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7 दिनों में मांगे कैंसर के इलाज के डॉक्यूमेंट, छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने सिद्धू को जारी किया 850 करोड़ का लीगल नोटिस

रायपुर. हाल ही में नवजोत सिंह सिद्धू ने प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू के 4थे स्टेज के कैंसर से बिलकुल ठीक होने को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था, जिसमें नवजोत सिद्धू ने दावा किया था कि उनकी पत्नी केवल 40 दिनों में बिना किसी मेडिकल ट्रीटमेंट या दवाई के ठीक हो गईं, वो भी सिर्फ अपने खान-पान में कुछ बदलाव करके. इस मामले को लेकर अब छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने आज नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी के नाम पर लीगल नोटिस जारी किया है. इस नोटिस में सोसाइटी ने सिद्धू दम्पत्ति को 7 दिन के भीतर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू के स्वास्थ्य दस्तावेज मंगाए गए हैं, जिससे उनके (नवजोत सिंह सिद्धू) की तरफ से किए गए दावों को वे साबित कर सकें. वहीं ऐसा नहीं करने पर उनपर 850 करोड़ का क्षतिपूर्ती का दावा करने की चेतावनी दी है. सिविल सोसाइटी के संयोजक डॉ कुलदीप सोलंकी ने बताया कि नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी पत्नी के असाध्य कैंसर रोग के सम्बंध में अमृतसर स्थित आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस व मीडिया में बोलते हुए खुलासा किया कि उनकी पत्नी का स्टेज 4 कैंसर को लाइफस्टाइल और डाइट में बदलाव कर मात दे दी है. उन्होंने दावा किया कि, सिर्फ डाइट में कुछ चीजों को शामिल करके उनकी पत्नी 40 दिन में कैंसर को मात दे दी है. जिसे सुनकर देश विदेश के कैंसर ग्रसित मरीजों में भ्रम व एलोपेथी मेडिसिन के विरोध की स्थिति उत्पन्न हो रही है. इसलिए हम इस लीगल नोटिस के जरिये सिद्धू परिवार से स्पष्टीकरण व दस्तावेज की मांग कर रहे हैं. CG सिविल सोसाइटी ने पत्र में पूछे ये सवाल:– 0- जो दावा नवजोत सिद्धू ने अपनी पत्नी के स्वास्थ्य को लेकर किया है, क्या श्रीमती सिद्धू उनके बयान का पूर्ण समर्थन करते हैं? 0- क्या श्रीमती सिद्धू को लगता है कि एलोपेथी मेडीसिन का जो इलाज आपने विभिन्न अस्पतालों में करवाया है उनके इलाज उपचार से आपको कोई भी लाभ नहीं हुआ है? 0- क्या आपके कैंसर फ्री होने में सिर्फ आपकी डाइट, नीम पत्ता, नींबू पानी, तुलसी पत्ता, हल्दी का ही सेवन किया है किसी भी एलोपेथी मेडीसीन का उपयोग नहीं किया है? 0- यदि आप अपने पति के दावे के समर्थन करती हैं तो वे सभी प्रमाणित दस्तावेज हमें 7 दिनों के भीतर उपलब्ध करावें, जिनसे यह साबित हो सके कि आपने महज 40 दिनों में बिना मेडिसिन लिए, बिना चिकित्सकीय सहायता के मात्र डाइट को बदलाव करके स्टेज 4 के कैंसर को समाप्त कर आप कैंसर फ्री हो गए हैं. CG सिविल सोसाइटी ने इसके साथ ही नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी को लिखा- अगर आप अपने पति के दावों के समर्थन में कोई प्रमाणित दस्तावेज और मेडिकल प्रमाण नहीं रखते हैं तो आप फिर से एक प्रेस वार्ता कर स्पष्टीकरण देवें. क्योंकि अन्य कैंसर मरीजों को भ्रम हो रहा है और वे अपनी मेडिसिन, इलाज, चिकित्सकीय उपचार छोड़कर आपके व आपके पति के कहे बातों पर भरोसा कर के अपने जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं जिनके जिम्मेदार आप होंगे. उन्होंने पत्र में आगे लिखा- प्रेस वार्ता में आपकी (सिद्धू दंपत्ति) तरफ से दिए गए बयानों से एलोपेथी पद्धति, एलोपेथी मेडिसिन, उसके चिकित्सकों व चिकित्सकीय मापदंडों के लिए भ्रम फैला गए हैं जिससे होने वाले सभी जनहानि, स्वास्थ्य की क्षति, मानहानि और मरीजों के जीवन के साथ होने वाले खिलवाड़ के साथ ही मरीजों के बिगड़ने वाले हालातों के जवाबदार आप दंपत्ति होंगे. इस स्थिति में 100 मिलियन डॉलर (Rs 850 crores) की राशि भी कम ही आंकलित होगी. CG सिविल सोसाइटी ने शो कॉज नोटिस में लिखा कि (सिद्धू दंपत्ति) आप 7 दिनों के भीतर सभी स्वास्थ्य दस्तावेज भेज कर 40 दिनों में में ठीक होने वाले कथन को प्रमाणित करें, या प्रेस कांफ्रेंस कर अपने बयान (झूठे दावों) को वापिस ले और कथनों से फैले भ्रम को दूर करें, ताकि लोगों को किसी प्रकार की स्वास्थ्य हानी या जन हानि न हो. वहीं 7 दिनों के भीतर ऐसा नहीं करने पर आप (सिद्धु दम्पत्ति) आपके कारण फैले भ्रम से होने वाली सभी घटना, दुर्घटना, जन-हानि, धन-हानि, सभी प्रकार की क्षति के लिए जिम्मेदार होंगे. इसके लिए आप पर 100 मिलियन डॉलर यानि 850 करोड़ रुपए का विधिवत क्षतिपूर्ति दावा किया जाएगा.

