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‘मंत्री बनाना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार’, छत्तीसगढ़-विधायक अजय चंद्राकर के दिल्ली दौरे से सियासी तूफान

रायपुर. पूर्व मंत्री और विधायक अजय चंद्राकर के दिल्ली दौरे से छत्तीसगढ़ के सियासत में उबाल आ गया. विधायक ने कहा कि मंत्री बनना, नहीं बनना कब बनना और कैसे बनना है. यह विशुद्ध रूप से मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है. इस बारे में मुझे ना कुछ बोलना है. ना ही कुछ कहना है. खाली विभाग जो है. वे विभाग मुख्यमंत्री के पास हैं. विधायक चंद्राकर ने दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, नितिन गडकरी सहित कई बड़े नेताओं से मुलाकात भी की है. चर्चा है की मंत्री के दो खाली पड़े पद में एक नाम अजय चंद्राकर का भी हो सकता है. धान खरीदी को लेकर विधायक का बयान: कांग्रेस के धान खरीदी केंद्रों को लेकर प्रेस वार्ता को लेकर विधायक अजय चंद्राकर ने कहा-  कोई गंभीर बात वो नहीं बता सके हैं. सुचारू रूप से काम चल रहा है. वहीं धान खरीदी कम होने को लेकर कहा, धान की कटाई पूरी तरह हुई नहीं है. समय बढ़ाने के आवश्यकता नहीं पड़ेगी. निर्धारित समय में पूरी खरीदी हो जाएगी. क्षेत्र की समस्याओं को लेकर गए थे दिल्ली दिल्ली दौरे को लेकर विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि हम निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं, अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर गए थे. कार्यकर्ताओं की समस्याओं को लेकर जा सकते हैं, जो केंद्र सरकार से संबंधित है. मैंने अपने सांसद से लेकर छत्तीसगढ़ के मंत्री तोखन साहू के साथ में क्षेत्र की जो समस्याएं थी, केंद्र सरकार के समक्ष उसके बारे में ही चर्चा हुई. नगरीय निकायों में विकास को लेकर कांग्रेस पर पलटवार बीजेपी की सरकार बनने के बाद निकायों में विकास नहीं होने के बयान पर विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि विकास जिसका होना है, उसका तो पूरा विकास हो गया. रायपुर में कितने तालाबो का सौंदर्यीकरण हुआ है देखिए. ये कांग्रेस का विकास है रायपुर में. कांग्रेस के आंदोलन पर दिया बयान अपराध और धान को लेकर कांग्रेस लगातार हमलावर है. इस सवाल पर विधायक चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस हमलावर रहेगी. एक प्रेस वार्ता लेकर एक बार क्रोध में उन्होंने आंदोलन किया. टोल नाका के लिए टोल नाका में 15 से 20 कांग्रेसी थे, कुछ पुलिस वाले थे. पहले जन समर्थन लेना चाहिए, उसके बाद करें. केवल समाचार पत्रों में, मीडिया भर में वे आंदोलित हैं. जमीन में कहीं कांग्रेस की उपस्थिति नहीं है. कांग्रेस के सबसे अनुभवी नेता चरण दास महंत : विधायक अजय चंद्राकर ने आगे कहा कि कांग्रेस के सबसे अनुभवी नेता हैं, चरण दास महंत. उनके अनुभव का ही कांग्रेस उपयोग करती, तो यह गति नहीं होती. जिस गति में आज कांग्रेस है. 0- ढाई एकड़ से कम रकबे वाले किसान: 20 प्रतिशत कृषक 0- ढाई से पांच एकड़ तक रकबे वाले किसान: 25 प्रतिशत कृषक 0- पांच एकड़ से 10 एकड़ तक रकबे वाले किसान: 25 प्रतिशत कृषक 0- 10 एकड़ से अधिक रकबे वाले किसान: 20 प्रतिशत कृषक

