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ऊर्जा मंत्री नहीं पहनेंगे प्रेस किए कपड़े, क्यों लिया प्रण? कांग्रेस बोली- ये नौटंकी वेब सीरीज का भाग

Energy Minister will not wear ironed clothes, why did he take the vow? Congress said- this drama is part of a web series मध्य प्रदेश में अपने अनोखे बयानों और अंदाज के लिए सुर्खियों में रहने वाले ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर एक बार फिर चर्चाओं में हैं। इस बार उन्होंने ऐसा अनोखा प्रण लिया है, जिसकी चर्चा हर कोई कर रहा है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने प्रण लिया है कि वे 1 साल तक बिना प्रेस किए हुए कपड़े पहनेंगे। उनके इस बयान को लेकर अब सियासत गरमा गई है। कांग्रेस इसे मंत्री की नौटंकी वेब सीरीज का अगला भाग बताया है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने कहा कि वे एक साल तक बिना प्रेस किए हुए कपड़े पहनेंगे, जिससे रोज आधा यूनिट बिजली बचेगी। उन्होंने कहा कि अब वे बेटी की शादी के दिन ही प्रेस किए हुए कपड़े पहनेंगे। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को पीठ पर सिलेंडर न लादना पड़े, इसलिए यह निर्णय लिया। कांग्रेस ने बताया नौटंकीऊर्जा मंत्री के इस बयान पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे मंत्री की नौटंकी करार दिया है। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष आरपी सिंह ने कहा कि ऊर्जा मंत्री हमेशा सुर्खियों में रहने के लिए नौटंकी करते हैं और यह उनकी वेब सीरीज का अगला पार्ट है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर मंत्री जी को बिजली बचाने की इतनी चिंता है, तो वे अपनी 10-10 गाड़ियों को छोड़कर साइकिल से चलना शुरू करें, जिससे वायु प्रदूषण भी कम होगा। क्या वास्तव में बिजली बचेगी?ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर के इस फैसले से मध्य प्रदेश में कितनी बिजली बचेगी, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन फिलहाल यह बयान उन्हें एक बार फिर सुर्खियों में ले आया है।

पायलट बोले-किरोड़ीलाल मंत्री हैं या नहीं, किसी को पता नहीं: न उन्हें काम दिया जा रहा, न हटाया जा रहा; सरकार का कन्फ्यूजन वाला मैसेज

Pilot said- Nobody knows whether Kirori Lal is a minister or not: Neither he is being given work nor he is being removed; Government’s confusing message अजमेर। पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा- डॉ. किरोड़ीलाल मीणा मंत्री हैं या नहीं, किसी को पता ही नहीं है। न तो उनको रखा जा रहा है, न उनको हटाया जा रहा है। न उनको काम दिया जा रहा और न उनसे काम करवाया जा रहा, लेकिन फिर भी वह मंत्री हैं। ये जो असमंजस है, वह किसलिए है? क्या मजबूरियां हैं? सरकार में डिपार्टमेंट है। अगर किसी व्यक्ति को शपथ दिलाई गई है तो उनसे काम करवाओ, या उनको फ्री कर दो। इतने सारे पुराने नेता हैं, नए को वो पचा नहीं पा रहे हैं। सरकार में आपस में इतना खिंचाव है कि बड़ा कन्फ्यूजन वाला मैसेज पूरे प्रदेश में जा रहा है। टोंक विधायक पायलट ने सोमवार को अजमेर के अशोक उद्यान में मीडिया से बातचीत की। इस दौरान पायलट ने बिजयनगर रेप-ब्लैकमेल कांड और विधानसभा में गतिरोध मामले पर अपनी बात रखी। छोटी और ओछी भाषा का इस्तेमाल नहीं करेंपायलट ने कहा- कुछ दिन पहले सदन के अंदर स्वर्गीय इंदिरा गांधी को लेकर जो बात बोली गई, वह अशोभनीय थी। ऐसी शख्सियत (इंदिरा गांधी) जिसने देश के लिए शहादत दी हो, उनके बारे में टिप्पणी करना बड़ा गलत था। मुझे लगता है कि हर व्यक्ति को अपने शब्दों का सोच-समझकर उपयोग करना चाहिए। किसी के प्रति मान-सम्मान और आदर प्रकट नहीं कर सकते तो छोटी और ओछी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। भाजपा के नेतृत्व में आपस में खींचतानपूर्व डिप्टी सीएम ने कहा- सरकार का पहला साल बहुत महत्वपूर्ण होता है, लेकिन इन्होंने (बीजेपी सरकार) सिर्फ इसे गंवाया है। भाजपा का जो नेतृत्व है, उसमें आपस में बहुत खिंचाव है। दिल्ली, जयपुर, राजस्थान में सत्ता के कई केंद्र बन गए हैं। इसका संकेत साफ दिखाई देता है कि जब गवर्नेंस और प्रशासन पर प्रभाव पड़ता है, तो इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है। कांग्रेस में खिंचाव को लेकर पायलट ने कहा- हमारे सभी विधायक एकजुटता से जनता के मुद्दों को रख रहे हैं। विधानसभा में भी हम मजबूती से बात को रखते हैं। कांग्रेस की ताकत यही है कि हम एक मास बेस पार्टी हैं। सबको साथ लेकर चलते हैं। इसका लाभ 4 साल बाद हमें मिलेगा। सरकार का लचर रवैया, सख्ती की कमी दिखती हैबिजयनगर रेप-ब्लैकमेल कांड पर पायलट ने कहा- राजस्थान में लॉ एंड ऑर्डर नहीं है। महिला उत्पीड़न जैसे घिनौने अपराध बढ़ रहे हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने सिर्फ आश्वासन ही दिया है। पुलिस के ऊपर प्रभावशाली तरीके से सरकार का नियंत्रण होना चाहिए, उसमें कमी दिखती है। सख्ती की भी कमी है। उनकी प्रायोरिटी भी अलग है। हमारी पार्टी ने विधानसभा के अंदर और बाहर मुद्दे को उठाया है, लेकिन सरकार का लचर रवैया है। उसका परिणाम है कि इस प्रकार की घटना को अंजाम दिया जा रहा है।