नोटिफिकेशन जारी, छत्तीसगढ़-प्राध्यापकों के 595 पदों पर भर्ती का 2 से 16 दिसंबर तक होगा दस्तावेज़ सत्यापन

रायपुर. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने प्रदेश के विभिन्न सरकारी कॉलेज और यूनिवर्सिटी में प्राध्यापक के 595 पदों पर भर्ती के लिए दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया के संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया है. 595 प्रोफेसर पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया: प्राध्यापक के 595 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन साल 2021 सितंबर को जारी किया गया. उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत हिंदी, अंग्रेजी, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र, इतिहास, भुगोल, फिजिक्स, मैथ्स,कैमिस्ट्री, वनस्पति शास्त्र, प्राणी शास्त्र, कंप्यूटर साइंस, कंप्यूटर एप्लीकेशन, माइक्रोबायोलॉदी, भूगर्भ शास्त्र, सैन्य विक्षान, कॉमर्स, ला, होम साइंस, संस्कृत, हिसट्री, लोक प्रशासन, मानव शास्त्र, दर्शन शास्त्र, मनोविज्ञान, वेद, ज्योतिष एवं सूचना प्रौद्योगिकी के कुल 595 पदों के लिए आदेवन किए गए अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है. 2 दिसंबर से 16 दिसंबर तक डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन: दस्तावेज सत्यापन 2 दिसंबर से 16 दिसबंर तक आयोजित किया जाएगा. 595 पदों के लिए कुल 1546 अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन होगा, जो पहली पाली में सुबह 10 बजे से और दूसरी पाली में दोपहर 2 बजे से किया जाएगा. दस्तावेजों के सत्यापन में अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थी आगे होने वाली भर्ती संबंधी प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेंगे. ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तारीख के बाद भेजी गई एजुकेशनल क्वॉलिफिकेश और दूसरी क्वॉलिफिकेशन के प्रमाण पत्र मान्य नहीं होंगे.

