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कल नहीं होगा सीएम जनदर्शन कार्यक्रम, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय लेंगे समीक्षा बैठक

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज मंत्रालय में विभिन्न विभागों की समीक्षा करेंगे. दोपहर 2.50 से शाम 5 बजे तक चलने वाली इस बैठक में योजनाओं की समीक्षा की जाएगी. इस दौरान सीएम साय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश भी देंगे. लोगों की समस्याओं जानने और उनका समाधान करने सीएम हाउस में हर गुरुवार को जनदर्शन का आयोजन किया जाता है. इस बार गुरुवार यानि 10 अक्टूबर को होने वाले जनदर्शन को अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया है. सिविल जज भर्ती 2023 की मुख्य लिखित परीक्षा मेंस के नतीजे मंगलवार को जारी किए गए. इसके अनुसार 151 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए चयनित किया गया है. इंटरव्यू की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है. संभावना जताई जा रही है कि इसी महीने से इंटरव्यू लिया जाएगा. बता दें कि कुल 49 पदों पर सिविल जज की भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने 25 अगस्त को परीक्षा आयोजित की थी. जिला नियमितीकरण प्राधिकारी समिति की बैठक जिला नियमितीकरण प्राधिकारी समिति की बैठक आज दोपहर 12 बजे कलेक्टोरेट परिसर में रखी गई है. इसमें नगर निगम के 10 जोन से प्राप्त 5 हजार लंबित प्रकरण विचार के लिए रखेगे. बता दें कि समिति की यह 10वीं बैठक है, जो 7 माह के अंतराल बाद हो रही है. रंग मंदिर में कोमल गांधार नाटक का होगा मंचन रायपुर. अग्रगामी नाट्य समिति की ओर से आज रंग मंदिर में कोमल गांधार नाटक का मंचन किया जाएगा. यह कार्यक्रम शाम 7 बजे से होगा. कार्यक्रम में दर्शकों का प्रवेश निशुल्क रखा गया है. यह नाटक मुख्य रूप से महाभारत पर आधारित है, जो समाज के लिए प्रेरणादायक है. समिति के अध्यक्ष प्रेमचंद लुनावत ने लोगों से नाटक का मंचन देखने का आग्रह किया है.

माँ बम्लेश्वरी की पूजा-अर्चना कर माँगी प्रदेशवासियों की खुशहाली, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका पहुंचे डोंगरगढ़

रायपुर. राज्यपाल रमेन डेका ने आज डोंगरगढ़ पहुंचकर माँ बम्लेश्वरी की पूजा-अर्चना की। उन्होंने माँ बम्लेश्वरी से प्रदेशवासियों की खुशहाली, उन्नति व सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर राज्यपाल के परिजन भी उपस्थित थे। राज्यपाल ने ज्योति कलश के दर्शन किए एवं हवन कुण्ड की पूजा की। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका को कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग ने पर्यटन विभाग द्वारा प्रकाशित काफी-टेबल बुक भेंट की। इस अवसर पर मां बमलेश्वरी ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट किया।

हरियाणा चुनाव से लगा झटका, छत्तीसगढ़-कांग्रेस नेता धनेंद्र साहू ने बताया अप्रत्याशित और अकल्पनीय परिणाम

रायपुर। हरियाणा विधानसभा के लिए जारी मतगणना के बीच रुझानों में पिछड़ने से कांग्रेस पार्टी को झटका लगा है. इसकी बानगी वरिष्ठ कांग्रेस नेता धनेंद्र साहू के बयान में नजर आती है, जिन्होंने इसे अप्रत्याशित बताते हुए कहा कि ऐसा सोचा भी नहीं था. हरियाणा के रुझानों पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द्र साहू ने कहा कि सोचा नहीं था कि ऐसे चुनाव परिणाम आएंगे. उम्मीद कर रहे थे कि दोनों राज्यों में कांग्रेस की सरकार बन रही है, लेकिन हरियाणा का परिणाम अप्रत्याशित है. जैसा रुझान रहा एमपी- छत्तीसगढ़ और अब हरियाणा के विधानसभा चुनाव में, सभी जगह एग्जिट पोल में फेल हो रहे हैं. किसी भी एजेंसी के सर्वे में कांग्रेस के पिछड़ने की बात नहीं थी. इसे लेकर प्रश्न चिन्ह उठता है. उन्होंने कहा कि राज्य में किसान, महिला, युवा – सभी सरकार से नाराज़ थे. इन सभी को देखते हुए हमारी पार्टी ने मैनिफ़ेस्टों तैयार किया गया था, इसका फ़ायदा मिलता. जनादेश को स्वीकार करेंगे, लेकिन गिनती पूरी होने तक उम्मीद है.

छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने किया परियोजनाओं का बचाव, ‘जंगलों पर किया जा रहा अतिक्रमण’

रायपुर: छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने राज्य में कोयला खनन एवं अन्य विकास परियोजनाओं का बचाव करते हुए कहा कि लोगों के जीवन स्तर में सुधार के लिए यह सब आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाघ अभ्यारण्यों के मुख्य क्षेत्रों से गावों के स्थानांतरण में तेजी लाने के केंद्र सरकार हाल के निर्देशों के अनुरूप कानून का सख्ती से क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी। जैव विविधता से भरपूर हसदेव अरण्य वन में कोयला परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई के खिलाफ विरोध के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने स्वीकार किया कि कुछ लोगों ने कोयला खनन और अन्य विकास परियोजनाओं का विरोध किया है, लेकिन जोर देकर कहा कि अधिकतर लोगों ने इनका समर्थन किया है। उन्होंने कहा, ‘‘संसाधनों से भरपूर इस क्षेत्र के लोग कब तक गरीब रहेंगे? विकास और ऊर्जा समान रूप से महत्वपूर्ण है। लोगों को रोजगार चाहिए। हां, अगर पेड़ काटे जाते हैं, तो यह हमारी जिम्मेदारी है कि उस नुकसान की भरपाई की जाए। हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि प्रभावित समुदायों के स्वास्थ्य और आजीविका की रक्षा की जाए।’’ कोयले का तीसरा सबसे बड़ा भंडार ऐसी परियोजनाओं के लिए ग्राम सभा की सहमति के मुद्दे पर कश्यप ने कहा, ‘‘कानून ग्राम सभाओं को ‘इनकार’ करने की शक्ति देता है। कुछ मामलों में, उन्होंने इस शक्ति का इस्तेमाल किया है, लेकिन ज़्यादातर मामलों (कोयला खनन और अन्य परियोजनाओं) में समर्थन किया है।’’ छत्तीसगढ़ में 57 अरब टन कोयला भंडार है और यह झारखंड एवं ओडि़शा के बाद भारत का तीसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य है। मध्यप्रदेश और अरुणाचल प्रदेश के बाद ओडिशा सबसे बड़े वन क्षेत्र वाला तीसरा राज्य है और इसके कुल भौगोलिक क्षेत्र का 44 प्रतिशत से अधिक हिस्सा वनों से ढका हुआ है। हसदेव क्षेत्र दिल्ली से बड़ा छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में हसदेव अरण्य कोयला क्षेत्र में तीन समीपवर्ती कोयला ब्लॉक स्थित हैं । इसमें परसा, परसा ईस्ट केंटे बसन (पीईकेबी), और केंटे एक्सटेंशन कोल ब्लॉक (केईसीबी)। तीनों कोयला ब्लॉक राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड को आवंटित किए गए हैं। हसदेव अरण्य वन 1,70,000 हेक्टेयर में फैला हुआ है। यह वन क्षेत्र राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से भी बड़ा है। भारतीय खान ब्यूरो के अनुसार, इस वन में 5,179.35 मिलियन टन कोयला भंडार है। जनवरी में, राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने पीईकेबी कोयला खनन परियोजना के दूसरे चरण के लिए पेड़ों की कटाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का स्वत: संज्ञान लिया और राज्य वन विभाग से रिपोर्ट मांगी। विभाग ने अपने जवाब में कहा कि पेड़ों की कटाई ‘‘केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा दी गई मंजूरी और अनुमति का सख्ती से पालन करते हुए’’ की जा रही है। इसमें कहा गया है कि पीईकेबी कोयला ब्लॉक 1,898 हेक्टेयर वन भूमि को कवर करता है। 762 हेक्टेयर में फैले पहले चरण का खनन पूरा हो चुका है, और शेष 1,136 हेक्टेयर में दूसरे चरण का काम चल रहा है। स्थानीय ग्रामीण कर रहे हैं विरोध स्थानीय ग्रामीणों के विरोध के बीच अगस्त के अंत में दूसरे चरण के लिए पेड़ों की कटाई फिर से शुरू हुई। जुलाई में, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने संसद को सूचित किया कि हसदेव अरण्य वन में कोयला खनन के लिए पहले ही 94,460 पेड़ काटे जा चुके हैं, और आने वाले वर्षों में 2.73 लाख से अधिक पेड़ काटे जाने हैं। उन्होंने कहा कि ‘‘खान पुनर्ग्रहण और स्थानांतरण’’ के लिए मुआवजे के रूप में कुल 53,40,586 पौधे लगाए गए हैं, जिनमें से 40,93,395 पौधे विकसित हो गए हैं। बाघ अभयारण्यों के मुख्य क्षेत्रों से गांवों के स्थानांतरण के केंद्र के निर्देश को लेकर कश्यप ने कहा, ‘‘हम कानून के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ प्रयास कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि लोग पहले जंगलों में वन्यजीवों के साथ सद्भाव से रहते थे, लेकिन अब यह मनोवृत्ति बदल गई है। उन्होंने कहा, ‘‘बाघ मेरी दादी के घर से कुछ मीटर की दूरी पर घूमते थे। मनुष्य और जानवर अपनी सीमाओं को जानते थे। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में स्थिति बदल गई है।’’ जंगलों का किया जा रहा है अतिक्रमण उन्होंने कहा, ‘‘यह सच है कि जंगलों पर अतिक्रमण किया जा रहा है, जिससे जंगल में संतुलन बिगड़ रहा है और मानव-वन्यजीव संघर्ष को बढ़ावा मिल रहा है।’’ राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने 19 जून को एक आदेश जारी किया, जिसमें वन अधिकारियों को 54 बाघ अभयारण्यों के मुख्य क्षेत्रों में स्थित 591 गांवों से 64,801 परिवारों के पुनर्वास में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। छत्तीसगढ़ के अचानकमार और उदंती-सीतानदी सहित कई बाघ अभयारण्यों में आदिवासी समुदायों ने वन अधिकार अधिनियम के तहत अपने अधिकारों का दावा करते हुए निर्देश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

