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तीन मंत्रियों के खिलाफ कांग्रेस ने किया पुतला दहन, दोषियों पर की कार्यवाही की मांग।

Congress burnt effigies of three ministers and demanded action against the culprits. हरिप्रसाद गोहे आमला। प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर आज नगर के जनपद चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों के खिलाफ पुतला दहन किया। पुतला दहन के दौरान पुलिस और कांग्रेसियों के बीच खींचतान देखने को मिली, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर केनन का उपयोग किया। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि मनोज मालवे एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विजेंद्र भावसार ने किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कप सिरप से हुई मौतों के मामले में मंत्री राजेंद्र शुक्ला को जिम्मेदार ठहराया। वहीं सेना और महिलाओं पर कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर मंत्री विजय शाह के खिलाफ नाराजगी जताई गई। इसके अलावा इंदौर में दूषित जल से हुई मौतों को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर भी गंभीर आरोप लगाए गए।कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। नेताओं ने कहा कि जब तक जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए जाते, तब तक कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा।इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मनोज देशमुख, गणेश ढोमने, नीरज सोनी, युवक कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष प्रदीप कोकाटे, नपा अध्यक्ष नितिन गाडरे, उपाध्यक्ष किशोर माथनकर, पार्षद पद्मनी भूमरकर, युवक कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष यशवंत हुड़े, विजय पारधी, युवक कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष मनीष नागले सहित कांग्रेस, युवक कांग्रेस, सेवादल और एनएसयूआई के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कर्ज में डूबा किसान: मप्र के हर किसान परिवार पर 74,420 रुपए का कर्ज उमंग सिंघार ने सरकार से किए सवाल

Farmers in debt: Every farmer family in Madhya Pradesh has a debt of Rs 74,420. Umang Singhar questions government भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे कर्ज और किसानों की घटती आय को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को घेरा है। Umang Singhar questions government ने कहा कि संसद में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार मध्यप्रदेश के हर किसान परिवार पर औसतन 74,420 का कर्ज है। उन्होंने कहा कि देश के कृषि मंत्री भी मध्यप्रदेश से आते हैं, फिर भी आज एमपी का किसान देश के सबसे अधिक कर्ज वाले राज्यों में शामिल है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि किसानों का कर्ज़ घटाने के लिए क्या ठोस योजना है, किसानों को फसल का सही मूल्य कब मिलेगा और किसान आत्मनिर्भर कब बनेगा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि किसान सिर्फ वोट बैंक नहीं हैं बल्कि देश के अन्नदाता हैं, जिनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से होना चाहिए। उमंग सिंघार ने कर्ज के मुद्दे पर सरकार को घेराUmang Singhar questions government मध्य प्रदेश के किसान परिवारों पर बढ़ते कर्ज़ को लेकर राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि संसद में पेश किए गए ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार मध्यप्रदेश के हर किसान परिवार पर औसतन 74,420 का कर्ज़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के तमाम वादों और दावों के बावजूद किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई बल्कि उनपर कर्ज बढ़ गया है। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि क्या यही ह्लडबल इंजन सरकारह्व की किसान नीति है। उन्होंने पूछा कि जब देश के कृषि मंत्री भी मध्यप्रदेश से आते हैं, तब भी राज्य के किसान देश के सबसे अधिक कर्ज वाले राज्यों में क्यों शामिल हैं। मुख्यमंत्री से किए सवालनेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से सीधे सवाल किए हैं कि उनके पास कर्ज घटाने की क्या ठोस योजना है। उन्होंने पूछा कि किसानों को उनकी फसल का सही दाम कब मिलेगा और आत्मनिर्भर किसान कब बनेगा। उमंग सिंघार ने कहा कि किसान सिर्फ वोट बैंक नहीं, बल्कि देश का अन्नदाता है और लेकिन सरकार लगातार उनकी उपेक्षा कर रही है। बता दें कि एमपी सरकार ने प्रदेश के बजट सत्र से ठीक पहले 5,000 करोड़ का नया कर्ज लिया है, जो पिछले एक हफ्ते में दूसरी बार लिया गया बड़ा कर्ज है। चालू वित्त वर्ष में अब तक कुल 36 बार कर्ज लिया जा चुका है, और इसकी कुल राशि 67,300 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

महिला सशक्तिकरण को भूली सरकार, अब उनका रोजगार भी छीनने की तैयारी: संगीता शर्मा

The government has forgotten women’s empowerment and is now preparing to take away their jobs: Sangeeta Sharma भोपाल। प्रदेश में 1166 करोड़ रुपये के पोषण आहार कार्य को निजी हाथों में सौंपे जाने के निर्णय को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता संगीता शर्मा ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण के दावों के विपरीत तथा लाखों महिलाओं की आजीविका पर सीधा प्रहार बताया है।सुश्री शर्मा ने कहा कि वर्षों से प्रदेश के विभिन्न जिलों में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित पोषण आहार प्लांट न केवल स्थानीय महिलाओं को रोजगार प्रदान कर रहे थे, बल्कि आंगनबाड़ी केंद्रों तक पोषण सामग्री की नियमित आपूर्ति भी सुनिश्चित कर रहे थे। सीमित संसाधनों के बावजूद इन समूहों ने गुणवत्तापूर्ण कार्य कर आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की थी। ऐसे में इस संपूर्ण कार्य को निजी कंपनियों को सौंपना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की भावना के प्रतिकूल है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार एक ओर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती है, उन्हें ऋण उपलब्ध कराकर प्लांट स्थापित करवाती है, वहीं दूसरी ओर नीतिगत निर्णयों के माध्यम से उन्हीं इकाइयों को बंद करने की स्थिति पैदा कर देती है। इससे हजारों परिवारों की आय का स्रोत प्रभावित हुआ है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि जब महिला स्व-सहायता समूहों का मॉडल सफलतापूर्वक संचालित हो रहा था, तो उसे समाप्त करने की आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने आशंका जताई कि इतने बड़े वित्तीय कार्य को निजी हाथों में सौंपने से पारदर्शिता और गुणवत्ता पर भी प्रश्नचिह्न खड़े हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि माताओं और बच्चों के पोषण जैसे संवेदनशील विषय को लाभ-हानि के व्यापार में परिवर्तित नहीं किया जाना चाहिए। शर्मा ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल मंचों और भाषणों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि महिलाओं को स्थायी रोजगार, सम्मानजनक आय और निर्णय प्रक्रिया में वास्तविक भागीदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं करती है, तो कांग्रेस पार्टी महिला स्व-सहायता समूहों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन करेगी।

जिला कांग्रेस कार्यालय बैढ़न में आज होगा ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मान समारोह

The block presidents’ felicitation ceremony will be held today at the District Congress Office, Baidhan. सिंगरौली। प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा नियुक्त सिंगरौली जिले के सभी ब्लॉक अध्यक्षों के सम्मान में कल13 फरवरी को जिला कांग्रेस कार्यालय बैढ़न में सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम दोपहर 1 बजे शुरू होगा, जिसमें जिले भर के कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नव नियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मान कर संगठन को और मजबूत बनाना है।जिला संगठन महामंत्री संकठा सिंह चौहान ‘बबलू’ ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि समारोह में वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, जिला पदाधिकारी, ब्लॉक, मंडलम, सेक्टर और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, सेवादल, एनएसयूआई, आईटी सेल, किसान कांग्रेस, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और आदिवासी कांग्रेस के पदाधिकारी भी शामिल होंगे। उन्होंने सभी कांग्रेसजनों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर इसे सफल बनाने की अपील की है।

कांग्रेस ने तय किया, बंगाल में ममता के खिलाफ अकेले चुनाव लड़ेगी, लेकिन एजेंडा क्या रहेगा?

कलकत्ता  पश्चिम बंगाल में विधानसभा के चुनाव अप्रैल-मई में होने वाले हैं. लेकिन, अभी से ही संकेत मिलने लगे हैं कि बंगाल की लड़ाई भी लगभग दिल्ली और बिहार जैसी ही हो सकती है – बंगाल में भी कांग्रेस करीब करीब उसी भूमिका में नजर आ सकती है, जैसा कांग्रेस का रवैया दिल्ली और बिहार में देखा जा चुका है. पश्चिम बंगाल में चल रहे SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ अपनी मुहिम को धार देने के लिए ममता बनर्जी दिल्ली में हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिल चुकी हैं, और सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की बेंच के सामने अपने केस की पैरवी भी कर चुकी हैं. साथ ही, ममता बनर्जी चाहती हैं कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस संसद में महाभियोग का प्रस्ताव लाए, और तृणमूल कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल उसको सपोर्ट करें – लेकिन, सपोर्ट के बदले में वो कुछ भी शेयर नहीं करना चाहती हैं.  मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तो पहले से ही तृणमूल कांग्रेस के पश्चिम बंगाल चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान कर रखा है. अब तो कांग्रेस ने भी पश्चिम बंगाल की सभी 294 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है – ऐसी सूरत में बंगाल के चुनाव नतीजे दिल्ली और बिहार से कितने अलग होंगे, देखना महत्वपूर्ण होगा. पश्चिम बंगाल की संभावित चुनावी जंग ये तो अब पूरी तरह साफ हो गया है कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को चुनावी लड़ाई सिर्फ बीजेपी के खिलाफ नहीं लड़ना है. 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी बहुत ज्यादा सीटें तो नहीं जीत पाई थी, लेकिन मुख्य विपक्षी दल तो बन ही गई. कांग्रेस का तो खाता भी नहीं खुल पाया था.  मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग के मुद्दे पर विपक्ष का साथ चाह रहीं ममता बनर्जी से दिल्ली में जब कांग्रेस के बारे पूछा गया तो उनका जवाब था कि उनकी पार्टी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी. कांग्रेस के साथ किसी भी तरह के चुनावी गठबंधन की संभावना को नकारते हुए ममता बनर्जी पहले भी कह चुकी हैं, तृणमूल कांग्रेस की रणनीति साफ है, जबकि बाकी पार्टियां टीएमसी के खिलाफ लड़ने की रणनीति बनाती हैं. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर अब कांग्रेस का रुख भी सामने आ गया है. कांग्रेस का कहना है, प्रदेश संगठन और कार्यकर्ताओं की लंबे समय से मांग रही है कि पार्टी राज्य में अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान के साथ चुनावी मैदान में उतरे. पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने आलाकमान के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा है कि केंद्रीय नेतृत्व ने बंगाल कांग्रेस की भावनाओं का सम्मान किया और अकेले चुनाव लड़ने के फैसले को मंजूरी दी. बंगाल कांग्रेस की तरफ से एक बयान में कहा गया है, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल प्रभारी गुलाम अहमद मीर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी, सांसद ईशा खान चौधरी सहित सूबे के सीनियर नेताओं की मौजूदगी में व्यापक विमर्श हुआ – और तय हुआ कि पार्टी 2026 का विधानसभा चुनाव अकेले दम पर लड़ेगी. बीजेपी के खिलाफ ममता बनर्जी की लड़ाई में कांग्रेस की ही तरह एक और मोर्चा खड़ा हो रहा है. सीपीएम की पश्चिम बंगाल इकाई के सचिव मोहम्मद सलीम ने हाल ही में टीएमसी से सस्पेंड विधायक हुमायूं कबीर से मुलाकात की थी. मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनवाने की घोषणा करके चर्चा में आए हुमायूं कबीर ने जनता उन्नयन पार्टी बनाई है, और ममता बनर्जी को सत्ता से बेदखल करने का दावा कर रहे हैं.  बंगाल चुनाव में कांग्रेस की भूमिका 2025 के शुरू में दिल्ली विधानसभा चुनाव और आखिर में बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही. पश्चिम बंगाल के 2021 के चुनाव में तो राहुल गांधी की भूमिका रस्मअदायगी जैसी थी. राहुल गांधी एक दिन के लिए पश्चिम बंगाल में कैंपेन करने गए थे, और कोविड के कारण आगे के कार्यक्रम रद्द कर दिए गए थे.  2025 के पश्चिम बंगाल चुनाव में कांग्रेस की भूमिका का अंदाजा कैसे लगाया जाए? क्या राहुल गांधी दिल्ली और बिहार की तरह बंगाल में भी कांग्रेस को चुनाव लड़ाने वाले हैं या 2021 की ही तरह रस्मअदायगी निभाने की तैयारी है?  दिल्ली में हुई कांग्रेस की मीटिंग में ममता बनर्जी के सबसे बड़े विरोधी अधीर रंजन चौधरी भी शामिल थे, जो 2024 का लोकसभा चुनाव हारने के बाद से हाशिये पर भेजे जा चुके हैं. और, ये भी ममता बनर्जी के फेवर में ही जाता है. 2024 के चुनाव से पहले ही ममता बनर्जी ने घोषणा कर डाली थी कि वो अकेले चुनाव लड़ेंगी. पहले तो सुनने में आया था कि वो कांग्रेस को दो सीटें गठबंधन के तहत देने के तैयार भी थीं, लेकिन बाद में मना कर दिया. और, भारत जोड़ो न्याय यात्रा के साथ राहुल गांधी के पश्चिम बंगाल में प्रवेश की पूर्व संध्या पर ही ‘एकला चलो रे’ घोषणा कर दी थी. फिर कांग्रेस नेतृत्व की तरफ से ममता बनर्जी के प्रति बयानों में सम्मान के भाव ही प्रकट किए जा रहे थे.  दिल्ली और बिहार चुनावों में राहुल गांधी के तेवर को देखें तो अंदाज बिल्कुल अलग था. दिल्ली चुनाव में आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल के खिलाफ राहुल गांधी उतने ही आक्रामक नजर आते थे, जितना बीजेपी के नेता. शीशमहल से लेकर दिल्ली शराब घोटाले तक, राहुल गांधी ने एक एक मामला गिनाकर अरविंद केजरीवाल को कठघरे में खड़ा कर दिया था.  ये भी था कि अरविंद केजरीवाल का भी कांग्रेस के प्रति ममता बनर्जी जैसा ही रवैया था. ममता बनर्जी ने तो विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक में रहते हुए भी अरविंद केजरीवाल का समर्थन किया था. मतलब, कांग्रेस के खिलाफ. जैसे समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव ने चुनाव कैंपेन भी किया था.  बिहार चुनाव राहुल गांधी दिल्ली की तरह तो नहीं लड़ रहे थे, लेकिन कोई कमी भी नहीं छोड़ी थी. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के साथ वोटर अधिकार यात्रा करते हुए उनको मुख्यमंत्री पद का चेहरा नहीं बताया. तेजस्वी यादव के बड़े भाई और प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बता देने के बाद भी. बाद में जो हुआ, न होता तो भी नतीजे शायद ही अलग होते.  तृणमूल कांग्रेस के लिए बंगाल … Read more

कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, MP में जंबो कार्यकारिणी खत्म, संगठन ने जारी किया सख्त आदेश

भोपाल  कांग्रेस संगठन के ताज़ा निर्देशों ने मध्य प्रदेश कांग्रेस की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल के सख्त आदेश के बाद प्रदेश कांग्रेस में टेंशन का माहौल बन गया है। अब जिलों में मनमाने तरीके से बड़ी कार्यकारिणी बनाने पर रोक लगा दी गई है। जिला अध्यक्षों को मिला सीधा आदेश कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सभी राज्यों की इकाइयों और जिला अध्यक्षों को पत्र लिखकर साफ निर्देश दिए हैं कि — बड़े जिलों में अधिकतम 55 सदस्य छोटे जिलों में सिर्फ 35 सदस्य ही जिला कार्यकारिणी में शामिल किए जाएंगे। यह फैसला AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में हुई बैठक में लिया गया। 15 दिन में कार्यकारिणी गठन के निर्देश वेणुगोपाल ने यह भी साफ कर दिया है कि सभी जिलों को 15 दिन के भीतर नई गाइडलाइन के अनुसार जिला कार्यकारिणी का गठन करना होगा। MP में पहले ही तोड़ी जा चुकी है गाइडलाइन मध्य प्रदेश में गुटबाजी को साधने के लिए लंबे समय से जम्बो कार्यकारिणी बनाने की परंपरा रही है। लेकिन नए निर्देश आने से पहले ही 30 जनवरी को कांग्रेस ने तीन जिलों की कार्यकारिणी जारी कर दी, जिनमें तय सीमा से कहीं ज्यादा पदाधिकारी बना दिए गए। आंकड़े जो बढ़ा रहे हैं संगठन की मुश्किल छिंदवाड़ा: 240 सदस्य सागर: 150 से ज्यादा पदाधिकारी मऊगंज (छोटा जिला): 40 सदस्य भोपाल शहर: 106 नामों की सूची भोपाल ग्रामीण: 85 सदस्यों की सूची तैयार इन आंकड़ों ने अब कांग्रेस संगठन को असमंजस में डाल दिया है।  अब क्या बदलेगी MP कांग्रेस की रणनीति? राष्ट्रीय नेतृत्व के सख्त रुख के बाद सवाल यह है कि— क्या जारी की गई जम्बो कार्यकारिणियों में कटौती होगी? या फिर संगठन और प्रदेश नेतृत्व के बीच टकराव बढ़ेगा? फिलहाल, कांग्रेस के नए फरमान ने मध्य प्रदेश की सियासत में नई बेचैनी और सियासी हलचल जरूर पैदा कर दी है।

पीड़ितों को 1 करोड़ की सहायता और निगम में नौकरी चाहिए, भागीरथपुरा में आवाज उठी

इंदौर  देश के सबसे स्वच्छ और मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से बीमार हुए लोगों और जान गवाने वालों के परिजन को न्याय दिलाने की मांग उठाते हुए कांग्रेस ने शहर के राजबाड़ा पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान उन 32 लोगों के परिवार के सदस्य भी शामिल हुए, जिनकी मौत उल्टी-दस्त से ग्रस्त होने से हुई है। इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंच से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि, सरकार पीड़ित परिवारों को एक करोड़ रुपए मुआवजा दें। नगर निगम में परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। अगर ये मांग पूरी नहीं होती है तो 8 दिन के बाद कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए जनता से निवेदन कर पूरा इंदौर बंद कराएगी। इंदौर में बनाई जाएं दो वाटर लैब शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि, दो वाटर लैब हर तैयार की जाए। कार्यकर्ता का यह दायित्व है कि घर-घर जाकर उस पानी के सैंपल लेकर जांच कराएं। भागीरथपुरा में रहने वाले छह माह के अव्यान साहू की मां ने कहा, इंदौर के दूषित पानी ने मेरे बेटे की जान ले ली। अन्य परिवारों ने भी उनकी परेशानी बताई। कई परिवारों ने कहा कि, अभी तक सहायता तक नहीं मिल सकी। धरना स्थल पर पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना सेतिया, विपिन वानखेड़े, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, उषा नायड़, अधिवक्ता प्रमोद द्विवेदी, शेख अलीम, पंडित कृपा शंकर शुक्ला, सत्यनारायण पटेल समेत अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि, हर परिवार की अपनी वेदना है। शहरवासियों ये महसूस करो कि, हमारे घर ये त्रासदी आ जाती तो क्या होता? जिन्हें हमने कुर्सी दी, वोट दिया उनसे सवाल करना जरूरी है। अब पानी से किसी की मौत न हो इसके लिए सभी को जागना जरूरी है। संसद तक इस मामले कि गूंज उठ चुकी है। देश के प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री, सुमित्रा महाजन और शिवराज सिंह चौहान ने सवाल क्यों नहीं पूछा? जिस पानी को हम जीवन देने का माध्यम मानते हैं, उस पानी का जहर इंदौर नगर निगम ने लोगों को पिला दिया। ये सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, व्यवस्था का पतन है। सवाल पूछा तो बोले- इंदौर को बदनाम कर रहे हैं पटवारी ने कहा- भागीरथपुरा में जो हुआ वो पूरे इंदौर और पूरे प्रदेश के पानी की स्थिति है। जनता का जीवन इतना सस्ता है कि, दो लाख रुपए देकर सबने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर दिया। उन परिवारों को लालच दिया गया कि, आवाज मत उठाना, एक भी शब्द कहा तो सहायता नहीं मिलेगी। सज्जन सिंह वर्मा और प्रतिनिधि मंडल को काले झंडे दिखाए गए। आखिर कैसा शहर बन रहा है हमारा इंदौर ? जब हम सवाल पूछते हैं तो मंत्री कहते हैं- इंदौर को बदनाम कर रहे हैं। दो हजार करोड़ रुपए की बन गई नकली फाइल जीतू पटवारी ने कहा, निगम में 2 हजार करोड़ रुपए की नकली फाइल बन गई। उनके पैसे भी निकल गए। कोर्ट में मुकदमा चल रहा है, लेकिन आरोपी कोई नहीं है। एक भी राजनीतिक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं। महापौर की साइन से फाइल बनती है। एमआइसी की साइन से फाइल बनती है। पार्षद फाइल पर साइन कर आगे बढ़ाते हैं। अधिकारी उसे आगे बढ़ाते हैं तो राजनीतिक लोगों की 2 हजार करोड़ रुपए के घोटाले में कोई जिम्मेदारी क्यों नहीं? ये रुपए जनता के ही थे। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से इस्तीफे की मांग वहीं, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि, हमने इंदौर की जनता से आह्वान किया था कि, न्याय के लिए आएं। इस दौरान उन्होंने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से इस्तीफा देने की मांग की। साथ हीये भी कहा कि, कांग्रेस न्याय के लिए हमेशा लड़ती रहेगी। जिस शहर के सीएम खुद प्रभारी, वहां नहीं रुक रहीं मौतें- रीना सेतिया महिला प्रदेश अध्यक्ष रीना सेतिया ने कहा कि, 9 विधायक, 2 मंत्री, महापौर भाजपा के हैं। सीएम खुद इंदौर के प्रभारी मंत्री हैं, बावजूद इसके शहर को जहरीला पानी मिला। इंदौर में लगातार मौतें हो रही हैं, लेकिन अब तक किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हम इन पीड़ित परिवारों के साथ संवेदना व्यक्त करते हैं और उनके न्याय के लिए लंबी लड़ाई भी लड़नी पड़ी तो पीछे नहीं हटेंगे।

मंच पर सिंधिया के सामने ही BJP MLA ने कर दी पूर्व CM कमलनाथ की तारीफ, जानिए आखिर क्या हुआ

BJP MLA praised former CM Kamal Nath on stage in front of Scindia, find out what happened. अशोकनगर । केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने उस वक्त विचित्र स्थिति बन गई जब बीजेपी विधायक काम के लिए पूर्व सीएम कमलनाथ की तारीफ कर दी। बीजेपी विधायक जगन्नाथ रघुवंशी ने महाराज के सामने ही कह दिया कि आप भी कमलनाथ की तरह एक ट्रेन चलवा दीजिए। दरअसल केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर हैं। इसी कड़ी में वो सोमवार को अशोकनगर जिले में दिव्यांग जनों के लिए सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान वाक्या पेश आया। मंच से भाजपा विधायक ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के काम की तारीफ कर की। सिंधिया के सामने आग्रह करते हुए कहा कि एक ट्रेन दिल्ली से लिए चलवा दीजिए, यही हमारे लिए बड़ी सौगात होगी। अशोकनगर की गहन दिशा बैठक के दौरान केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जिले के समग्र विकास, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जनसेवा की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, पेयजल, अधोसंरचना, रोजगार, उद्योग और नगरीय विकास से जुड़ी योजनाओं की वस्तुस्थिति पर चर्चा हुई तथा विभिन्न विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। चंदेरी विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी कमलनाथ के काम के हुए मुरीदकेंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिव्यांगों को ट्राई साइकिल, इलेक्ट्रिक गाड़ी, व्हीलचेयर, कृत्रिम अंग वितरण किए । इसी बीच चंदेरी के भाजपा विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी ने अचानक मंच पर कमलनाथ की तारीफ कर दी। रघुवंसी ने कहा कि कांग्रेस के एक पूर्व मुख्यमंत्री हैं कमलनाथ जी, अपने क्षेत्र से एक ट्रेन छिंदवाड़ा से दिल्ली के लिए चलवाई थी।

भाजपा पर जमकर बरसे कांग्रेस जिला अध्यक्ष निलय डागा, आमला में निकाली मनरेगा महासंग्राम रैली, सौंपा ज्ञापन।

Congress District President Nilay Daga lashed out at BJP, took out MNREGA Mahasangram rally in Amla and submitted a memorandum. हरिप्रसाद गोहेआमला। जिला कांग्रेस अध्यक्ष बैतूल निलय डागा कि अगुवाई में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आमला के बस स्टैंड में मनरेगा महासंग्राम रैली का आयोजन किया, जिसमें कांग्रेस जिला अध्यक्ष निलय डागा ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने मनरेगा कानून को खत्म कर दिया है और मेडिकल कॉलेज को पीपीपी मोड में देने का फैसला किया है, जिससे गरीबों को इलाज से वंचित होना पड़ेगा।डागा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार हिंदू-मुस्लिम के नाम पर राजनीति करती है, लेकिन हिंदुओं के लिए कुछ नहीं करती। उन्होंने कहा कि भाजपा ने एथनॉल प्लांट और मक्का घोटाले में भी पार्टनरशिप की है।कांग्रेस पार्टी ने मांग की है कि मनरेगा कानून को बहाल किया जाए, मेडिकल कॉलेज को सरकारी रखा जाए और किसानों को फसल का सही दाम दिया जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने रेवड़ी बांटने का कल्चर बना रखा है और लोगों को ठगा जा रहा है। धरना प्रदर्शन में यह रहे मौजूद कांग्रेस जिलाध्यक्ष निलय डागा पूर्व विधायक मुलताई डॉ. पी.आर.बोडखे, पूर्व विधायक भैंसदेही धरमूसिंह सिरसाम, पूर्व विधायक घोडाडोंगरी ब्रम्हा भलावी, आमला के कांग्रेस प्रत्याषी मनोज मालवे, प्रदेष कांग्रेस सचिव समीर खान, महिला कांग्रेस कि जिलाध्यक्ष मोनिका निरापुरे, पुष्पा पेन्द्राम, युवक कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष प्रदीप कोकाटे, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष मनोज देषमुख, किषोर चौहान, नरेन्द्र चाचडा, राजेष सराठे, नगर पालिका अध्यक्ष नितिन गाडरे, युवक कांग्रेस के विजय पारधी, सारनी प्रभारी हर्षवर्धन धोटे, किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष जगदीष गोचरे, बैतूल प्रभारी सुभाष देषमुख, जनसमस्या निवारण प्रकोष्ट के जिलाध्यक्ष तकिउल्ल हसन रिजवी, युवक कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष लवलेष बब्बा राठौरा, बटेष्वर भारती, राफेबक्स, पंचू खान, विरेन्द्र बर्थे, खुषबू अतुलकर, दिगम्ब्र पारधी, अजय सोलंकी, सुरेष पंड्या, प्रितेष गंगारे, दानिष खान सारनी प्रभारी महेन्द्र भारती, सी.एम. बेले, पवन यादव, नहेरूसिंह राजपूत, जिन्दू गायकवाड़, राजेन्द्र बिहारीया, विजय आर्य, निरज सोनी, अलकेष ठाकुर, प्रषांत राजपूत, छन्नू बेले, राहुल जैसवाल, राकेष सोनी, करण राजपूत, रोहन भारती, राकेष गुप्ता सहित सैकड़ो कांग्रेस जन एवं आम जनता उपस्थिति रही।

मध्य प्रदेश में फिर तेज हुई दलित-आदिवासी राजनीति, कांग्रेस साधने के लिए मुद्दों को दे रही हवा

Dalit-tribal politics has once again intensified in Madhya Pradesh, with the Congress raising issues to gain traction. भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर दलित-आदिवासी राजनीति केंद्र में आ गई है। भले ही विधानसभा चुनाव 2028 में होने हैं, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से इन वर्गों को साधने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। खासकर कांग्रेस दलित और आदिवासी समाज को फिर से अपने पाले में लाने के लिए आक्रामक रुख अपनाती दिख रही है। ग्वालियर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना को लेकर हुए विवाद से लेकर आदिवासी संगठनों के मुद्दों तक, कांग्रेस लगातार संदेश देने की कोशिश कर रही है कि वह इन वर्गों के साथ खड़ी है। हाल ही में ग्वालियर हाई कोर्ट खंडपीठ परिसर में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर हुए विवाद ने दलित राजनीति को नया मुद्दा दे दिया। कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया समेत कई नेता खुलकर दलित संगठनों के समर्थन में सामने आए। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर प्रशासन और सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए दलित अस्मिता से जोड़कर इसे बड़ा राजनीतिक प्रश्न बना दिया। ग्वालियर-चंबल अंचल में अनुसूचित जाति वर्ग की निर्णायक भूमिका को देखते हुए कांग्रेस का यह रुख महज संयोग नहीं माना जा रहा। विधानसभा गणित और दलित-आदिवासी महत्वप्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में अनुसूचित जाति के लिए 35 और अनुसूचित जनजाति के लिए 47 सीटें आरक्षित हैं। इसके अलावा करीब 40 सामान्य सीटों पर भी इन वर्गों का प्रभाव निर्णायक माना जाता है। यही कारण है कि कांग्रेस और भाजपा, दोनों ही दल इन मतदाताओं को नजरअंदाज नहीं कर सकते। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में स्थानीय मुद्दों और असंतोष के चलते दलित-आदिवासी मतदाताओं का झुकाव कांग्रेस की ओर रहा, जिससे 15 वर्षों बाद कमल नाथ के नेतृत्व में कांग्रेस सत्ता में लौटी। हालांकि 2023 में समीकरण बदले और भाजपा ने एससी-एसटी सीटों पर बेहतर प्रदर्शन करते हुए पूर्ण बहुमत की सरकार बना ली। आदिवासी मुद्दों पर कांग्रेस की रणनीतिकांग्रेस का मौजूदा फोकस सिर्फ दलित नहीं, बल्कि आदिवासी समाज पर भी है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का अधिकांश राजनीतिक जोर आदिवासी क्षेत्रों पर दिखाई देता है। हाल के दिनों में आइएएस अधिकारी संतोष वर्मा के विवादित बयान को लेकर कांग्रेस की चुप्पी को भी इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। वर्मा आदिवासी समाज से आते हैं और अजाक्स के अध्यक्ष हैं, जिसे कांग्रेस का पारंपरिक समर्थन रहा है। वर्मा को दिए गए कारण बताओ नोटिस के विरोध में जय युवा आदिवासी संगठन (जयस) समेत कई आदिवासी संगठन एकजुट हैं, जबकि ब्राह्मण समाज सरकार की निष्क्रियता से नाराज है। दिग्विजय सिंह और दलित एजेंडाप्रदेश में दलित राजनीति को धार देने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की अगुआई में नया दलित एजेंडा तैयार किया जा रहा है। अगले एक वर्ष तक प्रदेश सहित अन्य राज्यों में इस एजेंडे को लेकर गतिविधियां चलाई जाएंगी और 13 जनवरी 2027 को इसे औपचारिक रूप से घोषित किया जाएगा। इससे पहले वर्ष 2002 में भी दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्री रहते दलित एजेंडा लागू हुआ था, हालांकि उसके बाद हुए चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा का पलटवारभाजपा कांग्रेस की इस सक्रियता को महज “एजेंडा की राजनीति” बता रही है। प्रदेश के मंत्री रजनीश अग्रवाल का कहना है कि कांग्रेस का इतिहास एससी-एसटी वर्ग के विकास का नहीं रहा है। उनके अनुसार कांग्रेस ने जाति को जाति से लड़ाने का काम किया, जबकि भाजपा सामाजिक समरसता और विकास की राजनीति करती है। 2028 से पहले सियासी तापमानकुल मिलाकर, 2028 के चुनाव से काफी पहले ही मध्य प्रदेश में दलित-आदिवासी राजनीति का तापमान बढ़ने लगा है। कांग्रेस जहां इन वर्गों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है, वहीं भाजपा अपने विकास और समरसता के एजेंडे पर भरोसा जता रही है। आने वाले महीनों में यह राजनीति और तेज होने के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं।

मध्य प्रदेश में ठेके पर चलेगा मंत्रालय!, जीतू पटवारी का बड़ा दावा

Ministry will be run on contract in Madhya Pradesh! Jitu Patwari makes a big claim भोपाल ! मध्य प्रदेश में धार और बैतूल में पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनशिप) मॉडल पर दो नए मेडिकल कॉलेज और खुलने जा रहे हैं. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा इसकी आधारशिला रख रहे हैं. प्रदेश के जिला अस्पतालों से संबद्ध कर मेडिकल कॉलेज खोलने का कांग्रेस ने विरोध जताया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस द्वारा जिलों में खोले गए सरकारी अस्पतालों को सरकार ठेके पर दे रही है. सरकार ऐसी संस्थाओं को यह जिला अस्पताल ठेके पर दे रही है, जिसके पास कोई अनुभव ही नहीं है. बिना अनुभव वाली संस्थान पर मेहरबानी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि “जिला अस्पतालों से निजी मेडिकल कॉलेज को संबद्ध किए जाने के लिए सरकार ने टेंडर में शर्त रखी थी कि कम से कम 5 साल का मेडिकल कॉलेज को अनुभव होने चाहिए, लेकिन सरकार ने एक ही संस्था को 4 जिला अस्पताल सौंप दिया. इनका कोई अनुभव ही नहीं है. जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ भाषण और ताली बजाने से कुछ नहीं होगा. उन्हें पूछना चाहिए कि आखिर इससे प्रदेश का क्या भला होगा. कांग्रेस करेगी निजी मेडिकल कॉलेजों का निरीक्षण जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में निजी मेडिकल कॉलेज खोलने के दौरान शर्त रखी गई थी कि मेडिकल कॉलेजों में 100 बेड मुफ्त चलने चाहिए. एक भी ऐसा मेडिकल कॉलेज सरकार बता दे, जहां गरीबों से एक भी पैसा नहीं लिया जाता हो और उनका मुफ्त इलाज किया जा रहा हो. कांग्रेस अब अभियान शुरू करने जा रही है. 8 दिन चलने वाले अभियान के दौरान कांग्रेस एक-एक मेडिकल कॉलेज पहुंचेगी और देखेगी कि किस निजी मेडिकल कॉलेज में 100 बेड पर निजी मरीजों का मुफ्त इलाज किया गया. सरकार ने इस पर कभी ध्यान ही नहीं दिया. इसके उलट अब सरकारी अस्पताल ठेके पर देकर सरकार उत्सव मना रही है.” मंत्रालय भी ठेके पर दे देगी क्या सरकार ? जीतू पटवारी ने कहा कि “प्रदेश में करीबन 3 हजार पंचायतें ठेके पर चल रही हैं. संस्थाएं सरपंच को साल भर का पैसा देकर पूरी पंचायत ठेके पर लेकर चला रही हैं. पंचायत के बाद अब इसी तरह जिला अस्पताल ठेके पर जा रही है. ऐसा न हो कि कहीं सरकार मंत्रालय भी ठेके पर चलने लगे. मंत्री नागर सिंह के भाई द्वारा सेल्समेन से मारपीट को लेकर जीतू पटवारी ने कहा कि इस घटना से यह प्रमाण मिलता है कि प्रदेश में खाद की कमी है, इसीलिए मंत्री के भाई ने मारपीट की. प्रदेश में पर्याप्त खाद के सरकार के दावे को इस घटना ने सामने ला दिया है. सरकार को कार्रवाई तो करनी ही चाहिए, लेकिन मंत्री के भाई का धन्यवाद कि उन्होंने सरकार को आइना दिखा दिया है.”

आदिवासी विरोधी नीतियों की पोषक और कार्पोरेट परस्त है सरकार’, जंगल कटाई के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन

‘”The government is a promoter of anti-tribal policies and pro-corporate,” Congress protests against deforestation. Congress Protest : मध्य प्रदेश में जंगलों की बढ़ती कटाई के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को धार में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि, एक ओर पीएम मोदी मां के नाम एक पेड़ अभियान चला रहे हैं, वहीं प्रदेश में हजारों की संख्या में पेड़ काटे जा रहे हैं। इससे वैश्विक स्तर पर पर्यावरण को नुकसान होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि, भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। ये सरकार कार्पोरेट परस्त है और आदिवासी विरोधी नीतियों की पोषक है। कांग्रेस द्वारा सिंगरोली में कोयला खदान के लिए उद्योगपति अडानी की कंपनी को जंगल भूमि देने के विरोध में प्रदर्शन किया गया। आरोप है कि हजारों की संख्या में जंगलों में पेड़ काटे जा रहे हैं। नेता व कार्यकर्ताओं ने हाथों में आरी लेकर सांकेतिक रूप से जंगल कटाई का रूपांतरण किया। प्रदर्शन के दौरान जंगल बचाओ-आदिवासी बचाओ और सिंगरोली बचाओ-जंगल बचाओ जैसी तख्तियां कांग्रेसियों ने थामी थी। नारेबाजी के बाद अड़ानी का पुतला भी फूंका गया। इस मौके पर मीडिया से चर्चा में सिंघार ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलने को लेकर कहा कि भाजपा इस योजना को बंद करना चाहती है। इसमें केन्द्र ने राज्य का अंश बढ़ा दिया है। राज्यों के पास पहले ही पैसा नहीं है। यह स्थितियां बताती हैं कि यह योजना बंद करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इन्होंने नाम बदलने के अलावा क्या किया है। इसके पूर्व भी कई योजनाओं के नाम बदल चुके हैं। SIR में नाम जोड़ने-घटाने पर कांग्रेस की नजर नेता प्रतिपक्ष सिंघार जिला समन्वय समिति की बैठक में शामिल होने के लिए धार पहुंचे थे। उन्होंने बैठक में कार्यकर्ताओं को संबो​धित करते हुए एसआइआर सर्वे का जिक्र किया है। सिंघार ने कहा कि आगामी एक माह महत्वपूर्ण है। प्रदेश के सभी जिलों में मतदाता सूची में नए नाम जोडऩे व घटाने की कार्रवाई पर कांग्रेस की नजर रहेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सजग होकर जुटने के लिए कहा है।

नेशनल हेराल्ड मामले में सियासी उबाल: भोपाल में भाजपा दफ्तर का घेराव करेगी कांग्रेस, जीतू पटवारी के नेतृत्व में 3 बजे कूच करेंगे कार्यकर्ता

Political uproar in the National Herald case: Congress to surround BJP office in Bhopal, workers led by Jitu Patwari to march at 3 pm भोपाल। नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ED की कार्रवाई तथा हालिया न्यायालय से मिली राहत के बाद सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस ने भाजपा पर गांधी परिवार को फंसाने का आरोप लगाते हुए भोपाल में भाजपा कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ता दोपहर 3 बजे कांग्रेस कार्यालय से भाजपा कार्यालय की ओर कूच करेंगे और वहां घेराव करेंगे। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सरकार ने राजनीतिक बदले की भावना से गांधी परिवार को नेशनल हेराल्ड मामले में फंसाने की कोशिश की। पार्टी नेताओं ने ED की कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला करार दिया है। हालांकि, हालिया अदालती फैसले में दिल्ली कोर्ट ने ED की शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया, जिसे कांग्रेस ने सत्य की जीत बताया है।

MP Assembly Special Session: मनरेगा योजना का नाम बदलने को लेकर विधानसभा में कांग्रेस का प्रदर्शन, महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठकर जताया विरोध

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा ने आज अपने स्थापना के 69 साल पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर आज 17 दिसंबर को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया गया है। यह दिन इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि ठीक 69 साल पहले, 17 दिसंबर 1956 को मध्यप्रदेश विधानसभा की पहली बैठक हुई थी। वहीं कांग्रेस ने विधानसभा में मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा परिसर में जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस विधायकों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठकर विरोध किया। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि बीजेपी महात्मा गांधी का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि राम जी के नाम पर कोई नई योजना लानी चाहिए थी, राम जी के नाम पर कोई नई योजना आती तो हम उसकी तारीफ करते। महात्मा गांधी से बीजेपी को तकलीफ है। कांग्रेस के प्रदर्शन पर बोले विधायक रामेश्वर शर्माकांग्रेस के विधानसभा में प्रदर्शन पर विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को राम से एलर्जी है इसलिए विरोध कर रही है। राम से एलर्जी रखोगे तो रावण से राम तक सबका अंत होगा।कांग्रेस ने महात्मा गांधी के नाम का इस्तेमाल किया। हम महात्मा गांधी के विचारों और कार्यों का अनुसरण कर रहे हैं। कांग्रेस गांधी का नाम लेकर कई बार सत्ता में आई लेकिन गरीब का घर नहीं बनाया। यह दुनिया जानती है कि महात्मा गांधी के रामराज्य को जमीन पर उतारने का काम किसी ने किया है तो वो पीएम मोदी ने किया है। शर्मा ने कहा कि हमने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण किया, ग़रीब के पक्के मकान बनाने का काम किया, गरीब के इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड बनाए, किसानों का सम्मान किया क्योंकि यही गांधी जी चाहते थे। सबका साथ सबका विकास – यही काम भाजपा सरकार कर रही है। मनरेगा में मनमोहन सिंह की सरकार के समय भ्रष्टाचार हुआ, अब मनरेगा के बलबूते पर ग्रामीण लोगों का विकास होगा।

रतलाम में प्रभारी मंत्री विजय शाह का सख्त रुख: लाडली बहना योजना पर निर्देश, अधिकारियों की लापरवाही पर फटकार

“If Ladli sisters don’t attend the felicitation ceremony, investigate,” Minister Vijay Shah’s statement becomes a topic of discussion रतलाम ! जिले के प्रभारी मंत्री और मध्य प्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग एवं भोपाल गैस राहत पुनर्वास विभाग के मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह का रतलाम दौरा कई वजहों से सुर्खियों में रहा. कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक के दौरान जहां लाडली बहना योजना को लेकर उनका बयान चर्चा में आया, वहीं अधिकारियों की लापरवाही पर मंत्री का गुस्सा भी खुलकर सामने दिखा. लाडली बहनों को लेकर मंत्री का बयानइस बैठक के दौरान मंत्री विजय शाह ने लाडली बहना योजना का जिक्र करते हुए अधिकारियों से कहा कि मुख्यमंत्री के दो साल पूरे होने पर सम्मान कार्यक्रम में रतलाम जिले की बहनों की अच्छी मौजूदगी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जिले में करीब ढाई लाख लाडली बहनें हैं, उनमें से कम से कम 50 हजार बहनें कार्यक्रम में आएं, यह सुनिश्चित किया जाए. मंत्री ने कहा कि सरकार हर बहन को हर महीने 1500 रुपये दे रही है, यानी करोड़ों रुपये सीधे उनके खातों में जा रहे हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री के सम्मान कार्यक्रम में बहनों का आना सम्मान की बात होगी. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जो बहनें आएंगी, उन्हें 250 रुपये अतिरिक्त देने की व्यवस्था की जाए. साथ ही जो बहनें कार्यक्रम में नहीं आएंगी, उनकी जांच कराई जाए. मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि कहीं ऐसा तो नहीं कि उनका आधार लिंक न हो या किसी तकनीकी कारण से वे योजना का लाभ नहीं ले पा रही हों. अक्षय ऊर्जा विभाग की चूक पर हंगामाबैठक के दौरान उस समय माहौल गर्म हो गया, जब अक्षय ऊर्जा विभाग की ओर से प्रजेंटेशन देने के लिए विभाग प्रमुख की जगह एक मैकेनिक को भेज दिया गया. जावरा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय ने जब नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के कामकाज की जानकारी मांगी और सामने आए व्यक्ति से उसका पद पूछा गया, तो उसने खुद को मैकेनिक बताया. यह सुनते ही विधायक पांडेय भड़क गए और इसे बैठक का अपमान बताया. इस मामले पर मंत्री विजय शाह ने भी कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि जब मंत्री और विधायक बैठक में मौजूद हों, तब विभाग प्रमुखों का न आना गंभीर अनुशासनहीनता है. मंत्री ने एडीएम से सवाल किया कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी बैठक में क्यों नहीं पहुंचे. उन्होंने इसे प्रशासनिक उदासीनता बताते हुए सख्त लहजे में चेतावनी दी. सीएम और चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिखने के निर्देशमंत्री विजय शाह ने इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए अपने पीए को मुख्यमंत्री, चीफ सेक्रेटरी और कमिश्नर को पत्र लिखने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जानबूझकर विभाग प्रमुखों को बैठक से दूर रखना गलत संदेश देता है और इसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए. मैकेनिक को बाहर भेजा, फिर मिलाया हाथघटना के दौरान जब मैकेनिक संतोष तंवर कुछ कहने की कोशिश करने लगा, तो मंत्री ने उसे सख्त लहजे में बैठक से बाहर जाने को कहा. बाद में मंत्री ने उसे पास बुलाकर हाथ मिलाया और धन्यवाद देते हुए बाहर भेज दिया. यह पूरा घटनाक्रम बैठक में मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया.

विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की अहम बैठक आज, 17 दिसंबर के एजेंडे पर बनेगी रणनीति

Congress Legislature Party to hold crucial meeting ahead of special session; strategy to be chalked out on December 17 agenda भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार, 16 दिसंबर को शाम 7:30 बजे भोपाल स्थित बी-12 (ए), 74 बंगला में आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार करेंगे। इस बैठक में 17 दिसंबर को प्रस्तावित विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर कांग्रेस की रणनीति, कार्ययोजना और मुद्दों को अंतिम रूप दिया जाएगा। बताया गया है कि विशेष सत्र में मध्यप्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने के विषय पर चर्चा प्रस्तावित है। इसे देखते हुए कांग्रेस विधायक दल सरकार की नीतियों की समीक्षा कर यह तय करेगा कि सत्र में किन जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया जाए। आर्थिक हालात से लेकर सामाजिक मुद्दों पर मंथनविधायक दल की बैठक में प्रदेश की वर्तमान आर्थिक स्थिति, किसानों की समस्याएं, युवाओं के रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा, आदिवासी, दलित, पिछड़े और कमजोर वर्गों से जुड़े सवालों पर गहन चर्चा होगी। इसके साथ ही सरकार के दावों और नीतिगत फैसलों की पड़ताल करते हुए विपक्ष की भूमिका तय की जाएगी। उमंग सिंघार का सरकार पर हमलानेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश को सच मायनों में विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए खोखले नारों से काम नहीं चलेगा। इसके लिए ठोस नीतियां और ईमानदार राजनीतिक इच्छाशक्ति जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक दिवसीय विशेष सत्र केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि इसमें किसानों की आय, युवाओं के रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा और प्रदेश की कमजोर आर्थिक स्थिति पर गंभीर और सार्थक चर्चा होनी चाहिए।उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस विधायक दल विशेष सत्र में जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों और प्रदेश के भविष्य की ठोस रूपरेखा को मजबूती के साथ विधानसभा में रखेगा। 16वीं विधानसभा का एक दिवसीय अष्टम सत्रविधानसभा सचिवालय के अनुसार, मध्यप्रदेश की 16वीं विधानसभा का एक दिवसीय अष्टम सत्र बुधवार, 17 दिसंबर 2025 को सुबह 11 बजे से शुरू होगा। भले ही यह सत्र एक दिन का हो, लेकिन इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान प्रदेश के विकास, अर्थव्यवस्था, रोजगार, किसानों, महिलाओं, युवाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। विभिन्न दलों के विधायकों को सरकार की योजनाओं और भविष्य की दिशा पर अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा।

निलय के जन्मदिन पर आमला में रक्तदान शिविर का हुआ आयोजन, भावविभोर विलय हुए जीवन जमीन और संगठन।

A blood donation camp was organised in Amla on Nilay’s birthday, Jeevan Zameen and the organisation merged emotionally. हरिप्रसाद गोहेआमला ! पूर्व विधायक बैतूल जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय विनोद डागा के जन्मदिवस पर आमला के माथनकर लॉन में युवा कांग्रेस के उत्साही ऊर्जावान कांग्रेसियों ने परिणाम मूलक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा के जन्मदिवस को यादगार अद्वितीय एवम् सार्थक बनाने के लिए रक्तदान जीवन दान शिविर, एवं आदिवासी और यादव लोक संस्कृति की विभिन्न समूहों द्वारा आकर्षक ढंडार एवं झूम्मड नृत्य प्रस्तुति और शीर्ष से लेकर आधार तक के चिन्हित कांग्रेसियों की गौरवपूर्ण उपस्थित के त्रिवेणी समागम को एक मंच पर संजोकर युवा कांग्रेस ने जीवन जमीन और संगठन के साथ निलय में विलय के सार्थक संयोजन से जन्मदिन बधाई के साथ ही कांग्रेस पार्टी के जन जन से जुड़े होने में अपनी प्रतिबद्धता जताने में कोई कसर नहीं छोड़ी।अपने जन्मदिवस को सार्थक अभिव्यक्ति एव परिणाम मूलक यादगार बनाने के लिए जीवन दानी रक्तदाताओं,जमीनी आदिवासी पुरातन संस्कृति की मनमोहक प्रस्तुति के साथ ही आधार से लेकर राष्ट्रीय,प्रदेश,जिला स्तरीय कांग्रेस नेताओ की उपस्थित एवं शुभकामनाएं से भावविभोर श्री डागा ने सभी स्नेही जनों सहित जन जन के लिए जीवन को समर्पित करने का वादा किया। रक्तदानियो में अजय सोलंकी,राकेश सोने,संजय सोलंकी,राधिका बेले,रानी गोलू डांगरे,अलका बेले,शिखर मालवीय,सुभम रावत,गोलू डांगरे,सोनू बचले,गोल्डी ठाकुर,हरिभाऊ,रोहन भारती,अक्षय बामने,मुकुल बामने,जीतेश वाईकर,रोहित सोने,आदर्श पवार,सैलेष बेले,संदीप पाटिल सहित आधा सैकड़ा युवा कांग्रेसीयो ने रक्तदान किया।कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष संजय सरदार यादव,संजय सोलंकी,राकेश सोने,पियूष अतुलकर,नितिन गाडरे,किशोर माथनकर,की भी अहम भूमिका रही।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से वरिष्ठ कांग्रेस नेता तोरसिंह सोलंकी,बलजीत पाल,अखिल भारतीय कांग्रेस के समव्यक नीरज सोनी,ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष मनोज देशमुख,सुभाष देशमुख,शबीर शाह, जीतेंद्र शर्मा,किशोर माथनकर,छन्नू बेले,गजराज बेडरे,पद्मनी भूमरकर,अलका मानकर,खुश्बू अतुलकर,सुनील उईके,लवलेश बब्बा राठौर,हर्षवर्धन ढोटे,प्रीतेश गंगारे,विजय पारदी,अकरम खान,रवि घाणेकर,वीरेंद्र बरथे,रविकांत उघड़े,राजेश राठौर,दिलीप धोमने,रोहित भारती,बंटू बेले,रमेश प्रजापति,मोटू यादव,चंदू देशमुख,पवन वागदरे,सहित कई कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहें।

कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल को पुलिस ने किया नजरबंद, बोले- CM को बताना चाहता था क्षेत्र की समस्याएं

Congress MLA Babu Jandel placed under house arrest by police, says he wanted to tell the CM about the problems of the area श्योपुर । बड़ौदा में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के आगमन से पहले कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल को पुलिस प्रशासन ने गुरुवार सुबह नजरबंद कर दिया। विधायक जंडेल ने बताया कि वे मुख्यमंत्री से क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन प्रशासन द्वारा उन्हें समय नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि कांग्रेस विधायक होने के कारण पुलिस ने उन्हें नजरबंद कर दिया। जानकारी के अनुसार सिटी कोतवाली प्रभारी सतीश चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने विधायक को पाली रोड स्थित उनके प्रतिष्ठान से डिटेन किया। उसके बाद पुलिस उन्हें उनके निवास लेकर पहुंची और करीब एक घंटे तक नजरबंद रखा। उसके उपरांत पुलिस फोर्स उन्हें देहात थाना लेकर पहुंची, जहां उनकी नजरबंदी जारी है। उधर, मुख्यमंत्री के दोपहर 1 बजे बड़ौदा पहुंचने का कार्यक्रम है। वे किसानों के राज्य स्तरीय मुआवजा वितरण कार्यक्रम में शामिल होंगे और लगभग दो घंटे रुकने के बाद उनका हेलीकॉप्टर मुरैना के लिए रवाना होगा। विधायक जंडेल के नजरबंद किए जाने की घटना से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह कदम सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

एमपी में कानून व्यवस्था ठप्प: फिर पेशाब कांड, बदमाश ने दिव्यांग के चेहरे पर की पेशाब

Law and order collapses in MP: Another urination incident, miscreant urinates on the face of a disabled person रायसेन । मध्यप्रदेश में एक बार फिर पेशाब कांड हुआ है इस बार शर्मसार करने वाली ये घटना रायसेन जिले की है जहां एक दिव्यांग युवक के चेहरे पर बदमाश ने सरेराह पेशाब किया। इस शर्मसार कर देने वाली घटना का वीडियो भी सामने आया है जो तेजी से वायरल हो रहा है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद एक तरफ जहां लोग इस घटना को लेकर कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। दिव्यांग के चेहरे पर किया पेशाब शर्मसार कर देने वाली घटना रायसेन जिले के मंडीदीप की है। जहां शराब के नशे में धुत एक युवक ने जमीन पर सो रहे दिव्यांग के चेहरे पर पेशाब कर दी। जो वीडियो सामने आया है उसमें दिख रहा है कि शराब के नशे में धुत बदमाश को उसका एक साथी रोकने की कोशिश भी करता है लेकिन वो नहीं मानता। दिव्यांग युवक के चेहरे पर पेशाब करने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इस पर संज्ञान लिया। बताया गया है कि तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया है जो कि आपस में रिश्तेदार हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है।

नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे स्वास्थ्य मंत्री: जीतू पटवारी

Health Minister should resign on moral grounds: Jitu Patwari छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा जिले के परासिया तहसील में हुई दर्जनों बच्चों की मौत के मामले में प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को मृतक बच्चों के परिजनों से भेंट करते हुए उन्हें यह भरोसा दिलाया कि हर हाल में कांग्रेस उनके साथ खड़ी है जीतू पटवारी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा से लेकर ड्रग कंट्रोलर, पी एस और स्वास्थ सचिव को निलंबित करने की कार्यवाही करे, तब लगेगा की प्रदेश की मोहन सरकार बच्चों की मौत के मामले में गंभीर है। मृतक बच्चों के परिजनों से श्री पटवारी ने वन टू वन बात करते हुए कहा सरकार अगर मृतक बच्चों के परिजनों के आसू पोछना चाहती है तो तत्काल परिजनों को एक एक करोड़ का मुहावजा देते हुए नागपूर में इलाजरत बीमार बच्चों की ईलाज की समुचित व्यवस्था कराए। जिले में अब तक किडनी फेल होने से मौत का आंकड़ा 18 के पार पहुंच गया है। लेकिन सरकारी आंकड़े कुछ ओर ही कह रहे हैं। 18 के पार पहुंच गया है। लेकिन सरकारी आंकड़े कुछ ओर ही कह रहे हैं।

किसानों की चिंता या राजनीति की फसल? सत्ता और विपक्ष में ‘समानता’ का दुर्लभ संगम!

किसानों की चिंता या राजनीति की फसल? सत्ता और विपक्ष में ‘समानता’ का दुर्लभ संगम! Concern for farmers or a political harvest? A rare confluence of “equality” between the ruling party and the opposition! चंदा कुशवाह (संवाददाता) आगर-मालवा। मालवा की धरती पर इस बार सिर्फ सोयाबीन ही नहीं, बल्कि नेताओं का “किसान प्रेम” भी खूब फल-फूल रहा है। असमय वर्षा और येलो मोज़ेक वायरस से बर्बाद हुई फसल ने जहाँ किसानों की कमर तोड़ दी है, वहीं राजनीति के गलियारों में अचानक एक जैसी चिंता उभर आई है — और वो भी दोनों खेमों में एक साथ! 3 अक्टूबर को भाजपा जिलाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा कि “किसानों की फसलें भारी नुकसान में हैं, सरकार तुरंत राहत राशि दे।” यानी अपनी ही पार्टी की सरकार को अब अपनी पार्टी के नेता ही “स्मरण पत्र” भेजकर याद दिला रहे हैं कि खेत में दर्द है, ध्यान दीजिए साहब। लेकिन अगले ही दिन 4 अक्टूबर को कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजयलक्ष्मी तंवर ने भी वही मुद्दा उठाया — बस अंदाज़ थोड़ा बदल गया। उन्होंने ज्ञापन देकर मुख्यमंत्री से मांग की कि “किसानों को तत्काल मुआवजा दिया जाए और नुकसान का सर्वे कराया जाए।” अब जनता के बीच चर्चा गर्म है — “भाई, अगर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों एक ही बात कह रहे हैं, तो फर्क आखिर बचा कहाँ है?” लोगों का कहना है कि यह पहली बार है जब दोनों दलों के सुर इतने मधुर सुनाई दिए — मुद्दा किसान का था, तो सुर अपने आप मिल गए। गाँव के एक बुजुर्ग किसान ने हँसते हुए कहा — “जिस खेत की मिट्टी में किसान का पसीना है, वहीं नेताओं का बयान भी अंकुरित हो जाता है।”  कुल मिलाकर मालवा में किसान दुखी हैं, लेकिन नेताओं के बयान खिल-खिला रहे हैं — फसल चौपट सही, पर राजनीति की खेती खूब लहलहा रही है!

मंत्री के विवादित बयान पर भड़के कांग्रेसी, पुतला फूंक किया उग्र प्रदर्शन

Congress workers enraged by minister’s controversial statement, staged a protest by burning his effigy हरिप्रसाद गोहे  आमला। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शाजापुर के मंच से कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ अमर्यादित बयान दिया था। इस बयान को लेकर कांग्रेसियो में आक्रोश फैल गया। उन्होंने इसे भाई-बहन के पवित्र रिश्ते पर कलंक और नवरात्र के पावन अवसर पर देवी स्वरूप महिलाओ का गहरा अपमान बताया। अभद्र, अशोभनीय टिप्पणी के विरोध में शनिवार कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। इस दौरान नगर के जनपद चौक आमला पर शाम 4 बजे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री विजयवर्गीय का पुतला दहन कर उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान फायर ब्रिगेड द्वारा पानी डाले जाने से पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर खींचतान भी हुई। ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष मनोज देशमुख ने बताया कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शाजापुर में मंच से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ अमर्यादित बयान दिया था। इस बयान को लेकर कांग्रेसियो में आक्रोश फैल गया। उन्होंने इसे भाई-बहन के पवित्र रिश्ते पर कलंक और नवरात्र के पावन अवसर पर देवी स्वरूप महिलाओ का गहरा अपमान बताया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने सड़क पर बैठकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,मुख्यमत्री मोहन यादव ,केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ,प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ,मुर्दाबाद के जोरदार नारे लगाकर प्रदर्शन किया । बड़ी संख्या में उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ता जिसमे प्रमुख रूप से उपस्थित महिला पार्षदो ने भाजपा नेतृत्व को सीधी चेतावनी दी।  कहा कि भाजपा का असली चेहरा बार-बार महिलाओं के अपमान के रूप में सामने आता है।  अब बहन-बेटियों की गरिमा पर बयानबाज़ी कर रहे हैं। विजयवर्गीय जैसे मंत्री सरेआम महिलाओं पर अमर्यादित टिप्पणिया करते हैं और प्रधानमंत्री चुप्पी साध लेते हैं। ऐसे बिगड़ैल नेताओं को बर्खास्त किया जाना चाहिए,मणिपुर में महिलाओं के साथ दरिंदगी पर सरकार सोती रही, और अब जब राहुल गांधी अपनी बहन प्रियंका के साथ सहज भाव दिखाते हैं तो भाजपा नेता चरित्र हनन करने पर उतर आए हैं।   विरोध प्रदर्शन में प्रमुख रूप से ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष मनोज देशमुख,पूर्व नपा अध्यक्ष मनोज मालवे,नपा अध्यक्ष नितिन गाडरे,नपा उपाध्यक्ष किशोर माथनकर,पार्षद पदमनी भूमरकर,अल्का मानकर, सुनील उईके,सुभाष देशमुख,जितेंद्र शर्मा,इसराइल शाह, पवन यादव, अकरम खान,गणेश ढोमने,विजय पारदी, कुंददु ठाकुर,प्रकाश ठाकुर,अजय सोलंकी,प्रदीप कोकाटे,यशवंत हुडे,वीरेंद्र बर्थ ,राकेश सोने,छोटू बेले,संजय सोलंकी,गणेश वारथे,नितिन सराठकर,अरुण वेश,राशिद खान,सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहें।

चाय पर चर्चा : कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाने पर हुई बातचीत

Chai Pe Charcha: Discussion on strengthening the Congress organization हरिप्रसाद गोहेआमला। रविवार को अवकाश के दिन वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता सर रमेश दामले ने वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं से सौजन्य भेंट कर “चाय पर चर्चा” का आयोजन किया।इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के सीनियर कार्यकर्ता ॐ प्रकाश सूरे से विस्तारपूर्वक बातचीत की। दामले ने कहा कि कांग्रेस संगठन की रीति-नीति और विचारधारा से कार्यकर्ताओं को निरंतर जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने संगठन को मजबूती देने तथा जनता तक कांग्रेस की नीतियों और योजनाओं को पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने भी पार्टी को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए और एकजुट होकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।

जनता के पैसे से बना हुआ कारखाना बीजेपी नहीं बेच सकती :पंकज उपाध्याय

BJP cannot sell a factory built with public money: Pankaj Upadhyay शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति की जन जागरण यात्रा आज लगभग एक दर्जन गाँव में पहुंची। यात्रा आज शक्कर कारखाने की पुस्तेनी जमीन कुर्रोली से प्रारम्भ होकर लाभकरण, बुद्धगडी, टीकटगड़ी,बिलगांव क्वारी, तोरीका, नयागांव, शेखपुर, भटपुरा, और दीपेरा पहुंची। जहाँ सभी लोगों को कारखाने को बचाने एवं पुनः चालू कराने के लिए अपनी बात रखी। तथा सभी ग्राम वासियों ने एक साथ हाथ उठाकर मुरैना में होने वाली आम सभा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आश्वाशन दिया। यात्रा को जौरा विधायक पंकज उपाध्याय,मध्य प्रदेश किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष श्री अशोक तिवारी जी,कारखाने के पूर्व संचालक श्री गयाराम धाकड़ जी, नीकेराम त्यागी जी, डॉ मुरारी लाल अमर जी आदि ने सम्बोधित किया।विधायक पंकज उपाध्याय ने कहा की यह कारखाना हमारे पूर्वजों ने अपने खून पसीने से सींचा है इसे हम कोड़ियों के भाव नहीं बिकने देंगे 1965 में जब कारखाना बन रहा था तब एक शेयर ₹500 का था और एक तोला सोना ₹65 का आता था आज के हिसाब से वह ₹500 7-8 लाख होता है कारखाने को हमें हर हाल में बिकने से बचाना होगा श्राद्ध पच्छ चल रहा 21सितम्बर को अंतिम श्राद्ध है अगर अपने पित्रों को सच्ची श्रद्धांजलि देनी है तो 21तारीख को सब काम छोड़कर इस आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होना है तभी हमारे पित्रों को सच्ची श्रद्धांजलि मिलेगी।मुरैना में होने वाले जन आंदोलन में किसान सभा के अंतराष्ट्रीय अध्यक्ष किसान नेता राकेश टिकैत साहब,बादल सरोज जी, वृंदा करात जी पूर्व सांसद और मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी जी एवं कई अन्य नेता शामिल होंगे।इस यात्रा में सभी समाज के लोग ,छोटे, बड़े, बुजुर्ग माता बहने एवं जनसंगठन कांग्रेस, माकपा, बसपा, आप, सपा, भीम आर्मी, एवं सभी संगठन शामिल है।

मोदी का विपक्ष पर करारा प्रहार कहा – मैं शिव भक्त हूं, जहर निगल लेता हूं: जनता ही मेरी भगवान, आत्मा की आवाज यहां नहीं तो कहां निकलेगी

Modi’s strong attack on the opposition said – I am a Shiv Bhakt, I swallow poison: The public is my God, if not here, then where will the voice of the soul come out पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के दरांग में कहा- जब भारत सरकार ने भूपेन हजारिका को भारत रत्न दिया था, उस दिन कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था- मोदी, नाचने-गाने वालों को भारत रत्न दे रहा है। मैं भगवान शिव का भक्त हूं, सारा जहर निगल लेता हूं, मुझे कितनी भी गालियां दें। लेकिन बेशर्मी के साथ जब किसी और का अपमान होता है, तो मुझसे रहा नहीं जाता है। पीएम बोले- मेरे लिए तो मेरी जनता ही भगवान है। मेरे भगवान के पास जाकर मेरी आत्मा की आवाज वहां नहीं निकलेगी तो कहां निकलेगी, यही मेरे मालिक हैं, पूजनीय हैं, 140 करोड़ देशवासी मेरा रिमोट कंट्रोल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के असम दौरे पर हैं। रविवार को उन्होंने दरांग मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जीएनएम स्कूल और बीएससी नर्सिंग कॉलेज का उद्घाटन और शिलान्यास किया। जिसकी लागत 6300 करोड़ है। शनिवार को गुवाहाटी पहुंचे पीएम ने खानापारा में पशु चिकित्सा मैदान में महान गायक भूपेन हजारिका की विशेष श्रद्धांजलि सभा में भी मौजूद रहे।

जनता से 8 साल की देरी का हिसाब कौन देगा? जीएसटी सुधार पर उठे सवाल

How can what was wrong yesterday be right today? What does the Modi government want to hide from the public on the GST controversy? Modi government a GST controversy आखिर 8 साल बाद भी मोदी सरकार माफी क्यों नहीं मांग रही? जनता से क्या छिपाना चाहती है? चिदंबरम ने पूछा – जो कल गलत था, आज सही कैसे?जीएसटी दरों में कमी के बाद भी मोदी सरकार ने जनता से माफी नहीं मांगी। आखिर सरकार क्या छिपाना चाहती है? जानिए 8 साल की देरी, विवाद और सुधार की अधूरी कहानी। यदि टूथपेस्ट, हेयर आयल, मक्खन, शिशु नैपकिन, पेंसिल, नोटबुक, ट्रैक्टर, स्प्रिंकलर आदि पर पांच फीसद जीएसटी आज अच्छा है, तो पिछले आठ वर्षों में यह बुरा क्यों था? लोगों को आठ वर्षों तक अत्यधिक टैक्स क्यों चुकाना पड़ा? आखिरकार केंद्र सरकार को बात समझ में आ गई। तीन सितंबर, 2025 को सरकार ने कई वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी दरों को तर्कसंगत बना कर कम किया। कर संरचना अब उस अच्छे और सरल कर के करीब है, जिसकी वकालत पिछले आठ वर्षों से कई राजनीतिक दल, व्यवसायी, संस्थान और व्यक्ति (जिनमें मैं भी शामिल हूं) करते रहे हैं। अगस्त, 2016 में जब संसद में संविधान (122वां संशोधन) विधेयक पर बहस हुई थी, तब मैंने राज्यसभा में भाषण दिया था। उसके कुछ अंश इस प्रकार हैं अडिग रुख Modi government a GST controversy‘मुझे खुशी है कि वित्त मंत्री ने स्वीकार किया कि यूपीए सरकार ने ही सबसे पहले आधिकारिक तौर पर जीएसटी लागू करने के अपने इरादे का एलान किया था। 28 फरवरी, 2005 को बजट भाषण के दौरान लोकसभा में इसकी घोषणा की गई थी। ‘महोदय, चार प्रमुख मुद्दे हैं… Modi government a GST controversy‘अब मैं विधेयक के सबसे महत्त्वपूर्ण भाग पर आता हूं… यह कर की दर के बारे में है। मैं अभी मुख्य आर्थिक सलाहकार की रपट के कुछ अंश पढूंगा… कृपया याद रखें कि हम एक अप्रत्यक्ष कर पर विचार कर रहे हैं। अप्रत्यक्ष कर की परिभाषा के अनुसार, यह एक प्रतिगामी कर है। कोई भी अप्रत्यक्ष कर अमीर और गरीब दोनों पर समान रूप से लागू होता है… मुख्य आर्थिक सलाहकार की रपट कहती है: ‘उच्च आय वाले देशों में औसत जीएसटी दर 16.8 फीसद है भारत जैसी उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं में यह औसत 14.1 फीसद है।’ इस तरह दुनिया भर में 190 से अधिक देशों में किसी न किसी रूप में जीएसटी लागू है। यह 14.1 फीसद से 16.8 फीसद के बीच है।‘हमें करों को कम रखना होगा। साथ ही, हमें केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के मौजूदा राजस्व की रक्षा करनी होगी। …हम ‘राजस्व तटस्थ दर’ यानी आरएनआर के जरिए यह करते हैं। ‘मुख्य आर्थिक सलाहकार राज्य सरकार के प्रतिनिधियों और अन्य विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श के बाद 15 फीसद से 15.5 फीसद के आरएनआर पर पहुंचे और फिर सुझाव दिया कि मानक दर 18 फीसद होनी चाहिए। कांग्रेस पार्टी ने 18 फीसद कोई हवा से नहीं निकाला है। यह आपकी रपट से निकला है। ‘…किसी को तो जनता के लिए आवाज उठानी ही होगी। जनता की ओर से, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस दर को मुख्य आर्थिक सलाहकार द्वारा अनुशंसित दर पर ही रखें, यानी मानक दर 18 फीसद से अधिक नहीं होनी चाहिए रपट के पैरा 29, 30, 52 और 53 पढ़ें। इसमें स्पष्ट रूप से तर्क दिया गया है… Modi government a GST controversy अठारह फीसद की मानक दर केंद्र और राज्यों के राजस्व की रक्षा करेगी, यह पर्याप्त होगी, मुद्रास्फीति-रोधी होगी, कर चोरी से बचाएगी और भारत के लोगों को स्वीकार्य होगी… यदि आप वस्तुओं और सेवाओं पर 24 फीसद या 26 फीसद कर लगाने जा रहे हैं, तो फिर जीएसटी विधेयक लाने की क्या आवश्यकता है? ‘अंतत: आपको कर विधेयक में एक दर रखनी ही होगी। मैं अपनी पार्टी की ओर से स्पष्ट रूप से मांग करता हूं कि जीएसटी की मानक दर, जो 70 फीसद से अधिक वस्तुओं और सेवाओं पर लागू होती है, वह अठारह फीसद से अधिक नहीं होनी चाहिए और निम्न एवं अन्य दर अठारह फीसद के आधार पर तय की जा सकती है। आठ वर्ष की पीड़ा Modi government a GST controversyवर्ष 2016 में भी मैंने यही बात कही थी, जो आज कह रहा हूं। मुझे खुशी है कि सरकार इस विचार पर सहमत हो गई कि दरों को युक्तिसंगत और कम किया जाना चाहिए। हालांकि, शुरुआत में सरकार का तर्क था कि अठारह फीसद की सीमा से राजस्व का भारी नुकसान होगा, खासकर राज्य सरकारों को। यह चिंता का एक बड़ा कारण था। आज दो कर दरें पांच फीसद और अठारह फीसद हैं! केंद्र के पास कर राजस्व बढ़ाने के कई तरीके हैं; अगर राज्य सरकारों को राजस्व का नुकसान होता है, तो सही कदम यही होगा कि उन्हें मुआवजा दिया जाए पिछले आठ वर्षों में सरकार ने उपभोक्ताओं से ज्यादा से ज्यादा पैसा वसूलने के लिए कई जीएसटी दरों का इस्तेमाल किया। पहले वर्ष (जुलाई 2017 से मार्च 2018) में सरकार ने लगभग 11 लाख करोड़ रुपए एकत्र किए। वर्ष 2024-25 में लगभग 22 लाख करोड़ रुपए संग्रहित किए गए। उपभोक्ताओं द्वारा अपनी मेहनत से कमाया गया पैसा सरकार ने जीएसटी के माध्यम से छीन लिया- इसे सही मायने में और उपहासपूर्वक गब्बर सिंह टैक्स कहा गया। उच्च जीएसटी दरें कम खपत और बढ़ते घरेलू कर्ज के कारणों में से एक थीं। यह बुनियादी अर्थशास्त्र है कि करों में कमी से खपत को बढ़ावा मिलेगा। यदि टूथपेस्ट, हेयर आयल, मक्खन, शिशु नैपकिन, पेंसिल, नोटबुक, ट्रैक्टर, स्प्रिंकलर आदि पर पांच फीसद जीएसटी आज अच्छा है, तो पिछले आठ वर्षों में यह बुरा क्यों था? लोगों को आठ वर्षों तक अत्यधिक कर क्यों चुकाना पड़ा? अभी बहुत कुछ बाकीदरों में कमी तो बस शुरुआत है। अभी और भी बहुत कुछ करना बाकी है। सरकार को चाहिए कि- राज्यों, उत्पादकों और उपभोक्ताओं को एक ही जीएसटी दर (जरूरत पड़ने पर और छूट के साथ) के लिए तैयार करे; अधिनियमों और नियमों की धाराओं के लिए प्रचलित अस्पष्ट भाषा को खत्म करे; उन्हें सरल भाषा में फिर से लिखे; सरल फार्म और रिटर्न निर्धारित करे, फार्म भरने की आवृत्ति में तर्कसंगत कमी करे; कानून के अनुपालन को सरल बनाए: किसी छोटे व्यापारी या दुकानदार … Read more

जो खून बहना था वह बह गया, पैसे से लोगों की सोच बदलने गए मोदी : कांग्रेस नेता

The blood that was to be shed has been shed, Modi went to change people’s thinking with money: Congress leader नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 सितंबर को मणिपुर के दौरे पर हैं। यह उनका 2023 की जातीय हिंसा के बाद पहला दौरा है। इस यात्रा को राज्य में शांति और विकास को मजबूत करने के लिए अहम माना जा रहा है। पीएम मोदी ने चुराचांदपुर और इंफाल में कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। वहीं इस दौरे को लेकर विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।कांग्रेस बोली-बहुत देर हो चुकी हैCongress leader Udit Raj ने बयान में पीएम मोदी के दौरे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले ही कुकी और मैतेई दोनों समूह पीएम के खिलाफ विरोध जता रहे हैं और अब यह यात्रा ‘हीलिंग टचÓ नहीं मानी जाएगी। Congress leader Udit Raj का कहना है कि एक समय था जब पीएम जाकर बहुत कुछ कर सकते थे, लेकिन अब बहुत खून बह चुका है और सिर्फ 3 घंटे की यात्रा से कुछ नहीं होगा। वह भले ही कुछ परियोजनाओं की घोषणा करें लेकिन पैसों से लोगों की सोच नहीं बदली जा सकती। 2023 में भड़की थी जातीय हिंसाबता दें कि 2023 में मणिपुर में जातीय हिंसा भड़की थी, जिसमें कम से कम 260 लोगों की मौत हुई और हजारों लोग विस्थापित हुए थे। इसके बाद से ही राज्य में तनाव और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है. पीएम मोदी का यह दौरा लंबे समय से प्रतीक्षित था और इसे जनता और राजनीतिक दल दोनों करीब से देख रहे हैं। चुराचांदपुर और इंफाल ऐसे इलाके हैं, जहां हिंसा का असर सबसे ज्यादा रहा और अब यहां नए विकास कार्यों के जरिए माहौल को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। दौरे का महत्व और आगे की राहविशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी का यह दौरा मणिपुर में शांति और पुनर्निर्माण के लिए एक बड़ा संदेश है। यह सिर्फ परियोजनाओं का उद्घाटन नहीं बल्कि राज्य के लोगों को भरोसा दिलाने की कोशिश भी है. हालांकि विपक्ष इसे ‘बहुत देर से उठाया गया कदम बता रहा है। अब देखना होगा कि इस यात्रा से क्या सकारात्मक असर होता है और क्या यह मणिपुर में स्थायी शांति और विकास

कांग्रेस का बड़ा सियासी धमाका, बीजेपी-बीएसपी के नेताओं ने जीतू पटवारी कि मौजूदगी में कांग्रेस का दामन थाम

Big political by Congress, BJP-BSP leaders joined Congress in the presence of Jeetu Patwari ग्वालियर। Big political by Congress ग्वालियर-चंबल अंचल की राजनीति में नए समीकरण बनने लगे हैं। रविवार को ग्वालियर ग्रामीण से बीजेपी और बीएसपी के कई नेता व कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल हुए। इस कदम ने कांग्रेस के संगठन को नई ताकत और सियासी परिदृश्य को नया मोड़ दिया है। ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा की राजनीति ने रविवार को नया मोड़ ले लिया। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) से जुड़े कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की मौजूदगी में कांग्रेस का दामन थाम लिया। इस मौके पर पटवारी ने कहा – कांग्रेस परिवार में सभी का स्वागत और हृदय से अभिनंदन करता हूं। लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई, हम सब मिलकर लड़ेंगे। ग्वालियर-चंबल: सत्ता की कुंजी वाला क्षेत्र Big political by Congress मध्यप्रदेश की राजनीति में ग्वालियर-चंबल अंचल हमेशा निर्णायक रहा है। यहाँ की दिशा ही कई बार सत्ता की दशा तय करती आई है। बीजेपी और बीएसपी से कांग्रेस में हुआ यह जुड़ाव स्थानीय और राज्य स्तरीय समीकरणों को गहराई से प्रभावित करेगा। लोकतंत्र बनाम सत्ता की राजनीति Big political by Congress पटवारी का वक्तव्य यह स्पष्ट करता है कि कांग्रेस केवल सत्ता की लड़ाई नहीं लड़ रही, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए संघर्षरत है। मौजूदा हालात में जब विपक्ष पर दबाव और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं, कांग्रेस ने खुद को लोकतांत्रिक मूल्यों का संरक्षक बताने की कोशिश की है। नए कार्यकर्ता, नई ऊर्जा Big political by Congress किसी भी राजनीतिक दल की ताकत उसके कार्यकर्ता होते हैं। बीजेपी और बीएसपी छोड़कर कांग्रेस में आए इन कार्यकर्ताओं से न केवल संगठन को मजबूती मिलेगी बल्कि गांव-गांव में कांग्रेस का जनाधार भी और गहराएगा। यह बदलाव कार्यकर्ताओं की नाराजगी और जनता की नई उम्मीदों दोनों को दर्शाता है। बीजेपी और बीएसपी को झटका Big political by Congress ग्वालियर ग्रामीण में यह घटना बीजेपी और बीएसपी के लिए बड़ा झटका है। यहाँ के जातीय और सामाजिक समीकरण अक्सर चुनावी नतीजों को प्रभावित करते हैं। कांग्रेस में हुए इस जुड़ाव से विपक्षी दलों का परंपरागत वोट बैंक प्रभावित होना तय माना जा रहा है। जनता की प्राथमिकताएँ बदल रही हैं Big political by Congress महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों से जूझती जनता अब ऐसे नेतृत्व की तलाश में है, जो सच्चे अर्थों में उनकी आवाज बने। कांग्रेस में शामिल हुए नए नेता और कार्यकर्ता इस उम्मीद को मजबूत कर सकते हैं। राजनीतिक संदेश स्पष्ट Big political by Congress यह सदस्यता अभियान केवल दल-बदल की औपचारिकता नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश है जनता बदलाव चाहती है। ग्वालियर ग्रामीण की यह तस्वीर प्रदेश में नई राजनीति की पृष्ठभूमि तैयार करती दिख रही है। ग्वालियर ग्रामीण का यह घटनाक्रम कांग्रेस के लिए नई ऊर्जा लेकर आया है। वहीं बीजेपी और बीएसपी के लिए यह चेतावनी है कि जनता अब उनके पारंपरिक वादों से आगे बढ़कर लोकतांत्रिक मूल्यों और वास्तविक मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है।कांग्रेस का बढ़ता परिवार प्रदेश की राजनीति में नई करवट का संकेत है—बदलाव अब सिर्फ शुरुआत है, असली लड़ाई आगे है। ग्वालियर-चंबल अंचल की राजनीति में हलचल, जब बीजेपी और बीएसपी के कई नेताओं ने कांग्रेस का दामन थामा। जीतू पटवारी ने कहा – लोकतंत्र और संविधान की रक्षा ही अब असली राजनीति है।

जनगणना से पहले कांग्रेस ने फिर आदिवासियों को बनाया मुद्दा, गैर हिंदू बताने का प्रयास

Before the census, Congress again made tribals an issue, tried to declare them non-Hindus भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में आदिवासी समुदाय की अपनी अलग भूमिका और महत्व होने से कांग्रेस और भाजपा के बीच उन्हें लुभाने की जंग नई नहीं है। यह समुदाय जिसके साथ चलता है, सत्ता उसी को मिलती है। पिछले दो दशक से आदिवासी समुदाय भाजपा के साथ है, अलबत्ता 2018 में कांग्रेस की ओर आदिवासी समाज का झुकाव होने से कमल नाथ को सरकार में आने का मौका जरूर मिल गया था। यही वजह है कि 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले शुरू हो रही जनगणना को लेकर कांग्रेस सक्रिय हो गई है। कांग्रेस ने आदिवासी समुदाय से अपील की है कि जनगणना में धर्म के कालम में वह स्वयं को हिंदू न बताएं। इधर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे हिंदुओं का अपमान बताया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बयान ‘गर्व से कहो हम आदिवासी हैं, हिंदू नहीं’ के बाद प्रदेश का सियासी माहौल गरमा गया है। भाजपा के आदिवासी नेताओं ने सिंघार के बयान को आदिवासी विरोधी बताया है। उन्होंने राहुल गांधी के बयानों को आधार बनाकर कहा कि कांग्रेस की संस्कृति ही सनातन धर्म के विरोध की रही है। अब जनगणना के बहाने कांग्रेस हिंदू ही नहीं, बल्कि समाज का बंटवारा करना चाहती है। यह बयान हिंदू समाज के साथ ही आदिवासी समुदाय को भी कमजोर बनाने की साजिश है। 2028 चुनाव को ध्यान में रखकर छेड़ी बहसबता दें कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को किसी एसटी आरक्षित सीट पर जीत नहीं मिली। कांग्रेस ने आदिवासी बनाम हिंदू बहस ही वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर छेड़ी है, ताकि उसे राजनीतिक लाभ मिल सके। उमंग सिंघार का बयान ऐसे समय पर आया है, जब सुप्रीम कोर्ट में लंबित ओबीसी आरक्षण के मामले में कांग्रेस ने सरकार का साथ देकर एक तरह से अपने हथियार डाल दिए हैं। उसने ओबीसी आरक्षण के मामले में सफलता और असफलता का अनुमान लगाए बिना यह कदम उठाकर बड़ा जोखिम ले लिया है। कांग्रेस की कोशिश बन सकती है राजनीतिक जोखिमजनगणना में आदिवासी समुदाय को अलग से पहचान दिलाने की कांग्रेस की यह कोशिश भी राजनीतिक जोखिम बन सकती है। कांग्रेस के पास आदिवासी समुदाय के बीच जाकर बताने के लिए फिलहाल कुछ खास नहीं है, वहीं द्रौपदी मुर्मु को राष्ट्रपति पद तक पहुंचाने का श्रेय भाजपा अपने खाते में रखती है। साथ ही पेसा एक्ट जैसी कवायद भी भाजपा सरकार कर चुकी है। देश के विभिन्न राज्यों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के अनुषांगिक संगठन आदिवासी समुदायों के बीच मतांतरण रोकने के साथ उनके कल्याण के लिए कार्यक्रमों को लगातार जारी रखे हुए हैं। संघ की कोशिश आदिवासियों को मुख्य धारा में लाने कीसंघ की कोशिश है कि रामायण और महाभारत काल के तमाम उदाहरण के माध्यम से आदिवासियों को उनके हिंदू होने का बोध कराते हुए मुख्य धारा में लाया जाए। इधर कांग्रेस के बयान इन कोशिशों के लिए चुनौती खड़ी करते हैं। मामला संघ के प्रयासों से जुड़ा है और सीधे सत्ता के समीकरणों को प्रभावित कर सकता है, इसलिए भाजपा इस मुद्दे पर कांग्रेस को कड़ी टक्कर देने की तैयारी कर रही है।

झंडा विवाद से भड़की राजनीति: बैतूल में कांग्रेस का पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन

Politics flared up due to flag controversy: Congress protested against police administration in Betul हरिप्रसाद गोहेआमला ! ज़िला कांग्रेस कमेटी बैतूल के बैनर तले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शनिवार जिला उपाध्यक्ष कांग्रेस छन्नू बेले की अगुवाई में थाना आमला पहुंच जिला पुलिस अधीक्षक बैतूल के नाम थाना प्रभारी आमला को ज्ञापन सौंपा सौंपे ज्ञापन के माध्यम से बताया गया जिला कांग्रेस कमेटी नवागत अध्यक्ष निलय डागा के जुलूस में लगाए जा रहे झंडे लगाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा कांग्रेस कार्यकर्ता के साथ मार पिटाई की गई थी पुलिस प्रशाशन द्वारा शिकायत करने के बाद भी मोनू बड़ोनिया तथा अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज न करते हुए उल्टे जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष निलय डागा एवं अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ताओं पर बिना विवेचना किए मामला दर्ज कर दिया है। जिसे लेकर बैतूल जिले के कांग्रेसी कार्यकर्ता एवं आम जन में आक्रोश देख जा रहा है। जिला उपाध्यक्ष कांग्रेस छन्नू बेले ने बताया सत्ताधारी भाजपा द्वारा सत्ता का दुरुपयोग करते हुए कांग्रेसी कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की है की शीघ्र ही कोतवाली थाना बैतूल में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष निलय डागा सहित अन्य कार्यकर्ताओं पर लगाया गया झूठा प्रकरण वापस लिया जाए अन्यथा बाध्य होकर संपूर्ण जिले में आंदोलन करने बाध्य होना पड़ेगा। जिससे होने वाली संभावित क्षति के लिए शासन प्रशासन जवाबदार रहेगा। ज्ञापन सौंपते समय प्रमुख रूप से कांग्रेस नेता छन्नू बेले ,नासीर खान, चन्द्र शेखर सिंह चंदेल,जितेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Independence day: प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मना आजादी का जश्न,PCC चीफ बोले- प्रेम,अहिंसा, न्याय हमारी पहचान

Independence day: Independence day celebrated in state Congress office, PCC chief said- love, non-violence, justice are our identity मध्य प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में 15 अगस्त के अवसर पर जश्न मनाया गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को 79वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होने कहा कि आजादी सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि विचार और मूल्यों की यात्रा है। कांग्रेस की विचारधारा, जो ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और संविधान व मानवता के सिद्धांतों पर आधारित है, देश को एकता, भाईचारा और शांति की दिशा देती रही है। उन्होंने महान नेताओं के बलिदानों को याद करते हुए कहा कि प्रेम, अहिंसा और न्याय की परंपरा गांधीजी से लेकर राहुल गांधी तक कांग्रेस की पहचान रही है। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, संगठन महामंत्री डॉ. संजय कामले, वरिष्ठ नेता मानक अग्रवाल, राजीव सिंह, जेपी धनोपिया, रामेश्वर नीखरा महेंद्र जोशी, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष विभा पटेल, भोपाल शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, सहित कई वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। विश्व शांति हमारी विचारधाराएमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ध्वजारोहण के बाद पार्टी का सन्देश दिया। उन्होंने कहा, ’78 साल की आजादी की यात्रा में कांग्रेस की भूमिका किसी से छिपी नहीं है। कांग्रेस राजनैतिक दल के साथ विचारधारा है। वसुधैव कुटुम्बकम, विश्व शांति हमारी विचारधारा है। संविधान और मानवता हमारी विचारधारा है। भारत विश्वगुरु जब हम प्रथम आएंगे तब कांग्रेस की विचारधारा नेतृत्व करेगी।’ देश की आजादी में कांग्रेस ने योगदान दियाउन्होंने आगे कहा, ‘देश की आजादी में तो कांग्रेस ने योगदान दिया ही है, साथ ही एकता और अखंडता में भी योगदान दिया। संविधान, वोट के अधिकार को बचाने की कांग्रेस लड़ाई लड़ेगी। संविधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता बचाने का हमारा संकल्प है। देश में गरीब और गरीब होता जा रहा है। बेरोजगारी, नशा, महिला सुरक्षा, बढ़ती महंगाई देश के लिए चुनोती है। जातिगत जनगणना, गरीबों की पहचान करना हमारा उद्देश्य। बीजेपी की सरकार 27% ओबीसी आरक्षण को रोकने कोर्ट में वकील भेज रही है। पाकिस्तान के खिलाफ देश एकजुट हुआ था, लेकिन निराशा हाथ लगी।

जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश में नकली कृषि उत्पादों से किसानों को हो रहे भारी नुकसान पर चिंता व्यक्त की, सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की

Jeetu Patwari expressed concern over the huge losses being suffered by farmers in Madhya Pradesh due to fake agricultural products, demanded immediate action from the government भोपाल ! मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य में नकली खाद, नकली बीज और नकली कीटनाशकों की बिक्री पर गहरी चिंता व्यक्त की है, जिससे किसानों को अभूतपूर्व वित्तीय संकट और फसल हानि का सामना करना पड़ रहा है। पटवारी ने आज मोहन सरकार पर किसानों के प्रति उदासीनता और इस गंभीर मुद्दे को रोकने में विफलता का आरोप लगाया। पटवारी ने कहा,मध्य प्रदेश का किसान पहले से ही मौसम की मार और बढ़ती लागत से जूझ रहा है। ऐसे में नकली खाद, बीज और कीटनाशक उसकी कमर तोड़ने का काम कर रहे हैं। बाजार में धड़ल्ले से बिक रहे है अमानक उत्पाद किसानों की मेहनत और पूंजी को बर्बाद कर रहे हैं, जिससे उनकी आय प्रभावित हो रही है और वे कर्ज के जाल में फंसते जा रहे हैं।” प्रमुख बिंदु जो पटवारी ने उठाए:व्यापकता और प्रमाण:पिछले कुछ महीनों में, राज्य के विभिन्न जिलों से नकली उत्पादों की बिक्री और उपयोग के कारण किसानों को हुए नुकसान की अनगिनत शिकायतें मिली हैं। मंडला, सिवनी, रायसेन, सीहोर, विदिशा, और हरदा जैसे जिलों में किसानों ने स्पष्ट रूप से बताया है कि नकली बीज बोने के बाद अंकुरण नहीं हुआ, नकली खाद से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हुई, और नकली कीटनाशकों ने कीटों पर कोई असर नहीं दिखाया, जिससे उनकी फसलें तबाह हो गईं। आर्थिक नुकसान का अनुमान:प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, नकली उत्पादों के कारण राज्य के किसानों को अब तक करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है जो छोटे और सीमांत किसानों के लिए विनाशकारी है। सरकार की निष्क्रियता: जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से इस समस्या से निपटने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। “निरीक्षण, जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। स्वयं केंद्र के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी सरकार को आईना दिखाते हुए नकली खाद ,नकली बीज ,नकली कीटनाशक ,के विषय को उठाया इसके बाबजूद सरकार ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। किसानों का शोषण:नकली उत्पादों की बिक्री न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि किसानों के मनोबल को भी तोड़ रही है। कई किसान अपनी जमीन बेचने या सूदखोरों से कर्ज लेने पर मजबूर हो रहे हैं, जिससे आत्महत्या के मामले बढ़ने का भी खतरा है।पटवारी ने चेतावनी दी,“यदि सरकार ने जल्द ही इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया, तो कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ मिलकर राज्यव्यापी आंदोलन करेगी। हम किसानों को उनके हक से वंचित नहीं होने देंगे।

भिंड में कांग्रेस कार्यालय के लिए भूमि उपलब्ध कराने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

Memorandum submitted to the collector to provide land for Congress office in Bhind भिण्ड। जिला कांग्रेस कमेटी भिण्ड द्वारा नगर निगम सीमा के अंतर्गत कांग्रेस कार्यालय भवन हेतु उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने की मांग को लेकर कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मानसिंह कुशवाह के नेतृत्व में सौंपा गया। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस एक पुराना राजनीतिक संगठन है, लेकिन भिण्ड जिले में कार्यालय भवन के अभाव में संगठन के कार्यक्रमों का सुचारू संचालन संभव नहीं हो पा रहा है। कार्यालय के लिए भूमि की अत्यंत आवश्यकता है जिससे भवन निर्माण कर कार्यक्रम संचालित हो सके।ज्ञापन में मांग की गई कि नगर निगम भिण्ड की सीमा के अंतर्गत उपयुक्त भूमि आवंटन की जावे । इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मानसिंह कुशवाह के अलावा शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राधेश्याम शर्मा,प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव धर्मेंद्र पिंकी भदोरिया, प्रदेश सचिव प्रमोद चौधरी, पूर्व जिला कांग्रेस के अध्यक्ष जय श्री राम बघेल, उपाध्यक्ष वीरेंद्र यादव, सेवादल अध्यक्ष संदीप मिश्रा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष रेखा भदोरिया ,नगर अध्यक्ष संतोष त्रिपाठी आदि नेता उपस्थित रहे।

रीवा-मऊगंज में खाद-बीज और बिजली की समस्या से जूझ रहे किसान: सुखेन्द्र सिंह

Farmers are facing problems of fertilizers, seeds and electricity in Rewa-Mauganj: Sukhendra Singh रीवा ! मऊगंज के पूर्व विधायक एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सुखेन्द्र सिंह बन्ना ने कहा कि पूरे मऊगंज एवं रीवा जिले का किसान खाद बीज एवं बिजली की समस्या से जूझ रहा है. पूरा प्रशासनिक अमला खाद बीज की कालाबाजारी को बढ़ावा देकर वसूली में व्यस्त है और जिले का अन्नदाता पूरे भ्रष्ट सिस्टम से त्रस्त है. श्री सिंह ने पत्रकारवार्ता के दौरान उक्त आरोप लगाए.उन्होने कहा कि स्मार्ट मीटर के नाम पर बिजली विभाग की लूट से किसान एवं जनता परेशान हैं. बारिश के शुरुआती दौर में ही पूरे जिले में बाढ़ जैसे हालत निर्मित हुए यह भी गंभीर विषय है. पूरा प्रशासनिक तंत्र केवल खानापूर्ति करने में लगा है जमीन हकीकत में पूरा प्रशासनिक तंत्र फेल है. पूर्व विधायक ने शासन प्रशासन को सख्त लहजे में आगाह करते हुए कहा है कि जल्द खाद बीज बिजली की समस्या का शीघ्र निदान नहीं हुआ तो कांग्रेस पार्टी किसानों एवं आम जनता को न्याय दिलाने के लिए उग्र आंदोलन करेगी.

MP में कांग्रेस ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने एक पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की, विदिशा बनेगा कांग्रेस की प्रयोगशाला

भोपाल  मध्यप्रदेश कांग्रेस कमजोर क्षेत्रों में विदिशा मॉडल लागू करेगी, जिसके तहत 650 पंचायतों और वार्डों में समितियां वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन और इलेक्शन मैनेजमेंट का काम देखेंगी। यह मॉडल उन क्षेत्रों में लागू होगा जहां कांग्रेस पिछले 20 सालों से सत्ता से बाहर है और संगठन कमजोर है। इस मॉडल में एक्सपर्ट्स कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर काम करेंगे और 30 जून तक वेरिफिकेशन का काम पूरा किया जाएगा। कार्यकर्ताओं के साथ टिफिन मीटिंग करेंगे पटवारी इसके बाद जुलाई में जीतू पटवारी कार्यकर्ताओं के साथ टिफिन मीटिंग करेंगे और फिर भोपाल और नर्मदापुरम में भी यह मॉडल शुरू किया जाएगा। मध्यप्रदेश में कांग्रेस पिछले 20 सालों से सत्ता से बाहर है, सिर्फ 15 महीनों को छोड़कर पार्टी लगातार चुनाव हार रही है। 2020 में हुए दलबदल के बाद कई क्षेत्रों में कांग्रेस का संगठन बेहद नाजुक स्थिति में है। अब कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करने के लिए विदिशा मॉडल का सहारा ले रही है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने संगठनात्मक रूप से सबसे कमजोर जिले विदिशा में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया। पहले जानिए क्या है विदिशा मॉडल पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने संगठनात्मक रूप से सबसे कमजोर जिले विदिशा में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया। इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए 70 एक्सपर्ट्स को चुनकर विदिशा जिले की पांचों विधानसभा सीटों के हर ग्राम पंचायत और वार्ड में भेजा गया। एक्सपर्ट्स ने पंचायत और वार्ड में सबसे पहले कांग्रेस की कमजोरी की वजहों को लेकर रिपोर्ट तैयार की। इसके बाद पंचायत और वार्ड समिति के लिए वैचारिक रूप से मजबूत कार्यकर्ताओं के नाम छांटे। बातचीत के बाद पंचायत और वार्ड समिति का गठन किया। इन समितियों के सदस्य अब गांव और वार्ड में कांग्रेस के लिए काम करेंगे। फर्जी वोटर्स की पहचान से लेकर वोटरलिस्ट वेरिफिकेशन और चुनाव की तैयारी में ये समिति काम करेगी। विदिशा जिले में समितियों के गठन के बाद अब इस मॉडल पर प्रदेश के दूसरे जिलों में काम किया जाएगा। समितियों का डेटा ऑनलाइन हुआ दर्ज कांग्रेस ने विदिशा जिले की पंचायत और वार्ड समितियों का गठन करने के बाद ऑनलाइन डेटा अपलोड भी किया है। इसमें समिति के अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों के नाम, मोबाइल नंबर सहित तमाम जानकारी ऑनलाइन दर्ज की गई है। अब इन समितियों के वॉट्सऐप ग्रुप बनाकर आगे संगठन के काम को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित किया जाएगा। वेरिफिकेशन का काम 30 जून तक चलेगा विदिशा जिले की पंचायतों और वार्डों में बनाई गई समितियों के वेरिफिकेशन का काम 30 जून तक चलेगा। इसके लिए पीसीसी में एक कॉल सेंटर बनाया जा रहा है। जहां से सभी समितियों के अध्यक्ष सहित तमाम सदस्यों से टेलीफोनिक बातचीत कर सत्यापन किया जाएगा। टिफिन मीटिंग करेंगे जीतू पटवारी विदिशा जिले में गठित हुई पंचायत और वार्ड समिति के अध्यक्षों के साथ पीसीसी चीफ जीतू पटवारी जुलाई के महीने में टिफिन मीटिंग करेंगे। विधानसभा वार होने वाली टिफिन मीटिंग में सभी कार्यकर्ता अपने-अपने घर से भोजन बनवाकर टिफिन लेकर आएंगे और एक जगह पीसीसी चीफ सभी अध्यक्षों के साथ बैठकर चर्चा करेंगे और भोजन करेंगे। अब भोपाल और नर्मदापुरम में होगा काम शुरू विदिशा जिले के बाद कांग्रेस अब इस मॉडल पर भोपाल और नर्मदापुरम संभाग की उन विधानसभाओं में इसपर काम शुरू करेगी। जहां कांग्रेस लगातार चुनाव हार रही है। कांग्रेस का मानना है कि इन दोनों संभागों में कांग्रेस की स्थिति सुधारने की सबसे ज्यादा जरूरत है। विदिशा से हुई पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत कांग्रेस के संगठन प्रभारी संजय कामले ने बताया- कांग्रेस पार्टी ने बहुत महत्वाकांक्षी पायलट प्रोजेक्ट के लिए विदिशा जिले को चुना था। पार्टी में इस बात की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी कि संगठन में किस तरह से संगठन में बदलाव करना चाहिए। कैसे कांग्रेस पार्टी की जमीनी स्तर पर शुरुआत कर सकते हैं। हमारे अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पर जोर दिया। 70 एक्सपर्ट्स को काम पर लगाया इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए 70 एक्सपर्ट्स को चुनकर विदिशा जिले की पांचों विधानसभा सीटों के हर ग्राम पंचायत और वार्ड में भेजा गया। एक्सपर्ट्स ने पंचायत और वार्ड में सबसे पहले कांग्रेस की कमजोरी की वजहों को लेकर रिपोर्ट तैयार की। इसके बाद पंचायत और वार्ड समिति के लिए वैचारिक रूप से मजबूत कार्यकर्ताओं के नाम छांटे गए। बातचीत के बाद पंचायत और वार्ड समिति का गठन किया गया। इन समितियों के सदस्य अब गांव और वार्ड में कांग्रेस के लिए काम करेंगे। ऑनलाइन डेटा भी किया अपलोड फर्जी वोटर्स की पहचान से लेकर वोटरलिस्ट वेरिफिकेशन और चुनाव की तैयारी में ये समिति काम करेगी। विदिशा जिले में समितियों के गठन के बाद अब इस मॉडल पर प्रदेश के दूसरे जिलों में काम किया जाएगा। कांग्रेस ने विदिशा जिले की पंचायत और वार्ड समितियों का गठन करने के बाद ऑनलाइन डेटा अपलोड भी किया है। इसमें समिति के अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों के नाम, मोबाइल नंबर सहित तमाम जानकारी ऑनलाइन दर्ज की गई है। अब इन समितियों के वॉट्सऐप ग्रुप बनाकर आगे संगठन के काम को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित किया जाएगा।

भोपाल कांग्रेस ने बुलाई बड़ी अहम बैठक, चले लात-घूंसे, जिला अध्यक्ष की दावेदारी को लेकर टकराव

 भोपाल   कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत मंगलवार को कांग्रेसियों में अचानक मारपीट शुरू हो गई। असल में एआईसीसी के पर्यवेक्षक भोपाल आए हुए हैं। वे यहां विधानसभा स्तर पर बैठकें कर जिलाध्यक्ष के दावेदारों से चर्चा कर रहे हैं। मंगलवार की शाम को भी यही कम चल रहा था, इसी बीच कांग्रेसी भिड़ गए। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो खूब वायरल हुआ।  बताया जा रहा कि यह घमासान कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और कांग्रेस नेता साजिद अली के समर्थकों के बीच हुआ। दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस घटना ने कांग्रेस की संगठनात्मक एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बैठक में एआईसीसी पर्यवेक्षक यशोमति ठाकुर सहित कई बड़े और स्थानीय नेता मौजूद थे, जो भोपाल जिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा में व्यस्त थे। एक दूसरे पर किया केस घटना के बाद दोनों पक्षों के कार्यकर्ता एमपी नगर थाने पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ शिकायती आवेदन दिए। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, यह हंगामा कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और कांग्रेस नेता साजिद अली के समर्थकों के बीच हुआ. दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए, जिसके बाद स्थिति बेकाबू हो गई. मारपीट और गाली-गलौज की इस घटना ने कांग्रेस की संगठनात्मक एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. बैठक में AICC पर्यवेक्षक यशोमति ठाकुर सहित कई वरिष्ठ और स्थानीय नेता मौजूद थे, जो भोपाल जिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा में व्यस्त थे. इस दौरान बाहर हुए इस हंगामे ने पार्टी के लिए शर्मिंदगी की स्थिति पैदा कर दी.  घटना के बाद दोनों पक्षों के कार्यकर्ता एमपी नगर थाने पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ शिकायती आवेदन दिए. पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस घटना पर बीजेपी ने भी कांग्रेस पर तंज कसा. बीजेपी के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने X पर लिखा, “कांग्रेस की बैठक या कुश्ती प्रतियोगिता? भोपाल में कांग्रेस का संगठन सृजन अब संघर्ष सृजन बन गया है. जिला कांग्रेस की बैठक में आरिफ मसूद और साजिद अली के समर्थकों के बीच बहस नहीं, सीधे मारपीट हुई. आरोप लगा कि साजिद अली ने चुनाव में BJP का समर्थन किया- जवाब मिला, “बैठक में देशभक्तों की जरूरत नहीं.” फिर क्या था — बहस, धक्का-मुक्की और कुर्सियां चलने लगीं! अब समझ आया कि कांग्रेस में मन की बात नहीं, मुक्कों की बात होती है. अगली बैठक में डॉक्टर आएंगे या पुलिस? इंतज़ार कीजिए….”  बता दें कि ‘संगठन सृजन अभियान’ का शुभारंभ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बीते 3 जून को भोपाल दौरे के दौरान किया था. इस अभियान के तहत कांग्रेस ने 61 पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया है, जो मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में पार्टी की स्थिति का आकलन कर रहे हैं. लेकिन इस तरह की घटनाएं पार्टी की आंतरिक कलह को उजागर कर रही हैं. भाजपा ने कसा तंज सोशल मीडिया पर इस घमासान का वीडियो खूब वायरल हुआ। प्रदेश भाजपा प्रभारी आशीष अग्रवाल ने वीडियो सांझा करते हुए लिखा कि कांग्रेस की बैठक या कुश्ती प्रतियोगिता। भोपाल में कांग्रेस का संगठन सृजन अब संघर्ष सृजन बन गया है। जिला कांग्रेस की बैठक में आरिफ मसूद और साजिद अली के समर्थकों के बीच बहस नहीं, सीधे मारपीट हुई। अगली बैठक में डॉक्टर आएंगे या पुलिस? इंतज़ार कीजिए।

कांग्रेस विधायक भैरो सिंह परिहार का वीडियो वायरल, RSS के साथ अच्छे रिश्तों का किया खुलासा

सुनसेर  कांग्रेस और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ दोनों की विचारधारा एकदम अलग है, लेकिन संघ का प्रभाव इतना व्यापक है कि कांग्रेसी भी इससे अछूते नहीं हैं। वैसे तो लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी लगातार आरएसएस को निशाने पर लेते रहते हैं, लेकिन अब उनके ही एक सिपाही का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में विधायक कह रहे हैं कि मैं कांग्रेस का विधायक हूं, लेकिन आरएसएस से भी जुड़ा हुआ हूं। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वायरल वीडियो में क्या है सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो आगर-मालवा क्षेत्र का है। भैरो सिंह परिहार यहां की सुनसेर विधानसभा सीट से विधायक हैं। किसी संगठन के प्रोग्राम में शामिल होने के लिए भैरो सिंह पहुंचे थे। इस दौरान जब माइक उनके हाथ में आया तो वो आरएसएस के साथ अपनी नजदीकियां गिनवाने लगे। भैरो सिंह ने कहा कि वैसे तो वो कांग्रेस विधाय हैं, लेकिन आरएसएस से भी जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि आरएसएस के कई पदाधिकारी उनके करीबी हैं और उन्होंने भी संघ के लिए कई काम किए हैं। इस दौरान भैरो सिंह ने हाल ही में हुए एक समझौते की भी याद दिलाई। 2 साल पहले भी करवाया था समझौता सुनसेर विधानसभा सीट से कांग्रेसी विधायक भैरों सिंह ने कहा कि उन्होंने आरएसएस के लिए काम किया है। इस दौरान परिहार ने एक वाक्या याद दिलाया जब गरोठ सीट से विधायक को पुलिस उठा ले गई थी। उन्होंने कहा कि उस समय जब मुख्यमंत्री आए थे तो उन्होंने मिलकर एक समझौता करवाया था। संघ पदाधिकारियों से शिकायत भी कांग्रेस विधायक भैरो सिंह वायरल वीडियो में संघ पदाधिकारियों से शिकायत करते भी सुनाई दे रहे हैं। भैरों सिंह का कहना है कि अगर वो अभी संघ कार्यालय चले जाएं तो मंडल अध्यक्ष कहेगा कि ना जाने ये कौन आ गया है। शिकायत करते हुए भैरों ने संघ के साथ अपनी नजदीकी और संगठन के लिए काम करने के इतिहास को सबके सामने खुलकर रखा। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोग इस विषय में चर्चा कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश में पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए कांग्रेस के करीब ढाई सौ ऑब्जर्वर प्रक्रिया में जुटे

भोपाल  मध्य प्रदेश में पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए कांग्रेस के करीब ढाई सौ ऑब्जर्वर प्रक्रिया में जुट गए हैं. कांग्रेस प्रदेश के 55 जिलों में नए जिला और ब्लॉक अध्यक्ष का चयन करेगी. उधर जिले और ब्लॉक अध्यक्ष के लिए कांग्रेस ने उम्र का बंधन खत्म कर दिया है. जिले और ब्लॉक में पार्टी संगठन के लिए योग्य कार्यकर्ता को ही जिम्मेदारी सौंपी जाएगी. हालांकि पार्टी ने साफ कर दिया है कि 2023 के चुनाव के दौरान बीजेपी छोड़कर कांग्रेस पार्टी में आए नेताओं को संगठन के इस चुनाव में तवज्जो नहीं दी जाएगी. कांग्रेस ने ऐसे बाहरी नेताओं के लिए लॉयटी टेस्ट की समय सीमा 5 साल निर्धारित कर दी है. कांग्रेस में 5 साल पूरे करने वाले आयातित नेता के नाम पर ही विचार किया जाएगा. 5 साल में पूरा होगा लॉयटी टेस्ट विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 3 जून को भोपाल में संगठन सृजन अभियान की शुरूआत की है. इस अभियान के तहत कांग्रेस ने 55 जिलों में 165 ऑब्जर्वर्स तैनात किए हैं. यह ऑब्जर्वर्स सभी जिलों में पहुंच गए हैं. पार्टी में जिला अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष के लिए जमीनी स्तर पर नए नेतृत्व की तलाश शुरू कर दी है. कांग्रेस ने जिला अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष के लिए उम्र का क्राइटेरिया निर्धारित नहीं किया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि “उम्र को लेकर कोई क्राइटेरिया नहीं है. इसमें योग्यता ही पैमाना होगा, जो सबसे योग्य व्यक्ति समन्वय का निकलेगा, जो पार्टी की विचारधारा के प्रति ईमानदार होगा, उसे ही मौका दिया जाएगा. जीतू पटवारी ने कहा कि पिछले 5 साल के दौरान बीजेप से कांग्रेस में आए नेताओं को अभी इसमें जगह नहीं दी जाएगी.    एआईसीसी को जाएगी रिपोर्ट संगठन सृजन के लिए ऑल इंडिया कांग्रेस ने 60 और प्रदेश कांग्रेस ने 180 पर्यवेक्षकों को नियुक्ति दी है. यह सब अब करीबन एक हफ्ते जिलों में रहेंगे और इसके बाद वहां के दौरे करते रहेंगे. इस दौरान स्थानीय कार्यकर्ताओं, प्रबुद्धजनों से चर्चा कर एक पैनल तैयार करेगी. इसमें जिले का जातिगत समीकरण का भी ध्यान रखा जाएगा. पहला चरण 30 जून तक चलेगा. एसआईसीसी से बनाए गए पर्यवेक्षक अपनी रिपोर्ट सीधे एआईसीसी को ही देगी.

कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत नए शहर अध्यक्ष के लिए रायशुमारी की जा रही

भोपाल कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत नए शहर अध्यक्ष के लिए रायशुमारी की जा रही है। अमृतसर सांसद गुरमीत सिंह औजला ने तीन दिन शहर में रहकर इसके लिए मंथन किया। इस दौरान कई नाम सामने आए, लेकिन प्रदेश प्रभारी के एक बयान से कई दावेदारों के माथे पर चिंता की लकीर है। नियुक्ति आम सहमति से की जाएगी एक दिन पहले प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी(Harish Chaudhary) और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया विभाग की वर्चुअली मीटिंग ली थी। इसमें चौधरी ने कहा था कि जिला अध्यक्षों की नियुक्ति आम सहमति से की जाएगी, लेकिन 45 वर्ष से अधिक के नेताओं को अध्यक्ष नहीं बनाया जाएगा। कई नेताओं की उम्र 45 वर्ष से अधिक इंदौर में दावेदारी करने वाले कई नेता 45 वर्ष से अधिक की उम्र के हैं। ऐसे में अरविंद बागड़ी, अश्विन जोशी जैसे नेताओं की दावेदारी खटाई में पड़ सकती है। हालांकि चौधरी ने विशेष परिस्थितियों में रियायत देने की बात भी कही है।

गुटबाजी खत्म करो, बदलाव चाहिए तो बताओ – मैं करूंगा’: भोपाल में राहुल गांधी का कांग्रेस नेताओं को सख्त संदेश

Rahul Gandhi’s strong message to Congress leaders in Bhopal भोपाल | लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को भोपाल में कांग्रेस के ‘संगठन सृजन अभियान’ की शुरुआत करते हुए पार्टी नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया: गुटबाजी अब और नहीं चलेगी, सभी को मिलकर संगठन को मजबूत करना होगा। पार्टी संगठन को मिशन 2028 के तहत नए सिरे से खड़ा करने की कोशिश के तहत राहुल गांधी ने एक ही दिन में पांच अहम बैठकें कीं। उन्होंने सभी नेताओं से साफ कहा, कोई भी फैसला ऊपर से नहीं थोपा जाएगा। आप मिलकर निर्णय लें, और अगर कोई बदलाव चाहिए, तो बताइए – मैं करूंगा। लेकिन पहले एकजुट हो जाइए। संगठन में नई जान फूंकने की कोशिश राहुल गांधी ने नेताओं को याद दिलाया कि पिछले बीस सालों में कांग्रेस का संगठन मध्य प्रदेश में कमजोर हुआ है और अब समय है इसे फिर से खड़ा करने का। उन्होंने संगठन को मजबूत, पारदर्शी और जनसरोकार से जुड़ा बनाने पर जोर दिया। कांग्रेस के ‘संगठन सृजन अभियान’ का लक्ष्य 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले स्थानीय और जिला स्तर पर संगठनात्मक ढांचे को पुनर्गठित करना है। राहुल गांधी ने कहा कि कार्यकर्ताओं की आवाज़ सुनी जाएगी और निर्णय सामूहिक रूप से लिए जाएंगे, न कि ऊपर से थोपे जाएंगे।

3 जून को एमपी आएंगे Rahul Gandhi, 7 घंटे होगा स्टे, कांग्रेस पदाधिकारियों और विधायकों से करेंगे बात

Rahul Gandhi MP Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दो दिन बाद राहुल गांधी कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान की शुरुआत करेंगे। वे पदाधिकारियों, विधायकों और कार्यकर्ताओं से संवाद कर संगठन को धार देंगे। Rahul Gandhi MP Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के दौरे के दो दिन बाद 3 जून को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) भोपाल आएगे। वे संगठन सृजन अभियान की शुरुआत करेंगे। करीब सात घंटे के दौरे में पार्टी के पदाधिकारियों, विधायकों के अलावा कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करेंगे। उमंग सिंघार ने दी जानकारीविधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में यह जानकारी दी। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस संगठन प्रभारी संजय कामले, मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक भी मौजूद थे।सिंघार ने कहा, राहुल गांधी के मार्गदर्शन में शुरू होने वाला यह अभियान कांग्रेस को जमीनी स्तर पर और सशक्त करेगा। यह पहल युवाओं, किसानों, श्रमिकों और समाज के वंचित वर्गों को कांग्रेस के साथ वापस जोड़ने का माध्यम बनेगी। अभियान के तहत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षकों, प्रदेश कार्यकारिणी, राजनीतिक मामलों की समिति और सभी जिला अध्यक्षों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा। उद्देश्य संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और स्पष्ट रणनीति तैयार करना है। ये है दौरे का पूरा शेड्यूलसुबह 11 से 12 : प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पॉलीटिकल अफेयर कमेटी की बैठक।दोपहर 12 से 12.30 विधायकों के साथ बैठक।दोपहर 12.30 से 1.30: पर्यवेक्षकों, प्रभारियों के साथ बात करेंगे।दोपहर 1.30 से 2.30: आरक्षित समय।दोपहर 2.30 से 4 : रवींद्र भवन में एआइसीसी डेलीगेट्स, पीसीसी डेलीगेट्स, जिलाध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्षों का अधिवेशन।

MP में जिला अध्यक्षों के चयन के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त, इन पर्यवेक्षकों को एआईसीसी ने दिए निर्देश

भोपाल  कांग्रेस ने जिला अध्यक्षों (MP congress Districts Presidents List) को महत्त्वपूर्ण बनाने के अहमदाबाद अधिवेशन के प्रस्ताव (Ahmedabad Session Proposal) पर काम शुरू हो गया है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के जिला अध्यक्षों के चयन के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है। पर्यवेक्षकों की नियुक्ति को मंजूरी देने के साथ ही एआइसीसी (AICC) ने इन्हें तत्काल प्रभाव से अपना काम शुरू करने के लिए कहा है। संगठन सृजन अभियान के तहत 50 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति संगठन सृजन अभियान के तहत मध्यप्रदेश के लिए 50 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है। मध्यप्रदेश के लिए सप्तगिरि उलाका, गुरदीप सिंह सप्पल, अखिलेश प्रताप सिंह, डॉ. अजय कुमार, विवेक बंसल, रिपुन बोरा, कृष्णा तीरथ सहित 50 नेताओं को रखा गया है। गुजरात का फार्मूला लागू करने की तैयारी कांग्रेस में अब गुजरात फार्मूला लागू करने की तैयारी है। इसके तहत पर्यवेक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। जिला इकाई गठन में केन्द्रीय और राज्य पर्यवेक्षकों की राय भी मायने रखेगी। इसे पार्टी में नये बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। असल में कांग्रेस में संगठन को और मजबूत किए जाने की कवायद चल रही है। प्रयास है कि सभी कार्यकर्ताओं को मौका मिले, सिर्फ नाम के लिए पदाधिकारी न हो।

कांग्रेस के कद्दावर नेता आनंद शर्मा ने नरेंद्र मोदी सरकार की तारीफ, जानें क्या कहा

नई दिल्ली पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से शशि थरूर लगातार मोदी सरकार के पक्ष में बात कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक पार्टी द्वारा इशारों में समझाने के बाद भी थरूर ने अपनी बात को सार्वजनिक रूप से रखना जारी रखा। अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने भी मोदी सरकार के फैसले की तारीफ की है। शर्मा ने वैश्विक स्तर पर आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान की पोल खोलने और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारत की राय रखने के लिए सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को विदेश भेजने के फैसले को महत्वपूर्ण पहल बताया है। वहीं कांग्रेस पार्टी ने इसे एक भटकाने वाली योजना के रूप में रेखांकित किया था। कांग्रेस पार्टी द्वारा दिए गए चार नामों में से केवल आनंद शर्मा को ही केंद्र सरकार ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया है। आने वाले दिनों में शर्मा अपनी टीम के साथ मिस्र, कतर और इथियोपिया की यात्रा करेंगे।  बात करते हुए शर्मा ने कहा, “हमारा क्षेत्र दशकों से सीमा पार आतंकवाद से पीड़ित है। ऐसे में इसे लेकर वैश्विक जनमत को संवेदनशील बनाना महत्वपूर्ण है। पाकिस्तानी सेना और आईएसआई द्वारा पोषित आतंकवादी संगठनों ने भारत का बहुत खून बहाया है। हमने इस आतंकवाद की एक बड़ी कीमत चुकाई है। लेकिन इसके बाद भी हमने अपनी प्रतिक्रियाओं में संयम बरता.. आतंकवाद को लेकर बहुत कम देश ऐसे होते हैं, जो संयमित हो सकते हैं .. लेकिन भारत ने ऐसा किया। पहलगाम के बाद हमने जवाबी कार्रवाई की लेकिन यह एक मापी हुई कार्रवाई थी, जिसे हमने पहले ही स्पष्ट कर दिया था।” आपको बता दें शशि थरूर के बाद अब आनंद शर्मा ने भी ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद की कार्रवाई पर सरकार के प्रति नरम रुख अपनाया है, जबकि कांग्रेस पार्टी इस मामले को लेकर केंद्र पर हमलावर बनी हुई है। बुधवार को कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सर्वदलीय सांसदों को विदेश भेजने के फैसले को केंद्र सरकार द्वारा सवालों से बचने और ध्यान भटकाने का तरीका बताया। जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि 1950 के बाद हर अक्टूबर-नवंबर में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र का दौरा करता था लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में इस परंपरा को खत्म कर दिया। अब जबकि वैश्विक स्तर पर वह हताश हैं और उनकी छवि को धक्का लग चुका है तब वह दोबारा से सर्वदलीय सांसदों को विदेशों में भेजने का फैसला ले रहे हैं।

सेना किसी नेता के चरणों में नतमस्तक नहीं होती, बल्कि वह सिर्फ भारत माता के प्रति समर्पित रहती है – कांग्रेस सैनिक प्रकोष्ठ

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के बयान को लेकर कांग्रेस लगातार विरोध दर्ज कर रही है। इसी कड़ी में अब भूतपूर्व सैनिक भी उतर आए हैं। पीसीसी में शनिवार को कांग्रेस सैनिक प्रकोष्ठ ने मंत्री विजय शाह और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के बयानों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय सेना किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति की नहीं, बल्कि संविधान और राष्ट्र की सेवा करती है। सेना किसी नेता के चरणों में नतमस्तक नहीं होती, बल्कि वह सिर्फ भारत माता के प्रति समर्पित रहती है। बतौर पूर्व सैनिक हमें सेना के अपमान ने बहुत आघात पहुंचाया है। अगर नेताओं के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं होगी, तो देशभर के पूर्व सैनिक सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा की तोड़ मरोड़कर बयान पेश करने की दलील गलत है। सरकार ने नहीं की कोई ठोस कार्रवाई मेजर श्याम सुंदर ने कहा कि इस विवादित बयान पर अभी तक सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि जब हमारी सेना देश की रक्षा में जान तक देने को तैयार है, तो फिर उसके सम्मान पर चोट करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? अगर सरकार ने समय पर कार्रवाई की होती, तो सैनिकों का मनोबल बना रहता। लेकिन इस चुप्पी से जवानों में दुख और आक्रोश है। वोट बैंक की राजनीति में अब सेना को खींचा जा रहा मेजर श्याम सुंदर ने कहा कि यह मामला अब सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं रहा, बल्कि यह साफ दर्शाता है कि वोट बैंक की राजनीति में अब सेना को भी खींचा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सेना देश के लिए नतमस्तक होती है, न कि किसी पार्टी के लिए। राजनीति में सीमा का ध्यान रखना चाहिए। जो देश के जवान के मनोबल को तोड़ने का काम करेगा, वह देशद्रोही के समान होगा। सैनिकों को पहले दिन से सिखाया जाता है देश सबसे ऊपर समाजवादी पार्टी द्वारा दिए गए बयान पर भी उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि सेना के पहले दिन से ही सैनिकों को सिखाया जाता है कि देश सबसे ऊपर है। ऐसे में कोई भी नेता या दल यदि व्यक्तिगत या सांप्रदायिक टिप्पणी करता है, तो वह भारत के सशस्त्र बलों का अपमान करता है। सरकार को खुल कर देनी चाहिए प्रतिक्रिया उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर कोर्ट ने संज्ञान लिया है, लेकिन यह विषय इतना गंभीर है कि सरकार को भी खुलकर प्रतिक्रिया देनी चाहिए। हमें सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के फैसले का इंतजार जरूर है, लेकिन सरकार की चुप्पी बहुत खलती है। यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता और सैनिकों का आक्रोश सड़कों पर दिखेगा।मेजर श्याम सुंदर ने कहा कि ट्रुप्स का धर्म ही अफसर का धर्म होता है। मैं एक ऐसे अफसर को जानता हूं, जो अपने जवानों के रोजा रखने पर स्वयं भी रोजा रखते थे। यही समर्पण हमारी सेना को दुनिया में सबसे अलग बनाता है। हमारी सेना अनुशासन में विश्वास रखती है, और नेतृत्व की भावना उसमें बचपन से ही सिखाई जाती है। अगर करनाल सोफिया कुरैशी का चयन हुआ है, तो वह निश्चित रूप से एक उत्कृष्ट अधिकारी रही होंगी। उनके खिलाफ आपत्तिजनक बयान देना सेना का अपमान है और इससे गलत संदेश फैलता है।

कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को बूथ मैनेजमेंट से लेकर आभासी दुनिया में मज़बूत करेगी, लगेगा स्पेशल ट्रेनिंग कैंप

भोपाल मध्य प्रदेश की सत्ता से करीब 2 दशक से बाहर कांग्रेस पार्टी अब आगामी 2028 विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को नए सिरे से तैयार करने में जुट गयी है. यह तैयारी ज़मीन पर बूथ मैनेजमेंट से लेकर आभासी दुनिया यानि वर्चुअल वर्ल्ड में कांग्रेस को कैसे मज़बूत करना है, उसकी होगी. जिसमें नेताओं और कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के गुर सिखाये जायेंगे. सबसे खास बात यह है कि इसका खर्चा नेता और कार्यकर्ता खुद उठाएंगे. इसके लिए AICC ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के प्रमुख सचिन राव अपनी टीम के साथ 9 जून से 15 जून तक मध्यप्रदेश में रहेंगे और सर्वोदय मेथोडोलॉजी को अपनाते हुए किसी शांत जगह पर यह ट्रेनिंग कैंप लगाया जायेगा. सबसे बड़ी बात है कि कांग्रेस के सभी विधायकों और जिला अध्यक्षों समेत सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को इस प्रशिक्षिण शिविर में आना अनिवार्य होगा, जिसके लिए एक निश्चित शुल्क उनसे लिया जायेगा. एमपी कांग्रेस के अभिनव बरोलिया ने बताया कि सर्वोदय कैंप पहले भी आयोजित होते रहे हैं लेकिन अब नए ज़माने की नई तकनीक को भी इस बार शामिल किया जायेगा. प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी चाहते हैं कि कार्यकर्ताओं को बीजेपी के संगठन से मुकाबले के लिए हर मोर्चे पर तैयार करना पड़ेगा इसलिए इस कैंप का आयोजन किया जा रहा है. बीजेपी जिस तरह से सोशल मीडिया में नैरेटिव बनाती है और फेक न्यूज़ फैलाती है उसे कैसे पहचानें और कांग्रेस के खिलाफ होने वाले दुष्प्रचार को कैसे रोका जाये, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करते हुए कांग्रेस पार्टी का देश की आज़ादी और विकास में क्या योगदान रहा इसे जनता तक पहुंचाने की ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके अलावा नेताओं और कार्यकर्ताओं को बताया जायेगा कि वो कैसे प्रवास पर रहें, प्रवास के दौरान लोगों से मिले, कार्यकर्ताओं के घर खाना खाएं या जिस इलाके में प्रवास पर हों वहां के लोगों के साथ समय बिताएं यह सारी बातें इस सर्वोदय कैंप में बताई जाएगी.

कांग्रेस शहर अध्यक्ष के लिए कई नए नाम सामने आने से समीकरण भी बदल रहे, दीपू यादव और चिंटू चौकसे पर चर्चा

इंदौर  एमपी के इंदौर शहर में कांग्रेस के जिला-शहर अध्यक्ष के बदलाव को लेकर चल रही कवायद फिर से तेज हो गई है। माना जा रहा था कि गुजरात अधिवेशन के बाद इंदौर के जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्ष बदले जा सकते हैं। इसके बाद पिछले दिनों भोपाल के अलावा प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दिल्ली में नामों को लेकर बड़े नेताओं से चर्चा की थी। शहर अध्यक्ष के लिए कई नए नाम सामने आने से समीकरण भी बदल रहे हैं। हटाने की कवायद तेज मालूम हो कि लंबे समय तक शहर अध्यक्ष पद खाली रहने के बाद सुरजीत सिंह चड्ढा को कुर्सी मिली थी। वे कमलनाथ के प्रदेश अध्यक्ष होने के समय बनाए गए थे। विधानसभा की सभी सीटें हारने के बाद चड्ढा और जिला अध्यक्ष सदाशिव यादव को हटाने की कवायद चल रही है। गांधी भवन में कैलाश विजयवर्गीय की आवभगत करने के बाद अध्यक्ष बड़े नेताओं के निशाने पर हैं। चड्ढा को जब अध्यक्ष बनाया था तब अरविंद बागड़ी और अमन बजाज ही दावेदार थे। इन नामों पर चर्चा अब नए समीकरण के तहत नए नाम सामने आए हैं। इनमें दीपू यादव और चिंटू चौकसे का नाम सामने आया है। बताया जाता है कि चिंटू राजी नहीं है। ऐसे में यादव के नाम पर विचार चल रहा है। जिला अध्यक्ष के लिए राधेश्याम पटेल दावेदार है। बताया जा रहा है कि दावेदारों ने अपने नेताओं से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।

करनाल पहुंचे राहुल गांधी: लेफ्टिनेंट के परिवार से की मुलाकात, पहलगाम आतंकी हमले मारे गए थे विनय नरवाल

पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के परिवार से मिलने के लिए कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज करनाल पहुंचे। राहुल गांधी दिल्ली स्थित अपने आवास से सुबह करनाल के लिए रवाना हुए थे। उनके आगमन को देखते हुए शहीद के सेक्टर-7 स्थित आवास पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। जानकारी के अनुसार, रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा और हरियाणा यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा पहले ही विनय नरवाल के घर पहुंच चुके हैं। राहुल गांधी शहीद की पत्नी हिमांशी नरवाल और उनके परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में लेफ्टिनेंट विनय नरवाल मारे गए थे। वे अपनी पत्नी हिमांशी के साथ हनीमून के लिए पहलगाम गए थे, जहां आतंकियों ने उनकी हत्या कर दी।

नागरिकता विवाद में राहुल गांधी को राहत: हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की, केंद्र पर उठाए सवाल

Relief to Rahul Gandhi in citizenship dispute: High Court dismisses petition, raises questions on Centre लखनऊ। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की नागरिकता को चुनौती देने वाली याचिका को लखनऊ हाईकोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दिया। कोर्ट ने केंद्र सरकार की ओर से अस्पष्ट जवाब दिए जाने पर नाराजगी जताई और कहा कि जब तक केंद्र कोई स्पष्ट स्थिति नहीं रखता, तब तक याचिका को लंबित रखने का कोई औचित्य नहीं है। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को अन्य कानूनी रास्ते अपनाने की स्वतंत्रता दी है। यह मामला पिछले कुछ वर्षों से सुर्खियों में बना हुआ था, जिसमें राहुल गांधी पर ब्रिटेन की एक कंपनी के डायरेक्टर पद पर रहते हुए खुद को “ब्रिटिश नागरिक” बताने का आरोप लगाया गया था। याचिकाकर्ता एस विग्नेश शिशिर, जो कर्नाटक के निवासी और भाजपा से जुड़े हैं, ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दाखिल की थी। याचिका में कहा गया कि यदि राहुल गांधी ने स्वयं को ब्रिटिश नागरिक बताया है, तो भारतीय नागरिकता कानून 1955 के अनुसार उनकी नागरिकता रद्द की जानी चाहिए और वे जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित किए जाएं। हाईकोर्ट की टिप्पणी और केंद्र की भूमिका कोर्ट की खंडपीठ जिसमें न्यायमूर्ति एआर मसूदी और न्यायमूर्ति राजीव सिंह शामिल थे, ने कहा कि केंद्र सरकार याचिकाकर्ता की शिकायत के निपटारे के लिए कोई समयसीमा नहीं दे पा रही है। ऐसे में याचिका पर विचार जारी रखना व्यर्थ होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता इस मामले में अन्य वैकल्पिक विधिक उपायों के लिए स्वतंत्र है। इससे पहले 21 अप्रैल को हुई सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि यह मामला राष्ट्रीय महत्व का है, और इसमें देरी नहीं की जा सकती। कोर्ट ने केंद्र से पूछा था कि क्या राहुल गांधी भारतीय नागरिक हैं या नहीं—और 10 दिन के भीतर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। लेकिन 10 दिन की समयसीमा बीतने के बाद भी सरकार की ओर से ठोस जवाब नहीं आया। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सूर्यभान पांडेय ने कोर्ट में केंद्र की ओर से स्थिति रिपोर्ट पेश की थी, जिसे कोर्ट ने अपर्याप्त” बताया था। इसके बाद कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार ही मामले की गंभीरता को नहीं समझ रही, तो कोर्ट के पास याचिका खारिज करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। याचिकाकर्ता के आरोप क्या थे? याचिकाकर्ता एस विग्नेश शिशिर ने दावा किया था कि राहुल गांधी ने वर्ष 2005-2006 में ब्रिटेन की एक कंपनी, ‘BackOps Limited’ में डायरेक्टर के रूप में खुद को “British citizen” बताया था। उन्होंने ब्रिटिश सरकार के 2022 के एक गोपनीय मेल का भी हवाला दिया और कहा कि राहुल गांधी की नागरिकता संदिग्ध है। याचिका में यह भी कहा गया कि यदि राहुल गांधी वास्तव में ब्रिटिश नागरिक रहे हैं या दोहरी नागरिकता रखते हैं, तो भारतीय कानून के अनुसार उन्हें संसद सदस्य बने रहने और चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं है। भारतीय नागरिकता अधिनियम की धारा 9(2) के तहत याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी की नागरिकता को समाप्त करने की मांग की थी। Read More: मध्यप्रदेश में मंजूरी के 4 दिन बाद तबादला नीति जारी: आधी रात के बाद आदेश; जिनकी परफॉर्मेंस खराब, उनको पहले बदलेंगे पिछली सुनवाइयों का विवरण Rahul Gandhi in citizenship dispute मामले की सुनवाई कई चरणों में हुई। 24 मार्च को कोर्ट ने राज्य सरकार को चार सप्ताह में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था, लेकिन सरकार ने आठ सप्ताह का समय मांगा। 19 दिसंबर 2024 को जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की बेंच ने केंद्र सरकार को यूके सरकार से संपर्क कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया था। इसके बाद गृह मंत्रालय ने कोर्ट को सूचित किया कि उन्होंने ब्रिटिश सरकार को पत्र लिखा है और जांच जारी है। राहुल गांधी की ओर से चुप्पी Rahul Gandhi in citizenship dispute इस पूरे मामले के दौरान कोर्ट में राहुल गांधी की ओर से कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुआ, जिससे कई सवाल खड़े हुए। हालांकि, कांग्रेस पार्टी या राहुल गांधी की ओर से सार्वजनिक रूप से इस याचिका पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। इससे मामले की संवेदनशीलता और राजनीतिक प्रकृति और भी गहरी हो जाती है। क्या आगे की कार्रवाई होगी? हालांकि हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है, लेकिन यह मामला यहीं खत्म नहीं हुआ है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि याचिकाकर्ता अन्य वैधानिक विकल्पों के लिए स्वतंत्र हैं। इसका अर्थ यह है कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट या किसी अन्य मंच पर चुनौती के रूप में फिर से उठाया जा सकता है। राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर उठे सवाल और कोर्ट की टिप्पणी दोनों ही भारतीय राजनीति में संवेदनशील और अहम हैं। हाईकोर्ट ने फिलहाल याचिका खारिज कर एक स्पष्ट संकेत दिया है कि जब तक केंद्र खुद ठोस जानकारी नहीं देता, तब तक न्यायपालिका इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं दे सकती। अब देखना होगा कि क्या याचिकाकर्ता इस मामले को सुप्रीम कोर्ट लेकर जाते हैं या केंद्र सरकार इस पर कोई नई स्थिति स्पष्ट करती है।

सरकार बेच रही गली गली शराब, अवैध दुकानों की भरमार :पंकज उपाध्याय

The government is selling liquor in every street, there are many illegal shops: Pankaj Upadhyay आज जौरा विधायक पंकज उपाध्याय ने सरकार एवं मुरैना प्रशासन पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि जब से शासन ने नए ठेके दिए हैं तब से शराब की बिक्री लगभग चौगुनी हो गई है प्रत्येक गांव के हर नुक्कड़ चौराहे पर एक शराब का ठेला रख दिया गया है गली-गली में शराब बिक रही है जौरा क्षेत्र के कई स्वयंसेवी संस्थाओं स्कूल के बच्चों युवाओं एवं माता बहनों ने बार-बार आकर कहा है कि हमारी गली मोहल्ले में शराब की बिक्री बहुत ज्यादा  बढ़ गई है अवैध दुकानों की अंबार आ गया है ग्राम परसोटा में एक धार्मिक आयोजन में ग्राम वासियों ने पंकज उपाध्याय से शिकायत की की जैन तीर्थ टिकटोली दमदार के मुख्य मार्ग पर शराब ठेकेदारों ने शराब की दुकान खोल रखी है जिससे जैन श्रद्धालु आसपास के महिलाएं बच्चे बहुत परेशान होते हैं शराबी बीच रोड पर शराब पीते हैं शराब की दुकान के सामने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आंगनबाड़ी पंचायत भवन जैसी संस्थाएं हैं तब भी शासन प्रशासन की नजर इस गोरख धंधे पर नहीं पड़ रही विधायक ने चेतावनी देते हुए प्रशासन से कहा कि अगर 8 दिन में अवैध शराब की दुकान एवं धार्मिक स्थलों बस स्टैंड और मुख्य मार्गो से शराब की दुकान नहीं हटाई गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा जिसकी समस्त जवाबदारी शासन प्रशासन की रहेगी

गुजरात में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद होगी एमपी कांग्रेस के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति

भोपाल कांग्रेस गुजरात में पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर रहा है। नियुक्ति प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, इस वजह से दूसरे प्रदेशों के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति रुक गई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन का कहना है कि गुजरात के तर्ज पर ही मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस जिला अध्यक्षों की नियुक्ति करेगा। यही वजह है कि मध्य प्रदेश कांग्रेस जिला अध्यक्षों की लिस्ट रुक गई है।  हालांकि जिन जिलों में अध्यक्षों के पद खाली है वहां एक सप्ताह के भीतर नाम की घोषणा हो जाएगी। दरअसल कांग्रेस के इतिहास में पहली बार अब जिलाध्यक्षों की सीधी नियुक्ति खुद हाईकमान कर रहा। इसके तहत सबसे पहले गुजरात राज्य को राहुल गांधी ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुना है। अब स्थानीय नेताओं की सिफारिश के बजाय पर्यवेक्षक जिलाध्यक्ष चुनेंगे। केवल 30 फीसदी बदले जाएंगे अध्यक्ष मध्य प्रदेश कांग्रेस के संगठन प्रभारी डॉ.संजय कामले में बताया कि मध्य प्रदेश में ज्यादा जिला अध्यक्षों के बदलाव नहीं किए जाएंगे केवल 30 फ़ीसदी अध्यक्ष ही बदले जा सकते हैं क्योंकि एक-दो साल पहले ही ज्यादातर जिला अध्यक्ष बदले गए थे उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद भी बदलने की संभावना है। ज्यादातर पुराने नाम पर ही सहमति बन गई है। गुजरात में जिला अध्यक्षों को लेकर पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है। गुजरात में जिला अध्यक्षों की घोषणा होने के बाद मध्य प्रदेश उसी तर्ज पर जिला अध्यक्षों की लिस्ट तैयार की जाएगी। जिला अध्यक्ष होंगे पावरफुल संगठन की मजबूती के मिशन में जुटे कांग्रेस आलाकमान ने अब जिला अध्यक्षों को फिर से पावरफुल बनाने की दिशा में धरातल पर ऑपरेशन शुरु कर दिया है। जिम्मेदारी के साथ जिला अध्यक्षों की जवाबदेही तय करने के लिए अब उनके चयन से जुड़ा कांग्रेस ने नया फार्मूला चुना है। अब विधायक और सांसदों सहित अन्य सीनियर लीडर की सिफारिशों पर जिला अध्यक्ष नहीं बनाए जाएंगे। अब नियुक्ति से पहले बाकायदा हर एंगल और समीकरणों के मद्देनजर रखते हुए पड़ताल की जाएगी। कांग्रेस में जिलाध्यक्ष बनाने का नया फार्मूला 1- अब बड़े नेताओं की नहीं चलेगी चयन में पसंद-नापसंद 2- अब हाईकमान खुद करेगा जिला अध्यक्षों का चयन 3- गुजरात से चयन का पायलट प्रोजेक्ट किया शुरु 4- कांग्रेस के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा 5- जब पर्यवेक्षक करेंगे जिला अध्यक्ष का चयन 6- पर्यवेक्षक 5-5 नामों का करेंगे पैनल तैयार 7- हाईकमान हर एंगल से पैनल के नामों को करेगा क्रॉस चेक 8- उसके बाद जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की होगी सूची जारी होगी। राहुल गांधी की ड्रीम प्रोजेक्ट खास बात है कि  खुद राहुल गांधी अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट को लीड कर रहे हैं। दरअसल राहुल गांधी का इसके पीछे मकसद है कि अब पार्टी को संगठन खास तौर से जिला अध्यक्षों के भरोसे चलाया जाए. इसलिए टिकट वितरण जैसे बड़े काम में उनका रोल तय होगा। लिहाजा वो चाहते है कि जिला अध्यक्ष ऐसा बने जो पार्टी की विचारधारा से जुड़ा हुआ हो। इसलिए उनका साफ कहना है कि जिला अध्यक्षों के चयन में कोई समझौता अब नहीं होगा।  

पहलगाम हमले के बाद देश में आक्रोश, कांग्रेस नेता का भारत विरोधी पोस्ट, लिखा – पाकिस्तान से हार निश्चित है

रायपुर पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को करारा जवाब देने की मांग उठ रही है। इसी बीच कांग्रेस के एक सीनियर नेता ने ऐसा पोस्ट किया है जिसके बाद सियासी हलचलें तेज हो गई हैं। कुनकरी विधानसभा सीट से पूर्व विधायक रहे यूडी मिंज ने अपने सोशल मीडिया में भारत और सेना के खिलाफ विवादित पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा है कि अगर पाकिस्तान से भारत युद्ध करता है तो उसकी हार निश्चित है। विधायक की सोशल मीडिया पोस्ट पर तेजी से वायरल हो रही है। क्या लिखा है कांग्रेस विधायक ने कांग्रेस विधायक यूडी मिंज ने अपने फेसबुक में लिखा है- ” जो आज पाकिस्तान के विरुद्ध निर्णायक युद्ध की बात कर रहे हैं वे जान लें कि इस बार पाकिस्तान के साथ-साथ भारत को चीन से भी लड़ना होगा और ऐसी स्थिति में भारत की हार सुनिश्चित है। पीओके के महत्वपूर्ण हिस्से में चीन ने अंधाधुंध निवेश किया है। पुराने सिल्क रोड को खोल दिया गया है। यही हाल बलूचिस्तान का भी है। ग्वादर पोर्ट को चीन ने डेवलप किया है और उसकी सेना सुरक्षाकर्मियों के नाम पर वहां पर तैनात है। बलूच विद्रोहियों की औकात नहीं है कि वे चीनी सैनिकों का मुकाबला कर सके। यही दोनों जगह हैं जहां से पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी ऑपरेट करते हैं। एटबबाबाद भी इन्ही जगहों में है, जहां से लश्कर-ए-तैयबा का नेटवर्क काम करता है। अब अगर भारत इन स्थानों पर सीधे हमला करे तो चीन स्वत: इस युद्ध में पाकिस्तान के साथ खड़ा हो जाएगा। नतीजा सोच लीजिए। इसलिए पुलवामा पार्ट-2 के बाद बालाकोट कौवा मार स्ट्राइक पार्ट-2 के लिए तैयार रहिए।” इकोनॉमी को लेकर की की टिप्पणी पूर्व विधायक यूडी मिंज ने आगे लिखा- “जहां तक बात इकोनॉमी की है तो भारत अगर पूरी तरह से युद्ध में जाता है तो देश की अस्सी करोड़ आबादी को राशन देने के पैसे छह महीने में ही खत्म हो जाएंगे। मुद्रस्फीति दर वैसे ही डबल डिजिट में है, कहां तक जाएगी ये पता नहीं है। डॉलर के अलावे भी अन्य वैश्विक मुद्राओ के मुकाबले रुपया2.5 फीसदी कमजोर हुआ है। अमरीकी टैरिफ के चलके निर्यात न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। देश में बेरोजगारी पिछले 45 साल में सबसे ज्यादा है। महंगाई बेलगाम हो गई है। ऐसी स्थिति में कोई भी युद्ध आत्मघाती होगा और दोनों देशों की मेहनतकश जनता पर असहनीय बोझ पड़ेगा। यह समय भारत, पाकिस्तान और चीन के लीडरशिप को साथ बैठकर आतंकवाद की समस्या का निदान ढूंढने का है किसी भी प्रकार का राजनीति में जाने का नहीं। वैसे जो भारतीय युद्ध का समर्थन करते हैं उन सबको अग्निवीर बनाकर बॉर्डर पर भेज देना चाहिए।” विवादित पोस्ट के बाद दी सफाई यूडी मिंज की पोस्ट सोल मीडिया में वायरल हुई तो पूर्व विधायक ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मेरा अकाउंट हैक कर लिया गया है। उन्होंने एक अन्य पोस्ट करते हुए लिखा- “मैं आप सभी को सूचित करना चाहता हूं कि मेरा फेसबुक अकाउंट हाल ही में हैक हो गया है। इस दौरान मेरे अकाउंट से कुछ ऐसी गतिविधियां हुई हैं, जो मेरे नियंत्रण में नहीं थीं, और इससे कुछ गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं। मैं इस असुविधा के लिए दिल से माफी मांगता हूं। मैंने इस समस्या को ठीक करने के लिए फेसबुक सपोर्ट से संपर्क किया है और अपने अकाउंट को सुरक्षित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहा हूं। कृपया मेरे अकाउंट से आए किसी भी संदिग्ध मैसेज, लिंक या पोस्ट पर ध्यान न दें और न ही उसका जवाब दें।”

खरगे की बक्सर में फ्लॉप रैली की गाज जिलाध्यक्ष पर गिरी, कांग्रेस ने मनोज पांडेय को किया निलंबित

बक्सर बक्सर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोज कुमार पांडे को पार्टी ने किया निलंबित कर दिया है. उन पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम में लापरवाही बरतने का आरोप लगा है. कहा गया है कि कोऑर्डिनेशन स्थापित नहीं करने के कारण पार्टी से उनको निलंबित किया गया है. रविवार को खरगे की सभा में भीड़ नहीं होने के कारण सत्ता पक्ष ने जनसभा पर कसा तंज था. पार्टी ने क्या आरोप लगाया पार्टी का आरोप है कि पांडे ने खड़गे के कार्यक्रम को सही तरीके से संभाला नहीं और कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल स्थापित नहीं कर पाए. नतीजतन, खड़गे की जनसभा में अपेक्षित भीड़ नहीं जुट पाई. जब सभा में भीड़ कम दिखी, तो विपक्ष ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी अपना जन समर्थन खो रही है. गौरतलब है कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को बक्सर में एक जनसभा को संबोधित किया था, जिसमें कम संख्या में लोग पहुंचे, जिससे पार्टी में असंतोष फैल गया और पांडे पर यह कार्रवाई की गई. 90 प्रतिशत कुर्सियां रहीं खाली जिला अध्यक्ष ने 40 हजार लोगों के जुटने का दावा किया था। उन्होंने 25 हजार कुर्सियां लगवाई थीं। लेकिन खड़गे के मंच पर पहुंचने तक केवल दो हजार लोग ही मौजूद थे। मैदान में 90 प्रतिशत कुर्सियां खाली रहीं। इस स्थिति से खड़गे भी नाराज दिखे। पार्टी में खलबली बिहार प्रदेश कांग्रेस के कार्यालय सचिव द्वारा जारी एक्शन पत्र ने कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं में हलचल मचा दी है. इस पत्र के बाद बक्सर जिला कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ-साथ बक्सर और राजपुर के विधायकों में भी खलबली मच गई है. इस घटना ने आगामी विधानसभा चुनावों में विधायकों को टिकट मिलने को लेकर भी चिंता सताने लगी है. जिसके चलते जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष पद से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। इसके बाद जिला कांग्रेस की राजनीति में सरगर्मी बढ़ने के साथी हड़कंप मच गया है। इसके अलावा अब भविष्य की राजनीति को लेकर अटकलें का बाजार भी गर्म हो गया है। स्थानीय नेताओं ने भीषण गर्मी को कम उपस्थिति का कारण बताया। लेकिन पार्टी नेतृत्व ने इसे संगठन की विफलता माना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार हाईकमान इस दौरे को आगामी चुनाव की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण मान रहा था। बक्सर के दोनों कांग्रेस विधायक भी संगठन को सक्रिय करने में विफल रहे। इससे उनकी टिकट की दावेदारी कमजोर हुई है। पार्टी जल्द ही नए जिला अध्यक्ष की घोषणा करेगी। साथ ही लापरवाह पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। गर्मी के कारण भीड़ रही कम- विधायक खड़गे के कार्यक्रम में खाली कुर्सियों को लेकर बक्सर के सदर विधायक संजय तिवारी से बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि ‘भीषण गर्मी के कारण लोग सभा स्थल तक नहीं पहुंचे। अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार है, इसलिए लोग आसपास के बगीचे में बैठे थे।’ वहीं, कांग्रेस के राजपुर के विधायक विश्वनाथ राम ने कहा कि ‘आज बहुत चिलचिलाती धूप और शादी विवाह का दिन है। कार्यकर्ताओं ने सहयोग भी नहीं किया, जिससे हमलोग खुद शर्मिंदा हैं।’

नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे की गिरफ्तारी पर बवाल, हीरानगर थाने के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेसी

इंदौर इंदौर नगर निगम के विपक्षी नेता चिंटू चौकसे को हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. यह कार्रवाई चौकसे और उनके परिवार के बीजेपी नेता कपिल पाठक के परिवार के बीच हुए झगड़े के बाद हुई. चिंटू चौकसेकी गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने मध्य प्रदेश  सरकार पर अपने सदस्यों को गलत तरीके से निशाना बनाने का आरोप लगाया. अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित सिंह ने बताया कि बीती शनिवार रात चौकसे और बीजेपी नेता कपिल पाठक के बच्चों के बीच झगड़ा हुआ था. उन्होंने बताया कि दोनों परिवारों के बीच झगड़ा हुआ, जिसमें पाठक के सिर पर गंभीर चोटें आईं और उसे अस्पताल ले जाया गया. पुलिस को दिए गए अपने बयान में पाठक ने चौकसे पर रॉड से हमला करने का आरोप लगाया. पुलिस अधिकारी ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में भी डॉक्टर ने पाठक के सिर पर गहरे घाव की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि चौकसे के अलावा 7 अन्य लोगों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि चिंटू चौकसे और सुभाष यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य – रोहन चौकसे, ईशान चौकसे, राधेश्याम चौकसे, गौरव चौधरी, सुमित ठक्कर, रवि प्रजापति और एक अज्ञात व्यक्ति फरार हैं. इस बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे असंवैधानिक और राजनीतिक प्रतिशोध का नतीजा बताया. पटवारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमने सत्ता के इस दुरुपयोग को उठाने के लिए डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) से मिलने की मांग की है.” गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता इंदौर पुलिस कमिश्नर के कार्यालय के बाहर एकत्र हुए, जबकि चौकसे समर्थकों ने हीरानगर पुलिस स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन किया. आगे की अराजकता को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए बीजेपी समर्थकों ने दावा किया कि पाठक की शिकायत सही थी.

गुजरात उपचुनाव: कांग्रेस ने AAP से गठबंधन से किया इनकार, अकेले लड़ेगी इलेक्शन

 विसावदर गुजरात की राजनीति में उपचुनावों के मद्देनजर हलचल तेज है. एक ओर देशभर में INDIA गठबंधन की बात हो रही है, वहीं गुजरात में कांग्रेस ने अलग राह चुन ली है. अब न कोई गठबंधन, न साझा रणनीति — कांग्रेस ने तय कर लिया है कि वह विसावदर (Visavadar) और कड़ी (Kadi) विधानसभा उपचुनावों में अकेले ही मैदान में उतरेगी. गुजरात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शक्तिसिंह गोहिल (Shaktisinh Gohil) ने शुक्रवार (18 अप्रैल) को यह ऐलान किया. न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार उन्होंने बात करते हुए साफ किया कि यह निर्णय पार्टी ने सर्वसम्मति से लिया है. उन्होंने कहा, “गुजरात की जनता ने कभी तीसरे मोर्चे को समर्थन नहीं दिया. यहां लड़ाई हमेशा कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही रही है.” AAP के साथ चुनाव लड़ने से नुकसान- गोहिल गोहिल ने आप पर निशाना साधते हुए कहा, “पिछले चुनावों में आम आदमी पार्टी ने पूरी ताकत लगाई, बड़े नेता प्रचार में आए, लेकिन उन्हें महज 10 से 11 प्रतिशत वोट ही मिले. इससे कांग्रेस को नुकसान पहुंचा, और बीजेपी को फायदा हुआ.” उन्होंने आगे कहा, “अगर बीजेपी को हराना है तो कांग्रेस ही मुख्य विपक्ष है. हम AAP से अपील करते हैं कि वे विसावदर और कड़ी सीटों पर अपने उम्मीदवार वापस लें. कांग्रेस इन दोनों सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी.” राज्य स्तर पर अगल, लेकिन राष्ट्र स्तर पर एक है INDIA- गोहिल हालांकि, गोहिल ने यह भी कहा कि यह निर्णय केवल राज्य स्तर तक सीमित है. “राष्ट्रीय स्तर पर हम INDIA गठबंधन का हिस्सा हैं और एकजुट हैं,” उन्होंने कहा. गुजरात की ये दोनों सीटें- विसावदर (जिला जूनागढ़) और कड़ी (जिला मेहसाणा, अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित)- विभिन्न कारणों से रिक्त हुई हैं. विसावदर सीट दिसंबर 2023 में आम आदमी पार्टी के विधायक भूपेंद्र भयानी के इस्तीफे और बीजेपी में शामिल होने के कारण खाली हुई, जबकि कड़ी सीट फरवरी 2024 में बीजेपी विधायक कर्सन सोलंकी के निधन से खाली हो गई थी. उपचुनाव की तिथियों की घोषणा अभी चुनाव आयोग ने नहीं की है, लेकिन कांग्रेस ने पहले ही अपने इरादे साफ कर दिए हैं. यह घटनाक्रम 8-9 अप्रैल को गुजरात में हुए कांग्रेस के AICC सत्र के बाद सामने आया है, जहां पार्टी ने आगामी चुनावों में जीत का संकल्प लिया था और सरदार पटेल व महात्मा गांधी की विरासत पर अपनी दावेदारी दोहराई थी.

मंच टूटने के बाद एमपी कांग्रेस ने कार्यक्रमों को लेकर जो गाइडलाइन बनाई

भोपाल भोपाल में पिछले महीने यानि 10 मार्च को रंगमहल चौराहे पर किसान कांग्रेस द्वारा आयोजित विधानसभा घेराव के कार्यक्रम का मंच टूट गया था। इस घटना में कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव सिंह, महेन्द्र सिंह चौहान, महेन्द्र जोशी सहित आधा दर्जन नेता गंभीर घायल हुए थे। कांग्रेस ने पार्टी के सभी विधायकों, सांसदों, जिला अध्यक्षों, प्रदेश पदाधिकारियों, जिला प्रभारी, सह प्रभारी, संगठन मंत्रियों और ब्लॉक अध्यक्षों के साथ पूर्व सांसद, पूर्व विधायकों को पार्टी के कार्यक्रमों की मंच व्यवस्था, स्वागत, भाषण, वाहन व्यवस्था और बैकड्रॉप की गाइडलाइन भेजी है। जिला प्रभारियों और सह प्रभारियों पर इसे पालन कराने की जिम्मेदारी दी गई है। दिल्ली से मंजूरी मिली, भोपाल में चर्चा बाकी एमपी कांग्रेस ने कार्यक्रमों को लेकर जो गाइडलाइन बनाई है, उसकी दिल्ली में ऑल इंडिया कांग्रेस कमीटी (एआईसीसी) से सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। प्रदेश स्तर पर 20 अप्रैल को होने वाली बैठक में सहमति के बाद इसे जारी कर दिया जाएगा। प्रदेश के जिन नेताओं पदाधिकारियों को यह गाइडलाइन भेजी गई है, उनसे यह कहा गया है कि यदि कोई सुझाव हो तो 19 अप्रैल तक भेज दें ताकि जरूरी सुझावों को शामिल करते हुए इसे फाइनल मंजूरी मिल सके। कार्यक्रमों के पहले की तैयारियां     कार्यक्रमों में महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर की फोटो अनिवार्यतः: रखवाई जाएं। और अतिथियों द्वारा सूत की माला से माल्यार्पण किया जाए।     कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् के गायन से किया जाए।     कार्यक्रम के समापन में जन-गण-मन अनिवार्य रूप से कराया जाए।     मंच संचालक द्वारा सभी को इस संबंध में कार्यक्रम के दौरान इन बातों को बार-बार दोहराया जाए। ताकि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के दौरान अनुशासन का पालन हो। जिला स्तर के कार्यक्रम के लिए प्रोटोकॉल जिला स्तरीय मंच- जिला स्तर के संगठन के ऐसे कार्यक्रम जिसमें बडे़ नेताओं, प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, प्रदेश प्रभारी शामिल हों। उस कार्यक्रम में सिर्फ 12 बाय 12 फीट और 3 फीट ऊंचाई का मंच वक्ताओं के लिए बनाया जाएगा, जिसमें बोलने के लिए बीचों बीच डायस रखी जाएगी। इस मंच पर बैकड्रॉप में 16 बाय 16 फीट का होर्डिंग लगाया जाएगा। यानि मंच पर कोई नेता नहीं बैठेगा। नाम बुलाने पर नेता डायस पर जाकर स्पीच देंगे और नीचे कार्यकर्ताओं के साथ बैठेंगे।

कांग्रेस के पूर्व मंत्री के घर ED की रेड: हाल ही में उन्होंने भाजपा के खिलाफ बयान बाज़ी की थी ,19 ठिकानों पर पहुंची टीम

ED raids at the house of former Congress minister

ED raids at the house of former Congress minister: Recently he had made statements against BJP, the team reached 19 locations जयपुर। राजस्थान में कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे प्रताप सिंह खाचरियावास के 19 ठिकानों पर आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम छापा मार रही है। जयपुर में एक और प्रदेश के अन्य 18 ठिकानों पर सुबह करीब 5 बजे टीमें पहुंच गई थीं। यह मामला रियल एस्टेट में निवेश का काम करने वाली PACL में हुए 48 हजार करोड़ के घोटाले से जुड़ा है। ईडी से मिली जानकारी के अनुसार, प्रताप सिंह और उनके परिवार के लोगों के नाम पर PACL में घोटाले का पैसा ट्रांसफर हुआ था। अधिकांश पैसा प्रॉपर्टी और अन्य सेक्टर में लगा दिया गया। उधर, पूर्व मंत्री के घर छापेमारी की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में जयपुर के सिविल लाइंस स्थित आवास पर समर्थक पहुंच गए। समर्थकों ने इस कार्रवाई का विरोध किया। मौके पर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है। पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के जयपुर के सिविल लाइंस स्थित इसी मकान में सुबह से ED की रेड चल रही है। लाखों लोगों के साथ हुई थी PACL में धोखाधड़ी लाखों लोगों के साथ PACL में धोखाधड़ी हुई थी। इसके बाद यह केस सुप्रीम कोर्ट में चला गया था। सुप्रीम कोर्ट ने 2 फरवरी 2016 को सेवानिवृत्त सीजेआई आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया था। कोर्ट ने कमेटी से कहा था कि पीएसीएल की संपत्तियों को नीलाम करके 6 महीने में लोगों को ब्याज सहित भुगतान करें। सेबी के आकलन के अनुसार, पीएसीएल की 1.86 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति है, जो निवेशकों की जमा राशि की तुलना में 4 गुना है। पीएसीएल कंपनी की योजनाओं को अवैध मानते हुए सेबी ने 22 अगस्त 2014 को कंपनी के कारोबार बंद कर दिए थे। इसके चलते निवेशकों की पूंजी कंपनी के पास जमा रह गई। इसके बाद कंपनी व सेबी के बीच सुप्रीम कोर्ट में केस चला और सेबी जीत गई। राजस्थान में 28 लाख लोगों ने 2850 करोड़ किए थे निवेश17 वर्ष तक राज्य में रियल एस्टेट में निवेश का काम करने वाली पीएसीएल में प्रदेश के 28 लाख लोगों ने करीब 2850 करोड़ और देश के 5.85 करोड़ लोगों ने कुल 49100 करोड़ का निवेश किया था। कंपनी पर बिहार, महाराष्ट्र, एमपी, असम, कर्नाटक, जयपुर ग्रामीण, उदयपुर, आंध्र प्रदेश, पंजाब, छत्तीसगढ़ समेत आधे से ज्यादा राज्यों में मुकदमे दर्ज हैं। सबसे पहले जयपुर में इसका खुलासा होने पर एफआईआर दर्ज हुई थी। जानकार सूत्रों की मानें तो इस केस में प्रताप सिंह की भागीदारी करीब 30 करोड़ की बताई जा रही है। ईडी की छापेमारी पूरी होने के बाद ही रिकवरी को लेकर कुछ कहा जा सकता है। खाचरियावास ने कहा- जो इनके खिलाफ बोलता है, ईडी भेज देते हैंप्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा- ईडी केंद्र के अधीन है। इस डबल इंजन की सरकार से ज्यादा उम्मीद नहीं कर सकता। मेरे परिवार के सदस्यों के यहां बेवजह सर्च चल रहा है। हम पूरा सर्च करवाएंगे। ईडी के अफसरों से हम पूरा सहयोग करेंगे। बीजेपी सरकार को मेरे बोलने से इतना दर्द है कि छापे डलवा दिए। मैं पिछले डेढ़ साल से इनके खिलाफ बोल रहा हूं। जो बीजेपी और इनकी सरकार के खिलाफ बोलता है, उसके घर ये ईडी भेज देते हैं। मैं बोल रहा था तो मुझे भी पहले से पता था कि ईडी तो एक दिन पहुंचेगी, यदि पहुंचेगी तो मैं भी तैयार हूं। मेरा नाम प्रताप सिंह खाचरियावास है, मुझे सबका इलाज करना आता हैखाचरियावास ने बीजेपी नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा- बीजेपी के लोगों से कहना चाहूंगा। आप ही सरकार में नहीं रहोगे। सरकारें बदलती रहती हैं। जमाना बदलेगा। आपने यह कार्रवाई शुरू की है, कल बीजेपी वालों के खिलाफ भी हम यही कार्रवाई करेंगे। डरते थोड़े ही हैं। मेरा नाम प्रताप सिंह खाचरिवास है। मुझे सबका इलाज करना आता है।

पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत और सक्रिय बनाने की दिशा में पार्टी ने बड़े कदम उठाने शुरू कर दिए

जयपुर  गुजरात में हाल ही में संपन्न हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन (Congress National Adhiveshan) के बाद संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत और सक्रिय बनाने की दिशा में पार्टी ने बड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. राजस्थान इस दिशा में सबसे पहला मॉडल स्टेट बना है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasra) के निर्देश पर 58 हजार से अधिक मंडल, ब्लॉक, जिला और बूथ पदाधिकारियों का डिजिटल डाटा तैयार कर लिया गया है. कौन पदाधिकारी सक्रिय है, कौन निष्क्रिय, और किस स्तर पर कौन-कौन सी संगठनात्मक गतिविधियां चल रही हैं, इससे पूरी डिटेल ऑनलाइन हो गई है. यह डाटा अब सीधे AICC और प्रदेश नेतृत्व की निगरानी में रहेगा और निष्क्रिय नेताओं की पहचान कर उनके स्थान पर नए ऊर्जावान कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है. निष्क्रिय नेताओं की उलटी गिनती शुरू इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से पार्टी उन नेताओं की लिस्ट तैयार कर रही है जो वर्षों से पदों पर जमे हैं, लेकिन संगठनात्मक रूप से निष्क्रिय बने हुए हैं. ये वह चेहरे हैं जिन पर अब तक पार्टी के पास निगरानी की कोई सटीक व्यवस्था नहीं थी, लेकिन अब एक क्लिक में पता चलेगा कि किसने कितनी बैठकें अटेंड कीं, कितने कार्यकर्ता जोड़े और संगठन के लिए जमीनी स्तर पर कितना काम किया. ‘परफॉर्मेंस ही प्रमोशन का आधार बनेगा’ राजस्थान कांग्रेस का यह डिजिटलाइजेशन मॉडल अब राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद पूरे देश में लागू किया जा सकता है. अधिवेशन में “संगठन निर्माण” को लेकर जिस विचार को बल दिया गया था, वह अब धरातल पर उतरता नजर आ रहा है. डोटासरा ने कहा, यह कदम केवल डेटा एंट्री नहीं, बल्कि कांग्रेस संगठन की रीब्रांडिंग है, जहां परफॉर्मेंस ही प्रमोशन का आधार बनेगा. एक क्लिक में प्रदेश का संगठनात्मक ब्लूप्रिंट इस डिजिटलीकरण के बाद कार्यकर्ताओं की ट्रैकिंग अब आसान होगी. मंडल, ब्लॉक और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति, सक्रियता और सहभागिता का ऑनलाइन रिकॉर्ड तैयार किया जा सकता है. प्रशिक्षण शिविरों, बैठकों और अभियानों में भागीदारी का डिजिटल विश्लेषण होगा. निष्क्रिय पदाधिकारियों की तत्काल पहचान और रिपोर्टिंग हो सकेगी. एक क्लिक में पूरे प्रदेश का संगठनात्मक ब्लूप्रिंट सामने आ जाएगा. संगठन में व्यापक फेरबदल की तैयारी सूत्रों के मुताबिक, इस डिजिटल डाटा के आधार पर जल्द ही संगठन में व्यापक फेरबदल की तैयारी है. कई वर्षों से पदों पर जमे नेताओं को हटाकर युवाओं, महिलाओं और सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे लाने की योजना बनाई जा रही है. इस पूरी प्रक्रिया का डाटा कांग्रेस की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा और राष्ट्रीय नेतृत्व इसे सीधा देख सकेगा. इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संगठन के किसी भी स्तर पर निष्क्रियता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद कांग्रेस की बड़ी सर्जरी, ब्लॉकों में नए पदाधिकारी होंगे नियुक्त

उज्जैन  कांग्रेस में संगठनात्मक स्तर पर जिले में बड़े फेरबदल की तैयारी है। इसमें ब्लॉकों में नए पदाधिकारी नियुक्त करने सहित ग्रामीण जिलाध्यक्ष बदला जा सकता है। संभावना है कि इस बार पार्टी युवा, निर्विवादित और किसी ग्रुप विशेष का न हो, संगठन समर्पित ऐसे नेता को जिले की कमान सौंप सकती है। शहर सहित जिले में कांग्रेस लगातार चुनाव हो रहे हैं। इसमें नगर निगम, विधानसभा और लोकसभा चुनाव भी शामिल है। कोर्ट के आदेश के बाद हाल ही में हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में तो कांग्रेस अपना समर्थित प्रत्याशी खड़ा नहीं कर पाई थी। ऐसे में संगठन में फेरबदल की लगातार अटकलें जारी हैं। अब संभावना जताई जा रही है कि गुजरात में पार्टी के बैठक का असर पार्टी में विभिन्न पदों पर सर्जरी के रूप में देखने को मिलेगा। इसमें उज्जैन जिले में भी विभिन्न पदों पर बदलाव की तैयारी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, शहर अध्यक्ष पद पर परिवर्तन नहीं होगा लेकिन जिलाध्यक्ष का चेहरा बदलना लगभग तय है। इसके पीछे अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के साथ ही वर्तमान अध्यक्ष कमल पटेल का कार्यकाल पहले ही पूर्ण होना मुख्य कारण है। कांग्रेस के जिला प्रभारी अमित शर्मा ने बताया कि जिले के संगठनात्मक स्तर पर कई बदलाव होंगे। ऐसे कार्यकर्ता जो लंबे समय से पार्टी के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं, उन्हें नई व महत्वपूर्ण जिमेदारियां दी जाएगी। युवा, उर्जावान लोगों को अवसर दिया जाएगा। शर्मा के अनुसार, नई नियुक्तियों को लेकर प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं। अब नए ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति शीघ्र होगी शहर व जिले में नए ब्लॉक स्तर पर भी बदलाव होंगे। लगभग सभी ब्लॉकों में नए अध्यक्ष नियुक्त करने की तैयारी है। अप्रेल अंत या मई की शुरुआत में यह परिवर्तन देखे जा सकते हैं।

‘नर्सिंग शिक्षा की हालत शर्मनाक’, नेता प्रतिपक्ष ने Nursing Scam को लेकर सरकार को फिर घेरा, कहा- 300 से ज्यादा कॉलेज थे, अब सिर्फ 95 बचे

‘The condition of nursing education is shameful’, the Leader of Opposition again cornered the government over the Nursing Scam भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने नर्सिंग घोटाले को लेकर सरकार को जमकर घेरा हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा की हालत शर्मनाक है! यह भारतीय जनता पार्टी की सरकार की नाकामी का नतीजा है। एमपी में कभी 300 से ज्यादा नर्सिंग कॉलेज थे, अब सिर्फ 95 बचे हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक बार फिर नर्सिंग घोटाले को लेकर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा- ‘मध्यप्रदेश में नर्सिंग शिक्षा की हालत शर्मनाक है! BJP सरकार की नाकामी का नतीजा – कभी 300 से ज़्यादा नर्सिंग कॉलेज थे, अब सिर्फ़ 95 बचे हैं।’ सिंघार ने आगे कहा कि ‘CBI जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया, सैकड़ों कॉलेज मानकों पर खरे नहीं उतरे और बंद हो गए। घोटाले के बाद छात्रों का भरोसा इतना टूट गया कि 2023-24 में एक भी दाखिला नहीं हुआ – पूरा सेशन शून्य रहा! जो सरकार शिक्षा नीति पर बड़ी-बड़ी बातें करती है, उसी के राज में शिक्षा की ये दुर्दशा क्यों?’ उन्होंने मध्य प्रदेश बीजेपी को टैग करते हुए पूछा कि ‘युवाओं का भविष्य यूं बर्बाद क्यों हो रहा है ?’ https://twitter.com/UmangSinghar/status/1910213082942521781

संगठन के सशक्तीकरण के लिए कांग्रेस अब नई टीम को मैदान में उतार रही, अब जिला इकाइयों के अध्यक्ष बदले जाएंगे

भोपाल  संगठन के सशक्तीकरण के लिए कांग्रेस अब नई टीम को मैदान में उतार रही है। इसके तहत प्रदेश कांग्रेस में परिवर्तन के बाद अब जिला इकाइयों के अध्यक्ष बदले जाएंगे। अगले माह के अंत तक यह प्रक्रिया पूरी होगी। इसमें उन अध्यक्षों के स्थान पर पहले नई नियुक्तियां होंगी, जहां बरसों से एक ही व्यक्ति अध्यक्ष है। इसमें देवास, सतना, उज्जैन, उमरिया शामिल हैं। पार्टी ने तय किया है कि सहमति बनाकर नए लोगों को अवसर दिया जाएगा। आधे से अधिक पदाधिकारी 50 वर्ष से कम आयु के बनाए जाएंगे। कमल नाथ के समय के अधिकांश जिलाध्यक्ष     अधिकतर जिलाध्यक्ष तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ के समय नियुक्त किए गए थे। कांग्रेस ने वर्ष 2025 को संगठन वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसमें संगठन को मजबूत बनाने के लिए नई टीम बनाई जा रही है।     नए चेहरों को अवसर दिया जा रहा है। चुनाव से लेकर बूथ प्रबंधन तक के लिए अलग-अलग समितियां गठित की गई हैं। अब जिला इकाइयों में आगामी चुनाव की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए परिवर्तन किया जा रहा है।     पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर भी नए लोगों को मौका दिया जा रहा है। ऐसा ही मध्य प्रदेश में भी आम सहमति बनाकर किया जाएगा। नई नियुक्तियां इसी को ध्यान में रखकर की जाएंगी। अहमदाबाद में आज से राष्ट्रीय अधिवेशन मंगलवार और बुधवार को गुजरात के अहमदाबाद में होने वाले पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में जिला अध्यक्षों की भूमिका बढ़ाने के प्रस्ताव पर मुहर लग जाएगी। इसके बाद प्रदेश में परिवर्तन किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष कह चुके हैं कि मई अंत तक आवश्यकता के अनुसार जिला अध्यक्ष बदले जाएंगे। जिला हो या फिर ब्लाक इकाई, परिवर्तन का आधार केवल समयावधि नहीं बल्कि संगठन की स्थिति भी बनेगी।

मध्य प्रदेश कांग्रेस में कमजोर प्रदर्शन वाले जिलाध्यक्ष हटाए जाएंगे, अहमदाबाद अधिवेशन पर सबकी नजर

भोपाल  मध्य प्रदेश कांग्रेस में जल्द ही बड़े बदलाव होने वाले हैं। पार्टी 50% से ज्यादा जिला अध्यक्षों को बदलने की तैयारी कर रही है। यह फैसला पिछले चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन को देखते हुए लिया गया है। नए अध्यक्षों की घोषणा अहमदाबाद में होने वाले कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद होने की संभावना है। इस बदलाव का मकसद पार्टी संगठन को मजबूत करना है ताकि आने वाले चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके। 10 से 12 साल से बने हैं जिलाध्यक्ष पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष ने इस लिस्ट को फाइनल कर लिया है। 8-9 अप्रैल को अहमदाबाद में होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद इसकी घोषणा हो सकती है। कई जिलों में अध्यक्ष 10 से 12 साल से पद पर बने हुए हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कई जिलों में अध्यक्ष वरिष्ठ नेता कमलनाथ के कार्यकाल में बने थे। अब प्रदेश अध्यक्ष पटवारी अपनी टीम बनाने की तैयारी में हैं। लंबे समय से पद पर बने हैं ये लोग ग्वालियर शहर के अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा, उज्जैन ग्रामीण के अध्यक्ष कमल पटेल और शहडोल के जिला अध्यक्ष सुभाष गुप्ता 2018 से पद पर हैं। सतना के शहर अध्यक्ष मकसूद अहमद लगभग 12 साल से और ग्रामीण अध्यक्ष दिलीप मिश्रा 10 साल से पद पर हैं। नीमच के अध्यक्ष अनिल चौरसिया 7 साल से और विश्वनाथ ओकटे 4 सालों से पद पर हैं। खंडवा, रायसेन जैसे कई जिलों में कई सालों से जिला अध्यक्ष ही नहीं हैं। राहुल गांधी से हुई थी चर्चा 3 अप्रैल को राहुल गांधी के साथ हुई चर्चा में जिला अध्यक्षों ने नियुक्तियों और टिकट की प्रक्रिया में अधिकार मांगे थे। राहुल ने कहा था कि उन्हें पार्षद से लेकर लोकसभा में टिकट प्रक्रिया में शामिल करने का प्रस्ताव बनेगा। साथ ही पार्टी संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी भी लेनी होगी। इसका मतलब है कि जिला अध्यक्षों को टिकट बंटवारे में भी अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। अहमदाबाद के बाद एमपी में पार्टी को मजबूत करेगी कांग्रेस पीसीसी मीडिया विभाग के चेयरमैन मुकेश नायक ने कहा कि अहमदाबाद के राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद कांग्रेस मध्य प्रदेश में संगठन को मजबूत करेगी। इसके बाद प्रदेश में अधिक प्रभावी भूमिका में सरकार के सामने आएगी। उनका कहना है कि पार्टी संगठन को मजबूत करके सरकार को टक्कर देने के लिए तैयार है। नए लोगों को भी मिलेगा मौका बदलाव में उन जिला अध्यक्षों को हटाया जाएगा जो कई सालों से पद पर हैं। साथ ही उन अध्यक्षों को भी हटाया जाएगा जिनके क्षेत्र में कांग्रेस का प्रदर्शन चुनावों में कमजोर रहा है। पार्टी का मानना है कि नए लोगों को मौका देने से संगठन में नई ऊर्जा आएगी। फाइनल हुई लिस्ट पार्टी सूत्रों की मानें तो प्रदेश अध्यक्ष इस लिस्ट को फाइनल कर चुके हैं। अहमदाबाद में होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद घोषणा होने की संभावना है। इसका मतलब है कि जल्द ही नए जिला अध्यक्षों के नामों का ऐलान हो सकता है। कई जिलों में अध्यक्ष काफी लंबे समय से पद पर हैं। कोई 10 साल से तो कोई 12 साल से अध्यक्ष बना हुआ है। अब पार्टी नए चेहरों को मौका देना चाहती है।

सुप्रीम कोर्ट में वक्फ विधेयक को चुनौती देगी कांग्रेस, जल्द खटखटाएगी अदालत का दरवाजा

नई दिल्ली वक्फ संशोधन विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी होने लगी है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बाद अब कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि वह संसद में पारित वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 की संवैधानिकता को बहुत जल्द सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। विधेयक को शुक्रवार सुबह संसद ने मंजूरी दी थी। इसे पहले लोकसभा फिर राज्यसभा ने भी इसे मंजूरी दे दी थी। विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाए DMK इससे पहले वक्फ विधेयक को लेकर स्टालिन ने अदालत का दरवाजा खटखटाने का एलान कर दिया था। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एम के स्टालिन ने गुरुवार को कहा था कि उनकी पार्टी इस विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाएगी। लोकसभा से विधेयक पारित होने के विरोध में स्टालिन विधानसभा में काली पट्टी बांधकर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि भारत में बड़ी संख्या में दलों के विरोध के बावजूद कुछ सहयोगियों के इशारे पर रात दो बजे संशोधन को अपनाना संविधान की संरचना पर हमला है। ‘सरकार के सभी हमलों का विरोध करना जारी रखेंगे’ ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में एआईसीसी महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ‘कांग्रेस बहुत जल्द ही वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 की संवैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी।’ उन्होंने कहा, ‘हमें पूरा भरोसा है। हम भारत के संविधान में निहित सिद्धांतों, प्रावधानों और प्रथाओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के सभी हमलों का विरोध करना जारी रखेंगे।’ कांग्रेस ने गिनाए मामले , जिसे सुप्रीम कोर्ट में दी गई चुनौती जयराम रमेश ने कहा कि सीएए, 2019 को कांग्रेस की ओर से चुनौती दिए जाने पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। आरटीआई अधिनियम, 2005 में 2019 के संशोधनों को लेकर भी कांग्रेस की चुनौती पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। चुनाव संचालन नियम (2024) में संशोधनों की वैधता को लेकर कांग्रेस की चुनौती पर भी सुनवाई जारी है। ऐसे ही पूजा स्थल अधिनियम, 1991 की मूल भावना को बनाए रखने के लिए कांग्रेस के हस्तक्षेप पर सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित है। स्टालिन खटखटाएंगे अदालत का दरवाजा लोकसभा में पास हुए वक्फ विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अदालत का दरवाजा खटखटाने का एलान कर दिया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एम के स्टालिन ने गुरुवार को कहा कि उनकी पार्टी इस विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाएगी। लोकसभा से विधेयक पारित होने के विरोध में स्टालिन विधानसभा में काली पट्टी बांधकर पहुंचे। इस दारान उन्होंने कहा कि भारत में बड़ी संख्या में दलों के विरोध के बावजूद कुछ सहयोगियों के इशारे पर रात दो बजे संशोधन को अपनाना संविधान की संरचना पर हमला है। ‘यह धार्मिक सद्भाव को बिगाड़ने वाला काम’ मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि यह धार्मिक सद्भाव को बिगाड़ने वाला काम है। इसे उजागर करने के लिए हम आज विधानसभा की कार्यवाही में काली पट्टी बांधकर भाग ले रहे हैं। स्टालिन ने कहा, ‘मैं आपको सूचित करना चाहूंगा कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की ओर से इस विवादास्पद संशोधन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में मामला दायर किया जाएगा। तमिलनाडु केंद्र सरकार के उस कानून के खिलाफ लड़ेगा, जो वक्फ बोर्ड की आजादी को नष्ट करता है और अल्पसंख्यक मुस्लिम आबादी को खतरे में डालता है।’ ‘विधेयक पारित कराने के तरीका निंदनीय’ उन्होंने बताया कि राज्य विधानसभा ने प्रस्तावित संशोधन के खिलाफ 27 मार्च को एक प्रस्ताव पारित किया था, क्योंकि यह अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय पर असर डालेगा। यह भारत के धार्मिक सद्भाव को गंभीर रूप से प्रभावित करेगा। उन्होंने कहा कि यह बेहद निंदनीय है कि वक्फ अधिनियम में संशोधन को लोकसभा में 232 सांसदों के विरोध में वोट देने के बावजूद पारित कर दिया गया। यह कोई सामान्य संख्या नहीं है। यह संख्या बढ़ भी सकती है। केवल 288 सदस्यों ने ही इसके पक्ष में मतदान किया।

एमपी में 900 करोड़ का एंबुलेंस घोटाला! कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह का सनसनीखेज खुलासा, जानें क्या कहा?

Ambulance scam of Rs 900 crore in MP! Sensational disclosure by Congress leader Jaivardhan Singh, know what he said? भोपाल ! कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने मध्य प्रदेश सरकार में एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश करने का दावा किया। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह पिछले ढाई साल में दो हजार एंबुलेंस के लिए 900 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी है, जो एक बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। इस मामले को गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ढाई साल में एंबुलेंस के लिए किराये के तौर पर छत्तीसगढ़ की एक निजी कंपनी को जो पैसा दिया है, वह एंबुलेंस की कीमत से तीन गुना ज्यादा है। जयवर्धन सिंह ने कहा कि हर सरकार का दायित्व होता है कि राज्य में चिकित्सा सुविधाओं पर नियंत्रण हो और उसकी गुणवत्ता अच्छी हो। मैंने विधानसभा में एक सवाल पूछा था कि एंबुलेंस के लिए प्रदेश सरकार ने अब तक कितना भुगतान किया है। मुझे जानकारी मिली कि पिछले ढाई साल में छत्तीसगढ़ की एक निजी कंपनी जय अम्बे इमरजेंसी सर्विसेज को 900 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इस कंपनी के पास करीब दो हजार एंबुलेंस हैं और इसका औसत किराया प्रति एंबुलेंस 45 लाख रुपये दिया गया है। एनएचएम के तहत मिलने वाले पैसों का गलत इस्तेमाल उन्होंने कहा कि अगर आप इसकी तुलना करें तो एक पूरी तरह से सुसज्जित एंबुलेंस, जिसमें हर आधुनिक उपकरण जैसे वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की व्यवस्था हो, उसकी अधिकतम कीमत 20 लाख रुपये होती है। लेकिन, यहां सरकार 45 लाख रुपये किराये के रूप में भुगतान कर चुकी है। यह सीधा-साधा भ्रष्टाचार और सरकारी धन का दुरुपयोग है। यह सब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत मिलने वाले केंद्र सरकार के पैसों का गलत इस्तेमाल है। कम से कम 600 से 700 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है। इसमें भाजपा के दलाल, कुछ सरकारी अधिकारी और यह छत्तीसगढ़ी निजी कंपनी शामिल हैं, जिन्होंने सरकारी पैसों का गबन किया है। इस पैसे को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रयोग किया जाना चाहिए था, जिससे लाखों बच्चों और गर्भवती महिलाओं की मदद हो सकती थी। कंपनी को जारी किए गए थे 40 नोटिस उन्होंने इस घोटाले के कई उदाहरण भी पेश किए। उन्होंने कहा कि गुना से एक बच्चा भोपाल इलाज के लिए जा रहा था, लेकिन रास्ते में ऑक्सीजन खत्म हो गया और बच्चे की मौत हो गई। ऐसे कई मामले सामने आए हैं। जयवर्धन सिंह ने यह भी बताया कि जय अम्बे कंपनी के खिलाफ 40 से अधिक नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन सरकार ने इसके बावजूद इस कंपनी को पूरा भुगतान किया। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो कांग्रेस विधायक ने बताया कि वह इस मामले में लोकायुक्त और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) में शिकायत करने का निर्णय ले चुके हैं। उन्होंने कहा, “मैंने तय किया है कि मैं इस मामले में लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू में शिकायत करूंगा ताकि इस पूरे घोटाले की जांच हो सके। जिन लोगों ने सरकारी पैसों का दुरुपयोग किया है, उन्हें सजा मिलनी चाहिए और इस घोटाले में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। यह घोटाला एक बड़े खेल का हिस्सा है, जिसे पूरी तरह से उजागर किया जाना चाहिए ताकि सरकारी पैसों का सही उपयोग हो सके और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हो।

माफी नहीं मांगूंगा… BJP विधायक चिंतामणि मालवीय का पार्टी के खिलाफ मोर्चा, कांग्रेस का भी मिल गया साथ

ujjain kumbh land acquisition controversy chintamani malviya उज्जैन ! बीजेपी विधायक चिंतामणि को राष्ट्रीय अध्यक्ष JP नड्डा ने नोटिस भेजा है. इस पर चिंतामणि ने कहा है कि उन्हें कोई नोटिस नहीं मिली है. अगर मिलती भी है तो मैंने कुछ भी ग़लत नहीं कहा है. मैं माफ़ी नहीं मांगूंगा.उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ को लेकर बवाल मचा हुआ है. बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय ने विधानसभा में मुद्दा उठाया और कहा कि उज्जैन के किसान परेशान हैं और डरे हुए है. उनकी ज़मीन जबरदस्ती अधिग्रहण की जा रही है. इस बयान के बाद अब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष JP नड्डा ने उन्हें नोटिस जारी किया है. नोटिस में कहा गया है कि आज सार्वजनिक जगह पर बयानबाजी कर पार्टी की छवि धूमिल कर रहे हैं. बीजेपी की ओर से भेजे गए नोटिस में चिंतामणि को 7 दिनों जवाब देने के लिए कहा गया है. मुझे नोटिस नहीं मिलाइस मामले पर आलोट विधायक चिंतामणि मालवीय ने कहा कि मैं बीजेपी का प्रतिबद्ध कार्यकर्ता हूं. मैंने जो कुछ कहा, वो सदन के अंदर का विषय है. मैंने कुछ भी ग़लत नहीं कहा है. मैं माफ़ी नहीं मांगूंगा. पार्टी का नोटिस अभी मुझे प्राप्त नहीं हुआ है. अगर मुझे मिलेगा तो मैं उसके तथ्यानुरूप जवाब से पार्टी को अवगत कराऊंगा. उन्होंने कहा था कि भू-माफियाओं की साजिश की वजह से किसानों को अपनी ही जमीन से बेदखल किया जा रहा है. सालों से यहां भूमि का अधिग्रहण कुछ ही महीनों के लिए होता था, लेकिन स्थाई तौर पर कब्जा सही नहीं है. दूसरे नेताओं को क्यों नहीं जारी किया नोटिस?वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि बीजेपी में कोई आवाज़ उठाता है तो उसकी आवाज़ दबा दी जाती है. किसानों के मुद्दे पर हम उनके साथ है. कांग्रेस पार्टी भी उज्जैन जाकर किसानों के साथ प्रदर्शन में शामिल होगी.नोटिस जारी करना ही थे बीजेपी को तो आख़िर क्यों गोविंद राजपूत ,प्रहलाद पटेल और विश्वास सारंग को नहीं किए. दूसरी तरफ़ बीजेपी इस मामले पर चुप है. सिंहस्थ क्या है?सिंहस्थ उज्जैन मध्य प्रदेश में आयोजित होने वाला महाकुंभ मेला है, जो हर 12 साल में एक बार शिप्रा नदी के तट पर होता है. इसे ‘सिंहस्थ कुंभ महापर्व’ भी कहा जाता है. यह हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें संत, महात्मा, अखाड़े, श्रद्धालु और तीर्थयात्री बड़ी संख्या में शामिल होते हैं.

परिवहन घोटाले को लेकर विपक्ष जाएगा सुप्रीम कोर्ट, नेता प्रतिपक्ष बोले- जद में हैं कई अधिकारी और नेता

opposition will go to supreme court regarding transport scam भोपाल ! मध्य प्रदेश में परिवहन घोटाले को लेकर विपक्ष ने अब सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार इस मामले में लीपापोती कर रही है। कई बड़े अधिकारी और नेता इसकी जद में आ रहे थे, इसी कारण लोकायुक्त डीजी जयदीप प्रसाद का तबादला किया गया। उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार इस घोटाले को दबाने का प्रयास कर रही है। जब बड़े अधिकारी और नेता जांच के दायरे में आने लगे तो लोकायुक्त डीजी को हटा दिया गया। हम इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे और दोषियों को बेनकाब करेंगे। सत्र संचालन पर भी उठाए सवाल विधानसभा सत्र को लेकर भी उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी भी मुद्दे पर सही जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि विधायकों द्वारा उठाए गए मामलों का भी जवाब नहीं दिया गया। हमने मांग की थी कि सदन की कार्यवाही का लाइव प्रसारण होना चाहिए, लेकिन सरकार ने इसे नजरअंदाज कर दिया। विश्वास सारंग बोले- बिना जांच पूरी हुए निष्कर्ष न निकालें विपक्ष के सुप्रीम कोर्ट जाने के फैसले पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं और विपक्ष को जांच के निष्कर्ष तक रुकना चाहिए। सारंग ने कहा कि हर स्तर पर जांच हो रही है और जांच के आधार पर कार्रवाई भी की जा रही है। विपक्ष को बिना जांच पूरी हुए निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।

कांग्रेस नेत्री ने परशुराम से की Aurangzeb की तुलना, पार्टी के अल्टीमेटम के बाद मांगनी पड़ी माफी

जबलपुर कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले की एक महिला पार्टी नेता को सोशल मीडिया पर हिंदू देवता परशुराम की तुलना मुगल शासक औरंगजेब से करने के आरोप में कारण बताओ नोटिस भेजा है. नोटिस में पार्टी ने रेखा विनोद जैन से 48 घंटे के अंदर जवाब मांगा है. जबलपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ शर्मा की तरफ से जारी नोटिस में कहा गया है, “आपने न केवल भारतीय संविधान का बल्कि कांग्रेस पार्टी के संविधान का भी उल्लंघन किया है, जिससे पार्टी की धर्मनिरपेक्ष छवि धूमिल हुई है.” उन्होंने कहा कि जैन के कृत्य ने कांग्रेस पार्टी की धर्मनिरपेक्ष नीति का उल्लंघन किया है और यह अनुशासनहीनता के दायरे में आता है. ’48 घंटे के अंदर माफी…’ सौरभ शर्मा ने कहा, “आपके द्वारा किए गए कृत्य के आधार पर आपको यह कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है और इसे मिलने के 48 घंटों के अंदर आपको पोस्ट के संबंध में अपने कृत्य के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और अपना जवाब भेजना चाहिए.” नोटिस में आगे चेतावनी दी गई है कि अगर उन्होंने माफी नहीं मांगी या संतोषजनक जवाब नहीं भेजा, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. कांग्रेस लीडर ने पोस्ट में क्या कहा था? कांग्रेस लीडर रेखा विनोद जैन ने पोस्ट में कहा था, “औरंगजेब ने अपने भाई का सिर काटकर अपने पिता को भेंट किया, जबकि परशुराम ने अपनी मां का सिर काटा था. औरंगजेब क्रूर था, कोई भी उसे आदर्श नहीं मानता. मुसलमान भी अपने बच्चों का नाम औरंगजेब नहीं रखते लेकिन हिंदुत्व के अनुयायी परशुराम के मंदिर भी बनाते हैं.” हालांकि, रेखा ने बाद में पोस्ट हटा दी और अपने कृत्य के लिए माफी मांगते हुए कहा कि उनका किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था. रेखा विनोद ने एक अलग पोस्ट में कहा, “जैसे ही यह बात मेरे संज्ञान में आई, मैंने तुरंत उस पोस्ट को वॉल से हटा दिया. इसके साथ ही, मैं आपकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए सभी से माफी मांगती हूं.” हालांकि, सत्तारूढ़ बीजेपी ने कांग्रेस को घेरने की कोशिश करते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी की हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करना आदत बन गई है.  

लोकायुक्त से मिलने पहुंचे कांग्रेसी, सौरभ शर्मा और गोविंद सिंह राजपूत से जुड़े सौंपे दस्तावेज

Congressmen reached to meet Lokayukta, submitted documents related to Saurabh Sharma and Govind Singh Rajput भोपाल ! राजधानी भोपाल में सोमवार को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार प्रतिनिधिमंडल के साथ मध्य प्रदेश के लोकायुक्त से मिलने पहुंचे. उमंग सिंघार अपने साथ सौरभ शर्मा और उसके साथियों से जुड़े दस्तावेजों के साथ-साथ मंत्री गोविंद सिंह राजपूत जो की पूर्व में परिवहन विभाग के मंत्री थे, उनकी कई संपत्तियों की जानकारी व उनकी रजिस्ट्री लेकर लोकायुक्त के पास पहुंचे. जहां उन्होंने लोकायुक्त से निवेदन किया है कि इस पूरे मामले की जांच करवाकर इस पर कार्रवाई की जाए. लोकायुक्त को सौंपे दस्तावेजभोपाल में लोकायुक्त से मिलने के बाद उमंग सिंघार ने बताया कि “हमने परिवहन विभाग के पूरे घोटाले के संपूर्ण दस्तावेज और उन घोटाले के पैसों से खरीदी गई संपत्तियों की जानकारी लोकायुक्त को दे दी है. सौरभ शर्मा जो अभी जेल में बंद है. तीनों जांच एजेंसियां उससे उसकी कार में मिले 52 किलो सोना और 11 करोड़ कैश के बारे में कुछ भी नहीं उगलवा सकी. सौरभ शर्मा के मामले में अभी मध्य प्रदेश विधानसभा में भी चर्चा होना बाकी है. उमंग सिंघार को गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ आरोपलोकायुक्त से मुलाकात के बाद उमंग सिंघार ने बताया कि “किस तरह जनता के पैसों से यह लोग सोना-चांदी खरीद रहे थे. इस पूरे प्रकरण में तीन-तीन जांच एजेंसियों ने जांच करी, लेकिन अभी तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आए हैं. इसको लेकर भी हमने लोकायुक्त से बात की है कि इस पूरे मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए. इसके साथ ही पूर्व में परिवहन मंत्री रहे गोविंद सिंह राजपूत और अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी हमने लोकायुक्त को विस्तृत दस्तावेज दिए हैं. जिसमें हमने सभी प्रकार के दस्तावेज जैसे कि किस समय कौन सी जमीन गोविंद सिंह राजपूत या उनके परिजनों के नाम पर कहां-कहां खरीदी गई है. इसका विस्तृत उल्लेख किया है लोकायुक्त ने मामले में जांच करवाने के साथ-साथ कार्रवाई का भी आश्वासन दिया है.

लोग स्वास्थ्य पर गंभीर नहीं सरकार :पंकज उपाध्याय 

Government is not serious about people’s health: Pankaj Upadhyay  भोपाल/जौरा। विधायक पंकज उपाध्याय ने सरकार पर गंभीर  आरोप लगाते हो कहा की सरकार जनता के स्वास्थ्य संबंधी गंभीर मुद्दों को लेकर गंभीर नहीं है विधायक उपाध्याय ने विधानसभा में प्रश्न के माध्यम से सरकार से पूछा कि कैग की रिपोर्ट पर सरकार के द्वारा क्या अमल किया गय जवाब में लोग स्वास्थ्य मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने  जवाब देते हुए उत्तर को घुमा दिया उन्होंने पूरे उत्तर में कैग की रिपोर्ट पर अमल करने का कोई भी उचित उत्तर नहीं दिया विधायक पंकज उपाध्याय ने पूछा कि कैग की 86% अनुशंसाओं पर कोई जवाब क्यों नहीं दिया गया क्या सरकार उनसे असहमत है या सहमत है सहमत है तो क्या कार्रवाई की गई परंतु स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने केवल पद भरने की बातों का आश्वासन दिया विधायक पंकज उपाध्याय ने आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले सभी सत्रों में हमारे द्वारा अस्पतालों में डॉक्टरों की और स्टाफ की कमी को लेकर लगातार बात उठाई गई लेकिन 1 साल बीतने के बाद भी सरकार के द्वारा कोई भी  रिक्त पद नहीं भर गया कैग ने अपनी अनुशंसा में 317  निष्कर्ष के साथ लिखा कि मातृ मृत्यु दर नवजात शिशु मृत्यु दर आदि के लिए निष्ठा पूर्वक कार्य नही किया गया। प्रतिवेदन में नाम मात्र के जो उत्तर शासन ने दिए उसे एक भी उत्तर को केग ने स्वीकार नहीं किया । राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के मानक अनुसार स्वास्थ्य पर राज्य के बजट का 8% होना चाहिए जो इस वर्ष 2025 -26 में मात्र 5.5% प्रतिशत है । विधायक उपाध्याय ने आगे कहा कि शासन को 2017-18 से 2021-22 की स्वास्थ्य अधोसंरचना पर केग की रिपोर्ट , शासन को टिप के लिए , किस दिनांक को प्राप्त हुई तथा उसका उत्तर शासन ने किस दिनांक को दिया । केग की उस रिपोर्ट में कितनी कंडिका और उपकंडिका  में निष्कर्ष पर टीप चाही गई थी । उसमें से कितने निष्कर्ष पर शासन ने सहमति व्यक्त की , कितने निष्कर्ष पर प्रमाण सहित लिखकर असहमति  व्यक्त की और कितने निष्कर्ष का कोई उत्तर ही नहीं दिया । विधायक  ने आगे कहा कि भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानक 2012 और 2017 के कितने मापदंडों का हम अक्षरसह पालन करते हैं , और किस किस मापदंडों में हमने राज्य की आवश्यकता अनुसार क्या क्या संशोधन किया हैं । और वह क्यों किया हैं । तथा  बतावे कि प्रदेश के विभिन्न कैटेगरी के चिकित्सा संस्थानों में भरती निरंतर प्रक्रिया है , यह सही है , लेकिन अभी तक राज्य शासन के मानक अनुसार 40 से 60% से अधिक पद खाली क्यों है । क्या प्रदेश में उनके लिए योग्य चिकित्सक और पेरामेडिकल स्टाफ नहीं है , या योग्य चिकित्सक और योग्य पैरामेडिकल स्टाफ , शासकीय संस्थानों में भ्रष्टाचार और लालफिताशाही के कारण नौकरी करना नहीं चाहते हैं । या सरकार भ्रष्टाचारियों को सरंक्षण के लिए नियुक्ति नहीं करना चाहती है । विधायक पंकज उपाध्याय ने आरोप लगाते हुए कहा कि मुरैना जिले के किसी भी अस्पताल में डॉक्टरों की पूर्ति नहीं की गई है जौरा कैलारस में छोटी मोटी बीमारियों पर भी डॉक्टर ना होने के कारण मरीज को मुरैना ग्वालियर रेफर किया जाता है सरकार के उत्तर से ऐसा मत होते हुए विधायक पंकज उपाध्याय ने सदन से बहिर्गमन किया।

एमपी सदन में बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुस्लिमों की अवैध घुसपैठ पर मऊगंज विधायक ने उठाया मुद्दा

Mauganj MLA raised the issue of illegal infiltration of Bangladeshi and Rohingya Muslims in MP House भोपाल। मध्यप्रदेश के मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल ने ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से विधानसभा में बांग्लादेशी रोहिंग्या मुस्लिमों की अवैध घुसपैठ का मामला उठाया है। विधायक ने कहा कि मध्यप्रदेश के मऊगंज जिला समेत सीमावर्ती जिले जो यूपी की सीमाओं से जुड़े हैं अवैध मुस्लिम आब्रजकारियों विशेषकर बांग्लादेशी रोहिंग्या मुस्लिमों को अवैध तरीकों से मूल निवास प्रमाणपत्र और आधारकार्ड जनप्रतिनिधियों जैसे पार्षद और सरपंचों के वेरिफिकेशन पर जारी किये जा रहे हैं। भाजपा विधायक ने चिंता जताते हुए कहा कि एमपी के 10 बड़े जिलों के सीमावर्ती इलाकों में इनकी तादाद बहुत तेजी से बढ़ी है जो भविष्य में प्रदेश के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकते हैं ,घुसपैठ को प्रभावी तरीके से रोकने के लिए सिटीजन शिप अमेंडमेंट एक्ट सीएए और एनआरसी के तहत कार्यवाही शुरु न होने से अवैध मुस्लिमों का बढ़ना सुरक्षा में चूक है। प्रदीप पटेल ने इस गंभीर मामले में सदन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि सरकार हस्तक्षेप कर अवैध घुसपैठ पर रोक लगाए। मऊगंज के विधायक प्रदीप पटेल द्वारा उठाए गए इस मुद्दे के कई महत्वपूर्ण आयाम हैं, जिनका विश्लेषण राजनीतिक, सुरक्षा, कानूनी और सामाजिक दृष्टिकोण से किया जा सकता है।   1. राजनीतिक पहलू यह मुद्दा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक द्वारा उठाया गया है, जो पहले से ही राष्ट्रीय स्तर पर नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लागू करने के पक्ष में रही है। अवैध घुसपैठ का मुद्दा भाजपा की मुख्य चुनावी रणनीति का हिस्सा भी रहा है, विशेष रूप से पूर्वोत्तर और बंगाल में।   2. सुरक्षा संबंधी चिंताएँ 3. कानूनी और प्रशासनिक चुनौतियाँ 4. सामाजिक प्रभाव विधायक द्वारा उठाया गया मुद्दा गंभीर है, लेकिन इसे निष्पक्ष जांच और ठोस प्रमाणों के आधार पर ही आगे बढ़ाना चाहिए। घुसपैठ को रोकना आवश्यक है, लेकिन यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि किसी भी कानूनी रूप से रह रहे व्यक्ति के अधिकारों का उल्लंघन न हो।  

1 साल में नहीं हुआ कोई भी विकास का कार्य ,पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं करा पाई सरकार : पंकज उपाध्याय 

No development work was done in 1 year, government could not even provide drinking water: Pankaj Upadhyay जौरा | विधानसभा में जौरा विधायक पंकज उपाध्याय ने राज्यपाल की अभिभाषण में कहा कि , कल राज्यपाल जी का भाषण सुना आज बड़े ही दुखी मन से यहां अपनी बात रख रहा हूं . मैं पहली बार का विधायक हूं और बड़ी उम्मीद लेकर आया था . आपको देखा , प्रहलाद जी को देखा , कैलाश जी को देखा और बरिष्ठ लोगों को देखा तो लगा कि बिजली , पानी , सड़क सभी काम बड़ी आसानी से हो जाएंगे , मैं जो यहाँ पर बोलूंगा वह होगा , लेकिन मैं जहां एक साल पहले खड़ा था आज भी वहीं पर खड़ा हूं . पानी की समस्या की बात करें तो हमने लगातार नलजल योजना की यहां बात की है कैलाश विजयवर्गीय जी ने पिछली बार आश्वासन दिया कि जिले की एक समिति बनाएंगे जिन विधायकों को रखेंगे और वह गांव – गांव जाकर देखेंगे कि क्या स्थिति है . एक साल में कोई भी ऐसी कार्यवाही नहीं हुई ठेकेदार अपनी मनमर्जी से काम करे जा रहे हैं . पूरे विभाग का हर कर्मचारी अपनी मर्जी से काम किये जा रहा है . एक भी नल की टोंटी में से पानी नहीं निकल रहा है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है . एक साल से हम प्रत्येक विधान सभा में इस प्रश्न को लगाते हैं और उत्तर मिल जाता है कार्यवाही जारी है , हो रहा है , होगा लेकिन काम कब होगा यह आज तक पता नहीं चल पाया है . ऐसे ही विकलांग हैं जिनके दोनों पैर खराब होते हैं उनको साठ प्रतिशत का प्रमाणपत्र पकड़ा दिया है और जो विकलांग नही थे , बहरे , अंधे नहीं थे उन लोगो को आपने फर्जी प्रमाण पत्र देकर नौकरियां दे दी हैं . आपने 100-100 प्रतिशत के प्रमाण पत्र दे दिये हैं लेकिन जिनके दोनों पैर नहीं हैं आज तक हम उन लोगों को सायकिल नहीं दे पाए . बहुत ही शर्म आती है जब वह लोग हमारे पास में आते हैं कि आप विधायक हो हमको सायिकल तो दिला दो . इस पर मेरा सदन से अनुरोध है कि यह बड़ी ही संवेदनशील बात है कि जिन लोगों के दोनों पैर नहीं हैं और हमें आंखों से दिख रहा है लेकिन हम उन्हें सायकिल नहीं दिला पा रहे हैं . इस पर आप कुछ कार्यवाही करें . खाद मांगने जाते हैं तो डंडे पड़ रहे हैं . किसान अपनी फसल बेचने जाता है तो वह लाईन में लगा रहता है . मेरा आपसे अनुरोध है कि जो खरीदी केन्द्र हैं उनकी संख्या बढ़ाई जाए .अध्यक्ष महोदय , राज्यपाल जी ने जो भाषण दिया पेज नम्बर 9 पर हमने अस्पतालों की बातें सुनीं हमारे जौरा में अस्पताल बने हैं लेकिन उनमें डॉक्टर नहीं हैं . स्टॉफ नहीं है , दवाईयां नहीं है . अभी आपने नये अस्पताल का उद्घाटन किया लेकिन 50 प्रतिशत डॉक्टर भी वहां पर उपलब्ध नहीं हैं . वहां पर तीन माह से महिलाओं की डॉक्टर नहीं हैं . जब डिलेवरी होने आती है तो वह पहले वहां पर आती हैं और फिर मुरैना पहुंचाई जाती हैं . आप समझ सकते हैं कि यह कितनी गंभीर बात है . अगर तीन माह से वहां पर डॉक्टर नहीं हैं तो कैसे क्या व्यवस्था हो रही होगी यह बहुत ही गंभीर विषय है , लेकिन सरकार लगातार अपनी पीठ थपथपा रही थी और मैं सोच रहा था कि मेरे क्षेत्र का तो कुछ काम ही नहीं हुआ भवन बन गए हैं लेकिन डॉक्टर नहीं हैं . यहां पर अटल एक्सप्रेस वे की घोषणा हुई माननीय अध्यक्ष जी पहले आपने घोषणा की थी कि आप बीहड़ में से इस सड़क को निकालेंगे हमने बहुत स्वागत किया कई उत्साह मने कि बहुत ही बढ़िया काम हो रहा है लेकिन आप उपजाऊ भूमि में से अगर सड़क को निकालेंगे तो यह किसान कहां जाएंगे , जो सीमान्त किसान हैं वह कहां जाएंगे . मेरा आपने अनुरोध है कि हमें इस पर गंभीरता से विचार करना होगा यदि हमने इन लोगों को आज बेरोजगार कर दिया तो आने वाले समय में हमें कोई माफ नहीं करेगा . वह जो हजारों एकड़ का बिहड़ पड़ा है आप उस बिहड़ पर सड़क निकालिए आपका स्वागत है . ऐसे ही आपने सोलर प्लांट की योजना ला दी सबने तारीफ की कि बहुत बड़ा सोलर प्लांट बन रहा है . प्रदेश का सबसे बड़ा सोलर प्लांट बन रहा है . जो पशुवन यहां वहां घूम रहा है वह कहां जाएगा , आपने यदि हमारी पच्चीस हजार बीघा जमीन ले ली और जहां जमीन पर सोलर प्लांट लग जाएगा तो जमीन में से पानी कम जो जाएगा . वहां के किसान कहां जाएंगे इस बारे में किसी ने कोई चर्चा नहीं की है . मैं फिर कहना चाहता हूं कि जो हमारा बिहड़ का इलाका है । चंबल के पास का वहां लाखों एकड़ भूमि खाली पड़ी हुई है वह आप इन उद्योगपतियों को दीजिए , अडानी , अम्बानी को हमारी उपजाऊ जमीन देने की पंकज उपाध्याय ने कहा कि लोगों को बिजली नहीं मिल रही हैं , लोग घंटों – दिनों तक खड़े रहते हैं . डीपी जल जाती है तो दो – दो माह तक बिजली नहीं आती है , जब तक रिश्वत नहीं दी जाती है , तब तक डीपी नहीं बदली जाती है , मेरा अनुरोध है कि ये बहुत ही गंभीर विषय है इस पर आपको चिंतन करना होगा .  यहां से सबसे ज्यादा लोग सेना में जाते हैं . इतने लोग शहीद हो जाते हैं . उसके बाद भी हम मुरैना जिले एक ट्रेनिंग सेंटर आज तक नहीं बना पाये कि जहां हमारे नए युवा ट्रेनिंग कर सकें , मैं , विगत एक वर्ष में 5 बार इस सदन में , इसकी मांग कर चुका हूं लेकिन किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंगती है . शहीदों की केवल एक बार तारीफ कर दो , फिर उन्हें भूल जाओ . वहां स्कूल नहीं हैं । हमारे युवाओं के साथ भेदभाव हो रहा है , वे सेना में भर्ती होने के … Read more

मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता विष्णु राजोरिया का निजी अस्पताल में निधन

भोपाल  मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता विष्णु राजोरिया का मंगलवार शाम निजी अस्पताल में निधन हो गया है। उनकी इच्छानुसार नेत्रदान किया गया है। वे कई संस्थाओं के अध्यक्ष रहे। वे कुछ दिन से बीमार थे। बुधवार सुबह 11 बजे सुभाष नगर विश्राम घाट में अंतिम संस्कार होगा।  पूर्व मंत्री विष्णु राजोरिया मंगलवार शाम भोपाल के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे 83 साल के थे। उन्होंने’ करीब 6 दशक पहले मासिक पत्रिका शिखर वार्ता के साथ करियर महाविद्यालय, कैरियर अस्पताल और आदर्श प्रायवेट लिमिटेड की स्थापना की थी। वे प्रदेश की अनेक शैक्षणिक एवं सामाजिक, सांस्कृतिक संस्थाओं के अध्यक्ष एवं सदस्य भी रहे है। परिजन ने किया नेत्रदान राजोरिया के बड़े पुत्र आशीष राजोरिया ने बताया कि, वे कुछ समय से बीमार थे। छोटे बेटे मनीष राजोरिया नें बताया कि, पिताजी की इच्छानुसार परिजन ने उनके नेत्रदान का संकल्प पूरा किया। उनकी अंतिम यात्रा निज निवास बी-244, ‘शाहपुरा से सुबह- 11 बजे सुभाष नगर स्थित विश्राम गृह के लिए प्रस्थान करेगी। देशभर में शोक की लहर पूर्व मंत्री के निधन पर कांग्रेस, भाजपा एवं अन्य राजनीतिक दलों के अनेक, वर्तमान मंत्री, पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक, पूर्व विधायक समेत तमाम नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शोक प्रकट किया।

लाडली बहनों से लेकर किसानों को एमपी के बजट में क्या मिला? पढ़ें बड़ी बातें

From Laadli sisters to farmers, what did they get in MP’s budget? Read the important points MP Budget 2025 News: मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में मोहन यादव सरकार का बजट पेश किया. वित्त मंत्री ने 2025-26 के लिए राज्य का 4,21,032 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. बजट में महिलाओं, किसानों और युवाओं को लेकर घोषणाएं की गई हैं. अहम बात यह है कि मध्य प्रदेश सरकार ने किसी नए टैक्स की घोषणा नहीं की है. यह सीएम मोहन यादव सरकार का दूसरा बजट है. बजट के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान विधानसभा की दर्शक दीर्घा में बैठकर बजट भाषण सुनते देखे. मध्य प्रदेश बजट 2025 हाइलाइट्स लाड़ली बहनों को अटल पेंशन योजना से जोड़ेंगे.लाड़ली बहना योजना के लिए 18679 करोड़श्री कृष्ण पाथेय के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधानराम वन पथ गमन के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधानप्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना का लाभआगामी 5 वर्षों में उद्योगों को 30,000 करोड़ रुपये इंसेंटिवखाद्यान्न योजना के लिए 7,132 करोड़ रुपये का प्रावधानश्रम विभाग के लिए 1,808 करोड़ रुपये का प्रावधानआकांक्षा योजना के लिए 20.52 करोड़ रुपये का प्रावधानजनजातीय वर्ग के लिए प्रमुख योजनाएं 23,000 प्राथमिक स्कूल, 6,800 माध्यमिक स्कूल, 1,100 हाई स्कूल.900 उच्चतर माध्यमिक स्कूल, 1,078 आश्रम, 1032 सीनियर छात्रावास.कुपोषण मुक्ति आहार अनुदान – 2.20 लाख महिलाओं को 1,500 रुपयेअनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग कल्याण अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम के लिए 25 करोड़ रुपयेपिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण के लिए 1,086 करोड़ रुपयेगरीबी रेखा से नीचे के परिवारों के लिए विशेष बीमा योजनारोजगार व औद्योगिक विकास प्रदेश में 39 नए औद्योगिक क्षेत्र – 3 लाख से अधिक नौकरियांप्रसूति, विवाह और अंत्येष्टि सहायता के लिए 3,917 करोड़ रुपयेविशेष पिछड़ी जातियों के लिए 53,000 से अधिक आवास, 22 नए छात्रावास.विकास के दीर्घकालिक लक्ष्य वर्ष 2047 तक सकल घरेलू उत्पाद 250 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्यवार्षिक आय 22.33 लाख रुपये तक बढ़ाने की योजना2024 की तुलना में बजट में 15% वृद्धिसकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर देश में सबसे अधिक – 22 वर्षों में 17 गुना वृद्धिकिसान और कृषि नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल एंड रुपया 183 करोड़ रुपये का प्रावधान.कृषि उपभोक्ताओं को विद्युत बिल में दी जा रही राहत जारी रहेगी. इसके लिए 19000 करोड़ रुपये का प्रावधानप्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 2 करोड़ 42 लाख प्रकरणों में रुपए 2955 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है.इसमें 2025-26 में 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान.किसान प्रोत्साहन योजना के लिए 5230 करोड़ रुपयेप्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 2 हजार करोड़ रुपयेधान उपार्जन बोनस के लिए 850 करोड़ रुपये

कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह का सरकार पर हमला, शिक्षकों की कमी समेत ये मुद्दे उठाए

Congress MLA Jaivardhan Singh attacked the government, raised these issues including shortage of teachers विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने प्रदेश के स्कूलों में 70000 शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। इस पर मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि विधायक अभिभाषण से हटकर वक्तव्य दे रहे हैं। सत्ता पक्ष के दूसरे सदस्य भी सारंग का समर्थन करने लगे। इससे शोर शराबे की स्थिति बन गई। जवाब में कांग्रेस विधायक भी शोर-शराबा करने लगे। बाद में विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि जो आंकड़े उन्होंने पेश किए हैं, वह स्कूल शिक्षा विभाग के आंकड़े हैं। वे गलत जानकारी नहीं दे रहे हैं। उनके वक्तव्य के दौरान डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने भी टोका। इसके बाद कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि यह उम्मीद जताई जा रही थी कि राज्यपाल के अभिभाषण में कुछ नया देखने को मिलेगा। लेकिन, ऐसा कुछ नहीं हुआ। पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में जो योजनाएं चल रही थीं, उनको भी आगे बढ़ाने में सरकार पीछे रही है। जयवर्धन सिंह ने कहा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने वादा किया था कि अगर, उनकी सरकार फिर बनेगी तो हर परिवार को 450 रुपए में एलपीजी सिलेंडर देंगे। लेकिन, सरकार बनने के बाद ऐसा नहीं हुआ है। सीखो कमाओ योजना को लेकरजयवर्धन सिंह कांग्रेस विधायक ने कहा कि योजना का बजट 300 करोड़ है, लेकिन इसमें से केवल 30 करोड़ खर्च किए गए हैं। Gi सम्मिट को लेकर उन्होंने कहा कि मोहन सरकार में 1 साल में ये सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा किया है। मध्य प्रदेश में जो बड़े-बड़े उद्योग हैं, वह कांग्रेस की देन हैं। सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। एक भी किसान का गेहूं 2700 रुपए क्विंटल और धान 3100 रुपये क्विंटल में धान नहीं खरीदा गया। सहकारिता विभाग में हर 5 वर्ष में चुनाव होते थे। भाजपा राज्य में चुनाव क्यों नहीं हो रहे। मंडियों के चुनाव होते थे, लेकिन अब क्यों नहीं हो रहे।

राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष का हमला, कहा- पीएम की तारीफ के अलावा कुछ समझ नहीं आया

MP Vidhan Sabha Budget Session 2025-26 Live Updates News in Hindi: मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। आज आर्थिक सर्वेक्षण और द्वितीय अनुपूरक बजट पटल पर रखा जाएगा। आज विपक्ष घोटालों और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। अभिभाषण पर लगाए गए कांग्रेस के आरोप पर मंत्री सारंग का बयानअभिभाषण आने से पहले ही उस पर टिप्पणी करना कांग्रेस की आदत है। कांग्रेस के नेता अपनी कुर्सी बचाने के लिए कुछ तो बोलेंगे ही। इसीलिए अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस का एक विधायक बता दे कि उन्होंने अभिभाषण को पूरा सुना या पढ़ा है। हमारी सरकार विकास और कल्याण मूलक सरकार है। डबल इंजन की सरकार की जो परिभाषा है उसको प्रतिपादित करते हुए हमारी सरकार प्रदेश में विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है। GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) के माध्यम से हर वर्ग का कल्याण हमारी प्राथमिकता है। राज्यपाल के अभिभाषण से सरकार की विकास और कल्याण की जो पॉलिसी है वो परिलक्षित हुई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पहुंचे विधानसभाउमंग सिंघार ने कहा कि जनता से किए गए बीजेपी के वादों को विपक्ष सदन में उठाएगा। राज्यपाल के अभिभाषण में कुछ भी नया नहीं था। सब पुराना है गिनाया जा रहा है। किसी के लिए भी कुछ भी नया नहीं है। बस सरकार के पुराने आंकड़े पढ़वाए गए हैं।

7 से ज्यादा कांग्रेसी घायल, विधानसभा घेराव के लिए एकजुट हुए थे

भोपाल  आज से बजट सत्र का आगाज है। 12 मार्च को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा बजट पेश करेंगे। उससे पहले ही विपक्ष विरोध प्रदर्शन के मूड में आ गया। विपक्ष की मांग है कि प्रदेश बजट सत्र को और आगे बढ़ाया जाए। इसके लिए सभी नेताओं ने प्रदर्शन का अनोखा तरीका अपनाया। सभी के चेहरे पर काला कपड़ा था तो हाथों में तख्तियां दिखीं। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन भोपाल में किसान कांग्रेस विधानसभा का घेराव करने इकट्ठा हुई। रंगमहल चौराहे पर प्रदर्शन के बीच कांग्रेस का मंच टूट गया। जानकारी के मुताबिक 10 से ज्यादा कांग्रसी घायल हुए हैं। एमपी बजट सत्र के पहले दिन विपक्षी पार्टियों की मांग है कि इस बार का बजट सत्र आगे बढ़ाया जाए। इसके लिए सभी विपक्षी नेता सफेद कपड़ा पहने, मुंह को काले कपड़े से ढंका हुए दिखाई दिए। हाथों में उनके तख्तियां भी थीं, जिसपर लिखा था कि विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाई जाए। इसके अलावा उनका आरोप है कि बीजेपी सदन नहीं चला रही है, मुंह छिपा रही है। ना की थोड़ी देर बाद ही किसान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने का प्रयास शुरू कर दिया है। पुलिस लगातार वाटर कैनन बल के प्रयोग से इनको पीछे हटाने की कोशिश कर रही है। बता दें कि आज से मध्य प्रदेश के बजट सत्र की शुरुआत है। राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत होगी। इस बार 12 मार्च को पेश होने वाले बजट को क्यूआर कोड स्कैन कर भी पूरा पढ़ा जा सकेगा। इसके लिए सरकार ने व्यवस्था कर दी है। इसके अलावा 2025 का प्रदेश बजट 4 लाख करोड़ से ऊपर जाने का अनुमान है। वित्त मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा बजट पेश करेंगे।

नेट सज्जन सिंह वर्मा को अपने नेताओं पर नहीं भरोसा! इन लोगों को बाहर करने की मांग, कहा- कोई भाईचारा-दोस्ती नहीं होनी चाहिए

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर धोखेबाजी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अंदर कई नेता ऐसे हैं जो भाजपा के बड़े नेताओं के साथ मिलकर गठजोड़ करते हैं। ऐसे लोग कांग्रेस के लिए घातक हैं। कांग्रेस के लिए ऐसे लोग घातक सज्जन वर्मा ने कहा कि मध्य प्रदेश में भी रिस्ट्रक्चरिंग की जा रही है। कांग्रेस के कई लोगों ने पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में आघात पहुंचाया है। साथ ही कांग्रेस के पोर्टफोलियो में रहकर बीजेपी से हाथ मिलाकर अपने ही उम्मीदवारों को हराने की कोशिश की है। ऐसे लोगों की शिकायत मिली है। ऐसे लोग कांग्रेस के लिए घातक हैं। पूर्व मंत्री ने कहा- ईमानदार नेता की नियुक्ति होगी पूर्व मंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों को तत्काल मीटिंग करके बाहर करना चाहिए। जो जगह खाली होगी, उसमें ईमानदार नेता की नियुक्ति होगी। जल्द ही अनुशासन समिति की बैठक बुलानी चाहिए। 500 शिकायतें आई है। वहां पर भी तत्काल बैठक बुलाकर एक्शन लेना चाहिए। जिन लोगों ने कुठाराघात किया है उनको तत्काल बाहर करना चाहिए. कहा- जिनके खिलाफ शिकायत मिली, वह पदाधिकारी बने हुए उन्होंने आगे कहा, जिनके खिलाफ शिकायत मिली, वह पदाधिकारी बने हुए हैं। हरीश चौधरी इंदौर आए हुए थे, वहां चर्चा हुई है। विधानसभा सत्र के बाद अनुशासन समिति की बैठक होगी। जो गंभीर शिकायत है, उन पर एक्शन लेना चाहिए। कोई भाईचारा-दोस्ती नहीं होनी चाहिए। कितना बड़ा भी नेता हो, उस पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को विधायक डॉ अभिलाष पांडेय ने सौंपा प्रयागराज से लाया गंगा जल का कलश

MLA Dr. Abhilash Pandey handed over the urn of Ganga water brought from Prayagraj to Chief Minister Mohan Yadav and Assembly Speaker Narendra Singh Tomar भोपाल। आज मध्यप्रदेश विधानसभा के पहले दिन जबलपुर उत्तरमध्य के विधायक डॉ.अभिलाष पाण्डेय प्रयागराज महाकुंभ के संगम तट से लाए गए माँ गंगा के पावन जल का कलश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर एवं मुख्यमंत्री मोहन यादव जी एवं कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय जी को प्रदान किया। इस पुण्य कार्य ने मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रथम दिवस को आध्यात्मिक बना दिया।इसके साथ ही डॉ अभिलाष पांडे ने विधानसभा में अन्य सभी मंत्री ,विधायक एवं विधानसभा के अधिकारी एवं कर्मचारियों को भी मां गंगा का पवित्र गंगाजल प्रदान किया। गौरतलब है कि जबलपुर उत्तर मध्य विधायक डॉ अभिलाष पांडेय पिछले सात दिनों से अपनी विधानसभा मैं प्रयागराज महाकुंभ से लाया गंगा जल वितरण कर रहे है विधायक ने अपने विधानसभा क्षेत्र उत्तर मध्य विधानसभा जबलपुर मैं कुष्ठ रोगी आश्रम, वृद्ध आश्रम,अनाथ आश्रम ,केंद्रीय जेल ,हॉस्पिटल सहित लगभग पचास हज़ार घर तक गंगा जल स्वयं ने वितरण किया।विधानसभा के पहले दिन गंगाजल का वितरण एक शुभ और सकारात्मक शुरुआत का प्रतीक साबित होगा। सांस्कृतिक महत्व का यह अनुकरणीय कार्य मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को दर्शाता है साथ ही युवा विधायक की सनातन परम्परा , संस्कृति,संस्कार एवं गंगा मैया के प्रति उनकी निष्ठा को दर्शाता है। डॉ अभिलाष पांडे ने कहा कि आज से शुरू होने वाला विधानसभा का सत्र प्रदेश के सुख, शांति ,समृद्धि और विकास के लिए नए आयाम स्थापित करे ऐसी मां गंगा से प्रार्थना करता हूं और सभी सुखी और निरोगी रहें इसलिए मां गंगा के आशीर्वाद स्वरूप गंगाजल को लेकर आया हूं कुंभ के समय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी के मार्गदर्शन में पूरे मध्यप्रदेश में सेवा,सत्कार और आतिथ्य के भाव के साथ सभी कुंभ जाने वालों का स्वागत किया है उसके लिए भी मैं माननीय मुख्यमंत्री जी का अभिनंदन और आभार करता हूं।

अब नेताओं की काले रंग की लग्जरी गाड़ियों पर नजर नहीं आएगा हूटर, जानिए क्या है इसका कारण

Now the hooter will not be seen on the black luxury cars of politicians, know the reason behind this सीहोर के जनप्रतिनिधियों की पहली पसंद बनी काले रंग की गाड़ियों पर अब हूटर नजर नहीं आएंगे। शासन के निर्देशों के बाद जनप्रतिनिधियों ने अपनी गाड़ियों से हूटर हटाने की शुरुआत कर दी है। सबसे पहले विधायक सुदेश राय ने अपनी लग्जरी गाड़ी से हूटर हटवाया, इसके बाद पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जसपाल सिंह अरोरा ने गाड़ी से हूटर निकलवा दिया। गौरतलब है कि शहर में करीब आधा दर्जन जनप्रतिनिधियों के पास काले रंग की गाड़ी, जिनमें वे सफर करते हैं। विधायक सुदेश राय, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जसपाल सिंह अरोरा, नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर, युवा नेता शशांक सक्सेना सहित कुछ अन्य जनप्रतिनिधि भी काले रंग की गाड़ी में ही चलते हैं। अब इन जनप्रतिनिधियों ने शासन के नियमों का पालन करते हुए अपनी गाड़ियों से हूटर हटाने शुरू कर दिए हैं। उप पुलिस महानिरीक्षक ने दिए थे ये आदेशउप पुलिस महानिरीक्षक तुषारकांत विद्यार्थी ने आदेश जारी किए कि प्रदेश में मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के विरुद्ध निजी वाहनों में हूटर, फ्लेश लाइट (लाल, पीली, नीली बत्ती), वीआईपी स्टीकर चस्पा करना और गलत नंबर प्लेट के मामले विगत कुछ समय से लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे वाहनों पर कार्रवाई नहीं करने से ऐसा करने वालों को प्रोत्साहन मिल रहा है। इन अनाधिकृत वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने की आवश्यकता है। कुछ दिन पूर्व एक जिले में वीआईपी भ्रमण के दौरान ऐसा ही एक अनाधिकृत वाहन पकड़ा गया था, जिस पर बीनएएस एवं मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। निजी वाहनों में हूटर, फ्लेश लाइट लाल, पीली, नीली बत्ती, वीआईपी के स्टीकर, गलत नंबर प्लेट का दुरुपयोग करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध 15 मार्च तक विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए। यातायात पुलिस ने की कार्रवाईयातायात प्रभारी सूबेदार ब्रजमोहन धाकड़ के नेतृत्व में यातायात पुलिस ने एक प्राइवेट स्कॉर्पियो वाहन जिस पर चालक द्वारा अवैध रूप से हूटर और सायरन लगाए हुए था, जिस पर मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत चालानी कार्रवाई की गई। पुलिस ने वाहन चालक से समन शुल्क तीन हजार रुपये वसूला गया। यातायात पुलिस द्वारा प्राइवेट वाहनों पर अवैध हूटर एवं सायरन लगाकर वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

आउटर रिंग रोड प्रोजेक्ट के तहत भूमि अधिग्रहण को लेकर विरोध तेज, कांग्रेस ने की पदयात्रा शुरू

इंदौर आउटर रिंग रोड के लिए किए जा रहे सर्वे का विरोध करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े भारतीय किसान संघ ने इसे रुकवा दिया था। अब कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाते हुए प्रभावित गांवों के किसानों तक पहुंचने के लिए पदयात्रा निकालने की योजना बनाई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी खुद इस यात्रा का नेतृत्व करेंगे और आठ दिनों तक इंदौर के प्रभावित क्षेत्रों में पदयात्रा करेंगे।   सर्वे को लेकर क्यों हुआ विरोध?   जब आउटर रिंग रोड का सर्वे किया जा रहा था, तब प्रभावित गांवों के किसानों ने इसका जबरदस्त विरोध किया। भारतीय किसान संघ ने किसानों के साथ मिलकर नेशनल हाईवे के अधिकारियों को किसी भी गांव में सर्वे करने से रोक दिया। यहां तक कि प्रशासन को कलेक्टर कार्यालय पर हुए धरने के बाद यह आश्वासन देना पड़ा कि जब तक मुख्यमंत्री से बातचीत नहीं हो जाती, तब तक सर्वे नहीं होगा। इस आश्वासन के बाद सर्वे कार्य पूरी तरह रोक दिया गया। अब कांग्रेस इस मुद्दे पर सक्रिय हो गई है और किसानों के बीच जाकर सरकार की नीतियों का विरोध कर रही है।  आउटर रिंग रोड और पूर्वी रिंग रोड के प्रभावित गांव   आउटर रिंग रोड प्रोजेक्ट के तहत धार जिले के पांच गांव, देपालपुर तहसील के 16 गांव और सांवेर तहसील के 18 गांव प्रभावित हो रहे हैं। इनमें से देपालपुर तहसील का 35 किलोमीटर और सांवेर तहसील का 37 किलोमीटर का हिस्सा इस परियोजना में शामिल है। जीतू पटवारी इन सभी गांवों में पदयात्रा करेंगे। इसके अलावा, पूर्वी रिंग रोड भी इस पदयात्रा का हिस्सा होगी। यह रोड पीर कराड़िया गांव से शुरू होकर नेटरेक्स तक फैली हुई है। इस क्षेत्र में चार केंद्र बनाए गए हैं, जहां हर सेंटर से 200 बीघा जमीन अधिग्रहित की जानी है। बेटमा खुर्द को भी एक केंद्र बनाया गया है। इस पूरे क्षेत्र की कुल लंबाई 77 किलोमीटर है, जिसे चार दिन में कवर किया जाएगा।   कैसा रहेगा पदयात्रा का कार्यक्रम? पदयात्रा को लेकर कांग्रेस ने विस्तृत शेड्यूल तैयार किया है।   – हर दिन सुबह नाश्ते के बाद पदयात्रा शुरू होगी।   – दिन में किसी गांव में रुककर भोजन किया जाएगा।   – शाम को जिस स्थान पर यात्रा रुकेगी, वहां पर सभा का आयोजन होगा।   – इस दौरान कांग्रेस के नेता किसानों से मिलकर सरकार के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाएंगे।   – जिला कांग्रेस अध्यक्ष सदाशिव यादव के अनुसार, यह यात्रा 10 मार्च तक तय की गई है और होली के बाद इसे आगे बढ़ाया जा सकता है।   किसानों को 15 गुना कम मुआवजा देने का आरोप कांग्रेस का आरोप है कि सरकार किसानों को उनकी जमीन की वास्तविक कीमत से 15 गुना कम मुआवजा देने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस नेता सदाशिव यादव का कहना है कि जिस गांव में सरकारी गाइडलाइन के अनुसार जमीन की कीमत 10 लाख रुपए प्रति एकड़ है, वहां की वास्तविक कीमत 1.5 करोड़ रुपए प्रति एकड़ है। इसके बावजूद सरकार केवल दोगुना मुआवजा देने की योजना बना रही है, जबकि भूमि अधिग्रहण अधिनियम के अनुसार चार गुना मुआवजा मिलना चाहिए।   किसानों को पक्ष में लेने का प्रयास कांग्रेस इस पदयात्रा के जरिए किसानों को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है। पार्टी इस अभियान के जरिए सरकार पर दबाव बनाकर किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग करेगी।   समय बताएगा पदयात्रा का कितना असर होगा आउटर रिंग रोड प्रोजेक्ट को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। पहले भारतीय किसान संघ ने इसका विरोध करके सर्वे रुकवा दिया, और अब कांग्रेस ने पदयात्रा निकालकर इस मुद्दे को और गरमा दिया है। जीतू पटवारी की यह यात्रा किसानों को जागरूक करने और सरकार पर दबाव बनाने के लिए की जा रही है। अब देखना होगा कि इस पदयात्रा का कितना असर पड़ता है और क्या किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा मिल पाता है या नहीं।

बजट सत्र से पहले कांग्रेस बना रही रणनीति, बेरोजगारी महंगाई जैसे मुद्दों पर घेरेंगे, 9 मार्च को बैठक

congress is making strategy before the budget session will surround on issues like unemployment मध्यप्रदेश में 10 मार्च से बजट सत्र शुरू होने जा रहा है। विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मोबाइल नंबर जारी कर लोगों से अपील की है कि यदि अपराधों और भ्रष्टाचार के मामले में उनके पास कोई सबूत है तो वह भेजें, ताकि इसे विधानसभा के पटल पर उठाए जा सके। जानकारी के लिए बतादें कि यह सत्र 14 दिनों का होगा, जिसमे कुल 9 बैठकें होगी। तो वहीं कांग्रेस ने बजट सत्र से पहले 9 मार्च को बैठक बुलाई है। जिसमे पार्टी के सभी दिग्गज नेता शामिल होगें। यह बैठक भोपाल के अशोका होटल में होगी, जहां पर कांग्रेस के दिग्गज विधानसभा का घेराव करने की रणनीति तैयार करेंगे। साथी अलग-अलग रणनीति पर चर्चा की जाएगी। इन मुद्दों पर घेरने की तैयारीहोने वाली बैठक में एमपी कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी भी शमिल होंगे और विधानसभा में रखे जाने वाले मुद्दों को लेकर चर्चा करेंगे। बजट से पहले होने वाली यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 9 दिन तक होनी वाली इस बैठक में कांग्रेस किसानों , रोजगार, महंगाई, कर्ज, करप्शन, लाड़ली बहना सहित अन्य मुद्दों को उठाएगी। इसके साथ ही संभावना जताई जा रही है कि मध्य प्रदेश का बजट 11 से 13 मार्च के बीच पेश किया जा सकता है। नेता प्रतिपक्ष ने लोगों से की अपीलबजट सत्र को लेकर विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास भ्रष्टाचार के संबंध में कोई सबूत है तो वे मोबाइल नंबर 8269889419 पर संपर्क कर भेज सकते हैं। उमंग सिंघार ने कहा है कि मध्य प्रदेश में घोटाले, अपराध, दलितों पर अत्याचार, माफिया राज से जुड़े कोई भी सबूत लोगों के पास हो तो वे कांग्रेस को उपलब्ध कराए ताकि विधानसभा में इन मुद्दों को उठाए जा सके। कांग्रेस ने कहा है कि विधानसभा सत्र में सरकार के खिलाफ मुद्दे उठाने के लिए लोग फोटो, वीडियो, कॉल रिकॉर्डिंग, दस्तावेज या अन्य कोई भी प्रमाण सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें उपलब्ध करा सकते हैं ताकि अपराध और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में उठाए जा सके।

अशोका होटल में 9 मार्च को कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी आयोजित, बजट सत्र को लेकर बनेगी रणनीति

भोपाल मध्य प्रदेश कांग्रेस ने विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस मीटिंग में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भी शामिल होंगे। यह बैठक 9 मार्च की शाम को होगी। जिसमें बजट सत्र को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने 9 मार्च को विधायक दल की बैठक बुलाई है। यह बैठक भोपाल के अशोका होटल में आयोजित की जाएगी। इस मीटिंग में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भी शामिल होंगे। कांग्रेस विधायक दल की बैठक बजट सत्र को लेकर चर्चा होगी। एमपी विधानसभा के बजट सत्र को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। 10 मार्च से होगी सत्र की शुरुआत एमपी विधानसभा का बजट सत्र 10 मार्च को राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण से शुरू होगा। 11 मार्च को सरकार आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत करेगी। इसमें वर्ष 2024-25 में राज्य सकल घरेलू उत्पाद की स्थिति, राज्य की विकास दर, प्रति व्यक्ति आय से लेकर विभिन्न क्षेत्रों में राज्य की स्थिति से अवगत कराया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि राज्य सकल घरेलू उत्पाद 15 लाख करोड़ रुपये के आसपास हो सकता है। 12 मार्च को पेश होगा बजट आपको बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 10 मार्च 2025 से शुरू होगा। जो कि 24 मार्च तक चलेगा। 12 मार्च को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा लगभग 4 लाख करोड़ से अधिक का बजट पेश करेंगे। इस बजट में प्रधानमंत्री मोदी की चार जातियों पर ज्यादा फोकस रहेगा। जिसमें गरीब, किसान, महिला, युवा को बजट में प्राथमिकता दी जाएगी। मोहन सरकार का पहला पूर्ण बजट मोहन सरकार का यह पहला पूर्ण बजट होगा। क्योंकि दिसंबर 2023 में सरकार बनी थी। 2024 में फरवरी में ही बजट आ गया था। लिहाजा अब सरकार के कार्यकाल को एक साल पूरा हो चुका है, ऐसे में यह मोहन सरकार के कामकाज को लेकर यह पहला पूर्ण बजट होगा। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार के तर्ज पर मोहन सरकार भी बजट में कई बड़े ऐलान कर सकती है।

उमंग सिंघार को मंत्री गोविंद राजपूत ने भेजा 20 करोड़ का मानहानि का नोटिस, नेता प्रतिपक्ष बोले-डरेंगे नहीं

minister govind rajput sent defamation notice of rs 20 crore to umang singhar case related to saurab मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर गंभीर आरोप लगाए थे। अब इस मामले में मंत्री गोविंद राजपूत ने नेता प्रतिपक्ष को मानहानि का नोटिस भेजा है। बता दें नेता प्रतिपक्ष ने गोविंद सिंह राजपूत पर परिवहन मंत्री रहने के दौरान भ्रष्टाचार करने और करीब 1500 करोड़ रुपए की जमीन खरीदने के आरोप लगाए थे। अब इस मामले में मंत्री गोविंद राजपूत ने उमंग सिंघार केपर उनकी छवि धूमिल करने का आरोप लगा कर जवाब देने 15 दिन का समय दिया है। वहीं, नोटिस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी प्रतिक्रिया दी है। न डरें है न डरेंगे, नोटिस का जवाब देंगे वहीं, नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि नोटिस का जवाब भी देंगे और कोर्ट भी जाएंगे। न डरे हैं, न डरेंगे। बता दें नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने फरवरी माह में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर परिवहन विभाग के घोटाले को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे, उन्होंने कहा कि इस घोटाले से हर माह राजपूत को 150 करोड़ रुपए पहुंचे। उन्होंने दस्तावेज दिखाते हुए गोविंद राजपूत पर अपने परिचितों और रिश्तेदारों के नाम से भ्रष्टाचार के पैसों से जमीन खरीदने के आरोप लगाए थे। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि परिवहन विभाग के घोटाले में एक पूरा रैकेट काम कर रहा था। उन्होंने 1500 करोड़ रुपए का लेखा जोखा होने की बात कही थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि मंत्री ने परिवहन मंत्री रहते मध्य प्रदेश समेत के कई शहरों समेत दिल्ली के पॉश इलाके में बिल्डिंग में थर्ड फ्लोर और टैरिस अपने परिचितों के नाम से खरीदने का आरोप लगाया था। आरटीओ आरक्षक सौरभ से जुड़ा है पूरा मामला मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के ठिकानों से करोड़ों रुपए की नगदी, सोना-चांदी और संपत्ति के दस्तावेज मिले है। शर्मा के करीबी के नाम पर रजिस्टर्ड एक कार में 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपए नगद मिले थे। इस दौरान आरोप है कि सौरभ परिवहन विभाग की चौकियां से वसूली करता था, जिसको मंत्री गोविंद सिंह के इशारे पर किया जा रहा था। इस मामले में लोकायुक्त, ईडी से लेकर आयकर विभाग की टीमें जांच कर रही है। फिलहाल उनको कोई खास जानकारी नहीं मिलने की बात कहीं जा रही है। सौरभ शर्मा और उसके करीबी चेतन सिंह गौर और शरद जयसवाल फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।

ऊर्जा मंत्री नहीं पहनेंगे प्रेस किए कपड़े, क्यों लिया प्रण? कांग्रेस बोली- ये नौटंकी वेब सीरीज का भाग

Energy Minister will not wear ironed clothes, why did he take the vow? Congress said- this drama is part of a web series मध्य प्रदेश में अपने अनोखे बयानों और अंदाज के लिए सुर्खियों में रहने वाले ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर एक बार फिर चर्चाओं में हैं। इस बार उन्होंने ऐसा अनोखा प्रण लिया है, जिसकी चर्चा हर कोई कर रहा है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने प्रण लिया है कि वे 1 साल तक बिना प्रेस किए हुए कपड़े पहनेंगे। उनके इस बयान को लेकर अब सियासत गरमा गई है। कांग्रेस इसे मंत्री की नौटंकी वेब सीरीज का अगला भाग बताया है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने कहा कि वे एक साल तक बिना प्रेस किए हुए कपड़े पहनेंगे, जिससे रोज आधा यूनिट बिजली बचेगी। उन्होंने कहा कि अब वे बेटी की शादी के दिन ही प्रेस किए हुए कपड़े पहनेंगे। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को पीठ पर सिलेंडर न लादना पड़े, इसलिए यह निर्णय लिया। कांग्रेस ने बताया नौटंकीऊर्जा मंत्री के इस बयान पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे मंत्री की नौटंकी करार दिया है। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष आरपी सिंह ने कहा कि ऊर्जा मंत्री हमेशा सुर्खियों में रहने के लिए नौटंकी करते हैं और यह उनकी वेब सीरीज का अगला पार्ट है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर मंत्री जी को बिजली बचाने की इतनी चिंता है, तो वे अपनी 10-10 गाड़ियों को छोड़कर साइकिल से चलना शुरू करें, जिससे वायु प्रदूषण भी कम होगा। क्या वास्तव में बिजली बचेगी?ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर के इस फैसले से मध्य प्रदेश में कितनी बिजली बचेगी, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन फिलहाल यह बयान उन्हें एक बार फिर सुर्खियों में ले आया है।

पायलट बोले-किरोड़ीलाल मंत्री हैं या नहीं, किसी को पता नहीं: न उन्हें काम दिया जा रहा, न हटाया जा रहा; सरकार का कन्फ्यूजन वाला मैसेज

Pilot said- Nobody knows whether Kirori Lal is a minister or not: Neither he is being given work nor he is being removed; Government’s confusing message अजमेर। पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा- डॉ. किरोड़ीलाल मीणा मंत्री हैं या नहीं, किसी को पता ही नहीं है। न तो उनको रखा जा रहा है, न उनको हटाया जा रहा है। न उनको काम दिया जा रहा और न उनसे काम करवाया जा रहा, लेकिन फिर भी वह मंत्री हैं। ये जो असमंजस है, वह किसलिए है? क्या मजबूरियां हैं? सरकार में डिपार्टमेंट है। अगर किसी व्यक्ति को शपथ दिलाई गई है तो उनसे काम करवाओ, या उनको फ्री कर दो। इतने सारे पुराने नेता हैं, नए को वो पचा नहीं पा रहे हैं। सरकार में आपस में इतना खिंचाव है कि बड़ा कन्फ्यूजन वाला मैसेज पूरे प्रदेश में जा रहा है। टोंक विधायक पायलट ने सोमवार को अजमेर के अशोक उद्यान में मीडिया से बातचीत की। इस दौरान पायलट ने बिजयनगर रेप-ब्लैकमेल कांड और विधानसभा में गतिरोध मामले पर अपनी बात रखी। छोटी और ओछी भाषा का इस्तेमाल नहीं करेंपायलट ने कहा- कुछ दिन पहले सदन के अंदर स्वर्गीय इंदिरा गांधी को लेकर जो बात बोली गई, वह अशोभनीय थी। ऐसी शख्सियत (इंदिरा गांधी) जिसने देश के लिए शहादत दी हो, उनके बारे में टिप्पणी करना बड़ा गलत था। मुझे लगता है कि हर व्यक्ति को अपने शब्दों का सोच-समझकर उपयोग करना चाहिए। किसी के प्रति मान-सम्मान और आदर प्रकट नहीं कर सकते तो छोटी और ओछी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। भाजपा के नेतृत्व में आपस में खींचतानपूर्व डिप्टी सीएम ने कहा- सरकार का पहला साल बहुत महत्वपूर्ण होता है, लेकिन इन्होंने (बीजेपी सरकार) सिर्फ इसे गंवाया है। भाजपा का जो नेतृत्व है, उसमें आपस में बहुत खिंचाव है। दिल्ली, जयपुर, राजस्थान में सत्ता के कई केंद्र बन गए हैं। इसका संकेत साफ दिखाई देता है कि जब गवर्नेंस और प्रशासन पर प्रभाव पड़ता है, तो इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है। कांग्रेस में खिंचाव को लेकर पायलट ने कहा- हमारे सभी विधायक एकजुटता से जनता के मुद्दों को रख रहे हैं। विधानसभा में भी हम मजबूती से बात को रखते हैं। कांग्रेस की ताकत यही है कि हम एक मास बेस पार्टी हैं। सबको साथ लेकर चलते हैं। इसका लाभ 4 साल बाद हमें मिलेगा। सरकार का लचर रवैया, सख्ती की कमी दिखती हैबिजयनगर रेप-ब्लैकमेल कांड पर पायलट ने कहा- राजस्थान में लॉ एंड ऑर्डर नहीं है। महिला उत्पीड़न जैसे घिनौने अपराध बढ़ रहे हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने सिर्फ आश्वासन ही दिया है। पुलिस के ऊपर प्रभावशाली तरीके से सरकार का नियंत्रण होना चाहिए, उसमें कमी दिखती है। सख्ती की भी कमी है। उनकी प्रायोरिटी भी अलग है। हमारी पार्टी ने विधानसभा के अंदर और बाहर मुद्दे को उठाया है, लेकिन सरकार का लचर रवैया है। उसका परिणाम है कि इस प्रकार की घटना को अंजाम दिया जा रहा है।

पेपर पर आ रहे इन्वेस्टमेंट… कांग्रेस ने निवेश के दावों पर उठाए सवाल, एमपी जीआईएस को लेकर गरमाई सियासत

Investments coming on paper… Congress raises questions on investment claims भोपाल ! कांग्रेस ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार द्वारा आयोजित छह ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इन आयोजनों में बड़ी-बड़ी घोषणाएं तो हुईं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। कांग्रेस ने दावा किया कि इन समिट में राज्य का पैसा पानी की तरह बहाया गया, लेकिन निवेश नाममात्र का ही आया। भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार में ही मध्य प्रदेश ने बीमारू राज्य का ठप्पा छोड़ा है और अब सभी क्षेत्रों में तरक्की कर रहा है। यह बहस मोहन यादव सरकार के पहले जीआईएस के ठीक पहले छिड़ी है, जिसका उद्घाटन 24 और 25 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। कांग्रेस ने जारी किए आंकड़ेकांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘मध्य प्रदेश निवेश सम्मेलन: वादे, दावे और हकीकत’ नामक एक दस्तावेज भी जारी किया। इस दस्तावेज में कांग्रेस ने आंकड़ों के साथ अपने दावों को पुख्ता करने की कोशिश की है। क्या बोले जीतू पटवारीजीतू पटवारी ने कहा कि मोहन यादव की सरकार में खूब खर्चा हो रहा है। पिछले छह सम्मेलनों की तरह इस बार भी करोड़ों रुपये खर्च करके उद्योगपतियों और निवेशकों की मेहमाननवाजी की जा रही है। सरकारी खजाना ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के नाम पर खाली किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने भी साधा निशानाउमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार हर महीने 5000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज लेती है। जीआईएस पर बेतहाशा पैसा खर्च कर रही है। सिंघार ने कहा कि लेकिन अगर हम 2003 से अब तक के 6 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का रिकॉर्ड देखें, तो जमीनी स्तर पर सफलता दर शून्य प्रतीत होती है। उन्होंने आगे कहा कि 2003 से 2016 तक पहले पांच निवेशक सम्मेलनों में 17.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों का दावा किया गया था। इसके बाद 2023 में इंदौर में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शिवराज सिंह चौहान सरकार ने लगभग 15.40 लाख करोड़ रुपये के निवेश का दावा किया। यानी लगभग 32 लाख करोड़ रुपये का निवेश मध्य प्रदेश की धरती पर आने का दावा किया गया। जबकि हकीकत यह है कि 2003 से 2023 तक केवल 3.47 लाख करोड़ रुपये ही आए, जो सरकार द्वारा प्राप्त कुल निवेश प्रस्तावों का केवल 10% है।

बाड़मेर के इस नेता को मिला MP का प्रभार, कांग्रेस ने संगठन में किया बड़ा बदलाव

भोपाल मध्य प्रदेश कांग्रेस में बदलाव का दौर जारी है. अब प्रदेश कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव हुआ है. भंवर जितेंद्र सिंह को प्रभारी पद से हटाया गया है. उनकी जगह हरीश चौधरी मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी बनाए गए हैं. भंवर जितेंद्र सिंह के पास दो राज्यों की जिम्मेदारी थी. जितेंद्र सिंह मध्य प्रदेश के अलावा असम के प्रभारी थे. कांग्रेस ने 13 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में नए प्रभारी नियुक्ति किए हैं. हरीश चौधरी राजस्थान में गहलोत सरकार में मंत्री रह चुके हैं. वर्तमान में बाड़मेर जिले की बायतु विधानसभा क्षेत्र से राजस्थान विधान सभा के MLA हैं. हरीश चौधरी को गांधी परिवार का बेहद करीबी माना जाता है. हरीश चौधरी मध्य प्रदेश में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के साथ मिलकर कांग्रेस संगठन का काम देखेंगे.   पटवारी ने भाजपा पर निशाना साधा इधर, भोपाल में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए भाजपा पर निशाना साधा. MP करप्शन के मामले में टॉप 3 में है. अधिकारियों के 300 से अधिक प्रकरण लंबित है. 21 साल पुराने मामले पर उनके और उनके परिवार पर FIR कर दी है. हेमंत कटारे हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे थे. मेरा सवाल मोहन यादव से है. क्या एक ही ऐसा केस है पूरे MP में ऐसा? ऐसे कितने ही एमपी में कैसे हैं और यह कैस तो सिविल का है. कांग्रेस के नेताओं पर दबाव बनाने के लिए FIR दर्ज कराई जा रही है. सौरभ शर्मा केस कैसे रफा दफा हो जाए सरकार उसमें जुटी है. कांग्रेस ने गिनाए घोटाले पटवारी ने कहा कि BJP के नेता की बैलेंस शीट बढ़ी है. चोरी कलंकित, करप्शन आप करो FIR कांग्रेस के नेता पर कर रहे हो. परिवहन घोटालों पर ध्यान दो और लोकायुक्त में जांच चल रही उसे पूरा करो. जांच की जाए तो मंत्रालय में बैठे सभी मंत्री जेल में चले जाएंगे. पटवारी ने नल जल योजना को लेकर कहा कि मैं पत्रकारों को चुनौती देता हूं जहां भी 100 प्रतिशत योजना पहुंची हो तो मैं उस पत्रकार ओर व्यक्ति का स्वागत करूंगा. मुख्यमंत्री के विधानसभा में, मंत्री संपत्तियां उईके के विधानसभा हो या किसी विधायक के विधानसभा का एक भी गांव ऐसा बता दो जहां नल-जल योजना से पानी मिल रहा हो. नल जल योजना में 65 प्रतिशत का घोटाला है. 

महाराष्ट्र कांग्रेस का संगठन में किया बड़ा बदलाव, हर्षवर्धन सपकाल को बनाया नया प्रदेश अध्यक्ष

मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस ने संगठन स्तर पर बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने नाना पटोले की जगह हर्षवर्धन सपकाल को महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके अलावा विजय वडेट्टीवार को तत्काल प्रभाव से महाराष्ट्र में कांग्रेस विधायक दल का नेता नियुक्त किया गया है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस ने संगठन स्तर पर बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने नाना पटोले की जगह हर्षवर्धन सपकाल को महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके अलावा विजय वडेट्टीवार को तत्काल प्रभाव से महाराष्ट्र में कांग्रेस विधायक दल का नेता नियुक्त किया गया है। हर्षवर्धन पश्चिमी विदर्भ क्षेत्र से आते हैं। उन्हें राहुल गांधी का करीबी माना जाता है। कौन हैं हर्षवर्धन सपकाल? हर्षवर्धन सपकाल का जमीनी स्तर से राजनीति से जुड़े हैं। उन्होंने राजनीतिक सफर में जिला परिषद सदस्य से लेकर विधायक तक की भूमिका संभाली है। वह 1999 से 2002 तक जिला परिषद के अध्यक्ष रहे। उस समय वे महाराष्ट्र के सबसे युवा अध्यक्ष के रूप में जाने जाते थे। वह 2014 से 2019 के बीच कांग्रेस से विधायक भी रहे। पार्टी ने आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की है। इसलिए नए अध्यक्ष के सामने इन चुनावों को जीतने की बड़ी चुनौती होगी। हर्षवर्धन सपकाल वर्तमान में कांग्रेस के राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उन्होंने महात्मा गांधी और विनोबा भावे की विचारधाराओं पर आधारित ग्राम स्वराज्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सपकाल को सर्वोदय विचारों पर आधारित राष्ट्र निर्माण युवा शिविरों के आयोजन, ग्राम स्वच्छता अभियानों में सक्रिय भागीदारी और आदर्श ग्राम आंदोलन का अनुभव है। पटोले ने चुनाव के बाद की थी इस्तीफे की पेशकश महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद नाना पटोले ने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। पार्टी नेतृत्व ने उनके इस्तीफे को मंजूर कर लिया था। पिछले साल के आखिर में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 16 विधानसभा सीटों पर ही जीत मिली थी। इसके बाद से ही उनके नेतृत्व पर सवाल उठना शुरू हो गए थे।

दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का एक बार फिर सफाया, 67 उमीदवार नहीं बचपाये अपनी जमानत

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के 70 में से 67 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई. वह 70 सदस्यीय विधानसभा में लगातार तीसरी बार अपना खाता खोलने में नाकाम रही है. हालांकि, कांग्रेस के वोट शेयर में 2.1% का मामूली सुधार हुआ है. जबकि उनके कई प्रमुख नेताओं को करारी हार का सामना करना पड़ा. वहीं. कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया है कि वो लोगों का विश्वास फिर से जीतेंगे और 2030 में अपनी सरकार बनाएंगे. दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का एक बार फिर सफाया गया. पार्टी के अधिकांश उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई. कांग्रेस के सिर्फ तीन उम्मीदवार अपनी जमानत बचाने में कामयाब रहे. जिनमें कस्तूरबा नगर से अभिषेक दत्त जो दूसरे स्थान पर रहने वाले एकमात्र कांग्रेसी नेता हैं. इस लिस्ट में नांगलोई जाट से रोहित चौधरी और बादली से देवेंद्र यादव शामिल हैं. ज्यादातर कांग्रेस उम्मीदवार बीजेपी या आप के बाद तीसरे स्थान पर रहे, लेकिन कुछ सीटों में कांग्रेस के उम्मीदवार एआईएमआईएम के उम्मीदवारों से भी पीछे रहे. जिसमें मुस्लिम बहुल क्षेत्र शामिल हैं. ये उम्मीदवार रहे तीसरे नंबर पर दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव खुद बादली सीट पर तीसरे स्थान पर रहे, महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा कालकाजी में तीसरे स्थान पर रहीं और पूर्व मंत्री हारून यूसुफ बल्लीमारान में तीसरे स्थान पर थे, जिसका उन्होंने 1993 से 2013 के बीच पांच बार प्रतिनिधित्व किया था. कांग्रेस ने बिगाड़ा आप का खेल कांग्रेस के वोट शेयर में मामूली सुधार ने आप आदमी पार्टी को भारी नुकसान पहुंचाया है. कांग्रेस आप के लिए खेल बिगाड़ने में कामयाब रही, जिसे अनुसूचित जाति और मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भारी नुकसान उठाना पड़ा, जहां कांग्रेस ने आप की कीमत पर मामूली बढ़त हासिल की और भाजपा को फायदा हुआ. चुनाव में आप के वोट शेयर में 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. आम आदमी पार्टी को 43.19 प्रतिशत वोट मिले हैं, जबकि 2020 के चुनाव में 53.6 प्रतिशत वोट शेयर मिला था. विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के वोट शेयर में 2.1 प्रतिशत का सुधार हुआ है, लेकिन ये वोट शेयर सीट में तब्दील नहीं हो पाया. पार्टी को 2020 के विधानसभा चुनावों में 4.3 प्रतिशत के मुकाबले 2025 के चुनाव में 6.39 प्रतिशत वैध वोट मिले हैं. साल 2008 में कांग्रेस का वोट शेयर 40.31 प्रतिशत (पिछली बार जब कांग्रेस ने दिल्ली में सरकार बनाई थी) था. कांग्रेस का ये प्रतिशत साल 2013 में गिरकर 24.55 प्रतिशत पहुंच गया, 2015 में 9.7 प्रतिशत और 2020 में 4.3 प्रतिशत पर पहुंच गया था.वहीं, AAP ने कांग्रेस के वोट शेयर में सेंध लगाकर 2013 में 29.6 प्रतिशत, 2015 में 54.6 प्रतिशत और 2020 में 53.6 प्रतिशत वोट हासिल किया था.   पार्टी के एक नेता ने कहा, ‘हमने जो खोया था, उसका कुछ हिस्सा वापस पा लिया है. ये लड़ाई जारी रहेगी.’ कांग्रेस नेताओं को लगता है कि अब ये एक लंबी और कठिन लड़ाई है, क्योंकि पार्टी लगभग 5.8 लाख वोट हासिल करने में सफल हो सकती है, जो 2020 में 3.95 वोट से थोड़ा अधिक है. लेकिन 2015 में 8.67 लाख वोट और 2013 में 1.93 करोड़ वोट से बहुत दूर है जब उसने 8 सीटें जीती थीं. 2008 में कांग्रेस को 2.49 करोड़ वोट मिले थे, जब उसने 43 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी. इसके इतर कांग्रेस का पतन और उसकी बिगड़ती स्थिति का असर इंडिया ब्लॉक की एकता जुटता पर पड़ेगा, क्योंकि इंडिया ब्लॉक में पहले ही कांग्रेस बैकफुट पर है. कांग्रेस के साझेदार वैचारिक मुद्दों और चुनावी तालमेल को लेकर अलग-अलग राय रखते रहे हैं. बिहार में विधानसभा चुनावों में इंडिया ब्लॉक के साझेदारों के बीच तनातनी दिख सकती है. हरियाणा और महाराष्ट्र के बाद दिल्ली में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन से विपक्षी गुट में उसकी प्रमुख स्थिति और भी कम हो जाएगी. इसलिए जबकि कांग्रेस और AAP ने दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा में 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए गठबंधन किया था, लेकिन उन्होंने दिल्ली में अकेले लड़ने का फैसला किया.

देश की राजधानी दिल्ली पर जिस पार्टी ने सबसे ज्यादा राज किया, आज उसे जनता ने किया पहचानने से इनकार!

नई दिल्ली  देश की राजधानी दिल्ली पर जिस पार्टी ने सबसे ज्यादा राज किया, आज उसे दिल्ली की जनता ने शायद पूरी तरह भुला दिया है। दिल्ली में 15 साल तक लगातार सरकार चलाने वाली कांग्रेस पार्टी इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 से गायब हो गई है। पूरा मुकाबला आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच ही सिमट कर रह गया है। अभी तक के रुझानों में दिल्ली की 70 सीटों में से एक पर भी खाता खुलता नहीं दिख रहा है। वोट प्रतिशत की भी बात करें, तो कांग्रेस बहुत ही बुरी स्थिति में दिख रही है। सुबह 10.30 बजे तक के रुझानों में कांग्रेस को महज 6.86 फीसदी वोट ही मिले हैं। मौजूदा रुझानों में 69 में से बीजेपी 41 तो आम आदमी पार्टी 28 सीटों पर आगे चल रही है। अगर इस बार भी कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिलती है तो यह लगातार तीसरा मौका होगा, जब कांग्रेस को दिल्ली ने पूरी तरह से नकार दिया। 2020 में भी नहीं खुला था खाता दिल्ली में हुए पिछले विधानसभा चुनाव 2020 में भी कांग्रेस का बुरा हाल था। पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली थी। उसका वोट प्रतिशत भी महज 4.26 फीसदी ही रहा था। 2015 में भी कांग्रेस ने सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। वोट शेयर भी 9.7 फीसदी ही रहा था। आम आदमी पार्टी के उदय ने किया बंटाधार 2013 में आम आदमी पार्टी के उदय ने अगर किसी को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है तो वो कांग्रेस ही है। इस चुनाव से पहले 1998 से लगातार कांग्रेस की सरकार दिल्ली में थी। मगर 2013 में जनता ने अपना नया नेता चुन लिया। एक नई पार्टी ने चमत्कार कर दिया। 2008 के चुनावों में 40 फीसदी से ज्यादा वोट शेयर लेकर सरकार बनाने वाली कांग्रेस 2013 में 25 फीसदी से भी कम वोट शेयर पर आ गिरी। पार्टी का वोट शेयर 24.25 फीसदी ही रहा और सीटें भी 43 से घटकर महज 8 ही रह गई। इसके बाद से तो पार्टी को एक सीट मिलना भी दूभर हो गया। लोकसभा चुनाव का नहीं मिला फायदा कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में देशभर में अच्छा प्रदर्शन किया था। पार्टी ने बीजेपी को कड़ी टक्कर दी थी। हालांकि दिल्ली की सातों सीटों पर उसे हार ही मिली थी। लेकिन 18 फीसदी जनता ने राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पर भरोसा जताया था। मगर इसका फायदा कांग्रेस को दिल्ली के विधानसभा चुनावों में नहीं मिला।

शक्कर कारखाना चालू होने तक जारी रहेगा आंदोलन: पंकज उपाध्याय

The movement will continue till the sugar factory becomes operational: Pankaj Upadhyay कैलारस शक्कर कारखाने को लेकर प्रशासन एवं आंदोलनकारीयौ में ठनी हुई है सरकार लगातार किसानों एवं जनता को लगातार गुमराह कर रही है वहीं शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति निरंतर आंदोलन कर रही है विगत 21 जनवरी को कैलारस शक्कर कारखाने की भूमि के निलामी के विरोध में विधायक पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में चार दिवसीय धरना दिया गया एवं दिनांक 21 जनवरी को सत्याग्रह एवं जेल भरो आंदोलन किया गया जिसमें हजारों की संख्या में किसानो युवाओं एवं आम जनों ने हिस्सा लेकर अपने गिरफ्तारी दी  प्रशासन ने भारी दबाव के कारण नीलामी टाल दी परंतु दिनांक 7 फरवरी को पुनः शक्कर कारखाने की भूमि की नीलामी निकली है इसके विरोध में एक बार फिर से किसान युवा आंदोलित होकर नीलामी वाले दिन विरोध प्रदर्शन करेंगे संघर्ष समिति ने आह्वान किया है कि शक्कर कारखाने पर एक दिवसीय भूख हड़ताल की जावेगी एवं आमजन अपने-अपने घरों पर काले झंडे लगाकर विरोध दर्ज करें शक्कर कारखाने पर हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आंदोलन निरंतर जारी रखा जाएगा सरकार जब तक कारखाना प्रारंभ करने की मांग नहीं मान लेती एवं नीलामी नहीं रुकती तब तक संघर्ष जारी रहेगा समिति ने जनता जनार्दन से निवेदन किया है कि जौरा कैलारस एवं संपूर्ण मुरैना चंबल के अचल के लोग दिनांक 7 फरवरी को काले कपड़े पहन कर अपना विरोध दर्ज कारण एवं अपने घरों पर काले झंडे लगाए एवं बड़ी संख्या में भूख हड़ताल में पहुंचकर अपना विरोध प्रदर्शित करें बैठक में मुख्य रूप से पूर्व विधायक महेश दत्त मिश्रा किसान संघ के अशोक तिवारी गयाराम धाकड़ Bsp नेता नंदलाल खरे मुरारी लाल अमर नरहरि शर्मा बल्लभ यादव रामहेत जाटव काला जी अशोक जाटव ओम प्रकाश शाक्य परसराम जादौन ध्रुव यादव वीर सिंह कुशवाह सकलेचा जी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनोद दुबे मोहन रसोईया सत्येंद्र सोलंकी संतोष सोलंकी नीरज जाटव मोनू सिकरवार कल्लु सिकरवार सरपंच रिंकू मुद्गल पार्षद मोहित शुक्ला रफीक खान सोनू खान एदल गुर्जर के साथ बड़ी संख्या में किसान एवं आमजन मौजूद थे

नेता प्रतिपक्ष सिंघार बोले-बिहार चुनाव को ध्यान में रखते हुए बनाया गया बजट,वहां कई विशेष पैकेज दिए

Leader of Opposition Singhar said – The budget was made keeping in mind the Bihar elections, many special packages were given there. मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्रीय बजट को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये केंद्रीय बजट बिहार चुनाव को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, वहां कई विशेष पैकेज दिए गए। उन्होंने कहा नीतीश कुमार के भरोसे भाजपा की सरकार चल रही है इसलिए उनपर ही मेहरबानी की गई है। एमएसपी कानून की गारंटी पर कोई बात नहींनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री जी शायद भूल गए हैं कि देश का बजट पूरे देश के लिए होता है। उन्होंने कहा इस बजट में किसानों की एमएसपी कानून की गारंटी पर कोई बात नहीं की गई। प्रधानमंत्री आवाज योजना 13670 करोड़ कर दी गयी। जल जीवन मिशन 70 हजार करोड़ था अब 22694 करोड़ कर दिया। एससी एसटी ओबीसी की योजनाओं में भी कटौती की गई है। एससी एसटी और गरीबों के लिए कुछ नहींनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ये बजट भाजपा सरकार ने एक राज्य में चुनाव जीतने के हिसाब से बनाया गया है। उमंग सिंघार ने कहा कि किसानों के एमएसपी, आवास योजना, एससी एसटी और गरीबों के लिए कुछ नहीं किया गया है, उनकी योजनाओं को लेकर कटौती की गई है। उमंग सिंघार ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री जी आप इन्हीं लोगों के कारण प्रधानमंत्री बने हैं और उन्हीं को आज भूल गए। ये देश का बजट है देश के हिसाब से होना

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि: राष्ट्रपति मुर्मू ने दी बापू को दी श्रद्धांजलि; राहुल-खरगे ने भी याद किया

Mahatma Gandhi’s death anniversary: ​​President Murmu paid tribute to Bapu; Rahul-Kharge also remembered महात्मा गांधी की 77वीं पुण्यतिथी पर गुरुवार को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई दिग्गज नेताओं ने बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुर्मू ने गांधी की समाधि राजघाट पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके अलावा, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और मनोहर लाल खट्टर समेत अन्य नेताओं ने भी गांधी को श्रद्धांजलि दी। साथ ही बापू की याद में दो मिनट का मौन भी रखा गया। राहुल गांधी ने दी श्रद्धांजलिकांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने बापू की 77वीं पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर लिखा कि गांधी जी सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, वह भारत की आत्मा हैं, और हर भारतीय में आज भी जीवित हैं। उन्होंने आगे लिखा कि सत्य, अहिंसा और निडरता की शक्ति बड़े से बड़े साम्राज्य की जड़ें हिला सकती हैं – पूरा विश्व उनके इन आदर्शों से प्रेरणा लेता है। राष्ट्रपिता, महात्मा, हमारे बापू को उनके शहीद दिवस पर शत-शत नमन। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने बापू को दी श्रद्धांजलिमहात्मा गांधी की पुण्यतिथी पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी बापू को याद किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि आप मुझे बेड़ियों से जकड़ सकते हैं, यातना दे सकते हैं, आप इस शरीर को ख़त्म भी कर सकते हैं, लेकिन आप मेरे विचारों को क़ैद नहीं कर सकते। महात्मा गांधी बलिदान दिवस पर बापू को विनम्र श्रद्धांजलि। कर्नाटक के डिप्टी सीएम ने भी बापू को किया यादबापू की पुण्यतिथि पर कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने पुष्पांजलि अर्पित कर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी की कार को ट्रक ने मारी टक्कर, इंदौर-भोपाल हाईवे पर हुआ हादसा

Congress State President Jitu Patwari’s car hit by a truck, accident happened on Indore-Bhopal highway मध्य प्रदेश के सीहोर से इस वक्त बड़ी खबर आई है। बता दें, अपने प्रवास पर निकले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की कार सड़क हादसे का शिकार बन गई है। एक ट्रक ने जीतू पटवारी की कार को पीछे से टक्कर मारी है। हालांकि, इस दौरान राहत वाली बात ये है कि कांग्रेस नेता पटवारी सुरक्षित हैं। ग्राम लसूड़िया और फंदा टोल के बीच की घटना बताई जा रही है। जानकारी लगते ही तुरंत थाना खजूरी पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है।

शक्कर कारखाने की भूमि की नीलामी फिर से प्रारंभ करना किसानों के साथ धोखा पंकज उपाध्याय

Pankaj Upadhyay, resuming auction of sugar factory land, cheating farmers कैलारस ! तहसीलदार कैलारस के पिछले दिनों जारी एक पत्र से हंगामा मचा हुआ है जिसमें शक्कर कारखाना की भूमि नीलामी की तिथि 7 फरवरी रखी गई है जौरा विधायक पंकज उपाध्याय ने अपने व्यक्तत्व में बताया कि शक्कर कारखाने की भूमि नीलामी की प्रक्रिया पुन प्रारंभ करना मुरैना चंबल क्षेत्र के किसानों के साथ धोखा है 21 जनवरी को हुए विशाल धरने एवं सत्याग्रह जेल भरो आंदोलन के बाद भी सरकार प्रशासन की नींद नहीं खुली यह प्रक्रिया पुनः प्रारंभ करना आग से खेलने जैसा रहेगा शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति के जितने भी सदस्य हैं वह सब जल्दी निर्णय लेंगे कि आगे किस तरीके से आंदोलन किया जाए परंतु यह निश्चित है कि आंदोलन किया जाएगा और अब आंदोलन बड़ा और विकराल रूप में होगा जिसकी संपूर्ण जानकारी प्रशासन की रहेगी पिछले दिनों हुए धरने में कैलारस जोरा की जनता ने बता दिया था कि शक्कर कारखाना है भूमि के नीलामी के विरोध में सभी आमजन एक होकर सड़कों पर उतरे हैं और आगे भी उतरेंगे सरकार प्रशासन कितना भी पुलिस बल बुला ले डंडे बरसा ले परंतु किसान और आमजान अब हटने वाला नहीं है निश्चित रूप से 7 फरवरी को होने वाली नीलामी में बड़ा विरोध दर्ज किया जाएगा संघर्ष समिति के अशोक तिवारी पूर्व विधायक महेशदत्त मिश्रा गयाराम धाकड़ बृजमोहन मरैया md पाराशर के साथ बैठकर आगे की रणनीति बनाई जाएगी!

