासकर ग्रामीण इलाकों, आदिवासी क्षेत्रों और कुछ शहरी मतदाताओं के बीच, अभी भी मौजूद है। 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 77 सीटें जीती थीं, जो बीजेपी के लिए कड़ी टक्कर थी। हालांकि 2022 के चुनाव में पार्टी महज 17 सीटें ही जात पाई। पार्टी मानती है कि अगर वह अपने वोट प्रतिशत को 5-10% और बढ़ा सके, तो सत्ता में आना संभव है। गुजरात में कांग्रेस लंबे समय से संगठनात्मक रूप से कमजोर रही है, जिसके कारण नेताओं का पलायन और आंतरिक कलह बढ़ा है। अब पार्टी जमीनी स्तर पर अपनी मशीनरी को मजबूत करने के लिए गुजरात को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इस्तेमाल करना चाहती है, जैसा कि हाल की AICC की बैठक और राहुल गांधी के दौरे से संकेत मिलता है। 2027 के गुजरात विधानसभा चुनाव और उससे पहले स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए कांग्रेस अभी से तैयारी करना चाहती है। हाल के लोकसभा चुनाव (2024) में बनासकांठा सीट जीतने के बाद पार्टी को उम्मीद है कि वह इस सफलता को आगे बढ़ा सकती है।

राहुल गांधी ने नाराजगी जताई कि प्रधानमंत्री ने महाकुंभ में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि नहीं दी

नई दिल्ली लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महाकुंभ पर दिए गए संबोधन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। राहुल गांधी ने कहा कि वह महाकुंभ को पीएम मोदी के बयान का समर्थन करना चाहते थे। हालांकि, उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि प्रधानमंत्री ने महाकुंभ में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि नहीं दी। राहुल गांधी ने कहा, “जो प्रधानमंत्री ने बोला, मैं उसको सपोर्ट करना चाहता था। कुंभ हमारी परंपरा, इतिहास और संस्कृति है। लेकिन हमारी एकमात्र शिकायत यह है कि पीएम ने कुंभ में अपनी जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि नहीं दी।” उन्होंने आगे कहा कि महाकुंभ में शामिल होने वाले युवाओं की प्रधानमंत्री से एक और अपेक्षा है, और वह है रोजगार। उन्होंने कहा, “जो युवा महाकुंभ गए, वे चाहते हैं कि पीएम उन्हें रोजगार दें।” कांग्रेस नेता ने लोकतांत्रिक संरचना का हवाला देते हुए यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “लोकतांत्रिक ढांचे के अनुसार, विपक्ष के नेता को बोलने का अवसर मिलना चाहिए, लेकिन वे हमें बोलने नहीं देते। यह नया भारत है।” राहुल गांधी का यह बयान उस समय आया है, जब लोकसभा में महाकुंभ और अन्य मुद्दों पर चर्चा जारी है। विपक्ष ने पहले भी महाकुंभ के दौरान हुई दुर्घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे, और अब रोजगार जैसे अहम मुद्दे को जोड़कर सरकार पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुए ‘महाकुंभ’ को भारत के इतिहास में अहम मोड़ करार देते हुए मंगलवार को लोकसभा में कहा कि दुनिया ने देश के विराट स्वरूप को देखा और यह ‘सबका प्रयास’ का साक्षात स्वरूप भी था, जिसमें ‘एकता का अमृत’ समेत कई अमृत निकले। उन्होंने निचले सदन में प्रयागराज महाकुंभ को लेकर दिए एक वक्तव्य में यह भी कहा कि महाकुंभ में अनेकता में एकता का विराट रूप, देश की सामूहिक चेतना और सामर्थ्य भी दिखा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुए ‘महाकुंभ’ को भारत के इतिहास में अहम मोड़ करार देते हुए मंगलवार को लोकसभा में कहा कि दुनिया ने देश के विराट स्वरूप को देखा और यह ‘सबका प्रयास’ का साक्षात स्वरूप भी था, जिसमें ‘एकता का अमृत’ समेत कई अमृत निकले। उन्होंने निचले सदन में प्रयागराज महाकुंभ को लेकर दिए एक वक्तव्य में यह भी कहा कि महाकुंभ में अनेकता में एकता का विराट रूप, देश की सामूहिक चेतना और सामर्थ्य भी दिखा।

कांग्रेस नेत्री ने परशुराम से की Aurangzeb की तुलना, पार्टी के अल्टीमेटम के बाद मांगनी पड़ी माफी