अमित शाह से 6 राज्यों के सीएम करेंगे सीक्रेट मीटिंग, छत्तीसगढ़-सीएम विष्णुदेव साय दिल्ली दौरे पर

रायपुर/दंतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय रविवार को दिल्ली दौरे के लिए रवाना हो गए हैं। सीएम आज केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही नक्सल प्रभावित राज्यों की बैठक में हिस्सा लेंगे। अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद समाप्त करने की घोषणा की है। ऐसे में शाह नक्सलवाद के खिलाफ आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। अमित शाह 6 राज्यों के सीएम के साथ चर्चा करेंगे। दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा- “जब से हम लोग सरकार में आए हैं नक्सलवाद के साथ मजबूती से लड़ रहे हैं। कल एक बैठक गृह मंत्री अमित शाह के साथ है। जितने भी नक्सल से प्रभावित राज्य हैं वहां के मुख्यमंत्री और DGP के साथ बैठक होने वाली है।” अमित शाह ने सीएम से की थी चर्चा बता दें कि शुक्रवार को अमित शाह ने सीएम विष्णुदेव साय से बात की थी। अमित शाह ने दंतेवाड़ा-नारायणपुर जिले के बॉर्डर पर हुए मुठभेड़ की जानकारी ली थी और आगे की कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए थे। बता दें कि आमित शाह अगस्त महीने में छत्तीसगढ़ दौरे पर आए थे। यहां उन्होंने नक्सल प्रभावित राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में उन्होंने कहा था कि अब नक्सलियों के खिलाफ रणनीति बनाकर अंतिम प्रहार करने का समय आ गया है। शाह ने कहा था कि मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म कर दिया जाएगा। दंतेवाड़ा में हुआ था बड़ा एनकाउंटर छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले में सीमा पर जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में 31 नक्सली मारे गए थे। छत्तीसगढ़ में अभी तक का यह सबसे बड़ा नक्सली ऑपरेशन था। मारे गए नक्सलियों में 18 पुरुष और 13 नक्सली थे। मारे गए नक्सलियों में से 16 की पहचान हो गई थी। जिसने ऊपर 1 करोड़ 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। नक्सलियों के शव के पास से भारी मात्रा में आधुनिक हथियार बरामद हुए थे।

बीजेपी मछुआरा प्रकोष्ठ के हैं प्रदेश संयोजक, छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष बने नेहरू राम निषाद

रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन की ओर से आयोग में नियुक्ति का दौर जारी है। छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष पद को लेकर राज्य शासन ने आदेश जारी कर दिया है। छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू राम निषाद को बनाया गया है। इसका आदेश प्रदेश के पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग मंत्रालय, महानदी भवन नवा रायपुर से जारी कर दिया गया है। नेहरू राम निषाद वर्तमान में निषाद बीजेपी मछुआरा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक हैं। इसके अलावा धमतरी निषाद समाज के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वे धमतरी जिले के रहने वाले हैं। काफी लंबे समय से नेहरू राम निषाद पार्टी को लेकर सक्रिय हैं। बता दें कि इससे पहले भी राज्य शासन ने विभिन्न प्राधिकरणों और उपाध्यक्षों की नियुक्ति हो गई थी।   “” श्री नेहरू राम निषाद जी को छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई एवं सफल कार्यकाल हेतु शुभकामनाएं। — Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) October 4, 2024″”

नक्सलियों की टूट गई कमर, छत्तीसगढ़-रायपुर में नक्सली हमले में घायल जवान से मिलने पहुंचे डिप्टी सीएम

रायपुर. देश के सबसे बड़े नक्सली मुठभेड़ में घायल एक जवान से मिलने छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम देर रात रायपुर के एक निजी अस्पताल पहुंचे। नक्सलियों से मुठभेड़ में घायल डीआरजी के जवान रामचंद्र यादव से मिलकर उसका हाल-चाल जाना। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। घायल जवान से घटना की पूरी जानकारी भी ली। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि मुठभेड़ में अब तक 31 नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं। सर्चिंग ऑपरेशन बंद कर दिया गया है। शाम पांच बजे के बाद बस्तर संभाग के आईजी सुंदरराज पी. नारायणपुर और दंतेवाड़ा के एसपी इस मुठभेड़ को लेकर पूरा खुलासा करेंगे। आज तक के नक्सल ऑपरेशन में जो कांकेर में हुआ था, उससे भी बड़ा नक्सल ऑपरेशन हुआ है। बहुत बड़ी संख्या में एके-47, एसएलआर बरामद हुआ है। बहुत सारे हथियार बरामद हुए हैं। उस क्षेत्र में नक्सलियों की कमर टूट गई है, पूरी की पूरी कंपनी खत्म हो गई है। नक्सलियों से फिर की मुख्यधारा में लौटने की अपील डिप्टी सीएम ने एक बार फिर नक्सलियों से अपील करते हुए कहा कि वो नक्सलियों से कहना चाहते हैं कि सभी को घर पर वापस आना चाहिए। छत्तीसगढ़ की सरकार अच्छी सरेंडर पॉलिसी के साथ सामने आ रही है। मुख्यधारा पर सभी लौटें। बस्तर और बस्तर का जल, जंगल और जमीन बस्तरवासियों का है। उन्होंने कहा कि बस्तर के विकास के मार्ग पर बिछे हुए आईईडी को अब खत्म कर देना चाहिए।

