LATEST NEWS

3 सदस्‍यीय कमेटी में दो रिटायर्ड जज भी शामिल, छत्तीसगढ़-गृह विभाग के सलाहकार बोर्ड का पुनर्गठन

रायपुर। छत्‍तीसगढ़ शासन ने गृह विभाग के सलाहकार बोर्ड का पुनर्गठन किया है। हाई कोर्ट के सीटिंग जज नरेन्द्र कुमार व्‍यास की अध्‍यक्षता में गठित बोर्ड में दो रिटायर्ड जजों के नाम शामिल किए गए हैं। गृह विभाग की सलाहकार बोर्ड में सेवा निवृत्‍त जज नवल किशोर अग्रवाल और विमला सिंह कपूर सदस्य बनाए गए हैं। गृह विभाग के उप-सचिव डीपी कौशल ने अधिसूचना जारी की है। वहीं राज्य सरकार ने मूलवासी बचाओ मंच संगठन की गतिविधियों को राज्य में बैन कर दिया गया है। इस संगठन पर सुरक्षा बल के कैंपों का विरोध और लोगों को उकसाने के आरोप है। वहीं अब राज्‍य सरकार ने अधिसूचना जारी कर बैन कर दिया है।  राज्यपाल के उप-सचिव डी.पी. कौशल ने आदेश जारी किया है। विधि विरुद्ध गतिविधियों का आरोप केन्द्र और राज्य सरकारों के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास कामों के संचालन का किया जा रहा है। जिस पर मूलवासी बचाओ मंच संगठन सुरक्षा बल के कैंपों का लगातार विरोध करने और आम जनता को उसके विरुद्ध उकसाने का काम कर रहा है। न्याय प्रशासन में हस्तक्षेप और विधि द्वारा स्थापित संस्थाओं की अवज्ञा को बढ़ावा देते हुए लोक व्यवस्था, शांति में बाधा पैदा किया जा रहा है। जिसके कारण नागरिकों की सुरक्षा में खतरा है, जो कि राज्य की सुरक्षा के प्रतिकूल है। एक साल के लिए किया गया बैन राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, छत्तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा अधिनियम, 2005 (क. 14 सन् 2006) की धारा 3 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, द्वारा, मूलवासी बचाओ मंच को, इस अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से एक साल के लिए बैन किया है।

किसानों को एमएसपी से ज्यादा कीमत दे रहे कारोबारी, छत्तीसगढ़ में मक्का खरीदी में नेफेड की एंट्री

गरियाबंद। पहली बार मक्का उत्पादक किसानों को निजी कारोबारी शुरुआती दौर से एमएसपी दर 2225 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा कीमत का भुगतान कर रहे हैं. इसकी वजह नेफेड की एंट्री है. पहली बार प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ मक्का की खरीदी करने जा रही है. नेफेड के राज्य नोडल अफसर संजय सिंह ने बताया कि एमएसपी दर पर पैक्स के माध्यम से खरीदी करना था, लेकिन धान की खरीदी में सरकार इस उपक्रम को लगाई हुई है. ऐसे में अब एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) से खरीदी की जा रही है. गरियाबंद जिले में देवभोग, अमलीपदर, मैनपुर ने खरीदी की शुरुआत किया है. अब तक 12 टन मक्का की खरीदी किया जा चुका है. खरीदी समृद्धि पोर्टल के माध्यम से होता है, केंद्र से पैसे का सीधा भुगतान इसी पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत विक्रेता किसान को किया जाता है. कारोबारियों का तय सेटअप, इसलिए खरीदी बनी चुनौती एफपीओ हीरामा के मैनेजिंग डायरेक्टर संतोष पांडेय बताते हैं कि लंबे समय से मक्के के कारोबार में स्थानीय कारोबारियों का अपना तय सेटअप जमाया हुआ है. ऐसे में पहली बार में किसानों के बीच सरकारी खरीदी को लेकर विश्वास जमाना किसी चुनौती से कम नहीं है. पिछले दो माह से लगातार इस जिले के फील्ड में मक्का की मिस्ट्री समझने में लगे संतोष पांडेय बताते है कि किसान मक्का की बोनी के समय से ही खाद बीज के लिए स्थानीय कारोबारियों से संपर्क कर उनसे मदद लेते हैं फिर विक्रय का करार कर लेते हैं. विक्रय की घर पहुंच सेवा, क्वालिटी कंट्रोल से मुक्त बिक्री,और सीधे केस भुगतान जैसे सहूलियत के कारण निजी कारोबारी की ओर रुझान बना हुआ है. वाजीब दाम मिलना शुरू हुआ किसानो को संजय ने दावा किया कि उपज से पहले करार के कारण कई बार कृषकों को बेहद कम कीमत मिलता था. लेकिन इस साल नेफेड के चलते शुरू से ही किसानों को एमएसपी से ज्यादा दर मिल रहा है. हमरा उद्देश्य कृषकों को उनके उपज का वास्तविक कीमत दिलाना है, खरीदी का लक्ष्य भले पूरा न हो पर वास्तविक कीमत दिलाने का हमने लक्ष्य हासिल कर लिया है. मक्का से एथेनॉल बना रहे भारत सरकार ने साल भर पहले ही मक्का से एथेनॉल बना कर विदेश निर्भरता कम करने का लक्ष्य बनाया हुआ है. इससे पहले तक पशुदाना, कॉर्न के अलावा विदेशों तक मक्का की सप्लाई थी.क्षेत्र का मक्का आंध्र पोर्ट के सहारे बंगला देश,म्यांमार, मलेशिया जैसे उन्नत देशों में जा रहा था. पर इस बार निजी कारोबारी भी उपज को ओडिसा और आंध्र के एथेनॉल कंपनी को मक्का बेच रहे है. नेफेड भी खरीदी के बाद करार किए गए कंपनी को मक्का बेच किसानों को अन्ना दाता से ऊर्जा दाता बनाने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है. मांग बढ़ी तो कीमत ऊंची खुली इस बार मक्का का कीमत शुरू से हाई रहा है. 6 माह पहले तक इसकी कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 3300 रुपए प्रति क्विंटल थी, उत्पादन बढ़ा तो अब पोर्ट डीलवरी 2500 रुपये प्रति क्विंटल है. लिहाजा निजी कारोबारी इस बार 2300 रुपये प्रति क्विंटल दर देकर किसान से मक्का की खरीदी कर रह रहे. अन्य सालों में स्थानीय कीमत महज 1700 से खुलकर अधिकतम 2 हजार तक होती थी. धान में बोनस के बाद घटा रकबा जिले में अधिकतम 22 से 25 हजार हेक्टेयर में मक्का का फसल लिया जाता था, पिछले तीन साल में रकबा घट कर 15 हजार हेक्टेयर पहुंच गया था. सरकार धान में 3100 देने के कारण किसानों का रुझान धान की ओर बढ़ा हुआ है.