भाजपा-कांग्रेस नेताओं में विवाद, चलीं गोलियां, भारी पुलिस बल तैनात

Dispute between BJP-Congress leaders, bullets fired, heavy police force deployed mp news! मध्यप्रदेश के भिंड के गोहद मे भाजपा-कांग्रेस नेताओं के बीच हुए विवाद के बाद दोनों पक्षों की ओर से जमकर गोलियां चलीं। दोनों पक्षों की ओर से हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद शहर में सनसनी फैल गई और माहौल तनाव पूर्ण हो गया। घटना का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को देखते हुए चार थानों का पुलिस बल बुलाकर मौके पर तैनात किया गया है। पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। साथ ही कई लोगों के हथियार भी जब्त किए हैं। भाजपा-कांग्रेस नेताओं में विवादघटना गोहद चौराहे की जहां बुधवार की सुबह कांग्रेस नेता विश्वनाथ प्रताप सिंह अपने खेतों की ओर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि तभी भाजपा नेता सत्येन्द्र गुर्जर व उसके साथियों ने विश्वनाथ प्रताप सिंह को घेर लिया। इस दौरान भाजपा नेता सत्येन्द्र गुर्जर के साथियों ने फायरिंग भी की जिससे बचते हुए किसी तरह विश्वनाथ प्रताप सिंह घर पहुंचे और अपनी बंदूक निकाल कर वापस घटना स्थल पर लौटे। दोनों तरफ से चलीं गोलियांकांग्रेस नेता विश्वनाथ प्रताप सिंह जब बंदूक लेकर मौके पर पहुंचे तो एक बार फिर भाजपा नेता सत्येन्द्र गुर्जर के साथियों ने गोलियां चलाईं जिसके जवाब में विश्वनाथ प्रताप सिंह के पक्ष की ओर से भी गोलियां चलाई गईं। सुबह-सुबह चौराहे पर हुई फायरिंग की इस घटना से पूरे शहर में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से वर्चस्व की लड़ाई चल रही है और ये घटना उसी का परिणाम है। हालात बिगड़ते देख चार थानों का पुलिस बल इलाके में तैनात किया गया है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले महू पहुंचे CM मोहन यादव, कांग्रेस बोली- ‘खुद नहीं आए, उनका डर लाया है’

Jitu Patwari on Mohan Yadav: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव गणतंत्र दिवस के अवसर पर महू पहुंचे जहां उन्होंने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतीक स्थली के दर्शन किए. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले सीएम मोहन यादव के महू आने पर जीतू पटवारी की प्रतिक्रिया आई है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि सीएम मोहन यादव अपने आप यहां नहीं आए, बल्कि उनका डर उन्हें महू खींच कर लाया है. दरअसल, सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए जीतू पटवारी ने लिखा, “मुख्यमंत्री जी, सच यह है कि बाबा साहब की जन्म भूमि और संविधान की प्रतीक स्थली डॉ. अंबेडकर नगर (महू) आप नहीं आए, आपका ‘डर’ आपको यहां लेकर आया है. डर जनता का, डर लोकतंत्र की शक्ति का, डर संवैधानिक मूल्यों/मान्यताओं का. याद रखें कि संविधान के अस्तित्व को ही नकारने वाले आप जैसे कितने ही बीजेपी वाले आएंगे और चले भी जाएंगे, लेकिन बाबा साहब के पवित्र संविधान को छू भी नहीं पाएंगे.” राहुल गांधी-प्रियंका गांधी पहुंचेंगे महूकांग्रेस ने कहा है कि सोमवार को मध्य प्रदेश के महू में ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ रैली को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी संबोधित करेंगे. इंदौर से करीब 25 किलोमीटर दूर महू भारतीय संविधान के मुख्य निर्माता डॉ. बी.आर. आंबेडकर की जन्मस्थली है. मध्य प्रदेश कांग्रेस ने रविवार को दावा किया कि रैली में 2 लाख से ज्यादा लोग हिस्सा लेंगे. संविधान की रक्षा का लेंगे संकल्पकांग्रेस ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मध्य प्रदेश के प्रभारी महासचिव जितेंद्र सिंह और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी रैली को संबोधित करेंगे. कार्यक्रम के दौरान नेता और कार्यकर्ता संविधान की रक्षा का संकल्प लेंगे. भोपाल में पत्रकारों से बात करते हुए जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार पर संविधान का ‘बार-बार अपमान’ करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि बीजेपी संविधान बदलने के लिए लोकसभा में 400 सीटें चाहती है. जीतू पटवारी ने दावा किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और सत्तारूढ़ पार्टी के नेता आरक्षण को चुनौती दे रहे हैं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल में आंबेडकर का अपमान किया था. पटवारी ने कहा, ‘‘ये सभी मुद्दे कांग्रेस के लिए चिंता का विषय हैं. कांग्रेस ने संविधान की रक्षा के लिए काम किया है, जिसके लिए पार्टी देश भर में ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ अभियान चलाएगी.”

इंदौर के लिए राहुल गांधी रवाना, रैली स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जमावड़ा

Congress Jai Bapu Jai Bhim Jai Constitution Rally in Mhow Live: इंदौर में बाबा साहेब आंबेडकर और बापू के नाम पर कांग्रेस की ‘जय भीम, जय बापू, जय संविधान’ रैली आज (सोमवार) आयोजित होने जा रही है। मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और अन्य प्रमुख नेता इसमें शामिल होंगे। एमपी कांग्रेस ने तस्वीरें की शेयर

सीएम ने इंदौर में फहराया तिरंगा: जीतू ने पीसीसी कार्यालय में ध्वज फहराया,भोपाल में राज्यपाल ने किया झंडावंदन

Jitu hoisted the flag at the PCC office, CM hoisted the tricolor in Indore: Governor saluted the flag in Bhopal इंदौर में तिरंगा फहराने के बाद सीएम ने परेड की सलामी ली। भोपाल । मध्यप्रदेश में आज 76वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है।  पीसीसी कार्यालय में मना गणतंत्र दिवस गणतंत्र दिवस पर मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पीसीसी कार्यालय में ध्वज फहराया। इसके बाद वे लोगों से मिले। सीएम डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के नेहरू स्टेडियम में सुबह 9 बजे तिरंगा फहराया। राष्ट्रगान के बाद खुली जीम में परेड की सलामी ली। सीएम इसके बाद बाल विनय विद्या मंदिर उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित भोज कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। भोपाल में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने तिरंगा फहराकर संयुक्त परेड की सलामी ली। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर मुरैना में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। वहीं, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा देवास और राजेंद्र शुक्ल रीवा में हैं।

क्या टाइगर छोड़ने से रोजगार मिल जाएगा” जयवर्धन सिंह ने ज्योतिरादित्य सिंह पर छोड़े तीर

Will leaving Tiger provide employment? Jaivardhan Singh shot arrows at Jyotiraditya Singh. शिवपुरी : कांग्रेस विधायक व पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने शिवपुरी पहुंचकर बीजेपी को निशाने पर लिया. इसके साथ ही उन्होंने 27 जनवरी को भारत रत्न बाबा साहब की जन्मस्थली महू में होने वाले कार्यक्रम को लेकर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की. जयवर्धन सिंह ने कहा “इतिहास गवाह है कि आजादी के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पहले कितने प्रधानमंत्री और रह चुके हैं और कितने गृह मंत्री बने लेकिन अब तक किसी ने भी संविधान को लिखने वाले बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर के खिलाफ टिप्पणी नहीं की.” इसके साथ ही जयवर्धन सिंह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी निशाने पर लिया. “संविधान को बदलने की कोशिश में बीजेपी” जयवर्धन सिंह ने कहा “गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में बाबासाहब के खिलाफ टिप्पणी की. इससे जनता में आक्रोश है. अन्य देश भी भारत के संविधान की तारीफ करते हैं. संविधान की वजह से देश का हर नागरिक सुरक्षित है. आजादी के बाद भारत और पाकिस्तान अलग हो गए. पाकिस्तान के पास भारत जैसा संविधान नहीं था. इसके चलते आज पाकिस्तान की गिनती आतंकियों में होती है. वहीं, भारत विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान रखता है. यह सब संविधान की देन है. वहीं, भाजपा संविधान को बदलने की कोशिश में लगी हुई है.” “शिवपुरी के बीजेपी नेताओं को जनता से मतलब नहीं” कांग्रेस विधायक ने कहा “कांग्रेस जय बापू, जय भीम, जय संविधान को मानने वाली है. इसी के चलते 27 जनवरी को कांग्रेस भारत रत्न बाबा साहब की जन्मस्थली महू इंदौर में विशाल सभा करने वाली है. इस कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद प्रियंका गांधी जैसे कांग्रेस के बड़े नेता जुटेंगे. इसकी तैयारी के लिए पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में हर जिले में बैठक ली जा रही है.” केंद्रीय मंत्री सिंधिया पर ली चुटकी लेते हुए राधौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा “यहां के नेताओं को जनता का दर्द समझ में नहीं आता. शिवपुरी-झांसी लिंक रोड इसका उदाहरण है. यहां कई वर्षों से सड़क खराब पड़ी है. जनता सड़क पर उतर कर प्रदर्शन भी कर चुकी है.” शिवपुरी में बीजेपी संगठन 3 धड़ों में बंटा जयवर्धन सिंह ने कहा “शिवपुरी में रोजगार की कमी है. इसके बावजूद रोजगार के अवसर को ना बढ़ाते हुए टाइगर छोड़े जा रहे हैं. टाइगर रिजर्व बनाने के लिए कई गांव खाली करवा लिए गए, लेकिन उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया.शिवपुरी में भाजपा तीन धड़ों में बंट चुकी है. यहां संगठन के लोगों और मूल भाजपाइयों को दरकिनार कर पैकेज पर आये पूर्व कांग्रेसी नेता जसवंत जाटव को जिला अध्यक्ष बना दिया गया है. जबकि जसवंत जाटव को जिला अध्यक्ष बनाने पर करैरा विधायक रमेश खटीक ने विरोध किया था.”

कैलारस शक्कर कारखाना नीलामी के विरोध में धरना दे रहे विधायक पंकज उपाध्याय को पुलिस ने किया गिरफ्तार  10 हजार किसान युवाओ ने दी गिरफ्तारी।

Police arrested MLA Pankaj Upadhyay who was protesting against Kailaras sugar factory auction. 10 thousand farmer youth arrested. कारखाने की जमीन नीलामी ना होना किसानो की बड़ी जीत: पंकज उपाध्याय कैलारस शक्कर कारखाने पर पिछले 4 दिनों से धरना चल था । अततःपूर्व से घोषित कार्यक्रम में शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति के द्वारा सत्याग्रह एवं जेलभरो आंदोलन का आह्वान किया गया था जिसमें हजारों की संख्या में किसान और युवा और हजारो की संख्या में ट्रैक्टर  धरना स्थल पर शक्कर कारखाने पर पहुंचे सुबह 9:00 बजे से ही ग्रामीण क्षेत्र के किसान और युवा बड़ी संख्या में अपने स्वयं के ट्रैक्टरों एवं मोटर साइकिलोऔर छोटे वाहनों से धरना स्थल पर पहुंचने लगे सुबह 10:00 बजे सभा को संबोधित करते हुए विधायक पंकज उपाध्याय ने कहा कि हमारे चार दिन से शांति पूर्ण धरना चल रहा है परंतु प्रशासन ने हमारी कोई खबर नहीं ली हमें मजबूरन सड़कों पर आना पड रहा है हमारा कारखाना हमारै पुरखों की संपत्ति है इसे बेचना किसाने और हमारे साथ बड़ा धोखा है पंकज उपाध्याय के आहवान पर हजारों की संख्या में किसान और युवा सड़क पर उतर के तहसील घेराव करने पहुंचे एडीएम C B प्रसाद पूर्व से गेट पर उपस्थित थे जिन्होंने विधायक एवं नेताओं से बात कर समाधान निकालने का प्रयास किया कम्युनिस्ट नेता अशोक तिवारी ने कहा कि यह कारखाना सहकारी नियमों से बना था और किसी शासन प्रशासन को इसकी भूमि बेचने का अधिकार नहीं है एडीएम प्रसाद ने कहा कि कारखाने की भूमि हाई कोर्ट के निर्णय के बाद बिक रही है कार्यक्रम में उपस्थित उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा कि कारखाने की भूमि बेचना किसानों एवं युवा के साथ बड़ा धोखा है कारखाने को पुनः प्रारंभ करना ही होगा प्रशासन से सहमति ना बनने पर विधायक पंकज उपाध्याय एवं अन्य नेता सड़क पर बैठकर अपनी मांगे मंगवाने के लिए अड  गए बहुत हुज्जत के बाद कई थानों की पुलिस ने विधायक पंकज उपाध्याय अशोक तिवारी गयाराम धाकड़  बैजनाथ कुशवाह, अशोक तिवारी , सोनेराम कुशवाह,गयाराम धाकड़, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मधुराज  सिंह तोमर ,विनोद शर्मा पार्षद  ,नंदलाल खरे ,सुभाष सिंह सिकरवार, हरीश पाठक बृजमोहन मरैया,केशव प्रसाद गोयनर, सुरेश उपाध्याय,  राजवीर धाकड़ ,ओमप्रकाश श्रीवास पूरन धाकड़,सुरेंद्र शाक्य, नरहरि शर्मा, डॉ.शम्मा कुरैशी,मोहित शुक्ला,ओमप्रकाश शर्मा,अशोक जाटव,दीपेंद्र सिंह जादौन,राजेंद्र सिंह जादौन, बिंदु कुरैशी,राजेश गुप्ता,विनोद दुबे,राजकुमार सिंह सिकरवार ،मुकेश शुक्ला,कुरैशी,उदयराज सिंह जादौन,रामपाल सिंह सिकरवार,हरेंद्र सिंह जादौन ,भूषण सिंह धाकड़,रफीक मोहम्मद,जीवनलाल त्यागी,रामदयाल धाकड़, रामहेत त्यागी,दिलशाद कुरैशी,मोहन रसोईया,शराफत अली खान,साबिर पठान,विजेंद्र   गौड़,रानू मिश्रा,संदीप मरैया,बल्लभ यादव,जगदीश जाटव पूर्व सरपंच रीजोनी,धर्मेंद्र सिंह सिकरवार, नरेश शर्मा जापथाप,डॉ.सुरेश शर्मा जोरा,सतेंद्र सोलंकी,नीरज जाटव,संतोष सोलंकी,बदन सिंह आम आदमी पार्टी,कमल रावत,पम्मी शर्मा,मनोज कुशवाह,बादशाह यादव,विनोद पलैया पार्षद,श्रीमती कमलेश उमरैया,सुनीता आदिवासी  ، राजकुमार धाकड़,धर्मेंद्र धाकड़,राजू शर्मा ,ओमप्रकाश शाक्य,सुमेर शाक्य,रमेश कुशवाह,केदार सोलंकी, उम्मेद कुशवाह फौजी,दर्शन धाकड़ सरपंच,अरुण शर्मा,मोनू धाकड़,विकाश त्यागी,पवन शर्मा, इशाक मोहम्मद,सुमेर धाकड़ सरपंच,माखन शाक्य, के साथ पुलिस वाहन में बिठाकर अस्थाई जेल कम्युनिटी हॉल कैलारस में ले गए रास्ते भर हजारों कार्यकर्ताओं ने पुलिस वाहन को रोककर रास्ता रोका और चक्का जाम कर दिया लगभग 2 घंटे के बाद पुलिस वाहन तहसील से अस्थाई जेल पहुंच सका हजारों की संख्या में किसान युवा और कार्यकर्ता पहुंचने पर पुलिस की व्यवस्था बिगड़ गई पुलिस प्रशासन ने आनंन फानन में गिरफ्तारी  दर्शाकर प्रदर्शनकारियों को रिहा करने लिया निर्णय लिया कुछ समय बाद सूचना लगी किसी भी शक्कर कारखाने की बोली में भाग नहीं लिया और बोली निरस्त की गई पंकज उपाध्याय ने कहा कि नीलामी में किसी बोली वाले का भग ना लेना निश्चित रूप से किसानों और युवाओं की जीत है और शक्कर कारखाना प्रारंभ होने तक या आंदोलन निरंतर जारी रहेगा

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी बोले- ‘कैंसर की तरह है गुटबाजी, इसे…’

politics jitu patwari urges congress to leave factionalism and move forward ann Jitu Patwari इन दिनों मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ रैली को लेकर पूरे राज्य में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को महू आने का निमंत्रण दे रही है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी खुद कई विधानसभाओं में जाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आमंत्रित कर रहे हैं. इस दौरान वे गुटबाजी छोड़ने का भी आह्वान कर रहे हैं. ऐसा ही कुछ जोशीला बयान पटवारी ने मनावर में भी दिया. पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मनावर में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं को संबोधित करते हुए कहा, “अब गुटबाजी छोड़कर कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए आगे बढ़ना होगा”. उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर तक कांग्रेस के संगठन को मजबूत करना पड़ेगा. इसमें ग्राम पंचायत स्तर तक कांग्रेस कमेटी का गठन होना चाहिए. जीतू पटवारी ने कहा कि आने वाले 4 साल तक अगर कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता बिना छुट्टी लिए संगठन का काम करते हैं तो एमपी में आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार को सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता है. पटवारी ने मनावर के साथ-साथ कुक्षी और बड़वानी में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर उन्हें महू आने का आमंत्रण दिया. ‘कांग्रेस में ‘कैंसर’ की तरह है गुटबाजी’- जीतू पटवारीजीतू पटवारी ने गुटबाजी को कांग्रेस का ‘कैंसर’ बताया है. इस पर बीजेपी प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने पलटवार किया है और कहा कि हम लगातार कांग्रेस में गुटबाजी होने का दावा कर रहे हैं, जिसे कांग्रेस झुठलाती आ रही है. अब जीतू पटवारी खुद कांग्रेस में गुटबाजी को कैंसर बता रहे हैं. जीतू पटवारी ने बीजेपी कार्यकर्ता का दिया उदाहरण प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि बीजेपी का छोटा सा छोटा कार्यकर्ता गांव की चौपाल पर चार लोगों को बीजेपी के समर्थन में आगे बढ़ाने के लिए सफलतापूर्वक समझाइश दे देता है. जब विकास की बात होती है तो गांव और विधानसभा से लेकर प्रदेश और देश तक बात नहीं बनती है, तो बीजेपी कार्यकर्ता पाकिस्तान से अफगानिस्तान तक चर्चा करता है. इसी तरह कांग्रेस को भी अपना संगठन मजबूत करते हुए अपनी विचारधारा को लोगों तक पहुंचाना है. हर गांव हर बूथ से एक गाड़ी जरूरी- पटवारी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने मनावर में यह भी कहा कि एक गांव से दो गाड़ी की आवश्यकता नहीं है बल्कि हर एक पोलिंग बूथ और एक गांव से एक ही गाड़ी महू पहुंचनी चाहिए. इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि गांव-गांव तक रैली का संदेश पहुंचाना चाहिए, इसलिए हर गांव से एक गाड़ी लानी जरूरी है. बीजेपी संगठन की बराबरी करने में कई जन्म लगेंगे- बीजेपी भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया के मुताबिक, कांग्रेस नेताओं को यह बात समझ लेनी चाहिए कि बीजेपी संगठन के बराबरी करने में कांग्रेस नेताओं को कई जन्म लेने पड़ेंगे. सिसोदिया ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को भी यह बात समझ में आ गई है कि बीजेपी का संगठन काफी मजबूत और बड़ा है. यही वजह है कि वे अपने हर सभा में भाजपा के संगठन की मजबूती को लेकर बयान दे रहे हैं.

धरने को असफल करने के लिए सांसद का कुत्सित असफल प्रयास है बयान: पंकज उपाध्याय     

  The statement is a disgusting failed attempt by the MP to make the protest unsuccessful: Pankaj Upadhyay  हमने कई अखबारों में पढ़ा और सुना कि माननीय सांसद शिवमंगल सिंह तोमर अपने बयान में  कह रहे हैं कि शक्कर कारखाने को चालू करने के लिए योजना बन गई है कार्यवाही प्रारंभ हो गई है मेरा सांसद महोदय से अनुरोध है कि अगर कल रात में ऐसी कोई योजना बनी हो तो मुझे उपलब्ध करा दे क्योंकि मैंने मुख्यमंत्री सहकारिता मंत्री कृषि मंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष को कलेक्टर को पत्र लिखकर यह मांग करी की शक्कर कारखाने की भूमि नीलामी रोककर कारखाने को पुनः प्रारंभ करने हेतु कार्रवाई करें परंतु अभी तक माननीय मुख्यमंत्री जी सहकारी मंत्री जी विधानसभा अध्यक्ष एवं कलेक्टर महोदय का जवाब मुझे नहीं मिला है आपके द्वारा यह बयान निश्चित रूप से किसानों एवं कर्मचारियों को बरगलाने के लिए जो किसानों द्वारा अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है उसे असफल करने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है आपसे अनुरोध है आपको मुरैना की जनता ने किसानों के हितों के लिए चुना था ना कि किसानों को बरगलाने के लिए अतः आगे आकर  धरने में अपना साथ दे और अगर सांसद जी आगे आकर हमारे बंद शक्कर कारखाने को प्रारंभ करते हैं तो हम सब शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति के लोग उनका नागरिक अभिनंदन करेंगे

शक्कर कारखाने की भूमि नीलामी के विरोध में 18 जनवरी से धरना

Protest from January 18 against sugar factory land auction कैलारस शक्कर कारखाने की जमीन नीलामी का मामला अब गरमाता जा रहा ह जौरा में विधायक पंकज उपाध्याय के कार्यालय पर शक्कर कारखाना बचाओ समिति की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें शक्कर कारखाने से जुड़े हुए कई पुराने किसान नेताओं कर्मचारी संगठन सामाजिक संगठनों ने भाग लिया बैठक की अध्यक्षता कर रहे पूर्व विधायक महेश मिश्रा ने कहा कि कैलारस शक्कर कारखाना सहकारी नियमों के तहत बनाया गया था जिसकी भूमि या कोई भी संपत्ति बेचने से पहले सरकार को शेयरहोल्डरों से बात करनी होगी यह नीलामी पूर्ण रूप से अवैध और असंवैधानिक है साथी इस समिति का नाम शक्कर कारखाना चलाओ समिति रखा जाए शक्कर कारखाना बचाओ समिति के ओमप्रकाश श्रीवास ने कहा कि शक्कर कारखाना बचाने के लिए अब किसान युवाओं और आमजन को सड़कों पर आना होगा हम सबको एक जुटता से नीलामी का विरोध करना होगा जिसमें सबसे प्रखर माध्यम धरना रहेगा विधायक पंकज उपाध्याय ने कहा कि मेरे द्वारा मुख्यमंत्री सहकारिता मंत्री एवं कलेक्टर को पत्र लिखकर सात दिवस में शक्कर कारखाना बेचने की प्रक्रिया रोकने की मांग की गई है हम सात दिवस बाद धरने का आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा जिसमें प्रत्येक कार्यकर्ता अपना राशन पानी घर से लेकर आएगा जौरा विधानसभा के हर गांव से कम से कम 100 लोग आकर धरने में बैठेंगे कारखाने के सभी पुराने शेयरधारकों को भी बुलाया जाएगा बैठक में कई युवा एवं किसान नेताओं ने नीलामी के विरोध में कहा कि यह स्पष्ट रूप से सरकार की कथनी और करनी में अंतर है एक तरफ मुख्यमंत्री मुरैना मंडी में घोषणा करके गए कि कैलारस का शक्कर कारखाना प्रारंभ होगा वहीं दूसरी ओर किसानों और युवाओं को धोखा देकर कारखाने की जमीन बिक रहे हैं बैठक में डॉ मुरली लाल अमर जगदीश राठौर रामहेत त्यागी धर्मेंद्र सिकरवार संतोष सोलंकी साबिर पठान ओम प्रकाश शर्मा सरपंच विनोद दुबे दिलीप कला बृजेश शर्मा फोदलिया जाटव नरहरि शर्मा शहाबुद्दीन उस्मानी दीपक यादव अप्पू जैन राजकुमार सिकरवार रामहेत जाटव प्रमोद शर्मा प्रकाश पलिया शराफत अली रानी खान हरेंद्र जादौन के साथ बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे

थीम : ‘जय बापू-जय भीम-जय संविधान’ ,डॉ अंबेडकर की जन्मस्थली महू में होगी कांग्रेस की बड़ी रैली

mp congress big rally held in dr ambedkar birthplace mhow theme is jai bapu jai bhim jai constitution भोपाल:मध्य प्रदेश कांग्रेस 26 जनवरी को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली, महू में एक विशाल ‘संविधान’ रैली का आयोजन कर रही है। इस रैली में AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी समेत कई बड़े नेता शामिल होंगे। यह रैली नवंबर 2023 और 2024 के चुनावी नुकसान के बाद कांग्रेस का पहला बड़ा आयोजन है। साथ ही जीतू पटवारी के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद एमपी में यह पहला बड़ा आयोजन है। इस रैली की तैयारी को लेकर पीसीसी मुख्यालय में बड़ी बैठक हुई है। बैठक में कांग्रेस के तमाम बड़े नेता दिखे। हालांकि कमलनाथ नहीं दिखाई दिए हैं। रैली को लेकर राजनीति इस रैली को लेकर राजनीतिक तनाव भी बढ़ गया है, क्योंकि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर डॉ. अंबेडकर की विरासत का राजनीतिक फायदा उठाने का आरोप लगाया है। हाल ही में जीतू पटवारी द्वारा डॉ. अंबेडकर की तस्वीर अपने घुटने पर रखने के मामले ने भी विवाद को हवा दी है। 26 को महू में होगी रैली कांग्रेस अपनी ‘संविधान’ रैली की तैयारी जोर-शोर से कर रही है। यह रैली 26 जनवरी को महू में होगी, जहां डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म हुआ था। कांग्रेस ने इस रैली को सफल बनाने के लिए लगभग एक दर्जन कमेटियां बनाई हैं। इस रैली का थीम ‘जय बापू-जय भीम-जय संविधान’ रखा गया है। कांग्रेस अध्यक्ष और राहुल गांधी होंगे शामिल इस रैली में AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शामिल होंगे। कई अन्य वरिष्ठ नेता भी इस रैली में मौजूद रहेंगे। महू में एक मार्च निकाला जाएगा, जिसके बाद राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे भाषण देंगे। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया सहित कई दिग्गज नेता 11 सदस्यीय समन्वय समिति का हिस्सा हैं जो रैली की व्यवस्था देख रही है। तैयारियों का दौर जारी PCC प्रमुख जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह भोपाल में पार्टी मुख्यालय पर विभिन्न समितियों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं। जितेंद्र सिंह गुरुवार देर रात तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए भोपाल पहुंचे। नवंबर 2023 के विधानसभा चुनाव और उसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद मध्य प्रदेश में कांग्रेस द्वारा आयोजित किया जा रहा यह पहला बड़ा कार्यक्रम है। मोहन यादव ने साधा निशाना रैली को लेकर सीएम मोहन यादव ने निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने कभी भी डॉ. अंबेडकर का सच्चा सम्मान नहीं किया। उन्होंने राहुल गांधी से संविधान निर्माता का कथित तौर पर अपमान करने के लिए माफी मांगने की भी मांग की।

‘जीतू और जय’ की जोड़ी के पीछे है दिग्विजय सिंह का माइंडगेम! कमलनाथ होते जा रहे हैं साइड

digvijay singh mind game behind new pairing of jeetu patwari and jai vardhan singh in mp congress भोपाल ! किसी बड़े टास्क या मिशन को पूरा करने के लिए पार्टनरशिप या कहे तो जोड़ी जरूरी होती है। खासकर कांग्रेस के अंदर की जोड़ी हमेशा चर्चा में रहती है। विधानसभा चुनाव के दौरान इस बार कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की जोड़ी थी। सियासी गलियारों में इसे जय-वीरू की जोड़ी कहा जाता था लेकिन यह खास कमाल नहीं कर पाई है। इन दिनों एमपी कांग्रेस में नई जोड़ी की चर्चा है, यह जोड़ी जीतू और जय की है। यानी जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह की। साथ आने के बाद इस जोड़ी ने कमाल भी शुरू कर दिया है। एमपी उपचुनाव में जीतू और जय की जोड़ी ने मिलकर श्योपुर में कमाल किया। कहा जा रहा है कि इस जोड़ी को आगे बढ़ाने में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का माइंडगेम है। इसकी वजह से कमलनाथ जैसे दिग्गज नेता असहज होने लगे हैं। पार्टी के दिग्गज नेता भी इशारों इशारों में कह चुके हैं कि इन सबके पीछे दिग्विजय सिंह ही हैं। दिग्गी राजा तैयार कर रहे मैदान दिग्गी राजा राजनीति से रिटायर्ड होने से पहले अपने बेटे के लिए मैदान तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसके लिए समय समय पर जयवर्धन सिंह को जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। जिसे लेकर दूसरे नेता और कार्यकर्ताओं में असंतोष भी दिखा है। वहीं जयवर्धन सिंह और जीतू पटवारी ने खुद को साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसके सबसे अच्छा एग्जांपल श्योपुर विधानसभा उपचुनाव हैं। इस चुनाव में जयवर्धन सिंह को प्रभारी बनाया गया था। इस दौरान जीतू और जयवर्धन ने जनमत साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। और उसका परिणाम जीत को तौर पर कांग्रेस पार्टी को मिला भी है। सीनियर नेता ने खड़े किए सवाल कांग्रेस में चल रहे इस माइंडगेम पर उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता सवाल खड़े कर चुके हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष रह चुके कांग्रेस के दिग्गज नेता अजय सिंह जीतू पटवारी की अध्यक्षता वाली एमपी कांग्रेस की नई कार्यकारिणी पर भी निशाना साधा था। इसे दौरान उन्होंने बयान देते हुए यह भी कहा था कि कांग्रेस का भगवान ही मालिक है। पर्दें के पीछे वालों पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को बर्बाद करने वाले लोग आज भी पार्टी को पीछे से चला रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट दोनों की एक मुलाकात से जुड़ा हुई वीडियो भी सामने आया है। जिसमें जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह हंसी खुशी एक दूसरे से बात करते नजर आ रहे हैं। इसे दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी चलते चलते उनका हाथ थामते भी नजर आ रहे हैं। ये वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है। जिस पर लोग अपनी अपनी प्रतिक्रिया भी देते नजर आ रहे हैं। ऐसे ही एक लाला यादव नामक यूजर से लिखा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में ये जोड़ी बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। अब देखना होगी कि आने वाले समय में क्या होता हैं।

कांग्रेस से आए नेताओं ने भी बिगाड़ा भाजपा जिलाध्यक्षों के चयन का समीकरण, अब फैसला दिल्ली से

District presidents of BJP in Madhya Pradesh भोपाल (District presidents of BJP in Madhya Pradesh)। मध्य प्रदेश में जिलाध्यक्षों के चयन का राजनीतिक समीकरण बिगाड़ने के पीछे भाजपा के दिग्गज नेता तो हैं हीं, कांग्रेस से आए नेताओं के कारण भी यह चुनाव प्रभावित हुआ है। ग्वालियर-चंबल में जिलाध्यक्ष के चयन में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का हस्तक्षेप रहा है, तो सागर में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और पारुल साहू की वजह से राजनीतिक समीकरण बिगड़े हैं। इंदौर में मंत्री तुलसी सिलावट और संजय शुक्ला का दबाव रहा, तो गुना, नीमच, मंदसौर भी यही हाल है। यहां यह सभी नेता कांग्रेस से भाजपा में आए हैं, जिन्हें मूल भाजपाई आज भी स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में मूल भाजपाई और आयातित नेताओं के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। संघ से प्रस्तावित नाम भी दरकिनार संघ ने जो नाम प्रस्तावित किए थे, उनको भी दरकिनार किया गया और दिग्गज नेताओं के दबाव में सूची तैयार कर ली गई। इन सब के बीच अब केंद्रीय नेतृत्व ने कमान अपने हाथ में ले ली है।दिल्ली में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व संगठन पर्व की केंद्रीय पर्यवेक्षक सरोज पांडेय के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने दिल्ली में जिलाध्यक्षों के नामों पर विचार विमर्श किया।बताया जा रहा है कि नामों पर सहमति बन गई है। जल्द ही जिलाध्यक्षों की सूची जारी की जा सकती है। हालांकि नामों सूची में बड़े शहरी जिले अभी रोके जाएंगे। जहां विवाद स्थिति नहीं है, उन जिलों के अध्यक्षों की ही घोषणा की जाएगी।इधर, यह भी बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश का नया भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया आगे न बढ़े, इस हिसाब से जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी जाएगी। पहली सूची 35 से 40 नामों की आ सकती है। दो जनवरी से चल रहा है मंथन, फिर भी जिलाध्यक्ष नहीं चुन पाई भाजपादो जनवरी से लगातार जिलाध्यक्षों के नामों पर मंथन किया जा रहा है। पार्टी प्रदेश के 60 संगठनात्मक जिलों में से 35 से 40 जिलों के अध्यक्षों के नामों पांच जनवरी को घोषित करने वाली थी, लेकिन छह जनवरी को पुन: सूची पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विष्णुदत्त शर्मा, हितानंद ने दो घंटे तक मंथन किया था और पार्टी पदाधिकारियों द्वारा मंगलवार तक सूची जारी करने की बात कही जा रही थी। इन पांच दिनों में प्रदेश नेतृत्व ने बैठक कर सामाजिक और राजनीतिक समीकरण बैठाते हुए सूची तैयार की। लेकिन कुछ नामों पर सहमति नहीं बनने से यह जारी नहीं हो सकी।

जीतू पटवारी का शिवराज पर तंज: ‘कृषि मंत्री न जाने किन किसानों से मिल रहे, 17 मंगलवार से इंतजार

jitu patwari accuses shivraj singh chouhan of ignoring meeting requests for 17 tuesdays कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्रीय कृषि मंत्री का एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वो कह रहे हैं कि मैं सिर्फ दफ्तर में अधिकारियों से नहीं मिलता, बल्कि हर मंगलवार को अलग अलग राज्यों के किसानों से भी मुलाकात करता हूं। इसपर पटवारी ने कहा है कि वे पिछले सत्रह मंगलवार से शिवराज जी से मिलने का समय मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक बुलावा नहीं आया है। Jitu Patwari Accuses Shivraj Singh Chouhan : जीतू पटवारी ने बुधवार को शिवराज सिंह चौहान पर उनके साथ मंगलवार को न मिलने का आरोप लगाया है। दरअसल वे पिछले सत्रह मंगलवार से केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात का समय मांग रहे हैं और उनका कहना है कि उन्हें समय नहीं दिया जा रहा है। इसे लेकर आज उन्होंने शिवराज सिंह चौहान का एक वीडियो X पर साझा करते हुए कहा है कि ‘न जाने आप कौन से किसानों से मिल रहे हैं’। बता दें कि एक दिन पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को निशाने पर लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वह पिछले सत्रह मंगलवारों से शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात का समय मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक समय नहीं दिया गया है। नए साल में भी मध्य प्रदेश के किसानों के लिए कोई राहत नहीं मिली और शिवराज सिंह चौहान की चुप्पी उनके संघर्ष और दर्द का अपमान है। जीतू पटवारी ने शेयर किया शिवराज सिंह चौहान का वीडियोजीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शिवराज सिंह चौहान का एक वीडियो साझा किया है जिसमें वे कहते दिखाई दे रहे हैं कि ‘मैं ऐसा मंत्री नहीं हूं कि सिर्फ दफ्तर में बैठकर अधिकारियों से बात करूं। मंगलवार का दिन मैंने किसानों से मिलने के लिए रखा है और हर मंगलवार मैं अलग-अलग प्रांत के किसानों से मिलता हूं।’ कहा ‘सत्रह मंगलवार हो गए, नहीं मिल रहा मुलाकात का समय’इस वीडियो को साझा करते हुए जीतू पटवारी ने शिवराज सिंह चौरान पर निशाना साधते हुए कहा है कि ‘कृषि मंत्री जी, न जाने कौन से किसानों से मिल रहे हैं। मैं भी किसान हूँ और पिछले 17 मंगलवार से अपने किसान भाइयों के साथ आपके समय की फसल का इंतज़ार कर रहा हूँ।’ बता दें कि मध्य प्रदेश में किसानों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस लगातार बीजेपी पर हमला बोल रही है। कांग्रेस अध्यक्ष हर मंगलवार को शिवराज सिंह चौहान से मिलने का समय मांगते आ रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें बुलावा नहीं आया है। इससे पहले, 1 जनवरी को जीतू पटवारी ने कहा था कि वे 100 मंगलवार तक शिवराज सिंह चौहान द्वारा समय दिए जाने की प्रतीक्षा करेंगे। इसके बाद वे खुद उनसे मिलने जाएंगे।

कमलनाथ को एमपी कांग्रेस में नहीं मिल रहा ‘भाव’? पूर्व सीएम ने खबरों पर तोड़ी चुप्पी

kamal nath not getting respect in mp congress former cm broke silence on news भोपाल: मध्य प्रदेश में कांग्रेस की अंदरूनी कलह की खबरों के बीच, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को पार्टी में किसी भी मतभेद से इनकार किया। कमलनाथ ने कहा कि सभी नेता एकजुट होकर पार्टी को मजबूत करने और मोहन यादव सरकार को चुनौती देने के लिए काम कर रहे हैं। यह बयान उन खबरों के बीच आया है जिनमें कहा गया था कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह सहित कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी में उपेक्षित होने पर नाराजगी जताई थी। महू में होने वाला है कांग्रेस का बड़ा कार्यक्रम यह नाराजगी बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली महू में आयोजित होने वाले कांग्रेस के एक बड़े कार्यक्रम की तैयारी को लेकर हुई वर्चुअल मीटिंग के दौरान सामने आई थी। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के शामिल होने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, कमलनाथ ने कहा था कि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी उनसे किसी भी कार्यक्रम के बारे में सलाह नहीं ले रहे हैं। दिग्विजय सिंह समेत कुछ अन्य नेताओं ने भी कमलनाथ की बात का समर्थन किया था। सभी लोग हैं एकजुट कमलनाथ ने इन खबरों का खंडन करते हुए कहा कि सभी कांग्रेसी पार्टी को मजबूत करने और प्रदेश की व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए एकजुट हैं। विवाद का कोई सवाल ही नहीं है। पार्टी की राज्य राजनीतिक मामलों की समिति की हालिया बैठक को लेकर मीडिया में नाराजगी की अटकलें निराधार हैं। कमलनाथ का यह स्पष्टीकरण प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बयान के एक दिन बाद आया है। पटवारी ने भी इन खबरों का खंडन करते हुए कहा था कि सभी फैसले पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विचार-विमर्श करके लिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि वह खुद कमलनाथ से मुलाकात करेंगे। मीडिया पैनलिस्टों की सूची हो गई थी वापस हाल ही में, MPCC ने पार्टी के मीडिया पैनलिस्टों और प्रवक्ताओं की एक सूची जारी की थी। लेकिन, मीडिया को जारी करने के कुछ ही घंटों बाद यह सूची वापस ले ली गई। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी के बाद सूची वापस ली गई। नवंबर 2023 में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद, कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने कमलनाथ की जगह जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। इस बदलाव के बाद से ही पार्टी में अंदरूनी कलह की खबरें आती रही हैं।

Delhi Election 2025 Date: दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 5 फरवरी को मतदान, 8 को आएंगे नतीजे

Delhi Assembly Election 2025 Date: चुनाव आयोग ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर 5 फरवरी 2025 को मतदान होगा। 8 फरवरी 2025 को मतगणना होगी और इसी के साथ यह तय हो जाएगा कि दिल्ली में अगली सरकार किसकी बनने जा रही है? दिल्ली में इस तरह है चुनाव कार्यक्रम चुनाव की अधिसूचना- 10 जनवरीनामांकन की आखिरी तारीख- 17 जनवरीनामांकन पत्रों की जांच- 18 जनवरीनाम वापसी का अंतिम दिन- 20 जनवरीमतदान की तारीख- 5 फरवरीमतगणना की तारीख- 8 फरवरी ‘दुनिया के देशों में तो एक-एक महीने काउंटिंग चल रही है’ मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि हम पर यह सवाल उठाए गए कि शाम पांच बजे के बाद कैसे मतदान का आंकड़ा बढ़ जाता है? करोड़ों वोट कैसे बढ़ जाते हैं? यह ध्यान रखना होगा कि सुबह 9:30 बजे, 11:30, दोपहर 1:30, 3:30 और शाम 5:30 बजे के बीच सेक्टर मजिस्ट्रेट मतदान का आंकड़ा इकट्ठा करते हैं। वोटिंग खत्म होने के समय फॉर्म 17-सी दिया जाता है। जब शाम 7:30 बजे तक अधिकारी तक सारी मशीनें इकट्ठा करता है, तब उसके मतदान केंद्र का अंतिम आंकड़ा पता चल पाता है, जबकि हमसे कहा जाता है कि छह बजे ही आंकड़ा बता दें। लोग ये भूल जाते हैं कि दुनिया के बड़े देशों में तो एक-एक महीना मतगणना चल रही है। ‘ईवीएम को नई बैटरी डालकर सील किया जाता है’ उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले ईवीएम में नई बैटरी डाली जाती है। उसी दिन उसे सील किया जाता है। जिस दिन मतदान होता है, उस दिन सील पोलिंग एजेंट के सामने तोड़ी जाती है। मॉक पोल किया जाता है। पोलिंग एजेंट रिकॉर्ड रखते हैं कि कौन आया, कौन गया। किसमें कितने वोट पड़े, इसकी संख्या उनको दी जाती है। काउंटिंग के दिन भी पूरी प्रक्रिया दोहराई जाती है। फॉर्म 17 सी से मिलान होता है। उसके बाद किसी भी पांच वीवीपैट से भी मिलान किया जाता है। हमारी प्रक्रिया पर कई बार सवाल उठाए गए हैं। फॉर्म सात के बिना नाम नहीं हटाया जा सकता: चुनाव आयोग चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि भारतीय मतदाता बेहद जागरूक हैं। मतदाता सूचियों को लेकर अब भी कहानियां चल रही हैं। करीब 70 सीटें हैं। जिसमें राजनीतिक दल और उम्मीदवार हमारे साथ रहते हैं, जितने भी दावे और आपत्तियां आती हैं। उन्हें सभी राजनीतिक दलों के साथ साझा किया जाता है। फॉर्म सात के बिना नाम नहीं हटाया जा सकता। ईवीएम मतगणना के लिए फुलप्रूफ डिवाइस: चुनाव आयोग चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि ईवीएम में अविश्वसनीयता या किसी खामी का कोई सबूत नहीं है। ईवीएम में वायरस या बग आने का कोई सवाल ही नहीं है। ईवीएम में अवैध वोट होने का सवाल ही नहीं है। कोई धांधली संभव नहीं है। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट अलग-अलग फैसलों में लगातार यही कह रहे हैं और क्या कहा जा सकता है? ईवीएम मतगणना के लिए फुलप्रूफ डिवाइस है। टेम्परिंग के आरोप बेबुनियाद हैं। हम अभी बोल रहे हैं क्योंकि चुनाव के समय हम नहीं बोलते।

दिल्ली चुनाव: कांग्रेस ने किया ‘प्यारी दीदी’ योजना का ऐलान, महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 2500 रुपये

Delhi Elections: Congress announces ‘Pyaari Didi’ scheme, women will get Rs 2500 every month दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा की है. कांग्रेस ने दिल्ली की महिलाओं के लिए प्यारी दीदी योजना का ऐलान किया है. इस योजना के तहत दिल्ली की महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये मिलेंगे. कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि मैं यहां प्यारी दीदी योजना को लॉन्च करने आया हूं. उन्होंने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि कांग्रेस दिल्ली में सरकार बनाएगी और हमारी पहली कैबिनेट में प्यारी दीदी योजना लागू की जाएगी और दिल्ली की महिलाओं को 2500 रुपये दिए जाएंगे. यह उसी मॉडल पर है जो हमने कर्नाटक में लागू किया था. कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए कांग्रेस जरूरी है. दिल्ली की महिलाओं को 2100 रुपए देगी AAP सरकार इससे पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने महिला सम्मान योजना का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि अगर दिल्ली में हमारी सरकार फिर से सत्ता में आएगी तो हम इस सम्मान की राशि 1000 से बढ़ाकर 21 रुपये कर देंगे. केजरीवाल ने 2024 के बजट में इसका ऐलान किया था. 18 से 60 साल तक की महिलाओं को इस योजना का फायदा मिलेगा. लाभार्थियों की संख्या 38 लाख है. सूत्रों के मुताबिक, अगले 2-3 दिन में दिल्ली विधानसभा चुनाव का ऐलान हो सकता है. सत्ताधारी आम आदमी पार्टी सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार चुकी है. कांग्रेस भी दो लिस्ट जारी कर अपने कुछ उम्मीदवार उतार दिए हैं. बीजेपी ने दो दिन पहले 29 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की है. बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दिल्ली सत्ता पर काबिज होने की जंग लड़ रही हैं.

IIT मद्रास के छात्रों से मिले rahul gandhi, शिक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल, कहा- बेहतर भविष्य के…

rahul gandhi meets iit students said responsibility of the govt to provide quality education लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के छात्रों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए वर्तमान की शिक्षा प्रणाली पर फिर से विचार करने की जरूरत है। ‘शिक्षा पर अधिक पैसा हो खर्च’ उन्होंने आईआईटी मद्रास के छात्रों के एक समूह के साथ बातचीत में कहा कि बेहतर भविष्य और भारत को वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनाने के लिए यह जरूरी है कि देश की मौजूदा शिक्षा प्रणाली पर पुनर्विचार किया जाए तथा शिक्षा पर अधिक पैसा खर्च किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि निजीकरण और वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल नहीं की जा सकती। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने बातचीत का यह वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर साझा किया। सफलता का असली मतलब जानने की कोशिश की: राहुल गांधी उन्होंने कहा, ‘‘मुझे हाल ही में आईआईटी मद्रास के कुछ प्रतिभाशाली युवाओं से बात करने का सौभाग्य मिला। साथ में, हमने जानने की कोशिश की कि सफलता का असली मतलब क्या है। हमने भारत के भविष्य को आकार देने में अनुसंधान और शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका तथा एक ऐसे उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर चर्चा की जो निष्पक्षता, नवाचार और सभी के लिए अवसर को महत्व देता है।’ ‘शिक्षा प्रणआली पर विचार किया जाए’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अपने युवाओं को शिक्षित करने, बेहतर कल की कल्पना को साकार करने और भारत को वैश्विक नेतृत्वकर्ता में बदलने के लिए भारतीय शिक्षा प्रणाली को लेकर फिर से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘वर्तमान में, हमारा शिक्षा ढांचा अक्सर युवाओं को कुछ करियर जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस, या सशस्त्र बल तक सीमित कर देता है।’ भारत को विश्व मंच पर समानता… राहुल गांधी ने कहा कि यह विविध अवसरों को खोलने, छात्रों को अपनी आकांक्षा को पूरा करने और नवाचार एवं पसंद से प्रेरित भविष्य बनाने के लिए सशक्त बनाने का समय है। उन्होंने कहा, ‘यह बातचीत केवल विचारों के बारे में नहीं थी, यह समझने के बारे में भी थी कि हम भारत को विश्व मंच पर समानता और प्रगति की शक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए कैसे मिलकर काम कर सकते हैं। उनके विचारशील प्रश्नों और ताज़ा दृष्टिकोण ने इसे वास्तव में प्रेरणादायक बातचीत बना दिया।’ उन्होंने यह वीडियो ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘मानना है कि अपने लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी देना किसी भी सरकार की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है। इसे निजीकरण और वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से हासिल नहीं किया जा सकता। हमें शिक्षा पर अधिक पैसा खर्च करने तथा सरकारी संस्थानों को मजबूत करने की जरूरत है।’

यूनियन कार्बाइड कचरा जलाने का विरोध: युवक बुरी तरह झुलसे ,कमलनाथ ने चिंता व्यक्त की

Protest against burning of Union Carbide garbage: Youth badly burnt, Kamal Nath expressed concern भोपाल। यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने के विरोध में आज दो युवकों ने आत्मदाह का प्रयास किया, जिससे वे गंभीर रूप से झुलस गए। घटना ने प्रदेश में एक बार फिर इस विवादित मुद्दे को गर्मा दिया है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए दोनों युवकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि इस मामले में सभी पक्षों को विश्वास में लेकर ही कोई निर्णय लिया जाए। कमलनाथ ने कहा, “यह मामला अत्यंत संवेदनशील है। मुख्यमंत्री मोहन यादव से मेरा आग्रह है कि जनभावनाओं और जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ही कोई कदम उठाया जाए।” इस मुद्दे पर इंदौर और पीथमपुर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के नेता कचरा जलाने की कार्यवाही का विरोध कर रहे हैं। गौरतलब है कि यूनियन कार्बाइड का यह कचरा लंबे समय से विवाद का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों और पर्यावरणविदों का मानना है कि इसे जलाने से पर्यावरण और जन स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है। जनभावनाओं को देखते हुए यह देखना होगा कि सरकार इस विवाद का समाधान कैसे करती है।

मध्यप्रदेश बीजेपी जिलाध्यक्षों को लेकर खींचतान, इंदौर,सहित डेढ़ दर्जन जिलों में नहीं बनी सहमति

Madhya Pradesh BJP tussle over district heads, no consensus reached in one and a half dozen districts including Indore भोपाल ! मध्यप्रदेश में बीजेपी जिलाध्यक्षों के चयन को लेकर सियासी माहौल गर्माया हुआ है। फीडबैक और रायशुमारी के बाद अब जिलाध्यक्षों के चयन के लिए भोपाल में बीजेपी दफ्तर में मंथन चल रहा है। बीजेपी निर्वाचन पदाधिकारी नए जिलाध्यक्षों के नामों पर मंथन कर रहे हैं। खबरें हैं कि इंदौर ग्रामीण और सागर सहित करीब डेढ़ दर्जन जिलों में जिलाध्यक्षों को लेकर जमकर खींचतान मची हुई है और कोई सहमति नहीं बन पाई है। मध्यप्रदेश में भाजपा जिला अध्यक्ष के चयन को लेकर प्रदेश कार्यालय में से वन टू बन चर्चा शुरू हो गई। कई जिलों में सहमति नहीं बन पाने की खबरों के बीच प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह पार्टी दफ्तर में इन जिलों का मसला सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। सबसे ज्यादा विवाद इंदौर ग्रामीण, सागर में हैं। इंदौर ग्रामीण जिला अध्यक्ष चिंटू वर्मा हैं, कुछ नेता प्रयास कर रहे हैं कि वे एक बार फिर अध्यक्ष बनें, जबकि कुछ नेता प्रयास कर रहे हैं कि उनकी जगह दूसरे नेता को इंदौर ग्रामीण की कमान दी जाए। चिंटू वर्मा का कार्यकाल सिर्फ एक साल का ही हुआ है। इंदौर ग्रामीण के लिए भाजपा के एक विधायक दिल्‍ली तक सक्रिय हो गए हैं, वे अपनी पसंद का जिला अध्यक्ष बनवाना चाहते हैं। सागर जिले के अध्यक्ष को लेकर भी गहमा गहमी बनी हुईं है। यहां पर मंत्री गोंविद राजपूत अपनी पसंद से अध्यक्ष बनवाना चाहते हैं, जबकि पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह अपनी पसंद का अध्यक्ष चाहते हैं। इसके चलते यहां पर जमकर पेंच फंस गया है। इसके अलावा सतना में भी पेंच फंसता हुआ दिखाई दे रहा है। इन जिलों के अलावा करीब डेढ़ दर्जन और ऐसे जिले हैं, जहां पर रायशुमारी में नाम निकल कर सामने नहीं आए। यदि इन जिलों पर सहमति नहीं बनी तो यहां पर जिला अध्यक्ष के चयन को होल्ड किया जा सकता है और बाकी बचे जिलों के जिलाध्यक्षों के नामों का ऐलान 5 जनवरी को किया जा सकता है।

यूनियन कार्बाइड कचरे पर सुमित्रा महाजन से मिले पटवारी, जताई चिंता

Patwari met Sumitra Mahajan on Union Carbide waste, expressed concern प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को इंदौर की पूर्व सांसद, पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन (ताई) से मुलाकात कर पीथमपुर के रामकी कंपनी में डंप लिए गए यूनियन कार्बाइड के कचरे इंदौर, धार, पीथमपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में पड़ने वाले दुष्प्रभाव को लेकर गहन चर्चा की। पटवारी ने कहा कि कचरा जलाने को लेकर कोर्ट के आदेश है, सरकार ने पीतमपुर की एक रामकी कंपनी में जो कचरा भेजा है जो रात में डंप हो चुका है, इसका इंदौर शहर पर क्या असर पड़ेगा बहुत ही गंभीर और चिंताजनक है। पटवारी ने कहा कि इस मुद्दों को राजनीतिक रूप देने से वाजिब नहीं है, इससे इंदौर सहित अन्य क्षेत्रों की जनता के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। नहीं बनना चाहिए राजनीतिक मुद्दा उन्होंने कहा कि ताई से इस संबंध में बात हुई इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनना चाहिए। कुछ साल पहले रामकी में 10 टन कचरा जलाया गया था, जिसका असर लंबे क्षेत्रफल पर पढ़ा था। उन्होंने कहा कि यदि निरीक्षण करेंगे तो पता चलेगा कि जो फसल 5 कुंटल होती थी वह घटकर एक कुंटल ही रह गई है। सवाल यह है कि इतना कचरा जलेगा या डिस्पोजल होगा या वैज्ञानिक विधि से इसका डिस्पोजल होगा तो स्वाभाविक है यशवंत सागर तालाब जो वहां से 27 किलोमीटर दूर है, जब तालाब के पानी का रिसाव होगा तो उसका असर कितना पड़ेगा, यशवंत सागर का पानी दूषित होगा। कचरा जलाने की योजना को अभी थोड़ा रोका जाए पटवारी ने कहा कि कचरा जलाने के लिए जो एक्सपर्ट है, उनसे बात करके जब तक है क्लियर नहीं होगा, तब तक कचरा नहीं जलाना चाहिए, मेरा सभी से आग्रह किया है कि कचरा जलाने की योजना को थोड़ा अभी रोका जाए, विपक्ष के नाते हमारा दायित्व है कि हम जनता के प्रति अपने दायित्व निभाएं। उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि एक एक्सपर्ट की टीम बनानी चाहिए, कचरा जलाने से इसका क्या असर होगा इस पर चर्चा होना चाहिए। कोर्ट का आदेश है लेकिन यह आदेश नहीं है कि यही जलाया जाए पटवारी ने कहा कि 2020 में कोरोना आया था किसी को पता नहीं चला, लेकिन इसका कितना असर हुआ, हजारों, लाखों लोग हमारे परिवार के बीच से चले गए। फिर हम कचरा जलाने का रिस्क क्यों लें, प्रीतमपुर और धार में इसका विरोध हो रहा है। मीडिया जगत के साथियों से आग्रह है कि आप लोग बढ़ चढ़कर इसमें हिस्सा ले, यह राजनीतिक हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री जी से आग्रह करता हूं कि इस कचरे के निष्पादन का निर्धारण करके लोगों को समझाना आपका दायित्व है। जब तक यह कचरा डिस्पोजल की प्रक्रिया चालू नहीं हो आपने जो कचरा दम किया है, वह प्रक्रिया गलत है। कचरा डिस्पोजल हो गया तो आने वाली जनरेशन उससे प्रभावित होगी, उसके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा। कैंसर का खतरा बढ़ेगा। प्रदेष के नगरीय प्रषासन मंत्री भी इंदौर के ही है, उन्हें भी इस बात की चिंता व्यक्त करते हुये लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। कोर्ट के आदेश हैं लेकिन यह आदेश नहीं है कि कचरा यहीं डंप होना चाहिए।

3 जनवरी से कांग्रेस शुरू करेगी ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ अभियान, इस वजह से टला था कार्यक्रम

Congress will start ‘Jai Bapu, Jai Bhim, Jai Constitution’ campaign from January 3, due to this the program was postponed. कांग्रेस शुक्रवार को पूर्व निर्धारित ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ अभियान का शुभारंभ करेगी। यह अभियान राज्यों, जिलों और ब्लॉक से शुरू होगा और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन मध्य प्रदेश के महू (वर्तमान में डॉ. आंबेडकर नगर) शहर में एक बड़ी जनसभा के साथ समाप्त होगा। डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के कारण टला था कार्यक्रमइस अभियान की शुरुआत पहले 27 दिसंबर को होनी थी। लेकिन 26 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के कारण इसे टाल दिया गया था। मनमोहन सिंह के निधन पर सात दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई थी। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा, कांग्रेस कार्यकारी समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में फैसला लिया गया था कि मनमोहन सिंह को सम्मान देने के लिए इस अभियान को एक हफ्ते के लिए स्थगित किया गया था। आंबेडकर की जन्मभूमि पर होगा अभियान का समापनउन्होंने कहा, यह भरोसा करना मुश्किल है कि वह (मनमोहन सिंह) अब हमारे बीच नहीं हैं। लेकिन अब तीन जनवरी से यह अभियान फिर से शुरू किया जाएगा। इस अभियान का समापन डॉ. आंबेडकर की जन्मभूमि महू में 26 जनवरी को एक जनसभा के साथ होगा। 26 जनवरी को भारतीय संविधान को लागू हुए 75 साल भी पूरे हो रहे हैं। सीडब्ल्यूसी ने अपने प्रस्ताव में कहा था कि कांग्रेस संविधान की सुरक्षा और भारतीय स्वाधीनता संग्राम के सिद्धांतों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस अभियान के तहत 27 दिसंबर को बेलगावी में एक रैली का आयोजन किया जाना था, लेकिन शोक के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। ‘संविधान बचाओ राष्ट्रीय पदयात्रा’ भी शुरू करेगी कांग्रेसकांग्रेस के मुताबिक, 26 जनवरी 2025 से लेकर 26 जनवरी 2026 तक एक राष्ट्रीय पदयात्रा शुरू की जाएगी, जिसे संविधान बचाओ राष्ट्रीय पदयात्रा नाम दिया जाएगा। इस यात्रा में कांग्रेस के सभी नेता शामिल होंगे और यह यात्रा गांव-गांव और शहर-शहर जाएगी। इसके अलावा, कांग्रेस ने कहा कि अप्रैल 2025 के पहले हफ्ते में गुजरात में एआईसीसी की एक बैठक आयोजित की जाएगी।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सीएम मोहन पर कसा तंज: ‘कर्ज़ में डूबा प्रदेश, बढ़ रही मुख्यमंत्री की संपत्ति

Leader of Opposition Umang Singhar took a dig at CM Mohan: ‘State is in debt, Chief Minister’s wealth is increasing’ मध्यप्रदेश में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रदेश कर्ज़ के बोझ तले दबता जा रहा है, जबकि मुख्यमंत्री की संपत्ति दिन-ब-दिन बढ़ रही है। प्रदेश पर भारी कर्ज़ का बोझ नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि मध्यप्रदेश पर प्रति व्यक्ति क़र्ज़ ₹52,000 है, और कुल मिलाकर प्रदेश पर लगभग ₹4 लाख करोड़ का कर्ज़ है। उन्होंने इसे प्रदेश की बदहाल आर्थिक स्थिति का परिचायक बताया। ADR रिपोर्ट का खुलासा एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देश के पांचवें सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं। विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान, उनकी कुल चल संपत्ति ₹5.66 करोड़ थी, जबकि उनकी पत्नी सीमा यादव के पास ₹3.23 करोड़ की संपत्ति थी। इसके अतिरिक्त, उनकी अचल संपत्ति का मूल्य ₹13.36 करोड़ और उनकी पत्नी की ₹18.75 करोड़ था। देश के अन्य मुख्यमंत्रियों की तुलना रिपोर्ट के अनुसार, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ₹931 करोड़ की संपत्ति के साथ देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पास सबसे कम ₹15 लाख की संपत्ति है। देश के 31 मुख्यमंत्रियों की कुल संपत्ति ₹1630 करोड़ है। नेता प्रतिपक्ष के तंज उमंग सिंघार ने कहा, “प्रदेश गर्त में जा रहा है और विकास हो रहा है तो केवल मुख्यमंत्री की तिजोरी का।” उन्होंने इसे प्रदेश की जनता के साथ अन्याय और आर्थिक प्रबंधन में विफलता बताया। क्या कहते हैं आंकड़े? भारत की 2023-24 की प्रति व्यक्ति राष्ट्रीय आय ₹85,854 थी, जबकि मुख्यमंत्रियों की औसत आय ₹13,64,310 है, जो औसत आय का लगभग 7.3 गुना है। सवालों के घेरे में सरकार विपक्ष का आरोप है कि प्रदेश में कर्ज़ बढ़ाने की नीतियां जनता के हित में नहीं हैं और इसका लाभ केवल कुछ चुनिंदा लोगों को मिल रहा है। उमंग सिंगार ने मुख्यमंत्री से उनकी संपत्ति में हुई वृद्धि का स्पष्टीकरण मांगा है। नेता प्रतिपक्ष के इन आरोपों ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री या सरकार इन सवालों का क्या जवाब देती है और क्या जनता इन मुद्दों को आगामी चुनावों में गंभीरता से लेगी।

सौरभ शर्मा की हो सकती है हत्या; सरकार मुहैया कराए सुरक्षा, जीतू पटवारी ने उठाई मांग

Saurabh Sharma may be murdered; Government should provide security, Jitu Patwari raised demand Saurabh Sharma Case: मध्यप्रदेश की सियासत में इन दिनों आरक्षक सौरभ शर्मा का नाम खूब चर्चा में हैं। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि सौरभ शर्मा की हत्या हो सकती है। क्योंकि उसके पकड़े जाने से कई बड़े चेहरों के नाम का खुलासा हो जाएगा। सरकार को उसे गिरफ्तारी देकर सुरक्षा देनी चाहिए साथ इस मामले का सच उजागर करना चाहिए। महाकाल मंदिर में घोटाला पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि महाकाल मंदिर में जिन लोगों को प्रशासक बना रखा है। उन्होंने 1-1.50 करोड़ के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन किए हैं। ये भ्रष्टाचार भोलेनाथ को भी नहीं छोड़ रहा है। पहले महाकाल लोक में करप्शन किया था। उसमें मुख्यमंत्री समेत कई लोगों पर उंगली उठी थी। इन्हें भगवान के दर्शन में भी पैसे चाहिए। ये भगवान के सबसे बड़े भक्त हैं। भोलेनाथ के ऑनलाइन दर्शन कराने के लिए अलग से पैसे दो और अपनी जेब में डालकर परिवार का पालन-पोषण करेंगे। बंगले बनाएंगे और प्लॉट खरीदेंगे। ये हैं बीजेपी और आरएसस से जु़ड़े हुए लोगों के नैतिक दायित्व। रिश्वत नहीं पहुंची तो हत्या हुई आगे पटवारी ने कहा कि देवास के सतवास थाने में 35 साल का बेटा। जिसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। बूढ़ी मां घर में अकेली है। एक 6 हजार की रिश्वत देने में देरी हुई तो इसमें हत्या कर दी। मैंने खुद ने जब इस पाठ का निरीक्षण किया तो कंधे बराबर जाली से लटके फांसी लेने का पुलिस का बयान आया या उन्होंने प्रचारित किया। जो सरासर गलत है। सीएम को मैंने कहा था कि पूरा थाना सस्पेंड करो मैसेज जाएगा कि अगर रक्षक भक्षक बनते हैं तो सरकार अलर्ट रहेगी। मुख्यमंत्री जी से मेरा आग्रह है कि 1 करोड़ रुपए परिवार को दो।पीसीसी चीफ ने आरोप लगाते हुए कहा कि NCRB की रिपोर्ट के अनुसार दलितों परल अत्याचार के मामलों में मध्यप्रदेश भारत में सबसे ऊपर है। यह स्थिति तब है। जब भाजपा प्रदेश में पिछले 20 सालों से सत्ता में हैं।

देवास में पुलिस हिरासत में दलित युवक की मौत, कांग्रेस जीतू पटवारी का तीखा हमला, पैसे की मांग का आरोप

Death of Dalit youth in police custody in Dewas, sharp attack by Congress’s Jitu Patwari, allegation of demanding money. देवास जिले के सतवास में पुलिस हिरासत में एक दलित युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि पुलिस ने युवक से पैसे की मांग की थी, और जब रकम नहीं दी गई तो पुलिस की बर्बरता का शिकार बना युवक मौत की वजह बना। इस घटना के बाद पूरे देवास में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे पुलिस की बर्बरता करार दिया है। हिरासत में मौत का मामला मालागांव के रहने वाले 35 वर्षीय मुकेश लोंगरे को शनिवार दोपहर पुलिस ने एक महिला द्वारा दर्ज कराए गए मामले के तहत हिरासत में लिया था। लेकिन शाम होते-होते मुकेश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर दावा किया कि युवक ने आत्महत्या करने की कोशिश की, लेकिन उसके परिजनों का कहना है कि पुलिस ने उसे बिना किसी कारण हिरासत में लिया और उसके साथ बर्बरता की। पैसे की मांग का आरोप परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने मामले में धाराएं कम करने के एवज में 6,000 रुपये की मांग की थी। मुकेश के साथ थाने में मौजूद एक साथी को यह राशि देने के लिए घर भेजा गया था। जब वह पैसे लेकर लौटा, तब तक मुकेश की मौत हो चुकी थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बिना उनकी जानकारी के मुकेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और शव के कमरे में बाहर से ताला लगा दिया, जिससे परिवार के लोग अंदर नहीं जा सके। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटना को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देवास में पुलिस ने एक और दलित युवक की बेरहमी से हत्या कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन अब गुंडों से ज्यादा दलित समाज पर अत्याचार कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस घटना की जिम्मेदारी लेते हुए पूरे थाने के पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जाए। सड़क पर उतरे लोग घटना के बाद स्थानीय लोग और मुकेश के परिजन सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे पुलिस प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने देवास जिले में पुलिस के खिलाफ गहरी नाराजगी को जन्म दिया है और लोग न्याय की उम्मीद में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। न्याय की मांग मुकेश के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस की बर्बरता के कारण उनका परिवार टूट गया है। वे अब पुलिस के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं और न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं। इस मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं, और लोगों की मांग है कि दोषियों को सजा मिले और इस तरह के अत्याचार को रोका जाए। इस घटना ने देवास जिले में पुलिस प्रशासन के खिलाफ गुस्से को और बढ़ा दिया है, और अब लोग सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज उठाने को तैयार हैं।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का आलेख

Article by former Chief Minister of Madhya Pradesh Kamal Nath कमलनाथमध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार का एक साल का कार्यकाल 13 दिसंबर को पूरा हो गया। अब बीजेपी इस एक साल को स्वर्णिम कार्यकाल बताकर अपनी पीठ थपथपा रही है। लेकिन मोहन सरकार ने गरीबों, किसानों, युवाओं, महिलाओं, दलितों और सभी वर्गों के लोगों के लिए क्‍या किया है यह विचारणीय है। महिला सुरक्षा, दलित और आदिवासी सुरक्षा के मामले में मध्यप्रदेश का रिकॉर्ड और भी खराब हो गया है। स्वास्थ्य शिक्षा का हाल यह है कि मध्यप्रदेश की पहचान व्यापमं और नर्सिंग जैसे घोटालों से होने लगी है। समाज की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था, हर पहलू पर इतनी नाकामी क्यों हासिल हो रही है? इससे बढ़कर चिंता की बात यह है कि मध्य प्रदेश सरकार इन सारे विषयों पर एकदम चुप है। क्या जनता के विकास के ये सबसे महत्वपूर्ण पैरामीटर सरकार की प्राथमिकता से बाहर हो गए हैं? ऐसा लगता है कि मध्य प्रदेश की सरकार ने जमीनी सच्चाई से पूरी तरह पीठ फेर ली है और प्रदेश को उसके हाल पर छोड़ कर, खुद सिर्फ झूठी ब्रांडिंग से अपनी पीठ थपथपाने में व्यस्त हो गई है। हकीकत से मुंह फेर कर मोहन सरकार झूठे प्रचार-प्रसार में मस्‍त है। जबकि चुनावों के पहले बीजेपी ने बड़े-बड़े वादे कर जनता को गुमराह करने का काम किया। आज प्रदेश की जनता खुद सरकार से सवाल करना चाहती है कि वादों का क्‍या हुआ? सरकार कर्ज पर कर्ज लेकर अपनी गाड़ी को चला रही है। और सपने ऐसे दिखाए जा रहे हैं कि प्रदेश ने विकास के कई सोपान गढ़ लिए हैं। दलितों पर अत्‍याचार पिछले एक साल में प्रदेश में दलितों पर काफी अत्‍याचार हुए हैं। वह चाहे शिवपुरी की घटना हो या सागर की घटना हो। सारे प्रदेश में दलितों पर हो रहे अत्‍याचारों से यही लगता है कि यह साल दलित अत्‍याचार पर केन्द्रित रहा है। शिवपुरी के इंदरगढ़ में एक दलित युवक की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। मध्यप्रदेश के सागर जिले के ग्राम बरोदिया नोनागिर में दलित युवती द्वारा छेड़छाड़ की शिकायत से गुस्साए गुंडों ने युवती के भाई की पिछले वर्ष अगस्त माह में हत्या कर दी थी। हत्या में बीजेपी नेताओं पर आरोप लगे। पीड़ित परिवार समझौते के लिये तैयार नहीं हुआ तो दो दिन पूर्व पीड़िता के चाचा की भी हत्या कर दी गई। मंदसौर जिले के एक गांव में एक महिला का पीछा करने के आरोप में दलित व्यक्ति को चेहरा काला करके, गले में जूतों की माला डालकर घुमाया गया। यह दोनों घटनाएं तो सिर्फ ऐसी थी जो सुर्खियों में ज्‍यादा रहीं लेकिन‍ ऐसी न जाने हजारों घटनाएं हैं जो रोज दलितों से साथ घटती रहीं। दुर्भाग्य की बात है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस तरह के विषयों पर कुछ भी कहने से बचते रहे और दलितों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने में पूरी तरह नाकाम रहे। कर्ज के भरोसे सरकार मध्य प्रदेश में कर्ज दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। ऐसा कोई महीना नहीं बीतता है जब सरकार कर्ज न ले रही हो। सरकार पिछले 11 महीनों में 40 हजार 500 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। राज्य यादव सरकार के एक साल पूरे होने के साथ कर्ज का आंकड़ा 52.5 हजार करोड़ तक पहुंचने वाला है। दिसंबर 2023 से अब तक सरकार ने 47.5 हजार करोड़ का कर्ज लिया है। साल 2024 के अंत तक राज्य पर कुल कर्ज 4 लाख करोड़ से अधिक हो जाएगा। पिछले 6 माह में हर महीने 05-05 हजार करोड़ का कर्ज लिया जा रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में अब तक 30 हजार करोड़ का कर्ज लिया जा चुका है। 31 मार्च 2025 तक मप्र सरकार का कर्ज 4.21 लाख करोड़ पहुंचेगा। मौजूदा वित्त वर्ष में सरकार अपनी जरूरतों के लिए लगभग 25 हजार करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लेगी। पिछले साढ़े चार साल में मप्र सरकार पर कर्ज का बोझ सबसे तेजी से बढ़ा है। मार्च 2020 की स्थिति में सरकार पर लगभग 2.01 लाख करोड़ का ही कर्ज था, लेकिन पिछले साढ़े चार साल में यह दोगुना हो गया है। वादे पूरे करने में नाकाम मोहन सरकार सरकार अपने कार्यकाल का एक साल पूरा होने का जश्न मना रही है। लेकिन‍ अपने वादों को भूल गई है। चुनावों के समय जो वादे किये थे उन पर ध्‍यान ही नहीं है। लाडली बहनों को 3,000 रुपये की राशि देने का वादा, किसानों को उपज का दाम मिलना, युवाओं को रोजगार देने का वादा, महिलाओं को सुरक्षा देने का वादा, भ्रष्‍टाचार मुक्‍त प्रदेश बनाने का वादा ऐसे तमाम वादे थे जो एक साल में शुरू ही नहीं हुए हैं। किसान परेशान, जश्‍न में सरकार मध्य प्रदेश में खाद की कमी के कारण किसानों की आय पर भी काफी असर पड़ा है। किसानों ने खाद की कमी के कारण अपनी फसल ही नहीं बोई। किसानों को ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पहले साल के कार्यकाल में ऐसे मामले हैं जहां मोहन यादव की सरकार बैकफुट पर नजर आई। राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल 13 दिसंबर 2023 को मोहन यादव राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। मोहन यादव के पहले कार्यकाल में मध्य प्रदेश में क्राइम के कई ऐसे मामले आए जिसके राज्य सरकार की किरकिरी हुई। वैसे तो प्रदेश को शांति का टापू कहा जाता है लेकिन प्रदेश में दिनोंदिन बढ़ रहे अपराधों ने मध्‍यप्रदेश को बदनाम किया है। अपराधों के आंकड़ों में लगातार इजाफा हो रहा है। क्‍या महिलाएं क्‍या बच्चियां, कोई सुरक्षित नहीं है। साइबर क्राइम भी सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। नौकरियों की घोषणा पर भर्ती नहीं राज्य के युवाओं को साधने के लिए मोहन यादव की सरकार ने एक लाख पदों पर भर्ती की घोषणा की थी। दिसंबर महीने से भर्ती शुरू होनी थी लेकिन कई विभाग ऐसे हैं जो यह रिपोर्ट तक नहीं दे पाए हैं कि उनके विभाग में कितने पद खाली हैं। बीते एक साल से भर्ती नहीं होने पर युवाओं में ओवरएज होने का डर है। नर्सिंग घोटाला से धूमिल हुई छवि राज्य में नर्सिंग घोटाले के बाद प्रदेश सरकार की छवि धूमिल हुई है। राज्य में कॉलेजों की संख्या कम की गई है। नर्सिंग घोटाले … Read more

मध्य प्रदेश में कांग्रेस निकालेगी ‘मैं भी हूं आंबेडकर’ पदयात्रा… शेड्यूल जारी कर बताई पूरी प्लानिंग

Congress will take out ‘Main Bhi Hoon Ambedkar’ padyatra in Madhya Pradesh… Complete planning has been released by releasing the schedule भोपाल। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के डॉ. भीमराव आंबेडकर को लेकर टिप्पणी किए जाने के विरोध में मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ‘मैं भी हूं आंबेडकर’ पदयात्रा निकालेगी। यह 25 से 29 दिसंबर तक चलेगी। पांच चरणों में होने वाली इस यात्रा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे सहित सभी वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। प्रत्येक जिले में यात्रा के समापन पर जनसभा भी होगी। मैं भी हूं आंबेडकर’ पदयात्रा… क्या है पूरा प्लान कब कहां होगी पदयात्रा

वीडी शर्मा ने फिर दिया विवादास्पद बयान कहा, “कांग्रेस के खून में अंग्रेजों का जींस”

VD Sharma again gave a controversial statement saying, “The genes of the British are in the blood of Congress” बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा “इस पार्टी ने हमेशा डॉ.भीमराव अंबेडकर का अपमान किया.” पन्ना ! मध्यप्रदेश बीजेपी अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा “बाबासाहब डॉ.भीमराव अंबेडकर ने देश की आजादी, सामाजिक न्याय और भारतीय जीवन मूल्यों की स्थापना के लिए जो काम किया, उसे पूरा देश जानता है. कांग्रेस पार्टी लगातार बाबासाहब को अपमानित करती रही है. जब बाबासाहब ने संसद से इस्तीफा दिया तो पं. नेहरू का कहना था कि देने दो इस्तीफा, क्या फर्क पड़ेगा. बाबासाहब का इससे बड़ा अपमान क्या होगा?” बाबासाहब की हमेशा विरोधी रही है कांग्रेस वीडी शर्मा ने कहा “जब बाबासाहब चुनाव लड़ रहे थे तो हराने के लिए पं. नेहरू ने लगातार प्रयास किए. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संसद में दिए गए भाषण को गलत तरीके से कांग्रेस जनता के सामने प्रस्तुत किया. अमित शाह के मन, कर्म व स्वभाव में बाबासाहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के मूल्य समाहित हैं. अमित शाह डॉ. अंबेडकर के कार्यों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी डॉ. अंबेडकर जी समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने का कार्य कर रहे हैं.” ‘फूट डालो राज करो’ की राह पर कांग्रेस वीडी शर्मा ने कहा “कांग्रेस के खून में अंग्रेजों के जींस हैं. कांग्रेस ‘फूट डालो राज करो’ की राह पर चल रही है. डॉ. अंबेडकर को लेकर कांग्रेस पार्टी बखेड़ा खड़ा कर रही है. कांग्रेस के नेता अब गुंडागर्दी पर उतारू हो गए हैं. हम सभी ने देखा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने किस तरह हमारे सांसदों को धक्का दिया. हमारे बुजुर्ग सांसद सारंगी को सिर में चोट लगी और उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ा. वहीं, एक अन्य सांसद राजपूत को भी चोटें आई हैं.”

MP Assembly के चौथे दिन 7 महत्वपूर्ण विधेयक पारित, खाद संकट को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा

7 important bills passed on fourth day of MP Assembly, Congress cornered government over fertilizer crisis भोपाल ! मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन 7 महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के बाद उन्हें पारित कर दिया गया. इनमें मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम संशोधन विधेयक 2024, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर तृतीय संशोधन विधेयक 2024, मध्यप्रदेश निजी विद्यालय फीस व संबंधित विषयों का विनियमन संशोधन विधेयक 2024 समेत अन्य विधेयक शामिल हैं. इधर सदन में कांग्रेस विधायकों ने किसानों के खाद संकट को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. वहीं संसद में बाबा साहब अंबेडकर को लेकर केंद्रीय ग्रह मंत्री अमित शाह द्वारा की गई टिप्पणी के मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिघार ने माफी मांगने की मांग की. साथ ही लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह द्वारा राहुल गांधी को दिए गए बयान को लेकर कांग्रेस विधायक सदन से वाक आउट कर गए. हालांकि, कुछ देर बाद फिर वापस सदन में लौट आए. खाद संकट और नकली खाद पर चर्चा शाम 6 बजे के बाद सदन में किसानों के खाद संकट पर चर्चा शुरु हुई. इसमें कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने कहा, ” मालवा निमाड़ क्षेत्र में किसानों को पानी तो मिल रहा है. लेकिन उनको खेती करने के लिए पर्याप्त खाद नहीं मिल रही है, जिससे किसानों की लंबी लाइनें लग रही हैं.” वहीं कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने कहा, ” लंबे समय से हमारे देश का किसान हरियाणा और दिल्ली बॉर्डर पर जमा हैं. उनकी सुनवाई नहीं हो रही है. आप कहते हैं कि खेती को लाभ का धंध बनाएंगे. लेकिन प्रदेश में एक बोरी खाद के लिए किसान को अधिकारी के सामने गिड़गिड़ाना पड़ रहा है. किसानों को प्रदेश में नकली खाद मिल रही है. ऐसे लोगों को सत्तापक्ष का संरक्षण मिल रहा है.” 3 साल से पहले नहीं हटेंगे नगर पालिका अध्यक्ष मध्यप्रदेश नगर पालिका निगम द्वितीय संशोधन विधेयक 2024 को सदन में मंजूरी मिल गई है. अब नगर पालिका अध्यक्ष और नगर परिषद अध्यक्ष को 3 साल से पहले नहीं हटाया जा सकेगा. यानी इनके खिलाफ 3 साल से पहले अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जाएगा. अब तक यह सीमा 2 साल थी. वहीं अब अध्यक्षों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के लिए तीन चौथाई सदस्यों की जरुरत होगी. अब तक अविश्वास प्रस्ताव के लिए दो तिहाई बहुमत की जरुरत होती थी. इसके साथ ही नगर पालिका निगम और परिषद के अध्यक्षों का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होगा. निजी स्कूलों के खिलाफ सुनवाई के लिए त्रिस्तरीय व्यवस्था मध्यप्रदेश निजी विद्यालय फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन संशोधन विधेयक 2024 को पारित करने से पहले इस पर सदन में पर्याप्त चर्चा हुई. पक्ष और विपक्ष के आठ से अधिक विधायकों ने इस चर्चा में हिस्सा लिया. कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा कि इस बिल में 25 हजार रु से कम फीस वाले निजी स्कूलों को शामिल नहीं किया गया है. ऐसे में स्कूल वाला यदि 50 हजार रु फीस लेता है, तो वह ट्यूशन फीस 25 हजार रु दिखाएगा, जबकि बाकी खर्च किसी अन्य मद में दिखा देगा. इस पर स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि इस बिल में संशोधन के बाद निजी स्कूल द्वारा बच्चों से ली जाने वाले ट्रांसपोर्टेशन शुल्क को भी फीस में जोड़ा गया है. हम स्कूलों के खिलाफ सुनवाई के लिए त्रिस्तरीय व्यवस्था बना रहे हैं. एससी-एसटी और ओबीसी छात्रों को समय पर मिले स्कालरशिप चर्चा के दौरान फूल सिंह बरैया ने कहा कि जब एससी, एसटी या ओबीसी का कोई छात्र कालेज में एडमिशन लेता है, तो संचालक उससे कहता है कि तुम फीस मत देना स्कालरशिप दे देना. लेकिन जब इन बच्चों को समय पर स्कालरशिप नहीं मिलती तो कालेज संचालक ऐसे बच्चों को परीक्षा में नहीं बैठने देता है. बरैया ने कहा कि सरकार को एससी, एसटी और ओबीसी समुदाय के विद्यार्थियों को समय पर स्कालरशिप दिया जाना चाहिए, जिससे उनकी पढ़ाई में रुकावट न आए. नगर पालिक के विधेयक से नेता प्रतिपक्ष असहमत नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, ” नगर पालिका के विधेयक में संशोधन से पहले हर धारा और उपधारा पर चर्चा होनी चाहिए. इसके अंदर काफी पेचीदिगियां हैं. आप घर बनवाने के लिए ऑनलाइन परमिशन की बात करते हैं लेकिन इसके लिए लोगों को अधिकारियों के कितने चक्कर लगाने पड़ते हैं. एक पेड़ काटने के लिए ही लोगों को नगर निगम के आयुक्त से बात करनी पड़ती है. ऐसे में इस बिल में संशोधन से पहले इसे प्रवर समिति में भेजा जाना चाहिए, फिर इस पर विचार होना चाहिए.” विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष खुद भरेंगे आयकर मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष वेतन और भत्ता संशोधन विधेयक 2024 और मध्यप्रदेश विधानसभा नेता प्रतिपक्ष वेतन और भत्ता संशोधन विधेयक 2024 को भी पारित कर दिया गया है. इसके तहत अब विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष का इंनकम टैक्स सरकार नहीं भरेगी. उनको खुद अपना इनकम टैक्स भरना पड़ेगा. इसके पहले तक विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष का टैक्स सरकार देती थी. विधानसभा में ये विधेयक हुए पारित

जौरा विधानसभा के साथ हो रहा भेदभाव बीजेपी के विधायकों को 15 15 करोड़ और हमें कुछ नहीं :पंकज उपाध्याय 

Jaura assembly is being discriminated against, BJP MLAs get 15 crores each and we get nothing: Pankaj Upadhyay  भोपाल। विधानसभा सत्र के दौरान जौरा विधायक पंकज उपाध्याय ने क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से रखा कांग्रेस विधायकों के साथ हो रहे भेदभाव जिसमें बीजेपी के विधायकों को सरकार के द्वारा 15 15 करोड़ रूपया दिया गया वहीं कांग्रेस विधायको को कुछ नहीं दिया गया किसानों को आ रही खाद की समस्या पहाड़गढ़ जंगल क्षेत्र के गांव धौधा कन्हार गहतौली जडेरू मरा रकैरा मानपुर निरार चंचुल कुंवरपुर में आ रही पीने की पानी की समस्या एवं सिंचाई की समस्या की बात उठाई सरपंचों को आ रही विकास कार्यों की समस्या मनरैगा में लगातार काम का मंजूर न होने की समस्या उठाई नल जल योजना को असफल बताया कई गांव में स्कूल न होने की बात उठाई जिसमें बस्तौली रामलाल का पूरा केमपुरा की बात रखी स्कूलों में भवन न होने की भवन होने पर उनके जर्जर होने की स्कूल में पीने के पानी की समस्या की बात रखी, सिकरवारी क्षेत्र के ग्राम बर्रेड में कॉलेज की मांग रखी गई ,सेना फौज  पुलिस फोर्स की तैयारी कर रहे युवाओं की बात रखी जिसमें उनके लिए नई स्पोर्ट कंपलेक्स की मांग को रखा और कहा की भिंड मुरैना के युवा फौज की तैयारी करते हैं एवं सबसे ज्यादा शहीद होते हैं उनके लिए सरकार कुछ नहीं कर रही भरती के लिए अपने शहरों से सैकड़ो किलोमीटर दूर जाना पड़ता है जहां युवाओं के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार होता है कैलारस शक्कर मिल की बात राखी परंतु माइक बंद कर दिया गया और बात रिकॉर्ड नहीं की गई कांग्रेस विधायक ने कहा सदन में भी हमारे साथ भेदभाव हो रहा है 2 मिनट में अपनी बात को रखने का कहा जाता है एवं माइक बंद कर दिया जाता है

ग्रह मंत्री का बयान गैरजिम्मेदाराना : कांग्रेस

Planet Minister’s statement irresponsible: Congress हरिप्रसाद गोहेआमला । देश के ग्रह मंत्री अमित शाह द्वारा संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर के खिलाफ टिप्पणी करने के बाद आज प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि मनोज मांलवे एवं ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मनोज देशमुख के नेतृत्व में नगर पालिका स्कूल में स्थित बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया जिसके बाद जनपद चौक पर ग्रह मंत्री अमित शाह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और गृह मंत्री अमित शाह का पुतला दहन किया गया। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता पदाधिकारी द्वारा अमित शाह मुर्दाबाद , ग्रह मंत्री माफी मांगे के जमकर नारे लगाए इस विषय में प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि मनोज मांलवे ने बताया कि संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर के खिलाफ गृह मंत्री द्वारा की गई टिप्पणी अशोभनीय है लेकिन भाजपा के नेताओं की यही रीति चल रही है देश में हिंसा की भावना पैदा करना और राज करना भाजपा सरकार देश के संविधान में संशोधन करने की तैयारी में है मोदी सरकार फूट डालो राज करो कि राजनीति कर रही है उन्हें देश में विकास से कोई सरोकार नहीं है उन्हें सत्ता का लोभ है जिसके लिए वो किसी भी हद तक जाने को तैयार है जिसका उदाहरण है ग्रह मंत्री अमित शाह बाबा साहब अंबेडकर के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी करना वही ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मनोज देशमुख ने कहा कि भाजपा की सरकार में जनता महंगाई और बेरोजगारी से परेशान है देश की तानाशाह सरकार बेरोजगारों को रोजगार देने की बजाए उनपर अत्याचार कर रही है। जिस वजह से देश की बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। इस तारतम्य में नगर पालिका अध्यक्ष नितिन गाडरे ने कहा कि देश और प्रदेश की भाजपा सरकार देश को जोड़ने की जगह तोड़ने में लगी हुई है विकास कार्य करना होता नहीं तो हिन्दू मुस्लिम और राम मंदिर निर्माण के नाम पर चुनाव लड़ती है मोदी सरकार में बेरोजगारों की हालत बद्तर हो गई है गरीब बेरोजगारों को रोजगार के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है यह अत्यधिक शर्मनाक बात है लेकिन देश के प्रधानमंत्री अनदेखा कर तानाशाही चला रहे हैं।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मनोज देशमुख, नगर कांग्रेस अध्यक्ष लोकेश सोनी, नगर पालिका अध्यक्ष नितिन गाडरे, उपाध्यक्ष किशोर माथनकर, पार्षद सुनील उईके, पार्षद अमित हुरमाड़े, प्रदीप कोकाटे, यशवंत हुडे, मनीष नागले, विनोद नागले, विजेंद्र भावसार, नीरज कटारिया,श्याम सोनी, यशवंत चढ़ोकार, जितेंद्र शर्मा, छन्नू बेले, गणेश ढोमने , वीरेंद्र बर्थे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पदाधिकारी मौजूद थे ।

एमपी विधानसभा में चाय की केतली लेकर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष, कांग्रेस विधायक ने शराब की बोतलों की माला पहनी

Opposition leader arrived in MP Assembly with a tea kettle, Congress MLA wore a garland of liquor bottles MP Congress Protest: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार के 1 साल पूरा होने के साथ ही विपक्ष ने आंदोलन के सिलसिले को बढ़ा दिया है. विधानसभा के शीतकालीन सत्र में बेरोजगारी की समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार चाय की केतली लेकर पहुंचे. इसके अलावा कांग्रेस के विधायक महेश परमार ने शराब घोटाले का आरोप लगाते हुए शराब की खाली बोतलों की माला पहनकर ध्यान अपनी और आकर्षित कराया. डॉ मोहन यादव सरकार को 1 साल पूरा होने के साथ ही सरकार जन कल्याण अभियान चलाते हुए प्रदेश भर में कई सौगात दे रही है. दूसरी तरफ कांग्रेस अपने विधायकों के साथ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है. विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष ने बुधवार (18 दिसंबर) को कहा कि सरकार को युवाओं को नौकरी देना चाहिए. सदन का ध्यान आकर्षित करने के लिए विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हाथ में चाय की केतली लेकर प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा, ”जब युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा तो उनके पास चाय बेचने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा.” कांग्रेस ने लगाया शराब घोटाले का आरोप कांग्रेस विधायक महेश परमार शराब की खाली बोतल की माला पहन कर पहुंचे और उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शराब घोटाले को लेकर कड़ी कार्रवाई का संदेश देने की बात कही थी. मध्य प्रदेश में हजारों करोड़ों का शराब घोटाला हो चुका है. केंद्र सरकार को इस बारे में संज्ञान लेना चाहिए. कांग्रेस मुद्दा विहीन – बीजेपी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक जितेंद्र पंडिया ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए कांग्रेस केवल सुर्खियां बटोरने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है. कांग्रेस के नेता मीडिया में चेहरा चमकाने के लिए नाटक कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ”मध्य प्रदेश की डॉक्टर मोहन यादव सरकार हर वर्ग के लिए काम कर रही है. सरकार मध्य प्रदेश के विकास की गति को तेजी प्रदान कर रही है. मध्य प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं. कांग्रेस के पास आंदोलन करने के लिए कोई मुद्दा तक नहीं बचा है.”

आंबेडकर वाले बयान को लेकर कांग्रेस ने मांगा अमित शाह का इस्तीफा; कहा- देश से मांगे माफी

Congress demands Amit Shah’s resignation over Ambedkar’s statement; Said- apologize to the country नई दिल्ली ! केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मंगलवार को राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान डॉ. बीआर आंबेडकर को लेकर दिए बयान पर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने शाह पर डॉ. आंबेडकर का अपमान करने का गंभीर आरोप लगाया। साथ ही गृह मंत्री से इस्तीफा देने की मांग की। वहीं, इस मुद्दे के चलते आज संसद में भी हंगामा जारी रहा। क्या है पूरा मामला?दरअसल, संविधान पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में अमित शाह ने कहा था कि ‘अभी एक फैशन हो गया है। आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर। इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता। आंबेडकर का नाम सौ बार लें, लेकिन आंबेडकर के बारे में कांग्रेस पार्टी का भाव क्या है, ये मैं बताता हूं।’ शाह ने कहा था, ‘डॉ. आंबेडकर ने देश की पहली कैबिनेट से इस्तीफा क्यों दे दिया था। उन्होंने अनुसूचित जनजातियों से व्यवहार, अनुच्छेद 370 और देश की विदेश नीति से नाराजगी के चलते इस्तीफा दे दिया था। इस पर बीसी रॉय ने पंडित नेहरू को चिट्ठी लिखी कि आंबेडकर और राजाजी मंत्रिमंडल छोड़ेंगे तो क्या होगा? इसके जवाब में पंडित नेहरू ने लिखा था कि राजाजी के जाने से कुछ असर पड़ेगा, लेकिन आंबेडकर के जाने से कुछ नहीं होगा।’ उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि कांग्रेस के आंबेडकर के बारे में ये विचार रहे हैं। आज आंबेडकर को मानने वाले पर्याप्त संख्या में आ गए हैं इसलिए ये आंबेडकर-आंबेडकर कर रहे हैं। वोटबैंक के लिए कांग्रेस नेता आजकल आंबेडकर का नाम बार-बार लेते हैं। इसके अलावा, विपक्षी दल यह भी मांग कर रहा है कि शाह को सार्वजनिक रूप और संसद में अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए। संसद के बाहर पत्रकारों से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘हम आंबेडकर का अपमान करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग करते हैं; उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।’ इसके अलावा, उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी कहा, ‘गृहमंत्री अमित शाह ने जो आज भरे सदन में बाबासाहेब का अपमान किया है, उससे ये फिर एक बार सिद्ध हो गया है कि भाजपा और आरएसएस तिरंगे के खिलाफ थे। उनके पुरखों ने अशोक चक्र का विरोध किया। संघ परिवार के लोग पहले दिन से भारत के संविधान के बजाय मनुस्मृति को लागू करना चाहते थे। मगर बाबासाहेब ने ये नहीं होने दिया, इसलिए उनके प्रति इतनी घृणा है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मोदी सरकार के मंत्रीगण ये कान खोलकर समझ लें कि मेरे जैसे करोड़ों लोगों के लिए बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर जी भगवान से कम नहीं हैं। वे दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक व गरीबों के मसीहा हैं और हमेशा रहेंगे।’ दलितों और बाबा साहेब का सीधा अपमान: डांगीकांग्रेस सांसद नीरज डांगी ने भी शाह से माफी मांगने को कहा। उन्होंने कहा, ‘राज्यसभा में अमित शाह ने कहा कि बाबासाहेब आंबेडकर का नाम लेना फैशन बन गया है। यह देश के दलितों और बाबा साहेब का सीधा अपमान है।’ डांगी ने कहा, ‘शाह ने पूरे देश को दिखा दिया है कि भाजपा नेता किस तरह की सोच रखते हैं। वंचित और शोषित वर्ग जिसका अपमान किया गया है, यह वही वर्ग है जो उन्हें 240 से घटाकर 40 कर देगा। कांग्रेस पार्टी की ओर से, मैं मांग करता हूं कि अमित शाह को सार्वजनिक रूप से और सदन में माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने बाबासाहेब के बारे में जो कहा है, उस पर विचार करते हुए वह संवैधानिक पद पर बने रहने का अधिकार खो चुके हैं। उन्हें गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।’ कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान शाह की टिप्पणी दर्शाती है कि भाजपा और आरएसएस नेताओं के मन में आंबेडकर के लिए ‘काफी नफरत’ है और इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा था कि जो लोग मनुस्मृति में विश्वास करते हैं, वे निश्चित रूप से आंबेडकर के साथ मतभेद रखेंगे। कांग्रेस ने नेहरू की आलोचना पर पीएम मोदी, शाह को लताड़ाजवाहरलाल नेहरू पर संविधान के पहले संशोधन के जरिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का आरोप लगाने के लिए भाजपा पर पलटवार करते हुए कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वे अपने पसंदीदा लक्ष्य पर लगातार हमला करने वाले मास्टर हैं। वह तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने में महारथी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, ‘अनुच्छेद 19(2), 15(4), और 31(b) को प्रथम संशोधन के माध्यम से 18 जून, 1951 को भारत के संविधान में जोड़ा गया था। एक प्रवर समिति ने विधेयक की जांच की थी और उसकी रिपोर्ट वेबसाइट पर उपलब्ध है। अपने डिसेंट नोट के पैरा 2 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने निम्न बातें लिखीं थी।’ उन्होंने कहा, ’19(2) में प्रतिबंध से पहले उचित शब्द का जुड़ना एक बहुत ही अच्छा बदलाव है। यह 19(2) को न्यायसंगत बनाता है और मैं देश में नागरिकों के स्वतंत्रता की रक्षा के लिए इस बदलाव के महत्व को कम नहीं करना चाहता। उचित शब्द वास्तव में, नेहरू ने खुद जोड़ा था। अनुच्छेद 19 (2) सरदार पटेल द्वारा 3 जून, 1950 को नेहरू को लिखे गए एक पत्र का अनुसरण करता है। अनुच्छेद 15(4) तब के मद्रास में चंपकम दोराईराजन मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के शिक्षण संस्थाओं में आरक्षण को खारिज किए जाने के बाद आया। अनुच्छेद 31(b) सुप्रीम कोर्ट द्वारा बिहार, यूपी और अन्य राज्यों में जमींदारी उन्मूलन कानूनों को रद्द करने के परिणामस्वरूप आया था।’ उन्होंने आगे कहा, ‘तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने वाले दोनों मास्टर डिस्टोरियन – प्रधानमंत्री और गृह मंत्री – पहले संशोधन की इस पृष्ठभूमि पर चुप रहे क्योंकि उन्हें अपने पसंदीदा लक्ष्य पर हमला करना था। लेकिन इस जोड़ी से सत्य और तथ्य पर पूरी तरह से कायम रहने की उम्मीद करना बेकार है।’

कांग्रेस पार्टी ने स्वर्गीय मनोज परमार के बच्चों को भेंट की 5 लख रुपए की गुल्लक

Congress party presented a piggy bank of 5 lakh rupees to the children of late Manoj Parmar भोपाल । भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी को जिन बच्चों ने गुल्लक भेंट की थी, उनके पिता मनोज परमार और मां ने आत्महत्या की। सर्वप्रथम उनकी आवाज प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी  और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उठाई थी। उन्होंने राहुल गांधी से बच्चों की बात कराई थी।  प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के आवाह्न पर भोपाल में जंगी प्रदर्शन का ऐलान किया था। 16 तारीख को मंच से पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा ने कहा कि प्रेम की गुल्लक का कर्ज प्रेम से निभाएंगे और जो राहुल को प्यार और सम्मान, उनकी भावनाएं समझी, बच्चों उसका मैत्री सम्मान कांग्रेस पार्टी सदैव निभाएगी और उनका ध्यान रखेगी ।  पूर्व मंत्री पूर्व सज्जन वर्मा, कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, विक्रम मस्ताल हनुमान, प्रवक्ता सिद्धार्थ सिंह राजावत ने बच्चों से मुलाकात की परिवार जनों से भेंट करके सांत्वना दी। ₹500000 की राशि की गुल्लक उन बच्चों भेंट की और आगामी पढ़ाई तक उनका खर्च पढ़ाई का उठाने का वादा किया ।  बच्चों से सज्जन वर्मा ने कहा  मेरे पास इनकम टैक्स के 100 से ज्यादा नोटिस आए हैं ।  मुकेश परमार के परिवार को जिस मुश्किल की घड़ी में भारतीय जनता पार्टी  जो सत्ता में है, उसकी मदद करनी चाहिए। वो परेशान कर रही है। इनकम टैक्स, ई डी पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल करके डरा रही है पर बच्चों भयभीत मत होना, मैं तुम्हारे साथ खड़ा हूं ।

कटोरा लेकर विधानसभा पहुंचे कांग्रेस विधायक: भाजपा सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन के गंभीर आरोप

Congress MLA reaches assembly with bowl: Serious allegations of financial mismanagement on BJP government नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार जी के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने आज मध्यप्रदेश विधानसभा के दूसरे दिन कटोरा लेकर सरकार के खिलाफ अनोखा विरोध दर्ज कराया।कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के जनप्रतिनिधि “कर्ज लेकर घी पी रहे हैं” और जनता पर लगातार आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। सिंगार ने कहा, “जब नेतृत्व कमजोर हो, तो कर्ज बोझ बन जाता है और उसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है।”भाजपा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने इसे “वित्तीय अपराध” करार दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने न सिर्फ मध्यप्रदेश को कर्ज के तले दबाया है, बल्कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए जनता के खून-पसीने की मेहनत से भरे खजाने को नुकसान पहुंचाया है। “भाजपा सरकार ने राज्य को आर्थिक संकट में डाल दिया है और अब ‘कटोरा’ लेकर भीख मांगने की नौबत आ गई है,” विपक्ष ने सदन में सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा।कांग्रेस विधायकों ने कर्ज की बढ़ती दरों और राज्य की आर्थिक स्थिति के बिगड़ते हालातों को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग की। उनका कहना था कि कर्ज का भार प्रदेश के विकास में बाधक बन रहा है और इसका सीधा असर आम जनता की जिंदगी पर पड़ रहा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि अगर भाजपा सरकार इसी तरह जनविरोधी आर्थिक नीतियों पर चलती रही, तो प्रदेश का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।

सीहोर के कारोबारी मनोज परमार के बच्चों से मिलेंगे पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, भेंट करेंगे ‘गुल्लक’

Former minister Sajjan Singh Verma will meet the children of Sehore businessman Manoj Parmar, will present ‘gullak’ MP News: सज्जन सिंह वर्मा ने बताया कि मनोज परमार के दोनों बच्चों की जीवन भर की पढ़ाई का खर्च उनकी ओर से उठाया जाएगा. इस संबंध में कांग्रेस के कई नेताओं ने आगे बढ़कर मदद करने का वादा भी किया है. मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा सीहोर जिले के कारोबारी मनोज परमार के बच्चों को आज मंगलवार (17 दिसंबर) को बड़ी गुल्लक भेंट करने वाले हैं. इसके अलावा पूर्व मंत्री बच्चों को कई और सुविधा देंगे, जिसके जरिए वह अच्छी तालीम ग्रहण कर सकेंगे. कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान मनोज परमार के बच्चों ने उन्हें गुल्लक भेंट की थी. सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि जब बच्चों ने गुल्लक भेंट की थी, उस समय वे वहीं मौजूद थे. बच्चों ने कहा था, “राहुल गांधी जी, आप अच्छा काम कर रहे हैं और भारत जोड़ने के लिए निकले हैं, हमने अपनी गुल्लक में जो राशि एकत्रित की है वह आपको भेंट कर रहे हैं, आपको जहां भी कोई अच्छा कार्य लगे उस पर यह राशि खर्च कर दीजिएगा.” उन्होंने बताया कि अब वह उन बच्चों को उनकी गुल्लक लौटने जा रहे हैं. मंगलवार को पूर्व मंत्री परमार दंपती के घर जाकर बड़ी गुल्लक बच्चों को सौंपेगे. उन्होंने बताया कि दोनों बच्चों की जीवन भर की पढ़ाई का खर्च उनकी ओर से उठाया जाएगा. इस संबंध में कांग्रेस के कई नेताओं ने आगे बढ़कर मदद करने का वादा भी किया है. परमार दंपती का परिवार कांग्रेस का परिवार है. बड़ी गुल्लक में पांच लाख रुपये पूर्व मंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवार के जीवन की मुश्किलें आसान करने के लिए उनकी ओर से छोटा सा प्रयास किया जा रहा है. वे बड़ी गुल्लक के रूप में पांच लाख रुपये पीड़ित परिवार के बच्चों को भेंट करने जा रहे हैं. दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय के छापे के बाद परमार दंपती ने आत्महत्या कर ली थी. कांग्रेस से जुड़े मनोज परमार उनकी पत्नी नेहा परमार खुदकुशी करते हुए सुसाइड नोट भी लिखा था. वहीं बच्चों का आरोप है कि उन्हें बीजेपी ज्वाइन करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था. दूसरी तरफ बीजेपी का कहना है कि मनोज परमार पर आपराधिक मामले दर्ज थे. बीजेपी में उनके लिए कोई जगह नहीं थी. इन सबके बीच अब कांग्रेस पूरे मामले को प्रदेश स्तर पर ले जाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है.

शीतकालीन सत्र का आज दूसरा दिन, उपमुख्यमंत्री देवड़ा करेंगे बजट पेश; फिर हंगामे के आसार

Today is the second day of the winter session, Deputy Chief Minister Deora will present the budget; chances of uproar again मध्य प्रदेश विधानसभा शीतकालीन सत्र का आज यानी 17 दिसंबर को दूसरा दिन है। आज विधानसभा सत्र के दौरान सरकार प्रदेश के लिए सत्र 2024-2025 का अनुपूरक बजट पेश करेगी। बजट उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा पेश करेंगे। ऐसे में विपक्ष की ओर से फिर हंगामे के आसार है।लाइव अपडेट कांग्रेस विधायक रामसिया भारती ने पूछा सवाल मप्र विधानसभा में आज स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में शुरुआत में सिर्फ महिला विधायकों से प्रश्न पूछने की व्यवस्था दी।जिसके बाद बड़ा मलहरा से कांग्रेस विधायक रामसिया भारती ने आंगनबाड़ी केंद्रों में अनियमितताएं होने, पोषण में गड़बड़ी का मामले से संबंधित सवाल पूछा। जिसपर महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने मामले में सफाई दी। पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह का बड़ा आरोप पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सदन में परंपराएं टूट रही है। पहले ध्यानाकर्षण के सवाल को लेकर विधायकों की मंत्रियों से बात हो जाती थी, जिससे संवादहीनता की स्थिति नहीं होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि मैंने जो कल अपने क्षेत्र में एक स्कूल को लेकर ध्यानाकर्षण लगाया था, वहां पर प्राइवेट स्कूल के द्वारा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया जा रहा है। हाल ही में वहां पर यौन शोषण की घटनाएं बढ़ी है। मैंने सदन में भी यही बात कही थी, लेकिन स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि वहाँ जन आक्रोश हो यह सही नहीं है। तो क्या यौन शोषण की घटनाओं पर मैं खुश हूं? हाल ही में प्रदेश मे यौन शोषण की घटनाएं बढ़ी है। उन्हें रोकने के लिए सही नीति बनाने की आवश्यकता है। आगे उन्होंने कहा कि परिवहन चेकपोस्ट शासन आदेश के तहत 1 जुलाई 2024 से बंद कर दिये गये थे। परंतु परिवहन विभाग द्वारा शासन के निर्णय विरूद्ध जाकर मेरे विधानसभा क्षेत्र खुरई अंतर्गत म.प्र. उ.प्र. की सीमा पर स्थित मालथौन (अटा) चेकपोस्ट की पुरानी व्यवस्था को स्थाई रूप से चैकिंग पॉइंट बनाकर अनावश्यक रूप से चालकों एवं मालकों को अवैध बसूली कर परेशान किया जा रहा है। दिनांक 8 दिसम्बर 2024 को अवैध बसूली से डरकर भाग रहा एक ट्रक पलट गया ,जिस कारण बड़ी दुर्घटना होने बची। उक्त ट्रक अपनी गति से जा रहा था कि अचानक चेक पॉइंट पर बिना ड्रेस में उपस्थित स्थफ द्वारा बैरीकेट लगा दिये गये और वह ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया और उसमें भरा सामान सड़क पर फैल गया। घटना से प्रताड़ित होकर ट्रक ड्राइवर द्वारा विखरे सामान पर तेल डालकर अपना गुस्सा प्रकट करने का प्रयास किया गया। इस घटना के बाद सभी ट्रक ड्राइवरों, मार्ग से जा रहे दो पहिया और चार पहिया निजी वाहन यात्रियों और स्थानीय नागरिकों ने आऐ दिन इस पॉइंट पर हो रहे घटनाक्रमों के विरोध में चक्काजाम कर दिया जो तीन थानों के पुलिस बल द्वारा कन्ट्रोल किया गया और चक्काजाम दिनभर जारी रहा। इस पॉइंट पर विगत तीन-बार माहों से दिन-प्रतिदिन हो रहे जाम, विवाद से जनमानस परेशान है। पॉइंट पर पदस्थ अमले की बसूली और दुर्व्यवहार के कारण क्षेत्र में हमेशा तनाव की स्थिति बनी रहती है। मेरे क्षेत्र के इस स्थान पर आए दिन हो रहे चक्काजाम के कारण शासन विरूद्ध मानसिकता पनप रही है और असंतोष का वातावरण बन रहा है। परिवहन आयुक्त मध्यप्रदेश द्वारा रोड सेफ्टी एंड इंफोर्समेंट चेकिंग पॉइंट प्रभारियों को जारी आदेश क्र. 47/टीसी/24 दिनांक 12/07/2024 में दिये गये दिशा-निर्देशों का खुलेआम उलंघन इस चेक पॉइंट पर किया जा रहा है। ट्रैफिक जाम न हो, मोटर यान अधिनियम के तहत ही शमन शुल्क बसूली हो, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हो, बर्दी में ही स्टाफ उपस्थित हो, चेक पॉइंट की मुहर (सील) का ही उपयोग हो, अनुशासित व्यवहार हो, कैशबुक और रोजनामचा संचारित हो, रोजनामचा में घटनाक्रमों का संवारण हो, बॉडी बोर्न कैमरे का उपयोग हो, ई-चालान पीओएस मशीन से हो। यहां की गतिविषियों के अनेक वीडियो फुटेज भी उपलब्ध है परंतु पुलिस द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।परिवहन अमला और असामाजिक तत्वों की डबल बसूली से अव्यवस्था की स्थिति बन रही है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पहुंचे विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार विधानसभा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार के अंदर गुटबाजी चल रही है। इनके ही मंत्री एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। बीजेपी को इसपर आत्मचिंतन करना चाहिए। बीजेपी के विधायक ही सवाल उठा रहे हैं। सरकार के कोई काम नहीं हो रहे हैं। अगर सरकार ने कोई काम किया है, तो विकास पर श्वेत पत्र लाए। इन योजनाओं के लिए जारी हो सकती है अतिरिक्त राशि विधानसभा सत्र के दूसरे दिन प्रदेश के तमाम इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों के लिए, लोक निर्माण और जल संसाधन विभाग के साथ अन्य विभागों को अतिरिक्त राशि आवंटित की जा सकती है। किसी भी नई योजना को लाने की फिलहाल तैयारी में सरकार नहीं है। फरवरी में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए उद्योग सहित अन्य विभागों के लिए राशि का प्रावधान किये जाने की संभावना है। सदन के दूसरे दिन चार विधेयकों को पेश किया जाएगा।

मध्य प्रदेश कांग्रेस का प्रदर्शन: रोशनपुरा चौराहे पर पुलिस की बैरिकेडिंग, आ रहे कांग्रेस नेताओं को रोका

Demonstration of Madhya Pradesh Congress: Police barricading at Roshanpura intersection, stopped the coming Congress leaders. राजधानी भोपाल में कांग्रेस का प्रदर्शन जारी, महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा भी पहुंची MP Congress Protest: मध्य प्रदेश कांग्रेस का विधानसभा का घेराव का प्रदर्शन जारी है। सोमवार को एमपी कांग्रेस के इस प्रदर्शन में प्रदेशभर के हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। अभी भोपाल के जवाहर चौक इलाके में सभा चल रही है। इसके बाद कांग्रेस के नेता हजारों कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा की ओर कूच करेंगे। उनको रोकने के लिए पुलिस ने रोशनपुरा चौराहे पर बैरिकेडिंग कर रखी है। यहां वाटर कैनन भी मौजूद है। वहीं दूसरे जिलों से आ रहे कांग्रेस नेताओं को रोकने के लिए पुलिस ने भोपाल से लगी सड़कों पर भी बैरिकेड्स लगा रखे हैं। राजगढ़ जिले से आए कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका तो जिला पंचायत अध्यक्ष चन्दर सिंह राजगढ़ की अधिकारियों से बहस हो गई। प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, विधायक और कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। मनोज परमार के बच्चों की करेंगे मदद: सज्जन कांग्रेस की सभा में सज्जन सिंह वर्मा ने कहा- मणिपुर जल रहा है। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत में सुरक्षित हैं लेकिन वहां हिंदू मारे जा रहे हैं। वर्मा ने कहा कि मनोज परमार और उनकी पत्नी नेहा ने बीजेपी और ईडी के दबाव में आत्महत्या कर ली। आज बीजेपी के लोग उन बच्चों को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। मैं कल अपने पार्टी के तमाम साथियों से मदद लेकर एक बड़ी गुल्लक उन बच्चों को देने जाऊंगा। ताकि उन्हें पढ़ाई के लिए और भविष्य में तकलीफ न हो। रावत को लेकर जयवर्धन का तंज पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि बीजेपी सरकार ने लाड़ली बहन योजना की राशि 1250 रुपए में एक रुपया भी नहीं बढ़ाया। चुनाव जीतने के बाद बीजेपी ने लाड़ला नेता योजना शुरू की। उस लाड़ला योजना के सबसे पहले लाभार्थी बने रामनिवास रावत। रामनिवास बीजेपी में गए लेकिन विजयपुर की जनता ने, माताओं-बहनों ने गरीब आदिवासी मुकेश मल्होत्रा को विधानसभा पहुंचा दिया। बीजेपी के लाड़ले नेता रामनिवास जी को घर बैठा दिया। बीजेपी सरकार चीन का लहसुन खिला रही कांग्रेस की सभा में पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह ने कहा- आज बांग्लादेश के जरिये चीन का लहसुन हमारे यहां आ रहा है। बीजेपी सरकार के राज में हमें चीन का लहसुन खिलाया जा रहा है। किसानों को फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा। मैं जब ऊर्जा मंत्री था, कांग्रेस की सरकार 100 रुपए में 100 यूनिट बिजली देती थी। आज 1500 रुपए में 100 यूनिट बिजली मिल रही है। किसानों पर फर्जी केस लगाए जा रहे हैं। आज एकजुट होकर इस भाजपा सरकार के खिलाफ लड़ना है। अलका लांबा बोलीं- सरकार को घुटने पर लाएंगे महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा भी प्रदर्शन स्थल पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को बने हुए एक साल के ऊपर हो गया है। आधी आबादी यानी महिलाओं से सुरक्षा का वायदा था। एक साल में कितनी बहनें सुरक्षित हुईं? रीवा में इनको जिंदा गाड़ने की हिम्मत दबंगों ने दिखाई है। उज्जैन में नाबालिग बेटी को लहूलुहान हमने देखा है। बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। कौन सी बहन को साढ़े 400 रुपए में गैस सिलेंडर मिल रहा है, जिसकी गारंटी मोदी जी ने दी थी। महंगाई, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा इन मुद्दों पर हम सरकार को घुटनों पर लाएंगे। अपना समय भी आएगा : कमलनाथ कमलनाथ ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बहुत बड़ा राजनीतिक परिवर्तन हुआ है। नौजवानों, समझ लो। आज आपसे निवेदन करना चाहता हूं कि इस राजनीतिक परिवर्तन को आप पहचानिए। जब तक आप घर-घर नहीं जाएंगे, हम बीजेपी से कभी मुकाबला नहीं कर पाएंगे। हमारा कर्तव्य है कि इस राजनीतिक परिवर्तन को पहचानें और उस हिसाब से काम करें। मुझे विश्वास है कि आप निराश नहीं होंगे। कमर ठाने रखिएगा। अपना समय भी आएगा। पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा- प्रदेश की तस्वीर आप सभी के सामने है। आज बड़े दुख के साथ मुझे कहना पड़ता है कि मध्य प्रदेश की पहचान घोटाला प्रदेश की है। हर क्षेत्र में घोटाला। नौजवानों के रोजगार में घोटाला। किसानों के बीज-खाद में घोटाला। जहां देखो घोटाला-घोटाला। आज हमारे कृषि क्षेत्र में कितनी समस्या है। एक बात याद रखिएगा कि मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था 70 प्रतिशत कृषि क्षेत्र पर आधारित है। अगर कृषि क्षेत्र डूबता है तो पूरा प्रदेश डूबता है। रात में हटाए गए होर्डिंग शहर में कांग्रेस के प्रदर्शन के जगह जगह होर्डिंग भी लगाए गए हैं। 15 दिसंबर, रविवार रात को नगर निगम के अमले ने कुछ जगहों से होर्डिंग भी हटाए हैं। इसे लेकर विवाद की छुटपुट घटनाएं भी हुई। कांग्रेस ने इसे लेकर कड़ा ऐतराज जताया है। कांग्रेस की हैं ये मांगें?

मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र 2024 रहेगा हंगामेदार , सरकार को घेरने कांग्रेस ने की तगड़ी तैयारी

Madhya Pradesh Assembly session will be noisy, Congress made strong preparations to corner the government भोपाल ! मध्यप्रदेश विधानसभा का सोमवार से शुरू होने जा रहे शीतकालीन सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं. 5 दिन चलने वाले इस शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सरकार सदन में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी. यह अनुपूरक बजट करीबन 20 हजार करोड़ का हो सकता है. उधर सत्र के पहले दिन कांग्रेस ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया है. सदन के अंदर सरकार को घेरने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधायक दल की बैठक बुलाई है. कांग्रेस ने बनाई सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति कांग्रेस ने सत्ता पक्ष को घेरने के लिए भरपूर तैयारियां की हैं. कांग्रेस विधायकों ने किसान, बिगड़ती कानून व्यवस्था, जल जीवन मिशन में गड़बड़ी, अधिकारियों के तबादलों जैसे कई मुद्दों को लेकर कई सवाल उठाए हैं. कांग्रेस आष्टा आत्महत्या मामले और विधायक निर्मला सप्रे के इस्तीफे को लेकर भी सरकार को घेरेगी. शीतकालीन सत्र के लिए विधायकों ने कुल 1766 सवाल लगाए हैं. इसमें 1070 सवाल ऑनलाइन और 696 ऑफलाइन सवाल पूछे गए हैं. इनमें तारांकित प्रश्न 888 और अतारांकित सवाल 878 हैं. सत्र में करीबन एक दर्जन विधेयक पेश होंगे विधानसभा सत्र के दौरान सरकार करीबन एक दर्जन विधेयक पेश करेगी. विधानसभा सत्र के लिए जारी कार्ययोजना के अनुसार 16 दिसंबर के पहले दिन सत्र शुरू होने पर प्रश्नोत्तर काल होगा और इसके बाद अलग-अलग विभागों के आधा दर्जन विधेयक पेश किए जाएंगे. 17 दिसंबर को प्रश्नकाल के बाद प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा. इस पर चर्चा 18 दिसंबर को होगी और इसी दिन विनियोग विधेयक 2024 पेश किया जाएगा. कांग्रेस ने रणनीति बनाने बुलाई बैठक उधर, कांग्रेस ने विधानसभा सत्र में सरकार को घेरने कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है. इसमें विधानसभा सत्र की रणनीति के अलावा विधानसभा घेराव को लेकर भी चर्चा होगी. बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित सभी कांग्रेस विधायक मौजूद होंगे. निर्मला सप्रे के शामिल होने पर संशय विधानसभा में बीना विधायक निर्मला सप्रे के शामिल होने पर संशय है. कांग्रेस ने विधायक सप्रे को कांग्रेस खेमे में बैठाने से इंकार किया है. कांग्रेस ने मान लिया है कि निर्मला सप्रे अब पार्टी में नहीं हैं. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने निर्मला सप्रे की विधानसभा की सदस्यता निरस्त को लेकर जुलाई में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर को आवेदन दिया था, लेकिन उनकी सदस्यता समाप्त करने को लेकर स्पीकर ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है. कांग्रेस ने इसको लेकर हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की है.

कांग्रेस ने किया विभिन्न समस्याओं को लेकर विधानसभा का घेराव करने का ऐलान, एकजुटता दिखाने की तैयारी

भोपाल मध्य प्रदेश में हुए उपचुनाव में विजयपुर में मिली जीत के बाद से कांग्रेस उत्साहित है और उसने विभिन्न समस्याओं को लेकर विधानसभा का घेराव करने का ऐलान किया है। इस घेराव के जरिए पार्टी अपनी एकजुटता और ताकत का प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही है। राज्य का विधानसभा सत्र 16 दिसंबर से शुरू हो रहा है और इस सत्र के गहमागहमी वाले रहने के आसार हैं। कांग्रेस जहां विधानसभा के भीतर सत्ता पक्ष को घेरने की तैयारी में है तो वही सड़क पर भी उतरने का ऐलान किया जाता है। पार्टी 16 दिसंबर को विधानसभा का घेराव करने जा रही है। यह घेराव राज्य में बढ़ती मादक पदार्थ की तस्करी, जनजाति और अनुसूचित जाति वर्ग पर बढ़ते अत्याचार के अलावा महिला सुरक्षा को बड़ा मुद्दा बनाते हुए है। पार्टी के विधानसभा घेराव के ऐलान के बाद राज्य की सियासत में कांग्रेस की ओर से संभवत यह पहला अवसर है जब तमाम बड़े नेता कई दिनों से इस विरोध प्रदर्शन का समर्थन करने वाले बयान जारी करने के साथ सोशल मीडिया पर वीडियो भी जारी कर रहे हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह सहित अन्य नेता वीडियो जारी कर कार्यकर्ताओं से इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील कर रहे हैं। नेताओं द्वारा जारी किए गए बयानों में कहा गया है कि राज्य में मादक तस्करी लगातार बढ़ रही है। केंद्र सरकार और राज्य की सरकार को इन मामलों का पता ही नहीं होता जबकि गुजरात की पुलिस यहां आकर दबिश देकर तस्करी का खुलासा करती है। वही एक जनजाति वर्ग के विधायक को सिर्फ इसलिए गिरफ्तार कर लिया जाता है क्योंकि वह चिकित्सक के खिलाफ आवाज उठाता है। इतना ही नहीं महिलाओं और बालिकाओं के शोषण की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। ज्ञात हो कि अभी हाल ही में दो विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव हुए। विजयपुर में कांग्रेस जीती तो बुधनी में भाजपा को जीत मिली। बुधनी में पिछले चुनाव के मुकाबले भाजपा का अंतर कम हुआ। इन नतीजों से कांग्रेस खासी उत्साहित है। वैसे तो कांग्रेस में खुले तौर पर गुटबाजी नजर आती है और गुटबाजी किसी से छुपी भी नहीं है। इस बार पार्टी एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रही है। यही कारण है कि तमाम नेता इस घेराव प्रदर्शन को सफल बनाने की अपील करने के साथ सरकार पर हमला बोल रहे हैं।  

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में करेंगे 16 दिसंबर को विधानसभा का घेराव, कई मुद्दों को करेंगे उजागर

बुरहानपुर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के ट्वीट के बाद कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुरहानपुर जिले में कांग्रेस जिला अध्यक्ष और पूर्व निर्दलीय विधायक ठाकुर सुरेंद्र सिंह शेरा ने पत्रकारवार्ता आयोजित कर 16 दिसंबर को होने वाले विधानसभा घेराव की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि, यह प्रदर्शन मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में किया जाएगा। पूर्व निर्दलीय विधायक ठाकुर सुरेंद्र सिंह शेरा ने बताया कि मोहन सरकार का एक साल पूरा हो चुका है, लेकिन विकास के नाम पर सड़कों पर गड्ढे उड़ती धूल, शासकीय अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और शासकीय स्कूलों में शिक्षकों के अभाव के कारण प्रदेश की जनता परेशान है। एक कक्ष में चार-चार कक्षाएं चल रही हैं। उन्होंने कहा, प्रदेशभर के युवा बेरोजगार हैं, महिलाएं सुरक्षित नहीं है, अपराध का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। दूसरी और भाजपा सरकार द्वारा प्रदेशभर में एक साल बेमिसाल बताया जा रहा है। 16 दिसंबर को विधानसभा घेराव के माध्यम से कांग्रेस इन मुद्दों को उजागर करेगी और आम जनता के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन करेगी। साथ ही जिला स्तर पर भी आंदोलन किए जाएंगे।

भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी की आरोप, छत्तीसगढ़-धमतरी में कांग्रेस नेताओं ने दिया कलेक्ट्रेट में धरना

धमतरी. छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार को एक साल पूरा हो गया है, जिसको लेकर धमतरी में कांग्रेस नेताओं के द्वारा धरना प्रदर्शन कर कलेक्ट्रेट में जमकर प्रदर्शन किया गया। साथ ही प्रदेश सरकार पर किसानों व आम जनता से वादा खिलाफी करने सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर जमकर नारेबाजी की गई। वहीं, पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेट्स को भी कांग्रेस के द्वारा तोड़ दिया गया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेसियों के बीच झूमाझटकी भी हुई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा के शासनकाल में कानून व्यवस्था की स्थिति बदहाल है। लगातार प्रदेश में हत्या, लूट, डकैती , चाकू बाजी जैसे कई गंभीर अपराध हो रहे हैं, जिसे रोकने में भाजपा की सरकार पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है। इसके साथ ही समर्थन मूल्य में हो रही धान खरीदी में किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेसियों का कहना है कि भाजपा सरकार ने किसानों को 3100 रुपये देने का घोषणा किया था, लेकिन किसानों को सिर्फ समर्थन मूल्य की राशि 2300 रुपये ही मिल रही है। इसके साथ ही किसानों को टोकन, बारदाना जैसे कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। कांग्रेसियों ने बताया कि धमतरी जिले के महानदी से रेत का अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है। कार्रवाई नहीं होने से रेतमाफिया के हौसले बुलंद है। इसके साथ ही धमतरी शहर व आसपास ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेआम अवैध प्लाटिंग हो रही है, जिस पर भी प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किया जा रहा है, जिसको लेकर कांग्रेसियों के द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। वहीं, कांग्रेसियों का कहना है कि अगर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होगी तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

कांग्रेस नेता ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, कुछ दिनों पहले दर्ज हुई थी धोखाधड़ी की FIR

ग्वालियर ग्वालियर में कांग्रेस के कार्यकारी शहर अध्यक्ष अमर सिंह माहौर ने अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना के वक्त वे घर में अकेले थे। दामाद केशव दुकान गए थे और बेटी कीर्ति यूनिवर्सिटी। बेटी जब घर लौटी, तो कमरा अंदर से बंद मिला। उसने अपने पति और अन्य रिश्तेदारों को फोन किया। सभी के आने पर दरवाजा तोड़ा गया। अंदर देखा गया कि अमर सिंह का शव फांसी पर लटका हुआ था। दामाद ने बताया कि अमर सिंह जमीन के नामांकन संबंधी फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में दर्ज केस से परेशान थे। वे ज्यादातर समय घर पर ही रहते थे और फोन भी अक्सर बंद रखते थे। बताया गया कि पान पत्ते की गोठ निवासी अमर सिंह पेशे से एडवोकेट थे। उनका कोई बेटा नहीं है। माधौगंज थाना प्रभारी प्रशांत शर्मा ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिवार के लोग फिलहाल बयान देने की स्थिति में नहीं हैं। इसलिए यह स्पष्ट नहीं हो सका कि उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया। जमीन के फर्जी दस्तावेज बनवाने के लगे थे आरोप पुलिस ने बताया कि 26 नवंबर को अदालत के आदेश पर पद्मपुर खेरिया निवासी धारा सिंह की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में अमर सिंह के साथ प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह चौहान को आरोपी बनाया गया था। बताया गया है कि संदीप ने करीब 12 बीघा जमीन के नामांकन दस्तावेज नोटरी अमर सिंह के माध्यम से तैयार कराए थे। धारा सिंह का आरोप था कि दस्तावेज फर्जी थे। इस मामले में अमर सिंह को हाईकोर्ट से एक लाख रुपए की सशर्त अग्रिम जमानत मिली थी। छात्र जीवन से राजनीति से जुड़े अमर सिंह 1976-78 में माधव महाविद्यालय छात्र संघ में पदाधिकारी बने। इसके बाद ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन से जुड़कर छात्र राजनीति की। फिर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की सदस्यता ली। 1984 में माधवराव सिंधिया की मुरार में प्रचार सभा के दौरान उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ली। वे संगठन में लगातार सक्रिय रहे। ग्वालियर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने बीड़ी श्रमिकों के लिए 1 रुपए की किश्त पर 18 आवासों का आवंटन कराया था, जिससे वे चर्चा में आए थे।

बैतूल उपचुनाव में भाजपा को झटका, भाजपा पार्षद के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट पर कांग्रेस की जीत

Shock to BJP in Betul by-election, Congress wins on the seat vacant after resignation of BJP councilor. बैतूल ! जिले के सारणी नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर 33 के लिए हुए उपचुनाव में भाजपा को बड़ा झटका लगा है. पार्षद पद के लिए उपचुनाव की गुरुवार को मतगणना हुई. कांग्रेस प्रत्याशी रेखा भलावी ने भाजपा प्रत्याशी को 160 वोटों से हराया. भाजपा पार्षद के इस्तीफा के बाद खाली हुई सीट पर 9 दिसंबर को हुए मतदान की धीमी गति और मतदाताओं की चुनाव में कम रुचि से ही स्पष्ट हो गया था कि परिणाम आश्चर्य में डालने वाले होंगे और हुआ भी कुछ ऐसा ही. कांग्रेस प्रत्याशी ने 160 वोटों से जीता उपचुनाव 12 दिसंबर को आए चुनावी परिणाम ने सबको चौंका दिया. हालांकि कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी पहले से ही अपनी प्रत्याशी की जीत का दम भर थे और हुआ भी कुछ ऐसा ही. कांग्रेस प्रत्याशी रेखा भलावी ने यह उपचुनाव 160 मतों से जीत लिया है. निर्वाचन प्रमाण पत्र लेकर समर्थकों के साथ जैसे ही रेखा भलावी मतगणना स्थल से बाहर निकली वैसे ही कांग्रेसियों ने जमकर जश्न मनाया. 32.5 प्रतिशत हुआ था मतदान नगर पालिका परिषद सारणी के लिए हुए उपचुनाव में शायद यह पहला अवसर है, जब जागरूकता के बावजूद इतना कम मतदान हुआ है. जबकि उपचुनाव को लेकर प्रत्याशियों और प्रशासन में उत्साह था. बावजूद इसके 2166 मतदाताओं में से महज 704 मतदाताओं ने ही मतदान किया था. महज 32.5 प्रतिशत मतदान से प्रशासन भी चिंतित था. प्रशासन को इतनी कम वोटिंग की उम्मीद नहीं थी. भाजपा को दोनों बूथ पर मिली करारी शिकस्त भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी जगदीश नगदे को कांग्रेस प्रत्याशी रेखा भलावी ने दोनों बूथों पर करारी शिकस्त दी है. बूथ क्रमांक 64 पर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में जहां 140 मत पड़े. वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में 183 मत पड़े. जबकि निर्दलीय प्रत्याशी शोभा जगदेव को 69 वोट मिले. इसी तरह मतदान केंद्र क्रमांक 65 पर भाजपा प्रत्याशी को जहां 83 वोट मिले. वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में 200 मत गिरे, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी को महज 29 वोट ही मिले. शिक्षिका बनने पर पार्षद पद से दिया था इस्तीफा नगर पालिका परिषद सारणी के वार्ड नंबर 33 की भाजपा पार्षद संगीता सूर्यवंशी का शिक्षा विभाग में चयन होने पर उन्होंने पार्षद पद से इस्तीफा दिया था. इसके बाद से वार्ड में पार्षद पद के लिए उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई थी. भाजपा ने जहां उपचुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी. वहीं कांग्रेस ने इस मौके को भुनाने में कोई गलती नहीं की. रिटर्निंग ऑफिसर डॉ. अभिजीत सिंह ने बताया कि, ”उपचुनाव की मतगणना संपन्न हो गई है. कांग्रेस प्रत्याशी रेखा भलावी 160 वोटों से जीती हैं. उन्हें निर्वाचन प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है.”

कमलनाथ ने मोदी सरकार को लिया आड़े-हाथ, आयुष्मान योजना को बताया सफेद हाथी

Kamal Nath slammed Modi government, called Ayushman scheme a white elephant भोपाल। मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान योजना गरीबों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। केंद्र के दावों के मुताबिक स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित करोड़ों गरीब अपना मुफ्त इलाज करवा रहे हैं। लेकिन इस दावे पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने आयुष्मान योजना को ‘सफेद हाथी’ बताया और कहा कि 150 से ज्यादा बीमारियों को निजी अस्पताल में इलाज से बाहर कर दिया गया है। 196 बीमारियों को निजी अस्पताल में इलाज से किया बाजार कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आयुष्मान योजना धीरे-धीरे सफेद हाथी बनती जा रही है। मध्य प्रदेश में 196 बीमारियों को निजी अस्पतालों में इलाज से बाहर कर दिया गया है। दूसरी तरफ सरकारी अस्पतालों में उपचार की समुचित व्यवस्था नहीं है। मलेरिया, मोतियाबिंद का ऑपरेशन, छोटे बच्चों की बीमारी, बुजुर्गों की कई बीमारियां निजी अस्पतालों में इलाज से बाहर कर दी गई हैं।” ‘MP स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में निचले पायदान पर’ कमलनाथ ने आरोप लगाया कि “बड़ी संख्या में बीमारियों को निजी अस्पतालों में उपचार से बाहर करने से आयुष्मान कार्ड धारक उपचार कराने के लिए परेशान हो रहे हैं। मध्य प्रदेश पहले से ही स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में निचले पायदान पर है और उस पर आयुष्मान कार्ड का अप्रभावी हो जाना लोक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत चिंता का विषय है।” सीएम से कमेटी बनाकर निजी अस्पताल में बीमारियों को उपचार के लिए खोलने की मांग उन्होंने आगे कहा, “स्वास्थ्य की रक्षा करना और अच्छा उपचार कराना हर नागरिक का मूलभूत अधिकार है। मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि इस विषय में गंभीरता से विचार करें और एक कमेटी बनाकर बहुत सारी बीमारियों को दोबारा निजी अस्पतालों में उपचार के लिए खोला जाए।” ‘जरूरतमंद नागरिक को उपचार से वंचित न किया जाए’ कमलनाथ ने आगे लिखा कि जो अस्पताल आयुष्मान कार्ड का दुरुपयोग कर रहे हैं, उन पर निश्चित तौर पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन इस कार्रवाई का मतलब यह नहीं कि मध्य प्रदेश के जरूरतमंद नागरिक उपचार से वंचित कर दिए जाएं।

कमलनाथ ने सरकार पर साधा निशानाः बोले- MP में निवेश तो दूर की बात, केंद्रीय योजनाओं की राशि भी आधी ही मिली

Kamal Nath targeted the government: Leave alone investment in MP, only half the amount of central schemes was received. भोपाल। कांग्रेस नेता एवं पूर्व सीएम कमलनाथ ने मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि- मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आए दिन प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश के वादों की चर्चा करते रहते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि निजी क्षेत्र से आने वाला यह निवेश तो दूर की बात है, केंद्र सरकार से प्रदेश में चल रही विभिन्न योजनाओं के लिए आने वाले पैसे को ही अब तक राज्य सरकार प्राप्त नहीं कर सकी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ मध्य प्रदेश को चालू वित्त वर्ष में केंद्रीय योजनाओं के लिए केंद्र सरकार की ओर से 37,652 करोड़ रुपया मिलने थे लेकिन अब तक सिर्फ़ 16,194 करोड़ रुपये ही मिले हैं। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- जिन महत्वपूर्ण केंद्रीय योजनाओं के लिए पर्याप्त राशि नहीं मिली है उनमें -आयुष्मान योजना, आदिवासी समुदाय के छात्रों की छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा केंद्रीय सड़क निधि, PM श्री स्कूल और अदालत के भवन निर्माण की राशि भी अटकी हुई है।मुख्यमंत्री यह सारी रकम मध्य प्रदेश की जनता का अधिकार और केंद्र पैसा देकर कोई एहसान नहीं कर रहा है। प्रदेश की जनता अपनी गाढ़ी कमाई से केंद्र सरकार को जो टैक्स देती है, उसी का एक छोटा सा हिस्सा केंद्रीय मदद के रूप में प्रदेश को वापस मिलता है। इसलिए आप दलगत राजनीति से ऊपर उठकर केंद्र सरकार पर प्रदेश को उसका अधिकार देने के लिए दबाव बनाएं।

कांग्रेस ला रही जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, साथ आए AAP, सपा और TMC

नई दिल्ली. विपक्षी INDI गठबंधन की ओर से राज्यसभा के चेयरमैन जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है। कांग्रेस ने यह प्रस्ताव लाने की पेशकश की है, जिसका समर्थन INDI अलायंस के अन्य दल भी कर सकते हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि राज्यसभा के चेयरमैन के तौर पर जगदीप धनखड़ पक्षपात कर रहे हैं। वह विपक्षी दलों के सांसदों को मौका नहीं देते और उन्हें अनसुना किया जाता है। ममता बनर्जी की टीएमसी, अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी और अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। विपक्षी दल संविधान के अनुच्छेद 67(B) के तहत इस प्रस्ताव को लाने वाले हैं। बता दें कि सोमवार को भी संसद के दोनों सदनों में कामकाज प्रभावित रहा। राज्यसभा में भी रुक-रुक कर हंगामा होता रहा और कई बार सदन को ठप करने के बाद अंत में पूरे दिन के लिए ही कार्यवाही स्थगित कर दी गई। इस दौरान जगदीप धनखड़ ने विपक्षी सांसदों के रुख पर दुख भी जताया और कहा कि ये लोग कामकाज बाधित कर रहे हैं और लोकतंत्र के मंदिर में चर्चा से बच रहे हैं। राज्यसभा में सोमवार को सत्ता पक्ष एवं विपक्ष ने अलग-अलग मुद्दों पर भारी हंगामा किया, जिसके कारण उच्च सदन की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद अपराह्न करीब तीन बजकर दस मिनट पर पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। एनडीए के सांसदों ने कांग्रेस तथा उसके नेताओं पर विदेशी संगठनों और लोगों के माध्यम से देश की सरकार तथा अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की। वहीं कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष ने अडानी समूह से जुड़ा मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। तीन बार के स्थगन के बाद दोपहर तीन बजे उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर भी सदन में हंगामा जारी रहा और विपक्षी सदस्यों ने अडानी समूह से जुड़ा मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्ष के कुछ सदस्य अपनी सीट से आगे आ गए। हंगामे के बीच सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि उनके कक्ष में सदन के नेता जेपी नड्डा और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ उनकी बैठक हुई। उन्होंने कहा, ‘बैठक का उद्देश्य सदन में निर्बाध कामकाज सुनिश्चित करना था। दोनों पक्षों ने खुलकर चर्चा की और संकेत दिया कि राष्ट्र की अखंडता और संप्रभुता हमारे लिए पवित्र है। ’ धनखड़ ने कहा कि नेताओं ने मंगलवार को सुबह 10:30 बजे फिर से उनके कक्ष में मिलने पर सहमति जताई है। इसके बाद उन्होंने सभी सदस्यों से अपील की कि वे संविधान की शपथ पर सावधानीपूर्वक विचार करें ताकि राष्ट्र की अखंडता प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जा सके।

दुष्कर्म मामले में बीजेपी नेता पर FIR: जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा, कहा- 5 से 10 भाजपा नेता लग गए होंगे उसे बचाने में…

FIR against BJP leader in rape case: Jitu Patwari cornered the government, said- 5 to 10 BJP leaders must have been involved in saving her… भोपाल। मध्य प्रदेश के विदिशा में भाजपा जिला उपाध्यक्ष योगेंद्र सोलंकी पर रेप का मामला दर्ज होने पर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सरकार पर निशाना साधा है। राजधानी भोपाल में प्रेस कांफ्रेंस कर पटवारी ने कहा कि बीजेपी नेता का अपनी ही भतीजी के साथ बलात्कार करने का मामला आज सुर्खियां बनी हुई है। ये अराजकता और अद्भुत सरकार का फेलियर है। पटवारी ने कहा कि सरकार का आज तक कोई प्रयास इन घटनाओं को रोकने के लिए नहीं हुआ।10 दिन पहले एक शिक्षिका के साथ बालाघाट में बीजेपी के नेता ने दुष्कर्म किया, अक्टूबर में इंदौर के महू में सेना के जवानों के साथ जो महिलाएं थी, उनके साथ जो बीजेपी के नेताओं ने किया बहुत ही चर्चित मामला था। दतिया में भी भाजपा नेता ने कुछ लोगों के साथ मिलकर दो महिलाओं के साथ बलात्कार किया, तब नरोत्तम मिश्रा के मुंह में दही जम गया था। जबलपुर में नौकरी दिलाने के नाम पर 28 साल की युवती के साथ बीजेपी के नेता शशिकांत सोनी ने बलात्कार किया। पीसीसी चीफ ने कहा कि आखिर ऐसी सैकड़ों घटनाओं में बीजेपी के नेता ही सामने क्यों आते हैं यह सवाल तो है? उन्होंने कहा कि राजनीतिक दबाव में हजारों मामले दब जाते हैं। भोपाल विदिशा समेत पूरे प्रदेश के जिलों में 17 मिनट में एक बलात्कार हो रहे हैं, जनता सरकार का चाल चरित्र चेहरा पहचानें। भाजपा नेताओं पर इस तरीके के मामले सामने आते हैं, तो उन्हें बचाया जाता है ना की कार्रवाई की जाती है। जीतू पटवारी ने कहा कि अभी जो सोलंकी पर रेप का मामला दर्ज हुआ, उसमें 5 से 10 बीजेपी नेता लग गए होंगे उसे बचाने के लिए।

बीना विधायक निर्मला सप्रे के खिलाफ लगाई याचिका में सुनवाई आज

Hearing in the petition against Bina MLA Nirmala Sapre today भोपाल। बीना विधायक निर्मला सप्रे की विधायकी निरस्त करने की मांग करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा प्रस्तुत याचिका पर हाई कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर की एकल पीठ के समक्ष सुनवाई होगी। याचिका में सिंघार ने कहा है कि बीना से विधायक सप्रे ने कांग्रेस की सदस्यता त्याग कर भाजपा का दामन थाम लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। विधानसभा अध्यक्ष ने नहीं किया निराकरण इस संबंध में सिंघार ने मप्र विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्रसिंह तोमर के समक्ष एक याचिका सप्रे की विधायकी निरस्त करने की गुहार लगाते हुए दायर की थी, लेकिन अध्यक्ष ने अब तक इसका निराकरण नहीं किया। इससे व्यथित होकर हाई कोर्ट की शरण लेना पड़ी है। शीतकालीन सत्र से पहले निरस्त की जाए विधायकी याचिका में मांग की गई है कि सप्रे की विधानसभा सदस्यता शीतकालीन सत्र से पहले निरस्त की जाए। याचिका में यह भी कहा है कि संविधान की अनुसूची 10 के अनुसार अगर कोई विधायक दल बदलता है, उसकी विधानसभा से सदस्यता निरस्त की जानी चाहिए। अगर दल-बदल के बाद भी ऐसे व्यक्ति को विधायक बने रहना है तो उसे फिर से चुनाव लड़ना पड़ता है।

16 दिसंबर को प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधानसभा का घेराव कर रही है, यह घेराव अभी तक का कांग्रेस का सबसे बड़ा आंदोलन होगा

भोपाल 16 दिसंबर को मध्य प्रदेश की विधानसभा घेराव को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बैठक लेकर सभी को जिम्मेदारियां सौंप दी है उन्होंने कहा है कि हर ब्लॉक से कम से कम 20 चौपाइयां वहां आंदोलन में शामिल होने के लिए भोपाल पहुंचना चाहिए इसके अतिरिक्त विधायक पूर्व विधायक और जिला एवं शहर अध्यक्षों को अलग से जिम्मेदारी दी गई है. उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश की डॉक्टर मोहन यादव सरकार को 13 दिसंबर को 1 साल पूर्ण हो रहा है जबकि 16 दिसंबर को प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधानसभा का घेराव कर रही है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के मुताबिक यह घेराव अभी तक का कांग्रेस का सबसे बड़ा आंदोलन है. इसे लेकर प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बैठक ली. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मुकेश नायक के मुताबिक बैठक में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सभी जीते हुए विधायक और हारे हुए उम्मीदवारों को विशेष रूप से कार्यकर्ताओं के साथ भोपाल पहुंचना है. इसके अलावा पार्षद पूर्व पार्षद, अध्यक्ष,ञपूर्व अध्यक्ष सहित सभी को ब्लॉक स्तर पर जिम्मेदारी दी गई है. यह भी कहा गया है कि आंदोलन को भी कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता अपना खुद का आंदोलन मानकर सफल बनाने की पूरी कोशिश करें. इसके लिए ब्लॉक स्तर पर बैठक भी करें. महिला कांग्रेस के साथ-साथ अन्य संगठनों से भी अपील प्रदेश के मीडिया प्रभारी मुकेश नायक के मुताबिक प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने महिला इकाई, एनएसयूआई, युवा कांग्रेस सहित कांग्रेस के अन्य सभी संगठनों से भी आंदोलन में भाग लेने की अपील बैठक के माध्यम से की है. इसमें स्पष्ट रूप से चेतावनी भी दी गई है कि यदि कोई आंदोलन को लेकर लापरवाही बरतने की कोशिश करेगा तो आगे संगठन उस मामले में गंभीर निर्णय लेगा. मध्य प्रदेश में ब्लॉक स्तर पर बैठक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मुकेश नायक ने बताया कि मध्य प्रदेश में सभी 230 विधानसभा सीटों पर 450 से ज्यादा ब्लॉक है. इन ब्लॉक में कार्यकर्ताओं, नेताओं को बैठक के माध्यम से भोपाल आने का आमंत्रण दे दिया गया है. अब ब्लॉक स्तर पर भी बैठक होगी. सभी ब्लॉक से 20-20 गाड़ियों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को भोपाल लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

किसान खाद के लिए परेशान, लंदन में डायनासोर के अंडे देख रहे मोहन यादव, उमंग सिंगार

Farmers worried about fertilizer, Mohan Yadav, Umang Singar looking at dinosaur eggs in London रीवा ! मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार 2 दिवसीय प्रवास पर रीवा आए. उमंग सिंघार ने राज निवास भवन में अयोजित पत्रकार वार्ता में केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा. नेता प्रतिपक्ष ने सिंगरौली जिले में बढ़ते प्रदूषण को लेकर चिंता व्यक्त की. इसके साथ ही उन्होंने खाद की समस्या पर भी प्रदेश सरकार को घेरा. प्रदेश के प्रशानिक अधिकारियों पर सवाल खड़े करते हुऐ उमंग सिंघार ने बड़ा बयान दे दिया. उन्होंने कहा कि यहां पर अधिकारी जिस प्रकार से भाजपा नेताओं की गुलामी कर रहे उन्हें तेल ले लेना चाहिए और भाजपा नेताओं के लगाना चाहिए. देश के नक्शे में सिंगरौली सबसे ज्यादा प्रदूषण वाला जिला पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला. नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “सिंगरौली जिला देश के नक्शे में सबसे ज्यादा प्रदूषण वाला जिला बनता जा रहा है. सिंगरौली मध्य प्रदेश की ऊर्जाधानी कहलाता है. प्रदूषण के मामले में दिल्ली के बाद सिंगरौली दूसरे नंबर पर है. भविष्य में यह जगह वहां पर निवासरत लोगों के लिए बड़ी मुश्किल वाली जगह होगी. लगता है वहां पर सिर्फ खदाने ही रह जाएगी और लोगों को वहां से विस्थापित होना पड़ेगा. निजी कंपनियों की कोल माइंस ने वहां पर अपनी अपनी नीतियां बनाई है. उमंग सिंघार ने प्रदेश और केंद्र सरकार को घेरा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, “वहां पर पुलिस और एसएएफ की बटालियन लगाकर लोगों के घर तोड़ दिए गए. ऐसा लगता है की मोहन यादव की सरकार दबाव में काम कर रही है. मुझे लगता है कि देश के अंदर मोदी के साथ अडानी सेफ है और प्रदेश के अंदर मोहन यादव के साथ अडानी सेफ है. झारखंड से कोल डस्ट सिंगरौली आती है. इसके बाद उसे कोयले में मिलाकर अन्य जगहों पर भेजा जाता है. इस तरह से कई प्रकार के घोटाले हैं, जो देखने को मिले हैं. इन सभी मुद्दों को विधानसभा में उठाने के साथ ही अगर पार्टी को जरुरत पड़ी, तो आने वाले समय में आंदोलन भी करेंगे.” किसान खाद को लेकर परेशान नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “रीवा जिले में 50% भी बोवनी नहीं हो पाई. किसानों को खाद नहीं मिली. इनके तो कृषि मंत्री को पता ही नहीं है कि खाद कौन देता है. सरकार पिछले 4 सालों से बहाना बना रही है कि रसिया यूक्रेन में युद्ध चल रहा है, लेकिन मैं सरकार से जानना चाहता हूं. भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार ने कई बार चाइना, अमेरिका और मोरक्को सहित कई ऐसे देश है, जहां से खाद को इंपोर्ट किया, तो अब क्या दिक्कत है. क्या सरकार के पास पैसे नहीं है, किसानों के लिए, मुख्यमंत्री लंदन में घूम रहे थे, उसके पहले शिवराज गए थे, तब वह अमेरिका की सड़कों को चिकने गालों की तरह बता रहे थे. मोहन यादव लंदन में डायनासोर के अंडे देख रहे थे.” उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल पर साधा निशाना उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला पर निशाना साधते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि उप मुख्यमंत्री अस्पतालों के बातें करते हैं, लेकिन अस्पतालों की स्थिति ऐसी है की मरीजों को दवाईयां नहीं मिल पा रही है. प्रदेश के उपमुख्यमंत्री हैं, लेकिन अपने ही जिले में मरीजों को दवाई उपलब्ध नहीं कर पा रही है. उमंग सिंघार ने कहा कि अगर उपमुख्यमंत्री से प्रदेश नहीं संभल रहा तो वह अपना जिला ही संभाल ले. स्वास्थ्य विभाग में जो घोटाले चल रहे हैं, जांचों के नाम पर पूरे प्रदेश के अंदर 200 – 300 करोड़ रुपए ब्लड टेस्ट के नाम से जिन कंपनियों को कम दिया जा रहा है, क्या वह कंपनियां सही जांच कर रही है या फिर फर्जी तरीके से सेंपल के नाम पर उनसे पैसे निकाले जा रहे हैं. अधिकारी हो गए भाजपा नेताओं के गुलाम कई आधिकारी तो ऐसे हो गए है, जो भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की गुलाम हो गए है. ऐसे अधिकारी जो भारतीय जनता पार्टी के नाम से माला जप रहे हैं. इनके लिए कांग्रेस को एक अभियान शुरू करना पड़ेगा कि इन्हें एक तेल की सीसी दें. यह भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को तेल लगाएं. क्योंकि ये तो जानता के काम नहीं कर रहे. 16 दिसंबर को हम जन हितैसी मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने का प्रयास करेंगे. बीजेपी जिलाध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष पर किया पलटवार नेता प्रतिपक्ष के तीखे प्रहार पर पलटवार करते हुए भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, “कांग्रेस के नेताओं को किसी भी मुद्दे में सरकार के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है. 2003 के पहले की स्थिति मध्य प्रदेश की जनता अब तक नहीं भूली है. मैंने भी देखा है, सब ने देखा है कि कैसे खाद के लिए किसानों को तीन से चार दिन तक लाईन में लगना पड़ता था और डंडे भी खाने पड़ते थे. अभी तो खबर बनती है, लाइट जाने की तब खबर बनती थी. सिगरौली के सड़क बन रही है. दुनिया की सर्वाधिक कृषि प्रगति दर अगर कहीं है, तो वह मध्य प्रदेश में है. कांग्रेस मुद्दा विहीन है कांग्रेस को जनता समझ भी चुकी है और जवाब भी दे चुकी है. बहुत जल्द हमारा प्रदेश और देश कांग्रेस मुक्त राष्ट्र होगा.

चुनावी प्रक्रिया पर शिवराज सिंह ने उठाए सवाल, बोले- चुनावों से देश हो रहा बर्बाद

Shivraj Singh raised questions on the electoral process, said – the country is being ruined by elections. विदिशा ! केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को विदिशा पहुंचे. जहां उन्होंने विदिशा को कृषि और बागवानी का मॉडल बनाने की बात कही. वहीं देश में बार-बार होने वाले चुनावों को लेकर शिवराज सिंह ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि देश में लगातार चुनाव होने के कारण समय, ऊर्जा और धन की बर्बादी होती है. देश में एक चुनाव खत्म होता है, तो दूसरा शुरू हो जाता है. प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री सभी चुनाव प्रचार में व्यस्त हो जाते हैं, जिससे विकास कार्य प्रभावित होता है. विदिशा की जनता ने दिया समर्थन शिवराज सिंह ने “एक देश एक चुनाव” अभियान की शुरुआत करते हुए विदिशा की जनता से इस विचार का समर्थन करने की अपील. कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनके साथ हाथ उठाकर इस अभियान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई. चौहान ने संविधान में संशोधन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि एक बार में चुनाव हो ताकि बाकी समय देश के विकास पर ध्यान दिया जा सके. प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में प्राकृतिक खेती को अपनाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा, “केमिकल फर्टिलाइजर और पेस्टिसाइड्स के अत्यधिक उपयोग ने जमीन की उपजाऊ क्षमता को खत्म कर दिया है. इससे न केवल इंसान बल्कि पशु-पक्षी भी प्रभावित हो रहे हैं. कई उपयोगी कीट-पतंगे जैसे केंचुए, जो धरती के डॉक्टर कहे जाते थे आज विलुप्त होने की कगार पर हैं.” शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वे विदिशा जिले से प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू करेंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्राकृतिक खेती नहीं अपनाई गई, तो आने वाली पीढ़ियां धरती पर रहने लायक परिस्थितियां नहीं पाएंगी.”

देश के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय साजिश हो रही, यह अत्यंत गंभीर मुद्दा है, इसे रोकने में असमर्थ अमित शाह को बाहर करें मोदी: कांग्रेस

नई दिल्ली कांग्रेस ने कहा है कि सरकार कहती है कि देश के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय साजिश हो रही है तो यह अत्यंत गंभीर मुद्दा है और ऐसी साजिश करने वालों का पर्दाफाश करने में असमर्थ रहे देश के गृहमंत्री अमित शाह को पद से हटा देना चाहिए। कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने शुक्रवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पूरे देश में साम्प्रदायिकता, हिंसा और नफरत का जहर घोला जा रहा है- ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ जैसे नारे दिए जा रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कन्याकुमारी से कश्मीर तक और मणिपुर से महाराष्ट्र तक यात्राएं निकाली, जिसका उद्देश्य मोहब्बत से भारत को जोड़ना था। उन्होंने कहा, “एक व्यक्ति जो मजदूर, किसान, मोची, बढ़ई, ड्राइवर जैसे तमाम वर्गों के जीवन से जुड़े संघर्षों को समझकर उसका समाधान ढूंढता है, एक व्यक्ति जो दलितों, पिछड़ों, महिलाओं की आवाज उठाता है, उनके हक की लड़ाई लड़ता है, उस व्यक्ति को ये लोग देशद्रोही कहते हैं। लेकिन सच्चाई ये है कि भाजपा-आरएसएस देश का सबसे बड़ा टुकड़े-टुकड़े गैंग है। राहुल जी हमेशा जनता के मुद्दों को उठाते रहे हैं और आगे भी उठाएंगे। वे आपकी धमकियों और आरोपों से डरने वाले नहीं हैं।” प्रवक्ता ने कहा, “जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आईएसआई को रेड कार्पेट बिछाकर देश में बुलाते हैं, और वही आईएसआई पुलवामा का सारा ठीकरा हमारे देश पर फोड़ देता है, तब आपने उन्हें देशद्रोही नहीं कहा। जब मोदी विदेश जाकर कहते हैं कि पिछले जन्म में कोई पाप किए होंगे, तभी भारत में पैदा हुए हैं, तब उन्हें देशद्रोही नहीं कहा जाता। जब श्री मोदी बिन बुलाए बिरयानी खाने पाकिस्तान चले जाते हैं, तब उन्हें देशद्रोही नहीं कहा जाता। जब श्री मोदी चीन को क्लीन चिट दे देते हैं, तब ये देशद्रोह की कैटेगरी में नहीं आता। आज देश की जनता ऐसा दोहरा चरित्र रखने वाले भाजपा के लोगों पर हंस रही है।” उन्होंने कहा, “ जब देश का अन्नदाता कहता है- हम काले कानून बर्दाश्त नहीं करेंगे, हम आंदोलन करेंगे तो भाजपा के लिए ये अंतरराष्ट्रीय साजिश और फंडिंग का हिस्सा हो जाता है। जब सोनम वांगचुक अपने साथियों के साथ लद्दाख से आते हैं, अपनी मांग रखते हैं, तो वह अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा हो जाते हैं। मणिपुर डेढ़ साल से जल रहा है, लेकिन नरेंद्र मोदी वहां नहीं जाते क्योंकि वो भी अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा है। अगर श्री मोदी से महंगाई, बेरोजगारी पर सवाल पूछ लिया जाए तो आप देशद्रोही हैं। युवा रोजगार मांग लें तो उनको लाठी मारी जाएगी, क्योंकि वो भी साजिश का हिस्सा हैं। अगर देश में इतनी अंतरराष्ट्रीय साजिश हो रही है तो आप गृहमंत्री अमित शाह की छुट्टी क्यों नहीं करते हैं। क्या नरेंद्र मोदी सरकार इतनी कमजोर है, जिसके खिलाफ कोई भी अंतरराष्ट्रीय साजिश होती रहती है। इस देश में किसी ने अंतरराष्ट्रीय साजिश रची है तो वो गौतम अडानी है, जिस पर रिश्वतखोरी, हेरा-फेरी का आरोप लगा है और जिसने भारत की छवि को धूमिल करने का काम किया है।” प्रवक्ता ने कहा, “भाजपा वाले कहते हैं कि कांग्रेस पार्टी देश की अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने का काम कर रही है।लेकिन सच्चाई यह है कि अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने का काम भाजपा के लोग करते हैं। देश में जब नोटबंदी, गलत जीएसटी लागू की गई तो पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी ने नरेंद्र मोदी को आगाह किया था। उन्होंने कहा था कि अगर आप नोटबंदी के साथ आगे बढ़ेंगे तो जीडीपी गिरेगी, तब श्री मोदी ने उनका मजाक उड़ाया था, लेकिन आज देश के सामने पूरी सच्चाई है।”  

कांग्रेस नेता भानु चिब स्वागत में धक्कामुक्की मामले में अमित पटेल के निलंबन पर रोक

इंदौर इंदौर एयरपोर्ट पर यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु उदय चिब के सामने कार्यकर्ताओं में मारपीट के मामले में पूर्व प्रदेश प्रवक्ता अमित पटेल के निलंबन पर रोक लगा दी गई है। इस मामले की गहनता से जांच कर कमेटी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर निलंबन करने वालों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बता दें की पिछले दिनों यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मितेन्द्र सिंह ने पत्र जारी कर पटेल को यूथ कांग्रेस से निलंबित किया था। कांग्रेस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस निलंबन से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह सहित अन्य नेता भी सहमत नहीं थे। क्योंकि किसी भी वीडियो में पटेल द्वारा मारपीट करने का कोई सबूत नहीं मिला थ। यह बात भी उठी कि इंदौर में कांग्रेस पिछड़ रही है। खासकर इंदौर विधानसभा-दो में। वहां अमित की पत्नी पार्षद हैं। ऐसे में उनके निलंबन से गलत संदेश जाएगा। पटेल खाती समाज से हैं और जीतू पटवारी से जुड़े हुए भी हैं। मितेन्द्र यादव ने बिना किसी को विश्वास में लिए, अपने स्तर पर यह फैसला लिया है। कार्रवाई पर अमित पटेल ने कहा- मैं तो उन्हें बचा रहा था मामले में इंदौर युवा कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता अमित पटेल की सदस्यता सस्पेंड कर दी गई थी। अमित पटेल का कहना है, ‘जिस कांग्रेस नेता के साथ मारपीट हुई है, मैं तो खुद उन्हें बचाता हुआ वीडियो में नजर आ रहा हूं। वे देवास के नेता हैं और मेरे अच्छे दोस्त हैं। हो सकता है कि कुछ दूसरे लोगों को बचाने के लिए ये पत्र जारी किया गया हो। मैं एनएसयूआई, युवा कांग्रेस और कांग्रेस में किसी पद पर नहीं हूं। मेरी पत्नी पार्षद हैं। बस मैं पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता हूं। इंदौर शहर युवा कांग्रेस अध्यक्ष की दावेदारी जरूर कर रहा हूं।’ इंदौर एयरपोर्ट पर हुए घटनाक्रम का सिलसिलेवार ब्योरा     26 नवंबर को इंदौर एयरपोर्ट पर आए यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को शाजापुर में मशाल यात्रा में शामिल होने जाना था।     एमपी यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष मितेंद्र सिंह और पूर्व विधायक विपिन वानखेड़े चिब को अपनी-अपनी कार में बैठाना चाहते थे।     चिब, वानखेड़े की कार में बैठे। वानखेड़े दिल्ली से चिब के साथ ही इंदौर आए थे।     यूथ कांग्रेस के नेताओं का कहना था कि प्रोटोकॉल के तहत चिब को अध्यक्ष मितेन्द्र दर्शन सिंह की कार में जाना था।     इसी बात पर वानखेड़े और सिंह गुट में विवाद हुआ।     एमपी यूथ कांग्रेस में सचिव विश्वजीत सिंह चौहान ने अमित पटेल के समर्थक को चांटा मार दिया था।     इसके बाद पटेल के समर्थकों ने चिब की कार के साथ चल रहे विश्वजीत चौहान के साथ मारपीट कर दी थी।

बीजेपी के संकल्प पत्र के धोखे के खिलाफ विपक्ष का भोपाल में बड़ा आंदोलन, विधानसभा का घेराव 16 दिसंबर को करेगी कांग्रेस

भोपाल. बीजेपी को संकल्प पत्र के वादे याद दिलाने के लिए कांग्रेस 16 दिसंबर को भोपाल में एक बड़ा आंदोलन करने जा रही है। इसके तहत मार्च निकाला जाएगा और किसानों के साथ विपक्ष विधानसभा का घेराव करेगा। जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में जो वादे किए थे, वो आज तक पूरे नहीं हुए हैं। प्रदेश में किसानों, बहनों, छात्रों, एससी-एसटी वर्ग और पत्रकारों सहित सभी के साथ धोखा हुआ है और इसके खिलाफ वो आवाज़ उठाने जा रहे हैं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि ‘अगर धोखा देने की कोई प्रतियोगिता होती, तो भाजपा उसमें गोल्ड मेडल लाती’। इसी के साथ उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने विधायकों की एक समिति भी बनाएगी जो भ्रष्टाचार के मुद्दों को उजागर करेगी। आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में जीतू पटवारी जी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार जी, उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने संयुक्त पत्रकारों को संबोधित किया। इस अवसर पर मप्र कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी राजीव सिंह, सेवादल अध्यक्ष योगेश यादव, युवा कांग्रेस अध्यक्ष मितेंद्र सिंह और एनएसयीआईI अध्यक्ष आशुतोष चौकसे भी उपस्थित थे। बीजेपी पर जनता से वादाखिलाफी का आरोप जीतू पटवारी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बीजेपी सरकार पर भ्रष्टाचार, धोखा देने और जनता के साथ वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ‘मोहन यादव जी को लगभग एक साल हो गया है शपथ लिए हुए। इस एक साल में जनता ने क्या देखा है। इस एक साल में मध्य प्रदेश ने कर्ज, क्राइम और करप्शन का नया रिकॉर्ड बनते देखा है। कर्ज लेने के कौशल को शिवराज सिंह चौहान जी से मोहन यादव जी को आगे बढ़ते देखा है। करप्शन की लूट मची है। इस सरकार में लूट की छूट है। सरकारी जमीनें बेची जा रही हैं। एक हज़ार करोड़ की ज़मीन तीन सौ करोड़ में बेची जा रही है। सात सौ करोड़ कैसे गया..कहां गया, इन सब मामलों को लेकर कांग्रेस पार्टी विधायकों की समिति भी बनाएगी। सरकारी संपत्तियों को बेचना और उनकी बोली लगाना कैसे हो रहा है, उस करप्शन को समिति उजागर करेगी। इनके संकल्प पत्र का धोखा..बीजेपी ने किसानों को धोखा दिया, उन्होंने बहनों को धोखा दिया, छात्रों को धोखा दिया, मिडिल क्लास को धोखा दिया, कर्मचारियों को धोखा दिया, एससी-एसटी वर्ग को धोखा दिया, किसी वर्ग को नहीं छोड़ा और इन्होंने पत्रकारों को भी धोखा दिया। अगर धोखा देने की कोई प्रतियोगिता होती तो भाजपा उसमें गोल्ड मेडल लाती।’ कांग्रेस का विशाल आंदोलन, विधानसभा का घेराव करेगी कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ‘संकल्प पत्र के धोखे को जनता ने एक साल में भोगा है। बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में कहा है कि साठ साल से अधिक उम्र के पत्रकारों को बीस हज़ार रुपया मानदेय देगी, जिसपर आज तक अमल नहीं हुआ है। बीजेपी सरकार द्वारा हर वर्ग से धोखा किया जा रहा है। मीडिया और पत्रकारों के साथ भी धोखा किया जा रहा है। पत्रकारों को भी इसके लिए जागना होगा। अपने हितों की लड़ाई के लिए जनता, विपक्ष सहित सबको एक होना होगा। इसीलिए 16 दिसंबर को कांग्रेस आंदोलन करेगी। इसके तहत राजधानी में एक बड़ा मार्च निकाला जाएगा और किसानों के साथ मिलकर हम विधानसभा का घेराव करेंगे। कांग्रेस इस आंदोलन के लिए ब्लॉक और जिला स्तर पर बैठकें करेगी और हर ब्लॉक से किसानों को यहां लाया जाएगा। सब मिलकर बीजेपी के संकल्प पत्र के धोखे के ख़िलाफ आंदोलन करेंगे।’ उन्होंने कहा कि सीएम मोहन यादव तो अपना दायित्व निभा नहीं पा रहे हैं इसलिए कांग्रेस अपना दायित्व निभाएगी और सरकार को उनके वादे याद दिलाएगी।

कांग्रेस का अदाणी मामले को लेकर तंज- कहा,सरकार अपने आप में जांच का हिस्सा कैसे बन सकती है

नई दिल्ली कांग्रेस ने अदाणी समूह को लेकर विदेश मंत्रालय के एक बयान का हवाला देते हुए शनिवार को कटाक्ष किया कि सरकार अपने आप में जांच का हिस्सा कैसे बन सकती है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को अदाणी समूह से जुड़े मामले पर कहा था कि भारत सरकार को इस मुद्दे के बारे में पहले से सूचित नहीं किया गया था। उन्होंने कहा था, ‘‘यह निजी कंपनियों और व्यक्तियों तथा अमेरिकी न्याय विभाग से जुड़ा एक कानूनी मामला है। ऐसे मामलों में स्थापित प्रक्रियाएं और कानूनी तरीके हैं, हमारा मानना है कि उनका पालन किया जाएगा।’’ कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रवक्ता के बयान का हवाला देते हुए ‘एक्स’ एक पोस्ट में कहा, ‘‘विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि भारत सरकार अदाणी समूह की अमेरिकी जांच का हिस्सा नहीं है। उन्होंने तो बस स्पष्ट बात कही है।’’ उन्होंने कटाक्ष किया, ‘‘यह सरकार अपने आप में जांच का हिस्सा कैसे बन सकती है?’’  

वन स्टेट-वन इलेक्शन पर कोर्ट जाएगी कांग्रेस, राजस्थान-निकाय चुनावों पर सरकार चुप

जयपुर. राजस्थान में भाजपा वन स्टेट, वन इलेक्शन के फार्मूले पर आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। प्रदेश में 59 निकायों का कार्यकाल पूरा हो चुका है। यहां चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं किए गए हैं बल्कि सरकार ने प्रशासक लगा दिए हैं। सरकार ने पिछले साल संकेत दिए थे कि वे पंचायत और निकाय चुनाव एक साथ करवाना चाहते हैं लेकिन कानून में कोई संशोधन नहीं हुआ। ऐसे में कांग्रेस अब इस मामले को कोर्ट से निपटाने पर भी विचार कर रही है। शहरी विकास एवं आवास (यूडीएच) मंत्री झाबरसिंह खर्रा ने दो महीने पहले संकेत दिया था कि शहरी स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव 2025 में एक साथ कराए जाएंगे। प्रदेश की भाजपा सरकार ने पिछले बजट में घोषणा की थी कि राज्य भर में स्थानीय निकाय चुनाव एक साथ कराए जाएंगे। हालांकि राज्य सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है न ही आयोग को इस बारे में कोई चिट्ठी लिखी गई है। ऐसे में अब कांग्रेस इस मामले को लेकर कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है। मौजूदा संवैधानिक व्यवस्था में जो कानून है, उसमें पंचायत और निकाय चुनाव 6 महीने से ज्यादा टाले नहीं जा सकते। सूचियां तैयार करने में जुटा राज्य निर्वाचन आयोग हालांकि राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिला चुनाव अधिकारियों (डीईओ) को निर्देश दिया है कि वे प्रत्येक वार्ड के लिए आवश्यक समझे जाने वाले मतदान केंद्रों का चयन करें और आगामी नगर निकायों के चुनावों के लिए मतदान केंद्रों की सूची प्रकाशित करें लेकिन कांग्रेस का कहना है कि चुनाव करवाने हैं तो अब तक मतदाता सूची प्रकाशित हो जानी चाहिए थी। अभी तक वोट लिस्ट ही नहीं बनी- डोटासरा इधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा का कहना है कि मौजूदा लोकसभा में केंद्र सरकार कानून में बदलाव करती है तो अलग बात है नहीं तो हम चुनाव करवाने के लिए जनता के बीच भी जाएंगे, हाईकोर्ट भी जाएंगे और जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। डोटासरा ने कहा- बीजेपी इस मामले में पूरी तरह से फेल है। प्रदेश में 59 नगर परिषदों के चुनाव हो जाने चाहिए थे लेकिन अभी तक वोट लिस्ट ही नहीं बनी, आरक्षण की कोई बात भी नहीं हुई। वन स्टेट, वन इलेक्शन की मुंह जुबानी बातें हो रही हैं, कानून में कोई संशोधन नहीं हुआ। ये दिल्ली की पर्ची की तरफ देख रहे हैं, दिल्ली की पर्ची अभी आई नहीं। डोटासरा ने कहा कि जब तक दिल्ली की पर्ची नहीं आएगी तब तक ये प्रशासक लगाकर बैठे रहेंगे। जनवरी में ग्राम पंचायतों के जो चुनाव होने हैं, उसमें भी ये प्रशासक लगा देंगे। आज की तारीख में सरकार का सबसे बड़ा फेल्योर है तो वह यह कि सरकार में ब्यूरोक्रेसी हावी है और जनता की बात कोई नहीं सुन रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 महीने से राजस्थान में जो अनिर्णय की स्थिति है, वह जनता के लिए घातक है। कानून में संशोधन किया नहीं, निर्वाचन आयोग पंगू बना बैठा है। अब तक सरकार को कह देना चाहिए था कि वोटर लिस्ट तैयार कर ली है, हम चुनाव करवाएंगे। उन्होंने कहा कि जो मौजूदा लोकसभा का सत्र है, इसमें कोई कानून में बदलाव करते हैं तो अलग बात है, नहीं तो हम चुनाव करवाने के लिए हाईकोर्ट भी जाएंगे और जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।

एमपी गजब: पिटा भाजपाईयों ने पिटें भाजपाई और एफआईआर कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर क्यों?

MP Amazing: Why did BJP workers beat up BJP workers and FIR against Congress workers? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज उज्जैन के महिदपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर झूठे एवं द्वेषपूर्ण प्रकरणों के विरोध में प्रदर्शन का नेतृत्व किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार और प्रशासन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर झूठे प्रकरण लादने की हठधर्मिता बंद नहीं हुई, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी। भाजपा की आपसी गुटबाजी का बोझ कांग्रेस पर क्यों? पटवारी ने सवाल उठाया, “जब लड़ाई भाजपाइयों की है, मारपीट पूर्व विधायक के साथ होती है, और हमलावर भाजपा कार्यकर्ता हैं, तो फिर FIR कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर क्यों?” यह भाजपा सरकार की हठधर्मिता और प्रशासन की पक्षपाती कार्रवाई का स्पष्ट प्रमाण है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का स्वाभिमान सर्वोपरि उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं के स्वाभिमान की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ी है। अगर मुख्यमंत्री के गृह जिले की पुलिस पारदर्शिता से काम नहीं करती है, तो कांग्रेस गांधीवादी तरीके से लोकतंत्र का पाठ पढ़ाना जानती है। 24 घंटे का अल्टीमेटम प्रदेश अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि 24 घंटे के भीतर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे प्रकरण वापस नहीं लिए गए, तो उज्जैन की सड़कों पर कांग्रेस का सैलाब दिखाई देगा। उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार और उनका पिट्ठू प्रशासन यह सुन ले कि कांग्रेस अन्याय सहने वाली नहीं है।” कांग्रेस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कार्यकर्ताओं पर झूठे आरोप मढ़ने की कोई भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर स्तर पर इसके खिलाफ लड़ाई लड़ी जाएगी।

‘CM मोहन आप विदेश क्या गए यहां…’, उज्जैन में पूर्व विधायक की पिटाई मामले पर उमंग सिंघार का तंज

‘CM Mohan, why did you go abroad here…’, Umang Singhar’s taunt on the case of beating of former MLA in Ujjain मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन के महिदपुर विधानसभा में प्रभारी मंत्री और सांसद के सामने दो गुटों की भिड़ंत हो गई. इस दौरान पूर्व विधायक बहादुर सिंह चौहान के साथ जमकर मारपीट हुई. प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल और स्थानीय सांसद अनिल फिरोजिया ने मैदान में उतर कर बीच बचाव किया. बीजेपी के दो गुटों की भिड़ंत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. अब इस मामले को लेकर अब कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने बीजेपी पर तंज कसा है. उंमग सिंघार ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर ट्वीट कर कहा, “ये है संस्कारित और अनुशासित पार्टी बीजेपी की असलियत. उज्जैन जिले की महिदपुर विधानसभा में पूर्व विधायक बहादुर सिंह चौहान की प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल और सांसद अनिल फिरोजिया की मौजूदगी में पिटाई हुई.” बिना बुलाए मंच पर जाने वालों के साथ यही होगा- सिंघार उन्होंने कहा, “खास बात ये कि पिटाई करने वाले बीजेपी के ही कार्यकर्ता थे. अब बिना बुलाए मंच पर जाने वालों के साथ तो यही होगा. सीएम साहेब, आप विदेश क्या गए, यहां आपके गृह जिले में ही पार्टी वाले मारपीट करने लगे. ये न तो राजनीतिक संस्कार और सामाजिक व्यवहार हैं.” क्या है पूरा मामला? खेड़ा खजुरिया गांव में बिजली विभाग के ग्रिड और स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया था. इस बीच कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों से कहासुनी हो गई. विवाद बढ़ने के बाद पूर्व विधायक बहादुर सिंह चौहान पर हमला हो गया. बीजेपी नेता प्रताप सिंह आर्य ने बताया कि बहादुर सिंह चौहान के मंच से उतरते ही विवाद की स्थिति बनने लगी. देखते-देखते अचानक मारपीट शुरू हो गई.

दिल्ली चुनाव के लिए कांग्रेस की रणनीति, हम 70 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और जीत के बाद ही हमारे नेता का चुनाव होगा

नई दिल्ली हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद अब दिल्ली में चुनावी मैदान सजने लगा है. यहां सियासी बिसात बिछने लगी है और इसी के साथ दिल्ली की सत्ता किसके हाथ होगी इस पर भी चर्चाओं के बाजार गर्म होने लगे हैं. इसी बीच दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने पार्टी के मुख्यमंत्री चेहरे और गठबंधन को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा चुनाव के बाद ही अपने सीएम चेहरे का ऐलान करती है और इस बार भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी. दिल्ली के रण में अकेले उतरेगी कांग्रेस देवेंद्र यादव ने स्पष्ट किया, “हम कभी पहले से कुछ घोषित नहीं करते. हम 70 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और जीत के बाद ही हमारे नेता का चुनाव होगा. यही प्रक्रिया दिल्ली में भी अपनाई जाएगी.” उन्होंने कहा कि इस समय कांग्रेस का किसी भी पार्टी से गठबंधन नहीं है. उन्होंने दोहराया कि “हमारा किसी से गठबंधन नहीं है, हम अकेले ही चुनाव लड़ेंगे.” दिल्ली में कांग्रेस का चुनावी रुख देवेंद्र यादव ने दिल्ली में कांग्रेस की रणनीति और चुनावी तैयारी पर भी चर्चा की. उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को जीत के लिए पूरी मेहनत करने की बात कही और भरोसा जताया कि कांग्रेस दिल्ली के लोगों के समर्थन से अच्छी जीत हासिल करेगी. यह बयान ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और विपक्षी दलों के बीच संभावित गठबंधनों की चर्चा हो रही है.

कांग्रेस संगठन पदाधिकारियों के काम में निष्क्रिय रहने वाले की छुट्टी कर देगा

भोपाल लंबी ऊहापोह के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति का गठन हो चुका है। सभी पदाधिकारियों को दायित्व भी मिल गया है। अब कांग्रेस पार्टी की प्रदेश इकाई ने तय किया है कि इन सबके कामों का त्रैमासिक मूल्यांकन किया जाएगा। सभी पदाधिकारियों को प्रतिमाह अपने कामकाज का ब्यौरा प्रदेश कांग्रेस को देना होगा। इसमें दौरे, बैठकों और कार्यक्रमों की जानकारी रहेगी। वहीं, जिला और ब्लॉक इकाइयों से भी प्रदेश पदाधिकारियों की गतिविधियों का फीडबैक लिया जाएगा। इसके आधार पर मूल्यांकन होगा। जो भी कसौटी पर खरा नहीं उतरेगा, उसकी छुट्टी करने का इरादा है। विरोध के बाद साधा संतुलन यहां पर यह बता दें कि कांग्रेस ने पहले छोटी कार्यसमिति बनाने का निर्णय लिया था। इसके हिसाब से 17 उपाध्यक्ष और 71 महासचिव बनाए गए। विरोध के स्वर उभरे तो 84 सचिव और 36 संयुक्त सचिव नियुक्त करके संतुलन साधने का प्रयास किया गया। महासचिवों को जिले का प्रभारी बनाया गया है और उनका सहयोग करने के लिए सचिव और सह सचिवों को सह प्रभारी बनाया है। जिलों का करना होगा दौरा इन्हें निर्देश दिए गए हैं कि सबको माह में कम से कम एक बार प्रभार के जिले का दौरा करना होगा। जिला और ब्लॉक कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ बैठक करके संगठन की गतिविधियों की समीक्षा करनी होगी। कांग्रेस द्वारा दिए जाने वाले कार्यक्रमों का नेतृत्व करने के साथ उसकी रिपोर्ट भी प्रदेश मुख्यालय को देनी होगी। इसके आधार पर कामकाज का त्रैमासिक मूल्यांकन होगा। संगठन के कामों में रुचि न दिखाने वाले निष्क्रिय पदाधिकारियों की छुट्टी कर दी जाएगी। इनके स्थान पर युवा नेताओं को मौका दिया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि सभी के कामकाज का मूल्यांकन करेंगे। सबका मकसद संगठन को मजबूत बनाना है। इसके लिए यह व्यवस्था बनाई गई है। जिलों में होंगे प्रशिक्षण पार्टी ने यह भी तय किया है कि संगठन को हर स्तर पर सक्रिय किया जाएगा। जिलों में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसमें बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया जाएगा। प्रशिक्षण विभाग द्वारा पार्टी की रीति-नीति और कार्यक्रम बताए जाएंगे। इसके साथ ही भाजपा सरकार की वादाखिलाफी को मुद्दा बनाकर प्रदर्शन भी किए जाएंगे।

बीना विधायक निर्मला सप्रे के खिलाफ कोर्ट जाएगी कांग्रेस: पटवारी ने भाजपा पर कसा तंज कहा- इधर-उधर क्यों घुमा रहे

Congress will go to court against Bina MLA Nirmala Sapre: Patwari took a dig at BJP and said- why are you beating around the bush भोपाल । प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने विधायक निर्मला सप्रे के भाजपा में शामिल होने को लेकर सवालों के जवाब दिए। सागर जिले से कांग्रेस की एकमात्र विधायक निर्मला सप्रे ने लोकसभा चुनाव के दौरान 5 मई को राहतगढ़ में सीएम के सामने बीजेपी की सदस्यता ली थी। इस कार्यक्रम में सीएम ने बीजेपी का गमछा उनके गले में डालकर पार्टी में स्वागत किया था। निर्मला को दल-बदल किए आज 84 दिन हो चुके हैं। उन्होंने अब तक विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया। अब कांग्रेस निर्मला की सदस्यता खत्म कराने को लेकर हाईकोर्ट में अगले चार-पांच दिनों में याचिका दायर करने जा रही है। 5 मई को विधायक निर्मला सप्रे को सीएम डॉ. मोहन यादव ने पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। वीडी बोले- निर्मला ने विधानसभा को जवाब दिया है बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा- मुझे जो जानकारी है उन्होंने शायद विधानसभा को लिखकर दिया कि मेरा कांग्रेस से मोह भंग हुआ है। मैं विधायक हूं। जनता की सेवा के लिए चुनकर आई हूं। जनता के लिए मेरा अधिकार है कि मुख्यमंत्री से मिलूं। जीतू बोले- निर्मला को इस्तीफा देकर चुनाव लड़वाएं निर्मला सप्रे को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- मैं मोहन यादव को चुनौती दे रहा हूं कि आप इतने लोकप्रिय मुख्यमंत्री हो तो निर्मला सप्रे को इधर से उधर क्यों घुमा रहे हो। आप में दम होगा तो आप जीतोगे, हम जनता के बीच में जाएंगे हममें दम होगा तो हम जीतेंगे। जनता के ऊपर छोड़ो, वह क्या करना चाहती है। आप पहले लोकसभा चुनाव में उन्हें ले गए और हाथ ऊंचा करा दिया कि ये हमारी पार्टी में आईं। अब डर क्यों? क्या कारण है कि आप इस्तीफा नहीं दिलवा रहे हो। अगर आपकी बहादुरी है तो इस्तीफा दिलवाओ। इस्तीफा दिलवाओ और जनता के बीच में जाओ शीतकालीन सत्र में विधानसभा में बैठने को लेकर जीतू पटवारी ने कहा- हम चाहते हैं वह सदन में बैठें। अगर बीजेपी में गई हैं, तो इस्तीफा दें। हम तो उन्हें कोर्ट जाकर हटवाएंगे ही और फिर जनता पर छोड़ेंगे कि वह क्या चाहती है। लेकिन मोहन यादव और जो विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है, उनका इस्तीफा क्यों नहीं करवा रहे हैं? निर्मला सप्रे तो डरेंगी, क्योंकि उनको हारना है। बीजेपी तो बहादुर है। इस्तीफा दिलवाओ और जनता के बीच में जाओ। सप्रे के खिलाफ इसी हफ्ते कोर्ट जाएगी कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे की विधानसभा सदस्यता खत्म करने को लेकर कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष को शिकायत भी की थी। लेकिन, अब तक इस मामले में कोई स्पष्ट फैसला नहीं हुआ है। ऐसे में अब कांग्रेस हाईकोर्ट जाने वाली है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार याचिका पर लीगल एक्सपर्ट के साथ काम करवा रहे हैं। संभव है कि हफ्ते भर के अंदर कांग्रेस सप्रे की विधानसभा सदस्यता खत्म करने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर करेगी। विजयपुर के रिजल्ट से बढ़ी निर्मला सप्रे की टेंशन उपचुनाव में कांग्रेस ने मंत्री राम निवास रावत को हराकर विजयपुर सीट जीती है। वहीं, बुधनी सीट पर 2023 विधानसभा चुनाव के मुकाबले उप चुनाव में बीजेपी की लीड 91000 तक घटाने में कामयाबी मिली है। कांग्रेस इसे बड़ी सफलता मानकर चल रही है। पार्टी उत्साहित है। ऐसे में कांग्रेस निर्मला सप्रे को इस्तीफा देकर चुनाव लड़ने की खुली चुनौती दे रही है। वहीं, विजयपुर के रिजल्ट के बाद अब निर्मला सप्रे टेंशन में हैं। राम निवास रावत छह बार के विधायक थे। अपनी ही सीट पर सत्ताधारी दल के टिकट पर उपचुनाव लड़े और उन्हें हार का सामना करना पड़ा। निर्मला तो पहली बार विधायक बनी हैं। ऐसे में उन्हें डर है कि उपचुनाव में अगर स्थानीय भाजपाइयों ने साथ ना दिया तो उनकी मुश्किल बढ़ सकती है।

प्रियंका गांधी ने शपथ ली: राहुल की तरह हाथ में संविधान की कॉपी पकड़ी

Priyanka Gandhi took oath: held a copy of the Constitution in her hand like Rahul. नई दिल्ली । संसद के शीतकालीन सत्र का गुरुवार को तीसरा दिन है। प्रियंका गांधी पहली बार संसद पहुंचीं। उन्होंने लोकसभा में सांसद पद की शपथ ली। इस दौरान हाथ में संविधान की कॉपी ली। प्रियंका के साथ उनकी मां सोनिया और राहुल गांधी भी संसद पहुंचे। प्रियंका वायनाड सीट से उपचुनाव जीती हैं। प्रियंका के साथ नांदेड़ से उपचुनाव जीतने वाले रविंद्र चव्हाण ने भी शपथ ली। लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही अडाणी मुद्दे पर हंगामा होने लगा। राज्यसभा में भी हंगामा हुआ। इसके बाद दोनों सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। राहुल ने बुधवार को संसद के बाहर कहा था कि अडाणी पर अमेरिका में 2 हजार करोड़ की रिश्वत देने का आरोप है। उन्हें जेल में होना चाहिए। मोदी सरकार उन्हें बचा रही है। पहली बार संसद में गांधी परिवार के तीन सदस्य केरल के वायनाड लोकसभा उपचुनाव में प्रियंका गांधी की जीत के बाद लोकसभा में दोबारा कांग्रेस के 99 सांसद हो गए हैं। वायनाड सीट राहुल गांधी ने छोड़ी थी, जबकि नांदेड़ सीट कांग्रेस सांसद बसंतराव चव्हाण के निधन के चलते खाली हुई थी। इन पर हाल ही में उपचुनाव हुए हैं और दोनों ही सीटें कांग्रेस के पास वापस आ गई हैं। यह पहली बार हुआ है कि कांग्रेस पार्टी से जुड़े गांधी परिवार के 3 सदस्य एक साथ संसद के सदस्य होंगे। राहुल गांधी रायबरेली से और प्रियंका गांधी वाड्रा वायनाड से लोकसभा सांसद हैं। जबकि सोनिया गांधी राजस्थान से राज्य सभा सांसद हैं।

बालाघाट बलात्कार मामले में प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष नूरी खान ने पीसीसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर जमकर हमला बोला

भोपाल बालाघाट बलात्कार मामले में प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष नूरी खान ने पीसीसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि गरीब किसी मामले में फंसता है तो उनके घर पर बुलडोजर चलता है, लेकिन वहीं भाजपा के नेता की बलात्कार के मामले में अभी तक गिरफ्तारी तक नहीं हुई। नूरी खान ने पुलिस को सात दिन का समय दिया और कहा है अगर गिरफ्तारी नहीं होती है तो महिला कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी और आंदोलन करेगी। बता दें, बालाघाट जिले के भाजयुमो जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सोहागपुरे पर महिला से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप लगा है। पीड़िता ने युवा नेता की सगाई के दौरान पहुंचकर हंगामा किया और यौन शोषण के आरोप लगाए थे। जिसके बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। एमपी में में 28857 महिलाएं एमपी से गायब नूरी खान ने कहा कि मध्य प्रदेश में से पिछले पौने 3 साल में 28857 महिलाएं गायब हुई हैं। रोज औसतन 28 महिलाएं और 3 बच्चियों गायब होने के केस दर्ज किए जा रहे हैं। महिला अपराधों का ग्राफ चिंताजनक और भयावह है। 7 महीने में 2319 रेप और 150 से ज्यादा गैंगरेप के मामले सामने आ चुके हैं। पीड़ितों में 3 साल की बच्चियों से लेकर 60 साल की महिलाएं शामिल हैं। अकेले जबलपुर में 70 छात्राओं के अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया गया। महू में सेना के अधिकारियों की महिला मित्रों के साथ दुष्कर्म, उज्जैन में फुटपाथ पर दुष्कर्म, ऐसे कई मामले हैं, जो सामने नहीं आ पाते। नारी न्याय आंदोलन शुरू मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष ने बताया कि अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने देशभर में नारी न्याय आंदोलन और नारी न्याय यात्रा का आगाज किया है। 15 सितंबर से महिला कांग्रेस की देशव्यापी सदस्यता अभियान की शुरूआत की गई है। अब तक 3 लाख महिलाओं ने देशभर में महिला कांग्रेस की सदस्यता ली है। एमपी में अब तक 20 हजार महिलाएं कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ले चुकी हैं।

निर्मला सप्रे की सदस्यता पर फैसला अगले हफ्ते

Decision on Nirmala Sapre’s membership next week भोपाल। रामनिवास रावत के साथ लोकसभा चुनाव में भाजपा का समर्थन करने वाली बीना विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता पर निर्णय अगले सप्ताह होगा। विधानसभा सचिवालय ने उन्हें अपनी बात रखने का अंतिम अवसर दिया है। वहीं, सप्रे ने कहा है कि वे विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के समक्ष उपस्थित होकर अपनी बात रखेंगी। उधर, कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा अध्यक्ष तोमर से मांग की है कि 16 दिसंबर से विधानसभा का शीतकालीन सत्र है। इसलिए आवेदन का निराकरण शीघ्र करें। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने लोकसभा चुनाव के समय भाजपा में शामिल होने की घोषणा करके पार्टी प्रत्याशी के विरुद्ध काम करने वाली बीना से विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता समाप्त करने का आवेदन दिया है। सदस्यता त्यागने का निर्णय नहीं कर पा रहीं सप्रे आवेदन में सप्रे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मंच साझा करने के साथ भाजपा का हाथ थामने की घोषणा करते हुए वीडियो, विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर आदि दस्तावेज लगाए हैं। साथ ही भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित बैठक में उनके शामिल होने के फोटो भी फिर से दिए आवेदन के साथ लगाए हैं। उधर, सप्रे सदस्यता त्यागने को लेकर निर्णय नहीं कर पा रही हैं। यही कारण है कि उन्होंने पहले दो बार के नोटिस पर विभिन्न कारण बताते हुए समय मांगा और फिर कहा कि वे अध्यक्ष के समक्ष प्रत्यक्ष उपस्थित होकर अपनी बात रखेंगी। अनाश्यक खींचा जा रहा मामला- उपनेता प्रतिपक्ष सूत्रों का कहना है कि इस मामले में निर्णय अध्यक्ष को ही करना है, इसलिए अगले सप्ताह सप्रे की बात सुनकर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। वहीं, विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे का कहना है कि इस मामले को अनाश्यक खींचा जा रहा है। दस्तावेज गुम होने की बात कहते हुए दोबारा आवेदन मांगा गया, जबकि स्थितियां बिलकुल स्पष्ट हैं। सभी प्रमाण विधानसभा सचिवालय को उपलब्ध कराए जा चुके हैं। यदि विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले सप्रे की सदस्यता पर निर्णय नहीं लिया गया, तो हम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। उधर, विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह का कहना है कि सप्रे ने अध्यक्ष से भेंट करके अपनी बात रखने का कहा है। जल्द ही इस पर फैसला हो जाएगा। टल सकता है निर्मला का मामला सूत्रों का कहना है कि रामनिवास रावत के उपचुनाव हारने के बाद अब निर्मला सप्रे का मामला टल भी सकता है। दरअसल, सप्रे बीना को जिला बनाने की मांग कर रही थीं। सरकार के स्तर पर इसकी तैयारी भी हो गई थी, पर खुरई में विरोध होने के कारण मामला टल गया। खुरई से विधायक पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह कह चुके हैं कि भले ही पार्टी कांग्रेस से आए लोगों को स्वीकार कर ले, पर वे नहीं करेंगे। सागर जिले में पार्टी के अधिकतर नेता व कार्यकर्ताओं के बीच सप्रे को लेने पर एकराय नहीं है।

अडानी मुद्दे पर चर्चा की विपक्षी मांग, शशि थरूर ने सरकार पर उठाए सवाल

Opposition demands discussion on Adani issue, Shashi Tharoor makes serious allegations against the government नई दिल्ली ! कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने अडानी समूह से जुड़े मामलों पर चर्चा की मांग की थी, लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं थी। उन्होंने कहा, “दोनों सदनों के सत्र स्थगित कर दिए गए हैं। देशहित में संसद का सुचारू रूप से चलना बेहद महत्वपूर्ण है और सदन में सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।” थरूर ने विपक्ष की ओर से उठाए गए मुद्दों को दबाने के आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार का कर्तव्य है कि वह संवाद और चर्चा को प्राथमिकता दे। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह संसद के अगले सत्र में इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति दे, ताकि देशहित से जुड़े सवालों के जवाब सामने आ सकें। विपक्षी दल लंबे समय से अडानी समूह के मामलों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, सरकार ने इन आरोपों को बार-बार खारिज किया है। अब देखना होगा कि संसद का अगला सत्र इस मुद्दे पर कोई ठोस समाधान लेकर आता है या नहीं।

कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक में उमंग सिंघार शामिल नहीं हुए, राजनीतिक मामलों की समिति के 25 में से 16 सदस्य बैठक में अनुपस्थित रहे

भोपाल मध्य प्रदेश में कांग्रेस की कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक शुक्रवार को विवादों और मतभेद के बीच संपन्न हुई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उमंग सिंघार शुक्रवार को इस बैठक में शामिल नहीं हुए, जबकि गुरुवार को राजनीतिक मामलों की समिति के 25 में से 16 सदस्य बैठक में अनुपस्थित रहे। इस अनुपस्थिति ने पार्टी में असंतोष और अंदरूनी मतभेदों को और उजागर किया है, खासकर पिछले साल के विधानसभा चुनाव में बीजेपी से मिली करारी शिकस्त के बाद। बैठक के पहले दिन जिन प्रमुख नेताओं ने बैठक में भाग नहीं लिया, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व राज्य मंत्री गोविंद सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, प्रवीण पाठक, कमलेश्वर पटेल, शोभा ओझा और विधायक आरिफ मसूद शामिल थे। इसी तरह पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह भी बैठक से अनुपस्थित रहे। कांग्रेस की बैठक में मतभेद बैठक से अनुपस्थित रहने वाले नेताओं की सूची में इतने बड़े नामों के शामिल होने से पार्टी में असंतोष की चर्चा तेज हो गई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख जीतू पटवारी ने हालांकि उमंग सिंघार की अनुपस्थिति को उनके गले में खराश के कारण बताया। बैठक के पहले दिन उनके रोने के बारे में पूछे जाने पर पटवारी ने इसे “मीडिया द्वारा गढ़ी गई कहानी” बताया और कहा, “मैं एक योद्धा हूं।’’ हालांकि, एक पार्टी नेता ने बताया कि बैठक में शामिल न होने वाले नेता बीजेपी सरकार की नीतियों और विफलताओं को लेकर अगले सप्ताह विधानसभा का घेराव करने का निर्णय लेने के पक्ष में थे। साथ ही पार्टी ने सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों के लिए प्रभारी नियुक्त करने का फैसला किया है, ताकि आने वाले चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके। पार्टी ने संगठनात्मक फैसले लिए कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के दौरान पार्टी ने वार्ड, मोहल्ला और ग्राम समितियों के गठन का निर्णय भी लिया। यह बैठक पार्टी के नए संगठनात्मक ढांचे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, क्योंकि पिछले महीने इन समितियों के गठन की प्रक्रिया शुरू हुई थी और यह पहली बैठक थी। बैठक में लिए गए फैसलों से पार्टी ने यह संकेत दिया है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर गंभीर है, लेकिन अंदरूनी असंतोष और नेताओं के बीच मतभेद पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकते हैं।

विजयपुर में मुरझाया कमल, मंत्री रामनिवास रावत को मिली करारी हार, कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा जीते

Lotus withered in Vijaypur, Minister Ramniwas Rawat got a crushing defeat, Congress’s Mukesh Malhotra won. श्योपुर। Vijaypur By-Election Result 2024: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की विजयपुर (Vijaypur) विधानसभा सीट पर कांग्रेस (Congress) ने कब्जा कर लिया है। भाजपा प्रत्याशी (BJP candidate) और सरकार में वनमंत्री (Forest Minister) रामनिवास रावत (Ramniwas Rawat) की बड़ी हार हुई है। मुकेश मल्होत्रा (Mukesh Malhotra) ने रावत को 7 हजार 228 वोटों से हरा दिया।

मध्य प्रदेश में कांग्रेस बनाएगी मोहल्ला समितियां, 35-40 घरों के लिए तैनात होगा एक कार्यकर्ता

भोपाल मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी संगठन को विस्तार और मजबूती देने के लिए अब मोहल्ला समितियां बनाएगी। 35 से 40 घरों के लिए एक कार्यकर्ता की तैनाती की जाएगी। पार्टी की प्राथमिक इकाइयां वार्ड, पंचायत, बूथ कमेटियां होंगी। मप्र विधानसभा के 16 दिसंबर से प्रारंभ होने वाले शीतकालीन सत्र के दौरान भोपाल में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी संगठन की मजबूती और आगामी कार्यक्रमों को तय करने के लिए गठित समिति की पहली बैठक में यह निर्णय लिया गया। संगठन को मजबूत करने की कवायद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संगठन को मैदानी स्तर पर मजबूती देने और बैठकों, धरना, प्रदर्शन, आंदोलनों का एजेंडा तय करने के लिए वरिष्ठ नेताओं की समिति बनाई है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में इसकी मंगलवार को पहली बैठक हुई। नए लोगों को जोड़ने पर जोर प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह और अशोक सिंह ने बताया कि 21 और 22 नवंबर को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक होगी। इसमें संगठन के विस्तार को चर्चा की जाएगी। जितने भी पदाधिकारी बनाए गए हैं, उन सभी को जिला, ब्लॉक और विधानसभा क्षेत्र का प्रभार दिया जाएगा। नए लोगों को पार्टी से जोड़ने की रूपरेखा तैयार की जाएगी। जनहित के मुद्दों पर प्रदर्शन की तैयारी उन्होंने बताया कि पार्टी की प्राथमिक इकाई वार्ड, पंचायत और बूथ कमेटियां होंगी। मोहल्ला कमेटी का गठन किया जाएगा। 35-40 घरों के बीच एक कार्यकर्ता तैनात किया जाएगा जो पार्टी की रीति-नीति और कार्यक्रमों को जनता के बीज पहुंचाने का काम करेगा। प्रदेश में महिलाओं, बच्चियों, अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के साथ हो रहे अन्याय, किसानों से वादाखिलाफी, कानून व्यवस्था की बदतर स्थिति, बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।

शीतकालीन सत्र में कांग्रेस का निशाना सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों के विभाग रहेंगे

भोपाल मध्यप्रदेश में 16 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस, भाजपा की मोहन सरकार को घेरने की तैयारी में है। कांग्रेस का निशाना सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों के विभाग रहेंगे। कानून-व्यवस्था, पदोन्नति, ओबीसी आरक्षण, महिला और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग पर अत्याचार, कृषि, पंचायत, ग्रामीण विकास, नगरीय विकास, आवास, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर कांग्रेस सरकार से जवाब मांगेगी। साथ ही, राज्य की अर्थव्यवस्था और निवेश प्रस्तावों की स्थिति पर भी कांग्रेस सरकार को घेरने की तैयारी में है। इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस कांग्रेस ने अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़ा वर्ग पर पिछले दस महीनों में हुए अत्याचारों की जांच के लिए अलग-अलग दलों का गठन किया था। इन दलों की रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस विधानसभा में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को कठघरे में खड़ा करेगी। भोपाल में एमडी ड्रग्स का मामला, मादक पदार्थों का बढ़ता उपयोग, अपहरण, महिलाओं और बच्चियों पर अत्याचार की घटनाओं को कांग्रेस प्रमुखता से उठाएगी। इसके साथ ही, कर्मचारियों की पदोन्नति और ओबीसी आरक्षण पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जाएगी। प्रमोशन पर भी मांगा जाएगा जवाब राज्य में आठ साल से पदोन्नतियां रुकी हुई हैं। हजारों कर्मचारी पदोन्नति के बिना ही सेवानिवृत्त हो गए हैं। कांग्रेस ने ओबीसी आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया था लेकिन मामला अभी भी न्यायालय में लंबित है और 13 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण पर रोक लगी हुई है। लोक निर्माण विभाग में अनियमितता के मामले लगातार सामने आ रहे हैं और कई परियोजनाओं पर अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है। किसानों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरने का प्लान भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले किसानों से 2,700 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं और 3,100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदने, महिलाओं को लाडली बहना योजना में 3,000 रुपये देने, मुख्यमंत्री लाडली बहना आवास योजना लागू करने जैसे कई वादे किए थे, लेकिन अभी तक इन वादों को पूरा नहीं किया गया है। शहरों के मास्टर प्लान अटके हुए हैं और घर-घर नल से जल पहुंचाने की योजना में भी अनियमितताएं सामने आ रही हैं। कांग्रेस ने अपने विधायकों से कहा है कि वे विधानसभा में इन सभी मुद्दों को प्रमुखता से उठाएं और सरकार से जवाब मांगें। जनहित से जुड़े मुद्दे उठाएंगे विधानसभा में उपनेता हेमंत कटारे ने कहा, ‘आगामी विधानसभा सत्र में हम सरकार से वे सभी प्रश्न पूछेंगे, जो जनहित से जुड़े हैं।’ उन्होंने कहा, ‘वित्तीय प्रशासन गड़बड़ाया हुआ है तो रोजगार की बात बेमानी हो गई है। प्रशासनिक अराजकता की स्थिति है। विभागों में काम ही नहीं हो रहे हैं। हम विभागवार रिपोर्ट तैयार करेंगे और जनता के सामने सरकार की वास्तविकता लाएंगे।’

कम मतदान प्रतिशत से उनके द्वारा घोषित किए गए मतदान के मार्जिन पर कोई असर नहीं पड़ेगा: कांग्रेस

वायनाड वायनाड लोकसभा सीट पर बुधवार को हुए उपचुनाव में 64.72 प्रतिशत वोटिंग हुई। 2009 में इस सीट के गठन के बाद से अब तक का सबसे कम मतदान प्रतिशत है। राहुल गांधी के द्वारा इस सीट से इस्तीफा देने के कारण यहां उपचुनाव की स्थिति बनी। यहां प्रियंका गांधी वाड्रा का मुकाबला सीपीआई उम्मीदवार सत्यन मोकेरी और बीजेपी की नव्या हरिदास से है। मतदान प्रतिशत में गिरावट को लेकर कांग्रेस के भीतर चिंताएं भी जताई गई हैं। आपको बता दें कि कांग्रेस ने प्रियंका गांधी के लिए जीत का अंतर 5 लाख वोटों का दावा किया था। कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ने कहा है कि कम मतदान प्रतिशत से उनके द्वारा घोषित किए गए मतदान के मार्जिन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, यूडीएफ नेताओं ने इसका खंडन किया और दावा किया कि पार्टी की स्थिति मजबूत है। सीपीआई नहीं दिखी उत्साहित केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीसन ने कम मतदान प्रतिशत के लिए सीपीआईएम के प्रभुत्व वाले क्षेत्रों में मतदाताओं के बीच उत्साह की कमी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कुछ इलाकों में मतदाताओं का रुझान अपेक्षाकृत कम था, जिसके कारण मतदान प्रतिशत में गिरावट आई। प्रियंका गांधी को समर्थन जुटाने के लिए आल इंडिया कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल और दीपा दासमुनी ने प्रियंका गांधी के साथ बैठकों में भाग लिया। इसके अलावा, कांग्रेस नेताओं ने यह सुनिश्चित किया कि उनके विधायक और कार्यकर्ता प्रियंका गांधी के अभियान के दौरान क्षेत्र में मौजूद रहें। प्रियंका गांधी वाड्रा के लिए प्रचार में वरिष्ठ कांग्रेस नेता जैसे पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, विपक्षी नेता राहुल गांधी और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार भी शामिल हुए। इस उपचुनाव के दौरान इन नेताओं ने प्रियंका गांधी के प्रचार का नेतृत्व किया और पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय रूप से मैदान में लाने की कोशिश की। वायनाड में बाढ़ का असर यह उपचुनाव वायनाड जिले में आई बाढ़ के कुछ महीने बाद हुआ है। बाढ़ के कारण 231 लोगों की मौत हो गई थी। 47 अभी भी लापता हैं। वायनाड उपचुनाव के मतदान प्रतिशत में कमी के बावजूद कांग्रेस और UDF के नेताओं का मानना है कि प्रियंका गांधी की जीत में कोई बाधा नहीं आएगी। अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि कम मतदान के बावजूद क्या कांग्रेस की उम्मीदें पूरी होती हैं और क्या प्रियंका गांधी वाड्रा वायनाड से जीत हासिल कर पाती हैं।

आधी रात को मध्य प्रदेश में बड़े प्रशासनिक फेरबदल पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया

Full force at midnight…Sudden transfer of IAS officers: Congress expressed objection MP IAS Transfer: मध्य प्रदेश में एक बार फिर दो दर्जन से ज्यादा भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का आधी रात तबादला कर दिया गया है. ट्रांसफर लिस्ट में मुख्यमंत्री मोहन यादव के दोनों प्रमुख सचिव का भी नाम शामिल है. रात में अधिकारियों के तबादला आदेश पर कांग्रेस ने सवाल उठाये हैं. प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि आधी रात पूरी ताकत से चल रहा ‘तबादला उद्योग’ अब प्रशासनिक मशीन में खड़खड़ाहट की तेज आवाज पैदा कर रहा है. पटवारी ने कहा कि नियमों के विपरीत लगातार हो रहे तबादले डरी हुई सरकार की कमजोर इच्छाशक्ति और अनिर्णय की स्थिति को दर्शाता है. पटवारी के आरोप पर बीजेपी ने पलटवार किया है. बीजेपी नेता राजपाल सिंह ने कहा कि जीतू पटवारी अभी तक के सबसे असफल प्रदेश अध्यक्ष साबित हुए हैं. लगता है कि कांग्रेस सरकार का कार्यकाल शायद याद नहीं रहा. उन्होंने कहा कि 15 महीने में कमलनाथ सरकार ने तबादला उद्योग चला दिया था. एक अधिकारी को एक महीने में तीन बार बदला जा रहा था. रात में तबादले का आदेश जारी होने पर कांग्रेस ने उठाये सवाल प्रदेश की बीजेपी सरकार नियम अनुसार पोस्टिंग कर रही है. कांग्रेस को मध्य प्रदेश के विकास से शायद घृणा है, शायद इसलिए जीतू पटवारी झूठे आरोप लगा रहे हैं. प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया का दावा है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यकाल में अभी तक सबसे कम तबादले हुए हैं. कार्यकाल पूरा होने के बाद अधिकारियों को नियमानुसार इधर से उधर भेजा गया है. उन्होंने मोहन यादव सरकार के आदेश का बचाव किया. बीजेपी नेता ने कहा कि उपचुनाव होने की वजह से कांग्रेस को हर आदेश में राजनीति दिख रही है. सरकार कोई भी आदेश दिन-रात देखकर नहीं निकालती है. सरकार का आदेश जनहित को देखते हुए जारी होता है.

कांग्रेस ने महाराष्ट्र में भाजपा नीत महायुति सरकार का प्रचार अभियान नफरत से भरा है, आरोप लगाया

नई दिल्ली कांग्रेस ने सोमवार को महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत महायुति सरकार पर अपने चुनाव प्रचार अभियान में जानबूझकर ‘‘नफरत एवं जहर’’ घोलने और ‘‘राज्य में साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने’’ का प्रयास करने का आरोप लगाया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यह प्रचार अभियान भाजपा की ‘‘बीमार मानसिकता’’ को सामने लाता है। रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति के प्रचार अभियान में केवल एक ही एजेंडा है – सिर्फ और सिर्फ धर्म के आधार पर समाज का ध्रुवीकरण करना और राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ना। ऐसा खतरनाक अभियान उनकी बीमार मानसिकता को सामने लाता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उनका पूरा प्रचार अभियान नफरत से भरा है और जानबूझकर समाज में जहर घोलने का काम कर रहा है। लेकिन महाराष्ट्र की जनता 20 नवंबर को इस तरह के प्रचार अभियान को निर्णायक रूप से खारिज करेगी।’’ रमेश ने कहा कि महाराष्ट्र में कांग्रेस नीत महा विकास आघाडी (एमवीए) का प्रचार अभियान लोगों की दैनिक समस्याओं, परेशानियों और बुनियादी मुद्दों पर है जैसे कि किसानों और महिलाओं के गंभीर संकट, आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि और श्रमिकों में असुरक्षा। उन्होंने कहा कि गठबंधन के एजेंडे में युवाओं के लिए नौकरियों की कमी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए अपर्याप्त सामाजिक न्याय और बड़ी निवेश परियोजनाओं में महाराष्ट्र के साथ भेदभाव भी शीर्ष पर हैं। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए 20 नवंबर को मतदान होगा जिसमें एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना, भाजपा और अजित पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) समेत सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का मुकाबला कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार नीत राकांपा (एसपी) वाले एमवीए से है। मतगणना 23 नवंबर को होगी।  

उपचुनाव के रिजल्ट के बाद कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल, बदले जाएंगे कई जिलाध्यक्ष

भोपाल  मध्य प्रदेश में दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव कांग्रेस के लिए काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. कांग्रेस की ओर से इस उपचुनाव के रिजल्ट के बाद संगठन में बड़ा फेरबदल करने की बात कही जा रही है. चर्चा है कि मध्य प्रदेश के कई जिला अध्यक्षों को बदल दिया जाएगा. इसके अलावा संगठन के महत्वपूर्ण पदों पर बैठे कांग्रेस नेताओं की जिम्मेदारी में भी बदल सकती है. मध्य प्रदेश में बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव पर पूरे प्रदेश के लोगों की नजर है. खास तौर पर विजयपुर सीट पर सभी राजनेताओं की निगाह है. यहां पर कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी से रामनिवास रावत अपना भाग्य आजमा रहे हैं, जबकि कांग्रेस ने उपचुनाव के पहले ही बड़ा ऐलान कर दिया है. मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मुकेश नायक के मुताबिक, उपचुनाव के बाद संगठन में बड़े फेरबदल की संभावना है. उन्होंने कहा, “मध्य प्रदेश में जिन जिला अध्यक्षों को तीन साल से अधिक का वक्त हो गया है, उन्हें हटाकर नए लोगों को मौका दिया जाएगा. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी चाहते हैं कि सभी कांग्रेस नेताओं को काम करने का मौका मिले. इसी को देखते हुए प्रदेश स्तर पर भी कई और नियुक्तियां हो सकती है.” उपचुनाव के पहले मच सकता था घमासान राजनीति के जानकार मानते हैं कि उपचुनाव के पहले संगठन में फिर फेरबदल से घमासान मच सकता था, इसी वजह से उपचुनाव के बाद ही संगठन में फेरबदल किया जाएगा. वरिष्ठ पत्रकार कीर्ति राणा के मुताबिक, “मध्य प्रदेश में कई कैसे पदाधिकारी हैं जो पूर्व अध्यक्ष की ओर से बनाए गए थे. जीतू पटवारी अपनी नई टीम तैयार करना चाहते हैं शायद इसी वजह से फेर बदल की संभावना है.”

मल्लिकर्जुन खड़गे का मोदी सरकार पर हमला: ओबीसी आरक्षण और जातिगत जनगणना पर दोहरा रुख

Mallikarjun Kharge’s sharp comment on Modi government: Double stance on OBC reservation and caste census नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकर्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खड़गे ने कहा कि मोदी जी चुनावी लाभ के लिए खुद को बार-बार ओबीसी बताने का दावा करते हैं, लेकिन यह कभी नहीं बताते कि वे जातिगत जनगणना से पिछड़ी जातियों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को क्यों छुपाए रखना चाहते हैं।खड़गे ने इस संदर्भ में मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया और कहा, “जब मंडल आयोग की सिफारिशें लागू की गईं, तो बीजेपी ने इसका विरोध करते हुए यात्रा निकाली थी। अब मोदी जी ओबीसी वोट हासिल करने के लिए ओबीसी होने का दावा करते हैं, लेकिन जब बात उनके वास्तविक कामकाजी रुख की आती है, तो वे पिछड़ों के हक में कभी खड़े नहीं हुए।” राहुल गांधी के हालिया बयान का हवाला देते हुए खड़गे ने कहा कि हाल ही में धनबाद में राहुल गांधी ने यह खुलासा किया था कि देश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी ओबीसी वर्ग से है, 15 प्रतिशत दलित हैं, और 8 प्रतिशत आदिवासी वर्ग के लोग हैं। इन वर्गों की बेहतर सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने का सबसे बड़ा तरीका जातिगत जनगणना है।खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ओबीसी, दलित और आदिवासी वर्ग के खिलाफ है, और यह बात झारखंड की गठबंधन सरकार द्वारा किए गए एक बड़े कदम से स्पष्ट होती है। झारखंड विधानसभा ने OBC आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के लिए प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन मोदी सरकार ने इसे गवर्नर से रोकवा दिया। “यह दोहरा चरित्र दर्शाता है कि मोदी जी अपने घोषणापत्र में OBC आरक्षण बढ़ाने की बात करते हैं, लेकिन जब असल में इसे लागू करने का समय आता है, तो वे उसे रोकने में किसी भी हद तक जा सकते हैं। क्या इस तरह के दावे पर आप लोग विश्वास करेंगे?” खड़गे ने सवाल उठाया। खड़गे ने यह भी कहा कि मोदी सरकार का यह दोगला रुख ही उनकी असल नीयत को दर्शाता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस मुद्दे पर गंभीर सोच-विचार करें और सही पक्ष का समर्थन करें।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की विजयपुर और बुधनी के मतदाताओं से अपील: 13 नवंबर को करें मतदान

Leader of Opposition Umang Singhar’s appeal to the voters of Vijaypur and Budhni: Vote on 13th November and strengthen democracy. भोपाल ! मध्य प्रदेश में 13 नवंबर को श्योपुर जिले की विजयपुर और सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट के उपचुनाव होने जा रहे हैं। इस उपचुनाव में न केवल इन दो विधानसभा क्षेत्रों का भविष्य तय होगा, बल्कि यह मध्य प्रदेश सरकार के पिछले 10 महीने के कार्यकाल का भी महत्वपूर्ण मूल्यांकन का अवसर होगा। कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने विजयपुर और बुधनी के मतदाताओं से एक अपील की है, जिसमें उन्होंने कहा कि यह चुनाव सिर्फ उम्मीदवारों का चुनाव नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र की ताकत को मजबूत करने और प्रदेश सरकार की नीतियों और कार्यों पर आम जनता की राय जानने का भी मौका है। उमंग सिंघार ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा, “आपका एक-एक वोट प्रदेश की दिशा तय करेगा। यह सिर्फ विधानसभा चुनाव नहीं है, बल्कि यह हमारी सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता का मापदंड भी है। आपके मतदान से यह संदेश जाएगा कि आप किस प्रकार के नेतृत्व और नीतियों को अपने क्षेत्र और प्रदेश में देखना चाहते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि 10 महीने पहले सत्ता में आई प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली, वादों की पूर्ति और जनता की सेवा के हिसाब से इस उपचुनाव में मतदाताओं को अपना फैसला लेना है। यह एक बड़ा मौका है जहां जनता को यह तय करना है कि क्या सरकार अपने वादों को पूरा करने में सफल रही है या नहीं।“आपका मतदान ही यह तय करेगा कि आने वाले दिनों में प्रदेश की विकास यात्रा किस दिशा में आगे बढ़ेगी। विजयपुर और बुधनी के मतदाता लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं, और हम आपसे आग्रह करते हैं कि आप 13 नवंबर को अपने मतदान का अधिकार अवश्य उपयोग करें,” उमंग सिंघार ने कहा। यह उपचुनाव न केवल इन दो विधानसभा क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में चुनाव परिणामों से यह संकेत मिलेगा कि राज्य के नागरिक आगामी विधानसभा चुनावों में किस दिशा में अपना समर्थन देंगे।

महाराष्ट्र चुनाव के बीच कांग्रेस का बड़ा कदम , 28 बागी उम्मीदवारों को किया पार्टी से निष्कासित

 मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Election 2024) से पहले कांग्रेस ने बागियों के खिलाफ सख्ती की शुरुआत कर दी है. पार्टी से बागी होकर चुनाव लड़ने वाले 22 नेताओं को कांग्रेस ने सस्पेंड कर दिया है. इन नेताओं को पार्टी के खिलाफ काम करने के चलते 6 साल के लिये निलंबित कर दिया गया है. दरअसल, महाराष्ट्र में होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले बागी उम्मीदवार कांग्रेस के लिए चुनौती खड़ी करते दिख रहे हैं. जिन 22 नेताओं को पार्टी से निकाला गया है, उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में महा विकास अघाड़ी (MVA) के उम्मीदवारों के खिलाफ ही ताल ठोंक रखी है. पार्टी से निकाल दिये गए ये दिग्गज कांग्रेस से निकाले गए नेताओं में कई दिग्गज भी शामिल हैं. इनमें पूर्व मंत्री राजेंद्र मुलक (रामटेक निर्वाचन क्षेत्र), याज्ञवल्क जिचकर (काटोल), कमल व्यवहारे (कसबा), मनोज शिंदे (कोपरी पचपखाड़ी) और आबा बागुल (पार्वती) शामिल हैं. बागियों पर एक्शन के बाद कांग्रेस की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि यह फैसला अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रभारी रमेश चेन्निथला के निर्देश पर लिया गया है. कब है महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव? महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग 20 नवंबर को होगी. महाराष्ट्र, झारखंड और अन्य उपचुनावों के नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे. महाराष्ट्र में इस समय दो मुख्य गठबंधन के बीच मुकाबला है जिसमें MVA और महायुति शामिल हैं. महायुति में बीजेपी, शिवसेना (एकनाथ शिंदे)और NCP (अजित पवार) शामिल हैं. इन्हें भी किया पार्टी से बाहर जिन बागी उम्मीदवारों को पार्टी से निष्कासित किया गया है, उनमें सिंदखेडा से बागी शामकांत सनेर, श्रीवर्धन से राजेंद्र ठाकूर, पर्वती से आबा बागुल, शिवाजीनगर से मनीष आनंद, परतूर से सुरेश कुमार जेथलीया और  कल्याण बोराडे, रामटेक सीट से चंद्रपाल चौकसे, सोनल कोवे, मनोज सिंधे, अविनाश लाड, आनंदराव गेदाम, शब्बीर खान, हंसकुमार पांडे, मंगल भुजबल, अभिलाषा गावतुरे, कमल व्यवहारे, मोहनराव दांडेकर, प्रेमसागर गणवीर, याज्ञवल्क्य जिचकर, अजय लांजेवार, राजेंद्र मुलक, विजय खडसे और विलास पाटिल का नाम शामिल हैं. बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में महायुति और महा विकास अघाड़ी के बीच कांटे की टक्कर होने वाली है. 20 नवंबर को वोटिंग के होगी और 23 नवंबर को काउंटिंग होगी. महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त होने वाला है. इस चुनाव में महाविकास अघाड़ी के सामने लोकसभा चुनाव परिणाम को दोहराने की चुनौती है तो वहीं महायुति को दोबारा सत्ता में आने के लिए 145 सीटें हासिल करनी होंगी. दोनों पार्टियां अपना दम-खम दिखाने की पूरी कोशिश कर रही हैं.  

Madhya Pradesh by-election : खाद संकट और नर्सिंग कॉलेज मुद्दे पर जीतू पटवारी ने मोहन सरकार को घेरा

Jitu Patwari cornered Mohan government on fertilizer crisis and nursing college issue भोपाल। मध्य प्रदेश में होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस बीजेपी सरकार पर हमलावर हो गई है। खाद संकट और नर्सिंग कॉलेज मामले को लेकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मोहन सरकार पर जमकर निशाना साधा है। प्रदेश में किसानों को हो रहे खाद संकट पर पटवारी ने कहा कि बुधनी जो केंद्रीय कृषि मंत्री का क्षेत्र है वहां भी लोगों को खाद की परेशानी हो रही है। बीजेपी के लोग बार-बार खाद की समस्या न होने की बात करते हैं, जबकि स्थितियां सबके सामने है। उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि बीजेपी के नेता बताएं रवि और खरीफ के लिए कितना खाद चाहिए था, सरकार ने कितनी मांग की है और उसके एवज में कितनी आपूर्ति हुई है। यदि बुधनी में पर्याप्त खाद किसानों को मिला होगा तो पिछली बार एक लाख आठ हजार से बीजेपी जीती थी, इस बार 1 लाख 9000 से चुनाव जीतना चाहिए। नर्सिंग कॉलेज मामले पर भी साधा निशाना पीसीसी चीफ ने नर्सिंग कॉलेज मामले पर भी सरकार पर हमला बोला है। जीतू पटवारी ने कहा कि लंबी जांच के बाद यह स्थिति स्पष्ट हो गई है कि प्रदेश में केवल 200 कॉलेज ही ऐसे हैं, जो नियमों की पूर्ति करते हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग लगातार भ्रष्टाचार की बात उठा रहे थे, वह सच साबित हुई। ऐसे में अब जिन लोगों ने इन कॉलेजों को मान्यता दी चाहे वह अधिकारी हो मंत्री हो या कर्मचारी हो सब पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं एक बार फिर इन सब पर कार्रवाई की मांग करता हूं और मंत्री को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। बीजेपी विजयपुर में लूट के जरिए जीत दर्ज करना चाहती है विजयपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर पटवारी ने कहा कि बीजेपी विजयपुर में लूट के जरिए जीत दर्ज करना चाहती है। लेकिन कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता इस लूट के खिलाफ शासन प्रशासन और बीजेपी नेताओं से लड़ने के लिए तैयार खड़ा है। उन्होंने कहा मैं खुद 11 तारीख तक विजयपुर में रहूंगा उसके बाद विजयपुर के आसपास सबलगढ़ शिवपुरी और श्योपुर में डेरा डालूंगा। ताकि विजयपुर में जनमत के साथ लूट ना हो सके। उमंग सिंगार के आरोपों पर पटवारी ने कहा उमंग सिंगार के आरोपों पर जीतू पटवारी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष एक जिम्मेदार पद पर है। यदि उन्होंने कोई बात कही है तो बिल्कुल प्रमाणिक होगी। रही बात बीजेपी को प्रमाण देने की तो बीजेपी बताएं कि रामनिवास रावत क्या फ्री फोकट में बीजेपी गए हैं। 2020 में जो बड़ी संख्या में विधायक जॉइन कराए, क्या वह मुफ्त में बीजेपी ज्वाइन किया और समय आने पर प्रमाण भी उपलब्ध करा दिए जाएंगे। बीजेपी के नेता तो खुद ही इस बात को स्वीकारते हैं कि भाजपा नेता खरीद फरोख्त करते हैं। लाड़ली बहनों से की वादाखिलाफी लाड़ली बहन की किस्त जारी करने पर जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार ने महिलाओं को 3000 रुपए देने का वादा किया था। लेकिन केवल 1250 रुपए दे रहे हैं। यह सीधे तौर पर महिलाओं के साथ छलावा है। महिलाएं भी अपने आप को छला हुआ महसूस कर रही है। इन दोनों उप चुनाव में महिलाएं इसका जवाब देंगी। पीएम मोदी के “एक रहोगे सेफ रहोगे” के बयान पर किया पलटवार पीएम मोदी के एक रहोगे सेफ रहोगे वाले बयान पर भी पटवारी ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान की भी यही भावना है कि सब भारत के लोग एक साथ मिलजुल कर रहे। लेकिन बीजेपी के लोग मंच से तो सबके एकजुटता होने की बात करते हैं। लेकिन पीछे के रास्ते समाज में बांटने का काम करते हैं। काम, संविधान को कमजोर करने का मोदी प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा राहुल गांधी भी यही कहते हैं कि भारत की अखंडता बनी रहनी चाहिए। प्रधानमंत्री को यह नारा भी लगाना चाहिए कि हिंदू मुस्लिम सिख इसाई हम आपस में भाई-भाई। भारत की संस्कृति में सबको एकजुट रहने की बात कही गई है।

मध्यप्रदेश में बीजेपी नेताओं को खुली छूट, पुलिस को जहां चाहो वहां पीटो”, जीतू पटवारी का तंज

BJP leaders in Madhya Pradesh have a free hand, beat the police wherever they want”, Jitu Patwari. मध्यप्रदेश कांग्रेस ने पुलिस पर हो रहे हमलों को लेकर सरकार को आईना दिखाने का अनोखा तरीका निकाला है. भोपाल। कटनी जिले के एक थाने में पुलिस कर्मियों के साथ गालीगलौच किए जाने और हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में हंगामा करने वाले खुद को बीजेपी पदाधिकारी बता रहे हैं. ये लोग वीडियो में पुलिस अधिकारियों को वर्दी उतारने की धमकी दे रहे हैं. वीडियो वायरल होने के बाद अब कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया “बीजेपी कार्यकर्ताओं को खुली छूट दी गई है कि पुलिस को पीटो. कांग्रेस जल्द ही प्रदेश में पुलिस पिटाई की पूरी सीरीज निकालने जा रही है.” कांग्रेस बोली – अपराध न रोकें, इसलिए पिटती है पुलिसपुलिस से गालीगालौच का वीडिया समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता यश भारतीय ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा “बीजेपी नेता पुलिस से गालीगलौच कर थाना परिसर से अपने साथी को छुड़ा ले गए.” पुलिस से बदसलूकी को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया “पुलिस की कैसे पिटाई होती है, मध्यप्रदेश इसका ज्वलंत उदाहरण है. बीजेपी कार्यकर्ताओं को खुली छूट है कि पुलिस को पीटो. पुलिस को इसलिए मारो कि वे अपराधों को न रोकें.” कांग्रेस पार्टी पुलिस पिटाई की सीरीज निकालेगीजीतू पटवारी का कहना है “मोहन यादव सरकार में कितने पुलिसकर्मियों की पिटाई हुई है, हर जिले, तहसील में रोज पुलिस पिटती है, इस पर पूरी सीरीज निकाली जाएगी, इसे तैयार किया जा रहा है.” पटवारी ने कहा कि बीजेपी ने मोदी की गारंटी दी थी कि बहनों को 3 हजार रुपए महीना दिया जाएगा. क्या यह मिलने लगे हैं ? लाडली बहना के नाम पर भ्रमित किया गया. इसी तरह किसानों को 2700 रुपए में गेहूं खरीदा जाएगा. बीजेपी बताए यह सच है या झूठ. सरकार ने गरीबों की योजनाएं बंद कर दी. एससी,एसटी, ओबीसी की छात्रवृत्ति बंद कर दी. 33 विभागों के पास पैसा नहीं है,. बीजेपी झूठ के पैरों पर खड़ी है. अगर कांग्रेस झूठ बोल रही है तो सरकार बताए सच क्या है ?

सचिन पायलट : भोपाल सचिवालय में जमे है माफिया, 400 पार के अहंकार को जनता ने दिया करारा जवाब

Sachin Pilot: Mafia is established in Bhopal Secretariat, public gave a befitting reply to the arrogance of Rs 400 भोपाल। MP by election 2024: मध्यप्रदेश पहुंचे कांग्रेसी नेता सचिन पायलट ने बड़ा बयान दिया है। कहा कि- हम सब आज उपचुनाव में प्रचार करेंगे। जनता ने जिन उम्मीदों को लेकर वोट डाले थे उस पर सरकार खरा नहीं उतरी। हर क्षेत्र में सिर्फ प्रचार, प्रसार, फोटो छप रही हैं। भोपाल सचिवालय में माफिया जमे है। 400 पार के अहंकार को जनता ने करारा जवाब दिया है। भाजपा ने दो बैसाखियों पर सरकार बनाई है। राहुल गांधी के नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद सरकार की जवाबदारी तय की है।केंद्र की सरकार आज भी कांग्रेस को दोष दे रही है। चिन्हित लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए नीतियां बन रही हैं। बीजेपी का ग्राफ देशभर में डाउन हो रहा है। झारखंड और महाराष्ट्र में इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी। झारखंड में इंडिया गठबंधन की सरकार बनाने की हवा चल रही है। हर मुद्दे पर सार्थक चर्चा करेंगे एमपी में मजबूत विपक्ष के रूप में सरकार काम कर रही है। उपचुनाव में हम अच्छा करेंगे, एक नए बदलाव की शुरुआत होगी। प्रियंका वायनाड से चुनाव लड़ रही हैं, सुखद परिणाम हर जगह कांग्रेस के लिए है।भारत की सीमाओं का संरक्षण किसकी जिम्मेदारी है। गौ माता, भगवान राम के नाम पर वोट बटोरते हैं, विपक्षी सरकारों को बजट नहीं देते, बहुत सारे नेता पार्टी छोड़ते हैं, हमारे यहां पूरी पार्टी चुनाव लड़ती है। फ्री बीज को लेकर बोले – कांग्रेस सरकार अगर गरीबों को मदद करना चाहे तो उसे फ्री बीज कहते हैं, हमने जहां जो कहा वह करके दिखाया है। झूठ बोलना, कांग्रेस को कोसना कब तक करेंगे। शिवराज की योजना इतनी अच्छी थी तो उन्हें हटाया क्यों। हमारा संख्या बल अब बहुत बेहतर है, हम हर मुद्दे पर सार्थक चर्चा करेंगे। जम्मू कश्मीर को फुल स्टेट का दर्जा मिले यह हम चाहते हैं। पढ़ेंगे और बढ़ेंगे अभियान पायलट ने कहा कि- बाटेंगे और काटेंगे के खिलाफ कांग्रेस का नया प्लान। पढ़ेंगे और बढ़ेंगे अभियान पर कांग्रेस काम करेगी।लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने कहा था कि कांग्रेस अगर आई तो मंगलसूत्र छीन ले जाएंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री काटेंगे की बात करते हैं। हम सकारात्मक राजनीति करेंगे। पढ़ेंगे और बढ़ेंगे। बीजेपी का काम है कि ध्रुवीकरण करना, धार्मिक भावना राजनीतिक आक्रमण करना, विपक्ष की आवाज दबाने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करना। अब एक तरफा हवा चल रही है गठबंधन की सरकार बनाने के लिए लोग उठ चुके हैं। नेताओं की बयानबाजी और नाराजगी बहुत सारे नेता छोड़ते हैं तो आते हैं। कांग्रेस पार्टी अपने-अपने संगठन अपने विचारधारा पर काम कर रही है। हम एकजुटता से काम कर रहे हैं। शिवराज के बयान पर कहा कि वे कितने साल से काम कर रहे थे। मजबूरन उन्होंने जाना क्यों पड़ा, इसका जवाब दें। रेवाड़ी की राजनीति करते हैं। हम लोग काम करते हैं तो दिक्कत और हम अगर अनुदान देना चाहे तो समस्या, और खुद 80 करोड लोगों को फ्री भोजन कर रहे हैं. आप अन्नदाता है हम कोई घोषणा करें तो हम पाप कर रहे हैं.. सीजी में उपराष्ट्रपति के बयान पर छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट बोल- कानून के बारे में रहकर कानून का काम करना चाहिए। चुनाव से पहले इस प्रकार की बातें करना और धार्मिक बातें बोलकर वोट बटोरना ठीक बात नहीं है। विकास की बात करनी चाहिए। कभी गौ माता, कभी नागरिक संहिता, कभी मंदिर की बात सिर्फ चुनाव के लिए करते हैं। ऐसी राजनीति को जनता भी स्वीकार नहीं कर रही है

कांग्रेस ने कनाड़ा में हो रही हिंसा का किया विरोध, पीएम ट्रूडो का पोस्टर सड़क पर चिपकाए

इंदौर इंदौर में कांग्रेस ने कनाड़ा में रह रहे भारतीयों के साथ हो रही हिंसा का विरोध किया हैै। सेवादल कार्यकर्ता कनाड़ा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के पोस्टर सड़कों पर चिपकाए है और पोस्टर पर से दिनभर वाहन चलते रहे। पोस्टरों पर कनाड़ा पीएम मुर्दाबाद लिखा था।  जिला कांग्रेस सेवादल के कार्यकारी अध्यक्ष विवेक खंडेलवाल और गिरीश जोशी व देवेंद्र सिंह यादव ने यह अनूठा प्रदर्शन कनाड़ा सरकार के खिलाफ किया। वे पोस्टर लेकर निकले और सड़कों पर चिपकाने लगे। उन्होंने कहा कि कनाडा मेें अब भारत विरोधी गतिविधियां हो रही है। खलिस्तानी आतंकियों को वहां की सरकार समर्थन दे रही हैै। इस कारण कनाड़ा में भारतीय मूल के लोगों को परेशान किया जा रहा है।   नेतागणों ने कहा कि केंद्र सरकार को कनाड़ा को आतंकवादी समर्थक देश की सूची में शामिल करने के लिए मुहिम चलाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कनाड़ा में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा की चिंता भी भारत को करना चाहिए। वहां हिन्दू मंदिरों को भी निशाना बनाया जा रहा है।  

महापौर पर पद का दुरुपयोग का आरोप, छत्तीसगढ़-जगदलपुर के कांग्रेस पदाधिकारियों ने दिया ज्ञापन

जगदलपुर. बस्तर जिला कांग्रेस पदाधिकारी व पार्षदों ने नगर निगम महापौर सफिरा साहू द्वारा अपने पद का दुरुपयोग व महापौर निधि में भ्रष्टाचार की जांच कर एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य के नेतृत्व में उपनेता प्रतिपक्ष राजेश राय की उपस्थिति में ज्ञापन दिया गया। जिसकी प्रतिलिपि बोधघाट थाना में भी दी गई। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने बताया कि पार्षद राजेश राय द्वारा आंबेडकर वार्ड संख्या 29 में एक अतिरिक्त कक्ष का निर्माण तथा आंबेडकर वार्ड क्र. 29 में स्थित सामुदायिक भवन की मरम्मत का कार्य का किया गया है। उल्लेखनीय है कि उक्त वार्ड में जब राजेश राय द्वारा सूक्ष्मता से जांच की और मौके पर स्वयं एवं कार्यकर्ताओं के साथ जाकर वार्ड का अवलोकन किया, तब मैंने यह पाया गया कि वार्ड क्र. 29 में भी किसी भी अतिरिक्त कक्ष का निर्माण नहीं किया गया है। क्योंकि उक्त वार्ड में अतिरिक्त कक्ष बनाए जाने जैसी कोई स्थिति है ही नहीं। ठीक इसी प्रकार आंबेडकर वार्ड क्र. 29 में स्थित सामुदायिक भवन का मरम्मत एवं संधारण कार्य करना बताया गया है उल्लेखनीय है कि आंबेडकर वार्ड में किसी प्रकार का कोई सामुदायिक भवन स्थित नहीं है। उल्लेखनीय है कि राजेश राय द्वारा सूचना के अधिकार के माध्यम से नगर पालिक निगम जगदलपुर की  सत्यप्रतिलिपि भी प्राप्त की है, जिसमें 2019 से लेकर 2024 तक के निगम के द्वारा किए गए कार्यों के भुगतान की जानकारी है। सुशील मौर्य ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि उक्त कार्य हेतु स्वीकृत राशि तथा कार्य की मूल्य राशि 198032 रुपये है। कटौती राशि 22847 रुपये एवं भुगतान राशि 175185 रुपये है, लेकिन आंबेडकर वार्ड क्र. 29 में किसी प्रकार का कोई अतिरिक्त कक्ष का निर्माण नहीं किया गया है। इसी प्रकार आंबेडकर वार्ड क्र. 29 में स्थित सामुदायिक भवन का मरम्मत कार्य से संबंधित किसी प्रकार के भुगतान की जानकारी निगम से प्राप्त दस्तावेजों में प्राप्त नहीं है। साथ ही कहा कि दोनों ही दस्तावेजों की जांच करने से यह साफ स्पष्ट होता है कि वर्तमान महापौर जगदलपुर सकीरा साहू द्वारा अपने पद का दुरुपयोग किया गया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान निगम अध्यक्ष कविता साहू, उपनेता प्रतिपक्ष राजेश राय, महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद आदि मौजूद रहे।

उज्जैन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का पानी की किल्लत के खिलाफ प्रदर्शन, महापौर बंगले का घेराव

Congress workers protest against water shortage in Ujjain, siege of Mayor’s bungalow उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में भरपूर बारिश और डैम के फूल होने के बाद भी शहर में पानी की किल्लत को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को खाली बाल्टी लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही महापौर के बंगले का घेराव किया। इस दौरान कांग्रेसियों ने शहर की जनता को परेशान करने का आरोप लगाया। साथ ही जल्द से जल्द पानी की समस्या को दूर करने की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए महापौर बंगले के सामने भारी पुलिस बल तैनात रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मेयर बंगले के सामने जमकर नारेबाजी की। इसके बाद जब महापौर मुकेश टटवाल पहुंचे, तो उनके हाथ में खाली बाल्टी थमा कर पानी मांगा। कांग्रेस नेता राजेंद्र वशिष्ठ ने बताया कि, महाकाल की नगरी उज्जैन में डैम में भरपूर पानी उपलब्ध होने के बावजूद भी शहर की जनता पीने के पानी के त्राहिमाम कर रही है। प्रथम नागरिक महापौर को जनता की परेशानी से कोई लेना देना नहीं है। महापौर और नगर निगम के भाजपा बोर्ड को गहरी नींद से जगाने के लिए और जनता की पीड़ा बताने के लिए कांग्रेस के सभी वरिष्ठजन, सेवादल, पार्षदगण, महिला कांग्रेस, यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई, आईटी सेल, ब्लॉक अध्यक्ष, ब्लॉक प्रभारी, समस्त प्रकोष्ठ, मंडलम अध्यक्ष सेक्टर अध्यक्ष, सहित सभी कार्यकर्ता महापौर ने बंगले पर धरना प्रदर्शन किया।

सीएम मोहन यादव: कांग्रेस के लोग झूठ बोलकर सरकार बनाते हैं

CM Mohan Yadav: Congress people form government by telling lies मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस के सभी नेताओं को माफी मांगना चाहिए, आमजनता से जिनसे झूठ बोलकर उन्होंने हिमाचल की सरकार बनवाई, कर्नाटक की सरकार बनवाई। झूठ के पहाड़ से आज नहीं तो कल उनका सामना होता ही है, जनता परेशान होती है। मैं उम्मीद करूंगा कि जिस प्रकार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार काम कर रही है, उससे इस बदलते दौर में महाराष्ट और झारखंड दोनों ही राज्यों में भी भाजपा की सरकारें बनेंगी। तोमर बोले- वन नेशन वन इलेक्शन आदर्श स्थिति मीडिया से चर्चा में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन इससे ज्यादा आदर्श स्थिति लोकतंत्र के लिए और कोई नहीं हो सकती है। नरेंद्र मोदी देश के ऐसे नेता हैं, जिन्होंने तमाम सारे अवरोधों के बाद भी हिंदुस्तान, श्रेष्ठ हिंदुस्तान बने इसके लिए प्रयासरत हैं। जहां तक प्रतिपक्ष का सवाल है, प्रतिपक्ष पूरी तरह दिवालिया हो चुका है, बिना आधार के इस प्रकार की बातें करके सिर्फ विरोध करता है। गोरस आए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से संक्षिप्त चर्चा में कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस के लोग झूठ बोलकर सरकार बनाते हैं, मल्लिकार्जुन खरगे ने खुद ने स्वीकार किया है। ऐसे झूठ बोल-बोल के सरकार बनाना उनके लिए भी शर्म की बात है। ये वही बात थी, जो चुनाव के पहले भाजपा कहती रही है कि चुनाव के पहले कांग्रेस जितने गलत काम कर सकती है वह सब करती है।

राहुल गांधी की कारीगर समुदाय से मुलाकात: पेंटरों और कुम्हारों की चुनौतियों पर चर्चा और आर्थिक सशक्तिकरण की अपील

Rahul Gandhi meets artisan community: discusses challenges in life of painters and potters नेता विपक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में पेंटर और कुम्हार समुदाय के सदस्यों के साथ समय बिताया, उनके काम की बारीकियों को समझा और उनकी जिंदगी से जुड़ी परेशानियों पर गहन चर्चा की। राहुल गांधी ने इन मेहनतकश कारीगरों के साथ काम में हाथ बंटाया और उनकी कठिनाइयों को नजदीक से जानने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि ये कारीगर हमारे घरों को अपनी कला से रोशन करते हैं, लेकिन उनके खुद के जीवन में खुशहाली और स्थिरता की कमी है। इसके लिए समाज की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह इन हुनरमंदों को न केवल पहचान दे, बल्कि उनके जीवन को बेहतर बनाने में सहयोग भी करे। पेंटर समुदाय की चुनौतियाँ: सीमित अवसर, जोखिमपूर्ण काम और स्थायित्व की कमी राहुल गांधी ने पेंटर समुदाय के साथ चर्चा करते हुए पाया कि उनके काम में कई तरह की चुनौतियाँ हैं। इन कलाकारों का काम चाहे घरों की दीवारों पर हो या बड़े भवनों पर, इनमें कई जोखिम जुड़े होते हैं। अधिकतर पेंटर अनौपचारिक श्रम बाजार में काम करते हैं, जिसके चलते उन्हें नियमित आय या भविष्य में स्थायित्व की कोई गारंटी नहीं मिलती। कई पेंटरों ने अपनी परेशानियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि उनके पास पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं होते, जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है। राहुल गांधी ने इस पर चिंता जताई और कहा कि इस समुदाय को बेहतर उपकरण और सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करना अत्यंत जरूरी है। साथ ही, उन्होंने पेंटरों के बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का समाधान करने पर भी जोर दिया, ताकि इस समुदाय को एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य मिल सके। कुम्हार समुदाय से बातचीत: पारंपरिक कला के संरक्षण की जरूरत राहुल गांधी ने कुम्हार समुदाय के साथ बातचीत करते हुए उनकी कला की बारीकियों को समझा। कुम्हारों की कला भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न हिस्सा है। लेकिन आज, आधुनिकता के इस दौर में यह कला विलुप्त होने के कगार पर है। कुम्हारों ने बताया कि पारंपरिक मिट्टी के बर्तन और मूर्तियाँ बनाने का काम पीढ़ी दर पीढ़ी चला आ रहा है, लेकिन अब प्लास्टिक और मशीनी उत्पादों के कारण उनकी मांग घटती जा रही है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार और समाज को मिलकर कुम्हारों को उचित बाजार और सहयोग प्रदान करना चाहिए। यदि उनके उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए, तो ये लोग न केवल आर्थिक रूप से सशक्त होंगे बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर को भी संजीवनी मिलेगी। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि इस कला को आधुनिक बाजार में स्थान दिलाने के लिए प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता की भी आवश्यकता है। हुनरमंदों को मौके देने पर जोर: स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण राहुल गांधी का मानना है कि यदि सही प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता मिले तो कारीगर और कलाकार अपनी कला से समाज में योगदान कर सकते हैं और एक आर्थिक संबल पा सकते हैं। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि पेंटरों और कुम्हारों जैसे कारीगरों के लिए विशेष योजनाएं लाई जाएं। उन्होंने कहा कि ऐसे कलाकारों के लिए वित्तीय योजनाओं, लोन स्कीम और सरकारी सब्सिडी की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि उन्हें अपनी कला को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक आधार मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय बाजारों और कला मेलों का आयोजन करने का सुझाव दिया, जहां ये कलाकार सीधे अपने उत्पादों को बेच सकें और उचित मुनाफा कमा सकें। समाज के प्रति संदेश: कला और मेहनत की इज्जत करें राहुल गांधी ने इस मुलाकात के दौरान एक संदेश दिया कि समाज को इन मेहनतकशों के योगदान को समझना चाहिए और उनकी कला का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पेंटर और कुम्हार जैसे लोग हमारे घरों और समाज को सुंदर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर हम इनकी कला और मेहनत की इज्जत करेंगे और इन्हें सहयोग देंगे, तो एक समृद्ध और सशक्त समाज की स्थापना हो सकती है। राहुल गांधी की यह पहल न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि यह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने एक उदाहरण प्रस्तुत किया कि कैसे नेता जनता के करीब जाकर उनकी असली समस्याओं को समझ सकते हैं और उनके समाधान में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

कांग्रेस का विजयपुर उपचुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर के खिलाफ मोर्चा, हटाने की मांग

Congress protests in Vijaypur by-election, demands removal of returning officer भोपाल। मध्य प्रदेश की दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है। इससे पहले कांग्रेस ने विजयपुर के रिटर्निंग ऑफिसर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने रिटर्निंग अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए है। साथ ही उन्होंने अफसर को हटाने की भी मांग की है। उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने रिटर्निंग अधिकारी उदय सिंह सिकरवार को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत की है। उन्होंने कहा कि एसडीएम सिकरवार पहले भी बीजेपी के लिए काम करते है। 2017-18 में हुए उपचुनाव में भी सिकरवार ने रिटरिंग ऑफिस रहते हुए भी इनकी शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर इन्हे हटाया गया था। रिटर्निंग ऑफिसर को हटाने की मांगहेमंत काटरे ने कहा कि अब एक बार फिर उदय सिंह सिकरवार को ही विजयपुर उपचुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गई। आखिर क्यों हर बार इन्हे ही रिटर्निंग ऑफिसर बनाया जाता है। हम निर्वाचन आयोग से मांग करते है की उदय सिंह को चुनावी प्रक्रिया से हटाया जाए। जब एक बार चुनावी प्रक्रिया से इन्हे हटाया गया था, तो दोबारा क्यों चुनाव अधिकारी बनाया गया। कुल इतने प्रत्याशी मैदान मेंनामांकन संवीक्षा में विजयपुर में 12 और बुधनी में 23 अभ्यर्थियों के नाम निर्देशन-पत्र विधिमान्य पाए गये। वहीं विजयपुर में 3 और बुधनी में 2 अभ्यर्थियों के नाम-निर्देशन पत्र विधिमान्य नहीं पाये गये। जिसके चलते उनके नामांकन खारिज कर दिए गए हैं। 13 नवंबर को होगा उपचुनावमध्य प्रदेश में 18 अक्टूबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हुई। 25 अक्टूबर तक निर्देशन पत्र जमा किए गए। 28 अक्टूबर को स्क्रूटनी की गई। अभ्यर्थी 30 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। 13 नवंबर को चुनाव होगा। वहीं 23 नवंबर को मतगणना होगी।

जीतू पटवारी की जेम्बो कार्यकारिणी आई, नाथ-दिग्गी समर्थक ज्यादा, उठने लगे विरोध के स्वर

Jeetu Patwari’s Jambo executive came, Nath-Diggy supporters were more, voices of protest started rising भोपाल। दस महीने बाद आई बहुप्रतीक्षित जीतू पटवारी की जेम्बो कार्यकारिणी में एकबार फिर कमलनाथ और दिग्विजय सिंह वजनदार दिखाई दिए हैं, क्योंकि 88 उपाध्यक्ष-महामंत्री में करीब 50 फीसदी इन नेताओं के समर्थकों को पद मिले हैं। वहीं विंध्य के कद्दावर नेता एवं पूर्व नेता-प्रतिपक्ष अजय सिंह द्वय एवं डॉ गोविन्द सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव की न केवल उपेक्षा की गई बल्कि उनके विरोधियों को तरजीह दी गई। भोपाल से लेकर दिल्ली तक पूर्व मुख्य्मंत्री कमलनाथ के खिलाफ विषवमन करने वाले निलंबित नेता राजा बघेल को भी जगह मिल गई। कार्यकारिणी बनते ही विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं इंदौर के कांग्रेस नेता प्रमोद टंडन कांग्रेस के इस्तीफा दे दिया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी की शनिवार को घोषणा हो गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की इस कार्यकारिणी में 17 उपाध्यक्ष, 71, महामंत्री, 33 स्थायी आमंत्रित, 40 विशेष आमंत्रित और 16 एक्जीक्यूटिव कमेटी के मेम्बर हैं। पूरी कार्यकारिणी में देखा जाए तो कांग्रेस छोड़कर गए पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी के समर्थक रहे राजीव सिंह, आरिफ मसूद, महेंद्र जोशी, अवनीश भार्गव, अमित शर्मा जैसे नाम उपाध्यक्ष-महामंत्री में शामिल हैं। आम कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं में चर्चा थी कि दिल्ली हाईकमान के सामने कद घट गया है पर जीतू पटवारी ने अपनी कार्यकारिणी में जिन उपाध्यक्षों को शामिल किया है उनमें हिना कांवरे, लखन घनघोरिया, सिद्धार्थ कुशवाह व सुखदेव पांसे कमलनाथ समर्थक हैं तो जयवर्धन सिंह, महेश परमार, प्रियव्रत सिंह और सुरेंद्र सिंह हनी बघेल दिग्विजय समर्थक हैं। इसी तरह महामंत्री में अनुभा मुंजारे, दिनेश गुर्जर, मंगू, हर्षविजय गहलोत, हर्ष यादव, हीरालाल अलावा, सुरेंद्र सिंह शेरा, जतिन उइके, सुनील उइके, माया त्रिवेदी, निधि चतुर्वेदी, निलय डागा, फूंदेलाल मार्को, प्रवीण पाठक, रोशनी यादव, रामू टेकाम जैसे नेता कमलनाथ समर्थक माने जाते हैं तो आतिफ अकील, घनश्याम सिंह, जयश्री हरिकरण, किरण अहिरवार, नारायण पट्टा, प्रभू सिंह ठाकुर, प्रताप ग्रेवाल, संजीव सक्सेना, विक्रांत भूरिया जैसे नेता दिग्विजय समर्थक हैं। पटवारी की टीम में जनाधार विहीन नेता भी जीतू पटवारी की अपनी कार्यकारिणी में उनके अपने नाम कुछ ही हैं। पटवारी ने अपने समर्थक जिन नेताओं को जगह दी है, वे जनाधार विहीन है पर कंप्यूटर मास्टर जरूर है, जो कागजों पर संगठन संचालित करने में माहिर है। गौरव रघुवंशी- मृणाल पंथ ने पूरे प्रदेश में कागजों पर मंडलम-सेक्टर बना दिए थे। जब पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को हकीकत लगी तब उन्होंने गोरकी को कांग्रेस कार्यालय से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। इसी प्रकार गोर्की बैरागी को कंप्यूटर एक्सपर्ट के रूप में शामिल किया है। इनके अलावा जीतू के समर्थकों में राजा बघेल, वीरेंद्र द्विवेदी, शैलेंद्र पटेल, संजय कामले, अनीस मामू भी जन आधार भी नेताओं में शुमार हैं। पूर्व नेता-प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल के समर्थकों में सुखेंद्र सिंह बना को महामंत्री तो महेंद्र सिंह चौहान को ही स्थायी आमंत्रित में शामिल किया गया है। कांतिलाल भूरिया के पुत्र विधायक विक्रांत भूरिया ही इस नई कार्यकारिणी में जगह पा सके हैं। पटवारी की कार्यकारिणी में एक समय पीसीसी में पॉवर सेंटर रहने वाले मानक अग्रवाल की फिर वापसी हुई पर वे स्थायी आमंत्रित में शामिल किए गए हैं। लेकिन मीडिया प्रभारी मुकेश नायक को स्थायी आमंत्रित में शामिल किए जाने से उनकी जिम्मेदारी किसी और को दिए जाने वहीं, उनके विरोधी पूर्व मंत्री राजा पटैरिया को स्थायी आमंत्रित में शामिल कर लिया गया है। पचौरी समर्थकों को विशेष तरजीह कहा जा रहा है कि जीतू पटवारी का कांग्रेस की सरकारों में केंद्रीय मंत्री रहने के बाद भाजपा का दामन थामने वाले नेता सुरेश पचौरी समर्थकों पर जीतू पटवारी ने ज्यादा भरोसा जताया है। राजीव सिंह, आरिफ मसूद, महेंद्र जोशी, अमित शर्मा, अवनीश भार्गव, संजय शर्मा के नाम जीतू पटवारी की नई कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष व महामंत्री के रूप में शामिल किए गए हैं। ये सभी नाम पचौरी के निकटतम साथियों में रहे हैं।

बुधनी विधानसभा में कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का दो दिवसीय जनसंपर्क अभियान, कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार पटेल के समर्थन में मतदाताओं से संवाद

Public relations campaign of Congress President Jitu Patwari in Budhni Assembly: Two-day visit in support of Rajkumar Patel मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी आज, 27 अक्टूबर, से बुधनी विधानसभा क्षेत्र में दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान वे कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार पटेल के समर्थन में व्यापक जनसंपर्क करेंगे और मतदाताओं के साथ संवाद स्थापित करेंगे। पटवारी का यह दौरा 28 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें वे क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में जाकर कांग्रेस की नीतियों और आगामी चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति से लोगों को अवगत कराएंगे। दौरे का मुख्य उद्देश्यबुधनी विधानसभा क्षेत्र, जो प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है, में कांग्रेस इस बार मजबूत दावेदारी पेश कर रही है। जीतू पटवारी के इस दौरे का उद्देश्य स्थानीय मतदाताओं के बीच कांग्रेस के प्रत्याशी राजकुमार पटेल के प्रति समर्थन को बढ़ाना और जनता को कांग्रेस की योजनाओं से अवगत कराना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, पटवारी इस दौरे में किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए पार्टी के एजेंडे पर विशेष रूप से जोर देंगे और क्षेत्र के विकास के लिए कांग्रेस की प्राथमिकताओं को सामने रखेंगे। मतदाताओं से संवाददौरे के दौरान जीतू पटवारी विभिन्न गांवों और कस्बों में जाकर जनसभाएं करेंगे, जहां वे सीधे तौर पर मतदाताओं से संवाद करेंगे। कांग्रेस का उद्देश्य जनता की समस्याओं को सुनना और उन्हें कांग्रेस की ओर से समाधान का भरोसा देना है। इस अवसर पर पटवारी स्थानीय मुद्दों जैसे कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर भी चर्चा करेंगे। कांग्रेस की रणनीतिबुधनी विधानसभा पर कांग्रेस की नजर लंबे समय से है, और जीतू पटवारी का यह दौरा इस ओर एक अहम कदम है। पार्टी ने इस बार राजकुमार पटेल को प्रत्याशी बनाया है, जिन्हें स्थानीय स्तर पर अच्छा जनसमर्थन हासिल है। जीतू पटवारी का समर्थन भी उन्हें मजबूती देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी का लक्ष्य क्षेत्र के लोगों के सामने कांग्रेस के विकल्प को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश करना है। कांग्रेस समर्थकों में उत्साहदौरे की घोषणा के बाद से ही कांग्रेस समर्थकों और स्थानीय कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ता जीतू पटवारी के नेतृत्व में बुधनी में नई ऊर्जा के साथ जुटे हुए हैं। कांग्रेस का मानना है कि इस तरह के जनसंपर्क अभियानों से मतदाताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित होगा, जो चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कुल मिलाकर, जीतू पटवारी का यह दौरा कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि इससे कांग्रेस को स्थानीय स्तर पर समर्थन बढ़ाने का अवसर मिलेगा। पटवारी के संवाद कार्यक्रम को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि कांग्रेस बुधनी में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने 48 उम्मीदवार किए घोषित

नई दिल्ली कांग्रेस ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए 48 उम्मीदवारों की आज पहली सूची जारी की जिसमें नाना पटोले, पृथ्वीराज चव्हाण, बालासाहब थोराट, विजय वडेट्टीवार, विश्वजीत कदम सहित कई प्रमुख नेताओं के नाम शामिल हैं। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने इन उम्मीदवारों के नाम का चयन किया है। पार्टी ने महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले को फिर साकोली से टिकट दिया है जबकि पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को कराड़ दक्षिण से उम्मीदवार बनाया गया है। प्रफुल्ल विनोदराव गुडाधे नागपुर दक्षिण पश्चिम, असलम आर. शेख मलाड पश्चिम, विजय नामदेवराव वडेट्टीवार ब्रह्मपुरी उम्मीदवार बनाया गया है। कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के बेटे धीरज देशमुख को लातूर ग्रामीण से और अमित देशमुख को लातूर शहर से उम्मीदवार बनाया है। बाला साहेब थोराट के बेटे विजय थोराट को संगमनेर से तथा पूर्व मंत्री असलम शेख मलाड वेस्ट से उम्मीदवार बनाया है।  

कार्तिकेय कि मतदाताओं को वार्निंग : कांग्रेस का विधायक आ गया तो गांव में एक भी ईंट नहीं लगने वाली है. समझ लेना आप सब

If a Congress MLA comes, not a single brick is going to be laid in the village. please understand all of you शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने एक कार्यक्रम में कहा कि उपचुनाव में 19-20 होता है तो आप समझिए, किसका नुकसान होगा? अपने पैरों पर हम क्यों कुल्हाड़ी मारें? MP Bypoll 2024: मध्य प्रदेश के बुधनी विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव को लेकर अब राजनीति चरम पर पहुंच गया है. इस सीट पर बीजेपी के बीच मुख्य मुकाबला है. इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान ने एक चुनावी कार्यक्रम में कुछ ऐसा कह दिया कि उनके बयान को लेकर कांग्रेस ने उन्हें नसीहत देने लगे हैं. एमपी कांग्रेस के बड़े नेता ने उन पर पलटवार करते हुए कार्तिकेय सिंह को नसीहत दी है. दरअसल, कार्तिकेय सिंह चौहान ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उपचुनाव में 19-20 होता है तो आप समझिए, किसका नुकसान होगा? अपने पैरों हम क्यों कुल्हाड़ी मारें? ये है कार्तिकेय का बयान एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने कहा, “अपनी पोलिंग में गड़बड़ी कर हम क्यों अपनी इज्जत खराब करें? क्या हम को नहीं जाना काम कराने के लिए मुख्यमंत्री के पास, क्या हमें नहीं जाना काम कराने के लिए कृषि मंत्री के पास. आप ही लोग बताईए, सरपंच जी कैसे कराएंगे आप काम. जबाव दीजिए.” उन्होंने आगे कहा कि यदि उन्नीसा-बीस हुआ तो हम किस मुंह से अपने नेताओं के पास काम कराने जाएंगे. अगर गलती से भी कांग्रेस का विधायक आ जाता है तो एक ईंट गांव में नहीं लगने वाली है. समझ लेना आप सब. दिग्विजय सिंह ने क्या दी नसीहत? एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान के इस बयान पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर उन्हें नसीहत दी है. उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, “कार्तिकेय अभी से इस प्रकार का भाषण ना दो. अपने पिता शिवराज सिंह चौहान जी से सीखो. लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों मिलकर भारत निर्माण में सहयोग करते हैं.” उन्होंने कहा कि 10 साल तक मैं मुख्यमंत्री रहा, लेकिन मैंने इस प्रकार की भाषा का कभी उपयोग नहीं किया. आपके पिता गवाह हैं. पंचायत राज कानून में निर्माण काम करने के जिम्मेदार सरपंच की होती है, ना कि विधायक की. आप तो अभी ना सरपंच हैं ना विधायक. आप मेरे पुत्र नहीं पौत्र समान हैं. यह मेरी राय है. आप मानें ना मानें, आप जानें. जय सियाराम.