150 से ज्यादा माओवादी अब तक ढेर, छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी नक्सली मुठभेड़

नारायणपुर/दंतेवाड़ा. नक्सलियों के गढ़ बस्तर संभाग को नक्सलवाद से मुक्त कराने के लिए छत्तीसगढ़ में जवानों ने अभियान चला रखा है। लगातार नक्सलियों का एनकाउंटर हो रहा है। इससे नक्सलियों के पैर उखड़ रहे हैं। नक्सल मोर्चे पर फोर्स को एक के बाद एक बड़ी कामयाबी मिल रही है। जवान बस्तर संभाग में डेरा जमाए हुए हैं। जवान नक्सलियों की मांद में घुसकर उनसे टक्कर ले रहे हैं। बस्तर की मनमोहक और खूबसूरत प्राकृतिक वादियों से ‘लाल आतंक’ के साये को खत्म करने के लिए बस्तर संभाग में फोर्स मोर्चा संभाले हुए है। नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिले के बॉर्डर पर चार अक्तूबर को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच सुबह से ही मुठभेड़ शुरू हुई। शाम सात बजे तक 40 नक्सलियों को जवानों ने ढेर कर दिया। नक्सलियों के शवों के साथ भारी मात्रा हथियार बरामद किए गए। इसमें एके-47, एसएलआर समेत कई अत्याधुनिक हथियार शामिल थे। तीन अक्तूबर को जवानों को बड़ी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद लगभग 400 फोर्स के जवान सर्चिंग पर निकले थे। इसमें सीआरपीएफ, राज्य पुलिस बल संयुक्त टीम के जवान शामिल थे। इस मुठभेड़ में कई इनामी नक्सलियों के भी मारे जाने की खबर है। दूसरी ओर नक्सलियों के कंपनी नंबर 6 को भी पुलिस ने ध्वस्त कर दिया है। 16 अप्रैल को कांकेर में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में 29 नक्सली मारे गये थे। यह देश की सबसे बड़ी नक्सली मुठभेड़ थी, जिससे नक्सली डर के भय से कांप उठे थे। 30 अप्रैल को 9 घंटे तक चली मुठभेड़ में जवानों ने 10 नक्सलियों को मार गिराया था। बूझमाड़ के टेकामेटा के जंगलों में डीआरजी और एसटीएफ के जवानों का सामना नक्सलियों से हुआ था। मारे गए नक्सलियों में 3 महिला और 7 पुरुष माओवादी शामिल थे। प्राथमिक तौर पर मुठभेड़ में मारे गये माओवादियों में से दो की शिनाख्तगी डीवीसीएम जोगन्ना और डीवीसीएम विनय उर्फ अशोक के रूप में हुई थी। 27 मार्च को नक्सल डिप्टी कमांडर समेत छह नक्सलियों का किया गया एनकाउंटर 27 मार्च को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के चिपुरभट्टी-पुसबाका के पास वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ जवानों ने एक नक्सली डिप्टी कमांडर समेत छह नक्सलियों को मार गिराया था। घटनास्थल से नक्सलियों के शव समेत हथियार बरामद हुए थे। मारे गए नक्सलियों में एक महिला नक्सली भी शामिल थी। मामला बासागुड़ा थाने क्षेत्र का था। दो अप्रैल को 13 नक्सली ढेर दो अप्रैल को बीजापुर के गंगालूर थाना क्षेत्र के कोरचोली और लेंड्रा के जंगल में हुई जबरदस्त मुठभेड़ में पुलिस ने तीन महिला नक्सली समेत 13 नक्सलियों को मार गिराया था। घटनास्थल से पुलिस ने कई अत्याधुनिक हथियार बरामद किये थे। इनमें 1 नग 7.62 एलएमजी -58 राउंड, 1 नग 303 रायफल -39 राउंड, 12 बोर सिंगल शॉट 1 नग, बीजीएल लांचर 3 नग – 17 सेल, एयर गन 2 नग, विस्फोटक – हेंड ग्रेनेड 1, यूबीजीएल सेल 1, टिफिन बम 7 नग, जिलेटिन स्टीक कार्डेक्स वायर, सेफ्टी फ्यूज, डेटोनेटर, इलेक्ट्रिक वायर, उपकरण -लेपटॉप, डीव्हीडी राईटर, वॉकीटॉकी और नक्सली वर्दी, पिट्ठू, सोलर प्लेट, नक्सली प्रचार प्रसार सामग्री, नक्सली साहित्य और रोजमर्रा के सामान शामिल थे। छह अप्रैल को मारे गये तीन नक्सली फोर्स और नक्सलियों के साथ छह अप्रैल को हुई मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गये थे। तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा पर पुजारी कांकेर के कर्रीगुटा के जंगलों में मुठभेड़ में तीन नक्सली ढेर हुए थे। मामला उसूर थाने क्षेत्र का था। इतना ही नहीं घटनास्थल से एक एलएमजी और एक एके-47 समेत कई हथियार बरामद हुए थे। 16 अप्रैल को 29 नक्सलियों को सुलाया मौंत की नींद 16 अप्रैल को कांकेर जिले के छोटे बेठिया थाना क्षेत्र के माड़ इलाके में देश की सबसे बड़ी मुठभेड़ में 29 नक्सली मारे गये थे। पुलिस फोर्स और नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में नक्सली कमांडर शंकर राव ढेर हो गया था। शंकर राव पर 25 लाख का इनाम था। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में हथियार बरामद किया था। मारे गए सभी नक्सलियों पर कुल 1 करोड़ 78 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वहीं, नक्सलियों से जब्त एके- 47 और इंसास जैसे हथियारों पर पुलिस ने 7 लाख 55 हजार का इनाम रखा था। 30 अप्रैल को 9 घंटे तक चली मुठभेड़ में 10 नक्सली ढेर 30 अप्रैल को 9 घंटे तक चली मुठभेड़ जवानों ने 10 नक्सलियों को मार गिराया था। बूझमाड़ के टेकामेटा के जंगलों में डीआरजी और एसटीएफ के जवानों का सामना नक्सलियों से हुआ था। मारे गए नक्सलियों में 3 महिला और 7 पुरुष नक्सली शामिल थे। प्राथमिकतौर पर मुठभेड़ में मारे गये नक्सलियों से दो की शिनाख्तगी डीवीसीएम जोगन्ना और डीवीसीएम विनय उर्फ अशोक के रूप में हुई थी। 10 मई को बीजापुर के पीड़िया जंगल में 12 घंटे तक चली मुठभेड़ में 12 नक्सली ढेर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के पीड़िया के जंगल में 10 मई की सुबह 12 घंटे तक चली मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए। इस दौरान दो जवान घायल भी हुए थे। सुरक्षाबलों और नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में सभी 12 नक्सलियों के शव और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और हथियार भी बरामद किये गये थे। जवानों को गंगालूर थाना क्षेत्र के पीड़िया इलाके में नक्सलियों के टॉप हार्डकोर नक्सली कमांडर लिंगा और पापाराव समेत बड़े लीडर्स के जंगल में होने की सूचना मिली थी। नक्सलियों की इस कमेटी में डीकेएसजेडसी, डीवीसीएम और एसीएम कैडर के बड़े नक्सली भी मौजूद थे। सूचना पर पड़ोसी जिले दंतेवाड़ा, सुकमा व बीजापुर से एसटीएफ, डीआरजी,सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन के 1200 जवानों ने साझा अभियान चलाया था, जिसमें मौके पर 12 नक्सली ढेर हो गये। 23 और 24 मई को आठ नक्सली ढेर छत्तीसगढ़ में 23 मई को नारायणपुर के अबूझमाड़ के जंगलों में सुरक्षा बल के जवानों ने धावा बोला। जंगल के अंदर बड़ी संख्या में नक्सलियों के मौजूदगी की सूचना पर बस्तर फाइटर्स और एसटीएफ के करीब एक हजार जवान रवाना हुए थे। पुलिस जैसे ही जंगल के भीतर घुसी, नक्सलियों ने उन पर हमला बोल दिया। जवानों ने भी मोर्चा संभाला और घंटों तक रुक-रुककर फायरिंग होती रही। मुठभेड़ के बाद मौके से सात नक्सलियों के शव मिले। पुलिस ने घटना स्थल से … Read more