15 पदों के लिए 45 अभ्यर्थी होंगे शामिल, छत्तीसगढ़-परिवहन उप निरीक्षक पद के लिए साक्षात्कार 17 को

रायपुर. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित परिवहन विभाग में परिवहन उप निरीक्षक की पदों पर भर्ती परीक्षा के लिए साक्षात्कार 17 दिसंबर को होगा। लिखित परीक्षा के प्राप्तांकों के आधार पर वर्गवार और उपवर्गवार 45 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। साक्षात्कार दो पालियों में होगी, जिसमें प्रथम पाली सुबह 10 बजे और द्वितीय पाली दोपहर दो बजे से आयोजित होगी। साक्षात्कार से एक दिन पहले 16 दिसंबर को अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन दो पालियों में किया जाएगा। दस्तावेज सत्यापन के लिए अभ्यर्थियों को सुबह 9:30 बजे प्रथम पाली और दोपहर डेढ़ बजे द्वितीय पाली आयोग कार्यालय में रिपोर्ट करना होगा। सत्यापन प्रक्रिया में अनुपस्थित रहने वाले या अर्हता पूरी न करने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। परीक्षा नियंत्रक लोक सेवा आयोग से मिली जानकारी के अनुसार परिवहन उप निरीक्षक के कुल 15 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा का परिणाम तीन अक्टूबर को घोषित किया गया। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि दस्तावेज सत्यापन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में  शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निःशक्तजन प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), पहचान पत्र और अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र मूल प्रति और स्वप्रमाणित छायाप्रति के साथ प्रस्तुत करना होगा। सभी प्रमाण पत्रों का जारी तिथि ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि तक सुनिश्चित होना चाहिए। अंतिम तिथि के बाद जारी प्रमाण पत्र मान्य नहीं होंगे। दस्तावेजों की कमी की स्थिति में अभ्यर्थी की उम्मीदवारी समाप्त कर दी जाएगी।

5वीं और 8वीं कक्षा में होगी केन्द्रीकृत परीक्षा, छत्तीसगढ़-शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार की कवायद

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए सत्र 2024-25 में कक्षा 5वीं और 8वीं की केन्द्रीकृत परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री साय ने यह कदम विद्यार्थियों की शिक्षा स्तर को सुधारने और शैक्षणिक वातावरण को और प्रभावी बनाने के लिए उठाया है। यह परीक्षा राज्य के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में संचालित होगी। हालांकि सीबीएससी और आईसीएससी पाठ्यक्रम वाले विद्यालय इस व्यवस्था से बाहर रहेंगे। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रालय, स्कूल शिक्षा विभाग महानदी भवन नवा रायपुर से समस्त जिला कलेक्टर और जिला शिक्षाधिकारियों को निर्देश जारी कर दी गई है। स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने कहा कि परीक्षाएं जिला स्तर पर निशुल्क आयोजित की जाएगी और जिला शिक्षा अधिकारी गोपनीयता बनाए रखते हुए गुणवत्तापूर्ण परीक्षा संपन्न कराएंगे। परीक्षा मार्च माह में आयोजित होगी और इसकी समय-सारणी लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रश्न पत्र  विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को पूर्ण गोपनीयता के साथ तैयार किए जाएंगे और प्रश्न पत्र वितरण के बाद, उन्हें संबंधित केंद्र के निकटवर्ती थाने में सुरक्षित रखा जाएगा। शिक्षकों को प्रश्न पत्र के नमूने पहले से उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि छात्रों को सही दिशा में तैयारी करा सकें। सचिव परदेशी ने बताया कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन केन्द्रीय मूल्यांकन केंद्रों में किया जाएगा। मूल्यांकन कार्य उन्हीं शिक्षकों से कराया जाएगा, जो कक्षा 5वीं और 8वीं पढ़ाते हैं। कक्षा चौथी और सातवीं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन अन्य विद्यालयों में कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन विद्यार्थियों को किसी विषय में अनुत्तीर्ण घोषित किया जाएगा, उन्हें दो महीने के भीतर पूरक परीक्षा का अवसर दिया जाएगा। हालांकि, विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रवेश (छठवीं और नवमीं) दे दिया जाएगा। विद्यार्थियों की तैयारी सत्र प्रारंभ से ही सुनिश्चित किया जाएगा। केन्द्रीकृत परीक्षा की तैयारी के लिए संकुल समन्वयकों और प्रधान पाठकों की बैठक आयोजित की जाएगी।

