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सरकार इन किसानों को नहीं देगी 21वीं किस्त, तत्काल जानें

The government will not give the 21st installment to these farmers, know immediately नई दिल्ली। देश की तमाम राज्य सरकारें अपने नागरिकों के लिए कई तरह की योजनाएं चलाती हैं। इनमें कई योजनाएं सीधे किसानों के लिए होती हैं। छोटे और सीमांत किसान अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं और उन्हें सरकारी मदद की जरूरत होती है। केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई है। ताकि किसानों की आमदनी बढ़ सके और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो। पीएम-किसान योजना के तहत अब तक किसानों को 20 किस्तें भेजी जा चुकी हैं। सरकार की ओर से 4 महीनों के अंतराल किस्त की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होती रही है। योजना का मकसद छोटे किसानों को आर्थिक राहत देना और उनकी खेती से जुड़ी जीवनशैली में सुधार लाना है। इससे किसान अपनी जरूरतें आसानी से पूरी कर सकते हैं। अब कई किसान 21वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन सभी इसके पात्र नहीं होंगे। कुछ किसानों के खाते में किस्त नहीं जाएगी। क्योंकि उनके दस्तावेज पूरी तरह अपडेट नहीं हैं। ऐसे किसानों को यह काम करने की जरूरत है। जिससे उन्हें योजना का लाभ मिल सके।आपको बता दें 21वीं किस्त का लाभ कई किसानों को नहीं मिलेगा। जिन किसानों ने अब तक ई-केवाईसी और भूसत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं की है। उनके खाते में पैसे नहीं आएंगे। इन दोनों प्रक्रियाओं को पूरा करना जरूरी है। तभी 21वीं किस्त का लाभ मिल पाएगा। इसलिए जिन किसानों ने अबतक यह काम नहीं करवाया है। उन्हें तुरंत अपने दस्तावेज अपडेट करने की जरूरत है। ई-केवाईसी पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पूरा कर सकते हैं। और अपने भूसत्यापन के लिए भूलेख रिकॉर्ड की वेबसाइट या विभाग जाना होगा। इसके अलावा 21वीं किस्त पाने के लिए जरूरी है कि बैंक खाता, आधार कार्ड और नाम की जानकारी सही हो। अगर कोई जानकारी अधूरी या गलत पाई जाता है तो भुगतान नहीं होगा। अगर आपने भी नहीं करवाया यह काम तो तुरंत करवा लें।

नई नवेली दुल्हन को मायके तो दामाद को ससुराल में क्यों मनानी चाहिए पहली होली, कलह और सास-बहू से जुड़ी है वजह

why newly married women should celebrate first holi in mayke know reason behind relationship between saas bahu हर साल की तरह इस साल भी भारत में होली का त्योहार धूमधाम से मनाया जाना है। लोग रंग-बिरंगे रंगों में सराबोर होने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। रंगों की बोछार के बीच लोग गिले-शिकवे भी भूल जाते हैं। नई नवेली दुल्हन अपने मायके में जाकर होली मनाती हैं यहां तक कि दामाद को भी ससुराल में होली मनाने के लिए कहा जाता है। लेकिन आपने कभी सोचा है कि आखिर दुल्हन की पहली होली मायके तो दामाद की ससुराल में क्यों होना चाहिए। और, नई नवेली दुल्हन की तरह क्या प्रेग्नेंट महिलाओं को भी मायके में मायके में होली मनानी चाहिए। इसकी वजह सास-बहू और पति-पत्नी की रिश्तों से जुड़ी हुई है। जिसके बारे में कंटेंट क्रिएटर सोनिया चौहान ने भी बताया है।(सभी फोटो सांकेतिक हैं) सबसे पहले जानें कारण पौराणिक कथा के अनुसार, होलिका एक दिव्य वस्‍त्र को ओढ़कर प्रह्लाद को जलाने के लिए आग में बैठी थी, लेकिन जब प्रह्लाद ने भगवान विष्णु के नाम का जाप किय तो, होलिका का अग्निरोधक वस्त्र प्रह्लाद के ऊपर आ गया और वह बच गए, जबकि होलिका भस्म हो गई। कहते हैं कि जिस दिन होलिका आग में बैठी का काम किया, अगले दिन उसका विवाह भी होना था।उनके होने वाली पति का नाम इलोजी बताया जाता है, इलोजी की मां जब बेटे की बारात लेकर होलिका के घर पहुंची तो उन्होंने उसकी चिता जलते दिखी। बेटे का बसने वाला संसार उजड़ता देख बेसुध हो गईं और प्राण त्याग दिए। बस तभी से प्रथा चला आ रही है कि नई बहू को ससुराल में पहली होली नहीं देखनी चाहिए। सास बहू के झगड़े से जुड़ा कारण होली और होलिका दहन के वक्त सास-बहू का साथ में रहना ठीक नहीं माना जाता है। नई दुल्हन के लिए कहा जाता है कि उसे अपनी पहली होली ससुराल के जगह मायके में मनाना चाहिए। जब सास -बहू अगर साथ में होलिका दहन देखती हैं तो घर में कलह की शुरुआत हो जाती है। सास-ससुर के साथ रिश्ते खराब होने लगते हैं, बिना बात के झगड़े भी होने लगते हैं। सास-बहू के रिश्तों में यदि तकरार हो तो उससे आने वाले समय में तनाव बढ़ जाता है।वहीं एक और धारणा है जो कहीं न कहीं सटीक रहती है कि शादी के तुरंत बाद दुल्हन ससुराल में कंफर्टेबल महसूस नहीं करती है, इसलिए मायके में होली मनाने का चलन है जिसे प्रथा का नाम दे दिया गया है।

International Women’s Day : क्या है वुमन डे का इतिहास? जानें इसे जुड़ी खास बातें

international womens day 2025 history significance and this year theme know here हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है. जिसे हमेशा अलग-अलग थीम के साथ सेलिब्रेट किया जाता है. आइए आर्टिकल में जानते हैं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने के शुरुआत कब और कैसे हुई, साथ ही इस साल की थाम के बारे में हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है. आजकल महिलाएं घरेलू कामों के अलावा भी अलग-अलग क्षेत्रों में अपने कौशल का प्रदर्शन करती हैं. ऐसे में इस दिन महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों को सम्मानित करने का अवसर होता है. इस दिन का उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना और समानता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है. ऑफिस, कॉलेज और कई जगहों पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को सेलिब्रेट किया जाता है. इसकी शुरुआत के पीछे की कहानी के बारे में बहुत कम लोगों को ही पता होगा. हर साल महिला दिवस को एक थीम के साथ सेलिब्रेट किया जाता है. आइए जानते हैं इस आर्टिकल में इसका इतिहास और इस साल की थीम के बारे में. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास1908 में न्यूयॉर्क शहर में महिलाएं बेहतर कार्य स्थितियों, मतदान अधिकार और समान वेतन के लिए सड़कों पर परेड निकाली थी. 1910 में कोपेनहेगन में एक अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन आयोजित किया गया, जहां क्लारा जेटकिन ने महिला दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा. पहला अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 19 मार्च 1911 में ऑस्ट्रिया, जर्मनी, स्विट्जरलैंड और डेनमार्क में मनाया गया था. बाद में महिला दिवस की तारीख को बदलकर 8 मार्च कर दिया गया. तब से महिला दिवस पूरी दुनिया में 8 मार्च को ही मनाया जा रहा है. 1975 में संयुक्त राष्ट्र ने पहली बार आधिकारिक रूप से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को मान्यता दी थी. तब से हर साल इसे एक थीम का मनाया जाता है. पहले महिलाओं को समाज में एक सीमित दायरे में रखा जाता था, लेकिन समय के साथ उनकी स्थिति में सुधार हुआ है. आज महिलाएं न केवल घर के कार्यों को संभालती हैं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में अपनी कड़ी मेहनत और संघर्ष से सफलता की मिसाल भी प्रस्तुत कर रही हैं. आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रही हैं, लेकिन फिर भी महिलाओं को कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. भेदभाव और घरेलू हिंसा जैसी की समस्याएं आज भी महिलाओं की जिंदगी का हिस्सा है. इस दिन का उद्देश्य इन समस्याओं के खिलाफ आवाज उठाना और समानता की दिशा में कदम बढ़ाना है. क्या है इस साल की थीम?इस साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम “सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए: अधिकार, समानता. सशक्तिकरण.” है. इस थीम का मतलब सभी महिलाओं के लिए सम्मान, अधिकार, शक्ति और अवसरों से उनके भविष्य को बेहतर बनाना है. इस दिन को मनाने का मतलब सिर्फ ये नहीं है कि हम महिलाओं की सराहना करें, बल्कियह भी है कि हम उन्हें सशक्त बनाने के लिए काम करें. महिलाओं के लिएसम्मान,अवसर, सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस इस दिशा में पॉजिटिव बदलाव लाने के लिए प्रेरित करता है.

चैंपियंस ट्रॉफी– भारत को 265 रन का टारगेट: सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया ऑलआउट; शमी को 3, जडेजा–वरुण को 2–2 विकेट; स्मिथ–कैरी की फिफ्टी

Champions Trophy- India has a target of 265 runs दुबई । 38वें ओवर की तीसरी बॉल पर अक्षर ने ग्लेन मैक्सवेल को बोल्ड किया। 37वें ओवर की तीसरी बॉल में मोहम्मद शमी ने स्टीव स्मिथ (73 रन) को फुलटॉस पर बोल्ड किया।चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया टॉस जीतकर बल्लेबाजी कर रहा है। 49 ओवर के बाद टीम का स्कोर 10 विकेट के नुकसान पर 264 रन है।नाथन एलिस (10 रन) को शमी ने कोहली के हाथों कैच कराया। उन्होंने स्टीव स्मिथ (73 रन) और कूपर कोनोली (शून्य) के विकेट लिए। एलेक्स कैरी (60 रन) श्रेयस अय्यर के डायरेक्ट थ्रो पर रनआउट हुए। वरुण चक्रवर्ती ने बेन ड्वारशस (19 रन) और ट्रैविस हेड (39 रन) के विकेट लिए। अक्षर ने ग्लेन मैक्सवेल को बोल्ड किया। रवींद्र जडेजा ने जोश इंग्लिस (11 रन) और मार्नस लाबुशेन (29 रन) को पवेलियन भेजा। मैच दुबई के इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है।

Jammu Kashmir Army Vehicle Accident: बांदीपोरा में सेना का ट्रक खाई में गिरा… चार जवानों की मौत, दो घायल

Jammu Kashmir Army Vehicle Accident जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में बड़ा हादसा हुआ है। सेना का एक वाहन खाई में गिर गया। हादसे में चार सैनिकों की मौत हो गई। जबकि दो अन्य घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर राहत एवं बचाव कार्य चल रहा है। जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में शनिवार दोपहर यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि फिसलन के कारण सेना का एक ट्रक पहाड़ी से नीचे खाई में गिर गया। इस हादसे में चार जवानों की मौत हो गई। जबकि दो घायल हो गए। इनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। यह दुर्घटना बंदीपोरा के सदरकूट पाईन इलाके में हुई जहां सेना का ट्रक फिसलन के कारण खाई में जा गिरा। हादसे के बाद स्थानीय पुलिस और सेना के अन्य जवान राहत कार्य में जुट गए। इस घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

1 जनवरी 2025 से बदल जाएंगे 5 नियम जो डालेंगे आपकी जेब पर असर, ध्यान से कर लें नोट

rules changing from 1st jan 2025 new year things that can affect your finances नए साल के आगाज के साथ बेशक तारीख बदल जाएगी पर तारीख के साथ कुछ ऐसी चीजें भी बदलेंगी जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर आपकी जेब को भी प्रभावित करेंगी. 1 जनवरी 2025 से कुछ नए नियम लागू होंगे तो कुछ नए बदलाव होंगे, जिनके बारे में आपको जानना बेहद जरूरी है. फिर चाहे टैक्स से जुड़ा मामला हो, यूपीआई पेमेंट हो, गैस सिलेंडर की कीमतें हों या फिर पीएफ अकाउंट से जुड़ा मामला. इस आर्टिकल में जानें 1 जनवरी 2025 होने वाले ऐसे ही बदलावों के बारे में. लग्जरी वस्तु खरीदने पर देना होगा ज्यादा टैक्स नव वर्ष 2025 में अगर आप कोई लग्जरी चीज खरीदते हैं तो अब आपको इसपर ज्यादा टैक्स देना होगा. दरअसल, बजट में किए गए प्रावधान के मुताबिक लिस्टेड लग्जरी आइटम जिसकी कीमत 10 लाख रु से ज्यागा है तो उसपर टीसीएस (Tax collected at source) का भी भुगतान करना होगा. ये नया नियम 1 जनवरी, 2025 से लागू प्रभावी होगा. वहीं इनकम टैक्स से जुड़े कई नियम नव वर्ष में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ लागू होंगे. 1 जनवरी 2025 से महंगा पड़ेगा कार खरीदना दिसंबर में जहां कार कंपनियां अपनी कारों में बंपर डिस्काउंट दे रही हैं, तो वहीं 1 जनवरी से ज्यादातर कंपनियों की कीमतें काफी ज्यादा बढ़ने वाली है. इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा. दरअसल, 1 जनवरी, 2025 से हुंडई, महिंद्रा, टाटा, मारुति सुजुकी, मर्सिडीज-बेंज, होंडा, ऑडी आदि जैसी कई कार कंपनियां गाड़ियों की कीमतों को 3 प्रतिशत तक बढ़ाने जा रही हैं. उदाहरण के तौर पर 7 लाख रु की कार खरीदने के लिए नए साल में आपको 7 लाख 21 हजार रु चुकाने होंगे. इसके पीछे की वजह मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट में बढ़ोतरी है. ईपीएफओ का राहत देने वाला बदलाव नए साल में जहां कुछ चीजें आपकी जेब पर भारी पड़ेगी तो वहीं कुछ चीजें में राहत भी मिलेगी. इसी में से एक बदलाव ईपीएफओ पेंशन से जुड़ा हुआ है. साल पेंशन धारकों के लिए राहत लेकर आ रहा है. 1 जनवरी, 2025 से कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने पेंशन निकासी के नियमों को सरल बना दिया है. अब पेंशनभोगी देश के किसी भी बैंक से अपनी पेंशन निकाल सकेंगे. इसके लिए उन्हें किसी अतिरिक्त सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी. यह सुविधा पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत है. यूपीआई 123पे के नियमों में बदलाव नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की पेमेंट तकनीक यूपीआई 123पे की लिमिट 1 जनवरी 2025 से बढ़ा दी जाएगी. पहले इस पेमेंट सर्विस के जरिए अधिकतम 5 हजार रु तक का लेनदेन किया जा सकता था, लेकिन अब यह लिमिट बढ़ाकर 10 हजार रु कर दी गई है. गौरतलब है कि यूपीआई 123पे एक ऐसी सेवा है जिससे कीपैड फोन चलाने वाले यूजर बिना इंटरनेट कनेक्शन के यूपीआई पेमेंट कर सकते हैं. LPG सिलेंडर की कीमतोें में बदलाव हर महीने की पहली तारीख को ऑयल व गैस कंपनियां LPG की कीमतों का रिव्यू करती हैं. इसके बाद इनकी कीमतें घटाई या बढ़ाई जाती है. पिछले कुछ महीनों से घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें स्थिर हैं. हालांकि, 1 जनवरी 2025 को इसमें बदलाव भी किया जा सकता है. बता दें कि मध्यप्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 808 रु 50 पैसे है.

औषधीय गुणों से भरपूर अर्जुन के पेड़ से संबंधित विस्तृत जानकारी,एवं फायदे

Detailed information and benefits related to Arjuna tree which is rich in medicinal properties. अर्जुन के पेड़ को औषधीय पेड़ माना जाता हैं क्यूंकि इसे बहुत सी दवाइयों के लिए उपयोगी माना जाता है। यह पेड़ ज्यादातर नदी और नालों के किनारे पाए जाते है। अर्जुन का पेड़ सदाहरित रहता हैं। अर्जुन के पेड़ को अन्य कई नामो से जाना जाता हैं जैसे ,घवल और नदीसर्ज। इस पेड़ की ऊंचाई लगभग 60 -80 फ़ीट ऊँची रहती हैं। अर्जुन का पेड़ ज्यादातर उत्तर प्रदेश ,महाराष्ट्र ,बिहार और अन्य कई राज्यों नदियों के किनारे या सुखी नदियों के तल के पास पाए जाते है। अर्जुन का पेड़ कैसा होता हैं अर्जुन के पेड़ की लम्बाई काफी ऊँची रहती है। अर्जुन का पेड़ बहुत ही शुष्क इलाकों में पाया जाता हैं। अर्जुन के पेड़ को किसी भी मिटटी में उगाया जा सकता है। अर्जुन के पेड़ को अनुनारिष्ट के नाम से भी जाना जाता है। इस पेड़ का उपयोग बहुत सालों से आयुर्वेदिक दवाइयों के लिए किया जा रहा है। अर्जुन के पेड़ का फल कैसा होता हैं अर्जुन के पेड़ का फल शुरुआत हल्के सफ़ेद और पीले रंग का होता हैं ,कुछ समय पश्चात जब फल में बढ़ोत्तरी होती हैं तो ये फल हरे और पीले रंग का दिखाई पड़ता हैं ,साथ ही इसमें से हल्की हल्की सुगंध भी आने लगती है। पकने के बाद ये फल लाल रंग का दिखाई पड़ने लगता है। अर्जुन के पेड़ के पत्ते हैं लाभकारी अर्जुन के पेड़ के पत्ते खाने से ये शरीर में जमा गंदे कॉलेस्ट्रॉल को बाहर निकलता हैं। इसका सेवन सुबह खाली पेट करना चाहिए। इन पत्तों का सेवन करने से ब्लड शुगर नियंत्रित रहता हैं। अर्जुन की छाल से मिलने वाले फायदे अर्जुन की छाल का काढ़ा बनाकर पीने से खून पतला होता हैं जो शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को संतुलित बनाये रखता है। इस छाल के काढ़े का उपयोग दो से तीन महीने लगातार करना चाहिए। इस काढ़े के उपयोग से रक्तश्राव कम होता है। यह ह्रदय के रक्तचाप जैसी गतिविधियों की क्षमता में सुधार लाता है। पाचन किर्या में सहायक अर्जुन का पेड़ पाचन किर्या में सहायक होता हैं। इसकी छाल का चूर्ण बनाकर लेने से ये पाचन तंत्र को संतुलित बनाये रखता है। यह बड़े हुए चर्बी को कम करने में मदद करता हैं ,अर्जुन की छाल का सेवन लिवर जैसी समस्याओं के लिए बेहतर माना जाता है। यह वजन घटाने में भी सहायता प्रदान करती है। सर्दी खांसी में है लाभकारी अर्जुन के पेड़ की छाल का कड़ा बनाकर पीने से या फिर अर्जुन के चूर्ण में शहद मिलाकर खाने से सर्दी और खांसी दोनों में फायदा होता है। अर्जुन के पेड़ का रस औषिधि के रूप में सदियों से किया जा रहा हैं। हड्डियों के जोड़ने में मददगार अर्जुन के पेड़ की छाल का उपयोग टूटी हुई हड्डियों या फिर मांसपेशियों में होने वाले दुखाव के लिए किया जाता हैं। इसमें छाल के चूर्ण को एक गिलास दूध में दो चम्मच चूर्ण मिलाकर पीने से हड्डियां मजबूत होती है। ये हड्डी में होने वाले दर्द से भी आराम दिलाता हैं। अल्सर बीमारी में है फायदेमंद अर्जुन का प्रयोग अल्सर जैसी बीमारी में भी किया जाता हैं। कई बार अल्सर का घाव जल्द ही नहीं भर पाता हैं। या फिर घाव सूखते ही दूसरे घाव निकल आते हैं ,इसमें अर्जुन के पेड़ की छाल का काढ़ा बनाकर ,घाव को इससे धोये। ऐसा करने से घाव कम होने लगते हैं,साथ ही अल्सर जैसे रोग को भी नियंत्रित करता है। अर्जुन की छाल से होने वाले नुकसान अर्जुन के पेड़ को बहुत सी बीमारियों के लिए लाभकारी माना जाता हैं ,लेकिन इसके कुछ नुक्सान भी हैं जो शरीर पर गलत प्रभाव डालते है। सीने में जलन होना अर्जुन की छाल का सेवन बहुत से लोगो की सेहत के लिए ठीक नहीं रहता हैं, जिसकी वजह से उन्हें जी मचलना या घबराहट जैसी परेशानियां अक्सर हो जाती है। यदि आप छाल का सेवन कर रहे हैं और आपको ऐसा महसूस होता हैं की सीने में जलन या दर्द हो रहा हैं तो इसका उपयोग करना उसी वक्त छोड़ दे। पेट में दर्द या ऐठन का महसूस होना यदि छाल का उपयोग करने से आपको पेट में दर्द या और कोई परेशानी महसूस होती हैं तो छाल का सेवन करना बंद कर दे। हालाँकि अर्जुन एक आयुर्वेदिक जड़ीबूटी हैं लड़की कुछ लोगों पर इसका दुष्प्रभाव पड़ता है। एलेर्जी जैसो रोगों को जन्म देता हैं अर्जुन के पेड़ की छाल का घोल बनाकर शरीर पर लगाया जाता हैं, यह त्वचा के लिए बहुत ही लाभकारी माना जाता हैं। लेकिन इसका लेप बहुत से लोगो के शरीर एलेर्जी से जुडी समस्याओं को भी खड़ा कर देता हैं। यदि इस लेप का उपयोग करने के बाद शरीर में खुजली जैसी परेशानिया हो तो इस लेप का उपयोग न करें। आयुर्वेद में अर्जुन के पेड़ को बहुत ही लाभकारी माना गया हैं। अर्जुन के पेड़ में सबसे ज्यादा उपयोग छाल का किया जाता हैं। अर्जुन के पेड़ की छाल में मैग्नीशियम ,पोटेसियम और कैल्शियम पाया जाता है। इस पेड़ की छल का इस्तेमाल बहुत से रोगो में किया जाता हैं ,और ये लाभकारी भी है। अर्जुन के पेड़ की छाल का उपयोग कैंसर सम्बंधित रोगो से निपटने के लिए भी किया जाता है। साथ ही इसके कुछ नुक्सान भी हैं। जो व्यक्ति पहले से किसी भी प्रकार की कोई दवाई ले रहा हैं ,उसे इसका सेवन डॉक्टर से परामर्श लेकर ही करना चाहिए।

भारत दर्शन : अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तक पहुंचने का सम्पूर्ण मार्गदर्शन