‘नक्सलवाद के खात्मे पर ही ख़त्म होगी ये लड़ाई’, छत्तीसगढ़-सीएम साय का हाई लेवल मीटिंग में दो टूक जवाब

रायपुर/दंतेवाड़ा. देश की सबसे बड़ी नक्सली मुठभेड़ को लेकर छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने शुक्रवार की रात मुख्यमंत्री निवास में हाई लेवल मीटिंग बुलाई। इसमें नारायणपुर-दंतेवाड़ा जिले के थुलथुली जंगल में चल रही मुठभेड़ को लेकर चर्चा की गई। पुलिस महकमे के आला अधिकारियों से नक्सल एनकाउंटर पर मंथन किया गया। बैठक में बताया गया कि 28 नक्सलियों के शव बरामद होने की खबर मिल रही है। पुलिस इस मामले को लेकर कल यानी शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा करेगी। इस बड़ी सफलता पर सीएम ने पुलिस जवानों पर हर्ष जताते हुए उन्हें बधाई दी है। सीएम साय ने कहा कि मुठभेड़ में अब तक 31 से ज्यादा नक्सलियों की मारे जाने की खबर है। जवानों को मिली बड़ी कामयाबी सराहनीय है। उनके हौसले और अदम्य साहस को नमन करता हूं। नक्सलवाद के खात्मे के लिए शुरू हुई हमारी लड़ाई अब अपने अंजाम तक पहुंचकर ही दम लेगी। इसके लिए हमारी डबल इंजन सरकार दृढ़ संकल्पित है। प्रदेश से नक्सलवाद का खात्मा ही हमारा लक्ष्य है। सुरक्षाबल के जवान नक्सलियों से कड़ा मुकाबला कर रहे हैं। ‘अब तक का सबसे बड़ा नक्सल ऑपरेशन’ मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नारायणपुर-दंतेवाड़ा की सीमा स्थित अबूझमाड़ क्षेत्र में हमारे सुरक्षा बलों के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। सर्चिंग में अभी तक 28 नक्सलियों के मारे जाने की जानकारी मिली है। सर्चिंग में एके-47 सहित कई हथियार मिले हैं । मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मैं समझता हूं कि छत्तीसगढ़ में यह अब तक का सबसे बड़ा नक्सल ऑपरेशन हुआ है। इसके लिए मैं अपने जवानों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं और उनके साहस को मैं नमन करता हूं।’ ‘अंतिम सांस गिन रहे नक्सली’ उन्होंने कहा कि ‘हम पहले से ही नक्सलियों से कहते आए हैं कि वे हिंसा का रास्ता छोड़ दें और विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। अब हम लोग डबल इंजन सरकार के कारण मजबूती से नक्सलियों से लड़ रहे हैं। नक्सली अपनी अंतिम सांस गिन रहा है। आज मैं बीजापुर के दौर पर था, जहां नक्सल हिंसा  पीड़ित लोगों से मुलाकात की। आज इस घटना के बाद शायद उनका विश्वास और अधिक बढ़ गया होगा। निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ में माओवाद समाप्ति की ओर अग्रसर है।’ ‘गृहमंत्री शाह का संकल्प मार्च 2026 तक का नक्सलवाद’ मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पिछले नौ महीने में नक्सलवाद की समीक्षा के लिये दो बार छत्तीसगढ़ आ चुके हैं और उनका संकल्प है कि मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद खत्म हो जाए। उनकी सोच के अनुरूप हमारे जवान छत्तीसगढ़ में भी नक्सलियों से मुकाबला कर रहे हैं।