पेपर पर आ रहे इन्वेस्टमेंट… कांग्रेस ने निवेश के दावों पर उठाए सवाल, एमपी जीआईएस को लेकर गरमाई सियासत

Investments coming on paper… Congress raises questions on investment claims भोपाल ! कांग्रेस ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार द्वारा आयोजित छह ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इन आयोजनों में बड़ी-बड़ी घोषणाएं तो हुईं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। कांग्रेस ने दावा किया कि इन समिट में राज्य का पैसा पानी की तरह बहाया गया, लेकिन निवेश नाममात्र का ही आया। भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार में ही मध्य प्रदेश ने बीमारू राज्य का ठप्पा छोड़ा है और अब सभी क्षेत्रों में तरक्की कर रहा है। यह बहस मोहन यादव सरकार के पहले जीआईएस के ठीक पहले छिड़ी है, जिसका उद्घाटन 24 और 25 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। कांग्रेस ने जारी किए आंकड़ेकांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘मध्य प्रदेश निवेश सम्मेलन: वादे, दावे और हकीकत’ नामक एक दस्तावेज भी जारी किया। इस दस्तावेज में कांग्रेस ने आंकड़ों के साथ अपने दावों को पुख्ता करने की कोशिश की है। क्या बोले जीतू पटवारीजीतू पटवारी ने कहा कि मोहन यादव की सरकार में खूब खर्चा हो रहा है। पिछले छह सम्मेलनों की तरह इस बार भी करोड़ों रुपये खर्च करके उद्योगपतियों और निवेशकों की मेहमाननवाजी की जा रही है। सरकारी खजाना ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के नाम पर खाली किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने भी साधा निशानाउमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार हर महीने 5000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज लेती है। जीआईएस पर बेतहाशा पैसा खर्च कर रही है। सिंघार ने कहा कि लेकिन अगर हम 2003 से अब तक के 6 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का रिकॉर्ड देखें, तो जमीनी स्तर पर सफलता दर शून्य प्रतीत होती है। उन्होंने आगे कहा कि 2003 से 2016 तक पहले पांच निवेशक सम्मेलनों में 17.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों का दावा किया गया था। इसके बाद 2023 में इंदौर में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शिवराज सिंह चौहान सरकार ने लगभग 15.40 लाख करोड़ रुपये के निवेश का दावा किया। यानी लगभग 32 लाख करोड़ रुपये का निवेश मध्य प्रदेश की धरती पर आने का दावा किया गया। जबकि हकीकत यह है कि 2003 से 2023 तक केवल 3.47 लाख करोड़ रुपये ही आए, जो सरकार द्वारा प्राप्त कुल निवेश प्रस्तावों का केवल 10% है।