छत्तीसगढ़ में मध्यम वर्ग को बड़ी राहत, अब गाइड लाइन मूल्य पर ही लगेगा संपत्ति रजिस्ट्री शुल्क

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने संपत्ति खरीदने वाले मध्यम वर्ग के लोगों को बड़ी राहत दी है। अब किसी भी प्रापर्टी की खरीद-बिक्री में गाइड लाइन दर से सौदे की रकम अधिक होने पर भी रजिस्ट्री शुल्क गाइड लाइन दर के अनुसार ही लिया जाएगा। इससे बैंक लोन पर निर्भर मध्यम वर्गीय परिवार को वास्तविक मूल्य के आधार पर ऋण मिल सकेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में पिछले दिनों कैबिनेट की बैठक में लिए गए इस फैसले से विशेषकर उन नागरिकों को लाभ होगा, जो बैंक ऋण के माध्यम से संपत्ति खरीदते हैं। पूर्व में संपत्ति की खरीद-बिक्री में गाइड लाइन दर और सौदे की राशि में जो भी अधिक होता था, उस पर रजिस्ट्री शुल्क देना आवश्यक था। उदाहरण के लिए यदि किसी संपत्ति का गाइड लाइन मूल्य 10 लाख रुपये है और उसका सौदा 15 लाख में हुआ, तो रजिस्ट्री शुल्क 15 लाख पर 4 प्रतिशत के हिसाब से 60 हजार रुपये देना पड़ता था। इस नियम में संशोधन के बाद संपत्ति खरीदने वाले अब सौदे की रकम गाइड लाइन दर से अधिक होने पर भी वास्तविक मूल्य को अंकित कर सकते हैं और इसके लिए उन्हें कोई रजिस्ट्री शुल्क नहीं देना होगा। 10 लाख रुपये की गाइड लाइन मूल्य वाली प्रॉपर्टी का सौदा 15 लाख में होता है, तो भी रजिस्ट्री शुल्क 10 लाख के 4 प्रतिशत के हिसाब से 40 हजार रुपये देय होगा। इस तरह 20 हजार रुपये की बचत होगी। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि इस संशोधन से मध्यम वर्गीय परिवारों को वास्तविक मूल्य के आधार पर अधिक बैंक ऋण प्राप्त करने में सहूलियत होगी। इसके अलावा यह निर्णय संपत्ति बाजार में पारदर्शिता व स्पष्टता को बढ़ाने में भी सहायक होगा और इससे वास्तविक मूल्य दर्शाने की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलेगा। देश के अन्य राज्यों में जमीन की गाइडलाइन कीमत या सौदा मूल्य दोनों में से जो ज्यादा हो उस पर पंजीयन शुल्क लगता है। केवल मध्य प्रदेश में गाइडलाइन कीमत से अधिक सौदा मूल्य दर्शाने पर उसमें पंजीयन शुल्क में छूट दी गई है। इसके कारण वहां लोगों में वास्तविक सौदा मूल्य को रजिस्ट्री पेपर में लिखने की प्रवृत्ति में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। वर्तमान में किसी संपत्ति का सौदा मूल्य सामान्यतः गाइडलाइन मूल्य से बहुत ज्यादा होता है। लेकिन लोग गाइडलाइन मूल्य या इसके आसपास का ही सौदा मूल्य अंकित करते हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि अगर वास्तविक सौदा राशि अंकित कर देंगे, तो पंजीयन शुल्क गाइडलाइन मूल्य या वास्तविक सौदा राशि दोनों में से जो ज्यादा हो उस पर लगेगा। अधिक पंजीयन शुल्क से बचने के लिए लोग गाइडलाइन कीमत या इसके आसपास पूर्णांकित करते हुए सौदा मूल्य डाल देते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल का सीधा लाभ राज्य के सभी मध्यमवर्गीय परिवारों को मिलेगा क्योंकि अधिकांश मध्यमवर्गीय परिवार संपत्ति खरीदने के लिए बैंक लोन पर निर्भर रहते हैं। बैंक लोन रजिस्ट्री पेपर में दिखाए गए सौदे के रकम के आधार पर मिलता है, लोग पंजीयन शुल्क से बचने के लिए गाइडलाइन कीमत के बराबर सौदा मूल्य दिखाते हैं। कम सौदा कीमत दिखाएं जाने से बैंक लोन भी कम मिलता है। इस नीति से आमजनों को न्यायिक प्रकरणों में भी संपत्ति का वास्तविक मूल्य प्राप्त होगा। यदि कभी संपत्ति में कुछ धोखाधड़ी पायी गई तो व्यक्ति विक्रेता से वही मुआवजा पाने का हकदार होता है, जो रजिस्ट्री पेपर में लिखा हुआ। संपत्ति का सही मूल्य रजिस्ट्री में अंकित होने से प्रभावित व्यक्ति को उसका सही मुआवजा प्राप्त हो पायेगा।