करंट से हाथियों की मौत पर जारी की है गाइड लाइन, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में वन विभाग का शपथ पत्र

बिलासपुर. हाथियों की बिजली करंट से हो रही मौत को लेकर दूसरी बार दायर की गई जनहित याचिका पर वन विभाग ने हाईकोर्ट में शपथपत्र दिया है। इसमें कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी अब भारत सरकार द्वारा हाथियों को बिजली करंट से बचाने के लिए कार्य करेगी। इसके लिए बिजली कंपनी ने निर्देश भी जारी किये हैं। सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने याचिका निराकृत करते हुए निर्देश दिए कि केंद्र सरकार की गाइडलाइंस का शब्दतः और मूल भावना में पालन किया जाये। रायपुर के नितिन सिंघवी ने इस मुद्दे पर जनहित याचिका दायर की थी। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की वर्ष 2016 की गाइडलाइंस के अनुसार हाथी जैसे वन्य प्राणियों को बिजली करंट से बचाने के लिए हाथी की सूंड जहां तक जा सकती है, उससे ऊंचाई तक विद्युत लाइन रखनी है। गौरतलब है कि पीछे के पांव पर खड़े होने पर और सूंड ऊपर उठाने पर एक व्यस्क हाथी की लंबाई 20 फीट तक हो सकती है। विद्युत लाइन की ऊंचाई 20 फीट करने के साथ और भी कई कार्य गाइडलाइंस के अनुसार बिजली कंपनी हाथियों के मूवमेंट वाले वन क्षेत्र में विद्युत लाइन की ऊंचाई 20 फीट करने और विद्युत तारों को कवर्ड कंडक्टर में बदलने या अंडरग्राउंड केबल बिछाने के लिए कार्य करेगी। कंपनी समय-समय पर झुकी हुई बिजली की लाइनों और बिजली के खंभों को ठीक करने के साथ 3 से 4 मीटर तक बारबेट वायर लगाएगी ताकि वन्य प्राणी सुरक्षित रहें। हाथी विचरण क्षेत्र में बिजली कंपनी जंगली जानवरों के शिकार के लिए फैलाए जाने वाले स्थान एवं फसलों और घरों की सुरक्षा के लिए बनाए गए घेरे में करंट, अस्थाई पंप और अवैध विद्युत कनेक्शन की जांच करेगी। प्रोटेक्टेड एरिया अर्थात नेशनल पार्क, टाइगर रिजर्व, अभयारण्य, एलिफेंट कॉरिडोर में वन विभाग के साथ वर्ष में दो बार संयुक्त सर्वे किया जाएगा। अपर वन मुख्य सचिव एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की बैठक 26 जून 2024 को अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अध्यक्षता में ऊर्जा विभाग, विद्युत वितरण कंपनी और वन विभाग के अधिकारियों की बैठक में निर्णय लिया गया कि हाथियों को बिजली करंट से बचाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर जारी गाइडलाइंस का पालन किया जाएगा। बैठक में निर्देश दिए गए कि ऊर्जा विभाग बिजली के 11 केवी, 33 केवी लाइन एवं एलटी लाइन के झुके हुए तारों को कसने का काम, तार की ऊंचाई बढ़ाने का काम तथा वन क्षेत्र, हाथी रहवास, हाथी विचरण क्षेत्र में भूमिगत बिजली की लाइन बिछाने अथवा इंसुलेटेड केबल लगाने का कार्य करेंगे। इसके बाद प्रधान मुख्य संरक्षक (वन्यप्राणी) द्वारा सितम्बर में ली गई बैठक में बिजली कंपनी ने बताया कि पंप कनेक्शन के लिए केबल कार्य लगाने का कार्य जारी है।

दो दिनों बाद उत्तर और मध्य भागों में बरसेंगे बादल, छत्तीसगढ़ में फिर से होगी बारिश