बुधनी में नाराजगी नहीं: भाजपा प्रत्याशी के विरोध पर VD शर्मा का बयान

No resentment in Budhni: VD Sharma’s statement on opposition to BJP candidate भोपाल। बुधनी विधानसभा उपचुनाव से पहले भाजपा प्रत्याशी रमाकांत भार्गव का विरोध होने पर बवाल मच गया। कांग्रेस इसे लेकर अब सत्ता पक्ष पर तंज कस रही है। हालांकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने इस नाराजगी को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि बुधनी में कोई नाराजगी नहीं हैं। बीजेपी में कभी ऐसा नहीं हुआ। शिवराज सिंह जी के नेतृत्व में बुधनी लगातार जीतते आए हैं। बुधनी के साथ विजयपुर भारी बहुमत से जीत रहे हैं। 24 को विजयपुर और 25 अक्टूबर को बुधनी का नामांकन है। बुधनी और विजयपुर के लिए हम तैयार हैं। विजय का इतिहास भारतीय जनता पार्टी बनाएगी। गरीब कल्याण की योजना और हमारे विकास का काम ये हमारी ताकत है। विधानसभा उपचुनाव को लेकर पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने कहा कि BJP हर जगह षड्यंत्र करने की कोशिश कर रही है। चाहे वो कुछ भी कर लें, दोनों ही सीटों पर कांग्रेस जीत रही है। कांग्रेस ईमानदारी के साथ इन सीटों पर जीत कर आएगी। जनता सब कुछ जानती है और वो उन्हें जवाब भी देगी। बुधनी में BJP की खुद की पार्टी के लोग उनका विरोध कर रहे हैं। वहां खुद अंदरूनी तौर पर षड्यंत्र चल रहा है। अपनी पीड़ा को कहना नाराज़गी नहीं होती: मंत्री राकेश शुक्ला पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह के बयान पर मंत्री राकेश शुक्ला ने पलटवार किया है। उपचुनाव पर कांग्रेस के दावों पर उन्होंने कहा कि रामनिवास नामांकन भरेंगे और मुख्यमंत्री भी जा रहे हैं। हम भी जाएंगे। यहां पर लगातार प्रवास होते रहे हैं और वरिष्ठ नेता भी रहेंगे। भारतीय जनता पार्टी विजयपुर विधानसभा से रामनिवास रावत प्रचंड बहुमत से जीतकर आ रहे हैं। वहीं बुधनी में विरोध के आरोपों पर उन्होंने कहा कि अपनी पीड़ा को कहना नाराज़गी नहीं होती। पीड़ा उन्होंने अपनी कही है। नेताओं के सामने पीड़ा कहने का अधिकार सबको है। हम सभी लोग मिलकर काम करेंगे और एक साथ मिलकर काम करेंगे तो जीतेंगे।जीतू पटवारी और कांग्रेस क्या कहती है, हमें इस पर नहीं जाना। संगठन और वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में हम जीत रहे हैं।

उमंग सिंघार का ABVP पर हमला: बीजेपी को दलित-आदिवासी विरोधी बताया

Umang Singhar’s attack on ABVP: Called BJP anti-Dalit-Tribal भोपाल। कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा पर हमला करते हुए उसे दलित और आदिवासी विरोधी बताया है। उन्होंने इंदौर में ABVP के छात्रों के द्वारा हॉस्टल में घुसकर आदिवासी और दलित छात्रों के साथ अभद्रता को लेकर बीजेपी और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को आड़े हाथों लिया है। नेता प्रतिपक्ष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्वीट करते हुए लिखा कि भाजपा अपने पाले हुए सड़क छाप गुंडों के जरिए दलित और आदिवासी विरोधी एजेंडा की प्रतिपूर्ति करती है। ये ABVP छात्रों का नहीं कुकृत्य करने वालों का संगठन है, जिसे भाजपा अपनी अगली पीढ़ी के लिए तैयार कर रही है। उमंग सिंघार ने ABVP संगठन पर तंज कसते हुए कहा कि ये लोग आदिवासी और दलित छात्रों को अपना निशाना बनाते रहते हैं। दो दिन पहले भाजपा की नई पीढ़ी ABVP के “गुंडे” इंदौर में आदिवासी और दलित छात्रों को उनके होस्टल कैम्पस में जाकर गालियां दी और होस्टल पर पत्थर फेंके। कानून को मजाक समझने वालों पर मौन यादव कार्रवाई करेंगे या दलित और आदिवासी अत्याचारों पर भी “मौन” रहेंगे? सिंघार ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव जी इस मामले पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने के आदेश दें।

वायनाड लोकसभा उपचुनाव: प्रियंका गांधी ने भरा नामांकन, सोनिया, राहुल और खरगे ने दिखाई एकजुटता

Wayanad Lok Sabha by-election: Priyanka Gandhi filed nomination, Sonia, Rahul and Kharge showed solidarity. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज वायनाड लोकसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ उनकी मां सोनिया गांधी, भाई राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई अन्य नेता मौजूद रहे। इससे पहले उन्होंने स्थानीय नेताओं की मौजूदगी में नामांकन पर्चा भरा था। नामांकन पर्चा भरने के बाद उन्होंने अपने भाई राहुल गांधी के साथ एक रोड-शो किया। बता दें कि वायनाड उपचुनाव में प्रियंका गांधी का सामना भाजपा उम्मीदवार नव्या हरिदास से होने वाला है। रोड शो में शामिल हुए ये नेताराहुल गांधी के अलावा प्रियंका के इस रोड शो में उनकी मां सोनिया गांधी और पति रॉबर्ट वाड्रा भी मौजूद रहे। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत पार्टी के अन्य नेता भी इस रोड शो में शामिल हुए। प्रियंका गांधी ने किया लोगों को संबोधितरोड-शो में प्रियंका गांधी ने लोगों को संबोधित भी किया। उन्होंने कहा, “पिछले 35 सालों से मैं अलग-अलग चुनावों के लिए प्रचार कर रही हूं। यह पहली बार है जब मैं आपके समर्थन की मांग अपने लिए कर रही हूं। यह एक बहुत ही अलग एहसास है। मैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने मुझे वायनाड से उम्मीदवार बनने का सौभाग्य दिया।” उन्होंने आगे कहा, “सत्य और अहिंसा ने मेरे भाई (राहुल गांधी) को एकता और प्रेम के लिए देशभर में 8000 किमी पैदल चलने के लिए प्रेरित किया। जब पूरी दुनिया उनके खिलाफ थी, तब आप उनके साथ खड़े थे। मेरे भाई को लड़ने के लिए आपलोगों ने साहस दिया। मेरा पूरा परिवार आपका कर्जदार है। मुझे मालूम है कि उसे (राहुल गांधी) आपलोगों को छोड़ना पड़ा और मैं आपसे वादा करती हूं कि मैं आपके और उसके बीच के संबंधों को मजबूत करूंगी। उन्होंने मुझे बताया कि आप किन बड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। मेरे भाई ने मुझे बताया कि आपलोगों की क्या तकलीफ है। मैं आपके घर आना चाहती हूं और आपसे सीधे समझना चाहती हूं कि आपकी समस्याएं क्या हैं और हम उनसे कैसे निपट सकते हैं।” कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी रोड-शो को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “वायनाड देश का ऐसा निर्वाचन क्षेत्र है जहां से दो सांसद हैं, एक आधिकारिक सांसद और दूसरा अनौपचारिक सांसद।” प्रियंका गांधी के नामांकन पर कांग्रेस सांसद ने दी प्रतिक्रियाप्रियंका गांधी के नामांकन पर कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा, “आप जो ऊर्जा यहां देख रहे हैं, यह कुछ ऐसा है, जिसका हम सभी इंतजार कर रहे थे। हम चाहते थे कि प्रियंका गांधी किसी भी सीट से चुनाव लड़े, लेकिन हमने कभी ऐसा नहीं सोचा था कि किस्मत हमारे पास चलकर आएगी। हम सभी उत्साहित हैं। हर तरफ उत्साह है। यह वायनाड और केरल के लिए दोहरा सौभाग्य है, क्योंकि इसे अब स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा- प्रियंका गांधी वाड्रा, लोकसभा की सदस्य, वायनाड, केरल।” नव्या हरिदास ने प्रियंका गांधी को दी चुनौतीभाजपा उम्मीदवार नव्या हरिदास ने कांग्रेस को पहले ही कड़े मुकाबले की चुनौती दे चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि आगामी उपचुनाव में प्रियंका गांधी को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।। उन्होंने कहा,”मेरी प्रतिद्वंद्वी प्रियंका गांधी हैं। मैं केवल इतना कहना चाहूंगी कि वायनाड में कांग्रेस को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। राहुल गांधी ने रायबरेली की सीट बरकरार रखने के लिए वायनाड की सीट छोड़ दी थी। जब वायनाड के लोगों को भूस्खलन का सामना करना पड़ा, तो उनके पास इन मुद्दों को उठाने के लिए संसद में कोई प्रतिनिधि नहीं था।” प्रियंका गांधी का पहला चुनावनव्या ने आगे कहा, “पिछले पांच वर्षों में राहुल गांधी ने शायद ही इस निर्वाचन क्षेत्र का दौरा किया हो। वे यहां के लोगों के मुद्दों को उठाने में भी नाकाम रहें। यह मेरा पहला लोकसभा चुनाव होगा।” उन्होंने यह भी कहा था कि वायनाड गांधी परिवार के लिए सिर्फ एक दूसरी सीट है। बता दें कि प्रियंका गांधी के साथ नव्या हरिदास का भी यह पहला चुनाव होगा। 13 नवंबर को होने वाले इस उपचुनाव में एलडीएफ ने भी उम्मीदवार खड़ा किया। उन्होंने सत्यन मोकेरी को अपना उम्मीदवार बनाया है।

भाजपा के उम्मीदवार ने गड़बड़ाए समीकरण, राजस्थान-दौसा में प्रत्याशी पर उलझी कांग्रेस

दौसा. प्रदेश में सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना हैं। इसी के चलते भाजपा ने दौसा सीट पर पूर्वी राजस्थान के कद्दावर नेता और भजनलाल सरकार में मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के भाई जगमोहन मीणा पर दांव खेलते हुए उन्हें टिकट दिया है। राजस्थान की इस चर्चित सीट पर प्रदेश भर निगाहें हैं क्योंकि लोकसभा चुनाव में भाजपा ने यहां से जीतने के लिए ऐड़ी से चोटी तक का जोर लगाया था लेकिन भाजपा को यहां हार का सामना करना पड़ा था और कांग्रेस के मुरारीलाल मीणा यहां से सांसद निर्वाचित हुए थे। उसके बाद यह सीट खाली हुई अब इस दौसा सीट पर उपचुनाव होना हैं। इस सीट भाजपा द्वारा जगमोहन मीणा को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद कांग्रेस के समीकरण गड़बड़ा गए हैं। दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा के करीबी हरिकेश मीणा, राजस्थान सरकार के सार्वजनिक निर्माण विभाग में मुख्य अभियंता के पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुके हैं लेकिन भाजपा के प्रत्याशी घोषित होने के बाद कांग्रेस की टेंशन बढ़ चुकी है। सूत्रों की मानें तो सांसद मुरारीलाल मीणा हरिकेश मीणा को कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ाना चाहते हैं लेकिन इस सामान्य सीट पर भाजपा ने पहले ही एसटी कैंडिडेट का नाम घोषित कर दिया है, जिससे अब कांग्रेस के पास सामान्य उम्मीदवार और एससी के उम्मीदवार को टिकट देना मजबूरी बन गया है। उधर भीतर खाने चर्चा है कि कांग्रेस यदि ब्राह्मण उम्मीदवार को टिकट देती है तो महेश शर्मा और समृद्धि शर्मा का नाम आ सकता है और एससी पर दांव लगाती है तो मात्र डीसी बैरवा का नाम निकलकर सामने आता है। इसी ऊहापोह के चलते कांग्रेस की तरफ से टिकट डिक्लीअर होने में देरी होती नजर आ रही है। माना तो यह भी जा रहा है कि कांग्रेस कहीं ना कहीं नए प्रत्याशी का विकल्प ढूंढने में लगी है। इधर हरिकेश मीणा भी VRS लेकर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। अब कांग्रेस यदि किसी और को प्रत्याशी बनाती है तो दौसा विधानसभा उपचुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला होने संभावना जताई जा रही है ।

प्रदेश में फिर INDIA गठबंधन में दरार ! बुधनी में सपा ने उतारा प्रत्याशी, कांग्रेस के बागी नेता लड़ेंगे चुनाव

भोपाल मध्य प्रदेश में विजयपुर-बुधनी विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव को लेकर दोनों ही प्रमुख दलों (बीजेपी और कांग्रेस) की ओर से तस्वीर साफ हो गई है. बुधनी विधानसभा सीट पर बीजेपी ने जहां पूर्व सांसद रमाकांत भार्गव को प्रत्याशी बनाया है, तो वहीं कांग्रेस ने भी प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है. कांग्रेस ने बुधनी से राजकुमार पटेल को टिकट दिया है. इधर विजयपुर विधानसभा सीट से बीजेपी ने वन मंत्री रामनिवास रावत को उम्मीदवार बनाया है तो वहीं कांग्रेस ने मुकेश मल्होत्रा को प्रत्याशी बनाया है. इन दोनों ही सीटों पर रोचक मुकाबला होने के आसार हैं. समाजवादी पार्टी ने भी बुधनी से उतारा उम्मीदवार इधर बुधनी से युवा कांग्रेस के अर्जुन आर्य ने भी बगावती तेवर दिखा दिए हैं. अर्जुन आर्य क्षेत्र में कांग्रेस के लिए सक्रिय रहे. हालांकि, टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है. अब उन्हें समाजवादी पार्टी ने बुधनी से उम्मीदवार बना दिया है. 13 नवंबर को वोटिंग, 23 को नतीजे मध्य प्रदेश की बुधनी और विजयपुर सीट पर उपचुनाव के लिए प्रक्रिया जारी है. 18 अक्टूबर से नामांकन भराने का सिलसिला जारी है. हालांकि, तीन दिन में दोनों ही सीटों पर एक भी नामांकन फॉर्म जमा नहीं हुआ है जबकि 25 अक्टूबर नामांकन फार्म जमा करने की आखिरी तारीख है. 30 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जाएंगे, तो 13 नवंबर को वोटिंग होगी और 23 नवंबर को परिणाम आ जाएंगे. इधर दोनों ही प्रमुख दल बीजेपी और कांग्रेस ने अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतार दिए हैं. बुधनी में आसान नहीं दोनों दलों की राह भारत सरकार के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का गढ़ है. यहां पांच बार से लगातार शिवराज सिंह चौहान विधायक बनते आ रहे थे. यहां बीजेपी मजबूत स्थिति में रही है. क्योंकि अब शिवराज सिंह चौहान प्रत्याशी नहीं हैं. ऐसे में यहां मुकाबला रोचक होने का अनुमान है. बीजेपी ने जहां पूर्व सांसद रमाकांत भार्गव को उम्मीदवार बनाया है तो वहीं कांग्रेस ने भी पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल को प्रत्याशी बना दिया है. बागियों की भी सुगबुगाहट प्रत्याशियों के नाम का ऐलान होने के बाद दोनों ही दलों से बागियों की भी सुगबुगाहट शुरू हो गई है. बीजेपी के कद्दावर नेता अपने समर्थकों के साथ मीटिंग कर रहे हैं. इस मीटिंग के बाद निर्णय अनुसार यह जनप्रतिनिति आगे की रणनीति बनाएंगे. इधर कांग्रेस से युवा नेता अर्जुन आर्य ने भी बगावत कर दी है. विजयपुर में भी रोचक मुकाबला विजयपुर विधानसभा सीट पर भी दोनों ही प्रमुख दलों के प्रत्याशियों की राह आसान होती नजर आ नहीं आ रही है. विजयपुर विधानसभा सीट पर 67 साल में 15 विधानसभा चुनाव हुए हैं, जिसमें 9 बार कांग्रेस जीती है, जबकि 6 बार बीजेपी के जनप्रतिनिधि विधायक चुने गए हैं.

यूपी उपचुनाव सीट पर कांग्रेस -समाजवादी पार्टी में दरार, सपा के सामने जिद्द पर अड़ी कांग्रेस

लखनऊ समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच एक तरफ महाराष्‍ट्र विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे का पेंच फंसा हुआ है वहीं यूपी उपचुनाव में सपा की ओर से दो सीटों के ऑफर ने कांग्रेसी दावेदारों की बेचैनी बढ़ा दी है। पार्टी ने एक तरफ ज्‍यादा सीटों के लिए सपा पर दबाव बढ़ा दिया है। दूसरी तरफ कई मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि अधिक सीटें नहीं मिलीं तो कांग्रेस यूपी उपचुनाव से किनारा भी कर सकती है। हालांकि अभी तक कांग्रेस नेताओं ने इस पर चुप्‍पी साध रखी है। प्रदेश अध्‍यक्ष अजय राय ने कहा है कि सीटों के बारे में राष्‍ट्रीय नेतृत्‍व तय कर रहा है। हम लोग यूपी में संगठन की मजबूती के लिए काम कर रहे हैं। सीटों के बंटवारे को लेकर फंसे इस पेंच के बीच कांग्रेस यूपी में दो से ज्यादा सीटों के लिए अड़ी हुई है। अभी तक सपा की तरफ से उसके लिए केवल दो ही सीटें छोड़े जाने का स्पष्ट संकेत दिया गया है। यूपी में नौ विधानसभा सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी इंडिया गठबंधन के इन दोनों प्रमुख दलों के बीच सीटों के बंटवारे का विवाद हल नहीं हो पाया है। नामांकन की अंतिम तारीख 25 अक्तूबर नजदीक आने के साथ ही कांग्रेस में टिकटों के दावेदारों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। अभी तक के संकेतों के अनुसार कांग्रेस को गाजियाबाद के अलावा खैर की सीट मिलने वाली है। समाजवादी पार्टी ने इन दोनों सीटों से अपने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। इसके अलावा सपा ने कुंदरकी सीट पर भी अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है। गाजियाबाद और खैर सीट से कांग्रेस के टिकट के दावेदार भी खासे परेशान हैं। पार्टी ने उन्हें अभी तक कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी केवल दो ही सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार नहीं है। ऐसे में सपा पर हर हाल में दो से ज्यादा सीटें छोड़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उपचुनाव में दोनों दलों के बीच गठबंधन कौन सा मोड़ लेता है? सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस महाराष्ट्र में सपा की 12 सीटों पर दावेदारी से बेचैन है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनावों के लिए सीटों का विभाजन एक गंभीर मुद्दा बन गया है. कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी पांच से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी, वहीं समाजवादी पार्टी सिर्फ दो गाजियाबाद और खैर सीटों की पेशकश कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस उन सीटों पर भी चुनाव लड़ना चाहती थी, जिनमें कुछ सीटों पर अखिलेश यादव ने अपनी ओर से उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. इस हालत में, कांग्रेस सिर्फ दो सीटों पर चुनाव लड़ने के बजाय चुनाव न लड़ने का विचार कर रही है. इस बीच, उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय, पार्टी प्रमुख अजय राय, और पार्टी नेता अराधना मिश्रा अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी के साथ बातचीत कर रहे हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी ने ज्यादा सीटें देने की योजना नहीं बनाई है. कश्मीर-हरियाणा चुनाव के बाद दबाव में कांग्रेस सीट बंटवारे का यह मुद्दा तब सामने आया है जब हरियाणा विधानसभा चुनाव नतीजों में निराशाजनक प्रदर्शन और जम्मू क्षेत्र में सीट ना जीत पाने के बाद कांग्रेस अपने सहयोगियों से अपनी चुनावी रणनीति पर पुनर्विचार करने के लिए दवाब में है. यह बताया जा रहा है कि गांधी परिवार ने अखिलेश यादव के साथ फूलपुर सीट पर चर्चा की थी, जहां समाजवादी पार्टी ने अपने हार चुके प्रत्याशी मुस्तफा सिद्दीकी को कैंडिडेट बनाया है. यूपी की 9 सीटों पर होना है उपचुनाव उत्तर प्रदेश में 9 सीटों के लिए उपचुनाव 13 नवंबर को आयोजित होंगे जिनमें करहल (मैनपुरी), मीरापुर (मुजफ्फरनगर), कटेहरी (अंबेडकर नगर), गाजियाबाद, सिसामऊ (कानपुर), मझावन (मिर्जापुर), फूलपुर (प्रयागराज), खैर (अलीगढ़), और कुंदरकी (मुरादाबाद) शामिल हैं.

अहिल्या माता और शिवाजी पर सियासत: कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने, नाम परिवर्तन पर टकराव

Politics on Ahilya Mata and Shivaji: Congress-BJP face to face, clash over name change इंदौर में हुई मेयर इन काउंसिल की बैठक में रेसीडेंसी कोठी का नाम बदलकर शिवाजी कोठी (शिवाजी वाटिका) करने का प्रस्ताव पास होने के बाद राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया है। कांग्रेस नेता राकेश सिंह यादव ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि यह कदम महाराष्ट्र में आगामी चुनावों के मद्देनजर उठाया गया है, ताकि वहां के वोट बैंक को साधा जा सके। उनका कहना है कि यह देवी अहिल्या बाई होलकर की उपेक्षा है, जिन्होंने इंदौर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। कांग्रेस बोली अहिल्या रेसीडेंसी नाम करना थारेसीडेंसी कोठी, जो लगभग 204 वर्ष पुरानी है और अंग्रेजी शासन के दौरान मालवा-निमाड क्षेत्र में ब्रिटिश सत्ता का केंद्र थी, का नामकरण शिवाजी महाराज के नाम पर किए जाने से कांग्रेस असहमत है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव ने भी सोशल मीडिया पर इस फैसले की आलोचना की और सुझाव दिया कि इसे देवी अहिल्या रेसीडेंसी कोठी नाम दिया जाना चाहिए था। गफ्फूर खां की बजरिया पर नहीं हुआ निर्णयसाथ ही, अन्य नामकरणों की भी बैठक में स्वीकृति दी गई, जिसमें फूटी कोठी ब्रिज का नाम सेवालाल महाराज ब्रिज और भंवरकुआं चौराहे का नाम टंट्या भील चौराहा रखा गया है। इसके अलावा, बीजेपी नेता वरुण पाल ने गफ्फूर खां की बजरिया का नाम बदलकर वीरांगना तुलसाबाई होलकर के नाम पर करने की मांग भी की थी, हालांकि इस पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। दोनों के अपने तर्कइस नामकरण विवाद से दोनों दलों के बीच राजनीतिक तनाव और बढ़ने की संभावना है, क्योंकि कांग्रेस इसे ऐतिहासिक व्यक्तियों के सम्मान से जोड़कर देख रही है, जबकि बीजेपी इसे अपने राजनीतिक एजेंडे के तहत नामकरण के रूप में प्रस्तुत कर रही है।

अखिलेश यादव का महाराष्ट्र प्लान: MVA में समाजवादी पार्टी की सीटों की मांग पर स्पष्टता

Akhilesh Yadav’s Maharashtra Plan: Clarity on Samajwadi Party’s demand for seats in MVA समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव मालेगांव और धुले में रैली करने वाले हैं. सपा विधानसभा चुनाव में दो से अधिक सीटें एमवीए से लेने की कोशिश में है. इस समय सपा के दो विधायक हैं. MVA Seat Sharing In Maharashtra: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इन दिनों मिशन महाराष्ट्र में जुटे हैं. उनकी कोशिश महाविकास अघाड़ी (एमवीए) में रहकर अधिक से अधिक सीटें सपा के पाले में लाने की है. इसी के मद्देनजर अखिलेश यादव आज (शुक्रवार, 18 अक्टूबर) महाराष्ट्र पहुंचे. यहां उन्होंने कहा कि हरियाणा का हारा हुआ चुनाव बीजेपी ने जीत लिया, लेकिन झारखंड और महाराष्ट्र INDIA गठबंधन ही जीतेगा. महाराष्ट्र में हमें महासावधान रहना पड़ेगा. अखिलेश यादव ने महाराष्ट्र में सपा के प्रदेश अध्यक्ष अबू आजमी के साथ बैठक की. इसके बाद उन्होंने कहा, ”महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी से सपा की 12 सीटों की मांग बिलकुल सही है. महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी ज़्यादा से ज़्यादा सीटों पर जीतकर आएगी. हमें उम्मीद है कि जहां सपा जीतेगी, वहां एमवीए सीट देगा. सवाल संख्या का नहीं, जीत का है. अबू आजमी लगातार कोशिश कर रहे हैं. मालेगांव और धुले में भी हमारी दावेदारी है.” अखिलेश यादव दोनों जगह रैली करने वाले हैं. कौन-कौन सी सीटें चाहती है सपा? सपा ने अमरावती के रावेर से भी चुनाव लड़ने में रुचि दिखाई है. अन्य सीटें जो सपा चाहती है वे हैं मानखुर्द शिवाजी नगर, वर्सोवा, और अनुशक्ति नगर (मुंबई उपनगरीय जिला), भायखला (मुंबई शहर), भिवंडी पूर्व और भिवंडी पश्चिम (ठाणे), मालेगांव सेंट्रल (नासिक), औरंगाबाद पूर्व (छत्रपति संभाजी नगर), करंजा (वाशिम) और धुले शहर (धुले जिला). इस समय मानखुर्द शिवाजी नगर से अबू आजमी विधायक हैं. वहीं भिवंडी पूर्व से सपा के रईस शेख विधायक हैं. 2019 में कैसा रहा था सपा का हाल?288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में 20 नवंबर को एक ही चरण में मतदान होगा और परिणाम 23 नवंबर को आएंगे. 2019 में समाजवादी पार्टी ने महाराष्ट्र में सात सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिसमें से दो पर जीत हासिल हुई थी. अन्य पांच सीटों पर सपा उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई. महाराष्ट्र में इंडिया गठबंधन (एमवीए) में कांग्रेस, शरद पवार की पार्टी एनसीपी (एसपी) और उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना-यूबीटी और अन्य छोटी पार्टियां शामिल है. अखिलेश यादव कहते रहे हैं कि पूरी ताकत से इंडिया ब्लॉक के साथ खड़े रहेंगे. एमवीए का मुकाबला यहां महायुति से है. महायुति (एनडीए) में बीजेपी के साथ एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी शामिल है. नाना पटोले ने क्या कहा? एमवीए में शामिल नेताओं का कहना है कि जल्द ही सभी सीटों पर बातचीत पूरी हो जाएगी.महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि एमवीए में 25 से 30 विधानसभा सीट को लेकर है गतिरोध, कांग्रेस आलाकमान फैसला लेगा. सीटों के बंटवारे पर पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह स्पष्ट है कि जब एक से अधिक दल गठबंधन के रूप में एक साथ आते हैं तो सीट बंटवारे को लेकर संघर्ष होगा, लेकिन यह समझना आवश्यक है कि इसे तब तक नहीं खींचा जा सकता जब तक कि यह टूट न जाए. हालांकि, मुझे लगता है कि अभी ऐसा कोई बड़ा मुद्दा नहीं है. हम एक या दो दिन में अपनी सीट बंटवारे की बातचीत पूरी कर लेंगे, ज्यादातर कल तक, क्योंकि यह अंतिम चरण में पहुंच गया है.

एमपी में खाद की कमी पर कांग्रेस का हल्ला, कृषि मंत्री ने यूक्रेन-रूस युद्ध को ठहराया जिम्मेदार

Congress protests over fertilizer shortage in MP, Agriculture Minister blames Ukraine-Russia war भोपाल ! किसानों को खाद उपलब्ध कराने का दावा खोखला साबित हो रहा है. घंटों कतार में लगने के बावजूद पर्याप्त खाद नहीं मिल रही है. बुआई के मौसम में खाद की किल्लत जी का जंजाल बन गयी है. सीहोर जिला मुख्यालय स्थित कृषि उपज मंडी में खाद के लिए किसानों की भीड़ देखी गई. आधार कार्ड की फोटोकॉपी लिये किसान कतारबद्ध नजर आए. किसानों का दर्द है कि सुबह से लाइन में लगने के बावजूद खाद नहीं मिली है. उन्होंने बताया कि खाद के लिए जद्दोजहद करने का अंदेशा था. इसलिए घर से रोटी बांधकर साथ लाए थे. भूख लगने पर पेड़ के नीचे बैठकर खाया है. नाराज किसानों ने सरकार के दावे पर सवाल उठाये. उन्होंने कहा कि सरकार हर साल ऐलान करती है कि प्रदेश में खाद की समस्या नहीं होने दी जायेगी. लगता है कि अधिकारियों को मुख्यमंत्री के आदेश की परवाह नहीं है. धूप में भूखे प्यास खड़े रहने के बावजूद खाद नहीं मिल रही है. खाद बांटने वाले कर्मचारी-अधिकारियों की डांट भी खाने को किसान मजबूर हैं. खाद की किल्लत पर कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने सफाई दी है. उन्होंने माना कि यूक्रेन-रूस युद्ध के कारण खाद आने में देरी हो रही है. कृषि मंत्री ने खाद की कमी के पीछे यूक्रेन-रूस युद्ध को कारण बताया. खाद की किल्लत पर कांग्रेस हमलावर प्रदेश में खाद संकट पर विपक्ष लगातार हमलावर है. राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खाद संकट का जिम्मेदार केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री मोहन यादव को ठहराया है. दिग्विजय सिंह ने कहा कि 1993 से लेकर 2003 तक कांग्रेस की सरकार थी. उस दौरान खाद के लिए किसानों को परेशान नहीं होना पड़ा. खाद की कालाबजारी नहीं होने का भी उन्होंने दावा किया. आज खाद की ब्लैकमार्केटिंग और नकली खाद मामले में बीजेपी से जुड़े नेताओं का नाम सामने आ रहा है.

कांग्रेस के लिए बड़ा चैंलेंज है बुधनी उपचुनाव, बुधनी से बीजेपी के ये हैं तगड़े दावेदार

भोपाल मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिह चौहान की बुधनी विधानसभा सीट पर कांग्रेस में भी चार दावेदार सामने आए है। जानकारी के अनुसार बुधनी सीट के लिए कांग्रेस से राजकुमार पटेल, विक्रम मस्ताल, अजय पटेल और महेश राजपूत के नामों का पैनल बना है। वहीं विजयपुर में मुकेश मल्होत्रा का सिंगल नाम है। विजयपुर सीट के लिए कांग्रेस ने नाम दिल्ली भेजा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने दो दिनों तक स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ रायशुमारी की है। बीजेपी के ऐलान के बाद कांग्रेस अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर सकती है। बता दें कि बुधनी पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की परंपरागत सीट है। उनके सांसद चुने जाने के बाद यह सीट खाली हुई है। इसी तरह विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत के इस्तीफे और बीजेपी में शामिल होने के बाद सीट रिक्त हुई है। दोनों विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा हो चुकी है। राज्य की दोनों पार्टी बीजेपी और कांग्रेस चुनाव की तैयारी में जुट गई है। भोपाल मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिह चौहान की बुधनी विधानसभा सीट पर कांग्रेस में भी चार दावेदार सामने आए है। जानकारी के अनुसार बुधनी सीट के लिए कांग्रेस से राजकुमार पटेल, विक्रम मस्ताल, अजय पटेल और महेश राजपूत के नामों का पैनल बना है। वहीं विजयपुर में मुकेश मल्होत्रा का सिंगल नाम है। विजयपुर सीट के लिए कांग्रेस ने नाम दिल्ली भेजा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने दो दिनों तक स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ रायशुमारी की है। बीजेपी के ऐलान के बाद कांग्रेस अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर सकती है। बता दें कि बुधनी पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की परंपरागत सीट है। उनके सांसद चुने जाने के बाद यह सीट खाली हुई है। इसी तरह विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत के इस्तीफे और बीजेपी में शामिल होने के बाद सीट रिक्त हुई है। दोनों विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा हो चुकी है। राज्य की दोनों पार्टी बीजेपी और कांग्रेस चुनाव की तैयारी में जुट गई है। बुधनी सीट पर कांग्रेस से इन चार नामों का पैनल     राजकुमार पटेल     विक्रम मस्ताल     अजय पटेल     महेश राजपूत जानिए कांग्रेस के दावेदारों के बारे में     राजकुमार पटेल- 1993 से 1998 तक विधायक रहे उसी दौरान शिक्षा राज्यमंत्री रहे। 1998 में बडे़ भाई देवकुमार पटेल को टिकट मिला था।     विक्रम मस्ताल- टीवी सीरियल में भगवान हनुमान का रोल निभा चुके हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में बुधनी से प्रत्याशी रह चुके हैं।     अजय पटेल- युवा कांग्रेस के बुधनी विधानसभा के 10 साल से अध्यक्ष हैं। पिता डॉक्टर हैं। किसान परिवार से आते हैं।     महेश राजपूत- बुधनी के दो बार जनपद अध्यक्ष रहे। 2008 में कांग्रेस से चुनाव लड़ चुके हैं। विजयपुर सीट पर ये सिंगल नाम श्योपुर जिले की विजयपुर सीट पर बीजेपी की तरह कांग्रेस के संभावित दावेदारों में सिंगल नाम है। कांग्रेस के पैनल में 2023 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय लड़े मुकेश मल्होत्रा का सिंगल नाम है। मल्होत्रा 2023 के विधानसभा चुनाव में 44 हजार से ज्यादा वोट लेकर तीसरे नंबर पर रहे थे।

कांग्रेस ने खाद संकट पर घेरा, दिग्विजय सिंह-जीतू पटवारी ने CM मोहन यादव से मांगे जवाब

Congress surrounded on fertilizer crisis, Digvijay Singh-Jitu Patwari sought answers from CM Mohan Yadav मध्य प्रदेश में में चल रहे खाद संकट को लेकर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी ने मौजूदा सरकार पर बड़ा हमला बोला है. दोनों नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनसे कुछ सवाल भी किए हैं. मध्य प्रदेश में खाद संकट को लेकर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार (17 अक्तूबर) को भोपाल में एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य में चल रहे खाद संकट को लेकर कांग्रेसी नेताओं ने मौजूदा सरकार पर बड़ा हमला बोला और उनसे कुछ सवाल भी किए. उन्होंने कहा, देश में डीएपी (खाद) की किल्लत सरकार की नीतियों के कारण है. वर्तमान में देश में 100 लाख टन डीएपी (खाद) की आवश्यकता है, जिसमें से देश में 4 लाख टन प्रति माह का उत्पादन होता है. इसके लिए कच्चा माल भी आयात करना पड़ता है. आयात में समस्या से 20 फीसदी करीब कम उत्पादन हुआ है, बाकी लगभग 5 लाख टन डीएपी का आयात होता, तब जाकर हमारी आवश्यकता पूरी हो रही है. इस साल देश में अप्रैल से अगस्त तक 16 लाख टन करीब डीएपी आया था, जबकि पिछले साल 32.5 लाख टन का आयात हुआ था, जो 16.5 लाख टन यानी 50 फीसदी कम है. मध्य प्रदेश में डीएपी की 9 लाख टन से ज्यादा की जरूरत है, जिसके एवज में अभी तक मध्य प्रदेश में लगभग 4.5 लाख टन डीएपी आया है, बाकी 5 से 6 लाख टन की कमी है. कांग्रेस नेताओं ने क्या कहा?उन्होंने कहा, अगले 15 दिन मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. बड़े रकबे में बुवाई एक साथ शुरू होगी. सरकार डीएपी की जगह एनपीके (खाद) डालने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. डीएपी में 18 फीसदी नाइट्रोजन और 46 फीसदी फास्फोरस होता है. यदि डीएपी की जगह एनपीके देते हैं तो 6 लाख टन डीएपी की कमी को पूरा करने के लिए 9 लाख टन एनपीके की जरुरत रहेगी. जबकि अभी तक कुल 3 लाख टन डीएपी आया है, जो पिछले साल से 1 लाख टन कम है. मतलब 350 रैक सिर्फ एनपीके चाहिए. यह इस बात का प्रमाण है कि मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री के जिले मुरैना में 24,500 मीट्रिक टन डीएपी की डिमांड है. इसके मुकाबले किसानों के लिए महज 8,247 मीट्रिक टन डीएपी ही उपलब्ध है. मतलब कृषि मंत्री के क्षेत्र में 33 फीसदी खाद आपूर्ति हुई है. 25 सितम्बर को प्रकाशित खबर के अनुसार जब कृषि मंत्री के क्षेत्र के ये हाल हैं तो बाकी जगह कितनी उपलब्धता हुई होगी इसका अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है. पहले बात तो आयात 50 फीसदी कम हुआ, दूसरा मध्य प्रदेश सरकार ने अपनी डिमांड वास्तविक जरूरत से कम भेजी, तीसरा अग्रिम भंडारण पिछले साल की तुलना में इस साल 3.51 लाख मीट्रिक टन डीएपी का कम हुआ. सरकार की एपीसी की संभाग स्तर की पिछली बैठकों, कलेक्टरों के स्टेटमेंट देखिये वो सब कह रहे हैं कि डीएपी की जगह दूसरे उर्वरक डाले तो सरकार बताये कि किसान कौन से उर्वरक डाले और उनकी गुणवत्ता की गारंटी कौन लेगा? किसानों तो डीएपी की ही मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा, पूर्व में खाद की उपलब्धता सहकारी समितियों के माध्यम से कराई जाती थी, जिससे किसानों को उनके गांव में गुणवत्ता युक्त शासकीय दाम पर बिना किसी परेशानी के खाद उपलब्ध होता था, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अपने लोगों को उपकृत करने के लिए खाद की लगभग आधी मात्रा में खुले बाजार में बिक्री की छूट दे रखी है, जिससे किसानों को शहर आकर महंगे दाम में खाद खरीदना पड़ता है. वहीं खुले बाजार में बिक्री से खाद के साथ अन्य सामग्री जैसे अन्य उर्वरक, कीटनाशक दवाई, टॉनिक, बीज, सल्फर, जिंक के अलावा ऐसे उत्पाद जो किसानों की आवश्यकता नहीं है उन्हें भी मजबूरन टैग करके खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है. सरकार खोखले दावे करती है कि किसानो को जीरो ब्याज पर लोन उपलब्ध कराएंगे, लेकिन जब किसानों को साख समितियों से खाद नहीं मिलेगा, नगद ऋण नहीं मिलेगा तो फिर कैसे जीरो ब्याज का फायदा किसानों को मिलेगा. अभी तो उल्टा किसान की जेब से अतिरिक्त पैसा जा रहा है. मध्य प्रदेश में रवि की फसल के लिए 22 लाख टन यूरिया की जरुरत है, जबकि अभी 10.12 लाख मीट्रिक टन यूरिया की उपलब्धता है. जैसे कि अक्टूबर माह में 4.5 लाख टन यूरिया की मांग है, लेकिन 2 लाख 90 हजार टन ही उपलब्ध हो पाया. आगामी माह में भी इस कमी की पूर्ति होना असंभव है, जिसके कारण अगला माह भी किसानों के लिए परेशानी का सबब बनेगा. सरकार द्वारा नेनो यूरिया और नेनो डीएपी का बड़े स्तर पर क्षेत्र में प्रचार-प्रसार दानेदार यूरिया और दानेदार डीएपी के विकल्प के रूप में किया जा रहा है, जबकि नेनो यूरिया और नेनो डीएपी को पिछले साल फसलों पर डालने पर वो प्रभाव नहीं देखा गया जो दानेदार यूरिया और डीएपी का होता है. कांग्रेस ने सरकार से पूछे ये सवाल डीएपी की उपलब्धता के सम्बन्ध में सरकार की क्या योजना है.क्या सरकार अन्य उर्वरकों से डएपी के तत्वों की पूर्ती करना चाहती है. इसके सम्बन्ध में सरकार की क्या कार्य योजना है.क्या अन्य उर्वरकों से पूर्ती हेतु सरकार द्वारा किसानों के बीच में जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया है.सरकार द्वारा अग्रिम भंडारण योजना के अंतर्गत यूरिया डीएपी का अग्रिम भंडारण क्यों नहीं कराया गया. यदि आनन-फानन में सरकार द्वारा उर्वरकों की उपलब्धता की जाती है तो गुणवत्ता की सुनिश्चितत्ता कैसे होगी. अगले 15 दिनों में गेंहू, चना, सरसों, आलू एवं प्याज की लगभग बुवाई हेतु किसान अपनी तैयारियों में लगा हुआ है जिसमे लगभग 90 प्रतिशत यानी लगभग 9 लाख मीट्रिक टन डीएपी की आवश्यकता है. जिसकी समय पर पूर्ती नहीं होने पर फसलों का उत्पादन घटना तय है इसकी जवाबदेही किसकी होगी. मध्य प्रदेश के सभी जिलों में लम्बे समय से एक ही जगह पर जमे हुए जिम्मेदार अधिकारियों के कारण गुणवत्ता नियंत्रण की प्रक्रिया प्रभावित हो चुकी है और नकली और अमानक आदान खाद, बीज, दवाई की बिक्री को बढ़ावा देकर किसानों … Read more

संभल में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रंगदारी मांगने के आरोप में अरेस्ट

 संभल यूपी के संभल जिले में पुलिस ने 5 लाख रुपए की रंगदारी मांगने और धमकी देने के आरोप में कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जिसके बाद अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद उनको जेल भेज दिया. कांग्रेस जिलाध्यक्ष और उनके भाई सहित तीन लोगों पर उनके ही गांव के रहने वाले शख्स ने फैक्ट्री लगाने के नाम 5 लाख रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके बाद से कोतवाली पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही थी. दरअसल, सदर कोतवाली इलाके के मोहम्मदपुर टांडा गांव के निवासी देशराज ने चार दिन पहले 11 अक्टूबर को कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर गांव के ही रहने वाले कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष विजय शर्मा, जिलाध्यक्ष के भाई सुभाष शर्मा और सुधीर शर्मा के द्वारा प्लॉट निर्माण करने के नाम पर 5 लाख रुपए की रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए बीएनएस की धारा 308(5) ,351(3) के तहत मुकदमा दर्ज कराया था.   मुकदमा दर्ज होने के बाद कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने मुकदमे को फर्जी बताते हुए धरना देकर विरोध भी जताया था. उधर, मुकदमा दर्ज होने के बाद संभल कोतवाली प्रभारी अनुज तोमर और चौकी प्रभारी आशीष तोमर मामले की जांच पड़ताल में लगे हुए थे. जिसके बाद सदर कोतवाली प्रभारी और चौकी प्रभारी ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजय शर्मा को 5 लाख रुपए की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष आरोपी विजय शर्मा को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया, जहां दोनों पक्षों की तरफ से अपनी-अपनी दलीलें पेश की गईं. जिसके बाद सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजय शर्मा को जेल भेज दिया. मामले में एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि संभल कोतवाली पुलिस को 11 अक्टूबर को सूचना मिली थी कि कोतवाली इलाके के मोहम्मदपुर टांडा गांव के निवासी देशराज नामक व्यक्ति के पास अपनी जमीन का बैनामा होने के बावजूद विजय शर्मा और उसके साथी देशराज को इंटरलॉकिंग की फैक्ट्री नहीं लगने दे रहे हैं. इस मामले की जांच पड़ताल की गई तो जानकारी मिली कि वास्तव में 5 लाख रुपए की डिमांड की गई थी. इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश करने पर एक आरोपी विजय शर्मा को गिरफ्तार किया गया है और उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है. इसके खिलाफ पहले से ही एससी एसटी एक्ट, धमकियां देने और मारपीट करने के पांच मुकदमे दर्ज है. कांग्रेस जिला अध्यक्ष पर दर्ज हैं कई मुकदमे संभल कोतवाली पुलिस ने कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष विजय शर्मा को 5 लाख रुपए की रंगदारी मांगने की आरोप में भले ही अब गिरफ्तार किया है लेकिन पुलिस अधिकारियों की माने तो कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजय शर्मा के खिलाफ एससी एसटी एक्ट, धमकियां देने और मारपीट करने की पांच मुकदमे पहले से भी दर्ज हैं. जिसमें कई मुकदमों का ट्रायल अभी भी कोर्ट में चल रहा है. वहीं, जिला अध्यक्ष विजय शर्मा का कहना है कि मुकदमा दर्ज करा कर मेरे ऊपर रंगदारी मांगने के जो आरोप लगाए गए हैं वह आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है. पुलिस प्रशासन केवल सरकार की दबाव में ही काम कर रहा है और वैसे भी बीजेपी सरकार में ब्राह्मण समाज की हमेशा से ही अनदेखी होती रही है.  

छतरपुर और खजुराहो में नाबालिगों पर अत्याचार, विपक्ष ने साधा निशाना

Atrocities on minors in Chhatarpur and Khajuraho, opposition targeted भोपाल। मध्य प्रदेश में नाबालिगों पर हो रहे अत्याचार को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधा हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस तरह की हैवानियत पर कब अंकुश लगेगा। आखिर कब आप प्रदेश की चिंता करोगे ? एमपी में ऐसी घटनाएं होने की वजह से लोगों को कानून का जरा भी डर नहीं है। दरअसल, छतरपुर और खजुराहो में नाबालिगों पर अत्याचार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एक वीडियो में नाबालिग के साथ बेल्ट से मारपीट तो वहीं दूसरे वीडियो में नाबालिग से अपने जूते चटवाए और जमकर पीटा। इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स (X) पर पोस्ट कर लिखा- MP में इस तरह की हैवानियत पर कब अंकुश लगेगा !!! छतरपुर और खजुराहो में नाबालिगों पर अत्याचार के वीडियो सामने आए हैं। एक आदिवासी नाबालिग के साथ गुंडों ने बेल्ट से मारपीट की! दूसरे नाबालिग से अपने जूते चटवाए और पीटा गया! MP में ऐसी घटनाएं लगातार होने का कारण है कि लोगों को कानून_व्यवस्था का भय नहीं रहा!… ये दो घटनाएं तो इसलिए सामने आई कि इनके वीडियो वायरल हुए। आखिर कब आप प्रदेश की चिंता करोगे? प्रदेश में इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। एक बार फिर इन घटनाओं ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। स्थिति सुधरने की बजाय और बिगड़ती जा रही है। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब तक नाबालिग हैवानियत का शिकार होते रहेंगे। प्रशासन की नींद कब खुलेगी, हालात कब सुधरेंगे।

कांग्रेस की कृषि यात्रा: जीतू पटवारी का बयान, दिग्विजय की चेतावनी

Congress’s Krishi Yatra: Jitu Patwari’s statement, Digvijay’s warning भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी, दिग्विजय सिंह और सज्जन वर्मा ने आज प्रेस कॉन्फ्रेस में संयुक्त रुप से सरकार पर हमला बोला है। जीतू पटवारी ने कहा कि बार-बार यह बात स्थापित होती जा रही है कि बीजेपी की सरकार शिवराज और मोहन यादव किसान विरोधी है। ऋण माफी योजना बंद की. कांग्रेस पार्टी जो योजना लेकर आई थी उन्हें बंद किया. जो वादा इन्होंने किया था समर्थन मूल्य का वह अब तक पूरा नहीं किया और किसानों को धोखा दिया है. गेहूं और धान का वादा के अनुरूप एमएसपी नहीं दिया। यात्रा में सभी बड़े नेता शामिल होंगे यह राजनीतिक नहीं बल्कि किसानों का विषय है। सबसे बड़े किसान विरोधी शिवराज सिंह चौहान देश में मध्यप्रदेश की दुहाई देकर झूठ बोल रहे हैं. पूरे प्रदेश से किसने की समस्याओं और दुर्गति की खबरें हैडलाइन बन रहीं. मैं हर मंगलवार को शिवराज से समय मानता हूं. अगला मंगलवार पांचवा होगा जब तक वह समय नहीं देंगे हम लगातार उनसे समय मांगेंगे. किसानों की समस्या को लेकर से मांग रहा हूं. कांग्रेस गांव, खेत यात्रा निकालेगी। आग्रह करेंगे सरकार से जो आपने बातें की है वह पूरी करो व्यवस्थाओं को दुरुस्त करो. जल्द तारीख का ऐलान करेंगे. यात्रा में सभी बड़े नेता शामिल होंगे.

शपथ से पहले कश्मीर में पलट गई बाजी ! सरकार के साथ नहीं कांग्रेस

श्रीनगर  विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस की जीत के बाद उमर अब्दुल्ला के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने की तैयारियां पूरी हो गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिपरिषद के सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा सुबह 11:30 बजे पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। शपथ समारोह में शामिल होने के लिए I.N.D.I.A. गठबंधन को निमंत्रण भेजा गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी श्रीनगर में मुख्यमंत्री पद के लिए नामित उमर अब्दुल्ला के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। इधर शपथ ग्रहण समारोह से पहले जम्मू-कश्मीर के मनोनीत मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में शेर-ए-कश्मीर शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की मजार-ए-अनवर पर पुष्पांजलि अर्पित की। जिसमें 10 कैबिनेट मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना है. इस आयोजन में कांग्रेस सहित INDIA ब्लॉक के कई दिग्गज शामिल होने वाले हैं. लेकिन आयोजन से पहले ही इस समारोह के रंग में भंग पड़ता दिखाई दे रहा है. दरअसल, पहले कहा जा रहा था कि जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के चीफ तारिक हमीद कर्रा भी इस कैबिनेट में शामिल होकर मंत्री पद की शपथ लेंगे, लेकिन अब कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि आज उनकी पार्टी का कोई भी विधायक मंत्री पद की शपथ नहीं लेगा और पार्टी बाहर से समर्थन करने पर भी विचार कर रही है. जम्मू-कश्मीर के कांग्रेस प्रभारी भरत सिंह सोलंकी का कहना है कि फिलहाल नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के बीच बातचीत चल रही है. चर्चा पूरी होने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा. बात पूरी न हो पाने के कारण आज कोई भी कांग्रेस विधायक शपथ नहीं लेगा. इस बात को लेकर भी चर्चा चल रही है कि कांग्रेस सरकार का हिस्सा रहेगी या फिर उसे बाहर से समर्थन करेगी. कांग्रेस के इस बयान से सियासी गलियारों में हलचल शुरू हो गई है. बता दें कि जम्मू-कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था और माना जा रहा था कि कांग्रेस भी इस सरकार का हिस्सा रहेगी. लेकिन आज शपथ ग्रहण से पहले कांग्रेस के ऐलान ने सभी को चौंका दिया है, क्योंकि कांग्रेस विधायक के शपथ न लेने का सीधा मतलब है कि फिलहाल कैबिनेट शेयरिंग को लेकर बात फाइनल नहीं हो सकी है और कांग्रेस के पास बाहर से समर्थन देने का विकल्प भी है ताकि किसी तरह का दबाव भी न रहे. NC-कांग्रेस गठबंधन को 48 सीटें बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद हुए विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन ने जीत हासिल की. 90 सीटों में से नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 42 और कांग्रेस ने 6 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की है. वहीं, बीजेपी 29 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करने में सफल रही. महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी इस चुनाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी. ये है जम्मू-कश्मीर का नंबर गेम जम्मू कश्मीर विधानसभा की 90 सीटों के लिए चुनाव हुए थे और उपराज्यपाल की ओर से पांच विधायकों के मनोनयन को भी जोड़ लें तो सदन की स्ट्रेंथ 95 पहुंचती है. 10 फीसदी वाली कैप भी है, ऐसे में मंत्रिमंडल में सदस्यों की कुल संख्या 9.5 यानि अधिकतम 10 ही हो सकती है. नेशनल कॉन्फ्रेंस के 42 विधायक चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं और चुनाव पूर्व गठबंधन में शामिल रही कांग्रेस के छह, सीपीएम के एक विधायक हैं. चुनाव पूर्व गठबंधन से ही 49 विधायक हैं और अब पांच निर्दलीय विधायकों ने भी उमर सरकार के समर्थन का ऐलान कर दिया है. आम आदमी पार्टी भी गिव एंड टेक के फॉर्मूले पर समर्थन ऑफर कर चुकी है.

निर्मला सप्रे का स्पष्टीकरण: विधानसभा अध्यक्ष को लिखित जवाब, कहा- ‘न मैंने कांग्रेस छोड़ी, न बीजेपी जॉइन की

भोपाल। मध्य प्रदेश की विधायक निर्मला सप्रे के दलबदल से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। निर्मला सप्रे ने विधानसभा अध्यक्ष को लिखित में जवाब दिया है। निर्मला ने कहा कि न मैंने कांग्रेस छोड़ी है और न बीजेपी ज्वाइन की है। उनके इस बयान से प्रदेश की सियासत में हलचल मच गई है। दरअसल, लोकसभा चुनाव के दौरान निर्मला सप्रे ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की उपस्थिति में बीजेपी में शामिल हुई थी। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने निर्मला सप्रे की सदस्यता रद्द करने की मांग की थी। इसे लेकर उमंग सिंघार ने विधानसभा में आवेदन दिया था। विधानसभा सचिवालय ने नेता प्रतिपक्ष की याचिका पर निर्मला सप्रे को नोटिस जारी किया था। निर्मला सप्रे ने विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस का दो बार जवाब नहीं दिया था। नोटिस का जवाब नहीं देने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने एक सप्ताह का समय दिया था। निर्मला ने 10 अक्टूबर को बंद लिफाफे में उत्तर भेजा। नेता प्रतिपक्ष की याचिका पर निर्मला सप्रे ने जवाब देते हुए कहा था कि मैंने दलबदल नहीं किया है। इस मामले की सुनवाई अब विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर 21 अक्टूबर को कर सकते हैं। स्पीकर कांग्रेस से दलबदल के सबूत पेश करने को कह सकते हैं।

विजयपुर और बुधनी में आचार संहिता लागू, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने की प्रेस कांफ्रेंस

Code of conduct implemented in Vijaypur and Budhni, Chief Electoral Officer held press conference भोपाल। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 02- विजयपुर विधानसभा और सीहोर जिले के निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक- 156 बुधनी विधानसभा क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। आज बुधवार को राजधानी भोपाल के अरेरा हिल्स स्थित मध्य प्रदेश निर्वाचन सदन में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुखवीर सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर चुनाव प्रक्रिया से संबंधित जानकारी दी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया है कि भारत निर्वाचन आयोग ने श्योपुर जिले की 02-विजयपुर विधानसभा और सीहोर जिले की 156- बुदनी विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उप चुनाव के लिए 15 अक्टूबर 2024 को तारीख की घोषणा की गई। उप चुनाव के तारीखों की घोषणा के साथ ही श्योपुर और सीहोर जिले में आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो गई है। आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन कराया जाएगा। उप चुनाव की समय सारणी 18 अक्टूबर को गजट नोटिफिकेशन।25 अक्टूबर – नाम निर्देशन भरने की अंतिम तारीख।28 अक्टूबर – नाम निर्देशन की समीक्षा।30 अक्टूबर – नाम वापसी की अंतिम तारीख।13 नवम्बर – मतदान दिवस।23 नवम्बर – मतगणना दिवस।

हरियाणा में कांग्रेस विधायक दल की बैठक18 अक्टूबर को हो सकती है, इस दौरान नेता प्रतिपक्ष भी बदला जा सकता है

चंडीगढ़ हरियाणा में कांग्रेस विधायक दल की बैठक18 अक्टूबर को हो सकती है। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष भी बदला जा सकता है। इस रेस मे अशोक अरोड़ा,चंद्र मोहन,गीता भुक्कल में से किसी की भी लॉटरी निकल सकती है। एक दशक के लंबे अंतराल के बाद हरियाणा की सत्ता में वापसी का सपना टूट जाने के बाद कांग्रेस हाई कमान भी पार्टी की प्रदेश इकाई में जल्द ही बड़ा फेरबदल करने की तैयारी में जुट गया है। जल्द होगा हरियाणा इकाई में फेरबदल ! कांग्रेस का 2005 का रिकॉर्ड तोड़ने का दवा करने वाले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष उदयभान और भूपेंद्र हुड्डा के नेतृत्व में हुए इस चुनाव में कांग्रेस को केवल  37 सीट ही मिलल पाई है। पार्टी हाई कमान की ओर से भी इस बार एक दशक के बाद हरियाणा की सत्ता में वापसी की पूरी उम्मीद जताई जा रही थी। यहीं कारण है कि टिकट वितरण में भी हाई कमान ने भूपेंद्र हुड्डा और उदयभान की पसंद का अधिक ध्यान रखा था। अब हरियाणा की सत्ता हाथ से जाने के बाद कांग्रेस में प्रदेश स्तर पर कईं प्रकार का बड़ा फेरबदल होने की अटकलें हैं। हुड्डा की बजाए किसी और को मिलेगा नेता प्रतिपक्ष का पद ! राजनीतिक जानकारों और कांग्रेस से जुड़े सूत्रों की माने तो इस बार कांग्रेस पार्टी की ओर से नेता प्रतिपक्ष का पद भूपेंद्र हुड्डा की बजाए किसी अन्य नेता को दिया जा सकता है। ऐसे में राहुल और प्रियंका गांधी की ओर से कांग्रेस के चुने गए विधायकों में उस नेता की पड़ताल भी शुरू कर दी गई है। चर्चा है कि थानेसर सीट से विधानसभा चुनाव जीते अशोक अरोड़ा को कांग्रेस आने वाले दिनों में नेता प्रतिपक्ष बना सकती है। अशोक अरोड़ा के नाम पर हुड्डा परिवार को भी आपत्ति नहीं होगी। बता दें कि अशोक अरोड़ा जब इनेलो छोड़कर कांग्रेस में आए तो उन्होंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नेतृत्व स्वीकार किया और आज तक वह कांग्रेस की गुटबाजी में हुड्डा के साथ हैं। पंजाबी चेहरा होने के कारण अशोक अरोड़ा को यह अहमियत दी जा सकती है। अशोक अरोड़ा अतीत में इनेलो के भी प्रदेशाध्यक्ष रहे है और पूरे हरियाणा मे इनकी पकड़ है। इसके अलावा हरियाणा में पूर्व मंत्री और विधानसभा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभालने के 10 माह बाद भी जीतू पटवारी अपनी टीम बनाने में कामयाब नहीं

भोपाल मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में बड़ी हार मिलने के बाद कांग्रेस अंदरखाने चलने वाली खींचतान से अब तक नहीं उबर पाई है। यही कारण है कि प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभालने के 10 माह बाद भी जीतू पटवारी अपनी टीम बनाने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। राज्य में वर्ष 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ी हार का सामना करना पड़ा था और तत्कालीन अध्यक्ष कमलनाथ के स्थान पर प्रदेश अध्यक्ष की कमान जीतू पटवारी को सौंपी गई। नए अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद से ही पार्टी में संभावित प्रदेश कार्यकारिणी के गठन पर सब की नजर है मगर वक्त गुजरता जा रहा है और नियुक्तियां नहीं हो पा रही है। राज्य में कुछ पदाधिकारी और मीडिया विभाग में नियुक्तियां जरूर हुई है मगर अधिकांश पद अब भी खाली हैं। राज्य की कांग्रेस की बात करें तो गुटबाजी और पार्टी एक दूसरे के लंबे अरसे तक पर्याय रहे हैं। एक बार फिर लगभग वही स्थिति बनती जा रही है क्योंकि वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह तथा कमलनाथ की सक्रियता लगातार कम होती जा रही है तो वही नए लोगों को कोई मौका नहीं मिल पा रहा है। नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी प्रदेश की कार्यकारिणी के गठन के साथ जिम्मेदारी का इंतजार है। पार्टी के सूत्रों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष पटवारी नई कार्यकारिणी का गठन करना चाहते हैं और इसके लिए वे दिल्ली में पार्टी नेतृत्व से भी कई बार बात कर चुके हैं। वहीं राज्य के पार्टी के वरिष्ठ नेता अपने ज्यादा से ज्यादा समर्थकों को पद दिलाना चाहते हैं जिसके चलते आम सहमति नहीं बन पा रही है। इतना ही नहीं पार्टी को जातीय समीकरण के आधार पर भी प्रतिनिधित्व देने की चुनौती बनी हुई है। पार्टी के एक पदाधिकारी का कहना है कि नियुक्तियां न होने का बड़ा असर संगठन की गतिविधियों पर पड़ रहा है और यही कारण है कि वर्तमान की राज्य सरकार के खिलाफ मुद्दे कई हैं उसके बावजूद पार्टी की ओर से कोई बड़ा आंदोलन खड़ा नहीं किया जा पा रहा है। हर कार्यकर्ता और नेता ‘पद’ यानी जिम्मेदारी चाहता है, मगर ऐसा नहीं हो पा रहा है। जब नेता के पास पद ही नहीं है तो वह सक्रिय क्यों होगा यह बड़ा सवाल है।  

हरियाणा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस अब ईवीएम पर सवाल उठाने लगी, कहा- ’20 सीटों पर हुआ घपला’

नई दिल्ली हरियाणा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस अब ईवीएम पर सवाल उठाने लगी है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि पार्टी ने चुनाव आयोग को 20 सीटों की सूची भेजी है, जहां हाल ही में हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में मतगणना के दौरान उम्मीदवारों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों पर लिखित और मौखिक शिकायतें की हैं। ईवीएम की बैटरी पर सवाल एएनआई से बात करते हुए खेड़ा ने कहा, हमने चुनाव आयोग को 20 सीटों की सूची भेजी है, जिसके बारे में हमारे उम्मीदवारों ने 99 प्रतिशत बैटरी चार्ज होने की लिखित और मौखिक शिकायतें की हैं। यह मुद्दा मतगणना के दिन उठाया गया था, यह एक अजीब संयोग है कि जिन मशीनों में 99 प्रतिशत बैटरी चार्ज दिखाई गई, वे वही मशीनें थीं, जिन पर कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। 60-70 प्रतिशत बैटरी चार्ज वाली मशीनें वे थीं, जिन पर कांग्रेस जीती। ऐसा क्यों हुआ? आयोग से कार्रवाई करने की मांग कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने चुनाव आयोग को एक ज्ञापन सौंपा और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आयोग इस मुद्दे का संज्ञान लेगा और उचित निर्देश देगा। पार्टी महासचिव और संचार प्रभारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “9 अक्टूबर को कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव आयोग को शिकायतों से भरा ज्ञापन सौंपा था। इसे आगे बढ़ाते हुए आज हमने हरियाणा के 20 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रक्रिया में गंभीर और स्पष्ट अनियमितताओं को उजागर करते हुए एक अद्यतन ज्ञापन दिया है। हमें उम्मीद है कि चुनाव आयोग इसका संज्ञान लेगा और उचित निर्देश जारी करेगा।” इन 20 सीटों के नाम शामिल हरियाणा के जिन 20 विधानसभा क्षेत्रों पर कांग्रेस ने अनियमितताओं का आरोप लगाया है, उनमें नारनौल, करनाल, डबवाली, रेवाड़ी, होडल, कालका, पानीपत सिटी, इंद्री, बड़खल, फरीदाबाद एनआईटी, नलवा, रानिया, पटौदी (एससी), पलवल, बल्लभगढ़, बरवाला, उचाना कलां, घरौंडा, कोसली और बादशाहपुर शामिल हैं। इससे पहले केसी वेणुगोपाल, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, अशोक गहलोत, प्रताप सिंह बाजवा, जयराम रमेश, पवन खेड़ा, अजय माकन और उदय भान सहित कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों पर अपनी चिंताओं को दूर करने के लिए चुनाव आयोग से मिलने गया था। मशीनें सील करने की मांग कांग्रेस नेताओं की चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए खेड़ा ने कहा था कि मतगणना के दिन कुछ मशीनें 99 प्रतिशत और अन्य सामान्य मशीनें 60-70 प्रतिशत पर थीं। हमने मांग की कि जांच पूरी होने तक उन मशीनों को सील और सुरक्षित रखा जाना चाहिए। हमने चुनाव आयोग से यह भी कहा कि अगले 48 घंटों में हम बाकी शिकायतें भी उनके सामने पेश करेंगे।

उज्जैन: कांग्रेस के पूर्व पार्षद कलीम खान की गोली मारकर हत्या, घर वालों पर ही हत्या की आशंका

उज्जैन उज्जैन में शुक्रवार सुबह कांग्रेस नेता और पूर्व पार्षद हाजी कलीम खान उर्फ गुड्डू की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्यारे नीलगंगा थाना क्षेत्र की वजीर पार्क कॉलोनी में उनके घर में घुसकर गुड्डू को चार से अधिक गोलियां मारकर फरार हो गए। पत्नी व बेटों पर हत्या का आरोप परिजनों ने हत्या का आरोप गुड्डू की पत्नी और दो बेटों पर लगाया है, और प्रॉपर्टी विवाद को हत्या का मुख्य कारण बताया जा रहा है। नीलगंगा पुलिस के अनुसार, गुड्डू के मामा नसरुद्दीन ने पुलिस को इस वारदात की सूचना दी थी। पुलिस ने गुड्डू की पत्नी नीलोफर, बड़े बेटे दानिश और छोटे बेटे आसिफ को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि गुड्डू ने पिछले 12 सालों से तीनों को प्रॉपर्टी से बेदखल कर रखा था। पहले भी हो चुका था हमला 4 अक्टूबर को गुड्डू पर मॉर्निंग वॉक के दौरान भी हमला हुआ था, जब हमलावरों ने उन पर पिस्टल से फायर किया था। हालांकि, उन्होंने नाले में कूदकर अपनी जान बचाई थी। घटना के बाद गुड्डू ने थाने में आवेदन देकर अपनी हत्या की आशंका जताई थी। वहीं घटना की जानकारी लगते ही मौके पर पहुंचे पुलिस ने हत्या की शंका में उनकी पत्नी और बड़े बेटे मिंटू को हिरासत में लिया है। परिवार के लोगों ने बेटे और पत्नी पर प्रॉपर्टी विवाद में हत्या का आरोप लगाया है क्योंकि उन्होंने बेटे को प्रॉपर्टी से बेदखल कर दिया था। हत्या की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। जाँच के लिए डॉग स्क्वाड भी आ गई थी। वजीर पार्क स्थित गुड्डू के घर के बाहर लोगों की भीड़ जुटी हुई थी। बता दें पूर्व पार्षद पर एक सप्ताह पूर्व 4 अक्टूबर की सुबह मॉर्निंग वाक के दौरान हमला हुआ था। कार से आए हमलावरों ने तीन फायर किए थे। तब गुड्डू ने नाले में कुदकर अपनी जान बचाई थी। इस वारदात से वे इतना भयभीत थे कि घटना के बाद कई दिनों तक घर से बाहर नहीं निकले थे। घटना के छह दिन बाद सब सामान्य लग रहा था तो गुड्डू ने बुधवार शाम भतीजे आरिफ के साथ नीलगंगा थाने पहुंचकर पुलिस को शिकायत कर एफआई आर दर्ज कराई थी।  

हरियाणा में कांग्रेस की हवा, प्रदीप गुप्ता समेत कई चुनावी पंडित इस बार गलत साबित हुए हैं और उनमें से एक योगेंद्र यादव भी हैं

नई दिल्ली हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले योगेंद्र यादव ने राज्य में कांग्रेस के आने की भविष्यवाणी की थी। यही नहीं उन्होंने कांग्रेस की हवा, आंधी और सुनामी जैसा दावा भी कर दिया था। इसे लेकर अब वह ट्रोल हो रहे हैं। प्रदीप गुप्ता समेत कई चुनावी पंडित इस बार गलत साबित हुए हैं और उनमें से एक योगेंद्र यादव भी हैं। योगेंद्र यादव ने अब बताया है कि आखिर कहां उनसे हरियाणा के माहौल को समझने में चूक हुई और कैसे भाजपा की सत्ता में वापसी हो गई। योगेंद्र यादव कहते हैं कि यह चुनाव एक टी-20 मैच की तरह था, जो आखिरी गेंद तक खेला गया और अंत में जीत भाजपा को मिली। योगेंद्र यादव ने इंडियन एक्सप्रेस के लिए लिखे लेख में कहा, ‘भाजपा और कांग्रेस के बीच वोट शेयर का अंतर 1 फीसदी से भी कम का रहा है। क्रिकेट की भाषा में बात करें तो यह टी-20 मैच जैसा था, जो दो ओवर रहते हुए ही खत्म होना चाहिए था। लेकिन यह आखिरी गेंद तक खिंच गया। अब तीन सवाल पर मंथन करना चाहिए। हमने इसे इतना आसान चुनाव क्यों माना? यह इतनी टाइट फाइट वाला संघर्ष कैसे बन गया? आखिर हरियाणा के चुनाव में कैसे हार गए?’ मुख्य तौर पर हरियाणा में कांग्रेस की नीति की भाजपा ने काट खोज ली और अपने समीकरणों के जरिए चुनाव जीत लिया। वह कहते हैं कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के वोट प्रतिशत में 19 फीसदी का इजाफा हुआ था। राज्य में किसान, पहलवान और जवान का नैरेटिव बना था। योगेंद्र यादव लिखते हैं, ‘मैं भी मान रहा था कि यह जो नैरेटिव बना है, उससे कांग्रेस को बढ़त मिलेगी। वह अब कमजोर नहीं होगी। ऐसा अनुमान इसलिए था क्योंकि किसान, पहलवान के नैरेटिव पर पड़ने वाला वोट जेजेपी और इनेलो को मिलता नहीं दिख रहा था। इसके अलावा राहुल गांधी के आक्रामक अभियान से ऐसा लग रहा था कि दलित वोट बड़ी संख्या में कांग्रेस को ही मिलेगा।’ लोकसभा में अच्छी बढ़त, पर विधानसभा में कैसे हार गई कांग्रेस यह स्थिति लोकसभा चुनाव में दिखी भी थी और 19 फीसदी वोट शेयर बढ़ाते हुए कांग्रेस ने भाजपा के मुकाबले एक पर्सेंट की बढ़त पा ली थी। लेकिन ऐसा लगता है कि किसान, पहलवान, संविधान और जवान के नारे ने काम नहीं किया। यही नहीं ऐसा लगा कि कांग्रेस अति-आत्मविश्वास में आ गई है। 10 साल की सरकार के खिलाफ जमीन पर ऐंटी इनकम्बैंसी थी और ऐसा लग रहा था कि भाजपा की स्थिति 2014 और 2019 के मुकाबले कमजोर होगी। यह चुनाव दो तरफा था और कांग्रेस भाजपा को मिलाकर 79 फीसदी वोट पड़ा, जो 2014 में 55 पर्सेंट ही था। कांग्रेस जाट समुदाय के भरोसे रह गई, भाजपा ने बना ली रणनीति योगेंद्र यादव लिखते हैं, ‘किसान जवान पहलवान और संविधान के नैरेटिव में यह गलती हुई। मैं भी उन विश्लेषकों में से एक था, जो मानते थे कि इसका तात्कालिक लाभ कांग्रेस को होगा। हालांकि मैंने लोकसभा चुनाव की तरह ही इस बार भी सीटों का अनुमान जाहिर नहीं किया था, लेकिन यह साफ कहा था कि कांग्रेस को फायदा मिलेगा।’ योगेंद्र यादव ने कहा कि कांग्रेस शायद जाट समुदाय पर ज्यादा निर्भर हो गई, जबकि भाजपा अपनी रणनीति पर अमल करती रही। वहीं सब कोटा वाले विवाद से उसे दलित वोटों के बंटवारे का भी मौका मिला। इसके अलावा नायब सिंह सैनी को सीएम बनाने को भी वह भाजपा की कामयाब रणनीति मानते हैं।

जम्मू कश्मीर में भी नेशनल कांफ्रेंस के गठबंधन ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन कांग्रेस पार्टी अकेले अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई : रविंद्र शर्मा

नई दिल्ली हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में हुए विधानसभा चुनावों में हर एग्जिट पोल को धता बताते हुए भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया। साथ ही कांग्रेस पार्टी दोनों ही राज्यों में उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाई। जम्मू कश्मीर में भी नेशनल कांफ्रेंस के गठबंधन ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन कांग्रेस पार्टी अकेले अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई। जम्मू कश्मीर की 90 सीटों में से कांग्रेस 6 सीटें ही जीत पाई, जबकि नेशनल कांफ्रेंस की 42 सीटों को मिलाकर गठबंधन ने 48 सीटों पर जीत दर्ज की। राज्य में गठबंधन के मिली जीत के बाद कांग्रेस और एनसी सरकार बनाने की प्रक्रिया में हैं। राज्य में सरकार के गठन पर कांग्रेस प्रवक्ता रविंद्र शर्मा ने जानकारी दी। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “यह तो स्पष्ट है कि सरकार बनाने की प्रक्रिया चल रही है, और सरकार को शपथ दिलाई जाएगी। जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्‍य का दर्जा द‍िलाने के ल‍िए प्रयास जारी रहेगा। हम प्रयास तब तक करते रहेंगे, जब तक जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा मिल नहीं जाता।” उन्होंने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग करते हुए कहा, “ यह जम्मू-कश्मीर की जनता का अधिकार है और वो राज्‍य व केंद्र सरकार से अपना अधिकार मांगें। कांग्रेस ने भी कहा है कि यहां सुरक्षा का होना जरूरी है। यह महत्वपूर्ण है कि जम्मू-कश्मीर के लोग अपनी जमीन और नौकरियों के अधिकार सुरक्षित रखें। कांग्रेस पार्टी का मानना है कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को उनकी संपत्ति की रक्षा के लिए एक संवैधानिक गारंटी होनी चाहिए। र‍व‍िंद्र शर्मा ने कहा क‍ि कांग्रेस ने कश्मीर में अच्छा प्रदर्शन किया है, जहां हमने आठ में से पांच सीटें जीती हैं, लेक‍िन जम्मू में स्थिति थोड़ी अलग रही है। प्रशासन और भाजपा ने चुनाव में दुरुपयोग किया है, इसकी कई शिकायतें मिली हैं। हमें यह देखना होगा कि क्या हमारे भीतर भी कोई कमी थी।” उन्होंने कहा, “आपको लगता है कि भाजपा की इतनी बड़ी जीत जम्मू में हुई है, जबकि हमें तो ऐसा नहीं लग रहा था। चुनावी माहौल ऐसा था कि लोग बदलाव चाहते थे, लेकिन परिणाम कुछ और ही दिखा रहे हैं। हम इस पर चर्चा करेंगे और फीडबैक लेंगे। मेरा मानना है कि कुछ न कुछ गड़बड़ तो जरूर है। लोग कांग्रेस के साथ थे, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अवैध गतिविधियों को नहीं रोका गया। इसलिए हमें यह देखना होगा कि क्या वजह थी और क्यों ऐसा हुआ। जनता की आवाज़ सुननी होगी और उन पर ध्यान देना होगा।”

युवा कांग्रेस ने महिला अपराधों के खिलाफ निकाला मशाल जुलूस

Youth Congress takes out torch procession against crimes against women हरिप्रसाद गोहेआमला/बैतूल । मध्यप्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों और मासूम बच्चियों के साथ हो रही जघन्य घटनाओं के विरोध में, मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के आव्हान पर 5 अक्टूबर को बैतूल मे युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजय पारधी के नेतृत्व में बेटी बचाव अभियान के तहत मशाल जुलूस निकाला गया।,मशाल जुलूस शांति मार्च की शुरुआत अंबेडकर चौक से होकर बैतूल के मुख्य मार्ग से होती हुए लल्ली चौक स्थित शहीद स्मारक पर समापन किया गया। इस जुलूस के माध्यम से युवा कांग्रेस ने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों और बढ़ते यौन शोषण पर सरकार को चेताया। ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत वागद्रे ने इस अवसर पर कहा, प्रदेश में महिलाएं और बच्चियां लगातार असुरक्षित महसूस कर रही हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराधों का बढ़ना प्रदेश की बीजेपी सरकार की नाकामी को दर्शाता है। अगर समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो युवा कांग्रेस उग्र विरोध प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हटेगी।जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष विजय पारधी ने कहा, प्रदेश में लगातार महिलाओं और मासूम बच्चियों के साथ जघन्य अपराध हो रहे हैं। बीजेपी सरकार महिला सुरक्षा को लेकर पूरी तरह विफल रही हैं! महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए युवा कांग्रेस सड़कों पर उतरकर इसी तरह विरोध करती रहेगी। यदि जल्द ही स्थिति नहीं सुधरी, तो हम और भी बड़े आंदोलनों के लिए तैयार हैं। मशाल जुलूस में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ आम जनता भी शामिल हुई। इस दौरान महिला सुरक्षा और न्याय की मांग के नारे गूंजते रहे। जुलूस के अंत में नेताओं ने संकल्प लिया कि महिला सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बर्दाश्त की जाएगी।इस जुलूस में प्रमुख रूप से जिला कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत वागद्रे, समीर खान, रामू टेकाम, नगर कांग्रेस अध्यक्ष मोनू बड़ोनिया, नगर कार्यवाहक अध्यक्ष प्रशान्त राजपूत,अरुण गोठी, नवनीत मालवीय, ऋषि दीक्षित, विजय पारधी, युवा कांग्रेस के ज़िला कार्यवाहक अध्यक्ष राहुल छत्रपाल, सलाम भाई, राकेश माझी, राजकुमार दीवान, राकेश गंगारे, प्रीतेश गंगारे, आकाश भाटिया, गोविंद साहू, संजय साहू, मनोज आहूजा, अमर मसकोले, शेख आकिब, जेयपाल यादव, अभिषेक पवार, चिंटू ठाकूर, जितेंद्र पवार, जीतेंद्र इवने,मनोज आठनकर, दीपू सावनेरे, राशिद खान, राजा सोनी, राजेश गावंडे, राहुल परते, एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष जैद खान, सोनू राठौर, महेश थोटेकर, सरफराज खान, सेंटी वाघमारे, यसवंत हुडे, मोसिन खान, सनी मंडल, मोंटी जैन, निलेश बरड़े, प्रदीप कोकाटे,पंजाब अहाके, राजकुमार साहू, देवेश अठवेकर, निलेश धुर्वे, कुलदीप काजोड़े, राहुल चंदेलकर, गुलशन मिश्रा, बारस्कर सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

अफसरों को खून के आंसू रुलाऊंगा तब आका भी नहीं मिलेंगे, राजस्थान के पूर्व कांग्रेस मंत्री चांदना की धमकी

जयपुर. राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार में खेल मंत्री रहे अशोक चांदना का एक बयान सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है। एक सार्वजनिक सभा में उन्होंने कोटा-बूंदी में लगे पुलिस अफसरों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जान-बूझकर परेशान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब हमारी पार्टी सत्ता में आएगी तो ऐसे अफसरों को खून के आंसू रुलाएंगे। चांदना बोले कि कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र में सांसद ओम बिरला के पाले हुए अधिकारी घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग पुलिस-प्रशासन के तंत्र को अपने हाथ में रखते हैं और लोगों की खिंचाई करवाते हैं। मैं पुलिस प्रशासन के उन अधिकारियों को कहना चाहता हूं कि किसी गलतफहमी में मत रहना। तीन साल बाद ये पर्ची सरकार चली जाएगी। तब आपके आका, आपको ढूंढने से भी नहीं मिलेंगे। मैं सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सामने इस मंच से विश्वास दिला रहा हूं कि जो भी व्यक्ति उने पाले हुए अधिकारियों के इशारे पर किसी भी कांग्रेस कार्यकर्ता को परेशान करेगा, उनका तेल निकाल दिया जाएगा। ये रिकॉर्डिंग करके रखना — चांदना ने आगे कहा कि पूरे 5 साल रिकॉर्डिंग चालू है। आप भी ये रिकॉर्डिंग करके रखना। जो भी कांग्रेस कार्यकर्ता के ऊपर अत्याचार करता है, उसे अगर खून के आंसू नहीं रुलाया तो मेरा नाम अशोक चांदना नहीं। अधिकारियों को अपनी नौकरी करनी चाहिए। जनता को न्याय दें, लोगों की सेवा करें, सरकारी योजनाओं के माध्यम से कैसे हर वर्ग को फायदा मिल सकता है, उस दिशा में काम करें। ऐसा करके आप किसी के ऊपर एहसान नहीं करेंगे, आप लोगों का यही काम है लेकिन आप कुछ लोगों के इशारे पर जो कर्म कर रहे हैं, वो आपके ऊपर ही भारी पड़ने वाले हैं।

विवादित गाने को लेकर कांग्रेस के खिलाफ मध्य प्रदेश पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली

 इंदौर मध्य प्रदेश में यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मितेंद्र दर्शन सिंह मुश्किलों में घिर गए हैं। लाडली बहना योजना और मुख्यमंत्री मोहन यादव को लेकर एक गाना पोस्ट करने की वजह से उनके खिलाफ मध्य प्रदेश पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली गई है। भाजपा की शिकायत पर इंदौर में एफआईआर दर्ज की गई है। सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए वीडियो को डिलीट किया जा चुका है। भाजपा के विधि प्रकोष्ठ की ओर से शिकायत देने के साथ यह मांग की गई है कि तुरंत मितेंद्र दर्शन सिंह का एक्स अकाउंट स्थाई रूप से बन कर दिया जाए। भाजपा ने कहा है कि इस तरह के वीडियो डालकर वह प्रदेश में शांति व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। शिकायत में कहा गया है, ‘मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मितेंद्र सिंह ने लाडली बहना योजना का मजाक उड़ाने के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव के खिलाफ भ्रामक वीडियो एक्स पर पोस्ट किया।’ भाजपा ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का इस तरह मजाक उड़ाना राजद्रोह की श्रेणी में आता है। पार्टी ने कहा, ‘जिन शब्दों का चयन किया ‘घर-घर में खौफ हो’ यह मध्य प्रदेश की शांति व्यवस्था बिगाड़ने और आम जन में खौफ पैदा करने का इरादा रखता है।’ पुलिस को पैन ड्राइव में वीडियो भी सौंपा गया है।’ यूथ कांग्रेस नेता के खिलाफ इंदौर क्राइम ब्रांच में बीएनएस की धारा 353(2) और 356(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। क्या है उस वीडियो में जिस वीडियो को लेकर यह विवाद खड़ा हुआ है उसमें गाने के बोल कुछ इस तरह हैं- ‘जीवन में छाया है घना अंधेरा, एमपी में फैला है रेप का डेरा। मोहन भैया से दूर रहना, अब रोएला लाडली बहना, खून से लाडली बहना। ओढ़े जख्म का गहना, भाजपा अब दूर ही रहना। घर-घर में खौफ का साया हो, मोहन का इरादा है। अत्याचारी का मान बढ़े, कंस का यही इरादा है। आंखों से आंसू गिरते हैं, दिल डर से धरकते हैं, बिटिया बाहर निकलने से डरते हैं। खून से सनी लाडली बहना, ओढ़े जख्म का गहना, भाजपा अब दूर ही रहना।’ वीडियो में मोहन यादव और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की तस्वीरों का भी इस्तेमाल किया गया है।

प्रदेश संगठन में जान फूंकने मैदान में उतरेंगी कांग्रेस की सभी इकाइयां, बच्चियों-महिलाओं की सुरक्षा को लेकर छेड़ा अभियान

भोपाल विधानसभा और फिर लोकसभा चुनाव में भाजपा के हाथों करारी हार मिलने से कार्यकर्ताओं में आई निराशा को दूर करने और संगठन में जान फूंकने में प्रदेश कांग्रेस जुटी हुई है। इसके लिए सभी इकाइयों को एक साथ मैदान में उतारा गया है। किसानों की मांगों के समर्थन में आंदोलन चलाने के बाद अब बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अभियान शुरू किया है। इसकी कमान महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस के साथ एनएसयूआइ को दी गई है। आमजन तक पार्टी की बात पहुंचाने के लिए प्रदर्शन अब बड़े शहरों में करने के स्थान पर ब्लाक और पंचायत स्तर पर ले जाने की तैयारी है। चुनावों में हार के बाद प्रदेश कांग्रेस का संगठन निष्क्रिय हो गया था। कार्यकर्ताओं के पास कोई कार्यक्रम भी नहीं थे। इससे हताशा भी बढ़ रही थी। इसे दूर करने और संगठन में जान फूंकने के लिए राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक में विभिन्न वर्गों की मांगों को लेकर आंदोलन और अभियान चलाने का निर्णय लिया। सभी संगठनों को मैदान में उतारा। किसानों को सोयाबीन का समर्थन मूल्य छह हजार रुपये प्रति क्विंटल दिलाने के लिए सभी जिला मुख्यालयों में किसान न्याय यात्रा निकाली गई। लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार सभी वरिष्ठ नेता मैदान में उतरे। जिला मुख्यालयों में आंदोलन की अगुआई वरिष्ठ नेताओं ने की। नवंबर में विधानसभा का घेराव भी प्रस्तावित है। उधर, नवंबर में प्रस्तावित विजयपुर विधानसभा के उपचुनाव को लेकर पार्टी ने तैयारी तेज कर दी हैं। खाद-बीज की समस्या के बीच शुक्रवार को विजयपुर में किसान सभा रखी गई है।

कमल नाथ के गढ़ रहे छिंदवाड़ा में नगर निगम अध्यक्ष का तख्ता पलट करने की तैयारी में जुटी भाजपा

BJP is preparing to overthrow the Municipal Corporation President in Chhindwara

BJP is preparing to overthrow the Municipal Corporation President in Chhindwara, the stronghold of Kamal Nath. छिंदवाड़ा (Chhindwara News)। नगर निगम अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनू बाबू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है। कभी कमल नाथ के गढ़ रहे छिंदवाड़ा में बड़ा उलटफेर होने वाला है। नियमों के मुताबिक 48 पार्षद और एक वोट महापौर का है। ऐसे में 25 पार्षद के समर्थन के आधार पर अध्यक्ष के लाभ पर विश्वास प्रस्ताव पारित हो सकता है। 48 पार्षदों के सदन में बहुमत का आंकड़ा 25पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के गढ़ में भाजपा अंतिम किला फतह करने की तैयारी में है। भाजपा अब नगर निगम में सभापति का पद अपने कब्जे में लेना चाह रही है। इसी को लेकर बीती देर रात एक होटल में भाजपा के सभी पदाधिकारी और भाजपा समर्थित पार्षदों के बीच मंत्रणा हुई। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने की संभावनाएं प्रबलइस दौरान जहां भाजपा के नाराज पार्षदों को समझाइश दी गई, वहीं सभापति पद के लिए तय नाम (जो कि अभी तय नहीं हुआ है) का समर्थन करने के लिए कहा गया। इससे पहले सभी भाजपा समर्थित पार्षदों को अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने के लिए सहमत किया गया। बता दें कि सदन में संख्या बल के आधार पर अविश्वास प्रस्ताव पारित होने की संभावनाएं प्रबल हैं। 2022 के नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस ने कब्जा किया था2022 में हुए नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस ने छिंदवाड़ा नगर निगम में महापौर पद पर कब्जा किया था। यहां उसके पार्षदों की संख्या भी अधिक रही, लिहाजा बिना किसी अड़चन के कांग्रेस के धर्मेंद्र सोनू बाबू को नगर निगम अध्यक्ष चुन लिया गया था। बदले राजनीतिक परिवेश में जहां महापौर भाजपा का दामन थाम चुके हैं। कुछ कांग्रेसी व निर्दलीय पार्षद भी भाजपा के पक्ष मेंकुछ कांग्रेसी व निर्दलीय पार्षद भी भाजपा के पक्ष में आ गए हैं। ऐसे में अंकगणित मौजूदा सभापति के प्रतिकूल हो चुका है। इसलिए भाजपा जल्द ही उनके विरोध में अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। गुरुवार की देररात इसे लेकर वरिष्ठ भाजपा के नेताओं और पदाधिकारियों के साथ भाजपा-समर्थक पार्षदों की बैठक हुई। इस बैठक में 32 पार्षद शामिल हुए। ये है सदन का अंकगणितछिंदवाड़ा में कुल 48 पार्षद हैं और एक वोट महापौर का है। मौजूदा परिस्थिति में 32 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर अपनी सहमति दे दी। भाजपा जिला अध्यक्ष ने नाराज चल रहे सात पार्षदों को भी समझाइश देकर मना लिया गया है कि नया निगम अध्यक्ष सभी की सहमति से बनाया जाएगा। दो ने कांग्रेस का दामन थाम लिया था2022 में हुए नगर निगम के चुनाव में कांग्रेस के 26, भाजपा के 18 और चार निर्दलीय पार्षद जीते थे। दो निर्दलीय पार्षदों ने भाजपा तो दो ने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। इसके बाद विधानसभा और लोकसभा चुनाव के समय महापौर विक्रम अहाके सहित कुछ अन्य पार्षदों ने भाजपा का दामन थाम लिया।

धार के आदिवासी छात्रावासों में 8 माह में 5 विद्यार्थियों की मौत, सरकार और विपक्ष चुप

5 students died in tribal hostels of Dhar in 8 months, government and opposition silent

5 students died in tribal hostels of Dhar in 8 months, government and opposition silent उदित नारायणभोपाल। आदिवासी बहुल धार जिले के आदिवासी छात्रावासों एवं आश्रमों में 8 महीने में पांच विद्यार्थियों की मौत के बाद भी सरकार और विपक्ष चुप है। सबसे बुरी स्थिति एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की है। इन छात्रावास आश्रमों ना तो पौष्टिक भोजन मिलता है और ना ही उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधित सुविधाएं मिल रही हैं। जबकि हर वित्तीय वर्ष में आदिवासी छात्रावास और आश्रमों के लिए करोड़ों रुपया व्यय किया जा रहा है।इंदौर कमिश्नर दीपक सिंह ने प्रभारी सहायक आयुक्त बृजकांत शुक्ला के निलंबन आदेश में धार में स्थित आदिवासी छात्रावासों एवं एकलव्य आदर्श विद्यालयों की दुर्दशा का ब्यौरा दिया है। इंदौर संभावित कुमार ने अपने निलंबन आदेश में उल्लेख किया है कि विगत कुछ माहों मे धार जिले में लगातार छात्रावास आश्रमों में निवासरत् छात्र- छात्राओं के द्वारा आत्महत्याएं की जा रही है, तथा आदिवासी छात्रों की दुखद मृत्यु भी हुई हैं। छात्र- छात्राओं को विभाग द्वारा प्रदत्त सुविधाएं भी समुचित ढंग से न मिलने के कारण आए दिन छात्र छात्राओं द्वारा धरना प्रदर्शन आदि किये जा रहे है। जिले में कई बार छात्रावास आश्रमों में अत्यंत अप्रिय स्थितियों निर्मित हो रही है। कमिश्नर के निलंबन आदेश के प्रमुख अंशकमिश्नर के निलंबन आदेश में यह भी उल्लेख है कि 4 जनवरी 2024 को छात्रा कु. नंदिनी मुवेल पिता गंगाराम मुवेल नि. पटलावद तह मनावर, जिला धार द्वारा पंखे से लटक कर फॉसी लगाई गई। छात्रा कु. नंदिनी की मौके पर ही मृत्यु हो गई। सीनियर बालक छात्रावास पगारा, धरमपुरी 2 सितंबर 24 को शाम 6.30 बजे छात्रावास में निवासरत् छात्र अशोक पिता छोटू भाबर कक्षा 9 वी द्वारा भोजन करने के बाद कीटनाशक दवाई पी लिये जाने से दिनांक 6 सितम्बर 24 को छात्र अशोक पिता छोटू का निधन हो गया। इंदौर कमिश्नर के निर्देशों की अवहेलनाइंदौर कमिश्नर दीपक सक्सेना ने 17 अगस्त 23, 30 नवंबर 23, 1 दिसंबर 23 और 17 में 24 को समीक्षा बैठकों में जो-जो निर्देश दिए थे, आजाक अधिकारियों ने उन निर्देशों में एक का भी पालन नहीं किया। मसलन, समस्त छात्रावास आश्रमों में छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा, भोजन, एवं उन्हे मिलने वाली सुविधाओं पर सर्वोच्च ध्यान दिया जावें। छात्रावास आश्रमों से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा कर पालन प्रतिवेदन आपके द्वारा एंव खण्ड शिक्षा अधिकारी विकासखण्डों, विशिष्ठ संस्थाएँ- एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कन्या शिक्षा परिसरों से संभागीय उपायुक्त, जनजातीय कार्य विभाग तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग इंदौर को भेजने हेतु निर्देशित किया गया था किन्तु आज दिंनाक तक आपके द्वारा पूर्व बैठको मे दिये गये निर्देशो का पालन प्रतिवेदन नही भेजा गया है।

MP NEWS : सिंधिया बोले- ‘चप्पा-चप्पा बीजेपी’, कांग्रेस बोली, ‘ये पब्लिक है सब जानती है…’

Union Minister Scindia said - 'BJP, no matter what', Congress said, 'This is public, it knows everything…'

Union Minister Scindia said – ‘BJP, no matter what’, Congress said, ‘This is public, it knows everything…’ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश में चल रहे भारतीय जनता पार्टी के सदस्यता अभियान को “चप्पा-चप्पा बीजेपी” का नारा दिया है. दूसरी तरफ कांग्रेस ने एक बार फिर सदस्यता अभियान को लेकर सवाल खड़े करते हुए सरकारी कर्मचारियों और आउटसोर्स के कर्मचारियों के जरिए जबरन बीजेपी का सदस्य बनाने का आरोप लगाया है. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बढ़ाया हौंसला केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारतीय जनता पार्टी के सदस्यता अभियान में बढ़ रहे सदस्यों को लेकर कार्यकर्ताओं का हौंसला बढ़ाया है. उन्होंने नारा दिया है कि चप्पा चप्पा बीजेपी. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह भी लिखा है कि 22 दिनों में कार्यकर्ताओं और नेताओं की मेहनत से भारतीय जनता पार्टी के एक करोड़ से ज्यादा सदस्य बन चुके हैं. इस तरह मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी काफी कम दिनों में सबसे ज्यादा सदस्य बनाने वाली पार्टी बन गई है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने निशाना साधा वहीं भारतीय जनता पार्टी के सदस्यता अभियान को लेकर विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने चर्चा के दौरान कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल आंकड़ों पर चल रही है, मगर आंकड़े कैसे बढ़ाए जा रहे हैं, यह मध्य प्रदेश की जनता को अच्छी तरह पता है. उन्होंने कहा कि आउट सोर्स के कर्मचारियों को सदस्यता अभियान में लगा दिया गया है. सिंघार ने आरोप लगाया कि पीडीएस की दुकान पर राशन लेने आने वाले और सरकारी कर्मचारियों को भी बीजेपी का सदस्य बनाया जा रहा है. डेढ़ करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य भारतीय जनता पार्टी ने इस साल डेढ़ करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है. इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी घूम रहे हैं. अभी तक एक करोड़ 14,429 सदस्य बना लिए गए हैं. पहले चरण में एक करोड़ का आंकड़ा पार हो जाने से भारतीय जनता पार्टी के नेता उत्साहित है.

नाराजगी के बीच पहली बार एक मंच पर दिखे भूपेंद्र सिंह हुड्डा-कुमारी सैलजा

Bhupendra Singh Hooda-Kumari Selja seen on stage for the first time amidst resentment

Bhupendra Singh Hooda-Kumari Selja seen on stage for the first time amidst resentment हरियाणा विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने करनाल के असंध में रैली को संबोधित किया. इस दौरान भूपिंदर सिंह हुड्डा और कुमारी सैलजा भी साथ नजर आए. हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले नाराजगी के बीच पहली बार एक मंच पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कुमारी सैलजा नजर आए. राहुल गांधी बारी बारी से दोनों को वक्त देते दिखे. करनाल में रैली के मंच से सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी का परचम इतना ऊंचा लहरा दिया है कि इनके सामने कोई और नेता टिक नहीं पा रहा है. कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के लोगों पर बीजेपी का कुशासन थोपा गया है. बीजेपी ने लोगों को धोखा देकर यहां राज किया. आज बदला लेने का समय आ गया है और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनानी है. हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रदेश के लोग सिर्फ कांग्रेस की तरफ देख रहे हैं. लोगों ने बीजेपी और कांग्रेस के 10-10 सालों के कार्यकाल को तौल लिया है. कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस सरकार ने हरियाणा को पीछे ले जाने का काम किया है. ये सिर्फ बातें बड़ी बड़ी करते हैं. हुड्डा ने किसानों की MSP को लेकर भी सैनी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि हरियाणा कांग्रेस के पक्ष में लहर चल रही है. कांग्रेस आ रही है और बीजेपी जा रही है. हरियाणा में चुनावी रैली में राहुल गांधी ने बीजेपी सरकार पर प्रदेश को बर्बाद करने का आरोप लगाया. हरियाणा में बेरोजगारी के मुद्दे पर बीजेपी पर हमला करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में रोजगार व्यवस्था को व्यवस्थित रूप से खत्म कर दिया है.

जातिगत जनगणना पर राहुल गांधी ने बताया RSS का प्लान

Rahul Gandhi told RSS's plan on caste census

Rahul Gandhi told RSS’s plan on caste census हरियाणा के असंध में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने किसानों और युवाओं के मुद्दों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूछा कि हरियाणा के युवा अमेरिका क्यों जा रहे हैं? जातिगत जनगणना को लेकर बीजेपी को घेरा कांग्रेस नेत राहुल गांधी ने अपने भाषण में जातिजग जनगणा पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा, “इलेक्शन कमीशन में बीजेपी के लोग, ईडी और सीबीआई जैसी संस्थाओं में बीजेपी के लोग. यहां आपको गरीब और दूसरी जाति के लोग नहीं मिलेंगे. इसलिए हम जातिगत जनगणना की मांग कर रहे हैं.” कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, “बीजेपी वाले संविधान पर हमला कर रहे हैं. हिंदुस्तान में किसकी कितनी आबादी है, हम उसे चेक करने के लिए कहते हैं. आरएसएस कहती है कि जाति जनगणना करना चाहिए, लेकिन अंदर से मना कर देती है. गरीब पिछड़ा आपको कहीं बड़े पोस्ट पर नहीं मिलेगा.” ‘अमेरिका जाने के लिए जमीन बेचे’ कांग्रेस सांसद ने कहा, “जब मैं अमेरिका गया था, तो मैंने देखा कि एक कमरे में 15-20 लोग सो रहे थे. एक युवा ने मुझे बताया कि उनमें से कई ने अमेरिका आने के लिए 30-50 लाख रुपये का कर्ज लिया या अपनी जमीन बेची. जब मैंने उन्हें बताया कि वे उसी पैसे से हरियाणा में बिजनेस शुरू कर सकते हैं, तो उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसा करना संभव नहीं है.” लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, “जब मैं करनाल गया, तो मैंने एक बच्चे को कंप्यूटर पर चिल्लाते हुए अपने पिता से वीडियो कॉल के दौरान (अमेरिका से) वापस आने के लिए कहते देखा…हरियाणा सरकार ने राज्य और उसके युवाओं को खत्म कर दिया है.” रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “ये लड़ाई हरियाणा नहीं, हिंदुस्तान को बचाने की है. देश की सारी संस्थाओं को आरएसएस के हवाले कर दिया गया है, जिस पर पूरा कंट्रोल नागपुर का है. उसमें हिंदुस्तान के 90 फीसदी लोगों के लिए कोई जगह नहीं है.”

डंकी के चलते युवा क्यों हो रहे हैं पराए देशों में मजबूर, राहुल गांधी ने X पर किया पोस्ट

Why are youth being forced to go to foreign countries because of dinky, Rahul Gandhi posted on X

Why are youth being forced to go to foreign countries because of dinky, Rahul Gandhi posted on X कांग्रेस नेता राहुल गांधी हाल ही में अमेरिका यात्रा से लौटे हैं। जिसके बाद वह पिछले दिनों हरियाणा में करनाल के घोघड़ीपुर गांव में पहुंचे थे, यहां उन्होंने अमेरिका में रहने वाले अमित के परिजनों से मुलाकात की। जोकि, वहां सड़क हादसे में घायल हो गया था। अब राहुल गांधी ने हरियाणा सरकार पर तंज कसते हुए एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा कि बड़ी संख्या में युवा बेहतर रोजगार और अवसरों की तलाश में विदेशों की ओर रुख कर रहे हैं। भाजपा सरकार के 10 वर्षों के शासन में रोजगार के अवसरों की कमी के चलते यह स्थिति और गंभीर हो गई है। बेरोजगारी की इस बीमारी ने लाखों परिवारों को अपनों से दूर कर दिया है, जिससे न सिर्फ युवा बल्कि उनके परिजन भी पीड़ित हैं। पिछले एक दशक में भाजपा सरकार ने युवाओं से रोजगार के अवसर छीनकर उनके साथ गहरा अन्याय किया है। टूटी उम्मीदों और हारे मन से मजबूर होकर ये युवा यातनाओं की यात्रा करने को विवश हो रहे हैं। हालांकि, यह स्पष्ट है कि अगर इन्हें अपने देश में, अपनों के बीच जीविका कमाने का पर्याप्त अवसर मिलता, तो ये कभी अपना वतन छोड़ने को तैयार न होते। कांग्रेस ने संकल्प लिया है कि सरकार बनने के बाद एक ऐसी व्यवस्था तैयार की जाएगी जिससे हरियाणा के युवाओं को विदेश जाने की मजबूरी नहीं होगी। हम राज्य में रोजगार के अवसरों को बढ़ाकर इस समस्या का समाधान करेंगे, ताकि कोई भी युवा अपने सपनों के लिए अपनों से दूर न हो।

मंदिर-मस्जिद में जाकर पूजा या इबादत करना आध्यात्म नहीं: राजनाथ सिंह

Going to temple-mosque to worship or worship is not spirituality: Rajnath Singh

Going to temple-mosque to worship or worship is not spirituality: Rajnath Singh जयपुर ! रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मंदिर-मस्जिद में जाकर पूजा या इबादत करना आध्यात्म नहीं है. उन्होंने कहा कि मन जितना बड़ा होगा, जीवन में कष्ट उतना ही कम होगा. राजनाथ ने कहा कि हम हमेशा से नॉलेज बेस्ट सोसायटी हैं और आज भी हमारा भारत नॉलेज बेस्ड सोसायटी है. रक्षा मंत्री ने कहा कि दर्शनशास्त्र हो, गणित हो, मेडिकल साइंस हो, आर्किटेक्चर हो, नृत्य संगीत हो, मार्शल आर्ट हो या फिर अन्य कोई विधा हो, उन सब पर हमारी प्राचीन शिक्षा प्रणालियों में विशेष ध्यान दिया गया है. ये और बात है कि किसी कारणवश या फिर मैकाले द्वारा निर्देशित शिक्षा पद्धतियों या फिर अन्य कारणों से ये बात दुनिया के सामने नहीं लाई गई कि हमारी प्राचीन शिक्षा प्रणाली का ध्यान मैथ्स और साइंस पर भी उतना ही था. उन्होंने कहा कि एक कारण यह हो सकता है कि उनको अपनी शिक्षा प्रणाली को बेहतर दिखाना था और हमारी शिक्षा व्यवस्था को कमतर. दरअसल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राजस्थान के जयपुर में एक सैनिक स्कूल का उद्घाटन किया. इसी के मौके पर उन्होंने ये बातें कहीं. इस मौके पर डिप्टी सीएम दीया कुमारी भी मौजूद रहीं. राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि यह बिल्कुल भी नहीं था कि हमारा ध्यान केवल दर्शनशास्त्र और आध्यात्म पर था. हमारा ध्यान गणित और विज्ञान पर था. हमारा ध्यान खगोल और ज्योतिषशास्त्र पर भी था. रक्षा मंत्री ने कहा कि राजस्थान ऐतिहासिक रूप से भारत के इतिहास का एक केंद्र रहा है. यह धरती सिर्फ वीरता के लिए ही नहीं बल्कि अनोखी संस्कृति के लिए भी जानी जाती है.

कमलनाथ पहुंचे बागेश्वर धाम हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त किया और पंडित धीरेन्द्र शास्त्री से मुलाकात कि

Kamalnath reached Bageshwar Dham, received blessings of Hanuman ji and met Pandit Dhirendra Shastri.

Kamalnath reached Bageshwar Dham, received blessings of Hanuman ji and met Pandit Dhirendra Shastri.

इंदौर में प्रशासन ने कांग्रेस के किसान न्याय यात्रा को घुसने से रोका

Administration stopped Congress' Kisan Nyay Yatra from entering Indore

Administration stopped Congress’ Kisan Nyay Yatra from entering Indore मध्य प्रदेश में सोयाबीन के भाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच जमकर राजनीतिक रस्साकशी चल रही है. इसी के चलते आज (शुक्रवार, 20 सितंबर) पूरे मध्य प्रदेश में कांग्रेस आंदोलन कर रही है. सोयाबीन के दाम बढ़ाने को लेकर इंदौर में भी किसान न्याय यात्रा निकाली गई. इसे लेकर आंशिक रूप से अनुमति को रद्द कर दिया गया. शहर के बीच ट्रैक्टर यात्रा निकालने पर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए. इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि कांग्रेस के आंदोलन को लेकर पुलिस विभाग के माध्यम से अनुमतियां जारी की गई थी. कांग्रेस नेताओं को स्पष्ट रूप से निर्देश दे दिए गए थे कि वे सांकेतिक रूप से कलेक्टर कार्यालय आ सकते हैं, लेकिन उन्हें शहर के बीच से ट्रैक्टर रैली के माध्यम से कलेक्टर कार्यालय आने की अनुमति नहीं है. इसी को लेकर कांग्रेस नेताओं द्वारा विरोध किया जा रहा था. बढ़ जाती है दुर्घटना की आशंका- कलेक्टरकांग्रेस नेताओं का कहना था कि वे ट्रैक्टर रैली के माध्यम से कलेक्टर कार्यालय में पहुंचेगे. इसे लेकर पुलिस महकमे ने अनुमति नहीं दी. इंदौर में पुलिस कमिश्नरी लागू है, इसलिए इस प्रकार की अनुमति को लेकर पुलिस विभाग के पास अधिकार है. कलेक्टर आशीष सिंह ने एबीपी न्यूज़ से कहा कि शहर में इतनी संख्या में ट्रैक्टर लेकर प्रवेश करने से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाएगी. इसके अलावा यातायात व्यवस्था भी बाधित होगी है. इसी के चलते अनुमति नहीं दी गई है सोयाबीन के भाव को लेकर निकली जा रही है यात्रासोयाबीन के भाव को लेकर इंदौर में किसान न्याय यात्रा निकाली गई. इसका नेतृत्व कांग्रेस नेताओं ने किया. कांग्रेस नेता चाहते थे कि यह यात्रा शहर के बीच ट्रैक्टर के माध्यम से निकले.

चंद्रशेखर बने असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस जिला अध्यक्ष ।

Chandrashekhar became the District President of Unorganized Workers and Employees Congress.

Chandrashekhar became the District President of Unorganized Workers and Employees Congress. हरिप्रसाद गोहे आमला। राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय डॉ उदित राज जी की अनुशंसा पर आमला निवासी चंद्रशेखर सिंह चंदेल (चंदू ठाकुर) को असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस बैतूल जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। आशा है कि आप अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय मल्लिकार्जुन खड़गे जी, श्रीमती सोनिया गांधी जी, आदरणीय राहुल गांधी जी एवं मध्य प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय जीतू पटवारी जी की भावना एवं कांग्रेस पार्टी की विचारधारा के अनुरूप सक्रियता के साथ कार्य करते हुए संगठन एवं कांग्रेस पार्टी को गतिशीलता प्रदान करेंगे और असंगठित कामगारों एवं कर्मचारीयों के कल्याण हेतु अपनी भूमिका सुनिश्चित करेंगे । आप अपने किए गए कार्यों के प्रतिवेदन से समय-समय पर प्रदेश कार्यालय को अवगत कराते रहेंगे । इनकी नियुक्ति पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं ईस्ट मित्रों ने उन्हें बधाई प्रेषित कर नव दायित्व पर बधाई दी।

राहुल गांधी के खिलाफ बोलने वालों पर FIR करें तुरंत गिरफ्तार अन्यथा होगा उग्र आंदोलन : विधायक पंकज उपाध्याय

Those who speak against Rahul Gandhi should be arrested immediately by filing FIR

Those who speak against Rahul Gandhi should be arrested immediately by filing FIR otherwise there will be fierce agitation: MLA Pankaj Upadhyay विधायक पंकज उपाध्याय द्वारा जोरा थाने में आवेदन देकर राहुल गांधी के खिलाफ बोलने वालों पर कार्यवाही हेतु सैकड़ो की संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए विधायक पंकज उपाध्याय ने अपने उद्बोधन में कहा कि राहुल गांधी द्वारा देश में सौहार्द एवं भाई चारे की भावना के प्रसार हेतु 4000 कि.मी. की भारत जोड़ो यात्रा की गई एवं इनकी दादी स्व . श्रीमती इंदिरा गांधी एवं इनके पिता स्व . राजीव गांधी द्वारा देश की अखण्डता को अक्षुण्णता बनाये रखने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया ऐसे नेता माननीय राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष लोकसभा के विरूद्ध भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा सार्वजनिक रूप से अमर्यादित टिप्पणियां की गई हैं जिनमें रवनीत सिंह ( बिट्ट ) , सांसद लोकसभा एवं रघुराज सिंह , केन्द्रीय मंत्री द्वारा राहुल गांधी को देश का सबसे बड़ा आतंकवादी कहा गया है । एवं शिवसेना के विधायक संजय गायकवाड़ द्वारा राहुल गांधी की जीभ काटने वाले को 11 लाख का इनाम दिये जाने की घोषणा की गई हैं । जो जान से मारने की धमकी है एवं 11 लाख की सुपारी है । उक्त कृत्य अत्यंत अशोभनीय एवं अमर्यादित है तथा लोकतंत्र की परंम्परा के विरूद्ध एवं देश में हिंसक वातावरण निर्मित किये जाने का प्रयास है । अतः आपसे अनुरोध है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो को संज्ञान में लेते हुए संबंधित नेताओं के विरूद्ध तुरंत कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार करें कार्यक्रम में मुख्य रूप से कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजकुमार सिंह सिकरवार, दिलीप काला, निकै त्यागी अभिषेक जैन, दिनेश मित्तल, ओमप्रकाश सकलेचा दिलीप गुर्जर, मुरारी लाल अमर, रानू मिश्रा,विकास त्यागी, रानी खान गोपाल धाकड़ जगदीश राठौर डॉ अरुण शर्मा पवन कटारे प्रमोद पम्मी शर्मा आबिद बेग शहाबुद्दीन उस्मानी दीपक यादव दिनेश मडैनिया, दिनेश गुर्जर के के अवस्थी सईद खान सोनू खान आदि उपस्थित थे

जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र, महिला अपराधों को लेकर मिलने का मांगा समय

Jitu Patwari wrote a letter to the President, asked for time to meet regarding crimes against women.

Jitu Patwari wrote a letter to the President, asked for time to meet regarding crimes against women. भोपाल। कांग्रेस मध्य प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश में महिलाओं पर बढ़ते अत्याचारों के संदर्भ में कांग्रेस पार्टी की महिला विधायकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से इंदौर में मिलने का समय मांगते हुए पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि मुझे आशा है कि राष्ट्रपति महिला सुरक्षा के मुद्दे को गंभीरता से लेंगी और प्रदेश की महिलाओं के लिए एक सार्थक चर्चा के लिए हमारा आवेदन स्वीकार करेंगी। यह अकेली घटना नहीं है” पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने पत्र में लिखा कि बीते दिनों कोलकाता में डॉक्टर के बतात्कार और हत्या की सनसनीखेज वारदात के बाद आपके विचार पढ़े। मैं पूरी गहराई और गंभीरता से समझ सकता हूं कि आपका स्तब्ध मन इस निंदनीय कृत्य से कितना विचलित हुआ है। आपकी यह धारणा भी सच है कि “यह अकेली घटना नहीं है। यह महिलाओं के खिलाफ अपराध का एक हिस्सा है। कोई भी सभ्य समाज अपनी बेटियों और बहनों पर इस तरह के अत्याचारों की इजाजत नहीं दे सकता। देश के लोगों का गुस्सा जायज है, मैं भी गुस्से में हूं। जब भी मैं देश के किसी कोने में महितानों के खिलाफ अपराधों के बारे में सुनती हूं, तो मुझे मही पीड़ा होती है।” महिला सुरक्षा-सम्मान से जुड़े आपके सरोकारों की मुक्त कंठ से प्रसंसा भी करता हूं जीतू पटवारी ने आगे लिखा कि लोकतंत्र और संविधान की शीर्ष पंक्ति पर बैठे व्यक्ति के अंदर की यह संवेदनशीषता आंशिक राहत भी देती है कि महिला सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर निर्भम होती जा रही व्यवस्था के बीच, कोई एक ऐसा है जो महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता के साथ चिंतन भी कर रहा है। महोदया, मैं सर्वप्रथम मेरे मध्य प्रदेश की धरती पर आपका हृदय से स्वागत करता हूं और महिला सुरक्षा-सम्मान से जुड़े आपके सरोकारों की मुक्त कंठ से प्रसंसा भी करता हूं। मध्य प्रदेश महिला उत्पीड़न की अनेक और अलग-अलग श्रेणियों में सबसे आगे मैं आपके संज्ञान में यह भी लाना चाहता हूं कि मध्य प्रदेश में भी महिला उत्पीड़न चिंताजनक स्थिति में पहुंच चुका है। मेरे प्रदेश में गरीब, दलित और आदिवासी महिलाओं से जुड़े अपराध देश में सबसे ज्यादा है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) प्रतिवर्ष जो आंकड़े जारी करता है, मध्य प्रदेश महिला उत्पीड़न की अनेक और अलग-अलग श्रेणियों में सबसे आगे रहता है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने नेताओं से पूरे प्रदेश में एफआईआर दर्ज करने को क्यों कहा? जानिए वजह

Why did Jitu Patwari ask Congress leaders to register FIR in entire MP? Know the reason

Why did Jitu Patwari ask Congress leaders to register FIR in entire MP? Know the reason भोपाल ! कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर जीतू पटवारी ने प्रदेश के कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं तथा सभी अनुसांगिक संगठन के नेताओं से आज अपने संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज करने को कहा है. इस संबंध में जीतू पटवारी ने एफआईआर दर्ज करने का एक फॉर्मेट भी कांग्रेस नेताओं को उपलब्ध कराया है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इशारे पर राहुल गांधी के खिलाफ बीजेपी नेताओं और अन्य कार्यकर्ताओं तथा मंत्रियों द्वारा आपत्तिजनक टिप्पणी की जा रही है. इस संबंध में महाराष्ट्र में भी एफआईआर दर्ज हो चुकी है जबकि महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार है. शाम 4 बजे बीजेपी नेताओं के खिलाफ दर्ज कराएंगे केसइसी के चलते उन्होंने मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं, एनएसयूआई के नेताओं, महिला कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे आज अपने संबंधित थाने पर पहुंचकर शाम 4:00 बजे भाजपा नेताओं द्वारा आपत्तिजनक बयान देने के संबंध में मुकदमा दर्ज कराएं. जीतू पटवारी खुद भोपाल के टीटी नगर थाने में जाकर बीजेपी नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे. इस संबंध में जीतू पटवारी ने एक फॉर्मेट भी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं को भेजा है. महाराष्ट्र में दर्ज केस के बाद गरमाई राजनीतिमहाराष्ट्र में शिवसेना विधायक की आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. इसी आधार पर मध्य प्रदेश में भी अभियान चलाए जाने की बात कही जा रही है. महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कांग्रेस नेताओं से जीतू पटवारी ने एफआईआर दर्ज कराने की अपील की है. उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी की जीभ काटने वाले को 11 लाख रुपये का ऐलान देने की घोषणा शिवसेना विधायक संजय गायकवाड ने की थी, जिसके बाद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है. संजय गायकवाड ने राहुल गांधी द्वारा आरक्षण को लेकर दिए गए बयान पर नाराजगी जताई थी. अभी इस मुद्दे को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीतिक गर्मा गई है.

भाजपा नेता ने वर्दी उतरवाने की धमकी दी, तो गुस्से में आकर ASI ने फाड़ी वर्दी

When BJP leader threatened to remove his uniform, ASI got angry and tore his uniform.

When BJP leader threatened to remove his uniform, ASI got angry and tore his uniform. सिंगरौली ! मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले से बड़ा मामला सामने आया है। जहां एक ASI के वर्दी फाड़ने और बेल्ट-टोपी फेंकने का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में साफतौर पर नजर आ रहा है कि एएसआई ने टीआई के केबिन में अपनी वर्दी फाड़ ली। केवल इतना ही नहीं एसआई ने अपनी टोपी-बेल्ट भी फेंक दिए। यह वीडियो सात महीने पहले का बताया जा रहा है। जो कि अब वायरल हो रहा है। क्या था मामला जानकारी के मुताबिक, सड़क और नाली को लेकर विवाद था। जिसका नगर निगम और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया था। इस मामले का हल निकलने के लिए कोतवाली थाने में बैठक बुलाई गई थी। इसी दौरान ज्यादा बहस होने के कारण एएसआई ने गुस्से में आकर अपनी वर्दी फाड़ दी। जिसके बाद वहां मौजूद पुलिसकर्मियों द्वारा एएसआई को शांत कराया गया। वर्दी फाड़ने के दौरान एएसआई ने अपनी टोपी-बेल्ट भी निकालकर फेंक दी। जिसका वीडियो थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया।वर्दी का अपमान करने पर हुई थी कार्रवाई वर्दी का अपमान करने पर एएसआई पर कार्रवाई की गई थी। इस पर एसपी निवेदिता गुप्ता ने कहा कि यह वीडियो 7-8 महीने पुराना है। यहां पर मेरी ज्वाइनिंग हुई थी। तो यह मामला मेरे संज्ञान में आया था। उस समय जांच के बाद एएसआई विवेक मिश्रा को दंडित भी किया जा चुका है। वर्दी का अपमान करने पर उनकी वेतन वृद्धि रोकी गी थी। यह सीसीटीवी फुटेज कैसे बाहर आए। इसकी जांच की जाएगी। कांग्रेस ने खड़े किए सवाल मध्यप्रदेश कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल से लिखा गया कि यह सत्ता की हनक है…भाजपा के पार्षद की धमक देखिए। एक वर्दीधारी को अपनी वर्दी फाड़ना पड़ गई। प्रदेश में पुलिसिंग का स्तर जीरो हो गया है! अपराध अनियंत्रित हैं, अपराधी बेखौफ और पुलिस कहीं लाचार तो कहीं दबाव में है। यह वायरल वीडियो सिंगरौली के बैढन थाने का बताया जा रहा है, जहां BJP पार्षद के दबाव से एक पुलिसकर्मी इतने परेशान हो गए कि अपनी वर्दी तक फाड़ ली! यानि मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रभाव में गृह विभाग की दशा और दिशा दोनों बिगड़ चुकी है! जनता को न्याय कैसे मिलेगा, जब पुलिस को ही अपनी वर्दी फाड़नी पड़ रही है।

इंदौर के उपचुनाव में जीती भाजपा, चार हजार वोट से कांग्रेस प्रत्याशी को हराया

BJP wins Indore by-election, defeats Congress candidate by four thousand votes

BJP wins Indore by-election, defeats Congress candidate by four thousand votes इंदौर नगर निगम के वार्ड 83 के उप चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जीत हो गई है। भाजपा के जीतू राठौर को 6490 और कांग्रेस के उम्मीदवार विकास जोशी को 2235 वोट मिले हैं। भाजपा उम्मीदवार 4255 वोटों से चुनाव जीत गए हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र रघुवंशी ने बताया कि मतगणना के लिए 15 टीमें बनाई थी। 11 टेबलों पर गणना हुई और 4 टीमें रिजर्व में थीं। शुक्रवार को नेहरू स्टेडियम में मतगणना सुबह 9 बजे शुरू हुई। मतदाताओं ने रुचि नहीं दिखाईपार्षद कमल लड्ढा के निधन के बाद यहां उपचुनाव हुए हैं। बुधवार को वोटिंग हुई थी। भाजपा से जीतू राठौर, कांग्रेस विकास जोशी सहित 6 उम्मीदवारों मैदान में थे। इस उप चुनाव में खास बात यह रही की भाजपा का गढ़ कहे जाने वाले इस वार्ड में मतदाताओं ने चुनाव में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। इस वार्ड में 11 सितंबर को 41.32 प्रतिशत ही मतदान हुआ। जो पिछली बार से कम है। 21 हजार 700 मतदाताओं में से महज 8900 वोटर्स ने ही वोट डाले। कमल लड्ढा 8 हजार वोट से जीते थेइंदौर नगर निगम चुनाव में कमल लड्ढा की जीत सबसे बड़ी जीत थी। बता दें कि इस वार्ड में अब लड्ढा के निधन के बाद यहां उपचुनाव हुआ है। 2022 में हुए चुनाव में इस वार्ड से बीजेपी के कमल लड्ढा की जीत 8803 वोट से हुई थी। कमल लड्ढा को उस समय 11 हजार 280 वोट मिले थे। वहीं उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के आशीष लाहोटी को 2 हजार 477 वोट मिले थे। वहीं वार्ड 83 के बाद सबसे बड़ी जीत वार्ड 81 में बीजेपी के अभिषेक बबलू शर्मा की हुई थी। शर्मा 8 हजार 696 वोट से जीते थे।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा का राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया

To save their lives in the 1984 riots, people of the Sikh community shaved their beards and took off their turbans: VD Sharma

1984 के दंगों में अपनी जान बचाने सिख समुदाय के लोगों ने दाढ़ी कटवाई,पगड़ी उतारी: वीडी शर्मा To save their lives in the 1984 riots, people of the Sikh community shaved their beards and took off their turbans: VD Sharma भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा अपनी अमेरिकी यात्रा के दौरान सिख समुदाय को लेकर देश के खिलाफ दिए गए बयान की आलोचना करते हुए निंदा की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद शर्मा ने कहा कि अमेरिकी यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने भारत में रहने वाले सिखों के बारे में गलत बयान देकर अमेरिका में रहने वाले सिख समुदाय को गुमराह किया है। शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी ने अमेरिका में कहा है कि भारत में सिख समुदाय तनाव में जीते हैं। उन्हें पगड़ी, कड़ा-कृपाण पहनने में दिक्कत होती है। जबकि सच्चाई यह है कि भारत में रहने वाले सिख समुदाय के लोग हमेशा से कड़ा-कृपाण पहन कर गर्व महसूस करते हैं और देश के हर हिस्से में भ्रमण करते हैं। शहरों से लेकर देश के दूरदराज इलाकों में भी सिख भाईयों को पगड़ी पहन कर अपना-अपना काम करते हम देखते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब भी गुरूद्वारा गए हैं, तब वे पगड़ी पहनकर गुरूद्वारा गए। सिख समुदाय को गर्व है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व की सरकार में सिख समुदायों की लंबित मांगों को पूरा करते हुए करतारपुर साहिब जाने का रास्ता खुलवाया। दशम गुरू गोविंद सिंह के शहजादों के बलिदान को “वीर बाल दिवस” के रूप में मनाने का निर्णय लिया।कांग्रेस शासनकाल में अपनी जान बचाने सिख समुदाय ने पगड़ी उतारी व दाढ़ी कटवाई थीभाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि वर्ष 1984 में राहुल गांधी के पिता राजीव गांधी के प्रधानमंत्री रहते सिख समुदाय का सामूहिक नरसंहार किया गया, जिसमें करीब 3000 से अधिक सिख भाई-बहनों का कत्लेआम किया गया था। उस समय आगजनी की गयी थी और सिखों को घरों से खींचकर जिंदा जला दिया गया था। उस वक्त कई सिख भाईयों ने जिंदा रहने के लिए अपनी पगड़ी तक उतार दी थी और दाढ़ी-बाल कटवा लिए थे। राजीव गांधी ने कहा था कि “बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है।“ सिखों के नरसंहार में संलिप्त लोगों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की गयी थी और लंबे समय बाद सिख दंगे के दोषियों को तब सजा हुई, जब माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सरकार बनी।दुनिया को सिख दंगों की सच्चाई बताना चाहिए, लेकिन वे सिखों को गुमराह कर रहे हैंभाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी विदेशी धरती पर देश को बदनाम करने का अभियान चला रहे हैं। वे दुनिया के समक्ष भारत की यह सच्चाई नहीं रखते हैं कि भारत में मजबूत लोकतंत्र है। भारत लोकतंत्र की जननी है। दुनिया को सच्चाई बताने के बदले राहुल गांधी अमेरिका में रहने वाले सिख समुदाय को गुमराह कर रहे हैं। कभी राहुल गांधी कहते हैं कि भारत में बेरोजगारी बहुत बड़ी समस्या है, जबकि भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। राहुल गांधी अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों को देश के प्रति भ्रमित कर रहें हैं। राहुल गाँधी को थोड़ा ज्ञान होता तो देश पर जब-जब मुसीबत आयी है, तब आगे बढ़कर देशहित में कार्य करने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे संगठन के खिलाफ बयानबाजी नहीं करते। राहुल गांधी अब एक आम नागरिक नहीं हैं, बल्कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं, फिर भी वे विदेशी धरती पर भारत के खिलाफ बयानबाजी करते रहते हैं। राहुल गांधी भारत की न्यायिक व्यवस्था, निर्वाचन आयोग, प्रशासनिक व्यवस्था समेत देश के सभी संवैधानिक संस्थानों के खिलाफ बोलते रहते हैं। राहुल गांधी ने अपनी पार्टी के एकाउंट फ्रीज होने पर देश के प्रशासनिक तंत्र पर हमला बोला था, लेकिन उसकी सच्चाई लोगों के सामने नहीं बताई।राहुल गांधी देश की एकता व अखंडता के खिलाफ खतरनाक नैरेटिव सेट कर रहेराहुल गांधी के बयान के पीछे उनके सलाहकार सैम पित्रोदा हैं। पित्रोदा कहते हैं कि राहुल गाँधी अब पप्पू नहीं रहे। वे पप्पू रहें या न रहें, उनको क्यों इस तरह से अलंकृत किया गया, हमें इसमें कोई रूचि नहीं है, लेकिन चिंता का विषय यह है कि राहुल गांधी के सलाहकार कहते हैं कि भारत एक देश नहीं है। उनके अनुसार, जो लोग नार्थ से आते हैं, वे अफगानिस्तान से आते हैं और नार्थ-ईस्ट के लोग चाइनीज के समकक्ष हैं। जिस तरह के विचार वाले लोगों के साथ राहुल गांधी रहते है, इसलिए जब राहुल गाँधी ओछी बातें करते हैं, तो आश्चर्य नहीं होता। पिछले कई सालों में राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान को एक दूसरे से जोड़कर देखें, तो उससे स्पष्ट होता है कि राहुल गांधी को कई बातों की समझ नहीं है। कई ऐसे मुद्दे हैं, जिसमें राष्ट्र की पहचान, विविधता के साथ एकता और अखंडता के विषय शामिल होते हैं। राहुल गांधी देश की विविधता के साथ एकता और अखंडता के मुद्दों पर बहुत ही खतरनाक नैरेटिव सेट करने की कोशिश कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस भरेंगी हुंकार, 10 सितंबर को सीएम निवास का करेंगी घेराव

Chhattisgarh Mahila Congress will roar, will surround CM residence on September 10

Chhattisgarh Mahila Congress will roar, will surround CM residence on September 10 रायपुर । छत्तीसगढ़ की महिला कांग्रेस बड़े प्रदर्शन की तैयारी में है। महिला कांग्रेस जल्द ही मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगी। इसे लेकर महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम ने राजीव भवन में प्रेस वार्ता की। इस दौरान फूलोदेवी ने मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी कांग्रेस प्रेस वार्ता में फूलोदेवी नेताम ने कहा कि, प्रदेश में आए दिन महिलाओं के साथ अत्याचार व गैंगरेप की घटनाएं बढ़ती जा रही है और पुलिस प्रशासन भी काम नहीं कर रही। इस कमजोर कानून व्यवस्था से महिलाएं अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रही है। प्रदेश की महिलाएं भयभीत है, डरी और सहमी हुई है। इन मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करेगी कांग्रेस फूलोदेवी नेताम ने कहा कि, रायपुर नया बस स्टैंड में 50 साल की महिला के साथ दुष्कर्म हुआ। 4 साल की के साथ भिलाई में दुष्कर्म हुआ। प्रदेश में दुष्कर्म के मामले बढ़ते ही जा रहे है। लेकिन राज्य सरकार कोई कड़ी कार्रवाई नहीं कर रही है। दूसरे दिन रिपोर्ट लिखा जाता है और सामूहिक दुष्कर्म को नकार दिया गया। बलात्कार की रिपोर्ट लिखी गई और यहां पुलिस अपराधियों को सजा देने के बजाय उन्हें बचाने में लगी है। बस्तर, जशपुर, रायगढ़, बिलासपुर, अंबिकापुर एवं राजधानी रायपुर में दुष्कर्म की घटनाओं से महिलायें भयभीत है। महिलायें घर से बाहर निकलने में खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। सबसे चौकाने वाली घटना भिलाई में 5 जुलाई को डीपीएस स्कूल में 4 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई। बिना एफआईआर के एसपी ने घटना को नकार दिया गया जबकि पास्को एक्ट में प्रावधान है कि ऐसी कोई भी घटना होने पर सबसे पहले एफआईआर लिखते है उसके बाद जांच की जाती है। भिलाई के बच्ची के साथ दुराचार के मामले में दो डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में कहा गया कि बच्ची के निजी अंगो में चोट आई है। डॉक्टरों ने गंभीर छेड़छाड़ की आशंका जताई। उसके बाद भी एसपी मामले को नकारते रहे। 5 जुलाई को घटना होती है लेकिन कांग्रेस पार्टी के द्वारा विरोध करने के बाद भाजपा सरकार दबाव में आकर अब जाकर लगभग दो महिने वाद 4 सितम्बर को एफआईआर दर्ज करती है। 10 सितंबर को मुख्यमंत्री निवास का घेराव प्रेस वार्ता में फूलोदेवी नेताम ने कहा कि, महिलाओं की सुरक्षा के लिए कांग्रेस आवाज उठाएगी। महिला कांग्रेस स लेकर सदन तक लड़ाई लड़ेगी। नेताम ने बताया कि महिला कांग्रेस 10 सितंबर को मुख्यमंत्री निवास का घेराव क इस दौरान प्रदेश में जितने भी बलात्कार व अत्याचार के मामले उजागर हुए है उसे लेकर आवाज उठाएंगी।

हेमंत कैबिनेट बैठक : 6 सितंबर को अहम फैसलों की उम्मीद

Hemant Cabinet meeting on September 6: Important decisions expected

Hemant Cabinet meeting on September 6: Important decisions expected रमेश अग्रवालरांची: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार की कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक 6 सितंबर 2024 को आयोजित की जाएगी। यह बैठक झारखंड मंत्रालय के प्रोजेक्ट भवन स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में शाम 4:00 बजे से शुरू होगी। मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) की ओर से इस बैठक की जानकारी दी गई है। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। संभावित अहम फैसले इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर चर्चा और मंजूरी की संभावना है। पिछली कैबिनेट बैठक, जो 29 अगस्त 2024 को आयोजित की गई थी, उसमें 44 प्रस्तावों पर मुहर लगी थी। इनमें से कुछ प्रमुख फैसले इस प्रकार थे: आगामी बैठक से उम्मीदें 6 सितंबर को होने वाली कैबिनेट बैठक में भी कई अहम फैसले लिए जाने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बैठक में राज्य की विकास योजनाओं, आर्थिक सुधारों, और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। इसके साथ ही, आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए, सरकारी कर्मचारियों और आम जनता के लिए कुछ विशेष घोषणाएं भी की जा सकती हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सरकार द्वारा लिए गए ये निर्णय राज्य की जनता के हित में होंगे और आने वाले समय में इनका प्रभाव राज्य की आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को देखते हुए, इस बैठक से राज्य के विकास को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

राहुल गांधी ने वायनाड में भूस्खलन पीड़ितों के लिए किया एक माह का वेतन दान, लोगों से भी मदद करने को कहा

Rahul Gandhi donated one month's salary for landslide victims in Wayanad, asked people to help too

Rahul Gandhi donated one month’s salary for landslide victims in Wayanad, asked people to help too पिछले 30 जुलाई को केरल के वायनाड में बड़ी प्राकृतिक आपदा आई थी. यहां आए भूस्खलन में 200 लोगों की मौत हो गई. कई गांव तबाह हो गए. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आज यहां के पीड़ितों की मदद के लिए अपना एक माह का वेतन दान दे दिया है. वायनाड के भूस्खलन पीड़ितों के लिए कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बड़ा कदम उठाया है. राहुल गांधी ने दरियादिली दिखाते हुए अपने एक महीने का वेतन पीड़ितों की मदद के लिए दान दे दिया है. राहुल गांधी ने एक महीने की सैलरी यानी 2.3 लाख की मदद राशि केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के खाते में दान दी है. इस बाबत राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी शेयर की. उन्होंने लिखा- वायनाड में हमारे प्रिय भाइयों और बहनों को विनाशकारी त्रासदी का सामना कर रहा है. राहुल गांधी ने आगे लिखा- इस संकट की घड़ी में उन्होंने भारी नुकसान झेला है. उनको हमारे जैसे लोगों की मदद की सख्त दरकार है. वायनाड के पीड़ितों को नुकसान से उबरने के लिए हमारे समर्थन की जरूरत है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि मैंने प्रभावित लोगों की राहत और पुनर्वास के प्रयासों में मदद के लिए अपने पूरे महीने का वेतन दान कर दिया है. देश के जिम्मेदार नागरिकों से अपीलराहुल गांधी ने इसी के साथ देशवासियों से भी मदद की अपील की. उन्होंने कहा कि मैं देश के ईमानदार और संवेदनशील भाइयों से आग्रह करता हूं कि वे जो कुछ भी कर सकते हैं, इस संकट में जरूर योगदान दें. राहुल गांधी ने कहा कि हर छोटे से बदलाव से फर्क पड़ता है. वायनाड हमारे देश का एक खूबसूरत हिस्सा है और हम मिलकर यहां के उन लोगों के जीवन को फिर से पटरी पर लाने में मदद कर सकते हैं. यहां आई आपदा में लोगों ने बहुत कुछ खो दिया है. राहुल गांधी ने इसी के साथ कहा कि मददगार हमारी पार्टी के ऐप के जरिए सुरक्षित तरीके से अपना योगदान दे सकते हैं. उन्होंने लिखा- स्टैंड विद वायनाड. केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मदद राशि जमा करने के लिए नौ सदस्यों की समिति का गठन किया और एक ऐप भी बनाया है. केरल कांग्रेस ने कहा कि इच्छुक लोग सीधे डोनेशन भेज सकते हैं. 30 जुलाई को वायनाड में आई त्रासदीकेरल के वायनाड में पिछले 30 जुलाई को एक बड़ा भूस्खलन आया था. जिससे भारी तबाही मची थी. इस हादसे में 200 लोगों की मौत हो गई थी. कई लोग लापता भी हो गए थे. भूस्खलन के बाद यहां के कुछ गांव बुरी तरह से प्रभावित हुए थे. जिसके बाद राहुल गांधी ने त्रासदी में बेघर हुए लोगों के लिए 100 घर बनवाने का वादा किया था.

रेत माफिया ने किसान पर टैक्टर चढ़ाकर ली जान, जीतू पटवारी ने कहा- आदिवासी उत्पीड़न…

Sand mafia took life by ramming a tractor on a farmer, Jitu Patwari said- Tribal oppression…

Sand mafia took life by ramming a tractor on a farmer, Jitu Patwari said- Tribal oppression… सिंगरौली ! रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं. यहां एक आदिवासी किसान की ट्रैक्टर चढ़ाने की वजह से मौत हो गई है. आदिवासी किसान अपनी जमीन पर अवैध रेत का परिवहन रोकने गया था. इसी दौरान चालक ने किसान पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया. ट्रैक्टर की चपेट में आने से किसान की मौत हो गयी. वारदात सिंगरौली में बरका चौकी क्षेत्र के गन्नई गांव की है. मृतक की पहचान 46 वर्षीय इंद्रपाल अगरिया के रूप में हुई है. मामले में मध्य प्रदेश की राजनीति गर्म हो गयी है. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष-जीतू पटवारी ने सवाल उठाये हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से पूछा है कि आदिवासियों पर अत्याचार कब रुकेगा. इंद्रपाल के बड़े भाई सुरेश अगरिया ने बताया कि लाले वैश्य जबरिया रेत का अवैध परिवहन करते हैं. ट्रैक्टरों के चलने से हमारे खेत में लगी धान की फसल को नुकसान पहुंचता है. बीती रात भी छोटा भाई इंद्रपाल अवैध रेत का परिवहन रोकने गया था. रेत माफियाओं ने ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला. ‘आदिवासी किसान की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या’ मृतक के बड़े भाई सुरेश अगेरिया ने बताया कि लाले वैश्य बीजेपी युवा मोर्चा का पूर्व उपाध्यक्ष है. बरका चौकी प्रभारी एसआई सूरज सिंह के अनुसार लाले वैश्य का ट्रैक्टर जब्त कर लिया है. आरोपियों की तलाश की जा रही है. एएसपी शिवकुमार वर्मा के अनुसार वीडियो देखकर समझ में नहीं आ रहा है कि इंद्रपाल की मौत कैसे हुई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आये तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी. कांग्रेस ने दर्दनाक घटना का विरोध किया है. जीतू पटवारी ने ट्वीट कर सरकार को घेरा है. खेत पर अवैध रेत का परिवहन रोकने गया था प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मध्य प्रदेश में अंतहीन हो चुके आदिवासी उत्पीड़न की एक और सनसनीखेज घटना अब सिंगरौली से सामने आई है. गन्नई गांव के गरीब आदिवासी इंद्रपाल अगरिाय पर रेत माफियाओं ने इसलिए ट्रैक्टर चढ़ा दिया, क्योंकि उसने अवैध रेत परिवहन का विरोध किया था. घटना के आरोपी भी बीजेपी से जुड़े हुए हैं. इलाके में सालों से अवैध उत्खनन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि संरक्षण कौन और क्यों दे रहा है, जवाब इलाके का हर शख्स जानता है. जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर निशाना साधा. कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से पूछे सवाल उन्होंने कहा, “लूट की छूट अपराध और अपराधी को संरक्षण दे रही है. गृहमंत्री के रूप में आप चुप हैं. पुलिस प्रशासन भी माफिया की मदद कर रहा है. जंगलराज ऐसा ही तो होता है. दलित और आदिवासियों का उत्पीड़न जारी रहने पर जल्द सरकार के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर संघर्ष करते नजर आयेंगे.” पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने लिखा, “मध्य प्रदेश में आदिवासी अत्याचार की एक और जघन्य घटना. सिंगरौली जिले में गन्नई गांव के गरीब आदिवासी भाई इंद्रपाल अगरिया पर बीती रात रेत माफियाओं ने ट्रैक्टर चढ़ाया. हादसे में आदिवासी भाई की मौत हो गई. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कब रुकेगा अत्याचार.”

लोबिन हेम्ब्रम भाजपा में शामिल, बोले- तीर धनुष में अब वो दम नहीं

Lobin Hembram joined BJP, said- there is no power

Lobin Hembram joined BJP, said- there is no power in bow and arrow now रमेश अग्रवाल  रांची। झारखंड के बोरियो विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित पूर्व झामुमो विधायक लोबिन हेम्ब्रम शनिवार को भाजपा में शामिल हो गए। राजधानी रांची के भाजपा के प्रदेश कार्यालय में हेम्ब्रम ने भाजपा की सदस्यता ली। इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने लोबिन हेम्ब्रम का स्वागत किया। असम के मुख्यमंत्री और झारखंड विधानसभा चुनाव के सह-प्रभारी हिमंता बिस्व सरमा, प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने लोबिन हेंब्रम को माला पहनाकर और अंगवस्त्र देकर भाजपा में शामिल करवाया। इस अवसर पर चंपाई सोरेन और पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा भी मौजूद थे। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन और शिबू सोरेन की बड़ी बहू सीता सोरेन ने भी उन्हें भाजपा का पट्टा पहनाया। लोबिन हेम्ब्रम ने 5 बार विधायक रह चुके हैं। बोरियो के पूर्व झामुमो विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने पार्टी में रहते हुए विगत लोकसभा चुनाव में दल के प्रत्याशी के विरुद्ध चुनाव लड़े थे। इसके बाद उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया था और कुछ दिन बाद विधानसभा से उनकी विधायिकी भी समाप्त कर दी गई थी।  भाजपा में शामिल होने के बाद लोबिन हेम्ब्रम ने कहा कि बचपन से अभी तक हमने जेएमएम में रहकर उसे सजाने संवारने का काम किया। ईमानदारी और वफादारी के साथ पार्टी को आगे बढ़ाया। इसके सुप्रीमो शिबू सोरेन ने हमें उंगली पकड़कर सिखाया था। उन्होंने कहा था कि जहां गलत हो विरोध करना है। आज हमारे साथ चंपाई बाबू है। झारखंड आदिवासी, मूलवासी के विकास के लिए बना। सरकार बनी, लेकिन शिबू सोरेन की जो स्थिति है आप सभी जानते हैं। हमने हेमंत सोरेन पर विश्वास किया। उनके एजेंडे पर पूरे झारखंड ने विश्वास किया। लेकिन शिबू सोरेन का जेएमएम आज नहीं है। तीर धनुष में वो दम अब नहीं है। गुरुजी हर तबके को प्रेरणा देते थे। शराब से दूर रहने को बोलते थे। लेकिन हेमंत सोरेन छत्तीसगढ़ वाले नीति को लाए, हमने तब सदन में विरोध किया। कहा था कि गुरुजी विरोध करते थे शराब, आप शराब बेचते हैं। गुरुजी को पता चला तो उन्होंने मेरा समर्थन किया। साहिबगंज, पाकुड़, गोड्डा का डेमोग्राफी बदल रहा। हमलोग के आवाज उठाने के बाद भी सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई। सिर्फ आदिवासी को वोट बैंक बना कर रखा। आने वाले दिन में आदिवासी मूलवासी खत्म हो जाएगा। इसलिए सोचा कि जेएमएम से झारखंड बचने वाला नहीं है। पीएम और गृह मंत्री पर विश्वास जताते हुए भाजपा से जुड़ने का निर्णय लिया।

युवा कांग्रेस का हल्लाबोल, मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकले

Youth Congress's ruckus, came out to surround the Chief Minister's residence

Youth Congress’s ruckus, came out to surround the Chief Minister’s residence भोपाल। मध्य प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता घोटाला सहित युवाओं की समस्याओं को लेकर मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ने शुक्रवार को भोपाल में जंगी प्रदर्शन किया। प्रदेशभर से आए यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता रोशनपुरा चौक पर एकत्र हुए और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकले। युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष मितेंद्र सिंह की अगुआई में यह प्रदर्शन हो रहा है। संगठन द्वारा चलाए गए ‘क्या हुआ तेरा वादा’ अभियान के तहत प्राप्त साढ़े चार लाख पोस्टकार्ड मुख्यमंत्री को सौंपे जाएंगे। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। जीतू पटवारी ने कहा कि युवाओं के साथ भारतीय जनता पार्टी की सरकार धोखेबाजी कर रही है। नर्सिंग कॉलेज घोटाला सबके सामने है। ना तो युवाओं को रोजगार मिला है और ना ही स्वरोजगार। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए रास्ते में बैरिकेडिंग कर दी है। भारी पुलिसबल मौके पर तैनात है। भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोपयुवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष मितेंद्र सिंह ने कहा कि लाड़ली बहनों को आवास देने की घोषणा की, पर उसकी योजना तक नहीं बनी। सरकारी नौकरी की परीक्षा फॉर्म फीस माफ नहीं की गई और न ही नर्सिंग घोटाले के आरोपितों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई की गई। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी भी नहीं मिली है। इन सभी मुद्दों को लेकर ‘अब युवा करेगा क्रांति’ कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।

राम माधव की वापसी: भाजपा के लिए जम्मू-कश्मीर चुनाव में नए समीकरण

Ram Madhav's return: New equations for BJP in Jammu and Kashmir elections

Ram Madhav’s return: New equations for BJP in Jammu and Kashmir elections ” राजीव रंजन झा ” जम्मू-कश्मीर में होने वाला आगामी विधानसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए विशेष महत्व का है। अनुच्छेद 370 और 35 ए हटने के बाद यह पहला विधानसभा चुनाव है। ऐसे में भाजपा के लिए यह चुनाव एक प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। इस चुनाव की तैयारी को और भी गंभीरता से लेने के लिए भाजपा ने अपने पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री राम माधव को संघ से वापस बुलाकर जम्मू-कश्मीर की कमान सौंपी है। राम माधव का राजनीतिक सफरराम माधव, जो पहले भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री रह चुके हैं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से आते हैं। वह आरएसएस के पहले प्रवक्ता बने थे और उनका जम्मू-कश्मीर की राजनीति में गहरा हस्तक्षेप रहा है। जब अमित शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, तब राम माधव राष्ट्रीय महामंत्री के रूप में जम्मू-कश्मीर के प्रभारी थे। 2020 में जब जगत प्रकाश नड्डा भाजपा के अध्यक्ष बने, तो राम माधव को नई टीम में शामिल नहीं किया गया, जिसके बाद वह संघ में वापस लौट गए थे। जम्मू-कश्मीर की राजनीति में राम माधव की भूमिकाराम माधव को जम्मू-कश्मीर की राजनीति में दो बड़े मामलों का श्रेय दिया जाता है। पहला, उन्होंने पीडीपी के साथ गठबंधन कर भाजपा को जम्मू-कश्मीर में पहली बार सत्ता में आने में मदद की। हालांकि, यह सरकार 2018 में गिर गई। दूसरा, उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ भी गठबंधन बनाने की कोशिश की, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो सका और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने बैकआउट कर लिया। इसके बावजूद, राम माधव की वापसी को भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। भाजपा के लिए वर्तमान चुनौतियाँ2020 में पार्टी से हटाए जाने के बाद राम माधव ने संघ में वापसी की, लेकिन अब उन्हें फिर से भाजपा में लाया गया है। उनके वापसी को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं, खासकर यह कि उन्हें पहले क्यों हटाया गया और अब क्यों वापस बुलाया गया। लेकिन ऐसी खबरें हैं कि राम माधव स्वयं पार्टी में लौटने के इच्छुक थे और संघ से उन्हें अनुमति मिल गई। हालांकि, संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि अबकी बार भाजपा में जाने के बाद उनकी संघ में वापसी नहीं हो सकेगी। राम माधव की वापसी को लेकर पार्टी के भीतर भी कई चर्चाएँ हो रही हैं। भाजपा के कुछ नेताओं का मानना है कि राम माधव का अनुभव और संगठनात्मक क्षमता पार्टी के लिए लाभदायक साबित हो सकती है, खासकर जम्मू-कश्मीर के आगामी विधानसभा चुनाव में। लेकिन यह भी स्पष्ट नहीं है कि वह चुनाव के बाद भी पार्टी में सक्रिय रहेंगे या नहीं। भाजपा के संगठन में कमियां और सुधार की आवश्यकता2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी, जिसका कारण बूथ स्तर की कमेटियों का निष्क्रिय होना माना जा रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि पार्टी संगठन में एक अजीब तरह की बेचैनी, बिखराव और कर्तव्यबोध की कमी दिखाई दे रही है। भाजपा के संगठन में राम माधव की वापसी को पार्टी के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि उन्हें कितनी स्वतंत्रता और समय दिया जाएगा ताकि वह अपने अनुभव और क्षमता का पूरा उपयोग कर सकें। भविष्य की चुनौतियाँ और संभावनाएँराम माधव की वापसी के बाद यह देखना होगा कि भाजपा जम्मू-कश्मीर चुनाव में कितनी सफलता प्राप्त कर पाती है और क्या राम माधव की वापसी से पार्टी में नई ऊर्जा का संचार होता है। भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में सुधार की आवश्यकता को समझते हुए, राम माधव की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। चुनावी नतीजे ही यह तय करेंगे कि राम माधव की वापसी भाजपा के लिए कितनी फायदेमंद साबित होती है और क्या उनकी नियुक्ति से पार्टी को वह बढ़त मिल पाती है जिसकी उसे आवश्यकता है।

दिग्विजय सिंह ने की सोयाबीन के दाम बढ़ाने की मांग, पीएम-सीएम से की यह अपील

Digvijay Singh demanded to increase the price of soybean, made this appeal to PM-CM

Digvijay Singh demanded to increase the price of soybean, made this appeal to PM-CM भोपाल। सोयाबीन खेती की लागत वर्ष 2011 से दो-तीन गुना बढ़ गई है, पर इसका मूल्य 4300 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास है। किसानों की लागत भी नहीं निकल रही है। इसका न्यूनतम मूल्य प्रति क्विंटल छह हजार रुपये से कम नहीं होना चाहिए। यह मांग पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव से की है।13 साल पहले जो भाव था, आज भी वहीदिग्विजय ने कहा कि देश में लगभग 50 प्रतिशत से अधिक सोयाबीन का उत्पादन मध्य प्रदेश में होता है। वर्ष 2011 में प्रति क्विंटल भाव लगभग 4300 रुपये था। आज भी भाव इसके आसपास ही है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोयाबीन के उत्पादन पर भाव निर्भर करता है। इस वर्ष भी मूल्य में वृद्धि की संभावना नहीं है, इसलिए सरकार उपार्जन करे और लागत को देखते हुए न्यूनतम मूल्य 6000 रुपये प्रति क्विंटल से कम न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।जैविक कपास उत्पादकों के फर्जी समूह बनाने का लगाया आरोपदिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मध्य प्रदेश के निमाड़ अंचल में जैविक कपास उत्पादकों के फर्जी समूह बनाए जाने का आरोप लगाया। इसमें बताया कि इन समूहों में ऐसे गांवों के किसानों के नाम भी शामिल किए गए हैं, जो जैविक तो दूर साधारण कपास की खेती भी नहीं करते हैं।दिग्विजय ने कहा कि धार जिले के भीलकुंडा और उसके आसपास के गांवों के किसान इसका उदाहरण हैं। इन किसानों को उत्पादक बताकर उनसे खरीदी करना दर्शाया गया है। व्यापारियों के साथ मिलीभगत कर प्रमाणीकरण संस्था से प्रमाण पत्र जारी कराए गए। इसको लेकर आयुक्त वाणिज्यिक कर इंदौर को करोड़ों रुपये के जीएसटी की चोरी की शिकायत भी की गई है। इस पूरे मामले की जांच कराई जाए।

मध्य प्रदेश: दलित-आदिवासियों पर अत्याचार के विरोध में कांग्रेस का भोपाल में प्रदर्शन

Madhya Pradesh: Congress's demonstration in Bhopal against atrocities on Dalits and tribals.

Madhya Pradesh: Congress’s demonstration in Bhopal against atrocities on Dalits and tribals. भोपाल। प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस विभिन्न मुद्दों को लेकर लगातार सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रही है। नर्सिंग कॉलेज घोटाले का मुद्दा ठंडा पड़ने के बाद अब कांग्रेस दीगर मुद्दों को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश में जुटी है। इसी सिलसिले में अब कांग्रेस ने दलित और आदिवासी समाज अन्याय, भेदभाव और शोषण का आरोप कांग्रेस ने लगाया है। कांग्रेस इसके विरुद्ध आज रोशनपुरा चौराहे पर धरना प्रदर्शन कर रही है। प्रदर्शन में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व विधायक व मंत्री पीसी शर्मा सहित बड़े नेता उपस्थित हैं। कुछ देर में कांग्रेसी मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए निकलेंगे। संगठन के उपाध्यक्ष मुकेश बंसल ने बताया कि प्रदेश की भाजपा सरकार में अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। कार्रवाई के नाम पर दिखावा किया जा रहा है। न तो रोजगार की व्यवस्था हो रही है और न ही सुरक्षा के लिए कोई कदम उठाए जा रहे हैं। इसके विरोध में मंगलवार को भोपाल में प्रदर्शन किया जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर के साथ मेरा खून का रिश्ता है – राहुल गांधी

I have blood relations with Jammu and Kashmir - Rahul Gandhi

I have blood relations with Jammu and Kashmir – Rahul Gandhi वहां के लोगों के दिलों में जो दुख-दर्द है, उसे मिटा कर उन्हें उनका statehood और representation वापस दिलाना ही मेरा सबसे बड़ा लक्ष्य है।

रायबरेली में दलित युवक की हत्या मामले पर नेता विपक्ष राहुल गांधी ने योगी सरकार को घेरा

Opposition leader Rahul Gandhi cornered Yogi government on the murder of Dalit youth in Rae Bareli.

Opposition leader Rahul Gandhi cornered Yogi government on the murder of Dalit youth in Rae Bareli. ये सभी लोग यहां न्याय मांग रहे हैं, क्योंकि एक दलित युवा को जान से मारा गया है। पूरे परिवार को धमकाया गया है।यहां कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यहां के SP मास्टरमाइंड पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, छोटे-छोटे लोगों को पकड़ रहे हैं।मैं चाहता हूं कि उत्तर प्रदेश में हर वर्ग का आदर हो और न्याय सबको मिले। जब तक इस परिवार को न्याय नहीं मिलेगा तब तक हम पीछे नहीं हटने वाले हैं।

आदिवासी युवक की पिटाई के मामले पर कांग्रेस ने मोहन सरकार सरकार को घेरा

Congress cornered Mohan Sarkar government on the issue of beating of tribal youth

Congress cornered Mohan Sarkar government on the issue of beating of tribal youth भोपाल ! ट्रेनी अग्निवीर लूट का मास्टरमाइंड निकला और 50 लाख की लूट की वारदात को अंजाम दिया. वहीं, इंदौर में आदिवासी युवक के साथ हुई मारपीट की घटना सामने आई. इसको लेकर अब कांग्रेस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार पर निशाना साधा है. एमपी कांग्रेस चीफ जीतू पटवारी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए बीजेपी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं. दूसरी तरफ, बीजेपी दोनों ही मामलों में कड़ी कार्रवाई की बात कह रही है. इंदौर में आदिवासी युवक के साथ मारपीटइंदौर के भंवर कुवा थाना क्षेत्र में आदिवासी युवक के साथ बाइक को कट करने की बात को लेकर मारपीट की घटना हुई. आरोपी रितेश राजपूत के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है. वह इलाके का लिस्टेड गुंडा है. उसके एक साथी के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जारी करते हुए प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार मध्य प्रदेश में आदिवासियों पर अत्याचार की घटनाएं नहीं रोक पा रही है. उन्होंने एक बार फिर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए. इंदौर में आदिवासी युवक के साथ मारपीट करने और जूते के फीते बँधवाने के मामले पर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को घेरा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि इंदौर में पुलिस कमिश्नरी लागू के होने के बाद आपराधिक मामले लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं उन्होंने ज़िले के प्रभारी मंत्री होने के नाते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर भी सवाल उठाए हैं। उमंग सिंघार ने लगाए आरोपये पूरी घटना सीसीटीवी में क़ैद हो गई सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हो गया। अब इस मामले को लेकर कांग्रेस ने आदिवासी उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक्स पर लिखा है कि ‘इंदौर के भंवरकुआं इलाके में सड़क पर ठीक से न चलने की बात पर एक आदिवासी युवक के साथ अकारण मारपीट की गई। बदमाश ने आदिवासी युवक की पिटाई करने के साथ उससे अपने जूते के लेस भी बंधवाए। आश्चर्य है कि इस बदमाश पर दर्जनभर मुकदमें दर्ज हैं, फिर भी वो खुला घूम रहा था। इंदौर में पुलिस कमिश्नरी लागू होने के बाद शहर में आपराधिक मामले लगातार बढ़ रहे हैं। एमपी के गृहमंत्री का प्रभार सीएम के पास है और अब तो वे इंदौर के प्रभारी मंत्री भी हैं। इसके बाद भी शहर में कानून व्यवस्था की हालत कैसी है, इसे समझा जा सकता है!

जीतू पटवारी ने काफिला लेकर चलने वालों नेताओं की लगा दी क्लास, बताई चुनाव में हार की वजह

President Jitu Patwari organized a class for the leaders carrying

President Jitu Patwari organized a class for the leaders carrying the convoy. विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद अब कांग्रेस मैदान में नजर आ रही है. यही कारण है कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस पिछले करीब 1 महीने से लगातार प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंदोलन कर रही है. इस बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का बयान खूब वायरल हो रहा हे. जिसमें वो टिकट लेने वालों पर तंज कसते नजर आ रहे हैं. क्या बोले जीतू पटवारी?दरअसल विधानसभा चुनाव के समय कई बीजेपी नेताओं बड़े दम-खम के साथ कांग्रेस ज्वाइन की थी. जिस वक्त वो पार्टी का दामन थामते उस वक्त लंबा काफिला प्रदेश भर में चर्चा का विषय बन जाता, जीतू पटवारी एक बार फिर पूरी तरीके से सक्रिय नजर आ रहे हैं. मध्य प्रदेश के तमाम इलाकों में जा रहे हैं. सरकार को घेरने के लिए मुद्दे उठा रहे हैं. लेकिन इस बार बीजेपी नहीं कांग्रेस के नेता उनके निशाने पर आ गए हैं. वे नेता जो काफिला लेकर चलते हैं. विधानसभा का टिकट मांगते हैं. सबके सामने जीतू पटवारी ने काफिला लेकर चलने वाले नेताओं को नसीहत दे दी है. यह भी कह दिया 100- 200 गाड़ी से आने वाले यह लोग टिकट मांगते हैं. जमीन पर हकीकम कुछ और ही होती है. यही कारण है कि हम आज 66 पर आ गए हैं. कब होगी जीतू की टीम तैयार?जीतू पटवारी ने अब एक बार फिर मध्य प्रदेश में कांग्रेस का संगठन मजबूत कर रहे हैं. इसी को लेकर वे पूरे प्रदेश भर में दौरा कर रहे हैं. आपको बता दें कि इस समय प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पंचायत कमेटी की गठन के काम में जुटे हुए हैं. तो वहीं भी प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है. आपको बता दें कि पिछले दिनों भंवर जितेंद्र सिंह ने दावा किया था कि आने वाले 15 दिनों में प्रदेश कार्यकारिणी गठित हो जाएगी. लेकिन, इस बात को भी एक महीने से ज्यादा बीत गया है. अब देखना होगा कि जीतू अपनी टीम कब तक तैयार कर पाते हैं.

रक्षाबंधन पर प्रियंका ने शेयर की बचपन की तस्वीर, राहुल गांधी के लिए लिखा प्यारभरा संदेश

Priyanka shared childhood picture on Rakshabandhan, wrote a loving message for Rahul Gandhi

Priyanka shared childhood picture on Rakshabandhan, wrote a loving message for Rahul Gandhi नई दिल्ली ! कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने रक्षाबंधन के मौके पर अपने भाई और विपक्ष के नेता राहुल गांधी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश के साथ, उन्होंने तस्वीरों का एक कोलाज पोस्ट किया, जिसमें उनके बचपन की तस्वीरें शामिल हैं, जिनमें से एक उनके पिता और पूर्व प्रधान मंत्री राजीव गांधी के साथ है। कोलाज में राहुल और प्रियंका की एक साथ एक छोटी खिलौना कार में खेलने की तस्वीर भी शामिल है। फुलवारी है भाई-बहन का रिश्ताअपनी पोस्ट में, प्रियंका ने भाई-बहन के रिश्ते की तुलना एक रंग-बिरंगे फूलों की क्यारी से की, जहां प्यारी यादें, साझा अनुभव और एक बढ़ती हुई दोस्ती फलती है, जो परस्पर सम्मान, प्यार और समझ पर आधारित है। प्रियंका ने लिखा कि भाई-बहन का रिश्ता उस फुलवारी की तरह होता है जिसमें सम्मान, प्रेम और आपसी समझदारी की बुनियाद पर अलग-अलग रंगों वाली यादें, संग के किस्से-कहानियां व दोस्ती को और गहरा करने का संकल्प फलता-फूलता है। भाई-बहन संघर्ष के साथी होते हैं, स्मृतियों के हमराही भी और संगवारी के खेवैया भी। आप सभी को राखी की हार्दिक शुभकामनाएं। रिश्ते को मजबूती से जोड़े रक्षा सूत्रइस बीच राहुल गांधी ने भी राखी के त्योहार पर देशवासियों को भी शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने भाई-बहन के बीच के अटूट प्यार और स्नेह के बंधन पर जोर दिया। उन्होंने इस मौके पर अपने और प्रियंका की एक तस्वीर साझा की। राहुल ने अपने संदेश में लिखा भाई-बहन के अटूट प्रेम एवं स्नेह के पर्व, रक्षाबंधन की सभी देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं। रक्षा का यह सूत्र आपके इस पावन रिश्ते को सदैव मजबूती के साथ जोड़े रहे।

पूर्व मुख्य मंत्री कमलनाथ : राजधानी भोपाल आवास पर बहिनों द्वारा आयोजित रक्षाबंधन समरोह में हुए सामिल 

Former Chief Minister Kamal Nath: Participated in Rakshabandhan celebration organized by sisters at his residence in the capital Bhopal

Former Chief Minister Kamal Nath: Participated in Rakshabandhan celebration organized by sisters at his residence in the capital Bhopal भोपाल । प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ पिछले काफी समय से मध्य प्रदेश की राजनीति में समय नहीं दे पा रहे थे हालांकि वह प्रदेश की सभी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे और सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार पर हमला बोल रहे थे। अब एक बार फिर से कमलनाथ भोपाल पहुंच गए हैं और कार्यकर्ताओं से मेल मुलाकात शुरू कर दी। रविवार को उन्होंने सुबह भोपाल के सरकारी निवास पर बहनों से राखी बंधवाई। बहनों के प्रेम और स्नेह से हृदय में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार  पूर्व सीएम कमलनाथ ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी दी। उन्होंने अपने सोशल अकाउंट एक्स पर लिखा कि आज भोपाल में बहनों से राखी बंधवाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। बहनों के इस प्रेम और स्नेह से हृदय में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार होता है। पवित्र राखी हमें बहनों की रक्षा करने की प्रेरणा देती है। ईश्वर मुझे शक्ति दे कि मैं आजीवन बहनों के सम्मान की रक्षा करता रहूं।

डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला ने किया तिरंगा झंडा का अपमान जैकेट पर लगा उल्टा झंडा , वायरल हुई फोटो

Deputy CM Rajendra Shukla insulted the tricolor flag; flag stuck upside down on jacket, photo went viral

Deputy CM Rajendra Shukla insulted the tricolor flag; flag stuck upside down on jacket, photo went viral MP News: 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मध्यप्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने सागर जिले में झंडा फहराया। उन्होंने झंडा तो सही फहराया, लेकिन उनकी जैकेट में उल्टा झंडा नजर आया। जिसके लेकर उनकी फोटो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। इसकी फोटो खुद डिप्टी सीएम को सोशल मीडिया अकाउंट्स से भी हुई है। बता दें कि, बीते दिनों ही डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला को सागर जिले का प्रभारी मंत्री बनाया गया था। सुबह 9 बजे पीटीसी ग्राउंड में ध्वजारोहण किया गया। इसके बाद परेड की सलामी ली गई। इस दौरान डिप्टी सीएम ने प्रदेशवासियों के नाम संदेश का वाचन दिया। डिप्टी सीएम ने जैकेट पर तिरंगे पर उल्टा बैज स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में शामिल डिप्टी सीएम और जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल पीटीसी ग्राउंड पहुंचे। जहां उनकी जैकेट पर तिरंगे का उल्टा बैज लगा हुआ था।

जन्मदिन पर सीएम हेमंत सोरेन का फोटो के साथ भावुक पोस्ट, ‘…वह है यह कैदी का निशान’

CM Hemant Soren's emotional post with photo on his birthday, '…that is the prisoner's mark'

CM Hemant Soren’s emotional post with photo on his birthday, ‘…that is the prisoner’s mark’ Hemant Soren Birthday: झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन (Hemant Soren) आज (10 अगस्त) अपना 49वां जन्मदिन मना रहे हैं. अपने जन्मदिन के मौके पर उन्होंने ‘एक्स’ पर बेहद भावुक पोस्ट लिखा है. इस पोस्ट में उन्होंने जेल में बिताए अपने अनुभवों को साझा किया है. हेमंत ने उस निशाना की तस्वीर भी शेयर की है जो जेल से उनकी रिहाई के दौरान लगाई गई थी. हेमंत सोरेन ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखते हैं, ”आज अपने जन्मदिन के मौके पर बीते एक साल की स्मृति मेरे मन में अंकित है – वह है यह कैदी का निशान – जो जेल से रिहा होते वक्त मुझे लगाया गया. यह निशान केवल मेरा नहीं, बल्कि हमारे लोकतंत्र की वर्तमान चुनौतियों का प्रतीक है.” शोषितों के लिए लड़ने के संकल्प को मजबूत करता हूं- हेमंतउन्होंने आगे लिखा, ”जब एक चुने हुए मुख्यमंत्री को बिना किसी सबूत, बिना कोई शिकायत, बिना कोई अपराध जेल में 150 दिनों तक डाल सकते हैं तो फिर ये आम आदिवासियों/दलितों/शोषितों के साथ क्या करेंगे – यह मुझे कहने की आवश्यकता नहीं है. इसलिए, आज के दिन मैं और ज़्यादा कृतसंकल्पित हूं हर शोषित, वंचित, दलित, पिछड़ा, आदिवासी, मूलवासी के पक्ष में लड़ने के अपने संकल्प को और मजबूत करता हूं.” एकजुट होकर करना है समाज का निर्माण – हेमंतहेमंत सोरेन ने अपने पोस्ट में आगे यह कहा कि वह दबे-कुचले और वंचितों की आवाज उठाएंगे. झारखंड के सीएम ने लिखा, ” मैं हर उस व्यक्ति/समुदाय के लिए आवाज उठाऊंगा जिसे दबाया गया है, जिसे न्याय से वंचित रखा गया है, जिसे उसके रंग, समुदाय, ख़ान पान, पहनावे के आधार पर सताया जा रहा है. हमें एकजुट होकर एक ऐसे समाज का निर्माण करना होगा जहां कानून सभी के लिए समान हो, जहां सत्ता का दुरुपयोग न हो.” सोशल मीडिया पोस्ट के आखिर में हेमंत सोरेन लिखते हैं, ”हां, यह रास्ता आसान नहीं होगा. हमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा. लेकिन मुझे विश्वास है कि हम मिलकर इन चुनौतियों को पार कर सकते हैं. क्योंकि हमारे देश की एकता, विविधता में ही हमारी शक्ति है. पुनः आप सब के स्नेह एवं आज के दिन दी जा रही दुआ, आशीर्वाद एवं अपनापन के लिए धन्यवाद.”

‘लड़ते-लड़ते…’, विनेश फोगाट के संन्यास पर शशि थरूर की पोस्ट ने जीता दिल, जानें

'Fighting-fighting…', Shashi Tharoor's post on Vinesh Phogat's retirement won hearts, know

‘Fighting-fighting…’, Shashi Tharoor’s post on Vinesh Phogat’s retirement won hearts, know Shashi Tharoor reaction on Vinesh Phogat retirement: भारत की स्टार पहलवान विनेश फोगाट ने संन्यास का ऐलान कर दिया है. उनके रिटायरमेंट पर अब कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘सिस्टम से पक गई लड़की’. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने विनेश फोगाट की फोटो को भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है. बता दें कि पेरिस ओलंपिक में फाइनल मुकाबले से कुछ घंटे पहले विनेश फोगाट को वजन ज्यादा होने के चलते अयोग्य घोषित कर दिया था. शशि थरूर ने कही ये बात विनेश फोगाट ने संन्यास लेने के बाद शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘इस सिस्टम से पक गई है ये लड़की लड़ते-लड़ते थक गई है ये लड़की.’

राज्यसभा की 12 सीटों पर चुनाव, INDIA या NDA, किसका पलड़ा भारी?

Review of 12 mainstream elections, India or NDA, who has the upper hand?

Review of 12 mainstream elections, India or NDA, who has the upper hand? Rajya Sabha Election 2024: राज्यसभा की 12 सीटों के लिए 3 सितंबर को उपचुनाव होगा. 9 राज्यों की इन 12 सीटों पर होने वाले मतदान के लिए चुनाव आयोग ने बुधवार को कार्यक्रम का एलान किया. तारीखों की घोषणा के साथ ही अब राजनीतिक दल जीत का फॉर्म्युला निकालने में जुट गए हैं. इन 12 सीटों पर जीत किसकी होगी, ये तो वक्त ही बताएगा लेकिन इस बार इन 12 सीटों में से करीब 10 पर कड़े मुकाबले की बात कही जा रही है. हालांकि कुछ सीटों पर कांग्रेस का तो कुछ पर बीजेपी का पलड़ा भारी नजर आ रहा है. आइए जानते हैं कि इस चुनाव के बाद कैसे बदलेगा राज्यसभा का गणित. पहले जानिए कहां-कहां खाली हैं ये सीटें महाराष्ट्र में राज्यसभा की 2 सीटें, बिहार में 2 सीटें, असम में 2 सीटें, त्रिपुरा में 1, हरियाणा में 1, राजस्थान में 1 और मध्य प्रदेश में 1, ओडिशा में 1 और तेलंगाना में 1 सीट खाली है. क्यों खाली हुईं ये सीटें? इन 12 खाली सीटों में 10 ऐसी हैं जो उच्च सदन के सदस्यों के लोकसभा चुनाव में जीतने के बाद खाली हुईं, जबकि तेलंगाना और ओडिशा से एक-एक राज्यसभा सदस्य ने अपनी पार्टी से इस्तीफा देकर दूसरी पार्टी जॉइन की इसलिए राज्यसभा से भी इस्तीफा दे दिया. पहले इन 12 सीटों में क्या थी स्थिति? अगर इन 12 सीटों पर पहले की स्थिति की बात करें तो बीजेपी सबसे आगे थी. उसके सात साज्यसभा सांसद थे. महाराष्ट्र की दोनों सीटों पर बीजेपी का कब्जा था. बिहार में एक सीट पर बीजेपी तो एक सीट पर आरजेडी का कब्जा था. असम की दोनों ही सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की थी. मध्य प्रदेश की 1 सीट पर बीजेपी, त्रिपुरा की एक सीट पर बीजेपी, हरियाणा की एक सीट पर कांग्रेस और राजस्थान की एक सीट पर भी कांग्रेस ने ही जीत दर्ज की थी. इसके अलावा तेलंगाना में हाल में के. केशव राव ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) छोड़कर कांग्रेस जॉइन किया था, इसलिए उन्होंने इस्तीफा दिया, जबकि ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) की सांसद ममता मोहंता ने बीजेपी की सदस्यता लेने के बाद राज्यसभा सीट छोड़ दी थी. मध्य प्रदेश और त्रिपुरा में बीजेपी मजबूत राजनीतिक एक्सपर्ट बताते हैं कि बात लोकसभा चुनाव की हो या विधानसभा चुनाव की हो, जिस तरह से मध्य प्रदेश में बीजेपी ने अब तक प्रदर्शन किया है, उससे साफ है कि यहां भी बीजेपी एकतरफा जीत दर्ज करते हुए एक सीट फिर से जीत दर्ज कर लेगी. इसके अलावा त्रिपुरा में भी बीजेपी मजबूत स्थिति में नजर आ रही है. असम में भी एकतरफा मुकाबले की बात राजनीतिक एक्सपर्ट कहते हैं कि बीजेपी असम में अभी काफी मजबूत स्थिति में नजर आती है. इसके अलावा पिछली बार भी दोनों सीटों पर उसी का कब्जा था. ऐसे में एक्सपर्ट कह रहे हैं कि इस बार भी असम की दोनों सीटों पर बीजेपी जीत दर्ज कर सकती है. राजस्थान में बीजेपी आगे राजस्थान की एक सीट पर राज्यसभा के उपचुनाव होने हैं. इस सीट पर बीजेपी मजबूत बताई जा रही है. एक्सपर्ट बताते हैं कि पहले विधानसभा चुनाव और फिर लोकसभा चुनाव 2024 में पार्टी ने जिस तरह राजस्थान में प्रदर्शन किया है उससे बीजेपी एक बार फिर यहां जीत दर्ज कर सकती है. महाराष्ट्र और बिहार में कड़ी टक्कर महाराष्ट्र और बिहार की बात करें तो यहां कड़े मुकाबले की उम्मीद है. पिछली बार बिहार में एक सीट पर आरजेडी और एक पर बीजेपी को जीत मिली थी. इस बार भी काफी कड़ा मुकालब हो सकता है. वजह है विपक्षी दलों के पास भी पर्याप्त सीट होना. ओडिशा में बीजेपी तो तेलंगाना में कांग्रेस को बढ़त राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बीजेपी ने इस बार ओडिशा में बीजेडी को विधानसभा चुनाव में सत्ता से उखाड़ फेंका है. इस बार उसके पास नंबर ज्यादा हैं इसलिए ओडिशा में बीजेपी का पलड़ा भारी है. वहीं तेलंगाना की बात करें तो यहां रेवंत रेड्डी की अगुवाई में कांग्रेस ने सरकार बनाई थी. पार्टी के पास विधायकों की अच्छी संख्या है. एक्सपर्ट कहते हैं कि तेलंगाना में कांग्रेस बाजी मार सकती है. हरियाणा में इसलिए सबसे कठिन मुकाबला सभी राज्यों में से हरियाणा में ही सबसे कठि मुकाबला माना जा रहा है. दरअसल, 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में अब 87 सदस्य हैं. पार्टी के हिसाब से देखें तो भाजपा के पास 41 विधायक हैं. इनके अलावा दो विधायकों -निर्दलीय नयन पाल रावत और हरियाणा लोकहित पार्टी (एचएलपी) के गोपाल कांडा का भी भाजपा को समर्थन है. बीजेपी के पास कुल 44 विधायकों का समर्थन है. वहीं विपक्ष पर नजर डालें तो उनके पास 43 विधायक हैं. इनमें कांग्रेस के पास 28 विधायक, जननायक जनता पार्टी (जजपा) के पास 10 और तीन निर्दलीय (रणधीर गोलान, धर्म पाल गोंदर और सोमवीर सांगवान), चौथे निर्दलीय बलराज कुंडू और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के अभय चौटाला शामिल हैं. तीन निर्दलीय रणधीर गोलान, धर्म पाल गोंदर और सोमवीर सांगवान ने पहले सरकार को समर्थन दिया था लेकिन हाल ही में उन्होंने कांग्रेस का समर्थन कर दिया.

सागर: दीवार गिरने से 9 बच्चों कि मौत पर जीतू पटवारी ने व्यक्त किया शोक एवं परिजनों से कि मुलाकात

Sagar: Jitu Patwari expressed grief over the death of 9 children due to wall collapse and met the families.

Sagar: Jitu Patwari expressed grief over the death of 9 children due to wall collapse and met the families. सागर के पार्थिव शिवलिंग निर्माण के दौरान मकान की दीवार गिरने से हुए हादसे पर जीतू पटवारी ने परिजनों से हादसे की बिंदुवार जानकारी ली। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि शाहपुर में इतना बड़ा हादसा हुआ है। हमारे 9 मासूम बच्चों की मौत हो गई, लेकिन मुख्यमंत्री सिर्फ अखबारों की हेडलाइन बनाने में लगे हुए हैं। अगर उनमें संवेदनशीलता है तो वह शाहपुर आकर बच्चों के परिजनों से मिलकर उनका दुख बांटे। साथ ही पूरे प्रदेश में इस तरह जर्जर भवनों को लेकर निर्देश देकर कार्रवाई करें उन्होंने कहा कि सागर जिले का चाहे बरोदिया नौनागिर मामला हो चाहे मानसिंह पटेल वाला मामला हो, लगातार पिछड़े दलित लोगों पर अत्याचार किया जा रहा है। जिसको लेकर 12 अगस्त को वह सागर पहुंचकर कलेक्टर और SP से बात करेंगे और उनसे जवाब मांगेंगे।

इंदौर को भाजपा नेताओं ने करप्शन का केंद्र बना दिया: जीतू पटवारी ने कैलाश विजयवर्गीय को घेरा को घेरा

BJP leaders have made Indore the center of corruption: Jitu Patwari cornered Kailash Vijayvargiya

BJP leaders have made Indore the center of corruption: Jitu Patwari cornered Kailash Vijayvargiya दौर को BJP के नेताओं ने करप्शन का केंद्र बना दिया है! 11 लाख पौधे लगाने का दावा करने वाले कैलाश जी को मेरी चुनौती है कि वो 5 लाख पौधे गिनवा कर बताएँ।

भाजपा पार्षद के पति ने युवक को बेरहमी से पिटा, सड़क पर घसीटा

BJP councilor's husband beats young man brutally, drags him on the road

BJP councilor’s husband beats young man brutally, drags him on the road जबलपुर । जबलपुर में वार्ड नंबर 58 की भाजपा पार्षद माधुरी सोनकर के पति बाबू ऊर्फ राजेश सोनकर ने युवक को जमकर पीटा। पिटाई का वीडियो इंटरनेट में बहुप्रसारित हो रहा है जिसके बाद पीड़ित के स्वजन पुलिस अधीक्षक से मिला। कर्मचारियों के साथ युवक की कहासुनी हुई थीवार्ड नंबर 58 की पार्षद माधुरी सोनकर के पति बाबू ऊर्फ राजेश सोनकर पर 20 साल के अमन चौधरी को पीटने का आरोप है। युवक ने सोमवार को वार्ड में बन रही नाली निर्माण की सामग्री सड़क पर फैले होने पर अपत्ति की थी। जिसके बाद कर्मचारियों के साथ कहासुनी हुई। पार्षद पति पीटने के बाद सड़क पर घसीटापार्षद पति ने कर्मचारियों के साथ मिलकर उसे पीटना शुरू कर दिया। सड़क पर घसीटा गया। मारपीट में अमन बुरी तरह से घायल हो गया। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक से पीड़ित परिवार मिला। एसपी ने थाना हनुमानताल को इस मामले में कार्रवाई के लिए निर्देश दिए, जिसके बाद मामला दर्ज किया जा रहा है। अमन चौधरी पंखा बनवाने गया थापीडि़त के मुताबिक सोमवार को राधाकृष्णन वार्ड के रविदास नगर के पास नाली बन रही थी। समान सड़क पर पड़ा हुआ था। पिता श्यामलाल के कहने पर अमन चौधरी पंखा बनवाने गया था। लौटकर जब वह वापस आ रहा था, उसी दौरान नाली बनाने के लिए रखा रेत, सीमेंट सड़क पर फैला हुआ था। पीड़ित थाने गया था, लेकिन सुनवाई नहींअमन ने जैसे ही वहां पर काम करने वाले कर्मचारियों से कहा कि पूरे सड़क पर ये समान फैला हुआ है कहां से निकलें, कर्मचारियों ने पार्षद पति को बुला लिया, जिसके बाद अमन के साथ जमकर मारपीट की गई। घटना के बाद पीड़ित थाने गया था, लेकिन वहां उनकी सुनवाई नहीं हुई थी।

मुझे मालिक नहीं, भाई कहो.. क्या हुआ जब राहुल गांधी ने मोची रामचैत को किया फोन

Call me brother, not master.. What happened when Rahul Gandhi called cobbler Ramchait?

Call me brother, not master.. What happened when Rahul Gandhi called cobbler Ramchait? उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर पहुंचने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी पिछले सप्ताह एक मोची की दुकान पर गए थे. इस दौरान राहुल गांधी ने अपने हाथ से जुते की सिलाई की थी और बाद में मोची को एक मशीन भेजी थी. अब मोची रामचैतने राहुल गांधी के लिए रिटर्न दिया है, जो राहुल गांधी को खूब पसंद आया है. मोची रामचैत ने चमड़े का काला जूता बनाकर भेजा है, जो राहुल को खूब पसंद आए. इसके बाद उन्होंने रामचैत को फोन किया और धन्यवाद दिया. हालांकि, इस दौरान जब रामचैत ने राहुल को मालिक कहकर संबोधित किया तो उन्होंने टोक दिया और कहा कि मुझे मालिक नहीं, भाई कहो. राहुल गांधी ने शेयर किया 5 मिनट का वीडियो राहुल गांधी ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है और लिखा कि पिछले दिनों सुल्तानपुर से वापस आते वक्त रास्ते में जूतों के कारीगर रामचेत जी से मुलाकात हुई थी, उन्होंने मेरे लिए प्रेम भाव से अपने हाथों से बनाया एक बहुत ही कम्फर्टेबल और बेहतरीन जूता भेजा है. राहुल गांधी ने कहा कि कामगार परिवारों के ‘परंपरागत कौशल’ में भारत की सबसे बड़ी पूंजी छिपी है. देश के कोने-कोने में अलग-अलग स्किल वाली ऐसी करोड़ों प्रतिभाएं हैं. अगर इन ‘भारत बनाने वालों’ को जरूरी समर्थन मिले तो वह अपनी ही नहीं, देश की भी तकदीर बदल सकते हैं. मुझे मालिक नहीं, भाई कहो: राहुल गांधी जब रामचैत ने राहुल गांधी के लिए 2 जोड़ी जूते भेजे तो उन्होंने रामचैत को फोन किया और धन्यवाद दिया. राहुल ने कहा, ‘आपने मेरे लिए बहुत सुंदर जूता भेजा है. बहुत बहुत धन्यवाद.’ इसके बाद रामचेत ने कहा कि आपने हमे बहुत ऊपर उठा दिया है मालिक. इस पर राहुल गांधी ने उन्हें टोका और कहा कि आप मालिक ना कहो, भाई कहो. मालिक शब्द अच्छा नहीं है. 26 जुलाई को रामचैत की दुकान पर गए थे राहुल बता दें कि राहुल गांधी 26 जुलाई को सुल्तानपुर गए थे. इस दौरान उन्होंने रामचेत नाम के मोची से मुलाकात कर उनके काम और मुश्किलों के बारे में जाना था. इस दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता ने एक चप्पल भी सिली थी. अब राहुल गांधी ने इस मुलाकात का पूरा वीडियो ‘एक्स’ पर शेयर किया है. कुलियों के एक समूह ने सोमवार (5 अगस्त) को दिल्ली राहुल गांधी से मुलाकात की और उनके साथ अपनी परेशानियों को शेयर किया. उन्होंने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी उन्हें सौंपा. इस दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद थीं.

जिस जमीन पर बैठकर विधायक जयवर्धन ने सुनी महिलाओं की समस्याएं, वहाँ लगेगा टीनशेड

A teen shed will be set up on the land where MLA Jaivardhan sat and listened to the problems of women.

A teen shed will be set up on the land where MLA Jaivardhan sat and listened to the problems of women. भोपाल/गुना। राघौगढ़ क्षेत्र के विधायक जयवर्धन सिंह इन दिनों ग्रामीण क्षेत्र के दौरे पर हैं। इसी सिलसिले में विधायक ग्राम इकोदिया पहुंचे, जहां उन्होंने मंदिर के सामने जमीन पर बैठकर चौपाल लगाई। इस मौके पर विधायक से मुखातिब होने वालों में पुरुषों से ज्यादा संख्या महिलाओं की रही। विधायक ने महिलाओं से लम्बी बातचीत की, इस दौरान वातावरण पारिवारिक नजर आया। जहां महिलाओं ने खुलकर अपनी बात रखी। इकोदिया में मंदिर परिसर में महिलाओं से चर्चा करने के दौरान जयवर्धन सिंह ने सबसे पहले उनके पारिवारिक हालचाल जाने। अधिकांश महिलाओं से गांव की मूलभूत समस्याओं को लेकर चर्चा की। विधायक ने स्पष्ट किया कि महिलाएं पारिवारिक सदस्य की तरह बात करें और अपनी समस्याएं बताएं। जयवर्धन सिंह ने ग्रामीणों को बताया कि वे हर पंचायत अथवा गांव की एक महिला का मोबाइल नम्बर लेंगे, ताकि वे महिलाओं से उनकी समस्याएं जान सकें। इसकी वजह बताते हुए जयवर्धन सिंह ने कहा कि मूलभूत समस्याओं से सर्वाधिक परेशान महिलाओं को ही होना पड़ता है। इसलिए वे सुनिश्चित करें कि गांव की महिलाएं अपनी परेशानी बताएं ताकि उनका त्वरित निराकरण किया जा सके। इकोदिया मंदिर के बाहर लगी पंचायत में विधायक ने पारिवारिक वातावरण में चर्चा कर रहीं महिलाओं ने बताया कि उन्हें मंदिर के बाहर एक टीनशेड चाहिए, ताकि वे बारिश और धूप में भी भजन-कीर्तन कर सकें। विधायक को महिलाओं की मांग और सुझाव पसंद आया। उन्होंने तत्काल मौके पर मौजूद ग्रामीणों से कहाकि वे इंदौर अथवा मालवा क्षेत्र के विभिन्न धार्मिक परिसरों में लगे अच्छी गुणवत्ता के टीनशेड की जानकारी लें। आधुनिक टीनशेड कहां मिलते हैं, कितना खर्चा आएगा आदि उन्हें बताया जाए, ताकि जल्द से जल्द इकोदिया मंदिर के बाहर टीनशेड लगवा सकें।

राहुल गांधी की बात पर भरी संसद में शिवराज ने बोल दी बड़ी बात: देखें विडियो

Shivraj said a big thing in the Parliament filled with Rahul Gandhi's words

Shivraj said a big thing in the Parliament filled with Rahul Gandhi’s words राहुल की बात पर भरी संसद में शिवराज ने कह दी ऐसी बात कि कांग्रेसी बस सुनते रह गए…!

केरल: वायनाड में जहां भूस्खलन ने मचाई थी तबाही, वहां पहुंचे राहुल-प्रियंका

Kerala: Rahul-Priyanka reached the place where landslide caused devastation in Wayanad.

Kerala: Rahul-Priyanka reached the place where landslide caused devastation in Wayanad. केरल के वायनाड में अब तक 167 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 300 से ज्यादा लोग लापता हैं. 8000 से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है. हताहतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. गुरुवार को सीएम विजयन ने रिव्यू मीटिंग की. सीएम ने कहा कि लापता लोगों की तलाश के लिए नदी में बचाव अभियान जारी रहेगा. कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा वायनाड के चूरलमाला में भूस्खलन स्थल पर पहुंचे हैं, जहां 30 जुलाई को भूस्खलन हुआ था. राहुल और प्रियंका वायनाड के पीड़ित परिवारों से मुलाकात भी करेंगे. बाढ़-बारिश और लैंडस्लाइड की अलग-अलग घटनाओं में अब तक 167 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 300 से ज्यादा लोग लापता हैं. वहीं, 8000 से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है. केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि सुबह 7 बजे तक कुल 256 पोस्टमॉर्टम किए गए हैं, जिनमें शवों के हिस्से भी शामिल हैं. इस प्रकार ये पूरे 256 शव नहीं हैं बल्कि कुछ शवों के अंग भी इसमें शामिल हैं. हमने 154 शव जिला प्रशासन को सौंप दिए हैं. राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है. सेना लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन कर रही है. मुंडक्कई और चूरलमाला सबसे ज्यादा प्रभावितमुंडक्कई और चूरलमाला सबसे ज्यादा प्रभावित वाला इलाका है. यहां काफी नुकसान हुआ है. दोनों क्षेत्रों को जोड़ने के लिए 190 फुट लंबा ‘बेली ब्रिज’ बनाया गया है. मुंडक्कई शहर में लगभग 450 से 500 घर थे मगर मुंडक्कई अब वायनाड के नक्शे से मिट चुका है. यहां कुछ भी नहीं बचा. कीचड़ और पत्थरों के अलावा कुछ भी नहीं है. बेली ब्रिज का निर्माण पूरा- CM विजयनवायनाड भूस्खलन पर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने गुरुवार को कहा कि आज एक उच्च स्तरीय बैठक हुई. उसके बाद राजनीतिक दलों के नेताओं की बैठक भी हुई. बैठक में विपक्षी नेताओं ने भी हिस्सा लिया. मैं सेना के जवानों के प्रयासों की सराहना करता हूं. उन्होंने हमें बताया है कि फंसे हुए ज्यादातर लोगों को बचा लिया गया है. मिट्टी के नीचे फंसे लोगों को बचाने के लिए मशीनरी लाना मुश्किल था और पुल बनाने से यह काम आसान हो गया. बेली ब्रिज का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है. सीएम बोले- रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहेगासीएम विजयन ने आगे कहा कि लापता लोगों की तलाश के लिए नदी में बचाव अभियान जारी रहेगा. बचाए गए लोगों को अस्थायी रूप से शिविरों में शिफ्ट कर दिया गया है. पुनर्वास कार्य जल्द से जल्द किया जाएगा, जैसा कि हमने पहले की स्थितियों में भी किया है. मैं मीडिया से अनुरोध करता हूं कि वे लोगों से मिलने और शिविरों के अंदर शूटिंग करने से बचें. आप उनसे शिविरों के बाहर बात कर सकते हैं, व्यक्तियों की गोपनीयता की रक्षा करना महत्वपूर्ण है. लोकसभा में भी उठा मुद्दावायनाड लैंडस्लाइड का मुद्दा लोकसभा में भी बुधवार को उठाया गया था. इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कहा कि यह समय केरल के वायनाड की जनता के साथ चट्टान की तरह खड़े रहने का है. इसके लिए मोदी सरकार प्रतिबद्ध है. राहत, बचाव एवं पुनर्वास के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे. शाह ने सदन को यह भी बताया कि वह आपदा प्रबंधन पर इसी सत्र में एक विधेयक भी लाएंगे. मंत्री ने कहा कि सरकार केरल की जनता को आश्वस्त करना चाहती है कि वह उनको किसी भी मुसीबत में अकेला नहीं छोड़ेगी.

कुरुक्षेत्र में अभिमन्यु चक्रव्यूह में फँस गया और मारा गया- उसी प्रकार आज 21वीं सदी का कमल के आकार का चक्रव्यूह भारत को फँसा रहा : राहुल गांधी 

similarly, today the lotus-shaped Chakravyuh of the 21st century is trapping India: Rahul Gandhi

Abhimanyu got trapped in the Chakravyuh in Kurukshetra and was killed – similarly, today the lotus-shaped Chakravyuh of the 21st century is trapping India: Rahul Gandhi नई दिल्ली। कुरुक्षेत्र में अभिमन्यु चक्रव्यूह में फँस गया और मारा गया – एक ऐसा चक्रव्यूह जिसे छह लोग नियंत्रित करते थे, और जिसे कमल के आज 21वीं सदी का कमल के आकार का चक्रव्यूह भारत को फँसा रहा है। आज 21वीं सदी का कमल के आकार का चक्रव्यूह भारत को फँसा रहा है और इसे मोदी, शाह, अडानी, अंबानी, डोभाल और भागवत नियंत्रित कर रहे हैं। इस आधुनिक चक्रव्यूह ने हमारे – युवाओं को बेरोज़गारी और पेपर लीक के चक्रव्यूह में फँसा दिया है – किसानों को कर्ज के चक्रव्यूह में – मध्यम वर्ग को टैक्स के चक्रव्यूह में – एमएसएमई को टैक्स आतंकवाद के चक्रव्यूह में – जवानों को अग्निपथ के चक्रव्यूह में – एससी/एसटी/ओबीसी/अल्पसंख्यकों को अन्याय के चक्रव्यूह में उदाहरण के लिए, 2.5% पर शिक्षा बजट 20 वर्षों में सबसे कम है। और वित्त मंत्री ने पेपर लीक के बारे में बात तक नहीं की।  भारत ब्लॉक ने इस चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए पहला कदम उठाया है और तब तक लड़ता रहेगा जब तक कि भय के इस माहौल की जगह शिव जी की बारात नहीं आ जाती, जहाँ समान अवसर, न्याय और स्वतंत्रता हो। भाजपा को युवाओं को अभिमन्यु समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। वे अर्जुन हैं और इस चक्रव्यूह से मुक्त हो जाएंगे।

बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कही ऐसी बात, निर्मला सीतारमण ने पकड़ लिया माथा

Rahul Gandhi said such a thing during the discussion on the budget

Rahul Gandhi said such a thing during the discussion on the budget, Nirmala Sitharaman held her head लोकसभा में आम बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण को लेकर जमकर हंगामा हुआ. सत्ता पक्ष ने राहुल गांधी के कई बयानों पर आपत्ति जताई. इस दौरान स्पीकर ओम बिड़ला ने भी नेता प्रतिपक्ष से सदन के नियमों का पालन करने की बात कही. अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने सरकार पर कई आरोप लगाए. इस दौरान बजट की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि एक बार ओबीसी की भागीदारी का सवाल उठा दिया. उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट बनाने वाले 20 अधिकारियों में से केवल दो अल्पसंख्यक या ओबीसी समुदाय से हैं. उनके इस बयान पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक मिनट से झेंप गई. उन्होंने आपना माथा पकड़ लिया. राहुल गांधी ने भाषण के दौरान स्पीकर से बजट के बाद हलवा समारोह की तस्वीर दिखाने की अनुमति मांगी लेकिन स्पीकर ने अनुरोध अस्वीकार कर दिया. राहुल ने फिर तस्वीर के बारे में बताते हुए कहा कि केंद्रीय बजट 2024 तैयार करने वाले 20 अधिकारियों में से केवल दो अल्पसंख्यक समुदाय से हैं. उन्होंने कहा कि वे तस्वीर में मौजूद भी नहीं हैं. सदन में हंगामाकेंद्रीय बजट पर राहुल गांधी के भाषण के दौरान लोकसभा में हंगामा हो गया. गांधी पर निशाना साधते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि आप सदन के नियम नहीं जानते, आप सदन के अध्यक्ष को चुनौती देते हैं. राहुल गांधी ने बजट भाषण में पेपर लीक मुद्दे का जिक्र न करने के लिए निर्मला सीतारमण पर हमला बोला. इस मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 सालों में देश में पेपर लीक के 70 मामले सामने आए हैं. राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि 99% युवा केंद्रीय बजट 2024 में पेश किए गए इंटर्नशिप कार्यक्रम के लिए पात्र नहीं होंगे. उन्होंने कहा कि आपने युवाओं के लिए क्या किया? इस दौरान राहुल गांधी के एक बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी खड़े हो गए. उन्होंने कहा कि अग्निवीर को लेकर नेता प्रतिपक्ष देश को गुमराह कर रहे हैं.

पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता आरिफ अकील का निधन, मध्य प्रदेश में शोक की लहर

Former minister and Congress leader Arif Akil passes away

Former minister and Congress leader Arif Akil passes away, wave of mourning in Madhya Pradesh भोपाल ! मध्यप्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री रहे आरिफ अकील का निधन हो गया। 72 साल के आरिफ अकील काफी समय से बीमार थे। आरिफ अकील को रविवार शाम को सीने में दर्द की शिकायत होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बीमारी के चलते पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस से टिकट नहीं लिया था और अपने बेटे को चुनाव लड़ाया था। भोपाल उत्तर विधानसभा से लगातार अपनी जीत दर्ज कराने वाले कांग्रेस के दिग्गज नेता आरिफ अकील ने सोमवार को सुबह अंतिम सांस ली। उनके विधायक पुत्र आतिफ अकील ने उनके निधन की पुष्टि की है। रविवार शाम को उन्हें सीने में दर्द की शिकायत होने पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां रविवार और सोमवार की दरमियानी रात उन्होंने अंतिम सांस ली। 40 साल तक रहा शेर ए भोपाल का जलवाशेर ए भोपाल नाम से चर्चित रहे पूर्व मंत्री आरिफ अकील भोपाल उत्तर विधानसभा सीट पर 40 सालों तक सक्रिय रहे। मिलन सार और हर वर्ग के व्यक्ति के लिए हमेशा तैयार रहने वाले आरिफ अकील के बारे में कहा जाता है कि जो भी उनके घर किसी समस्या के लिए पहुंच जाता था, वो अपना सारा काम छोड़कर उसकी मदद के लिए दौड़ पड़ते थे।कांग्रेस शासन काल में वे दो बार मंत्री रहे। उन्हें अल्पसंख्यक कल्याण, जेल खाद्य जैसे प्रमुख विभाग मिले थे। आरिफ अकील की शुरुआती राजनीतिक जनता दल से हुई थी। इसके बाद वे कांग्रेस में आ गए थे। पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री रहते हुए शिवराज सिंह चौहान भी उत्तर विधानसभा में आरिफ अकील की सीट को नहीं हिला पाए थे। कांग्रेस में शोक की लहरआरिफ अकील के निधन से प्रदेश कांग्रेस में शोक की लहर दौड़ गई है। कांग्रेस और भाजपा के दिग्गज नेताओं ने आरिफ अकील के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

बुधनी उपचुनाव को लेकर कांग्रेस की तैयारियां तेज, जीतू पटवारी ने बनाई जीत की रणनीति

Congress preparations intensified for Budhni by-election, Jitu Patwari made strategy for victory

Congress preparations intensified for Budhni by-election, Jitu Patwari made strategy for victory प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधनी विधानसभा सीट छोड़े जाने के बाद उपचुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है. शिवराज के गढ़ बुधनी में अब कांग्रेस भी एक्टिव मोड में आ गई है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को बुधनी विधानसभा में कार्यकर्ताओं के साथ टिफिन पार्टी में शामिल हुए.बता दें बुधनी विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए कांग्रेस की तरफ से प्रभारी व सह प्रभारी की नियुक्ति की जा चुकी है. कांग्रेस ने पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह को प्रभारी और इछावर से पूर्व विधायक शैलेन्द्र पटेल को सह प्रभारी बनाया है. वहीं बीजेपी ने प्रदेश सरकार के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा को प्रभारी बनाया है और पूर्व मंत्री रामपाल सिंह को सह प्रभारी बनाया है. पटवारी ने कार्यकर्ताओं के साथ किया संवादसलकनपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधनी विधानसभा के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया. इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित रेहटी, बुधनी ब्लॉक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी को मजबूत करने के लिए अपनी भावना प्रदेशाध्यक्ष के सामने रखी. संवाद कार्यक्रम के बाद टिफिन पार्टी कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें घर से टिफिन लेकर आये बूथ के कार्यकर्ताओं के साथ प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोजन किया. इस अवसर पर बुधनी विधानसभा सह प्रभारी शैलेंद्र पटेल, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव गुजराती, पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल, डॉ. बलवीर तोमर, जिला संगठन मंत्री गणेश तिवारी, दिनेश मेघवानी, महेश राजपुत, विक्रम मस्ताल, रेहटी ब्लॉक अध्यक्ष प्रेमनारायण गुप्ता, भैरूंदा ब्लॉक अध्यक्ष देवीसिंह थारोल, लाडक़ुई ब्लॉक अध्यक्ष चंदर मीणा, गोपालपुर ब्लॉक अध्यक्ष अशोक सिंह भाटी, बुधनी ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र यादव, शाहगंज ब्लॉक अध्यक्ष बहादुर सिंह, मंगलसिंह ठाकुर, विष्णु ठाकुर, उमाशंकर नागर, राधेकिशन नागर, रामकरण यादव, इसरार खां, अर्जुन गौर एवं कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्तागण मौजूद रहे. देवीधाम सलकनपुर मंदिर में पूजा-अर्जनाउपचुनाव की तैयारियों के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी बुधनी विधानसभा के दौरे पर थे. इस दौरान वे प्रसिद्ध देवी धाम सलकनपुर मंदिर पहुंचे. जहां उन्होंने मां बीजासन माता के दरबार में पूजा अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली की कामना की.

भाजपा नेता ने कलेक्टर अनुराग पांडे को धमकाया, कहा रिटायर्ड मेन से पहले घर भेज दूंगा, ऑडियो वायरल

BJP leader threatened collector Anurag Pandey

BJP leader threatened collector Anurag Pandey, said I will send him home before he retires, audio goes viral रायपुर। बीजापुर जिले में कलेक्टर और भाजपा नेता के बीच विवाद का ऑडियो वायरल हो रहा है। फोन कॉल पर भाजपा नेता चार दिन में कलेक्टर को हटवाने की धमकी दे रहे हैं। वहीं, कलेक्टर भी जवाब देते हुए कह रहे हैं कि, तेरी इतनी औकात है क्या? विवाद बीजापुर के भाजपा नेता अजय सिंह और कलेक्टर अनुराग पांडे के बीच हुआ है। 7 जुलाई का है ऑडियो क्या है ऑडियो में भाजपा नेता अजय सिंह- मैं अपनी पर आ गया तो आपका रिटायरमेंट जो अगस्त को होना है, 4 दिन नहीं लगेगा हटने में… चैलेंज कर के देखो। कलेक्टर– तेरी इतनी औकात है, औकात है तो कर लेना। अजय सिंह– आप कलेक्टर हैं, आपकी कोई हैसियत नहीं है, सरकार के अधिनस्थ हो। आप नौकर हो पब्लिक के। खुली चुनौती दे रहा हूं, सबके साथ लगना मेरे साथ मत लगना। कलेक्टर– मैं भी बता दे रहा हूं, सबसे लगना, लेकिन मेरे साथ मत लगना। टेंडर से जुड़ा है मामला कलेक्टर और भाजपा नेता के बीच विवाद टेंडर को लेकर है। बीजापुर और आस-पास के इलाकों में स्कूल बिल्डिंग का निर्माण होना है। अजय सिंह कंस्ट्रक्शन के काम से जुड़ा है। जिले में काम हासिल करने को लेकर अधिकारियों के साथ यह विवाद हुआ है। वायरल ओडियो में भी टेंडर मिलने की बात कलेक्टर और अजय के बीच होती सुनाई दी है। अजय सिंह– आपने पहले से कह रखा है कि रविंद्र झाड़ी को काम देना है। कलेक्टर– मैंने किसी को नहीं कहा है। PWD के ईई ने बोला होगा। मेरे रहते आप मेरे किसी अधिकारी को नहीं चमका सकते। भोपालपट्टनम के सभी आपके पार्टी के लोग कह रहे हैं कि आपने सबको काम बांटा है। वो तो कैंसिल होगा उसकी चिंता मत करो। अजय सिंह– हो जाए कैंसिल आप जाएंगे, दूसरा कलेक्टर आएगा, दूसरे से काम करवा लेंगे।

MSP किया जा सकता है लागू! मोदी सरकार पर दबाव बनाने के लिए ये है राहुल गांधी का मेगा प्लान

MSP can be implemented! This is Rahul Gandhi's mega plan to put pressure on Modi government

MSP can be implemented! This is Rahul Gandhi’s mega plan to put pressure on Modi government Rahul Gandhi on MSP: विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को विभिन्न राज्यों के किसान नेताओं के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, जिन्होंने उन्हें अपने सामने आ रही विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। संसद भवन परिसर में अपने कार्यालय में आयोजित बैठक के बाद, गांधी ने अपने घोषणापत्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी गारंटी प्रदान करने की कांग्रेस पार्टी की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। MSP की कानूनी गारंटी की जा सकती है लागू उन्होंने कहा कि एक आकलन से पता चला है कि एमएसपी की कानूनी गारंटी लागू की जा सकती है। गांधी ने आगे कहा कि कांग्रेस देश भर के किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए इस महत्वपूर्ण उपाय के लिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं से समर्थन जुटाएगी।अपनी बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “हमने अपने घोषणापत्र में कानूनी गारंटी के साथ एमएसपी का उल्लेख किया है। हमने आकलन किया है और इसे लागू किया जा सकता है।” राहुल गांधी ने कहा, “हमने अभी एक बैठक की, जिसमें हमने तय किया कि हम INDIA गठबंधन के दूसरे नेताओं से बात करेंगे और सरकार पर दबाव डालेंगे कि देश के किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी दी जाए।” किसानों ने की कांग्रेस नेताओं से मुलाकात बैठक में केसी वेणुगोपाल, राजा बराड़, सुखजिंदर सिंह रंधावा, गुरजीत सिंह औजला, धर्मवीर गांधी, डॉ. अमर सिंह, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और जय प्रकाश भी मौजूद थे। इससे पहले, कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि उनके द्वारा आमंत्रित किए गए किसान नेताओं को संसद परिसर के अंदर नहीं जाने दिया गया। बाद में, किसान नेताओं को संसद में आने की अनुमति तभी दी गई, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उनसे मिलने के लिए बाहर जाने का फैसला किया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि क्योंकि वे किसान हैं, इसलिए उन्हें संसद परिसर में प्रवेश करने दिया जा रहा है।उन्होंने कहा, “हमने उन्हें (किसान नेताओं को) हमसे मिलने के लिए यहां बुलाया था। लेकिन वे उन्हें यहां (संसद में) नहीं आने दे रहे हैं। क्योंकि वे किसान हैं, शायद यही कारण है कि वे उन्हें अंदर नहीं आने दे रहे हैं।” इस बीच, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के नेताओं ने सोमवार को घोषणा की कि वे पूरे देश में केंद्र सरकार के पुतले जलाएंगे और एमएसपी गारंटी को कानूनी बनाने की अपनी मांगों को पूरा करने के लिए एक नया विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे। 31 अगस्त को ‘दिल्ली चलो’ इस विरोध के हिस्से के रूप में, वे विपक्ष द्वारा निजी विधेयकों का समर्थन करने के लिए एक “लंबा मार्च” भी निकालेंगे। इसके बाद, प्रदर्शनकारी किसान 15 अगस्त को देश भर में ट्रैक्टर रैली निकालेंगे, जब देश स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) के नेताओं ने कहा कि किसानों का ‘दिल्ली चलो’ मार्च 31 अगस्त को 200 दिन पूरा करेगा और लोगों से पंजाब और हरियाणा सीमा पर खनौरी, शंभू आदि पहुंचने की अपील की। हरियाणा के जींद जिले में 15 सितंबर को एक रैली आयोजित की जाएगी और 22 सितंबर को पिपली में एक और रैली आयोजित की जाएगी।इससे पहले फरवरी में, हरियाणा सरकार ने अंबाला-नई दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैरिकेड्स लगा दिए थे, जब किसान यूनियनों ने घोषणा की थी कि किसान फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी सहित विभिन्न मांगों के समर्थन में दिल्ली तक मार्च करेंगे।

IIT की परीक्षा पास करने के बाद भी बकरी चराने को मजबूर छात्रा, तेलंगाना के CM रेड्डी ने बढ़ाया मदद का हाथ

Telangana CM Reddy extends helping hand

Student forced to graze goats even after passing IIT exam, Telangana CM Reddy extends helping hand तेलंगाना। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी एक आदिवासी लड़की को वित्तिय सहायता देने के लिए आगे आए हैं। आईआईटी, पटना में सीट हासिल करने के बावजूद वित्तीय समस्याओं के कारण राजन्ना सिरसिला जिले की बदावथ मधुलता बकरियां चराने पर मजबूर थी। सीएम रेड्डी करेंगे मददमधुलता ने इस साल के जेईई में अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी के तहत 824वीं रैंक हासिल की थी और आईआईटी, पटना में भी सीट हासिल की थी। हालांकि, वित्तीय बाधाओं के कारण, परिवार फीस और अन्य खर्चों के लिए 2.5 लाख रुपये का इंतजाम नहीं कर सका। मधुलता आगे इंजीनियरिंग भौतिकी में बी.टेक करना चाहती है। मजदूर की बेटी मधुलता पिछले महीने अपने एडमिशन के लिए केवल 17,500 रुपये ही दे पाई थी। हालांकि, गरीब परिवार के पास ट्यूशन फीस और अन्य खर्चों के लिए 2.51 लाख रुपये का इंतजाम नहीं कर सका। अपने पिता के बीमार होने के कारण मधुलता को परिवार का भरण-पोषण करने के लिए गांव में बकरियां चराने के लिए मजबूर होना पड़ा। फीस भरने की अंतिम तिथि 27 जुलाईआदिवासी कल्याण जूनियर कॉलेज, जहां से मधुलता ने 12वीं कक्षा पास की थी, के संकाय ने अधिकारियों से लड़की की मदद करने की अपील की थी, क्योंकि फीस भरने की अंतिम तिथि 27 जुलाई तक ही है। राज्य सरकार ने आदिवासी लड़की की दुर्दशा पर ध्यान दिया और उसकी शिक्षा जारी रखने में मदद के लिए वित्तीय सहायता के आदेश जारी किए। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने वित्तीय कठिनाइयों का सामना करने के बावजूद प्रतिष्ठित संस्थान में सीट हासिल करने के लिए मधुलता को बधाई दी। 1 लाख रुपये की ट्यूशन फीस माफमुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बुधवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि आदिवासी कल्याण विभाग ने उसकी शिक्षा जारी रखने के लिए आवश्यक राशि जारी कर दी है। मुख्यमंत्री ने कामना की वह तेलंगाना का नाम रोशन करे। आदिवासी कल्याण आयुक्त द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, छात्रा ने 2,51,831 रुपये की वित्तीय सहायता मांगी। राज्य सरकार ने 1 लाख रुपये की ट्यूशन फीस माफ कर दी और शैक्षणिक शुल्क, छात्रावास शुल्क, जिमखाना, परिवहन, मेस शुल्क, लैपटॉप और अन्य शुल्क के लिए 1,51,831 रुपये जारी किए।

कांग्रेस विधायक के बंगले पर ईडी का छापा, 60 करोड़ के मामले की चल रही पूछताछ

ED raids Congress MLA's bungalow, investigation into Rs 60 crore case ongoing

ED raids Congress MLA’s bungalow, investigation into Rs 60 crore case ongoing टीकमगढ़ ! टीकमगढ़ विधानसभा से कांग्रेस विधायक यादवेंद्र सिंह बुंदेला के घर पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने छापा मारा। ईडी की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। ये कार्रवाई ईडी ने विधायक और पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह बुंदेला के निवास लाल दरवाजा पर बुधवार तड़के 5 बजे शुरू की थी। अब तक मिल रही जानकारी के मुताबिक मामला करीब 60 करोड़ के फ्रॉड का बताया जा रहा है। बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले भी असम पुलिस ने ऐसी ही दबिश दी थी। इस समय यादवेंद्र सिंह बुंदेला से पूछताछ किए जाने की जानकारी मिल रही है। पुलिस और सुरक्षा बल तैनात टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक रोहित का कहना है कि केंद्रीय जांच एजेंसी जांच कर रही हैं। मकान के बाहर सीआरपीएफ और मध्य प्रदेश सशस्त्र पुलिस बल के जवान तैनात किए गए हैं, जो किसी को अंदर या बाहर नहीं जाने दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के बाद मामले की जानकारी दी जाएगी। जानें कौन हैं यादवेंद्र सिंह बुंदेला यादवेंद्र सिंह बुंदेला स्टूडेंट लाइफ से ही कांग्रेस में एक्टिव रहे हैं। 1983 के उपचुनाव में पहली बार विधायक चुने गए थे। इसके बाद 1985, 1993, 1998, 2008 और 2023 में विधानसभा का चुनाव जीते हैं। यादवेंद्र सिंह बुंदेला कांग्रेस के सीनियर नेता हैं। वे पांचवीं बार टीकमगढ़ विधानसभा सीट से विधानसभा का चुनाव जीते हैं। 1995 से 1998 तक दिग्विजय सिंह सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उन्हें दिग्विजय सिंह का करीबी माना जाता है। उमा भारती को दे चुके हैं चुनावी मात यादवेंद्र सिंह बुंदेला 2008 के विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा में आए थे। तब विधानसभा चुनाव में उमा भारती अपनी अलग पार्टी बनाकर चुनाव में उतरी थीं। जहां उन्होंने खुद अपने गृहनगर टीकमगढ़ से चुनाव लड़ा था। लेकिन यहां उन्हें यादवेंद्र सिंह बुंदेला से हार का सामना करना पड़ा था।

बजट में भेदभाव का आरोप… संसद के अंदर और बाहर विपक्ष का हंगामा

Allegation of discrimination in the budget… Opposition ruckus inside and outside the Parliament

Allegation of discrimination in the budget… Opposition ruckus inside and outside the Parliament नई दिल्ली (Parliament Monsoon Session 2024)। देश का विपक्ष लोकसभा में पेश आम बजट 2024-24 (Union Budget 2024-25) से खुश नहीं है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सरकार ने गैर भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभाव किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आरोपों से इनकार किया है। इस बीच, इस मुद्दे पर बुधवार को विपक्ष ने संसद के बाहर और अंदर प्रदर्शन किया। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्ष के नेताओं ने संसद के बाहर प्रदर्शन किया। इसमें सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव समेत तमाम बडे़ नेता शामिल हुए। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘कई राज्यों को बजट में न्याय नहीं मिला है। हम न्याय के लिए लड़ रहे हैं।’ वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा, ‘हम सभी मांग कर रहे थे कि किसानों को एमएसपी मिलना चाहिए, लेकिन समर्थन मूल्य किसानों के बजाय उन गठबंधन सहयोगियों को दिया जाता है जो अपनी सरकार बचा रहे हैं। सरकार महंगाई को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा सकी है। उत्तर प्रदेश को कुछ नहीं मिला।’ लोकसभा में हंगामा, स्पीकर ने लगाई फटकारवहीं, लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। प्रश्नकाल नहीं चलने दिया। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने फटकार लगाई। इससे पहले बजट पेश होने के बाद मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्ष दलो के प्रमुख नेताओं की बैठक हुई थी। बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता प्रमोद तिवारी, लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई, राकांपा प्रमुख शरद पवार, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत, तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक-ओ-ब्रायन और कल्याण बनर्जी, द्रमुक के टीआर बालू, जेएमएम की महुआ माझी, आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा और संजय सिंह समेत अन्य नेता शामिल हुए थे। बजट से खुश नहीं विपक्ष, बनाई विरोध की रणनीतिबैठक में तय हुआ है कि सरकार के भेदभाव के खिलाफ विरोध जताया जाएगा।सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी नेता संसद भवन का बाहर जुटेंगे।प्रमुख विपक्षी नेता संसद भवन की सीढ़ियों पर खड़े होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।कांग्रेस शासित राज्यों के CM 27 जुलाई को नीति आयोग की बैठक में नहीं जाएंगे।

जीतू पटवारी ने PM मोदी को लिखा पत्र, CBI जांच से नर्सिंग घोटाले तक इन मुद्दों पर किए सवाल

Jitu Patwari wrote a letter to PM Modi

Jitu Patwari wrote a letter to PM Modi, asked questions on issues ranging from CBI investigation to nursing scam. Jitu Patwari Letter to PM Modi: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jitu Patwari) ने मंगलवार (23 जुलाई) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को पत्र लिखा है. जीतू पटवारी ने इस पत्र में सीबीआई की किसी मामले की जांच से पहले राज्य सरकार से लिखित में अनुमति लेने पर आपत्ति जताई है. साथ ही पटवारी ने पत्र में नर्सिंग घोटाले का भी जिक्र किया है. जीतू पटवारी ने अपने पत्र में लिखा कि “प्रधानमंत्री जी जब शिवराज सिंह चौहान जी को हटा कर आपकी सहमति से ही मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया गया था, तब हमें उम्मीद थी कि व्यापम जैसी व्यवस्था दोबारा इस प्रदेश में नहीं होगी, लेकिन हाल ही में आपकी डबल इंजन सरकार के द्वारा लिया गया एक फैसला काफी सारे सवाल खड़ा कर रहा है, जिनका जवाब आपकी मध्य प्रदेश सरकार से लेकर जनता को बताया जाना चाहिए.” जीतू पटवारी ने पीएम से किया ये सवालउन्होंने आगे लिखा कि “प्रदेश की सरकार ने हाल ही में एक फैसला लिया है, जिसके तहत राज्य में अब सीबीआई की किसी मामले की जांच से पहले राज्य सरकार से लिखित में अनुमति लेनी होगी. मंजूरी मिलने के बाद ही जांच एजेंसियां एक्शन ले पाएंगी, मध्य प्रदेश के गृह विभाग ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास ही गृह मंत्रालय का दायित्व भी है, इसलिए बिना उनकी सहमति के निर्णय गृह मंत्रालय द्वारा नहीं लिया जा सकता” जीतू पटवारी ने लिखा कि “सब जानते हैं कि मध्य प्रदेश में जनता के साथ मिलकर कांग्रेस पार्टी लगातार नर्सिंग घोटाले का पर्दाफाश कर रही है, जिसके तहत लाखों की संख्या में छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक प्रभावित हुए हैं. इस घोटाले में भारतीय जनता पार्टी के मंत्री और अन्य नेताओं की भूमिका बिल्कुल स्पष्ट है. अब ऐसा प्रतीत होता है कि यदि सही से जांच हो तो उनकी गिरफ्तारी भी संभव है. ऐसे में प्रदेश की जनता के जेहन में कुछ सवाल हैं जैसे क्या प्रधानमंत्री जी को इस घोटाले और राज्य सरकार द्वारा सीबीआई के संदर्भ में लिए गए फैसले की जानकारी है?” उन्होंने आग लिखा कि “यदि हां तो क्या कारण है कि यह फैसला लिया गया? क्या आपकी राज्य सरकार को केंद्र सरकार की एजेंसियों पर भरोसा नहीं है? ये प्रश्न आपसे इसलिए पूछे जा रहे हैं क्योंकि आप ही ने चुनाव के समय मध्य प्रदेश में आकर गारंटियों की बात कही थी और डबल इंजन सरकार का जुमला भी आप ही के द्वारा लगातार दिया जाता रहा है. कई विपक्षी राज्यों ने भी इस तरह के फैसले लिए हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियां एक अलग पार्टी की सरकार होने के कारण कई बार किसी दूसरी मानसिकता के साथ काम करती है. लेकिन मध्य प्रदेश में तो आप ही की पार्टी की सरकार है.” MP सरकार जांच एजेंसियों के खिलाफ फैसला लेने लगी है?जीतू पटवारी ने यह भी लिखा कि प्रधानमंत्री जी मध्य प्रदेश ने आपको 29 में से 29 सांसद चुन कर दिए हैं तो आपकी यह जिम्मेदारी बनती कि मध्य प्रदेश के लोगों को बताएं कि क्या सीबीआई की जांच के लिए लिखित में प्रदेश सरकार से अनुमति लेना क्या आपकी सरकार की नीति है? केंद्र और राज्य सरकार में सामंजस्य का अभाव क्यों है? लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में आपकी सरकार स्थिर नहीं है? जिसके कारण मध्य प्रदेश सरकार भी आपकी जांच एजेंसियों के खिलाफ फैसला लेने लगी है? उन्होंने लिखा कि “क्या व्यापम घोटाले के बाद बदनाम हुए मध्य प्रदेश में नर्सिंग घोटाले को लेकर सीबीआई जांच केवल दिखावा है, क्योंकि अगर हर मामले में सीबीआई को राज्य सरकार से ही अनुमति लेनी है तो फिर सीबीआई जांच का मतलब ही क्या रह गया? क्या प्रदेश सरकार आपसे कुछ छुपा रही है? क्या आपके किसी लाडले मंत्री को गिरफ्तारी से बचाने के लिए इस तरीके का फैसला लिया गया है? क्या यह फैसला मुख्यमंत्री की जानकारी के बगैर अधिकारियों ने अपने को बचाने के लिए ले लिया है मध्य प्रदेश की जनता इन सारे सवालों के जवाब की आपसे उम्मीद करती है.”

किसान विरोधी एवं मोदी का सिंहासन बचाने वाला बजट: मल्लिकार्जुन खड़गे

Budget that is anti-farmer and will save Modi's throne: Mallikarjun Kharge

Budget that is anti-farmer and will save Modi’s throne: Mallikarjun Khargeये बहुत ही निराशाजनक बजट है, जो नरेंद्र मोदी का सिंहासन बचाने के लिए पेश किया गया है।इस बजट में किसानों के लिए MSP की गारंटी या खाद में सब्सिडी जैसा कुछ नहीं है। वहीं रेलवे में इतनी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन रेलवे सुरक्षा, रेलवे भर्ती जैसी जरूरी चीजों की बात नहीं की गई। मोदी सरकार ने रेलवे का बजट बहुत कमजोर बनाया है।

BJP छोड़ेंगे मंत्री नागर सिंह चौहान? विभाग जाने से नाराज

Will Minister Nagar Singh Chauhan leave BJP? angry about going to department

Will Minister Nagar Singh Chauhan leave BJP? angry about going to department MP Politics: मध्य प्रदेश में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए और मंत्री बनाए गए रामनिवास रावत को वन एवं पर्यावरण विभाग दिए जाने से मंत्री नागर सिंह चौहान नाराज हैं. अब तक यह विभाग नागर सिंह चौहान के ही पास था. अब नागर सिर्फ अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के मंत्री रह गए हैं. गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में रामनिवास रावत को कैबिनेट मंत्री की शपथ दिलाई गई थी और रविवार को उन्हें वन एवं पर्यावरण विभाग आवंटित किया गया. नागर सिंह चौहान के पास वन पर्यावरण के अलावा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग था. वर्तमान समय में वह सिर्फ एक विभाग के मंत्री हैं. कांग्रेस से आए नेता को मिली जिम्मेदारी से नाराजवन एवं पर्यावरण विभाग लेकर रामनिवास रावत को दिए जाने से नागर सिंह चौहान नाराज हैं. कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में अपनी नाराजगी साफ जाहिर की और कहा कि पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता की बजाय कांग्रेस छोड़कर आए नेता को यह जिम्मेदारी दी गई है. कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं नागर सिंह चौहान?नागर सिंह चौहान ने कहा, “वे अनुसूचित जनजाति वर्ग से आते हैं और उनके पास जो विभाग रह गया है, वह अनुसूचित जाति वर्ग का है. वे इस फैसले से काफी आहत हैं क्योंकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनसे इस मसले पर कोई चर्चा नहीं की. हम आपको बता दें कि नागर सिंह चौहान की पत्नी अनीता सिंह चौहान रतलाम झाबुआ संसदीय क्षेत्र से भाजपा की सांसद हैं. मंत्री चौहान का कहना है कि वह आने वाले समय में अपने करीबियों से चर्चा करने के बाद कोई बड़ा फैसला भी ले सकते हैं.

मानसून सत्र में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया

Leader of Opposition in Lok Sabha Rahul Gandhi raised the issue of NEET paper leak in the monsoon session

Leader of Opposition in Lok Sabha Rahul Gandhi raised the issue of NEET paper leak in the monsoon session नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया. राहुल गांधी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान खुद को छोड़कर सभी को दोषी ठहराते हैं. मुझे नहीं लगता यहां जो कुछ हो रहा है, वह उसके मूल सिद्धांतों को भी समझते हैं? लाखों लोग मानते हैं कि अगर आप अमीर हैं और आपके पास पैसा है, तो आप भारतीय परीक्षा प्रणाली खरीद सकते हैं और विपक्ष भी यही सोचता है.

मप्र में उठी भील प्रदेश बनाने की मांग, आदिवासी नेताओं ने बांसवाड़ा की रैली में भरी हुंकार

Demand for creation of Bhil state raised in Madhya Pradesh, tribal leaders shouted in Banswara rally

Demand for creation of Bhil state raised in Madhya Pradesh, tribal leaders shouted in Banswara rally भील प्रदेश की मांग और समुदाय के जनप्रतिनिधियों की इसे लेकर क्या सोच है? इसका मध्यप्रदेश सहित राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा ‘ SAHARA SAMACHAAR ने इसे लेकर पड़ताल की तो कई हैरान वाले तथ्य सामने आए हैं। भोपाल । राजस्थान के बांसवाड़ा में भील प्रदेश की मांग को लेकर हुए जमावड़े के बाद पश्चिमी मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल जिलों में हलचल बढ़ गई है। अलग प्रदेश की मांग पर जनजातीय समाज के नेताओं में दो फाड़ नजर आ रही है। जहां समाज के कुछ नेता इसके समर्थन में हैं तो कुछ जनप्रतिनिधि इसे विदेशी और विघटनकारी शक्तियों की साजिश बता रहे हैं। जो भी हो, लेकिन बांसवाड़ा के भानगढ़ में हुई रैली के बाद आदिवासी प्रदेश की मांग प्रदेश में फिर जोर पकड़ रही है। भील प्रदेश की मांग के इस आंदोलन में मध्यप्रदेश को धुरी क्यों माना जा रहा है? आंदोलन का नेतृत्व करने वाले नेता मध्यप्रदेश पर सबसे ज्यादा फोकस क्यों कर रहे हैं? एक दशक से भी पहले से चल रही भील प्रदेश की मांग अचानक आंदोलन में कैसे बदली और समुदाय के जनप्रतिनिधियों की इसे लेकर क्या सोच है? इसका मध्यप्रदेश सहित राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा द सूत्र ने इसे लेकर पड़ताल की तो कई हैरान वाले तथ्य सामने आए हैं। सवाल: भील प्रदेश की मांग को लेकर राजस्थान के बांसवाड़ा में हुई आदिवासी समुदाय की रैली के बाद यह मामला क्यों चर्चा में है? पहले बताते हैं भील आदिवासी समाज की प्रदेश और देश में क्या स्थिति है। दरअसल, भील मूल रूप से जंगलों में रहने वाली जनजाति है। यह मुख्य रूप से मध्यप्रदेश के अलावा राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में निवासरत है। मध्यप्रदेश में इस जनजाति की संख्या करीब 60 लाख है। वहीं राजस्थान में 28 लाख, महाराष्ट्र में 18 लाख और गुजरात में 35 लाख भील आदिवासी हैं। यानी जनसंख्या के लिहाज से भील आदिवासी सबसे ज्यादा मध्यप्रदेश में हैं। पश्चिमी मध्यप्रदेश के आलीराजपुर और झाबुआ के अलावा रतलाम, धार, बड़वानी, खंडवा, खरगोन जिले भील आबादी बाहुल्य हैं। वहीं राजस्थान के उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और चित्तौड़गढ़ और महाराष्ट्र में जलगांव, नासिक, ठाणे, नंदूरबाग, धुलिया और पालघर में भील सबसे ज्यादा संख्या में रहते हैं। मध्य प्रदेश में भील जनजाति की आबादी 1.42 करोड़ यानी मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात प्रदेशों में भील समुदाय की आबादी। करोड़ 42 लाख से ज्यादा है। बाकी पूरे देश में भी भील आदिवासी लाखों की संख्या में बिखरे हुए हैं। सबसे ज्यादा आबादी होने की वजह से ही भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा और आदिवासी परिवार के आव्हान पर बांसवाड़ा में समुदाय की रैली निकाली गई थी। समुदाय के लोगों ने एकजुट होकर मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के भील आबादी बाहुल्य जिलों को जोड़कर अलग राज्य की मांग उठाई है। इस टैली के बाद राजनीतिक दलों से जुड़े भील समुदाय के जनप्रतिनिधियों लोगों में भी मतभेद सामने आ गए हैं। भाजपा नेता और थांदला के पूर्व विधायक कलसिंह भांबर ने इसे विदेशी ताकतों की साजिश बताया है तो सेलाना से निर्दलीय आदिवासी विधायक कमलेश्वर डोडियार भील प्रदेश की मांग का पुरजोर पक्ष ले रहे हैं। वहीं झाबुआ से कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने भील प्रदेश की मांग या विरोध में कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी है। एक दशक पुरानी है मांग अब बात करते हैं अलग भील प्रदेश की मांग और अचानक उठ खड़े हुए इस आंदोलन की। भील प्रदेश की मांग एक दशक से भी पुरानी है। मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात से सीमावर्ती जिलों में बसे भील-भिलाला समुदाय के लोग यह मांग उठाते रहे हैं। आदिवासी समुदाय का संगठन जयस भी इस मांग के समर्थन में कई बार आंदोलन-टैलियां कर चुका है। सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने फरवरी माह में हुए मध्यप्रदेश विधानसभा के सत्र में भी भील प्रदेश की मांग और सरकार की कार्रवाई का मामला उठाया था। अब इस समुदाय का अचानक एकजुट होना और राजस्थान के बांसवाड़ा से भील प्रदेश की मांग बुलंद करने का राजनीति पर क्या असर होगा यह तो आने वाले दिनों में ही नजर आएगा। फिलहाल आदिवासी समुदाय के सामाजिक संगठन भी इस मांग के समर्थन में उतर आए हैं। क्या कहते हैं समुदाय के जनप्रतिनिधि ? कुछ संगठन जनजाति समाज को गुमराह करने के लिए भील प्रदेश की मांग कर रहे हैं। भील प्रदेश कीमांग आज से नहीं जबसे मिशनरी इस अंचल में आए हैं तबसे शुरु हुई है। ये मांग उन्होंने रखी थी। साऊदी अरब के लोग नारा लगा रहे हैं जय जोहार का नाटा है भारत देश हमारा है। ये किसका षडयंत्र है। आज कहा जा रहा है हमारी बहन बेटियों को की मंगलसूत्र पहनना, मांग भरना हमारा रिवाज नहीं है। ये रिवाज युगों से चले आ रहे हैं। आदिवासी समुदाय युगों से हिंदू पद्धति, परम्पराओं से पूजा पाठ करता आ रहा है। हमारी संस्कृति, रीति-रिवाज उससे जुड़े हैं। भानू भूरिया, बीजेपी नेता झाबुआ मांग तो जायज हैं, लेकिन जातिगत तौर पर देखा जाए तो यह देश को तोड़ने वाला होगा। क्षेत्रीयता और भाषा के आधार पट हो तो ऐसा होना चाहिए। भील प्रदेश की मांग के आंदोलन में कुछ लोग तो ठीक हैं, लेकिन अभी ऐसा नहीं लगता कि भील प्रदेश की आवश्यकता है। विक्रांत भूरिया, कांग्रेस विधायक, झाबुआ मुझे अभी इस आंदोलन की विस्तृत जानकारी नहीं है। अलग भील प्रदेश को लेकर जो मूवमेंट शुरु हुआ है उस पर मैं फिलहाल अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहता कमलेश्वर डोडियार, निर्दलीय विधायक, सैलाना बीते 12 साल से पश्चिमी मध्यप्रदेश के आदिवासी भील प्रदेश की मांग कर रहे हैं। मैंने इस संबंध में फरवरी में विधानसभा सत्र में प्रश्न लगाकर जानकारी चाही कि भील प्रदेश गठन को लेकर क्या कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में जनजातीय कार्य मंत्रालय ने जानकारी इकट्ठा करने की सफाई दी गई। वहीं मुख्यमंत्री ने नए राज्य गठन की कार्रवाई का अधिकार केंद्र सरकार के पास होने का जबाव देकर पल्ला झाड़ लिया था।

प्रधानमंत्री द्वारा भारत के एमएसएमई और असंगठित व्यवसायों पर सुनियोजित ढंग से किया गया हमला एक आर्थिक तबाही: कांग्रेस

नई दिल्ली कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने ‘‘विनाशकारी नीति निर्धारण” से देश के विनिर्माण क्षेत्र को तहस नहस कर दिया। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने सरकार के आर्थिक कदमों को लेकर लगातार आगाह किया, लेकिन सरकार ने इसे अनसुना कर दिया और सूक्ष्म, लघु, मध्यम (एमएसएमई) और असंगठित व्यवसायों पर हमला किया। सुनियोजित ढंग से किया गया हमला एक आर्थिक तबाही रमेश ने एक बयान में कहा, ‘‘क्रेडिट रेटिंग कंपनी ‘इंडिया रेटिंग्स’ की एक नई रिपोर्ट ने उस बात की पुष्टि की है जिसे लेकर कांग्रेस लगातार आगाह करती आ रही है कि नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री द्वारा भारत के एमएसएमई और असंगठित व्यवसायों पर सुनियोजित ढंग से किया गया हमला एक आर्थिक तबाही है।” उन्होंने कहा, ‘‘मोदी सरकार का नीति निर्माण आम तौर पर असंगठित क्षेत्र को नज़रअंदाज़ करने वाला रहा है।” नौकरियां 2016 में 3.6 करोड़ से घटकर 23 में 3.06 करोड़ रमेश के मुताबिक, ‘‘नोटबंदी, जटिल कर संरचना और बिना तैयारी के लॉकडाउन लगाने” रूपी तीन झटके विशेष रूप से इसके विनाशकारी नीति निर्धारण की ओर ध्यान दिलाते हैं। उन्होंने दावा किया कि इन तीन झटकों के कारण असंगठित क्षेत्र के 63 लाख उद्यम बंद हुए, जिससे 1.6 करोड़ नौकरियां चली गईं। रमेश ने कहा कि यह ऐसे समय हुआ जब रिकॉर्ड संख्या में युवा श्रम बाजारों में प्रवेश कर रहे हैं जबकि मोदी सरकार नौकरियों के अवसरों को नष्ट कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ के तमाम प्रचार, दिखावे और दावे के बावजूद विनिर्माण क्षेत्र की नौकरियां वित्त वर्ष 2016 में 3.6 करोड़ से घटकर वित्त वर्ष 23 में 3.06 करोड़ हो गईं। डॉक्टर मनमोहन सिंह ने नोटबंदी को वैधानिक लूट बताया कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि ‘‘नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री” ने भारत के विनिर्माण क्षेत्र को तहस नहस कर दिया है। रमेश ने कहा, ‘‘कांग्रेस प्रधानमंत्री को इन नतीजों को लेकर लगातार चेतावनी देती रही है। डॉक्टर मनमोहन सिंह ने ख़ुद संसद में नोटबंदी की निंदा करते हुए इसे ‘‘संगठित और वैधानिक लूट” बताया था। राहुल गांधी ने बार-बार एमएसएमई पर जीएसटी के ख़तरनाक दुष्परिणामों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि यह न तो अच्छा है और न सरल कर है।” उन्होंने आरोप लगाया कि 1.4 अरब भारतीय अब ‘‘नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री” के मित्रवादी पूंजीवाद, मनमाने नीति निर्धारण और मुद्दों को रचनात्मक रूप से हल न करने के आर्थिक दुष्परिणामों को भुगतने के लिए मजबूर हैं।

‘ED को करने दीजिए अपना काम, हम नहीं करेंगे हस्तक्षेप…’; वाल्मीकि कॉरपोरेशन घोटाले पर सीएम सिद्दरमैया का बयान

'Let ED do its work, we will not interfere…'; CM Siddaramaiah's statement on Valmiki Corporation scam

‘Let ED do its work, we will not interfere…’; CM Siddaramaiah’s statement on Valmiki Corporation scam

प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में कांग्रेस को मजबूत करने और भाजपा पर निर्णायक बढ़त लेने पदयात्रा निकलेगी

चंडीगढ़ हरियाणा के लोकसभा चुनाव में भले ही भाजपा को करारा झटका लगा है और उसे 5 सीटें ही हासिल हो सकीं, जबकि 2019 में उसे सभी 10 पर जीत मिली थी। फिर भी उसे 44 विधानसभा सीटों पर लोकसभा चुनाव में बढ़त मिली थी। ये सीटें आमतौर पर गुरुग्राम, फरीदाबाद, अंबाला, कुरुक्षेत्र और करनाल जैसे शहरी क्षेत्रों की सीटें हैं। इसे लेकर भाजपा 90 सीटों वाली हरियाणा विधानसभा में भी खुद के तीसरी बार मजबूती से सरकार में लौटने की उम्मीदें संजोये हुए है। वहीं कांग्रेस उसकी इसी ताकत पर वार करना चाहती है। ऐसे में कांग्रेस ने अब शहरी क्षेत्रों में पदयात्रा शुरू करने का फैसला लिया है। इसका नेतृत्व कुमारी सैलजा करेंगी। पार्टी का कहना है कि पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में कांग्रेस को मजबूत करना और भाजपा पर निर्णायक बढ़त हासिल करना है।  बयान में कहा गया है कि 2024 के लोकसभा चुनाव परिणामों पर गौर करने से पता चला है कि भाजपा को राज्य के 44 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त मिली है, जिनमें से अधिकतर शहरी हैं। हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों में से भाजपा और कांग्रेस ने हाल में संपन्न आम चुनावों में पांच-पांच सीटें जीतीं। बयान में कहा गया है, ‘विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही कांग्रेस को नई रणनीति के साथ शहरी विधानसभा क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। इसलिए कुमारी सैलजा ने पार्टी को मजबूत करने के लिए शहरी क्षेत्रों में पदयात्रा निकालने का फैसला किया है।’ लोकसभा चुनाव से पहले भी निकाली थी जनसंदेश यात्रा पार्टी ने कहा कि इस पदयात्रा के माध्यम से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का संदेश प्रत्येक शहरी मतदाता तक पहुंचाया जाएगा और उन्हें पिछले 10 वर्षों में भाजपा के कुशासन के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। सिरसा से सांसद सैलजा के हवाले से बयान में कहा गया है कि जुलाई के अंतिम सप्ताह में पदयात्रा शुरू करने की योजना बनाई जा रही है और इसके मार्ग की घोषणा जल्द की जाएगी। सैलजा ने लोकसभा चुनाव से पहले जनवरी में राज्य में कांग्रेस की जनसंदेश यात्रा शुरू की थी। राहुल गांधी के मार्च को बताया देश के इतिहास की सबसे बड़ी यात्रा सैलजा ने राहुल गांधी की दो देशव्यापी यात्राओं का जिक्र करते हुए उन्हें ‘देश के इतिहास की सबसे बड़ी यात्रा’ बताया। सैलजा ने कहा, ‘उन्होंने आम लोगों की लड़ाई लड़ने के लिए कन्याकुमारी से कश्मीर और मणिपुर से महाराष्ट्र तक की यात्रा की। उन्होंने समाज के हर वर्ग से बात की, उनके दर्द को समझा और उन तक कांग्रेस का संदेश पहुंचाया।’ सैलजा ने कहा, ‘उनसे (राहुल गांधी की यात्रा) प्रेरित होकर जनवरी-फरवरी में राज्य में जनसंदेश यात्रा निकाली गई, जिसका परिणाम लोकसभा चुनाव में साफ तौर पर देखने को मिला।’ उन्होंने दावा किया कि शहरी इलाकों में उनकी पार्टी उतनी कमजोर नहीं है, जितना भाजपा दिखाने की कोशिश करती है।    

कांग्रेस ने कहा- टेलिकॉम कंपनियों द्वारा बढ़ाए गए प्लान्स के दामों को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना

नई दिल्ली कांग्रेस ने शुक्रवार को टेलिकॉम कंपनियों द्वारा बढ़ाए गए प्लान्स के दामों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने दावा किया है कि प्राइवेट टेलिकॉम कंपनियों ने वार्षिक शुल्क बढ़ाकर जनता की जेब से 34,834 करोड़ रुपये वसूले हैं। इसके अलावा, मोदी 3.0 में प्राइवेट टेलिकॉम कंपनियों की एक बार फिर से मुनाफाखोरी बढ़ने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने सवाल किया है कि आखिर क्यों मोदी सरकार ने अपनी आंखें बंद कर रखी हैं? कांग्रेस सांसद व महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि तीन जुलाई से देश की प्राइवेट सेलफोन कंपनियों यानी कि रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने एक साथ अपना टैरिफ औसतन 15 फीसदी बढ़ा दिया है। इन तीनों प्राइवेट कंपनियों का मार्केट शेयर 91.6 फीसदी है यानी कि 119 करोड़ यूजर्स में से 109 करोड़ यूजर्स इन्हीं तीन कंपनियों के हैं। कांग्रेस ने कहा कि 23 अप्रैल को पेश की गई ट्राई रिपोर्ट के अनुसार, देश में सेलफोन इस्तेमाल करने वाले प्रति ग्राहक से प्रतिमाह औसत कमाई 152 रुपये की है। तीन जुलाई से रिलायंस जियो ने अपने यूजर्स के लिए शुल्क 12 फीसदी से बढ़ाकर 27 फीसदी तक बढ़ा दिया। वहीं, एयरटेल ने भी 11 फीसदी से 21 फीसदी तक की वृद्धि की है। वोडाफोन इंडिया ने 10 फीसदी से 24 फीसदी तक कीमतें बढ़ा दीं। इससे साफ है कि कीमतें बढ़ाने की तारीख तीनों कंपनियों ने आपस में मिलकर तय की। मोदी सरकार से सवाल करते हुए कांग्रेस ने कहा है कि बिना रेगुलेशन, नियम या निगरानी के बिना प्राइवेट कंपनियों को एकतरफा मर्जी व मनमानी से कीमतें बढ़ाने की अनुमति क्यों दी? क्या सरकार ने कीमतों में होने वाली वृद्धि को चुनाव पूरा होने तक रोक कर नहीं रखा था, ताकि उनसे अतिरिक्त वसूली के लिए जवाब न मांगा जाए? ऐसा कैसे हो सकता है कि सभी निजीी कंपनियां अपना औसत टैरिफ समान रूप से 15-16 फीसदी बढ़ाएं, जबकि उनकी प्रॉफिटेबिलिटी, निवेश, कैपेक्स की जरूरत अलग-अलग हैं। फिर भी मोदी सरकार ने इस पर अपनी आंखें क्यों मूंद रखी हैं।  

कांग्रेस ने सीएम-गृह मंत्री से मांगा इस्तीफा, छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था पर कोर्ट ने दोबारा खड़ा किया सवाल

रायपुर. छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने ताज कसते हुए कहा कि राज्य में बेलगाम कानून व्यवस्था पर एक महीने में दो बार कोर्ट ने सवाल खड़ा किया है। यह राज्य सरकार की अक्षमता है कि उच्च न्यायालय को कड़ी टिप्पणी करना पड़ रहा है। सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि हाई कोर्ट ने एक व्यक्ति को गलत तरीके से गुंडा सूची में नाम डालने पर सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा है कि राज्य में कानून नाम की कोई चीज है कि नहीं। एक महीने पहले भी हाई कोर्ट ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया था। हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा रोज दुर्घटनाएं हो रही है कोई ध्यान देने वाला नहीं है। नेशनल हाईवे में हैवी ट्रेफिक है, सड़के उखड़ी हुई है, कोई ध्यान देने वाला नहीं है। राज्य में क्राइम बढ़ा है, ट्रेफिक बदहाल है, पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है। कन्ट्रोल करने वाला कोई नहीं है। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि हाई कोर्ट की इस तल्ख टिप्पणी के बाद नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री जिनके पास परिवहन विभाग है औरगृहमंत्री विजय शर्मा जो राज्य की कानून व्यवस्था संभाल नहीं पा रहे अपने पद से तत्काल इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में अराजकता के हालात है। पांच माह में छत्तीसगढ़ अपराध का गढ़ बन गया है। गुंडे, अपराधी, लूटेरे, चोर बेलगाम हो गये है, बलात्कार और हत्यायें आम हो गयी है। इन घटनाओं को रोकने की दिशा में सरकार की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। सत्तारूढ़ दल के लोग अपराधियों के पैरोकार बन गये है। पुलिस की पीसीआर वैन तो वसूली वैन बन चुकी है जो नशाखोरों, अपराधियों को चंद रुपयों के बदले संरक्षण देती है। हाई कोर्ट की टिप्पणी राज्य की जर्जर कानून व्यवस्था का आईना है। इस टिप्पणी के बाद मुख्यमंत्री, गृह मंत्री तत्काल इस्तीफा दें।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने नर्सिंग परीक्षा का परिणाम शीघ्र जारी करने के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को लिखा पत्र।

Former Chief Minister Digvijay Singh wrote a letter to Chief Minister Dr. Mohan Yadav

Former Chief Minister Digvijay Singh wrote a letter to Chief Minister Dr. Mohan Yadav

मप्र विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह एवं मप्र कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक की संयुक्त पत्रकार वार्ता

Joint press conference of former leader of opposition in Madhya Pradesh Assembly

Joint press conference of former leader of opposition in Madhya Pradesh Assembly

छत्तीसगढ़ सीएम साय करें बृजमोहन को मंत्री पद से बर्खास्त : कांग्रेस अध्यक्ष

रायपुर. छत्तीसगढ़ के रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट से विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने पिछले दिनों सोमवार को विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह को उन्होंने इस्तीफा सौंपा। हालांकि वो मंत्री पद पर छह महीने तक बने रहेंगे। अब इस मामले में विपक्ष ने सवाल उठाया है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बृजमोहन अग्रवाल को तत्काल बर्खास्त करें? अग्रवाल सांसद का चुनाव जीतने के बाद विधायक पद से इस्तीफा दे दिये हैं। दीपक बैज ने कहा कि नैतिकता का तकाजा है कि वो विधायक के साथ ही मंत्री पद से भी इस्तीफा दे देते, लेकिन उन्होंने मंत्री पद के लालच में सारी नैतिकताओं को किनारे कर दिया। संवैधानिक प्रावधानों की आड़ लेकर मंत्री पद पर बने रहना सही नहीं है। इससे सिद्ध होता है कि बीजेपी नेता सत्ता और पद लोलुपता होते हैं। सत्ता में बने रहना ही उनके लिये सब कुछ होता है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज ने कहा कि कांग्रेस राज्यपाल से भी मांग करती है कि यदि बृजमोहन मंत्री पद से खुद इस्तीफा नहीं देते है या मुख्यमंत्री उनको नहीं हटाते हैं तो राज्यपाल स्वयं उनको मंत्री पद से बर्खास्त कर एक नजीर प्रस्तुत करें। राज्य में संवैधानिक नैतिकता की रक्षा का दायित्व राज्यपाल के पास ही है। राज्य की जनता उनसे अपेक्षा कर रही है कि वो बृजमोहन को तत्काल बर्खास्त करें। ली चुटकी, कहा- यह सब बीजेपी में ही संभव प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कोई सांसद पद पर तत्काल निर्वाचित व्यक्ति यह कहकर मंत्री पद नहीं छोड़ रहा है कि वह छह महीने तक मंत्री बना रह सकता है। यह सब बीजेपी में ही संभव है। भाजपा और मुख्यमंत्री बताये कि क्या वह भी अग्रवाल के इस निर्णय के साथ है या राजनैतिक सुचिता को देखते हुये मुख्यमंत्री उन्हें बर्खास्त करेंगे। ‘बृजमोहन के मामले में स्थितियां अलग’ बैज ने कहा कि कोई व्यक्ति बिना विधानमंडल का सदस्य रहते हुये भी छह महीने तक मंत्री पद धारित कर सकता है। उसे छह महीने के अंदर सदन का सदस्य निर्वाचित होना होता है, लेकिन बृजमोहन के मामले में स्थितियां अलग हैं। उन्होंने सांसद निर्वाचित होने के बाद विधायक पद से इस्तीफा दिया है। यहां पर छह महीने के अंदर सदस्य के निर्वाचन की अपेक्षा वाली बात लागू नहीं होती है। ऐसे में संवैधानिक प्रावधानों की आड़ लेकर मंत्री पद पर बने रहना उचित नहीं है।

कांग्रेस ने कहा- एनटीए की सत्यनिष्ठा और नीट परीक्षा को आयोजित करने के तौर तरीके ‘‘गंभीर सवालों’’ के घेरे में

नई दिल्ली कांग्रेस ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की सत्यनिष्ठा और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को आयोजित करने के तौर तरीके ‘‘गंभीर सवालों’’ के घेरे में हैं। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैं 2014 और 2019 के बीच संसद की स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संबंधी स्थायी समिति का सदस्य था। मैं उस समय नीट के लिए मिलने वाले व्यापक समर्थन को याद करता हूं। लेकिन ऐसे सांसद भी थे, विशेष रूप से तमिलनाडु से जिन्होंने चिंता जताई थी कि नीट से सीबीएसई के छात्रों को लाभ मिलेगा और दूसरे बोर्ड एवं स्कूलों से आने वाले विद्यार्थियों को नुकसान पहुंचेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अब लगता है कि इस सीबीएसई संबंधी मुद्दे पर उचित विश्लेषण की जरूरत है। क्या नीट भेदभावपूर्ण है? क्या गरीब तबके के विद्यार्थियों को अवसरों से वंचित किया जा रहा है? महाराष्ट्र जैसे अन्य राज्यों ने भी नीट को लेकर गंभीर संदेह व्यक्त किया है।’’ रमेश ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की सत्यनिष्ठा और नीट को जिस तरह से डिजाइन और आयोजित किया जाता है उसके तरीकों पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस महासचिव ने दावा किया कि पिछले दशक में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने अपना पेशेवर रवैया स्वयं खत्म कर दिया है।उन्होंने कहा, ‘‘उम्मीद है कि नई स्थायी समितियां गठित होने पर नीट, एनटीए और एनसीईआरटी की गहन समीक्षा करेगी। इसे सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।’’ नीट परीक्षा पांच मई को 4,750 केंद्रों पर आयोजित की गई थी और इसमें करीब 24 लाख अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। परिणाम 14 जून को घोषित होने की उम्मीद थी, लेकिन उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पहले ही पूरा हो जाने के कारण परिणाम चार जून को घोषित कर दिए गए। बिहार में प्रश्नपत्र लीक होने तथा इस प्रतिष्ठित परीक्षा में अन्य अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। केंद्र और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि उन्होंने एमबीबीएस और ऐसे अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए परीक्षा देने वाले 1,563 उम्मीदवारों को दिए गए कृपांक रद्द कर दिए हैं। इस संबंध में केंद्र ने कहा है कि उनके पास या तो दोबारा परीक्षा देने या समय की हानि के लिए दिए गए कृपांक को छोड़ने का विकल्प होगा। कांग्रेस ने शुक्रवार को इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘‘चुप्पी’’ को लेकर सवाल उठाया था और कहा था कि केवल उच्चतम न्यायालय की निगरानी वाली जांच ही लाखों युवा छात्रों के भविष्य की रक्षा कर सकती है।  

हरियाणा में कांग्रेस क्रॉस वोटिंग का डर, हुड्डा की सीट भाजपा के खाते में जा सकती है

Great news! The 17th installment of Samman Nidhi will come on June 18

रोहतक कांग्रेस नेता दीपेंदर हुड्डा हरियाणा की रोहतक लोकसभा सीट से चुनाव जीत गए हैं। अब उन्हें राज्यसभा से इस्तीफा देना होगा, जिस पर दोबारा चुनाव होगा। इस तरह कांग्रेस को लोकसभा की एक सीट मिल गई है, लेकिन राज्यसभा में एक सीट छिनने का भी खतरा है। इसकी वजह यह है कि हरियाणा विधानसभा के ज्यादातर सदस्य भाजपा के पक्ष में हैं। इसके अलावा क्रॉस वोटिंग भी हो सकती है। ऐसी स्थिति में हुड्डा की यह सीट भाजपा के खाते में जा सकती है। दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी के विधायक और कुछ निर्दलीय क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। ऐसा हुआ तो फिर कांग्रेस के लिए जीत संभव नहीं होगी। दीपेंदर हुड्डा 2020 में राज्यसभा पहुंचे थे और उनका कार्यकाल 2026 तक के लिए था। मौजूदा स्थिति में भाजपा मजबूत दिखती है। उसके अपने विधायकों के अलावा जेजेपी का एक गुट, कुछ निर्दलीय और एक विधायक वाली पार्टियां उसके पक्ष में हैं। नियम के अनुसार यदि कोई राज्यसभा का सांसद लोकसभा के लिए चुना जाता है तो फिर उसे अपनी सीट छोड़नी होती है। ऐसे में रोहतक से जीत के बाद दीपेंदर हुड्डा की राज्यसभा सीट खाली हो गई है। अब चुनाव आयोग को राज्यसभा सीट पर उपचुनाव के लिए नोटिफिकेशन जारी करना होगा। नियम के मुताबिक 6 महीने के भीतर ही चुनाव हो जाना चाहिए। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव से पहले इस सीट पर इलेक्शन हो सकता है। कांग्रेस एक विधायक वरुण चौधरी अब अंबाला लोकसभा सीट से सांसद चुने गए हैं। इस तरह विधानसभा की संख्या 87 ही रह गई है। यहां बहुमत का आंकड़ा 44 ही है। वहीं जेजेपी के कुल 10 विधायक हैं, लेकिन खेमेबाजी है। दो विधायकों ने खुलकर भाजपा का साथ दिया है। उसके एक विधायक देवेंदर सिंह बबली तो कांग्रेस का लोकसभा चुनाव में समर्थन कर चुके हैं। इसके अलावा एक अन्य विधायक रामकुमार गौतम भी जेजेपी लीडरशिप से नाराज हैं। राज्य में कांग्रेस के 29 विधायक हैं और उसे तीन का समर्थन हासिल है। इस तरह विपक्ष की संख्या राज्य में 32 है। जेजेपी के कुछ और विधायक कर सकते हैं क्रॉस वोटिंग वहीं भाजपा के 41 विधायक हैं और गोपाल कांडा एवं नयनपाल रावत का उसे समर्थन हासिल है। इनोलो के इकलौते विधायक अभय चौटाला और निर्दलीय बलराज कुंडू अब तक भाजपा के खिलाफ ही रहे हैं। लेकिन जेजेपी के कुछ और विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। बता दें कि राज्यसभा में विधायक किसी भी कैंडिडेट को वोट कर सकते हैं और उन पर कोई दल ऐक्शन भी नहीं ले सकता। ऐसे ही एक मामले में फैसला सुनाते हुए 22 अगस्त, 2006 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि विधायक यदि राज्यसभा में दूसरे दल के नेता को वोट करता है तो उसकी मेंबरशिप खारिज नहीं हो सकती।  

‘नीतीश कुमार से बेहतर PM कौन हो सकता है’, JDU एमएलसी खालिद अनवर का बयान

'Who can be a better PM than Nitish Kuma

‘Who can be a better PM than Nitish Kumar’, JDU MLC Khalid Anwar’s statement चुनाव नतीजों के बीच जेडीयू के एमएलसी खालिद अनवर ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार से बेहतर पीएम कौन हो सकता है. जेडीयू बिहार में बीजेपी की सहयोगी है.

बीजेपी की मजबूरी गठबंधन है जरूरी : मोदी कि गारंटी फ़ैल

BJP's compulsion, alliance is necessary: ​​Modi's guarantee extended

BJP’s compulsion, alliance is necessary: ​​Modi’s guarantee extended करीब दो महीने चले लोकसभा चुनाव 2024 (Lok Sabha election 2024) के लिए आज नतीजों का दिन है। संसद के निचले सदन लोकसभा की कुल 543 में से 542 सीटों पर मतगणना जारी है। बहुमत के लिए 272 सांसदों का जीतना जरूरी है। सूरत लोकसभा सीट पर भाजपा पहले ही जीत दर्ज कर चुकी है, क्योंकि यहां भाजपा प्रत्याशी के सामने कोई उम्मीदवार नहीं था। अब तक के रुझानों और नतीजों से यह साफ है कि भाजपा को अपने दम पर बहुमत नहीं मिलने जा रहा है। नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनेंगे, लेकिन पहला मौका होगा, जब मोदी को गठबंधन की सरकार चलाना है। नई सरकार गठन की कवायद शुरू कर दी गई है।

इंदौर में नोटा ने बनाया रिकॉर्ड, एक लाख 85 हजार पार हुआ आंकड़ा

NOTA made record in Indore, figure crossed 1 lakh 85 thousand

NOTA made record in Indore, figure crossed 1 lakh 85 thousand मध्य प्रदेश की इंदौर लोकसभा सीट पर अलग ही नतीजे देखने को मिल रहे हैं। यहां नोटा को करीब दो लाख वोट मिले हैं, जो अपने आप में रिकॉर्ड है। 2019 के लोकसभा चुनाव में देश में नोटा को मतदाताओं ने 65 लाख 22 हजार 772 मत दिए थे, जो देश में डाले गए कुल वैध मतों का 1.06 प्रतिशत थे। देश में नोटा का प्रयोग करने में बिहार अग्रणी था। बिहार में आठ लाख 16 हजार 950 मतदाताओं ने नोटा में वोट दिया था। 2014 के लोकसभा के मुकाबले प्रदेश और देश में नोटा ने कम मत प्राप्त किए हैं, इससे स्पष्ट होता है कि मतदाता पसंद के उम्मीदवार को मत देना पसंद कर रहा है। वैसे वह कहीं भी मत दे पर अपने मत का उपयोग करना चाहिए। मतदान करना हमारा मौलिक अधिकार है। इंदौर में एक लाख 70 हजार से अधिक वोट मिल गए हैं। नोटा का सबसे अधिक वोट का रिकार्ड बिहार की गोपालगंज सीट का है। यहां पर नोटा को 51 हजार 660 वोट मिले थे। दूसरे क्रम पर पश्चिम चंपारण में 45,609 वोट नोटा को मिले थे।

मप्र में भाजपा का जलवा : विदिशा में श‍िवराज 4 लाख से ज्यादा मतों से आगे

BJP's dominance in MP: Shivraj ahead by more than 4 lakh votes in Vidisha

BJP’s dominance in MP: Shivraj ahead by more than 4 lakh votes in Vidisha मध्‍य प्रदेश में लोकसभा की 29 सीटों में से भोपाल, गुना, सागर, विदिशा, राजगढ़, होशंगाबाद, बैतूल, सागर की सीटें भी शामिल हैं। इन सीटों पर मुख्‍य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस का है। इन सीटों में से भी गुना, राजगढ़ और विदिशा सबसे हॉट सीट हैं। गुना से केंद्रीय मंत्री ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया, राजगढ़ से दिग्विजय सिंह और विदिशा सीट से पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान जैसे दिग्‍गज चुनाव मैदान में हैं। अब तक के रुझानों के मुताबिक विदिशा सीट पर शिवराज बड़ी जीत की ओर बढ़ रहे हैं। सिंधिया भी गुना में भाजपा का परचम लहराने जा रहे हैं। दूसरी तरफ, दिग्‍विजय सिंह अपने गढ़ में पिछड़ गए हैं। उनके राजनीतिक करियर के लिए यह परिणाम एक प्रकार से निर्णायक हो सकता है। यहां देखें भोपाल, गुना, सागर, विदिशा, राजगढ़, होशंगाबाद, बैतूल सीटों के परिणाम का हर लेटेस्‍ट अपडेट।

मप्र में सभी सीटों पर भाजपा उम्‍मीदवार आगे, श‍िवराज 3 लाख वोटों से आगे

BJP candidates ahead on all seats in MP

BJP candidates ahead on all seats in MP, Shivraj ahead by 3 lakh votes भोपाल। मध्य प्रदेश में लोकसभा की 29 सीटों पर वोटों की गिनती चल रही है। यहां मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 28 सीट पर जीत दर्ज की थी। छिंदवाड़ा सीट जीतकर कांग्रेस ने भाजपा को क्लीन स्वीप से रोका था। एग्जिट पोल में भाजपा के इस बार क्लीन स्वीप का अनुमान लगाया गया था। इस बार भाजपा मप्र में क्‍लीन स्‍वीप की ओर बढ़ रही है। यहां पढ़िए मध्य प्रदेश की सभी सीटों के चुनाव परिणाम का अपडेट

बैतूल से बीजेपी के दुर्गादास उईके एक लाख से अधिक वोटों से आगे

BJP’s Durgadas Uike is ahead from Betul by more than one lakh votes. बैतूल संसदीय क्षेत्र में हरदा जिले की दो, खंडवा जिले की एक और बैतूल जिले की पांच विधानसभा सीट शामिल हैं। इनमें भैंसदेही, घोड़ाडोंगरी, हरसूद और टिमरनी विधानसभा क्षेत्र आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। बैतूल संसदीय क्षेत्र में चार चरण की मत गणना के बाद बीजेपी प्रत्याशी दुर्गादास उईके एक लाख तीन हजार 92 वोट से आगे चल रहे हैं। चार चरण में हुई मतों की गिनती में बीजेपी के दुर्गादास उइके को कुल 2 लाख 27 हजार 408 वोट मिले। कांग्रेस प्रत्याशी रामू टेकाम को चार चरण में कुल 1लाख 24 हजार 316 वोट प्राप्त हुए हैं। आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित बैतूल संसदीय क्षेत्र में पिछले करीब तीन दशक (28 वर्ष) से मतदाता भाजपा के साथ खड़े हैं। आठ विधानसभा क्षेत्र वाली बैतूल लोकसभा सीट में चार विधानसभा क्षेत्र एसटी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। महाराष्ट्र की सीमा से सटे इस क्षेत्र को कभी कांग्रेस का गढ़ माना जाता था लेकिन वर्ष 1996 में भाजपा ने जब स्थानीय उम्मीदवार को मैदान में उतारा तो जनता ने उसे विजयी बना दिया। इसके बाद से क्षेत्र में लगातार भाजपा ही परचम लहरा रही है।

रायबरेली सीट से राहुल गांधी एक लाख 20 हजार वोटो से आगे

Rahul Gandhi ahead from Rae Bareli seat by 1 lakh 20 thousand votes

Rahul Gandhi ahead from Rae Bareli seat by 1 lakh 20 thousand votes लोकसभा चुनाव के लिए हुए मतदान की गिनती जारी है। बता दें रुझानों में एनडीए ने बहुमत हासिल कर लिया है। खबर लिखे जाने तक एनडीए को 300 सीटें मिलती दिख रही हैं। वहीं इंडी गठबंधन के पास 200 से ज्यादा सीटें जाती दिख रही हैं। हालांकि कुछ राज्यों में बीजेपी को बड़ा नुकसान होता दिख रहा है।

नोटा ने तोड़ा रिकॉर्ड : इन्दौर में नोटा को 70,000 वोट मिले काउंटिंग जारी

NOTA broke record: NOTA got 70,000 votes in Indore, counting continues इंदौर में BJP के Shankar Lalwani, बसपा के संजय सोलंकी और जनहित पार्टी के अभय जैन के बीच मुख्य मुकाबला है। नोटा Nota भी रिकॉर्ड बनाने की ओर है।

मध्य प्रदेश में भाजपा क्लीन स्वीप की ओर

BJP towards clean sweep in Madhya Pradesh मध्यप्रदेश की 29 सीटों पर हुए मतदान की गणना शुरू हो गई है। इनमें से कुछ सीटें जैसे गुना, विदिशा, छिंदवाड़ा, राजगढ़ के परिणाम पर सभी की नजर बनी हुई है। यहां सीट के नाम पर एक क्लिक कर पढ़े पल-पल की अपडेट।

शहडोल से हिमाद्री सिंह को बढ़त, 94 हजार वोटों से आगे

Himadri Singh leads from Shahdol, ahead by 94 thousand votes मध्‍य प्रदेश में लोकसभा की 29 सीटों में से जबलपुर, सीधी, शहडोल, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, सतना, रीवा सीटें भी शामिल हैं। यहां फग्‍गन सिंह कुलस्‍ते और ओंकार सिंह मरकाम के बीच रोचक मुकाबला है। श्‍हडोल में मतदाता भाजपा और कांग्रेस दोनों को अवसर देते आए हैं। सीधी में डॉ. राजेश मिश्रा और कांग्रेस से कमलेश्‍वर पटेल के बीच टक्‍कर है। जहां तक सतना की बात है, यहां पर लोकसभा सीट में से पांच विधानसभा सीटों पर बीजेपी और दो सीटों पर कांग्रेस का दबदबा है। यहां जानिये जबलपुर, सीधी, शहडोल, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, सतना, रीवा सीटों का लेटेस्‍ट अपडेट।

भाजपा और नोटा के बीच, शंकर लालवानी 70000 वोट से आगे, नोटा 10000 पार

Between BJP and NOTA, Shankar Lalwani leads by 70000 votes, NOTA crosses 10000 मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में देवास, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार, खरगोन और खंडवा लोकसभा सीट भी शामिल हैं। इन सीटों पर मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच रहा। इंदौर सीट उस समय देशभर में चर्चा का विषय बनी थी, जब कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने नाम वापस लेने की तारीख निकलने के बाद भाजपा का दामन थाम लिया था। इस तरह इस सीट पर कांग्रेस की चुनौती खत्म हो गई थी।

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी जी की पत्रकार वार्ता

Press conference of Madhya Pradesh Congress Committee President Jitu Patwari

Press conference of Madhya Pradesh Congress Committee President Jitu Patwari 18 घंटे में खुल जायेगी एक्टिज पोल की पोल : जीतू पटवारी भोपाल ! मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुये कहा कि वर्ष 2019 का लोकसभा चुनाव बड़ा ही रोचक रहा, परंतु उसके बाद सबसे ज्यादा बेरोजगारी, सबसे ज्यादा महंगाई, सबसे ज्यादा कृषक यातना एवं सबसे ज्यादा परेशानियां इस देश के लोगों ने सही हैं। कोई भी ऐसा वर्ग नहीं है जो इस सरकार से पीड़ित नहीं रहा हो। इस स्थिति के बाद का यह चुनाव है।पटवारी ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस का न्याय पत्र था जिसकी चर्चा देश के प्रधानमंत्री सहित देश के सभी नागरिक कर रहे थे, जिसमें बेरोजगारी, महंगाई, अर्थव्यवस्था एवं किसानों के दर्द का समाधान था तथा पांच न्याय एवं 25 गारंटी के रूप में देश के नागरिकों की सभी समस्याओं का समाधान प्रस्तुत किया गया था। परंतु देश के प्रधानमंत्री ने जो भाषा बोली जिसमें अपमानजनक एवं धमकाने वाले शब्द थे तथा मांस, मछली मंगलसूत्र से लेकर मुजरे तक पहुंच जाना, इन शब्दों के द्वारा प्रधानमंत्री पद की गरिमा कम हुई है।पटवारी ने आगे कहा कि लोकसभा चुनाव को लेकर कुछ कथित एक्जिट पोल भी सामने आये हैं, जिसमें कई सारी गफलतें हैं। आप सभी ने तथा जनता ने यह फीडबैक हमें दिया है कि हमने कई सीटों पर अच्छा चुनाव लड़ा परंतु कथित एक्जिट पोल में यह नहीं दिखता है। हमें जनता एवं कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर पूरा भरोसा है। मैं यह कह सकता हूं कि इन एक्जिट पोल को लेकर हमारा कार्यकर्ता हताश व निराश नहीं है। इसलिए इन एक्जिट पोल की पोल 18 घंटे में खुल जायेगी।पटवारी ने कहा कि आज प्रदेश में अभूतपूर्व अत्याचार तीन सी की सरकार कर रही है। आज यहां दलित, आदिवासी होना अभिशाप हो गया है और अब सरकार महंगाई बढ़ाने की तैयारी कर रही है, क्योंकि आरबीआई ने अब सरकार को कर्ज देने से मना कर दिया है। इस महंगाई का पूरा बोझ मप्र की जनता पर आयेगा, लेकिन कांग्रेस पार्टी लगातार अपनी आवाज को उठाती रहेगी, जिस तरीके से राहुल गांधी जी ने बिना डरे प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आवाज उठायी है, उसी तरीके से कांग्रेस अपने विपक्ष के धर्म को मध्यप्रदेश में निभाती रहेगी। मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि देश में इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी तथा 295 से ज्यादा सीटें इंडिया गठबंधन को हासिल होंगी।पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया सलाहकार के.के. मिश्रा, मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक सहित मप्र कांग्रेस के सभी प्रवक्तागण भी उपस्थित थे।

‘INDI गठबंधन की बनेगी सरकार’,कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे

INDI alliance

‘Government will be formed by INDI alliance’, Congress President Mallikarjun Kharge इंडी गठबंधन की बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्षी गठबंधन दलों को 295 से अधिक सीटें मिलेंगी। उन्होंने कहा कि लोगों से मिले फीडबैक के बाद वे इस आंकड़े पर पहुंचे हैं। सात चरणों में होने वाले आम चुनावों के लिए वोटों की गिनती 4 जून को होगी। नई दिल्ली। इंडी गठबंधन की बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शनिवार को कहा कि लोकसभा चुनाव में इंडी गठबंधन दलों को 295 से अधिक सीटें मिलेंगी। उन्होंने कहा कि लोगों से मिले फीडबैक के बाद हम इस आंकड़े पर पहुंचे हैं। सात चरणों में होने वाले आम चुनावों के लिए वोटों की गिनती 4 जून को होगी। खड़गे ने कहा कि यह लोगों का सर्वे है। लोगों ने हमारे नेताओं को यह जानकारी दी है। सरकारी सर्वे मौजूद हैं और उनके मीडिया मित्र भी आंकड़े बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं। इसलिए हम आपको हकीकत बताना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक पार्टियों ने अपने कार्यकर्ताओं को फॉर्म 17 सी के बारे में भी निर्देश दिए हैं और कहा है कि जब तक उन्हें चुनाव का प्रमाण पत्र नहीं मिल जाता, तब तक वे मतगणना हॉल से बाहर न निकलें। बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर विपक्ष के नेतृत्व वाले भारतीय राष्ट्रीय विकास समावेशी गठबंधन (इंडिया) ब्लॉक की बैठक हुई। यह बैठक लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण के मतदान के दिन हुई। लोकसभा चुनाव के वोटों की गिनती 4 जून को होगी। टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस बैठक में शामिल नहीं हुईं। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती भी बैठक में शामिल नहीं हुईं। शनिवार को हुई इस बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, माकपा, भाकपा, द्रमुक, झामुमो, आप, राजद, शिवसेना (यूबीटी) और राकांपा (शरद पवार) के नेता शामिल हुए। बैठक में कांग्रेस संसदीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, एनसीपी नेता जितेंद्र अव्हाड़, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, आप नेता राघव चड्ढा, संजय सिंह शामिल थे। लोकसभा चुनाव 2024 से सातवें और अंतिम चरण के वोटिंग हो रही है। आज शाम 7 बजे के बाद से एग्जिट पोल के परिणाम आना शुरू हो जाएंगे। शुक्रवार को कांग्रेस ने फैसला किया था कि वह लोकसभा चुनाव के एक जून को विभिन्न समाचार चैनलों पर होने वाले एक्जिट पोल की चर्चाओं में शामिल नहीं होगी। लेकिन आज इंडी गठबंधन की मीटिंग के दौरान ही कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने साफ कर दिया कि कांग्रेस एग्जिट पोल्स की डिबेट्स में हिस्सा लेगी। पवन खेड़ा ने कहा कि इंडिया गठबंधन की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि एग्जिट पोल्स से संबंधित भाजपा व उसके तंत्र को बेनक़ाब करना आवश्यक है। एग्जिट पोल्स की डिबेट्स में भाग लेने के पक्ष और विरोध के तमाम पहलुओं पर चर्चा के पश्चात सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है कि इंडिया गठबन्धन के तमाम सदस्य दल एग्जिट पोल्स की डिबेट्स में हिस्सा लेंगे। शुक्रवार को कांग्रेस कांग्रेस पार्टी ने कहा था कि वह टीआरपी के खेल की लड़ाई और अटकलबाजी में शामिल नहीं होना चाहती है। कांग्रेस के एग्जिट पोल से किनारा करने के बयान पर भाजपा ने कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि इस बार हार के कारण को बयां ना कर पाने की स्थिति में कांग्रेस एक्जिट पोल का बहिष्कार कर रही है। इससे इस बात की भी साफ पुष्टि हो गई है कि विपक्षी दल ने 2024 के लोकसभा चुनाव में अपनी हार मान ली है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को टीवी न्यूज चैनलों पर कांग्रेस के एक्जिट पोल का बहिष्कार करने के निर्णय पर कहा कि काफी समय से कांग्रेस पार्टी डिनायल मोड में ही है।

केंट विधायक अशोक रोहाणी का करीम प्रेम

Karim Prem of Kent MLA Ashok Rohani

Karim Prem of Kent MLA Ashok Rohani आज रांझी थाना में विधायक अशोक रोहाणी ने धरना दिया , जनता को जानकारी दी गई की एक अनुसूचित जनजाति के युवक जो कि विधायक जी के करीबी हैं और रांझी भाजपा मंडल के पद अधिकारी हैं , को पुलिस कर्मियों ने वेरिफिकेशन के लिए जाने पर बहस होने के कारण मारा पीटा ।प्रथम दृष्टया मामला गड़बड़ दिखता है । जिस पर विधायक जी ने चंद एक भाजपा नेताओं के साथ मिलकर धरना प्रदर्शन किया और पुलिस कप्तान जबलपुर को दबाव डालकर लाइन हाजिर करवा दिया। मुझे जानकारी प्राप्त होने पर जब पीड़ित की कुशल क्षेम जानने के लिए शाम को युवा क्रांति की टीम थाने पहुंची तोमामला बिलकुल फर्जी बना हुआ स्पष्ट प्रतीत होता है ।भाजपा पद अधिकारी एक यूसुफ नामक व्यक्ति को लेकर वेरिफिकेशन के लिए जाते हैं और जांच अधिकारी जांच में पाता है की वेरिफाई करके दोबारा जारी करने लाया गया दस्तावेज (जो की में यह पोस्ट कर रहा हूं ) फर्जी है तो अधिकारी दस्तावेज जब्त कर के आवेदक को रुकने बोलता है , फर्जी आवेदक भागकर भाजपा नेता को लेकर अंदर आता है ।जो की स्टाफ से हाथा पाई कर के यह दस्तावेज छीनने के लिए झपटता है , परंतु सफल नहीं होता है ।तब गुस्से में बाहर जाकर थाना परिसर में हाथापाई होने से चोटिल होता है ।जिसके साथ फर्जी दस्तावेज आवेदक यूसुफ के समर्थन में केंट विधायक जी ने थाना परिसर में धरना प्रदर्शन करके उल्टा पुलिस कर्मियों को लाइन अटैच करवा दिया । इस सम्पूर्ण वारदात का प्रमाणित वीडियो जो की सूचना के अधिकार मे रॉंझी थाना से मिल रहा है , कल मैं स्वयं पोस्ट करूंगा । मेरा प्रश्न रांझी थाना प्रभारी और पुलिस कप्तान जबलपुर से है की क्या पुलिस इतनी कमज़ोर हो गई की जाली दस्तावेज बनाने वाले यूसुफ के दबाव में पुलिस कर्मचारी सस्पेंड किए जावेंगे । रांझी थाना का स्टाफ विधायक कि अन्यायपूर्ण कार्यवाही से घोर निराशा में है , यदी कोई निराश होकर आत्मघाती कदम उठाता है , तो केंट विधायक अशोक रोहाणी जिम्मेदार होंगे ।युवा क्रांति रांझी की जनता को लेकर निर्दोष पुलिस कर्मियों के समर्थन में शीघ्र जन आंदोलन करेगी । इस मामले की एक लाख कॉपीज बनाकर जबलपुर से लेकर भोपाल और दिल्ली भेजा जाएगा, जिससे केंट विधायक का रोहिंग्या प्रेम केंद्रीय नेतृत्व कीजानकारी में आए , साथ ही केंट विधानसभा की जनता के सामने भी आए ।

अब सिर्फ स्मृतियों में रहेंगी स्मृति ईरानी…’, महराजगंज में बोले छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल

Now Smriti Irani will remain only in memories…’, said former Chhattisgarh CM Bhupesh Baghel in Maharajganj. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इंडी गठबंधन के प्रत्याशी वीरेंद्र चौधरी के पक्ष में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्हाेंने कहा कि मैं बनारस घूम कर आया हूं। जिस दिन से प्रियंका गांधी का रोड शो हुआ है वहां का माहौल इंडी गठबंधन के पक्ष में हो गया है। इस धार्मिक नगरी में लोग इतिहास बनाने जा रहे हैं । महराजगंज। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को महराजगंज के निचलौल कस्बे में आयोजित जनसभा में भाजपा पर हमलार दिखे। कहा कि जिस दिन से इंडी गठबंधन बना है भाजपा डरी हुई है। राहुल गांधी, अखिलेश यादव, प्रियंका व डिपंल के दौरे से यूपी का माहौल बन गया है। स्मृति ईरानी अब सिर्फ स्मृतियों में ही रहेंगी, उनका सिलेंडर गोल हो चुका है। इंडी गठबंधन के प्रत्याशी वीरेंद्र चौधरी के पक्ष में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्हाेंने कहा कि मैं बनारस घूम कर आया हूं। जिस दिन से प्रियंका गांधी का रोड शो हुआ है , वहां का माहौल इंडी गठबंधन के पक्ष में हो गया है। इस धार्मिक नगरी में लोग इतिहास बनाने जा रहे हैं । कहा कि बनारस के लोग नरेन्द्र मोदी को गुजरात भेजने जा रहे हैं। भाजपा सरकार ने सभी नेताओं को डराने- धमकाने का काम किया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी जेल भेज दिया गया। यह सब जनता देख रही है। जब संविधान बदलने की बात उठी तो जनता इसके विरुद्ध खड़ी हो गई। जब जनता खड़ी होती है, तो बड़े- बड़े सूरमा धराशायी हो जाते हैं। उन्‍होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में यह लड़ाई जनता लड़ रही है। लोगों ने इसे अपने हाथ में ले लिया है। छह चरण के चुनाव में वहां के मतदाताओं ने अपनी आहुति दी है, अब महराजगंज के लोगों की बारी है। इंडी गठबधन के प्रत्याशी को जिता कर जिले के विकास का मार्ग प्रस्त करें। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत, विधान परिषद के पूर्व सभापति गणेश शंकर पांडेय, पूर्व विधायक अमन मणि त्रिपाठी, सुशील टिबड़ेवाल, तलत अजीज, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शरद कुमार सिंह, सपा जिलाध्यक्ष विद्यासागर यादव, आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष रामकुमार पटेल, नपा अध्यक्ष पुष्पलता मंगल,निर्मेष मंगल, राजू कुमार गुप्ता व हरेंद्र कृष्ण त्रिपाठी उपस्थित रहे।

पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं को गहलोत ने बताया नकारा, निकम्मा और गद्दार

Gehlot called the leaders who left the party useless, worthless and traitors. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए नेताओं को अवसरवादी, नकारा, निकम्मा और गद्दार करार दिया है। गहलोत ने कहा ऐसे लोग भी पार्टी में रहते हैं। इससे पहले भी गहलोत ने ऐसे नेताओं को नॉन परफॉर्मिंग एसेट कहा था। जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए नेताओं को अवसरवादी, नकारा, निकम्मा और गद्दार करार दिया है। गहलोत ने कहा ऐसे लोग भी पार्टी में रहते हैं। इससे पहले भी गहलोत ने ऐसे नेताओं को नॉन परफॉर्मिंग एसेट कहा था। गहलोत में सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जो लोग पार्टी छोड़कर गए हैं उन्होंने हमारी पीठ में छुरा घोंपने का काम किया है। अवसरवादी, नकारा-निकम्मा यह शब्द आपस में भाई-बहन हैं। गहलोत ने कहा कि आने वाला समय युवाओं का है, युवाओं को पार्टी के लिए एसेट बनना चाहिए, हमारी पार्टी ने कई युवाओं को मंत्री बनाया था लेकिन जब उनकी जरूरत थी तब वे लोग पार्टी छोड़कर चले गए। पार्टी प्रत्याशियों को हराने का काम करते हैं कुछ लोगगहलोत ने किसी भी नेता का नाम लिया बगैर कहा कि पार्टी में ऐसे लोग भी हैं जो प्रत्याशियों को हराने का काम करते हैं लेकिन मैंने कभी भी किसी को हराने का प्रयास नहीं किया है, जो टिकट लेकर आया है अगर वह जीतता है तो इससे मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के हाथ मजबूत होंगे। भाजपा में पर्ची से सरकार बनाते हैं और प्यार-मोहब्बत से हटा देते हैंगहलोत में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा में पर्ची से सरकार बनाते हैं और प्यार-मोहब्बत से हटा देते हैं, जैसे हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर को हटाया। गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री को अच्छे सलाहकारों की जरूरत है। अगर वह दिल्ली से रिमोट कंट्रोल से चलेंगे तो ज्यादा दिन नहीं चल पाएंगे। 4 महीने से लाभार्थियों को नहीं मिल रही पेंशनपूर्व मुख्यमंत्री ने राजस्थान पत्रिका की खबर का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में 87 लाख पेंशनर्स लाभार्थियों को पिछले 4 महीने से पेंशन नहीं मिल रही है, मुख्यमंत्री व्यस्त है और कोई भी उन्हें सही फीडबैक नहीं देता है। प्रधानमंत्री की भाषा में बौखलाहटगहलोत ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री भाषा के निचले स्तर पर उतर आए हैं। उन्होंने मंगलसूत्र, संपत्ति, भैंस के बाद अब मुजरे वाला बयान दिया है। पूरी दुनिया देख रही है कि भारत में हो रहे चुनावों में किस भाषा का प्रयोग हो रहा है। गहलोत में प्रदेश में लोकसभा चुनावों में डबल डिजिट में सीटें आना का दावा करते हुए केंद्र में इंडिया गठबंधन की सरकार बहुमत से बनने की बात भी कही।

विधायक मसूद ने CM यादव को लिखा पत्र, कहा- लाउडस्पीकर को लेकर पुलिस फैला रही भ्रम 

MLA Masood wrote a letter to CM Yadav, said- Police is spreading confusion regarding loudspeaker विधायक मसूद ने सीएम को लिखे पत्र में कहा कि पुलिस गृह विभाग द्वारा जारी आदेश का हवाला देकर भ्रम फैलाया रही है कि लाउड स्पीकर पर पूर्ण प्रतिबंध है। ऐसे में सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित करें, जिससे किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।  भोपाल। चुनावी शोर खत्म होते ही प्रदेश में एक बार फिर ध्वनि विस्तारक प्रतिबंध की आवाज तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने समीक्षा बैठक में इस बात पर फिर जोर दिया है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सीएम को चिट्ठी लिखकर कहा है कि इस मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा भ्रम की स्थिति बनाई जा रही है। उन्होंने अदालत के आदेश का पालन कराने का निवेदन किया है। विधायक मसूद ने सीएम को लिखे पत्र में कहा कि आपके द्वारा 24 मई को कानून व्यवस्था की बैठक कर लाउडस्पीकर, डीजे पर नियंत्रण अभियान पुनः चलाए जाने संबंधी मौखिक निर्देश दिए गए हैं। इन निर्देशों का पालन करने के लिए पुलिस ग्रामीण अंचलों में धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकरों को बलपूर्वक हटाने का काम कर रही है। जबकि, फरवरी 2024 विधानसभा सत्र में उनके द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्रों का नियम विरूद्ध प्रयोग विषयक प्रश्न क्र.196 लगाया गया था। जिसके उत्तर में सीएम द्वारा सदन को बताया गया था कि प्रशासन द्वारा समस्त संबंधित धर्मगुरूओं से संवाद और समन्वय के आधार पर लाउड स्पीकरों को हटवाए जाने पर प्रेरित किया गया है और स्वप्रेरणा से भी लाउडस्पीकरों को उतारा गया है। निर्धारित ध्वनि सीमा (डेसिबल) का उल्लंघन करने वाले समस्त ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।  पुलिस फैला रही भ्रम विधायक मसूद ने सीएम को लिखे पत्र में कहा कि पुलिस गृह विभाग द्वारा जारी आदेश दिनांक 13 दिसंबर 2023 का हवाला देकर भ्रम फैलाया रही है कि लाउड स्पीकर पर पूर्ण प्रतिबंध है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया  कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा न्याय दृष्टांत रिट पिटीशन क्रमांक 72-98 In Re: Noise Pollution में पारित दिनांक 18 जुलाई 2005 में ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउड स्पीकर/डीजे/सम्बोधन प्रणाली) को नियंत्रण करने और आदेश का पालन करने के लिए सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित करें, जिससे किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।

किर्गिस्तान में फंसे उज्जैन के 10 से ज्यादा छात्र, जीतू पटवारी ने PM मोदी-CM मोहन से की अपील

More than 10 students of Ujjain stranded in Kyrgyzstan, Jitu Patwari appeals to PM Modi-CM Mohan MP News: जीतू पटवारी ने कहा कि किर्गिस्तान में हो रही हिंसा में उज्जैन के 10 से ज्यादा स्टूडेंट्स फंसे हैं. वो किसी भी तरह भारत वापस आना चाहते हैं. उन्होंने केंद्र सरकार से मदद की अपील की है. किर्गिस्तान (Kyrgyzstan) में हो रही ‎हिंसा के बीच मध्य प्रदेश के उज्जैन (Ujjain) के 10 से ज्यादा स्टूडेंट्स फंसे‎ हैं. ये स्टूडेंट्स इतने डरे और ‎सहमे हुए हैं कि किसी भी तरह ‎जल्द से जल्द भारत लौटना ‎चाहते हैं. छात्रों ने जानकारी दी है कि किर्गिस्तान के युवक हॉस्टल में घुसकर उनके साथ मारपीट और गाली-गलौच कर रहे हैं. इसके साथ ही उनका कमरे से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. वहीं छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) से रेस्क्यू की गुहार लगाई है. इस बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी पीएम मोदी से छात्रों को बाहर इंडिया वापस लाने की अपील की है. जीतू पटवारी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर ट्वीट कर कहा कि ‘किर्गिस्तान में हो रही हिंसा में उज्जैन के 10 से ज्यादा स्टूडेंट्स फंसे हैं. वो किसी भी तरह भारत वापस आना चाहते हैं. उन्होंने केंद्र सरकार से मदद की अपील की है.’ जीतू पटवारी ने क्या कहा?उन्होंने आगे कहा कि ‘मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है बिश्केक और आसपास के इलाकों में भारतीय स्टूडेंट्स को निशाना बनाया जा रहा है. यह बच्चे मेडिकल की पढ़ाई के लिए किर्गिस्तान में हैं. पीएम नरेंद्र मोदी जी मध्य प्रदेश के बच्चों के साथ उनके परिजन भी बहुत परेशान हैं. सरकार का त्वरित और प्रभावी दखल जरूरी है. उम्मीद है राज्य सरकार के जरिए भी आवश्यक सूचनाएं तत्काल साझा की जाएंगी, ताकि बच्चों की जल्द और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके.’ बता दें किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक और आसपास के इलाकों में इन दिनों भारतीय, पाकिस्तानी और बांग्लादेशी स्टूडेंट्स को खासतौर पर निशाना बनाया जा रहा है. भारत से कई स्टूडेंट्स मेडिकल की पढ़ाई के लिए किर्गिस्तान में हैं. इनमें उज्जैन के भी 10 से ज्यादा स्टूडेंट्स शामिल हैं. दरअसल, किर्गिस्तान में एमबीबीएस की पढ़ाई भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश के मुकाबले काफी सस्ती है, इसीलिए इन देशों के स्टूडेंट्स वहां एमबीबीएस करने पहुंचते हैं.