‘स्कूल बंद और स्कॉच शुरू, हमने बनाया है-हम ही पिलाएंगे’, छत्तीसगढ़ में ‘मनपसंद’ ऐप पर पूर्व सीएम का निशाना

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शराब उपभोक्ताओं के लिए एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च किए जाने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर हमलावर हैं। राज्य के आबकारी विभाग ने बुधवार को ‘मनपसंद’ नाम से ऐप लॉन्च किया, जिसके जरिए ग्राहक शराब उपलब्धता, दुकानों, ब्रांड और कीमत से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। शराब की दुकान में अपनी पसंद का ब्रांड भी मंगवा सकते हैं। इसी मामले को लेकर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सरकार के इस कदम की जमकर आलोचना की। पूर्व सीएम ने एक्स पर लिखते हुए कहा कि बीजेपी कह रही है कि इससे लोगों को “सबसे अच्छी” शराब पीने को मिलेगी।पूर्व सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि ‘स्कूल बंद और स्कॉच शुरू’ योजना के तहत, बीजेपी का नया नारा है ‘हमने बनाया है, हम ही पिलाएंगे’। दरअसल ‘हमने बनाया है, हम ही सवारेंगे’ पिछले साल के विधानसभा चुनावों के दौरान बीजेपी का नारा था। जिसको लेकर पूर्व सीएम ने भाजपा पर जमकर हमला बोला। पूर्व सीएम ने बीजेपी नेता चंद्राकर का एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें उन्हें एप्लीकेशन के बारे में कहते हुए सुना जा सकता है कि यह अच्छा है कि लोग नकली ‘माल’ (शराब का जिक्र) से बचेंगे और असली ‘माल’ का सेवन करेंगे। शराबबंदी कभी भी हमारा (भाजपा का) मुद्दा नहीं रहा है। वहीं वीडियो को लेकर भाजपा नेता ने भूपेश बघेल पर हमला बोला है।

CM साय रहेंगे साइंस कॉलेज मैदान में अतिथि, छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ जनजातीय गौरव दिवस

रायपुर. राजधानी समेत प्रदेश के अन्य जिलों में जनजातीय गौरव दिवस का 2 दिवसीय आयोजन भी शुरू हो रहा है, जिसमें आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सम्मानित किया जाएगा. सीएम साय आज बालोद जिले के दौरे पर रहेंगे. इसके बाद राजधानी लौटकर वे औद्योगिक विकास नीति 2024 का विमोचन और धान खरीदी का शुभारंभ करेंगे. आज से छत्तीसगढ़ में जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन शुरू हो गया है, जो आगामी दो दिनों तक चलेगा. राजधानी रायपुर स्थित साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर किया जा रहा है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान और बलिदानों को सम्मानित करना है. बता दें, 15 नवंबर को बिहार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समारोह का औपचारिक शुभारंभ करेंगे. कार्यक्रम का थीम “सामाजिक, आर्थिक विकास, आजीविका एवं उद्यमिता, कला संस्कृति एवं धरोहर, शिक्षा और कौशल विकास, स्वास्थ्य एवं जीवन शैली” रखा गया है. इस दौरान आदिवासी समाज के हितों के संरक्षण और संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. कार्यक्रम में 400 से अधिक आदिवासी कलाकारों की भागीदारी होगी, जो सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे. आज से छत्तीसगढ़ में चालू खरीफ विपणन वर्ष के लिए धान खरीदी की प्रक्रिया शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर धान खरीदी के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. राज्य में कुल 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जाएगी. यह प्रक्रिया 31 जनवरी 2025 तक जारी रहेगी. इस दौरान किसान उत्पादित धान को समर्थन मूल्य पर बेच सकेंगे. दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में मतदान प्रतिशत दक्षिण विधानसभा उपचुनाव 2024 के लिए बुधवार को मतदान किया गया. शाम तक कुल 50.50 प्रतिशत मतदान हुआ है. पुरुष मतदाताओं ने बढ़चढ़ कर मतदान में हिस्सा लिया, जिनका मतदान प्रतिशत 51.42 प्रतिशत रहा. वहीं, महिला मतदाताओं ने 49.62 प्रतिशत मतदान किया. थर्ड जेंडर के मतदाताओं ने भी अपने मताधिकार का उपयोग करते हुए 13.46 प्रतिशत मतदान किया.

राज़्यपाल ने जारी किए आदेश, छत्तीसगढ़ के सेवानिवृत्त जज गोविंद मिश्रा बनाए गए मानवाधिकार आयोग के सदस्य

रायपुर। सेवानिवृत्त न्यायाधीश गोविंद मिश्रा को छत्तीसगढ़ मानवाधिकार आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया है. राज्यपाल रमेन डेका ने सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश गोविंद कुमार मिश्रा को छत्तीसगढ़ मानवाधिकार आयोग का सदस्य नियुक्त किया है. राजभवन से जारी आदेश के अनुसार, गोविंद मिश्रा की नियुक्ति उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी. राज्यपाल रमेन डेका ने सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश गोविंद कुमार मिश्रा को छत्तीसगढ़ मानवाधिकार आयोग का सदस्य नियुक्त किया है. राजभवन से जारी आदेश के अनुसार, गोविंद मिश्रा की नियुक्ति उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी. छत्तीसगढ़ मानवाधिकार आयोग का सेवानिवृत्त न्यायाधीश गोविंद मिश्रा को सदस्य नियुक्त किया गया है.