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर यूटर्न ले लिया है। आगामी दो दिनों में प्रदेश के कई इलाकों में गरज चमक के साथ बौछारें पड़ सकती है। इस बीच गर्मी, उमस और तेज धूप से लोगों को राहत मिलेगी। इस बार मानसून उत्तरी और मध्य भागों में मेहरबान रहेगा। इन भागों में गरज चमक के साथ वज्रपात होने की संभावना है। आज शुक्रवार को एक दो जगह पर हल्की से हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने की संभावना है। इसकी वजह से प्रदेश के कई जगहों पर गरज चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मानसून सक्रिय होने से बारिश की गतिविधि बढ़ाने की संभावना है। इससे गर्मी और उम्र से लोगों को राहत मिलेगी। आज भी प्रदेश के एक-दो जगह पर हल्की से हल्की मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम एक्सपर्ट का कहना है कि प्रदेश में मानसून ने यूटर्न ले लिया है। इसके वजह से छह अक्टूबर से उत्तर और मध्य भागों में गरज चमक के साथ वज्रपात की गतिविधि बढ़ाने की संभावना है। इस बीच प्रदेश के अधिकांश जगहों पर बारिश होगी। वहीं दूसरी ओर मध्य छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। बता दें कि इन दोनों मानसून की सक्रियता कम होने की वजह से प्रदेश में अधिकतम तापमान बढ़ने लगा है। तेज धूप और गर्मी से लोग परेशान हैं। वहीं सर्वाधिक अधिकतम तापमान रायपुर में 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया है।

सुरक्षा बलों का ध्यान भटकाकर हमला कर रहे नक्सली, छत्तीसगढ़ में पटाखे और अगरबत्तियों से धमाके

रायपुर/नई दिल्ली. दिवाली पर फोड़े जाने वाले पटाखे और पूजा के लिए जलाई जाने वाली अगरबत्तियां नक्सलियों का नया हथियार बन गई हैं। नक्सली दूरदराज के इलाकों में सुरक्षा बलों के कैंपों पर हमला करने के लिए इनका सहारा ले रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि नक्सलियों की ओर से 25 सितंबर को तेलंगाना के कोठागुडेम जिले में सीआरपीएफ के पुसुगुप्पा शिविर के आसपास राकेट हमला और गोलीबारी के लिए अगरबत्ती के जरिए पटाखे फोड़ कर सुरक्षा बल के जवानों का ध्यान भटकाने का अनोखा तरीका अपनाया गया था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 25 सितंबर की शाम को करीब साढ़े छह बजे जब अंधेरा छा रहा था तभी तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा पर कैंप में तैनात जवानों को धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। उन्होंने बेस सीमा से करीब 200 मीटर दूर धुआं निकलते देखा। घने जंगल वाले इलाके में जब CRPF जवानों ने उधर मोर्चा संभाला तो कुछ ही देर में दूसरी ओर छिपे नक्सलियों की ओर से गोलीबारी होने लगी। नक्सलियों ने रॉकेट या ग्रेनेड लांचर (बीजीएल) से हमला किया। जवानों ने इंसास और एके सीरीज की असॉल्ट राइफलों से जवाबी फायरिंग की, जबकि कुछ बम और ग्रेनेड भी दागे गए। करीब 45 मिनट तक आवाजें और फायरिंग जारी रही, जिसके बाद जवानों को पता चला कि नक्सली पीछे हट गए हैं। एक दूसरे अधिकारी ने बताया कि कैंप की बाड़ को कुछ नुकसान पहुंचा क्योंकि उनके पास रॉकेट गिरे थे। हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ था। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि जांच करने पर पता चला कि दिवाली के पटाखे रस्सियों के सहारे पेड़ों पर लटकाए गए थे और उनको जलाने के लिए अगरबत्तियों का इस्तेमाल किया गया था। इससे पहले भी कुछ घटनाएं हुई हैं, जिनमें जवानों का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह से पटाखे फोड़े गए थे। फिर शिविरों पर गोलीबारी की गई थी। रॉकेटों से भी हमला किया गया था। हालांकि तब इस हथकंडे के कोई सबूत नहीं मिले थे। तेलंगाना की घटना का जिक्र करने वाले अधिकारी ने बताया कि पिछले महीने पुसुगुप्पा सीआरपीएफ कैंप पर हुए हमले ने नक्सलियों की इस नई तरकीब की पोल खोली है। विशेषज्ञों के अनुसार, नक्सली अगरबत्तियों का इस्तेमाल टाइमर के रूप में कर रहे हैं। वे पटाखों के पास इन्हें जलाते हैं। जब तक पटाखों में धमाका होता है तब तक वे कैंपों के पास गोलीबारी के लिए पोजीशन ले चुके होते हैं। नक्सली अगरबत्तियों से पटाखे फोड़कर सुरक्षा बलों को भ्रमित करने की कोशिश करते हैं। वे सुरक्षा बल के जवानों को कैंपों से बाहर निकालना चाहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि चूंकि नक्सली आमने-सामने की लड़ाई करने की स्थिति में अब नहीं हैं, इसलिए वे प्रॉक्सी हमले कर रहे हैं। जवानों पर हमले करने के लिए वह आईईडी का इस्तेमाल सहित इन तकनीकों का सहारा ले रहे हैं।