दक्षिण क्षेत्र में बूंदाबांदी के आसार, छत्तीसगढ़-उत्तरी और मध्य भागों में बढ़ेगी ठंड

रायपुर. छत्तीसगढ़ में फेंगल चक्रवाती तूफान का असर कम हो गया है।  इन दिनों मौसम साफ है। चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से एक-दो जगहों पर हल्की बारिश के आसार हैं। वहीं एक बार फिर से न्यूनतम तापमान गिरावट का दौर शुरू होने वाला है। मध्य और उत्तर भागों में न्यूनतम तापमान 1 से 3 डिग्री तक गिरावट होने की संभावना है। वहीं दक्षिणी भागों में न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगी। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्व अरब सागर पर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है। यह आज शाम तक इसके पश्चिम की ओर बढ़ने और काम स्पष्ट होने की संभावना है। यही वजह है कि प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आ गई है। एक दो जगह पर ही हल्की से हल्की मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम एक्सपर्ट ने बताया कि छत्तीसगढ़ के उत्तर और मध्य भागों में आगामी दो दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री तक गिरावट होने की संभावना है। इसके बाद कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगी। वहीं दक्षिणी भागों में आगामी 5 दिनों में न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। इस दौरान दक्षिण क्षेत्र में कुछ जगहों पर हल्की से हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। आज गुरुवार को प्रदेश के एक-दो जगह पर हल्की मध्यम बारिश के आसार हैं। बुधवार को प्रदेश के एक-दो जगह पर हल्की मध्यम बारिश हुई है। सबसे अधिक बारिश बस्तर जिला के तोकापाल स्टेशन में दर्ज की गई है। वहीं प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान दंतेवाड़ा और बालोद में दर्ज किया गया है। यहां 32.9 डिग्री अधिकतम तापमान रहा। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 9.9 डिग्री बलरामपुर में दर्ज किया गया। यह प्रदेश के सबसे ठंड इलाका रहा। वही रायपुर में न्यूनतम तापमान सामान्य से 6 डिग्री ज्यादा रहा।

4285.74 करोड़ रुपये का भुगतान, छत्तीसगढ़-4.36 लाख किसानों से 20.54 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी

रायपुर. छत्तीसगढ़ में धान खरीदी जारी रही है। 14 नवंबर सें शुरू हुए धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। राज्य में 14 नवंबर से अब तक 20.54 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। राज्य में अब तक 4.36 लाख किसानों ने अपना धान बेचा है। धान खरीदी के एवज में इन किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 4285 करोड़ 74 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों की ओर से पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एक दिसंबर को 45455 किसानों से 2.08 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है। इसके लिए 62966 टोकन जारी किए गए थे। आगामी दिवस के लिए 38508 टोकन जारी किए गए हैं।

पत्नी के बार-बार आत्महत्या के प्रयास और धमकी को माना क्रूरता, छत्तीसगढ़-बिलासपुर हाईकोर्ट ने दी तलाक की मंजूरी