5वें चरण में 49 सीटों पर पोलिंग आज, राहुल गांधी, राजनाथ सहित 11 हस्तियों की साख दांव पर

Polling on 49 seats in the 5th phase today, reputation of 11 celebrities including Rahul Gandhi and Rajnath is at stake लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में सोमवार को सुबह 7 बजे शुरू होकर शाम 6 बजे तक मतदान होगा. इस चरण में विभिन्न राजनीतिक दलों के 695 उम्मीदवार प्रतिद्वंद्विता कर रहे हैं. लोकसभा चुनाव के चार चरणों के मतदान के बाद अब सोमवार को पांचवें चरण का मतदान होगा. चुनाव आयोग लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण के मतदान के लिए पूरी तरह तैयार है. सोमवार को 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 49 संसदीय क्षेत्रों में मतदान होंगे. इसके साथ ही ओडिशा विधानसभा की 35 विधानसभा सीटों के लिए भी एक साथ ही मतदान होगा. इस चरण में जिन 8 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदान होना है, वे हैं-बिहार, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल. इन राज्यों में चुनाव आयोग ने मतदान को निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए हर तरह की तैयारियां की हैं. मतदान आज सुबह 7 बजे शुरू होकर शाम 6 बजे समाप्त होगा. पांचवें चरण में उत्तर प्रदेश की 14 सीटों, महाराष्ट्र की 13 सीटों, पश्चिम बंगाल की सात सीटों, बिहार की पांच सीटों, ओडिशा की पांच सीटों, झारखंड की तीन और लद्दाख और जम्मू-कश्मीर की एक-एक सीट पर मतदान होगा. पांचवें चरण के मतदान के लिए 695 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. पांचवें चरण में कुछ प्रमुख उम्मीदवारों में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी अमेठी सीट से, कांग्रेस के राहुल गांधी रायबरेली सीट से, कैसरगंज से बृजभूषण शरण सिंह के बेटे करण भूषण सिंह, राजद नेता और पार्टी सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य सारण से, लखनऊ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, हाजीपुर से चिराग पासवान, हुगली से लॉकेट चटर्जी,नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला बारामूला से और मुंबई उत्तर से केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल चुनाव लड़ रहे हैं. पांचवें चरण के मतदान को लेकर ECI की तैयारी चुनाव आयोग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि मतदान आरामदायक और सुरक्षित वातावरण में हो, मतदान केंद्र पर्याप्त छाया, पीने के पानी, रैंप, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं मतदान केंद्र पर उपलब्ध कराई गई हैं. संबंधित सीईओ और डीईओ और राज्य मशीनरी को उन क्षेत्रों में गर्म मौसम की स्थिति का प्रबंधन करने के लिए पर्याप्त उपाय करने की सलाह दी गई है. बता दें कि अब तक लोकसभा चुनाव 2024 में मतदान केंद्रों पर लगभग 66.95% मतदान हुआ है. शेष तीन चरणों का मतदान 1 जून तक चलेगा और वोटों की गिनती 4 जून को होगी. आम चुनाव के पहले चार चरणों में 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों और 379 लोकसभा केंद्रों के लिए मतदान संपन्न हुआ है. इन सीटों पर होगी वोटिंग महाराष्ट्र: मुंबई उत्तर-पूर्व, मुंबई उत्तर-मध्य, मुंबई दक्षिण-मध्य, मुंबई उत्तर, मुंबई उत्तर-पश्चिम, मुंबई दक्षिण, ठाणे, कल्याण, पालघर, धुले, डिंडोरी, नासिक, भिवंडी. उत्तरप्रदेश: जालौन, झांसी, हमीरपुर, बांदा, कौशांबी, फतेहपुर, लखनऊ, अमेठी, रायबरेली, मोहनलालगंज, गोंडा, बाराबंकी, फैजाबाद, कैसरगंज पश्चिम बंगाल: बनगांव, बैरकपुर, श्रीरामपुर, उलुबेरिया, हावड़ा, हुगली, आरामबाग, बिहार: हाजीपुर, सीतामढी, सारण मुजफ्फरपुर, मधुबनी झारखंड: कोडरमा, हजारीबाग, चतरा ओडिशा: कंधमाल, अस्का, बरगढ़, सुंदरगढ़, बोलांगीर, जम्मू और कश्मीर: बारामूला लोकसभा सीट लद्दाख: लद्दाख लोकसभा सीट

सीएम मोहन यादव के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंची कांग्रेस

Congress reached Election Commission against CM Mohan Yadav धर्म के आधार पर वोट मांगने का लगाया आरोप कांग्रेस ने निर्वाचन आयुक्त को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री मोहन यादव को आगे चुनाव प्रचार करने से रोकने और आचार संहिता के उल्लंघन का प्रकरण दर्ज करने की मांग की। भोपाल । प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के हरियाणा के रेवाडी जिले के कौसली कस्बे में प्रचार के द्वारा धर्म के नाम पर वोट मांगने और कांग्रेस के लोगों के लिए अमर्यादित शब्दों के उपयोग पर प्रदेश कांग्रेस बिफर उठी है। इस मामले में कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखकर कार्रवाई करने की मांग की है। पार्टी ने आरोप लगाया कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह की जनभावनाओं पर ठेस पहुंचाने वाली भाषा चुनाव आदर्श आचार संहिता का घोर उल्लंघन है, इसलिए मुख्यमंत्री के विरुद्ध आचार संहिता के उल्लंघन का प्रकरण दर्ज करने के साथ चुनाव प्रचार करने से रोक लगाई जाए। यह कहा शिकायत मेंप्रदेश कांग्रेस के चुनाव आयोग संबंधी कार्यों के प्रभारी जेपी धनोपिया ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को भेजे पत्र में कहा है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने हरियाणा में गुडगांव लोकसभा क्षेत्र के रेवाड़ी जिले के कौसली कस्बा में जनसभा को संबोधित करते हुए भगवान राम के नाम पर मतदाताओं से वोट मांगे और कांग्रेस पार्टी के प्रति अपशब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि राम मंदिर बनने पर खुशी तो जाहिर की, लेकिन उनकी छाती पर सांप लोट रहे थे, जब मंदिर बन गया तो कहने लगे हमारे राम, तुम्हारे राम। साथ ही अमर्यादित शब्दों का उपयोग किया है, जो आचार संहिता का उल्लंघन है। उन्हें आगे प्रचार करने से रोकने के साथ आचार संहिता के उल्लंघन का प्रकरण दर्ज किया जाए।

इंदौर: पुलिस को मिला बम का गिरफ्तारी वारंट , पुलिस बोली कभी भी गिरफ्तार कर सकते हैं

Indore: Police got arrest warrant for bomb, police said they can arrest him anytime इंदौर के फरार BJP नेता अक्षय बम को ढूंढ़ेगी कांग्रेस: कहा- पुलिस को पकड़ना है, वही उनकी ढाल बनी हुई है; पुलिस ने ये दिया इंदौर में चुनाव के बीच BJP में आए अक्षय बम के खिलाफ कांग्रेस ने फिर घेराबंदी की कोशिश की है। कांग्रेस का कहना है कि अक्षय बम के खिलाफ इंदौर कोर्ट ने धारा 307 के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। बावजूद पुलिस उसे पकड़ने के बजाय ढाल बनकर अक्षय के घर पहरेदारी कर रही है। यह कोर्ट के आदेश के साथ कानून का भी मजाक है। इसलिए अब कांग्रेस अपने 55 नेता-कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर अक्षय को ढूंढ़ने निकलेगी। जहां भी दिखाई देंगे, उनका पीछा करेंगे और वीडियो बनाकर पुलिस, मप्र सरकार के साथ कोर्ट को भी भेजेंगे। दरअसल, भाजपा नेता अक्षय बम के खिलाफ जमीन विवाद में 2007 में मारपीट, बलवे का केस दर्ज था। कांग्रेस ने उन्हें लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाया था। चुनावी माहौल के बीच फरियादी के आवेदन पर पुराने मामले में अप्रैल 2024 में बम के खिलाफ धारा 307 (हत्या का प्रयास) की धारा बढ़ा दी गई। कथित दबाव और घेराबंदी होते देख अक्षय बम ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और रमेश मेंदोला के जरिए नाम + वापस लिया और 29 अप्रैल को ही भाजपा जॉइन कर ली थी। इस जमीन विवाद के केस में 10 मई को सुनवाई हुई तो अक्षय कोर्ट से गैरहाजिर रहे। इस पर कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया था। बावजूद, 6 दिन बाद भी पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई है। दूसरी तरफ, इंदौर पुलिस ही अक्षय बम के साकेत चौराहा स्थित घर की पहरेदारी कर रही है। कांग्रेस ने इन 55 नेताओं-कार्यकर्ताओं की बनाई टीम कांग्रेस के उड़नदस्ते में देवेंद्र सिंह यादव, विवेक खंडेलवाल, गिरीश जोशी, मुकेश ठाकुर, हिमांशु यादव, गट्टू यादव, नीतिश भारद्वाज, राजू पाल, जय शुक्ला, भूपेंद्र केतके, जगदीश जाम्बेकर, दिलीप ठक्कर, दिनेश तंवर, विनोद जगताप, पी. के उपाध्याय, आलमगीर मंसूरी, राजीव शर्मा, यशपाल गहलोत, रमेश घाटे, चंदन सोनकिया, रवि विश्वकर्मा, पप्पू यादव, राजू बजरंगी, मोहन चौहान, अलीम शेख, सिराज खान, धर्मेंद्र ठाकुर, राजू यादव, सरफराज अंसारी, इसरार खान, राजीव शर्मा, पीयूष भीटे, शहजाद हुसैन, सुनील सिंह अवधिया, राजेश जायसवाल, विनोद वर्मा, ओमप्रकाश लाहौरी, संजय यादव, शकील ठेकेदार, घनश्याम जोशी, दानिश खान, हर्ष जैन, सरदारमल जैन, उमेश बघेल, सुधीर जैन, राजा जोगी, कालू रत्नाकर, दीपक छाबड़ा, दीपक वानखेड़े, विजय बौरासी, खलील मुल्तानी, यतींद्र वर्मा, शहजाद हुसैन और सुनील कश्यप शामिल है। सूचना के लिए पुलिस कमिश्नर का नंबर जारी किया इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष एवं मप्र राजीव विकास केन्द्र के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव ने बताया अक्षय बम को गिरफ्तार करवाने के लिए कांग्रेस ने 55 सदस्यीय निगरानी उड़नदस्ता बनाया है। यह उड़नदस्ता अपने-अपने क्षेत्रों में अक्षय बम पर निगरानी रखेगा। उनके दिखते ही पुलिस कंट्रोल रूम नंबर पर 0731-2522500 या संबंधित थाना क्षेत्र के पुलिस अधिकारी को या फिर पुलिस कमिश्नर नम्बर 7049100306, उप-पुलिस कमिश्नर नम्बर 7049100411 को देकर गिरफ्तार करवाने मे सहयोग करेगा। बम के पोस्टर भी लगाएगी शहर कांग्रेस कांग्रेस नेताओं ने बताया कि आने वाले दिनों में अक्षय कांति बम अगर नहीं मिलता है तो लापता अक्षय बम के पोस्टर शहर में कांग्रेस द्वारा लगाए जाएंगे। इसके साथ साथ ही अक्षय बम के विदेश भागने के आसार को लेकर बम के पासपोर्ट को भी निरस्त करने की मांग की जा रही है। कोर्ट में पेश नहीं होने पर गिरफ्तारी वारंट इंदौर जिला कोर्ट ने अक्षय बम और उनके पिता कांति बम के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। 17 साल पुराने मामले में उनके खिलाफ धारा 307 बढ़ाई गई थी, जिसके बाद उन्हें 10 मई को कोर्ट में पेश होना था, लेकिन वे नदारद रहे। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार शर्मा की 30 नंबर कोर्ट ने उनकी जमानत खारिज कर दी थी। यह है 17 साल पुराना मामला दरअसल, अक्षय कांति बम पर जमीन विवाद में 4 अक्टूबर 2007 को यूनुस खान के ऊपर हमला करने, मारपीट और धमकाने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। उस समय यूनुस पर गोली भी चलाई गई थी, लेकिन खजराना पुलिस ने तब FIR में हत्या के प्रयास की धारा नहीं जोड़ी थी। जिस दिन अक्षय कांति ने इंदौर लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरा उसी दिन कोर्ट के आदेश पर 17 साल पुराने इस मामले में अक्षय बम पर आईपीसी की धारा 307 लगाई गई। उन्हें इस मामले में 10 मई को कोर्ट में पेश करने का आदेश भी दिया गया था लेकिन वे नहीं पहुंचे थे। पुलिस ने कहा- अब कभी भी गिरफ्तार कर लेंगे मामले में पुलिस यही कह रही है कि हमें अक्षय बम के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट नहीं मिला था। 15 मई की रात को ही वारंट प्राप्त हुआ है। जिसकी आमद 16 मई को ली है। कभी भी गिरफ्तार कर लेंगे। 8 जुलाई तक तारीख है। इधर, सुरक्षा क्यों दी जा रही है इस पर कोई भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन देकर सुरक्षा हटाने की मांग अक्षय बम के खिलाफ 2007 में केस दर्ज कराने वाले जमीन मालिक यूनुस पटेल ने बुधवार को पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन भी दिया। इसमें अक्षय बम और कांतिलाल बम को मिली पुलिस सुरक्षा हटाने की मांग की है। कहा कि आरोपितों पर हत्या के प्रयास का गंभीर मामला है। उन्हें पुलिस सुरक्षा दिए जाने से समाज में अच्छा संदेश नहीं जा रहा है।

खरगे बोले- चार चरणों के बाद इंडिया गठबंधन मजबूत स्थिति में, मोदी की विदाई तय

Kharge said – India alliance is in a strong position after four phases, Modi’s departure is certain कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में संयुक्त प्रेसवार्ता को संबोधित किया और दावा किया कि अभी तक हुए चार चरणों के चुनाव में इंडिया गठबंधन काफी आगे है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन के बारे में जानकारी देते हुए की। उन्होंने कहा कि अब तक चार चरणों के चुनाव हो चुके हैं। इंडिया गठबंधन काफी आगे है। जनता ने नरेंद्र मोदी की विदाई तय कर दी है। कहा कि ये चुनाव विचारधारा की लड़ाई है। एक तरफ वो लोग हैं जो कुछ अमीरों के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं और दूसरी तरह गरीबों और युवाओं के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये लड़ाई आरक्षण और संविधान बचाने की लड़ाई है। ये चुनाव को देश के भविष्य को संविधान को बचाने के लिए है। संविधान बचेगा तो आरक्षण भी बचेगा। उन्होंने कहा कि तानाशाही में लोगों के वोट का अधिकार भी सुरक्षित नहीं रहेगा। भाजपा के लोग लोगों को डराकर नामांकन दाखिल नहीं कर दे रहे हैं। हैदराबाद में भाजपा प्रत्याशी मुस्लिम महिलाओं का बुर्का हटाकर देख रही है। यहां तक की बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को भी डराया जा रहा है। इन सबके बावजूद इंडिया गठबंधन आगे है। भाजपा काफी पीछे है। खरगे ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर भी निशाना साधा और कहा कि उन्होंने संविधान को बदलने की बात की थी। भाजपा के कई नेता संविधान बदलने की बात करते रहते हैं लेकिन इन सब लोगों को मोदी कभी नहीं मना करते हैं। जातीय जनगणना हमारा एजेंडाकांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हम सत्ता में आने पर जातीय जनगणना करेंगे। इससे लोगों की सामाजिक, आर्थिक स्थिति का अंदाजा लग सके। ये हम देश को कमजोर करने के लिए नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी हमारे घोषणा पत्र के बारे में झूठ फैला रहे हैं। वो बताते हैं कि कांग्रेस लोगों की संपत्ति का सर्वे करवाएगी। उन्होंने पीएम मोदी पर तंज करते हुए कहा कि वो जितना कांग्रेस को गाली देते हैं उतना तो राम का नाम नहीं लेते हैं। हम सत्ता में आएंगे तो पांच की जगह 10 किलो अनाज देंगेउन्होंने कहा कि पीएम मोदी कहते हैं कि देश के 80 करोड़ गरीबों को हम मुफ्त अनाज दे रहे हैं। उन्होंने ये नहीं बताया कि खाद्य सुरक्षा कानून तो हम लेकर आए। इंडिया गठबंधन की सरकार आएगी तो हम 10 किलो अनाज देंगे। हमने कर्नाटक में किया है तेलंगाना में किया है। प्रेसवार्ता के बाद खरगे अमेठी व रायबरेली में जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे। जबकि 17 मई को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की अमेठी व रायबरेली में संयुक्त सभा भी प्रस्तावित है। भाजपा का झूठ जितना परवान चढ़ना था चढ़ चुका हैसपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा का झूठ जितना परवान चढ़ना था चढ़ चुका है। इंडिया गठबंधन की सरकार बनने वाली है। 4 जून को प्रेस की स्वतंत्रता का दिन भी होगा। भाजपा 140 सीटें भी नहीं पा पाएगी। उनका रथ फंसा ही नहीं धंस गया है। वो अपने ही नकारात्मक नैरेटिव में फंस गए हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि इंडिया गठबंधन यूपी में 79 सीटें जीत रहा है और क्योटो (काशी) में लड़ाई में है। 4 जून को किसानों की सरकार बनेगी। बेरोजगार युवाओं की सरकार बनेगी। अखिलेश बोले- अपना वोट बर्बाद न करें बसपा के लोगबसपा द्वारा इंडिया गठबंधन के खिलाफ प्रत्याशी चुनाव में उतारने पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि मैं यही अपील करूंगा कि बहुजन समाज के लोग जो बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर में आस्था रखते हैं, जो उनके बनाए हुए संविधान को बचाना चाहते हैं वे अपना वोट खराब न करें। इंडिया गठबंधन की मदद करें जिससे लोकतंत्र को मजबूत किया जा सके। कांग्रेस अध्यक्ष बोले- भाजपा 200 पार नहीं कर पाएगीकांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल पूछने पर कहा कि भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के लिए जितनी सीटें चाहिए वो हम लेकर आ रहे हैं। भाजपा 200 सीटें पार नहीं कर पाएगी। आरक्षण खत्म करने के लिए 400 का नारा दे रही भाजपाकांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा कि भाजपा 400 सीटें जीतने का नारा इसलिए दे रही है जिससे कि आरक्षण को खत्म किया जा सके। इंडिया गठबंधन की सरकार आएगी तो हम आरक्षण की सीमा बढ़ाएंगे और जो वर्तमान में है उसे जारी रखेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा कि बेरोजगारी एक मुद्दा है। भाजपा इस पर जवाब नहीं दे रही है इसलिए युवाओं में निराशा है। अखिलेश यादव ने कहा कि इंडिया गठबंधन की इस पर सहमति है कि जो सरकारी पद खाली हैं उन्हें भरा जाएगा।

कांग्रेस नेता पर जानलेवा हमला, घर में भी तोड़फोड़, लोगों के खिलाफ FIR

Deadly attack on Congress leader in Indore, house also vandalized, FIR against people बब्बू यादव का दावा है कि मतदान केंद्र पर उनका कुछ लोगों के साथ झगड़ा हो गया था, जो वहीं पर सुलझ गया था. हालांकि, शाम को कुछ लोग उनके घर पर आए और पत्थर से हमला किया. इंदौर ! सोमवार (13 मई) को वोटिंग थी जिसके बाद स्थानीय कांग्रेस नेता के घर पर दो दर्जन से ज्यादा हथियारबंद बदमाशों ने हमला कर दिया. बताया जा रहा है कि आरोपी घर में चाकू लेकर घुसे और उन्होंने बाहर से पत्थर उठाकर ऑफिस के दरवाजे पर दे मारे. इसका सीसीटीवी भी वायरल हुआ था. वहीं घर का कांच भी आरोपियों ने तोड़ दिया. बदमाशों द्वारा की गई यह घटना वहां पर लगे हुए कैमरा में कैद हो गई है. इस पूरे मामले में कांग्रेस नेता ने हत्या की कोशिश करने का आरोप बदमाशों पर लगाया. वहीं, कांग्रेस नेता यादव देर रात पुलिस थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज करवाई. मतदान के दौरान हुआ विवाद घर तक पहुंचासोमवार को इंदौर में मतदान वाली देर शाम नंदा नगर इलाके में वाद विवाद सामने आया. यहां पर परदेसीपुरा थाना क्षेत्र के कांग्रेस नेता बब्बू यादव की मतदान केंद्र पर कुछ लोगों से बहस हो गई थी. इस बहस के बाद मामला ठंडा हो गया लेकिन कुछ देर बाद हथियार लेकर कुछ बदमाश बब्बू यादव के घर पहुंच गए. वहां खड़े हुए लोग कुछ समझ पाते इससे पहले आरोपियों ने पत्थर और चाकू से हमला शुरू कर दिया और घर में जमकर तोड़फोड़ की. इधर हमले के बाद बब्बू यादव परदेशीपुरा पुलिस थाने पहुंचे और लखन जाट, सूरज जाट सहित दो दर्जन बदमाशों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई. राजू भदोरिया ने बचाई बब्बू यादव की जानशिकायत पर पुलिस ने लखन जाट, सूरज जाट, मंटू यादव, आशीष पाल, हेमंत पर नामजद कायमी की है. इस मामले में मीडिया से चर्चा करते हुए बब्बू यादव ने कहा कि जो लोग उनके घर हमला करने आए थे, वह उन्हें जान से मारना चाहते थे. इस पूरे घटनाक्रम में स्थानीय नेता चिंटू चौकसे और राजू भदोरिया ने उनकी जान बचाई. ऐसा बब्बू यादव ने मीडिया को बताया. इधर इस पूरे मामले में एक युवती ने भी सूरज जाट नामक आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ करने का आरोप दर्ज करवाया है. उसने कहा कि बदमाश ने हमला किया, उसका हाथ पकड़ा और उसके साथ छेड़छाड़ की और कपड़े खींच दिए. वहीं उसने खुद को जान से मारने की कोशिश का आरोप भी बदमाशों पर लगाया. बता दें कि लखन जाट और सूरज जाट क्षेत्र के नामी गुंडे हैं और इन पर कई बड़े मामले भी दर्ज हैं. कांग्रेस नेता के खिलाफ भी हुई शिकायतपरदेशीपुरा थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इस पूरे प्रकरण में पुलिस ने क्रॉस एफआईआर भी दर्ज की है और कांग्रेस नेता बब्बू यादव पर भी शिकायत दर्ज की गई है. बब्बू यादव पर धमकाने और मारपीट करने का केस अमन यादव द्वारा लगाया गया है. जिसमें यह शिकायत की गई. अमन का कहना है कि वह नंदा नगर कनकेश्वरी मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंचा था इस दौरान वोट डालने के बाद जब वह बाहर आया तो बब्बू यादव से उसका आमना सामना हुआ अमन ने बब्बू यादव से पूछा कि वह यहां पर क्यों खड़ा है, जाकर अपना काम करें. इस बात को लेकर अमन और बब्बू में विवाद हुआ विवाद देखते हुए लोगों ने बीच बचाव किया और अमन को बब्बू यादव से बचाया.

पांचवें चरण में 159 दागी, 227 करोड़पति; उम्मीदवारों की सूची देखे

159 tainted, 227 millionaires in the fifth phase; See the list of richest candidates लोकसभा चुनाव 2024 के पांचवें चरण में कुल 695 उम्मीदवार मैदान में हैं। इन सभी उम्मीदवारों के चुनाव हलफनामों का विश्लेषण किया है। 695 में से 227 उम्मीदवार करोड़पति हैं। वहीं, पांचवें चरण में चुनाव लड़ रहे 159 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। देश में इस वक्त चुनाव की सरगर्मी है। 19 अप्रैल से लेकर 1 जून तक सात चरणों में लोकसभा के चुनाव हो रहे हैं। तीन चरणों के लिए मतदान हो चुका है जबकि चौथे चरण का मतदान सोमवार को हो रहा है। पांचवें चरण के नामांकन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। पांचवें चरण में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण किया है। इस चरण में कुल 695 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं जिनके शपथपत्रों का विश्लेषण किया गया है। उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि 695 में से 159 (23 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। 122 (16 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। तीन उम्मीदवारों ने अपने ऊपर दोषसिद्ध मामले घोषित किए हैं। चार उम्मीदवारों ने अपने ऊपर हत्या (आईपीसी-302) से जबकि 28 उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ हत्या के प्रयास (आईपीसी-307) से जुड़े मामले घोषित किए हैं। महिलाओं के ऊपर अत्याचार से जुड़े मामले घोषित करने वाले उम्मीदवार 29 हैं। इन 29 में से एक उम्मीदवार के ऊपर दुष्कर्म (आईपीसी-376) से जुड़ा मामला दर्ज है। इसके अलावा, भड़काऊ भाषण से जुड़े मामले घोषित करने वाले कुल 10 उम्मीदवार हैं। दलवार आंकड़े क्या हैं? पांचवें चरण में सपा के सभी 10 में से पांच उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। वहीं, शिवसेना के छह में से तीन, एआईएमआईएम के चार में से दो, भाजपा के 40 में से 19, कांग्रेस के 18 में से आठ, टीएमसी के सात में से तीन, शिवसेना (यूबीटी) के आठ में से तीन और राजद के पांच में से एक उम्मीदवार के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। उम्मीदवारों की संपत्ति का लेखा-जोखा 695 में से 33 प्रतिशत यानी 227 उम्मीदवार करोड़पति हैं। सबसे ज्यादा भाजपा के 36 उम्मीदवार करोड़पति हैं। एआईएमआईएम के चार में से दो उम्मीदवार करोड़पति हैं। चुनावी हलफनामों में इन प्रत्याशियों ने एक करोड़ से ज्यादा की संपत्ति घोषित की है। लोकसभा चुनाव 2024 के पांचवें चरण में हर उम्मीदवार के पास औसतन 3.56 करोड़ की संपत्ति है। दलवार आंकड़ों पर गौर करें तो एनसीपी (शरद गुट) के दो उम्मीदवारों की सबसे ज्यादा औसतन संपत्ति 54.64 करोड़ की संपत्ति है। सबसे अमीर प्रत्याशी पांचवें चरण में सबसे ज्यादा संपत्ति घोषित करने वाले उम्मीदवार अनुराग शर्मा हैं। उत्तर प्रदेश के झांसी से भाजपा प्रत्याशी ने कुल 212 करोड़ की संपत्ति घोषित की है। इस मामले में दूसरे स्थान पर निर्दलीय नीलेश भगवान सांभरे हैं। महाराष्ट्र की भिवंडी सीट से चुनाव लड़ रहे सांभरे ने अपने हलफनामे में 116 करोड़ की दौलत बताई है। तीसरे सबसे धनी प्रत्याशी केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रत्याशी पीयूष गोयल हैं। महाराष्ट्र की मुंबई उत्तर सीट से चुनाव लड़ रहे गोयल की संपत्ति 110 करोड़ की है। उधर एक उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति शून्य घोषित की है। वहीं तीन उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति क्रमश 67 रुपये, 700 रुपये और 5427 रुपये बताई है। 42% उम्मीदवारों की पढ़ाई 5वीं और 12वीं के बीच तमाम उम्मीदवारों की शैक्षिक योग्यता की बात करें तो 293 (42 प्रतिशत) उम्मीदवार 5वीं और 12वीं के बीच पढ़ाई किए हुए हैं। 349 (50 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता स्नातक और इससे ज्यादा बताई है। 26 उम्मीदवार डिप्लोमा धारक हैं। 20 उम्मीदवार साक्षर जबकि पांच उम्मीदवार असाक्षर भी हैं। उम्मीदवारों की आयु के आंकड़े देखें तो 207 (30 प्रतिशत) उम्मीदवार 25 से 40 वर्ष के बीच के हैं। 384 (55 प्रतिशत) प्रत्याशी 41 से 60 वर्ष के बीच हैं। 103 (15 प्रतिशत) उम्मीदवारों की आयु 61 से 80 वर्ष है। एक प्रत्याशी ने अपनी आयु 82 वर्ष बताई है। पांचवें चरण के चुनाव में महिला प्रतिनिधित्व देखें तो इसमें 695 में से 82 यानी महज 12 प्रतिशत महिला उम्मीदवार हैं।

राहुल गांधी बोले- रायबरेली मेरी दो माताओं की कर्मभूमि है इसलिए मैं यहां चुनाव लड़ने आया हूं

Rahul Gandhi said – Rae Bareli is the workplace of my two mothers, that is why I have come here to contest elections. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को रायबरेली में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि रायबरेली इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी मेरी दोनों माताओं की कर्मभूमि है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी रायबरेली में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। सोमवार को उन्होंने जिले के महाराजगंज में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मेरी दो माताएं हैं। एक सोनिया गांधी और दूसरी इंदिरा गांधी जिन्होंने मेरी रक्षा की है। मुझे सिखाया है।रायबरेली मेरी दोनों माताओं की कर्मभूमि है। इसलिए मैं यहां से चुनाव लड़ने आया हूं। राहुल ने कहा कि रायबरेली से हमारे परिवार का रिश्ता 100 साल पुराना है। यह चुनाव इतिहास का पहला चुनाव है जिसमें संविधान की रक्षा की लड़ाई कांग्रेस लड़ रही है। भाजपा और आरएसएस संविधान की किताब फाड़ डालेंगे और गरीबों के सारे रास्ते बंद हो जाएंगे। प्रधानमंत्री और भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि यह अडानी और अंबानी की सरकार बनाने जा रहे हैं। इन दो लोगों के लिए ही संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा नरेंद्र मोदी ने दस साल में 16 लाख करोड़ रुपया 22 अरबपतियों को दे दिया। यह पैसा 70 करोड़ लोगों की इनकम जितना है। यह लड़ाई गरीबों की रक्षा के लिए है। सरकार बनी तो हर महिला के खाते में प्रतिमाह 8500 रुपया भेजेंगे। हर माह की पहली तारीख को खटाखट पैसा खाते में गिरेगा। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने युवाओं को बेरोजगार कर दिया है। इंडिया गठबंधन की सरकार बनने पर हर युवा को अप्रेंटिसशिप मिलेगी। इस तरह पहली नौकरी पक्की। पब्लिक सेक्टर हो या सरकारी विभाग सरकार बनते ही ठेकेदारी प्रथा बंद होगी। इस दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जनसभा में एक साथ दिखे। दोनों को एक साथ मंच पर देख भीड़ का उत्साह हिलोरे लेता दिखा। जनसभा के जरिए राहुल और प्रियंका ने भाजपा को ताकत का अहसास कराया।

पीठासीन अधिकारी ने लगाए PM मोदी के नारे, BJP के पक्ष में वोट भी मांगे, वीडियो वायरल

Presiding officer raised slogans against PM Modi, also asked for votes in favor of BJP, video goes viral उज्जैन लोकसभा सीट पर मतदान के दौरान की एक वीडियो वायरल हो रही है. इस मामले में पार्टी विशेष के पक्ष में एक मतदान दल वोट करने की अपील कर रहा है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के शहर उज्जैन में पीठासीन अधिकारी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में नारे लगाकर भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मतदान की अपील करने का आरोप लगा है. कांग्रेस प्रत्याशी महेश परमार के जरिये आरोप लगाए जाने और एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कलेक्टर नीरज कुमार सिंह पीठासीन अधिकारी को हटा दिया है. इसके अलावा मामले की जांच के आदेश भी दिए गए हैं. कांग्रेस प्रत्याशी महेश परमार ने आरोप लगाया कि बूथ क्रमांक- 37 पर जो पीठासीन अधिकारी मौजूद थी, वे मोदी मोदी के नारे लगाकर मतदाताओं को भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मतदान की अपील कर रही थी. कांग्रेस ने दर्ज कराई आपत्तिइसके बाद जब कांग्रेस के नेताओं को कार्यकर्ताओं ने आपत्ति दर्ज कराई तो उन्होंने माफी मांग कर अपना गुनाह भी कबूल कर लिया. पूरा मामले की शिकायत निर्वाचन आयोग से की गई है. उज्जैन के जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने कहा कि कांग्रेस की ओर से शिकायत प्राप्त हुई है जिसके बाद पीठासीन अधिकारी को हटा दिया गया है. ‘गलती हो गई अब नहीं करेंगे’शिकायत पर जांच भी शुरू कर दी गई है. अगर पीठासीन अधिकारी दोषी पाई गई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. महिला पीठासीन अधिकारी का सोशल मीडिया पर कांग्रेस ने एक वीडियो वायरल किया है, जिसमें वह यह बोलती हुई नजर आ रही हैं कि अब नहीं करेंगे. इस वीडियो को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी को घेरने की कोशिश की है. कांग्रेस प्रत्याशी महेश परमार ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार पूरी मशीनरी तंत्र का उपयोग कर लोकसभा चुनाव जीतना चाहती है, लेकिन जनता उनके मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगी.

केजरीवाल को CM पद से हटाने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज, पीठ ने कहा- हमारे पास कानूनी अधिकार नहीं

The petition to remove Kejriwal from the post of CM was rejected in the Supreme Court, the bench said – we do not have the legal right. इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता पूर्व आप विधायक संदीप कुमार को फटकार लगाते हुए इस याचिका को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा था कि न्यायिक व्यवस्था का मजाक ना उड़ाएं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक और राहत मिली। दिल्ली हाईकोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने भी केजरीवाल को मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग को लेकर दायर याचिका खारिज कर दी है।शीर्ष अदालत का कहना है कि उसके पास केजरीवाल से सीएम पद से हटने के लिए पूछने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। दिल्ली हाईकोर्ट में हुई थी याचिका खारिजइससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता पूर्व आप विधायक संदीप कुमार को फटकार लगाते हुए इस याचिका को खारिज कर दिया था। साथ ही याचिकाकर्ता पर कोर्ट ने 50 हजार का जुर्माना भी लगाया था। कोर्ट ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा था कि न्यायिक व्यवस्था का मजाक ना उड़ाएं।दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा था कि ऐसा कोई आदेश है कि जिसमें हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट ने किसी सीएम को हटाने का निर्देश दिया। पीठ ने कहा था, ‘आप याचिका दाखिल कर कोर्ट का समय को बर्बाद कर रहे हैं। हम आप पर भारी जुर्माना लगा रहे हैं। कोर्ट के अंदर राजनीतिक भाषण न दें, भाषण देने के लिए गली के किसी कोने में जाएं।’ कोर्ट ने कहा था कि आपके याचिकाकर्ता राजनीतिक व्यक्ति होंगे, लेकिन अदालत राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के आधार पर नहीं चलता।

‘रायबरेली का MP देश का प्रधानमंत्री बनने वाला है’, पप्पू यादव

‘Rae Bareli’s MP is going to become the Prime Minister of the country’, Pappu Yadav Pappu Yadav Post: कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने पोस्ट कर जानाकरी दी है कि चुनाव प्रचार के लिए वो रायबरेली पहुंच गए हैं. उन्होंने दावा किया है कि राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे. बिहार के कांग्रेस नेता पप्पू यादव (Pappu Yadav) यूपी के रायबरेली पहुंचे हैं, जहां वो कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे. इस बात की जानाकरी शनिवार (11 मई) को उन्होंने खुद अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर दी है. रायबरेली में चुनाव प्रचार करेंगे पप्पू यादव दरअसल लोकसभा चुनाव को लेकर तमाम पार्टियां अपने पक्ष में वोट बटोरने के लिए इस शिद्दत की गर्मी में भी जी जान से जुटीं हैं. कांग्रस के चुनाव प्रचार में पप्पू यादव भी काफी एक्टिव हैं. पप्पू यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि वो 44 साल रायबरेली आए हैं, रायबरेली का एमपी देश का प्रधानमंत्री बनने वाला है. इसे लेकर लोगों में काफी उत्साह है. पप्पू ने अपनी पोस्ट में लिखा, रायबरेली आ गया हूं, 44 साल बाद रायबरेली का MP देश का प्रधानमंत्री बनने वाला है. जबरदस्त उत्साह है. राहुल गांधी जी पांच लाख से भी अधिक वोटों के अंतर से जीतेंगे! कोई अचरज नहीं होगा अगर सारे रिकॉर्ड टूट जाएं!” रायबरेली सीट से चुनावी मैदान में राहुल गांधी राहुल गांधी यूपी की रायबरेली सीट से चुनावी मैदान में हैं. उनका मुकाबला बीजेपी से दिनेश प्रताप सिंह से है. हालांकि पहले चर्चा थी कि वह अमेठी सीट से भी चुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन अमेठी सीट कांग्रेस उम्मीदवार किशोरी लाल शर्मा को दे दी गई है. राहुल गांधी भी वायनाड सीट से उम्मीदवार हैं. यह पहली बार है कि राहुल गांधी रायबरेली सीट से चुनाव लड़ेंगे. इस सीट से उनकी मां सोनिया गांधी हमेशा चुनाव लड़तीं थीं, लेकिन उनके राज्यसभा जाने के बाद ये सीट खाली थी. रायबरेली में पांचवे चरण में 20 मई को मतदान होगा. बता दें कि पप्पू यादव बिहार की पूर्णिया सीट से निर्दलीय खड़े हुए थे, जहां दूसरे चरण में चुनाव संपन्न हो गया है. अब वो कांग्रेस पार्टी के चुनाव प्रचार में जुट गए है. उन्होंने ऐलान किया है कि जब तक जिंदा रहेंगे कांग्रेस नहीं छोड़ेंगे. हालांकि कांग्रेस से उन्हें लोकसभा का टिकट नहीं मिल सका, क्योंकि महागठबंधन में आरजेडी ने वहां से अपना उम्मीदवार उतार दिया था, जिसके बाद पप्पू यादव ने मजबूरी में निर्दलीय चुनाव लड़ा.

यूपी में इंडिया गठबंधन का तूफान, नरेंद्र मोदी नहीं बनेंगे पीएम : राहुल गांधी

India alliance storm in UP, Narendra Modi will not become PM: Rahul Gandhi कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री नहीं बनने वाले हैं. इस बार विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की जीत होगी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार (10 मई, 2024) को दावा किया कि यूपी में ‘इंडिया’ गठबंधन का तूफान आ रहा है. आप लिखकर ले लो कि बीजेपी की यूपी में सबसे बड़ी हार होने जा रही है. यूपी के कन्नौज में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, ”10 साल नरेंद्र मोदी ने अडानी और अंबानी का नाम नहीं लिया, लेकिन जब डर गए तो अपने दो मित्रों का नाम लिया और कहा कि आकर मुझे बचाओ. ‘इंडिया’ गठबंधन ने मुझे घेर लिया है.” उन्होंने आगे कहा कि इस बार नरेंद्र मोदी पीएम नहीं बनेंगे. उन्होंने आगे कहा, ”10 से 15 दिन में आप देखना कि आपको भटकाने की कोशिश की जाएगी, लेकिन भटकना मत. हमारा मुद्दा भारत का संविधान है. इस किताब ने दलित और पिछड़ो को अधिकार दिया है.” यूपी के कन्नौज में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, ”10 साल नरेंद्र मोदी ने अडानी और अंबानी का नाम नहीं लिया, लेकिन जब डर गए तो अपने दो मित्रों का नाम लिया और कहा कि आकर मुझे बचाओ. ‘इंडिया’ गठबंधन ने मुझे घेर लिया है.” उन्होंने आगे कहा कि इस बार नरेंद्र मोदी पीएम नहीं बनेंगे. उन्होंने आगे कहा, ”10 से 15 दिन में आप देखना कि आपको भटकाने की कोशिश की जाएगी, लेकिन भटकना मत. हमारा मुद्दा भारत का संविधान है. इस किताब ने दलित और पिछड़ो को अधिकार दिया है.”

‘जिसकी 2 पत्नियां उसे कांग्रेस हर साल देगी 2 लाख रुपये’, कांतिलाल भूरिया के बयान से गरमाई सियासत

‘Congress will give Rs 2 lakh every year to the one who has two wives’, politics heated up due to Kantilal Bhuria’s statement लोकसभा चुनाव के बीच मध्य प्रदेश में कांतिलाल भूरिया के दो पत्नियों को लेकर दिए बयान से सियासत गरमा गई है. कांतिलाल भूरिया रतलाम से कांग्रेस के प्रत्याशी हैं. रतलाम ! लोकसभा चुनाव के तीन चरणों का मतदान हो चुका है. चौथे चरण की वोटिंग से पहले राजनीतिक पार्टियों के नेता जोर-शोर से चुनाव प्रचार में लगे हैं. जनता के बीच पहुंचकर उनसे वोट देने की अपील करते हुए बड़े-बड़े चुनावी वादे कर रहे हैं. इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के रतलाम से कांग्रेस उम्मीदवार कांतिलाल भूरिया का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. कांतिलाल भूरिया ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, “अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो जैसा कि हमारे घोषणापत्र में कहा गया है, प्रत्येक महिला को उसके बैंक खाते में 1 लाख रुपये मिलेंगे. घर की हर महिला को 1-1 लाख रुपये मिलेंगे, जिनकी दो पत्नियां हैं, उन्हें 2 लाख रुपए मिलेंगे.” कांतिलाल भूरिया के बयान का जीतू पटवारी ने किया समर्थनइसी सभा में मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी भी मौजूद थे. उन्होंने कांतिलाल भूरिया के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने शानदार घोषणा की है 2 पत्नियों वाले व्यक्तियों को 2 लाख रुप/s की सहायता मिलेगी. बता दें कि कांग्रेस के घोषणापत्र के अनुसार महालक्ष्मी योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली महिलाओं को इस कैटेगरी से बाहर निकलने तक 8 हजार 500 रुपये हर महीने मिलेंगे, जो एक साल में 1,02,000 रुपये होते है. क्या मतदाता आपकी जेब में है जो 400 पार कर देंगे?वहीं सभा को संबोधित करते हुए कांतिलाल भूरिया ने आगे कहा, “पीएम मोदी कहते हैं अबकी बार 400 पार तो क्या मतदाता उनकी जेब में है जो 400 पार कर देंगे.” कांतिलाल भूरिया ने पीएम मोदी को घेरते हुए कहा कि पहले वे कहते थे मुझे प्रधानमंत्री बना दो 2 करोड़ युवाओं को नौकरी दूंगा. 15-15 लाख खाते में जमा करा दूंगा. 400-500 रुपये जमा करवा के खाते खुलवा लिए, लेकिन इन खातों में एक रुपया तक जमा नहीं हुआ, बल्कि पीएम मोदी ने खाते खुलवाकर करोड़ों जमा कर लिए. बीजेपी ने साधा निशानाकांतिलाल भूरिया के बयान पर बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “प्रधानमंत्री जब कहते हैं कि आपका हक छीनकर मुसलमानों को दे दिया जाएगा तो वो इस बात को ऐसे ही नहीं कहते, कांग्रेस के नेता उनकी इस बात पर मुहर लगाते हैं और अपना असली रूप जनता को दिखाते हैं. जिस व्यक्ति की दो पत्नियां हैं, उसे दो लाख रुपये सालाना दिए जाएंगे. तुष्टिकरण के लिए बहुसंख्यक हिंदुओं को सरेआम बेइज्जत करने के लिए अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, दिग्विजय सिंह और विक्रांत भूरिया ने मंच का सहारा लेना शुरू कर दिया है.”

राजस्थान में सीटों को लेकर सचिन पायलट का बड़ा दावा, ‘BJP से ज्यादा सीटें लाएगी कांग्रेस’

Sachin Pilot’s big claim regarding seats in Rajasthan, ‘Congress will get more seats than BJP’ राजस्थान कांग्रेस नेता सचिन पायलट BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि जो बहुत ऊपर चले जाते हैं वो कभी न कभी नीचे भी आते हैं. वहीं, उन्होंने राजस्थान में कांग्रेस की जीत का दावा किया है. लोकसभा चुनाव 2024 में मतदान के तीन चरण पूरे हो चुके हैं. पहले दो चरण में ही राजस्थान की सभी 25 लोकसभा सीटों पर वोटिंग संपन्न हो गई. ऐसे में अब राजस्थान के हर राजनीतिक दलों के नेताओं का ध्यान बाकी राज्यों पर आ गया है. इसी बीच राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम और कांग्रेस नेता सचिन पायलट का बड़ा बयान आया है. उन्होंने दावा किया है कि इस बार राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस बीजेपी से ज्यादा सीटें लाने वाली है. सचिन पायलट ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘बहुत ऊपर जाने वाले एक न एक दिन नीचे भी आते हैं.’ यह बात उन्होंने बीजेपी के 400 पार के दावे को लेकर कही. सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस पहले हारती थी तो 20-21 सीटें या 50-55 सीटें लाती थी, लेकिन इस बार 70 सीटें मिली हैं. इससे जाहिर है कि कांग्रेस जीत की ओर अग्रसर है.

मोदी सरकार ने उद्योगपतियों के 16 लाख करोड़ रुपये माफ किए , राहुल गांधी

Modi government waived Rs 16 lakh crore of industrialists, Rahul Gandhi खरगोन। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने खरगोन में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने आदिवासी मतदाताओं को साधने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने आरक्षण, जातिगत जनगणना सहित कई मुद्दों पर बात रखी। राहुल गांधी के भाषण की बड़ी बातें यह आरक्षण को बचाने का चुनाव है। जो भी देश के गरीब लोगों को मिला है, सारा का सारा संविधान ने गरीबों को दिया है। अगर संविधान खत्म हो गया तो जो भी आपको अधिकार मिल हैं, सारा का सारा खत्म हो जाएगा। आपकी जमीन, जंगल गायब हो जाएगा और भारत में 22-25 लोगों का राज होगा। इन लोगों को नजग आपके जंगल और जमीन पर है। मोदी सरकार ने 16 लाख करोड़ रुपये उद्योगपतियों का माफ किया। लेकिन वे किसानों और गरीब का कर्ज माफ नहीं किया। हम देश में करोड़ों लखपति बनाने जा रहे हैं। आप जीएसटी और टैक्स देते हैं, लेकिन ये धन आपको नहीं दिया जाता। इसलिए इंडी गठबंधन सरकार महिलाओं को एक लाख रुपये सालाना देगी और तक तक दिया जाएगा तब तक परिवार गरीबी रेखा से बाहर नहीं आ जाता। हम निजी कपंनियों और सरकारी विभागों में ठेकेदारी प्रथा को खत्म करेंगे, जिससे आपको परमानेंट नौकरी मिलेगी। हम चुनाव के बाद गरीब किसानों का कर्ज माफ करने जा रहे हैं। साथ ही एमएसपी के लिए कानून बनाएंगे। छोटे व्यापारियों को खत्म कर दिया गया। नोटबंदी और जीएसटी अमीरों के लिए किया गया था। दो करोड़ युवा आज पूछ रहे हैं हमें आपने झूठ क्यों कहा।

जिन नेताओं पर पीएम मोदी लगाते थे दाग, बीजेपी की वॉशिंग मशीन में धुलते ही हो गए बेदाग

The leaders on whom PM Modi used to put allegations, became spotless as soon as they were washed in BJP’s washing machine! विषेश संवाददाता भोपाल। देश में लोकसभा चुनाव को लेकर हलचल काफी तेज है। चुनाव में भ्रष्टाचार का मुद्दा छाया हुआ है। दरअसल शराब घोटाले के आरोप में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल तिहाड़ जेल में बंद है। विपक्षी दलों का आरोप है कि बीजेपी विपक्षी दलों के नेताओं को चुन-चुनकर टारगेट कर रही है। बीजेपी में शामिल होने के बाद नेताओं से भ्रष्टाचार के आरोप हटा लिए जा रहे है। है कि 2014 के बाद से कथित भ्रष्टाचार के लिए विपक्ष के 25 नेता जो केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई का सामना कर रहे ये, बीजेपी में शामिल हुए और उनमें से 2.3 को राहत मिल गई। उनके खिलाफ जांच या तो बंद हो गई या ठंडे बस्ते में चली गई। 2014 के बाद जिन प्रमुख राजनेताओं का जिक्र किया जा राय है, वे विपक्षी दलों से बीजेपी में शामिल हो गए थे। इनमें से 10 कांग्रेस से हैं. एनसीपी और शिवसेना से चार-चार, टीएमसी से तीन, टीडीपी से वो और समाजवादी पार्टी और वाईएसआरसीपी से एक-एक नेता शामिल है। 2014 के बाद से भ्रष्टाचार की जांच का सामना कर रहे 25 विपक्षी नेता बीजेपी में शामिल हो गए, उनमें से 23 को राहत मिली 3 मामले बंद, 20 रुके ,भाजपा में शामिल होने के बाद जांच एजेंसियों से राहत पाने वाले विपक्षी नेताओं में कांग्रेस के 10, राकांपा और शिवसेना के चार-चार, तृणमूल कांग्रेस के तीन, टीडीपी के दो और समाजवादी पार्टी और वाईएसआरसीपी के एक- एक नेता शामिल हैं बीजेपी से हाथ मिलाते ही अजीत पवार की फाइल क्लोज रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 और 2023 की राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान केंद्रीय कार्रवाई का एक बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र पर केंद्रित था। 2022 में एकनाथ शिंदे गुट ने शिवसेना से अलग होकर बीजेपी के साथ नई सरकार बना ली। एक साल बाद अजित पवार गुट एनसीपी से अलग हो गया और सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन में शामिल हो गया। अजीत पवार और प्रफुल पटेल के मामले भी बंद हो गए है। कुल मिलाकर महाराष्ट्र के 12 प्रमुख राजनेता 25 की सूची में है, जिनमें से 11 नेता 2022 या उसके बाद बीजेपी में चले गए, जिनमें एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस के चार-चार शामिल है। इनमें से कुछ मामले गंभीर हैं। किन दो मामलों में कार्रवाई जारी है 25 मामलों में से केवल दो में कार्रवाई नहीं रुकी। इनमें पूर्व कांग्रेस सांसद ज्योति मिर्धा और पूर्व टीडीपी सांसद वाईएस चौधरी का है। दोनों नेताओं के बीजेपी में शामिल होने के बाद भी ईडी द्वारा ढील दिए जाने का कोई सबूत नहीं है। कम से कम अभी तक तो कोई सबूत नहीं मिला। सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग से इस बारे में कमेंट मांगने पर द इंडियन एक्सप्रेस का कहना है कि उनके सवालों का जवाब नहीं दिया। हालांकि, सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि एजेंसी की सभी जांच सबूतों पर आधारित हैं। जब भी सबूत मिलते हैं उचित कार्रवाई की जाती है। उन मामलों के बारे में पूछे जाने पर जहां आरोपी के पक्ष बदलने के बाद एजेंसी ने अपना रास्ता बदल लिया है, अधिकारी ने कहा, ‘कुछ मामलों में विभिन्न कारणों से कार्रवाई में देरी होती है। लेकिन वे खुले हैं।’ ईडी के एक अधिकारी ने कहा कि उसके मामले अन्य एजेंसियों की एफआईआर पर आधारित है। अगर अन्य एजेंसियां अपना मामला बंद कर देती हैं, तो ईडी के लिए आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता है। फिर भी, हमने ऐसे कई मामलों में आरोपपत्र दायर किए हैं। जिन मामलों में जांच चल रही है, जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी। सूची में कुछ प्रमुख नाम पवारः 2023 में एनसीपी से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हुए प्रफुल्ल पटेलः 2023 में एनसीपी से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हुए हिमेत बिस्वा सरमाः 2015 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए संजय सेठः 2019 में सपा से बीजेपी में शामिल हुए सुवेंदु अधिकारीः 2020 में टीएमसी से बीजेपी में शामिल हुए छगन भुजबलः 2023 में एनसीपी से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हुएअशोक चव्हाणः 2024 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुएनवीन जिंदलः 2024 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुएगीता कोड़ाः 2024 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुईबाबा सिद्दीकीः 2024 में कांग्रेस से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी को शारदा घोटाले में क्लीन चिट शुभेदु अधिकारी इस समय पश्चिम बंगाल में बीजेपी के कद्दावर नेता और नेता प्रतिपक्ष हैं। ममता सरकार में मंत्री रहे शुभेदु से सीबीआई ने शारदा घोटाला मामले में पूछताछ की थी। टीएमसी आरोप लगाती रही है कि जब अधिकारी टीएमसी में थे तो जांच एजेंसियां उन्हें परेशान करती थी लेकिन, बीजेपी में जाते ही उन्हें क्लीन चिट मिल गई। विपक्ष को अकेले दोष नहीं देना चाहिए, खासकर तब जब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने दिखाया है कि उसे खराब रिकॉर्ड वाले राजनेताओं को गले लगाने में कोई आपत्ति नहीं है। दाग धोना ऐसा प्रतीत होता है कि वॉशिंग मशीन अब एक सौम्य घरेलू उपकरण नहीं रह गई है। एक तरह से कहें तो यह राजनीतिक क्षेत्र में एक उपयोगितावादी उपकरण बन गया है। भारत का विपक्ष अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों को हथियार बनाने की भारतीय जनता पार्टी की प्रवृत्ति के चारे में काफी मुखर रहा है। आरोप निराधार नहीं है. 2022 में, एक अखबार की जांच से पता चला कि आश्चर्यजनक रूप से 95% राजनेता जी 2014 से प्रवर्तन निदेशालय या केंद्रीय जांच ब्यूरो के रडार पर थे, विपक्ष के थे। लेकिन, जाहिर है, उनकी दुर्दशा से बाहर निकलने का एक रास्ता है। अब उसी अखबार के नए आंकड़ों से पता चलता है कि जिन 25 विपक्षी नेताओं ने एजेंसियों की सख्ती का सामना करने के बाद भाजपा में शामिल होने का फैसला किया, उनमें से 23 राहत पाने में कामयाब रहे है। तीन मामले बंद कर दिए गए हैं, जबकि 20 अन्य में कार्यवाही प्रभावी रूप से ठंडे बस्ते में डाल दी गई है। भाजपा की शक्तिशाली वॉशिंग मशीन पर विपक्ष का तंज, जो भगवा पार्टी में शामिल होते ही भ्रष्टाचार के आरोपी नेताओं के दाग … Read more

बनते बिगड़ते समीकरण..राजधानी में भाजपा-कांग्रेस के बीच बन गए कड़े मुकाबले के हालात

The equations are getting worse…conditions for a tough contest between BJP and Congress in the capital भोपाल। भोपाल का गढ़ बन चुकी भोपाल लोकसभा सीट में मुकाबला इस बार रोचक होता दिख रहा है। अब जबकि प्रचार में एक दिन का ही समय शेष है तब भाजपा के आलोक शर्मा और कांग्रेस के अरुण श्रीवास्तव के बीच कड़े मुकाबले के आसार बन गए हैं। वजह है जातीय और दलीय आधार पर मतदाताओं का लामबंद हो जाना। कांग्रेस के अरुण प्रारंभ में मुकाबले से बाहर दिख रहे थे लेकिन कायस्थ और मुस्लिम समाज के एकजुट हो जाने के कारण वे मुकाबले में आ गए। दलितों का बड़ा वर्ग भी कांग्रेस के अरुण के साथ नजर आ रहा है। दूसरी तरफ भाजपा भोपाल में बड़ी ताकत है ही। वह पिछले दो चुनाव साढ़े तीन लाख से भी ज्यादा वोटों के अंतर से जीती है। ऐसे में उसकी पराजय के बारे में कोई कल्पना ही नहीं कर रहा था। भाजपा के पक्ष में ब्राह्मण वर्ग के साथ पिछड़े वर्ग की तमाम जातियां एकजुट दख रही हैं। स्पष्ट है कि माहौल भाजपा में पक्ष में भले हो, लेकिन मुकाबला एकतरफा नहीं है। अरुण का फोकस गांवों में, आलोक हर जगहचुनाव प्रचार पर नजर डालने से पता चलता है कि कांग्रेस के अरुण का ज्यादा संपर्क ग्रामीण क्षेत्रों में है। यहां उन्हें व्यक्ितगत तौर पर लोग जानते हैं और अच्छा इंसान मानते हैं। हालांकि शहर के कांग्रेस विधायक आतिफ अकील और आरिफ मसूद उनके लिए काम कर रहे हैं। नरेला के विधानसभा प्रत्याशी रहे मनोज शुक्ला ने माेर्चा संभाल रखा है। उनके प्रयास से प्रभावी रोड शो हो चुका है। दूसरी तरफ भाजपा के आलोक का प्रचार हर जगह दिखता है। उत्तर भोपाल और भोपाल मध्य को छाेड़कर भाजपा का शेष 6 विधानसभा सीटों में कब्जा है। कांग्रेस की तुलना में भाजपा का संगठन भी हर गांव और बूथ तक मजबूत है। इसका लाभ आलोक शर्मा को मिल रहा है। नेताओं-कार्यकर्ताओं की फौज के कारण भाजपा प्रचार में आगे दिखती है। मुद्दों के मसले पर भी वह कांग्रेस पर भारी है। जातिगत समीकरण ही ऐसे हैं, जिनकी बदौलत कांग्रेस के अरुण मुकाबले में हैं। दो-दो विधानसभा सीटों में भाजपा एक अदद जीत के लिए तरस रही कांग्रेसभोपाल लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस एक अदद जीत के लिए लंबे समय से तरस रही है। कांग्रेस हर तरह के प्रत्याशियों को आजमा चुकी लेकिन हर बार असफलता हाथ लगी है। भोपाल में पहले स्व सुशील चंद्र वर्मा जीतते थे और उनकी जीत का अंतर कभी 1 लाख से कम नहीं रहा। उनके बाद उमा भारती और स्व कैलाश जोशी भी बड़े अंतर से जीते। जोशी दूसरा चुनाव 2009 में लगभग 56 हजार वोटों के अंतर से जीते थे। यह भाजपा की सबसे छोटी जीत थी। पिछले दो चुनाव तो भाजपा ने साढ़े 3 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीते। जबकि कांग्रेस की ओर से मैदान में क्रमश: भोपाल के स्थानीय लोकप्रिय नेता पीसी शर्मा और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह थे। कांग्रेस ने लंबे समय बाद किसी कायस्थ पर दांव लगाया है। इस समाज के मतदाताओं की संख्या ढाई से तीन लाख बताई जाती है। भोपाल में आमतौर पर कायस्थ प्रत्याशी हारता नहीं है। इसलिए भी पार्टी इस बार जीत की उम्मीद कर रही है। हालांकि यह आसान नहीं है।

राहुल गांधी की चिठ्ठी मिलते ही सिद्धारमैया सरकार का बड़ा लिया एक्शन,JDS नेताओं के घर पहुंची SIT

Siddaramaiah government took big action after receiving Rahul Gandhi’s letter, SIT reached JDS leaders’ house कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पत्र में लिखा, ‘उनमें से कई महिलाएं, जो उसे भाई और बेटे के रूप में देखती थीं, उनके साथ भी हिंसक तरीके से क्रूरता की गई और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाई गई।’ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को पत्र लिखा है। इसमें जनता दल सेक्युलर के नेता प्रज्वल रेवन्ना के उत्पीड़न का शिकार हुईं पीड़िताओं को हरसंभव मदद देने को कहा गया है। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष ने सिद्धरमैया को लिखे पत्र में रेवन्ना के कृत्यों की निंदा की और उनके ऊपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का हाथ होने का आरोप लगाया। पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि उन्होंने अभी तक ऐसा जनप्रतिनिधि नहीं देखा, जिसने महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामलों पर लगातार चुप्पी साधे रखी हो। उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में कहा, ‘मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया पीड़िताओं को हरसंभव सहायता प्रदान करें।’ राहुल गांधी ने लिका, ‘वे हमारी करुणा और एकजुटता की पात्र हैं क्योंकि वे न्याय के लिए अपनी लड़ाई | लड़ रही हैं। यह सुनिश्चित करना हमारा सामूहिक कर्तव्य है कि इन जघन्य अपराधों के लिए जिम्मेदार सभी लोगों को सजा दी जाए।’ संबंधित घटनाओं को भयावह यौन हिंसा करार देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि प्रज्वल रेवन्ना ने बीते कई वर्षों में सैकड़ों महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया और उनका वीडियो बनाया। उन्होंने कहा, ‘उनमें से कई महिलाएं, जो उसे भाई और बेटे के रूप में देखती थीं, उनके साथ भी हिंसक तरीके से क्रूरता की गई और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाई गई। हमारी माताओं और बहनों से दुष्कर्म के लिए सबसे सख्त सजा दिए जाने की आवश्यकता है।’ ‘मुझे यह जानकर गहरा सदमा लगा कि…’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘मुझे यह जानकर गहरा सदमा लगा कि दिसंबर 2023 में जी देवराजे गौड़ा ने प्रज्वल रेवन्ना की हरकतों, विशेष रूप से उनके यौन हिंसा के इतिहास और वीडियो के बारे में हमारे गृह मंत्री अमित शाह को बताया था।’ उन्होंने कहा कि इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को इन वीभत्स आरोपों की जानकारी थी, लेकिन इसके बावजूद मोदी ने एक बलात्कारी के लिए प्रचार किया। राहुल ने कहा, ‘इसके अलावा केंद्र सरकार ने जानबूझकर रेवन्ना को भारत से भागने दिया ताकि जांच को नुकसान पहुंचाया जा सके। इन अपराधों की प्रकृति को देखते हुए और प्रधानमंत्री व गृह मंत्री का सिर पर हाथ होने से जद-एस नेता को मिले फायदे की कड़ी निंदा होनी चाहिए।’ राहुल बोले- प्रधानमंत्री के मौन समर्थन का खामियाजा राहुल गांधी ने आरोप लगाया, ‘अपने 2 दशकों के जनसेवा इतिहास में मैंने कभी ऐसा वरिष्ठ जनप्रतिनिधि नहीं देखा, जिसने महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर निरंतर चुप्पी साधे रखी हो। हरियाणा की हमारी पहलवानों से लेकर मणिपुर की हमारी बहनों तक सभी भारतीय महिलाओं को ऐसे अपराधियों को प्रधानमंत्री के मौन समर्थन का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।’ उन्होंने कहा कि माताओं और बहनों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ना कांग्रेस का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा, ‘मैं जानता हूं कि कर्नाटक सरकार ने इन गंभीर आरोपों की जांच के लिए SIT का गठन किया है। प्रधानमंत्री से प्रज्वल रेवन्ना का राजनयिक पासपोर्ट रद्द करने व उन्हें जल्द से जल्द भारत लाए जाने का अनुरोध भी किया है।’ SIT अधिकारी पहुंचे रेवन्ना के घर इस बीच, एसआईटी अधिकारी जद (एस) नेता एचडी रेवन्ना और प्रज्वल रेवन्ना के होलेनरसीपुरा स्थित आवास पर शनिवार को पहुंचे। मालूम हो कि एचडी रेवन्ना के खिलाफ मैसूर में अपहरण का मामला भी दर्ज कराया गया है। होलेनरसीपुरा थाने में पिता-पुत्र के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला पहले ही दर्ज किया जा चुका है। राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वर के अनुसार, बुधवार रात को एक और शिकायत दर्ज की गई। इस नए मामले में मैसुरू जिले के कृष्णराजा नगर के रहने वाले 20 वर्षीय शिकायतकर्ता ने कहा कि रेवन्ना ने उसकी मां का अपहरण कर लिया है। युवक ने कहा कि 6 साल पहले उसकी मां होलेनरसीपुरा में रेवन्ना के घर पर काम करती थीं। 3 साल पहले उन्होंने काम छोड़ दिया और अपने गृहनगर लौट आईं।

प्रज्ज्वल रेवन्ना मामले में राहुल गांधी की CM को चिट्ठी, पढ़ें

Rahul Gandhi’s letter to CM regarding Prajjwal Revanna case, read सिद्धारमैया को लिखे पत्र में कांग्रेस नेता ने प्रज्जवल रेवन्ना की आलोचना की। साथ ही मोदी पर परोक्ष हमला करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने कभी ऐसे वरिष्ठ जनप्रतिनिधि को नहीं देखा, जिसने महिलाओं के खिलाफ कथित हिंसा के खिलाफ चुप्पी साध ली हो। कर्नाटक की राजनीति में हलचल मची हुई है। कई महिलाओं से यौन शोषण के आरोप झेल रहे पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते प्रज्ज्वल रेवन्ना की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को एक पत्र लिखा है। उन्होंने अनुरोध किया है कि पीड़ितों की हरसंभव सहायता की जाए। इस पत्र का सिद्धारमैया ने जवाब दिया है। सभी पक्षों को न्याय के कटघरे में लाया जाएराहुल गांधी ने कहा, ‘मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया आप सभी पीड़ितों की हरसंभव मदद करें। यह सुनिश्चित करना हमारा सामूहिक कर्तव्य है कि इन जघन्य अपराधों के लिए जिम्मेदार सभी पक्षों को न्याय के कटघरे में लाया जाए।’ कथित हिंसा के खिलाफ चुप्पी साधीसिद्धारमैया को लिखे पत्र में कांग्रेस नेता ने दक्षिणी राज्य से सांसद रेवन्ना की आलोचना की। इसके साथ ही उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के छत्रछाया में रहने का आरोप लगाया। मोदी पर परोक्ष हमला करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने कभी ऐसे वरिष्ठ जनप्रतिनिधि को नहीं देखा, जिसने महिलाओं के खिलाफ कथित हिंसा के खिलाफ चुप्पी साध ली हो।उन्होंने कर्नाटक के सीएम से अनुरोध किया कि पीड़ितों की हर संभव मदद की जाए। गांधी ने कहा, ‘वे हमारी करुणा और एकजुटता की पात्र हैं क्योंकि वे न्याय के लिए अपनी लड़ाई लड़ रही हैं। यह सुनिश्चित करना हमारा सामूहिक कर्तव्य है कि इन जघन्य अपराधों के लिए जिम्मेदार सभी पक्षों को न्याय के कठघरे में लाया जाए।’ कठोर से कठोर सजा देने की जरूरतगांधी ने आरोप लगाया कि रेवन्ना ने कई वर्षों तक सैकड़ों महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया और उनका वीडियो बनाया। उन्होंने कहा कि कई लोग जो उन्हें भाई और बेटे के रूप में देखते थे, उनके साथ सबसे हिंसक तरीके से क्रूरता की गई और उनकी गरिमा लूट ली गई। माताओं और बहनों के साथ दुष्कर्म किए जाने के लिए कठोर से कठोर सजा देने की जरूरत है। पूर्व कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ‘मुझे यह जानकर गहरा सदमा लगा कि पिछले साल दिसंबर में हमारे गृह मंत्री अमित शाह को देवराजे गौड़ा ने प्रज्ज्वल रेवन्ना के घिनौने कारनामों के बारे में बताया था। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा इन वीभत्स आरोपों को सामने लाए जाने के बावजूद मोदी ने एक दुष्कर्मी के लिए प्रचार किया। गांधी ने आगे कहा, ‘इतना ही नहीं केंद्र सरकार ने जानबूझकर उसे भारत से भागने दिया। इन अपराधों की और प्रधानमंत्री व गृह मंत्री के आशीर्वाद से प्रज्ज्वल रेवन्ना को मिली छूट की कड़ी निंदा की जानी चाहिए।’ मौन समर्थन का खामियाजा भुगत रही महिलाएंउन्होंने आरोप लगा, ‘दो दशकों में मैंने कभी ऐसा वरिष्ठ जनप्रतिनिधि नहीं देखा, जिसने महिलाओं के खिलाफ कथित हिंसा के खिलाफ लगातार चुप्पी साध रखी हो। हरियाणा में हमारे पहलवानों से लेकर मणिपुर में हमारी बहनों तक भारतीय महिलाएं ऐसे अपराधियों के लिए प्रधानमंत्री के मौन समर्थन का खामियाजा भुगत रही हैं। गांधी ने कहा कि कांग्रेस का नैतिक कर्तव्य है कि वह हमारी माताओं और बहनों के लिए न्याय की लड़ाई लड़े। उन्होंने कहा, ‘मैं समझता हूं कि कर्नाटक सरकार ने गंभीर आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है और प्रधानमंत्री से प्रज्ज्वल रेवन्ना के राजनयिक पासपोर्ट को रद्द करने और उन्हें जल्द से जल्द भारत वापस लाने का अनुरोध किया है।’ सीएम सिद्धारमैया का जवाबकर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने राहुल गांधी के पत्र का जवाब दिया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि प्रज्जवल रेवन्ना से जुड़े मामले ने देश को बुरी तरह झरझोर दिया है। हमारी कानूनी प्रणाली में विश्वास बनाए रखने के लिए पीड़ितों को न्याय को मिलना जरूरी है। राहुल गांधी ने पत्र लिखकर पीड़ितों के लिए समर्थन पर जोर दिया है। हम निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’ यह है मामलाबता दें कि 33 वर्ष के प्रज्ज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस सुप्रीमो एचडी देवगौड़ा के पोते और विधायक व पूर्व मंत्री एचडी रेवन्ना के बेटे हैं। उनके खिलाफ कई महिलाओं के साथ यौन शोषण के आरोप लगाए गए हैं और कई इससे जुड़े कई वीडियो वायरल हो गए हैं। राज्य सरकार ने इस मामले में एसआईटी का गठन किया है। प्रज्ज्वल कर्नाटक की हासन लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जहां 26 अप्रैल को मतदान हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जैसे ही सांसद से जुड़े वीडियो सामने आने लगे, वह वोटिंग खत्म होने के बाद वह देश छोड़कर भाग गए।

पाकिस्तान आतंकी हमले करता रहा, कांग्रेस सरकार लव लेटर भेजती रही; पीएम मोदी

Pakistan kept carrying out terrorist attacks, Congress government kept sending love letters: PM Modi पीएम मोदी ने कहा जनता के एक वोट ने सब बदल दिया। एक ऐसा वक्त था जब भारत दूनियाभर में जाकर रोता था, आज वो स्थिति पाकिस्तान की है। झारखंड के पलामू में जनसभा को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला और कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थी, तब पाकिस्तान भारत में आतंकी हमलों की साजिश रचता था और कांग्रेस सरकार उन्हें लव लेटर भेजती थी और अमन की आस लगाती थी। उन्होंने कहा, वो जितने ज्यादा लव लेटर भेजते थे उतने ही आतंकी पाकिस्तान से भारत में आते थे। लेकिन फिर जनता के एक वोट ने सब बदल दिया। पीएम मोदी ने कहा, एक ऐसा वक्त था जब दुनियाभर में कमजोर कांग्रेस सरकारी की बात होती थी, आज वो स्थिति पाकिस्तान की है। आज पाकिस्तान दूनिया भर में रो रहा है और बचाओ बचाओ चिल्ला रहा है। उन्होंने कहा, कांग्रेस सरकार में बम धमाके होते थे, आतंकवादी गोलियां चलाते थे और सरकार उन्हें प्रेम पत्र भेजती थी। उनके पास ‘अमन की आस’ थी। कांग्रेस जितने लव लेटर भेजती थी पाकिस्तान उससे ज्यादा आतंकी भेजता था। पीएम मोदी ने आगे कहा कि आपके एक वोट ने मुझे इतनी ताकत दी कि मैंने आते ही कहा ‘बहुत हो गया’। ये नया भारत है, ‘घर में घुस के मारता है’। सर्जिकल और बालाकोट स्ट्राइक के तमाचे से पाकिस्तान हिल गया था। उन्होंने कहा, एक समय था जब किसी आतंकी हमले के बाद कमजोर कांग्रेस सरकार की पूरी दुनिया में दुहाई दी जाती थी। अब पाकिस्तान पूरी दुनिया में रो रहा है और चिल्ला रहा है ‘बचाओ, बचाओ’। पाकिस्तान में नेता दुआ कर रहे हैं कि कांग्रेस के शहजादा पीएम बनें। लेकिन सशक्त भारत अब केवल एक मजबूत सरकार चाहता है।”

समीकरण..राजगढ़ में दिग्विजय समर्थक कान्फिडेंट, भाजपा के रोडमल से उनके कार्यकर्ता नाराज

Equation…Digvijay supporters confident in Rajgarh, their workers angry with BJP’s Rodmal. भोपाल। छिंदवाड़ा के बाद राजगढ़ दूसरी ऐसी हाई प्रोफाइल लोकसभा सीट है, जिस पर सभी की नजर है। छिंदवाड़ा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ के कारण चर्चा में थी और राजगढ़ दिग्विजय सिंह के कारण। छिंदवाड़ा की ही तरह राजगढ़ का चुनाव भी रोचक और कड़े मुकाबले का है। छिंदवाड़ा से कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ मैदान में हैं जबकि राजगढ़ में खुद दिग्विजय कांग्रेस प्रत्याशी। छिंदवाड़ा के लिए पहले चरण में मतदान हो चुका है जबकि राजगढ़ में तीसरे चरण में 7 मई को मतदान होना है। राजगढ़ में भाजपा की ओर से सांसद रोडमल नागर फिर मैदान में हैं। दिग्विजय समर्थक सोशल मीडिया में कान्फिडेंट दिखते हैं और जीत का दावा कर रहे हैं, दूसरी तरफ भाजपा को नागर के जीत की उम्मीद है। भाजपा की तुलना में कांग्रेस की प्रचार शैली अलगराजगढ़ में भाजपा के रोडमल और कांग्रेस के दिग्वजय की प्रचार शैली में बड़ा फर्क है। दिग्विजय सिंह जब से प्रत्याशी घोषित हुए तब से ही पदयात्रा कर रहे हैं। हर दिन वे 15 से 20 किमी तक पैदल चलते हैं और रात्रि विश्राम गांव में ही करते हैं। गांव में समर्थक चंदा कर सामूहिक भोजन की व्यवस्था करते हैं और साथ बैठकर खाते हैं। इस दौरान दिग्विजय लोगों से संपर्क और बातचीत करते हैं। दिग्विजय खासतौर पर भाजपा के गढ़ों को टारगेट कर रहे हैं। दूसरी तरफ भाजपा के रोडमल नागर कभी पदयात्रा करते दिखाई नहीं पड़े। वे रोड शो पर भरोसा करते हैं और एक दिन में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने की कोशिश करते हैं। कह सकते हैं कि दिग्विजय की प्रचार शैली भाजपा के रोडमल की तुलना में ज्यादा प्रभावी है। नाराज लोगों को भी मना रहे हैं दिग्विजय राजगढ़ क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस के नेता प्रत्याशियों के लिए एकजुट नजर आते हैं। सांसद रोडमल को प्रत्यााशी बनाए जाने से लोगों में नाराजगी है। पार्टी के एक पदाधिकारी का कहना है कि कार्यकताओं को रोडमल से नाराजगी है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नहीं। इसलिए बाद में सभी लोग वोट भाजपा को ही देंगे। दिग्विजय के लिए कांग्रेस नेता भी एकजुट हैं लेकिन उनके भाई लक्ष्मण सिंह प्रचार में नहीं दिख रहे थे। खबर है कि दिग्विजय ने उन्हें मना लिया है। अब वे प्रचार में जुट गए हैं। दिग्विजय ने भाजपा की पूर्व विधायक ममता मीना को भी अपने पक्ष में कर लिया है। चाचौड़ा क्षेत्र में वे कांग्रेस का काम कर रही हैं। बता दें, कि विधानसभा में टिकट न मिलने से ममता ने भाजपा छोड़ दी थी और आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ी थीं। उन्हें लगभग 27 हजार वोट मिले थे। ममता के कांग्रेस के पक्ष में आने का लाभ दिग्विजय को मिल सकता है। राजगढ़ में इसलिए मुकाबला कड़ा लोकसभा के इस चुनाव में राजगढ़ में मुकाबला कड़ा दिख रहा है क्योंकि यह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का गृह क्षेत्र है। वे यहां से सांसद रह चुके हैं और विधायक के साथ 10 साल तक मुख्यमंत्री। इस नाते क्षेत्र में उनके पास अच्छी टीम है और अच्छा संपर्क भी। कांग्रेस एकजुट है ही। दिग्विजय की इस टीम का मुकाबला सरकार, संघ और भाजपा के बड़े संगठन से है। संघ और दिग्विजय एक दूसरे के पसंदीदा हैं। इसीलिए दिग्विजय को हराने के लिए सरकार और भाजपा संगठन के साथ संघ ने भी पूरी ताकत झोंक रखी है। दिग्विजय को राम द्रोही और मुस्लिम तुष्टिकरण का अगुवा बताया जा रहा है। जवाब में दिग्विजय खुद को सबसे बड़ा सनातनी बता रहे हैं। दिग्विजय यह भी कहते हैं कि भाजपा राम के नाम पर वोट मांगती है। उसका सनातन धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। राजगढ़ की जय-पराजय इस मुद्दे पर जनता का फैसला माना जाएगा। अमित शाह ने विधायकों को दिया यह ऑफरजैसे कमलनाथ ने छिंदवाड़ा किसी बड़े कांग्रेस नेता को नहीं बुलाया था, उसी तरह दिग्विजय भी राजगढ़ में अकेले अपनी टीम के साथ प्रचार कर रहे हैं। आज जरूर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने राजगढ़ के जीरापुर में दिग्विजय के समर्थन में सभा की है और कल शनिवार को राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आ रहे हैं। भाजपा की ओर से लगभग हर प्रमुख नेता पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव कई बार जा चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जिन कुछ क्षेत्रों में प्रचार के लिए गए हैं, उनमें राजगढ़ शामिल है। भाजपा के शीर्ष नेता अमित शाह भी राजगढ़ होकर गए हैं। उन्होंने मंच से ही विधायकों को ऑफर दिया कि जिनके क्षेत्र का परफारमेंस अच्छा होगा, आने वाले समय में उन्हें मंत्रिमंडल में जगह दी जाएगी। शाह के इस ऑफर के बाद पार्टी के सभी 5 विधायक रोडमल के लिए प्राण-प्रण से जुट गए हैं। भाजपा- कांग्रेस के बीच जातियो का बंटवारालोकसभा चुनाव में आमतौर पर राजगढ़ क्षेत्र में जातिगत आधार पर मतदान नहीं होता। बावजूद इसके भाजपा और कांग्रेस द्वारा समाजों की बहुलता को देखकर नेताओं को प्रचार के लिए तैनात किया जा रहा है। क्षेत्र में सबसे ज्यादा मतदाता सोंधिया, दांगी और तंवर समाज के हैं। ये आमतौर पर भाजपा के साथ रहते हैं। इसके बाद ब्राह्मण, यादव और मीना समाज आते हैं। इनकी भी स्थित वही है। हालांकि दिग्विजय के कारण हर समाज मे बंटवारा देखने को मिल रहा है। अनुसूचित जाति-जनजाति के मतदाताओं की तादाद भी कम नहीं है। कांग्रेस और भाजपा ने जातिगत आधार पर नेताओं को मैदान में उतार रखा है। ब्राह्मण मतदाताओं का रुझान भाजपा की ओर है और अजा-जजा वर्ग का कांग्रेस की ओर। शेष सभी जातियां भाजपा- कांग्रेस के बीच बंटी दिखाई पड़ रही हैं। ऐसे में यह कहना कठिन है कि आखिर, जीत किसके पाले बैठेगी।

लोकसभा चुनाव 2024 : कांग्रेस का जनता को गारंटी पत्र, जाने क्या?

Lok Sabha Elections 2024: Congress’s guarantee letter to the public, know what? कांग्रेस की गारंटी युवा न्याय नारी न्याय किसान न्याय श्रमिक न्याय हिस्सेदारी न्याय 1.गिनती करो – सामाजिक व आर्थिक समानता के लिए हर व्यक्ति, हर वर्ग की गिनती2.आरक्षण का हक – संवैधानिक संशोधन द्वारा 50% सीमा हटाकर SC/ST/OBC को आरक्षण का पूरा हक3.⁠SC/ST सब प्लान की कानूनी गारंटी – जितनी SC/ST जनसंख्या, उतना बजट; यानी ज़्यादा हिस्सेदारी4.जल-जंगल-ज़मीन का क़ानूनी हक़ – वन अधिकार क़ानून वाले पट्टों का 1 साल में फैसला5.अपनी धरती, अपना राज – कांग्रेस उन बस्तियों को अनुसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित करेगी जहां आदिवासी सबसे बड़ा सामाजिक समूह हैं

आप सभी अवैध खनन करों हम तुम्हारे साथ है, कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना, विडियो वायरल

All of you do illegal mining, we are with you, Agriculture Minister Aidal Singh Kansana, video goes viral MP के मंत्री कंसाना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और बताया जा रहा है कि चुनावी प्रचार प्रसार के दौरान एक समाज की पंचायत में ऐदल सिंह कंसाना यह कहते हुए नजर आ रहे हैं। ग्वालियर चंबल अंचल में लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना चुनावी पंचायत में कथित तौर से लोगों से कह रहे हैं कि चुनाव के बाद न तो किसी का पत्थर का ट्रैक्टर पकड़ा जाएगा न रेत का। अगर किसी का ट्रैक्टर पकड़ा जाए तो मुझे फोन करना, मेरी जवाबदारी है। कंसाना एक वायरल वीडियो में ये सब कहते दिख रहे हैं। वीडियो नूराबाद क्षेत्र स्थित करह धाम मंदिर परिसर का बताया जा रहा है। वीडियो में वे लोगों से कह रहे हैं, ‘हमें मालूम है कि हमारे लोग धंधा करते हैं। पत्थर का, रेत का ये अपराध नहीं है। अगर इसको नहीं करेंगे तो हमारे समाज के लोग, रिश्तेदार गलत काम यानी चोरी- चपाटी में चले जाएंगे। उससे हमारे समाज की बदनामी होगी, बच्चों की जिंदगी खराब होगी।’ कंसाना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और बताया जा रहा है कि चुनावी प्रचार प्रसार के दौरान एक समाज की पंचायत में ऐदल सिंह कंसाना यह कहते हुए नजर आ रहे हैं। बता दें कि चंबल रेत माफियाओं के लिए पूरे प्रदेश भर में जाना जाता है। सुप्रीम कोर्ट की पाबंदी के बावजूद भी यहां पर आज तक सरकार से लेकर प्रशासन अवैध उत्खनन को नहीं रोक पाया है और जिस अधिकारी ने इन माफिया को रोकने की कोशिश की है उसे मौत के घाट उतार दिया गया है। मुरैना में लगातार बढ़ रहे अवैध उत्खनन को लेकर सबसे ज्यादा आवाज कृषि मंत्री कंसाना पर लगाते रहे हैं और विपक्ष भी लगातार इन्हीं पर आरोप लगाता रहा है। ऐसे में कृषि मंत्री कंसाना का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और विपक्ष को इस चुनाव में एक बड़ा मुद्दा मिल गया है।

पीएम मोदी पर राहुल गांधी का आरक्षण वाला अटैक, ‘बैक डोर से नौकरियां खत्म ‘

Rahul Gandhi’s reservation attack on PM Modi, ‘Jobs are being destroyed through back door’ राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस की गारंटी देश के युवाओं के लिए है, जिसमें हम सभी युवाओं को भर्ती की गारंटी देते हैं. इसके तहत केंद्र में करीब 30 लाख खाली पदों को भरा जाएगा. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया है. उन्होंने आरक्षण को लेकर जमकर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी के आरक्षण हटाओ अभियान का मंत्र है- न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी, मतलब न रहेगी सरकारी नौकरी, न मिलेगा आरक्षण. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजपी सरकार अंधे निजीकरण से सरकारी नौकरियों को खत्म कर चुपके-चुपके दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों से आरक्षण छीन रही है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट में कहा कि नरेंद्र मोदी के आरक्षण हटाओ अभियान का मंत्र है न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी, मतलब न रहेगी सरकारी नौकरी, न मिलेगा आरक्षण. वहीं, बीजेपी सरकार अंधे निजीकरण से सरकारी नौकरियों को खत्म कर चुपके-चुपके दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों से आरक्षण छीन रही है. साल 2013 में पब्लिक सेक्टर में 14 लाख स्थायी पद थे, जो 2023 तक आते आते सिर्फ 8.4 लाख ही बचे. 6 लाख पक्की नौकरियां पब्लिक सेक्टर से हुई खत्म- राहुल गांधी राहुल गांधी ने बीजेपी को निशाने पर लेते हुए कहा कि बीएसएनएल, सेल, भेल जैसे टॉप PSU’s को बर्बाद कर लगभग 6 लाख पक्की नौकरियां सिर्फ पब्लिक सेक्टर से ही खत्म कर दी गई. उन्होंने कहा कि ये वही पद हैं जहां आरक्षण का लाभ मिलता है. सरकारी कामों को ठेके पर देकर रेलवे जैसे संस्थानों में जो नौकरियां बैक डोर से खत्म की जा रही हैं उनकी तो कोई गिनती ही नहीं है. भरे जाएंगे 30 लाख रिक्त पद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी मॉडल का निजीकरण देश के संसाधनों की लूट है, जिसके जरिए वंचितों का आरक्षण छीना जा रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की गारंटी है कि हम पब्लिक सेक्टर्स को मजबूत करेंगे और 30 लाख खाली पड़े सरकारी पदों को भर कर हर वर्ग के लिए रोजगार के दरवाजे खोल देंगे. इसके साथ ही परीक्षा के आयोजन से भर्ती होने तक की एक निश्चित समयसीमा होगी.

भाजपा ने षड्यंत्र कर बम को मजबूर किया नामांकन वापस लेने पर

BJP conspired and forced Bam to withdraw his nomination. यह तीन दबाव पड़ गए बम पर भारी 1- सबसे बड़ा दबाव बम पर महिला संबंधी मामले का था। इसमें एक पुरानी शिकायत को हवा दी जा रही थी और इसमें एक गंभीर मामले में केस दर्ज कराने की तैयारी हो गई थी। इस दबाव को बम सहन नहीं कर पाए। यह सबसे बड़ी वजह बनी। 2- खजराना थाने में 17 साल पुराने मामले में हाल ही में गवाह के बयान बाद उन पर मारपीट, जान से मारने की धमकी के बाद गंभीर धारा हत्या के प्रयास 307 को बढ़ाने की प्रक्रिया शुरु हो गई थी। यह भी एक दूसरी वजह बनी। 3- एक तीसरा कारण बीजेपी ने उनके नाम घोषित होने के बाद ही कॉलेज की गड़बड़ियों में घेरना शुरु कर दिया था। यहां पर फैकल्टी की अनियमतिता है, मरे हुए प्रोफेसर को फैकल्टी बताया है। कई फैकल्टी है ही नहीं और उनके नाम कॉलेज में बताए गए हैं। इस तरह कॉलेज की मंजूरी ही खटाई में पड़ जाती।

विधायक जी ने अपनी फॉर्च्यूनर से दुल्हा-दुल्हन को पहूंचाया घर,घर वालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

The MLA took the bride and groom to their home in his Fortuner, the happiness of the family members knew no bounds. राघोगढ़ ! दूल्हा-दुल्हन को महंगे फॉर्च्यूनर वाहन में आता देखकर परिजन भी हैरान रह गए. कांग्रेस विधायक जयवर्द्धन सिंह ने खुद ही गाड़ी का दरवाजा खोलकर नवदंपती को घर पर उतारा. जयवर्द्धन ने दुल्हन को अपनी बहन बताया. गुना जिले के राघोगढ़ में शादी सम्मेलन के बाद दूल्हा-दुल्हन बाइक पर सवार होकर घर जा रहे थे. इसी दौरान क्षेत्र में जनसंपर्क कर रहे .कांग्रेस विधायक जयवर्द्धन सिंह ने जब नवदंपती को देखा तो उन्होंने अपने वाहन को रोका और दूल्हा-दुल्हन को फॉर्च्यूनर कार में बैठाकर उनके घर तक पहुंचाया , अब इस पूरे वाकए का वीडियो अब वायरल हो रहा है. नवल धाकड़ नवविवाहिता पत्नी को साथ लेकर पूजा-पाठ करने गया था. भीषण गर्मी में बाइक सवार नवल धाकड़ और उसकी पत्नी को जब क्षेत्रीय विधायक ने देखा तो अपने फॉर्च्यूनर वाहन को रोककर  बैठने को कहा. जयवर्द्धन के साथ विधायक पंकज उपाध्याय भी मौजूद थे. दूल्हा-दुल्हन को महंगे फॉर्च्यूनर वाहन में आता देखकर नवल के परिजन भी हैरान रह गए.  जयवर्द्धन सिंह ने खुद ही गाड़ी का दरवाजा खोलकर नवदंपती को घर पर उतारा. जयवर्द्धन ने दुल्हन को अपनी बहन बताया. दूल्हा बने नवल धाकड़ ने बताया कि जयवर्द्धन सिंह शादी सम्मेलन में भी पहुंचे थे. नवल के परिजन साफा बांधकर सम्मान करने के लिए आगे बढ़े तो जयवर्द्धन ने कहा, “मैं तो आपके परिवार का हूं. पंकज उपाध्याय का सम्मान कीजिए.” जयवर्द्धन सिंह का ये वीडियो वायरल हो रहा है. महंगे वाहन में बैठकर घर तक पहुंचे नवदंपती की खुशी का ठिकाना नहीं है.

महात्मा गांधी पर, कैलाश विजयवर्गीय ने कसा तंज

Kailash Vijayvargiya took a dig at Mahatma Gandhi इंदौर में आयोजित पत्रकारवार्ता में विजयवर्गीय ने कहा कि आज कांग्रेस एसटी, एससी और ओबीसी का आरक्षण छीनकर मुस्लिमों को दे रही है। कर्नाटक में यह ऐसा कर चुकी है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह महात्मा गांधी की कांग्रेस नहीं है। यह नक्सलियों वामपंथियों और मुस्लिम लीग के लोगों से घिरी हुई है। कांग्रेस के लोग आरोप लगाते हैं कि हमने आरक्षण छीना है जबकि यह काम खुद कांग्रेस ने किया है। जिस कांग्रेस ने कश्मीर में दलितों से आरक्षण छीना और धारा 370 लगाई वह ऐसी बात करती है। यह महात्मा गांधी की कांग्रेस नहीं है। यह नक्सलियों, वामपंथियों और मुस्लिम लीग के लोगों से घिरी हुई है। कांग्रेस के लोग आरोप लगाते हैं कि हमने आरक्षण छीना है, जबकि यह काम खुद कांग्रेस ने किया है। जिस कांग्रेस ने कश्मीर में दलितों से आरक्षण छीना और धारा 370 लगाई वह ऐसी बात करती है। यह बात कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सोमवार को इंदौर में कही।

कांग्रेस नेता मोती सिंह पहुंचे हाईकोर्ट, कहा- मुझे पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया जाए

Congress leader Moti Singh reached High Court, said- I should be declared the authorized candidate of the party कांग्रेस नेता मोती सिंह पटेल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर खुद को कांग्रेस का अधिकृत प्रत्याशी घोषित करने की मांग की है। इंदौर । इंदौर में कांग्रेस पर फूटे बम से घायल होने के बाद अब कांग्रेस के नेताओं ने मोती सिंह पर दाव लगाने पर जोर तो शुरू कर दिए है। मोती सिंह ने हाईकोर्ट में मंगलवार को याचिका लगाई है और अपील की है कि उन्हें कांग्रेस का चुनाव चिन्ह आवंटित कर उम्मीदवार माना जाए। याचिका पर आज दोपहर बाद सुनवाई होने की उम्मीद है । इस मुद्दे पर गए पटेल पटेल के अधिवक्ता विवरंडेलवाल ने बताया कि मोती सिंह ने कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर में अपना नामांकन भरा था, लेकिन अक्षय बम के होने के बाद उनका फॉर्म रिजेक्ट कर दिया गया था। नियम अनुसार यदि फार्म वाले प्रत्याशी का नामांकन वापस हो जाता है तो वह फॉर्म भी दूसरे प्रत्याशी को मिलना चाहिए इसलिए उनका अधिकार बनता है कि वह कांग्रेस के औपचारिक प्रत्याशी माना जाए। इसी आधार पर हमने याचिका लगाई थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है और यह दोपहर बाद बेंच में लिस्टेड होगी। 13 मई को होना है मतदान इंदौर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए 26 प्रत्याशियों ने नामांकन फार्म जमा किए थे। जांच के बाद कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकाटी आशीष सिंह ने तीन उम्मीदवारों सुनील तिवारी (निर्दलीय), रविंद्र लोखंडे (निर्दलीय) तथा मोती सिंह (इंडियन नेशनल कांग्रेस) के नामांकन निरस्त कर दिए थे। इसके बाद 23 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। आपको बता दें कि इंदौर में 13 मई को वोटिंग होना है। भाजपा ने षड्यंत्र कर बम को मजबूर किया नामांकन वापस लेने पर, यह तीन दबाव पड़ गए बम पर भारी 1- सबसे बड़ा दबाव बम पर महिला संबंधी मामले का था। इसमें एक पुरानी शिकायत को हवा दी जा रही थी और इसमें एक गंभीर मामले में केस दर्ज कराने की तैयारी हो गई थी। इस दबाव को बम सहन नहीं कर पाए। यह सबसे बड़ी वजह बनी। 2- खजराना थाने में 17 साल पुराने मामले में हाल ही में गवाह के बयान बाद उन पर मारपीट, जान से मारने की धमकी के बाद गंभीर धारा हत्या के प्रयास 307 को बढ़ाने की प्रक्रिया शुरु हो गई थी। यह भी एक दूसरी वजह बनी। 3- एक तीसरा कारण बीजेपी ने उनके नाम घोषित होने के बाद ही कॉलेज की गड़बड़ियों में घेरना शुरु कर दिया था। यहां पर फैकल्टी की अनियमतिता है, मरे हुए प्रोफेसर को फैकल्टी बताया है। कई फैकल्टी है ही नहीं और उनके नाम कॉलेज में बताए गए हैं। इस तरह कॉलेज की मंजूरी ही खटाई में पड़ जाती।

दलबदलू देवाशीष ने बिगाड़ा फूल सिंह का गणित, कड़े मुकाबले में फंसी संध्या

Defector Devashish spoils Phool Singh’s mathematics, Sandhya trapped in tough competition मुरैना। चंबल-ग्वालियर अंचल की मुरैना सीट की तरह भिंड में भी कांग्रेस के बागी ने चुनावी समीकरण प्रभावित कर दिए हैं। मुरैना में कांग्रेस के रमेश गर्ग बसपा के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं तो भिंड से कांग्रेस के टिकट पर पिछला लोकसभा चुनाव लड़ चुके देवाशीष जरारिया ने बागी होकर बसपा के हाथी की सवारी की है। दलबदलू देवाशीष के बसपा का प्रत्याशी घोषित हाेने से पहले तक भिंड का चुनाव कांग्रेस के पक्ष में जाता दिख रहा था। पहली वजह भाजपा सांसद संध्या राय की निष्क्रियता से लोग नाराज थे और दूसरा वे पड़ोस के जिले मुरैना से हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया भिंड जिले से हैं। 4 माह पहले भांडेर से विधानसभा चुनाव बड़े अंतर से जीते हैं और उनकी छवि बड़े दलित नेता की है। अचानक देवाशीष की बगावत और बसपा के टिकट पर मैदान में उतरने से कांग्रेस का गणित गड़बड़ाया है। माना जा रहा है कि देवाशीष कांग्रेस का ज्यादा नुकसान करेंगे। बसपा ने प्रचार तेज भी किया है हालांकि तब भी मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही माना जा रहा है। भाजपा की संख्या कड़े मुकाबले में फंसी दिख रही हैं। हार के बाद भी सक्रिय रहे थे बागी देवाशीषकांग्रेस छोड़कर बसपा से चुनाव लड़ रहे देवाशीष लोकसभा का पिछला चुनाव बड़े अंतर लगभग दो लाख वोटों से हारे थे। लेकिर हार कर वे घर नहीं बैठे थे। क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे। वे पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह के नजदीक हैं। लेकिन इस बार पार्टी ने उनका टिकट काट दिया तो उन्होंने बगावत कर दी। गोविंद सिंह ने भी अपनी पहली प्रतिक्रिया में टिकट वितरण पर नाराजगी व्यक्त की थी। कांग्रेस में लगातार काम करने के कारण वे चुनाव में इस पार्टी को ही नुकसान पहुंचाएंगे। लोगों से बातचीत में भी वे वोट काटने वाले बताए जा रहे हैं। वे मुकाबले में नहीं रहेंगे लेकिन नुकसान कांग्रेस का करेंगे। इसलिए भी क्योंकि वे भी भिंड जिले से हैं, जहां से कांग्रेस प्रत्याशी बरैया हैं। विधानसभा क्षेत्रों में अलग-अलग स्थितिदो जिलों भिंड और दतिया की विधानसभा सीटों को मिला कर बने इस लोकसभा क्षेत्र में कहीं भाजपा मजबूत दिखती है तो कहीं कांग्रेस। दतिया जिले की तीन सीटों में भांडेर से फूल सिंह खुद विधायक हैं इसलिए यहां कांग्रेस बढ़त में दिखती है। दतिया में कांग्रेस ने नरोत्तम मिश्रा जैसे दिग्गज को हराया था, इसलिए यहां भी पार्टी कमजोर नहीं है। सेवढ़ा में मुकाबला बराबरी का बताया जाता है। भिंड जिले की पांच विधानसभा सीटों में से तीन भाजपा और दो कांग्रेस के पास हैं। लेकिन कांग्रेस के फूल सिंह और बसपा के देवाशीष यहां के रहने वाले हैं। भाजपा के अपने तीन विधायक हैं ही। ऐसी स्थिति में तीनों दलों को इस जिले में अच्छे वोट मिल सकते हैं पर मुकाबला भाजपा-कांग्रेस के बीच ही होना तय है। क्षत्रिय भाजपा से नाराज, ब्राह्मण-वैश्य का समर्थनभिंड क्षेत्र के जातीय समीकरणों पर नजर डालने से पता चलता है कि यहां दलित, पिछड़े, क्षत्रिय, ब्राह्मण और वैश्य वर्ग के मतदाताओं का बोलबाला है। दलित मतदाताओं का ज्यादा हिस्सा कांग्रेस और बसपा के साथ दिखाई पड़ता है। क्षत्रिय भाजपा से नाराज हैं। भिंड जिले में इनकी तादाद ज्यादा है। इनका झुकाव कांग्रेस की ओर है। ब्राह्मण और वैश्य के साथ पिछड़े वर्ग की ज्यादा जातियां भाजपा के साथ दिखाई पड़ती हैं। कांग्रेस के फूल सिंह बरैया पहले बसपा के प्रदेश प्रमुख हुआ करते थे। उन्होंने अपना अलग दल बनाकर भी दलितों के बीच ज्यादा काम किया है। हालांकि उनके कई बयान विवादास्पद रहे हैं। इसकी वजह से ब्राह्मण समाज बरैया को पसंद नहीं करता। चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी और हेमंत कटारे समाज का कितना वोट बरैया को दिला पाते हैं। यह देखने लायक होगा। कई नेता सक्रिय, कई का रुख साफ नहीभिंड लोकसभा सीट में कड़ी टक्कर के बीच कांग्रेस- भाजपा नेताओं की सक्रियता को लेकर भी चर्चा चलने लगी है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह पहले प्रत्याशी चयन को लेकर नाराज थे लेकिन अब सक्रिय नजर आ रहे हैं। फूल सिंह बरैया की नैया पार लगाने की जवाबदारी उनके कंधों पर ही है। उन्होंने ऐलान कर दिया है कि विधानसभा में हार का बदला इस चुनाव में लेंगे। चौधरी राकेश सिंह भी प्रचार में जुटे दिखते हैं। अटेर में अच्छे अंतर से जीते हेमंत कटारे भिंड की बजाय बाहर ज्यादा दिखाई पड़ते हैं। दूसरी तरफ विधानसभा चुनाव मे भाजपा से बसपा मे गए डॉ रामलखन सिंह वापस भाजपा मे आ गए हैं। भाजपा से बागी होकर बसपा से विधानसभा चुनाव लड़े रसाल सिंह ने भी बसपा छोड़ दी है। हालाकि रसाल सिंह और एक अन्य बागी मुन्ना सिंह भदौरिया का रुख अब तक साफ नही है। ये किसी का प्रचार करते नजर नहीं आ रहे हैं।

इन्दौर : कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने नामांकन लिया वापस, भाजपा की ले सकते हैं सदस्यता

Indore: Congress candidate Akshay Kanti Bam withdraws nomination, can take membership of BJP. इंदौर ! लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस उम्मीदवार अक्षय कांति बम ने आज पार्टी को झटका देते हुए अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद इंदौर सीट पर अब भाजपा के लिए मैदान लगभग साफ हो गया है उसके सामने निर्दलीय और अन्य दलों के अलावा कोई प्रत्याशी नहीं बचा। लोकसभा चुनाव से पहले ही इंदौर में कांग्रेस का बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस उम्मीदवार अक्षय कांति बम ने आज पार्टी को झटका देते हुए अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद इंदौर सीट पर अब भाजपा के लिए मैदान लगभग साफ हो गया है, उसके सामने निर्दलीय और अन्य दलों के अलावा कोई प्रत्याशी नहीं बचा। BJP की ले सकते हैं सदस्यताजानकारी के अनुसार, कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम भाजपा विधायक रमेश मेंदोला के साथ निर्वाचन कार्यालय पहुंचे थे, जहां उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और विधायक मेंदोला के साथ भाजपा कार्यालय के लिए रवाना हो गए। माना जा रहा है कि बम भाजपा की सदस्‍यता लेंगे। अक्षय कांति बोले- कांग्रेस नहीं दे रही थी साथ?नामांकन वापस लेने के बाद अक्षय कांति बम ने कहा कि जब से उन्होंने नामांकन जमा किया था, तब से ही कांग्रेस की ओर से उन्हें कोई सपोर्ट नहीं मिल रहा था। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि फॉर्म भरने के बाद से ही कांग्रेस अक्षय कांति पर दबाव बना रही थी। सूरत जैसा खेल हो सकताकांग्रेस प्रत्याशी अक्षय के नामांकन वापस लेने के बाद यहां भी सूरत जैसा खेल होने की चर्चा होने लगी है। दरअसल, इससे पहले गुजरात के सूरत में भी ऐसा ही घटनाक्रम हुआ था। वहां, कांग्रेस प्रत्याशी ने अपना नामांकन वापस ले लिया था, इसके साथ ही अन्य दलों की उम्मीदवार और निर्दलीय प्रत्याशी अपना पर्चा वापस ले चुके थे। जिसके बाद सूरत में भाजपा ने निर्विरोध चुनाव जीत लिया था।

बलात्कार पीड़िता आदिवासी बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले भाजपा के मंत्री के रिश्तेदार इसलिए संबंधित मंत्री का इस्तीफा लें मुख्यमंत्री : जीतू पटवारी

Chief Minister: Jitu Patwari, relatives of the BJP minister who raped the tribal girl, hence the concerned minister should resign. मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, रतलाम लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया एवं विधायक विक्रांत भूरिया ने आज अलीराजपुर के जोबट में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता 11 वर्षीय आदिवासी बच्ची के परिवारजनों से मुलाकात की एवं ढांढस बंधाया। पटवारी ने कहा कि दुख एवं पीड़ा के इस समय में पूरी कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है एवं हम सब इस परिवार के लिए न्याय की लड़ाई लड़ेंगे। इसके पश्चात पटवारी एवं विधायक विक्रांत भूरिया ने एक अन्यत्र स्थान पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा से जुड़े बाहुबली राजनैतिक परिवार के सदस्य ने उस बेटी की अस्मत लूटी और यहां से उस बेटी को इंदौर रेफर करना पड़ा इतनी स्थिति भयावह है, क्या मुख्यमंत्री मोहन यादव में इतनी सद्बुद्धि नही की राजनैतिक प्रभाव का दुरुपयोग हो रहा है और पीड़ित परिवार से जब मैं मिलने गया तो वहां बहनों ने मुझे बताया कि उनके साथ अक्सर ऐसी वारदातों को अंजाम दिया जाता है, इसका अर्थ यह है कि भारतीय जनता पार्टी आदिवासियों की महिलाओं और बेटियों से होने वाली दुष्कर्म और छेड़छाड़ की घटनाओं को लेकर आंख-कान बंद कर चुकी है। पटवारी ने कहा कि भाजपा और उसके विचार और हमारे मुख्यमंत्री मोहन यादव बार-बार एहसास कराते हैं कि वे आदिवासियों के विरोधी हैं। कुछ दिन पहले श्री राहुल गांधी आए थे उन्होंने महुआ बीनने वाली महिलाओं से बात की, उनके दर्द को समझा तो मोहन यादव जी ने आदिवासियों का अपमान किया, अभी 4 दिन पहले मोहन यादव जब झाबुआ में आए तो उन्होंने आदिवासियों को कहा है कि आपको फोकट का अनाज हम देते हैं यह कहकर फिर से अपमान किया, मोहन यादव बार-बार आदिवासियों का अपमान कर रहे हैं। मोहन यादव जी को माफी मांगनी चाहिए। आदिवासियों के इस अपमान के लिए आदिवासी समाज उनको कभी क्षमा नहीं करेगा। पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश आज आदिवासी बच्चियों-महिलाओं के खिलाफ अपराध में सर्वप्रथम है, इसका कारण बीजेपी सरकार के लगातार कई वर्षों का जंगलराज है। मध्य प्रदेश में 17 बहनों की रोज अस्मत लूटी जाती है। बलात्कार में मामलों में मध्य प्रदेश टॉप 3 राज्यों में शामिल है, 3 हजार से ज्यादा महिलाओं से बलात्कार के मामले पिछले वर्ष आए एवं इसमें हर साल बढ़ोतरी हो रही है खासकर आदिवासी बहनों के साथ, पीड़ित बेटी के पिता रोजगार के लिए बाहर थे यहां को यह बड़ी समस्या है झाबुआ अलीराजपुर में पलायन करना पड़ता है रोजगार के लिए यह भाजपा की सरकार है। 6459 बालिका एवम बुजुर्ग महिलाओं से कुल दुष्कर्म के मामले हुए ऐसे में मोहन यादव सरकार को चुल्लूभर पानी में डूब जाना चाहिए, ये आदिवासियों को मुफ्त अनाज की बात कहते हैं परंतु खुद के मुफ्त के हेलीकॉप्टर, हवाई जहाज, सरकारी आवास एवं अन्य सुविधाएं पर कुछ नहीं बोलते। पटवारी ने कहा कि मुझे पीड़ित परिवार से मिलकर उनकी वेदना का एहसास हुआ, बोलते हुए भी रोना आ रहा है, सरकार का ऐसा रवैया है कि पीड़ित परिवार से कलेक्टर, एसडीएम मिलने तक नही गए। जिस परिवार ने वारदात की उस परिवार को भाजपा की सरकार का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है इसलिए मुख्यमंत्री को संबंधित मंत्री का इस्तीफा लेना चाहिए अन्यथा आदिवासी विरोधी भाजपा , आरक्षण विरोधी भाजपा, संविधान विरोधी भाजपा, लोकतंत्र विरोधी भाजपा, वोट के अधिकार की विरोधी से जनता बदले लेगी। आदिवासियों के अपमान का बदला लेगी, भाजपा के राज में 2 लाख आदिवासी बहने गायब हुई उसका बदले लेगी, रोजगार के लिए पलायन का बदला लेगी,बैकलॉग के पद 20 साल से नही भरे उनका बदला लेगी, आदिवासीयों के खिलाफ टिप्पणीका बदला लेगी।

चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी को दिया झटका, कैंपेन गीत पर लगाई रोक; AAP ने केंद्र को घेरा

Election Commission gave a blow to Aam Aadmi Party, banned its campaign song; AAP surrounded the center चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी को झटका देते हुए उसके चुनावी कैंपेन सॉन्ग पर रोक लगा दी है। हाल ही में पार्टी ने अपना कैंपेन गीत लॉन्च किया था। वहीं आप ने इसे केंद्र की तानाशाही बताया है। उन्होंने कहा कि इसमें कहीं भी भाजपा का नाम नहीं है फिर इसपर रोक कैसे लगाई जा सकती है? नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका दिया है। दरअसल, आयोग ने पार्टी के कैंपेन गीत पर रोक लगा दी है। बता दें, हाल ही में पार्टी ने अपना कैंपेन गीत लॉन्च किया था। दो मिनट के इस कैंपेन सॉन्ग में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया भी दिखे थे। इस गीत को पार्टी विधायक दिलीप पांडेय ने लिखा था। वहीं आयोग के इस कदम को आप ने केंद्र की तानाशाही बताया है। आप की वरिष्ठ नेता और मंत्री आतिशी ने कहा कि कैंपेन गीत में कहीं भी भाजपा का नहीं है। चुनाव आयोग को जेल का जवाब वोट से पर आपत्ति है जो कि सरासर गलत है। इसमें कुछ भी ऐसी आपत्तिजनक बातें नहीं है जिससे गीत पर रोक लगाई जानी चाहिए। इस गीत से कहीं भी चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन नहीं हो रहा है। इसमें जो पिक्चर हैं वे सच हैं। आतिशी ने कहा कि भारत का चुनाव आयोग एक प्रतिष्ठित संस्था है। जब इसके आयुक्त टीएन शेषन थे, तब उन्होंने इसकी मर्यादा को अधिक बढ़ाया था। उन्हें देश में निष्पक्ष चुनाव कराने का श्रेय दिया जाता है। उनके काम के जरिए उन्हें आज भी याद किया जाता है। विपक्ष का प्रचार न रोके चुनाव आयोग: आतिशीउन्होंने कहा कि मैं आज के आयुक्त से यह अपील करती हूं कि वह ऐसा काम न करे जिससे आगे आनेवाले समय में 2024 के चुनाव को इस रूप में याद करे कि 2024 के चुनाव में लोकतंत्र खत्म हो गया। 2024 के चुनाव में भारत का चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं रहा और 2024 में भारत का चुनाव पाकिस्तान का चुनाव बन गया। इसलिए चुनाव आयोग से अपील करती हूं कि विपक्ष का प्रचार रोकना बंद करे और BJP द्वारा जो आचार संहिता की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, उस पर भी एक्शन ले। गीत में केबल प्रोग्राम कोड का उल्लंघन: चुनाव आयोगदिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय का कहना है कि आम आदमी पार्टी के कैंपेन गीत ‘जेल का जवाब वोट से’ में केबल प्रोग्राम कोड का उल्लंघन किया गया है। कोई भी राजनीतिक दल अपने कैंपेन गीत या चुनाव प्रचार के वीडियो में न्यायपालिका पर सवाल खड़े नहीं कर सकते हैं। किसी को जेल में होना न्यायपालिका से संबंधित मामला होता है।

श्रीराम मंदिर निर्माण कर मोदी जी ने हमारा 500 वर्षों का सपना पूरा किया – रामेश्वर शर्मा 

By building the Shri Ram temple, Modi ji has fulfilled our 500-year-old dream – Rameshwar Sharma शनिवार को विधायक रामेश्वर शर्मा के साथ भोपाल लोकसभा के भाजपा प्रत्याशी आलोक शर्मा ने हुजूर विधानसभा में जनसंपर्क किया। जनसंपर्क के दौरान रातीबड़ एवं फंदा के दो दर्जन से अधिक गाँव पहुँचे साथ ही संत हिरदाराम नगर एवं गांधीनगर मण्डल के विभिन्न क्षेत्रों में भी जनसंपर्क करने पहुँचे। इस दौरान लोकसभा प्रत्याशी आलोक शर्मा एवं विधायक रामेश्वर शर्मा ने लोकसभा चुनाव के लिए नागरिक बंधुओं का आशीर्वाद लिया । विधायक रामेश्वर शर्मा ने जनसंपर्क के दौरान नागरिक बंधुओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ग़रीब का पक्का मकान भी बनाया ओर दूसरी तरफ़ करोड़ों हिंदुओं के आस्था का केंद्र जिसकी प्रतीक्षा हमे 500 से थी श्रीराम मंदिर का निर्माण भी कराया। श्री शर्मा ने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों का कार्यकाल विकास और कल्याण को समर्पित रहा। श्री शर्मा ने बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिक बंधुओं से आने वाली 7 मई को आलोक शर्मा को कमल के फूल के सामने वाला बटन दबाकर विजय बनाने का आग्रह किया।  रविवार को मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव का रोड शो  कोलार में विधायक रामेश्वर शर्मा में बताया लोकसभा प्रत्याशी श्री आलोक शर्मा के समर्थन में मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव रविवार को शाम 7 बजे कोलार के सर्वधर्म शादी हॉल से सर्वधर्म पुल तक रोड शो कर जनता का आशीर्वाद लेंगे। मुख्यमंत्री के रोड शो के लिए कोलार में विशेष तैयारीयां भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा की जा रही है।

बसपा प्रमुख मायवती की मध्य प्रदेश में दूसरी जनसभा रविवार को मुरैना में

BSP chief Mayawati’s second public meeting in Madhya Pradesh on Sunday in Morena भोपाल। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती की रविवार को मुरैना में दोपहर 12 बजे जनसभा होने जा रही है। प्रदेश में उनकी यह दूसरी सभा है। इसके पहले 19 अप्रैल को रीवा में उन्होंने जनसभा को संबोधित किया था। पार्टी ने मुरैना से रमेश चंद्र गर्ग को उम्मीदवार बनाया है। वह इसी माह पार्टी में शामिल हुए थे। गर्ग पहले कांग्रेस से टिकट मांग रहे थे, पर पार्टी ने सत्यपाल सिंह सिकरवार को टिकट दे दिया तो वह बसपा से लड़ गए। भाजपा से यहां शिवमंगल सिंह तोमर उम्मीदवार हैं। कांग्रेस और भाजपा से क्षत्रिय वर्ग के उम्मीदवार होने पर बसपा ने जातिगत समीकरण देखते हुए ब्राह्मण प्रत्याशी उतारा है। 2019 के लोकसभा चुनाव में इस सीट से बसपा प्रत्याशी करतार सिंह को एक लाख 29 हजार 380 (11.38 प्रतिशत) मत मिले थे। भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मुरैना में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा हो चुकी हो तो कांग्रेस से दो मई को प्रियंका गांधी की जनसभा का प्रस्ताव है। भाजपा और कांग्रेस के बाद अन्य किसी दल से मायावती पहली बड़ी नेता हैं जिनकी प्रदेश में चुनावी सभा हो रही है। उनके बाद पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद की भी ग्वालियर -चंबल या मध्य भारत में सभा का प्रस्ताव है। मत प्रतिशत के हिसाब से प्रदेश में ‘आइएनडीआइए’ के सबसे बड़े घटक दल समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की प्रदेश में खजुराहो और अन्य सीटों पर कांग्रेस के समर्थन सभा का प्रस्ताव था पर अभी तक कोई कार्यक्रम निर्धारित नहीं हुआ है। तीसरे चरण में शामिल किसी सीट पर कांग्रेस के समर्थन में उनकी सभा हो सकती है।

अमित शाह को दिग्विजय सिंह का जवाब, कहा- आपने 17 बार मेरा नाम लिया, आठ बार झूठ बोला

Digvijay Singh’s reply to Amit Shah, said- You took my name 17 times, lied eight times कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने कहा कि अमित शाह जी ने अपने भाषण में 17 बार मेरा नाम लिया। यह उनका मेरे प्रति जो अपार प्रेम है वह दर्शाता है। लेकिन, जो झूठ बोलने के संस्कार उनके गुरु (पीएम मोदी) ने उन्हें दिये हैं वे उनके भाषण में 8 बार नजर आए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीते दिन शुक्रवार को राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में जनसभा को संबोधित किया। भाजपा प्रत्याशी रोडमल नागर के समर्थन में सभा करते हुए शाह ने मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह पर जमकर हमला बोला। अब दिग्विजय सिंह ने शाह पर पलटवार किया है।कांग्रेस प्रत्याशी सिंह ने एक्स कर लिखा- अमित शाह जी ने अपने भाषण में 17 बार मेरा नाम लिया। यह उनका मेरे प्रति जो अपार प्रेम है वह दर्शाता है। मैं उनका आभारी हूं, लेकिन जो झूठ बोलने के संस्कार उनके गुरु (पीएम नरेंद्र मोदी) ने उन्हें दिये हैं वह उनके भाषण में 8 बार नजर आए। दिग्विजय सिंह का आरोप, अमित शाह ने यह 8 झूठ बोले झूठ: दिग्विजय सिंह की सलाह से राहुल गांधी ने घोषणा पत्र में मुस्लिम पर्सनल लोन डाला।तथ्य: कांग्रेस के घोषणा पत्र में कोई मुस्लिम पर्सनल लोन नहीं है। झूठ: दिग्विजय सिंह ने भगवा आतंकवाद कहा।तथ्य: मैंने कभी भगवा आतंकवाद शब्द का प्रयोग नहीं किया। झूठ: दिग्विजय सिंह ने अफजल गुरु की फांसी का विरोध किया।तथ्य: मैंने अफजल गुरु की फांसी को जल्द करवाने के लिए पत्र लिखा था कि उसे जल्द फांसी दी जाए। झूठ: दिग्विजय सिंह ने PFI पर बैन लगाने का विरोध किया।तथ्य: मैंने कभी PFI पर बैन का विरोध नहीं किया। सिमी पर सबसे पहले प्रतिबंध मेरी ही सरकार ने लगाया था। सच्चाई यह है कि भाजपा ने PFI की राजनीतिक इकाई के साथ कर्नाटक में गठबंधन करके लोकल चुनाव लड़ा।झूठ: दिग्विजय सिंह ने कहा कि कोरोना का टीका मत लगाओतथ्य: मैंने कभी भी कोरोना का टीका ना लगाने की अपील नहीं की। झूठ: कोरोना महामारी में राजनीति कीसच्चाई और तथ्य: जब राजगढ़ जिले के लोग ऑक्सीजन और सिलेंडर के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे थे, तब मैंने दिल्ली से ऑक्सीजन सिलेंडर भेजकर इलाज की व्यवस्था कराई।झूठ: मेडिकल कॉलेज हमने दियातथ्य: राज्य में कांग्रेस की सरकार थी, जयवर्धन सिंह प्रभारी मंत्री थे। उन्होंने मुख्यमंत्री से राजगढ़ जिला मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव केंद्र को भिजवाया। झूठ: भोपाल रामगंज मंडी रेलवे लाइन हमने 2000 करोड़ प्रस्तावित किया।तथ्य: 2000 – 2001 प्रस्ताव स्वीकृति वर्ष था, उस समय राज्य में कांग्रेस सरकार थी। लागत 2000 करोड़ नहीं, उस समय 3032 करोड़ रुपए रखी गई थी।

राहुल गांधी कि अमेठी से चुनाव लड़ने की सूगबूगाहट तेज , कांग्रेस की कोर टीम का अमेठी दौरा

Rumors of Rahul Gandhi contesting elections from Amethi intensify, Congress core team visits Amethi अमेठी की जंग: आज दिल्ली से आ सकती है कांग्रेस की कोर टीम, नामांकन के बाद पांच दिन खुद रहेंगे राहुल गांधी राहुल गांधी अमेठी से चुनाव लड़ सकते हैं। इस बात की सुगबुगाहट के साथ ही अमेठी में कांग्रेस की पूरी टीम सक्रिय हो गई है। शनिवार को राहुल गांधी की कोर टीम अमेठी का दौरा कर सकती है। अमेठी के सियासी रण में दांवपेच तेज हो गया है। शनिवार को राहुल गांधी की कोर टीम का कार्यक्रम प्रस्तावित है। अगले सप्ताह राहुल गांधी भी अमेठी पहुंचेंगे। हालांकि तिथि अभी तय नहीं है। माना जा रहा है कि कोर टीम की रिपोर्ट के आधार पर ही अग्रिम कार्यक्रम जारी किए जाएंगे। पांचवें चरण में 20 मई को होने वाले मतदान के लिए शुक्रवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई। अभी तक कांग्रेस से प्रत्याशी का एलान नहीं हो सका है, लेकिन माना जा रहा है कि राहुल गांधी यहां से चुनाव लड़ेंगे। इसे लेकर संगठन ने तैयारी तेज कर दी है। इसी क्रम में 1923 बूथों की कमेटियों को प्रभावी कर दिया गया है। हर बूथ पर 10 सदस्यों की टीम बनाई गई है, जिसमें पहली बार चार सदस्यों को पोलिंग एजेंट की जिम्मेदारी दी जा रही है। पहले पोलिंग पर सिर्फ तीन कार्यकर्ता होते थे, इस बार इनकी संख्या बढ़ाई गई है। अमेठी संसदीय सीट की पांचों विधानसभाओं के 130 न्याय पंचायत प्रभारियों को सक्रिय कर दिया गया है। उनसे पल-पल की जानकारी जुटाई जा रही है। कांग्रेस के मीडिया प्रभारी अनिल सिंह कहते हैं कि कार्यकर्ता पूरी तरह से तैयार हैं। हर स्तर पर हमारी रणनीति तैयार है। अमेठी में पांच दिन रहेंगे राहुल गांधीनामांकन के बाद राहुल गांधी अमेठी में पांच दिन रहेंगे। इस दौरान पार्टी हर विधानसभाओं में उनके कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी कर रही है। कहीं पर सभा तो कहीं पर रोड शो…जैसे कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इसके लिए ब्लॉक अध्यक्षों से मंथन चल रहा है।

महाराष्ट्र में मतदान प्रतिशत कम, इस राज्य में हो रही सबसे ज्यादा वोटिंग

Voting percentage is low in Maharashtra, maximum voting is happening in this state दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक महोत्सव की शुरुआत 19 अप्रैल को हो गई थी। आज इस महोत्सव का दूसरा चरण है। दूसरे चरण में 13 राज्यों के मतदाता 88 सीटों पर उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। जिन 88 सीटों पर इस चरण में मतदान हो रहा है, उनमें आधी से अधिक सीटें यानी 52 भाजपा के पास हैं, वहीं कांग्रेस के पास 22 सीटें हैं। ‘मतदान आम आदमी की शक्ति का प्रतीक’पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने केरल के तिरुवनंतपुरम में मतदान किया। मतदान के बाद उन्होंने कहा, ‘मतदान आम आदमी की शक्ति का प्रतीक है। मतदान करके हम लोकतंत्र को मजबूत कर रहे हैं, सबको अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए ताकि वे देश के विकास में अपनी भूमिका निभा सकें।’ इसरो चीफ ने किया मतदानकेरल में ISRO प्रमुख एस.सोमनाथ ने मतदान किया। मतदान के बाद उन्होंने कहा, ‘मुझे मतदान करके बहुत खुशी हो रही है… मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि वे आकर मतदान करें। जिन लोगों ने अब तक मतदान नहीं किया उनसे मैं कहना चाहूंगा कि संकोच न करें, आएं और मतदान करें।’ कर्नाटक सीएम ने डाला वोटकर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मतदान किया। सीएम ने चामराजनगर के वरुणा में एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला।

‘वोट डालना है तो मोबाइल जमा करो…’ नोएडा में पुलिस और मतदाता के बीच झड़प

‘If you want to vote, submit your mobile…’ Clash between police and voters in Noida लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में आज यूपी की आठ सीटों पर मतदान जारी है। अमरोहा, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़ और मथुरा में सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक वोट पड़ेंगे। जयंत चौधरी ने पत्नी के साथ किया मतदानमथुरा में आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी ने मतदान किया। जयंत चौधरी ने कहा कि “मतदाताओं ने प्रधानमंत्री के कार्यकाल को देखा है, 10 साल के कार्यों को देखा है और वे उससे प्रभावित हुए हैं… महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार जो भी फैसला लेगी उसमें हम उनके साथ हैं। गर्मी के साथ बढ़ा मतदाताओं का उत्साहधूप की तपिश बढ़ने के साथ ही मतदान का ग्राफ बढ़ने लगा है। सुबह 7:00 से मतदान सभी बूथों पर शुरू हो गया। पहले 2 घंटे में जहां मतदान का प्रतिशत 10.67 था, वहीं 9:00 बजे से 11:00 बजे के बीच 23. 19 फीसदी पहुंच गया है। करीब 13 फीसदी मतदान 2 घंटे में बढ़ गया है। धौलाना विधानसभा क्षेत्र मतदान में अभी तक नंबर एक पर चल रहा है। यहां 11:00 तक 27.65 फीसदी वोट पड़ चुके हैं। दूसरे नंबर पर लोनी विधानसभा क्षेत्र है। यहां 26.87 वोट 11:00 बजे तक पड़ चुके हैं। मुरादनगर में 24.39, गाजियाबाद में 20.09 प्रतिशत मतदान हो चुका है। वहीं, गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र की सबसे बड़ी विधानसभा क्षेत्र साहिबाबाद में सबसे कम मतदान हुआ है। यहां सुबह नौ बजे तक 8.25 फीसदी मतदान हुआ था। 11 बजे तक 20.85 फीसदी वोट पड़े हैं। वहीं, बागपत लोकसभा क्षेत्र में आने वाली मोदीनगर विधानसभा क्षेत्र में 11:00 बजे तक 24.45 फीसदी वोट पड़े हैं। नहीं दिखे मतदातालिंक रोड थाना इलाके के कड़कड़ मॉडल गांव में प्रेमवती जूनियर हाई स्कूल स्थित संवेदनशील पोलिंग बूथ पर सुबह 11:00 बजे तक मतदाता नहीं दिखे। आर के मेमोरियल जूनियर हाईस्कूल खोड़ा में पांचों बूथ खाली पड़े हैं। मतदान करने के लिए एक दो मतदाता आ रहा है। मोदीनगर के गांव गदाना स्थित मतदान केंद्र पर बूथ खाली पड़े हैं। पसोंडा के कंपोजिट विद्यालय स्थित पांचों बूथ पर कुछ ही लोग मतदान करने आ रहे हैं। लोनी इंटर कॉलेज में लोग धूप में खड़े होकर वोट डालने की लाइन में खड़े दिखाई दिए। मसूरी के जूनियर स्कूल में सुबह 10:30 बजे बूथ संख्या 301 पर मतदाताओं की लंबी लाइन दिखाई दी। इस बूथ पर दो बार मशीन खराब हुई, जिससे कुछ देर मतदान प्रभावित हुआ। अब सब सामान्य चल रहा है।

‘SC, ST और OBC का अधिकार छीन मुस्लिमों को देना चाहती है कांग्रेस’, भाजपा अध्यक्ष नड्डा का दावा

‘Congress wants to snatch away the rights of SC, ST and OBC and give them to Muslims’, claims BJP President Nadda. जेपी नड्डा ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन हमारे एससी, एसटी और ओबीसी लोगों का अधिकार छीन कर मुस्लिमों को देना चाहते हैं। यही इनका छिपा हुआ एजेंडा है। कांग्रेस के घोषणापत्र में भी तुष्टीकरण स्पष्ट दिखाई दे रहा है। लोकसभा चुनाव को लेकर देशभर में एक अलग माहौल बना हुआ है। आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस बीच, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुसलमानों को लाभ पहुंचाने के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है। इतना ही नहीं, नड्डा ने दावा किया कि यह विपक्षी दल का छिपा हुआ एजेंडा है। जेपी नड्डा ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन हमारे एससी, एसटी और ओबीसी लोगों का अधिकार छीन कर मुस्लिमों को देना चाहते हैं। यही इनका छिपा हुआ एजेंडा है। कांग्रेस के घोषणापत्र में भी तुष्टीकरण स्पष्ट दिखाई दे रहा है। मनमोहन सिंह के बयान का दिया हवालाभाजपा अध्यक्ष ने साल 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस बयान का हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि अल्पसंख्यकों, खासकर मुसलमानों को देश के संसाधनों पर पहला अधिकार है। इस पर कांग्रेस ने दावा किया कि सत्तारूढ़ पार्टी ने जनता के समर्थन की कमी को देखते हुए चुनाव के दौरान ध्रुवीकरण के लिए झूठ फैलाने और सांप्रदायिक बंटवारे का सहारा लिया है।

कहीं देरी से मतदान, कहीं चुनाव का बहिष्कार, नौ बजे तक 13.82 फीसदी वोटिंग

Late voting at some places, boycott of elections at some places, 13.82 percent voting till 9 o’clock प्रदेश चरण में आज छह सीटों पर मतदान है। सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ, नौ बजे तक 13.82 फीसदी वोटिंग हुई। मतदान से पहले शर्मा पहुंचे मंदिरखजुराहो सीट से प्रत्याशी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा अपने संसदीय क्षेत्र में मतदान से पहले मतंगेश्वर मंदिर पहुंचे। यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने के बाद शर्मा ने मतदाताओं से ज्यादा से ज्यादा मतदान करने अपील की। सतना प्रत्याशी ने किया मतदानसतना कांग्रेस प्रत्याशी सिद्धार्थ कुशवाह ने परिवार के साथ बूथ पर पहुंचकर मतदान किया। उन्होंने लोगों से भी मतदान करने का आग्रह किया। इस दौरान उनके साथ पत्नी और बच्चे भी मौजूद थे। टीकमगढ़ प्रत्याशी ने किया मतदानटीकमगढ़ जिले से भाजपा प्रत्याशी डॉ. वीरेंद्र कुमार ने मतदान किया। अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर तस्वीर साझा कर वीरेंद्र ने लिखा- लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में मेरे संसदीय क्षेत्र टीकमगढ़ के सजग मतदाता अपना बहुमूल्य मतदान कर रहे हैं। मैंने अपनी सहधर्मिणी के साथ सर्वप्रथम आदिदेव भगवान भोलेशंकर के दर्शन किए। इसके उपरांत अपने पोलिंग बूथ पर सपरिवार पहुंचकर मैंने विकसित और समृद्ध भारत के निर्माण तथा स्थिर सरकार के लिए मतदान किया।आप सभी से मेरा विनम्र आग्रह है कि ‘पहले मतदान और फिर जलपान’ का लोकतांत्रिक मंत्र अपनाते हुए हम सभी अपने बहुमूल्य वोट का उपयोग करें और साथ ही अपने आसपास के लोगों से भी शीघ्र और अनिवार्य रूप से मतदान करने का आग्रह करें। रोड नहीं तो वोट नहींदमोह लोकसभा क्षेत्र के पथरिया विधानसभा के भरोटा गांव की पोलिंग बूथ पर 9 बजे तक एक भी वोट नहीं पड़ा। ग्रामीण रोड नहीं तो वोट नहीं की बता कह रहे हैं। तहसीलदार के साथ अन्य अधिकारी मतदान स्थल मौके पर पहुंचे।

मुरैना ! विकास विरोधी कांग्रेस देश की बड़ी समस्‍या है ; पीएम मोदी

Morena! Anti-development Congress is a big problem of the country; PM Modi प्रधानमंत्री मुरैना पुलिस मैदान में बनाए गए मंच पर पहुंच गए है। पीएम मोदी ने कांग्रेस को देश की समस्‍या बताया। मुरैना । मुरैना में पीएम मोदी ने कहा विकास विरोधी कांग्रेस देश की बडी समस्‍या है। इसलिए इसे दूर करना हैा मुरैना में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुरैना ने हमेशा उन्हीं का साथ दिया है जिनके लिए राष्ट्र प्रथम है। आपका उत्साह देखकर मैं कह सकता हूं, मुरैना आज भी अपने संकल्प से डिगा है और न कभी डिगेगा। मुरैना ने मन बना लिया है। फिर एक बार मोदी सरकार। एमपी के लोग जानते हैं। कांग्रेस पर तंज कसते हुए पीएम ने कहा एमपी के लोग जानते हैं. कि समस्या से एक बार पीछा छूट जाए तो उससे दूर ही रहते हैं। चंबल के लोग कांग्रेस का दौर कैसे भूल सकते हैं… खराब कानून व्यवस्था बना दी थी। कांग्रेस ने एमपी को बीमारू राज्य की श्रेणी में शामिल कर दिया था। मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार में.. चंबल.. पार्वती.. कालीसिंध नदी परियोजना से पानी समाप्त कर दिया… ग्वालियर श्योपुर रेलवे ट्रैक… ग्वालियर को मजबूत किया गया है। भाजपा के लिए देश एवं कांग्रेस के अपना परिवार ही सबकुछ है।

मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव आज 8000 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भाजपा की सदस्यता दिला सकते हैं

Chief Minister Dr. Mohan Yadav can give membership of BJP to 8000 Congress workers today. यहां कांग्रेस के आठ हजार से ज्यादा कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री की उपस्थिति में भाजपा की सदस्यता दिलवाई जाएगी। इंदौर। मुख्यमंत्री मोहन यादव गुरुवार को इंदौर में रहेंगे। वे कलेक्टर चौराहा के पास जनसभा को संबोधित करेंगे और रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर भाजपा प्रत्याशी शंकर लालवानी का नामांकन फार्म जमा कराएंगे। मुख्यमंत्री यहां से दलाल बाग मैदान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां कांग्रेस के आठ हजार से ज्यादा कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री की उपस्थिति में भाजपा की सदस्यता दिलवाई जाएगी। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वालों में इंदौर नगर निगम के कई वर्तमान पार्षद, मंडल अध्यक्ष, वार्ड अध्यक्ष, सेवादल के पदाधिकारी, सरपंच, पूर्व पार्षद आदि शामिल हैं। भाजपा नगराध्यक्ष गौरव रणदिवे ने बताया कि मुख्यमंत्री इंदौर पहुंचेंगे। वे एयरपोर्ट से सीधे कलेक्टर चौराहा पहुंचेंगे। यहां पंचायत भवन के पास मुख्यमंत्री की सभा आयोजित की गई है।

परिवर्तन की हुंकार भरते हुए कांग्रेस के प्रत्याशियों को भारी बहुमत से विजयी बनाएं एवम लोकतंत्र एवम वोट का अधिकार बचाने के इस चुनाव में अपना योगदान दें : जीतू पटवारी

Make the Congress candidates victorious with a huge majority by shouting for change and contribute in this election to save democracy and the right to vote: Jitu Patwari. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम की नामांकन रैली को संबोधित किया, इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव मुख्य रूप से उपस्थित रहे एवम पीसीसी अध्यक्ष राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा के साथ झाबुआ लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया जी की नामांकन रैली में सम्मिलित हुए। इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरूण यादव, राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा के साथ धार लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी राधेश्याम मूवेल की नामांकन रैली में शामिल हुए तथा जन सभा को संबोधित किया। इंदौर ! पटवारी ने कहा कि मेरा जनता से अनुरोध है कि कांग्रेस पार्टी का समर्थन करें और झूठी गारंटी के नाम पर देश को भ्रमित करने वाली भाजपा को आईना दिखाएं।यह चुनाव संविधान और लोकतंत्र को बचाने का चुनाव है। भाजपा संविधान और लोकतंत्र को समाप्त करने के लिए कुचक्र तैयार कर रही है, लेकिन देश की जनता इनके मंसूबे पूरे नहीं होने देगीI पटवारी ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी ने जो गारंटियों विधान सभा के चुनाव के वक्त दी थीं उनका हिसाब किताब करने का वक्त अब आ गया है। भाजपा ने जमकर इस दस साल में भ्रष्टाचार किया, इलेक्टोरल बांड्स के जरिए शराब माफियाओं से चंदा लेकर उन्हें राहत पंहुचाई गई, अब मोदी जी दस साल बाद महंगाई व बेरोजगारी की बात न करके मांस, मटन,मुसलमान,माओवादी,मंगलसूत्र इत्यादि की बात कर जनता को गुमराह करना चाहते हैं। पटवारी ने कार्यकर्ताओं एवम जनता से आग्रह किया कि भविष्य की परिस्थितियों को मन में रखकर लड़ाई सभी कार्यकर्ता लड़ें ताकि सरपंच से सांसद तक निर्वाचन के चुनाव में प्रतिनिधि को चुनने का अधिकार आपके ही पास रहे। भारतीय जनता पार्टी यदि लोकतंत्र को खत्म करना चाहती है तो लोकतंत्र को बचाने की जिम्मेदारी हम सब की है इस बात को हम सबको ध्यान में रखकर चुनावी लड़ाई लड़नी है। पटवारी ने जनता से आग्रह किया कि परिवर्तन की हुंकार भरते हुए कांग्रेस के प्रत्याशियों को भारी बहुमत से विजयी बनाएं एवम लोकतंत्र एवम वोट का अधिकार बचाने के इस चुनाव में अपना योगदान दें।

नरेंद्र सिंह तोमर की कांग्रेस प्रत्याशी सत्यपाल सिंह सिकरवार ने इलेक्शन कमीशन से की शिकायत

Narendra Singh Tomar’s Congress candidate Satyapal Singh Sikarwar complains to the Election Commission श्यौपुर ! लोकसभा चुनाव के बीच एक बार फिर से विधानसभा अध्यक्ष नरेद्र सिंह तोमर की शिकायत इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया में की गई है. कांग्रेस प्रत्याशी सत्यपाल सिंह सिकरवार ने उनके खिलाफ संवैधानिक पद के दुरुपयोग की शिकायत की है. मध्य प्रदेश के श्यौपुर लोकसभा सीट का चुनाव दिलचस्प होता जा रहा है. यहां विधान सभा अध्यक्ष व दिमनी विधायक नरेंद्र सिंह तोमर की मुश्किलें फिर बढ़ सकती है. एक बार फिर कांग्रेस प्रत्याशी सत्यपाल सिंह सिकरवार ने विधान सभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की चुनाव आयोग में शिकायत की है और पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है. यह शिकायत 24 अप्रैल को की गई है.श्यौपुर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी सत्यपाल सिंह सिकरवार ने बुधवार को निर्वाचन आयोग को भेजी शिकायत में लिखा है कि मप्र के विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं. बीती 16 अप्रैल का एक वीडियो भी इस शिकायत में सत्यपाल ने दिया है.  शिकायत के साथ वीडियो भी दियासत्यपाल का कहना है कि वीडियो शहर की पंचायती धर्मशाला का है. इसमें नव वर्ष मिलन समारोह के नाम पर व्यापारियों को एकत्रित किया गया और विधान सभा अध्यक्ष ने मंच से कहा कि पहले वह सिर्फ मंत्री थे तो दो चार विभाग ही उनके पास थे लेकिन अब मैं विधान सभा अध्यक्ष हूं और मेरे अंदर में सभी मंत्री आते है. मैं जब चाहूंगा उन्हें यहां बुलाकर आपका काम करवा सकता हूं. पद के दुरुपयोग की शिकायतकांग्रेस प्रत्याशी ने इस वीडियो को आधार बता कर कहा कि विधान सभा अध्यक्ष लगातार अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैंकांग्रेस प्रत्याशी ने इस वीडियो को आधार बता कर कहा कि विधान सभा अध्यक्ष लगातार अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं. उनका सम्मान अधिक है. इसलिए वे बार बार ऐसा ना करें. उन पर अपने पद का प्रभाव दिखा कर लोगों को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है.

‘कांग्रेस की लूट जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी : पीएम मोदी

‘Congress’ loot during life and even after life: PM Modi पीएम मोदी ने छत्तीसगढ़ के सरगुजा में जनसभा को संबोधित करते हुए विरासत टैक्स का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शाही परिवार के शहजादे के सलाहकार ने कुछ समय पहले कहा था कि मिडिल क्लास पर और ज्यादा टैक्स लगाना चाहिए। अब ये लोग इससे भी एक कदम और आगे बढ़ गए हैं। अब कांग्रेस का कहना है कि वो माता-पिता से मिलने वाली विरासत पर भी टैक्स लगाएगी। सरगुजा। पीएम मोदी आज छत्तीसगढ़ के सरगुजा में एक जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए विरासत टैक्स का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि शाही परिवार के शहजादे के सलाहकार ने कुछ समय पहले कहा था कि मिडिल क्लास पर और ज्यादा टैक्स लगाना चाहिए। अब ये लोग इससे भी एक कदम और आगे बढ़ गए हैं। अब कांग्रेस का कहना है कि वो Inheritance Tax लगाएगी, माता-पिता से मिलने वाली विरासत पर भी टैक्स लगाएगी। कांग्रेस आप पर विरासत टैक्स का बोझ लाद देगी: पीएम मोदीप्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, जब तक आप जीवित रहेंगे, तब तक कांग्रेस आपको ज्यादा टैक्स से मारेगी और जब जीवित नहीं रहेंगे, तब आप पर Inheritance Tax का बोझ लाद देगी। पूरी कांग्रेस पार्टी को अपनी पैतृक संपत्ति मानकर जिन लोगों ने अपने बच्चों को दे दी, अब वो नहीं चाहते कि भारतीय अपनी संपत्ति अपने बच्चों को दें।” पीएम मोदी का कांग्रेस पर वारवहीं, पीएम मोदी ने कहा कि जब मैं विकसित भारत कहता हूं, तो कांग्रेस वालों का और दुनिया में बैठी कुछ ताकतों का माथा गरम हो जाता है। अगर भारत शक्तिशाली हो गया, तो कुछ ताकतों का खेल बिगड़ जाएगा। अगर भारत आत्मनिर्भर बन गया, तो कुछ ताकतों की दुकान बंद हो जाएगी। इसलिए वो भारत में कांग्रेस और इंडी गठबंधन की कमजोर सरकार चाहते हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि अब कांग्रेस का कहना है कि वो माता-पिता से मिलने वाली संपत्ति पर टैक्स लगाएगी। आप जो अपनी संपत्ति बनाते हैं वो आपके बच्चे को नहीं मिलेगी। उसे कांग्रेस का पंजा आपसे छीन लेगा। पीएम ने कहा कि कांग्रेस का कहना है कांग्रेस की लूट जिंदगी के साथ भी जिंदगी के बाद भी। सैम पित्रोदा के बयान से मचा हंगामाकुछ दिनों पहले इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने संपत्ति वितरण को लेकर अमेरिका के शिकागो में एक बयान दिया डाला। कांग्रेस नेता ने कहा, “अमेरिका में विरासत कर (टैक्स) लगता है। अगर किसी के पास 100 मिलियन डॉलर की संपत्ति है और जब वह मर जाता है तो वह केवल 45 फीसदी अपने बच्चों को ट्रांसफर कर सकता है।” उन्होंने आगे कहा,”55 फीसदी सरकार द्वारा हड़प लिया जाता है। यह एक दिलचस्प कानून है। यह कहता है कि आपने अपनी पीढ़ी में संपत्ति बनाई और अब आप जा रहे हैं, आपको अपनी संपत्ति जनता के लिए छोड़नी चाहिए- पूरी नहीं, आधी। ये जो निष्पक्ष कानून है मुझे अच्छा लगता है।” सैम पित्रोदा के इस बयान पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई। कांग्रेस नेता के बयान ने जब तूल पकड़ लिया तो कांग्रेस पार्टी और सैम पित्रोदा ने खुद इस मामले पर सफाई दी।

अगर कांग्रेस कुछ नहीं तो पीएम मोदी डरते क्यों हैं : मल्लिकार्जुन खरगे

If Congress is nothing then why is PM Modi afraid: Mallikarjun Kharge मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर आप लोकसभा चुनाव में जीत को लेकर इतने आश्वस्त हैं तो आप भ्रष्ट नेताओं को अपनी पार्टी में क्यों ले रहे हैं। आप (पीएम मोदी) कहते हैं कि हम भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करते हैं लेकिन आप विधायक खरीदते हैं। जब तक वे नेता कांग्रेस या किसी दूसरे दल में होते हैं वो भ्रष्ट होते हैं। तिरुवनंतपुरम। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को केरल के तिरुवनंतपुरम में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा,”पिछले कुछ दिनों में मैंने दस-बारह राज्यों का दौरा किया। इन राज्यों से हमें अच्छे रिस्पॉन्स मिल रहे हैं। इन मतदाताओं के ज्यादा चर्चे नहीं हो रहे। पीएम मोदी इन ‘अदृश्य’ मतदाताओं से डर रहे हैं। भ्रष्ट नेताओं को पार्टी में शामिल कर रही भाजपा: कांग्रेस उन्होंने आगे बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर आप लोकसभा चुनाव में जीत को लेकर इतने आश्वस्त हैं तो आप भ्रष्ट नेताओं को अपनी पार्टी में क्यों ले रहे हैं। आप (पीएम मोदी) कहते हैं कि हम भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करते हैं लेकिन आप विधायक खरीदते हैं। जब तक वे नेता कांग्रेस या किसी दूसरे दल में होते हैं वो भ्रष्ट होते हैं, जैसी ही वो भाजपा में शामिल होते हैं उनके सारे दाग धुल जाते हैं।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आज सतना में चुनावी जनसभा

Congress leader Rahul Gandhi’s election rally in Satna today कांग्रेस नेता राहुल गांधी विशेष विमान से खजुराहो पहुंचेंगे और फिर वहां से हेलीकाप्टर से सतना आएंगे सतना। कांग्रेस नेता एवं पार्टी के स्टार प्रचारक राहुल गांधी रविवार को सतना में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। विधानसभा चुनाव के बाद पिछले छह महीने के दौरान सतना का यह उनका दूसरा दौरा है। चुनावी सभा के बाद वे खजुराहो रवाना हो जाएंगे। सतना संसदीय क्षेत्र के सभी सात विधानसभा क्षेत्रों से जनता को लाने के लिए कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता पूरी ताकत से जुटे हुए हैं।

रीवा सांसद ने एक भी आवाज रीवा के लिए संसद में नहीं उठाई, इन्हे वोट क्यों दें, रीवा के साथ केवल छल किया: जीतू पटवारी

Rewa MP did not raise even a single voice for Rewa in Parliament, why vote for him, only cheated Rewa: Jitu Patwari प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, राज्य सभा सांसद विवेक तंखा ने रीवा में प्रेस वार्ता को संबोधित किया। प्रेस वार्ता में कांग्रेस रीवा जिलाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा, पूर्व विधायक सुखेंद्र बना भी मौजूद थे। रीवा ! पटवारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लोग लगातार 10 साल की सरकार के ट्रेलर की बात करते हैं और कहते हैं कि मोदी जी का 10 साल का शासन तो केवल एक ट्रेलर है पूरी पिक्चर अभी बाकी है तो हम यह पूछना चाहते हैं कि यदि ₹1200 का सिलेंडर इन्होंने बेचा, 115 एवं ₹100 का पेट्रोल बेचा गया, 45 साल में सबसे ज्यादा बेरोजगारी रही, 50 साल में सबसे ज्यादा घरेलू बचत समाप्त हुई, 100 सालों में सबसे ज़्यादा बढ़ी अमीर और ग़रीब की खाई तो अब आप खुद ही सोचिए ये मोदी जी का ट्रेलर था तो पिक्चर में क्या होगा क्या 4000 का सिलेंडर एवम 400 का पेट्रोल – डीज़ल पूरी पिक्चर का हिस्सा होगा? पिछले 10 साल में महिला अपराध की यह स्थिति है कि 58000 महिलाओं के साथ बलात्कार हुआ, अमृत काल में आरक्षण संकट में है, भारतीय जनता पार्टी के सांसद 400 पार की बात इसलिए कर रहे हैं ताकि आरक्षण खत्म हो सके। 141 ईडी सीबीआई के छापे पड़े उनमें से 125 ने भाजपा ज्वाइन कर ली, प्रदेश में 225 से ज्यादा घोटाले हुए हमने सूची जारी करी, मध्य प्रदेश में 265 अधिकारियों पर एफआईआर हुई संपत्ति कुर्की की कार्रवाई हुई इनमें से 52 केस सरकार ने वापस ले लिए बाकी में अनुमति नहीं दी गई जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज जी का भी केस है जिसके लिए अनुमति नहीं दी गई। इस ट्रेलर में 2 लाख आदिवासी बहने गायब हुई। पटवारी ने कहा के रीवा की यदि बात की जाए तो रीवा में 10 साल में रीवा के सांसद ने शिक्षा एवं स्वास्थ्य का एक भी काम नहीं किया, यही स्थिति रोजगार की है। राजेंद्र शुक्ला जी ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा सोलर प्लांट यहां बन रहा है उनको बताना चाहिए कि इसमें रीवा के कितने बच्चों को रोजगार मिला । मिर्जापुर रीवा लाइन को लेकर के इन्होंने एक भी सवाल नहीं किया लोकसभा में भी रीवा की आवाज एक बार नहीं उठाई। कुंवर रणजीत सिंह जी एवं सफेद शेर श्रीनिवास तिवारी जी इनका आदर पैरों में सर रख करके पूरी कांग्रेस पार्टी करती है इसके साथ ही आज रीवा की जनता को सोचना चाहिए की रीवा के भाजपा सांसद को जनता वोट क्यों दें, पटवारी ने जनता से आग्रह किया कि भारतीय जनता पार्टी के वह नेता जिन्होंने 2700 में गेहूं, 3100 में धान, 450 में सिलेंडर तथा ₹3000 लाडली बहन को देने के झूठे वादे करके आपसे वोट ले लिए उनसे अब हिसाब मांगने का समय है।

चुनावी सभा में गरजे कमल नाथ, बोले- राम मंदिर पर भाजपा का पट्टा नहीं, आपके-हमारे चंदे से बना

Kamal Nath roared in the election meeting, said – BJP does not have a lease on Ram temple, it is built with your and our donations. बैतूल संसदीय क्षेत्र के ग्राम चुटकी में कांग्रेस प्रत्याशी रामू टेकाम के पक्ष में सभा को संबोधित करते हुए कमल नाथ ने भाजपा और केंद्र व राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। बैतूल। भाजपा के नेता मंहगाई, रोजगार की बात नही करते हैं। वो आप सबको गुमराह करते हैं। वो भगवान राम की बात करते हैं। क्या राम मंदिर का पट्टा आपके (भाजपा) पास ही है। ये राम मंदिर आपके चंदे से बना है। ये राम मंदिर हम आपका और मेरा है। यह बात मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने शनिवार को बैतूल संसदीय क्षेत्र के ग्राम चुटकी में कांग्रेस प्रत्याशी रामू टेकाम के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कही। राजनीतिक प्रचार का विषय नहीं धर्मकमल नाथ ने कहा कि हम सबकी अपनी अपनी धार्मिक भावना है। धर्म आचार और विचार का विषय है। राजनीतिक प्रचार का विषय नही है। हम धर्म को राजनीतिक मंच पर नही लाते हैं। मैं हिंदू हूं और गर्व से कहता हूं। मैंने अपनी निजी जमीन पर छिंदवाड़ा में सबसे बड़ा हनुमान मंदिर बनाया, लेकिन मैंने उसका कभी प्रचार नही किया। मैंने सरकार से जमीन नहीं ली। प्रदेश में सर्वाधिक बेरोजगारीउन्होंने कहा कि आज सबसे ज्यादा बेरोजगार मध्यप्रदेश में हैं। निवेश नही आ रहा है, मैने कई लोगों से निवेश करने के लिए कहा लेकिन सभी का कहना है कि मध्यप्रदेश में काम करना बेहद मुश्किल है। भ्रष्ट्राचार बहुत है। अब प्रयास किया जा रहा है संविधान से छेड़छाड़ कर उसको बदलने का। आप सब संविधान के रक्षक हैं, अपनी संस्कृति के रक्षक हैं। इस चुनाव में आप सब सच्चाई का साथ दें। भाजपा ने 20 साल में क्या किया, यह आप सब जानते हैं। भ्रष्ट्राचार का प्रदेश बनाया, घोटाला प्रदेश बनाया है। मैं प्रदेश में जाता हूं तो लोग बताते हैं कि पैसा दो, काम कराओ। बैतूल के लोगों को बंधुआ समझते हैं सांसदकमल नाथ ने सभा में कहा कि बैतूल लोकसभा क्षेत्र में 30 साल से भाजपा का सांसद है। मैं भी 40 साल सांसद रहा, लेकिन मैंने ना कभी उसका नाम सुना और ना देखा। कैसा सांसद है। उसने मान लिया कि बैतूल लोकसभा के लोग तो उसके बंधुआ हैं। अब आपको तय करना है कि आपका भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा। पड़ोसी होने के नाते करूंगा विकासकमल नाथ ने कहा कि वो तो बैतूल के पड़ोसी हैं। यहां से कांग्रेस प्रत्याशी को मैंने चुना है। पिछला चुनाव भी मैंने ही लड़वाया था। इस बार आप उसका सहयोग करें। मैं भरोसा दिलाता हूं कि पड़ोसी होने के नाते मैं भी क्षेत्र का भरपूर विकास करूंगा। आप 30 साल बंधुआ बनकर रहे हैं, अब स्वतंत्र हो जाइए। मंहगाई की गारंटी पक्की हैभाजपा पर कटाक्ष करते हुए कमल नाथ ने कहा कि चुनाव में भाजपा द्वारा ढेर सारी गारंटी की बात की जा रही है। आप याद रखना मंहगाई की गारंटी पक्की है।

यूपी के अमरोहा में आज राहुल – अखिलेश की संयुक्त जनसभा

Joint public meeting of Rahul-Akhilesh today in Amroha, UP अमरोहा। कांग्रेस व सपा की प्रदेश में पहली संयुक्त सभा शनिवार को अमरोहा के मिनी स्टेडियम में दोपहर 2 बजे होगी । लोकसभा चुनाव में यह पहला मौका होगा जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी व सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मिलकर जनसभा को संबोधित करेंगे । दोनों नेता प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने के साथ ही विपक्षी गठबंधन आइएनडीआइ की ताकत दिखाने का प्रयास भी करेंगे । अमरोहा चुनावी शोरगुल में जनसभाओं का क्रम जारी है। जिले में शनिवार को अमरोहा नगर में सपा कांग्रेस गठबंधन की चुनावी सभा है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। सपा जिला अध्यक्ष मस्तराम यादव ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव व कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी शनिवार दोपहर 1:40 बजे डिडौली कोतवाली क्षेत्र में बबूगढ़ – जोया बाइपास पर गांव हुसैनपुर में बनाए गए। हेलीपेड पर पहुंचेंगे । कार द्वारा वहां से दोनों नेता दोपहर 2 बजे नगर कोतवाली क्षेत्र में स्थित मिनी स्टेडियम में पहुंच कर प्रत्याशी कुंवर दानिश अली के समर्थन में जनसभा को संबोधित करेंगे। जनसभा के लिए यहां का आगमन होगा बंद उसके बाद 3:20 बजे दोनों नेता जन सभा स्थल से कार द्वारा हेलीपैड पहुंचेंगे तथा 3:30 गाजियाबाद के हिडन एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे । बताया कि इस दौरान बंबूगढ़ बाईपास से रवाना होने से पहले जनसभा स्थल तक पहुंचाने के लिए लगभग 5 किलोमीटर दूरी के लिए वाहनों का आवागमन बंद कर दिया जाएगा

ग्राउंड रिपोर्ट: अरुण यादव के गृह क्षेत्र में भाजपा के गजेंद्र, कांग्रेस के पोरलाल में कड़ी टक्कर

Ground Report: Tough fight between BJP’s Gajendra and Congress’s Porlal in Arun Yadav’s home constituency. भोपाल। परिसीमन से पहले खरगौन लोकसभा सीट सामान्य थी, तब कभी भाजपा जीतती थी, कभी कांग्रेस। 2008 के परिसीमन के बाद यह सीट आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित हुई, तब से यहां भाजपा काबिज है। 2009 से पहले लोकसभा सीट के लिए हुए उप चुनाव में कांग्रेस के अरुण यादव ने भाजपा के कृष्ण मुरारी मोघे को 1 लाख 18 हजार से ज्यादा मतों के अंतर हराकर जीत दर्ज की थी। इसके बाद सीट आरक्षित हो गई। तब से यहां कांग्रेस नहीं जीती। 2019 में भाजपा के गजेंद्र पटेल ने कांग्रेस के डॉ गोविंद मुजाल्दे को 2 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया था। भाजपा की ओर से गजेंद्र फिर मैदान में हैं। वे पार्टी नेतृत्व के नजदीक हैं। कोरोना कॉल में सक्रिय रहकर उन्होंने अच्छी लोकप्रियता हासिल की थी। कांग्रेस ने पिछली बार की तरह इस बार भी नया चेहरा मैदान में उतारा है। पिछली बार क्षेत्र में लोकप्रिय एक डाक्टर को मौका दिया गया था जबकि इस बार 20 साल से आदिवासियों के बीच काम करने वाले युवा पोरलाल खरते पर दांव लगाया गया है। खरते आदिवासी युवा संगठन जयस से भी जुड़े हैं।लोगों से बातचीत करने पर जो तस्वीर उभरती है, उसके अनुसार देश की तरह खरगौन में भी माहौल भाजपा के पक्ष में है। क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और अयोध्या में राम मंदिर लहर का असर है। खरगौन में हिंदू- मुस्लिम के बीच ध्रुवीकरण भी होता है। यह भाजपा के पक्ष में जाता है। भाजपा प्रत्याशी गजेंद्र पटेल के खिलाफ कोई एंटी इंकम्बैंसी देखने को नहीं मिलती। इसका मतलब यह कतई नहीं कि कांग्रेस मुकाबले में ही नहीं है। कांग्रेस के पोरलाल आदिवासी युवाओं में खासे लोकप्रिय हैं। भाजपा प्रत्याशी पटेल भिलाला आदिवासी हैं और कांग्रेस के खरते बरेला। क्षेत्र में भिलाला 4 लाख के आसपास हैं और बरेला इनसे 2 लाख ज्यादा लगभग 6 लाख। क्षेत्र में मुस्लिम मतदाताओं की तादाद भी 2 लाख के आसपास है। यह कांग्रेस के पक्का वोट बैंक है। विधानसभा क्षेत्रों में भी कांग्रेस को बढ़त है। क्षेत्र में भाजपा का संगठन मजबूत है जबकि कांग्रेस बिखरी हुई। कांग्रेस के विधायक वैसा काम नहीं कर रहे जैसा करना चाहिए। अरुण यादव और उनके भाई सचिन यादव खरगौन के साथ अन्य क्षेत्रों में भी सक्रिय हैं। खरगौन में मोदी, मंदिर, हिंदू- मुस्लिम मुद्दा खरगौन लोकसभा क्षेत्र में मुस्लिमों की तादाद काफी है। यहां सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसलिए लोकसभा के इस चुनाव में अयोध्या में राम मंदिर और हिंदू- मुस्लिम राजनीति को मुद्दे के तौर पर प्रचारित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकप्रिय हैं ही, उनके नेतृत्व में भारत विश्व की ताकत बन रहा है, यह बात लोगों तक पहुंचाई जा रही है। भाजपा की केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा कराए गए काम गिनाए जा रहे हैं। कश्मीर में धारा 370 का प्रचार कर यह बताया जा रहा है कि भारत अब पाक में घुसकर मार करने लगा है। दूसरी तरफ कांग्रेस केंद्र सरकार की नाकामियां गिना रही है। धर्म और हिंदू-मुस्लिम की राजनीति कर लोगों को बांटने का आरोप भाजपा पर लगाया जा रहा है। महंगाई रोकने और बेराजगारी दूर करने में केंद्र को असफल बताया जा रहा है। कांग्रेस के घोषणा पत्र में शामिल 5 न्याय और 24 गारंटियां बताई जा रही हैं। लोकसभा क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर हुए काम और समस्याएं भी चुनाव का मुद्दा हैं। विधानसभा में कांग्रेस की भाजपा पर बढ़त खरगौन ऐसा लोकसभा क्षेत्र है जहां विधानसभा में ताकत के लिहाज से कांग्रेस को भाजपा पर बढ़त हासिल है। क्षेत्र की 8 लोकसभा सीटों में से 5 पर कांग्रेस का कब्जा है जबकि भाजपा के पास सिर्फ 3 विधानसभा सीटें हैं। चार माह पहले हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 5 सीटों में 31 हजार 578 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी जबकि भाजपा का 3 सीटों में जीत का अंतर 33 हजार 126 वोट का था। इस लिहाज से भाजपा को कांग्रेेस पर लगभग 2 हजार वोटों की बढ़त हासिल है। यह अंतर लोकसभा चुनाव में कोई मायने नहीं रखता। भाजपा के गजेंद्र पटेल और पोरलाल खरते के बीच मुकाबले को देखकर भी लगता है कि विधानसभा की तरह कांटे की टक्कर हो सकती है। ध्यान देने की बात यह है कि 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को एक भी सीट नहीं मिली थी। विधानसभा की 6 सीटें कांग्रेस ने जीती थीं और 2 सीटें निर्दलियों के खाते में गई थीं। लेकिन चार माह बाद हुए 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के गजेंद्र पटेल 2 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत गए थे। वजह साफ है विधानसभा और लोकसभा चुनाव के मुद्दों में फर्क होता है और मतदाताओं के रुख में भी। दो जिलों तक फैला है खरगौन लोकसभा क्षेत् रनिमाड़ अंचल की खरगौन लोकसभा सीट का भौगोलिक क्षेत्र दो जिलों में फैला है। इसके तहत खरगौन और बड़वानी जिले की 4-4 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें खरगौन जिले की चार विधानसभा सीटें महेश्वर, कसरावद, खरगौन और भगवानपुरा हैं और बड़वानी जिले की सेंधवा, पानसेमल, बड़वानी और राजपुर। खरगौन जिले की 2 सीटों कसरावद और भगवानपुरा में कांग्रेस का कब्जा है और दो सीटों महेश्वर और खरगौन में भाजपा का। बड़वानी जिले की तीन विधानसभा सीटें सेंधवा, बड़वानी और राजपुर कांग्रेस के पास हैं जबकि भाजपा के पास सिर्फ एक पानसेमल। जहां तक खरगौन लोकसभा सीट के राजनीतिक मिजाज का सवाल है तो 1991 से अब तक हुए 9 चुनावों में कांग्रेस सिर्फ 2 बार जीती है जबकि 7 बार भाजपा ने जीत का पताका फहराया है। इससे पता चलता है कि यहां के मतदाता विधानसभा और लोकसभा चुनाव में अलग-अलग मतदान करते हैं। विधानसभा में वह कांग्रेस को ज्यादा सीटें देता है तो लोकसभा चुनाव में भाजपा को जिता देता है। जातीय-सामाजिक समीकरणों में भी बराबरी खरगौन लोकसभा क्षेत्र के जातीय और सामाजिक समीकरणों के लिहाज से भी भाजपा और कांग्रेस में बराबरी का मुकाबला है। आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित इस सीट में सर्वाधिक मतदाता भिलाला और बारेला हैं। भाजपा के दिलीप पटेल भिलाला और कांग्रेस के पोरलाल बारेला समाज से हैं। क्षेत्र में भिलाला लगभग 4 लाख और बारेला … Read more

छह महीने में आलोक की दो करोड़ बढ़ी प्रॉपर्टी, जमा रकम हुई तीन गुना

Alok’s property increased by Rs 2 crore in six months, deposit amount tripled भोपाल। छह महीने पहले उत्तर विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा का चुनाव लड़ने वाले आलोक शर्मा ने गुरुवार को लोकसभा सीट के लिए नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार आलोक की प्रॉपर्टी 6 महीने में 2 करोड़ बढ़ी है। उन्होंने 6 करोड़ 17 लाख रुपए की प्रॉपर्टी बताई है। इसके पहले, विधानसभा चुनाव में उन्होंने 4 करोड़ 44 लाख रुपए की प्रॉपर्टी होने की जानकारी दी थी। हालांकि, कांग्रेस उम्मीदवार अरुण श्रीवास्तव 12 करोड़ की प्रॉपर्टी के आसामी हैं। नामांकन में आलोक ने खुद और पत्नी की प्रॉपर्टी की जानकारी दी गई है। उनकी चल संपत्ति 2 करोड़ 30 लाख है। वहीं, अचल संपत्ति में रसूलिया पठार, परवलिया सड़क, धामनिया, खजूरी सड़क में 7.76 एकड़ जमीन, लाउखेड़ी में 2 प्लाट, गुफा मंदिर के पास मकान शामिल हैं। इसकी कुल कीमत 6 करोड़ 17 लाख रुपए बताई गई है। बैंक में जमा नगदी हुई तीन गुना, पत्नी की घटीआयोग को दी गई जानकारी में एक करोड़ 90 लाख की चल और 4 करोड़ 54 लाख रुपए की अचल संपत्ति बताई थी। तब बैंक में 38 लाख 53 हजार और पत्नी के अकाउंट में 22 लाख 72 हजार रुपए जमा थे। वर्तमान में उनके खाते में 91 लाख 69 हजार रुपए और पत्नी के अकाउंट में 16 लाख 86 हजार रुपए जमा हैं। – आलोक पर चार केसकोतवाली, तलैया, गौतम नगर, बहादुरपुर अशोक नगर थाने में केस दर्ज हैं, जबकि तीन भोपाल और एक अशोकनगर कोर्ट में प्रकरण लंबित चल रहा है। इधर आचार संहिता उल्लंघन के भी तीन केस आलोक पर दर्ज किए गए हैं। यह भी दी जानकारीखुद की आय – 527250, पत्नी 335254कुल संपत्ति- खुद 5 करोड़ 2 लाख और पत्नी- एक करोड़ 15 लाख कुल 6 करोड़ 17 लाख कैश इन हैंड- 50 हजार और पत्नी 90 हजारकैश इन बैंक- खुद- 91 लाख 69 हजार 195 और पत्नी 16 लाख 86 हजार 400 रुपएवाहन- मारुति स्विफ्ट, बलेनो, जेसीबी, एलएंडटी वाहनशस्त्र – एक रिवाल्वर, एक रायफलकर्ज देनदारी – 6887350 रुपएगहने- खुद 150 ग्राम सोना, पत्नी 550 ग्राम सोना, साढ़े पांच किलो चांदी के बर्तन आदि। शैक्षणिक योग्यता – बीकॉमकृषिरसूलिया पठार में चार एकड़ जमीनआय के स्त्रोत – कृषि और किराये से आय

ग्राउंड रिपोर्ट: भाजपा के लिए कब्जा बरकरार रखना कठिन, भूरिया दे रहे कड़ी टक्कर

Ground report: It is difficult for BJP to retain control, Bhuria is giving tough competition लोकसभा सीट- रतलाम: प्रत्याशी- अनीता नागर सिंह चौहान भाजपा, कांतिलाल भूरिया कांग्रेस रतलाम में भाजपा मजबूत, झाबुआ में कांग्रेस को बढ़त- अलीराजपुर में अनीता- भूरिया में बराबरी का मुकाबला भोपाल। रतलाम संभवत: पहला ऐसा लोकसभा क्षेत्र है, जहां से भाजपा ने प्रदेश सरकार के मंत्री नागर सिंह चौहान की पत्नी अनीता चौहान को टिकट दिया है। नरेंद्र मोदी-अमित शाह के युग में इस तरह परिवार में दो लोगों को टिकट देने की पंरपरा नहीं है। पार्टी के कई बड़े नेताओं के बेटे और परिजन टिकट का इंतजार ही कर रहे हैं। नियम तोड़ने की वजह है रतलाम सीट, जो कांग्रेस से ज्यादा कांतिलाल भूरिया का गढ़ है। भाजपा नेतृत्व किसी भी हालत में इस सीट पर कब्जा बरकरार रखना चाहता है। पहले सीट का नाम झाबुआ था लेकिन 2008 में हुए परिसीमन के बाद नाम बदलकर रतलाम कर दिया गया। इसके बाद हुए चार चुनावों में से दो बार कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया जीते और दो बार भाजपा। इनमें से एक बार कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए स्व दिलीप सिंह भूिरया जीते और दूसरी बार 2019 के चुनाव में जीएस डामोर ने जीत दर्ज की। भाजपा ने कांतिलाल भूिरया को हराने वाले डामोर का टिकट ठीक उसी तरह काट दिया जैसे गुना-शिवपुरी में ज्योतिरािदत्य सिंधिया को हराने वाले सांसद केपी सिंह यादव का काटा गया।भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही अनीता नागर सिंह चौहान भिलाला आदिवासी हैं जबकि कांतिलाल भूिरया भील आदिवासी। क्षेत्र में भील समाज की तादाद िभलाला से काफी ज्यादा है। इसके अलावा झाबुआ में ईसाई मिशनियों का काम भी काफी है। दो से ढाई लाख आदिवासी धर्म परिवर्तन कर चुके हैं। इसका सीधा लाभ कांग्रेस के भूिरया को मिलता है। दूसरी तरफ क्षेत्र में संघ का काम भी अच्छा है। रतलाम में विधायक चेतन कश्यप के कारण भाजपा को ताकत मिलती है। लोगों से बातचीत करने पर पता चलता है कि झाबुआ जिले के झाबुआ, थांदला और पेटलावद में कांग्रेस की स्थिति अच्छी है लेकिन पेटलावद कांग्रेस के हाथ से निकल सकता है। रतलाम जिले की तीन सीटों में से सैलाना और रतलाम ग्रामीण में कांग्रेस- भाजपा के बीच अच्छी टक्कर है जबकि रतलाम शहर में भाजपा बढ़त में बताई जाती है। अलीराजपुर िजले के जोबट में कांग्रेस की स्थिति अच्छी है जबकि अलीराजपुर में भाजपा मजबूत दिखती है। कुल मिलाकर रतलाम में भाजपा- कांग्रेस के बीच कडा मुकाबला देखने को मिल रहा है। भाजपा-कांग्रेस लड़ रहे विकास के मुद्दे पर चुनाव रतलाम चूंकि आदिवासी बाहुल्य सीट है, इसलिए यहां राम मंदिर और हिंदू-मुस्िलम से जुड़े मुद्दों का ज्यादा असर नहीं है। यहां चुनाव का पहला मुद्दा आदिवासी विकास है। भाजपा और कांग्रेस दोनों बता रहे हैं कि उन्होंने इस वर्ग के लिए क्या-क्या किया है। भाजपा की अनीता केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा कराए गए काम गिना रही हैं तो कांतिलाल अपने कार्यकाल में किए कामों का प्रचार कर रहे हैं। शहरी इलाकों में जरूर राम मंदिर, धारा 370, भोजशाला जैसे मुद्दों का असर देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि रतलाम शहर और ग्रामीण क्षेत्र में भाजपा को ज्यादा फायदा होता दिख रहा है। यहां कांग्रेस बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की आय दोगुनी न होने जैसे मुद्दे उठा रही है। कांग्रेस घोषणा पत्र में किए वादों का भी प्रचार कर रही है। भाजपा के पास न मुद्दों की कमी है और नेताओं की। इसलिए उसका प्रचार ज्यादा व्यवस्थित और तेज दिखाई पड़ रहा है। विधानसभा में कांग्रेस पर भाजपा को मामूली बढ़त रतलाम लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाली 8 विधानसभा सीटों के लिए 4 माह पहले हुए चुनाव में भाजपा को कांग्रेस पर मामूली बढ़त हािसल है। क्षेत्र की तीन विधानसभा सीटें कांग्रेस जीती जबकि भाजपा के खाते में 4 सीटें गई हैं। एक सीट सैलाना में भारत आदिवासी पार्टी ने जीत कर सबको चौंका दिया था। इस तरह विधानसभा में ताकत के लिहाज से भाजपा-कांग्रेस में बहुत ज्यादा फर्क नहीं है। भाजपा ने चार विधानसभा सीटें 1 लाख 4 हजार 402 वोटों के अंतर से जीती हैं जबकि कांग्रेस की तीन सीटों में जीत का अंतर 55 हजार 808 वोट रहा है। सैलाना में भारत आदिवासी पार्टी 4 हजार 618 वोटों के अंतर से जीतने में सफल रही है। लोकसभा चुनाव की दृष्टि से यह अंतर इतना ज्यादा नहीं है कि इसे कवर न किया जा सके। हालांकि 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने क्षेत्र की 8 में से 5 सीटें जीती थीं और भाजपा सिर्फ 3 में सिमट गई थी। बावजूद इसके 2019 का लोकसभा चुनाव कांग्रेस नहीं जीत सकी थी। रतलाम में तीन जिलों की विधानसभा सीटें रतलाम लोकसभा सीट का भौगोलिक एरिया तीन जिलों तक फैला है। ये जिले झाबुआ, रतलाम और अलीराजपुर हैं। लोकसभा क्षेत्र में झाबुआ जिले की तीन विधानसभा सीटें झाबुआ, थांदला, जोबट और रतलाम जिले की भी तीन रतलाम ग्रामीण, रतलाम शहर और सैलाना आती हैं। अलीराजपुर की दो विधानसभा सीटें जोबट और अलीराजपुर भी इसी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा हैं। इनमें से झाबुआ जिले की 2 और अलीराजपुर की एक सीट कांग्रेस के पास हैं जबकि रतलाम जिले की 2 और झाबुआ-अलीराजपुर की एक-एक सीट पर भाजपा का कब्जा है। जहां तक सीट के राजनीतिक मिजाज का सवाल है तो यहां कांग्रेस ज्यादा जीती है। जब सीट का नाम झाबुआ था तब कांग्रेस के दिलीप सिंह भूरिया यहां जीतते थे लेकिन परिसीमन के बाद जब सीट का नाम रतलाम हो गया तब वे भाजपा में चले गए। इसके बाद 2009 के पहले चुनाव में कांतिलाल ने दिलीप सिंह को हरा दिया जबकि 2014 में दिलीप ने कांतिलाल को हरा कर जीत दर्ज की। दिलीप सिंह के निधन के बाद 2015 के उप चुनाव में भाजपा ने उनकी बेटी निर्मला भूरिया को टिकट दिया लेकिन वे कांतिलाल से हार गईं। सामाजिक, जातीय आधार पर होता रहा मतदान रतलाम लोकसभा सीट के कई हिस्सों में जातीय और सामाजिक आधार पर मतदान होता रहा है। इस बार भी ऐसा हो सकता है। जैसे अनीता नागर सिंह चौहान को आदिवासियों में भिलाला समाज का पूरा वोट मिलेगा और कांतिलाल भूरिया को भील समाज का। इन दोनों समाजों के वोट यहां ज्यादा हैं। झाबुआ जिले में ईसाई मिशनरियों का बड़ा नेटवर्क है। इनके प्रयास … Read more

आरोप: भाजपा कांग्रेस नेताओं पर ED / CBI का दबाव डाल कर आपने पालें में कर रहें है:पूर्व सीएम कमलनाथ

Allegation: BJP is trying to keep Congress leaders in its fold by putting pressure of ED/CBI: Former CM Kamal Nath पूर्व सीएम कमलनाथ ने भाजपा पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार कांग्रेस के नेताओं पर दबाव डाल रही है और जो दबाव में नहीं आता, उसके ऊपर छापेमारी की जा रही है। मैं इस तरह की कार्रवाई की कड़ी निंदा करता हूं। छिंदवाड़ा । प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ ने भाजपा पर बड़ा आरोप लगाते हुए अपने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि भारतीय जनता पार्टी लगातार कांग्रेस के नेताओं पर दबाव डाल रही है और जो दबाव में नहीं आता, उसके ऊपर छापेमारी और दूसरी कार्रवाई कर रही है। कांग्रेस के आदिवासी विधायक नीलेश उइके पर इस तरह का दबाव डाला गया, लेकिन वे इसके आगे नहीं झुके तो उनके ऊपर छापे डाले गए। उनके आवास, निर्माणाधीन भवन, खेत खलिहान और अन्य स्थानों पर जिस तरह से छापेमारी की कार्रवाई की गई और घंटों तक तलाशी के बाद कुछ नहीं मिला, उससे स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी प्रशासन का दुरुपयोग कर कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न कर रही है। मैं इस तरह की कार्रवाई की कड़ी निंदा करता हूँ और पार्टी के सभी कार्यकर्ता नीलेश उइके साथ हैं।उन्होंने कहा कि मैं पार्टी के कार्यकर्ताओं का आह्वान करता हूं कि इस तरह के दमन और उत्पीड़न से भयभीत न हों और पूरी तरह एकजुट होकर जनता के सामने जाएं। छिंदवाड़ा की जनता इस तरह के अत्याचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। मुझे आशा ही नहीं, पूर्ण विश्वास है कि जीत सत्य की ही होगी।

मंडी सीट से कंगना रनौत को टक्कर देंगे विक्रमादित्य सिंह

Vikramaditya Singh will contest against Kangana Ranaut from Mandi seat शिमला । प्रतिभा सिंह ने कहा है कि पार्टी हाईकमान इस सीट से किसी बुवा को उतरना चाहती है। ऐसे में विक्रमादित्य सिंह का नाम आगे किया गया है। जल्द इसकी आधिकारिक घोषणा भी कर दी जाएगी। हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से कांग्रेस विक्रमादित्य सिंह को टिकट देने जा रही है। इस बात का ऐलान उनकी मां और मंडी सीट से मौजूदा सांसद प्रतिभा सिंह ने किया है। उन्होंने कहा है कि पार्टी हाईकमान इस सीट से किसी युवा को उतरना चाहती है। ऐसे में विक्रमादित्य सिंह का नाम आगे किया गया है। जल्द इसकी आधिकारिक घोषणा भी कर दी जाएगी। प्रतिभा सिंह से हिमाचल की सीटों पर उम्मीदवार को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि इसके लिए 2-3 नाम शॉर्ट लिस्ट किए गए हैं। अब ये पार्टी आलाकमान पर निर्भर करता है कि वह किसे चुनते हैं। वही मंडी सीट के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि सभी नेता ये मानते हैं कि इस बार पार्टी को किसी युवा नेता को यहां टिकट देना चाहिए। ऐसे में विक्रमादित्य सिंह के नाम पर सहमति बनी है। सभी नामों का आधिकारिक ऐलान जल्द कर दिया जाएगा। इससे पहले हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी इस बात के संकेत दे चुके हैं कि पार्टी इस बार मंडी से विक्रमादित्य को मौका दे सकती है। उन्होंने कहा है कि मंडी से इस बार कोई युवा नेता ही चुनावी मैदान में उतरेगा ये तय है। बता दें, बीजेपी ने इस सीट से बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को उम्मीदवार बनाया है। इसके बाद से ही ये सीट लगातार चर्चा में बनी हुई है। पिछले कुछ दिनों से विक्रमादित्य सिंह और कंगना रनौत के बीच जुबानी जंग भी काफी तेज होती नजर आ रही है जिसके बाद से ही अटकलों का बाजार गर्म है। राज्यसभा चुनाव के बाद से बढ़े तनाव को कम करने की कोशिश विक्रमादित्य सिंह को मंडी से उम्मीदवार बनाने की एक बड़ी वजह ये भी मानी जा रही है कि पार्टी आलाकमान इस एक कदम के जरिए राज्यसभा चुनाव के बाद पार्टी के भीतर बढ़े तनाव औ गुटबाजी को कम करना चाहती है। इस राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के 6 बागी विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी जिससे बीजेपी उम्मीदवार को जीत हासिल हुई थी। फिलहाल ये 6 बागी विधायक बीजेपी में शामिल हो गए हैं और इन 6 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भी बीजेपी ने इन नेताओं को ही उम्मीदवार बनाया है। विक्रमादित्य सिंह ने दिया था इस्तीफा राज्यसभा चुनाव के बाद विक्रमादित्य सिंह ने भी मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इस्तीफा देते हुए उनके खेमे के विधायकों की अनदेखी का आरोप लगाया था। इसके साथ उन्होंने ये भी कहा था कि पूरा चुनाव उनके पिता वीरभद्र सिंह के नाम पर हुआ लेकिन भारी मन के साथ कहना पड़ रहा है कि जिस व्यक्ति की वजह से हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बनी उसकी मूर्ती लगाने के लिए ही शिमला मॉल रोड मपर जमीन नहीं मिली।

70 करोड़ लोगों के पास जितना धन, उतना हिंदुस्तान में 22 लोगों के पास संपत्ति : राहुल गांधी

22 people in India have as much wealth as 70 crore people: Rahul Gandhi बस्तर में जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, लाखों लोग कोरोना के कारण मरे। हर प्रदेश से गरीब लोग घर वापस लौटे। दिल्ली (केंद्र) की सरकार ने कोई मदद नहीं की, किसी की भी मदद नहीं की। नपं मुख्यालय के लालबहादुर शास्त्री स्टेडियम में दोपहर 12 बजे से कार्यक्रम 15 हजार की आबादी वाले बस्तर को 2008 में मिला नगर पंचायत का दर्जा कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी भी एक साल पहले 13 अप्रैल को बस्तर दौरे पर आई थीं छत्‍तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव के पहले चरण में सिर्फ बस्‍तर लोकसभा सीट पर चुनाव हो रहा है। यहां कांग्रेस ने पूर्व मंत्री कवासी लखमा को प्रत्‍याशी बनाता है। लखमा के समर्थन में ही शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की दंतेवाड़ा जिले के गीदम में सभा का आयोजन हुआ। सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पीएम मोदी की सरकार पर जमकर आरोप लगाए। साथ ही कांग्रेस की सरकार बनने पर जनता के लिए कांग्रेस के वादों को याद दिलाया। उन्‍होंने अपने भाषण में कहा, लाखों लोग कोरोना के कारण मरे। हर प्रदेश से गरीब लोग घर वापस लौटे। दिल्ली (केंद्र) की सरकार ने कोई मदद नहीं की, किसी की भी मदद नहीं की। पूरा का पूरा फायदा 2-3 अरबपतियों को दे देते हैं। हिंदुस्तान में 22 लोग हैं जिनके पास उतना ही धन है जितना 70 करोड़ हिंदुस्तानी लोगों के पास है। पीएम मोदी 24 घंटा इन 22-25 लोगों की मदद करते रहते हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, हिंदुस्तान के सब बेरोज़गार युवाओं को सरकार ये अधिकार देगी कि एक साल के लिए निजी कंपनी में, PSUs में, सरकारी कार्यालयों में हिंदुस्तान के बेरोज़गार युवाओं को एक साल की नौकरी मिलेगी जिसमें उनका प्रशिक्षण होगा और 1 साल में उनके बैंक अकाउंट में 1 लाख रुपये दिए जाएंगे। अगर उन्होंने अच्छा काम किया तो उन्हीं संस्थाओं में उन्हें पक्की नौकरी मिलेगी। चुनावी सभा में राहुल गांधी ने बस्‍तर के विकास के लिए लोगों से कांग्रेस प्रत्‍याशी कवासी लखमा को वोट देने की अपील की। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा, बस्तर में कांग्रेस हमेशा से मज़बूत रही है। भाजपा नेता 10 साल में उन्होंने क्या किया उसपर चर्चा नहीं कर रहे। उनका चुनाव प्रचार भी मुद्दों से हटकर जज़्बाती मुद्दों पर, धर्म, मंदिर-मस्जिद पर केंद्रित है। हम छत्तीसगढ़ की सभी 11 सीटों पर अच्छा प्रदर्शन करेंगे। सभा के एक दिन पहले शुक्रवार शाम को पार्टी के छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, लोकसभा चुनाव संचालन समिति के संयोजक व बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल के साथ बस्तर पहुंचे और सभा स्थल में तैयारियों का अवलोकन किया। बस्तर को 2008 में मिला नगर पंचायत का दर्जाबस्तर जिले का मुख्यालय जगदलपुर है तो बस्तर से 18 किलोमीटर दूर है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बस्तर आजादी से पहले रियासतकालीन राजधानी रही थी। लगभग 15 हजार की आबादी वाले बस्तर को 2008 में नगर पंचायत का दर्जा मिला था। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों आठ अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुनावी जनसभा भी इसी बस्तर विकासखंड के ग्राम छोटे आमाबाल में हुई थी। बस्तर से लगभग 20 किलोमीटर दूर है। कांग्रेस ने भी राहुल गांधी की चुनावी जनसभा के लिए इसी विकासखंड को चुना है। निरीक्षण के दौरान धनेन्द्र साहू, मोहन मरकाम, राजमन बेंजाम, मलकीत सिंह, मिथलेश आदि भी उपस्थित थे। प्रियंका भी इसी दिन आई थींराहुल गांधी की बहन कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी भी एक साल पहले 13 अप्रैल को बस्तर दौरे पर आई थीं। वह जगदलपुर में आयोजित कांग्रेस के भरोसे के सम्मेलन में शामिल हुई थीं। प्रियंका गांधी के दौरे के ठीक साल भर बाद इसी तारीख को बस्तर दौरे पर आ रहे हैं।

छिंदवाड़ा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की जन सभा

Public meeting of BJP National President JP Nadda in Chhindwara लोकसभा चुनाव 2024 : छिंदवाड़ा से बंटी विवेक साहू को चुनाव मैदान में उतारा है। छिंदवाड़ा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शुक्रवार को सीधी व छिंदवाड़ा में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में चुनावी सभा करेंगे। छिंदवाड़ा के दशहरा मैदान में संबोधित कर रहे हैं। छिंदवाड़ा से बंटी विवेक साहू को चुनाव मैदान में उतारा है।

लोकसभा चुनाव 2024 : ग्राउंड रिपोर्ट: राजगढ़ लोकसभा

Lok Sabha Elections 2024 : Ground Report : Rajgarh Lok Sabha भोपाल। भाजपा के रोडमल नागर ने 2019 के लोकसभा चुनाव में उस स्थिति में सवा 4 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी, जब 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को सिर्फ 2 विधानसभा सीटें मिली थी। चार माह पहले 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 8 में से 6 विधानसभा सीटें जीती हैं फिर भी रोडमल पिछली जैसी जीत के प्रति आश्वस्त नहीं है। जबकि पिछली बार की तुलना में भाजपा के पक्ष में ज्यादा माहौल है। वजह कांग्रेस की ओर से दिग्विजय सिंह का मैदान में होना है। राजगढ़ दिग्विजय का गृह क्षेत्र है। वे यहां से 1991 में भाजपा के स्व प्यारेलाल खंडेलवाल को हराकर सांसद बने थे। इसके बाद लगातार 10 साल तक वे प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। दिग्विजय को अच्छा राजनीतिक प्रबंधक माना जाता है। पुराने संबंधों को ताजा करने के लिए उन्होंने हर विधानसभा क्षेत्र में पदयात्रा की। इस दौरान वे हर दिन 20 किमी चले और जिस गांव में रात हो गई, वहीं डेरा डाल दिया। अपने पुराने मित्रों, परिचितों के परिजनों से संबंध ताजा किए। गांव के लोगों ने सामूहिक कलेक्शन कर भोजन की व्यवस्था की। दिग्विजय और उनकी पत्नी अमृता राय ने आईटी सेल को एक्टिव कर दिया है। एक अभियान ज्यादा नामांकन भराने का भी चल रहा है ताकि ईवीएम की बजाय मत पत्रों के जरिए मतदान हो। विधायक बेटे जयवर्धन सिंह ने राघौगढ़ और चाचौड़ा में डेरा डाल रखा है। दिग्विजय के समर्थन में समूची कांग्रेस एकजुट है, बस उनके अनुज लक्ष्मण सिंह प्रचार अभियान से दूरी बनाए दिख रहे हैं। दूसरी तरफ भाजपा भी शांत नहीं है। उसका फोकस विधानसभा सम्मेलनों और बूथ मैनेजमेंट में ज्यादा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सहित कई नेता इनमें हिस्सा ले चुके हैं। भाजपा की ओर से तीसरी बार चुनाव लड़ रहे रोडमल के खिलाफ एंटी इन्कम्बैंसी देखने को मिल रही है। पार्टी के अंदर और बाहर उनसे नाराजगी भी है। इसके लिए वे कई बार माफी मांग चुके हैं। चूंकि दिग्विजय सिंह चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए भाजपा के साथ संघ, बजरंग दल और विहिप सहित सभी संगठन उनके खिलाफ एकजुट हैं। राजगढ़ में दिग्विजय का चुनाव लड़ना ही मुद्दाराजगढ़ लोकसभा सीट में दिग्विजय सिंह चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए भाजपा और कांग्रेस के लिए वे खुद मुद्दा हैं। उनकी वजह से ही कांग्रेस एकजुट है। दूसरी तरफ समूचा संघ अपने अनुषांगिक संगठनों के साथ मैदान में उतर गया है। दिग्विजय के कारण राजगढ़ में राम मंदिर, हिंदू-मुस्लिम, मंदिर-मस्जिद के मुद्दे को सबसे ज्यादा हवा दी जा रही है। आखिर, दिग्वजय को कहना पड़ा कि राम मंदिर के लिए उन्होंने शिवराज सिंह चौहान से भी ज्यादा चंदा दिया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की प्रतिक्रिया थी कि वे अपना चंदा वापस ले लें। इसके अलावा भाजपा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा कराए गए काम गिना रही है तो दिग्विजय अपने कार्यकाल में कराए काम बता रहे हैं। भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण बढ़ी महंगाई और बेरोजगारी को मुद्दा बना रहे हैं। यह भी बता रहे हैं कि देश में तानाशाही है और जांच एजेंसिया भाजपा का एजेंट बनकर काम कर रही हैं। 8 में से 6 विधानसभा सीटों में भाजपा का कब्जाविधानसभा में ताकत के लिहाज से भाजपा को अच्छी बढ़त है। पार्टी का क्षेत्र की 8 विधानसभा सीटों में से 6 पर कब्जा है। ये विधानसभा सीटें चाचौड़ा, नरसिंहगढ़, ब्यावरा, राजगढ़, खिलचीपुर और सारंगपुर हैं। कांग्रेस सिर्फ दो विधानसभा सीटों राघौगढ़ और सुसनेर में ही जीत दर्ज कर सकी थी। 2018 के विधानसभा चुनाव में स्थिति इसके उलट थी। तब कांग्रेस ने 5 और भाजपा ने 2 सीटें जीती थीं। एक सीट निर्दलीय के खाते में गई थी। इसके बाद हुए 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 4 लाख 31 हजार से ज्यादा वोटों से चुनाव जीता था। इस बार विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 6 सीटें 1 लाख 78 हजार 967 वोटों के अंतर से जीती हैं जबकि कांग्रेेस का दो सीटों में जीत का अंतर महज 17 हजार 150 है। इस लिहाज से इस बार भी भाजपा की जीत बड़ी होना चाहिए लेकिन मुकाबला देखकर ऐसा लगता नहीं है। दिग्विजय द्वारा भाजपा को कड़ी टक्कर मिल रही है। तीन जिलों को मिलाकर बना गुना लोकसभा क्षेत्रप्रदेश की राजगढ़ लोकसभा सीट का भौगोलिक एरिया तीन जिलों तक फैला है। इसके तहत तीन अंचल भी आ आते हैं। इसमें गुना जिले की दो विधानसभा सीटें चाचौड़ा और राघौगढ़ हैं। गुना को ग्वालियर अंचल का हिस्सा माना जाता है। राजगढ़ जिले की 5 विधानसभा सीटें नरसिंहगढ़, ब्यावरा, राजगढ़, खिलचीपुर और सारंगपुर हैं। यह मध्य भारत अंचल का हिस्सा है। सातवीं विधानसभा सीट सुसनेर आगर मालवा जिले की है जो मालवा अंचल के तहत आती है। राजगढ़ में विधानसभा में ताकत के लिहाज से भले भाजपा बढ़त में है। पिछले दो लोकसभा चुनाव भाजपा के रोडमल नागर ने जीते भी हैं, लेकिन इस सीट का मिजाज भाजपाई नहीं है। 1991 में यहां कांग्रेस के दिग्विजय सिंह जीते तो 1996, 1998 और 1999 में लगातार दिग्विजय के अनुज लक्ष्मण सिंह ने कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की। इसके बाद लक्ष्मण भाजपा में शामिल हो गए और 2004 का लोकसभा चुनाव भाजपा के  टिकट पर जीते। लेकिन 2009 में कांग्रेस के नारायण सिंह अमलावे ने उन्हें हरा दिया। इसके बाद भाजपा ने लक्ष्मण सिंह का टिकट काट दिया तो वे फिर कांग्रेस में शामिल हो गए। समाजों को देखकर तैनात किए जा रहे नेतालोकसभा चुनाव में आमतौर पर राजगढ़ क्षेत्र में जातिगत आधार पर मतदान नहीं होता। बावजूद इसके भाजपा और कांग्रेस द्वारा समाजों की बहुलता को देखकर नेताओं को प्रचार के लिए तैनात किया जा रहा है। क्षेत्र में सबसे ज्यादा मतदाता सोंधिया, दांगी और गुर्जर समाज के हैं। इसके बाद ब्राह्मण, यादव और मीना समाज आते हैं। अनुसूचित जाति-जनजाति के मतदाताओं की तादाद भी कम नहीं है। भाजपा के पास हर प्रमुख जाति के विधायक जीत कर आए हैं। उन्होंने मोर्चा संभाल रखा है। कांग्रेस के नेता भले विधायक नहीं हैं लेकिन जातिगत आधार पर उन्हें भी मैदान में उतार रखा गया है। ब्राह्मण मतदाताओं का रुझान भाजपा की ओर है और अजा-जजा वर्ग का कांग्रेस की ओर। शेष सभी जातियां भाजपा- कांग्रेस के … Read more

सांसद विवेक तन्खा ने कहा, देश में मानवीय अधिकारों का हनन हो रहा है, यह तानाशाही है, मैं ऐसे प्रजातंत्र में नहीं रहना चाहता

MP Vivek Tankha said, human rights are being violated in the country, this is a dictatorship, I do not want to live in such a democracy. भोपाल। कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि देश में मानवीय अधिकारों का हनन हो रहा है। यह तानाशाही है। मैं ऐसे प्रजातंत्र में नहीं रहना चाहता। उन्होंने कहा कि संवैधानिक न्याय को लेकर मैं खुद पीड़ित हूं। संसद में जिस प्रकार से कानून बना रहे हैं, वह प्रजातांत्रिक नहीं है। छोटी-छोटी बातों को लेकर (संभवत: राज्यसभा के सभापति) खफा हो जाते हैं। संसद नियम से नहीं चलता है। यह बात वाइस प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर भी कहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को जगह नहीं दिया जाता है, न हीं बोलने का मौका दिया जाता है, न ही विरोध करने का मौका दिया जाता है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आज मंगलवार को राज्यसभा सांसद समेत कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह समेत अन्य नेताओं ने एक साथ प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे। इसी दौरान सांसद तन्खा ने भी यह बातें कही। उन्होंने कहा कि 100 दिन सदन चलाने का नियम है, लेकिन विपक्ष को मौका रखने का नहीं ही मिलता। विपक्ष के बोलने पर सांसदों को निलंबित किया जाता है। वाइस प्रेसिडेंट ऑफ़ इंडिया को पत्र लिखा था। उसके सुझाव कांग्रेस पार्टी ने अपने न्याय पत्र में रखे हैं। हफ्ते में एक दिन विपक्ष को बोलने का मौका लोकसभा या सदन में दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की बात कि जाए तो 3 करोड़ केस पेंडिंग हैं। गरीबों को न्याय नहीं मिल पाता जजों की कमी है। भाजपा इसलिए खुश है कि न्यायपालिका में न्याय की जगह बेल ना मिले। स्थिति यह है कि सुप्रीम कोर्ट में बेल के केस जाने लगे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने संजय सिंह को बेल दी थी अब अरविंद केजरीवाल भी सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। सांसद तन्खा ने कहा कि देश में ऐसे लोगों को जज बनना चाहिए, जो निष्पक्ष होना चाहिए। ईमानदार और निष्पक्ष जज का नाम भेज दो तो उसका नाम रोक दिया जाता है। इनकम टैक्स, ईडी, सीबीआई के लाॅ में संशोधन करने की जरूरत है। कांग्रेस के साथ भी यही हुआ। कांग्रेस पार्टी को अपील के लिए जाने पर पूरा पैसा जमा करने के लिए कहा जाता है, जबकि 20 से 30 % जमा कर खाते को फ्रिज से हटाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट जाने के बाद इनकम टैक्स 3,560 करोड़ के टैक्स के मामले को रिलैक्सेशन देती है। उन्होनंे कहा कि टैक्स भरने के लिए एनजीओ और अन्य लोगों को समय दिया, लेकिन कांग्रेस को समय नहीं दिया गया। जबकि 31 मार्च तक रिटर्न भरने का समय था। तन्खा ने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों को डरा धमका की कॉलर पकड़ के बाहर निकाला जा रहा हैं। लोकतात्रिक संस्थान को बचाने के लिए संस्थाओं को भी क्योर करना पड़ेगा।

लोकसभा चुनाव 2024: ग्राउंड रिपोर्ट ग्वालियर संसदीय क्षेत्र से, सहारा समाचार टीम

Lok Sabha Elections 2024: Ground report from Gwalior parliamentary constituency, Sahara News Team ग्वालियर। ग्वालियर की लोकसभा सीट शुरू से ही काफी अहम रही है, क्योंकि विजयाराजे सिंधिया सहित राजघराने का हर सदस्य राजनीति से जुड़ा रहा। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने भी अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत यहीं से की थी। कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार की घोषणा अभी हाल ही में की है, जबकि भाजपा पहले ही कर चुकी थी, लेकिन खास बात यह है कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने ही ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जो हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में हार चुके हैं। भाजपा ने भारत सिंह कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया है। उन्हें विवेक नारायण शेजवलकर के स्थान पर मैदान में उतारा गया है। भारत सिंह कुशवाहा अभी हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में ग्वालियर ग्रामीण से चुनाव हारे थे। दूसरी तरफ कांग्रेस ने प्रवीण पाठक को उम्मीदवार बनाया है, जो विधानसभा चुनाव में ग्वालियर दक्षिण से पराजित हुए थे। दोनों उम्मीदवार पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा की कुशवाह समाज के साढ़े तीन लाख वोटरों पर नजर है। वहीं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के करीबी होने का भी लाभ भारत सिंह कुशवाहा को मिला है। जबकि कांग्रेस ने प्रवीण पाठक को उम्मीदवार बनाकर शहर के वोटरों को साधने की कोशिश की है। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र से कांग्रेस को विश्वास है कि विधानसभा चुनाव जीत दिलाने वाले लोकसभा में भी सहयोग करेंगे। इसलिए भाजपा को है जीत की उम्मीदग्वालियर लोकसभा क्षेत्र में सिंधिया परिवार के अलावा ठाकुर क्षत्रिय वोटर की अहम भूमिका रही है और 19 लोकसभा चुनाव में से सिंधिया परिवार के सदस्यों ने 8 बार जीत दर्ज की है। जबकि इसमें भी ठाकुर क्षत्रिय वोटर ने सहयोग किया है। इस बार भी ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में हैं और नरेंद्र सिंह तोमर के समर्थक को ही उम्मीदवार बनाया गया हैं। यहां से माधवराव सिंधिया कांग्रेस और मध्य प्रदेश विकास कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर पांच बार निर्वाचित हुए, जबकि भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर यशोधरा राजे सिंधिया दो बार यहां से निर्वाचित हुईं। इसके अलावा विजयाराजे सिंधिया भी एक बार यहां से चुनाव जीती हैं। कांग्रेस ने अंतिम बार 2004 में जीत दर्ज की थी। जब रामसेवक सिंह निर्वाचित हुए थे। यह बात अलग है कि सवाल पूछने के बदले पैसे लेने के आरोप में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था लोकसभा चुनाव में दोनों नए चहरेलोकसभा चुनाव की दृष्टि से देखा जाए तो इस बार कांग्रेस व भाजपा दोनों ने ही नए चेहरे मैदान में उतारे हैं। दोनों के समीकरण भी एक समान हैं। क्योंकि विधानसभा चुनाव हारने के तुरंत बाद ही दोनों अपने लिए लोकसभा के लिए वोट मांग रहे हैं। भारत सिंह कुशवाहा राममंदिर और हमारा परिवार मोदी परिवार को लेकर आगे चल रहे हैं। वहीं प्रवीण पाठक लोकतंत्र बचाओ के साथ ही राहुल गांधी की यात्राओं में उठाए गए मुद्दों का वोटर के सामने रख रहे हैं। जातीय समीकरणभाजपा ने ग्वालियर में अपनी जीत के लिए जातिगत समीकरण पर दांव खेला है। इस संसदीय क्षेत्र से पूर्व मंत्री भारत सिंह कुशवाह को अपना उम्मीद्वार बनाया है। तकरीबन साढ़े तीन लाख कुशवाह वोटर के सहारे भाजपा जनाधार मजबूत करेगी। जबकि कांग्रेस ब्राह्मण व क्षत्रिय के गणित लेकर चल रही है। प्रवीण पाठक का मानना है कि 19.59 प्रतिशत अनुसूचित जाति और 5.5 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति के वोटर हैं, जिनका कांग्रेस पर पूरा भरोसा है। जबकि ब्राह्मण समाज के 18 प्रतिशत से ज्यादा वोटर पर भी उन्हें पूरा विश्वास है। वहीं 25 प्रतिशत से ज्यादा पिछड़ा वर्ग भी कांग्रेस का समर्थन देगा। क्योंकि इसका प्रभाव विधानसभा चुनावो में देखने को मिला है। इस जातीय समीकरण के कारण ही भाजपा के द्वारा पूरी ताकत लगाने के बाद भी आधी सीटें विधानसभा की तीने में सफलता मिली थी। ग्वालियर संसदीय सीट में 8 विधानसभाग्वालियर संसदीय क्षेत्र में आने वाली आठ विधानसभाओं में से कांग्रेस व भाजपा के पास चार-चार विधायक हैं। यदि विधानसभा चुनाव का ट्रेंड रहता है तो भाजपा व कांग्रेस के बीच मुकाबला काफी कड़ा होगा और हार जीत का अंतर बड़ा नहीं होगा। इस क्षेत्र में विधानसभा चुनाव में भाजपा को 6 लाख 96 हजार 246 वोट मिले हैं, जबकि कांग्रेस को 6 लाख 82 हजार 233 वोट मिले हैं। इस हिसाब से मुकाबला कड़ा है। इसके अनुसार भाजपा को 14 हजार 13 वोट ही अधिक मिले हैं। ग्रामीण क्षेत्र की तीन सीटें कांग्रेस के पास हैं, जबकि भाजपा के पास दो सीट हैं। कांग्रेस ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा मजबूत है। वोट भी अधिक मिला है, लेकिन शहरी मतदाताओं के बीच भाजपा मजबूत है। शहर में तीन सीटे हैं, जिनमें कांग्रेस के पास एक सीट है। पोहरी विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी ने 49 हजार 481 वोट से भाजपा के मंत्री को हराया था। जबकि भाजपा भितरवार और ग्वालियर विधानसभा में मजबूत है। इन विधानसभा को भाजपा ने बड़े अंतर से जीता था। डबरा, ग्वालियर दक्षिण व करैरा में मुकाबले करीबी रहे हैं। ग्वालियर संसदीय चुनाव में मुद्देइस संसदीय सीट की खास बात यह रही है कि यहां विकास के कोई मुद्दे नहीं रहे हैं। चाहे माधव राव सिंधिया ने विकास के नाम पर वोट मांगे हों। उस समय व्यक्ति के चेहरे पर लोगों ने वोट दिया था। क्योंकि मुद्दे विधानसभा चुनावो में ही इतने उठ जाते हैं कि लोकसभा में लोग सिर्फ चेहरे देखते हैं। यहां ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के मुद्दे को लेकर ही वोटिंग होती रही है। इस बार प्रवीण पाठक शहर से और भारत सिंह कुशवाह ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं। भाजपा हमेशा शहरी क्षेत्र से उम्मीदवार बनाती रही है और लगातार जीतती रही है। इस बार ग्रामीण क्षेत्र से भाजपा ने और शहरी क्षेत्र से कांग्रेस ने टिकिट दिया। यही सबसे बड़ा मुद्दा रहेगा, लेकिन यह मुद्दा कितना कारगर रहेगा यह तो चुनाव बाद ही मालुम होगा। क्योंकि माहौल इस समय भाजपा के पक्ष में है।

लोकतंत्र को नोटतंत्र के जरिए खरीदना चाह रहे नकुलनाथ : विजयवर्गीय

Nakulnath wants to buy democracy through demonetization: Vijayvargiya भोपाल। कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं का चरित्र ही रहा है कि वह जनमत पर भरोसा नहीं करते। यही कार्य छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस और कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी नकुलनाथ कर रहे हैं। कांग्रेस छिंदवाड़ा में लोकतंत्र को नोटतंत्र के जरिए खरीदने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस सोचती है अब भी बांटो और राज करो चलेगा। कांग्रेस ने पहले देश बांटकर राज किया, अब छिंदवाड़ा को अपना गढ़ समझने वाले नकुलनाथ पैसा बांटकर राज करना चाहते हैं। मतदाता भगवान है और भगवान को खरीदने की सोचने वाली कांग्रेस रंगे हाथ पकड़ी गई है। यह बात प्रदेश शासन के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने छिंदवाड़ा में जिला कांग्रेस महामंत्री गिरीश साहू के बिसापुर गांव में रूपए बांटते पकड़े जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही। विजयवर्गीय ने कहा कि न्याय-पत्र के झूठे वादे चले नहीं तो सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेता पैसों से बोली लगाकर लोकतंत्र के भगवान को खरीदने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। भाजपा इस मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग पहुंचकर शिकायत दर्ज करायेगी और कांग्रेस और नकुलनाथ के ठिकानों की जांच करने की मांग करेगी। कांग्रेस का लोकतंत्र पर विश्वास ही नहीं: मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी धनबल के आधार पर चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। नोट बांटने का खुलासा होने से यह सिद्ध हो गया है कि कांग्रेस ने अपनी हार स्वीकार कर ली है और वह लोगों को पैसों का लालच देकर खरीदने में जुटी है। कांग्रेस का लोकतंत्र पर विश्वास ही नहीं है। कांग्रेस पार्टी पहले नोट देकर वोट खरीदने का प्रयास करती है, जब चुनाव हार जाती है तो ईवीएम पर ठीकरा फोड़ती है।

‘मोदी आराम करने के लिए नहीं पैदा हुआ…’; पीएम ने करौली में कांग्रेस पर किया करारा वार

‘Modi was not born to rest…’; PM attacks Congress in Karauli राहुल गांधी की बीकानेर में सभा के बाद करौली-धौलपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा हुई। इसमें मोदी ने ईआरसीपी, किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ईआरसीपी का बड़ा लाभ करौली-धौलपुर को भी मिलेगा। यह इसलिए हल हुआ, क्योंकि हरियाणा में भी हमारी सरकार है और केंद्र में भी हम बैठे हैं। राजस्थान में लोकसभा चुनावों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को करौली-धौलपुर लोकसभा पहुंचे। बीजेपी ने यहां इंदू देवी जाटव को अपना प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने कहा कि मैं गुजरात से आता हूं, पानी की दिक्कतों को भली भांति समझता हूं। हम हाथ जोड़कर बैठे नहीं रहते। मोदी बोले, कांग्रेस ने पानी में पैसा कमाने का काम किया। बीजेपी ने उसे जवाबदेही मानकर पूरा किया। मोदी ने कहा कि आने वाले सम में यहां घर-घर पानी पहुंचेगा, यह मोदी की गारंटी है। कांग्रेस ने नौकरियों में भी लूट के मौके तलाशे। कांग्रेस के राज में पेपर लीक इंडस्ट्री तैयार हो गई। मोदी ने गारंटी दी कि मोदी की सरकार आएगी तो पेपर लीक माफिया जेल जाएंगे। मोदी ने पूछा कि बताइए कि मोदी की गारंटी पूरी हो रही है कि नहीं। पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि मोदी आराम करने के लिए नहीं पैदा हुआ है। मैं काम करने के लिए पैदा हुआ हूं। पीएम मोदी ने इंडी अलायंस पर हमला बोलते हुए कहा कि ये लोग मोदी को कितनी गालियां दे दें, लेकिन जिन्होंने भ्रष्टाचार किया है उन्हें जेल जाना ही पड़ेगा। यह मोदी की गारंटी है। मोदी ने का कहा कि करौली-धौलपुर की यह धरती भक्ति और शक्ति की धरती है। यह उस बृज का क्षेत्र है, जहां की रज भी सर पर धारण करते हैं। यहां आपका यह आर्शीवाद देश के लिए बड़ा संदेश है। चार जून को क्या परिणाम होगा, वह आज करौली में स्पष्ट दिख रहा है। करौली बता रहा है, चार जून 400 पार। पूरा राजस्थान कह रहा है…फिर एक बार मोदी सरकार। 2024 का लोकसभा चुनाव, कौन सांसद बनेगा या कौन नहीं बन सकता है, इसके लिए नहीं है। यह चुनाव विकसित भारत को नई ऊर्जा देने का चुनाव है। समस्याओं के आगे कांग्रेस ने हाथ खड़े कर दिए। कांग्रेस दशकों को तक गरीबी हटाओ का नारा देती रही, लेकिन मोदी ने 10 साल में 25 करोड़ लोगों को गरीबी की रेखा से बाहर निकालने का काम किया है। पीएम ने इन योजनाओं का किया जिक्रपीएम मोदी ने किसान सम्मान निधि का जिक्र करते हुए कहा कि करौली-धौलपुर के सवा तीन लाख किसानों के खातों में 700 करोड़ रुपये से अधिक भेजे गए हैं। करौली में 80 हजार से ज्यादा किसानों को पशुओं के लिए डेढ़ लाख से ज्यादा टीके मुफ्त टीके उपलब्ध करवाए हैं। राजस्थान में मोटा अनाज होता है। पहले मोटा अनाज पैदा करने वाले किसानों को कोई पूछता नहीं था। हमने दुनिया को बताया कि हमारा मोटा अनाज सुपर फूड है। आज वही मोटा अनाज श्री अन्न के रूप में जाना जा रहा है। पिछले वर्ष अमेरिका में व्हाइट हाऊस में मुझे निमंत्रण मिला। वहां भोज में सब कुछ वेजिटेरियन था और वहां हमारा मोटा अनाज भी था। इससे राजस्थान के किसानों को बहुत बड़ा लाभ होने जा रहा है। एनडीए सरकार की तमाम योजनाओं का जिक्र किया, जिसमें पक्के घर, शौचालय और उज्ज्वला सिलेंडर की बात कही। उन्होंने कहा कि अब हम देश में तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का काम कर रहे हैं। मोदी ने पूछा कि यह काम पहले होने चाहिए थे कि नहीं होने चाहिए थे।

मंडला में बोले अमित शाह- रामनवमी को 500 वर्ष बाद रामलला अपने घर में मनाएंगे जन्मदिन

Amit Shah said in Mandla – After 500 years of Ram Navami, Ram Lalla will celebrate his birthday in his home. मध्य प्रदेश के मंडला में परिवारवाद, आदिवासी कल्याण, गरीबी उन्मूलन, केंद्र की योजनाओं से बदलती भारत की तस्वीर जैसे विषयों पर केंद्रित रहा भाषण। मंडला। मध्य प्रदेश के आदिवासी अंचल मंडला में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस रामनवमी को पांच सौ वर्षों बाद श्रीरामलला अपने घर में जन्मदिन मनाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण कार्य को 55 वर्षों तक लटकाती रही, लेकिन हमारे मोदी जी रामलला को उनके घर ले आए। शाह ने आदिवासी विकास, सरकारी योजनाओं से मिल रहे लाभ, विपक्षी गठबंधन की परिवारवाद की राजनीति तथा पीएम मोदी के विकसित भारत की परिकल्पना आदि विषयों पर अपना भाषण केंद्रित रखा। शाह ने कहा कि हमारी सरकार ने डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड के एक लाख करोड़ रुपये उन जिलों में खर्च किए जहां खदानें हैं। आदिवासी अंचलों में इस राशि से केंद्र सरकार ने विकास कार्य किए जबकि विपक्ष की सरकारों ने देश के पैसे को डायनेस्टी मैनेजमेंट फंड बना दिया था। सभा के दौरान शाह ने मंडला से भाजपा के प्रत्याशी व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते के द्वारा कराए गए विकास कार्यों को गिनाने के बाद कहा कि फग्गन सिंह को इन सब कामों के लिए वोट नहीं देना है। मोदी जी महान भारत की रचना करने वाले हैं, उसके लिए फग्गन सिंह को वोट देना है। इस वाक्य को मंडला के प्रत्याशी ओमकार सिंह मरकाम सहित कई कांग्रेस नेताओं ने इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर शेयर करते हुए कमेंट किया कि शाह भी फग्गन सिंह को वोट देने से मना कर रहे हैं। 10 वर्ष में 25 करोड़ गरीबों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने का काम मोदी जी ने किया।

प्रधानमंत्री ने दावा किया था कि…’, महाकौशल और विंध्य में PM मोदी पर जमकर बरसे जीतू पटवारी

Prime Minister had claimed that…’, Jitu Patwari lashed out at PM Modi in Mahakaushal and Vindhya पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने आदिवासियों से वादा किया कि यदि केंद्र में गठबंधन की सरकार आई तो जिस बच्चे ने ग्रेजुएशन कर लिया है, उसे 8 हजार 500 रुपये हर महीने दिए जाएंगे. मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jitu Patwari) बुधवार (10 अप्रैल) को महाकौशल और विंध्य क्षेत्र के दौरे पर थे. इस दौरान तेज आंधी के बीच पीसीसी चीफ जीतू पटवारी केंद्र और प्रदेश की बीजेपी सरकार पर जमकर बरसे. आमसभा के दौरान जीतू पटवारी ने आदिवासियों से पांच वादे भी किए. इस दौरान वह शिवराज सिंह चौहान पर भी निशाना साधा. उन्होंने आदिवासी समाज की महिलाओं से पूछा कि शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहनों से 3000 रुपये का वादा किया था, मिल रहे हैं क्या, जिस पर पंडाल में उपस्थित महिलाएं बोली नहीं मिल रहे हैं. पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने जनसभा के दौरान पंडाल में उपस्थित जनसमूह से कहा कि एक तरफ है कांग्रेस के फुंदेलाल मार्को यहां से चुनाव लड़ रहे हैं. वह यहां यहां से विधायक भी हैं, जो सदैव आपके बीच रहते हैं. दूसरी तरफ हैं बीजेपी की सांसद हिमाद्री, जो यहां से जीतकर गईं तो दूसरी बार नहीं आईं. उन्होंने पूछा कि क्या किसी की मौत-मैयत में बैठने आईं, शादी विवाह में आईं, इस पर लोग बोले नहीं आईं. पटवारी ने पूछा कि सांसद निधि का पांच साल में 50 करोड़ मिलता है, आपके गांव में 4-5 पर लाख का काम तो करा दिया होगा, इसपर लोगों बोले नहीं कराया है. 30 रुपये लीटर पेट्रोल का था वादाजीतू पटवारी ने पूछा तो फिर सांसद आपने बनाया, जब गांव में नहीं आईं, सुख-दुख में नहीं आईं तो उन्हें वोट मिलना चाहिए. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 2014 के चुनाव में नरेंद्र मोदी ने कहा था कि ‘बहुत हुई महंगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार’, नरेंद्र मोदी ने दावा किया था कि पेट्रोल के दाम 30 रुपये लीटर हो जाएगा. पीएम मोदी ने दो करोड़ नौकरी देने का वादा किया था, क्या आपके बच्चों को नौकरी मिली? 8 हजार 500 देने का वादापीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने वादा किया कि यदि केंद्र में गठबंधन की सरकार आई तो जिस बच्चे ने ग्रेजुएशन कर लिया है, उसे 8 हजार 500 रुपये हर महीने दिए जाएंगे. इसके साथ ही महिलाओं के खाते में भी 8 हजार 500 रुपये दिए जाएंगे. जीतू पटवारी ने कहा कि मेरा वीडियो बनाकर रख लेना. जीतू पटवारी ने आगे कहा कि एक साल में 30 लाख नौकरी देंगे. जीतू पटवारी ने शिवराज सिंह चौहान पर तंज कसते हुए कहा कि शिवराज ने झांसा दिया था, जबकि राहुल गांधी सच्ची बात करते हैं.

छिंदवाड़ा जैसा जिला विश्व में कहीं नहीं है, जो प्यार आपने मुझे दिया है, वही नकुलनाथ को दीजिए

There is no district like Chhindwara anywhere in the world, give the same love you have given me to Nakulnath. भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि देश व प्रदेश की जनता ने जब स्किल इंडिया का नाम भी नहीं सुना था, तब से छिन्दवाड़ा में स्किल सेन्टर संचालित हो रहे हैं। इन सेन्टरों से प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा निरंतर रोजगार से जुड़ रहे हैं। प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में सर्वाधिक स्किल सेन्टरों वाला जिला हमारा है। जब यह सुनता हूं तो मेरी छाती गर्व से चौड़ी होती है। कभी लोग पूछते थे कौन सा छिन्दवाड़ा आज उसी छिन्दवाड़ा का नाम देश ही नहीं विदेशों में जाना जाता है और इसका सबसे बड़ा श्रेय मैं अपने जिले की जनता को देता हूं। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री नाथ ने चौरई विधानसभा क्षेत्र में आयोजित दो जनसभाओं में कही। चौरई एवं चांद में आयोजित जनसभाओं में उमड़े जनसैलाब को सम्बोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री नाथ ने कहा कि मैंने तो कभी घोषणाएं नहीं की, किन्तु जो सपना हमने देखा था उसे साकार करने के लिये मैं निरंतर कार्यरत हूं, ताकि जो शेष है वह भी पूरा हो सके और मेरे जिले की आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित हो। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले किए गए वादे आज तक भाजपा पूरे नहीं कर पाई है, यह बात मत भूलिएगा। क्या कहा था 450 रुपए में सिलेण्डर देंगे, सस्ती दरों पर बिजली देंगे, माताओं बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के िलए कम ब्याज दरों पर लोन देंगे, ये सब झूठ साबित हुए हैं।

कलेक्टर भिंड विधायक के इशारे पर कर रहे हैं काम, निर्वाचन आयोग से शिकायत

Collector is working on the instructions of Bhind MLA, complaint to Election Commission भोपाल।  पूर्व नेता-प्रतिपक्ष डॉ गोविन्द सिंह ने कहा है कि निर्वाचन आयोग से कलेक्टर भिण्ड संजीव श्रीवास्तव की भाजपा के पक्ष में कार्य करने की अनेक शिकायतें करने के बाद कोई कार्यवाही नहीं हुई, जिससे उनके हौसले बुलंद है। लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी के पक्ष में श्रीवास्तव द्वारा चुनाव प्रभावित कर रहें है। नेता – प्रतिपक्ष डॉ सिंह का आरोप है कि भिण्ड जिले में सिन्ध नदी से रेत (बालू) का अवैध उत्खनन भाजपा के नेताओं से मिलकर लहार थाने के माध्यम से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक उप्र में ले जाकर बेची जा रही है। रेत माफियाओं के लठेतों द्वारा इन्ट्री के नाम से प्रति ट्रक 10 हजार व प्रति ट्रेक्टर ट्राली 2 हजार रूपये वसूल की जा रही है। जिसका उदाहरण भिण्ड नगर में रेत माफियाओं के लठैतो को इन्ट्री फीस न देने पर 3 अप्रैल 24 को 26 वर्षीय नवयुवक शिवमसिंह तोमर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा है कि लहार क्षेत्र के स्थानीय विधायक के सजातीय थाना प्रभारियों की पदस्थापना कर दी गई है। इन थाना प्रभारियों की रिश्तेदारियां भाजपा के नेताओं से है। जिससे पुलिस के माध्यम से मतदाताओं में भय बनाया जा रहा है। चुनाव को प्रभावित करने हेतु क्षेत्र के काग्रेस कार्यकर्ताओं पर असत्य अपराध पंजीबद्ध कराना प्रारंभ कर दिया है। काग्रेस कार्यकर्ताओं पर काग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा की सदस्यता लेने का दबाव डाला जा रहा है।  दांगी सहकारी संस्थाओं को बनाया खरीदी केंद्र वरिष्ठ नेता सिंह का कहना है कि कलेक्टर भिण्ड संजीव श्रीवास्तव ने स्थानीय विधायक के आदेश से जिन सहकारी संस्थाओं को मप्र में उत्कृष्ठ होने से सम्मानित किया गया उन्हें गेहूँ, सरसों आदि अनाजों का खरीदी केन्द्र नहीं बनाया। इसकी वजह यह है कि इन संस्थाओं पर कांग्रेस पार्टी के निर्वाचित अध्यक्ष है। यह भिण्ड जिले की सर्वोत्तम संस्थाएं है। बीजेपी विधायक के इशारे पर अनेकों ऐसी संस्थाओं को खरीदी केन्द्र बनाया, जिनके कर्मचारियों पर गबन तथा संस्था की राशि वसूली होने के साथ-2 लाखों रूपये के घाटे में चल रही है।

मैदानी खबर: बालाघाट में भारती और सम्राट का खेल बिगाड़ने कंकर उतरे

Field news: In Balaghat, stones came to spoil the game of Bharti and Samrat बालाघाट में हमेशा की तरह मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही संभावित है लेकिन इनका खेल बिगाड़ने बसपा ने भी मजबूत प्रत्याशी मैदान में उतार दिया है। सांसद ढाल सिंह बिसेन का टिकट काट कर भाजपा ने पार्षद भारती पारधी को मैदान में उतारा है जबकि कांग्रेस ने जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सरसवार पर भरोसा किया है। क्षेत्र के तेजतर्रार समाजवादी नेता कंकर मुंजारे बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। देश, प्रदेश की तरह बालाघाट में माहौल भाजपा के पक्ष दिख रहा है लेकिन कई मसलों पर पार्टी का विरोध भी है।  भोपाल। महाकौशल अंचल की बालाघाट लोकसभा सीट का 2019 का चुनाव ढाल सिंह बिसेन ने लगभग ढाई लाख वोटों के अंतर से जीता था। बालाघाट में भाजपा की यह अब तक की सबसे बड़ी जीत थी लेकिन पार्टी ने अपने इस सांसद का टिकट काट कर नगर पालिका की पार्षद भारती पारधी को दे दिया। प्रत्याशी घोषित होते ही लगाए गए पहले बैनर से ही ढाल सिंह बिसेन का फोटो गायब था। बिसेन की टिप्पणी थी, लीजिए अभी से मेरी फोटो हट गई। ऐसे में ढाल सिंह से ईमानदारी से काम की उम्मीद कैसे की जा सकती है। प्रचार अभियान से वे दूरी बनाए दिख भी रहे हैं। बालाघाट भाजपा के कद्दावर नेता गौरीशंकर बिसेन काम तो कर रहे हैं लेकिन पूरी ताकत से नहीं क्योंकि वे अपनी बेटी के लिए टिकट मांग रहे थे लेकिन मिला नहीं। बावजूद इसके माहौल भाजपा के पक्ष में ज्यादा दिख रहा है।  कांग्रेस के सम्राट सरसवार भी कमजोर प्रत्याशी नहीं हैं। वे जिला पंचायत अध्यक्ष हैं और उनके पिता विधायक रहे हैं। इस नाते उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि भी है। बालाघाट की विधायक अनुभा मुंजारे उस स्थिति में भी कांग्रेस का पूरी ताकत से प्रचार कर रही हैं जब उनके पति कंकर मुंजारे बसपा के टिकट पर मैदान में हैं। इस चुनाव में पति-पत्नी में ऐसे मतभेद हुए कि कंकर मुंजारे अपना घर छोड़कर एक झोपड़ी में रहने पहुंच गए हैं। पहले उन्होंने पत्नी अनुभा से कहा था कि वे घर छोड़कर चली जाएं क्योंकि मेरे घर में रहकर वे मेरे खिलाफ प्रचार नहीं कर सकतीं। विधानसभा की पूर्व उपाध्यक्ष हिना कांवरे भी कांग्रेस के लिए मेहनत कर रही हैं। लिहाजा हार- जीत भाजपा-कांग्रेस के बीच ही तय है लेकिन कंकर मुंजारे के कारण मुकाबला तीन कोणीय दिखाई पड़ रहा है।  प्रदेश सरकार के मंत्री प्रहलाद पटेल 1999 में बालाघाट से सांसद रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र में डेरा डाल रखा है। उनके प्रयास से जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा लिल्हारे और एक अन्य नेता नगपुरे ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है। क्षेत्र में लोधी मतदाताओं की तादाद अच्छी खासी है, वे इस समाज को साधने की कोिशश कर रहे हैं। कंकर मुंजारे और सामाजिक कारणों से यह वर्ग भाजपा से कटा दिखाई पड़ रहा है। वैसे भी आमतौर पर इस सीट में जातीय आधार पर भी वोट पड़ते हैं। इसे ध्यान में रखकर पार्टियां टिकट देती हैं और जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश भी होती है। चर्चा यह भी है कि जातीय समीकरणों के तहत भाजपा ने रणनीति के तहत कंकर मुंजारे को चुनाव लड़ाने में भूमिका निभाई है ताकि लोधी मतदाता कांग्रेस के पक्ष में एकमुश्त न जा सके। किसानों में धान का समर्थन मूल्य भी मुद्दा बालाघाट संसदीय क्षेत्र में राष्ट्रीय और प्रादेशिक मुद्दों के साथ स्थानीय मुद्दों पर भी चुनाव लड़ा जा रहा है। कांग्रेस ने यहां किसान कर्जमाफी और धान के समर्थन मूल्य को मुद्दा बना दिया है। भाजपा प्रत्याशी और अन्य नेता प्रचार के लिए पहुंचते हैं तो किसान पूछते हैं कि धान का समर्थन मूल्य 3100 रुपए करने की घोषणा का क्या हुआ। इसे लेकर एक किसान ने भाजपा की भारती पारधी की गाड़ी ही रोक ली थी। कांग्रेस किसानों का कर्ज माफ करने का वादा करती है और महिलाओं के बीच बताती है कि लाड़ली बहनों को 3 हजार रुपए मासिक देने का वादा किया गया था, वह भी पूरा नहीं हुआ। भाजपा राम लहर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को गिना रही है। कांग्रेस की ओर से घोषणा पत्र में किए गए वादे बताए जा रहे हैं। 5 न्याय और 24 गारंटियों का प्रचार किया जा रहा है। विधानसभा में भाजपा-कांग्रेस की ताकत बराबर विधानसभा में सदस्यता के लिहाज से भाजपा और कांग्रेस की ताकत लगभग बराबर है। क्षेत्र की 8 विधानसभा सीटों में दोनों दलों के पास 4-4 हैं। 4 माह पहले हुए विधानसभा चुनाव में लांजी, कटंगी, बरघाट और सिवनी भाजपा ने जीती थीं जबकि बैहर, परसवाड़ा, बालाघाट और बारासिवनी में कांग्रेस का कब्जा है। कांग्रेस ने चार सीटें 56 हजार 697 वोटों के अंतर से जीती है जबकि भाजपा की जीत का अंतर 60 हजार 203 वोटों का रहा है। इस दृष्टि से भाजपा की बढ़त महज 3 हजार 506 वोटों की ही है। लोकसभा चुनाव में इस अंतर को कवर करना कठिन नहीं है। 2018 के विधानसभा चुनाव में भी नतीजे लगभग इसी तरह के थे लेकिन भाजपा ने ढाई लाख वोटों के अंतर से लोकसभा चुनाव जीत लिया था। इसकी वजह राष्ट्रीय स्तर भाजपा के पक्ष में बना माहौल रहा है। यह माहौल इस चुनाव में भी देखने को मिल रहा है। दो जिलों तक फैला है बालाघाट लोकसभा क्षेत्र महाकौशल की बालाघाट लोकसभा सीट का भौगोलिक क्षेत्र दो जिलों तक फैला है। इसके तहत बालाघाट जिले की 6 एवं सिवनी जिलेकी 2 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें बालाघाट जिले की बैहर, लांजी, परसवाड़ा, बालाघाट, वारासिवनी, कटंगी और सिवनी जिले की दो विधानसभा सीटें बरघाट, सिवनी शामिल हैं। जहां तक बालाघाट सीट के राजनीतिक मिजाज का सवाल है तो 1991 और 1996 में यहां से कांग्रेस के विश्वेश्वर भगत जीते थे। इसके बाद से लगातार भाजपा का कब्जा है। दो बार गौरीशंकर बिसेन और एक बार प्रहलाद पटेल बालाघाट से सांसद रहे हैं। केडी देशमुख, बोध सिंह भगत और ढाल सिंह बिसेने भी एक-एक बार चुनाव जीते हैं। आमतौर पर बालाघाट में हार-जीत का अंतर एक लाख से कम रहा है लेकिन 2019 में पहली बार भाजपा ने लगभग ढाई लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। यह रिकार्ड टूटता … Read more

कांग्रेस को एक और झटका, मुरैना से पूर्व विधायक अजब सिंह कुशवाह बीजेपी में होंगे शामिल

Another blow to Congress, former MLA from Morena Ajab Singh Kushwaha will join BJP. मुरैना ! मामचौन गांव में आयोजित हो रही बीजेपी की सभा में अजब सिंह कुशवाह बीजेपी में शामिल हो सकते हैं.मुरैना से कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक अजब सिंह कुशवाह आज अपने सैंकड़ों समर्थकों के साथ बीजेपी में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव उन्हें बीजेपी की सदस्यता दिलाएंगे. सीएम मोहन यादव बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में आम सभा को संबोधित करने के लिए मुरैना पहुंच रहे हैं. पहाड़गढ़ जनपद के मामचौन गांव में आयोजित हो रही बीजेपी की इस सभा में अजब सिंह कुशवाह बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. कुशवाह कांग्रेस के टिकट पर सुमावली विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं. बीजेपी के टिकट पर भी सुमावली से चुनावी जंग लड़ चुके थे.

ग्राउंड रिपोर्ट: जबलपुर में भाजपा के आशीष लैंड लार्ड, कांग्रेस के दिनेश मांग रहे ‘एक नोट-एक वोट’

Ground report: BJP’s Ashish Land Lord, Congress’s Dinesh are demanding ‘one note-one vote’ in Jabalpur भोपाल। जबलपुर लोकसभा सीट में भाजपा-कांग्रेस के बीच मुकाबला तो है लेकिन पलड़ा भाजपा का भारी है। ऐसा पहली बार नहीं है, भाजपा यहां लगातार जीत भी दर्ज करती आ रही है। 1991 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के श्रवण पटेल पहली बार मामूली अंतर 6 हजार 722 वोटों के अंतर से भाजपा के बापूराव परांजपे को हरा कर चुनाव जीते थे। इसके बाद से सीट पर भाजपा का कब्जा है और कांग्रेस एक अदद जीत के लिए तरस रही है। 1996 और 1998 के दो चुनाव बापूराव परांजपे ने जीते और 1999 में जयश्री बनर्जी ने जीत दर्ज की। इसके बाद 2004, 2009, 2014 और 2019 में भाजपा की ओर से लगातार राकेश सिंह ने कमल खिलाया। राकेश सिंह ने पिछला चुनाव साढ़े 4 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीता। मौजूदा माहौल देखकर कहा जा रहा है कि जीत का यह आंकड़ा और बढ़ने वाला है। लगातार चार जीत दर्ज करने वाले राकेश सिंह इस बार जबलपुर से मैदान में नहीं हैं। पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर वे विधानसभा का चुनाव लड़े थे और इस समय राज्य सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री हैं। उनके स्थान पर भाजपा ने बिल्कुल नए चेहरे आशीष दुबे को प्रत्याशी बनाया है। वे तीन बार से विधानसभा का टिकट मांग रहे थे लेकिन मिला नहीं। उन्होंने ज्यादा संगठन में काम किया है और अब लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। अपनी छवि के कारण आशीष भाजपा की पसंद बने हैं। वे कभी विवादों में नहीं रहे। उनकी बेदाग और निर्विवाद छवि है। आशीष की पारिवारिक पृष्ठभूमि भाजपाई है। उनकी गिनती जबलपुर के लैंड लार्ड के तौर पर होती है। कांग्रेस के दिनेश यादव भी पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। वे प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री हैं। इससे पहले वे पार्षद और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष रहे हैं। कांग्रेस की ओर से वे महापौर का चुनाव भी लड़ चुके हैं। उनकी छवि भी अच्छी है लेकिन वे भाजपा के आशीष से काफी पिछड़ते दिखाई पड़ रहे हैं। जबलपुर में भाजपा जैसी जीत दर्ज करती है, उसे देखकर स्पष्ट है कि यहां जातीय और सामाजिक गणित फेल हो जाते हैं। बावजूद इसके कांग्रेस को जातीय आधार पर ही वोट मिलने की संभावना है। भाजपा द्वारा कराए गए काम बने चुनाव का मुद्दाजबलपुर प्रदेश का महानगर है, इसलिए यहां राष्ट्रीय और प्रादेशिक मुद्दो ंका खासा असर है। इसके साथ यहां सरकार द्वारा कराए गए काम भी मुद्दा बने हुए हैं। गांव-गांव तक सड़कों की कनेक्टिविटी अच्छी हुई है। सड़कों का जाल बिछा है। 4-5 फ्लाई ओवर बन कर तैयार हुए हैं। एक बड़ा फ्लाई ओवर बन रहा है। अन्य क्षेत्रों में भी केंद्र और राज्य सरकार ने काफी काम किए है। भाजपा मोदी और राम लहर के साथ इन कामों को मुद्दा बना रही है। भाजपा के आशीष पारिवारिक संबंधों का हवाला देकर भी समर्थन मांग रहे हैं। कांग्रेस अपनी 19 माह की सरकार के कार्यों को गिना रही है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस किस तरह सभी किसानों का कर्ज माफ करने जा रही थी लेकिन भाजपा ने इसे रोक दिया। केंद्र एवं राज्य सरकार की महंगाई और रोजगार को लेकर नाकामिंया भी बताई जा रही है। कांग्रेस के 5 न्याय और 24 गारंटियों का प्रचार प्रसार किया जा रहा है। कांग्रेस के दिनेश को यादव समाज से भी काफी उम्मीद है। विधानसभा में भाजपा को हासिल है बड़ी बढ़तप्रदेश की कई अन्य सीटों की तरह जबलपुर में भी भाजपा को विधानसभा में बड़ी बढ़त हासिल है। लोकसभा क्षेत्र की 8 में से 7 विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है जबकि कांग्रेस के पास सिर्फ एक सीट है। 4 माह पहले हुए चुनाव में भाजपा ने पाटन, बरगी, जबलपुर उत्तर, जबलपुर कैंट, जबलपुर पश्चिम, पनागर और सिहोरा विधानसभा क्षेत्रों में बड़े अंतर से जीत दर्ज की है जबकि कांग्रेस सिर्फ जबलपुर पूर्व सीट ही जीत सकी है। जबलपुर पूर्व में कांग्रेस के लखन घनघोरिया 27 हजार 741 वोटों के अंतर से जीते हैं जबकि सातों सीटों में भाजपा की जीत का अंतर 2 लाख 36 हजार 359 वोट है। साफ है कि भाजपा को विधानसभा चुनाव से ही 2 लाख से ज्यादा वोटों की बढ़त हासिल है। कांग्रेस के लिए इस अंतर को पाटना बड़ी चुनौती है। जबलपुर जिले को मिलाकर बनी लोकसभा सीटजबलपुर लोकसभा सीट का भाैगोलिक एरिया बाहर नहीं गया। इसके तहत आने वाली सभी 8 विधानसभा सीटें जबलपुर जिले की ही हैं। जातीय आधार पर जरूर हर विधानसभा सीट की अलग-अलग स्थिति है। किसी सीट में दलित और आदिवासी ज्यादा हैं तो किसी में पिछड़े और ब्राह्मण। कुल मिलाकर दबदबा भाजपा का ही है। 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया था। तब भाजपा और कांग्रेस को बराबर 4-4 सीटें मिली थीं। बावजूद इसके 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा के राकेश सिंह 4 लाख 54 हजार 744 वोटों के बड़े अंतर से जीते थे। अब तो विधानसभा में भी भाजपा का पलड़ा भारी है। माहौल भी भाजपा का है। ऐसे में यदि भाजपा के जीत का अंतर और बढ़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है तो गलत नहीं है। वैसे भी जबलपुर में भाजपा की जीत का अंतर हर चुनाव में बढ़ता ही गया है। क्षेत्र में ब्राह्मण, दलित, पिछड़े वर्ग का दबदबाजबलपुर लोकसभा सीट में आमतौर पर जातीय आधार पर मतदान नहीं होता। सामाजिक समीकरण फेल होने की वजह से यहां हार-जीत का अंतर ज्यादा होता है। लोकसभा क्षेत्र में ब्राह्मण, पिछड़ा वर्ग और दलित वर्ग के मतदाताओं का दबदबा है। ब्राह्मण एकमुश्त भाजपा के खाते में जा सकते हैं जबकि पिछड़े वर्ग का एक हिस्सा कांग्रेस को मिल सकता है। भाजपा प्रत्याशी ब्राह्मण और कांग्रेस प्रत्याशी पिछड़े वर्ग से हैं। क्षेत्र में मुस्लिम और आदिवासी वर्ग के मतदाताओं की तादाद भी काफी है। इनमें मुस्लिम का अधिकांश वोट कांग्रेस के पक्ष में जा सकता है जबकि दलित और आदिवासी मतों में बंटवारा होगा। हालांकि इनका ज्यादा हिस्सा भी भाजपा के पक्ष में ज्यादा जाने की संभावना है। क्षेत्र के वैश्य, क्षत्रिय एवं अन्य जाितयों में भाजपा का दबदबा देखने को मिल रहा है।

प्रदेश की बची 3 सीटों पर कांग्रेस ने उतारे प्रत्याशी, ग्वालियर, मुरैना और खंडवा से किसे मिला टिकट

Congress fielded candidates on the remaining 3 seats of the state, who got the ticket from Gwalior, Morena and Khandwa? लोकसभा चुनाव 2024: मध्य प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद शनिवार को कांग्रेस ने बची हुई 3 सीटों पर भी प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं. ग्वालियर, मुरैना और खंडवा सीट पर उम्मीदवार उतारे गए हैं. अब मध्य प्रदेश की सभी लोकसभा सीटों पर मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है. कांग्रेस ने मध्य प्रदेश की बची हुई 3 लोकसभा सीटों पर भी प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं. मुरैना से पूर्व विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार नीटू को टिकट दिया गया है. ग्वालियर से पूर्व विधायक प्रवीण पाठक को मैदान में उतारा गया है, जबकि खंडवा से नरेंद्र पटेल को प्रत्याशी बनाया गया है. खण्डवा से पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव को टिकट नहीं दिया गया है.कांग्रेस ने अब मध्य प्रदेश की सभी 28 सीटों पर प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं, बाकी एक सीट पर इंडिया गठबंधन के खजुराहो लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी ने मीरा यादव को प्रत्याशी बनाया, लेकिन एक दिन पहले उनका नामांकन फॉर्म रिजेक्ट हो गया. फिलहाल मध्य प्रदेश की सभी लोकसभा सीटों पर मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है. इधर, भाजपा पहले ही राज्य की 29 लोकसभा सीटों पर प्रत्याशी उतार चुकी है. ग्वालियर लोकसभा सीटग्वालियर लोकसभा सीट से कांग्रेस ने पूर्व विधायक प्रवीण पाठक को टिकट दिया है. पाठक पहली बार 2018 ग्वालियर दक्षिण सीट से चुनाव में पहलीबार जीतकर विधानसभा पहुंचे थे. इस चुनाव में उन्होंने भाजपा के पूर्व मंत्री नारायण सिंह कुशवाह को हराया था. हालांकि, 2023 में हुए विधानसभा चुनाव प्रवीण पाठक को हार का सामना करना पड़ा. उन्हें पूर्व प्रतिद्वंदी नारायण सिंह कुशवाह ने हराया था.

आज भोपाल में इंडिया गठबंधन की पहली बैठक, प्रदेश में कांग्रेस की जीत के लिए बनेगा प्लान

First meeting of India alliance in Bhopal today, plan will be made for the victory of Congress in the state. लोकसभा चुनाव से पहले रणनीति बनाने के लिए इंडिया गठबंधन की एमपी इकाई भोपाल में पहली बैठक करने जा रही. ये बैठक भोपाल कांग्रेस पार्टी के कार्यालय पर होगी.भोपाल ! आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए इंडिया महागठबंधन की बैठक मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज यानी 6 अप्रैल हो होगी. इंडिया गठबंधन की प्रदेश में ये पहली बैठक है, जो प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सुबह 10 बजे होगी. इस बैठक में कई दिग्गज नेता शामिल होंगे. बैठक के बाद सामूहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित होगी.बताया जा रहा है कि इस बैठक में प्रदेश में होने वाले 4 चरणों में चुनाव को लेकर रणनीति बनाई जाएगी. कांग्रेस की कोशिश रहेगी कि गठबंधन के सभी दल अपने-अपने प्रभाव क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए काम करें. इंडिया गठबंधन को झटका, कांग्रेस अकेलीवहीं कांग्रेस ने गठबंधन के सहयोगी समाजवादी पार्टी के लिए खजुराहो सीट भी छोड़ी थी, लेकिन यहां पर शुक्रवार को सपा प्रत्याशी मीरा यादव का नामांकन निरस्त हो गया है. जो इंडिया गठबंधन के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है. यानी अब गठबंधन के लिए 29 में से 28 सीटें बची हैं. इन सभी से कांग्रेस के प्रत्याशी मैदान में हैं. कांग्रेस इस कोशिश में है कि अब सभी दल कांग्रेस के लिए अभियान चलाएं. इन्हीं सब मुद्दों पर बैठक में विचार किया जाएगा। ये दिग्गज बैठक में रहेंगे मौजूदइंडिया गठबंधन से संबद्ध मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी,आम आदमी पार्टी की प्रदेशाध्यक्ष रानी अग्रवाल, समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव, मार्क्सवादी कम्युनिष्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह, शैलेन्द्र शैली, भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी के राज्य सचिव अरविंद श्रीवास्तव, समानता दल के प्रदेश अध्यक्ष महेश कुशवाहा और इंडिया डेमोक्रिटिक पार्टी के अध्यक्ष अजय सिंह,एनसीपी (शरद पंवार) के अध्यक्ष राजू भटनागर, राजद के प्रदेश अध्यक्ष मोनू यादव शनिवार बैठक में रहेंगें मौजूद. गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रदेश में बहुत तगड़ा प्रदर्शन किया है. जिसे भाजपा लोकसभा चुनाव में भी दोहराना चाहती है. वहीं कांग्रेस विधानसभा चुनाव की हार को पीछे छोड़कर लोकसभा चुनाव में जुटी है. लेकिन कांग्रेस की 3 सीटें अभी भी फंसी हैं, जहां पार्टी ने प्रत्याशियों का ऐलान नहीं किया है.

विदिशा संसदीय क्षेत्र में 3 दशक में बहुत कुछ कबाड़ा हो चुका है, उसे ठीक करना है

A lot of junk has happened in Vidisha parliamentary constituency in last 3 decades, it has to be rectified. विदिशा-रायसेन लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी प्रतापभानु शर्मा से ‘पुष्पेन्द्र अहिरवार’ का ‘चुनावी साक्षात्कार’ ये भी बोले शर्मा? पुष्पेन्द्र अहिरवार.भोपाल/विदिशा। विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी ने दो बार सांसद रहे प्रतापभानु शर्मा को फिर से प्रत्याशी बनाकर उतारा है। यह सीट आजादी के बाद से ही कांग्रेस के लिए मुश्किल भरी रही है। यहां कुल 15 लोकसभा चुनाव में से कांग्रेस दो बार जीतने में कामयाब रही। यह सीट पर अटल विहारी वाजपेयी और रामनाथ गोयनका, जैसी शंखसियत को संसद भेज चुकी है। इस सीट से शिवराज सिंह चौहान भी जननेता के रूप में अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहे हैं। हालही में तथाकथित राजनैतिक वनवास खत्म कर शिवराज सिंह चौहान फिर से मैदान में हैं। उनके मुकाबले के लिए कांग्रेस से पूर्व सांसद प्रतापभानु शर्मा हैं। शर्मा इस सीट पर 33 साल बाद चुनावी मैदान में उतरे हैं। वे 1980 और 1984 में सांसद चुने गए थे। अब वादाखिलाफी बहुत हो चुकी है। इसके चलते बदलाव बेहद जरूरी है। विदिशा संसदीय क्षेत्र में 3 दशक में बहुत कुछ कबाड़ा हो चुका है। उसको ठीक करने के लिए प्रताप भानू को फिर हथियार उठाने पड़ंेगे। वे हरिभूमि और आईएनएच चैनल के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी से ‘चुनावी संवाद’ कार्यक्रम में अपनी बात रख रहे थे। उनसे सीधी बात सवाल: आप लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं, आपकी क्या है चुनावी रणनीति?जवाब: मैं कांग्रेस पार्टी का अिधकृत प्रत्याशी हूं। पूरी दमखम से चुनाव लड़ रहा हूं और जीतूंगा भी। भाजपा ने जिस प्रत्याशी को मेरे सामने उतारा है, उन्होंने अपने संसदीय और मुख्यमंत्रित्व काल में ऐसा कुछ भी नहीं किया, जिसका उल्लेख किया जाए। उनकी कथनी और करनी में कितना अंतर है, यह जनता समझ चुकी है। लोकल मुद्दे इतने हो गए हैं कि उसका कोई सही प्रतिनिधित्व नहीं कर रहा है। बेतवा नदी की शुद्धि के लिए शिवराज ने 20 साल पहले कहा था, जो आज तक नहीं हुआ। उद्योग आएंगे, वे भी नहीं आए। मनमोहन सिंह के कार्यकाल में यहां की सांसद सुषमा स्वराज को रेल कारखाना दिया था, जिसका अिस्तत्व नहीं दिख रहा। रोजगार का मुद्दा वहीं का वहीं है। किसानों को फसल के दाम नहीं मिल रहे। महंगाई का मुद्दा तो बना ही हुआ है। ये सब स्थानीय मुद्दे हैं जिनसे लोग परेशान हैं। सवाल: जब शिवराज के प्यादे चुनाव जीत जाते हैं तो अब वजीर खुद मैदान में हैं, कैसे आप जीतेंगे?जवाब: क्षेत्र की जनता जनार्दन को समझने की जरूरत है। 30 साल के सांसद या मुख्यमंत्री के रूप में शिवराज ने हमारे क्षेत्र को क्या दिया। नौजवाब को रोजगार के लिए कितने उद्योग लगाए। नेता तो आते-जाते रहते हैं, लेकिन जनता तो वहीं की वहीं खड़ी है। जनता के आशीर्वाद से हम जीतेंगे। नेता तो स्वार्थ की सौदेबाजी करते रहते हैं। भाजपा ने तो ‘दलबदल सेल’ खोल दिया है, यह कितना शर्मनाक है। भ्रष्टाचार के आवरण में भाजपा ढकी हुई है। लोगों को लालच देकर खरीद रही है। हो सकता है कि शशांक भार्गव हारने के बाद टेंशन आए हों तो वे भाजपा में फोटो खिंचाने चले गए। 50 साल के अनुभव से कह सकता हूं कि जिस तरह की गंदी राजनीति चल रही है, ऐसी कभी नहीं हुई। जब जनता ने ही तय कर लिया कि हमें बदलाव लाना है तो नेताओं के आने-जाने से कुछ नहीं होगा। सवाल: विधानसभा चुनाव के दौरान भी उतना ही आत्मविश्वास था, जितना आज है, इतना आत्मविश्वास कहां से लाते हैं?जवाब: हम वक्त की कसौटी पर खरे उतरे हैं। क्षेत्र की कसौटी पर खरे उतरे हैं। मप्र में हमारी सरकार रही है। अभी हमारा प्रयास सरकार बनाने का था, लेकिन किसी कारणवश नहीं बना पाए। इसके कई कारण रहे हैं। प्रत्याशियों ने कई शिकायतें की। सबसे ज्यादा ईवीएम की शिकायतें की, जिनपर चुनाव आयोग मौन रहा है। परिणामों में हेराफेरी की शिकायतें भी आई हैं। यह सब आपने भी देखा है। ईवीएम पर नजर रखना बहुत जरूरी है। क्योंकि पूरा खेल और हेराफेरी इसी से संभव है। ईवीएम का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उठ रहा है, यह हमें कहने की जरूरत नहीं है। सवाल: उसी ईवीएम से ही चुनाव हो रहे हैं तो आपके लिए गुंजाइश कहां बची है?जवाब: ईवीएम पर कड़ी निगाह रखेंगे। अब ईवीएम में हेराफेरी बिल्कुल नहीं होने देंगे। यदि हुआ तो उसके लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। अब हाथ पर हाथ धरे कांग्रेस नहीं बैठे रहेगी। क्योंकि अब नेता और जनता इस बात को अच्छी से समझ चुकी है। पार्टी ने चुनाव आयोग से लेकर सुप्रीम कोर्ट में मुद्दे उठाए हैं। आगे भी लड़ाई लड़ंेगे। हमने चुनाव आयोग से कहा है कि ईवीएम से परिणाम दे रहे हैं, उसके साथ वीवीपेट की पर्ची की भी काउंटिंग की जाए, भले ही दो दिन लग जाएं, तभी परिणाम आएं। इससे डिजीटल टेक्नोलॉजी के दुरुपयोग को लेकर लोगों में जो शंका है, वह दूर हो जाएगी। अगर मैं कांग्रेस को वोट दे रहा हूं, वो हमें नहीं मिल रहा है तो यह हमारे मताधिकार का हनन है। सवाल: आपके नेता तो पार्टी छोड़ रहे हैं, फिर कैसे जीत रहे हैं आप?जवाब: देखिए, भाजपा सारे साम-दाम-दंड अपनाकर हमारे नेताओं को तोड़ रही है। ईडी, सीबीआई का डर दिखाया जा रहा है। यह भाजपा का छलकपट जनता देख रही है, वही इसका इस बार जवाब देगी। मेरा मानना है कि इस चुनाव के बाद दलबदलुओं की कोई औकात नहीं रहेगी। कोई 17 हजार कार्यकर्ता या नेता भाजपा में नहीं गए। मेरा दावा है कि भाजपा इन 17 हजार लोगों की लिस्ट प्रकाशित करे, तभी सच्चाई सामने आएगी। कुछ लोग पद या कमाने के लालच से सौदेबाजी करके गए हैं। यदि इस बार दिल्ली में सरकार बदली तो यही जाने वाले नेता उल्टी नाक से पांव रगड़ेंगे, ये मेरा दावा है। सवाल: शिवराज 10 लाख वोटों से जीतने का दावा कर रहे हैं तो आपका क्या होगा?जवाब: उनकी हवाहवाई बात करने की, घोषणावीर होने की पुरानी आदत है। मेरा दावा है कि वे 1 लाख से ज्यादा वोटों से हारेंगे। मप्र का इतिहास देख लीजिए कोई 10 लाख मतों से नहीं जीता। इसी से अंदाजा लगा लीजिए यह कितनी फर्जी … Read more

“एक वोट, एक नोट” अभियान ,जीतू पटवारी ने किया शुभारंभ

“One Vote, One Note” campaign launched by Jitu Patwari न्यू मार्केट इलाके में जीतू पटवारी की अगुआई में कांग्रेसियों ने व्यापारियों, ठेला व्यवसायियों के पास पहुंचकर चंदा जुटाया। भोपाल सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी अरुण श्रीवास्तव के लिए मांगा समर्थन।कांग्रेस ने चुनाव लड़ने के लिए जनता से मांगा चंदा, वोट के साथ नोट देने की भी अपील भोपाल ! आयकर विभाग द्वारा कांग्रेस को दिया गया करोड़ों रुपये की वसूली का नोटिस और पार्टी के फ्रीज किए गए खातों के विरोध में रविवार को कांग्रेस ने अनूठे ढंग से प्रदर्शन किया। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी कांग्रेसियों के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेसी शहर के न्यू मार्केट, रोशनपुरा चौराहा पहुंचे और लोगों से चुनाव के लिए ‘एक वोट, एक नोट’ देने की अपील की। पटवारी सहित भोपाल लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी अरुण श्रीवास्तव ने भी ठेले संचालकों व दुकान मालिकों से चंदा मांगा। पटवारी ने पहली बार नींबू पानी पिलाने वाले से 10 रुपये का चंदा लिया। इसके बाद न्यू मार्केट में जगह-जगह लगे खाद्य पदार्थों से चंदा मांग रहे हैं। उन्हें कोई 10 तो कोई 20, 50 रुपये चंदा दे रहे हैं। कांग्रेसियों के साथ न्यू मार्केट के कुछ कांग्रेस समर्थक व्यापारी भी इस मुहिम में शामिल हुए और चंदा एकत्र किया। भाजपा को सबक सिखाएगी जनता – जीतूइस मौके पर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इशारे पर कांग्रेसियों व अन्य पार्टियों के नेताओं के घर ईडी, सीबीआइ भेज दी जाती हैं। कभी भाजपा के नेताओं घर ये एजेंसियों क्यों नहीं जाती हैं? कांग्रेस को आम जनता पर भरोसा है। लोकसभा चुनाव में जनता ही भाजपा को सबक सिखाएगी। कांग्रेस का इस तरह का विरोध प्रदर्शन हर लोकसभा चुनाव क्षेत्र में चलेगा। कांग्रेस के खाते फ्रीज किए जा रहे हैं। हमारे पास चुनाव लड़ने के लिए फंड नहीं है। प्रदेश व देश में सत्ताधारी भाजपा के पास करोड़ों रुपये हैं। वह लोकतंत्र की हत्या कर रही है। धन व बाहुबल का उपयोग चुनाव जीतने के लिए भाजपा करती आई है।

व्यक्ति विशेष को बचाने के लिए रैली नहीं,ये लोकतंत्र बचाओ रैली है, INDIA गठबंधन

This is not a rally to save a particular person, this is a rally to save democracy, INDIAतमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन भी इस रैली में शामिल होंगे। नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में आज विपक्षी दल बड़ा शक्ति प्रदर्शन कर रहा है। रैली में I.N.D.I.A गुट के 28 दलों के नेता शामिल हुए। रैली में सभी का ध्यान अरविंद केजरीवाली की पत्नी सुनीता केजरीवाल के संबोधन पर था। INDIA गठबंधन की ‘महारैली’ को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मेरे पति को जेल में डाल दिया, क्या प्रधानमंत्री ने ये सही किया है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल एक सच्चे देश भक्त और ईमानदार व्यक्ति हैं? उन्होंने जनता से पूछा कि क्या केजरीवाल जी को इस्तीफा देना चाहिए? सुनीता केजरीवाल ने आगे कहा कि कि अरविंद केजरीवाल शेर हैं और वे ज्यादा दिन के लिए जेल में नहीं रहेंगे। रामलीला मैदान में भाजपा पर भड़की सुनीता केजरीवाल, ‘आपके अरविंद शेर हैं, ज्यादा दिन जेल में नहीं रहेंगे’ देश मुश्किल हालात से गुजर रहा – महबूबा मुफ्तीमहारैली’ को संबोधित करते हुए PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि आज देश बहुत मुश्किल हालात से गुजर रहा है। देश में ऐसा हाल है कि ना कोई वकील, ना कोई दलील, ना कोई कार्रवाई, सीधा जेल। शायद कलयुग का अमृत काल इसी को कहते हैं कि आप बिना कुछ पूछे लोगों को जेल में डाल देते हैं। हमने जम्मू-कश्मीर में पिछले 5 साल तक यही देखा है, जब आप संविधान और कानून का उल्लंघन करते हैं तो वो देशहित में नहीं होता, बल्कि देशद्रोह होता है। ये लोकतंत्र बचाओ रैली ,कांग्रेसकांग्रेस ने कहा कि ‘लोकतंत्र बचाओ रैली’ का उद्देश्य किसी व्यक्ति की रक्षा करना नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र को बचाना है। इस महारैली में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी मौजूद थे। इनके अलावा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन, अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल, शिवसेना प्रमुख (UBT) उद्धव ठाकरे, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रेयन, लेफ्ट नेता सीताराम येचुरी, एनसीपी (पवार) शरद पवार सहित कई दिग्गज नेता मौजूद हुए। व्यक्ति विशेष को बचाने के लिए रैली नहीं ,कांग्रेस इधर कांग्रेस की ओर से ये साफ कर दिया गया है कि रामलीला मैदान में आज होने वाली संयुक्त मेगा रैली लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए है, न कि किसी व्यक्ति विशेष को बचाने के लिए की गई है। वहीं पंजाब के मंत्री और आप नेता बलबीर सिंह ने कहा है कि आज दिल्ली के रामलीला मैदान में ऐतिहासिक रैली होने जा रही है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल अपने लिए नहीं, बल्कि देश के 140 भारतीयों के लिए लड़ रहे हैं। रैली में शामिल होंगे ये विपक्षी नेताआज रामलीला मैदान में होने वाली संयुक्त विपक्ष रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, शरद पवार, अखिलेश यादव, उद्धव ठाकरे से लेकर तेजस्वी यादव जैसे नेता शामिल होंगे। इसके अलावा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन भी इस रैली में शामिल होंगे। खास बात ये है कि इस रैली में अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल भी शामिल होंगी और अरविंद केजरीवाल का संदेश पढ़ सकती है। मोदी सरकार के खिलाफ इससे पहले विपक्षी दलों ने संयुक्त रैली 17 मार्च को मुंबई के शिवाजी पार्क में की थी। देश तानाशाही की ओर जा रहा – उद्धव ठाकरेरैली को संबोधित करते हुए सबसे पहले उद्धव ठाकरे ने कहा कि कल्पना सोरेन और सुनीता केजरीवाल, आप दोनों चिंता मत करो, सिर्फ हम ही नहीं पूरा देश आपके साथ है। कुछ दिन पहले आशंका थी कि क्या हमारा देश तानाशाही की ओर चल रहा है? लेकिन अब ये आशंका नहीं, सच्चाई है। भाजपा को लग रहा होगा कि अरविंद केजरीवाल और हेमंत सोरेन को गिरफ्तार करने से लोग डर जाएंगे लेकिन उन्होंने अपने देशवासियों को कभी पहचाना नहीं। लोकतंत्र व संविधान बचाने की लड़ाईकांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में शनिवार को कहा कि रैली में विपक्षी गठबंधन के सभी 28 घटक दल भाग लेंगे। जयराम रमेश ने कहा कि यह लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई है, इसलिए इसे ‘लोकतंत्र बचाओ रैली’ नाम दिया गया है। यह रैली एक पार्टी की रैली नहीं है। वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी रामलीली मैदान में होने वाली रैली को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ED द्वारा की गई गिरफ्तारी के खिलाफ विपक्ष का जमावड़ा बता रही है।

हर्षोल्लास के साथ मनाई गई रंग पंचमी, दिग्विजय सिंह ने जमकर उढ़ाया रंग-गुलाल

Rang Panchami celebrated with great enthusiasm, Digvijay Singh spread colors with gusto होली के पांचवे दिन रंग पंचमी मनाया जाता है. इस दिन लोग जमकर रंग गुलाल खेलते हैं और एक-दूसरे से मिलकर पुराने गिले शिकवे दूर करते हैं. वहीं राजधानी भोपाल में भी हर्षोल्लास के साथ रंग पंचमी मनाई गई. पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी प्रोग्राम में शामिल हुए और जमकर रंग-गुलाल खेला. भोपाल। मध्य प्रदेश में होली के त्योहार के बाद सबसे ज्यादा हर्ष और उल्लास से मनाया जाने वाला पर्व रंग पंचमी है. जो होली से पांच दिन बाद मनाया जाता है. रंग पंचमी पर राजधानी भोपाल के साथ-साथ मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में सबसे ज्यादा धूमधाम से रंग पंचमी मनाई जाती है. शनिवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद इंदौर में रंग पंचमी के मौके पर निकलने वाली गैर में शामिल हुए हैं. ऐसा करने वाले वह पहले मुख्यमंत्री हैं, जो उज्जैन के गेर में शामिल हुए हैं. राजधानी भोपाल में भी रंग पंचमी जमकर मनाई गई. भोपाल में निकलने वाले जुलूस में पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह शामिल हुए. भोपाल में धूमधाम से मनाई गई रंगपंचमीइंदौर के बाद सबसे ज्यादा रंग पंचमी का त्योहार अगर कहीं मनाया जाता है, तो वह राजधानी भोपाल और इंदौर में मनाया जाता है. यहां आज के दिन स्थानीय अवकाश घोषित किया जाता है. भोपाल में आज चौक बाजार में सुबह 10:00 बजे से ही रंग पंचमी मनाने की शुरुआत हो गई थी. इस रंग पंचमी के मौके पर लोग भूत पिशाच और अन्य तरह के कपड़े पहन कर शामिल हुए. चौक बाजार में निकलने वाले इस रंग पंचमी के जुलूस में पुराने शहर के अलावा नए शहर के लोगों ने भी पहुंचकर जुलूस का हिस्सा बने. भोपाल के पुराने शहर में 6 टैंकरों से रंग बरसाया गया. जिसका भोपाल के लोगों ने जमकर लुफ्त उठाया. भोपाल में रंग पंचमी का जुलूस लोहा बाजार, छोटे भैया कॉर्नर, जनकपुरी सिंधी मार्केट, भवानी चौक, लखेरा पूरा, पीपल चौक, चिंतामणि चौक और इतवारा चौराहे से जैन मंदिर मंगलवार गणपति चौक घोड़ा नक्कास होते हुए हनुमान जी की मड़िया पर समाप्त हुआ. पंचमी के प्रोग्राम में शामिल हुए दिग्विजय सिंहकाफी संख्या में राजधानी में अलग-अलग हिस्सों से लोग रंग पंचमी के जुलूस में शामिल होने के लिए पहुंचते हैं. इसके साथ ही यहां की जाने वाली विशेष व्यवस्था में टैंकरों से लोगों के ऊपर रंग बरसाने का काम हिंदू उत्सव समिति के सहयोग से किया जाता है. जिला प्रशासन भी इसके लिए विशेष सहयोग करता है. लोगों में भाईचारा बढ़ाने के लिए, लोग होली के बाद एक बार फिर से एक दूसरे के साथ मिलजुल कर रंग गुलाल का आनंद उठा सके, इसलिए यहां पंचमी के जुलूस को निकाला जाता है. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सभी को रंग पंचमी की शुभकामनाएं दी.