महिला सुरक्षा और सम्मान की जताई प्रतिबद्धता, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय ने दी नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को देवी उपासना के पर्व नवरात्रि की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने देवी दुर्गा से सबके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है। नवरात्रि की पूर्व संध्या पर जारी अपने बधाई संदेश में सीएम साय ने कहा है कि नवरात्रि में शक्ति स्वरूपा देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की 9 दिनों तक पूरी श्रद्धा और भक्ति-भाव के साथ पूजा की जाती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कन्याओं को देवी स्वरुप मानकर उनको भोजन कराया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि देवी की आराधना के साथ नारी शक्ति के सम्मान का पर्व है। छत्तीसगढ़ सरकार महिला सुरक्षा, उनके मान-सम्मान की रक्षा और उन्हें आवश्यक सेवा प्रदान करने के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति मान-सम्मान के भाव और उनके गौरव को बनाए रखने के साथ उनके विरूद्ध हिंसा के विरोध के संकल्प से ही सच्चे अर्थों में देवी पूजा सार्थक होगी।

160 लाख मीट्रिक टन धान की करेगी खरीदी, छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ का बढ़ाया टार्गेट

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने 2024-25 खरीफ विपणन सत्र के लिए 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का अनुमानित लक्ष्य रखा है। चालू खरीफ विपणन सत्र में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और कस्टम मिलिंग की नीति की समीक्षा करने तथा सुझाव देने के लिए गठित मंत्रिपरिषद उप समिति की मंत्रालय नया रायपुर में बैठक में यह निर्णय लिया गया। जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल की अध्यक्षता में हुई बैठक में समिति ने राज्य में किसानों से अनुमानित 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का निर्णय लिया। धान खरीद के विषय में भी हुई चर्चा अधिकारियों ने बताया कि दीपावली के पर्व और राज्य स्थापना दिवस पर राज्योत्सव को ध्यान में रखते हुए धान खरीद 15 नवंबर से शुरू किए जाने के संबंध में भी चर्चा की गई। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदने का निर्णय भी लिया गया। सभी खरीद केंद्रों को ‘इलेक्ट्रॉनिक वेटिंग मशीन’ की व्यवस्था करने को भी कहा गया है। बीते मौसम से अधिक खरीद का अनुमान अधिकारी ने बताया कि मंत्रिमंडल उपसमिति ने जूट (पटसन) आयुक्त तथा ‘जेम पोर्टल’ के जरिये जूट बैग खरीदने का भी निर्णय लिया ताकि धान की खरीद सुव्यवस्थित हो सके और किसानों को जूट बैग आसानी से उपलब्ध हो सकें। खरीफ के पिछले मौसम में राज्य में समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड 144.92 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई थी और अनुमान लगाया जा रहा है कि चालू मौसम में यह 160 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच जाएगी। बैठक में शामिल हुए सदस्य बैठक में मंत्री-मंडलीय उप समिति के सदस्य वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और 20 सूत्रीय क्रिर्यान्वयन मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा शामिल हुए। अधिकारी ने बताया कि राज्य में 2,058 सहकारी समितियों और 2,739 धान खरीद केंद्रों के जरिये खरीद की जाएगी।

हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका, छत्तीसगढ़-शराब घोटाला में त्रिपाठी और ढिल्लन को जमानत नहीं

बिलासपुर। हाई कोर्ट ने शराब घोटाला मामले में आरोपी अरुणपति त्रिपाठी और त्रिलोक सिंह ढिल्लन की ज़मानत याचिका को खारिज कर दिया है. आरोपियों ने ईओडब्लू द्वारा शराब घोटाला मामले में दर्ज एफआइआर को लेकर जमानत याचिका दायर थी, जिस पर जस्टिस अरविंद वर्मा की कोर्ट में सुनवाई हुई, दोनों पक्षों को सुन बीते माह हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिस पर ऑर्डर जारी किया गया है. दरअसल, ईडी ने शराब घोटाले मामले में मई 2023 में आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और शराब वितरण कंपनी सीएसएमसीएल के पूर्व एमडी अरुण पति त्रिपाठी को गिरफ्तार किया था. पूछताछ कर ईडी की विशेष अदालत ने जेल भेज दिया था. उन्होंने विशेष अदालत में जमानत अर्जी लगाई, जहां अर्जी खारिज होने पर हाईकोर्ट में जमानत अर्जी लगाई. हाईकोर्ट ने पहली बार जमानत खारिज कर दिया, लेकिन दूसरी बार में बेल दे दिया था. इसी दौरान EOW ने शराब घोटाले और नकली होलोग्राम पर केस दर्ज कर जांच शुरू की, जिसके तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई. EOW की गिरफ्तारी के बाद एपी त्रिपाठी और कारोबारी त्रिलोक ढिल्लन ने हाईकोर्ट में अलग अलग जमानत अर्जी लगाई. याचिकाकर्ताओं ने ईडी और एसीबी की कार्रवाई को झूठा बताते हुए कहा, कि इस केस में उन्हें पहले से बेल मिल गई है. अब उसी केस पर EOW ने दूसरी FIR किया है, जो अवैधानिक है. मामले में सुनवाई के दौरान ज़मानत याचिका का विरोध करते हुए कोर्ट में तर्क दिया गया था, कि यह गंभीर आर्थिक अपराध है, राज्य के साथ सीधा छल है. सरकारी रेवेन्यू सरकार के ख़ज़ाने में जमा होने के बजाय सिंडिकेट की जेब में गया, यह एक संगठित अपराध गिरोह है.

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