बिलासपुर. बिलासपुर हाईकोर्ट ने पत्नी द्वारा आत्महत्या करने की बार-बार धमकी देने और प्रयास करने को क्रूरता माना है। इस आधार पर पति को तलाक की अनुमति देते हुए कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्थिति में कोई भी जीवनसाथी शांति से नहीं रह सकता। पति द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों से स्पष्ट है कि पत्नी बार-बार आत्महत्या की धमकी देती थी। दुर्ग जिला निवासी याचिकाकर्ता युवक की 28 दिसंबर 2015 को बालोद निवासी युवती के साथ चर्च में शादी हुई। पत्नी शादी के बाद निजी कॉलेज में जॉब करने लगी। उसे 22 हजार रुपये वेतन मिलता था, इसमें से 10 हजार रुपये अपने माता-पिता को भेजती थी। पति ने इस पर कभी आपत्ति नहीं की। पत्नी ने कुछ दिन अपने भाई को भी साथ रखा। भाई किसी कारण से वापस चला गया। इसके बाद पत्नी का व्यवहार बदल गया। बात-बात में वह आत्महत्या करने की धमकियां देने लगी। कभी नशीला सिरप पीया तो कभी छत से कूदी। पहली बार उसने रसोई में घुस कर दरवाजा बंद कर गैस चालू कर जल मरने की धमकी दी। दूसरी बार अत्यधिक मात्रा में नशीला कफ सिरफ पीकर खुदकुशी की कोशिश की। इसके बाद एक बार उसने छत से कूद कर आत्महत्या का प्रयास किया। इस पर पति ने परिवार न्यायालय में तलाक के लिए आवेदन दिया। न्यायालय से आवेदन खारिज होने पर पति ने हाईकोर्ट में अपील प्रस्तुत की। वहीं पत्नी ने भी वैवाहिक अधिकार की बहाली के लिए याचिका प्रस्तुत की। दोनों की याचिका पर जस्टिस रजनी दुबे एवं संजय कुमार जायसवाल की डीबी में सुनवाई हुई। सुनवाई उपरांत कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि बार-बार आत्महत्या करने की धमकी देना क्रूरता के समान है।साथ ही अगर यह आशंका पैदा हो जाए कि दूसरे पक्ष के साथ रहना उसके लिए हानिकारक होगा तो साथ रहना मुश्किल है। फरवरी 2018 से दोनों अलग अलग रह रहे हैं। पत्नी के आचरण को देखते हुए मानसिक दबाव में पति का उसके साथ रहना सम्भव नहीं है। कोर्ट ने क्रूरता के आधार पर पति के तलाक की याचिका को स्वीकार किया। कोर्ट ने पति को दो माह के अंदर पत्नी को 5 लाख रुपए स्थाई गुजारा भत्ता एक मुश्त देने का निर्देश भी दिया है।

अगले चार छाए रहेंगे बादल, छत्तीसगढ़-कई इलाकों में हुई हल्की बारिश

रायपुर. छत्तीसगढ़ में आज न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। इसके बाद न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री गिरावट हो सकती है। वहीं प्रदेश के दक्षिणी भागों में आगामी चार दिनों तक एक दो जगह पर आकाश मेघमय रहने और हल्की के मध्यम बारिश की संभावना है। राजधानी रायपुर में सुबह से हल्की धूप निकली हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, तटीय कर्नाटक और उसे सती पूर्वी मध्य अरब सागर पर सुबह का सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र पश्चिम की ओर बढ़ गया है। चक्रवर्ती परिसंचरण मध्य क्षोभमंडल स्तर तक फैला हुआ है। अगले दो दिन के दौरान इसके पूर्वी मध्य अरब सागर पर पश्चिम उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से प्रदेश के एक दो जगह पर हल्की मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम एक्सपर्ट का कहना है कि चक्रवर्ती परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश में भरपूर मात्रा में नमी का आगमन जारी है।  इसकी वजह से प्रदेश में आगामी दो दिनों तक छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में बादल छाए रहने के साथ ही हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं राजधानी रायपुर में मौसम साफ हो गया है। सुबह से ही हल्की धूप निकली हुई है। यहां आज न्यूनतम तापमान 20 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। मंगलवार को प्रदेश के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। सर्वाधिक बारिश कोटा में दर्ज की गई है। वही सबसे अधिक तापमान दंतेवाड़ा में 32.5 डिग्री दर्ज किया गया है। दूसरी ओर सबसे कम न्यूनतम तापमान बलरामपुर में 10.9 डिग्री रहा। इन दोनों बादल छाए रहने की वजह से न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि एक बार फिर न्यूनतम तापमान में गिरावट होने की संभावना है।