Bharat Darshan: Complete guide to reach Ayodhya Shri Ram Janmabhoomi Temple भोपाल ! अयोध्या उत्तर प्रदेश में स्थित, भारतीय इतिहास और धार्मिक मान्यताओं का अभिन्न अंग है। यह भगवान श्रीराम की जन्मभूमि के रूप में जानी जाती है, जो पूरे भारत और दुनिया भर के लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। अयोध्या का श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, इसकी भव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए प्रसिद्ध, हर भक्त के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव है। आइए जानते हैं कि भोपाल सहित मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों से अयोध्या तक कैसे पहुंचा जा सकता है। भोपाल से अयोध्या तक की यात्रा मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से अयोध्या पहुंचने के लिए तीन मुख्य साधन उपलब्ध हैं: रेल, सड़क, और हवाई मार्ग। रेल मार्ग: भोपाल से अयोध्या तक ट्रेन यात्रा सबसे लोकप्रिय और किफायती विकल्प है।मुख्य रेलवे स्टेशन: अयोध्या कैंट और फैजाबाद जंक्शन। प्रमुख ट्रेनें: साकेत एक्सप्रेस (भोपाल से फैजाबाद)।गोंडा एक्सप्रेस (भोपाल से अयोध्या के पास)।अन्य ट्रेनें लखनऊ होते हुए उपलब्ध हैं।समय: 12-15 घंटे।किराया: ₹400-₹1500 (स्लीपर से एसी क्लास)। सड़क मार्ग: भोपाल से अयोध्या सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। बसें और निजी वाहन द्वारा यात्रा करना सुविधाजनक है।मार्ग: भोपाल → झांसी → कानपुर → लखनऊ → अयोध्या।समय: 16-18 घंटे।बस किराया: ₹1000-₹2000।निजी वाहन से यात्रा करना चाहें तो यह यात्रा दर्शनीय स्थलों के साथ रोमांचक बन सकती है। हवाई मार्ग: भोपाल से अयोध्या के लिए सीधी उड़ान नहीं है, लेकिन लखनऊ तक फ्लाइट लेकर वहां से अयोध्या पहुंच सकते हैं।हवाई अड्डा: लखनऊ (चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा)।भोपाल से लखनऊ फ्लाइट: 1.5 घंटे।लखनऊ से अयोध्या: टैक्सी/बस द्वारा 140 किमी (2-3 घंटे)।किराया: ₹4000-₹8000। मध्य प्रदेश और आसपास के राज्यों से यात्रा मार्गदर्शन उत्तर प्रदेश:उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहर जैसे लखनऊ, वाराणसी, और गोरखपुर से अयोध्या आसानी से पहुंचा जा सकता है।लखनऊ से अयोध्या: 140 किमी। टैक्सी और बसें 2-3 घंटे में पहुंचा देती हैं।वाराणसी से अयोध्या: 200 किमी, ट्रेन/बस द्वारा 4-5 घंटे। राजस्थान:जयपुर, कोटा और उदयपुर से अयोध्या के लिए ट्रेन और बसें उपलब्ध हैं। महाराष्ट्र:मुंबई और पुणे से ट्रेनें और फ्लाइट्स उपलब्ध हैं। छत्तीसगढ़:रायपुर और बिलासपुर से ट्रेन और बसें आसानी से उपलब्ध हैं। गुजरात:अहमदाबाद और सूरत से लखनऊ होकर अयोध्या पहुंचा जा सकता है। अयोध्या में प्रमुख आकर्षण यात्रा के लिए उपयोगी सुझाव अयोध्या एक ऐसा शहर है, जो आध्यात्मिकता, भक्ति, और भारतीय इतिहास का प्रतीक है। भोपाल और आसपास के राज्यों से अयोध्या की यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि सांस्कृतिक और पर्यटन के लिहाज से भी अद्वितीय है। चाहे आप रेल, सड़क, या हवाई मार्ग से जाएं, यह तीर्थ यात्रा आपको अनमोल अनुभव प्रदान करेगी। अयोध्या में श्रीराम मंदिर के दर्शन हर व्यक्ति के जीवन का एक यादगार हिस्सा बन सकते हैं। जय श्री राम!

‘उम्मीदवार की जाति, धर्म और नस्ल देखकर वोट…’, मतदाताओं से क्या बोले नितिन गडकरी?

‘Vote considering the caste, religion and race of the candidate…’, what did Nitin Gadkari say to the voters? केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि कांग्रेस ही थी जिसने अपने स्वार्थ के लिए संविधान को तोड़ा-मरोड़ा और अब वह इसका दोष भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर मढ़ रही है. नितिन गडकरी ने काटोल में बीजेपी प्रत्याशी चरणसिंह ठाकुर के लिए एक रैली को संबोधित करते हुए सोमवार (10 नवंबर, 2024) को कहा कि भाजपा न तो डॉ. बी आर आंबेडकर का संविधान बदलेगी और न ही किसी को ऐसा करने देगी. महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 20 नवंबर को होगा और मतगणना 23 नवंबर को होगी. नितिन गडकरी ने कहा, ‘हम न तो बाबासाहेब आंबेडकर का संविधान बदलेंगे और न ही हमें किसी को ऐसा करने देंगे. संविधान की मूल संरचना को बदला नहीं जा सकता है.’ उन्होंने अपनी बात के समर्थन में ऐतिहासिक केशवानंद भारती मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी हवाला दिया. नितिन गडकरी ने कहा, ‘संविधान की मुख्य विशेषताएं जैसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, लोकतंत्र, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता के साथ-साथ मौलिक अधिकारों को कोई भी नहीं बदल सकता है. आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी ने संविधान को तोड़-मरोड़ा. देश के इतिहास में कांग्रेस ही थी जिसने संविधान को तोड़ने-मरोड़ने का पाप किया और अब वे हम पर दोष मढ़ रहे हैं.’ छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि महाराज ने लोगों को भगवान राम के राम राज्य के समान शिवशाही दी, जिसके बारे में महात्मा गांधी हमेशा कहते थे कि देश में इसे स्थापित किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘अगर आप राम राज्य स्थापित करना चाहते हैं तो यह नेताओं के हाथ में नहीं बल्कि जनता के हाथ में है. जाति, नस्ल, धर्म और भाषा के आधार पर मतदान न करें. कोई व्यक्ति अपनी जाति से नहीं बल्कि अपने गुणों से बड़ा होता है. छूआछूत और जातिवाद खत्म होना चाहिए.’ नितिन गडकरी ने कहा कि जो नेता अपनी योग्यता के आधार पर नहीं जीत सकते, वे चुनावी लाभ के लिए जाति का इस्तेमाल करते हैं. उन्होंने कहा, ‘आप भोजन और स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छे व्यक्ति के पास उसकी जाति देखे बगैर जाते हैं. जब तक आप ईमानदार, गैर-भ्रष्ट नेताओं और दल को नहीं चुनते, तब तक आपका भविष्य नहीं बदलेगा.’ उन्होंने कहा कि महायुति सरकार लोगों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लेकर आई है. नितिन गडकरी ने पूछा कि क्या इनमें से कोई भी ऐसी योजना है जिसमें मुस्लिम और दलित आवेदन नहीं कर सकते?

मसाले, दूध, तेल में मिलावट पर कानून का शिकंजा: जानें सजा और प्रावधान

Now you will get 10 years imprisonment for selling adulterated milk and ghee, know what the law says भोपाल। भारत में मिलावटी चीजों की भरमार है.। खासतौर से जब आप खाद्य पदार्थों की बात करते हैं तो उसमें सबसे ज्यादा मिलावट देखने को मिलती है। मसाले, दूध, घी, तेल हर चीज में मिलावट होती है. चलिए आज इस खबर में जानते हैं कि अगर कोई मिलावट खोर खाने की चीजों में मिलावट करता पकड़ा गया तो उसे भारतीय कानून के तहत कितनी सजा होगी। क्या कहता है नियम-कानून भारत में मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा से संबंधित मामलों को देखने के लिए, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 (Food Safety and Standards Act, 2006) बनाया गया है. इसके अलावा इसके तहत बनाए गए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के नियमों का भी पालन किया जाता है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 को भारतीय खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है। इस कानून के तहत खाद्य पदार्थों में मिलावट को प्रतिबंधित किया गया है और अगर कोई व्यक्ति मिलावटी सामान बेचता पाया जाता है, तो उस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होती है। कितनी मिलती है सजा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति मिलावटी खाद्य पदार्थों का उत्पादन, बिक्री या वितरण करते पाया गया तो इसे गंभीर अपराध माना जाता है। दोषी पाए जाने पर जुर्माना, सजा या दोनों का प्रावधान है. जुर्माने की बात करें तो मिलावटी खाद्य पदार्थों को बनाने और बेचने पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। जबकि, अपराध के गंभीरता को देखते हुए, इस तरह के मामलों में 6 महीने से लेकर 7 साल तक की सजा भी हो सकती है। वहीं अगर मिलावटी खाद्य पदार्थ खाने से किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो मिलावटखोर को आजीवन कारावास या 10 साल तक की सजा हो सकती है। धारा 272 और 273 के तहत भी मिलती है सजा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के अलावा भारतीय दंड संहिता (IPC) में भी मिलावटखोरी से संबंधित अपराधों के लिए दंडात्मक प्रावधान हैं। खासतौर से धोखाधड़ी और आम जनता के जीवन को खतरे में डालने के मामले में है। दरअसल, अगर किसी व्यक्ति द्वारा मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री की जाती है, जिससे किसी जान जाने का खतरा ना हो तो यह धोखाधड़ी के अंतर्गत आता है। भारतीय दंड संहिता की धारा 272 और 273 के तहत इसमें, मिलावटी खाद्य पदार्थों को बेचने वाले को 6 महीने से लेकर 2 साल तक की सजा हो सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। जबकि, अगर मिलावटी खाद्य पदार्थ से किसी व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति गंभीर हो जाती है या कोई बीमारी फैल जाती है या किसी के जान पर बन आती है तो यह एक गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में, संबंधित व्यक्ति को 3 से 7 साल तक की सजा हो सकती है और उस पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

सर्वोच्च न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला: निजी संपत्तियां ‘समुदाय के भौतिक संसाधन’ नहीं, राज्य नहीं कर सकता जबरन अधिग्रहण

Historic decision of the Supreme Court: Private properties are not ‘physical resources of the community’, the state cannot forcibly acquire them नई दिल्ली ! सर्वोच्च न्यायालय ने आज एक ऐतिहासिक फैसले में कहा कि सभी निजी स्वामित्व वाली संपत्तियां सामुदायिक संसाधन नहीं होतीं, जिन्हें राज्य आम भलाई के लिए अपने अधीन कर सकता है। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली नौ न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 8-1 के बहुमत से इस विवादास्पद मुद्दे पर फैसला सुनाया। तीन फैसले लिखे गएमुख्य न्यायाधीश ने अपने और छह सहयोगियों के लिए एक फैसला लिखा, न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना ने एक समवर्ती लेकिन अलग फैसला लिखा और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया ने असहमति जताई। पीठ में मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय, न्यायमूर्ति नागरत्ना बीवी, न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला, न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा, न्यायमूर्ति राजेश बिंदल, न्यायमूर्ति एससी शर्मा और न्यायमूर्ति एजी मसीह शामिल थे।यह मामला संविधान के अनुच्छेद 31सी से संबंधित है जो राज्य द्वारा राज्य नीति के निर्देशक सिद्धांतों को पूरा करने के लिए बनाए गए कानूनों की रक्षा करता है – संविधान सरकारों को कानून और नीतियां बनाते समय पालन करने के लिए दिशा-निर्देश देता है। अनुच्छेद 31सी जिन कानूनों की रक्षा करता है उनमें अनुच्छेद 39बी भी शामिल है। अनुच्छेद 39बी में प्रावधान है कि राज्य अपनी नीति इस प्रकार बनाएगा कि समुदाय के भौतिक संसाधनों का स्वामित्व और नियंत्रण इस प्रकार वितरित हो कि सर्वजन हिताय हो। किसी की निजी संपत्ति नहीं हो सकती पब्लिकइस पर मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की, “क्या 39बी में इस्तेमाल किए गए समुदाय के भौतिक संसाधन में निजी स्वामित्व वाले संसाधन शामिल हैं? सैद्धांतिक रूप से, इसका उत्तर हां है, इस वाक्यांश में निजी स्वामित्व वाले संसाधन शामिल हो सकते हैं। हालांकि, यह न्यायालय रंगनाथ रेड्डी में न्यायमूर्ति अय्यर के अल्पमत के दृष्टिकोण से सहमत नहीं है। हमारा मानना ​​है कि किसी व्यक्ति के स्वामित्व वाले प्रत्येक संसाधन को केवल इसलिए समुदाय का भौतिक संसाधन नहीं माना जा सकता क्योंकि वह भौतिक आवश्यकताओं की योग्यता को पूरा करता है।”उन्होंने कहा, “39बी के अंतर्गत आने वाले संसाधन के बारे में जांच विवाद-विशिष्ट होनी चाहिए और संसाधन की प्रकृति, विशेषताओं, समुदाय की भलाई पर संसाधन के प्रभाव, संसाधन की कमी और ऐसे संसाधन के निजी लोगों के हाथों में केंद्रित होने के परिणामों जैसे कारकों की एक गैर-संपूर्ण सूची के अधीन होनी चाहिए, इस न्यायालय द्वारा विकसित सार्वजनिक ट्रस्ट सिद्धांत भी उन संसाधनों की पहचान करने में मदद कर सकता है जो समुदाय के भौतिक संसाधन के दायरे में आते हैं।”46 साल बाद पलटा फैसला1977 में, सात न्यायाधीशों की पीठ ने 4:3 बहुमत से फैसला सुनाया था कि निजी स्वामित्व वाली सभी संपत्ति समुदाय के भौतिक संसाधनों के दायरे में नहीं आती है। हालाँकि, अल्पमत की राय में, न्यायमूर्ति कृष्ण अय्यर ने माना कि सार्वजनिक और निजी दोनों संसाधन अनुच्छेद 39(बी) के तहत “समुदाय के भौतिक संसाधनों” के दायरे में आते हैं। अपने अलग फैसले में, न्यायमूर्ति नागरत्ना ने न्यायमूर्ति अय्यर के फैसले पर उनकी टिप्पणियों पर मुख्य न्यायाधीश से असहमति जताई।

राहुल गांधी की कारीगर समुदाय से मुलाकात: पेंटरों और कुम्हारों की चुनौतियों पर चर्चा और आर्थिक सशक्तिकरण की अपील

Rahul Gandhi meets artisan community: discusses challenges in life of painters and potters नेता विपक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में पेंटर और कुम्हार समुदाय के सदस्यों के साथ समय बिताया, उनके काम की बारीकियों को समझा और उनकी जिंदगी से जुड़ी परेशानियों पर गहन चर्चा की। राहुल गांधी ने इन मेहनतकश कारीगरों के साथ काम में हाथ बंटाया और उनकी कठिनाइयों को नजदीक से जानने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि ये कारीगर हमारे घरों को अपनी कला से रोशन करते हैं, लेकिन उनके खुद के जीवन में खुशहाली और स्थिरता की कमी है। इसके लिए समाज की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह इन हुनरमंदों को न केवल पहचान दे, बल्कि उनके जीवन को बेहतर बनाने में सहयोग भी करे। पेंटर समुदाय की चुनौतियाँ: सीमित अवसर, जोखिमपूर्ण काम और स्थायित्व की कमी राहुल गांधी ने पेंटर समुदाय के साथ चर्चा करते हुए पाया कि उनके काम में कई तरह की चुनौतियाँ हैं। इन कलाकारों का काम चाहे घरों की दीवारों पर हो या बड़े भवनों पर, इनमें कई जोखिम जुड़े होते हैं। अधिकतर पेंटर अनौपचारिक श्रम बाजार में काम करते हैं, जिसके चलते उन्हें नियमित आय या भविष्य में स्थायित्व की कोई गारंटी नहीं मिलती। कई पेंटरों ने अपनी परेशानियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि उनके पास पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं होते, जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है। राहुल गांधी ने इस पर चिंता जताई और कहा कि इस समुदाय को बेहतर उपकरण और सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करना अत्यंत जरूरी है। साथ ही, उन्होंने पेंटरों के बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का समाधान करने पर भी जोर दिया, ताकि इस समुदाय को एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य मिल सके। कुम्हार समुदाय से बातचीत: पारंपरिक कला के संरक्षण की जरूरत राहुल गांधी ने कुम्हार समुदाय के साथ बातचीत करते हुए उनकी कला की बारीकियों को समझा। कुम्हारों की कला भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न हिस्सा है। लेकिन आज, आधुनिकता के इस दौर में यह कला विलुप्त होने के कगार पर है। कुम्हारों ने बताया कि पारंपरिक मिट्टी के बर्तन और मूर्तियाँ बनाने का काम पीढ़ी दर पीढ़ी चला आ रहा है, लेकिन अब प्लास्टिक और मशीनी उत्पादों के कारण उनकी मांग घटती जा रही है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार और समाज को मिलकर कुम्हारों को उचित बाजार और सहयोग प्रदान करना चाहिए। यदि उनके उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए, तो ये लोग न केवल आर्थिक रूप से सशक्त होंगे बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर को भी संजीवनी मिलेगी। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि इस कला को आधुनिक बाजार में स्थान दिलाने के लिए प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता की भी आवश्यकता है। हुनरमंदों को मौके देने पर जोर: स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण राहुल गांधी का मानना है कि यदि सही प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता मिले तो कारीगर और कलाकार अपनी कला से समाज में योगदान कर सकते हैं और एक आर्थिक संबल पा सकते हैं। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि पेंटरों और कुम्हारों जैसे कारीगरों के लिए विशेष योजनाएं लाई जाएं। उन्होंने कहा कि ऐसे कलाकारों के लिए वित्तीय योजनाओं, लोन स्कीम और सरकारी सब्सिडी की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि उन्हें अपनी कला को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक आधार मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय बाजारों और कला मेलों का आयोजन करने का सुझाव दिया, जहां ये कलाकार सीधे अपने उत्पादों को बेच सकें और उचित मुनाफा कमा सकें। समाज के प्रति संदेश: कला और मेहनत की इज्जत करें राहुल गांधी ने इस मुलाकात के दौरान एक संदेश दिया कि समाज को इन मेहनतकशों के योगदान को समझना चाहिए और उनकी कला का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पेंटर और कुम्हार जैसे लोग हमारे घरों और समाज को सुंदर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर हम इनकी कला और मेहनत की इज्जत करेंगे और इन्हें सहयोग देंगे, तो एक समृद्ध और सशक्त समाज की स्थापना हो सकती है। राहुल गांधी की यह पहल न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि यह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने एक उदाहरण प्रस्तुत किया कि कैसे नेता जनता के करीब जाकर उनकी असली समस्याओं को समझ सकते हैं और उनके समाधान में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

पूर्वी लद्दाख में शांति की ओर कदम: भारतीय सेना ने डेमचोक में गश्त फिर से शुरू की, दिवाली पर हुआ मिठाईयों का आदान-प्रदान

Step towards peace in Eastern Ladakh: Indian Army resumes patrolling in Demchok, sweets exchanged on Diwali पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले प्रमुख बिंदुओं से भारतीय और चीनी सैनिकों के पूरी तरह पीछे हटने के कुछ ही दिनों बाद भारतीय सेना ने शुक्रवार (1 नवंबर 2024) को डेमचोक में गश्त फिर से शुरू कर दी। सेना के सूत्रों ने इसे भारत-चीन संबंधों में स्थिरता की दिशा में एक सकारात्मक संकेत बताया है। सूत्रों के अनुसार, डेमचोक में गश्त शुरू हो चुकी है, और जल्द ही भारतीय सेना देपसांग में भी गश्त पर लौटेगी। इससे पहले दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत सैनिकों ने टकराव वाले बिंदुओं से पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी की थी। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य अप्रैल 2020 से पहले की स्थिति को बहाल करना है, जब लद्दाख के विभिन्न क्षेत्रों में तनाव गहरा गया था। दिवाली पर सीमा पर मिठाईयों का आदान-प्रदान समझौते के ठीक एक दिन बाद, दिवाली के अवसर पर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर विभिन्न सीमा बिंदुओं पर भारतीय और चीनी सैनिकों ने मिठाईयों का आदान-प्रदान किया। इसे दोनों देशों के बीच सामंजस्यपूर्ण संबंध की एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। इस परंपरागत आदान-प्रदान में दोनों पक्षों में सौहार्द और मित्रता का माहौल देखने को मिला। गलवान झड़प के बाद चार साल से जारी गतिरोध में सफलता जून 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद भारत-चीन संबंधों में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया था और पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर गतिरोध जारी था। लेकिन विदेश सचिव विक्रम मिस्री के अनुसार, हाल ही में हुई बातचीत के बाद दोनों देशों ने गतिरोध समाप्त करने के एक महत्वपूर्ण समझौते पर सहमति जताई है। इस समझौते को 2020 में उत्पन्न हुए मुद्दों को हल करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। गश्त की बहाली से अप्रैल 2020 से पहले की स्थिति की ओर वापसी सेना के सूत्रों का कहना है कि गश्त बहाली के लिए स्थानीय स्तर पर कमांडरों के बीच बातचीत जारी रहेगी। इसके साथ ही भारतीय सेना अप्रैल 2020 से पहले की गश्त वाली स्थिति और स्तर को बहाल करने का प्रयास करेगी। सत्यापन प्रक्रिया चल रही है और गश्त के तरीकों पर चर्चा और निर्णय हो रहे हैं। भारत-चीन के बीच यह प्रगति दोनों देशों के बीच शांति और सामंजस्य बढ़ाने का एक कदम है, जो आने वाले समय में स्थिरता का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।

जनगणना 2025: नई चुनौतियाँ और राजनीतिक रणनीतियाँ

Census 2025: New challenges and political strategies केंद्र सरकार ने देश में जनगणना कराने की पूरी तैयारी कर ली है। यह प्रक्रिया अगले साल से शुरू होकर एक साल में पूरी होगी और 2026 में इसके आंकड़े सार्वजनिक किए जाएंगे। इस जनगणना में एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि इस बार सर्वे में सम्प्रदाय की जानकारी भी पूछी जाएगी, जिससे देश के विभिन्न सम्प्रदायों की जनसंख्या के आधार पर योजनाएं बनाई जा सकेंगी। जनगणना में कुल 30 सवाल शामिल होंगे, जो पिछली 2011 की जनगणना में पूछे गए 29 सवालों से एक अधिक है। देरी के कारण और नई समय-सीमायह जनगणना 2021 में ही होनी थी, लेकिन कोरोना महामारी के चलते इसे स्थगित करना पड़ा। इसके बाद लोकसभा चुनावों के चलते इसे और आगे बढ़ाया गया। अब सरकार ने इस पर तेजी से कदम बढ़ा दिए हैं, क्योंकि जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही लोकसभा और विधानसभा सीटों का परिसीमन किया जाएगा, जो 50 वर्षों से रुका हुआ है। संप्रदाय आधारित सवालों का राजनीतिक महत्वइस बार जनगणना में शामिल किए गए सम्प्रदाय आधारित सवाल विशेष चर्चा का विषय हैं। जनगणना में कबीरपंथी, रविदासी, दलित बौद्ध और अन्य सम्प्रदायों के बारे में पूछा जाएगा। इसके पीछे उद्देश्य केवल आंकड़े इकट्ठा करना नहीं है, बल्कि इन आंकड़ों के आधार पर सरकारी योजनाओं को बेहतर बनाना और समाज में राजनीतिक समीकरणों को समझना है। विशेषज्ञों का मानना है कि सम्प्रदाय आधारित आंकड़े राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि यह राजनीतिक दलों को इन सम्प्रदायों के आधार पर नीतियां बनाने और समर्थन प्राप्त करने में सहायता कर सकते हैं। परिसीमन और महिला आरक्षण2029 में लोकसभा सीटों में वृद्धि और महिला आरक्षण की संभावनाओं के चलते यह जनगणना और भी महत्वपूर्ण हो गई है। परिसीमन के आधार पर सीटों के पुनर्गठन से भारत के जनसांख्यिकीय बदलावों का सीधा असर चुनावी सीटों पर पड़ेगा, जो विभिन्न राज्यों के राजनीतिक परिदृश्य को भी प्रभावित करेगा। जाति जनगणना पर चुप्पीहालांकि जाति जनगणना पर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन सूत्रों के अनुसार सम्प्रदाय की जानकारी पूछे जाने की तैयारी चल रही है। इससे राजनीतिक लाभ के साथ-साथ योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सहयोग मिलेगा। जनगणना के आंकड़ों के आधार पर समाज के विभिन्न वर्गों की आवश्यकताओं और उनकी जनसंख्या के अनुपात को समझने में सहायता मिलेगी, जिससे विकास कार्यों में पारदर्शिता आएगी। आगामी जनगणना न केवल देश की जनसांख्यिकी को समझने का एक साधन होगी, बल्कि इसके माध्यम से राजनीतिक दलों को नई योजनाएं और विकास की दिशा तय करने का आधार मिलेगा। इस बार जनगणना के व्यापक परिणाम, भारतीय राजनीति और समाज दोनों पर गहरे असर डाल सकते हैं। इस बार जानकारी में लोगों से उनका संप्रदाय भी पूछा जाएगा। कबीरपंथी, रविदासी, दलित बौद्ध समेत देश के अलग-अलग राज्यों में कई संप्रदाय हैं। ऐसे में संप्रदाय भी राजनीति का एक बड़ा आधार हो सकता है। इस तरह 30 सवाल जनगणना में पूछे जाएंगे। ये हैं वो सवाल जिनका जवाब हर घर से लिया जाएगा व्यक्ति का नाम।परिवार के मुखिया से संबंध?लिंग?जन्मतिथि और आयु?मौजूदा वैवाहिक स्थिति?शादी के वक्त उम्र?धर्म?संप्रदाय?अनुसूचित जाति या जनजाति?दिव्यांगता (यदि हो तो)मातृभाषा कौनसी?कौन-कौन सी भाषाओं का ज्ञान?साक्षरता की स्थिति क्या?मौजूदा शैक्षणिक स्थितिउच्चतम शिक्षा कितनी?बीते साल का रोजगार?आर्थिक गतिविधि की श्रेणी?रोजगार?उद्योग की प्रकृति, रोजगार एवं सेवाएं?वर्कर्स की क्लास?गैर-आर्थिक गतिविधि ?कैसे रोजगार की चाह?काम पर जाने का माध्यम? (i) एक तरफ से दूरी।(ii) यात्रा का माध्यम। जन्म मूल स्थान पर ही हुआ या फिर कहीं और (दूसरे देश में हुआ हो तो उसका नाम)मूल स्थान पर हैं या पलायन किया? (a) क्या भारत में ही पलायन किया?(b) किस समय पलायन किया? मूल स्थान से पलायन का कारण?कितनी संतान? (a) बेटे कितने ?(b) बेटियां कितनी? जन्म लेने वाले कितने बच्चे जीवित? (a) बेटे कितने ?(b) बेटियां कितनी? बीते एक साल में पैदा बच्चों की संख्या?पलायन के बाद कितने साल से नए स्थान पर ?पलायन से पूर्व का मूल स्थान?

सुकमा में बड़ी सफलता: 24 लाख के इनामी 6 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, दंपती भी शामिल

Big success in Sukma: 6 Naxalites with a reward of Rs 24 lakh surrendered, couple also included सुकमा। छत्‍तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे पुनर्वास और आत्मसमर्पण नीति के तहत सोमवार को बड़ी सफलता मिली, जब कुल 24 लाख रुपये के इनामी 6 नक्सलियों ने पुलिस और सीआरपीएफ के सामने आत्मसमर्पण किया। इन नक्सलियों में एक दंपती भी शामिल है, जिनमें से प्रत्येक पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत शासन की सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इन नक्सलियों ने सीआरपीएफ डीआईजी आनंद सिंह और सुकमा एसपी किरण चव्हाण के सामने आत्मसमर्पण किया। अधिकारियों ने इस मौके पर आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास योजनाओं की जानकारी दी और भविष्य में मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रोत्साहित किया। पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर किया सरेंडरआत्मसमर्पण के दौरान इन नक्सलियों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से संगठन में सक्रिय थे, लेकिन नियद नेल्ला नार और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़ने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण से बढ़ी सुरक्षा बलों की हौसलाअफजाईयह आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों के लिए बड़ी उपलब्धि है, जिससे क्षेत्र में शांति बहाली के प्रयासों को नई ताकत मिली है। सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन और पुनर्वास नीति की वजह से नक्सली संगठनों में फूट पड़ रही है, और कई नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं। सरकार की पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर किया सरेंडरछत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू की गई पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे वे समाज में अपनी पहचान बना सकें। नीति के अंतर्गत उन्हें विभिन्न आर्थिक और सामाजिक योजनाओं का लाभ मिलता है। अधिकारियों ने बताया कि इन नक्सलियों को अब पुनर्वास योजना के तहत रोजगार, शिक्षा, और सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिया जाएगा। क्षेत्र में शांति स्थापना की ओर एक कदमसुकमा जिले में आत्मसमर्पण की बढ़ती घटनाओं से यह संकेत मिलता है कि सुरक्षा बलों और पुनर्वास नीति के संयुक्त प्रयासों के कारण नक्सली हिंसा का प्रभाव कम हो रहा है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में और भी नक्सली संगठन छोड़कर मुख्यधारा में लौटेंगे, जिससे क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी।

जम्मू-कश्मीर: सुरक्षाबलों ने ग्रेनेड के साथ दो आतंकियों को किया गिरफ्तार

Jammu and Kashmir: Security forces arrested two terrorists with grenade Jammu Kashmir: जम्मू कश्मीर के पुंछ में सुरक्षाबलों ने जिन आतंकियों को गिरफ्तार किया है वह लोकल ही है. जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले पुंछ में सुरक्षाबल का तलाशी अभियान जारी है. Jammu Kashmir News: जम्मू कश्मीर के पुंछ में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को गिरफ्तार किया है. दोनों आतंकी स्थानीय बताई जा रहे हैं. सुरक्षाबलों ने आतंकियों के पास से दो ग्रेनेड बरामद किया है. ये दोनों हाइब्रिड आतंकवादी है. ये दिखने में तो सामान्य होते हैं, लेकिन आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होते हैं या उनकी सहायता करते हैं, जिससे उन्हें पहचानना मुश्किल हो जाता है. आतंकियों को पकड़ने के लिए सुरक्षाबल चला रहे अभियान जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले पुंछ और राजौरी के विभिन्न स्थानों पर आतंकवादियों को पकड़ने के लिए बीते कुछ दिनों से सुरक्षाबल का तलाशी अभियान जारी है. इससे पहले बुधवार (16 अक्टूबर 2024) को आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद गुरसाई टॉप इलाके के मोहरी शाहस्तर में पुलिस और सेना ने देर रात संयुक्त रूप से तलाशी अभियान शुरू किया था. आतंकवादियों की तलाश के लिए अतिरिक्त बल भी भेजा गया था. इस दौरान जंगल की ओर बढ़ रहे आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच कुछ देर तक गोलीबारी भी हुई थी. सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों का पता लगाने के लिए ड्रोन और खोजी कुत्तों को भी तैनात किया है. वहीं जम्मू के व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल नवीन सचदेवा ने डोडा का दौरा कर सुरक्षा स्थिति और परिचालन तैयारियों की समीक्षा की. इस जिले में हाल के दिनों में कई आतंकवादी घटनाएं हुई हैं. पुंछ से आतंकियों का हेल्पर हुआ गिरफ्तार राजौरी जिले में तीन संदिग्ध आतंकवादियों की गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने शद्र शरीफ क्षेत्र के कुंदन और आसपास के गांवों में घेराबंदी कर गुरुवार (17 अक्टूबर 2024) तड़के तलाशी अभियान शुरू किया था. पिछले महीने जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में भारतीय सेना और सीआरपीएफ ने संयुक्त कार्रवाई में आतंकियों का साथ देने वाले एक शख्स को गिरफ्तार किया था. सुरक्षा बलों ने उसके पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए थे.

पूर्वावलोकन: फॉर्म में चल रहे जमशेदपुर एफसी के खिलाफ नया अध्याय शुरू करने के लिए तैयार ईस्ट बंगाल एफसी

अंतरिम मुख्य कोच बिनो जॉर्ज द्वारा प्रबंधित रेड एंड गोल्ड ब्रिगेड खालिद जमील की उत्साही टीम से भिड़ने के लिए जमशेदपुर जाएगी Preview: East Bengal FC ready to start a new chapter against in-form Jamshedpur FC जमशेदपुर एफसी इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) 2024-25 में 5 अक्टूबर को जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में शाम 5 बजे ईस्ट बंगाल एफसी से भिड़ेगी। खालिद जमील की टीम फिलहाल तीन मैचों में छह अंकों के साथ तालिका में तीसरे स्थान पर है। इस बीच, ईस्ट बंगाल एफसी लगातार तीन हार के साथ सबसे निचले पायदान पर है और अंतरिम मुख्य कोच बिनो जॉर्ज कमान संभाल रहे हैं। जमशेदपुर एफसी का ईस्ट बंगाल के खिलाफ अजेय क्रम ● स्टील के खिलाड़ी रेड एंड गोल्ड ब्रिगेड के खिलाफ अपने पिछले तीन मुकाबलों में नहीं हारे हैं। उनका आखिरी मुकाबला फरवरी 2024 में ईस्ट बंगाल पर 2-1 की जीत के साथ समाप्त हुआ था। हालांकि, जमशेदपुर एफसी ने आईएसएल में कोलकाता के दिग्गजों पर कभी भी लगातार जीत दर्ज नहीं की है। ईस्ट बंगाल एफसी की कोशिश अपने घर के बाहर के रिकॉर्ड को बेहतर बनाने की है ● 2023-24 सीजन की शुरुआत से लेकर अब तक ईस्ट बंगाल एफसी ने केवल दो घर के बाहर के मैच जीते हैं। इसके अलावा, वे अपने पिछले तीनों घर के बाहर के मैच हार चुके हैं। हालांकि, रेड एंड गोल्ड ब्रिगेड ने जमशेदपुर में अपने दो में से एक घर के बाहर के मैच जीते हैं, जो नवंबर 2022 में 3-1 की जीत थी। “हर मैच आगे बढ़ने का मौका है” अपने पिछले मैच में ओडिशा एफसी से हारने के बाद, जमशेदपुर एफसी ईस्ट बंगाल के खिलाफ जीत की राह पर लौटने का लक्ष्य बनाएगी, जिसने अपने आईएसएल अभियान की उचित शुरुआत नहीं की है। मुख्य कोच खालिद जमील ने मैच से पहले कहा, “अब, यह आगे बढ़ने और आगे क्या होने वाला है, इस पर ध्यान केंद्रित करने के बारे में है। उनका सामना करना एक और महत्वपूर्ण चुनौती होगी, लेकिन मेरा ध्यान पूरी तरह से अपनी टीम को तैयार करने और मैदान पर उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाने पर है। हर मैच आगे बढ़ने का मौका है, और हम सकारात्मक परिणाम हासिल करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने के लिए तैयार हैं।” उन्होंने कहा, “हमारा पिछला मैच उम्मीद के मुताबिक नहीं था। हम खुद को सुधारेंगे और अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे। “मुझे पता है कि लड़के और मजबूत होकर वापस आ सकते हैं” कार्ल्स कुआड्राट के जाने के बाद बिनो जॉर्ज ने अंतरिम कोच का पद संभाला है। हालांकि, भारतीय दिग्गज को पूरा भरोसा है और उन्हें भरोसा है कि उनकी टीम जल्द ही अपने पक्ष में वापसी करेगी। आमने-सामने जमशेदपुर एफसी और ईस्ट बंगाल एफसी आईएसएल में आठ बार भिड़ चुके हैं। मेन ऑफ स्टील ने तीन मौकों पर जीत हासिल की है। दूसरी ओर, ईस्ट बंगाल दो बार विजयी रहा। तीन मुकाबलों में ड्रॉ रहा। मुख्य खिलाड़ी और मील के पत्थर ● ईस्ट बंगाल के कप्तान क्लेटन सिल्वा तीन गोल के साथ इस मुकाबले में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। हालांकि, उन्होंने अपने पिछले चार आईएसएल मैचों में अभी तक कोई गोल नहीं किया है। ● जमशेदपुर एफसी के जॉर्डन मरे ने आईएसएल में अपने पिछले छह मैचों में से प्रत्येक में 10 से अधिक मुक़ाबले लड़े हैं, जो लीग में सबसे लंबा सक्रिय दौर है। मदीह तलाल, जो वर्तमान में ईस्ट बंगाल के लिए खेलते हैं, ने 2024 की शुरुआत से 10 से अधिक मुक़ाबले लड़ने का लंबा दौर खेला है – फरवरी से अप्रैल के बीच नौ गेम। ● ईस्ट बंगाल के गोलकीपर देबजीत मजूमदार ने 2023-24 संस्करण की शुरुआत से प्रति गेम 3.4 सेव दर्ज किए हैं। यह किसी भी गोलकीपर द्वारा कम से कम पाँच गेम में भाग लेने का उच्चतम कुल है। लेकिन, उन्होंने इस कार्यकाल के दौरान केवल तीन क्लीन-शीट हासिल की। आईएसएल फैंटेसी पिक्स अनवर अली (5.5 करोड़) अब तक 13 फैंटेसी पॉइंट हासिल कर चुके हैं जावी हर्नांडेज़ (9.6 करोड़) इस सीज़न में 17 आईएसएल फैंटेसी पॉइंट हासिल कर चुके हैं इंडियन सुपर लीग को जियोसिनेमा (अंग्रेजी, हिंदी, बंगाली और मलयालम) पर मुफ़्त में लाइव स्ट्रीम किया जाएगा और स्पोर्ट्स 18 – 3 (अंग्रेजी, हिंदी, बंगाली और मलयालम), एशियानेट प्लस (मलयालम) पर लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा। इसके अलावा स्पोर्ट्स 18 – 1, स्पोर्ट्स 18 – 2 और स्पोर्ट्स 18 – खेल भी चुनिंदा आईएसएल मैचों का लाइव प्रसारण करेंगे।

नेपाल में बड़ा सड़क हादसा, 40 भारतीय यात्री बस नदी में गिरी कई लोगों के मारे जाने की आशंका

Major road accident in Nepal, 40 Indian passenger bus falls into river, many feared dead

Major road accident in Nepal, 40 Indian passenger bus falls into river, many feared dead Nepal Bus Accident : नेपाल में बड़े हादसे की खबर सामने आई है. 40 भारतीय लोगों को लेकर जा रही बस एक नदी में गिर गई. बचाव कार्य जारी है. कई लोगों के मारे जाने की आशंका है. नेपाल पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि 40 लोगों को लेकर जा रही एक भारतीय यात्री बस तनहुन जिले में मार्सयांगडी नदी में गिर गई है. जिला पुलिस कार्यालय तनहुन के डीएसपी दीपकुमार राया ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि यूपी एफटी 7623 नंबर प्लेट वाली बस नदी में गिर गई. अधिकारी के अनुसार, बस पोखरा से काठमांडू जा रही थी. कई लोग लापता, कुछ को किया रेस्क्यूअधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण नदी भी उफान पर है. बस में 40 लोग सवार थे, जिनमें से कुछ को रेस्क्यू किया गया. लेकिन कई लोग अब भी लापता हैं. नेपाल पुलिस ने बताया है कि यह हादसा तानाहुन जिले में हुआ है. बस उत्तर प्रदेश की है. लेकिन यह जानकारी अभी तक नहीं मिल सकी है कि बस में सवार लोग उत्तर प्रदेश में किस जिले से नेपाल गए थे. वहीं, उत्तर प्रदेश के रिलीफ कमिश्नर ने कहा कि नेपाल में हुई घटना के संबंध में पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बस में सवार लोग कहां के थे. इसके लिए संपर्क साधा जा रहा है.

पुंछ में फारूक अब्दुल्ला की रैली में चाकू से हमला,पुलिस ने इलाके को घेरा

Knife attack at Farooq Abdullah’s rally in Poonch, police surrounded the area जम्मू एवं कश्मीर के पुंछ जिले में नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) की एक चुनावी रैली में रविवार को चाकू से हमले की घटना में तीन युवक घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब एनसी प्रमुख और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पार्टी उम्मीदवार के साथ कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है। मेंढर/जम्मू। जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के मेंढर में रविवार को एक चुनावी रैली में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा चाकू से किए गए हमले में नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के तीन कार्यकर्ता घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। नेकां अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला मेंढर में अनंतनाग-राजौरी लोकसभा सीट के उम्मीदवार मियां अल्ताफ के समर्थन में पार्टी द्वारा आयोजित रैली में उपस्थित थे। रैली बिना किसी व्यवधान के जारी रही। किसी मुद्दे को लेकर दो समूहों के बीच झड़पअधिकारियों ने बताया कि रैली के दौरान किसी मुद्दे पर दो समूहों के बीच झड़प हो गई। अधिकारियों ने बताया कि हाथापाई का फायदा उठाकर हमलावर भागने में सफल रहे। उन्होंने बताया कि पुलिस ने घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और दोषियों को पकड़ने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि हरनी के निवासी सोहेल अहमद और यासीर अहमद और कसबलारी गांव के मोहम्मद इमरान को चाकू से चोटें आईं और उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। अहमद राणा ने घटना को बताया “सुरक्षा चूक”पुलिस ने बताया कि सोहेल और यासीर की हालत गंभीर बताई गई है और उन्हें विशेष उपचार के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) अस्पताल, राजौरी रेफर किया गया है। वरिष्ठ नेकां नेता जावेद अहमद राणा ने इस घटना को “सुरक्षा चूक” करार दिया और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। यह बहुत अजीब है कि चाकू लेकर लोग रैली स्थल में घुसने में कामयाब रहे।

2.56 अरब डॉलर की हुई बढ़ोतरी : देश के विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर खुशखबरी

Increase of 2.56 billion dollars: Good news about the country’s foreign exchange reserves भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि 10 मई को समाप्त सप्ताह में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में काफी बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान भंडार 2.561 अरब डॉलर से बढ़कर 644.151 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इस समय विदेशी मुद्रा भंडार के मोर्चे पर भारत को खुशखबरी मिल रही है। बीते 10 मई को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 2.561 अरब डॉलर की शानदार बढ़ोतरी हुई। अब अपना भंडार 644.15 अरब डॉलर का हो गया है। विदेशी मुद्रा भंडार में काफी बढ़ोतरीभारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से जारी नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि 10 मई को समाप्त सप्ताह में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में काफी बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान भंडार 2.561 अरब डॉलर से बढ़कर 644.151 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इससे पिछले सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 3.67 अरब डॉलर बढ़कर 641.59 अरब डॉलर रहा था। इसके पहले लगातार तीन सप्ताह इसमें गिरावट आई थी। पांच अप्रैल को समाप्त सप्ताह में देश का मुद्रा भंडार 648.56 अरब डॉलर के नये सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। वहीं, केंद्रीय बैंक के साप्ताहिक आंकड़े के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान विदेशी पूंजी भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा भंडार 1.488 अरब डॉलर से बढ़कर 565.648 अरब डॉलर हो गया। स्वर्ण आरक्षित भंडार का मूल्य 1.07 अरब डॉलर बढ़ारिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, 10 मई को समाप्त सप्ताह में मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा मानी जाने वाली विदेशी मुद्रा भंडार 1.49 अरब डॉलर बढ़कर 565.65 अरब डॉलर हो गया। रिजर्व बैंक ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान स्वर्ण आरक्षित भंडार का मूल्य 1.07 अरब डॉलर बढ़कर 55.95 अरब डॉलर हो गया। आईएमएफ के पास भारत का आरक्षित जमा घटाविशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 50 लाख डॉलर बढ़कर 18.06 अरब डॉलर हो गया। रिजर्व बैंक के मुताबिक समीक्षाधीन सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के पास भारत का आरक्षित जमा 40 लाख डॉलर घटकर 4.495 अरब डॉलर रह गया।

पतंजलि की सोन पापड़ी का सैंपल फेल, जानिए पूरा मामला

Patanjali’s Soan Papdi sample fails, three including AGM jailed खाद्य सुरक्षा विभाग ने 17 अक्तूबर 2019 को बेड़ीनाग से इलाइची सोन पापड़ी का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था। यहां नमूना असुरक्षित श्रेणी का पाया गया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पिथौरागढ़ संजय सिंह की अदालत ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड कंपनी के असिस्टेंट जनरल मैनेजर (एजीएम), डिस्ट्रीब्यूटर कान्हा जी प्राइवेट लिमिटेड के असिस्टेंट मैनेजर और एक व्यापारी को छह-छह माह की सजा सुनाई। कोर्ट ने तीनों पर कुल 40 हजार का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। खाद्य सुरक्षा विभाग ने 17 अक्तूबर 2019 को बेड़ीनाग से इलाइची सोन पापड़ी का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था। यहां नमूना असुरक्षित श्रेणी का पाया गया था। प्रदेश की प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होने पर पतंजलि ने इस नमूने की जांच के लिए रेफरल लैब गाजियाबाद (भारत सरकार) को भेजा था। यहां भी नमूना फेल पाया गया जिसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने 28 जुलाई 2021 में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दायर कराया था।

मौसम: पांच दिन और झुलसाएगी गर्मी, छह राज्यों में लू की चेतावनी

Weather: Heat will scorch for five more days, heat wave warning in six states भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को अगले पांच दिन उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी की भविष्यवाणी की। पूर्व और मध्य क्षेत्र में तीन दिनों तक ऐसी स्थिति बनी रहेगी। दिल्ली, हरियामा, पंजाब और पश्चिम राजस्थान में लू को लेकर रेड अलर्ट जारी किया। उत्तर पश्चिम भारत में प्रचंड गर्मी का दौर जारी है। दिल्ली के नजफगढ़ में भले ही शुक्रवार को सबसे अधिक 47.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया हो, लेकिन शनिवार सुबह से ही बाहर निकलने पर ऐसा लगा जैसे पूरा शरीर झुलस गया हो। मौसम विभाग ने प्रचंड गर्मी और लू से भरे दिनों को लेकर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अभी और पांच दिन राहत की उम्मीद नहीं है। खासकर, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान व यूपी पर गर्मी की ज्यादा सताएगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को अगले पांच दिन उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी की भविष्यवाणी की। पूर्व और मध्य क्षेत्र में तीन दिनों तक ऐसी स्थिति बनी रहेगी। दिल्ली, हरियामा, पंजाब और पश्चिम राजस्थान में लू को लेकर रेड अलर्ट जारी किया। पूर्वी राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। साथ ही नवजात बच्चों, बुजुर्गों और पुराने रोग के मरीजों पर विशेष नजर रखने की सलाह दी है। यूपी, बिहार व पश्चिम राजस्थान में दो-तीन दिनों तक रात में अत्यधिक गर्मी की चेतावनी दी गई है। 20 जगह पारा 45 के पारदिल्ली में दूसरे दिन भी भीषण गर्मी पड़ी और औसत अधिकतम तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सीजन का सबसे अधिक तापमान है। आईएमडी ने बताया कि दिल्ली के साथ ही हरियाणा, पंजाब,. राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्य प्रदेश में कम से कम 20 जगहों पर पारा 45 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया। राजस्थान में जैसलमेर, बाड़मेर, गंगानगर और पिलानी में पारा 46 डिग्री को पार कर गया। केरल में दो दिन भारी बारिश का ऑरेंज अलर्टउत्तर पश्चिम भारत में लोग लू से झुलस रहे हैं तो दक्षिण भारत में लोग बारिश से परेशान हैं। आईएमडी ने केरल के कई जिलों में अगले दो दिन यानी 19 और 20 मई को भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पथनमथिट्टा, इडुक्की और मलप्पुरम जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलप्पुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, कोझिकोड़ और वायनाड के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के कई जिलों में शनिवार को भी भारी बारिश हुई। दक्षिण अंडमान सागर आज पहुंच सकता है मानसूनआईएमडी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि दक्षिण पश्चिम मानसून अपनी सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है। रविवार को दक्षिण अंडमान सागर, दक्षिणपूर्व बंगाल की खाड़ी और निकोबार द्वीपसमूह के कुछ हिस्सों में पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि दक्षिण भारत में 23 मई तक मूसलाधार बारिश भी होगी। इस दौरान 19 से 21 मई तक अधिकांश इलाकों में बहुत तेज बारिश हो सकती है।

चिनफिंग-पुतिन की दोस्‍ती से अमेरिका की बढ़ रही टेंशन

America’s tension is increasing due to Xi Jinping-Putin friendship रूस के साथ चीन के बढ़ते सहयोग को लेकर अमेरिका के एक शीर्ष रक्षा अधिकारी ने अपने चीनी समकक्ष को चेतावनी दी है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मुलाकात की और दोनों देशों ने अपने संबंधों को मजबूत करने का संकल्प लिया। पुतिन मॉस्को और बीजिंग के बीच संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ मनाने के लिए चीन की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर थे। वाशिंगटन। अमेरिका के एक शीर्ष रक्षा अधिकारी ने अपने चीनी समकक्ष को रूस के साथ चीन के बढ़ते सहयोग के बारे में चेतावनी दी है। दरअसल, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात की थी। दोनों देशों ने अपने बीच संबंधों को मजबूत करने का भी संकल्प लिया था। बता दें कि पुतिन, मास्को और बीजिंग के बीच संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ मनाने के लिए चीन की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर थे, जिसके दौरान उन्होंने और उनके चीनी समकक्ष शी चिनफिंग ने साझेदारी के ‘नए युग’ की प्रतिज्ञा की ‘एक चीन’ नीति के प्रति प्रतिबद्ध अमेरिकी रक्षा सहायक सचिव ने यह भी दोहराया कि संयुक्त राज्य अमेरिका ‘एक चीन’ नीति के प्रति प्रतिबद्ध है। साथ ही अमेरिकी अधिकारी ने अपने चीनी समकक्ष से दक्षिण चीन सागर के तट के पास चीन और फिलीपींस के बीच बढ़ते तनाव के बारे में भी बात की। इस पर अब, चीन ने ताइवान के साथ ‘सैन्य मिलीभगत’ के लिए अमेरिका की आलोचना की है। चीन के समर्थन पर अमेरिका ने जताई गंभीर चिंताइंडो-पैसिफिक सुरक्षा मामलों के लिए अमेरिकी सहायक रक्षा सचिव एली रैटनर ने शुक्रवार को चीन के मेजर जनरल ली बिन, अंतर्राष्ट्रीय सैन्य सहयोग के लिए केंद्रीय सैन्य आयोग कार्यालय के निदेशक के साथ वीडियो टेलीकांफ्रेंसिंग के जरिए बात की। इस दौरान रैटनर ने रूस और उत्तर कोरिया के बीच संबंधों के साथ-साथ ‘रूस के रक्षा औद्योगिक आधार के लिए चीन के समर्थन पर गंभीर चिंता’ पर चर्चा की। चीन ने की आलोचनाबीजिंग मुख्यालय वाले ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, अमेरिका और ताइवान के बीच सैन्य मिलीभगत और साथ ही ताइवान स्वतंत्रता बलों के अलगाववादी कृत्य ताइवान जलडमरूमध्य में वर्तमान स्थिरता में व्यवधान के मुख्य स्रोत हैं। प्रवक्ता ने कहा, चीन किसी भी ‘ताइवान स्वतंत्रता’ अलगाववादी गतिविधियों और विदेशी मिलीभगत और समर्थन के खिलाफ दृढ़ और निर्णायक जवाबी कदम उठाएगा।

‘अदालतें लोकतांत्रिक चर्चा वाली जगहें’, ब्राजील में जे20 सम्मेलन में बोले भारत के CJI चंद्रचूड़

‘Courts are places of democratic discussion’, India’s CJI Chandrachud said at the J20 conference in Brazil. चंद्रचूड़ ने कहा कि हम अपने निर्णय के लिए एसयूवीएएस (सुप्रीम कोर्ट विधिक अनुवाद सॉफ्टवेयर) का उपयोग करते हैं। यह एक मशीन लर्निंग, एआई सक्षम अनुवाद टूल है, तो 16 क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद करता है। ब्राजील में जे20 शिखर सम्मेलन में भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ शामिल हुए। उन्होंने इस सम्मेलन को संबोधित भी किया। इस दौरान सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि हमारी अदालतों को आम लोगों पर थोपने के लिए नहीं बनाया गया बल्कि इन्हें लोकतांत्रिक स्थानों के रूप में स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 में अदालत प्रणालियों को आगे बढ़ाया है, जिसे रातोरात बदलने के लिए हमें मजबूर होना पड़ा। जे20 शिखर सम्मेलन वह मंच है, जो जी20 सदस्य देशों की सर्वोच्च और संवैधानिक अदालतों के प्रमुखों को अफ्रीकी संघ और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों के साथ लाता है।इस कार्यक्रम में सामाजिक न्याय, पर्यावरणीय स्थिरता और बेहतर न्यायिक क्षमता जैसी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा का अवसर मिलता है। सीजेआई चंद्रचूड़ ने किया जे20 सम्मेलन को संबोधितजे20 शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए चंद्रचूड़ ने कहा, “हमारा मानना है कि धूप सबसे अच्छा कीटाणुनाशक है। सही और सुलभ जानकारी दुष्प्रचार का प्रतिकारक है।” उन्होंने आगे कहा, “भारत में जजों के लिए बार से जुड़ना और जवाब पाने के लिए क्रूर वकील की भूमिका निभाना आम बात है। कभी-कभी इसमें गलती हो जाती है। अच्छी बात ये है कि हमारे पास कानूनी पत्रकारों का एक मजबूत नेटवर्क है, जो कार्यवाही की लाइव रिपोर्टिंग करते हैं। इससे दुष्प्रचार को दूर करने में काफी मदद मिलता है।” उन्होंने आगे कहा, “हम अपने निर्णय के लिए एसयूवीएएस (सुप्रीम कोर्ट विधिक अनुवाद सॉफ्टवेयर) का उपयोग करते हैं। यह एक मशीन लर्निंग, एआई सक्षम अनुवाद टूल है, तो 16 क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद करता है। अबतक 36,000 से अधिक मामलों का अनुवाद किया गया है। महत्वपूर्ण संवैधानिक मामलों का लाइव स्ट्रीमिंग और यूट्यूब रिकॉर्डिंग भी है।” टेकनोलॉजी सभी सामाजिक असमानताओं के लिए रामबाण इलाज नहीं: सीजेआईचंद्रचूड़ ने बताया कि डिजिटल एससीआर के जरिए सीजेआई ने कहा कि आम लोगों को डिजिटल एससीआर (सुप्रीम कोर्ट रिकॉर्ड्स) के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट के फैसलों तक आसान पहुंच प्रदान की जाती है। जहां 30,000 से अधिक पुराने निर्णय मुफ्त में उपलब्ध हैं। सीजेआई ने कहा, “जब हम न्यायिक दक्षता के बारे में बात करते हैं तो हमें न्यायाधीश की दक्षता से परे देखना चाहिए और संपूर्ण रूप से न्यायिक प्रक्रिया के बारे में सोचना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि टेकनोलॉजी सभी सामाजिक असमानताओं के लिए केवल एक ही रामबाण इलाज नहीं है। एआई प्रोफाइलिंग, गलत सूचना और संवेदनशील जानकारी का प्रदर्शन और एआई में ब्लैक बॉक्स मॉडल की अस्पष्टता जैसे जटिल मुद्दों के खतरों के बारे में विचार विमर्श के साथ इससे निपटना चाहिए।

पांचवें चरण में 159 दागी, 227 करोड़पति; उम्मीदवारों की सूची देखे

159 tainted, 227 millionaires in the fifth phase; See the list of richest candidates लोकसभा चुनाव 2024 के पांचवें चरण में कुल 695 उम्मीदवार मैदान में हैं। इन सभी उम्मीदवारों के चुनाव हलफनामों का विश्लेषण किया है। 695 में से 227 उम्मीदवार करोड़पति हैं। वहीं, पांचवें चरण में चुनाव लड़ रहे 159 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। देश में इस वक्त चुनाव की सरगर्मी है। 19 अप्रैल से लेकर 1 जून तक सात चरणों में लोकसभा के चुनाव हो रहे हैं। तीन चरणों के लिए मतदान हो चुका है जबकि चौथे चरण का मतदान सोमवार को हो रहा है। पांचवें चरण के नामांकन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। पांचवें चरण में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण किया है। इस चरण में कुल 695 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं जिनके शपथपत्रों का विश्लेषण किया गया है। उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि 695 में से 159 (23 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। 122 (16 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। तीन उम्मीदवारों ने अपने ऊपर दोषसिद्ध मामले घोषित किए हैं। चार उम्मीदवारों ने अपने ऊपर हत्या (आईपीसी-302) से जबकि 28 उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ हत्या के प्रयास (आईपीसी-307) से जुड़े मामले घोषित किए हैं। महिलाओं के ऊपर अत्याचार से जुड़े मामले घोषित करने वाले उम्मीदवार 29 हैं। इन 29 में से एक उम्मीदवार के ऊपर दुष्कर्म (आईपीसी-376) से जुड़ा मामला दर्ज है। इसके अलावा, भड़काऊ भाषण से जुड़े मामले घोषित करने वाले कुल 10 उम्मीदवार हैं। दलवार आंकड़े क्या हैं? पांचवें चरण में सपा के सभी 10 में से पांच उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। वहीं, शिवसेना के छह में से तीन, एआईएमआईएम के चार में से दो, भाजपा के 40 में से 19, कांग्रेस के 18 में से आठ, टीएमसी के सात में से तीन, शिवसेना (यूबीटी) के आठ में से तीन और राजद के पांच में से एक उम्मीदवार के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। उम्मीदवारों की संपत्ति का लेखा-जोखा 695 में से 33 प्रतिशत यानी 227 उम्मीदवार करोड़पति हैं। सबसे ज्यादा भाजपा के 36 उम्मीदवार करोड़पति हैं। एआईएमआईएम के चार में से दो उम्मीदवार करोड़पति हैं। चुनावी हलफनामों में इन प्रत्याशियों ने एक करोड़ से ज्यादा की संपत्ति घोषित की है। लोकसभा चुनाव 2024 के पांचवें चरण में हर उम्मीदवार के पास औसतन 3.56 करोड़ की संपत्ति है। दलवार आंकड़ों पर गौर करें तो एनसीपी (शरद गुट) के दो उम्मीदवारों की सबसे ज्यादा औसतन संपत्ति 54.64 करोड़ की संपत्ति है। सबसे अमीर प्रत्याशी पांचवें चरण में सबसे ज्यादा संपत्ति घोषित करने वाले उम्मीदवार अनुराग शर्मा हैं। उत्तर प्रदेश के झांसी से भाजपा प्रत्याशी ने कुल 212 करोड़ की संपत्ति घोषित की है। इस मामले में दूसरे स्थान पर निर्दलीय नीलेश भगवान सांभरे हैं। महाराष्ट्र की भिवंडी सीट से चुनाव लड़ रहे सांभरे ने अपने हलफनामे में 116 करोड़ की दौलत बताई है। तीसरे सबसे धनी प्रत्याशी केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रत्याशी पीयूष गोयल हैं। महाराष्ट्र की मुंबई उत्तर सीट से चुनाव लड़ रहे गोयल की संपत्ति 110 करोड़ की है। उधर एक उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति शून्य घोषित की है। वहीं तीन उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति क्रमश 67 रुपये, 700 रुपये और 5427 रुपये बताई है। 42% उम्मीदवारों की पढ़ाई 5वीं और 12वीं के बीच तमाम उम्मीदवारों की शैक्षिक योग्यता की बात करें तो 293 (42 प्रतिशत) उम्मीदवार 5वीं और 12वीं के बीच पढ़ाई किए हुए हैं। 349 (50 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता स्नातक और इससे ज्यादा बताई है। 26 उम्मीदवार डिप्लोमा धारक हैं। 20 उम्मीदवार साक्षर जबकि पांच उम्मीदवार असाक्षर भी हैं। उम्मीदवारों की आयु के आंकड़े देखें तो 207 (30 प्रतिशत) उम्मीदवार 25 से 40 वर्ष के बीच के हैं। 384 (55 प्रतिशत) प्रत्याशी 41 से 60 वर्ष के बीच हैं। 103 (15 प्रतिशत) उम्मीदवारों की आयु 61 से 80 वर्ष है। एक प्रत्याशी ने अपनी आयु 82 वर्ष बताई है। पांचवें चरण के चुनाव में महिला प्रतिनिधित्व देखें तो इसमें 695 में से 82 यानी महज 12 प्रतिशत महिला उम्मीदवार हैं।

टाटा मोटर्स का शेयर टूटा, सिपला में रही तेजी, सेंसेक्स 72,776.13 पर बंद

Tata Motors shares fall, Cipla rises, Sensex closes at 72,776.13 Share Market: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार, 13 मई को शेयर बाजार में तेजी दिखाई दी। सेंसेक्स 111.66 अंक की तेजी के साथ 72,776.13 के स्तर पर बंद हुआ। टाटा मोटर्स के शेयर में -8.30% की गिरावट रही। नई दिल्ली। Share Market Update: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार, 13 मई को शेयर बाजार में तेजी दिखाई दी। सेंसेक्स 111.66 अंक की तेजी के साथ 72,776.13 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी में 48.85 अंक की वृद्धि रही। ये 22,104.05 के स्तर पर क्लोज हुआ। टाटा मोटर्स के शेयर में गिरावटसेंसक्स के 17 शेयरों में तेजी और 13 में गिरावट रही। टाटा मोटर्स के शेयर में -8.30% की गिरावट रही। ये 86.90 रुपये गिरकर 959.75 पर बंद हुआ। वहीं, सिपला शेयर आज 5.61% तक चढ़ा है। इंडिजीन के शेयर का हालइंडिजीन लिमिटेड के शेयरों में अच्छी उछाल देखने को मिली। BSE पर 659.70 रुपये पर लिस्ट हुआ। वहीं, NSE पर 655 रुपये पर लिस्ट हुआ। हालांकि बाद में शेयर नीचे आया। ये 118.90 रुपये की वृद्धि के साथ 570.90 रुपये पर बंद हुआ। 15 मई को खुलेगा गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस का आईपीओगो डिजिट जनरल इंश्योरेंस का आईपीओ 15 मई को खुलेगा। इस आईपीओ पर 17 मई तक निवेश कर सकते हैं। रिटेल निवेशक को कम से कम 55 शेयरों के लिए आप्लाई करना होगा। कंपनी ने प्राइज बैंड 258-272 रुपये प्रति शेयर तय किया है। जोमैटो को 351 करोड़ रुपये का मुनाफाफूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो को वित्त वर्ष 2024 में 351 करोड़ का मुनाफा हुआ है। फाइनेंशियल ईयर 2023 में कंपनी को 971 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। पूरे वर्ष का रेवेन्यू 12,114 करोड़ रहा। ये पिछले साल 7,079 करोड़ रुपये था। 2024 की चौथी तिमाही में जोमैटो ने 175 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया।

चीन बढ़ाने वाला है इंडिया की टेंशन? इस पार्टनर के साथ खिचड़ी पकाने की फिराक में ‘ड्रैगन

Is China going to increase India’s tension? Dragon is planning to cook khichdi with this partner ड्रैगन की ओर से फ्रांस को रिझाना इसलिए भी अहम हो जाता है क्योंकि भारत के साथ फ्रांस के रिश्ते अच्छे रहे हैं. यूरोप में दोनों देश एक-दूसरे के अहम साझेदार समझे जाते हैं. चीन आने वाले समय में इंडिया की टेंशन बढ़ा सकता है. यूरोप में भारत के अहम पार्टनर फ्रांस पर फिलहाल वह नजरें गड़ाए है. ड्रैगन वहां न सिर्फ नई संभावनाओं की तलाश में है बल्कि कूटनीतिक खिचड़ी पकाकर भी वह बड़े लक्ष्य हासिल करने की फिराक में है. आइए, जानते हैं इस बारे में: चीन के इस प्लान को लेकर दुनिया में तब कयास लगाए जाने लगे, जब वहां के राष्ट्रपति शी जिनपिंग यूरोप के तीन देशों (सर्बिया, हंगरी और फ्रांस) के दौरे पर गए थे. हाल ही में फ्रांस पहुंचे शी जिनपिंग का वहां जबरदस्त स्वागत हुआ. विस्तारवादी नीति पर चलने वाला ड्रैगन चाहता है कि फ्रांस उसका एक अहम साझेदार बने, जिसके लिए वह उसे लुभाना चाहता है. France को ‘पाले’ में लेना चाहता है चीन ड्रैगन की ओर से फ्रांस को रिझाना इसलिए भी अहम हो जाता है क्योंकि भारत के साथ फ्रांस के रिश्ते अच्छे रहे हैं. यूरोप में दोनों देश एक-दूसरे के अहम साझेदार समझे जाते हैं. ऐसे में फ्रांस अगर चीन के बहकावे में आकर उसका समर्थन करेगा तब भारत को नुकसान पहुंचने की आशंका है. फ्रांस के रास्ते क्या चाहता है ‘ड्रैगन’? एक्सपर्ट्स की मानें तो चीन असल में चाहता है कि यूरोप हिस्सों में बंट जाए और फिर वह एक-एक करके वहां के देशों को साझेदार (बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट) बनाए, जबकि फ्रांस किसी भी सूरत में रूस को मनाकर युद्ध (रूस-यूक्रेन) रुकवाना चाहता है. ऐसा इसलिए क्योंकि रूस से पूरे यूरोप में जो नैचुरल गैस और पेट्रोल आदि जाता था, वह फिलहाल आसानी से नहीं जा पा रहा है. नतीजतन इनके दाम आसमान छू रहे हैं और इसका सीधा असर बढ़ती महंगाई और सुस्त अर्थव्यवस्था पर नजर आ रहा है. न डील, न नतीजा…फिर भी दौरा खास! इतना ही नहीं, मौजूदा परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए यह भी कहा जा रहा है कि फ्रांस चीन के साथ मिलकर आगे बड़ा ट्रेड नेटवर्क पैदा करना चाहेगा. हालांकि, ताजा घटनाक्रम के जरिए दोनों देशों ने दुनिया के सामने यह संदेश दे दिया कि उनके पास विकल्प हैं. ऐसे में शी जिनपिंग का यह दौरा बड़ा अहम माना गया. हालांकि, उस दौरान कोई ठोस नतीजा तो नहीं निकला और न ही कोई कॉन्ट्रैक्ट साइन हुआ मगर दोनों देशों ने आपसी बुनियादी समझ बनाने का प्रयास किया. ऐसे में आने वाले समय में दोनों देशों के संबंध अच्छे हो सकते हैं.

PM आपका और RSS भी साथ; देखते हैं क्या कर लोगे, असदुद्दीन ओवैसी का BJP को करारा जवाब

PM is yours and RSS is also with you; let’s see what you can do, Asaduddin Owaisi’s befitting reply to BJP माधवी लता के प्रचार में पहुंचीं राणा ने कहा था, ‘छोटा बोलता है कि पुलिस को 15 मिनट बता दो तो हम बताएंगे कि बोले क्या कर सकते हैं। छोटे को मेरा कहना है तेरे को 15 मिनट लगेंगे और हमको सिर्फ 15 सेकेंड। हैदराबाद। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता नवनीत राणा ने तेलंगाना में ’15 सेकेंड’ के लिए पुलिस हटाने की बात कहते हुए ओवैसी ब्रदर्स को चुनौती दी थी। उनके बयान पर अब ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री भी आपके हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) भी आपके साथ है। देखते हैं 15 सेकेंड में क्या कर लेते हो। ओवैसी ने कहा, “मैं मोदी जी से कहता हूं कि उन्हें 15 सेकेंड दीजिए। एक घंटा दीजिए। आप क्या करेंगे? जैसा मुख्तार अंसारी के साथ किया वैसा ही करेंगे? हम भी देखना चाहते हैं कि क्या आपमें थोड़ी भी इंसानियत बची है। कौन डरता है? हम तैयार हैं। अगर कोई इसके लिए खुला आह्वान कर रहा है तो ऐसा होने दें। पीएम आपका है, आरएसएस भी आपका है। सब कुछ आपका है। आपको कौन रोक रहा है। हमें बताओ कि हमें कहां आना है। हम वहां आएंगे।” आपको बता दें कि अकबरुद्दीन ओवैसी ने 2013 में कहा था, ‘अगर 15 मिनट के लिए पुलिस को हटा लिया गया, तो हम (मुसलमान) बता देंगे किसमें हिम्मत है।’ भाजपा उम्मीदवार माधवी लता के प्रचार में पहुंचीं राणा ने कहा था, ‘छोटा बोलता है कि पुलिस को 15 मिनट बता दो तो हम बताएंगे कि बोले क्या कर सकते हैं। छोटे को मेरा कहना है तेरे को 15 मिनट लगेंगे और हमको सिर्फ 15 सेकेंड लगेंगे। 15 सेकेंड सिर्फ पुलिस को हटाया तो छोटे और बड़े को यह पता नहीं लगेगा कि कहां से आया और कहां गया।’

2035 तक पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन करेगा ये शहर : वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम

This city will bring glory to India in the whole world by 2035: World Economic Forum साल 2035 तक दुनिया के सबसे तेजी से विकास करने वाले शहरों में भारत के तीन और चीन के चार शहर होंगे. हालांकि, सबसे ज्यादा जीडीपी वाले शहरों की लिस्ट में भारत की कोई सिटी नहीं है. आने वाले सालों में भारत का पूरी दुनिया पर दबदबा होगा. देश के तीन शहरों की विकास दर को देखते हुए एक्सपर्ट्स ने अनुमान लगाया है कि 2035 तक इन सिटी का ग्रोस डॉमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) की ग्रोथ रेट सबसे ज्यादा होगी. इस मामले में अमेरिका के न्यूयॉर्क, लॉस एंजेल्स और ब्रिटेन के लंदन जैसे शहर भी पीछे रह जाएंगे. दुनिया के सबसे तेजी से विकास करने वाले शहरों की लिस्ट में भारत का बेंगलुरु शहर सबसे ऊपर है. लिस्ट में दिल्ली और मुंबई का भी नाम है. इनके अलावा, लिस्ट में चार शहर चीन के और तीन दक्षिण-पूर्वी एशिया के हैं. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने शहरों की वर्तमान ग्रोथ रेट का आकलन करके अनुमान लगाया है कि 2035 तक भारत के तीन शहर दुनिया के फास्टेस्ट ग्रोइंग शहर होंगे. हालांकि, सबसे ज्यादा जीडीपी वाले शहरों की लिस्ट में भारत की किसी सिटी का नाम नहीं है, लेकिन 2035 में बेंगलुरु, दिल्ली और मुंबई फास्टेस्ट ग्रोइंग सिटी होंगी. बेंगलुरु होगा सबसे ज्यादा तेजी से विकास करने वाला शहरएक्सपर्ट्स ने 10 देशों की लिस्ट में बेंगलुरु को सबसे ऊपर रखा है, जो 8.5 फीसदी की ग्रोथ रेट के साथ आने वाले सालों में दुनिया पर राज करेगा. रिपोर्ट का कहना है कि 2035 तक बेंगलुरु का जीडीपी ग्रोथ रेट सबसे ज्यादा होगा. मुंबई इस मामले में तीसरे नंबर पर होगा और इसका ग्रोथ रेट 6.6 फीसदी हो जाएगा. लिस्ट में भारत का तीसरा शहर दिल्ली है, जो 6.5 फीसदी के ग्रोथ रेट के साथ चौथे नंबर पर है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि दुनिया के शहरों की कुल विकास दर 2.6 फीसदी होगी. लिस्ट में चीन के तीन शहरबांग्लादेश के ढाका शहर की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.6 फीसदी होगी और लिस्ट में यह दूसरे नंबर पर है. चीन की बात करें तो उसके चार शहर लिस्ट में होंगे, जिनमें शेनजन, शंघाई, तियांजिन और चौंगकिंग होगा. लिस्ट में पांचवें नंबर पर शेनजेन है, जिसकी ग्रोथ रेट साल 2035 में 5.3 फीसदी होगी. तियांजिन की ग्रोथ रेट 2035 में 5.1 फीसदी होगी और यह आठवें नंबर होगा. शंघाई का नाम नौंवे नंबर पर है, जिसकी विकास दर 2035 में 5 फीसदी होगी और चौंगकिंग लिस्ट में सबसे आखिर में है, जिसकी ग्रोथ रेट 4.9 फीसदी हो जाएगी. इनके अलावा, इंडोनेशिया का जकार्ता शहर 5.2 फीसदी ग्रोथ रेट के साथ छठे और फिलीपींस का मनीला शहर 5.2 फीसदी विकास दर के साथ सातवें नंबर पर है. 2035 में इन शहरों की होगी सबसे ज्यादा जीडीपीरिपोर्ट के अनुसार, 2035 में अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर की जीडीपी 2.5 ट्रिलियन डॉलर होगी, जो दुनियाभर के शहरों में सबसे ज्यादा है. 1.5 ट्रिलियन डॉलर के साथ लॉस एंजेल्स तीसरे और एक ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ शिकागो आठवें नंबर पर होगा. सबसे ज्यादा जीडीपी वाले शहरों में तीन अमेरिका के होंगे, जबकि चीन के चार शहर होंगे, लेकिन इसमें भारत के किसी शहर का नाम नहीं है. 2035 तक चीन के शंघाई की जीडीपी 1.3 ट्रिलियन डॉलर, बीजिंग की 1.1 ट्रिलियन डॉलर, गुआंगजू और शेनजेन की जीडीपी 0.9 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगी. इनके अलावा, लिस्ट में ब्रिटेन का लंदन, जापान का टोक्यो और फ्रांस का पेरिस शहर भी है. टोक्यो 1.9 ट्रिलियन डॉलर जीडीपी के साथ दूसरे नंबर पर होगा.

ब्रिटेन की अदालत से नीरव मोदी को लगा झटका, कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

Nirav Modi got a shock from the British court, the court rejected the bail plea. पंजाब नेशनल बैंक से करोड़ों रुपये का घोटाला कर फरार हुए भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी ब्रिटेन की कोर्ट से झटका लगा। नीरव ने मंगलवार को ब्रिटेन में एक नई जमानत याचिका दायर की जिसे न्यायाधीश ने खारिज कर दिया। नीरव पांच साल से अधिक समय से लंदन की जेल में है। भारत ने पीएनबी घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की मांग की है। ब्रिटेन की अदालत ने खारिज नीरव मोदी की जमानत याचिका नीरव पांच साल से अधिक समय से लंदन की जेल में हैपीटीआई, लंदन। पंजाब नेशनल बैंक से करोड़ों रुपये का घोटाला कर फरार हुए भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी ब्रिटेन की कोर्ट से झटका लगा। नीरव ने मंगलवार को ब्रिटेन में एक नई जमानत याचिका दायर की, जिसे न्यायाधीश ने खारिज कर दिया। नीरव पांच साल से अधिक समय से लंदन की जेल में है। भारत ने की है नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की मांगभारत ने पीएनबी घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की मांग की है। इस मामले में नीरव प्रत्यर्पण का मुकदमा हार चुका है। लंदन में वेस्टमिंस्टर कोर्ट के जज जान जानी ने अपने फैसले में कहा कि जमानत के खिलाफ पर्याप्त आधार हैं। इस बात की आशंका बनी हुई है कि नीरव गवाहों को प्रभावित कर सकता है या संभव है कि वह मुकदमे की सुनवाई के लिए अदालत में पेश न हो। नहीं दी जा सकती जमानतः अदालतअदालत ने कहा कि इस मामले में धोखाधड़ी का आरोप शामिल है। जमानत नहीं दी जा सकती है और आवेदन अस्वीकार कर दिया जाता है। हालांकि, अदालत ने स्वीकार किया कि साढ़े तीन साल पहले आखिरी जमानत याचिका के बाद से परिस्थितियों में बदलाव आया है।

भारत में तेजी से बंद हो रहे हैं छोटे शॉपिंग मॉल. मुख्य वजह महंगाई

Small shopping malls are closing down rapidly in India. The main reason is unemployment एक ताजा रिपोर्ट बताती है कि भारत में शॉपिंग मॉल बुरे दौर से गुजर रहे हैं.मुख्य वजह महंगाई, पिछले दो साल में बहुत से छोटे शॉपिंग माल बंद हो गए. मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में छोटे शॉपिंग मॉल तेजी… एक ताजा रिपोर्ट बताती है कि भारत में शॉपिंग मॉल बुरे दौर से गुजर रहे हैं. मुख्य वजह महंगाई ,पिछले दो साल में बहुत से छोटे शॉपिंग माल बंद हो गए. मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में छोटे शॉपिंग मॉल तेजी से बंद हो रहे हैं क्योंकि ग्राहक अब या तो ऑनलाइन खरीददारी कर रहे हैं या फिर बड़े मॉल जाना पसंद करते हैं. रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म नाइट एंड फ्रैंकलिन ने यह रिपोर्ट जारी की है जिसमें कहा गया कि मॉल के अंदर दुकानों के खाली होने की संख्या तेजी से बढ़ रही है. जब किसी मॉल में 40 फीसदी से ज्यादा दुकानें खाली हो जाती हैं तो उसे ‘ घोस्ट मॉल’ यानी नाकाम करार कर दिया जाता है. रिपोर्ट बताती है कि 2023 में भारत में ग्रॉस लीजेबल एरिया यानी किराये के लिए तैयार दुकानों की संख्या 238 फीसदी बढ़ी है लेकिन 2022 में घोस्ट मॉल 57 से बढ़कर 64 हो गए. विशेषज्ञों का कहना है कि यह ग्राहकों में मांग की कमी का संकेत है जो बड़े पैमाने पर बेरोजगारी का कारण बन सकती है. इसका असर छोटे व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं पर सबसे ज्यादा पड़ सकता है. भारत के जीडीपी में निजी उपभोग की हिस्सेदारी 60 फीसदी है. लेकिन इसमें ज्यादा वृद्धि नहीं हुई है. 2023 की आखिरी तिमाही में अर्थव्यवस्था 8.4 फीसदी की दर से बढ़ी लेकिन निजी उपभोग में सिर्फ 3.5 फीसदी की वृद्धि हुई. 132 मॉल बंद होने के कगार पर 29 शहरों के सर्वे पर आधारित नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट ‘ थिंक इंडिया थिंक रीटेल 2024′ शीर्षक से जारी की गई है. फर्म के निदेशक गुलाम जिया ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा, “बहुत सारे छोटे शॉपिंग मॉल बंद होने के कगार पर हैं.” एक लाख वर्ग फुट क्षेत्रफल वाले 132 शॉपिंग मॉल नाकाम होने के कगार पर हैं. 2022 में इनमें खाली पड़ी दुकानों की संख्या 33.5 फीसदी थी जो 2023 में बढ़कर 36.2 फीसदी हो गई. रिपोर्ट में बताया गया है कि कमर्शल रीटेल प्रॉपर्टी का विस्तार बहुत ज्यादा हुआ है लेकिन उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है. 2023 में 133 लाख वर्ग फुट क्षेत्रफल की दुकानें खाली पड़ी थीं जिस कारण डिवेलपर्स को 67 अरब रुपये का नुकसान हुआ. जिया कहते हैं कि छोटे शॉपिंग मॉल इसलिए नाकाम हो रहे हैं क्योंकि वे बड़े शॉपिंग सेंटरों जैसी सुविधाएं नहीं दे पा रहे हैं. इस कारण उनके मालिक गिरावट झेल रहे हैं. बड़े शहरों में ज्यादा विफलता बड़े शॉपिंग मॉल, यानी ऐसे बाजार जिनका क्षेत्रफल पांच लाख वर्ग फुट से ज्यादा है, ज्यादा परेशानी में नहीं दिखाई देते. वहां खाली दुकानों की संख्या पांच फीसदी पर ही बनी हुई है. मध्यम आकार वाले शॉपिंग मॉल में यह दर 15.5 फीसदी है. 2023 में भारत में 12.5 करोड़ वर्गफुट में फैले मॉल ‘घोस्ट मॉल’ की श्रेणी में थे. इनमें से 75 फीसदी आठ सबसे बड़े शहरों में थे. दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु समेत देश के आठ सबसे बड़े शहरों में 2023 में कुल शॉपिंग मॉल घटकर 263 रह गए. हालांकि इन शहरों में आठ नए सेंटर खुले लेकिन 16 बंद हो गए. बंद होने वाले मॉल सबसे ज्यादा दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में थे, 53 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैली दुकानें बंद हुईं जो 2022 के मुकाबले 58 फीसदी ज्यादा था. मुंबई में 21 लाख वर्गफुट और बेंगलुरु में 20 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में मॉल बंद हुए. लेकिन 2022 के मुकाबले इन शहरों में बंद हुए मॉल की यह दर क्रमशः 86 फीसदी और 46 फीसदी थी. हैदराबाद में 19 फीसदी कम क्षेत्रफल में दुकानें बंद हुईं. यानी वहां दुकानें बंद होने की संख्या घटी है. वीके/एए (रॉयटर्स).

जिन नेताओं पर पीएम मोदी लगाते थे दाग, बीजेपी की वॉशिंग मशीन में धुलते ही हो गए बेदाग

The leaders on whom PM Modi used to put allegations, became spotless as soon as they were washed in BJP’s washing machine! विषेश संवाददाता भोपाल। देश में लोकसभा चुनाव को लेकर हलचल काफी तेज है। चुनाव में भ्रष्टाचार का मुद्दा छाया हुआ है। दरअसल शराब घोटाले के आरोप में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल तिहाड़ जेल में बंद है। विपक्षी दलों का आरोप है कि बीजेपी विपक्षी दलों के नेताओं को चुन-चुनकर टारगेट कर रही है। बीजेपी में शामिल होने के बाद नेताओं से भ्रष्टाचार के आरोप हटा लिए जा रहे है। है कि 2014 के बाद से कथित भ्रष्टाचार के लिए विपक्ष के 25 नेता जो केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई का सामना कर रहे ये, बीजेपी में शामिल हुए और उनमें से 2.3 को राहत मिल गई। उनके खिलाफ जांच या तो बंद हो गई या ठंडे बस्ते में चली गई। 2014 के बाद जिन प्रमुख राजनेताओं का जिक्र किया जा राय है, वे विपक्षी दलों से बीजेपी में शामिल हो गए थे। इनमें से 10 कांग्रेस से हैं. एनसीपी और शिवसेना से चार-चार, टीएमसी से तीन, टीडीपी से वो और समाजवादी पार्टी और वाईएसआरसीपी से एक-एक नेता शामिल है। 2014 के बाद से भ्रष्टाचार की जांच का सामना कर रहे 25 विपक्षी नेता बीजेपी में शामिल हो गए, उनमें से 23 को राहत मिली 3 मामले बंद, 20 रुके ,भाजपा में शामिल होने के बाद जांच एजेंसियों से राहत पाने वाले विपक्षी नेताओं में कांग्रेस के 10, राकांपा और शिवसेना के चार-चार, तृणमूल कांग्रेस के तीन, टीडीपी के दो और समाजवादी पार्टी और वाईएसआरसीपी के एक- एक नेता शामिल हैं बीजेपी से हाथ मिलाते ही अजीत पवार की फाइल क्लोज रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 और 2023 की राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान केंद्रीय कार्रवाई का एक बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र पर केंद्रित था। 2022 में एकनाथ शिंदे गुट ने शिवसेना से अलग होकर बीजेपी के साथ नई सरकार बना ली। एक साल बाद अजित पवार गुट एनसीपी से अलग हो गया और सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन में शामिल हो गया। अजीत पवार और प्रफुल पटेल के मामले भी बंद हो गए है। कुल मिलाकर महाराष्ट्र के 12 प्रमुख राजनेता 25 की सूची में है, जिनमें से 11 नेता 2022 या उसके बाद बीजेपी में चले गए, जिनमें एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस के चार-चार शामिल है। इनमें से कुछ मामले गंभीर हैं। किन दो मामलों में कार्रवाई जारी है 25 मामलों में से केवल दो में कार्रवाई नहीं रुकी। इनमें पूर्व कांग्रेस सांसद ज्योति मिर्धा और पूर्व टीडीपी सांसद वाईएस चौधरी का है। दोनों नेताओं के बीजेपी में शामिल होने के बाद भी ईडी द्वारा ढील दिए जाने का कोई सबूत नहीं है। कम से कम अभी तक तो कोई सबूत नहीं मिला। सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग से इस बारे में कमेंट मांगने पर द इंडियन एक्सप्रेस का कहना है कि उनके सवालों का जवाब नहीं दिया। हालांकि, सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि एजेंसी की सभी जांच सबूतों पर आधारित हैं। जब भी सबूत मिलते हैं उचित कार्रवाई की जाती है। उन मामलों के बारे में पूछे जाने पर जहां आरोपी के पक्ष बदलने के बाद एजेंसी ने अपना रास्ता बदल लिया है, अधिकारी ने कहा, ‘कुछ मामलों में विभिन्न कारणों से कार्रवाई में देरी होती है। लेकिन वे खुले हैं।’ ईडी के एक अधिकारी ने कहा कि उसके मामले अन्य एजेंसियों की एफआईआर पर आधारित है। अगर अन्य एजेंसियां अपना मामला बंद कर देती हैं, तो ईडी के लिए आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता है। फिर भी, हमने ऐसे कई मामलों में आरोपपत्र दायर किए हैं। जिन मामलों में जांच चल रही है, जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी। सूची में कुछ प्रमुख नाम पवारः 2023 में एनसीपी से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हुए प्रफुल्ल पटेलः 2023 में एनसीपी से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हुए हिमेत बिस्वा सरमाः 2015 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए संजय सेठः 2019 में सपा से बीजेपी में शामिल हुए सुवेंदु अधिकारीः 2020 में टीएमसी से बीजेपी में शामिल हुए छगन भुजबलः 2023 में एनसीपी से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हुएअशोक चव्हाणः 2024 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुएनवीन जिंदलः 2024 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुएगीता कोड़ाः 2024 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुईबाबा सिद्दीकीः 2024 में कांग्रेस से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी को शारदा घोटाले में क्लीन चिट शुभेदु अधिकारी इस समय पश्चिम बंगाल में बीजेपी के कद्दावर नेता और नेता प्रतिपक्ष हैं। ममता सरकार में मंत्री रहे शुभेदु से सीबीआई ने शारदा घोटाला मामले में पूछताछ की थी। टीएमसी आरोप लगाती रही है कि जब अधिकारी टीएमसी में थे तो जांच एजेंसियां उन्हें परेशान करती थी लेकिन, बीजेपी में जाते ही उन्हें क्लीन चिट मिल गई। विपक्ष को अकेले दोष नहीं देना चाहिए, खासकर तब जब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने दिखाया है कि उसे खराब रिकॉर्ड वाले राजनेताओं को गले लगाने में कोई आपत्ति नहीं है। दाग धोना ऐसा प्रतीत होता है कि वॉशिंग मशीन अब एक सौम्य घरेलू उपकरण नहीं रह गई है। एक तरह से कहें तो यह राजनीतिक क्षेत्र में एक उपयोगितावादी उपकरण बन गया है। भारत का विपक्ष अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों को हथियार बनाने की भारतीय जनता पार्टी की प्रवृत्ति के चारे में काफी मुखर रहा है। आरोप निराधार नहीं है. 2022 में, एक अखबार की जांच से पता चला कि आश्चर्यजनक रूप से 95% राजनेता जी 2014 से प्रवर्तन निदेशालय या केंद्रीय जांच ब्यूरो के रडार पर थे, विपक्ष के थे। लेकिन, जाहिर है, उनकी दुर्दशा से बाहर निकलने का एक रास्ता है। अब उसी अखबार के नए आंकड़ों से पता चलता है कि जिन 25 विपक्षी नेताओं ने एजेंसियों की सख्ती का सामना करने के बाद भाजपा में शामिल होने का फैसला किया, उनमें से 23 राहत पाने में कामयाब रहे है। तीन मामले बंद कर दिए गए हैं, जबकि 20 अन्य में कार्यवाही प्रभावी रूप से ठंडे बस्ते में डाल दी गई है। भाजपा की शक्तिशाली वॉशिंग मशीन पर विपक्ष का तंज, जो भगवा पार्टी में शामिल होते ही भ्रष्टाचार के आरोपी नेताओं के दाग … Read more

मदर्स डे पर इन प्यारे मैसेज और कोट्स के साथ अपनी मां को करें विश

Wish your mother with these lovely messages and quotes on Mother’s Day. इस मदर्स डे पर, क्यों न हम उन्हें कुछ खास संदेशों और कोट्स के जरिए विश करें जो सीधे दिल से निकले हों? मदर्स डे का अवसर हम सभी के लिए खास होता है क्योंकि इस दिन हम अपनी मां के प्रति अपने प्यार और सम्मान को व्यक्त करने का एक खास मौका पाते हैं. मां हमारे जीवन में अद्वितीय स्थान रखती हैं, उन्होंने हमें जन्म दिया, हमारा पालन-पोषण किया और हमेशा हमारी खुशियों की कामना की. यहां कुछ कोट्स दिए गए हैं हर एक कोट्स उनके दिल को छू लेगा.

साल 2024 : रोंगटे खड़े कर देगी बाबा वेंगा की ये खतरनाक भविष्यवाणी

Year 2024: This dangerous prediction of Baba Venga will give goosebumps Baba Vanga Predictions: बाबा वेंगा ने साल 2024 के लिए कई भविष्यवाणियां की हैं. अगर यह सारी भविष्यवाणियां सच साबित हुईं तो धरती पर तबाही मच जायेगी. जानें उनकी भविष्यवाणियों के बारे में. Baba Vanga Predictions: बाबा वेंगा दुनिया के मशहूर भविष्यवक्ताओं में से एक थीं जो बुल्गारिया में रहती थीं. उनका जन्म साल 1911 में हुआ था. सिर्फ 12 साल की उम्र में ही बाबा वेंगा की दोनों आंखों की रोशनी चली गई थी. बाबा वेंगा की मृत्यु अगस्त 1996 में हो गई थी. अपनी मौत से पहले उन्होंने वर्ष 5079 तक की भविष्यवाणी कर दी थीं. बाबा वेंगा की कई भविष्यवाणियां अब तक सच साबित हो चुकी हैं. बाबा ने अमेरिका में हुए 9/11 के आतंकी हमले, प्रिंसेस डायना की मौत और ब्रेग्जिट जैसी कई भविष्यवाणियां पहले ही कर दी थीं. बाबा वेंगा ने साल 2024 के लिए भी कई ऐसी भविष्यवाणियां की हैं जो रोंगटे खड़ी करने वाली हैं. जानते हैं बाबा वेंगा की इन खतरनाक भविष्यवाणियों के बारे में. साल 2024 के लिए बाबा वेंगी की भविष्यवाणी

कोविशील्ड विवाद के बाद वैक्सीन सर्टिफिकेट से हटाई गई PM मोदी की तस्वीर?

PM Modi’s photo removed from vaccine certificate after Covishield controversy? Covishield: कोविशील्ड वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स के तौर पर थ्रोम्बोसिस के साथ थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम (टीटीएस) की चर्चा के बाद लोग कोविन ऐप पर अपने टीकाकरण का स्टेटस चेक कर रहे हैं भारत सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 वैक्सीन के सर्टिफिकेट में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने कोविन सर्टिफिकेट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटा दी है। इससे पहले उनकी तस्वीर को प्रमुखता से जगह दी गई थी और लिखा गया था- ‘साथ मिलकर, भारत कोरोना को हरा देगा।’ एक तरह से सरकार ने टीकाकरण के श्रेय पीएम मोदी को दिया था। कुछ लोगों का दावा है कि वैक्सीन बनाने वाली कंपनी एस्ट्राजेनेका द्वारा यूके की अदालत में इसके साइड इफेक्ट्स की बात कबूल करने के बाद यह कदम उठाया गया है। कोविशील्ड वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स के तौर पर थ्रोम्बोसिस के साथ थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम (टीटीएस) की चर्चा के बाद लोग कोविन ऐप पर अपने टीकाकरण का स्टेटस चेक कर रहे हैं। इस दौरान उन्हें वहां पीएम मोदी की तस्वीर देखने को नहीं मिली।

एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने संभाला 26वें नेवी चीफ का प्रभार, पैर छू लिया मां का आशीर्वाद

Admiral Dinesh Kumar Tripathi took charge as the 26th Navy Chief, touched the feet and got the blessings of his mother; एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी संचार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध विशेषज्ञ हैं. वह नौसेना के 26वें नौसेना प्रमुख हैं और इससे पहले वह नेवी में उप-प्रमुख के रूप में काम कर रहे थे. वॉर एक्सपर्ट एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने मंगलवार (30 अप्रैल, 2024) को देश के 26वें नेवी चीफ का प्रभार संभाला. वह आर हरि कुमार के रिटायर (चार दशकों के शानदार करियर के बाद) होने पर नए नौसेना प्रमुख बने हैं. एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी इससे पहले भारतीय नौसेना के उप-प्रमुख का पद संभाल रहे थे. पदभार संभालने से पहले नौसेना प्रमुख पीवीएसएम, एवीएसएम, एनएम एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की. उन्हें दिल्ली के साउथ ब्लॉक में गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया. एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का जन्म 15 मई 1964 को हुआ था. वह मध्य प्रदेश में रीवा के सैनिक स्कूल से पढ़े हैं. राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खडकवासला के पूर्व छात्र वाइस एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने गोवा के नेवल वॉर कॉलेज और अमेरिका के नेवल वॉर कॉलेज में भी कोर्स किया है. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, एक जुलाई 1985 में वह भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे. कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक वॉर एक्सपर्ट वाइस एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का करीब 30 साल का लंबा और विशिष्ट करियर रहा है. उन्होंने भारतीय नौसेना के जहाज विनाश, किर्च और त्रिशूल की कमान भी संभाली है. नौसेना के उप प्रमुख का पद संभालने से पहले वह पश्चिमी नौसैन्य कमान के फ्लैट ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रह चुके हैं. रियर एडमिरल के तौर पर वह ईस्टर्न फ्लीट के फ्लैट ऑफिसर कमांडिंग रह चुके हैं. वह भारतीय नौसेना अकादमी, एझिमाला के कमांडेंट भी रह चुके हैं. उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) और नौसेना पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है. दिनेश कुमार त्रिपाठी ने मां से यूं लिया आशीर्वाद

धधकते जंगल… सुलगते पहाड़ और सांसों पर संकट, अब भयावह आग पर काबू पाने का ये है प्लान

Blazing forests, smoldering mountains and breathing problems, now this is the plan to control the horrific fire. उत्तराखंड के जंगलों में फैली आग का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। नैनीताल के पास भवाली दुगई स्टेट से सटे जंगल से बर्मा टोप के जंगलों तक पहुंच गई है। इसके अलावा आग की लपटें नैनीताल में हाईकोर्ट कॉलोनी के पास भी पहुंच गई हैं। नैनीताल में लड़ियाकांटा इलाके के जंगल में भी आग फैली हुई है। तेज हवाओं के कारण आग पर काबू पाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। यहां फैल रही आग पर काबू पाने के लिए सेना की मदद ली जा सकती है।जानकारी के अनुसार, नैनीताल के लड़ियाकाटा एयर फोर्स, पाइंस, गेठिया, बलदियाखान, एरीज, बारा पत्थर के पास जंगल क्षेत्र में आग लगी हुई है। जिसको काबू करने का प्रयास किया जा रहा है। मौके पर दमकल विभाग और वन विभाग है। कुमाऊं के जंगल में 26 जगह लगी आगकुमाऊं में जंगल धधक रहे है। आग की घटनाएं लगातार जारी हैं। बीते 24 घंटे में एक-दो नहीं बल्कि कुमाऊं के जंगलों में 26 जगहों पर आग लगी है। प्रदेश के 31 जगहों पर आग लगने की घटना हुई है, इसमें सर्वाधिक आग लगने की घटना कुमाऊं में 26 स्थानों पर हुई। गढ़वाल मंडल में कोई भी घटना नहीं हुआ है, जबकि वन्यजीव क्षेत्र में पांच स्थानों पर आग लगने की घटनाएं हुईं। इन घटनाओं में करीब 34 हेक्टेयर क्षेत्रफल में वनसंपदा को नुकसान पहुंचा है। ऐसा पाया जा रहा है आग पर काबूनैनीताल के आसपास के जंगल के क्षेत्र में लगी आग पर अब हेलीकॉप्टर की मदद से पानी डाला जा रहा है। नैनीझील और भीमताल की झील से पानी निकालकर वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से आग पर पानी बरसाया जा रहा है। जिसके चलते झील में नौकायन भी बंद है। शुक्रवार को सेना के जवानों ने हेलीकाप्टर से झील की रेकी भी की थी। ईओ प्रशिक्षु आईएएस राहुल आनंद ने बताया कि जिलाधिकारी वंदना सिंह के आदेश पर प्रशासनिक और विभागीय अधिकारी अलर्ट हैं। विविध माध्यमों से सामंजस्य बनाकर वनाग्नि पर काबू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वायुसेना के अधिकारियों से भी बातचीत की गई।

मणिपुर हिंसा अपडेट : कुकी उग्रवादियों के हमले में सीआरपीएफ के दो जवानों की जान गई

Manipur violence update: Two CRPF soldiers killed in attack by Kuki militants मणिपुर में जारी हिंसा अभी थमती नहीं दिख रही है। लोकसभा चुनाव के एक दिन बाद ही यहां कुकी उग्रवादियों ने नारानसेना इलाके में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों पर हमला किया है। इस हमले में दो जवानों की मौत की भी खबर है। मणिपुर पुलिस ने इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि कुकी उग्रवादियों ने आधी रात 12.30 बजे सीआरपीएफ के कैंप पर हमला किया और यह 2.15 बजे तक जारी रहा। हमले में मारे गए जवान राज्य के बिष्णुपुर जिले के नारानसेना इलाके में तैनात सीआरपीएफ की 128वीं बटालियन के हैं। मणिपुर पुलिस के मुताबिक, इस घटना में दो और लोग घायल भी हुए हैं। बताया गया है कि उग्रवादियों ने मोइरांग पुलिस स्टेशन क्षेत्र के नरनसेना में इंडियन रिजर्व बटालियन के कैंप को निशाना बनाया। इस दौरान उग्रवादियों ने पहाड़ की चोटियों से अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। इस दौरान हमलावरों ने कैंप पर कई बम भी फेंके, जिनमें से एक सीआरपीएफ के आउटपोस्ट के बाहर ही फट गया। हमले में मारे गए मृतकों की पहचान कर ली गई है। इनमें एक सीआरपीएफ के सब-इंस्पेक्टर एन. सरकार हैं। इसके अलावा कॉन्स्टेबल अरूप सैनी की भी जान गई है। वहीं, घायलों में इंस्पेक्टर जादव दास और कांस्टेबल अफताब दास शामिल हैं। उन्हें गोलियों के छर्रे लगे हैं। इस घटना के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर हमलावरों की खोज शुरू कर दी है। मणिपुर में लगातार जारी है हिंसा का दौरपिछले साल तीन मई को मणिपुर में हिंसा का दौर शुरू हुआ था। अभी तक वहां पर 200 से ज्यादा लोगों की जान गई है। सुरक्षाबलों से जुड़े लोगों को भी वहां की हिंसा का शिकार होना पड़ा है। भारी संख्या में लूटे गए हथियारों की पूर्ण वापसी अभी तक नहीं हो सकी है। ज्यादातर लोगों को मणिपुर पुलिस पर भरोसा नहीं है, तो वहीं असम राइफल को लेकर भी समुदाय विशेष के लोगों में रोष देखा गया है। उपद्रवियों द्वारा आईईडी का डर दिखाकर सुरक्षा बलों के वाहनों को आगे नहीं बढ़ने दिया जाता था। स्थानीय पुलिस पर पक्षपात करने जैसे आरोप लग चुके हैं।

महाराष्ट्र में मतदान प्रतिशत कम, इस राज्य में हो रही सबसे ज्यादा वोटिंग

Voting percentage is low in Maharashtra, maximum voting is happening in this state दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक महोत्सव की शुरुआत 19 अप्रैल को हो गई थी। आज इस महोत्सव का दूसरा चरण है। दूसरे चरण में 13 राज्यों के मतदाता 88 सीटों पर उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। जिन 88 सीटों पर इस चरण में मतदान हो रहा है, उनमें आधी से अधिक सीटें यानी 52 भाजपा के पास हैं, वहीं कांग्रेस के पास 22 सीटें हैं। ‘मतदान आम आदमी की शक्ति का प्रतीक’पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने केरल के तिरुवनंतपुरम में मतदान किया। मतदान के बाद उन्होंने कहा, ‘मतदान आम आदमी की शक्ति का प्रतीक है। मतदान करके हम लोकतंत्र को मजबूत कर रहे हैं, सबको अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए ताकि वे देश के विकास में अपनी भूमिका निभा सकें।’ इसरो चीफ ने किया मतदानकेरल में ISRO प्रमुख एस.सोमनाथ ने मतदान किया। मतदान के बाद उन्होंने कहा, ‘मुझे मतदान करके बहुत खुशी हो रही है… मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि वे आकर मतदान करें। जिन लोगों ने अब तक मतदान नहीं किया उनसे मैं कहना चाहूंगा कि संकोच न करें, आएं और मतदान करें।’ कर्नाटक सीएम ने डाला वोटकर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मतदान किया। सीएम ने चामराजनगर के वरुणा में एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला।

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की वीवीपैट और बैलेट पेपर से जुड़ीं याचिकाएं

Supreme Court rejected petitions related to VVPAT and ballot paper यमूर्ति संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने मामले में दो फैसले सुनाए। फैसला सुनाते हुए जस्टिस खन्ना ने कहा कि कोर्ट ने वीवीपैट से जुड़ीं सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जिनमें बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने की मांग वाली याचिकाएं भी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के वोटों की वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) पर्चियों से 100 फीसदी सत्यापन की मांग वाली सभी याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने बैलेट पेपर से मतदान कराने वाली याचिकाओं को भी खारिज कर दिया है। फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने दिए दो बड़े निर्देशसुप्रीम कोर्ट ने दो निर्देश दिए हैं- पहला यह है कि सिंबल लोडिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद सिंबल लोडिंग यूनिट (एसएलयू) को सील कर दिया जाना चाहिए और उन्हें कम से कम 45 दिनों के लिए सहेज कर रखा जाना चाहिए। इसके अलावा दूसरा निर्देश यह है कि उम्मीदवारों के पास परिणामों के एलान के बाद इंजीनियरों की एक टीम की ओर से जांचे जाने वाले ईवीएम के माइक्रोकंट्रोलर प्रोग्राम को पाने का विकल्प होगा। इसके लिए उम्मीदवार को नतीजों के एलान के सात दिनों के अंदर आवेदन करना होगा। इसका खर्च भी उम्मीदवार को खुद को उठाना होगा। इससे पहले दो दिन की लगातार सुनवाई के बाद पीठ ने 18 अप्रैल को याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। हालांकि, बुधवार को शीर्ष कोर्ट ने इस मामले को फिर से सूचीबद्ध किया था। तब शीर्ष कोर्ट ने अदालत से चुनाव आयोग से कुछ बातों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था। जिसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। फैसला सुरक्षित रखते हुए शीर्ष कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि वह चुनाव को नियंत्रित नहीं कर सकता, न ही एक सांविधानिक निकाय के लिए नियंत्रक अथॉरिटी के रूप में कार्य कर सकता है। गलत काम करने वाले के खिलाफ कानून के तहत नतीजे भुगतने के प्रावधान हैं।

सट्टा बाजार के चक्कर में कंगाल होते युवा

Youths are becoming poor because of the betting market युवाओं को इस खेल की लत लगी, वित्तीय जोखिम बना मानसिक बीमारी का कारण देखा देखी में एक नहीं कई टीमें लगाकर करोड़पति बनने की फिराक में रहते, कमलेश अहिरवार my11circle व dream11 यह बहुत ही खतरनाक बीमारी के तौर पर उभर रही है। इस खेल पर समय रहते रोक लगानी होगी या फिर कोई और स्थाई समाधान ढूंढना होगा। अन्यथा वित्तीय जोखिम के साथ साथ मानसिक बीमारी के जन्म का कारण बनने लगा है। चूंकि my11circle व dream11 एक ऐसा खेल है जो 39 व 59 रुपए में युवाओं को रातों रात करोड़पति बनने का सपना दिखा रहा है। कभी जीतने पर 1 करोड़ तो कभी दो करोड़ और आजकल 4 करोड़ की राशि जीतने पर दी जा रही है। इस चक्कर में लाखों युवाओं को इस खेल की लत लगी हुई है और अपनी वर्षों की मेहनत की कमाई को यूं ही बर्बाद करने में लगे हुए हैं। सरकारी क्षेत्र में तैनात कर्मचारी भी इसका शिकार बनते जा रहे है। आखिर बने भी क्यों न दिन में कोई चैनल खोलें तो my11circle व dream11 का विज्ञापन पल पल आपके आंखों के सामने चलता रहेगा। बड़े-बड़े सितारे इस खेल का प्रचार करते देखे जाते हैं और विज्ञापन के अंत में यह जरूर बोलते है कि इसमें वित्तीय जोखिम है और इसकी लत लग सकती है। जब आस पड़ोस में कोई आदगी करोड़पति बनता है तो दिमाग का कीड़ा और जाग जाता है कि जब यह जीत सकता है तो मैं क्यों नहीं। अव तो देखा देखी में एक नहीं 15-20 टीमें लगाकर करोड़पति बनने की फिराक में रहते है। लालच आता ही है। लेकिन यह लालच न आए उसके दृढ़ शक्ति बहुत कमजोर होती है। ऐसे भी कई लोग है जो ड्रीम 11 पर इसका शिकार हो रहें है। 59 रुपए लगा कर करोड़पति बनने का सपना जब टूट जाए तो कहते है 59 रुपए ही तो गए लेकिन 59 भी तो मुफ्त में गए क्योंकि सामने वाले तो पहले ही बोला था वित्तीय जोखिम है लेकिन आपने नहीं सुनी। करोड़ पति बनने के लिए एक नहीं कई कई टीमें लगाकर इंतजार में बैठे रहते है और बाद में वो पैसे भी डूब रहें है। इस बर्बादी में युवा पीढ़ी ही नहीं कई बुद्धिजीवी भी प्रतिदिन हजारों रुपए इस खेल में लगा रहे इस खेल में प्रतिदिन पैसे की वर्वादी देख गानसिक तनाव से पीड़ित हो रहें है। वहीं छोटी- छोटी बातों पर परिजनों से नोक झोंक भी हो जाती। युवाओं में तनाव व चिड़चिड़ापन देखा जा रहा है, ये खेल नशे की भाति युवाओं के मानसिक संतुलन को खोखला कर रहा है। समाज का एक बड़ा इस खेल को सही मानता है और एक घड़े ने इसे आधुनिक जुए की संज्ञा दी है। अब युवाओं और बुद्धिजीवियों को खुद तय करना है कि इस खेल में भाग लेना है या दुरी बनाना है। my11circle व dream11 एक ऐसी ऐप है, जिसपर लोग किसी भी मैच से पहले अपनी क्रिकेट टीम बनाते हैं यानी दोनों टीमों की खिलाड़यिों से अपने मन के हिसाब से खिलाड़ी चुनते हैं और फिर पॉइंट्स के आधार पर उन्हें पैसे मिलते हैं. इस ऐप की शुरुआत साल 2016 में हुई थी और माना जाता है कि इस तरह के के गेम के लिए यह ऐप सेफ है, साथ ही जितने भी लोग इसमें टीम बनाते हैं, उनके पॉइंट्स की रैंक के आधार पर उन्हें पैसे मिलते हैं. इसके माध्यम से आप क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों के मैच में भी टीम बनाते हैं, जिनका पॉइंट सिस्टम अलग अलग है।

30 अप्रैल को SC में फिर पेश होंगे बाबा रामदेव

Baba Ramdev will appear again in SC on April 30 अदालत ने पतंजलि के माफीनामे पर कही ये बात सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के एमडी रामदेव से दो दिन के भीतर अखबारों में प्रकाशित माफी को रिकॉर्ड पर पेश करने का आदेश दिया है। वहीं अदालत ने बाबा रामदेव और बालकृष्ण को 30 अप्रैल को फिर से पेश होने का आदेश दिया है। हालांकि कोर्ट में बाबा रामदेव के वकील मुकुल रोहतगी ने दलील दी हमने कल कई अखबारों में माफीनामा छपवाया है। नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद, बाबा रामदेव और बालकृष्ण के खिलाफ अवमानना ​​मामले में आज सुनवाई की। सुनवाई के दौरान बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण खुद अदालत में मौजूद थे। कोर्ट ने कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के एमडी रामदेव से दो दिन के भीतर अखबारों में प्रकाशित माफी को रिकॉर्ड पर पेश करने का आदेश दिया है। वहीं, अदालत ने बाबा रामदेव और बालकृष्ण को 30 अप्रैल को फिर से पेश होने का आदेश दिया है। माफीनामे पर सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवालहालांकि, कोर्ट में बाबा रामदेव के वकील मुकुल रोहतगी ने दलील दी, हमने कल कई अखबारों में माफीनामा छपवाया है। इस पर कोर्ट ने कहा कि आखिर माफीनामा कल ही क्यों प्रकाशित किया गया। इसके अलावा बेंच ने ये भी सवाल उठाया कि आखिर माफीनामा उतना ही बड़ा छपा है, जितना बड़ा पतंजलि का विज्ञापन छपता है। केंद्र सरकार पर भी कोर्ट सख्तसुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान ये भी कहा कि सह-प्रतिवादी के रूप में उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय से सवाल पूछ रहा है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि देश भर के राज्य लाइसेंसिंग अधिकारियों को भी पार्टियों के रूप में जोड़ा जाएगा और उन्हें भी कुछ सवालों के जवाब देने होंगे।

जानिए बजरंगबली ने क्यों अपना हृदय चीरा और कैसे पड़ा हनुमान नाम ?

Know why Bajrangbali tore his heart and how he got the name Hanuman? देशभर में आज बड़े ही धूम-धाम के साथ भगवान हनुमान का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। सुबह से ही मंदिरों में भारी भीड़ है। उज्जैन के प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के बाद महाकाल का हनुमान जी के स्वरूप में श्रृंगार किया गया। भगवान शंकर से हनुमानजी को मिला वरदानहनुमान से शंकरजी के अवतार हैं और भोलेनाथ से हनुमान जी को वरदान मिला है कि हनुमान जी को किसी भी अस्त्र से नहीं मारा जा सकता। हनुमान जी क्यों रखते हैं अपने पास गदाहनुमान जी दुष्टों को संहार और भक्तों की समस्याओं का निदान गदा से करते हैं। हनुमान जी हाथ में हमेशा गदा होती है। क्या आपको ये मालूम है हनुमान जी को गदा कैसे प्राप्त हुई है। दरअसल बजरंगबली को गदा कुबेर देव मिली थी और साथ में ये भी आशीर्वाद दिया कि हनुमान को कभी भी किसी युद्ध में परास्त नहीं किया जा सकता है। भगवान हनुमान को यमराज से मिला वरदानभूत पिशाच निकट नहि आवै, महावीर जब नाम सुनावै…भगवान हनुमान का नाम लेते ही सभी तरह की नकारात्मक शक्तियां फौरन ही भाग जाती हैं। धर्मराज यमराज से भी हनुमान जी को वरदान मिला हुआ है, उन्हें कभी भी यमराज का शिकार नहीं होने का वरदान प्राप्त है। सूर्यदेव से मिला हनुमान जी को तेजधार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान हनुमान को अमरता का वरदान मिला है। हनुमानजी कलयुग में साक्षात और जाग्रत देवता हैं। यह भक्तों की पूजा से जल्दी प्रसन्न होकर हर तरह की मनोकामनाओं का पूरा करते हैं। हनुमान जी भगवान शिव के ग्याहरवें अवतार हैं और उन्हें कई तरह की शक्तियां मिली है। मान्यता है कि सूर्यदेव से हनुमान जी को तेज प्राप्त है। सूर्य देव ने उन्हें अपने तेज का सौवां अंश दिया है इसी कारण हनुमान जी के सामने कोई नहीं टिक पाता। जब हनुमानजी ने अपना सीना चीर दिया…हनुमानजी आज भी इस धरती पर विचरण करते हैं। हनुमान जी कलयुग के देवता हैं। कलयुग में हनुमान जी की आराधना अत्यंत लाभकारी होती है। नकारात्मक ऊर्जा एवं बुरी शक्तियां हनुमानजी की आराधना करने से भाग जाती हैं। हनुमानजी ने भगवान राम के दिल में ऐसी जगह बनाई कि दुनिया उन्हें प्रभु राम का सबसे बड़ा भक्त मानती है। पौराणिक कथा के अनुसार भगवान राम के राज्याभिषेक के बाद दरबार में उपस्थित सभी लोगों को उपहार दिए जा रहे थे। इसी दौरान माता सीता ने रत्न जड़ित एक बेश कीमती माला अपने प्रिय हनुमान को दी। प्रसन्न चित्त से उस माला को लेकर हनुमान जी थोड़ी दूरी पर गए और उसे अपने दांतों से तोड़ते हुए बड़ी गौर से माला के मोती को देखने लगे। उसके बाद उदास होकर एक-एक कर उन्होंने सारे मोती तोड़-तोड़ कर फेंक दिए। यह सब दरबार में उपस्थित लोगों ने देखा तो सब के सब आश्चर्य में पड़ गए। जब हनुमान जी मोती तो तोड़ कर फेंक रहे थे तब लक्ष्मणजी को उनके इस कार्य पर बहुत क्रोध आया,इस बात को उन्होंने श्री राम का अपमान समझा। उन्होंने प्रभु राम से कहा कि ‘हे भगवन, हनुमान को माता सीता ने बेशकीमती रत्नों और मनकों की माला दी और इन्होंने उस माला को तोड़कर फेंक दिया। जिसके बाद भगवान राम बोले, ‘हे अनुज तुम मुझे मेरे जीवन से भी अधिक प्रिय हो, जिस कारण से हनुमान ने उन रत्नों को तोड़ा है यह उन्हें ही मालूम है। इसलिए इस जिज्ञासा का उत्तर हनुमान से ही मिलेगा। तब राम भक्त हनुमान ने कहा ‘मेरे लिए हर वो वस्तु व्यर्थ है जिसमें मेरे प्रभु राम का नाम ना हो। मैंने यह हार अमूल्य समझ कर लिया था, लेकिन जब मैंने इसे देखा तो पाया कि इसमें कहीं भी राम-नाम नहीं है। उन्होंने कहा मेरी समझ से कोई भी वस्तु श्री राम के नाम के बिना अमूल्य हो ही नहीं सकती। अतः मेरे हिसाब से उसे त्याग देना चाहिए। यह बात सुनकर भ्राता लक्ष्मण बोले कि आपके शरीर पर भी तो राम का नाम नहीं है तो इस शरीर को क्यों रखा है? हनुमान तुम इस शरीर को भी त्याग दो। लक्ष्मण की बात सुनकर हनुमान ने अपना वक्षस्थल नाखूनों से चीर दिया और उसे लक्ष्मणजी सहित सभी को दिखाया, जिसमें श्रीराम और माता सीता की सुंदर छवि दिखाई दे रही थी। यह घटना देख कर लक्ष्मण जी से आश्चर्यचकित रह गए,और अपनी गलती के लिए उन्होंने हनुमानजी से क्षमा मांगी । आज यानी 23 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। इस दिन हनुमान जन्मोत्सव पर भगवान हनुमान की विशेष रूप से पूजा आराधना की जाती है। ग्रंथों के अनुसार हनुमान जी के बचपन का नाम मारुति था। उन्हें उनके पिता पवन देव और माता अंजनी के पुत्र के रूप में जाना जाता है। एक दिन पवन पुत्र अपनी निद्रा से जागे तो उन्हें तीव्र भूख लगी। उन्होंने पास के एक वृक्ष पर लाल पका फल देखा, जिसे खाने के लिए वे निकल पड़े। दरअसल मारुती जिसे लाल पका फल समझ रहे थे वे सूर्यदेव थे। उस दिन अमावस्या का दिन था और राहु सूर्य पर ग्रहण लगाने वाला था, लेकिन जब तक सूर्य को ग्रहण लग पाता, उससे पहले ही हनुमान जी ने सूर्य को निगल लिया। सारे संसार में अन्धकार व्याप्त हो गया। मनुष्य से लेकर सभी देवता तक बड़े व्याकुल हो गए और हनुमानजी को मनाने के लिए आ गए लेकिन, मारुति हठ करके बैठ गए। सभी देवताओं ने देवराज इंद्र से सहायता मांगी। इंद्रदेव के बार-बार आग्रह करने पर जब हनुमान जी ने सूर्यदेव को मुक्त नहीं किया तो, इंद्र ने विवश होकर अपने वज्र से मारुति के हनु यानी ठोड़ी पर प्रहार किया, जिससे सूर्यदेव मुक्त हुए। वहीं वज्र के प्रहार से पवन पुत्र मूर्छित होकर पृथ्वी पर आ गिरे और उनकी ठुड्डी टेढ़ी हो गई। जब पवन देवता को इस बात की जानकारी हुई तो वे बहुत क्रोधित हुए। उन्होंने अपनी शक्ति से पूरे संसार में वायु के प्रवाह को रोक दिया, जिसके परिणामस्वरूप पृथ्वी पर जीवों में त्राहि-त्राहि मच उठी। इस विनाश को रोकने के लिए सारे देवगण पवनदेव से आग्रह करने पहुंचे कि वे अपने क्रोध को त्याग पृथ्वी पर प्राणवायु का प्रवाह करें। सभी देवताओं … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने दिया झटका ,जेल जाएंगी राखी सावंत