कांग्रेस को लग सकता है बड़ा झटका, सीएम मोहन से मिलने पहुंचे विधायक कमलेश शाह

Congress may face a big blow, MLA Kamlesh Shah arrives to meet CM Mohan लोकसभा चुनाव 2024 : छिंदवाड़ा में कांग्रेस को बड़ा झटका लग सकता है. अमरवाड़ा विधायक कमलेश शाह शुक्रवार को सीएम मोहन यादव से मिलने के लिए भोपाल पहुंचे हैं.कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में कांग्रेस को बड़ा झटका लग सकता है. मुख्यमंत्री निवास में सीएम डॉ. मोहन यादव से मुलाकात करने अमरवाडा विधानसभा के विधायक कमलेश शाह भोपाल पहुंचे हैं. वे आज बीजेपी में शामिल हो सकते हैं.

शिवराज मामा को निपटाने में लगे हैं CM मोहन यादव ,नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार

CM Mohan Yadav is busy in settling Shivraj uncle, Leader of Opposition Umang Singhar दोनों के बीच कबड्डी चल रही…MP में नेता प्रतिपक्ष का बयान मंडला ! नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, शिवराज मामा अभी बड़े परेशान हैं. अभी मोहन यादव शिवराज मामा की कबड्डी चल रही है. CM मोहन यादव, शिवराज मामा को निपटाने में लगे हैं. एक-दूसरे की फाइल ढूंढने-छानने में लगे हैं. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव मंडला में कांग्रेस प्रत्याशी ओंकार सिंह मरकाम के पक्ष में जनसभा करने पहुंचे. इस दौरान नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी और BJP पर जमकर हमला किया. वहीं, नेता प्रतिपक्ष ने मंच से कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज चौहान के बीच कबड्डी चल रही है. दोनों एक दूसरे को निपटाने में लगे हुए हैं.  नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने कहा, कोई घोटाले छिपाने के लिए वल्लभ भवन में आग लगवा रहा है तो कोई नए घोटाले तैयार कर रहा है. इसके साथ ही उन्होंने पिछले दिनों महाकाल में भस्म आरती के दौरान लगी आग को लेकर भी तंज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री उज्जैन से ही आते हैं लेकिन महाकाल के गर्भगृह में ही आग लग गई. यह प्रकोप महाकाल बाबा उज्जैन से देना ही चालू कर रहे हैं. जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर जमकर हमला बोला और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 के पहले जो भी वादे किए थे, उनमें से एक भी नहीं किया . साथ ही मंडला लोकसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते पर भी आरोपों की झड़ी लगा दी.

MP कांग्रेस को एक और झटका, दो पूर्व विधायकों ने थामा भाजपा का दामन, पूर्व सांसद रामलखन सिंह ने भी ली बीजेपी की सदस्यता

Another blow to MP Congress, two former MLAs joined BJP, former MP Ramlakhan Singh also took membership of BJP. मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने इन नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर भाजपा के न्यू ज्वाइनिंग कमेटी के संयोजक नरोत्तम मिश्रा भी रहे मौजूद। भोपाल। लोकसभा चुनाव की गहमागहमी के बीच कांग्रेस में भगदड़ का दौर जारी है। इसी बीच गुरुवार को मध्य प्रदेश में कांग्रेस को एक और झटका लगा। पूर्व सांसद डा राम लखन सिंह के साथ पूर्व विधायक नीलेश अवस्थी, अजय यादव के साथ अन्य कांग्रेस नेताओं ने भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा के प्रदेश कार्यालय में न्यू ज्वाइनिंग कमेटी के संयोजक डा. नरोत्तम मिश्रा की उपस्थिति में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव व भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वी डी शर्मा ने रामलखन सिंह, नीलेश अवस्थी व अजय यादव को भाजपा की सदस्यता दिलाई। इस अवसर पर जबलपुर संभाग के कई कांग्रेस पदाधिकारियों ने भी भाजपा की सदस्यता ली।

दीपक सक्सेना के घर पहुंच विजयवर्गीय CM मोहन ने बंद कमरे में की गुफ्तगू

Vijayvargiya CM Mohan reached Deepak Saxena’s house and chatted in a closed room. बुधवार को भाजपा प्रत्याशी विवेक बंटी साहू की नामांकन रैली के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव नगरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मंत्री प्रहलाद पटेल और अन्य नेताओं ने पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना से मुलकात की। छिंदवाड़ा। लोकसभा चुनाव में पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना का गृह ग्राम रौहना राजनीति का केंद्र बन चुका है। बुधवार को भाजपा प्रत्याशी विवेक बंटी साहू की नामांकन रैली के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव नगरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मंत्री प्रहलाद पटेल और अन्य नेता मौजूद रहे। पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना ने काफी देर तक मुख्यमंत्री मोहन यादव से चर्चा की। बीते दिनों पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ भी रोहना गए थे और काफी देर तक चर्चा की थी। दीपक सक्सेना ने हाल ही में कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दिया था। जिसके बाद से ही उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं है

बैतुल लोकसभा में फिर आमने-सामने उतरे दुर्गादास और रामू टेकाम

Durgadas and Ramu Tekam face each other again in Betul Lok Sabha. चुनाव में प्रमुख पार्टियों के प्रत्याशी- भाजपा- दुर्गादास उईके, कांग्रेस- रामू टेकाम, बसपा- अशोक भलावी मुख्य मुकाबला भाजपा व कांग्रेस के बीच संभावित, बाकी पार्टियों ने अभी प्रत्याशी घोषित नहीं किए  लोकसभा क्षेत्र -2024 – बैतूल (अनुसूचित जनजाति) भोपाल। बैतूल लोकसभा सीट में तीन जिले व बैतूल, हरदा व खंडवा जिले आते हैं। यहां की आठ विधानसभा क्षेत्रों में 5 बैतूल की है। इसमें बैतूल, मुलताई, आमला, घोड़़ाडोंगरी व भैंसदेही तथा हरदा जिले की दो विधानसभा सीट हरदा व टिमरनी आते हैं। जबकि एक विधानसभा क्षेत्र खंडवा जिले की हरसूद आती है। यह सीट लंबे समय से भाजपा की पारंपरिक सीट बनती जा रही है। इस सीट से भाजपा व कांग्रेस के अलावा बसपा ने भी अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा है। हालांकि बसपा का वोट प्रतिशत इस क्षेत्र में लगातार कम होता गया। पिछले 2019 के चुनाव में करीब पौने तीन फीसदी वोट बसपा को मिले थे। जबकि गोगपा व अन्य कोई खास वोट हािसल नहीं कर पाए थे। इस सीट से 2014 लोकसभा चुनाव में ज्याेति धुर्वे चुनाव जीती थी। बाद में उनका जाति प्रमाणपत्र का मुद्दा सुर्खियों में बना। उनके बारे में कहा गया था कि वे ओबीसी जाति की है। हालांकि बाद में अदालतों ने उनके पक्ष में फैसला दे दिया था। किंतु भाजपा ने दोबारा उन्हें टिकट नहीं दिया। हालांकि 2019 के चुनाव में भाजपा फिर से चुनाव जीत गई। यहां से भाजपा ने पेशे से शिक्षक दुर्गादास उईके को मैदान में उतारा। शिक्षक होने के साथ ही उईके की पैठ आरएसएस में थी। वे मुलताई क्षेत्र के निवासी थे, किंतु उनका शैक्षकीय जीवन करीब 26 सालों तक कोयलांचल क्षेत्र में बीता। इसी दौरान वे आरएसएस के नजदीक आए और आरएसएस की शाखाओं में जाने लगे। उनकी लगन व मेहनत को देखते हुए भाजपा ने बैतूल क्षेत्र से टिकट दे दिया। साफ-स्वच्छ छवि व मिलनसार व्यक्तित्व होने की वजह से वे 2019 का चुनाव जीत गए। इस बार पार्टी ने फिर से उन्हीं पर भरोसा जताते हुए मैदान में उतारा है। कांग्रेस में आपस में ही टिकट को लेकर नाराजगीकांग्रेस ने बैतूल लोकसभा सीट से रामू टेकाम को ही मैदान में उतारा है। पिछली बार भी कांग्रेस ने उन्हें टिकट दिया था। उन्हें दूसरी बार टिकट मिल जाने से कांग्रेस के ही दूसरे गुट में बड़े पैमाने पर नाराजगी है। यह गुट नहीं चाहता था कि रामू टेकाम को फिर से टिकट मिले। टिकट की घोषणा के बाद घोड़ाडोंगरी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके राहुल चौहान, ब्रह्मा भलावी, धर्मू सिंह सिरसाम, निलय डागा समेत अन्य नेताओं ने टिकट बदलने की मांग रखी है। बताते हैं कि एक गुट दिल्ल्ाी तक जाकर टिकट बदलने को कहा,लेकिन उन्हें समझा-बुझा कर वापस कर दिया गया। अब हालांकि सभ्ाी कांग्रेस प्रत्याशी टेकाम को जिताने के लिए काम तो शुरू कर दिए हैं, िकंतु अंदरखाने में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। टेकाम को लेकर विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगा तो आने वाले दिनों में पार्टी को नुकसान हो सकता है। उधर, इस क्षेत्र में दूसरे चरण में चुनाव होना है। इसलिए अभी सब कुछ साफ नहीं हो पाया है। होली बाद स्थिति पूरी तरह से साफ हो जाएगी। पिछले चुनाव में बैतूल की 5 में से चार सीटे कांग्रेस के पास थीयह भी रोचक है कि पिछले लोकसभा चुनाव 2019 से पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को काफी अच्छी बढ़त मिली हुई थी। मुलताई क्षेत्र से सुखदेव पांस कैबिनेट मंत्री थे। बैतूल जिले की पांच में से चार विधानसभा सीटों मुलताई, बैतूल, भैंसदेही व घोड़ाडोंगरी में कांग्रेस के विधायक थे। महज आमला क्षेत्र में ही भाजपा जीत पाई थी। पांच में से चार क्षेत्रांंे में कांग्रेस का विधायक होने के बाद भी लोकसभा चुनाव में भाजपा बंपर वोट से चुनाव जीती थी। उस वक्त कांग्रेस के विधायक अपने क्षेत्र में ही पार्टी को वोट नहीं दिलवा पाए थे। पार्टी में भ्ाी इसे लेकर आवाज उठी, किंतु बाद में सरकार िगर जाने के बाद रही सही कसर खत्म हो गई। बाद में 2023 के चुनाव में कांग्रेस पूरी तरह से साफ हो गई। बैतूल लोकसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा संख्या जनजातियों कीअभी तक का रिकार्ड है कि बैतूल लोकसभा क्षेत्र में जाति का कोई खास फैक्टर नहीं चला। इस पर तो वैसे भी मोदी फैक्टर ज्यादा प्रभावी है। इसके बावजूद बैतूल लोकसभा क्षेत्र के सभी आठों विधानसभा में से बैतूल, मुलताई, आमला व हरदा को छोड़कर बाकी चार विधानसभा क्षेत्राें में जनजातियों की संख्या सर्वाधिक है। इसीलिए 8 में से 3 विधानसभा बैतूल, मुलताई व हरदा क्षेत्र सामान्य श्रेणी के हैं, जबकि आमला क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। बाकी सभी 4 विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जन जाति के लिए आरक्षित है। लोकसभा क्षेत्र भी अनुसूचित जन जाति (एसटी) के लिए आरक्षित है। इसी वजह से यहां कोई अन्य जातिगत समीकरण काम नहीं करता। जिसकी पैठ जनजातीय समाज में होती है, वही यहां से चुनाव जीतता है। इस बार भी यही समीकरण बनने की पूरी संभावना है। बैतूल लोकसभा सीट में हरदा में जाट, गुर्जर व राजपूतों की संख्या सर्वाधिक है तो बैतूल में कुंबी, कुर्मी, पंवार व गोड़ की संख्या है। टिमरनी में गोंड़ व कोरकू की आबादी अधिक है। घोड़ाडोंगरी में गोंड सर्वाधिक हैं। मुलताई में कुंबी, पंवार बराबर की संख्या में हैं। वर्ष 2019 के चुनाव में प्रत्याशी, जीत हार का अंतर, प्राप्त वोट का प्रतिशतभाजपा से दुर्गादास उईके (चुनाव जीते) प्राप्त वोट- 8,11,248 (59.74) कांग्रेस से रामू टेकाम (हार मिली) प्राप्त वोट- 4,51,007 (33.21)जीत-हार का अंतर- 3,60,241 कुल मतदाता–17,37,437 कुल वोट पड़े– 13,57,857प्रतिशत– 78.15 वर्ष 2014 में प्रतिशत– 65.17

कांग्रेस को लगा झटका, विदिशा से पूर्व विधायक शशांक भार्गव भाजपा में शामिल

Congress gets a shock again, former MLA from Vidisha Shashank Bhargava joins BJP विदिशा से पूर्व विधायक शशांक भार्गव मंगलवार को कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। उनके साथ कई पदाधिकारियों ने भी भाजपा की सदस्यता ली।विदिशा ! प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद से कांग्रेस नेताओं की भगदड़ रूक ही नहीं रही है। बुधवार को विदिशा से पूर्व विधायक शंशाक भार्गव कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हो गए। उनके साथ विदिशा कांग्रेस के कई नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने उनको सदस्यता दिलाई। साथ ही होशंगाबाद लोकसभा क्षेत्र के भी कई कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारियों ने भाजपा की सदस्यता ली। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि भाजपा के 370 प्लस का अभियान का संकल्प एमपी में ही मोदी जी ने लिया था और हमे टास्क दिया था। उन्होंने कहा कि ज्वाइनिंग का अभियान इस संकल्प के लिए बड़ा अभियान है। इस ज्वाइनिंग अभियान के तहत न केवल नेता कार्यकर्ता बल्कि अलग अलग वर्गो के लोग भाजपा में शामिल हो रहे है। विदिशा में यदि कांग्रेस थी तो शशांक भार्गव की वजह से आज ऐसा लगता है की विदिशा की पूरी कांग्रेस भाजपा में शामिल हो गई है। वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैं आप सब का स्वागत करता हूं,आपको अश्वशत करता हूं कि आपका परिवार में पूरा मान सम्मान रहेगा। उन्होंने कहा कि आपके जो भी सुझाव रहेंगे उनका सदैव स्वागत रहेगा।

पंजाब में कांग्रेस को बड़ा झटका, लुधियाना से सांसद रवनीत बिट्टू भाजपा में शामिल

Big blow to Congress in Punjab, Ludhiana MP Ravneet Bittu joins BJP. पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू भाजपा में शामिल हो गए हैं। रवनीत लुधियाना से सांसद हैं। उन्हें राहुल गांधी का करीबी माना जाता था।नई दिल्ली ! लोकसभा चुनाव से पहले नेताओं का दल बदल शुरू हो गया है। अब पंजाब में कांग्रेस को झटका लगा है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू भाजपा में शामिल हो गए हैं। रवनीत लुधियाना से सांसद हैं। उन्हें राहुल गांधी का करीबी माना जाता था। पीएम मोदी का जताया आभारबीजेपी में शामिल होने के बाद रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभारी हूं। मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को पंजाब से प्यार है। वे प्रदेश के लिए बहुत कुछ करना चाहते हैं। पंजाब को पीछे क्यों रहना चाहिए। इस दौरान उन्होंने गुरदासपुर से सांसद और एक्टर सनी देओल पर निशाना साधा। कहा कि कुछ नुमाइंदों के कारण पार्टी को नुकसान हुआ है। तीन बार से सांसद हैं रवनीत बिट्टूरवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के दिग्गज नेता है। वो तीन बार से सांसद हैं। साल 2009 में आनंदपुर साहिब सीट से सांसद चुने गए। इसके बाद 2014 और 2019 में जीत हासिल की थी।

सरकार में आते ही लाएंगे रोजगार क्रांति…राहुल बोले- पेपर लीक की परेशानी से भी दिलाएंगे निजात

Will bring employment revolution as soon as he comes to government…Rahul said – Will also provide relief from the problem of paper leak लोकसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर ऐलान किया है. उन्होंने कहा ये वक्त दो विचारधाराओं की नीतियों के फर्क को पहचानने का है. कांग्रेस युवाओं का भविष्य बनाना चाहती है और भाजपा उन्हें भटका रही है. लोकसभा चुनाव की बिसात बिछ चुकी है, सभी राजनीतिक पार्टियां आपने अपने दांव चलने से पीछे नहीं हट रहीं हैं. इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक ट्वीट किया है. इसमें उन्होंने सरकार पर रोजगार के लिए निशाना साधा है. उन्होंने कहा अगर उनकी सरकार आती है तो वो सभी खाली पड़े सरकारी पदों को भरेंगे. पेपर लीक जैसी समस्याओं के लिए भी एक सख्त कानून बनायेंगे. कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी ने लिखा आज हर युवा की जुबान पर एक ही सवाल है क्या उनके लिए सरकार के पास कोई योजना भी थी? आगे उन्होंने लिखा गली-गली, गांव-गांव बीजेपी वालों से पूछा जा रहा है कि उन्होंने हर साल 2 करोड़ नौकरी देने का झूठ क्यों बोला गया था? उनका मानना है सरकार युवाओं को भटका रही है. कांग्रेस की गारंटीएक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ट्वीट का सहारा लेते हुए राहुल गांधी ने लिखा है कांग्रेस ने युवा न्याय की योजना के तहत क्रांति लाने का संकल्प लिया है. उन्होंने कहा हमारी गारंटी है कि सरकार बनते ही हम खाली पड़े 30 लाख सरकारी पदों को भरेंगे. हर शिक्षित युवा को पहली नौकरी पक्की योजना के तहत 1 लाख रू सालाना की नौकरी देंगे. पेपर लीक से परेशान युवाओं को रिझाने के लिए उन्होंने कहा हमारी सरकार आते ही हम कानून बना कर पेपर लीक से भी मुक्ति दिलाएंगे. आपको बता दे उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे बड़े राज्यों में पिछले कई सालों पेपर लीक एक बड़ी समस्या बन चुकी है. तोड़ना होगा भ्रम का जालराहुल गांधी ने आगे ट्वीट में लिखा कि ये वक्त दो विचारधाराओं की नीतियों के फर्क को पहचानने का है. कांग्रेस युवाओं का भविष्य बनाना चाहती है और भाजपा उन्हें भटकाने का काम कर रही है. उन्होंने कहा अगर हमें रोजगार की क्रांति लानी है तो युवाओं को इस भ्रम का जाल तोड़ना होगा और अपने हाथों की तकदीर बदलनी होगी.

छिंदवाड़ा में सांसद नकुल नाथ ने दाखिल किया नामांकन

MP Nakul Nath filed nomination in Chhindwara लोकसभा चुनाव 2024 : नामांकन रैली व मानसरोवर कॉम्प्लेक्स के सामने आयोजित जनसभा में कमल नाथ के अलावा मां पूर्व सांसद अलका नाथ, जीतू पटवारी और उमंग सिंघार मौजूद रहेंगे। दीपक सक्‍सेना ने कहा कि वे नकुल नाथ की नामांकन रैली में मौजूद रहेंगे। छिंदवाड़ा। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे और सांसद नकुल नाथ आज नामांकन केे पहले पूजा अर्चना की। इस दौरान कमल नाथ की पत्नी और पूर्व सांसद अलका नाथ भी मौजूद रहीं। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी , विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार और पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना शामिल होंगे। दीपक सक्सेना ने हाल ही में कांग्रेस से सभी पदों से इस्तीफा दिया है और उनके बेटे अजय सक्सेना ने भाजपा की सदस्यता ली है। लेकिन कमल नाथ ने सोमवार को दीपक सक्सेना से मुलाकात की जिसके बाद अब वो रैली में शामिल होंगे। मानसरोवर कॉम्प्लेक्स के सामने आयोजित जनसभा में उपस्थित होने के उपरांत सांसद नकुलनाथ कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर नामांकन पत्र जमा करेंगे। सांसद कार्यालय द्वारा प्रदत्त जानकारी के अनुसार 26 मार्च को सांसद नकुल नाथ व पूर्व सीएम कमल नाथ नामांकन रैली व मानसरोवर कॉम्प्लेक्स के सामने आयोजित जनसभा में उपस्थित होंगे। तदोपरांत सांसद नकुलनाथ कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। तत्पश्चात पूर्व सीएम कमल नाथ जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे।

केजरीवाल की गिरफ्तारी पर पटवारी बोले- ईडी ने 121 नेताओं पर कार्रवाई की, इसमें 115 विपक्ष के

Patwari said on Kejriwal’s arrest – ED took action against 121 leaders, out of which 115 were from opposition. पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने रविवार को ईडी की कार्रवाई को लेकर आंकड़े जारी किए। जीतू पटवारी ने कहा कि देश में ईडी ने 121 नेताओं पर कार्रवाई की और नोटिस दिए हैं। भोपाल ! दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ईडी की कार्रवाई को लेकर आंकड़े जारी कर भाजपा सरकार पर कई सवाल उठाए हैं। पटवारी ने कहा कि ईडी ने 121 नेताओं पर कार्रवाई की। इसमें 115 विपक्ष के नेता हैं। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर विपक्ष एकजुट होकर भाजपा पर लगातार हमलावर है। इसी बीच, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने रविवार को ईडी की कार्रवाई को लेकर आंकड़े जारी किए। जीतू पटवारी ने कहा कि देश में ईडी ने 121 नेताओं पर कार्रवाई की और नोटिस दिए हैं। इसमें से 115 विपक्ष के नेता हैं। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि प्रधानमंत्री को विपक्ष के नेता पसंद नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इसमें से 70 प्रतिशत ने भाजपा की सदस्यता ले ली। वहीं, पटवारी ने कहा कि येदियुरप्पा के खिलाफ ईडी की कार्रवाई हुई थी। इस मामले में वे गिरफ्तार नहीं हुए। व्यापमं को लेकर जांच हुई। कई लोग मारे गए। इसमें भी पता नहीं क्या हुआ? उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भष्टाचार को दो तरह से देखते हैं। वे कहते हैं कि विपक्ष भष्टाचार ना करे, लेकिन हम पेट भर खाएंगे।

कांग्रेस की चौथी लिस्ट जारी, 45 नामः दिग्विजय सिंह को राजगढ़ से उतरा मैदान में

Congress’s fourth list released, 45 names: Digvijay Singh fielded from Rajgarh अब तक 184 उम्मीदवारों का ऐलानलोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने शनिवार देर रात चौथी लिस्ट जारी की। इसमें 12 राज्यों के 45 नाम हैं। मध्यप्रदेश से 12, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र 4, तमिलनाडु से 7, मणिपुर 2, मिजोरम से एक, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर से 2-2, छत्तीसगढ़, अंडमान निकोबार और असम से एक-एक उम्मीदवार का ऐलान किया। अब तक पार्टी 183 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह को राजगढ़ से टिकट दी गई है। वहीं वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ अजय राय को उतारा गया है।

शैडो वन मंत्री की कार्यशैली से विधायकों एवं कार्यकर्ताओं में नाराजगी

Dissatisfaction among MLAs and workers due to the working style of Shadow Forest Minister भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नागर सिंह चौहान को वन मंत्री बनाया। चौहान भानमती तो बन गए किंतु उनका मंत्रालय अपर संचालक स्तर के वित्तीय सेवा के अधिकारी रंजीत सिंह चौहान संचालित कर रहे हैं। जंगल महक में उन्हें शैडो वन मंत्री के रूप में देखा जा रहा है। विभाग में सप्लायर का वर्क आर्डर जारी करना हो या फिर ट्रांसफर पोस्टिंग, ये सभी कार्य अधिकारियों से मिलकर वह स्वयं कर रहे हैं। यही कारण है कि विधायकों और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की सिफारिशी तबादला आदेश चुनाव आचार संहिता लगने के पूर्व जारी नहीं हो सके। वन विभाग में अधिकांश अधिकारी वन मंत्री चौहान के अनादिकृत ओएसडी रणजीत सिंह चौहान को शैडो मंत्री के रूप में देखते हैं। फील्ड में पदस्थ डीएफओ यह मानते हैं कि रणजीत सिंह चौहान उनके नजदीकी है। उनकी मान्यताओं पर तब और बल मिलता है जब अधिकारी अपने मंत्री से मिलने जाते हैं और वे उन्हें चौहान की से मिलने का संकेत दे देते हैं। इसके कारण ही विभाग के अवसर उन्हें शैडो वन मंत्री के रूप में देखते हैं। अब नेताओं को भी ऐसा एहसास होने लगा है वह इसलिए कि धार, झाबुआ और अलीराजपुर के विधायकों एवं नेताओं ने वन विभाग के डीएफओ, एसडीओ से लेकर रेंजरों को हटाने और उनकी प्राइम पोस्टिंग करने के सिफारिश की थी। वन मंत्री चौहान ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मंथन कर सूची तैयार कर मंत्रालय को भेजी। इस बीच पार्टी हाई कमान ने उनकी पत्नी अनीता सिंह चौहान को झाबुआ-रतलाम लोकसभा का प्रत्याशी घोषित कर दिया। इस घोषणा के बाद वन मंत्री नागर सिंह चौहान राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त हो गए और इसका लाभ उठाते हुए विधायकों के सिफारिश वाले अधिकारियों के तबादले की सूची में नाम हटाकर चौहान ने अपने पसंदीदा डीएफओ, एसडीओ और रेंजरों के तबादला आदेश आचार संहिता लगने के चंद्र घंटे पहले जारी करवा दिए। वन मंत्री के नजदीकी सूत्रों का कहना है कि विधायकों और नेताओं की अनुशंसा वाले दबा दें आदेश जारी नहीं होने के कारण वन मंत्री के प्रति नाराजगी है और वे चुनाव बाद मुख्यमंत्री मोहन सिंह यादव से शिकायत करने का मन बनाया है। सप्लायर के कारोबार में भी है दखलअंदाजीवन विभाग में लंबे समय से सप्लायर का एक नेक्सस सक्रिय है। इस सिंडिकेट से वन मंत्री चौहान के अनाधिकृत ओएसडी चौहान भी जुड़ गए है। दबाव के चलते ही महकमे में एक दर्जन से अधिक डीएफओ ने चैन लिंक और वायरबेड खरीदी की निविदा में ऐसी शर्त जोड़ दी, जिसे केवल चौहान के नजदीकी फर्म को ही वर्क आर्डर मिल सके। बताया जाता है कि डीएफओ को फोन करके अपने चहेते फर्म को ठेका दिलवाने के लिए नई-नई शर्ते जुड़वा रहे हैं। दक्षिण सागर,बैतूल और बालाघाट समेत एक दर्जन डीएफओ ने चैनलिंक और वायरबेड खरीदी के लिए निविदा आमंत्रित बुलाई गई। इस निविदा में 3 करोड़ के टर्न-ओवर के साथ यह शर्त भी जोड़ दी कि भारत मानक ब्यूरो से मान्यता प्राप्त फर्म ही निविदा में हिस्सा ले सकेंगी। यह शर्त पहली बार जोड़ी गई। इस शर्त के कारण तीन दर्जन से अधिक संस्थाएं प्रतिस्पर्धा से बाहर हो गई। मप्र में भारतीय मानक ब्यूरो से लाइसेंस प्राप्त दो फर्म ही रजिस्टर्ड हैं। यह दोनों फर्म ही कांग्रेस नेता के रिश्तेदार की है। यानी कांग्रेस नेता के रिश्तेदार को उपकृत करने के लिए प्रदेश के एक दर्जन डीएफओ ने पहली बार यह शर्त निविदा में जोड़ दी है। यह बात अलग है कि प्रतिस्पर्धा से बाहर हुई संस्थाओं ने शिकवे-शिकायतें शुरू कर दी हैं। जानकारों का कहना है कि मंत्री के यहां अनाधिकृत रूप से सक्रिय अपर संचालक स्तर के एक अधिकारी के कहने पर फील्ड के अफसरों ने निविदा में भारतीय मानक ब्यूरो की शर्त जोड़ी है। बताया जाता है कि अफसर पर दबाव बनाने वाले अनाधिकृत काम देख रहे अधिकारी का कांग्रेस नेताओं से पुराने संबंध रहे हैं। क्या है रंजीत सिंह चौहान का बैकग्राउंडरणजीत सिंह चौहान वित्तीय सेवा के अधिकारी

कांग्रेस की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है पूर्व विधायक मनोज चावला ने कांग्रेस छोड़ी भाजपा की सदस्यता ग्रहण कि

Congress’s troubles are showing no signs of abating; former MLA Manoj Chawla left Congress and joined BJP. आलोट के पूर्व विधायक मनोज चावला कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए। उनके साथ ही कांग्रेस नेता प्रमोद गुगलिया ने भी भाजपा की सदस्यता ली। रतलाम। लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं का पार्टी छोड़ने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में शनिवार को कांग्रेस नेता व आलोट विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक मनोज चावला और कांग्रेस नेता प्रमोद गुगलिया ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर ली। दोनों नेता होटल रूद्र पैलेस स्थित भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में पहुंचे। जहां मुख्यमंत्री मोहन यादव की उपस्थिति में दोनों को भाजपा की सदस्यता ग्रहण करवाई गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया विरोधमनोज चावला के कांग्रेस छोड़ने के बाद पार्टी में उनका विरोध भी शुरू हो गया है। रतलाम के नामली नगर में कांग्रेस नेताओं ने पोस्टर में लगे मनोज चावला के मुंह पर कालिख पोतकर विरोध दर्ज करवाया। नामली में कांग्रेस नेताओं ने पोस्टर में लगे आलोट के पूर्व विधायक मनोज चावला के फोटो पर पोती कालिख बड़े पद पर रहे हैं गुगालियाइधर, कांग्रेस नेता प्रमोद गुगलिया कई अहम पदों पर रहे हैं। वे मप्र कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव और पूर्व प्रदेश मीडिया प्रभारी रहे हैं। साथ ही केन्द्र सरकार के सूचना प्रसारण मंत्रालय, रेल मंत्रालय व कपड़ा मंत्रालय के बोर्ड में डायरेक्टर व सदस्य की जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम को भाजपा विधायक ने नहीं करने दी कार्रवाई वापस लौटे अधिकारी , नेता प्रतिपक्ष बोले, टीम का लौटना शर्मनाक

BJP MLA did not allow the team that arrived to remove encroachment to take action. Officers returned, Leader of Opposition said, it is shameful for the team to return इंदौर ! भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने अतिक्रमण हटाने गई निगम की टीम को मौके से लौटा दिया। अब इस मामले पर कांग्रेस हमलावर हो गई है। निगम में नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है। घटना की जिम्मेदारी इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव को लेना चाहिए और उन्हें शहर की जनता को बताना चाहिए की निगम ने वापस लौटने का फैसला क्यों लिया। क्या है मामलाएरोड्रम थाना क्षेत्र की मारवाड़ी अग्रवाल कॉलोनी में नगर निगम की टीम शनिवार सुबह अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर पहुंची। कार्रवाई शुरू होते ही रहवासियों ने पूर्व मंत्री और विधायक उषा ठाकुर को इसकी जानकारी दे दी। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि इसके बाद उषा ठाकुर ने कार्रवाई रुकवा दी और टीम को मौके से वापस लौटना पड़ा। विधायक के रिश्तेदार की है कालोनीबताया जा रहा है कि कॉलोनी उषा ठाकुर के रिश्तेदार की है। रहवासियों का यह भी कहना है कि दो बड़े नेताओं की लड़ाई में गरीबों का नुकसान हो रहा है। रहवासियों ने आरोप लगा हैं कि क्षेत्रीय पार्षद अश्विन शुक्ल के कहने पर इंदौर नगर निगम की टीम अतिक्रमण की कार्रवाई कर रही है। वहीं उषा ठाकुर के रिश्तेदार की कालोनी होने की वजह से वह इस कार्रवाई को रुकवा रही हैं।

देश में लोकतंत्र का गला घोटा जा रहा है, दिग्विजय , जहां से पार्टी कहेगी वहां से चुनाव लडूंगा

Democracy is being strangled in the country, Digvijay, I will contest elections from wherever the party asks. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने केंद्र की भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में अघोषित आपातकाल है। साथ ही ईवीएम और इलेक्टोरल बांड को लेकर भी सवाल उठाए। भोपाल ! प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार को मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर जमकर हमला बोला। पूर्व सीएम ने कहा कि देश में लोकतंत्र का गला घोटा जा रहा है। देश में अघोषित आपातकाल है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अकाउंट फ्रीज किए गए ताकि कांग्रेस चुनाव न लड़ पाए। कांग्रेस पंपलेट न छाप पाए। कांग्रेस के प्रत्याशियों को पैसा ना दे पाए। पूर्व सीएम ने कहा कि अन्य किसी पार्टी को इनकम टैक्स नहीं देना है। सिर्फ कांग्रेस पार्टी से इनकम टैक्स लेने का प्रावधान हुआ है। पूर्व सीएम ने इलेक्टोरल बांड को लेकर भाजपा पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी की गारंटी हफ्ता वसूली है। चंदा दो धंधा लो। कोविड में नकली दवाई बनाने वालों से भी चंदा लेकर उन्हें छोड़ा गया।

कांग्रेस को एक और झटका, BJP में शामिल होने कई बड़े नेता पहुंचे भोपाल

Another blow to Congress, many big leaders reached Bhopal to join BJP लोकसभा चुनाव के पहले चरण की नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। राजनीतिक पार्टियों के प्रत्याशी समेत अन्य उम्मीदवार 27 तक नामांकन कर सकेंगे। जानिए, इससे पहले मप्र में क्या हो रहा है? लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को मप्र में आज एक बार फिर बड़ा झटका लगने वाला है। कांग्रेस के कई बड़े नेता भाजपा में शामिल होने के लिए भोपाल पहुंच गए हैं। इनमें पूर्व सांसद देवराज सिंह पटले और पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह समेत कई नेता शामिल हैं। सतना के ये नेता भाजपा में होंगे शामिल

प्रदेश कांग्रेस उपाध्‍यक्ष लालचंद गुप्‍ता भाजपा में शामिल

Madhya Pradesh Congress Vice President Lalchand Gupta joins BJP मध्‍य प्रदेश कांग्रेस के उपाध्‍यक्ष लालचंद गुप्‍ता ने सीएम डॉ मोहन यादव की मौजूदगी में भाजपा की सदस्‍यता ली। सीधी। मध्‍य प्रदेश कांग्रेस के उपाध्‍यक्ष लालचंद गुप्‍ता भाजपा में शामिल हो गए हैं। उनके साथ ही नागौद सतना से कांग्रेस के विधायक रहे यादवेंद्र सिंह के भी भाजपा की सदस्‍यता लेने की अटकलें चल रही हैं।लालचंद गुप्‍ता ने सीधी में मुख्‍यमंत्री डॉ मोहन यादव की सभा के दौरान अपने 150 समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्‍यता ली। यादवेंद्र सिंह के भी जल्‍द भाजपा का दामन थामने की अटकलें चल रही हैं। उल्‍लेखनीय है कि 2023 के मप्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का टिकट नहीं मिलने के बाद उन्‍होंने बहुजन समाज पार्टी की सदस्‍यता ले ली थी। यादवेंद्र सिंह बसपा के टिकट पर नागौद सीट से चुनाव मैदान में उतरे, लेकिन उन्‍हें हार का सामना करना पड़ा था।

ओलावृष्टि से हजारों किसानों की फसलें तबाह, जायजा लेने पहुंचे नकुलनाथ

Crops of thousands of farmers destroyed due to hailstorm, Nakulnath arrived to take stock मंगलवार को हुई ओलावृष्टि में जिले के अमरवाड़ा ब्लॉक में सर्वाधिक नुकसानी झेलना पड़ा है। यहां मोहली, राहीवाड़ा, गौलीढाना, सालीवाड़ा, लछुआ, बड़ेगांव, संगोनिया, पटनिया और मन्दानगढ़ में करीब एक घंटे जमकर ओलावृष्टि हुई, जिससे पूरा गांव बर्फ से ढक गया। छिंदवाड़ा ! जिले में हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई है है। किसानों ने बताया कि यहां आंवले के बराबर ओले गिरे है। जिसके चलते क्षेत्र में सभी किसानों को नुकसानी का सामना करना पड़ा है। तेज बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की रबी मौसम की फसलें पूरी तरह तबाह हो चुकी है। इधर, प्रभावित क्षेत्रों का सांसद नकुलनाथ ने हवाई सर्वेक्षण कर वस्तुस्थिति देखी, साथ ही मोहखेड़ ब्लाक में गांवों में पहुंचकर खेतों में पीड़ित किसानों से चर्चा कर क्षति के संबंध में जानकारी ली। सांसद नकुलनाथ ने खेत से ही प्रशासनिक अधिकारियों से मोबाइल पर चर्चा कर अविलंब सर्वे कराकर प्रदेश सरकार को रिपोर्ट भेजने की बात कही। उमरेठ में तरबूज की फसल हुई तबाहबीते दिन हुई ओलावृष्टि में परासिया विधानसभा में भी मौसम की मार किसानों को झेलनी पड़ी है। यहां उमरेठ तहसील के ग्राम रिधोरा, पाठा, गुलबा, छाबड़ी, बिजोरी, गुमाई , गाजनडोह, परसोली, कन्हरगांव सहित अन्य ग्रामों में ओलावृष्टि से गेंहू, चने की फसल बर्बाद हुई। वहीं तरबूज और डंगरे की फसल भी बर्बाद हो गई। जिसके चलते किसानों को लाखों रुपए की क्षति का सामना करना पड़ा है। सर्वे के लिए गठित की संयुक्त टीमजिले में मौसम की मार से बर्बाद किसानों को जल्द ही राहत पहुंचाने अब प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह द्वारा सभी एसडीएम को जल्द सर्वे कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने निर्देश दिए गए है। वहीं एसडीएम द्वारा सर्वे हेतु सयुंक्त दल का गठन भी कर दिया गया है। चर्चा में जिला कृषि उपसंचालक जितेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में फसल नुकसानी की रिपोर्ट तैयार करने राजस्व, कृषि, उद्यानिकी और पंचायत विभाग के सयुंक्त अमले की ड्यूटी लगाई गई है, जिनसे जल्द से जल्द सर्वेकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए है।

प्रत्येक बूथ पर 370 मतों की वृद्धि के संकल्प के साथ आमला सारणी विधानसभा चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक संपन्न

Amla Sarani Assembly Election Management Committee meeting concluded with the resolution of increasing 370 votes at each booth. आमला सारणी विधानसभा चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक में लोकसभा प्रभारी भरत सिंह राजपूत ने दिए बूथ प्रबंधन , मत प्रतिशत वृद्धी एवम बूथ जनसंपर्क के मंत्र हरिप्रसाद गोहे आमला । जैसे जैसे लोकसभा चुनाव नज़दीक आ रहे है वैसे ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती जा रही है। रणनीतिक रूप से बढ़त लेते हुए भारतीय जनता पार्टी के द्वारा संगठनात्मक कसावट की शुरुआत कर दी गई है इसी श्रृंखला में भाजपा आमला सारणी विधानसभा की चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक आमला स्थित विधायक सह कार्यलय में संपन्न हुई। भाजपा मीडिया प्रभारी गोपेन्द्र सिंह ने बताया कि वरिष्ट भाजपा नेता एवम लोकसभा प्रभारी भरत सिंह राजपुत, आमला सारणी विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे के मार्गदर्शन में लोकसभा विस्तारक सोहन सिंह विधानसभा प्रभारी देवीदास खाड़े विधानसभा संयोजक किशोर बरर्दे जिला महामंत्री कमलेश सिंह जिला महामंत्री सुधाकर पवार जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र गढ़ेकर वरिष्ठ नेता रंजीत सिंह भाजपा नेत्री वर्षा गढ़ेकर की उपस्थिति में आहुत चुनाव प्रबंधन समिति सदस्यों की बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव में विभिन्न व्यवस्थाओं एवम बूथ स्तर पर प्रबंधन के निमित व्यापक कार्ययोजना पर चर्चा एवं क्रियान्वयन की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।लोकसभा प्रभारी भरत सिंह राजपुत ने विधानसभा प्रबंधन समिति को संबोधित करते हुए कहा कि लोकसभा चुनावों में बैतूल संसदीय क्षेत्र में भाजपा की लगतार विजय श्री के रिकार्ड को न सिर्फ बरकरा रखना है बल्कि बूथ पर लाभार्थी संपर्क अभियान, बूथ विजय अभियान एवम संगठनात्मक गतिविधियों को पूर्ण समर्थ के साथ सतत् निर्वहन कर चुनावों में एतिहासिक मतों से विजय प्राप्त करना है। इस अवसर पर लोकसभा प्रभारी राजपुत ने आगामी दिनों में त्रीस्तरीय संगठनात्मक प्रवास एवम जनसंपर्क कार्यकर्म की रूपरेखा पर मार्गदर्शन देते हुए चुनाव पूर्व बूथ प्रबंधन के लिए आवश्यक बिंदुओ की विस्तार पूर्वक जानकारी दी । एवम जनसंपर्क के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग विशेषकर नव मतदाता बंधुओ से सम्पर्क कर प्रत्येक बुथ पर 370 मतों की वृद्धि का संकल्प दिलाया। विधायक का पूर्ण समर्पण के लिया आवाहन विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे ने अपने संबोधन में कहा कि सम्पूर्ण देश ,विशेषकर मध्यप्रदेश का प्रत्येक जन मानस , भाजपा की गरीब कल्याण को समर्पित अंत्योदय केंद्रिय , लोककल्याणकारी योजनाओ के धरातल पर क्रियान्वयन एवम उससे प्राप्त लाभ से प्रभावित होकर भाजपा के पक्ष में मतदान के लिए संकल्पित एवं उत्साहित है। हम सभी कार्यकर्ताओ को आगामी एक माह तक पूर्ण शक्ति एवम समर्थ के साथ चुनाव रूपी यज्ञ में संगठनात्मक कार्यों एवम समर्पण की आहुति दे कर 4 जून को विजय श्री रूपी फल प्राप्त करना है एवम बैतूल लोकसभा से एक कमल का फूल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेट करना है । प्रभारियों का बूथ प्रबंधन एवम जनसंपर्क कौशल पर जोर विधानसभा प्रभारी देवीदास खाड़े ने अपनें सम्बोधन में शक्ति केंद्र पर पंच परमेश्वर एवं बूथ समिति पन्ना समिति सदस्यों को सक्रिय करने एवम बूथ पर करणीय कार्यों की जानकारी दी एवं पिछले चुनावो में हारे बूथों पर विशेष ध्यान दे का आग्रह किया।लोकसभा विस्तारक सोहन सिंह ने चुनाव प्रबंधन एवम जनसंपर्क कौशल के आवश्यक अवयवों पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि , हम सभी को बूथ पर अपने कार्यों का दक्षतापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित कर बुथ पर मत वृद्धि का लक्ष्य प्राप्त करना है । विधानसभा संयोजक किशोर बरर्दे ने चुनाव प्रबंधन समिति सदस्यों को विभिन्न दायित्वों की जानकारी दी ।महामंत्री गणों ने कि संगठनात्मक कार्यों कि चिंता जिला महामंत्री कमलेश सिंह ने बूथ विजय अभियान के माध्यम मतदाता संपर्क एवम युवा संवाद के माध्यम से नव मतदाता को जोड़ने पर जोर दिया ,तो जिला महामंत्री सुधाकर पवार ने लाभार्थी जनसंपर्क अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि कार्यकर्ताओ को अधिक से अधिक लाभर्थियों से संपर्क कर भाजपा के पक्ष में मतदान करने का आग्रह करना है । जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र गढ़ेकर ने संचालन एवम आभार व्यक्त किया। आमला सारणी विधानसभा की चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक में लोकसभा प्रभारी भरत सिंह राजपुत, आमला सारणी विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे विस्तारक सोहन सिंह जिला महामंत्री कमलेश सिंह सुधाकर पवार विधानसभा प्रभारी देवीदास खाड़े विधानसभा संयोजक किशोर बरर्दे रंजीत सिंह वर्षा जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र गढ़ेकर गणेश यादव वरिष्ठ नेता जिला मंत्री भगवंत सिंह सुधाचंद्रा मंडल अध्यक्ष रामकिशोर देशमुख यशवन्त यादव नागेंद्र निगम यदुराज सिंह रघुवंशी , मोहन मोरे, किसन सिंह रघुवंशी, हरी यादव , अशोक नागले महेश मस्कोले जगदीश पंवार समेत आमला सारणी विधानसभा के चुनाव संचालन समिति सदस्य गण उपस्थित रहे।

कांग्रेस उपाध्यक्ष लालचंद गुप्ता का इस्तीफा, बोले- अध्यक्ष के पास जाने पर देना पड़ता था परिचय

Congress Vice President Lalchand Gupta resigns, says he had to give introduction when he went to the President विंध्य में कांग्रेस को फिर लगा झटका, लालचंद गुप्ता बोले- 5 साल उपाध्यक्ष रहा, आज तक एक भी बैठक नहीं हुई।भोपाल। प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है, कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष लालचंद गुप्ता ने कांग्रेस पार्टी और उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। प्रदेश उपाध्यक्ष लालचंद गुप्ता ने आरोप लगाया कि 5 साल उपाध्यक्ष रहने के बाद आज तक नहीं हुई एक भी बैठक। प्रदेश अध्यक्ष के पास जाने पर अपना परिचय बताना पड़ता था। वे प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष के पद पर 5 साल तक रहे है। इसके पहले वे भाजपा जिला अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस कर यह जानकारी साझा की। गौरतलब है कि प्रदेश में कांग्रेस नेताओं के पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने का सिलसिला लगातार जारी है। कमल नाथ के गढ़ सहित प्रदेश के कई इलाकों से कांग्रेस के बड़े नेता, पूर्व विधायक भाजपा में शामिल हो चुके हैं। बड़े नेताओं को पार्टी छोड़कर जाने से लगातार झटके लग रहे हैं।

कमलनाथ का फेक सोशल मीडिया अकाउंट , कांग्रेस ने की सावधान रहने की अपील

Kamal Nath’s fake social media account, Congress appeals to be cautious कमलनाथ ने कहा कि वह यह बात स्पष्ट करना चाहते हैं कि ‘टीम कमलनाथ’ नाम का हमारा कोई संगठन नहीं है. उनका फेक अकाउंट बना कर गलत खबर फैलाने की कोशिश की जा रही है. चुनावों से पहले सोशल मीडिया तेजी से एक्टिव हो जाता है बाजार में फर्जी खबरें आने लगती हैं. फेक अकाउंट बनाकर लोग जनता का ध्यान खींचने की कोशिश करते हैं. ऐसा ही कुछ मध्य प्रदेश में कांग्रेस के सीनियर नेता कमलनाथ के साथ हुआ. उनके नाम से किसी ने झूठा अकाउंट बना कर गलत खबर फैलाने की कोशिश की. जैसे ही यह बात कांग्रेस नेता के संज्ञान में आई, उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से स्ष्टीकरण जारी किया. हाल ही में, कमलनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘मुझे आज सोशल मीडिया के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि कुछ लोग टीम कमलनाथ नाम का संगठन बनाकर भ्रामक एवं आधारहीन पोस्ट डालने व लोगों को गुमराह करने का कृत्य कर रहे हैं. मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि टीम कमलनाथ नाम का हमारा कोई संगठन नहीं है कमलनाथ ने कही सावधान रहने की बातकमलनाथ ने स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे किसी संगठन या सोशल मीडिया अकाउंट बनाने अनुमति नहीं दी है. साथ ही, उन्होंने लोगों से ऐसे लोगों से सावधान रहें और इनके किसी भी धोखे का शिकार होने से बचें. गौरतलब है कि आदर्श आचार संहिता लगते ही चुनाव आयोग और प्रशासन की टीम अलर्ट हो जाती है और ग्राउंड के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जाती है. इस पर कमलनाथ ने सोशल मीडिया पोस्ट लिखकर ‘टीम कमलनाथ’ को भ्रामक बताया है.उन्होंने X पर लिखा कि, “मुझे आज सोशल मीडिया के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि कुछ लोग टीम कमलनाथ नाम का संगठन बनाकर भ्रामक एवं आधारहीन पोस्ट डालने व लोगों को गुमराह करने का कृत्य कर रहे हैं.मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ कि टीम कमलनाथ नाम का हमारा कोई संगठन नहीं है, न ही इस तरह का कोई संगठन/सोशल मीडिया अकाउंट बनाने की मैंने किसी को अनुमति दी है.ऐसे लोगों से सावधान रहें व इनके किसी भी धोखे का शिकार होने से बचें.

कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में पार्टी के घोषणापत्र पर बातचीत , जीतू पटवारी

Discussion on party’s manifesto in Congress Working Committee (CWC) meeting, Jitu Patwari कांग्रेस का घोषणापत्र 1926 से ही देश के राजनीतिक इतिहास में “विश्वास और प्रतिबद्धता का दस्तावेज” माना जाता है। ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान हमने न्याय के 5 स्तंभों की बात की है, जिनकी स्थापना हमारे देश को मजबूती देगी। युवा न्याय, नारी न्याय, किसान न्याय, श्रमिक न्याय,हिस्सेदारी न्याय इन 5 न्याय स्तंभों के तहत कांग्रेस पार्टी ने कुल 25 गारंटियां दी हैं, जो देश को ‘BJP के अन्याय काल’ से मुक्ति दिलाएंगी। आने वाले चुनावों में जनता मोदी सरकार की घोषणाओं को नकार देगी, क्योंकि देश अब बदलाव चाहता है। हमें एकजुट होकर अपने घोषणापत्र को देश के हर घर तक पहुंचाना है और जनता को न्याय दिलाना है।

कैलाश विजयवर्गीय को मिली कमलनाथ का गढ़ भेदने की जिम्मेदारी

Kailash Vijayvargiya got the responsibility of breaching Kamal Nath’s stronghold. बीजेपी ने कैलाश विजयवर्गीय को कमलनाथ का गढ़ भेदने की जिम्मेदारी दी है. इसी जिम्मेदारी के तहत विजयवर्गीय आज से छिंदवाड़ा के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे. भोपाल ! हरियाणा, पश्चिम बंगाल के चुनाव प्रभारी रहे कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) की नजर अब कमलनाथ के अभेद गढ़ छिंदवाड़ा पर है. भारतीय जनता पार्टी ने कैलाश विजयवर्गीय को महाकौशल क्लस्टर प्रभारी बनाया है. विजयवर्गीय आज (19 मार्च) से तीन दिन छिंदवाड़ा के प्रवास पर रहेंगे. इस दौरान वह कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे. मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा लोकसभा सीट बीते 72 साल से (एक साल छोड़ कर) कांग्रेस का गढ़ बनी हुई है. कांग्रेस के इस अभेद किले को भेदने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने तमाम तरह की कोशिश कर ली, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी. साल 1980 से छिंदवाड़ा सीट पर कमलनाथ परिवार का कब्जा चला रहा है. हालांकि, 1998 में उपचुनाव में बीजेपी के सुंदरलाल पटवा ने यहां कमलनाथ को हराया था और एक साल के लिए सांसद चुने गए थे. विजयवर्गीय भेदेंगे कांग्रेस का अभेद्य किला?इसके बाद फिर से इस सीट पर कमलनाथ परिवार ही काबित होता आ रहा है. वर्तमान में भी कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ यहां से सांसद हैं, जबकि अब फिर से कांग्रेस ने नकुलनाथ को ही अपना प्रत्याशी बनाया है. बीजेपी में कैलाश विजयवर्गीय संकटमोचक के रूप में काम संभालते नजर आ रहे हैं. कैलाश विजयवर्गीय को बीजेपी ऐसे प्रदेशों में भेजती आ रही है, जो कहीं न कहीं बीजेपी के प्रभाव वाले नहीं हैं. विजयवर्गीय को इससे पहले पश्चिम बंगाल का प्रभारी बनाया गया था. यहां पहली बार बीजेपी ने अच्छा प्रदर्शन किया और विधानसभा चुनाव में उनकी सीटें बढ़ी. इसी तरह विजयवर्गीय को हरियाणा का प्रभारी बनाया गया था. अब बीजेपी ने विजयवर्गीय को कमलनाथ का गढ़ भेदने की जिम्मेदारी दी है. इसी जिम्मेदारी के तहत विजयवर्गीय आज से छिंदवाड़ा के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे. इस दौरान वह बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे.

कांग्रेस को फिर झटका, कमलनाथ के करीबी सैयद समेत 65 नेता भाजपा में शामिल

Shock to Congress again, 65 leaders including Syed, close to Kamal Nath, join BJP लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश में कांग्रेस नेताओं का पार्टी छोड़ने का सिलसिला जारी है। छिंदवाड़ा जिले में पूर्व सीएम कमलनाथ के करीबी सैयद जाफर कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए। इसके अलावा 64 कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भी भाजपा की सदस्यता ली। छिंदवाड़ा ! प्रदेश में नेताओं के कांग्रेस छोड़ने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को छिंदवाड़ा से पूर्व सीएम कमलनाथ के करीबी और कांग्रेस प्रवक्ता सैयद जाफर समेत 64 नेता भाजपा में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने अंगवस्त्र पहनाकर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा, पार्टी के लोकसभा चुनाव के सह प्रभारी सतीष उपाध्याय एवं न्यू ज्वॉइनिंग टोली के प्रदेश संयोजक डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समक्ष प्रदेश कार्यालय में सोमवार को कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सय्यद जाफर, पथरिया के वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिनेश श्रीधर, कांग्रेस महामंत्री डॉ. मनीषा दुबे, रतलाम जिला पंचायत सदस्य संतोष पालीवाल, बसपा के प्रदेश प्रभारी व प्रदेश महासचिव डॉ. रामसखा वर्मा, पूर्व प्रचारक अभयराज सिंह, रतलाम के मध्यप्रदेश आई.टी.सेल महामंत्री अंकित पोरवाल, जिला कांग्रेस कमेटी महामंत्री विरेन्द्र नायमा, आलोट विधानसभा युवक कांग्रेस के अध्यक्ष सुरेश डागी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश मैनूखेड़ी, ब्लॉक अध्यक्ष दुर्गालाल अटोलिया, एनएसयूआई के जिला प्रभारी गोपाल सिसोदिया सहित 64 से अधिक जनपद सदस्य, सरपंच, पूर्व सरपंच, कांग्रेस पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विकास कार्यों से प्रभावित होकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने अंगवस्त्र पहनाकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष चिंतामणि मालवीय, प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी, प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल एवं छिदंवाड़ा लोकसभा प्रत्याशी विवेक बंटी साहू उपस्थित रहे।

इलेक्टरल बॉन्ड घोटाला स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा घोटाला :जीतू पटवारी

Electoral bond scam is the biggest scam of independent India: Jitu Patwari मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ट्रांसपोर्ट कमिश्नर की नियुक्ति 300 करोड़ में, मध्य प्रदेश भ्रष्टाचार का केंद्र बना : जीतू पटवारी 2014 से 2023 तक भाजपा ने एक भी गारंटी पूरी नहीं की,भाजपा की वादाखिलाफी के खिलाफ जनता आशा भरी निगाहों से कांग्रेस पार्टी की ओर देख रही है: जीतू पटवारी भोपल ! मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश समेट पूरे देश के लिए लोकसभा चुनाव घोषित हो चुके हैं परंतु बीजेपी की डबल इंजन सरकार की डबल वादा खिलाफी के खिलाफ जनता हताश और निराशा है, आलम यह है कि 2014 से 2023 तक कोई भी गारंटी पूरी नहीं हुई है एवं इसी कारण जनता आशाभरी निगाहों से कांग्रेस पार्टी की ओर देख रही है। पटवारी ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी भ्रष्टाचार के खिलाफ नारे दिया करते थे उसके विपरीत इलेक्ट्रोरल बॉन्ड्स के जरिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कई खुलासे हुए हैं एवम उससे ऐसा प्रतीत होता है कि यह भाजपा के लीगल करप्शन के उदाहरण हैं। वैक्सीन निर्माता, पाकिस्तान एवं लॉटरी किंग के द्वारा भाजपा को जो चंदा दिया गया इन सब पर चर्चा होनी चाहिए, चुनावी बांड घोटाला स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा घोटाला है। भाजपा ने भ्रष्टाचार का तांडव मचा रखा है एवं संस्थाओं को डराने एवं वसूली का माध्यम बनाकर रखा है, यह पहले कभी नहीं हुआ। पटवारी ने कहा कि जहां कांग्रेस पार्टी ने लोगों को आरटीआई जैसे अधिकार दिए खाद्यान्न, भूमि अधिग्रहण, वन अधिकार कानून आदि कानून दिए वहीं भाजपा ने इन कानूनों को पंगु बनाया। कांग्रेस पार्टी फिर एक बार जनता को अधिकार देगी, हम किसानों को एमएसपी का अधिकार देंगे, ग्रेजुएट युवाओं को ₹100000 सालाना की स्टाइपेंड का अधिकार देंगे, बहनों को 8000 से 8500 के करीब प्रति माह की आर्थिक सुरक्षा का अधिकार देंगेऔर विस्तार में सभी अधिकार एवं न्याय के माध्यम इंडिया एलायंस की रैली में हमारे नेता राहुल जी एवं एलायंस के नेता करेंगे। पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश में भी मध्य प्रदेश की सरकार ने लगातार आचार संहिता लगने के पहले तक तबादले किए परंतु उसके बाद भी कई अधिकारी कई विभाग में नहीं हैं, 500 से ज्यादा पदों पर पदाधिकारी नहीं है तथा प्रभार के आधार पर व्यवस्थाएं चल रही हैं। यहां कर्ज, क्राइम एवं करप्शन पर्ची वाले मुख्यमंत्री के शासन में लगातार फल फूल रहा है, मध्य प्रदेश लगातार क्राइम इंडेक्स में एवं करप्शन इंडेक्स में ऊंचाई हासिल कर रहा है, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का तो यहां तक भी कहना है कि ट्रांसपोर्ट कमिश्नर की 300 करोड रुपए में नियुक्ति हुई है, यही बीजेपी का असली चरित्र है। श्री पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी दृढ़ता से चुनाव में उतर रही है एवं जो संकेत हैं उनके आधार पर मैं कह सकता हूं कि परिणाम आप सभी को चौंकाएंगे एवं कांग्रेस पार्टी चुनाव में बेहतरीन प्रदर्शन करेगी।

स्विस बैंक से काला धन नहीं आ पाया,लेकिन SBI की सूची में भाजपा का काला धन उजागर हुआ ,जीतू पटवारी

Black money could not come from Swiss bank, but BJP’s black money was exposed in SBI list, said Jitu Patwari. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इलेक्टोरल बॉण्ड से मिले चंदे को लेकर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए। पटवारी ने कहा कि स्विस बैंक से काला नहीं आ पया, लेकिन एसबीआई की सूची में भाजपा का काला धन उजागर हुआ। भोपाल ! प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता के सामने कहा था कि स्विस बैंक की सूची लाऊंगा। उन्होंने दावा किया था कि उसमें करोड़ों अरबों का काला धन रखा हुआ है। पटवारी ने कहा कि वह काला धन नहीं आया, लेकिन एसबीआई की सूची आ गई, जिसमें काला धन भाजपा के खातों में दिखा है। उन्होंने कहा कि 6700 करोड़ रूपये इलेक्टोरल बॉण्ड से भाजपा ने बॉण्ड योजना के तहत अपने खातों में डलवायें। काला धन जो अलग से लिया इससे 100 गुना अधिक होगा। भाजपा में जो खरीद फरोख्त हो रही है वह इसी काले धन से हो रही है। पटवारी ने प्रधानमंत्री से सवाल पूछते हुए कहा कि 21 कंपनियां ऐसी क्यों निकली जिन पर ईडी, सीबीआई के छापे पड़े। उन कंपनियों ने ही भाजपा को ही बॉण्ड खरीदी में चंदा दिया। उन्होंने कहा कि जब हर व्यक्ति कोविड में सेवा कर रहा था, उस समय प्रधानमंत्री जी कोविड वेक्सीन कंपनी के मालिक पूनावाला से मिले थे। पूनावाला की कंपनी ने 50 करोड़ रूपये भाजपा को चंदा दिया, उसी कंपनी को सारे नियमों को धता बता कर भाजपा ने कोविडशील्ड की अनुमति दी उसी वैक्सीन से आज भी लोग अटैक से मर रहे हैं। भाजपा मौत के सौदागर जैसा काम करती रही। पटवारी ने कहा कि एसबीआई ने 18871 लोगों की चंदा देने वालों की और 20411 चंदा लेने वालों की सूची दी है। उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि 2019 के पहले के नाम क्यों छिपाये गये यह स्पष्ट होना चाहिए। बदलाव के लिए, नया भारत बनाने के लिए, महंगाई कम हो उसके लिए भारत की जनता ने मोदी को चुना था लेकिन मोदी जी ने हमेशा झूठ बोला है। कोविड के दौर में भी भाजपा लोगों से चंदा ले रही थी। पटवारी ने कहा कि यदि आपके घर में बेरोजगारी नहीं हैं, महंगाई नहीं है, परिवार में कोई बच्चा, परिवार का सदस्य नशा नहीं करता, किसान कर्ज में नहीं है, किसान की आमदनी बढ़ गई है, कोविड में आपको नहीं लूटा गया तो नरेन्द्र मोदी सही प्रधानमंत्री है और यदि इन्हीं सब यातनाओं को देश की जनता यदि सह रही है तो मोदी सही प्रधानमंत्री नहीं है। पटवारी ने आगे कहा कि जनता से यही कहना चाहता हूं कि देश की जनता को अपने हक और अधिकार के लिए विचार करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मोदी के झूठ का मुकाबला करना पड़ेगा। लोकतंत्र खतरे में है, उसे बचाना पडे़गा।

कमलनाथ ने कि एमपी के लोगों से बड़ी अपील, बीजेपी पर लगाए आरोप

Kamal Nath made a big appeal to the people of MP, accused BJP चुनाव आचार संहिता लगने की घोषणा किसी भी वक्त हो सकती है. ऐसे में कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक्स पर पोस्ट करके एमपी के लोगों से बड़ी अपील की है. लोकसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग किसी भी वक्त चुनाव आचार संहिता लगा सकता है. ऐसे में अब कांग्रेस और बीजेपी अपनी चुनावी रणनीतियों को जल्द अंजाम तक पहुंचा देना चाहती हैं. इसलिए कांग्रेस और बीजेपी के बड़े नेता जनता से कई तरह की अपील करते दिख रहे हैं. ताजा मामला कांग्रेस के दिग्ग्ज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एमपी की जनता के नाम एक भावुक अपील की है. कमलनाथ ने अपनी इस पोस्ट में लिखा है कि “मध्य प्रदेश के सम्मानित नागरिको, लोक सभा चुनाव में कुछ ही हफ़्ते बचे हैं. प्रदेश और देश के भविष्य का निर्माण करने के लिए आवश्यक है कि यह चुनाव जनता के मुद्दों पर लड़ा जाए, ना कि मुद्दों से भटकाने वाले जुमलों पर. एक तरफ़ कांग्रेस पार्टी है जिसने स्पष्ट वादा किया है कि किसानों को MSP की गारंटी दी जाएगी”. ‘ कमलनाथ लिखते हैं कि “नौजवानों के लिए केंद्र सरकार में 30 लाख सरकारी नौकरियां दी जाएंगी. ग़रीब महिलाओं को हर साल एक लाख रुपये आर्थिक सहायता दी जाएगी. अग्नि वीर योजना समाप्त कर सेना में नियमित नियुक्ति दी जाएगी. सामाजिक न्याय के लिए जातिगत जनगणना कराई जाएगी”. कमलनाथ ने लगाए बीजेपी पर ये आरोपकमलनाथ आगे लिखते हैं कि “दूसरी तरफ़ भारतीय जनता पार्टी है, जिसने एक भी वादा ऐसा नहीं किया है जो समाज और जनता के हालात बदलने का वादा करता हो. 10 साल की मोदी सरकार की नाकामी छुपाने के लिए भाजपा सिर्फ़ समाज को बाँटने की राजनीति कर रही है. हम सबको भाजपा की इस चालबाज़ी से सावधान रहना है और ख़ुशहाल भारत का निर्माण करने वाले मुद्दों को पहचानना है. जय कांग्रेस, विजय कांग्रेस”.

बीजेपी विधायक ने जनता के 13 लाख रुपए किए गबन, कांग्रेस ने पेश किए सबूत

BJP MLA embezzled Rs 13 lakh from public money, Congress presented evidence विधायक निधि से मंजूर किए गए काम में बगैर काम किए ही हो गया 13 लाख रुपए का भुगतान इंदौर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने निगम में भाजपा की परिषद के कार्यकाल में हुए बड़े घोटाले का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में विधायक निधि के तहत पहले काम मंजूर करवाया गया फिर बिना कुछ काम किए ठेकेदार को 13 लाख रुपए का भुगतान कर दिया। उन्होंने विधायक रमेश मेंदोला पर सीधे इसके गबन का आरोप लगाया है। विधायक की तरफ से इस मामले में अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। चिंटू चौकसे में आज यहां पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि विधानसभा क्षेत्र क्रमांक दो के विधायक रमेश मेंदोला ने नगर निगम के वार्ड क्रमांक 20 में खातीपुरा चौराहे के पास राम मंदिर के समीप स्थित सामुदायिक भवन का निर्माण करने के लिए अपनी विधायक निधि से 10 लाख रुपए की राशि मंजूर की थी। यह कार्य इंदौर नगर निगम को सौंपा गया था। निगम ने इस काम को करने के लिए निविदा आमंत्रित की गई एवं एसके कंस्ट्रक्शन कंपनी को इस कार्य का टेंडर दिया गया। इस कंपनी के द्वारा इस टैंडर के परिपेक्ष में आज तारीख तक उक्त स्थान पर कोई काम नहीं किया गया है। नगर निगम के अधिकारियों ने अपनी फाइल में इस काम को पूर्ण होना बताया। इसके बाद ठेकेदार से प्राप्त बिलों को मंजूरी देते हुए 13 लाख रुपए का भुगतान भी कर दिया गया। चौकसे ने बताया कि आज तक भी इस स्थान पर सामुदायिक भवन के निर्माण का कार्य शुरू भी नहीं हो सका है। यह मामला भ्रष्टाचार का नहीं बल्कि घोटाला और गबन का है। इस मामले में भाजपा के नेताओं, अधिकारियों और ठेकेदार के गठजोड़ ने मिलकर कागज पर फर्जी काम दर्शाते हुए शासन और निगम के खजाने को 13 लाख रुपए का चूना लगाया है । चौकसे ने कहा कि इस पूरे गबन के मामले में कार्य को मंजूरी देने वाले विधायक रमेश मेंदोला की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। उनके द्वारा बगैर काम के भी भुगतान होने दिया गया। विधायक के द्वारा जब काम मंजूर किया जाता है तो यह विधायक की नैतिक जिम्मेदारी होती है कि वह सुनिश्चित करे कि वह काम सही स्थान पर सही तरीके से हो रहा है अथवा नहीं। यदि वह काम बराबर नहीं हो रहा है तो विधायक की ही जिम्मेदारी है कि वह नोडल एजेंसी बनाई गई नगर निगम को इस बात की शिकायत करते। विधायक मेंदोला के द्वारा यह शिकायत नहीं किया जाना इस बात का पर्याय है कि इस गबन में वे भी शामिल हैं। चौकसे ने कहा कि मेरा आरोप है कि इस गबन के पूरे पैसे विधायक की जेब में गए हैं। किसी ठेकेदार और अधिकारी में इतनी हिम्मत नहीं है कि वह विधानसभा क्षेत्र क्रमांक दो का फर्जी बिल बिना विधायक की सहमति के बना ले।उन्होंने कहा कि इस मामले में हमारे द्वारा निगम आयुक्त को शिकायत की जा रही है। हमारी मांग है कि जिम्मेदार अधिकारियों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाना चाहिए। इसके साथ ही इन अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदार के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की जाएगी।

वन नेशन-वन इलेक्शन पर कोविंद कमेटी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपी रिपोर्ट

Kovind Committee submits report to President Draupadi Murmu on One Nation-One Election यह रिपोर्ट 2 सितंबर 2023 को पैनल के गठन के बाद से हितधारकों और एक्सपर्ट्स परामर्श और 191 दिन के रिसर्च का नतीजा है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अगुआई में 8 सदस्यों की कमेटी पिछले साल 2 सितंबर को बनी थी। इसमें रामनाथ कोविंद, गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व सांसद गुलाम नबी आजाद समेत आठ सदस्य हैं। वन नेशन-वन इलेक्शन यानी एक देश, एक चुनाव के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप दी है। कमेटी के सदस्यों ने राष्ट्रपति भवन जाकर रिपोर्ट सौंपी। वन नेशन वन इलेक्शन पर कमेटी ने 18 हजार 626 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट में 2029 में एक साथ चुनाव कराने की सिफारिश की गई है। कोविंद की अगुवाई में सितंबर 2023 में बनी थी कमेटीरिपोर्ट 2 सितंबर 2023 को पैनल के गठन के बाद से हितधारकों और एक्सपर्ट्स परामर्श और 191 दिन के रिसर्च का नतीजा है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अगुआई में 8 सदस्यों की कमेटी पिछले साल 2 सितंबर को बनी थी। 23 सितंबर 2023 को पहली बैठक दिल्ली के जोधपुर ऑफिसर्स हॉस्टल में वन नेशन वन इलेक्शन कमेटी की पहली बैठक हुई थी। इसमें पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व सांसद गुलाम नबी आजाद समेत 8 मेंबर हैं। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल कमेटी के स्पेशल मेंबर बनाए गए हैं। क्या है पैनल के सुझाव? 2029 में एकसाथ चुनाव कराने की सिफारिशरिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विधि आयोग के प्रस्ताव पर सभी दल सहमत हुए तो यह 2029 से ही लागू होगा। साथ ही इसके लिए दिसंबर 2026 तक 25 राज्यों में विधानसभा चुनाव कराने होंगे। मध्यप्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और मिजोरम विधानसभाओं का कार्यकाल 6 महीने बढ़ाकर जून 2029 तक किया जाए। उसके बाद सभी राज्यों में एक साथ विधानसभा-लोकसभा चुनाव हो सकेंगे।

बीजेपी की दूसरी लिस्ट में 72 उम्मीदवारों का एलान, छिंदवाड़ा से विवेक बंटी साहू को मिली टिकट

72 candidates announced in BJP’s second list, Vivek Bunty Sahu gets ticket from Chhindwara भारतीय जनता पार्टी ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए 72 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। मध्य प्रदेश से पांच उम्मीदवारों के नाम का एलान किया गया है। ईइसमें बालाघाट से भारती पारधी को टिकट दिया गया है। छिंदवाड़ा से विवेक बंटी साहू उज्जैन से अनिल फिरोजिया धार से सावित्री ठाकुर और इंदौर से शंकर लालवानी को टिकट दिया गया है। बीजेपी की दूसरी लिस्ट में 11 राज्यों के उम्मीदवारों का एलान किया गया है।

सिर पर पल्लू और हाथ में हंसुआ; गेहूं काटती कमलनाथ की बहू का वीडियो वायरल

Pallu on head and sickle in hand; Video of Kamalnath’s daughter-in-law cutting wheat goes viral छिंदवाड़ा से प्रत्याशी घोषित किए जाने से कांग्रेस सांसद नकुलनाथ प्रचार में जुटे हुए हैं। बेटे के लिए पूर्व सीएम कमलनाथ भी खूब मेहनत कर रहे हैं। नुकल की पत्नी भी प्रचार में उतरीं। छिंदवाड़ा ! प्रत्याशी घोषित किए जाने से कांग्रेस सांसद नकुलनाथ प्रचार में जुटे हुए हैं। बेटे के लिए पूर्व सीएम कमलनाथ भी खूब मेहनत कर रहे हैं। अब नकुल की पत्नी प्रिया भी प्रचार में जुट गईं हैं। वह गांवों और खेतों तक में जाकर लोगों से मिल रही हैं और पति के लिए वोट मांग रही हैं। प्रिया का ऐसा ही एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें वह खेत में महिलाओं के साथ गेहूं काटती दिख रही हैं।मध्यप्रदेश की छिंदवाड़ा लपकसभा से कांग्रेस ने नकुल नाथ को अपना प्रत्यासी बनाया है, बुधवार चुनाव प्रचार को निकली नकुल नाथ की पत्नी का गेंहू काटते एक वीडियो सोशल मिडिया पर वायरल हुआ है। चुनाव प्रचार पर निकलीं कांग्रेस प्रत्याशी नकुल नाथ की पत्नी ने जब महिलाओं को खेत में काम करते हुए देखा तो उनके पास पहुंच गईं। कमनलाथ की बहू के रूप में उनका परिचय कराया गया। सिर पर घूंघट लिए प्रिया ने महिलाओं से बातचीत की और खेत में उनके साथ गेहूं काटने भी बैठ गईं। इस दौरान गेहूं काट रहीं महिलाएं कहती हैं- देख कर गेंहू काटिए, आपकी उंगली न कट जाए। लेकिन प्रिया हाथ आजमाने से नहीं चूकीं। उनका यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने पति के लिए उनकी मेहनत की तारीफ की तो कुछ का कहना है कि नकुल के लिए लड़ाई आसान नहीं रह गई है और उन्हें पत्नी को भी मैदान में उतारना पड़ा है। मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 29 सीटों में से 10 सीटों पर अपने प्रत्याशियों का एलान कर दिया है। छिंदवाड़ा लोकसभा से पूर्व पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ के पुत्र नकुलनाथ को कांग्रेस ने अपना प्रत्यासी बनाया है। प्रत्याशी घोषित होने के पहले से ही प्रचार में जुट चुके नकुल ने अब पूरे परिवार के साथ अभियान कको तेज कर दिया है।

हेमा मालिनी को ब्रांड एंबेसडर बनाओ, पोस्ट ऑफिस का डिपॉज़िट बढ़ेगा ,मंत्री विजय शाह

Make Hema Malini brand ambassador, post office deposits will increase, Minister Vijay Shah हम उनके पट्ठे हैं’, Post office के अफसरों से बोले MP के मंत्री विजय शाह खंडवा ! सरकार के कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने कहा कि हेमा मालिनी को ब्रांड एंबेसेडर बनाओ और फिर हमें बताना. हम उनके पट्ठे हैं. साथ ही यह भी कहा कि पोस्ट ऑफिस मोदी जी का असली बेटा है. बाकी सब काका-बाबा के हैं, इसलिए असली बेटे को ही सहयोग करें. मध्यप्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विजय शाह का विवादों से गहरा नाता है. अब उन्होंने पासपोर्ट ऑफिस के उद्घाटन के दौरान मंच से कह दिया कि आपके यहां ब्याज दर ज्यादा होने के बावजूद दूसरी बैंकों की तुलना में इसलिए डिपॉजिट कम है, क्योंकि आप विज्ञापन नहीं करते. अभी हेमा मालिनी को अपना ब्रांड एम्बेसडर बनाओ तो डिपॉज़िट बढ़ जाएगा.मंत्री यहीं नहीं रुके, आगे कहा कि हेमा मालिनी को ब्रांड एंबेसेडर बनाओ और फिर हमें बताना. हम उनके पट्ठे हैं. साथ ही यह भी कहा कि पोस्ट ऑफिस मोदी जी का असली बेटा है. बाकी सब काका-बाबा के हैं, इसलिए असली बेटे को ही सहयोग करें. मोहन यादव सरकार में कैबिनेट मंत्री विजय शाह खंडवा में पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केन्द्र का लोकार्पण करने पहुंचे थे. इस दौरान मंत्री ने माइक पर कहा, पोस्ट ऑफिस फिक्स डिपोजिट पर एसबीआई से ज्यादा ब्याज देता है, लेकिन वह उसका प्रचार ठीक से नहीं कर पाता. तुम्हारा न कोई मॉडल है और न ही कोई ब्रांड एम्बेसडर. इसलिए कह रहा हूं कि हेमा मालिनी को ब्रांड एम्बेसडर बनाओ यार!शाह यहीं नहीं रुके. बोले – मैंने हेमा मालिनी का नाम इसलिए लिया, क्योंकि वे भारतीय परम्परा, सभ्यता, संस्कृति की मूर्ति हैं. उन्होंने आज तक ऐसी फिल्म नहीं की जिसे देखकर आपको मुंह छिपाना पड़े. फिर भी उन्हें ब्रांड एम्बेसडर नहीं बना रहे पोस्ट ऑफिस वाले. हम उनके पट्ठे हैं. अगर वे प्रचार करेंगी तो सभी बैंकों से पैसा निकालकर पोस्ट ऑफिस में डाल देंगे..!  मंत्री शाह ने यह भी कहा कि पोस्ट ऑफिस मोदीजी का सगा बेटा है. को- ऑपरेटिव और दूसरे बैंक चाचा बाबा के हैं, इसलिए सगे बेटे को है महत्व मिलना चाहिए.

मंत्री विजयवर्गीय बोले- मध्य प्रदेश में सभी 29 सीट जीतेंगे

Minister Vijayvargiya said- Will win all 29 seats in Madhya Pradesh जबलपुर। मध्यप्रदेश की सभी 29 सीट जीतने के साथ ही एनडीए देश में चार सौ से ज्यादा सीटें जीतेगा। यह कहना है प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का। वे मंडला जाते समय अल्पप्रवास पर जबलपुर में रुके, जहां उन्होंने मीडिया से चर्चा की। विजयवर्गीय का यह भी कहना रहा कि प्रदेश की सभी 29 सीटों पर अबकी लोकसभा चुनाव में भाजपा जीत हासिल करने वाली हैं। नकुल नाथ को उम्मीदवार बनाए जाने पर कटाक्षकेबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने छिंदवाड़ा से नकुल नाथ की उम्मीदवारी को लेकर कहा कि नकुल लड़ें या कमल नाथ, भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ता। कांग्रेस ऐसे ही लोगों को टिकट दे रही है, जो करोड़पति हैं। भाजपा ने 400 सीटों का संकल्प लिया है और वो इसी लक्ष्य को लेकर प्रयास में जुट गई है। उन्होंने देश में हाल में लागू सिटीजन अमेंडमेंट बिल यानि, सीएए लागू किए जाने को प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का साहसिक निर्णय बताया।

मानहानि के मामले में दिग्विजय सिंह दोषमुक्त करार

Digvijay Singh acquitted in defamation case पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ दायर मानहानि के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें दोषमुक्त करार दिया है। ग्वालियर। जिला अदालत की एमपी एमएलए कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ चल रहे मानहानि के दावे की सुनवाई के दौरान मंगलवार को उन्हें दोषमुक्त करार दिया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान माना कि जिन तथ्यों को आधार बनाकर यह केस दायर किया गया है उनके हिसाब से मानहानि का दावा चलाए जाने योग्य नहीं है। जिला अदालत ने मामले में फैसला सुनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री को दोषमुक्त कर दिया। दरअसल, एडवोकेट अवधेश सिंह भदौरिया ने स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा काे लेकर दिए गए विवादित बयान को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह पर मानहानि का मामला दायर किया था। आरोप यह था कि 31 अगस्त 2019 को भिंड प्रवास के दौरान दिग्विजय सिंह ने मीडिया से संवाद करते हुए बजरंग दल,आरएसएस और भाजपा के कार्यकर्ताओं पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से पैसे लेकर जासूसी करने का आरोप लगाते हुए विवादित टिप्पणी की थी। जिसके बाद इस बयान को आधार बनाकर एडवोकेट अवधेश ने पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ मानहानि का दावा पेश किया था। यह थी विवादित टिप्पणी31 अगस्त 2019 को दिग्विजय सिंह ने भिंड के एक राजनीतिक कार्यक्रम में टिप्पणी करते हुए कहा था ‘कि एक बात मत भूलिए जितने भी पाकिस्तान के लिए जासूसी करते पाए गए हैं, वह भाजपा, आरएसएस व बजरंग दल से पैसे ले रहे हैं। एक बात और बताता हूं कि पाकिस्तान की आईएसआई के लिए जासूसी मुसलमान कम, गैर मुसलमान ज्यादा कर रहे हैं।’ दिग्गी बोले – नरोत्तम मिश्रा के यहां सीजीएसटी छापे में डेढ़ करोड़ मिले, सैकड़ों करोड़ मिलने थे ग्वालियर की एमपी एमएलए कोर्ट में फैसला आने के बाद दिग्विजय सिंह ने ग्वालियर में रिसोर्ट में सीजीएसटी छापे के सवाल पर कहा कि यह तौहीन की बात है। नरोत्तम मिश्रा के यहां डेढ़ करोड़ मिले हैं सैकड़ों करोड़ मिलने थे। इस रिसोर्ट में मिश्रा के बेटे भी डायरेक्‍टर हैं।

दीपक जोशी घर वापसी के मूड में, सागर से अरुणोदय चौबे भी जा सकते हैं भाजपा में

Deepak Joshi in the mood to return home, Arunoday Choubey from Sagar can also join BJP भोपाल। मध्यप्रदेश की सियासत से फिर बड़ी खबर सामने आ रही है। पूर्व सीएम कैलाश जोशी के बेटे और भाजपा से तीन बार विधायक रहे दीपक जोशी सोमवार को एक बार फिर भाजपा में शामिल हो सकते हैं। दीपक विधानसभा चुनाव 2023 से पहले कांग्रेस में शामिल हो गए थे। दीपक जोशी के साथ पन्ना गुनौर से कांग्रेस विधायक रहे शिवदयाल बागरी और सागर की खुरई सीट से विधायक रहे अरुणोदय चौबे भी भाजपा की सदस्यता ले सकते हैं। विधानसभा चुनाव के ठीक पहले कांग्रेस जॉइन ली थी बता दें कि 2020 में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ देवास जिले की हाटपिपल्या से कांग्रेस विधायक मनोज चौधरी ने भाजपा जॉइन की थी। दीपक जोशी को हराकर मनोज चौधरी विधायक बने थे। चौधरी के बीजेपी में आने के बाद दीपक जोशी को चुनाव लड़ने के लिए टिकट की संभावना नहीं बची थी। दीपक ने तत्कालीन शिवराज सरकार पर अपने पिता स्वर्गीय कैलाश जोशी के स्मारक बनवाने में उदासीनता बरतने और खुद की उपेक्षा के आरोप लगाकर बीजेपी छोड़ दी थी। विधानसभा चुनाव के ठीक पहले दीपक ने कांग्रेस जॉइन कर ली थी। एक दिन पहले: अरुणोदय चौबे का चुनाव लड़ने से इनकार बता दें कि एक दिन पहले रविवार को सागर जिले के खुरई से पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता अरुणोदय चौबे ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। अरुणोदय को सागर लोकसभा सीट से कांग्रेस का दावेदार बताया जा रहा था। अरुणोदय ने फेसबुक पर लिखा है कि व्यक्तिगत कारणों से सागर लोकसभा सीट से अपना नाम वापस ले रहा हूं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को अवगत करा दिया है। मेरे नाम पर विचार नहीं किया जाए।

घोटाला छुपाने के लिए प्रदेश सरकार ने वल्लभ भवन में लगवाई आग , जीतू पटवारी

To hide the scam, the state government set fire to Vallabh Bhawan, Jitu Patwari जीतू पटवारी ने कहा कि… मंत्रालय में पांच बार आग लग चुकी है और यहां घोटाले को दबाने के लिए आग लगाई गई है.. यह सरकार का पाप है प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का बड़ा आरोप वल्लभ भवन के सामने धरने पर बैठे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार

अब मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता चुनाव ,आखिर उमा भारती क्या संकेत देना चाहिए है पार्टी को ?

Now elections do not matter to me, after all Uma Bharti, what signal should the party give? ‘मैं 2 साल के लिए पूर्ण आजादी चाहती हूं, अब मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता’ चुनाव नहीं लड़ने पर Uma Bharti ने क्यों कहा ऐसा लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने पर बीजेपी की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने कहा कि अगर मैं लोकसभा चुनाव लड़ूंगी तो मेरे निर्वाचन क्षेत्र की जिम्मेदारी और गंगा नदी के लिए काम एक साथ नहीं किया जा सकता। मैं 2 साल के लिए पूर्ण आजादी चाहती हूं। गंगा से जुड़े कार्यों को पूरा करूंगी। गंगा को लेकर जाति समुदाय या राजनीतिक दलों को लेकर कोई विवाद नहीं है। भोपाल। भाजपा की फायर ब्रांड नेता उमा भारती लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगीं। मैं दो साल चुनाव नहीं लड़ूंगी। गंगा में जाति, संप्रदाय का कोई विवाद नहीं है। बीजेपी इस चुनाव में 400 से ज्यादा सीटें जीतेगी। उमा भारती ने कहा कि मेरे लिए गंगा महत्वपूर्ण है। मैं अगले दो साल गंगा के लिए काम करूंगी। पीएम नरेंद्र मोदी का कोई विकल्प नहीं है। जरूरत पड़ने पर मैं खुद चुनाव प्रचार करूंगी। 2 साल के लिए पूर्ण आजादी चाहती हूं लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने पर बीजेपी की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने कहा कि अगर मैं लोकसभा चुनाव लड़ूंगी तो मेरे निर्वाचन क्षेत्र की जिम्मेदारी और गंगा नदी के लिए काम एक साथ नहीं किया जा सकता। मैं 2 साल के लिए पूर्ण आजादी चाहती हूं। गंगा से जुड़े कार्यों को पूरा करूंगी। गंगा को लेकर जाति, समुदाय या राजनीतिक दलों को लेकर कोई विवाद नहीं है। पूरी योजना तैयार है, सभी अनुमतियां मिल चुकी हैं, सिर्फ गति धीमी हुई है। गंगा नदी से अधिक कोई मायने नहीं रखता उमा भारती ने कहा कि पीएम मोदी भी मिशन गंगा के लिए प्रतिबद्ध हैं। जरूरत पड़ी तो प्रचार में हिस्सा लूंगी, लेकिन चुनाव नहीं लड़ूंगी । हम चाहते हैं कि बीजेपी 400 से ज्यादा सीटें जीते… पहले मैंने घोषणा की थी कि मैं चुनाव में खड़ी होऊंगी लेकिन अब मेरे लिए गंगा नदी से अधिक कोई मायने नहीं रखता। भाजपा को 400 से ज्यादा सीटें मिलेंगी उमा भारती ने कहा कि मोदी जी 400 से ज्यादा सीटें लेकर आए, अकेले बीजेपी को 400 से ज्यादा मिलें और एनडीए के पास भी 400 से ज्यादा सीटें होनी चाहिए। यह मेरे मन का भाव है। इसमें आपको जहां मेरा सहयोग लगे मैं करूंगी। मैंने पहले 2024 का लोकसभा का चुनाव लड़ने की घोषणा की थी, लेकिन अब मेरे लिए गंगा के लिए कुछ महत्व नहीं रखना।

राहुल गांधी की रैली से 6 विधायक गायब, सभी कमलनाथ के गढ़ के; क्या संकेत

6 MLAs missing from Rahul Gandhi’s rally, all from Kamal Nath’s stronghold; what sign भोपाल। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की 29 में से 25 सीटों पर नामों का ऐलान कर दिया है। अभी छिंदवाड़ा समेत 5 सीटों पर उम्मीदवार घोषित होने बाकी हैं। कांग्रेस की तरफ से नामों का ऐलान बाकी है । कांग्रेस दिग्गज और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा को लेकर अटकलों का दौ खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। खबर है कि वायनाड सांसद राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में छिंदवाड़ा छेत्र के 6 विधायक गैरमौजूद रहे। इतना ही नहीं खबरें हैं कि राज्य में एकमात्र सांसद नकुलनाथ भी यात्रा में सिर्फ पहले ही दिन शामिल हुए। साथ थे कमलनाथ लेकिन… बुधवार को बदनावर में रैली से कमलनाथ समेत सभी विधायक नदारद रहे। हालांकि, मंगलवार को कमलनाथ उज्जैन महाकाल मंदिर में राहुल के साथ थे। रिपोर्ट के मुताबिक, उनका कहना है कि वह सीईसी बैठक के लिए गए हुए थे। खास बात है कि भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की 29 में से 25 सीटों पर नामों का ऐलान कर दिया है। अभी छिंदवाड़ा समेत 5 सीटों पर उम्मीदवार घोषित होने बाकी हैं। खबर है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल ने एमपी के सभी 66 विधायकों के साथ बैठक तय की थी। अखबार से बातचीत में कमलनाथ ने कहा, ‘मुझे सीईसी बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली बुलाया गया था।’ अन्य 6 विधायकों को लेकर उन्होंने कहा, ‘वे दिल्ली में क्या करते? उन्होंने जानकारी दी कि सिर्फ छिंदवाड़ा विधायक ही नहीं, बल्कि कई अन्य क्षेत्र के नेता भी बदनावर रैली में शामिल नहीं हो सके थे। उन्होंने कहा, ‘छिंदवाड़ा के विधायक पहली रैली में भी शामिल नहीं हुए थे।’ खास बात है कि एमपी में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का गढ़ माना जाता है और आदिवासी बहुल क्षेत्र है। रिपोर्ट के मुताबिक, छिंदवाड़ा क्षेत्र के सभी 6 विधायक न्याय यात्रा के सभी 6 दिन गायब रहे। वहीं, नकुलनाथ सिर्फ एक ही दिन शामिल हुए थे। अखबार से बातचीत में सिंघार ने बताया, ‘विधायकों के पास अपने कुछ कारण हैं। वे निजी कारणों के चलते नहीं आए। कमलनाथ जी कल उज्जैन में थे।’ इधर, मंगलवार को ही छिंदवाड़ा से 7 कांग्रेस पार्षदों ने भाजपा का दामन थाम लिया था।

धार के बदनावर में बोले राहुल गांधी- आप वनवासी नहीं हिंदुस्तान के असली मालिक हैं

Rahul Gandhi said in Badnawar of Dhar – You are not a forest dweller but the real owner of India. धार जिले के बदनावर में हुई जनसभा में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी शामिल हुए। धार। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो में यात्रा बुधवार को धार जिले के बदनावर तहसील में पहुंची। यहां पर राहुल गांधी ने उद्योगपति, युवा बेरोजगारी और जाति जनगणना के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और मोदी पर निशाना साधा। राहुल के स्वागत को लेकर कांग्रेस में खासा उत्साह देखा गया। सुरक्षा के मद्देनजर बदनावर नगर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। गांधी ने सभा में 16 मिनट का भाषण दिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा की विचारधारा गरीब और दलितों को अपमान करने की हैं। भाजपा ने आदिवासियों को वनवासी कहना शुरू कर दिया। जो व्यक्ति जमीन का सबसे पहला मालिक था। वे आपको आदिवासी नहीं कहना चाहते हैं। यदि वे आपको आदिवासी कहेंगे तो आपको जल, जंगल और जमीन का हक देना पड़ेगा। वनवासी का मतलब वो लोग जो जंगल में रहते हैं। आदिवासी, वनवासी नहीं है जबकि हिंदुस्तान के ओरिजनल मालिक हो। हमने ट्राइबल बिल, जमीन हक, पैसा कानून और जंगल में हक दिया। क्योंकि हम आपको आदिवासी मानते हैं। भाजपा का कहना है कि आप वनवासी है। हम आपको ना जल, जंगल और जमीन देंगे। मध्य प्रदेश में 24 प्रतिशत हैं और देश में आठ प्रतिशत हैं, लेकिन हिंदुस्तान की सबसे बड़ी कंपनियों के मालिकों की लिस्ट निकालें। 200 मालिकों में से आपको एक भी आदिवासी मालिक नहीं मिलेंगे। यदि हमारी सरकार बनती है तो जाति जनगणना और किसानों की फसल पर एमएसपी लागू करेंगे। इसके लिए कानून भी बनाएगे। नोटबंदी और जीएसटी से बंद हुए छोटे व्यापार उन्होंने कहा कि आप अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल कालेज को फीस टाइम पर जमा करते हैं, लेकिन रोजगार मिलने का टाइम आता है तो कहते हैं कि रोजगार नहीं हैं। नोटबंदी के कारण छोटे बिजनेस बंद हो गए। देष में पूरा काम दो-तीन अरबपतियों के लिए हो रहा है। यदि सब कुछ बदलना हैं तो देष में जाति जनगणना की जाना चाहिए। जनगणना, हरित क्रांति और सफेद क्रांति जितना बड़ा कदम हैं। हम चाहते हैं कि इस देश में सामाजिक, आर्थिक और किसानों के साथ न्याय हो।कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी शामिल हुए। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विकास नहीं चाहते हैं। वो ईडी और सीबीआई से कांग्रेस को कुचलते हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे ने कहा कि भाजपा के नेता जब भी भाषण देते हैं, कांग्रेस के बारे में उल्टा-सीधा बोलते हैं। कुछ दिन पहले शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राहुल गांधी जी और खरगे मिलकर कांग्रेस को खत्म करने के लिए काम कर रहे हैं। लेकिन सवाल ये उठता है कि भाजपा ने शिवराज सिंह चौहान को सत्ता से क्यों निकाल दिया? देश में 45 साल में आज सबसे ज्यादा बेरोजगारी है। महंगाई बढ़ गई है- ये सब मोदी जी के जमाने में हुआ। पीएम मोदी नहीं चाहते कि देश में अमीर और गरीब के बीच की खाई खत्म हो जाए। मोदी जी की मंशा है कि अमीर और अमीर हो जाए, गरीब और गरीब हो जाए।

भाजपा ने रवाना किए प्रचार रथ ,संकल्प पत्र में शामिल किए जाएंगे जनता के सुझाव

BJP launches campaign chariot, public suggestions will be included in the resolution letter भाजपा ने लोकसभा चुनाव के प्रचार-प्रसार के लिए प्रचार रथों को रवाना किया है। ये रथ मध्य प्रदेश की सभी 29 लोकसभा क्षेत्रों में पहुंचेंगे। भोपाल। भारतीय जनता पार्टी जनता के सुझावों को संकल्प पत्र में शामिल करेगी। इसके लिए पार्टी के प्रदेश कार्यालय से मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद सभी 29 लोकसभा क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार के लिए एलईडी रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर डा.यादव ने कहा कि भाजपा सबका साथ, सबका विकास की अवधारणा पर काम करती है। एलईडी रथों के माध्यम से सभी लोकसभा क्षेत्रों में जनता के साथ जुड़कर सुझाव लिए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में तीसरी बार फिर सरकार बनने जा रही है। चारों एक ही नारा सुनाई दे रहा है अबकी बार 400 पार। दो-दो एलईडी रथ जाएंगेसीएम यादव ने कहा कि प्रत्येक लोकसभा क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार के लिए दो-दो एलईडी रथ जाएंगे। सुझाव पेटियों के साथ-साथ हम जागृति रथ भी निकालेंगे। निश्चित विजय हमारे सामने है, लेकिन हम जनता के साथ खड़े होना चाहते हैं। इन रथों के माध्यम से लोकसभा क्षेत्रों में केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को बताया जाएगा। एमपी के मन में मोदी और मोदी के मन में एमपी’ ने पिछले विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता ने प्रचंड बहुमत से हमारी सरकार बनाई। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में देश की दशा और दिशा पूरी तरह से बदल गई है। विपक्ष ने कई हथकंडे और षड्यंत्र किए, लेकिन आर्थिक व्यवस्था हो, विकास के पैमाने, मानवीय संवेदना की बात हो या फिर कोविड का कठिन काल, हर चुनौतियों में प्रधानमंत्री ने अपने नेतृत्व को सफल सिद्ध किया है। जाति आधारित गणना पर बोले रामेश्वर शर्माउधर, कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा में भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने राहुल गांधी के देश में जाति आधारित गणना की मांग को लेकर कहा कि राहुल गांधी को भी अपनी जाति बतानी होगी। हम लोग सनातन प्रवृत्ति के हैं और हिंदू समाज में वर्ग-जाति का कोई उल्लेख नहीं होता है। राहुल गांधी अगर आपने जाति पूछना शूरू कर दी तो पहले आपको बताना पड़ेगा कि फिरोज खान का नाम किस जाति का है। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के लोकसभा चुनाव में 10 से 12 सीटें कांग्रेस के जीतने के दावे पर कहा कि दस में से आगे का एक गायब हो जाएगा और कांग्रेस शून्य पर आ जाएगी। मैं तो यही प्रार्थना करूंगा कि कमल नाथ जी इस आयु में चुनाव हारने का झटका न खाएं।

विधायक रामेश्वर शर्मा का घर हुआ “मोदी का परिवार”MLA Rameshwar

Sharma’s house became “Modi’s family” कार्यालय और आवास की दीवारों “मैं हूँ मोदी का परिवार” के पोस्टर लगवाए अपने खानदान को देश मानने वाले परिवारवादियों को मोदी से पीढ़ा होना स्वाभाविक है। – रामेश्वर शर्मा भोपाल। अपने नवाचार, रचनात्मकता और कलपज्ञ बुद्धि के लिए प्रसिद्ध भोपाल की हुजूर विधानसभा के विधायक रामेश्वर शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। एक ओर जहां लालू प्रसाद यादव के मोदी के परिवार पर टिप्पणी के बाद मोदी समर्थकों ने अपनी सोशल मीडिया पर नाम के साथ मोदी का परिवार लिखा तो वहीं दूसरी ओर विधायक रामेश्वर शर्मा ने अपनी सोशल मीडिया पर नाम परिवर्तन के साथ ही रचनात्मक बुद्धि का परिचय देते हुए एक और नवाचार किया है। श्री शर्मा ने मालवीय नगर स्थित अपने कार्यालय ‘युवा सदन’ एवं अपने पत्रकार कॉलोनी स्थित निवास के बाहर “मैं हूँ मोदी का परिवार” का पोस्टर लगवाया है। जो कि तिराहे से आवागमन करने वाले के आकर्षण का केन्द्र बन रहा है। विधायक रामेश्वर शर्मा का यह नवाचार लोगों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है। राहगीर यहां रुककर पोस्टर के साथ अपनी सेल्फी ले रहे हैं।पोस्टर कैंपेन से सुर्खियों में आए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – जिन्होंने अपने परिवार को ही देश मानकर परिवार पोषण के लिए देश को ताक पर रख दिया था, आज उन्हें संपूर्ण देश को अपना परिवार मानने वाले मोदी जी से दिक्कत होना तय है। मोदी जी के कारण उनकी परिवारवादी राजनीति का खात्मा हो रहा है, भ्रष्टाचार में डूबे परिवारों की दुकान बंद हो गई है, इसलिए वह बौखला गए हैं। और मोदी जी के परिवार पर सवाल उठा रहे हैं। लेकिन कल से आज तक पूरा देश देख रहा है कि मोदी का परिवार कितना बड़ा है। देश का हर जवान, किसान, महिलाओं और बुजुर्गों ने सामूहिकता के साथ दिखा दिया कि मोदी जी अकेले नहीं है। यह देश उनका परिवार है। जिस तरह मोदी जी अपने परिवार की सेवा के लिए दिनरात परिश्रम पर उन्हें सुविधा दिलाते हैं, उसी तरह देशवासी भी मोदी जी के हाथ मजबूत करने के लिए तन-मन-प्राण से खड़े हैं। इसी का परिणाम है कि आज मोदी का परिवार बढ़ता जा रहा है और परिवारवादियों का सफाया होता जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि – मोदी जी के परिवार ने ठान लिया है कि इस बार मोदी जी को 400 पार का आशीर्वाद देना है।

न्याय यात्रा आज दोपहर करीब 3 बजे उज्जैन पहुंचेगी

Nyaya Yatra will reach Ujjain at around 3 pm today. राहुल गांधी की यात्रा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ वरिष्ठ नेता कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, अरुण यादव, उमंग सिंघार आदि के भी शामिल होने की संभावना है। उज्‍जैन। राहुल गांधी की न्याय यात्रा ने सारंगपुर के बाद आज शाजापुर शहर में प्रवेश किया। शहर के धोबी चौराहा से यात्रा रोड शो के रूप में पुराने हाईवे से गुजरते हुए टंकी चौराहा पहुंची जहां राहुल गांधी ने नुक्कड़ सभा को संबोधित किया। इसके बाद यात्रा मक्सी की ओर रवाना होगी। इस दौरान दर्जनों स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल गांधी का स्वागत कर रहे हैं। युवाओं से संवाद में राहुल गांधी ने कहा कि देश में पहले युवा सेना में जाते थे तो सेना उनकी रक्षा करने की गारंटी देती थी। यदि कोई जवान शहीद होता था तो उसे शहीद का दर्जा मिलता था।अब मोदी सरकार सेना में अग्निवीर ले आई है, इससे सैनिकों में भेदभाव पैदा हो गया है। उन्‍होंने कहा कि कोरोना के समय देश के 1.5 लाख युवा सेना में चयनित हुए थे, लेकिन 3 साल भटकने के बाद भी उन्हें जॉइनिंग नहीं दी गई। अब उनके सारे रास्ते बंद हो गए हैं। आखिर इन 1.5 लाख युवाओं की क्या गलती थी? शाजापुर जिले के यात्रा प्रभारी और पूर्व मंत्री सुखदेव सिंह पांसे ने बताया कि राहुल गांधी की न्याय यात्रा ने सुबह 10 बजे शाजापुर जिले में प्रवेश किया। शहर में कई जगहों पर बैनर और पोस्टर लगाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी पुख्ता इंतजाम किये हैं।

कल उज्जैन आएगी राहुल गांधी की यात्रा, होर्डिंग में त्रिपुंड में नजर आए कांग्रेस नेता

Rahul Gandhi’s visit to Ujjain tomorrow, Congress leader seen in hoarding in Tripund कांग्रेस नेता राहुल गांधी का आगमन 5 मार्च को मक्सी से होगा। मक्सी में दोपहर का भोजन होगा। फिर यहीं पर परीक्षार्थियों से राहुल गांधी संवाद करेंगे। गांधी सबसे पहले महाकाल मंदिर जाकर भगवान महाकालेश्वर को पूजन करेंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा पांच मार्च को उज्जैन नगरी में पहुंचेगी। यात्रा का आगमन मक्सी रोड से होगा। उज्जैन आगमन के बाद राहुल गांधी सबसे पहले महाकाल मंदिर जाकर भगवान महाकालेश्वर को पूजन करेंगे। मंगलवार को राहुल गांधी युवा अधिकार रैली के रूप में महाकाल चौराहा से गुदरी, पटनी बाजार, गोपाल मंदिर, सराफा, सतीगेट, कंठाल, नई सड़क, दौलतगंज, मालीपुरा होते हुए देवासगेट चौराहा तक रोड शो करेंगे। वे वाहन में सवार रहकर जनता का अभिवादन स्वीकारते हुए आगे बढ़ेंगे। रोड शो के समापन पर देवासगेट चौराहे पर राहुल गांधी सभा को संबोधित करेंगे। सभा के बाद यात्रा के साथ राहुल गांधी बडऩगर मार्ग की तरफ आगे बढ़ेंगे। यात्रा का रात्रि विश्राम इंगोरिया में रहेगा। इस यात्रा को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं और शहर में भी होर्डिंग-बैनर लगा दिए गए है। लेकिन शहर में लगे भारत जोड़ो नया यात्रा के होर्डिंग अनायास ही लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं, क्योंकि इन होर्डिंग में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के सिर पर त्रिपुंड लगा हुआ है। जोकि शहर भर में खासी चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष राजीव सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश कांग्रेस ने पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के अंतर्गत प्रदेश में होने वाले कार्यक्रमों में राहुल गांधी उज्जैन में युवा अधिकार रैली निकालेंगे। बडऩगर में महिला संवाद होगा। इसमें राहुल गांधी महिलाओं के हित में काम करने वाले विभिन्न संगठनों से जुड़ी महिलाओं के साथ चर्चा करेंगे। वहीं, उज्जैन में युवा अधिकार रैली होगी। इसमें वे अग्निवीर योजना के उम्मीदवारों, पूर्व सैनिकों, किसानों, पटवारी परीक्षार्थियों, एमपीपीएससी की तैयारी कर रहे युवाओं, महिलाओं से संवाद करेंगे। हर पॉइंट के लिए एक प्रभारी नियुक्तकांग्रेस ने राहुल गांधी की यात्रा के पूरे रूट पर हर स्थान के लिए एक नेता को जिम्मेदारी दी गई है। स्वागत, रोड शो, नुक्कड़ सभा, दोपहर भोजन, रात्रि विश्राम ,संवाद और जनसभा के लिए सीनियर लीडर इंचार्ज बनाए गए हैं। रोड शो के पहले महाकाल दर्शनकांग्रेस नेता राहुल गांधी का आगमन 5 मार्च को मक्सी से होगा। मक्सी में दोपहर का भोजन होगा। फिर यहीं पर परीक्षार्थियों से राहुल गांधी संवाद करेंगे। यहां स्वप्निल कोठारी, विक्रांत भूरिया और आशुतोष चौकसे प्रभारी बनाए गए हैं। इसके बाद कायथा में विधायक महेश परमार और विजयगंज मंडी में मनोज राजानी के नेतृत्व में स्वागत होगा।

मोहन यादव ने बदला X का बायो, नाम के आगे लिखा ‘मोदी का परिवार’

Mohan Yadav changed X’s bio, wrote ‘Modi’s family’ in front of his name अमित शाह, नितिन गडकरी, जेपी नड्डा समेत अब राज्य स्तर पर भी बीजेपी के बड़े नेता अपना एक्स बायो बदल रहे हैं और अपने नाम के आदे ‘मोदी का परिवार’ जोड़ रहे हैं. लालू यादव के आरोपों का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नया नारा दे दिया. पीएम मोदी ने कहा, ‘पूरा देश ही मेरा परिवार है’. इसके बाद से बीजेपी नेताओं ने एक नया अभियान ही शुरू कर दिया. गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर बायो बदल लिया है. उन्होंने अपने नाम के आगे (मोदी का परिवार) जोड़ लिया है. इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी अपना बायो चेंज किया.

न्याय यात्रा में बोले राहुल- मनरेगा का बजट बंद कर उद्योगपतियों को दिया; ‘अग्निवीर’ पर भी उठाया सवाल

Rahul said in Nyay Yatra – MNREGA budget was closed and given to industrialists; Questions raised on ‘Agniveer’ also शिवपुरी में माधव चौक पर युवाओं को संबोधित करते वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी Bharat Jodo Nyaya Yatra Shivpuri: कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा सोमवार को एमपी के शिवपुरी में पहुंची। यहां उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अग्निवीर योजना, मनरेगा और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर युवाओं से संवाद किया। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा सोमवार को मध्य प्रदेश के शिवपुरी पहुंची। इस दौरान राहुल गांधी का रोड शो हुआ। उसके बाद शहर के माधव चौक चौराहे पर एक आमसभा हुई। कार पर ही बैठकर राहुल गांधी ने आमसभा को संबोधित किया। इस दौरान कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने मनरेगा का बजट बंद कर दिया और यह बजट देश के 15-20 बड़े उद्योगपतियों को दे दिया। राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा के बजट से आम लोगों व ग्रामीणों को रोजगार मिलता, लेकिन मोदी जी कहते हैं कि बेकार योजना है। लेकिन मैं पूछता हूं कि जिन 15-20 लोगों को 16 लाख करोड़ रुपये दे दिया गया है, उनको (आम लोगों को) यह रुपया क्यों दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, शिवपुरी में राहुल गांधी का रोड शो सुबह नौ बजे होना था, जिसके लिए उन्हें ग्वालियर से हेलीकॉप्टर के माध्यम से शिवपुरी आना था। लेकिन ग्वालियर से हेलीकॉप्टर उड़ने की अनुमति प्रशासन द्वारा नहीं दी गई। इसके बाद राहुल गांधी ग्वालियर से शिवपुरी सड़क मार्ग से आए। इस मामले में शिवपुरी कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष श्रीप्रकाश शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने जान-बूझकर ग्वालियर से शिवपुरी के लिए हेलीकॉप्टर को उड़ने की अनुमति नहीं दी। हेलीकॉप्टर की वजह रोड से आने के कारण राहुल गांधी का पूर्व नियोजित रोड शो सुबह 9:00 बजे की बजाय करीब 10:30 बजे शुरू हुआ। इसके बाद 11:00 बजे शिवपुरी के माधव चौक चौराहे पर आमसभा को राहुल गांधी ने कार पर बैठकर ही संबोधित किया।सरकारी कंपनियों का किया जा रहा निजीकरण’मनरेगा का बजट बंद किए जाने को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार केवल बड़े उद्योगपति जिनमें अदानी और अंबानी शामिल हैं, को ही लाभ पहुंचा रही है। गांधी ने कहा कि भारत में पुलिस फोर्स के लिए बनाए जाने वाली आर्म्स (बंदूकें) पहले सरकारी फैक्ट्री में बनती थीं, लेकिन इनका निजीकरण कर दिया गया। आज अदानी की कंपनी ने इजरायल की एक कंपनी के साथ ज्वाइंट कंपनी बनाकर बंदूक बनाने का काम शुरू कर दिया है। लेकिन बंदूक बनाने का काम इजराइल और चीन की कुछ कंपनियां करती हैं। टैग लगाकर इंडिया में यह बंदूक बना दी जाती है। इसका फायदा केवल कुछ चिह्नित उद्योगपतियों को मिल रहा है। पहले इससे सरकारी कंपनियों में काम करने वाले लोगों को रोजगार मिलता था। लेकिन आज निजीकरण किया जा रहा है और लोगों से रोजगार छीना जा रहा है। ‘जानबूझकर नहीं की जा रही है जातिगत जनगणना’वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शिवपुरी के माधव चौक चौराहे पर आयोजित भारत जोड़ो न्याय यात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि देश में जानबूझकर जातिगत जनगणना नहीं की जा रही है। मैं हर बार कहता हूं कि जातिगत जनगणना कराएं, जिससे पिछड़ा वर्ग, एससी, एसटी और आदिवासी लोगों की संख्या साफ तौर पर निकलकर सामने आ सके। लेकिन इस पर केंद्र सरकार द्वारा कुछ नहीं बोला जा रहा है। ‘बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को नहीं दिखाया जाता है’राहुल गांधी ने कहा कि देश में तीन बड़े मुद्दे हैं। पहला बेरोजगारी, दूसरा महंगाई और तीसरा भ्रष्टाचार। लेकिन इन तीनों मुद्दों को गायब कर दिया गया है। मीडिया पर बड़े उद्योगपतियों का कब्जा है। मीडिया में बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को नहीं दिखाया जाता है। वहां पर बॉलीवुड स्टार, फिल्म, क्रिकेट और भारत-पाकिस्तान के संबंधों को ज्यादा दिखाया जाता है, जिससे आपका ध्यान मुख्य मुद्दों से हट जाए। कांग्रेस नेता गांधी ने जीएसटी पर निशाना साधते हुए कहा कि जीएसटी का पैसा निकालकर गरीबों की जेब से बड़े उद्योगपतियों और अमीरों की जेब में जा रहा है। इसे रिग्रेसिव टैक्सेशन (प्रतिगामी कराधान) कहते हैं। उन्होंने कहा कि सामान की खरीदी पर अमीर-गरीब को बराबर जीएसटी देना पड़ता है। लेकिन अमीर के लिए बड़ा हिस्सा उसके लिए कोई मायने नहीं रखता, लेकिन गरीब की आय का एक बड़ा हिस्सा निकलकर टैक्स के रूप में जीएसटी में चला जाता है। ‘अग्निवीर में न पेंशन मिलेगी, न शहीद का दर्जा देंगे’कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आगे कहा कि निजीकरण करके नौकरियां समाप्त की जा रही हैं। युवाओं को बेरोजगार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना युवाओं पर थोपी जा रही है। उन्होंने सभा को संबोधित कर कहा कि अग्निवीर की नौकरी में जवान को गोली लग जाती है तो मौत पर न तो पेंशन मिलेगी और न ही शहीद का दर्जा मिलेगा। राहुल गांधी ने पेपर लीक को लेकर कही ये बातइसके साथ ही उन्होंने कहा कि युवाओं के कंपटीशन (प्रतियोगी परीक्षाओं) की तैयारी के दौरान पेपर लीक किए जा रहे हैं। पेपर लीक करने वाले कौन हैं, अमीर लोगों के बेटे हैं। गरीब व्यक्ति का बेटा कंपटीशन की तैयारी करता है, घंटों पढ़ाई करता है। लेकिन जब पेपर देने जाता है तो पेपर लीक हो जाता है। वहीं, दूसरी ओर अमीर का बेटा पेपर लीक कर उससे परीक्षा दे देता है।

Bharat Jodo Nyay Yatra;सिंधिया के गढ़ में राहुल गांधी की यात्रा

Bharat Jodo Nyay Yatra; Rahul Gandhi’s visit to Scindia’s stronghold हेलीकॉप्टर की नहीं मिली इजाजत, अब ऐसे करेंगे सफर Rahul Gandhi in Madhya Pradesh: शिवपुरी में डेढ़ किलोमीटर चलने के बाद यात्रा रुकेगी. यहां से राद्यौगढ़ के साडा कॉलोनी चौराहा पहुंचे. दोपहर में राहुल गांधी न्यू बस स्टैंड पर सभा करेंगे. Rahul Gandhi Bharat Jodo Nyay Yatra: कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी द्वारा निकाली जा रही भारत जोड़ो न्याय यात्रा का सोमवार (4 मार्च) को तीसरा दिन है. राहुल गांधी आज केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में दस्तक देंगे. हेलिकॉप्टर की परमिशन नहीं मिलने की वजह से राहुल गांधी ग्वालियर से खुली जीप में रोड शो कर शिवपुरी पहुंचेंगे. कांग्रेस प्रवक्ता अजीत भदौरिया के अनुसार राहुल गांधी विशेष विमान से दिल्ली से ग्वालियर आएंगे. मध्य प्रदेश शासन ने ग्वालियर से शिवपुरी तक के लिए हेलिकॉप्टर की परमिशन नहीं दी, इसलिए राहुल गांधी ग्वालियर बायपास से खुली जीप में सवार होकर रोड शो करेंगे. यहां से हेलिकाप्टर से गुना पहुंचेंगे. दिग्विजय के गढ़ में लंच ब्रेक तय शेड्यूल के अनुसार शिवपुरी में डेढ़ किलोमीटर चलने के बाद यात्रा रुकेगी. यहां से राद्यौगढ़ के साडा कॉलोनी चौराहा पहुंचे. दोपहर में राहुल गांधी न्यू बस स्टैंड पर सभा करेंगे. जेपी यूनिवर्सिटी के पास लंच होगा. यहां से दोपहर 2.30 बजे यात्रा बीनागंज के लिए रवाना होगी. दोपहर 3 बजे यात्रा बीनागंज से चलेगी. 4.15 बजे ब्यावरा के पीपल चौराहा पर जनसभा आयोजित की जाएगी. जबकि शाम 5.15 बजे भाटखेड़ी में राहुल गांधी किसानों से संवाद करेंगी. भाटखेड़ी में पेट्रोल पंप के पास रात्रि विश्राम होगा. 5 मार्च का कार्यक्रम पांच मार्च को सुबह 8.00 बजे राजगढ़ जिले के पचोर में यात्रा का स्वागत होगा. सुबह 9.30 बजे सारंगपुर में स्वागत होगा. दोपहर 11.30 बजे शाजापुर के टंकी चौराहे से एचपी पेट्रोल पंप तक रोड शो होगा. दोपहर 12 बजे मक्सी में स्वागत होगा. मक्सी में दोपहर का भोजन होगा. यही पर राहुल गांधी परीक्षार्थियों संवाद करेंगे. शाम 5 बजे राहुल गांधी उज्जैन में उज्जैन गेट से देवास गेट तक रोड शो करेंगे. रात 8 बजे इंगोरिया पहुंचने के बाद यहां रात्रि विश्राम होगा.

रामलला के दर्शन करने सरकार होगी रवाना

Government will leave to visit Ramlala देवड़ा बोले-मोदी जी की 400 सीट से सरकार बनने की कामना करेंगे मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन कैबिनेट के सदस्य सपत्नीक सोमवार को कैबिनेट की बैठक के बाद अयोध्या भगवान श्रीराम के दर्शन करने अयोध्या रवाना होंगे। भोपाल ! अयोध्या रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक होगी। इसके बाद मंत्रालय से ही सभी मंत्री सपत्नीक वाल्वो बस से एयरपोर्ट रवाना होगी। इससे पहले मंत्रालय पहुंचे उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि आज मंत्रिमंडल अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन करेगा। यह सभी के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खुशहाली की कामना के साथ ही 400 सीट के साथ मोदी जी की सरकार बनने की कामना करेंगे। वहीं, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि आज अयोध्या यात्रा जाने पर गर्व हो रहा है। कार सेवा में मैं माजूद था। मेरे साथ के दो साथियों का कार सेवा में निधन हो गया था। आज रामलला के दर्शन करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। बता दें सरकार अयोध्या में मध्य प्रदेश की जनता के लिए भवन बनाकर धर्माशाला और सरयू नदी के किनारे सम्राट विक्रमादित्य घाट बनाने की संभावनाओं पर भी विचार कर रही है। रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा था कि फरवरी माह में अयोध्या में अधिक भीड़ होने और अन्य व्यस्तताओं के कारण मध्यप्रदेश मंत्रि-मंडल के सदस्यों ने मार्च माह में अयोध्या में भगवान श्री राम के दर्शन करने जाने का निर्णय लिया था। यह हमारी भगवान श्री राम के प्रति श्रद्धा है, हम सनातन संस्कृति को मानने वाले भी हैं। हमारी आस्था का केंद्र आज जब सबकी श्रद्धा के रूप में उभरकर सामने आया है, तो स्वाभाविक रूप से सबकी भावना भी जुड़ गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 22 फरवरी, 2024 को अयोध्या में भगवान श्री राम की प्राण-प्रतिष्ठा हुई, यह सभी देशवासियों के लिए सौभाग्य की बात है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य महत्वपूर्ण हस्तियों की उपस्थिति में अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा हुई। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों से अपनी सुविधानुसार अयोध्या में भगवान श्री राम के दर्शन करने अवश्य जाने का आव्हान किया ।

MP की 24 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान, सिंधिया गुना से लड़ेंगे चुनाव

Candidates announced for 24 seats of MP, Scindia will contest elections from Guna मुरैना – शिव मंगल सिंह तोमरभिंड– संध्या रायग्वालियर – भारत सिंह कुशवाहगुना – ज्योतिरादित्य सिंधियासागर – लता वानखेड़ेटीकमगढ़ – SC वीरेंद्र खटीकदमोह– राहुल लोधीखजुराहो -वीडी शर्मासतना– गणेश सिंहरीवा – जनार्दन मिश्रासीधी – राजेश मिश्रशहडोल– हिमादारी सिंहजबलपुर– आशीष दुबेमंडला– St फग्गन सिंह कुलस्तेहोशंगाबाद– दर्शन सिंह चौधरीविदिशा – शिवराज सिंह चौहानभोपाल – आलोक शर्माराजगढ़ – रोडमल नगरदेवास– महेंद्र सिंह सोलंकीमंदसौर -सुरेश गुप्तारतलाम – अनीता नगर चौहानखरगोन – गजेंद्र पटेलखंडवा – ज्ञानेश्वर पाटिलबैतूल – दुर्गादास उईके

राहुल गांधी का एमपी में ‘ग्रैंड वेलकम’, सड़कों पर बिछाई गुलाब की पंखुडियां

Rahul Gandhi’s ‘Grand Welcome’ in MP, rose petals spread on the roads राजघाट पुल पर कांग्रेसी दिग्गजों का जमावड़ा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व वाली ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ मुरैना जिले के माध्यम से मध्य प्रदेश में प्रवेश करने वाली है। कांग्रेस महासचिव संचार प्रभारी जयराम रमेश ने बताया कि पांच दिनों के आराम मुरैना: कांग्रेस नेता राहुल गांधी राजस्थान के धौलपुर पहुंचे, जहां उनका हेलीकॉप्टर पुलिस लाइन में उतरा। कुछ ही देर बाद भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू होने वाली है, जो मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से शुरू होगी। कांग्रेस नेताओं ने चंबल नदी पर बने राजघाट पुल पर राहुल गांधी के स्वागत के लिए सड़क पर गुलाब की पंखुड़ियां बिछा दी हैं। राजस्थान के धौलपुर जिले में राहुल गांधी का रोड शो शुरू हो गया है। चंबल राजघाट पर राहुल गांधी का स्वागत करने के लिए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और राज्यसभा सांसद अशोक सिंह समेत कई नेता पहुंचे। शुक्रवार को मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के राज्य में प्रवेश से पहले उसकी तैयारियों का जायजा लेने मुरैना पहुंचे थे। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बताया कि राहुल गांधी की यह यात्रा नीमच के रास्ते राजस्थान में एंट्री करेगी। वह 7 मार्च को बांसवाड़ा (दक्षिणी राजस्थान में स्थित शहर) में एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित करेंगे और उसके बाद यह यात्रा गुजरात में प्रवेश करेगी और 9 मार्च तक रहेगी। इससे पहले शुक्रवार को मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के राज्य में प्रवेश से पहले तैयारियों का जायजा लेने मुरैना पहुंचे थे। पार्टी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के बाद कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ का लक्ष्य 15 राज्यों से होकर 6,700 किलोमीटर की दूरी तय करना है, क्योंकि लोकसभा चुनाव नजदीक हैं। इस साल अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव होने हैं।

बीजेपी विधायक ने दी आत्मदाह की चेतावनी, 5 मार्च से देंगे धरना

BJP MLA warns of self-immolation, will protest from March 5 बीजेपी विधायक मोहन शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि विद्युत मंडल के अधिकारी-कर्मचारी बिजली बिल जमा नहीं करने पर हमारे क्षेत्र के गांवों में किसानों और गरीबों को परेशान करते हैं. मध्य प्रदेश में राजगढ़ जिले की नरसिंहगढ़ विधानसभा (Narsinghgarh Assembly) से विधायक मोहन शर्मा (Mohan Sharma) अपनी ही सरकार में सिस्टम से नाराज दिख रहे हैं. बीजेपी विधायक ने आत्मदाह की चेतावनी दे दी है. उन्होंने बढ़े हुए बिजली बिलों के विरोध में पांच मार्च से धरने पर बैठने की भी बात कही है. मोहन शर्मा ने विद्युत विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों पर गरीबों को परेशान करने का भी आरोप लगाया. मोहन शर्मा राजगढ़ जिले के औद्योगिक क्षेत्र पीलूखेड़ी में नवीन औद्योगिक इकाई मेसेस ज्योलो पैक प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए. आयोजन में राजगढ़ कलेक्टर हर्ष शर्मा, एसपी धर्मराज मीणा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक मोहन शर्मा ने कहा कि विद्युत मंडल के अधिकारी-कर्मचारी बिजली बिल जमा नहीं करने पर हमारे क्षेत्र के गांव में जाते हैं, किसानों के घरों के गेट खोलते हैं और उनकी मोटर साइकिल निकाल कर ले जाते है. बीजेपी विधायक ने दी आत्मदाह की धमकी मोहन शर्मा ने आगे कहा कि बिजली विभाग के कर्मचारी बारवा खुलम गांव से तो एक गरीब मजदूर, लोहा पीटने वाले की बाइक उठा ले गए. कानून हाथ में लूंगा तो 353 लग जाएगी. विधायक शर्मा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आक्रोशित हो गए. उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेना नहीं चाहता हूं, अगर अधिकारियों से झगड़ा किया तो 353 लग जाएगी. अब मेरे पास एक ही हथियार है, आमरण अनशन पर आत्मदाह करने को मजबूर हो जाऊंगा. मैं 5 तारीख को बिजली विभाग के डीई ऑफिस के बाहर धरने पर बैठने वाला हूं. बिजली विभाग का अत्याचार स्वीकार नहीं- मोहन शर्मा विधायक मोहन शर्मा ने कहा- ”मैं आपसे पहले भी निवेदन कर चुका हूं, अब मेरा अंतिम निर्णय हो चुका है क्योंकि मैं बहुत दुखी हूं. मेरी जिंदगी से मुझे मोह भी नहीं है. मेरी उम्र पूरी हो चुकी है, मुझे मौत स्वीकार है पर जनता के ऊपर विद्युत मंडल का अत्याचार स्वीकार नहीं है”. कार्यक्रम के दौरान विधायक शर्मा ने एक किसान को खड़ा होने को कहा और अधिकारियों से कहा कि इसके पिता को मरे 30 साल हो गए, तभी से गांव में डीपी नहीं है और इसके 30 हजार रुपए का बिल दे दिया. जब गांव में डीपी नहीं है तो बिल कैसे दे दिया. विधायक ने कहा कि ऐसा एक उदाहरण नहीं है, कई उदाहरण हैं.

मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग इंदौर व कर्मचारी चयन मंडल को लेकर, जीतू पटवारी ने पूछें सवाल

Jitu Patwari asked questions regarding Madhya Pradesh Public Service Commission, Indore and Staff Selection Board. मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग इंदौर व कर्मचारी चयन मंडल भोपाल द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षा में 87% रिजल्ट घोषित किया जा रहा है और ओबीसी आरक्षण के नाम पर 13% रिजल्ट HOLD किया जा रहा है! मीडिया रिपोर्ट्स बता रही है कि इस मामले में मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने कहा है कि “यह जो कुछ भी हो रहा है वह हमारे आदेश पर नहीं हो रहा है! यदि सामान्य प्रशासन विभाग ने कोई आदेश दिया है और किसी उम्मीदवार द्वारा उसे चैलेंज किया जाता है, तो हम उसका भी परीक्षण करेंगे!” याचिकाकर्ताओं में पटवारी भर्ती परीक्षा, शिक्षक भर्ती परीक्षा, इंजीनियर भर्ती परीक्षा सहित एमपीपीएससी और एमपीईबी द्वारा आयोजित लगभग सभी भर्ती परीक्षाओं के उम्मीदवार शामिल हैं! माननीय उच्च न्यायालय ने आज कहा है कि “कोर्ट की तरफ से इस प्रकार का कोई आदेश नहीं दिया है! संस्थाओं ने परीक्षाएं आयोजित की है, तो उन्हें 100% रिजल्ट घोषित करना चाहिए!” यह निर्णय सरकार की मंशा पर उठा एक ऐसा सवाल है, जिसका जवाब अब न केवल न्यायालय, बल्कि प्रदेश के हजारों-लाखों बेरोजगार युवाओं को भी देना ही होगा! अव्वल तो सरकार भर्ती परीक्षा करने की नीयत ही नहीं रखती! यदि परीक्षाएं होती भी हैं, तो फर्जीवाड़ा शुरू हो जाता है! फिर जांच की औपचारिकता होती है! अंततः परिणाम सामने नहीं आ पाता है! सरकार को तत्काल न्यायालय के निर्देश का पालन करना चाहिए और प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं के साथ न्याय करना चाहिए! यदि भाजपा सरकार ने फिर से गुमराह करने का प्रयास किया, तब @INCMP युवाओं के अधिकारों के लिए सड़क पर उतरेगी और निर्णायक संघर्ष करेगी!

आज मुरैना से मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी यात्रा, 8 लोकसभा क्षेत्रों से गुजरेंगे राहुल गांधी

Today the Yatra will enter Madhya Pradesh from Morena, Rahul Gandhi will pass through 8 Lok Sabha constituencies. कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा आज मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी। यात्रा आठ लोकसभा क्षेत्रों से गुजरेगी। भोपाल। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा आज मुरैना के रास्‍ते मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी। इसको लेकर कांग्रेस की तैयारियां पूरी हो गई है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, पूर्व सीएम कमल नाथ और दिग्विजय सहित कई कांग्रेस नेता मुरैना पहुंचेंगे। यात्रा आठ लोकसभा क्षेत्रों (मुरैना, ग्वालियर, गुना, राजगढ़, देवास, उज्जैन, धार और रतलाम) से गुजरेगी। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ, दिग्विजय सिंह, कांतिलाल भूरिया, अरुण यादव, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार सहित सभी वरिष्ठ नेता पूरे समय साथ रहेंगे। उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करेंगेराहुल गांधी पांच मार्च को उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करेंगे। मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, राघोगढ़, शाजापुर और उज्जैन में रोड शो होगा। यात्रा शनिवार को राजस्थान के धौलपुर से मुरैना में लगभग दो बजे प्रवेश करेगी। यहां अंडर ब्रिज के पास रोड शो होगा। शाम पांच बजे ग्वालियर शहर में चार शहर नाका से जीरा चौक तक रोड शो और फिर राहुल गांधी का संबोधन होगा। स्वागत…वंदन…अभिनंदन, हृदय प्रदेश करता स्वागत वंदन। भारत जोड़ो न्याय यात्रा आज मध्यप्रदेश में प्रवेश कर रही है। चुनाव अभियान भी होगा शुरूभारत जोड़ाे न्‍याय यात्रा के मध्य प्रदेश में प्रवेश होते ही प्रदेश में पार्टी का चुनाव अभियान भी प्रारंभ हो जाएगा। यात्रा के माध्यम से आदिवासी, किसान, महिला और युवाओं को साधने का प्रयास है। इसके लिए अलग-अलग लोकसभा क्षेत्रों में संवाद के कार्यक्रम रखे गए हैं। साथ ही रोड शो, रथ सभा और धार जिले के बदनावर में बड़ी आदिवासी न्याय सभा होगी। भारत जोड़ो यात्रा का नहीं मिला था फायदाराहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा विधानसभा चुनाव से करीब एक वर्ष पूर्व मध्य प्रदेश में हुई थी। उस समय माहौल तो खूब बना था पर वह परिणाम में परिवर्तित नहीं हो पाया था। इस बार लोकसभा चुनाव से ठीक पहले यात्रा हो रही है। इसमें ग्वालियर-चंबल के साथ मालवांचल क्षेत्र में छह दिन रहेगी। जिन आठ लोकसभा क्षेत्रों से यह गुजरेगी, वहां विधानसभा चुनाव परिणाम के हिसाब से देखें तो अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए सुरक्षित धार और रतलाम सीट को छोड़कर बाकी जगह कांग्रेस की स्थिति ठीक नहीं है। सैलना होते हुए राजस्‍थान जाएगी यात्राभारत जोड़ो न्याय यात्रा तीन मार्च को घाटीगांव से होती हुई बदरवास पहुंचेगी। चार मार्च को गुना से शुरू होकर ब्यावरा भाटखेड़ी पहुंचेगी। पांच मार्च को पचौर से होती हुई उज्जैन पहुंचेगी। छह मार्च को बड़नगर से रतलाम के सैलाना से होते हुए राजस्थान पहुंचेगी।

मुरैना के रास्ते कल MP में एंट्री लेंगे राहुल गांधी, जानें- ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ का पूरा कार्यक्रम

Rahul Gandhi will enter MP tomorrow via Morena, know the complete program of ‘Bharat Jodo Nyay Yatra’ राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ों न्याय यात्रा’ कल धौलपुर से एमपी के मुरैना में प्रवेश करेगी. यह यात्रा में मध्य प्रदेश में पांच दिनों तक रहेगी. मुरैना ! कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी की (Rahul Gandhi) ‘भारत जोड़ों न्याय यात्रा’ शनिवार (2 मार्च) को मुरैना से मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी. राहुल गांधी की यात्रा को लेकर प्रदेश के कांग्रेस नेताओं ने मुरैना में डेरा जा दिया है. यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर 23 कमेटियां बनाई गई हैं, जिनका कांग्रेस नेताओं को प्रभार दिया गया है. बता दें कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ों न्याय यात्रा’ कल धौलपुर से एमपी के मुरैना में प्रवेश करेगी. यह यात्रा में मप्र में पांच दिन रहेगी. वहीं पांचवें दिन रतलाम के सैलाना से राजस्थान के बाड़मेर जिले की सीमा में प्रवेश करेगी. न्याय यात्रा दोपहर 1.30 बजे मुरैना जिले की सीमा में प्रवेश करेगी, जबकि दो बजे पिपरई में देवपुरी बाबार के पास जेबी ढाबे पर योगेश यादव और सतेंद्र यादव को भारत जोड़ों न्याय यात्रा का ध्वज हस्तांतरण किया जाएगा. दोपहर ढाई बजे मुरैना में अंडर ब्रिज के पास रोड शो होगा. यात्रा शाम 5 बजे ग्वालियर पहुंचेगी. ग्वालियर में हजरी चौक तक रोड शो होगा फिर हजारी चौक पर ही राहुल गांधी नुक्कड़ सभा को संबोधित करेंगे. ग्वालियर के गोल्डन लोटस गार्ड में रात्रि विश्राम होगा. अगले दिन 3 मार्च का कार्यक्रमअगले दिन 3 मार्च को ग्वालियर में अग्रिवीर संवाद होगा. सुबह 8.30 बजे घाटीगांव और 10 बजे मोहना गांव में स्वागत होगा. सुबह 11.30 बजे मोरखेड़ा में आदिवासियों के साथ राहुल गांधी संवाद करेंगे. दोपहर 12.30 बजे सतनवाड़ा में स्वागत होगा और यही लंच होगा. दोपहर 2 बजे बाबू क्वार्टर शिवपुर से झांसी रोड तिराहा शिवपुर तक रोड शो होगा. इसके बाद शाम 4 बजे कोलारस, 5 बजे लुकवासा में स्वागत होगा. शाम 6.30 बजे बदरवास में नुक्कड़ सभा होगी. बदरवास के पास ईश्वरी में यात्रा का रात्रि विश्राम होगा. 4 मार्च को गुना से शुरू होगी यात्रा4 मार्च को सुबह 8.30 बजे गुना जिले के म्याना से यात्रा शुरू होगी. सुबह 9.30 बजे हनुमान चौराहा से एचपी पेट्रोल पंप तक रोड शो होगा. सुबह 11 बजे रुठियाई में स्वागत होगा. दोपहर 12.30 बजे राद्योगढ़ में साड़ा कॉलोनी से नए बस स्टैंड तक रोड शो होगा. इसके बाद जेपी यूनिवर्सिटी राद्यौगढ़ में यात्रा का लंच होगा. दोपहर 2 बजे बीनागंज में स्वागत होगा. शाम 5 बजे ब्यावरा के पीपल चौराहे पर आमसभा होगी. शाम 6 बजे रजागढ़ के भाटखेड़ी में राहुल गांधी किसानों संवाद करेंगे. ग्राम भाटखेड़ी में ही रात्रि विश्राम होगा. 5 मार्च का कार्यक्रमपांच मार्च को सुबह 8 बजे राजगढ़ जिले के पचोर में यात्रा का स्वागत होगा. सुबह 9.30 बजे सारंगपुर में स्वागत होगा. दोपहर 11.30 बजे शाजापुर के टंकी चौराहे से एचपी पेट्रोल पंप तक रोड शो होगा. दोपहर 12 बजे मक्सी में स्वागत होगा. मक्सी में दोपहर का भोजन होगा. यही पर राहुल गांधी परीक्षार्थियों संवाद करेंगे. शाम 5 बजे राहुल गांधी उज्जैन में उज्जैन गेट से देवास गेट तक रोड शो करेंगे. रात 8 बजे इंगोरिया पहुंचने के बाद यहां रात्रि विश्राम होगा. आखिरी दिन का यह प्लानप्रदेश के यात्रा के आखिरी दिन 6 मार्च को सुबह 9 बजे बड़नगर में राहुल गांधी महिलाओं के साथ संवाद करेंगे. सुबह 10 बजे बड़नगर में रोड शो होगा. दोपहर 12 बजे बदनावर में राहुल गांधी जनसभा को संबोधित करेंगे. दोपहर 3 बजे यात्रा रतलाम पहुंचेगी, यहां नुक्कड़ सभा को संबोधित करेंगे. शाम 4 बजे यात्रा सैलानी पहुंचेगी. यहां नुक्कड़ सभा के बाद राजस्थान में प्रवेश करेगी. यात्रा के लिए बनाए अलग-अलग प्रभारीयात्रा को लेकर अलग-अलग प्रभारी बनाए गए हैं, जिसमें 2 मार्च को मुरैना ध्वज हस्तांतरण का प्रभारी योगेश यादव और सतेंद्र यादव को बनाया गया है. जबकि 3 मार्च को ग्वालियर में अग्निवीर और पूर्व सैनिकों से संवाद के लिए प्रभारी पंकज उपाध्याय, रिटायर मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव, रिटायर विंग कमांडर अनुमा आचार्य को बनाया है. वहीं बोरखेड़ा में आदिवासी संवाद के लिए मीनाक्षी (एकता परिषद), इसी तरह 4 मार्च को भाटखेड़ी में किसान संवाद के लिए दिनेश गुर्जर, रामचंद्र दांगी को प्रभारी बनाया है. 4 मार्च को मक्सी में पटवारी परीक्षार्थी संवाद के लिए स्वप्रिल कोठारी, विक्रांत भूरिया और आशुतोष चौकसे जबकि आखिर दिन 6 मार्च के लिए बडऩगर के इंगोलिया ढाबे पर पीएससी के परीक्षार्थियों के साथ संवाद, उज्जैन में मुल्लापुरा कैंप के पास महिलाओं के साथ संवाद के लिए विभा पटेल, माया त्रिवेदी, बदनावर में जनसभा के लिए उमंग सिंघार, सज्जन सिंह वर्मा, सैलाना में नुक्कड़ सभा के लिए राजेश रघुवंशी को प्रभारी बनाया गया है.

नकुलनाथ बोले- न मैं, न कमलनाथ भाजपा में जा रहेः BJP में जाने की अटकलों को किया खारिज, बोले- अफवाहें फैलाई जा रही

Nakul Nath said – Neither I nor Kamal Nath are joining BJP: Rejected the speculations about joining BJP, said – rumors are being spread पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बाद अब उनके सांसद बेटे नकुलनाथ ने भी भाजपा में जाने की अटकलों को खारिज कर दिया है। नकुलनाथ ने कहा- ‘भाजपा के लोग अफवाहें फैला रहे हैं कि कमलनाथ जी भाजपा में जा रहे हैं। मैं भाजपा में जा रहा हूं। मैं आज इस सभा में स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि ना ही कमलनाथ जी भाजपा में जा रहे हैं और ना ही नकुलनाथ भाजपा में जा रहा है। छिंदवाड़ा सांसद नकुलनाथ गुरुवार को जुन्नारदेव विधानसभा के नवेगांव में आयोजित जनसभा और कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मंच पर पूर्व सीएम कमलनाथ भी मौजूद थे। नकुलनाथ ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली जीत का धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी कार्यकर्ताओं की मेहनत के कारण हम जुन्नारदेव विधानसभा में चुनाव जीते हैं। मैंने कभी कहा मैं भाजपा में जा रहा हूं। मैं क्या पागल हो गया हूं इससे पहले बुधवार को कमलनाथ ने भी भाजपा में जाने की अटकलों को खारिज किया था। वे चौरई विधानसभा क्षेत्र के चांद में ब्लॉक कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा- भाजपा वाले भड़काने आएंगे। तरह-तरह की अफवाहें। कमलनाथ आ रहे हैं भाजपा में। अरे, कभी मैंने कहा मैं भाजपा में जा रहा हूं। मैं क्या पागल हो गया हूं।

साइबर तहसील और उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का शुभारंभ, PM ने MP को दी 17000 करोड़ की सौगात

Vikramaditya Vedic Clock inaugurated in Cyber ​​Tehsil and Ujjain, PM gives a gift of Rs 17000 crore to MP प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश को वर्चुअली 17 हजार करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने विकसित भारत, विकसित मप्र कार्यक्रम को वचुअली संबोधित किया। साथ ही साइबर तहसील परियोजना और उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का शुभारंभ किया। उज्जैन !प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘विकसित भारत विकसित मध्य प्रदेश’ कार्यक्रम को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने मध्यप्रदेश में करीब 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इनमें सिंचाई, बिजली, सड़क, रेल, जल आपूर्ति, कोयला, उद्योग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश में सरकारी सेवाओं के प्रदाय में सुधार के लिए मध्य प्रदेश में साइबर तहसील परियोजना और विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का शुभारंभ रिमोट का बटन दबा कर किया। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगु भाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत 29 लोकसभा और 230 विधानसभा क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि भी वीडिया कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डिंडौरी में सड़क दुर्घटना मृतकों के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की लोकसभा और विधानसभा सीट पर विकसित मध्य प्रदेश के संकल्प के साथ लाखों साथी जुड़े है। उन्होंने कहा कि भारत तभी विकसित होगा, जब राज्य विकसित होंगे। आज इस संकल्प यात्रा से मध्य प्रदेश जुड़ रहा है। मैं सभी का अभिनंदन करता हूं। उन्होंने कहा कि कल से एमपी में 9 दिन का विक्रमोत्सव शुरू होने वाला है। यह हमारी गौरवशाली विरासत और वर्तमान के विकास का उत्सव है। हमारी सरकार विरासत और विकास को कैसे एकसाथ लेकर चलते है इसका प्रमाण उज्जैन में लगी वैदिक घड़ी भी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबा महाकाल की नगरी कभी पूरी दुनिया के लिए काल गणना का केंद्र थी, लेकिन इस महत्व को भुला दिया गया और हमने विश्व की पहली विक्रमादित्य वैदिक घड़ी फिर से स्थापित की है। पीएम ने कहा कि यह सिर्फ अपने समद्ध अतित को याद करने का उस काल चक्र की भी साक्षी बनने वाली है, जो भारत को विकसित बनाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज MP की सभी लोकसभा सीटों को एक साथ 17,000 करोड़ के विकास परियोजनाओं एक साथ मिली है। इसमें पेयजल और सिंचाई की परियोजनाएं, सड़क, रेल, खेल परिसर, सामुदायिक सभागार समेत अन्य है। कुछ दिन पहले एमपी के 30 से अधिक रेलवे स्टेशनों के आधुनिकरण का काम शुरू हुआ है। भाजपा की डबल इंजन की सरकार ऐसे ही डबल स्पीड से विकास कर रही है। यह परियोजनाएं एमपी के लोगों का जीवन आसान बनाएंगी। यहां निवेश और नौकरी के नए अवसर बनाएंगी। इसलिए आप सभी को बहुत बहुत बधाई। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज चारों तरफ एक ही बात सुनाई देती है। अपकी बार 400 पार। पहली बार ऐसा हुआ है कि जब जनता ने खुद अपनी प्रिय सरकार की वापसी के लिए ऐसा नारा बुलंद कर दिया है। यह नारा भाजपा नहीं बल्कि देश की जनता जनार्दन का दिया हुआ है। मोदी की गारंटी पर देश का इतना विश्वास भाव विभोर करने वाला है। साथियों हमारे लिए यह सिर्फ तीसरी बार सरकार बनाने का सिर्फ लक्ष्य है ऐसा नहीं है। हम तीसरी बार देश को तीसरी बड़ी आर्थिक शक्ति बनाने के लिए चुनाव में उतर रहे है। हमारे लिए सरकार बनाना अंतिम लक्ष्य नहीं है। हमारे लिए सरकार बनाना देश बनाने का माध्यम है। यही हम मध्य प्रदेश में भी देख रहे है। बीते दो दशक से निरंतर आप हमें अवसर दे रहे है। आज भी विकास के लिए कितनी उमंग और उत्सा है। यह आपने नई सरकार के बीते कुछ माह में देखा है। मध्य प्रदेश के भाईयो के प्यार को नमन करता हूं और आपके आशीर्वाद को प्रणाम करता हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित मध्य प्रदेश के निर्माण के लिए सरकार खेती, उद्योग, पर्यटन तीनों पर बहुत बल दे रही है। है। आज मां नर्मदा पर बन रही तीन जल परियोजनाओं का भूमिपूजन हुआ है। इन परियोजनाओं से आदिवासी क्षेत्रों में सिचांई के साथ साथ पेयजल की समस्या का भी समाधान होगा। सिंचाई के क्षेत्र में मध्य प्रदेश में हम एक नई क्रांति होते देख रहे है। केन बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड के लोगों परिवारों का जीवन बदलने वाला है। जब किसान के खेत तक पानी पहुंचता है तो इससे बड़ी सेवा उसकी क्या हो सकती है। भाजपा की सरकार और कांग्रेस की सरकार में क्या अंतर होता है कि इसका उदाहरण सिंचाई परियोजना भी है। बीते 10 साल में भाजपा की सरकार में 90 लाख हैक्टेयर खेती को सूक्ष्म सिंचाई से जोड़ा गया है, जो 10 साल पहले से दो गुना है। छोटे किसानों की एक बड़ी परेशानी गोदाम की रही है। इसके कारण किसानों को अपनी उपज औने पौने दाम में बेचनी पड़ती थी। अब हम भंडारण क सबसे बड़ी योजना पर काम कर रही है। आने वाले समय में देश में हजारों की संख्या में 700 लाख मैट्रिक टन अनाज के भंडारण की क्षमता देश में बनेगी। इस पर सरकार सवा लाख करोड़ से ज्यादा खर्च करने जा रही है। हमारी सरकार गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की योजना पर बहुत बल दे रही है। इसके लिए सहकारिता पर ध्यान दिया जा रहा है। भाजपा सरकार अनाज, फल सब्जी, मछली ऐसे हर सेक्टर में सहकारिता पर बल दे रही है। इसलिए लाखों गांव में सहकारी संस्थाओं का गठन किया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि खेती, मुर्गी पालन, मछली पालन हो हर प्रकार से गांव की आय बढ़े। गांव का विकास हो। गांव की एक बहुत बड़ी समस्या रही है। उसकी जमीन को लेकर बहुत विवाद रहते थे। गांव के लोगों को छोटे छोटे काम के लिए तहसील के चक्कर लगाने पड़ते थे। मध्यप्रदेश स्वामित्व योजना के तहत अच्छा काम कर रहा है। एमपी में 20 लाख से अधिक स्वामित्व योजना के स्वामित्व कार्ड बांटे गए हैं। एमपी के सभी 55 जिलों में आज साइबर तहसील से जोड़ा जा रहा है। इससे ग्रामीण परिवारों का समय और खर्च बांचेगा। पीएम ने फर्स्ट टाइम वोटर्स और बेरोजगार युवाओं को मोदी का संदेश दिया। … Read more

दुनिया की पहली वैदिक घड़ी का उद्घाटन, देवास में बनेगा देवी लोक

World’s first Vedic clock inaugurated, Devi Lok to be built in Dewas; PM will give a gift of Rs 17 thousand crores उज्जैन !प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को मध्य प्रदेश सरकार के विकसित भारत विकसित मध्य प्रदेश कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस दौरान PM मोदी 17 हजार 500 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की सौगात देंगे।लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने के पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को मध्य प्रदेश सरकार के विकसित भारत विकसित मध्य प्रदेश कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। प्रदेश की राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान में हो रहे इस कार्यक्रम का पूरे प्रदेश के 500 स्थानों पर लाइव प्रसारण होगा। गुरुवार शाम 4 बजे पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपना वर्चुअल संबोधन देंगे। इस दौरान PM मोदी मध्य प्रदेश में 17 हजार 500 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शाम चार बजे वर्चुअली लोकार्पण-भूमिपूजन करेंगे। स्वीकृत हो चुके 16961 करोड रुपए से अधिक के कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इस दौरान पूरे हो चुके प्रोजेक्ट को राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा, इसमें सिंचाई, बिजली, सड़क, रेल, जलपूर्ति, कोयला उद्योग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र के प्रोजेक्ट शामिल है। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी मध्य प्रदेश में साइबर तहसील परियोजना का शुभारंभ और उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण भी करेंगे। वही महाकाल लोक की तर्ज पर देवास में देवी लोक भी बनाया जाएगा। विश्व की पहली वैदिक घड़ी का शुभारंभ उज्जैन के चिंतामन रोड स्थित जंतर मंतर वेधशाला परिसर में 85 फीट ऊंचे टावर पर विश्व की एकमात्र और पहले वैदिक घड़ी स्थापित की गई है। यह समय के साथ मुहूर्त पर्व ग्रह नक्षत्र समेत कई जानकारियां दर्शाएगी। उज्जैन की वैदिक घड़ी दुनिया की पहली ऐसी डिजिटल वॉच होगी, जो इंडियन स्टैंडर्ड टाइम (IST) और ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) तो बताएगी ही साथ ही पंचांग और मुहूर्तों की भी जानकारी देगी। इस घड़ी में सूर्योदय-सूर्यास्त से लेकर सूर्य और चंद्र ग्रहण कब होगा, घड़ी यह भी बताएगी। उज्जैन में जंतर-मंतर पर 85 फीट ऊंचे टॉवर पर इसे लगाया गया है। इसके साथ ही वैदिक घड़ी का एप भी लॉन्च किया जाएगा। गुरुवार को इसका शुभारंभ शाम 4 बजे पीएम नरेंद्र मोदी वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। वैदिक घड़ी की क्या है खासियत:इस घड़ी की एक खास बात यह भी है कि यह समय की गणना एक सूर्योदय से दूसरे सूर्योदय तक की अवधि के आधार पर करती है. यह नक्षत्र, धूमकेतु, कालग्रहण, संचार, परिभ्रमण, तिथि वार, नक्षत्र, योग आदि की जानकरी उपलब्ध करायेगी. यह घड़ी दो सूर्योदयों के बीच की समयावधि को आईएसडी के अनुसार 30 भागों में विभाजित करती है. समय की गणना 0:00 बजे से सूर्योदय के साथ 30 घंटे (48 मिनट का एक घंटा) के लिए शुरू होगा. यह घड़ी वैदिक हिंदू पंचांग से 30 मुहूर्त, तिथि और विभिन्न अन्य समय के बारें में भी बताएगी. इसकी बारें में जानकारी देते हुए महाराजा विक्रमादित्य शोध संस्थान के निदेशक ने बताया कि ”यह दुनिया की पहली घड़ी होगी जिसमें भारतीय समय की गणना प्रदर्शित की जाएगी”. इस वैदिक घड़ी के लिए एक एप्लिकेशन भी तैयार किया गया है जिसकी मदद से मोबाइल, एलईडी, स्मार्ट टीवी, टैब में भी इसे इंस्टाल करके देखा जा सकता है.

कांग्रेस का आरोप: स्कूल शिक्षा विभाग में टैक्सी घोटाला, इनोवा के नाम पर दिया स्कॉर्पियो का किराया

Congress alleges: Taxi scam in School Education Department, Scorpio fare given in the name of Innova भोपाल। कांग्रेस ने स्कूल शिक्षा विभाग में वाहन बिल घोटाले का आरोप लगाया है। लाइट नहीं होने पर कैंडल लाइट प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाते हुए बताया कि तत्कालीन विभागीय मंत्री इंदर सिंह परमार के स्टाफ के लिए इस्तेमाल छह वाहनों के बिल में फर्जीवाड़ा किया गया। एक वाहन के लिए 13 महीने में 8 लाख 62 हजार 236 रुपए का भुगतान किया गया। राज्य शिक्षा केंद्र में इस गाड़ी का नाम मारुति सियाज और रजिस्ट्रेशन नंबर एमपी04-सीडब्ल्यू-9950 दर्ज है। परिवहन विभाग से पता करने पर यह रजिस्ट्रेशन नंबर हुंडई क्रेटा को अलॉट मिला। यही नहीं मंत्री के नाम पर आवंटित एक अन्य वाहन को 11 महीने में कुल 17,92,133 रुपए का भुगतान किया गया। इस मामले में लोकायुक्त को संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की मांग की है। मप्र कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा, मप्र कांग्रेस के उपाध्यक्ष जेपी धनोपिया और मप्र कांग्रेस सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पुनीत टंडन ने बताया कि राज्य शिक्षा केंद्र से सूचना के अधिकार में मिली जानकारी के अनुसार केंद्र में लगे प्राइवेट वाहनों के नाम पर 13 महीनो में करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपए का भुगतान श्री ट्रैवल एजेंसी को किया गया। स्कार्पियों को एक माह का 1.80 लाख रुपए का भुगतानस्कूल शिक्षा मंत्री के नाम पर आवंटित वाहन क्रमांक एमपी 04 बीसी 7480 बिल में गाड़ी इनोवा किस्टा दर्ज है, जबकि परिवहन विभाग में संबंधित नंबर की गाड़ी स्कार्पियों दर्ज है। उक्त वाहन का एक माह का बिल भुगतान 01 अप्रैल 2023 से 30 अप्रैल 2023 तक का 1,80,628 रू. का भुगतान किया गया। जबकि वाहन स्कार्पियों है। अनुबंध के अनुसार इनोवा किस्टा को प्रतिमाह लगभग 75,000 रू. प्रतिमाह किराया एवं अतिरिक्त चलने पर 18.50 रू. प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया गया, जो बिल में उल्लेखित है। सरकार के निर्देशों का खुला उल्लंघनकांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार के वित्त विभाग की तरफ से जारी सर्कुलर के अनुसार विभाग और कार्यालय क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में टैक्सी कोटे में रजिस्टर्ड वाहन ही किराए पर ले सकते है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य शिक्षा केंद्र ने वाहन कार्यालय/ स्कूल शिक्षा मंत्री और मंत्री के स्टाफ के लिए ट्रेवल एजेंसी से टैक्सी कोटे की जगह प्राइवेट वाहन लिए गए।

मप्र के डिंडौरी जिले में भीषण सड़क हादसा, पिकअप वाहन पलटा, 14 लोगों की मौत, 20 घायल

Horrific road accident in Dindori district of MP, pickup vehicle overturned, 14 people died, 20 injured. अधिकांश मृतक अमहाई देवरी निवासी हैं। मृतकों में छह पुरुष और आठ महिलाएं शामिल हैं। बिछिया बड़छर गांव में हादसा देर रात हुआ। चौक समारोह बरहो में शामिल होने के बाद वापस लौट रहे थे ग्रामीणइस हादसे में 20 लोग घायल हुए हैं। रात होने के चलते लगभग डेढ़ घंटे से अधिक समय तक घायलों को नहीं मिली कोई मददमुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की डिंडौरी। शहपुरा Accident In Dindori । जिले के शहपुरा थाना अंतर्गत ग्राम बड़झर घाट में बुधवार की रात लगभग डेढ़ बजे पिकअप वाहन पलटने से 14 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 20 घायल हो गए। रात में पुलिस तक जानकारी विलंब से पहुंची।इसी के चलते लगभग डेढ़ घंटे तक घायल मौके पर ही तड़पते रहे। पिकअप वाहन 20 फीट नीचे खेत में जाकर पलट गया। हादसे में एक ही गांव के 11 लोगों की जान गई है। मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में हुई सड़क दुर्घटना में अनेक लोगों के हताहत होने का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। मैं शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करती हूं। मेरी प्रार्थना है कि इस हादसे में घायल हुए सभी लोग शीघ्र स्वस्थ हों। मप्र के सीएम डॉ मोहन यादव ने मृतकों के स्‍वजनों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। जिला प्रशासन की ओर से परिवारों को 20-20 हजार रुपये देने की घोषणा की गई है। इस हादसे पर पीएम नरेंद्र माेदी और उपराष्‍ट्रपति जगदीश धनखड़ ने दुख जताया है। जानकारी के अनुसार पिकअप के चालक अजमेर टेकाम निवासी करोंदी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पिकअप वाहन अनफि‍ट होने का पता भी चला है। फि‍टनेस और बीमा समाप्‍त यह पता चला है कि पिकअप वाहन का बीमा अगस्‍त माह 2021 और वाहन की फ‍िटनेस सितंबर माह 2022 में समाप्‍त हो चुकी थी। यह भी जानकारी मिली है कि वाहन केवल माल ढोने के लिए था। मंत्री संपतिया उइके मौके पर पहुंची सीएम डॉ मोहन यादव के निर्देश पर मध्य प्रदेश की मंत्री संपतिया उइके मौके पर पहुंची। उन्‍होंने मीडिया से कहा मैं यहां सरकार के प्रतिनिधि के रूप में हूं। यह एक बड़ा हादसा है। दुख की इस घड़ी में हम शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़े हैं। उन्‍होंने कहा कि सीएम ने घोषणा की है कि प्रत्येक मृतक के परिवार को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से हमने उनके परिवारों को 20-20 हजार रुपये देने की घोषणा की है। मंत्री के अनुसारा सीएम ने घटना की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने के निर्देश दिए हैं।सुबह चार बजे घायलों को शहपुरा लाया गया लगभग 4 बजे सुबह घायलों को 108 वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शहपुरा लाया गया। 20 घायलों में एक की हालत ज्यादा गंभीर होने से उसे जबलपुर रेफर किया गया है। डला जिले से लौट रहे थे लोग बताया गया कि डिंडौरी जिले के शहपुरा थाना अंतर्गत ग्राम अमहाई देवरी निवासी लोग मंडला जिले के मसूर घुघरी चौक समारोह बरहो में शामिल होने गए हुए थे।रात में लगभग 1:30 बजे लौटते समय तेज रफ्तार पिकअप वाहन घाट में अनियंत्रित होकर पलट गया। दुर्घटना में वाहन चालक को भी चोट लगी है। स्‍पताल में लोगों का हुजूम जानकारी लगते ही बड़ी संख्या में लोगों का अस्पताल में गुरुवार की सुबह जमावड़ा लग गया है। बताया गया कि दुर्घटना में मदन सिंह आर्मो 50 वर्ष, पीतम बरकड़े 16 वर्ष, पुन्नू पिता रामलाल 55 वर्ष, भद्दी बाई 35 वर्ष, सेम बाई पति रमेश 40 वर्ष, लाल सिंह 53 वर्ष, मुलिया 60 वर्ष, तितरी बाई 50 वर्ष, सावित्री 55 वर्ष, सरजू 45 वर्ष, रामी बाई 35 वर्ष, बसंती 30 वर्ष,रामवती 30 वर्ष, कृपाल 45 वर्ष की मौके पर मौत हुई है। अमहाई देवरी निवासी हैं मृतक अधिकांश मृतक अमहाई देवरी निवासी हैं। मृतकों में छह पुरुष और आठ महिलाएं शामिल हैं। मृतकों और घायलों में अमहाई देवरी के साथ पोड़ी,धमनी,सजनिया निवासी लोग बताए जा रहे हैं। पुलिस मौके पर पहुंचकर घटना की विवेचना कर रही है। जानकारी लगते ही कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंच गए हैं। मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता इस घटना पर मुख्यमंत्री द्वारा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत करने के साथ घायलों का समुचित इलाज करने के निर्देश दिए हैं। रेडक्रॉस से तत्काल राहत राशि दी कलेक्टर डिंडोरी द्वारा सड़क दुर्घटना में मृतकों के परिजनों एवं घायलों के लिए रेडक्रॉस से तत्काल राहत राशि प्रदान की गई है। मृतकों के परिजनों को तत्काल 20-20 हजार रुपये, घायलों को 5-5 हजार रुपये की राहत राशि दी गई है। मृतकों की अंत्येष्टि के लिए पीड़ित परिवार को सहायता राशि 5-5 हजार रुपये एवं घायलों को संबल योजना के अंतर्गत सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

भोपाल जिला पंचायत की मीटिंग में हंगामा: DEO के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव; पीएचई से जुड़े मुद्दों पर सदस्यों की नाराजगी

Uproar in Bhopal District Panchayat meeting: No-confidence motion against DEO; Displeasure of members on issues related to PHE भोपाल जिला पंचायत की साधारण सभा की मीटिंग में हंगामा हो गया। अध्यक्ष रामकुंवर बाई गुर्जर, उपाध्यक्ष मोहन जाट समेत सदस्यों ने डीईओ एके त्रिपाठी के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पास किया। सभी का कहना है कि डीईओ उनकी कॉल रिसीव नहीं करते। पीएचई से जुड़े मुद्दों पर भी सदस्यों ने नाराजगी जताई। मीटिंग बुधवार दोपहर 1 बजे से शुरू हुई। करीब 15 महीने के बाद हो रही मीटिंग में स्वास्थ्य, शिक्षा, पीएचई, कृषि, पीडब्ल्यूडी, आदिम जाति, वन, महिला एवं बाल विकास विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई। उपाध्यक्ष जाट ने कई विषयों पर नाराजगी जताई। सदस्य विनय मेहर ने कहा कि पीएचई में ठेकेदारी प्रथा है। कई गांवों में नल-जल योजना शुरू नहीं हुई है। लोग पानी को तरस नहीं है। गांवों में ट्यूबवेल खनन के लिए कहते हैं, लेकिन अफसर काम नहीं करते। मेहर ने बताया कि मीटिंग में डीईओ त्रिपाठी के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव भी पारित किया है। स्कूल से जुड़े मुद्दे पर किससे बात करें? इसलिए उनके विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित किया है। इससे पहले सामान्य प्रशासन समिति की मीटिंग भी हुई। जिसमें प्रतिनिधियों की एंट्री नहीं की गई। बता दें कि बता दें कि 29 जुलाई 2022 को जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए चुनाव हुए थे। इसके बाद पहली मीटिंग हुई थी। फिर मीटिंग नहीं हुई। बीच में बैठक की तारीख भी प्रस्तावित भी की गई, लेकिन मीटिंग टल गई थी। अब यह मीटिंग बुधवार को हुई। इसलिए जरूरी है मीटिंग जानकारी के अनुसार, मीटिंग ही एक ऐसा प्लेटफार्म होता है, जब सभी विभागों के अफसरों से जिपं अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य रूबरू होते हैं। पिछली बैठक में तो उपाध्यक्ष और सदस्यों की अधिकारियों पर भड़ास भी निकली थी। इसके बाद कामों में थोड़ी तेजी आई, लेकिन मीटिंग नहीं होने से गांव के विकास से जुड़े काम अटक गए। सदस्यों का कहना है कि मीटिंग नहीं होने से वे गांव से जुड़े पानी, सड़क, नाला-नाली निर्माण, बिजली कनेक्शन समेत जनता से जुड़े अन्य विषय नहीं उठा पा रहे थे। दो महीने में होनी चाहिए मीटिंग पिछली मीटिंग को एक साल से भी अधिक समय हो गया है। नियमानुसार मीटिंग हर दो महीने में होनी चाहिए।

कांग्रेस में फूट को भाजपा रही लूट, लोकसभा चुनाव से पहले फिर एक बड़ा झटका

BJP looted the split in Congress, again a big blow before Lok Sabha elections उज्जैन संभाग के शाजापुर जिले से कांग्रेस के कद्दावर नेता योगेंद्र सिंह बंटी बना ने भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है। इस दौरान उनके साथ सैकड़ो समर्थकों ने भी भाजपा की सदस्यता ले ली है। मध्य प्रदेश में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने की लिस्ट लंबी होती जा रही है। ऐसे में उज्जैन संभाग के शाजापुर जिले से कांग्रेस के कद्दावर नेता योगेंद्र सिंह बंटी बना ने भी कांग्रेस छोड़कर भाजप का दामन थाम लिया है। इस दौरान उनके साथ सैकड़ो समर्थकों ने भी भाजपा की सदस्यता ले ली है। लोकसभा चुनाव के पहले भाजपा में जाने से कांग्रेस को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। योगेंद्र सिंह कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष रहे हैं और उनका परिवार 51 सालों से कांग्रेस में शामिल रहा था। शाजापुर जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बंटी बना सहित सैकड़ों पदाधिकारी भाजपा में शामिल होने से कांग्रेस को बहुत बड़ा झटका लगा है। मंगलवार की शाम को पूर्व विधायक स्व. मनोहर सिंह के बेटे एव जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष योगेंद्र सिंह बंटी बना ने भोपाल प्रदेश कार्यालय पर पार्टी के सैकड़ों पदाधिकारियों के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। बताया जा रहा है कि योगेंद्र सिंह बंटी बना व परिवार 51 सालों तक कांग्रेसी रहा। उनके पिता और परिवार के सदस्यों ने कांग्रेस को मजबूत करने काम किया। योगेंद्र ने कहा, “15-20 वर्षों से कांग्रेस में पट्ठावाद हावी हो गया है। जमीनी नेताओं को पार्टी में तवज्जो नहीं दी जा रही है। पैसों के बल पर राजनीति करने वालों को महत्व दिया जा रहा है इसलिए कांग्रेस छोड़ने का निर्णय किया।” भाजपा जिला मीडिया प्रभारी विजय जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय भोपाल में मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद विष्णुदत्त शर्मा एवं वरिष्ठ नेता व न्यू ज्वाइनिंग टोली के प्रदेश प्रभारी डॉ. नरोत्तम मिश्रा, प्रदेश शासन के मंत्री इंदरसिंह परमार के समक्ष कांग्रेस के शाजापुर पूर्व जिला अध्यक्ष श्री योगेन्द्र सिंह जादौन बंटी बना, आगर नगरपालिका अध्यक्ष श्री निलेश पटेल, पूर्व मंडी अध्यक्ष श्री चंदरसिंह मेवाड़ा, सहित 2500 कांग्रेस पदाधिकारियों, पार्षदों, सरपंचों, एवं पूर्व सरपंचों ने पार्टी की विचारधारा और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकास कार्यों से प्रभावित होकर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं को प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेताओं ने अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया।

राममंदिर का पट्टा क्या सिर्फ BJP के पास है, ये हमें पाठ पढ़ाएंगे धर्म का ,, कमलनाथ

Is the lease of Ram temple only with BJP, they will teach us the lesson of religion, Kamal Nath मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ इन दिनों छिंदवाड़ा दौरे पर हैं. बुधवार को अपने दौरे के दूसरे दिन कमलनाथ आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र हर्रई पहुंचे. यहां आयोजित कार्यकर्ताओं सम्मेलन में संबोधित करते हुए कमलनाथ ने बीजेपी पर हमला बोला.  छिन्दवाड़ा ! मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ इन दिनों छिंदवाड़ा दौरे पर हैं. बुधवार को अपने दौरे के दूसरे दिन कमलनाथ आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र हर्रई पहुंचे. यहां आयोजित कार्यकर्ताओं सम्मेलन में संबोधित करते हुए कमलनाथ ने बीजेपी पर हमला बोला. पूर्व पीसीसी चीफ कमलनाथ ने कहा, ”क्या राम मंदिर का पट्टा बीजेपी के पास है? ये तो आपका और मेरा है. आपके पैसों से बना है. कोर्ट ने अपना जजमेंट दिया .और सरकार ने बनाया. अब ये चीख-चीखकर राम कहते हैं. अरे भाई! क्या हम राम को राजनीतिक मंच पर ले आएं? राम जी की तो हम सब पूजा करते हैं. 14 साल पहले मैंने तो सबसे बड़ा हनुमान मंदिर बनवाया. कोई सरकारी जमीन पर नहीं, मैंने अपनी जगह पर बनवाया. ये हमें पाठ पढ़ाएंगे धर्म का? हम सब धार्मिक हैं. हमारी धार्मिक भावनाएं हैं.  हमारी संस्कृति धार्मिक है. हम अपनी संस्कृति का पालन करते हैं. हमारी संस्कृति भाईचारे की है. इसको सुरक्षित रखें.’

पटवारी भर्ती रद करने की मांग को लेकर भोपाल में प्रदर्शन, पुलिस ने प्रदर्शनकारी युवाओं को हिरासत में लिया

Demonstration in Bhopal demanding cancellation of Patwari recruitment, police detained protesting youth. प्रर्दशनकारी युवाओं की मांग है कि पटवारी भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ी की जांच के लिए विशेष जांच दल ( एसआइटी) का गठन किया जाए। नियुक्ति प्रक्रिया रद हो। भोपाल। एक तरफ जहां पटवारी भर्ती परीक्षा में उत्तीर्ण प्रतिभागियों की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया जारी है, वहीं इसका विरोध एक बार फिर शुरू हो गया है। पटवारी भर्ती रद करने की मांग को लेकर बुधवार को राजधानी में प्रदेशभर से अभ्यर्थी पहुंचे। बड़ी संख्या में युवा एमपी नगर में ज्योति टाकीज के पास स्थित शेड में एकत्र हुए और यहां से रैली की शक्ल में वल्लभ भवन (मंत्रालय) का घेराव करने निकले। इन प्रर्दशनकारी युवाओं में अनेक महिला अभ्यर्थी भी शामिल हैं। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका, हिरासत में लियायुवाओं के इस प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने कर्मचारी चयन मंडल कार्यालय की ओर जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोक दी। ये प्रदर्शनकारी युवा बोर्ड आफिस चौराहे से होते हुए जैसे ही व्यापमं चौराहे तक पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोक लिया। ये युवा मप्र कर्मचारी चयन बोर्ड के दफ्तर से वल्लभ भवन की ओर कूच रहे थे। पुलिस उन्हें गाड़ियों में भरकर थाने ले गई। नेशनल एजुकेडेट यूथ यूनियन के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे युवाओं की मांग है कि बगैर निष्पक्ष जांच के की जा रही पटवारियों क नियुक्तियों पर रोक लगाई जाए क्योंकि सरकार ने भ्रष्टाचार किया है। उनका कहना है कि पूर्ववर्ती सरकार ने शंका को सही ठहराते हुए जांच के आदेश दिए थे। अभ्यर्थियों ने छात्रों ने जांच आयोग को सबूत ले जाकर दिए थे। किंतु बिना जांच रिपोर्ट जारी किए नियुक्ति की जा रही है। पटवारी भर्ती में जमकर धांधलीउनका आरोप है कि बिना जांच रिपोर्ट जारी किए सरकार पिछले दरवाजे से 10 से 15 लाख में पेपर खरीदने वालों को नियुक्ति दे रही है। इस पूरी परीक्षा में 45 से 50% घोटाला हुआ है। यदि निष्पक्ष जांच होती तो यह तमाम लोग जेल में होते। सरकार डाक्युमेंट वेरिफिकेशन के नाम पर चंद फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले अभ्यर्थियों पर कार्रवाई की बात कर रही है, लेकिन प्रदेश में फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का जो गोरख धंधा जो अलग- अलग जिलों में जारी है, उन एक भी अधिकारियों के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी करने और ओबीसी आरक्षण मुद्दे का समाधान जैसी कुछ अन्य मांगें भी कर रहे हैं। कमल नाथ ने बोला सरकार पर हमलाराजधानी में बेरोजगार युवाओं के इस प्रदर्शन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमल नाथ ने प्रदेश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की भर्तियों में हो रहे भ्रष्टाचार और बहुत से सरकारी पदों पर भर्ती न होने के खिलाफ प्रदेश के नौजवान आज भोपाल में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इन युवकों की मांग है कि पटवारी भर्ती परीक्षा को दी गई क्लीन चिट सही नहीं है और गलत तरीके से पास हुए लोगों पर कार्रवाई की जाए। प्रदेश में शिवराज सरकार के दौरान लगातार नौजवान यह मुद्दे उठाते रहे और डा. मोहन यादव सरकार में भी युवाओं को सरकारी नौकरियों में होने वाले इस भ्रष्टाचार और सरकार के उदासीन रवैये से जूझना पड़ रहा है। मध्य प्रदेश का नौजवान बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और सरकारी उदासीनता की तिहरी मार से परेशान है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि भाजपा सरकार ने युवाओं को नौकरी न देने का मन बना लिया है और प्रदेश को भ्रष्टाचार के रास्ते पर धकेल दिया है। बता दें कि बीते दिनों ऐसी ही मांग को लेकर इंदौर पटवारी भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर कार्यालय तक रैली भी निकाली थी।

नगरपालिका की बैठक के दौरान दो भाजपा पार्षदों के बीच जमकर हुई हाथापाई, चले लात-घूंसे

There was a fierce scuffle between two BJP councilors during the municipal meeting, kicking and punching took place. गुना में मंगलवार को नगरपालिका की साधारण सभा की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान भाजपा के दो पार्षदों के बीच विवाद के बाद हाथापाई की नौबत आ गई। मौके पर मौजूद अन्य पार्षदों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। बता दें कि इनके बीच जलकार्य के मुद्दे को लेकर विवाद हो गया था। गुना। लंबे समय बाद नगरपालिका की साधारण सभा की बैठक मंगलवार को हुई। इस बैठक के दौरान भाजपा के दो पार्षदों के बीच विवाद के बाद हाथापाई की नौबत आ गई। मौके पर मौजूद अन्य पार्षदों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। इनके बीच जलकार्य के मुद्दे को लेकर विवाद हुआ था। दरअसल, परिषद की बैठक के बाद वार्ड-11 के पार्षद बृजेश राठौर द्वारा सीवर लाइन के लिए खुदी सड़कों के पैचवर्क का मुद्दा उठाते हुए जल प्रकोष्ठ प्रभारी संचित ढिमरी से सवाल-जवाब किए जा रहे थे। इसमें कहा कि डेढ़ साल से उक्त सड़क खुदी पड़ी है। मरम्मत के सवाल पर प्रभारी ठेकेदार से बात करने का बोल रहे हैं। भाजपा पार्षद आपस में भिड़ेपार्षद बृजेश राठौर ने कहा कि मुझे उससे क्या मतलब, मैं तो प्रभारी से बात करूंगा। इसी बीच जलकार्य समिति प्रभारी व वार्ड-22 के पार्षद राजू ओझा बीच में जवाब देने लगे। इस पर दोनों भाजपा पार्षदों में लड़ाई होने लगी। उनके बीच गरमागरमी इतनी बढ़ गई कि दोनों अपनी कुर्सियों से उठकर हाथापाई करने लगे। नपाध्यक्ष प्रतिनिधि और अन्य पार्षदों ने उठकर बीच-बचाव कराया और दोनों को अलग किया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। इतना ही नहीं, मामला शांत होने के बाद परिषद सभाकक्ष के बाहर भी दोनों के बीच विवाद हुआ। हालांकि, अध्यक्ष व अन्य पार्षदों की समझाइश के बाद किसी ने भी इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है। नपा का बजट पेशबता दें कि नगरपालिका परिषद की इस बैठक के दौरान करीब 285.18 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया गया, जो 1.46 लाख बचत का है। इसी तरह नपा जल प्रकोष्ठ का लगभग 109.35 करोड़ का बजट पेश किया गया, जो 20 हजार रुपये बचत का रहा।

किसानों को समर्थन मूल्य पर फसल उपार्जन करने बाबत कांग्रेस ने दिया ज्ञापन

Congress gave memorandum regarding procurement of crops at support price to farmers. हरिप्रसाद गोहे आमला । किसान संगठनों की और से एम एस पी के लिए कानूनी गारंटी के साथ ही किसान कृषकों के कल्याण के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशो को लागू करने किसानों और खेत मजदूरों के लिए पेंशन और कर्जमाफी, लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय, भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को बहाल करने और पिछले आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवार को मुआवजा देने की मांग को लेकर अन्न दाता किसानों द्वारा अपनी जायज मांगों को लेकर विगत दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया जा रहा है। मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने अपने संकल्प पत्र में किसानों से रुपए 2700 प्रति क्विंटल पर गेहूं , और रुपए 3100 प्रति क्विंटल पर धान खरीदी की घोषणा की थी, लेकिन खेद की बात है की केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा शांतिपूर्वक किए जा रहे आंदोलन को कुचलने की हर तरह से तैयारी की जा रही है।  इस संदर्भ में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी आमला द्वारा माननीय राज्यपाल के नाम आमला तहसीलदार महोदया जी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन देने वालों में ब्लॉक अध्यक्ष मनोज देशमुख, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मनोज मालवे, नगर पालिका अध्यक्ष नितिन गाडरे, न.प. उपाध्यक्ष किशोर माथनकर, संगठन मंत्री शेख आबिद, वरिष्ठ नेता छन्नू बेले, सेवादल अध्यक्ष महेंद्र परमार, युवक कांग्रेस से प्रदीप कोकाटे, यशवंत हुडे, मनीष नागले, शिवम सोलंकी, नवीन सोनेकर एव आस पास के गांव के किसान उपस्थित थे।।

मुरैना-ग्वालियर के दौरा पर रहेंगे पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ को लेकर करेंगे बैठक

PCC Chief Jitu Patwari will be on tour to Morena-Gwalior today, will hold a meeting regarding ‘Bharat Jodo Nyaya Yatra’ ग्वालियर ! पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, बोले- करप्सन, क्राइम और कर्ज पर काम कर रही भाजपा सरकारमध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी आज ग्वालियर के दौरे पर हैं. वो ट्रेन के जरिए भोपाल से ग्वालियर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर्ची से निकले हैं. यह सरकार थ्री सी पर ही काम कर रही है. इनका तीन पर ही फोकस है करप्सन, क्राइम और कर्ज. मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा करप्सन है. एमपी में अभी सबसे ज्यादा क्राइम चल रहा है और कर्ज की हालत तो ये कि जब से मुख्यमंत्री आये है रोज कर्ज लेते हैं. दो महीनों में उन्होंने 15 हजार करोड़ का कर्ज लिया है. मध्य प्रदेश कांग्रेस राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ की तैयारियों में जुट गई है. इसके लिए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी 27 फरवरी से एक मार्च तक मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, धार और उज्जैन जिले के दौरे पर रहेंगे, जहां जोड़ो न्याया यात्रा की तैयारियों के संबंध में बैठक लेंगे. तय कार्यक्रम के अनुसार, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी मंगलवार की सुबह 11 बजे मुरैना पहुंचेंगे, जहां ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ कार्यक्रम स्थल का जायजा लेंगे. इसके बाद दोपहर 12 बजे मुरैना में वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक लेंगे.

सियासतनामा एक झटके में 40 साल पुरानी निष्ठा गंवा बैठे कमलनाथ

Political news: Kamalnath lost 40 years of loyalty in one stroke विशेष संवाददाता भोपाल ! कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ अब बैकफुट पर हैं। भाजपा में जाने को लेकर उन्होंने जो सियासी दांव खेला, इसके बाद नुकसान-फायदा अपनी जगह, लेकिन 40 साल से ज्यादा समय कांग्रेस में रहकर उन्होंने जो जगह बनाई थी, वह मिट्टी में मिल गई। एक झटके में वे गांधी परिवार के प्रति अपनी निष्ठा भी गंवा बैठे। कांग्रेस में उनके स्थान का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष तक बनाने का ऑफर दे दिया था। उन्हें इंदिरा गांधी का तीसरा बेटा जाे कहा जाता था। सांसद बेटे नकुलनाथ ने एक्स हैंडल से कांग्रेस का चुनाव चिन्ह हटा दिया। इसका अनुसरण सज्जन वर्मा सहित उनके कट्टर समर्थकों ने किया। दिल्ली में नाथ ने अपने समर्थकों का जमावड़ा लगाया और उनके साथ कौन भाजपा में जा सकता है, बाकायदा इसकी सूची तैयार कर ली। जब डील पक्की नहीं हुई तो पूरा ठीकरा मीडिया पर फोड़ दिया गया। इस बार जिलों को अब तक नहीं मिले उनके ‘प्रभारी मंत्री’ भाजपा की सरकार बने ढाई माह से ज्यादा का समय गुजर चुका, लेकिन अब तक जिलों को उनके ‘प्रभारी मंत्री’ नहीं मिले। जिला योजना समितियों की बैठक मंत्रिमंडल की तर्ज पर होती है, जहां जिले के विकास को लेकर निर्णय लिए जाते थे। इनमें जिले के सभी विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधि और सभी विभागों के प्रमुख अफसर हिस्सा लेते हैं। निर्णय सभी की राय से हाेते हैं, लेकिन प्रभारी मंत्री न होने के कारण बैठकें ही नहीं हो रहीं। सरकार ने हाल में एक आदेश जारी कर प्रभारी मंत्रियों की अनुपस्थित में जनसंपर्क राशि वितरण के अधिकार कलेक्टरों को दिए हैं। लगता है कि जिलों को प्रभारी मंत्री चुनावों के बाद ही मिल पाएंगे। गुना से ग्वालियर पहुंचते ही बदला दिग्विजय का बयान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह आमतौर पर अपने बयानों पर टिके रहते हैं। पहली बार ऐसा हुआ कि गुना से ग्वालियर पहुंचते ही उनका बयान बदल गया। गुना में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि यदि पार्टी ने निर्देश दिया तो वे गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। इससे पहले राजगढ़ में वे कह चुके थे कि लोकसभा चुनाव वे नहीं लड़ेंगे, क्योंकि राज्यसभा का उनका कार्यकाल अभी लगभग सवा दो साल शेष है। इसे कमलनाथ के भाजपा में जाने के ड्रॉप हो गए सियासी ड्रामे से जोड़कर देखा गया। आरोप लग रहे थे कि कांग्रेस का कोई वरिष्ठ नेता लोकसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहता, जबकि पार्टी नेतृत्व हर वरिष्ठ नेता को चुनाव लड़ाने के मूड में है। राहुल की न्याय यात्रा से ‘निकलेगी’ पटवारी की टीम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी अब तक अपनी टीम का गठन ही नहीं कर सके। कांग्रेस का प्रदेश प्रभारी बनने के बाद भंवर जितेंद्र सिंह अपने पहले दौरे में ही प्रदेश कार्यकारिणी को भंग कर चुके थे। उम्मीद की जा रही थी कि कार्यकारिणी का गठन जल्द होगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कुछ पूर्व पदाधिकारी ही काम करते नजर आ रहे हैं। कार्यकारिणी के गठन में इस बार नेताओं का कोटा नहीं चलेगा। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के बाद पटवारी की टीम घोषित हो जाएगी। टीम का पदाधिकारी बनने के लिए न्याय यात्रा में नेताओं की सक्रियता प्रमुख योग्यता मानी जाएगी। यात्रा को सफल बनाने के लिए कौन नेता कैसी मेहनत करता है, इसकी मॉनीटरिंग की जाएगी। राहुल की यात्रा की तैयारी को लेकर चंदि्रका प्रसाद द्विवेदी के नेतृत्व में एक टीम का गठन हो चुका है। महेंद्र सिंह चौहान की अध्यक्षता में एक टीम ने लोकसभा चुनाव के लिए वार रूम ने काम शुरू कर दिया है। इनके अलावा राजीव सिंह पूर्ववत संगठन का काम देख रहे हैं और केके मिश्रा मीडिया का। कांग्रेस-सपा का ‘खजुराहो समझौता’ गठबंधन और चुनावी राजनीति के इतिहास में संभवत: पहली बार कांग्रेस ने मप्र में एक लोकसभा सीट खजुराहो समाजवादी पार्टी को समझौते में दे दी है। बुंदेलखंड पर सपा की नजर पहले से है। यदा-कदा विधानसभा चुनाव में यहां से उनके विधायक जीतते रहे हैं। क्षेत्र में यादव मतदाताओं की तादाद अच्छी खासी है। खजुराहो से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा सांसद हैं। वे यहां से लगभग 5 लाख वोटों के अंतर से चुनाव जीते थे। इस बार भी उनके बड़े अंतर से जीतने की संभावना है। इसलिए, खजुराहो छोड़ने से कांग्रेस को अन्य सीटों पर यादव और मुस्लिम समाज के कुछ वोट मिल सकते हैं। सपा खजुराहो से भले हार जाए लेकिन इसके जरिए वह बुंदेलखंड में अपनी उपस्थिति बरकरार रख सकती है।

प्रवक्ता साथी पूरे मनोबल के साथ मीडिया में अपना पक्ष रखें : जीतू पटवारी

Spokesperson should present his/her position in media with full morale: Jitu Patwari भाजपा के जनविरोधी मुद्दों को पूरी मुखरता से उठाये : जीतू पटवारी भारत जोड़ों यात्रा को सफल और प्रभावी बनाने के लिए मीडिया में ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार करे : जीतू पटवारी भोपाल । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के पदाधिकारियों, प्रवक्तागणों और संभागीय प्रवक्ताओं के साथ लोकसभा चुनाव, भारत जोड़ो न्याय यात्रा, संगठनात्मक गतिविधियों के साथ साथ मीडिया में पुरजोर तरीके से अपना पक्ष रखने संबंधी विभिन्न मुद्दों बैठक कर चर्चा की। जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी विषम परिस्थितियों के दौर से गुजर रही है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने जिस प्रकार से विभिन्न हथकंडों को अपनाकर सरकार बना ली, उससे जहां एक ओर पार्टी के लाखों-करोड़ों कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटा हैं, वहीं दूसरी और प्रदेश की जनता भी इस बात को जरा भी समझ नहीं पा रही है कि विधानसभा चुनाव के जो परिणाम आये हैं वह भाजपा के इतने पक्ष में आयेंगे। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव हो चुके हैं, लेकिन पार्टी के एक-एक कार्यकर्ता का मनोबल मजबूत करने की जबावदारी हम सभी की है। खासकर मीडिया के माध्यम से बाते जनता तक जाती है वह एक ठोस आधार स्तंभ होता है। हमें विपक्ष की भूमिका अनुशासनात्मक तरीके से पूरी निष्ठा, ईमानदारी और ताकत के साथ निभाना है। जीतू पटवारी ने मप्र कांग्रेस मीडिया विभाग के साथियों से कहा कि हमें अपना मनोबल बनाये रखना है, मीडिया में अपनी बात पूरी मुखरता के साथ करना है, भाजपा हमें समाप्त करना चाहती है, लेकिन कांग्रेस पार्टी वह पार्टी है जो न तो कभी डरी है न डरेगी। भाजपा कितने ही प्रपोगंडा रच ले, जनता के सामने उसकी हकीकत एक दिन सामने आ ही जायेगी। हमारे प्रवक्ता साथी पूरी दृढ़ता के साथ के साथ भाजपा के जनविरोधी मुद्दों को उठाये। भाजपा ने जो घोषणा पत्र जनता और प्रदेश के विकास को लेकर जारी किया है, हर मुद्दों को मीडिया के माध्यम से पूरी मुस्तैदी से उठायें। जीतू पटवारी ने कहा कि 2 मार्च को माननीय राहुल गांधी जी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा मप्र में प्रवेश कर रही है, हम सभी को यात्रा को सफल और प्रभावी बनाने के लिए अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करें। लोकसभा चुनाव के लिए मीडिया के समक्ष अपनी बात रखने के लिए मुद्दों पर चर्चा साथ ही संगठन की गतिविधियों पर भी मुखरता से अपना पक्ष रखें।  प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष के.के. मिश्रा ने पूरी टीम पर विश्वास जताते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस की मीडिया टीम पूरे जोश के साथ काम कर रही है और आगे भी करती रहेगी।  इस अवसर पर बैठक में प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी राजीव सिंह, मीडिया सलाहकार पीयूष बबेले सहित मीडिया विभाग के पदाधिकारीगण, प्रवक्ता और संभागीय प्रवक्तागण उपस्थित थे।

शाह के दौरे पर जीतू पटवारी बोले- PM मोदी की गारंटी पूरी करें

Jitu Patwari said on Shah’s visit – Fulfill PM Modi’s guarantee, if you lie to ask for votes, thank you केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मध्य प्रदेश के दौरे पर है। इस पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि अमित शाह जी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरी करें। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रविवार को कहा कि अमित शाह जी मोदी गारंटी पूरी करो। प्रबुद्धजनों से मिलना अच्छी बात है। देश के गृहमंत्री है उनको मिलना चाहिए। साथ में इस बात को भी व्यक्त करना होगा कि 2014 की मोदी गारंटी पूरी नहीं हुई है। 2023 में मध्य प्रदेश की जनता से किए वादे तभी पूरे हो सकते है, जब प्रदेश को एक लाख करोड़ रुपए दें। यदि झूठ बोलकर फिर वोट लेने आ गए है तो उनको धन्यवाद। अब मध्य प्रदेश की जनता जाग गई है। जनता से अनुरोध है कि इनके झूठ को समझो। भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा हुई। इससे सिर्फ देश या सिर्फ मध्य प्रदेश में खुशी नहीं है। पूरे ब्रह्माण में खुशी है। लेकिन भगवान राम के भक्तों से सरकार ने जो वादे किए उनको पूरा करें।

जीतू पटवारी ने लोकसभा चुनाव एवं भारत जोड़ो न्याय यात्रा को देखते हुए ऑनलाइन बैठक ली

Jitu Patwari took online meeting of leaders in view of Lok Sabha elections and Bharat Jodo Nyay Yatra. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी जी के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में लोकसभा चुनाव एवं भारत जोड़ो न्याय यात्रा के संबंध में ऑनलाइन बैठक जारी। इस अवसर पर मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महासचिव जितेंद्र सिंह जी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार जी, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जी, राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह जी एवं विवेक तन्खा जी सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेतागण मुख्य रूप से बैठक में उपस्थित।

कमलनाथ का BJP पर हमला कहा, ”रोजगार की बातें सिर्फ विज्ञापन और पोस्टर तक सीमित Kamal Nath’s attack on BJP said, “Talks about employment are limited only to advertisements and posters.” कांग्रेस नेता कमलनाथ ने आरोप लगाया कि इस समय देश और प्रदेश के सामने सबसे बड़ी चुनौती है बेरोजगारी. केंद्र और राज्य सरकार नौजवानों को रोजगार देने में विफल रही हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा है, उन्होंने देश में हो रही भर्ती परीक्षाओं और बेरोजगारी को लेकर केंद्र पर हमला बोला है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा ”इस समय देश और प्रदेश के सामने सबसे बड़ी चुनौती है – बेरोजगारी. केंद्र और राज्य सरकार न सिर्फ नौजवानों को रोजगार देने में विफल रही हैं बल्कि उससे भी बड़ा दुर्भाग्य यह है कि रोजगार देने की उनकी कोई नियत ही नहीं है.” कमलनाथ ने कहा, ”रोजगार की बातें सिर्फ विज्ञापन और पोस्टर तक सीमित रह गई है. प्रदेश का हाल यह है कि पहले तो कोई भर्ती परीक्षा नहीं होती और अगर भर्ती परीक्षा होती है तो उसके रिजल्ट घोषित नहीं किए जाते और जब रिजल्ट घोषित होते हैं तो उसमें भर्ती घोटाले के आरोप लग जाते हैं और जब यह आरोप लग जाते हैं तो सरकार घोटाले को दबाने की कोशिश करने लगती है.” कमलनाथ ने कहा, ”नतीजा यह होता है कि कोई प्रत्यक्ष बेरोजगार होता है तो कोई चयनित अभ्यर्थी के रूप में बेरोजगार होता है तो कोई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू न होने के कारण बेरोजगार रह जाता है.” कमलनाथ ने राहुल गांधी की तारीफ की कांग्रेस नेता कमलनाथ ने राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कहा, ”देश और प्रदेश के नौजवानों की यही आवाज श्री राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा के रूप में उठा रहे हैं और जनता का ध्यान समाज के असली मुद्दों की तरफ ले जा रहे हैं ना कि उन मुद्दों की तरफ जो समाज को विभाजित करते हैं. समाज को जोड़ने की इसी पहल का नाम है भारत जोड़ो न्याय यात्रा. हम सबको इस यात्रा को सफल बनाना है ताकि खुशहाल मध्य प्रदेश और खुशहाल भारत का निर्माण संभव हो सके.”

कमलनाथ के मुद्दे पर एक्शन के मूड में कांग्रेस, बयान देने वालों पर क्या गिरेगी गाज?

Congress in mood for action on Kamal Nath issue, what punishment will fall on those who make statements? कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ के बीजेपी में जाने की खबरों के बीच कमलनाथ समर्थक नेताओं ने पार्टी के खिलाफ जमकर बयानबाजी की. अब पार्टी ऐसे नेताओं को सबक सिखाने के मूड में है.मध्य प्रदेश कांग्रेस में अब भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. तीन-चार दिन मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ के बीजेपी में जाने को लेकर जमकर चर्चा चली. आग लगी थी, तभी धुआं भी निकला. कमलनाथ के समर्थकों ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ जमकर बयानबाजी की थी. किसी ने कहा कि कमलनाथ ने पार्टी को जीवन दे दिया, मगर पार्टी ने उनको अपमानित किया. किसी ने कहा कि अगर कमलनाथ बीजेपी जाते हैं तो हम भी बीजेपी उनके साथ जॉइन करेंगे.इस बयानबाजी में सबसे आगे पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, पूर्व विधायक दीपक सक्सेना और कमलनाथ के मीडिया कॉर्डिनेटर सैयद जफर सबसे आगे थे. मामला भले ही शांत हो गया हो, मगर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस बयानबाजी को अनुशासनहीनता में लिया है. जीतू  पटवारी गुस्से में हैं. लिहाजा कठोर शब्दों में चेतावनी दी है. बता दें कि कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ द्वारा ट्विटर हैंडर में चेंज करने और उनके समर्थकों के बयानबाजी के बाद यह अटकलें लगी थी कि कमलनाथ राज्यसभा की सीट नहीं दिए जाने से नाराज हैं और वह बीजेपी में शामिल होंगे. हालांकि बाद में उनकी राहुल गांधी से बातचीत हुई. उसके बाद मामला फिलहाल शांत है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दी चेतावनीजीतू  पटवारी ने कहा कि इस मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी गंभीर है.अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. हालांकि बीजेपी जीतू  पटवारी की इस बात का मजाक ही उड़ा रही है. जीतू  पटवारी के ही सामने चुनाव लड़ने वाले बीजेपी नेता जीतू  जिराती का कहना है कि अगर वाकई ऐसा जीतू  पटवारी कह रहे हैं तो ये बड़ी बात है. कमलनाथ थोड़ा सा इधर-उधर हुए और कांग्रेस की हालत खराब हो गई. जीतू पटवारी उनका बाल भी नहीं बांका कर सकते. उनके समर्थकों पर कार्रवाई तो छोड़ दीजिए. कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी से विवादहालांकि अब भी कमलनाथ समर्थकों के सुर नहीं बदले है. राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा की बैठक में शामिल होने पहुंचे सज्जन वर्मा से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा छिंदवाड़ा के विधायकों की दुनिया ही अलग है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू  पटवारी भले ही कह चुके हैं कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी, मगर ये देखना भी दिलचस्प होगा कि कमलनाथ समर्थकों पर कार्रवाई होती है या नहीं.

जो पार्टी का कार्य पूर्ण लगन से करता, वही है असली कार्यकर्ता : जीतू पटवारी

The one who works for the party with full dedication is the real worker: Jitu Patwari भोपाल ! मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रतलाम दौरे में भारत जोड़ो न्याय यात्रा के संदर्भ में सभी कार्यकर्ताओं से चर्चा करते हुए सभी से आग्रह किया कि दोगुनी ऊर्जा से राहुल जी की इस यात्रा को पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए हम सबको जुट जाना है। कार्यकर्ताओं को याद रखना है कि जो पार्टी का कार्य पूरी लगन से करता, वही है असली कार्यकर्ता। पटवारी ने कहा कि पिछले मुख्यमंत्री बेरोजगारी और झूठ के मामा थे तो वर्तमान मुख्यमंत्री कर्ज और क्राइम के काका बन गए हैं। दो माह में प्रदेश में इतना क्राइम हुआ है जो पिछले 30 सालों में नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव में जो वादा करती है वह पूरा नहीं करके लोगों को धार्मिक और भावनात्मक रूप से चुनाव में धकेल देती है। लाड़ली बहना, समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी सहित तमाम वादे भाजपा ने किए थे लेकिन पूरे नहीं किए हैं।पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में पद-प्रतिष्ठा, मान-सम्मान पाने वाले कुछ लोग आज संघर्ष के दौर में पीछे हटते जा रहे है, ऐसे लोगों से भाजपा संपर्क करती है और उन्हें ले लेती है लेकिन हमारे लिए सम्मानित वो लोग है जो अपने छोटे से व्यवसाय या नौकरी के साथ साथ निडर होकर कांग्रेस की विचारधारा के लिए डटे हुए हैं, ऐसे कार्यकर्ताओं पर हमे गर्व है। पटवारी ने जानकारी देते हुए कहा कि 6 मार्च को कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी रतलाम आएंगे एवम रतलाम ग्रामीण, शहर और सैलाना विधानसभा सीटों से गुजरेंगे और रोड शो करेंगे। पटवारी ने कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा की तैयारियों के संबंध में कार्यकर्ताओं की बैठक ली।

दिग्विजय सिंह ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र, ‘बस्ती के लोगों को बेघर करने की कार्रवाई रोकने की मांग

Digvijay Singh wrote a letter to the Chief Secretary, demanding to stop the action of making slum people homeless. इस पत्र में पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा है कि ‘भदभदा ब्रिज के पास स्थित इस बस्ती में 350 से अधिक मकान बने हुए है। एन.जी.टी. न्यायालय में शासन द्वारा नगर निगम भोपाल को पार्टी बना कर पेश किया गया था इसको लेकर नगर निगम भोपाल द्वारा इन 5 वर्षो में कोई भी ठोस जवाब न्यायालय में पेश नही किया गया है। जिसके कारण माननीय एन.जी.टी. न्यायालय द्वारा इस बस्ती को अवैध निर्माण घोषित कर दिया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। इसमें उन्होने भोपाल में ताज होटल के सामने भदभदा बस्ती में निवासरत लोगों को बेघर करने के लिये की जा रही कार्रवाई को निरस्त करने की मांग की है और कहा है कि इसके लिएसंबंधित को उचित निर्देश प्रदान किया जाए। दिग्वियज सिंह द्वारा लिखा पत्र मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन को लिखे पत्र में दिग्विजय सिंह ने कहा है कि ‘भोपाल शहर के होटल ताज के पास स्थित तालाब किनारे की 100 वर्षो पूर्व से बसी बसाहट को शासन द्वारा बलपूर्वक बिना विस्थापन के हटाये जाने की कार्यवाही की ओर आपका ध्यान आकर्षित कर रहा हूँ। भदभदा ब्रिज के पास स्थित इस बस्ती में 350 से अधिक मकान बने हुए है जिनका खसरा क्र. 291 है। जो वक्फ के नाम पर रजिस्टर्ड है। इस भूमि का प्रकरण वक्फ ट्रिब्यूनल कोर्ट में वर्ष 2018 से प्रचलित है। एन.जी.टी. न्यायालय में शासन द्वारा नगर निगम भोपाल को पार्टी बना कर पेश किया गया था इसको लेकर नगर निगम भोपाल द्वारा इन 5 वर्षो में कोई भी ठोस जवाब न्यायालय में पेश नही किया गया है। जिसके कारण माननीय एन.जी.टी. न्यायालय द्वारा इस बस्ती को अवैध निर्माण घोषित कर दिया गया है। माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल न्यायालय के आदेश के पश्चात नगर निगम भोपाल द्वारा बिना विस्थापन की व्यवस्था किये इनके मकानों को बलपूर्वक तोड़ने की कार्यवाही की जा रही है। शासन द्वारा पूर्व में इन्हें स्थाई नल कनेक्शन और विद्युत कनेक्शन दिये गये है, जिसका इन लोगों द्वारा समय-समय पर भुगतान किया जाता रहा है। यह लोग कई वर्षो से सम्पति कर भी जमा करते आ रहे है। इसके पश्चात भी प्रशासन द्वारा विगत कुछ दिनों से नियम विरूद्ध तरीके से इनके नल और विद्युत कनेक्शन काट दिये गये है। वर्तमान में 10वीं एवं 12वीं कक्षा की परीक्षाऐं भी चल रही है। मेरा मानना है कि जब इस भूमि का प्रकरण पहले से ही वक्फ कोर्ट में प्रचलित है तो 100 साल पुरानी इस बस्ती को हटाने के लिये की जा रही कार्यवाही को निरस्त किया जाना चाहिये। इसके पश्चात फैसले के आधार पर अगर हटाया भी जाता है तो इन लोगों के पुनर्वास एवं उचित मुआवजे की व्यवस्था सरकार को करना चाहिये। मेरा आपसे अनुरोध है कि भदभदा बस्ती के लोगों को बेघर करने के लिये की जा रही इस कार्यवाही को निरस्त करने के संबंधित को उचित निर्देश प्रदान करने का कष्ट करें।

क्या मोहन सरकार और शिवराज देंगे जीतू पटवारी के सवालों का जवाब

Will Mohan Sarkar and Shivraj answer Jitu Patwari’s questions? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी के आज पत्रकारों से चर्चा के बिंदु :- मध्यप्रदेश में पहले हमने देखा था, झूठ और बेरोजगारी के मामा को! अब हम कर्ज और क्राइम के काका को देख रहे हैं।मामा आए, 30 हजार रजिस्टर्ड झूठ बोल गए। हर एग्जाम में धांधली हुई। लाड़ली बहनों के साथ धोखा हुआ।

जीतू पटवारी ने मोहन सरकार पर दागें जनता के कई महत्वपूर्ण सवाल,

Jitu Patwari raised many important questions of the public on Mohan government, भोपाल ‌। मध्यप्रदेश सरकार 20 फरवरी को बाजार से पांच हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेने जा रही है! आरबीआई के माध्यम से गवर्मेन्ट सिक्युरिटीज का विक्रय कर यह कर्ज कुल तीन हिस्सों में लिया जाएगा! पहला कर्ज ₹1,500 करोड़ 16 वर्ष और इतनी ही राशि का दूसरा कर्ज 20 वर्ष के लिए लिया जाएगा! ₹2000 करोड़ का तीसरा कर्ज 21 वर्ष में चुकाया जाएगा! तीनों ही कर्ज पर साल में दो बार कूपन रेट पर ब्याज का भुगतान भी किया जाएगा! वित्तीय वर्ष 2023-24 में भाजपा सरकार अब तक कुल 27 हजार 500 करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी है! ₹5000 करोड़ के इस कर्ज को मिला लिया जाए, तो यह राशि 32 हजार 500 करोड़ हो जाएगी! 31 मार्च 2023 की स्थिति में सरकार पर तीन लाख 31 हजार करोड़ रुपए से अधिक कर्ज है! उल्लेखनीय यह भी है कि इसी माह 06 फरवरी को मोहन सरकार ने तीन हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया था! नरेन्द्र मोदी के चुनावी वादे और “मोदी की चुनावी गारंटी” के बावजूद लाड़ली बहनों को ₹3000 प्रतिमाह नहीं दिए जा रहे! धान का समर्थन मूल्य ₹3100 प्रति क्विंटल घोषित करने के बावजूद नहीं दिया गया! वहीं गेहूं को लेकर भी ₹2700 प्रति क्विंटल सिर्फ “चुनावी जुमला” ही साबित हो रहा है! सरकारी भर्तियों में खुलेआम धांधली चल रही है! सरकार की जांच रिपोर्ट संदिग्ध साबित हो रही है! युवा सड़कों पर उतरकर भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं! इसके बावजूद भी प्रदेश की भाजपा सरकार बेपरवाह है! एक ओर आर्थिक अराजकता का बढ़ता दायरा प्रदेश को कर्जदार बना रहा है, वहीं दूसरी तरफ युवा, गरीब, किसान और महिलाएं सरकारी वादे की पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं! लोकसभा चुनाव में उतरने की तैयारी कर रही है । भाजपा पहले जनता के सवालों के जवाब दे! ताकि, झूठे वादे करने वाले मुंह से, फिर कोई नया झूठ निकल नहीं पाए!

राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा प्रदेश में जिन जिलों से गुजरने वाली है वहां का जीतू पटवारी लेंगे जायजा

Jitu Patwari will take stock of the districts through which Rahul Gandhi’s Bharat Jodo nyaay Yatra is going to pass in Madhya Pradesh. प्रदेश कांग्रेस जीतू पटवारी अभा कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष श्री राहुल गांधीकी आयोजित भारत जोड़ों न्याय यात्रा की तैयारियों के संबंध में 22 से24 फरवरी तक रतलाम, धार, उज्जैन, शाजापुर, राजगढ़,गुना और शिवपुरी जिलों का सघन दौरा करेंगे भोपाल ! मध्य प्रदेश कांग्रेस कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी अभा कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष श्री राहुल गांधी की आयोजित भारत जोड़ों न्याय यात्रा की तैयारियों के संबंध में 22 से 24 फरवरी तक रतलाम, धार, उज्जैन, शाजापुर, राजगढ़, गुना और शिवपुरी जिलों का सघन दौरा करेंगे।उक्त आशय की जानकारी देते हुये प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी राजीव सिंह ने बताया कि श्री पटवारी 22 फरवरी को सुबह 10 बजे रतलाम में दोपहर 12 बजे सैनाला में, दोपहर 2.30 बजे बदनावर और अपरान्ह 4.30 बजे बड़नगर में श्री राहुल गांधी जी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा की तैयारियों के संबंध में इन जिलों के स्थानीय वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे।श्री पटवारी 23 फरवरी को सुबह 10 बजे शाजापुर में, दोपहर 12.30 बजे सारंगपुर में और अपरान्ह 3.30 बजे ब्यावरा में शाजापुर और राजगढ़ जिले के स्थानीय नेताओं के साथ राहुल गांधी जी की यात्रा की तैयारियों के संबंध में पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करेंगे।श्री राजीव सिंह ने बताया कि श्री पटवारी 24 फरवरी को गुना जिले के चाचौड़ा में सुबह 10 बजे, गुना में दोपहर 12.30 बजे बम्होरी में अपरान्ह 3 बजे और शिवपुरी जिले के कोलारस में शाम 5.30 बजे और शिवपुरी में शाम 7.30 बजे जिले के स्थानीय नेताओं के साथ राहुल गांधी जी की यात्रा की तैयारियों के संबंध में पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करेंगे।

पार्टी पलायन: 5 साल में कांग्रेस से भाजपा पहुंचे 62 नेता, 7 का भविष्य हुआ उज्जवल, बांकी मुंह ताक रहे

Party exodus: 62 leaders moved from Congress to BJP in 5 years, 7 have a bright future, the rest are staring at them भोपाल। पिछले पांच साल में कांग्रेस से भाजपा में 62 नेता पलायन कर गए। इसमें दावा किया है कि भाजपा में शामिल सिर्फ 7 नेताओं की ही किस्मत चमकी है। शेष पूर्व विधायक, जिलाध्यक्ष राजनीति में हाशिये पर हैं। भाजपा ने भले ही टिकट दिया लेकिन चुनाव नहीं जीत सके हैं। अब भाजपा में भी उनकी पूछ परख नहीं हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके सांसद बेटे नकुलनाथ के कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने की अटकलें हैं। दोनों नेता दिल्ली में हैं। रविवार को दिनभर अटकलें लगती रहीं कि कमलनाथ और नकुलनाथ रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर भाजपा में शामिल होंगे, लेकिन देररात तक ऐसा कुछ नहीं हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के कांग्रेस छोड़ने की चर्चाओं के बीच प्रदेश कांग्रेस में खलबली मच गई है। अब पिछले 5 साल में कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं के करियर पर भी चर्चा शुरू हो गई है। पिछले पांच साल में जिन 62 कांग्रेस नेताओं ने पार्टी छोड़ी। इनमें सिर्फ 7 नेता ही चांदी काट रहे है, बाकी पूर्व विधायक और जिलाध्यक्ष अब तक बैकबेंचर्स ही बने हुए हैं।  इनकी चमकी किस्मत   मध्य प्रदेश में 2018 में कमलनाथ ने भाजपा के विजय रथ को रोक कर कांग्रेस की सत्ता में वापसी कराई थी। हालांकि, 15 माह की सरकार के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इससे कांग्रेस की सरकार गिर गई थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा ने राज्यसभा में भेजा और उनके साथ आए समर्थक विधायकों को प्रदेश सरकार में मंत्री बनाया। सिंधिया केंद्र सरकार में उड्डयन मंत्री है। उनका कद भाजपा में लगातार बढ़ रहा है। उनके समर्थक विधायक तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, प्रद्घुमन सिंह तोमर समेत अन्य नेता भाजपा सरकार में मजबूत हुए।  55 नेताओं का भविष्य भाजपा में खत्म   कांग्रेस नेताओं का दावा है कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए 62 में से 55 नेताओं का भविष्य खत्म हो गया या राजनीति के हाशिये पर चले गए। अब वह भाजपा में बैकबैंचर्स की भूमिका में हैं। कांग्रेस के नेताओं का दावा है कि भाजपा उनका उपयोग करने के बाद उनकी राजनीति ही खत्म कर देगी। जानकारों का कहना है कि कांग्रेस अब अपने विधायक और बड़े नेताओं को भाजपा में शामिल होने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है। इन नेताओं का संकट में राजनैतिक भविष्य – पूर्व विधायक रघुराज सिंह कंसाना, गिर्राज डंडोतिया, कमलेश जाटव, राकेश मावई, उम्मेद सिंह बना, ओपीएस भदौरिया, रणवीर सिंह जाटव, मुन्नालाल गोयल, इमरती देवी, रामवरण सिंह गुर्जर, प्रदीप जायसवाल, अजय चौरे, सविता दीवान, लोकसभा प्रत्याशी मोना सुस्तानी, विजय सिंह सोलंकी सहित कई और भी नेता हैं। जिनके राजनैतिक भविष्य पर संकट आ गया है।

विधायक पर एफआईआर कराने सीएम हाउस पहुंचा संयुक्त संघर्ष मोर्चा  

United Sangharsh Morcha reached CM House to file FIR against MLA भोपाल। आठ साल पहले इकबाल मैदान में मध्य क्षेत्र के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के एक बयान को लेकर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी शनिवार को सीएम हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने सीएम मोहन यादव के ओएसडी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विधायक पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। मोर्चा अध्यक्ष शमसुल हसन बल्ली ने बताया कि आठ साल पहले (2016) में आरिफ मसूद ने मिली काउंसिल के सदस्यों के साथ इकबाल मैदान में धर्म सभा का आयोजन किया था, जिसमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह को लेकर अपशब्दों का प्रयोग किया गया। जिसमें मसूद और मिली काउंसिल के मौलानाओं ने हिंदू-मुस्लिम धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले बयान भी दिए थे। जिसके बाद इनके खिलाफ तलैया थाने में मामला लंबित है। मोर्चा पदाधिकारियों की शिकायत पर आठ साल में भी कार्रवाई नहीं की गई है। इस मामले में सीएम से विधायक पर कार्रवाई की मांग की गई है।

बीजेपी में जाने के सवाल पर कमलनाथ ने नहीं किया इनकार; बोले- आप उत्साहित क्यों?.. बता दूंगा

Kamal Nath did not deny the question of joining BJP;  Said- Why are you excited?..I will tell you भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ और उनके सांसद बेटे नकुलनाथ के बीजेपी में शामिल होने को लेकर अटकलें तेज हैं। इस बीच कमलनाथ, नकुलनाथ के साथ दिल्ली पहुंच गए हैं। दिल्ली पहुंचने पर कमलनाथ ने बीजेपी में जाने के मीडिया के सवाल पर इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि आप सभी उत्साहित क्यों हो रहे हैं? ऐसा कुछ होता है तो मैं आप सभी को सूचित करूंगा’ पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ दोनों का भाजपा में जाना लगभग तय ही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- ‘ये खबरें निराधार हैं। क्या आप सपने में भी सोच सकते हैं कि इंदिरा जी का तीसरा बेटा कांग्रेस छोड़ सकता है। वहीं पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कहा कि कमलनाथ के भाजपा में जाने की उम्मीद ही नहीं करनी चाहिए।  हाइलाइट्स

लोकसभा चुनाव से पहले बाबा महाकाल की शरण मे पहुंचेंगे राहुल गांधी, 25 फरवरी को लेंगे सभा

Before the Lok Sabha elections, Rahul Gandhi will reach Baba Mahakal’s shelter, will hold the meeting on 25th February. भोपाल। कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी इन दिनों भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर हैं। इसके साथ राहुल 25 फरवरी 2024 को उज्जैन आएंगे। जहां पर वे बाबा महाकाल के दर्शन करेंगे और उसके बाद यहां पर सभा को संबोधित भी करेंगे। लोकसभा चुनाव के पहले राहुल गांधी के उज्जैन आने की इस यात्रा को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मालवा निमाड़ क्षेत्र मे कई संसदीय सीट हैं, जिन पर राहुल गांधी के आने और सभा लेने से काफी प्रभाव पड़ सकता है।  कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा को लेकर 25 फरवरी की शाम 5 बजे उज्जैन आने वाले हैं, जहां पर वे मक्सी से उज्जैन पहुंचेंगे और सीधे बाबा महाकाल के दर्शन करने जाएंगे। उन्होंने बताया कि बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद राहुल इंदौर गेट पर पहुंचेंगे जहां कार्यकर्ता अभिनंदन करेंगे। इसके बाद यात्रा शुरू होगी।  यह यात्रा दौलतगंज, देवासगेट पर रुकेगी, जहां राहुल गांधी द्वारा सभा को संबोधित किया जाएगा। उसके बाद यह यात्रा मोहनपुरा पहुंचेगी जहां पर भी एक सभा का आयोजन होगा। राय ने बताया कि यह यात्रा इस सभा के बाद लगभग पांच दिनों तक यहां स्टे करेगी और उसके बाद यात्रा मुरलीपुरा क्षेत्र से 2 मार्च को फिर से शुरू होगी जो कि बड़नगर, बदनावर, झाबुआ होते हुए गुजरात जाएगी। 2022 को उज्जैन आए थे राहुल गांधी- राहुल गांधी 29 नवंबर 2022 को भारत जोड़ो यात्रा लेकर उज्जैन आए थे, जहां उन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन कर आगर रोड पर आमसभा को संबोधित भी किया था। इस यात्रा के बाद अब कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी फिर यात्रा लेकर उज्जैन आ रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किए ,

Bharatiya Janata Party announced candidates for the upcoming Rajya Sabha elections भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने दो राज्यों में होने वाले आगामी राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव हेतु निम्नलिखित नामों

बजट की माया, कौन समझ पाया… साहित्य की भाषा में समझें

The illusion of the budget who could understand… understand in the language of literature भोपाल। मध्यप्रदेश का वित्त बजट 3 लाख, 14, हजार, 25 करोड़ के लिए वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत किया गया है, वह वास्तव में पूर्ण बजट न होकर 31 जुलाई 2024 तक के लिए लेखानुदान है। इस बजट में यह समझदारी तो परिलक्षित होती ही है कि आगत लोकसभा के चुनाव को देखते हुए कोई कड़वी दवा न दी जाए। अत: इसको चुनावी बजट तो कहा ही जा सकता है। बड़ी बात यह कि जैसा विपक्षी दल यह दुष्प्रचार कर रहे थे, कि मामाजी के जाते ही लाडली बहनों को मिलने वाली राशि बंद कर दी जाएगी, उस आशंका और दुष्प्रचार को मोहन सरकार ने यथावत रखने हेतु वित्तीय प्रावधान रखकर, निर्मूल कर दिया। दूसरी बात यह कि भाजपा की नए वोटर पर पैनी दृष्टि है अत: 12 कक्षा में अच्छे नंबरों से पास होने वाली छात्राओं को अब साइकिल के स्थान पर ई स्कूटी देने हेतु बजट में प्रावधान रखना चतुराई का प्रमाण है। पहली बार पेपरलेस ई बजट प्रस्तुत करना डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ता हुआ एक कदम है। देश की जीडी पी में मध्यप्रदेश का योगदान 3.6 से बढ़कर 4.8 हो जाना आर्थिक स्थिरता और समृद्धि का परिचायक है।  इस बार का बजट युवा, महिला, बेटी और जनजातीय वर्ग को समर्पित है। साथ ही मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर को गति देने वाला है भोपाल, इंदौर मेट्रो को गति देने हेतु फंड का आवंटन इसका प्रमाण है। सरकार द्वारा 1000 वाहनों को अपने बेड़े में से कम करके उनकी जगह प्रदूषण रहित ई वाहन चलाने की घोषणा करना जहां पर्यावरण प्रदूषण को कम करने की स्वागत योग्य पहल है वहीं केंद्र सरकार की योजनाओं से तालमेल स्थापित करने का प्रयास भी है। मिलेट्स को बढ़ावा देने हेतु सब्सिडी की योजना से किसानों की आय बढ़ेगी, सीएम राइज स्कूलों के लिए बजट में वृद्धि निश्चित ही शिक्षा के क्षेत्र में एक सराहनीय पहल है। गरीबों को मकान की रजिस्ट्री की दर 5 प्रतिशत से 0 प्रतिशत कर देना भी राहत देने वाला कदम है। अनुसूचित जनजाति का बजट 37 प्रतिशत बढ़ा देना बताता है कि आदिवासी वोटों को सरकार अगले चुनावों में हाथ से नहीं जाने देना चाहती। भले ही बजट में कोई नया कर नहीं लगाया परंतु किसी तरह की कोई राहत भी नहीं दी गई। कुल मिलाकर नई सरकार मोदी के फुट प्रिंट पर चलती दिखाई दी। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस की कीमतों में कमी होने की अपेक्षा थी जो पूरी नहीं हुई। मैं चूंकि साहित्यकार हूं तो अपनी बात कहूंगा कि अधिकांश राज्यों में सरकार द्वारा पुस्तक खरीदी योजना चलाई जाती है, जिससे सत्साहित्य को एवम साहित्यकारों को बढ़ावा मिलता है तथा सामाजिक उत्थान होता है। मध्यप्रदेश में भी यह योजना लागू थी परंतु कुछ वर्षों से पुस्तक खरीदी योजना बंद होने से साहित्यकारों में निराशा और आक्रोश है। साहित्यकार कई वर्षों से यह मांग करते आ रहे हैं परंतु इस बार भी सरकार ने निराश किया। आशा है मुख्यमंत्री इसपर ध्यान देंगे।

हरदा में आमने-सामने प्रशासन और दिग्विजय : सोशल मीडिया पर लिखा भारत रत्न, राम मंदिर और ईवीएम भाजपा के राजनीतिक हथियार

Administration and Digvijay face to face in Harda: Bharat Ratna, Ram Temple and EVM are political weapons of BJP, written on social media  फिर पीएम मोदी : बहन जी को खुश करने के लिए काशीराम को और उद्धव को खुश करने के लिए बाला साहेब ठाकरे को क्यों नहीं: राज्य सभा सांसद भोपाल। हरदा में पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में घटनास्थल पर जा रहे पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को पुलिस और प्रशासन ने रोक दिया। इस दौरान बहस जैसी स्थिति भी बनी, दोनों ही आमने-सामने हो गए। बाद में कलेक्टर आदित्य सिंह से मोबाइल फोन पर चर्चा के बाद उन्हें जाने दिया गया। दिग्विजय सिंह के साथ पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और हरदा विधायक डॉ. आरके दोगने भी मौजूद रहे। उन्होंने कुछ पीड़ित परिवारों के सदस्यों के साथ क्षतिग्रस्त मकानों का निरीक्षण किया।वहीं दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत रत्न, राम मंदिर और ईवीएम भाजपा के राजनीतिक हथियार है।  इस पर भाजपा विधायक सिद्धार्थ तिवारी ने पलटवार किया। उन्होंने दिग्विजय सिंह से पूछा कि क्या कमलनाथ ने छिंदवाड़ा फजीर्वाड़े से जीता। उन्होंने दिग्विजय को रीवा संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने की चुनौती भी दी। पीएम मोदी को लेकर लिखा कि क्या यह आपके राजनीतिक खेल का एक और हथियार है। इसमें कोई संदेह नहीं कि सभी का राष्ट्रीय राजनीति और भारत की प्रगति में बहुत बड़ा योगदान था, तो फिर बहन जी को खुश करने के लिए काशीराम को और उद्धव को खुश करने के लिए बाला साहेब ठाकरे जी को क्यों नहीं।  राजनीतिक शस्त्रागार में राम और ईवीएम दिग्विजय सिंह ने आगे लिखा कि यह 2024 के संसद चुनावों के लिए आपके एजेंडे में फिट होगा। आप इतने हताश क्यों हो। आपके राजनीतिक शस्त्रागार में पहले से ही प्रभु राम और ईवीएम हैं। आप ऐसे शक्तिशाली मुद्दों के साथ, 2024 का संसद चुनाव मतपत्र के माध्यम से कराने का साहस रखें। विदेशों में संदिग्ध संगठनों के कुछ प्रमाणित सर्वेक्षणों के अनुसार आपकी दुनिया में सबसे अधिक लोकप्रिय रेटिंग है। पुतिन, बाइडेन, शी जिनपिंग से भी ऊपर। फिर आपको किस बात का डर है। आगे बढ़ें और मतपत्र के माध्यम से 2024 के संसद चुनावों की घोषणा करें। अब तो पाकिस्तान ने भी ऐसा कर दिया है।

केंद्र सरकार के इशारे पर आयकर विभाग कार्यवाही के नाम पर कांग्रेस नेताओं पर दबाव डाल रहा है : जीतू पटवारी

At the behest of the Central Government, the Income Tax Department is putting pressure on Congress leaders in the name of action: Jitu Patwari भोपाल । मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा के दौरान कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार के इशारे पर आयकर विभाग द्वारा हाल ही में कांग्रेस पार्टी के देश एवं प्रदेश के सैकड़ों नेताओं व कार्यकर्ताओं को समन जारी किये जाने की खबरें सामने आ रही हैं। आयकर विभाग द्वारा कांग्रेस नेताओं पर की जा रही यह कार्यवाही केंद्र सरकार के इशारे पर आयकर विभाग द्वारा केवल दबाव डालने और राजनैतिक उद्देश्यों से प्रेरित होकर की जा रही है। जब-जब चुनाव आते हैं सत्ता में बैठी भाजपा का यह घिनौना कृत्य करने का तरीका सामने आने लगता है।   पटवारी ने कहा कि इससे पूर्व भी 2019 में लोकसभा चुनाव के ठीक पहले ऐसी ही कार्यवाही राजनैतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए केंद्र सरकार के दबाव में आयकर विभाग द्वारा कांग्रेस नेताओं पर की गई थी, अवैधानिक तरीके से छापे मारी की गई थी, इस कार्यवाही को लेकर न्यायालय में भी चुनौती दी गई थी जो आज भी लंबित है। आयकर विभाग इस न्यायालयीन प्रक्रिया में न्यायालय के समक्ष दस्तावेज तक पेश नहीं कर सकी। इसी तरह अब 2024 में भी निकट भविष्य में लोकसभा चुनाव होना है तो फिर आयकर विभाग ने केंद्र सरकार के इशारे पर उसी तरह की कार्यवाही को दोहराना शुरू कर दिया है। कांग्रेस से जुड़े नेताओं, कार्यकर्ताओं को कभी समन तो कभी नोटिस देकर प्रताड़ित किया जा रहा है। आयकर विभाग से जारी नोटिस एवं समन में किसी भी करदाता से कोई दस्तावेज नहीं मांगा गया, केवल उनकी उपस्थिति के आदेश जारी किये गये हैं। इनता ही नहीं समन जारी होने पर उनके विधिक जबाव भी पेश किये गये, जिसमें समन जारी करने के विधिक कारण भी चाहे गये हैं। आयकर विभाग द्वारा केवल एक पंक्ति का आदेश दिया गया है जिसमें कोई दस्तावेज नहीं, बल्कि कांग्रेस के पूर्व मंत्रियों, वर्तमान एवं पूर्व विधायकों को दिल्ली स्थित आयकर विभाग के कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया है। वहीं पटवारी ने यह भी कहा कि जो हमारे पूर्व साथी आज भाजपा में चले गये हैं, जो मौजूदा सरकार में मंत्री, विधायक हैं उनमें से किसी भी व्यक्ति को आयकर विभाग द्वारा एक भी समन अथवा नोटिस जारी नहीं किया गया है। इस तरह की पक्षपातपूर्ण राजनीति से स्पष्ट है कि आयकर विभाग स्वयं एक राजनैतिक पार्टी की तरह हर चुनाव के पूर्व मात्र सनसनी पैदा करने व राजनैतिक प्रतिद्धंदियों की मानहानि के उद्देश्य से काम करता है। पटवारी ने पत्रकारों से पूछे गए सवाल में कहा कि मैं राज्यसभा सदस्य की दौड़ में शामिल नहीं हूं। एक व्यक्ति एक पद की गरिमा पर कायम हूं और रहूंगा। वहीं प्रदेश सरकार द्वारा किसानों, महिलाओं के साथ किये जा रहे धोखे पर कहा कि किसानों को 2700 और 3100 रू. धान एवं गेहूं पर समर्थन मूल्य दे सरकार। वहीं महिलाओं को 3000 रूपयें और 450 रू. में सिलेण्डर देने की जो राज्य सरकार ने अपने घोषणा पत्र में बात कही भी, उस पर भी सरकार अमल करें। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जितनी कोशिश आंदोलन को असफल बनाने में कर रही है, यदि उससे आधे प्रयास भी किसानों की मांगों व समस्याओं को सुनने में लगा दे तो बहुत हद तक असलियत समझ आ जाएगी। पटवारी ने कहा कि भाजपा द्वारा कांग्रेस के लोगों पर ईडी और आयकर का दबाव बनाकर उन्हें भाजपा में शामिल करने का दबाव बनाया जा रहा है। वहीं कुछ स्वार्थी प्रकार के नेता ईडी आयकर के डर से अपने धंधा बचाने स्वयं भाजपा में शामिल हो रहे हैं।

कमलनाथ की जिद के आगे बौने पड़े प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह और जीतू

State in-charge Jitendra Singh and Jitu were dwarfed by Kamal Nath’s stubbornness. भोपाल। ‘वक्त है बदलाव का’ यह स्लोगन कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दरमियान जारी किया था। स्लोगन का असर न तो मतदाताओं पर पड़ा और न ही कांग्रेस जनों पर दिखाई दे रहा है । अलबत्ता बदलाव के नाम पर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हुई अप्रत्याशित हार के बाद पार्टी हाई कमान ने प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को हटाकर जीतू पटवारी को नया अध्यक्ष मनोनीत कर दिया। नेताओं और कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि अब कांग्रेस में बदलाव होगा पर ऐसा नहीं हो रहा है। कमलनाथ के जमाने के वही पदाधिकारी आज भी महत्वपूर्ण पदों पर काबिज हैं। यही कारण है कि प्रदेश प्रभारी महामंत्री भंवर जितेंद्र सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी एआईसीसी सदस्य को बहाल नहीं करवा पा रहे हैं। दरअसल, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद एआईसीसी सदस्य सिवनी के राजा बघेल को निष्कासित कर दिया था। यह बात अलग है कि एआईसीसी के सदस्य को निष्कासित करने का अधिकार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को नहीं है पर कमलनाथ का का कद कांग्रेस में इतना ऊंचा है कि पार्टी हाई कमान से लेकर प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी तक बौने नजर आते हैं। सूत्रों का कहना है कि पार्टी हाई कमान से लेकर प्रदेश के मुख्य प्रभारी जितेंद्र सिंह तक ने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को लिखित और मौखिक आदेश देने के बाद भी आज तक राजा बघेल की बहाली नहीं हो पाई है। हद तो तब हो गई, जब प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने कुछ पदाधिकारी की उपस्थिति में स्पीकर ओपन कर टेलीफोन पर संगठन प्रभारी राजीव सिंह को बहाली के निर्देश दिए। बघेल को बहाल करने के निर्देश देते समय पटवारी ने एआईसीसी पदाधिकारी और प्रभारी जितेंद्र सिंह के लिखित और मौखिक फरमानों का संदर्भ दिया। पटवारी को उनके निर्देश पर दो-टूक जवाब मिला कि कमलनाथ ने निष्कासित किया है, इसलिए बहाल का आदेश जारी नहीं करेंगे। यह जवाब सुनकर पटवारी के पास बैठे कतिपय सीनियर पदाधिकारी स्तब्ध रह गए। स्वाभाविक तौर पर उनके मन में एक यक्ष प्रश्न उठने लगा है कि क्या कमलनाथ के आगे प्रदेश अध्यक्ष की कोई भी साथ नहीं है? राजनीतिक गलियारों में यह सवाल भी यूं ही नहीं गूंज रहा है। दरअसल प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अभी तक अपनी कोई नई टीम नहीं बना पाए हैं। यहां तक कि पटवारी के सबसे नजदीकी पूर्व विधायक कुणाल चौधरी को ही कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं दे पा रहे हैं। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष पटवारी को पूर्व प्रदेश अध्यक्षों कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और सुरेश पचौरी के समर्थक पदाधिकारियों के सहारे संगठन का संचालन करना पड़ रहा है। दिलचस्प पहलू यह है कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के मुख्य सिपहसालार रहे सज्जन वर्मा आज जीतू पटवारी के राइट हैंड माने जाते हैं। वैसे राजनीति में नेताओं की आस्था और निष्ठा बदलती रहती है।

आदिवासी,दलित एवं वंचित समाज के साथ न्याय करें प्रधानमंत्री : जीतू पटवारी

Prime Minister should do justice to tribal, Dalit and deprived society: Jitu Patwari कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पूछे प्रधानमंत्री से 5 प्रश्न भोपाल । मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का मध्य प्रदेश में स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से पांच प्रश्न किए हैं। पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में 22% से अधिक आबादी वाला आदिवासी समुदाय डबल इंजन की सरकार से बहुत सारी उम्मीदें रखता है एवं यह अपेक्षा भी रखता है कि उसकी सुनवाई तत्काल हो परंतु प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार उनकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही है।  पटवारी ने पहला प्रश्न करते हुए पूछा कि अब तक  वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टे वितरित क्यों नहीं किए गए, जबकि राज्य में आदिवासी और अन्य परंपरागत वन निवासी, पीढ़ियों से वन भूमि पर खेती करते आ रहे हैं। कई साल पहले उन्हें इसका अधिकार देने वाला क़ानून – वन अधिकार अधिनियम – भी बन गया है। फिर भी ये लोग बीते कई सालों से अपने वन अधिकारों के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। ऐसा क्यों?  पटवारी ने दूसरे प्रश्न में पूछा कि  एससी/एसटी के रिक्त बैकलॉग पदों की संख्या बढ़कर 1 लाख 50 हजार के करीब हो चुकी है तथा अनुमान के मुताबिक करीब 40 हजार पद सिर्फ शिक्षक पात्रता परीक्षा के वर्ग-1, वर्ग -2 और वर्ग तीन में खाली हैं, इसके अलावा सामाजिक न्याय, महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में हजारों की संख्या में पद रिक्त पड़े हैं इन पर भर्ती क्यों नहीं की जा रही? तीसरे प्रश्न में श्री पटवारी ने पूछा कि मध्य प्रदेश में पिछले आठ वर्ष से सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नतियां नहीं हुई हैं। वर्ष 2016 में हाई कोर्ट जबलपुर ने पदोन्नति नियम 2002 को निरस्त कर दिया था। तब से अब तक  कई बार भाजपा सरकार आ चुकी है, लेकिन अब तक सरकार पदोन्नति का रास्ता क्यों नहीं निकाल पाई हैं? चौथे प्रश्न में पटवारी ने पूछा कि यूपीए सरकार द्वारा शुरू की गई मनरेगा योजना ने आदिवासी क्षेत्र से बड़े पैमाने पर पलायन को रोक दिया था परंतु आदिवासी मजदूरों को आजकल मनरेगा योजना के तहत भुगतान प्राप्त करना क्यों मुश्किल हो रहा है, 10 साल की आपकी सरकार और 20 साल की प्रदेश सरकार ने पलायन रोकने के लिए कोई निर्णायक प्रयास क्यों नहीं किए?  पटवारी ने प्रधानमंत्री से पांचवे प्रश्न में पूछा कि क्या यह सच नहीं है कि  देशभर में आदिवासियों पर सर्वाधिक अत्याचार मध्यप्रदेश में ही होते हैं? एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2022 में आदिवासियों के खिलाफ 2979 मामले सामने आए, जो कि पिछले साल के मुकाबले में 13% अधिक हैं! क्या आप प्रदेश के गृहमंत्री का पद संभालने वाले मुख्यमंत्री को आदिवासी अत्याचार रोकने को लेकर कोई प्रभावी निर्देश देकर जाएंगे?  पटवारी ने कहा कि उम्मीद है झाबुआ के जरिए प्रधानमंत्री जी भाजपा सरकारों के योगदान का आत्म विश्लेषण जरूर करेंगे और वंचित वर्ग के साथ न्याय करेंगे।

महिला अपराधों को लेकर विधानसभा में गरजें , जौरा पंकज उपाध्याय

Roar in the assembly regarding crimes against women, Jaura Pankaj Upadhyay भोपाल । प्रदेश में महिलाओं पर घटित अपराधों पर विधायक जौरा पंकज उपाध्याय ने विधानसभा में उठाया मुद्दा सरकार ने दिया आधी अधूरी जानकारी प्रदेष में तेज से बढ रहे है अपराध  श्री पंकज उपाध्यायः- धन्यवाद, माननीय अध्यक्ष जी पहली बार ही सदन में आया हूं और पहली बार ही बोलने का मौका मिला है. आप जब अध्यक्ष बने थे, जब भी मैंने सोचा था कि बोला जाये, परंतु पता नहीं था कि सदन में किस तरह से बोला जाता है. आप जब अध्यक्ष बने थे तो हमें बडी प्रसन्नता हुई थी कि आप हमारे क्षेत्र के हैं और बडा गौरव है कि आप इस स्थान पर विराजित         अशोधित ध् प्रकाशन के लिए नहीं हैं बडा गरिमामय सदन है और उच्चकोटि के ज्ञानी यहां पर बैठे हुए हैं. श्री प्रहलाद सिंह पटेल जी हैं, हमारे संसदीय कार्य मंत्री आदरणीय कैलाश जी यहां पर हैं, पहली बार सदन में आया हूं, समझता हूं कुछ सीखने के लिये मिलेगा, कुछ गलती करूं तो आप मुझे क्षमा करियेगा. मैंने प्रश्न उठाया था उसका कोई यथोचित उत्तर नहीं दिया गया है, मेरा प्रश्न था कि प्रत्येक थाने में क्षेत्र में कितनी आबादी होनी चाहिये ? जब थाना बनता है और कितनी आबादी पर कितना पुलिस बल होना चाहिये. इसको कोई उचित जानकारी नहीं दी गयी है. मैंने खण्ड (ग) में पूछा था कि एससीएसटी महिला अपराधों की संख्या कितनी हुई है और अपराधों में किन-किन लोगों को सजा दी गयी है. उसकी भी अधूरी जानकारी दी गयी है. मैं जानकारी चाहता हूं. श्री पंकज उपाध्याय  माननीय अध्यक्ष जी, मैंने जानकारी चाही थी कि 7 थानों में वर्ष 2015 से 2023 तक कितनी एससीएसटी महिलाओं के खिलाफ अपराध दर्ज हुए और कितने लोग बरी हुए, यह तो साधारण सी जानकारी है, जिसको आप दे सकते थे. दूसरा कि मेरे विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत 7 थाने हैं. एक थाना 90 किलोमीटर वर्ग क्षेत्र में आता है और दूसरा 900 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में आता है. बागचीनी में 2 एसआई, 4 थाना प्रभारी और 14 आरक्षक हैं. जबकि निरार थाने में जो 500 स्क्वेयर मीटर में मात्र 1 एसआई, 3 प्रधान आरक्षक और 11 आरक्षक हैं और कोई अपराधों की जानकारी भी नहीं दी गयी है. महिला स्टॉफ की भी जानकारी नहीं दी गयी है. सम्पूर्ण विधान सभा क्षेत्र में स्टॉफ की मात्रा बहुत कम है. जैसा कि इन्होंने जो जानकारी दी है, उसमें देवगड में 14 आरक्षक होना चाहिये, लेकिन 4 हैं. चिन्नौनी में 22 आरक्षण होना चाहिये, परंतु वहां 11 आरक्षण हैं. हमारे जौरा में 22 आरक्षक होना चाहिये, लेकिन 20 हैं. लगभग आधा स्टॉफ है हम अपेक्षा करते हैं कि आप सुशासन लेकर आयेंगे. तो इस आधे स्टॉफ से तो हम सुशासन नहीं ला सकते हैं. क्योंकि हमारा क्षेत्र बडा अपराधों का क्षेत्र है, वहां पर बडे अपराध होते हैं. ऐसी ही महिलाओं के प्रति अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है, बलात्कार हो रहे हैं, वर्ष 2021 में इसमें 400 प्रतिशत की वृद्धि हुई, वर्ष 2023 में तो इन्होंने जानकारी देना भी उचित नहीं समझा तो जो लूट हो रही हैं. मैंने एक चीज और पूछी थी कि चेन श्रेचिंग की घटनाएं लगातार बढती जा रही हैं. हमारे विधान सभा क्षेत्र में पिछले 3 दिन में 2-3 घटनाएं हो गईं. एक एफआईआर हुई है. श्रीमती पुष्पा गोयल नाम की हमारी चाची लगती हैं, श्री केशव गोयल जी की पत्नी हैं, उनकी सरेआम दिन दहाडे चेन लूट ली गई, लेकिन उस पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई. ऐसी कई सारी घटनाएं हैं जो चर्चा में भी नहीं आ पाती हैं. एफआईआर भी थानों में लिखाने में लोग हिचकिचाते हैं. (’क्र. 750) श्री पंकज उपाध्याय क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिला में महिलाओं के विरूद्ध घटित अपराधों की शीर्षवार सूची वर्ष 2015 से दिसम्बर 2023 तक की वर्षवार, विधान सभावार देवें तथा बतायें कि 2019 की तुलना में 2023 में किस- किस शीर्ष में कितने प्रतिशत वृद्धि तथा कितने प्रतिशत कमी हुई? (ख) जौरा विधानसभा क्षेत्र में कितने थाने हैं? प्रत्येक थाने का क्षेत्र एरिया कितना है तथा कितनी आबादी शामिल है? उक्त थानों में स्वीकृत पद किस-किस प्रकार के कितने हैं तथा नियुक्ति कितनी है तथा खाली पद कितने हैं? दिसम्बर 2023 अनुसार बतावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के थानों के अनुसार महिलाओं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विरूद्ध घटित अपराधों की शीर्षवार वर्ष 2015 से 2023 तक की जानकारी देवें तथा बतावें कि वर्ष 2019 से 2023 तक प्रतिवर्ष किस-किस शीर्ष में कितने प्रतिशत वृद्धि तथा कमी हुई? (घ) जौरा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2015 से 2023 तक में महिलाओं, अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के विरूद्ध घटित अपराधों में शीर्षवार, वर्षवार, थाने अनुसार बतायें कि सजायाबी की दर कितने प्रतिशत है? (ड.) जौरा विधानसभा क्षेत्र में 2018 से दिसम्बर 2023 तक नाबालिग बालक-बालिका तथा महिलाओं के गुम होने के कितने प्रकरण हुए तथा कितने नाबालिग बालक-बालिका तथा महिलाएं दस्तयाब की गईं?

मप्र से राज्यसभा को मिलेगी एक सीट, दावेदारों ने बढ़ाई कांग्रेस की मुसीबत

Rajya Sabha will get one seat from MP, claimants increase Congress’s troubles सोनिया गांधी से मिले कमलनाथ, राज्यसभा जाने जोर अजमाइश शुरू कमलनाथ ने 13 फरवरी को भोपाल में निवास पर विधायकों को डिनर पर बुलाया मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के आला नेता कमलनाथ ने सोनिया गांधी से मुुलाकात की। सूत्रों की माने तो मुलाकात के दौरान मप्र की राज्यसभा सीट को लेकर उनकी चर्चा हुई है। हालांकि अभी ऐसा कोई ऐलान नहीं हुआ है।  भोपाल। कांग्रेस के आला नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात की है। कमलनाथ ने सोनिया गांधी से खुद के लिए राज्यसभा टिकट की मांग की है। मध्य प्रदेश से कांग्रेस को एक राज्यसभा सीट मिलनी है। मध्यप्रदेश से स्थानीय उम्मीदवार देने की सूरत में आलाकमान ओबीसी उम्मीदवार पर दांव लगाने के मूड में है, जिसमें पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव और वर्तमान अध्यक्ष जीतू पटवारी के नाम की चर्चा है। इस बीच, 13 फरवरी को कमलनाथ ने कांग्रेस विधायकों को डिनर पर बुलाया है। ये डिनर पहले से प्रस्तावित है। बता दें कि अपने बेटे नकुलनाथ को छिंदवाड़ा से लड़ाने का ऐलान कर चुके कमलनाथ खुद के लिए राज्यसभा चाहते हैं। कमलनाथ के करीबी सूत्रों के मुताबिक, अगर पिछड़ों को आरक्षण का कार्ड खेल रहे राहुल गांधी के चलते आलाकमान ओबीसी या एससी एसटी को राज्यसभा देने पर अड़ता है तो कमलनाथ आखिरी मौके में अपने करीबी पूर्व सांसद सज्जन (एससी) पर दांव लगा सकते हैं, लेकिन फिलहाल तो वो खुद के लिए राज्यसभा की जुगत में हैं। ऐलान: नकुलनाथ फिर लड़ेंगे छिंदवाड़ा से चुनाव बता दें कि इसके पहले कमलनाथ ने कहा था कि उनके बेटे नकुल एआईसीसी द्वारा सीट के लिए नामांकित किए जाने के बाद आगामी चुनाव में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। कमलनाथ का बयान नकुल के बयान के एक दिन बाद आया था, जो वर्तमान में छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, उन्होंने घोषणा की थी कि वह आगामी चुनावों में इस सीट से फिर से चुनाव लड़ेंगे। एआईसीसी द्वारा औपचारिक घोषणा से पहले कमलनाथ के बेटे द्वारा छिंदवाड़ा लोकसभा सीट के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा ने कांग्रेस सर्कल में कई लोगों की भौंहें चढ़ा दी थी, जिससे पूर्व मुख्यमंत्री को इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देने के लिए मजबूर होना पड़ा था। कमलनाथ की सफाई: एआईसीसी करेगी नामांकित, तो बेटा लड़ेगा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था, कांग्रेस ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए तैयारी शुरू कर दी है और नकुल नाथ एआईसीसी द्वारा नामांकित किए जाने के बाद छिंदवाड़ा से फिर से चुनाव लड़ेंगे। बेटे नकुलनाथ की घोषणा के बाद कमलनाथ की सोनिया गांधी से मुलाकात राजनीतिक रूप से काफी अहम मानी जा रही है। इस बीच, कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वह आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, क्योंकि राज्यसभा सदस्य के रूप में उनके पास अभी भी दो साल बाकी हैं।

विधानसभा: लाइसेंस पटाखे का, बन रहे थे बम: बरैया

Assembly: License of firecrackers, bombs were being made: Baraiya भोपाल। हरदा विस्फोट मामले को लेकर गुरूवार को कांग्रेस विधायकों ने सरकार को घेरते हुए जमकर हंगामा किया। कांग्रेस विधायक राम किशोर दोगने ने दोषियों को फांसी देने की बात कही, तो दूसरी ओर से विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा कि लाइसेंस जरूर पटाखे का था, लेकिन वह इसमें बम बनाने लगे थे, क्योंकि पटाखों से इतना बड़ा विस्फोट नहीं हो सकता। बरैया ने कहा कि यदि सरकार से इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच करनी है तो कलेक्टर और एसपी पर एफआईआर करके जेल भेजा जाना चाहिए। क्योंकि यदि वह लोग समय-समय पर जांच करते रहते तो यह घटना नहीं होती। बरैया ने कहा कि मृतकों को एक-एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। अधिकारियों की मिलीभगत से चल रही थी बम फैक्ट्री  कटारेकांग्रेस के विधायक और उपनेता हेमंत कटारे ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की मिलीभगत से ही हरदा में वह फैक्ट्री संचालित हो रही थी, जो कई लोगों की मौत का कारण बनी। कटारे ने कहा कि कई लोग अपने परिचितों को तलाश रहे हैं। ट्रांसफर करना यह हटाना कोई कार्रवाई नहीं है। विधायक रामेश्वर ने किया पलटवारकांग्रेस विधायकों के आरोपों को लेकर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि बम, पटाखा, आतंकवाद इनकी जड़ कांग्रेस ही है। विपक्ष के विधायकों को चाहिए कि इस तरह का आचरण न करें और सदन की कार्यवाही में सहयोग करें।

भारत जोड़ों न्याय यात्रा, डोनेट फॉर न्याय अभियान के तहत कांग्रेसजनों ने किया डोनेशन

Congressmen made donations under Bharat Jodo Nyay Yatra, Donate for Nyay campaign भोपाल। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा निकाली जा रही है भारत जोड़ो ने यात्रा के लिए डोनेट फॉर न्याय अभियान के माध्यम से मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आज अभा कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष अजय माकन, महासचिव मप्र प्रभारी जितेन्द्र सिंह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और उपनेता हेमंत कटारे की उपस्थिति में एक कांग्रेस नेताओं को डोनेट फॉर न्याय योजना के अंतर्गन में डोनेशन देने के प्रमाण पत्र और भारत जोड़ो न्याय यात्रा की प्रिंटेड टी-शर्ट प्रदान की। पटवारी, सिंघार सहित वरिष्ठ नेताओं ने योजना के तहत 6700 रूपये तथा उससे अधिक की राशि जमा की। इस दौरान कुछ ही मिनिटों में सैकड़ों कांग्रेसजनों ने राशि जमा कर योजना में अपनी सहभागिता दर्ज करायी और वरिष्ठ नेताओं द्वारा सर्टिफिकेट और टी-शर्ट प्राप्त की।  पटवारी ने इस दौरान कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए डोनेट फॉर न्याय योजना कांग्रेस पार्टी चलायी गई है। हम सभी का दायित्व है कि वह इस अभियान में शामिल होकर देश और लोकतंत्र की रक्षा करने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। अजय मकहा बहुत ही कम समय में इस अभियान से काफी लोग जुड़े है। मध्य प्रदेश में तीसरे नंबर पर है। उन्होंने कहा कि जानकर हैरानी होगी कि इस तरह की शुरुआत आजादी की लड़ाई के दौरान महात्मा गांधी ने 1920 में 25-25 पैसे पूरे देश की जनता से एकत्र कर शुरुआत की थी और क्राउड फंडिंग से राशि जमा हुई थीं महात्मा गांधी के नेतृत्व में उस समय कुछ ही समय में एक करोड़ रूपया एकत्रित हो गया था, जिसका उपयोग देश की आजादी के लिए किया गया।  उन्होंने कहा कि उस समय तो हमें ज्यादा फंडिंग की जरूरत नहीं पड़ती थी क्योंकि लेकिन पार्टी को चलाने के लिए अब हमें उनकी आवश्यकता होती है। हम धनाण्य पूंजीपतियों के सामने अपनी झोली नहीं फैला रहे हैं, बल्कि कांग्रेस के एक छोटे से सिपाही से देश और लोकतंत्र को बचाने के लिए यह अभियान चला रहे है। मौजूदा स्थिति में आज कांग्रेस के सामने दो विकल्प हैं, या तो हम पूंजीपतियों के सामने झोली लेकर खड़ें हों या देश की जनता और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से ही धनराशि प्राप्त करें, लिहाजा राहुल गांधी जी ने जनता और कार्यकर्ताओं के सामने झोली फैलाना उचित समझा। इस अभियान में जो 67 रूपये दे रहा है वह पूंजीपतियों से ज्यादा महत्व रखेगा। इस अभियान से हमारा उद्देश्य कार्यकर्ताओं को जोड़ना है। वहीं उन्होंने कहा कि जो संगठन जितनी राशि एकत्र करेगा उसकी आधी राशि उस संगठन को दी जायेगी।

विधानसभा में आज पेश होगा द्वितीय अनुपूरक बजट, हरदा की दुर्घटना को लेकर हंगामे के आसार

Second supplementary budget will be presented in the assembly today, chances of uproar over Harda accident वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा पेश करेंगे अनुपूरक बजट। हरदा हादसे को लेकर कांग्रेस विधायकों ने दी काम रोककर चर्चा कराने की सूचना। राज्यपाल के अभिभाषण पर होगी चर्चा। भोपाल। मप्र विधानसभा का बजट शत्र बुधवार से शुरू हो गया है। गुरुवार को यानी आज सत्र के दूसरे दिन वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा वर्ष 2023-24 के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेंगे। इसमें अधोसरंचना विकास के लिए निर्माण विभागों को अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, कांग्रेस के सदस्यों द्वारा हरदा की दुर्घटना को लेकर काम रोको सूचना पर चर्चा कराने की मांग को लेकर सदन में हंगामे के आसार हैं। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी की है। कांग्रेस विधायक दल की ओर से रामनिवास रावत, हेमंत कटारे सहित अन्य विधायकों ने हरदा में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट को लेकर सदन का काम रोककर चर्चा कराने की सूचना विधानसभा सचिवालय को दी है। सदन में विपक्ष द्वारा गुरुवार को इस विषय को उठाने की तैयारी की गई है। कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में भी इस विषय को उठाया गया। उधर, राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा की शुरुआत ध्यानाकर्षण के बाद होगी। इस दौरान तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री गौतम टेटवाल मध्य प्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश 2024 पटल पर रखेंगे।

मोदी 11 फरवरी को झाबुआ में जनजातीय सम्मेलन से आदिवासी वर्ग को साधेंगे, प्रचार का करेंगे शंखनाद

Modi will appeal to the tribal community at the Tribal Conference in Jhabua on 11th February, and will blow the trumpet for publicity. भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 फरवरी को झाबुआ में जनजातीय सम्मेलन को संबोधित करेंगे। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रधानमंत्री पहली बार एमपी आ रहे हैं। सम्मेलन से प्रधानमंत्री लोकसभा चुनाव प्रचार का शंखनाद करेंगे। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा ने आदिवासी वर्ग को साधने के लिए दो साल पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। पेसा एक्ट से लेकर कई पहल आदिवासी वर्ग को साधने के लिए की गई थी। इसके बावजूद विधानसभा चुनाव में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित 47 सीट में से 24 सीट ही भाजपा जीत पाई। 22 सीट कांग्रेस और एक सीट पर भारत आदिवासी पार्टी ने कब्जा जमाया। अब लोकसभा चुनाव में फिर भाजपा ने आदिवासी वर्ग को साधने की रणनीति बनाई है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 फरवरी को झाबुआ में जनजातीय सम्मेलन को संबोधित करेंगे। यहां से पीएम मध्य प्रदेश और गुजरात दोनों राज्यों के आदिवासी वर्ग को साधेंगे। रैली को सफल बनाने के लिए भाजपा कार्यकर्ता घर-घर संपर्क करेंगे। इसकी तैयारियों को लेकर सोमवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, प्रदेश चुनाव प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने तैयारियों का जायजा लिया। प्रदेश में लोकसभा की 29 सीटें है। इसमें से 6 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। अभी छिंदवाड़ा सीट छोड़कर बाकी सभी सीटों पर भाजपा का कब्जा है। रैली को सफल बनाने में जुट जाएं कार्यकर्ता प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने निरीक्षण के बाद कार्यकर्ताओं का कहा कि रैली में हर मन में भी भगवा नजर आना चाहिए। प्रधानमंत्री की रैली में जनजातीय समाज के अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करें। 15 विधानसभाओं में लोगों से संपर्क करना है। हमें जनजातीय समाज के प्रमुख लोगों, संत-महात्माओं को भी इन कार्यक्रमों से जोड़ना है और जनजातीय भाई-बहनों के बीच विशेष रूप से प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार करना है। हर घर में जाना है, हर कुंडी खटकाना है लोकसभा चुनावों के लिए प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है कि भगवान श्रीराम को अयोध्या लाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 तारीख को झाबुआ पधार रहे हैं। हम सभी कार्यकर्ताओं को पूरे प्राण प्रण से तैयारी में जुटना है और कार्यक्रम को सफल बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों में सभी की सहभागिता सुनिश्चित हो, इसके लिए हमें घर-घर जाना है और हर घर कुंडी खटखटाना है। जनजातीय संस्कृति के अनुरूप हो प्रधानमंत्री का स्वागतप्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत गौरवशाली जनजातीय परंपराओं और संस्कृति के अनुरूप करना है। उनके स्वागत के लिए जनजातीय संस्कृति के प्रतीकों तीर-कमान, ढोल, फालिया आदि का प्रयोग होना चाहिए।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को तीन माह से वेतन नहीं, कमलनाथ ने सरकार को घेरा

Anganwadi workers and assistants have not been paid for three months, Kamal Nath cornered the government महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को तीन माह से वेतन नहीं मिला है। इसको लेकर पूर्व सीएम कमलनाथ ने भाजपा सरकार को घेरा है। मध्य प्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग में बजट की कमी के चलते आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को तीन माह से वेतन नहीं मिला है। वहीं, दो माह से सुपरवाइजर और सीडीपीओ को भी मानदेय नहीं मिल पा रहा है। इसका कारण विभाग में बजट की कमी बताई जा रही है। वहीं, विभाग के जिस मद में पैसा रखा है, उसको वेतन में देने के लिए वित्त विभाग ने कैबिनेट से मंजूरी के लिए लिखा है। यही वजह है कि विभाग के प्रदेशभर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं, सुपरवाइजर और सीडीपीओ का वेतन अटक गया है। वहीं, इस मामले में विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि वेतन देने की कार्रवाई चल रही है। सभी को जल्द ही भुगतान हो जाएगा। पूर्व सीएम कमलनाथ ने सरकार को घेरावहीं, इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार पर सवाल खड़े किए है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमंते तत्र देवता। अर्थात, जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवताओं का वास होता है। यह हमारी भारतीय संस्कृति का शाश्वत उद्घोष है। लेकिन मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने कसम खा रखी है कि महिलाओं का किसी रूप में सम्मान तो क्या सामान्य जीवन भी व्यतीत न हो सके। प्रदेश के 35 जिलों में कार्यरत 60000 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को पिछले 3 महीने से मानदेय नहीं मिला है। एक तरफ केंद्र सरकार बजट में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए बड़ी-बड़ी बातें कर रही है तो दूसरी तरफ मध्य प्रदेश में उन्हें उनके बुनियादी अधिकार से भी वंचित कर रही है। पूर्व सीएम बोले मैं मुख्यमंत्री से जानना चाहता हूं कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रति इस तरह का उपेक्षापूर्ण और सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है? जब मुख्यमंत्री बार-बार कहते हैं कि प्रदेश में बजट की कमी नहीं है तो फिर मानदेय न देने की और क्या वजह है? उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को तत्काल वेतन का भुगतान किया जाए।

लोकसभा चुनाव की तारीख और आचार संहिता को लेकर यह है नया अपडेट

This is the new update regarding Lok Sabha election date and code of conduct विधानसभा चुनाव के बाद अब लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का ऐलान होने वाला है। मध्यप्रदेश में लोकसभा की 29 सीटों पर चुनाव होने वाले हैं। इनमें से एक सीट कांग्रेस के पास है, जबकि 28 सीटें भाजपा के पास है।देश में लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का ऐलान कब होगा, चुनाव कितने चरण में होंगे। कौन से राज्य में कब चुनाव होंगे और आचार संहिता कब लगेगी। इसे लेकर ज्यादातर लोग अनुमान लगा रहे हैं। चुनाव आयोग ने भी तैयारी तेज कर दी है। विधानसभा चुनाव के बाद अब लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का ऐलान जल्द होने वाला है। राजनीतिक दलों से जुड़ा व्यक्ति हो या सरकारी कर्मचारी सभी यह जानना चाहते हैं कि लोकसभा चुनाव कब होने वाले हैं। क्योंकि आचार संहिता लग जाने के बाद कई सरकारी कर्मचारी अवकाश नहीं ले पाएंगे। मध्यप्रदेश में लोकसभा की 29 सीटों पर चुनाव होने वाले हैं। इनमें से एक सीट कांग्रेस के पास है, जबकि 28 सीटें भाजपा के पास है। देशभर में नए मतदाताओं को जोड़ने का काम किया जा रहा है। मध्यप्रदेश निर्वाचन आयोग 8 फरवरी तक मतदाता सूचा का काम पूरा कर देगा। इसके बाद आचार संहिता लगने के कयास लगाए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक आचार संहिता फरवरी अंत में या मार्च के प्रथम सप्ताह तक लग सकती है, यानी चुनाव आयोग इन दिनों में तारीखों का ऐलान कर सकता है। अप्रैल से जून के बीच होंगे चुनाव पिछले चुनावों के दौरान आचार संहिता और मतदान की तारीखों को देखा जाए तो तो 2014 और 2019 में लोकसभा के चुनाव अप्रैल से लेकर मई के बीच हुए थे। यह करीब 7 चरणों में आयोजित किए गए थे। मई के अंत में केंद्र में मंत्रियों ने शपथ ले ली थी। चुनाव आयोग भी इसी तैयारी में है चुनाव अप्रैल और मई माह के बीच करा लिया जाए। हालांकि हाल ही में चुनाव आयोग ने स्कूली बच्चों और कॉलेज के विद्यार्थियों की परीक्षा का भी अवलोकन करने के लिए शिक्षा विभाग से जानकारी मांगी है। मार्च में लग सकती है आचार संहिता सूत्रों के मुताबिक 10 मार्च तक लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लग सकती है। यानी चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है। पहले फरवरी अंत तक आचार संहिता लगने की उम्मीद व्यक्त की जा रही थी। लेकिन स्कूल-कॉलेजों की परीक्षा होने के कारण इसे थोड़ा देरी से किया जा सकता है। गौरतलब है कि 2019 में चुनाव की घोषणा 10 मार्च हो हुई थी। तब देशभर में 11 अप्रैल से 19 मई के बीच 7 चरणों में चुनाव हुए थे। 25 मार्च को होली के साथ ही स्कूल-कॉलेज के बच्चों की परीक्षाएं, किसानों की स्थिति, अफसरों के तबादले, सरकारी अवकाश को देखते हुए चुनाव आयोग इन सब परिस्थितियों के अध्ययन में जुटा हुआ है। मध्यप्रदेश में कितने मतदाता मध्यप्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 5 करोड़ 59 लाख 98 हजार 370 है। इनमें 28790967 पुरुष मतदाता हैं और 27206136 महिला मतदाता है। थर्ड जेंडर की संख्या 1267 है। इसके साथ ही राज्य में 75 हजार 326 सेवा मतदाता हैं। राज्य में कुल 5 लाख 03 हजार 564 दिव्यांग मतदाता भी हैं।

स्मार्ट शहर के साथ स्मार्ट विलेज के निर्माण से बनेगा आत्मनिर्भर भारत: केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी

Construction of smart village along with smart city will make India self-reliant: Union Minister Shri Gadkari जबलपुर ! केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कहा है कि स्मार्ट शहर के साथ स्मार्ट विलेज के निर्माण से आत्म निर्भर भारत का निर्माण हो सकेगा। जबलपुर मध्यप्रदेश का ग्रोथ इंजन है। यह पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में जबलपुर का नाम पूरे देश में जाना जाता है। जबलपुर में सड़कों-पुलों के निर्माण और सामाजिक, सांस्कृतिक तथा आर्थिक विकास के लिये सरकार कार्य कर रही है। श्री गडकरी जबलपुर में वेटनरी कॉलेज ग्राउंड में विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि सड़कों के निर्माण से उद्योगों का विकास होता है। पर्यटन में वृद्धि होती है। कृषि एक्सपोर्ट बढ़ता है और इस तरह सड़क प्रदेश के विकास की धुरी बन जाती है। केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत का विजन, दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और 5 ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने का ध्येय गांव और किसानों के विकास से सीधा जुड़ा है। केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग और रिंग रोड निर्माण के दौरान जमीन से खोदी गई मिट्टी और मुरूम की जगह पर पानी का स्टोरेज टैंक और तालाब बनाया जा सकता है। इससे वाटर कंजर्वेशन तो होगा साथ ही किसानों को सिंचाई के लिए पानी भी उपलब्ध होगा। हर गांव की 75% जमीन सिंचित होगी तो किसान और गांव समृद्ध होंगे और कृषकों की आमदनी बढ़ेगी। किसान आगे बढ़कर बने ऊर्जा दाता केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि मध्यप्रदेश का किसान, ग्रीन हाइड्रोजन, बायो एविएशन फ्यूल, बायो सीएनजी और बायो एलएनजी निर्माण की दिशा में कार्य करके अन्नदाता से आगे बढ़कर ऊर्जा दाता बन सकता है। कृषि से उपजे बायोमास को एनर्जी क्रॉप्स में परिवर्तित करें। पानीपत में इंडियन ऑयल के बिटुमिन प्लांट का उदाहरण देते हुए केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने बताया कि प्रदेश में पराली से 1 लाख लीटर एथेनॉल, 1.5 टन बिटुमिन और 75 हजार टन हवाई ईंधन तैयार किया जाता है। यह उत्पाद हवाई जहाज के ईंधन के रूप में उपयोग किए जा सकते है। इसे सस्टेनेबल एवियशन फ्यूल कहा गया है। दो साल पहले 26 जनवरी के कार्यक्रम में फाइटर जेट और हेलीकॉप्टर में बायो फ्यूल का उपयोग किया गया था। प्रदेश में विकास की धारा निर्बाध गति से आगे बढ़ रही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिस तरह पुरातन काल में सम्राट विक्रमादित्य का काल सुशासन का काल माना जाता था। उसी तरह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में सुशासन की स्थापना की जा रही है। जैसे हिमालय से गंगा अविरल बहती है वैसे ही प्रदेश में विकास की धारा निर्बाध गति से आगे बढ़ रही है। इस अवसर पर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार, केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, लोक निर्माण विभाग मंत्री श्री राकेश सिंह, पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, सांसद श्री वी.डी. शर्मा ने अपने संबोधन में प्रदेश के जिलों को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ने से जिलों के विकास के द्वार खुलेंगे और विकसित भारत का संकल्प पूरा करने में यह अहम प्रयास साबित होगा।

लोकसभा चुनाव: सपा ने जारी की प्रत्याशियों की पहली सूची

SP released the first list of candidates मैनपुरी से डिंपल यादव को बनाया उम्मीदवार लखनऊ ! समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए अपनी पहली सूची जारी कर दी है। पहली लिस्ट में 16 संसदीय सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया गया है। अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को मैनपुरी से टिकट मिला है।समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया है। समाजवादी पार्टी की तरफ से जारी किए गए पहली लिस्ट में पूर्व सीएम अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को मैनपुरी से टिकट मिला है। वह अभी यहीं से सांसद हैं। मुलायम सिंह यादव पहले इसी सीट से लोकसभा में पहुंचते रहे हैं। मैनपुरी सपा का गढ़ है और पार्टी इस सीट से लगातार जीत दर्ज करती आ रही है। इन सीटों पर उम्मीदवार घोषित कियासपा ने संभल से शफीकुर्रहमान बर्क को टिकट दिया है। बर्क अभी यहां से सांसद हैं। वहीं, फिरोजाबाद से अक्षय यादव, एटा से देवेश शाक्य, बदायूं से धर्मेंद्र यादव और लखीमपुर खीरी से उत्कर्ष वर्मा को सपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है। इनके अलावा धौरहरा से आनन्द भदौरिया, उन्नाव से अनु टंडन, लखनऊ से रविदास मेहरोत्रा, फर्रुखाबाद से डॉ. नवल किशोर शाक्य और अकबरपुर से राजाराम पाल को टिकट मिला है। लखनऊ लोकसभा सीट से अभी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सांसद हैं।इन्हें भी मिला टिकटवहीं, बांदा से शिवशंकर सिंह पटेल और फैजाबाद से अवधेश प्रसाद और अम्बेडकर नगर से लालजी वर्मा को सपा ने अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इसके अलावा बस्ती से रामप्रसाद चौधरी और गोरखपुर लोकसभा सीट से काजल निषाद को सपा ने अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इंडिया गठबंधन में सपा ऐसी दूसरी पार्टी जिसने उम्मीदवार घोषित किएइंडिया गठबंधन में समाजवादी पार्टी ऐसा दूसरा दल है जिसने अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं। इससे पहले आम आदमी पार्टी ने गुजरात में अपना एक उम्मीदवार घोषित किया था। अखिलेश यादव ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा करके अपने सहयोगी दलों को साफ संदेश दे दिया है कि अब सीट और टिकट बंटवारे पर देरी न करें। सपा ने जयंत चौधरी और कांग्रेस को दी है इतनी सीटेंसपा की ओर से यह सूची ऐसे समय जारी की गई है जब महागठबंधन के प्रमुख घटक दल कांग्रेस के साथ सीट के बंटवारे को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। सपा और राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) ने अभी हाल में गठबंधन का ऐलान किया था। जयंत चौधरी की पार्टी आरएलडी सात लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। जबकि सपा ने कांग्रेस को 11 सीटें देने की घोषणा की है। हालांकि कांग्रेस इससे संतुष्ट नहीं है। एक सीट भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर की पार्टी को मिल सकती है जिस पर वे खुद चुनाव लड़ सकते हैं।

किसानों से किया वादा पूरा करे सरकार, 2700 रुपये में प्रति क्विंटल खरीदा जाए गेहूं

Government should fulfill the promise made to farmers मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने की मांग, कहा- वादाखिलाफी हुई तो सड़क से लेकर सदन तक होगा विरोध। भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के समय भाजपा ने प्रदेश के किसान, महिलाओं और युवाओं से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं कर रही है। दो हजार 700 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदने का वादा किया था लेकिन जो अधिसूचना जारी हुई है, उसमें मूल्य दो हजार 250 रुपये बताया गया है। यह किसानों के साथ धोखाधड़ी है, जिसका कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक विरोध करेगी। यह बात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंगलवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद मीडिया से चर्चा में कही। उन्होंने आरोप लगाया कि न तो किसानों को धान का तीन हजार 100 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य दिया गया और न ही सभी लाड़ली बहनों को 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर मिला है। भर्ती परीक्षाओं के परिणाम अब तक घोषित नहीं हुई और न ही गड़बड़ियों की जांच ही हुई है। यह सीधी-सीधी धोखेबाजी है, जिसका हर स्तर विरोध किया जाएगा। जब समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी होगी, तब उपार्जन केंद्रों पर प्रदर्शन होंगे और विधानसभा में भी विरोध दर्ज कराया जाएगा। सड़कों पर लिए जा रहे टोल टैक्स को लेकर उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जो भी सड़क बनाते हैं वह बिना टोल टैक्स के नहीं बनती है। प्रत्येक 60 किलोमीटर चलने पर टोल टैक्स चुकाना होता है। जबकि, केंद्र सरकार आम जनता से जीएसटी के माध्यम से जो कर लेती है, उससे सड़क, पुल-पुलिया बनाई जाती हैं।

क्या कांग्रेस की तिकड़ी कर पाएंगी बीजेपी का मुकाबला ?

Congress trio has a big responsibility in Madhya Pradesh, it will start from February 4 मध्य प्रदेश में कांग्रेस की तिकड़ी के पास बड़ी जिम्मेदारी, 4 फरवरी से होगी शुरुआत भोपाल ! मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने बड़े स्तर पर बदलाव किए हैं, जिसका असर लोकसभा चुनाव की तैयारियों में भी दिख रहा है. मध्य प्रदेश में कांग्रेस की तिकड़ी फिलहाल इसी मिशन में जुटी है, जिसके लिए 3 फरवरी का दिन अहम होने वाला है, क्योंकि इस दिन कांग्रेस की तिकड़ी बड़ी बैठक करने वाली है. 3 फरवरी को होने वाली इस बैठक का असर 4 फरवरी से प्रदेश में दिखना शुरू हो जाएगा. प्रदेश के दौरे पर निकलेगी कांग्रेस की तिकड़ी दरअसल, लोकसभा चुनाव के लिए मध्य प्रदेश में कांग्रेस की तिकड़ी जिसमें प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सबसे ज्यादा एक्टिव हैं. तीनों ही नेता लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं. 3 दिसंबर को यह तीनों नेता प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक करने वाले हैं, जिसमें लोकसभा चुनाव को लेकर प्रदेश के अलग-अलग अंचल में क्या रणनीति बनाई जानी हैं, इस पर चर्चा होगी, जिसके बाद सभी नेता 4 फरवरी से प्रदेश के दौरे पर निकलेंगे. हर जिले में होगी बैठक कांग्रेस हर जिले में पार्टी को मजबूत करना चाहती है, इसके लिए सभी जिलों में पार्टी के प्रदेश प्रभारी, पीसीसी चीफ और नेता प्रतिपक्ष बैठक करेंगे, ताकि जिले में कांग्रेस नेताओं के बीच चल रही समस्याओं को दूर किया जाएगा. इन बैठकों में कार्यकर्ता में उत्साह बढ़ाने और लोकसभा चुनाव को लेकर रणनीति बनाए जाने पर सबसे ज्यादा जोर दिया जाएगा. क्योंकि पार्टी का पूरा फोकस फिलहाल लोकसभा चुनाव पर ही बना हुआ है. ग्वालियर-चंबल से होगी शुरुआतकांग्रेस इस बार लोकसभा चुनाव की तैयारियों की शुरुआत भी ग्वालियर-चंबल अंचल से करने वाली है. भंवर जितेंद्र सिंह, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और उमंग सिंघार 4 फरवरी को सुबह 10 बजे ग्वालियर में लोकसभा स्तरीय समिति की बैठक करेंगे. इसके अलावा 4 फरवरी को ही गुना, भिंड, मुरैना लोकसभा के पदाधिकारियों के साथ भी बैठकें होंगी, जिसमें इन चारों लोकसभा सीटों पर चल रही समस्याओं को लेकर चर्चा होगी. 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को चारों सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था. 5 फरवरी मालवा अंचल में होगी बैठक 5 फरवरी को उज्जैन में पहुंचकर कांग्रेस के नेता उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार और इंदौर लोकसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे, इन सीटों पर भी पिछले चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था. इसके अलावा 6 फरवरी को भोपाल संभाग की बैठक होगी, जिसमें होशंगाबाद, बैतूल, राजगढ़ और विदिशा लोकसभा स्तरीय समन्वय समिति की बैठक होगी. इन सीटों पर भी पिछले चुनाव में कांग्रेस हारी थी. बताया जा रहा है कि जीतू पटवारी ने पहले से ही इन बैठकों में लोकसभा प्रभारी, शहर अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी, सह प्रभारी,विधायक और संगठन के पदाधिकारियो को अनिवार्य रूप से पहुंचने के निर्देश जारी कर दिए हैं. तीनों नेताओं के पास बड़ी जिम्मेदारी बता दें कि कांग्रेस ने इन तीनों नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, कांग्रेस प्रदेश में इन तीनों के नेतृत्व में ही लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं. बताया जा रहा है कि इन बैठकों में लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चयन पर भी चर्चा होगी. बैठक के बाद तीनों नेता दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ बैठक करके पूरा फीडबेक भी देंगे.

भाजपा ने चार जिलों के अध्यक्ष बदले

BJP changed presidents of four districts भोपाल ! मध्यप्रदेश में भाजपा ने चार जिलों में नए जिला अध्यक्ष नियुक्त किए हैं। बालाघाट में पूर्व मंत्री रामकिशोर कांवरे, बुरहानपुर में मनोज भाने, रतलाम में प्रदीप उपाध्याय और छतरपुर में चंद्रभान सिंह गौतम को जिला अध्यक्ष बनाया गया है।

राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष माधव सिंह डाबर पर गिरी गाज

राज्य सरकार ने निगम से हटाने की जारी किया आदेश डाबर ने साल 2023 के विधानसभा चुनाव में जोबट से भरा था बागी होकर नामांकन फॉर्म अनुशासन समिति की बैठक की सिफारिश के बाद लिया सरकार ने फैसला भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष माधव सिंह डाबर को हटा दिया है। इसके पीछे की वजह है कि माधव सिंह डाबर ने विधानसभा चुनाव के दौरान जोबट से पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला किया था। डाबर ने बाकायदा पार्टी से बगावत करते हुए निर्दलीय नामांकन फॉर्म भरा था। माना जा रहा था कि डाबर के खिलाफ भाजपा एक्शन लेगी। अनुशासन समिति की बैठक में माधव सिंह डाबर पर एक्शन लेने पर सहमति बनी। इसके बाद सूचना राज्य सरकार को दी गई। सरकार की ओर से अध्यक्ष पद से हटाए जाने की कार्रवाई वन विभाग की ओर से की गई है। सूत्र बताते हैं कि भाजपा से उन्हें जल्द ही निष्कासित भी कर दिया जाएगा। इसके अलावा चर्चा यह भी है कि डाबर का मध्य प्रदेश के वन मंत्री के साथ भी तालमेल नहीं बैठ रहा था। इस बात की चर्चा मंत्रालय में जरूर है। पार्टी उन्हें बाहर का रास्ता दिखाएंगे। इससे पहले अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दी भाजपा को बड़ी मजबूती,

Union Minister Jyotiraditya Scindia gave great strength to BJP, संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत के बाद, पुरे ग्वालियर चम्बल क्षेत्र में धन्यवाद सभा और विकसित भारत संकल्प यात्रा कर रहे है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के जोश और जज्बे से प्रभावित होकर अनगिनत कांग्रेस नेता भी अब भाजपा से जुड़ रहे है। जहाँ पिछले हफ्ते पूर्व विधायक राकेश मावई ने दिल्ली में सिंधिया के मंत्रालय जाकर भाजपा की सदस्य्ता ली वहीँ आज राकेश मावई ग्वालियर में जय विलास पैलेस के कार्यलय में 227 से अधिक कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को केंद्रीय मंत्री सिंधिया की उपस्थिति में भाजपा की सदस्यता दिलवाई। बता दें की एक दिन पहले ही चंदेरी और पिछोर में भी करीब 12 कांग्रेस नेताओं ने मंत्री सिंधिया की उपस्थिति में भाजपा की सदस्य्ता ली थी। माना जा रहा है कि मंत्री सिंधिया दिन प्रतिदिन ग्वालियर – चम्बल क्षेत्र में अपनी पकड़ को और मजबूत कर रहे है एवं इस क्षेत्र को भाजपा का गढ़ बना रहे है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के बंगले की मांग की,

Leader of Opposition Umang Singhar demanded the bungalow of former CM Shivraj Singh Chauhan, उमंग ने मांगा मामा का घर: सीएम मोहन यादव से की शिवराज सिंह के बंगले की मांग, कहा- बुआ से जुड़ी हैं यादें भोपाल ! मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के घर की मांग की है. नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक पत्र लिखा है और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को आवंटित B – 9 बंगले की मांग की है. उन्होंने कहा कि इस बंगले से उनकी बुआ जमुना देवी की यादें जुड़ी हैं. इसलिए यह बंगला उन्हें दिया जाए. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सीएम डॉ. मोहन यादव को पत्र में लिखा कि शासकीय आवास क्रमांक बी-9, 74 बंगला म.प्र. के आदिवासी वर्ग की महान नेता एवं प्रदेश की पहली महिला उपमुख्यमंत्री स्व.जमुना देवी को नेता प्रतिपक्ष होने के नाते वर्षों आवंटित रह. वे आदिवासी समुदाय की नेता होने के साथ-साथ मेरी बुआ भी थी और बचपन से ही इस बी-9 शासकीय आवास में मैंने उनको दिन-रात प्रदेश के सर्वहारा वर्ग की सेवा में प्राणप्रण से जुटे देखा है. भावनात्मक रूप से मेरा इस शासकीय आवास से लगाव भी है. अतः आपसे अनुरोध है कि नेता प्रतिपक्ष होने के नाते मुझे उक्त शासकीय आवास आवंटित कर अनुग्रहित करने का कष्ट करें. बता दें कि वर्तमान में यह बंगला मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को आवंटित है. हाल ही में उन्होंने इसकी जानकारी देते हुए बताया था कि अब से उन्हें घर ‘मामा का घर’ के नाम से जाना जाएगा.

भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पर हमले के विरोध में MP कांग्रेस का मौन धरना, नेता बोले- ये लोकतंत्र की हत्या

Silent protest of MP Congress in protest against the attack on ‘Bharat Jodo Nyay Yatra’, leader said – this is murder of democracy कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पर असम में हुए हमले के विरोध में पूरे देश में कांग्रेस द्वारा मौन धरना कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के भी अलग-अलग जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना दिया. मध्यप्रदेश प्रदेश कांग्रेस द्वारा भोपाल के रोशनपुरा में मुख्य तौर पर धरना दिया गया. Bharat Jodo Nyay Yatra: कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress leader Rahul Gandhi) की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पर असम में हुए हमले के विरोध में पूरे देश में कांग्रेस (Congress) द्वारा मौन धरना कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के भी अलग-अलग जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना दिया. मध्यप्रदेश प्रदेश कांग्रेस द्वारा भोपाल के रोशनपुरा में मुख्य तौर पर धरना दिया गया. जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh),कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jeetu patwari) और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार (Umang Singhar) सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता कार्यकर्ता मौजूद रहे. इस दौरान सभी ने अपने हाथ पर काली पट्टी बांधी हुई थी.ये धरना करीब 3 घंटे तक चला. ग्वालियर, इंदौर, अशोकनगर से भी ऐसी ही तस्वीरें सामने आई हैं. दरअसल कांग्रेस का आरोप है कि असम में राहुल गांधी की न्याय यात्रा पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हमला किया है. कांग्रेस का आरोप है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाली जा रही भारत जोड़ो न्याय यात्रा को भारतीय जनता पार्टी की असम सरकार द्वारा रोकने का प्रयास किया गया है और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा राहुल गांधी की यात्रा पर हमला कर व्यवधान पैदा किया जा रहा है. दूसरी तरफ ग्लावियर के फूलबाग में भी कांग्रेस विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भी धरना दिया. कांग्रेस के विधायक साहब सिंह गुर्जर ने कहा कि ये लोकतांत्रिक देश है और असम में सरेआम लोकतंत्र की हत्या की जा रही है. इस मौके पर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ देवेंद्र शर्मा ने कहा कि कल पूरे देश में लोग मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे लेकिन असम की सरकार राहुल जी को मंदिर में जाने से रोककर अलोकतांत्रिक काम कर रही थी. इसलिए आज हम गांधी जी की प्रतिमा के सामने बैठकर ऐसे लोगों को सदबुद्धि देने की प्रार्थना कर रहे हैं.इसी तरह से इंदौर में भी शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा के नेतृत्व में कांग्रेसनी कार्यकर्ताओं ने धरना दिया. उधर अशोकनगर में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा स्थानीय गांधी पार्क पर मौन धरना प्रदर्शन किया गया. इस धरने से पहले अशोकनगर विधायक हरी बाबू राय ने खुद झाड़ू लगाकर साफ-सफाई की. हरी बाबू राय ने कहा कि जिस प्रकार हमारे नेता राहुल गांधी के प्रति व्यवहार किया जा रहा है वह अशोभनीय है.

कांग्रेस ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में हिस्सा क्यों नहीं लिया, ” राहुल गांधी ” ने बताई बजाए

Why Congress did not participate in the Pran Pratistha program, Rahul Gandhi told instead. राहुल गांधी बोले, ‘राम मंदिर की कोई लहर नहीं, प्राण प्रतिष्ठा BJP का कार्यक्रम था’कांग्रेस ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया, क्योंकि यह भाजपा और आरएसएस का निजी कार्यक्रम था। गुवाहाटी। असम में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ निकाल रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बड़ा बयान दिया है। राम मंदिर मुद्दे पर राहुल गांधी ने कहा, देश में राम मंदिर की कोई लहर नहीं है। कांग्रेस ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया, क्योंकि यह भाजपा और आरएसएस का निजी कार्यक्रम था।

दिग्विजय सिंह ने शेयर की भगवान राम की तस्वीर, प्राण प्रतिष्ठा की मंगलकामना के साथ बीजेपी को दिया ये मैसेज

Digvijay Singh shared the picture of Lord Ram, gave this message to BJP with good wishes for his life. दिग्विजय सिंह राम मंदिर का पूरा निर्माण हुए बिना ही प्राण प्रतिष्ठा कराए जाने को लेकर लगातार हमलावर रहे. उन्होंने इसके लिए ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य के तर्कों का भी जिक्र किया. भकांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के ठीक पहले भगवान राम के बाल स्वरूप की तस्वीर शेयर की है. उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट कर देशवासियों को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की मंगलकामनाएं दीं. उन्होंने इसी के साथ भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार को भी मैसेज दिया और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार अब ये सुनिश्चित करेगी कि रामराज में किसी भी तरह की नफरत की कोई जगह न हो और सब मर्यादा में रहकर अपने धर्मों का पालन करें.  आशा है अब बीजेपी सरकार सुनिश्चित करेगी…’ दिग्विजय सिंह ने रविवार रात ट्वीट करते हुए रामलला के बाल स्वरूप की तस्वीर शेयर की है, जिसपर लिखा है, ‘धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो. प्राणियों में सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो.’ इस फोटो के साथ किए गए ट्वीट के कैप्शन में दिग्विजय सिंह ने लिखा, ‘समस्त देशवासियों को अयोध्या में निर्माणाधीन मंदिर में रामलला के विग्रह के प्रतिष्ठित होने की मंगलकामनाएं. आशा है भाजपा सरकार अब ये सुनिश्चित करेगी कि रामराज में नफरत-हिंसा की कोई जगह नहीं होगी. सब प्रेम से मर्यादा में रहकर अपने धर्मों का पालन करेंगे.’  दरअसल दिग्विजय सिंह कांग्रेस पार्टी के उन प्रमुख नेताओं में रहे, जिन्होंने अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के निर्माण कार्य का पूरा होने के पहले ही प्राण प्रतिष्ठा कराए जाने की खूब आलोचना की है. उन्होंने इसको लेकर उत्तराखंड स्थित ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के तर्क का भी खूब जिक्र किया.

ओरछा पहुंचे जीतू पटवारी, प्रभु श्रीराम राजा सरकार के दर्शन-पूजन एवं हनुमान चालीसा का पाठ किया

Jitu Patwari reached Orchha, did darshan of Lord Shri Ram Raja Sarkar and recited Hanuman Chalisa. ओरछा ! मध्यप्रदेश के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने श्रीराम राजा सरकार के दर्शन किए। इस दौरान पटवारी के साथ नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, उपनेता हेमंत कटारे, पूर्व विधायक कुणाल चौधरी, पृथ्वीपुर विधायक नितेन्द्र सिंह राठौड़ उपस्थित रहे।मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी शनिवार को ओरछा दौरे पर हैं। ओरछा पहुंचकर प्रभु श्रीराम राजा सरकार के दर्शन-पूजन कर हनुमान चालीसा का पाठ किए। इस दौरान जीतू के साथ नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, उपनेता हेमंत कटारे, पूर्व विधायक कुणाल चौधरी, पृथ्वीपुर विधायक नितेन्द्र सिंह राठौड़ सहित कई युवा नेता उपस्थित रहे। किया हनुमान चालीसा का पाठपीसीसी चीफ जीतू पटवारी सबसे पहले ओरछा पहुंचकर श्रीराम राजा सरकार के दर्शन किए। श्रीराम राजा सरकार में जीतू पटवारी अपने सैकड़ों साथियों के साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया। काफी देर तक ओरछा के श्रीराम राजा सरकार मंदिर प्रांगड़ में उपस्थित रहे। इसके बाद ओरछा से पृथ्वीपुर के लिए रवाना हो गए। वॉलीबाल प्रतियोगिता में हुए शामिलपृथ्वीपुर विधानसभा से विधायक नितेन्द्र सिंह राठौर भी साथ रहे। जीतू पटवारी पृथ्वीपुर विधानसभा पहुंचकर कांग्रेस से पृथ्वीपुर नितेन्द्र सिंह राठौर के पिता स्वर्गीय बृजेन्द्र सिंह राठौर जी की स्मृति में आयोजित अखिल भारतीय वॉलीबाल प्रतियोगिता के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान पृथ्वीपुर विधानसभा में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात भी किए।

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सीएम मोहन यादव की सरकार पर कई गंभीर सवाल खड़े किए

भोपाल ! मध्यप्रदेश में बीते दो दिन में पुलिसकर्मियों की हत्या की तीन बड़ी वारदात हुईं. इसमें दो मामलों में अपराधियों को पकड़ने और उनको रोकने के दौरान हुई मुठभेड़ में पुलिसकर्मी मारे गए. सिवनी और छिंदवाड़ा में ये घटनाएं हुईं. अब इन घटनाओं को लेकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सीएम मोहन यादव की सरकार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि सीएम मोहन यादव ने दोनों मृतक पुलिसकर्मियों को शहीद का दर्जा देकर परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए की राशि देने का ऐलान किया है. जीतू पटवारी ने एक्स पर पोस्ट करके लिखा है कि “मुख्यमंत्री जी, पिछले दो दिन का ही अनुपात निकाला जाए, तो प्रतिदिन ड्यूटी कर रहे एक पुलिसकर्मी की हत्या हो रही है! अपराधियों के हौसले बुलंद हैं! लेकिन, आप ‘मौन’ हैं! मध्य प्रदेश में रोजगार के लिए सरेआम बेटी की आबरू मांगी जा रही है! लेकिन, आप ‘मौन’ हैं! “मोदी की गारंटी” वाले वादे के बाद लाड़ली बहनें ₹3000 प्रतिमाह की मांग कर रही हैं! लेकिन, आप ‘मौन’ हैं! पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज जी के प्रतिमाह 1 लाख नौकरियां के वादे पर युवा जवाब मांग रहे हैं! लेकिन, आप ‘मौन’ हैं! महिलाओं को महंगाई से निजात दिलाने के लिए ₹450 रुपए में सिलेंडर देने का वादा भाजपा ने ही किया था! महिलाएं उम्मीद लगाए बैठी हैं! लेकिन, आप ‘मौन’ हैं! डॉ. मोहन यादव जी “मोहन” ही बने रहें, “मौन” में न रहें! क्योंकि, आपका “मौन-व्रत” अब मध्यप्रदेश की मुसीबत बढ़ा रहा है”! जीतू पटवारी जब से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने हैं, तभी से वे लगातार बीजेपी और मोहन यादव सरकार पर हमलावर हैं. पहले उन्होंने शिवराज सिंह चौहान को चुनाव जीतने के बाद साइडलाइन करने को लेकर भी बीजेपी पर सवाल उठाए थे. लेकिन अब पहली बार वे खुलकर सीएम मोहन यादव के खिलाफ बोलना शुरू किए हैं.

रामलला प्राण प्रतिष्ठा का दिन दिवाली की तरह मनाएं , उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला

Celebrate the day of Ramlala Pran Pratistha like Diwali, Deputy Chief Minister Rajendra Shukla भोपाल ! आज हमारे देश के करोड़ों लोगों का मस्तक गर्व से ऊंचा करने वाला काम हो रहा है, 22 जनवरी का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा ! उप मुख्यमत्री राजेंद्र शुक्ला ने आह्वान किया है कि 22 जनवरी को हर व्यक्ति अपने घर 11 दीपक जलाए। उन्होंने कहा कि उस पावन दिन एक भी ऐसा घर न हो, जहां ग्यारह दीपक न जले। रामनवमी को जिस उत्साह से मनाया जाता है, उसी उत्साह से उन्होने राम मंदिर उद्घाटन के दिन भी उत्सव मनाने का आग्रह किया है। उप मुख्यमंत्री ने किया दीपक जलाने का आह्वानराजेंद्र शुक्ला ने कहा कि दो दिन बाद भव्य मंदिर का उद्घाटन हो रहा है और सारा देश मोदी जी की इस कुशलता का लोहा मान रहा है। उन्होने कहा कि ‘सारे देश में उमंग और उत्साह है। हर घर में भगवान राम की पूजा आराधना हो रही है। सुंंदरकांड के पाठ हो रहे हैं। हनुमान चालीसा के पाठ हो रहे हैं। हमारी सबसे बड़ी ताकत धर्म और अध्यात्म ही है। दुनिया में बहुत से देश हो सकता है हमसे आगे हों लेकिन धर्म और अध्यात्म के मामले में वो हमारे सामने बौने हैं अभी भी। हमारे सामने सारी दुनिया परंपरा और अध्यात्म की ताकत के आगे नतमस्तक होती है। इसीलिए इसका संरक्षण और संवर्धन भी जरुरी है और उस दिशा में रामजन्मभूमि पर भव्य राममंदिर का निर्माण बहुत बड़ा कदम है जो आज हमारे देश के करोड़ों लोगों का मस्तक गर्व से ऊंचा करने वाला काम हो रहा है। 22 जनवरी का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। इस क्षण को हम सबको आगे बढ़ कर उत्साह के साथ मनाने की जरूरत है। 22 जनवरी को कोई भी घर ऐसा न हो जहां पर हम 11 दीपक जलाकर उत्साह न मनाएं।”अयोध्या राम मंदिर उद्घाटन और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में सिर्फ दो दिन बाकी है और इसे लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। इसे लेकर अयोध्या में तो तैयारियां जारी ही हैं लेकिन देश भर के अलग अलग स्थानों पर भी ज़ोर शोर से व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मंदिरों में सफाई अभियान चल रहा है और कई तरह के धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं। अब उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने भी आह्वान किया है कि इस दिन को दीपावली की तरह मनाएं और श्रीराम के नाम पर सभी लोग अपने घरों में ग्यारह दीपक जलाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों और वंचितों की सहायता के लिए सरकार प्रतिबद्ध

The Chief Minister said that the government is committed to helping the poor and the deprived. भोपाल। मुख्यमंत्री पद का शपथ लेने के करीब सवा महीने बाद डॉ. मोहन यादव आज शुक्रवार को शुभ मुहूर्त में विधि- विधान से पूजन अर्चन के बाद मुख्यमंत्री निवास में प्रवेश किए। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास में बने समत्व भवन में गरीबाें और वंचिताें की सहायता के मुद्दे पर पहली बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि प्रधानमंत्री मोदी सरकार की ओर से लागू जनकल्याण और विकास कार्यों का हर जरूरतमंद व्यक्ति लाभ लें। गरीबों और वंचितों को सहायता व सम्बल दिलाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत बड़वानी जिले के सेंधवा और सिंगरौली जिले की ग्राम पंचायत ओड़गड़ी के हितग्राहियों से वर्चुअली चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के जीवन में प्रगति और उन्नति लाने के लिए इन्हें सभी जरूरी सहायता और सहयोग दिलाने की बात कही है। महिलाओं को सहयोग की सर्वाधिक आवश्यकता है। इस यात्रा के दौरान जीवन ज्योति कैम्प के तहत एक लाख 37 हजार लोग, हेल्थ कैम्प के अंतर्गत 27 लाख 68 हजार लोग लाभान्वित हुए हैं। 2 लाख 37 हजार व्यक्तियों का सुरक्षा बीमा कराया गया है। विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान अब तक 41 लाख 35 हजार 788 हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा चुका है। 19 हजार 500 ग्राम पंचायतों में हुआ शिविरों का आयोजन-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत प्रदेश में अब तक 19 हजार 500 से अधिक ग्राम पंचायतों में शिविरों का आयोजन हुआ है। इस यात्रा में एक करोड़ 69 लाख 22 हजार से अधिक लोग शामिल हुए हैं। एक करोड़ 24 लाख 23 हजार से अधिक लोगों ने विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। यात्रा के तहत 6 लाख 99 हजार 672 लोगों को आयुष्मान योजना तथा एक लाख 81 हजार 762 लोगों को उज्जवला योजना का लाभ दिलाया गया है। इसीप्रकार किसान क्रेडिट कार्ड एक लाख 11 हजार से अधिक लोगों को उपलब्ध कराए गए हैं। किसान क्रेडिट कार्ड के अतहत प्रत्येक किसान को केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से हर साल 12 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। योजनाओं के लाभ से जीवन में आया सकारात्मक बदलाव- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेंधवा के भालेराव तथा राहुल वाडिले से आत्मीय चर्चा की। भालेराव की चाय की दुकान है, जो उन्होंने मुद्रा लोन से मिली राशि से आरंभ की है। राहुल वाडिले ने बताया कि वे मोबाइल रिपेयरिंग करते हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वनिधि योजना, आयुष्मान कार्ड सहित उज्जवला योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। उनके परिवार की महिलाओं को लाड़ली बहना योजना का भी लाभ मिला है। राहुल ने बताया कि सरकार की योजनाओं से ही पक्के मकान में रहना, घरेलू गैस से खाना बनाना और आयुष्मान कार्ड की सहायता से परिजनों का प्रायवेट अस्पताल में इलाज कराना संभव हो पाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सिंगरौली की ग्राम पंचायत ओड़गड़ी के रामसूरत साकेत, श्रीमती अनीता सिंह तथा गंगाराम वैश्य ने योजनाओं के लाभ से स्वयं और परिवार के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों के संबंध में बात की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहियों को दी गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को आगे चलकर इनका लाभ लेने के लिए बधाई दी। साथ ही अपील की कि 22 जनवरी को रामलला की मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में उत्साह और उमंग के साथ वर्चुअली सम्मिलित हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी हितग्राहियों को गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) की शुभकामनाएं भी दीं।

शहीद के परिजन को डेढ़ साल बाद भी नहीं मिली नौकरी, दिग्विजय ने सीएम को याद दिलाई शिवराज की घोषणा

Martyr’s family did not get job even after one and a half years, Digvijay reminded CM of Shivraj’s announcement भोपाल। पूर्व सीएम और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा क्रमांक सी 1697 दिनांक 18.09.2022 का अवलोकन करने को कहा है। दरअसल, मण्डला जिले के चरगांव निवासी बीएसएफ जवान गिरजेश कुमार त्रिपुरा में सेवा देते हुए शहीद हो गए थे। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री ने गिरजेश के परिवार के एक सदस्य को शासकीय सेवा देने की घोषणा की थी। दिग्विजय सिंह ने पत्र में लिखा कि गिरिजेश कुमार की पत्नी राधा उद्दे ने बताया कि डेढ़ वर्ष बाद भी उनके परिवार के किसी भी सदस्य को शासकीय सेवा में नहीं लिया गया है। दिग्विजय सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने पुत्र को शासकीय सेवा में लिए जाने का निवेदन किया है। शहीद के परिवार को सरकारी कार्यालय के चक्कर लगाना पड़ रहा है। यह खेदजनक है। दिग्विजय सिंह ने पूर्व सीएम की घोषणा पर अमल कर शहीद गिरिजेश कुमार उद्दे के परिवार के एक सदस्य को शासकीय सेवा में लिए जाने के लिए आवश्यक निर्देश प्रदान करने की मांग की है।

बागी और भितरघाती के खिलाफ कांग्रेस का एक्शन

Congress action against rebels and traitors भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस ने बड़ा एक्शन लेते हुए 79 बागियों और भितरघातियों को पार्टी से बाहर निकाल दिया। वहीं 150 से ज्यादा नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन सभी पर पार्टी के खिलाफ काम करने का आरोप हैं। अब लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टी में दागियों को बाहर का रास्ता दिखाना शुरू किया गया है। खास बात है कि कांग्रेस को दागियों के चयन में 45 दिन लग गए। क्योंकि कुछ बड़े नेताओं के खास भी हैं। यह सवाल कांग्रेस की समीक्षा और लोकसभा चुनाव समिति की बैठकों में प्रत्याशियों ने भी उठाया था। विधानसभा चुनाव हारने वाले प्रत्याशी और कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार पार्टी लीडर्स के सामने भितरघात करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पार्टी कार्यकतार्ओं के खिलाफ मिली शिकायतों पर निर्णय लेने के लिए शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में अनुशासन समिति की बैठक हुई। बैठक के बाद पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बताया कि विधानसभा चुनाव बागी होकर लड़ने वाले और पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ काम करने वाले 79 लोगों को कांग्रेस से निष्कासित किया जा चुका है। अनुशासन समिति ने आधिकारिक तौर पर उनके निष्कासन का फैसला लिया है। इसके साथ ही डेढ़ सौ अन्य कार्यकतार्ओं, पदाधिकारी और नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। प्रदेश भर से 250 कार्यकतार्ओं के खिलाफ शिकायतें पहुंची हैं। इनमें कांग्रेस के घोषित उम्मीदवार के खिलाफ बागी हुए नेताओं के समर्थन में काम करने, दूसरे दलों के प्रत्याशियों का सपोर्ट करने जैसी शिकायतें पहुंची हैं। दूसरे दलों से शामिल हुए कार्यकर्ताओं की संख्या ज्यादा– खास बात है कि कांग्रेस ने अभी सिर्फउन कार्यकर्ताओं को बाहर किया है। जो विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हुए थे। समिति ने सबसे पहले उन सभी के खिलाफ एक्शन लिया है। सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि अभी अधिकांश नेताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। आगामी 10 दिनों के बाद फिर से बैठक होगी। इसमें जवाब के आधार निष्कासित करने की कार्रवाई होगी।

पटवारी भर्ती पर जीतू ने उठाए सवाल, ट्वीट भी किया

Jitu raised questions on Patwari recruitment, also tweeted भोपाल। मध्य प्रदेश एम्प्लाई सिलेक्शन बोर्ड की पटवारी भर्ती परीक्षा में घोटाले की जांच रिपोर्ट इसी माह सबमिट होने जा रही है। कमेटी को सभी जरूर दस्तावेज बोर्ड से मिल चुके हैं और कमेटी इसका अंतिम तौर पर अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करने में जुट गई है। इस रिपोर्ट पर दस लाख उम्मीदवारों की नजरें टिकी हुई है। इस पर अब जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को टैग करते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने 22 नवंबर 2022, ईएसबी की ओर से ग्रुप-2, सब ग्रुप-4 और पटवारी की संयुक्त भर्ती परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन का जिक्र भी ट्वीट में किया है।पटवारी ने कहा कि छात्रों ने 5 जनवरी 2023 से 19 जनवरी 2023 तक फॉर्म भरा। लगभग 13 लाख अभ्यर्थियों ने इसमें भाग लिया। 15 मार्च से 25 अप्रैल 2023 तक प्रदेश के 78 केंद्रों पर अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा हुई। 9,78, 266 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। 30 जून को रिजल्ट जारी हुआ। 8,600 अभ्यर्थियों का चयन भी हुआ।

कमलनाथ ने कांग्रेस की सेवा अपने यौवनकाल की शुरुआत से ही की थी, कांग्रेस

Kamal Nathji had served Congress since the beginning of his youth. भोपाल: विधान सभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने पूर्व सीएम कमलनाथ पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि कमलनाथ की वजह से हम एमपी में चुनाव हार गए हैं। साथ ही उनपर बीजेपी से सांठ गांठ के आरोप लगाए थे। आलोक शर्मा ने यह भी कहा था कि कमलनाथ के घर ईडी और सीबीआई क्यों नहीं पहुंचती है। उन्होंने कहा था कि मैं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के सामने अपनी बात रखूंगा। उनके इस बयान पर दो सप्ताह तक पार्टी चुप रही थी। यह मामला जब तूल पकड़ने लगा तो कांग्रेस पार्टी एक्टिव हुई है। इंदिरा गांधी के वक्त से ही वे भारत के नवनिर्माण अभियान के साथ जुड़े हैं। संजय गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी के बाद प्रियंका गांधी और राहुल गांधीजी के साथ वे कंधे से कंधे मिलाकर डटे हुए हैं।जब भाजपा सरकारी एजेंसियों के साथ संपूर्ण विपक्ष को खत्म करने पर आमादा है, तब कमलनाथ ही हैं, जिनके निर्विवाद नेतृत्व में सभी कांग्रेस जनों ने मिलकर 2018 में मध्य प्रदेश से भाजपा के किले को ढहाकर कांग्रेस की सरकार बनाने का लक्ष्य हासिल किया। अब भी कई लोग कमलनाथ जैसे कांग्रेस के आधारभूत स्तंभों के खिलाफ भाजपाई षड़यंत्र के शिकार हो जाते हैं। AICC ने ऐसे ही षड़यंत्र के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर कमलनाथजी की निष्ठा का सम्मान किया है। जब भाजपा अपनी सारी सरकारी एजेंसियों के कंधों पर हथियार रखकर संपूर्ण विपक्ष को उखाड़ने और खत्म करने पर आमादा हो, तब भी कमलनाथ अपने तजुर्बों के साथ पार्टी वर्करों के साथ खड़े हैं।

पूर्व सीएम भारती ने ली विदा

Former CM Bharti took leave भोपाल। पूर्व सीएम उमा भारती ने माता बेटी बाई सोशल फाउंडेशन के कार्यक्रम में अयोध्या के घटनाक्रम सुनाए और भावुक हो गईं। उन्होंने राम मंदिर और कार सेवा के संस्मरण सुनाते हुए कहा कि समर्थकों से अंतिम बार मिल रही हूं। शायद यह मेरी आपसे विदाई है। 17 से 21 जनवरी के बीच कभी भी अयोध्या जाऊंगी। इसके बाद अपने गांव में रहूंगी। उन्होंने कहा कि मुझे लग रहा है कि शायद सबसे अब मैं अंतिम बार विदा ले रही हूं। उन्होंने अब तक साथ देने वालों का सम्मान भी किया। पूर्व सीएम ने कहा कि आजकल सीएम की पत्नी आए जाए तो कलेक्टर, आईजी, डीआईजी सलामी की मुद्दा में खड़े हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मैंने सीएम मोहन यादव से कहा कि बंगले में तोड़फोड़ व नवीनीकरण पर भारी भरकम खर्चा कराते हैं। पत्नी के कहने पर डिजाइन सोफे लाते हैं। उमा भारती ने कार सेवा का अनुभव साझा करते हुए कहा कि 1992 में ही मथुरा और काशी का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि हमने आज उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम स्व. कल्याण सिंह को भुला दिया है। उन दिनों देवराहा बाबा ने भविष्यवाणी की थी कि विवादित ढांचे की एक-एक ईंट लोग ले जाएंगे। उनकी बात सच साबित हुई। पूर्व सीएम ने कहा कि आंदोलन के दौरान एक बार तो आडवाणी जी ने मंदिर के लिए मरने की इच्छा तक जता दी थी। असली लड़ाई अब शुरू होगीपूर्व सीएम ने कहा कि कांग्रेस को आस्था की अवहेलना भारी पड़ी। जिनको गोली चलाने भेजा था, वो लोग अब रामलला की आरती उतार रहे हैं। उन्होंने कहा कि असली लड़ाई अब शुरू होगी। राम मंदिर के बाद अब देश को राम राज्य की ओर ले जाएंगे। देश राममय हो गया है। पूर्व सीएम ने कहा कि देश में महिला, बच्चों की सुरक्षा हो, पढ़ाई स्वस्थ हो, हर व्यवस्था अच्छी हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को राम राज्य की ओर ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राम राज्य लाना तो सबको साथ आना होगा। किसी एक प्रयास से रामराज्य नहीं आएगा। पाक अधिकृत कश्मीर से शुरू करें राहुल यात्राराम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा आमंत्रण को अस्वीकार करने पर पूर्व सीएम उमा भारती ने कहा कि यह कांग्रेस का अशोभनीय कृत्य है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के जिन नेताओं को आमंत्रण मिला है, उनहें जाना चाहिए था। राम के नाम पर राजनीति नहीं करना चाहिए। राहुल की भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर पूर्व सीएम ने कहा कि भारत टूटा कब था, जो राहुल गांधी उसे जोड़ने चले हैं। राहुल को पाक अधिकृत कश्मीर से यात्रा शुरू करनी चाहिए। भाजपा तो भारत को जोड़ रही है। न मैं भाजपा की प्रवक्ता ना शिवराज कीपूर्व सीएम शिवराज के होर्डिंग से फोटो गायब होने वाले बयान पर उमा भारती ने कहा कि यह शिवराज की सहज भाव अभिव्यक्ति है। न भाजपा ने उनका अपमान किया ना शिवराज ने भाजपा का विरोध किया। उन्होंने कहा कि वो बिल्कुल सही है। न भाजपा कुछ गलत कर रही है न शिवराज कुछ गलत कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि ना मैं भाजपा और ना शिवराज की प्रवक्ता हूं। उन्होंने कहा कि जब तक मैं भाजपा से बाहर नहीं हुइ थी। तब तक मेरा सम्मान था, मंत्री-विधायक ट्रेन के आगे लेट जाते थे। भाजपा से निकलने के बाद ही मेरे साथ गलत किया गया था।

460 स्थानों पर युवा कांग्रेस शुरू करेगी ‘न्याय दो, रोजगार दो’ अभियान

Youth Congress will start ‘Justice Do, Employment Do’ campaign at 460 places. भोपाल। लोकसभा चुनाव की तैयारी में भारतीय जनता युवा मोर्चा प्रदेश में 460 स्थानों पर नवमतदाता सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है तो युवा कांग्रेस भी इसके मुकाबले की तैयारी में जुट गया है। युवा कांग्रेस पूरे प्रदेश में इसी माह से ‘न्याय दो, रोजगार दो’ अभियान शुरू करने जा रहा है। इसमें युवा कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर पोस्टकार्ड बांटेंगे। इसके माध्यम से वह लोगों से संपर्क कर बेरोजगारी के मुद्दे को उठाएंग अभियान में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचकर केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर लोगों से बात करेंगे। यह सभी विषय पोस्टकार्ड में भी उल्लेखित रहेंगे। इसके लिए हर जिले में अलग से टीम बनाई जाएगी, जिसमें जिले कांग्रेस कमेटी के प्रमुख पदाधिकारी भी शामिल होंगे। संपर्क के दौरान प्रदेश में 15 माह की कमल नाथ सरकार की उपलब्धियों के बारे में भी बताया जाएगा। इसके अतिरिक्त युवा कांग्रेस भारत जोड़ो न्याय यात्रा में युवाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए इंटरनेट मीडिया पर अभियान चलाएगा।

29 लोकसभा प्रभारी देंगे दावेदारों के नाम, गुटबाजी खत्म करने प्रभार के क्षेत्रों में करेंगे दौरे

29 Lok Sabha in-charges will give names of contenders, will tour the areas of their in-charge to end factionalism भोपाल। प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों के प्रभारियों की शुक्रवार को हुई दिल्ली में बैठक के बाद अब उन्हें अगले सप्ताह से अपने-अपने प्रभार वाले लोकसभा क्षेत्रों में जाना होगा। यहां से दावेदारों के नामों के पैनल तैयार करना होगा। ये नाम 30-31 जनवरी तक एआईसीसी को वे देंगे। इस बैठक से यह साफ हो गया है कि अब टिकट चयन का मामला एआईसीसी ही अपने हाथ में रखेगी।इसके चलते ही उसने ही लोकसभा प्रभारियों को बनाया और सीधे ही उनकी बैठक ली। खासबात यह है कि इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित कोई भी पदाधिकारी शामिल नहीं था। सभी प्रभारियों से कहा गया है कि वे 18 से 24 जनवरी के बीच अपने प्रभार के क्षेत्र में जाएं और यहां की व्यापक रूप से रिपोर्ट तैयार करें। इसके साथ यह भी पता करें कि बेहतर उम्मीदवार कौन-कौन हो सकते हैं। इनमें से तीन नाम छांट कर एआईसीसी को भेजने का भी कहा गया है। कांग्रेस के सीनियर नेता ने बताया कि 30-31 तक लोकसभा प्रभारियों को रिपोर्ट देनी है। इसके बाद स्क्रीनिंग कमेटी नामों पर पीसीसी में ही मंथन करेगी। इस बार युवा चहेरों के साथ बुजुर्ग नेताओं को भी उतारा जा सकता है। हालांकि दर्जन से अधिक जिलों में कांग्रेस का खाता विधानसभा चुनाव में नहीं खुला है। अनुशासन कमेटी कब करेगी फैसलाकांग्रेस में होने वाली बैठकों में एक ही मुद्दा बार बार उठाया जा रहा है। कांग्रेस के नेताओं ने भितरघात का आरोप कार्यकर्ताओं पर लगाया था। पार्टी ने मांग की थी कि उन्हें बाहर किया जाए। इसके लिए अनुशासन कमेटी फैसला करेगी। हालांकि अभी तक बैठक कमेटी की नहीं हुई है। इसलिए नेताओं की नाराजगी भी उजागर हो रही है। खुलकर बैठकों पर नेताओं से सांप पाले हुए हैं। ऐसे आरोप तक लगा चुके हैं।

मणिपुर पहुंचे एमपी कांग्रेस के नेता- दिग्विजय, पटवारी, उमंग ने फ्लाइट में लगाया नारा’ न्याय का हक-मिलने तक

MP Congress leaders reached Manipur – Digvijay, Patwari, Umang raised slogan in the flight ‘Till the right to justice is given’ भोपाल। मणिपुर से शुरू होने वाली भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल होने के लिए मप्र कांग्रेस के नेता भी दिल्ली से इंफाल के लिए रवाना हुए। दिल्ली से रवाना हुई स्पेशल फ्लाइट में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, अभिषेक मनु सिंघवी, अशोक गहलोत, भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के साथ एमपी के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी इंफाल पहुंचे। फ्लाइट टेक आॅफ के पहले कांग्रेस नेताओं ने न्याय का हक मिलने तक का नारा लगाया। हालांकि राहुल गांधी की इस यात्रा के शुरूआती कार्यक्रम में पूर्व सीएम कमलनाथ नहीं पहुंचे। मध्य प्रदेश में यात्रा सात दिनों में 698 और 9 जिलों को कवर करेगी। भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान के धौलपुर से मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में प्रवेश करेगी। इसके बाद मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, राजगढ़, आगर मालवा, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ से होते हुए राजस्थान के बांसवाड़ा तक जाएगी. राहुल करीब 7 दिन तक मध्य प्रदेश में यात्रा करेंगे। इस दौरान वह 9 जिलों को कवर करेंगे। इसका समापन 20 या 21 मार्च को मुंबई में होगा।

मल्लिकार्जुन खरगे विपक्षी गठबंधन के अध्यक्ष नियुक्त

Mallikarjun Kharge appointed president of opposition alliance बैठक में नीतीश कुमार, एमके स्टालिन, शरद पवार, डी राजा, मल्लिकार्जुन खरगे, उमर अब्दुल्ला, राहुल गांधी, सीताराम येचुरी, लालू यादव-तेजस्वी यादव, अरविंद केजरीवाल शामिल रहे। विपक्षी गठबंधन की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को गठबंधन का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं बैठक में बिहार सीएम और जदयू के नेता नीतीश कुमार ने संयोजक पद ठुकरा दिया। इसकी पुष्टि बिहार सरकार के मंत्री संजय झा ने भी की है। बैठक में नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी संयोजक बनने की कोई इच्छा नहीं है बल्कि वह चाहते हैं कि गठबंधन जमीन पर मजबूत बने और बढ़ता रहे। विपक्षी गठबंधन की वर्चुअल बैठक में नीतीश कुमार ने सलाह दी कि कांग्रेस में से किसी को यह जिम्मेदारी लेनी चाहिए। गौरतलब है कि पिछली बैठक में भी टीएमसी चीफ ममता बनर्जी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की बात कही थी। विपक्षी गठबंधन की बैठक में ये नेता हुए शामिलविपक्षी गठबंधन (INDIA Alliance) के शीर्ष नेतृत्व की आज हुई बैठक करीब दो घंटे चली और इस बैठक में गठबंधन को मजबूत करने, सीट बंटवारे के लिए रणनीति बनाने और गठबंधन का संयोजक बनाने पर चर्चा हुई। यह बैठक वर्चुअली हुई, जिसमें 10 पार्टियों के नेता शामिल हुए। बैठक में नीतीश कुमार, एमके स्टालिन, शरद पवार, डी राजा, मल्लिकार्जुन खरगे, उमर अब्दुल्ला, राहुल गांधी, सीताराम येचुरी, लालू यादव-तेजस्वी यादव, अरविंद केजरीवाल शामिल हैं। हालांकि बैठक से पहले ही विपक्ष को झटका लगा जब पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने इस बैठक में शामिल होने से मना कर दिया। साथ ही शिवसेना (यूबीटी) के नेता उद्धव ठाकरे और सपा नेता अखिलेश यादव भी विपक्षी गठबंधन की इस बैठक में शामिल नहीं हुए।

लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस, प्रत्येक विधानसभा में 18 से 24 जनवरी के बीच होंगे सम्मेलन ,जीतू पटवारी

Congress busy preparing for Lok Sabha elections, conferences will be held in every assembly between 18th and 24th January, Jitu Patwari भोपाल ! मध्य प्रदेश कांग्रेस पार्टी लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। इसी कड़ी में कांग्रेस अब 18 से 24 जनवरी के बीच प्रत्येक विधानसभा स्तर पर सम्मेलन करेंगी। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की विधानसभा प्रभारियों की आवश्यक बैठक प्रदेश कार्यालय में शनिवार को हुई। इसमें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी शामिल हुए। बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर चर्चा हुई। इसके लिए पहले 18 से 24 जनवरी तक प्रत्येक विधानसभा में सम्मेलन कराने का निर्णय लिया गया। इसमें जिला स्तर के पदाधिकारियों के साथ ज्यादा से ज्यादा लोगों को जुटाने को कहा गया। इसके जरिए काबिज भाजपा के की जनविरोधी नीतियों को जनता तक पहुंचाने और पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष, संगठन प्रभारी राजीव सिंह ने बताया कि पार्टी लोकसभा चुनाव से पहले विधानसभा स्तर पर सम्मेलन करेगी। कांग्रेस पार्टी लगातार लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी हुई है। इसी सिलसिले में आज की पूरी बैठक हुई। विधानसभा प्रभारी जो बनाए गए हैं उनका संगठनात्मक दायित्वों की जानकारी भी दी गई है। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची को लेकर काम चल रहा है। इसको लेकर भी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने को कहा गया है। ज्यादा से ज्यादा लोगों के नाम जुड़वाने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के डोनेशन ड्राइव को लेकर भी दिशा निर्देश दिए गए हैं। वहीं, राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई है। यात्रा प्रदेश के 9 जिलों से होकर गुजरेगी। सिंह ने बैठक में कई प्रभारियों के अनुपस्थित रहने पर बताया कि शुक्रवार दोपहर में भी बैठक को लेकर सूचना दी गई, जिससे कई दूर रहने वाले साथी शामिल नहीं हो सकें। अलग-अलग कारणों से प्रभारी नहीं आए। उन सभी ने जानकारी दी है।

भैंसदेही विधानसभा विधायक की चहल कदमी, भीमपुर

Bhainsdehi Assembly MLA’s stroll, Bhimpur शिक्षकों की आपूर्ति सीएम राइस स्कूल का भूमि पूजन, यह कैसा खेल, भीमपुर डॉ जाकिर शेख भीमपुर ! शब्द पावर सीएम राइस स्कूल का आधारशीला कार्यक्रम संपन्न हुआ, क्षेत्रीय विधायक श्री महेंद्र सिंह चौहान के शुभ हस्ते, जिसमें शिक्षा का खेल शिक्षको के अभाव के पूर्ति कि जाएगी या प्रदेश में साक्षरता का ज्ञान, जिस तरह से दिया जा रहा है, ठीक उसी तर्ज पर सीएम राइस स्कूल का भवन निर्माण कर क्षेत्र वासियों को मुंह चढ़ता हुआ दिखाई देगा, यह तो प्राय प्राय समस्त प्रदेश के बासीदें जानते हैं, कि किस कदर अंधी भक्ति छाई है, शिक्षा पर काले बादल छाए हैं.. किसी बुद्धिजीवी ने क्या खूब कहा है, जैसे कानून गरीबों पर शासन करता है, और अमीरों का कानून पर राज होता है, यह अपने आप में बहुत बड़ा एक प्रश्न है… चुके बैतूल जिला शिक्षा विकास खंड के कई विद्यालय में शिक्षकों की खानापूर्ति कर साक्षरता का पाठ पढ़ाया जा रहा है… जिस ज्ञान को हासिल करने से देश का नाम रोशन हो सकता, उसकी लड़ाई शायद ही देश में गिने-चुने बुद्धिजीवी उठा रहे… चुकी शिक्षा का स्तर दिन-ब-दिन प्रदेश भर में गिरता चला जा रहा है… चुके कई शालाएं एवं बड़े-बड़े भवन शिक्षकों के अभाव के चलते खंडहरों में तब्दील हो रहे, वही अशासकीय शालाएं अपने ही मनमाने अंदाज में नोनीहाल के शुरुआती दौर में जहां आंगनबाड़ी केंद्र या नोनीहाल को माता-पिता के घर के बाद, एक और घर होता है, जहां शिक्षक होते हैं, जिसे कैनवेट, स्कूल, शालाओ मे बैठना सिखाया जाता है, वहां शिक्षा माफिया मोटी रकम वसूल कर रहे, जिला प्रशासन के साथ ही शिक्षा मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक मौन बैठे हैं, और फिर हम एक नया भीमपुर मे सीएम राइस स्कूल भवन के लिए भैंसदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री महेंद्र सिंह चौहान के शुभ हंस्ते भूमि पूजन का कार्यक्रम संपन्न कर रहे, जिस कारण क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाओं का माहौल गर्म है… चुकी क्षेत्रीय बुद्धिजीवियों का कहना है, कि शिक्षकों की आपूर्ति सीएम राइस स्कूल का भूमि पूजन, यह कैसा खेल भीमपुर नगर में भैंसदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री महेंद्र सिंह चौहान का जो कि देखते बनता है..

अपन रिजेक्टेट नहीं हैं, मेरी राजनीति किसी पद के लिए नहीं: शिवराज सिंह चौहान

I am not a rejectee, my politics is not for any post: Shivraj Singh Chouhan पुणे में भारतीय छात्र संसद के 13वें संस्करण कार्यक्रम में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री चौहान भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को पुणे में भारतीय छात्र संसद के 13वें संस्करण कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सीएम शिवराज सिहं चौहान युवाओं में जोश भरा उन्हें राजनीति में आने का आह्वान किया, उन्होंने कहा कि लोग मुझे फॉर्मर चीफ मिनिस्टर कहते हैं लेकिन अपन रिजेक्टेड नहीं हैं, उन्होंने कहा कि अपन छोड़ के भी आए तो ऐसे आए कि हर जगह जनता का स्नेह और प्यार मिलता है। जहां जाते है वहां लोग कहते है मामा मामा मामा, जनता का स्नेह और प्यार यही अपनी असली दौलत है। शिवराज ने आगे कहा कि छोड़ दिया इसका मतलब यह नहीं है कि राजनीति नहीं करुंगा। मैं राजनीति करूंगा। मेरी राजनीति किसी पद के लिए नहीं बड़े लक्ष्य के लिए हैं। इसीलिए आपको आह्वान करने आया हूँ । राजनीति में आने से डरो मत आगे बढ़ा।

लड़ेगी सभी 29 सीटें, लेकिन 10 लोकसभा सीटों में ध्यान केंद्रित करेगी कांग्रेस

Will contest all 29 seats, but Congress will focus on 10 Lok Sabha seats भोपाल। विधानसभा चुनाव में हार से उबर कर कांग्रेस लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। नतीजा जो भी आए, लेकिन तैयारी के लिहाज से भाजपा की तुलना में कांग्रेस आगे दिखने लगी है। कांग्रेस लड़ेगी तो सभी 29 लोकसभा सीटें, लेकिन 10 सीटों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करेगी। इनमेंे से 9 सीटों में विधानसभा चुनाव में मिले वोटों के कारण पार्टी को उम्मीद है। 10 वीं सीट राजगढ़ है। विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यहां अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि यदि यहां से दिग्विजय सिंह अथवा उनके परिवार का सदस्य चुनाव लड़े तो यहां भी जीत दर्ज की जा सकती है। छिंदवाड़ा से आगे बढ़ना चाहती है कांग्रेसकांग्रेस की बैठकों में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी कह चुके हैं कि लगभग 100 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां कांग्रेस प्रत्याशी 1 या 2 फीसदी के अंतर से चुनाव हारे हैं। 5 लोकसभा क्षेत्र तो ऐसे हैं, जहां कांग्रेस को भाजपा से ज्यादा वोट मिले हैं। इसके अलावा 4 लोकसभा क्षेत्रों में कांग्रेस ने भाजपा को अच्छी टक्कर दी है। जीतू पटवारी का मानना है कि यदि व्यवस्थित चुनाव लड़ा जाए और प्रत्याशी अच्छे हों तो पांसा पलटते देर नहीं लगेगी। कांग्रेस का टारगेट छिंदवाड़ा के साथ ये 9 सीटें हैं, जहां के लिए कांग्रेस पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है। पांच क्षेत्रों में ज्यादा विधानसभा सीटें जीती कांग्रेसविधानसभा चुनाव में बंपर जीत के बावजूद 5 लोकसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां, कांग्रेस ने भाजपा से ज्यादा विधानसभा सीटें जीतीं। छिंदवाड़ा में 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने तीन विधानसभा सीटों में बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह सभी सीटें हार गई। मुरैना में नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा के चुनाव में सभी सीटों में बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा 5 सीटें हार गई जबकि तोमर यहां से विधानसभा का चुनाव लड़ रहे थे। धार में 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 6 सीटों में बढ़त ली थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह कांग्रेस से 5 विधानसभा सीटों में पिछड़ गई। खरगोन के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त ली थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह सिर्फ 3 सीटें जीत सकी। पांचवी सीट है रतलाम-झाबुआ। यहां भी 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 5 सीटों पर बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में वह सिर्फ एक सीट जीत सकी। चार लोकसभा क्षेत्रों में रही बराबरी की टक्करप्रदेश के चार लोकसभा क्षेत्र ऐसे हैं, विधानसभा चुनाव में जहां भाजपा-कांग्रेस के बीच लगभग बराबरी की टक्कर हुई। कांग्रेस इन सीटों में भी ध्यान केंद्रित करने की तैयारी में है। इनमें भिंड, ग्वालियर और बालाघाट लोकसभा क्षेत्रों में दोनों दलों भाजपा- कांग्रेस को 4-4 विधानसभा क्षेत्रों में जीत मिली है। जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने भिंड की सभी 8, ग्वालियर की 6 और बालाघाट की 7 विधानसभा सीटों में बढ़त बना कर जीत दर्ज की थी। टीकमगढ़ में भी लोकसभा चुनाव में भाजपा ने क्षेत्र की सभी विधानसभा सीटों में बढ़त बनाई थी लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 3 सीटें गंवा दीं। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि यदि यहां जोर लगाया जाए तो सफलता मिल सकती है। तैयारी ठीक, लेकिन पिछली बार जैसा हाे सकता हश्रलोकसभा चुनाव की दृष्टि से कांग्रेस की तैयारी अच्छी है लेकिन उसे यह भी याद रखना होगा कि 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद तो कांग्रेस ने प्रदेश में सरकार तक बना ली थी। उसकी सरकार रहते 2019 का लोकसभा चुनाव हुआ था, इसमें कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया था। किसी तरह छिंदवाड़ा में कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ चुनाव जीत सके थे। जब सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में एक सीट तक के लाले पड़ गए थे तो अब जब प्रदेश में भाजपा बंपर जीत के साथ सत्ता में है तो कांग्रेस का हश्र पिछले लोकसभा चुनाव जैसा हो सकता है। तैयारी में भाजपा से आगे दिख रही कांग्रेसइसमें कोई संदेह नहीं कि लोकसभा चुनाव की तैयारी में इस बार भाजपा की तुलना में कांग्रेस आगे दिख रही है। प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन में देरी किए बगैर कांग्रेस आलाकमान चुनाव घोषणा पत्र समिति पहले ही गठित कर चुका था, अब प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों के लिए प्रभारी और संयोजक नियुक्त किए जा चुके हैं। तैयारी के सिलसिले में कांग्रेस पार्टी विधायकों, विधानसभा चुनाव हारे प्रत्याशियों, प्रभारियों, जिलाध्यक्षों की बैठकें कर चुकी है। इनमें लोकसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा हुई है। तय किया जा चुका है कि पार्टी के सभी बड़े नेताओं को लोकसभा का चुनाव लड़ाया जाएगा और प्रत्याशियों की घोषणा भी जल्दी कर दी जाएगी ताकि प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा पर कांग्रेस नेताओं का आरोप – चंपत राय ने जमीन घोटाला किया, उन्हें ही बनाया प्रमुख

Congress leaders’ allegation on Ram Mandir Pran Pratistha – Champat Rai did land scam, made him the chief भोपाल। कांग्रेस के सीनियर लीडर व पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने बीजेपी और आरएसएस पर बड़ा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राम मंदिर का पैसा खा गए। शुरूआती राम मंदिर आंदोलन में अरबों रुपए इकट्ठा हुए। ऐसे में भूरिया ने सरकार से चंदे का पूरा हिसाब मांगा है।मुरैना दौरे पर आए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी बुधवार रात राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बहाने बीजेपी और आरएसएस को जमकर घेरा है। साथ ही उन्होंने कहा, कि जब शंकराचार्य को नहीं बुलाया जा रहा है तो फिर कांग्रेस निमंत्रण कैसे स्वीकार कर ले। दिग्विजय का कहना है कि हमारी ये घोर आपत्ति है कि हमारे शंकराचार्य को अपमानित किया जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद ने कौन-सा धर्म का ठेका ले लिया है, क्या अधिकार है राम मंदिर पर चंपत राय कौन हैं। ये संघ के प्रचारक हैं और जमीन का घोटाला किया है और इन्हीं को प्रमुख बना दिया गया है।राम मंदिर आंदोलन में आए पैसे का हिसाब रखे बीजेपीरतलाम में मीडिया से बातचीत के दौरान भूरिया ने कहा कि जनता हिसाब मांग रही है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर देश के सभी लोगों का पैसा लगा है। हर वर्ग के व्यक्ति ने राम मंदिर के लिए पैसा दिया है। बीजेपी ऐसे प्रचार कर रही है कि राम सिर्फ बीजेपी के ही हैं। भगवान राम सभी के हैं। उनका भव्य मंदिर बनना चाहिए। अयोध्या में श्री राम का मंदिर बनाने के लिए सालों से आंदोलन चल रहा था। सरकार से हमारी मांग है कि मंदिर बनाने के लिए सालों से जो आंदोलन हुआ और जो अरबों का पैसा आया है, उसका एक- हिसाब रखे। इस पैसे से मंदिर को भव्य बनाएंदेश में अब जातियों को लड़ा रही बीजेपीदिग्विजय सिंह का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के समय से वहां की पूजा निर्मोंह अखाड़ा करता था। उसे क्यों छीना गया। बीजेपी ने सिर्फ राम मंदिर को एक इवेंट बना लिया है, इसलिए वह अपने, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद के लोगों को धर्म के नाम पर आगे करती है। उनका कहना है कि बीजेपी ने हमेशा पहले हिंदू – मुसलमानों को लड़ाया है। अब देश के अंदर रहने वाली सभी जातियों को लड़ाने का काम कर रही है। इन्होंने पहले धर्म के नाम पर हिंदू – मुसलमान को बांटा, अब भगवान राम को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। फूट डालो शासन करो, जो ब्रिटिश हुकूमत की पॉलिसी थी, उस पर बीजेपी संघ और हिंदू परिषद चल रही है। अयोध्या में श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बयान भी सामने आ चुके हैं।

दो लाख बहनों के काटे नाम मोहन सरकार ने, नेता प्रतिपक्ष

Mohan government deleted names of two lakh sisters Leader of Opposition भोपाल ! नेता प्रतिपक्ष ने लगाया आरोप, कहा- सरकार ने घटाई लाडली बहना की संख्या, दो लाख बहनों के काटे नाम शिवराज सरकार के कार्यकाल की महत्वपूर्ण योजना लाडली बहना एक बार फिर सवालों के घेरों में है। कांग्रेस ने योजना को लेकर सूबे की नई नवेली मोहन सरकार पर निशाना साधा था। लाडली बहना योजना को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर लाडली बहना योजना में दो लाख नाम घटाए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। इधर, मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन सरकार यादव ने बुधवार को लाडली बहना योजना के तहत सातवीं किस्त डाली। इसमें 1250 रुपए की धन राशि लाभार्थी बहनों के खाते में डाली गई। इसमें 1.29 करोड़ बहनों को 1576 करोड़ ट्रांसफर किए गए हैं। नेता प्रतिपक्ष का वार योजना को लेकर सोशल मीडिया साइट एक्स पर नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने लिखा कि नई सरकार ने घटाई 2 लाख लाडली बहना, झूठे विज्ञापनों की सच्चाई। कर्ज का बोझ नहीं ढो पा रही विज्ञापन से बनी भाजपा सरकार। प्रदेश की लाखों लाडली बहनों से झूठ बोल कर वोट ले लिए और अब उन्हीं में से 2 लाख बहनों की छंटनी कर दी। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि जब सितंबर में शिवराज सीएम थे, तब लाडली बहनों की संख्या 1.31 करोड़ थी, अब नए सीएम मोहन यादव जी ने इस संख्या को छांटकर 1.29 करोड़ कर दिया है यानी 2 लाख तो नई सरकार बनते ही घटा दी। सरकारी विज्ञापन इसका प्रमाण है, जनता खुद देखे लोकसभा चुनाव के बाद ये संख्या कितनी बचेगी, ये तो नए सीएम ही तय करेंगे।

विधायकों का दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम शुरू ,सदन में बात रखते समय जोश दिखाएं, पर वो होश से नियंत्रित हो ,विस अध्यक्ष

विधायकों का दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम शुरू, विस अध्यक्ष नरेंद्र तोमर ने कहा- सदन में बात रखते समय जोश दिखाएं, पर वो होश से नियंत्रित हो नवनिर्वाचित विधायकों के लिए मप्र विधानसभा में आज से शुरू हो रहे दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला।भोपाल। सदन में भूमिका और आचरण कैसा हो, जनहित के मुद्दों को कैसे नियम-प्रक्रिया के अंतर्गत उठाया जाए, बजट चर्चा में किस तरह बात रखें और अन्य विधायी कार्यों की क्या प्रक्रिया है? ऐसे कई पहलुओं को मध्य प्रदेश के विधायक जानेंगे। इसके लिए विधायकों का दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम मंगलवार सुबह 11 बजे विधानसभा के मानसरोवर सभागार में शुरू हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जनप्रतिनिधि को नियम-प्रक्रिया की जानकारी हो : तोमरविधायकों के प्रबोधन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अच्छा जनप्रतिनिधि बनने के लिए जरूरी है कि उसे नियम-प्रक्रिया की जानकारी हो। आज यह प्रचलन हो गया है कि सदन में चिल्ला कर बोलो तो अच्छा समझ जाएगा। सदन में बात रखते समय जोश दिखे पर वह होश से नियंत्रित हो। गुस्सा आचरण में झलक में नहीं चाहिए। सार्वजनिक हितों के प्रश्नों का अध्ययन होना चाहिए। प्रशिक्षण से आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा। इस कार्यक्रम में शिरकत करने लोकसभा अध्यक्ष मंगलवार सुबह कोटा से भोपाल पधारे। यह सत्र “ प्रभावी विधायक कैसे बनें, संसदीय शिष्टाचार एवं आचरण विषय पर केंद्रित होगा, जिसमें नवनिर्वाचित विधायकों को संसदीय आचरण व व्यवहार के टिप्स दिए जाएंगे। इस सत्र में लोकसभा स्पीकर के अलावा विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, उप्र विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष मंग सिंघार भी अपने विचार रखेंगे। सत्र के प्रारंभ में लोकसभा महासचिव श्री उत्पल कुमार सिंह का संबोधन होगा।

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निर्देश- 22 जनवरी को बल्व बुझे नहीं

Energy Minister Pradyuman Singh Tomar’s instructions – do not switch off bulbs on January 22 भोपाल। अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन होने जा रहा है। इसको लेकर देश वासियों को बेसब्री से इंतजार है। 22 जनवरी को पूरा देश दिवाली मनाएगा। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सोमवार को कार्यभार ग्रहण किया। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश जारी किया कि 22 जनवरी को प्रदेश में निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा है कि अयोध्या में रामलला के मंदिर में भगवान श्रीराम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन एवं अन्य चैनलों के माध्यम से किया जायेगा। कार्यक्रम का स्वरूप अत्यंत व्यापक होगा और जन-सामान्य उक्त कार्यक्रम के साक्षी होना चाहेंगे। अत: इस दिन विद्युत व्यवधान नहीं होना चाहिए। उस दिन बिजली का मेंटनेंस का कार्य ना किया जाए। उन्होंने कहा है कि विद्युत व्यवधान होने से जन-सामान्य को कार्यक्रम देखने में असुविधा हो सकती है।

लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने नियुक्त किए को-ऑर्डिनेटर

लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने नियुक्त किए को-ऑर्डिनेटर मौजूदा विधायक पूर्व मंत्री और हारे हुए प्रत्याशियों को मिली जगह प्रदेश चुनाव समिति और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को रिपोर्ट देंगे लोकसभा कोऑर्डिनेटर भोपाल। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए कोऑर्डिनेटर की नियुक्ति कर दी है इसमें पूर्व मंत्री, विधायक और हारे हुए प्रत्याशियों को जिम्मेदारी दी गई है। लोकसभा चुनाव में सभी कोऑर्डिनेटर को प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार से लेकर मैनेजमेंट करने की जिम्मेदारी रहेगी। कोऑर्डिनेटर चुनाव समिति और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को रिपोर्ट भी देंगे। पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह को मुरैना, भिंड में नितेंद्र राठौर, ग्वालियर विपिन वानखेड़े, गुना लाखन सिंह, सागर रामचंद्र डांगी, टीकमगढ़ फूल सिंह बरैया, दमोह लखन घनघोरिया, खजुराहो संजय यादव, सतना तरुण भनोट, रीवा रजनीश सिंह, सीधी विनय सक्सेना शहडोल डॉक्टर अशोक मस्कोले, बालाघाट संजय शर्मा, छिंदवाड़ा सुनील जायसवाल, होशंगाबाद दीपक जोशी, विदिशा हर्ष यादव, भोपाल प्रियव्रत सिंह, राजगढ़ सत्यनारायण पटेल, देवास विशाल पटेल, उज्जैन बाबूलाल यादव, मंदसौर दिलीप गुर्जर, रतलाम सचिन यादव, धार रवि जोशी, इंदौर बाला बच्चन, खरगोन रामलाल मालवीय, खंडवा आर के दोगने, बैतूल आरिफ मसूद को लोकसभा वर कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मिशन 2024 भाजपा जीतेगी 421 से अधिक सीटे

Mission 2024 BJP will win more than 421 seats उदित नारायण लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने बनाया फुलप्रुफ प्लान…मोदी बनेंगे भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक चेहरा…अबकी बार 40 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ेगी पार्टी -मोदी की गारंटी, रामलला की स्थापना, मथूरा जन्मभूमि मुक्ति अभियान और सउदी में मंदिर का निर्माण बनेगा भाजपा की मजबूती का आधार -बंगाल, ओडिशा के अलावा पूर्वोत्तर की सभी 25 सीटें जीतने की तैयारी -आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु और केरल में भी दहाई अंकों में सीटें हासिल करने का लक्ष्य -बिहार, यूपी, बंगाल और महाराष्ट्र में 2019 के मुकाबले 30 फीसदी सीटें बढ़ानी होंगी नई दिल्ली । भारत के राजनीतिक इतिहास में साल 1984 के आम चुनावों में सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड दर्ज है। कांग्रेस ने उस वक्त 523 लोकसभा सीटों में से 414 पर अकेले जीत दर्ज की थी। ये चुनाव प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के करीब दो महीने बाद हुई थी इसलिए कांग्रेस के पक्ष में सहानुभूति की लहर भी थी। लेकिन भाजपा 2024 के लोकसभा चुनाव में 40 साल पुराने इस रिकॉर्ड का तोडऩे की रणनीति पर काम कर रही है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी इस बार 421 सीटें जीतेगी। इस जीत के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय इतिहास के सबसे बड़े राजनेता बन जाएंगे। गौरतलब है कि तीन राज्यों में भारी जीत के बाद भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए नारा गढ़ लिया है, अगली बार 400 पार(421 सीटें)। भाजपा सूत्रों का कहना है कि इसके लिए भाजपा ने फुलप्रुफ प्लान बनाया है। इस प्लान के तहत राज्यवार लोकसभा सीटें जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पार्टी की रणनीति के अनुसार बंगाल, ओडिशा के अलावा पूर्वोत्तर की सभी 25 सीटों पर भाजपा को जीतना जरूरी होगा, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु और केरल में भी दहाई अंकों में सीटें हासिल करनी होगी बिहार, यूपी, बंगाल और महाराष्ट्र में 2019 के मुकाबले 30 फीसदी सीटें बढ़ानी होंगी मोदी मैजिक का जवाब नहीं भाजपा के रणनीतिकारों का कहना है कि वर्तमान समय में पीएम मोदी के मैजिक का जवाब नहीं है। मप्र, छग और राजस्थान की जीत ने यह साबित कर दिया है। भाजपा नेताओं को उम्मीद है कि विपक्षी गठबंधन इंडिया के चुनावी मुद्दों का जिस तरह तीन राज्यों में दम निकला है, उसका फायदा हिंदी भाषी अन्य राज्यों में हो सकता है। लोकसभा चुनाव में करीब पांच महीने बाकी हैं। जिन तीन राज्यों में भाजपा ने परचम लहराया है, उसमें 65 लोकसभा सीटें हैं, जिनमें से अभी भाजपा के पास 61 सीटें हैं। हिंदी भाषी प्रदेश बिहार, यूपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मप्र, दिल्ली, झारखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 193 सीटें हैं। इन राज्यों में 177 सीटों पर भाजपा का कब्जा है। भाजपा के लिए चुनौती है कि इन राज्यों में अपनी सीट न सिर्फ बरकरार रखे बल्कि इसकी संख्या में इजाफा भी करे। हिंदी भाषी राज्यों में जबरदस्त करंट भाजपा के आंतरिक सर्वे के अनुसार हिंदी भाषी राज्यों में पीएम मोदी के पक्ष में जबरजस्त करंट है। मोदी की गारंटी, रामलला की स्थापना, मथूरा जन्मभूमि मुक्ति अभियान और सउदी में मंदिर का निर्माण भाजपा की मजबूती का आधार आधार बनेगा। विधानसभा चुनावों के इफेक्ट का आकलन करें तो यूपी और बिहार में ही भाजपा अधिकतम सीटें जीत सकती है। मगर पूर्ण बहुमत के लिए पार्टी को बंगाल, असम, महाराष्ट्र और गुजरात में भी 2019 का प्रदर्शन दोहराना होगा। 2019 के चुनाव में बंगाल में भाजपा को 18, महाराष्ट्र में 23 और गुजरात की सभी 26 सीटों पर जीत मिली थी। लोकसभा चुनाव में भी चलेगा मोदी मैजिक पिछले दो लोकसभा चुनाव में भाजपा नरेंद्र मोदी के चेहरे के सहारे मैदान में उतरी है। इस कारण लगातार दो बार पूर्ण बहुमत भी मिला। मगर मोदी लहर के बावजूद कई बड़े राज्य ऐसे हैं, जहां भाजपा का खाता भी नहीं खुला। भाजपा कश्मीर से बिहार तक अगर उत्तर भारत की सभी सीटें जीत जाती हैं तो उसे 245 सीटें मिलेंगी। ऐसा चमत्कार भारत की राजनीति में संभव नहीं है। 400 का आंकड़ा पार करने के लिए पार्टी को केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश में भी 10-10 सीटों की जरूरत होगी। इसके लिए पार्टी ने रणनीति बना ली है। वर्तमान में इन राज्यों की कुल 118 सीटों में से भाजपा के पास सिर्फ चार सीटें हैं, जो तेलंगाना में मिली थीं। पिछले आम चुनाव में भाजपा ने 28 में 25 सीटें दक्षिण भारत के राज्य में जीती थीं। इस बार पार्टी ने जेडी एस के साथ चुनावी समझौता किया है। समझौते के कारण भाजपा को 4 सीटें जेडी-एस को देनी होगी। यानी उसे उम्दा प्रदर्शन के लिए अपने खाते की सभी 24 सीटों पर जीत दर्ज करनी होगी। इसके अलावा बिहार में भी महागठबंधन में शामिल आरजेडी और जेडी यू भी दम रखती है। वहां भाजपा के लिए खुद की सीटों का बढ़ाना भी चुनौती है। 2014 के चुनाव में भाजपा अपने दम पर सर्वाधिक 22 सीट ही जीत सकी थी। पूर्वी भारत पर फोकस भाजपा के पास ओडिशा से केवल आठ लोकसभा सांसद हैं, जबकि बीजेडी के पास 20 सीटें हैं। इस पूर्वी राज्य में भी भाजपा के लिए विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। सपने पूरे करने के लिए बंगाल में भी भाजपा को अपने पुराने रेकॉर्ड 19 सीटों से आगे बढऩे की जरूरत होगी। आंध्रप्रदेश, केरल और तमिलनाडु में भाजपा का खाता नहीं खुला था। पूर्वोत्तर के राज्यों की कुल 25 लोकसभा सीटों में से अभी तक भाजपा 11 क्षेत्रों में काबिज है। 400 का आंकड़ा पार करने के लिए भाजपा को सभी 25 सीटें जीतनी होंगी। इसके अलावा भाजपा को खुद गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक की सीटों को विपक्ष के हाथों में जाने से बचाना होगा। मिशन 2024 के लिए टारगेट राज्य 2024 में जीत की संभावना उत्तर प्रदेश 74 महाराष्ट्र 40 बिहार 35 आन्ध्र प्रदेश 10 तमिल नाडु 10 पश्चिम बंगाल 30 मध्य प्रदेश 29 कर्नाटक 26 गुजरात 26 राजस्थान 25 उड़ीसा 15 केरल 10 तेलंगाना 8 असम 12 झारखण्ड 12 पंजाब 2 छत्तीसगढ़ 11 हरियाणा 10 दिल्ली 7 जम्मू और कश्मीर 3 उत्तराखण्ड 5 हिमाचल प्रदेश 4 अरुणाचल प्रदेश 2 गोवा 2 त्रिपुरा 2 मणिपुर 1 मेघालय 1 अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह 1 चण्डीगढ़ 1 लद्दाख 1 दादर और नागर हवेली,दमन व दीव … Read more

पटवारी होंगे प्रदेश चुनाव समिति के अध्यक्ष,

पटवारी होंगे प्रदेश चुनाव समिति के अध्यक्ष, पॉलिटिकल अफेयर्स देखेंगे प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने किया चुनाव समिति और पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का गठन भोपाल। लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के लिए प्रदेश चुनाव समिति और पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का गठन किया है। प्रदेश चुनाव समिति में जीतू पटवारी को अध्यक्ष बनाया है। इसके साथ ही 34 सदस्य शामिल किए गए हैं। जबकि पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का अध्यक्ष प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह को बनाया गया है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी इस समिति के कन्वीनर होंगे। खास बात यह है कि पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी में पूर्व सीएम कमलनाथ, उनके बेटे नकुलनाथ, पूर्व दिग्विजय सिंह और उनके बेटे जयवर्धन सिंह शामिल है। ये है कांग्रेस की प्रदेश चुनाव समितिजीतू पटवारी (अध्यक्ष), कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, उमंग सिंघार, सुरेश पचौरी, कांतिलाल भूरिया, अरुण यादव, अजय सिंह राहुल, विवेक तनखा, रामनिवास रावत, सज्जन सिंह वर्मा, कमलेश्वर पटेल, राजेंद्र कुमार सिंह, फूल सिंह बरैया, हेमंत कटारे, डॉ. गोविंद सिंह, एनपी प्रजापति, आरिफ मसूद, दिनेश गुर्जर, संजय उइके, यादवेंद्र सिंह बुंदेला, फुन्दे लाल मार्को, महेश परमार, पीसी शर्मा, दिलीप सिंह गुर्जर, प्रवीण पाठक, संजय शर्मा, रवि जोशी, तरबर सिंह लोधी, अजय मिश्रा बाबा, जगत बहादुर सिंह अनु, अशोक सिंह और राजीव सिंह।ये है पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटीजितेंद्र सिंह (अध्यक्ष), जीतू पटवारी (कन्वीनर), कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, उमंग सिंगार, कांतिलाल भूरिया, सुरेश पचौरी, अरुण यादव, अजय सिंह राहुल, विवेक तन्खा, नकुलनाथ, कमलेश्वर पटेल, ओमकार सिंह मरकाम, डॉ. गोविंद सिंह, मीनाक्षी नटराजन, बाला बच्चन, रामनिवास रावत, सज्जन सिंह वर्मा, लखन घनघोरिया, विजयलक्ष्मी साधौ, जयवर्धन सिंह, हिना कांवरे, आरिफ मसूद, फूल सिंह बरैया, सिद्धार्थ कुशवाह, सुखदेव पांसे, तरुण भनोट, झूमा सोलंकी, प्रियव्रत सिंह ,शेख अलीम, शोभा ओझा और मुकेश नायक ।

बड़े नेताओं पर फूटा कांग्रेस के हारे प्रत्याशियों का गुस्सा, बोले- पाल रखे हैं आस्तीन के सांप

The anger of the defeated Congress candidates erupted on the big leaders and said that they have kept snakes in their sleeves. – तो लोकसभा चुनाव में भी होगा विधानसभा जैसा हश्र – बैठक में उठी भितरघाती नेताओं पर कार्रवाई की मांग भोपाल। विधानसभा चुनाव लड़े कांग्रेस प्रत्याशी अपनी हार को भुला नहीं पा रहे हैं, जबकि प्रदेश कांग्रेस पराजय से उबर कर लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है। इसी संदर्भ में शनिवार को विधानसभा चुनाव हारे प्रत्याशियों की बैठक बुलाई गई थी। यहां पार्टी के बड़े नेताओं पर इनका गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कहा कि इन बड़े नेताओं ने आस्तीन के सांप पाल रखे हैं। यदि इनके खिलाफ कार्रवाई न हुई तो लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस का हश्र विधानसभा चुनाव जैसा ही होगा। कई प्रत्याशियों ने चुनाव के दौरान भितरघात करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बैठक में पार्टी के प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, सज्जन सिंह वर्मा, पीसी शर्मा, एनपी प्रजापति तथा विजयलक्ष्मी साधौ आदि मौजूद थे। खुले घूम रहे हैं आस्तीन के सांप गुना से विधानसभा का चुनाव लड़े पंकज कनेरिया ने कहा कि कांगेेस के बड़े नेताओं ने आस्तीन के सांप पाल रखे हैं। इन्होंने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हराने का काम किया है। ये खुले आम घूम रहे हैं। इनकी शिकायत हम करें तो कहां? मुंगावली से चुनाव लड़े राव यादवेंद्र सिंह ने कहा कि भितरघात करने वाले ऐसे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाना चाहिए वर्ना लोकसभा चुनाव में भी विधानसभा चुनावों जैसा हश्र होगा। कई अन्य प्रत्याशियों ने भी बताया कि किस तरह हम कांग्रेसियों के कारण विधानसभा का चुनाव हार गए। आश्वासन के साथ आगे बढ़ने की नसीहत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सभी की शिकायतें गंभीरता से सुनी और जरूरी कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं है। फरवरी अंत तक चुनावाें की घोषणा हो सकती है। इसलिए विधानसभा चुनाव की हार भूलकर लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाएं। उन्होंने कहा कि हमें ज्यादा से ज्यादा लोकसभा सीटें जीतने की कोशिश करना है। यह काम इसलिए कठिन नहीं है क्योंकि कांग्रेस लगभग 100 विधानसभा सीटें एक से दो फीसदी के अंतर से ही हारी है। बजी पलटते देर नहीं लगेगी। बैठक में इन बातों पर भी रहा फोकस बैठक में जीतू ने कांग्रेस की फंडिंग के लिए ब्लाक से लेकर जिला और प्रदेश के पदाधिकारियों के लिए रािश फिक्स कर दी है। चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए भी रािश तय की गई है। उन्होंने कहा कि फंडिंग पर खासतौर पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश का दौरा करूंगा और कार्यकर्ताओं के घरों में ही रुकूंगा। उन्होंने कहा कि हमें कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम करना है।

ईडी की चार्जशीट में भूपेश बघेल पर 508 करोड़ रुपए महादेव एप्प के प्रमोटर्स से प्राप्त करने का खुलासा

ईडी की चार्जशीट में भूपेश बघेल पर 508 करोड़ रुपए महादेव एप्प के प्रमोटर्स से प्राप्त करने का खुलासा, कांग्रेस ने बताया भाजपा की षड्यंत्रकारी एजेन्सी है ईडी। विशेष संवाददाता रायपुर रायपुर। महादेव सट्टा एप मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर लगे आरोपों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला किया है। कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने प्रवर्तन निदेशालय /ईडी को भाजपा की षड्यंत्रकारी एजेंसी तक बताया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाई की प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। दरअसल महादेव सट्टा एप मामले में ईडी ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में 5 नए लोगों को आरोपी बनाया गया है. इसमें शुभम सोनी, अनिल अग्रवाल, रोहित गुलाटी, भीम सिंह और असीम दास के नाम शामिल है। ईडी द्वारा दाखिल चार्जशीट में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम भी शामिल किया गया है। शुभम सोनी के बयान में भूपेश बघेल पर लगाए आरोपों के कारण उनका नाम सामने आया है। शुभम सोनी ने भूपेश बघेल पर 508 करोड़ लेने का आरोप लगाया था। साथ ही शुभम सोनी अब सरकारी गवाह बन गया है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि ईडी जांच एजेंसी नहीं बल्कि बीजेपी की षड्यंत्रकारी एजेंसी है। असीम दास के आरोपों पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ प्रेसनोट जारी किया गया था, इसके बाद असीम दास ने कोर्ट में अपने बयान में इसका खंडन भी किया है।

राजस्थान सरकार के मंत्रियों को विभागों का बंटवारा

Distribution of departments to the ministers of Rajasthan government राजस्थान सरकार के मंत्रियों को विभागों का बंटवारा: गृह विभाग सीएम भजनलाल के पास, दीया को वित्त, बैरवा को परिवहन; किरोड़ीलाल ग्रामीण विकास मंत्री राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंत्रियों को विभागों का बंटवारा कर दिया है। गृह विभाग मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खुद अपने पास रखा है। डिप्टी सीएम दीया कुमारी को वित्त के साथ छह विभाग दिए हैं। डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा को परिवहन के साथ चार विभागों का जिम्मा सौंपा गया हैं। कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को कृषि और ग्रामीण विकास, आपदा प्रबंधन और जन अभाव अभियोग विभाग दिया हैं। मदन दिलावर को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। प्रारंभिक शिक्षा और संस्कृत शिक्षा भी उनके पास रहेगी। बाबूलाल खराड़ी को जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग और हीरालाल नागर को ऊर्जा विभाग दिया गया हैं। दरअसल, 30 दिसंबर शनिवार को 22 मंत्रियों ने शपथ ली थी। इसके बाद से विभाग के बंटवारे को लेकर एक्सरसाइज शुरू कर दी गई थी।

कांग्रेस सोशल मीडिया टीम की बैठक रविवार को

Congress social media team meeting on Sunday पीसीसी चीफ करेंगे सभी लोकसभा, विधानसभा और जिला प्रभारियों से संवाद भोपाल ! लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस अब सोशल मीडिया पर फोकस करेगी। सोशल मीडिया के जरिए कांग्रेस बीजेपी के संकल्प पत्र को जनता तक पहुंचाने का काम करेगी और उसे पूरे नहीं करने पर सरकार को घेरेगी। इसके साथ ही कांग्रेस अपनी रणनीति के जरिए सोशल मीडिया से संगठन को मजबूत करने की भी तैयारी कर रही है। इसको लेकर कांग्रेस ने प्रदेश भर के सोशल मीडिया प्रभारियों की बैठक रविवार को बुलाई है। कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिनव बारोलिया ने कहा है कि कांग्रेस के सोशल मीडिया विभाग की प्रदेश स्तरीय बैठक 7 जनवरी 2024, रविवार को सुबह 10:30 बजे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय भोपाल में बुलाई गई है। बैठक में सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश, लोकसभा, ज़िला एवं विधानसभा स्तर के सभी पदाधिकारियों को अनिवार्य रूप से शामिल होने के लिए कहा गया है। इस प्रदेश स्तरीय बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी विशेष तौर पर शामिल होंगे व सोशल मीडिया विभाग की आगामी कार्ययोजना पर आप सभी से चर्चा करेंगे। उधर सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव में करारी हार से उबरने के लिए सभी को साथ लेने की कोशिश कर रही है। इसलिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सभी वरिष्ठ नेताओं से मेल मुलाकात करने का काम कर रहे हैं। साथ ही संभागीय दौरे कर बैठकें भी शुरू कर दी हैं। इन बैठकों में पार्टी जनता के जनादेश के स्वीकार करने के साथ आगामी चुनाव में पूरी ताकत से बीजेपी को घेरने का काम करने के लिए कहा जा रहा है ताकि जनता के बीच खोए हुए विश्वास को हासिल किया जा सके। खासतौर पर जनहित के मामलों के त्वरित और गंभीरता से उठाने के लिए पार्टी संगठन तत्पर है और सोशल मीडिया की भूमिका इसमें सबसे अधिक है क्योंकि सोशल मीडिया के माध्यम से ही सरकार की कमजोरियों की जानकारी मिलेंगी और उसे जनता के पास तक पहुंचाया जा सकेगा।

शाहजहांपुर के BJP विधायक मानवेंद्र सिंह का निधन, दिल्ली के अस्पताल में ली आखिरी सांस

Shahjahanpur BJP MLA Manvendra Singh passes away, breathed his last in Delhi hospital शाहजहांपुर ! शाहजहांपुर के भाजपा विधायक मानवेंद्र सिंह का निधन हो गया है। मानवेंद्र सिंह लंबे समय से लीवर की बीमारी से ग्रसित थे। दिल्ली के अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। वह ददरौल विधानसभा से दूसरी बार बीजेपी के टिकट पर विधायक बने थे। शाहजहांपुर के भाजपा विधायक मानवेंद्र सिंह का निधन हो गया है। मानवेंद्र सिंह लंबे समय से लीवर की बीमारी से ग्रसित थे। दिल्ली के अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। वह ददरौल विधानसभा से दूसरी बार बीजेपी के टिकट पर विधायक बने थे। इससे पहले वह लंबे समय तक कांग्रेस में रहे थे। वर्ष 2017 में उन्होंने भाजपा ज्वाइन की थी। इसके बाद उन्होंने लगातार दूसरी बार चुनाव जीता। आज शाम तक विधायक का पार्थिव शरीर शाहजहांपुर में उनके आवास पर लाया जाएगा।

जम्बो नहीं, छोटी होगी कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी, 15 जनवरी के बाद घोषणा

Not jumbo, Congress state executive will be small, announcement after January 15 भोपाल। कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपनी टीम को लेकर गुरुवार को दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात कर चर्चा की। पार्टी आलाकमान चाहता है कि प्रदेश कांग्रेस की जड़ता खत्म हो और हार से उबर कर वह मैदान में दिखाई पड़े। इसके लिए ही युवा जीतू पटवारी के हाथों प्रदेश संगठन की कमान सौंपी गई है। उनकी मदद के लिए नेता प्रतिपक्ष भी युवा आदिवासी चेहरे उमंग सिंघार को बनाया गया है। अब प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर कसरत हो रही है। तय किया है कि यह जम्बों नहीं छोटी होगी और इसमें जमीन से जुड़े सक्रिय नेताओं को ही जगह दी जाएगी। पार्टी के नए प्रदेश प्रभारी नेताओं से बात कर कार्यकारिणी को अंतिम रूप दे रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे की हरी झंडी के बाद यह माहे के दूसरे पखवाड़े अर्थात 15 जनवरी के बाद कभी भी घोषित की जा सकती है। जितेंद्र सिंह ने भोपाल के अपने पहले दौरे के दौरान ही कांग्रेस की भारी भरकम प्रदेश कार्यकारिणी भंग कर दी थी। युवा होंगे ज्यादा, वरिष्ठों को भी मिलेगी जगहजानकारी के अनुसार नेतृत्व के पीढ़ीगत बदलाव के दौर में कांग्रेस की कार्यकािरणी में भी युवा नेताओं को ज्यादा जगह मिलने की संभावना है। इसका मतलब यह कतई नहीं कि इसमें वरिष्ठ नहीं होंगे, कार्यकारिणी में कुछ अनुभवी वरिष्ठ नेताओं को भी महत्वपूर्ण जवाबदारी दी जाएगी। दरअसल, कार्यकारिणी के गठन में वरिष्ठों और युवाओं के बीच उसी तरह संतुलन बनाने की कोशिश हो रही है जिस तरह भाजपा ने मंत्रिमंडल के गठन में किया है। जितेंद्र सिंह के पास पहुंचने लगे नामकांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह के पास कार्यकारिणी मे शामिल होने वाले दावेदारेां के नाम पहुंचने लगे हैं। खबर है कि प्रदश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा संभावित पदािधकारियों की सूची जितेंद्र के पास ही भेजी जा रही है। इसके अलावा जितेंद्र द्वारा कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी कैम्प सहित अजय सिंह, अरुण यादव, कांतिलाल भूरिया, डॉ गोविंद आदि नेताओं से भी कहा है कि वे ऐसे नेताओं के नाम भेजें जो सक्रिय होकर संगठन की मजबूती के लिए काम करने की क्षमता रखते हों। इन नेताओं द्वारा सुझाए नामों में से कुछ को जगह दी जाएगी। तीन पदों में होंगे जीतू के भरोसे के नेताकार्यकारिणी में सभी नेताओं के समर्थकों को जगह दी जाएगी ताकि असंतोष पैदा न हो लेकिन तीन महत्वपूर्ण पदों पर जीतू पटवारी अपने भरोसे के नेताओं को ही रखेंगे। यह पद संगठन प्रभारी महामंत्री, कोषाध्यक्ष और प्रभारी प्रशासन के हैं। कुणाल चौधरी सहित इन पदों पर रखे जाने वाले नेता लगभग तय बताए जा रहे हैं। अनुशासन समिति का प्रमुख भी जीतू की ही पसंद का हाे सकता है। बहरहाल, कार्यकारिणी के लिए नेताओं के नाम छांटने का काम जारी है। यह जनवरी के दूसरे पखवाड़े तक घोषित कर दी जाएगी।

मध्य प्रदेश में 9 जिलों से होकर गुजरेगी भारत जोड़ो न्याय यात्रा

Bharat Jodo Nyay Yatra will pass through 9 districts in Madhya Pradesh मध्य प्रदेश में 9 जिलों से होकर गुजरेगी भारत जोड़ो न्याय यात्रा, सात दिन में 698 KM कवर करेंगे राहुल गांधीकांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा की भारत जोड़ो यात्रा ने देशभर में जो संदेश दिया, हम उसे इस यात्रा की मदद से आगे बढ़ाएंगे। राहुल जी इस यात्रा के दौरान सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय पर अपने विचार जनता के सामने रखेंगे। नई दिल्ली/भोपाल। कांग्रेस नेता राहुल गांधी आगामी 14 जनवरी से भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू करने वाले हैं। कांग्रेस पार्टी इस यात्रा की तैयारियों में जुटी हुई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस संबंध में आज पार्टी के महासचिवों प्रदेश अध्यक्षों, प्रदेश प्रभारियों और सीएलपी नेताओं की बैठक बुलाई थी। बैठक के बाद कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने बताया कि मध्य प्रदेश में 698 किलोमीटर की यात्रा होगी। राज्य में यात्रा 7 दिन तक रहेगी और 9 जिले कवर होंगे। यात्रा ग्वालियर जिले से प्रदेश में प्रवेश करेगी और गुना, उज्जैन होते हुए राजस्थान में एंटर करेगी। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने जानकारी देते हुए बताया कि 14 जनवरी से शुरू होने वाली भारत न्याय यात्रा का नाम बदलकर भारत जोड़ो न्याय यात्रा होगा। जयराम रमेश ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा ने देशभर में जो संदेश दिया, हम उसे इस यात्रा की मदद से आगे बढ़ाएंगे। राहुल जी इस यात्रा के दौरान सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय पर अपने विचार जनता के सामने रखेंगे।जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी जी के नेतृत्व में कन्याकुमारी से कश्मीर तक 4000 किमी. लंबी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ निकाली गई थी। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ ने पूरे देश का माहौल बदल दिया था और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भर दी थी। ये यात्रा पार्टी और देश के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई। जयराम रमेश ने बताया कि कांग्रेस मुख्यालय में तीन घंटे तक चली बैठक में 2024 के चुनावों की तैयारी को लेकर भी सुझाव आए हैं और उस पर भी बातचीत हुई। बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि आप लोग पार्टी के आंख-कान हैं। अब हमारे पास सिर्फ तीन महीने हैं, इसमें रात दिन एक करके हमें एक टीम की तरह पार्टी के लिए जी जान से जुटे रहना है। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी नेताओं को आपसी मतभेद मीडिया में उठाने से बचने की सलाह दी। बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी 14 जनवरी से भारत न्याय यात्रा शुरू करेंगे। यह यात्रा मणिपुर से शुरू होकर 20 मार्च को मुंबई में खत्म होगी।लोकसभा चुनाव से ठीक पहले होने वाली यह यात्रा 14 राज्य और 85 जिलों को कवर करेगी, जिसमें राहुल गांधी पैदल और बस से 6 हजार 200 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करेंगे। भारत न्याय यात्रा मणिपुर से शुरू होकर नगालैंड, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात से होते हुए महाराष्ट्र में समाप्त होगी। इसी यात्रा की तैयारियों को लेकर कांग्रेस ने आज बैठक बुलाई थी।

दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय में संपन्न हुई पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक

Important party meeting held at Congress headquarters in Delhi दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय में संपन्न हुई पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक, हुड्डा और उदयभान को मिली खास जिम्मेदारियां दिल्ली ! कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसको लेकर दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय में AICC महासचिवों प्रभारियों प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों और राज्यों में विधानसबा दल के नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक खत्म हो गई हैं। इस बैठक के बाद हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष उदयभान ने पार्टी से मिली जिम्मेदारियों को लेकर बात की। कांग्रेस मुख्यालय में हुई AICC महासचिवों, प्रभारियों, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों और राज्यों में कांग्रेस विधानसभा दल के नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक खत्म हो गई है। इस बैठक का एजेंडा 2024 के लोकसभा चुनाव में विजय सुनिश्चित करने और राहुल गांधी की भारत न्याय यात्रा की विस्तार से तैयारी करना रहा। इस बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मौजूद रहे।लोकसभा चुनाव और भारत न्याय यात्रा को बनाना है सफल: खरगेहरियाणा से पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष उदयभान इस बैठक में उपस्थित रहे। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि हमारे लिए 2024 के लोकसभा चुनाव में विजय सुनिश्चित करने और राहुल गांधी की भारत न्याय यात्रा की विस्तार से तैयारी करना, दोनों की सफलता जरूरी है इसलिए हम सबको इस बीच में काफी समय देना है और चर्चा करना है।

जीतू की टीम में भर्ती होंगे नए चेहरे- फ्रंट में खड़े नजर आएंगे गोर्की, गौरव और कुणाल

जीतू की टीम में भर्ती होंगे नए चेहरे- फ्रंट में खड़े नजर आएंगे गोर्की, गौरव और कुणाल – लोकसभा चुनाव के पहले जनवरी में ही टीम बनाने की चुनौती, बुजुर्गों से सिर्फ पटवारी लेंगे मार्गदर्शन भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस में विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद प्रदेश नेतृत्व की कमान जीतू पटवारी को मिलने के बाद अब उनकी टीम को लेकर कई तरह की चचार्एं हैं। उनकी टीम में बिलकुल नए चेहरों के सामने आने की संभावना है और इनमें वे चेहरे होने की संभावना जताई जा रही है जो युवा के साथ तकनीकी रूप से समृद्ध होंगे।मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार मिलने के बाद बुजुर्ग नेताओं को मुख्य धारा से अलग करते हुए कांग्रेस हाईकमान ने युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। इसके तहत प्रदेश अध्यक्ष जहां युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके पूर्व मंत्री जीतू पटवारी को कमान सौंपी तो नेता प्रतिपक्ष के रूप में अपनी बुआ से विधानसभा में सरकार को घेरने के गुर सीखने वाले पूर्व मंत्री उमंग सिंगार को कमान दी है। उनके साथ विधानसभा में उप नेता की जिम्मेदारी भी अपने पिता से सरकार को सदन के भीतर घेरने की बारीकियां सीख चुके दो बार के विधायक हेमंत कटारे को हाईकमान ने आगे बढ़ाया है। अब प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी अपनी नई टीम बनाने के लिए कवायद कर रहे हैं और उनका कहना है कि जल्द ही पूरी पीसीसी बदली हुई नजर आएगी। पटवारी की टीम में तकनीक, हुनरमंद युवा नजर आएंगे – बताया जा रहा है कि जीतू पटवारी अपने जैसे ऊजार्वान युवाओं की टीम को लेकर प्रदेश में लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारी करेंगे और इसके बाद प्रदेश में टीम के साथ मिलकर भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। इसके लिए उनकी टीम में तकनीक के जानकारों के साथ संगठन को चलाने वाले हुनरमंद युवाओं की टीम नजर आएगी। कहा जा रहा है कि पूर्व सांसद स्व. बालकवि बैरागी के पुत्र गोर्की बैरागी की पटवारी की टीम में महत्वपूर्ण भूमिका दिखाई देगी। वे कंप्यूटर की तकनीक में पारंगत हैं और उनके इस अनुभव को पटवारी लोकसभा चुनाव में विशेष तौर पर लाभ लेंगे। उन्हें संगठन प्रभारी जैसे किसी महत्वपूर्ण पद पर पीसीसी में लाया जा सकता है। इसी तरह अरुण यादव की टीम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके गौरव रघुवंशी को भी पटवारी की टीम में अहम भूमिका में देखा जा सका है। पटवारी के विश्वस्थ साथियों में शामिल पूर्व विधायक और युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुनाल चौधरी भी पीसीसी की नई टीम में प्रमुख भूमिका में दिखाई।

जैविक खेती से किसानों का मोह हो रहा है भंग, फर्टिलाइजर की मांग बढ़ी

Farmers’ fascination with organic farming is waning, demand for fertilizer increased  उदित नारायण  भोपाल। सरकार भले ही पांच साल में खेती से दोगुनी आय करने का दावा कर रही है, लेकिन जागरुकता व संसाधनों की कमी से किसानों का जैविक खेती से मोह भंग हो रहा है। जैविक खाद तैयार करने में मेहनत ज्यादा और मुनाफा कम होने से किसान रासायनिक खाद की ओर रुख कर रहे हैं। सरकारी रिकार्ड के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में जैविक खेती करने वाले किसानों की संख्या शून्य है, जबकि सरकार इसके प्रचार-प्रसार के लिए करोड़ों खर्च कर चुकी है। प्रदेश में जैविक खेती के मामले में आदिवासी बाहुल्य जिले आगे हैं। पिछले दस साल के आंकड़ों पर गौर करें तो डिंडोरी, मंडला, खरगौन, सिंगरौली और अनूपपुर के किसानों ने ज्यादा जैविक खेती को अपनाया है। वहीं बड़े शहरों से लगे जिलों के किसानों ने इसमें कम ही रुचि दिखाई है। जिलों में न तो जैविक उत्पादों के खरीददार हैं और ना ही बड़े शहरों से जोड़ने के लिए पर्याप्त और सुगम परिवहन व्यवस्था। यह है समस्या :  जैविक खेती करने के लिए किसानों के पास पर्याप्त तकनीकी ज्ञान नहीं है। जैविक कम्पोस्ट तैयार करने किसानों को उचित प्रशिक्षण नहीं मिल पाता। जैविक फसलों को बेचने की समस्या ज्यादा रहती है। बाजार (मंडी) व्यवस्था ठीक न होने से जैविक गेहूं को रासायनिक खाद से उत्पन्न गेहूं की तुलना में कम कीमत मिलती है। जैविक उत्पादों के खरीदार शहरों में मिलते हैं। इससे किसान स्थानीय बाजार में कम दामों पर बेच देते हैं। एजेंसियों का दावा– हर साल की तरह रबी सीजन में 5.40 लाख टन यूरिया बांटा जा चुका। रबी के मौसम में कुछ दिनों पहले तक किसानों को खाद के लिए लंबी-लंबी लगना पड़ रहा था। हालांकि सरकारी एजेंसियों का कि अब तक रबी सीजन में 5.40 लाख टन यूरिया जा चुका बीते 5 सालों के आंकड़ें देखें तो फर्टिलाइजर  सप्लाई एमपी में दोगुनी हुई है फिर भी हर साल किल्लत होती है। साल 2017-18 में जहां रबी के फर्टिलाइजर की सप्लाई 10.08 लाख टन थी, वहीं 23 में ये बढ़कर 19.89 एलटी हो गई, यानी लगभग दोगुनी हो गई। साल 2023-24 में ताजे के मुताबिक 5.40 लाख टन यूरिया की सप्लाई । है। जो मौसम के अंत तक 13.5 एलटी होने की स है। फिर भी नवम्बर के महीनों में प्रदेश भर में सोसाइटियों के बाहर किसानों को लंबी लंबी ब लगना पड़ा। हाल के दिनों में भी छतरपुर, मुरैना, शिवपुरी, नरसिंहपुर, सतना, भोपाल के कई हिस्स कई जिलों में यूरिया डीएपी की कमी देखी गई है।

पूर्व सीएम शिवराज ने अपने आवास का नाम,मामा का घर, रखा

Former CM Shivraj named his residence as maternal uncle’s house. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि पता बदल गया है, लेकिन मामा का घर तो मामा का घर है। आपसे भैया और मामा की तरह ही जुड़ा रहूंगा। भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक हफ्ता पूर्व श्यामला हिल्स पर बने मुख्यमंत्री आवास को छोड़कर शहर में लिंक रोड क्रमांक एक पर स्थित B-8, 74 बंगला में परिवार के साथ शिफ्ट हो चुके हैं। अब यही उनका नया पता है।यहां आने के बाद भी शिवराज की सक्रियता लगातार बरकरार है। उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए प्रदेशवासियों के मन में अपनी ‘मामा’ की जो छवि बनाई है, उसे वह बरकरार रखना चाहते हैं। यही वजह है कि उन्होंने अपने नए आवास को नाम दिया है- ‘मामा का घर’। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक पोस्ट लिखते हुए खुद इस बात की सूचना दी। मेरे प्यारे बहनों-भाइयों और भांजे-भांजियों, आप सबसे मेरा रिश्ता प्रेम, विश्वास और अपनत्व का है।पता बदल गया है, लेकिन “मामा का घर” तो मामा का घर है। आपसे भैया और मामा की तरह ही जुड़ा रहूँगा। मेरे घर के दरवाजे सदैव आपके लिए खुले रहेंगे। मेरी जिंदगी बेटा-बेटियों, बहनों के लिएगौरतलब है कि मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने के बाद शिवराज जनता और खासकर लाड़ली बहनों व भांजी-भांजियों के बीच जाकर कह रहे हैं कि पद तो आते-जाते रहते हैं, लेकिन आप लोगों ने जो मुझे ‘भैया’ और ‘मामा’ का पद दिया है, उसे कोई नहीं छीन सकता। मैं हमेशा आपके बीच रहूंगा। मेरी जिंदगी आपके लिए है, जनता-जनार्दन के लिए है, बेटा-बेटियों के लिए है, मेरी बहनों के लिए है।

रामलला की वास्तविक मूर्ति कहां है, दिग्विजय सिंह

रामलला की मुख्य मूर्ति कहां है, उन्हें क्यों नहीं स्थापित किया जा रहा है, जबकि अयोध्या जन्मभूमि का पूरा विवाद ही वह था। इंदौर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अयोध्या में बन रहे भव्य श्रीराम मंदिर को लेकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने इंदौर प्रवास के दौरान कहा कि अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के लिए नई मूर्तियां बनवाने की क्या जरूरत आ पड़ी। रामलला की मुख्य मूर्ति कहां है, उन्हें क्यों नहीं स्थापित किया जा रहा है, जबकि अयोध्या जन्मभूमि का पूरा विवाद ही वह था। सरकार को इस पर सवाल खड़ा करना चाहिए था।

हिट एंड रन कानून के विरोध में मध्य प्रदेश में सड़कों पर उतरे चालक

यात्री परेशान, पेट्रोल की किल्लत शुरू पेट्रोल टैंकर चालक भी रविवार से हड़ताल पर हैं कई पंपों पर शुरू हुई किल्लत। रोजना सफर करने वाले लाखों लोगों को बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ा। हिट एंड रन के नए कानून को वापस लेने की मांग। केंद्र सरकार द्रारा लाये जा रहे हिट एंड रन के नए कानून को लेकर ड्राइवरों में रोष व्याप्त है। मध्य प्रदेश में चालक इसके विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं। पेट्रोल टैंकर चालकों की हड़ताल के बाद सोमवार को नादरा बस स्टैंड चौराहे पर बस ड्राइवरों ने चक्का जाम कर चौराहा जाम कर दिया। चौराहे पर वाहनों को खड़ा कर दिया गया। इससे चौराहा से आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। ड्राइवर इस कानून को लाने का विरोध कर रहे हैं। इसमें में एक्सीडेंट होने पर ड्राइवर को 10 साल की सजा और 7 लाख के जुर्माने का प्रविधान किया गया है। आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने भी 2 जनवरी को बैठक बुलाई। ड्राइवरों की हड़ताल का कर सकते हैं समर्थन। ड्राइवरों की तीन दीनी हड़ताल से ट्रक और बसों के थमे पहिए। जरूरी सामान की भी किल्लत हो सकती है। मध्यप्रदेश के इन जिलों में जारी है हड़तालखंडवा- यहां नए कानून के विरोध में ड्राइवर सड़क पर उतर आए हैं। खंडवा के धर्मकांटा क्षेत्र में कर रहे ड्राइवरों ने चक्काजाम कर दिया है। इस हड़ताल में बस, ऑटो और लोडिंग वाहन चालक भी शामिल हैं। इसके अलावा खंडवा के पुनासा में संत सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना के अफसरों को खुद ही अपनी गाड़ी चलाकर ऑफिस पहुंचना पड़ रहा है। देवास- देवास में भी ड्राइवरो की हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है। यहां बायपास चौराहे पर ड्राइवरों ने जाम लगा दिया है। इससे इंदौर-देवास मार्ग जाम हो गया है। भोपाल- राजधानी भोपाल में भी ट्रक हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है। करोंद मंडी रोड पर ड्राइवरों ने चक्काजाम कर दिया है। उज्जैन- साल के पहले दिन उज्जैन में भी ट्रक चालकों की हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है। शहर में ट्रक और बस के पहिए थम गए हैं। नरसिंहपुर- नरसिंहपुर जिले में इस हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। हड़ताल के चलते जिले में डीजल-पेट्रोल की किल्लत हो गई है। हिट एंड रन के नए प्रस्तावित कानून को लेकर भारी वाहन चालकों में आक्रोश है। इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। नए कानून को लेकर ट्रक ड्राइवर हड़ताल कर रहे हैं। रविवार को पेट्रोल डीजल के टैंकरों के ड्राइवर ने विरोध स्वरूप अपना आंदोलन शुरू कर दिया। जिसके चलते पेट्रोल-डीजल की किल्लत शुरू हो गई है

इंतजार की घड़ी खत्म,विभागो का हुआ बटवारा।

मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव मंत्रिमंडल विस्तार के 5 दिन बाद मंत्रियों को विभागों का बंटवारा हो गया है। कैलाश विजयवर्गीय को नगरीय प्रशासन और प्रहलाद पटेल को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मिला है। डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा को वित्त, डिप्टी सीए‌म राजेंद्र शुक्ला को लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गृह, जनसंपर्क और सामान्य प्रशासन विभाग अपने पास रखा है। कैबिनेट मंत्रियों को मिले यह विभाग • कुंवर विजय शाह – जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी- राहत एवं पुनर्वास • कैलाश विजयवर्गीय नगरीय विकास एवं आवास, संसदीय कार्य • प्रहलाद सिंह पटेल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम • राकेश सिंह – लोक निर्माण विभाग • करण सिंह वर्मा – राजस्व • उदय प्रताप सिंह – परिवहन और स्कूल शिक्षा • संपतिया उइके – लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी • तुलसी सिलावट – जल संसाधन • एदल सिंह कंषाना – किसान कल्याण एवं कृषि विकास • निर्मला भूरिया – महिला एवं बाल विकास • गोविंद सिंह राजपूत – खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण • विश्वास सारंग – खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता • नारायण सिंह कुशवाह सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग जन कल्याण, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण • नागर सिंह चौहान – वन, पर्यावरण, अनुसूचित जाति कल्याण • प्रद्युम्न सिंह तोमर – ऊर्जा • राकेश शुक्ला – नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा • चेतन काश्यप – सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम • इंदर सिंह परमार – उच्च शिक्षा, आयुष, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को इन विभागों का जिम्मा • कृष्णा गौर – पिछड़ा वर्ग एंव अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त, घुमंतु और अर्धघुमंतु कल्याण • धर्मेंद्र लोधी – संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास • दिलीप जायसवाल – कुटीर एवं ग्रामोद्योग • गौतम टेटवाल – तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार • लखन पटेल – पशुपालन एवं डेयरी • नारायण सिंह पंवार – मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विभाग राज्य मंत्री को इन विभागों का प्रभार • नरेंद्र शिवाजी पटेल लोक स्वास्थ्य एवं परिवाण कल्याण • प्रतिमा बागरी – नगरीय विकास एवं आवास • दिलीप अहिरवार – वन एवं पर्यावरण • राधा सिंह – पंचायत एवं ग्रामीण विकास

मंत्रियों के विभाग तय, जाने किस को मिली किस विभाग जिम्मेदारी.

Departments of ministers decided, who got the responsibility of which department? छत्तीसगढ़ में मंत्रियों के विभाग तय, ओपी चौधरी वित्त और विजय संभालेंगे गृह मंत्रालय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नई दिल्ली में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित उप मुख्यमंत्री अरुण साव व विजय शर्मा ने मुलाकात की थी। इसी बैठक में मंत्रियों के नामों पर मुहर लगी है। नवागढ़ विधायक दयालदास बघेल को खाद्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पहली बार के विधायक टंकराम वर्मा खेल एवं युवा कल्याण मंत्रालय संभालेंगे। डिप्टी सीएम अरूण साव पीडब्ल्यूडी, आरईएस और नगरीय प्रशासन की जिम्मेदारी दी गई. रायपुर। विष्णुदेव सरकार में मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद अब मंत्रियों के विभाग तय कर लिया गया है। कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नईदिल्ली में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित उप मुख्यमंत्री अरुण साव व विजय शर्मा ने मुलाकात की थी। इसी बैठक में मंत्रियों के नामों पर मुहर लगी है। इंटरनेट मीडिया में प्रसारित सूची में मुख्यमंत्री के पास सामान्य प्रशासन, ऊर्जा, जनसंपर्क मंत्रालय रहेगा। वहीं डिप्टी सीएम विजय शर्मा गृह, जेल एवं पंचायत मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालेंगे। डिप्टी सीएम अरूण साव पीडब्ल्यूडी, आरईएस और नगरीय प्रशासन की जिम्मेदारी दी गई है।

सीएम मोहन यादव गुना में घायलों से मिले, पीएम नरेन्द्र मोदी ने जताया दुख.

CM Mohan Yadav met with the injured in Guna; PM Narendra Modi expressed Grief. गुना में बुधवार रात को बस और डंपर की भ‍िंड़त के बाद बस में आग गई थीगुना। गुना में बुधवार रात को बस और डंपर की भ‍िड़ंत के बाद बस में आग गई थी, 13 यात्री जिंदा जल गए और 16 बुरी तरह झुलस गए थे। मुख्‍यमंत्री डा. मोहन यादव ने मामले की जांच के आदेश दे द‍िए हैं और सम‍ित‍ि का गठन कर द‍िया है। मृतकों व घायलों के ल‍िए आर्थिक सहायता की घोषणा कर दी गई है। मुख्‍यमंत्री ने गुना में अस्‍पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात भी की। मुख्‍यमंत्री ने पर‍िजनों से भी मुलाकात की है, इस मौके पर भारी संख्‍या में भीड जमा हो गई थी। पीएम मोदी ने लिखा- हादसा हृदयविदारक हैप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स हैंडल पर लिखा मध्य प्रदेश के गुना में हुआ सड़क हादसा हृदयविदारक है। इसमें जिन लोगों ने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी शोक-संवेदनाएं। इसके साथ ही इस दुर्घटना में घायल सभी लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। राज्य सरकार की देखरेख में स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा है।भाजपा नेता धर्मेंद्र सिकरवार की बस है और जिस डंपर से टकराई वो कांग्रेस नेता अनिल नायक का है ! इससे पहले गुना रवाना होने से पहले गुना हादसे पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि गुना की घटना बहुत दुखःद है। मैंने रात में DM और SP से बात भी की थी। अभी मैं खुद जा रहा हूं। हम कोशिश करेंगे कि दोबारा ऐसी कोई घटना नहीं हो। मैंने जांच के आदेश दिए हैं। जो भी कोई जिम्मेदार होगा किसी को नहीं छोड़ा जाएगा। सभी मृतकों के परिवार और घायलों के साथ मेरी संवेदना है। सीएम ने कहा कि कल रात गुना जिले में हुई घटना अत्‍यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। इस विषय पर मैंने जिले के कलेक्टर, एसपी व अन्‍य अधिकारियों से बात कर घटना की विस्‍तार से जानकारी ली है।उन्‍होंने कहा कि ऐसी घटना दोबारा ना हो, इस बात की हम पूरी कोशिश करेंगे; इसके लिए सड़कों पर इस तरह के जो भी डेंजर जोन हैं, उनको चिन्हित कर आवश्यक प्रबंध किया जाएगा।

बीजेपी ने रामलला को किया किडनैप, हम बाद में जाएंगे अयोध्या- संजय राउत

BJP has kidnapped Ram Lalla, we will visit Ayodhya later – Sanjay Raut. मुंबई ! संजय राउत ने कहा कि बीजेपी का न तो राम से नाता है और न ही उनके विचार से नाता है. अयोध्या में जो कार्यक्रम हो रहा है वो देश का कार्यक्रम नहीं है बल्कि बीजेपी का कार्यक्रम है. बीजेपी के कार्यक्रम में कौन जाए? बीजेपी के राजनीतिक कार्यक्रम खत्म होने के बाद हम अयोध्या जाएंगे.राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले शिवसेना उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने बीजेपी पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि पूरे देश में विपक्ष के नेताओं से पुछ जा रहा है कि क्या आपको न्योता आया..क्या आपको न्योता आया…ये सब क्या है? वहां बीजेपी की सत्ता है. मुझे लगता है की प्रभू श्री राम को एक तरह से किडनैप कर लिया गया है. हम क्या बीजेपी के न्योते का इंतजार में बैठे हैं. जब बीजेपी का कार्यक्रम में खत्म हो जाएगा उसके बाद हम अयोध्या रामलला के दर्शन के लिए जाएंगे.राउत ने कहा कि बीजेपी कौन होती है रामलला का निमंत्रण देने वाली? बीजेपी के राजनीतिक कार्यक्रम खत्म होने के बाद हम अयोध्या जाएंगे. राउत ने कहा कि ये देश का राष्ट्रीय कार्यक्रम नहीं है. बीजेपी के प्रोग्राम में कौन जाए.अयोध्या में जो हो रहा है वो बीजेपी का प्रोग्राम है. ये कोई राम लल्ला के लिए प्रोग्राम नहीं है. राउत ने आगे कहा कि बीजेपी का न तो राम से नाता है और न ही उनके विचार से नाता है. वहीं, अयोध्या स्टेशन का नाम बदलने को लेकर राउत ने कहा कि अच्छी बात है स्टेशन का नाम बदला है. इसका विरोध नहीं करना चाहिए लेकिन आप विकास तो करें. बता दें कि 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम है. इस कार्यक्रम में पीएम मोदी सहित देश की तमाम हस्तियां शामिल होंगी.

धान उपार्जन में लापरवाही एक और अफसर पर पड़ी भारी: जबलपुर के प्रभारी फूड कंट्रोलर के बाद अब प्रबंधक व जिला विपणन अधिकारी भी सस्पेंड

Negligence in paddy procurement fell heavily on another officer: After the food controller in-charge of Jabalpur, now the manager and district marketing officer are also suspended. सहाकारिता उपायुक्त डॉ. अखिलेश निगम पिक्चर से ही गायब हैं जबकि उपार्जन समिति में वे जिम्मेदार पद पर हैं। उदित नारायण भोपाल ! राज्य शासन ने जिला विपणन अधिकारी और मंडल प्रबंधक जबलपुर रोहित सिंह बघेल को भी सस्पेंड कर दिया है। यह कार्यवाही मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक आलोक कुमार सिंह ने की है। प्रबंध संचालक द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए जारी नीति के अनुसार धान उपार्जन का कार्य नहीं कराया गया है। अधिकारी की लापरवाही के चलते शासन के समक्ष संघ की छवि धूमिल हुई है। इसलिए बघेल को जिम्मेदार मानते हुए उन्हें सस्पेंड किया गया है। निलंबन अवधि में बघेल का मुख्यालय विपणन संघ भोपाल तय किया गया है। मंगलवार को प्रभारी फूड कंट्रोलर हुए थे सस्पेंड इससे पहले मंगलवार को खाद्य, नागरिक और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने जबलपुर में पदस्थ प्रभारी जिला आपूर्ति नियंत्रक कमलेश टांडेकर को धान उपार्जन केंद्रों के मामले में गंभीर लापरवाही पर सस्पेंड किया था। निलंबन अवधि में टांडेकर का मुख्यालय खाद्य विभाग संचालनालय भोपाल तय किया है। आदेश में कहा था कि जबलपुर जिले में कुल 121 केंद्रों के विरुद्ध 85 उपार्जन केंद्र स्थापित किए हैं। बाकी 36 उपार्जन केंद्र महिला स्व सहायता समूहों को देने का प्रस्ताव 21 दिसंबर को भेजा गया जो काफी देरी से भेजा गया। इन उपार्जन केंद्रों के तय न होने से किसानों भेजा गया। इन उपार्जन केंद्रों के तय न होने से किसानों को उपज बेचने में परेशानी हुई है। साथ ही महिला स्व सहायता समूह उपार्जन केंद्र के लिए तय गोदामों का सत्यापन प्रक्रिया का पालन किए बगैर किया गया। सहकारी सेवा समितियों को दो-दो उपार्जन केंद्रों की जिम्मेदारी दिए जाने के विपरीत उपार्जन नीति का पालन नहीं करते हुए 27 सहकारी समितियों को केवल एक-एक उपार्जन केंद्र का जिम्मा सौंपा है। इसलिए जिले में आवश्यक उपार्जन केंद्र स्थापित नहीं किए जा सके। इसे व्यापक लापरवाही मानते हुए विभाग ने टांडेकर को सस्पेंड कर दिया है। राज्य शासन ने जबलपुर के फूड कंट्रोलर को सस्पेंड कर दिया है। मोहन यादव कैबिनेट के गठन के बाद शासकीय काम में लापरवाही के मामले में की गई यह पहली कार्रवाई है। खाद्य, नागरिक और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने जबलपुर में पदस्थ प्रभारी जिला आपूर्ति नियंत्रक कमलेश टांडेकर को धान उपार्जन केंद्रों के मामले में गंभीर लापरवाही पर सस्पेंड किया है। निलंबन अवधि में टांडेकर का मुख्यालय खाद्य विभाग संचालनालय भोपाल तय किया है।विभाग के अनुसार खरीफ सीजन में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने के लिए जारी की गई नीति के मुताबिक ई-उपार्जन पोर्टल पर रजिस्टर्ड किसानों से एक दिसंबर 2023 तक उपार्जन कार्य कराया जाना था। इसके लिए सहकारी समितियों के साथ एनआरएलएम में रजिस्टर्ड महिला स्व सहायता समूहों को भी उपार्जन केंद्र के संचालन का काम देने के निर्देश 29 नवंबर को जारी किए गए थे। इसमें जिला उपार्जन समिति के माध्यम से महिला स्व सहायता समूहों को उपार्जन केंद्र की अनुमति का प्रस्ताव खाद्य संचालनालय को भेजा जाना था। जबलपुर जिले में कुल 121 केंद्रों के विरुद्ध 85 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। बाकी 36 उपार्जन केंद्र महिला स्व सहायता समूहों को देने का प्रस्ताव 21 दिसंबर को भेजा गया जो काफी देरी से भेजा गया। इन उपार्जन केंद्रों के तय न होने से किसानों को उपज बेचने में परेशानी हुई है। साथ ही महिला स्व सहायता समूह उपार्जन केंद्र के लिए तय गोदामों का सत्यापन प्रक्रिया का पालन किए बगैर किया गया। इस संबंध में न तो प्रभारी फूड कंट्रोलर द्वारा संचालनालय को जानकारी दी गई और न ही स्थानीय स्तर पर जनहित का काम किया गया। सहकारी सेवा समितियों को दो-दो उपार्जन केंद्रों की जिम्मेदारी दिए जाने के विपरीत उपार्जन नीति का पालन नहीं करते हुए 27 सहकारी समितियों को केवल एक-एक उपार्जन केंद्र का जिम्मा सौंपा है। इसलिए जिले में आवश्यक उपार्जन केंद्र स्थापित नहीं किए जा सके। इसे व्यापक लापरवाही मानते हुए विभाग ने टांडेकर को सस्पेंड कर दिया है। आजीविका समिति की जाँच कराने की माँग कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शित्रकुमार चौबे ने जिले में कुछ आजीविका समितियों का फर्जी तरह से कार्य करने का आरोप लगाया है। इनका कहना है कि पंजीयन के 6 माह के अंदर समितियों के निर्वाचन के प्रस्ताव चले जाने चाहिए मगर पिछले 2 साल से किसी भी एक समिति का चुनाव प्रस्ताव कार्यालय उपायुक्त सहकारिता से नहीं गया है। नियम तो यह भी है कि यदि निर्वाचन नहीं होता है तो तत्काल विभाग को किसी शासकीय कर्मचारी को प्रशासक बना देना चाहिए, मगर कार्यालय के स्तर पर इस तरह की भी कार्रवाई नहीं हो रही है। इन्हें क्यों छोड़ा गया धान खरीदी की जाँच का जिम्मा तमाम एसडीएम को दिया गया था, खाद्य विभाग के अधिकारी भी इसमें शामिल थे, वहीं वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन और मार्कफेड के अधिकारियों का कहीं जिक्र तक नहीं किया जा रहा है। डिप्टी कलेक्टर, अपर कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत भी खरीदी केन्द्र की जाँच के लिए जिम्मेदार हैं लेकिन 1 दिसम्बर से अभी तक केवल लोकायुक्त ने ईमानदारी से कार्य किया और रिश्वत लेते कम्प्यूटर ऑपरेटर को पकड़ा, बाकी किसी ने भी किसी केन्द्र में कोई जाँच नहीं की। सहाकारिता उपायुक्त डॉ. अखिलेश निगम पिक्चर से ही गायब हैं जबकि उपार्जन समिति में वे जिम्मेदार पद पर हैं। रातों-रात गायब हुई धान जानकारों का कहना है कि जैसे ही वेयरहाउस संचालकों को यह पता चला कि जाँच दल आ रहा है तत्काल ही बिना अनुमति खरीदी करने वाले वेयरहाउसों से धान को गायब करवाया गया। यहाँ तक की कई वेयरहाउसों में जाँच दल पहुँच भी गया था लेकिन एप्रोच लगाकर जाँच दल को रोका गया और उनकी मौजूदगी में ही धान गायब करवाई गई। सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि सरकारी बारदानों यानी बोरों में बिना अनुमति खरीदी हुई, यह कैसे हुआ कोई बताने तैयार नहीं। रातभर बाहर किया धान, फिर भी अंदर रखा मिला 30 हजार क्विंटल प्रमुख सचिव … Read more

सामाजिक जनजागरण है, राहुल गांधी की “भारत न्‍याय यात्रा “- जीतू पटवारी

Rahul Gandhi’s “Bharat Nyay Yatra” is social awareness – Jitu Patwari मध्‍य प्रदेश कांग्रेस के अध्‍यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया में बातचीत में कहा कि भारत न्‍याय यात्रा का मध्‍य प्रदेश में स्‍वागत है। अब राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ‘भारत न्याय यात्रा’ निकालने वाली है।मध्‍य प्रदेश कांग्रेस के अध्‍यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि भारत न्‍याय यात्रा का मध्‍य प्रदेश में स्‍वागत है।राहुल गांधी ने इससे पहले देश में भारत जोड़ो यात्रा की थी। भोपाल। भारत जोड़ो यात्रा’ के बाद अब राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ‘भारत न्याय यात्रा’ निकालने वाली है।मणिपुर से मुंबई तक क़रीब 6200 किलोमीटर की यह लंबी यात्रा 14 जनवरी से लेकर 20 मार्च तक निकाली जाएगी। यह यात्रा 14 राज्यों से होकर निकलेगी। इनमें मध्‍य प्रदेश और छत्‍तीसगढ़ भी शा‍म‍िल है। भारत न्याय यात्रा का मुद्दा आर्थिक न्याय, सामाजिक न्याय और राजनीतिक न्याय रखा गया है।मध्‍य प्रदेश कांग्रेस के अध्‍यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया में बातचीत में कहा कि भारत न्‍याय यात्रा का मध्‍य प्रदेश में स्‍वागत है। उन्‍होंने कहा कि राहुल जी ने इससे पहले देश में भारत जोड़ो यात्रा की थी। आधुनिक भारत के पहले शख्‍स थे जिन्‍होंने देश में भाईचारे के लिए, प्रेम के लिए, प्‍यार के लिए भगवान राम-कृष्‍ण और भारत वर्ष के जो मूल विचार हैं, इंसानियत की रक्षा के लिए, प्राणियों में सद्भावना हो इस विश्‍वास के लिए यात्रा निकाली थी। पूरे देश ने उसे आत्‍मसात किया था। अब न्‍याय यात्रा निकाली जा रही है।पटवारी बोले-वोट की ताकत को कम किया जा रहा पटवारी ने यह भी कहा कि राजनीतिक रूप से जो तानाशाही देश में चल रही है, लोकतंत्र की हत्‍या करने का जो दुष्‍चक्र चल रहा है। विधायकों और सांसदों को अपने अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। वोट की ताकत को कम किया जा रहा है। व्‍यापक रूप से दलबदल किया गया। इसके खिलाफ और सामाजिक जनजागरण के लिए न्‍याय यात्रा है।

राहुल गांधी करेंगे ‘भारत न्याय यात्रा’, मणिपुर से 14 जनवरी से होगी शुरुआत, 6200 KM का होगा पूरा सफर

Rahul Gandhi will undertake the ‘Bharat Nyay Yatra’ starting from January 14th, beginning from Manipur. The entire journey will cover a distance of 6200 kilometers. राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा पहले ही पूरी कर चुके हैं. इस यात्रा में उन्होंने कन्याकुमारी से कश्मीर तक का सफर तय किया था.नई दिल्ली ! कांग्रेस नेता राहुल गांधी ‘भारत न्याय यात्रा’ करने वाले हैं. पिछले साल सितंबर से लेकर इस साल 14 जनवरी तक भारत जोड़ो यात्रा करने के बाद अब राहुल इस नई यात्रा को करने जा रहे हैं. ‘भारत न्याय यात्रा’ लोगों को सामाजिक और आर्थिक न्याय दिलाने के लिए की जा रही है. भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत कन्याकुमारी से हुई थी, जो कश्मीर में जाकर खत्म हुई थी. राहुल ने इस यात्रा में दक्षिण से उत्तर का सफर किया था. वहीं, भारत न्याय यात्रा की शुरुआत पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर से होगी, जो पश्चिम में महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में जाकर खत्म होगी. इस तरह राहुल भारत न्याय यात्रा में पूर्व से पश्चिम की ओर सफर करने वाले हैं. पूरी यात्रा में 6200 किमी सफर तय किया जाएगा. ज्यादातर यात्रा बस के जरिए ही कवर की जाएगी, मगर कहीं-कहीं पैदल भी सफर किया जाएगा. भारत न्याय यात्रा को भारत जोड़ो यात्रा का दूसरा संस्कृरण बताया गया है, जिसकी शुरुआत 14 जनवरी से होगी. यात्रा में क्या होने वाला है खास? कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे 14 जनवरी को मणिपुर में भारत न्याय यात्रा को झंडा दिखाएंगे. इस तरह यात्रा की आधिकारिक तौर पर शुरुआत हो जाएगी. ये यात्रा 20 मार्च को जाकर मुंबई में खत्म होगी. भारत न्याय यात्रा 14 राज्यों के 85 जिलों से होकर गुजरेगी. मणिपुर, नागालैंड, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीगढ़, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से भारत न्याय यात्रा गुजरने वाली है. कैसे आया भारत यात्रा का विचार? कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बुधवार (27 दिसंबर) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत न्याय यात्रा को लेकर जानकारी दी. उन्होंने कहा, ’21 दिसंबर को कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने सर्वसम्मति से अपना मत रखा कि राहुल गांधी को पूर्व से पश्चिम की ओर एक यात्रा करनी चाहिए. राहुल गांधी भी सीडब्ल्यूसी की इस इच्छा को पूरा करने के लिए तैयार हो गए.’ उन्होंने कहा, ‘ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी ने फैसला किया है कि 14 जनवरी से 20 मार्च तक मणिपुर से लेकर मुंबई तक भारत न्याय यात्रा की जाएगी. इस यात्रा में राहुल गांधी युवाओं, महिलाओं और हाशिए पर पड़े लोगों से मुलाकात करने वाले हैं. बस यात्रा के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा जाएगा. यात्रा में कुछ छोटे हिस्से को रुक-रुक कर पैदल भी कवर किया जाएगा.’ भारत जोड़ो यात्रा क्या थी? राहुल गांधी ने सितंबर 2022 में भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत की थी, जो जनवरी 2023 में जाकर खत्म हुई. राहुल गांधी की यात्रा की शुरुआत 7 सितंबर को कन्याकुमारी से हुई. इस यात्रा के जरिए उन्होंने 4500 किलोमीटर से ज्यादा का सफर पैदल ही तय किया. इस यात्रा का मकसद भारत को एकजुट और देश को मजबूत करना था. कांग्रेस की इस यात्रा से उसका संगठन काफी मजबूत हुआ था. भारत जोड़ो यात्रा 30 जनवरी, 2023 को कश्मीर में जाकर खत्म हुई. भारत जोड़ो यात्रा के जरिए 12 राज्यों और 2 केंद्रशासित प्रदेशों के 75 जिलों को कवर किया गया था. ये यात्रा जिस-जिस राज्य से होकर गुजरी, उस-उस राज्य में कांग्रेस नेताओं ने इसमें हिस्सा लिया. कई प्रमुख हस्तियों को भी भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होते हुए देखा गया था.

चेतन्य कश्यप, सरकार को वेतन वापिस करने के बजाय उस राशि को अभावग्रस्त लड़कियाँ की शिक्षा पर खर्च करें : उमा

Instead of returning the salary to the Government, the amount should be spent on the education of underprivileged girls, according to Uma Bharti. भोपाल। उमा भारती ने लिखा है कि हाल ही में मंत्री बने रतलाम के एक संपन्न जैन व्यवसायी चेतन्य काश्यप ने अपनी संपत्ति 296 करोड़ घोषित की हैं। अभी कुछ दिनों पहले मध्यप्रदेश के अखबारों में उनकी तारीफ़ लिखी गई थी कि वो अपना विधायक का वेतन नहीं लेते जोकि साल भर का क़रीब 12 लाख होता हैं । 296 करोड़ वाला व्यक्ति अगर सरकार के 12 लाख छोड़ देता है तो इसमें कौनसी बड़ी बात हैं । उन्होंने लिखा है कि चेतन्य काश्यप सरकार को वेतन वापिस करने के बजाय वह राशि अभावग्रस्त लड़कियों की शिक्षा पर खर्च करें ।उमा ने आगे लिखा है कि हमें यह याद रखना पड़ेगा कि सभी विधायक बड़े व्यवसायी नहीं होते और न वो राजनीति से अपना व्यवसाय बढ़ाते हैं।एक बार सांसद वरुण गांधी ने कहा था कि सांसदों को तनखा एवं पेंशन नहीं लेना चाहिए। वरुण गांधी ऐसा कर सकते है क्यूँकि वो हज़ारों-करोड़ों की पैतृक संपत्ति के मालिक है । अपना सर्वस्व त्यागकर राजनीति के माध्यम से जनसेवा करने वाले जनप्रतिनिधियों को हर तरह की सहूलियत सरकार से मिलनी चाहिए ।अगर विधायकों और सांसदों को ईमानदारी की राह पर चलना आसान बनाना है तो चेतन्य काश्यप जैसे पूंजीपति विधायकों को छोड़कर सभी विधायक की तनखा एवं अन्य भत्ते आज की सभी परिस्थितियों को देखकर मिलना चाहिए

खून और पसीने से मिट्टी को सींच कर खिलाड़ी अपने देश के लिए मेडल लाता है, राहुल गांधी

After irrigating the soil with blood and sweat, the player brings a medal for his country. Rahul Gandhi वर्षों की जीतोड़ मेहनत, धैर्य एवं अप्रतिम अनुशासन के साथ अपने खून और पसीने से मिट्टी को सींच कर एक खिलाड़ी अपने देश के लिए मेडल लाता है। आज झज्जर के छारा गांव में भाई विरेंद्र आर्य के अखाड़े पहुंच कर ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पूनिया समेत अन्य पहलवान भाइयों के साथ चर्चा की। सवाल सिर्फ एक है – अपने अखाड़े की लड़ाई छोड़ अगर इन खिलाड़ियों, भारत की बेटियों को अपने हक और न्याय की लड़ाई सड़कों पर लड़नी पड़े तो कौन अपने बच्चों को यह राह चुनने के लिये प्रोत्साहित करेगा? यह किसान परिवार के निश्छल, सीधे एवं सरल लोग हैं, इन्हें तिरंगे की सेवा करने दीजिए। इन्हें पूरे मान और सम्मान के साथ भारत का सर गौरव से ऊंचा करने दीजिए।

बदलाव की राह पर भाजपा ने लगाई मुहर

On the path of change, the BJP has stamped its approval. उदित नारायण भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मंत्रिमंडल में जिस तरह लगभग दो तिहाई नए चेहरों को पहली बार शामिल किया, वह भाजपा द्वारा बदलाव की राह लाने जैसा है। विजय शाह, विश्वास सारंग प्रदुम्न तोमर तुलसी सिलावट ,करण सिंह वर्मा को छोड़कर किसी ऐसे मंत्री को मौका नहीं दिया गया है, जो लंबे समय तक मंत्रिमंडल में रहा हो। भाजपा का यह बदलाव नए नेतृत्व को उभारने का प्रयोग है। जिसका प्रभाव आने वाले वर्षों में देखने को मिलेगा। इस बदलाव से कुछ अनुभवी और वरिष्ठ मंत्री मौका पाने से चूक गए, तो डेढ़ दर्जन नए चेहरों को मौका मिला। परंपरागत राजनीति करने और देखने वालों को इससे हैरत हुई होगी, लेकिन यथास्थिति में बदलाव किसी भी राजनीतिक दल के जीवंत रहने के लिए आवश्यक होता है। भाजपा ने 2023 के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ व राजस्थान में जिस तरह नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल में जो बदलाव किया, वह नए तरह की राजनीति है। बदलाव तो हार के बाद किया जाता रहा है और बंपर जीत के बाद यथास्थितिऔर मजबूत होती आई है। भाजपा ने जीत के बाद बदलाव कर भविष्य में हार की आशंका को खारिज करने का प्रयास किया है। मध्यप्रदेश में भाजपा थोड़े अंतराल से दो दशक लगातार सत्ता में है और अगले पांच साल का सफर जारी है। मंत्रिमंडल में लगातार लंबे समय तक मंत्री रहने वालों को बदलकर नए चेहरों को मौका देने से एकतरफ जहां एकरसता टूटती है, वहीं पार्टी कैडर में यह विश्वास जागता है कि उन्हे भी आने वाले समय में मौका मिल सकेगा।

मंत्रिमंडल में जगह न मिलने पर गोपाल भार्गव की प्रतिक्रिया

Gopal Bhargav’s reaction to not getting a place in the cabinet. भोपाल। गोपाल भार्गव को मोहन यादव मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है। जिसके बाद उन्होंने पोस्‍ट कर प्रतिक्रिया दी। हालांकि बाद में यह पोस्ट उन्होंने डिलीट कर दी। सोमवार को हुए मंत्रिमंडल गठन में 18 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। हालांकि इसमें नौवीं बार विधायक बनने वाले गोपाल भार्गव को जगह नहीं मिली है। वे रहली सीट से विधायक हैं। इससे पहले गोपाल भार्गव शिवराज सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वहीं गोपाल भार्गव को मंत्री न बनाए जाने को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही है। इसी बीच गोपाल भार्गव ने सोशल मीडिया पर पोस्‍ट कर अपना पक्ष रखा है। हालांकि गोपाल भार्गव ने यह पोस्‍ट बाद में डिलीट कर दी। अब इस पोस्‍ट का स्‍क्रीन शॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। क्‍या लिखा था पोस्‍ट मेंवायरल हो रही पोस्‍ट में गोपाल भार्गव ने लिखा कि, ‘आज मप्र राज्य के मंत्री परिषद् का पूर्ण रूपेण गठन हो गया है, मैं नवनियुक्त मंत्रीगणों को अपनी ओर से शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं। प्रदेश भर से मेरे समर्थक मुझसे पूछ रहे हैं कि ऐसा क्या हुआ है कि आपको मंत्री मंडल में नहीं लिया गया? मैंने उनसे कहा 40 वर्षों के लंबे राजनीतिक जीवन में अब तक पार्टी ने जो भी जिम्मेदारियां दी है उनको समर्पित भाव से पूर्ण किया है और आगे भी करते रहने के लिए संकल्पित हूं इसलिए आज मंत्रिपरिषद के गठन में पार्टी द्वारा लिए गए निर्णय का मैं स्वागत करता हूं। पद आते-जाते रहते हैं, पद अस्थायी हैं, पर जन विश्वास स्थाई है, इतने वर्षों तक मैंने अपने क्षेत्र और प्रदेश की जो सेवा की है वह मेरी पूंजी और धरोहर है। मेरे क्षेत्र ने मुझे प्रदेश का सबसे वरिष्ठ 9वीं बार विधायक बनाया जो देश में दुर्लभ एवं अपवाद है, मुझे 70% वोट देकर 73000 वोटों से जिताया यह ऋण मेरे ऊपर है। मैं जब तक इस क्षेत्र का विधायक रहूँगा कोई कमी या अभाव नहीं रहने दूंगा। राजनीतिक दलों के अपने-अपने फार्मूले हैं। सामाजिक, क्षेत्रीय कारण हैं जिनके आधार पर पद दिए जाते हैं, उसके भीतर जाने या जानने में मेरी कोई रुचि नहीं है इसलिए मैं मौन हूं। खाली समय में अब में प्रदेश में समाज को संगठित कर समाज उत्थान के लिए कार्य करूंगा।’

पटवारी ने एनएसयूआई को दिया टारगेट

Patwari gave target to NSUI भोपाल। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में सेवादल और एनएसयूआई की बैठक ली। पटवारी ने सबसे पहले मप्र भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के जिला अध्यक्षों से संवाद किया। सुबह 11 बजे शुरू हुई यह चर्चा 2 बजे तक चली। इसमें पीसीसी चीफ ने एनएसयूआई की आगामी गतिविधियों और लोकसभा चुनाव पर रणनीति बनाई। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि कालेज और विश्वविद्यालय में कांग्रेस की विचारधारा के साफ फर्स्ट टाइम वोटर्स को जोड़ा जाए। वहीं एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सड़कों पर प्रदर्शन में शामिल होंगे। भले ही सड़क लाठियां खानी पड़े, इसके लिए भी वो तैयार हैं। पटवारी ने सेवादल के प्रदेश पदाधिकारियों, जिला मुख्य संगठकों के साथ बैठक की। इसमें सेवादल की गतिविधियों और लोकसभा चुनाव पर बातचीत हुई। पटवारी ने कांग्रेस के दोनों विभागों से उनके पिछले कामों का भी हिसाब लिया। बता दें, पटवारी संगठन में कसावट के लिए लगातार चार दिनों तक बैठक करेंगे। 24 दिसंबर से शुरू ये बैठकें 27 तक चलेंगी। पटवारी मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में ही प्रदेश कांग्रेस के सभी जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी और प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक की है। इस दौरान वे सभी से विधानसभा चुनाव में हुई गड़बड़ियां और काम काज का हिसाब लिया। इसके साथ आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर भी बातचीत की। सभी जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी और पदाधिकारियों के साथ अध्यक्ष बनने के बाद पटवारी की यह दूसरी बैठक है। इस लिहाज से इस बैठक को अति महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा की 24वीं पुण्यतिथि

मंत्रिमंडल की पहली बैठक जारी, जल्द हो सकता है विभागों का बंटवारा

The first cabinet meeting is underway; the distribution of departments among ministers may happen soon. 2024 मार्च में लोकसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है, ऐसे में नई सरकार के पास काम करने के लिए अब केवल दो महीने का समय है। भोपाल। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मोहन कैबिनेट की पहली बैठक मंत्रालय में हो रही है। इसमें मंत्रियों का अधिकारियों से परिचय कराया जा रहा है। 18 विधायक पहली बार मंत्री बने हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित हैं। बैठक से पहले सुबह सीएम मोहन यादव ने पूर्व मुख्‍यमंत्री श‍िवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। माना जा रहा है कि जल्द ही मंत्रियों को विभागों का बंटवारा भी किया जा सकता है। मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री, मंत्रियों के साथ बैठक में संकल्प पत्र को प्राथमिकता में रखकर लक्ष्य की पूर्ति के संबंध में चर्चा करेंगे। वह पहले ही सभी विभाग प्रमुखों को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दे चुके हैं। लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए मंत्रियों को समन्वय के साथ लक्ष्य बनाकर काम करना है।अगले साल 2024 मार्च में लोकसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है, ऐसे में नई सरकार के पास काम करने के लिए अब केवल दो महीने का समय है। भाजपा के संकल्प पत्र की घोषणाओं को पूरा किया जाएगा।

क्रिसमस डे, का धीरेंद्र कृष्‍ण शास्त्री ने किया विरोध

Dhirendra Krishna Shastri opposed Christmas Day सांता क्लाज बनाने की जगह बच्चों को राम मंदिर लेकर जाओ, धीरेंद्र कृष्‍ण शास्त्री ने कहा उन्होंने ईसाई पूजा पद्धति पर टिप्पणी करते कहा कि जब दो प्रतिशत लोग हमारी रामनवमी नहीं मनाते तो हम 98 प्रतिशत लोग उनका त्योहार क्यों मनाएं। कटनी ! बागेश्वर धाम के कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सोमवार को यहां पुरैनी में बागेश्वर धाम आश्रम का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा में उन्होंने ईसाई पूजा पद्धति पर टिप्पणी करते कहा कि जब दो प्रतिशत लोग हमारी रामनवमी नहीं मनाते तो हम 98 प्रतिशत लोग उनका त्योहार क्यों मनाएं। सांता क्लाज को सांता क्रूज़ में भेज दिया जाए। क्रिसमस पर सांता क्लाज बनाने की जगह बच्चों को राम मंदिर लेकर जाओ, तिलक लगाओ, बच्चों को वहां गिफ्ट दो।इससे तुम्हारी पीढ़ी व पूर्वज प्रसन्न होंगे, बालक संस्कारी बनेगा। उन्होंने कहा कि हम किसी मजहब के विरोधी नहीं हैं। हकीकत है कि हम अपने धर्म के कट्टर हैं। 22 जनवरी को भगवान श्रीराम अयोध्या में विराजित हो रहे हैं, यह हमारे लिए गर्व की बात है।

मध्य प्रदेश में 18 कैबिनेट मंत्री, 6 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और 4 राज्य मंत्रियों ने ली शपथ.

In Madhya Pradesh, 18 Cabinet Ministers, 6 Ministers of State with independent charge, and 4 State Ministers took the oath. राज्यपाल ने सबसे पहले विजय शाह, कैलाश विजयवर्गीय, पहलाद सिंह पटेल, राकेश सिंह, करण सिंह वर्मा और राव उदय प्रताप सिंह को मंत्री पद की शपथ दिलाई। प्रहलाद सिंह पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, राकेश सिंह बने कैबिनेट मंत्री। तुलसीराम सिलावट, एंदल सिंह कंसाना, निर्मला भूरिया, गोविंद सिंह राजपूत कैबिनेट मंत्री। पहली बार की विधायक कृष्णा गौर भी बनीं मंत्री। भोपाल। मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल राजभवन में मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलवा रहे हैं। राज्यपाल ने सबसे पहले विजय शाह, कैलाश विजयवर्गीय, पहलाद सिंह पटेल, राकेश सिंह, करण सिंह वर्मा और राव उदय प्रताप सिंह को कैबीनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई। इनके बाद संपतिया उइके, तुलसीराम सिलावट, एंदल सिंह कंसाना, निर्मला भूरिया, गोविंद सिंह राजपूत और विश्वास सारंग, नागर सिंह चौहान, नारायण सिंह कुशवाह, प्रद्युमन सिंह तोमर, राकेश शुक्ला, चेतन काश्यप और इंदर सिंह परमार को कैबीनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई। इन्हें मिला स्वतंत्र प्रभारकृष्णा गौर, धर्मेंद्र लोधी, दिलीप जायसवाल, गौतम टेटवाल, लखन पटेल और नारायण सिंह पवार ने राज्य मंत्री स्वत्रंत प्रभार की शपथ ली।ये बने राज्य मंत्रीनरेश शिवाजी पटेल, प्रतिमा बागड़ी, राधा सिंह और दिलीप अहिरवार को राज्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। करण सिंह वर्मा और विजय शाह आठवीं बार चुनाव जीते हैं जबकि कैलाश विजयवर्गीय सात बार चुनाव जीते हैं, प्रहलाद सिंह पटेल पहली बार विधानसभा चुनाव जीते हैं। तुलसीराम सिलावट छठवीं, एंदल सिंह कंसाना और निर्मला भूरिया पांचवीं बार विधायक बने हैं। सीएम मोहन यादव ने कहा कि आज राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुलाकात हुई। उन्होंने कहा, महामहिम हमारे नए मंत्रीमंडल को शपथ दिलाएंगे। पीएम नरेंन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में और सभी वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में नया मंत्रिमंडल गठन के साथ प्रदेश के बेहतरी के लिए काम करेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्व.अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया नमन

Tried to pay tribute to Atal Bihari Vajpayee by garlanding his statue. रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्व.अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आज अटल बिहारी विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित स्व अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें सादर नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की याद में बनाए गए शहीद स्मारक पर भी पुष्पांजलि अर्पित कर सेनानियों को सादर नमन किया।  इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति अरुण नाथ दिवाकर वाजपेयी, बिल्हा विधायक धरम लाल कौशिक, बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल और बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला सहित अन्य लोगों ने पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और शहीद स्मारक पर छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता सेनानियों  को श्रृद्धांजलि  अर्पित की। वहीं सांसद सुनील सोनी एवं विधायक पुरंदर मिश्रा ने पूर्व प्रधानमंत्री, भारतरत्न स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी के जन्मदिवस के अवसर पर राजधानी के अवंती विहार के एटीएम चौक में अटल जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।  इस अवसर पर सुशासन के उच्चतम मानदंड स्थापित करने के लिए शपथ भी ली गई ।  अटल जी के जंयती को सुशासन दिवस के रूप मनाया जा रहा है। विधायक मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री  वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना की थी, उनकी जयंती के अवसर पर हम यह संकल्प ले कि शासन-प्रशासन सभी जगह पर सुशासन का आदर्श मानदंड स्थापित करें। हम पितृ पक्ष में पूूर्वजों को नमन करते है उसी प्रकार आज हमारे पूर्वज-आदर्श श्री अटल जी की जयंती पर हम उन्हें नमन कर रहे है और उनके बताए हुए राह पर चलने का संकल्प ले। उन्होने  अटल जी की जयंती के अवसर पर युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की।  कार्यक्रम में रायपुर नगर निगम के पूर्व सभापति  संजय श्रीवास्तव और अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपना संबोधन दिया। साथ ही विद्यार्थियों ने अटल जी की कविताओं का पाठ भी किया। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भुरे, नगर निगम आयुक्त  मयंक चतुर्वेदी समेत जनप्रतिनिधि और अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। 

मप्र में डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में नई भाजपा सरकार बनने के 12 दिन बाद आज मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है.

After 12 days of the formation of the new BJP government under the leadership of Dr. Mohan Yadav in MP, today, the expansion of the cabinet is set to take place. विस्तार को लेकर पिछले कई दिनों से मंथन व अटकलों का दौर चल रहा था। नए मंत्रियों को सोमवार दोपहर तीन बजे बाद शपथ दिलाई जाएगी। मोहन सरकार के मंत्रिमंडल की शपथ साढ़े तीन बजे होने वाली है। इसमें 18 कैबिनेट मंत्री, छह राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और चार राज्यमंत्री बनाए जा रहे हैं। यहां देखें लिस्ट कैबिनेट मंत्री –1-प्रदुम्न सिंह तोमर2-तुलसी सिलावट3-एदल सिंह कसाना4-नारायण सिंह कुशवाहा5-विजय शाह6-राकेश सिंह7-प्रह्लाद पटेल8-कैलाश विजयवर्गीय9-करण सिंह वर्मा10-संपतिया उईके11-उदय प्रताप सिंह12-निर्मला भूरिया13-विश्वास सारंग14-गोविंद सिंह राजपूत15-इंदर सिंह परमार16-नागर सिंह चौहान17–चैतन्य कश्यप18-राकेश शुक्लाराज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार )19-कृष्णा गौर20-धर्मेंद्र लोधी21-दिलीप जायसवाल22-गौतम टेटवाल23- लेखन पटेल24- नारायण पवारराज्यमंत्री –25–राधा सिंह26-प्रतिमा बागरी27-दिलीप अहिरवार28-नरेन्द्र शिवाजी पटेल

मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार के मंत्रिमंडल का आज विस्तार होने जा रहा है।

The expansion of the Madhya Pradesh Mohan Yadav government’s cabinet is set to take place today. भोपाल में दोपहर साढ़े तीन बजे नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। माना जा रहा है कि आज 15 से 18 विधायक मंत्रीपद की शपथ ले सकते हैं। 13 दिसंबर को सीएम पद की शपथ लेने के बाद मोहन यादव को कैबिनेट मंत्रियों के नाम फाइनल करने के लिए तीन बार दिल्ली का दौरा करना पड़ा। सीएम यादव ने प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा से लेकर बीजेपी के तमाम नेताओं से मुलाकात की और जब सभी मंत्रियों के नाम फाइनल हो गए तो कल वो भोपाल लौट गए।15 से 18 मंत्री ले सकते हैं शपथबीजेपी सूत्रों का कहना है कि आलाकमान ने मंत्रियों के सभी पदों पर नामों को हरी झंडी दे दी है। संभावना है कि पहले विस्तार में इनमें से 15 से 18 मंत्री शपथ ले सकते हैं। हालांकि मंत्रिमंडल में कौन-कौन विधायक शामिल होंगे, इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। सीएम मोहन यादव ने आज सुबह 9 बजे राज्यपाल से मिलने का समय लिया है। जहां वो उन्हें वे नाम सौंपेंगे जो मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले हैं। शपथ ग्रहण राजभवन में होगा, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव मंत्रियों की शपथ से पहले इंदौर जाएंगे। जहां वे कनकेश्वरी धाम परिसर में हुकुमचंद मिल के मजदूरों के बकाया भुगतान कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़ेंगे। इस दौरान वे श्रमिकों को संबोधित भी करेंगे। मध्य प्रदेश के नए मंत्रिमंडल में ये हो सकते हैं संभावित मंत्री-कैलाश विजयवर्गीयप्रहलाद पटेलराकेश सिंहराव उदय प्रतापविश्वास सारंगतुलसी सिलावटरीति पाठकसंजय पाठकरामेश्वर शर्मागोविंद सिंह राजपूतप्रद्युम्न सिंह तोमरबृजेन्द्र सिंह यादवकृष्णा गौररमेश मेंदोलाअर्चना चिटनीसऊषा ठाकुरसीतासरन शर्माचेतन्य कश्यपघनश्याम चंद्रवंशीबता दें कि मध्यप्रदेश में मंत्रिमंडल के सदस्यों की अधिकतम संख्या मुख्यमंत्री समेत 35 हो सकती है। पिछले महीने हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 163 और कांग्रेस ने 66 सीटें जीती थीं।

कुछ तो था उनकी बातों में…

अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर विशेष   डॉ.केशव पाण्डेय  भारत जमीन का टुकड़ा नहीं, जीता जागता राष्ट्रपुरुष है… हिमालय मस्तक है तो कश्मीर किरीट है। यह चन्दन की भूमि है…अभिनन्दन की भूमि है…यह तर्पण की भूमि है…यह अर्पण की भूमि है।….सरकारें आएंगी, जाएंगी, पार्टियां बनेंगी, बिगडेंगी मगर ये देश रहना चाहिए। चूंकि देश सर्वोपरि है और एक राजनेता को अव्वल अपने देश के के लिए पूरी निष्ठा से काम करना चाहिए। प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जब संसद के सत्र में यह बात कही तो वह उस दौर में राजनीतिक  प्रतिबद्धता की गारंटी बन गई। राष्ट्र के प्रति कुछ ऐसी ही सोच रखते थे अटल जी….। 25 दिसंबर को जन्मदिवस पर जानते पत्रकार से प्रधानमंत्री  बनने तक के राजनीतिक सफर की कभी न मिटने वाली अमिट कहानी… भारतीय राजनीति का जीवंत स्मारक बन चुके पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को आज पूरा देश याद कर रहा है। जन-जन के प्रिय अटलजी अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते थे। पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद वह पहले ऐसे व्यक्ति थे जो लगातार दो बार प्रधानमंत्री बने। अटलजी लगातार 11 वार सदन में पहुंचे। नौ बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा के सदस्य रहकर उन्होंने एक कीर्तिमान रचा। इस तरह उन्होंनें करीब पांच दशक तक सक्रिय राजनीति में अपना जीवन व्यतीत किया।  अटलजी छात्र जीवन के दौरान पहली बार राष्ट्रवादी राजनीति में तब आये जब 1942 में ब्रिटिश उपनिवेशवाद के अंत के लिए शुरू किए गए भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया। उन्होंने पत्रकार के रूप में अपने कॅरियर की शुरुआत की। 1951 में भारतीय जन संघ में शामिल होने के बाद पत्रकारिता छोड़ दी। आजादी के बाद वे एक ऐसे नेता के रूप में उभरे, जिन्होंने विश्व के प्रति उदारवादी सोच और लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता को महत्व दिया। सभ्यता, संस्कृति और वैभवशाली इतिहास से परिपूर्ण इस देश में वे जहां महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक समानता के समर्थन की बात करते थे तो वहीं भारत को दुनिया में एक दूरदर्शी, विकसित, मजबूत और समृद्ध राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ते हुए देखने की चाह रखते थे। उद्धरणानुसारः”अपने नाम के ही समान, अटलजी एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय नेता, प्रखर राजनीतिज्ञ, निःस्वार्थ सामाजिक कार्यकर्ता, सशक्त वक्ता, कवि, साहित्यकार, पत्रकार और बहुआयामी व्यक्तित्व वाले व्यक्ति थे”।  शिक्षा के दौरान अनेक साहित्यिक, कलात्मक और वैज्ञानिक उपलब्धियां उनके नाम रहीं। उन्होंने मासिक पत्रिका-राष्ट्रधर्म, हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र- पाञ्चजन्य के अलावा स्वदेश और वीर अर्जुन जैसे दैनिक समाचार-पत्रों का संपादन किया। उन्होंने,  संसदीय यात्रा, मेरी इक्यावन कविताएं, संकल्प काल, शक्ति से शांति, फोर डीकेड्स इन पार्लियामेंट 1957-95, मृत्यु या हत्या, अमर बलिदान, कैदी कविराज की कुंडलियां और न्यू डाइमेंसंस ऑफ इंडियाज फॉरेन पॉलिसी जैसी पुस्तकें लिखीं। –प्रधानमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल इतना गौरवशाली रहा कि दो दशक के बाद भी उस कार्यकाल को न सिर्फ याद किया जाता है, बल्कि उस पर अमल भी किया जाता है। पोखरण परमाणु परीक्षण, आर्थिक नीतियों में दूरदर्शि्ृता। आधारभूत संरचना के विकास की बड़ी योजनाएं- राष्ट्रीय राजमार्ग और स्वर्णिम चतुर्भुज योजना अनुपम उदाहरण हैं। ऐसे प्रधानमंत्री कम ही हुए जिन्होंने समाज पर इतना सकारात्मक प्रभाव छोड़ा। उनकी प्रशासनिक क्षमता सुशासन का प्रतीक बनी। अटलजी के 1998-99 के प्रधानमंत्री के कार्यकाल को ’’दृढ़निश्चकय के एक साल’’ के रूप में जाना जाता है। क्योंकि मई 1998 में भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया था जिन्होंने परमाणु परीक्षण को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। फरवरी 1999 में पाकिस्तान बस यात्रा ने उपमहाद्वीप की परेशानियों को सुलझाने के लिए एक नए दौर का सूत्रपात किया। दुनिया भर में इसे प्रशंसा मिली। आपसी समझौते के इस मामले में भारत की ईमानदार कोशिश ने वैश्विक समुदाय में अपनी छाप छोड़ी। लेकिन मित्रता को धोखे के रूप में कारगिल का युद्ध मिला। तब अटलजी ने विषम परिस्थितियों का सफलतापूर्वक मुकाबला किया और सेना ने अपने पराक्रम से विजय हासिल की। कारिगल की जंग को प्रति वर्ष विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है।  देश के प्रति उनके निःस्वार्थ समर्पण और 50 वर्ष से अधिक तक देश और समाज की सेवा करने के लिए वर्ष 1992 में भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण दिया गया। 1993 में कानपुर विश्वविद्यालय ने मानद डॉक्ट्रेट की उपाधि से नवाजा। 1994 में उन्हें भारत का ‘सर्वश्रेष्ठ सांसद’ चुना गया। मार्च 2015 में उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान ’भारत रत्न’ की उपाधि से अलंकृत किया गया। अटल बिहारी वाजपेयी एक नेता तो थे ही साथ ही कविताएं भी लिखा करते थे। उन्होंने देश के लिए भी कविताएं लिखीं। पत्रकार से प्रधानमंत्री बने अटलजी ने चार राज्यों से चुनाव जीतकर भारतीय राजनीति में अपनी छाप छोड़ी थी।  अविवाहित प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने अपनी ईमानदार और निर्लिप्त छवि को कायम रखा। कभी अपना हित नहीं देखा। लोकतंत्रवादी मूल्यों में इतनी गहरी आस्था थी कि हिन्दुत्ववादी होते हुए भी उनकी छवि धर्मनिरपेक्षता वाली रही। अटलजी की विलण प्रतिभा और वाकपुटता को देख, जय प्रकाश नारायण ने कहा था कि “इनके कंठ में सरस्वती का वास है“। जवाहर लाल नेहरू ने वाजपेयी जी को अद्भुत वक्ता की विश्वविख्यात छवि से नवाज था। ऐसे में यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि कुछ तो था उनकी बातों में…जो आज भी लोगों के दिलों-दिमाग पर छाया हुआ है। उनकी जयंती पर शत्-शत् नमन्।।

एमपी में मंत्रिमंडल का विस्तार कल, सीएम मोहन यादव.

Cabinet expansion in MP tomorrow, announces CM Mohan Yadav. मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार सोमवार दोपहर में हो सकता है। करीब 20 मंत्री दोपहर में शपथ ले सकते हैं। इसमें नए चेहरे के साथ ही कुछ पूर्व मंत्रियों को मौका देने की बात सामने आ रही है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री की केंद्रीय नेताओं से मुलाकात के बाद मंत्रिमंडल के नाम पर अंतिम मुहर लग गई है। अधिकारिक सूत्रों की मानें सीएम मोहन यादव ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल से सोमवार सुबह मुलाकात का समय मांगा है। बताया जा रहा है कि वे राज्यपाल से भेंट कर संभावित मंत्रियों की सूची सौंप सकते हैं।  बता दें सीएम का एक सप्ताह में यह तीसरा दौरा है। सीएम के दिल्ली दौरे के चलते भोपाल में आयोजित होने वाली बैठकों को रद्द कर दिया गया। देर शाम सीएम भोपाल लौट सकते हैं। बताया जा रहा है कि सीएम केंद्रीय नेतृत्व के साथ मंत्रिमंडल को लेकर फाइनल चर्चा हो गई है। अब सोमवार को मंत्रिमंडल में तकरीबन 20 मंत्री शपथ ले सकते है।

आत्मनिर्भरता के युग की शुरुआत,सशक्त भारत के सशक्त कानून

The beginning of the era of self-reliance, empowered laws for a strong India. विष्णुदत्त शर्मा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद के दोनों सदनों में आपराधिक न्यायिक प्रणाली में सुधार के तीन विधेयक प्रस्तुत किये एवं दोनों सदनों में यह विधेयक ध्वनिमत से पारित होने के पश्चात् एक नए युग की शुरुआत हो गयी है। (1) भारत में अब भारतीय न्याय संहिता विधेयक 2023 जो आईपीसी, 1860 को प्रतिस्थापित करेगा। (2 ) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक 2023 जो सीआरपीसी, 1898 को प्रतिस्थापित करेगा। (3) भारतीय साक्ष्य विधेयक, 2023 जो साक्ष्य अधिनियम, 1872 को प्रतिस्थापित करेगा। इन विधेयकों की शुरूआत ऐसे समय में हुई है जब विश्व तेजी से तकनीकी प्रगति, सामाजिक परिवर्तन और विकसित हो रहे वैश्विक मानकों को देख रहा है। ब्रिटिश काल के दौरान बनाए गए मौजूदा कानूनों कि अक्सर पुराने होने और समकालीन जरूरतों के अनुरूप नहीं होने के कारण आलोचना की जाती रही है। नए कानून 21वीं सदी के साथ कानूनी प्रणाली को संरेखित करने की मोदी सरकार कि मंशा को दर्शाते हैं, जिसमें नागरिक-केंद्रित कानूनी संरचनाओं, लिंग तटस्थता, डिजिटल परिवर्तन और सजा के बजाय न्याय पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया गया है। इन परिवर्तनकारी कानूनी सुधारों का उद्देश्य भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली को नया आकार देना, नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा और न्याय के कुशल प्रशासन को सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व एव हमारे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प शक्ति का परिणाम था कि सभी हितधारकों के साथ व्यापक चर्चा के बाद इन कानूनों को लाया गया है। स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश के नाम अपने सम्बोधन में कहा था कि “ये समय गुलामी की मानसिकता से मुक्त होकर, अपनी विरासत पर गर्व करने का है“ और आजादी के अमृतकाल में भारत ने संकल्प लिया है कि उन सभी गुलामी के प्रतीकों से मुक्ति पाना है। वास्तव में भारत की प्राचीन सभ्यता में अपराधियों को दंड देने के बजाय पीड़ित को न्याय देने का प्रचलन था किन्तु औपनिवेशिक काल में अंग्रेजों ने अपनी सत्ता स्थायी रखने के उद्देश्य से भय प्रस्थापित करने हेतु दंड को प्राधान्य दिया था। इन कानूनों के प्रमुख प्रावधानों में राजद्रोह को निरस्त कर देशद्रोह को स्थापित करना, मॉब लिंचिंग के खिलाफ एक नया प्रावधान, नाबालिगों के बलात्कार के लिए मृत्युदंड, आतंकवाद की परिभाषा और छोटे अपराधों के लिए पहली बार सामुदायिक सेवा को दंड के रूप में सम्मिलित किया है। इसमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध, हत्या और राज्य के खिलाफ अपराधों को प्राथमिकता दी गई है। अलगाववादी गतिविधियों या भारत की संप्रभुता और एकता को खतरे में डालने वाले कृत्यों पर नए अपराध जोड़े गए हैं। मुख्यतः यह विधेयक मानव केंद्रित न्याय प्रणाली सुनिश्चित करने का कार्य करेंगे और अब लोगां को “तारीख पर तारीख“ से मुक्ति मिलेगी। यह नए कानून भारतीय आत्मा से ओत-प्रोत हैं और इनका उद्देश्य संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना और न्याय प्रदान करना है। भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य विधेयकों की शुरूआत भारत की कानूनी प्रणाली के लिए अत्यधिक महत्व रखती है जिससे निम्नलिखित संकल्प पूर्ति का लक्ष्य है – आधुनिकीकरणः यह कानून औपनिवेशिक विरासत से प्रस्थान का प्रतिनिधित्व करते हैं, ऐसे प्रावधान प्रस्तुत करते हैं जो समकालीन सामाजिक मूल्यों और तकनीकी प्रगति को दर्शाते हैं। डिजिटल अपराधों और साक्ष्यों को मान्यता देकर, नए कानून 21 वीं सदी की वास्तविकताओं को दर्शाते हैं, जिससे भारत की कानूनी प्रणाली का आधुनिकीकरण होता है। दक्षताः कानूनी प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और डिजिटल साक्ष्य को मान्यता देकर, इन कानूनों का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया की दक्षता को बढ़ाना, देरी को कम करना और त्वरित न्याय को सुनिश्चित करना है। नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोणः नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और जीवन में सुगमता सुनिश्चित करने पर जोर देने के साथ ही इनका लक्ष्य दंड से न्याय पर लक्ष्य केंद्रित करना है। वैश्विक मानकों के अनुरूपः यह आपराधिक न्यायिक प्रणाली के सुधार भारत की कानूनी प्रणाली को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाते हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि यह कानून अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम क़ानूनी प्रथाओं के अनुरूप हैं। गौरतलब है आपराधिक न्यायिक प्रणाली में सुधार की यह प्रक्रिया वर्ष 2019 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में गृह मंत्रालय द्वारा शरू की गई जिसमें विभिन्न हितधारकों से इस संदर्भ में सुझाव मांगे गए। गृह मंत्री जी ने सितम्बर 2019 में सभी राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों/प्रशासकों को पत्र लिखा था। जनवरी 2020 में भारत के मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों, बार काउंसिलों और विधि विश्वविद्यालयों और दिसम्बर 2021 में संसद सदस्यों से भी सुझाव मांगे गए। बीपीआरडी ने सभी आईपीएस अधिकारियों से सुझाव मांगे। मार्च 2020 को नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली के कुलपति की अध्यक्षता में एक समिति भी गठित की गई जिसे कुल 3200 सुझाव प्राप्त हुए थे। साथ ही 18 राज्यों, 06 संघ राज्य क्षेत्रों, भारत के सर्वोच्च न्यायालय, 16 उच्च न्यायालयों, 27 न्यायिक अकादमियों-विधि विश्वविद्यालयां, पुलिस बलों ने भी अपने सुझाव दिए है। गृह मंत्री अमित शाह ने 158 व्यक्तिगत बैठकें की, तत्पश्चात इन सुझावों पर गृह मंत्रालय में गहन विचार-विमर्श किया गया और इसी के परिणाम स्वरूप यह तीन कानून बने हैं। हम यह कह सकते हैं कि सरकार ने व्यापक चर्चा उपरांत जनआकांक्षाओं का सम्मान कर इन कानूनों को लाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार पिछले साढ़े 9वर्षों में, हमारी संस्थाओं और प्रणालीगत कानूनों को पुनर्जीवित करने के मिशन पर कार्य रही है, जो 19 वीं शताब्दी में ब्रिटिश शासन और उनके प्रतिनिधियों द्वारा हमारे प्राचीन सभ्यतागत सोच विचार को ब्रिटिश शासन के अधीन एवं राज्य चलाने के उद्देश्य से बनाये गए थे। निश्चित रूप से यह नए कानून हमारी कानूनी आत्मनिर्भरता के युग की शुरुआत है एवं इन कानूनों के पारित होने का सुखद अनुभव वास्तव में हमें दासता से मुक्ति का बोध कराता है। नोट – लेखक भाजपा मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष हैं।

विकसित भारत संकल्प यात्रा पहुंच रही गांव-गांव

Developed India Sankalp Yatra reaching every village ग्यारसपुर ! जनपद ग्यारसपुर की ग्राम पंचायत पथरई, इमलावदा मे विकसित भारत संकल्प यात्रा पहुंची जहां पर ग्रामीणों को केंद्र सरकार के द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में ग्रामीणों को जानकारी दी गई जिसमें सरकारी विभागों के कर्मचारियों अधिकारियों के द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की योजनाओं से वंचित परिवारों के आवेदन लिए गए उनके नाम जोड़े गए , यात्रा में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया जिसमें जीते हुए प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया, पथरई ग्राम पंचायत में छोटी-छोटी छात्राओं के द्वारा मतदाता जागरूकता नुक्कड़ नाटक का भी प्रदर्शन किया गया जिसमें सभी अतिथियों के द्वारा उनकी सराहना की गई । इमलावदा मैं बुजुर्ग दादा के द्वारा नृत्य किया गया । ग्राम पंचायत का 100% ऑनलाइन रिकॉर्ड राजस्व का किया गया जिसके चलते ग्राम पंचायत इमलावदा को अभिनंदन पत्र दिया गया, कार्यक्रम में पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र मीणा प्रताप सिंह रघुवंशी, लक्ष्मण सिंह रघुवंशी, मुन्नालाल रघुवंशी, रामनारायण रघुवंशी, रामशरण सिंह रघुवंशी, बरेलाल लोधी, विजय कुमार जैन, गोविंद सिंह रघुवंशी, संजय सिंह रघुवंशी, नीरेंद्र दांगी स्थानीय सरपंच मनोज रघुवंशी, संजीव रघुवंशी, समग्र सुरक्षा अधिकारी महेश कुशवाहा नोडल अधिकारी शानू जैन सचिव कौशल कुमार जैन नर्मदा प्रसाद श्रीवास्तव, रोजगार सहायक सरिता रघुवंशी, रविंद्र मेटोलिया, मुख्यमंत्री जन सेवा मित्र सहित ग्रामीण जन मौजूद रहे ।

हुकुमचंद मिल मजदूरों को 25 दिसंबर को मिलेगी राहत राशि, मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव

Hukumchand Mill workers will receive relief funds on December 25, says Chief Minister Dr. Mohan Yadav. इंदौर के कनकेश्वरी धाम में आयोजित होगा कार्यक्रम। लंबित देनदारियों के भुगतान से हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिकों से जुड़े परिवारों के लगभग 25 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। भोपाल। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव 25 दिसंबर को इंदौर की हुकुमचंद मिल के मजदूरों को 464 करोड़ रुपये की राशि वितरण करेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर सुशासन दिवस पर इंदौर के कनकेश्वरी धाम में आयोजित हितलाभ वितरण के इस कार्यक्रम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअली जुड़ेंगे। इस सिलसिले में मुख्यमंत्री ने शनिवार सुबह मंत्रालय में अधिकारियों के साथ बैठक की और इस कार्यक्रम के लिए चल रही तैयारियों की समीक्षा करते हुए जरूरी दिशा-निर्देश दिये। मजदूरों को संबोधित करेंगे पीएम मोदीयहां पर यह बता दें कि हुकुमचंद मिल के मजदूरों की 30 साल से देनदारियां बकाया हैं। देनदारियों के इस भुगतान से हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिकों से जुड़े परिवारों के लगभग 25 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी मजदूरों को संबोधित भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इंदौर जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि यह राशि सीधे मजदूरों को ही मिले। इस संदर्भ में उन्होंने मजदूर संघों से बात करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बैठक में अधिकारियों से प्रदेश की अन्य बंद मिलों और उनके मजदूरों को होने वाले भुगतान की लंबित जानकारी भी तलब की।

हुजूर विधानसभा के मुण्डला गांव पहुंची ‘मोदी की गारण्टी’ वाली गाड़ी, विधायक शर्मा ने विकसित भारत का संकल्प दिलाया

The vehicle carrying ‘Modi’s Guarantee’ reached Mundla village of Huzur Assembly, हुजूर विधानसभा के मुण्डला गांव पहुंची ‘मोदी की गारण्टी’ वाली गाड़ी, विधायक शर्मा ने विकसित भारत का संकल्प दिलाया 2047 तक विकसित भारत केवल मोदी जी का सपना नहीं, जन-जन का संकल्प है। – विधायक रामेश्वर शर्मा 2047 में विकसित भारत का संकल्प हर राष्ट्रप्रेमी के लिए मिशन की तरह है। – रामेश्वर शर्मा भोपाल। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार की गरीब कल्याण की योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से देशभर में विकसित भारत संकल्प यात्रा निकाली जा रही है। इस यात्रा के माध्यम से मोदी की गारण्टी वाली गाड़ी गांव-गांव जाकर नागरिकों को योजनाओं से जोड़ रही है। भोपाल की हुजूर विधानसभा में भी विकसित भारत संकल्प यात्रा को लेकर लगातार कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को हुजूर विधानसभा के मुण्डला गांव में मोदी की गारण्टी वाली गाड़ी पहुंची। यहां विधायक रामेश्वर शर्मा ने विकसित भारत के संकल्प लेकर स्थानीय नागरिकों को संबोधित किया। इस दौरान सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े अधिकारियों ने भी स्टॉल लगाकर नागरिकजनों का विभिन्न योजनाओं में पंजीयन कराया। विकसित भारत संकल्प यात्रा के तारतम्य में मुण्डला के नागरिकों को संबोधित करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – हम सभी देशवासियों को आज गर्व होता है कि हमारे देश का नेतृत्व प्रधानमंत्री श्रीमान नरेन्द्र मोदी जी के हाथों में है, जिसका लोहा पूरा विश्व मानता है। पूरे विश्व में सर्वाधिक लोकप्रियता की बात हो या देश के हर गरीब की चिंता करने की बात हो, प्रधानमंत्री श्रीमान नरेन्द्र मोदी सदैव अग्रणी रहते हैं। अपने प्रधानमंत्री काल में मोदी जी ने जो जो वादे किए थे वे सब आज गारंटी बन गए हैं। चाहे आवास हो या उज्ज्वला, आयुष्मान हो या अन्न योजना जैसे अनेकों कल्याणकारी प्रयास, मोदी जी हर क्षेत्र में देश के नागरिकों की सेवा और सुविधा में तत्पर रहते हैं। इसलिए आज देश के जन-मन को मोदी जी की हर गारंटी पर भरोसा है। इसी भरोसे और दृढ़ करने के लिए देशभर में विकसित भारत संकल्प यात्रा निकाली जा रही है। जिसके माध्यम से समाज के हर वर्ग को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए मोदी की गारण्टी वाली गाड़ी गांव-गांव जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह मोदी जी हर नागरिक को सशक्त बनाने का प्रयास कर रहे हैं उसी तरह हम सब भी 2024 में पुनः मोदी जी को सशक्त बनाएंगे। ताकि जनकल्याण के साथ राष्ट्रीय गौरव भी निरंतर बढ़ता रहे। विकसित भारत के लिए योगदान देने की शपथ दिलाईविधायक रामेश्वर शर्मा ने अपने संबोधन में पहले मुण्डला गांव के रहवासियों को विकसित भारत के संकल्प से अवगत कराया। इसके बाद उन्होंने नागरिकों को विकसित भारत बनाने के लिए अपना योगदान देने की शपथ दिलाई। विधायक शर्मा ने कहा कि भारत तभी 2047 के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा जब हम सब इसके लिए आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।

मोहन सरकार का टारगेट लोकसभा 29-0 कैंपेनिंग जल्द शुरू करेगी बीजेपी

Mohan government’s target is Lok Sabha 29-0; BJP will start campaigning soon भोपाल ! मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान विधानसभा चुनाव में बंपर जीत के बाद बीजेपी लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। लोकसभा चुनाव में बीजेपी इस बार भी पीएम नरेंद्र मोदी के चेहरे पर लड़ेगी। साथ में होंगे सीएम डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा। बीजेपी प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल करने का टारगेट लेकर चुनाव में उतरेगी। यानी बीजेपी 29-0 से क्लीन स्वीप करने कैपेनिंग करेगी। यहां बता दें, इससे पहले के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के साथ शिवराज सिंह चौहान प्रमुख चेहरा थे। 2019 के चुनाव में बीजेपी ने 29 लोकसभा सीटों में 28 पर जीत दर्ज की थी। बीजेपी को केवल छिंदवाड़ा संसदीय सीट पर हार मिली थी। यह सीट कमलनाथ का गढ़ है, जहां से उनके बेटे नकुलनाथ जीते थे। बीजेपी लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी मप्र की 29 लोकसभा सीटों के लिए बीजेपी ने मंथन शुरू कर दिया है। बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को एक बार फिर से नए काम दिए जा रहे हैं। बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में जीत के लिए पांच पॉइंट में अपनी रणनीति तैयार की है और लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। इन 5 पॉइंट से समझें बीजेपी की तैयारी 51 प्रतिशत वोट का टारगेट लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने राज्य में 51 फीसदी वोट का टारगेट तैयार किया है। बीजेपी इसके लिए प्लान कर रही है। विधानसभा चुनाव में बीजेपी का वोट शेयर 48.55 फीसदी था। अब बीजेपी लोकसभा चुनाव में 51 फीसदी वोट शेयर का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। हारे हुए बूथों पर फोकस विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 163 सीटों पर जीत मिली है। बीजेपी को विधानसभा चुनाव में जिन बूधों पर पार्टी की हार हुई है। उसे देखते हुए बीजेपी ने तैयारी शुरू कर दी है। हारे हुए बूथ के कार्यकर्ताओं से बीजेपी संगठन जल्द मीटिंग करने की योजना बना रहा है। हारी हुई सीटों पर अलग तैयारी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को जिन विधानसभा सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है। वहां, पार्टी अलग तरह की रणनीति बना रही है। बीजेपी यहां नए नेताओं को जिम्मेदारी दे सकती है। इसके लिए नेताओं की लिस्ट तैयार की जा रही है। फिलहाल अभी किसी नेता को इसके लिए जिम्मेदारी नहीं दी गई है।हर माह तय होंगे कार्यक्रम लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने हर महीने बूथ स्तर पर बड़े कार्यक्रम आयोजित करने की प्लानिंग कर रही है। लोकसभा चुनाव से पहले संपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसके माध्यम से आम लोगों तक केंद्र सरकार की योजनाओं को पहुंचाया जाएगा। उन योजनाओं पर फोकस किया जाएगा जिसमें आम लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है। नई जोड़ी ने थमाई जिम्मेदारी सीएम मोहन यादव ने बीजेपी विधायक दल की बैठक की थी। इस बैठक में लोकसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई। सीएम और वीडी शर्मा की नई जोड़ी ने विधायकों को लोकसभा चुनाव के लिए टारगेट दिए हैं। सभी विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में वोट प्रतिशत बढ़ाने का टारगेट दिया गया है।

पीएम जन मन योजना का मुख्य उद्देश्य पीवीटीजी समूहों को संपूर्ण रूप से सशक्त बनाना: शम्मी आबिदी

The main objective of PM Janman Yojana is to empower PVTG groups as a whole: Shammi Abidi विशेष संवाददाता रायपुर रायपुर।  प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) योजना के क्रियान्वयन हेतु आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान नया रायपुर के ऑडिटोरियम में आज दो दिवसीय प्रशिक्षण सह-कार्यशाला प्रारंभ हुई। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की आयुक्त  शम्मी आबिदी ने प्रशिक्षण सह कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा कि पीएम जनमन योजना का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूहों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ ही उनका सर्वांगीण विकास कर उन्हें राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल करना है।उल्लेखनीय है कि विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों- बैगा, बिरहोर, अबुझमाड़िया, कमार एवं पहाड़ी कोरवा के सर्वांगीण विकास को दृष्टिगत रखते हुए 15 नवंबर 2023 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) योजना प्रारंभ की गई है। इस संबंध में भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय से प्राप्त निर्देश अनुसार राज्यों को विस्तृत कार्य योजना बनाकर इनके समुचित विकास हेतु आवश्यक कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।आयुक्त  शम्मी आबिदी ने बताया कि योजना अंतर्गत 9 केन्द्रीय मंत्रालयों के माध्यम से 11 महत्वपूर्ण गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जाना है। इन गतिविधियों में पक्के घर का प्रावधान, पक्की सड़क, नल से जल, समुदाय आधारित पेयजल, छात्रावासों का निर्माण, मोबाइल मेडिकल यूनिट, आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से पोषण, बहुउद्देशीय केन्द्रों का निर्माण, घरों का विद्युतीकरण (ग्रिड तथा सोलर पावर के माध्यम से), वनधन केन्द्रों की स्थापना, इंटरनेट तथा मोबाइल सर्विस की उपलब्धता और आजीविका संवर्धन के लिए कौशल विकास शामिल हैं। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों का संपूर्ण विकास करना ही इस योजना का मुख्य लक्ष्य है। इन सभी गतिविधियों का क्रियान्वयन मिशन मोड में तीन वर्ष की अवधि में पूर्ण कर सभी बसाहटों को आवश्यकतानुसार अधोसरंचनात्मक रूप से सुदृढ़ बनाना है।प्रशिक्षण सह-कार्यशाला में आज प्रदेश के इन पीवीटीजी समुदायों, एनजीओ एवं विभागीय अधिकारियों सहित 198 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें प्रमुख रूप से  इतवारी राम बैगा,  दुरली बाई बैगा,  सुकचंद नेताम,  बेंदाराम बिरहोर,   मनकुमार,   कोलू मेरामी आदि शामिल थे।

142 सांसदों के निलंबन के विरोध में, जिला कांग्रेस कमेटी कटनी द्वारा धरना और फूका पुतला.

In protest against the suspension of 142 MPs, a district Congress committee staged a demonstration and burnt an effigy. कटनी, संवाददाता, सहरा सामाचारकटनी। संसद के सुरक्षा में चूक मामले पर सवाल पूंछनें और सदन में गृहमंत्री के वक्तव्य की मांग करने पर भाजपा सरकार द्वारा लोकसभा एवम राज्यसभा से 142 सांसदों का अलोकतांत्रिक तरीके से निलंबन लोकतंत्र पर तानाशाही के हावी होने का प्रमाण है।लोकतंत्र बचाने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी कटनी शहर एवं ग्रामीण के तत्वाधान में समस्त पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया।इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष विक्रम खम्परिया ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा अलोकतांत्रिक तरीके से लोकतंत्र को तार-तार कर संसद के दोनों सदनों से विपक्ष के 142 सांसदों को निलंबित कर दिया गया है जो लोकतंत्र के इतिहास में पहली बार हुआ है जो देश के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है इनके निलंबन को बहाल कर लोकतंत्र के ऊपर हो रहे ऐसे घिनौनी कृत को रोकने की मांग कांग्रेस करती है lजिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण अध्यक्ष करण सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा विपक्ष के आवाज को कुचलने का जो कार्य किया जा रहा है यह देश के प्रत्येक नागरिक के हक अधिकार के विरुद्ध है,लोकतंत्र पर अब के इतिहास में सबसे बड़ा कुठारा घात है l कांग्रेस पार्टी ऐसा कतई होने नहीं देगी हम सभी पदाधिकारी कार्यकर्ता ऐसे ही विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे l विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी मिथलेश जैन ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से जनता के हित और देश हित के लिए आवाज उठाना नहीं छोड़ेंगे जरूरत पड़ी तो देश एवं प्रदेश की कांग्रेस कमेटी के एक आवाज पर एकजुट होकर आगे और जोरदार प्रदर्शन हम लोग करेंगे।जिला समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष इंजी यदुवेंद्र सिंह यादव ने कहा कि लोकतंत्र की हत्या कर केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा जो यहां विपक्ष की आवाज को दबाने का कार्य किया जा रहा है इससे सपा डरने वाली नहीं है हम सड़कों पर जनता के बीच उनके अधिकार के लिए लड़ाइयां लड़ते रहेंगे।प्रदेश उपाध्यक्ष विजेंद्र मिश्र ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा देशहित के लिए कार्य किया है जनता के हक अधिकार के लिए कार्य की है और देश हित के लिए हम सभी एकत्रित होकर लड़ाईया लड़ेंगे lजिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष अंशु मिश्रा ने कहा कि आज इस भ्रष्ट भाजपा सरकार का जो चरित्र सामने आ रहा लोकतंत्र को शर्मसार करने वाले दृश्य पर जिसने जनता की आवाज उठाने वाले विपक्ष के 142 सांसदों का निलंबित किया जाना लोकतंत्र पर कुठाराघात हमला किए जाने का प्रमाण है जिसका जिला युवा कांग्रेस घोर निन्दा करती है। जिला महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष रजनी वर्मा ने कहा कि देश हित में लोकतंत्र को बचाने के लिए आवाज बुलंद करती है आगे भी जरूरत पड़ी तो आम जनता के हक अधिकार के लिए आवाज बुलन्द करते हुए उग्र आंदोलन भी करेंगे।इस अवसर पर मप्र कांग्रेस शिक्षा एवं शिक्षक प्रकोष्ठ का अध्यक्ष रामनरेश त्रिपाठी प्रदेश महामंत्री राकेश जैन कक्का राजा जगवानी देवीदीन गुप्ता डॉ बीके तोमर शशि शेखर भारद्वाज ने भी धरना में संबोधन दिया।धरने के उपरांत देश की सत्ता में बैठकर देश के लोकतंत्र की हत्या कर रही भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा का पुतला जलाया गया। सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित रहे

कांग्रेस में हलचल तेज़, लोकसभा चुनाव के लिए बनी, कांग्रेस मेनिफेस्टो कमेटी.

There is a buzz in the Congress, as a manifesto committee has been formed for the Lok Sabha elections. नई दिल्ली ! MP से ओमकार सिंह मरकाम को मिली बड़ी जिम्मेदारी ! लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कांग्रेस ने तेज की तैयारियां !एआईसीसी ने लोकसभा इलेक्शन के लिए घोषणा पत्र कमेटी का किया गठन !मध्य प्रदेश से विधायक ओमकार सिंह मरकाम को मिली जगह !वहीं पी चिदंबरम को कमेटी का चेयरमैन और छत्तीसगढ़ से टीएस सिंहदेव को बनाया संयोजक !देखिए सूची…पी. चिदंबरम – अध्यक्ष, टी.एस. सिंहदेव – संयोजक , सिद्धारमैया , प्रियंका गांधी वाड्रा , आनंद शर्मा , जयराम रमेश , डॉ. शशि थरूर , गायखंगम , गौरव गोगोई , प्रवीण चक्रवर्ती , इमरान प्रतापगढ़ी ,के. राजू , ओमकार सिंह , मरकाम , रंजीत रंजन , जिग्नेश मेवाणी , गुरदीप सप्पल

मोहन कैबिनेट जल्द लेंगा शपथ , दिल्ली दरबार बैठक सम्पन्न

The Mohan Cabinet will soon take the oath, and the Delhi meeting has concluded. नई दिल्ली । मध्यप्रदेश के डॉ मोहन यादव मंत्रिमंडल की सारी अड़चनें दूर कर ली गई। मंत्रियों की लिस्ट को शुक्रवार रात अंतिम रूप दे दिया गया। फार्मूले के तहत तीन बार मंत्री रहे चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जा रहा। इस बार ऐसे विधायकों को कैबिनेट में जगह दी जा रही है, जो तीन या पांच बार विधायक बने पर कभी मंत्री नहीं बन पाए। जानकारी के मुताबिक 23 या 24 दिसंबर को मंत्रिमंडल शपथ लेगा। मंत्रियों की संख्या भी शायद 20 से ज्यादा नहीं होगी। भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व मुख्यमंत्री की तरह मंत्रिमंडल में भी नए चेहरों को शामिल करना चाहता है। यही कारण है कि तीन से पांच बार विधायक बनने के बाद भी मंत्री नहीं बन सके चेहरों को इस बार मौका देना तय किया गया। अपनी दो दिन की दिल्ली यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा और भी कई नेताओं से अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा और भी कई नेताओं से मुलाकात की। बताते हैं कि सिंधिया से मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। हाईकमान के साथ हुई बैठक में डॉ मोहन यादव ने मंत्रिमंडल की लिस्ट को अंतिम रूप दिया। संभावना है कि 23 या 24 दिसंबर को मंत्रिमंडल विस्तार होप्नाएगा। पार्टी सूत्रों ने बताया कि मंत्रिमंडल शपथ में अधिक विलंब नहीं किया जाएगा। क्योंकि, फिर सभी सांसदों और विधायकों को नरेंद्र मोदी की संकल्प यात्रा के साथ जनता के बीच जाना है। ऐसे में केबिनेट गठन में देरी नहीं की जा सकती। भाजपा हाईकमान ने तय किया है कि मंत्रिमंडल का विस्तार 23 या 24 दिसंबर को कर ही दिया जाए। अभी करीब 20 मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। इनमें ज्यादातर कैबिनेट और कुछ को राज्य मंत्री बनने का मौका मिलेगा। इनके मंत्री बनने की संभावना डॉ मोहन यादव ने जिन संभावित मंत्रियों के नामों पर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ चर्चा की उनमें सभी गुटा, जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की कोशिश की गई। इसके अलावा सबसे ज्यादा ध्यान लोकसभा चुनावों को देखते हुए भी किया गया है। इसके तहत हर लोकसभा क्षेत्र से कम से कम एक विधायक को मंत्री बनने की कोशिश की गई। जिन नामों पर मंत्री बनाए जाने को लेकर चर्चा हुई उनमें विश्वास सारंग, रमेश मेंदोला (या मालिनी गौड़), इंदरसिंह परमार, निर्मला भूरिया, मंजू दादू, एदल सिंह कंसाना, कुंवर टेकाम, संपतिया उइके, ओमप्रकाश धुर्वे, रामेश्वर शर्मा, विष्णु खत्री, कृष्णा गौर, गोविंद राजपूत, प्रद्युम्न सिंह तोमर, तुलसी सिलावट, अंबरीश शर्मा गुड्डू, बृजेंद्र यादव, नीना वर्मा, भगवानदास सबनानी, राकेश सिंह, राजेश सोनकर, रीति पाठक, राजकुमार मेव, दिव्यराज सिंह, ललिता यादव, प्रदीप लारिया, बृजेंद्र प्रताप सिंह, हरिशंकर खटीक, देवेंद्र कुमार जैन, प्रियंका मीणा के नाम शामिल हैं। इनमें से भी कुछ नाम बाहर हो सकते हैं। बड़े नामों पर ये हुआ फैसला सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कैलाश विजयवर्गीय को मंत्रिमंडल में शामिल न करके उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाने का फैसला किया गया है। यह काम भी मंत्रिमंडल गठन के साथ ही होगा। वीडी शर्मा को केंद्र में मंत्री बनाया जाएगा। राकेश सिंह और रीति पाठक को मंत्री बनाया जा रहा है, जबकि, प्रहलाद पटेल को फिर लोकसभा चुनाव लड़ाया जाएगा। नरेंद्र तोमर को पहले ही विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा चुका है।

शहर में आवारा कुत्तों की धमक, प्रशासन, निगम लाचार

Threat of stray dogs in the city, administration, corporation helpless दहशत में लोगों ने सुबह-शाम टहलना छोड़ा। स्कूली बच्चों से लेकर साइकिल व बाइक वालों पर झपटते हैं श्वान। 3500 मामले हर महीने केवल लाल अस्पताल में पहुंच रहे।2014-15 से कुत्तों की नसबंदी किए जाने का दावा।1 लाख 80 हजार श्वानों की अब तक हुई नसबंदी। 60 हजार करीब श्वान नसबंदी के लिए बचे। इंदौर। ऐसा लगता है, मानो नगर निगम और प्रशासन ने इंदौर को आवारा कुत्तों के हवाले कर दिया है। हर गली, हर मोहल्ले में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हद तो यह कि बीते कुछ ही दिनों में शहर में डाग बाइट अर्थात कुत्तों द्वारा बच्चों या लोगों पर हमला करने, उन्हें काटने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। प्रतिमाह औसतन 3500 ऐसे मामले हो रहे हैं, जिनमें किसी व्यक्ति, बच्चे या महिला को कुत्ते ने काटा हो। यह बहुत भयावह आंकड़ा है। लोगों ने कुत्तों की दहशत के कारण सुबह-शाम टहलना छोड़ दिया है। साइकिल से स्कूल जाने वाले बच्चे दहशत में हैं। बाइक सवारों पर कुत्तों के झपटने और उन्हें गिरा देने के मामले भी लगातार हो रहे हैं। इसके बावजूद निगम आयुक्त, महापौर और कलेक्टर नींद में हैं तथा कुत्तों के इस आतंक को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है।देश के सबसे स्वच्छ शहर की टांग पर इन दिनों आवारा कुत्तों के दांत गड़े हुए हैं और इन कुत्तों के सामने नगर निगम, प्रशासन, जनप्रतिनिधि…सब मानो असहाय हो गए हैं। दरअसल, कुछ दिनों से शहर में डाग बाइट के मामले अचानक तेजी से बढ़ गए हैं। महालक्ष्मी नगर, निपानिया क्षेत्र में तो ऐसे-ऐसे केस हो रहे हैं कि लोगों ने डर के मारे सुबह-शाम टहलना छोड़ दिया है।शाम होते ही बच्चों को घरों में कैद कर दिया जाता है। कोचिंग के लिए बच्चों को साइकिल से भेजने के बजाय पालक उन्हें कार से छोड़ने जा रहे हैं। इधर, नगर निगम के जिम्मेदारों का रटा-रटाया जवाब है कि श्वानों की नसबंदी कराकर हम उन्हें कैद में नहीं रख सकते, उन्हें छोड़ना ही पड़ता है। नगर निगम को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ ही नागरिकों की सुरक्षा के लिए कोई समाधान निकालना ही होगा।

चार महीने के सरकारी खर्च और योजनाओं की गति के लिए मोहन सरकार लेकर आएगी लेखानुदान.

Mohan government will bring in an audit for the government expenditures and the pace of schemes for the last four months. भोपाल। भाजपा सरकार की 8 महीने में चलाई गई शिवराज सिंह चौहान की योजनाओं में कटौती की जाएगी। इसके पीछे का कारण है कि अक्टूबर तक का बजट सरकार पहले ही खर्च कर चुकी है। अब नई सरकार के सामने चुनौती है की योजनाओं को गति दी जाए और विकास कार्य के प्रोजेक्ट भी पूरे किया जाए। इसके लिए सरकार लेखा अनुदान लेकर आएगी। नए साल में आने वाले 4 महीने के लिए मोहन सरकार पुनरीक्षित बजट तैयार करने की शुरूआत कर दी है। वित्त विभाग में संबंध में सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्हें जल्द से जल्द वित्तीय बजट साल 2023 24 में की गई घोषणाओं के मुताबिक खर्च की जानकारी देनी होगी। किन योजनाओं में कितना पैसा खर्च हो चुका है। इसके अलावा सरकार की तरफ से चलाई जा रही लाडली बहना गेहूं और धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी सहित तमाम योजनाओं के लिए राशि की व्यवस्था बचे हुए फंड से की जाएगी।वही संकल्प पत्र के वचन के मुताबिक योजनाओं को गति देने के लिए भी राशि की सरकार के पास जरूरत है। इस बात का आकलन करने के निर्देश जारी किए गए हैं कि आखिर सरकार विकास कार्यों के लिए कितना चार महीने के लिए बजट जारी कर सकती है। जानकारों का कहना है कि सरकार अगर 100 करोड रुपए किसी प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए बजट का प्रावधान करती है। अगर वित्तीय स्थिति प्रोजेक्ट के मुताबिक बेहतर नहीं है तो योजना को गति देने के लिए 20 से 30 फीसदी फंड जारी कर विकास कार्य को जारी रखा जा सकता है। ऐसे ही कोई नई स्कीम की शुरूआत लेखानुदान में नहीं होगी। क्योंकि नई योजना के लिए सलाना वित्तीय बजट जरूरी होता है। जरूरत खर्च और योजना रहेगी प्रथमिकता लोकसभा चुनाव के चलते पड़ा असर, केंद्र के फंड से राज्य सरकार तय करती है बजट

सीएम डॉ. यादव ने एसीएस लेवल के अधिकारियों को सौंपी संभागीय बैठक की जिम्मेदारी.

CM Dr. Yadav assigned the responsibility of the regional meeting to the officers of the ACS level. पीएम मोदी की गारंटी और भाजपा के संकल्प को पूरा करने के लिए रहेगा लक्ष्य, रिव्यू के साथ करेंगे मानिटरिंग भोपाल। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने संभागीय बैठक के लिए एसीएस लेवल के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। सीएम ने अधिकारियों को संभाग बैठक के लिए प्रभारी नियुक्त किया है। प्रदेश के दस संभाग के लिए दस अधिकारियों की तैनाती की गई है। ये सभी अधिकारी संभागीय बैठक की न सिर्फ तैयारी करेंगे बल्कि बैठक के बाद बैठक में दिए गए सीएम के निदेर्शों की मॉनिटरिंग भी करेंगे। एसीएस स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी देने के पीछे की वजह है कि मध्य प्रदेश में पीएम नरेंद्र मोदी की गारंटी को प्राथमिकता देनी है। यानी कि अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि गारंटियों को पूरा किया जाए। इसके साथ ही भाजपा के संकल्प को भी पूरा करने की चुनौती होगी। लोक स्वास्थ्य, वन विभाग, गृह, नर्मदा घाटी विकास प्रधिकरण, जनजातिय कार्य विभाग, वित्त विभाग, किसान कल्याण, पिछड़ा वर्ग, उच्च शिक्षा से जुड़े विभाग के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। दरअसल, सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने प्रदेश की कमान संभालते ही संभागों की बैठक लेना शुरू किया है। उन्होंने इसकी शुरूआत अपने गृह संभाग उज्जैन से की थी। इसके बाद जिले वार समीक्षा के लिए अधिकारियों की पोस्टिंग की गई है। अधिकारियों को भी फील्ड की जानकारी भी सीएम को देना होगा। खास बात है कि राजेश राजौरा को उज्जैन का प्रभार दिया गया है। सीएम बनने के बाद राजौरा ही पहले अधिकारी थे। जिन्होंने लाउड स्पीकर पर नियंत्रण का आदेश जारी कराया। उज्जैन में रहते हुए एसीएस राजौरा सीएम मोहन यादव के काफी भरोसेमंद अफसरों में शुभार रहे हैं। इन्हें बनाया प्रभारी एसीएस मोहम्मद सुलेमान को भोपाल संभाग, एसीएस विनोद कुमार को जबलपुर संभाग, एसीएस जेएन कंसोटिया को रीवा संभाग, एसीएस राजेश राजौरा को उज्जैन संभाग, एसीएस एसएन मिश्रा को सागर संभाग, एसीएस मलय श्रीवास्तव को इंदौर संभाग, एसीएस अजीत केसरी को नर्मदापुरम संभाग, एसीएस अशोक वर्णवाल को शहडोल संभाग, एसीएस मनु श्रीवास्तव को चंबल संभाग और एसीएस केसी गुप्ता को ग्वालियर संभाग की जिम्मेदारी दी गई।

चुनावी आचार संहिता : विधानसभा के बाद लोकसभा चुनाव में भी हटेंगे अफसर.

Election Code of Conduct: Officers will also be transferred in the Lok Sabha elections after the Assembly elections. आयोग के फरमान: राज्य सरकार को 30 जून तक एक ही जिले में पदस्थ अफसरों का करना होगा तबादला- जनवरी के पहले ही सप्ताह से अफसरों के प्रमोशन और ट्रांसफर की शुरू हो जाएगी प्रक्रिया भोपाल। भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारियों को प्रशिक्षण दिए जाने के बीच अफसरों की पदस्थापना को लेकर भी गाइडलाइन जारी की है। आयोग ने कहा है कि मुख्य सचिव 30 जून 2024 को एक ही जिले में तीन साल की पदस्थापना पूरी करने वाले अफसरों को हटाते हुए रिपोर्ट देंगे। हालांकि इसकी प्रक्रिया सरकार जनवरी 2024 के पहले ही सप्ताह से शुरू कर दे दी। इसके पीछे का कारण है कि जनवरी में कई अफसरों के प्रमोशन का समय भी है। ऐसी स्थिति में ट्रांसफर से साथ पोस्टिंग भी होगी। कई अफसरों को फील्ड से हटाकर मंत्रालय में अटैच किया जाएगा। आयोग ने कहा है कि चुनाव से सीधा संबंध रखने वाला कोई भी अधिकारी उस जिले में पदस्थ नहीं रहेगा जो उसका गृह जिला होगा। अगर संबंधित अफसर ने पिछले चार साल के अंतराल में पदस्थापना वाले जिले में तीन साल पूरे कर लिए हैं या फिर 30 जून 2024 को उसके तीन साल पूरे होने वाले हैं। इसके साथ ही आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया 16 जून के पहले पूरी कर ली जाएगी। इसलिए आयोग ने निर्णय लिया है कि केंद्र शासित प्रदेश और राज्यों में गृह जिलों में पदस्थ अधिकारियों को हटाने की कार्यवाही की समय पर की जाए। अक्टूबर में विधानसभा चुनाव से पहले भी सरकार ने कई जिलों के अफसरों को हटा दिया था। हालांकि स्पष्ट है कि विधानसभा में ड्यूटी करने वाले अधिकांश अफसर चुनाव ड्यूटी में शामिल रहेंगे।

आधुनिक देशों ने ईवीएम को त्याग दिया, लेकिन भारतीय चुनाव आयोग का इससे बड़ा मोह : जीतू पटवारी.

Modern countries have abandoned EVMs, but the Indian Election Commission is more attached to it: Jitu Patwari. भाजपा सरकार ने पिछले विधानसभा सत्र में मुझे भी गलत तरीके से किया था निलंबित प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर पटवारी के नेतृत्व में पहला धरना भोपाल। संसद से निलंबित किए गए सांसदों की लड़ाई अब सड़क पर पहुंच गई है। कांग्रेस ने सांसदों के निलंबन पर शुक्रवार को प्रदेश व्यापी धरना प्रदर्शन किया। राजधानी भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर भी धरना प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस के नव-नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे संबोधित किया। उनके अध्यक्ष बनने के बाद ये पहला प्रदर्शन है। इस मौके पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और उप नेता हेमंत कटारे सहित कई नेता मौजूद रहे। पटवारी ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भारत के लोकतंत्र की दुनिया में मिसाल दी जाती है। इसका अनुशरण कई देशों में किया जाता है। सत्ता और विपक्ष देश की उन्नति के लिए दो पटरियां हैं। आज भारत की चुनाव प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आधुनिक देशों ने ईवीएम को त्याग दिया है। आज देश में जिस तरह के चुनाव परिणाम आते हैं, उस पर लोगों को भरोसा नहीं होता है। आज लोकतंत्र खतरे में है। पटवारी ने कहा कि मोदी के आने के बाद जनप्रतिनिधियों का दल-बदल बढ़ गया है। पिछले सत्र में विधानसभा में मुझे गलत तरीके से निलंबित किया था। ये लोकतंत्र की हत्या है। भाजपा में अंदर भी लोकतंत्र नहीं बची है। वहां भी मोदी की तानाशाही चल रही है। भाजपा का पिछला घोषणा पत्र ही पूरा नहीं हुआ। 18 हजार से अधिक घोषणा अधूरा है, हम लोकतंत्र के लिए लड़ते रहेंगे।

रोजगार सृजन के लिए DICCI करेगा मध्यप्रदेश के 313 ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर्स का प्रशिक्षण.

DICCI will provide training to 313 block coordinators in Madhya Pradesh for the creation of employment. DICCI के भोपाल ऑफिस में होगा यह बिजनेस लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम, DICCI मध्यप्रदेश के ब्लॉक कॉर्डिनेटर साझा करेंगे अपनी सफलता की कहानियां   उदित नारायण भोपाल। दलित इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) मध्यप्रदेश चैप्टर की ओर से बिजनेस लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम एवं प्रशिक्षण की शुरुआत की जा रही है। इसमें मध्यप्रदेश के सभी विकासखंडों में मौजूद डिक्की के 313 ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर्स शामिल होंगे। प्रशिक्षण के लिए 45-45 को-ऑर्डिनेटर्स के 7 बैच बनाए गए हैं। डिक्की मध्यप्रदेश चैप्टर के प्रेसिडेंट डॉ.अनिल सिरवैयां ने बताया कि प्रदेश में उद्यमिता विकास और स्व-रोजगार की गतिविधियों को विकासखंड स्तर पर क्रियान्वित कर रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए ब्लॉक लेबल बिजनेस लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम एवं प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है। 23 दिसम्बर को पहले बैच, 24 दिसम्बर को दूसरे बैच और 25 दिसम्बर को तीसरे बैच का प्रशिक्षण होगा। इस दौरान एससी-एसटी उद्यमियों और युवाओं को अपने ब्लॉक में ही व्यापार-व्यवसाय और उद्यमिता के अवसर, सफल बिजनेस फ्रेचाइजी मॉडल, लघु और मध्यम उद्योगों के क्लस्टर निर्माण, एमएसएमई इकाईयों की स्थापना, महत्वपूर्ण योजनाओं के लाभ लेने की प्रक्रिया, आसान और सब्सिडाइस बैंक ऋण से अधिक से अधिक युवाओं को लाभान्वित करने के टिप्स दिए जाएंगे।  लक्ष्य : प्रत्येक विकासखंड में प्रत्येक माह में 10 से अधिक उद्यमी तैयार करना डॉ. सिरवैयां ने बताया कि डिक्की का लक्ष्य प्रत्येक विकासखंड में प्रत्येक माह में 10 से अधिक उद्यमी तैयार करना है। साथ ही प्रत्येक विकासखंड में एक एमएसएमई कलस्टर का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि औद्योगिकीकरण से वंचित और पिछड़े जिलों सहित प्रत्येक जिले में विनिर्माण, सर्विस सेक्टर के स्टार्टअप और नए उद्यम तथा ट्रेडिंग कारोबार के लिए डिक्की ने विशेष प्लान तैयार किया है। अगले दो साल में इसे शत-प्रतिशत क्रियान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी उद्देश्य से डिक्की द्वारा प्रत्येक विकासखंड में प्रशिक्षित एससी-एसटी व्यापारियों, उद्यमियों और युवाओं की टीम तैयार की जा रही है जो स्थानीय स्तर पर गांव-गांव में आर्थिक गतिविधियों का क्रियान्वयन करेंगे। कार्यशाला में विशेषज्ञ देंगे प्रशिक्षण वर्तमान समय में व्यापार और रोजगार को बढ़ाने के लिए ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर्स को एक्सपर्ट्स द्वारा डिजिटल तकनीक और सोशल मीडिया का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे वे व्यापार विस्तार के लिए ऑनलाइन माध्यमों का भरपूर उपयोग कर पाएंगे। इसके साथ ही उन्हें अपनी सफलता की कहानियों से दूसरों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने संबंधी टिप्स भी दिए जाएंगे। कार्यशाला में डिक्की के अनुभवी उद्यमी,बैंकों के अधिकारी और इंडस्ट्री और उद्यमिता के क्षेत्र के विशेषज्ञ प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण देंगें।

यह मोदी सरकार है जो जनता के द्वार-… रामेश्वर शर्मा

This is Modi government which is at the door of the public-… Rameshwar Sharma विधायक रामेश्वर शर्मा ने उड़ाया ड्रोन, खेत में किया दबाई का छिड़काव विकसित भारत संकल्प यात्रा पहुँच रही है गाँव-शहर भोपाल। शुक्रवार को हुजूर विधानसभा के नरेला एवं खारपा में विकसित भारत संकल्प यात्रा पहुँची नरेला में विधायक रामेश्वर शर्मा विकसित भारत संकल्प यात्रा में सम्मिलित हुए। यहाँ विधायक रामेश्वर शर्मा किसानों के साथ ड्रोन से खेतों में दवाई का छिड़काव करते हुए दिखे । विधायक रामेश्वर शर्मा का ड्रोन से दवाई छिड़काव का वीडियो सोशल मीडिया में तेज़ी से वायरल हो रहा है। नरेला पहुँचे विधायक रामेश्वर शर्मा ने उपस्थित नागरिक बंधुओं को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा हुज़ूर विधानसभा के गाँव गाँव पहुँच रही है, इस यात्रा में बड़ी संख्या में नागरिक शामिल होकर भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ ले रहें है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि पहले जनता सरकार के पास जाती थी परंतु यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार है जो जनता के द्वार द्वार जा रही है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार ने उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल, आयुष्मान भारत योजना, किसान सम्मान निधि, घर घर शौचालय का निर्माण कराकर देश के गाँव, ग़रीब, किसान, युवाओं का जीवन बदलने का काम कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पूरी दुनिया में भारत का स्वाभिमान बढ़ाया है । अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण हो, कश्मीर से धारा 370 को समाप्त करने का काम हो सब कुछ मोदी जी ने करके दिखाया । श्री शर्मा ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा का अधिक से अधिक प्रचार करें इस यात्रा से जुड़े और नागरिकों को जोड़ें। यात्रा के दौरान लगने वाले लोक कल्याण शिविर में आवेदन देकर शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें। साथ ही भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं से जुड़ कर आप अपना और अपने परिवार का जीवन कैसे बदल सकतें यह भी जाने। विधायक रामेश्वर शर्मा आत्मनिर्भर और विकसित भारत की शपथ दिलायी विकसित भारत संकल्प यात्रा में उपस्थित नागरिक बंधुओं को विधायक रामेश्वर शर्मा ने 2047 तक आत्मनिर्भर भारत एवं विकसित भारत के सपने को साकार करने की शपथ दिलाई। 25 जनवरी तक चलेगी यात्रा 15 नवंबर से बिरसा मुंडा की जयंती पर झारखंड के उलिहातु गांव से विकसित भारत संकल्प यात्रा की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किया था ।25 जनवरी तक विकसित भारत संकल्प यात्रा देशभर के सभी जिलों से गुजरेगी।

छत्‍तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस में आज से मंथन

After the defeat in the Chhattisgarh Legislative Assembly election, Congress begins introspection today. प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में दो दिवसीय समीक्षा बैठक की शुरुआत शुक्रवार से होगी। इस समीक्षा बैठक में प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य, पूर्व मंत्री और नवनिर्वाचित विधायक शामिल होंगे। रायपुर। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में दो दिवसीय समीक्षा बैठक की शुरुआत शुक्रवार से होगी। 22 और 23 दिसंबर को आयोजित इस समीक्षा बैठक में प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य, पूर्व मंत्री और नवनिर्वाचित विधायक शामिल होंगे। शुक्रवार को सुबह 11 बजे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संयुक्त महामंत्री एवं सचिव, दोपहर 12.30 बजे टिकट से वंचित पूर्व विधायक, दोपहर दो बजे प्रदेश मोर्चा, संगठन, प्रकोष्ठ विभाग के अध्यक्षगण, दोपहर 3.30 बजे समस्त जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षगणों की बैठक रखी गई है

घुसपैठ हुई तो संसद से भग लिए BJP सांसद, बेरोजगार चला रहे इंस्टा-फेसबुक: राहुल

BJP MP expelled from Parliament in intrusion, unemployed running Insta-Facebook: Rahul Gandhi. दिल्ली ! संसद से सांसदों की सस्पेंशन के खिलाफ आज इंडिया गठबंधन सड़कों पर है. संसद की सुरक्षा को लेकर सदन में विरोध करने पर लोकसभा-राज्यसभा से 146 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था. सत्र समाप्त हो चुका है और आज विपक्ष जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के लिए पहुंचा है. संसद में सांसदों के निलंबन के खिलाफ इंडिया गठबंधन आज जंतर-मंतर पहुंचा है. कांग्रेस, एनसीपी, टीएमसी और समाजवादी पार्टी समेत तमाम दलों के नेता विरोध में शामिल हुए हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सांसदों के निलंबन पर कहा कि 150 सांसदों को निलंबित करना सिर्फ उनका अपमान नहीं है बल्कि यह जनता का अपमान है. संसद में स्मोक हमले पर राहुल ने कहा कि जब घुसपैठ हुई तो बीजेपी के सांसद भग लिए. युवा बेरोजगार हैं और इसलिए वे इंस्टा-फेसबुक पर टाइम पास कर रहे हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार में युवा अपने फोन पर साढ़े 7 घंटे सोशल मीडिया पर रहता है, क्योंकि उनको रोजगार नहीं दिया, यही हिन्दुस्तान की सच्ची हालत है. इसलिए ये युवा संसद में कूद कर आए. यही भावना हिन्दुस्तान के हर युवा में है. संसद की सुरक्षा को लेकर सदन में विरोध करने पर लोकसभा-राज्यसभा से 146 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था.आज जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन में कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सीताराम येचुरी और शरद पवार भी पहुंचे हैं. कांग्रेस के कार्यकर्ता लखनऊ में भी सड़क पर उतरे हैं. वे बेगम हजरत महल पार्क के पास विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. इंडिया गठबंधन के ऐलान के बाद सरकार के खिलाफ विपक्ष का ये पहला विरोध-प्रदर्शन है.

गांधी परिवार के करीबी दो पूर्व सीएम का भविष्य लिखना बांकी.

Writing the future of two former Chief Ministers close to the Gandhi family remains pending. – अब क्या करेंगे कमलनाथ और दिग्विजय, दोनों ने राजनैतिक विरासत की कुर्सी पर बेटों को किया शिफ्ट जेवी विधायक और नकुल सांसद- जय-वीरू की जोड़ी को हाईकमान ने दिया रेस्ट, दिग्विजय फिर भी सक्रिय और कमलनाथ 5 जनवरी के बाद लौटेंगे भोपाल। मध्य प्रदेश में पीढ़ी परिवर्तन का दौर भाजपा से लेकर कांग्रेस तक में चल रहा है। पुराने दिग्गजों को किनारे कर सेंकड और थर्ड लीडरशिप को फ्रंट पर खड़ा कर दिया है। पिछले कुछ सालों में देखें तो भाजपा ने यह प्रयोग पहले ही किया है। तीन राज्यों में करारी हार के बाद अब कांग्रेस ने भी प्लानिंग की है। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी ने एक झटके में कमलनाथ और दिग्विजय सिंह जैसे दिग्गज नेताओं को साइडलाइन कर दिया है। हैरत की बात है कि दोनों ही नेता गांधी परिवार के करीबियों में शुमार रहे हैं। इंदिरा गांधी ने तो कमलनाथ को तीसरा बेटा माना था। वहीं दिग्विजय सिंह के संबंध भी उनके पिता के चलते कांग्रेस में शुरुआत से ही बेहतर रहे हैं। विधानसभा के चुनाव में दोनों से जय-वीरू की भूमिका निभाई। परिणाम के बाद हाईकमान ने घर ही बैठा दिया। अब राहुल गांधी की यूथ ब्रिगेड के हाथों में प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंप दी है। इसके बाद सवाल यह है कि दिग्विजय सिंह और कमलनाथ का क्या होगा। यह लोकसभा के चुनाव में स्पष्ट हो जाएगा। इससे पहले दिग्विजय सिंह ने अपने बेटे जयवर्धन सिंह को राघौगढ़ से विधायक बनवाया। हालांकि जेवी कमलनाथ सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। वहीं साल 2019 के लोकसभा चुनाव में कमलनाथ ने अपनी सीट से राजनैतिक विरासत की जमीन पर बेटे नकुलनाथ को सांसद की कुर्सी पर बैठा दिया। खास बात है कि कांग्रेस प्रदेश की सभी सीटों पर हार गई। सिर्फ छिंदवाड़ा से ही कांग्रेस को सफलता मिली। पार्टी सूत्रों का कहना है कि 10 से 15 साल में पार्टी ने क्षत्रपों की दूसरी पीढ़ी तैयार ही नहीं की। इसका विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। बिना राय और सलाह कर दी जीतू की नियुक्तिपार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी अब कमलनाथ को कोई पद देने के मूड में नहीं है। इसके संकेत इससे भी मिल रहे हैं कि बगैर उनकी राय लिए सीधे नियुक्तियां कर दी गईं। ऐसे में आगे उनको कोई जिम्मेदारी मिलने की संभावना नहीं दिख रही है। वहीं, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी राज्यसभा में तो बने रहेंगे, पर उनको भी कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। हालांकि, वे नए युवाओं को मार्गदर्शन देते रहेंगे। वहीं कमलनाथ अभी विदेश के दौरे पर हैं। जानकारी है कि वो 5 जनवरी को भारत लौट सकते हैं।पिछली जीत से नहीं लिया सबक – 2018 में कांग्रेस में पूर्व सीएम कमलनाथ, दिग्विजय सिंह के साथ युवा के रूप में ज्योतिरादित्य सिंधिया थे। राजस्थान में अशोक गहलोत के साथ सचिन पायलट थे। इस वरिष्ठ और युवा नेता के समन्वय से कांग्रेस को बड़ी जीत मिली थी। इस बार मध्य प्रदेश में कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की जय और वीरू की जोड़ी मुख्य रोल में थी। इन दोनों के ही बीच द्वंद्व जैसे कई बार स्थितियां देखी गई। युवा को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, जीतू पटवारी जैसे नेताओं को साइड लाइन करके रखा गया। इस बार का चुनाव व्यक्ति विशेष केंद्रित हो गया था, जिसका कांग्रेस को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। मार्गदर्शक के रूप में अनुभव का लाभ ले सकते हैं – विशेषज्ञों का कहना है कि पूर्व सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पुरानी पीढ़ी के नेता हैं। भाजपा से लड़ने के लिए कांग्रेस को पीढ़ी परिवर्तन की जरूरत थी। यह राहुल गांधी ने पहल की तो यह देर से उठाया सही कदम है। वरिष्ठों के अनुभव का लाभ पार्टी मार्गदर्शक के रूप में ले सकती है। वरिष्ठ पदों पर बैठाने से नई पीढ़ी का युवा पार्टी से जुड़ नहीं पाता। इसका ही प्रदेश में कांग्रेस को नुकसान हुआ है। कमलनाथ के पास विकल्प है कि वह बेटे को लोकसभा चुनाव लड़ाएं या खुद लड़ें। हालांकि, शीर्ष नेतृत्व के ऊपर निर्भर करेगा कि वे इस पर सहमत होते हैं या नहीं? वहीं पीसीसी एमपी अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है िक कमलनाथ और दिग्विजय सिंह सहित सभी वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन से लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 51 प्रतिशत वोट शेयर को प्राप्त करेगी।

क्राउड फंडिंग होगी जीतू की पहली परीक्षा.

Crowd funding will be done for Jitu’s first exam. कांग्रेस के प्रतिनिधि, मोर्चा संगठनों के अध्यक्ष को पत्र लिखकर ज्यादा से ज्यादा क्राउड फंडिंग करने के कहा भोपाल – मध्यप्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष जीतू पटवारी की पहली परीक्षा क्राउड फंडिंग में होगी। दरअसल, संगठन को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने प्रति व्यक्ति 138 रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। मध्यप्रदेश के संगठन को भी ये जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में पटवारी ने प्रदेश के सभी जिला, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों, कांग्रेस विधायकगण, प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारी, निर्वाचित जनप्रतिनिधि, अभा कांग्रेस एवं प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधि, मोर्चा संगठनों के अध्यक्ष को पत्र लिखकर ज्यादा से ज्यादा क्राउड फंडिंग करने के कहा है। राजीव सिंह ने बताया कि यह अभियान कांग्रेस पार्टी की 138 साल की यात्रा की याद दिलाता है। इस अभियान के तहत हम सभी समर्थकों को 138 रुपये से लेकर 1380 रुपये या इससे अधिक की राशि दान करने के लिए कहेंगे। 28 दिसम्बर को कांग्रेस स्थापना दिवस तक यह कार्यक्रम आॅनलाइन होगा। उसके बाद जमीनी अभियान शुरू कर घर-घर जाकर प्रत्येक बूथ में कम से कम दस घरों से न्यूनतम निर्धारित राशि का योगदान लिया जाएगा। वहीं प्रदेश पदाधिकारियों, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, जिला कांग्रेस अध्यक्ष, अभा और प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधियों को 1380 रुपये का योगदान अभियान के तहत अनिवार्य है। 18 दिसंबर को लांच हुआ अभियान- अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आॅनलाइन क्राउड फंडिंग कार्यक्रम 18 दिसम्बर को लांच किया। इस संबंध में अभा कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक पत्र प्रदेश अध्यक्षों को जारी किया है। इसमें उन्होंने क्राउड फंडिंग के कार्यक्रम को अधिक से अधिक प्रचारित-प्रसारित कराने और अभियान को सशक्त बनाने के लिए कहा है।

2 हजार करोड़ का सरकार ने लिया कर्ज, अब प्रदेश में पौने चार लाख करोड़ वित्तीय भार.

The government has taken a loan of 2 trillion rupees, resulting in a financial burden of around 4 lakh crore rupees on the state now. उदित नारायण भोपाल – मध्य प्रदेश की नई सरकार के सामने वित्तीय स्थिति से जूझना बड़ी चुनौती है। नई सरकार के गठन के बाद राज्य शासन 2 हजार करोड़ का लोन लेने जा रही है। यह नई सरकार का पहला ऋण होगा। वित्त विभाग ने इसके लिए रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया को विलिंगनेस लेटर लिखा है। राज्य सरकार पिछले 7 माह में 25 हजार करोड़ का कर्ज ले चुकी है। राज्य सरकार पर मार्च 2023 की स्थिति में 3 लाख 50 हजार करोड़ का कर्ज है। मध्यप्रदेश की पूर्व भाजपा सरकार साढ़े तीन लाख करोड़ के कर्ज का भार छोड़कर गई है। स्थिति यह है कि राज्य सरकार को सरकारी कामकाज चलाने के लिए लगातार कर्ज लेना पड़ रहा है। राज्य शासन पिछले 7 माह के दौरान 25 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज बाजार से उठा चुकी है। राज्य सरकार ने चुनाव के पहले सितंबर माह में ही 12 हजार करोड़ का कर्ज लिया था। यही नहीं आचार संहिता के दौरान भी अक्टूबर और नंवबर माह में कर्ज लिया गया। प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद एक बार फिर सरकार दो हजार करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। राज्य सरकार पर मार्च 2023 की स्थिति में 3 लाख 50 हजार करोड़ का कर्ज था, जो बढ़कर अनुमानत: पौने चार लाख करोड़ से ज्यादा का हो जाएगा।

लाड़ली लक्ष्‍मी सहित कोई योजना बंद नहीं होगी – मोहन यादव

No scheme including Ladli Lakshmi will be closed – CM Dr Mohan Yadav. भोपाल। प्रदेश में नवगठित 16 विधानसभा के पहले सत्र का आज चौथा और अंतिम दिन है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू की। सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर सत्तापक्ष और विपक्ष के मध्य चर्चा के मुख्‍यमंत्री मोहन यादव ने संबोधित किया। यादव ने अपने संबोधन में सरकार का विजन बताया। उन्‍होंने यह भी कहा कि सरकार की सभी योजनाएं जारी रहेंगी। मप्र में लाड़ली लक्ष्‍मी सहित कोई भी योजना बंद नहीं की जाएगी।मोहन यादव ने राज्‍यपाल के अभिभाषण का स्‍वागत करते हुए कहा कि केंद्रीय नेतृत्‍व का मैं धन्‍यवाद करता हूं। नेतृत्‍व ने एक मजदूर के बेटे को सीएम बनाया। उन्‍होंने कहा कि भाजपा में चाय बेचने वाले भी पीएम बनते हैं। मैं बहुत सौभाग्‍यशाली हूं। वरिष्‍ठ नेता मेरे साथ हैं। राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन करते हुए सीएम मोहन यादव ने अपने संबोधन में सरकार की प्राथमिकता भी गिनाई। उन्‍होंने नई शिक्षा नीति के साथ सम्राट विक्रमादित्‍य का भी एकाधिक बार उल्‍लेख किया। उन्‍होंने कहा कि हमारा प्रयास शिक्षा से विकास को जोड़ना है। शिक्षा विकास का मार्ग प्रशस्‍त करेगी।

ग्वालियर शहर के तानसेन द्वार में लगी संगीत सम्राट तानसेन की मूर्ति।

A statue of the music maestro Tansen has been installed at the Tansen Gate in the city of Gwalior. रात में रंगीन रोशनी में जगमगाएगी मूर्ति, रोशनी के लिए लगाई गई हैं विशेष तरह की लाइटें।केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों से शहर में रु 12.14 करोड़ की लागत से बन रहे है 4 द्वार। संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। समृद्ध इतिहास एवं संस्कृति से परिपूर्ण ग्वालियर को एक और उपलब्धि मिली है। हाल ही में UNESCO द्वारा सिटी ऑफ म्यूज़िक का खिताब मिलने से ग्वालियर की पहचान विश्व पटल तक पहुँची और अब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में निर्मित हो रहे शहर के चार द्वार में से एक तानसेन द्वार में संगीत सम्राट तानसेन की मूर्ति को भी सफलतापूर्वक लगा दिया गया है। बता दें की रात के समय में मूर्ति को प्रकाशित करने और विशेष ख़ूबसूरती के लिए लाइट भी लगायी गयी है, जिससे सम्राट तानसेन का प्रतीक अद्भभुत दिखाई दे रहा है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया के नेतृत्व में ग्वालियर में चल रहे विकास कार्यों में से एक है शहर के लिए 4 प्रवेश द्वारों का निर्माण। ये चार द्वार ग्वालियर की समृद्ध इतिहास को प्रदर्शित करेंगे। चार द्वारों में से पहला द्वार, ग्वालियर किले को प्रदर्शित करेगा; दूसरा द्वार, जय विलास महल के अनुरूप बन रहा है; तीसरा द्वार, प्रसिद्ध 10 वीं सदी के सास-बहु मंदिर के डिज़ाइन पर बन रहा है; और चौथा द्वार, ग्वालियर की संगीत परम्परा के स्तम्भ संगीत सम्राट तानसेन पर आधारित है। रु 2.24 करोड़ की लागत का यह भव्य तानसेन द्वार ग्वालियर ग्रामीण क्षेत्र के हाईवे से ग्वालियर शहर की प्रवेश स्थान पर बनाया गया है। यह भव्य द्वार जितना विशाल उतने ही सुंदर कलाकृतियां भी है – सुंदर छतरी के नीचे संगीत में लीन मियाँ तानसेन की मूर्ति बनी हुई है।स्मार्ट सिटी मिशन के तहत कुल रु 12 करोड़ की लागत से बने यह द्वार क्षेत्रीय ख़ूबसूरती और पर्यटन को बढ़ावा देंगे, साथ ही ग्वालियर की सांस्कृतिक पहचान को भी उभारेंगे। बता दें कि हर सप्ताह केन्द्रीय मंत्री सिंधिया कई विकास कार्य सहित इन चारों द्वार के निर्माण कार्य की समीक्षा कर रहे है।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण में लाड़ली बहना योजना का उल्लेख नहीं ,विपक्ष ने की टोकाटाकी.

Governor Mangubhai Patel’s address, there was no mention of the Ladli Behna Yojana, prompting criticism from the opposition. मप्र के राज्‍यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विगत साढ़े नौ वर्षों में भारत में सेवक सरकार के युग का प्रारंभ हुआ है। संकल्प पत्र 2023 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी भी है और विकसित मध्य प्रदेश के निर्माण का विजन डाक्यूमेंट भी है। सरकार ने संकल्प पत्र के बिंदुओं को धरातल पर उतरने का काम प्रारंभ भी कर दिया है। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर तीन हजार प्रति मानक बोरा से बढ़कर चार हजार कर दी गई है। मध्य प्रदेश के मन में बसे मोदी की हर गारंटी को पूरा करने के उद्देश्य से संकल्प पत्र के प्रत्येक बिंदु को समय सीमा में क्रियान्वित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। यह बात राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मध्‍य प्रदेश विधानसभा में अपने अभिभाषण के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए सुशासन केवल एक शब्द नहीं बल्कि उसके हर अक्षर को सच्चे अर्थों में चरितार्थ करने का मंत्र है। एक जनवरी 2024 से साइबर तहसील की व्यवस्था को प्रदेश के सभी 55 जिलों में लागू करने का क्रांतिकारी निर्णय लिया गया है। संपदा 2 साफ्टवेयर भी प्रदेश में शीघ्र लागू किया जा रहा है, जिसके माध्यम से डिजिटल रजिस्ट्री की प्रक्रिया सरल और सुगम बनेगी। इस दौरान विपक्ष ने लाड़ली बहन योजना का उल्लेख न किए जाने पर टोकाटाकी की।

नरेंद्र सिंह तोमर निर्विरोध चुने गए मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष.

Narendra Singh Tomar has been unanimously elected as the Speaker of the Madhya Pradesh Legislative Assembly. नरेंद्र सिंह तोमर के रूप में पहली बार मध्य प्रदेश में विधानसभा का अध्यक्ष ग्वालियर-चंबल अंचल से बना है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और नव निर्वाचित विधायक नरेंद्र सिंह तोमर आज मप्र निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष चुने गए। विधानसभा के सामयिक अध्यक्ष गोपाल भार्गव ने नए अध्यक्ष को शपथ दिलाई। सामयिक अध्यक्ष गोपाल भार्गव में अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू की। अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए साथ सूचनाओं प्राप्त हुई है। पहला प्रस्ताव मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रखा की नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा का अध्यक्ष चुना जाए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव रखा प्रहलाद सिंह पटेल ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। कैलाश विजयवर्गी में नरेंद्र सिंह तोमर को अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने किया। कांग्रेस विधायक राजेंद्र कुमार सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को चुने जाने का प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन कांग्रेस विधायक दल के उप नेता हेमंत कटारे ने किया। इसी तरह भूपेंद्र सिंह ने नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन तुलसीराम सिलावट ने किया कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने नरेंद्र सिंह तोमर को अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन कांग्रेस विधायक दल के उप नेता हेमंत कटारे में किया।

कमलनाथ पर भारी जीतू पटवारी, उमंग को स्वभाव, व्यवहार बदलने की चुनौती.

Jitu Patwari scores a significant win over Kamal Nath, challenging Umang to change his nature and behavior. वक्त बदला लेकिन कांग्रेस नहीं बदली. कभी युवा पीढ़ी को दरकिनार कर बुजुर्ग नेतृत्व को कमांड देने वाले कांग्रेस हाईकमान ने अब पीढ़ी परिवर्तन के नाम पर एकतरफा बिना सोचविचार के वरिष्ठ नेताओं को किनारे करते हुए युवा नेतृत्व के हाथ में पार्टी दे दी. कभी युवा नेताओं पर कमलनाथ भारी पड़ रहे थे और अब कमलनाथ पर जीतू पटवारी भारी साबित हो गए हैं. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को अपना स्वभाव, संगत और व्यवहार बदलना होगा. नेता-प्रतिपक्ष के स्टॉफ में ऐसे तत्व शामिल हो जाते है, जो सरकार से अप्रत्यक्ष रूप से उपकृत होते है. यही विपक्ष की रणनीति को लीक करते आ रहे है. ऐसे घुसपैठियों को रोक पाना, उमंग के लिए बड़ी चुनौती है. मध्यप्रदेश में कांग्रेस हारी तो कमलनाथ का कांग्रेस में भविष्य डूब गया. लेकिन जीतू पटवारी अपना विधानसभा चुनाव हार कर भी कांग्रेस अध्यक्ष पद जीत गए. कांग्रेस हाकमान पहले भी वही था, आज भी वही है. पहले का निर्णय भी इसका था और आज का निर्णय भी उसी का है. दोनों निर्णय का लक्ष्य तो बदलाव का था लेकिन अप्रोच अहंकारी थी. जब निर्णय का अप्रोच अहंकार से भरा होगा तो फिर इंप्लीमेंटेशन में तो यही एटीट्यूड ही दिखाई पड़ेगा. मध्यप्रदेश में कांग्रेस की पराजय अहंकार, तानाशाही और कार्यकर्ताओं को दरकिनार करने के कारण हुई है. कांग्रेस पार्टी नेतृत्व में कितना भी बदलाव कर ले लेकिन जब तक संगठन की कार्यपद्धति में सामूहिकता का ईमानदारी से पालन नहीं होगा तब तक पार्टी के भविष्य पर सवाल खड़े होते रहेंगे. जीतू पटवारी और उमंग सिंगार को संगठन और विधायक दल की कमान सौंपी गई है. इन दोनों नेताओं को संगठन और वरिष्ठ नेताओं की कार्य प्रणाली से समस्या थी. मध्यप्रदेश में कमलनाथ के जाने के बाद कांग्रेस उनकी कार्यप्रणाली की समस्या से तो निजात पा सकती है लेकिन कांग्रेस के संगठन का डीएनए बदलाव के इस निर्णय में भी दिखाई पड़ रहा है. कई वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा की गई है जिन चेहरों पर भरोसा जताया गया है, उन पर कई तरह के सवाल उछलते रहे हैं. मसलन, जीतू पटवारी के बड़बोलापन से कई बार कांग्रेस की किरी- किरी हो चुकी है. अब उन्हें अपनी जुबा पर लगाम लगानी होगी. वहीं कांग्रेस में कुंडली मारकर बैठे पदाधिकारियों को हटाने की बड़ी चुनौती होगी. वैसे बदलाव हमेशा अच्छा होता है. नया नेतृत्व हमेशा स्वागतयोग्य होता है. जब भी कोई निर्णय होता है तब उसका विश्लेषण इस आधार पर होता है कि निर्णय के पीछे हाईकमान ने किस सोच और चिंतन के आधार पर निष्कर्ष निकाले हैं. यह दोनों नेता ऊर्जावान हैं, सक्रिय हैं. कांग्रेस के सामने युवा ऊर्जावान और सक्रिय नेताओं के असफल होने का सबसे बड़ा उदाहरण राहुल गांधी स्वयं हैं. उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया. कांग्रेस लगातार राजनीतिक चुनौतियों में असफल होती ही दिखाई पड़ी. अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष संभवत सबसे बुजुर्ग नेता हैं. *बदलाव के पीछे गांधी परिवार* मध्यप्रदेश में नेतृत्व बदलाव का जो फैसला हुआ है उसमें गांधी परिवार का रोल साफ देखा जा रहा है. मध्यप्रदेश में राजनीतिक क्षेत्र में यह स्पष्ट धारणा लंबे समय से बनी हुई है कि यह दोनों युवा नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के करीबी रहे हैं. चुनाव में पराजय के कारण भले ही कमलनाथ को अपमानजनक परिस्थितियों में विदा किया गया हो लेकिन राज्य के राजनीतिक हालातों को कमलनाथविहीन करने में दोनों नेताओं को लंबा वक्त लगेगा. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को लेकर भी ऐसी ही राजनीतिक चर्चाएं हैं कि उन्हें भी मुख्य भूमिका से विश्राम दिया गया है. सियासत में हमेशा वही चेहरे सफल होते हैं जिन पर कोई विवाद नहीं होते हैं. हाईकमान द्वारा नामित नेतृत्व का पार्टी और विधायक दल में बहुमत का समर्थन शायद तौला नहीं गया है. हाईकमान द्वारा निर्णय को थोपा गया है. कमलनाथ के अध्यक्ष के कार्यकाल में पार्टी का परफॉर्मेंस जिस स्तर पर पहुंच गया है, उसके पीछे भी निर्णय को एकतरफा लेने और थोपने की प्रवृत्ति काम कर रही थी. ऐसी प्रवृत्ति संगठन के लिए लाभप्रद नहीं होती है. *जमीन पर साबित करने की बड़ी चुनौती*  नए नेतृत्व को राहुल गांधी और कांग्रेस हाईकमान का भले ही संपूर्ण समर्थन हो लेकिन दोनों नेताओं को जमीन पर अपना नेतृत्व साबित करना होगा. जिस तरह तेज और डिजिटल पॉलिटिक्स बढ़ती जा रही है उसमें केडर मैनेजमेंट के साथ ही पार्टी के लिए फंड मैनेजमेंट भी महत्वपूर्ण पक्ष होता है. कमलनाथ के साथ यह भी माना जा रहा था कि उनका बीजेपी सरकार और नेतृत्व के साथ मिला-जुला राजनीतिक गणित चल रहा था. विपक्षी दल के सामने सबसे बड़ी समस्या यही रहती है कि जनहित के मुद्दों पर जमीन पर संघर्ष किया जाए. अक्सर ऐसा देखा गया है कि विपक्षी राजनीति सरकार के साथ एडजस्टमेंट करके आगे बढ़ने लगती है. ऐसी परिस्थितियां दूरगामी रूप से पार्टी के लिए हानिकारक साबित होती हैं. *क्या कमलनाथ-दिग्विजय के बिना कांग्रेस का उड़ान सम्भव* मध्यप्रदेश में कांग्रेस आलाकमान ने कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को भले ही अलग-थलग करने के संदेश और संकेत स्पष्ट कर दिए हों लेकिन वास्तविक रूप से जमीन पर ऐसा करना फिलहाल संभव नहीं दिखाई पड़ रहा है. इन दोनों नेताओं की जड़ें मध्यप्रदेश की राजनीति में दूर-दूर तक फैली हुई हैं. उनको अलग-थलग करके पार्टी बहुत लंबी दूरी तय नहीं कर पाएगी. इन दोनों नेताओं की जड़ों का इस्तेमाल कर कांग्रेस अपनी नई शाखाओं को मज़बूत कर सकती है. कांग्रेस के नए नेतृत्व को बीजेपी के मजबूत संगठन और नेतृत्व का मुकाबला करना है. बिना वरिष्ठ नेताओं के समन्वय और सहयोग के हो-हल्ला और मीडिया अटेंशन भले पाया जा सके लेकिन पार्टी की जड़ों को मजबूत करना संभव नहीं होगा. राज्य के नए नेतृत्व को पांच साल तक संघर्ष की स्थिति में रहना होगा. इसके लिए जनता के मुद्दों को चिन्हित करना, उसके लिए सतत संघर्ष करना होगा. अब सियासत सुविधा से आगे निकलकर संघर्ष की चौखट पर पहुंच गई है. जो पार्टी और नेता केवल सुविधा को राजनीति का लक्ष्य बनाएंगे उनको तो भविष्य में निराश होना निश्चित है.

कांग्रेस ने किया नेशनल एलायंस कमेटी का गठन, भूपेश बघेल को मिली बड़ी जिम्मेदारी.

Congress forms National Alliance Committee; Bhupesh Baghel given a significant responsibility. रायपुर। कांग्रेस  ने  नेशनल एलायंस कमेटी का गठन किया है.    इसमें कांग्रेस ने आम चुनाव 2024 के लिए भूपेश बघेल को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. समिति में अशोक गहलोत,  मुकुल वासनिक, सलमान खुर्शीद और मोहन प्रकाश का भी नाम शामिल है.बता दें कि कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए तैयारी शुरू कर दी है. मई 2024 या इससे से पहले 18 वीं लोकसभा के सदस्यों का चुनाव करने के लिए निर्धारित है। 

आज MP कांग्रेस अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करेंगे ,जीतू पटवारी.

Jitu Patwari will assume the position of the Congress President in Madhya Pradesh. उज्जैन में महाकाल दर्शन के बाद आएंगे भोपाल; रोड शो कर पहुंचेंगे। कांग्रेस दफ्तर भोपाल! मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में जीतू पटवारी मंगलवार को कार्यभार संभालने जा रहे हैं। वे रोड शो के साथ भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचेंगे। इसके पहले वे सुबह उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे। कमलनाथ ने पटवारी को नई पारी के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से जीतू पटवारी के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की। जीतू पटवारी मंगलवार शाम करीब 4 बजे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) पहुंचकर पदभार ग्रहण करेंगे। इस कार्यक्रम के लिए पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी समेत तमाम सीनियर लीडर्स को आमंत्रित किया गया है। ऐसा रहेगा जीतू पटवारी के इंदौर से भोपाल आने का प्रोग्राम बैरागढ़ से शुरू होगा रोड शो जीतू पटवारी बैरागढ़ से रैली के रूप में इमामी गेट, बुधवारा, लिली टॉकीज चौराहा, रोशनपुरा और लिंक रोड होते हुए प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पहुंचेंगे, जहां वरिष्ठ नेताओं एवं कांग्रेसजनों की उपस्थिति में पदभार ग्रहण करेंगे। स्वागत रैली में मप्र विधानसभा में नवनियुक्त नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे भी मौजूद रहेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दी बधाई जीतू पटवारी के पदभार ग्रहण के पहले पूर्व सीएम कमलनाथ ने X पर लिखा- मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष जीतू पटवारी कल (मंगलवार) अपराह्न 3:00 बजे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पदभार ग्रहण करेंगे। मैं जीतू पटवारी को नई पारी के लिए पुनः शुभकामनाएं देता हूं। कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों से अपील करता हूं कि भोपाल पहुंचकर पदभार ग्रहण कार्यक्रम में अवश्य शामिल हों। कांग्रेस को मजबूती प्रदान करें।

गरीबों के गेहूं की कालाबाजारी करने वाले बीजेपी नेता को 5 साल की जेल, पत्नी सहित 11 दोषी.

BJP leader involved in black-marketing wheat meant for the poor sentenced to 5 years in prison, along with 11 other offenders, including his wife. भोपाल। मंदसौर के बीजेपी नेता और उनकी सहित 11 लोगों को गेहूं और राशन की कालाबाजारी करने पर कोर्ट ने कैद की सजा सुनायी है। इस मामले में बीजेपी नेता राजेन्द्र सिंह गौतम, उनकी पत्नी सहित 11 लोगों को कोर्ट ने दोषी पाया। इन 11 लोगों में महिला और पुरुष सभी शामिल हैं। पुरुषों को 5 साल और महिलाओं को 4 साल की सजा सुनायी गयी है। मंदसौर में भारतीय जनता पार्टी के नेता राजेंद्र सिंह गौतम उनकी पत्नी योगेश देवी गौतम सहित 11 दोषियों को न्यायालय ने गरीबों के नाम पर मिलने वाले गेहूं और राशन की कालाबाजारी करने के मामले में दोषी पाया। पुरुषों को पांच-पांच साल और महिलाओं को चार साल की कारावास की सजा सुनाई है। मामला 2002 का है। राजेंद्र सिंह गौतम उस समय कांग्रेस में थे। वो जिला पंचायत और जिला कांग्रेस अध्यक्ष भी रहे। वर्ष 2002 में सरकारी बाजार उपभोक्ता भंडार अध्यक्ष पद पर रहते हुए राजेंद्र सिंह गौतम, उनकी पत्नी योगेश देवी गौतम और अन्य आरोपियों ने मिलकर राशन का गेहूं, केरोसिन और अन्य सामान गरीबों को न देकर उसकी कालाबाजारी कर बाजार में बेच दिया। मामला उजागर हुआ और न्यायालय में लगभग 20 साल तक यह मुकदमा चला। इसमें16 आरोपी बनाए गए थे।

सूट बूट में दिखे बाइक वाले विधायक डोडियार, परिवार संग पहुंचे लेने शपथ.

MLA Dodiyar, seen in a suit-boot, with his family to take the oath. इस बार वे बाइक की जगह कार से विधानसभा पहुंचे, कहा – विधायक की सैलरी से चुकाउंगा कर्ज भोपाल। बाइक से रतलाम जिले के सैलाना से भोपाल की 350 किलोमीटर दूरी तय करके चचार्ओं में आए विधायक कमलेश्वर डोडियार एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उनकी चर्चा उनके पहनावे को लेकर है। बाप पार्टी से विधायक बने कमलेश्वर सोमवार को विधानसभा सत्र में भाग लेने के लिए भोपाल पहुंचे थे।वे विधानसभा में सूट बूट में नजर आए है। उनके पहनावे को देखकर सभी चकित थे। इससे पहले जब वे कागजी कार्यवाही के लिए विधानसभा पहुंचे थे तो वे साधारण शर्ट पैंट और चप्पल में थे, लेकिन इस बार वे बंद गले के कोर्ट में दिखाई दिए। इतना ही नहीं इस बार वे बाइक की जगह कार से विधानसभा पहुंचे। उनका परिवार भी उनके साथ मौजूद रहा। बता दें, कमलेश्वर डोडियार निर्वाचित होने के बाद विधानसभा की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अपने मित्र के साथ बाइक से भोपाल पहुंचे थे। उन्होंने करीब 9 घंटे में यह सफर पूरा किया था। हवाई जहाज में सफर करते उनके फोटो वायरल होने पर भी कमलेश्वर चर्चा का विषय बन गए थे। विधायक बन गए है। सैलरी से सारा कर्ज चुका देंगे। ये है बैक ग्राउंड- कमलेश्वर ने शुरू में अपनी पढ़ाई उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय से की। इसके बाद उन्होंने वकालत दिल्ली यूनिवर्सिटी से की है। वे एक गरीब परिवार से आते हैं। उनकी पूरी फैमली सैलाना के गांव राधाकुंवा में एक छोटी सी झोपडी में रहती है। तंग हाल कमलेश्वर के पास चुनाव लड़ने तक के पैसे नहीं थे उन्होंने 12 लाख का कर्ज लेकर ये चुनाव लड़ा है। 33 साल के कमलेश्वर के माता पिता मजदूरी करते हैं। उन्होंने खुद लोगों के घर झूठे बर्तन साफ किए हैं। मंत्री बनने की जताई थी इच्छा- कमलेश्वर ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात करके वन मंत्री बनने की इच्छा भी जताई थी। उनका कहना था कि उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान दिया जाए। इसके साथ ही उन्हें वन मंत्रालय दिया जाए। इसके पीछे उनका तर्क था कि वे वनवासी हैं और वे वनवासियों की समस्याओं को बहुत अच्छे समझते हैं।

मध्य प्रदेश विधानसभा में नेहरू की तस्वीर हटाकर आंबेडकर की तस्वीर लगाई.

The picture of Nehru was removed from the Madhya Pradesh Legislative Assembly and replaced with a picture of Ambedkar. भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में आज विधायकों का शपथ ग्रहण जारी है। इस बीच आसंदी के पास लगी तस्वीरों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला यहां जवाहर लाल नेहरू की तस्वीर की जगह डा. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर लगाई गई। मध्‍य प्रदेश की 16वीं विधानसभा का पहला सत्र प्रारंभ हो गया है। चार दिवसीय इस सत्र में पहले दो दिन निर्वाचित सदस्यों को सामयिक अध्यक्ष गोपाल भार्गव द्वारा शपथ दिलाई जा रही है। बुधवार को अध्यक्ष का चुनाव होगा। भाजपा ने नरेंद्र सिंह तोमर के नाम इस पद के लिए तय किया है। विधानसभा में दलीय स्थिति को देखते हुए निर्विरोध निर्वाचन होगा। सरकार वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत कर सकती है।

विधानसभा में नहीं नजर आएंगे 12 भाजपा के पूर्व मंत्री और कांग्रेस की ओर से हंगामा मचाने वाले पटवारी-कुणाल.

The 12 former ministers of the BJP, who caused a commotion on behalf of the Congress, will not be visible in the Legislative Assembly, says Patwari-Kunal. पूर्व सांसद रीति, राकेश सिंह, और उदय राव पहली बार विधानसभा में लेंगे 230 विधायकों के साथ शपथ भोपाल। 16 वीं विधानसभा का पहला सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इस बार का सत्र पहले से विशेष है। क्योंकि पूर्व संसदीय मंत्री नरोत्तम मिश्रा सहित कई चर्चित चेहरे इस बार चुनाव हारने के चलते यहां नहीं दिखाई देंगे। इसके साथ ही इस बार कुछ नाम ऐसे हैं जो पहली बार विधायक के तौर पर यहां एंट्री लेंगे। पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा समेत 12 मंत्री ऐसे हैं जो विधानसभा का चुनाव हार गए हैं। इनमें कमल पटेल, महेंद्र सिसोदिया, गौरीशंकर बिसेन, सुरेश राजखेड़ा, राज्यवर्धन दत्तिगांव, भारत सिंह कुशवाह, रामखिलावन पटेल, राहुल सिंह लोधी, प्रेम सिंह पटेल, अरविंद भदौरिया और राम किशोर कांवरे के नाम शामिल हैं। ये सभी इस बार विधान सभा सत्र में नहीं दिखाई देंगे। वहीं कांग्रेस से पूर्व नेताप्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह, कांग्रेस के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, कुणाल चौधरी, पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह, पूर्व मंत्री तरुण भनोट, केपी सिंह कक्का जी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति और लक्ष्मण सिंह जेसे कांग्रेस के कई दिग्गज नेता इस बार सत्र में नहीं होंगे। खास बात है कि इनमें से कई ऐसे नेता हैं। जो विधानसभा में कार्रवाई के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। इसके पीछे कारण रहा कि कई मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए काफी ज्यादा हंगामा भी किया। इसके अलावा पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और विजय लक्ष्मी साधौ भी नजर नहीं आएंगी।कई युवा भी लेंगे शपथ, पहले दिन सिर्फराज्यपाल का अभिभाषण- इधर, पूर्व सांसद रीति पाठक, पूर्व सांसद राकेश सिंह, और पूर्व सांसद उदय राव प्रताप सिंह जेसे कई वरिष्ठ नेता ऐसे हैं जो पहली बार विधायक के तौर पर विधानसभा सत्र में शामिल होंगे। इनके अलावा कई युवा चेहरे भी पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचे हैं। यह उनका पहला सत्र होगा। 21 दिसंबर तक चलने वाले इस चार दिवसीय सत्र में नव निर्वाचित विधायकों को शपथ दिलवाई जाएगी। सत्र के पहले दिन प्रोटेम स्पीकर गोपाल भार्गव 230 विधायक गणों को शपथ दिलवाएंगे। इसके बाद राज्यपाल का अभिभाषण होगा। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का निर्वाचन किया जाएगा। चयन होने पर उन्हें शपथ दिलवाई जाएगी।

लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की विचारधारा को घर-घर पहुंचाएंगे – पटवारी.

Before the Lok Sabha elections, the Congress will propagate its ideology to every household, says the party spokesperson. दिल्ली में राहुल गांधी से मिले नेता प्रतिपक्ष उमंग और हेमंत कटारे भोपाल – मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद जीतू पटवारी ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की विचारधारा को घर-घर पहुंचाएंगे। सभी वरिष्ठ नेताओं से मार्गदर्शन लेकर कांग्रेस को मजबूत करेंगे। पटवारी ने कहा कि सक्रिय युवाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार को पार्टी वाला कमाने नई जिम्मेदारी देते ही दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकाअर्जुन खड़गे और मध्य प्रदेश के चुनाव प्रभारी रणदीप सुरजेवाला से हुई। वहीं इन दोनों नेताओं ने राहुल गांधी से मुलाकात की है। बताया जा रहा है कि पार्टी आलाकमान की ओर से दोनों नेताओं को मध्यप्रदेश के लिए आगमी रणनीति और दिशा निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही लोकसभा चुनाव को लेकर भी प्लान बताया है। जीतू पटवारी 19 दिसंबर से प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी संभालेंगे। वह मंगलवार को पूरे विधि विधान के साथ भोपाल स्तिथ कांग्रेस मुख्यालय इंद्रा भवन पहुंच कर प्रदेश अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करेंगे। पीसीसी में इसके लिए तैयारियां शुरू हो गईं हैं। जानकारी के अनुसार वे सबसे पहले इंदौर से उज्जैन पहुंच कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेंगे। इसके बाद से यहां से देवास सोनकच, आष्टा, सीहोर होते भोपाल पहुचेंगे। यहां दोपहर तीन बजे वे प्रदेश के तौर पर कार्यभार ग्रहण करेंगे। बता दें कि, कांग्रेस हाईकमान ने मध्य प्रदेश के संगठन में बड़ा उलट फेर करते हुए कमलनाथ से प्रदेश की कमान वापस ले ली है। उनके स्थान पर जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है। उनके साथ ही उमंग सिंघार को नेताप्रतिपक्ष और हेमंत कटारे को उप नेताप्रतिपक्ष बनाया गया है।

कांग्रेस के मीडिया सलाहकार पीयूष बबेले की नेम प्लेट तोड़ी.

Congress media advisor Piyush Babel’s nameplate was broken. भोपाल। कांग्रेस में कमलनाथ के कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटने और नए अध्यक्ष के रूप में जीतू पटवारी की नियुक्ति के बाद कमलनाथ के समर्थकों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में कांग्रेस की मीडिया सलाहकार पीयूष बबेले की नेम प्लेट तोड़ दी गई है।पीयूष बबेले कमलनाथ के करीबी हैं। उन्होंने चुनाव में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष कमलनाथ का मीडिया कैंपेन संभाला था। पीयूष बघेले पत्रकार हैं और उन्हें पंडित जवाहरलाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी ने पुरस्कृत भी किया था। अभी तक यह ज्ञात नहीं हो पाया है कि पीयूष बबेले की नेम प्लेट तोड़ने का मकसद क्या है और नेम प्लेट तोड़ने वाले कौन से तत्व हैंं।

विधायक मोहन राठौड़ ने भारत संकल्प विकसित यात्रा को हरी झंडी दिखाई.

Legislator Mohan Rathore showed support for the Bharat Sankalp Vikasit Yatra by displaying the green flag. ग्वालियर! नगर निगम के बाल भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल रूप से भारत संकल्प विकसित यात्रा को हरी झंडी दिखाई गई। विकसित भारत संकल्प यात्रा का चार राज्यों में शुभारंभ किया गया है। स्थानीय बाल भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिला प्रशासन के अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। विकसित भारत संकल्प यात्रा में विशेष रथ शहरी और ग्रामीण हर वार्ड और ग्राम पंचायत को कवर करेंगे। शहरी क्षेत्र में 46 कैंप लगाए जाएंगे। ये कैंप दस जनवरी तक संपन्न हो जाएंगे। जबकि 263 ग्राम पंचायत में भी यह कैंप 19 जनवरी तक पूरे कर लिए जाएंगे। हर रोज करीब दो से तीन वार्ड और ग्राम पंचायतों में यह रथ जाएंगे। इसके साथ ही वहां पर जन समस्या निवारण शिविर भी लगाए जाएंगे। विकसित भारत संकल्प यात्रा का प्रमुख मकसद केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक लेने के साथ ही इन योजनाओं से वंचित लोगों को इसका लाभ दिलाना भी है।

जीतू पटवारी बने MP कांग्रेस अध्यक्ष.

Jeetu Patwai is appointed as the President of Madhya Pradesh Congress Committee. उमंग सिंघार नेता प्रतिपक्ष, हेमंत कटारे को उप नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में हार के बाद प्रदेश कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव किया गया है। जीतू पटवारी को प्रदेश कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं उमंग सिंघार को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हेमंत कटारे उप नेता प्रतिपक्ष बनाए गए हैं। उमंग सिंघार धार जिले के गंधवानी से विधायक हैं। उन्हें नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मंत्रियों के नामों पर मंथन, ऐसी हो सकती है मोहन कैबिनेट.

A Brainstorming on the names of ministers, this could be the Mohan Cabinet. मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री का फेस तय करने के बाद भाजपा अब मंत्रियों के नामों पर मंथन कर रही है। भोपाल। मुख्यमंत्री का कार्यभार संभालने के बाद डा. मोहन यादव ने कैबिनेट विस्तार के लिए मंत्रियों के नाम तय करने की कवायद आरंभ कर दी है। ऐसा माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव तक कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या सीमित रहेगी। नियमानुसार 35 सदस्यों की कैबिनेट हो सकती है लेकिन पहले विस्तार में इसमें 18-20 मंत्रियों को ही शामिल किया जाएगा। दरअसल, इसकी वजह यह है कि लोकसभा चुनाव के बाद रिक्त पद विधायकों के प्रदर्शन के आधार पर भरे जाएंगे। मुख्यमंत्री चयन की तरह समानांतर रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दिग्गज नेता अपनी कवायद कर रहे हैं। वे अपनी सूची भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश को सौंपेंगे। मुख्यमंत्री और संगठन की पसंद की भी सूची तैयार होगी। इसके बाद हाईकमान इसकी हरी झंडी देगी। चर्चाओं का दौर जारीपार्टी हाईकमान दो विकल्पों पर विचार कर रहा है कि मंत्रिमंडल का विस्तार मलमास के पहले किया जाए या फिर उसके बाद। संगठन के स्तर पर राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा आदि के बीच इस मुद्दे पर चर्चाओं का दौर चला है। दावेदार भी इनसे मिल रहे हैं। हालांकि, माना यही जा रहा है कि मंत्रियों के नाम दिल्ली से ही तय होंगे। कुछ लोग यह भी अनुमान लगा रहे हैं कि मलमास की वजह से अभी नए मंत्रियों की शपथ नहीं होगी। क्या बोले प्रदेश अध्यक्ष?भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा भी फिलहाल नए मंत्रियों की शपथ के कार्यक्रम से अनभिज्ञ हैं। वे कहते हैं कि पार्टी सामूहिक निर्णय पर भरोसा करती है और इस बारे में भी आगे बातचीत होगी।

कैमाहा बैरियल प्रभारी प्राची शर्मा के आते ही बैरियल बना लूट का अड्डा.

Upon the arrival of the barrier supervisor Prachi Sharma, the barrier ground became a hub of looting. उत्तर प्रदेश से आने वाले भारी वाहनों की काटी फर्जी चेक पोस्ट बनाकर₹3500 की रसीद नियम अनुसार कैमाहा चेक पोस्ट पर ही बना सकते हैं बेरियल लेकिन उगाई करने के लिए जगह-जगह बना रखे हैं चेक पॉइंट कहीं पर भी खड़े होकर काटी जा रही फर्जी तरीके से रसीद दें! कांग्रेस नेता मोहम्मद अली ने कहा कि जल्द ही ग्वालियर कमिश्नर के नाम ज्ञापन देकर कैमहा चेक पोस्ट प्रभारी प्राची शर्मा का जलाया जाएगा पुतला! उदित नारायण छतरपुर! छतरपुर जिले में हाल फिलहाल ही चेक पोस्ट को लेकर मारपीट की खबर सामने आई थी जहां पर बेरियल बालों के साथ लोगों ने मारपीट की थी वहीं पर कैमाहा बेरियल प्रभारी प्राची शर्मा के द्वारा जगह-जगह चेक पोस्ट बनाकर अवैध वसूली की जा रही है उत्तर प्रदेश से आने वाले खाली ट्रैकों की ₹3500 की रसीद जबरन काटी जा रही है! जिससे ट्रक वालों में काफी आक्रोश दिखाई दे रहा है कैमरा चेक पोस्ट के द्वारा जगह-जगह चेक पॉइंट बना रखे हैं! जहां पर उनके शासकीय कर्मचारी और गुर्गे लगातार फर्जी तरीके से उगाई करने में जुटे हुए हैं! जिसके वीडियो भी समय-समय पर वायरल होते नजर आते हैं ऐसा ही वीडियो अभी हाल फिलहाल में वायरल हुआ है! जहां पर कैमाहा चेक पोस्ट प्रभारी प्राची शर्मा के द्वारा चेकप्वाइंट बनाकर अपने शासकीय ऑफ प्राइवेट गुर्गों के द्वारा अवैध वसूली कराई जा रही है! जिसमे ट्रक चालक ने बताया कि वह खाली ट्रक लेकर जा रहा था और उसे जबरन रोककर उसकी ₹3500 की रसीद काट दी गई इसको लेकर ट्रक संचालको मैं भारी आक्रोश है! वहीं पर कांग्रेस नेता मोहम्मद अली भारतीय ने कहा कि कैमाहा चेकपोस्ट प्रभारी प्राची शर्मा के द्वारा जो अवैध वसूली की जा रही है उसको लेकर बहुत जल्द ग्वालियर कमिश्नर के नाम एक शिकायती ज्ञापन देंगे उसके बाद कैमाहा चेक पोस्ट प्रभारी का पुतला भी दहन करेंगे इस तरह की प्रभारी के होते हुए पूरे विभाग का नाम खराब होता है अब देखना होगा की शिकायत होने के बाद कैमाहा चेक पोस्ट प्रभारी प्राची शर्मा के ऊपर क्या कार्रवाई की जाती है! इस संबंध में जब परिवाहन आयुक्त से बात करनी चाही, तो उनसे कोई जवाब नही मिला

मप्र के विपक्ष का नेता दिल्ली में तय करेगा पार्टी सुप्रीमो, रिपोर्ट भेजी.

The opposition leader of Madhya Pradesh will decide the party supremo in Delhi, as per the sent report. उदित नारायण भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस विधायक दल की पहली बैठक भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय में गुरुवार को हुई। चुरहट विधायक अजय सिंह ने कहा कि बैठक में एक लाइन का प्रस्ताव पारित हुआ है कि नेता प्रतिपक्ष का फैसला दिल्ली हाईकमान करेगा। करीब 40 मिनट की बैठक में दिग्विजय सिंह ने लोकसभा चुनाव के बारे में विधायकों को सक्रिय होने के लिए कहा। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला और स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने विधायकों से वन टू वन चर्चा की। सुरजेवाला ने कहा कि आर्ब्जवर भंवर जीतेंद्र सिंह ने बैठक में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ शामिल नहीं हुए।कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने बताया कि कमलनाथ का कार्यक्रम छिंदवाड़ा जिले में पहले से तय है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला, स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष भंवर जितेंद्र सिंह, पूर्व उट दिग्विजय सिंह बैठक में पहुंचे। दिग्विजय सिंह ने मीडिया के सवालों पर बस इतना कहा कि कैबिनेट का गठन हो गया क्या। भाजपा के ओबीजी मुख्यमंत्री बनाने के साथ ही सामान्य और अनुसूचित जाति वर्ग से एक-एक डिप्टी सीएम बनाए हैं। ऐसे में कांग्रेस में आदिवासी विधायक को नेता प्रतिपक्ष पद देने पर विचार हो रहा है। हालांकि, कांग्रेस में ओबीसी चेहरे के तौर पर विजयपुर विधायक रामनिवास रावत और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाह के नाम भी चर्चा में हैं। वहीं, संसदीय मामलों में अनुभवी नेताओं के तौर पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल भैया, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष और अमरपाटन से विधायक राजेंद्र कुमार सिंह को लेकर भी अंदरखाने विचार हो रहा है। भाजपा को विधायक याद दिलाएंगे संकल्पबैठक के बाद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हाईकमान का संदेश विधायकों को दिया गया है। उन्हें लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए कहा गया है। साथ ही विपक्ष में बैठने वाले विधायक जनता के प्रहरी के तौर पर काम करेंगे। सदन के भीतर जनता के मुद्दों को उठाने की जिम्मेदारी निभाएंगे। जनता के लिए सरकार का समर्थन भी करेंगे। इसके अलावा भाजपा को विधायक संकल्प पत्र को पूरा करने के लिए भी आगाह करते रखेंगे। आदिवासी नेताओं में इनके नाम शामिल

गुंडे-अपराधी समझ लें, उनके लिए अब सुरक्षित नहीं है मध्यप्रदेश : विष्णुदत्त शर्मा.

Consider goons and criminals warned, Madhya Pradesh is not safe for them anymore: Vishnudatt Sharma. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा: मोदी की गारंटी को पूरा करने प्रदेश सरकार ने बढ़ाया पहला कदम उदित नारायणभोपाल। गुंडे और अपराधी अब यह सोच लें कि मध्यप्रदेश उनके लिए सुरक्षित नहीं है और ऐसे लोगों के लिए प्रदेश में कोई स्थान नहीं है। सरकार के निर्णय से आदतन अपराधियों पर शिकंजा और कसेगा तथा वे कोई नया अपराध करने की स्थिति में नहीं होंगे। यह बात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कही। जनहितैषी निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी सरकार के प्रति आभार जताते हुए गुरूवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि 2003 में भाजपा सरकार को ऐसा मप्र मिला था, जो असुरक्षित था और जहां गुंडों-अपराधियों का बोलबाला था। भाजपा की सरकार ने गुंडों, अपराधियों और डकैतों की नकेल कसकर प्रदेश को सुरक्षित बनाया। इससे आगे बढ़कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने निर्णय लिया है कि ऐसे आदतन अपराधियों के द्वारा पूर्व में किए गए अपराधों में प्राप्त जमानत को दंड प्रक्रिया संहिता सीआरपीसी की धारा 437 438 439 के तहत संबंधित न्यायालयों में आवेदन प्रस्तुत करके जमानत निरस्त करने की कार्रवाई की जाए। देश के अंदर अगर कोई गारंटी है, तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटीप्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि देश के अंदर अगर कोई गारंटी है, तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी है। विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश की जनता को यह विश्वास दिलाया था कि ’मोदी की गारंटी, हर गारंटी के पूरा होने की गारंटी’ है। प्रधानमंत्री के इस वादे को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग में ही तेंदूपत्ता की दर 4000 रुपये प्रति मानक बोरा करने का निर्णय ले लिया है, जिसके लिए भाजपा के संकल्प पत्र में वादा किया गया था। राज्य सरकार का यह निर्णय मोदी की गारंटी को पूरा करने की दिशा में उठाया गया पहला कदम है। सरकार के इस निर्णय से उन आदिवासी भाईयों का सशक्तीकरण होगा, जो वनोपज एकत्र करके अपनी आजीविका चलाते हैं। जनता की तकलीफें दूर होंगी, मिलेंगी सुविधाएं प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्णयों से व्यवस्था पारदर्शी होगी और किसान भाईयों, ग्रामीणों, आम लोगों की परेशानियां कम होंगी। शर्मा ने कहा कि गुड गवर्नेंस का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए राज्य सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट में जो निर्णय लिए हैं, उनके लिए मैं मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। मोदी की गारंटी को घर-घर पहुंचाएगी विकसित भारत संकल्प यात्राप्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र पर आगे बढ़ रही है। उनकी सरकार की योजनाओं के केंद्र में आम नागरिक, नौजवान, महिलाएं, किसान और गरीब होते हैं। इन योजनाओं के बारे में जनजागरूकता तथा इनका लाभ लोगों को दिलाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश एवं अन्य राज्यों में 16 दिसम्बर से विकसित भारत संकल्प यात्रा निकाली जा रही हैं। ये यात्राएं सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकाय क्षेत्रों में भ्रमण करेंगी तथा यात्राओं में शामिल ’गारंटी रथ’ के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी घर-घर पहुंचेगी।

काशी के बाद अब मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में सर्वे को मंजूरी.

After Kashi, now approval for a survey in the Mathura Shri Krishna Janmabhoomi case. श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुना दिया है. हाईकोर्ट ने विवादित परिसर का सर्वे कराने के आदेश दिया है.मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आ गया है. मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद पर कोर्ट ने शाही ईदगाह मस्जिद के विवादित स्थल पर सर्वे को मंजूरी दे दी है. कोर्ट ने विवादित जमीन का सर्वे एडवोकेट कमिश्नर के जरिए कराए जाने की मांग को भी मंजूरी दे दी है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुनाते हुए हिंदू पक्ष की याचिका को मंजूरी दे दी है. इस मामले में जस्टिस मयंक कुमार जैन की सिंगल बेंच दोपहर करीब दो बजे अपना फैसला सुनाया है. कोर्ट ने अपने फैसले में ज्ञानवापी विवाद की तर्ज पर मथुरा के विवादित परिसर का भी सर्वे एडवोकेट कमिश्नर के जरिए कराए जाने का आदेश दिया है. यह याचिका भगवान श्री कृष्ण विराजमान और सात अन्य लोगों द्वारा अधिवक्ता हरिशंकर जैन, विष्णु शंकर जैन, प्रभाष पांडेय और देवकी नंदन के जरिए दायर की गई थी. जिसमें दावा किया गया है कि भगवान कृष्ण की जन्मस्थली उस मस्जिद के नीचे मौजूद है और ऐसे कई संकेत हैं जो यह साबित करते हैं कि वह मस्जिद एक हिंदू मंदिर है .याचिका में किया गया था ये दावा हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन के अनुसार याचिका में दावा किया गया था कि वहां कमल के आकार का एक स्तंभ है जोकि हिंदू मंदिरों की एक विशेषता है और शेषनाग की एक प्रतिकृति है जो हिंदू देवताओं में से एक हैं और जिन्होंने जन्म की रात भगवान कृष्ण की रक्षा की थी.याचिकाकर्ताओं ने अनुरोध किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सर्वेक्षण के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपने के विशेष निर्देश के साथ एक आयोग का गठन किया जाये. इस पूरी कार्यवाही की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराने का भी अनुरोध किया गया है. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस वर्ष मई में मथुरा की अदालत में लंबित श्री कृष्ण जन्मभूमि- शाही ईदगाह मस्जिद विवाद से जुड़े सभी मुकदमे अपने पास स्थानांतरित कर लिए थे. प्रयागराज कोर्ट के इस फैसले पर ,राजेश मणि त्रिपाठी पक्षकार एवं राष्ट्रीय प्रमुख श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल,महेंद्र तिवारी राष्ट्रीय सह प्रमुख श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल और उदित नारायण संगठन प्रभारी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ ने खुशी जाहिर करते हुए माननीय न्यायलय का आभार ब्यक्त किया

विधानसभा में सुरक्षा घेरा सख्त. (M.P)

Tight security cordon in the Legislative Assembly Madhya Pradesh. अब विधायक केवल एक बाहरी व्यक्ति को दिलवा सकेंगे दीर्घा में प्रवेश विधानसभा में बगैर पास और वैध पहचान पत्र के कोई बाहरी व्यक्ति प्रवेश नहीं कर सकता। गेट के अलावा दीर्घा में प्रवेश से पहले जांच। बिना पहचान पत्र नहीं कर सकता कोई प्रवेश।खान-पान की सामग्री भी दीर्घा में ले जाना मना है।गेट पर होती है तगड़ी सुरक्षा जांच। भोपाल। देश की राजधानी दिल्ली में संसद पर आतंकी हमले की बरसी के दिन ही दो युवक सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए लोकसभा की दर्शक दीर्घा से सदन में कूदकर स्मोक बम सरीखी सामग्री से धुआं छोड़ने की घटना को देखते हुए विधानसभा सचिवालय भी हरकत में आ गया है। गुरुवार को प्रमुख सचिव एपी सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और निर्देश दिए कि अब विधायक केवल एक ही बाहरी व्यक्ति को दर्शक दीर्घा में प्रवेश दिला पाएंगे। दो स्तर पर जांच होगी और कोई भी ऐसी सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं होगी, जिसे सुरक्षा को कोई खतरा हो। इसी माह होगा विधानसभा सत्र मध्य प्रदेश में 16वीं विधानसभा का गठन हो चुका है। दिसंबर में पहला सत्र प्रस्तावित है। लोकसभा की सुरक्षा में सेंध की घटना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समीक्षा की गई। अभी विधानसभा अध्यक्ष या सदस्य अपने क्षेत्र के लोगों को विधानसभा की कार्यवाही देखने के लिए प्रवेश पत्र जारी करवाते हैं। इसमें बैठक व्यवस्था के अनुसार सदस्यों की अनुशंसा पर प्रवेश पत्र जारी किए जाते हैं, लेकिन अब विधायक के स्वजन के अलावा वे केवल एक बाहरी व्यक्ति की ही अनुशंसा कर सकेंगे। विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह ने बताया कि सत्र के पहले एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। विधानसभा परिसर और दीर्घा में प्रवेश से पहले जांच होगी। अभी ऐसी व्यवस्था मप्र विधानसभा में आगंतुकों के लिए विधानसभा सचिवालय द्वारा प्रवेश पत्र जारी किए जाते हैं। यह विधानसभा अध्यक्ष या विधायक की अनुशंसा पर ही जारी किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त उनके पास आधार कार्ड या अन्य फोटोयुक्त पहचान पत्र होना अनिवार्य रहता है। प्रवेश पत्र में ही इस बात का उल्लेख होता है कि संबंधित व्यक्ति किस दीर्घा में जाकर बैठ सकता है। दो जगह सुरक्षा जांच विधानसभा में पहुंचने वाले व्यक्ति को दो जगहों पर सुरक्षा जांच से गुजरना होता है। पहले परिसर के बाहरी द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मी उनकी जांच करते हैं। इसके बाद दीर्घा में प्रवेश से पहले फिर उनकी जांच होती हैं। यहां उनके जूते-चप्पल, बेल्ट उतरवा रखवा लिए जाते हैं। खाने-पीने की कोई चीज अपने साथ नहीं ले जा सकते हैं। मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति तो रहती है, पर उसे बंद करके रखना होता है। सत्र के दौरान राज्य पुलिस के अधीन होती है सुरक्षा व्यवस्था विधानसभा के अपर सुरक्षा सचिव उमेश शर्मा ने बताया कि सत्र के दौरान विधानसभा परिसर की पूरी सुरक्षा व्यवस्था राज्य पुलिस बल के हवाले रहती है। सामान्य दिनों में राज्य के विशेष सशस्त्र बल के 27 जवान तैनात रहते हैं। वहीं, विधानसभा का सुरक्षा अमला, जिसमें लगभग सौ जवान हैं, भी परिसर के भीतर तैनात रहता है।

एसोसिएशन ने जीआरपी थाना प्रभारी पर अवैध वसूली का लगाया आरोप.

The association has accused the GRP station in-charge of illegal extortion. एसोसिएशन ने पुलिस कप्तान से कार्रवाई की मांग सदस्य रहे मौजूद, The association demanded action against the police captain from the present members. कटनी। शहर के एक सराफा कारोबारी ने जीआरपी पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर जीआरपी थाना प्रभारी पर कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान सराफा कारोबारी के साथ सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारी व सदस्य भी उपस्थित थे। पुलिस अधीक्षक अभिजीत रंजन को दी गयी शिकायत में सराफा कारोबारी राजू सोनी ने बताया कि विगत कुछ दिनों से थाना जीआरपी में रोककर अवैध रूप से धमकी देकर अवैध वसूली की जा रही है। व्यापारी द्वारा बिल बताने पर उसे नकली बताकर उक्त माल को चोरी डकैती का बताकर माल को जप्त कर जेल भेजने की धमकी दी जाती है तथा बैग जबरन खुलवाया जाता है। जिसे भीड में असामाजिक तत्वों के सामने दिखाकर व्यापारी को आगे सफर में जान व माल जाने की पूर्ण रूप से अशंका रहती है। जिससे कभी भी कोई भी अनहोनी हो सकती है। राजेन्द्र सोनी आत्मज जगदीश प्रसाद सोनी निवासी मिर्जापुर शिवशंकर सोनी आत्मज शिवदास सोनी हम दोनों क्रमश: मोहित ज्वेलर्स, द्धारका प्रसाद महादेव प्रसाद ज्वेलर्स एलएलपी, सिद्धि ज्वेलर्स के माल का बिल लेकर सागर जाने हेतु लोकमान्य ट्रेन से सांयकाल लगभग 7:05 बजे कटनी स्टेशन उतरे और खाना खाने स्टेशन से बाहर आये वहां पर जीआरपी के सिपाही रघुराम सिंह परमार, प्रभारी मैडम अरूणा बहने के द्वारा होटल से बाहर निकलते ही पकड़ कर जीआरपी थाने ले जाकर मेरे बैग की तलाशी लेकर तराजू मंगवा कर चांदी जेवर, तौली की गई जो बिल के अनुसार पूरा 30 किलो 877 ग्राम निकला। मेरे द्वारा बैग वापिस मांगने पर बिल को नकली बताकर बिल फाड़ देने की धमकी राजू को दी गई और हम दोनों के मोबाइल छीनकर पीछे के कमरे में बंद कर दिया गया। मेरे द्वारा काफी अनुनय-विनय करने के बाद माल छोडऩे के लिये एक लाख रूपये की मांग की गई। मेरे द्वारा इंकार करने पर कि मेरा पूरा माल बिल बाउचर सही है में कोई रिश्वत नहीं दे पाउंगा। मेरे दामाद मनोज सोनी कटनी के द्वारा रूपयो का इंतजाम कर दिये गये। तब रघुराज सिंह परमार एवं जीआरपी थाना की पूरी टीम एवं मैडम अरूणा बहाने द्वारा हमें हमारा सामान चांदी के जेवर वापिस दिये गये एवं धमकी दी गई कि यदि किसी से बताया तो तुम्हारा यहां आना जाना व व्यापार बंद करा देगे। तथा व्यापार करने के लिये महीना बांधने की धमकी दी गई। सराफा कारोबारियों ने शिकायत देकर मामले की जांच कराते हुए जीआरपी थाना प्रभारी अरूणा बहाने पर कार्रवाई की मांग की है।

बुंदेलखंड में भाजपा के सभी दिग्गज जीते, कांग्रेस 5 सीटों में सिमटी.

In Bundelkhand, all stalwarts of the BJP emerged victorious, while Congress was confined to 5 seats. हारते-हारते सुरखी में जीत गए गोविंद राजपूत ,राजनगर में 302 के प्रकरण के बावजूद जीते अरविंद. Amidst setbacks, Govind Rajput secured victory, while Arvind emerged triumphant in Rajnagar despite the 302 case. भोपाल। विधानसभा चुनाव के नतीजों ने पूरे प्रदेश की तरह बुंदेलखंड में भी सभी को चौंका दिया। यहां भाजपा के सभी दिग्गज चुनाव जीत गए। प्रदेश के परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पिछड़ रहे थे लेकिन अंतत: उन्होंने लगातार तीसरी जीत दर्ज कर ली। छतरपुर जिले के राजनगर भाजपा प्रत्याशी अरविंद पटैरिया के खिलाफ मतदान के दिन ही हत्या का प्रकरण दर्ज हो गए था। उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राजनगर थाने के सामने रात भर धरना दिया था लेकिन अरविंद भी चुनाव जीतने में सफल रहे। हालात ये है कि कांग्रेस 26 में से मात्र 5 सीटें हासिल कर सकी जबकि भाजपा ने 21 सीटें जीत कर सबको चौंका दिया। सागर में मंत्रियों की तिकड़ी जीतीसागर जिले की 8 विधानसभा सीटों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया। सरकार में शामिल जिले के तीनों मंत्री गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह और गोविंद सिंह राजपूत जीत दर्ज करने में सफल रहे। गोपाल और भूपेंद्र ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की। भार्गव क्षेत्र में प्रचार के लिए निकले तब भी लगभग 73 हजार वोटों के अंतर से चुनाव जीते। कांग्रेस ने भाजपा से बीना सीटी छीनी तो भाजपा ने कांग्रेस की दो सीटें देवरी और बंडा छुड़ा लीं। देवरी में कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे हर्ष यादव चुनाव हार गए। कुल मिलाकर भाजपा 7 सीटें जीती जबकि कांगेस एक सीट पर सिमट गई। छतरपुर में कांग्रेस के तीनों विधायक हारेछतरपुर जिले की 6 में से 5 सीटेँ भाजपा ने जीत लीं। यहां कांग्रेस के तीनों विधायक छतरपुर से आलोक चतुर्वेदी, महाराजपुर से नीरज दीक्षित और राजनगर से विक्रम सिंह नातीराजा चुनाव हार गए। कांग्रेस सिर्फ एक सीट जीती। कांग्रेस को यहां पूर्व विधायक और जिले के कद्दावर नेता शंकरप्रताप सिंह मुन्ना राजा को अलग-थलग करने का नुकसान हुआ। मलेहरा में कांग्रेस की रामसिया भारती ने भाजपा के प्रद्युम्न सिंह लोधी को हरा दिया। मुन्ना राजा ने सिर्फ रामसिया का प्रचार किया था। प्रद्युम्न 2018 का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर जीते थे लेकिन बाद में वे भाजपा में शामिल हो गए थे। टीकमगढ़, निवाड़ी में कांग्रेस का बेहतर प्रदर्शनबुंदेलखंड अंचल के टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले ही ऐसे रहे जहां कांग्रेस ने पांच में से तीन सीटें जीत कर बेहतर प्रदर्शन किया। टीकमगढ़ जिले की जतारा में ही हरिशंकर खटीक भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते शेष दो सीटें टीकमगढ़ और खरगापुर कांग्रेस ने छीन लीं। टीकमगढ़ में पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह ने भाजपा के राकेश गिरि को हरा दिया। यहां भाजपा को पार्टी के बागी केके श्रीवास्तव ने नुकसान पहुंचाया। खरगापुर में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भतीजे राहुल लोधी चुनाव हार गए। उन्हें कांग्रेस की चंदारानी गौर ने शिकस्त दी। निवाड़ी की दो सीटों में से प्रथ्वीपुर में कांग्रेस के नितेंद्र सिंह राठौर जबकि निवाड़ी में भाजपा के अनिल जैन चुनाव जीते। इस तरह यहां मुकाबला बराबरी का रहा। पन्ना, दमोह में नहीं खुला कांग्रेस का खातापन्ना और दमोह जिले में कांग्रेस का खाता ही नहीं खुला। भाजपा ने सभी 7 सीटें जीत लीं। दमोह में जयंत मलैया बड़े अंतर से जीते और पन्ना में सरकार के खनिज मंत्री ब्रजेंद्र प्रताप सिंह भी चुनाव जीत गए। पन्ना जिले की पवई सीट में कांग्रेस के पूर्व मंत्री मुकेश नायक को पराजय का सामना करना पड़ा। गुनौर सीट पिछली बार कांग्रेस के पास थी जिसे इस बार भाजपा के राजेश वर्मा ने छीन लिया। इस तरह बुंदेलखंड में एक तरह से कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया।

आखिरी सांस तक आपके साथ खड़ा रहूंगा.

I will stand by you until my last breath. कमलनाथ ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के इस्तीफे को लेकर किया खुलासा छिंदवाड़ा। भले ही प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं बन पाई है, लेकिन पूर्व सीएम कमलनाथ अपने गढ़ छिंदवाड़ा में अपना किला बचाने में कामयाब रहे। लगभग 43 सालों से कमलनाथ छिंदवाड़ा की पहचान बनकर राजनीति में छाए हुए हैं। ऐसे में इस बार भी विधानसभा चुनाव में छिंदवाड़ा की सातों सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली है। कमलनाथ अब छिंदवाड़ा दौरे पर हैं और वे हर विधानसभा क्षेत्र में जाकर आभार सभा कर रहे हैं। पांढुर्णा और सौंसर में बुधवार को कमलनाथ ने आभार सभा में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पांढुर्णा में कहा कि वे आखिरी सांस तक छिंदवाड़ा की जनता के बीच रहेंगे, वह रिटायरमेंट नहीं ले रहे है। नहीं लेगें रिटायरमेंट कमलनाथ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उनकों लेकर राजनीतिक गलियारो में यही चर्चा चल रही थी कि विधानसभा चुनाव में मिली हार के कारण उन्हें पीसीसी चीफ पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है। हालांकि आला कमान ने नाथ को दोबारा लोकसभा चुनाव तक की जवाबदारी दी है। ऐसे में कमलनाथ ने अपने गढ़ छिंदवाड़ा से आज इसको लेकर एक बड़ा बयान देकर यह साफ कर दिया है कि वे आने वाले समय में भी पूरी सक्रियता के साथ जनता के बीच रहेंगे और रिटायरमेंट नहीं लेंगे।आखिरी सांस तक जनता के साथ उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपनी आखिरी सांस तक जनता के साथ खड़े है। वह रिटायरमेंट नहीं ले रहे है। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा की जनता का प्यार उन्हे पिछले 43 सालों से मिलता आ रहा है। आगे भी यह प्यार और स्नेह उन्हे मिलता रहेगा। उन्होंने कहा कि जिले के विकास के लिए वह कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। लोकसभा चुनाव का फूंका बिगुल कमलनाथ ने छिंदवाड़ा में मिली बंपर जीत के बाद अब लोकसभा चुनाव की तैयारियों का बिगुल फूंक दिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से छिंदवाड़ा की जनता ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का साथ दिया है। इसी तरह से लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस को यही प्यार और विश्वास लोकसभा चुनाव में भी मिलेगा। इस दौरान उनके साथ उनके बेटे नकुलनाथ भी मौजूद थे।

संसद की सुरक्षा में भारी चूक : दो घटनाएं, 4 गिरफ्तार, लोकसभा में धुआं ही धुआं.

Serious lapses in Parliament security: Two incidents, 4 arrested, chaos in the Lok Sabha दिल्ली: संसद पर हमले की बरसी के दिन ही संसद की सुरक्षा में बड़ी चूक देखने को मिली है. दरअसल, बुधवार दोपहर करीब एक बजे दो लोग लोकसभा में दर्शक दीर्घा से सदन के भीतर कूद पड़े और पीली गैस का स्प्रे करने लगे. इसके बाद इनमें से एक शख्स लोकसभा स्पीकर की कुर्सी की तरफ दौड़ने लगा. इन आरोपियों के सदन में कूदने के बाद वहां मौजूद सांसदों ने हिम्मत दिखाते हुए दोनों आरोपियों को सदन के अंदर ही पकड़ लिया. इस घटना को लेकर अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि घटना की जांच हो रही है. दोनों आरोपी पकड़े गए हैं और इनके पास से सभी तरह की सामग्री को जब्त कर लिया गया है. वहीं, संसद के बाहर नारेबाजी कर रही एक महिला और शख्स को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. हालांकि, बाद में इन सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. दर्शक दीर्घा अगले आदेश तक के लिए बंद इस घटना के बाद दर्शक दीर्घा को अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया गया है. दरअसल, दोनों युवकों ने दर्शक दीर्घा के जरिए ही घटना को अंजाम दिया. दो गुट में आए थे आरोपी बता दें कि आरोपी शख्स ने सदन के अंदर फ्लोरोसेंट गैस का छिड़काव भी किया. खास बात ये है कि हमला करने वाले लोग दो अलग-अलग ग्रुप में आए थे. एक ग्रुप संसद के अंदर गया जबकि दूसरा ग्रुप संसद भवन की इमारत के बाहर ही रुका रहा. दिल्ली पुलिस ने बाहर मौजूद आरोपियों को पकड़ा लिया है जबकि अंदर घुसे शख्स को संसद भवन के अंदर ही पकड़ लिया गया है. संसद के अंदर जो 2 लोग पकड़े हैं ,उनमें एक नाम सागर शर्मा है और दूसरे का नाम मनोरंजन डी है. ये दोनों कर्नाटक के हैं. बीजेपी सांसद ने कही ये बात बीजेपी सांसद सत्यपाल सिंह ने एनडीटीवी से कहा कि लोकसभा में शून्यकाल की कार्यवाही के दौरान अचानक दो लड़के विजिटर्स गैलरी से नीचे कूद गए, उन्होंने पीले रंग की गैस भी छोड़ी. यह सिक्योरिटी लैप्स का मामला है. लोकसभा की सिक्योरिटी ब्रीच हुई है. हालांकि सांसदों ने तुरंत उन लड़कों को पकड़ लिया. “20 साल के थे दो युवक” वहीं कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि अचानक करीब 20 साल के दो युवक दर्शक दीर्घा से सदन में कूद पड़े और उनके हाथ में टिन के डिब्बे थे, जिनसे पीला धुआं निकल रहा था. उनमें से एक अध्यक्ष की कुर्सी की ओर भागने की कोशिश कर रहा था. उन्होंने नारे लगाए. यह धुआं जहरीला हो सकता था.संसद हमले की बरसी के दिन यह सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है !

प्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव लेंगे शपथ, मोतीलाल नेहरू स्टेडियम भोपाल.

The new Chief Minister of the state, Mohan Yadav, will take the oath at the Motilal Nehru Stadium in Bhopal.

15 दिसंबर के बाद होगा मप्र कांग्रेस विधायक दल के नेता का चयन.

The selection of the leader of the Madhya Pradesh Congress Legislative Party will take place after December 15. पार्टी नेता चाहते हैं कि कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश जाए कि सभी एकजुट हैं, इसलिए आम सहमति के आधार पर निर्णय पर जोर दिया जा रहा है। भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस विधायक दल के नेता का चयन 15 दिसंबर के बाद होगा। इसके लिए विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें केंद्रीय पर्यवेक्षक उपस्थित रहेंगे। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, विधायक दल के मुख्य सचेतक रहे रामनिवास रावत, पूर्व मंत्री बाला बच्चन और उमंग सिंघार के नाम दावेदारों में प्रमुखता से सामने आए हैं। 66 सीटों पर जीती कांग्रेस230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 66 उम्मीदवार चुनाव जीतकर पहुंचे हैं। दल का नेता विधायक चुनेंगे। इसके लिए विधायक दल की बैठक होगी। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों का कहना है कि केंद्रीय संगठन से विधायक दल के नेता का चयन करने के लिए पर्यवेक्षक भेजने का अनुरोध किया है। एकजुटता का संदेश देना चाहते हैंदरअसल, पार्टी नेता चाहते हैं कि कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश जाए कि सभी एकजुट हैं, इसलिए आम सहमति के आधार पर निर्णय पर जोर दिया जा रहा है। विधायक दल के नेता के लिए नेता प्रतिपक्ष के लिए पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। विंध्य अंचल में वैसे भी पार्टी की स्थिति कमजोर है। इस बार केवल पांच सीटें ही पार्टी जीत सकी है। उधर, जातीय समीकरणों के हिसाब से ओबीसी वर्ग से आने वाले रामनिवास रावत और आदिवासी वर्ग से बाला बच्चन और उमंग सिंघार के नाम भी दावेदारों में हैं। कमल नाथ प्रदेश संगठन में करेंगे परिवर्तनउधर, लोकसभा चुनाव को देखते हुए कमल नाथ अभी प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे पर उनकी टीम यानी प्रदेश कांग्रेस संगठन में परिवर्तन होगा। दरअसल, विधानसभा चुनाव में कई पदाधिकारियों के निष्क्रिय रहने की शिकायतें हैं। पार्टी अध्यक्ष को संगठन की रचना और आगामी दिशा तय करने के लिए अधिकृत किया गया है।वहीं, प्रदेश कांग्रेस ने सभी चुनाव जीतने व हारने वाले उम्मीदवारों से संगठन की रिपोर्ट मांगी है। दरअसल, कुछ उम्मीदवारों ने संगठन का साथ नहीं मिलने और भितरघात की शिकायत की है। इसके अतिरिक्त जिला प्रभारी, संगठन मंत्री और पर्यवेक्षकों से भी चुनाव में संगठन पदाधिकारियों की भूमिका को लेकर जानकारी मांगी गई है।

नतीजे के आठवें दिन मिला प्रदेश को नया मुख्यमंत्री, मोहन यादव के नाम पर लगी मुहर.

On the eighth day of the results, the state got a new Chief Minister, with the seal of approval on the name of Mohan Yadav. भोपाल। भारतीय जनता पार्टी ने आठ दिन मंथन करने के बाद सबको चौंका दिया है। बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में सोमवार को नवनिर्वाचित विधायकों ने नए मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव के नाम पर मोहर लगाई। यादव उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं। इसके अलावा जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला उपमुख्यमंत्री होंगे। केंद्र में कृषि मंत्री रहे नरेंद्र सिंह तोमर स्पीकर होंगे। हालांकि उप मुख्यमंत्री और स्पीकर के नाम की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। विधायक दल की बैठक में पर्यवेक्षक मनोहर लाल खट्टर, डॉ. के. लक्ष्मण और आशा लकड़ा मौजूद रहे। सीएम शिवराज सिंह ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका सभी विधायकों ने समर्थन किया। मोहन यादव को भरोसा नहीं हुआ तो पहले खड़े नहीं हुए। बाद में खड़े होकर हाथ जोड़े। मोहन यादव उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं और ओबीसी वर्ग से आते हैं। जगदीश देवड़ा मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ से विधायक हैं। देवड़ा एससी वर्ग से आते हैं। जबकि राजेन्द्र शुक्ला रीवा सीट से विधायक हैं और ब्राह्मण वर्ग से आते हैं। आठ दिन की कवायत, 15 मिनट में तय हुआ सीएमभाजपा प्रदेश कार्यालय पर शाम 4.11 बजे विधायक दल की बैठक शुरू हुई थी। मात्र 15 मिनट में नए मुख्यमंत्री बनाने की सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गई। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने विधायक दल की बैठक की जानकारी दी। पर्यवेक्षक और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर खट्टर ने 6 मिनट के भाषण में सिर्फ इतना कहा कि भाजपा एक अनुशासित पार्टी है। केंद्रीय नेतृत्व के फैसले को सभी को स्वीकार करना चाहिए। यह परंपरा है। जिसके बाद सीएम के नाम का ऐलान कर दिया गया। शिवराज ने दिया इस्तीफा, मोहन ने पेश किया सरकार का प्रस्तावनए सीएम के नाम का ऐलान होने के बाद शिवराज सिंह चौहान राजभवन पहुंचे। जहां उन्होंने राज्यपाल मंगुभाई पटेल को सीएम पद से अपना इस्तीफा सौंपा। उनका इस्तीफा तत्काल मंजूर भी हो गया। शिवराज सिंह ने नए सीएम को बधाई भी दी। उन्होंने कहा मध्यप्रदेश को नया मुख्यमंत्री मिल गया है। उन्हें बहुत बहुत बधाई, उनका अभिनंदन। इधर कुछ देर बाद मोहन यादव राजभवन पहुंचे। यहां उन्होंने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। इस दौरान उनके साथ शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल और वीडी शर्मा मौजूद रहे। साथ ही तीनों पर्यवेक्षक मनोहर लाल कट्टर, डॉ के. लक्ष्मण और आशा लकड़ा भी साथ रहे। विधायकों का फोटो सेशन हुआ, रेस में थे कई नामबीजेपी विधायक दल की बैठक से पहले सभी नवनिर्वाचित विधायकों का फोटो सेशन हुआ। जिसमें मोहन यादव आगे से तीसरी पंक्ति में बैठे थे। फोटो सेशन के बाद बैठक शुरू हुई। जिसमें सीएम के रूप में मोहन यादव के नाम का ऐलान हो गया। एमपी सीएम पद की रेस में कई दिग्गज नाम शामिल थे। जिसमें प्रह्लाद पटेल, नरेंद्र सिंह तोमर, वीडी शर्मा, ज्योतिरादित्य सिंधिया, कैलाश विजयवर्गीय जैसे कई नाम शामिल थे। जिसमें केंद्रीय मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बीजेपी ने सबको चौंकाते हुए मोहन यादव को नया मुख्यमंत्री बनाया है। भाजपा का तंत्र ऐसा, छोटे से छोटे कार्यकर्ता को बड़ी जवाबदारी : यादवनए सीएम मोहन यादव ने कहा कि भाजपा का तंत्र ही ऐसा है कि छोटे से छोटे कार्यकर्ता को बड़ी जवाबदारी मिलती है। हमारी ट्रेनिंग भी ऐसी होती है कि पार्टी जो काम दे दे उसको बहुत सहजता से लेते हैं। मैं तो पीछे की पंक्ति में बैठकर अपना काम कर रहा था। अचानक घोषणा हुई। मैं सबका आभार मानता हूं। विकास के काम को आगे बढ़ाना ही मेरी प्राथमिकता होगी। यादव ने कहा कि मैं पार्टी का एक छोटा सा कार्यकर्ता हूं। प्यार और सहयोग के लिए पार्टी की स्टेट लीडरशिप और केंद्रीय लीडरशिप का बहुत बहुत धन्यवाद। मैं अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह से निभाऊंगा। 6 दिसंबर को रात 11 बजे 15 मिनट में तय हो गया था नामबताया जा रहा है कि यादव का मुख्यमंत्री के लिए नाम राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा के नई दिल्ली स्थित निवास पर 6 दिसंबर को रात 11 बजे ही तय हो गया था। इस दौरान केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव भी वहां मौजूद थे। भूपेंद्र यादव ने ही डॉ. मोहन यादव की रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दी थी। इसके बाद तीन दौर की बैठक में डॉ. यादव का नाम तय किया गया। वे संघ के करीबी माने जाते हैं। बीजेपी ने ओबीसी चेहरे के तौर पर मोहन यादव को आगे किया है।भाजपा के एक नेता ने बताया कि 6 दिसंबर को मोहन यादव सड़क मार्ग से भोपाल से उज्जैन जा रहे थे। शाम करीब 7 बजे जब वे आष्टा पहुंचे, तब उन्हें तत्काल दिल्ली आने के लिए गया। डॉ. यादव वापस भोपाल आए और रात 9 बजे की फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे। उनकी नड्डा से केवल 15 मिनट की मुलाकात हुई। वे अगले दिन यानी 7 दिसंबर को सुबह भोपाल लौट आए। तब यह कयास लगाए जा रहे थे कि डॉ. यादव को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है।

बीजेपी-कांग्रेस के 96 विधायक चुनाव हारे, सभी को एमएलए रेस्ट हाउस के फ्लेट छोड़ना होंगे.

Ninety-six legislators from both the BJP and Congress lost the elections; all of them will have to vacate their flats in the MLA Rest House. 24 विधायकों को बंगले खाली छोड़ना होगा, 10 दिन में बंगले छोड़ने का नोटिस जारी. Twenty-four legislators will have to vacate their bungalows; a notice for vacating the bungalows within ten days has been issued. भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव हारे पूर्व मंत्रियों और विधायकों को 10 दिन में बंगला खाली करना होगा। इसके लिए विधानसभा की ओर से 130 विधायकों को बंगले खाली करने के नोटिस जारी कर दिए गए हैं। ताकि चुनाव जीतकर आए विधायकों को अध्यक्षीय पूल के बंगले आवंटित किए जा सकें। अभी चुनाव जीतने के बाद अधिकांश विधायकों को आवास नहीं मिला है। आवास नहीं मिलने से कई नेता होटल या फिर रिश्तेदार के घरों पर रुके हुए हैं। प्रदेश में 15वीं विधानसभा के विघटित होने और 16वीं विधानसभा के गठन की अधिसूचना के बाद यह कार्रवाई शुरू की गई है। यह सामान्य प्रक्रिया है, पर अधिकतर देखने में आया है कि हारे हुए विधायक बंगले खाली करने में अपनी ओर से पहल कम ही करते हैं। बीजेपी-कांग्रेस के 96 विधायक चुनाव हार गए हैं। वहीं, 34 विधायक ऐसे हैं जिनके दोनों दलों में टिकट कटे थे। उन्हें अब बंगला खाली करना होगा। इधर, गृह विभाग ने शासन स्तर पर बी टाइप-14 और सी टाइप- 8 बंगलें खाली कराए जाने की सूची तैयार की है। इसका फैसला नई सरकार के गठन के बाद होगा। विधानसभा में अध्यक्षीय पूल के 34 बंगले हैं। इनमें से 22 विधायकी का चुनाव हार गए। 2 के टिकट कट गए। इस तरह 24 विधायकों से बंगले खाली छोड़ना होगा। 24 के अलावा 96 वे ऐसे सदस्य हैं जिनकी चुनाव हारने की वजह से विधायकी चली गई है। उनसे भी एमएलए रेस्ट हाउस में मिले आवास 10 दिन में खाली कराए जाना है। चुनाव हार चुके विधायक बाला, सिंघार सहित कई के रहेंगे सुरक्षित

230 में से 175 विधायकों ने ही कराया पंजीयन, 55 अभी भी लापता.

Out of 230, 175 legislators have completed the registration, while 55 are still missing. भोपाल। सोलहवीं विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्य कैलाश विजयवर्गीय, राकेश सिंह, रीति पाठक, कुंवर विजय शाह एवं सुशील तिवारी विधानसभा पहुंचे। उन्होंने प्रमुख सचिव अवधेश प्रताप सिंह से कक्ष में चर्चा की। प्रमुख सचिव ने नव निर्वाचित सदस्यों का स्वागत किया। इसके बाद सदस्यों ने स्वागत कक्ष पहुंचकर निर्वाचन प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर नवीन विधानसभा गठन संबंधी समस्त आवश्यकताएं पूर्ण कीं। सोमवार को 25 सदस्यों का विधानसभा पहुंचे। अब तक कुल 175 सदस्य विधानसभा पहुंचे चुके हैं। 230 विधानसभा सदस्यों में से अभी भी 55 पंजीयन से वंचित हैं। रविवार को आने वाले अन्य सदस्यों में जय सिंह मरावी, दिलीप जायसवाल, राधारविंद्र सिंह, मनोज पटेल, अशोक ईश्वरदास रोहाणी, धीरेंद्र बहादुर सिंह एवं गायत्री राजे पवांर विधानसभा पहुंचे थे। सोमवार को अन्य आने वाले सदस्यों में महेंद्र यादव, माधव सिंह, हरदीप सिंह डंग, चिंतामणि मालवीय, प्रणय पांडे, मुकेश टंडन, आशीष गोविंद शर्मा, तेज बहादुर सिंह, नरेंद्र सिंह कुशवाह, बाला बच्चन, निर्मला भूरिया, महादेव वर्मा (मधु वर्मा), अमर सिंह यादव, मालिनी गौड़, बालकृष्ण पाटीदार, मोंटू सोलंकी, सेना महेश पटेल, हरिबाबू राय, राजेश सोनकर एवं गोलू शुक्ला ने विधानसभा पहुंचकर अपने निर्वाचन प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कीं।

आखिर अनुच्छेद 370 क्या था, सरकार ने इसे क्यों हटाया, फैसले के बाद घाटी में क्या बदला?

What is Article 370, Why Government remove article 370, after removal what are the changes in Ghati. धारा 370 भारतीय संविधान का एक विशेष अनुच्छेद था, जो जम्मू-कश्मीर को भारत में अन्य राज्यों के मुकाबले विशेष अधिकार प्रदान करता था। Article 370 was a special provision in the Indian Constitution that granted specific privileges to the region of Jammu and Kashmir, distinguishing it from other states in India. इसे भारतीय संविधान में अस्थायी और विशेष उपबन्ध के रूप में भाग 21 में शामिल किया गया था। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाने के केंद्र सरकार के निर्णय पर आज सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने कहा है कि 5 अगस्त 2019 का निर्णय वैध था और यह जम्मू कश्मीर के एकीकरण के लिए था। बता दें कि 2019 में जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाला अनुच्छेद-370 खत्म कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कारण चार साल बाद यह अनुच्छेद फिर चर्चा फिर में आ गया है। इससे पहले कोर्ट में अनुच्छेद-370 हटाने को चुनौती दी गई थी। इससे जुड़ी 20 से ज्यादा याचिकाएं कोर्ट में थीं जिसको लेकर सोमवार को फैसला आया है। आइये जानते हैं कि अनुच्छेद 370 क्या है? सरकार ने इसे क्यों हटाया? अनुच्छेद-370 के बारे में5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने अनुच्छेद-370 खत्म कर दिया था। यह कानून जम्मू-कश्मीर में करीब सात दशक से चला आ रहा था। दरअसल, अक्तूबर 1947 में कश्मीर के तत्कालीन महाराजा हरि सिंह ने भारत के साथ एक विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें कहा गया कि तीन विषयों के आधार पर यानी विदेश मामले, रक्षा और संचार पर जम्मू और कश्मीर भारत सरकार को अपनी शक्ति हस्तांतरित करेगा। इतिहासकार प्रो. संध्या कहती हैं, ‘मार्च 1948 में, महाराजा ने शेख अब्दुल्ला के साथ प्रधानमंत्री के रूप में राज्य में एक अंतरिम सरकार नियुक्त की। जुलाई 1949 में, शेख अब्दुल्ला और तीन अन्य सहयोगी भारतीय संविधान सभा में शामिल हुए और जम्मू-कश्मीर की विशेष स्थिति पर बातचीत की, जिससे अनुच्छेद-370 को अपनाया गया।’ अनुच्छेद-370 के प्रावधान क्या थे? जम्मू-कश्मीर का संविधान 17 नवंबर 1956 को अपनाया गया और 26 जनवरी 1957 को लागू हुआ था। 5 अगस्त 2019 को भारत के राष्ट्रपति ने एक आदेश जारी करके जम्मू और कश्मीर के संविधान को निष्प्रभावी बना दिया था। इसे ‘संविधान (जम्मू और कश्मीर के लिए आवेदन) आदेश, 2019 (सीओ 272)’ नाम दिया गया था। अनुच्छेद-370 हटने के बाद क्या हालात हैं?2019 में जब अनुच्छेद-370 खत्म किया गया था, तब पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान ने कुछ हद तक स्थिति बिगाड़ने की कोशिश की थी। घुसपैठ के जरिए हिंसा कराने की खूब कोशिश हुई, लेकिन सुरक्षाबलों ने सभी को नाकाम कर दिया गया। केंद्र सरकार ने विशेष तौर पर जम्मू कश्मीर के विकास पर फोकस करना शुरू कर दिया। अब हर बजट में जम्मू कश्मीर के लिए विशेष प्रावधान किए जाते हैं, ताकि यहां के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ा जा सके। अनुच्छेद-370 खत्म होने के बाद पहली बार ऐसा हुआ जब जम्मू-कश्मीर संयुक्त राष्ट्र के दागी लिस्ट से बाहर हुआ। पिछले कुछ समय में राज्य में पर्यटन में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। जहां घाटी में दशकों बाद सिनेमा खुलने लगे हैं तो, वहीं पत्थरबाजी की घटनाएं और बंद के आव्हान लगभग शून्य हो चुके हैं। राज्य में निवेश की संभवनाएं लगातार बढ़ रही हैं और हर क्षेत्र में विकास के नए द्वार खुल रहे हैं।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने डॉ. मोहन यादव, राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा बने उप मुख्यमंत्री।

संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश में आठ दिन से मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रहा सस्पेंस खत्म हो गया है। सभी अनुमानों को धता बताते हुए डॉ. मोहन यादव मध्य प्रदेश के नए सीएम चुने गए हैं। राजधानी भोपाल के भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में तीनों पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में हुई भाजपा के विधायक दल की पहली बैठक में डॉ. मोहन यादव के नाम का ऐलान किया गया। श्री यादव उज्जैन दक्षिण सीट से विधायक हैं। इसके साथ ही मध्य प्रदेश में दो उप मुख्यमंत्रियों के नाम का भी ऐलान किया गया है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा को 163 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत मिला है। कांग्रेस को 66 सीटें और 1 सीट भारतीय आदिवासी पार्टी को मिली है। विधायक दल की बैठक में मोहन यादव के नाम का ऐलान मध्य प्रदेश में आज विधायक दल की बैठक में दल का नेता चुना गया। इस बैठक के बाद मध्य प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस खत्म हो गया है। इस बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की गई। मध्य प्रदेश का नया मुख्यमंत्री उज्जैन दक्षिण से निर्वाचित विधायक डॉ. मोहन यादव को बनाया गया है। यहां गौरतलब है कि बीजेपी ने इस बार का विधानसभा चुनाव अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बिना ही लड़ा था। जिसके कारण मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद को लेकर तमामबात अटकलें लगाई जा रही हैं कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। मुख्यमंत्री पद की रेस में थे कई नाम, 9 दिन तक चला मंथन एमपी सीएम पद की रेस में कई दिग्गज नाम शामिल थे। जिसमें प्रह्लाद पटेल, नरेंद्र सिंह तोमर, वीडी शर्मा, ज्योतिरादित्य सिंधिया, कैलाश विजयवर्गीय जैसे कई नाम शामिल थे। जिसमें केंद्रिय मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बीजेपी ने सबको चौंकाते हुए मोहन यादव को नया मुख्यमंत्री बनाया गया है। उज्जैन के दक्षिण सीट से मोहन यादव ने जीत हासिल की है। बता दें कि मोहन यादव शिवराज सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रह चुके हैं। ये लगातार तीसरी बार चुनाव जीतकर उज्जैन दक्षिण सीट पर कब्जा किया है। बता दें कि बीजेपी ने 9 दिन मंथन करने के बाद सबको चौंका दिया है। बीजेपी के भोपाल दफ्तर में नवनिर्वाचित विधायकों ने नए मुख्यमंत्री के नाम पर मोहर लगा दी। उत्तर प्रदेश की तर्ज पर मध्य प्रदेश को भी मिले दो उप मुख्यमंत्री राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान होने के साथ ही मध्य प्रदेश सरकार का काम काज संभालने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर दो उप मुख्यमंत्रियों के नाम की भी घोषणा की गई है। घोषणा के अनुसार विधायक राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा को मध्य प्रदेश का उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। जगदीश देवड़ा मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ सीट से विधायक हैं। वह एससी वर्ग से आते हैं वहीं ब्राह्मण वर्ग से आने वाले राजेन्द्र शुक्ला रीवा सीट से विधायक हैं और विंध्य क्षेत्र का बड़ा ब्राह्मण चेहरा होकर कद्दावर नेता माने जाते हैं। 2013 में पहली बार बने विधायक, शिवराज सरकार में रहे उच्च शिक्षा मंत्री 58 साल के डॉक्टर मोहन यादव पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रह चुके हैं। साल 2013 में वह पहली बार उज्जैन दक्षिण सीट से विधायक चुने गए थे। इसके बाद साल 2018 में वह एक भार फिर दक्षिण उज्जैन की सीट से विधायक चुने गए थे। साल 2023 मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में मोहन यादव ने उज्जैन दक्षिण विधानसभा सीट से कांग्रेस के चेतन प्रेमनारायण यादव को 12941 वोटों से हराकरलगातार तीसरी बार विजयश्री प्राप्त की है। विधायक दल की बैठक में हरियाणा के सीएम और मध्य प्रदेश के पर्यवेक्षक मनोहर लाल खट्टर ने प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के रूप में डॉ. मोहन यादव के नाम का ऐलान किया जबकि श्री यादव के नाम का प्रस्ताव वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रखा था।

जानिए मुख्यमंत्री मोहन यादव के बारे में.

Learn about Chief Minister Mohan Yadav. भोपाल! मोहन यादव उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं। वे एमपी के सीएम होंगे। मध्यप्रदेश के अगले मुख्यमंत्री मोहन यादव होंगे। मोहन यादव उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं। भोपाल स्थित ‌BJP के प्रदेश कार्यालय में पार्टी के विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगी है। मोहन यादव ओबीसी वर्ग से आते हैं। बैठक में पर्यवेक्षक मनोहर लाल खट्‌टर (CM हरियाणा), डॉ. के. लक्ष्मण (राष्ट्रीय अध्यक्ष, BJP OBC मोर्चा) और आशा लकड़ा (राष्ट्रीय सचिव भाजपा) मौजूद रहे। विधायक दल की बैठक से पहले भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। मध्यप्रदेश के अगले मुख्यमंत्री मोहन यादव होंगे उज्जैन दक्षिण सीट से विधायक हैं मोहन यादव उम्र – 58 वर्ष, शैक्षणिक योग्यता – बी.एस.सी., एल-एल.बी., एम.ए.(राज.विज्ञान), एम.बी.ए., पी.एच.डी. व्यवसाय – अभिभाषक, व्‍यापार, कृषिस्थायी पता – 180, रविन्‍द्रनाथ टैगोर मार्ग, अब्‍दालपुरा, जिला-उज्‍जैन राजनीतिक कॅरियर – सन 1982 में माधव विज्ञान महाविद्यालय छात्र संघ के सह-सचिव, 1984 में अध्‍यक्ष

मोहन यादव होंगे मध्‍य प्रदेश के नए मुख्‍यमंत्री, भाजपा विधायक दल का निर्णय.

Mohan Yadav will be the new Chief Minister of Madhya Pradesh, as decided by the BJP legislative party. राजधानी में भाजपा विधायक दल की बैठक में नया सीएम चुना गया। मप्र भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले हलचल रही। In the capital, a new Chief Minister was elected during the BJP legislative party meeting. There was anticipation and excitement before the meeting of the Madhya Pradesh BJP legislative party. भोपाल। मध्‍य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा की शानदार जीत के बाद पार्टी ने मुख्‍यमंत्री भी चुन लि‍या है। इसके लिए आज राजधानी में भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी। मप्र भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले खासी हलचल रही। मोहन यादव मप्र के मुख्‍यमंत्री होंगे।इससे पहले विधायक प्रहलाद पटेल के बंगले पर उनके समर्थकों का जमावड़ा होने की सूचना है। खबर मिली है कि पटेल के बंंगले पर पुलिस सुरक्षा भी बढ़ा दी गई थी। श‍िवराज के समर्थकों ने भी खूब नारेबाजी की।

अशोक स‍िंह बने चेयरमैन ,प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन सम‍ित‍ि का पुनर्गठन.

Ashok Singh has been appointed as the Chairman, overseeing the restructuring of the Pradesh Congress Discipline Committee. आठ सदस्‍यीय सम‍ित‍ि में वर‍िष्‍ठ लोगों को स्‍थान द‍िया गया। मप्र कांग्रेस के अध्‍यक्ष कमल नाथ के न‍िर्देशानुसार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्‍यक्ष अशोक सिंह की अध्‍यक्षता में प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन सम‍ित‍ि का पुनर्गठन क‍िया गया है। प्रदेश कांग्रेस के उपाध्‍यक्ष अशोक सिंह को चेयरमैन बनाया गया है। इसके अलावा पूर्व मंत्री सज्‍जन सिंह वर्मा, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, पूर्व मंत्री हर्ष यादव, पूर्व मंत्री सईद अहमद, पूर्व सांसद गजेंद्र स‍िंह राजूखेड़ी, पूर्व विधायक नेहा स‍िंह व पूर्व व‍िधायक प्रताप लोधी को सदस्‍य बनाया गया है।

विधान सभा में प्रचंड बहुमत के बाद भी भाजपा को लोक सभा में खतरा.

Despite a sweeping majority in the legislative assembly, BJP faces a threat in the Lok Sabha. प्रदेश में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भले ही भाजपा को अविश्वसनीय प्रचंड जीत मिली है, लेकिन इसके बाद भी खतरे की घंटी भी बजी है। दरअसल इस जीत के बाद भी दस लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पर कांग्रेस को भाजपा की अपेक्षा अधिक मत मिले हैं, जिसकी वजह से भाजपा के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। खास बात यह है कि इन दस में से नौ पर अभी भाजपा के सांसद हैं। ऐसे में इन सीटों पर भाजपा को अगले साल के शुरुआती महीनों में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा को अतिरिक्त मेहनत करने की चुनौती मिल गई है। दरअसल मई माह में लोकसभा के चुनाव प्रस्तावित हैं। भाजपा के लिए छिंदवाड़ा सीट तो पहले से ही चुनौती बनी हुई थी , ऐसे में उसके सामने नौ नई सीटों की भी चुनौती दिखना शुरु हो गई है। हालांकि इसी तरह के कुछ आसार बीते विधानसभा चुनाव में भी बने थे , लेकिन लोकसभा परिणाम भाजपा के पक्ष में ही आए थे। इसको देखते हुए माना जा रहा है कि इस बार भी कुछ इसी तरह के परिणाम आ सकते हैं। दरअसल इस बार अगर विधानसभा चुनाव के परिणामों पर नज़र डालें तो , प्रदेश की 10 लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पर कांग्रेस जीती है। इनमें छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र में आने वाली सभी सातों विधानसभा सीटें भी शामिल हैं। इन सीटों पर पिछले चुनाव में भी कांग्रेस को ही जीत मिली थी। इसी तरह मुरैना की पांच, भिंड की चार, ग्वालियर की चार, टीकमगढ़ की तीन, मंडला की पांच, बालाघाट की चार, रतलाम की चार, धार की पांच और खरगोन लोकसभा क्षेत्र की आठ विधानसभा सीटों में से पांच पर भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। अहम बात यह है कि इसके बाद भी प्रदेश की पांच लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जिनके परिणाम बताते हैं कि वे भाजपा के लिए बेहद सुरक्षित हैं। इसकी वजह है, इन सीटों की सभी विधानसभा सीटों पर भाजपा को ही जीत मिली है और वह भी बड़े अंतर से। इनमें खजुराहो, होशंगाबाद, देवास, इंदौर और खंडवा लोकसभा की सीटें शामिल हैं। इनके अलावा सागर, दमोह, रीवा, सीधी, जबलपुर, विदिशा और मंदसौर लोकसभा क्षेत्र में केवल एक-एक विधानसभा सीट पर ही भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। इस हिसाब से देखें तो यह सीटें भी भाजपा के लिए पूरी तरह से अनुकूल हैं। दरअसल गुना में बामोरी और अशोकनगर सीट पर कांग्रेस को जीत मिली है , जबकि शेष सीटों पर भाजपा की जीत हुई है। इसी तरह सागर में एक बीना पर कांग्रेस, दमोह में एक मलहरा पर कांग्रेस, सतना में दो सीट सतना और अमरपाटन पर कांग्रेस, रीवा में एक सेमरिया सीट पर कांग्रेस, सीधी में एक चुरहट पर कांग्रेस, शहडोल में एक पुष्पराजगढ़ पर कांग्रेस, जबलपुर में एक जबलपुर पूर्व पर कांग्रेस, विदिशा में एक सिलवानी पर कांग्रेस, भोपाल में दो भोपाल उत्तर, भोपाल मध्य पर कांग्रेस, राजगढ़ में दो राघोगढ़, सुसनेर पर कांग्रेस, उज्जैन में दो महिदपुर, तराना पर कांग्रेस, मंदसौर में एक मंदसौर पर कांग्रेस, बैतूल में दो सीटें टिमरनी और हरदा पर कांग्रेस विजयी हुई है। वहीं शेष सीटों पर भाजपा जीती है।यह हैं चुनौती वाली सीटों का गणितजिन सीटों पर चुनौती दिख रही है उनमें लोकसभा सीट मुरैना भी शामिल है। इस सीट के तहत आने वाले आठ विधानसभा क्षेत्रों में से पांच पर कांग्रेस को जीत मिल है। इन सीटों में श्योपुर, विजयपुर, जौरा, मुरैना और अम्बाह है, जबकि भाजपा को सबलगढ़, सुमावली और दिमनी में जीत मिली है। इस सीट पर मिले मतों को देखें तो कांग्रेस को 5,00666 और भाजपा को 4,11601 मत मिले। इसी तरह से लोकसभा सीट भिंड की बत की जाए तो इस सीट के तहत आने वाली आठ विस सीटों में से चार पर कांग्रेस व चार पर भाजपा को जीत मिली है। इनमें अटेर, गोहद, भांडेर और दतिया में कांग्रेस, तो सेवड़ा, भिंड, लहार और मेहगांव में भाजपा को जीत मिली है। इस सीट पर भी मतों के मामले में कांग्रेस आगे रही है। कांग्रेस को 532146 और भाजपा को 525252 वोट मिले हैं। लोकसभा सीट पर भी भिंड की ही तरह कांग्रेस ने ग्वालियर ग्रामीण, ग्वालियर पूर्व, डबरा, पोहरी पर जो भाजपा ने ग्वालियर, करैरा, ग्वालियर दक्षिण और भितरवार पर जीत दर्ज की है। इसी तरह से कांग्रेस को 700861 और भाजपा को 677611 वोट मिले हैं। लोकसभा सीट टीकमगढ़ में तीन सीटों पर कांग्रेस जीती है। इनमें टीकमगढ़, पृथ्वीपुर और खरगापुर शामिल है, जबकि भाजपा को जतारा, निवाड़ी,महाराजपुर, छतरपुर और बिजावरमें जीत मिली है। मतों की बात की जाए तो कांग्रेस को 531464 और भाजपा को 606817 मत मिले हैं। इसी तरह से मंडला लोक सभा सीट पर कांग्रेस को डिंडोरी, बिछिया, निवास, कैवलारी, लखनादौन सीटों पर , जबकि भाजपा को शहपुरा, मंडला, गोटेगांव में जीत मिली है। इसी तरह से कांग्रेस को 740509 और भाजपा को 628529 मत मिले हैं। लोकसभा सीट बालाघाट के तहत आने वाली आठ विस सीटों में से कांग्रेस को चार बैहर, परसवाड़ा, बालाघाट, वारासिवनी में जबकि भाजपा को लांजी, कटंगी, बरघाट और सिवनी सीट पर जीत मिली है। इस सीट के तहत आने वाली विस सीटों पर कांग्रेस को 735122 और भाजपा को 649037 मत मिले हैं।

धार जिले के कांग्रेस के पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा की मुश्किलें बढ़ीं.

The challenges for Panchilal Meena, former Congress MLA of Dhar district, have increased. एक महिला ने मेड़ा समेत 6 लोगों पर दर्ज कराया गंभीर केस चुनाव संपन्न होते ही अब आरोपों का दौर भी चल पड़ा है। हालही में सीहोर जिले से एक मुस्िलम महिला द्वारा भाजपा को वोट देने पर पिटाई का मामला सामने आया था। अब धार जिले से भी एक मामला आ गया है। एक महिला ने कांग्रेस नेता एवं धरमपुरी के पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा समेत 6 अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर मामला दर्ज कराया है। महिला का आरोप है कि इन लोगों ने उसे जान से मारने की धमकी दी है। भोपाल। मध्य प्रदेश के धरमपुरी के कांग्रेस के पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। धामनोद थाना पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा सहित 6 लोगों पर विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला धामनोद की रहने वाली महिला बताई जा रही है। उसने धामनोद थाने में कांग्रेस के पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा सहित उनके समर्थकों पर जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की थी। उसके आधार पर धामनोद पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है।धामनोद थाना प्रभारी समीर पाटीदार ने बताया कि 29 नवंबर को धामनोद के शासकीय अस्पताल से जानकारी मिली थी एक महिला ने पूर्व विधायक पांचीलाल मेडा के नाम से जहर खा लिया। उसका धामनोद के अस्पताल में उपचार चल रहा था। इस पर धामनोद थाना पुलिस ने महिला के बयान लिए। उसके आधार पर पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा सहित 6 लोगों पर विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। बहरहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। मीडिया के सामने फूट-फूटकर रोए थे मेड़ाउल्लेखनीय है कि पांचीलाल मेड़ा पूर्व में कई बार सुर्खियों में रह चुके हैं। बीते वर्ष मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में मीडिया के सामने वे फूट-फूटकर रोए भी थे। तब भी उनके ये वीडियो काफी चर्चा में रहे थे। मेडा का आरोप था कि विधानसभा में पुलिस वालों ने उनसे मारपीट की। यही नहीं उन्होंने बीजेपी के एक विधायक पर गला दबाने का आरोप भी लगाया था। उसके बाद कहा था कि उनकी जान को खतरा है। इस दौरान कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने उनकी आंसू पोंछे थे। विधानसभा अध्यक्ष ने उनके आरोपों को खारिज कर दिया थामेड़ा ने कहा था कि वे सदन में अपने इलाके के आदिवासियों की समस्या को उठाना चाह रहे थे। लेकिन बीजेपी विधायकों ने उनके साथ धक्का मुक्की की। उनका कुर्ता फाड़ दिया। उन्होंने इस मामले को लेकर विधानसभा अध्यक्ष को शिकायत भी दर्ज कराई थी। लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने उनके आरोपों को खारिज कर दिया था।

कोलार 6 लेन निर्माण के लिए कांग्रेस पूर्व पार्षद का तोड़ा अतिक्रमण.

Congress former councilor accused of trespassing for the construction of the Kolar 6-lane project. भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव खत्म होते ही राजधानी भोपाल में सिक्स लेन का निर्माण कार्य तेज हो गया है। इसके बीच में आ रहे कच्चे-पक्के मकान, दुकान लगातार 3 दिन से तोड़े जा रहे हैं। इसी बीच अतिक्रमण हटाने को लेकर भेदभाव के आप भी लग रहे हैं। वार्ड क्रमांक 84 से कांग्रेस के पूर्व पार्षद मंजीत मरण की दुकान भी तोड़ी गई। पूर्व पार्षद के अलावा इस मार्ग को बनने में बाधा बन रहे 30 बड़े अतिक्रमण को भी तोड़ा गया है। दो सप्ताह पहले प्रशासन ने सभी निर्माण पर नीले निशान लगाए थे इसके बाद यह कार्रवाई की गई है चुनाव के दौरान बीच में कुछ समय के लिए इस काम को धीमा कर दिया गया था। लेकिन प्रदेश में भाजपा की बंपर जीत के बाद यहां पर तेजी से काम शुरू हो गया है।गौरतलब है कि कोलार सिक्स लेन गोल से लेकर सर्वधर्म कॉलोनी तक 3 लेन सड़क का काम हो चुका है। दूसरी लाइन के लिए जगह निकलने के लिए आलोकधाम से लेकर बीमाकुंज तक अतिक्रमण हटाने का काम किया जा रहा है। हाल ही में कलेक्टर ने सिक्स लेन के कार्य का निरीक्षण भी किया था, PWD के अधिकारियों ने काम में देरी के लिए अतिक्रमण को वजह बताया था।बता दे कोलार हुजूर विधानसभा क्षेत्र में आता है और यहां से मौजूदा विधायक रामेश्वर शर्मा ने विधानसभा चुनाव में भाजपा से बड़ी जीत हासिल की है। उन्होंने कांग्रेस के नरेश ज्ञानचंदानी को करीब 97000 से ज्यादा मतों से हराया है। इसके बाद से इस क्षेत्र में विधायक रामेश्वर शर्मा का अधिकारियों के बीच भौकाल देखने को मिल रहा है।3 दिन में 30 अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर कोलार सिक्स लेन रोड के निर्माण में बाधा बन रहे कोलार के आलोक धाम से थाना परिसर तक लगभग 30 अतिक्रमण पर प्रशासन का बुलडोजर चला है। जिससे रोड निर्माण के लिए रास्ता साफ हो गया है एक तरफ सर्वधर्म कॉलोनी से लेकर गोल तिराहे तक रोड का निर्माण हो चुका है अब दूसरी तरफ रोड का निर्माण किया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान लोगों ने विरोध जताया, लेकिन उसका असर नहीं हुआ। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि अतिक्रमण अमले ने समान निकालना तक का समय नहीं दिया। बता दे 222 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट का काम पूरा करने के लिए सितंबर 2023 तक की समय सीमा तय की गई थी, लेकिन अब तक यह काम पूरा नहीं हो सका।

कौन हैं मायावती के उत्तराधिकारी आकाश आनंद, लोकसभा चुनाव में BSP के लिए करेंगे कमाल?

Who is Mayawati’s successor Akash Anand, set to make a mark for BSP in the Lok Sabha elections? बसपा सुप्रीमो मायावती ने रविवार को लखनऊ में हुई बैठक में पार्टी के नेशनल कोआर्डिनेटर आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया है। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मायावती के इस एलान के बाद यूपी की सियासत में एक बार फिर हलचल शुरू हो गई है। चर्चा तेज हो गई है कि आखिर आकाश आनंद कौन हैं? लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने रविवार को लखनऊ में हुई बैठक में पार्टी के नेशनल कोआर्डिनेटर आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया है। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मायावती के इस एलान के बाद यूपी की सियासत में एक बार फिर हलचल शुरू हो गई है। चर्चा तेज हो गई है कि आखिर आकाश आनंद कौन हैं? आकाश आनंद, बसपा सुप्रीमो मायावती के छोटे भाई आनंद कुमार के बेटे हैं। आकाश ने लंदन के बड़े कॉलेज से एमबीए की डिग्री हासिल की है। आकाश पिछले कई सालों से पार्टी में एक्टिव थे, यूथ को जोड़ने के लिए आकाश ने हाल में हुए तीन राज्यों के विधासनभा चुनाव की जिम्मेदारी संभाली थी। साल 2017 में हुई थी एंट्रीबता दें मायावती के उत्तराधिकारी आकाश आनंद की अचानक एंट्री नहीं हुई है। साल 2017 में यूपी विधानसभा चुनाव हारने के बाद बसपा सुप्रीमो ने उन्हें जनता के सामने पेश किया था। साल 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी ने आकाश को स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल किया था। इसी समय बसपा का सपा के साथ गठबंधन टूट गया था और आकाश आनंद को पार्टी का नेशनल कॉर्डिनेटर घोषित किया गया है। मायावती ने घोषित किया उत्तराधिकारीइसके बाद साल 2022 में हुए हिलाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बसपा के स्टार प्रचारकों की सूची जारी की गई, जिसमें आकाश का नाम मायावती के बाद दूसरे नंबर पर था। उन्हें विभिन्न राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी कैडर को तैयार करने का काम भी सौंपा गया था। अब मायावती ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित किया है। हालांकि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मायावती ही पार्टी की जिम्मेदारी संभालेंगी, जबकि अन्य राज्यों में आकाश आनंद पार्टी का नेतृत्व करेंगे। बसपा के लिए करेंगे कमाल?सोशल इंजीनियरिंग के फार्मूले पर बसपा को बढ़ाने वाले आकाश आनंद परंपरागत राजनीति से इतर, हर मोर्चे पर पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाने में कामयाब रहे हैं। सोशल मीडिया पर आकाश का अकाउंट काफी एक्टिव रहता है और वह युवा पीढ़ी को जोड़ने के लिए काफी कोशिशें भी कर रहे हैं। एक प्रश्न लगातार उठ रहा है कि क्या मायावती के उत्तराधिकारी आकाश आनंद लोकसभा चुनाव 2024 में बसपा के लिए कुछ कमाल करेंगे?

मध्यप्रदेश विधानसभा में 20 साल बाद भगवा रंग बिखेरेंगी, कांग्रेस विधायक रामसिया भारती.

After 20 years, the saffron color will adorn the Madhya Pradesh Legislative Assembly, Congress MLA Ramsiya Bharti to lead. उमा की मलहरा सीट से जीतीं कांग्रेस की रामसिया; भगवा पहने विपक्ष में दिखेंगी भोपाल! मध्यप्रदेश विधानसभा में 20 साल बाद भगवा कपड़े पहने एक और साध्वी नजर आने वाली हैं। फर्क इतना है कि इस बार ये साध्वी भाजपा से नहीं बल्कि कांग्रेस से हैं। हम बात कर रहे हैं, छतरपुर जिले की मलहरा विधानसभा सीट से जीत दर्ज करने वाली कांग्रेस की रामसिया भारती की। रामसिया भारती ने भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह लोधी को मात दी है। 2003 में उमा भारती इसी सीट से चुनाव जीतकर मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री बनी थीं। खास बात यह है कि रामसिया भारती ने अपना पूरा चुनाव भाजपा की स्टाइल में ही लड़ा। भाजपा के हिंदुत्व का जवाब अपने तरीके से दिया। उमा भारती की ही तरह रामसिया भारती ने भागवत कथाओं से अपनी सियासी जमीन मजबूत की और आस्था की डोर को थामे मतदाताओं तक पहुंचीं। चुनावी भाषण भी प्रवचन के अंदाज में दिया। उमा की तरह टीकमगढ़ जन्मभूमि, छतरपुर को बनाया कर्मभूमि माथे पर लाल तिलक के साथ भगवा वस्त्र पहने, रामचरितमानस और भागवत कथा में पारंगत रामसिया भारती की कहानी भी कम रोचक नहीं है। उमा भारती की तरह रामसिया भारती भी टीकमगढ़ की रहने वाली हैं। दोनों ने ही राजनीति की शुरूआत छतरपुर जिले की मलहरा विधानसभा सीट से की। दूसरी समानता यह है कि दोनों ने ही बचपन से प्रवचन देना शुरू कर दिया था। इतनी समानता होने के बाद रामसिया भारती ने कांग्रेस की बजाए बीजेपी को क्यों नहीं चुना? इस सवाल का जवाब देते हुए वे कहती हैं- दादाजी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। पिता भी लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े रहे। फिर मेरी राह कैसे जुदा हो सकती थी? रामसिया ने कहा- कांग्रेस का आइडिया ऑफ नेशन, बीजेपी के हिंदुत्व से कहीं ज्यादा बेहतर है। भाजपा को उसके ही प्रचार की शैली में दी मात चुनाव प्रचार के दौरान रामसिया भारती भाजपा के आक्रामक हिंदुत्व का जवाब, उसकी ही शैली में देती नजर आईं। भारती अपने भाषण की शुरूआत भारत माता की जय, भगवान श्री राम की जय, हनुमान जी महाराज की जय जैसे नारे लगाकर करतीं और अंत में केवल ‘कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद’ कहती थीं। वे अपनी रैलियों की शुरुआत भगवान राम के नाम और महाकाव्य रामचरितमानस के छंदों से करतीं, फिर हनुमान और कांग्रेस पार्टी के नेताओं की ओर बढ़ती थीं।रामसिया भारती ने विपक्षी भाजपा नेताओं की तुलना राक्षस पात्रों से करते हुए मतदाताओं को लुभाने का हर हथकंडा अपनाया। वे भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहती थीं कि बीजेपी धर्म, राम, गाय के नाम पर वोट मांगती हैं लेकिन भारतीयों के बीच वैमनस्य पैदा करती है। यह हिंदू धर्म के खिलाफ है और मैं इसे बदलने के लिए यहां आई हूं। उन्होंने पूरे चुनाव प्रचार के दौरान बेरोजगारी, विकास और दलबदल का मुद्दा उठाया। ये भी कहा, ‘मैं यहां विश्वासघात का बदला लेने आई हूं।’ रामसिया भारती के राजनीतिक कौशल का ही कमाल था कि मतदान से एक दिन पहले बसपा प्रत्याशी लखन अहिरवार ने अपना समर्थन उन्हें दे दिया। इसी का नतीजा रहा कि भाजपा की तमाम कोशिशों के बावजूद रामसिया भारती ये चुनाव जीतने में सफल रहीं। मध्यप्रदेश की राजनीति में रामसिया भारती तीसरी साध्वी 12वीं पास 36 वर्षीय रामसिया भारती मध्यप्रदेश की राजनीति की तीसरी साध्वी हैं। प्रदेश की राजनीति में 20 साल पहले उमा भारती के रूप में साध्वी की एंट्री हुई थी। 2003 में उमा भारती इस सीट से चुनाव जीत गई थीं लेकिन 2008 के चुनाव में मलहरा की जनता ने उन्हें हरा दिया। दरअसल, उमा ने भाजपा छोड़कर भारतीय जनशक्ति पार्टी बना ली थी और वे इसी पार्टी से चुनाव लड़ी थीं। उमा भारती की बीजेपी में वापसी हुई मगर वे उत्तर प्रदेश में सक्रिय रहीं। मध्यप्रदेश की सियासत में दूसरी साध्वी के तौर पर प्रज्ञा ठाकुर की एंट्री हुई। मालेगांव बम ब्लास्ट मामले में आरोपी बनाई गईं प्रज्ञा ठाकुर को भाजपा ने भोपाल से लोकसभा का टिकट दिया। उन्होंने पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को मात दी। अब रामसिया भारती के तौर पर तीसरी साध्वी राजनीति में आई हैं।

मध्य प्रदेश को नया आयम देने मोदी की गारंटी”

Modi’s guarantee to give Madhya Pradesh a new dimension. संपादकीय, उदित नारायण, Sahara Samachaarभोपाल। मध्य प्रदेश में चुनाव से पहले कांग्रेस का अहम मुद्दा भ्रष्ट सरकार ,भाजपा की छवि को सुधारने हेतु प्रधानमंत्री और अमित शाह ने मिलकर जो रणनीति बनाई उससे कांग्रेस के पास आती प्रतीत हो रही सत्ता हाथ से फिसल गई और आगामी लोकसभा चुनाव से पूर्व मध्य प्रदेश मे केंद्रीय नेतृत्व ने एक साफ सुथरी छवि का मुख्य मंत्री बनाने की कवायद तेज कर दी है, कल विधायक दल की बैठक के बाद निर्णय हो जायेगा कि जाएगा कि मोदी के विकसित भारत बनाने की गारंटी का जिम्मा मध्य प्रदेश मे किसके हाथ होगा, राजनैतिक विश्लेषकों की राय में तो मध्य प्रदेश में भाजपा की प्रचंड बहुमत से जीत के बाद मुख्य मंत्री तय करना कठिन हो गया है। लेकिन प्रधानमंत्री, अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष ने शायद अपना निर्णय मध्य प्रदेश इकाई को बता दिया है अब कुछ औपचारिकता ही शेष बची है !शिवराज और उनकी “मैनेजमैंट पॉलिटिक्स” लाख इस तथ्य को छुपाने ,दबाने का प्रयास करती रही पर इस कटु सत्य को नरेन्द्र मोदी और अमित शाह से छुपने का कोई प्रश्न ही नही था ,और इसलिए मध्य प्रदेश का चुनाव “मोदी“ के चेहरे पर लड़े जाने का निर्णय लिया गया और तभी यह तय हो गया था कि मध्य प्रदेश में “शिवराज सरकार “का अंत समीप है ! शिवराज सिंह चौहान और उनके चाटुकार नौकरशाह और मीडिया मैनेजर गर्व से “लाड़ली बहना” का नाम लेते है ! सब जानते है यदि मोदी का चेहरा और “ ब्रॉड मोदी “की गॉरंटी नही होती तो मध्य प्रदेश की “लाडली बहनाये ““कमलनाथ से इस योजना का लाभ लेना पसंद करती ! महिला वोटर को 1250 रुपये के लिए शिवराज के वादों को भुलाने का कड़वा घूँट पीना पडा. यथार्थ यह है कि 18 साल में मध्य प्रदेश गरीबी के उस पड़ाव पर पहुंच गया जहाँ महिला वोटर को 1250 रुपये के लिए शिवराज के वादों को भुलाने का कड़वा घूँट पीना पडा. ! यदि मोदी की गॉरंटी नही होती तो शिवराज सिंह की भाजपा मध्य प्रदेश मे 80 सीटों पर सिमट जाती !मध्यप्रदेश के जानकार जानते है “लाडली बहना “ शिवराज की “मनी मैनेजमैंट “का उदाहरण है ! मध्य प्रदेश 3.85 लाख करोड के कर्जे मे है ! अपने भृष्टाचार और घोटालो को दबाने के लिए कर्जे उठाकर चुनाव के पहले गरीब लाचार बेरोजगार महिलाओ को 1200 रूपये प्रतिमाह की रिश्वत दी गई है ! नोट के बदले लाचार बेरोजगार कराह रही “बहनाओ “के वोट खरीदने के लिए यह योजना लाई गई थी ! यदि मोदी ने गॉरंटी न दी होती तो बहनाये सरकार के बहकावे में आने वाली नही थी ! देखा जाए तो भाजपा की नई सरकार को मध्यप्रदेश के कर्ज चुकाने हेतु 3.85 लाख करोड़ के “ मोदी पैकेज “की जरूरत पडेगी नही तो प्रदेश के दीवालिया होने का खतरा है !मजे की बात यह है शिवराज सिंह अभी भी खुद को “हीरो “बताकर मुख्य मंत्री बनने के सपने देख रहे थे ! वे चाहते थे कि लोग उन्हे मध्यप्रदेश की जीत का श्रेय दें। इसीलिए वो दिल्ली ना आकर मध्य प्रदेश से भावनात्मक बयान दे जनता और प्रधानमंत्री को सन्देश दे रहे है, बेशक संघ और संगठन के कृपापात्र शिवराज अब भी संगठन पर निगाहें जमाये है लेकिन भ्रष्टाचार और भावना मे चुनावी नुकसान मोल लेने मे संगठन भी साथ नहीं आएगा!तीन राज्यो की “जीत के शिल्पकार “अमित शाह को हर अंधकार को समाप्त करने की मोदी की गॉरंटी याद है इसलिए शिवराज का पुनःमुख्यमंत्री बनना सिर्फ उनकी खुली ऑखो का सपना है क्योकि अमित शाह इतने भोले नही हैं कि शिवराज सिंह पुनः मुख्य मंत्री बनाए। मध्यप्रदेश के 3.85 लाख करोड़ के शिवराज काल के कर्जो को चुकाने केन्द्र से पैकेज देते रहें और शिवराज सिंह को बीजेपी का राजनीतिक शिखर सौप दें ! इसलिए शिवराज सिंह को जाना होगा ! यकीन मानिए जो भी मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री होगा उसका कद और किरदार इतना ऊंचा और उज्जवल होगा मध्य प्रदेश मोदी की पसंद पर नाज कर सकेगा ! सोमवार को 18 साल के तिमिर के छंटने और नए सूर्योदय का इंतजार कीजिए !

INDIA गठबंधन’ का अहम मुद्दा बनेगा चुनावी पारदर्शिता.

The formation of the ‘INDIA Alliance’ will become a crucial issue for electoral transparency. जबलपुर में राज्य सभा सांसद विवेक तन्खा का बड़ा बयान Special Correspondent, Sahara Samachaar, Jabalpur. भोपाल। जबलपुर पहुचे कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तंखा ने कहा चुनाव में पारदर्शिता के मुद्दे को लेकर संसद, कोर्ट, चुनाव और जनता के बीच जाने का रास्ता खुला है। चुनाव में जो पारदर्शिता होनी चाहिए वह इस चुनाव में नहीं दिखी , चुनाव के पहले ग्राउंड में बदलाव का माहौल दिख रहा था । चुनावी नतीजों के बाद लोगों में आक्रोश दिख रहा है। विवेक तंखा ने कहा कि देश में ऐसी व्यवस्था हो जिससे चुनाव निष्पक्ष रूप से हो संपन्न सकें, चुनाव में पारदर्शिता का मुद्दा INDIA गठबंधन का अहम विषय होगा । विपक्ष के अस्तित्व के लिए जरूरी है कि सब मिलकर लड़ाई लड़ें। पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ के इस्तीफे की अटकलों को बताया कमलनाथ और हाई कमान के बीच का मामला है। प्रदेश में मुख्यमंत्री के चेहरे पर फैसला न होने को लेकर विवेक तन्खा का कहना है कि मुख्यमंत्री के चयन को भाजपा की आंतरिक रणनीति का हिस्सा बतया है।

आंखों में आए आंसू… बोले- सिर कटा सकता हूं लेकिन झुका नहीं सकता.

Tears welled up in the eyes… He said, “I can lose my head, but I cannot bow down. हार के बाद छलका चंदेरी के कांग्रेस प्रत्याशी गोपाल सिंह चौहान का दर्द Special Correspondent, Sahara Samachaar, Ashoknagar. अशोकनगर। मध्यप्रदेश में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में जहां बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिला है वहीं, कांग्रेस पार्टी को निराशा हाथ लगी है। ऐसे में जिले की तीन विधानसभा सीटों पर जहां मुंगावली और चंदेरी में बीजेपी तो अशोकनगर में कांग्रेस को जीत मिली है। ऐसे में कांग्रेस के विधायक हरी बाबू राय की धन्यवाद सभा में चंदेरी के कांग्रेस प्रत्याशी गोपाल सिंह चौहान अपनी चुनाव में हार के दर्द को छुपा नहीं पाए। मंच से भावुक होते हुए कहा कि सिर कटा सकता हूं लेकिन सिर झुका नहीं सकता।दरअसल, मामला मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले का है। यहां रसीला चौराहे पर कांग्रेस के जीते हुए कैंडिडेट के समर्थन में धन्यवाद सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान मुंगावली के कांग्रेस प्रत्याशी तो शामिल ही नहीं हुए। वहीं, चंदेरी से कांग्रेस के हारे हुए प्रत्याशी गोपाल सिंह चौहान मंच पर भाषण देते हुए भावुक हो गए। नहीं छुपा पाए हार का दर्दचंदेरी के हारे विधायक ने अशोकनगर की जनता से कहा कि उन्होंने बहुत सही निर्णय लिया है। लोग कहते थे 40 हजार और 50 हजार से कांग्रेस की जीत होगी। लेकिन कहीं न कहीं जो भी खेल है कुछ तो खेल है। इस शंका से मना नही किया जा सकता। 2003 में जब पूरे प्रदेश में 38 विधायक चुने गए थे उस समय मुंगावली की जनता ने विपरीत परिस्थिति में मुझे चुनाव जिताया था। टीवी चैनलों पर आपने देखा होगा ईवीएम का नाटक। मैं यह इसलिए नहीं कह रहा कि में चुनाव हार गया। मुझे हारने जीतने की कोई तमन्ना नहीं है। मैं किसी के सामने सिर झुक नहीं सकता सिर कटा सकता हूं जीवन में मृत्यु कटु सत्य है जो आएगी। किसी के सामने झुक जाना जीते जी मर जाने से भी बेकार है। हार जीत होती है संघर्ष करूंगा लेकिन झुकूंगा नहीं। महाराणा प्रताप का वंशज हूं। उन्होंने घास की रोटी खाई लेकिन किसी के सामने झुके नहीं। मुझे मौत से डर नहीं लगता और जिसे मौत से डर नहीं लगता उसे व्यक्ति से क्या डर लगेगा।

केपी सिंह की हार की खुशी में बुजुर्ग ने कराया मुंडन.

In the joy of K.P. Singh’s victory, the elderly person got a head shave. –शिवपुरी के एक व्यक्ति का अनोखा प्रण कांग्रेस नेता केपी सिंह की हार के बाद बुजुर्ग ने मुंडवाया सिर संवाददाता शिवपुरी शिवपुरी! शिवपुरी जिले के पिछोर में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें एक व्यक्ति को कांग्रेस नेता केपी सिंह की हार का इंतजार था। 15 साल से वह इस हार का इंतजार कर रहे थे और जब कांग्रेस नेता केपी सिंह हारे तो उन्होंने अपना यह प्रण अपना सिर मुंडवाकर पूरा किया। शिवपुरी जिले के पिछोर विधानसभा के एक बुजुर्ग ने पिछोर विधायक केपी सिंह कक्काजू के हारने पर अपना सिर मुंडवा लेने का प्रढ 15 साल पहले लिया था। 15 साल पहले लिए गए इस प्रण के बाद जब केपी सिंह शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से मैदान में कूदे और इस विधानसभा क्षेत्र से उन्हें 40 हजार से अधिक मतों से हार मिली तो इसके बाद पिछोर के रहने वाले इस व्यक्ति ने अपना सिर मुंडवा लिया। आरोप- केपी सिंह ने मार दिया था चांटा और फाड़ दिया था आवेदन- शिवपुरी जिले के पिछोर विधानसभा क्षेत्र के जराय गांव के रहने वाले बुजुर्ग गोविन्द सिंह लोधी ने बताया कि साल 2008 की बात है जब मेरे भाई कि एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी और मृतक भाई की सम्पत्ति को एक औरत ने अपने नाम करवा लिया था जिसकी फरियाद लेकर मैं पिछोर विधायक केपीसिंह के पास अपनी दरख़ास लेकर डाक बंगला पर पहुंचा जहाँ विधायक ने पूछा कि कहाँ से आया है जब मैंने बताया कि गोविन्द हूँ ज़राय से तो विधायक ने मेरा आवेदन फाड़ते हुए मुझे चाँटा जड़ दिया और भगा दिया था जिसके बाद मैंने उसी दिन प्रण किया था कि विधायक केपीसिंह जिस दिन हारेगा उस दिन ही यह अति का अन्त होगा। अब 2008 से अभी तक मुझे 15 वर्ष तक इंतजार करना पड़ा जिसके बाद मेरा सपना पूरा हुआ तो मैंने अपने दाढ़ी, मूंछ सहित सिर का मुंडन करवाया है अब मेरे दिल को शांति है। छह बार से जीतते आ रहे थे केपी को इस बार मिली हार- केपी सिंह कक्काजू पिछोर विधानसभा से लगातार 6 बार से विधायक रहे हैं और इस बार वह शिवपुरी विधानसभा से चुनाव लड़े थे लेकिन सातवीं बार लड़े चुनाव में उन्हें बड़ी हार का सामना करना पड़ा। इधर एक बुजुर्ग उनकी हार का इंतज़ार कर रहा था जिसके प्रण को पूरा होने में 15 साल लग गए। शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी केपी सिंह को भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र जैन 40 हजार से अधिक मतों से हराया है।

झारखंड : कांग्रेस सांसद धीरज साहू व बौध डिस्टलरीज प्राइवेट लिमिटेड के ठिकानों से नोट, देखकर इनकम टैक्स अधिकारियों की आंखें भी चौंधिया गईं.

In Jharkhand, Congress MP Dhiraj Sahu and addresses of Baudh Distilleries Private Limited left Income Tax officials astonished upon inspection of notes. कांग्रेस सांसद के आवास के अलावा उनसे जुड़े लोगों पर भी कार्रवाई हो रही है. इसमें सबसे बड़ी सफलता बौध स्थित बौध डिस्टलरीज प्राइवेट लिमिटेड के ठिकानों से मिली है. झारखंड से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू के ठिकानों पर तीसरे दिन भी इनकम टैक्स की छापेमारी जारी है. रांची के रेडियम रोड स्थित सुशीला निकेतन में तीसरे दिन भी आयकर विभाग की टीम रेड डालने में लगी है. बता दें कि इस छापेमारी में जितनी बड़ी मात्रा में नोटों के बंडल बरामद हुए हैं उसके बारे में जानकर सभी आश्चर्यचकित हो गए हैं. यहां नोटों की गिनती करने में मशीन भी खराब हो गए. जानकारी के अनुसार रांची के अलावा लोहरदगा और उड़ीसा के संबलपुर राउरकेला बोलांगीर और बौद्ध समेत आधा दर्जन ठिकानों को आयकर विभाग खंगाल रही है. कांग्रेस सांसद के आवास के अलावा उनसे जुड़े लोगों पर भी कार्रवाई हो रही है. इसमें सबसे बड़ी सफलता बौध स्थित बौध डिस्टलरीज प्राइवेट लिमिटेड के ठिकानों से मिली है. ओडिशा और झारखंड में कंपनी के कई ठिकानों पर आईटी की रेड हुई. जहां 150 करोड़ से भी अधिक कैश बरामद हुआ है. यह कंपनी बलदेव साहू के नाम पर रजिस्टर्ड है. तमाम खबरों के बीच छानबीन जारी है. आयकर विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है. तीसरी बार के सांसद हैं धीरज साहू झारखंड के लोहरदगा के रहने वाले धीरज साहू कांग्रेस के पुराने नेता हैं. 1977 में छात्र नेता के रूप में राजनीति की शुरुआत करने वाले धीरज साहू तीसरी बार के राज्यसभा सांसद हैं. इससे पहले वह 2010-2016 तक भी कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रहे. 2018 में उन्होंने झारखंड में विपक्ष के साझा उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की थी. साहू 2003-05 तक प्रदेश कांग्रेस कमिटी के सदस्य भी रहे हैं.

विधानसभा की हार पर कांग्रेस का चिंतन, समीक्षा बैठक मे होगा कारणों पर मंथन.

Congress party is contemplating its defeat in the legislative assembly, and a review meeting will be held to analyze the reasons.  उदित नारायण  नई दिल्ली। हाल मे सम्पन हुए 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों मे तेलंगाना को छोड़ 4 राज्यों मे करारी हार के बाद कांग्रेस के मिशन 2024 को करारा झटका लगा है, कांग्रेस नेता राहुल गाँधी, महासचिव प्रियंका गाँधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ पार्टी नेता आज से 2 दिन हार की समीक्षा करेंगे लेकिन वर्ष 2014 से लगातार चुनाव दर चुनाव हारने पर समीक्षा बैठक करने के बावजूद भी कांग्रेस अपने संगठन मे कोई मूलभूत परिवर्तन नहीं कर पाई है पार्टी मे दूसरी श्रेणी के नेताओं की भारी कमी है ऐसा नही है कि पार्टी मे अच्छे नेताओं की कमी है लेकिन पार्टी मे उनकी कोई सुनवाई नहीं होती कारण कांग्रेस नेतृत्व के आस पास मौजूद मण्डली प्रभावशाली और योग्य लोगो को नेतृत्व के पास फटकने नहीं देते ना ही उनके सुझाव पार्टी नेतृत्व तक पहुंच पाते है एक तरफ जहाँ भाजपा मे जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ अनेक सामाजिक और आर्थिक मामलो के जानकारों को सलाहकार नियुक्त किया जाता है वही कांग्रेस मे यह योग्यता विदेश मे पढ़ा होना और कुछ खास लोगों का कृपापात्र होना मात्र है, वर्ष 2004 मे इंडिया शाइनिंग नारे के बावजूद बाजपेई सरकार से सत्ता छीनने वाली कांग्रेस कांग्रेस को लगता है कि वह आज भी मोदी सरकार से ऊबकर सत्ता उनको सौप देगी लेकिन अब वक्त बदल चुका है डिजिटल युग मे आम जनमानस तक सरकारी योजनाओं और एक प्रान्त से दूसरे प्रान्त और विश्व पटल तक की जानकारी प्राप्त कर रहा है, बिगत 10 सालों मे कांग्रेस ने चुनाव कि अपनी पिच तैयार करने मे नाकायाब रही है वह वैसे खेल रही है जैसे भाजपा उन्हें खिलाना चाह रही है, कांग्रेस को हार के मंथन मे कुछ बातों पर आत्म चिंतन कि आवश्यकता है जैसे – *बाहर से आने वालों पर मूल कैडर से ज्यादा भरोसा* दशकों से कांग्रेस पार्टी मे बाहर व दूसरी पार्टियों से आने वालों को संगठन मे बड़े पदों पर जिम्मेदारी दे दी जाती रही है जबकि मूल कैडर के कार्यकर्त्ता जस के तस रह जाते हैँ. *सालाहकारों के चयन, कार्यप्रणाली और अति निर्भरता* एक तरफ जहाँ और पार्टियों मे पार्टी के छोटे तथा जमीनी कार्यकर्त्ताओं की बातों को सुना व समझा जाता है वहीँ आज भी कांग्रेस मे विदेश से मैनेजमेंट पास आउट जमीनी हकीकत से दूर और स्वार्थी सालाहकारों की भरमार है वह नहीं चाहते कि नेतृत्व कोई ऐसा व्यक्ति पहुंचे जिससे उनकी कोई बात आलाकमान तक पहुंचे वो पार्टी से ज्यादा अपनी कुर्सी बचाने की जुगत मे लगे रहते हैँ राहुल गाँधी की अमेठी मे हार उनके प्रतिनिधियों और क्वार्डिनेटरों की कार्यशैली का ही परिणाम था. *हिंदी भाषी नेताओं की कमी* कांग्रेस मे ज्यादातर निर्णय दक्षिण भारत के नेताओं और सालाहकारों की सलाह से लिए जाते है जबकि हिंदी भाषी क्षेत्रो की राजनैतिक भूमि, परिस्थिति दक्षिण से बिलकुल अलग है दक्षिण मे जहाँ स्थानीय मुद्दे हावी रहते है मध्य, उत्तर और पूर्वी भारत मे स्थानीय के साथ साथ राष्ट्रीय मुद्दे ज्यादा प्रभावी रहते हैँ. *कमजोर संगठन* हिंदी भाषी क्षेत्रों मे कांग्रेस का संगठन बेहद कमजोर है राज्य से लेकर जिला और बूथ लेबल तक समर्पित कार्यकर्त्ता नहीं हैँ जहाँ भाजपा और स्वयंसेवक के कार्यकर्त्ता और सिमितियाँ बूथ तक मौजूद और सक्रिय है वही कांग्रेस मे पार्टी पदाधिकारी के अलावा कार्यकर्त्ता ही नहीं है कार्यकर्ताओ का सम्मान ना मिलना उनको हतोत्साहित करता रहा है. *दोहरी राजनैतिक शैली* इस दौर मे जहाँ भाजपा अपनी स्पष्ट नीति पर काम कर रही है वही कांग्रेस जनमानस तक अपनी कोई नीति पहुंचाने मे नाकायाब रहती है वजह है एजेंडा क्लियर ना होना पार्टी किसके साथ है और किसके खिलाफ जनता को यह स्थिति साफ नहीं हो पाती कांग्रेस को जरुरत है बेहतर रणनीतिकार की जो नेतृत्व और पार्टी को बिना अपना स्वार्थ देखे बेहतर रणनीति पर अग्रसर कर सके *संघर्षो मे कमी* विपक्ष मे बैठी कांग्रेस मे संघर्ष की कमी साफ झलकती है जनहित के मुद्दों पर पार्टी के कुछ नेता टेलीविज़न और संसद मे अवश्य बोलते देखे जाते है लेकिन सडक पर और जनता के बीच संघर्षो मे पीछे रहते है कारण पार्टी मे संघर्ष शील कार्यकर्त्ता कम चरणवन्दन और कुर्ताधारी नेताओं की बहुतायत होना है, *एक ही मुद्दे पर अटके रहना और स्थिति का अध्यन ना होना* कांग्रेस के ज्यादातर नेता निजी और संवेदनशील बयान और एक ही मुद्दे पर अटके रहते हैँ जमीनी स्तर पर कार्य ना करने के कारण जन भावना और जमीनी मुद्दों तथा जनता के मन की बात की बात विरोध और सहयोग की जानकारी ही नहीं रहती *संचार माध्यमो के उपयोग की कमी और ओवर कॉन्फिडेंस तथा आत्मनिर्भरता की कमी* संचार युग का आरम्भ करने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी जी के विचारों की पार्टी आज संचार माध्यम और डिजिटल मीडिया मे फिसड्डी साबित हो रही है जहाँ भाजपा मे बूथ लेबल तक के कार्यकर्त्ता डिजिटल माध्यमो से जुड़े और सक्रिय हैँ वही कांग्रेस के ज्यादातर ज़िलों मण्डलों और उनके सहयोगी संगठन के सोशल मीडिया अकाउंट तक नहीं हैँ कांग्रेस के नेता सिर्फ फेसबुक और ट्विटर पर पोस्ट डालने को डिजिटल मार्केट समझते है एक ओर जहाँ अन्य पार्टियों मे डिजिटल के प्रति आकर्षित होकर जनता से जुड़ रही है वही कांग्रेस आज भी पुराने कार्यशैली पर लगी है जहाँ भाजपा व अन्य ज्यादातर प्रचार डिजिटल एजेंसी और संचार माध्यम से कर रही हैँ वही कांग्रेस नेता हाथ पर हाथ धरे या अपने खास को काम दिला मौज मे रहते हैँ *चुनावी तैयारियों मे देरी* विना बेहतर प्रवंधन कोई लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता कठोर निर्णय लेने मे नेतृत्व सक्षम प्रतीत नहीं होता जहाँ भाजपा एक चुनाव के बाद तुरंत दूसरे चुनाव की तैयारी मे लग जाती है वही कांग्रेस नेता टिकट बितरण का इंतज़ार करते हैँ जहाँ जहाँ अन्य पार्टियों इलेक्शन मोड पर सक्रिय रहती हैँ वही कांग्रेस नेता और पार्टी रेस्ट मोड पर, ऐसे ही युवा और जुझारू नेताओं की कमी और नेतृत्व द्वारा उन्हें आगे ना बढ़ा कर पुराने और दरबारी नेताओ पर भरोसा तथा कमजोर आत्म विश्वास पार्टी को नीचे की तरफ ले जा रहा हैँ राहुल गाँधी जैसे सारीखे नेता को वयनाड जैसी … Read more

बागियों का कमाल: भाजपा- कांग्रेस को गंवाना पड़ गईं कई विधानसभा सीटें.

Several assembly seats were lost by both the BJP and Congress. – पार्टी में बगावत के बावजूद कई सीटें जीती भाजपा – कांग्रेस को दोनों दलों के बागियों से हुआ नुकसान -अरविंद, गोविंद, लक्ष्मण, एनपी, चौधरी जैसे दिग्गज हारे   *उदित नारायण*  भोपाल। हर बार की तरह विधानसभा के इस चुनाव में भी भाजपा-कांग्रेस को बागियों के कारण कई सीटें गंवाना पड़ गईं। खास बात यह कि भाजपा के पक्ष में ऐसी आंधी चली कि वह वे सीटें भी जीत गई, जहां उसके मजबूत बागी मैदान में थे। इसके विपरीत कांग्रेस को अपनी पार्टी के साथ भाजपा के बागियों से भी नुकसान हुआ। चार सीटें ही ऐसी थीं जहां भाजपा को पार्टी के से बगावत कर मैदान में उतरे प्रत्याशियों के कारण पराजय का सामना करना पड़ा। बगावत की वजह से अरविंद भदौरिया, डॉ गोविंद सिंह, लक्ष्मण िसंह, एनपी प्रजापति और चौधरी राकेश सिंह जैसे दिग्गजों को हार का सामना करना पड़ा।अटेर सहित चार जगह हुआ भाजपा को नुकसानभाजपा को जहां पार्टी के बागियों के कारण पराजय का सामना करना पड़ा, उनमें अटेर, टीकमगढ़, मुरैना और महिदपुर शामिल हैं। अटेर में पार्टी के बागी मुन्ना सिंह भदौरिया के मैदान में होने के कारण प्रदेश के सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया हार गए। टीकमगढ़ में केके श्रीवास्तव ने निर्दलीय लड़कर भाजपा के राकेश गिरि को हरवा दिया। अटेर में कांग्रेस के हेमंत कटारे और टीकमगढ़ में यादवेंद्र सिंह चुनाव जीत गए। इसी प्रकार मुरैना में पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह ने अपने बेटे राकेश को चुनाव लड़ा दिया। उन्होंने 37 हजार से ज्यादा वोट लेकर भाजपा को हरा दिया और कांग्रेस के दिनेश गुर्जर चुनाव जीत गए।  महिदपुर में भाजपा के प्रताप सिंह बगावत कर चुनाव लड़ रहे थे। वे 20 हजार से ज्यादा वोट ले गए और भाजपा के बहादुर सिंह 290 वोट के अंतर से चुनाव हार गए।बगावत के बावजूद यहां जीत गई भाजपाप्रदेश की आधा दर्जन से ज्यादा सीटें ऐसी हैं, जहां भाजपा में बगावत हुई। मजबूत नेता मैदान में उतर गए, फिर भी भाजपा ने सीट में कब्जा किया। इनमें सुमावली, भिंड, लहार, चाचौड़ा और होशंगाबाद जैसी सीटें शामिल हैं। सुमावली में भाजपा के बागी कुलदीप सिंह सिकरवार के मैदान में होने के बावजूद भाजपा जीत गई और कांग्रेस तीसरे नंबर पर खिसक गई। भिंड में संजीव सिंह की बगावत के बावजूद भाजपा जीती और कांग्रेस के चौधरी राकेश सिंह चुनाव हार गए। लहार में भाजपा के बागी रसाल सिंह ने बगावत की फिर भी भाजपा जीती और नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह को हार का सामना करना पड़ा।  चाचौड़ा में भाजपा की पूर्व विधायक ममता मीणा आप से चुनाव लड़ गईं फिर भी भाजपा जीती और कांग्रेस के लक्ष्मण सिंह हार गए। होशंगाबाद में भगवती चौरे भाजपा से बगावत कर चुनाव लड़ गए लेकिन यहां भाजपा ही जीती और कांग्रेस तीसरे नंबर पर खिसक गई।कांग्रेस के बागियों के कारण पार्टी की हुई हार कांग्रेस में भी बागियों ने कई जगह कमाल दिखाए। भाजपा से फर्क यह है कि बागियों के होने के कारण कांग्रेस सिर्फ हारी, उसे एक भी सीट में जीत नसीब नहीं हुई। गोटेगांव में कांग्रेस ने शेखर चौधरी काे टिकट देकर काट दिया था। वे नाराज होकर निर्दलीय चुनाव लड़ गए। उन्हें 47 हजार से ज्यादा वोट मिले और कांग्रेस के एनपी प्रजापति बुरी तरह हारे।  देपालपुर में कांग्रेस के बागी राजेंद्र चौधरी लगभग 38 हजार वोट ले गए और कांग्रेस विधायक विशाल पटेल 13 हजार से ज्यादा वोटों से हार गए। बड़नगर में भी कांग्रेस ने राजेंद्र सोलंकी को टिकट देकर काट दिया था। वे निर्दलीय चुनाव लड़कर 31 हजार से ज्यादा वोट ले गए और कांग्रेस विधायक मुरली मोरवाल को बड़ी पराजय का सामना करना पड़ा। आलोट में प्रेमचंद गुड्डू बगावत कर मैदान में थे। उन्हें 37 हजार से ज्यादा वोट मिले और विधायक मनोज चावला को पराजय का सामना करना पड़ा। इसी प्रकार महू में अंतर सिंह दरबार बगावत कर निर्दलीय लड़े तो कांग्रेस प्रत्याशी तीसरे नंबर पर पहुंच गए और भाजपा की ऊषा ठाकुर बड़े अंतर से चुनाव जीत गईं।

रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

तेलंगाना ! भट्टी विक्रमार्क डिप्टी सीएम, 11 मंत्री भी शपथ ले रहे; सोनिया, राहुल और प्रियंका मौजूद कांग्रेस नेता रेवंत रेड्डी ने 7 दिसंबर को तेलंगाना के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। भट्टी विक्रमार्क डिप्टी सीएम बनाए गए हैं। 11 मंत्री भी शपथ ले रहे हैं। शपथ ग्रहण कार्यक्रम एलबी स्टेडियम में हो रहा है। इसमें सोनिया गांधी, राहुल, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल हुए। तेलंगाना कैबिनेट में मंत्री पद पाने वाले नेताओं की लिस्ट… 1) कोंडा सुरेखा 2) कोमाटी रेड्डी वेंकट रेड्डी 3) जुपल्ली कृष्णा राव 4) भट्टी विक्रमार्क 5) उत्तम कुमार रेड्डी 6) पोन्नम प्रभाकर 7) सीताक्का 8) श्रीधर बाबू 9) थुम्मला नागेश्वर राव 10) पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी 11) दामोदर राजनरसिम्हा राहुल ने लगाई थी रेवंत के नाम पर मुहर तेलंगाना में कांग्रेस की जीत के बाद 5 दिसंबर को दिल्ली में पार्टी नेताओं की बैठक हुई। इसमें राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल सहित कई सीनियर नेता मौजूद थे। बैठक में राहुल गांधी ने रेवंत रेड्डी के नाम पर मुहर लगी थी। रेवंत तेलंगाना कांग्रेस के अध्यक्ष हैं।

कमलेश्वर डोडियार ने बाइक से घूमकर लड़ा चुनाव, उसी बाइक पर विधायक लिखवाकर पहुंचे भोपाल

अब विधानसभा में सुनाई देगी आदिवासी की आवाज भारत आदिवासी पार्टी के विधायक डोडियार विधानसभा में देंगे अपनी आमद 12 लाख रुपए का कर्ज लेकर लड़ा चुनाव, भाजपा और कांग्रेस को किया चित्त भोपाल। भारत आदिवासी पार्टी ने हाल ही के विधानसभा चुनाव में अपना परचम लहराते हुए एक विधायक को विधानसभा भेजने में कामयाब हुई है। पार्टी ने कमलेश्वर डोडियार को सैलाना से टिकट दिया और वे विधायक चुने गए। सैलाना सीट मध्य प्रदेश की वह एकमात्र सीट है जिसे बीजेपी और कांग्रेस के अलावा किसी अन्य दल ने जीता हो। कमलेश्वर के विधायक बनने से आदिवासी वर्ग के लोगों को उम्मीद है कि वे आदिवासी वर्ग की समस्याओं को विधानसभा में रखेंगे। बता दें, विधायक डोडियार कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाकर भारत आदिवासी पार्टी से विधायक बनकर चर्चाओं में हैं। उन्होंने अपनी बाइक में बाकायदे एमएलए भी लिखवाया है। चुनाव के पहले पुलिस ने भेजा था जेल, एक सप्ताह में छूटेडोडियार चुनाव से पहले उस वक्त सुर्खियों में आए थ्ो, जब पुलिस ने उन्हें िगरफ्तार कर जेल भेज दिया था। नामांकन के एक सप्ताह पहले ही वे जेल से छूटकर बाहर आए थे और 12 लाख रुपए का कर्ज लेकर चुनाव लड़े और चुनाव जीत गए। रतलाम जिले की सैलाना सीट से जीते विधायक डोडियार ने बाइक से ही प्रचार किया था। सड़क पर बैठकर खाना खाया था और अब विधायक बनने के बाद अपने दस्तावेज जमा करने के लिए बाइक से भोपाल के लिए निकल पड़े। बाइक पर लिखवाया एमएलए, उसी से पहुंचे भोपाल विधायक डोडियार ने कहा कि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। दोस्तों और साथियों से उधार लेकर चुनाव लड़ा हूं। अब बाइक से भोपाल भी जा रहे हैं। डोडियार का मानना है कि जल्दी ही विधायक की सैलरी से कार खरीद लेंगे, लेकिन अभी हमें बाइक से ही सफर करना होगा। पार्टी के इकलौते चर्चित विधायक कमलेश्वर डोडियार बुधवार को विधायक चुने जाने के बाद भोपाल पहुंच गए हैं। हालांकि वे अभी विधानसभा नहीं पहुंचे हैं। संभवत: गुरूवार को विधानसभा पहुंचकर अपने जीत का प्रमाणपत्र देंगे और बाकायदे अपनी आमद देने के साथ ही अपना परिचयपत्र जारी करवाएंगे।

तेलंगाना के नए मुख्यमंत्री होंगे रेवंत रेड्डी, 7 दिसंबर को लेंगे शपथ कांग्रेस आलाकमान ने लगाई नाम पर मुहर.

The new Chief Minister of Telangana will be Revanth Reddy, who will take the oath on December 7. The Congress high command has stamped approval on the name तेलंगाना । कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बैठक में बताया कि रेवंत रेड्डी तेलंगाना के नए मुख्यमंत्री होंगे. वह अनुभवी हैं, उन्होंने सभी के साथ काम किया है और वह पहले ही तेलंगाना के लोगों को वादा कर चुके हैं कि वह उनके लिए काम करेंगे.तेलंगाना के अगले मुख्यमंत्री के लिए कांग्रेस के रेवंत रेड्डी के नाम पर मुहर लग गई है. वह राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे और सात दिसंबर को पद की शपथ लेंगे. कांग्रेस ने मंगलवार शाम को इसका आधिकारिक ऐलान कर दिया. कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बैठक में बताया कि रेवंत रेड्डी तेलंगाना के नए मुख्यमंत्री होंगे. वह अनुभवी हैं, उन्होंने सभी के साथ काम किया है और वह पहले ही तेलंगाना के लोगों को वादा कर चुके हैं कि उनके लिए काम करेंगे. उन्होंने बताया कि रेवंत रेड्डी सात दिसंबर को पथ की शपथ लेंगे.तेलंगाना विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 64 सीटें जीतकर बीआरएस को सत्ता से बाहर कर दिया था. बीआरएस को 39 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था जबकि बीजेपी को यहां आठ ही सीटें मिली थीं. तेलंगाना में जीत का सबसे ज्यादा श्रेय रेवंत रेड्डी को मिल रहा है. यही वजह है कि सीएम पद के लिए सबसे ज्यादा चर्चा रेवंत रेड्डी की है. रेवंत रेड्डी तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं. रेड्डी तेलंगाना में कांग्रेस के उन तीन लोकसभा सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने 2019 में जीत हासिल की थी. इस चुनाव में भी रेवंत तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के सामने कामारेड्डी विधानसभा सीट से चुनाव लड़े, हालांकि, बीजेपी उम्मीदवार ने दोनों को मात दे दी.

सदन में दिखेगी इस बार नारी शक्ति, जनता ने चुनीं 26 महिला विधायक.

This time, women power will be visible in the assembly; the public has elected 26 female legislators. 5 जगह थीं आमने-सामने, 2018 के मुकाबले 2 फीसदी बढ़ा महिलाओं का मतदान भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार बीजेपी की प्रचंड जीत के साथ एक और खास बात हुई। इस बार मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में पहले के मुकाबले ज्यादा महिलाएं जीत कर सदन में पहुंचीं। सदन में इस बार 26 महिला विधायक पहुंचेंगी। इस बार महिला मतदाताओं का वोट परसेंटेज भी 2 फीसदी बढ़ा। 26 महिलाएं सदन में पहुंचीं मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार कुल 26 महिलाएं चुनी गई। इनमें भाजपा से 21 और कांग्रेस से 5 महिला विधायक हैं। इस बार कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में 29 और भाजपा ने 27 महिलाओं को टिकिट दिया था। प्रदेश में पांच सीट ऐसी थीं जहां बीजेपी औऱ कांग्रेस दोनों दलों से महिला प्रत्याशी आमने सामने थीं। यानि महिला का मुकाबला महिला से था। महिलाओं के वोट प्रतिशत में इजाफा इस बार विधानसभा चुनाव में ये बात भी खास रही कि पहले के मुकाबले ज्यादा महिलाओं ने मतदान किया। 2018 में 74.03 फीसदी महिलाओं ने मतदान किया था। 2023 में ये 76.03 फीसदी रहा। इस बार प्रदेश की 34 सीटें महिला मतदाता बहुल थीं।5 सीटों पर सीधा मुकाबला1-नेपानगर – भाजपा की मंजू दादू ने कांग्रेस की गेंदा बाई को हराया2-भीकनगांव में कांग्रेस की झूमा सोलंकी ने भाजपा की नंदा ब्राहणे को हराया3-धार में भाजपा की नीना वर्मा ने कांग्रेस की प्रभा गौतम को हराया4-पंधाना में भाजपा की छाया मोड़ ने कांग्रेस की रुपाली नंदू को हराया5-रैगाँव में भाजपा की प्रतिमा बागरी ने कांग्रेस की कल्पना वर्मा को हराया

कमलनाथ के नेतृत्व में ऐतिहासिक हार ने ,कांग्रेस को उप्र की तरह रसातल में धकेल दिया

भोपाल। मप्र में कांग्रेस नेता जमीनी नब्ज से बेखबर कैबिनेट बना रहे थे. पीसीसी पर बधाई के होर्डिग लगा रहे थे. नकुलनाथ चुनावी अभियान में 7 दिसंबर को उनके पिता कमलनाथ के मुख्यमंत्री की शपथ समारोह के लिए निमंत्रण बांट रहे थे। कांग्रेस नेताओं में इतनी गलतफहमी कैसे आई, इस पर शोध की जरूरत है। कमलनाथ ने मध्यप्रदेश की कांग्रेस को यूपी के रास्ते पर डाल दिया है. यह ढलान उत्तर भारत में कांग्रेस के रहे-सहे वजूद को भी रसातल पर पहुंचा देगा। बुढ़ापे में CM की कुर्सी से प्यार कमलनाथ और कांग्रेस को ही ले डूबा। अगर किसी युवा को नेतृत्व का मौका दिया गया होता तो इतनी शर्मनाक हार शायद नहीं होती। कमलनाथ के इर्द-गिर्द सलाहकारों और दिग्विजय सिंह और सुरेश पचौरी जैसे चूके हुए नेताओं की प्रवीणता का ऐसा जाल बन गया था कि कमलनाथ को सच्चाई दिखाई ही नहीं पड़ रही थी। सपनों का महल ऐसा बना लिया गया था कि ‘जय जय कमलनाथ’ के अलावा कांग्रेसी विचारधारा के लोग भी नाशुक्रे लगने लगे थे। कमलनाथ की छिंदवाड़ा से जो राजनीति शुरू हुई थी, वह राजनीति छिंदवाड़ा से ही खत्म होती दिखाई पड़ रही है। अभी भी वक्त है। उम्र के आखिरी पड़ाव पर अगर सच्चाई स्वीकार कर ली जाएगी तो जिंदगी का आखिरी दौर सुकून से बीत सकेगा अन्यथा चाटुकारों और सलाहकारों की गलतफहमी तो सब कुछ समाप्त ही कर देती है। कांग्रेस की हार ने यह भी साबित कर दिया है कि 2018 में कांग्रेस को जो भी बहुमत मिला था उसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया का योगदान था। पार्टी की नहीं, कमलनाथ -दिग्विजय की हार बीजेपी के 18 साल की सरकार के बाद भी कांग्रेस की पराजय नहीं बल्कि कमलनाथ- दिग्विजय सिंह जोड़ी की ही हार है. मध्यप्रदेश को लेकर दो दिन पहले जब एग्जिट पोल आए थे, तब सबसे ज्यादा विवाद कांग्रेस द्वारा पैदा किया गया था। एग्जिट पोल वाली एजेंसी और उनके मालिकों को ऐसा साबित कर दिया गया था कि जैसे उन्होंने सरकार से पैसा लेकर एग्जिट पोल बीजेपी के पक्ष में दिखाया है। सोशल मीडिया में तो यहां तक लिखा गया कि एग्जिट पोल में बीजेपी की प्रचंड जीत दिखाने वाली एजेंसियों को सरकार के जनसंपर्क विभाग द्वारा करोड़ों रुपए की मदद दी गई है। विभाग के नाम पर चैनल की एक सूची भी सोशल मीडिया पर वायरल की गई। कांग्रेस और कांग्रेस समर्थित मीडिया से जुड़े लोग इस हद तक एक तरफा निर्णय सुना रहे थे कि जनसंपर्क के कुशल अधिकारियों की कार्य पद्धति को भी सवालों में खड़ा कर दिया था।

कटनी जिले की चारो विधानसभा सीटों से कांग्रेस का सूपड़ा साफ, भाजपा का कब्जा लहराया जीत का परचम.

Congress faced a clean sweep in all four assembly seats of Katni district, as the BJP waved the victory flag, securing control. भाजपा के संजय सत्येंद्र पाठक, संदीप जायसवाल, प्रणव पांडे व धीरेंद्र सिंह विजयी हुए कटनी। जिले चारों विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा ,जिले की चारों विधानसभा में भाजपा की प्रचण्ड विजय निश्चित हुई है। विजयराघवगढ़ से भाजपा प्रत्याशी संजय सत्येंद्र पाठक ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी नीरज सिंह बघेल से 24 हजार 346 मतों से विजय पाई। यहां भाजपा को 98010 मत तो कांग्रेस को 73654 मत प्राप्त हुए। बहोरीबंद से भाजपा के प्रणय पांडे को 98817 मत मिले तो कांग्रेस के सौरभ सिंह को 71195 मत मिले इस प्रकार भाजपा के प्रणय 23 हजार 622 मतों से विजयी हुए। बड़वारा से भाजपा के धीरेंद्र सिंह को 112916, तो कांग्रेस के बसंत सिंह को 61923 मत प्राप्त हुए। इस विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी रिकार्ड 50 हजार 993 मतों से विजयी हुए। मुड़वारा विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी को 89061 मत तो कांग्रेस प्रत्याशी मिथलेश जैन को 64 हजार 105 मत प्राप्त हुए इस प्रकार भाजपा प्रत्याशी संदीप जायसवाल 24 हजार 956 मतों से विजयी घोषित हुए।

ईव्हीएम एवं और मतगणना अभिलेखों का सीलिंग कार्य संपन्न

कलेक्टर जिला पंचायत सीईओ अन्य अधिकारियों ने किया चाय नाश्ता, संपूर्ण हुए शांतिपूर्ण मतदान ”विशेष संवाददाता कटनी” कटनी। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर अवि प्रसाद के कुशल मार्गदर्शन और नेतृत्व में संपन्न हुए शांतिपूर्ण, मतगणना कार्य के उपरांत परिणाम घोषणा के तत्काल बाद ही जिले की सभी चारों विधानसभा क्षेत्र की ईवीएम मशीनों और मतगणना अभिलेखों का रात भर चला सीलिंग कार्य 4 दिसंबर की सुबह 7:30 बजे पूरा हुआ। इसके बाद कलेक्टर सहित सभी अधिकारियों ने झंडा बाजार पहुंच कर एक दुकान में जलपान किया। यहां अधिकारियों ने गरमागरम आलूबंडा और पोहा का नाश्ता किया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ शिशिर गेमावत, उपजिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर कलेक्टर साधना परस्ते, डिप्टी कलेक्टर प्रमोद कुमार चतुर्वेदी सहित रिटर्निंग अधिकारी मुड़वारा राकेश कुमार चौरसिया, रिटर्निंग अधिकारी बहोरीबंद प्रदीप मिश्रा और विजयराघवगढ के रिटर्निंग अधिकारी महेश मंडलोई सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

मप्र में कांग्रेस की हार के जिम्मेदार कमलनाथ, तीन राज्यों में हार के बाद बोले संजय राउत.

In Madhya Pradesh, Kamal Nath spoke after the losses in three states, said Sanjay Raut. कांग्रेस को इस पर आत्म मंथन करना चाहिए चुनाव से पहले महिलाओं को सीधे लाभ देने वाली योजनाओं से बीजेपी को फायदा हुआ मुंबई। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की हार हो चुकी है। सिर्फ तेलंगाना ही ऐसा राज्य है जहां कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है। कांग्रेस की हार पर विभिन्न नेताओं और राजनीतिक पंडितों के बयान सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में शिवसेना नेता और सांसद संजय राउत का भी बयान सामने आया है। हार पर कांग्रेस को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए संजय राउत ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस की हार का जिम्मेदार कमलनाथ को बताया है। उन्होंने आगे कहा कि तेलंगाना में एआईएमआईएम फैक्टर और केसीआर काम नहीं आए। जहां तक राजस्थान की बात है, ये पारंपरिक चलन है। वहां हर 5 साल के बाद सरकार बदल जाती है। छत्तीसगढ़ की हार को लेकर संजय राउत ने कहा कि कांग्रेस को इस बात पर आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। मध्यप्रदेश में बीजेपी की जीत का श्रेय संजय राउत ने शिवराज सिंह चौहान को दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले महिलाओं को सीधे लाभ देने वाली योजनाओं से बीजेपी को बहुत फायदा हुआ। कांग्रेस ने चुनाव में क्षेत्रीय पार्टियों को किया नजर अंदाज सं‌‌जय राउत ने इस चुनाव में क्षेत्रीय पार्टियों की भूमिका पर कहा कि अगर कांग्रेस इंडिया अलायंस के साथियों को साथ लेकर लड़ती तो स्थिति कुछ बेहतर होती। सिर्फ राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जैसे लोगों के प्रचार करने से कुछ नहीं होगा। क्षेत्रीय पार्टियों को नजरअंदाज कर आप देश में राजनीति नहीं कर पाएंगे। पनौती शब्द को लेकर संजय राउत ने कहा कि अगर पनौती शब्द राहुल गांधी पर उल्टा पड़ा होता तो तेलंगाना में ऐसा कुछ क्यों नहीं हुआ। भाजपा का हश्र टीम इंडिया की तरह ही होगा संजय राउत ने बताया कि 6 दिसंबर को इंडिया एलायंस की बैठक बुलाई गई है। जहां कई बातों पर चर्चा की जाएगी। इंडिया एलायंस मजबूत है। जिस तरह से वर्ल्ड कप के दौरान टीम इंडिया ने लगातार 10 मुकाबले जीते लेकिन फाइनल में मुकाबला टीम इंडिया हार गई वैसा ही हश्र 2024 के चुनाव में भाजपा का होगा।

भारतीय जनता पार्टी की अभी तक 17 सीटों पर जीत कांग्रेस के पाले में सिर्फ 6 सीटें आयी और भारत आदिवासी पार्टी के खाते  में 1 सीट आयी.

Bhartiya Janta party won 17 seats, Congress 6 and Bharat Adiwasi Party won 1 Seat in Madhya Pradesh Vidhaansabha Elections. Manish Trivedi – Sahara Samachaar.भोपाल,  चुनाव आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी तक भारतीय जनता पार्टी ने १७ सीटों पर अपनी जीत दर्ज़ की है इसमें पन्ना से बृजेन्द्र प्रताप सिंह, मऊगंज से प्रदीप पटेल, रेवा से राजेंद्र शुक्ला, कोतमा से दिलीप जैस्वाल, अनूपपुर से विसाहु लाल सिंह, सिहोरा से संतोष वरकड़े, होशंगाबाद से सीता सरन शर्मा, बरस्या से विष्णु खत्री, शुजालपुर से इन्दर सिंह परमार, देवास से गायत्री राजे, खातेगांव से आशीष गोविन्द शर्मा, पदारना से छाया मोरे, नेपानगर से मंजू राजेंद्र दाऊ, बुरहानपुर से अर्चना चिटनीस, अलीराजपुर से चौहान नगर सिंह, बड़नगर से जीतेन्द्र उदय सिंह, रतलाम ग्रामीण से मथुरा लाल डामर, जौरा से राजेंद्र पांडेय और आलोट से चिंतामणि मालवीय ने अपनी जीत दर्ज की है. वही कांग्रेस पार्टी से शेओपुर से बाबू जंडेल, बिछिया से नारायण सिंह, निवास से चैनसिंह वरकड़े, अमरवाड़ा से कमलेश प्रताप सहाय, पांढुर्ना से नीलेश पुसाराम उइके और बड़वानी से राजन. मंडलोई. वही अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय आदिवासी पार्टी ने अपना खाता खोलने में सफलता प्राप्त की है. भारतीय आदिवासी पार्टी से सैलाना विधानसभा क्षेत्र से कमलेश्वर डोडियार ने अपनी जीत दर्ज की है. विजयी उम्मदवारो के लिस्ट देखने के लिए यहाँ क्लिक करैं 

लाड़ली बहनों ने कर दी शिवराज भइया की राह आसान।

भाजपा का 150 प्लस का दावा सच साबित होता हुआ नजर आ रहा है।कांग्रेस पार्टी और कमलनाथ के वादों पर जनता ने नहीं किया भरोसा। उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना जैसे जैसे आगे बढ़ रही है। वैसे ही प्रदेश के चुनाव परिणामों की तस्वीर साफ होती जा रही है। हालांकि अभी पूरी तरह किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी लेकिन अभी तक की मतगढना के दौरान मिल रहे रुझानों ने भाजपा नेताओं के 150 से अधिक सीटों पर चुनाव जीतने के दावे को सच कर दिया है और मध्य प्रदेश की जनता ने स्पष्ट कर दिया है की मध्य प्रदेश की आम जनता भाजपा के साथ है। इसके साथ ही सीएम शिवराज सिंह चौहान की लाड़ली बहनों ने भी अपने भाई की जीत के लिए मतदान में हिस्सा लिया और चुनाव परिणाम को भाजपा के पक्ष में लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। मतदान के समय से लेकर बीती रात तक सभी राजनेतिक पार्टियों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के अपनी अपनी पार्टी की जीत और सरकार बनाने को लेकर बड़े बड़े दावे किए जा रहे थे। इस चुनाव प्रक्रिया के दौरान नेता अपने समर्थकों का मन समझने में ही मात खा रहे थे, तो जनता का मन पढ़ना तो वैसे भी आसान नहीं था और इसी का परिणाम है कि सभी के दावे रखे रह गए। जनता ने यह साफ कर दिया है कि किसी के भी कहने से कुछ नहीं होता जो कुछ होता है वह आम जनता की इच्छा से होता है और जनता ने भाजपा को अपना मत रूपी आशीर्वाद और समर्थन देकर इस बात को स्पष्ट कर दिया है। अभी तक की मतगणना में यह तो साफ हो गया है कि मध्य प्रदेश में फिर से भाजपा सरकार बनाने के लिए तैयार है बस अब देखना यह है की कुल कितनी सीटें स्पष्ट बहुमत के साथ भाजपा के खाते में आती हैं, वहीं दूसरी बात यह भी ध्यान देने योग्य है की मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज नेता जो चुनाव मैदान में उतरे थे उनमें से किसे जनता का आशीर्वाद मिलेगा और कौन क्लीन बोल्ड होगा। हम आपको याद दिला दें की सहारा समाचार ने मतदान के पूर्व ही स्पष्ट रूप से दावा किया था कि इस बार के चुनाव में दोनों ही दलों के द्वारा मैदान में उतारे गए दिग्गज नेताओं को लेने के देने पड़ेंगे। साथ ही कई परंपरागत सीटों पर चौंकाने वाले ऐसे परिणाम सामने आएंगे जिनका किसी ने भी अनुमान नहीं लगाया होगा। दूसरे दावे के अनुसार मध्य प्रदेश में फिर से भाजपा की सरकार बनने के चांस 65% और कांग्रेस पार्टी के सत्ता में आने के चांस 35% हैं। सहारा समाचार के यह दोनों ही दावे सत्य होते नजर आ रहे हैं। चुनाव परिणाम की तस्वीर साफ हो चुकी है परिणाम भी सामने आने लगे हैं। कुछ सीटों पर हार जीत भी डीक्लियर हो चुकी है। कुछ देर की बात है बहुत जल्द पूर्ण चुनाव परिणाम सामने आ जायेंगे।

बागली, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Bagali, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023) विधानसभा क्षेत्र 174 – Bagali (मध्य प्रदेश), के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Maru Bhawara BJP – 56320)कांग्रेस : पीछे (Gopal Bhosle INC- 47785)

अमरपाटन, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023).

Amarpatan, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023) विधानसभा क्षेत्र 66 – Amarpatan (मध्य प्रदेश), के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : पीछे (Ramkhelawan Patel BJP – 21028)कांग्रेस : आगे ( Dr Rajendra Kumar Singh INC – 24999)

लहार, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Lahar, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023) विधानसभा क्षेत्र 11 –Lahar (मध्य प्रदेश), के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Ambrish Sharma BJP – 26777)कांग्रेस : पीछे (Dr Govind Singh INC – 20493)

बुरहानपुर, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Burhanpur , Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023) विधानसभा क्षेत्र 180 – Burhanpur (मध्य प्रदेश), के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Archana Chitnis BJP – 77854)कांग्रेस : पीछे (Thakur Surendra Singh INC – 57832)

अनूपपुर, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Anuppur , Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023) विधानसभा क्षेत्र 87 – Anuppur (मध्य प्रदेश), के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Bishahu Lal Singh BJP – 61240)कांग्रेस : पीछे (Ramesh Kumar Singh INC- 43129)

शिवपुरी, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Shivpuri , Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 25 – Shivpuri (मध्य प्रदेश), के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Devendra Kumar Jain – BJP – 51941)कांग्रेस : पीछे (K.P. Singh Kakka INC – 28890)

ग्वालियर पूर्व, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Gwalior East, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 16 – Gwalior East (मध्य प्रदेश), के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Maya Singh) BJP – 31554कांग्रेस : पीछे (Dr Satish Sikarwar) INC – 27066

हरसूद, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Harsood, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 176 – Harsud (मध्य प्रदेश), के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Kunwar Vijay Singh) BJP – 39947कांग्रेस : पीछे (Sukhram Salve) INC-23019

दिमनी, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Dimani, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 07 – Dimani (मध्य प्रदेश), के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीएसपी :आगे (Balveer Singh Dandotiya) – 33193बीजेपी : पीछे (Narendra Singh Tomar) – 30791कांग्रेस : पीछे (Ravindra Singh Tomar) – 12225

सतना, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Satna, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 63 –Satna (मध्य प्रदेश), के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे, Ganesh Singh – 15487कांग्रेस : पीछे, Dabbu Siddharth Sukhilal Kushwaha – 14508

चित्रकूट, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Chitrakoot, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 61 – Chitrakoot (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : पीछे (Surendra Singh Gaharwar) – 14758.कांग्रेस : आगे (Neelanshu) – 17389

मैहर, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023).

Maiher, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 65 – Maihar (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Shrikant Chaturvedi) – 26265कांग्रेस : पीछे (Darmesh Ghai) – 19304

दिमनी, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Dimani, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 7 – Dimani (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Narendra Singh Tomar) – 25824कांग्रेस : पीछे (Balveer Singh Dandotiya) – 25189

नरसिंघगढ़, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Narsinghgarh, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 160 – Narsinghgarh (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Mohan Sharma) – 44546कांग्रेस : पीछे (Girish Bhandari) – 32892

अशोकनगर, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Ashoknagar, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 32 – Ashok Nagar (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : पीछे (Jajpal Singh Jajji) – 24810कांग्रेस : आगे (Haribabu Rai) – 28389

विजयराघवगढ़, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023).

Vijayraghavgarh, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 92 –Vijayraghavgarh (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Sanjay Satyendra Pathak) – 19361कांग्रेस : पीछे (Neeraj Dada) – 15514

बुधनी, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Budhni, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). बुधनी, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)विधानसभा क्षेत्र 156 –Budhni (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगे (Shivraj Singh Chouhan) – 70453कांग्रेस : पीछे (Vikram Mastal Sharma) – 19457

मुरैना, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Morena, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). Sahara Samachaar. विधानसभा क्षेत्र 06 –Morena (मध्य प्रदेश), के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : पीछे (रघुराज सिंह कंसाना)कांग्रेस : आगे (दिनेश गुर्जर)

पन्ना, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023).

Panna, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). Sahara Samachaar विधानसभा क्षेत्र 70 – Panna (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : पीछे (बृजेन्द्र प्रताप सिंह)कांग्रेस : आगे (भारत मिलन पांडेय)

राऊ, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Rau, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). विधानसभा क्षेत्र 210 – RAU (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-2023 राउंड के रूप में स्थिति। बीजेपी : आगेकांग्रेस : पीछे

मलहरा, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)

Malhara, Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). मलहरा, विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023). बहन रामसिया भारती (INC) 6742 वोट से प्रद्युमन सिंह लोधी (भाजपा) से आगे हैं।

दतिया विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023)।

Datia Assembly Seat, Madhya Pradesh Election Result (2023). Sahara Samachaar दतिया विधानसभा सीट, मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023). राजेंद्र भारती (INC) 1181 वोट से नारोत्तम मिश्र (भाजपा) से आगे हैं।

मध्य प्रदेश चुनाव परिणाम (2023) – गंज बासोड़ा विधानसभा सीट।

M.P Election Result (2023) Ganj Basoda Assembly Seat. Sahara Samachaar विधानसभा क्षेत्र 145 – बासोदा (मध्य प्रदेश) के सामान्य निर्वाचन: प्रवृत्तियाँ और परिणाम दिसंबर-20233/19 के राउंड के रूप में स्थिति। M.P Election Result (2023) गंज बासोदा विधानसभा सीट का ताजा रुझान। बीजेपी :आगे 5419कांग्रेस : पीछे 5419

CG .सीटों पर आए रुझान में भारतीय जनता पार्टी 24 सीटों पर तो कांग्रेस 22 सीटों पर लीड कर रही है।

In the trend of seats in Chhattisgarh, the Bharatiya Janata Party (BJP) is leading on 24 seats, while the Congress is leading on 22 seats. बीजेपी : 24 आगे, कांग्रेस : 22 आगे

MP – मतगणना का काउंटडाउन शुरू, गिनती के लिए 5 हजार 61 टेबल लगाई गई.

Madhya Pradesh, The countdown for the vote counting has begun, and 5,061 tables have been set up for the counting. मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना को अब बस कुछ ही घंटे बचे हुए है. तीन दिसंबर को सुबह 8 बजे से सभी 52 जिला मुख्यालयों पर एक साथ होगी. सबसे पहले मतपत्रों की गिनती होगी. वोटिंग की गिनती जल्दी पूरी हो, इसके लिए 5,061 मतगणना टेबल लगाई गई हैं. वहीं डाक मत पत्रों की गिनती 692 टेबलों पर होगी. बता दें कि प्रदेश में झाबुआ विधानसभा में सबसे अधिक 26 राउंड में मतगणना होगी, जबकि सबसे कम 12 राउंड में सेवढ़ा विधानसभा क्षेत्र में गणना होगी. पूरे प्रदेश के परिणाम आने में 5 से 10 घंटे का वक्त लगेगा.जहां गणना की टेबल सबसे ज्यादा होगी, वहां जल्दी परिणाम आएगा. जानिए मतगणना के मुख्य बिंदु – सुबह 8:00 बजे शुरू होगी मतों की गणना– प्रदेश की 52 जिलों में एक साथ सुबह 8:00 बजे शुरू होगी जिला मुख्यालय पर मतों की गणना.– सुबह 8:30 बजे से शुरू होगी एवं में दर्ज मतों की गिनती– वोटिंग मशीन में दर्ज वोटों की गिनती के लिए 5 हजार 61 मतगणना टेबल लगाई गई है.– डाक मत पत्रों की गिनती 692 टेबलों पर होगी.– डाक मत पत्रों की गिनती पूरी होते ही परिणाम होंगे घोषित..– 3.90 लाख डाक मत पत्रों की होगी गिनती अनुमति लेकर निकालेंगे जुलूस वहीं मतगणना के बाद जीतने वाली पार्टी के प्रत्याशी विजय जुलूस अनुमति को लेकर निकाल सकेंगे. इसका रूट कैसा होगा, और किस जगह से जुलूस निकलेगा ये जिला प्रशासन निर्धारित करेगा.वहीं मतगणना के दिन ड्राय डे घोषित रहेगा. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के आरोप पर राजन ने कहा कि- बालाघाट मामले में किसी भी डाक मतपत्र नहीं खोला गया है. लापरवाही जिनकी थी कार्रवाई की गई है.

केंद्र सरकार की आठवां वेतन आयोग गठित करने की कोई योजना नहीं – वित्तसचिव टी.वी. सोमनाथन.

There is no plan to constitute the Eighth Pay Commission by the Central Government,” said Finance Secretary T.V. Somanathan. Manish Trivedi, Sahara Samachaar नई दिल्ली: केंद्र सरकार की 48.67 लाख केंद्रीय कर्मचारियों तथा 67.95 लाख पेंशनभोगियों के लिए आठवां वेतन आयोग गठित करने की कोई योजना नहीं है. यह बयान वित्तसचिव टी.वी. सोमनाथन ने दिया है. भारतीय जनता पार्टी ने आठवां वेतन आयोग की जगह नई पेंशन योजना की समीक्षा पर फोकस किया है… वित्तसचिव ने गुरुवार को कहा, “आठवां वेतन आयोग गठित करने के संबंध में कोई योजना नहीं है… फिलहाल ऐसा कुछ लंबित नहीं है…” वर्तमान पेंशन योजना के अंतर्गत कर्मचारी अपने मूल वेतन का 10 फ़ीसदी योगदान दिया करते हैं, जबकि सरकार उसी खाते में कर्मचारी के मूल वेतन का 14 फ़ीसदी जमा किया करती है. यह योजना राजनीतिक रूप से विवादों को जन्म दे चुकी है, और विपक्ष-शासित कई राज्य सरकारें पुरानी पेंशन योजना की तरफ़ जा रही हैं, जिनके अंतर्गत पेंशनभोगी को उसके अंतिम मासिक वेतन के 50 फ़ीसदी की गारंटी मिलती है, और वह भी कर्मचारी की ओऱ से किसी भी योगदान के बिना. माना जा रहा है कि सरकार कुछ बदलाव कर यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर सकती है कि प्रत्येक कर्मचारी को उनके अंतिम वेतन का कम से कम 40 से 45 फ़ीसदी हिस्सा पेंशन के तौर पर हासिल हो.

जेपी नड्डा ने शिवराज-सिंधिया के साथ चुनाव नतीजों पर की घंटों मंत्रणा.

JP Nadda deliberated for hours with Shivraj Singh Chouhan and Jyotiraditya Scindia on the election results. राजनीतिक गलियारों में तेज हुई चर्चाएं मतगणना से पूर्व भाजपा अध्यक्ष के मप्र पहुंचने पर राजनीतिक गलियारे में चर्चाएं तेज ग्वालियर। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा मतगणना से पहले शुक्रवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल में पहुंचे हैं। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के साथ होटल में घंटों चर्चा की। बताया गया है कि राज्य के चुनाव नतीजों को लेकर मंत्रणा की गई है। राजनीतिक गलियारों में तेज हुई चर्चाएं मध्य प्रदेश सहित चार राज्यों के तीन दिसंबर को आने वाले विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले भाजपा अध्यक्ष की ग्वालियर में मौजूदगी को लेकर राजनीतिक गलियारे में चर्चाएं तेज हैं। यहां सिंध विहार स्थित होटल उषा किरण पैलेस में तीन घंटे से ज्यादा चली बैठक में बड़े नेताओं की लंबी चर्चा हुई। सिंधिया के आमंत्रण पर शाही महल जयविलास पैलेस पहुंचे नड्डा नड्डा ने सिंधिया के आमंत्रण पर उनके शाही महल जयविलास पैलेस में पहुंचकर भोज भी किया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और सिंधिया के साथ दतिया जाकर पीतांबरा पीठ के दर्शन भी किए। नड्डा रात्रि विश्राम ग्वालियर में ही करेंगे। पार्टी की ओर से उनके अगले दिन के कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी गई है।भाजपा जिंदाबादः सीएम शिवराजमुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर में एक्जिट पोल को लेकर किए सवाल पर कहा- भाजपा जिंदाबाद। एयरपोर्ट पर शिवराज ने मीडिया से कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में भाजपा आगे बढ़ रही है, मोदीजी जन-जन के मन में हैं, उनका स्नेह सदैव प्रदेश को मिलता रहा है। डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश में प्रगति और विकास किया है। वहीं, सिंधिया ने कहा कि 48 घंटे का इंतजार है, जनता ने भाजपा को आशीर्वाद दिया है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने जा रही है।

मध्य प्रदेश के एग्जिट पोल पर बरसे कमलनाथ…झूठ फैला रहे एग्जिट पोल.

Kamal Nath lashes out at the exit polls in Madhya Pradesh, claiming that false information is being spread. एग्जिट पोल एजेंसियां चुनाव अधिकारियों पर दबाव बनाना चाहती TV भाजपा मध्य प्रदेश में चुनाव हारेगी *उदित नारायण* भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने शुक्रवार को भाजपा की जीत की भविष्यवाणी करने वाली एजेंसियों के एग्जिट पोल के नतीजों पर सवाल उठाया। कमलनाथ ने कहा कि एग्जिट पोल एजेंसियां झूठा माहौल बना रही हैं। भाजपा मध्य प्रदेश में चुनाव हारेगी। उन्होंने कहा कि कुछ एग्जिट पोल एजेंसियां चुनाव अधिकारियों पर दबाव बनाना चाहती हैं। अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो में उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को 3 दिसंबर को निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित करनी चाहिए। तीन दिसंबर को भाजपा की सािजश सफल नहीं होगीकमलनाथ ने कहा कि सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी चुनाव हार गई है। कुछ एग्जिट पोल जानबूझकर बनाए गए हैं, ताकि कांग्रेस कार्यकर्ता निराश हो जाएं और गलत माहौल बनाकर अधिकारियों पर दबाव बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह साजिश सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सभी कांग्रेस पदाधिकारियों को मतगणना के दिन के लिए तैयार रहना चाहिए। हम सभी जीतने के लिए तैयार हैं और सभी एकजुट हैं। यदि आपको (पार्टी कार्यकर्ताओं को) कोई समस्या महसूस होती है तो कृपया सीधे मुझसे बात करें या तीन दिसंबर को प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) कार्यालय को सूचित करें। कांग्रेस पार्टी सत्ता में आने वाली है। क्या कहते हैं एग्जिट पोल?बता दें, कई एग्जिट पोल में बीजेपी की जीत की भविष्यवाणी की गई है। दैनिक भास्कर ने बीजेपी को 95-115 सीटें और कांग्रेस को 105-120 सीटें मिलने का अनुमान लगाया है। इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया ने बीजेपी को 140-162 सीटें और कांग्रेस को 70-89 सीटें दीं। टुडेज़ चाणक्य ने कहा कि बीजेपी को 151 सीटें मिलेंगी और कांग्रेस को 74 सीटें मिलेंगी, जन की बात एग्जिट पोल ने भविष्यवाणी की थी कि बीजेपी को 100-123 सीटें मिलेंगी और कांग्रेस को 102-125 सीटें मिलेंगी, रिपब्लिक टीवी-मैट्रिज ने बीजेपी को 118-130 सीटें दी हैं और कांग्रेस 97-107 सीटें दी हैं। अन्य एग्जिट पोल ने भी इसी तरह के नतीजों की भविष्यवाणी की है। इस बीच, सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बीजेपी राज्य में सत्ता बरकरार रखेगी। नतीजे ती दिसंबर को घोषित किए जाएंगे।

एग्जिट पोल में बीजेपी को भारी बहुमत, केंद्रीय मंत्री पटेल ने कहा- 2003 जैसी रिकॉर्ड जीत दोहराई जा सकती है.

Exit polls, BJP is projected to win by a significant margin; Union Minister Patel said – a record victory like 2003 can be repeated. इस बार चुनाव आयोग की गाइडलाइंस की वजह से एग्जिट पोल पांचों राज्यों की चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी किए गए । 30 नवंबर को वोटिंग की प्रक्रिया संपन्नहोने के बाद जो एग्जिट पोल्स जारी हुए, जिसमें भाजपा को बंपर बहुमत मिलते दिख रहा है। देश की प्रमुख 8 न्यूज एजेंसियों ने सर्वे कर एग्जिट पोल जारी किए और पतालगाया कि मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना व मिजोरम में किसकी सरकार बन सकती है। वहीं सर्वे पर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश में 2003 जैसे परिणाम दोहराते हुए दिखते हैं। एग्जिट पोल में बीजेपी को बंपर सीटें ज्यादातर न्यूज एजेंसियों के एग्जिट पोल में बीजेपी के पक्ष में परिणाम आते नजर आ रहे हैं। अगर ये सच साबित हुए तो मध्यप्रदेश व राजस्थान में बीजेपी औरछत्तीसगढ़ व तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार बनती दिख रही है। इसके साथ ही मिजोरम में हंग असेंबली के आसार हैं। बात करें मध्यप्रदेश की तो एक दो एग्जिटपोल छोड़कर ज्यादातर बीजेपी को काफी बढ़त के साथ बहुमत में आता दिखा रहे है मप्र में भाजपा की फिर वापसी? Exit Polls 2023 में लगभग सभी न्यूज एजेंसियों ने मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार बनने के आसार जताए हैं।बात करें इंडिया टुडे एक्सिस सर्वे की तो मध्यप्रदेश में भाजपा को 140 से 162, कांग्रेस को 68-90 और अन्य को 3 सीट मिलते दिख रही हैं।यानी कांग्रेस को यहां भारी नुकसान होने की संभावना है। टुडेज चाणक्य न्यूज 24 के सर्वे में भाजपा को 151, कांग्रेस को 74 व अन्य को 0 सीटेंमिलने के आसार बताए जा रहे हैं। वहीं जन की बात सर्वे में भाजपा को 100 से 123, कांग्रेस को 102 से 125 व अन्य को 5 सीटें मिलती दिख रही हैं।वहीं टाइम्स नाउ ईटीजी के सर्वे में भाजपा को 106 से 116, कांग्रेस को 110 से 124 और अन्य को 10 सीटें मिलती दिख रहे हैं। इसी प्रकार रपब्लिकटीवी के सर्वे में भाजपा को 118 से 130, कांग्रेस को 97 से 107 और अन्य को 0 से 2 सीटें मिलने की संभावना बताई जा रही है। मप्र में सरकार बनाने के लिए कितनी सीटें चाहिए? मध्यप्रदेश में कुल 230 विधानसभा सीटें हैं, ऐसे में यहां सरकार बनाने के लिए कम से कम 116 सीटें किसी भी पार्टी को चाहिए। बात करें एग्जिटपोल्स की तो ज्यादातर एग्जिट पोल्स बीजेपी को बहुमत के आंकड़े के करीब या उससे ज्यादा दिखा रहे हैं। कुछ अन्य सर्वे कांग्रेस को भी इस आंकड़ेके करीब दिखा रहे हैं। बात करें पिछले चुनाव की तो बीजेपी को 2018 में 109 सीटें मिली थीं और कांग्रेस को 114, इसके बाद कांग्रेस की सरकार गिर गई थी और बीजेपी सत्ता में आई। मप्र में 2003 जैसा प्रदर्शन करेगी बीजेपी? एग्जिट पोल्स पर पार्टियों की मिली जुली प्रतिक्रिया आ रही हैं, एक ओर बीजेपी के पक्ष में पोल्स आते देख वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंहनाखुश नजर आए। उन्होंने पोल्स पर टिप्पणी करते हुए कहा कि टेलीविजन से नहीं प्रदेश-विजन से देश चलता है। उन्होंने दावा किया किमप्र में कांग्रेस 130 सीटों के साथ सरकार बनाएगी। वहीं सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोई कांटे की टक्कर नहीं है,भाजपा भारी बहुमत से जीत रही है। इसी बीच बीजेपी के कद्दावर नेता केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि बीजेपी 2003 के चुनाव जैसाप्रदर्शन करती नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि मैंने 2003 के चुनाव को बेहद करीब से देखा है और मैं साफ देखता हूं कि 2003 के परिणाम 2023 में आते दिखते हैं।बता दें कि 2003 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी 173 सीटों के बंपर बहुमत के साथ सत्ता में आई थी, वहीं कांग्रेस को केवल 38 सीटें ही मिली थीं। बता दें कि 3 दिसंबरको मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम आने हैं।

कमलनाथ ने कार्यकर्ताओं व प्रदेश की जनता से की अपील.

Kamal Nath appealed to the party workers and the people of the state. कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता पूरी ताकत से मैदान में आ जाएं। भाजपा चुनाव हार चुकी है। कुछ एग्जिट पोल जानबूझकर इसलिए बनाए गए हैं कि कांग्रेस कार्यकर्ता निराश हों और झूठा माहौल दिखाकर अधिकारियों पर दबाव बनाया जाए।यह षड्यंत्र कामयाब होने वाला नहीं है। कांग्रेस के सभी पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, मोर्चासंगठनों के प्रमुख और प्रकोष्ठ के पदाधिकारी अपने-अपने काम में जुट जाएं और निष्पक्ष मतगणना कराएं।हम सब जीत के लिए तैयार हैं। हम सब एकजुट हैं। आपको कोई भी समस्या लगती है तो आप सीधे मुझसे बातकरें। 3 दिसंबर को कांग्रेस पार्टी की सरकार बन रही है।

मध्य प्रदेश मतगणना हेतु मुख्य चुनाव आयुक्त की प्रेस वार्ता

Press conference of the Chief Election Commissioner for the Madhya Pradesh election counting. प्रेस नोट मध्यप्रदेश विधानसभा निर्वाचन 2023 में 230 विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना 52 जिला मुख्यालयों पर दिनाक 03.12.2023 को प्रारंभ होगी। मतगणना के लिए सभी इंतेजाम किए जा चुके है। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं पुलिस आयुक्त एवं पुलिस अधीक्षकों को सुरक्षा मापदण्डो को कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए है। मतगणना के दिन शुष्क दिवस घोषित किया गया है। मतगणना स्थल पर 3 Tier सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, केवल अधिकृत पासधारी व्यक्ति ही प्रवेश कर सकेंगे। कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति मतगणना सेंटर पर प्रवेश नहीं करेगा। मतगणना सेंटर पर प्रत्येक विधानसभा के लिए पृथक-पृथक मतगणना हॉल बनाए गये है, जहां आयोग के निर्देशानुसार टेबलों की व्यवस्था ईव्हीएम एवं पोस्टल बैलेट की मतगणना के लिए की गई है। मतगणना कर्मियों का रेण्डमाईजेशन 3 स्तर पर होगा। प्रथम स्तर का रेण्डमाईजेशन हो चुका है, द्वितीय स्तर का रेण्डमाईजेशन मतगणना के प्रारंभ से 24 घंटे पूर्व होगा तथा तृतीय रेण्डमाईजेशन मतगणना दिनांक को सुबह 5 बजे होगा। आयोग द्वारा सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना के लिए प्रेक्षक नियुक्त किए गए है, जो जिलों में पहुंच चुके हैं। द्वितीय एवं तृतीय रेण्डमाईजेशन प्रेक्षक की उपस्थिति में किया जाएगा। रिटर्निंग ऑफिसर/सहायक रिटर्निंग ऑफिसर पोस्टल बैलेट के लिए बनाए गए स्थानीय स्ट्रांग रूम से मतगणना सेंटर में बने पोस्टल बैलेट के स्ट्रॉग रूम में दिनांक 02.12.2023 को अपरान्ह 3 बजे के पश्चात् स्थानांतरित करने की कार्यवाही करेगें, जिसकी सूचना मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दलों तथा अभ्यर्थी / उनके अभिकर्ता को अनिवार्यतः दी जायेगी। पोस्ट से प्राप्त होने वाले सेवा निर्वाचकों के पोस्टल बैलेट मतगणना केन्द्र पर प्रातः 08 बजे के पूर्व तक प्राप्त हो सकते है। इसके लिए रात्रि में पोस्टल डिपार्टमेन्ट को प्राप्त होने वाले पोस्टल बैलेट की डिलेवरी प्रातः 08 बजे के पूर्व मतगणना केन्द्र पर हो जाएं, इस हेतु पोस्टल डिपार्टमेन्ट के नोडल अधिकारी / पोस्टमेन को पास जारी किए गए है। अधिकृत मीडियाकर्मी के लिए मतगणना केन्द्र पर एक पृथक कक्ष में मीडिया सेन्टर बनाया गया है जहां पर टेलिफोन कम्प्यूटर, प्रिन्टर एवं इंटरनेट आदि की सुविधा उपलब्ध रहेगी। मीडिया कर्मियों के लिए आयोग द्वारा प्राधिकार पत्र जारी किए गए है। ईव्हीएम की मतगणना टेबल पर एक काउटिंग सुपवाईजर एक काउटिंग असिस्टेंट तथा एक काउटिंग स्टॉफ तथा एक माइक्रो आर्जवर रहेगा। इसी प्रकार पोस्टल बैलेट की गणना टेबल पर एक सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, एक काउटिंग सुपरवाईजर, दो काउटिंग असिस्टेंट तथा एक माइक्रो आर्जवर रहेगा। ईव्हीएम / पोस्टल बैलेट की टेबल पर अभ्यर्थी के काउटिंग ऐजेन्ट रहेगें, जिनके बैठने का क्रम (1) मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दल, (2) ऐसे मान्यता प्राप्त अन्य राज्यों के राज्यीय दल जिन्हें उस विधानसभा क्षेत्र के लिए चुनाव चिन्ह नियत किया गया है. (3) अमान्यता प्राप्त रजिस्ट्रीकृत दल. (4) निर्दलीय रहेगा। स्ट्रॉग रूम से मतगणना हॉल तक मशीनें पहुंचने के लिए विधानसभा क्षेत्रवार पृथक-पृथक मार्ग / रास्ता / व्यवस्था निर्धारित की गई है, जिसका सीसीटीवी कवरेज होगा। आर्जवर के अतिरिक्त किसी को भी मतगणना हॉल में मोबाईल ले जाने की अनुमति नहीं है, केवल RO/ARO /Counting Supervisor जो ईटीपीबी से जुड़े है वह केवल ईटीपीबीएमएस सिस्टम ओपन करने के लिए ओटीपी हेतु मोबाईल ले जा सकेंगे तथा उसके पश्चात मोबाईल बंद कर प्रेक्षक/RO/ARO के पास जमा कराएंगे। मतगणना जिला मुख्यालय पर प्रातः 8 बजे विधानसभा क्षेत्रवार प्रारंभ होगी। सबसे पहले पोस्टल बैलेट की मतगणना शुरू होगी। पोस्टल बैलेट की मतगणना के आधे घण्टें पश्चात् 08:30 बजे ईव्हीएम से मतगणना प्रारंभ होगी। विधानसभा के पोस्टल बैलेट की मतणना समाप्त होते ही अभ्यर्थीवार डाकमतों के परिणाम की घोषणा की जावेगी। प्रत्येक राउंड पूरा होने पर नियमानुसार उस राउंड के परिणाम की घोषणा की जावेगी तथा दूसरे राउंड की गिनती प्रारंभ होगी। मीडिया को भी इसकी जानकारी मीडिया सेन्टर में दी जावेगी, इस हेतु जिला जनसंपर्क अधिकारी समन्यय बनाएंगे। मध्यप्रदेश विधानसभा निर्वाचन 2023 में 80 वर्ष से अधिक उम्र के 51259 वरिष्ठ मतदाताओं एवं 12093 दिव्यांग मतदाताओं ने घर से मतदान किया। Essential Services के 1113 कर्मियों द्वारा मतदान किया गया। 304623 मतदान कर्मियों द्वारा पोस्टल बैलेट से मतदान किया गया। मतदान केन्द्र पर ही मतदान हेतु 21197 मतदान कर्मियों को ईडीसी जारी किए गए। मध्यप्रदेश में ईव्हीएम की गणना हेतु 4369 टेबल तथा पोस्टल की मतगणना हेतु 692 टेबल लगाएं गए है। ईव्हीएम मतगणना हेतु सबसे अधिक 26 राउंड 193-झाबुआ विधानसभा क्षेत्र में तथा सबसे कम 12 राउंड 20-सेवढ़ा विधानसभा क्षेत्र जिला दतिया में होगें। मतगणना के परिणाम के लिए जिलों में स्क्रीन आदि पर व्यवस्था की गई है। मतगणना के परिणाम भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट https://results.eci.gov.in तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश की वेबसाईट ceomadhyapradesh.nic.in पर भी प्रदर्शित होगें। इसके साथ साथ आमजनों की सुविधा के लिए वोटर हेल्पलाईन एप्प पर भी मतगणना के परिणाम उपलब्ध रहेगें, इस हेतु इस एप्प को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करना होगा। मतगणना उपरांत निकाले जाने वाले जुलूस, रैली आदि पर नियमानुसार अनुमति प्राप्त कर ही

पीएम मोदी के स्वागत में ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंजा दुबई एयरपोर्ट.

Bharat Mata Ki Jai’ slogans echoed at Dubai Airport during the welcome of Prime Minister Modi. पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात में वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे और तीन उच्च स्तरीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे जिनमें से दो की सह-मेजबानी भारत द्वारा की जाएगी. दुबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28वें कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (COP28) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए गुरुवार रात दुबई पहुंचे. वह 1 दिसंबर को होने वाले COP28के वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन शिखर सम्मेलन में भाग लेंगेजैसे ही पीएम मोदी दुबई हवाई अड्डे पर उतरे, एक होटल के बाहर इंतजार कर रहे भारतीय प्रवासियों ने ‘सारे जहां से अच्छा’ गाया और ‘भारत माता की जय’ के साथ-साथ ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए. दुबई पहुंचने के बाद, पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि वो शिखर सम्मेलन की कार्यवाही की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य एक बेहतर प्लैनेट बनाना है.उन्होंने कहा, “सीओपी-28 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दुबई में उतरा हूं. शिखर सम्मेलन की कार्यवाही का इंतजार कर रहा हूं, जिसका उद्देश्य एक बेहतर प्लैनेट बनाना है.” पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात में वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे और तीन उच्च स्तरीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे, जिनमें से दो की सह-मेजबानी भारत द्वारा की जाएगी. इसके अलावा, विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने एक्स पर एक वीडियो मैसेज शेयर किया, जिसमें कल के उनके एक्शन-पैक कार्यक्रम का ओवरव्यू दिया गया. उन्होंने कहा कि वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन समिट COP28 का उच्च-स्तरीय खंड है, यह कहते हुए कि यह सुबह इस उच्च-स्तरीय जलवायु कार्यक्रम के उद्घाटन कार्यक्रमों के साथ शुरू होगा. उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री अपना संबोधन देंगे. लेकिन जलवायु वित्त में परिवर्तन पर संयुक्त अरब अमीरात द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भाग लेने के बाद, प्रधानमंत्री संयुक्त अरब अमीरात केसाथ एक कार्यक्रम की मेजबानी करेंगे, जो हरित क्रेडिट पर ध्यान देगा, ये एक वो पहल है, जिसमें प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत रुचि है. बागची ने आगे कहा कि इस दौरान दिन में बड़ी संख्या में द्विपक्षीय कार्यक्रम होंगे. दुबई में COP28 जलवायु वार्ता से पहले अपने डिपार्चर नोट में, पीएम मोदी ने ये भी कहा कि G20 नई दिल्लीनेताओं की घोषणा में जलवायु कार्रवाई और सतत विकास पर ठोस कदम भी शामिल थे.

अधिकतर चैनल्स जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं.

Most channels are far away from ground reality. आइए आपको उन सीटों की जानकारी देते है जहाँ मुकाबला त्रिकोणीय है या चतुष्कोणीय है,यह सीटें कोई नहीं बता सकता कि कौन जीतेगा,जहाँ प्रत्याशी की हार जीत तीसरे चौथे प्रत्याशी को मिले वोट पर निर्भर होगी,कई जगह यह गैर भाजपा गैर कांग्रेस उम्मीदवार जीतने की ताकत भी रखते हैं । *उदित नारायण* भोपाल।पहले हम बसपा की Top performing सीट्स से शुरुआत करते हैं 1-दिमनी2-मुरैना3-रेगांव4-नागौद5-सतना6-गुढ़7-सिमरिया8-राजनगर9-पथरिया10-गोहद11-लहार12-भिंड13-बारासिवनी-अजाबशास्त्री(लोधी)14-सेंवढ़ा-दामोदर यादव-भीम आर्मी आदिवासी बहुल सीटे जो GGP के असर की हैं15-परसवाड़ा-कंकर मुंजारे16-बिछिया-कमलेश टेकाम17-जबेरा-विनोद राय18-शाहपुरा-अमानसिंह पोर्ते19-मानपुर-राधेश्याम काकोड़िया20-अमरवाड़ा-देव रावेन भलावी21-लखनादौन-सन्तर भलावी22-सिवनी-रंजीत वासनिकऐसी सीटें जहाँ जयस से जुड़े युवकों ने अच्छी चुनोती देकर मुकाबला त्रिकोणीय बनाया है23-सैलाना-कमलेश्वर डोडियार24-महू-प्रदीप मावी25-रतलाम ग्रामीण-डॉ अभय ओहरी26-पेटलावद- इंजीवालूसिंह गामड़27-नेपानगर-बिल्लोरसिंह जमरा28-भगवानपुरा-मोहन किराड़े29-मनावर-लालसिंह बर्मन(आप/जयस)30-सरदारपुर-राजेन्द्र गामड़आप पार्टी जिन सीटो पर प्रभावी है31-सिंगरौली-रानी अग्रवाल32-बंडा सुधीर यादव33-चाचौड़ा-ममता मीणाइसके अलावा कुछ निर्दलीय है जिन्होंने मुकाबले को त्रिकोणीय बनाया है34-कटंगी-केसर बिसेन/प्रशांत मेश्राम35-भीकनगांव-मोहन पटेल36-पानसेमल-रमेश चौहान37-जोबट-माधोसिंह डाबर/रिंकुबाला डाबर(जयस)38-बुरहानपुर से हर्ष चौहान/AIMIM उम्मीदबार नफीस मंशा खान39-होशंगाबाद-चौरे40-सिवनी मालवा-ओम रघुवंशी/सुनील गौरहीरा अलावा के नेशनल जयस ने भी 4 प्रत्याशी उतारे है41-भैंसदेही-संदीप धुर्वे42-घोड़ाडोंगरी-स्मिता राजा धुर्वे43-टिमरनी-रमेश मर्सकोले44-बड़वाणी-संदीप नरगावे45-राजपुर सुनील सोलंकीइसके अलावा लगभग 2/3सीटों पर समाजवादी पार्टी प्रत्याशी निर्णायक वोट लाएंगे46-निवाड़ी-मीरा दीपक यादव47-टीकमगढ़ से सपा प्रत्याशी48-बहोरीबंद से शंकर महतो

30 साल से जीतते आ रहे केपी सिंह की शिवपुरी में परीक्षा, क्या रहेगा रिजल्ट.

The examination in Shivpuri, which has been won by K.P. Singh for the past 30 years, what will be the result? Special Correspondent- Sahara Samachaar, Shivpuri भोपाल। शिवपुरी जिले की पांच विधानसभा सीटों के लिए 3 दिसंबर को मतगणना का काम होगा। इसको लेकर सभी आवश्यक तैयारियां जिला प्रशासन के द्वारा पूरी कर ली गई हैं लेकिन इसी बीच शिवपुरी विधानसभा सीट पर सबकी निगाहें लगी हुई हैं क्योंकि यहां से कांग्रेस के नेता और पिछले 30 साल से पिछोर विधानसभा सीट से जीतते हुए आ रहे केपी सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। इस बार कांग्रेस ने केपी सिंह को पिछोर की बजाय शिवपुरी से टिकट दिया है। पिछोर विधानसभा सीट से पिछले 30 साल से 6 बार से केपी सिंह विधायक बनते हुए आ रहे हैं लेकिन इस बार उनका टिकट बदला गया और उन्हें शिवपुरी विधानसभा में मैदान में उतारा गया है। शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने उनके खिलाफ देवेंद्र जैन को टिकट दिया है क्योंकिभाजपा की वरिष्ठ नेता यशोधरा राजे सिंधिया अपने स्वास्थ्य कारणों के चलते चुनाव नहीं लड़ रही हैं। यशोधरा राजे सिंधिया द्वारा चुनाव नहीं लड़ने के कारण भाजपा ने भी यहां पर टिकट बदलकर उनकी जगह देवेंद्र जैन को मौका दिया है।भाजपा के गढ़ के रूप में जाना जाती है शिवपुरी सीट-शिवपुरी विधानसभा सीट को भाजपा के गढ़ के रूप में जाना जाता है क्योंकि यहां से पिछले चार बार से विधानसभा चुनाव में भाजपा जीतते हुए आ रही हैं। यशोधरा राजे सिंधिया यहां से चार बार विधायक निर्वाचित हो चुकी हैं इसलिए इस सीट को भाजपा का गढ़ कहा जाता है लेकिन इस बार कांग्रेस के केपी सिंह ने यहां से चुनाव मैदान में उतरकर भाजपा को टक्कर दी है।केपी सिंह हार गए तो टूट जाएगा रिकॉर्ड-पिछोर विधानसभा सीट से 6 बार से विधायक बनते हुए आ रहे केपी सिंह इस बार शिवपुरी में अपना भाग्य आजमा रहे हैं अगर वह यहां से चुनाव हार गए तो उनका लगातार चुनाव जीतने का रिकॉर्ड टूट जाएगा। अगर जीतते हैं तो वह इस रिकार्ड को कायम कर पाएंगे और सातवीं बार वह वह निर्वाचित होंगे। वैसे अभी तक जो अनुमान लगाया जा रहा है उसके अनुसार यहां पर भाजपा के देवेंद्र जैन केपी सिंह पर भारी पड़े क्योंकि देवेंद्र जैन यहां पर केपी सिंह की दबंगई छवि को मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ा। इसके अलावा शिवराज सरकार की योजना और लाडली बहना योजना का असर यहां पर देखा जा रहा है। हालांकि 3 दिसंबर को परिणाम सामने आएंगे तब तक सबकी निगाहें इस परिणाम पर ही टिकी हैं।कांग्रेस में टिकट को लेकर चली माथापच्ची-शिवपुरी विधानसभा सीट की टिकट को लेकर कांग्रेस में अंतिम दौर तक माथापच्ची चली। नाम निर्देशन पत्र भरने के अंतिम दौर तक तमाम कयासों के दौर चलते रहे कि यहां से कौन चुनाव लड़ेगा। पहले ऐसा अनुमान लगाया जा रहा था कि भाजपा छोड़कर आए कोलारस विधायक वीरेंद्र रघुवंशी को कांग्रेस टिकट देगी लेकिन उनको टिकट न देकर केपी सिंह को टिकट दिया गया। केपी सिंह को पिछोर की वजह शिवपुरी मैदान में उतारा गया। इसको लेकर कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच कुछ दिनों के लिए बयानबाजी का दौर भी चला लेकिन बाद में मामला साफ हो गया कि उन्हें एक रणनीति के तहत शिवपुरी से उतारा गया है। पिछोर विधानसभा सीट पर भी कांग्रेस में टिकट को लेकर माथापच्ची चली। पूर्व में यहां से केपी सिंह की बजाय कांग्रेस ने शैलेंद्र सिंह को टिकट दिया लेकिन उनका नाम भी बदलकर फिर बाद में अरविंद लोधी को टिकट दिया गया। कांग्रेस की बार-बार टिकट बदला-बदली की रणनीति के कारण भी पार्टी की फजीयत हुई।

एग्जिट पोल भाजपा और कांग्रेस में कांटे की टक्कर.

Exit poll” indicates a tough competition between the BJP and Congress एग्जिट पोल भाजपा और कांग्रेस में कांटे की टक्कर* एमपी विधानसभा चुनाव एग्जिट पोल रिजल्ट, अब आखिरी वक्त का इंतजार उदित नारायण भोपाल-ग्वालियर। एमपी एग्जिट पोल के नतीजे आने लगे हैं। ऐसे में सबकी निगाहें ग्वालियर-चंबल क्षेत्र पर टिकी है। ग्वालियर-चंबल की वजह से ही 2020 में कमलनाथ की सरकार गिर गई थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने समर्थकों के साथ बीजेपी का दामन दाम लिया था। एबीपी और सी वोटर्स के एग्जिट पोल के अनुसार ग्वालियर-चंबल में बीजेपी की स्थिति ठीक नहीं है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में बीजेपी को बड़ा नुकसान हो रहा है।दरअसल, मध्य प्रदेश में एबीपी और सी-वोटर्स के एग्जिट पोल के अनुसार एमपी में बीजेपी को 88-112 और कांग्रेस को 113-137 सीटें मिल रही हैं। वहीं, अन्य को 02-08 सीटें मिल रही है। बीजेपी को सबसे ज्यादा नुकसान ग्वालियर-चंबल के क्षेत्र में हो रही है। यह ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए असहज करने वाले नतीजे हैं।एबीपी-सी वोटर्स के अनुसार ग्वालियर चंबल की 34 में से बीजेपी को 4-8 और कांग्रेस को 25-29 सीटें मिल रही हैं। अगर यह अनुमान सही साबित हुए तो ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए बड़ा झटका माना जाएगा। ग्वालियर-चंबल की सीटों पर ही उनका प्रदर्शन टिका हुआ है। पार्टी में आगे की स्थिति उनकी तभी मजबूत रहेगी, जब ज्यादा से ज्यादा उनके वफादार चुनाव जीतेंगे।निकाय चुनाव में लग चुका है झटकावहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में बीजेपी को निकाय चुनाव में झटका लगा चुका है। कई सालों बाद पार्टी ग्वालियर और मुरैना में मेयर चुनाव हार गई थी। ऐसे में इस बार ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने बड़ा चैलेंज है।एक्सिस माय इंडिया में बीजेपी को बढ़तइसके साथ आजतक और एक्सिस माय इंडिया के सर्वे में सिंधिया के गढ़ में कांग्रेस को झटका लग रहा है। इस सर्वे के अनुसार ग्वालियर चंबल की 34 में से 19 सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस को 14 सीटें मिल रही है।एग्जिट पोल के नतीजे कुछ भी बता रहे है यदि कुल मिलाकर देखा जाय तो मध्यप्रदेश में बीएसपी एसपी एवं गोंडवाना पार्टी की कुल मिलाकर 32 सीटो में त्रिकोणीय मुकाबला होने से एवम लाडली बहना योजना का लाभ यदि बीजेपी को मिलता है तो मध्य प्रदेश में बीजेपी की सरकार पुनः बनने की संभावना प्रबल है कुल मिलाकर बीजेपी 118 से 122 सीट, कांग्रेस 108 से 110, बीएसपी अन्य की 5 सीटे आने की संभावना दिख रही है। बीएसपी एसपी गोंडवाना के आने ज्यादा फायदा भाजपा को मिल सकता है ।मध्य प्रदेश में इस बार भी भाजपा की सरकार बनती दिख रही है।

दिग्विजय सिंह ने वित्त विभाग के दो आईएएस पर लगाया 250 करोड़ के घोटाले का आरोप.

Digvijaya Singh has accused two IAS officers in the Finance Department of a scam amounting to 250 crore. ईओडब्ल्यू से की शिकायत, दोनों की वॉट्सएप चैट और आडियो सीडी भी उपलब्ध कराई भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना के तीन दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने प्रदेश सरकार के वित्त विभाग के दो आईएएस अधिकारियों पर 250 करोड़ के भ्रष्टाचार बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने वित्त विभाग के अधिकारी आईएएस अजीत केसरी और ज्ञानेश्वर पाटिल की ईओडब्ल्यू से शिकायत की है। इसके साथ उन्होंने दोनों की वॉट्सएप चैट और आडियो सीडी भी उपलब्ध कराई है। दिग्विजय सिंह बोले-प्राथमिकी दर्ज करेंपूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने ईओडब्ल्यू के डीजी को दी शिकायत में लिखा कि उनको दो भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की शिकायत मिली है। एमपी में वित्त विभाग के दो आईएएस अधिकारियों ने 250 करोड़ का घोटाला किया है। उन्होंने शिकायत के साथ दिए दस्तावेज और ऑडियो सीडी के आधार पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की। यह है मामलाशिकायत के अनुसार राज्य मंत्रालय में लागू आईएफएमएस सिस्टम का काम एक चहेती फर्म को देने के लिए वित्त विभाग के अधिकारियों ने वित्त मंत्री को विश्वास में लेकर ढाई सौ करोड़ रुपये का घोटाला किया गया है। इसके लिए टेंडर में मनमानी शर्तें डालते हुए टीसीएस जैसी टाटा समूह की कंपनी को बाहर किया गया। इसके बाद टेरा टेक्नॉलाजी लिमिटेड गुडगांव को ठेका देने की कार्यवाही शुरू कर दी गई। शिकायत के अनुसार इस घोटाले में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के साथ-साथ अतिरिक्त मुख्य सचिव अजीत केसरी की भूमिका को भी संदिग्ध बताया गया है। इसके अलावा एक अन्य आईएएस ज्ञानेश्वर पाटिल पर कंपनी के प्रतिनिधियों से मिलीभगत कर घोटाले में शामिल होने का आरोप है। पहले यह टेंडर 200 करोड़ रुपये का था, जिसे एजेंसी तय होने के दौरान बढ़ाकर 247 करोड़ रुपये कर दिया गया। 50 करोड़ रुपये का लेन देनपूरे टेंडर घोटाले में करीब 50 करोड़ रुपये का लेन-देन का आरोप है। शिकायत में रिश्वत की रकम विभिन्न माध्यमों से संबंधित अधिकारियों और मंत्री को देने की बात कही गई है। एसीएस वित्त अजीत केसरी, ज्ञानेश्वर पाटिल, आयुक्त कोष एवं लेखा और टेरा टेक्नॉलाजी लिमिटेड गुडगांव से काम लेने वाले आंध्र प्रदेश की कंपनी पिक्सल वाइड सॉल्यूशन के डायरेक्टर प्रित्युश रेड्डी के लिए काम करने वाले ग्वालियर निवासी देवेश अग्रवाल के बीच विभिन्न अवसरों पर वाट्सएप पर हुई चेटिंग पत्र शिकायत के साथ दिए गए हैं। यह है ऑडियो में…पत्र के साथ सीडी में संलग्न ऑडियो में वित्त विभाग के शीर्ष अधिकारी हैदराबाद स्थित कंपनी के डायरेक्टर से डील पूरी करने की चर्चा कर रहे हैं। इस बातचीत में डील पूरी न होने पर टाटा कंपनी की टीसीएस को आगे काम देने की बात भी कही जा रही है। चर्चा के दौरान किसी पवन नामक व्यक्ति का नाम लेनदेन में बार-बार आ रहा था। आरोप है कि करीब पचास करोड़ रुपये का लेन देन करने के बाद वित्त विभाग के अधिकारियों ने आचार संहिता लगने के कुछ दिन पूर्व गुडगांव की कंपनी को वर्क ऑर्डर दिया गया, जो बाद में हैदराबाद की कंपनी को सौंपा गया। शर्तें कंपनी के अनुकूल बनाई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वित्त विभाग के अधिकारियों ने इस टेंडर प्रक्रिया की शर्तों को इस कंपनी के अनुकूल बनाया था, ताकि अन्य कंपनी टेंडर में भाग ही न ले सके। चुनावी साल में और चुनाव घोषित होने के कुछ दिन पूर्व घटित इस हाई प्रोफाइल घोटाले में आर्थिक अनियमितता, भ्रष्टाचार का प्रकरण दर्ज कर समस्त संबंधित दस्तावेज जब्त किए जाना चाहिए और आरोपी अधिकारियों और कंपनी के प्रतिनिधियों और दलालों के बीच हुई बातचीत का रिकॉर्ड मोबाइल कंपनियों से लेकर कार्रवाई की जाना चाहिए।

भाजपा से विधायकों के घेराबंदी के बचाने कांग्रेस करेगी बाड़ाबंदी.

The Congress will undertake a blockade to save legislators from the Bharatiya Janata Party (BJP). बिकाऊ के डर से कर्नाटक शिफ्ट करने की रहेगी कोशिश, भाजपा से विधायकों के घेराबंदी के बचाने कांग्रेस करेगी बाड़ाबंदी, जीत का सर्टिफिकेट मिलने के बाद आर्ब्जवर करेंगे स्ट्रांग रूम के बाहर संपर्क, भोपाल में तैयार रहेंगे चार्टर भोपाल। साल 2020 में आपरेशन लोटस की मार से घायल कांग्रेस दोबारा भुगतान नहीं करना चाहती है। इसलिए कांग्रेस ने भाजपा के घेराबंदी से बचाने के लिए जीतने के बाद विधायकों की बाड़ाबंदी करेगी। यानी कि उन्हें आइसोलेट कर कनार्टक शिफ्ट किया जा सकता है। इसके पीछे की वजह है कि भाजपा के प्लान की बी कांग्रेस को लग चुकी है। यही कारण है कि भोपाल में कर्नाटक भेजने के लिए चार्टर प्लेन तैयार रहेंगे। हालांकि कांग्रेस ने जिला स्तर पर आर्ब्जवर और जिला अध्यक्ष को पहले ही सर्तक कर दिया है। उन्होंने ट्रेनिंग के दौरान कांग्रेस के प्रति निष्ठा रखने के लिए कहा गया था। खुद कमलनाथ ने वीसी के दौरान यह बात कही थी कि भाजपा डोरे डाल सकती है। उन्होंने कहा कि इस पूरे चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवारों को जिताने के लिए मेरा पूरा प्रयास रहा। नाथ ने कहा था कि कोई कहेगा सट़्टा बाजार ये कह रहा है। मैं किसी पर विश्वास नहीं करता। मैं मप्र के मतदाताओं पर ही विश्वास करता हूं। बीजेपी के लोग सोचते हैं हम हथकंडे अपना लेंगे। हम लोगों को खरीद लेंगे। अब इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। आप लोग इस ट्रेनिंग में भाग लें। जो प्रजेंटेशन दिए गए हैं। वो सब मैंने देखे हैं। हमारी टेक्निकल टीम ने तैयार किए हैं। सूत्रों ने बताया कि भाजपा के सामने चुनाव में जीत के लिए चुनौती ज्यादा है। इसलिए कांग्रेस पूरी तरह से अलर्ट मोड कर हैं। प्रत्याशियों को एजेंसियों का डर दिखाकर अपने पाले में ला सकती है। जिसकी आशंका दिग्विजय सिंह ने भी जताई थी। कारण यही है कि जिसके चलते कांग्रेस के कई संगठनों के नेताओं को भी कमलनाथ ने जिम्मेदारी सौंप रखी है। खुद सुबह से नाथ पीसीसी से रखेंगे नजर मतगणना के दिन पीसीसी अध्यक्ष खुद सुबह 9 बजे से मुख्यालय से प्रदेश भर में नजर रखेंगे। एआईसीसी के लीगल एक्सपर्ट और वार रूम के सदस्यों के साथ चुनाव परिणाम पर राउंड वार जानकारी लेंगे। इसके लिए वार रूम भी तैयार किया जा रहा है। पोलिंग के दिन भी कांग्रेस दफ्तर में मौजूद रहे थे। काउंटिंग के दिन नाथ के कई दिग्गज नेता भी वार रूम में परिणामों पर नजर रखेंगे।

एमपी में निर्दलीय, सपा-बसपा की जो मानेगा शर्तें, वही बनेगा ‘सिकंदर’ आधा दर्जन सीटों पर निर्दलीय भारी, सपा-बसपा ने भी मतदाताओं पर खूब डाले डोरे.

Madhya Pradesh, an independent candidate, along with the terms accepted by the SP-BSP alliance, will become a significant player. Heavy competition is expected on half a dozen seats with independent candidates, and the SP-BSP alliance is also actively engaging with voters. पूर्व सांसद गुड्डू, अंतर, चौहान, त्रिपाठी, केदारनाथ शुक्ला सहित आधा नेताओं ने खड़ी कर दी मुश्किल, तीसरा चहेरे ने कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशियों के लिए खड़ा कर दिया जीत का पहाड़, बागियों की बागवत चुनाव परिणाम में पड़ेगी भारी. उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान जहां कई बागियों ने बागवत की है, वहीं सपा और बसपा ने भी मतदाताओं को अपने पाले में लाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसका नतीजा है कि भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के सामने बड़ी चुनौती है। तीसरे चेहरे पर भी जनता भरोसा कर सकती है। ऐसी स्थिति कई अहम सीटों पर बनी है। जो कांग्रेस और भाजपा के पास लंबे तक रिजर्व के तौर पर रही हैं। मध्य प्रदेश में वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव के जब नतीजे आए थे तो भाजपा को 109 और कांग्रेस को 114 सीटें मिली थी। एमपी में किसी भी दल को सरकार बनाने के लिए 116 सीटों की जरूरत होती है। ऐसे में किंगमेकर की भूमिका में निर्दलीय, सपा और बसपा के विधायक थे। रिजल्ट से पहले एक बार फिर 2018 वाली स्थिति को लेकर पूवार्नुमान लग रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस समेत प्रदेश के लोगों की नजर उन निर्दलीय और छोटे दलों के उम्मीदवारों पर टिक गई है, जिनकी जीत तय मानी जा रही है। वहीं, कुछ सीटों पर उनके जीतने की संभावना है। पूरे प्रदेश में ऐसे चेहरों की संख्या सात से आठ हो सकती है। दरअसल, 3 दिसंबर को एमपी विधानसभा चुनाव के नतीजे आएंगे। भाजपा और कांग्रेस 150-150 सीटें लाने का दावा कर रही है। वहीं, वोटिंग से पहले आए ओपिनियन पोल में दोनों में से कोई दल बहुमत के आंकड़े के करीब नहीं पहुंच रहा था। एमपी में सट्टा बाजार भी इसी ओर इशारा कर रहा है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस इन्हें साधने की जुगत में जुट गई है। इनमें से अधिकांश चेहरे इन्हीं दलों से बागी होकर मैदान में हैं। मैहर में नारायण और फिर नारायण बीजेपी ने इस बार मैहर से नारायण त्रिपाठी को टिकट नहीं दिया था। पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से उनका टिकट कटा था। इसके बाद नारायण त्रिपाठी ने विंध्य विकास पार्टी बना ली थी। अपनी ही पार्टी से नारायण त्रिपाठी मैहर से चुनाव लड़ रहे हैं। वोटिंग के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि नारायण त्रिपाठी चुनाव जीत सकते हैं। इनकी नजदीकियां भाजपा और कांग्रेस दोनों से हैं। पूर्व अध्यक्ष के बेटे शेरा और चटनिस के लिए चुनौती वहीं, बुरहानपुर विधानसभा सीट पर भी भाजपा और कांग्रेस की नजर है। इस सीट से अभी निर्दलीय सुरेंद्र सिंह शेरा विधायक हैं। हालांकि वह शुरू से कांग्रेस के साथ रहे हैं। सुरेंद्र सिंह शेरा इस बार कांग्रेस में शामिल हो गए हैं और उन्हें पार्टी ने टिकट दिया है। वहीं, बीजेपी ने अर्चना चिटनिस को यहां से उम्मीदवार बनाया है। अर्चना चिटनिस को टिकट मिलने के बाद बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान के बेटे हर्ष सिंह चौहान नाराज हो गए। हर्ष सिंह चौहान बीजेपी से इस्तीफा देकर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गए हैं। स्थानीय जानकारों के अनुसार हर्ष सिंह चौहान दोनों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। अगर चुनाव जीतते हैं तो बीजेपी इन्हें मनाने की कोशिश करेगी। कांग्रेस के साथ जाएंगे गुड्डू या फिर घर बैठेंगे कांग्रेस के पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू भी आलोट विधानसभा चुनाव से टिकट चाहते थे। पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया तो वह निर्दलीय अलोट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। पार्टी से इस्तीफा देने के बाद कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पर कई आरोप लगाए थे। इन पर भाजपा और कांग्रेस दोनों की नजर है। प्रेमचंद्र गुड्डू भाजपा में भी रह चुके हैं।महू में दरबार के लगने की ज्यादा उम्मीद- महू विधानसभा सीट पर अभी भाजपा का कब्जा है। वहीं, सबसे ज्यादा चर्चा अंतर सिंह दरबार की हो रही है। अंतर सिंह दरबार कांग्रेस में रह चुके हैं। कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो वह निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गए हैं। कहा जा रहा है कि महू में अंतर सिंह दरबार का पलड़ा भारी दिख रहा है। कांग्रेस ने फिर से उन पर डोरे डालने शुरू कर दिए हैं। सीधी में भाजपा के लिए सीधी नहीं जीत, शुक्ला हावी वहीं, पेशाबकांड की वजह से भाजपा ने इस बार अपने सीटिंग विधायक केदारनाथ शुक्ला का टिकट काट दिया था। उनकी जगह सांसद रीति पाठक को टिकट दिया है। सीधी में केदारनाथ शुक्ला ने रीति पाठक की मुश्किलें बढ़ा दी है। हालांकि चर्चा यह भी है कि केदारनाथ शुक्ला अगर टक्कर दिए होंगे तो कांग्रेस को फायदा हो सकता है।चौधरी, राजू और रघुवंशी भी कांग्रेस के लिए कम नहीं- गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में करीब एक दर्जन विधानसभा की ऐसी सीटें हैं, जहां छोटे दल और निर्दलीय बड़े दलों का खेल खराब कर सकते हैं। इनमें गोटेगांव से कांग्रेस के बागी शेखर चौधरी निर्दलीय लड़ रहे हैं। सिरमौर में बीएसपी ने बीजेपी उम्मीदवार की चुनौती बढ़ा दी है। धार में बीजेपी के बागी राजू यादव निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। सिवनी मालवा में ओम रघुवंशी निर्दलीय मैदान में हैं। इससे कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

तेलंगाना की 119 सीटों पर वोटिंग: इस बार तेलंगाना में त्रिकोणीय मुकाबला देखा जा रहा है.

Voting on 119 seats in Telangana: This time, a triangular contest is being witnessed in Telangana. 3 करोड़ से ज्यादा वोटर; BRS, कांग्रेस और भाजपा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला तेलंगाना की 119 विधानसभा सीटों पर सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो गई। यह शाम 5 बजे तक चलेगी। राज्य में 3.17 करोड़ से ज्यादा वोटर्स हैं। इनमें 8 लाख लोग पहली बार वोट डालेंगे। नेशनल और स्टेट लेवल की कुल 109 पार्टियों के 2290 कैंडिडेट्स मैदान में हैं। नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे।तेलंगाना विधानसभा का कार्यकाल 16 जनवरी 2024 को खत्म होने वाला है। यहां पिछली बार दिसंबर 2018 में विधानसभा चुनाव हुए थे और तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) ने सरकार बनाई थी। चंद्रशेखर राव दूसरी बार CM बने थे। TRS का नाम अब BRS (भारत राष्ट्र समिति) हो गया है। BRS विधायक के कविता ने हैदराबाद के बंजारा हिल्स में वोट डाला। इस बार के चुनाव में सत्तारूढ़ BRS और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। भाजपा भी इस बार जोर लगा रही है। साल 2018 में BRS को 88, कांग्रेस को 19 सीटें मिली थीं। वहीं, भाजपा के खाते में केवल एक सीट आई थी।स्टेट इलेक्शन कमीशन के मुताबिक, राज्य में 35,655 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 511 केंद्र संवेदनशील हैं। ये सभी छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा से लगे हैं और नक्सल प्रभावित हैं। सुरक्षा के लिए सेंट्रल आई पुलिस फोर्स की 100 से ज्यादा कंपनियां तैनात की गई हैं।

सरकार पर भड़कीं उमा भारती, पटवारी की हत्या शासन-प्रशासन के लिए कलंक और शर्मनाक है.

Uma Bharti has criticized the government, stating that the murder of a Patwari is a stain and shameful for the administration. पूर्व सीएम ने दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की Udit Narayan भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने सोशल मीडिया पर लिखा कि शहडोल के ब्यौहारी में खनन माफिया द्वारा अवैध खनन रोकने के कारण एक सरकारी कर्मचारी की हत्या मध्य प्रदेश की सारी व्यवस्था समाज, शासन, प्रशासन सबके लिए कलंक एवं शर्मनाक हैं। पूर्व सीएम ने दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की हैं। इससे पहले पूर्व सीएम और पीसीसी चीफ कमलनाथ ने भी घटना पर शिवराज सरकार पर निशाना साधा था। पूर्व सीएम ने कहा था कि यह पहला मौका नहीं है जब मध्य प्रदेश में रेत माफिया ने इस तरह से किसी सरकारी व्यक्ति को कुचल कर मार दिया हो। मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार के दौरान पनपा भ्रष्टाचार और घोटालों के कारण यह स्थिति बनी हैं। बता दें शहडोल के ब्यौहारी में शनिवार रात रेत माफिया ने पटवारी प्रसन्न सिंह की ट्रैक्टर से कुलचकर हत्या कर दी। प्रसन्न सिंह सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद पटवारी बने थे। वह सोन नदी के घाटों पर रेत माफिया पर कार्रवाई कर रहे थे। शनिवार रात वह अपने तीन साथियों के साथ कार से सोन नदी के किनारे पहुंचे थे। इस बीच रेत का ट्रेक्टर आता देख उन्होंने रूकने का इशारा किया, लेकिन ट्रैक्टर चालक ने उन पर ही ट्रैक्टर चढ़ा दिया। प्रसन्न सिंह के सिर से पहिया गुजर जाने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने ट्रैक्टर चालक और उसके मालिक को गिरफ्तार कर लिया।

भितरघातियों पर फूटेगा हार का ठीकरा,3 के बाद गिरेगी गाज.

The counterattack against the infiltrators will result in the defeat; after three, the intensity will increase. भितरघातियों की भाजपा-कांग्रेस तैयार की कुंडली, प्रत्याशियों की शिकायत को आधार मानकर होगी कार्रवाई, दोनों पार्टियों के िलए दाे दर्जन सीटों में खतरनाक साबित होंगे भितरघाती. Udit Narayanभोपाल। विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा- कांग्रेस उन बागियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है जो पार्टी से बगावत कर चुनाव लड़ रहे हैं। अब बारी भितरघातियों की है जिनकी वजह से दोनों दलों के दो दर्जन से ज्यादा प्रत्याशी खतरें में हैं। दोनों दलों में प्रत्याशियों से मिली शिकायतों के आधार पर इन भितरघातियों की कुंडली तैयार हो रही हैं। तीन दिसंबर को मतगणना के बाद इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मतदान के बाद आई शिकायतों की बाढ़भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशियों ने प्रचार अभियान के दौरान जानते हुए भी उन पार्टी नेताओं की शिकायत नहीं की, जो उनके खिलाफ काम कर रहे थे। ऐसा करने की बजाय उन्हें मनाने की कोशिश हो रही थी, क्योंकि खतरा ज्यादा नुकसान का था लेकिन मतदान समाप्त होने के बाद दोनों दलों के पास ऐसी शिकायतों की बाढ़ आ गई है। शिकायतें प्रत्याशियों द्वारा ही भेजी जा रही हैं। इन शिकायतों की सही संख्या नहीं बताई जा रही है लेकिन दो दर्जन से ज्यादा सीटों की शिकायतें गंभीर हैं। कार्रवाई से पहले पक्ष रखने का मौकाबागी होकर चुनाव लड़ने वाले नेताओं के खिलाफ जैसी कार्रवाई हुई है, भितरघातियों के खिलाफ वैसा नहीं होगा। जिनके खिलाफ शिकायतें आई हैं, उन्हें पार्टी की अनुशासन समिति के पास भेजा जाएगा। इसके बाद नोटिस देकर उन्हें पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर ही इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन भितरघातियों के खिलाफ कार्रवाई तय है जिनकी वजह से प्रत्याशियों को पराजय का सामना करना पड़ेगा। तीन अंचलों से आ रहीं ज्यादा शिकायतेंप्रदेश के तीन अंचलों चंबल-ग्वालियर, बुंदेलखंड और विंध्य से भितरघात करने वालों की सबसे ज्यादा शिकायतें भाजपा और कांग्रेस के पास आ रही हैं। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री चंद्रिका प्रसाद द्विवेदी का कहना है कि जो शिकायतें आ रही हैं, उन्हें सूचीबद्ध कर रखा जा रहा है। अभी मतगणना की तैयारी चल रही है। प्रत्याशियों, एजेंटों को प्रिशिक्षित किया जा रहा है। मतगणना के बाद इन शिकायतों पर विचार किया जाएगा। भाजपा प्रदेश कार्यालय प्रभारी महामंत्री भगवानदास सबनानी ने बताया कि पार्टी के पास काम न करने वालों की शिकायतें ज्यादा नहीं है। लेकिन जो भी शिकायतें आई हैं। संबंधित से जवाब लेने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे पीसी शर्मा अपने बयान से एक बार फिर चर्चा में.

Former minister P.C. Sharma, who served in the Congress government, is once again in discussion due to his statement. बोले- प्रचार के दौरान कमल पटेल के क्षेत्र की जनता कहती थी भाजपा से सब कुछ मिला, लेकिन वोट कांग्रेस को देंगेदावा – कांग्रेस 114 नहीं 174 सीट जीत रही, भाजपा वाले बहुमत से सरकार बनाने की बात नहीं कर रहे. Udit Narayanभोपाल। कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे पीसी शर्मा अपने बयान से एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने कहा कि वो मंत्री कमल पटेल के क्षेत्र में गए थे, वहां उन्होंने जब जनता से पूछा बीजेपी में कुछ मिला था क्या, तो जनता बोली मिला सब कुछ, लेकिन वोट कांग्रेस को ही करेंगे। बता दें, शर्मा अपने बयानों से हमेशा चर्चा में बने रहते हैं। इसके पहले भी उन्होंने हाल ही बयान दिया था कि भारतीय टीम ईडी के छापे के डर से क्रिकेट वर्ल्ड कप में हार गई थी। शर्मा ने ये दावा किया कि कांग्रेस 114 नहीं 174 सीट जीत रही है। कांग्रेस की लहर चल रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी बहुमत से सरकार बनाने की बात कहती थी पर अब नहीं कह रही है। शर्मा ने कहा कि बीजेपी के सर्वे भी बता रहे हैं कि कांग्रेस की सरकार बन रही है। बीजेपी जान गई है कि अब कांग्रेस की सरकार बन रही है। कांग्रेस के प्रशिक्षण में कमलनाथ के वर्चुअली संबोधन पर पीसी शर्मा ने कहा कि ये वक्त बदलाव का है। ईवीएम में गड़बड़ी के सवाल पर पीसी शर्मा ने कहा कि जब तक बीजेपी की सरकार है। ये गड़बड़ी करने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। भाजपा के कई मंत्री हारेंगे – पीसी- विधानसभा चुनाव के परिणाम पर पीसी शर्मा ने कहा कि भाजपा कई मंत्री इस बार हारेंगे। वहीं बुधनी विधानसभा को लेकर उन्होंने कहा कि हनुमान जी की लीला है और हनुमान जी कुछ भी कर सकते हैं। शर्मा खुद भोपाल की दक्षिण पश्चिम विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं। भाजपा ने उनके सामने भगवानदास सबनानी को उतारा है। पिछले चुनाव में शर्मा ने इसी सीट से भाजपा के पूर्व मंत्री उमा शंकर गुप्ता को पटकनी दी थी।

अपने दिग्गजों की राजनैतिक विरासत संभालने निकले ‘वंशज’ डेंजर जोन में फंसे.

The ‘descendants’ set out to uphold the political legacy of their stalwarts find themselves trapped in the danger zone. मैदान में अर्जुन, दिग्विजय, कैलाश, पटवा और सकलेचा के बेटे, बड़ा कारण – कांग्रेस-भाजपा ही नहीं अन्य राजनीतिक दलों व निर्दलीय लड़ा चुनाव, राजनीतिक भविष्य ईवीएम में बंद, 3 को खुलेगा तो ही चमकेगी विधायकी की तरदीर उदित नारायणभोपाल। इस बार मप्र के चुनाव में सबसे ज्यादा दिग्गज नेताओं के वारिस चुनावी मैदान में उतरे हैं। इनमें से ज्यादातर का राजनैतिक भविष्य दाव पर लगा है, हालांकि कुछ के लिए राह आसान भी दिखाई दे रही है। जब 3 दिसंबर को ईवीएम परिणाम उगलेगी तो जीत और हार के दावे की हकीकत सबके सामने आ जाएगी। विधानसभा चुनाव में कई राजनेताओं के वंशज व परिवार के सदस्य मैदान में उतरे हैं जिनका राजनीतिक भविष्य ईवीएम में बंद है। इनमें कांग्रेस सरकारों के पूर्व मुख्यमंत्रियों अर्जुनसिंह व दिग्विजय सिंह, गैर कांग्रेस सरकारों के पूर्व मुख्यमंत्रियों कैलाश जोशी, सुंदरलाल पटवा, वीरेंद्र सकलेचा, बाबूलाल गौर, उमा भारती और गोविंदनारायण सिंह के वंशज प्रमुख हैं। इनके अलावा प्रदेश सरकारों के पूर्व मंत्री, सक्रिय राजनेताओं के वंशज भी चुनाव मैदान में उतरे हैं जिन्होंने कांग्रेस-भाजपा ही नहीं अन्य राजनीतिक दलों व निर्दलीय चुनाव लड़ा है। पूर्व मुख्यमंत्रियों में अर्जुन सिंह के पुत्र अजय सिंह चुरहट और साले राजेंद्र सिंह अमरपाटन से हैं जिनकी स्थिति पिछले चुनाव से बहुत अच्छी बताई जा रही है। दिग्विजय सिंह के पुत्र मंत्री जयवर्द्धन सिंह और भाई विधायक लक्ष्मण सिंह की स्थिति पिछली बार से कमजोर है लेकिन दोनों के किसी तरह संकट से बाहर निकल जाने की परिस्थितियां दिखाई दे रही हैं। कैलाश जोशी के पुत्र दीपक के चुनाव के ठीक पहले भाजपा से मोहभंग होने तथा कांग्रेस में पहुंचने से कुछ नुकसान है तो फायदा भी मिलेगा। सुंदरलाल पटवा के भतीजे विधायक सुरेंद्र, वीरेंद्र सकलेचा के पुत्र मंत्री ओमप्रकाश और बाबूलाल गौर की बहू विधायक कृष्णा गौर की स्थिति बेहतर है लेकिन भारती के भतीजे मंत्री राहूल लोधी की सीट पर चुनौतीपूर्ण मुकाबला है। अन्य वंशजों में कुछ बेहतर तो कुछ मुकाबले में फंसेराजनेताओं के अन्य वंशजों में मुकाबले में फंसे प्रत्याशियों में नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह के भांजे कांग्रेस प्रत्याशी राहुल भदौरिया, सिंधिया परिवार की निकटतम रिश्तेदार भाजपा प्रत्याशी माया सिंह, विधानसभा अध्?क्ष गिरीश गौतम के भतीजे कांग्रेस प्रत्याशी पद्मेश, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के पोते भाजपा प्रत्याशी सिद्धार्थ, इंदौर की सांवेर सीट पर पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू की बेटी कांग्रेस की रीना बौरासी के भविष्य का रास्ता 3 दिसंबर को खुलेगा। पूर्व मंत्री चिटनिस, डिप्टी सीएम रहे यादव के सामने चुनौती देपालपुर में निर्भयसिंह पटेल के पुत्र भाजपा प्रत्याशी मनोज पटेल, रतलाम की जावरा सीट पर पूर्व सांसद लक्ष्मीनाराण पांडेय के पुत्र भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र पांडेय, बुरहानपुर की नेपानगर सीट पर पूर्व विधायक राजेंद्र दादू की बेटी भाजपा प्रत्याशी मंजू दादू, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बृजमोहन मिश्र की पुत्री पूर्व मंत्री व भाजपा प्रत्याशी अर्चना चिटनीस, पूर्व विधायक चिड़ाभाई डाबर के बेटे विधायक कांग्रेस प्रत्याशी केदार डाबर, पूर्व उप मुख्यमंत्री सुभाष यादव के पुत्र पूर्व मंत्री सचिन यादव, पूर्व विधायक सीताराम साधौ की पुत्री व पूर्व मंत्री कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ हैं। केंद्रीय मंत्री भूरिया बेटे के लिए परेशानपूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया के पुत्र डॉ. विक्रांत भूरिया, पूर्व विधायक प्रेम सिंह दत्तीगांव के पुत्र मंत्री भाजपा प्रत्याशी राजवर्धन सिंह, पूर्व मंत्री इंद्रजीत कुमार के पुत्र पूर्व मंत्री कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश्वर पटेल, पूर्व मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर के पुत्र कांग्रेस प्रत्याशी नितेंद्र सिंह, पूर्व सांसद सत्यव्रत चतुवेर्दी के भाई कांग्रेस प्रत्याशी विधायक आलोक चतुवेर्दी, पूर्व विधायक चौधरी दिलीप सिंह के पुत्र पूर्व मंत्री कांग्रेस प्रत्याशी चौधरी राकेश सिंह चतुवेर्दी, पूर्व मंत्री सत्येंद्र पाठक के पुत्र भाजपा प्रत्याशी संजय पाठक, पूर्व विधायक प्रभात पांडेय के पुत्र भाजपा प्रत्याशी प्रणय पूर्व सांसद कंकर मुंजारे की पत्नी कांग्रेस प्रत्याशी अनुभा मुंजारे, पूर्व मंत्री लिखीराम कांवरे की पुत्री पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष कांग्रेस प्रत्याशी हिना कांवरे भी शामिल है। अकील की बेटे के लिए ज्यादा चिंंतापूर्व विधायक मनमोहन शाह बट्टी की पुत्री भाजपा प्रत्याशी मोनिका, पूर्व मंत्री आरिफ अकील के बेटे कांग्रेस प्रत्याशी आतिफ अकील, पूर्व राज्यसभा सदस्य कैलाश नारायण सारंग के पुत्र मंत्री विश्वास सारंग, पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के भाई विधायक भाजपा प्रत्याशी उमाकांत, पूर्व विधायक केदार सिंह चौहान के पुत्र भाजपा प्रत्याशी महेंद्र सिंह चौहान, पूर्व विधायक गोविंद शर्मा के पुत्र विधायक भाजपा प्रत्याशी आशीष शर्मा, पूर्व मंत्री हजारीलाल रघुवंशी के पुत्र ओमप्रकाश रघुवंशी के नाम प्रमुख हैं। इन नेताओं की सीट में अच्छे संकेतवहीं जिन नेताओं के वंशजों के लिए चुनाव में मुकाबला आसान दिखाई दे रहा है उनमें पूर्व नेता प्रतिपक्ष जमुनादेवी के भतीजे व पूर्व मंत्री कांग्रेस प्रत्याशी उमंग सिंगार, पूर्व मंत्री सुलोचना रावत के पुत्र भाजपा प्रत्याशी विशाल रावत, पूर्व मंत्री तुकोजीराव पवार की पत्नी विधायक गायत्रीराजे, पूर्व सांसद सुखराम कुशवाह के पुत्र विधायक सिद्धार्थ कुशवाह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे के पुत्र कांग्रेस प्रत्याशी हेमंत कटारे, नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह की समधन पूर्व विधायक चंदा गौर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी के पुत्र अशोक, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के भतीजे कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह शामिल हैं।

सियासत किस करवट लेगी, इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म.

Political discussions are heating up over which direction politics will take. गगनचुंबी दावों के बीच किसके सिर सजेगा सत्ता का ताज, तीन दिसंबर को स्थिति होगी साफ, लगभग 150 घंटे का इंतजार बांकी. उदित नारायण उदित नारायणभोपाल। मध्यप्रदेश चुनाव 2023 के परिणाम को भले ही लगभग 150 घंटे शेष हों, लेकिन सियासत में कांग्रेस और भाजपा के परिणाम इस बार किस करवट बैठेंगे, इसको लेकर भारी चर्चा हो रही है। मध्यप्रदेश में बिना किसी लहर के नजर आए मतदाताओं के उत्साह और भारी मतदान के बाद राजनीतिक दल और राजनेता आंकड़ों के खेल में उलझ कर इस बात का अंदाजा लगा रहे हैं कि आखिर सता का ताज किसके सिर सजेगा। भाजपा को भरोसा है कि सत्ता का ताज उसके सर पर ही सजा रहेगा। वहीं कांग्रेस को भरोसा है कि कांग्रेस की ही सरकार बन रही है और कमल नाथ मुख्यमंत्री बनेंगे। लाडली बहना बनाम एंटी इनकमबेंसी को लेकर ही अनुमान लगाए जा रहे हैं। शिवराज सरकार की लाडली बहना योजना को भाजपा अपने पक्ष में मानकर चल रही है तो कांग्रेस एंटी इनकमबेंसी और महंगाई के कारण महिला मतदाताओं को अपने पक्ष में मानकर अपनी जीतका गगनचुंबी दावा कर रही हैं। भाजपा नेता मध्यप्रदेश में 230 सीटों में से 150 से अधिक सीटें जीतने का दावा कर रहे हैं तो वहीं कांग्रेस नेता 125 से लेकर 150 सीट तक जीतने का दावा कर रहे हैं। अपने अंदरूनी सर्वे में दोनों ही दल यह मानकर चल रहे हैं कि लगभग 100 -100 सीटें तो जीत ही रहे हैं और बची हुई 30 सीटों में से जो भी आधे से अधिक जीत लेगा उसे ही मध्य प्रदेश में सत्ता साकेत में नौकायन का मौका मिल जाएगा। लाख टके के सवाल का जवाब 3 दिसंबर को मतगणना से ही मिलेगा 116 का जादुई आंकड़ा कौन पर करता है। वास्तव में भारी मतदान किसके पक्ष में हुआ है इसको लेकर राजनीतिक विश्लेषक भी अपने-अपने ढंग से इसका अर्थ निकाल रहे हैं लेकिन कोई भी निश्चित तौर पर यह नहीं कह रहा है कि चुनाव कौन जीत रहा है। मध्यप्रदेश के चुनाव नतीजे इस बात पर निर्भर करेंगे कि शिवराज की लाडली बहना ने कोई गुल खिलाया है या फिर एंटी इनकंबेंसी मतदाताओं के मानस पटल पर पूरी तरह छाई रही। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस बात का पक्का भरोसा है कि लाडली बहनों ने अपने भाई का साथ दिया है और भाजपा की ही सरकार बनने वाली है। वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का दावा है कि मतदाता मध्यप्रदेश का निर्माण करेगा और उनका एक-एक वोट प्रदेश में फैले कुशासन को समाप्त कर जनहित की सरकार की स्थापना करेगा। सूत्रों के अनुसार भाजपा के आंतरिक सर्वेक्षण में उसे 124 सीटें जीतने का पक्का भरोसा है जबकि उसका अनुमान है कि कांग्रेस को लगभग 100 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस 130 से अधिक सीटों के साथ अपनी सरकार बनाने का दावा कर रही है तो वहीं पर दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी 124 सीटों पर अपनी जीत पक्की मान वह लगभग 4 सीटों पर कड़े संघर्ष की स्थिति देख रही है। भाजपा के आंतरिक सर्वे में जहां तक विंध्याचल का सवाल है वहां पर पार्टी है यह मान रही है कि उसे यहां की 30 में 19 सीटें मिल ही जाएंगी तो वहीं दूसरी ओर 11 सीटें कांग्रेस को भी मिल सकती है। यहां की 25 सीटों पर कांग्रेस और भाजपा के बीच ही सीधा मुकाबला बताया जा रहा है जबकि 5 सीटों में मुकाबला त्रिकोणात्मक माना जा रहा है। महाकौशल आंचल की कुल 38 सीटों में से भाजपा को 19 सीटों पर जीत का भरोसा है और इतनी सीटें वह कांग्रेस के लिए पक्की मानकर चल रही है। इस प्रकार भाजपा के आंतरिक सर्वे में भी इस अंचल में दोनों के बीच बराबरी का मुकाबला माना जा रहा है जबकि कांग्रेस इस अंचल में अपनी स्थिति काफी मजबूत मानकर चल रही है। यह तो मतगणना से ही पता चलेगा कि आखिर यहां के मतदाताओं ने किस पर अधिक और किस पर कम भरोसा जताया। भाजपा के आंतरिक सर्वेक्षण के अनुसार भोपाल- नर्मदापुरम संभाग की 36 सीटों में से भाजपा 20 पर अपनी जीत पक्की मानकर चल रही है और कांग्रेस को वह 15 सीटें दे रही है। राजधानी भोपाल की एक सीट भोपाल मध्य में वह कांग्रेस के साथ क कड़े संघर्ष की स्थिति देख रही है। इस संभाग में भी भाजपा और कांग्रेस के बीच ही मुख्य चुनावी मुकाबला हो रहा है। ग्वालियर चंबल संभाग में 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को धीरे से जोर का झटका लगा था लेकिन यहां वह दल बदल के बाद भाजपा को अपनी स्थिति तुलनात्मक रूप से मजबूत नजर आ रही है क्योंकि इस बार उसे भरोसा है कि उसकी झोली में 15 सीटें तोआ ही रहीं हैं जबकि एक मुरैना सीट पर कड़े मुकाबले में बसपा को जीतते हुए देख रही है। इस सर्वे में माना जा रहा है कि इस अंचल में सबसे अधिक 17 सीटें कांग्रेस जीत सकती है। दतिया सीट पर भाजपा कांग्रेस के साथ कड़े मुकाबले की स्थिति देख रही है ।यहां पर भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर हो रही है। बुंदेलखंड अंचल की 26 सीटों में से भाजपा यह मानकर चल रही है कि कांग्रेस को 13 सीटों पर बढ़त है तो वहीं 12 सीटों को अपने लिए पक्की मान रही है जबकि एक सीट निवाड़ी में समाजवादी पार्टी को जीते हुए देख रही है। निमाड़ और मालवांचल की 66 सीटों में से वह अपने लिए 39 सीटें पक्की मान रही है जबकि क्षेत्र 25 सीटें कांग्रेस पार्टी को दे रही है। जहां तक कांग्रेस का सवाल है उसे 130 से 140 सीटें जीतने का भरोसा है। कांग्रेस पार्टी का आंतरिक सर्वे भाजपा को मात्र 80 से 85 ही सीटें दे रहा है। वही आम आदमी पार्टी बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी आदि को लगभग दस तक सीटें मिल जाएगी ऐसा मानकर कांग्रेस चल रही है।कांग्रेस और भाजपा दोनों ही अपनी जीत का दावा पूरी शिद्दत के साथ कर रहे हैं।दोनों के अपने अपने तर्क हैं और अपने अपने विश्वास । सभी पार्टियों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपने-अपने … Read more

महाकौशल के तीन दिग्गज नेताओं दाव पर लगी साख.

Mahakaushal three stalwart leaders of expertise face a challenge. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद और फग्गन सिंह कुलस्ते मैदान में, तीनों के परिणामों पर पूरे प्रदेश की नजर, भाजपा और कांग्रेस बेचैन, परिणामों को लेकर सियासत में चर्चाओं का बाजार गर्म उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा 2023 के परिणामों को लेकर प्रदेश की सियासत में चर्चाओं का बाजार गर्म है। ग्वालियर-चंबल, निमाड़-मालवा, बुंदेलखंड, बिंध्य क्षेत्र और महाकौशल में यूं तो लोग अपने-अपने नेताओं की जीत को लेकर आश्वस्त हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के महाकौशल क्षेत्र की है। क्योंकि यह क्षेत्र उनका गढ़ कहा जाता है। इस क्षेत्र में इस बार कांग्रेस भारी रहेगी या भाजपा, इसको लेकर प्रदेश भर की नजर लगी हैं। कांग्रेस ने पिछले विधानसभा चुनाव में जहां पर जबरदस्त बढ़त ली थी। कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा की सभी 7 सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी। इस बार भाजपा ने अपने दो केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और फगन सिंह को भी इस क्षेत्र से विधानसभा के चुनाव मैदान में उतारा है। इस क्षेत्र में आने वाले आठ जिलों की 38 सीटों पर किसे कितनी सीटें मिलेंगी इस पर पूरे प्रदेश की नजर है। दरअसल, मध्य प्रदेश में सरकार बनाने के लिए इस क्षेत्र को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। कमलनाथ के परिणामों पर सबकी नजरमध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ छिंदवाड़ा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। साल 2018 में वह चुनाव नहीं लड़े थे, लेकिन उनका प्रभाव साफ तौर पर इस जिले में दिखाई दिया था। जिले की सभी सिम कांग्रेस ने जीत ली थी बाद में कमलनाथ के उपचुनाव छिंदवाड़ा सीट से लड़ा और चुनाव जीत गए। इस बार कमलनाथ कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री का चेहरा इसलिए ना सिर्फ उनकी सीट छिंदवाड़ा पर लोगों की नजर है, बल्कि उनके जिले की हर सीट पर प्रदेश भर की नजर गड़ी हुई है। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल और फग्गन सिंह कुलस्ते के चौकाने वाले होंगे परिणामकेंद्रीय मंत्री पहलाद सिंह पटेल नरसिंहपुर से चुनाव लड़ रहे हैं उनके भाई जालम सिंह पटेल इसी क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रदेश के दिग्गज नेताओं में शुमार प्रहलाद सिंह पटेल के चुनाव परिणामों को लेकर कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के साथ प्रदेश भर के सभी राजनेताओं की नजर उन पर है। केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते का भाजपा के दलित आदिवासियों नेताओं में बड़ा नाम है। इस बार उन्होंने निवास विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा है। साल 2018 में यह सीट कांग्रेस ने जीती थी। भाजपा ने आदिवासियों के सबसे बड़े नेता माने जाने वाले कुलस्ते को इस सीट से उतर कर मुकाबला रोचक बना दिया है। पूरे प्रदेश पर की नजर इस सीट पर है। महाकौशल में आने वाली आदिवासी बाहुल्य सीटों पर कुलस्ते के चुनावी मैदान में उतरने से कितना असर पड़ेगा। इस पर भी दोनों ही राजनीतिक दलों के लोगों की नज़रें टिकी हुई है।

सरकार किसी की भी बने, इस बार डिप्टी सीएम का फार्मूला भी.

Regardless of which government is formed, this time the formula for the Deputy Chief Minister is also there. Manish Trivediभोपाल, मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनावों में मतगणना के बाद सरकार किसी भी दल की बने चाहे वह भाजपा हो या कांग्रेस, लेकिन इतना तय है कि अब मध्यप्रदेश में डिप्टी सीएम के फार्मूले भी चलेंगे। इस बार दोनों ही दलों में सीएम बनने की चाहत वाले नेताओं को संतुष्ट करने के लिये यूपी , महाराष्ट्र व छत्तीसगढ की तर्ज पर डिप्टी सीएम बनाया जायेगा। ताकि सत्तारूढ पार्टी के बडे नेताओं में समन्वय रहे। यदि भाजपा की सरकार बनती है तो सीएम के अलावा दो डिप्टी सीएम बनेंगे, इसमें एक दलित वर्ग से भी पार्टी के एक बडे नेता को संतुष्ट किया जायेगा। वहीं कांग्रेस की सरकार बनती है तो ग्वालियर-चंबल या विंध्य, अंचल के एक बडे नेता को अब डिप्टी सीएम बनाना तय है। यह नेता कमलनाथ की पिछली सरकार में भी पावरफुल मंत्री रहे थे।कुल मिलाकर दोनों ही पार्टियां अब अंदर ही अंदर नाराजगी रोकने के लिये डिप्टी सीएम के फार्मूले पर काम कर रही है।

वोटिंग के बाद भाजपा के बडे नेता व मंत्री पूजा पाठ में तल्लीन.

After voting, senior leaders and ministers of the BJP were immersed in prayer. उदित नारायणभोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों की वोटिंग के बाद प्रदेश के एक दर्जन मंत्री और भाजपा के बडे नेता पूजा पाठ में लगे हैं । इन्हें विश्वास है कि उनकी पूजा पाठ से नैया पार लग जायेगी। यह मंत्री और बडे नेता धार्मिक स्थानों पर निकल गये हैं, तो कुछ अज्ञात वास पर हैं। जहां नियमित तौर पर अपने धार्मिक सलाहकारों की सलाह से पूजा पाठ में लगे हैं।कुल मिलाकर भाजपा की सरकार के मंत्री व बडे नेता मध्यप्रदेश में हुई बम्पर वोटिंग से मन ही मन घबरा रहे हैं, और अपने सलाहकारों की सलाह पर परिणाम अपने पक्ष में आने की संभावना पर धार्मिक स्थलों के दर्शन भी कर रहे हैं। स्वयं मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी पांचवी बार सरकार के रिपीट की संभावना पर पूजा पाठ कर रहे हैं। उन्होंने भी कई धार्मिक स्थलों पर दर्शन किये हैं। कुल मिलाकर अब राज्य की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री , मंत्री व भाजपा के बडे नेता चुनावी घमासान में वोटर रूपी भगवान की मान मनोब्बल करने के बाद अब देव मंदिरों व देव आराधना की शरण में हैं। विशेष बात यह है कि इन सभी ने अपनी दिनचर्या भी पंडितों व ज्योत्षियों के बताई सलाह पर कर ली है। राज्य के एक बडे मंत्री तो एक वास्तु विशेषज्ञ की सलाह भी ले रहे है। वैसे यह सभी कवायद चुनाव जीतने के लिये ही है। वहीं एक भाजपा कार्यकर्ता का तो यह कहना है कि यदि कार्यकर्ताओं की पूछ परख की होती तो इतनी चकल्लस ही क्यों करनी पडती।कांग्रेसी भी पूजा पाठ के सहारे राज्य विधानसभा चुनावों में भाजपा को कडी टक्कर देने वाली कांग्रेस के नेता व प्रत्याशी भी अपनी जीत के लिये विभिन्न मंदिरों में मत्था टेक रहे हैं। किसी ने अपने घर अखंड रामायण तो किसी ने सुंदरकांड तक के आयोजन कराये हैं। स्वयं कमलनाथ भी अपने एक ज्योतिष व धार्मिक सलाहकार की सलाह से चल रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में कयासों का बाजार गर्म.

The market of speculations is hot in Chhattisgarh. Special Corrospondent. विधानसभा चुनाव नतीजों को लेकर छत्तीसगढ़ में कयासों का बाजार गर्म है। कोई कह रहा है राज्य में कांग्रेस सरकार बना लेगी, तो किसी का मत भाजपा के पक्ष में हैं। भाजपा और कांग्रेस अपने-अपने स्तर पर चुनाव नतीजों की समीक्षा में लगे हैं। जमीनी हकीकत को लेकर प्रत्याशियों से फीड बैक भी ले रहे हैं और उनकी शिकवा-शिकायत भी सुन रहे हैं। शिकायतों के आधार पर कांग्रेस ने कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी से निकाल भी दिया। सरकार बनाने को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल ताल ठोंक रहे हैं, पर संख्या बल को लेकर दोनों दल सशंकित बताए जाते हैं। बागियों और अधिकृत प्रत्याशियों के लिए काम न करने को लेकर दोनों दलों। खबर है कि कांग्रेस के कुछ दिग्गज नेता और मंत्री भी शिकवा-शिकायत के लिए प्रभारी महासचिव सैलजा के पास पहुंच गए। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि कांग्रेस के दिग्गजों की हालत भी पतली है, ऐसा न होता तो शिकवा-शिकायत की नौबत ही नहीं आती। पिक्चर तो तीन दिसंबर को ही साफ़ होगी।चुनावी दंगल में फंसे हैं पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे कहते हैं पूर्व मुख्यमंत्री श्यामाचरण शुक्ल के बेटे अमितेश शुक्ल और पूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा के बेटे अरुण वोरा इस बार चुनावी दंगल में फंस गए हैं। दोनों के ख़िलाफ भाजपा ने नए चेहरे मैदान में उतारे हैं। चर्चा है कि एंटी इंकम्बैंसी फैक्टर और भितरघातियों के फेर में दोनों उलझ गए हैं। 2018 में अमितेश शुक्ल राजिम से ही 58 हजार से अधिक वोटों से जीते थे। अरुण वोरा ने भी दुर्ग से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 21 हजार से अधिक मतों से हराया था। गौरतलब है कि दोनों के पिता संयुक्त मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री थे। छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी भी पाटन से चुनाव लड़ रहे हैं। दो धाकड़ लोगों की लड़ाई में अमित जोगी कितना वोट हासिल कर सकते हैं, इसी की चर्चा है। राजेंद्र कटारा को क्लीन चिट ? बीजापुर कलेक्टर राजेंद्र कटारा को लेकर भाजपा लगातार शिकायत कर रही है। भाजपा उन पर पक्षपात का आरोप लगा रही है। कहते हैं भाजपा की शिकायत पर चुनाव आयोग ने करीब पखवाड़ेभर पहले जांच रिपोर्ट बुलवाई थी। कहा जा रहा है जांच रिपोर्ट में राजेंद्र कटारा के खिलाफ शिकायत सही नहीं पाई गई। भाजपा की टीम शुक्रवार को फिर राजेंद्र कटारा की शिकायत लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी दफ्तर गई और उन्हें मतगणना कार्य से दूर रखने की मांग की। खबर है कि भाजपा की टीम को सीईओ ने बीजापुर कलेक्टर के खिलाफ शिकायत सही नहीं पाए जाने की जानकारी दे दी। बीजापुर में पूर्व मंत्री महेश गागड़ा भाजपा प्रत्याशी हैं, उनका मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी विक्रम मंडावी से है। विक्रम मंडावी अभी विधायक हैं। बीजापुर विधानसभा में सात नवंबर को मतदान हुआ था। कांग्रेस नेता की धर्मगुरु से डील की चर्चा कहते हैं एक कांग्रेस नेता को अपनी जीत के लिए एक धर्मगुरु से लंबी डील करनी पड़ी। कहा जा रहा है कि कांग्रेस नेता को अपनी हार का अहसास होने के बाद धर्मगुरु की शरण में जाना पड़ा। कांग्रेस नेता कई बार से चुनाव जीत रहे हैं। कांग्रेस नेता जिस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, वहां एक विशेष धर्म के वोटर काफी संख्या में हैं और वही हार -जीत का फैसला करते हैं। खबर है कि धर्मगुरु से डील के बाद समाज में प्रभाव रखने वाले करीब 40-50 लोग कांग्रेस नेता के समर्थन में उतरे। बताते हैं प्रारंभिक चरण में कांग्रेस नेता के खिलाफ बदलाव की हवा चल पड़ी थी। धर्मगुरु की कृपा से माहौल बदला। हार-जीत का अंतर कम रहने के कयास इस बार के विधानसभा चुनाव में कयास लगाया जा रहा है कि हार-जीत का अंतर काफी कम रहने वाला है। विश्लेषक और राजनीतिज्ञ मानकर चल रहे हैं कि सभी सीटों में मुकाबला कांटे का रहा। इस कारण प्रत्याशियों की जीत -हार काफी कम वोटों से होगी। जानकारों को किसी भी सीट में एकतरफा मुकाबला नजर नहीं आ रहा है। 2018 में मोहम्मद अकबर कवर्धा से 59 हजार से अधिक मतों से जीते थे। माना जा रहा है कि इस बार किसी भी प्रत्याशी के जीत का अंतर इतना बड़ा नहीं होगा। “आप” चर्चा से गायब विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) बड़ी चर्चा में थी, लेकिन चुनाव के दौरान वह सुर्ख़ियों में नहीं रही। मतदान के बाद भी लोग ‘आप’ को याद नहीं कर रहे हैं। बसपा और जोगी कांग्रेस के कुछ सीटों पर जीत की बात हो रही है, लेकिन आप की जीत की बात कोई नहीं कर रहा है। नतीजों के बाद कांग्रेस और भाजपा को बहुमत नहीं मिलने पर बसपा और जोगी कांग्रेस की भूमिका की भी बात हो रही है।

राज्यसभा में MP की 5 सीटों का नंबर गेमः कौन किस पर भारी

The number of seats for Members of Parliament (MP) in the Rajya Sabha is 5. मौजूदा 4 सीटों को बचाने भाजपा को चाहिए 152 विधायक; अप्रैल में खत्म होगा कार्यकाल मध्यप्रदेश में 3 दिसंबर को विधानसभा चुनाव के नतीजे आएंगे। इन नतीजों से दो सवालों का जवाब मिलेगा। मध्यप्रदेश में किस पार्टी की सरकार बनेगी?अप्रैल 2024 में खाली हो रही राज्यसभा की 5 सीटों में से कितनी-किस पार्टी के खाते में जाएंगी। एमपी के 11 में से 5 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल 2 अप्रैल को खत्म हो रहा है। इनमें से 4 सीटें भाजपा जबकि 1 कांग्रेस के पास है। भाजपा को यदि यह आंकड़ा बरकरार रखना है तो विधानसभा में उसे 152 सीटें जीतना होंगी क्योंकि एक प्रत्याशी को जीतने के लिए न्यूनतम 38 विधायकों के वोट की जरूरत होगी। राज्यसभा सांसद का चुनाव तय फॉर्मूले के तहत होता है। इसके मुताबिक, जिस पार्टी के पास विधायकों की संख्या अधिक होती है, उस पार्टी के उम्मीदवार की जीत तय होती है। पहले जानिए, कैसे होता है राज्यसभा चुनाव राज्यसभा सांसदों के लिए चुनाव की प्रक्रिया अन्य चुनावों से काफी अलग है। राज्यसभा के सदस्य अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं यानी जनता नहीं बल्कि विधायक इन्हें चुनते हैं। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए कितने वोटों की जरूरत होती है, ये पहले से ही तय होता है। वोटों की संख्या का कैलकुलेशन कुल विधायकों की संख्या और राज्यसभा सीटों की संख्या के आधार पर होता है। इसमें एक विधायक की वोट की वैल्यू 100 होती है। व्हिप के उल्लंघन से खत्म हो सकती है सदस्यता राज्यसभा चुनाव में लोकसभा और विधानसभा की तरह गुप्त मतदान नहीं होता है। राज्यसभा सांसद के नाम के आगे एक से चार तक का नंबर लिखा होता है। विधायकों को वरीयता के आधार पर वोट देना होता है। राज्यसभा सदस्य के चुनाव के लिए राजनीतिक दल रिक्त सीटों पर प्रत्याशी घोषित करने के साथ अपने विधायकों के लिए व्हिप जारी करते हैं। यदि किसी विधायक ने व्हिप का उल्लंघन कर पार्टी प्रत्याशी को वोट नहीं दिया तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। नियमानुसार पार्टी विधानसभा सचिवालय को ऐसे विधायक की लिखित शिकायत करती है तो जांच के बाद उसकी विधानसभा सदस्यता भी समाप्त हो सकती है। किस फॉर्मूले से तय होती है जीत? राज्यसभा चुनाव के लिए एक फॉर्मूले का उपयोग किया जाता है। इसमें कुल विधायकों की संख्या को 100 से गुणा किया जाता है। इसके बाद राज्य में जितनी राज्यसभा की सीटें हैं, उसमें एक जोड़ कर भाग दिया जाता है। इसके बाद कुल संख्या में एक जोड़ा जाता है। फिर अंत में जो संख्या निकलती है, वह जीत का आंकड़ा होता है। 2020 में भाजपा ने ऐसे पलट दिया था नंबर गेम 19 जून 2020 को राज्यसभा की 3 सीटों के लिए चुनाव हुआ था। भाजपा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया और डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी को प्रत्याशी बनाया था जबकि दिग्विजय सिंह और फूल सिंह बरैया ने कांग्रेस की तरफ से नामांकन भरा था। इस चुनाव से तीन महीने पहले सिंधिया समर्थक 22 विधायकों ने 10 मार्च 2020 को विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में मौजूदा विधायकों की कुल संख्या 206 रह गई थी क्योंकि 2 विधानसभा सीटें मुरैना जिले की जौरा और आगर-मालवा की आगर सीट विधायकों के निधन के बाद खाली थी।इस हिसाब से राज्यसभा के एक प्रत्याशी को कम से कम 52 वोट चाहिए थे। विधायकों की संख्या के आधार पर भाजपा के दो उम्मीदवार- ज्योतिरादित्य सिंधिया (56 वोट) और डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी (55 वोट) जीतने में कामयाब हुए थे। कांग्रेस की तरफ से दिग्विजय सिंह (57 वोट) ही जीत दर्ज कर सके थे। दूसरे प्रत्याशी फूल सिंह बरैया को केवल 38 वोट मिले थे। 5 विधायकों ने भी बदल लिया था पाला 2018 विधानसभा चुनाव के बाद बसपा, सपा और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से कमलनाथ सरकार ने बहुमत का आंकड़ा पार किया था। इस चुनाव में कांग्रेस को 114 और भाजपा को 109 सीटें मिली थीं लेकिन 19 जून 2020 को राज्यसभा की 3 सीटों पर हुए चुनाव से ठीक पहले बसपा के दो, सपा का एक और 2 निर्दलीय विधायकों ने पाला बदल लिया था। जिसका फायदा भाजपा को हुआ था। दिग्विजय को तीन वोट ज्यादा मिले थे 3 सीटों के चुनाव में भाजपा को दो वोटों का नुकसान हुआ था। गुना से भाजपा विधायक गोपीलाल जाटव ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की जगह क्रॉस वोटिंग की थी। सुमेर सिंह सोलंकी के पक्ष में दिया गया भाजपा विधायक जुगल किशोर बागरी का वोट निरस्त हो गया था। 3 सीटों पर चुनाव से ठीक एक दिन पहले 18 जून 2020 को कमलनाथ के निवास पर एक बैठक हुई थी। इसमें तय किया गया था कि दिग्विजय सिंह को 54 विधायक वोट देंगे लेकिन उन्हें 57 वोट मिले। यानी जिन तीन विधायकों को दूसरे प्रत्याशी फूल सिंह बरैया को वोट देना था, उन्होंने दिग्विजय सिंह को वोट दे दिया था। से ओबीसी, दलित और महिला वर्ग को साधा था। दरअसल, राज्यसभा चुनाव से पहले एमपी की राजनीति में ओबीसी एक बड़ा मुद्दा बन गया था। ओबीसी आरक्षण की वजह से पंचायत और निकाय चुनाव टल गए थे। मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था। कोर्ट के दखल के बाद निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण का रास्ता साफ हुआ था। प्रदेश में ओबीसी वोटरों की आबादी 50 फीसदी से अधिक है। बीजेपी ने कविता पाटीदार के नाम की घोषणा कर एक बड़ा ओबीसी कार्ड खेला था। इसी तरह सुमित्रा वाल्मीकि को राज्यसभा में भेजकर दलित वर्ग को साधने की कोशिश की थी। जानकार कहते हैं कि यदि भाजपा फिर दलित, ओबीसी और महिला कार्ड खेलती है तो उसे मिशन 2024 में भी बड़ा फायदा होगा।

खाद की किल्लत की वजह, सरकार की फेल पालिसी- फेडरेशन और सोसायटी के बजाय व्यापारियों को कमीशन के लिए दिया ठेका : गोविंद सिंह

Reason for the fertilizer scarcity is the government’s failed policy, as instead of relying on federations and societies, contracts were given to businessmen for commissions: Govind Singh वीडी शर्मा पर आरोप- अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं, ऐसे नेताओं को ज्यादा लंबा राजनीतिक भविष्य नहीं होता. भोपाल। मध्य प्रदेश के कई इलाकों में खाद की कमी से किस जूझ रहे हैं। किसानों की समस्या को लेकर नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने सरकार पर सवाल खड़े किए। गोविंद सिंह ने कहा कि सरकार की नीतियों की वजह से ही किसान परेशान है। कांग्रेस के समय सोसाइटी में 80 फीसदी खाद दिया जाता था। अब सोसाइटियों के बजाय व्यापारियों को खाद वितरण के लिए जिम्मेदारी दे दी गई है। व्यापारी कालाबाजारी करते हैं और महंगे दाम पर किसानों को खाद लेना पड़ रहा है। पहले व्यवस्था थी कि फेडरेशन बनाकर सरकार 4 महीने के लिए उन्हें लोन देती थी। जिसे खाद की खरीदी हो जाए और 10 प्रतिशत अधिक डिमांड से ज्यादा जिलों में खाद भेजी जाती थी। अब यह व्यवस्था पूरी तरीके से सरकार ने खत्म कर दी है। जिस वजह से जनता परेशान हो रही है। वही गोविंद सिंह ने आशंका जताई कि मतदान के दिन भाजपा के एजेंट बने अधिकारी गड़बड़ी कर सकते हैं। इसलिए कमलनाथ ने मतगणना स्थल पर मौजूद रहने वाले एजेंट को प्रशिक्षण देने के लिए कहा है। साथ ही प्रत्याशी भी आएंगे। उनसे भी चर्चा की जाएगी। गोविंद सिंह ने कहा कि पूरे चुनाव के दौरान कुछ ईमानदार अधिकारियों ने अच्छा काम किया है। कई बेईमान अधिकारी जो भ्रष्ट थे पैसा कमाने में लगे हुए थे। उन्होंने भाजपा के एजेंट के तौर पर काम किए हैं। वहीं राजनगर की घटना में कांग्रेस प्रत्याशी पर मामला दर्ज किए जाने पर कहा की वीडी शर्मा अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं। ऐसे नेताओं को ज्यादा लंबा राजनीतिक भविष्य नहीं होता है।

कांग्रेस की सरकार बनेगी या नहीं, अब चर्चा डिप्टी सीएम बनाने की.

Whether the Congress will form the government or not is now under discussion, focusing on the appointment of the Deputy Chief Minister. कर्नाटक और छत्तीसगढ़ की तर्ज पर एमपी में भी कांग्रेस कर सकती है प्रयोग उदित नारायणभोपाल – मध्य प्रदेश में सरकार आखिर किसकी बनेगी। यह फैसला 3 दिसंबर के बाद ही होगा। इस बीच कांग्रेस के अंदर डिप्टी सीएम बनाए जाने का जिन निकलकर सामने आ गया है। कांग्रेस के अंदर चर्चा है कि छत्तीसगढ़, कर्नाटक के बाद मध्य प्रदेश में भी डिप्टी सीएम बनाए जाने को लेकर कवायद चल रही है। कांग्रेस की शुरूआत से ही अपने कम फीस के तौर पर कमलनाथ को प्रेजेंट किया है। अब डिप्टी सीएम कौन बनेगा या फिर बनाया जाएगा। यह मामला केंद्रीय आलाकमान ही तय करेगा। कांग्रेस के सीनियर लीडर और पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह का कहना है कि मध्य प्रदेश में डिप्टी सीएम बनाए जाने को लेकर फैसला सेंट्रल लीडरशिप करेगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का फैसला होगा। अगर डिप्टी सीएम बनाया जाता है तो कमलनाथ को भी भरोसे में लिया जाएगा। केंद्रीय लीडर से जो भी तय करेगी, वह मध्य प्रदेश में भी होगा। यानी कि केंद्रीय गला कमान की मंजूरी होती है तो कांग्रेस मध्य प्रदेश में भी डिप्टी सीएम बन सकती है। हालांकि अभी इसके लिए लंबा कांग्रेस का इंतजार करना पड़ेगा लेकिन कांग्रेस पूरे भरोसे में है कि सरकार बनने जा रही है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजन ने सीहोर के मतगणना स्थल और स्ट्रांग रूम का किया निरीक्षण

मतगणना की तैयारियों का मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने लिया जायजा

मंत्री सुरेश राठखेड़ा की मुश्किलें बढ़ी, शिवपुरी की घटना पर मानव अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान

मंत्री सुरेश राठखेड़ा की मुश्किलें बढ़ी

पार्टियों ने काटा टिकट, तो विधानसभा सचिवालय ने कहा, बंगला खाली करो

Parties have issued tickets, so the Legislative Assembly Secretariat has said, Vacate the bungalow. छिनेगा यशोधरा राजे से बंगला, चुनाव नहीं लड़ने वाले विधायकों को नोटिस, विधानसभा सचिवालय ने 30 बेटिकट विधायकों को भेजा पत्र भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में दोनों बड़ी पािर्टयों भाजपा और कांग्रेस ने इनकमवेंशी के कारण लगभग ढाई दर्जन के क्या टिकट काट दिए कि अब उनका बंगला भी छिनने वाला है। यानि इधर पार्टियों ने टिकट काटा, तो उधर, जैसे लोकसभा में राहुल गांधी का बंगला िछनने की जल्दबाजी की गई, उसी तरह विधानसभा सचिवालय ने भी बेटिकट वाले माननीयों को बंगला खाली करने का नोटिस थमा दिया है। इससे इन माननीयों की भोपाल में रहने को लेकर बेचैनी बढ़ गई है। नई विधानसभा के गठन तक आवास में रह सकते मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए मतदान पूरा हो चुका है। अब तीन दिसंबर को मतगणना होनी है। जिसमें 16वीं विधानसभा के सदस्यों के नाम सामने आ जाएंगे। नई विधानसभा सदस्यों को आवास उपलब्ध कराने के लिए विधानसभा सचिवालय ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए सचिवालय ने उन विधानसभा सदस्यों को नोटिस जारी कर दिया है, जो चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। ऐसे भाजपा और कांग्रेस के 30 वर्तमान विधायकों को नोटिस देकर आवास खाली करने को कहा गया है। हालांकि वर्तमान विधायक नई विधानसभा के गठन तक आवास में रह सकते हैं। नए विधायकों को लेकर टेंशन में विधानसभा सचिवालय नए विधायकों के जीतने के बाद उन्हें भोपाल में सरकार द्वारा आवास मुहैया कराया जाता है। इसको लेकर विधानसभा सचिवालय ने राज्य सरकार को भी पत्र लिखा है। इसमें नए विधायकों के चुन कर आने पर उनके लिए गेस्ट हाउस और रेस्ट खाली रखने को कहा गया है। इस संबंध में राज्य सरकार की तरफ से भी विभिन्न विभागों को लिखा गया है।

कर्ज में डूबा मध्यप्रदेश, जो सत्ता में आएगा, करोड़ों का कर्ज मिलेगा विरासत में।

Madhya Pradesh will inherit debts in the millions when it comes to power. मनीष त्रिवेदीभोपाल, मध्यप्रदेश में इस बार तीन दिसंबर को जिसकी भी सरकार बनती है, उसे करोड़ों का कर्ज विरासत में मिलेगा। क्योंकि प्रदेश सरकार पर करोड़ों के कर्ज हैं। ऐसे में यह सवाल लाजमी है कि जिसकी भी सरकार बनती है उसने जो जनता से वादे किए हैं वह कैसे पुरे होंगे? फिलहाल सरकार के ऊपर 3.85 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है. प्रदेश के हर नागरिक पर 47 हजार रुपए का कर्ज है. सरकारी खजाने से साल का 20 हजार करोड़ रुपये तो सिर्फ ब्याज चुकाने में जा रहा है. मध्यप्रदेश शासन का वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट 3.14 लाख करोड़ रुपए का है. इसका तकरीबन 26.2% हिस्सा वेतन, भत्ते और ब्याज की अदायगी में ही चला जाता है. अकेले वेतन-भत्ते को देखें तो वित्तीय वर्ष खत्म होने तक 56 हजार 314 हजार करोड़ रुपये से अधिक इस पर खर्च होंगे. यह बजट का 18.64% होता है. वहीं, पेंशन पर बजट का 18 हजार 636 करोड़ रुपए यानी 6.17% और ब्याज पर 22 हजार 850 करोड़ रुपये यानी 7.56% खर्च होगा. मौजूदा फाइनेंसियल बजट के मुताबिक सरकार की आमदनी 2.25 लाख करोड़ है और खर्च इससे 54 हजार करोड़ है. अब नई सरकार को वर्तमान बजट से अधिक राशि की आवश्यकता होगी. मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव के परिणाम 3 दिसंबर को आने हैं. मतदान के बाद सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस की ओर से सरकार बनाने का दावा किया जा रहा हैं. हालांकि,वोटर का फैसला 3 दिसम्बर को आएगा लेकिन सूबे में सरकार किसी भी पार्टी की बने, उसे विरासत में खाली खजाना मिलेगा. फिलहाल सरकार के ऊपर 3.85 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है. साफ है कि नई सरकार के लिए खस्ताहाल खजाने से अपनी लोक-लुभावन चुनावी घोषणाओं को पूरा करने के लिए बड़ी चुनौती सामने आने वाली है. जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश सरकार सालाना 20 हजार करोड़ रुपए ब्याज देती है. जीएसटी लागू होने के बाद से राज्य के पास नए टैक्स लगाने की गुंजाइश बेहद सीमित रह गई है. ऐसे में सरकार किसी भी बने, उसके लिए अर्थव्यवस्था को गतिमान बनाए रखने के साथ वित्तीय प्रबंधन बड़ी चुनौती होगी. अभी मध्यप्रदेश सरकार पर जितना कर्ज है, उस लिहाज से देखा जाए तो हर नागरिक पर 47 हजार रुपए का कर्ज है. वित्तीय जानकार बताते है कि पिछले 23 सालों में प्रति व्यक्ति कर्ज 42000 बढ़ गया है. साल 2001-02 में प्रदेश पर 23 हजार करोड़ रुपए का कुल कर्ज था. जनसंख्या के हिसाब से प्रतिव्यक्ति बमुश्किल 3,500 हजार रुपए का कर्ज था. दरअसल, 31 मार्च 2023 को खत्म वित्तीय वर्ष में सरकार पर 3.31 लाख करोड़ का कर्ज था, जो 2023-24 के अंत तक 3.85 लाख करोड़ रुपए हो गया.

दलित और मुस्लिम बाहुल्य है सिरोंज विधानसभा की ये सीट! फिर भी रहा है शर्मा परिवार का दबदबा.

The seat of Sironj Vidhan Sabha is a stronghold of Dalits and Muslims! Still, the Sharma family maintains its dominance. 17 नवंबर को मतदान पूर्ण हुआ और दोनों ही पार्टियों के बागीयों पर चर्चा हुई तेज अलताफ खान सिरोंजसिरोंज विधानसभा में इस बार मुकाबला कांग्रेस बीजेपी में कांटे का देखने में आया है 17 नंबर को मतदान होने के बाद दोनों ही पार्टियों के कार्यकरता एवं पदाधिकारी अपने-अपने हिसाब से समीकरण लगाने में लगे हुए हैं और अपने पार्टी के प्रत्याशी को जीता हुआ घोषित कर रहे हैं सबसे महत्वपूर्ण इस बार सिरोंज विधानसभा क्षेत्र में यह देखने में आया है कि दोनों ही ओर से टिकट मांगने वाले उम्मीदवारों को पार्टी द्वारा टिकट नहीं दिया गया तो कहीं ना कहीं इन्होंने या तो पार्टी के लिए बिल्कुल काम नहीं किया या फिर खामोश बैठे रहे या फीर यह कहा जाए की अंदर से पार्टी के लिए दगाबाजी की या पार्टी के कई बड़े नेता सामने वाली पार्टी के उम्मीदवार से मिल गए यह सब तो 3 दिसंबर को मतगणना के बाद परिणाम आने के बाद मालूम चल ही जाएगा की किस पार्टी के नेता ने अपनी पोलिंग को अच्छे बहुमत से जिताया या दगाबाजी करके पोलिंग हरबादी अब एक बात यहां पार्टी के छोटे-छोटे कार्यकर्ताओं को सता रही है कि हमने पार्टी के लिए वफादारी से काम किया और इसका पूरा फायदा पार्टी के वरिष्ठ नेता जो चुनाव के समय विरोध जाता रहे थे वह ले जाएंगे या फिर पार्टी इन्हें दरकिनार करेगी इस बात की चर्चा भी क्षेत्र में आम है सिरोंज विधानसभा वैसे तो दलित मुस्लिम बहुमूल्य क्षेत्र है दलित मुस्लिम वोट ज्यादातर कांग्रेस पक्ष का माना जाता है लेकिन सिरोंज विधानसभा में 1990 के बाद से शर्मा परिवार का दबदबा रहा है और लगातार चार बार से भाजपा के पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा यहां से विजय होते हुए आए थे फिर उन्हें कांग्रेस के गोवर्धन उपाध्याय ने 2013 में चुनाव हरा दिया इसके बाद भाजपा के हाथ से यह सीट चली गई और चर्चा फिर आम बनी कि इस बार भी ब्राह्मण के हाथ में ही सिरोंज लटेरी की कमान आ गई क्योंकि गोवर्धन उपाध्याय भी ब्राह्मण समाज से आते हैं फिर 2018 में भाजपा से उम्मीदवार उमाकांत शर्मा थे जिसको सिरोंज लटेरी विधानसभा क्षेत्र की जनता ने अपना बहुमूल्य बोट देकर लगभग 35000 के अंतराल से कांग्रेस से उम्मीदवार रही मसर्रत शाईद को चुनाव हराया अब इस बार कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार गगनेंद्र रघुवंशी को बनाया है जिनके सामने भारतीय जनता पार्टी ने इस बार फिर दिग्गज नेता उमाकांत शर्मा को चुनाव मैदान में उतारा है सिरोंज लटेरी का चुनाव तो शांतिपूण रहा और मतदान भी शांतिपूर्वक हो ही गया लेकिन जीत की उम्मीद तो दोनों ही ओर से लगाई जा रही है मगर अभी इस सीट से कौन विजय होगा यह कहना आसान नहीं है इस बार कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार गगनेंद्र रघुवंशी को जनता ने वोट दिया है लेकिन उनके सामने भारतीय जनता पार्टी से उम्मीदवारी कर रहे उमाकांत शर्मा का प्रभाव क्षेत्र में जबरदस्त तरीके से है और चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बड़े लगन के साथ मेहनत की है तो दूसरी ओर गगनेंद्र रघुवंशी का चुनाव मानो जनता ने लड़ा हो ऐसी क्षेत्र में चर्चाएं आम है किसके सर पर बनेगा सेहरा और कौन रह जाएगा रुका यह तो मतगणना के बाद ही पता चलेगा.

नेता प्रतिपक्ष ने चुनाव आयोग में दर्ज कराई शिकायत

The opposition leader filed a complaint with the Election Commission. भिंड कलेक्टर के खिलाफ लगाए आरोप, मैं सात बार से लगातार कैसे जीत रहा हूं साजिश करते हुए जानबूझकर लहार विधानसभा में अधिकारी कर्मचारियों को वोटिंग से वंचित रखा. Udit Narayan – Sahara Samachaar भोपाल। मप्र के नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह ने मुख्य निर्वाचन कार्यालय पहुंचकर भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव को हटाए जाने की मांग रखी। उन्होंने कहा वे मेरी जीत का कारण पूछते हैं। वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से पूछते हैं कि मैं सात बार से लगातार कैसे जीत रहा हूं। सिंह ने भिंड कलेक्टर पर और भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं।नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस का एक प्रतिनिधि मंडल गुरुवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पहुंचा था। यहां उन्होंने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन से मुलाकात भिंड कलेक्टर को लेकर अपनी शिकायत दर्ज करवाई। गोविंद ने इस संबंध में चुनाव आयोग में ज्ञापन भी सौंपा। उनका कहना है कि संजीव श्रीवास्तव के रहते लहार विधानसभा में निष्पक्ष काउंटिंग नहीं हो पाएगी। वे भाजपा का एजेंट बनकर काम कर रहे हैं। इसीलिए कलेक्टर श्रीवास्तव को हटाया जाए। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि भिंड कलेक्टर ने साजिश करते हुए जानबूझकर लहार विधानसभा में अधिकारी कर्मचारियों को वोटिंग से वंचित रखा। उन्होंने कहा कि कलेक्टर ने डाक मत पत्रों को कोषालय में जमा भी नहीं कराया गया। इतना ही मतदान दिवस पर कलेक्टर के आदेश पर मतदाताओं को प्रताड़ित किया गया, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग वोट नहीं कर पाए। कांग्रेस एजेंट्स को कलेक्टर ने मतदान केंद्र के बाहर बैठाए रखा और फर्जी मतदान करवाया गया। उन्होंने कहा कि भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव को सीनियर आईएएस का संरक्षण प्राप्त है और यह सब कुछ उनके ही इशारे पर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चुनाव से पहले ही उन्होंने सीएस को हटाने के लिए मांग उठाई थी।

बागियों ने अपनों की बढ़ाई मुश्किलें, त्रिकोणीय से भाजपा-कांग्रेस में टेंशन.

Tensions arise between BJP and Congress in triangular. दो दर्जन सीटों पर फसा पेंच, कहीं बागी भाजपा का खेल बिगाड़ रहे हैं तो कहीं कांग्रेस का. उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश की सभी 230 सीटों पर 17 नवंबर को मतदान होने के बाद 3 दिसंबर के परिणाम पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। वैसे तो प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच ही मुकाबला बताया जा रहा है, लेकिन इस बार बसपा, सपा के साथ ही बागी निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। इससे कई सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। यह बागी कहीं भाजपा का खेल बिगाड़ रहे हैं तो कहीं कांग्रेस का। ऐसी करीब दो दर्जन सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी की धड़कनें बढ़ी हुई हैं तो वहीं, दोनों ही राजनीतिक दलों की टेंशन भी बढ़ गई है। बीएसपी ने 181 और निर्दलीय 1166 प्रत्याशी मैदान मेंबहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने इस चुनाव में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के साथ गठबंधन किया है। बीएसपी ने 181 और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने 37 प्रत्याशी उतारे हैं। इसके अलावा प्रदेश में समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी, जन अधिकार पार्टी, जनता दल यूनाइटेड पार्टी चुनाव मैदान में है। 2018 के चुनाव में बीएसपी को 6.42 प्रतिशत वोट मिले थे और दो सीटों पर जीत हासिल की थी। पिछली बार भाजपा को 109 और कांग्रेस को 114 सीटों पर विजय मिली थी। बागियों के कारण इन सीटों पर फसा पेंच राजनगर :छतरपुर जिले की राजनगर विधानसभा में भाजपा के जिला अध्यक्ष रहे डॉ. घासीराम पटेल बागी होकर बसपा से चुनावी मैदान हैं। उनके मैदान में आने से इस विधानसभा का चुनाव पूरी तरह से त्रिकोणीय हो गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों की मुश्िकल में फंसे हुए हैं। यहां अभी कांग्रेस के नाती राजा विधायक हैं। टीकमगढ़ :टीकमगढ़ विधानसभा शहरी क्षेत्र में है। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का हर चुनाव में यहां खासा असर दिखाई देता है। इस बार भाजपा के विधायक राकेश गिरी गोस्वामी को उन्हीं की पार्टी के पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव बागी होकर कड़ी टक्कर दे रहे हैं। नर्मदापुरम :यहां पर भाजपा से बागी भगवती चौरे निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी सीताशरण शर्मा को इससे नुकसान हो सकता है। इस सीट पर कांग्रेस से सीताशरण शर्मा के भाई गिरजाशंकर शर्मा प्रत्याशी हैं। भगवती चौरे के निर्दलीय चुनाव लड़ने से इस सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय और दिलचस्प हो गया है। सतना :भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष और भाजयुमो के दो बार सतना जिला अध्यक्ष रहे चुके रत्नाकर चतुर्वेदी शिवा बसपा से चुनाव मैदान में हैं। भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने बसपा की सदस्यता ले ली थी। यहां पर भाजपा ने चार बार के सांसद गणेश सिंह और कांग्रेस ने विधायक सिद्धार्थ कुशवाह मैदान में हैं। बुरहानपुर :भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. नंद कुमार सिंह चौहान के बेटे हर्षवर्धन सिंह चौहान निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा ने पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं, कांग्रेस की तरफ से विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा प्रत्याशी हैं। सीधी :भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर सीधी सीट पर विधायक केदारनाथ शुक्ला निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। इससे भाजपा प्रत्याशी रीति पाठक को नुकसान हो सकता है। यहां पर कांग्रेस की तरफ से ज्ञान सिंह प्रत्याशी हैं। मुरैना :भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह के बेटे राकेश सिंह बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा से रघुराज कंसाना और कांग्रेस से दिनेश गुर्जर प्रत्याशी हैं। टीकमगढ़ :भाजपा से पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव टीकमगढ़ में निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा ने वर्तमान विधायक राकेश सिंह और कांग्रेस ने यादवेंद्र सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है। भिंड :बसपा से चुनाव जीत कर भाजपा में शामिल होने पर संजीव कुशवाह ने मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया है। भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर कुशवाह बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा से नरेंद्र सिंह कुशवाह और कांग्रेस से चौधरी राकेश चतुर्वेदी मैदान में हैं। सुमावली :कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप सिंह सिकरवार बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा से एंदल सिंह कंसाना और कांग्रेस से अजब सिंह कुशवाह को टिकट दिया है। चाचौड़ा :भाजपा से पूर्व विधायक ममता मीणा आम आदमी पार्टी से चुनाव लड़ रही हैं। यहां पर कांग्रेस से विधायक लक्ष्मण सिंह प्रत्याशी हैं। वहीं, भाजपा ने प्रियंका मीणा को प्रत्याशी बनाया है। धार :पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष राजीव यादव पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ बागी होकर चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर भाजपा ने विधायक नीना विक्रम वर्मा और कांग्रेस ने प्रभा गौतम को प्रत्याशी बनाया है। डॉ. अंबेडकर महू :कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर पूर्व विधायक अंतरसिंह दरबार महू से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर कांग्रेस ने राम किशोर शुक्ला को प्रत्याशी बनाया है। जबकि भाजपा की तरफ से वर्तमान विधायक उषा ठाकुर हैं। परसवाड़ा :बालाघाट की परसवाड़ा सीट पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रत्याशी पूर्व विधायक कंकर मुंजारे के चुनाव लड़ने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। यहां पर भाजपा की तरफ से रामकिशोर कांवरे और कांग्रेस ने मधु भगत प्रत्याशी हैं। सिरमौर :सिरमौर विधानसभा सीट पर पूर्व डीएसपी वीडी पांडे ने मुकाबला त्रिकोणीय कर दिया है। यहां पर भाजपा से दिव्यराज सिंह और कांग्रेस से रामगरीब कोल प्रत्याशी हैं। रैगांव :बसपा प्रत्याशी देवराज अहिरवार ने रैगांव में मुकाबला रोचक कर दिया है। यहां पर कांग्रेस की तरफ से विधायक कल्पना वर्मा और भाजपा की तरफ से प्रतिमा बागरी प्रत्याशी है। नागौद :कांग्रेस से टिकट कटने पर यहां पर पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह बीएसपी से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर कांग्रेस ने डॉ. रश्मि सिंह पटेल और भाजपा ने नागेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया है। देवतालाब :यहां पर समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ रही सीमा जयवीर सेंगर से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। यहां पर भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम और कांग्रेस ने पद्ममेश गौतम को टिकट दिया है। सीमा जयवीर सेंगर 2018 में बसपा से चुनाव लड़ कर दूसरे नंबर पर थी।

शिवपुरी भाजपा जिलाध्यक्ष का दावा…लाड़ली बहनों का आशीर्वाद भरपूर मिला

Shivpuri BJP district president claim…received abundant blessings from dear sisters. (SAHARA SAMACHAR) शिवपुरी। शिवपुरी के बीजेपी जिलाध्यक्ष राजू बाथम ने दावा किया है कि जिले की पांचों विधानसभा सीटें भाजपा जीत रही है। जिलाध्यक्ष राजू बाथम ने दावा किया कि लाड़ली बहनों का आशीर्वाद बीजेपी को भरपूर मिला है। इसके कारण बीजेपी जीत रही है। जिलाध्यक्ष राजू बाथम ने कहा कि इस वोटिंग से लोकतंत्र मजबूत हुआ है। ऐतिहासिक मतदान हुआ है। लाड़ली बहना, मजदूर, गरीबों और किसानों का समर्थन बीजेपी को मिला है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की जनहितैषी व जन कल्याणकारी योजनाओं के कारण अच्छी वोटिंग हुई है, इसका लाभ बीजेपी को मिलेगा। कांग्रेसियों द्वारा शिवपुरी की कम से कम तीन सीटें जीतने के दावे को लेकर राजू बाथम से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा, मुझे कांग्रेसियों के द्वारा किए जा रहे दावे को लेकर कुछ जानकारी नहीं है। लेकिन मेरा दावा है कि बीजेपी शिवपुरी जिले की पांचों सीटें जीत रही है। गौरतलब है कि शिवपुरी जिले में पांच विधानसभा सीटें आती हैं। इन पांचों विधानसभा सीटों पर 17 नवंबर को 79 प्रतिशत मतदान हुआ है। साल 2018 के मुकाबले इस साल पांच प्रतिशत ज्यादा मतदान पांचों सीटों पर हुआ है। अब तीन दिसंबर को शिवपुरी में मतगणना होगा। शिवपुरी के पीजी कॉलेज में पांचों विधानसभा सीटों की मतगणना का काम किया जाएगा। तीन दिसंबर को आने वाले परिणामों पर सबकी निगाहें लगी हुई हैं।

उज्जैन के किसान ने बोवनी करने के लिए प्रधानमंत्री से मांगा हेलीकॉप्टर

Farmer from Ujjain has requested a helicopter from the Prime Minister for aerial sowing. गांव गोंदिया निवासी किसान पुरुषोत्तम राठौर ने पीएमओ को लिखा पत्र (SAHARA SAMACHAR) उज्जैन। उज्जैन में चिंतामन थाना क्षेत्र के गांव गोंदिया निवासी किसान पुरुषोत्तम राठौर ने अपने खेत पर जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन से हेलीकॉप्टर की मांग की है। किसान का कहना है कि उसका खेत सुना और खाली पड़ा है और उसके खेत में वह कोई फसल की बोवनी नहीं कर पाया है। दरअसल, किसान के खेत के आसपास गांव के ही स्थानीय दबंग व्यक्तियों ने कब्जा कर लिया है और वह किसान को खेत में नहीं जाने देते हैं। पीड़ित किसान का परिवार जब खेत पर पहुंचता है तो उनके साथ मारपीट की जाती है। डर के चलते किसान ने खेत पर कोई फसल भी नहीं बोई है। किसान का कहना है कि मैंने लिखित में आवेदन देकर शिकायत की है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई है। अब किसान ने अपने खेत पर जाने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्र सरकार और राज्य सरकार सहित जिला प्रशासन से हेलीकॉप्टर की मांग की है और कहा है कि खेत तक पहुंचने के सभी रास्ते बंद हैं। इसलिए अब वह हवाई मार्ग से सीधे खेत पर उतरेगा और खेत में बोवनी करेगा।

बुंदेलखंड को फतह करने वाला ही सत्ता के शिखर तक पहुंचेगा. बुंदेलखंड की 26 सीटों पर भाजपा-कांग्रेस का फिफ्टी-फिफ्टी का दावा.

One who conquers Bundelkhand will reach the pinnacle of power. There is a claim of a fifty-fifty contest between the BJP and Congress on the 26 seats of Bundelkhand. प्रदेश विधानसभा के हुए चुनाव की मतगणना में अभी 10 दिन का समय शेष, नतीजों को लेकर कयासों का दौर जारी, दोनों दल 17-17 सीट जीतने का दावा. तीन सीटों को छोड़कर हर सीट कड़े मुकाबले में फंसी. उदित नारायणभोपाल। मप्र विधानसभा चुनाव का आकलन अंचल बार देखें तो बुंदेलखंड भी एक अहम अंचल है। यहां गरीब और पलायन सबसे बड़ा मुद्दा रहा हो, लेकिन दोनों की दलों ने इन मुद्दों की अनदेखी कर प्रदेश स्तरीय मुद्दों पर वोट मांगे हैं। चुनाव की मतगणना में अभी 10 दिन का समय शेष है। इस बीच नतीजों को लेकर कयासों का दौर जारी है। कोई भाजपा की सरकार फिर आने का दावा कर रहा है तो कोई कांग्रेस की सत्ता में वापसी तय बता रहा है। अंचलवार भी भाजपा-कांग्रेस के साथ अन्य विश्लेषकों के आकलन सामने आ रहे हैं। बुंदेलखंड अंचल में विधानसभा की 26 सीटें हैं। भाजपा-कांग्रेस दोनों 17 से ज्यादा सीटों में जीत का दावा कर रहे हैं। अन्य विश्लेषकों में कोई भाजपा को आगे बता रहा है तो कोई कांग्रेस को। सागर को लेकर दोनों दलों का दावा भाजपा के नेताओं से बात करने पर पता चलता है कि वे 17 से ज्यादा सीटों में जीत को लेकर आश्वस्त हैं। सागर में भाजपा तीन सीटों पर मजबूतविश्लेषकों के अनुसार सागर की तीन सीटों रहली में गोपाल भार्गव, खुरई में भूपेंद्र सिंह और सुरखी में गोविंद सिंह राजपूत एकतरफा जीत रहे हैं। इनके अलावा नरयावली में प्रदीप लारिया और सागर में शैलेंद्र जैन की स्थिति भी मजबूत है। प्रदेश भाजपा को मिले फीडबैक के अनुसार देवरी, बीना और बंडा में कड़ा मुकाबला है। इसके विपरीत कांग्रेस सागर में फिफ्टी-फिफ्टी की स्थिति बता रही है। दमोह में मुश्िकल में फंसे मलैयापिछली बार की तरह इस बार भी पूर्व मंत्री जयंत मलैया कड़े मुकाबले में फंसे हैं। बावजूद इसके भाजपा का दावा है कि पार्टी दमोह, हटा और पथरिया सीट जीत रही है। इसके विपरीत कांग्रेस का दावा है कि हम हटा को छोड़ शेष तीनों सीटें जीत रहे हैं। तटस्थ विश्लेषकों का कहना है कि इस बार दमोह जिले की चारों सीटों में कड़ा मुकाबला है। पथरिया में विधायक रामबाई के कारण त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति है। दमोह में कुछ भी हो सकता है। छतरपुर में तीन-तीन सीट मिलने के हालातछतरपुर जिले की 6 विधानसभा सीटों में तटस्थ आकलन कर्ताओं की नजर में भाजपा- कांग्रेस को 3-3 सीटें मिलती दिख रही है। इनके अनुसार चंदला, मलेहरा और छतरपुर में कांग्रेस जीत सकती है जबकि महाराजपुर, बिजावर और राजनगर में भाजपा जीत सकती है। हालांकि इन तीनों सीटों में कड़ा मुकाबला बताया जा रहा है। भाजपा-कांग्रेस इस जिले में ज्यादातर सीटों में जीत का दावा कर रहे हैं। भाज का दावा है कि वह छतरपुर, राजनगर, मलेहरा, बिजावर सीटें जीत रही है जबकि चंदला और महाराजपुर में कड़ा मुकाबला है। इसके विपरीत कांग्रेस का कहना है कि भाजपा को सिर्फ एक बिजावर सीट मिल सकती है। शेष सभी 5 सीटों में कांग्रेस की जीत तय है। टीकमगढ़ जिले को लेकर कांग्रेस आश्वस्तटीकमगढ़ और निवाड़ी जिले की पांचों विधानसभा सीटों में कड़े मुकाबले के आसार हैं लेकिन कांग्रेस मानकर चल रही है कि उसे कम से कम 4 सीटों में जीत मिलेगी। कांग्रेस को मिले फीडबैक के अनुसार टीकमगढ़ में यादवेंद्र सिंह, खरगापुर में चंदारानी सिंह, पृथ्वीपुर में नितेंद्र प्रताप सिंह और जतारा में किरण अहिरवार की जीत तय है जबकि निवाड़ी में सपा की मीरा यादव जीत सकती हैं। दूसरी तरफ भाजपा का दावा है कि 2018 की तरह यहां कांग्रेस का खाता नहीं खुलेगा और भाजपा सभी सीटें जीतेगी। पन्ना में भाजपा की एक सीट पक्कीपन्ना जिले की तीन सीटों में आकलनकर्ताओं की नजर में पन्ना को छोड़ अन्य दोनों सीटों में कड़ा मुकाबला है। पन्ना में खनिज मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह की स्थिति मजबूत बताई जा रही है तो पवई और गुनौर सीटें कड़े मुकाबले में फंसी हैं। फिर भी भाजपा सभी तीनों सीटों में जीत का दावा कर रही है जबकि कांग्रेस का मानना है कि वह दो सीटें जीत रही है। भाजपा- कांग्रेस के दावे पार्टी द्वारा बुलाए गए फीडबैक के आधार पर किए जा रहे है। कौन सही है कौन गलत, यह 3 को मतगणना के बाद पता चल सकेगा।

तराना विधानसभा के मतदान केंद्र १३६ पर मॉक पोल का रिकॉर्ड क्लीयर किए बिना हुआ मतदान.

Voting at Polling Center 136 in the Tarana Assembly constituency took place without clearing the record of the mock poll. Special Correspondent. उज्जैन, उज्जैन विधानसभा चुनाव में तराना विधानसभा के एक पोलिंग बूथ पर मतदानकर्मी ने मॉक पोल के बाद वोट डिलीट और रिकॉर्ड जीरो किए बिना मतदान शुरू करा दिया। तराना विधानसभा के ग्राम आबादखेड़ी मतदान केंद्र क्रमांक 136 पर अन्य केंद्रों की तरह सुबह 7 बजे मॉक पोलिंग हुई। इलेक्शन एजेंट्स की मौजूदगी में मशीन में 50 मत डाले गए। नियमानुसार वास्तविक मतदान शुरू होने से पूर्व मॉक पोल के वोट डिलीट कर मशीन का रिकॉर्ड क्लीयर करना था। संबंधित मतदानकर्मी ने रिकॉर्ड क्लीयर किए बिना वास्तविक मतदान शुरू करा दिया। जब मतदाताओं ने मशीन के बटन दबाकर अपना मत देना शुरू किया तब मॉक पोल रिकॉर्ड क्लीयर न होने की बात सामने आई। जानकारी के अनुसार मशीन में करीब 400 वोट डले हैं। तराना विधानसभा के रिटर्निंग ऑफिसर राजेश बोरासी ने जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रतिवेदन प्रस्तुत कर मार्गदर्शन मांगा है। मॉक पोल का रिकॉर्ड क्लीयर किए बिना मतदान की स्थिति में निर्वाचन आयोग के निर्देश स्पष्ट हैं। मतगणना में उक्त मशीन के मतों की गणना प्रारंभ में नहीं की जाएगी। यदि जीत-हार का अंतर कम होता है तो वीवीपेट की स्लिप के आधार पर गणना होगी।कुमार पुरुषोत्तम, कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी

सड़क में घूमते मवेशियों से बड़ा दुर्घटना का खतरा जिम्मेदारों ने शादी चुप्पी.

The authorities remained silent on the imminent danger of accidents posed by roaming livestock on the roads Manish Trivedi – Sahara Samachaar कटनी। जिस देश में गव वंश को गौ माता का दर्जा दिया गया है आज स्थिति ऐसी है कि कोई अपने स्वयं के पालतू मवेशी बाधने को तैयार नहीं है लाभ तो सभी लेते हैं लेकिन सड़क में आवारा छोड़ देते हैं जिससे गोवंश को भी नुकसान होता है और इंसानों को भी दुर्घटना का खतरा बना रहता है शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में गोवंशों के लिए कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है गौशालाएं तो बनी हुई हैं लेकिन गोवंश के लिए समुचित व्यवस्था नहीं है फसलों को भी नुकसान हो रहा है किसानो से बात करने पर पता चला कि पहले काजी हाउस की व्यवस्था थी तो लोगों को डर था लेकिन अब वह भी नहीं है लोग मवेशी बाधने को तैयार नहीं है सहारा समाचार से बात करते हुए राहगीर ने बताया कि गोवंशों के लिए समुचित व्यवस्था होनी चाहिए जिससे फसलों को भी नुकसान ना हो दुर्घटनाएं भी ना हो इस विषय पर कड़ाई से पालन होना चाहिए.

कांग्रेस को जीत का यकीन, बन रही है पक्षपात करने वाले अधिकारियों की लिस्ट.

Congress is confident of victory, and a list of officials prone to bias is being prepared. 230 प्रत्याशियों को पत्र लिख 30 नवंबर तक मंगाए भाजपा को फायदा पहुंचाने वाले अधकारियों के नाम, मध्य प्रदेश में कांग्रेस बनाने लगी अभी से सबक सिखाने वाले अफसरों की लिस्ट Udit Narayanमध्य प्रदेश में मतदान के बाद कांग्रेस पार्टी ने अपने सभी 230 उम्मीदवारों को एक लेटर लिखकर उन अधिकारियों का नाम बताने को कहा है जिन्होंने कथित तौर पर नियमों के खिलाफ भाजपा के पक्ष में काम किया। भोपाल। मध्य प्रदेश में मतदान के बाद कांग्रेस पार्टी ने अपने सभी 230 उम्मीदवारों को एक लेटर लिखकर उन अधिकारियों का नाम बताने को कहा है कि जिन्होंने कथित तौर पर नियमों के खिलाफ काम करते हुए भारतीय जनता पार्टी को फायदा पहुंचाया। मध्य प्रदेश में जीत का दावा कर रही कांग्रेस पार्टी को यदि सत्ता मिलती है तो ऐसे अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, भाजपा ने कहा है कि इस कदम के सहारे कांग्रेस पार्टी अपनी हार के लिए बहाना तलाश रही है। भाजपा को फायदा पहुंचाने नियमों की अनदेखी कीअपने सभी उम्मीदवारों को भेजे खत में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमिटी (एमपीसीसी) ने दावा किया कि 17 नवंबर को मतदान के दिन बनाए गए कंट्रोल रूम में ऐसे अफसरों और कर्मचारियों की शिकायतें मिली, जिन्होंने नियम के खिलाफ काम करते हुए भाजपा को फायदा पहुंचाया। एमपीसीसी उपाध्यक्ष राजीव सिंह ने लेटर में उम्मीदवारों से कहा है कि ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों का नाम बताए। साथ में उनका पद और तैनाती को लेकर भी जानकारी देने को कहा है। सभी प्रत्याशियों से ऐसे अफसरों की सूची 30 नवंबर तक भेजने को कहा गया है। कमलनाथ कई बार दोहरा चुके हैं बयानगौरतलब है कि चुनाव प्रचार के दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख कमलनाथ ने अधिकारियों और कर्मचारियों पर कई बार आरोप लगाया कि वे बीजेपी के समर्थन में काम कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस की सरकार बनने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी। नाथ ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा पुलिस, पैसा और प्रशासन का इस्तेमाल अपने पक्ष में कर रही है। वे यह भी कई सभाओं में कहते हुए सुने गए हैं कि अधिकारी याद रखें कि कल के बाद परसों भी आएगा। उनके बयान से साफ है कि उनके तेवर सख्त हैं और और अगर कांग्रेस पार्टी की सरकार बनी तो ऐसे अधिकारियों की मुश्िकलें अवश्य बढ़ेंगी, जो भाजपा के पक्ष में काम करते हैं। भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे पर कहा कि कांग्रेस पार्टी अपनी हार के लिए बहाना तलाश रही है। कोठारी ने कहा कि सरकारी कर्मचारी और अधिकारी लोकतंत्र के शक्तिशाली अभिभावक है और कांग्रेस ने पहले ही उन पर सवाल उठाकर अपना भरोसा खो दिया है। जिनके पास पोलिंग बूथ पर बैठने के लिए कार्यकर्ता तक नहीं हैं, वे ऐसे झूठे आरोप लगा रहे हैं। मध्य प्रदेश में सबी 230 सीटों पर 17 नवंबर को वोट डाले गए और 3 दिसंबर को नतीजे घोषित होंगे।

काउंटिंग से पहले कांग्रेस के सभी पोलिंग एजेंट और 230 प्रत्याशियों की होगी ट्रेनिंग.

Before the counting, all polling agents of the Congress and 230 candidates will undergo training 26 नवंबर को सभी उम्मीदवारों को बुलाया, ईवीएम की मानीटिरिंग और गणना का होगा प्रशिक्षण Udit Narayanभोपाल। प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2023 के लिए मतदान संपन्न हो चुका है। सभी प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला एश्ट में कैद है। आगामी 3 दिसंबर को मतों की गणना की जाएगी। वहीं मतगणना की तैयारी में सभी राजनीतिक पार्टियां जुट गई है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपने विधानसभा प्रत्याशी को राजधानी भोपाल बुलाया है। जानकारी के अनुसार, एमपी कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के सभी 230 विधायक प्रत्याशियों को ट्रेनिंग के लिए राजधानी भोपाल बुलाया गया है। विधायक प्रत्याशी और मतगणना एजेंट को ट्रेनिंग दी जाएगी। आपको बता दें कि, 26 नवंबर को एमपी कांग्रेस द्वारा ट्रेनिंग कैंप लगाया जा रहा है। ट्रेनिंग में प्रत्याशियों को मतगणना से संबंधित जानकारी दी जाएगी। प्रत्याशियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे खुद के साथ पोलिंग एजेंट को भी साथ में लेकर आएंगे। बता दें कि, ट्रेनिंग में मतगणना के दौरान किन-किन बातों का ध्यान रखना है। इस बात की विशेष जानकारी (टिप्स) दी जाएगी। ट्रेनिंग में ईवीएम और वीवीपैट की भी जानकारी दी जाएगी। बता दें कि, साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद भी कांग्रेस ने मतगणना के पहले प्रत्याशियों को इसी तरह ट्रेनिंग के लिए बुलाई थी। उसी कड़ी में इसबार भी ऐसा किया जा रहा है। इसके साथ कांग्रेस की ओर से कहा गया था कि स्ट्रांग रूम में रखी मशीनों की लाइव जानकारी हर एक प्रत्याशी को मिले। स्ट्रांग रूम में लगे कैमरे का लिंक प्रत्याशी को दिया जाए, ताकि वह अपनी सुविधा के मुताबिक स्ट्रांग रूम में रखी ईवीएम मशीनों की गणना तक उन पर नजर रख सके।

नातीराजा के खिलाफ हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज, 12 अन्य कांग्रेस समर्थक भी बनाए गए आरोपी

Case has been registered against an attempted murder of Nati Raja, with 12 other Congress supporters also accused. Udit Narayanभोपाल। छतरपुर जिले के राजनगर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस विधायक विक्रम सिंह नातीराजा के ड्राइवर सलमान की मौत के मामले ने सियासी रंग ले लिया है। इस मामले में पुलिस ने पहले ही भाजपा प्रत्याशी अरविंद पटैरिया सहित 21 लोगों के खिलाफ हत्या एवं हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज कर लिया था। अब भाजपा के दबाव में नातीराजा सिह एक दर्जँन लोगों के खिलाफ भी धारा 307 के तहत हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज हो गया।घटना मतदान के पूर्व की रात की थी। जैसे ही मतदान निबटा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह राजनगर पहुंच गए और भाजपा प्रत्याशी अरविंद पटैरिया सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना दे दिया। पुलिस अधीक्षक छतरपुर के आश्वासन के बाद दिग्विजय ने रात पर चला अपना धरना तो समाप्त कर दिया लेकिन यह दांव नातीराजा के लिए उलटा पड़ गया। अगले ही दिन प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा सहित पूरी भाजपा सक्रिय हो गई। पुलिस महानिदेशक और निर्वाचन आयोग को शिकायत कर अरविंद पटैरिया के खिलाफ की गई कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताया गया। भाजपा ने कहा कि सलमान की मौत के लिए नातीराजा ही जवाबदार हैं। नतीजा यह हुआ कि पुलिस ने नातीराजा सहित कांग्रेस के अन्य 12 समर्थकों के खिलाफ भी पुलिस ने हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज कर लिया। वीडी शर्मा ने आज छतरपुर में भाजपा के तमाम नेताओं के साथ पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को भी ज्ञापन सौंपा और दाेषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

मप्र में सबसे ज्यादा वोटिंग सिवनी व सबसे कम जोबट में वोटिंग.

In Madhya Pradesh, the highest voting turnout is in Sivani, and the lowest voting turnout is in Jobat. मप्र में सबसे ज्यादा वोटिंग सिवनी व सबसे कम वोटिंग जोबट में हुई, मतगणना के बाद फैसला होगा कि जीत का सेहरा किसके सिर पर बंधेंगा। सबसे कम वोटिंग में मालवा निमाड़ अंचल का जोबट जुड़ गया है। भोपाल। मप्र के विधानसभा चुनाव में इस बार मालवा निमाड़ के साथ ही महाकौशल अंचल में सबसे अधिक वोटिंग हुई। इसमें भी सबसे अधिक वोट सिवनी में पड़ा। यहां कुल वोट में से 85.68 फीसदी वोट पड़ा है। सिवनी में भाजपा से दिनेश राय मुनमुन मैदान में थे। जबकि कांग्रेस से आनंद पंजवानी चुनाव लड़ रहे थे। यहां मुनमुन की स्थिति अच्छी मानी जाती है, यहां से वे एक बार तो निर्दलीय चुनाव जीत चुके हैं। इसके बाद भाजपा में शामिल हो गए। दूसरे नंबर पर बालाघाट में 85.23 फीसदी वोट पड़े। जबकि सबसे कम वोट अलीराजपुर जिले के जोबट में महज 54.04 फीसदी रहा। बालाघाट में इस बार भाजपा के पुराने नेता गौरीशंकर बिसेन ने अपनी बेटी मौसम बिसेन काे टिकट दिलवाया था। कांग्रेस ने अनुभा मुंजारे मैदान में उतारा था। दोनों के बीच कांटे की टक्कर थी। प्रदेश में सभी 230 विधानसभा सीटों में से दूसरे नंबर पर सबसे अधिक वोट पड़े हैं। किंतु किसके पक्ष में ज्यादा वोट पड़े या फिर जीत का सेहरा किसके माथे पर बंधेगा, यह मतगणना 3 दिसंबर के बाद ही पता चलेगा। उधर, सबसे कम वोटिंग में मालवा निमाड़ अंचल का जोबट जुड़ गया है। यहां एक रिकार्ड बन गया है। इतनी कम वोटिंग इस विधानसभा क्षेत्र में पहले कभी नहीं हुई थी। जोबट से भाजपा के विशाल रावत व कांग्रेस प्रत्याशी सेना पटेल के बीच शुरू से ही कांटे का मुकाबला माना जा रहा था, हालांकि काफी कम वोट मिलने से असमंजस की स्थिति है कि आखिर में जीत का सेहरा किसके सिर पर बंधेगा।  सबसे अधिक वोट प्रतिशत वाले 10 विधानसभा क्षेत्र-सिवनी व बालाघाट के बाद तीसरे नंबर पर वोटिंग आगर मालवा में 85.03 फीसदी हुई है। इसके चौथे नंबर पर शाजापुर रहा। यहां 84.99 फीसदी वोट पड़े। पांचवें नंबर पर राजगढ़ रहा। यहां कुल 84.29 फीसदी वोट पड़े हैं। यह क्षेत्र हालांकि मध्य क्षेत्र में आता है। मध्य भारत में यह एक मात्र सीट है, जहां से बंपर वोटिंग हुई है। राजगढ़ से भाजपा ने अमर सिंह यादव को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने बाबू सिंह तंवर को टिकट दिया है। राजगढ़ में इतनी जबरदस्त वोटिंग होने को लेकर खुद यहां के लोग हैरान हैं। इस सीट पर भाजपा व कांग्रेस दोनों के बीच कांटे की टक्कर है। छठवें नंबर पर रतलाम 83.40 फीसदी व सांतवें पर नीमच है। यहां 83.30 फीसदी वोट पड़े। भाजपा ने दिलीप सिंह परिहार व कांग्रेस ने उमराव सिंह गुर्जर को मैदान में उतारा है। आठवें सबसे अधिक वोटिंग में मंदसौर है। यहां 83.28 फीसदी वोट पड़े हैं। भाजपा के कद्दावर नेता यशपाल सिंह सिसोदिया व कांग्रेस से विपिन जैन मैदान में हैं। नौवें पर छिंदवाड़ा में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ मैदान मेंप्रदेश में 10 सबसे अधिक वोटिंग वाले विधानसभा क्षेत्र में नौवें नंबर पर छिंदवाड़ा का भी नाम है। यहां से कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ मैदान में हैं, जबकि भाजपा ने विवेक बंटी साहू काे टिकट दिया है। नाथ की वजह से इस सीट पर प्रदेश भर की नजरें थी। अब बंपर मतदान करके मतदाताआंे ने अपने प्रत्याशी के प्रति विश्वास जता दिया है। 10 वें नंबर पर नरसिंहपुर है। यहां से केंद्रीय मंत्री व भाजपा प्रत्याशी प्रह्लाद पटेल चुनाव मैदान में हैं। जबकि कांग्रेस ने लाखन सिंह पटेल का टिकट दिया है। इस सीट पर भी प्रदेश भर की नजरें तो थी ही साथ में देश के कई राज्यों के नेताओं की नजर थी। भाजपा के लिए यह सीट थोड़ी कठिन बन गई थी, इसलिए केंद्रीय मंत्री पटेल को चुनाव मैदान में उतारा। भोपाल के दक्षिण पश्चिम सबसे कम में तीसरे नंबर पर-सबसे कम वोटिंग वाले विधानसभा क्षेत्रों में से सबसे पहले अलीराजपुर जिले का जोबट क्षेत्र हैं। दूसरा सबसे कम ग्वालियर जिले का ग्वालियर पूर्व क्षेत्र है। यहां 57.33 फीसदी वोट पड़े। तीसरे सबसे कम का रिकार्ड इस बार भोपाल दक्षिण पश्चिम का रहा। यहां से महज 58.2 फीसदी वोटिंग हुई। इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा आबादी सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों की है। लेकिन सरकारी कर्मचारी वोट देने ही नहीं निकले। इसे क्षेत्र में कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा व व भाजपा के भगवान दास सबनानी मैदान में हैं। चौथे सबसे कम में भिंड क्षेत्र रहा। यहां महज 58.57 फीसदी वोट पड़े। पांचवें सबसे कम में भी भोपाल मध्य का नाम दर्ज हो गया है। यहां से 60.1 फीसदी वोट पड़े। मध्य से भाजपा ने धु्व नारायण सिंह को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने आरिफ मसूद को टिकट दिया था। छठवें सबसे कम में मुरैना का अंबाह व सांतवे पर भिंड का गोहद क्षेत्र है। आंठवे पर भिंड का गोहद व नौवें पर रीवा का मेहगांव क्षेत्र रहा। 10 वें सबसे कम वोटिंग में भोपाल का गोविंदपुरा क्षेत्र है।

अमृत काल में 80 करोड़ लोग अनाज क्यों नहीं खरीद पा रहे हैं.

In the Amrit Kaal, why are 80 crore people unable to purchase grains? Manish Trivedi यह रिपोर्ट द वायर हिंदी की एक रिपोर्ट के आधार पर है.  दिल्ली, छत्तीसगढ़ में एक चुनावी भाषण में मोदी ने भव्य घोषणा की कि 80 करोड़ गरीब भारतीयों को मुफ्त अनाज बांटने की योजना, को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाया जाएगा. प्रधानमंत्री ने दावा किया कि यह ‘भारत के लोगों को मोदी की गारंटी’ है. सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, जो 2028 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है, उसे 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज क्यों बांटना चाहिए? दूसरी तरफ देखें, अगर भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है तो वैश्विक भूख सूचकांक में यह और नीचे क्यों गिर रहा है? 2023 ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत चार पायदान फिसलकर 125 देशों में से 111वें स्थान पर पहुंच गया. सरकार हंगर इंडेक्स रिपोर्ट की आलोचना करती है, लेकिन प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत मुफ्त खाद्यान्न योजना को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाकर इसका समर्थन कर रही है. जमीनी स्तर पर कुछ वास्तविक नतीजे दिखाने के लिहाज़ से दस साल का समय बहुत लंबा है, चाहे वह विकास हो, रोजगार हो, बचत दर, निजी निवेश, बढ़ा हुआ विदेशी निवेश या निर्यात आदि हो. इन सभी मामलों पर उपलब्ध डेटा खराब प्रदर्शन ही दर्शाता है. मनरेगा यानी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, जिसे सरकार ने वास्तविक आर्थिक विकास, रोजगार और आय पैदा करने में कांग्रेस की विफलता का स्मारक बताया. आज की तारीख में मोदी और उनकी सरकार की एक बड़ी विडंबना यह है कि ग्रामीण रोजगार गारंटी बजट का 93% हिस्सा वित्तीय वर्ष के पहले छह महीनों में ही खर्च हो गया है. पिछले महीने सांख्यिकी विभाग द्वारा जारी जुलाई 2022 से जुलाई 2023 के लिए आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीरियाडिक लेबर फोर्स सर्वे) में सामने आया. सर्वे से पता चलता है कि स्व-रोजगार के आंकड़ों में भारी वृद्धि हुई है, जो 2022-23 में कुल काम में लगे लोग का 58% है. अर्थव्यवस्था में कुल एम्प्लॉयड लोगों का आंकड़ा लगभग 500 मिलियन से अधिक है. 2017-18 में स्व-रोज़गार श्रेणी, मुख्यतः ग्रामीण भारत में छोटे विक्रेता और व्यक्तिगत सर्विस प्रोवाइडर कुल एम्लॉयड का 52% थे. स्व-रोज़गार में बड़ी वृद्धि गैर-मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में निम्न गुणवत्ता वाले रोज़गार में बढ़ोतरी का संकेत देती है. यह स्पष्ट है क्योंकि स्व-रोज़गार में से एक तिहाई अवैतनिक श्रमिक हैं जो बिना किसी वेतन के छोटे परिवार द्वारा चलाई जाने वाली इकाइयों में शामिल होते हैं. इसलिए स्व-रोज़गार का अनुपात और उसमें बिना वेतन के काम करने वालों का अनुपात पिछले 5 वर्षों में नाटकीय रूप से बढ़ गया है, खासकर नोटबंदी और महामारी के बाद. अर्थशास्त्री संतोष मेहरोत्रा के अनुसार, स्व-रोज़गार श्रेणी में अवैतनिक श्रमिकों की संख्या अवैतनिक श्रमिकों की संख्या 2017-18 में 4 करोड़ से बढ़कर 2022-23 में 9.5 करोड़ हो गई है. संभवतः अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ी संरचनात्मक कमजोरी है क्योंकि श्रम बल सर्वे से यह भी पता चलता है कि 2017-18 और 2022-23 के बीच वास्तविक रूप से औसत नियमित मासिक वेतन में 20% से अधिक की गिरावट आई है. स्व-रोज़गार और कैज़ुअल (अस्थायी) श्रेणियों के लिए भी असल वेतन में गिरावट दिखती है. दरअसल में बीते पांच सालों में औसत वेतन में कोई वृद्धि न होना स्पष्ट रूप से रोज़गार की बिगड़ती गुणवत्ता को दर्शाता है. इस बात का पता खुद भी लगाया जा सकता है, बस जाकर किसी स्व-रोजगार करने वाले जैसे निर्माण या परिवहन में लगे लोग (उबर या ओला ड्राइवर) से पूछिए, वो बताएंगे कि उनका वेतन वास्तविक रूप से स्थिर है, भले ही रोजमर्र के जीवनयापन की लागत बढ़ गई हो. वेतन का स्थिर होना, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में क्रय शक्ति की कमी को भी दिखता है, जो हाल के वर्षों में हिंदुस्तान लीवर, बजाज ऑटो इत्यादि जैसी कंपनियों के लिए ग्रामीण मांग में वृद्धि की कमी में दिखी है. बजाज ऑटो जैसे दोपहिया वाहन निर्माता पांच या छह साल पहले की तुलना में आज 30 से 40% कम इकाइयां बेच रहे हैं, जो पहले कभी नहीं हुआ था. लक्जरी सेगमेंट- एसयूवी, आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स, होटल, हवाई यात्रा आदि मजबूत खपत बढ़ी है और जो कंपनियां इन जरूरतों को पूरा करती हैं, वे अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं. निम्न मध्यम वर्ग की खपत अब तक के सबसे निचले स्तर पर नज़र आ रही है. श्रम बल सर्वे में दिखने वाला वेतन का स्थिर हो जाना मोटे तौर पर निचली 60 से 70% आबादी का प्रतिनिधित्व करता है. यह देखना दिलचस्प होगा कि पीएम मोदी भारत के अमृत काल में प्रवेश की अपनी भव्य कहानी को लेकर लोगों को कैसे आश्वस्त करते हैं. कोई भी मोदी से एक सरल, सामान्य सवाल पूछ सकता है- अमृत काल में 80 करोड़ लोग अनाज कैसे नहीं खरीद पा रहे हैं?

मध्य प्रदेश में 150 सीटों से अधिक आए इस लक्ष्य को लेकर हम सबने काम किया:- नरेंद्र सिंह तोमर।

We all worked towards the goal of getting more than 150 seats in Madhya Pradesh: Narendra Singh Tomar. प्रचंड बहुमत के साथ बन रही है भारतीय जनता पार्टी कि सरकार। मतदान करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया बड़ा दावा। सुभाष पांडेय ग्वालियर। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज ग्वालियर में मुरार स्थित मतदान केंद्र पर वोट डाला, इस दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा के पक्ष में माहौल है और मैं ये दावे से कह सकता हूँ कि मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने कांग्रेस का दावे पर कहा कि कांग्रेस क्या कह रही है हमें नहीं पता लेकिन हम ये दावा कर रहे हैं कि मप्र में भाजपा की सर्कार बन रही है।  मतदान करने के बाद मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि मध्य प्रदेश की जनता मतदान में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही है, जो रुझान मुझे दिखाई दे रहा है उस पर भारतीय जनता पार्टी का समर्थन देखने को मिल रहा है। हमें विश्वास है जो प्रदेश भर में वातावरण है उसके आधार पर प्रचंड बहुमत से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन रही है। मध्य प्रदेश में सरकार बनने पर चंबल से मुख्यमंत्री होने के सवाल पर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है भारतीय जनता पार्टी में पद की स्पर्धा नहीं है बल्कि जीतने की स्पर्धा है। मध्य प्रदेश में 150 सीटों से अधिक आए इस लक्ष्य को लेकर हम सब काम कर रहे हैं। दिमनी सहित चम्बल अंचल में हुए पथराव और फायरिंग के सवाल पर तोमर ने कहा है कि चुनाव में हिंसा का कोई स्थान नहीं है कांग्रेस के लोग भयभीत और घबराए हुए है हार की वजह से इस तरह का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कहीं कांग्रेस के लोग झगडे कर रहे हैं कहीं बीएसपी के लोग लेकिन जनता सब जान रही है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण मतदान होगा और भारतीय जनता पार्टी की विजय होगी।  राहुल गांधी के 150 सीटें जीतने के दावे पर जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि कांग्रेस क्या कहती है? कौन क्या दावे कर रहा है हमें नहीं मालूम, लेकिन हम ये दावा कर रहे हैं की मप्र में भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत की सरकार बना रही है।

जबलपुर में मतदान के अंतिम चरण में हिंसक वारदातें, भाजपा कांग्रेस प्रत्याशी समर्थक आपस में भिड़े।

Violent incidents in the last phase of voting in Jabalpur, supporters of BJP and Congress candidates clashed with each other. जमकर हुआ पथराव,चले गोली और बम। बमबाजी में पुलिस का एएसआई घायल। विशेष संवाददाता जबलपुर। विधानसभा चुनाव में मतदान के दौरान जिले के घमापुर क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी अंचल सोनकर तथा कांग्रेस प्रत्याशी लखन घनघोरिया के गुटों में टकराव हो गया। इस दौरान फायरिंग की घटना में एएसआई गोपाल सिंह को चोट आई है और उसके कान में छर्रे लगे हैं। जबलपुर में मतदान के अंतिम 15 मिनट में कई स्थानों पर हिंसक वारदात घटित हुई। पूर्व विधानसभा क्षेत्र के घमापुर में फायरिंग की घटना में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। इस विधानसभा क्षेत्र के भान तलैया क्षेत्र में पथराव की घटना भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह के अनुसार मतदान के अंतिम 15 मिनट में कई स्थानों में हिसंक घटना घटित हुई हैं। पूर्व विधानसभा के अंतर्गत घमापुर क्षेत्र में कांग्रेस भाजपा प्रत्याशी अंचल सोनकर तथा कांग्रेस प्रत्याशी लखन घनघोरिया के गुटों में टकराव हो गया। इस दौरान फायरिंग की घटना में एएसआई गोपाल सिंह को चोट आई है और उसके कान में छर्रे लगे हैं। हिंसा के मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, टकराव के कारण व आरोपियों के संबंध में जांच जारी है। उन्होंने बताया कि पूर्व विधानसभा के अंतर्गत भान तलैया क्षेत्र में पथराव की घटना हुई है। केंट विधानसभा अंतर्गत गोराबाजार तथा रांझी क्षेत्र में कांग्रेस व भाजपा प्रत्याशी के समर्थक आमने-सामने आ गए थे। मध्य-उत्तर विधानसभा अंतर्गत मिलौनीगंज तथा हनुमानताल क्षेत्र में भी टकराव की स्थिति निर्मित हुई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार कांग्रेस प्रत्याशी समर्थक तथा पूर्व पार्षद कल्लन गुप्ता के कार्यालय के सामने हुई हिंसक वारदात के दौरान फायरिंग के साथ जमकर बम व पत्थर चले। इस हिंसक वारदात में कई व्यक्तियों को चोटें आई हैं। इसके बाद सांसद राकेश सिंह, भाजपा प्रत्याशी अंचल सोनकर सहित कई भाजपा नेता थाने पहुंच गए थे। यह हिंसक घटना पुलिस बल की मौजूदगी में हुई। पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल में पहुंचकर मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रित करने पुलिस को हलके बल का प्रयोग भी करना था। घटना के बाद क्षेत्र में पूरी तरह से सन्नाटा पसर गया था।

छुटपुट घटनाओं के बीच ग्वालियर में शांतिपूर्ण रहा मतदान।

Voting remained peaceful in Gwalior amid minor incidents. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते नहीं हुआ कोई बड़ा झगड़ा फसाद। भाजपा और कांग्रेस के बीच ही दिखाई दे रहा है सीधा मुकाबला। संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के चलते ग्वालियर जिले के सभी 6 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के 1659 मतदान केंद्रों और 3 सहायक मतदान केन्द्रों पर वोट डाले गये। छुटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। मौसम में ठंडक होने के कारण सुबह मतदान केंद्रों पर भीड़ कम ही रही, लेकिन जैसे जैसे दिन चढ़ा मतदान केन्द्रों पर लाईन भी बढ़ती चली गई। चुनाव आयोग ने भले ही तमाम वायदे वोटिंग को लेकर किये हो, लेकिन मतदान के समय भी लोग अपने वोटर कार्ड लेकर घूमते दिखे। जबकि उनका नाम वोटर लिस्ट में था ही नहीं आयोग द्वारा नियुक्त एजेंटों द्वारा इसको लेकर कहा गया कि मतदाता की पुष्टि नहीं हुई होगी, इसके कारण नाम कट गया होगा, यह कहकर पलड़ा झाड़ लिया गया। ग्वालियर ग्रामीण के 269, ग्वालियर के 303, ग्वालियर पूर्व के 319, ग्वालियर दक्षिण के 249, भितरवार के 266 और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र डबरा (अजा) के 256 मतदान केन्द्रों पर वोट डाले गये। लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदाता रूपी जनता ने अपने मताधिकार का उपयोग कर नई सरकार चुन ली है। साथ ही अपने क्षेत्र के विधायक को भी चुन लिया। मतदान के दौरान चाक चौबंद रही कानून व्यवस्था ग्वालियर में मतदान के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जिले की छह विधानसभा सीटों के लिए दस हजार से ज्यादा मध्यप्रदेश पुलिस के जवानों के अलावा बीएसएफ और क्यूआरएफ फोर्स को बड़ी संख्या में तैनाती की गई थी। संवेदनशील बूथों की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए पहली बार ड्रोन कैमरों की भी तैनाती की गई थी। कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चन्देल पूरे समय मतदान केन्द्रों पर घूम-घूम कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।ग्वालियर में 16 लाख 24 हजार 567 वोटर्स हैं। इनमे 7 लाख 5 हजार 871 महिला वोटर हैं। इन चुनावों में पहली बार अस्सी साल से ज्यादा वाले बुजुर्गों को घर पर ही वोट डालने का अधिकार मिला था। ऐसे वोटर्स की संख्या 17081 है। जिले में 275 बूथ संवेदनशील भी थे जिनकी सुरक्षा के खास इंतजान किए गए थे। हालांकि शहर में मतदान प्रक्रिया के दौरान दो से तीन स्थानों पर लड़ाई झगडे की खबरें भी आईं थीं लेकिन पुलिस अधिकारियों की मुस्तैदी और चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के चलते छोटे छोटे विवाद तो देखने को मिले लेकिन ये विवाद किसी बड़े झगड़े या अप्रीय घटना का कारण नहीं बन सके, कुल मिलाकर शहर में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। दांव पर लगी मंत्री और पूर्व मंत्रिओं की शाख ग्वालियर में भाजपा के दो वर्तमान मंत्री ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और भारत सिंह कुशवाहा के अलावा तीन पूर्व मंत्री माया सिंह, इमरती देवी और नारायण सिंह कुशवाह और कांग्रेस के पूर्व मंत्री लाखन सिंह यादव मैदान में हैं। इस चुनाव में इन सभी वर्तमान एवं पूर्व मंत्रिओं की शाख दांव पर लगी है। अब यह तो तीन तारीख को आने वाले चुनाव परिणाम ही बताएंगे कि किसकी शाख बचेगी और किसकी डूबेगी। जिसका इंतजार सभी को रहेगा। आपको बता दें कि सुबह निर्धारित समय पर राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त पोलिंग एजेंट्स की मौजूदगी में ईवीएम मशीनों का मॉक टेस्ट हुआ और फिर वैधानिक प्रक्रिया शुरू करने के बाद मतदान शुरू हुआ था। पोलिंग बूथों पर लगी रही मतदाताओं की भीड़ ग्वालियर की 6 विधानसभा सीटों पर लोकतंत्र के महापर्व को लेकर उत्साह चरम पर रहा। सुबह 7 बजे से ही पोलिंग बूथों पर वोट डालने के लिये मतदाताओं को पहुंचना शुरू हो गया था। दिन चढ़ते ही पोलिंग बूथों पर लोगों की लाइनें लगना शुरू हो गई थी। लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे। कई मतदान केन्द्रों पर मतदान धीमे होने की शिकायतें भी सामने आई। वहीं मतदान का समय पूर्ण होने पर भी कुछ पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की लंबी लाइन लगीं दिखाई दीं। जिसके चलते लाइन में लगे हुए मतदाताओं को मतदान केंद्रों के अंदर कर दिया गया और कुछ अतरिक्त समय का उपयोग कर मतदान पूर्ण कराया गया। भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला ग्वालियर दक्षिण की बात करें तो यहां कांग्रेस के मौजूदा विधायक प्रवीण पाठक और पूर्व मंत्री भाजपा प्रत्याशी नारायण सिंह कुशवाह के बीच सीधी लडाई है। ग्वालियर पूर्व में कांग्रेस के मौजूदा विधायक डा. सतीश सिंह सिकरवार और पूर्व मंत्री भाजपा नेत्री माया सिंह के बीच मुकाबला है। जबकि ग्वालियर विधानसभा में मंत्री भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह तोमर और कांग्रेस प्रत्याशी सुनील शर्मा के बीच कांटे का मुकाबला है। ग्रामीण विधानसभा में भाजपा नेता मंत्री भारत सिंह कुशवाह और कांग्रेस प्रत्याशी साहब सिंह गुर्जर में आमने सामने की टक्कर है। भितरवार में कांग्रेस के मौजूदा विधायक लाखन सिंह और भाजपा के मोहन सिंह राठौर के बीच मुकाबला है वहीं डबरा में पूर्व मंत्री भाजपा नेत्री इमरती देवी और कांग्रेस के मौजूदा विधायक सुरेश राजे में सीधा मुकाबला है।

मुरैना में पूर्व सरपंच को गोली मारी, हालत गंभीर।

Former Sarpanch shot in Morena, condition critical. आधा दर्जन हथियारबंद बाइक सवार बदमाशों ने चलाई गोलियां। घायल को ग्वालियर रेफर किया, चुनावी रंजिश पर हुआ हमला। संतोष सिंह तोमर ग्वालियर / मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में मतदान का दिन चुनावी हिंसात्मक घटनाओं से भर रहा, दिमनी विधानसभा के साथ-साथ जिले की अन्य विधानसभा में पथराव और फायरिंग की घटनाएं सामने आईं। वहीं मतदान संपन्न होने के बाद यहां घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बताया जा रहा है कि बीती रात बाइक से आधा दर्जन बदमाशों ने भाजपा समर्थक पूर्व सरपंच को गोली मार दी। घटना कोतवाली थाना इलाके के गणेशपुरा की है। गंभीर रूप से घायल पूर्व सरपंच को जिला अस्पताल लाया गया जहां से ग्वालियर रेफर कर दिया गया है। आपको बता दें कि मतदान के दिन जिले में जमकर फायरिंग और पथराव की घटना सामने आई है। मतदान होने की साथ-साथ एक और बड़ी घटना सामने आई है। शहर की कोतवाली थाना इलाके की गणेशपुरा में रहने वाले भाजपा समर्थक और पूर्व सरपंच खेम सिंह के ऊपर दर्जन बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसमें पूर्व सरपंच खेम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया। इस घटना का कारण आपसी चुनावी रंजिश बताई जा रही है। वहीं घायल पूर्व सरपंच के परिजनों ने आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के बेटे और उनके साथियों ने गोली चलाई है फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। इनका कहना है कोतवाली थाना प्रभारी सुनील खेमरिया का कहना है कि पूर्व सरपंच का कहना है कि वह अपनी सिस्टर के घर से निकलकर गांव जा रहे थे। इस दौरान आधा दर्जन युवकों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जिसमें उन्होंने बताया है कि कोई प्रत्याशी का लड़का बताया जा रहा है। फिलहाल घायल पूर्व सरपंच को इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया है और पूरी घटना की जांच की जा रही है।

मध्य प्रदेश में लोकतंत्र का महापर्व संपन्न।

Grand festival of democracy concluded in Madhya Pradesh. ई.वी.एम. में कैद हुआ मध्य प्रदेश का भविष्य।76.22 प्रतिशत मतदान, 3 तारीख को परिणाम। उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश में  मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के लिए 17 नवंबर को एक चरण में हुए मतदान के साथ लोकतंत्र का महापर्व संपन्न हो गया। इस महापर्व में जहां मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान , कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, नरेन्द्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरोत्तम मिश्रा, कैलाश विजयवर्गीय, नकुल नाथ, जयवर्धन सिंह सहित मंत्रियों, सभी दिग्गज नेताओं और उम्मीदवारों ने मतदान किया। वहीं आम मतदाताओं ने भी बड़ा – चढ़ कर मतदान किया। वोट डालने के बाद एक बार फिर बीजेपी और कांग्रेस ने अपनी अपनी जीत का दावा किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने आज मतदान करने के बाद अपनी अपनी सरकार बनाने का दावा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि जनता प्रदेश को विकास के पथ पर आगे ले जाने के लिए एक बार फिर बीजेपी को आशीर्वाद देगी। वहीं कमलनाथ ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि जनता सच्चाई का साथ देगी। इसी के साथ कमलनाथ ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वो कई स्थानों पर पैसा, पुलिस और प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है। इसी के साथ उन्होने एसपी मुरैना पर बीजेपी कार्यकर्ता के रूप में काम करने का आरोप भी लगाया है। ईवीएम में कैद एमपी का भविष्य, अब नतीजों का इंतजार इस बार मध्यप्रदेश प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों के लिए 2,533 उम्मीदवारों ने अपन किस्मत आज़माई है। प्रदेश में कुल वोटरों की संख्या 5,60,58,521 हैं जिनमें 2,87,82,261  पुरुष मतदाता और 2,71,99,586  महिला मतदाता हैं। इसी के साथ थर्ड जेंडर वोटरों की संख्या 1292 है। पूरे प्रदेश में 64523 मतदान केंद्र बनाए गए और सुबह 7 बजे से वोटिंग का सिलसिला शुरु हुआ जो शाम 6 बजे समाप्त हुआ। प्रदेश में निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रक्रिया के लिए सभी 230 विधानसभा सीटों और मतदान केन्द्रों को चार अलग-अलग ग्रुप में बांटा था। ए ग्रुप वाले मतदान केंद्रों पर सुबह 8 बजे से वोटिंग शुरु हुई और शाम शाम 4 बजे खत्म हुई। बी ग्रुप वाले मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से वोट पड़ने शुरु हुए और शाम बजे समाप्त हुए। वहीं सी ग्रुप वाले मतदान केन्द्रों पर सुबह 7 बजे से वोटिंग की प्रक्रिया शुरू होगी और शाम 5 बजे तक चली। अंतिम डी ग्रुप वाले केंद्रों पर सुबह 9 बजे से वोटिंग शुरु हुई और शाम 6 बजे विराम लगा। पिछले कुछ समय से लगातार राजनीतिक दल लगातार सक्रिय थे। आमसभा, रोड शो, नुक्कड़ सभा, नेताओं की एक दूसरे पर छींटाकशी, एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप.. इन सब में कौन कितना सफल रहा, जनता को अपनी ओर मोड़ने में किस राजनैतिक दल का प्रयास ज्यादा बेहतर था, इसका फैसला जनता ने कर दिया है और अब नतीजों का इंतजार है। इस चुनाव में खास बात यह भी है कि एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी ने अपने 7 दिग्गज केंद्रीय नेताओं को टिकट दिए, तो वहीं कांग्रेस का भी लगभग पूरा केंद्रीय नेतृत्व मध्य प्रदेश की तैयारी में लगा रहा। बीएसपी, सपा, आम आदमी पार्टी व अन्य दलों ने भी प्रचार प्रसार में कोई कमी पेशी नहीं रखी। प्रदेश में 76 प्रतिशत मतदान, आगर मालवा मतदान में आगे मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के लिए मतदान शुक्रवार को हो गया है। 230 विधानसभा सीटों पर कुल 76.22 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि, साल 2018 में मध्यप्रदेश में कुल 75.63 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार सबसे ज्यादा आगर मालवा में 83 प्रतिशत और अलीराजपुर में सबसे कम 56.24 प्रतिशत मतदान हुआ। भोपाल में शाम 5 बजे तक 59.19 प्रतिशत मतदान हुआ। इंदौर में 64.95 प्रतिशत, जबलपुर में 66.24 प्रतिशत और ग्वालियर में 61.64 फीसदी मतदान हुआ। अनुपपूर में 74.85 प्रतिशत, अशोक नगर में 69.13 प्रतिशत, बालाघाट में 79.78 प्रतिशत, बड़वानी में 70.36 प्रतिशत, बैतूल में 73.96 प्रतिशत, भिंड में 58.41 प्रतिशत, भोपाल में 59.19 प्रतिशत, बुरहानपुर में 72.64 प्रतिशत, छतरपुर में 66.37 प्रतिशत, छिंदवाड़ा में 78.85 प्रतिशत, दमोह में 73.83 प्रतिशत, दतिया में 69.66 प्रतिशत, देवास में 76.42 प्रतिशत, धार में 72.35 प्रतिशत, डिंडोरी में 78.30 प्रतिशत, गुना में 74.98 प्रतिशत, हरदा में 74.20 प्रतिशत, झाबुआ में 73.10 प्रतिशत, कटनी में 69.03 प्रतिशत, खंडवा में 69.99 प्रतिशत, खरगोन में 75.54 प्रतिशत, मंडला में 71.52 प्रतिशत, मंदसौर में 78.07 प्रतिशत, मुरैना में 64.76 प्रतिशत, नर्मदापुरम में 76.97 प्रतिशत, नरसिंहपुर में 77.44 प्रतिशत, नीमच में 81.19 प्रतिशत, निवाड़ी में 77.33 प्रतिशत, पन्ना में 69.41 प्रतिशत, रायसेन में 73.13 प्रतिशत, राजगढ़ में 80.34 प्रतिशत, रतलाम में 80.02 प्रतिशत, रीवा में 64.45 प्रतिशत, सागर में 70.44 प्रतिशत, सतना में 66.52 प्रतिशत, सीहोर में 71.57 प्रतिशत, सिवनी में 80.39 प्रतिशत, शहडोल में 75.03 प्रतिशत, शाजापुर में 80.95 प्रतिशत, श्योपुर में 77.33 प्रतिशत, शिवपुरी में 71.33 प्रतिशत, सीधी में 64.54 प्रतिशत, सिंगरौली में 72.20 प्रतिशत, टीकमगढ़ में 68.09 प्रतिशत, उज्जैन में 73.37 प्रतिशत, उमरिया में 74.22 प्रतिशत, विदिशा में 75.55 प्रतिशत मतदान हुआ। संकल्प पत्र का हर संकल्प पूरा करेंगे:- शिवराज सिंह सीएम शिवराज ने वोट डालने के बाद कहा कि ‘आज लोकतंत्र का महापर्व है और मेरी सबसे अपील है कि अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें। भारतीय जनता पार्टी की सरकार पिछले 18 वर्षों में प्रदेश के विकास के अभूतपूर्व काम किए है, बीमारू प्रदेश को विकसित राज्य बनाया है और अब हम मध्य प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना चाहते हैं दैश का। इसीलिए भारतीय जनता पार्टी को जनता अपना आशार्वीद दे। हमने जो कल्याणकारी योजनाएं चलाई है उसने लोगों की जिंदगी बदली है। समाज के हर वर्ग का कल्याण किया है। इन कामों को लगातार जारी रखने के लिए मेरी जनता जनार्दन से प्रार्थना है कि वो बीजेपी को आशीर्वाद दें। तीन चीजें जो बताना चाहता हूं। अब तक जो किया है जनता वो जानती है, आगे जो हमारी प्राथमिकता है वो हमने संकल्प पत्र में बताया है।’ उन्होने कहा कि महिलाओं के जीवन को खुशहाल बनाना, शिक्षा स्वास्थ्य व्यवस्था में और विकास करना और किसान के जीवन में समृद्धि लाना तथा गरीब कल्याण हमारा संकल्प है। संकल्प पत्र की एक एक बात को पूरा किया जाएगा। ‘पैसा, पुलिस, प्रशासन’ का हुआ दुरुपयोग:- कमलनाथ पूर्व मुख्यमंत्री … Read more

राजनगर से भाजपा प्रत्याशी अरविंद पटेरिया सहित दो दर्जन लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज।

A case of murder registered against two dozen people including BJP candidate from Rajgarh Arvind Pateria. कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थक निगम पार्षद की गाड़ी से कुचलकर हत्या। हमले में बाल बाल बचे वर्तमान विधायक व कांग्रेस प्रत्याशी नातीराज। संतोष सिंह तोमर छतरपुर। राजनगर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी और उनके समर्थकों पर हुए प्राणघातक हमले में समर्थक कांग्रेस पार्षद की मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना के बाद गुस्साए परिजनों, कांग्रेस प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने खजुराहो थाना घेर लिया। कांग्रेस प्रत्याशी और मृतक के परिजनों ने क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी और उनके समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की। जिसके बाद पुलिस ने भाजपा प्रत्याशी अरविंद पटेरिया और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार छतरपुर जिले के राजनगर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी विक्रम सिंह नातीराजा पर गुरुवार रात जानलेवा हमला हुआ। इस दौरान उन्हें बचाने की कोशिश में उनके साथी व गाड़ी चला रहे कांग्रेस खेल प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष व निगम पार्षद सलमान खान की हत्या कर दी गई। भाजपा प्रत्याशी अरविंद पटेरिया के समर्थकों ने गाड़ी रोक कर नातीराजा पर बंदूक तान दी थी। उन्हें बचाने के लिए सलमान आगे आए तो 20-25 बदमाशों ने उन पर धारदार हथियारों, कुल्हाड़ी और डंडों से वार कर दिया। वे नीचे गिरे तो बदमाशों ने सलमान को गाड़ी से कुचल दिया और मौके से भाग निकले। हत्या व प्राणघातक हमले के प्रयास के मामले में खजुराहो थाने में पटेरिया व उनके समर्थकों के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास से संबंधित कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है।छतरपुर जिले की राजनगर विधानसभा सीट पर मतदान से एक दिन पहले यह हमला हुआ। आरोप है कि भाजपा प्रत्याशी अरविंद पटेरिया के समर्थक शराब बांट रहे थे। रात को जब इसकी सूचना विधायक और कांग्रेस प्रत्याशी नातीराजा और उनके समर्थकों को मिली तो वे मौके पर पहुंचे और वहां यह वारदात हुई। नातीराजा और समर्थक हमले में गंभीर रूप से घायल सलमान को लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचे। वहां सलमान की जान बचाने की कोशिश की गई, लेकिन प्रयास विफल रहे। इसके बाद नातीराजा अपने समर्थकों के साथ खजुराहो थाने पहुंचे। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी अरविंद पटेरिया और उनके साथियों पर हत्या का आरोप लगाया और शिकायत दर्ज कराई। अरविंद पटेरिया खजुराहो सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के खास बताए जाते हैं। राजनगर से भाजपा प्रत्याशी अरविंद पटेरिया ने आरोपों का खंडन किया है। पुलिस के मुताबिक गुरुवार रात लगभग तीन बजे सूचना मिली थी कि रलिया फॉल से तोरिया की तरफ जो रास्ता जाता है, वहां भाजपा के प्रत्याशी अरविंद पटेरिया के साथ कुछ गाड़ियां थीं। कांग्रेस के प्रत्याशी नातीराजा के समर्थक भी अपनी गाड़ियों में थे। इसी दौरान विवाद के बाद हमला किया गया। इसमें सलमान की मौत हो गई। थाने में रोते दिखाई दिए नातीराजा कांग्रेस प्रत्याशी विक्रम सिंह नातीराजा ने थाने में पुलिस अधिकारियों से पटेरिया पर कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग करते हुए नारेबाजी की। नातीराजा ने रोते-बिलखते कहा कि हमें जीने का अधिकार भी नहीं है। यह कैसी सरकार है। नातीराजा ने कहा कि उन लोगों ने अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि चढ़ा दो गाड़ी इन पर। मैं गाड़ी में आ गया, लेकिन सलमान नहीं आ सका अंदर। प्रत्यक्षदर्शी शाहिद खान ने आरोप लगाया कि हम चार गाड़ियों में थे। पटेरिया के लोग शराब बांट रहे थे। नातीराजा की गाड़ी को रोका और जब सलमान बाहर निकले तो उन पर हमला कर दिया। पटेरिया के लोगों की 12-13 गाड़ियां थी। वहीं इस मामले की खबर मिलने के बाद क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी घासीराम पटेल भी अपने समर्थकों सहित खजुराहो थाने जा पहुंचे और विधायक नातीराजा का समर्थन करते हुए मौजूद पुलिस अधिकारियों से इस मामले में बिना किसी पक्ष पात के कार्यवाही करने की मांग की। इस दौरान वहां मौजूद आक्रोशित लोगों ने अरविंद पटेरिया मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। इलाके में तनाव, गुस्साए लोगों ने किया हंगामा राजनगर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर विक्रम सिंह नाती राजा के समर्थक और जिला कांग्रेस खेल प्रकोष्ठ के अध्यक्ष व निगम पार्षद सलमान खान की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस ने बीजेपी के प्रतिद्वंदी उम्मीदवार अरविंद पटेरिया पर हत्या का आरोप लगाया है। क्षेत्र के लवकुश नगर में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई है। कांग्रेस नेता सलमान खान की कार से कुचलकर मौत के मामले को लेकर गुस्साए लोगों ने भाजपा नेताओं की गाड़ियों पर पथराव कर दिया। लोगों ने डंडों से कारों के कांच फोड़ दिए. हंगामा, पथराव और कारों में डंडे चलाना का वीडियो सामने आया है। पुलिस ने दर्ज की एफआईआर इस हमले की घटना को लेकर खजुराहो थाने पर कांग्रेस प्रत्याशी और कार्यकर्ताओं के जमावड़े की खबर मिलने के बाद कलेक्टर संदीप जीआर और पुलिस अधीक्षक अमित सांघी ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस अधीक्षक अमित सांघी ने बताया कि सलमान खान की मौत और विधायक विक्रम सिंह नातीराजा पर जानलेवा हमले के मामले में राजनगर के भाजपा प्रत्याशी अरविंद पटेरिया सहित उनके समर्थकों पर खजुराहो थाने में धारा 302, 307, 147, 149 294, 506 का मामला दर्ज कर लिया गया। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

विदिशा जिले में 79.20 प्रतिशत से अधिक हुआ मतदान.

Voting turnout exceeded 79.20 percent in Vidisha district. Sitaram Kushwaha विदिशा, जिले मैं मतदाताओं के द्वारा बंपर वोटिंग की गई है वहीं जिले में शाम के 5:00 बजे तक 79.20% से अधिक मतदान मतदाताओं के द्वारा किया गया है, वहीं ग्यारसपुर क्षेत्र में सभी पोलिंग बूथों पर 80 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं के द्वारा वोट डाले गए है हैदरगढ़ क्षेत्र एवं ग्यारसपुर क्षेत्र के नवयुवक मतदाताओं के द्वारा क्षेत्र में स्थाई मुद्दों को लेकर वोट डाले गए जिसमें बेटियों के द्वारा पहली बार मतदान करते समय क्षेत्र कॉलेज खुलने को लेकर मतदान किया गया एवं विकास के मुद्दे पर मतदान किया गया । ग्यारसपुर क्षेत्र में सभी मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं के द्वारा काफी उत्साह के साथ मतदान किया प्रातः 7:00 बजे से शाम के 6:00 तक सभी मतदाताओं ने पहुंचकर मतदान किया मतदान केंद्रों पर पुलिस प्रशासन के द्वारा चाक चौबंद इंतजाम किए गए थे सभी मतदान केदो पर शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हुआ । जिला पंचायत सीईओ के द्वारा क्षेत्र के कई पोलिंग बूथों पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया ।

मतदान के पहले भाजपा के पक्ष में माहौल।

The atmosphere in favor of BJP before voting. कांग्रेस को पछाड़कर सत्ता के करीब पहुंची भाजपा। सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने से जनता प्रभावित। उदित नारायण भोपाल। मध्यपदेश में 17 नवंबर को होने वाले मतदान के पहले भाजपा कांग्रेस को पछाड़कर सत्ता के करीब पहुंच चुकी है। दीपावली के बाद उत्पन्न हुए सकारात्मक बदलाव को भाजपा के पक्ष में देखा जा रहा है। दिवाली के पहले तक भाजपा कहीं न कहीं  सत्ता से दूर दिखाई दे रही थी लेकिन अब भाजपा सत्ता के करीब पहुंच चुकी है। भाजपा ने चुनाव प्रचार में एक साथ सभी बड़े नेताओं को एक के बाद एक चुनावी सभा में उतार दिया। जिससे कहीं न कहीं भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने का काम किया  है।  दिवाली के पहले लाडली बहनों के खाते में 1250 रुपए आ जाने से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति  भी लाडली बहनों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। जिसे अंडर करेंट के तौर पर देखा जा रहा है। यदि पांचवी बार फिर भाजपा की सरकार बनती है तो इसका श्रेय पीएम मोदी के साथ शिवराज सिंह चौहान को भी जायेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मध्य प्रदेश में फिर से सत्ता हासिल करने के लिए सबसे अधिक सभाएं की हैं। चुनावी सभा के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जे. पी.नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल, अनुराग ठाकुर,स्मृति ईरानी, निर्मला सीतारमन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित तमाम बड़े नेताओं की चुनावी सभाएं हुई जिसने भाजपा को सत्ता के करीब पहुंचाया है।  जिसकी वजह से प्रचार प्रसार में भाजपा कांग्रेस से आगे रही। साथ ही अखबारी विज्ञापन के साथ सोशल मीडिया पर भी विज्ञापन में भाजपा कांग्रेस से आगे दिखाई दी। बूथ मैनेजमेंट में भी भाजपा आगे यदि बात की जाए बूथ मैनेजमेंट की तो भाजपा प्रदेश  अध्यक्ष वीडी शर्मा की रणनीति भी सफल होती दिखाई दे रही है। एक तरफ जहां कांग्रेस में  बूथ स्तर पर पर्याप्त तैयारी का अभाव दिख रहा है वही भाजपा आगे दिखाई दे रही है। प्रदेश में भाजपा के पास 44 लाख से अधिक कार्यकर्ताओं की फ़ौज है। जिसमे पन्ना प्रभारी, हाफ पन्ना प्रभारी तक शामिल हैं। पूरे चुनाव के दौरान वीडी शर्मा चुनावी सभाओं से दूर रहकर बूथ लेबल मीटिंग पर केंद्रित रहे। यदि भाजपा की सरकार बनती है तो यह भी एक सफल रणनीति साबित होगी। केंद्र की इन योजनाओं का भाजपा को मिलेगा लाभ विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने भले ही राष्ट्रीय मुद्दे उतार दिए हों लेकिन मध्य प्रदेश के मतदाताओं में प्रधानमंत्री आवास योजना और और आयुष्मान भारत योजना का भी गहरा प्रभाव देखने को मिल रहा है। 9000 रुपए महीने की मासिक आय वाले व्यक्ति के लिए महंगाई के इस दौर में स्वयं का घर बनाना किसी सपने से कम नहीं है। जिसे केंद्र की प्रधान मंत्री आवास योजना ने पूरा करने का काम किया है। पीएम मोदी की दूरगामी सोंच का परिणाम है कि गांव गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को पक्के आवास मिले हैं। शासकीय आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में लगभग 44 लाख लोगों को पक्के आवास मिले है। इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना के तहत 3 करोड़ से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बने हैं। जिससे   5 लाख रुपए तक के  निशुल्क उपचार का कवच मिला है। वर्तमान में दौर में सगे रिश्तेदार भी बीमारी के दौरान उपचार के लिए आर्थिक मदद नहीं करते ऐसे में सरकार ने 5 लाख रुपए का सुरक्षा कवच प्रदान किया है। इससे भी लोगों के बीच भाजपा के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। जिसका फायदा आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिल सकता है।

गुजरात के अमरेली में  भाजपा नेत्री की हत्या।

BJP leader murdered in Amreli, Gujarat. पड़ोसियों से हुआ था झगड़ा। झगड़े में पुत्र भी हुआ घायल। विशेष संवाददाता गुजरात। अमरेली जिले में महिला भाजपा की पूर्व जिलाध्यक्ष मधुबेन जोशी की एक मामूली विवाद में उनके पड़ोसियों ने हत्या कर दी। हमले में उनका बेटा घायल हुआ है।घटना जिले के धारी इलाके में हुई। मधुबेन जोशी घर में अपने पति और बेटे के साथ रहती थीं। बुधवार को उनके पड़ोसियों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया, जिसने हिंसात्मक रूप ले लिया। हमले में भाजपा की नेता बुरी तरह घायल थीं, जिन्होंने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया हत्या के बाद से आरोपी फरार  पुलिस का कहना है कि हत्या में एक से अधिक आरोपियों के शामिल होने की जानकारी मिली है। सभी आरोपी फरार हैं, उनकी तलाश की जा रही है। हालांकि पुलिस ने कुछ संदेहियों को हिरासत में लिया है और उनसे हत्याकांड को लेकर पूंछ तांछ की जा रही है। हमले में भाजपा नेता के पति अपने आप को बचाने में कामयाब हुए, जबकि उनके बेटे को भी चोट पहुंची है। वह अस्पताल में भर्ती है।पुलिस का कहना है कि हत्या के कारणों की जानकारी अभी नहीं मिली है। मामले में संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। पूर्व में पंचायत सदस्य रह चुकी थीं मधुबेन मधुबेन जोशी धारी तालुका पंचायत की पूर्व सदस्य रह चुकी हैं। उनकी हत्या के बाद कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। पुलिस अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।कांग्रेस के नेता वीरजी थुम्मल ने बुधवार को ही अमरेली में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाया था, जिसके बाद हत्या की यह घटना सामने आई है।जोशी के घर पर पार्टी नेताओं का जमावड़ा लगा है। इलाके में वारदात के बाद हड़कंप मचा है।

कांग्रेस ने आदिवासी समाज को वोट बैंक समझा और शोषण किया: ज्योतिरादित्य सिंधिया.

Congress considered the tribal community as a vote bank and exploited them: Jyotiraditya Scindia केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने किया भितरवार, डबरा व ग्वालियर पूर्व में रोड शो. Udit Narayan भोपाल। भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन के सरकार ने मध्यप्रदेश को बीमारू से विकसित राज्य बनाया है। भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने विकास के ऐतिहासिक विकास कार्य किए हैं। कांग्रेस पार्टी ने आजादी के बाद आदिवासी समाज को वोट बैंक समझा और उनका शोषण किया। यह बात केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर जिले के भितरवार, डबरा और ग्वालियर पूर्व में रोड शो और जनसभाओं को संबोधित करते हुए कही। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने गरीब को गरीब रखकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने का काम किया है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी और 18 माह तक कमलनाथ मुख्यमंत्री रहे, लेकिन डबरा का भला नहीं किया। कभी डबरा का हाल जानने भी नहीं आए। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मैं कई बार डबरा आए और डबरा के विकास के लिए सौगात लेकर आए हैं।

भोपाल में कांग्रेस दफ्तर में पार्टी नेता अनस पठान पर हमला.

Attack on Congress office in Bhopal targeting party leader Anas Pathan. दक्षिण पश्चिम प्रत्याशी पीसी शर्मा के समर्थक अनस पठान पर बदमाशों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीसीसी के अंदर घुसकर हमला कर दिया। Udit Narayanभोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस नेता अनस पठान पर जानलेवा हमला हो गया है। हथियारों से लैस होकर बदमाशों ने पठान पर हमला बोल दिया। कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया अध्यक्ष की प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बदमाशों ने कांग्रेस नेता पर अटैक किया। वहीं इस हमले को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर आरोप लगाए हैं। राजधानी भोपाल के कांग्रेस कार्यालय में दक्षिण पश्चिम विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा के समर्थक अनस पठान पर जानलेवा हमला कर दिया जिससे कांग्रेस कार्यालय में अफरा तफरी का माहौल हो गया। बुधवार शाम करीब 4:00 बजे अज्ञात बदमाशों ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में घुसकर हमला कर दिया। यहां बदमाशों ने किसी से कुछ नहीं कहा और लाठी-डंडों से कांग्रेस नेता और भोपाल दक्षिण से कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा के कट्टर समर्थक अनस पठान पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में अनस के सिर पर चोट आई है। वहीं इस हमले के बाद घायल अनस को गंभीर हालत में कार्यालय के पास ही स्थित रेड क्रॉस अस्पताल ले जाया गया। हालत ज्यादा बिगड़ने पर घायल को बसंल अस्पताल में रेफर कर दिया गया। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में अचानक घुसे बदमाशों को देख अफरा-तफरी मच गई। इस हमले को लेकर कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाते हुए बयान दिया और कहा कि यह सुनियोजित हमला था, जिसे भाजपा द्वारा करवाया गया है। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेता पवन खेड़ा ने इसे भारतीय जनता पार्टी के द्वारा हमला किया जाना बताया है। फिलहाल तो पता नहीं चल रहा है कि बदमाश कौन थे। सूत्रों द्वारा यह भी बताया जा रहा है कि पांच लोग थे जो हथियारों से लैस थे। हमलावर जिन्होंने अनस पठान पर हमला किया। कांग्रेस पार्षद गुड्डू चौहान को इस हमले की जानकारी पहले से थी। यह हमलावर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्िकार्जुन खड़गे की सभा में ही हमला करने वाले थे, लेकिन वहां फरियादी पठान नहीं पहुंचा था। सूत्रों के अनुसार, यह हमलावर पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोनू सक्सेना के समर्थक बताए जा रहे हैं। फरियादी पठान मोनू सक्सेना के वार्ड में पीसी शर्मा का प्रचार प्रयार कर रहा था। इसी बात से मोनू समर्थक नाराज थे।

बसपा प्रत्याशी ने कांग्रेस को दिया समर्थन, अहिरवार ने लिया जिताने का संकल्प.

BSP candidate extended support to the Congress, while Ahirwar pledged to win in the election. Special Correspondent भोपाल। बड़ामलहरा विधानसभा सीट पर कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतरी रामसिया भारती को बसपा प्रत्याशी ने समर्थन दे दिया है। दरअसल, बड़ामलहरा विधानसभा से बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर मैदान में उतरे लखन अहिरवार रामटौरिया ने रामसिया भारती को अपना समर्थन दे दिया है। वहीं, इस दौरान लखन अहिरवार ने कहा कि चूंकि इस बार कांग्रेस जनता के हित में काम करने के लिए संकल्पित होकर मैदान में उतरी है। रामसिया भारती का लक्ष्य भी जनता के हित में कार्य करना है। इसलिए हम अपना समर्थन कांग्रेस प्रत्याशी रामसिया भारती को दे रहे हैं। बसपा प्रत्याशी सहित उनके सैकड़ों कार्यकतार्ओं ने भी कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देते हुए कांग्रेस को जिताने का संकल्प लिया। इस मौके पर बड़ी संख्या में कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी मौजूद रहे।

मतदान के पहले सड़कों पर दिखा पज्जन चतुर्वेदी के समर्थकों का सैलाब.

Before the voting, there was a flood of Pajjan Chaturvedi’s supporters on the streets. पदयात्रा कर मांगा जनता का आशीर्वाद छतरपुर में सेवा की राजनीति को मिलेगा जनता का प्यार: आलोक चतुर्वेदी Special Correspondent छतरपुर। चुनाव प्रचार का शोर शराबा खत्म होने के पहले बुधवार की दोपहर छतरपुर की सड़कों पर कांग्रेस प्रत्याशी आलोक चतुर्वेदी पज्जन भैया के समर्थक उमड़ पड़े। उन्होंने चुनाव में अब तक का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया जिसमें वे अपने हजारों समर्थकों के साथ शहर में पदयात्रा करते हुए जनसंपर्क पर निकले। उन्होंने शहर के मोटे के महावीर मंदिर में दर्शन करने के उपरांत इस पदयात्रा का शुभारंभ किया और फिर छत्रसाल चौक, महल, चौक बाजार, बस स्टेण्ड होते हुए किशोर सागर स्थित सेवाग्राम प्रांगण तक एक विशाल पदयात्रा निकाली। इस पदयात्रा के दौरान उन्होंने हाथ जोड़कर शहर के लोगों से 17 नवंबर को कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की अपील की। सेवा को चुनेआलोक चतुर्वेदी ने इस मौके पर अपने समर्थकों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जनता को संबोधित करते हुए कहा कि यह चुनाव जनता के लिए सेवा और परोपकार की राजनीति पर अपने विश्वास व्यक्त करने का चुनाव है। उन्होंने कहा कि पांच वर्षों तक वे जनता के बीच रहकर सेवक का दायित्व निभाते रहे। रसोई के माध्यम से जरूरतमंदों को भोजन कराने से लेकर जल संकट से जूझ रही जनता को पानी पिलाने जैसी सेवाएं उनसे ईश्वर ने कराई हैं। उन्होंने कहा कि वे स्वच्छ और ईमानदार राजनीति के लिए दृढ़ संकल्पित हैं इसलिए पांच वर्षों तक बगैर कमीशन और भ्रष्टाचार के उन्होंने विधायकनिधि का वितरण किया। गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य कराए, किसानों के लिए सिंचाई साधनों को बढ़ाने, खाद-बीज की लड़ाई लडऩे, युवाओं को बड़े अवसर देने, बीमारों को इलाज देने, गरीब बेटियों का विवाह करने, व्यापारियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए लडऩे, धार्मिक स्थलों के निर्माण कार्य एवं विभिन्न आयोजनों में सहयोग करने का काम किया है। जनता को अब इन सेवाओं का मूल्यांकन ऐसे लोगों से करना है जो चुनाव के समय ही घर से निकले हैं। उन्होंने घर से निकलने के बाद सिर्फ जनता को गुमराह करने, लालच देने, डराने, धमकाने का काम किया है। छतरपुर की समझदार जनता कमीशन और भ्रष्टाचार के विरूद्ध सेवा की इस राजनीति को अपना आशीर्वाद देगी। उन्होंने लोगों से 17 नवंबर को ज्यादा से ज्यादा संख्या में मतदान कर कांग्रेस को अपना समर्थन देने की अपील की है। महिलाओं ने मनाया नाच कर उत्सव, कलाकारों ने दिखाई कलापज्जन चतुर्वेदी के इस महाजनसंपर्क अभियान के अंतर्गत निकाली गई पदयात्रा में गजब का उत्साह दिखाई दिया। उनके समर्थकों ने इस पदयात्रा को एक उत्सव के रूप में तब्दील कर दिया। समर्थकों के हाथों में कांग्रेस के झण्डे थे, कई गाडिय़ों में प्रचार के गीत बजाए जा रहे थे, ढोल नगाड़ों के साथ समर्थकों और खासतौर पर महिलाओं ने नाचकर अपने नेता का समर्थन किया। इस मौके पर नुक्कड़ नाटक करने वाले कलाकारों ने भी छत्रसाल चौक पर एक नाटक के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया और जनता से कांग्रेस के पक्ष में मतदान की अपील की।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस को ग्वालियर-चम्बल अंचल में दिया बड़ा झटका।

Union Minister Jyotiraditya Scindia gave a big blow to Congress in Gwalior-Chambal region. संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। कांग्रेस पार्टी को ग्वालियर चंबल में मतदान के ठीक पहले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बड़ा झटका दिया है। अंचल के कई वरिष्ठ नेताओं ने एक साथ केंद्रीय मंत्री सिंधिया के समक्ष कल देर रात में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। इस सूची में कई प्रभावी नेताओं के नाम हैं। मतदान के ठीक पहले कांग्रेस नेताओं का अपनी पार्टी से मोहभंग होकर भाजपा में चले जाना एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। जिस तरह से लोग अपनी पार्टी को छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर रहे हैं उससे अंचल में कांग्रेस का चुनावी गणित बिगड़ता हुआ नजर आ रहा है।विधानसभा चुनाव को लेकर ताबड़तोड़ जनसभाएं करने में जुटे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने दिनभर के कार्यक्रम निपटाकर कल देर रात जैसे ग्वालियर पहुंचे  वैसे ही ग्वालियर दक्षिण से पूर्व कांग्रेस जिला सचिव मनोज भार्गव अपने सैंकड़ों साथियों के साथ सिंधिया महल पहुंच गए। जहां उन्होंने श्री सिंधिया के समक्ष अपने साथ 500 कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। इनके साथ ही विधानसभा चुनाव में ग्वालियर-15 से खड़े निर्दलीय उम्मीदवार पवन सिंह बैस ने भी अपने साथियों सहित भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर अपना समर्थन भाजपा को दे दिया। जबकि कांग्रेस पार्टी के पूर्व नेता प्रतिपक्ष शम्मी शर्मा के भतीजे राहुल शर्मा ने भी अपने 20 साथियों सहित कल भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। विशेष बात ये है कि साथ ही कई गैर-राजनीतिक लोगों ने भी भाजपा की विचारधारा और राष्ट्रवाद को अपना समर्थन देने का फैसला लिया। ये प्रदेश में नवनिर्मित “स्पाक्स” गुट का भाग है। सैंकड़ों लोगों ने ली भाजपा की सदस्यता केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समक्ष भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने वालों में प्रमुख रूप से श्रीराम गोयल उप प्रांतीय अध्यक्ष सपाक्स पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष भू अभिलेख अधिकारी संघ पूर्व राष्ट्रीय कार्य परिषद सदस्य स्वदेशी जागरण मंच, इंजी नन्दकिशोर गोयल उपाध्यक्ष सपाक्स, नरेश सिंघल जिला उपाध्यक्ष सपाक्स, डा.हरीओम सिंघल सह सचिव सपाक्स, प्रशान्त गोयल जिला सचिव (युवा) सपाक्स, चन्द्रमोहन शर्मा जिला कार्यालय सचिव सपाक्स, मुकेश खण्डेलवाल जिला वित्त सचिव सपाक्स, प्रभुकुमार मंगल जिला संयोजक पैंशनर प्रकोष्ठ सपाक्स, प्रेमकुमार अग्रवाल जिला संयोजक व्यापारी प्रकोष्ठ सपाक्स, कमलकिशोर गुप्ता जिला कार्यसमिति सदस्य सपाक्स, वेदप्रकाश मित्तल जिला कार्यसमिति सदस्य सपाक्स, हरीओम गर्ग जिला कार्यसमिति सदस्य सपाक्स, दिनेश बंसल जिला कार्यसमिति सदस्य सपाक्स, अशोक भटनागर जिला कार्यसमिति सदस्य सपाक्स, रामनाथ अग्रवाल जिला कार्यसमिति सदस्य सपाक्स, राजकुमार गर्ग अध्यक्ष भारत विकास परिषद सहयोग शाखा सचिव भारत विकास परिषद सहयोग शाखा, ओमप्रकाश अग्रवाल, डा. अरविन्द मित्तल, जिला उपाध्यक्ष अग्रसेवा संस्थान, अशोक गुप्ता जिला उपाध्यक्ष अग्रसेवा संस्थान, निखिल अग्रवाल अध्यक्ष अग्रसेवा संस्थान, अतुल अग्रवाल अग्र सेवा संस्थान, घनश्याम राठौर, जगदीशचन्द्र अग्रवाल अग्रसेवा संस्थान, ओमप्रकाश गुप्ता जिला कार्यसमिति सदस्य सपाक्स, रवि अग्रवाल अग्रसेवा संस्थान, रूपेश अग्रवाल अग्रसेवा संस्थान,  दिलीप बंसल भारत विकास परिषद सहयोग शाखा, विनोद बिहारी सक्सैना पैंशनर महासंघ, धर्मेन्द्र अग्रवाल अग्रसेवा संस्थान, मनीष रायपुरिया अग्रवाल समाज आदि सहित सैंकड़ों लोग शामिल थे। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा की सदस्यता लेने वाले इन सभी लोगों का पार्टी में स्वागत कर सभी को भाजपा परिवार में जुड़ने के लिए बधाई भी दी।

कांग्रेस और भाजपा के खाका पर जनता तय करेगी पांच साल का भविष्य.

Sahara Samachaar; BJP; Congress; MP;

Fate of Congress and BJP will be determined by the public for the next five years. भाषणों का दौर खत्म, दो दिन का चुनावी गणित करेगा जीत-हार का फैसला, जनता किस पर करे जबभरोसा, दोनों ने खूब किए वादे. उदित नारायण चुनावी विश्लेषणभोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर चुनावी भाषणों का दौर चरम पर पहुंचने के बाद आज बुधवार शाम को इस पर ब्रेक लग जाएगा। तूफानी भाषणों से उब चुकी जनता तक अपनी बात रखने के लिए नेता उनके घर पर पहुंच रहे हैं और प्रलोभन देकर अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश में जुटे हैं। मतदाताओं की मान-मनोब्बल तय करेगी कि जनता किसको सत्ता की बागडोर सौंपेगी। दोनों पार्टियों ने पांच साल के भविष्य का खाका भाजपा का संकल्प पत्र और कांग्रेस का वचन पत्र में पहले ही लिख दिया है। अपने-अपने चुनावी एंजेडे के आधार पर दोनों पार्टियां जीत के दावे कर रहीं है। जानकार बताते हैं कि इनकी जीत-हार का दारोमदार बसपा, निर्दलीय और सपा की चाल पर आकर टिक गया है। वैसे इनका प्रभाव ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड महाकौशल,और विंध्य क्षेत्र में देखा जा रहा है। इन्हीं अंचलों की जीत-हार ही दोनों पार्टियों को सत्ता के शिखर पर पहुंचाती है। सिंधिया का भविष्य उज्जवल: संत रामलला सरकाररामलला सरकार के एक साक्षात्कार के अनुसार यदि उनकी भविष्यवाणी को सही माना जाए तो मप्र में भाजपा फिर से वापसी करती दिख रही है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि ज्योतिरादित्य सिंधिया का भविष्य उज्जवल है। साथ ही यह भी कहा कि मप्र में 7 सांसदों में से 3 सांसद चुनाव हार सकते हैं! 2 जीतेंगे एंव 2 का भविष्य अधर में है। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर दिमनी मुरैना और सांसद राकेश सिंह का जबलपुर से चुनाव जीतना कठिन है। मप्र का अगला मुख्यमंत्री कौन!शिवराज सिंह की लोकप्रियता, सहजता एवं लाडली बहनों का स्नेह उन्हें अगले मुख्यमंत्री के रूप में देखा जाए तो अतिसंयोक्ति नहीं होगी! राजनैतिक विष्लेषक बताते हैं कि भाजपा एवं कांग्रेस के बीच में कांटे की टक्कर जरूर है, लेकिन भाजपा का पलडा भारी दिख रहा है। परिणामों का विष्लेषण करें तो महज 2 से 5 सीटों का अंतर ही दिख रहा है। जिसको साधने में भाजपा अभी से अपने समीकरण जुटाने में लग गई है। भाजपाः गरीब छात्रों को मुफ्त में शिक्षा ,रोजगार,गरीबोको को सबकुछ मुफ्तदेर से ही सही, लेकिन भाजपा ने भी अपना चुनावी संकल्प पत्र जारी किया है। जिसमें जनता के लिए काफी लोकलुभावने वादे किए हैं। इसमें प्रमुख रूप से- 5 साल तक गरीबों को मुफ्त राशन। किसानों से 2700 प्रति क्विंटल पर गेहंू और 3100 रूपए प्रति क्विंटल पर धान की खरीदी। उज्जवला और लाडली बहनों को 450 में गैस सिलेंडर। लाडली बहनों को आर्थिक सहायता के साथ पक्का मकान। प्रत्येक परिवार में कम से कम एक सदस्य को रोजगार अथवा स्वरोजगार का अवसर। गरीब परिवार के छात्रों को केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा। जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण के लिए 3 लाख करोड का प्रावधान। कांग्रेसः फिर से कर्जमाफी, बिजली बिल माफ का वादाकांग्रेस पार्टी ने अपने चुनावी वचन पत्र को जनहितैशी बताते हुए जनता से कई वादे किए हैं। 2018 की भांति फिर से किसानों का कर्जमाफी करेंगे। बिजली बिल 100 यूनिट पर 100 रूपए, 200 यूनिट बिजली का बिल हाफ, नारी सम्मान 1500 रूपए प्रति माह, सरकारी स्कूलों में 12वीं तक की शिक्षा मुफ्त मिलेगी। युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का भी बडा वादा किया है कुल मिलाकर प्रति परिवार 15000 हजार मासिक देने का वादा। कर्ज में डूबा प्रदेश कैसे देगा सबकुछ फ्रीमौजूदा हालात में प्रदेश वित्तीय संकट में फंसा है। ऐसे में जो भी सरकार सत्ता में आएगी तो उसके सामने सबसे बडा संकट बजट का होगा। नेताओं की चुनावी परिकल्पना जैसे वोट की खातिर सबकुछ फ्री देने का वादा कैसे पूरा होगा। यह आने वाली सरकार के सामने सबसे बडी चुनौती होगी। अब देखना होगा कि मप्र में रोजगार देकर प्रदेश को आगे बढाना है या वोट की राजनीति कर सरकार बनाना।

अकील परिवार की सर फुटव्वल की वीडियो वायरल.

The video of the Akil family’s soccer match has gone viral. साकिब कबीरभोपाल। राजधानी की उत्तर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक आरिफ अकील परिवार की आपसी लड़ाई का एक कथित वीडियो आज वायरल हुआ वीडियो में कांग्रेस प्रत्याशी और आरिफ अकील के पुत्र आतिफ अकील और उनके भाई मजीद अकील के बीच हाथापाई होती नजर आ रही है। जबकि आरिफ अकील के भाई आसिफ अकील भी हाथ मे चप्पल लिए मार पीट करते नज़र आ रहें है। वीडियो सँभवता घर मे लगे सीसीटीवी में रिकार्ड हुआ है जिसमे परिवार की महिलाओं समेत अन्य लोग भी नजर आ रहे है। हालांकि “सहारा समाचार” वायरल वीडियो की पुष्टि नही करता है लेकिन वीडियो को राजधानी में चटखारे लेकर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि विधायक आरिफ अकील ने स्वास्थ्य कारणों के चलते खुद की जगह अपने बेटे आतिफ अकील को टिकिट दिए जाने की सिफारिश की थी जिससे उनके भाई अमीर अकील ने बगावती तेवर अपनाते हुए निर्दलीय ताल ठोंक दी यही नही कहीं न कहीं आरिफ अकील के दूसरे बेटे मजीद अकील भी टिकिट की उम्मीद पाले हुए थे लेकिन आरिफ अकील की सिफारिश के मद्देनजर कांग्रेस आलाकमान ने आतिफ अकील को प्रत्याशी बनाया है। जिसके बाद से पूरे परिवार में सर फुटव्वल को दौर जारी है ।

अतिथि शिक्षकों और विद्वानों के भविष्य के लिए सरल और हितकारी नीति तैयार करेंगे – कमलनाथ.

We will formulate a simple and beneficial policy for the future of guest teachers and scholars.” – Kamal Nath Manish Trivedi भोपाल, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने X हैंडल पर मध्यप्रदेश में अतिथि शिक्षकों को रहत भरी खबर पोस्ट की है. कमलनाथ ने अपने ट्वीट लिखा की, में स्कूलों और कॉलेजों की शिक्षा व्यवस्था को सतत् और सुचारू रखने वाले अतिथि शिक्षकों और अतिथि विद्वानों की सेवाओं का सम्मान करते हुए उनका भविष्य सुरक्षित रखने के लिए कांग्रेस वचनबद्ध है।अतिथि शिक्षकों और विद्वानों के भविष्य के लिए सरल और हितकारी नीति तैयार करेंगे ताकि उन्हें नियमित सेवा में स्थान मिल सके और उनकी वर्षों की सेवाओं के साथ न्याय सुनिश्चित हो।

“विधायक मेडिसिन बैंक” देगी लोगों को निःशुल्क दवाएं, विधायक श्री पाठक ने की स्थापना की घोषणा”

Praveen Pathak; Gwalior; congress; candidate; sahara samachaar;

Legislator Medicine Bank” will provide free medicines to people, announced by legislator Shri Pathak. श्री पाठक ने कल 12 नवंबर को वार्ड 55 एवं आज सुबह वार्ड 51 में किया “परिजन संपर्क कार्यक्रम, इसके साथ ही दोपहर से रात तक चार स्थानों पर किया परिजन संवाद कार्यक्रम” ग्वालियर दक्षिण से कांग्रेस पार्टी के विधायक एवं आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी श्री प्रवीण पाठक जी ने “विधायक मेडिसिन बैंक” की स्थापना की घोषणा करते हुए कहा कि अब लोगों को निःशुल्क मेडिसिन उपलब्ध करवाई जाएगी।विधायक श्री पाठक ने 2018 में विधायक बनने के बाद 2019 में “विधायक स्टेशनरी बैंक” की स्थापना की थी जिसके माध्यम से प्रतिवर्ष ग्वालियर दक्षिण विधानसभा में स्थित शासकीय विद्यालयों के प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क स्टेशनरी उपलब्ध करवाई जाती है। विधायक श्री पाठक ने अभी हाल ही में पिछले माह ग्वालियर दक्षिण के समस्त शासकीय विद्यालयों में एक साथ एक ही दिन में 10 हजार से ज्यादा बच्चों को निःशुल्क स्टेशनरी उपलब्ध करवा कर एक इतिहास रचा था।विधायक श्री पाठक ने अब एक नया क्रांतिकारी कदम उठाते हुए “विधायक मेडिसिन बैंक” की स्थापना करने की घोषणा की है उन्होंने कहा कि इसके तहत उन लोगों को निःशुल्क मेडिसिन उपलब्ध करवाई जाएगी जो स्वयं इसका खर्च उठाने में सक्षम नहीं है।विधायक श्री पाठक ने आगे कहा कि व्यक्ति के जीवन में शिक्षा और स्वास्थ्य का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है और आज के युग में इन दोनों पर अत्यधिक राशि खर्च होती है इस कारण समाज का गरीब तबका इन दोनों क्षेत्र में उच्च स्तरीय सुविधाओं से वंचित रह जाता है इसीलिए अब निःशुल्क स्टेशनरी उपलब्ध कराने के बाद अब हमने एक नया कदम उठाया है जिसके तहत लोगों को अब निःशुल्क मेडिसिन उपलब्ध करवाई जाएगी।उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा कोशिश की है कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के साथ-साथ अपने क्षेत्र के संपूर्ण विकास के लिए मैं अपना शत प्रतिशत योगदान दूं , इसमें मैं काफी हद तक सफल भी हुआ हूं । आगे आने वाले समय में इन क्षेत्रों के अलावा दक्षिण विधानसभा के संपूर्ण विकास के लिए प्राण पण से जुटा रहूंगा। श्री पाठक ने कल 12 नवंबर किया वार्ड 55 में “परिजन संपर्क कार्यक्रम”ग्वालियर दक्षिण से कांग्रेस पार्टी के विधायक एवं आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी श्री प्रवीण पाठक जी द्वारा अपने परिजनों के साथ सतत संपर्क बनाए रखने के क्रम में कल रविवार 12 नवंबर को वार्ड 55 में परिजन संपर्क कार्यक्रम आयोजित किया गया । इसके तहत सभी कार्यकर्तागण अवाड़़पुरा चौराहा पर एकत्रित होकर गुलजार चौक होते हुए मुर्गी फार्म, गुढ़ी, मेवाती मोहल्ला, पिछोरों की पहाड़िया, न्यू वकील कॉलोनी, पुरानी वकील कॉलोनी, गुड़ा गुड़ी का नाका, प्रजापति मोहल्ला, ईश्वर बिहार कॉलोनी में अपने परिजनों से मिलते हुए जैन मंदिर पहुंच कर आज का परिजन संपर्क कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान लोगों ने बड़े उत्साह के साथ अपने बेटे प्रवीण का तहे दिल से स्वागत किया एवं पुष्प हार पहनाकर सत्कार किया। पैर में चोट के बावजूद विधायक श्री पाठक ने आज वार्ड 51 में किया “परिजन संपर्क कार्यक्रम”पैर में चोट लगने के बावजूद विधायक श्री पाठक ने आज सुबह वार्ड 51 में परिजन संपर्क कार्यक्रम किया । ज्ञात हो कि कल 12 नवंबर को परिजन संपर्क कार्यक्रम के दौरान विधायक श्री पाठक के पैर पर चार पहिया वाहन चढ़ गया था जिसकी वजह से उनके पेर में चोट लग गई थी । इसके बावजूद विधायक श्री पाठक ने आज का परिजन संपर्क लंगड़ाते हुए दो व्यक्तियों का सहारा लेकर पूरा किया । इसके तहत सभी कार्यकर्ता गण सिकंदर कंपू पुलिस चौकी पर एकत्रित होकर आगे बढ़ते हुए हाथी खाना , पानी की टंकी से अब्बास की बगिया, कब्रिस्तान रोड ,सोलंकी धर्मशाला से आगे बढ़ते हुए शीतला कॉलोनी, जाटव वाली गली, धोबी वाली मस्जिद से होते हुए धान मिल पर पहुंचकर आज का परिजन संपर्क कार्यक्रम संपन्न हुआ ‌ इस दौरान लोगों ने विधायक श्री पाठक को पगड़ी पहनाकर फूलमालाओं के साथ स्वागत किया। ढोल नगाड़ों के साथ कई स्थानों पर पटाखे फोड़े गए। विधायक श्री पाठक ने “परिजन संवाद कार्यक्रम” के तहत आज चार नुक्कड़ सभाओं को किया संबोधितग्वालियर दक्षिण से कांग्रेस पार्टी के विधायक एवं आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी श्री प्रवीण पाठक जी ने आज अपना तूफानी जनसंपर्क जारी रखा । इसके तहत सुबह परिजन संपर्क कार्यक्रम किया एवं दोपहर 3:00 बजे से लेकर रात तक चार स्थानों पर परिजन संवाद कार्यक्रम के तहत नुक्कड़ सभाओं को संबोधित किया । इसके तहत पहला परिजन संवाद कार्यक्रम वार्ड 52 की शिव शक्ति वाटिका में, दूसरा कार्यक्रम वार्ड 38 के जनकपुरी कॉलोनी चौराहा पर, तीसरा कार्यक्रम वार्ड 52 के तोमर फॉर्म के पास एवं चौथा कार्यक्रम वार्ड 38 के मुरली गार्डन गोल पहाड़िया पर आयोजित किया गया।

भोपाल में हंगामे की भेंट चढ़ा विंध्य क्षेत्र के लोगों का दीपावली मिलन समारोह।

Diwali gathering of people of Vindhya region marred by uproar in Bhopal. कांग्रेस पार्टी प्रत्याशी पूर्व मंत्री और उनके समर्थकों द्वारा लोगों को अपशब्द बोलने का आरोप।समारोह में आमने सामने आए भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जमकर चले लात-घूंसे। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव और साथ में दीपावली का त्योहार दोनो एक साथ होने से चुनाव की सरगर्मी और दीपावली के पटाखों की धमक के बीच राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं का जोश दौहरा नजर आ रहा है। यही दौहरा जोश आज भोपाल में एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान हंगामे का कारण बन गया। हुआ यह की चुनावी माहौल की गर्माहट के बीच आयोजित दीपावली मिलन समारोह में शामिल हुए कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मार पीट हो गयी और पूरा कार्यक्रम हंगामे की भेंट चढ़ गया। इस मामले में खास बात यह रही कि हंगामे की भेंट चढ़े इस कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मुख्य अतिथि के रूप में आयोजन स्थल पर मौजूद रहे और उनकी मौजूदगी में ही यह बबाल हुआ।इस घटना को लेकर कार्यक्रम में बिन बुलाए हाजिर हुए  कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और उनके समर्थकों पर हंगामा मचाकर उपद्रव व अभद्रता करने के आरोप भाजपा नेता और कार्यक्रम आयोजक द्वारा लगाए गए हैं। हंगामा होने के बाद में आयोजकों द्वारा बीच बचाव और पीसी शर्मा के समर्थकों सहित कार्यक्रम स्थल से वापिस लौटने के बाद मामला शांत हुआ। विंध्य क्षेत्र के लोगों का था दीपावली मिलन समारोह भोपाल के दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में आज विंध्य क्षेत्र के लोगों का दीपावली मिलन समारोह रखा गया था। इस कार्यक्रम का आयोजन भोपाल विकास प्राधिकरण के वॉइस चेयरमैन सुनील पाण्डेय द्वारा किया गया था। मध्य प्रदेश सिंधु भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री और भाजपा के प्रदेश सह प्रभारी अश्विनी वैष्णव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे और इसी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी भगवानदास सबनानी भी अपने तमाम समर्थकों के साथ मौजूद थे। कांग्रेस प्रत्याशी द्वारा अपशब्द बोलने पर हुआ हंगामा भोपाल में विंध्य क्षेत्र के लोगों के लिए आयोजित दीपावली मिलन समारोह में विवाद इस कार्यक्रम में अचानक पहुंचे कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा को लेकर हुआ। पीसी शर्मा कमलनाथ सरकार में मंत्री रह चुके हैं और अब भोपाल दक्षिण पश्चिम से कांग्रेस के प्रत्याशी होने के साथ ही क्षेत्र के वर्तमान विधायक भी हैं। वह पिछले काफी समय से सक्रिय हैं और दिग्विजय सिंह खेमे के कद्दावर नेता हैं। आज समारोह के दौरान पहुंचे पीसी शर्मा पर भाजपा समर्थित कुछ लोगों ने विंध्य के लोगों को अपशब्द कहने का आरोप लगा दिया, बस इसी बात पर बात बढ़ी और दोनों तरफ के कार्यकर्ताओं का पारा चढ़ गया। जिसके बाद भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने सामने आ गए और हंगामा शुरू हो गया। जमकर चले लात घूंसे और गालियों की हुई बौछार इस विवाद में कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा और भाजपा प्रत्याशी भगवानदास सबनानी के समर्थक आमने सामने हो गए। भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच मुहवाद शुरू हो गया जो देखते ही देखते गाली गलौज और मारपीट में तब्दील हो गया और दोनो पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे पर लात घूंसे बरसा दिए। मारपीट बढ़ने के बाद कार्यक्रम आयोजक और भाजपा, कांग्रेस प्रत्याशियों ने बीच बचाव कर झगड़ा सुलझाने का प्रयास किया। मामला बढ़ता देख जब कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा अपने समर्थकों के साथ कार्यक्रम स्थल से वापिस रवाना हो गए। तब कहीं जाकर हंगामा शांत हुआ और समारोह का आयोजन सुचारू रूप से किया जा सका। इस कार्यक्रम में तमाम नेता और उनके समर्थकों के साथ साथ विंध्य क्षेत्र के करीब एक हजार लोग मौजूद थे। विंध्य क्षेत्र के लोगों को अपशब्द बोलना कांग्रेस को पड़ेगा महंगा:- अभिनव पाण्डेय दीपावली मिलन समारोह में हुए हंगामे और मारपीट को लेकर भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अभिनव पाण्डेय ने कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा पर समारोह में बिना बुलाए समर्थकों सहित पहुंचने और विंध्य क्षेत्र के लोगों को अपशब्द बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि पीसी शर्मा और उनके समर्थक विंध्य क्षेत्र के लोगों को बुरा भला कहने से पहले यह भूल गए की इस विधानसभा क्षेत्र में लगभग 52000 से अधिक मतदाता विंध्य क्षेत्र से हैं और उनका वोट ही निर्णायक भूमिका निभाता है। इस अभद्रता का खामियाजा इस चुनाव में केवल पीसी शर्मा को ही नहीं बल्कि पूरी कांग्रेस पार्टी को भुगतना पड़ेगा। कांग्रेसियों ने अमर्यादित शब्दों का उपयोग कर जिस तरह से विंध्य क्षेत्र के लोगों के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाई है उसका जवाब लोग मतदान के दिन देंगे। यह अपमान कांग्रेस पार्टी को बहुत महंगा पड़ेगा।

खेल एवं खिलाड़ी प्रकोष्ठ कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री बने देवांशु झारिया।

Jabalpur; Sahara Samachaar; Congress; Devanshu Jhariya;

Devanshu Jharia becomes State General Secretary of Sports and Players Cell Congress. संतोष सिंह तोमर भोपाल। कांग्रेस पार्टी जबलपुर के युवा नेता देवांशू झारिया को मध्यप्रदेश कांग्रेस खेल एवं खिलाड़ी प्रकोष्ठ का प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। देवांशु झारिया (देवा) निवासी 10 धनवंतरी नगर जबलपुर की नियुक्ति मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की सहमति से एवं उपाध्यक्ष-प्रभारी समस्त प्रकोष्ठ जे. पी. धनोपिया के अनुमोदन पर खेल एवं खिलाड़ी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मतीन खान के द्वारा की गई। देवांशू झारिया ने अपनी नियुक्ति पर कांग्रेस पार्टी प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ, उपाध्यक्ष-प्रभारी समस्त प्रकोष्ठ जे.पी. धनोपिया और खेल एवं खिलाड़ी प्रकोष्ठ मतीन खान सहित कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है। नवनियुक्त प्रदेश महामंत्री देवांशू झारिया ने पार्टी को विश्वास दिलाया है कि वह कांग्रेस पार्टी की विचारधारा को जन जन तक पहुंचाने के लिए पूरी लगन एवं ईमानदारी से कार्य करते हुए संगठन को मजबूती प्रदान करेंगे। देवांशू झारिया की नियुक्ति पर कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों एवं इष्टमित्रों द्वारा शुभकामनाएं एवं बधाइयां दीं गईं।

कमलनाथ ने किया संकल्प पत्र पर प्रहार, पूछे शिवराज से 5 सवाल.

Kamal Nath has launched an attack on the manifesto, posing 5 questions to Shivraj. कमलनाथ ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से ये पांच सवाल भी पूछे हैं. मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने BJP के संकल्प पत्र को लेकर कहा “पूरे प्रदेश में बेटियों को 3000 रुपये देने की घोषणा करने के बाद भाजपा ने पलटी मारी है, उनके संकल्प पत्र से यह घोषणा गायब है” उन्होंने आगे कहा “नौजवानों को नौकरी नहीं, बहनों को सम्मान नहीं, किसानों की कर्जमाफी नहीं, कर्मचारियों को पेंशन नहीं, ओबीसी को आरक्षण नहीं, यही है भाजपा का संकल्प है. कांग्रेस के वचन पत्र में जनहितैषी वादे हैं, जबकि भाजपा के संकल्प पत्र में जनता की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश.” कमलनाथ ने कहा कि 18 साल से झूठ की बुनियाद पर खड़े शिवराज जी इन सवालों का जबाव नहीं देंगे. लेकिन मप्र की जनता आगामी 17 नवम्बर को वोट की मशीन पर उंगली दबाकर झूठ की मशीन को नष्ट कर देगी. शिवराज सिंह चौहान ने 4 महीने पहले घोषणा की थी कि प्रदेश में एक लाख सरकारी नौकरियों पर भर्ती की जायेगी. लेकिन आज तक भाजपा ने नहीं बताया कि कितनी नौकरी दी गयी. जनता को यह सच्चाई पता होना चाहिये कि पिछले चार घोषणा पत्र से भाजपा, सरकारी नौकरी देने का वादा करती आयी है लेकिन कभी पूरा नहीं किया. पिछले चार घोषणा पत्र की तरह इस बार भी नौकरी और रोजगार का वादा तो भाजपा करेगी, लेकिन देगी किसी को भी नहीं. कमलनाथ ने कहा “भारतीय जनता पार्टी झूठ बोलो और भाग जाओ और फिर नया झूठ लेके आओ की रणनीति पर चलती है. बीजेपी ने मध्यप्रदेश को महिला अत्याचार में नंबर 1 बना दिया है. मध्यप्रदेश की बहन-बेटियां और माताएं अब बीजेपी के दुःशासन को समाप्त करेंगी.” कमलनाथ ने कहा कि भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में किसानों को वादे नहीं, झांसे दिये हैं. आपको पता होगा कि भाजपा ने कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर को मध्यप्रदेष का प्रभारी बनाया है जो किसानों के खिलाफ काले कानून बनाने और 700 किसानों की शहादत के लिये जिम्मेदार हैं. पूर्व सीएम ने कहा अगर समग्रता में देखें तो 100 यूनिट तक बिजली माफ 200 यूनिट तक बिजली हाफ, स्कूली छात्रों को 500 से 1500 रुपये तक छात्रवृत्ति, ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण, जातिगत जनगणना, गेंहू और धान पर बढ़ा हुआ समर्थन मूल्य, तेंदूपत्ता बोरी की कीमत 4000 रुपये जैसे वादे कांग्रेस पार्टी के वचन की तुलना में सिर्फ झुनझुना हैं. अब जनता भाजपा का बाजा बजा देगी.

मध्य प्रदेश बीजेपी ने खोला अपना संकल्प पत्र का पिटारा, प्रत्येक परिवार को रोजगार, 2700 गेहू खरीदेंगे, जानिए बड़े ऐलान.

JP Nadda; Shivraj Singh; VD Sharma; Sahara Samachaar; BJP;

BJP in Madhya Pradesh has unveiled its manifesto, pledging employment for every family, the purchase of 2700 quintals of wheat, and other major announcements. Manish Trivediभोपाल: मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को विधानसभा चुनाव हैं. विधानसभा चुनाव के बीच बीजेपी ने आज अपना घोषणा पत्र (संकल्प पत्र) जारी किया. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, सीएम शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा समेत अन्य नेताओं ने चुनावी घोषणा पत्र जारी किया है. नड्डा ने कहा, गेहूं का एमएसपी 2700 रुपये और चावल का एमएसपी 3100 रुपये की जाएगी. 6 एक्सप्रेसवे बनाएंगे. रीवा, सिंगरोली और शहडोल में एयरपोर्ट बनाएंगे. संकल्प में कहा गया है कि लाडली बहनों को आर्थिक सहायता के साथ पक्का मकान दिया जाएगा. प्रत्येक परिवार में कम से कम एक रोजगार अथवा स्वरोजगार का अवसर दिया जाएगा. इसके अलावा, 15 लाख ग्रामीण महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण के जरिए लखपति बनाएंगे. इससे पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा, कांग्रेस बोलती है कि नरक चतुर्दशी को मैनिफेस्टो क्यों ला रहे हो? मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि इसी दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर राक्षण का वध किया था. ‘संकल्प पत्र में के अहम् बिंदु’ हर ST ब्लॉक में एकलव्य विद्यालय बनाया जाएगा. हर ST ब्लॉक में मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा. गेहूं की खरीद 2,700 रुपये प्रति क्विंटल और धान की खरीद 3,100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से होगी. जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण के लिए 3 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. तेंदूपत्ता के लिए 4,000 हजार रुपये प्रति मानक बोरा दिया जाएगा. 1 करोड़ 30 लाख बहनों को आर्थिक सहायता के साथ साथ घर की सुविधा भी दी जाएगी. गांव की बहनों को लखपति बनाने के लिए स्पेशल ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट का काम शुरू किया जाएगा. लाडली लक्ष्मियों को जन्म से 21 वर्ष तक कुल 2 लाख रुपए दिए जाएंगे. गरीब परिवार की छात्राओं को केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा दी जाएगी. उज्ज्वला और लाडली बहनों को 450 रुपए में गैस सिलेंडर मिलेगा. सरकारी स्कूलों में मिड्डे मील के साथ पौष्टिक नाश्ता दिया जाएगा. IIT- AIIMS की तर्ज पर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलोजी और मध्य प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस खोले जाएंगे. 13 सांस्कृतिक लोको को भव्य निर्माण होगा. 6 नए एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे. विंध्य एक्सप्रेसवे, नर्मदा, अटल प्रगति, मालवा निमाड़, बुंदेलखंड और मध्य भारत विकास पथ का निर्माण होगा. 80 रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के साथ वंदे मेट्रो, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन और रीवा, सिंगरौली और शहडोल में हवाई अड्डे बनाए जाएंगे. नड्डा ने आगे कहा, राजनीतिक दल पहले लोगों को आकर्षित करते हैं और फिर भूल जाते हैं. वादे करते हैं, भूल जाते हैं और जनता को गुमराह करते हैं. भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने घोषणापत्र को अक्षरश: लागू किया है. उन्होंने कहा, पिछले 20 में मध्य प्रदेश की तस्वीर बदल गई है. बीजेपी के लिए संकल्प पत्र महत्वपूर्ण है. हम अपने संकल्पों को पूरा करते हैं. हमने वादों को जमीन पर उतारा है. हम जो वादा करते हैं, उसे पूरा करके दिखाते हैं. पहले मुझे भोपाल से जबलपुर पहुंचने में घंटों लग जाते थे लेकिन अब सड़क की स्थिति अच्छी है. हमने मध्य प्रदेश में सिंचाई बढ़ाई है. मध्य प्रदेश हिंदी में चिकित्सा शिक्षा शुरू करने वाले पहला प्रदेश बन गया है. नड्डा का कहना था कि 2003 में मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास की दर 0.61% थी, जो आज भाजपा सरकार के 20 साल के कार्यकाल में बढ़कर 24% हो चुकी है. 2003 में यहां 4,231 हेक्टेयर जमीन की ही सिंचाई हो पाती थी, जो आज बढ़कर 16,284 हेक्टेयर हो चुकी है. प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा, पिछले 20 साल से जनता ने जिस भरोसे से हमारा साथ दिया है, उसको आगे भी साकार करने की जिम्मेदारी इस संकल्प पत्र में निहित है. भाजपा संकल्प पत्र पूरे प्रदेश की सहभागिता, पर्याप्त शोध, सर्वकल्याणकारी सोच के साथ तैयार किया गया है. हमने प्रदेश में 21 दिन तक पांच जन आशीर्वाद यात्राएं निकालीं थीं. एक हजार से ज्यादा स्थानों पर लोगों ने बीजेपी को आशीर्वाद दिया है. मध्य प्रदेश के मन में मोदी हैं. 1500 से ज्यादा स्थानों पर जनआकांक्षा पेटी रखी गई थीं. वहां आमजन मानस से प्रदेश के भविष्य की रणनीति पर सुझाव मांगे थे. सभी सुझाव एकत्रित किए जाने के बाद संकल्प पत्र को तैयार किया गया है. सात लाख से ज्यादा सुझाव आए थे. प्रबुद्ध सम्मेलन में 50 हजार से ज्यादा प्रबुद्ध जनों के परामर्श के साथ संकल्प पत्र को मूर्तरूप दिया गया. एमपी के मन में मोदी अभियान के तहत लोगों की जन आकांक्षाओं का संकलन किया गया.

बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने ली कांग्रेस की सदस्यता.

Congress; BJP; Kamalnath; Sahara Samachaar;

BJP workers have taken Congress membership. Special Corrospondent Raisen. रायसेन, सांची इन दिनों दोनों ही भाजपा कांग्रेस का चुनाव प्रचार चरम पर पहुंच गया है लगातार जनसंपर्क का दौर जारी है आयाराम गयाराम का भी दौर चल पड़ा है इस विधानसभा क्षेत्र से प्रमुख रूप से दोनों ही प्रमुख दलों का मुकाबला दिखाई दे रहा है सबसे बड़ी बात यह है कि आमने-सामने दोनों ही प्रमुख दलों के प्रत्याशी डॉक्टर है इनमें भाजपा की ओर से डॉक्टर प्रभूराम चौधरी तो कांग्रेस की ओर से डॉक्टर जीसी गौतम है जानकारी के अनुसार सांची विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा चुनाव में भाजपा ने डॉक्टर प्रभूराम चौधरी को चुनाव मैदान में उतारा है तो कांग्रेस ने भी डॉक्टर चौधरी की काट ढूंढते हुए डॉ जीसी गौतम को अपना प्रत्याशी बनाया है

शिकायत करने पर बरही क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता के उल्लघन पर कार्यवाही.

Action will be taken for violating the Model Code of Conduct in the Barahi region upon filing a complaint. Manish Trivedi कटनी । भारतीय जनता पार्टी के द्वारा बरही कस्बा में आमसभा के दौरान आदर्श आचार संहिताका उल्लघन के संबंध में शिकायतकर्ता संजय बिलौहा द्वारा सी. विजिल एप पर शिकायत की गयी कि कार्यक्रमके दौरान शासकीय खम्भों भवन पर भारतीय जनता पार्टी के झण्डे एवं झण्डे की लरी रोड के एक छोर सेदूसरे छोर तक लगाकर आदर्श आचार संहिता का उल्लघन किया गया हैं जिसकी जाँच विधान सभा 92विजयराघवगढ के एफ. एस. टी. प्रभारी के द्वारा की गयी शिकायत सही पाये जाने पर मौके पर लगे झण्डे झण्डेकी लरिया एवं बिजली के खम्भों पर लगे लाऊड स्पीकर जप्त किया जाकर शिकायत थाना बरही में किये जानेपर टेंट संचालक खालिद टेंट कटनी के विरूद्ध थाना बरही में धारा 188 भा.द.वि.का अपराध पंजीबद्ध कियाजाकर अग्रिम कार्यवाही की जा रही हैं। उक्त कार्यवाही में एफ. एस. टी. टीम बरही प्रभारी विधान सभा 92 एवं उनके स्टाफ की विशेष भूमिका रही.

कांग्रेस के दो नेता अपने बेटों को सेट करने के लिए पूरे मध्य प्रदेश को अपसेट करने में लगे हैं:- पीएम नरेंद्र मोदी

Two Congress leaders are trying to upset the entire Madhya Pradesh to set up their sons:- PM Narendra Modi पीएम मोदी ने सतना, छतरपुर में चुनावी रैली, सभाओं को किया संबोधित। जनता से भाजपा के लिए मांगा आशीर्वाद, कांग्रेस पर जमकर कसे तंज। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश में 240 विधानसभा सीटों पर 17 नवंबर को होने वाले चुनाव में जीत के लिए सभी राजनीतिक दल हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश में चुनावी प्रचार तेजी से चल रहा है। इसी कड़ी में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तय कार्यक्रम के मुताबिक सबसे पहले सतना पहुंचे, जहां उन्होंने जनता को संबोधित किया। अब इसके बाद पीएम मोदी छतरपुर पहुंचे और भाजपा प्रत्याशियों के लिए समर्थन जुटाने हेतु विशाल जनसभा को संबोधित किया। जिसके बाद प्रधानमंत्री नीमच के लिए रवाना हो गए। सतना में पीएम मोदी ने जनता को विकास की गारंटी दी, साथ ही एमपी कांग्रेस चीफ कमलनाथ और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह पर जमकर निशाना साधा। वहीं छतरपुर में रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस देश को पीछे ले जाने में माहिर हैं। कांग्रेस वाले हर उस काम का विरोध करते हैं, जिससे देश आगे बढ़ने वाला होता है।        बता दें कि बीते बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुना, मुरैना और दमोह में रैलियों को संबोधित किया था। इस दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा था। वहीं सीएम नितिश कुमार के बयान पर भी कड़ा प्रहार किया था। पीएम मोदी ने हजारों की संख्या में आई भीड़ से कई वादों को पूरा करने की गारंटी भी दी थी। विधानसभा चुनावों के लिए पीएम मोदी इन दिनों ताबड़तोड़ रैली करने में जुटे हुए हैं। भाजपा का प्रचार करने सतना पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का प्रचार करने गुरुवार को सबसे पहले सतना पहुंचे। जहां चुनावी सभा के मंच पर प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी, सतना जिले के सात विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी एवं कार्यक्रम के प्रभारी तथा महापौर योगेश ताम्रकार उपस्थित रहे। मंच पर मां शारदा की जय जयकार के साथ संबोधन शुरू किया। कांग्रेस के दोनों नेता बेटों को सेट करने में लगे हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सतना में रैली के दौरान कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने आपके सामने 2 ऐसे नेता खड़े किए हैं, जो कई दशकों से मध्य प्रदेश कांग्रेस को चला रहे हैं। आजकल ये दोनों एक दूसरे के कपड़े फाड़ रहे हैं। यही नेता मध्य प्रदेश को दशकों तक अभाव में रखने के लिए जिम्मेदार हैं। ये आपके बेहतर भविष्य का भरोसा नहीं दे सकते। इनका तो अभी बस एक ही एजेंडा है कि 3 दिसंबर को भाजपा से हारने के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस पर किसका बेटा कब्जा करेगा! अपने बेटों को सेट करने के लिए वो पूरे मध्य प्रदेश को अपसेट करने में लगे हैं। कांग्रेस आएगी तो तबाही लाएगी प्रधानमंत्री ने कहा, आपको एक सीख याद रखनी है, अगर गलती से भी कांग्रेस आ गई तो फिर आपको सरकार से मिलने वाली सारी मदद बंद कर देगी। 10 साल में भाजपा सरकार ने 33 लाख करोड़ रुपये सीधे गरीबों के बैंक खातों में भेजे हैं और इसमें से एक रुपया भी इधर का उधर नहीं हो पाया। कांग्रेस किस तरह गरीबों का हक छीनती है उसका जीता-जागता प्रमाण है फर्जी लाभार्थी घोटाला। जितनी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की आबादी मिलकर है, उतने फर्जी लाभार्थी कांग्रेस ने देश भर में कागजों में पैदा कर दिए थे। गरीबों का घर हो, मुफ्त राशन हो, मुफ्त इलाज हो आज इन पर भाजपा सरकार लाखों करोड़ रुपये खर्च कर रही है अर्थात देश का पैसा गरीबों के काम आ रहा है। आपका वोट दिल्ली में मुझे मजबूत करेगा प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा- मुझे जो गालियां पड़ रही हैं उसका कारण ये है की भाजपा सरकार ने काली कमाई की दुकानों काे बंद करवा दिया है। कांग्रेस के पास युवाओं के विकास का कोई प्‍लान नहीं है। आप मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को जब अपना वोट देंगे तब आपका एक एक वोट दिल्‍ली में मुझे मजबूत करेगा। इस बार मध्‍य प्रदेश का चुनाव बढ़ा ही दिलचस्‍प है। प्रदेश भर की विशाल जनसभाओं में मेरे परिवारजनों का इतनी बड़ी संख्या में आकर आशीर्वाद देना 3 दिसंबर को आने वाले नतीजों का अभी से ऐलान कर रहा है। सतना में बंदूक की नाली से संगीत निकलता है:- मोदी उद्बोधन के लिए आमंत्रित किए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने मंच पर उपस्थित ज्योति चौधरी का नाम पुकारते हुए संगीत सुनने का आग्रह कर उनको बंदूक की नाल से उठने वाले संगीत को प्रस्तुत करने का अवसर दिया। ज्योति चौधरी जिसने जी 20 सम्मेलन में नल तरंग से सभी को मंत्रमुग्ध किया था, पीएम ने मंच से नाम पुकार कर संगीत सुनने का आग्रह किया। वैष्णो जन तो तेने कहिए, जे पीर पराई जाने । पीएम मोदी की सभा मे मैहर की ज्योति चौधरी ने संगीत कार्यक्रम प्रस्‍तुत किया। छतरपुर में जनता से मांगा आशीर्वाद प्रधानमंत्री मोदी सतना के कायक्रम के बाद छतरपुर पहुंचे। जहां उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत सभा स्थल पर मौजूद क्षेत्र के लोगों से उनका आशीर्वाद मांगने के साथ की। उन्होंने कहा कि छतरपुर की जनता का उत्साह देखकर लग रहा है, कि मध्यप्रदेश में भाजपा जीत का नया रिकॉर्ड बनाने जा रही है। जी 20 शिखर सम्मेलन का किया जिक्र विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने पिछले दिनों हुए जी-20 शिखर सम्मेलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आपने देखा कि जी 20 का कितना बड़ा सम्मेलन दिल्ली में हुआ। जी 20 की एक बहुत बड़ी बैठक यहां खजुराहो में भी संपन्न हुई थी। इस कार्यक्रम को आपकी वजह से ही सफलता मिली और पूरी दुनिया में जब आपका गुणगान सुनने को मिलता है, तो मेरा सीना गर्व से भर जाता है। छतरपुर की मिट्टी को किया प्रणाम पीएम मोदी ने छतरपुर की मिट्टी को प्रणाम करते हुए कहा कि हम वो लोग हैं, जो भारत की माटी का ये चंदन माथे पर लगाकर गर्व से भर जाते हैं। फौलाद से भरी हुई बुंदेलखंड की मिट्टी में भी हमें यही प्रेरणा, यही शिक्षा, यही … Read more

भाजपा प्रत्याशी के ऊपर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा खरी खोटी सुनाई प्रचार रोक लौटे.

MP Elections; Candidates; Sahara Samachaar;

The anger of the rural people erupted against the BJP candidate, and their grievances were heard loud and clear, leading to a halt in the campaign. Manish Trivedi कटनी । विधानसभा चुनाव की वोटिंग को लेकर कुछ ही दिन बचे हैं चुनाव प्रचार युद्ध स्तर में हो रहा है प्रत्याशी भी पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार कर रहे हैं लेकिन कहीं कहीं जनता का विरोध भी झेलना पड़ रहा है प्रदेश में विधानसभा चुनाव का प्रचार-प्रसार चरम पर है। इस बीच वोट मांगने जा रहे नेताओं को लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला कटनी जिले में सामने आया है। बहोरीबंद से भाजपा विधायक और वर्तमान प्रत्याशी प्रणय पांडेय गुड्डू भैया को बुधवार शाम प्रचार के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा। सूत्र बताते हैं की ग्राम मंगेला पटोरी में वोट मांगने पहुंचे श्री पांडे को ग्रामीणों ने प्रचार करने से रोका और जमकर खरी-खोटी सुनाई। ग्रामीण क्षेत्र के विकास और अपनी अनदेखी से नाराज थे। ग्रामीणों में इतना गुस्सा था कि उन्होंने भाजपा नेता पांडेय को अपने गांव से खदेड़कर भगा दिया है। इस दौरान उनके साथ भाजपा के महामंत्री राजेश चौधरी भी मौजूद थे। ग्राम मंगेला पटोरी के लोगों के जमकर विरोध के बाद उन्हें चुनाव प्रचार बीच में रोक कर वापस लौटना पड़ा। बाहर आ रहा आक्रोशबताया जाता है की भाजपा विधायकों द्वारा जनता की अनदेखी किए जाने के कई मामले सामने आ रहे हैं। जनता में जो आक्रोश है उसका परिणाम गत दिवस बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मंगेला पटोरी में देखने को मिला। 5 साल तक अपने नेताजी का इंतजार करने से थक चुकी जनता अब उन्हें नकारने से भी पीछे नहीं हट रही है। लोगों में बढ़ते आक्रोश को देख कर आगमी दिनों में ऐसी और भी घटनाएं होने का अंदेशा लगाया जा रहा है। जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं लोगों का गुस्सा फूट रहा है अब यह गुस्सा क्या रंग खिलाएगा यह तो वक्त ही बताएगा

हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य आमरण अनशन पर बैठे।

The ascetic Chhawni Peethadhishwar Jagatguru Paramhans Acharya sat on a fast unto death demanding a Hindu nation. अन्न जल का परित्याग कर खुद को आश्रम के एक कमरे में कर लिया कैद। अनशन रत परमहंसाचार्य के समर्थन में उतरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल। संतोष सिंह तोमर अयोध्या। हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर विश्व हिंदू सिक्ख महापरिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष व तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने मंगलवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। वह अपने आश्रम पर सुबह के 4 बजे से ही अन्नजल का त्याग कर आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। उन्होंने खुद को आश्रम के एक कमरे में कैद कर लिया। है। साथ ही जिला प्रशासन पर जबरन आमरण अनशन तुड़वाने की साजिश करने का आरोप लगाया है। हम आपको बता दें कि परमहंसाचार्य ने हिंदू राष्ट्र घोषित ना होने पर आमरण अनशन करने की चेतावनी पहले ही दे दी थी। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भी लिख चुके हैं कई पत्र आमरण अनशन से जगतगुरु परमहंसाचार्य एक बार फिर से सुर्खियों में छा गए हैं। उन्होंने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए वह एक लंबे समय से संवैधानिक लड़ाई लड़ रहे हैं। इसके लिए उन्होंने पूरे देश में घूम- घूमकर हिंदू राष्ट्र की अलख जगाई। हिंदू राष्ट्र की मुहिम से भारत के कई हिंदूवादी संगठनों को भी जोड़ा। उनकी मांग थी कि 6 नवंबर 2023 तक भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए। नही तो 7 नवंबर से अनजल का त्याग कर वह आमरण अनशन पर बैठ जायेंगे इसके लिए वह कई बार देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिख चुके हैं, लेकिन उनकी मांग नहीं मानी गई, जिसके कारण उन्हें भारत को संवैधानिक रूप से हिंदू राष्ट्र घोषित करने हेतु अन्नजल का त्याग कर आमरण अनशन पर बैठना पड़ा है। राममंदिर के लिए उन्होंने 16 दिनों तक आमरण- अनशन किया था जो श्रीरामजन्मभूमि के फैसले में निर्णायक भी साबित हुआ था। सौ करोड़ हिंदुओं की मांग है हिंदू राष्ट्र हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर उन्होंने सबसे पहले देश में आवाज उठाई और आमरण अनशन किया। आज हिंदू राष्ट्र की मांग पूरे देश की आवाज बन चुका है। जगतगुरु ने कहा कि हिंदू राष्ट्र सौ करोड़ हिंदुओं की मांग है। जब देश का बंटवारा धर्म के आधार पर हुआ। मुसलमानों को पाकिस्तान और बांग्लादेश दिया गया। जो मुस्लिम राष्ट्र बन चुका है, तो भारत हिंदुराष्ट्र क्यों नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि 1947 के बंटवारे से शेष जो भाग भारत बचा हुआ है। उसको जल्द से जल्द हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए। भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म व मानवता को बचाने के लिए भारत संवैधानिक रूप से हिंदू राष्ट्र बने। एक परमहंस जाएंगे,तो लाखों परमहंस आयेंगे देश में लगातार लव जेहाद की घटनाएं बढ़ रही हैं। बड़े-बड़े संवैधानिक पदों पर बैठे लोग सनातन धर्म को मिटाने की चुनौती दे रहे हैं। भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और मानवता को बचाने के लिए भारत हिंदू राष्ट्र घोषित हो इसके लिए हमारी मांग मान ली जाए। नही तो मेरा शरीर छूट जाए कोई बात नहीं एक परमहंस जायेंगे, तो न जानें कितने हजारों-लाखों परमहंस आयेंगे। परमहंसाचार्य के समर्थन में ओजस्वी फाउंडेशन महाराष्ट्र के एकनाथ महाराज, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल के राष्ट्रीय प्रमुख राजेशमणि त्रिपाठी समेत सैंकड़ों आमरण अनशन स्थल पर मौजूद रहे। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल ने दिया संपूर्ण समर्थन जगतगुरु परमहंस आचार्य के आमरण अनशन को समर्थन देने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल के राष्ट्रीय प्रमुख राजेशमणि त्रिपाठी तपस्वी छावनी पहुंचे। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल जगतगुरु परमहंस आचार्य के हिंदू राष्ट्र की मांग के समर्थन में पूरी तरह खड़ा है। यह कोई नाजायज नहीं बल्कि जायज मांग है। आखिर दुनिया में सबके तो अपने कहने के देश हैं। 85 प्रतिशत हिंदुओं को अपना कहने का कौन सा देश है। भाजपा की केंद्र सरकार से उम्मीद भी यही की जा रही थी कि हिंदू राष्ट्र जल्दी बन जाएगा। लेकिन जिस तरह हिंदू राष्ट्र बनाने में हीलाहवाली हो रही है उससे भाजपा सरकार से विश्वास उठता जा रहा है। अनशन पर बैठे आचार्य ने खुद को किया ताले में कैद श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल के राष्ट्रीय प्रमुख राजेशमणि त्रिपाठी ने शासन-प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब मैं तपस्वी छावनी पहुंचा तो महाराज श्री एक कमरे में अपने आपको बंद करके आमरण अनशन कर रहे थे। पता चला कि पुलिस प्रशासन उनको उठाने के लिए तपस्वी छावनी पहुंच चुकी थी। मजबूरी में उन्होंने अपने आपको तालों के बीच कैद कर अपना अनशन जारी रखा है। भारत का शायद पहला ऐसा आमरण अनशन होगा। जहां पर किसी अनशनकारी को खुद की सुरक्षा के लिए अपने को तालों में बंद करना पड़ा। ऐसा शायद इतिहास में कहीं नहीं मिलेगा। यह काम सरकार को खुद करना चाहिए श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल के राष्ट्रीय प्रमुख राजेशमणि त्रिपाठी ने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्य की बात है कि जो काम सरकार को खुद कर देना चाहिए था। उसके लिए एक संत को आमरण अनशन करना पड़ रहा है और उससे भी बड़ी दुर्भाग्य की बात यह है कि भगवान श्री राम की जन्मभूमि अयोध्या नगरी की पावन धरती पर ऐसा हो रहा है। जबकि भारत सरकार को खुद ही आगे बढ़कर देश को हिंदू राष्ट्र घोषित करना चाहिए। परमहंस आचार्य के आमरण अनशन को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल का पूर्ण समर्थन है और अंत तक रहेगा। जरूरत पड़ी तो श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल परमहंसाचार्य के समर्थन में अयोध्या की गलियों में भी समर्थन जुटाने के लिए निकलेगी ।

भाजपा के पास डबल इंजन की सरकार कांग्रेस के पास इंजन ही नहीं – रामेश्वर शर्मा.

Rameshwar Sharma; Bhopal; BJP; Sahara Samachaar;

BJP not only has a double engine government, Congress doesn’t even have an engine” – Rameshwar Sharma जारी है रामेश्वर शर्मा का जनसंपर्क. उदित नारायणभोपाल। प्रदेश में 17 नवंबर को मतदान होगा। उस दिन वोट देने से पहले आप 2003 की तस्वीर जरूर याद रखना जब मिस्टर बंटाढार ने पूरे प्रदेश का हाल बेहाल कर रखा था। सड़क,बिजली पानी की समस्याओं से प्रदेश के लोगों को जूझना पड़ता था। आज डबल इंजन की सरकार में विकास ही विकास हो रहा है। 2003 के बाद मध्यप्रदेश की सूरत बदल गई। प्रदेश से बीमारू राज्य का तमगा हट गया और अब हम तेजी से विकसित होते प्रदेश की पहचान बना चुके हैं। यह क्रम नहीं रुकना चाहिए, इसलिए आवश्यक है कि प्रदेश में फिर भाजपा की सरकार बने। भाजपा के पास डबल इंजन की सरकार है और कांग्रेस के पास इंजन ही नहीं है। यह बात हुजूर भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा ने अपने जनसम्पर्क के दौरान स्थानीय नागरिकों को संबोधित करते हुए कही। रविवार को श्री शर्मा ने हुजूर विधानसभा के कोलार क्षेत्र व अन्य इलाकों में जनसंपर्क किया। इसके साथ ही वह अन्य कार्यक्रमों में भी शामिल हुए। हमारी सेनाओं ने घर में घुसकर पाकिस्तान को जवाब दिया है रामेश्वर शर्मा ने कहा कि सर्जीकल स्ट्राइक में हमारी सेनाओं ने घर में घुसकर पाकिस्तान को जवाब दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सीमाओं को सुरक्षित करने का काम किया है। कांग्रेस ने कश्मीर में हमेशा धारा 370 को बच्चे की तरह पालने का काम किया और कश्मीर की जनता को गुमराह करती रही। भाजपा प्रत्याशी ने कहा कि कांग्रेस कहती थी, अगर कश्मीर से धारा-370 हटी तो खून की नदियां बह जाएंगी, हमने दमदारी के साथ धारा 370 हटाई, लेकिन एक भी कंकर तक नहीं हिला। मनमोहन सिंह सरकार में पाकिस्तान से आतंकवादी घुसकर यहां अशांति फैलाते थे, लेकिन अब किसी की हिम्मत नहीं है कि यहां आकर आतंक फैला सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कुछ साल पहले राम मंदिर की तारीख पूछती थी। मैं बताना चाहता हूं कि राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी को होगा। इन स्थानों पर हुआ जनसम्पर्क बुधवार को हुजूर भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा नें विधानसभा क्षेत्र के पीरवल्ली गाँव, बैरागढ़ चीचली, कॉस्मो सिटी एवं चिनार रेज़िडेन्सी, राय पिंक सिटी, विंडसर पॉम, साईं श्रद्धा होम्स, पाल मोहल्ला ग्राम मेंडोरी, मेन मार्केट रातीबड़, कालीमाता मंदिर, अब्बास नगर, कोलार, आंगनवाड़ी पुलिया, ओमनगर, कस्टम कॉलोनी में जनसम्पर्क कर स्थानीय नागरिकों से संवाद किया।

सूचना आयुक्त के पद से पदोन्नत मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति पर, “इस चयन के बारे में ‘पूरी तरह से अंधेरे में रखा गया” – अधीर रंजन चौधरी.

President of India; Heeralal Samariya; Sahara Samachaar; Narendra Modi;

Regarding the appointment of the Chief Information Commissioner, who was promoted from the position of Information Commissioner, Adhir Ranjan Chowdhury stated, “This selection has been completely shrouded in darkness.” नई दिल्ली: सूचना आयुक्त के पद से पदोन्नत हुए हीरालाल सामरिया की मुख्य सूचना आयुक्त (सीआईसी) के रूप में नियुक्ति से विवाद खड़ा हो रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति में विपक्षी सदस्य और कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखा और कहा कि उन्हें इस चयन के बारे में ‘पूरी तरह से अंधेरे में रखा गया’. इंडियन एक्सप्रेस और द वायर हिंदी के अनुसार, अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सरकार ने चयन के बारे में न तो उनसे परामर्श किया और न ही उन्हें सूचित किया. उन्होंने पत्र में लिखा, ‘अत्यंत दुख और भारी मन से में आपके ध्यान में लाना चाहता हूं कि केंद्रीय सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों के चयन के मामले में सभी लोकतांत्रिक मानदंडों, रीति-रिवाजों और प्रक्रियाओं की धज्जियां उड़ा दी गई हैं.’

केंद्रीय मंत्री कृषि नरेंद्र सिंह तोमर को चुनाव हराने संयुक्त किसान मोर्चा उतरा मैदान में।

United Kisan Morcha entered the fray to defeat Union Agriculture Minister Narendra Singh Tomar in the elections. संयुक्त किसान मोर्चा की दिमनी में किसान पंचायत व प्रेसवार्ता आज।राकेश टिकेत, योगेंद्र यादव, सुनीलम मिश्र सहित कई बड़े नेता होंगे शामिल। संतोष सिंह तोमर भोपाल/मुरैना। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को घेरने के लिए कांग्रेस , बीएसपी के अलावा संयुक्त किसान मोर्चा भी मैदान में कूद गया है, संयुक्त किसान मोर्चा आज मुरैना जिले की दिमनी विधानसभा में किसान पंचायत करने जा रहा है, इसी विधानसभा से केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर चुनाव मैदान में है।संयुक्त किसान मोर्चा की किसान पंचायत को राकेश टिकेत, योगेन्द्र यादव, पी कृष्णप्रसाद, तेजेंदर सिंह विर्क, डॉ सुनीलम मिश्र (पूर्व विधायक), एसकेएम नेता आविद शाहा, भारत जोड़ो अभियान के सचिव पंकज पुष्कर (पूर्व विधायक) संबोधित करेंगे, अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव बादल सरोज ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के नेता योगेन्द्र यादव, पी कृष्णप्रसाद, तेजेंदर सिंह विर्क, डॉ सुनीलम आज सुबह 11 बजे मुरैना में प्रेसवार्ता को संबोधित करेंगे। कॉर्पोरेट भगाओ, भाजपा को सजा दो, देश बचाओ उन्होंने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा ने पांच चुनावी राज्यों में “कॉर्पोरेट भगाओ, भाजपा को सजा दो, देश बचाओ” अभियान चलाने का निर्णय किया है। केंद्र सरकार द्वारा देश के किसानों पर तीन किसान विरोधी कानून थोपे जाने पर देश भर में किसान संगठनों ने 380 दिन तक आंदोलन चलाया, जिसमें 725 किसान शहीद हुए। संयुक्त किसान मोर्चा केंद्र सरकार को विशेष तौर पर प्रधानमंत्री और कृषि मंत्री को इन शहादतों के लिए जिम्मेदार मानता है । मोर्चा ने किसान आन्दोलन की बात को फिर दोहराया  किसान आंदोलन शुरू होने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा किसान नेताओं के साथ तीन बार बातचीत की गई। जिसमें कृषि मंत्री की भूमिका नकारात्मक रही, जिसके चलते वार्ता विफल रही। 380 दिन बाद सरकार ने मजबूरी में तीनों कृषि कानून वापस लेने का निर्णय लिया तथा कृषि मंत्रालय के सचिव संजय अग्रवाल द्वारा किसानों को लिखित आश्वासन दिया गया, जो किसानों के साथ धोखा साबित हुआ। केंद्र सरकार ने किसानों से की वादाखिलाफी बादल सरोज ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किसान संगठनों की सहमति से न तो एमएसपी की कानूनी गारंटी के लिए कमेटी बनाई, न दूसरे आश्वासन पूरे किए गए। संयुक्त किसान मोर्चा ने अपनी ओर से संवाद कायम रखने के लिए फिर एक बार कृषि मंत्री के साथ बैठक की। जिसमें उन्होंने तमाम आश्वासन दिए लेकिन उनमें से एक भी आश्वासन को केंद्र सरकार द्वारा पूरा नहीं किया गया।मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में खुद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर मुरैना जिले के दिमनी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। उनके विधानसभा क्षेत्र में बाजरा सहित अन्य फसलें एमएसपी पर नहीं खरीदी जा रही है। किसानों पर कर्ज बढ़ता चला जा रहा है। कृषि मंत्री किसानों को उनका जायज हक देने के लिए कोई ठोस कदम उठाने को तैयार नहीं है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को हराने की अपील संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आज मुरैना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तथा दिमनी विधानसभा क्षेत्र में किसान पंचायत कर किसान विरोधी, कार्पोरेट मुखी केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को हराने की अपील करेगा ताकि किसानों की जमीन और कृषि व्यापार कॉरपोरेट को सौंपी न जा सकें।उन्होंने बताया कि किसान पंचायत का आयोजन संयुक्त किसान मोर्चा मध्य प्रदेश, भारत जोड़ो अभियान एवं ओबीसी महासभा द्वारा किया जाएगा। किसान पंचायत में अ.भा.कि.सभा के प्रदेश महासचिव अखिलेश यादव, ओबीसी महासभा की राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य एड धर्मेन्द्र सिंह कुशवाह एवं किसंस के संयोजक एड विश्वजीत रतौनिया ,लतीफ खान शामिल होंगे

केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे के करोड़ों रुपए के लेनदेन वाले वायरल वीडियो पर बबाल।

Ruckus over viral video of Union Minister Narendra Singh Tomar’s son’s transaction worth crores of rupees. कमलनाथ ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और उनके बेटे के खिलाफ खोला मोर्चा।केंद्र सरकार की मंशा पर भी उठाए सवाल, चुनाव आयोग से कार्यवाही की मांग। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर (रामू) के करोड़ों रुपए के लेनदेन की बातचीत वाले वायरल वीडियो पर अभी तक कोई जांच शुरू न होने पर सवाल उठाया है। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग से मांग की है कि इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरी हकीकत जनता के सामने रखें। जबकि इस मामले में केंद्रीय मंत्री और दिमनी विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर (रामू) ने मुरैना में इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज कराई है। यहां बताते चले कि नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे देवेंद्र तोमर के वायरल वीडियो पर मध्य प्रदेश की राजनीति जमकर गरमाई हुई है। कांग्रेस इसे लेकर बीजेपी पर जमकर हमलावर हो गई है। पार्टी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष जयराम रमेश और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया के बाद अब पीसीसी चीफ कमलनाथ ने भी केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाएं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा है,”पूरा देश कल से केंद्रीय मंत्री और विधानसभा चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी नरेंद्र तोमर के बेटे का एक वायरल वीडियो देख रहा है, जिसमें वह वीडियो कॉल पर सैकड़ो करोड़ के आर्थिक लेनदेन की बातचीत कर रहे हैं। इस संबंध में कल रात ही निर्वाचन आयोग से शिकायत भी दर्ज कर दी गई थी, लेकिन अब तक किसी भी जांच एजेंसी द्वारा ना तो जांच शुरू हुई है और ना ही जिस सरकार में तोमर मंत्री हैं, उसके शीर्ष नेतृत्व ने कोई प्रतिक्रिया व्यक्त की है। यह वीडियो उस राज्य में सामने आया है जहां की सरकार पर 50% कमीशन राज चलाने का आरोप है।” कमलनाथ ने आगे लिखा,”चुनाव के बीच आए इस तरह के संदिग्ध वीडियो की जांच ना होना स्वस्थ और निष्पक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए खतरा है। मैं निर्वाचन आयोग से मांग करता हूं कि इस विषय में त्वरित कार्रवाई करें और दूध का दूध और पानी का पानी जनता के सामने रखें।” वायरल वीडियो में करोड़ों के लेनदेन की बात विधानसभा चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर रविवार को एक वायरल वीडियो ने मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में हंगामा खड़ा कर दिया। वीडियो केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर (रामू ) का बताया जा रहा है। इस वीडियो में देवेंद्र प्रताप सिंह लखनऊ के एक बिचौलिये के जरिए माइनिंग कारोबारियों से करोड़ों रुपए लेने के लिए मल्टीपल बैंक अकाउंट के इंतजाम की बात करते दिखाई और सुनाई दे रहे हैं। बिचौलिया उनसे हर ट्रांजेक्शन के लिए अलग-अलग 4 से 5 बैंक खातों की डिटेल मांग रहा है और वक्त भी पूछ रहा है। मुरैना में दर्ज कराई एफआईआर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे देवेंद्र सिंह तोमर ने एमपी के मुरैना को एक लिखित आवेदन देकर वायरल वीडियो फर्जी होने और राजनेतिक द्वेष भावना के चलते छबि खराब करने का षडयंत्र बताया। उन्होंने वीडियो को तत्काल सोशल प्लेटफॉर्म से हटवाने और वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है। इस पर जिले के सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। केंद्रीय मंत्री तोमर को बदनाम करने की कोशिश केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने भोपाल में कहा कि नरेंद्र सिंह तोमर चार दशक से साफ-सुथरी राजनीति के लिए देश भर में सम्मान के साथ जाने जाते हैं। उनके बेटे को ढाल बनाकर कांग्रेस अब ओछी राजनीति करना चाहती है, लेकिन उससे कोई फायदा नहीं होगा। जिस वीडियो को कांग्रेस दिखा रही उसमें नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे का सिर्फ वीडियो दिख रहा, दूसरा कौन व्यक्ति है, वह नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र सिंह तोमर ने खुद शिकायत कर जांच की मांग की है और प्रशासन से आग्रह किया है कि जब तक सत्यता सामने नहीं आ जाती तब तक इस वीडियो को डीलिट किया जाए। मैं और हमारी भारतीय जनता पार्टी  कांग्रेस की इस ओछी हरकत की घोर निंदा करती है।

कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष और लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह के भाई ने साथियों सहित थामा भाजपा का झंडा।

Leader of Opposition of Congress and brother of Lahar MLA Dr. Govind Singh held the BJP flag along with his colleagues. चुनाव के समय हर बार चर्चाओं में रहे हैं विधायक के चचेरे भाई शैलेंद्र सिंह।पहले भी चुनावों में कर चुके हैं डॉ. गोविंद सिंह का विरोध और दल बदल। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह के चचेरे भाई शैलेंद्र सिंह ने अपने कई साथियों सहित कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया है। उन्होंने भोपाल में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल के समक्ष भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। इस खबर ने भिंड जिला सहित पूरे प्रदेश के राजनैतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। इस बारे में कांग्रेस नेताओं का कहना है की शैलेंद्र सिंह कभी कांग्रेसी थे ही नहीं। जबकि कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष और लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह के बेटे डॉ. अमित सिंह का कहना है की शैलेंद्र सिंह शुरू से ही कभी भी उनके साथ नहीं रहे और इसके पहले भी उन्होंने कांग्रेस पार्टी का नहीं बल्कि भाजपा का ही साथ दिया है। उनके भाजपा में जुड़ने से क्षेत्र में कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।एक ओर मध्यप्रदेश में 17 नवंबर को विधानसभा के लिए मतदान होना है वहीं बीजेपी कांग्रेस में दल बदल का खेल अब भी जारी है। ताजा मामला मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के क़द्दावर नेता डॉ गोविंद सिंह से जुड़ा हुआ है, क्योंकि उनके चचेरे भाई शैलेंद्र सिंह टप्पे अचानक भाजपा में शामिल हो गए हैं। शैलेंद्र सिंह ने चुनाव प्रचार के बीच भोपाल पहुंचकर केंद्रीय राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल के समक्ष अपने समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। अचानक इस तरह कांग्रेस छोड़कर उनके भाजपा में शामिल होने से क्षेत्र की राजनीति में हलचल मच गई है। साथियों सहित ली भाजपा की सदस्यता भाजपा की सदस्यता ग्रहण करते समय लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह के चचेरे भाई शैलेन्द्र सिंह कुशवाह उर्फ टप्पे के साथ साथ मनोज कुशवाह पचोखरा तथा अरविंद कुशवाह बगुलरी, अरुण कुशवाह पचेरा तथा रमेश रावत रावत मुहल्ला लहार ने भी भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की। इसके साथ साथ 2022 में जिला पंचायत वार्ड क्रमांक 11 से रमेश कुशवाह जिन्होंने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा था जिनका लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह के बीच लेनदेन का अभी हाल ही में ऑडियो वीडियो वायरल हुआ था, उन्हें भी हृदेश शर्मा ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मिलाकर भाजपा की प्राथमिकता सदस्यता दिलवाई। शैलेंद्र सिंह ने हमेशा डॉ. गोविंद सिंह का विरोध किया जब इस मामले में नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह से फोन पर बात करने का प्रयास किया गया तो चुनावी व्यस्तता के कारण उनसे बात नहीं हो सकी। वहीं जब उनके बेटे डॉ. अमित सिंह से इस विषय को लेकर फोन पर बात की तो उन्होनें इस बात का जवाब देते हुए कहा की शैलेंद्र सिंह उर्फ टप्पे मेरे पिता डॉ. गोविंद सिंह के चचेरे भाई हैं और उनका सहयोग कभी भी हमारे साथ नहीं रहा। एक ही परिवार से जुड़े होने के कारण उनका नाम कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष और लहार विधायक के भाई के रूप में जरूर जाना जाता है, लेकिन उन्होंने हमेशा हर चुनाव में कांग्रेस पार्टी और डॉक्टर साहब का विरोध ही किया है। उनके कारनामों को क्षेत्र की जनता अच्छे से जानती है और उनके भाजपा या अन्य किसी भी दल में आने-जाने से कहीं कोई फर्क नहीं पड़ता है। इसके पहले 2020 में भी उन्होंने भाजपा ज्वॉइन की थी और उनकी ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रद्युमन सिंह तोमर के साथ कई तस्वीरें भी सामने आईं थीं। उनका आप उनका पिछला रिकॉर्ड देख सकते हैं। शैलेंद्र सिंह कभी कांग्रेसी थे ही नहीं शैलेंद्र सिंह के भाजपा ज्वॉइन करने को लेकर क्षेत्र में माहौल गरमाया हुआ है। कांग्रेस के ज़िला अध्यक्ष मान सिंह कुशवाह से इस संबंध में बात की गई तो उनका कहना था कि नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह के चचेरे भाई शैलेंद्र सिंह कांग्रेस में थे ही कब, उनके बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं है। हालांकि यह नेता प्रतिपक्ष का पारिवारिक मामला है इसलिए फिलहाल किसी तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।  शैलेंद्र सिंह को है दलबदल की आदत बता दें कि लहार क्षेत्र के लोगों का कहना है कि शैलेंद्र सिंह (टप्पे) चुनाव आते ही दलबदल करते रहे हैं इसलिए ये कोई नई बात नहीं है। उनका दल बदल चलता रहता है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग तो उन्हें विभीषण भी कह रहे हैं। लोगों का कहना है कि हरबार विधानसभा चुनाव में उनके द्वारा कांग्रेस पार्टी और अपने बड़े भाई, लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह का विरोध किया गया है, लेकिन इससे वे डॉ. गोविंद सिंह का कभी भी कोई बड़ा नुकसान नहीं कर पाए और इस बार भी उनके इस काम से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

प्रदेश की 62 सीटों पर कांग्रेस और भाजपा में कांटे की टक्कर.

Congress; BJP; Kamalnath; Sahara Samachaar;

Congress and BJP are in a tough competition on 62 seats in the state उदित नारायणभोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। Un प्रदेश में इस बार चुनावी बिसात पर किसकी होगी जीत और कौन रहेगा खाली हाथ.?, यह सवाल प्रदेश ही नहीं देश भर के जेहन में हैं। प्रदेश की 230 सीटों पर हो रहे चुनाव में भाजपा अभी कांग्रेस की तुलना में ज्यादा मजबूत नजर आ रही है। दोनों की मजबूत सीटों की बात की जाए तो भाजपा में यह संख्या 98 है। वहीं, कांग्रेस 70 सीटों पर बढ़त बनाए दिख रही है। दोनों में अभी 28 सीटों का अंतर है। बड़ी बात यह है कि फिलहाल 62 सीटें ऐसी हैं जहां भाजपा और कांग्रेस दोनों ही कांटे के मुकाबले में है। निश्चित रूप ये इन्ही सीटों पर जीत और हार से ही सत्ता का निर्धारण होगा।कुल सीट- 230भाजपा- 98कांग्रेस- 70कांटे की टक्कर वाली सीट- 62 कांटे की लड़ाई वाली इन सीटों पर दोनों ही दलों के बागी प्रत्याशियों के साथ बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी भी निर्णायक भूमिका में हैं। बसपा और सपा तो इनमें से कुछ सीटों पर सिर्फ खेल बिगाडने की नहीं बल्कि जीतने की भी स्थिति में आ सकती हैं। हालांकि, दोनों दलों के बागी जीतने की स्थिति में न होकर सिर्फ पार्टी को नुकसान पहुंचाते दिखाई दे रहे हैं। हमारी टीम के आंकड़ों के अनुसार, भाजपा की इन सीटों पर जीत दर्ज करने की स्थिति में हैइंदौर 1, इंदौर 2, इंदौर 4, महू, सांवेर, उज्जैन दक्षिण, पंधाना, बागली, रतलाम शहर, जावरा, आलोट, मंदसौर, मल्हारगढ, सुवासरा, गरोठ, मनासा, सुसनेर, खंडवा, हरसूद, मन्धाता, नेपानगर, खरगोन, पानसैमल, राजपुर, जोबट, पेटलावद, धरमपुरी, देवास, मनावर, सतना, नागौद, रामपुर बाघेलान, रीवा, सिरमौर, मनगंवा, पुष्पराजगढ, धौहनी, जैतपुर, देवसर, मानपुर, अनूपपुर, सागर, खुरई, नरियावली, रहली, जतारा, एक ओर भाजपा जहां सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। वहीं, कांग्रेस भी मैदानी मोर्चें पर सब कुछ दांव पर लगाए है। कुल मिलाकर सियासी दल ही नहीं सियासी पंडित भी यह मानकर चल रहे हैं कि इस बार प्रदेश में लड़ाई कांटे की है। बीजेपी की बढ़त वाली सीटेमलहरा, महाराजपुर, दमोह, पथरिया, हटा, पन्ना, गुनौर, पवई, ग्वालियर ग्रामीण, ग्वालियर, बमौरी, पिछोर, करैरा, दतिया, भांडेर, सेवढा, भिंड, मेहगांव, सुमावली, दिमनी, अंबाह, विजयराघवगढ बहोरीबंद शाहपुर देवास बालाघाट लांजी परसवाडा वारासिवनी कटंगी बरघाट गोटेगांव जबलपुर कैंट बरगी, पाटन नरसिंहपुर नरेला हुजूर, गोविंदपुरा बैरसिया सिलवानी सांची कुरवाई सिरोंज शमसाबाद सारंगपुर बुधनी सोहागपुर पिपरिया सिवनी मालवा बैतूल भैंसदेही आमला।वहीं, इन सीटों पर जनता जर्नादन कांग्रेस का हाथ मजबूत करती नजर आ रही है- कांग्रेस की जीत की संभावना वाली सीटराउ, देपालपुर, तराना, नागदा खाचरौद, सैलाना, नीमच शाजापुर, कालापीपल, भगवानपुरा, कसरावद, भीकनगांव, बडवानी, सेंधवा, झाबुआ, थांदला, कुक्षी, गंधवानी, सोनकच्छ, रैगांव, अमरपाटन, मउगंज, चुरहट, सिंगरौली, चितरंगी, ब्यौहारी, बांधवगढ, कोतमा, बंडा, टीकमगढ़, पृथ्वीपुर, खरगापुर, चंदली, राजनगर, जबेरा, ग्वालियर पूर्व, भितरवार, चाचौड़ा, राघौगढ़, मुंगावली, चंदेरी, पोहरी, विजयपुर, अटेर, लहार, जौरा, डबरा, बड़वारा, डिंडोरी, बिछिया, मंडला, बैहर, सिवनी, केवलारी, तेंदुखेडा, गाडरवाडा, छिंदवाडा, पांर्ढुना, परासिया, सौंसर, जबलपुर पूर्व, जबलपुर पश्चिम, पनागर,लखनादौन, उदयपुरा, राजगढ, खिलचीपुर, ब्यावरा, आष्टा, मुलताई, घोडाडोंगरी। इन सीटों पर फाइटइंदौर- 3, इंदौर -5, उज्जैन उत्तर, बडनगर, घट्टिया, महिदपुर, रतलाम ग्रामीण, जावद, शुजालपुर, आगर, खातेगांव, बुरहानपुर, महेश्वर, बड़वाह, राजपुर, अलीराजपुर, धार, बदनावर, हाटपिपल्या, चित्रकूट, मैहरसेमरिया, त्योंथर, देवतालाब, गुढ़, सीधी, सिंहावल, देवरी, बीना, सुरखी, निवाडी, छतरपुर, बिजावर, ग्वालियर दक्षिण, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, कोलारस, गोहद, मुरैना, सबलगढ, श्योपुर, बड़वारा, चौरई, जबलपुर उत्तर, सिहोरा, अमरवाडा, भोपाल उत्तर, भोपाल दक्षिण पश्चिम, भोपाल मध्य, भोजपुर, विदिशा, गंजबासौदा, नरसिंहगढ, सीहोर, इछावर, होशंगाबाद, हरदा, टिमरनी।

हमारे घरों तक एक सडक बनाने में भारतीय जनता पार्टी सरकार असफल रही है। – ग्रामीण.

Nishank Jain; Gyaraspur; Vidisha; Sahara Samachaar;

BJP government has failed to build a road to our homes. – A Rural residents सीताराम कुशवाहाविदिशा, ग्यारसपुर, यहां पर कुशवाह परिवारों का पूरा निवास है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ युवा मोर्चा कार्यकर्ता के रुप में सायकल चलाकर संघर्ष करते रहे पर अब ठगा महसूस कर कांग्रेस का हाथ थामने वाले अनार सिंह कुशवाह ने कहा कि यहां के लोगों को भी भाजपा गुमराह करती आ रही है। आजादी से लेकर आज तक भाजपा को आंख बंद कर वोटिंग की। परंतु हमारे घरों तक एक सडक सरकार बनाने में असफल रही है। अनार सिंह ने कहा कि भाजपा घरानों में बदल गई है अब गरीब को उपयोग किया जाता है और झुनझुना पकड़ा दिया जाता है। यहां के सभी लोगों महिलाओं पुरुषों युवाओं ने कांग्रेस प्रत्याशी निशंक कुमार जैन के पक्ष में सदस्यता ग्रहण की।

BJP को लगा बड़ा झटका, पूर्व विधायक ने थामा कांग्रेस का हाथ.

Congress; BJP; Kamalnath; Sahara Samachaar;

BJP suffered a major setback as a former legislator joined the Congress party. मनीष त्रिवेदी – सहरा समाचारमुरैना। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी दलों में नेताओं का पार्टी छोड़ने का क्रम लगातार चला आ रहा है। चुनावो में अब ज्यादा दिन नहीं रह गए है. चम्बल क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी को एक और झटका लगा, मुरैना जिले की अंबाह विधानसभा से पूर्व विधायक व भाजपा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य कमलेश सुमन ने शनिवार को अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। इसी बीच श्री सुमन ने भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के सामने कांग्रेस की सदस्यता ले ली है। इस्तीफे के बाद अंबाह विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी कमलेश जाटव की मुश्किलें बढ़ती है या घटती है, या आगे क्या समीकरण बनते है. यह तो वक़्त ही बताएगा.

एक सैकड़ा से अधिक लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की.

Sahara Samachaar;

More than Hundred people have joined the Congress party. सीताराम कुशवाहाविदिशा, ग्यारसपुर में कांग्रेस सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर कांग्रेस के गंजबासौदा ग्यारसपुर के प्रत्याशी निशंक कुमार जैन के समक्ष ग्यारसपुर के सुंतला के लोगों ने भारी संख्या में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की जिनमें प्रमुखता से अनार कुशवाहा के नेतृत्व में सदस्यता ग्रहण समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया, अनार कुशवाहा ने बताया कि हमारे दादा पर दादा हमेशा से ही भारतीय जनता पार्टी को वोट देते आए हैं परंतु भारतीय जनता पार्टी में हमारी कोई इज्जत और सम्मान नहीं है हमारी कदर नहीं करती है, आजकल के नेताओं की कदर करती है जो पीढ़ी दर पीढ़ी भारतीय जनता पार्टी का झंडा उठाकर चलते थे उनकी कोई कद्र नहीं है । इसीलिए कांग्रेस के विधानसभा प्रत्याशी निशंक कुमार के द्वारा हमें मान सम्मान और इज्जत दी जा रही है पार्टी का पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य करेंगे कार्यक्रम में कांग्रेस के सैकड़ो कार्यकर्ता इस दौरान मौजूद रहे ।

केन-बेतवा लिंक परियोजना प्रभावितों को दिलवाएंगे 18 लाख प्रति एकड़: चरन सिंह.

Chain Singh; Chhatarpur; Congress; Sahara Samachaar;

We will provide compensation of 18 lakhs per acre to the affected individuals of the Ken-Betwa Link Project,” said Charan Singh. छतरपुर। कांग्रेस पार्टी द्वारा पैरासूट इंट्री कर बिजावर विधानसभा क्षेत्र में उम्मीदबार बनाए गए चरन सिंह यादव ने अपने खास साक्षात्कार में कहां कि इस क्षेत्र के केन बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित किसानों को 18 लाख प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिलवाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही इस क्षेत्र के प्रभावितों और विस्थापितों को हर हाल में 18 लाख रूपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिलाने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेरा इस क्षेत्र से चुनाव लड़ना पार्टी का निर्णय है, पार्टी के मुखिया कमलनाथ ने मुझे बिजावर क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी का उम्मीदबार बनाया है तो मैं यहां चुनाव लड़ने आया हूं और मुझे यहां लोगों का भरपूर आर्शीवाद मिल रहा है। भाजपा प्रत्याशी राजेश शुक्ला पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के जनप्रतिनिधि ने तो 35 करोड़ में जनभावनाओं का सौदा कर लिया था। लेकिन मैं ऐसा नहीं करूंगा और 80 हजार से अधिक वोट पाकर ऐतिहासिक जीत दर्ज कराउंगा। स्थानीय और बाहरी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जो लोग मुझे बाहरी प्रत्याशी बता रहे हैं वह झूंठ बोलते हैं वर्षों से खजुराहो एयरपोर्ट के सामने मेरा मकान है और इसी जिले में मेरी कर्म भूमि है। उन्होनंे कहा कि यदि जनता ने मुझे आर्शीवाद दिया तो हर खेत को पानी उपलब्ध कराया जाएगा, 24 घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाएगी, बड़े-बड़े ट्रांस्फार्मर लगवाए जाएंगे और इसी क्षेत्र में योजना बनाकर बड़े उद्योगो की स्थापना कराई जाएगी ताकी लोगों को रोजी-रोटी के लिए पलायन न करना पड़े। एक साथ कई रूठों के साथ आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो लोग मेरे साथ आए हैं उन्होंने मेरा व्यवहार देखा है मेरा काम करने का तरीका देखा है इस लिए वह सभी हमारे साथ हैं इसमें और किसी मंत्र का उपयोग नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि मैं एक किसान का बेटा हूं और सबको साथ लेकर चल रहा हूं। कांग्रेस प्रत्याशी चरन सिंह यादव ने शनिवार को अपने दौरे की शुरूआत बुन्देलखण्ड के कैदारनाथ कहे जाने वाले जटाशंकर धाम में अभिषेक करने के बाद की। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी द्वारा बिजावर को बैंकॉक बताकर महिलाओं के अपमान के सवाल पर कहा कि मैंने किसी महिला का कोई अपमान नहीं किया सारी महिलाएं मेरी मां, बहन और बेटियां हैं अगर भाजपा प्रत्याशी को इसमें महिलाओं का अपमान नजर आ रहा है तो यह उनकी सोच है। मैंने तो जब इस क्षेत्र में गांव-गांव में खुलेआम शराब बिकते हुए देखी तब यह कहा था कि यहां के लोगों ने बिजावर क्षेत्र को बैंकॉक बनाकर रख दिया है।

मुख्यमंत्री की सभा में नहीं दिखी ज्यादा भीड़, नागरिकों में दिखी निराश काफी देर से पहुंचे थे “मामा”

Shivraj Singh Chouhaan; Katni; Elections; Sahara Samachaar;

Chief Minister’s meeting did not witness a large crowd; disappointment was evident among the citizens as they had been waiting for a long time. कटनी। चुनाव प्रचार जोड़ों पर है सभी पार्टियों अपनी-अपनी ताकत झोंक रही हैं इसी कड़ी में मुखिया शिवराज सिंह चौहान की चुनावी सभा का आयोजन एनकेजे स्थित मैदान में होना था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की चुनावी सभा को सफल बनाने के लिए वैसे तो भारतीय जनता पार्टी कटनी के पदाधिकारियों ने खासा जोर लगाया, लेकिन सभा स्थल पर मौजूद लोगों की भीड़ कम ही नजर आई। मामा शिवराज सिंह चौहान के प्रति लोगों की बेरुखी सभा स्थल पर साफ नजर आई। भाजपा ने सभा के पूर्व यह कयास लगाया था कि मुख्यमंत्री की सभा जिले के भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में क्रांति ला देगी, लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं। सभा स्थल पर जहां सामने की कुछ कतारों में पार्टी के पदाधिकारी एवं कॉलेज के छात्र नजर आ रहे थे वहीं पंडाल के पिछले हिस्से में बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली पड़ी हुई थी। इसका एक कारण यह भी कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री अपने निर्धारित समय से चार घंटे लेट कटनी पहुंचे। जिसके कारण कई लोग तो ऐसे भी रहे जो सभा स्थल से वापस घर चले गए। नहीं दिखा लोगों में उत्साहमुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सभा को लेकर लोगों में उत्साह नजर नहीं आ रहा था। लोगों की आखिर ऐसी नाराजगी क्यों है यह बात ना तो भाजपा पदाधिकारियों को समझ में आ रही है और ना ही प्रत्याशी इसे समझ पा रहे हैं। भाजपा सरकार ने वैसे तो जिले के विकास के लिए काफी सारी घोषणाएं कर रखी हैं यहां तक की मेडिकल कॉलेज बनवाने तक की घोषणा आचार संहिता लागू होने के कुछ देर पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कर दी है। इतना सब होने के बावजूद आखिर मतदाता खुश क्यों नहीं है यह बात समझ से परे है। तो क्या परिवर्तन करने का मनमुख्यमंत्री की सभा स्थल पर मौजूद कई भाजपा कार्यकर्ता इस संबंध में आज चर्चा करते हुए नजर आए। इस दौरान पार्टी के कार्यकर्ता यह भी कहते दिखाई दिए कि भारतीय जनता पार्टी ने कटनी जिले में टिकट के बंटवारे में जो गलतियां की हैं वह जनता को पसंद नहीं आ रही। पार्टी कार्यकर्ताओं एवं आमजन के रूखेपन से यह कहना गलत नहीं होगा कि कहीं यह किसी बड़े परिवर्तन की शुरुआत तो नहीं। परिणाम चाहे जो भी आए लेकिन जब तक परिणाम सामने नहीं आ जाते तब तक इस तरह की चर्चाएं चलती ही रहेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की सभा में भाजपा पदाधिकारी की मौजूदगी रही

स्मृति ईरानी के भूपेश बघेल पर लगाये गंभीर आरोप.

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Serious allegations against Bhupesh Baghel by Smriti Irani. मनीष त्रिवेदीनई दिल्ली। आज छग में पीएम मोदी का दौरा है लेकिन उससे पहले केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने प्रदेश की भूपेश सरकार पर चुनावी खर्चों एवं घोटालों पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री ने सीएम बघेल पर रिश्वत लिए जाने कर आरोप लगाये। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को दावा किया कि उन्होंने पैसे का लेन-देन करने के एक आरोप में एक शख्स को गिरफ्तार किया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि असीम दास ने कबूल किया है कि वो दुबई से आदेश के अनुसार रायपुर आया और कांग्रेस के चुनावी खर्चो के लिए पैसा दिया। ये पैसा महादेव एप के अवैध बेटिंग का है। असीम दास ने कबूल किया कि शुभम सोनी महादेव एप के टंप मैनेजमेंट में शामिल है। ये तथ्य चौंकाने वाला है कि हवाला और जनता से लूटे हुए धन को कांग्रेस चुनाव में इस्तेमाल कर रही है। शुभम सोनी ने लिखित बयान में कहा कि अब तक महादेव एप के प्रोमोटर ने भूपेश बघेल को पांच सौ आठ करोड़ रुपये रिश्वत दी है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, लेकिन ये एकमात्र ऐसी जानकारी नहीं है, बल्कि एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। महादेव ऑनलाइन बुक एप के प्रमोटर्स प्रशासन और कांग्रेस के नेताओं से जो संरक्षण चाहते थे, वो चंद्रभूषण वर्मा नाम के एक अधिकारी के माध्यम से भी प्रोटेक्शन मनी भेजते थे।

96 प्रत्याशी चुनावी मैदान में, 25 साल से कांग्रेस का गढ़ बनी उत्तर विधानसभा में चाचा भतीजा का मुकाबला, निर्दलीय भी, आप भी काटेगी कांग्रेस का वोट.

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With 96 candidates in the electoral arena, a face-off between uncle and nephew in the Uttar Legislative Assembly, a stronghold of the Congress for 25 years. Independents are also in the fray. AAP also cut the Congress vote. नाम वापसी के लास्ट दिन तक 21 ने नाम वापस लिए, 7 उत्तर से, अब आज से चुनव प्रचार पकड़ेगा और जोर, जोर आजमाइश का दौर शाकिब कबीरभोपाल, 25 साल से कांग्रेस का गढ़ बनी उत्तर विधानसभा सीट में विधायक आरिफ अकील के चुनाव न लड़ने से यहां घर में ही फूट पड़ गई। आरिफ के भाई आमिर अकील जो अब तक अपने भाई का चुनाव मैनेजमेंट संभालते थे, वे खुद अपने भतीजे आतिफ अकील के खिलाफ खड़े हो गए हैं। वहीं एक और निर्दलीय नासिर इस्लाम और आप पार्टी के मौ. सउद भी यहां चुनाव लड़ रहे हैं। आरिफ अकील के हटने और इन लोगों के खड़े होने से इस सीट के समीकरण गड़बड़ा गए हैं। इसका फायदा भाजपा को मिल सकता है। हुजूर का संकट खत्म: जितेंद्र डागा के नाम वापस लेने से हुजूर विधानसभा का संकट खत्म हो गया है। डागा कहीं न कहीं कांग्रेस का ही वो काटते। इनके बैठने के बाद यहां कांग्रेस प्रत्याशी नरेश ज्ञानचंदानी ने राहत की सांस ली है। नाम वापसी के बाद नरेश की आंखों में आंसू आ गए। मैदान में 96 प्रत्याशी, 41 निर्दलीय, 21 ने नाम वापस, 12 रिजेक्टसात विधानसभा सीट पर 17 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए 96 प्रत्याशी मैदान मेें हैं। नाम वापसी के आखिरी दिन 19 लोगों ने नाम वापस लिए हैं। सबसे ज्यादा 7 नाम उत्तर से वापस हुए हैं। इसके बाद 4 नाम दक्षिण पश्चिम से। दो दिनों में 21 ने नाम वापस लिए हैं और 12 के फॉर्म रिजेक्ट हुए हैं। इसमें भाजपा, कांग्रेस, सपा, बसपा, आप और अन्य दलों व 41 निर्दलीय प्रत्याशी हैं। अब ये फाइनल तस्वीर- बैरसिया- 9 प्रत्याशी, 1 निर्दलीयउत्तर- 15 प्रत्याशी, 8 निर्दलीयनरेला- 23 प्रत्याशी, 14 निर्दलीयदक्षिण पश्चिम- 11 प्रत्याशी, 5 निर्दलीयभोपाल मध्य- 15 प्रत्याशी, 8 निर्दलीयगोविंदपुरा-17 प्रत्याशी , 4 निर्दलीयहुजूर- 6 उम्मीदवार, 1 निर्दलीय इन्होंने लिए नाम वापस- इस विधानसभा में निरस्त हुएहुजूर-3गोविंदपुरा-2उत्तर-1दक्षिण-2मध्य-3नरेला-1ल

मुंगावली, अशोकनगर पहुंचे केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने बोला कांग्रेस तीखा हमला।

Union Minister Scindia, who reached Mungawali, Ashoknagar, made a sharp attack on Congress. चुनावी दौरे में पहुंचे शाढ़ौरा और कदवाया, कहा कांग्रेस जनता के विकास और सुरक्षा के लिए नहीं सोचती।भाजपा के लिए कुर्सी सेवा का माध्यम है, कांग्रेस को कुर्सी दिखती है तो उनकी आंखें चमकने लगती है।भाजपा बेटियों को स्कूटी देती है, दिग्विजय जी और कमलनाथ जी अगर होते तो खुद ही स्कूटी पर बैठ जाते।   कांग्रेस को वोट दोगे तो मिलेगा धोखा ही धोखा और अगर भाजपा को वोट दोगे तो मिलेगा मौका ही मौका। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मैहर से चुनावी दौरे की कल शुरुआत करने के बाद आज अशोकनगर पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पहले मुंगावली विधान सभा और फिर अशोकनगर एवं चंदेरी विधान सभा में भाजपा प्रत्याशियों के लिए जनता का समर्थन प्राप्त किया। उन्होंने क्षेत्र में स्थित माँ बीजासन के मंदिर में जाकर भाजपा की आगामी चुनाव में सफलता और मध्यप्रदेश के हर निवासी की सुख-शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना भी की। अपने भाषण में उन्होंने कांग्रेस को जहाँ एक तरफ जम कर धोया वहीँ दूसरी तरफ शाढ़ौरा से अपने व्यक्तिगत सम्बन्ध के बारे में भी विस्तार से बात की। कांग्रेस को कुर्सी का लोभ है:सिंधिया अपने भाषण में उन्होंने कहा की, मैं देख रहा हूँ की आजकल विपक्षी दल के नेता फुदक – फुदक के बाहर निकल रहे है और प्रचार – प्रसार करने के लिए इधर – उधर जा रहे है। पर मैं जनता को बताना चाहता हूँ की इनका उदेश्य जनता की सेवा करना नहीं, आपकी सुरक्षा करना नहीं बल्कि इनका एक ही लक्ष्य है ‘कुर्सी’ . कुर्सी को देखकर इनकी आँखें चमकने लगती है और फिर इन्हे बहने, किसान, युवा और बेटियां – कोई याद नहीं रहता। यह बरसाती मेढक है जो बस चुनावी समय में बाहर आते है और चुनाव ख़तम हो जाने के बाद विदेशी पक्षी बनकर यहाँ से भाग जाते है। भाजपा का योद्धा ही लाएगा विकास अशोकनगर और चंदेरी विधान सभा से भाजपा प्रत्याशी जजपाल सिंह जग्गी एवं जगन्नाथ सिंह रघुवंशी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा की जजपाल सिंह जैसे ही भाजपा के अनेक योद्धाओं ने जनता को सुरक्षित रखा है। कोरोना काल के कठिन समय में इन्होने ने आपकी मदद की, अशोकनगर में जब बाढ़ आया था तो जग्गी ने आपकी रक्षा के लिए खुद पर मुश्किल ले ली थी। इसी तरह प्रदेश के स्तर पर मैंने और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आप सब तक दवाई और मास्क पहुचाये थे और राष्ट्रिय स्तर पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश भर में जनता को टीके लगवाए – एक ऐसी उपलब्धि जिसे अमेरिका भी हासिल नहीं कर पायी। हम आपदा में भी अवसर को ढूंढते है आगे उन्होंने कहा की, यह मोदी जी का नेतृत्व है की आज हम आपदा में भी अवसर को ढूंढते है ताकि विकास न रुके और कांग्रेस अवसर में भी सिर्फ कुर्सी को देखती है – जिसे देख के इनकी आँखें चमकने लगती है। हमारे लिए कुर्सी सेवा का माध्यम है। कांग्रेस और भाजपा की तुलना के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा की, एक तरफ है  धोखा और दूसरी तरफ है विकास का मौका; एक तरफ है डबल इंजन की सरकार तो दूसरी तरफ है बिना इंजन की सरकार; एक तरफ है तलवार और धार तो दूसरी तरफ है श्रीमान बंटाधार! महिला अब सुरक्षित है और किसान है खुशहाल आप बस 17 नवंबर को कमल के बटन को दबाने की मेहनत करो, आने वाले 5 साल और पूरी ज़िन्दगी मैं आपके लिए मेहनत करूँगा। कांग्रेस की महिला विरोधी धारणा के बारे में बात करते हुए उन्होंने स्टेज से एक एक महिला से पूछा की कांग्रेस की सरकार में उन्हें क्या मिला, जिसपर महिलाओं ने जवाब दिया ‘कुछ नहीं’, ‘कांग्रेस में कोई मान सम्मान नहीं था.’. वहीँ भाजपा की सरकार जबसे आयी है तब से बेटियां लखपति पैदा हो रही है, स्कूल में अच्छे अंक लाने पर उन्हें स्कूटी मिल रही है और शादी होने पर कन्यादान योजना से लाभ। जब बेटी 21 वर्ष की हो जाती है तो लाड़ली बहना बन जाती है। अगर कांग्रेस की सरकार होती तो क्या होता ? दिग्विजय जी और कमलनाथ जी स्कूटी पर खुद बैठ जाते, 15 महीनों में उन्होंने हर योजना ओर ताला लगा दिया, अगर भविष्य में गलती से इनकी सरकार बन गयी तो यह फिर से हर योजना बंद कर देंगे।  किसानों के साथ भी कांग्रेस ने विश्वासघात कियान कर्जमाफ किया, न मुख्यमंत्री बदला और उल्टा हर किसान को फ़र्ज़ी सर्टिफिकेट दे दिए जिस से मेरे अन्नदाता कर्ज में डूब गए। इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा की, ‘आप बस 17 नवंबर को कमल के बटन को दबाने की मेहनत करो, आने वाले 5 साल और पूरी ज़िन्दगी मैं आपके लिए मेहनत करूँगा।’         आगामी चुनाव को मंत्री सिंधिया ने ‘किसान, माताओं और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की लड़ाई’ बताया और कहा की 17 तारीख को इनको हमें करारा जवाब देना है। इसीलिए अगर आप ‘कांग्रेस को वोट दोगे तो मिलेगा धोखा ही धोखा और अगर भाजपा को वोट दोगे तो मिलेगा मौका ही मौका।’ 2001 का वर्ष याद कर भावुक हुए सिंधिया अपने भाषण में सिंधिया भावुक होते हुए भी नज़र आये जब उन्होंने 2001 वर्ष को याद किया और कहा की, 2001 में सिंधिया परिवार ने 2 लोगों को खोया था – एक मेरी आजी अम्मा राजमाता और एक मेरे पूज्य पिताजी माधवराव सिंधिया। दोनों ने ही शाढ़ौरा और कदवाया के लिए काम किया था और उस समय में शाढ़ौरा ने मुझे जो शक्ति दी वह मैं कभी भी भूल नहीं सकता। आपके विश्वास और आशीर्वाद से मैंने क्षेत्र में योजनाओं की बौछार कर दी – कोटा से बिना के बीच  लाइन को रु 2100 करोड़ की डबल लाइन करवाया, रु 700 करोड़ की लागत से उसका विद्युतीकरण करवाया, हिनोतिया और पीलीघाटा में रेलवे स्टेशन बनवाया, अनेक ट्रैन का अशोकनगर में स्टॉपेज करवाया। इसीलिए मैं मंत्री नहीं बल्कि आपके घर का बेटा हूँ।

कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री बनाए गए प्रकाश पांडे.

Congress; Prakash Pandey; Khujraho; Sahara Samachaar;

Prakash Pandey has been appointed as the Pradesh Mahamantri (State General Secretary) of the Congress. जीतेंद रिछारिया भारतीय जनता पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए खजुराहो क्षेत्र के दिग्गज नेता प्रकाश पांडे को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महामंत्री बनाया गया है। संगठन प्रभारी व उपाध्यक्ष राजीव सिंह के हस्ताक्षर से जारी पत्र में प्रकाश पांडे को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महामंत्री नियुक्त करने का ऐलान किया गया है। प्रकाश पांडे को कांग्रेस का प्रदेश महामंत्री बनाए जाने से राजनगर विधानसभा में कांग्रेस की स्थिति और मजबूत हो गई है। खजुराहो में तीन दिन पहले देश के गृहमंत्री अमित शाह चिंतन शिविर किया था। इसके बावजूद लगातार वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का भारतीय जनता पार्टी पार्टी से मोहभंग हो रहा है। अब यहां के वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी नेता प्रकाश पांडेय ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। कुछ समय पहले किसानों के मुद्दों को लेकर प्रकाश पांडेय पर शासकीय कार्य में बाधा डालने को लेकर मुकदमा दर्ज हुआ था। लेकिन प्रकाश पांडेय का कहना था कि भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेताओं ने उन पर फर्जी मुकदमा दर्ज करवाया था।मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव सिर पर हैं। प्रकाश पांडेय राजनगर विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के वर्तमान प्रत्याशी अरविंद पटेरिया को बाहरी प्रत्याशी बताते हुए उनका पुरजोर विरोध भी कर रहे हैं। इतना ही नहीं वह यहां खजुराहो से वर्तमान सांसद और प्रदेश भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष VD शर्मा को बाहरी प्रत्याशी बता रहे हैं। प्रकाश पांडेय ने कई गंभीर आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी के सभी दायित्वों/पदों से इस्तीफा दे दिया है। इसके उन्होंने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस भी की है।

कुर्सी देखकर चमकने लगती हैं कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की आंखें : ज्योतिरादित्य सिंधिया.

Jyotraditya Scindia; Minister; BJP; Sahara Samachaar;

Jyotiraditya Scindia says, “The chairs seem to shine in Kamal Nath and Digvijaya Singh’s eyes.” केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने मैहर, सुरखी, सांची और बदनावर में जनसभा को किया संबोधित उदित नारायणभोपाल। मप्र में सवा साल तक रही कांगेस की कमलनाथ सरकार ने सेवा भाव की जगह सत्ता का भाव पाल लिया था। जब कांग्रेस की सरकार आई तो बड़े भाई और छोटे भाई ने मिलकर वल्लभ भवन को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया । प्रदेश में उद्योग नहीं लाए, ट्रांसफर-पोस्टिंग का उद्योग शुरू करके भ्रष्टाचार का खेल खेला। कमलनाथ के पास अपने मंत्रियों से मिलने का समय नहीं होता था, वह बोलते थे ‘चलो, चलो, समय नहीं है’, तो वह जनता की क्या सोचते। कांग्रेस झूठ और लूट की पार्टी है, इस पर कभी भरोसा नहीं किया जा सकता। जब भी दिग्विजय जी और कमलनाथ को कुर्सी दिखती है उनकी आँखें चमकने लगती है। यह बात केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को मैहर, सुरखी, सांची और बदनावर में जनसभा को संबोधित करते हुए कही। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जनसभा में कहा कि आजादी के बाद 55 वर्ष हमने कांग्रेस की सरकार देखी। उस कांग्रेस ने 2003 तक आपके और मेरे मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य बना कर छोड़ दिया था। कांग्रेस के बीमारू मध्यप्रदेश को भाजपा सरकार ने बदला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक पूर्व मुख्यमंत्री दूसरे पूर्व मुख्यमंत्री को कहते हैं कि गाली खाने के लिए तुम्हें पावर ऑफ अटॉर्नी दे दी है। टिकट वितरण के मामले में कहते हैं कि जाओ पूर्व मुख्यमंत्री के कपड़े फाड़ो। कांग्रेस के एक महासचिव ने कहा कि ये जोड़ी जय-वीरू की जोड़ी है। मैं नहीं कह रहा, कांग्रेस महासचिव खुद कहते हैं कि ये चोर हैं। क्या ऐसे लोगों को आप सत्ता देंगे? ये किसी भी तरह सत्ता पाना चाहते हैं।

नाम वापसी के बाद मुख्य मुकाबला भाजपा व कांग्रेस के बीच, दोनों पाटियों के लिए बागी बने सिरदर्द।

Congress; BJP; Sahara Samachaar;

After the withdrawal of nominations, the main contest will be between BJP and Congress, rebels will become a headache for both the parties. उदित नारायणभाेपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में नामांकन वापसी के बाद कुल 3367 प्रत्याशी चुनाव मैदान में बचे हैं। इसमें भाजपा व कांग्रेस ने सभी 230 विधानसभा सीटाें पर प्रत्याशी खड़े किए हैं, जबकि अन्य क्षेत्रीय दलों के प्रत्याशी व निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं। इन्हीं प्रत्याशियों के बीच अब कांटे की टक्कर होगी। हालांकि मुख्य मुकाबला भाजपा व कांग्रेस के बीच ही है। इन्हीं दोनों पार्टियों के बागी जरूर मैदान में अपनी ही पार्टी के प्रत्याशियों के लिए मुसीबत बन रहे हैं। प्रदेश में 21 अक्टूबर से नामांकन की प्रकि्रया शुरू हुई थी। यह 30 अक्टूबर तक चली। इस दौरान 3832 प्रत्याशियों ने कुल 4359 नामांकन फार्म भरे थे। इसमें स्क्रूटनी में 528 प्रत्याशियों के नामांकन आधी-अधूरी जानकारी व अन्य कारणों से निरस्त हो गए थे। बाकी बचे प्रत्याशियों में से करीब 992 ने 2 नवंबर को नामांकन वापसी के अंतिम दिन अपने नाम वापस ले लिए। बाकी बचे प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है। 17 नवंबर काे इन सभी प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम मशीनों में कैद हो जाएगा। मतगणना 3 दिसंबर को होगी। नाम वापसी के पहले तक की जानकारी के अनुसार सबसे अधिक अनूपपुर में 46 प्रत्याशी थे। भिंड के अटेर से 43 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। नामांकन दोपहर 3 बजे तक वापस किए गए, किंतु चुनाव आयोग की आधी अधूरी तैयारी की वजह से देर रात 8 बजे तक इसकी जानकारी नहीं मिल पाई। रात 8 बजे तक में 383 प्रत्याशियों ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। चार बागी विधायकों को मनाने में कांग्रेस नेता नाकाम नाम वापसी के अंतिम दिन पिछले 24 घंटे में 15 बागियों को कांग्रेस ने बैठा दिया। जबकि कांग्रेस के चार पूर्व विधायक नहीं माने। कांग्रेस के पूर्व विधायक अंतर सिंह दरबार, सिवनी-मालवा के पूर्व विधायक ओम प्रकाश रघुवंशी को नहीं मना पाई। टिकट नहीं मिलने से नाराज आलोट से पूर्व विधायक प्रेमचंद गुड्डू, गोटेगांव से पूर्व विधायक शेखर चौधरी अब निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। इसीतरह महू के पूर्व विधायक नेता रहे अंतर सिंह दरबार निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ेंगे। आज उन्होंने प्राथमिक तौर पर इस्तीफा कांग्रेस पार्टी को दे दिया है। आखिरी समय तक किया बागियों को मनाने की कोशिश-कांग्रेस के बागियों ने चुनाव का पूरा समीकरण बिगाड़ दिया है। कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने एक साथ बैठक करके बागी नेताओं को समझाया था। सूत्रों ने बताया कि दिग्विजय सिंह ने कई बागियों से व्यक्तिगत संपर्क किया और कई प्रत्याशियों को भाेपाल भी बुलाया था। उन्होंने फोन पर भी समझाया, इसके बाद भी कई बागी नहीं माने। बागी नेता बिगाड़ सकते हैं भाजपा का खेल भाजपा में भी करीब-करीब वही स्थिति है। नामांकन वापसी के बाद बागी नेता कई जगहों पर खेल बिगाड़ने पर आमादा हो गए हैं। भाजपा में सबसे बड़ी बगावत निमाड़ में हुई-भाजपा के दिग्गज नेता नंद कुमार सिंह चौहान के बेटे हर्ष सिंह चौहान ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने बुरहानपुर से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। भाजपा के कई नेताओं ने उन्हें मनाने की भी कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। हर्ष ने बुरहानपुर से टिकट मांगी थी, किंतु पार्टी ने सर्वे आदि के आधार पर पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतार दिया। बताते हैं कि हर्ष चौहान के पिता भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. नंद कुमार चौहान व श्रीमती चिटनीस के बीच काफी समय तक अंदरूनी आपसी लड़ाई रही। इसके लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक ने हस्तक्षेप किया था। इसके बाद मामला सुलझा था। पिछली बार श्रीमती चिटनीस ने सीधे तौर पर आरोप लगाया था कि उन्हें हराने के लिए नंद कुमार चौहान जिम्मेदार हैं। अब चूंकि नंद कुमार चौहान नहीं हैं। किंतु दोनों के बीच की यह अंदरूनी लड़ाई नई पीढ़ी तक आ चुकी है। जबकि विंध्य क्षेत्र में विधायक नारायण त्रिपाठी ने भाजपा से बगावत करने के बाद नई पार्टी का गठन कर लिया और करीब 30 से अधिक सीटों पर चुनाव प्रत्याशी मैदान में उतारकर चुनावी समर में भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक नारायण त्रिपाठी की वजह से भाजपा का बड़ा नुकसान होता नजर आ रहा है। भोपाल उत्तर सीट पर कांग्रेस में बड़ी बगावत भोपाल उत्तर सीट पर पहली बार आरिफ अकील की नहीं चल पा रही है। उन्होंने भोपाल उत्तर से कांग्रेस पार्टी से अपने बेटे आतिफ अकील को टिकट दिलवा दिया। इससे उनके सगे भाई आमीर अकील बागी होकर मैदान में कूद गए। आमीर को मनाने की भी कोशिश हुई, किंतु वे नहीं माने। चुनाव आयोग ने आज नामांकन वापसी के बाद आमिर अकील काे हॉकी- बॉल चुनाच चिन्ह आवंटित किया है। मनावर से पूर्व मंत्री रंजना बघेल ने नाम वापस लिया-भाजपा पूर्व मंत्री रंजना बघेल का नामांकन पत्र वापस कराने में कामयाब हो गई। मनावर से श्रीमती रंजना ने टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर नामांकन पत्र दाखिल कर दिया था। उनके मैदान में कूद जाने की वजह से मनावर का समीकरण बदलने लगा था। इससे भाजपा को खासा नुकसान हो सकता था। किंतु अब चुनाव मैदान से उनके हटने के बाद भाजपा व कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है।  मतदान से ठीक 15 दिन पहले भाजपा को लगा झटका पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की फायर ब्रांड नेत्री उमा भारती की बड़ी बहन के पोते इंजी. दुष्यंत लोधी ने भाजपा छोड़ कांग्रेस का दामन थाम लिया। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उन्हें सदस्यता दिलाई। बताते हैं कि लोधी टीकमगढ़ में भाजपा के बड़े नेता हैं। वे लोधी क्षत्रिय समाज की युवा इकाई के प्रदेश महामंत्री भी हैं। दुष्यंत और उनके पिता का टीकमगढ़ और लोधी समाज में खासा प्रभाव माना जाता है। वे टीकमगढ़ विधानसभा से भाजपा से टिकट मांग रहे थे। किंतु स्थानीय समीकरण के हिसाब से उन्हें टिकट नहीं दिया। इस वजह से उन्होंने भाजपा से इस्तीफा दे दिया। भाजपा छोड़ने के बाद दुष्यंत ने भाजपा पर लोधी समाज की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है।

एमपी में कांग्रेस का महाजनसंपर्क अभियान आज से, लांच किया मिशन 150 प्लस।

Congress; Kamalnath; Priyanka Gandhi; Rahul Gandhi; Sahara Samachaar;

Congress’s Mahajansampark campaign in MP from today, Mission 150 Plus launched. मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने लांच किया मिशन 150 प्लस राष्ट्रीय अध्यक्ष ख़ड़गे, राहुल-प्रियंका की होंगी 15 दिन में 18 पब्लिक मीटिंग। राज्य सभा सांसद दिग्विजय सिंह से ज्यादा पीसीसी चीफ कमलनाथ के दौरे, सुरजेवाला को 30 सीटों पर रैली की जिम्मेदारी। भोपाल और जबलपुर पश्चिम में राहुल गांधी करेंगे पदयात्रा, महाजनसंपर्क के दौरान 230 विधानसभाओं को कवर करेगी कांग्रेस। उदित नारायणभोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस आज शुक्रवार यानी 3 नवंबर से महा जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रही है। अगले 15 दिनों में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की 18 सभाएं होंगी। पीसीसी चीफ कमलनाथ 70 रैलियों में शामिल होंगे। कांग्रेस ने एमपी में जीत के लिए मिशन 150 प्लस को लांच किया है। भोपाल और जबलपुर पश्चिम में राहुल गांधी पदयात्रा भी करेंगे। मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने मिशन 150+ किया लांच प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमारा लक्ष्य 150+ सीटें जीतने का है। महा जनसंपर्क के दौरान 230 विधानसभाओं को कवर किया जाएगा। इस दौरान सभाएं, रैलियां और पदयात्रा करेंगे। दिग्विजय सिंह 60 रैलियों को संबोधित करेंगे। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला 30 रैलियों में शामिल होंगे। 11 और 12 नवंबर को दिवाली के कारण कार्यक्रम नहीं होंगे। जानकारों का कहना है कि नेताओं का दौरे के लिए बकायदा दिल्ली में बैठक हुई थी। इस बैठक में नेताओं के प्रभाव को लेकर प्रचार की रणनीति बनाई गई है। इसके अलावा वरिष्ठ नेता अरुण यादव, सुरेश पचौरी, जीतू पटवारी, कमलेश्वर पटेल, अजय सिंह राहुल, कांतिलाल भूरिया, उमंग सिंगार, ओंकार मारकम, विजयलक्ष्मी साधो, सज्जन वर्मा भी विधान सभा क्षेत्रों में जनसंपर्क और रैली करेंगे। यह व्यापक महाजनसंपर्क अभियान प्रदेश की सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचेगा। नेताओं के होंगे खास सीटों पर प्रोग्राम चुनावी समर में आज से शुरू हो रहे महाजनसंपर्क अभियान के तहत कांग्रेस पार्टी के बड़े नेताओं मल्लिकार्जुन खड़गे ,राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, रणदीप सिंह सुरजेवाला को मध्य प्रदेश की तमाम खास सीटों पर प्रोग्राम करने की जिम्मेदारी दी गई है। जिसके अनुसार 4 नवम्बर,2023: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लीकार्जुन खरगे कटंगी और शाहपुरा, 5 नवम्बर,2023: महासचिव प्रियंका गांधी कुक्षी और इंदौर-5 जबकि 7 नवम्बर,2023: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लीकार्जुन खरगे उज्जैन और ग्वालियर पूर्व, 8 नवम्बर 2023: महासचिव प्रियंका गांधी सांवेर और खातेगाँव, 9 नवम्बर,2023: महासचिव प्रियंका गांधी रीवा, 9 नवम्बर,2023: पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी नई सराय, अशोक नगर, चंदेरी, जबलपुर ईस्ट, जबलपुर वेस्ट में पदयात्रा, 10 नवम्बर 2023: पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सतना, 13 नवम्बर,2023: पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी टिमरनी, उदयपुरा और इकबाल नगर, भोपाल पदयात्रा। 14 नवम्बर,2023: पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी विदिशा, राजनगर, खजुराहो, 15 नवम्बर,2023: महासचिव प्रियंका गांधी दतिया, 15 नवम्बर,2023: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लीकार्जुन खरगे आमला (बेतूल) में पब्लिक मीटिंग एवं रोड शो और जनसभाएं करेंगे।

मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ ही सभी राजनीतिक दल एक दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं।

Sahara Samachaar; MP Elections;

As the election date approaches, all political parties are launching sharp attacks on each other. Sahara Samachaar मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ ही सभी राजनीतिक दल एक दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं। चुनावी समर को लेकर आज हमने भिंड जिले की मेहगांव विधानसभा से चुनाव लड़ रहे भूपेंद्र कराना से बातचीत की। भूपेंद्र सिंह कराना आजाद समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। इस बातचीत में उन्होंने कांग्रेस और भाजपा पर हमला करते हुए बड़े आरोप लगाए हैं। भूपेंद्र सिंह ने भाजपा और कांग्रेस को चोर चोर मौसेरे भाई कहते हुए दलित और पिछड़े वर्ग का विरोधी करार दिया है। आइए सुनते हैं उन्होने क्या कुछ कहा…

आटे को लीटर में तोलने वाले कांग्रेसी, जमीनी वास्तविकता से परिचित नहीं : शिवराज सिंह चौहान

Shivraj Singh; Kamalnath; Digvijay Singh; Sahara Samachaar;

Those who measure flour by the liter are not familiar with ground realities,” said Shivraj Singh Chouhan, criticizing the Congress. बोले मुख्यमंत्री : गुटों में बटी कांग्रेस- दिग्गी गुट, कमलनाथ गुट, भगवान जाने कितने गुटChief Minister said: Congress is divided into groups – Diggi Group, Kamal Nath Group, God knows how many other groups Udit Narayanभोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को अपने गृह ग्राम जैत में हनुमान मंदिर, कुल देवी-देवता,नर्मदा मैया और सलकनपुर में माता विजयासन की पूजा-अर्चना कर बुधनी विधानसभा से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना तंज कसते हुए कहा कि, आप ही देखिए उनमें और हम में अंतर क्या है। वो लोग आटे को लीटर में तोलते हैं। धान का खेत काटने पहुँच जाते हैं लेकिन यह पता ही नहीं है कि धान जमीन के नीचे होती है या जमीन के उपर। जमीनी वास्तविकता से परिचित नहीं हैं। हमनें तो बक्खर हांके हैं और ढुली टांग कर उराई भी की है। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस के मित्र बहुत परेशान रहते हैं। कहते हैं कहां से आ गया ढे़ड मुट्ठी का। एक बार तो मेरा श्राध्द ही कर दिया। तो मैंने कहा राख के ढेर से भी उठकर खड़ा हो जाऊंगा। अभी तो बहुत काम करना है। यहां का हर नागरिक शिवराज है,मैं तो केवल वोट डालने आऊंगा : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, मैं अपनी जन्मभूमि, कर्मभूमि, मातृभूमि, पुण्यभूमि और वो माटी जिसके आशीर्वाद से प्रदेश की जनता की सेवा कर इतना काम कर पाया हूं, वहां प्रणाम करने आया हूँ। अपने ग्रामवासियों की शुभकामनाएं और बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर आज मैंने नामांकन फ़ॉर्म भरा है। इसके बाद यहां का चुनाव यहां की जनता लड़ेगी, यहां का हर नागरिक शिवराज है,मैं तो केवल वोट डालने आऊंगा। लोगों ने कब्जा करके कांग्रेस को निष्प्राण बना दिया : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि, एक दिल के टुकड़े हजार हुए कोई इधर गिरा कोई उधर गिरा। सपा, आप, कांग्रेस और कांग्रेस में भी दिग्गी गुट, सेठ कमलनाथ गुट, अरुण यादव और अजय सिंह गुट और न जाने कितने गुट हैं ये तो भगवान ही जाने। उन्होंने कहा कि, मल्लिकार्जुन खड़गे तो नाममात्र के अध्यक्ष हैं। असल में तो भैया-बहन फसल काटते हैं। मध्यप्रदेश में भी कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने पूरी पार्टी पर कब्जा जमा कर रखा है और आगे की संभावनाएं भी कांग्रेसियों की समाप्त कर दी हैं। उनके आगे की पीढ़ी भी तैयार है और वो टिकट भी बाँट देती है। इन लोगों ने कब्जा करके कांग्रेस को निष्प्राण बना दिया है।कांग्रेस में कुछ नेता जेल में और कुछ नेता बेल पर हैं : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, कांग्रेस जनता का भल नहीं कर सकती। अब नेताओं की पहचान भी छुपा रहें हैं। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस के एक नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को जय-वीरू कहकर बुला रहें हैं, लेकिन जय और वीरू तो जेल से छूट कर आए थे। उन्होंने कहा कि, कुछ नेता जेल में हैं और कुछ कांग्रेस के नेता बेल पर हैं। कांग्रेस के जमाने में नेताओं को कभी जेल नहीं होती थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कह दिया कि, ना खाउंगा ना खाने दूंगा। इसके बाद सभी कांग्रेसी घबराए हुए हैं। अब जमाना बदल गया है। नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं गड़बड़ की तो नेता भी जेल जाएगा।

हुजूर में लगा कांग्रेस को एक और झटका

Rameshwar Sharma; Huzur; Kolar; Bhopal; BJP;

Huzur delivers another blow to the Congress. भाजपा में शामिल हुए विनोद राजौरिया, तीन पीढ़ी से कांग्रेस के हाथ के साथ रहा विनोद का परिवार Udit Narayan भोपाल। इस बार विधानसभा चुनाव के दौरान भोपाल जिले की हुजूर विधानसभा सीट में कांग्रेस को लगातार झटके लग रहे हैं। सोमवार शाम को रातीबड़ निवासी विनोद राजोरिया ने अपने सेकड़ौं समर्थकों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है। राजोरिया परिवार करीब तीन पीढियों से कांग्रेस की सक्रिय सदस्य रहे हैं। इसके पहले उनकी नाराजगी के कारण कांग्रेस को भोपाल जिला पंचायत अध्यक्ष का पद भी खोना पड़ा था। चुनाव के दौरान उनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य ने जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भाजपा के पक्ष में वोटिंग की थी। सोमवार को उन्होंने भी कांग्रेस पार्टी को छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है, जिससे भाजपा पार्टी क्षेत्र में और मजबूत हो गई है। कांग्रेस के पूर्व ज़िला उपाध्यक्ष एवं पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष रहे विनोद राजौरिया ने कहा कि कांग्रेस में नेता, नीति और नेतृत्व पूरी तरह समाप्त हो चुका है। श्री राजौरिया ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की जन कल्याणकारी योजनाओं एवं विधायक श्री रामेश्वर शर्मा द्वारा हुजूर विधानसभा में कराये गये विकास कार्यों से प्रभावित होकर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया है। वह भाजपा परिवार के एक एक सदस्य के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जनकल्याण के कार्य में पूरी तन्मयता के साथ जुटेंगे । विधायक रामेश्वर शर्मा ने दिलायी सदस्यता रातीबड़ भाजपा मंडल की बैठक में विधायक रामेश्वर शर्मा ने विनोद राजौरिया को भाजपा का अंग वस्त्र उढ़ाकर भाजपा में स्वागत किया। श्री शर्मा ने कहा की भाजपा परिवार में आपका स्वागत है । श्री शर्मा ने कहा की समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान एवं जन कल्याण के क्षेत्र में ऊर्जा के साथ काम करेंगे। ये भी हुए शामिल महेंद्र मारण सेवा दल का पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष, पंडित श्री रंगीलाल जी शर्मा, दिनेश राजोरिया, रघुवीर राजौरिया, नीतेश राजौरिया, अशोक पाटीदार, नारायण सिंह सेमरी, दिनेश नागर, अमित राजौरिया, मनीष द्विवेदी, प्रेम नारायण, संजीव राजौरिया, राजेश नागर, सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समर्थक भाजपा में शामिल हुए।

भोपाल की सातों विधानसभा के 175 उम्मीदवारों में हुजूर के निर्दलीय डागा सबसे ज्यादा अमीर, दूसरे पर आए शुक्ला.

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Bhopal, among the 175 candidates for the seven assembly seats, “Daga,” an independent candidate, is the richest, followed by Shukla. भोपाल की सातों विधानसभा के 175 उम्मीदवारों में हुजूर के निर्दलीय डागा सबसे ज्यादा अमीर, दूसरे पर आए शुक्ला- रिटर्निंग अधिकारी को पेश किए गए शपथ पत्र में हुआ खुलासा Udit Narayan भोपाल। राजधानी की सातों विस में भरे गए 175 उम्मीदवारों में से हुजूर विधानसभा से कांग्रेस के बागी निर्दलीय उम्मीदवार जीतेंद्र डागा सबसे ज्यादा अमीर उम्मीदवार है। रिटर्निंग अधिकारी को पेश किए गए शपथ पत्र में उनकी कुल प्रॉपर्टी 108 करोड़ 44 हजार 585 रुपए बताई गई है। जबकि दूसरे नंबर पर नरेला से कांग्रेस उम्मीदवार मनोज शुक्ला 44 करोड़ की प्रॉपर्टी के साथ दूसरे नंबर पर आ गए है। सोमवार को उत्तर से आलोक शर्मा, दक्षिण पश्चिम से भगवानदास सबनानी और बैरसिया से भाजपा उम्मीदवार विष्णु खत्री ने भी खुद की प्रॉपर्टी का शपथ पत्र पेश किया है।निर्दलीय उम्मीदवार जीतेंद्र डागा खुद की आय -7984794 , पत्नी 1250009संपत्ति चल – खुद- 50477466, पत्नी 69378281 संपत्ति-अचल – 881511338 , पत्नी 78677500 कुल संपत्ति खुद और पत्नी- 108 करोड़ 44 हजार 585 क्रिमिनल रिकॉर्ड- गाजियाबाद के सीबीआई कोर्ट में केसकैश इन हैंड- एक लाख, पत्नी एक लाख 80 हजार रुपए कैश इन बैंक- खुद-1077923, पत्नी 184689 रुपए फिक्स डिपाजिट- खुद-एक करोड़ 55 लाख, पत्नी 5 करोड़ 65 लाख साझा फर्म- खुद 25449543, पत्नी 7918722 वाहन- मारुति जिप्सी गहने- खुद 1152 ग्राम सोना, पत्नी 722 ग्राम सोना शैक्षणिक योग्यता – एमकॉम प्रिवियस आय के स्त्रोत – कृषि एवं कार डीलरशिप में भागीदारी भाजपा उम्मीदवार विष्णु खत्री खुद की आय- 346540, पत्नी 455580 क्रिमिनल रिकॉर्ड- नहीं है कैश इन हैंड- 70 हजार, पत्नी 90 हजार रुपए कैश इन बैंक- खुद- 1850359 पत्नी 376703 संपत्ति-चल-अचल – 6 करोड़ 17 लाख 2 हजार 200, पत्नी 1 करोड़ 90 लाख शस्त्र – रिवाल्वर, 12 बोर गन वाहन- स्कार्पियो, एक्टिवा, पत्नी सुजुकी एक्सिस गहने- खुद 80 ग्राम सोना, पत्नी आधा किलो सोना, सात सौ ग्राम चांदी शैक्षणिक योग्यता – एलएलबी आय के स्त्रोत – सलाहकार और खेती से आय बीमा- खुद 261250 पत्नी 156750 भाजपा उम्मीदवार ओलाक शर्मा खुद की आय – 527250, पत्नी 335254 संपत्ति चल – खुद- 6571117 , पत्नी 12386196 रुपए संपत्ति-अचल -खुद 5939538 , पत्नी 2185500 कुल संपत्ति खुद 12510655 और पत्नी- 14571696 रुपए कुल 27082351 क्रिमिनल रिकॉर्ड- आधा दर्जन थानों में केस राजनीति सहित अन्य मामले कैश इन हैंड- 45000 , पत्नी 48000कैश इन बैंक- खुद- 3853083, पत्नी रुपए 2272528 रुपए फिक्स डिपाजिट- खुद- , पत्नी वाहन- मारुति स्विफ्ट शस्त्र – एक रिवाल्वर, एक रायफल कर्ज देनदारी – 6887350 रुपए गहने- खुद 150 ग्राम सोना, पत्नी 550 ग्राम सोना, साढ़े पांच किलो चांदी के बर्तन शैक्षणिक योग्यता – बीकॉम आय के स्त्रोत – कृषि और किराये से आय भाजपा उम्मीदवार भगवानदास सबनानीखुद की आय – 425000 , पत्नी 210000 संपत्ति चल – खुद 3634000 लाख, पत्नी 6388000 रुपए संपत्ति-अचल संयुक्त 1 करोड़ 25 लाख रुपए कुल संपत्ति संयुक्त- 2 करोड़ 25 लाख 22 हजार रुपए क्रिमिनल रिकॉर्ड- नहीं कैश इन हैंड- खुद 44000 , पत्नी 33000 कैश इन बैंक- खुद 5765000- पत्नी 185000 रुपए वाहन- स्कार्पियों और पत्नी के पास मारूति बलिनो कर्ज देनदारी – 34 लाख 38 हजार रुपए गहने- खुद 10.50 लाख का सोना, पत्नी के पास 33 लाख रुपए का सोना

आसान नही है राघोगढ़ की राह,

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The path to Raghogarh is not easy. साकिब कबीरभोपाल, दिग्विजय सिंह के प्रभुत्व और कांग्रेस के लिए सॉफ्ट माने जाने वाली राधौगढ़ सीट इस बार हॉट सीट में तब्दील हो गई है।दरअसल इस बार भाजपा की ओर से अब तक दिग्विजय सिंह और उनके पुत्र की लगातार जीत में अहम भूमिका निभाने वाले हीरेन्द्र सिंह बंटी बना मैदान में हैं।बंटी खुद भी जिला जनपद सदस्य रह चुके है जबकि उनके पिता मूलसिंह दादा भाई दो बार कांग्रेस से विधायक रह चुके हैं जिनके दिग्विजय सिंह परिवार से नज़दीकी रिश्ते रहें हैं।लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद बंटी उनके साथ भाजपा में चले गए।माना जा रहा है कि दादा भाई और बंटी एक समय क्षेत्र में दिग्विजय सिंह का प्रतिनिधित्व करते थे। इलाके के लोग भी अपनी समस्याएं इनके माध्यम से ही दिग्विजय सिंह तक पहुंचते थे जिसकी वजह से इनका सीधा संबन्ध लोगों से है।यही वजह है कि इस बार राधौगढ़ की राह आसान नही है।यहां कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।

‘भाजपा में इन दिनों गुटबाजी हावी, इसे ढकने कांग्रेस नेताओं के बीच झूठी खबरों का कर रही प्रचार-प्रसार

Digvijay Singh; Kamalnath; MP Elections; Sahara Samachaar;

These days, there is factionalism prevalent in the BJP, which Congress leaders are promoting as false news among themselves,” said Digvijaya Singh. कांग्रेस के प्रत्येक नेता दृढ़ निश्चय वाले हैं, यूनाइटेड हैं औऱ वो बीजेपी को हराने के लिए कर रहे हैं काम Udit Narayan भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर राज्य में हलचल बढ़ी हुई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के साथ किसी तरह की मतभेद की बातों से इनकार किया है। इसके साथ ही दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा है कि ऐसी बातें बीजेपी फैला रही है। दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में कहा कि कई अखबारों ने यह दावा किया है कि नाराजगी की वजह से वो झाबुआ और खातेगांव नहीं गए। दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘बीजेपी में इन दिनों गुटबाजी काफी बढ़ी हुई है। इसे ढकने के लिए बीजेपी, कांग्रेस नेताओं के बीच झूठी खबरों का प्रचार-प्रसार कर रही है। खासकर मेरे और कमलनाथ के बीच। कांग्रेस के प्रत्येक नेता दृढ़ निश्चय वाले हैं, यूनाइटेड हैं औऱ वो बीजेपी को हराने के लिए काम कर रहे हैं।’राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि झाबुआ और खातेगांव का दौरा उन्होंने इसलिए रद्द किया क्योंकि कांग्रेस महासचिव उनसे संगठन और चुनाव को लेकर कुछ अहम चर्चा करना चाहते थे। कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है। हालांकि, बीजेपी सचिव रजनीश अग्रवाल ने कहा कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच खुलेआम मतभेद है। इस सबूत है उनके बीच में हुई बातचीत का वीडियो। अग्रवाल ने कहा कि हाल के विवाद से यह साफ है कि कमलनाथ और समर्थक चुनावी कैंपेन से दिग्विजय सिंह को दूर रखना चाहते हैं और उन्हें साइडलाइन करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में टिकट बंटवारे के बाद जब पार्टी नेताओं की नाराजगी सामने आने लगी तब कमलनाथ ने खुलेआम दिग्विजय के कपड़े फाड़ने के बारे में कहा था। इसके बाद दिग्विजय सिंह ने टिकट बंटवारे के लिए कमलनाथ को जिम्मेदार बताते हुए कहा था कि इलेक्ट्रॉल फॉर्म पर कमलनाथ ने हस्ताक्षर किए थे जो कि राज्य में पार्टी के चीफ हैं। बीजेपी नेता ने आगे कहा कि दोनों नेताओं के बीच बढ़ी दूरियों को बताने के लिए इससे बड़ी बात क्या हो सकती है। सुरजेवाला के इस बयान प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा उनके बयान से यह साबित होता है कि दिग्विजय सिंह औऱ कमलनाथ जय और वीरू के उस छलिया कैरेक्टर जैसे हैं जो जेल से भाग गए थे। इससे पहले इसी महीने कमलनाथ का एक वीडियो सामने आया था उसमें उन्होंने शिवपुरी में किसी पार्टी नेता को टिकट नहीं दिए जाने पर पार्टी के लोगों से कहा था कि वो दिग्विजय सिंह के कपड़े फाड़े।

भाजपा ने खत्म किया सस्पेंस, विदिशा से मुकेश टंडन व गुना से शाक्य को मैदान में उतारा।

BJP has ended the suspense and fielded Mukesh Tandon from Vidisha and Shaky from Guna,” is what the statement translates to in English. उदित नारायण भोपाल। मप्र में सोमवार को नामांकन का आखिरी दिन है। इसके ठीक एक दिन पहले भाजपा ने विदिशा व गुना सीट पर अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए। भाजपा ने पांचवी सूची तक में 228 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए थे, किंतु विदिशा व गुना को होल्ड पर रख दिया गया है। शनिवार को भाजपा के प्रदेश कार्यालय में करीब तीन घंटे तक चली केंद्रीय मंत्री अमित शाह की संभागीय बैठक से पहले उक्त दोनों सीटों को लेकर भी काफी देर तक चर्चा हुई। अंतत: दोनों सीटों पर प्रत्याशी के नामों का ऐलान कर दिया गया। टंडन के मामले में शाह ने लगाई थी फटकार। विदिशा से टंडन के साथ गुना से इस बार पन्नालाल शाक्य को टिकट मिला है। विदिशा क्षेत्र मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गढ़ है। वे सीहोर जिले के बुधनी से भले ही चुनाव लड़ते हैं, किंतु विदिशा से उनका दसकों पुराना नाता है। परंतु, इस बार विधानसभा चुनाव में कई दावेंदार सामने आ गए। बताते हैं कि मुख्यमंत्री अपने करीबी मुकेश टंडन को ही टिकट देना चाह रहे थे, किंतु दावेदारों की संख्या देखकर वे भी कोई निर्णय नहीं ले पाए। अंतत: इसे हाईकमान पर छोड़ दिया गया। शनिवार को केंद्रीय मंत्री शाह ने रात 10 से लेकर एक बजे तक संभागीय बैठक लिए। उन्होंने एक-एक सीट की जानकारी ली और नेताओं को अपना सुझाव भी दिया। सूत्रों ने बताया कि शाह ने कुछ मुद्दों को लेकर काफी खरी खोटी भी सुनाई। इस बैठक से पहले दोनों सीटों को लेकर माथापच्ची हुई। इसके बाद निर्णय ले लिया गया। भाजपा के गढ़ से कांग्रेस की जीत भी रही वजह। 2018 के चुनाव में विदिशा से कांग्रेस के शशांक भार्गव जीते थे। इससे समूची भाजपा परेशान हो गई थी। इस बार ऐसी कोई गलती नहीं हो, इसलिए टिकट देने से पहले काफी माथापच्ची हुई। यहां पर भाजपा में तीन दावेदारों के बीच पेंच फंस गया था। यहां से पूर्व वित्तमंत्री राघव की बेटी ज्योति शाह के अलावा पिछला चुनाव हार चुके मुकेश टंडन भी दावेदारी कर रहे थे। इसके अलावा संगठन ने श्याम सुंदर शर्मा का नाम बढ़ाया था। जबकि गुना सीट को संघ की मजबूत सीट मानी जाती है। यह सीट संघ और भाजपा दोनों के कारण फंसी रही। इस सीट पर सिंधिया परिवार का भी प्रभाव है। इसके चलते यहां पर प्रत्याशी चयन को लेकर मामला अटका रहा। अभी इस सीट पर भाजपा के गोपीलाल जाटव विधायक हैं। इस बार गुना से पन्नालाल शाक्य को भाजपा ने मैदान में उतारा है।

मैं अच्छा हिंदू, राम मंदिर निर्माण के लिए दिए ₹1.11 लाख दान दिया : दिग्विजय सिंह

I am a devout Hindu, donated ₹1.11 lakh for the construction of the Ram Temple,” said Digvijaya Singh पीएम मोदी को चेक भेजा, लेकिन उन्होंने वापस भेज दिया, फिर मैंने…स्वयं जमा किए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने रविवार को कहा कि उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए ₹1.11 लाख का दान दिया क्योंकि वह एक ‘अच्छे हिंदू’ हैं। Udit Narayan भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने रविवार को कहा कि उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए ₹1.11 लाख का दान दिया क्योंकि वह एक ‘अच्छे हिंदू’ हैं। चुनावी राज्य मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सनातन धर्म का पालन करता हूं। मैं एक अच्छा हिंदू हूं। दिग्विजय सिंह का यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है जब अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की तारीख तय हो गई है। बता दें कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को होगी जिसमें प्रधानमंत्री मोदी के मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। ऐसे में जब चुनावी राज्य मध्य प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू है और कानूनी लिहाज से चुनाव में धर्म का इस्तेमाल प्रतिबंधित है, सूबे में राम मंदिर का मुद्दा भी गर्म है। राम हमारे इष्टदेव हैं… चुनाव में धर्म का उपयोग करना प्रतिबंधितमध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैं सनातन धर्म का पालन करने वाला व्यक्ति हूं और एक अच्छा हिंदू हूं। राम हमारे इष्टदेव हैं, हम सनातन धर्म का पालन करते हैं लेकिन चुनाव में धर्म का उपयोग करना प्रतिबंधित है… राम मंदिर के निर्माण के लिए शिवराज सिंह चौहान ने 1 लाख रुपए का दान दिया और मैंने 1 लाख 11 हजार रुपए का दान दिया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैंने अपने योगदान का चेक प्रधानमंत्री मोदी को भेजा कि जाकर जमा करवा दीजिए… मैंने वह चेक ट्रस्ट को सौंपने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को भेजा। उन्होंने इसे वापस भेज दिया और मुझसे इसे स्वयं जमा करने के लिए कहा। मैंने इसे जमा कर दिया। हाल ही में मध्य प्रदेश में राममंदिर के निर्माण का श्रेय लेने वाले होर्डिंग नजर आए थे। इस पर कांग्रेस की ओर से आपत्ति जताई गई थी। वहीं भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा था कि कांग्रेस राममंदिर निर्माण को लेकर दुखी है। वहीं कांग्रेस ने उस पर भगवान राम की भक्ति से भटकने का आरोप लगाया था। कांग्रेस की इंदौर इकाई ने निर्वाचन आयोग से शिकायत की थी कि भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान अयोध्या में राममंदिर और उज्जैन में महाकाल लोक का प्रदर्शन करके धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल किया। यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। वहीं भाजपा नेताओं ने कांग्रेस की शिकायत को एक्स पर साझा करते हुए उस पर राम विरोधी होने का आरोप लगाया। मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने शनिवार को कहा था कि कांग्रेस का मूल चरित्र भगवान श्रीराम, हिंदुत्व और सनातन धर्म के खिलाफ रहा है। कांग्रेस राम मंदिर के होर्डिंग के खिलाफ निर्वाचन आयोग से शिकायत कर रही है, जो दुनिया की आस्था का केंद्र है। कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि ऐसे होर्डिंग हटाए जाने चाहिए। कांग्रेस को दुख है कि राम मंदिर के होर्डिंग्स क्यों लगाए गए हैं… कांग्रेस को राम मंदिर बनने से दुख है।

25 चुनाव प्रत्याशियों के साथ विंध्य से नारायण त्रिपाठी ने खोला चुनावी मोर्चा।

Narayan Tripathi from Vindhya opened an electoral front with 25 election candidates. विंध्य क्षेत्र में ब्राह्मण समाज का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। नारायण त्रिपाठी। 5 से 7 विधानसभा सीटों पर जीत के आसार, और भी कई सीटें होंगी प्रभावित। उदित नारायण सतना। विंध्य की राजनीति में एक नया मोड़ सामने आया है, जहां भाजपा से इस्तीफा दे चुके विधायक नारायण त्रिपाठी ने भाजपा और कांग्रेस दोनों को ही झटका देते हुए विंध्य जनता पार्टी का गठन कर दिया। विधायक नारायण त्रिपाठी ने अब अपने पत्ते खोलते हुए विंध्य जनता पार्टी के 25 प्रत्याशियों की पहली सूची भी जारी कर दी है। नवगठित मैहर जिले की सीट से खुद नारायण त्रिपाठी चुनाव लड़ेंगे। इस सीट को नारायण त्रिपाठी का मजबूत गढ़ माना जाता है। इसके साथ ही आज शाम तक विंध्य जनता पार्टी चुनाव प्रत्याशियों की दूसरी लिस्ट भी जारी कर सकती है। जानकारी मिली है की पार्टी नेतृत्व द्वारा दूसरी लिस्ट में करीब 15 प्रत्याशियों के नामों पर सहमति बन चुकी है। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। हम आपको बता दें कि नारायण त्रिपाठी ने विंध्य के अलावा मध्य भारत और महाकौशल में भी अपने प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं। भारतीय जनता पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने के बाद तरह तरह के कयास नारायण त्रिपाठी के लिए लगाए जा रहे थे, लेकिन इन सभी पर विराम लगाते हुए नारायण ने अब अपनी विंध्य जनता पार्टी से चुनाव मैदान पर उतरने का आगाज कर दिया है, जिसका चुनाव चिन्ह गन्ना और किसान है। विंध्य में मुकाबला हुआ त्रिकोणीय। यहां ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि विंध्य में कुल 30 विधानसभा सीट हैं। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इन 30 में से 24 सीटों पर जीत दर्ज की थी। विधायक नारायण त्रिपाठी ब्राह्मण समाज का बड़ा चेहरा माने जाते हैं और विंध्य क्षेत्र की अधिकांश सीटों पर हार जीत का निर्णय ब्राह्मण मतदाता करते हैं। विधायक नारायण त्रिपाठी की यहां की राजनीति में तगड़ी पकड़ है। राजनीति के जानकारों के हिसाब से विंध्य क्षेत्र का चुनाव परिणाम इस बार बहुत ही चौंकाने वाला रहेगा। नारायण त्रिपाठी की पार्टी के चुनाव मैदान में उतरने से अब यहां मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। जिसके चलते यहां कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टी के समीकरण गड़बड़ा रहे हैं और क्षेत्र की करीबन पांच से सात सीटों पर नारायण त्रिपाठी की पार्टी की जीत सुनिश्चित दिखाई दे रही है। जिसे रोक पाना अब दोनों ही पार्टियों के लिए असंभव नजर आ रहा है। जिसके चलते भाजपा और कांग्रेस दोनों ही खेमों में खलबली मची हुई है। इस चुनाव में विंध्य क्षेत्र से तीनों पार्टियों में से किसका पलड़ा भारी रहेगा यह तो चुनाव परिणाम ही बताएगा। मैहर विधानसभा में बजा चुनावी बिगुल। मध्य प्रदेश के मैहर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नारायण त्रिपाठी ने अपने पत्ते खोलते हुए आगामी 2023 के चुनाव में अपनी विंध्य जनता पार्टी से चुनाव मैदान पर उतरने का आगाज कर दिया है। यदि हम बात करें मैहर विधानसभा क्षेत्र की तो यह विधानसभा क्षेत्र नारायण त्रिपाठी का गढ़ माना जाता है, जहां नारायण त्रिपाठी अलग-अलग दलों से चार बार विधायक चुने जा चुके हैं। अभी तक नारायण त्रिपाठी समाजवादी पार्टी, कांग्रेस पार्टी और भारतीय जनता पार्टी से मैहर विधानसभा क्षेत्र के विधायक चुने जा चुके हैं, लेकिन आगामी 2023 के चुनाव को लेकर नारायण त्रिपाठी ने भारतीय जनता पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था, ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि नारायण त्रिपाठी कांग्रेस पार्टी का दामन थाम कर एक बार फिर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे, लेकिन सभी पार्टियों को दरकिनार करते हुए नारायण त्रिपाठी ने अब अपने द्वारा गठन की गई विंध्य जनता पार्टी से मैहर विधानसभा क्षेत्र के चुनावी मैदान पर ताल ठोक कर सभी कयासों पर विराम लगा दिया है। वीजेपी की सूची ने बढ़ाई भाजपा-कांग्रेस की धड़कनें। नारायण त्रिपाठी ने विंध्य जनता पार्टी के उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करते हुए चुनावी बिगुल बजा दिया है। पहली सूची में नारायण त्रिपाठी ने सतना जिले की 7 विधानसभा में से 4 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं, जिसमें मैहर से खुद नारायण त्रिपाठी, सतना विधानसभा से हरिओम गुप्ता, रैगांव विधानसभा क्षेत्र से आरती वर्मा और अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र से शशि सतेंद्र शर्मा उम्मीदवार घोषित किए हैं। फिलहाल नारायण त्रिपाठी ने विंध्य जनता पार्टी की सूची जारी करने के बाद भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी दोनों की ही धड़कने बढ़ा दी हैं। वीजेपी ने 25 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की। विंध्य जनता पार्टी द्वारा जारी पहली चुनाव प्रत्याशी लिस्ट में रैगांव से आरती वर्मा, सतना से हरिओम गुप्ता, अमरपाटन     से शशि सत्येंद्र शर्मा, सेमरिया से हासिफ मोहम्मद अली, त्यौथर से कमांडो अरुण गौतम, देवतालाब से कुंजबिहारी तिवारी, गगुढ़ से शिवमोहन शर्मा, चुरहट से अरुण द्विवेदी और सीधी से वाल्मिीक तिवारी को प्रत्याशी घोषित किया है। जबकि सिंहावल से आशीष मिश्रा, चितरंगी से रामकृष्ण कोल, सिंगरौली से कुंदन पांडेय, ब्यौहारी से लेखन सिंह, जयसिंह नगर से फूलमती सिंह, जैतपुर से हीरालाल पनिका और अनूपपुर से प्यारेलाल पनिका को टिकट दिया है। इसके साथ ही पुष्पराजगढ़ से अमृतलाल सोनवानी, बांधवगढ़ से धूप सिंह, मानपुर से राजकुमार बैगा, शहपुरा से मदन सिंह परस्ते, डिंडौरी से सितार मरकाम, भोपाल दक्षिण पश्चिम से मनीष पांडेय, अंबेडकर नगर से वैघनाथ मिश्रा और बड़ामलहरा से दिनेश यादव को चुनाव प्रत्याशी घोषित कर मैदान में उतारा है। विंध्य प्रदेश की मांग करते रहे हैं नारायण त्रिपाठी। नारायण त्रिपाठी हमेशा विंध्य प्रदेश की मांग को लेकर मीडिया के सुर्खियों में रहते हैं और वे भाजपा सरकार में रहकर भी विंध्य प्रदेश की मांग को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करते थे। वर्ष 2018 के चुनाव में नारायण त्रिपाठी ने भारतीय जनता पार्टी से चुनाव में जीत दर्ज की थी, जहां उनके सामने उनके प्रतिद्वंदी श्रीकांत चतुर्वेदी चुनाव मैदान में थे। श्रीकांत चतुर्वेदी को मात देते हुए नारायण त्रिपाठी ने जीत दर्ज की थी। मैहर विधानसभा चुनाव 2023। मैहर विधानसभा सीट पर अगले महीने चुनाव होना है। कांग्रेस ने जहां इस सीट से धर्मेश घई को अपना उम्मीदवार बनाया … Read more

कांग्रेस में कई चक्कियां चल रही हैं और आपस में ही एक-दूसरे को पीस रही हैं।- शिवराज सिंह चौहान.

Shivraj Singh Chouhaan; Digvijay Singh; Kamalnath; Sahara Samachaar;

In Congress, there are many factions and they are grinding each other.” – Shivraj Singh Chouhan. उदित नारायणभोपाल। मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव का चुनावी समर अब तेज हो गया है। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के नेता अब एक-दूसरे पर जबरदस्त हमला बोल रहे हैं। दोनों पार्टियों के नेता जमकर जुबानी हमले बोल रहे हैं। इसी बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पार्टी के नेताओं पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कई चक्कियां चल रही हैं और आपस में ही एक-दूसरे को पीस रही हैं। शिवराज सिंह ने कहा, “कांग्रेस में इस समय चक्कियां चल रही हैं। कमलनाथ कहते हैं कि मेरी चक्की बहुत बारीक पीसती है लेकिन इस बार दिग्विजय की चक्की ने कमलनाथ को ही पीस दिया। कमलनाथ, दिग्विजय और जयवर्धन के कुर्ते फाड़ने की बात करते थे लेकिन सभी कमलनाथ समर्थकों के टिकट कटवाकर अब दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ का कुर्ता फाड़ दिया।” उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह की चक्की ने अब कमलनाथ को पीस दिया है। बता दें कि बीते 17 अक्टूबर को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय भोपाल में चुनावी घोषणा पत्र जारी हो रहा था। इस दौरान हंसी ठिठोली करते हुए कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह से कहा कि आपको गाली खानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि मेरे पास कुछ लोग आये और उन्होंने कहा कि उनका टिकट कट गया है। उनसे मैंने कहा कि आप लोग दिग्विजय और जयवर्धन सिंह के कपडे फाड़ो। इस पर दिग्विजय सिंह ने हल्के-फुल्के अंदाज में कमलनाथ से कहा कि ए फॉर्म और बी फॉर्म में दस्तखत किसके होते हैं, पीसीसी अध्यक्ष के तो कपड़े किसके फटने चाहिए, बताओ? दोनों नेताओं की इस बातचीत का वीडियो जमकर वायरल हुआ था। इस वीडियो को कई बीजेपी नेताओं ने इन दो नेताओं की आपसी कलह बताकर पोस्ट किया था। अब शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर से इसी वीडियो के आधार पर कांग्रेस पार्टी पर तंज कसा है।

प्रियंका गांधी का कल दमोह दौरा, अजय टंडन के समर्थन में करेगी जनसभा।

Priyanka Gandhi will tour to Damoh tomorrow and hold a public meeting in support of Ajay Tandon. बुंदेलखंड क्षेत्र में प्रियंका पहला चुनावी दौरा, कल के कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर। प्रियंका की रैली को लेकर बुंदेलखंड क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह। दमोह संवाददाता दमोह। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस युद्धस्तर पर जुटी हुई है। कांग्रेस के तमाम दिग्गज प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में दौरे कर रहे हैं। इसी क्रम में कल 28 अक्टूबर को प्रियंका गांधी दमोह आएंगी। यहां वह कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन के समर्थन में जनसभा को संबोधित करेंगी। प्रियंका गांधी की इस रैली के पीसीसी चीफ कमलनाथ, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह सहित आसपास के जिलों के भी बड़ी संख्या में नेता, कार्यकर्ता व आमजन हिस्सा लेंगे। तैयारियों में जुटे नेता-नगरी, कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में प्रियंका गांधी का ये पहला चुनावी दौरा है। इससे पहले वह महाकौशल, मालवा, और विंध्य में जनसभाएं कर चुकीं हैं। प्रियंका गांधी के इस दौरे को लेकर कांग्रेस पार्टी विशेष तैयारियां कर रही है। पार्टी नेताओं ने इस रैली में दो लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया है। बता दें कि 2018 के विधानसभा चुनाव कांग्रेस ने दमोह से राहुल लोधी को अपना उम्मीदवार बनाया था। पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी खुद राहुल लोधी का प्रचार करने दमोह आए थे। इसके बाद यहां से पार्टी को जीत मिली थी। हालांकि, राहुल लोधी पाला बदलकर बीजेपी में चले गए। इसके बाद हुए उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन के हाथों उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं इस बार भाजपा ने राहुल लोधी को टिकट तक नहीं दिया। भाजपा ने अपने पुराने नेता जयंत मलैया को उम्मीदवार बनाया है। बहरहाल, प्रियंका गांधी की रैली को लेकर बुंदेलखंड क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की आज विशाल रेली, दाखिल करेंगे नामांकन।

Former Chief Minister of Madhya Pradesh Kamal Nath will submit his nomination today for a large rally. संतोष सिंह तोमर भोपाल/छिंदवाड़ा। मध्‍य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ कमलनाथ आज दोपहर को विशाल रेली निकालकर सैकड़ों समर्थकों के साथ छिंदवाड़ा कलेक्ट्रेट में नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। कमलनाथ अपने राजनैतिक कैरियर में अभी तक दूसरी बार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतरे हैं। इससे पहले उन्होंने साल 2019 में प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने के बाद छिंदवाड़ा से ही उपचुनाव लड़ा था और बीजेपी के कैंडिडेट विवेक बंटी साहू को करीब 25 हजार वोटों से हराया था। जबकी 2019 के पहले तक कमलनाथ लोकसभा में कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। इस बार फिर कमलनाथ दोबारा छिंदवाड़ा विधानसभा से चुनाव लड़ने जा रहे है। कमलनाथ की नामांकन रैली उनके निवास शिकारपुर से दोपहर 12 बजे शुरू होगी जो छिंदवाड़ा नगर के श्री बड़ी माता मंदिर पहुंचेगी, यहां पर कमलनाथ पूजा अर्चना करेंगे, इसके बाद वे श्याम टॉकीज के प्राचीन राम मंदिर पहुंचेंगे जहां पर पूजा अर्चना कर एक रथ पर सवार होकर कलेक्ट्रेट के लिए निकलेंगे। दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर उनकी रैली शुरू होगी, नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए उनकी रैली 2 बजे छिंदवाड़ा कलेक्टर कार्यालय पहुंचेगी जहां पर वे समर्थकों के साथ नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। मानसरोवर कांपलेक्स में होगी पहली सभा कमलनाथ की नामांकन रैली को लेकर विशेष तैयारियां कांग्रेस के द्वारा की गई हैं। नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद वे अपनी पहली चुनावी आमसभा मानसरोवर कॉम्प्लेक्स में लेंगे, इस दौरान उनके साथ सांसद नकुलनाथ और तमाम कांग्रेस के नेता मौजूद रहेंगे। कमलनाथ की नामांकन रैली में हजारों समर्थकों की भीड़ उमड़ेंगी इसको लेकर विशेष व्यवस्था बनाई जा रही है।

कांग्रेस के गले की फांस बना प्रत्याशियों का बदलाव।

The Congress witnessed a change in candidates like a noose around its neck. चुनाव प्रत्याशी बदलने के बाद भी नहीं थम रहा कांग्रेस पार्टी में घमासान। सुबह बदला टिकट, शाम को बसपा ने बनाया कुलदीप को चुनाव प्रत्याशी। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव टिकट वितरण में हुई उठा – पटक के बाद फैले विद्रोह को शांत करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने बड़ा फैसला लेते हुए चार सीटों पर पहले उतारे गए उम्मीदवारों को बदल कर विद्रोह करने वालें दिग्गज नेताओं को अपना प्रत्याशी बना दिया है, लेकिन अब यह बदलाव भी कांग्रेस पार्टी के गले की फांस बनता दिखाई दे रहा है।  कांग्रेस ने जिन चार सीटों पर उम्मीदवारों को बदला है, उनमें मुरैना जिले की सुमावली, नर्मदापुरम जिले की पिपरिया उज्जैन जिले की बड़नगर और रतलाम जिले की जावरा विधानसभा सीटें शामिल हैं। इस बदलाव में दो विधायकों को फिर से टिकट दिया गया है, जबकि कांग्रेस ने पहले इन विधायकों का टिकट काट दिया था। टिकट बदलने से नाराज सुमावली प्रत्याशी कुलदीप सिंह के समर्थकों द्वारा कांग्रेस नेताओं का पुतला और झंडों की होली जलाकर आक्रोश प्रदर्शित किया और शाम को कुलदीप सिंह ने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर दिया। कांग्रेस ने बागी विधायकों के सामने घुटने टेकेआखिरकार कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने अपनी मनमर्जी के आधार पर टिकट बांट तो दिए थे लेकिन जब नाराज नेताओं ने बगावती तेवर दिखाए तो पार्टी ने बागी विधायकों व नेताओं के सामने घुटने टेक दिए। जिन सीटों पर प्रत्याशी बदले हैं उनमें दो विधायकों को फिर से टिकट दिया है। पार्टी ने सुमावली विधानसभा सीट पर विधायक अजब सिंह कुशवाहा को फिर से प्रत्याशी बनाया है, पहले अजब सिंह का टिकट काट दिया गया था। जिसके बाद अजब सिंह ने विरोध करते हुए अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस छोड़कर बहुजन समाज पार्टी का दामन थाम लिया था और बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें फिर से मौका दे दिया है। इसी तरह से उज्जैन जिले की बड़नगर विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने विधायक मुरली मोरवाल को फिर से प्रत्याशी बनाया है। जबकि चुनाव प्रत्याशियों की दूसरी सूची में कांग्रेस पार्टी ने यहां से राजेंद्र सिंह सोलंकी को मैदान में उतारा था। जिसके बाद से विधायक मुरली मोरवाल और उनके समर्थकों ने पार्टी से बगावत कर दी थी। इतना ही नहीं मुरली मोरवाल ने भी निर्दलीय चुनाव लड़ने की स्पष्ट घोषणा कर दी थी। ऐसे में पार्टी ने टिकट देकर एक तरह से बगावत को रोकने की कोशिश की है।          इसके साथ ही पिपरिया विधानसभा सीट पर भी बदलाव करते हुए कांग्रेस पार्टी ने वीरेंद्र रघुवंशी को चुनाव प्रत्याशी घोषित कर दिया है। जबकि पहले यहां से गुरु चरण खरे को प्रत्याशी घोषित किया गया था और उन्होंने अपने समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया था। इधर यही हाल जावरा विधानसभा सीट का भी हुआ है। यहां से कांग्रेस नेतृत्व ने पहले हिम्मत श्रीमाल को टिकट देकर चुनावी समर का बिगुल बजा दिया लेकिन यहां भी वही विरोध के स्वर उठने लगे जिनका सामना पार्टी नेतृत्व को अन्य सीटों पर भी करना पड़ रहा था। विरोध के चलते बड़ा नुकसान होने की आशंका को समझते हुए कांग्रेस पार्टी ने यहां भी चुनाव प्रत्याशी बदलने की अधिकृत घोषणा कर दी। अब इस सीट पर वीरेंद्र सिंह सोलंकी को टिकट थमाया गया है और हिम्मत श्रीमाल को चुनावी समर से बाहर कर दिया गया है। सात प्रत्याशी बदले, दो सीटों पर अभी भी फंसा पेंचशीर्ष नेतृत्व की मनमानी के आधार पर हुए टिकट वितरण के बाद उठी बगावत के चलते कांग्रेस को अब तक सात सीटों पर प्रत्याशी बदलने पड़े हैं। पार्टी ने दूसरी सूची में तीन सीटों गोटेगांव, दतिया और पिछोर में प्रत्याशी बदले थे। जबकि अब सुमावली, पिपरिया, बड़नगर और जावरा में प्रत्याशी बदले हैं। मतलब पार्टी ने अब तक सात सीटों पर प्रत्याशी बदले हैं। जबकि पार्टी मंडला जिले की निवास सीट पर प्रत्याशियों की अदला बदली पहले ही कर चुकी है।इतनी सब उठा – पटक करने के बाद भी खास बात यह है कि कांग्रेस की समस्या अभी भी पूरी तरह से दूरी होती नजर नहीं आ रही है। पार्टी ने भले ही सात सीटों पर प्रत्याशी बदल दिए हैं, लेकिन अभी भी आमला और शिवपुरी विधानसभा सीट पर पेंच फंसा हुआ है। डिप्टी कलेक्टर रही निशा बांगरे का इस्तीफा स्वीकार होने के बाद वह इस सीट से टिकट की मांग कर रही है, जबकि कांग्रेस यहां से मनोज मालवे को मैदान में उतार चुकी है, ऐसे में कांग्रेस यहां भी फंसी नजर आ रही है। क्योंकि निशा बांगरे ने कांग्रेस नेताओं से बातचीत कर पहले ही तय कर लिया था कि वो त्यागपत्र स्वीकार होने के बाद आमला से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगी। जिसके लिए निशा बांगरे ने नौकरी से इस्तीफा देने के बाद राज्य शासन द्वारा स्वीकार ना किए जाने पर सरकार के खिलाफ सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक बड़ी लड़ाई लड़ी है। इधर शिवपुरी में कांग्रेस ने सीनियर विधायक केपी सिंह को टिकट दिया है, जबकि केपी सिंह अपनी परंपरागत पिछोर सीट से ही चुनाव लड़ते रहे हैं। पिछोर सीट पर पहले केपी सिंह के भांजे शैलेन्द्र सिंह को टिकट दिया था लेकिन बाद में रूठों को मनाने के चक्कर यहां भी प्रत्याशी बदल दिया था। अब शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र में भी बाहरी प्रत्याशी को लेकर माहौल गरमाया हुआ है जिससे यहां भी मामला फंसा हुआ है। बगावत पर विराम लगाने के चक्कर में लेने के देने पड़ेकांग्रेस पार्टी ने टिकट बटवारे के बाद नेताओं और विधायकों की नाराजगी और बगावत पर विराम लगाने के लिए पार्टी ने बड़ा फैंसला लेते हुए एक साथ चार विधानसभाओं में पूर्व घोषित प्रत्याशियों को बदल तो दिया लेकिन बगावत पर विराम लगाने का यह फार्मूला कांग्रेस के लिए दौहरा खतरनाक साबित होता हुआ दिखाई दे रहा है। दरअसल जब पार्टी ने इन सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की अधिकृत घोषणा कर दी तो घोषित प्रत्याशियों ने अपने अपने क्षेत्रों में चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया था। अब पार्टी ने रूठों को मनाने के चक्कर में टिकट बदलकर उन प्रत्याशियों और उनके समर्थकों … Read more

मध्य प्रदेश के परिवहन एवं राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन के ममाले में सागर ज़िले के राहतगढ़ थाने में दर्ज़ हुई FIR.

Govind Singh Rajput; Sagar; Rahatgarh; FIR; Code of Conduct; BJP;

FIR filed against Madhya Pradesh’s Transport and Revenue Minister Govind Singh Rajput

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ईवीएम पर उठाए सवाल ?

Former Chief Minister Digvijay Singh raised questions about the EVM (Electronic Voting Machine). वोट कहां गया यह जानना हमारा संवैधानिक अधिकार। निष्पक्षता से सॉफ्टवेयर के विषय में जानकारी दे ईसी। उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस पार्टी से राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह नेएक बार फिर ईवीएम मशीन से वोटिंग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मैं ईवीएम से वोट कराने का विरोध नहीं करता, लेकिन चुनाव आयोग बताए कि जिस मशीन में चिप लगी हो तो वह टेंपर प्रूफ कैसे हो सकती है? ईवीएम में वोट कहां गया ये जानना हमारा संवैधानिक अधिकार है। ईवीएम, वीवीपैट और काउंटिंग यूनिट में जो सॉफ्टवेयर है, चुनाव आयोग को निष्पक्षता से उस सॉफ्टवेयर के विषय में जानकारी देनी चाहिए। इलेक्शन कमिशन हमसे मिलने को तैयार नहीं है। हमने एक सवालों की फेहरिस्त बनाई थी लेकिन आयोग उसका जवाब नहीं दे रहा है। बता दें कि कांग्रेस की ओर से ईवीएम मशीन को लेकर बनाई गई कमेटी को दिग्विजय सिंह लीड कर रहे हैं। दिग्विजय सिंह ईवीएम के संबंध में विपक्षी पार्टियों के नेताओं के साथ कई दौर की बैठकें भी कर चुके हैं। दिग्विजय सिंह की अगुवाई में देश के प्रमुख विपक्षी दलों द्वारा निर्वाचन आयोग से मांग की जा रही है कि वीवीपैट की पर्ची से काउंटिंग की जाए।  देश में लोकतंत्र को बचाए – सुप्रीम कोर्ट:- दिग्विजय सिंह  सोमवार को पूर्व सीएम ने इस संबंध में ट्वीट करते हुए भी लिखा कि चुनाव आयोग से एक ही गुज़ारिश है कि वीवीपैट स्लिप हमें हाथ में दे दो जिसे हम अलग से मतपेटी में डाल दें। मतगणना के पहले किसी भी 10 मतपेटी के वोट गिन लो और काउंटिंग के नतीजों से मेल कर लो। यदि दोनों का नतीजा एक जैसा है तो काउंटिंग के नतीजों से रिजल्ट डिक्लेअर कर दो। इसमें चुनाव आयोग को क्या दिक़्क़त है? सुप्रीम कोर्ट से यही प्रार्थना है इसे गंभीरता से लें देश में लोकतंत्र को बचाइए।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने ग्लोबल हंगर इंडेक्स पर दिए बयान पर विपक्ष ने की आलोचना.

Smriti Irani; Global Hunger Index; Haiderabaad; Supriya Shrinathe; Priyanka Chaturvedi; Sahara Samachaar;

Union Minister Smriti Irani’s statement on the Global Hunger Index has faced criticism from the opposition. Manish Trivedi केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने ग्लोबल हंगर इंडेक्स पर कहा की ‘वे ये सूचकांक बनाते कैसे हैं? 140 करोड़ के देश के 3,000 लोगों को गैलप से फोन आता है और उनसे पूछा जाता है- क्या आप भूखे हैं? … मैं दिल्ली में मेरे घर से सुबह चार बजे निकली थी. मैंने कोच्चि जाने के लिए पांच बजे फ्लाइट पकड़ी. वहां एक कॉन्क्लेव में हिस्सा लेने के बाद शाम पांच बजे यहां आने के लिए फ्लाइट ली. जब तक मुझे खाना मिलेगा, दस बज चुका होगा. अगर दिनभर में आपने कभी भी मुझे कॉल करके पूछा होता कि क्या मैं भूखी हूं, मैं बिल्कुल हां कहती.’ केंद्रीय मंत्री ने फिर कहा की ‘क्या आप यकीन करेंगे कि इस तरह का सूचकांक कह रहा है कि पाकिस्तान भारत से बेहतर कर रहा है.’ गुरुवार को हैदराबाद में फिक्की के एक कार्यक्रम में शामिल हुई ईरानी का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वे कहती दिख रही हैं कि ग्लोबल हंगर इंडेक्स समेत कुछ सूचकांक जानबूझकर भारत की सच्चाई पेश नहीं करते.’ इस बयान पर विपक्ष की काफी तीखी प्रतिक्रिया सामने आयी, अपने एक ट्वीट में कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्रीय मंत्री के बयान की आलोचना की है, शिवसेना की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी ईरानी के बयान पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने एक ट्वीट में उन पर तंज़ करते हुए लिखा, ‘खाने के लिए समय न होना = बमुश्किल कुछ खाने के लिए होना! अगर अहंकार का चेहरा होता, तो मंत्रीजी जैसा ही होता.’

कटनी जिले के चारों विधानसभा क्षेत्र में चुनावी हलचल तेज, उठे बगावत के स्वर.

MP Elections; BJP; Congress; INC; Bhartiya Janta Party; Katni; Vidhaansabha Elections;

Election fervor is running high in all four assembly constituencies of Katni district, with a growing clamor for change.

5 सालो में 105 प्रतिशत ज्यादा अमीर हो गए मध्यप्रदेश के विधायक – ADR की रिपोर्ट.

BJP; Congress; SP; Aap; BSP; Politics; ADR Report;

In the past 5 years, the wealth of Madhya Pradesh’s legislators has increased by 105 percent, according to the ADR report.

जानिए कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की लिस्ट

इंदौर-3 से कांग्रेस ने पिंटू जोशी (दीपक)को उम्मीदवार बनाया है।इनके पिता स्व.महेश जोशी संजय गांधी के करीबी थे।कमलनाथ और महेश जोशी दोनों युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महा.थे।दिग्विजय सरकार में भी महेश जोशी रसूख़दार मंत्री थे।इनके चचेरे भाई अश्विन जोशी भी 3 बार इस सीट से विधायक रहे है। निवाड़ी से कांग्रेस ने बड़ा दांव चलते हुए भाजपा नेता अमित राय को उम्मीदवार बनाया है अमित राय की माँ निवाड़ी जिपं की अध्यक्ष है।ऐसा लग रहा था कि कांग्रेस यहां रोशनी यादव पर दांव चल सकती है लेकिन मीरा यादव के सपा से चुनाव लड़ने के बाद कांग्रेस ने रोशनी को टिकट देना उचित नही समझा। कांग्रेस ने ग्वालियर से सुनील शर्मा को उम्मीदवार बनाया था इनका मुकाबला सिंधिया समर्थक मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर से है पिछला उपचुनाव भी ये प्रद्युमन सिंह तोमर के खिलाफ लड़े थे जहां इन्हें काफी मतों से शिकस्त झेलनी पड़ी थी।सुनील क्षेत्र में काफी एक्टिव रहने वाले नेता माने जाते है। खुरई सीट से कांग्रेस पार्टी ने रक्षा राजपूत को अपना उम्मीदवार बनाया है रक्षा पिछले कई वर्षों से खुरई में सक्रिय है उनका मुकाबला प्रदेश के कद्दावर मंत्री भूपेंद्र सिंह से है खुरई भाजपा की बेहद मजबूत सीट मानी जाती है,भूपेंद्र सिंह ने यहां भाजपा की जड़े को गांव-गांव में जमाया है। कांग्रेस पार्टी ने खातेगांव से मप्र की राजनीति के संत कहे जाने वाले स्व कैलाश जोशी के पुत्र दीपक जोशी को अपना उम्मीदवार बनाया है।दीपक जोशी 2003 से लेकर 2018 तक विधायक रह चुके है।पिछला चुनाव वह हार गए थे।वही खातेगांव से भाजपा ने आशीष शर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने सीधी से ज्ञान सिंह को उम्मीदवार बनाया है ज्ञान सिंह वर्तमान में सीधी जिला कांग्रेस के अध्यक्ष है।वह अजय सिंह के बेहद करीबी है वहां भाजपा ने रीति पाठक को उम्मीदवार बनाया है वहीं भाजपा के वर्तमान विधायक केदारनाथ टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके है। कांग्रेस पार्टी ने मुरैना से दिनेश गुर्जर को अपना उम्मीदवार बनाया है।पार्टी ने यहां से अपने वर्तमान विधायक राकेश मावई की टिकट काट कर दिनेश गुर्जर को उम्मीदवार बनाया है है यह सीट गुर्जर बहुल्य है।फिलहाल दिनेश गुर्जर किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। कांग्रेस पार्टी ने भाजपा की परंपरागत सीट रहली से इंजीनियर ज्योति पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया है।ज्योति वर्तमान में जिला पंचायत की सदस्य है कांग्रेस ने यहां ओबीसी कार्ड चला है अब देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा के इस अभेद किले पर ज्योति सेंध लगाने में कामयाब होती है या नहीं! कांग्रेस पार्टी ने भिंड से चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी को अपना उम्मीदवार बनाया है जब से वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए थे तब से वह नेपथ्य में चल रहे थे कांग्रेस पार्टी ने उन्हें एक नया राजनीतिक जीवन दान दिया है अब देखना होगा वह इस अवसर को किस तरह भुनाते हैं। कांग्रेस पार्टी ने रीवा से इंजी.राजेंद्र शर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है ये वर्तमान में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हैं उनकी छवि साफ सुथरी है ये अच्छे उद्यमी भी है।वही यह सीट भाजपा की मजबूत सीटों में एक है यहां इनका मुकाबला मंत्री राजेंद्र शुक्ला से है जो मजबूत स्थित में है। कांग्रेस ने मैहर से धर्मेश घई को उम्मीदवार बनाया है धर्मेश घई मैहर नगर पालिका के अध्यक्ष रह चुके है यह पंजाबी समाज से आते हैं जिनकी संख्या मैहर में बहुत कम है।यह सीट ब्राह्मण-कुर्मी बाहुल्य है इसके बाद भी पार्टी ने इनको उम्मीदवार बनाया है।ये अजय सिंह व प्रवीण कक्कड़ के करीबी है। कांग्रेस ने निधि जैन को सागर से विधानसभा का उम्मीदवार बनाया है निधि हाल ही में सागर नगर निगम का चुनाव लड़ी थी जहां उन्हें शिकायत झेलनी पड़ी थी।इनका मुकाबला इनके पति के सगे बड़े भाई शैलेंद्र जैन से होगा जो वर्तमान में सागर के विधायक व भाजपा के उम्मीदवार हैं। देवतलाव से कांग्रेस ने पद्मेश गौतम को उम्मीदवार बनाया है ये वर्तमान विस अध्यक्ष एवं भाजपा उम्मीदवार गिरीश गौतम के सगे भतीजे हैं।इन्होंने हाल ही में हुए पंचायती चुनाव में विस अध्यक्ष के बेटे राहुल गौतम को जिला पंचायत के चुनाव में करारी शिकायत दी थी,यही इनके टिकट पाने का आधार बना। कांग्रेस पार्टी ने सिरमौर की सामान्य सीट से रामगरीब आदिवासी को टिकट देकर बड़ा दांव चला है।रामगरीब आदिवासी कोल समाज के बड़े नेता है।इनका मुकाबला रीवा राजघराने की युवराज दिव्यराज सिह से होगा।कमलनाथ ने राजा के सामने रंक को मैदान में उतार दिया है।ये वही रामगरीब आदिवासी है जो 2008 में में तत्कालीन मंत्री स्व.रमाकांत तिवारी को त्योंथर से चुनाव हरा दिया था।कमलनाथ इनके मुरीद है।कमलनाथ ने बड़े-बड़े धन्ना सेठों की जगह एक गरीब आदिवासी पर दांव चला है विन्ध्य में कोल मतदाता कई विधानसभा में निर्णायक है कमलनाथ का यह दांव चल गया तो भाजपा को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है! कहते है ना जो दौड़ता है उसका भाग्य भी दौड़ता है! इसका प्रत्यक्ष प्रमाण अभय मिश्रा है उन्हें जैसे ही इस बात की जानकारी मिली कि भाजपा ने उनका टिकट काट दिया है फौरन वह कांग्रेस से टिकट पाने के लिए जुट गए,दिल्ली-भोपाल को एक कर डाला और आखिरकार टिकट पाने में सफल हो गए।आज उनकी जीवटता की चर्चा हर जगह हो रही है।अभय एक लड़ाई तो जीत चुके है लेकिन अभी मुख्य लड़ाई जीतना बाकी है चुनाव में उनके सामने भाजपा के मजबूत उम्मीदवार केपी त्रिपाठी होंगे जिनकी क्षेत्र में अच्छी पकड़ देखी जा रही है गांव-गांव उन्होंने कार्यकर्ताओं की फौज तैयार की है।अभय के प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के अंदर भी खूब है अब देखना होगा वह उनसे किस प्रकार निपटते हैं!रीवा जिले की यह सबसे हॉट सीट है सेमरिया में एक बार अभय और एक बार उनकी पत्नी चुनाव लड़ी है दोनों विजयी हुए है KP त्रिपाठी भी एक बार ही चुनाव लड़े हैं वह भी विजय हुए है लेकिन इस बार सेमरिया की जनता असली विजेता का चयन करेगी!

चंबल अंचल में नेताओं के दिख रहे बगावती सुर

मुरैना से पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक रुस्तम सिंह के सुपुत्र राकेश रुस्तम सिंह ने थामा बसपा का दामन। सुमावली से कांग्रेस विधायक अजब सिंह कुशवाहा बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए हैं।भाजपा ने यहां से गुर्जर प्रत्याशी को मैदान में उतारा है तो कांग्रेस ने यहां इस बार क्षत्रिय प्रत्याशी पर दांव चला है।

सड़क पर डोसा बनाने लगे राहुल गांधी, किनारे बैठकर लोगों के साथ खाया, देखने को हर कोई रुक गया

राहुल गांधी ने पहले डोसा बनाने के बारे में पूछा और फिर डोसा बनाया. राहुल को डोसा बनाते देख स्थानीय लोग हैरान रह गए. सांसद ने डोसा बनाने वाले से उसकी आय और आने वाली समस्याओं के बारे में भी पूछा. जगतियाल (तेलंगाना) : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को तेलंगाना के जगतियाल जिले में सड़क किनारे एक भोजनालय में डोसा बनाया. कांग्रेस सांसद ‘विजयभेरी यात्रा’ के तहत करीमनगर से जगतियाल के लिए रवाना हुए. वह रास्ते में नुकापल्ली बस स्टैंड पर रुके और एक भोजनालय में गए, जहां उन्होंने डोसा बना रहे एक व्यक्ति से बातचीत की.उन्होंने डोसा बनाने के बारे में पूछा और फिर डोसा बनाया. राहुल को डोसा बनाते देख स्थानीय लोग हैरान रह गए. सांसद ने डोसा बनाने वाले से उसकी आय और आने वाली समस्याओं के बारे में भी पूछा. राहुल ने डोसा बनाने के बाद सड़क किनारे बैठकर उसे लोगों के साथ खाया भी. राहुल ने अपने हाथ से लोगों को खुद बनाए गए डोसे का स्‍वाद भी चखाया. इस दौरान लोग काफी खुश दिखे. कांग्रेस नेता ने राहगीरों से बातचीत भी की और बच्चों को चॉकलेट भी बांटी.

कांग्रेस के युवा चेहरों का विकल्प कौन, भाजपा के युवा चेहरे या बुजुर्ग नेतृत्व।

कांग्रेस हो या भाजपा, अमरपाटन, नागौद एवं रैगांव विधानसभा सीटों पर युवाओं के ही दम से जीत सम्भव है।इन सीटों पर भाजपा, कांग्रेस पार्टी की तरह अपने युवा चेहरों को मौका देगी या बुजुर्गों पर फिर से दांव लगाएगी। संतोष सिंह तोमर, भोपाल /सतना।मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर आज देर रात कांग्रेस पार्टी ने शेष बचे 88 विधानसभा क्षेत्रों के लिए चुनाव प्रत्याशियों के नाम की घोषणा करते हुए प्रदेश की सभी 230 सीटों पर अपनी स्थिति साफ कर दी। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की ओर से अभी तक शेष बचे विधानसभा क्षेत्रों के लिए नाम सामने नहीं आ पाए हैं। सभी भाजपा की अगली सूची का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। कांग्रेस का महिला एवं युवा चेहरों पर फोकस। कांग्रेस पार्टी ने इस बार महिला एवं युवा चेहरों पर ज्यादा फोकस कर रखा है। इसीलिए पार्टी ने इस बार अधिकतर युवा चेहरों और महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारा है। जिसके पीछे पार्टी की मंशा अगली पीढ़ी को तैयार करने की भी दिखाई दे रही है। इसी क्रम में विंध्य क्षेत्र के सतना जिले में कांग्रेस पार्टी ने नागौद विधानसभा क्षेत्र से यूथ कांग्रेस की प्रदेशउपाध्यक्ष डॉ. रश्मी पटैल को मैदान में उतारा है, जबकि चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के वर्तमान विधायक एवं युवा नेता नीलांशु चतुर्वेदी को प्रत्याशी बनाया है। इसके साथ ही रेगांव विधानसभा क्षेत्र से 2020 के उपचुनाव में विजयी रहीं वर्तमान विधायक कल्पना वर्मा को पुनः चुनाव प्रत्याशी घोषित किया है। भाजपा को युवा नेतृत्व की दरकार है। भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक विंध्य क्षेत्र के सतना जिले की सात में से चार विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित किए है। जबकि तीन मुख्य सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा होना बांकी है। भाजपा की ओर से अभी तक घोषित चार नामों में से केवल एक रामपुर बाघेलान सीट पर युवा चेहरे के रूप में विक्रम सिंह ( विक्की ) को चुनाव मैदान में उतारा है। युवा नेता विक्रम सिंह की क्षेत्र के युवा वर्ग में बहुत अच्छी पकड़ बताई जाती है। अब बात करते हैं, बांकी बचे उन तीन विधानसभा क्षेत्रों की जहां भाजपा की ओर अभी तक प्रत्याशियों के नाम की घोषणा नहीं हो सकी है। इसमें से अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यहां से भाजपा के वर्तमान विधायक व मध्य प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री रामखेलावन पटैल को पार्टी फिर से चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। मंत्री रामखेलावन का नाम उन पर लगते रहे आरोपों के चलते हमेशा सुर्खियों में रहा है। मंत्री जी पर कभी जातिवादी, अभद्रता तो कभी कार्यकर्ताओं की अनदेखी के आरोपों के चलते क्षेत्रीय लोगों में छवी धूमिल हुई है। जिसका नुकसान इस सीट पर भाजपा को भुगतना पड़ सकता है। जबकि नागौद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के वर्तमान विधायक व पूर्व मंत्री नागेंद्र सिंह का नाम भाजपा की अगली प्रत्याशी सूची में घोषित हो सकता है। लोगों की मानें तो नागेंद्र सिंह की उम्र करीब 83 वर्ष है, और वृध्दावस्था के चलते विधायक नागेंद्र सिंह अपने क्षेत्र में पहले की तरह सक्रीय नहीं रहते हैं। जिसके कारण क्षेत्र में उनकी पकड़ भी कमजोर हो रही है, जिसका फायदा यहां कांग्रेस उठाती दिख रही है। इसके बाद बात करते हैं बांकी बची रेगांव विधानसभा की जहां से कई युवा महिलाओं व युवा नेताओं ने अपनी दाबेदारी पार्टी नेतृत्व के सामने पेश की है। यहां से प्रतिमा बागरी, रानी बागरी और पुष्पराज बागरी के नाम को पैनल में शामिल किया गया है। युवा चेहरों का विकल्प युवा ही हो सकते हैं। विंध्य क्षेत्र की इन सभी सीटों पर जिस तरह कांग्रेस ने महिला एवं युवा चेहरों पर भरोसा जताया है ठीक उसी तरह भाजपा को भी अब बुजुर्ग और आरोप प्रत्यारोपों से घिरे नेताओं की जगह युवाओं को आगे लाकर अगली पीढ़ी का नेतृत्व तैयार करने की कोशिश करना चाहिए। क्योंकि कांग्रेस के युवा चेहरों का विकल्प भाजपा का युवा नेतृत्व ही बन सकता है। क्योंकि कांग्रेस अपने युवा चेहरों को मैदान में उतारकर चुनांव मैदान में आ गई है। अब भाजपा के अधिकांश कार्यकर्ताओं के साथ ही युवा वर्ग और नव मतदाताओं की नजर केवल अपने युवा चेहरों पर टिकी है,भाजपा भी अगर नए वा युवा चेहरों को अवसर देगी तो परिणाम भाजपा के पक्ष में आने के ज्यादा अवसर होंगे। जिससे आने बाले समय मे भाजपा और अधिक शशक्तता व मजबूती मिलेगी,साथ ही युवाओं में एक नई उम्मीद दिखेगी। युवा चेहरों के दम ही अब नैया पर हो सकती है, क्योंकि लोगों को बुजुर्ग या विवादित छवि वाले नेताओं की अपेक्षा अत्यधिक ऊर्जावान युवा चेहरों पर ज्यादा भरोसा है।

मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट की जारी, 88 कैंडिडेट्स के हैं नाम

“The Congress has released the second list of candidates in Madhya Pradesh, with 88 candidates’ names.”

कांग्रेस पार्टी ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की।सूची में 144 नामों पर लगी मोहर।युवा नेताओं पर जताया भरोसा।

संतोष सिंह तोमरभोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अब तक की वह सबसे बड़ी खबर सामने आई है। जिसका इंतजार प्रदेश के आमजन से लेकर राजनीतिक हलकों में बड़ी बेसब्री से किया जा रहा था। भारतीय जनता पार्टी के बाद अब कांग्रेस पार्टी ने भी देर से ही सही लेकिन आगामी मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। कांग्रेस ने अपनी पहली सूची में 230 में से 144 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है।मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने 144 उम्मीदवारों की पहली सूची रविवार को सुबह जारी की। इसमें 60 से ज्यादा विधायकों को फिर से मौका दिया है। कांतिलाल भूरिया की जगह उनके बेटे विक्रांत को टिकट दिया है। कटंगी विधायक टामलाल सहारे और गुनौर विधायक शिवदयाल बागरी के टिकट काट गए हैं। इस सूची के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ छिंदवाड़ा से और भूपेश बघेल पाटन से चुनाव लड़ेंगे। जबकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का सामना करने के लिए बुधनी से विक्रम मस्ताल को मैदान में उतारा गया है। मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह को राघोगढ़ से टिकट दिया गया है, जबकि दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह को चाचौरा सीट से टिकट दिया गया। कांग्रेस ने चुरहट से अर्जुन सिंह के बेटे अजय सिंह राहुल को टिकट दिया है। वहीं राजनीति के केंद्र चम्बल अंचल में कांग्रेस के गढ़ लहार से अभी तक अपराजित विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह को टिकट दिया गया है। जबकी अंचल की ही मेहगांव सीट से उनके भांजे युवा नेता राहुल सिंह भदौरिया को चुनाव मैदान में उतारा है। कांग्रेस पार्टी द्वारा जारी 144 नामों की सूची में ओबीसी वर्ग के 39 प्रत्याशियों के नाम हैं। इसके साथ ही अनुसूचित जाति वर्ग के 22 और अनुसूचित जनजाति के 30 उम्मीदवार के नामों शामिल हैं। पूरे 144 लोगों में से 19 महिलाओं को प्रत्याशी बनाया गया है। जबकि, 6 अल्पसंख्यक वर्ग के नेताओं को टिकट मिला है, इसमें से 5 जैन और 1 मुस्लिम नेता शामिल हैं। जबकि, 65 टिकट 50 साल से कम उम्र के लोगों मिले हैं। यानी, कांग्रेस पार्टी ने इस बार युवा नेताओं पर अधिक भरोसा जताया है। वहीं जानकारी मिली है कि आगामी दो दिनों में कांग्रेस पार्टी अपने बकाया उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर सकती है। कांग्रेस पार्टी ने किस नेता को कहां से दिया टिकटकांग्रेस द्वारा जारी उम्मीदवारों की लिस्ट में किसे कहां से चुनाव मैदान में उम्मीदवारी दी गई है, इस पर एक नजर डालते हैं। कांग्रेस पार्टी ने श्योपुर से बाबू जंडेल, विजयपुर से रामनिवास रावत, सबलगढ़ से बैजनाथ कुशवाह, जौरा से पंकज उपाध्याय, अटेर से हेमंत कटारे, लहार से डॉ. गोविंद सिंह, मेहगांव से राहुल भदौरिया, ग्वालियर ग्रामीण से साहब सिंह गुर्जर, ग्वालियर पूर्व से सतीश सिकरवार, ग्वालियर दक्षिण से प्रवीण पाठक, भितरवार से लाखन सिंह यादव, डबरा- एससी सीट से सुरेश राजे, सेंवढ़ा से घनश्याम सिंह, भांडेर एससी सीट से फूलसिंह बरैया, दतिया से अवधेश नायक, करेरा एससी सीट से परागीलाल जाटव, पोहरी से कैलाश कुशवाह, शिवपुरी से केपी सिंह, पिछोर से शैलेंद्र सिंह, कोलारस से बैजनाथ यादव, बमोरी से ऋषी अग्रवाल, चाचौड़ा से लक्ष्मण सिंह, राघोगढ़ से जयवर्धन सिंह को टिकट दिया है।वहीं अशोकनगर एससी सीट से हरीबाबू राय, चंदेरी से गोपाल सिंह चौहान, मुंगावली से राव यदवेंद्र यादव, सुरखी से नीरज शर्मा, देवरी से हर्ष यादव, नरयावली एससी सीट से सुरेंद्र चौधरी, बंडा से तरवार सिंह लोधी, टीकमगढ़ से यदवेंद्र सिंह, जतारा से किरण अहिरवर, पृथ्वीपुर से नरेंद्र सिंह राठौर, खरगापुर से चंदा सिंह गौर, महाराजपुर से नीरज दीक्षित, चांदला से हरप्रसाद अनुरागी, राजनगर से विक्रम सिंह नाती राजा, छतरपुर से आलोक चतुर्वेदी, बिजावर से चरण सिंह यादव, मलहरा से साध्व राम सिया भारती, पथरिया से राव बृजेंद्र सिंह, जबेरा से प्रताप सिंह लोधी, हटा से प्रदीप खटीक, पवई से मुकेश नायक, गुन्नौर से जीवन लाल सिद्धार्थ, चित्रकूट से नीलांशु चतुर्वेदी, रायगांव से कल्पना वर्मा, सतना से सिद्धार्थ कुशवाह, नागौद से डा रश्मि सिंह पटेल, अमरपाटन से राजेंद्र कुमार सिंह, त्योंथर से रमाशंकर सिंह पटेल, मऊगंज से सुखेंद्र सिंह बन्ना, मनगवां से बबीता साकेत, गुढ़ से कपिध्वज सिंह, चुरहट से अजय सिंह (राहुल भैया) को उम्मीदवार बनाया है।इसके साथ ही, सिंहवाल से कमलेश्वर पटेल, चितरंगी से मनिक सिंह, सिंगरौली से रेनू शाह, जैतपुर से उमा धुर्वे, अनूपपुर से रमेश‍ सिंह, पुष्पराजगढ़ से फुंदेलाल मार्को, बड़वारा से निलेश अवस्थी, बरगी से संजय यादव, जबलपुर पूर्व से लखन घनघोरिया, जबलपुर उत्तर से विनय सक्सेना, जबलपुर पश्चिम से तरुण भनोत, सिहोरा से एकता ठाकुर, शाहपुरा से भूपेंद्र मरावी, डिंडौरी से ओंकार सिंह मरकाम, बिछिया से नारायण सिंह पाटा, बैहर से संजय उईके, लांजी से हिना कांवरे, परसवाड़ा से मधु भगत, बालाघाट से अनुभा मुंजारे, कटंगी से बोध सिंह भगत, बरघाट से अर्जुन सिंह काकोड़िया, सिवनी से आनंद पंजवानी, केवलारी से रजनीश सिंह, लखनादौन से योगेंद्र सिंह बाबा, गोटेगांव से शेखर चौधरी, नरसिंहपुर से लखन सिंह पटेल, तेंदुखेड़ा से संजय शर्मा, छिंदवाड़ा से कमलनाथ, मुल्‍ताई से सुखदेव पांसे, बैतूल से निलय डागा, घोड़ाडोंगरी से राहुल उईके, भैंसदेही से धर्मु सिंह सिरसाम, टिमरनी से अभिजीत शाह, हरदा से राम किशोर डोंगे, उदयपुरा देवेंद्र पटेल गडरवास, सिलवानी से देवेंद्र पटेल, विदिशा से शशांक भार्गव पर भरोसा जताया है।जबकि बासौदा निशंक जैन, शमशाबाद सिंधु विक्रम सिंह, बैरसिया से जयश्री हरिकिरण, नरेला से मनोज शुक्‍ला, भोपाल मध्‍य से आरिफ मसूद, बुधनी से विक्रम मस्‍ताल, आष्‍टा से कमल चौहान, सीहोर से शशांक सक्‍सेना, राजगढ़ से बापू सिंह तंवर, खिलचीपुर से प्रियव्रत सिंह, सुसनैर से भेरू सिंह बापू, आगर से विपिन वानखेड़े, शाजापुर से हुकुम सिंह कराड़ा, कालापीपल से कुणाल चौधरी, सोनकच्छ से सज्जन सिंह वर्मा, हाटपिपलिया से राजवीर सिंह बघेल, मांधाता उत्तम पाल सिंह, पंधाना से रूपाली बारे, भीकनगांव से झूमा सोलंकी, बड़वाह से नरेंद्र पटेल, महेश्वर से विजयलक्ष्मी साधौ, कसरावद से सचिन यादव, खरगोन से रवि जोशी, भगवानपुरा से केदार डावर, राजपुर से बाला बच्‍चन, बड़वानी से राजन मंडलोई, अलीराजपुर मुकेश पटेल, जोबट से सेना पटेल, झाबुआ से विक्रांत भूरिया, थांदला से वीर सिंह भूरिया, पेटलवाद वाल सिंह मेड़ा, सरदारपुर से प्रताप ग्रेवाल, गंधवानी से उमंग सिंघार, कुक्षी से सुरेंद्र सिंह बघेल हनी, धरमपुरी से पांचीलाल मेड़ा, देपालपुर विशाल पटेल, इंदौर 1 संजय शुक्‍ला, इंदौर 2 चिंतामणी … Read more

MP : उपचुनाव : मुकाबला आसान नहीं, बीजेपी और कांग्रेस ने बूथ जीतो की रणनीति पर किया फोकस

भोपाल. मध्य प्रदेश में उपचुनाव के ही चर्चे हैं। बीजेपी और कांग्रेस ने अपने अपने स्तर पर पूरी तैयारी कर ली है. हर विधानसभा क्षेत्र में बैठकों और प्रचार-प्रसार का दौर जारी है. इस बीच बीजेपी ने हर बूथ पर पन्ना प्रमुख की नियुक्ति कर दी है. इन पन्ना प्रमुखों की जिम्मेदारी मतदाता सूची के हर पन्ने पर नज़र रखने की होगी. वहीं, कांग्रेस भी दावा कर रही है कि उसकी भी बूथ स्तर पर तैयारी पूरी है. 28 सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी बूथ स्तर तक रणनीति तैयार कर रही है. इसी के तहत बीजेपी ने खुद को मजबूत करने के लिए 8 हज़ार से ज़्यादा पन्ना प्रभारियों को मुस्तैद कर दिया है. यह पन्ना प्रभारी संबंधित विधानसभा क्षेत्र में वहां के बूथ के लिए तैयारी करेंगे और मतदाताओं पर नजर बनाएंगे. बीजेपी का दावा है कि उसने उपचुनाव के लिए बूथ स्तर तक तैयारी कर ली है. इसके लिए लगातार भोपाल से लेकर संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में बैठकों के दौर जारी हैं. मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा हर बूथ पर पन्ना प्रमुख की नियुक्ति की गई है. बूथ पर आने वाली मतदाता सूची में जितने पन्ने होते हैं. उतने ही बीजेपी के पन्ना प्रमुख हैं. इन पन्ना प्रमुख की मुख्य जिम्मेदारी हर वोटर तक सरकार की उपलब्धियां पहुंचाना और वोटर को अपने पक्ष में करने की होती है. कांग्रेस भी मैदान में तैयार बीजेपी की तरह कांग्रेस का दावा भी है कि उसकी उपचुनाव को लेकर तैयारियां पूरी हैं. संगठन स्तर पर भी उपचुनाव की हर चरण की तैयारी पूरी कर ली गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी ने बताया कि बीजेपी की 15 साल की सरकार और हमारी 15 महीने की सरकार में जमीन आसमान का अंतर है. बूथ स्तर पर जनता के बीच हमारे कार्यकर्ता इस बात को लेकर जा रहे हैं. जिन लोगों ने हमारी सरकार गिराई है, जनता उन्हें उपचुनाव में सबक सिखाएगी. सुरेश पचौरी ने यह भी कहा कि बीजेपी भले ही कितनी तैयारी कर ले, उपचुनाव में जीत कांग्रेस की होगी. जनता सब कुछ समझ चुकी है.

MP : सिंधिया को घेरने के लिए पायलट को चुनाव मैदान में उतारेगी कांग्रेस

भोपाल। मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा के उप-चुनाव में कांग्रेस ने अपने से अलग हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को घेरने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। इसके लिए उनके पुराने दोस्त और राहुल गांधी के करीबियों को चुनाव प्रचार के मैदान में उतारा जा सकता है। राज्य में होने वाले विधानसभा के उप-चुनाव सियासी तौर पर कांग्रेस के पूर्व नेता और वर्तमान में भाजपा के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए सबसे अहम माने जा रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा तो कमलनाथ की सरकार गिर गई और भाजपा को फिर से सत्ता संभालने का मौका मिला। राज्य में जिन 28 विधानसभा सीटों पर उप-चुनाव होने वाले हैं उनमें से 16 सीटें ग्वालियर-चंबल इलाके से आती हैं और इन क्षेत्रों की हार-जीत सिंधिया के राजनीतिक भविष्य से जुड़ी हुई है। ऐसा इसलिए, क्योंकि ग्वालियर-चंबल इलाके को सिंधिया का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इस इलाके में भारी बढ़त मिली थी। सिंधिया के करीब रहे नेताओं को मैदान में उतार सकती है कांग्रेस कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी ने सिंधिया को घेरने के लिए युवाओं की टीम चुनाव प्रचार में उतारने का मन बनाया है। इस टीम में राहुल गांधी के करीबियों में शामिल सचिन पायलट, आरपीएन सिंह, जितेंद्र सिंह सहित कई युवा नेताओं को प्रचार में आगे किया जा सकता है। कांग्रेस युवा नेताओं की जरिए सिंधिया को घेरना चाहती है और उसके लिए कभी सिंधिया के करीबी रहे साथी सबसे ज्यादा उपयोग के लायक लग रहे हैं। सिंधिया के दोस्त पायलट करेंगे कांग्रेस का प्रचार सूत्रों के मुताबिक, बीते रोज प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ के दिल्ली दौरे के दौरान भी चुनाव प्रचार की रणनीति पर चर्चा हुई है। राज्य में कई विधानसभा क्षेत्रों में गुर्जर मतदाता है और वे चुनावी नतीजों को भी प्रभावित करते है। लिहाजा कमलनाथ चाहते हैं कि पायलट को उप-चुनाव के प्रचार में उनका उपयोग किया जाए। कमलनाथ पायलट को प्रचार के लिए राज्य में लाकर दूसरे नेताओं के प्रभाव को भी पार्टी के भीतर कम करना चाह रहे हैं। सिंधिया के प्रभाव को पायलट कम कर सकते हैं राजनीतिक विश्लेषक अरविंद मिश्रा का मानना है कि कांग्रेस में सचिन पायलट की पहचान उर्जावान और अपनी बात को बेवाक तरीके से कहने वाले नेता की तो है ही, साथ ही आमजन के बीच भी पायलट को पसंद किया जाता है। सिंधिया के जाने से कांग्रेस को नुकसान हुआ है, उप-चुनाव में सिंधिया के प्रभाव को रोकने में कांग्रेस का नए और चमकदार चेहरे का उपयोग कारगर हो सकता है। कांग्रेस अगर ऐसा करने में सफ ल होती है तो चुनाव और भी रोचक हो जाएंगे। कांग्रेस चार सचिवों की नियुक्ति पहले ही कर चुकी है कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सियासत के नए समीकरण बन रहे हैं। प्रदेशाध्यक्ष कमल नाथ चाहते हैं कि राज्य के उन नेताओं को ही सक्रिय किया जाए जो उनके करीबी हैं, वही दूसरे राज्यों के उन नेताओं को राज्य में प्रचार के लिए भेजा जाए जिनकी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से नजदीकियां हैं। राज्य में आगामी विधानसभा के उपचुनाव में नई कांग्रेस देखने को मिल सकती है। वैसे भी उपचुनाव के लिए पार्टी हाईकमान ने चार सचिवों की पहले ही तैनाती की है और वे कमलनाथ के साथ पार्टी हाईकमान के बीच रहकर चुनावी रणनीति को जमीनी स्तर पर उतारने में लगे हैं।

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