दिनभर बादल और बारिश के आसार, छत्तीसगढ़ में फेंगल चक्रवाती तूफान का असर

रायपुर. छत्तीसगढ़ के कई जिलों में इन दिनों बूंदाबांदी हो रही है। चक्रवाती तूफान फेंगल के प्रभाव से प्रदेश में हल्की मध्यम बारिश हो रही है। आज मंगलवार को सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। साथ ही प्रदेश के एक-दो जगहों पर हल्की मध्यम बारिश के आसार हैं। बीते दिनों सारंगढ़ और बरमकेला इलाके में बारिश दर्ज की गई है। वहीं बादल छाए रहने की वजह से अब न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी चार दिनों तक दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुल जिलों में आकाश आंशिक मेघमय में रहने की संभावना है। साथ ही एक दूजे के ऊपर हल्की मध्यम बारिश के आसार हैं। आगामी दो दिनों में न्यूनतम तापमान में हल्की वृद्धि होने की संभावना है। इसके अगले तीन दिनों बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस गिरावट होने की संभावना है। आज भी बारिश के आसार मौसम एक्सपर्ट ने बताया कि चक्रवर्ती तूफान फेंगल अवशेष उत्तरी आंतरिक तमिलनाडु पर निम्न दबाव के क्षेत्र में बना हुआ है। शेष निम्न दबाव क्षेत्र के आज आसपास उत्तर केरल-कर्नाटक तटों से दूर दक्षिण-पूर्व और समवर्ती पूर्व-मध्य अरब सागर में उभरने की संभावना है। इसके प्रभाव से प्रदेश में एक दो जगह पर हल्की बारिश की संभावना है। न्यूनतम तापमान में फिर होगी गिरावट मौसम एक्सपर्ट का कहना है कि चक्रवर्ती तूफान की वजह से इन दोनों दिनभर बादल छाए हुए हैं। इसके प्रभाव से न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आगामी दिनों की तुलना में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है। वहीं अब बादल हटने से न्यूनतम तापमान में फिर से गिरावट दर्ज की जाएगी। हालांकि नामी हवाओं का आगमन जारी है, जिसके  वजह से ठंड बरकरार है। आने वाले दिनों में मौसम का हाल आगामी दो दिनों में मौसम का मिजाज ऐसे ही बने रहने की संभावना है। दिनभर बादल छाए रहने के साथ ही हल्की बारिश की संभावना रहेगी। बीते दिनों सोमवार को प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान बलरामपुर में 10.5 डिग्री दर्ज किया गया है। सर्वाधिक अधिकतम तापमान बीजापुर में 29.8 डिग्री रहा। सोमवार को प्रदेश के एक-दो जगह पर बहुत हल्की से हल्की मध्यम बारिश हुई है। वहीं सर्वाधिक बारिश बरमकेला स्टेशन में दर्ज की गई है।

नमी के कारण बढ़ने लगी ठंड, छत्तीसगढ़- दक्षिणी भागों में दो दिनों तक बारिश के आसार