फर्जी बैंक खाता खुलवाकर लेन-देन का आरोप, छत्तीसगढ़ में पूर्व सीएम के करीबी पर ED ने दर्ज किया मामला

रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी केके श्रीवास्तव के खिलाफ पीएमएलए और एफईओए के तहत मामला दर्ज किया है. इसके पहले तेलीबांधा थाने में केके श्रीवास्तव के खिलाफ 500 करोड़ रुपए का ठेका दिलवाने के नाम से 15 करोड़ रुपए की ठगी करने का अपराध दर्ज किया गया था. बताया जा रहा है कि पुलिस की जांच में पाया गया कि केके श्रीवास्तव ने दिल्ली और मुंबई में जोमैटो तथा स्विगी में काम करने वाले लड़कों के नाम से फर्जी बैंक खाता खुलवाकर 500 करोड़ रुपए का ट्रांजैक्शन किया गया है. इस बात की जानकारी रायपुर पुलिस ने ईडी और आयकर विभाग को पत्र लिखकर दी थी. मामले में अब ईडी ने रायपुर पुलिस की एफआईआर के आधार पर केके श्रीवास्तव के खिलाफ पीएमएलए ‘धन शोधन निवारण अधिनियम‘ (Prevention of Money Laundering Act) और एफईओए ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम’ (Fugitive Economic Offender Act-FEO) के तहत मामला दर्ज किया है. जानकारी के अनुसार, केके श्रीवास्तव ने दिल्ली के रावत एसोसिएट के डायरेक्टर अर्जुन रावत को स्मार्ट सिटी लिमिटेड रायपुर में 500 करोड रुपए का ठेका दिलवाने के नाम से विभिन्न बैंक अकाउंट में 15 करोड़ रुपए डलवाए थे. रावत एसोसिएट्स कंपनी – हाइवे कंस्ट्रक्शन, सरकारी ठेके बिल्डिंग निर्माण और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का काम करती है. कंपनी के डायरेक्टर की केके श्रीवास्तव से मुलाकात 2023 में आध्यात्मिक गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णन के माध्यम से हुई थी. राखड़ और फ्लाई ऐश का काम करने वाले केके श्रीवास्तव ने तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का करीबी बता ठेका दिलाने के नाम पर 15 करोड़ लिया और काम नहीं दिलाया. प्रार्थी ने पुलिस से की गई अपनी शिकायत में लिखा है कि केके श्रीवास्तव ने उन्हें रायपुर बुला प्रदेश के सबसे बड़े नेता से मिलवाया था. बड़े नेता ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा था कि केके भरोसे के आदमी है, आपका काम हो जाएगा. लेकिन काम नहीं होने पर रकम वापसी के लिए तीन-तीन करोड़ के चेक दिए गए, लेकिन सभी चेक बाउंस हो गए. पुलिस के अपराध दर्ज करने की जानकारी लगते ही केके श्रीवास्तव परिवार के साथ फरार हो गया. पुलिस ने उन्हें भगोड़ा घोषित करते हुए दस हजार रुपए का इनाम रख दिया गया. थाने में अपराध दर्ज होने के बाद रायपुर सत्र न्यायालय से जमानत याचिका खारिज होने के बाद केके श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी. केके श्रीवास्तव के अधिवक्ता ने इसे धोखाधड़ी न मानते हुए आपसी लेनदेन का मामला बता जमानत देने का निवेदन किया था. याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने मामले में गंभीर टिप्पणी की थी. पुलिस द्वारा पेश की गई तगड़ी केस डायरी और जमानत विरोध को देखते हुए श्रीवास्तव की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. अब ईडी के द्वारा मामला दर्ज करने से केके श्रीवास्तव की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.

मंत्री-अधिकारी करेंगे मंथन, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नई औद्योगिक विकास नीति का करेंगे विमोचन

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 14 नवम्बर को शाम 6.30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मेफेयर लेक रिसार्ट में आयोजित कार्यक्रम में राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 का विमोचन करेंगे। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। उप मुख्यमंत्री द्वय अरूण साव और विजय शर्मा कार्यक्रम में अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। बता दें कि इस कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, खेल मंत्री टंकराम वर्मा, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। गौरतलब है कि 28 अक्टूबर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित केबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 मंजूर की गई थी। इसमें छत्तीसगढ़ सरकार ने भारत सरकार के विजन 2047 की परिकल्पना को साकार करने तथा राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से कई प्रावधान किए हैं। नई औद्योगिक नीति को उद्योग विभाग द्वारा संबंधित सभी हितपक्षों, औद्योगिक संगठन, औद्योगिक समूहों, संबंधित विभागों के साथ संवाद एवं गहन विचार-विमर्श कर तैयार किया गया है।

आंगनबाड़ी में फल-दूध न मिलने पर लिया संज्ञान, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महिला-बाल विकास विभाग से मांगा जवाब

बिलासपुर। हाईकोर्ट ने आंगनबाड़ी में बच्चों को फल, दूध आदि नहीं दिए जाने पर स्वतः संज्ञान लिया है. मामले की जनहित याचिका के रूप में सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने कोर्ट कमिश्नरों की रिपोर्ट से सचिव महिला बाल विकास विभाग के शपथ पत्र का तुलनात्मक मिलान करने को कहा है. मामले में अगली सुनवाई 12 दिसंबर को होगी. बता दें कि दुर्ग जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को फल और दूध नहीं दिए जाने की खबर मीडिया में आई थी, जिस पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया और इसे जनहित याचिका के रूप में दर्ज कर सुनवाई शुरू की. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डीबी ने इसके लिए एडवोकेट अमिय कांत तिवारी , सिध्दार्थ दुबे, आशीष बेक, ईशान वर्मा को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया. कोर्ट कमिश्नरों ने इन केन्द्रों में जाकर रिपोर्ट कोर्ट में पेश की. कोर्ट कमिश्नरों को सबंधित अधिकारियों ने बताया कि फल दूध की जगह पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है. रिपोर्ट आने के बाद हाईकोर्ट ने राज्य शासन के संबंधित प्राधिकारी से शपथपत्र के साथ जवाब मांगा था. मामले में राज्य के मुख्य सचिव और अन्य अफसरों को पक्षकार बनाया गया. इसके कुछ समय बाद सूरजपुर, कवर्धा और बस्तर से भी यही मामला सामने आया. इन जगहों पर जाकर भी कमिश्नरों ने निरीक्षण कर फिर अपनी रिपोर्ट तैयार की. इस बीच सचिव महिला बाल विकास ने कोर्ट में शपथपत्र प्रस्तुत किया. आज मंगलवार को चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच में सुनवाई के दौरान उपस्थित कोर्ट कमिश्नर से कोर्ट ने कहा कि वे अपनी रिपोर्ट से इस शपथपत्र को तुलना कर लें ताकि मालूम हो सके कि अदालत के आदेश का पालन हुआ है या नहीं.