वन विभाग ने तैयार किया ड्राफ्ट, छत्तीसगढ़-इकोरेस्टोरेशन पॉलिसी जल्द होगी लागू

रायपुर. छत्तीसगढ़ से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रदेश के मुखिया सीएम विष्णुदेव साय की पहल पर राज्य में जल्द इकोरेस्टोरेशन पॉलिसी लागू की जायेगी। ऐसा करने वाला देश का दूसरा राज्य होगा अपना छत्तीसगढ़, जहां इकोरेस्टोरेशन पॉलिसी लागू होगी। वन विभाग ने इस संबंध में ड्राफ्ट भी तैयार कर लिया है। ये जानकारी वनमंत्री केदार कश्यप और वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने नया रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित में ‘क्लाइमेट रेसिलिएंट छत्तीसगढ़ हरित और सशक्त भविष्य की ओर’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में दी। अभी तक देश के एक मात्र राज्य केरल में यह पॉलिसी लागू है। इस पॉलिसी के लागू होने से राज्य में वनों का संवर्धन, जल स्त्रोतों का संरक्षण, मिट्टी का कटाव रोकने के साथ ही जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा। यह कार्यशाला छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र एवं सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई थी। कार्यशाला का उद्देश्य छत्तीसगढ़ और पूर्वी राज्यों में जलवायु अनुकूलता और लो कार्बन आधारित विकास को बढ़ावा देने के लिए ज्ञान साझा करना और विभिन्न हितधारकों के बीच संवाद स्थापित करना था। कार्यक्रम में वन मंत्री  केदार कश्यप और वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों और उससे निपटने के महत्व पर चर्चा की। वन मंत्री कश्यप ने कहा कि ‘जनजाति समुदाय सदैव जल, जंगल, और जमीन का संरक्षक रहा है।  उन्होंने 1910 के भूमकाल आंदोलन का उल्लेख करते हुए जनजातीय समाज ने अंग्रेजों से अपने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। पर्यावरण संरक्षण हमारी सरकार के सतत विकास लक्ष्यों का अभिन्न हिस्सा है। वित्त मंत्री चौधरी ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं को पर्यावरण संरक्षण के आदर्श उदाहरणों के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कैलाश पर्वत और भगवान शिव-पार्वती, गणेश और कार्तिकेय के साथ उनके वाहन नंदी, बाघ, मूषक और मोर सबके एक साथ रहने के उदाहरण देते हुए सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, ‘जलवायु परिवर्तन केवल चर्चा का विषय नहीं है; यह हमारे राज्य और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का माध्यम है।’ उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रीन इकॉनमी को बढ़ावा देने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। श्री चौधरी ने ग्रीन इकॉनमी, बायोफ्यूल, और सोलर एनर्जी पर विशेष जोर देते हुए युवाओं को पर्यावरण नवाचारों और हरित निवेश में भागीदारी का आह्वान किया। क्लाइमेट स्टूडियो की स्थापना को स्वीकृति कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ वन विभाग के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पांडे ने कहा कि राज्य सरकार ने क्लाइमेट स्टूडियो की स्थापना को स्वीकृति दी है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए नेटिव स्पीशीज के पौधों के रोपण, वन क्षेत्रों के विकास और वेटलैंड संरक्षण की योजनाओं पर जोर दिया। कार्यक्रम में राज्य और राष्ट्रीय स्तर के पर्यावरणविद, शिक्षाविद और नीति-निर्माताओं ने व्यापक चर्चा की। कार्यशाला में पर्यावरण और सामाजिक कार्यकर्ता प्रभात मिश्रा, सीड के डायरेक्टर डॉ. मनीष राम, क्रेडा के अभिषेक शुक्ला, झारखंड वन विभाग के रवि रंजन, पश्चिम बंगाल सरकार के चीफ एनवायरनमेंट ऑफिसर धर्मदेव राय, ठाकुर प्यारेलाल इंस्टीट्यूट निमोरा के डायरेक्टर पी. सी. मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र के प्रोजेक्ट साइंटिस्ट डॉ. अनिल श्रीवास्तव, चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के चेयरमैन प्रदीप टंडन, आईआईएम रायपुर के डॉ. राहुल बी. हीरेमथ, पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर निनाद बोधनकर, सीजी कास्ट के साइंटिस्ट और कलिंगा विश्वविद्यालय के डॉ. मनोज सिंह सहित कई विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

किसानों को 1575.16 करोड़ रुपये का भुगतान, छत्तीसगढ़ में अब तक 8.95 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी

रायपुर. छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का सिलसिला अनवरत जारी है। 14 नवंबर से शुरू हुए धान खरीदी अभियान में अब तक 8.95 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी हो चुकी है। राज्य में अब तक 1.91 लाख किसानों ने अपना धान बेचा है। धान खरीदी के एवज में किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 1575 करोड़ 16 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है। अधिकारियों ने बताया कि 25 नवंबर को 47296 किसानों से 2.17 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी हुई है। इसके लिए 51170 टोकन जारी किए गए थे। आगामी दिवस के लिए 53439 टोकन जारी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कई प्रस्तावों को मिलेगी हरी झंडी, छत्तीसगढ़-रायपुर में कैबिनेट बैठक आज

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 26 नवंबर को कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई है। मुख्यमंत्री साय 26 नवंबर को यानि आज सुबह 9.30 बजे राजधानी रायपुर के पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के सभागार में आयोजित संविधान दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज से अम्बेडकर चौक तक आयोजित पदयात्रा में भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री साय पूर्वान्ह 11.50 बजे मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर पहुंचेंगे और दोपहर 12 बजे मंत्रिपरिषद की बैठक में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री साय 26 नवंबर को यानि आज सुबह 9.30 बजे राजधानी रायपुर के पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के सभागार में आयोजित संविधान दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगे।

30 साल तक शासकीय भूमि पर रह सकेंगे, छत्तीसगढ़-नगरीय क्षेत्रों में आवासहीनों को फ्री में मिलेगा पट्टा

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप छत्तीसगढ़ राज्य के ग्रामीण और शहरी आवासहीनों को आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। छत्तीसगढ़ नगरीय क्षेत्रों में आवासहीन व्यक्ति को पट्टा अधिकार अधिनियम, 2023 एवं इसके अंतर्गत निर्मित नियम, 2023 के तहत स्थायी पट्टा विलेख एवं अस्थायी पट्टा विलेख के प्ररूप विहित किये गये हैं। इस अधिनियम के तहत पट्टे के लिए वे व्यक्ति पात्र होंगे जो नगर पालिक निगम क्षेत्र में 600 वर्गफीट पर तथा अन्य निकायों में 800 वर्गफीट शासकीय भूमि पर 20 अगस्त, 2017 के पूर्व से निवासरत हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा ने राज्य के नगरीय क्षेत्रों में आवासहीन व्यक्तियों को पट्टा वितरण के लिए निर्धारित समय-सीमा में पात्र व्यक्तियों का सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा है कि शहरी आवासहीनों को स्वयं के पक्का आवास का पट्टा दिया जाना है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि पर 20 अगस्त 2017 से लगातार काबिज आवासहीन व्यक्तियों को शासकीय भूमि का निःशुल्क पट्टा 30 वर्षों के लिए दिया जाएगा। भूमि पर काबिज के सत्यापन के संदर्भ में निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची विद्युत बिल, टेलीफोन बिल, स्थानीय निकाय का संपत्तिकर या समेकित कर पंजी, जलकर भुगतान दस्तावेज, भवन या दुकान अनुज्ञा, अधिनियम के अधीन प्रदत्त पट्टाधृति पट्टे, आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस शामिल है।