जबलपुर कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले की एक महिला पार्टी नेता को सोशल मीडिया पर हिंदू देवता परशुराम की तुलना मुगल शासक औरंगजेब से करने के आरोप में कारण बताओ नोटिस भेजा है. नोटिस में पार्टी ने रेखा विनोद जैन से 48 घंटे के अंदर जवाब मांगा है. जबलपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ शर्मा की तरफ से जारी नोटिस में कहा गया है, “आपने न केवल भारतीय संविधान का बल्कि कांग्रेस पार्टी के संविधान का भी उल्लंघन किया है, जिससे पार्टी की धर्मनिरपेक्ष छवि धूमिल हुई है.” उन्होंने कहा कि जैन के कृत्य ने कांग्रेस पार्टी की धर्मनिरपेक्ष नीति का उल्लंघन किया है और यह अनुशासनहीनता के दायरे में आता है. ’48 घंटे के अंदर माफी…’ सौरभ शर्मा ने कहा, “आपके द्वारा किए गए कृत्य के आधार पर आपको यह कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है और इसे मिलने के 48 घंटों के अंदर आपको पोस्ट के संबंध में अपने कृत्य के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और अपना जवाब भेजना चाहिए.” नोटिस में आगे चेतावनी दी गई है कि अगर उन्होंने माफी नहीं मांगी या संतोषजनक जवाब नहीं भेजा, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. कांग्रेस लीडर ने पोस्ट में क्या कहा था? कांग्रेस लीडर रेखा विनोद जैन ने पोस्ट में कहा था, “औरंगजेब ने अपने भाई का सिर काटकर अपने पिता को भेंट किया, जबकि परशुराम ने अपनी मां का सिर काटा था. औरंगजेब क्रूर था, कोई भी उसे आदर्श नहीं मानता. मुसलमान भी अपने बच्चों का नाम औरंगजेब नहीं रखते लेकिन हिंदुत्व के अनुयायी परशुराम के मंदिर भी बनाते हैं.” हालांकि, रेखा ने बाद में पोस्ट हटा दी और अपने कृत्य के लिए माफी मांगते हुए कहा कि उनका किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था. रेखा विनोद ने एक अलग पोस्ट में कहा, “जैसे ही यह बात मेरे संज्ञान में आई, मैंने तुरंत उस पोस्ट को वॉल से हटा दिया. इसके साथ ही, मैं आपकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए सभी से माफी मांगती हूं.” हालांकि, सत्तारूढ़ बीजेपी ने कांग्रेस को घेरने की कोशिश करते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी की हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करना आदत बन गई है.  

नाम बदलने की सियासत…अब इस जिले का नाम बदलने की उठी मांग

 भोपाल  मध्य प्रदेश में हाल ही में कई जगहों के नाम बदले गए है। इसी कड़ी में अब रीवा शहर का नाम बदलने की मांग की गई है। एमपी विधानसभा में कांग्रेस विधायक ने कहा कि रीवा का नाम समदड़िया शहर कर दिया जाए। यह हर कोई कह रहा है। इस ओर गंभीरता से विचार करें। तीन दिन के अवकाश के बाद सोमवार को एमपी विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई। सबसे पहले एमपी विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने होली के त्योहार की शुभकामनाएं। इसके बाद प्रश्नकाल शुरू हुआ। विधायक अभिजीत शाह के सवाल का ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने लिखित में जवाब दिया। मध्य प्रदेश में आबादी क्षेत्र से दूर मजरे-टोले बसाहटों में 10 घंटे बिजली मिल रही है। वहीं विधायक अभय मिश्रा ने सतना में रिडेंशिफिकेशन योजना पर सवाल किया। उन्होंने कहा कि तीन हजार करोड़ की जमीन 155 करोड़ में दे दी। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ है। इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब देते हुए कहा कि जमीनें बेची नहीं गई है। रिडेंशिफिकेशन के लिए दी गई हैं। इसी प्रश्न के बीच कांग्रेस विधायक अजय सिंह ने रीवा का नाम बदलने की मांग की। उन्होंने कहा कि रीवा का नाम समदड़िया शहर कर दिया जाए। रीवा में हर कोई यह कह रहा है। इस ओर गंभीरता से विचार करें।