बाड़मेर के इस नेता को मिला MP का प्रभार, कांग्रेस ने संगठन में किया बड़ा बदलाव

भोपाल मध्य प्रदेश कांग्रेस में बदलाव का दौर जारी है. अब प्रदेश कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव हुआ है. भंवर जितेंद्र सिंह को प्रभारी पद से हटाया गया है. उनकी जगह हरीश चौधरी मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी बनाए गए हैं. भंवर जितेंद्र सिंह के पास दो राज्यों की जिम्मेदारी थी. जितेंद्र सिंह मध्य प्रदेश के अलावा असम के प्रभारी थे. कांग्रेस ने 13 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में नए प्रभारी नियुक्ति किए हैं. हरीश चौधरी राजस्थान में गहलोत सरकार में मंत्री रह चुके हैं. वर्तमान में बाड़मेर जिले की बायतु विधानसभा क्षेत्र से राजस्थान विधान सभा के MLA हैं. हरीश चौधरी को गांधी परिवार का बेहद करीबी माना जाता है. हरीश चौधरी मध्य प्रदेश में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के साथ मिलकर कांग्रेस संगठन का काम देखेंगे.   पटवारी ने भाजपा पर निशाना साधा इधर, भोपाल में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए भाजपा पर निशाना साधा. MP करप्शन के मामले में टॉप 3 में है. अधिकारियों के 300 से अधिक प्रकरण लंबित है. 21 साल पुराने मामले पर उनके और उनके परिवार पर FIR कर दी है. हेमंत कटारे हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे थे. मेरा सवाल मोहन यादव से है. क्या एक ही ऐसा केस है पूरे MP में ऐसा? ऐसे कितने ही एमपी में कैसे हैं और यह कैस तो सिविल का है. कांग्रेस के नेताओं पर दबाव बनाने के लिए FIR दर्ज कराई जा रही है. सौरभ शर्मा केस कैसे रफा दफा हो जाए सरकार उसमें जुटी है. कांग्रेस ने गिनाए घोटाले पटवारी ने कहा कि BJP के नेता की बैलेंस शीट बढ़ी है. चोरी कलंकित, करप्शन आप करो FIR कांग्रेस के नेता पर कर रहे हो. परिवहन घोटालों पर ध्यान दो और लोकायुक्त में जांच चल रही उसे पूरा करो. जांच की जाए तो मंत्रालय में बैठे सभी मंत्री जेल में चले जाएंगे. पटवारी ने नल जल योजना को लेकर कहा कि मैं पत्रकारों को चुनौती देता हूं जहां भी 100 प्रतिशत योजना पहुंची हो तो मैं उस पत्रकार ओर व्यक्ति का स्वागत करूंगा. मुख्यमंत्री के विधानसभा में, मंत्री संपत्तियां उईके के विधानसभा हो या किसी विधायक के विधानसभा का एक भी गांव ऐसा बता दो जहां नल-जल योजना से पानी मिल रहा हो. नल जल योजना में 65 प्रतिशत का घोटाला है. 

महाराष्ट्र कांग्रेस का संगठन में किया बड़ा बदलाव, हर्षवर्धन सपकाल को बनाया नया प्रदेश अध्यक्ष

मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस ने संगठन स्तर पर बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने नाना पटोले की जगह हर्षवर्धन सपकाल को महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके अलावा विजय वडेट्टीवार को तत्काल प्रभाव से महाराष्ट्र में कांग्रेस विधायक दल का नेता नियुक्त किया गया है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस ने संगठन स्तर पर बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने नाना पटोले की जगह हर्षवर्धन सपकाल को महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके अलावा विजय वडेट्टीवार को तत्काल प्रभाव से महाराष्ट्र में कांग्रेस विधायक दल का नेता नियुक्त किया गया है। हर्षवर्धन पश्चिमी विदर्भ क्षेत्र से आते हैं। उन्हें राहुल गांधी का करीबी माना जाता है। कौन हैं हर्षवर्धन सपकाल? हर्षवर्धन सपकाल का जमीनी स्तर से राजनीति से जुड़े हैं। उन्होंने राजनीतिक सफर में जिला परिषद सदस्य से लेकर विधायक तक की भूमिका संभाली है। वह 1999 से 2002 तक जिला परिषद के अध्यक्ष रहे। उस समय वे महाराष्ट्र के सबसे युवा अध्यक्ष के रूप में जाने जाते थे। वह 2014 से 2019 के बीच कांग्रेस से विधायक भी रहे। पार्टी ने आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की है। इसलिए नए अध्यक्ष के सामने इन चुनावों को जीतने की बड़ी चुनौती होगी। हर्षवर्धन सपकाल वर्तमान में कांग्रेस के राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उन्होंने महात्मा गांधी और विनोबा भावे की विचारधाराओं पर आधारित ग्राम स्वराज्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सपकाल को सर्वोदय विचारों पर आधारित राष्ट्र निर्माण युवा शिविरों के आयोजन, ग्राम स्वच्छता अभियानों में सक्रिय भागीदारी और आदर्श ग्राम आंदोलन का अनुभव है। पटोले ने चुनाव के बाद की थी इस्तीफे की पेशकश महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद नाना पटोले ने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। पार्टी नेतृत्व ने उनके इस्तीफे को मंजूर कर लिया था। पिछले साल के आखिर में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 16 विधानसभा सीटों पर ही जीत मिली थी। इसके बाद से ही उनके नेतृत्व पर सवाल उठना शुरू हो गए थे।

दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का एक बार फिर सफाया, 67 उमीदवार नहीं बचपाये अपनी जमानत

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के 70 में से 67 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई. वह 70 सदस्यीय विधानसभा में लगातार तीसरी बार अपना खाता खोलने में नाकाम रही है. हालांकि, कांग्रेस के वोट शेयर में 2.1% का मामूली सुधार हुआ है. जबकि उनके कई प्रमुख नेताओं को करारी हार का सामना करना पड़ा. वहीं. कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया है कि वो लोगों का विश्वास फिर से जीतेंगे और 2030 में अपनी सरकार बनाएंगे. दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का एक बार फिर सफाया गया. पार्टी के अधिकांश उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई. कांग्रेस के सिर्फ तीन उम्मीदवार अपनी जमानत बचाने में कामयाब रहे. जिनमें कस्तूरबा नगर से अभिषेक दत्त जो दूसरे स्थान पर रहने वाले एकमात्र कांग्रेसी नेता हैं. इस लिस्ट में नांगलोई जाट से रोहित चौधरी और बादली से देवेंद्र यादव शामिल हैं. ज्यादातर कांग्रेस उम्मीदवार बीजेपी या आप के बाद तीसरे स्थान पर रहे, लेकिन कुछ सीटों में कांग्रेस के उम्मीदवार एआईएमआईएम के उम्मीदवारों से भी पीछे रहे. जिसमें मुस्लिम बहुल क्षेत्र शामिल हैं. ये उम्मीदवार रहे तीसरे नंबर पर दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव खुद बादली सीट पर तीसरे स्थान पर रहे, महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा कालकाजी में तीसरे स्थान पर रहीं और पूर्व मंत्री हारून यूसुफ बल्लीमारान में तीसरे स्थान पर थे, जिसका उन्होंने 1993 से 2013 के बीच पांच बार प्रतिनिधित्व किया था. कांग्रेस ने बिगाड़ा आप का खेल कांग्रेस के वोट शेयर में मामूली सुधार ने आप आदमी पार्टी को भारी नुकसान पहुंचाया है. कांग्रेस आप के लिए खेल बिगाड़ने में कामयाब रही, जिसे अनुसूचित जाति और मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भारी नुकसान उठाना पड़ा, जहां कांग्रेस ने आप की कीमत पर मामूली बढ़त हासिल की और भाजपा को फायदा हुआ. चुनाव में आप के वोट शेयर में 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. आम आदमी पार्टी को 43.19 प्रतिशत वोट मिले हैं, जबकि 2020 के चुनाव में 53.6 प्रतिशत वोट शेयर मिला था. विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के वोट शेयर में 2.1 प्रतिशत का सुधार हुआ है, लेकिन ये वोट शेयर सीट में तब्दील नहीं हो पाया. पार्टी को 2020 के विधानसभा चुनावों में 4.3 प्रतिशत के मुकाबले 2025 के चुनाव में 6.39 प्रतिशत वैध वोट मिले हैं. साल 2008 में कांग्रेस का वोट शेयर 40.31 प्रतिशत (पिछली बार जब कांग्रेस ने दिल्ली में सरकार बनाई थी) था. कांग्रेस का ये प्रतिशत साल 2013 में गिरकर 24.55 प्रतिशत पहुंच गया, 2015 में 9.7 प्रतिशत और 2020 में 4.3 प्रतिशत पर पहुंच गया था.वहीं, AAP ने कांग्रेस के वोट शेयर में सेंध लगाकर 2013 में 29.6 प्रतिशत, 2015 में 54.6 प्रतिशत और 2020 में 53.6 प्रतिशत वोट हासिल किया था.   पार्टी के एक नेता ने कहा, ‘हमने जो खोया था, उसका कुछ हिस्सा वापस पा लिया है. ये लड़ाई जारी रहेगी.’ कांग्रेस नेताओं को लगता है कि अब ये एक लंबी और कठिन लड़ाई है, क्योंकि पार्टी लगभग 5.8 लाख वोट हासिल करने में सफल हो सकती है, जो 2020 में 3.95 वोट से थोड़ा अधिक है. लेकिन 2015 में 8.67 लाख वोट और 2013 में 1.93 करोड़ वोट से बहुत दूर है जब उसने 8 सीटें जीती थीं. 2008 में कांग्रेस को 2.49 करोड़ वोट मिले थे, जब उसने 43 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी. इसके इतर कांग्रेस का पतन और उसकी बिगड़ती स्थिति का असर इंडिया ब्लॉक की एकता जुटता पर पड़ेगा, क्योंकि इंडिया ब्लॉक में पहले ही कांग्रेस बैकफुट पर है. कांग्रेस के साझेदार वैचारिक मुद्दों और चुनावी तालमेल को लेकर अलग-अलग राय रखते रहे हैं. बिहार में विधानसभा चुनावों में इंडिया ब्लॉक के साझेदारों के बीच तनातनी दिख सकती है. हरियाणा और महाराष्ट्र के बाद दिल्ली में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन से विपक्षी गुट में उसकी प्रमुख स्थिति और भी कम हो जाएगी. इसलिए जबकि कांग्रेस और AAP ने दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा में 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए गठबंधन किया था, लेकिन उन्होंने दिल्ली में अकेले लड़ने का फैसला किया.