21 क्विंटल प्रति एकड़ हो रही धान की खरीदी, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री साय ने किसानों को दी ‘मोदी की गारंटी’

रायपुर. सीएम साय ने प्रदेश में जारी धान खरीदी को लेकर किसानों को स्पष्ट किया है कि विधानसभा चुनाव के दौरान किसानों को दी गई “मोदी की गारंटी“ के अनुरूप ही इस वर्ष प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी की जा रही है. उन्होंने किसानों से अपील की है कि धान खरीदी को लेकर किसी भी प्रकार के भ्रम में न पड़ें. साथ ही उन्होंने भ्रम फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. सीएम साय ने कहा, धान खरीदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश के पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कर रही है. सीएम साय ने बताया कि किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए उपार्जन केन्द्रों के माईक्रोएटीएम से 2000 रूपए से लेकर 10 हजार रूपए तक की राशि निकालने की सुविधा भी दी गई है. इससे किसानों को धान बेचने परिवहन के लिए किराये पर लिए गए ट्रैक्टर, मेटाडोर आदि का भाड़ा और हमाली मजदूरी का भुगतान करने में सुविधा होगी. उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में अनवरत धान खरीदी का सिलसिला जारी है. 14 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगा. खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है. इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल है. इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मिट्रिक धान खरीदी अनुमानित है.

गांवों में संविधान यात्रा-ग्राम सभा और स्कूलों में होंगे कार्यक्रम, छत्तीसगढ़ में संविधान दिवस के 75वें वर्ष पर मन रहा स्मरणोत्सव

रायपुर. भारतीय संविधान के 75वें वर्ष पूर्ण होने पर 26 नवंबर 2024 से सालभर स्मरणोत्सव का आयोजन किया जाएगा। वर्ष भर चलने वाले इस स्मरणोत्सव को ‘हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान‘ के टैगलाइन के तहत संचालित किया जाएगा। स्मरणोत्सव का यह आयोजन चार स्तंभों संविधान की प्रस्तावना, अपने संविधान को जानें, संविधान का निर्माण और संविधान के गौरव विषय पर केन्द्रित होगी। संविधान दिवस 26 नवम्बर को मुख्य कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री के साथ सभी मंत्री, विधायक और अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा संविधान की प्रस्तावना वाचन किया जाएगा। संविधान दिवस पर स्कूलों और कॉलेजों में प्रश्नोत्तरी वाद-विवाद एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। साथ ही इस मौके पर अनुसूचित जाति, जनजाति गांवों में 15 दिवसीय संविधान यात्रा निकाली जाएगी। कार्यक्रम सार्वजनिक स्थान पर बड़ी संख्या में लोगों के साथ आयोजित किया जाएगा। उक्त कार्यक्रम में भारत सरकार, संस्कृति मंत्रालय द्वारा संविधान के ऊपर निर्मित फिल्म का प्रदर्शन भी किया जाएगा। रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में संविधान निर्माण में राज्य के विशिष्ट लोगों की भूमिका को केन्द्रित किया जाएगा तथा संविधान से संबंधित कला-प्रदर्शनी प्रदर्शित की जाएगी। संविधान दिवस पर आयोजित इस कार्यकम के लिए संस्कृति विभाग नोडल विभाग होगा एवं की गई सभी कार्यवाहियों की जानकारी एवं छायाचित्र को भारत सरकार की वेबसाइट में अपलोड होगा। पंचायतों में संविधान यात्रा का होगा आयोजन संविधान दिवस के अवसर पर पंचायतों में 15 दिवसीय संविधान यात्रा का भी आयोजन किया जाएगा। ये यात्राएं अनुसूचित जाति, जनजाति की आबादी के बहुलता वाले गांवों में आयेाजित की जाएगी। यात्रा के दौरान, जहां भी बाबा साहेब की प्रतिमाएं होंगी, उन पर पुष्पांजलि अर्पित किया जाएगा। ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं का भी आयोजन होगा, जिसमें संविधान के अनुच्छेद 51ए के तहत नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों को पढ़ा और समझाया जाएगा। साथ ही इस मौके पर जीवित स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित किया जाएगा। संविधान सभा के सदस्यों से जुड़े गांवों में, जिसमें संविधान सभा की महिला सदस्यों के योगदान पर विशेष जोर देते हुए विशेष समारोह आयोजित किए जाएंगे। स्कूलों और कॉलेजों में होंगे कई कार्यक्रम स्कूलों और कॉलेजों में संविधान के प्रावधान, संविधान निर्माण की प्रकिया, मौलिक अधिकार, कर्तव्य एवं राज्य के नीति-निर्देशक सिद्धांत तथा नवीनतम संशोधन आदि विषयों पर प्रश्नोत्तरी आयोजित किया जाएगा। साथ ही नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों तथा अन्य संवैधानिक मुद्दों पर वाद-विवाद सेमिनार, जिसमें सामाजिक सशक्तिकरण, महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने, समय के साथ चुनौतियों का सामना करने के लिए संविधान को लचीला बनाने तथा नवीनतम तथा प्रमुख संशोधनों पर विशेष ध्यान दिए जाने के लिए आयोजित करेंगे। स्कूली बच्चों को https://www.mygov.in पर MyGov प्रतियोगिताओं और MyBharat.gov.in पर युवा सहभागिता गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