रायपुर. छत्तीसगढ़ में इन दोनों मौसम का मिजाज बदला हुआ है। सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने के साथ ही पूरे दिन आकाश आंशिक मेघमय रहेगा। इसके साथ ही प्रदेश में आगामी चार दिनों में दक्षिणी भागों में हल्की मध्यम बारिश की संभावना है। वहीं आगामी दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस वृद्धि होने की संभावना है। इन दिनों प्रदेश में भरपूर मात्रा में नमी का आगमन हो रहा है, जिससे ठंड बढ़ने लगी है। आज रविवार को दक्षिणी भागों के एक-दो जगह पर बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान ‘फेंजल’ दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 30 नवंबर की शाम उत्तरी तमिलनाडु तट को पार करने की संभावना है।  इसके प्रभाव से आज रविवार को सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। वहीं सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। साथ ही नमी हवाओं का आगमन हो रहा है। फेंजल के प्रभाव से प्राय के एक-दो जगह पर हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। साथ ही आगामी कुछ दिनों तक बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम एक्सपर्ट ने बताया कि चक्रवती तूफान ‘फेंजल’ के प्रभाव से प्रदेश में भरपूर मात्रा में नमी का प्रवेश हो रहा है। जिससे ठंड और बढ़ने लगी है। सुबह के समय घना कोहरा छाए रहे। वहीं आज दिन भर आकाश आंशिक मेघमय रहने की संभावना है। आगामी दो दिनों बाद प्रदेश में ऐसी मौसम बने रहने की संभावना है। साथ ही हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। बीते दिनों की तुलना में इन दिनों न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगी। शनिवार को न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री बढ़ोतरी हुई है। मौसम एक्सपर्ट का कहना है कि आगामी तीन दिनों तक प्रदेश में न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी की संभावना है। इस दौरान एक से दो डिग्री बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि इस बीच प्रदेश में भरपूर मात्रा में नमी के आगमन हो रही है। इससे ठंड बढ़ने लगी है। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान दंतेवाड़ा में 28.5 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 9. 3 डिग्री दर्ज किया गया है। रायपुर में न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री रहा, जो सामान्य से 2.8 डिग्री ज्यादा रहा।

15 हजार आवासों की स्वीकृति, छत्तीसगढ़-आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत मिलेगा आवास

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के पुनर्वास के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत 15 हजार आवासों की स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले आत्मसमर्पित नक्सलियों और पीड़ित परिवारों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए यह पहल एक बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 15 हजार आवास केवल मकान नहीं बल्कि उन परिवारों के लिए सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक हैं। हमारी सरकार इस योजना को पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ लागू करेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रदेश के विकास और शांति स्थापना की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि नक्सल पीड़ित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों को बेहतर जीवन देने के लिए हमारी सरकार संकल्पबद्ध है। पीड़ित परिवारों को आवास मिल जाने से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। यह योजना सामाजिक समरसता और विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होगी। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि इस योजना में विशेष रूप से उन परिवारों को शामिल किया जाएगा जिनका नाम सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना 2011 और आवास प्लस 2018 की सूची में शामिल नहीं था। इन नामों को छह दिसंबर 2024 तक आवास प्लस पोर्टल पर अपलोड करने की अनुमति केंद्र सरकार की ओर से दी गई है। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास देने की स्वीकृति के लिए निवेदन किया था परिणामस्वरूप 15 हजार आवास की स्वीकृति भारत सरकार से दी गयी है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि इस विशेष परियोजना के तहत पुलिस अधीक्षक जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत को आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों की सूची प्रदान करेंगे। इसके बाद जिला पंचायत द्वारा इस सूची का सर्वेक्षण और सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन उपरांत कलेक्टर के माध्यम से लाभार्थियों के लिए भूमि का चिन्हांकन किया जाएगा। इसके आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना के दिशानिर्देशों के अनुरूप आवास निर्माण की प्रक्रिया आरंभ होगी।  

अमित जोगी ने किया ट्वीट, छत्तीसगढ़-जोगी कांग्रेस करेगी ईवीएम से सभी चुनावों का बहिष्कार