मुख्यमंत्री साय ने जल संसाधन विभाग को दी बधाई, छत्तीसगढ़ देश में जनभागीदारी से जल संचय में पहले स्थान पर

रायपुर। जनभागीदारी से जल संचय में छत्तीसगढ़ पूरे देश में पहले स्थान पर है. केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस पहल पर उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है. छत्तीसगढ़ राज्य में जल संचय, जनभागीदारी पहल के तहत जल संचय के एक लाख 53 हजार 533 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 10 हजार 872 कार्य प्रगतिरत हैं. इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन में देश के पहले 10 जिलों में छत्तीसगढ़ के 8 जिलों ने अपना स्थान बनाया है. छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी से जल संचय के कार्यों में राज्य में पहले स्थान पर रायपुर जिला है, जहां 35 हजार 758 जल संचय के कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 5064 कार्य प्रगतिरत हैं. दूसरे स्थान पर बिलासपुर है, जहां 16,389 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 1643 कार्य प्रगति पर हैं. तीसरे स्थान पर रायगढ़ जिला है, जहां 16,629 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 662 कार्य प्रगति पर हैं. चौथे स्थान पर बलौदाबाजार-भाटापारा जिला है, जहां 16,730 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 300 कार्य प्रगति पर हैं. पांचवे स्थान बलरामपुर-रामानुजगंज जिला है, जहां 8618 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 586 कार्य प्रगति पर हैं. छठवें स्थान पर गरियाबंद जिला है, जहां 6899 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 634 कार्य प्रगति पर हैं. सातवें स्थान पर दुर्ग जिला है, जहां 4915 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 609 कार्य प्रगति पर हैं. दसवें स्थान पर धमतरी जिला है, जहां 3706 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 107 कार्य प्रगति पर हैं. गौरतलब है कि जल संचय जन भागीदारी पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने के अटूट संकल्प का प्रतिबिंब है. यह पहल जल संरक्षण में जन भागीदारी के महत्व पर जोर देती है और सामूहिक पहल एवं एकजुटता से जलसंरक्षण की संकल्पना को साकार करती है. इस योजना का प्रमुख उद्देश्य अन्य गतिविधियों के अलावा कृत्रिम पुनर्भरण संरचनाओं, बोरवेल पुनर्भरण शाफ्ट के निर्माण पर विशेष बल दिया गया है, जिससे भंडारण क्षमता बढ़ेगी और भू-जल पुनर्भरण को बढ़ाने में मदद मिलेगी.

आयुक्त सहकारिता ने अधिकारियों की ली वर्चुअल बैठक, छत्तीसगढ़ में कल से होगी धान खरीदी

रायपुर. चाक-चौबंद व्यवस्था के निर्देश के परिपालन में सभी जिलों में कलेक्टरों के मार्गदर्शन में सहकारिता, मार्कफेड और खाद्य विभाग द्वारा सभी तैयारियां तेजी पूरी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधा के लिए बारदानों की व्यवस्था, फड़, चबूतरा, पीने का पानी, किसानों के बैठने की छायादार व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टरों को धान खरीदी केन्द्रों की व्यवस्था का औचक निरीक्षण करने को भी कहा है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें इस संबंध में आवश्यक निर्देश भी दिए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में सहकारिता आयुक्त कुलदीप शर्मा ने सहकारिता विभाग के राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों की संयुक्त वर्चुअल बैठक ली। उन्होंने जिला पंजीयक और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक को धान खरीदी की अग्रिम तैयारियों के संबंध में कडे निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी तथा बैंक धान खरीदी के संबंध में अपनी जिम्मेदारी को समयानुसार पूरा करें। धान उपार्जन केन्द्रों से बारदानों की व्यवस्था, फड़, चबूतरा, पीने का पानी, किसानों के बैठने की छायादार स्थान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। धान की सुरक्षा के लिए पर्याप्त डनेज और तारपोलिन आदि की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। धान बेचने के लिए केन्द्र में आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। सहकारिता आयुक्त शर्मा ने सभी समितियों में सीसीटीव्ही कैमरे लगाने के लिए उचित जगह का चयन करने को कहा ताकि संपूर्ण परिसर कवर हो सके। उन्होंने ट्रायल रन के साथ-साथ सभी अग्रिम तैयारी 12 नवंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को धान खरीदी नीति अनुसार स्टेक लगाने, सभी समितियों को उचित संख्या में ही टोकन जारी करने के निर्देश दिए। मौसम खराब होने अथवा बारिश होने की स्थिति में किसी तरह की  अव्यवस्था उत्पन्न न हो, इसको ध्यान में रखते हुए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाए। सहकारिता आयुक्त ने बैंक अधिकारियों को बैंकों में उपलब्ध माइक्रो एटीएम समितियों को उपलब्ध कराने को कहा ताकि किसानों को इससे राशि आहरण की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। उन्होंने अधिकारियों को सभी समितियों में भ्रमण कर वहां की व्यवस्था का मुआयना करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 14 नवंबर से लेकर 31 जनवरी 2025 तक समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन किया जाएगा। इस अवधि में व्यवस्था से जुड़े अधिकारी न तो अनावश्यक रूप से अवकाश पर जाएंगे न ही मुख्यालय से बाहर रहेंगे।