‘मोदी का करिश्मा आज भी जनता के सर चढ़कर बोल रहा’, छत्तीसगढ़-CM साय ने प्रधानमंत्री को दिया क्रेडिट

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महाराष्ट्र समेत देश के अन्य राज्यों में हुए उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया और कहा कि उनका करिश्मा आज भी जनता के सर चढ़कर बोल रहा है। सीएम ने भाजपा की सफलता को पीएम मोदी की जनहितकारी आर्थिक नीतियों पर जनता के भरोसे की मुहर बताया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया एक्स पर अपने आधिकारिक अकाउंट पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा- ”आज आये चुनाव परिणाम की अगर समग्रता में बात करें तो, देशभर में जिस तरह की शानदार जीत हमें मिली है, उससे एक बार और स्पष्ट हुआ है कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का करिश्मा आज भी जनता के सर चढ़ कर बोल रहा है। महाराष्ट्र बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण राज्य है। मुंबई, देश की आर्थिक राजधानी कही जाती है। वहां पर भाजपा को मिली अपार सफलता वास्तव में मोदीजी की जनहितकारी आर्थिक नीतियों पर भी जनता के भरोसे की मुहर है।” सीएम साय ने अपनी पोस्ट में आगे कहा कि- ”यूपी की जनता ने भी यह बताया है कि वहां भी मोदी जी और योगी जी के कार्यों के प्रति अपार समर्थन है। राज्यों में हुए उपचुनाव के परिणाम भाजपा शासित राज्यों की नीतियों और कार्यों पर जनादेश है। यूपी के अलावा भी बात चाहे बिहार की हो, राजस्थान या पड़ोसी मध्यप्रदेश की, हर जगह भाजपा को अच्छी सफलता मिली है। भारतीय जनता ने पार्टी की झोली भर दी है। हां! झारखंड का जनादेश हमारी अपेक्षा के अनुकूल नहीं आये। हम वहां के जनादेश को भी विनम्रता से स्वीकार करते हैं।” सीएम साय ने कहा ”आज आया जनादेश समग्रता में भाजपा के लिए काफी उत्साहजनक है। रायपुर दक्षिण का जनादेश कहीं न कहीं आगामी निकाय चुनाव की सफलता का संकेत भी है। ऐसा इसलिए क्योंकि किसी भी राजधानी की सीट मुख्यतया समूचे प्रदेश का प्रतिनिधि सीट होती है। राजधानी में प्रदेश में हर कोने से लोग आ कर बसे होते हैं। इस परिणाम ने निकाय चुनाव के प्रति भी हमें और अधिक आशान्वित किया है। माननीय मोदी जी, हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा जी, अमित शाह जी और सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई। राजग गठबंधन के सभी नेताओं को भी बधाई। मतदाताओं को धन्यवाद। अभिनंदन।” CM साय की एक्स पोस्ट – आज आये चुनाव परिणाम की अगर समग्रता में बात करें तो, देश भर में जिस तरह की शानदार जीत हमें मिली है, उससे एक बार और स्पष्ट हुआ है कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी का करिश्मा आज भी जनता के सर चढ़ कर बोल रहा है। महाराष्ट्र बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण राज्य है। मुंबई, देश की…     — Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) November 23, 2024

एग्रीस्टेक परियोजना से कृषकों मिलेगा लाभ, छत्तीसगढ़-डिजिटल कृषि से घर बैठे होंगे सभी काम