रायपुर. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे (जेसीसीजे) ने ईवीएम से चुनाव कराये जाने का बहिष्कार किया है। इस संबंध में पार्टी की कोर कमेटी ने निर्णय लिया है कि “जब तक भारत में ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के माध्यम से चुनाव कराये जाएंगे, तब तक वो सभी गैर एनडीए राजनीतिक दलों से ऐसे सभी चुनावों का सीधे बहिष्कार करने का आह्वान करेगी। भारत के संविधान में प्रजातांत्रिक प्रक्रिया में देश के मतदाताओं का पुनः विश्वास स्थापित करने के लिये बैलट पेपर से चुनाव कराने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। इस संबंध में जेसीसीजे के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्वीट कर लिखा कि ‘जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की कोर कमिटी ने निर्णय लिया है कि “जब तक भारत में ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के माध्यम से चुनाव कराये जाएँगे, तब तक वो सभी ग़ैर-एनडीए राजनीतिक दलों से ऐसे सभी चुनावों का सिधे बहिष्कार करने का आह्वान करेगी।” भारत के संविधान में प्रजातांत्रिक प्रक्रिया में देश के मतदाताओं का पुनः विश्वास स्थापित करने हेतु बैलट पेपर से चुनाव कराने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है।

कई हिस्सों में बारिश के आसार, छत्तीसगढ़ में सुबह से छाया रहा घना कोहरा

रायपुर. छत्तीसगढ़ में इन दिनों मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में आज सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। घना कोहरा छाया हुआ है। चक्रवाती तूफान की वजह से प्रदेश में भरपूर मात्रा में नमी का प्रवेश हो रहा है। इससे ठंड बढ़ने लगी है। आज शनिवार से प्रदेश के कई जिलों में हल्की मध्यम बारिश के आसार हैं। वहीं अंबिकापुर में सबसे ज्यादा ठंड रहा। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान ‘फेंजल’ दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 30 नवंबर की दोपहर उत्तरी तमिलनाडु तट को पार करने की संभावना है।  इसके प्रभाव से आज शनिवार को छत्तीसगढ़ में एक-दो जगह पर हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। साथी आगामी कुछ दिनों तक सुबह के समय घना कोहरा और बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम एक्सपर्ट ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में स्थित चक्रवती तूफान ‘फेंजल’ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में नमी का प्रवेश हो रहा है। इसकी वजह से न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सुबह के समय घना कोहरा छाए रहे। वहीं आज दिन भर आकाश आंशिक मेघमय रहने की संभावना है। आगामी दो दिनों बाद प्रदेश में ऐसी मौसम बने रहने की संभावना है। साथ ही हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान दुर्ग में 30.8 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है। वही सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 7.2 डिग्री दर्ज किया गया है। मौसम एक्सपर्ट का कहना है कि आगामी तीन दिनों तक प्रदेश में न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी की संभावना है। हालांकि प्रदेश में भरपूर मात्रा में नमी के आगमन की वजह से ठंड बढ़ने लगी है।

हाईकोर्ट में याचिका पर आज होगी सुनवाई, छत्तीसगढ़-नान घोटाले में पूर्व महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा को मिलेगी अग्रिम जमानत!

रायपुर। पूर्व महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा की अग्रिम जमानत याचिका पर आज छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में जस्टिस रविंद्र अग्रवाल के सिंगल बेंच में सुनवाई होगी. वर्मा के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने बहुचर्चित नान घोटाला पर मामला दर्ज किया है. मामले में वर्मा ने पहले रायपुर एडीजे न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी, जिसके खारिज होने के बाद उन्होंने उच्च न्यायालय की शरण ली है. जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने डॉ. आलोक शुक्ला, अनिल टुटेजा, सतीश चंद्र वर्मा और अन्य पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धाराओं 7, 7क, 8, और 13(2) और भारतीय दंड संहिता की धाराएं 182, 211, 193, 195-ए, 166-ए, और 120बी के तहत अपराध दर्ज किया है. ईओडब्ल्यू की ओर से दर्ज एफआईआर के अनुसार, पूर्व आईएएस डॉ. आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा ने तत्कालीन महाधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा से पद का दुरूपयोग करते हुए लाभ लिया. दोनों अफसरों ने तत्कालीन महाअधिवक्ता वर्मा को लोक कर्तव्य को गलत तरीके से करने के लिए प्रेरित किया था. ईओडब्ल्यू का आरोप है कि इसके बाद तीनों ने मिलकर एजेंसी (ईओडब्ल्यू) में काम करने वाले उच्चाधिकारियों से प्रक्रियात्मक दस्तावेज और विभागीय जानकारी में बदलाव करवाया, ताकि नागरिक आपूर्ति निगम के खिलाफ 2015 में दर्ज एक मामले में अपने पक्ष में जवाब तैयार कर हाईकोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रख सकें और उन्हें अग्रिम जमानत मिल सके.

सीएम साय ने ट्वीट कर दी जानकारी, छत्तीसगढ़ में विभागों के 8900 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू

रायपुर। छत्तीसगढ़ में विभिन्न विभागों में 8900 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है. इस बात की जानकारी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया के जरिए दी. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट किए अपने पोस्ट में बताया कि आज नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण, विद्युत निरीक्षक कार्यालय एवं न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) में कुल 151 पदों पर भर्ती को स्वीकृति दी है. इन नई भर्तियों से न केवल विभागों की दक्षता और कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं को नई दिशा और गति भी मिलेगी. उन्होंने बताया कि अब तक उनकी सरकार ने 19 विभागों में कुल 8971 पदों पर भर्ती को स्वीकृति दी है, जो प्रदेश के मेधावी छात्रों को, शासकीय सेवा के उनके सपने को साकार करने का सुनहरा अवसर प्रदान कर रही है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय ने संदेश दिया कि प्रदेश के होनहार युवा, अपने लक्ष्य को पाने के लिए पूरी मेहनत और लगन से तैयारी करें. हमारी सरकार आपके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. ”आज नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण, विद्युत निरीक्षक कार्यालय एवं न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) में कुल 151 पदों पर भर्ती को स्वीकृति दी है। इन नई भर्तियों से न केवल विभागों की दक्षता और कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं को नई दिशा और गति भी…” — Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) November 27, 2024

आज ही के दिन राजभाषा आयोग ने पारित किया था विधेयक, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री साय ने दी छत्तीसगढ़ राजभाषा दिवस की बधाई

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस अवसर पर बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने अपने बधाई संदेश में कहा है कि ‘छत्तीसगढ़ी भाखा म हमर माटी के महक आथे। छत्तीसगढ़ी भाखा हमर अभिमान ए। सब अपन भाखा ला मान देहू तभे वो आघू बढ़ही’। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा के विकास के  लिए छत्तीसगढ़ी को दैनिक बोलचाल के साथ साहित्य सृजन और प्रचार-प्रसार की भाषा बनाने की आवश्यकता है। हमें अपने पारंपरिक संस्कारों को बढ़ावा देने के साथ उनका परिचय नई पीढ़ी से कराना भी जरूरी है। छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस हर साल 28 नवंबर को मनाया जाता है। इस दिन को राजभाषा दिवस के रूप में मनाने की वजह यह है कि 28 नवंबर 2007 को छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग विधेयक पारित किया गया था। इस विधेयक के पास होने के बाद ही हर साल 28 नवंबर को राजभाषा दिवस मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग का गठन छत्तीसगढ़ी के प्रचलन, विकास, और राजकाज में इस्तेमाल के लिए किया गया था। छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग की पहली कार्यकारी बैठक 14 अगस्त, 2008 को हुई थी। इस दिन को छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का ‘कार्यालय स्थापना दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग के पहले सचिव पद्मश्री डॉ सुरेंद्र दुबे थे। छत्तीसगढ़ी को दक्षिण कोसली और कोसली भी कहा जाता है। आस-पास के पहाड़ी लोग छत्तीसगढ़ी को खालताही कहते हैं। ओडिशा से छत्तीसगढ़ के पड़ोसी क्षेत्रों में रहने वाले लोग छत्तीसगढ़ी को लारिया कहते हैं।

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