देश की राजधानी दिल्ली पर जिस पार्टी ने सबसे ज्यादा राज किया, आज उसे जनता ने किया पहचानने से इनकार!

नई दिल्ली  देश की राजधानी दिल्ली पर जिस पार्टी ने सबसे ज्यादा राज किया, आज उसे दिल्ली की जनता ने शायद पूरी तरह भुला दिया है। दिल्ली में 15 साल तक लगातार सरकार चलाने वाली कांग्रेस पार्टी इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 से गायब हो गई है। पूरा मुकाबला आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच ही सिमट कर रह गया है। अभी तक के रुझानों में दिल्ली की 70 सीटों में से एक पर भी खाता खुलता नहीं दिख रहा है। वोट प्रतिशत की भी बात करें, तो कांग्रेस बहुत ही बुरी स्थिति में दिख रही है। सुबह 10.30 बजे तक के रुझानों में कांग्रेस को महज 6.86 फीसदी वोट ही मिले हैं। मौजूदा रुझानों में 69 में से बीजेपी 41 तो आम आदमी पार्टी 28 सीटों पर आगे चल रही है। अगर इस बार भी कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिलती है तो यह लगातार तीसरा मौका होगा, जब कांग्रेस को दिल्ली ने पूरी तरह से नकार दिया। 2020 में भी नहीं खुला था खाता दिल्ली में हुए पिछले विधानसभा चुनाव 2020 में भी कांग्रेस का बुरा हाल था। पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली थी। उसका वोट प्रतिशत भी महज 4.26 फीसदी ही रहा था। 2015 में भी कांग्रेस ने सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। वोट शेयर भी 9.7 फीसदी ही रहा था। आम आदमी पार्टी के उदय ने किया बंटाधार 2013 में आम आदमी पार्टी के उदय ने अगर किसी को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है तो वो कांग्रेस ही है। इस चुनाव से पहले 1998 से लगातार कांग्रेस की सरकार दिल्ली में थी। मगर 2013 में जनता ने अपना नया नेता चुन लिया। एक नई पार्टी ने चमत्कार कर दिया। 2008 के चुनावों में 40 फीसदी से ज्यादा वोट शेयर लेकर सरकार बनाने वाली कांग्रेस 2013 में 25 फीसदी से भी कम वोट शेयर पर आ गिरी। पार्टी का वोट शेयर 24.25 फीसदी ही रहा और सीटें भी 43 से घटकर महज 8 ही रह गई। इसके बाद से तो पार्टी को एक सीट मिलना भी दूभर हो गया। लोकसभा चुनाव का नहीं मिला फायदा कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में देशभर में अच्छा प्रदर्शन किया था। पार्टी ने बीजेपी को कड़ी टक्कर दी थी। हालांकि दिल्ली की सातों सीटों पर उसे हार ही मिली थी। लेकिन 18 फीसदी जनता ने राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पर भरोसा जताया था। मगर इसका फायदा कांग्रेस को दिल्ली के विधानसभा चुनावों में नहीं मिला।