रायपुर. छत्तीसगढ़ अब डिजिटल कृषि की ओर अग्रसर है। एग्रीस्टैक परियोजना के तहत डिजिटल कृषि को बढ़ावा मिलेगी। राज्य के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए डिजिटल कृषि को बढ़ावा देने के लिए एग्रीस्टैक परियोजना संचालित की जा रही है। इसके तहत ग्राम का जियो रिफ्रेसिंग सर्वेक्षण नक्शा, राजस्व संबंधित अधिकार अभिलेख और डिजिटल फसल सर्वेक्षण का काम किया जा रहा है। पॉयलेट प्रोजेक्ट के तहत 20 जिलों में जियो रिफ्रेसिंग तकनीक से सर्वे कर नक्शा तैयार करने का काम चल रहा है। अब तक 10 हजार 243 गांवों में यह काम पूरा कर लिया गया है। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में एग्रीस्टेक परियोजना के तहत डिजिटल फसल सर्वेक्षण तीन जिलों में पूर्ण रूप किया जा रहा है। 16 जिलों की एक-एक तहसील में भी फसल सर्वेक्षण किया जा रहा है। आगामी दिनों में राज्य के सभी जिलों में डिजिटल फसल सर्वे का काम होगा। इस परियोजना में कृषकों का पंजीयन किया जा रहा है। इसके माध्यम से कृषकों को केन्द्र और राज्य सरकार के योजनाओं का पारदर्शी ढंग से लाभ मिलेगा। मोबाइल एप के माध्यम से पंजीयन स्वयं किसान और युवा कर सकेंगे। इसके अलावा कॉमन सर्विस सेंटर, वेबसाइट के माध्यम से पटवारी कर सकेंगे। कृषक पंजीयन के लिए कॉमन सर्विस सेंटर में प्रत्येक ई-केवाईसी के लिए 15 रुपये की दर निर्धारित की गई है। जानें क्या है एग्रीस्टेक परियोजना किसानों के लिए एक डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र है। इससे किसानों को कई तरह की सुविधाएं मिलेगी। सस्ता ऋण, अच्छी क्वालिटी के कृषि इनपुट, स्थानीय सलाह, बाज़ारों तक आसान पहुंच, सरकारों को किसानों के लिए योजनाएं बनाने और लागू करने में मदद मिलेगी। एग्रीस्टेक के तहत, किसानों की सभी जानकारी एक जगह इकट्ठा की जाएगी। इसमें उनकी पहचान, भूमि रिकॉर्ड, आय, बीमा, ऋण, फसल विवरण और राजस्व इतिहास शामिल होगा। किसानों की पहचान के लिए, उन्हें एक डिजिटल आईडी दी जाएगी, जो आधार कार्ड की तरह काम करेगी। इस आईडी में किसानों से जुड़े कई तरह के डेटा होंगे।

CM साय ने सशक्त भारत निर्माण में बताया महत्वपूर्ण, छत्तीसगढ़िया लोक संस्कृति की दिल्ली में राज्य दिवस पर दिखी झलक

रायपुर। देश की राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान में छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और कला के बड़ी संख्या में लोग साक्षी बने. मौका था 43वें भारत अंतरर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ राज्य दिवस समारोह का, जहां एमफी थियेटर में छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों ने मनोहर सांस्कृतिक प्रस्तुति दी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य दिवस समारोह का शुभारंभ किया. उन्होंने छत्तीसगढ़ पवेलियन में अलग-अलग स्टॉलों का भ्रमण कर कलाकारों को प्रोत्साहित किया. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में राज्य को “संभावनाओं की भूमि” बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अब “सशक्त भारत” के निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास, कृषि में नवाचार और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं. हमारा उद्देश्य राज्य को शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है. छत्तीसगढ़ अपनी सांस्कृतिक धरोहर और आधुनिक विकास के संयोजन के साथ एक वैश्विक पहचान बनाने के लिए तैयार है. सांस्कृतिक संध्या में छत्तीसगढ़ से आये कलाकारों ने छत्तीसगढ़ में विभिन्न उत्सवों, तीज त्योहारों पर किए जाने वाले नृत्यों की प्रस्तुति दी. दर्शकों ने भरपूर तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया. छत्तीसगढ़ी लोकमंच पर गौरा-गौरी, भोजली, राउत नाचा, सुआ और पंथी जैसे पारंपरिक लोक नृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां दी गई. नृत्य के माध्यम से कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की लोक कला और सांस्कृतिक विविधता का जीवंत प्रस्तुतिकरण किया. कलाकारों ने गौरा-गौरी और भोजली की धार्मिक परंपरा, सुआ नृत्य के भावपूर्ण गीत, और राउत नाचा के माध्यम से छत्तीसगढ़ की जीवंत लोक परंपराओं से दर्शकों को रूबरू कराया. इसके साथ ही पंथी और करमा नृत्य द्वारा आध्यात्मिकता और भक्ति भाव से दर्शकों को सराबोर कर दिया. इस अवसर पर दिल्ली में पदस्थ छत्तीसगढ़ की इन्वेस्टमेंट कमिश्नर ऋतु सैन, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी, संस्कृति व राजभाषा विभाग के संचालक विवेक आचार्य, लघु वनोपज के महाप्रबंधक मणिवासन एस, सीएसआईडीसी के महाप्रबंधक विश्वेश कुमार, जनसंपर्क आयुक्त रवि मित्तल, आवासीय आयुक्त श्रुति सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.

पुराना भुगतान सहित 6 सूत्री मांगो पर CM से लगाई गुहार, छत्तीसगढ़-राइस मिल एसोसिएशन की बैठक

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश राइस मिल एसोसिएशन की बैठक आज रायपुर के एक होटल में संपन्न हुई, जिसमें प्रदेश कार्यकारिणी के समस्त पदाधिकारी, 33 जिलों के अध्यक्ष, महामंत्री और राइस मिलर्स ने भाग लिया। बैठक में मिलर्स के पुराने भुगतान और खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 की पॉलिसी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। जानकारी के मुताबिक, प्रदेश राइस मिल एसोसिएशन की यह बैठक लगभग 6 घंटे तक चली, जिसमें 200 से अधिक पदाधिकारियों ने अपनी बात रखी। मिलर्स ने कहा कि जब तक वर्ष 2022-23 का पूर्व भुगतान नहीं किया जाता और खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 की पॉलिसी में सुधार नहीं होता, तब तक कस्टम मिलिंग का काम जारी रखना मुश्किल होगा। मिलर्स ने प्रोत्साहन राशि में कमी, धान में पेनल्टी, चावल जमा में पेनल्टी, बैंक गारंटी, सीसीटीवी कैमरा लगाने जैसे मुद्दों पर आपत्ति जताई। बता दें कि छत्तीसगढ़ प्रदेश राइस मिल एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर 2024-25 की कस्टम मिलिंग नीति में सुधार और पुराने बकाया सीएमआर बिलों के भुगतान में हस्तक्षेप की मांग की है। छत्तीसगढ़ प्रदेश राइस मिल एसोसिएशन की मांगे- प्रोत्साहन राशि का भुगतान: प्रोत्साहन राशि यथावत 120/- प्रति क्विंटल रखते हुए पूर्व वर्ष 2022-23 की दूसरी किस्त का 60/- रुपये एवं 2023-24 की पहली किस्त का 60/- रुपये भुगतान किया जाए, और वर्ष 2024-25 में प्रोत्साहन राशि मिलर के धान उठाव के विपरीत चावल जमा होने पर एकमुश्त भुगतान किया जाए। साथ ही, FRK, परिवहन, बारदाना और पेनल्टी की विसंगतियों को दूर करके भुगतान किया जाए। हमारा अनुबंध मार्कफेड से है, अन्य से पैसे मिले या नहीं, यह हमें प्रभावित नहीं करता है। चावल जमा की पेनल्टी: मिलर चावल जमा करने के लिए 7 कार्य दिवस में विंग्स ऐप में आवेदन करेगा। यदि 20 कार्य दिवस में निर्धारित मात्रा में चावल जमा नहीं किया जाता, तो केवल उतनी मात्रा पर 5/- प्रति क्विंटल की पेनल्टी लगाई जाए। बारदाना वापसी: बारदाना धान में उपयोग के लिए जमा लिया जाता है, तो मार्कफेड जितना बारदाना का उपयोग करेगा, उसका उपयोगिता शुल्क देकर मिलर्स को बारदाना वापस करेगा। यदि वापस नहीं किया जाता, तो उपयोगिता शुल्क सहित बारदाना की कीमत भी मिलर्स को दी जाए। धान-चावल परिवहन: धान-चावल परिवहन मिलर्स का कार्य नहीं है, इसलिए SLC दर पर धान-चावल परिवहन व्यय का मासिक भुगतान किया जाए, या परिवहनकर्ताओं से मिल में धान-चावल का परिवहन कराया जाए। FRK का भुगतान: FRK का लॉट याइज भुगतान होना चाहिए, क्योंकि मिलर्स का कार्य केवल ब्लेडिंग का है। चावल मिल में कैमरा: चावल मिल में कैमरा लगाने का आदेश स्वीकार्य नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष योगेश अग्रवाल ने बैठक के बाद बताया कि सभी जिलों से प्राप्त पत्रों के साथ यह जानकारी मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों तक पहुंचाई जाएगी, और शीघ्र समाधान की अपील की जाएगी।

भरतमंडपम में राज्य सांस्कृतिक दिवस कार्यक्रम में होंगे शामिल, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री साय दिल्ली रवाना

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बुधवार को दिल्ली रवाना हुए। दिल्ली के भरतमंडपम में छत्तीसगढ़ राज्य सांस्कृतिक दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इससे पहले सीएम साय ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा और एनडीए को अच्छी सफलता मिल रही है। दोनों जगह भाजपा की सरकार बन रही है। उन्होंने बताया कि शाम साढ़े पांच बजे से साढ़े सात बजे तक एम्फी थियेटर-1 भरतमंडपम में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य सांस्कृतिक दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री 21 नवंबर को दोपहर 1.45 बजे नियमित विमान से रायपुर लौट आएंगे। नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 14 से 27 नवंबर तक आयोजित 43वें भारत अंतर्राष्ट्रीय मेले में छत्तीसगढ़ राज्य की उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार और प्रदर्शन के लिए कुल 11 स्टाल लगाए गए हैं, जहां विकसित छत्तीसगढ़ 2047 की अवधारणा पर छत्तीसगढ़ के ग्रामोद्योग, सेल्फ हेल्प ग्रुप, हाथकरघा, हस्तशिल्प, हर्बल एवं कृषि विभाग के प्रदर्शन स्टाल लगे हैं। 20 नवंबर को यहां छत्तीसगढ़ राज्य सांस्कृतिक दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर राज्य की समृद्ध संस्कृति एवं लोककला का प्रदर्शन होगा। यहां प्रत्येक दिन हर एक राज्य का दिवस मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ राज्य सांस्कृतिक दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को नोटिस देकर मांगा जवाब, छत्तीसगढ़ में स्कूलों के पास बिक रहे तंबाकू उत्पाद

बिलासपुर. बिलासपुर हाईकोर्ट ने प्रदेश में स्कूलों के पास तंबाकू उत्पादों की बिक्री का संज्ञान लिया है और राज्य सरकार की तरफ से मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर इस मुद्दे पर जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की युगलपीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की है और इसे गंभीर चिंता का विषय बताया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा की बेंच ने चिंता जताते हुए कहा कि बच्चे ड्रग एडिक्ट हो जाएंगे तो क्या होगा..? उन्होंने कहा की कोटपा कानून है तो उसका पालन होना चाहिए कि नहीं? दरअसल 15 नवंबर 2024 को शुक्रवार को छुट्टी के दिन भी उच्च न्यायालय की बैठक हुई। मुख्य न्यायाधीश ने रजिस्ट्रार जनरल को मीडिया रिपोर्टों के आधार पर मामले को जनहित याचिका (पीआईएल) के रूप में पंजीकृत करने का निर्देश दिया था। मीडिया में आई रिपोर्टों से पता चला है कि बिलासपुर में सरकारी और निजी स्कूलों के पास सड़क के स्टॉल पर तंबाकू उत्पाद खुलेआम बेचे जा रहे हैं। इन रिपोर्टों ने बताया कि कैसे इस तरह की गतिविधियाँ स्कूलों के आसपास के वातावरण को खराब कर रही हैं और छात्रों पर इसका नकारात्मक प्रभाव हो है। उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के अधिकारियों से जवाब मांगा है, जिसका उद्देश्य स्कूलों के पास तंबाकू उत्पादों की बिक्री और छात्रों तथा सार्वजनिक व्यवस्था पर इसके प्रभाव का समाधान करना है। महाधिवक्ता ने सोमवार की सुनवाई में शासन का पक्ष रखते हुए शपथ पत्र में जानकारी दी कि 15 नवंबर 2024 के आदेश का परिपालन करते हुए  बिलासपुर जिला प्रशासन द्वारा कोटपा अधिनियम का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर पेनल्टी और अन्य कार्रवाई की गई है और गंभीरता से कोटपा कानून का पालन कराया जा रहा है। चीफ जस्टिस की डबल बेंच ने इस पूरे मामले में मुख्य सचिव और बिलासपुर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन की तरफ से शपथ पत्र के साथ जवाब तलब किया है। मामले में अगली सुनवाई आगामी पांच दिसंबर को तय की गई है।

तापमान में लगातार गिरावट, छत्तीसगढ़ में सुबह-रात के साथ अब दिन में भी ठंडी हवाएं

रायपुर. छत्तीसगढ़ में आज मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इसके साथ ही आगामी पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट होने की संभावना है। प्रदेश में ठंड बढ़ने लगी है। सुबह के समय कोहरा छाने लगे हैं। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी में ठंड बढ़ने से कई जगहों पर गर्म कपड़ों की स्टार लगने शुरू हो गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में नमी की मात्रा बढ़ने पर तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। आगामी दिनों में न्यूनतम तापमान नीचे गिरेगा, जिससे ठंड और बढ़ेगी। मौसम एक्सपर्ट का कहना है कि आगामी कुछ दिनों में रात का तापमान और गिरेगा, जिससे ठंड बढ़ने लगेगी। वहीं छत्तीसगढ़ में आगामी पांच दिनों में न्यूनतम तापमान में परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। साथ ही आगामी दो दिनों तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में  मौसम शुष्क रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि आगामी 5 दिनों में एक से तीन डिग्री तक न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। वहीं आगामी 5 दिनों में सरगुजा संभाग के जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है। प्रदेश में रात और सुबह के साथ ही अब दिन में भी ठंड लगने लगी है। आधी सर्दी और आधी गर्मी का मौसम चल रहा है। प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे चली गई है। प्रदेश में सबसे ठंडा इलाका अंबिकापुर रहा है। यहां 9.7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है वही सर्वाधिक अधिकतम तापमान दुर्ग में 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। राजधानी रायपुर में न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस माना एयरपोर्ट में 14 दुर्ग में 13.4 पेंड्रा रोड में 11.02 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है। जो की सामान्य से दो से चार डिग्री सेल्सियस कम है।

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