BSP हित में काम करेंगे तो आगे बढ़ेंगे, आड़े नहीं आएंगे रिश्ते-नाते: मायावती

नई दिल्ली बसपा सुप्रीमो मायावती ने काशीराम की जयंती के बाद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार को प्रेस कांफेंस आयोजित की। मायावती ने काशीराम की जयंती मनाने को लेकर पूरे देश में उनके अनुयायियों का आभार व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने परिवारवाद पर जमकर निशाना भी साधा। बसपा प्रमुख ने कहा, कांशीराम जयंती जिस अति उत्साह व जोश के साथ मनाकर उनके अनुयायियों ने अपनी पार्टी को हर स्तर पर मजबूत बनाने का तथा उनकी एकमात्र उत्तराधिकारी व पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष का अपने पूरे तन, मन, धन से साथ देने का जो संकल्प लिया है तो उसने पार्टी को मजबूती देने के लिए मेरे हिम्मत व हौसले को कई गुना और ज्यादा बढ़ा दिया है, जिसे मैं अभी तक की तरह, आगे भी अपने जीते जी अपने व्यक्तिगत तथा भाई बहिन व रिश्ते नातों आदि के स्वार्थ में कभी भी कमजोर नहीं पड़ने दूंगी। पार्टी हित में काम करेंगे तो दिया जाएगा मौका: मायावती उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए कहा, पार्टी व मूवमेन्ट के हित में बहुजन समाज के जो भी लोग अपनी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से कार्य करते हैं तो उन्हें पार्टी में जरूर आगे बढ़ने का मौका दिया जायेगा और इस मामले में मेरे रिश्ते-नाते आडे नहीं आयेंगे। मायावती ने सत्ता पक्ष व विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, सत्ता व विपक्ष में बैठी सभी जातिवादी, साम्प्रदायिक व पूंजीवादी पार्टियों बसपा के विरुद्ध अन्दर अन्दर आपस में मिलकर बहुजन समाज की एकमात्र हितेषी पार्टी BSP को किस्म किस्म के हथकण्डों के जरिये इसे कमजोर करने की पूरी-पूरी कोशिश में लगी हैं, क्योंकि यहाँ जातिवादी पार्टियों को खासकर सन् 2007 में यूपी में बीएसपी का अकेले ही पूर्ण बहुमत के आधार पर सत्ता में आना अभी तक भी उनके गले के नीचे से कतई भी नहीं उतर पा रहा है और तभी से यहाँ सभी जातिवादी व खासकर दलित विरोधी पार्टियों किस्म किस्म के हथकण्डे इस्तेमाल करके बी.एस.पी. को कमजोर व खत्म करने में लगी है।   मायावती ने आगे कहा, सरकार ने ही यहां यूपी में इन वर्गों के लोगो को काफी हद तक अपने पैरों पर खड़ा किया है। अपने सन्तों, गुरुओं व महापुरुषों को भी विभिन्न स्तर पर पूरा-पूरा आदर सम्मान दिया गया है जिसे लोग कभी भी नहीं भूला पायेंगे। लेकिन यह सब यहाँ सभी जातिवादी पार्टियों के गले के नीचे से अभी तक भी नहीं उतर पा रहा है। इसीलिए अब वे इन वगों में से स्वार्थी किस्म के लोगों को आगे करके उनके जरिये विभिन्न नाम पर अनेकों छोटे-छोटे संगठन व पार्टियां आदि बनवाकर के बीएसपी की इस ताकत को बांटकर इसे कमजोर करने में लगे हैं जिनसे बहुजन समाज के लोग जरूर सचेत रहें, यही समय की मांग है। मायावती ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, देश के प्रधानमंत्री बीच-बीच में अपनी खुद की गरीबी का तो जरूर उल्लेख करते रहते है, लेकिन इन्होंने दलित व अन्य उपेक्षित वर्गों के लोगों की तरह यहां कभी भी कोई जातीय भेदभाव नहीं झेला है जो यह सब हमारे सन्तों, गुरुओं व महापुरुषों ने झेला है, जिसे अभी भी इनके अनुयायी काफी हद तक झेल रहें है।

कांग्रेस आज मुसलमानों को 4% आरक्षण दे रही , कल वह खुद के लिए राजनीति में 4% आरक्षण मांगेगी: रामेश्वर शर्मा

भोपाल  कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने सार्वजनिक खरीद पारदर्शिता (KTPP) अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इसका मकसद मुस्लिम ठेकेदारों को टेंडर में चार प्रतिशत आरक्षण प्रदान करना है। इस पर बीजेपी हमलावर हो गई है। मध्य प्रदेश के बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने  मुस्लिम ठेकेदारों को 4% आरक्षण देने की नीति की कड़ी आलोचना की है। शर्मा ने कहा कि कांग्रेस संविधान विरोधी होती जा रही है।   कांग्रेस ‘एक कांग्रेस थी’ की स्थिति में आ जाएगी- रामेश्वर शर्मा    बीजेपी विधायक शर्मा ने कहा कि कांग्रेसियों को ये समझ लेना चाहिए कि सोनिया जी ने तो अपने परिवार को लोकसभा और राज्यसभा भेजकर उनके भरण-पोषण की व्यवस्था कर ली है। लेकिन आने वाले राजनीतिक दिनों में यदि यही हालात रहे तो हिन्दुस्तान की राजनीति में जो कांग्रेस ‘एक कांग्रेस थी’ की स्थिति में आ जाएगी। उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस आज मुसलमानों को 4% आरक्षण दे रही है, कल वह खुद के लिए राजनीति में 4% आरक्षण मांगेगी। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि हिन्दुस्तान की राजनीति जग चुकी है, हर नागरिक सशक्त और सावधान है। वह यह देख रहा है कि कौन तुष्टिकरण करके भारत की संस्कृति के साथ खिलवाड़ कर रहा है। कांग्रेस ये खिलवाड़ बंद करे अन्यथा हिन्दू समाज जागेगा और कांग्रेस का प्रतिकार करेगा। कर्नाटक सरकार ने लिया है ये फैसला कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने मुस्लिम ठेकेदारों को 4 प्रतिशत रिजर्वेशन देने का फैसला किया है। सिद्धारमैया की अध्यक्षता में हुई कर्नाटक कैबिनेट की बैठक में सरकारी टेंडरों में मुस्लिम ठेकेदारों को 4 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया गया। कैबिनेट ने कर्नाटक सार्वजनिक खरीद पारदर्शिता (KTPP) अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दे दी है, जिसका मकसद मुस्लिम ठेकेदारों को टेंडर में चार प्रतिशत आरक्षण प्रदान करना है। 

भारत में आतंकी हमले करते हैं और उसे बढ़ावा देते हैं, जैसा बीज बोओगे, वैसा ही काटोगे : उदित राज

नई दिल्ली कांग्रेस नेता उदित राज ने पाकिस्तान में चल रही आतंकी गतिविधियों और अस्थिरता पर तीखा बयान दिया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के बीच आपसी टकराव चल रहा है, लेकिन दोनों की नीयत खराब है। उदित राज ने कहा, “ये लोग भारत में आतंकी हमले करते हैं और उसे बढ़ावा देते हैं। लेकिन जैसा बीज बोओगे, वैसा ही काटोगे। जब ये आतंकवाद भारत में फैलाते हैं, तो इसका उल्‍टा असर पाकिस्तान पर पड़ता है। वहां मस्जिदों पर हमले होते हैं, बम धमाके होते हैं। यह उसी का नतीजा है और पाकिस्तान को इसकी सजा भुगतनी पड़ रही है।” उन्होंने भारत और पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था की तुलना करते हुए कहा कि भारत में राष्ट्रीय चरित्र और एकता की कमी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “यहां आरएसएस और भाजपा के लोग देशभक्ति के नारे लगाते हैं, लेकिन समय-समय पर पाकिस्तान के लिए काम करते हुए पकड़े जाते हैं। क्या ऐसा इजरायल में संभव है? वहां की खुफिया एजेंसी मोसाद और तकनीक हमसे कहीं आगे है। हमारे देश का टेंपरामेंट ऐसा नहीं है। अगर भारत के पास मोसाद जैसी तकनीक हो, तो बहुत अच्छा होगा।” उदित राज ने यह भी साफ किया कि पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति में भारत का कोई हाथ नहीं है। उन्होंने कहा, “आईएसआई खुद आतंकवाद को तैयार करती है, लेकिन यह उनके ही खिलाफ हो जाता है। अफगानिस्तान से सटे होने की वजह से वहां के लड़ाके भी पाकिस्तान से टकरा रहे हैं। ये सभी आतंकी हथियारों से लैस हैं। पाकिस्तान में आतंकवादी ट्रेनिंग कैंप चलते हैं, जहां ये आपस में भी लड़ पड़ते हैं, जिससे खून-खराबा होता है।”

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet