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मल्लिकर्जुन खड़गे का मोदी सरकार पर हमला: ओबीसी आरक्षण और जातिगत जनगणना पर दोहरा रुख

Mallikarjun Kharge’s sharp comment on Modi government: Double stance on OBC reservation and caste census नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकर्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खड़गे ने कहा कि मोदी जी चुनावी लाभ के लिए खुद को बार-बार ओबीसी बताने का दावा करते हैं, लेकिन यह कभी नहीं बताते कि वे जातिगत जनगणना से पिछड़ी जातियों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को क्यों छुपाए रखना चाहते हैं।खड़गे ने इस संदर्भ में मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया और कहा, “जब मंडल आयोग की सिफारिशें लागू की गईं, तो बीजेपी ने इसका विरोध करते हुए यात्रा निकाली थी। अब मोदी जी ओबीसी वोट हासिल करने के लिए ओबीसी होने का दावा करते हैं, लेकिन जब बात उनके वास्तविक कामकाजी रुख की आती है, तो वे पिछड़ों के हक में कभी खड़े नहीं हुए।” राहुल गांधी के हालिया बयान का हवाला देते हुए खड़गे ने कहा कि हाल ही में धनबाद में राहुल गांधी ने यह खुलासा किया था कि देश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी ओबीसी वर्ग से है, 15 प्रतिशत दलित हैं, और 8 प्रतिशत आदिवासी वर्ग के लोग हैं। इन वर्गों की बेहतर सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने का सबसे बड़ा तरीका जातिगत जनगणना है।खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ओबीसी, दलित और आदिवासी वर्ग के खिलाफ है, और यह बात झारखंड की गठबंधन सरकार द्वारा किए गए एक बड़े कदम से स्पष्ट होती है। झारखंड विधानसभा ने OBC आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के लिए प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन मोदी सरकार ने इसे गवर्नर से रोकवा दिया। “यह दोहरा चरित्र दर्शाता है कि मोदी जी अपने घोषणापत्र में OBC आरक्षण बढ़ाने की बात करते हैं, लेकिन जब असल में इसे लागू करने का समय आता है, तो वे उसे रोकने में किसी भी हद तक जा सकते हैं। क्या इस तरह के दावे पर आप लोग विश्वास करेंगे?” खड़गे ने सवाल उठाया। खड़गे ने यह भी कहा कि मोदी सरकार का यह दोगला रुख ही उनकी असल नीयत को दर्शाता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस मुद्दे पर गंभीर सोच-विचार करें और सही पक्ष का समर्थन करें।

19 उपचुनाव सीटों की तारीखों की घोषणा: ECI आज 3:30 बजे कर सकता है

Announcement of dates of 19 by-election seats: ECI may announce today at 3:30 pm यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश की 19 सीटों के उपचुनाव की तारीखों का ऐलान आज हो सकता है. इसमें यूपी से 10, राजस्थान से सात और एमपी की 2 सीटें हैं. निर्वाचन आयोग (ईसी) मंगलवार को महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनावों की तारीखों के साथ उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान की कुल 19 सीटों पर उपचुनाव का ऐलान भी कर सकता है. निर्वाचन आयोग चुनाव संबंधी विस्तृत जानकारी की घोषणा के लिए दिल्ली में दोपहर साढ़े तीन बजे संवाददाता सम्मेलन का आयोजन करने वाला है. यूपी में करहल, मिल्कीपुर, सीसामऊ, कुंदरकी, गाजियाबाद, फूलपुर, मझवां, कटेहरी, खैर और मीरापुर समेत प्रदेश की कुल 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है. वहीं राजस्थान में खींवसर, झुंझुनूं, दौसा, देवली-उनियारा और चौरासी, रामगढ़ और सलूंबर सीटें खाली हैं. इसके अलावा एमपी में बुधनी और विजयपुर में उपचुनाव होने हैं. इन 19 सीटों के अलावा निर्वाचन आयोग तीन लोकसभा और कम से कम अन्य 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की भी घोषणा कर सकता है, जो विभिन्न कारणों से रिक्त हैं. लोकसभा की जो तीन सीटें रिक्त हैं उनमें केरल में वायनाड, महाराष्ट्र में नांदेड़ और पश्चिम बंगाल में बशीरहाट सीट शामिल है. बात महाराष्ट्र विधानसभा की करें तो उसका कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त हो रहा है जबकि झारखंड विधानसभा का कार्यकाल अगले साल पांच जनवरी को समाप्त होने वाला है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में वायनाड और रायबरेली सीट से जीत दर्ज की थी. गांधी ने वायनाड सीट खाली कर दी थी और रायबरेली सीट को बरकरार रखा था. नांदेड़ सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले कांग्रेस सांसद वसंत चव्हाण और बशीरहाट सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले तृणमूल कांग्रेस के सांसद हाजी शेख नुरुल इस्लाम के हाल में निधन के बाद इन सीट पर चुनाव कराना आवश्यक हो गया है. दोपहर 3:30 बजे विज्ञान भवन में प्रेस वार्तामहाराष्ट्र और झारखंड में होने वाले विधानसभा चुनावों से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है. जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग मंगलवार को चुनावों के लिए तारीखों का ऐलान करेगा.भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने बताया कि आज दोपहर 3:30 बजे विज्ञान भवन के प्लेनरी हॉल में आयोजित की जाएगी.

महिला टी20 विश्व कप: पाकिस्तान ने कम स्कोर वाले मैच में श्रीलंका को 31 रनों से हराया

Women’s T20 World Cup: Pakistan beats Sri Lanka by 31 runs in a low-scoring match भोपाल ! पाकिस्तान ने आईसीसी महिला टी20 विश्व कप में अपने अभियान की शानदार शुरुआत की, क्योंकि उन्होंने गुरुवार को शारजाह में कम स्कोर वाले मैच में एशिया कप विजेता श्रीलंका को 31 रनों से हराया। पाकिस्तान ने आईसीसी महिला टी20 विश्व कप में अपने अभियान की शुरुआत जीत के साथ की, क्योंकि उन्होंने गुरुवार को शारजाह में अपने एशियाई प्रतिद्वंद्वी श्रीलंका को 31 रनों से हराया। कम स्कोर वाले मैच में पहले बल्लेबाजी करने वाली पाकिस्तान की टीम 20 ओवर में 116 रनों पर आउट हो गई। एशिया कप विजेता श्रीलंका के लिए 117 रनों का लक्ष्य आसान लग रहा था, लेकिन पाकिस्तान के गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया और श्रीलंका को 20 ओवर में 85/9 पर रोक दिया। पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना को 20 गेंदों में 30 रनों की पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जबकि श्रीलंका की कप्तान चमारी अथापथु ने 3/19 का शानदार स्पेल किया। अथापथु की टीम की साथी सुगंदिका कुमारी और उदेशिका प्रबोधनी। हालांकि, तीनों की गेंदबाजी की कोशिशें बेकार गईं। छोटे स्कोर का बचाव करते हुए, बाएं हाथ की स्पिनर सादिया इकबाल ने चार ओवर में 3/17 के शानदार आंकड़े के साथ पाकिस्तान की अगुआई की, जबकि ओमैमा सोहेल (2/17), नशरा संधू (2/15) और कप्तान सना (2/10) ने दो-दो विकेट लिए। टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही और छठे ओवर में उसने 32 रन पर तीन विकेट गंवा दिए। श्रीलंका मैच में शीर्ष पर था, लेकिन 10वें ओवर में ओमैमा सोहेल (19 गेंदों पर 18 रन) के रूप में अपना चौथा विकेट गिरने के साथ ही पाकिस्तान की स्थिति और खराब हो गई। अपनी पारी के आधे चरण में, पाकिस्तान चार विकेट के नुकसान पर 57 रन के सामान्य स्कोर के साथ मुश्किल में था। बाएं हाथ की स्पिनर सुगंधिका कुमारी ने पाकिस्तान की पारी के शुरुआती दौर में सबसे ज़्यादा विध्वंसक भूमिका निभाई, इस अनुभवी खिलाड़ी ने सलामी बल्लेबाज मुनीबा अली (14 गेंदों पर 11 रन) और गुल फ़िरोज़ा (4 गेंदों पर 2 रन) के विकेट लिए। हालांकि, अंत में पाकिस्तान ने जीत दर्ज की। संक्षिप्त स्कोर: पाकिस्तान: — 20 ओवर में (फ़ातिमा सना 30; चमारी अथापथु 3/18, सुगंधिका कुमारी 3/19, उदेशिका प्रबोधनी 3/20) श्रीलंका: 20 ओवर में 85/9 (नीलक्षी डी सिल्वा 22; सादिया इक़बाल 3/17)।

रामनाथ कोविन्द : प्रसाद के प्रति शंका पैदा करती है तिरुपति तिरुमाला जैसी घटनाएं

Ramnath Kovind: Incidents like Tirupati Tirumala raise doubts about Prasad

Ramnath Kovind: Incidents like Tirupati Tirumala raise doubts about Prasad नई दिल्ली। बीएचयू के आयुर्वेद विभाग की राष्ट्रीय संगोष्ठी में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने कहा कि इस समय तिरुपति तिरुमाला प्रसादम की खबर आ रही है। लोगों के मन में प्रसाद के प्रति श्रद्धा होती है, लेकिन ऐसे मामले शंका उत्पन्न करते हैं। उन्‍होंने कहा, ”इस बार मुझे बाबा विश्वनाथ के दर्शन का सौभाग्य नहीं प्राप्त हो सका, लेकिन मेरे कुछ सहयोगी मंदिर गए थे। वह प्रसाद लेकर आए तो उस समय मेरे मन में तिरुमाला प्रसादम की बात खटकी। हर मंदिर और तीर्थस्थल की कहानी हो सकती है। मिलावटपन को हिंदू शास्त्रों में पाप कहा गया है।” खाद्य पदार्थों में हो रही मिलावट दुर्भाग्यपूर्णरामनाथ कोविन्द शनिवार को शताब्दी कृषि प्रेक्षागृह में भारतीय गाय, जैविक खेती व पंचगव्य चिकित्सा विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने खाद्य पदार्थों में हो रही मिलावट को दुर्भाग्यपूर्ण बताया!उन्‍होंने कहा क‍ि कहा कि किसान भी सोचता है कि अगर उसके पास सौ बीघा खेत है तो वह 10 बीघा खेती रासायनिक पदार्थों के इस्तेमाल के बगैर करना चाहता है। जो अन्न उन्हें या उनके परिवार को उपभोग करना है, इतना हिस्सा वह गौ आधारित खेती कर रहे, लेकिन वह किसान भूल जाता है कि गेहूं व धान की खेती तो ऐसे कर सकता है। मसाला और बाकी अन्न की खेती के लिए बाजार पर ही निर्भर रहना पड़ेगा। वह आइसोलेट होकर कैसे सोच सकते हैं। ऐसे में गोवंश के विज्ञानी देश को समाधान बताएं।

बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, BJP शासित राज्यों को लगा झटका

Supreme Court bans bulldozer action, BJP ruled states get a shock

Supreme Court bans bulldozer action, BJP ruled states get a shock सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर एक्शन पर रोक लगा दी है। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि हमारी अनुमति के बिना कोई कार्रवाई नहीं हो। शीर्ष न्यायलय का यह आदेश उत्तर प्रदेश समेत सभी बीजेपी शासित राज्यों के लिए झटका है। यह रोक एक अक्टूबर तक के लिए लगाई गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह सभी पक्षों को सुन कर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर देश भर में लागू होने वाले दिशा निर्देश बनाएगा। उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में बुलडोजर से ध्वस्तीकरण कार्रवाई के खिलाफ दाखिल जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने बुलडोजर एक्शन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह निर्णय सुनाया है। जस्टिस बीआर गवई ने साफ किया कि सड़क, फुटपाथ या रेलवे लाइन को रोककर किए गए अवैध निर्माण पर यह निर्देश लागू नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह सभी पक्षों को सुन कर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर देश भर में लागू होने वाले दिशा निर्देश बनाएगा।

गणेश चतुर्थी पर चढ़ाएं नारियल की बर्फी, ये रही फटाफट बनने वाली रेसिपी

Offer coconut barfi on Ganesh Chaturthi, here is the quick recipe

Offer coconut barfi on Ganesh Chaturthi, here is the quick recipe गणेश चतुर्थी के दिन लोग अपने घरों में ढोल नगाड़ों के साथ बप्पा का स्वागत करते हैं और फिर उनकी पूजा में कई तरह के व्यंजन अर्पित करते हैं. मोदक के अलावा मोतीचूर के लड्डू, बेसन के लड्डू, और नारियल की बर्फी आदि मिठाइयां भगवान गणेश की पसंदीदा मानी गई हैं. गणेश चतुर्थी पर मोदक का भोग तो लगाया ही जाता है, इसके साथ ही आप बप्पा को प्रसन्न करने के लिए नारियल की बर्फी अर्पित कर सकते हैं. इसे बनाने में भी ज्यादा समय नहीं लगता है. इस बार गणेश चतुर्थी 6 सितंबर को है और यह उत्सव पूरे दस दिनों तक चलेगा जिसके बाद 17 सितंबर को गणपति विसर्जन किया जाएगा. इस दौरान लोग हर दिन बप्पा को अलग-अलग व्यंजनों के भोग लगाते हैं. फिलहाल जान लेते हैं नारियल की बर्फी की रेसिपी. नारियल की बर्फी बनाने के लिए इनग्रेडिएंट्सनारियल की बर्फी बनाने के लिए आप सूखा गोला या फिर एक नारियल ले सकते हैं. इसके साथ ही आपको चाहिए होगा कम से कम दो से तीन चम्मच देसी घी, दो से तीन हरी इलायची का पाउडर, गार्निश करने के लिए पिस्ता, बादाम, काजू जैसे नट्स ले सकते हैं. चाशनी के लिए चीनी, करीब एक से डेढ़ कप पानी, बर्फी जमाने के लिए एक प्लेट. बर्फी बनाने का पहला स्टेपसबसे पहले नारियल का छिलका हटाकर इसे कद्दूकस कर लें और फिर एक पैन में घी डालकर नारियल को हल्का भून लें, बस ध्यान रखें कि ये क्रिस्प न हो और न ही जलने पाए. इसके बाद खोया को भी सुनहरा भून लें और ठंडा होने के लिए रख दें. इस तरह तैयार करें चाशनीएक मोटे तले के पैन में नारियल और खोया के हिसाब से कम से कम एक या डेढ़ कप पानी लें और फिर उसमें चीनी डालें. चीनी जब पूरी तरह से घुल जाए और चाशनी चिपचिपी लगने लगे तो इसे पानी में या फिर थाली में एक बूंद डालकर देंखें, अगर चाशनी सही से सेट हो रही है तो इसमें खोया और नारियल डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर लें, साथ में चुटकीभर इलायची पाउडर भी डाल दें. बर्फी तैयार करने का फाइनल स्टेपमिश्रण तेजी से सेट होता है, इसलिए इसे गर्म रहते हुए ही घी लगी हुई प्लेट में मोटी लेयर में फैला दें. इसके बाद पिस्ता, बादाम और काजू जैसे नट्स से सजा लें या फिर ताजे नारियल को महीन काटकर ऊपर से फैला दें. 15 से 20 मिनट में बर्फी अच्छी तरह से सेट हो जाएगी फिर इसे चाकू से काट लें.

राम माधव की वापसी: भाजपा के लिए जम्मू-कश्मीर चुनाव में नए समीकरण

Ram Madhav's return: New equations for BJP in Jammu and Kashmir elections

Ram Madhav’s return: New equations for BJP in Jammu and Kashmir elections ” राजीव रंजन झा ” जम्मू-कश्मीर में होने वाला आगामी विधानसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए विशेष महत्व का है। अनुच्छेद 370 और 35 ए हटने के बाद यह पहला विधानसभा चुनाव है। ऐसे में भाजपा के लिए यह चुनाव एक प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। इस चुनाव की तैयारी को और भी गंभीरता से लेने के लिए भाजपा ने अपने पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री राम माधव को संघ से वापस बुलाकर जम्मू-कश्मीर की कमान सौंपी है। राम माधव का राजनीतिक सफरराम माधव, जो पहले भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री रह चुके हैं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से आते हैं। वह आरएसएस के पहले प्रवक्ता बने थे और उनका जम्मू-कश्मीर की राजनीति में गहरा हस्तक्षेप रहा है। जब अमित शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, तब राम माधव राष्ट्रीय महामंत्री के रूप में जम्मू-कश्मीर के प्रभारी थे। 2020 में जब जगत प्रकाश नड्डा भाजपा के अध्यक्ष बने, तो राम माधव को नई टीम में शामिल नहीं किया गया, जिसके बाद वह संघ में वापस लौट गए थे। जम्मू-कश्मीर की राजनीति में राम माधव की भूमिकाराम माधव को जम्मू-कश्मीर की राजनीति में दो बड़े मामलों का श्रेय दिया जाता है। पहला, उन्होंने पीडीपी के साथ गठबंधन कर भाजपा को जम्मू-कश्मीर में पहली बार सत्ता में आने में मदद की। हालांकि, यह सरकार 2018 में गिर गई। दूसरा, उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ भी गठबंधन बनाने की कोशिश की, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो सका और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने बैकआउट कर लिया। इसके बावजूद, राम माधव की वापसी को भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। भाजपा के लिए वर्तमान चुनौतियाँ2020 में पार्टी से हटाए जाने के बाद राम माधव ने संघ में वापसी की, लेकिन अब उन्हें फिर से भाजपा में लाया गया है। उनके वापसी को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं, खासकर यह कि उन्हें पहले क्यों हटाया गया और अब क्यों वापस बुलाया गया। लेकिन ऐसी खबरें हैं कि राम माधव स्वयं पार्टी में लौटने के इच्छुक थे और संघ से उन्हें अनुमति मिल गई। हालांकि, संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि अबकी बार भाजपा में जाने के बाद उनकी संघ में वापसी नहीं हो सकेगी। राम माधव की वापसी को लेकर पार्टी के भीतर भी कई चर्चाएँ हो रही हैं। भाजपा के कुछ नेताओं का मानना है कि राम माधव का अनुभव और संगठनात्मक क्षमता पार्टी के लिए लाभदायक साबित हो सकती है, खासकर जम्मू-कश्मीर के आगामी विधानसभा चुनाव में। लेकिन यह भी स्पष्ट नहीं है कि वह चुनाव के बाद भी पार्टी में सक्रिय रहेंगे या नहीं। भाजपा के संगठन में कमियां और सुधार की आवश्यकता2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी, जिसका कारण बूथ स्तर की कमेटियों का निष्क्रिय होना माना जा रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि पार्टी संगठन में एक अजीब तरह की बेचैनी, बिखराव और कर्तव्यबोध की कमी दिखाई दे रही है। भाजपा के संगठन में राम माधव की वापसी को पार्टी के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि उन्हें कितनी स्वतंत्रता और समय दिया जाएगा ताकि वह अपने अनुभव और क्षमता का पूरा उपयोग कर सकें। भविष्य की चुनौतियाँ और संभावनाएँराम माधव की वापसी के बाद यह देखना होगा कि भाजपा जम्मू-कश्मीर चुनाव में कितनी सफलता प्राप्त कर पाती है और क्या राम माधव की वापसी से पार्टी में नई ऊर्जा का संचार होता है। भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में सुधार की आवश्यकता को समझते हुए, राम माधव की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। चुनावी नतीजे ही यह तय करेंगे कि राम माधव की वापसी भाजपा के लिए कितनी फायदेमंद साबित होती है और क्या उनकी नियुक्ति से पार्टी को वह बढ़त मिल पाती है जिसकी उसे आवश्यकता है।

2 अक्टूबर को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण, पढ़ें पूरी डिटेल्स

Second solar eclipse of the year on October 2, read complete details

Second solar eclipse of the year on October 2, read complete detailsसाल का दूसरा सूर्य ग्रहण 2 अक्टूबर को लगेगा। इससे पहले 8 अप्रैल को सूर्यग्रहण लगा था, जो अमेरिका, कनाडा, मेक्सिको, अटलांटिक, इंग्लैंड के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र और आयरलैंड में देखा गया था। भारत में ग्रहण प्रभावी नहीं था। 2 अक्टूबर को लगने वाला सूर्य ग्रहण वलयाकार ग्रहण होगा। इस दौरान रिंग ऑफ फायर नजर आएगा, जो सात मिनट 25 सेकंड तक दिखाई देगा। कहां दिखाई देगा 2024 का दूसरा सूर्य ग्रहण2 अक्टूबर 2024 का सूर्य ग्रहण की शुरुआत उत्तरी प्रशांत महासागर में हवाई के दक्षिण से होगी। यह दक्षिणी अटलांटिक महासागर में दक्षिण जॉर्जिया में खत्म होगा। सूर्य ग्रहण जिस इलाके से शुरू होगा और खत्म होगा। वह यात्रा 14 हजार 163 किमी की होगी। रिंग ऑफ फायर की घटना साउथ अमेरिका में चिली और अर्जेंटीना के दक्षिण एरिया में दिखाई देगी। स्पेस डॉटकॉम के अनुसा, रिंग ऑफ फायर का सबसे अच्छा नजारा रापा नुई नाम के सुदूर वोल्केनो द्वीप से दिखेगा। क्या भारत में दिखेगा साल 2024 का दूसरा सूर्यग्रहण?अप्रैल में लगा पहला सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आया था। अब दूसरा ग्रहण भी दिखाई नहीं देगा, क्योंकि जिस वक्त सूर्य ग्रहण शुरू होगा, तब भारत में रात होगी। अमेरिकी अंतरिक्ष स्पेस एजेंसी नासा के यूट्यूब चैनल पर इस ग्रहण को लाइव स्ट्रीम किया जाएगा। सूर्य ग्रहण के सूतक काल का समयसूतक काल उस अवधि को कहा जाता है जब सूर्य ग्रहण लगता है। शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण लगने के 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। साल का दूसरा सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा।

जम्मू-कश्मीर के सोपोर में एक आतंकी ढेर, सुरक्षाबलों और दहशतगर्दों के बीच मुठभेड़ जारी

One terrorist killed in Sopore, Jammu and Kashmir, encounter continues between security forces and terrorists

One terrorist killed in Sopore, Jammu and Kashmir, encounter continues between security forces and terrorists जम्मू-कश्मीर के सोपोर में सुरक्षाबलों ने आतंकियों से मुठभेड़ में एक दहशतगर्द को मार गिराया है। जानकारी के मुताबिक सोपोर को राफियाबाद में सोपोर पुलिस और 32 राष्ट्रीय राइफल की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन चलाया हुआ है। फिलहाल सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और सर्च ऑपरेशन चलाया है। सूत्रों के मुताबिक अभी कुछ आतंकी छिपे हो सकते हैं।

कीव में प्रधानमंत्री पीएम मोदी का हुआ भव्य स्वागत ,भारत माता की जय के नारे

Prime Minister PM Modi received grand welcome in Kiev, slogans of Bharat Mata ki Jai

Prime Minister PM Modi received grand welcome in Kiev, slogans of Bharat Mata ki Jai पीएम मोदी का यह यूक्रेन दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। इस दौरे में पीएम मोदी यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात करेंगे।

रक्षाबंधन पर प्रियंका ने शेयर की बचपन की तस्वीर, राहुल गांधी के लिए लिखा प्यारभरा संदेश

Priyanka shared childhood picture on Rakshabandhan, wrote a loving message for Rahul Gandhi

Priyanka shared childhood picture on Rakshabandhan, wrote a loving message for Rahul Gandhi नई दिल्ली ! कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने रक्षाबंधन के मौके पर अपने भाई और विपक्ष के नेता राहुल गांधी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश के साथ, उन्होंने तस्वीरों का एक कोलाज पोस्ट किया, जिसमें उनके बचपन की तस्वीरें शामिल हैं, जिनमें से एक उनके पिता और पूर्व प्रधान मंत्री राजीव गांधी के साथ है। कोलाज में राहुल और प्रियंका की एक साथ एक छोटी खिलौना कार में खेलने की तस्वीर भी शामिल है। फुलवारी है भाई-बहन का रिश्ताअपनी पोस्ट में, प्रियंका ने भाई-बहन के रिश्ते की तुलना एक रंग-बिरंगे फूलों की क्यारी से की, जहां प्यारी यादें, साझा अनुभव और एक बढ़ती हुई दोस्ती फलती है, जो परस्पर सम्मान, प्यार और समझ पर आधारित है। प्रियंका ने लिखा कि भाई-बहन का रिश्ता उस फुलवारी की तरह होता है जिसमें सम्मान, प्रेम और आपसी समझदारी की बुनियाद पर अलग-अलग रंगों वाली यादें, संग के किस्से-कहानियां व दोस्ती को और गहरा करने का संकल्प फलता-फूलता है। भाई-बहन संघर्ष के साथी होते हैं, स्मृतियों के हमराही भी और संगवारी के खेवैया भी। आप सभी को राखी की हार्दिक शुभकामनाएं। रिश्ते को मजबूती से जोड़े रक्षा सूत्रइस बीच राहुल गांधी ने भी राखी के त्योहार पर देशवासियों को भी शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने भाई-बहन के बीच के अटूट प्यार और स्नेह के बंधन पर जोर दिया। उन्होंने इस मौके पर अपने और प्रियंका की एक तस्वीर साझा की। राहुल ने अपने संदेश में लिखा भाई-बहन के अटूट प्रेम एवं स्नेह के पर्व, रक्षाबंधन की सभी देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं। रक्षा का यह सूत्र आपके इस पावन रिश्ते को सदैव मजबूती के साथ जोड़े रहे।

भारत दर्शन: मां वैष्णो देवी घूमने से पहले जाने कहां कहां घूमे सम्पूर्ण यात्रा विडियो के माध्यम से

Bharat Darshan: Before visiting Maa Vaishno Devi, know where to visit through complete journey video.

Bharat Darshan: Before visiting Maa Vaishno Devi, know where to visit through complete journey video. क्या आप अपने व्यस्त दैनिक जीवन से आराम करने के लिए अद्भुत यात्रा अनुभवों की तलाश करते हैं? उसके बाद वैष्णो देवी की यात्रा की योजना बनाएं। यह भारत के सबसे प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों में से एक है। यह आपको अस्थायी रूप से अपनी सभी चिंताओं और कठिनाइयों को एक तरफ रखने की अनुमति देता है और आपको माता वैष्णो देवी के पवित्र मंदिर की शांति में डुबो देता है। वैष्णो देवी के पास घूमने के लिए कई तरह की जगहें हैं। जम्मू-कश्मीर में यह क्षेत्र त्रिकुटा पर्वत की तलहटी में स्थित है। यदि आप इस स्थान की यात्रा करने का निर्णय लेते हैं तो नीचे वैष्णो देवी के पास घूमने के स्थानों की जाँच करें। आप अपने यात्रा कार्यक्रम की योजना बना सकते हैं और उसके आधार पर एक शानदार यात्रा कर सकते हैं। आप वैष्णो देवी पहुँच सकते हैं: ट्रेन से: वैष्णो देवी तक पहुँचने के कई रास्ते हैं। श्री माता वैष्णो देवी कटरा रेलवे स्टेशन वैष्णो देवी का मुख्य रेलवे स्टेशन है, और त्रिची और इसके आसपास के क्षेत्रों में कार्य करता है। यह वैष्णो देवी से 16.5 किमी दूर स्थित है। हवाई मार्ग से: यदि आप हवाई मार्ग से वैष्णो देवी पहुंचना चाहते हैं, तो आप जम्मू हवाई अड्डे के लिए उड़ान भर सकते हैं। यह हवाई अड्डा शहर से 50 किमी दूर स्थित है। सड़क मार्ग से : यदि आप जम्मू और कश्मीर में रहते हैं, तो आप कार या सार्वजनिक परिवहन द्वारा वैष्णो देवी पहुँच सकते हैं। दुनिया में सबसे प्रसिद्ध तीर्थ मार्गों में से एक वैष्णो देवी यात्रा है, जो यात्रा करती है कटरा से वैष्णो देवी मंदिर। 13 किमी यात्रा का प्रारंभिक स्थान बाणगंगा है, जो कटरा के प्रमुख शहर से लगभग 2 किमी दूर है। माता वैष्णो देवी के दर्शन के साथ, यह पवित्र गुफा का समापन करता है। कटरा से वैष्णो देवी पहुंचने के लिए आप पालकी, पिठू, पोनी या पैदल भी जा सकते हैं। यदि आप पैसा खर्च करना चाहते हैं, तो आप नियमित रूप से निर्धारित रोपवे या हेलीकॉप्टर सेवा ले सकते हैं। रोपवे और हेलीकॉप्टर प्रस्थान समय की जाँच के बाद अपनी यात्रा की योजना बनाएं। आपको किसी भी चीज़ की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि रोपवे टिकट भवन में आसानी से उपलब्ध हैं। भले ही वैष्णो देवी जाने के लिए कभी भी बुरा समय न हो, लेकिन उत्सव के समय जाना सबसे अच्छा है। यह आपको देवी दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने और शहर को एक अलग दृष्टिकोण से देखने में सक्षम बनाता है। आप वैष्णो देवी यात्रा पर एक स्थान ऑनलाइन आरक्षित कर सकते हैं क्योंकि यात्रा में भाग लेने से पहले पंजीकरण आवश्यक है। घूमने का समय: सारा दिन दूरी: वैष्णो देवी से 13 किमी माता वैष्णो देवी की यात्रा में सबसे पहले बस स्टैंड के पास स्थित कार्यालय से रजिस्ट्रेशन करवा कर आरएफआईडी प्राप्त कर ले। पैदल चलने के लिए लाठी या डंडा खरीदकर पैदल चलते हुए बाणगंगा के मुख्य द्वार पर पहुंच जाएं। बाणगंगा द्वार से ही यात्रा की शुरुआत होती है। गेट पर चेक करने के बाद पैदल चलते हुए आगे बढ़ाते जाना है। आगे जानें पर दो रास्ते विभाजित हो जाते हैं जो माता के दरबार तक जाते हैं। एक रास्ता है अर्धकुवारी से जो KM लंबा है और दूसरा रास्ता हिमकोटी मार्ग का है जो 5.5 किमी लंबा है। अधिकतर भक्त अर्धकुवारी के रास्ते हाथीमाता मार्ग से होकर जाते हैं। हाथीमाता मार्ग के रास्ते में बहुत ही लुभावने दृश्य देखने को मिलते हैं। बाणगंगा से पैदल रास्ता 12 किमी का है। रास्ते में अनेकों होटल, खानें पीने की अनेकों दुकानें देखने को मिलती हैं। वैष्णो देवी यात्रा करने का सबसे अच्छा मौसम | Vaishno Devi Kab Jaye वैष्णो माता की यात्रा करने का सबसे अच्छा मौसम मार्च से जून तक माना जाता है। मार्च से जून के बीच दर्शन करने के लिए मौसम अनुकूल रहता। सर्दियों के मौसम में यहां बहुत ठंडी पड़ती है और बर्फबारी होती रहती है। जिस कारण सर्दियों के मौसम में यहां का तापमान माइनस में पहुंच जाता है और ठंडी के कारण यात्रियों के आवागमन की संख्या कम हो जाती है। माता वैष्णो देवी के द्वार भक्तो के लिए हमेशा खुले रहते हैं। भक्त साल में किसी भी मौसम में घूमने जा सकते है।

‘लड़ते-लड़ते…’, विनेश फोगाट के संन्यास पर शशि थरूर की पोस्ट ने जीता दिल, जानें

'Fighting-fighting…', Shashi Tharoor's post on Vinesh Phogat's retirement won hearts, know

‘Fighting-fighting…’, Shashi Tharoor’s post on Vinesh Phogat’s retirement won hearts, know Shashi Tharoor reaction on Vinesh Phogat retirement: भारत की स्टार पहलवान विनेश फोगाट ने संन्यास का ऐलान कर दिया है. उनके रिटायरमेंट पर अब कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘सिस्टम से पक गई लड़की’. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने विनेश फोगाट की फोटो को भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है. बता दें कि पेरिस ओलंपिक में फाइनल मुकाबले से कुछ घंटे पहले विनेश फोगाट को वजन ज्यादा होने के चलते अयोग्य घोषित कर दिया था. शशि थरूर ने कही ये बात विनेश फोगाट ने संन्यास लेने के बाद शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘इस सिस्टम से पक गई है ये लड़की लड़ते-लड़ते थक गई है ये लड़की.’

Tirupati Balaji : जाने का बना रहे हैं मन, तो जाने से पहले मंदिर के बारे में जान लें कुछ खास बातें

If you are planning to visit Tirupati Balaji then know some special things about the temple before

If you are planning to visit Tirupati Balaji then know some special things about the temple before going तिरुपति बालाजी मंदिर दुनिया के सबसे लोकप्रिय मंदिरों में से एक है, जहां हर दिन हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु आकर माथा टेकते हैं। यह भारत में सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। यह पवित्र मंदिर आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के पहाड़ी शहर तिरुमाला में स्थित है, जो भगवान विष्णु के अवतार वेंकटेश्वर को समर्पित है। कहा जाता है कि हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान वेंकटेश्वर मानवता को ‘कलियुग’ की कठिनाइयों और क्लेशों से मुक्ति दिलाने के लिए पृथ्वी पर अवतरित हुए थे। इस अवधारणा के अनुसार, इस क्षेत्र को कलियुग वैकुंठम के रूप में जाना जाता है, और भगवान को कलियुग प्रत्यक्ष दैवम के रूप में जाना जाता है। आइये जानते हैं तिरुपति मंदिर के बारे में कुछ रोचक तथ्य। तिरुपति मंदिर के कुछ रोचक तथ्य भगवान तिरुपति बालाजी की जो मूर्ति रखी गई है वह गर्भगृह के मध्य में खड़ी हुई प्रतीत हो सकती है, लेकिन यह मूर्ति वास्तव में गरबा गुड़ी के दाहिने कोने की ओर थोड़ी सी है। तिरुपति बालाजी मंदिर का नाम भारत के सबसे अमीर मंदिरों में आता है और यहां करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं, जिससे इसने टूरिस्ट रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। तिरुपति बालाजी मंदिर के गर्भगृह में देवता की मूर्ति के सामने रखे गए मिट्टी के दीपक भी बुझते नहीं हैं। ये दीपक कब जलाए गए और किसने जलाए, इसके बारे में कोई विश्वसनीय रिकॉर्ड नहीं है। जब आप मुख्य मूर्ति की पीठ पर अपना कान लगाते हैं, तो आपको एक गरजते हुए समुद्र की आवाज सुनाई देती है। पहाड़ियों के बारे में एक तथ्य यह है कि,इनमें में से एक पर स्वामी का चेहरा है। देखने पर ऐसा प्रतीत होता है जैसे वह सो रहें हैं और आप वास्तव में उनका चेहरा देख सकते हैं। कहा जाता है कि यह मूर्ति इतनी मजबूत है कि कभी क्षतिग्रस्त नहीं हो सकती है। जब सिनामोमम कैम्फोरा पेड़ से प्राप्त कच्चा कपूर या हरा कपूर किसी पत्थर पर लगाया जाता है, तो इससे वस्तु पर दरारें पड़ जाती हैं। लेकिन, श्री तिरुपति बालाजी की मूर्ति पर कपूर की अस्थिर रासायनिक प्रतिक्रियाओं को कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। भगवान वेंकटेश्वर का अभिषेक करने के लिए उपयोग की जाने वाली वस्तुएं केवल जंगल से एकत्र की जाती हैं। हिंदू मंदिरों में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए पैसों में करोड़ों की विदेशी मुद्रा होती है, RBI उस पैसे को बदलने में TTD बोर्ड की मदद करता है। तिरुपति बालाजी- दर्शन नियम तिरूपति बालाजी मंदिर के सामान्य तौर पर दर्शन सुबह 6.30 बजे से शुरु हो जाते हैं। लेकिन ध्यान रहे कि जब आप तिरुपति दर्शन करने जाते हैं तो, यहां दर्शन करने के भी कुछ नियम भी हैं। नियम के अनुसार दर्शन करने से पहले आपको कपिल तीर्थ पर स्नान करके , कपिलेश्वर के दर्शन करने होते हैं। इसके बाद ही वेंकटाचल पर्वत पर जाकर बालाजी के दर्शन करने चाहिए। वहीं इसके पश्चात देवी पद्मावती के दर्शन करें। यहां ये भी जान लें कि पद्मावती देवी का मंदिर भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की पत्नी पद्मावती लक्ष्मी जी को समर्पित है। माना जाता है कि जब तक भक्त इस मंदिर के दर्शन नहीं करते, तब तक आपकी तिरुमला की यात्रा पूरी नहीं होती।