Supreme Court gave a blow, Rakhi Sawant will go to jail नई दिल्ली ! बॉलीवुड अभिनेत्री राखी सावंत पर अब गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है. सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेत्री राखी सावंत को बड़ा झटका दिया है और उनकी अग्रीम जमानत की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है. सुप्रीम कोर्ट ने राखी सावंत को निचली अदालत में चार सप्ताह के भीतर सरेंडर करने को कहा है. बता दें कि अभिनेत्री राखी सावंत पर अपने पूर्व पति आदिल दुर्रानी का कथित अश्लील वीडियो लीक करने का आरोप है. बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसलेल को राखी सावंत ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने राखी सावंत की अग्रिम जमानत की याचिका खारिज कर दी थी. पूर्व पति आदिल दुर्रानी ने अश्लील वीडियो लीक करने के मामले मे राखी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. इसी मामले में अब राखी सावंत पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी है. अब दोनों अलग रहते हैं. क्या है मामलायह मामला सावंत से अलग रह रहे उनके पति आदिल दुर्रानी की शिकायत के आधार पर उपनगरीय अंबोली थाने में सूचना प्रौद्योगिकी कानून की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया था. दुर्रानी ने सावंत पर उन्हें बदनाम करने के लिए कई ऑनलाइन मंचों पर उन दोनों के निजी वीडियो पोस्ट करने का आरोप लगाया है. राखी सावंत ने क्या कहा है?गिरफ्तारी पूर्व जमानत अर्जी में राखी सावंत ने कहा कि उन्हें परेशान करने, उन पर दबाव डालने, झूठे एवं फर्जी मामले में उन्हें फंसाने की एकमात्र मंशा से उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. राखी सावंत ने कहा कि यह प्राथमिकी कुछ नहीं बल्कि कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है और इसमें कोई दम नहीं है. उन्होंने अपने वकील के मार्फत जमानत याचिका दायर की थी. निचली अदालत ने कहा क्या कहा था?अदालत ने कहा था कि अभिनेत्री राखी द्वारा कथित रूप से ‘प्रसारित या प्रकाशित’ सामग्री न केवल ‘अश्लील है बल्कि पूरी तरह यौन सामग्री है’. इसने कहा, ‘तथ्यों, आरोपों और घटना से जुड़ी परिस्थितियों पर विचार करने के बाद (अदालत इस राय पर पहुंची है कि) यह अग्रिम जमानत देने के लिए उपयुक्त मामला नहीं है.’

परिषद के 66वें स्थापना दिवस की अनंत बधाइयाँ प्रिय आत्मीय जन

Heartfelt congratulations on the 66th Foundation Day of the Council, dear dear people. अखिल भारतीय पंचायत पंचायत परिषद { All India Panchayat Parishad} का 66वाँ स्थापना दिवस है।12अप्रैल 1958 में परिषद की स्थापना देव घर जसीडीह में तत्कालीन बिहार सम्प्रति झारखंड में हुई थी।आज परिषद के 66 बसंत पूर्ण हुए। महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के स्वप्नों को साकार करने के लिए अखिल भारतीय पंचायत परिषद ने 7.5लाख गाँवों के गण राज्य की स्थापना के लिए अनवरत संघर्ष किया और सफलताएँ प्राप्त की हैं। त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक अधिकार तो मिले लेकिन अभी वह अधिकार आधे -अधूरे हैं।अभी संघर्ष शेष है।अमर शहीद बलवंत राय मेहता ,लोकनायक जय प्रकाश नारायण के द्वारा स्थापित परंपराओं एवं मापदंडों ,पदचिन्हों पर चलने के लिए हम लोग संकल्प बद्ध हैं। देश के 22 प्रदेशों में परिषद से सम्बद्ध प्रदेश / राज्य पंचायत परिषदें , त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाएँ देश में तीसरी सरकार पंचायती राज की स्थापना करने के लिए प्रयत्न शील हैं।इस अवसर पर त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं एवं पंचायती राज प्रेमियों तथा परिषद कार्य समिति , महा समिति के मा० सदस्यों , मा०पदाधिकारियों एवं कर्तव्य निष्ठ कर्मचारियों को परिषद एवं बलवंत राय मेहता पंचायती राज फ़ाउंडेशन की ओर से अनंत हार्दिक बधाई देता हूँ।वर्तमान में अखिल भारतीयपंचायत परिषद की स्थिति पर मात्र इतना ही कहूँगा-बहुत कुछ किया है और बहुत कुछ करना बाक़ी है।पंचायती राज क़ायम हो , यही अरमान बाक़ी है।चलो इस बे वफ़ा दुनिया में फिर से वफ़ा ढूँढें।ज़माना ढूँढ न पाया जिसे हम वो ख़ुदा ढूँढें॥मंज़िल मिले न मिले इसका ग़म नहीं।मंज़िल की जुस्तजू में मेरा कारवाँ तो है। जयपंचायती राजशीतला शंकर विजय मिश्रमुख्य महामंत्रीअखिल भारतीय पंचायत परिषदएवंन्यासी सचिवबलवंत राय मेहता पंचायती राज फ़ाउंडेशन

आज भोपाल में इंडिया गठबंधन की पहली बैठक, प्रदेश में कांग्रेस की जीत के लिए बनेगा प्लान

First meeting of India alliance in Bhopal today, plan will be made for the victory of Congress in the state. लोकसभा चुनाव से पहले रणनीति बनाने के लिए इंडिया गठबंधन की एमपी इकाई भोपाल में पहली बैठक करने जा रही. ये बैठक भोपाल कांग्रेस पार्टी के कार्यालय पर होगी.भोपाल ! आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए इंडिया महागठबंधन की बैठक मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज यानी 6 अप्रैल हो होगी. इंडिया गठबंधन की प्रदेश में ये पहली बैठक है, जो प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सुबह 10 बजे होगी. इस बैठक में कई दिग्गज नेता शामिल होंगे. बैठक के बाद सामूहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित होगी.बताया जा रहा है कि इस बैठक में प्रदेश में होने वाले 4 चरणों में चुनाव को लेकर रणनीति बनाई जाएगी. कांग्रेस की कोशिश रहेगी कि गठबंधन के सभी दल अपने-अपने प्रभाव क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए काम करें. इंडिया गठबंधन को झटका, कांग्रेस अकेलीवहीं कांग्रेस ने गठबंधन के सहयोगी समाजवादी पार्टी के लिए खजुराहो सीट भी छोड़ी थी, लेकिन यहां पर शुक्रवार को सपा प्रत्याशी मीरा यादव का नामांकन निरस्त हो गया है. जो इंडिया गठबंधन के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है. यानी अब गठबंधन के लिए 29 में से 28 सीटें बची हैं. इन सभी से कांग्रेस के प्रत्याशी मैदान में हैं. कांग्रेस इस कोशिश में है कि अब सभी दल कांग्रेस के लिए अभियान चलाएं. इन्हीं सब मुद्दों पर बैठक में विचार किया जाएगा। ये दिग्गज बैठक में रहेंगे मौजूदइंडिया गठबंधन से संबद्ध मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी,आम आदमी पार्टी की प्रदेशाध्यक्ष रानी अग्रवाल, समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव, मार्क्सवादी कम्युनिष्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह, शैलेन्द्र शैली, भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी के राज्य सचिव अरविंद श्रीवास्तव, समानता दल के प्रदेश अध्यक्ष महेश कुशवाहा और इंडिया डेमोक्रिटिक पार्टी के अध्यक्ष अजय सिंह,एनसीपी (शरद पंवार) के अध्यक्ष राजू भटनागर, राजद के प्रदेश अध्यक्ष मोनू यादव शनिवार बैठक में रहेंगें मौजूद. गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रदेश में बहुत तगड़ा प्रदर्शन किया है. जिसे भाजपा लोकसभा चुनाव में भी दोहराना चाहती है. वहीं कांग्रेस विधानसभा चुनाव की हार को पीछे छोड़कर लोकसभा चुनाव में जुटी है. लेकिन कांग्रेस की 3 सीटें अभी भी फंसी हैं, जहां पार्टी ने प्रत्याशियों का ऐलान नहीं किया है.

व्यक्ति विशेष को बचाने के लिए रैली नहीं,ये लोकतंत्र बचाओ रैली है, INDIA गठबंधन

This is not a rally to save a particular person, this is a rally to save democracy, INDIAतमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन भी इस रैली में शामिल होंगे। नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में आज विपक्षी दल बड़ा शक्ति प्रदर्शन कर रहा है। रैली में I.N.D.I.A गुट के 28 दलों के नेता शामिल हुए। रैली में सभी का ध्यान अरविंद केजरीवाली की पत्नी सुनीता केजरीवाल के संबोधन पर था। INDIA गठबंधन की ‘महारैली’ को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मेरे पति को जेल में डाल दिया, क्या प्रधानमंत्री ने ये सही किया है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल एक सच्चे देश भक्त और ईमानदार व्यक्ति हैं? उन्होंने जनता से पूछा कि क्या केजरीवाल जी को इस्तीफा देना चाहिए? सुनीता केजरीवाल ने आगे कहा कि कि अरविंद केजरीवाल शेर हैं और वे ज्यादा दिन के लिए जेल में नहीं रहेंगे। रामलीला मैदान में भाजपा पर भड़की सुनीता केजरीवाल, ‘आपके अरविंद शेर हैं, ज्यादा दिन जेल में नहीं रहेंगे’ देश मुश्किल हालात से गुजर रहा – महबूबा मुफ्तीमहारैली’ को संबोधित करते हुए PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि आज देश बहुत मुश्किल हालात से गुजर रहा है। देश में ऐसा हाल है कि ना कोई वकील, ना कोई दलील, ना कोई कार्रवाई, सीधा जेल। शायद कलयुग का अमृत काल इसी को कहते हैं कि आप बिना कुछ पूछे लोगों को जेल में डाल देते हैं। हमने जम्मू-कश्मीर में पिछले 5 साल तक यही देखा है, जब आप संविधान और कानून का उल्लंघन करते हैं तो वो देशहित में नहीं होता, बल्कि देशद्रोह होता है। ये लोकतंत्र बचाओ रैली ,कांग्रेसकांग्रेस ने कहा कि ‘लोकतंत्र बचाओ रैली’ का उद्देश्य किसी व्यक्ति की रक्षा करना नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र को बचाना है। इस महारैली में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी मौजूद थे। इनके अलावा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन, अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल, शिवसेना प्रमुख (UBT) उद्धव ठाकरे, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रेयन, लेफ्ट नेता सीताराम येचुरी, एनसीपी (पवार) शरद पवार सहित कई दिग्गज नेता मौजूद हुए। व्यक्ति विशेष को बचाने के लिए रैली नहीं ,कांग्रेस इधर कांग्रेस की ओर से ये साफ कर दिया गया है कि रामलीला मैदान में आज होने वाली संयुक्त मेगा रैली लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए है, न कि किसी व्यक्ति विशेष को बचाने के लिए की गई है। वहीं पंजाब के मंत्री और आप नेता बलबीर सिंह ने कहा है कि आज दिल्ली के रामलीला मैदान में ऐतिहासिक रैली होने जा रही है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल अपने लिए नहीं, बल्कि देश के 140 भारतीयों के लिए लड़ रहे हैं। रैली में शामिल होंगे ये विपक्षी नेताआज रामलीला मैदान में होने वाली संयुक्त विपक्ष रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, शरद पवार, अखिलेश यादव, उद्धव ठाकरे से लेकर तेजस्वी यादव जैसे नेता शामिल होंगे। इसके अलावा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन भी इस रैली में शामिल होंगे। खास बात ये है कि इस रैली में अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल भी शामिल होंगी और अरविंद केजरीवाल का संदेश पढ़ सकती है। मोदी सरकार के खिलाफ इससे पहले विपक्षी दलों ने संयुक्त रैली 17 मार्च को मुंबई के शिवाजी पार्क में की थी। देश तानाशाही की ओर जा रहा – उद्धव ठाकरेरैली को संबोधित करते हुए सबसे पहले उद्धव ठाकरे ने कहा कि कल्पना सोरेन और सुनीता केजरीवाल, आप दोनों चिंता मत करो, सिर्फ हम ही नहीं पूरा देश आपके साथ है। कुछ दिन पहले आशंका थी कि क्या हमारा देश तानाशाही की ओर चल रहा है? लेकिन अब ये आशंका नहीं, सच्चाई है। भाजपा को लग रहा होगा कि अरविंद केजरीवाल और हेमंत सोरेन को गिरफ्तार करने से लोग डर जाएंगे लेकिन उन्होंने अपने देशवासियों को कभी पहचाना नहीं। लोकतंत्र व संविधान बचाने की लड़ाईकांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में शनिवार को कहा कि रैली में विपक्षी गठबंधन के सभी 28 घटक दल भाग लेंगे। जयराम रमेश ने कहा कि यह लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई है, इसलिए इसे ‘लोकतंत्र बचाओ रैली’ नाम दिया गया है। यह रैली एक पार्टी की रैली नहीं है। वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी रामलीली मैदान में होने वाली रैली को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ED द्वारा की गई गिरफ्तारी के खिलाफ विपक्ष का जमावड़ा बता रही है।

कर्नाटक के विधायक और खनन कारोबारी जनार्दन रेड्डी BJP में शामिल

Karnataka MLA and mining businessman Janardhan Reddy joins BJP रेड्डी पर 9 CBI मामले चल रहे हैं. 2008 से 2013 के बीच हुए अवैध खनन से जुड़े इन मामलों में CBI ने उन्हें आरोपी बनाया है. रेड्डी गंगावती निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं. 2022 में उन्होंने बीजेपी से अलग होकर KRPP पार्टी बनाई थी.

कुंडलपुर में आचार्य पद पदारोहण , देश-विदेश से उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब

Ascension to the post of Acharya in Kundalpur, flood of devotees will come from India and abroad दमोह जिले के कुंडलपुर में आचार्य पद पदारोहण के लिए 11 एकड़ में पंडाल बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचेंगे। दमोह ! कुंडलपुर में 16 अप्रैल को आयोजित होने जा रहे आचार्य पद पदारोहण की तैयारियां तेज हो गई हैं। देश और विदेश से पहुंचने वाले यात्रियों और देश भर से आमंत्रित अतिथियों के रुकने, भोजन जैसी व्यवस्थाएं बड़े स्तर पर हो रही हैं। सबसे खास यहां बन रहा मुख्य पंडाल, जो 11 एकड़ भूमि में बनाया जा रहा है। जो अब तक का सबसे बड़ा पंडाल बताया जा रहा है। कुंडलपुर में यात्रियों की भीड़ और गर्मी को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मुख्य पंडाल में भी इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। साथ ही इसमें एक साथ 80 हजार से एक लाख लोगों तक के बैठने की व्यवस्था की गई है। 16 अप्रैल को करीब तीन लाख लोगों के आने की भीड़ को ध्यान में रखते हुए भी कुछ अतिरिक्त व्यवस्थाएं यहां की जा रही हैं। मुख्य पंडाल में मंचीय व्यवस्था भी अलग-अलग रहेगी। आचार्य संघ के करीब 400 मुनि, आर्यिकाओंके लिए एक बड़ा मंच बनाया जा रहा है। जो अपने आप में अलग नजर आएगा। इसके अलावा बतौर अतिथि पहुंचने वाले हिंदू संतों के लिए भी एक मंच बनाया जा रहा है। जबकि मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होने देश के ख्याति प्राप्त लोगों के लिए अलग मंच रहेगा। इसके अलावा दो और मंच इस पंडाल में होंगे। जहां से सांस्कृतिक कार्यक्रम और श्रावक श्रेष्ठियों के लिए मंच व्यवस्था रहेगी। दस हजार लोग एक साथ कर सकेंगे भोजनतीन बड़ी भोजन शालाएं यहां बनाई जा रही हैं, जिसमें वीआईपी से लेकर आम तक भोजन करेंगे। यह भोजनशालाएं भी आधुनिक होगी, जिसमें भोजन तैयार करने के सिस्टम से लेकर मेन्यू तक अलग होंगे। एक बार में 10 हजार लोग तक भोजन कर सकेंगे। वीआईपी आवास व्यवस्था पंडाल के सामने तालाब की ओर की गई है। एलईडी, साउंड के साथ कूलिंग की व्यवस्थामहोत्सव प्रभारी वीरेश सेठ ने बताया कि मुख्य पंडाल की छटा अपने आप में अलग होगी। इसमें 80 हजार से एक लाख लोग बैठकर महोत्सव देख सकेंगे। पंडाल में 50 से अधिक बड़ी एलईडी और साउंड भी लगाए जा रही है, जिससे दूर के लोगों को भी कार्यक्रम स्पष्ट रूप से दिखाई और सुनाई दे। इसके अलावा गर्मी को ध्यान रखते हुए भी पंडाल में व्यवस्थाएं रहेंगी। इसके अलावा पानी, सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाएं मुख्य पंडाल में होंगी। कमिश्नर ने बैठक कर ली जानकारीकुंडलपुर महोत्सव की व्यवस्था देखने के लिए सागर कमिश्नर डॉ. वीरेंद्र रावत, डीआईजी सुनील कुमार जैन, कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, पुलिस अधीक्षक शुश्रकीर्ति सोमवंशी पहुंचे थे। कमिश्नर ने पदाधिकारियों के साथ बैठक कर महोत्सव की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की। पदारोहण महोत्सव में संघ प्रमुख मोहन भागवत भी आयेंगे। एक प्रतिनिधि मंडल ने नागपुर में जाकर उनसे मुलाकात की और कार्यक्रम में आने का आमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार्य करते हुए आने की सहमति दी। इसके साथ ही लगातार मुनि संघ कुंडलपुर की ओर विहार कर रहे हैं।

मुफ्त रेवड़ी कल्चर पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज: क्या 2024 लोकसभा चुनाव पर पड़ेगा असर?

Hearing in Supreme Court today on free revadi culture: Will it affect the 2024 Lok Sabha elections? चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने एक दिन पहले बुधवार को कहा था कि मुफ्त घोषणाओं का यह मामला बेहद महत्वपूर्ण है। हम इसे कल (गुरुवार) बोर्ड पर रखेंगे। सुप्रीम कोर्ट गुरुवार, 21 मार्च को राजनीतिक दलों द्वारा चुनावों के दौरान ‘मुफ्त’ रेवड़ियां देने की प्रथा के खिलाफ एक जनहित याचिका पर सुनवाई करेगा। यह एक अहम सुनवाई है, क्योंकि 19 अप्रैल से लोकसभा चुनाव शुरू हो रहे हैं। राजनीतिक दलों के घोषणा पत्र भी सामने आने लगे हैं, जिनमें तमाम दावे किए जा रहे हैं। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने एक दिन पहले बुधवार को कहा था कि मुफ्त घोषणाओं का यह मामला बेहद महत्वपूर्ण है। हम इसे कल (गुरुवार) बोर्ड पर रखेंगे। पीठ में जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा भी शामिल हैं। लोकलुभावन घोषणाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएयाचिका में कहा गया है कि मतदाताओं से अनुचित राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए लोकलुभावन घोषणाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, क्योंकि वे संविधान का उल्लंघन करते हैं। चुनाव आयोग को भी उचित उपाय करने चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने वकील और पीआईएल याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विजय हंसारिया की दलीलों पर ध्यान दिया कि याचिका पर लोकसभा चुनाव से पहले सुनवाई की जरूरत है। अन्य महत्वपूर्ण बातें याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से यह घोषित करने का आग्रह किया है कि चुनाव से पहले निजी वस्तुओं या सेवाओं का वादा या वितरण, जो सार्वजनिक धन से सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए नहीं हैं, संविधान के अनुच्छेद 14 सहित कई अनुच्छेदों का उल्लंघन है।

सीएए लागू करने पर केंद्र को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

Supreme Court notice to Center on implementation of CAA याचिकाओं में सीएए और नागरिकता संशोधन नियम 2024 को लागू करने पर रोक लगाने की मांग की गई है। नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 (सीएए) लागू करने की अधिसूचना जारी करने के बाद इसका विरोध जारी है। ताजा खबर यह है कि सीएए के खिलाफ दायर 230 से अधिक याचिकाओं पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र को नोटिस जारी किया। सर्वोच्च अदालत ने केंद्र से 8 अप्रैल तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा और मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 अप्रैल की तारीख तय की। बता दें, याचिकाओं में सीएए और नागरिकता संशोधन नियम 2024 को लागू करने पर रोक लगाने की मांग की गई है।याचिकाओं की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा की गई, जिसमें न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा शामिल हैं।पिछले हफ्ते वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष केरल स्थित इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) द्वारा दायर एक याचिका का उल्लेख करते हुए कहा था कि सीएए को लागू करने का केंद्र का कदम संदिग्ध था क्योंकि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले ऐसा किया गया।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लगातार छठी बार देश का बजट पेश कर रही है।

Union Finance Minister Nirmala Sitharaman is presenting the country’s budget for the sixth consecutive time today.  नई दिल्ली । लोकसभा चुनाव से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज अंतरिम बजट 2024 पेश कर रही है। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के आखिरी बजट से आम लोगों के साथ-साथ बच्चों के लिए काफी ज्यादा उम्मीद लगाई जा रही है। लोकसभा चुनाव से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज अंतरिम बजट 2024 पेश कर रही है। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के आखिरी बजट से आम लोगों के साथ-साथ महिलाओं के लिए कई अहम घोषणाएं की गई है। केंद्र सरकार ने लखपति दीदी योजना के तहत नए वित्त वर्ष में 2 करोड़ से अधिक महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य रखा है। बजट में महिलाओं के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं। खुद निर्मला सीतारमण ने बनाया रिकॉर्ड केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लगातार छठी बार देश का बजट पेश कर रही है। निर्मला सीतारमण ऐसी दूसरी वित्त मंत्री बन गई है, जो सबसे ज्यादा बार बजट पेश किया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड मोरारजी देसाई के पास था। वहीं सबसे ज्यादा 10 बजट पेश करने का रिकॉर्ड भी उनके नाम ही है। मनमोहन सिंह, पी चिदंबरम, अरुण जेटली और यशवंत सिन्हा ने 5 बजट पेश किए हैं।

सद्भावना और सहिष्णुता के “महात्मा“ थे गॉधी

Gandhi was the “Mahatma” of goodwill and tolerance. राष्ट्रपिता की 76वीं पुण्यतिथि पर विशेष शहीद दिवस डॉ. केशव पाण्डेय (अतिथि संपादक) महात्मा गॉधी ने अपने जीवन में अहिंसा का पालन कर यह सिखाया कि सत्य और अहिंसा ही सबसे बड़े शक्तिशाली युद्ध हैं। उनका यह उपदेश हमें आत्म-नियंत्रण, सद्भावना और सहिष्णुता की ओर प्रवृत्त करता है। उनके सिद्धांतों ने हमें बताया कि समस्त मानव जाति को एक परिवार की भावना के साथ जीना चाहिए। सभी को समानता और न्याय का अधिकार है। शहीद दिवस पर करते हैं महात्मा गॉधी का पुण्य स्मरण। 30 जनवरी को महात्मा गॉंधी की 76वीं पुण्यतिथि है। पुण्यतिथि को शहीद दिवस के रूप में मनाकर पूरा देश आज बापू का पुण्य स्मरण कर रहा है। भारत सदियों से वीरों की भूमि रहा है। देश में अनेक वीर-सपूतों ने जन्म लिया और अपनी शहादत से वतन की मिट्टी को पावन कर दिया। वीर-शहीदों की याद में ही हर वर्ष शहीद दिवस मनाया जाता है। हालांकि भारत में विभिन्न तिथियों में शहीद दिवस मनाने की परंपरा है। जनवरी, मार्च और नवंबर महीने में शहीद दिवस की तारीख अलग-अलग हो सकती हैं लेकिन इन दिवसों की भावना एक ही है। हम जांबाज क्रांतिकारियों को याद कर उनके प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करने यह दिवस मनाते हैं। आज का शहीद दिवस गांधी जी की अहिंसात्मक सोच और उनके बलिदान के स्मरण का प्रतीक है। 1948 को इस दिन ही नाथूराम गोडसे ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। महात्मा गॉधी, जिन्हें कोई बापू कहता है तो कोई देश का राष्ट्रपिता। दोनों का अर्थ एक ही है। वे एक ऐसे महान आत्मा थे जो अपने आदर्शों और अनूठी विचारधारा के लिए जाने जाते हैं। बापू ने अहिंसा के मार्ग पर चलकर आजादी की जंग लड़ी और देशवासियों का भी मार्गदर्शन किया।अहिंसा परमो धर्मः…. धर्म हिंसा तथैव चः … अर्थात अहिंसा ही मनुष्य का परम धर्म है और जब धर्म पर संकट आए तो उसकी रक्षा करने के लिए की गई हिंसा उससे भी बड़ा धर्म है। बावजूद इसके अहिंसा को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाने वाले गॉधी ने इसे अपने आचार, विचार और व्यवहार में उतारा। अहिंसा परमो धर्मः को ही जीवन में अपनाया। हालांकि भगवान महावीर, भगवान बुद्ध और महात्मा गाँधी की अंहिसा की धारणाएं अलग-अलग थीं फिर भी वेद, महावीर और बु़द्ध की अहिंसा से महात्मा गाँधी प्रेरित थे।महात्मा गाँधी ने अपने जीवन को भारतीय समाज के लिए समर्पित किया और अपने आदर्शों का पालन करते हुए आजादी के लिए संघर्ष किया। महात्मा गाँधी की शहादत ने यह सिखाने का मौका दिया कि हमें अपने मौलिक सिद्धांतों के लिए खड़ा होना चाहिए, चाहे जैसी भी परिस्थिति हो। उनका संदेश था कि सत्य, अहिंसा और ईमानदारी का पालन करते हुए हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त करके एक उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं। महात्मा गॉधी का मानना था कि एक मात्र वस्तु जो हमें पशु से भिन्न करती है वह है अहिंसा। व्यक्ति हिंसक है तो वह पशुवत है। मानव होने या बनने के लिए अहिंसा का भाव होना आवश्यक है। गॉधी जी की सोच थी कि हमारा समाजवाद अथवा साम्यवाद अहिंसा पर आधारित होना चाहिए। जिसमें मालिक, मजदूर एवं जमींदार, किसान के मध्य परस्पर सद्भाव पूर्ण सहयोग हो। निःशस्त्र अहिंसा की शक्ति किसी भी परिस्थिति में सशस्त्र शक्ति से सर्वश्रेष्ठ होगी। सच्ची अहिंसा मृत्यु शैया पर भी मुस्कराती रहेगी। बहादुरी, निर्भिकता, स्पष्टता, सत्यनिष्ठा इस हद तक बढ़ा लेना कि तीर-तलवार उसके आगे तुच्छ जान पड़ें। यह अहिंसा की साधना है। शरीर की नश्वरता को समझते हुए उसके न रहने का अवसर आने पर विचलित न होना अहिंसा है। उनकी इसी सोच ने महात्मा गॉधी को देश का सबसे ज्यादा प्रभावशाली नेता बना दिया।जिन्होंने अहिंसा और सत्याग्रहों को एक मात्र हथियार बनाकर स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी थी। सामाजिक और राजनीतिक सुधार में उनकी सार्वजनिक भूमिका का परिणाम ऐसा था कि उनके विचारों और आंदोलनों पर अमेरिकी और यूरोपीय समाचार-पत्रों, पत्रिकाओं और रेडियों पर चर्चा होने लगी थी। उनके काम को दुनियाभर के शीर्ष राजनेताओं द्वारा उत्सुकता से अनुसरण किया जाने लगा। जबकि अहिंसा या अहिंसा का दर्शन गॉधी का पर्याय बन गया था। अहिंसा का उनका अभ्यास अन्य धर्मां के प्रति सम्मान और भाईचारे की भावना का विस्तार था। सत्य, अहिंसा और सामाजिक न्याय के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें शांति का वैश्विक प्रतीक और आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बना दिया। अहिंसक विरोध आज गॉधीवादी विरासत की प्राथमिक अभिव्यक्ति है। गॉधी जी के अनुसार अहिंसा केवल एक दर्शन ही नहीं बल्कि कार्य करने की एक बेहतर पद्धति है। मानव के हृदय परिवर्तन का एक साधन है। यही वजह थी कि उन्होंने कभी भी अहिंसा को व्यक्तिक आचरण तक ही सीमित न रखकर उसे मानव जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में लागू किया। उनका मानना था कि सत्य सर्वोच्च कानून है। तो अहिंसा सर्वोच्च कर्तव्य है। आत्म-समर्पण और सत्य के माध्यम से ही हम अद्वितीय भारत की ऊँचाइयों को छू सकते हैं। महात्मा गांधी ने दिखाया कि एक व्यक्ति किसी भी परिस्थिति में अपने मौलिक आदर्शों पर कैसे कड़ाई से अड़े रह सकता है और अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकता है।उनकी महानता को समझने का यह एक अद्वितीय अवसर है, जो हमें एक सशक्त और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में प्रेरित कर सकता है। क्योंकि सत्य की तरह ही अहिंसा की शक्ति भी कम नहीं है। वह भी असीम है। इसी सोच ने उन्हें सत्य और अहिंसा का पुजारी बना दिया। वे देश ही नहीं दुनिया में अहिंसा परमो धर्मः के साथ ही सद्भावना और सहिष्णुता के “महात्मा“ बन गए। सत्य, प्रेम और अहिंसा के ऐसे महात्मा को हमारा शत्-शत् नमन्।

दुनिया में धाक जमाती हिंदी

विश्व हिंदी दिवस पर विशेष हिंदी महज एक भाषा नहीं बल्कि यह करोड़ों भारतीयों की संस्कृति, सभ्यता, साहित्य और इतिहास को बयां करती है और उन्हें एकता के सूत्र में बांधती है। हिंदी भारतीयों के मान, सम्मान और स्वाभिमान की भाषा है। हिंदी भाषा ही नहीं यह भावों की अभिव्यक्ति है। हिंदी मातृभूमि पर मर मिटने की भक्ति है। हिंदी हमारा ईमान है और हिंदी हमारी पहचान है। हिंदी सोच बदलने वाली भाषा है। यह हमारे जीवन मूल्यों, संस्कृति एवं संस्कारों की सच्ची परिचायक भी है। आइए जानते हैं विश्व हिंदी दिवस पर विश्व में हिंदी के बढ़ते प्रभाव और उसका महत्व। डॉ. केशव पाण्डेय (अतिथि संपादक) 10 जनवरी को पूरी दुनिया में विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। प्रत्येक भारतीय के लिए यह बेहद गर्व की बात है। बहुल सरल, सहज और सुगम भाषा होने के साथ हिंदी विश्व की संभवतः सबसे वैज्ञानिक भाषा है। जिसे दुनिया भर में समझने, बोलने और चाहने वाले लोग बड़ी संख्या में मौजूद हैं। हिंदी भाषा वक्ताओं की ताकत है, लेखकों का अभिमान है। करोड़ों भारतीयों को एक सूत्र में बांधने के साथ ही हमारी आन-बान, शान और अभिमान है। हिंदी को राष्ट्र की अस्मिता और प्रणम्य का प्रतीक माना जाता है। इसके हर शब्द में गंगा जैसी पावनता और गगन सी व्यापकता है। समुद्र सी गहराई और हिमालय सी ऊंचाई है, जो इसे महान बनाती है। यही वजह है कि पूरी दुनिया विश्व हिंदी दिवस मना रही है।यदि हम हिंदी भाषा के विकास की बात करें तो यह कहना मुनासिब होगा कि पिछली शताब्दी मेंं हिंदी का तेजी से विकास हुआ है और दिनों-दिन इसका प्रभाव बढ़ रहा है। हिंदी का करीब एक हजार वर्ष पुराना इतिहास है। संस्कृत भारत की सबसे प्राचीन भाषा है, जिसे देवभाषा भी कहा जाता है। माना जाता है कि हिंदी का जन्म भी संस्कृत से हुआ है। ज्यादातर शब्द संस्कृत, अरबी और फारसी भाषा से लिए गए हैं। यह मुख्य रूप से आर्यों और पारसियों की देन है। इस कारण हिन्दी अपने आप में एक समर्थ भाषा है।भारत में अनेक भाषाएं बोली जाती हैं, बावजूद इसके हिंदी सबसे ज्यादा बोली, लिखी व पढ़ी जाती है। इसीलिए हिंदी भारत की सबसे प्रमुख भाषा है। 26 जनवरी 1950 को संसद के अनुच्छेद 343 के तहत हिंदी को प्राथमिक भाषा माना गया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 1977 में संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण देकर विदेशी धरती पर मातृभाषा का मान बढ़ाया। हिन्दी के जहां अंग्रेजी में मात्र 10 हजार मूल शब्द हैं। वहीं हिन्दी के मूल शब्दों की संख्या 2 लाख 50 हजार से भी अधिक है। हिन्दी विश्व की एक प्राचीन, समृद्ध तथा महान भाषा होने के साथ हमारी राजभाषा भी है। हिन्दी ने भाषा, व्याकरण, साहित्य, कला, संगीत के सभी माध्यमों में अपनी उपयोगिता, प्रासंगिकता एवं वर्चस्व कायम किया है। हिन्दी की यह स्थिति हिन्दी भाषियों और हिन्दी समाज की देन है, हमें अहसास होना चाहिये कि हिन्दी दुनिया की किसी भी भाषा से कमजोर नहीं है। हिंदी भाषा के इतिहास पर पुस्तक लिखने वाला कोई हिंदुस्तानी नहीं बल्कि फ्रांसीसी लेखक ग्रेसिम द टैसी था। हिंदी के बढ़ते प्रभाव के कारण ही ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में अच्छा और सूर्य नमस्कार जैसे कई हिंदी शब्दों को शामिल किया गया है।हिंदी का वर्चस्व बढ़ाने के लिए 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने प्रतिवर्ष 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाने की घोषणा की थी। तब से इसकी वर्षगांठ के उपलक्ष में हर साल मनाया जाता है। आज दुनियाभर में अंग्रेजी और मंदारिन के बाद हिंदी तीसरे नंबर की सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। सर्वे एजेंसी स्टैटिस्टा की रिपोर्ट के मुताबिक देश भर में 43. 63 प्रतिशत लोग हिंदी भाषा बोलते और समझते हैं।भारत के अलावा फिजी, मॉरीशस, सूरीनाम, त्रिनिनाद, टोबैगो, गुयाना, नेपाल, तिब्बत और पाकिस्तान में हिंदी बोली जाती है। इसके चलते इंटरनेट की दुनिया में अब हिंदी का वर्चस्व बढ़ रहा है।यही कारण है कि हिंदी आज दुनिया भर में इंटरनेट की पसंदीदा भाषा बन रही है। प्रति वर्ष 94 फीसदी हिंदी भाषी जुड़ रहे हैं, जबकि अंग्रेजी के महज 17 प्रतिशत हैं। गूगल-केपीएमजी रिसर्च, सेंसस इंडिया और आईआरएस की सर्वे रिपोर्ट को मानें तो आने वाले साल में हिन्दी में इंटरनेट उपयोग करने वाले अंग्रेजी वालों से ज्यादा हो जाएंगे। एक अनुमान के मुताबिक 34 करोड़ लोग हिन्दी का उपयोग करने लगेंगे। हिंदी के बढ़ते प्रभाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया की मशहूर ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन इंडिया ने अपना एप हिन्दी में लॉन्च किया। ओएलएक्स, फ्लिपकार्ट सहित विभिन्न कंपनियों के प्लेटफॉर्म पहले ही हिन्दी में उपलब्ध हैं। स्नैपडील भी हिन्दी में आ चुका है। 2023 तक 16.1 करोड़ लोगों ने डिजिटल पेमेंट के लिए हिन्दी का उपयोग किया। जबकि 2016 में यह संख्या 2.2 करोड़ थी। 2016 में डिजिटल माध्यम में हिन्दी समाचार पढ़ने वालों की संख्या 5.5 करोड़ थी। जो 2023 में बढ़कर 24.4 करोड़ तक हो गई।इसी को दृष्टिगत रखते हुए इस बार हिंदी दिवस मनाने की थीम “ हिंदी पारंपरिक ज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता“ रखी गई है।विदेशों में हिंदी जनमानस के दिलो दिमाग पर अपनी छाप छोड़ रही है। लंदन में हिंदी पढ़ाई जा रही है। जर्मन में ऐसे स्कूल और गुरुकुल हैं जहां बच्चों को हिंदी के साथ ही संस्कृत भी पढ़ाई जाती है। क्योंकि हिंदी सोच बदलने वाली भाषा है। यह दुनिया की प्राचीन समृद्ध और सबसे सरल भाषा है। वर्तमान में दुनियाभर के करोड़ों लोग हिंदी बोलते हैं और लिखते भी हैं। कह सकते हैं कि दुनिया के भाल पर चंदन की भांति चमकने वाली हिंदी अपनी धाक जमा रही है।

भारत ने जीता दूसरा टेस्ट, सीरीज 1-1 से बराबर

India won the second test, series level 1-1 भारत ने जीता दूसरा टेस्ट, सीरीज 1-1 से बराबर, केपटाउन में टीम इंडिया की पहली जीत पहली पारी में दक्षिण अफ्रीका की टीम मात्र 55 रन पर ऑलआउट हो गई थी। जवाब में भारत ने 153 रन बनाए थे। एजेंसी, केपटाउन ! भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में 7 विकेट से जीत हासिल की। केप टाउन के न्यूलैंड्स मैदान पर टीम की पहली जीत है। इसी के साथ दो मैचों की सीरीज 1-1 से बराबरी पर खत्म हुई। भारतीय टीम को दूसरी पारी में 79 रन का लक्ष्य मिला था। जिससे 3 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। टूटा 27 साल पुराना रिकॉर्डदक्षिण अफ्रीका टीम 55 रनों पर सिमट गई। इससे पहले दोनों टीमों के बीच टेस्ट मैच की एक पारी का सबसे कम स्कोर 66 रन था, जो टीम इंडिया ने 1996 में डर्बन में बनाया था। अफ्रीका का सबसे कम स्कोर 79 था, जो नागपुर में 2015 में बनाया था। केप टाउन में 55 रनों की पारी अब टेस्ट की सबसे कम स्कोर की पारी बन गई। बता दें सीरीज का पहला मैच साउथ अफ्रीका ने जीत लिया है।

भारत में कोरोना वायरस के एक्टिव केस बढ़कर 3420 हुए.

The active cases of coronavirus in India have increased to 3,420. Corona virus spreading rapidly नई दिल्ली। भारत में बीते 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के ताजा मामलों में काफी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमित मरीजों की सबसे अधिक संख्या केरल में दर्ज की गई है। इस दौरान कुल 423 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 266 केरल से और 70 पड़ोसी राज्य कर्नाटक से हैं। इस बीच केरल में कोरोना संक्रमण के कारण दो लोगों की मौत की भी खबर है। देश में फिलहाल कुल संक्रमित 3420केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में कोविड-19 के कुल सक्रिय मामलों की संख्या 3,420 दर्ज की गई। कोरोना वायरस के नए वेरिएंट के कारण बढ़ती चिंता बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि फिलहाल घबराने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन लोगों को एहतियाती कदम उठाना बेहद जरूरी है। पूरी दुनिया में बढ़ रहे कोरोना केसभारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की पूर्व महानिदेशक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि फिलहाल ताजा वेरिएंट JN.1 के एनालिसिस के लिए डाटा उपलब्ध नहीं हैं। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाल कहा है कि यह वेरिएंट BA.2.86 वेरिएंट से अलग है। वैश्विक स्तर पर कोरोना के नए वेरिएंट जेएन.1 के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने JN.1 से स्वास्थ्य को ज्यादा नुकसान होने की आशंका नहीं जताई गई है। 4 सप्ताह में 52 फीसदी की बढ़ोतरीWHO ने कहा कि बीते 4 हफ्तों के दौरान नए कोविड ​​​​मामलों की संख्या में 52 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिसमें 850,000 से अधिक नए मामले सामने आए हैं। WHO ने कहा है कि COVID-19 महामारी की शुरुआत के बाद से 17 दिसंबर तक वैश्विक स्तर पर 772 मिलियन से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं और करीब 70 लाख लोगों की मौत हुई है।

साइबर ठग एनीडेस्क एप डाउनलोड कराकर बैंक खाता कर रहे खाली.

With the Help of Anydesk application, cyber fraudsters are emptying bank accounts. साइबर ठग सबसे पहले मोबाइल पर एक लिंक भेजते हैं और संबंधित व्यक्ति से एनीडेस्क एप डाउनलोड कराकर उनके फोन का पूरा एक्सेस ले लेते हैं। पेंशन खाता अपडेट करने व बिजली कनेक्शन कटने से रोकने के नाम पर लिंक भेज कर रहे ठगीमोबाइल पर आने वाले किसी भी तरह के लिंक को न खोलें, वरना हो सकते हैं ठगी के शिकारवर्तमान में साइबर क्राइम पुलिस के पास छह मामले पहुंचे हैं। भोपाल। राजधानी में एक बार फिर साइबर ठगों ने पुराने बहानों से लोगों को फंसाना शुरू कर दिया है। ये शातिर बदमाश पेंशन खाता अपडेट करने, बिजली का बिल जमा न करने पर कनेक्शन काटने का डर दिखाकर लोगों को ठग रहे हैं। साइबर ठग सबसे पहले मोबाइल पर एक लिंक भेजते हैं और संबंधित व्यक्ति से एनीडेस्क एप डाउनलोड कराकर उनके फोन का पूरा एक्सेस ले लेते हैं और उनके ट्रांजेक्शन करने पर पूरी जानकारी मिलने पर खाते से रकम निकल लेते हैं। बाद में संदेह होने पर पीड़ित को जानकारी मिलती है और मामला थाने तक पहुंचता है।साइबर क्राइम पुलिस के पास पहुंचे मामले वर्तमान में साइबर क्राइम पुलिस के पास ऐसे छह मामले पहुंचे हैं। पुलिस इनकी जांच कर रही है। साइबर क्राइम के अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठग अब पुराने तरीकों से झांसा देकर फर्जी एप डाउनलोड कराकर वारदात कर रहे हैं, ऐसे में लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। कैसे काम करता है एनीडेस्क एपएनीडेस्क एप एक डिवाइस शेयरिंग एप्लीकेशन है, जिसकी मदद से आप अपने एक मोबाइल फ़ोन का पूरा एक्सेस दूसरे मोबाइल फोन को दे सकते हैं। मतलब अगर आप अपने एक मोबाइल से दूसरे मोबाइल को एक्सेस करना चाहते हैं तो इस एप की मदद से कर सकते हैं। इस एप्लीकेशन की मदद से दूसरे मोबाइल का डाटा देखने के साथ-साथ उस मोबाइल फोन को अपने फोन से एक्सेस कर सकते हैं। शातिर ठग इस एप को डाउनलोड कराकर लोगों के खाते में सेंधमारी कर रहे हैं।

22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी.

इसको लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. वहीं बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में भी इसको लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है. प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लोगों को निमंत्रण भेजा जा रहा है. वहीं खबर है कि कार्यक्रम में मंदिर बनाने वाले श्रमिकों को भी आमंत्रित किया जाएगा.

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