सहकारिता आयुक्त ने अधिकारियों की ली वर्चुअल बैठक, छत्तीसगढ़ में ट्रायल रन पूराकर धान खरीदी 14 नवंबर से

रायपुर. चाक-चौबंद व्यवस्था के निर्देश के परिपालन में सभी जिलों में कलेक्टरों के मार्गदर्शन में सहकारिता, मार्कफेड और खाद्य विभाग द्वारा सभी तैयारियां तेजी पूरी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधा के लिए बारदानों की व्यवस्था, फड़, चबूतरा, पीने का पानी, किसानों के बैठने की छायादार व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टरों को धान खरीदी केन्द्रों की व्यवस्था का औचक निरीक्षण करने को भी कहा है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें इस संबंध में आवश्यक निर्देश भी दिए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में सहकारिता आयुक्त कुलदीप शर्मा ने सहकारिता विभाग के राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों की संयुक्त वर्चुअल बैठक ली। उन्होंने जिला पंजीयक और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक को धान खरीदी की अग्रिम तैयारियों के संबंध में कडे निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी तथा बैंक धान खरीदी के संबंध में अपनी जिम्मेदारी को समयानुसार पूरा करें। धान उपार्जन केन्द्रों से बारदानों की व्यवस्था, फड़, चबूतरा, पीने का पानी, किसानों के बैठने की छायादार स्थान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। धान की सुरक्षा के लिए पर्याप्त डनेज और तारपोलिन आदि की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। धान बेचने के लिए केन्द्र में आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। सहकारिता आयुक्त शर्मा ने सभी समितियों में सीसीटीव्ही कैमरे लगाने के लिए उचित जगह का चयन करने को कहा ताकि संपूर्ण परिसर कवर हो सके। उन्होंने ट्रायल रन के साथ-साथ सभी अग्रिम तैयारी 12 नवंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को धान खरीदी नीति अनुसार स्टेक लगाने, सभी समितियों को उचित संख्या में ही टोकन जारी करने के निर्देश दिए। मौसम खराब होने अथवा बारिश होने की स्थिति में किसी तरह की  अव्यवस्था उत्पन्न न हो, इसको ध्यान में रखते हुए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाए।सहकारिता आयुक्त ने बैंक अधिकारियों को बैंकों में उपलब्ध माइक्रो एटीएम समितियों को उपलब्ध कराने को कहा ताकि किसानों को इससे राशि आहरण की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। उन्होंने अधिकारियों को सभी समितियों में भ्रमण कर वहां की व्यवस्था का मुआयना करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 14 नवंबर से लेकर 31 जनवरी 2025 तक समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन किया जाएगा। इस अवधि में व्यवस्था से जुड़े अधिकारी न तो अनावश्यक रूप से अवकाश पर जाएंगे न ही मुख्यालय से बाहर रहेंगे।

पश्चिम बंगाल -दिल्ली समेत 4 राज्यों में अंतरराज्यीय साइबर ठग किए गिरफ्तार, छत्तीसगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई

रायपुर। कोरोना वायरस के लॉकडाउन के बाद से छत्तीसगढ़ में साइबर ठगी के मामले बढ़ने लगे हैं। बीते दिनों राजधानी में 3 अलग-अलग मामलों में साइबर ठगों ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को करोड़ों का चूना लगा दिया। इन मामलों के सामने आने के बाद रायपुर रेंज पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा के निर्देशन पर साइबर थाना रेंज रायपुर ने बड़ी कार्रवाई की। साइबर थाना रेंज रायपुर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल, दिल्ली, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश से 4 अंतरराज्यीय ठगों को गिरफ्तार किया है। इन सभी आरोपियों को पुलिस ने रायपुर कोर्ट में पेश किया था, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया है। पहला मामला राजधानी की रहने वाली एक महिला से साइबर ठगों ने शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा कमाने के नाम पर 88 लाख रुपये की ठगी की थी। महिला की शिकायत के बाद रेंज साइबर थाना में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई। इस मामले में पुलिस ने उत्तर प्रदेश, बिहार, चेन्नई, कोलकाता से 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जबकि दो आरोपी सुमन सिल (उम्र 28 साल) और देवराज कुशवाहा (उम्र 40 साल) फरार चल रहे थे, जिन्हें रायपुर पुलिस ने क्रमशः 24 परगना, पश्चिम बंगाल और भोपाल, मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के विभिन्न बैंक खातों में मौजूद ठगी के 84 लाख रुपये होल्ड करवाए हैं। दूसरा मामला राजधानी के ही एक युवक ने शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा कमाने के नाम पर 99 लाख रुपये की ठगी होने की रिपोर्ट थाना तेलीबांधा में दर्ज कराई थी। इस मामले में तेलीबांधा पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की जांच रेंज साइबर थाना रायपुर को सौंपी थी। मामले की जांच के दौरान साइबर टीम ने दिल्ली में छिपकर बैठे एक आरोपी दीपक (उम्र 29 साल) को जेजे कॉलोनी, द्वारका सेक्टर 3 में दबिश देकर गिरफ्तार किया। यह ठग मूल रूप से उत्तर प्रदेश के संभल जिले का रहने वाला है। तीसरा मामला राजधानी के रहने वाले एक व्यक्ति ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर उनसे 1.16 करोड़ रुपये की ठगी होने की रिपोर्ट पंडरी थाना में दर्ज कराई थी। इस मामले में साइबर टीम ने एक आरोपी को पहले गिरफ्तार किया था। इसी कड़ी में साइबर ठगी के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराने के आरोप में पुलिस ने सैयद जानी बासा (उम्र 46 साल) को विजयवाडा, आंध्र प्रदेश से गिरफ्तार किया है। प्रकरण में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है। 4 महीनों में 400 करोड़ की ठगी का भंडाफोड़, 28 गिरफ्तार गौरतलब है कि रायपुर रेंज साइबर पुलिस ने बीते 4 महीनों के दौरान बड़े साइबर घोटालों का पर्दाफाश किया है। इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि अब तक 37 मामलों में पुलिस ने 400 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का भंडाफोड़ करते हुए 28 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इन ठगों के खिलाफ देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 7900 से अधिक मामले दर्ज हैं। साइबर ठगी से बचने इन बातों का रखें खास ख्याल — A) शेयर ट्रेडिंग के फर्जी एप्लीकेशन के जरिए होने वाले ठगी का शिकार होने से बचने के लिए अत्यधिक लाभ प्राप्त करने के फेर में ना पड़ें। B) डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई प्रावधान कानून में नहीं है, कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर ऐसी धमकी नहीं देती, वीडियो कॉल पर पूछताछ नहीं करती है और ना ही पैसा की मांग करती है। अगर डर लगे तो समझिए कुछ गड़बड़ है। साइबर अपराधियों के झांसे में ना आएं। C) साइबर अपराधियों द्वारा सोशल मीडिया के द्वारा गूगल में रिव्यू लिखने के नाम से पैसे कमाने का झांसा दिया जाता है जिसके चक्कर में पड़कर कई लोग साइबर फ्रॉड का शिकार हुए हैं, इससे सावधान रहें। D) इसी प्रकार वर्क फ्रॉम होम के बहाने फ्रॉड हो रहे हैं जिसके माध्यम से साइबर फ्रॉडस्टर आपको घर बैठे पेंसिल पैकिंग या पीडीएफ फाइल को वर्ड में कन्वर्ट करने का आदि झांसा देकर काम निकलवा लेते हैं, उसके पश्चात किए गए कार्य में गलतियां बता कर पेनल्टी लगाने की बात पर पैसे की मांग की जाती है और पैसे ना देने पर कोर्ट में झूठा मुकदमा का पेपर तैयार कर फर्जी वारंट भेजा जाता है। जिससे घबराकर लोग आरोपियों को रूपये देने तैयार हो जाते हैं। किसी लालच में ना फंसे ना ही घबराएं। कभी भी कोई भी व्यक्ति आपको घर बैठे रुपए कमाने का अवसर नहीं देगा। पुलिस की जनता से अपील रायपुर पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया है कि अगर वे किसी भी तरह के साइबर अपराध का शिकार बनते हैं, तो तुरंत अपने निकटतम पुलिस थाने में जाकर एफआईआर दर्ज कराएं। इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक, रायपुर रेंज ने सभी पुलिस अधीक्षकों और थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी साइबर अपराध की सूचना मिलने पर तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए। अपराध पंजीकरण के बाद, आगे की जांच के लिए प्रकरण को रेंज साइबर थाने में भेजा जाएगा, जहां साइबर अपराध समाधान के लिए आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। यदि किसी कारणवश थाना में एफआईआर दर्ज नहीं होती है, तो नागरिक पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय, रेंज रायपुर से संपर्क कर सकते हैं।

जम्मू-कश्मीर में फिर आतंकवाद लाना चाह रही कांग्रेस, छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय का निशाना