शक्कर कारखाना चालू होने तक जारी रहेगा आंदोलन: पंकज उपाध्याय

The movement will continue till the sugar factory becomes operational: Pankaj Upadhyay कैलारस शक्कर कारखाने को लेकर प्रशासन एवं आंदोलनकारीयौ में ठनी हुई है सरकार लगातार किसानों एवं जनता को लगातार गुमराह कर रही है वहीं शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति निरंतर आंदोलन कर रही है विगत 21 जनवरी को कैलारस शक्कर कारखाने की भूमि के निलामी के विरोध में विधायक पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में चार दिवसीय धरना दिया गया एवं दिनांक 21 जनवरी को सत्याग्रह एवं जेल भरो आंदोलन किया गया जिसमें हजारों की संख्या में किसानो युवाओं एवं आम जनों ने हिस्सा लेकर अपने गिरफ्तारी दी  प्रशासन ने भारी दबाव के कारण नीलामी टाल दी परंतु दिनांक 7 फरवरी को पुनः शक्कर कारखाने की भूमि की नीलामी निकली है इसके विरोध में एक बार फिर से किसान युवा आंदोलित होकर नीलामी वाले दिन विरोध प्रदर्शन करेंगे संघर्ष समिति ने आह्वान किया है कि शक्कर कारखाने पर एक दिवसीय भूख हड़ताल की जावेगी एवं आमजन अपने-अपने घरों पर काले झंडे लगाकर विरोध दर्ज करें शक्कर कारखाने पर हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आंदोलन निरंतर जारी रखा जाएगा सरकार जब तक कारखाना प्रारंभ करने की मांग नहीं मान लेती एवं नीलामी नहीं रुकती तब तक संघर्ष जारी रहेगा समिति ने जनता जनार्दन से निवेदन किया है कि जौरा कैलारस एवं संपूर्ण मुरैना चंबल के अचल के लोग दिनांक 7 फरवरी को काले कपड़े पहन कर अपना विरोध दर्ज कारण एवं अपने घरों पर काले झंडे लगाए एवं बड़ी संख्या में भूख हड़ताल में पहुंचकर अपना विरोध प्रदर्शित करें बैठक में मुख्य रूप से पूर्व विधायक महेश दत्त मिश्रा किसान संघ के अशोक तिवारी गयाराम धाकड़ Bsp नेता नंदलाल खरे मुरारी लाल अमर नरहरि शर्मा बल्लभ यादव रामहेत जाटव काला जी अशोक जाटव ओम प्रकाश शाक्य परसराम जादौन ध्रुव यादव वीर सिंह कुशवाह सकलेचा जी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनोद दुबे मोहन रसोईया सत्येंद्र सोलंकी संतोष सोलंकी नीरज जाटव मोनू सिकरवार कल्लु सिकरवार सरपंच रिंकू मुद्गल पार्षद मोहित शुक्ला रफीक खान सोनू खान एदल गुर्जर के साथ बड़ी संख्या में किसान एवं आमजन मौजूद थे

नेता प्रतिपक्ष सिंघार बोले-बिहार चुनाव को ध्यान में रखते हुए बनाया गया बजट,वहां कई विशेष पैकेज दिए

Leader of Opposition Singhar said – The budget was made keeping in mind the Bihar elections, many special packages were given there. मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्रीय बजट को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये केंद्रीय बजट बिहार चुनाव को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, वहां कई विशेष पैकेज दिए गए। उन्होंने कहा नीतीश कुमार के भरोसे भाजपा की सरकार चल रही है इसलिए उनपर ही मेहरबानी की गई है। एमएसपी कानून की गारंटी पर कोई बात नहींनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री जी शायद भूल गए हैं कि देश का बजट पूरे देश के लिए होता है। उन्होंने कहा इस बजट में किसानों की एमएसपी कानून की गारंटी पर कोई बात नहीं की गई। प्रधानमंत्री आवाज योजना 13670 करोड़ कर दी गयी। जल जीवन मिशन 70 हजार करोड़ था अब 22694 करोड़ कर दिया। एससी एसटी ओबीसी की योजनाओं में भी कटौती की गई है। एससी एसटी और गरीबों के लिए कुछ नहींनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ये बजट भाजपा सरकार ने एक राज्य में चुनाव जीतने के हिसाब से बनाया गया है। उमंग सिंघार ने कहा कि किसानों के एमएसपी, आवास योजना, एससी एसटी और गरीबों के लिए कुछ नहीं किया गया है, उनकी योजनाओं को लेकर कटौती की गई है। उमंग सिंघार ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री जी आप इन्हीं लोगों के कारण प्रधानमंत्री बने हैं और उन्हीं को आज भूल गए। ये देश का बजट है देश के हिसाब से होना

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि: राष्ट्रपति मुर्मू ने दी बापू को दी श्रद्धांजलि; राहुल-खरगे ने भी याद किया

Mahatma Gandhi’s death anniversary: ​​President Murmu paid tribute to Bapu; Rahul-Kharge also remembered महात्मा गांधी की 77वीं पुण्यतिथी पर गुरुवार को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई दिग्गज नेताओं ने बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुर्मू ने गांधी की समाधि राजघाट पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके अलावा, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और मनोहर लाल खट्टर समेत अन्य नेताओं ने भी गांधी को श्रद्धांजलि दी। साथ ही बापू की याद में दो मिनट का मौन भी रखा गया। राहुल गांधी ने दी श्रद्धांजलिकांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने बापू की 77वीं पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर लिखा कि गांधी जी सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, वह भारत की आत्मा हैं, और हर भारतीय में आज भी जीवित हैं। उन्होंने आगे लिखा कि सत्य, अहिंसा और निडरता की शक्ति बड़े से बड़े साम्राज्य की जड़ें हिला सकती हैं – पूरा विश्व उनके इन आदर्शों से प्रेरणा लेता है। राष्ट्रपिता, महात्मा, हमारे बापू को उनके शहीद दिवस पर शत-शत नमन। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने बापू को दी श्रद्धांजलिमहात्मा गांधी की पुण्यतिथी पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी बापू को याद किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि आप मुझे बेड़ियों से जकड़ सकते हैं, यातना दे सकते हैं, आप इस शरीर को ख़त्म भी कर सकते हैं, लेकिन आप मेरे विचारों को क़ैद नहीं कर सकते। महात्मा गांधी बलिदान दिवस पर बापू को विनम्र श्रद्धांजलि। कर्नाटक के डिप्टी सीएम ने भी बापू को किया यादबापू की पुण्यतिथि पर कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने पुष्पांजलि अर्पित कर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी की कार को ट्रक ने मारी टक्कर, इंदौर-भोपाल हाईवे पर हुआ हादसा

Congress State President Jitu Patwari’s car hit by a truck, accident happened on Indore-Bhopal highway मध्य प्रदेश के सीहोर से इस वक्त बड़ी खबर आई है। बता दें, अपने प्रवास पर निकले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की कार सड़क हादसे का शिकार बन गई है। एक ट्रक ने जीतू पटवारी की कार को पीछे से टक्कर मारी है। हालांकि, इस दौरान राहत वाली बात ये है कि कांग्रेस नेता पटवारी सुरक्षित हैं। ग्राम लसूड़िया और फंदा टोल के बीच की घटना बताई जा रही है। जानकारी लगते ही तुरंत थाना खजूरी पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है।

शक्कर कारखाने की भूमि की नीलामी फिर से प्रारंभ करना किसानों के साथ धोखा पंकज उपाध्याय

Pankaj Upadhyay, resuming auction of sugar factory land, cheating farmers कैलारस ! तहसीलदार कैलारस के पिछले दिनों जारी एक पत्र से हंगामा मचा हुआ है जिसमें शक्कर कारखाना की भूमि नीलामी की तिथि 7 फरवरी रखी गई है जौरा विधायक पंकज उपाध्याय ने अपने व्यक्तत्व में बताया कि शक्कर कारखाने की भूमि नीलामी की प्रक्रिया पुन प्रारंभ करना मुरैना चंबल क्षेत्र के किसानों के साथ धोखा है 21 जनवरी को हुए विशाल धरने एवं सत्याग्रह जेल भरो आंदोलन के बाद भी सरकार प्रशासन की नींद नहीं खुली यह प्रक्रिया पुनः प्रारंभ करना आग से खेलने जैसा रहेगा शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति के जितने भी सदस्य हैं वह सब जल्दी निर्णय लेंगे कि आगे किस तरीके से आंदोलन किया जाए परंतु यह निश्चित है कि आंदोलन किया जाएगा और अब आंदोलन बड़ा और विकराल रूप में होगा जिसकी संपूर्ण जानकारी प्रशासन की रहेगी पिछले दिनों हुए धरने में कैलारस जोरा की जनता ने बता दिया था कि शक्कर कारखाना है भूमि के नीलामी के विरोध में सभी आमजन एक होकर सड़कों पर उतरे हैं और आगे भी उतरेंगे सरकार प्रशासन कितना भी पुलिस बल बुला ले डंडे बरसा ले परंतु किसान और आमजान अब हटने वाला नहीं है निश्चित रूप से 7 फरवरी को होने वाली नीलामी में बड़ा विरोध दर्ज किया जाएगा संघर्ष समिति के अशोक तिवारी पूर्व विधायक महेशदत्त मिश्रा गयाराम धाकड़ बृजमोहन मरैया md पाराशर के साथ बैठकर आगे की रणनीति बनाई जाएगी!

भाजपा-कांग्रेस नेताओं में विवाद, चलीं गोलियां, भारी पुलिस बल तैनात

Dispute between BJP-Congress leaders, bullets fired, heavy police force deployed mp news! मध्यप्रदेश के भिंड के गोहद मे भाजपा-कांग्रेस नेताओं के बीच हुए विवाद के बाद दोनों पक्षों की ओर से जमकर गोलियां चलीं। दोनों पक्षों की ओर से हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद शहर में सनसनी फैल गई और माहौल तनाव पूर्ण हो गया। घटना का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को देखते हुए चार थानों का पुलिस बल बुलाकर मौके पर तैनात किया गया है। पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। साथ ही कई लोगों के हथियार भी जब्त किए हैं। भाजपा-कांग्रेस नेताओं में विवादघटना गोहद चौराहे की जहां बुधवार की सुबह कांग्रेस नेता विश्वनाथ प्रताप सिंह अपने खेतों की ओर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि तभी भाजपा नेता सत्येन्द्र गुर्जर व उसके साथियों ने विश्वनाथ प्रताप सिंह को घेर लिया। इस दौरान भाजपा नेता सत्येन्द्र गुर्जर के साथियों ने फायरिंग भी की जिससे बचते हुए किसी तरह विश्वनाथ प्रताप सिंह घर पहुंचे और अपनी बंदूक निकाल कर वापस घटना स्थल पर लौटे। दोनों तरफ से चलीं गोलियांकांग्रेस नेता विश्वनाथ प्रताप सिंह जब बंदूक लेकर मौके पर पहुंचे तो एक बार फिर भाजपा नेता सत्येन्द्र गुर्जर के साथियों ने गोलियां चलाईं जिसके जवाब में विश्वनाथ प्रताप सिंह के पक्ष की ओर से भी गोलियां चलाई गईं। सुबह-सुबह चौराहे पर हुई फायरिंग की इस घटना से पूरे शहर में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से वर्चस्व की लड़ाई चल रही है और ये घटना उसी का परिणाम है। हालात बिगड़ते देख चार थानों का पुलिस बल इलाके में तैनात किया गया है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले महू पहुंचे CM मोहन यादव, कांग्रेस बोली- ‘खुद नहीं आए, उनका डर लाया है’

Jitu Patwari on Mohan Yadav: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव गणतंत्र दिवस के अवसर पर महू पहुंचे जहां उन्होंने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतीक स्थली के दर्शन किए. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले सीएम मोहन यादव के महू आने पर जीतू पटवारी की प्रतिक्रिया आई है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि सीएम मोहन यादव अपने आप यहां नहीं आए, बल्कि उनका डर उन्हें महू खींच कर लाया है. दरअसल, सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए जीतू पटवारी ने लिखा, “मुख्यमंत्री जी, सच यह है कि बाबा साहब की जन्म भूमि और संविधान की प्रतीक स्थली डॉ. अंबेडकर नगर (महू) आप नहीं आए, आपका ‘डर’ आपको यहां लेकर आया है. डर जनता का, डर लोकतंत्र की शक्ति का, डर संवैधानिक मूल्यों/मान्यताओं का. याद रखें कि संविधान के अस्तित्व को ही नकारने वाले आप जैसे कितने ही बीजेपी वाले आएंगे और चले भी जाएंगे, लेकिन बाबा साहब के पवित्र संविधान को छू भी नहीं पाएंगे.” राहुल गांधी-प्रियंका गांधी पहुंचेंगे महूकांग्रेस ने कहा है कि सोमवार को मध्य प्रदेश के महू में ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ रैली को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी संबोधित करेंगे. इंदौर से करीब 25 किलोमीटर दूर महू भारतीय संविधान के मुख्य निर्माता डॉ. बी.आर. आंबेडकर की जन्मस्थली है. मध्य प्रदेश कांग्रेस ने रविवार को दावा किया कि रैली में 2 लाख से ज्यादा लोग हिस्सा लेंगे. संविधान की रक्षा का लेंगे संकल्पकांग्रेस ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मध्य प्रदेश के प्रभारी महासचिव जितेंद्र सिंह और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी रैली को संबोधित करेंगे. कार्यक्रम के दौरान नेता और कार्यकर्ता संविधान की रक्षा का संकल्प लेंगे. भोपाल में पत्रकारों से बात करते हुए जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार पर संविधान का ‘बार-बार अपमान’ करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि बीजेपी संविधान बदलने के लिए लोकसभा में 400 सीटें चाहती है. जीतू पटवारी ने दावा किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और सत्तारूढ़ पार्टी के नेता आरक्षण को चुनौती दे रहे हैं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल में आंबेडकर का अपमान किया था. पटवारी ने कहा, ‘‘ये सभी मुद्दे कांग्रेस के लिए चिंता का विषय हैं. कांग्रेस ने संविधान की रक्षा के लिए काम किया है, जिसके लिए पार्टी देश भर में ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ अभियान चलाएगी.”

इंदौर के लिए राहुल गांधी रवाना, रैली स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जमावड़ा

Congress Jai Bapu Jai Bhim Jai Constitution Rally in Mhow Live: इंदौर में बाबा साहेब आंबेडकर और बापू के नाम पर कांग्रेस की ‘जय भीम, जय बापू, जय संविधान’ रैली आज (सोमवार) आयोजित होने जा रही है। मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और अन्य प्रमुख नेता इसमें शामिल होंगे। एमपी कांग्रेस ने तस्वीरें की शेयर

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