Rupee-Dollar: डॉलर के मुकाबले रुपये में ऐतिहासिक गिरावट, महंगाई का लगेगा झटका

Rupee-Dollar: Historical fall in rupee against dollar, inflation will be shocked

Rupee-Dollar: Historical fall in rupee against dollar, inflation will be shocked Rupee-Dollar Update: डॉलर के मुकाबले रुपया ऑलटाइम लो पर जा लुढ़का है. करेंसी मार्केट में एक डॉलर के मुकाबले रुपया 83.96 के निचले लेवल तक जा फिसला है. इस गिरावट के बाद एक डॉलर के मुकाबले रुपया 84 के लेवल तक जाता दिख रहा है. पिछले सेशन में रुपया 83.86 के लेवल पर क्लोज हुआ था. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की शेयर बाजार में बिकवाली के बाद डॉलर की डिमांड बढ़ने के चलते रुपये में ये कमजोरी आई है. डॉलर के मुकाबले रुपये में सबसे बड़ी गिरावटमंगलवार के कारोबारी सत्र में फॉरेक्स मार्केट के खुलने पर एक डॉलर के मुकाबले रुपया 83.84 रुपये पर खुला लेकिन विदेशी बैंकों की ओर से डॉलर की भारी डिमांड के चलते रुपया 83.96 के लेवल तक नीचे जा फिसला जो कि एक डॉलर के मुकाबले रुपये में सबसे बड़ी गिरावट है. फिलहाल एक डॉलर के मुकाबले रुपया 83.94 के लेवल पर ट्रेड कर रहा है. डॉलर की मांग में बढ़ोतरी आई है तो दो दिन के कारोबारी सत्र में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 13,400 करोड़ रुपये के स्टॉक्स बेच डाले जिसमें केवल सोमवार 5 अगस्त, 2024 को 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के स्टॉक्स बेचे हैं. सस्ते कच्चे तेल के फायदे पर फिरेगा पानीडॉलर के मुकाबले रुपये में आई ये कमजोरी भारत के लिए बुरी खबर है. भारत के लिए इंपोर्ट महंगा हो सकता है. इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दामों में गिरावट आई है और ये 76 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा है जो भारत के अच्छी खबर साबित हो सकती थी. लेकिन डॉलर के मुकाबले रुपये में आई कमजोरी कच्चे तेल में गिरावट के फायदे पर पानी फेर सकता है. भारत अपने ईंधन खपत को पूरा करने के लिए 80 फीसदी आयातित कच्चे तेल पर निर्भर है. ऐसे में डॉलर के मुकाबले रुपये में आई कमजोरी के बाद डॉलर में भुगतान कर कच्चा तेल आयात करने के लिए भारतीय तेल कंपनियों को ज्यादा रुपये खर्च करने पड़ेंगे. दाल-खाने का तेल होगा महंगाभारत में दाल की कीमतें वैसे ही आसमान छू रही है. देश में दाल की खपत को पूरा करने के लिए भारत को बड़े पैमाने पर दाल इंपोर्ट करना पड़ रहा है. ऐसे में रुपये में कमजोरी और डॉलर की मजबूती के चलते दालों का आयात महंगा हो जाएगा जिसका असर घरेलू कीमतों पर पड़ सकता है. भारत खाने के तेल की खपत को पूरा करने के लिए भी आयात पर निर्भर है. सोने की ज्वेलरी होगी महंगीदेश में इस महीने में रक्षा बंधन के साथ त्योहारी सीजन की शुरुआत हो रही है जिसमें सोने की ज्वेलरी की डिमांड बढ़ जाती है. रुपये में कमजोरी का असर सोने की कीमतों पर भी पड़ सकता है क्योंकि भारत अपने खपत के लिए आयातित सोने पर निर्भर है. 23 जुलाई, 2024 को पेश हुए बजट में सोने पर कस्टम ड्यूटी में कमी के बाद सोने के दामों में तेज गिरावट आ गई और सोना 5000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया. लेकिन रुपये में कमजोरी के चलते सोने के दामों में गिरावट से होने वाले फायदे पर पानी फिर सकता है. महंगे आयातित सोने के चलते सोने की ज्वेलरी महंगी हो सकती है. महंगी हो सकती है कारें-गैजेट्स !भारत बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स से लेकर ऑटोमोबाइल पोर्ट्स का इंपोर्ट करता है. एक तो देश में मानसून सीजन के चलते ऑटोमोबाइल सेल्स में गिरावट देखी जा रही है. रुपये में कमजोरी के बाद ऑटो पार्ट्स का इंपोर्ट महंगा हो जाएगा. इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स का आयात भी डॉलर में मजबूती से महंगा होगा. जिससे त्योहारी सीजन में कारें या गैजेट्स खरीदने के लिए ज्यादा पैसा चुकाने होंगे. विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावटविदेशी मुद्दा भंडार 671 बिलियन डॉलर के ऑलटाइन हाई को छूने के बाद नीचे आ गया है. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की ओर डॉलर की डिमांड बढ़ने से रुपये में कमजोरी आ रही है. डॉलर के मुकाबले रुपये को और ज्यादा गिरने से बचाने के लिए आरबीआई अपने रिजर्व से डॉलर बेच सकता है. ऐसे में विदेशी मुद्रा भंडार में कमी आ सकती है.

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