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कांग्रेस जम्मू-कश्मीर में फिर से आतंकवाद और अलगाववाद का काला दौर लाना चाहती है। जम्मू- कश्मीर विधानसभा में धारा 370 और 35A को फिर से लाने के नेशनल कांफ्रेंस के प्रस्ताव का समर्थन कर कांग्रेस ने देश को तोड़ने का कुचक्र फिर से चल दिया है। उन्होंने कहा कि कल विधानसभा में जो भी कुछ हुआ, वह पाकिस्तान और देश विरोधी लोगों को खुश करने के लिए किया गया, जम्मू-कश्मीर की जनता को गुमराह करने के लिए किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज जो देश की एकता के लिए खड़े हैं, जम्मू-कश्मीर वे विकास और शांति के पक्ष में खड़े हैं, उन्हें मार्शल के जरिये बेरहमी से जम्मू-कश्मीर विधानसभा से बाहर निकाला जा रहा है। कांग्रेस-एनसी, पीडीपी – ये सब जम्मू-कश्मीर में फिर से आतंकवाद को लाना चाहते हैं। यह कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस का राष्ट्रविरोधी एजेंडा है। शेख अब्दुल्ला से लेकर उमर अब्दुल्ला तक, भावनात्मक ब्लैकमेल करना नेशनल कॉन्फ्रेंस की दिनचर्या है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर धारा 370 तथा 35A के काले साए से कब का निकल चुकी है। वह विकास के रास्ते पर चल पड़ी है, लेकिन कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी ये सब कश्मीर घाटी में आई शांति से परेशान हैं। ये जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद व अलगाववाद के काले दौर को वापस लाना चाहती है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने वादा किया था कि जम्मू-कश्मीर को विधानसभा देंगे, चुनाव करायेंगे, केवल 5 साल के अंदर मोदी सरकार ने चुनाव कराये और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बहाल किया। हम आगे भी जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए काम करेंगे। सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस फिर से धारा 370 बहाल करके की बात करके यह बताना चाहती है कि हम वाल्मीकियों, गोरखा समाज, पश्चिमी पाकिस्तान शरणार्थी, पहाड़ी और गुर्जर के खिलाफ हैं। कांग्रेस ने नेशनल कांफ्रेंस के घोषणापत्र का समर्थन कर जम्मू-कश्मीर में आरक्षण को ख़त्म करने का समर्थन किया था। वैसे भी राहुल गांधी अमेरिका जाकर आरक्षण को ख़त्म करने की बात कर चुके हैं। सीएम साय ने बताया कि धारा 370 के हटने के बाद से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की घटनाओं में 70 प्रतिशत की कमी आई है। नागरिकों की मृत्यु में भी लगभग 80% की कमी आई है। विदेशी नागरिकों के पर्यटन में 300 प्रतिशत का उछाल आया है। जम्मू-कश्मीर का बजट 17 प्रतिशत बढ़ा है। पत्थरबाजी की घटना बिलकुल बंद हो गई। आतंकवादी घटनाएं दो-तीन जिलों में ही सिमट कर रह गई। जहाँ पहले 5-7 प्रतिशत मतदान होता था, वहां भी 50 प्रतिशत मतदान होने लगा। जो पहले अलगाववाद और आतंकवाद की वकालत कर रहे थे, वे भी अब हिंदुस्तान के संविधान में लोकतंत्र को मजबूती देते हुए वोट मांगते दिखाई दिए। जी-20 की बैठक जम्मू-कश्मीर में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। जम्मू-कश्मीर को 80 हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मिला, 56 हजार करोड़ रुपये का निवेश आया। आजादी से लेकर धारा 370 के हटने तक जम्मू-कश्मीर में जितना निवेश आया, उसकी तुलना में तीन गुना निवेश पिछले 4 सालों में जम्मू-कश्मीर में हुआ। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस को इसका जवाब देना होगा। इनके इरादे ठीक नहीं है। कांग्रेस नेता फिर से 90 के दशक वाला जैसा माहौल जम्मू-कश्मीर में बनाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर के कांग्रेस विधायक दल के नेता गुलाम अहमद मीर ने कहा कि उनकी पार्टी कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को कम करने और विभाजन के खिलाफ लोगों की नाराजगी का समर्थन किया था और किया है। गुलाम अहमद मीर ने एक तरह से प्रस्ताव का समर्थन किया, कांग्रेस विधानसभा में इस प्रस्ताव के समर्थन में खड़ी नजर आई। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी अनुच्छेद 370 को हटाने पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे। कांग्रेस के एक और पुराने नेता सैफुद्दीन सोज ने प्रेस रिलीज करके इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में जो प्रस्ताव पास किया गया है, भले ही उसमें से चालाकी से धारा 370 और 35A का जिक्र नहीं किया गया है लेकिन उस प्रस्ताव में जो मांग की गई है, वह धारा 370 और 35A के जैसा ही है। जब विधानसभा में यह प्रस्ताव पारित हो रहा था, तो भाजपा सदस्य इसका विरोध कर रहे थे जबकि कांग्रेस के सदस्य इसका मौन समर्थन कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मीडिया से आई जानकारी में पता चला है कि स्पीकर ने स्वयं ही मंगलवार (5 नवंबर) को मंत्रियों की बैठक बुलाई थी और खुद ही प्रस्ताव तैयार किया। ये सरासर असंवैधानिक है। ये प्रस्ताव लाना पहले से सदन की कार्यवाही में लिस्टेड भी नहीं था। जब विधानसभा में एलजी के अभिभाषण पर चर्चा होनी थी तो प्रस्ताव कैसे लाया गया? इस प्रस्ताव को बिना किसी बहस के पारित कर दिया गया क्योंकि स्पीकर ने शोरगुल के बीच इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया। इतने बड़े विषय पर चर्चा नहीं होने दी गई। ये कैसा लोकतंत्र है? साय ने कहा कि इस प्रस्ताव की कोई कानूनी वैधता नहीं है क्योंकि जम्मू-कश्मीर विधानसभा संसद या सुप्रीम कोर्ट से ऊपर नहीं है। कोई भी विधानसभा अनुच्छेद 370 और 35A को वापस नहीं ला सकती। धारा 370 और 35A इतिहास बन चुकी है, इस इतिहास को अब कोई बदल नहीं सकता। नेशनल कॉन्फ्रेंस जम्मू-कश्मीर के लोगों को गुमराह कर रही है। जो लोग पहले धारा 370, 35A, स्वायत्तता और जमात-ए-इस्लामी के नाम पर लोगों को बेवकूफ बनाने की राजनीति करते थे, वे अब 5 अगस्त 2019 के बाद से स्थापित शांति से परेशान हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस राज्य के दर्जे पर बातचीत शुरू करके गरीब लोगों को फिर से सड़क पर लाना चाहती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अभी जब घाटी में आतंकी हमले हुए और उसमें पाकिस्तान के हाथ होने का मामला सामने आया, तब भी मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान का जिक्र तक नहीं किया।

भोला-मुकेश सिंह को प्रिंट और मोहन को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पुरस्कार, छत्तीसगढ़ के राज्य अलंकरण घोषित

रायपुर। राजधानी नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव के तहत राज्य अलंकरण समारोह का आयोजन किया जाएगा. डिप्टी सीएम अरुण साव ने महंत घासीदास संग्रहालय परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस सम्मान समारोह की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विभूतियों को इस अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा और यह सम्मान स्वयं उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा प्रदान किए जाएंगे. डिप्टी सीएम ने बताया कि राज्योत्सव समारोह के अंतिम दिन यानी कल यह विशेष अलंकरण कार्यक्रम होगा, जिसमें समाज, शिक्षा, कला, संस्कृति, खेल और विज्ञान समेत विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा. डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया कि छत्तीसगढ़ ने हर क्षेत्र में प्रगति की है. साय सरकार बनने के बाद एक बार फिर संकल्प दोहराया गया कि हमने बनाया और हम ही संवारेंगे. राज्योत्सव समारोह के समापन कार्यक्रम में राज्य अलंकरण पुरस्कार उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ देने वाले है. 36 अलंकरण उपराष्ट्रपति के हाथों दिलाए जाएंगे. 16 अलग-अलग विभागों से संबंधित राज्य अलंकरण है. जूरी की अनुशंसा पर राज्य सरकार ने विचार किया है कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मोहन तिवारी को चंदूलाल चंद्राकर सम्मान मिलेगा और प्रिंट मीडिया से भोला राम सिन्हा को चंदूलाल चंद्राकर अवार्ड मिलेगा.

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet